हरियाणा से मजदूरी करने आए युवक ने लगाया फंदा, मौत:शराब पीने का था आदी, चाचा ने दर्ज कराई रिपोर्ट
चूरू में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शिव कॉलोनी में हुई। सूचना मिलने पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को डीबी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतक की पहचान हरियाणा के भिवानी कासनी कला निवासी अमित कुमार मेघवाल (23) के रूप में हुई है। उसके चाचा राजपाल मेघवाल ने इस संबंध में सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। राजपाल मेघवाल ने पुलिस को बताया कि अमित पहले गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करता था। करीब छह महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी और गांव लौट आया था। पांच-छह दिन पहले ही वह मजदूरी करने के लिए चूरू आया था। अमित यहां शिव कॉलोनी में अपने भांजे अजय कुमार धाणक के किराये के मकान में रह रहा था। 29 मई की रात को सदर पुलिस को सूचना मिली कि अमित कुमार ने अपने कमरे में फांसी लगा ली है। चूरू पहुंचने पर अजय ने पुलिस को बताया कि चूरू आने के बाद अमित कुमार प्रतिदिन शराब पीता था। घटना वाले दिन शुक्रवार को अजय मजदूरी करने गया था, जबकि अमित कमरे में ही था। शाम को जब अजय लौटा, तो उसने अमित को फांसी पर लटका हुआ पाया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रधानों ने प्रशासक बनाने पर खुशी जताई:सरकार को थैंक्यू बोला, पंचायतों का संचालन करने का लिया संकल्प
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां विकास खंड सभागार में ग्राम प्रधानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें ग्राम पंचायतों में प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के शासन के निर्णय का स्वागत किया गया। प्रधानों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई और इसे ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को गति देने वाला कदम बताया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मौहर नरेंद्र सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित प्रधानों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सौंपी गई यह जिम्मेदारी उनके लिए एक अवसर है। प्रधानों ने ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पंचायतों का संचालन करने का संकल्प लिया। प्रधानों ने यह भी कहा कि वे गांवों के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। पंचायतों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक धन्यवाद प्रस्ताव का ज्ञापन तैयार किया गया। इसे जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, बिंदकी विधायक जयकुमार जैकी और ब्लॉक प्रमुख शशि रमनजीत सिंह के माध्यम से सरकार तक भेजा गया। प्रधान संघ के महासचिव सूर्यप्रकाश यादव ने शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पंचायतों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। वहीं, ग्राम प्रधान बड़ाहार बृजेंद्र सिंह गौतम और प्रधान विजयपाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में आधा सैकड़ा से अधिक ग्राम प्रधान मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में सरकार के निर्णय का समर्थन किया और ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया।
हरदोई में छप्पर डालते समय एक पक्की दीवार गिरने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चार अन्य को मामूली चोटें आईं। सभी घायलों को हरपालपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से एक बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यह घटना हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के बसोहिया के मजरा बड़ा पुरवा में हुई। 60 वर्षीय रामचंद्र, जो पेशे से किसान हैं, अपने मकान के आंगन में छप्पर बनवा रहे थे। शुक्रवार शाम को उन्होंने छप्पर को दीवार पर रखने के लिए परिजनों और गांव वालों को बुलाया था। छप्पर रखने के बाद, जब उसे एक तरफ से सही किया जा रहा था, तभी अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। इस हादसे में रामचंद्र के साथ 30 वर्षीय पिंटू, 22 वर्षीय रोहित, 39 वर्षीय कन्हैयालाल, 23 वर्षीय राज कुमार, 45 वर्षीय प्रेम बाबू और 42 वर्षीय श्याम बाबू घायल हो गए। रामचंद्र, पिंटू और रोहित को गंभीर चोटें आईं। तीनों गंभीर घायलों को हरपालपुर सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, रामचंद्र को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया है।
डोगरा रेजिमेंटल सेंटर में शनिवार को गौरव, अनुशासन और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अग्निवीर योजना के तहत प्रशिक्षित सातवें बैच के 835 अग्निवीरों ने 24 सप्ताह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय सेना में अपने नए जीवन की शुरुआत की। जमीदार लाला परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में जवानों ने शानदार मार्च पास्ट, सैन्य अनुशासन और युद्धक दक्षता का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। परेड की समीक्षा डोगरा रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर जितेंद्र शर्मा ने की। उन्होंने परेड की सलामी ली और जवानों के उत्साह, अनुशासन तथा समर्पण की सराहना की। इस दौरान परेड मैदान देशभक्ति के जोश और सैनिक गौरव से सराबोर नजर आया। आधुनिक सैन्य कौशल से लैस हुए अग्निवीर प्रशिक्षण के दौरान अग्निवीरों को आधुनिक सैन्य तकनीकों, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, युद्ध कौशल और नेतृत्व क्षमता का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही भारतीय सेना के मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल सैनिक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार और सक्षम योद्धा तैयार करना है जो हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर रहें। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर मिला सम्मान समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित भी किया गया। प्रशिक्षण अवधि में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अग्निवीर तरुण राणा को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं परेड का नेतृत्व अग्निवीर नवदीप सिंह ने किया, जिनके नेतृत्व में जवानों ने सटीक कदमताल के साथ आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। परिजनों ने महसूस किया गर्व पासिंग आउट परेड के दौरान बड़ी संख्या में अग्निवीरों के परिजन भी मौजूद रहे। अपने बेटों को भारतीय सेना की वर्दी में परेड करते देख परिजनों की आंखें गर्व से चमक उठीं। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार और भावुक क्षण बताया। देशभक्ति और सैन्य गौरव से ओत-प्रोत यह पासिंग आउट परेड 835 युवाओं के सैनिक जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक बनी, जो अब देश की सुरक्षा और सेवा के लिए भारतीय सेना का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।
दमोह के पथरिया विधानसभा क्षेत्र में सीतानगर परियोजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण शनिवार दोपहर पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटेल और पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने किया। इस दौरान योजना से जुड़े अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। नेताओं ने सीतानगर विस्तारीकरण डेम परियोजना का जायजा लिया और कार्य की धीमी गति पर संबंधित अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूरा होने की संभावना है। विधायक जयंत मलैया ने डेम, इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना के तहत 13 पानी की टंकियां बनाई जा रही हैं, जिनमें से 11 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। राज्यमंत्री लखन पटेल ने निर्माण कार्य की गति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद निर्माण एजेंसी को अगले वर्ष तक हर हाल में कार्य पूर्ण करना होगा। पटेल ने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना से पथरिया विधानसभा के 180 से अधिक गांव और दमोह विधानसभा के 30 से अधिक गांव लाभान्वित होंगे। निरीक्षण के बाद जनप्रतिनिधियों ने जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र में शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और पुलिस के बीच उस समय नोकझोंक हो गई, जब सपा नेता विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। मामला इतना बढ़ गया कि तहसील रोड पर सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। देखिए 2 तस्वीरें सपा कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतों, घरेलू गैस के दामों और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा ने ज्ञापन सौंपकर सरकार को घेरा जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ता भोपा चौराहा से चौरीचौरा रेलवे स्टेशन होते हुए तहसील की ओर मार्च निकाल रहे थे। उनका उद्देश्य एसडीएम कुंवर सचिन सिंह को ज्ञापन सौंपकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगें और विरोध दर्ज कराना था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। पुलिस का कहना था कि सपा नेताओं ने धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली थी। इसी बात को लेकर सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि तहसील रोड पर सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से बातचीत की गई। इसके बाद सपा नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण, डीजल-पेट्रोल और घरेलू गैस की कीमतों में राहत देने समेत अन्य मुद्दों को उठाया। पुलिस ने धक्का दिया। जिलाध्यक्ष बोले पुलिस ने धक्का दिया दैनिक भास्कर से बात करते हुए जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम ने बताया, यह सरकार विपक्षी पार्टियों के साथ कैदी जैसा व्यवहार कर रही है। आज पुलिस ने मुझे धक्का मार कर नीचे गिरा दिया उनके लाख रोकने के बाद हम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज एसडीएम को ज्ञापन देकर अपना पक्ष रखा। मैं आपको बता देना चाहता हूं कि यह प्रक्रिया सभी विधानसभा में जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, बाद में स्थिति सामान्य हो गई और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के अध्यक्ष जगत जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 24 घंटे पोस्टमार्टम और पंचनामा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने अस्पतालों, न्यायालय परिसरों और अंतिम संस्कार स्थलों पर भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की अपील की है। जायसवाल ने पत्र में बताया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण मृतकों के परिजनों को कई बार घंटों या दो दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इससे उन्हें भारी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने उल्लेख किया कि संतकबीरनगर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पोस्टमार्टम कार्य निर्धारित समय तक ही होता है। शाम या रात में मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम अगले दिन किया जाता है। कई मामलों में एक साथ अधिक शव आने पर परिजनों को 24 घंटे या उससे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। दूर-दराज से आए लोग भीषण गर्मी, बारिश और अन्य विपरीत परिस्थितियों में बिना किसी समुचित व्यवस्था के समय बिताने को मजबूर होते हैं। सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग जायसवाल ने मांग की है कि प्रदेश के सभी जिलों में 24 घंटे पोस्टमार्टम एवं पंचनामा व्यवस्था लागू की जाए। इसके लिए डॉक्टरों और कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि परिजनों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, न्यायालय परिसरों, कचहरियों और श्मशान घाटों पर पर्याप्त कुर्सियां, छायादार प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल और बारिश-धूप से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। जायसवाल ने कहा कि इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। नगर पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी करने का आग्रह किया है।
सुल्तानपुर में एक युवती की सरेआम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना में पड़ोसी गोपी चंद्र यादव और उसके परिवार पर युवती को मामूली विवाद के बाद पीटने का आरोप है। घायल युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के सीताकुंड मोहल्ले में लिटिल चैंप्स स्कूल के पास हुई। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती को बाल पकड़कर खींचा जा रहा है और डंडों से पीटा जा रहा है। आसपास खड़े लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया। बताया जा रहा है कि मोहल्ले में किराए पर रहने वाले गोपी चंद्र यादव और उसके परिवार ने इस वारदात को अंजाम दिया। पिटाई के पीछे एक मामूली विवाद को वजह बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने और तेजी से फैलने के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान:मऊ में युवाओं को तंबाकू से दूर करने की पहल
मऊ में विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई 2026) के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में शनिवार को हस्ताक्षर अभियान, शपथ ग्रहण समारोह और गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'आकर्षण का पर्दाफाश करना- निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला' रखी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने युवाओं में तंबाकू और धूम्रपान की बढ़ती लत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए एक गंभीर विषय है। डॉ. गुप्ता ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं, अपने परिवार और समाज को स्वस्थ रखने के लिए नशे से दूर रहें और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि युवा तंबाकू उत्पादों के आकर्षक प्रचार से प्रभावित होते हैं। डॉ. गुप्ता ने उन्हें अपनी इच्छाशक्ति मजबूत करने और ऐसे विज्ञापनों से बचने की सलाह दी। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों और इसे छोड़ने के बाद शरीर को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला सलाहकार डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने जिले में चल रहे तंबाकू निषेध जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रीय समूह वार्ता के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जा रही है। डॉ. सिंह ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में मऊ जिला अस्पताल में लगभग 4013 लोगों की काउंसलिंग की गई। इनमें से 276 लोगों को फार्मेकोथेरेपी के जरिए तंबाकू और धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उत्तर प्रदेश हेल्थ वॉलंटरी एसोसिएशन, लखनऊ से आए श्री दिलीप कुमार पांडे ने कोटपा अधिनियम 2003 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम को अन्य विभागों के समन्वय से प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.एन. सिंह, सोशल वर्कर लक्ष्मीकांत दुबे, डॉ. पशुपतिनाथ दुबे, आशीष श्रीवास्तव, सतीश गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी और सहयोगी उपस्थित रहे।
मरवाही वन परिक्षेत्र में चार हाथियों का एक दल पहुंचा है। भीषण गर्मी के बीच इन हाथियों को ग्राम घुसरिया के जंगल में स्थित जलाशय में पानी पीते और अठखेलियां करते देखा गया है। वे गर्मी से राहत पाने के लिए जलाशय के पास डेरा डाले हुए हैं। इस दल में तीन दंतेल हाथी शामिल हैं, जिन्होंने एक बार फिर मरवाही के जंगलों का रुख किया है। ये हाथी ग्रामीणों द्वारा लगाई गई गर्मी की धान, मक्का और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग किसानों को हो रहे नुकसान का आकलन कर रहा है। विभाग ने मुनादी करा के सतर्क रहने की अपील की है वन विभाग इन हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। वन कर्मियों ने आसपास के गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।जलाशय को अपना अस्थायी ठिकाना बनाया इन दिनों जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस गर्मी से इंसान और जानवर दोनों परेशान हैं। हाथियों के इस झुंड ने भी गर्मी से राहत पाने के लिए घुसरिया के जंगल स्थित जलाशय को अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं और उन्हें परेशान न करें, जिससे किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
देशभर में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ रही कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को उदयपुर में विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इसी क्रम में उदयपुर में हिरणमगरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं गिर्वा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पारस सर्कल पर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पारस सर्कल पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है और मध्यम एवं गरीब वर्ग के लिए जीवनयापन करना कठिन होता जा रहा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विवेक कटारा ने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण करने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का सीधा असर परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे आमजन दोहरी मार झेल रहा है। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अरविंद डामोर ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया और आम जनता को राहत नहीं मिली तो कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर आगे भी चरणबद्ध आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन में दिव्यानी कटारा, शैलेष मिश्रा, ओम डांगी, मुस्तफा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल ने घर में घुसकर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना में गंभीर चोटें आने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं नहीं लगाईं। मामला 28 मई का है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने इस प्रकरण में सपा नेता सिद्धांत जायसवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि गार्गी पटेल का आरोप है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित धाराओं में कार्रवाई नहीं की। गेस्ट रूम में बैठे थे बिजनेस पार्टनर गार्गी पटेल ने बताया - घटना वाले दिन उनके बिजनेस पार्टनर प्यारेलाल यादव उर्फ मामा एक प्लॉटिंग संबंधी कार्य से उनके मढ़िया स्थित आवास पर आए थे। उन्हें गेस्ट रूम में बैठाने के बाद वह कपड़े बदलने अपने कमरे में चली गईं। इसी दौरान प्यारेलाल यादव के परिवार के कई सदस्य घर पहुंच गए और मुख्य गेट पर जोर-जोर से दस्तक देने लगे। गार्गी के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी ने गेट खोला तो बाहर मौजूद लोग काफी आक्रोशित दिखाई दिए। बेटी का विरोध करने पर हमला गार्गी का आरोप है कि कुछ लोग उनके और प्यारेलाल यादव के बीच कारोबारी संबंधों को लेकर नाराज थे। जब उनकी बेटी ने घर के बाहर हंगामा करने का विरोध किया तो उस पर हमला कर दिया गया। बेटी को बचाने के लिए जब गार्गी बीच-बचाव करने पहुंचीं तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टडी टेबल से उन्हें पीटा गया और टेबल टूटने के बाद उसके लोहे के हिस्से से सिर पर वार किया गया। बाल पकड़कर घसीटा गार्गी पटेल का कहना है कि हमलावरों ने उनके बाल पकड़कर पूरे हॉल में घसीटा। इस दौरान वह तीन बार बेहोश हुईं। प्यारेलाल यादव ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से चले गए। घटना में सपा नेता सिद्धांत जायसवाल का नाम सामने आने के सवाल पर गार्गी पटेल ने कहा कि कुछ दिन पहले प्यारेलाल यादव ने उन्हें बताया था कि सिद्धांत जायसवाल उनके परिवार में गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं। गार्गी के मुताबिक, एक महिला और पुरुष के बीच चल रहे कारोबारी संबंधों को अलग नजरिए से प्रस्तुत कर परिवार के लोगों को भड़काया जा रहा था। आरोप है कि सिद्धांत जायसवाल का उद्देश्य विवाद पैदा कर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाना था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के समय सिद्धांत मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। राजनीति से जोड़ना गलत आरोपियों के सपा और भाजपा से जुड़े होने के सवाल पर गार्गी पटेल ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। घटना को अंजाम देने वाले लोगों की प्रवृत्ति आपराधिक है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मेरे साथ जो हुआ वह बेहद निंदनीय और भयावह घटना है। मैं चाहती हूं कि सभी आरोपी जेल जाएं और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई हो। पुलिस जांच पर जताया असंतोष पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए गार्गी पटेल ने कहा कि उन्हें पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस की भूमिका से वह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके भाई के साथ भी पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं रहा। घर में घुसकर मेरे साथ इतनी गंभीर मारपीट हुई, लेकिन पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज नहीं किया। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जाए।
मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने बताया कि टीजीटी परीक्षा 3 और 4 जून को दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चलेगी। जनपद के विभिन्न विद्यालयों और इंटर कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 6 बजे तक अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचें। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच की जाए और परीक्षा के दौरान निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मियों की सामूहिक फोटो परीक्षा से पहले और बाद में लेकर सुरक्षित रखी जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, बैग, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों के सामान रखने के लिए केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को परीक्षा केंद्रों के आसपास एंबुलेंस और चिकित्सा टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को परीक्षा अवधि में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया। रोडवेज विभाग को परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करने और रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्रों और फोटोस्टेट दुकानों के संचालन पर प्रतिबंध लागू कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
13 साल के नाबालिग का यौन शोषण:बुजुर्ग के खिलाफ पॉक्सो में मामला दर्ज, डीएसपी करेंगे जांच
टोंक में नाबालिग बच्चे के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार शाम की है। इसका पता नाबालिग बच्चे की भाई को लगने के बाद आरोपी 60 साल का वृद्ध भाग निकाला। उसके बाद पूरा घटनाक्रम घर वालों को बताया गया। बच्चे ने यह भी बताया कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर और पैसों का लालच देकर उसके साथ पहले भी एक बार यौन शोषण कर चुका है। आरोपी घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पीड़ित परिवार की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 मई की शाम को आरोपी ने बच्चे को बुलाकर एक प्लाट में ले गया और उसका यौन शोषण किया। इस दौरान घटना को पीड़ित के बड़े भाई ने देख लिया और उसने शोर मचाकर लोगों को बुला लिया। इस पर आसपास के लोग घटना स्थल पर दौड़े और बच्चे को आरोपी के चंगुल से बचाया। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। इसमें कुछ दिन पहले भी आरोपी ने बच्चे को रुपए देने का लालच देकर एक मकान में ले गया था और उसका यौन शोषण किया।
राज्य सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत मोहनगढ़ क्षेत्र की देवा ग्राम पंचायत में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देवा गांव के ऐतिहासिक तालाब पर हुए इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को पानी बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस मौके पर अभियान के जिला संयोजक कंवराजसिंह चौहान, मोहनगढ़ के विकास अधिकारी (बीडीओ) नाथू सिंह, देवा के प्रशासक गफूरखां और ग्राम विकास अधिकारी मुकेश चंद्र शर्मा सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। कलश यात्रा और प्रभात फेरी से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से पीपल की पूजा और कलश यात्रा के साथ हुई। इसके बाद गांव में प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें गगनभेदी नारों के साथ ग्रामीणों को पानी बचाने, साफ-सफाई रखने और पेड़-पौधे लगाने के प्रति जागरूक किया गया। तालाब पर किया श्रमदान, पक्षियों के लिए बांधे परिंडे अभियान के तहत सभी लोगों ने मिलकर तालाब और उसके आसपास के इलाके में श्रमदान किया और कचरा हटाकर साफ-सफाई की। इसके साथ ही सरकारी दफ्तर के परिसर को भी चमकाया गया। पर्यावरण को बचाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पौधे लगाए गए। वहीं, कड़कड़ाती गर्मी में बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए पेड़ों पर पानी के परिंडे (मिट्टी के बर्तन) भी बांधे गए। इसके बाद सभी ग्रामीणों ने मिलकर गांव के तालाब की पूजा की और उसे हमेशा साफ व सुरक्षित रखने का वादा किया। वक्ताओं ने कहा- 'पानी है तो कल है' कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और वक्ताओं ने कहा कि पानी ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा आधार है। अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है, तो पानी के स्रोतों (जैसे तालाब, कुएं) को बचाना ही होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बारिश के पानी को इकट्ठा करें, पानी की हर एक बूंद की कीमत समझें और उसे बेकार न बहाएं। आखिर में ली पानी बचाने की शपथ कार्यक्रम के अंत में वहां मौजूद सभी लोगों को पानी और पर्यावरण को बचाने की शपथ दिलाई गई। सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे न तो पानी बर्बाद करेंगे और न ही जल स्रोतों में गंदगी फैलाएंगे।
कॉमेडियन अन्नू अवस्थी एक बार फिर अपने खास 'कनपुरिया' अंदाज और मजेदार बैनर को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने गर्मी की छुट्टियों में ननिहाल जाने वाले भांजों को लेकर मजाकिया तंज कसा है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया है। अन्नू अवस्थी ने अपने बचपन की एक दिलचस्प याद को बैनर का रूप दिया है। मामी की सुनाई एक पुरानी कहानी से प्रेरित होकर उन्होंने चेतावनी भरा संदेश लिखवाया कि जो लोग हर साल गर्मी की छुट्टियां मामा-मामी के घर बिताते हैं, उनका अगला जन्म छछूंदर के रूप में हो सकता है। मजेदार बात यह है कि अन्नू अवस्थी के सफल और प्रतिष्ठित भांजों ने भी इस बैनर पर चुटीली प्रतिक्रिया दी है। वहीं, अब अन्नू का अगला निशाना गर्मी की छुट्टियां ससुराल में बिताने वाले दामाद हैं, जिन पर जल्द ही उनका नया बैनर लोगों को हंसाता नजर आ सकता है। मामी की वो 'छछूंदर' वाली कहानी और बैनर का आइडिया कॉमेडियन अन्नू अवस्थी ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि बचपन में जब वो हर साल गर्मी की छुट्टियां बिताने ननिहाल जाते थे। उनकी मामी अक्सर परेशान होकर एक कहानी सुनाती थीं। एक बार घर में छछूंदर निकला तो मामी ने कहा था कि ये जो छछूंदर देख रहे हो न, ये पिछले जन्म में हर साल गर्मी की छुट्टी काटने अपने मामा-मामी के घर पहुंच जाता था। ज्यादा ननिहाल दौड़ने वालों का अगला जन्म ऐसा ही होता है। बस, मामी की वही बात याद आ गई और उन्होंने बैनर पर छपवा दिया कि, 'गर्मी की छुट्टी में मामा-मामी के यहां जाने वाले लोग सतर्क हो जाएं, अगले जन्म में छछूंदर बनेंगे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इसके बाद भी अगर किसी को आना है, तो आए, कोई रोकने वाला नहीं है। वैज्ञानिक और नेता भांजों ने कहा- हमें छछूंदर बनना मंजूर है जब अन्नू अवस्थी से उनके अपने भांजों के साथ रिश्ते और पुरानी यादों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके भांजे उनसे उम्र में लगभग बराबर हैं और उनके बीच दोस्ती का रिश्ता है। आज उनके भांजे बड़े मुकाम पर हैं। एक भाजपा में बड़ा नेता और प्रवक्ता है, दूसरा बड़ा बिजनेसमैन है और तीसरा तो 'डीआरडीओ' (DRDO) में अग्नि मिसाइल का वैज्ञानिक है। अन्नू अवस्थी ने बताया कि इन सबने बचपन में सुइली (गांव) आकर खूब छुट्टियां बिताई हैं। जब इन भांजों ने मामा का यह नया बैनर देखा तो उन्होंने मजेदार जवाब देते हुए लिखा- मामा, हमको अगले जन्म में छछूंदर ही बनना मंजूर है, इसलिए हम इस बार भी आएंगे जरूर। इस पर मामा ने भी कह दिया कि आओ भाई, तुम्हारा स्वागत है। अब 'ससुराल' में डटे रहने वाले दामादों की खैर नहीं अन्नू अवस्थी यहीं नहीं रुकने वाले हैं। उन्होंने अपने अगले प्रोजेक्ट का भी खुलासा कर दिया है। उन्होंने हंसते हुए बताया कि अब वो एक और नया बैनर तैयार कर रहे हैं। इस बार उनके निशाने पर वो दामाद होंगे जो गर्मी की छुट्टियां अपनी ससुराल में बिताते हैं। अन्नू अवस्थी ने कहा- एक बार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुधर सकते हैं, लेकिन गर्मी की छुट्टी अपनी ससुराल में काटने वाले दामाद नहीं सुधर रहे हैं। इस नए बैनर की तैयारी पूरी हो चुकी है और कानपुर वाले अब इस अगले धमाके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पाश कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरी:छुट्टियां मनाने गया था परिवार 5.55 लाख के जेवर-नकदी पार
रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र स्थित टाटीबंध की पॉश कॉलोनी पार्थिवी पेसिफिक में दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 5.55 लाख रुपए के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, डाफोडिल ब्लॉक निवासी स्वप्नेश्वर हरिचंदन गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड, सिलतरा में मैनेजर हैं। उनकी पत्नी और बच्चे गर्मी की छुट्टियों में ओडिशा स्थित गांव गए हुए थे। सुबह वे घर में ताला लगाकर ड्यूटी पर गए थे।दोपहर करीब 3 बजे लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो बेडरूम में रखी गोदरेज अलमारी और लॉकर भी तोड़े गए थे। चोर घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो चुके थे। लाखों के गहने ले गए चोर पीड़ित के मुताबिक चोरी हुए सामान में सोने की अंगूठियां, मंगलसूत्र, 6 जोड़ी बालियां, बच्चे का सोने का कड़ा, लॉकेट, चूड़ियां, चांदी की पायल, बिछिया, चांदी की कटोरी-चम्मच, सिक्के और 5 हजार रुपए नकद शामिल हैं। CCTV खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही आमानाका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉलोनी में बढ़ी दहशत दिनदहाड़े हुई चोरी के बाद पार्थिवी पेसिफिक समेत आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों में डर का माहौल है। लोगों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक महिला से चेन स्नेचिंग की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। टिकुरिया टोला की कंधी गली में शुक्रवार शाम एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने इस वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज शनिवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कंधी गली निवासी 48 वर्षीय मीरा गुप्ता शुक्रवार शाम बाजार से सब्जी खरीदकर पैदल अपने घर जा रही थीं। घर से कुछ ही दूरी पर एक बाइक सवार ने उन्हें ओवरटेक किया। इसके बाद वह अपनी बाइक वापस मोड़कर लाया और महिला के ठीक बगल से गुजरते हुए उनके गले से सोने की चेन खींचने की कोशिश की। राहत की बात यह रही कि झटके से चेन टूटकर महिला के पास ही गिर गई और लुटेरा खाली हाथ मौके से फरार हो गया। चेहरा ढके होने से नहीं हो सकी पहचान, पुलिस अलर्टवारदात के वक्त बाइक सवार बदमाश ने अपना चेहरा कपड़े से अच्छी तरह बांध रखा था, जिसके कारण महिला उसे पहचान नहीं सकीं। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना के बाद स्थानीय महिलाओं में दहशत का माहौल है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और नकाबपोश लुटेरे की पहचान कर उसकी तलाश तेज कर दी है।
कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया शहर में एक वृद्ध दंपती ने अपने घर की छत को 1000 वर्ग फीट के सुंदर गार्डन में बदल दिया है। विजय कुमार और सरिता विजय नामक इस दंपती ने अपनी छत पर 100 से अधिक किस्मों के फूल, फल और सब्जियां लगाई हैं, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। जेपी नगर निवासी इस दंपती ने अपनी छत पर लगभग 1000 गमलों में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए हैं। इन पौधों में गुलाब, एस्टर, पैंजी, गेंदा, गुलदाउदी, कोचिया, बोगनविलिया, जैस्मिन और डेजी जैसे कई फूल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां भी उगाई हैं। बढ़ते प्रदूषण और बीमारियों के दौर में, यह दंपती अपने आसपास स्वच्छ और सुंदर वातावरण बनाए रखने में विश्वास रखता है। उनका मानना है कि रंग-बिरंगे फूल-पौधे और हरियाली न केवल मानसिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। 1970 से है यह शौकविजय कुमार ने बताया कि सन 1970 में उनके पिताजी ने यह मकान बनाया था। वे जब से इस घर में आए तभी से उन्हें बागवानी का शौक जाग गया था। पहले वे घर के निचले हिस्से की खाली भूमि पर ही बागवानी करते थे और पेड़, पौधे और फूल लगाया करते थे। 1990 में इनके बाग से कुछ गमले चोरी हो गए। इसके बाद इन्हें ऐसा लगा जैसे कि इनके परिवार के कोई सदस्य लापता हो गए हों। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत को ही गार्डन में तब्दील करने की ठानी। और देखते ही देखते इन्होंने अपने लगन और मेहनत से अपने छत को एक बेहतरीन गार्डन में तब्दील कर दिया। नकारात्मक ऊर्जा होती है समाप्तविजय कुमार और उनकी पत्नी सरिता विजय बताते हैं कि गार्डन लगाने से न केवल उनके घर की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि उनके अंदर से नकारात्मक ऊर्जा का अंत और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसका लाभ न केवल उन्हें बल्कि उनके इर्द गिर्द रहने वाले लोगों को भी मिलता है। पेड़-पौधों को ही बच्चों की तरह पालते हैंविजय कुमार ने बताया कि उनकी दो पुत्री और एक पुत्र हैं। एक पुत्री का विवाह हो चुका है और वह अपने पति के साथ अमरीका में रहती है। वहीं, एक अन्य पुत्री महाराष्ट्र के मुम्बई में एक बैंक में कार्यरत हैं। जबकि इनका इकलौता पुत्र डॉक्टर है और फिलहाल रांची के रिम्स में पीजी की पढ़ाई कर रहा है। सभी बेटे-बेटियों के घर से दूर रहने के कारण इन्होंने अपने बाग में लगे पौधों से ही बच्चों जैसा व्यवहार और प्यार करना शुरू कर दिया है। ये उनकी देखभाल ठीक उस प्रकार करते हैं, जैसे एक पिता अपने पुत्र का। प्लास्टिक के डिब्बे और प्लास्टिक को बना रखा है गमलाइधर, विजय कुमार की पत्नी सरिता विजय ने कहा कि उन्होंने भी अपने पति के इस शौक को अपना लिया है। वे उनके इस शौक में लगातार सहयोग करती हैं। वे इसके लिए घर में जो भी सामान प्लास्टिक के डिब्बे या पॉलिथीन में आते हैं, उसे फेंकने के बजाय गमले में तब्दील कर लेती हैं और उसमें नए पौधे लगा देती हैं। गर्मियों में कैसे करें देखभालविजय कुमार ने कहा कि उनके गार्डन में लगे पौधों को इस चिलचिलाती गर्मी में विशेष सेवा की जरूरत पड़ती है। इसके लिए वे इन पौधों में नियमित सुबह और शाम पानी डालते हैं ताकि इनके पत्ते सुख न पाएं। इसके अतिरिक्त वे इनमें समय-समय पर खाद्द डालते रहते हैं ताकि इनका नियमित विकास होता रहे। इसके अलावे जिन पौधों के कुछ पत्ते सुख जाते हैं, उन्हें ये तुरंत तोड़कर हटा देते हैं।
लखीमपुर खीरी के बहुचर्चित तिकुनिया हिंसा कांड मामले में जिला जज अदालत ने तत्कालीन सीओ संजय नाथ तिवारी की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन जून को निर्धारित की गई है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सीओ संजय नाथ तिवारी को शेष जिरह पूरी कराने के लिए अदालत में उपस्थित होना था। हालांकि, वह पेश नहीं हुए। अभियोजन पक्ष से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना अदालत में मौजूद थे, लेकिन सीओ का लंबे समय तक इंतजार किया गया। अदालत को बताया गया कि संजय नाथ तिवारी किसी बैठक में व्यस्त थे। उनकी ओर से जिरह पूरी कराने के संबंध में एक पत्र भी भेजा गया। इस पर जिला जज शिवकुमार सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इस महत्वपूर्ण मामले में गवाह का अनुपस्थित रहना गंभीर विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने डीजीसी अरविंद त्रिपाठी को निर्देश दिए कि तीन जून की अगली सुनवाई पर संजय नाथ तिवारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए वारंट जारी करने और अगले आदेश तक उनका वेतन रोकने का आदेश भी पारित किया गया। अदालत के इस सख्त रुख को तिकुनिया हिंसा कांड की सुनवाई को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीलीभीत में कार को रस्सी से खींचकर जताया विरोध:सपा ने महंगाई-बिजली संकट के खिलाफ किया प्रदर्शन
पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ने बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के खिलाफ सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाईयों ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में कार को रस्सी से खींचकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। शनिवार दोपहर को सपा के केजीएन कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठे हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने किया। पार्टी कार्यालय से शुरू हुआ यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। रास्ते भर कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर थामे सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। कार को रस्सी से खींचने का यह दृश्य राहगीरों के लिए भी कौतूहल का विषय बना रहा। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि आज देश और प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हो चुके हैं। यही वजह है कि आज हमें कार को रस्सी से खींचकर यह दिखाना पड़ रहा है कि गाड़ियां अब शोपीस बनकर रह गई हैं। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता परेशान है। इसके साथ ही, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सपाइयों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया और महंगाई व बेरोजगारी पर लगाम नहीं लगाई, तो समाजवादी पार्टी सड़क से संसद तक अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेगी। प्रदर्शन के अंत में महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष मानसून के पिछले 11 वर्षों में सबसे कमजोर रहने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर, किसान क्लब फर्रुखनगर के अध्यक्ष राव मान सिंह ने किसानों से जल संरक्षण और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट और संभावित कम वर्षा को किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। डाबोदा रोड स्थित अपने फार्म हाउस पर आयोजित एक कृषि भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राव मान सिंह ने प्रशिक्षण प्रोग्राम एवं कृषि विभाग के फील्ड अधिकारियों के दल को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों को धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों से बचने की सलाह दी, जहां नहरी पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। इसके बजाय, कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने किया गोदाम और खेतों का निरीक्षण इस दौरे के दौरान, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फार्म हाउस, कृषि गोदाम और विभिन्न खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण उपायों और फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। राव मान सिंह ने अधिकारियों को बताया कि भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए किसानों को अपने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव लाना होगा। राव मान सिंह ने सरकार से भी कई मांगें कीं। उन्होंने कहा कि अधिक पानी की खपत वाली फसलों को छोड़ने वाले किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, ढैंचा और सनई जैसी हरी खाद वाली फसलों के बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएं, जिससे खेतों की उर्वरता शक्ति बढ़ेगी और मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी। जल संकट को लेकर सरकार रणनीति बनाए : मान सिंह उन्होंने जोर दिया कि सरकार को संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में दीर्घकालिक और कल्याणकारी योजनाएं बनानी चाहिए। वहीं, किसानों को भी सकारात्मक सोच के साथ परिस्थितियों के अनुरूप खेती की रणनीति तैयार करनी होगी।
गहलोद हाई लेवल ब्रिज पर आवाजाही शुरू:पुल टेस्टिंग में पास हुआ, XEN बोले- 5 स्तर पर हुई थी जांच
टोंक के पास से गुजर रही बनास नदी पर राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद हाई लेवल ब्रिज का लोड टेस्ट सफल रहने के बाद शनिवार सुबह 7 बजे जनता के लिए खोल दिया गया है। इसके बाद लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। इस पुल को बनाने में 135 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस दौरान PWD के XEN नागेंद्र सिंह परिहार ने कहा- शनिवार सुबह 5 बजे तक पुल की लोड टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। अधिकतम पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर रहा है। जबकि आवागमन के लिए डिफ्लेक्शन 85 प्रतिशत रिकवर की ही जरूरत थी। परिहार ने कहा- ब्रिज के लोड टेस्ट को पांच स्टेज पर जांचा गया, जिसमें पुल की भार क्षमता, संतुलन और मजबूती का टेस्ट किया गया। इस दौरान विभागीय और थर्ड पार्टी के तकनीशियन स्टाफ की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की गई एवं सभी तकनीकी मानको का ध्यान रखा गया। लोड टेस्ट के सफल होने के बाद सुबह 7 बजे पुल से आवाजाही शुरू कर दिया गया है। इस XEN परिहार के अलावा PWD के JEN ताराचंद बैरवा समेत अन्य विभागीय आधिकारियों, कर्मचारी और कार्यकारी एजेंसी के इंजीनियर आदि मौजूद रहे। बतादें कि इसे लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी कह चुके है कि सरकार हमारी सरकार के समय बनाए गए पुल के उद्घाटन में जान-बूझकर लेट कर रही है। पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर26 मई दोपहर को आवाजाही बंद कर दी गई थी। दोपहर 1 बजे से दूसरे दिन 27 मई दोपहर 1 बजे तक तापमान में पुल का डिफ्लेक्शन की जांच की गई। उसके बाद दोपहर 1 बजे से 27-27 टन वजनी 9 डंपरों को एक-एक घंटे के गैप में पुल पर 24 घंटे तक खड़ा किया गया था। उसके बाद पुल का हर घंटे में डिप्लेक्शन जांचा गया। इन्हें भी 24 घंटे बाद 29 मई को सुबह 6 बजे तक हटा दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार रात को ही पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर हो गया। जबकि पुल पर आवागमन के लिए 85 प्रतिशत की ही जरूरत है।
रायपुर के कारोबारी अजय सुंदर निहलानी का पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। वे भारत से गए 40 सदस्यीय दल के साथ एजुकेशनल टूर पर यूरोप पहुंचे थे। इस दल में रायपुर से दो लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान अजय निहलानी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस खबर के बाद रायपुर में उनके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। जल्द ही उनके पार्थिव शरीर को रायपुर लाया जाएगा। अजय निहलानी के भाई संजय कुमार निहलानी ने बताया टूर में अजय के साथ यात्रा कर रहे नीरज बाजपेयी बॉडी लाने के लिए सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे हैं। परिवार ने लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, भारतीय दूतावास, एयरलाइन प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित एजेंसियों से अनुरोध किया है कि नीरज बाजपेयी को सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में सहयोग दिया जाए। ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द रायपुर लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके। परिवार के मुताबिक, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अजय निहलानी का पार्थिव शरीर रायपुर लाया जाएगा।
आगरा कमिश्नरेट पुलिस में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने कई निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों का तबादला किया है। बाह इंस्पेक्टर सत्यदेव शर्मा पर पिछले दिनों युवक पर गलत मुकदमे लिखने के आरोप के बाद हटाया गया है। उन्हें मानिटरिंग सेल का प्रभारी बनाया गया है। जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक तरुण धीमान को थाना फतेहाबाद से हटाकर फीडबैक सेल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, जो जन शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात थे, उन्हें अब थाना फतेहाबाद का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।इसी क्रम में निरीक्षक सत्यदेव शर्मा को थाना बाह से हटाकर मॉनिटरिंग सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि निरीक्षक देवी प्रसाद तिवारी को पुलिस लाइन से थाना बाह का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।निरीक्षक विजय वर्मा सिंह चंदेल, जो थाना अछनेरा में अपराध निरीक्षक थे, उन्हें वहीं का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। महिला निरीक्षक सीमा को थाना चित्राहट से हटाकर अपराध शाखा में तैनाती दी गई है। वहीं निरीक्षक सुदामा लाल को थाना एत्माद्दौला से हटाकर थाना चित्राहट का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।इसके अलावा उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार, जो थाना बरई अरेला में तैनात थे, उन्हें अपराध शाखा भेजा गया है। उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह को सिकंदरा क्षेत्र की पदम प्राइड चौकी से हटाकर थाना बरई अरेला का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
गोरखपुर में शनिवार को आयोजित CUET(UG) में एग्जाम देरी होने की वजह से अभ्यर्थियों के बीच गुस्सा फूट गया। जंगल धुसड़ स्थित एक सेंटर पर सैकड़ों छात्र हंगामा करने लगे। और जिम्मेदारों से जवाब मांगते रहे। उनका आरोप है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें सीट पर बैठा कर घंटों इंतजार करवाया गया। हालांकि परीक्षा प्रबंधन की ओर से एक नोटिस के माध्यम से यह सूचना दे दी गई थी कि तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने में टीम लगी हुई है। जैसे ही समस्या का समाधान होता है तुरंत एग्जाम शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थियों अतिरिक्त समय दिए जाने का आश्वाशन भी दिया गया। सेंटर की गेट पर लगाया नोटिस परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए नोटिस के अनुसार, 30 मई को आयोजित सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा तकनीकी समस्या के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। नोटिस में बताया गया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था में गड़बड़ी आने के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। संबंधित तकनीकी टीम समस्या को दूर करने में जुटी रही। सुबह से इंतजार करते रहे अभ्यर्थीअभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें परीक्षा कक्षों में बैठा दिया गया, लेकिन काफी देर तक परीक्षा शुरू नहीं हुई। समय बीतने के साथ छात्रों की चिंता और बेचैनी बढ़ती गई। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें यह नहीं बताया जा रहा था कि परीक्षा आखिर कब शुरू होगी। देरी से भड़के छात्र, किया हंगामाकई घंटे बीत जाने के बाद भी परीक्षा शुरू नहीं होने पर छात्रों का धैर्य जवाब देने लगा। नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर हंगामा किया और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल इस परीक्षा के लिए पहले से बेहतर तैयारी होनी चाहिए थी। अचानक तकनीकी समस्या सामने आने से उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। गार्जियन भी रहे परेशानपरीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में गार्जियन अपने बच्चों का इंतजार करते रहे। परीक्षा में देरी की सूचना मिलने के बाद उनकी भी चिंता बढ़ गई। कई अभिभावक लगातार केंद्र प्रशासन और अन्य अभ्यर्थियों से जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। केंद्रों के बाहर देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अतिरिक्त समय देने का दिया गया भरोसाराष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि तकनीकी समस्या दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों से परीक्षा कक्षों में बने रहने और केंद्र प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि परीक्षा में हुई देरी के कारण किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यक होने पर अतिरिक्त समय दिया जाएगा। समस्या दूर होने के बाद शुरू होगी परीक्षाअधिकारियों के अनुसार परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। तकनीकी समस्या पूरी तरह दूर होने के बाद ही परीक्षा शुरू कराई जाएगी। परीक्षा एजेंसी ने हुई असुविधा पर खेद भी जताया है।
ग्वालियर में भागवत कथा में शामिल होने और भजन-कीर्तन करने गए एक किसान की सांप के काटने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, बेलगढ़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चितौली निवासी 50 वर्षीय किसान मदनलाल रावत पिता रामचरण रावत पिछले एक सप्ताह से बेलगढ़ा क्षेत्र स्थित लकेश्वरी माता मंदिर में आयोजित भागवत कथा में नियमित रूप से शामिल हो रहे थे। वे कथा सुनने के साथ-साथ भजन-कीर्तन में भी सक्रिय रूप से भाग लेते थे। एक सप्ताह से नियमित रूप से जा रहे थे भजन गाने शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे मंदिर परिसर में भागवत कथा के दौरान मदनलाल रावत भजन गा रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें एक जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में लोगों को घटना का अंदाजा नहीं लगा, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं और परिजनों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन सांप के जहर का असर लगातार बढ़ता गया। काफी प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और देर रात करीब 1 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बेलगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। मदनलाल रावत की अचानक हुई मौत से उनके परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों ने बताया कि वे धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि धार्मिक आयोजन में शामिल होने गए किसान की इस तरह दर्दनाक मौत हो जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलस के साथ रविवार को जैसलमेर आएंगी। जानकारी के अनुसार, वे यहां चार्टर प्लेन से पहुंचेगी और होटल सूर्यगढ़ में रुकेगी। वे यहां सोनार किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर लेक विजिट करेंगी। इसके बाद सोमवार को यहां से रवाना हो जाएंगी। भारत की घूमने आई टिफनी ने शुक्रवार को दिल्ली में अक्षरधाम देखा था। इसके बाद शनिवार को आगरा का ताजमहल देखा है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी के इस दौरे को लेकर जैसलमेर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। बॉर्डर का जिला होने और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनके रुकने वाले संभावित स्थानों पर सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में अक्षरधाम देखा, रविवार सुबह ताज का दीदार टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बोलस ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से की। वहां उन्होंने अक्षरधाम मंदिर की खूबसूरती देखी, जिसकी टिफनी ने सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ भी की है। इसके बाद वे आगरा पहुंच चुके हैं और ताजमहल देखा। पर्यटन सूत्रों का कहना है कि यह जोड़ा जैसलमेर के विश्वप्रसिद्ध सोनार किला, पटवों की हवेली और थार रेगिस्तान के सम के रेतीले धोरों को देखने जा सकता है। वह यहां ढलते सूरज का आनंद लेंगी और राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति व लोक नृत्य को करीब से देखेंगी। पर्यटन कारोबारियों में भारी उत्साह अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार की इस यात्रा से जैसलमेर के पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों, होटल मालिकों और गाइडों में भारी उत्साह है। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि टिफनी ट्रंप के इस दौरे से दुनिया भर में जैसलमेर के पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी और आने वाले दिनों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। स्वर्ण नगरी अपने पारंपरिक 'पधारो म्हारे देस' के अंदाज में कल इस खास मेहमान के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
मऊ जनपद में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। तापमान में गिरावट और मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और एलर्जी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर जिला अस्पताल की ओपीडी पर पड़ा है, जहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले कुछ दिनों में तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और चिकित्सक कक्षों के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने सभी चिकित्सकों को समय पर अपने कक्षों में उपस्थित रहने तथा मरीजों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन को भी ओपीडी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, इसलिए मौसम के अनुरूप कपड़े पहनें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और संतुलित खानपान का ध्यान रखें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से ठंड के संपर्क में आने से बचाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर उपचार और आवश्यक सावधानियां बरतकर मौसमी बीमारियों के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है।
डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर कृष्णा पेट्रोल पंप के पास यह हादसा हुआ, जब एक कार पहले दूसरी कार से टकराई और फिर खड़े ट्रक में जा घुसी। विवेचक घसीटा रजक ने बताया कि सुबह लगभग 7:30 बजे शहपुरा से जबलपुर की ओर जा रही कार (MP 20ZV 9089) पहले सामने से आ रही एक अन्य कार से टकराई। इसके बाद, वह जबलपुर की तरफ खड़े एक ट्रक (MP 18H 6315) में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में घायल हुए दोनों नाबालिगों को इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था। जबलपुर ले जाते समय 16 वर्षीय शुभ साहू पुत्र शिवकुमार साहू ने दम तोड़ दिया। वहीं, 16 वर्षीय कार्तिक सोनी पुत्र प्रहलाद सोनी का इलाज जबलपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय कार कार्तिक सोनी चला रहा था। शुभ और कार्तिक दोनों दोस्त थे और एक ही स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते थे। यह कार कार्तिक सोनी के पिता की बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने पहले भी नाबालिग के तेज कार चलाने को लेकर उसके पिता से शिकायत की थी।
खेत में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाते 3 गिरफ्तार:फतेहाबाद CIA ने मारी रेड; रजिस्टर और 5 मोबाइल बरामद
फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम ने गांव मोहम्मदपुर रोही क्षेत्र में एक खेत में संचालित किए जा रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन बुकी को गिरफ्तार किया है। ये लोग आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे थे। आरोपी मोहम्मदपुर रोही के खेतों में लाइट की रोशनी में राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर सट्टा लगा रहते हुए पकड़े। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फतेहाबाद के डीएसपी रोड निवासी हितेश कुमार उर्फ हन्नी, शहर के ही शक्ति नगर निवासी संदीप उर्फ गोलू और गांव मोहम्मदपुर रोही निवासी अमन जांगू के रूप में हुई है। आईफोन समेत 5 मोबाइल बरामद जानकारी देते हुए सीआईए प्रभारी वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम नया बस अड्डा मोहम्मदपुर रोही के पास गश्त एवं अपराध नियंत्रण ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहम्मदपुर रोही निवासी मनजीत सिंह के खेत में बने कमरे के बाहर कुछ युवक मोबाइल के माध्यम से राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत रेडिंग पार्टी गठित कर गुप्त रूप से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर तीनों आरोपियों को ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन सहित कुल 5 मोबाइल, सट्टेबाजी का हिसाब-किताब दर्ज रजिस्टर, पेन तथा 3,710 रुपए की सट्टा राशि बरामद की गई। पुलिस ने जमानत पर किए रिहा आरोपियों के खिलाफ सदर थाना फतेहाबाद में द हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 2025 की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों को नियमानुसार पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
लुधियाना के घंटा घर चौक पर आज उस समय माहौल बेहद गर्मा गया जब वाल्मीकि भाईचारे की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ बिट्टू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि उनके पुतले को जूतों का हार पहनाकर उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे वाल्मीकि समाज के मुख्य नेताओं और जत्थेबंदियों के पदाधिकारियों ने बताया कि दो-तीन दिन पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मीडिया के सामने उनके भाईचारे (बिरादरी) के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की गई थी। इस बयान के बाद से ही पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त था। इसी के विरोध में आज शहर के मुख्य चौक पर यह बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। केंद्रीय मंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने हमारे पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें: वाल्मीकि भाईचारे ने साफ लफ्जों में चेतावनी देते हुए अपनी मांगें प्रशासन और सरकार के सामने रखी हैं समाज की मांग है कि रवनीत बिट्टू तुरंत अमृतसर स्थित 'भगवान वाल्मीकि महाराज जी के मुख्य तीर्थ स्थल' (रामतीर्थ) पर नतमस्तक हों और वहां जाकर पूरे समाज से लिखित और सार्वजनिक माफी मांगें। पर्चा दर्ज करने की चेतावनी:जत्थेबंदियों ने दोटूक कहा है कि अगर केंद्रीय मंत्री ने जल्द ही माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पुलिस में मामला (पर्चा) दर्ज करवाया जाएगा।चौक पर लगा रहा भारी जाम, पुलिस बल तैनात घंटा घर चौक पर प्रदर्शन और पुतला फूंकने के दौरान कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
अंबाला सिटी में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कुरुक्षेत्र के एक युवक से लक्जमबर्ग (यूरोप) भेजने का झांसा देकर 12 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी एजेंट ने युवक को नकली वीजा, फर्जी एग्रीमेंट और झूठी मेडिकल रिपोर्ट थमाई। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर जोसर के रहने वाले प्रिंस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने विदेश जाने के लिए अंबाला के रहने वाले एजेंट चिराग नरूला से संपर्क किया था। चिराग अंबाला सिटी के जलबेड़ा रोड पर 'सन फ्लाई ओवरसीज' नाम से ऑफिस चलाता है। एजेंट ने उसे लक्जमबर्ग का वीजा लगवाने का झांसा दिया। लाखों की ठगी और फर्जीवाड़ा प्रिंस के मुताबिक, उनके बीच एक एग्रीमेंट साइन हुआ था। आरोपी एजेंट ने बायोमेट्रिक के नाम पर 6 लाख रुपए और बाद में वीजा दिखाने के नाम पर 6 लाख रुपए यानी कुल 12 लाख रुपए ऐंठ लिए। दो महीने बाद जब एजेंट ने वीजा दिया, तो वह पूरी तरह नकली निकला। नेगेटिव रिपोर्ट दिखाकर उलझाया ठगी का खेल यहीं नहीं रुका। जब टिकट कराने की बात आई, तो आरोपी एजेंट ने प्रिंस का मेडिकल करवाया और धोखे से एक नकली मेडिकल रिपोर्ट तैयार करवाकर उसे 'नेगेटिव' दिखा दिया। इस तरह आरोपी करीब तीन-चार महीने तक पीड़ित को गुमराह करता रहा। रुपए वापस मांगने पर बंद किया फोन प्रिंस ने बताया कि एग्रीमेंट में साफ लिखा था कि वीजा न लगने पर पूरी पेमेंट वापस की जाएगी। जब प्रिंस को धोखाधड़ी का शक हुआ और उसने अपने रुपए व पासपोर्ट वापस मांगे, तो एजेंट चिराग ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया और जलबेड़ा रोड स्थित अपने ऑफिस पर ताला लगाकर फरार हो गया। पीड़ित के पास रुपए देते समय की वीडियो और कुछ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पुख्ता सबूत भी मौजूद हैं। एसपी के आदेश पर दर्ज किया केसप्रिंस ने पहले इसकी शिकायत कुरुक्षेत्र में दी थी, जिसके बाद मामला अंबाला एसपी कार्यालय भेजा गया। एसपी के आदेश पर 29 मई को शिकायत पत्र डाक के जरिए सदर थाना अंबाला पहुंचा। पुलिस ने शिकायत और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी एजेंट चिराग नरूला के खिलाफ BNS की धारा 316(2) और 318(4) के तहत धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का केस दर्ज कर लिया है।
फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बसंतापुर गांव में एक महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। शनिवार सुबह परिजनों को जानकारी होने पर परिजन महिला के ससुराल पहुंचे। महिला के भाई ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतका का भाई ने बहन के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कई बिंदुओं से मामले की जांच शूरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला… नवाबगंज के बसंतापुर के रहनेवाले रामतीर्थ पुत्र राधेश्याम मजदूह हैं। राधेश्याम की शादी सात साल पहले यानी 2019 में कन्नौज के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के महोना गांव की रहने वाली संगीता देवी से हुई थी। शराब पीने का आदी हो गया था और नशे की हालत में घर आकर पत्नी संगीता के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। शुक्रवार रात संगीता का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। रात करीब साढ़े 12 बजे संगीता की सास नन्ही देवी ने फोन कर उसके भाई इंद्रेश को घटना की जानकारी दी कि संगीता ने साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सास ने फोन कर भाई को दी जानकारी सूचना मिलने पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे इंद्रेश अपने परिजनों के साथ गांव बसंतापुर पहुंचा और यूपी-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची यूपी-112 टीम ने प्रारंभिक जांच की और थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। भाई इंद्रेश ने जाजी पर लगाया हत्या का आरोप मृतका के भाई इंद्रेश का आरोप है कि उसका बहनोई रामतीर्थ आए दिन शराब के नशे में संगीता के साथ मारपीट करता था। उसने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे उसकी संगीता से बात हुई थी, जिसमें उसने मारपीट की जानकारी दी थी। इंद्रेश ने आरोप लगाया कि इसके बाद रामतीर्थ और उसके परिजनों ने मिलकर संगीता की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया। मृतका अपने पीछे पांच वर्षीय पुत्री राशि और डेढ़ वर्षीय पुत्र विनायक को छोड़ गई है। घटना की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य यशवीर सिंह आर्य भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। मृतका के भाई इंद्रेश ने पुलिस को तहरीर देकर बहनोई रामतीर्थ समेत उसके परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार ने स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। छुटि्टयां 1 जून से लेकर 30 जून तक होंगी। इस संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। तेज गर्मी के कारण चंडीगढ़ में पहले ही स्कूल बंद किए जा चुके हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के सभी समूह सरकारी, एडेड और निजी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। शिक्षा विभाग की सचिव सोनाली गिरी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेज दी गई हैं। हीटवेव के चलते सरकारी दफ्तरों का समय भी बदल चुका इससे पहले पंजाब सरकार ने 25 मई को सरकारी दफ्तरों का समय बदल दिया था। राज्य के सारे सरकारी दफ्तरों का समय, सेवा केंद्रों और स्कूलों का वर्तमान समय सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक किया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर राज्य में गर्मी और हीटवेव को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। यह आदेश 25 मई से 15 जुलाई तक लागू किया गया। चंडीगढ़ में 39 दिनों की छुट्टियां की गईं चंडीगढ़ के स्कूलों को पहले ही बंद कर दिया गया है। यहां प्रशासन ने 23 मई से 30 जून 2026 तक कुल 39 दिन की छुटि्टयां छुट्टियां की है। इस हिसाब से पंजाब और चंडीगढ़ दोनों जगहों पर स्कूल 1 जुलाई से नियमित खुलेंगे। पंजाब में करीब 60 लाख छात्र पंजाब में 27,281 स्कूलों में 59 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में 2.73 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें 19,243 सरकारी स्कूल हैं, जहां लगभग 26.69 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि, निजी स्कूलों में करीब 30.63 लाख छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब का औसत छात्र-शिक्षक अनुपात 22:1 है, जो राष्ट्रीय औसत 24:1 से बेहतर माना जाता है। वहीं, राज्य के कुल शिक्षकों में 76.6 प्रतिशत महिला शिक्षक हैं, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़ के स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी पर रोक, समर कैंप में बच्चों को धूप में नहीं ले जाएंगे चंडीगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए स्कूलों में आयोजित किए जा रहे समर कैंपों को लेकर फैसला लिया गया है। चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान समर कैंप में आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
फतेहाबाद के टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों ने शनिवार को बढ़ती महंगाई और अवैध पेड़ कटाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष लाभ सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टोहाना पक्का मोर्चा पर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और महंगाई की प्रतियां फूंककर विरोध जताया। लाभ सिंह ने कहा कि सरकार आम जनता की परेशानी पर ध्यान नहीं दे रही है। पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कॉरपोरेट घरानों और बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जिससे आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दाम कम नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना था कि सरकार का काम जनता को राहत देना है, लेकिन वह इसके बजाय महंगाई से लोगों को परेशान कर रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने टोहाना में वन विभाग की जमीन पर दिनदहाड़े 18 पेड़ काटे जाने के मामले पर भी सरकार को घेरा। लाभ सिंह ने बताया कि यह घोटाला हाल ही में संज्ञान में आया है और इसमें प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों तथा आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे रैकेट में गरीब मजदूरों को फंसाया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग किसान नेताओं ने मांग की कि, पेड़ कटाई मामले में टोहाना वन विभाग में तैनात सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनका स्थानांतरण किया जाए। साथ ही, इस मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए। नेताओं ने इसे लाखों रुपए का एक बड़ा और लगातार चल रहा घोटाला बताया। गौरतलब है कि वन विभाग ने इस मामले में आरा संचालक प्रिंस सहित तीन लोगों पर केस दर्ज कराया है। इसके बाद प्रिंस चावला ने वन दरोगा सुरेंद्र की कॉल रिकॉर्डिंग का दावा करते हुए आरोप लगाया था कि विभाग की मिलीभगत से ही पेड़ कटवाए गए हैं। प्रिंस ने अधिकारियों पर लाखों रुपए के पेड़ कटवाने के आरोप भी लगाए हैं। अगर सरकार ने जल्दी कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, निर्दोष मजदूरों को परेशान न किया जाए और अवैध कटाई पर तुरंत रोक लगे।
सक्ती जिले में इंस्टाग्राम के माध्यम से एक युवती से संपर्क कर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 25 मई को मालखरौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए राकेश टंडन (26), निवासी थेम्हापारा, चौकी मल्हार, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर से हुई थी। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और 11 मई को मिशन चौक बुलाया। जान से मारने की धमकी दे कर किया था रेप शिकायत के मुताबिक, राकेश टंडन पीड़िता को मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक सुनसान जगह ले गया। वहां उसने जान से मारने की धमकी देते हुए कथित तौर पर दुष्कर्म किया। परिवार को नुकसान पहुंचने की धमकी दे कर करता रहा दुष्कर्म पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे बिलासपुर ले गया और रास्ते में उसकी मोबाइल सिम तोड़ दी। इसके बाद उसे गोंदिया होते हुए महाराष्ट्र के कराड-मलकापुर क्षेत्र में एक घर में रखा गया। वहां आरोपी ने परिवार वालों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर लगातार शारीरिक शोषण किया। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 198/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देशन में आरोपी की तलाश तेज की गई। आरोपी को उसके घर से दबोचा जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आया हुआ है। इसके बाद साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी को रिमांड पर जेल भेजा गया,जांच जारी है आरोपी को गिरफ्तार कर 29 मई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण राजपूत के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. कंवर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार देर रात बांसवाड़ा शहर के राजतालाब थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्पेशल सेल की टीम ने रात करीब 2 बजे दबिश देकर आंतरिक सुरक्षा (इंटरनल सिक्योरिटी) से जुड़े मामलों में संदिग्ध एक युवक को हिरासत में लिया और अपने साथ दिल्ली ले गई। पकड़े गए युवक पर देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में लिप्त होने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार रात अचानक बांसवाड़ा पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से राजतालाब थाना क्षेत्र के चूना भट्टी इलाके में घेराबंदी की। यहां से फरहान उर्फ दानिश (25) पुत्र बाबर खान को पकड़ा गया। बहन के घर फरारी काट रहा था संदिग्ध जानकारी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी फरहान मूल रूप से चूना भट्टी राजतालाब का ही निवासी है, लेकिन वह ज्यादातर समय मुंबई में रहता था। पिछले करीब 7 महीनों से वह बांसवाड़ा में ही अपनी बहन के घर पर रह रहा था, जिसने यहां किराए पर मकान ले रखा है। मुंबई में कैब ड्राइवर है आरोपी, दिल्ली पुलिस खंगाल रही कुंडली शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आरोपी फरहान मुंबई में ओला कैब चलाने का काम करता था। मुंबई में रहते हुए ही वह आंतरिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली संदिग्ध गतिविधियों और देश विरोधी तत्वों के संपर्क में आया था। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसके मूवमेंट पर नजर रख रही थी। शुक्रवार रात को सटीक इनपुट पर दिल्ली से आई टीम ने बिना वक्त गंवाए आधी रात को ही उसे धर दबोचा। फिलहाल, दिल्ली पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। राजतालाब थानाधिकारी ने युवक को पकड़कर ले जाने की पुष्टि की है। लेकिन कुछ भी जानकारी नहीं होना बताया है।
भदोही में 11 पुलिसकर्मियों के तबादले:एसपी ने निरीक्षक व उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले
भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 11 निरीक्षक और उप निरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया है। इन अधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित नए स्थानों पर भेजा गया है। स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों में निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान को प्रभारी निरीक्षक ऊंज से पुलिस लाइंस, श्यामबहादुर यादव को प्रभारी आयोग सेल से प्रभारी निरीक्षक ऊंज, रामनगीना यादव को प्रभारी निरीक्षक कोईरौना से पुलिस लाइंस, अश्वनी कुमार त्रिपाठी को प्रभारी निरीक्षक औराई से प्रभारी निरीक्षक सुरियावां, और राजेश कुमार सिंह को पुलिस लाइंस से प्रभारी निरीक्षक औराई बनाया गया है। इसी क्रम में, सच्चिदानंद पाण्डेय को प्रभारी निरीक्षक भदोही से प्रभारी निरीक्षक गोपीगंज, शैलेश कुमार राय को प्रभारी निरीक्षक गोपीगंज से प्रभारी निरीक्षक भदोही, विजय प्रताप सिंह को प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना/साइबर सेल से निरीक्षक अपराध थाना गोपीगंज अजय विक्रम सिंह यादव को निरीक्षक अपराध थाना गोपीगंज से साइबर थाना, और विजय कुमार गुप्ता को साइबर क्राइम थाना से प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना/साइबर सेल में स्थानांतरित किया गया है। उपनिरीक्षक मनीष द्विवेदी को थानाध्यक्ष सुरियावां से थानाध्यक्ष कोईरौना भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल अपना कार्यभार संभालने और अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने पर भी जोर दिया।
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पर्वतपुर सुलेमान गांव निवासी अयान मोहम्मद की पत्नी आसमीन बानो को 26 मई को प्रसव पीड़ा होने पर सैफाबाद बाजार के कृष्णा क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में तीन दिनों तक प्रसव कराने का प्रयास किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर भी उचित इलाज नहीं मिला और न ही समय पर किसी बड़े अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात प्रसूता आसमीन बानो और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्लीनिक संचालक ने मामले को दबाने के लिए लेनदेन का प्रयास किया। जब परिजन घटना के बाद क्लीनिक पहुंचे, तो वहां कोई डॉक्टर या कर्मचारी मौजूद नहीं था। आसमीन की हालत बिगड़ने पर उसे सामने स्थित एक अन्य निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन शव को घर ले गए और क्लीनिक संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को सम्मानित करने और उन्हें स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। क्रिकेट जगत में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और कम उम्र में शानदार प्रदर्शन से देशभर में पहचान बना चुके वैभव को लेकर यह निर्णय लिया गया है। मंत्री इरफान अंसारी ने अपने X अकाउंट पर लिखा है कि भले ही उनकी टीम हालिया मुकाबला जीत नहीं पाई, लेकिन वैभव ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी शैली, आत्मविश्वास और आक्रामक खेल को असाधारण बताते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का सामना करना उनकी अद्भुत प्रतिभा का प्रमाण है। कम उम्र में बड़ी उपलब्धि, युवाओं के लिए प्रेरणा इरफान अंसारी ने कहा कि महज 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह साहस और प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नई दिशा तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का जीवंत उदाहरण हैं। उनकी उपलब्धियों ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि बिहार और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि वैभव की सफलता लाखों युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में निभाएंगे भूमिका स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी को ब्रांड एंबेसडर बनाकर राज्य में स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैभव की सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली युवाओं को स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर फिटनेस, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाएगा। मंत्री इरफान अंसारी ने विश्वास जताया कि वैभव आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। देश को उन पर लंबे समय तक गर्व रहेगा। जल्द ही उन्हें झारखंड में औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। पिता ने जमीन बेचकर क्रिकेट एकेडमी जॉइन कराई वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर के रहने वाले हैं। 27 मार्च 2011 को जन्मे वैभव ने 9 साल की उम्र में अपने पिता संजीव के गाइडेंस में क्रिकेट खेलना शुरू किया। अपने बेटे का क्रिकेट के प्रति लगाव देखकर संजीव ने वैभव की ट्रेनिंग के लिए जमीन बेच दी। उन्होंने जेनिथ क्रिकेट एकेडमी समस्तीपुर से ट्रेनिंग शुरू की। वैभव के कोच के मुताबिक, उनके पिता संजीव उन्हें मैच दिखाने के लिए हर दूसरे दिन 100 किमी दूर ले जाते थे। वैभव जब भी एक्स्ट्रा ट्रेनिंग करते थे उनके पिता संजीव उनके अलावा सभी 10 साथी खिलाड़ियों के लिए भी टिफिन पैक करके लाते थे, क्योंकि उसके साथी गेंदबाज उसे बॉलिंग करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम देते थे।
उन्नाव में 31 मई को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 1526 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सुशील कुमार गोंड ने बताया कि जनपद में परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। इनमें डीएसएन कॉलेज का ए एवं बी ब्लॉक, अटल बिहारी इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) उन्नाव शामिल हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों के साथ विस्तृत बैठक कर उनकी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। अभ्यर्थियों की चेकिंग और फ्रिस्किंग के लिए नियुक्त सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। एडीएम सुशील कुमार गोंड ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की संभावना को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी और निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा शुरू होने से पर्याप्त समय पहले केंद्र पर पहुंचें। उन्हें अपने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है। प्रतिबंधित वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। सुरक्षा, यातायात, विद्युत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखा गया है ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन को उम्मीद है कि बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगी।
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और अभिनेता योगराज सिंह को महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके घर में भी मां, बहन और बेटी हैं और वह महिलाओं का सम्मान करते हैं। ये संस्कार उन्हें उनके बुजुर्गों ने सिखाए हैं। एफआईआर के अनुसार, 8 मई 2026 को रिलीज हुई वेब सीरीज लुखे की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। शिकायतकर्ता एडवोकेट उज्जवल भसीन ने आरोप लगाया कि वीडियो में महिलाओं के लिए बेहद अपमानजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। अब विस्तार से पढ़िए योगराज सिंह ने क्या कहा:- बचाव पक्ष की दलील- अभिनेता के तौर पर किरदार निभाया बचाव पक्ष ने कहा कि वेब सीरीज की स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी और उन्होंने केवल अभिनेता के तौर पर अपना किरदार निभाया। उनका किसी को ठेस पहुंचाने या महिलाओं का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। वकीलों ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। साथ ही कहा गया कि मामले में उनसे कोई बरामदगी नहीं होनी है और वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। शिकायत में क्या, 4 पॉइंट में पढ़िए… अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया: जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं एडवोकेट उज्ज्वल भसीन और जतिन वर्मा की तरफ से यह शिकायत 12 मई को एसएसपी को भेजी गई है। उन्होंने दलील दी है कि सोशल मीडिया पर 17 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें महिलाओं के खिलाफ शर्मनाक, अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कहा गया है “जनानी दिन में चूल्हे…” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। जो चीज बोली जा रही है वह बकायदा स्क्रीन में लिखा आता है। महिलाओं की गरिमा पर सीधा हमला: पत्र में दूसरा तर्क है यह न केवल अपमानजनक है, बल्कि हमारी माताओं, बहनों, बेटियों और पत्नियों सहित हर महिला की गरिमा, शालीनता और सम्मान पर सीधा हमला है। योगराज सिंह जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली व्यक्ति के मुंह से ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है। योगराज सिंह के खिलाफ FIR की मांग: शिकायत में लिखा गया कि क्या ऐसे बयान वास्तव में सिख सिद्धांतों से जुड़ी समानता और सम्मान की शिक्षाओं को दर्शाते हैं? ऐसी भाषा उन नैतिक मूल्यों के खिलाफ है, जो एक गुरु सिख से अपेक्षित होते हैं। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए योगराज सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सेलिब्रिटी होने के बावजूद गैरजिम्मेदाराना भाषा: शिकायत के आखिर में उन्होंने दलील दी है कि एक जानी-मानी हस्ती होने के नाते उनके ऐसे बयान समाज में महिलाओं के प्रति नफरत की विचारधारा को सामान्य बनाने और सार्वजनिक भावनाओं को आहत करने का काम करते हैं।
हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जींद जिले के उचाना हलके के विभिन्न गांवों में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और देश के आर्थिक हालात को गंभीर बताया। चौटाला ने कहा कि महंगाई केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के आर्थिक हालात गंभीर स्थिति में हैं। उन्होंने सरकार से इस पर गहन चिंतन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि धान के सीजन में यूरिया की किल्लत शुरू हो गई है, जबकि बुवाई से पहले डीएपी भी उपलब्ध नहीं है। खनन में इस्तेमाल होने वाले सल्फ्यूरिक एसिड की भी कमी है। मीडिया से बात करते हुए दुष्यंत चौटाला ने आर्थिक स्थिति के अन्य पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। कहा कि, सीएनजी के दाम 4 रुपए और डीजल-पेट्रोल के दाम 8 रुपए बढ़ चुके हैं। डॉलर 97 रुपए तक पहुंच गया है। जो लोग विश्व गुरु बनने का दावा कर रहे थे, उनके सामने सबसे पहले देश की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ी है। गाड़ियां कम करने से नहीं होती ईंधन की बचत : चौटाला प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाने की अपील पर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले से दो-चार गाड़ियां कम करने से कोई खास फायदा नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल में हर 10 मीटर पर तीन जवान खड़े होते हैं, जिन्हें लाने-ले जाने में बसों का इस्तेमाल होता है। क्या उस समय ईंधन का प्रयोग नहीं होता? चौटाला ने जोर देकर कहा कि केवल गाड़ियां कम करने से ईंधन की बचत नहीं होगी। ईंधन की खपत तो अभी होनी है, सरकार बिजली दे नहीं पाएगी और धान की फसल में पानी लगाने के लिए ट्यूबवेल का इस्तेमाल करना पड़ेगा। खेत में ट्रैक्टर से काम करने के लिए किसान को इस्तेमाल करना है डीजल की जरूरत पड़ेगी । यह चीज इंटरनेशनल तौर पर फेलियर है, फेलियर इसलिए हैं इन परिस्थितियों में हम अपने अच्छे संबंध खो चुके हैं। भारत के नए साथी, बुरे हालात में छोड़ गए उन्होंने कहा कि, हम रसिया से तेल लेते थे, पेट्रोलियम प्रोडक्ट लेते थे, फर्टिलाइजर लेते थे, हमने मिडल ईस्ट व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया और आज मिडल ईस्ट की व्यवस्था बिगड़ी तो हमने पुराने साथी खो दिए। और जो नए साथी बने थे वह भी हमें बुरे हालात में हमें छोड़ गए। भाजपा के बिना खर्ची- पर्ची के नौकरी देने सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके दावे की पोल तो नीट पेपर ने खोल दी, सीबीएसई के रिजल्ट आए हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम क्लेरिफिकेशन देंगे उसको रिव्यू करवाएंगे। आप सोचों कितने बच्चों का हौसला एक फैसले की वजह से टूटा है, इसका जिम्मेदार कौन है। खर्ची-पर्ची केवल किसी को नौकरी लगाने या किसी को एग्जाम में बैठाने की नहीं है, आप यह सोचो कि आप कितने बड़े ग्रुप को एक विफलता के मोड़ पर छोड़ जाते हो उसकी तरफ सरकार का ध्यान नहीं। अगले 12 हफ्तों में होगी क्रिटिकल स्थिति बीजेपी सरकार 12 साल पूरे होने पर उपलब्धि गिनवाने पर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि अगले 12 हफ्ते बड़े क्रिटिकल है मेरे को तो वह देखने की जरूरत है, कि अगले 3 महीने में देश की इकोनॉमी की किस हालत में होगी। क्या डॉलर 100 पार करेगा, क्या पेट्रोल व डीजल 125 रुपए पार जाएगा। क्या हमारे किसानों को यूरिया व डीएपी समय पर मिल पाएगा। खनन सेक्टर बंद हो गया तो आज आप मेरी बात लिख लेना, बारिश के बाद सड़कों पर गड्ढे भरने की व्यवस्था सरकार से नहीं होगी।
अंबाला के बराड़ा उपमंडल की करनाल कॉलोनी में दिनदहाड़े लूट की वारदात हुई। तीन नकाबपोश बदमाशों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पिस्तौल के बल पर बंधक बनाकर सोने के आभूषण लूट लिए। विरोध करने पर महिला पर पिस्तौल की बट से हमला भी किया गया। पुलिस को दी शिकायत में 70 वर्षीय विधा देवी ने बताया कि वह अपने घर के बरामदे में चारपाई पर बैठी थीं। तभी अचानक घर का मुख्य गेट खोलकर तीन अज्ञात नकाबपोश युवक अंदर घुस आए। अंदर आते ही एक बदमाश ने विधा देवी का गला और मुंह दबा दिया, जबकि अन्य ने उनके हाथ पकड़ लिए। एक बदमाश ने उन पर पिस्तौल तान दी और उनके कान के सोने के झुमके व बाएं हाथ की सोने की अंगूठी झटके से निकाल ली। बदमाशों ने बुजुर्ग महिला के दोनों हाथों में पहने सोने के कड़े भी निकालने की कोशिश की, लेकिन विधा देवी ने अपनी मुट्ठियां कसकर बंद कर लीं। इस पर बदमाशों ने उनके हाथ पर पिस्तौल की बट से हमला कर दिया। कमरे का दरवाजा तोड़ने का प्रयास बुजुर्ग महिला का शोर सुनकर घर के अंदर से उनकी पोती चाहत और बहू रेखा देवी गेट खोलकर बाहर आईं। बदमाशों ने तुरंत उन पर भी पिस्तौल तान दी, जिससे वे बुरी तरह डर गईं और उन्होंने भागकर अंदर से दरवाजे की कुंडी लगा ली। बदमाशों ने दरवाजा खोलने के लिए कई धक्के मारे, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद तीनों बदमाश अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। अस्पताल में करवाई मरहम-पट्टी बहू ने तुरंत अपने पति को फोन कर बुलाया, लेकिन तब तक बदमाश भाग चुके थे। घायल बुजुर्ग महिला को तुरंत इलाज के लिए सीएचसी (CHC) अस्पताल बराड़ा ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर की टीम ने उनकी मरहम-पट्टी की।घर जाकर पुलिस ने लिए बयान घटना की सूचना मिलते ही बराड़ा चौकी इंचार्ज एएसआई अशोक कुमार पुलिस टीम के साथ पहले अस्पताल और फिर पीड़ित बुजुर्ग महिला के घर पहुंचे, जहाँ पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) (लूट/डकैती की कोशिश और चोट पहुंचाना) के तहत केस दर्ज कर रजिस्टर कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस थाना प्रभारी का कहना है कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है। कॉलोनी और मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा सके और लूटी गई ज्वैलरी बरामद की जा सके।
जौनपुर के रामदयालगंज बाजार में 33केवी हाईटेंशन लाइन बिछाने के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। लोकशक्ति उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण जायसवाल के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों और निवासियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि यह लाइन घनी आबादी वाले क्षेत्र में घरों से मात्र 3-4 फीट की दूरी पर लगाई जा रही है। श्रवण जायसवाल ने बताया कि घरों के इतने करीब से गुजरने वाली यह लाइन भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों से इस लाइन को भूमिगत करने या कोई वैकल्पिक समाधान खोजने की मांग की है। रामदयालगंज बाजार एक व्यस्त और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। जहां 220/440 वोल्ट की लाइनें इंसुलेटेड या भूमिगत की जा रही हैं, वहीं 33केवी जैसी खतरनाक लाइन को खुले में ले जाना जनहित और सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि 33,000 वोल्ट की इस लाइन को पूरी तरह भूमिगत केबल के माध्यम से बिछाया जाना चाहिए या अन्य सुरक्षित विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संभावित जनहानि और दुर्घटना से बचा जा सके। इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व में एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभाग और अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर 'रीज़न्ड एंड स्पीकिंग ऑर्डर' पारित करने का निर्देश दिया था। हालांकि, दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई स्पष्ट आदेश या निर्णय नहीं दिया गया है। इसी बीच, विभाग ने रात के समय खंभे गाड़ने और तार बिछाने का काम शुरू कर दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह कार्य सुरक्षा मानकों और जनहानि की संभावनाओं की पूरी तरह उपेक्षा करते हुए किया जा रहा है। जिस सड़क के किनारे हाईवे निर्माण के लिए बड़े पेड़ काटे गए थे, उसी पर अब 33केवी हाईटेंशन लाइन के खंभे लगाए जा रहे हैं। बाजार क्षेत्र में अधिकांश मकान दो या तीन मंजिला हैं। यहां रहने वाले परिवार अपनी छतों का उपयोग बच्चों के खेलने, कपड़े सुखाने, दैनिक घरेलू कार्यों और छोटे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए करते हैं। ऐसी स्थिति में खुले हाई वोल्टेज तार हमेशा दुर्घटना और जान-माल के नुकसान का खतरा बने रहते हैं।
हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में गेहूं खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाने और खरीद लक्ष्य में वृद्धि की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन शनिवार को उग्र हो गया। दो दिन से एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसान बड़ी संख्या में बीकानेर-हनुमानगढ़ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं। किसानों का कहना है कि मंडियों में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा है, जबकि खरीद अवधि समाप्त होने वाली है। प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। ऐसे में अब आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने से रेलवे ट्रैक तक पहुंचा आंदोलन शनिवार सुबह करीब 11 बजे पीलीबंगा में किसानों की सभा शुरू हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान और आंदोलनकारी सभा स्थल पर जुट गए। सभा में नेताओं के कहने के बाद किसान सड़क पार कर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। वहीं धरने पर बैठ गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन आंदोलनकारी पीछे नहीं हटे। इससे पहले किसानों ने शुक्रवार को भी रोड जाम किया था। गुरुवार और शुक्रवार को प्रशासन और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। सरकार के स्तर पर निर्णय की मांग माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है, लेकिन खरीद अवधि बढ़ाने और खरीद लक्ष्य में संशोधन का फैसला सरकार स्तर पर ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि किसानों को तत्काल निर्णय की जरूरत है। 90 प्रतिशत खरीद पूरी, फिर भी मंडियों में पड़ा है गेहूं जिले में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का लक्ष्य 7.52 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद मंडियों में अभी भी काफी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है। किसान संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं की मांग है कि खरीद अवधि 30 जून तक बढ़ाई जाए ताकि सभी किसानों की उपज खरीदी जा सके। बारदाने की कमी और स्लॉट बुकिंग बनी परेशानी किसानों का कहना है कि मंडियों में बारदाने की कमी, गेहूं उठाव में देरी और स्लॉट बुकिंग जैसी समस्याओं ने हालात और जटिल बना दिए हैं। कई किसान पिछले कई दिनों से खरीद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी उपज की खरीद नहीं हो पा रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि खरीद अवधि नहीं बढ़ाई गई तो बड़ी संख्या में किसानों को मजबूरी में अपना गेहूं औने-पौने दामों में बेचना पड़ सकता है। उत्पादन बढ़ा, खरीद लक्ष्य पर सवाल इस वर्ष जिले में गेहूं की बुवाई और उत्पादन दोनों में बढ़ोतरी हुई है। गेहूं का रकबा करीब 6 प्रतिशत बढ़ा है और उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बताया जा रहा है। इसके बावजूद खरीद लक्ष्य अपेक्षाकृत कम निर्धारित किए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
महेंद्रगढ़ में कार और बाइक की टक्कर, युवक की मौत:साथी की हालत गंभीर, ड्राइवर मौके से फरार; केस दर्ज
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव कोटिया के गोविंद सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भतीजा मनीष यादव रात को अपने साथी हर्ष के साथ किसी काम से कनीना गया हुआ था। देर रात सूचना मिली कि कनीना-करीरा रोड पर गांव करीरा के पास उनकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया है। दोनों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। हर्ष चला रहा था बाइक शिकायत के अनुसार प्रत्यक्षदर्शी ज्ञानेंद्र ने बताया कि हर्ष बाइक चला रहा था और मनीष पीछे बैठा हुआ था। दोनों कनीना से करीरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से कनीना की तरफ जा रही एक सफेद रंग की वैगनआर कार ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से कार चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। शव का कराया पोस्टमार्टम सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125(ए), 281 और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
मैनपुरी में चर्चित वारिस अली हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, सड़क किनारे स्थित करीब 9 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने की साजिश के तहत वारिस अली की हत्या की गई थी। हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को अंडरपास सर्विस रोड पर फेंक दिया गया था। मामले में एक सरकारी शिक्षक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वारिस अली, कुरावली कस्बे के मोहल्ला कौआटोला के निवासी थे। उनका शव 20 मई को फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, मृतक की बेटी स्वालिहा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया था। सीसीटीवी और कॉल डिटेल से खुला राज पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपियों की नजर वारिस अली की सड़क किनारे स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर थी। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अरुण कुमार, जो एक सरकारी शिक्षक है, ने वारिस अली से 35 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदने की बात की थी। आरोप है कि उसने अपने ड्राइवर के नाम पर करीब 12.5 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ रुपये है। राज खुलने के डर से रची हत्या की साजिश पुलिस के मुताबिक, जमीन के खेल का खुलासा होने की आशंका के चलते अरुण कुमार ने अपने साथियों रविंद्र सोलंकी और ऋषिबाबू के साथ मिलकर वारिस अली की हत्या की योजना बनाई। 19 मई को मौका मिलते ही आरोपियों ने वारिस अली की हत्या कर दी। हत्या के बाद घटना को सड़क हादसा साबित करने के उद्देश्य से शव को फतेहजंगपुर अंडरपास सर्विस रोड पर फेंक दिया गया, ताकि मामला दुर्घटना प्रतीत हो। खुद को बचाने के लिए चालू रखा मोबाइल जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के समय मास्टरमाइंड अरुण कुमार ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए अपना मोबाइल फोन चालू रखा और विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वहीं, अन्य आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। तीन आरोपी गिरफ्तार, कार और हथियार बरामद पुलिस ने गहन विवेचना के बाद आरोपी अरुण कुमार निवासी रसेमर, रविंद्र सोलंकी निवासी प्रेमपुरा और ऋषिबाबू निवासी गगरपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बलेनो कार, सरिया, तकिया तथा मृतक का आधार कार्ड बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
छिंदवाड़ा के नागपुर रोड स्थित इनर ग्राउंड में शनिवार सुबह आदिवासी प्रीमियर लीग (APL) 2026 सीजन-2 का शानदार आगाज हो गया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित इस हल्की टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन नगर निगम महापौर विक्रम अहके ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया और शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। युवाओं को मंच देने की पहल, टीमें दिखाएंगी दमखम इस मौके पर महापौर और आयोजन के मुख्य संरक्षक विक्रम अहके ने कहा कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतर मंच प्रदान करना है। समिति के मुताबिक, आगामी दिनों में जिले और आसपास के क्षेत्रों से आई कई टीमें इस मैदान पर अपना खेल कौशल दिखाएंगी। पिछले सीजन से ज्यादा भव्य है आयोजन इस बार प्रतियोगिता को पहले से अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। मैदान पर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कार घोषित किए गए हैं। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और समाज के लोग मौजूद रहे, जिनमें आगामी मुकाबलों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से बढ़ रही नमी के असर से सागर के मौसम में बदलाव शुरू हुआ है। शुक्रवार शाम को सागर के मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। देर रात शहर समेत ग्रामीण इलाकों में हवा-आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान बंडा में झमाझम बारिश होने से मौसम में ठंडक घुली। अचानक बदले मौसम और बादल, बारिश से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन के तापमान में 4.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वहीं रात का पारा 30 डिग्री से गिरकर 22.3 डिग्री पर आ गया है। पारे में आई गिरावट से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हवाओं में ठंडक होने से गर्म हवाओं के थपेड़ों से निजात मिली है। शनिवार सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। धूप खिली है। लेकिन आम दिनों की अपेक्षा धूप में चुभन कम है। शनिवार सुबह सागर का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और न्यूनतम पारा 22.3 डिग्री सेल्सयस पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 जून तक के लिए मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इसके अनुसार, शनिवार को आंधी-बारिश का अलर्ट है। 31 मई से हीटवेव का अलर्ट नहीं है। अगले 48 से 71 घंटों के दौरान सागर में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दिन में गर्मी और शाम को बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा-आंधी चलने का अनुमान है। नौतपा में सागर के पारे की चाल...
मेरठ में गैस एजेंसी कर्मचारी का शव बाथरूम में मिला:पुलिस को शराब के खाली पाउच मिले, हादसे की आशंका
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र में एक गैस एजेंसी कर्मचारी का शव उसके किराए के मकान के बाथरूम में मिला है। घटना शिवकुंज कॉलोनी, भोला रोड पर हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान उन्नाव निवासी पवन कुमार पुत्र रामपाल के रूप में हुई है। पवन मेरठ में रहकर एक गैस एजेंसी में सिलेंडर डिलीवरी का काम करता था और शिवकुंज कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया, तो पड़ोसियों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर उसका शव बाथरूम में पड़ा मिला। सूचना पर टीपीनगर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को कमरे से शराब के कई खाली पाउच मिले हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पवन शराब के नशे में बाथरूम में नहाने गया होगा, जहां पैर फिसलने से वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस फिलहाल किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थान ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर कोण से जांच कर रही है।
जालौन में 40 घंटे से 35 गांव अंधेरे में:आंधी से 18 पोल टूटे, सैकड़ों तार क्षतिग्रस्त; मरम्मत जारी
जालौन में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। आंधी के कारण बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं से नगर क्षेत्र में 18 बिजली के खंभे टूट गए, जबकि ग्रामीण इलाकों में लगभग 100 बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ों के गिरने से कई स्थानों पर बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे जालौन नगर सहित 35 गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। नगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लगभग 19 घंटे बाद बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति अब भी सामान्य नहीं हो पाई है। 40 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, और उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजे अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और कई पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गए। इससे बिजली के तार टूट गए और खंभे धराशायी हो गए। आंधी के कारण नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे से पूरी तरह बंद हो गई थी। नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शुक्रवार शाम करीब छह बजे बहाल की जा सकी, हालांकि इसके बाद भी बिजली का आना-जाना जारी रहा। वहीं, कुसमरा, हरकौती, कामांक्षा और विश्व बैंक फीडर से जुड़े लगभग 35 गांवों में बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। बिजली संकट के चलते लोगों को उमस और अंधेरे के बीच परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्जिंग, पानी की मोटर और अन्य जरूरी उपकरण बंद होने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हालांकि, बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। अवर अभियंता नवीन कुमार कंजोलिया ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार और पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
झांसी में कर खरीदने आया एक युवक टेस्ट ड्राइव के बहाने एक्सयूवी लेकर भाग गया। दरअसल एक कारोबारी को कार बेचनी थी। शुक्रवार को एक युवक आया और कार खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए भाव पूछने गला। फिर डीलर से बोला कि कार खरीदनी है, पहले चलाकर देखेंगे। कारोबारी ने टेस्ट ड्राइव के लिए कार दे दी। तब वह कार लेकर फरार हो गया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। बेचने के लिए रखी थी कार झांसी के सीपरी बाजार इलाके के नंदनपुरा में दयासागर साहू सेकेंड हैंड कारों कारोबार करते हैं। उनकी दुकान पर बिक्री के लिए एक XUV 500 खड़ी थी। शुक्रवार सुबह एक युवक उनके पास आया। उसने खुद को मध्य प्रदेश के दतिया का रहने वाला बताया। गाड़ी देखी और खूब पूछताछ की, कीमत पर बात की और फिर कहा- टेस्ट ड्राइव करनी है। कारोबारी ने बेटे को भी साथ भेजा था दयासागर ने बताया कि सब कुछ सामान्य लग रहा था। इसलिए मैंने अपने बेटे रोशन साहू को युवक के साथ भेज दिया। टेस्ट ड्राइव के दौरान युवक खुद गाड़ी चला रहा था। रास्ते में उसने कहा कि गाड़ी में डीजल कम है, पहले तेल भरवा लेते हैं। दोनों बाईपास स्थित एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। 500 रुपये का डीजल डलवाने की बात हुई। रोशन साहू गाड़ी से उतरकर पेट्रोल पंप कर्मचारी के साथ डीजल भरवाने लगे। अभी करीब 300 रुपये का ही डीजल भरा गया था कि तभी युवक ने अचानक एक्सीलेटर दबाया और XUV लेकर निकल गया। इतना अचानक कि पेट्रोल पंप कर्मचारी के हाथ में डीजल का नोजल ही रह गया और गाड़ी आंखों के सामने सड़क पर गायब हो गई। शिवपुरी की तरफ भागा आरोपी रोशन साहू ने शोर मचाया, लोगों से मदद मांगी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आरोपी कार लेकर शिवपुरी रोड की तरफ भाग चुका था। यह पूरा घटनाक्रम CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। कार बाजार, पेट्रोल पंप और आसपास के कैमरों में आरोपी की तस्वीरें कैद हुई हैं। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि घटना से जुड़े कई CCTV फुटेज उनके पास मौजूद हैं, जिनमें आरोपी युवक का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है। फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश जारी पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। रोशन साहू का कहना है कि युवक शुरू से ही खुद को दतिया का रहने वाला बता रहा था। उसने गाड़ी खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखाई, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन टेस्ट ड्राइव के बहाने वह लाखों की XUV लेकर फरार हो गया।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मकान निर्माण ठेकेदार के घर हुई करीब 25 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वारदात के खुलासे के लिए गठित पांच टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर घंटाघर तक लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। साथ ही पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। कल्याणपुर कला निवासी मकान निर्माण ठेकेदार हनी यादव के घर बुधवार देर रात चोर छत के रास्ते दाखिल हुए थे। आरोप है कि बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को बेहोश या सुस्त करने के लिए किसी स्प्रे का इस्तेमाल किया और घर में रखी नकदी व सोने-चांदी के जेवर समेत करीब 25 लाख रुपये का माल समेट ले गए। देर रात किसी आहट पर हनी यादव की मां रमा यादव की नींद खुली तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। लापरवाही का भी आरोप परिजनों का आरोप है कि सूचना मिलने पर रात में पहुंचे एक दरोगा ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सुबह जांच करने की बात कहकर लौट गए। गुरुवार सुबह मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की गहन जांच कराई गई। रेकी के बाद अंजाम दी गई वारदात जांच में सामने आया कि चोरों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार बदमाश पड़ोस के एक निर्माणाधीन और जर्जर मकान के रास्ते छत पर पहुंचे और वहां से हनी यादव के घर के छज्जे तक पहुंचकर अंदर दाखिल हुए। पुलिस को आशंका है कि वारदात में ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्हें घर की बनावट और परिवार की दिनचर्या की जानकारी थी। कारीगरों समेत कई लोगों पर शक पीड़ित हनी यादव ने तीन पुताई कारीगरों समेत कुछ अन्य लोगों पर शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की टीमें तकनीकी साक्ष्यों के साथ संदिग्धों की गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। कई सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने के बाद पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। क्या बोले डीसीपी पश्चिम डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि चोरी की घटना के खुलासे के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश काफी शातिर प्रतीत होते हैं और उन्होंने पीछे कोई स्पष्ट सुराग नहीं छोड़ा है। इसके बावजूद पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग-2026 शनिवार से इंदौर में शुरू हो गया। भाजपा इंदौर शहर और ग्रामीण इकाई द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में जिले के जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और चयनित कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण वर्ग में संगठनात्मक विषयों, सेवा कार्यों, जनसंपर्क और तकनीकी दक्षता से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत सादगी, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के संदेश के साथ हुई। सांसद शंकर लालवानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के आह्वान के तहत विजय नगर से प्रशिक्षण स्थल एचआर ग्रीन गार्डन तक ई-बस से पहुंचे। यात्रा के दौरान उन्होंने आम नागरिकों और युवाओं से संवाद कर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के महत्व पर चर्चा की। हफ्ते में एक दिन सार्वजनिक परिवहन से सफर करेंगे सांसद सफर के दौरान छात्र सरस जैन ने सांसद से पूछा कि क्या वे नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। इस पर सांसद लालवानी ने कहा कि उन्हें प्रतिदिन शहर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है, इसलिए नियमित रूप से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग संभव नहीं हो पाता, लेकिन अब वे सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने का प्रयास करेंगे। वहीं मोहित सिंह ने उनसे संसद की कार्यप्रणाली और संचालन के बारे में जानकारी ली। साइकिल और कार पूलिंग से पहुंचे कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंचे कई कार्यकर्ताओं ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए निजी वाहनों के बजाय कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल का उपयोग किया। भाजपा नेता राजा कोठारी और प्रफुल्लसिंह राजपूत तिलक नगर से लगभग 20 किलोमीटर साइकिल चलाकर प्रशिक्षण स्थल पहुंचे। दोनों नेताओं ने अपनी साइकिलों पर भाजपा के ध्वज लगाए और नागरिकों को ऊर्जा संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। सांसद-विधायकों की भी बनेगी रिपोर्ट प्रशिक्षण वर्ग की एक विशेष व्यवस्था यह भी है कि जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने वाले सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों की उपस्थिति और सहभागिता की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें यह भी दर्ज किया जाएगा कि किस जनप्रतिनिधि ने वर्ग में कितना समय दिया और रात्रि विश्राम किया या नहीं। एमआर-10 स्थित एचआर ग्रीन में आयोजित शहर भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने किया। सभी प्रतिभागियों को समय का पालन करने के निर्देश दिए गए थे और अधिकांश पदाधिकारी निर्धारित समय पर पहुंचे। पंजीयन के बाद सभी प्रतिभागियों के मोबाइल फोन बाहर जमा कराए गए तथा केवल संगठन द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री को ही अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे समापन प्रशिक्षण वर्ग में धार सांसद सावित्री ठाकुर सहित विधायक मधु वर्मा, मंत्री तुलसी सिलावट, मनोज पटेल और उषा ठाकुर शामिल हुए। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजेंद्र राजपूत, लालसिंह आर्य, रणवीरसिंह रावत, जयपालसिंह चावड़ा और निशांत खरे विभिन्न सत्रों में मार्गदर्शन देंगे। आईटी प्रशिक्षण का सत्र भोपाल के सुयश त्यागी द्वारा लिया जाएगा। भाजपा ग्रामीण इकाई का प्रशिक्षण वर्ग एक्जॉटिका गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। दोनों प्रशिक्षण वर्गों का समापन रविवार को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के भी शामिल होने की संभावना है।
युवा कांग्रेस संगठन चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नाम सामने आ गए हैं। दुर्ग शहर से 10, भिलाई नगर से 12 और दुर्ग ग्रामीण से 7 उम्मीदवार अब मैदान में हैं। इनके बीच अब नामांकन के साथ ही वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। भिलाई नगर, दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण जिलों में अध्यक्ष पद के लिए कई युवा नेताओं ने दावेदारी पेश की है। चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के भीतर कई गुट अपने-अपने उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव समर्थक खेमों की रणनीति को लेकर हो रही है। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्षों की रेस में हैं मैदान में जिला भिलाई नगर 1. रोहन ताम्रकार2. दीपक साहू3. आशुतोष सिंह4. अर्जुन शर्मा5. नेतु साहू6. जुल्फिकार अहमद7. गुरलिन सिंह8. रॉबिन सिंह9. इमाम खान10. महेश11. रोशन कुमार12. क्वाशिम सिद्दीकी जिला दुर्ग शहर 1. रौनक दुबे2. मोहित वाल्दे3. आयुष शर्मा4. अज़हर अली5. सोनू साहू6. सतीश रजक7. विजय साहू8. पृथ्वी चंद्राकर9. पुष्पेंद्र साहू10. मो. आफताब कुरैशी जिला दुर्ग ग्रामीण 1. अमनदीप सिंह2. जयंत देशमुख3. दीपांकर साहू4. सुमित चंद्राकर5. दोमेंद्र कुर्रे6. आकाश कुर्रे7. धर्मेश देशमुख सबसे ज्यादा उम्मीदवार भिलाई नगर में भिलाई नगर जिला अध्यक्ष पद के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। भिलाई नगर देवेंद्र यादव का विधानसभा क्षेत्र भी है। ऐसे में देवेंद्र गुट की ओर से कई नेता इस रेस में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि देवेंद्र गुट की ओर से अर्जुन शर्मा का नाम आगे चल रहा है। वहीं देवेंद्र समर्थक उम्मीदवारों में गुरलिन सिंह, इमाम खान और जुल्फिकार अहमद भी हैं। ऐसे में देवेंद्र गुट में ही सामंजस्य बैठाना बड़ी चुनौती है। दूसरी ओर भिलाई नगर में भूपेश बघेल गुट की ओर से कासिम सिद्धिकी के नाम की चर्चा काफी तेज है। दुर्ग ग्रामीण में भी गुटीय मुकाबला दुर्ग ग्रामीण में कुल 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें भी भूपेश और देवेंद्र गुट के बीच सीधा संघर्ष बताया जा रहा है। यहां देवेंद्र यादव समर्थक खेमे की ओर से अमनदीप सिंह का नाम आगे बताया जा रहा है, जबकि भूपेश बघेल समर्थक नेताओं का झुकाव डोमेंद्र कुर्रे की ओर माना जा रहा है। दुर्ग शहर में अभी नाम नहीं हो रहा स्पष्ट इधर दुर्ग शहर में जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और सीनियर नेता राजेंद्र साहू के समर्थकों के बीच ही अपने-अपने प्रत्याशी को लेकर खींचतान की बात सामने आ रही है। हालांकि धीरज और राजेंद्र दोनों ही भूपेश बघेल के समर्थक माने जाते हैं। दुर्ग में 10 उम्मीदवारों में मुकाबला होना है। ऐसे में एक ही खेमे के भीतर उम्मीदवारों को लेकर सहमति बनाना चुनौती माना जा रहा है। यही वजह है कि दुर्ग शहर में अभी तक किसी एक नाम पर स्पष्ट सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर आज एक दिवसीय प्रवास पर छिंदवाड़ा पहुंचेंगे। वे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जाम सांवली हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। भाजपा जिला महामंत्री कमलेश उइके के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष तोमर सुबह नागपुर से सड़क मार्ग द्वारा रवाना होकर जामसांवली मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद दोपहर को वे छिंदवाड़ा स्थित सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे। इस दौरान वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा भी करेंगे। कार्यक्रम के तहत तोमर सांसद बंटी विवेक साहू , पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह , भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव तथा वरिष्ठ भाजपा नेता विजय झांझरी के निवास पर भी जाएंगे। शाम को वे एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित छिंदवाड़ा के पहले भजन जेमिंग कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में सहभागिता के बाद वे नागपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। इससे पहले नागपुर आगमन पर भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने रेस्ट हाउस पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री विजय पांडे, धर्मेंद्र मिगलानी, अजय सक्सेना सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रयागराज उत्तर प्रदेश बार कौंसिल चुनाव की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मुकाबला भी दिलचस्प होता जा रहा है। अब तक प्रदेश के 44 जिलों की मतगणना पूरी हो चुकी है, कानपुर नगर तक की मतगणना पूरी होने के बाद मौजूदा उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय सबसे आगे चल रहे हैं। उन्होंने 3452 मत हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान बनाए रखा है और लगातार अपनी बढ़त मजबूत कर रहे हैं। मतगणना लगातार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चल रही है। मौजूदा अध्यक्ष शिव किशोर गौर 2923 मतों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं, बरेली के शिरीष कुमार मेहरोत्रा 2373 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर प्रशांत सिंह अटल 2052 मतों के साथ बने हुए हैं, जबकि कानपुर के अंकज मिश्रा 1938 मत प्राप्त कर पांचवें स्थान पर चल रहे हैं। इसके अलावा गोंडा के अजय शंकर श्रीवास्तव 1818 मतों के साथ छठे स्थान पर हैं, जबकि आगरा के हरजीत अरोरा 1778 वोट पाकर सातवें स्थान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शीर्ष 10 उम्मीदवारों की सूची में लखनऊ के जानकी शरण पांडे, प्रयागराज के पंचू राम मौर्य और कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र स्वरूप भी शामिल हैं। अनुराग पांडेय को कानपुर नगर से सबसे अधिक समर्थन मिला है, जहां उन्हें 1575 वोट प्राप्त हुए। इसके अलावा जौनपुर से 346, फर्रुखाबाद से 206 और बदायूं से 180 वोट मिले हैं। अपनी बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग पांडेय ने प्रदेश भर के अधिवक्ताओं के प्रति आभार जताया और कहा कि उन्हें लगातार मिल रहा समर्थन अधिवक्ताओं के विश्वास को दर्शाता है। हालांकि अभी चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, क्योंकि कई जिलों की मतगणना अभी बाकी है। ऐसे में अंतिम परिणाम आने तक चुनावी मुकाबला और भी रोमांचक होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल 44 जिलों की मतगणना के बाद अनुराग पांडेय मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं।
रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित मेटल पार्क में शुक्रवार देर रात बिस्किट की भारती फूड्स फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री से धुएं का गुबार उठने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते फैक्ट्री को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। करीब 4 से 5 करोड़ रुपए नुकसान का अनुमान घटना के दौरान उरला थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के इलाके को एहतियातन खाली कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग से फैक्ट्री की मशीनरी, कच्चा माल और तैयार सामान जलकर खाक हो गया। नुकसान का अनुमान करीब 4 से 5 करोड़ रुपए लगाया जा रहा है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं फैक्ट्री संचालक का नाम भारती कोड़वानी बताया जा रहा है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
बालोद शहर की सब्जी मंडी में शनिवार सुबह दिनदहाड़े लूट हो गई है। अज्ञात बदमाशों ने एक सब्जी व्यापारी को चाकू दिखाकर 25 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहल्ले के 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम रेंघनी (मालीघोरी) निवासी डोमेश्वर पटेल बाजार-बाजार सब्जी दुकान लगाकर सब्जी बेचने का काम करते हैं। शनिवार सुबह 10 बजे के करीब वह बालोद सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने और व्यापारियों को भुगतान करने के लिए 25 हजार रुपए लेकर पहुंचे थे। चाकू दिखाकर पेट पर अड़ाया सब्जी खरीदने के बाद वह मंडी परिसर के बाथरूम गए। इसी दौरान कुछ युवक उनके पीछे अंदर घुस गए और चाकू दिखाकर पेट पर अड़ा दिया। आरोपियों ने उनके पास रखे 25 हजार रुपए छीन लिए और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी घटना के बाद डोमेश्वर पटेल ने अन्य व्यापारियों के साथ बालोद थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। 10 संदिग्ध हिरासत में पुलिस ने पाण्डेयपारा, टिकरापारा और नयापारा क्षेत्र से 10 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें से एक व्यक्ति की पहचान पीड़ित द्वारा किए जाने की जानकारी मिली है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस मामले में बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
पंचकूला जिले में पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में दिनदहाडे़ अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाया। चोर लाखों रुपए के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। इस संबंध में रतपुर कॉलोनी निवासी कमल गुप्ता ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कमल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह प्रतिदिन की तरह सुबह अपने कार्यालय परवाणू गए थे। उनकी पत्नी अपने बेटे के चेकअप के लिए मनीमाजरा अस्पताल गई हुई थीं, जिसके कारण मकान का ताला लगा था। यहां देखें फोटो… दोपहर में लौटने पर टूटा मिला मकान का ताला दोपहर में जब कमल गुप्ता घर लौटा, तो उन्होंने देखा कि मकान का ताला टूटा हुआ था और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि अलमारी के लॉकर में चाबी लगी हुई थी। लॉकर से दो सोने की चेन, एक मंगलसूत्र, चार अंगूठियां, तीन जोड़ी टॉप्स और लगभग 25 से 30 हजार रुपए की नकदी चोरी हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच के लिए आवश्यक नमूने एकत्र किए हैं।
UP में 26 ARTO अधिकारियों के तबादले:9 RTO भी बदले गए, कानपुर-गाजियाबाद समेत कई जिलों में बदली तैनाती
यूपी परिवहन विभाग ने शनिवार को ब्यूरोक्रेसी में एक बड़ा फेरबदल किया है। तत्काल प्रभाव से प्रदेश के 26 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) और 9 संभागीय परिवहन अधिकारियों (RTO) का ट्रांसफर कर दिया गया है। विशेष सचिव के.पी. सिंह ने अपने आदेश के में कई जिलों के प्रवर्तन और प्रशासन विंग के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। तबादलों में कानपुर नगर, गाजियाबाद, प्रयागराज, मिर्जापुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, प्रतापगढ़, बिजनौर, शामली, एटा, मैनपुरी, कुशीनगर और फतेहपुर समेत कई जिलों में नई पोस्टिंग दी गई है। गाजियाबाद में प्रवर्तन द्वितीय दल में तैनात ARTO मनोज कुमार मिश्रा को गौतमबुद्धनगर भेजा गया है। वहीं कानपुर देहात में प्रवर्तन द्वितीय दल की जिम्मेदारी संभाल रहीं संगीता यादव को कानपुर नगर में नई तैनाती मिली है। मिर्जापुर में प्रवर्तन प्रथम दल में तैनात विजय प्रकाश सिंह को प्रयागराज भेजा गया है। किसको क्या मिली जिम्मेदारी? लखनऊ: आगरा के RTO (प्रशासन) अरुण कुमार (वार्ष्णेय) को अब राजधानी लखनऊ का नया RTO (प्रशासन) बनाया गया है । वहीं, लखनऊ के वर्तमान RTO (प्रशासन) संजय कुमार तिवारी को आगरा भेजा गया है । लखनऊ परिक्षेत्र के ARTO (प्राविधिक) हिमांशु जैन को ARTO (प्रशासन) विस्तार पटल, देवा रोड, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। अयोध्या: अयोध्या के RTO (प्रवर्तन) विश्वजीत प्रताप सिंह को वहीं पर RTO (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है । जबकि गोरखपुर के RTO (प्रवर्तन) संजय कुमार झा को अब अयोध्या का नया RTO (प्रवर्तन) नियुक्त किया गया है । मुख्यालय ट्रांसफर: अयोध्या की RTO (प्रशासन) ऋतु सिंह को अब परिवहन आयुक्त मुख्यालय में सहायक परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा/प्रदूषण नियंत्रण) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है । उनकी जगह मुख्यालय में तैनात दिनेश कुमार को RTO (प्रवर्तन) अलीगढ़ बनाकर भेजा गया है । गाजियाबाद: श्रावस्ती के ARTO (प्रशासन) विनीत कुमार मिश्र को ARTO (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद और बाराबंकी की ARTO (प्रशासन) अंकिता शुक्ला को ARTO (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद के पद पर भेजा गया है। तबादलों को पूरी लिस्ट देखिए… पहले 9 RTO के तबादले की लिस्ट 26 ARTO के तबादले की लिस्ट -----------------------------------------------ये खबर भी पढ़ें…यूपी में 9 PCS अफसरों के ट्रांसफर:अमृता सिंह अमेठी की ADM बनीं, अनूप कुमार वाराणसी से हटे; दोनों के 15 दिन में 2 बार तबादले यूपी में गुरुवार रात 9 पीसीएस अफसरों के तबादले हुए। कानपुर नगर निगम की अपर नगर आयुक्त अमृता सिंह को 15 दिन के भीतर हटा दिया गया है। उन्हें अमेठी का एडीएम (न्यायिक) बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
सिरसा से BJP के वरिष्ठ नेता रोहताश जांगड़ा की विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र वापस लेने के बाद किस्मत बुलंदियों पर है। पहले सरकार ने उनकी पुत्रवधू अंजू जांगड़ा को मनोनीत पार्षद बनाया और अब खुद हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड पंचकूला के चेयरमैन बनाए गए। इस समय उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। बीजेपी नेता रोहताश पिछले विधानसभा व हाल ही में हुए निकाय चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए दिन-रात जुटे रहे। पंजाब में भी पार्टी प्रचार के लिए गए थे। निकाय चुनावों की जीत के बाद सरकार ने ये आदेश जारी कर दिए। दो दिन पहले ही सरकार ने चेयरमैन-वाइस चेयरमैन का भत्ता बढ़ाया है। कल शुक्रवार को डबवाली के सकता खेड़ा में पूर्व विधायक सहीराम धारणिया की श्रद्धांजलि सभा में सीएम नायब सिंह के साथ बैठे थे और उनसे हाथ मिलाते हुए गुफ्तगू भी की। उनकी फोटोज काफी वायरल है। इससे पहले भी वे श्रमिकों की मांगों को लेकर समाज हित में काम कर चुके हैं। ऐसे में श्रम कल्याण विभाग का ही कार्यभार सौंपा गया है। उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। वे जांगिड़ ब्राह्मण समाज सभा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। पुराने समय से आरएसएस से जुड़े जानकारी के अनुसार, रोहताश जांगड़ा पुराने समय से आरएसएस से जुड़े हुए हैं और । उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी है। सीएम के साथ अक्सर मंच पर पहली पंक्ति पर नजर आते हैं। पिछले कुछ दिनों पहले सीएम नायब सैनी के साथ उनकी गुफ्तगू हुई थी और अक्सर दोनों हाथ मिलाकर मिलते हैं। 20 जनवरी को मिली थी धमकी रोहताश जांगड़ा को मंगलवार 20 जनवरी को सुबह 11.29 बजे पाकिस्तानी नंबरों से धमकी मिली थी और कॉल करने वाले ने राजनीति छोड़ने और पीएम, सीएम व पूर्व खट्टर को भी गाली देते हुए जान से मार देने की धमकी थी। 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद सीएम नायब सैनी ने उनसे बात की और एसपी से सिक्योरिटी देते हुए सख्त कार्रवाई करने को कहा था। मनोनीत पार्षदों की सूची में पुत्रवधू का था नाम बीतें विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार की ओर से रोहताश जांगड़ा को विधायक उम्मीदवार घोषित किया गया था। मगर बाद में पार्टी के कहने पर उन्होंने नामाकंन पत्र वापस ले लिया था। इसके बाद निकाय चुनाव हुए और बीजेपी-हलोपा समर्थित चेयरमैन बना। इसके कुछ दिनों बाद सरकार ने मनोनीत पार्षद की लिस्ट जारी की, जिसमें उनकी पुत्रवधू अंजू जांगड़ा का नाम था।
गाजीपुर के स्कूल की छुट्टियों के बीच बार-बालाओं के डांस का वीडियो सामने आया है। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे पंडाल से सजाया गया। प्राथना मैदान में स्टेज लगाकर फिल्मी गानों को बार-बालाएं थिरकती दिखीं। इसके बाद से लोगों में नाराजगी है। लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में 28 मई को तेरहवीं कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें शोकाकुल परिवार ने आर्केस्ट्रा भी बुलाया था। इससे स्थानीय लोग और अभिभावक नाराज हो गए। उनका कहना है कि विद्यालय जैसे पवित्र स्थान पर ऐसा कार्यक्रम शिक्षा के माहौल के विपरीत है। लोगों ने इसे सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बता दिया। इसके बाद लोगों ने इस घटना का वीडियो रिकार्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिना अनुमति विद्यालय का ताला तोड़कर कार्यक्रम आयोजित करने का विरोध किया। सूचना मिलने पर प्रधानाचार्य की शिकायत पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। 3 तस्वीरें देखिए- अब मामला विस्तार से पढ़िए ... तेरहवीं कार्यक्रम में बार-बालाओं का डांस मामला शादियाबाद क्षेत्र के मनिहारी ब्लॉक के बसेवां स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्टेज पर बार बलाएं डांस करते हुए दिख रहीं हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कार्यक्रम एक परिवार में आयोजित तेरहवीं (मृत्यु भोज) के अवसर पर हुआ था। जिसके लिए बिना अनुमति विद्यालय का ताला तोड़कर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह आर्केस्ट्रा कार्यक्रम एक स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया था। हालांकि कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने तीखी प्रतिक्रियाएं है। लोगों का कहना है कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और ऐसे स्थानों पर इस प्रकार के मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित करना उसकी गरिमा और शैक्षणिक वातावरण के विपरीत है। सोशल मीडिया पर लोगों ने जताया विरोध कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस आयोजन को सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के विपरीत बताया है। उनका तर्क है कि शोक के माहौल वाले घर में ऐसे मनोरंजक कार्यक्रम समाज को गलत संदेश देते हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म की तेरही परंपरा में ऐसे आयोजनों का कोई स्थान नहीं है। हालांकि, कुछ लोग इस आयोजन का समर्थन भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम शोकाकुल परिवार को मानसिक तनाव और दुख से उबरने में मदद कर सकते हैं, जिसे एक प्रकार की 'सोशल थेरेपी' के रूप में देखा जाना चाहिए। बीएसए ने जताई नाराजगी इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजकों ने विद्यालय परिसर का ताला तोड़कर यह आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (छुट्टियां) चल रहीं हैं। गांव के कुछ निवासियों ने स्कूल परिसर का ताला तोड़कर वहां तेरहवीं से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया था। संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। साथ ही विभाग की ओर से इस मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव के पास शुक्रवार रात एक चलती ब्रेजा कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई। हालांकि, कार में सवार चारों लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। यह ब्रेजा कार चित्रा की ओर से जामताड़ा आ रही थी। शेखपुरा गांव के समीप पहुंचते ही वाहन से धुआं निकलने लगा, जिसके तुरंत बाद आग भड़क उठी। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कार को सड़क किनारे रोका, जिससे सभी सवार समय रहते बाहर निकल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैली और देखते ही देखते पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। वाहन के पास से बरामद जली हुई नंबर प्लेट पर वाहन संख्या JH09BA-7154 अंकित थी। आरसी बुक के अनुसार, गाड़ी के मालिक का नाम ललन कुमार राय है, जो देवली, जिला देवघर के निवासी हैं। कर्माटांड़ थाना के एसआई विकास कुमार तिवारी ने बताया कि कार में चार लोग सवार थे, जो आग लगने के बाद सुरक्षित बाहर निकल गए। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल वाहन में सवार लोगों की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
खंडवा जिले में नौतपा के पांचवें दिन (शनिवार) मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह 8:30 बजे तेज हवाओं और छाए बादलों के बीच ओंकारेश्वर, मोरटक्का, हरसूद, रोशनी-पटाजन और खालवा क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बरसात और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को भीषण लू (Heatwave) के असर से फौरी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ का असर, अभी बरकरार रहेगी गर्मीमौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि यह बारिश प्री-मानसून एक्टिविटी नहीं, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर है। इसके चलते लू का प्रकोप थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन तेज गर्मी अभी कुछ दिन और सताएगी। हालांकि, आने वाले सप्ताह में तापमान धीरे-धीरे नीचे आने लगेगा। बता दें कि एक दिन पहले (शुक्रवार को) अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लू और गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां धूप से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से परहेज करें। सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढंककर रखें। खुद को हाइड्रेटेड रखें: प्यास न होने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का सेवन करते रहें। पहनावा और खानपान: हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। बासी और तैलीय भोजन की जगह डाइट में तरबूज, खरबूजा, ककड़ी और खीरा शामिल करें। अत्यधिक चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक या शराब से दूरी बनाएं। लक्षण दिखते ही डॉक्टर के पास जाएं: तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसी स्थिति बनने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। बच्चों और बुजुर्गों को पर्याप्त पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
मेरठ में बाग में मिला किशोरी का शव:हत्या की आशंका, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के नरहेड़ा गांव में सोमवार को एक 17 वर्षीय किशोरी का शव बाग में मिला। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोहियानगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सुबह बाग की ओर गए ग्रामीणों ने शव देखा। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव की पहचान गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी के रूप में की। किशोरी की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे संदिग्ध मानकर हत्या सहित अन्य पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। उनसे घटना के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं और जल्द ही मामले का खुलासा होने की संभावना है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चलेगा। इस घटना के बाद परिजनों का बुरा हाल है और गांव में शोक तथा आक्रोश का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बूंदी में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस काउंटडाउन अभियान के दूसरे चरण में खिलाड़ियों के लिए योग जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग द्वारा यह पहल की गई है। इसी क्रम में, खेल संकुल स्थित सिंथेटिक ट्रैक पर सामान्य और पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए खेल प्रदर्शन संवर्धन व योग कार्यशाला का आयोजन हुआ। आयुर्वेद विभाग के पीएमओ और योग दिवस समन्वयक डॉ. सुनील कुशवाह के निर्देशन में यह कार्यशाला संपन्न हुई। योग प्रशिक्षक भूपेन्द्र योगी और चेतन गुर्जर ने खिलाड़ियों को सामान्य योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास कराया। विशेष रूप से दौड़ और शॉटपुट खिलाड़ियों को सहनशक्ति बढ़ाने, श्वसन क्षमता मजबूत करने, मांसपेशियों में लचीलापन लाने, रिकवरी प्रबंधन तथा मानसिक एकाग्रता विकसित करने वाले योगाभ्यासों का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान खिलाड़ियों की व्यक्तिगत चुनौतियों और प्रशिक्षण संबंधी समस्याओं पर भी संवाद हुआ और उनके समाधान सुझाए गए। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता और कोच सुदर्शन मीणा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन केवल कठोर अभ्यास से नहीं, बल्कि संतुलित मन, नियंत्रित श्वास और मजबूत आत्मविश्वास से संभव है। उन्होंने योग को प्रशिक्षण का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। प्रशिक्षक भूपेन्द्र योगी ने बताया कि योग खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के दबाव में भी धैर्य, संतुलन और निर्णय क्षमता बनाए रखने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने खेल और योग के समन्वय को दीर्घकालिक उत्कृष्टता का आधार बताया। कार्यशाला का समापन सामूहिक शांति पाठ के साथ हुआ। इन विशेष सत्रों के माध्यम से खेल प्रतिभाओं में स्वास्थ्य चेतना, आत्मानुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन की संस्कृति विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों ने नियमित योग को अपनाने का संकल्प भी लिया।
कोटा व बूंदी जिले में दो अलग अलग हादसों में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों के शवों का न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मोर्च्यूरी में पोस्टमॉर्टम हुआ। पहली घटना कोटा के नाता थाना क्षेत्र की है ट्रैक्टर ट्रॉली से टक्कर में घायल मुकंदरा गिरधरपुरा निवासी रवि शर्मा (25) की इलाज के दौरान हॉस्पिटल में मौत हो गई। मामा बसंत ने बताया कि रवि परिवार में इकलौता बेटा था। उसने बीए तक पढ़ाई कर रखी थी। वर्तमान में पिता के साथ खेती-बाड़ी संभालता था। साथ ही पंडिताई भी करता था। एक महीने पहले ही उसका नांता इलाके में रिश्ता पक्का किया था। 24 मई को उसकी मंगेतर का जन्मदिन था। जिससे चलते उसे ससुराल वालों ने बुलाया था। नांता थाना ASI घीसा सिंह ने बताया कि 24 मई को रवि अपने दोस्त सुनील के साथ गिरधरपुरा से नाता की तरफ जा रहा था। शाम साढ़े 6 बजे के आसपास हैंगिंग ब्रिज के आगे ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी। हादसे में रवि गंभीर घायल हो गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि उसका दोस्त सुनील घायल है, जिसका कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए जाएंगे। ससुराल से लौट रहे ई मित्र संचालक की मौत बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र के सुतड़ा निवासी सीताराम (32) को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। घटना शुक्रवार रात 8 बजे के आसपास की है। डाबी थाना ASI परमेश्वर ने बताया कि सीताराम डाबी में ई मित्र की दुकान लगाता था। वह शुक्रवार सुबह बाइक से अपने ससुराल उदपुरिया ( बिजोलिया) गया था। वहां से शाम को वापस घर लौट रहा था। साढ़े 8 बजे के आसपास भूतपुरा के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। जिसे एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए डाबी सीएचसी लाया गया। गंभीर घायल होने पर उसे इलाज के लिए कोटा रेफर किया। कोटा हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया। सीताराम के तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है।
सीतापुर में सड़क हादसे में कार चालक की मौत:ट्रेलर-ट्रक टक्कर के बाद पीछे से कार घुसी, 3 लोग घायल
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना झरेखापुर के पास उस समय हुई जब एक ट्रेलर, ट्रक और कार आपस में टकरा गए। जानकारी के अनुसार, 29 मई की रात करीब 1:30 बजे झरेखापुर के निकट एक ट्रेलर और ट्रक के बीच टक्कर हो गई है। ट्रेलर संख्या RJ 01 GB 3015 के चालक प्रदीप कुमार पुत्र झब्बूलाल निवासी महोलिया, थाना रेउसा ने बताया कि उसके आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे उसने भी ट्रेलर को रोकने का प्रयास किया और साइड से निकालने की कोशिश की, लेकिन दोनों वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में ट्रेलर चालक प्रदीप कुमार का हाथ टूट गया। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कार संख्या UP 34 BW 2066 अनियंत्रित होकर ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के चालक सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में अंशु पुत्र मुन्नालाल निवासी लखीमपुर खीरी शामिल है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की हालत भी बेहद गंभीर बताई गई। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल सीतापुर भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने कार चालक अंकुर श्रीवास्तव पुत्र दिनेश श्रीवास्तव (34 वर्ष) निवासी घूरामऊ बंगला, थाना कोतवाली नगर, सीतापुर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं अन्य दोनों घायलों का जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपचार जारी है।
बिलासपुर जिले में आने वाली बारिश के लिए 334 इंजेक्शन वेल तैयार किए गए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर भू-जल रिचार्ज के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से बारिश के अधिकतम पानी को संरक्षित कर भू-जल स्तर को मजबूत किया जाएगा। जिले में पहली बार युक्तधारा पोर्टल और भुवन ऐप का इस्तेमाल कर फ्रैक्चर जोन की पहचान की गई है। इन चिन्हित स्थानों पर इंजेक्शन वेल बनाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर पहुँचाकर भू-जल रिचार्ज सुनिश्चित किया जाएगा। 334 जगहों पर इंजेक्शन वेल बनाने का आग्रह कलेक्टर ने जिले के 12 उद्योगों से सहयोग की अपील की है और 334 चिन्हित स्थलों पर इंजेक्शन वेल बनाने का आग्रह किया है। कई स्थानों पर बोर खनन का कार्य युद्धस्तर पर दिन-रात जारी है। इसके अतिरिक्त, महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत मिनी परकुलेशन टैंक भी बनाए जा रहे हैं, ताकि जल संचयन और रिचार्ज प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। प्रशासन का मानना है कि यह पहल भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी। जिले में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। समय पर काम पूरा करने के निर्देश कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। जिले में चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इंजेक्शन वेल भू-जल संवर्धन का प्रभावी माध्यम है। इससे वर्षा जल व्यर्थ बहने के बजाय जमीन के भीतर संग्रहित होता है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में पेयजल, सिंचाई और पर्यावरण संतुलन के रूप में मिलेगा।
प्रतापगढ़ में पेट्रोलियम पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। डीएसटी टीम प्रतापगढ़ ने नीमच की ओर से आ रही एक मारुति ईको वाहन को रोककर उसमें रखे दो ड्रमों से भारी मात्रा में तरल पेट्रोलियम पदार्थ जब्त किया। कार्रवाई के बाद वाहन को रठांजना थाना पुलिस को सौंपा गया, जहां रसद विभाग की टीम ने जांच शुरू की। जिला रसद अधिकारी रामचन्द्र शेरावत के नेतृत्व में प्रवर्तन निरीक्षक प्रद्युम्न नाथ रावल और प्रदीप परमार ने शुभम पुत्र विक्रम गोड़ के कब्जे से 438 लीटर मिलावटी पेट्रोल जब्त किया। प्रारंभिक जांच में पेट्रोल में मिलावट की पुष्टि हुई है। प्रवर्तन निरीक्षक प्रद्युम्न नाथ रावल ने पुलिस थाना रठांजना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह मिलावटी पेट्रोल कहां सप्लाई किया जाना था और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई से अवैध ईंधन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
करौली-धौलपुर हाईवे हादसे के मृतकों की संख्या तीन हुई:गंभीर घायल मोहिनी ने इलाज के दौरान दम तोड़ा
करौली-धौलपुर हाईवे पर 24 मई को हुए सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मोहिनी (28) पत्नी राजेश कुशवाहा ने आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले, इसी हादसे में 9 माह की मासूम तान्या और आशा (21) पुत्री गटूर कुशवाहा की भी मौत हो चुकी थी। सभी मृतक आगरा जिले के नगला लालदास गांव के निवासी थे। जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को ये सभी लोग 9 माह की बच्ची तान्या का मुंडन संस्कार कराकर करौली स्थित कैला देवी मंदिर से टेंपो में सवार होकर लौट रहे थे। धौलपुर के सदर थाना क्षेत्र में पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनके टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया। इस हादसे में राजेश (28) पुत्र गट्टूर कुशवाहा, पांचो (17) पुत्री गट्टूर, मीना (50) पत्नी केशवी तथा नंदिनी (9) पुत्री राजेश भी घायल हुए थे। इन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। शनिवार को सदर थाना पुलिस ने मृतका मोहिनी के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
शाहजहांपुर में अंबेडकर प्रतिमा का अपमान:चप्पलों की माला पहनाई, लोगों में आक्रोश, आरोपी की तलाश जारी
शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के बिरियागंज स्थित अंबेडकर पार्क में लगी प्रतिमा पर शनिवार सुबह चप्पल की माला मिली। इसे देखने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह जब लोग पार्क से गुजरे तो उन्होंने प्रतिमा पर चप्पल की माला देखी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ तिलहर और एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक व्यक्ति प्रतिमा पर चप्पल की माला पहनाते हुए कैद हो गया है। तिलहर थाना प्रभारी प्रिंस शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। हिंदू युवा वाहिनी के तिलहर नगर अध्यक्ष संजीव कुमार ने इस संबंध में तिलहर थाने में तहरीर दी है, जिस पर कई स्थानीय लोगों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। थाना प्रभारी प्रिंस शर्मा ने पुष्टि की कि सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है और उसकी तलाश जारी है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
नायता मुंडला इलाके में लगी आग मामले में केस दर्ज:पुलिस ने जांच के बाद दुकानदार और किरादार पर की FIR
तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों लगी आग के मामले में पुलिस ने जांच के बाद दुकानदार और किराएदार पर FIR दर्ज की है। जांच में पुलिस को दोनों की लापरवाही मिली, जिसके बाद पुलिस ने कायमी की है। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक 19 मई को नायता मुंडला इलाके में भीषण आग लगी थी। जिसमें दुकान के साथ-साथ कई गाड़ियां भी जल गई थीं। वक्त रहते फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया था। बावजूद इसके सात गाड़ियां चल गई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मामले में जांच की और जांच में पाया गया कि दुकान मालिक जुबेर पटेल ने किराएदार रवि उर्फ कालू मालवीय को अपनी दुकान पायरो रखे जाने के लिए किराए से दी थी, जिसमें पायरो (विस्फोटक) का भण्डारन किए जाने का कोई वैध लायसेंस नहीं लिया गया था और न ही दुकान में सुरक्षा एवं बचाव के पर्याप्त इंतेजाम किए गए थे। रवि मालवीय की दुकान में रखा टेंट डेकोरेशन व इवेंट पायरो का सामान, रंजीत सिंह सरदार की दुकान में रखा ऑटोपाट्स व ऑइल का सामान व जिम की मशीनें, कांच, डाक्यूमेंट्स, गद्दे आदि अज्ञात कारण से आग लगने से जलकर नुकसान हुआ था। मामले में पुलिस ने रवि उर्फ कालू मालवीय निवासी माउंट बर्ग कॉलोनी और जुबेर पटेल निवासी नायता मुंडला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है। केंद्राध्यक्ष डॉ. रविशंकर पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। अब तक किसी भी परीक्षा केंद्र से किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली है। 370 केंद्रों पर हो रही परीक्षा परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थापित कुल 370 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इन परीक्षाओं में करीब 35,175 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर उत्पन्न होने वाली किसी भी तत्काल समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के प्रेस विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां तैनात टीम परीक्षा संबंधी शिकायतों और समस्याओं का तुरंत निस्तारण करेगी। 28 मई से शुरू हुई हैं परीक्षाएं विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं 28 मई से शुरू हो चुकी हैं। इनमें प्रथमा, पूर्वमध्यमा, उत्तरमध्यमा, शास्त्री द्वितीय सेमेस्टर (2025-2029), शास्त्री चतुर्थ सेमेस्टर (2024-2028), शास्त्री षष्ठ सेमेस्टर (2023-2026), आचार्य द्वितीय सेमेस्टर (2025-2027) तथा आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर (2024-2026) की परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा संस्थागत, व्यक्तिगत, भूतपूर्व, बैंक, श्रेणी सुधार और एकविषयक श्रेणी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी कराई जा रही हैं। यह परीक्षा कार्यक्रम 9 जून तक चलेगा। केंद्राध्यक्षों को सख्त निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्राध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, शुचिता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि यदि किसी केंद्र पर गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की सूचना मिलती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर के बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट चकरभाठा में शुक्रवार को एंटी-हाईजैक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकी घटनाओं और विमान अपहरण जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार, यह अभ्यास साल में एक बार किया जाता है। मॉक ड्रिल के दौरान एयरक्राफ्ट हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) ने तत्काल एरोड्रम कमेटी के चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को सूचित किया। हाईजैकर्स से निपटने के लिए रणनीति तैयार सूचना मिलते ही एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी और स्थानीय थाना पुलिस सहित एयरोड्रोम कमेटी के सभी सदस्य एंटी-हाईजैक कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए। यहां हाईजैकर्स से निपटने के लिए रणनीति तैयार की गई। ड्रिल के अनुसार, विमान में कुल 30 यात्री सवार थे। दो हाईजैकर्स ने अपनी मांगें एयरोड्रोम कमेटी के सामने रखीं। इसी दौरान एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हाईजैकर को मार गिराया, जबकि दूसरे को दबोच लिया गया। जानिए क्या बोले अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में शुरुआती इलाज किया गया। यह पूरी मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय को मजबूत करते हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया प्रभावी बनती है।
पुलिस ने 55 लीटर अवैध शराब पकड़ी:एक गिरफ्तार, दूसरा फरार; आबकारी एक्ट में मामला दर्ज
दमोह की पथरिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 55 लीटर अवैध शराब जब्त की। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पथरिया थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी ने शनिवार सुबह इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति किंदरहो गांव की ओर से बाइक पर अवैध शराब लेकर आ रहे हैं। दो आरोपियों पर केस दर्ज सूचना के आधार पर, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने घेराबंदी की। बाइक सवारों को रोकने पर एक युवक भाग निकला, जबकि उसका साथी लक्ष्मण आदिवासी, निवासी किंदरहो, 55 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी लक्ष्मण आदिवासी ने बताया कि किंदरहो गांव का रहने वाला राजेंद्र लोधी भी उसके साथ अवैध शराब का परिवहन कर रहा था, जो मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपी राजेंद्र लोधी की तलाश शुरू कर दी है।
मोहाली के डेराबस्सी सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर हुए हमले के विरोध में आज डॉक्टरों और कर्मचारियों ने धरना शुरू किया है। इस दौरान ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई है। डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हालांकि, मरीजों की सुविधा को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, सिविल अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जोत नूर शुक्रवार शाम अपनी कार के पास पहुंचे, जो कि जंगलात विभाग कार्यालय के पास पार्क थी। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे और उनका पेशा पूछने लगे। डॉ. जोत नूर द्वारा खुद को डॉक्टर बताने पर दोनों ने कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। डेराबस्सी थाने से 100 मीटर दूर की घटना डॉक्टर किसी तरह खुद को बचाकर अपनी कार में बैठ गए, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। खास बात यह है कि घटना डेराबस्सी थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नही घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि यदि ड्यूटी पर जाने वाले डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं हैं तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जांच चल रही वहीं मामले में थाना प्रभारी सुमित मोर का कहना है कि घटना की शिकायत मिली है। अभी मामले की जांच की जा रही है। पुलिस कानून के अनुसार कार्यवाई करेगी।
जयपुर में रिफंड स्कीम की जालसाजी में पंड़ित के 36 लाख रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। पंड़ित के जानकार ने ही कंपनी में इन्वेस्ट करने पर 19 महीने में पूरी रकम वापस होने के साथ ही फ्री में फ्लैट और मालिक बनने का झांसा दिया था। नाहरगढ़ थाने में पंड़ित ने FIR दर्ज करवाई है। रिफंड स्कीम में प्रॉफिट का झांसा देकर फंसाया हेड कॉन्स्टेबल गोपाल लाल ने बताया कि नाहरगढ़ रोड पुरानी बस्ती निवासी अमरीश शर्मा (37) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि वह पेशे से पंड़ित है। उसके घर से कुछ ही दूरी पर अवधेश उदयवाल रहता है। उसने फाइनेंस में एमबीए किया है और दुबई रह चुका है। वह प्रॉफिट दिलाने के नाम पर लोगों के पैसे इन्वेस्ट करवाता है। आरोप है कि नवंबर 2024 में आरोपी अवधेश ने उसे रिफंड स्कीम के बारे में बताया। उसे कहा कि जगतपुरा में एक प्रोजेक्ट पर इन्वेस्टमेंट स्कीम चल रही है, जिसमें इन्वेस्ट करने पर 19 महीने में पूरा पैसा रिफंड हो जाता है। फ्लैट पर इन्वेस्ट पैसा भी वापस आ जाता है। दोस्त की कंपनी बताकर विश्वास में लिया आरोपी ने दोस्त की कंपनी बताकर उसे विश्वास में लिया। उसने कहा कि आपको जहां-जहां बताऊं, वहां पैसा देना है। कंपनी शुरुआती 6 महीने में निवेश रकम का 10 प्रतिशत, 7 महीने से 15 महीने तक 20 प्रतिशत, उसके बाद 15 से 18 महीने तक 25 प्रतिशत और शेष बकाया पूरा पेमेंट 19वें महीने में कर देगी। इन्वेस्ट करने वाले फ्लैट की कीमत 35 लाख रुपए बताए। इतनी बड़ी रकम नहीं होने पर होम लोन कराने की बात कही। आरोपी ने कहा कि 19 महीने में लोन ली रकम वापस चुक जाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट पर फ्लैट भी मिल जाएगा। रिफंड स्कीम के धोखे में 36 लाख रुपए लेकर रुपए वसूल लिए। इन्वेस्ट की रकम और फ्लैट के नहीं मिलने पर धोखे का पता चला।
श्रावस्ती में बार-बार बिजली कटने से परेशान युवक ट्रांसफॉर्मर के पास पहुंचा और उस पर लड्डू चढ़ाए और अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की। युवक ने कहा कि भगवान कण-कण में विराजमान हैं। इसी आस्था के चलते उन्होंने ट्रांसफार्मर पर लड्डू चढ़ाकर अगरबत्ती जलाई। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी के समय में क्या पता पूजा से ट्रांसफॉर्मर ठीक हो जाए। इसका वीडियो भी सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच ट्रांसफॉर्मर में लगातार खराबी के कारण बिजली की सप्लाई बार-बार ठप हो जा रही है। ऐसे में घर में रखे टीवी, पंखा, कुलर, फ्रिज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। पुरुष वर्ग को गर्मी से बचने के लिए बाग-बगीचे का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन महिलाओं को घर में बैना हउकना पड़ रहा है। यही नहीं बच्चे गर्मी से बचने के लिए अगल-बगल के तालाब में नहाने जा रहे हैं। हमें डर है कि गहरे में पानी में जाने से बड़ा हादसा न हो जाए। देखें 2 तस्वीरें…. यह पूरा मामला जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र के नासिरगंज गांव का है। गांव में स्थित सय्यद बाबा की मजार के पास लगे ट्रांसफॉर्मर के बार-बार जलने से परेशान जगदंबा उस पर लड्डू चढ़ाए और अगरबत्ती जलाकर पूजा-अर्चना की। जगदंबा का कहना है कि भगवान कण-कण में विराजमान हैं। इसी आस्था के चलते उन्होंने ट्रांसफॉर्मर पर लड्डू चढ़ाकर अगरबत्ती जलाई है। ऑनलाइन शिकायत का भी समाधान नहीं ग्रामीण सुधाकर, फिरोज, राहुल और संतोष ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच ट्रांसफॉर्मर के लगातार खराब होने से क्षेत्र में बिजली सप्लाई बार-बार ठप हो जा रही है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी शिकायत कई बार विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों से की गई। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि इसकी शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज करवाई गई थी। लेकिन वहां से भी कोई बेहतर रिस्पांस नहीं मिला। ------------------- ये खबर भी पढें- यूपी में 117 मौतें, राहत आयुक्त विदेश घूम रहे थे:योगी ने रिपोर्ट मांगी, तब पोल खुली; मुख्य सचिव से जवाब तलब यूपी के राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 मई को प्रदेश में आंधी-तूफान से 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त के विदेश चले जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त नाराजगी जताई है। पूरी खबर पढ़ें…
पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर में एक 45 वर्षीय महिला ने शनिवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और परिवार सदमे में है। मृतका की पहचान शिवकुमारी राजपूत के रूप में हुई है। उनके पति कल्लू राजपूत ने बताया कि शिवकुमारी पिछले तीन साल से गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रही थीं और उनका नियमित इलाज भी चल रहा था। इस दुखद घटना के बाद शिवकुमारी अपने पीछे तीन छोटे बच्चे छोड़ गई हैं। पति कल्लू राजपूत किराए का ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बच्चों का अपनी मां को खोने के बाद बुरा हाल है। परिजनों ने शिवकुमारी को घर के छप्पर में फंदे से लटका देखा, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पन्ना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया। पंचनामा की कानूनी कार्यवाही पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह एक लॉजिस्टिक कंटेनर में भीषण आग लग गई। आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित पम्मी धर्मकांटा के पास हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना में कंटेनर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। एक लॉजिस्टिक कंटेनर वजन कराने के लिए पम्मी धर्मकांटा की ओर जा रहा था। इसी दौरान कंटेनर का ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार के संपर्क में आ गया। तार से संपर्क होते ही तेज चिंगारी निकली और देखते ही देखते कंटेनर में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन लपटों से घिर गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन लपटों से घिर गया। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सुरक्षित दूरी बनाई और चालक को बचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को कंटेनर से बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने आग पर काबू पाया और राहत-बचाव कार्य किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली तारों की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महानदी किनारे बसे खरेंगा गांव के श्मशान घाट में इन दिनों लोग अपने दफनाए गए परिजनों की जगह तलाश रहे हैं। वजह ये है कि अवैध रेत खनन के लिए यहां 6-7 फीट गहरी कब्रें खोद दी गईं और 10 मानव कंकाल बाहर आ गए। गांव वालों का कहना है कि, प्रशासन ने कंकालों को दोबारा दफना दिया, लेकिन अब किसी को नहीं पता कि उनके अपने कहां हैं। हैरानी की बात यह है कि, 10 मानव कंकाल मिलने के बाद भी उसी रात फिर रेत की खुदाई की गई। ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें मौत से नहीं, बल्कि इस बात से डर लगने लगा है कि कहीं मरने के बाद उनकी कब्र भी न खोद दी जाए। दैनिक भास्कर की टीम इस घटना के अगले दिन धमतरी जिले के खरेंगा गांव पहुंची। गांव वालों के आरोप, श्मशान घाट की हालत और अवैध खनन के निशानों को करीब से देखा। मौके पर जो तस्वीर सामने आई, वह सिर्फ अवैध खनन की नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और उनके पूर्वजों के सम्मान से जुड़ी थी। पढ़ें ये रिपोर्ट पहले देखे तस्वीरें… ग्राम खरेंगा (धमतरी)। दोपहर का वक्त है। तापमान करीब 44 डिग्री के आसपास है। महानदी किनारे बने खरेंगा के श्मशान घाट में पहुंचते ही दूर-दूर तक रेत के ऊंचे ढेर और गहरे गड्ढे दिखाई देते हैं। कुछ गड्ढे इतने बड़े हैं कि उनमें आसानी से एक ट्रैक्टर उतर सकता है। इन्हीं गड्ढों के बीच वह जगह है जहां गांव के लोग पीढ़ियों से अपने परिजनों को दफनाते आए हैं। गुरुवार (28 मई) को इसी श्मशान घाट में अवैध रेत खनन के दौरान 10 से ज्यादा मानव कंकाल बाहर निकल आए थे। हमारी टीम मौके पर पहुंची तो गांव के लोग अब भी उसी घटना की चर्चा कर रहे थे। कोई प्रशासन से नाराज था, कोई रेत माफियाओं पर गुस्सा निकाल रहा था और कुछ लोग ऐसे भी थे जो यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि जिन लोगों को उन्होंने सालों पहले यहां दफनाया था, उनके अवशेष अब आखिर कहां हैं। श्मशान घाट की तरफ जाते समय गांव के कुछ लोग रास्ते में ही मिल गए। उन्होंने सबसे पहले हमें उस जगह पर ले जाकर खड़ा किया जहां एक दिन पहले कंकाल मिले थे। अब वहां रेत के बड़े ढेर और कई गड्डे दिखाई दे रहे है। ग्रामीण बताते हैं कि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सभी कंकालों को दोबारा दफना दिया। लेकिन समस्या यह है कि किसी को नहीं पता कि किसका कंकाल कहां दफन किया गया। गांव के एक बुजुर्ग ने रेत के ढेर की तरफ देखते हुए कहा, ‘यहीं कहीं हमारे लोग होंगे, लेकिन कौन कहां है, अब कोई नहीं जानता।’ जब पूरे गांव को पता चला- ‘श्मशान में कंकाल बाहर आ गया’ ग्रामीणों के मुताबिक, गुरुवार को मनरेगा का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने देखा कि श्मशान घाट के पास खुदाई वाले हिस्से में हड्डियां दिखाई दे रही हैं। पहले लोगों को लगा कि शायद जानवरों के अवशेष होंगे, लेकिन जब पास जाकर देखा तो मामला कुछ और ही निकला। थोड़ी ही देर में खबर पूरे गांव में फैल गई कि श्मशान घाट से मानव कंकाल बाहर निकल आए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। जिसने भी ये सब देखा, वो हैरान रह गया। कई जगहों पर हड्डियां बिखरी हुई थीं। कुछ कंकाल लगभग पूरे दिखाई दे रहे थे। ‘अब तो मौत से ज्यादा मौत के बाद का डर’ श्मशान के पास बैठी बुजुर्ग देवला बाई साहू की आंखों में गुस्से और दुख दोनों दिखाई देते हैं। वे कहती हैं कि गांव के बुजुर्गों ने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया था। उनकी मौत के बाद पूरे सम्मान के साथ यहीं अंतिम विदाई दी गई थी। लेकिन रेत के लालच में उन्हीं की कब्रें खोद दी गईं। देवला बाई कहती हैं, “जिस दुख को हम सालों पहले भूलने की कोशिश कर चुके थे, वह फिर से सामने आ गया है। जिन लोगों को सम्मान के साथ दफनाया था, उनके कंकाल रेत में बिखरे पड़े थे। इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है।” वे कहती हैं, अब तो मरने से भी डर लगता है। अगर यहां हमें दफनाया गया तो हमारी लाश को भी रेत माफिया खोदकर बाहर निकाल देंगे। मरने के बाद भी चैन नहीं मिलेगा। उनका आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध खनन हो रहा है और इसकी जानकारी नेताओं तथा अधिकारियों को भी है। सब जानते हैं कि यहां रेत निकल रही है, लेकिन कोई देखने तक नहीं आया। जब 10 कंकाल बाहर निकल गए तब भी कोई नेता गांव नहीं पहुंचा। साड़ी से हुई पहचान, निकला सास का कंकाल भीड़ में मौजूद लोकेश्वरी साहू बार-बार एक ही बात दोहरा रही थीं- ये हमारे साथ नहीं होना चाहिए था। लोकेश्वरी गांव की पंच हैं। उनकी सास का निधन इसी साल 23 मार्च को हुआ था। वे बताती हैं, जब कंकाल मिलने की खबर मिली तो मैं भी यहां आई। एक आधा गला हुआ कंकाल पड़ा था। उसके पास पीले रंग की साड़ी का कपड़ा दिखाई दे रहा था। उसी साड़ी से पहचान हुई कि यह मेरी सास का शव है। वे कहती हैं कि उस वक्त पूरा परिवार रो पड़ा। हमने उन्हें पूरे सम्मान के साथ दफनाया था। बाद में प्रशासन ने कंकाल दोबारा दफना दिया, लेकिन अब हमें नहीं पता कि उन्हें कहां दफनाया गया है। ग्रामीण बोले- अपनों के कंकाल कहां दफनाए घटना के अगले दिन भी कई ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे थे। 60 वर्षीय राजेन्द्र कुमार भारती भी उन्हीं लोगों में शामिल थे। वे एक पुरानी कब्र के पास खड़े होकर हाथ जोड़ रहे थे। राजेन्द्र बताते हैं, “मेरे पैदा होने से पहले से गांव में यही परंपरा है कि मृत लोगों को यहीं दफनाया जाता है। यह श्मशान भूमि है।” यहां शव बहाने की परंपरा नहीं है। हम लोग 6 से 7 फीट गहरा गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार करते हैं। फिर मिट्टी और रेत डालकर विदाई देते हैं। लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि जिन लोगों को यहां छोड़ा था, वे अब कहां हैं। वे आसपास बने गहरे गड्ढों की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, यहां खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद रात के अंधेरे में रेत निकाली गई। माफियाओं ने श्मशान तक को नहीं छोड़ा। राजेन्द्र से कुछ दूरी पर गांव के उपसरपंच डिसेन्द्र साहू श्मशान घाट में इधर-उधर घूमते दिखाई दिए। वे उन निशानों को तलाश रहे थे, जिनसे यह पता चल सके कि प्रशासन ने बाहर निकले कंकालों को दोबारा कहां दफनाया है। डिसेन्द्र बताते हैं, हमें लोगों ने फोन करके बताया कि श्मशान खोदकर रेत निकाली जा रही है और कंकाल बाहर आ गए हैं। जब हम यहां पहुंचे तो करीब 10 कंकाल दिखाई दिए। उनमें से दो ऐसे थे जो पूरी तरह गले भी नहीं थे। आसपास बदबू फैली हुई थी। गांव के लड़कों को मजदूर बना रहे माफिया ग्राम व्यवस्था समिति के सचिव तामेश्वर साहू का आरोप है कि, अवैध खनन करने वाले लोग गांव के युवाओं का इस्तेमाल करते हैं। 17-18 साल के लड़कों को पहले मजदूरी पर रखते हैं। बाद में उन्हीं से ट्रैक्टर चलवाते हैं। कई के पास लाइसेंस भी नहीं होता। तामेश्वर कहते हैं कि इससे गांव के लोगों के लिए विरोध करना मुश्किल हो जाता है। सामने अपना ही गांव का लड़का दिखाई देता है, इसलिए लोग झगड़ा नहीं करना चाहते। असली लोग पीछे रहते हैं। वे बताते हैं कि कई बार शिकायतें की गईं। प्रशासन आता है, कार्रवाई का भरोसा देता है और एक-दो दिन खनन रुक जाता है। लेकिन उसके बाद फिर रात में ट्रैक्टर चलने लगते हैं। शिकायतें हुईं, लेकिन खनन नहीं रुका ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अवैध खनन की शिकायत हुई हो। गांव की सरपंच नीलम साहू बताती हैं कि पंचायत और ग्राम विकास समिति कई बार बैठक कर चुकी है। मुनादी कराई गई थी कि श्मशान घाट में रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सूचना देने वाले को 2 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की गई थी। लेकिन इसके बावजूद खनन जारी रहा। हैरानी की बात यह है कि 10 कंकाल निकलने के बाद भी उसी रात फिर रेत निकाली गई। आज भी दूसरे रास्ते से गाड़ियां निकाली गई हैं। केवल 5 एकड़ श्मशान, फिर भी वहीं पहुंच गए खनन करने वाले ग्राम समिति के प्रमुख सुहास साहू बताते हैं कि, गांव में महानदी का लगभग 50 से 60 एकड़ क्षेत्र है। इसमें सिर्फ 5 एकड़ जमीन श्मशान के लिए सुरक्षित है। बाकी बड़ा इलाका खाली पड़ा है। इसके बावजूद खुदाई वहीं की गई जहां लोगों के पूर्वज दफन हैं। वे कहते हैं कि बिना संरक्षण के ऐसा संभव नहीं है। कुछ कहो तो घर आकर धमकाते हैं। ट्रैक्टरों में नंबर प्लेट तक नहीं लगी होती। पंचायत में खड़े मिले जब्त ट्रैक्टर श्मशान घाट से निकलने के बाद भास्कर टीम पंचायत भवन भी पहुंची। यहीं पर ग्रामीणों ने कुछ ट्रैक्टर जब्त कर रखे गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन्हीं ट्रैक्टरों से रेत निकाली जा रही थी। मौके पर खड़े कई ट्रैक्टरों में नंबर प्लेट नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय इन्हीं वाहनों से रेत का परिवहन किया जाता है। कलेक्टर बोले- 5 ट्रैक्टर जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर को नोटिस धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि, मामले में 5 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। संबंधित क्षेत्र के माइनिंग इंस्पेक्टर को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जिस जगह रेत भंडारण की अनुमति दी गई थी, उसे भी निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेश के मुताबिक 15 जून तक सभी रेत खदानों को बंद किया जाना है। अविनाश मिश्रा के मुताबिक जिन क्षेत्रों में खनन की अनुमति है, वहां दोबारा सीमांकन कराया जाएगा। साथ ही अवैध रेत खनन और परिवहन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। सबसे बड़ा दर्द- अपनों की कब्रों की पहचान खत्म हो गई खरेंगा गांव में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की नहीं है कि कितनी रेत निकली या कितने ट्रैक्टर पकड़े गए। लोगों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि जिन माता-पिता, दादा-दादी और रिश्तेदारों को उन्होंने वर्षों पहले पूरे सम्मान के साथ यहां दफनाया था, उनकी कब्रों की पहचान अब खत्म हो चुकी है। प्रशासन ने कंकालों को दोबारा दफना तो दिया, लेकिन अब किसी को नहीं पता कि उसके अपने किस जगह हैं। महानदी किनारे खड़े एक ग्रामीण ने जाते-जाते बस इतना कहा, रेत तो फिर आ जाएगी, लेकिन जिन लोगों की याद में हम यहां आते थे, उनकी जगह अब हम कैसे पहचानेंगे? यही सवाल आज पूरे खरेंगा गांव के सामने खड़ा है। ……………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… धमतरी में अवैध रेत खनन से 10 कंकाल निकले: महानदी किनारे प्रतिबंधित क्षेत्र में उत्खनन का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश, रेत से भरे वाहन पकड़े धमतरी जिले के खरेंगा गांव में अवैध रेत उत्खनन का गंभीर मामला सामने आया है। महानदी किनारे स्थित श्मशान घाट से अवैध खनन के दौरान 10 मानव कंकाल बाहर निकल आए। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पढ़ें पूरी खबर…
बिलासपुर में नशे के खिलाफ पंचायतों ने अभियान शुरू कर दिया है। बिलासपुर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत ढेका में गुरुवार को सरपंच और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से शराब-नशाखोरी से दूर रहने की अपील की। इस दौरान अवैध शराब बेचने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। ढेका ग्राम पंचायत के सरपंच मनीष घोरे और अन्य जनप्रतिनिधि मिलकर गांव भर में नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वे लोगों को नशे से दूर रहने की समझाइश दे रहे हैं। यह पहल लालखदान महमंद से लगे ढेका ग्राम पंचायत में हाइवे पर स्थित ढाबों और कोचियों को पुलिसिया कार्रवाई से बचाने के उद्देश्य से भी की जा रही है। 'अवैध दारू गांजा, बंद करो' के लगाए नारे गांव में रैली के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधि 'अवैध दारू गांजा, बंद करो' के नारे लगाते हुए लोगों को आगाह कर रहे हैं। सरपंच मनीष घोरे ने छत्तीसगढ़ी में हाथ जोड़कर ग्रामीणों से विनती की कि वे गांव के मुखिया के तौर पर नशाखोरी से दूर रहने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शासन-प्रशासन नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करेगा, तो पंचायत कोई मदद नहीं कर पाएगी। उन्होंने अवैध बिक्री रोकने में पुलिस का सहयोग करने की भी अपील की। बिलासपुर में अवैध शराब और नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में अब ग्राम पंचायतें भी सक्रिय हो गई हैं। एसएसपी रजनेश सिंह की पहल से जुड़कर मस्तूरी क्षेत्र की ढेका ग्राम पंचायत में यह जागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। रैली निकाली, नशे के कारोबारियों को चेतावनी रैली के दौरान ढाबा, चाय- नाश्ता ठेले और दुकानों की आड़ में चल रहे अवैध शराब कारोबार पर भी कार्रवाई की बात कही गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने ऐसे कारोबारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गांव में अवैध शराब की बिक्री और नशे का कारोबार तत्काल बंद करने कहा, वरना पुलिस के साथ मिल कर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अवैध गतिविधयों की सूचना देने अपील ग्रामीणों को बताया गया कि, नशे के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर इसका गलत असर पड़ रहा है। अभियान के दौरान लोगों से अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस और ग्राम पंचायत को देने की अपील की गई।
बुरहानपुर जिले के धूलकोट थाना क्षेत्र स्थित धोंड गांव में शनिवार सुबह एक भालू ने 60 वर्षीय किसान पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग के पैर और जांघ में गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग निकला। प्राथमिक उपचार के बाद घायल किसान को बुरहानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, धोंड निवासी 60 वर्षीय रायसिंह (पिता मानसिंह) शनिवार सुबह करीब 9 बजे अपने खेत पर थे। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। रायसिंह के जोर से चिल्लाने पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शोर सुनकर भालू जंगल में भाग गया। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के पायलट रोहित और ईएमटी (EMT) महेश ने घायल किसान को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें धूलकोट के पास एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल (बुरहानपुर) रेफर कर दिया गया। रेंजर बोले- पानी की तलाश में आ रहे वन्यप्राणीधूलकोट रेंजर मनोज कुमार वास्कले ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण शौच के लिए गया था, तभी भालू ने उस पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के कारण वन्यप्राणी पानी की तलाश में जंगलों से बाहर निकल रहे हैं, जिस वजह से रिहायशी इलाकों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। 5 दिन पहले उतर्नी गांव में भी किया था हमलाजिले में बीते पांच दिनों के भीतर भालू के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे करीब पांच दिन पहले वन मंडल बुरहानपुर के उतर्नी गांव में भी जंगल में बकरियां चरा रहे एक व्यक्ति पर रीछ (भालू) ने हमला किया था। उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी स्थिति में अब सुधार बताया जा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग की टीम गांवों में जाकर ग्रामीणों को वन्यप्राणियों से सतर्क रहने और जंगल व खेतों में जाते समय सावधानी बरतने की अपील कर रही है। विभाग अब प्रभावित क्षेत्रों में एक बार फिर मुनादी (अनाउंसमेंट) करवाकर ग्रामीणों को सतर्क करेगा।
बारां जिले के विलासगढ़ गांव के 13 साल के विवेक ने कॉर्निया ट्रांसप्लांट के बाद पहली बार अपने माता-पिता और भाई-बहनों को देखा। जन्म के कुछ समय बाद ही आंखों की रोशनी खो चुके विवेक की आंखों में यह दृश्य देखकर खुशी के आंसू आ गए। सर्जरी के एक माह बाद उसे अब लगभग 50 प्रतिशत तक दिखाई देने लगा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय के साथ उसकी दृष्टि और बेहतर होने की संभावना है। तीनों भाई-बहन हैं दुर्लभ बीमारी से पीड़ित विवेक अकेला नहीं है। उसके परिवार के तीनों भाई-बहन विवेक, प्रियंका और शुभम एक दुर्लभ नेत्र रोग ‘कंजेनिटल हेरेडिटरी एंडोथीलियल डिस्ट्रॉफी’ से पीड़ित हैं। इस बीमारी में आंखों का कॉर्निया धीरे-धीरे सफेद होने लगता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होती जाती है और अंततः मरीज दृष्टिबाधित हो सकता है। नेत्रदान जागरूकता अभियान से मिली परिवार की जानकारी हाड़ौती संभाग में पिछले 15 वर्षों से नेत्रदान, अंगदान और देहदान के क्षेत्र में कार्यरत शाइन इंडिया फाउंडेशन को नेत्रदान जागरूकता कार्यशाला के दौरान इस परिवार की जानकारी मिली। संस्था के सदस्यों ने बच्चों की स्थिति को देखते हुए उनके इलाज की जिम्मेदारी उठाई और तीनों बच्चों को अपने खर्चे पर गांव से सीधे इंदौर पहुंचाया। जांच में जगी रोशनी लौटने की उम्मीद शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड ने बताया कि इंदौर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की जांच के बाद बताया कि तीनों में दृष्टि लौटने की संभावना है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि एक-एक कर तीनों बच्चों का कॉर्निया प्रत्यारोपण किया जाएगा। डीमैक तकनीक से हुआ सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण करीब एक माह पहले सबसे पहले विवेक को सर्जरी के लिए इंदौर भेजा गया। वहां कॉर्निया ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अमित देवकर ने डीमैक (DMEK) तकनीक के माध्यम से उसकी आंख में मृत व्यक्ति से दान में प्राप्त कॉर्निया की पांच परतों में से केवल खराब परत को बदलकर प्रत्यारोपण किया। यह आधुनिक तकनीक पूरे कॉर्निया को बदलने की बजाय केवल प्रभावित परत को प्रतिस्थापित करती है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं। इलाज का पूरा खर्च संस्था ने उठाया संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि विवेक के इलाज में गांव से बारां, कोटा और इंदौर तक आने-जाने, रहने, खाने, जांच, दवाइयों और ऑपरेशन तक का पूरा खर्च शाइन इंडिया फाउंडेशन ने वहन किया। अब संस्था प्रियंका और शुभम की सर्जरी की तैयारियों में जुटी हुई है। क्या है ‘कंजेनिटल हेरेडिटरी एंडोथीलियल डिस्ट्रॉफी’? यह आंखों की एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें कॉर्निया धीरे-धीरे सफेद होने लगता है और मरीज की दृष्टि प्रभावित होती जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते कॉर्निया ट्रांसप्लांट कर दिया जाए तो मरीज की रोशनी वापस लौट सकती है। विवेक का मामला इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर स्थित संयुक्त चिकित्सालय में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने के मामले में रामनगर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता (XEN) हरिपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने यह कार्रवाई की, क्योंकि बिजली गुल होने के कारण मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा था। यह घटना सिरौलीगौसपुर के संयुक्त चिकित्सालय में हुई, जहां लगभग 10 घंटे तक बिजली नहीं थी। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बिजली न होने के कारण डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करने पर मजबूर होना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने के बावजूद, अधिशासी अभियंता हरिपाल सिंह मौके पर नहीं पहुंचे और न ही बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया। उनकी इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, UPPCL की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। अस्पताल में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने और संबंधित अधिकारी की उदासीनता के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है। XEN पर हुई इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पटियाला के हीरा बाग इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक ई-रिक्शा ड्राइवर की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गांव चौरा निवासी अभिषेक मलिक के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ समय पहले आरोपी गुरसेव सिंह ने एक युवती को कथित तौर पर घर में बंधक बनाकर रखा था। उस दौरान अभिषेक ने युवती को उसके चंगुल से छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के बाद से गुरसेव अभिषेक से रंजिश रखने लगा। शुक्रवार रात जब अभिषेक ई-रिक्शा लेकर हीरा बाग इलाके में स्थित बर्फ फैक्ट्री के पास से गुजर रहा था, तभी गुरसेव ने हथियारों से लैस 4-5 साथियों के साथ उसे बीच रास्ते में रोक लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। अभिषेक जान बचाने के लिए चीखता रहा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। अस्पताल में तोड़ा दम लहूलुहान हालत में अभिषेक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर से अत्यधिक खून बहने और गहरे जख्मों के कारण उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस बोली- हत्यारे बख्शे नहीं जाएंगे वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तुरंत एक्शन में आया। डीएसपी पटियाला-2 जंगजीत सिंह रंधावा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी गुरसेव सिंह (निवासी गांव चौरा) और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।

