सीधी जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देश पर गठित जिला टास्क फोर्स सोन नदी से जुड़े क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। इसी क्रम में चुरहट और रामपुर नैकिन तहसील क्षेत्रों में संयुक्त खनिज-राजस्व दल ने सघन जांच अभियान चलाया। उपखंड मजिस्ट्रेट चुरहट शैलेश द्विवेदी और जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के मार्गदर्शन में अकौरी, तरिहा, हनुमानगढ़ सहित सोन नदी से लगे विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान टास्क फोर्स ने 4 वाहन जब्त किए इस दौरान बघवार क्षेत्र में खनिज रेत का अनाधिकृत परिवहन करते हुए चार वाहनों को पकड़ा गया। जब्त किए गए वाहनों में MP07HB4258, MP17ZN5161, MP19HA7389 और UP91T4532 शामिल हैं। इन सभी वाहनों को नियमानुसार खनिज सहित जब्त कर सुरक्षार्थ थाना रामपुर नैकिन एवं पिपरांव चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है। राजस्व दल ने ओवरलोड खनिज रेत परिवहन को जब्त किया यह कार्रवाई तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा और खनिज निरीक्षक शिशिर यादव के नेतृत्व में की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाई गई। इसी कड़ी में कुसमी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की गई। उपखंड मजिस्ट्रेट कुसमी विकास आनंद के मार्गदर्शन और तहसीलदार कुसमी नारायण सिंह के नेतृत्व में राजस्व दल ने एक मिनी ट्रक को ओवरलोड खनिज रेत परिवहन करते हुए जब्त किया। वाहन के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने अभियान जारी रखने के सख्त निर्देश दिए जब्त किए गए सभी वाहनों के स्वामियों के खिलाफ मध्यप्रदेश अवैध खनिज (उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। कलेक्टर सोमवंशी ने जिला टास्क फोर्स को अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध यह अभियान लगातार सख्ती से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
अज्ञात ठगों ने फोन कॉल के जरिए युवक के बैंक खाते से 1.37 लाख रुपये निकाल लिए। मोबाइल हैक कर ठगी को अंजाम दिया गया। पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ सेक्टर-49 थाने में केस दर्ज कराया है। जिन खातों में ठगी की रकम गई है, उनकी जांच की जा रही है। केवाईसी अपडेट के लिए दिया फोन नंबर सेक्टर-49 के हिंडन विहार सोसाइटी निवासी आशुतोष दुबे ने बताया कि पांच फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक बैंक का अधिकारी बताते हुए केवाईसी अपडेट कराने की बात कही। उसने आशुतोष को भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करना होगा। फोन करते ही कटने लगे पैसेजैसे ही पीड़ित ने बताए गए नंबर पर कॉल किया, कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर बैंक से जुड़े एसएमएस आने लगे। थोड़ी ही देर बाद उनके बैंक खाते से 1 लाख 37 हजार रुपये की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर हो गई। यह ट्रांजेक्शन बिना उनकी अनुमति के किया गया। जब उन्हें खाते से पैसे कटने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय सेक्टर-49 थाने में भी लिखित शिकायत देकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मोबाइल किया गया हैकपीड़ित का दावा है कि मोबाइल हैक कर ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि ठगों ने तकनीकी तरीके से पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी हासिल कर रकम निकाली है। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है उसने किसी से भी अपने बैंक की गोपनीय जानकारी साझा नहीं की थी,फिर भी खाते से पैसे निकल गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रांजेक्शन से जुड़े खातों की जांच जारीसाइबर सेल की टीम ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ठगी का प्रयास हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी थाने को भी सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर रकम रिकवर करने की कोशिश की जा सके।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में KDB मेला ग्राउंड में हुए राज्य स्तरीय पशु मेले में सांचौरी नस्ल की खूबसूरत ऊंटनी ने सबका मन जीत लिया। इस 6 साल की ऊंटनी का नाम रानी है, जिसे महेंद्रगढ़ जिले के बलायचा गांव के रहने वाले रोहतास अपने साथ मेले में लेकर आए थे। रानी का वजन 500 किलोग्राम है। रोहतास के बेटे संदीप कुमार ने मुताबिक, इस पशु मेले में रानी ने ब्यूटी कॉन्स्टेंट की अपनी कैटेगरी की चैंपियनशिप में सेकेंड पोजीशन हासिल की। इसके पहले रानी 39वीं और 40वीं राज्य स्तरीय चैंपियनशिप की चैंपियन रही। इन दोनों मेले में रानी ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया था। 80 हजार रुपए में खरीदी- संदीप पशुपालक संदीप ने बताया कि उसके पिता रोहतास ने रानी को 80 हजार रुपए में राजस्थान के व्यापारी से रुटीन के काम के लिए खरीदा था। तब रानी 2 साल की थी। हालांकि रानी से पहले उनके पास 4 ऊंटनी थी। लेकिन रानी उनमें सबसे ज्यादा सुंदर थी। इसलिए उसने रानी को मेले में उतारने का मन बनाया। लेकिन कंपटीशन के लिए उसे कुछ जानकारी नहीं थी। यू-ट्यूब पर देख किया तैयार तब मैंने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर रानी को कंपटीशन के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। करीब 2 साल तक उसने रानी का पूरा ध्यान रखा। उसे कभी हल में नहीं जोतने दिया और ना ही उससे कुछ रुटीन का काम लिया। उसे नहलाने से लेकर सजावट तक की तैयारी उसने यू-ट्यूब पर देखकर की। मैं अपनी जेबखर्ची से उसका पालन कर रहा था। पहला ही बार में जीता कंपटीशन रानी पहली बार 4 साल की उम्र में चैंपियनशिप में उतरी थी। पहली ही चैंपियनशिप को उसने अपने नाम कर लिया। हालांकि उसे यकीन नहीं हुआ कि उसकी ऊंटनी कंपटीशन जीती चुकी है। उसके पिता ने पहले कह दिया था कि अगर रानी कंपटीशन नहीं जीत पाई तो उसे भी हल में जोत दिया जाएगा। मजबूत कद-काठी की मालिक रानी संदीप ने बताया कि रानी की लंबाई 14 फुट के आसपास है और उसकी ऊंचाई करीब 8 फुट है। रानी को खाने के लिए गुड़, मेथी और सुखा चारा (न्यार) दिया जाता है। इसके अलावा सर्दी में उसे महीने में एक-दो बार बाजरे का दलिया देते हैं। गर्मी में थोड़ा-बहुत जौ दे दिया जाता है। चकुंदर के साथ कभी-कभार फ्रूट भी देते रानी को दिन में 2 बार न्यार डाला जाता है। उसके अलावा उसे चकुंदर भी खाने में दिया जाता है। अगर घर पर फ्रूट पड़ा हो तो भी डाल देते हैं। ज्यादा अनाज देने से ऊंट का पेट भी खराब हो जाता है। इसलिए जरूरत के मुताबिक ही अनाज में मेथी डालकर दलिया बनाकर खिलाया जाता है। अब तक रानी नहीं बनी मां संदीप ने बताया कि अधिकतर ऊंटनियों को 4 साल की उम्र में क्रॉस करवाया जाता है, ताकि वे अपने बच्चे को जन्म दे सके। लेकिन रानी को उन्होंने क्रॉस नहीं करवाया, क्योंकि रानी को कंपटीशन के लिए तैयार किया गया है। बच्चे के जन्म के बाद ऊंटनी की सेहत और सुंदरता पर असर पड़ता है। रानी के बच्चे को जरूर पालेंगे साथ ही एक महीने तक बच्चे का सबसे ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि बच्चे के लिए सबसे मुश्किल समय होता है। उस समय तक उसकी गर्दन काफी नाजुक होती है। उसके टूटने का डर ज्यादा बना रहता है। एक महीने तक बच्चा अपनी गर्दन को संभाल नहीं पाता है। हालांकि वे रानी के एक बच्चे को जरूर पालेंगे।
फरवरी के पहले वीकेंड और वेलेंटाइन वीक के दौरान मोहब्बत की निशानी ताजमहल देखने के लिए पर्यटक पहुंचे। शनिवार और रविवार को मिलाकर करीब 60 हजार के आसपास पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। वेलेंटाइन वीक के चलते सामान्य दिनों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पर्यटन विभाग के अनुसार, शनिवार को लगभग 27 हजार पर्यटक ताजमहल पहुंचे। वहीं रविवार को 30 हजार से अधिक पर्यटकों ने ताजदीदार किया। फरवरी का यह पहला वीकेंड था और मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे देशी और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। इस दौरान पश्चिमी गेट से सबसे ज्यादा प्रवेश हुआ। टिकट काउंटर और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित रही। पर्यटक तय समय में स्मारक में प्रवेश करते रहे। विदेशी पर्यटक भी ताजमहल देखने पहुंचे। उन्होंने संगमरमर की नक्काशी और ऐतिहासिक धरोहर के साथ फोटोग्राफी की। कई पर्यटक ताजमहल के अलग-अलग हिस्सों में फोटो और वीडियो बनाते नजर आए। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि फरवरी में मौसम अनुकूल रहता है और वेलेंटाइन वीक के दौरान ताजमहल आने वाले पर्यटकों की संख्या सामान्य रूप से थोड़ी बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह पर्यटकों की आवाजाही रहने की संभावना जताई जा रही है।
बाड़मेर-बालोतरा जिले की सीमाएं बदलने के बाद गुड़ामालानी, रागेश्वरी और धोरीमन्ना थाने के 47 गांवों को बाड़मेर के सदर थाने में जोड़ा गया है। अब पुलिस ने आमजन की सुविधाओं के लिए दो नए थाने बनाना प्रस्तावित किया है। इसके लिए एसपी ने थानों से गांवों की सीमाओं के साथ सूची मांगी है। गुड़ामालानी- रागेश्वरी से नोखड़ा और धोरीमन्ना से बाछड़ाऊ नया थाना बनना बनेगा। शिव से भिंयाड़ नई पंचायत समिति प्रस्तावित की गई है। अब इस नई पंचायत समिति को थाना भी बनाया जाएगा। शिव में पुलिस सीओ नहीं है। शिव के सीओ बाड़मेर और रामसर लगाता है। ऐसे में अब शिव को नया पुलिस वृत मुख्यालय बनाने का भी प्रस्ताव बनाया गया है। वीरातरा माता मंदिर पुलिस चौकी बनना भी प्रस्तावित है। पंस. आडेल, थाना नोखड़ा अब नोखड़ा को पुलिस थाना बनाने की सुगबुगहाट तेज हो गई है। एसपी की ओर से नोखड़ा को पुलिस थाना बनाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इसके लिए रागेश्वरी थाने के 21 ग्राम पंचायत और गुड़ामालानी थाने की 10 ग्राम पंचायत होगी। ऐसे में गुड़ामालानी विधानसभा से बाड़मेर जिले में आई 31 पंचायतों को पृथक कर इन्हें नोखड़ा को अलग से थाना बनाया जाएगा। वर्तमान में नोखड़ा का रागेश्वरी और गोलिया जेतमाल का गुड़ामालानी थाना था। नोखड़ा, बाछड़ाऊ, भिंयाड़ में नया थाना और वीरातरा मंदिर में चौकी खुलेगी धोरीमन्ना से मांगता को अलग करके पंचायत समिति बनाया गया। अब धोरीमन्ना के आदर्श लुखू से आगे के गांव बालोतरा जिले में चले गए। पीछे 16 पंचायतों को मांगता पंचायत समिति में रखा गया है, जबकि ये पंचायतें पूर्व में धोरीमन्ना थाने में थी। ऐसे में जिलों की सीमाएं बदलने से आदर्श लूखू तक ग्राम पंचायतों को बाड़मेर के सदर थाने में शामिल किया गया था। ऐसे में दूरी करीब 65 किमी. थी। आमजन की सुविधाओं को देखते हुए बीच सेंटर पॉइंट बाछड़ाऊ को थाना बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। भिंयाड़ अब थाना बनेगा शिव विधानसभा में शिव से भिंयाड़ को अलग पंचायत समिति बनाया गया है। इसमें नवगठित समेत 25 ग्राम पंचायतें हैं। अब भिंयाड़ में थाना बनाया जाना भी प्रस्तावित किया गया है। ऐसे में भिंयाड़ अब पंचायत समिति के साथ थाना भी बनेगा। 25 ग्राम पंचायतों के लोगों को अब शिव नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि विधानसभा परिसीमन में भियाड़ को बायतु में शामिल किए जाने की चर्चा की है। शिव पुलिस वृत्त मुख्यालय शिव विधानसभा मुख्यालय होने के बाद भी आज दिन तक पुलिस वृत मुख्यालय नहीं है। जबकि कांग्रेस राज में रामसर को वृत मुख्यालय बना दिया था। ऐसे में लंबे समय से शिव को वृत मुख्यालय बनाने की मांग की जा रही थी। भाजपा नेता स्वरूपसिंह ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव तैयार करवाए गए हैं। शिव वृत मुख्यालय बनेगा। शिव में पुलिस डिप्टी बैठेंगे। संगीन आपराधिक मामलों में तत्काल सुनवाई हो सकेगी। “बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ, नोखड़ा और भिंयाड़ के लिए पुलिस थाना, शिव को वृत मुख्यालय और वीरातरा मंदिर को पुलिस चौकी बनाने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सरकार को भेजे जाएंगे। जिलों की सीमाएं बदलने के बाद अब आबादी के हिसाब से पुलिस थाने बने ताकि आमजन को तत्काल मदद मिल सके। -नरेंद्रसिंह मीना, एसपी, बाड़मेर।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 9 फरवरी, दिन सोमवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
सोच बदलती है तो समाज बदलता है, इसी विश्वास के साथ इंदौर में ‘थिंक इट विचारों का मैराथन’ नाम से एक अनोखी ओपन आइडिया इन्विटेशन पहल की शुरुआत की है। यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ऐसा मंच है, जहां हर रचनात्मक और नवाचारी सोच को सामने आने और पहचान पाने का अवसर मिलेगा। स्वप्निल कोठारी (चांसलर, रेनेसां यूनिवर्सिटी) ने इस नई पहल को लेकर बताया कि थिंक इट एक बढ़ता हुआ मंच है, जहां सोचने वाले, सवाल करने वाले और निडर होकर कल्पना करने वाले लोग एक साथ आएंगे। उन्होंने कहा कि आज का दौर विचारों का दौर है। एक अच्छा विचार किसी की जिंदगी बदल सकता है, नया उद्यम खड़ा कर सकता है और समाज को नई दिशा दे सकता है। थिंक इट के माध्यम से हम हर व्यक्ति को अपनी सोच दुनिया तक पहुंचाने का अवसर देना चाहते हैं। हर उम्र और हर क्षेत्र के लिए खुला मंच थिंक इट का उद्देश्य ऐसे लोगों को सामने लाना है, जो समस्याओं और अवसरों को नए नजरिए से देखते हैं और उनके रचनात्मक समाधान खोजते हैं। इस मंच पर 16 सालों से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति चाहे वह छात्र, प्रोफेशनल, उद्यमी, स्टार्टअप, क्रिएटर या स्वतंत्र विचारक हो, इसमें भाग ले सकता है। किसी विषय की सीमा नहीं, हर विचार का स्वागत इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी एक विषय या क्षेत्र की बाध्यता नहीं है। प्रतिभागी शिक्षा, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, स्वास्थ्य, सामाजिक सरोकार, व्यवसाय, कला, नवाचार या किसी भी अन्य क्षेत्र से जुड़े अपने मौलिक और प्रभावशाली विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। 21 बेहतरीन विचारों को मिलेंगे 21 लाख रुपए प्रतियोगिता के तहत 21 सर्वश्रेष्ठ और प्रभावशाली विचारों का चयन किया जाएगा, जिन्हें कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। इस राशि का उद्देश्य विजेताओं को अपने विचारों को वास्तविक प्रोजेक्ट या उद्यम में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है। आसान और डिजिटल प्रक्रिया से होगा चयन भागीदारी की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और डिजिटल रखा गया है। इच्छुक प्रतिभागी पहले बुनियादी पंजीकरण करेंगे। इसके बाद उन्हें एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से विचार प्रस्तुत करने का लिंक भेजा जाएगा, जहां वे लिखित रूप में अपना आइडिया साझा कर सकेंगे। प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को मिलेगी नई ताकत कोठारी ने कहा कि यह पहल प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी। रेनेसां यूनिवर्सिटी ने युवाओं, प्रोफेशनल्स और रचनात्मक सोच रखने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विचारों को एक नई पहचान दिलाएं।
इंदौर के एरोड्रम इलाके में रहने वाले दूध विक्रेता आकाश तिवारी ने बुधवार को जहर खा लिया था। बड़े गणपति से उसने अपने भाई विकास को कॉल किया। दूसरी बार बातचीत होने पर विकास ने आकाश को बाठिया अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दिए बयान में उसने एक क्रिकेट बुकी, एक महिला और अन्य तीन लोगों के नाम बताए। पुलिस ने उनकी डिटेल परिजनों से मांगी है। मल्हारगंज पुलिस के मुताबिक, आकाश तिवारी की मौत के मामले में परिवार के बयान दर्ज होने के बाद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। बताया जा रहा है कि क्रिकेट मैच के सट्टे में आकाश पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज था। कर्जदाता उससे 10 से 15 प्रतिशत ब्याज भी वसूल रहे थे, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। आत्महत्या से पहले उसके द्वारा वीडियो बनाने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस को वह वीडियो नहीं मिला है। टीआई वेरेन्द्र सिंह कुशवाह के अनुसार, आकाश तिवारी ने आत्महत्या से पहले जांच अधिकारी को एक बयान दिया था, जिसका वीडियो भी बनाया गया है। इस बयान में उसने संजय उर्फ संजू पंवार, पम्मी, हरी सोनी, नरेन्द्र की पत्नी और एक क्रिकेट बुकी के नाम बताए हैं। फिलहाल बयान में प्रताड़ना का उल्लेख नहीं है। पत्नी के बयान के बाद ही आरोपियों पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
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सिवाना उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पादरड़ी कल्ला में जन्मे कुलदीप जांगिड़ आज क्षेत्र में सर्प मित्र के रूप में पहचाने जाते हैं। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां सांपों का विचरण आम है। ऐसे में जहां भी सांप निकलने की सूचना मिलती है, कुलदीप तुरंत मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करते हैं और सांपों को वन्य क्षेत्र में छोड़ देते हैं। अब तक वे 400 से अधिक स्थानों से विभिन्न प्रजातियों के सांपों का सफल रेस्क्यू कर चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। करीब 15 वर्ष पहले कुलदीप ने सांपों को पकड़ने और उनका रेस्क्यू करने का काम शुरू किया। शुरुआत में वे भी आम लोगों की तरह हर सांप को जहरीला मानते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में सांप व बिच्छू जैसे जीवों का दिखना सामान्य है, जो कई बार भोजन की तलाश में घरों तक आ जाते हैं। जानकारी के अभाव में लोग अक्सर डर के कारण सांपों को मार देते हैं। यह बात कुलदीप को खली। उन्होंने सांपों की विभिन्न प्रजातियों का अध्ययन किया और उनकी प्रकृति व प्रवृत्ति को समझा। इसके बाद वे अपने घर और गांव में दिखने वाले सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ने लगे, ताकि लोगों का डर कम हो। सर्प मित्र के रूप में बनी पहचान, 90 फीसदी रेस्क्यू भारतीय सांपों के कर चुके हैं अपने गांव से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे आसपास के क्षेत्रों तक फैल गया। कुलदीप ने सांपों को अपना मित्र मानते हुए हादसों में घायल सांपों का उपचार और रेस्क्यू भी शुरू किया। जैसे-जैसे उनके काम की जानकारी फैली, नजदीकी गांवों से लोग उन्हें बुलाने लगे। वे अपने मुख्य व्यवसाय से समय निकालकर रेस्क्यू के लिए पहुंचते हैं। टांकों व कुओं से भी वे कई खतरनाक सांपों को सुरक्षित बाहर निकाल चुके हैं। आज कुलदीप क्षेत्र में सर्प मित्र के रूप में पहचान बना चुके हैं।कुलदीप ने करीब 90 प्रतिशत से अधिक रेस्क्यू भारतीय नागों के रहे हैं, जिनमें करीब सात फीट लंबे नाग भी शामिल हैं। भारतीय नाग देश के अत्यधिक जहरीले सांपों में गिना जाता है। भारत में सर्पदंश से होने वाली अधिकांश मौतें भारतीय नाग, सिंध करैत व रसेल वाइपर के काटने से होती हैं। कुलदीप ने बताया कि सांपों को इंसानी बस्तियों से सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ना है, ताकि इंसान और सांप दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मित्र गोपालसिंह राजपुरोहित की सलाह पर कुलदीप सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वे रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो साझा कर आमजन को जानकारी देते हैं। हर जीव को जीने का अधिकार है और पर्यावरण संतुलन में प्रत्येक जीव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही वे अपील करते हैं कि उनके वीडियो देखकर कोई भी बिना जानकारी और प्रशिक्षण के सांप पकड़ने की कोशिश न करें।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड ने विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है — जिन विद्यार्थियों के किसी कारण से एक या दो एग्जाम खराब हो जाते हैं, उन्हें 15 दिन के अंदर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा ताकि वे अपने अंक सुधार सकें। शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी से सेकेंडरी (10वीं) और सीनियर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और डेटशीट जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ने विद्यार्थियों से परीक्षा को एक उत्सव की तरह लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को दबाव न समझें, क्योंकि परफॉर्मेंस प्रेशर हर किसी पर होता है, लेकिन आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने से परिणाम बेहतर आते हैं। दोबारा परीक्षा में बेहतर अंक होंगे मान्य डॉ. शर्मा ने बताया कि यदि किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसकी किसी एक या दो विषयों की परीक्षा ठीक नहीं हुई, तो उसे 15 दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी दोबारा परीक्षा का फॉर्म भरकर शामिल हो सकता है।दोनों परीक्षाओं में से जिसमें अंक अधिक होंगे, वही अंक मार्कशीट में जोड़े जाएंगे। बाहरी हस्तक्षेप पर जीरो टॉलरेंस नीति चेयरमैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों पर बाहरी हस्तक्षेप की शिकायतें आती हैं, लेकिन इस बार हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी डीसी और जिला प्रशासन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।यदि कोई शिक्षक, परीक्षक या परीक्षा से जुड़ा व्यक्ति अपने कर्तव्य में लापरवाही करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 5 लाख 21 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कुल 5,21,795 विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें 10वीं के 2,78,334 और 12वीं के 2,43,461 विद्यार्थी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 56,468 विद्यार्थी अधिक परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र दो किलोमीटर के दायरे में शिक्षा बोर्ड के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी का परीक्षा केंद्र उसके स्कूल या गांव से अधिकतम दो किलोमीटर की दूरी पर ही होगा। इस बार उत्तर पुस्तिकाओं पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पर्यावरण संरक्षण:80 की उम्र में भी पर्यावरण प्रहरी, 37 साल में लगा चुके 15 हजार पेड़
क्षेत्र के गांव नगला पंछादरा निवासी समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी गिरधारी लाल का जीवन आज निस्वार्थ सेवा और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन चुका है। जब अधिकतर लोग अपने लिए सुविधाएं जुटाने में लगे रहते हैं, तब गिरधारी लाल ने प्रकृति की सेवा को अपना धर्म मान लिया। गुरु की प्रेरणा से शुरू हुआ यह सफर अब 37 वर्षों का हो चुका है, जिसमें वे करीब 15 हजार से अधिक वृक्ष लगा चुके हैं। गिरधारी लाल की खास बात यह है कि वे वृक्षारोपण के लिए किसी सहायता या अनुदान का इंतजार नहीं करते। पौधे खरीदने से लेकर उन्हें लगाने और वर्षों तक देखभाल करने तक का पूरा खर्च वे स्वयं उठाते हैं। सड़क किनारे, स्कूल परिसर, सार्वजनिक स्थान, श्मशान भूमि और खाली जमीन—हर जगह उन्होंने हरियाली फैलाने का कार्य किया है। उनका समर्पण इतना गहरा है कि जीवन यापन के लिए मिलने वाली मात्र 750 रुपये की मासिक पेंशन भी वे पौधरोपण जैसे पुनीत कार्य में लगा देते हैं। करीब 80 वर्ष की उम्र में भी उनका हौसला किसी युवा से कम नहीं है। निजी नर्सरी से मुफ्त पौधों का वितरण, लोगों को जागरुक भी कर रहे हरियाली बढ़ाने के लिए उन्होंने विनायक नगर के पास चंबल प्लांट परिसर में अपनी निजी नर्सरी विकसित की है। यहां से वे लोगों को निशुल्क पौधे वितरित करते हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी वृक्षारोपण से वंचित न रहे। नर्सरी के माध्यम से वे बच्चों और युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। गिरधारी लाल को जिला व उपखण्ड स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन उनके लिए असली पुरस्कार वह हरियाली है, जो उनके लगाए वृक्षों के रूप में आज क्षेत्र को मिल रही है। उनका सपना है कि हर व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष जरूर लगाए और उसकी देखभाल करे। बिना अनुदान, अपने खर्च पर हरियाली अभियान चलाया गिरधारी लाल की पहचान यही है कि वे किसी सहयोग का इंतजार नहीं करते। कोई गांव, संस्था या व्यक्ति यदि पेड़ लगाने की बात करता है, तो वे अपने खर्च पर पौधे लेकर वहां पहुंच जाते हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ एक है—धरती को हरा-भरा बनाना।
मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार एक महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्ति करने की तैयारी में है। बीजेपी विधानसभा में मुख्य सचेतक का पद भरने जा रही है, जो सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन और दलीय अनुशासन के लिए काफी अहम माना जाता है। इस पद पर नियुक्ति के साथ ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया जाएगा, जिसके चलते यह नियुक्ति और भी अहम हो गई है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों के नाम पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस दौड़ में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और अजय विश्नोई के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, विधायक दल के कोषाध्यक्ष के लिए भी विश्नोई के नाम की चर्चा है। बीजेपी मुख्य सचेतक की नियुक्ति क्यों करने जा रही है? आखिर पार्टी की मंशा क्या है? इससे क्या फायदा मिलेगा? पढ़िए रिपोर्ट… सीएम और प्रदेश अध्यक्ष लेंगे आखिरी फैसला ये दोनों ही बीजेपी के कद्दावर नेता हैं और सदन की कार्यवाही का लंबा अनुभव रखते हैं, लेकिन इन्हें डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। अब पार्टी इनमें से किसी एक को मुख्य सचेतक की बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें सरकार में एक महत्वपूर्ण भूमिका देने की योजना बना रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में सदन के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कंधों पर है। अब मुख्य सचेतक की नियुक्ति करके उनके कार्यभार को बांटा जाएगा, जिससे सरकार सदन में और अधिक मजबूती के साथ अपना पक्ष रख सकेगी। इस नियुक्ति पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच विचार-विमर्श के बाद ही लगेगी। क्यों महत्वपूर्ण है मुख्य सचेतक का पद?विधानसभा या संसद में मुख्य सचेतक का पद केवल एक औपचारिक नियुक्ति नहीं है। यह किसी भी राजनीतिक दल का वह प्रमुख पदाधिकारी होता है, जो सदन के भीतर पार्टी के सभी सदस्यों को बांधकर रखता है। इसकी भूमिका पार्टी नेतृत्व और विधायकों के बीच एक पुल की तरह होती है। मुख्य सचेतक यह सुनिश्चित करता है कि पार्टी के सभी सदस्य दलीय अनुशासन में रहें और पार्टी लाइन से अलग जाकर कोई बयानबाजी या मतदान न करें। यह मुख्यमंत्री या विपक्ष के नेता के प्रमुख सलाहकार के रूप में भी कार्य करता है और सदन में पार्टी की रणनीति के प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी निभाता है। महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान के समय सभी सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और उन्हें पार्टी के पक्ष में वोट करने का निर्देश देना इसका सबसे प्रमुख कार्य है। क्या होता है व्हिप और सदन में कब होता है इसका इस्तेमाल? व्हिप शब्द की उत्पत्ति ब्रिटिश संसदीय परंपरा से हुई है, जहां इसका शाब्दिक अर्थ चाबुक या सचेतक होता है, जो सदस्यों को एक लाइन में रखने का प्रतीक है। संसदीय प्रणाली में, व्हिप एक लिखित आदेश या निर्देश होता है, जिसे कोई राजनीतिक दल अपने विधायकों या सांसदों के लिए जारी करता है। व्हिप का इस्तेमाल विशेष रूप से महत्वपूर्ण मौकों पर किया जाता है, जैसे कि सरकार द्वारा पेश किए गए किसी विधेयक पर मतदान, अविश्वास प्रस्ताव या विश्वास मत। व्हिप जारी करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि पार्टी के सभी सदस्य एकजुट रहें और पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय का पालन करें। व्हिप जारी होते ही पार्टी के सभी सदस्य कानूनी रूप से इससे बंध जाते हैं और उन्हें इसका पालन करना अनिवार्य होता है। हर पार्टी इस कार्य के लिए सदन में अपने एक वरिष्ठ सदस्य को नियुक्त करती है, जिसे मुख्य सचेतक (Chief Whip) कहा जाता है। व्हिप का पालन न करने पर क्या होती है कार्रवाई?यदि कोई सदस्य मुख्य सचेतक द्वारा जारी किए गए व्हिप का उल्लंघन करता है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है। ऐसी स्थिति में उस सदस्य की विधानसभा या संसद की सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। भारत में दल-बदल विरोधी कानून के तहत, व्हिप का उल्लंघन करने वाले सदस्य को सदन से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। हालांकि, इसमें एक शर्त है। यदि किसी पार्टी के एक-तिहाई सदस्य एक साथ व्हिप का उल्लंघन करते हुए पार्टी लाइन के खिलाफ वोट करते हैं, तो इसे दल-बदल नहीं, बल्कि पार्टी में टूट माना जाता है और उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं होता। अन्य राज्यों में भी है मुख्य सचेतक की व्यवस्था विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवान देव इसराणी कहते हैं कि चीफ व्हिप की जरूरत हर विधानसभा में होती है। ज्यादातर राज्यों ने अपनी विधानसभाओं में सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए इस पद की व्यवस्था की है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और असम जैसे प्रमुख राज्यों में सत्तारूढ़ दलों ने अपने मुख्य सचेतक नियुक्त किए हैं। हमारे दल बदल कानून में भी इसका प्रावधान है। मुख्य रूप से चीफ व्हिप सत्र के दौरान फ्लोर मैनेजमेंट करता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संवाद बनाए रखता है ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से जारी रहे।
नगर निगम शहर की हवा को साफ और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए करीब 75 करोड़ रुपये की लागत से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत बनाई गई है, जिसे नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में बनी नगर स्तरीय समिति ने मंजूरी दे दी है।सड़कों और चौराहों पर होगा बड़ा बदलावइस योजना के तहत शहर की कई प्रमुख सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और चौराहों को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा, ताकि जाम की समस्या कम हो सके। सड़कों का एंड-टू-एंड पक्कीकरण, ब्लैक टॉपिंग और नियमित रखरखाव किया जाएगा। इससे सड़क से उड़ने वाली धूल में काफी कमी आएगी और वायु प्रदूषण घटेगा।बेहतर सड़कों की वजह से वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ईंधन की खपत कम होगी और धुएं का उत्सर्जन भी घटेगा। इससे लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।बड़े पैमाने पर होगा पौधारोपणशहर को हराभरा बनाने के लिए करीब 2,70,913 वर्गमीटर क्षेत्र में पौधारोपण की योजना है। इसके तहत पांच प्रमुख मार्गों के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही मियावाकी पद्धति से घने वन विकसित किए जाएंगे, खासकर महेसरा क्षेत्र में।मियावाकी वन बहुत कम समय में घने जंगल का रूप ले लेते हैं, जो कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन बढ़ाते हैं। इसका फायदा खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही शहर का तापमान संतुलित रहेगा और हीट आइलैंड प्रभाव में भी कमी आएगी।इन जगहों पर होगा पौधारोपणडोमिनगढ़ से महेसरा ओवरब्रिज रोड किनारे – लगभग 40,000 वर्ग मीटरट्रांसपोर्टनगर से डोमिनगढ़ रोड – 25,000 वर्ग मीटरएकला बांध से बाईपास रोड तक – 11,800 वर्ग मीटरनौसढ़ से बगहा बाघागाड़ा रोड – 1,280 वर्ग मीटरट्रांसपोर्टनगर से बाईपास रोड – 30,231 वर्ग मीटरमहेसरा क्षेत्र में मियावाकी वन सहित हरित क्षेत्र – 1,62,602 वर्ग मीटरजाम कम करने के लिए आधुनिक ट्रैफिक व्यवस्थायातायात सुधार के लिए शहर के चार प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों को फिर से डिजाइन किया जाएगा और वहां आधुनिक सिग्नल सिस्टम लगाया जाएगा। इससे वाहनों का अनावश्यक रुकना कम होगा और ध्वनि व वायु प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। समय की बचत होगी और शहर की कार्यक्षमता बढ़ेगी।नगर निगम शहर की हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए गोलघर समेत तीन स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाएगा। इस पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।इसके अलावा राजघाट शवदाह गृह और कान्हा उपवन पशु शवदाह गृह में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपकरण लगाए जाएंगे। ये उपकरण सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल के कण जैसे प्रदूषकों को हवा में जाने से पहले ही फ़िल्टर या सोख लेते हैं।
नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें…कल्याणपुर में पुलिस कार्रवाई न होने से आहत होकर एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। युवक को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लापरवाही बरतने पर पुलिस आयुक्त ने IIT चौकी में तैनात दरोगा मोहित सोनी को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं सांड के हमले में बुजुर्ग की मौत हो गई। वह सब्जी लेने के लिए बाजार गए थे। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें 1: IAS कृतिका-अंकुर की शादी, मंदिर की तरह सजा मंडप:एंट्री गेट पर लगे श्रीराम और हनुमानजी के कटआउट; कानपुर में होंगे सात फेरे IAS कृतिका मिश्रा और IAS अंकुर त्रिपाठी की कानपुर में शादी हो रही है। पूरे पंडाल में सनातन की झलक दिखाई दे रही है। एंट्री गेट पर भगवान श्रीराम और हनुमानजी के कटआउट लगाए गए हैं। इसी तरह मंडप के पास भगवान जगन्नाथ की तस्वीर लगाई गई है। अंदर भी भगवान श्रीराम और माता सीता की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं। नारियल के गोले कलावा में बांधकर शादी के मंडप को मंदिर जैसा रूप दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर 2: कारोबारी के बेटे ने लेम्बोर्गिनी से 6 को उड़ाया:कानपुर में बुलेट सवार 10 फीट दूर गिरा, थाने में बाउंसरों ने घायलों से अभद्रता की कानपुर में तंबाकू कारोबारी के बेटे ने लेम्बोर्गिनी कार से 6 से अधिक लोगों को टक्कर मार दी। एक बुलेट सवार को टक्कर मारी तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लेम्बोर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया। भीड़ को देखकर कारोबारी का बेटा कार के अंदर ही दुबक गया। उसके बाउंसरों ने लोगों के साथ हंगामा किया। धक्का देकर लोगों को भगाने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और कार को थाने ले आई। पढ़ें पूरी खबर 3: कल्याणपुर में युवक ने खुद को लगाई आग:आरोपी मुकदमा वापस लेने की दे रहे थे धमकी, पुलिस नहीं कर रही थी कार्रवाई कानपुर के कल्याणपुर में पुलिस कार्रवाई न होने से आहत होकर एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। परिजनों ने 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कल्याणपुर थाने का फोर्स मौके पर पहुंचा और युवक को उर्सला भेज दिया गया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के खुर्द निवासी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि बीते 11 जनवरी को पड़ोस में रहने वाले विशाल, कटियार से बुलेट से तेज़ आवाज निकालने को लेकर बड़े भाई अनुराग दीक्षित से विवाद हो गया था। पढ़ें पूरी खबर 4: कानपुर में सांड ने बुजुर्ग को पटककर मार डाला:किदवई नगर में घर से सब्जी लेने गए थे, अस्पताल में तोड़ा दम कानपुर में सांड के हमले में बुजुर्ग की मौत हो गई। वह सब्जी लेने के लिए बाजार गए थे लौटते समय सांड ने दौड़ाकर सड़क पर पटक दिया। इस दौरान मौजूद लोगों ने पानी व पत्थर फेंककर किसी तरह सांड को भगाया, लेकिन तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। पूरा मामला शनिवार को किदवई नगर क्षेत्र का है। जूही के बारादेवी नटवन टोला के रहने वाले प्रकाश नारायण 82 साल परचून की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी उमा और दो बेटे आशुतोष व अरविंद हैं। बेटे अरविंद के मुताबिक शनिवार को पिता सब्जी लेने के लिए निकले थे। पढ़ें पूरी खबर 5: कल्याणपुर थाने के दरोगा लाइन हाजिर:पब्लिक से दुर्व्यवहार, शिकायतों में लापरवाही पर DCP वेस्ट ने कार्रवाई की कानपुर के कल्याणपुर थाने में तैनात दरोगा को मिल रही शिकायतों के चलते रविवार को डीसीपी ने लाइन हाजिर कर दिया। आईजीआरएस की शिकायतों में लापरवाही बरतना आम जनता से दुर्व्यवहार करना पीड़ितों की शिकायतों को नजर अंदाज करना सहित करीब एक दर्जन से अधिक शिकायते डीसीपी ओर पुलिस आयुक्त के पास पहुंची थीं। जिसके चलते रविवार को डीसीपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर 6: मंत्री नंदी बोले- अखिलेश तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं:कानपुर में कहा- SIR में रोहिंग्या के नाम कटने से तकलीफ हो रही रविवार को मंत्री नंदगोपाल नंदी आम बजट बजट की चर्चा कार्यक्रम में कानपुर पहुंचे। उन्होंने ने कहा कि SIR सरकार नहीं करा रही है, बल्कि चुनाव आयोग करा रहा है। किसी का भी नाम मैपिंग में नहीं आ रहा है। बांग्लादेशी और जो रोहिंग्या यहां बस गए हैं। जो चोरी-छिपे भारत में आ गए हैं, अखिलेश यादव ऐसे लोगों की राजनीति करते हैं और ऐसे लोगों को बढ़ावा देते हैं। इसी लिए अखिलेश यादव को तकलीफ हो रही है। पढ़ें पूरी खबर 7: CTET एग्जाम- मैथ्स और साइंस के सवालों ने उलझाया:बॉयोमेट्रिक जांच के बाद मिली एंट्री, एक अभ्यर्थी की हालत बिगड़ी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) पहली पाली का पेपर छूट चुका है। दोपहर 12 बजे पहली पाली छूटते ही एग्जाम सेंटर्स के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ लग गई। पहली पाली में पेपर टू हुआ है। इसके बाद अब दूसरी पाली दोपहर 2.30 बजे शुरु होगी, जिसमें पेपर वन लिया जाएगा। जिले के 46 केंद्रों में हो रही परीक्षा में रविवार को करीब 30 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा से दो घंटे पहले ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर 8: गोविन्द नगर रेलवे टेक्नीशियन का बंद कमरे में शव मिला:रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर तैनात थे मृतक कानपुर के गोविन्द नगर में बंद कमरे में रेलवे के सीनियर टेक्निशियन का बंद कमरे में शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ज़ब काफी देर तक मृतक का फोन नहीं उठा तो परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले युवक को फोनकर कमरे में भेजा जहां बेड पर शव पड़ा देख सभी के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। मूल रूप से बिहार के अमेठ गांव निवासी कामता प्रसाद (55) रेलवे में सीनियर टेक्निशियन के पद पर गोविन्द नगर में तैनात थे। परिवार में पत्नी की कुछ साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थीं चार बेटे बृजेश कुमार, ऋषि कुमार सोनू, व नीतीश है बेटी काजल है। पढ़ें पूरी खबर 9: कानपुर में फर्जी GST गिरोह का खुलासा:बोगस फर्में बनाकर सरकार को लगाया था 2.66 करोड़ का चूना, CA निकला गैंगलीडर कानपुर की क्राइमब्रांच ने फर्जी जीएसटी गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। यह गिरोह जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी और अस्तित्वहीन फर्में बनाकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल कर लेता था। इसके बाद बगैर किसी माल की खरीद-फरोख्त किए फर्जी टैक्स इनवॉइस व ई-वे बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दुर्पयोग कर सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे थे। पुलिस ने इंटरनेट के आईपी नंबर के आधार पर शातिर व गिरोह का सरगना सीए व उसके एक साथी को अरेस्ट कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर 10: नोटिस के बाद भी चलता मिला अवैध निर्माण:दर्शनपुरवा व शुक्लागंज में अवैध निर्माण, मंधना में अवैध प्लाटिंग सील कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की अवैध निर्माण व प्लाटिंग पर कार्रवाई लगातार जारी है। लगातार कार्रवाई के बाद भी अवैध निर्माण करने वालों के हौसले कम नहीं है। शुक्लागंज में केडीए द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी अवैध निर्माण पर काम होता मिला। इसके अलावा शहर के दर्शनपुरवा में मुकेश गुप्ता द्वारा बहुमंजिला इमारत पर कराए जा रहे अवैध निर्माण होता मिला। वहीं, बैकुंठपुर मंधना में चार बीघा जमीन पर केडीए से नक्शा पास कराए बिना अवैध प्लाटिंग होती मिली। टीम ने सभी स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। पढ़ें पूरी खबर
संभल में एक 20 वर्षीय युवक का शव घर के बरामदे में पंखे से फांसी के फंदे पर लटका मिला है। मृतक के बड़े भाई ने गांव की ही एक किशोरी के परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, जिसकी रिपोर्ट से मौत की स्थिति स्पष्ट होगी। यह घटना संभल जनपद के थाना हयात नगर क्षेत्र के कमालपुर सराय शाहपुर गांव की है। मृतक की पहचान अजय कुमार (20 वर्षीय) पुत्र स्व. मुन्नू के रूप में हुई है। रविवार सुबह करीब 6 बजे अजय के बड़े भाई संजीव कुमार और उनकी पत्नी लक्ष्मी ने अजय को घर के अंदर पंखे से दुपट्टे के फंदे पर लटका पाया। घर का लोहे का दरवाजा बाहर से बंद था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और चाकू से रस्सी काटकर अजय को नीचे उतारा। दोपहर करीब 12 बजे घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई। युवक की मौत से परिवार में मातम पसरा है। अजय छह भाइयों में चौथे नंबर पर था। मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे पड़ोसी, किशोरी के पिता और चाचा उनके घर आए थे और अजय को अपने साथ बुलाकर बाहर ले गए थे। संजीव ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी की तबीयत खराब थी और उनके बेटे का जन्म हुआ था, जिसके बाद वह दवा देकर सो गए थे। सुबह उठने पर उन्होंने अजय को फंदे पर लटका पाया। संजीव कुमार ने यह भी बताया कि अजय का गांव की एक किशोरी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उन्होंने पुलिस को अपने भाई की हत्या के संबंध में शिकायत दी है, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। थाना प्रभारी उमेश सोलंकी ने बताया कि 12 बजे के लगभग फांसी पर लटकाने की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है जो कल होगा। पीएम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दो महीने पहले पंचायत होने के बाद मेरा भाई नौकरी करने के लिए चंडीगढ़ चला गया। जीरकपुर की सोसाइटी में गार्ड की नौकरी कर रहा था। गांव एवं समाज के लोगों ने हमारा फैसला कर दिया था, क्योंकि दूसरे पक्ष में हमारे खिलाफ रिपोर्ट लिख दी थी। पंचायत में तय हुआ था कि घर में कोई खुशी होगी तब उसे बुला लिया जाएगा, लड़की की शादी होने तक गांव में नहीं आएगा। बेटे के जन्म और बहन की गोद भराई के कार्यक्रम को लेकर उसे बुलाया गया था।
पंजाब के लुधियाना में कासाबाद गांव में 9 वर्षीय बच्चे अमन की हत्या के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है। सिविल अस्पताल लुधियाना में डॉक्टरों के पैनल ने रविवार को देर शाम पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें यौन शोषण के कोई बाहरी निशान नहीं मिले। हालांकि, पूरी तरह पुष्टि के लिए स्वैब सैंपल केमिकल जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। शव की हालत से शक है कि जिस दिन अमन लापता हुआ है उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई है। तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम पोस्टमॉर्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. पवन और डॉ. अभयदीप शामिल थे। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर सिर्फ एक गंभीर चोट पाई गई। तेजधार हथियार से गला रेता गया था, जिससे सांस की नस कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। शरीर पर जोर-जबरदस्ती के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस को निजी रंजिश की आशंकायौन शोषण के स्पष्ट सबूत न मिलने के बाद पुलिस अब परिवार से जुड़ी किसी निजी रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। घर के बाहर से लापता हुआ था बच्चाअमन गुरुवार को घर के बाहर से लापता हो गया था। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम के चलते पुलिस ने उन्हें करीब दो दिन तक दूसरे थाने के चक्कर लगवाए। कार्रवाई में देरी से नाराज परिवार ने शनिवार को सलेम टाबरी थाना और जालंधर बाइपास चौक पर प्रदर्शन किया। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। FIR दर्ज होने के कुछ घंटों बाद ही कासाबाद इलाके की झाड़ियों से बच्चे का शव बरामद हुआ। CCTV में संदिग्ध के साथ दिखा बच्चापुलिस को CCTV फुटेज मिली है, जिसमें बच्चा एक अज्ञात व्यक्ति के पीछे-पीछे उस इलाके की ओर जाता दिख रहा है, जहां से शव मिला। एडीसीपी (सिटी-1) समीर वर्मा ने बताया कि आसपास के इलाकों की और CCTV फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्ध की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने कहा कि जांच तेज कर दी गई है और दोषियों को जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
बाल न्यायालय का फैसला:नाबालिग को दादी की सुपुर्दगी में देने के आदेश, बहन की अपील खारिज
बाल न्यायालय (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) ने एक महत्वपूर्ण आदेश में नाबालिग बालिका को राजकीय बालिका गृह से मुक्त कर उसकी दादी की सुपुर्दगी में देने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक उसका विवाह नहीं कराया जाएगा तथा उसके पालन-पोषण और शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मामला पुलिस थाना उच्चैन में दर्ज एफआईआर संख्या 289/2025 से संबंधित है। अपीलांट दादी की ओर से अधिवक्ता उदयवीर सिंह कसाना ने बताया बालिका के माता-पिता के निधन के बाद वह पालनहार योजना के तहत अपनी दादी के साथ रह रही थी। आरोप है कि बड़ी बहन उसे अपने देवर के साथ विवाह कराने के उद्देश्य से ले जाना चाहती थी। इसी संदर्भ में उच्चैन थाने में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने 2 जनवरी 2026 को बालिका को दादी से दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे राजकीय बालिका गृह भेज दिया गया। बाद में दादी, बड़ी बहन और छोटे बाबा ने सुपुर्दगी के लिए समिति के समक्ष प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन समिति ने 21 जनवरी 2026 को तीनों के आवेदन खारिज करते हुए बालिका को बालिका गृह में ही रखने के आदेश दिए। इस आदेश के विरुद्ध दादी और बड़ी बहन ने अलग-अलग अपीलें बाल न्यायालय में दायर कीं। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बालिका से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। बालिका ने दादी के साथ रहकर आगे पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई। न्यायालय ने निर्देश दिए कि जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियुक्त पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) बालिका के बालिग होने तक प्रत्येक छह माह में उसकी स्थिति संबंधी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे। साथ ही अटलबंद थाना प्रभारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि बालिका के साथ किसी प्रकार का शोषण, बाल विवाह या अन्य अवैध गतिविधि न हो। बड़ी बहन द्वारा दायर अपील को न्यायालय ने खारिज कर दिया। 6 फरवरी 2026 को खुले न्यायालय में सुनाए गए इस आदेश को बाल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें बालिका की इच्छा और उसके भविष्य को प्राथमिकता दी गई है।
जहां एक ओर शहर में आवारा कुत्तों को लेकर लोगों में आक्रोश और विवाद की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं आगरा के शाहदरा क्षेत्र से पशु प्रेम की एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। पालतू डॉग टाइगर 14 साल साथ रहा। बीमारी से निधन के बाद परिवार का सदस्य मानते हुए उसका हिंदू विधि विधान से अंतिम संस्कार कराया। 13 दिन बाद आत्मा की शांति के लिए हवन व ब्रह्मभोज भी कराया। उसके निधन से पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया। शाहदरा बगीची के पास घनश्याम दीक्षित रहते हैं। उन्होंने बताया कि 14 साल पहले उन्होंने दिल्ली से एक लेब्राडोर खरीदा था। उसका नाम टाइगर रखा। टाइगर उनके परिवार का सदस्य था। वो उसे बेटे की तरह ही प्यार करते थे। वो परिवार का सदस्य था। उनके हर सुख दुख् में साथ रहा। करीब एक माह पहले टाइगर बीमार हो गया। उसने खाना पीना छोड़ दिया। उसका खूब इलाज कराया, लेकिन ‘टाइगर’ 28 जनवरी को बीमारी के चलते दुनिया छोड़ गया। पूरा परिवार उसके जाने से शोक में डूब गया। उन्होंने बताया कि बडे़ बेटे ने टाइगर के जाने के बाद दो दिन तक खाना नहीं खाया। वो हमेशा उनकी यादों में रहेगा। राज घाट पर किया अंतिम संस्कार उन्होंने बताया कि परिवार ने टाइगर को अंतिम विदाई भी पूरे विधि-विधान के साथ दी। गंगाजी राज घाट पर उसका अंतिम संस्कार कराया गया। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों ने शोक प्रकट करते हुए मुंडन संस्कार भी कराया। इसके बाद तेरहवीं की रस्म निभाई गई और आत्मा की शांति के लिए हवन कराया गया। ब्रह्म भोज का आयोजन कर लोगों को भोजन भी कराया गया। पूरा मोहल्ले उनके इस दुख में शामिल हुआ। परिजनों का कहना है कि टाइगर सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था। उसकी वफादारी, मासूमियत और स्नेह ने घर के हर व्यक्ति के दिल में खास जगह बना ली थी। उसके जाने से घर में खालीपन साफ महसूस किया जा रहा है।मोहल्ले में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे पशु प्रेम की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।
शिक्षा से ही समाज और देश का विकास संभव है, लेकिन डीग जिले के नगर क्षेत्र में शिक्षा का ही विकास नहीं हो पा रहा है। इसकी जमीनी हकीकत गांव बूचाका के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में साफ नजर आती है, जहां भवन जर्जर घोषित होने के बाद पिछले करीब 5 महीनों से स्कूल बिना पक्के भवन के संचालित हो रहा है। हालात ऐसे रहे कि कभी कक्षाएं ग्रामीण के मकान में, कभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर चलाई गईं और अब बच्चे विद्यालय के सामने लगाए गए टिनशेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी खराब है कि यहां बच्चों की बैठने की जगह शिक्षक नहीं, बल्कि सूरज की धूप तय करती है। जैसे-जैसे धूप का रुख बदलता है, वैसे-वैसे विद्यार्थियों को भी अपनी जगह बदलनी पड़ती है। गौरतलब है कि बीते साल 19 अगस्त को विभागीय आदेशों में भवन के चारों कमरों को जीर्ण-शीर्ण घोषित कर दिया गया। कार्यरत दोनों अध्यापिकाओं द्वारा स्वयं के खर्चे पर भवन के सामने टिनशेड लगवाया गया। अब उसमें ही चार कक्षाएं संचालित हो रही है। ऐसे में पहली व तीसरी कक्षा के विद्यार्थी एक तरफ एवं चौथी व पांचवीं के विद्यार्थी इसी टिनशेड में इधर,उधर बैठने को मजबूर हैं। स्कूल की जमीन पर ग्रामीणों का अतिक्रमण इन दिनों गांव बूचाका के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के लिए 7446 वर्गमीटर भूमि आवंटित है। जिसमें ग्रामीणों ने पक्के निर्माण कर अतिक्रमण किया हुआ है। साथ ही खाली जगह पर घुरे व पशुओं के उपले थापकर कब्जा कर रखा है। जबकि स्कूल का भवन अनुपयोगी घोषित होने से विद्यार्थियों खुले में पढ़ रहे है। प्रशासन द्वारा पैमाइश कराकर सरकारी भूमि को कब्जे में लेने से भवन की समस्या से निपटा जा सकता है। चार कक्षाओं में 16 विद्यार्थी, दूसरी में 0 नामांकन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहली से पांचवीं तक कक्षाएं संचालित है। इनमें कक्षा पहली में चार, तीसरी में 4, चौथी में पांच व पांचवीं में तीन विद्यार्थी अध्ययनरत है। जबकि कक्षा दूसरी में नामांकन शून्य है। और उक्त 16 छात्र,छात्राओं पर दो अध्यापिकाएं कार्यरत है। “जिला कलेक्टर द्वारा गठित तकनीकी टीम ने विद्यालय का निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित किया था। फिलहाल बतौर वैकल्पिक व्यवस्था एक टीनशैड डलवाकर विद्यार्थियों को शिक्षा अध्ययन कराया जा रहा है। विद्यालय में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए बीडीओ को अवगत कराया गया है।” - सियाराम गुर्जर, सीबीईओ
इलाहाबाद हाईकोर्ट में संभल हिंसा से जुड़े चर्चित मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। सोमवार को तत्कालीन डीएसपी/एएसपी अनुज कुमार चौधरी की याचिका पर बहस होनी है। मामला संभल की सीजेएम कोर्ट द्वारा अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश से जुड़ा है, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। FIR के आदेश को दी गई है चुनौतीइस मामले में शिकायतकर्ता यामीन की ओर से हाईकोर्ट में वकालतनामा दाखिल किया गया था। साथ ही अदालत से तैयारी के लिए समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई की तारीख 9 फरवरी तय की थी। इसी क्रम में अब मामले पर विस्तृत सुनवाई की जा रही है। गोली चलाने के आरोप में कोर्ट का आदेशजनवरी में संभल के तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। शिकायतकर्ता यामीन ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि उनके बेटे आलम पर पुलिसकर्मियों ने गोली चलाई, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी आदेश के खिलाफ अनुज चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
लगातार तीसरे दिन 28 डिग्री के पार रहा पारा
शहर में फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है, जो सामान्य से अधिक है। रविवार को रात के तापमान में भी 1.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया, जिससे न्यूनतम पारा अब सामान्य स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो 9 फरवरी से हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर मध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर उपोष्ण पछुआ जेट स्ट्रीम करीब 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसके साथ ही एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन सिस्टम्स के असर से आने वाले दिनों में मौसम में कुछ बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना हुआ है। सुबह नमी, शाम को शुष्कता रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। वहीं, न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री रहा। हवा में नमी का स्तर सुबह 60 प्रतिशत था, जो शाम ढलते-ढलते घटकर 35 प्रतिशत रह गया। इससे दिन में शुष्क हवाएं चल रही हैं।
SIR: आपत्तियां लेना बंद, 14 तक होगा निराकरण
सागर | विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद चल रही दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया अब बंद हो गई है। अब तक जो दावे-आपत्तियां आई हैं, उनका निराकरण 14 फरवरी तक किया जाएगा। इसके साथ ही नए नाम जुड़ने, नाम-पते में सुधार आदि भी अब सिर्फ उन्हीं आवेदनों में होगा, जो 7 फरवरी तक निर्वाचन आयोग को मिले। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को होना है। जिले में 25 हजार नाम नो-मैपिंग के थे, जिनमें से अब तक 17780 के नाम योग्य पाए गए हैं। 1586 के नाम हटना तय हो गए हैं। अन्य पर जांच चल रही है। वहीं नो-मैपिंग और लॉजिकल एरर वाले कुल 3 लाख 95 हजार 201 नामों में से अब तक 3 लाख 80 हजार 981 नामों का सत्यापन हो गया है। 14 हजार 220 नामों का सत्यापन अभी बाकी रह गया है। यह काम 10 फरवरी तक करना है। नए नाम जुड़वाने के लिए 31 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही साफ हो सकेगा कि किस विधानसभा क्षेत्र में कितने नाम नए जुड़े और वहां कुल मतदाताओं की फाइनल संख्या क्या रही।
श्रद्धालुओं के लिए निजी भूमि पर जुटाई सुविधाएं
उज्जैन | शिप्रा तट स्थित अंगारेश्वर महादेव मंदिर में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सेवा के लिए समाजसेवी निर्भयसिंह पटेल ने एक अनुकरणीय पहल की है। मंदिर आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए वे अपने निजी खर्च से नि:शुल्क पार्किंग, सुलभ शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। पटेल का उद्देश्य है कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालु यहां से सुखद अनुभव और एक अच्छा संदेश लेकर लौटें। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी निजी भूमि जनसेवा के लिए समर्पित कर रखी है। इसके अलावा, स्वच्छता के लिए ग्राम पंचायत कमेड़ के सरपंच के सहयोग से कचरा गाड़ी की नियमित व्यवस्था भी की गई है। समय-समय पर आने वाले प्रमुख त्योहारों पर श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन और भंडारे का आयोजन भी उनकी ओर से किया जाता है।
हरी सब्जियों की आवक सामान्य, भाव बढ़ सकते
उज्जैन | हरी सब्जियों की आवक सामान्य होने से भाव वृद्धि शुरू हो गई। हालांकि इन दिनों टमाटर ही सस्ता बिक रहा है। वहीं हरे बटले की आवक भी कम पड़ गई। देखा जाए तो गोभी बटला गत माह से चलन में खूब रहा। अब इसे कम ही खरीदा जा रहा है और इसकी आवक भी कम पड़ गई है। भाव अधिक हो गए हैं। होली के बाद हरी सब्जियों की आवक में भारी कमी के चलते महंगे भाव रहेंगे। ऐसा सब्जी विक्रेताओं द्वारा बताया। मंडी में सब्जी के थोक भाव मे फेरबदल भी हो रहा है। कम ज्यादा भाव रहने की स्थिति भी कभी-कभी बन जाती है। सब्जियों के थोक भाव इस प्रकार है- टमाटर 8 से 10 रुपए, मैथी की भाजी 20 से 25, भिंडी 25 से 40, गिलकी 20 से 30, पालक 9 से 12, धनिया 7 से 10, हरी मिर्च 45 से 70, शिमला मिर्च 15 से 20, बैंगन 12 से 15, लौकी 15 से 20, अरबी 16 से 21, पत्तागोभी 7 से 9, करेला 40 से 50, गाजर 8 से 10, कद्दू 12 से 15, सुरजने की फली 45 से 70, ग्वारफली 50 से 60, नींबू 16 से 22, चंवला 20 से 25, बालौर 10 से 15 रुपए है। इसके अलावा अन्य हरी सब्जियों के भाव सामान्य हैं।
चौबीस घंटे में दिन के साथ रात का तापमान गिरा
भास्कर संवाददाता | उज्जैन चौबीस घंटे में दिन के साथ रात का तापमान गिर गया है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहा जो कि शनिवार के अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री से एक डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया जो कि शनिवार के न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से एक डिग्री कम है। आर्द्रता सुबह 86 फीसदी और शाम को 44 फीसदी रही। मौसम विभाग के अनुसार 9 फरवरी से एक नया पश्चिमी विभोक्ष हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। इसके प्रभाव से मैदानी क्षेत्रों में सर्दी का दौर अभी विदा नहीं होगा। हालांकि दिन में धूप के तेवर तीखे होने लगेंगे। शाम ढलने के बाद सर्द हवा चलेगी। किसान बोले-सर्दी जरूरी गेहूं और चना फसल को तपन से नुकसान हो सकता है। चिंतामण जवासिया के किसान ईश्वरसिंह आंजना के अनुसार इन फसलों की तासीर ही ऐसी है कि इन्हें सर्दी जरूरी है। गर्मी बढ़ने से दाना छोटा रहने की आशंका बनी रहती है।
कैथल में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर 18 में सड़क निर्माण के लिए प्रयोग की जाने वाली सामग्री को एचएसवीपी विभाग ने सेक्टर की पार्किंग में डलवा दिया। यह पार्किंग नागरिक अस्पताल के पास है, जहां पर सामग्री को डंप किया जा रहा है। इस पर सेक्टर के निवासियों और अस्पताल जाने वाले लोगों ने एतराज जताया है। सेक्टर के निवासियों ने कहा कि इस प्रकार पार्किंग में सामग्री को डालना नियमों के अनुसार सही नहीं है। उन्होंने सामग्री को तुरंत यहां से उठाने की मांग की है। सेक्टरवासियों से लिया जाता है चार्ज सेक्टर 18 के प्रधान बलबीर सिंह, विजेंद्र मोर, प्रदीप कुमार, राजपाल व अन्य निवासियों ने बताया कि अगर सेक्टर में कोई व्यक्ति अपना मकान बनाता है तो उसे मकान का मैटिरियल व मलबा डालने के लिए विभाग को चार्ज देना पड़ता है। यह चार्ज 15 से 20 हजार रुपए प्रति प्लाट के लिए वसूल किया जाता है, लेकिन विभाग ने मैटिरियल डालने वाली एजेंसी से कोई चार्ज नहीं लिया। इस दौरान विभाग ने नियमों को दरकिनार कर मिट्टी, कंक्रीट, बजरी व अन्य सामान सेक्टर की पार्किंग में डलवा दिया। टूट चुकी पार्किंग सेक्टर के लोगों ने बताया कि इससे उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्किंग भारी वाहनों की आवाजाही के कारण टूट चुकी है क्योंकि यहां से रोजाना ट्रकों में सामान भरकर आता है और उन्हीं के जरिए सेक्टर की सड़कों के लिए सामान भेजा जाता है। सड़कों पर भी कई बार मलबा गिरने के कारण मिट्टी फैल जाती है। तुरंत हटाने की मांग उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर सेक्टर को विकसित करवाने के लिए इस पार्किंग का निर्माण करवाया था, लेकिन अब इसे फिर से तोड़ दिया गया है। हर समय पार्किंग में लगे मिट्टी के बड़े-बड़े ढेरों से धूल सेक्टर में उड़ती रहती है। साथ में सिविल अस्पताल भी पास में है, जिससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने मांग की कि इसको यहां से तुरंत हटाया जाए और पार्किंग को दुरुस्त करवाया जाए। नियमों को दरकिनार करने वालों पर कार्रवाई की जाए। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक्सईएन धर्मवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर में सड़कें बनाने का काम चल रहा है। जल्द ही सड़कों का काम पूरा कर यह मटेरियल उठाया जाएगा। इसे सड़कों के निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि अस्पताल के पास पड़े मलबे को लेकर प्रदूषण बोर्ड से पत्राचार किया जाएगा।
एसआईआर : 5569 नाम काटने के लिए आई आपत्ति
निर्वाचन आयोग के एसआईआर सर्वे में दावे-आपत्तियों का समय अब खत्म हो गया। सूची में शामिल 5569 नामों को काटने के लिए आपत्ति दर्ज की गई है। बीएलओ के माध्यम से जांच के बाद 14 फरवरी तक इनका निराकरण हो जाएगा। 48 हजार नौ-मेपिंग और 2 लाख त्रुटि वाले नामों में सुधार भी 14 तक हर हाल में करना होगा। तय 7 फरवरी तक नाम जोड़ने, काटने और बदलाव करने के लिए फॉर्म नंबर 6, 7 और 8 के कुल 48,864 फॉर्म आए। इनमें से 33,098 का निराकरण भी कर दिया, जबकि 15,766 के निराकरण के िलए बचे हैं। जो 4-5 दिनों में ही हर हाल में करना होंगे। निराकरण होने के बाद 14 फरवरी की शाम को ये सारे डाटा फ्रीज हो जाएंगे। जिन्हें फाइनल माना जाएगा। ^दावे आपत्तियां का समय खत्म हो गया है। दावे-आपत्तियों का 14 फरवरी तक निराकरण करना है। इसके बाद सूची के फाइनल प्रकाशन की प्रक्रिया होगी। संदीप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी { नाम जुड़वाने के लिए 28,329 लोगों ने फॉर्म 6 भरा। 18,323 का निराकरण हो गया। { सूची में शामिल 5569 नामों पर आपत्तियां लेते हुए फॉर्म 7 भरा। { नाम पते में बदलाव के लिए 14966 ने फॉर्म नंबर 8 भरा। अंतिम 4 दिनों में अचानक दोगुना हुई आपत्तियां मतदाता का नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म नंबर 7 की संख्या आखिरी दो-चार दिनों में अचानक दोगुना हो गई। 3 फरवरी तक सिर्फ 3320 आपत्तियां ही ऑनलाइन दर्ज हुई थी, लेकिन अगले 4 दिन में ये शिकायतें बढ़कर 5569 हो गई। हालांकि इनमें से 2623 का निराकरण हो चुका है।
रिवॉर्ड प्वॉइंट का झांसा, बैंककर्मी के क्रेडिट कार्ड से 1.26 लाख रु. की ठगी
मप्र ग्रामीण बैंक की महिला कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठग ने युवती बनकर फोन किया और कहा कि क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वॉइंट एक्सपायर हो जाएंगे, तुरंत रिडीम कर लें। बातों में आकर महिला ने ओटीपी बता दिया। ओटीपी मिलते ही ठगों ने महिला के 2 क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 26 हजार रुपए निकाल लिए। बैंककर्मी ने कार्ड का बैलेंस चेक किया तो ठगी का पता चला। ठगी का एहसास होते ही नेहा शर्मा ने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिरोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ठगों की पहचान और ट्रांजेक्शन ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे ठग के झांसे में फंसी बैंककर्मी गोकुलधाम रेजीडेंसी निवासी नेहा शर्मा मप्र ग्रामीण बैंक में पदस्थ हैं। नेहा 12 जनवरी को बैंक में ड्यूटी पर थीं, तभी उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन करने वाली युवती ने खुद को क्रेडिट कार्ड सर्विस से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा कि नेहा जी आपके क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वॉइंट आज एक्सपायर हो जाएंगे, अगर रिडीम नहीं किए गए तो लाभ खत्म हो जाएगा। ठग की बातों में आकर नेहा ने रिवॉर्ड प्वॉइंट्स रिडीम कराने की सहमति दे दी। इसके बाद ठग ने कहा कि वह ओटीपी भेजेगी, जिसे बताने पर रिवॉर्ड प्वॉइंट्स की राशि खाते में आ जाएगी। नेहा ने जैसे ही ओटीपी साझा किया, उसी समय उनके एयू बैंक क्रेडिट कार्ड से 29,003 ट्रांजेक्शन हो गया। इस पर एयू बैंक से कॉल आया। बैंक कर्मियों ने ट्रांजेक्शन की पुष्टि चाही, जिस पर नेहा ने किसी भी लेन-देन से इनकार किया। इसके बाद बैंक ने उनका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया। जब नेहा ने अपने एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड का बैलेंस चेक किया तो उससे 97,420 रुपए निकले चुके थे।
ईएनटी हॉस्पिटल के लिए अब बनेगी नई बिल्डिंग:नई बिल्डिंग पर खर्च होंगे 3.36 करोड़ रुपए, स्वीकृति जारी
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला (ईएनटी) विभाग के लिए अलग से तीन मंजिला बिल्डिंग बनेगी। इससे मरीजों को उपचार में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बिल्डिंग का निर्माण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 3.36 करोड़ से ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर प्लान किया गया है। पीबीएम हॉस्पिटल में नाक, कान और गला विभाग के लिए अलग से नई बिल्डिंग के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार ने 3.36 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बनाया गया है। बिल्डिंग का नक्शा तैयार कर जल्दी ही टेंडर जारी किए जाएंगे। नई बिल्डिंग का निर्माण ईएनटी की पुरानी बिल्डिंग परिसर में खाली पड़ी जमीन पर होगा। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी के लिए बड़ा हॉल रखा जाएगा। उसमें डॉक्टरों के चैंबर होंगे। मरीजों के लिए वेटिंग एरिया बनेगा। पूरी बिल्डिंग फायर सिस्टम से लैस होगी। वर्तमान बिल्डिंग करीब 19 साल पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी है। उसमें फायर सिस्टम भी नहीं है। कुछ माह पूर्व स्किन विभाग के एक कक्ष में आग लगने की घटना हो चुकी है। भास्कर इनसाइट— डेढ़ साल पहले हो चुका शिलान्यासईएनटी की नई बिल्डिंग का शिलान्यास करीब डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री ने वर्चुअली किया था। दरअसल मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2023-24 में सरकार ने इसकी घोषणा की थी। उसके बाद निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए गए, लेकिन जमीन के नीचे नगर निगम का नाला होने के कारण कोई फर्म आगे नहीं आई। टेंडर निरस्त करने पड़े। स्किन और नेत्र विभाग के लिए खाली होगी जगह :ईएनटी अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बनने के बाद स्किन और नेत्र रोग विभाग को भी पर्याप्त जगह मिल जाएगी। वर्तमान में तीनों विभाग एक ही बिल्डिंग में चल रहे हैं। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह बिल्डिंग छोटी पड़ने लगी है। ओपीडी 300 से ज्यादा, दो सीनियर प्रो., दो एसोसिएट के पद खालीईएनटी विभाग में सामान्य दिनों में ओपीडी 300 से 350 तक रहती है, जबकि अप्रैल, मई, जून में 500 तक पहुंच जाती है। विभाग में यूनिट दो हैं। पीजी सीट पांच हैं। दो सीनियर प्रोफेसर और दो एसोसिएट प्रोफेसर के पद खाली हैं। यूटीबी के दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। दो ही प्रोफेसर होने के कारण वर्कलोड भी बढ़ा हुआ है। “ईएनटी की नई बिल्डिंग के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। पीडब्ल्यूडी को टेंडर जारी करने के लिए कह दिया गया है।”-डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल
राजस्थान कैडर के 100 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों को अब 2 साल के अनिवार्य सेंट्रल डेपुटेशन पर जाना होगा। ऐसा नहीं करने पर इसका सीधा असर केंद्र में वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति पर पड़ सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने IPS के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के नए नियम जारी किए हैं। इसके मुताबिक केंद्र में आईजी या समकक्ष पद पर इम्पैनलमेंट के लिए आईपीएस अफसरों के पास कम से कम दो साल का केंद्रीय अनुभव अनिवार्य होगा। यह नियम 2011 और उसके बाद के सभी आईपीएस अधिकारियों पर लागू होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान कैडर के पात्र IPS अधिकारियों को इन नियमों की जानकारी दी है। आखिर नए नियमों के पीछे केंद्र सरकार का मकसद क्या है? राजस्थान में सेंट्रल डेपुटेशन के लिए पात्र आईपीएस अधिकारी कौन-कौन हैं? वर्तमान में सेट्रल डेपुटनेशन पर कितने आईपीएस तैनात है? केंद्र और राज्य में इसका क्या असर होगा? पढ़िए मंडे स्पेशल स्टोरी में… नए नियम के दायरे में राजस्थान कैडर के 100 से ज्यादा IPS राजस्थान में कुल IPS कैडर स्ट्रेंथ 222 है। अभी 212 अधिकारी ही पोस्टेड हैं। राज्य कैडर के 8 IPS अभी केंद्र में प्रतिनियुक्ति (सेंट्रल डेपुटेशन) पर काम कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए नियम के दायरे में 2011 बैच और उसके बाद के 108 आईपीएस आ रहे हैं। ऐसे में इन सभी अधिकारियों को एक-एक कर नियमानुसार केंद्र में प्रतिनियुक्ति का अनुभव प्राप्त करना होगा। इन सभी अधिकारियों के साथ 3 फरवरी को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संवाद किया था। उन्हें नए नियमों की जानकारी दी गई है। पहले नियम क्या थे? IPS अधिकारियों के लिए पहले भी केंद्र में प्रतिनियुक्त के लिए दो साल का केंद्रीय अनुभव जरूरी था। लेकिन ऑप्शनल था। कोई अनिवार्य शर्त नहीं थी। इसी कारण से अधिकतर IPS अधिकारी अपने पूरे करियर में केवल राज्य (कैडर) तक सीमित रहते थे। वहीं, बिना किसी केंद्रीय अनुभव के भी IPS अधिकारी अधिकारी को केंद्रीय एजेंसियों में उच्च पदों पर नियुक्ति दे दी जाती थी। अब क्या होगा? समझिए, आखिर क्यों बनाए गए ये नियम? पूर्व आईपीएस सत्यवीर बताते हैं- केंद्रीय एजेंसियों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), सीबीआई (CBI), एनआईए (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) जैसी जांच एजेंसियों में IPS अधिकारियों की जरूरत होती है। लेकिन योग्य अधिकारियों को राज्य सरकारें भेजती नहीं हैं। अगर भेजती हैं तो ऐसे अफसर को, जिनकी ज्यादा उपयोगिता राज्य के लिए नहीं होती। ऐसे अफसरों को केंद्र भी लेने से बचता है। दूसरा- केंद्र में पोस्टिंग के दौरान सीनियोरिटी (वरिष्ठता) भी देखी जाती है, क्योंकि पैनल बनने के बाद सीनियोरिटी के आधार पर ही पोस्टिंग होती है। ऐसे में अधिकारी पोस्टिंग को लेकर चिंतित रहते हैं। रिटायर्ड RPS अनिल गोठवाल बताते हैं, ये नए नियम लाने के पीछे कई मकसद हैं। कैसे होती है केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति? मुख्य सचिव बोले- यह IPS करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसरमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा- यह अधिकारियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। केंद्रीय स्तर पर प्राप्त अनुभव अधिकारियों को सशक्त बनाता है। उस अनुभव का फायदा राज्य प्रशासन को भी मिलता है।
मध्यप्रदेश से देश और विदेश तक साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत 17 से ज्यादा राज्यों में बैठे साइबर ठग एमपी के लोगों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल, सिम स्वैप जैसे हाईटेक हथकंडों से ठग रोजाना लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। हालत यह है कि हर 100 में से 4 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। ठगी के बाद रकम को तुरंत अलग-अलग राज्यों में खोले गए खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, ताकि पैसा ट्रेस न हो सके। साल 2025 के आंकड़े डराने वाले हैं- मध्य प्रदेश के 64 हजार लोगों से ठगों ने 638 करोड़ रुपए ऐंठ लिए। ठगी का यह पैसा पुलिस की नजर से बचाने के लिए 1 से लेकर 10 लेयर (स्तरों) तक घुमाया गया। ग्वालियर, भोपाल और इंदौर इस नेटवर्क के मुख्य निशाने पर रहे हैं। साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट, सिम स्वैप और फर्जी एपीके फाइल जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रदेश में रोजाना औसतन 5523 कॉल किए जा रहे हैं, जिनमें से 175 लोग शिकार बन रहे हैं। यानी हर 100 में से 4 लोग अपनी जमा पूंजी गंवा रहे हैं। ठग रोजाना करीब 1.75 करोड़ रुपए ऐंठकर रकम को 800 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर कर रहे हैं। समझिए... 1 से 10 खातों तक दौड़ता है आपका पैसाठग पैसा आते ही ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ की तर्ज पर लेयरिंग करते हैं... लेयर 1: सबसे पहले 56,743 खातों में पैसा पहुंचा।लेयर 2: यहाँ से रकम 65,789 खातों में बांटी गई।लेयर-3 यहां से पैसा 52,456 बैंक खातों में घुमाया गया।लेयर 10 तक: अंत में यह पैसा 2.93 लाख खातों तक फैला दिया गया ताकि पुलिस मुख्य सरगना तक न पहुंच सके। निशाने पर ग्रामीण, 5 हजार में ले रहे खातेठगों ने गांव और कस्बों में एजेंट पाल रखे हैं। ये एजेंट जरूरतमंदों और ग्रामीणों को मामूली लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं या उनके खाते किराए पर ले लेते हैं। जब पुलिस जांच करती है, तो असली ठग के बजाय वह गरीब आदमी फंस जाता है जिसके नाम पर खाता है। बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल इस ‘खाता व्यापार’ के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। 5 चरणों में जांच, फिर फ्रीज और अन-फ्रीजफ्रॉड की शिकायत के बाद कार्रवाई 5 चरणों में होती है। पहले साइबर सेल जांच करती है। उसके बाद बैंक की नोडल टीम खाते होल्ड और फ्रीज लगाती है। फिर साइबर सेल थाना या 1930 पर शिकायत के बाद बैंक खाता फ्रीज करता है। पीड़ित, फ्रीज/होल्ड की शिकायत साइबर सेल में करता है। जांच में ठगी साबित होने पर साइबर सेल एनओसी/डिफ्रीज आदेश देता है। एक्सपर्ट - प्रणय नागवंशी, एसपी, मप्र राज्य साइबर सेल अनजान नंबर से कॉल आए तो 1 मिनट में काटें, 20 सेकंड सोचें अनजान नंबर से डर या लालच वाली कॉल आए तो तुरंत फोन काटें। 20 सेकंड शांत होकर सोचें कि क्या यह सच हो सकता है? यहीं ठग की हार होती है। किसी भी अनजान लिंक या QR कोड पर क्लिक न करें, क्योंकि करीब 70% ठगी यहीं से शुरू होती है। बैंक के SMS अलर्ट चालू रखें। खाते में संदिग्ध लेन-देन दिखे तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें, ताकि समय रहते रकम रोकी जा सके।
गोरखपुर में बदलते दौर के साथ शगुन देने का ट्रेंड भी बदल गया है। अब शगुन के पैसे पारंपरिक तरीके से लिफाफे के अंदर नहीं बल्कि अलग-अलग खूबसूरत डिजाइन में कस्टमाइज्ड करवा कर दिया जा रहा है। इसी के साथ तिलक में दिए जाने वाले दूल्हे और दुल्हन के कपड़ों को शो पीस की तरह सजाने का भी ट्रेंड बढ़ा हुआ है। दुल्हन का लहंगा हो या दूल्हे की शेरवानी दोनों को गिफ्ट हैंपर की तरह सजा कर रॉयल लुक में पेश किया जा रहा है। यह देखने में काफी अट्रैक्टिव होता है। हैंडपर्स शेप में शगुन के पैसे कस्टमाइज्ड बैलून वाला गिफ्ट शॉप के ओनर अभिषेक मिश्रा ने बताया- आजकल सबसे ज्यादा हैंडपर्स शेप में शगुन देने का ट्रेंड है। इसे बनाने के लिए करेंसी, कुछ डेकोरेटिव आइटम और रिबन का इस्तेमाल करना होता है। पहले करेंसी को पीलर शेप में फोल्ड करते हैं, फिर पॉलीथिन का पतला लेयर उस पर चढ़ा देते हैं। इसके बाद कुछ फैंसी फूल और अन्य डेकोरेटिव आइटम लगा कर सजा देते हैं। ऊपर से पर्स का शेप देने के लिए रिबन की एक पट्टी लगा देते है। यह देखने में काफी ज्यादा अच्छा लगता है। लोग बहुत ज्यादा पसंद भी कर रहे हैं। शादी का सीजन होने की वजह से ऑर्डर भी ज्यादा मिल रहा है। फ्लावर शेप भी है अट्रैक्टिवइसी तरह फ्लावर शेप में भी नोटों को कस्टमाइज्ड करवा कर लोग शगुन के तौर पर दे रहे हैं। कोई 10, कोई 20 तो कोई 50 के नोटों का शगुन बनवाता है। स्टिक बुके भी ट्रेंडिंग इसके अलावा बहुत से लोगों को स्टिक शगुन पसंद आता है, जिसमें स्टिक के सहारे नोटों को चिपका कर छोटा सा बुके के जैसा शेप दिया जाता है। यह देखने में खूबसूरत भी होता है और कैरी में आसान भी। ट्रांसपैरेंट पॉलीथिन के अंदर बढ़ता शोभा इसी तरह शादियों में लड़के और लड़की की तरफ से दिए जाने वाले दुल्हा- दुल्हन के कपड़े भी यूनिक तरीके से रॉयल लुक में भेजे जा रहे हैं। अभिषेक ने बताया- दुल्हन के कपड़े में साड़ी या लहंगे को एक हैंपर ट्रे में हैंगर के सहारे लटका देते हैं। ट्रे में चूड़ी, बिंदी, सैंडल, मेकअप बॉक्स और अन्य पसंद की चीजों को सजा कर ट्रांसपैरेंट पॉलीथीन की एक लेयर चढ़ा देते उसके ऊपर फूल, स्टोन और अन्य डेकोरेटिव आइटम से सजा देते हैं। इस तरह पूरा दुल्हन सेट तैयार हो जाता है। जो देखने में बेहद ही रॉयल लुक देता है। उन्होंने बताया- ऐसे ही दुल्हा सेट भी तैयार किया जाता है, जिसमें दुल्हे की शेरवानी या सूट, घड़ी, पर्स और अन्य चीजें रखकर शो पीस की तरह सजा दिया जाता है। जानिए क्या है चार्जअभिषेक ने बताया- शगुन का लिफाफा बनवाने के लिए 200 रुपए मेकिंग चार्ज लगता है। अगर कोई करेंसी अपने पास से नहीं देता तो उसका चार्ज अलग से लगता है। वहीं दुल्हा- दुल्हन सेट तैयार करवाने के लिए 1500 का चार्ज लगता है। इसके अलावा कस्टमर डेकोरेशन जैसा पसंद करते हैं, उस हिसाब से चार्ज आगे-पीछे होता है।
अखिलेश यादव ने रविवार को नंदलाल नाम के व्यक्ति को सपा मुख्यालय में मीडिया के सामने पेश किया। दावा किया कि नंदलाल को भाजपा खोज रही है। क्योंकि उन्होंने भाजपा की पोल खोल दी है। अखिलेश ने उन्हें एक लाख का इनाम दिया और बहादुर बताया। अखिलेश नंदलाल कौन हैं, उन्हें बहादुरी का इनाम क्यों मिला? VIDEO देखिए…
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित डिसेंट हॉस्पिटल से जुड़े इंश्योरेंस ठगी के मामले में पुलिस ने रविवार को विद्यावती हॉस्पिटल संचालक समेत तीन आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी डिसेंट हॉस्पिटल के संचालकों के साथ मिलकर फर्जी मरीजों के नाम पर दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम लेते थे।पकड़े गए आरोपियों की पहचान उरुवा बाजार के पचोहां गांव निवासी इंद्रेश यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहनापुर गांव के सोनवा टोला निवासी अमन यादव उर्फ गौरव यादव और सरस्वतीपुरम लेन नंबर-3 निवासी अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस पहले ही डिसेंट हॉस्पिटल के संचालक, डॉक्टर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। हॉस्पिटल से चला रहा था ठगी का नेटवर्क रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी इंद्रेश यादव खोराबार बाईपास पर विद्यावती हॉस्पिटल का संचालन कर रहा था। वह अपने सहयोगियों अमन यादव उर्फ गौरव यादव और अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा के साथ डिसेंट अस्पताल के संचालकों से संपर्क में था और उनके साथ मिलकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था।जांच में सामने आया कि आरोपी अस्पताल में भर्ती दिखाए गए फर्जी मरीजों की फाइलें तैयार करते थे। इन फाइलों पर डिसेंट अस्पताल की तरह ही फर्जी हस्ताक्षर किए जाते थे। ताकि दस्तावेज असली लगें। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनियों से इलाज का क्लेम पास कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, इंद्रेश यादव लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में सक्रिय था। वह बीमा एजेंटों और अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर लाखों रुपये का बीमा क्लेम हड़प चुका था। जांच में यह भी सामने आया है कि मरीजों को वास्तविक रूप से अस्पताल में भर्ती किए बिना ही कागजों में इलाज दिखाया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी अस्पताल, बीमा एजेंट और अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। उनके खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है।यह था पूरा मामला 09 सितंबर 2025 को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने गोरखपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि डिसेंट और एपेक्स हॉस्पिटल में फर्जी मरीज भर्ती कराकर क्लेम की रकम निकाली जा रही है। जांच में सामने आया कि बीमाधारकों के फर्जी दस्तावेज बनाए गए। फिर उनके बैंक खाते खुलवाकर क्लेम के एक करोड़ 80 लाख 672 रुपये निकाल लिए गए। बीमा कंपनी के अधिकारियों की जांच में पता चला कि जिस एपेक्स हॉस्पिटल में मरीजों को भर्ती दिखाया गया था, वह अस्तित्व में ही नहीं है। वहीं डिसेंट हॉस्पिटल के रिकाॅर्ड में भी कई संदिग्ध फाइलें मिली थीं। इसकी जांच में गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती के कई अस्पतालों के नाम सामने आए थे। इस संबंंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इस मामले की विवेचना जारी है। धोखाधड़ी से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसमे और लोगों की संलिप्तता मिलती है तो उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
रालामंडल फ्लायओवर:ट्रायल हुआ, आज से ट्रैफिक शुरू करेंगे
बायपास के रालामंडल जंक्शन पर बने फ्लायओवर पर सोमवार से ट्रैफिक शुरू हो जाएगा। रविवार को ट्रायल किया गया। ब्रिज पर फिनिशिंग से जुड़े कुछ काम बाकी हैं। ट्रैफिक की आवाजाही के साथ ही ये काम भी चलते रहेंगे। वहीं अगले हफ्ते लोड टेस्टिंग भी अलग से की जाएगी। इस फ्लायओवर के शुरू होने से बायपास पर हर दिन एक लाख से ज्यादा वाहनों की राह आसान होगी। ब्रिज बनने से पहले और ब्रिज बनने के दौरान यहां आए दिन ट्रैफिक जाम होता था। अकसर हादसे भी होते थे। रालामंडल अभयारण्य के पास बायपास पर इस फ्लायओवर का काम जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। इसकी डेडलाइन जुलाई 2024 की थी। तय समय सीमा से डेढ़ साल बाद फ्लायओवर बन सका है। रालामंडल के जिस जंक्शन पर यह फ्लायओवर बन रहा, वहां इंदौर शहर से तिल्लौर, तिंछा तरफ जाने वाले ट्रैफिक को भी इससे राहत मिलेगी। तिल्लौर, तिंछा के बाद आगे खंडवा रोड से भी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। फ्लायओवर नहीं होने से यहां एक्सीडेंट स्पॉट भी बन चुका था। एमआर-10 जंक्शन फ्लायओवर भी इस साल बारिश से पहले शुरू हो सकता है बायपास के ही एमआर-10 जंक्शन पर थ्री लेयर फ्लायओवर और अंडरपास का काम भी जारी है। यह फ्लायओवर भी बारिश से पहले शुरू हो सकता है। 1.8 किलोमीटर लंबे इस फ्लायओवर में दो अलग-अलग स्ट्रक्चर बने हैं। एक बेस्ट प्राइस के सामने और एक फीनिक्स मॉल के सामने। दोनों में स्लैब कास्टिंग लगभग पूरी हो गई है। एबी रोड से शहर में एंट्री के लिए यही जंक्शन सबसे मुख्य है। यहां ब्रिज तैयार होने के बाद जो ट्रैफिक देवास तरफ से आकर विजय नगर, निपानिया, बॉम्बे हॉस्पिटल, रेडिसन, स्टार चौराहा, एमआर-10 तरफ आता है, उसे बहुत राहत मिलेगी।
गोरखपुर के नौसढ़ निवासी विजय सिंह के बेटे अभिषेक सिंह (18) की मुर्गा काटने वाले चाकू से बेरहमी से हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कुल 35 गहरे जख्म मिले हैं। मारने के ढंग से ऐसा लग रहा है कि हत्यारोपी किसी भी कीमत पर अभिषेक को जिंदा नहीं रखना चाहते थे। इसलिए 10वीं में पढ़ने वाले अभिषेक पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए। इसके बाद हत्यारों ने गला रेतकर सीने में चाकू धंसा दिया था। चाकू के वार इतने तेज किए गए थे कि सीने और गर्दन की हड्डियां तक कट गई थीं। सीसीटीवी कैमरे की जांच में पुलिस को घटना से जुड़े कुछ क्लू मिले हैं। जिनके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। घर जाते वक्त नौसढ़ के पास पासवान ढाला पर परिजन और ग्रामीणों ने गाड़ी रोक दी और हाइवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस की निगरानी में ही दाह संस्कार कराया गया। -अर्थिक स्थिति खराब होने के चलते पढ़ाई के साथ करता था कामअभिषेक दो भाईयों में बड़ा था। उसकी तीन बहनें हैं, जिनकी शादी नहीं हुई है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पढ़ाई के साथ-साथ शादी-विवाह में वेटर का काम भी करते थे। पिता विजय सिंह ने तहरीर देकर कुछ युवकों पर हत्या का शक जताया। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटनास्थल पर संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे लगता है कि अभिषेक ने अपने जीवन की रक्षा के लिए काफी देर तक हत्यारोपियों से लड़ाई की। इसी कारण शरीर के कई हिस्सों पर गहरे चाकू के जख्म हैं। मोबाइल की काॅल डिटेल का इंतजार रही पुलिस पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल का इंतजार किया और उसके आधार पर जांच तेज कर दी है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच बरामद हुए हैं। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि हत्या से पहले शराब पार्टी हुई और नशे में हुए विवाद के बाद हमला किया गया। सीसीटीवी कैमरे में शराब लेते दिखा अभिषेक अभिषेक सिंह हत्याकांड के मामले में गीडा पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। नामजद आरोपियों हरैया गांव निवासी आकाश, अक्षय, निखिल और नौसड़ के प्रदीप चौहान व रवि पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके बयानों काे आपस में मिलान कराए जा रहे हैं। पुलिस इस हत्याकांड में रंजिश और लव के एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की जांच में अभिषेक सिंह को हत्या से पहले बाघागाड़ा क्षेत्र में शराब खरीदते हुए देखा गया है। शराब की बोतल पर मौजूद क्यूआर कोड और ढक्कन के जरिये खरीद से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। इसके आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब खरीदने के बाद वह किन-किन स्थानों पर गया और किन लोगों से मिला। जांच में सामने आया है कि अभिषेक का शव उसके घर से करीब पांच किलोमीटर दूर मिला। अब तक के साक्ष्यों से पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंच रही है कि वह पैदल ही घटनास्थल की ओर गया था। सीसीटीवी फुटेज में एक स्थान पर तीन लोग भी दिखाई दिए हैं। जिससे पुलिस को आशंका है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी और घटनास्थल का चयन भी सोच-समझकर किया गया। पुलिस अभिषेक के कामकाज, दोस्तों और हाल के दिनों में हुए विवादों की भी पड़ताल कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले उसकी किससे बातचीत हुई थी और किन लोगों से उसका तनाव चल रहा था। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर में शनिवार सुबह सरसों के खेत में अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव मिला। जिसे देखने के लिए वहां भीड़ जुट गई, लेकिन काेई उसे पहचान नहीं पाया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। खून से सनी लाश और सीने में चाकू धंसा हुआ था। साथ ही शरीर पर कई गहरे जख्मों के निशान थे। जिसे देखकर लोगाेंं की रूह कांप गई। घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले। पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पहचान नौसढ़ निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई है। पूरा मामला गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर गांव का है। वेटर का काम करता था अभिषेक परिजनों ने बताया कि अभिषेक शादी-विवाह और पार्टी में वेटर का काम करता था। शुक्रवार शाम वह घर से पैदल निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तब उन्हें अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पार्टी के बाद हत्या की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि जब वे शनिवार सुबह खेत की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। युवक का शव जमीन पर पड़ा था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से युवक पर कई बार वार किए थे। हत्या के बाद आरोपी चाकू को उसके सीने में ही छोड़कर भाग गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले वहां शराब पार्टी हुई थी। संभावना है कि युवक अपने किसी परिचित के साथ वहां आया था और नशे की हालत में हुए विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान मृतक के पास से इयरबड्स तो मिले, लेकिन उसका मोबाइल फोन गायब था। पुलिस का मानना है कि साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी फोन साथ ले गए। कुछ दिन पहले हरैया के कुछ युवकों ने अभिषेक को घेर लिया था। उनसे किसी बात को लेकर दुश्मनी चल रही थी। घरवालों ने पुलिस को यह बातें बताई हैं।
गाजियाबाद में एक जमीन जिसकी वैल्यू 2025 में 10 करोड़ थी, उसी जमीन की कीमत आज यानी एक साल में सवा तीन करोड़ से भी कम रह गई। गाजियाबाद में ही एक और जमीन, जिसे 10 साल पहले 50 लाख में खरीदा गया था, आज उसकी कीमत आधी रह गई। ये हम नहीं कह रहे, वो दस्तावेज कह रहे, जिन्हें डीआईजी रैंक के एक अफसर ने अपने ही विभाग को साइन के साथ सौंपा है। ये वैल्यूशन उनकी एक प्रॉपर्टी की है। वैसे वह यूपी के IPS में सबसे अमीर हैं। ऐसे ही एक एसपी हैं, जिनके पास पिछले साल तक अपना घर नहीं था। अब उन्होंने अपने भाई और बहन की मदद से 3.40 करोड़ का घर राजस्थान में खरीदा है। जिसकी वैल्यू 12 महीने में ही करीब 60 लाख बढ़ कर चार करोड़ हो गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 31 जनवरी तक आईएएस-आईपीएस अफसरों को अपनी संपत्ति का ब्योरा डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) को देने को कहा था। आईपीएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया है। जानिए आईपीएस अफसरों में किसके पास कितनी प्रॉपर्टी? बस्ती रेंज के डीआईजी हैं संजीव त्यागी। संजीव त्यागी इस बार भी संपत्तियों की कीमत के हिसाब से सबसे रईस हैं। उनके पास करीब 30 करोड़ की 5 प्रॉपर्टी हैं। उन्होंने गाजियाबाद के सदर इलाके में 0.838 हेक्टेयर जमीन 40 लाख रुपए में 2010 में खरीदी थी। इस प्रॉपर्टी पर 11 लाख रुपए का कंस्ट्रक्शन वर्क भी कराया। 2025 के अचल संपत्ति के ब्योरे में उन्होंने इस जमीन और घर की कीमत 10 करोड़ रुपए आंकी थी। लेकिन, इस बार जब उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा डीओपीटी को सौंपा तो उसमें इसीकी वैल्यू 3.20 करोड़ रुपए ही बताई। 11 साल में आधी रह गई गाजियाबाद में जमीन की वैल्यूसंजीव त्यागी की ही एक और प्रॉपर्टी गाजियाबाद के मोदीनगर में है। उन्होंने 2015 में 50 लाख रुपए में यह प्रॉपर्टी खरीदी थी। 0.356 हेक्टेयर जमीन की मौजूदा कीमत उन्होंने 26 लाख रुपए बताई है। यानी 11 साल में यहां जमीन की कीमत बढ़ने के बजाय घट गई? संभल के चर्चित SP कृष्ण कुमार ने खरीदा 4 करोड़ का घरसंभल के चर्चित एसपी कृष्ण कुमार ने 2025 के ब्योरे में कोई भी संपत्ति घोषित नहीं की थी। 2026 में उन्होंने राजस्थान में खरीदा गया एक मकान दिखाया है। जिसे 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। अब उसकी कीमत 4 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल 27 जनवरी को खरीदे गए इस मकान में कृष्ण कुमार के अलावा उनके भाई और बहन की भी हिस्सेदारी है। इतना ही नहीं, इस मकान से रेंटल इनकम भी होती है। हर साल करीब 4.80 लाख रुपए आते हैं। दस्तावेजों में इस घर को गिरवी पर बताया गया है। 6 महीने में डेढ़ गुना हुई जमीन की कीमतइसी तरह मुजफ्फरनगर के एसपी संजीव सुमन ने भी पिछले साल कोई प्रॉपर्टी घोषित नहीं की थी। उन्होंने लखनऊ में एक जमीन 2025 में खरीदी, जिसका ब्योरा इस बार उन्होंने दिया है। 6 जून, 2025 को खरीदी गई इस जमीन की कीमत 6 महीने में ही डेढ़ गुना हो गई। 20 लाख रुपए में खरीदी गई जमीन की मौजूदा कीमत 30 लाख रुपए बताई गई है। कन्नौज के एसपी की संपत्ति 1.72 करोड़ घटीकन्नौज के एसपी हैं विनोद कुमार। 2014 बैच के प्रमाेटी आईपीएस अफसर हैं। इन्होंने 2025 में अपनी कुल 9 संपत्तियां घोषित की थीं, जिनकी वैल्यू 4.07 करोड़ बताई गई थी। इनमें 5 पुश्तैनी संपत्ति शामिल थीं। इस साल यानी 2026 में उन्होंने अपने प्रॉपर्टी के ब्योरे में कुल 5 प्रॉपर्टी ही दिखाई हैं। जिनकी वैल्यू 2.35 करोड़ है। इसमें से केवल 1 संपत्ति ही पुश्तैनी है। बाकी 4 पुश्तैनी संपत्ति को इस बार उन्होंने अपने ब्योरे में डिक्लेयर नहीं की हैं। यानी विनोद कुमार की 1.72 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कम हो गई। झांसी रेंज के आईजी ने 15 लाख में 240 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदीझांसी रेंज के आईजी आकाश कुल्हरि ने लखनऊ के मोहनलालगंज में शिप्रा स्टेट लिमिटेड की टाउनशिप में 240 वर्गमीटर प्रॉपर्टी 15 लाख रुपए में पिछले साल खरीदी। इसके अलावा इनका राजस्थान के जयपुर में भाई के साथ साझेदारी में मकान भी है। आईजी रैंक के एक और अफसर हैं के. एजिलारेसन। ये यूपी 112 में तैनात हैं। इनके पास 14 प्रॉपर्टी हैं। पिछले साल के ब्योरे में उन्होंने कुल 13 संपत्ति का जिक्र किया था। प्रमुख आईपीएस अफसरों की संपत्तियूपी में मुख्यालय स्तर पर अहम पदों पर तैनात पुलिस अफसरों की बात करें तो उनकी संपत्ति में 2025 के मुकाबले कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था, डीजी फायर सर्विस, डीजी जेल और एडीजी रेलवे जैसे अहम पदों पर बैठे अफसरों की संपत्ति उतनी ही है, जितनी पिछले साल उन्होंने डीओपीटी को बताई थी। फील्ड में एडीजी जोन के पद पर तैनात अफसरों की मौजूदा संपत्तिजोन की बात करें, तो यहां तैनात केवल भानु भास्कर की संपत्ति में थोड़ा बदलाव हुआ है। उन्होंने 2025 में 7 प्रॉपर्टी घोषित की थी। लेकिन, इस बार उनकी एक संपत्ति कम हो गई। 2026 के आंकड़ों की बात करें, तो केवल 6 प्रॉपर्टी इनके पास हैं। सबसे अधिक रमित शर्मा के पास 7 संपत्ति हैं। इतनी ही पिछले साल भी थीं। इसके बाद भानु भास्कर और ज्योति नारायण का नंबर आता है। इनके पास 6-6 प्रॉपर्टी हैं। वहीं, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार इस मामले में सबसे पीछे हैं। उनके पास कोई प्रॉपर्टी ही नहीं है। अब बात पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अफसरों की संपत्ति की। यहां जोगेंद्र कुमार पहले नंबर पर हैं। हालांकि, उनकी संपत्ति की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। उनके पास कुल 9 संपत्तियां हैं, जिसमें पुश्तैनी संपत्ति भी शामिल है। इसके अलावा लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर के पास 5 संपत्ति हैं। रेंज में राकेश प्रकाश आज भी सबसे बड़े जमींदाररेंज की बात करें तो राकेश प्रकाश सिंह आज भी सबसे बड़े जमींदार हैं। उनके पास कुल 25 संपत्तियां हैं। हालांकि, इनमें अधिकतर संपत्ति पुश्तैनी है। इन्होंने इतनी ही संपत्ति पिछले साल भी घोषित की थी। ज्यादातर अफसरों की संपत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है। जितनी संपत्ति पिछले साल थी, उतनी ही इस साल भी है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… UP सरकार पिछले बजट का आधा ही खर्च कर पाई, पेंशन-भत्तों के लिए 100% रकम दी वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर
यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 20 फरवरी, 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया था। 8,08,736 करोड़ के बजट में 28,478.34 करोड़ रुपए का बजट नई योजनाओं के लिए रखा गया था। बड़े-बड़े ऐलान हुए, विकास को रफ्तार देने के वादे किए गए। अब 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश होना है। लेकिन, प्रदेश की भाजपा सरकार की ओर से बीते वर्ष में की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतरी हैं। आज पढ़िए बजट की घोषणाएं जो पूरी नहीं हुईं… आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय नहीं बढ़ा प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 16 से 18 हजार करने की घोषणा की थी। इससे प्रदेश के करीब 1.99 लाख संविदा कर्मचारी लाभान्वित होने का दावा किया गया था। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक निगम के गठन की भी घोषणा की थी। इसका प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कर दिया है। निगम का गठन भी हो चुका है। अमृता सोनी को निगम का एमडी (मैनेजिंग डायरेक्टर) बनाया गया है। लेकिन निगम ने अभी कामकाज शुरू नहीं किया है। लिहाजा आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय भी नही बढ़ाया गया है। बेटियों को नहीं मिली स्कूटी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में मेधावी बेटियों को स्कूटी देने की घोषणा की थी। इसके लिए सरकार ने बजट में 400 करोड़ का प्रावधान किया था। बीते वर्ष बजट के बाद घोषित इंटरमीडिएट बोर्ड के परिणाम में जिला और प्रदेश स्तर पर टॉप 10 स्थान प्राप्त करने वाली करीब 500 से अधिक मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने का इंतजार है। लेकिन अभी तक स्कूटी नहीं मिली है। 10 जिलों में वस्त्रोद्योग और लेदर पार्क नहीं बने राज्य सरकार ने 10 जिलों में संत कबीर वस्त्रोद्योग पार्क और संत रविदास के नाम पर लेदर पार्क स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक न तो सभी जिलों में वस्त्रोद्योग पार्क बने हैं और न ही लेदर पार्क की स्थापना पूरी हो पाई है। केंद्र सरकार के सहयोग से कानपुर और आगरा में पहले से ही लेदर फुटवियर पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, बनारस के रमना क्षेत्र में 75 एकड़ भूमि पर संत कबीर टेक्सटाइल एंड अपैरल पार्क का निर्माण किया जा रहा है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान के अनुसार मऊ, खेमई (अलीगढ़), चुनार (मिर्जापुर) और रायबरेली में टेक्सटाइल पार्क के लिए कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जबकि शेष जिलों में अभी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। AI सिटी भी नहीं बनी प्रदेश सरकार ने प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी AI के क्षेत्र में एक हब के रूप में विकसित करने की पहल की थी। इसके लिए लखनऊ में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिटी की स्थापना करने की घोषणा हुई थी। साइबर सिक्योरिटी में टेक्नोलॉजी रिसर्च ट्रांसलेशन पार्क की नई योजना बजट में शामिल की थी। AI सिटी और साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी रिसर्च ट्रांसलेशन पार्क की योजना भी कागजों में ही चल रही है। एक्सप्रेस-वे के लिए प्लान तैयार नहीं सरकार ने चार नए एक्सप्रेस-वे बनाने का वादा किया था। पहला एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ते हुए हरदोई और फर्रुखाबाद तक जाना था। दूसरा गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली होते हुए सोनभद्र से जोड़ने का प्रस्ताव था। तीसरा मेरठ से हरिद्वार तक एक्सप्रेस-वे विस्तार का था। चौथा बुंदेलखंड से रीवा तक एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना थी। यूपीडा के एसीईओ हरि प्रताप शाही ने बताया, रीवा वाला प्रस्ताव रद्द हो गया है। हरदोई से फर्रखाबाद के लिए टेंडर जारी करने की कार्रवाई चल रही है। जमीन अधिग्रहण चल रहा है। मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे विस्तार के लिए का एलाइमेंट पर काम चल रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे को मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक ले जाने के लिए एलाइमेंटन के स्तर पर कार्रवाई चल रही है। चारों प्रोजेक्ट में धरातल पर काम शुरू होने से एक साल से अधिक समय लग सकता है। होमगार्ड्स और ग्राम चौकीदार को नहीं मिला बीमा प्रदेश सरकार ने बजट में होमगार्ड्स, PRD जवानों, ग्राम चौकीदारों, शिक्षामित्रों, बेसिक शिक्षा विभाग के अनुदेशकों और मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज देने की घोषणा की थी।हाल ही में सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कैशलेस बीमा योजना को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है, लेकिन होमगार्ड्स, ग्राम चौकीदार और पीआरडी जवानों के लिए अब तक बीमा सुविधा लागू नहीं हो सकी है। कामगार श्रमिक अड्डे भी नहीं बने सरकार ने बजट में सभी जिलों में कामगार श्रमिक अड्डे बनाने की घोषणा की थी। इनमें कैंटीन, पेयजल, स्नानघर और शौचालय सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जानी हैं। अभी तक जिलों में श्रमिक अड्डे बनना शुरू नहीं हुए हैं। सरदार पटेल जनपदीय आर्थिक क्षेत्र नहीं बना सरकार ने प्रत्येक जिले में विशेषताओं और सम्भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अखंड भारत के शिल्पी लौहपुरुष सरदार पटेल जनपदीय आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की घोषणा की थी। इसमें अलग-अलग जिलों में अलग-अलग सेक्टर से जुड़े क्षेत्रों को विकसित किया जाना है। हाल ही में सरकार ने इसके लिए कैबिनेट से प्रस्ताव पारित किया है, लेकिन अभी किसी भी जिले में पार्क स्थापित नहीं हुआ है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें…UP सरकार पिछले बजट का आधा ही खर्च कर पाई:पेंशन-भत्तों के लिए 100% रकम दी, हेल्थ-इंफ्रा में कटौती, पढ़िए लेखा-जोखा वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर
रेवाड़ी के गांव ढालियावास निवासी और पीएमश्री स्कूल बिठवाना के मेधावी छात्र विकास (12वीं साइंस टॉपर) की आत्महत्या के बाद स्कूल स्टाफ और ग्रामीण स्तब्ध हैं। विकास अपनी सादगी और कुशाग्र बुद्धि के लिए जाना जाता था, लेकिन 4 फरवरी की शाम को उसने अपने घर में फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। सादगी ऐसी कि सम्मान समारोह से भी बनाई दूरी विकास की सादगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 12वीं का परीक्षा परिणाम आने के बाद जब स्कूल में उसे सम्मानित करने के लिए बुलाया गया, तो उसने गांव से बाहर होने का बहाना बनाकर कार्यक्रम में आने से मना कर दिया। वह अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने के बजाय शांत रहना पसंद करता था। प्राचार्य ने कॉलेज में कराया था फोन, पर विकास ने ठुकराया ऑफर स्कूल प्राचार्य डॉ. दुष्यंत ने बताया कि विकास एक बार अपने पिता के साथ स्कूल आया था। यह जानकर कि उसने कहीं दाखिला नहीं लिया है, प्राचार्य ने स्वयं एक इंजीनियरिंग कॉलेज में फोन कर उसे बी.टेक (B.Tech) में दाखिला दिलाने की सिफारिश की। कॉलेज प्रबंधन तैयार हो गया, लेकिन जब कॉलेज से विकास के पास फोन आया, तो उसने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह घर पर रहकर ही तैयारी करना चाहता है। फिजिक्स लेक्चरर बोले— विश्वास नहीं होता, कोई गलतफहमी होगी विकास को पढ़ाने वाले फिजिक्स लेक्चरर अशोक कुमार जब छुट्टी से लौटे और उन्हें इस खबर का पता चला, तो वे सुन्न रह गए। उन्होंने कहा, विकास ऐसा कदम नहीं उठा सकता, जरूर कोई बड़ी गलतफहमी हुई होगी। हमने एक बेहद होनहार और केवल पढ़ाई पर ध्यान देने वाले युवा को खो दिया है। सुसाइड की संभावित वजह: जेईई (JEE) की आंसर की विकास के सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस और परिवार जुटे हैं। पारिवारिक सूत्रों का मानना है कि विकास ने हाल ही में जेईई (JEE) की परीक्षा दी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि सुसाइड से ठीक पहले परीक्षा की 'आंसर की' (Answer Key) आई थी, जिसे देखने के बाद शायद वह हताश हो गया और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। 4 फरवरी को किया सुसाइड तारीख और समय: 4 फरवरी की शाम। उस वक्त पिता गांव में थे, मां मामा के घर गई थी और बड़ा भाई गुरुग्राम में ड्यूटी पर था। सुसाइड नोट: विकास ने अंग्रेजी में एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसके अंत में बड़े अक्षरों में 'Good Bye Life' लिखकर अपने हस्ताक्षर किए। सादगी का प्रतीक: विकास आज के दौर में भी कीपैड वाला साधारण फोन इस्तेमाल करता था। मामा के घर शादी की खुशियां मातम में बदलीं आगामी 20 फरवरी को विकास के मामा के घर शादी है। उसकी मां और मामा ने उसे साथ चलने की बहुत जिद्द की थी, लेकिन उसने भाई के साथ कपड़े खरीदने जाने की बात कहकर घर पर रुकने का फैसला किया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।
आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को करीब 25 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई है। शिनाख्त के बाद युवती के परिजन आगरा पहुंच गए। उन्होंने शव की पहचान की। उन्होंने पुलिस को हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक प्रेम संबंध में हत्या करने की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस ने एआई की मदद से युवती का फोटो बनाकर शिनाख्त कराई। युवती मध्यप्रदेश की रहने वाली थी। उसकी हत्या दिल्ली में की गई थी। पहले बताते हैं क्या था मामलाशुक्रवार दोपहर 3:30 बजे बकरी चराने पहुंचे ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 148 के पास ग्राम सौरई के समीप नाली में कंबल पड़ा देखा। पास जाने पर दुर्गंध आने लगी तो शक हुआ। उन्होंने एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग कर रहे गार्डों और पुलिस को सूचना दी। आधा घंटे बाद डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह और एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार, एसओजी टीम, फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव को नाली से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास तलाश भी की गई लेकिन मृतका की पहचान से संबंधित कुछ भी नहीं मिला। गाड़ी से शव लाकर फेंकाडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि मृतका मेहंदी रंग का सलवार सूट पहने थी। पैरों में बिछुए भी थे। हथेली के पास, हाथ और कंधे पर आर-एस लिखा था। मृतका के गले पर दबाने के निशान थे। गाल पर नीचे चोट का निशान भी था। आशंका है कि हत्या कहीं और की गई, फिर शव को किसी गाड़ी से लाकर एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया। मृतका की शिनाख्त मध्यप्रदेश की सोनाली के रूप में हुई है। हत्या से पहले वो दिल्ली में रह रही थी। मृतका ही हत्या कर शव को कार से लाकर आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया। हत्या में करीब 6 लोग शामिलपुलिस की चार टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस को सीसीटीवी व सर्विलांस की मदद से अहम सुराग हाथ लगे। युवती की शिनाख्त के लिए एआई की मदद से स्पष्ट फोटो तैयार किया गया। इसके बाद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा पुलिस के साथ भी साझा या गया। इसके बाद मृतका की शिनाख्त हुई। शिनाख्त के बाद पुलिस की टीमें दिल्ली पहुंची। पुलिस ने युवती के घरवालों से संपर्क साधा। उनसे अहम जानकारी मिली। पुलिस को आशंका है कि प्रेम संबंध के चलते युवती की हत्या की गई है। हत्या में करीब 6 लोग शामिल हो सकते हैं। हाथ पर लिखा है सनीमृतका के हाथ पर सनी नाम लिखा था। पुलिस ने जब सनी के बारे में पता किया तो जानकारी मिली कि वो युवती का बॉय फ्रेंड है। युवती उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पुलिस सनी की तलाश में जुटी है। सनी की गिरफ्तारी के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। खंदौली टोल के पास मिला था शवशु्क्रवार को जहां पर युवती का शव मिला था, वो जगह खंदौली टोल प्लाजा से एक किलोमीटर की दूरी पर दिल्ली रोड पर है। इससे दो किलोमीटर आगे मथुरा की सीमा शुरू हो जाती है। पुलिस दो बिंदुओं पर जांच कर रही है। एक तो हत्या के बाद शव फेंकने वाला आगरा की तरफ से आया होगा। उसने टोल पार किया और शव फेंकने के बाद भाग गया। वहीं दिल्ली की तरफ से आने वाले छोटे वाहनों के लिए खंदाैली टोल से 200 मीटर पहले एक कट बना है। हत्या करने वाला दिल्ली की तरफ से आया होगा तो वह टोल प्लाजा के पार नहीं गया होगा। गाड़ी को कट से टर्न करने के बाद शव को फेंककर भाग गया।
मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बैठेंगे। जिनके लिए प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी। इधर, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कुछ समय पहले संशोधित टाइम टेबल भी जारी किया था। ऐसे में छात्र को भ्रम न रहे। इसके लिए हर स्कूल को हर बच्चे तक यह टाइम टेबल पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए थे। वहीं, परीक्षाओं के दबाव में बच्चों की सेहत बिगड़ने के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने जरूरी सलाह दी है। पैरेंट्स के लिए भी एक्सपर्ट ने टिप्स दिए हैं। जिससे अभिभावक बच्चों को एग्जाम में बेहतर तरीके से सपोर्ट कर सकें। 12वीं बोर्ड- 10 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं 10वीं- 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर हाल में छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचे। स्कूलों को कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अब बात बच्चों की सेहत की परीक्षाओं की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। 10 फरवरी से 12वीं और 13 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में छात्र घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कम समय में ज्यादा सिलेबस पूरा करने की दौड़ में बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। फिजियोथेरेपी सेंटरों में बढ़ी बच्चों की संख्या फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गई है। लगातार 3 से 4 घंटे बिना ब्रेक पढ़ने से गर्दन और कंधों में दर्द, हाथों में झुन्नझुनी, सुन्नपन और कभी-कभी उल्टी जैसा मन होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की संख्या करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि एग्जाम के बिल्कुल नजदीक यह संख्या और भी बढ़ जाती है। पढ़ाई के साथ सेहत भी जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के समय खेलकूद पूरी तरह बंद करना सबसे बड़ी गलती है। रोजाना 20 से 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज या वॉक जरूरी है। हर 40 से 45 मिनट में पढ़ाई से ब्रेक लेकर गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। पढ़ाई के लिए शांत माहौल चुनें और हर डेढ़ घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें, ताकि शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रह सकें। एक ही सीटिंग बन रही समस्या की जड़ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुनील पांडेय बताते हैं कि बच्चे एक ही मुद्रा में घंटों बैठकर पढ़ाई करते हैं। गर्दन झुकी रहती है, कंधे सख्त हो जाते हैं और पीठ को सही सपोर्ट नहीं मिल पाता। इससे मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जो दर्द और सुन्नपन का कारण बनता है।
भोपाल में गोमांस-पानी के मुद्दे पर आज बड़ा प्रदर्शन:निगम के ISBT दफ्तर का घेराव; पुतला दहन भी करेंगे
भोपाल में पिछले एक महीने से सुर्खियों में बने गोमांस और गंदे पानी की सप्लाई के मुद्दे पर सोमवार को बड़ा प्रदर्शन होगा। आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का कांग्रेसी घेराव करेंगे। साथ ही जिम्मेदारों के पुतले भी फूंके जाएंगे।कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में यह प्रदर्शन होगा। बता दें कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गईं। भोपाल में भी ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में सीवेज के साथ ही पानी की लाइन है। इससे पानी गंदा आ रहा है। दूसरी ओर, वार्ड ऑफिसों में जल सुनवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है। नाले के पानी को भी पीने योग्य बताया जा रहा है। पिछले दिनों भास्कर की पड़ताल में वार्ड के कर्मचारी ने नाली के पानी को पीने योग्य बता दिया था। कांग्रेस नेता साहू ने बताया, कहीं पानी के चैंबर में सीवेज का पानी मिल रहा है तो कहीं गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इससे लोग बीमार भी हो रहे हैं। इसके अलावा स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला भी गंभीर है। अब तक छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई हुई है, लेकिन जिम्मेदार महापौर और एमआईसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एमआईसी मीटिंग से ही स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव पास हुआ था। यह है गोमांस का मामलाबता दें कि जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने 24 दिसंबर को एक एफआईआर दर्ज की। इसमें 7 दिन पहले, 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया।18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। मथुरा की लैब में भेजे गए सैंपलपुलिस ने जो सैंपल कंटेनर में मिले मांस के लिए थे, उन्हें पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT'S PROGENY) का होना सामने आया। गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए थे। स्लॉटर हाउस का संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया है। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्दीन निवासी थाना खरखोदा मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास इकबाल नगर हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। जांच के बाद पुलिस ने संचालक असलम चकड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने माना कि गोवंश का वध कर उसके मांस को षड्यंत्रपूर्वक परिवहन किया जा रहा था। यह मुद्दा 13 जनवरी को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में काफी गरमाया था। कांग्रेस ने वॉक आउट कर दिया था। इसके बाद निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने आसंदी से कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद वेटनरी डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। यह मुद्दा अब फिर से गरमाने लगा है। इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए... 1. लैब में हो गई थी गोमांस की पुष्टि भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में मिले गोमांस मामले में नगर निगम के जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेयर मालती राय और कमिश्नर संस्कृति जैन 265 क्विंटल मांस में गोमांस की पुष्टि को लेकर पुलिस जांच का हवाला देती रहीं, लेकिन 8 जनवरी को हुई एफआईआर में ही पुलिस ने गोमांस की पुष्टि कर दी थी। दूसरी ओर, निगम की तरफ से अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में जिम्मेदार भी जांच के दायरे में आ रहे हैं। काफी दबाव आने के बाद वेटनरी डॉक्टर बेनीप्रसाद गौर समेत 9 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, 3 कर्मचारियों को नोटिस थमाए गए हैं। एक अन्य कार्रवाई में स्लॉटर हाउस को सील किया गया है। देखे पूरी लिस्ट नाली के पानी को निगम ने बताया ‘शुद्ध’...पीने लायक! भोपाल में नाली का पानी भी पीने लायक है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि नगर निगम के अमले ने जल सुनवाई के दौरान वाटर टेस्टिंग के बाद इसे माना है। जी हां, नाली के पानी को वार्ड ऑफिस में महज 15 सेकंड में हुए टेस्ट में 'शुद्ध' बता दिया गया। इससे समझा जा सकता है कि भोपाल के किसी भी वार्ड में इंदौर के भागीरथपुरा जैसे हालात कभी भी बन सकते हैं। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को जल सुनवाई में ये रियलिटी चेक किया। इसके लिए भोपाल के 6 वार्ड दफ्तरों में भास्कर रिपोटर्स पहुंचे। देखा कि पानी की शुद्धता जांचने के क्या पैमाने हैं और इसे जांच कौन रहा है? सभी जगह पर तस्वीर गंभीर दिखी। टाइम कीपर और प्यून पानी की टेस्टिंग करते मिले। यही वजह है कि नाली के गंदे पानी को भी क्लीन चिट दे दी गई। पढ़े पूरी खबर
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 81 पहुंचे हैं, जहां से अभिषेक शर्मा बबलू पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है?जवाब: सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इस वार्ड में पारिवारिक वातावरण बना हुआ है। हमने वार्ड के रहवासियों के साथ बैठकर ही विकास की योजनाएं तैयार कीं और उन्हें जनता पर थोपने के बजाय सहमति से लागू किया। जब हमने काम शुरू किया, तो सबसे पहले जमीन के अंदर होने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी। सीवरेज लाइन में सुधार किया गया, नर्मदा जलप्रदाय प्रणाली को बेहतर बनाया गया और अवंतिका की लाइनें डाली गईं। ताकि अगले दो-तीन वर्षों तक बार-बार खुदाई न करनी पड़े, सभी कार्य एक साथ पूरे किए गए। ये सभी काम पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में तीन-चार कॉलोनियों में नर्मदा जलप्रदाय का कार्य चल रहा है। हम 11 गार्डनों पर काम कर रहे हैं, जिनमें कई स्थानों पर विकास कार्य प्रगति पर है। जहां सड़कें और ब्लॉक पुराने हो चुके थे या असमान हो गए थे, उन्हें सुधारा जा रहा है। वार्ड के 90 प्रतिशत क्षेत्र में एलईडी लाइटें लग चुकी हैं। ट्रैफिक की समस्याओं का भी समाधान किया गया है। वार्ड में क्रिकेट टर्फ का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे कई विकास कार्य हैं, जो हम सभी के सहयोग से लगातार कर रहे हैं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है?जवाब: हमारे वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है। यह मां अन्नपूर्णा का क्षेत्र है और अहिल्या माता व नर्मदा माता की कृपा से यहां बड़ी परेशानियां नहीं आतीं। कभी-कभी छोटी समस्याएं सामने आती हैं, जैसे ड्रेनेज का चोक होना, लीकेज या स्वच्छता मित्र के अवकाश पर होने से सफाई से जुड़ी शिकायतें। शटडाउन के दिन पानी की आवश्यकता महसूस होती है। इसके समाधान के लिए हमने कुओं का गहरीकरण कराया, उनकी साफ-सफाई करवाई और उनमें मोटर लगाकर पाइपलाइन जोड़ी है, ताकि शटडाउन के दिनों में टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े और जनता को उसी लाइन से पानी उपलब्ध कराया जा सके। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया?जवाब: ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां काम न हुआ हो। हर कॉलोनी में विकास कार्य किए गए हैं। यहां की एक बस्ती में भी सीवरेज, ड्रेनेज और नर्मदा जलप्रदाय का काम किया गया है। पुरानी बस्ती में नर्मदा की नई लाइनें डाली गई हैं और सीवरेज का कार्य किया गया है। नाथ बस्ती में भी नर्मदा की लाइन डाली जा चुकी है। फिलहाल मेंटेनेंस का काम नियमित रूप से किया जा रहा है। गार्डनों के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है, कुछ दीवारें खराब हो गई हैं, जिनका कार्य जारी है। कुल 13 से 14 गार्डनों को लक्ष्य में लेकर काम किया जा रहा है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है?जवाब: हमारा मुख्य फोकस गार्डनों के विकास और उन्हें पूरा करने पर है। कुछ सड़कों की टॉप लेयर खराब हो गई है, जिन्हें दोबारा ठीक किया जाएगा। सड़कों को फिर से नहीं खोदा जाएगा, क्योंकि यह जनता का पैसा है। जो ब्लॉक पहले से लगे हैं और समय के साथ ऊपर-नीचे हो गए हैं, उन्हें रिफिक्स किया जाएगा। यही हमारे प्रमुख कार्य हैं। इसके अलावा वार्ड में स्थित सुंदर अन्नपूर्णा तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा। गौपुर चौराहे और चाणक्यपुरी में फ्लाइओवर की मांग स्वीकृत हो चुकी है। इनका सर्वे भी पूरा हो गया है और आने वाले दिनों में इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
झारखंड में कम हो रही ठंड:अगले 7 दिन नहीं बदलेगा मिजाज, चाईबासा रहा सबसे गर्म, गुमला सबसे ठंडा जिला
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड में मौसम शुष्क बना रहा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। मौसम विभाग ने बताया कि ट्रोपोस्फियर स्तर पर पश्चिमी से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ 9 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, लेकिन फिलहाल इसका झारखंड के मौसम पर कोई खास असर नहीं दिखेगा। अगले 24 घंटों में भी मौसम शुष्क रहने और तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। सुबह कोहरा, दिन में साफ रहेगा आसमान मौसम विभाग के अनुसार 14 फरवरी तक झारखंड के मध्य, दक्षिणी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ हो जाएगा। 10 से 12 फरवरी के बीच कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं। लेकिन इससे मौसम पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। पूरे राज्य में इस अवधि के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। 24 घंटे में चाईबासा रहा सबसे गर्म राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड हुआ। रांची में अधिकतम तापमान 24.4 और न्यूनतम 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर और मध्य झारखंड में दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। जनजीवन सामान्य रहने के आसार मौसम शुष्क रहने और किसी तरह की चेतावनी नहीं होने से जनजीवन सामान्य रहने की उम्मीद है। कृषि कार्यों के लिए भी मौसम अनुकूल बताया जा रहा है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के कारण दोपहर में हल्की गर्मी का अहसास होगा, जबकि सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रहेगी। कुल मिलाकर झारखंड में ठंड अब धीरे-धीरे विदा ले रही है। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क व गर्माहट भरा बना रहेगा।
रेवाड़ी में साइंस के स्कूल टॉपर विकास के सुसाइड पर परिवार ही नहीं स्कूल में भी मातम है। विकास की सादगी के नए नए किस्से भी सामने आ रहे हैं। 12वीं का परीक्षा परिणाम आने के बाद बिठवाना स्कूल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जब स्कूल से विकास को समारोह के लिए फोन किया तो गांव से बाहर होने की बात कहकर कार्यक्रम से दूरी बना ली थी। कार्यक्रम के बाद विकास अपने पिता के साथ एक दिन स्कूल आए थे। बातचीत में जब पता चला कि स्कूल का साइंस (नॉन मेडिकल) छात्र ने कहीं दाखिला नहीं लिया। स्कूल प्राचार्य ने विकास को बीटैक में दाखिला लेने की सलाह दी। विकास के सामने दाखिले के लिए एक कॉलेज में फोन किया। कॉलेज ने प्राचार्य की बात मानी और विकास को दाखिले के लिए बुलाया। स्कूल से फोन आने पर विकास ने घर पर तैयारी की बात कहते हुए विकास ने दाखिला लेने से इंकार कर दिया। हमने एक होनहार युवा को खोया अपने घर में कार्यक्रम के चलते छुट्टी पर चल रहे फिजिक्स लेक्चरर अशोक कुमार शनिवार को अचानक स्कूल पहुंचे। जब उन्हें विकास के सुसाइड का पता चला तो चौक गए और बोले कोई गलतफमी होगी। विकास ऐसा नहीं कर सकता। री कहानी जानने के बाद बोले, हमने एक होनहार युवा को खो दिया। विकास को जानने और पढ़ाने वाले दूसरे स्टाफ की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। स्टॉफ का कहना था कि वह बहुत कम बोलता था और केवल पढ़ाई पर फोकस रखता था। हां मैने दी थी एडमिशन की सलाह स्कूल प्राचार्य डॉ. दुष्यंत ने कहा कि विकास हमारे स्कूल का होनहार छात्र था। विकास अपने पिता के साथ स्कूल आया था। जब मैने उसे बीटैक में दाखिले की सलाह दी थी। एक कॉलेज में फोन भी किया था। जब कॉलेज से फोन आया तो विकास ने घर पर तैयारी करने की बात कहते हुए दाखिला लेने से मना कर दिया था। चार जनवरी की शाम किया था सुसाइड गांव ढालियावास निवासी विकास ने चार अप्रैल की शाम अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड से पहले विकास ने सुसाइड नोट भी लिखा था। हादसे के समय विकास के पिता गांव में और मां मायके गई हुई थी। बड़े भाई गुरुग्राम कंपनी में ड्यूटी पर थे। विकास ने 2025 में पीएमश्री स्कूल ढालियावास स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की थी। विकास अपने स्कूल में मेडिकल (नॉन मेडिकल) में टॉपर किया था। अंग्रेजी में लिखा ‘गुड बॉय लाइफ’ विकास ने अंग्रेजी में सुसाइड नोट लिखा। जिसके अंत में गुड बॉय लाइपॅ लिखकर अपने हस्ताक्षर किए। विकास कीपैड वाला फोन प्रयोग करता था। चार अप्रैल को उसके पास तीन फोन आए। मामा से उसकी बात हुई, भाई और पिता का फोन वह उठा नहीं पाया। 20 को मामा के घर शादी विकास के मामा के घर में 20 फरवरी को शादी है। शादी के लिए मायके जाते समय मां और मामा ने विकास को साथ चलने के लिए कहा था। विकास ने पहले भाई के साथ कपड़े खरीदने की बात कहते हुए साथ जाने से इंकार कर दिया था। उससे पहले ही...। जेईई की ऑसर की… विकास के सुसाइड की गुत्थी अभी भी एक पहेली बनी हुई है। पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि विकास ने जेईई की परीक्षा दी थी। उनका मानना है कि सुसाइड से पहले उसके पास परीक्षा की ऑसर की आई थी। विकास ने शायद उसे देखने के बाद ही यह कदम उठाया होगा।
रबी की फसल सोयाबीन के उत्पादन में समस्या आई तो खंडवा जिले में जलकुआं के किसान भूपेंद्र सिंह पंवार ने 2 साल पहले खेती का तरीका ही बदल दिया। उन्होंने औषधि खेती की शुरुआत की और मूसक दाना (कस्तूरी भिंडी) लगाई। इससे लागत कम होने के साथ ही मुनाफा बढ़ गया। जितनी आमदनी सोयाबीन और गेहूं से होती थी। अब उससे दो गुना मुनाफा होने लगा है। किसान भूपेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि बरसों से सोयाबीन की खेती कर रहे थे। लेकिन, सोयाबीन की फसल में समस्या आने लगी। उत्पादन प्रभावित होने पर मन में औषधि खेती का विचार आया और इसकी शुरुआत कर दी। कस्तुरी भिंडी (मूसक दाना) की लगाया। इसके लिए बीज नीमच मंडी से लाए। बोवनी के बाद पर्याप्त पानी मिलने से फसल भी अच्छी आई। इससे आस-पास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। मई-जून में तैयार कर रहे नर्सरीकिसान ने बताया मूसक दाना की खेती करने के लिए मई-जून में नर्सरी तैयार करते हैं। इसमें तैयार किए पौधों को जुलाई में खेत में रोपते हैं। खेत में लगाते समय पौधों की कतार के बीच 3-3 फीट की दूरी और पौधों के बीच 1-1 फीट का अंतर रखा जाता है। समय-समय पर निंदाई गुड़ाई और यूरिया-डीएपी के उपयोग से बढ़िया फसल आई। खेती बदलने से ऐसे बढ़ा मुनाफाकिसान ने बताया पहले प्रति एकड़ गेहूं और सोयाबीन लगाने पर करीब 5 हजार रुपए की कमाई होती थी। अब एक लाख रुपए तक का फायदा होने लगा है। इसीलिए क्षेत्र के अन्य किसान भी औषधिय खेती शुरू कर रहे हैं। अब प्राकृतिक खेती के लिए कर रहे तैयारीकिसान ने बताया कि आने वाले समय में पूरी तरह प्राकृतिक खेती करेंगे। इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। खेत में ही जीवामृत, ब्रह्मास्त्र, बीजामृत और छिड़काव के लिए दसपर्णी अर्क तैयार करेंगे। जीवामृत तैयार कर रहे हैं। इसके लिए 10 लीटर गौमूत्र और 10 किलो गोबर, 1 किलो चने की दाल, 1 किलो गुड़, जंगल से पेड़ के पास की मिट्टी लाए हैं। इसे 200 लीटर के ड्रम में पानी के साथ मिश्रण तैयार करके 7 दिन के लिए रखा जा रहा है। सुबह-शाम घड़ी दिशा में घुमाने के बाद यह मिश्रण खेत में डालने के लिए तैयार होता है।
राज्य में प्रवासियों मजदूरों के लिए एक्ट भी था और आयोग भी था लेकिन तीन साल तक रहे इस आयोग की कोई रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। इसके लिए बने पोर्टल पर किसी पंचायत के प्रवासी मजदूर का नाम नहीं है। नाम तो कहीं नहीं लिखे लेकिन संख्या जरूर लिखी है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने ये बातें रविवार को कहीं। वे भोपाल में 2 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सूचना शिक्षा और संचार के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रवासी आयोग की रिपोर्ट में एक भी पन्ना नहीं है, दो लाइनें नहीं लिखी हैं। मैंने मंत्री बनने के बाद पूछा कि 3 साल आयोग रहा, कुछ तो बता दो। जिस पर मैं कुछ कह सकूं। आयोग के कामकाज का कोई हिसाब किताब कुछ नहीं है। कम से कम नाम पता तो हो कि कहां गए थे लेकिन कुछ भी नहीं है। पटेल ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की बड़ी चुनौतियां हैं। यह आश्चर्य की बात है कि इसको लेकर राज्य सरकार के पंचायत विभाग में सर्कुलर भी जारी किया था लेकिन काम नहीं हुआ। पंचायत से अगर कोई बाहर जा रहा है तो सिर्फ वही बस प्रवासी नहीं है बल्कि कोई बाहर से आकर हमारे यहां श्रम कर रहा है तो वह भी प्रवासी ही है। जनपद सीईओ से आग्रह है कि इसको लेकर काम करें। लोगों के माइग्रेट करने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है क्योंकि वह भी साथ जाते हैं इसके बारे में हमें सोचना होगा। सीईओ की कम मौजूदगी पर जताई नाराजगी कार्यशाला के समापन कार्यक्रम में मंत्री पटेल ने जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की कार्यशाला में कम मौजूदगी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे लिखित में इसका कारण लेंगे कि आखिर क्यों नहीं आए? कलेक्टर ने नहीं आने दिया तो उसका लिखित जवाब देना होगा। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर या ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बैठक में नहीं आए तो बताना होगा। ग्राम सभा के खाते में सीधे पैसा कैसे जाए मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार की ओर से पंचायत के विकास के लिए दिया जाने वाला पैसा सीधे ग्राम सभा के खाते में पहुंचना चाहिए। जनपद सीईओ को इस बात का विकल्प देखना चाहिए कि क्या ऐसा हो सकता है कि सीधे ग्राम सभा के खाते में रकम जाए और उसका भुगतान संबंधित व्यक्ति को हो जाए। स्टाम्प ड्यूटी, मनरेगा, वित्त आयोग का पैसा ग्राम पंचायत को जाता है तो हमारी चुनौती यह है कि यदि रोजगार करना चाहते तो फंड कहां से आएगा। राज्यपाल की बैठक में भी य़ह मुद्दा उठ चुका है। मंत्री पटेल ने कहा कि संचालक पंचायत ने ग्राम सभाओं के खातों को एक्टिवेट करने के लिए ₹1 डालकर यह चेक किया है कि खाता एक्टिवेट है या नहीं। मंत्री पटेल ने कहा कि सरपंच के खाते से ग्राम सभा के खाते में पैसा पहुंचाने के मेकैनिज्म के बारे में सोचना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मोबिलाइजर की जिम्मेदारी है कि वह हर महीने गांव में जाएं और बैठक लें, अगर ऐसा नहीं करते तो उनके काम पर भी सवाल उठते हैं। पेसा पंचायत में एक माह में ग्राम सभा होना जरूरी है, इसको लेकर जल्दी ही निर्देश जारी जारी किए जाएंगे। मजदूरों के बच्चों की जिम्मेदारी हमारी मंत्री पटेल ने कहा कि यह कहा जाता है कि हमारे राज्य में बंधुआ मजदूर नहीं है लेकिन कुछ स्थानों पर मजदूरों को बंधुआ मजदूर बनाने की शिकायत आई है। यह ठीक नहीं है, बाल श्रमिकों के मामले में हम इतनी गंभीर नहीं है यह हमें स्वीकार करना पड़ेगा। हमने डेटा कलेक्शन कराया है कि ऐसे कितने बच्चे हैं जो 12वीं के बाद फाइनेंशियल लिंकेज की स्थिति में नहीं है और उनके माता-पिता उनके जन्म के समय से ही उनके पास नहीं है तो उसकी रिपोर्ट कीजिए। हम उनकी क्या मदद कर सकते हैं जब तक ऐसे बच्चों का प्लेसमेंट नहीं हो जाए तब तक उन्हें हम झेलेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर से आए छात्रों से मुलाकात करेंगे। एपिसोड सुबह 10 बजे टेलिकास्ट होगा। 6 फरवरी को पहले एपिसोड में मोदी ने दिल्ली स्थित पीएम आवास पर बच्चों से चर्चा की थी। असम के गमछे पहने थे और उनके सवालों के जवाब भी दिए थे। पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को विदेशी चीजें छोड़कर स्वदेशी चीजें अपनाने की सलाह दी थी। साथ ही उनसे कहा था कि वो 25 साल में विकसित भारत बनाने को अपना सपना बनाएं। 27 जनवरी को परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन का वीडियो रिलीज हुआ था, जिसमें पीएम अलग-अलग लोकेशन पर बच्चों से सवाल-जवाब करते नजर आए थे। पहले एपिसोड की चर्चा की 5 बड़ी बातें… परीक्षा पे चर्चा के वीडियो के कुछ मोमेंट्स... ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई परीक्षा पे चर्चा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर चर्चा करने वाला मंच है। शिक्षा मंत्रालय ने पहले एक ऑफिशियल बयान में कहा था कि पिछले कुछ सालों में यह पहल एक जन आंदोलन बन गई है, जो स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास, पॉजिटिविटी और एक कंस्ट्रक्टिव सोच के साथ एग्जाम देने के लिए प्रोत्साहित करती है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के तनाव को कम करना, उन्हें मोटिवेशन देना और परीक्षा को फेस्टिवल की तरह लेने का संदेश देना था। पहला एडिशन 16 फरवरी 2018 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। 8वें एडिशन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था परीक्षा पे चर्चा का 8वां एडिशन 10 फरवरी 2025 को टेलीकास्ट किया गया था। यह बातचीत नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में इनोवेटिव फॉर्मेट में आयोजित की गई थी। इसमें हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 36 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों, CBSE स्कूलों और नवोदय विद्यालयों से थे। इस चर्चा ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 245 से ज्यादा देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों ने भाग लिया था। 2018 में पहले एडिशन में सिर्फ 22 हजार प्रतिभागी थे, जो 2025 में 8वें एडिशन तक रजिस्ट्रेशन बढ़कर 3.56 करोड़ हो गया था। --------------------- पीएम मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM की 'परीक्षा-पे चर्चा' में पहुंची चंडीगढ़ की अनन्या: बोलीं- AI मेरा फेवरेट, मोदी बोले- ये एक हेल्प लेकिन हमें गोल तक नहीं पहुंचा सकता चंडीगढ़ की सरकारी स्कूल की 9वीं की छात्रा अनन्या शर्मा पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में शामिल हुई। कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरकर चुनी गई अनन्या ने न सिर्फ कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि पीएम को अपने हाथ से बनाया हुआ हैंडबैग और बुके भी भेंट किया। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान के मौसम में शुक्रवार को मामूली उतार-चढ़ाव रहा। उत्तरी हवा के असर से शेखावाटी समेत कई शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर के एरिया में हल्के बादल छाने से धूप कमजोर रही। यहां भी अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री तक गिरावट हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम ड्राय रहने और तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव होने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे का मौसम देखें तो शुक्रवार को सबसे ठंडा इलाका फतेहपुर और पाली का रहा। इन शहरों का न्यूनतम तापमान 4.9 और 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जालोर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, दौसा में 29.5, डूंगरपुर में 29.3, जैसलमेर, जोधपुर, चित्तौड़गढ़ में 29.8-29.8, अजमेर, भीलवाड़ा में 28.2, टोंक में 28.6, उदयपुर में 28.4, पिलानी, बीकानेर में 28, फलोदी में 28.6 और जयपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिनभर तेज धूप से गर्मी, सुबह-शाम सर्दी राजस्थान में इन दिनों तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव हो रहा है। दिन में शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो रहा है। तेज धूप के कारण दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही है। लेकिन सुबह-शाम सूरज सर्दी तेज है। शेखावाटी एरिया सीकर, पिलानी, फतेहपुर, झुंझुनूं के अलावा दौसा, करौली, सिरोही, बारां, श्रीगंगानगर, माउंट आबू, अलवर, टोंक में न्यूनतम तापमान रात में गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है। एक सप्ताह इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान में अगले एक सप्ताह मौसम ड्राय रहेगा और तापमान में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। सुबह-शाम उत्तर-पूर्वी राजस्थान के शहरों में सर्दी तेज रहेगी, जबकि दिन में यहां तेज धूप से अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होगा।
पर्यावरण प्लान:अब साफ पानी, भूजल संरक्षण जरूरी; जिलों के ड्राफ्ट लौटाए
भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद राज्य सरकार ने पर्यावरण और पेयजल सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के बाद अब सभी जिलों की जिला पर्यावरण योजना (डिस्ट्रिक्ट एनवायरमेंट प्लान) और राज्य स्तरीय पर्यावरण प्लान में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब तक स्वच्छता, हरियाली, कचरा प्रबंधन और सतही जल संरक्षण तक सीमित रहे इन प्लान में पहली बार पानी की शुद्धता, भूजल संरक्षण और पराली जलाने के प्रबंधन को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बाद सभी जिलों से भेजे गए मौजूदा प्लान पुनरीक्षण के लिए लौटा दिए गए हैं और संशोधित प्लान मांगे गए हैं। दूषित पानी कांड के बाद सरकार ने पेयजल को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा है। प्रदूषण बोर्ड को जिलों के पर्यावरण प्लान को भूजल व सतही जल दोनों के संरक्षण उपायों के साथ अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्लान में बदलाव करने के लिए निर्देश मिले हैं। संबंधित विभागों से जानकारी बुलाकर समाहित कर रहे हैं। - सतीश कुमार चौकसे, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण बोर्ड क्या है जिला पर्यावरण योजना एनजीटी के निर्देशों पर तैयार पर्यावरण योजना में जिले के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, वायु व जल प्रदूषण नियंत्रण शामिल होते हैं। योजना हर साल अपडेट होती है और प्रशासन, निगम, प्रदूषण बोर्ड इसे लागू करवाते हैं।
IAS कृतिका मिश्रा और IAS अंकुर त्रिपाठी रविवार को एक दूजे के हो गए। कानपुर में भव्य शादी हुई। अंकुर रॉल्स रॉयस कार से बारात लेकर पहुंचे। उन्होंने कार में डांस किया, बाराती भी खूब नाचे। दरवाजे पर अंकुर की सास सुषमा मिश्रा ने उनका चांदी की सिलाई से टीका किया। इसके बाद कृतिका और अंकुर ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाया। VIDEO में देखिए अफेयर से शादी तक की पूरी स्टोरी…
मध्य प्रदेश के हार्ट पेशेंट्स के लिए अच्छी खबर है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 2 मॉर्डन तकनीकों- इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (IVUS) और फ्रैक्शनल फ्लो रिजर्व (FFR) से दिल के मरीजों का इलाज शुरू किया गया है। ये तकनीकें एक्यूरेसी के साथ बताती हैं कि मरीज को स्टेंट की जरूरत है भी या नहीं। अब तक होता यह है कि एंजियोग्राफी के बाद थोड़ी बहुत आशंका के चलते भी स्टेंट लगा दिया जाता था। लेकिन अब कई मरीज बेवजह स्टेंट लगवाने की प्रक्रिया से बच सकेंगे। यही नहीं, स्टेंट सही जगह और सही तरीके से लगा है या नहीं, यह भी मशीन से तुरंत पता चल जाएगा। खास बात यह है कि जहां निजी अस्पतालों में इन तकनीकों का खर्च 80 हजार रुपए तक आता है, वहीं हमीदिया अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह फ्री है। दरअसल, मध्य प्रदेश में 34 प्रतिशत मौतों का कारण दिल का रोग होता है। वहीं, कोविड के बाद युवाओं में दिल की बीमारियों के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इस स्थिति को देखते हुए हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने IVUS और FFR टेक्नीक से ट्रीटमेंट शुरू किया है। ये दोनों तकनीक कोरोनरी एंजियोप्लास्टी के दौरान डॉक्टरों को बेहद सटीक जानकारी देती हैं। पढ़िए, रिपोर्ट… IVUS नसों के भीतर देखने वाली तकनीकवरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय शर्मा बताते हैं कि इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (IVUS) तकनीक एक बेहद बारीक कैमरे की तरह काम करती है, जिसे दिल की नसों के अंदर पहुंचाया जाता है। इससे डॉक्टर साफ तौर पर देख पाते हैं कि नस के भीतर कैल्शियम कितना जमा है, फाइब्रोटिक हिस्सा कहां है और ब्लॉकेज की वास्तविक स्थिति क्या है? इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि स्टेंट लगाने के बाद उसकी पोजिशन, फैलाव और नस से सही तरीके से चिपकाव (एपोजिशन) की तुरंत जांच हो जाती है। इससे स्टेंट के गलत जगह लगने या अधूरा खुलने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। FFR बताएगी कि स्टेंट की जरूरत है या नहींफ्रैक्शनल फ्लो रिजर्व (FFR) तकनीक उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जिनकी रिपोर्ट में ब्लॉकेज बॉर्डर लाइन में होता है। डॉ. शर्मा के अनुसार, कई बार एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज दिखाई देता है, लेकिन वह खून के बहाव में वास्तविक रुकावट नहीं बनता। FFR जांच से यह मापा जाता है कि ब्लॉकेज वास्तव में हार्ट की मसल्स तक खून पहुंचने में बाधा डाल रहा है या नहीं। यदि FFR रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो मरीज को स्टेंट लगाने की जरूरत नहीं होती। इससे मरीज बेवजह सर्जरी, दवाइयों और जोखिम से बच जाता है। अब तक 3 मरीजों पर हुआ सफल इस्तेमालहमीदिया अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के HOD डॉ. राजीव गुप्ता की टीम ने इन दोनों तकनीकों के इस्तेमाल से अब तक तीन मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। इस टीम में प्रोफेसर डॉ. अजय शर्मा, डॉ. आरएस मीना और डॉ. आरके सिंह शामिल हैं। कैथ लैब टेक्नीशियन हेमेंद्र शर्मा, सर्वेश जोशी और नर्सिंग ऑफिसर उपमा और उत्प्रेक्षा का भी इसमें योगदान रहा है। वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, कोविड के बाद युवाओं में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। अनियमित दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और खानपान की गलत आदतें इसके बड़े कारण हैं। ऐसे में स्टेंट की जरूरत भी बढ़ी है, लेकिन अब नई तकनीकों से यह तय किया जा सकेगा कि स्टेंट वाकई जरूरी है या नहीं। एमपी में मौतों के आंकड़े बढ़ा रहे चिंताकेंद्र सरकार की एमसीसीडी रिपोर्ट 2022 (मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में हर 100 में से 34 मौतें दिल और रक्त संचार से जुड़ी बीमारियों के कारण होती हैं। देशभर में यह आंकड़ा 40.8 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि 14 साल से कम उम्र के 17 प्रतिशत बच्चों की मौत भी हार्ट डिसीज के कारण हो रही है। ऐसे में हमीदिया अस्पताल में शुरू हुई यह नई तकनीक दिल के इलाज में एक बड़ा और जरूरी बदलाव मानी जा रही है। दिल को स्वस्थ रखने का आसान तरीकास्पेशलिस्ट का कहना है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग जरूरी है। धीरे-धीरे चलने से ज्यादा फायदा नहीं होता। तेज चाल से चलना हार्ट के लिए ज्यादा असरदार है। इसके अलावा, चेस्ट पेन को कभी हल्के में न लें। इमोशनल स्ट्रेस से नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ती है। यह खबर भी पढ़ें… युवाओं का ‘दिल टूट रहा’, 72% इमोशनल स्ट्रेस से बीमार मैं न सिगरेट पीता हूं, न ही शराब...जिम में एक्सरसाइज भी करता हूं, साथ में खाने का भी विशेष ध्यान रखता हूं। फिर मुझे हार्ट अटैक क्यों आया…यह सवाल हमीदिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 30 साल के राहुल का है। राहुल ने यह सवाल कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय शर्मा से किया था। पढ़ें पूरी खबर... हार्टअटैक में 49 साल से कम उम्र के 50% मरीज भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में आने वाले हार्ट अटैक के मरीजों में से आधे 49 साल से कम उम्र के हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अटैक आने पर पहले दो घंटे बेहद अहम होते हैं। इस ‘गोल्डन ऑवर’ में एंजियोप्लास्टी हो जाए तो दिल पर कोई असर नहीं पड़ता और मरीज की जिंदगी बचने की संभावना चार गुना तक बढ़ जाती है। पढ़ें पूरी खबर...
पानीपत के रहने वाले व्यापारी राम अरोड़ा 31 जनवरी से लापता हैं। 1 फरवरी को उनकी मां से आखिरी बार बात हुई थी। राम ने हैंडलूम के साथ टेक्सटाइल कारोबार में कदम रखते हुए अपनी पहली डील श्रीनगर के एक व्यक्ति के साथ की थी और उसे पर्दे सप्लाई किए थे। पर्दों की 5.64 लाख रुपए की बकाया राशि लेने के लिए वह श्रीनगर गए थे, जिसके बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। तहसील कैंप थाना पुलिस ने मां की शिकायत पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पानीपत पुलिस श्रीनगर पुलिस से संपर्क कर राम का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राम किसी साजिश का शिकार हुए हैं? क्या वह क्लाइंट, जिससे उन्हें पैसे लेने थे, असली था? इन सवालों के जवाब पाने के लिए पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल राम का परिवार डर में जी रहा है। पहले जानिए कौन है व्यापारी…. राम सबसे छोटा बेटा, बड़ी बहन शादीशुदा जवाहर नगर के गली नंबर 7 में रहने वाले हैंडलूम व्यापारी राम अरोड़ा का परिवार पिछले एक दशक से कई उतार-चढ़ाव देख चुका है। राम की मां सरला रानी ने भारी मन से बताया कि वह 3 बच्चों की मां हैं। परिवार में दो बेटियां और सबसे छोटा बेटा राम है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और राम अभी अविवाहित हैं। 2015 में पिता का निधन हुआ सरला ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब साल 2015 में राम के पिता नंद लाल अरोड़ा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। नंद लाल खुद हैंडलूम के मंझे हुए व्यापारी थे। वे हिमाचल प्रदेश, श्रीनगर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में फोन पर ऑर्डर लेते थे और फिर माल की डिलीवरी करने खुद जाते थे। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी युवा राम के कंधों पर आ गई। अक्टूबर 2025 में खुद का काम शुरू किया पिता के निधन के बाद राम ने अपने मामा रमेश कुमार संदुजा के पास उनकी दुकान पर काम करना शुरू किया। वहां उसने व्यापार की बारीकियों को सीखा। कुछ समय बाद मामा और फिर ममेरे भाई का भी देहांत हो गया। दुकान की जिम्मेदारी उनकी ममेरे भाई की पत्नी के पास आ गई। राम ने वहां कुछ समय सहयोग किया, लेकिन अक्टूबर 2025 में उसने स्वतंत्र रूप से अपना काम करना शुरू कर दिया। अब जानिए राम अरोड़ा के गायब होने की कहानी…. पहली बार टेक्सटाइल डील, पर्दे सप्लाई किए राम अरोड़ा हमेशा से हैंडलूम के पारंपरिक काम में लगा रहा था, लेकिन जनवरी 2026 के अंत में उसने कुछ नया करने का प्रयास किया। उसने पहली बार 'टेक्सटाइल' यानी पर्दे के कपड़े का काम किया और एक क्लाइंट को माल सप्लाई किया। इसी सौदे की बकाया राशि, जो 5 लाख 64 हजार रुपए थी, वसूलने के लिए उसने श्रीनगर जाने का फैसला किया। 31 जनवरी को घर से श्रीनगर जाने के लिए निकला 31 जनवरी 2026 की दोपहर 2:20 बजे राम अपनी मां को यह कहकर घर से निकला कि वह पेमेंट लेकर जल्द वापस लौटेगा। वह पानीपत बस स्टैंड से बस में सवार हुआ। रास्ते भर वह अपनी मां के संपर्क में रहा। 1 फरवरी को राम ने श्रीनगर पहुंचने के बाद रात को अपनी मां को फोन किया। उसने बताया कि वह सुरक्षित पहुंच गया है। अगले दिन रविवार की सुबह भी उसकी मां से बात हुई। स्थितियां तब तक सामान्य लग रही थीं। 1 फरवरी की रात को आखिरी बार बात मां सरला की असली चिंता 1 फरवरी की रात सवा 8 बजे की आखिरी कॉल से शुरू हुई। राम ने अपनी मां से कहा, मां, मुझे वह क्लाइंट नहीं मिल रहा है जिससे पैसे लेने हैं। मेरी पेमेंट भी अभी फंसी हुई है। अभी मैं खाना खाने जा रहा हूं, फ्री होकर बाद में बात करता हूं। सरला रानी को उस वक्त यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनके बेटे की आखिरी आवाज होगी जो उन्होंने सुनी। उस रात के बाद से राम का मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। पहले 3 बार मोबाइल चोरी हो चुका सरला रानी ने बताया कि राम के साथ पहले भी तीन बार मोबाइल फोन चोरी होने की घटनाएं हो चुकी थीं। एक बार ट्रेन में उसका फोन छीन लिया गया था, जबकि दो बार जेब से गिर गया था। पुरानी आदतों के चलते लगा कि इस बार भी शायद श्रीनगर में उसका फोन चोरी हो गया होगा और वह किसी के फोन से संपर्क करेगा, लेकिन जब 8 दिन बीत गए और न ही राम लौटा और न उसका कोई संदेश आया। इसके बाद तहसील कैंप थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस की नजर राम की कॉल और बैंक डिटेल पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी अब राम के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और बैंक खातों पर नजर रख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह क्लाइंट असली था या राम को किसी बड़ी साजिश के तहत श्रीनगर बुलाया गया था? 5.64 लाख रुपए की बड़ी रकम का मामला होने के कारण पुलिस इसे व्यापारिक रंजिश या धोखाधड़ी के एंगल से भी देख रही है।
शहरवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत शहर की 8 अरबन डिस्पेंसरी और नयागांव पीएचसी को सैंपल कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। इनमें मरीज ब्लड और दूसरे सैंपल दे सकेंगे। इनकी जांच रिपोर्ट मोबाइल पर मिलेगी। इस सुविधा से 80 हजार से अधिक लोगों को फायदा होगा। मरीजों को छोटी-बड़ी जांचों के लिए मेडिकल कॉलेज में लाइनों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डॉक्टर को दिखाने के बाद आभा आईडी से 100 से ज्यादा जांचें मुफ्त हो सकेंगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि अभी योजना का पहला चरण है। इसमें अर्बन पीएचसी को कलेक्शन सेंटर बनाया है। भूपालपुरा, आयड़, गोवर्धन विलास, धान मंडी, जगदीश चौक, मादड़ी इंडस्ट्रीयल एरिया, माछला मगरा और प्रतापनगर पीएचसी शामिल हैं। दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इसमें जिले के 28 सीएचसी, भींडर जिला अस्पताल, बड़गांव और वल्लभनगर के सेटेलाइट अस्पतालों में भी सुविधा शुरू होगी। ये सभी जांचें शामिल ट्रोपोनीन-हार्मोन जैसे टेस्ट भी हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों और जोखिम की पहचान के लिए ट्रोपोनीन आई एंड टी टेस्ट भी करवाया जा सकेगा। यही नहीं, लिपिड प्रोफाइल में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड (एसटीजी), अच्छे-बुरे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल/एलडीएल/वीएलडीएल) की विस्तृत जांच, रक्त के थक्के जमने की स्थिति का पता लगाने के लिए डी-डाइमर, कोआगुलेशन टेस्ट के तहत इसमें पीटी, एपीटीटी और बीटी-सीटी, हार्मोन और बांझपन संबंधी, एएमएच (एंटी मुलेरियन हार्मोन), प्रोलेक्टिन और बीएचजीसी, हार्मोन टेस्ट, शुगर के स्तर की सटीक जानकारी के लिए एचबीएवन-सी टेस्ट भी होंगे। सैंपल डिस्पेंसरी पर ही लिए जाएंगे
जिले में ड्रग नेटवर्क की परतें लगातार खुल रही हैं। गोघटपुर गांव में ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने के चार दिन बाद माचलपुर थाना क्षेत्र के आदमपुरा जंगल में करीब 5 करोड़ रुपए कीमत का ड्रग बनाने वाला केमिकल बरामद हुआ है। पुलिस को खंती में नीले रंग के 5 ड्रम मिले, जिनमें सफेद क्रिस्टल जैसा पाउडर था। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौलने पर कुल वजन 266.9 किलोग्राम निकला। प्रारंभिक जांच में यह एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल बताया गया है। आशंका है कि कार्रवाई के डर से तस्करों ने इसे जंगल में फेंक दिया। उप निरीक्षक गुड्डू कुशवाह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब केमिकल के स्रोत और सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है। गोघटपुर फैक्ट्री से जुड़ता दिख रहा कनेक्शन : चार दिन पहले गोघटपुर गांव में ड्रग फैक्ट्री से 4 करोड़ रुपए का केमिकल और लग्जरी कार जब्त हुई थी। पुलिस का मानना है कि माचलपुर में मिला केमिकल उसी नेटवर्क से जुड़ा है। ड्रम की पैकिंग और तरीका पहले पकड़ी गई सामग्री जैसा बताया जा रहा है। संभावना है कि फरार आरोपी कार्रवाई से बचने के लिए बचा हुआ माल जंगल में छोड़कर भागे हों। फरार रघुनंदन की तलाश में 5 दिन, 30 जगह दबिश ड्रग फैक्ट्री के मुख्य आरोपी रघुनंदन पाटीदार की तलाश में राजगढ़ पुलिस ने पांच दिनों में करीब 30 स्थानों पर छापेमारी की है। उसके रिश्तेदारों, ससुराल और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पांच थानों की टीमें और दो निरीक्षक लगातार अभियान में जुटे हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा है। राजस्थान से राजगढ़ तक फैली हो सकती सप्लाई चेन लगातार दूसरी बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस इसे संगठित ड्रग नेटवर्क मान रही है। जांच में राजस्थान से राजगढ़ तक सप्लाई चेन के संकेत मिले हैं। साइबर और तकनीकी टीम संदिग्ध नंबरों और लोकेशन की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि केमिकल कहां से लाया गया और किन शहरों में ड्रग तैयार कर सप्लाई की जानी थी।
आदिवासी अंचल उदयपुर जिले के किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए नकदी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नई सोच के साथ ये किसान गेहूं, सरसों और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों के स्थान पर अधिक लाभ देने वाली फसलों की खेती अपना रहे हैं। इसी क्रम में फलासिया तहसील के अंबासा गांव के किसानों ने सैंटाना किस्म के आलू की खेती शुरू कर एक नई मिसाल कायम की है, जिससे फ्रेंच फ्राइज और वेफर्स (चिप्स) बनाना आसान होता है। अंबासा गांव के 18 किसानों ने गुजरात और आसपास के राज्यों में सैंटाना आलू की सफल खेती देखी। इसके तरीके और फायदे समझने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। किसानों ने एक से दो वर्ष तक इस फसल की तकनीक को समझा और फिर 23 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी बुवाई की। गुजरात बॉर्डर पर स्थित गांव होने का लाभ उठाते हुए किसानों ने वहां की एक कंपनी से अनुबंध (एमओयू) किया, जिससे उत्पादन के लिए सीधा और सुनिश्चित बाजार मिल सका। ड्रिप इरिगेशन अपनाई, 90 दिन में फसल, आमदनी भी बेहतर किसानों ने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर ड्रिप इरिगेशन और मेड़ बनाकर खेती की। इससे मिट्टी सख्त नहीं होती और आलू का आकार भी बेहतर बनता है। कम पानी में बेहतर उत्पादन मिला। उद्यान विभाग के उपनिदेशक कैलाश चंद्र शर्मा के अनुसार आलू की खेती में यह तकनीक सबसे कारगर है। सरकार की ओर से 2 हेक्टेयर तक 75% और उससे अधिक पर 70% तक अनुदान भी दिया जा रहा है। यह फसल करीब 90 दिन में तैयार हो जाती है। किसान आलू गुजरात भेज रहे हैं। जहां 20 किलो का एक बॉक्स 316 रुपए में बेचा जा रहा है। सभी खर्च निकालने के बाद किसानों को प्रति बीघा 50 से 60 हजार रुपए तक आय हो रही है। होटल-रेस्त्रां में फ्रेंच फ्राइज-वेफर्स का उठाव, इसलिए खासी डिमांडसैंटाना आलू का उपयोग फ्रेंच फ्राइज और चिप्स बनाने के लिए होता है। इसमें शुष्क पदार्थ होते हैं। इससे यह कम तेल सोखता है। इसके कंद एक समान, लंबे और अंडाकार होते हैं। यह तलने के बाद सुनहरा और कुरकुरा फ्राइज देता है। क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही सैंटाना की खेती अंबासा के किसान अल्पेश कुमार पटेल बताते हैं कि नई तकनीक और सही बाजार से खेती में लाभ कमाया जा सकता है। सैंटाना आलू की खेती अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी आर्थिक बदलाव की राह खोल रही है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में सुबह के वक्त कोहरा छाया रहा। इस वजह से कई क्षेत्रों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर रही। वहीं उत्तराखंड के 20 में से 17 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। 9 से 11 फरवरी में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 10 फरवरी को जम्मू कश्मीर, लद्दाख जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उधर, हरियाणा और राजस्थान के कई क्षेत्रों में टेंपरेचर में बढ़ोतरी जारी है। हरियाणा का महेंद्रगढ़ राज्य में सबसे गर्म क्षेत्र रहा। यहां का टेंपरेचर 25 डिग्री के पार जा चुका है। राजस्थान के हनुमानगढ़, सिरोही को छोड़कर सभी जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम की 3 तस्वीरें… अगले दो दिन का मौसम…
सीधी के बहरी थाना क्षेत्र का मामला:राज नेताओं की सरपरस्ती में रहे संतोष ने महिला को सरेराह पीटा
जिले के बहरी थाना क्षेत्र के बाजार में गुमटी लगाने को लेकर रविवार सुबह हुआ विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि संतोष पाठक ने महिला हेमा सिंह के साथ पहले डंडे से और फिर लात-घूंसों से सरेराह मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गुमटी रखने को लेकर दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। महिला का आरोप है कि संतोष उसकी गुमटी और ठेला हटाकर ले गया था, जिसकी शिकायत थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार सुबह करीब 10 बजे फिर विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई। आरोपी के भाजपा व कांग्रेस नेताओं के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिन्हें लेकर दोनों दल एक-दूसरे पर संरक्षण देने के आरोप लगा रहे हैं। बहरी टीआई राजेश पांडेय ने बताया कि आरोपी खुद को यूट्यूबर पत्रकार बताता है और मामले की जांच जारी है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रदेश की अन्य दोनों बिजली कंपनियों के मुकाबले बेहद कमजोर साबित हो रही है। बिजली चोरी रोकने और बिलों की वसूली करने में भोपाल की मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी प्रदेश में सबसे फिसड्डी है। यह बिजली कंपनी पिछले साल 1769 करोड़ रुपए के घाटे में रही, जो जबलपुर की पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुकाबले दोगुने के करीब है। वहीं इंदौर की पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 121 करोड़ रुपए के फायदे में रही।केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी की गई परफॉर्मेंस रैंकिंग रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में तीनों कंपनियों के पिछले साल के घाटे के आंकड़े और बिल वसूली क्षमता (बिलिंग एफिशिएंसी) भी जारी की गई है। इसके अनुसार मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी लगभग 30% बिजली बिलों की वसूली भी नहीं कर पाती। उसकी बिलिंग एफिशिएंसी सिर्फ 73.04% है। कंपनी की यह स्थिति तब है जब केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत बिजली चोरी रोकने के लिए अंडरग्राउंड केबल बिछाने, स्मार्ट मीटर लगाने और फीडर सेपरेशन जैसे कई काम किए जा रहे हैं। 2005 में बनी कंपनी, तब से लेकर पिछले वित्त तक 30,900 करोड़ का घाटा 21 साल में 30,900 करोड़ रु. का संचयी घाटा : प्रदेश में बिजली कंपनियों का गठन वर्ष 2005 में हुआ था। मध्य क्षेत्र कंपनी तब से लगातार घाटे में चल रही है। स्थापना से लेकर पिछले वित्त वर्ष तक कंपनी पर 30,900 करोड़ रुपए का संचयी घाटा दर्ज किया गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार: पूर्व क्षेत्र कंपनी पर 27,992 करोड़ रु. का संचयी घाटा। पश्चिम क्षेत्र कंपनी पर 12,503 करोड़ रु. का संचयी घाटा। यानी घाटे के मामले में मध्य क्षेत्र कंपनी सबसे खराब स्थिति में है। मतलब: यदि कंपनी 100 यूनिट बिजली सप्लाई करती है तो मध्य क्षेत्र में सिर्फ 73 यूनिट की ही बिलिंग हो पाती है, शेष बिजली तकनीकी नुकसान या चोरी में चली जाती है। एक्सपर्ट से समझें: चोरी क्यों नहीं रुकती, बिल वसूली कमजोर बिजली मामलों के जानकार एवं रिटायर्ड एडिशनल चीफ इंजीनियर राजेंद्र अग्रवाल बताते हैं— 1. मध्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुराने तार, जर्जर लाइनें और ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर हैं। तकनीकी हानि (टेक्निकल लॉस) ज्यादा है, जिससे वास्तविक सप्लाई और बिलिंग में अंतर बढ़ता है। 2. भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर जैसे जिलों में शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं का मिश्रित लोड है। ग्रामीण इलाकों में मीटरिंग कमजोर और लाइन लॉस ज्यादा रहता है। 3. कई स्थानों पर डायरेक्ट कनेक्शन, कटिया और मीटर बायपास जैसे तरीके हैं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय विरोध और राजनीतिक दबाव भी बाधा । 4. रीडिंग समय पर नहीं होना, औसत बिलिंग, गलत आकलन और विवादित बिल। 5. रिकवरी स्टाफ की कमी, बड़े बकायेदारों पर ढीली कार्रवाई और सरकारी विभागों के बकाया भी घाटा बढ़ाते हैं। 6. जहां स्मार्ट मीटर लगे, वहां वसूली सुधरी है, लेकिन मध्य क्षेत्र में इसका कवरेज अभी सीमित है। समाधान : घाटा कम करने के उपाय 100% स्मार्ट मीटरिंग हाई लॉस फीडर की विशेष मॉनिटरिंग प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू करना सरकारी विभागों के बकाया की एडजस्टमेंट एरियल बंच केबल का विस्तार चोरी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष पुलिस-डिस्कॉम अभियान आम उपभोक्ताओं पर इसका क्या असर ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक वितरण कंपनियों का घाटा अंततः राज्य सरकार की सब्सिडी और आम उपभोक्ताओं के टैरिफ पर दबाव बनाता है। यदि मध्य क्षेत्र की स्थिति नहीं सुधरी तो भविष्य में बिजली दरों में वृद्धि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर मलेशिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कोई समझौता नहीं करेंगे। यूपी में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। IAS कृतका और अंकुर ने शादी कर ली। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. मोदी बोले- आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं, तमिल भाषा भारत-मलेशिया को जोड़ती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन का मलेशिया दौरा कर वापस लौट आए हैं। उनके और मलेशिया के PM अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। PM मोदी ने इस दौरान कहा, ‘आतंकवाद के बारे में हमारा संदेश बहुत स्पष्ट है, कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं। भारत और मलेशिया आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करेंगे।’ मोदी ने तमिल भाषा का जिक्र किया: PM मोदी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान तमिल भाषा की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भारत और मलेशिया को जोड़ता है।मोदी ने ऑडियो-विजुअल समझौते का जिक्र करते हुए कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि आज हुए ऑडियो-विजुअल समझौते के साथ फिल्में और संगीत, खासकर तमिल फिल्में, हमारे दिलों को और करीब लाएंगी।’ पीएम मोदी ने मलेशियाई पीएम को अपना दोस्त बताया। पढ़ें पूरी खबर… 2. गौरव गोगोई का मामला गृह मंत्रालय भेजेगी असम सरकार, हिमंता बोले- कांग्रेस सांसद की पत्नी के PAK खुफिया एजेंसी से संबंध असम सरकार कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन मामले को गृह मंत्रालय भेजेगी। सीएम हिमंता बिस्व सरमा का आरोप है कांग्रेस सांसद गौरव और उनकी पत्नी एलिजाबेथ, पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख के बहुत करीब हैं। एक पाकिस्तानी फर्म ने गौरव की पत्नी को नौकरी दी, फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया। एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करके पाकिस्तान भेजती थीं। अली शेख एलिजाबेथ को इस काम के लिए सैलरी देता था। कौन हैं एलिजाबेथ: एलिजाबेथ कोलबर्न एक ब्रिटिश नागरिक हैं, जिन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है। गौरव गोगोई से उनकी मुलाकात 2010 में संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में इंटर्नशिप के दौरान हुई थी। दोनों ने 2013 में शादी की और उनके दो बच्चे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 4. काशी में कांग्रेस की रैली, इमरान मसूद बोले- मोदी को संसद में जान का खतरा तो इस्तीफा दें काशी में कांग्रेस की संविधान संवाद रैली हुई। इसमें पूरे देश से कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। रैली के दौरान कांग्रेसियों के निशाने पर पूरे समय पीएम मोदी और सीएम योगी रहे। सांसद इमरान मसूद ने कहा- जिस प्रधानमंत्री की जान को खतरा संसद के अंदर हो गया, तो उसको सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। जब आपके हाथों आपकी जान सुरक्षित नहीं, तो देश कैसे सुरक्षित रहेगा? वाराणसी के विकास की डॉक्यूमेंट्री दिखाई: 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसमें बनारस के विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए। विकास के नाम पर सनातन विरासत और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया गया। पढ़ें पूरी खबर… 5. दावा- महाराष्ट्र में नाबालिगों ने वोट डाले, सोलापुर में उम्मीदवार के बेटे ने वोटिंग की महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव में नाबालिगों के वोट डालने के दो मामले सामने आए हैं। सोलापुर के उम्मीदवार अर्जुन सिंह मोहिते पर 14 साल के बेटे को बूथ के अंदर ले जाकर EVM बटन दबवाने का आरोप है। वहीं, दूसरा मामला छत्रपति संभाजीनगर से जुड़ा है, जहां शिवसेना विधायक विलास भुमरे अपने नाबालिग बेटे को मतदान केंद्र ले गए और दोनों की उंगली पर स्याही लगवाई। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए: जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। अगर मतदान नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधितअधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, राज्य के 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव हुए थे। पढ़ें पूरी खबर… 6. भागवत बोले- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा, कोई भी हिंदू RSS प्रमुख बन सकता है RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा कि मैंने 75 साल पूरे होने की जानकारी संघ को दी है, लेकिन संगठन ने मुझसे काम जारी रखने को कहा है। अगर संघ से पद छोड़ने को कहेगा, तो उसे तुरंत छोड़ दूंगा। उन्होंने आगे कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। सावरकर को भारत रत्न दिया जाए: RSS चीफ ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से पुरस्कार की गरिमा और बढ़ेगी। भागवत ने UCC पर कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) सभी को विश्वास में लेकर बनाई जानी चाहिए और इससे समाज में मतभेद नहीं बढ़ने चाहिए। पढ़ें पूरी खबर... 7. असम BJP ने मुस्लिमों पर विवादित ट्वीट करके डिलीट किया, दावा- असम CM के हाथ में बंदूक, निशाने पर मुसलमान असम भाजपा ने मुस्लिमों पर विवादित ट्वीट किया, फिर डिलीट कर दिया। वीडियो में असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा एक राइफल से दो लोगों पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री मुसलमानों को टारगेट कर रहे हैं। कांग्रेस बोली- क्या कोर्ट सो रहा है: श्रीनेत के शेयर किए गए वीडियो में असम की भारतीय जनता पार्टी का X अकाउंट नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा- यही है असली बीजेपी है। ये सामूहिक हत्यारे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? पढ़ें पूरी खबर... 8. कानपुर में IAS कृतिका-अंकुर ने एक-दूसरे को पहनाया जयमाल, सास ने उतारी आरती IAS कृतिका मिश्रा और IAS अंकुर त्रिपाठी की कानपुर में शादी हुई। अंकुर बारात लेकर पहुंचे। इस दौरान जहां अंकुर ने डांस किया, वहीं बाराती भी खूब नाचे। दरवाजे पर अंकुर की सास सुषमा मिश्रा ने उनका चांदी की सिलाई से टीका किया। इसके बाद कृतिका और अंकुर ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाया। ट्रेनिंग में मिले थे दोनों, अब मुकम्मल हुई लव स्टोरी: कानपुर की रहने वाली कृतिका मिश्रा बिहार कैडर की IAS हैं। 30 नवंबर, 2025 को दोनों की लखनऊ में सगाई हुई थी। कृतिका और अंकुर मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान मिले थे। वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई थी। पढ़ें पूरी खबर… ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: NEET छात्रा मौत केस-दिल्ली में प्रोटेस्ट..पीड़िता की मां शामिल :पटना में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM का पुतला फूंका, 'पप्पू यादव को रिहा करो' के नारे लगाए (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: सूर्या बोले- मियां बैग पैक करके आ जाओ:सिराज का जवाब- मजाक मत करो, स्पेन जा रहा हूं; DSP के वर्ल्डकप टीम में आने की कहानी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: गुजरात में स्टूडेंट ने महिला टीचर को थप्पड़ मारा: देर से आने पर टोका था; बोला- मुझसे सवाल करने वाली तुम होती कौन हो (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: टी-20 वर्ल्डकप- न्यूजीलैंड ने अपना सबसे बड़ा टारगेट चेज किया: अफगानिस्तान को 5 विकेट से हराया, साइफर्ट का अर्धशतक, फर्ग्यूसन को 2 विकेट (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: अजित पवार की अस्थियां लेकर बेटा नंगे पैर संगम पहुंचा: पत्रकारों के सवाल पर चुप रहे; प्राइवेट जेट से परिवार प्रयागराज आया (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: जापान चुनाव- एग्जिट पोल में PM ताकाइची को बड़ी बढ़त: 465 में से 328 सीटें मिलने की उम्मीद; कहा- हारी तो इस्तीफा दे दूंगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: RSS के कार्यक्रम में अक्षय कुमार-विक्की कौशल हुए शामिल: व्याख्यानमाला में मोहन भागवत बोले- सलमान के फैशन को कॉलेज स्टूडेंट्स कॉपी करते हैं (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स ने कुल्हाड़ी से निशाना लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया अमेरिका के जेसी रूड ने सबसे दूर 67 मीटर दूर कुल्हाड़ी फेंककर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उनसे पहले तुर्किए के उस्मान गुरकु ने 56 मीटर दूर से कुल्हाड़ी से निशाना लगाया था। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… कहां छिपा है 400 किलो सोना चुराने वाला सिमरनप्रीत: 32 करोड़ खर्च, लेकिन कनाडा पुलिस खाली हाथ; तीन साल बाद पाकिस्तानी मास्टरमाइंड अरेस्ट गाजियाबाद सुसाइड- बच्चियों के पिता ने उलझाया केस: पहले गेम, फिर कोरियन कल्चर और साली की मौत पर सस्पेंस; क्या है सच्चाई बांग्लादेश से भास्कर: ‘डॉ. यूनुस पार्टियों के दबाव में, मुझे इस्तीफा देना पड़ा’: शेख हसीना को भगाने वाले स्टूडेंट लीडर बोले- जमात जीती, तो अल्पसंख्यकों को परेशानी होगी आज का एक्सप्लेनर: रूस में 4 भारतीय छात्रों पर हमला, उनके खून से दीवार पर 'स्वास्तिक' बनाया; हिटलर के शासन वाले इस निशान की कहानी संडे जज्बात-पापा को थप्पड़ मारे, मां को पीटा: पता चला कि गोद ली बेटी हूं तो 2 साल कमरे में बंद रही, दिनभर देखती थी क्राइम पेट्रोल जरूरत की खबर- सेहत का खजाना कुलथी दाल: प्रोटीन का बेस्ट सोर्स, कब्ज में फायदेमंद, जानें इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, हेल्थ बेनिफिट्स करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें… ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने न सिर्फ टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% किया है, बल्कि रूस से तेल इम्पोर्ट के कारण पेनल्टी के रूप में लगाए गए 25% टैरिफ को वापस करने का भी फैसला लिया है। इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद है। वाइट हाउस से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 27 अगस्त 2025 से लेकर 6 फरवरी 2026 के बीच अमेरिका द्वारा किए गए जिन इम्पोर्ट पर यह पेनल्टी लगी थी, उनका रिफंड दिया जाएगा। यह रिफंड अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत जारी किया जाएगा। भारतीय निर्यातकों को कितना रिफंड मिलेगा, ये अभी तय नहीं है। क्योंकि रिफंड की राशि अमेरिकी इम्पोर्टर को दी जाएगी, फिर वे भारतीय एक्सपोर्टर के साथ बातचीत करके इस राशि का बंटवारा करेंगे। ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीदसवाल: अमेरिका से कितना रिफंड वापस मिल सकता है? जवाब: US ट्रेजरी के अनुसार अमेरिका ने विदेश से आयातित वस्तुओं पर 2024 में 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका के आयात में भारत की हिस्सेदारी 3.5% है। भारत से अमेरिकी निर्यात का 60% हिस्सा टैरिफ दायरे में। इस हिसाब से देखें तो अब तक अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाकर करीब 4 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) अतिरिक्त वसूले हैं। यही राशि रिफंड होगी, जिसमें भारतीय कारोबारियों को भी हिस्सा मिलेगा। भारत पर नजर के लिए टास्क फोर्स गठित ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते के ढांचे के अनुसार भारत रूस से तेल का आयात दोबारा शुरू न करे, इस पर निगरानी रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन मंत्रियों की एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। इस समिति को लगता है कि भारत ने रूस से तेल का इम्पोर्ट दोबारा शुरू कर दिया है, तो वह राष्ट्रपति ट्रम्प को दोबारा 25% पेनल्टी लगाने और अन्य कार्रवाई करने के लिए सिफारिश कर सकती है। कृषि मंत्री ने बताया, कहां-कहां एंट्री नहीं दी? ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी उत्पाद ट्रेड डील में शामिल नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि अमेरिका को किन चीजों पर टैरिफ छूट नहीं दी है और किन चीजों को भारत में एंट्री नहीं दी गई है। बिना छिलके वाले अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, संतरा, अंगूर, नीबू और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां भारत में प्रवेश नहीं करेंगी। पीयूष गोयल बोले- ट्रेड डील से किसानों की आय बढ़ेगी अमेरिका से ट्रेड डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि यह लेन-देन का मामला है। अगर मैं कुछ भी नहीं दूंगा, तो अपने किसानों के लिए अमेरिका में बाजार कैसे खोलूंगा? अमेरिकी बाजार खुलने से हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। अगर कोई कहता है कि दो पन्नों के संयुक्त बयान में सुरक्षा नहीं है, तो वो गुमराह कर रहा है। अभी कई बातों पर स्पष्टता बाकी है। अब भारत उन देशों में शामिल, जिन पर सबसे कम टैरिफ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने NDTV से बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- कुछ तकनीकी कागजों पर अगले कुछ दिनों में दस्तखत होंगे, लेकिन डील लगभग तय है। गोर ने कहा- यह टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच कई सालों से चली आ रही मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम है। पहले भारत पर काफी ज्यादा टैरिफ लगता था, लेकिन अब भारत उन देशों में आ गया है जिन पर कम टैरिफ है। राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी की दोस्ती इस डील को पूरा करने में सबसे बड़ी वजह बनी। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों का अगला दौर शुरू होगा। इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि अमेरिका, भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया वह एक्स्ट्रा टैरिफ हटा देगा, जो रूस से तेल खरीदने के बदले सजा के तौर पर लगाया गया था। रूस बोला- भारत ने तेल खरीद रोकने पर कुछ नहीं कहा रूस ने मंगलवार को कहा कि भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसमें यह कहा गया हो कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करने जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के प्रवक्ता रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस, भारत को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों का विश्लेषण कर रहा है। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का फैसला कर लिया है, तो उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी: ट्रम्प बोले- भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा ट्रम्प ने 1 फरवरी को ही भारत को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रम्प ने दावा किया था कि भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीदने का सौदा कर लिया है। यह बयान ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी से एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 2 फरवरी को कहा था, “हमने पहले ही एक डील कर ली है। भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, ईरान से नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ इस सौदे का कांसेप्ट तय हो चुका है। ट्रम्प के मुताबिक, चीन भी अगर चाहे तो वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… यह खबर भी पढ़ें… भारत पर अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ खत्म: पीयूष गोयल बोले- अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, किसानों-मछुआरों को बड़ा फायदा होगा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की तारीफ की थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज (9 फरवरी) को एक दिवसीय बस्तर दौरे पर रहेंगे। वे जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब बस्तर संभाग में सुरक्षा हालात और नक्सल विरोधी अभियानों को लेकर लगातार बड़ी कार्रवाई चल रही है। बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 तय की गई है। पिछले करीब डेढ़ महीने के अंदर अमित शाह का ये दूसरी बार बस्तर दौरा है। ऐसा माना जा रहा है कि अमित शाह बस्तर पंडुम के इस मंच से नक्सल मामले को लेकर कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं। उनके बस्तर दौरे को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं रविवार को गृहमंत्री शाह ने नक्सलवाद पर रायपुर में हाईलेवल मीटिंग ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले माओवादी समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। हालांकि, उन्होंने माओवादियों से हथियार छोड़ने की अपील भी की और कहा कि सरकार एक भी गोली चलाना नहीं चाहती। जो माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी। बैठक की कुछ तस्वीरें देखिए… लाल बाग मैदान में चल रहा कार्यक्रम जगदलपुर के लाल बाग मैदान में अमित शाह आएंगे। यहां शाह के दौरे को लेकर तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। केंद्रीय सशस्त्र बल, राज्य पुलिस और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है। बस्तर IG सुंदरराज पी की माने तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल, एयरपोर्ट, आवागमन मार्ग में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। एक ही मंच में बस्तर की संस्कृति और परंपरा बस्तर पंडुम के समापन समारोह में संभाग के कई जिलों से आए जनजातीय कलाकार अपनी लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य और वाद्य यंत्रों के माध्यम से बस्तर की पहचान को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का खास आकर्षण रहेंगी। नक्सल एंगल के लिहाज से खास माना जा रहा है दौरा अमित शाह का यह दौरा नक्सली एंगल के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के महीनों में बस्तर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज हुई है, जिसमें कई नक्सली ठिकानों को ध्वस्त किया गया है और संगठन को लॉजिस्टिक स्तर पर नुकसान पहुंचा है। ऐसे माहौल में केंद्रीय गृहमंत्री का बस्तर आना यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार नक्सल गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है और जमीनी हालात की प्रत्यक्ष समीक्षा को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि, प्रशासनिक और सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि यह दौरा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से स्थानीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ना और विकास के प्रति भरोसा मजबूत करना भी इस दौरे का अहम पहलू है। यह संदेश देने की कोशिश है कि बस्तर की पहचान सिर्फ संघर्ष से नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और संभावनाओं से भी जुड़ी है। अमित शाह का बस्तर दौरा एक संतुलित रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है, जहां एक ओर सुरक्षा और नक्सल उन्मूलन को लेकर सख्ती है, वहीं दूसरी ओर संवाद, संस्कृति और विकास के माध्यम से विश्वास कायम करने पर भी जोर दिया जा रहा है। रायपुर में रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कम्यूनिस्ट शासन में रहे वहां विकास नहीं कर पाए। जब हमने आदिवासियों के कल्याण की बात की, वहां भी अंधकार फैला दिए। विचारधारा ही विनाश की घातक विचारधारा है। बहुत जरूरी है कि देश इस विचारधारा से निजात पा ले। बता दें कि अमित शाह 3 दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हैं। रविवार को राजधानी रायपुर के मेफेयर होटल में उन्होंने नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग ली। बैठक के पहले सेशन में इंटेलिजेंस इनपुट्स और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा हुई। शाह ने एक्स जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि-आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार और अधिकारियों के साथ नक्सलविरोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। इस 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है। शाह ने आगे लिखा- जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है। यहां के युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक और टेक्निकल एजुकेशन को गति देते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी सहेज रहे हैं। दूसरे सेशन में नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चर्चा हुई है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कई प्रदेशों के डीजीपी सहित एसीएस गृह, CRPF और कई अन्य सैन्य सुरक्षा के डीजीपी शामिल हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कम्युनिस्ट विचारधारा “विनाशकारी” है। देश को इससे जल्द से जल्द मुक्ति पाना चाहिए। माओवादी समस्या न तो विकास की कमी से जुड़ी है और न ही यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। उन्होंने साफ कहा कि वामपंथी उग्रवाद एक विचारधारा-प्रेरित चुनौती है। गृह मंत्री ने कहा कि माओवादी समस्या का सही आकलन न किया जाना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने उन तर्कों को खारिज किया जिनमें माओवाद को विकास या कानून-व्यवस्था से जोड़ा जाता है। शाह बोले- नक्सलवाद एक विचारधारात्मक समस्या उन्होंने कहा कि जब देश में माओवादी समस्या उभरी, तब इसके मुख्य प्रभावित क्षेत्र तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के सीमावर्ती जिले, खासकर बस्तर थे। 1980 के दशक में जब यह समस्या शुरू हुई, उस समय के विकास संबंधी आंकड़े उपलब्ध हैं। उस दौर में देश में बस्तर से भी ज्यादा पिछड़े 100 से अधिक जिले थे। अमित शाह ने सवाल उठाया, “अगर माओवाद की जड़ विकास की कमी है, तो फिर उन 100 जिलों में यह समस्या क्यों नहीं फैली, जो बस्तर से भी ज्यादा पिछड़े थे?” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इसे कानून-व्यवस्था की समस्या बताते हैं, लेकिन वह इससे भी सहमत नहीं हैं। माओवादी समस्या के उभरने से पहले बस्तर की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बेहतर थी। उन्होंने कहा, “यह न तो कानून-व्यवस्था से जुड़ा है और न ही विकास से। मैं किसी से भी बहस कर सकता हूं और तथ्यों और प्रमाणों के साथ साबित कर सकता हूं कि यह एक विचारधारात्मक समस्या है।” बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा- शाह गृह मंत्री ने कहा कि माओवादियों ने गरीब आदिवासी युवाओं के हाथों में हथियार थमाए और तिरुपति से पशुपतिनाथ तक ‘रेड कॉरिडोर’ का नारा दिया। उन्होंने कहा, “साढ़े चार दशकों तक उन्होंने इस पूरे क्षेत्र में विकास को रोके रखा।'' शाह ने आगे कहा मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि अगर बस्तर माओवादी समस्या से प्रभावित नहीं होता, तो आज यह देश का सबसे विकसित जिला होता। आने वाले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा। माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त गृहमंत्री ने कहा कि अब माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले माओवादी समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। हालांकि, उन्होंने माओवादियों से हथियार छोड़ने की अपील भी की और कहा कि सरकार एक भी गोली चलाना नहीं चाहती। जो माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी। नक्सली खात्मे की डेडलाइन को 51 दिन बाकी छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस डेडलाइन में अब करीब 51 दिन का ही समय बाकी है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
खेती को घाटे का सौदा मानने की धारणा को हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड के हरहद गांव की महिला किसानों ने पूरी तरह बदल कर रख दिया है। रसायन मुक्त और जैविक खेती के साथ मिश्रित फसल प्रणाली अपनाकर गांव की गुलाब आजीविका महिला मंडल की महिला किसान चिन्ता देवी, संगीता देवी, सम्फुल देवी, मीना देवी सहित अन्य आज न केवल आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन गई हैं। महिला किसानों ने परंपरागत एकल फसल प्रणाली को छोड़ते हुए मिश्रित खेती (मल्टी-क्रॉप मॉडल) को अपनाया। एक ही खेत में अनाज, दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियों और फलदार पौधों की खेती शुरू की गई। मिश्रित खेती के तहत आम, लीची, अमरूद, केला, पपीता, कटहल और नींबू जैसे फलदार पौधों लगाए गए। फलदार पौधों के बीच सब्जी और अन्य फसलों की खेती से अतिरिक्त आमदनी का रास्ता खुला। फलदार पौधे दीर्घकालिक आय का स्रोत बने, जबकि सब्जियां और मौसमी फसलें नियमित नकद आय देती रहीं। इससे खेती मौसम की अनिश्चितताओं और बाजार के उतार-चढ़ाव से काफी हद तक सुरक्षित हो गई। रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों को जान रहे हैं लोग खेती की बढ़ती लागत और रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों को देखते हुए महिला किसानों ने पूरी तरह जैविक पद्धति अपनाने का निर्णय लिया। खेत के पास ही वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित कर केंचुआ खाद का उत्पादन शुरू किया गया। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में सुधार हुआ, फसलों की गुणवत्ता बढ़ी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ा। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च लगभग समाप्त हो गया, जिससे मुनाफा सीधे बढ़ा। जैविक खेती की पूछ बढ़ी, उसके उत्पाद की बाजार कीमत भी अधिक महिला किसान मीना देवी और सम्फुल देवी बताती हैं कि जैविक खेती से लागत कम होने के साथ-साथ बाजार में उपज की बेहतर कीमत मिल रही है। रसायन मुक्त सब्जियों और फलों की मांग स्थानीय बाजारों में लगातार बढ़ रही है। कम खर्च और अच्छे दाम के कारण आज वे खेती से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। जानिए... कौन हैं संगीता देवी हरहद गांव की संगीता देवी के तीन बच्चे एक बेटा और दो बेटी हैं। पति अशोक उरांव मजदूरी व खेती करते है। महिला किसानों की इस सफलता को देखकर आसपास के गांवों के किसान उनके खेतों का दौरा कर रहे हैं और मिश्रित खेती व जैविक पद्धति को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आत्मा के टेक्निकल मैनेजर अनिकेत टुडुवार और लीड्स के परियोजना समन्वयक आलोक वर्मा के सहयोग से महिलाएं खेती में नई तकनीक सीख आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए भी प्रेरित हो रही हैं।
अभी तक नगद या चेक दोनों विकल्प देकर आजीवन सहयोग निधि जुटा रही प्रदेश भाजपा अब वर्ष 2026 में सिर्फ चेक, आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पार्टी के खाते में ऑनलाइन पैसा लेगी। रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी जिलों को इस बारे में ताकीद कर दी गई। कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बंसल के साथ जिलाध्यक्ष, आजीवन सहयोग निधि प्रभारी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। आजीवन सहयोग निधि कलेक्शन का काम 11 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। इसके बाद कलेक्शन करने वालों को 15 मार्च तक पूरा हिसाब-किताब पार्टी में देना होगा। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय संगठन की ओर से प्रदेश भाजपा को कहा गया कि पूरे देश में चंदा कलेक्शन बंद कर दिया गया। इस पर मप्र की ओर से तर्क रखा गया कि यहां कुशाभाऊ ठाकरे के समय से चली आ रही बरसों की परंपरा है। इसी के बाद सशर्त सहयोग निधि जुटाने की अनुमति दी गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बंसल ने कहा कि मप्र ने परंपरा की बात की है, इसलिए आप (मप्र) लोगों के आग्रह पर अनुमति दी जा रही है। लेकिन इस बात काे सुनिश्चित कर लें कि कैश (नगद) कलेक्शन नहीं होगा। इसी के बाद प्रदेश संगठन ने वीसी में कहा, 1000-1000 रुपए की जो रसीदें जिलों में पहुंची हैं, उन्हें वापस कर दिया जाए। यहां बता दें कि सहयोग निधि का अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर चलाया जा रहा है। यह हर साल होता है। स्व. कुशाभाऊ ठाकरे के शताब्दी वर्ष पर समर्पण निधि जुटाई गई थी, जो करीब 100 से 150 करोड़ के करीब थी। जिलों में खाता नहीं हो अब जिला स्तर पर पार्टी के बैंक खाते में पैसा जमा नहीं होगा। सीधे प्रदेश स्तर के खाते में राशि आएगी। इसके बाद उसे जिलों को भेजा जाएगा। बीस हजार रुपए या इससे अधिक की राशि बिना पेन नंबर के नहीं ली जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की सूची बनेगी। इसमें नाम-पता, बैंक का नाम-पता व चेक-बुक नंबर होगा। जिले के खर्च की तुलना में दो गुना का टार्गेट प्रदेश संगठन की ओर से जिलों काे कहा गया है कि वे जिलों के खर्च की तुलना में 2 गुना कलेक्शन करें। उदाहरण के लिए यदि जिले का खर्च प्रतिमाह एक लाख रुपए के हिसाब से सालाना 12 लाख रुपए है, तो उसे कम से कम 25 लाख रुपए कलेक्शन करना होगा। पार्टी में हिसाब चलता है कि 50 प्रतिशत प्रदेश संगठन के पास रहता है और बाकी जिलों को भेजा जाता है। कलेक्शन में किसको कहां का मिला जिम्मा प्रदेश प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा - इंदौर और उज्जैन संभाग। प्रदेश सह प्रभारी आलोक संजर - भोपाल, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम। प्रदेश सह प्रभारी योगेश ताम्रकार - जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल।
जिले में आसींद पुलिस की गश्त टीम ने पड़ासोली के पास सुपर मार्केट में चोरी करते चार चोरों को पकड़ा। लेकिन क्षेत्राधिकार बदनौर का होने से आरोपियों को उन्हें सौंप दिया गया। बदनौर पुलिस ने चोरों को शांतिभंग की धारा में पाबंद कर छोड़ दिया। दुकान से जब्त की गई सीसीटीवी कैमरे की डिस्क को खाली कर दिया। दुकानदार ने इसका विरोध किया तो उसे भी हवालात में बंद कर दिया। भास्कर ने इस मामले में सीसीटीवी खंगाले, जिसमें साफ तौर पर चोर दिख रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा ही दर्ज नहीं किया। मामला 27 जनवरी का है। रात तीन बजे चोर मार्केट के शटर तोड़ रहे थे और आसींद पुलिस पहुंच गई। दुकानदार सुरेश साहू को थाने में बुला लिया। 28 जनवरी को सुबह इन चारों आरोपियों को बदनौर पुलिस के हवाले कर दिया। बदनौर एसएचओ महादेव प्रसाद ने दुकानदार साहू से रिपोर्ट लेकर घटनास्थल का मौका देखा और वहां से शटर तोड़ने वाले उपकरण बरामद कर लिए थे। इस मामले में ब्यावर एसपी ने बदनौर के एसएचओ महादेव प्रसाद को लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह शंभूदयाल मीणा को बदनौर थाना प्रभारी लगाया है। परिवादी बोला— शांतिभंग में छोड़ने का विरोध किया तो मुझे ही हवालात में बंद कर दियापड़ासोली निवासी सुरेश साहू ने बताया कि आसींद एसएचओ ने 27 जनवरी को सुबह चार बजे ही बुला लिया। जब रिपोर्ट दी तो बताया कि एरिया ब्यावर जिले के बदनौर का आ रहा है। जब वे 28 जनवरी को बदनौर थाने में रिपोर्ट देने गए तो पहले तो तर्क दिया कि चोरी करने आए थे, इसलिए शटर तो तोड़ा लेकिन चोरी नहीं की। ऐसे में उनको छोड़ दिया। विरोध किया तो मुझे ही हवालात में बंद कर दिया। 28 जनवरी को सीसीटीवी फुटेज के साथ रिपोर्ट दी, लेकिन एसएचओ ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद 31 जनवरी को इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। परिवादी सुरेश साहू ने पुलिस के आने से पहले ही चोरी की घटना के सीसीटीवी फुटेज ले लिए और यही सबूत बन गया। चोरी की रिपोर्ट पर 151 में पाबंद कर क्यों छोड़ा?बदनौर के तत्कालीन थाना प्रभारी महादेव प्रसाद ने कहा कि इस मामले में नए थानेदार से पूछो, मुझे तो पता नहीं है। मेरा बदनौर से ट्रांसफर हो गया है। बदनौर थाना प्रभारी शंभूदयाल मीणा का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी दिख रहे हैं, हम उन्हें पकड़ लेंगे। 151 में पाबंद कर क्यों छोड़ा, यह तो पहले वाले एसएचओ ही बता पाएंगे। ब्यावर पुलिस अधीक्षक रतनसिंह ने कहा कि यह सही बात है कि आसींद पुलिस ने चार जनों को पड़ासोली चौराहे पर चोरी करते पकड़ा। इसके सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हैं। मौके से शटर तोड़ने के उपकरण भी बरामद किए हैं। इसमें एसएचओ ने चोरी की घटना की जगह आरोपियों को केवल 151 में पाबंद कर छोड़ दिया। इसमें लापरवाही रही है। एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब इसकी जांच करवा रहे हैं।
शिवराज बोले:किसानों के हितों से समझौता नहीं, कांग्रेस ने गारंटी मांगी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद छिड़ी राष्ट्रीय बहस के बाद अब मप्र में भी राजनीति गरमा गई है। रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी में साफ किया कि डील में अमेरिका से देश में आयात के लिए कृषि और डेयरी उत्पादों को कोई छूट नहीं दी गई है। कांग्रेस ने पलटवार कर पूछा कि क्या केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लिखित गारंटी देंगे कि इस डील से मप्र सहित देश के किसानों का नुकसान नहीं होगा। डील में कोई कृषि उत्पाद शामिल नहीं, किसान सुरक्षित : शिवराज राजधानी में मीडिया से चर्चा मे केंद्रीय कृषि मंत्री ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर कहा कि डील के बावजूद देश की खेती और किसान पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, एथेनॉल और तंबाकू सहित किसी भी कृषि उत्पाद पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। साथ ही, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, छिल्का रहित अनाज एवं आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत में आयात नहीं होंगी। इसके अलावा, लिक्विड, पाउडर एवं कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी जैसे अमेरिका के दुग्ध उत्पादों और मसालों को भी भारत में भेजने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चौहान ने कहा कि डील में ऐसा कोई भी कृषि उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को किसी प्रकार का नुकसान हो। सभी संवेदनशील कृषि वस्तुओं को इस समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) कृषि उत्पादों को आयात अनुमति नहीं मिलेगी। इससे कृषि की शुद्धता और मिट्टी-बीज सुरक्षित रहेंगे। लिखित में दें कि डील से किसानों का नुकसान नहीं होगा : पटवारी कांग्रेस ने अमेरिका से हुई डील को लेकर केंद्रीय मंत्री के बयान पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने सरेंडर कर चुके हैं। ये डील अडानी को अमेरिका में चल रहे मुकदमों से बचाने और रूस से तेल नहीं खरीदने के दबाव के हुई है। पटवारी ने कहा कि चौहान ने किसानों को भरोसा तो दिलाया पर उत्पाद-वार टैरिफ संरचना, नॉन-टैरिफ बैरियर की शर्तें और प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 400 -500 एकड़ के खेत हैं, भारत में दो से ढाई एकड़ के। वहां की 1 से 2% आबादी खेती पर निर्भर है, देश में कुल आबादी का बड़ा हिस्सा इस पर निर्भर है। अमेरिका में खेती पर भारी सब्सिडी भी है, ऐसे में खुली प्रतिस्पर्धा से भारतीय किसान कैसे बचेंगे? उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सवाल किए कि क्या वो लिखित गारंटी देंगे कि डील से सोयाबीन आयात होगा और कीमतें नहीं गिरेंगी। एमएसपी व्यवस्था सुरक्षित रहेगी और पशु आहार आयात से मक्का किसानों को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि डील के प्रभाव मूल्यांकन की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है। अब मंत्री के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही किए जाने के मामले में निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। चौथी माफी में यह बोले थे मंत्री शाह 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने फिर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कई बार कहा है, मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज, किसी वर्ग का अपमान हो। वे शब्द निस्संदेह मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। वे शब्द देश भक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी। मैंने अंत:करण से क्षमा याचना की। कई बार की है। आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी से त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा, संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है। सबक लिया है। जिम्मेदारी मानता हूं। भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस मामले में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं। सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह केस की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है। यह खबर भी पढ़ें… मंत्री-शाह ने कर्नल सोफिया मामले में चौथी बार माफी मांगी कर्नल सोफिया को लेकर दिए बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से दो दिन पहले प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… कैमरा देखकर मुंह छिपाया, गाड़ी में बैठकर निकले विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शुक्रवार को भोपाल स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उनका ये कार्यक्रम पहले से तय था। पढ़ें पूरी खबर… कर्नल सोफिया अपमान मामला-SC की MP के मंत्री को फटकार 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शाह की ऑनलाइन माफी पर सोमवार को कोर्ट ने कहा कि इसमें अब बहुत देर हो गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लें। पढ़ें पूरी खबर
मप्र में पहली बार डिंडोरी, मंडला जैसे दूरस्थ जिलों में स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए मिलेट्स आपको घर बैठे मिलेंगे। इसके लिए स्टेट रुरल लाइवहुड मिशन द्वारा एक पोर्टल तैयार कर रहा है, जिस पर 350 से अधिक उत्पाद सूचीबद्ध किए जाएंगे। इन उत्पादों को अभी मप्र के पहले ग्रामीण बाजार ( जो कि राजधानी के भोपाल हाट में संचालित है) की 40 दुकानों से बेचा जा रहा है। लेकिन इतनी कम दुकानों में मप्र की बहुत कम महिलाएं अपना उत्पाद बेच पाती हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर पहली बार ग्रामीण बाजार का विकेंद्रीकरण करने की तैयारी है। मप्र आजीविका मिशन ने भोपाल के साथ एक साल में 27 जिलों के भीतर ऐसे ग्रामीण बाजार तैयार कर दिए हैं, लेकिन सभी उत्पाद सभी जगह नहीं मिल पाते, इसलिए मिशन द्वारा दो तरह से काम किया जा रहा है। पहला उत्पादों की सूची तैयार करके पोर्टल पर अपलोड करने की तैयारी और दूसरा इनको घर-घर पहुंचाने के लिए इंडिया पोस्ट से अनुबंध करना। यह काम अगले दो से तीन महीने में पूरे जाएंगे। कोदो कुटकी, ज्वार, बाजार, मक्का के साथ मगां सकेंगे कई आइटम डिंडोरी, मप्र के डिंडोरी, बालाघाट, मंडला सहित 7 जिलों में कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मिलेट्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। लेकिन उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। मिलेट्स के साथ अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, उज्जैन की बटिका प्रिंट साड़ी, शिवपुरी का मूंगफली तेल, मुरैना का सरसों तेल व नरसिंहपुर, नर्मदापुरम और हरदा की दालें भी जोड़ी गई हैं। स्वसहायता समूहों के डेयरी उत्पादों के लिए आउटलेट खोले जाएंगे। ‘पलाश के संग होली के रंग’ अभियान के तहत 15 फरवरी के बाद पलाश रंग हाट में उपलब्ध होंगे। बचे माल के लिए वेयरहाउस बनाएंगे – मेले या मार्ट पर बचे सामान को सुरक्षित रखने और दूसरी जगह पहुंचाने के लिए छोटे वेयरहाउस से अनुबंध किया जाएगा। प्रत्येक जिले में स्वसहायता समूहों के उत्पाद स्टोर होंगे और आर्डर मिलने पर यही से डिलीवर किए जा सकेंगे। डिमांड के हिसाब से उत्पादन रखेंगे मप्र में स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की डिमांड बढ़ रही है। पहले हमने आजीविका मार्ट शुरू किए थे, जिनमें काफी अच्छा प्रतिसाद हमें मिला। अब हम होम डिलीवरी के लिए इंडिया पोस्ट से चर्चा कर चुके हैं। जल्द अनुबंध करके इस पर काम शुरू कर देंगे। हमारा प्रयास है कि मप्र के एक जिले का उत्पाद दूसरे जिले में मिले। बिक्री के आधार पर हम अध्ययन करेंगे कि किस उत्पाद की कहां अधिक डिमांड है। उसी के हिसाब से उस जिले में हम उत्पादों को रखवाएंगे। - हर्षिका सिंह, सीईओ, मप्र आजीविका मिशन
प्रगतिशील किसान:जमीन में किए नए प्रयोग, चने का उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ा
जब मां की कोख में थे तो पिता चल बसे। संघर्षों के बीच जैसे-तैसे कर मां ने पाला। कुछ साल स्कूल में तो कुछ समय घर पर रहकर ही बीए तक पढ़ाई की। पढ़ाई छोड़ने के बाद मां के साथ खेती में हाथ बंटाना शुरू किया और छोटे से खेत में अब इतने नवाचार कर दिए कि जैसे किसी बड़े संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री ले रखी हो। यह कर दिखाया है चित्तौड़गढ़ जिले के गांव जयसिंहपुरा के 27 वर्षीय युवा किसान नारायणलाल धाकड़ ने। साबित किया कि खेती को केवल मेहनत से नहीं, बल्कि धैर्य और नवाचार से लाभकारी बनाया जा सकता है। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े नारायण ने अपनी साढ़े तीन हक्टेयर भूमि को ही एक तरह से प्रयोगशाला में तब्दील कर दिया है। पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत और केमिकल के अंधाधुंध इस्तेमाल से घटते मुनाफे को देख नारायण ने तय किया कि वे लीक से हटकर काम करेंगे। कृषि वैज्ञानिकों के संपर्क में आए और अपने खेत को हनुमंत फार्म्स का नाम दिया। यहां खेती की लागत कम करने और ज्यादा उत्पादन के लिए प्रयोग शुरू किए। इंटरनेट और अपने अनुभव से कई मशीनें और तकनीक विकसित कीं। ये न केवल वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित हैं बल्कि आम किसान की पहुंच में हैं। नारायण ने सबसे पहले मोटर चलित चना प्रूनिंग मशीन बनाई। चने की फसल में अधिक पैदावार के लिए ऊपरी कली को तोड़ना जरूरी होता है, ताकि पौधों में फुटान हों। वे लंबा बढ़ने के बजाय नीचे से अधिक शाखाएं फैला सकें। इस प्रूनिंग के लिए नारायण ने एक छोटी डीसी मोटर और ब्लेड का उपयोग कर एक हाथ से चलने वाली मशीन बनाई। इस प्रयोग से उनके खेत में चने की पैदावार में 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। नीलगाय और जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए सोलर 360 डिग्री रोटेटिंग नीलगाय रक्षक यंत्र बनाया। सौर ऊर्जा से चलने वाला यह यंत्र रातभर डरावनी आवाजें और चारों दिशाओं में घूमने वाली तेज रोशनी के जरिए जानवरों को खेत से दूर रखता है। तेल के खाली डिब्बों से देसी लाइट ट्रैप बनाया। यह बिना किसी महंगे कीटनाशक के कीटों को आकर्षित कर नष्ट कर देता है। खरपतवार हटाने के लिए पुरानी साइकिल से वीडर बना दिया। इससे मजदूरों पर होने वाले खर्च को 80 प्रतिशत तक कम कर दिया है। नारायण ने कपास और शकरकंद का ऐसा इंटरक्रॉपिंग मॉडल विकसित किया है, जो जमीन की नमी को बनाए रखता है। खरपतवार उगने ही नहीं देता। जैविक फफूंदनाशी ‘ट्राइकोडर्मा’ के प्रयोग से मिट्टी को पुनर्जीवित कर रहे हैं। इन्हीं उपलब्धियों पर कई सम्मान मिल चुके हैं। किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
लव जिहाद...:उजेब ने राजा नाम बताकर युवती को प्रेम में फंसाया, दुष्कर्म किया
कटारा हिल्स के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक मुस्लिम युवक द्वारा अपना नाम बदलकर एक हिंदू युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने युवती के अश्लील फोटो और वीडियो भी मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। आरोपी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। जब युवती को उसकी सच्चाई पता चली तो वह ब्लैकमेल करने की धमकी देने लगा। पुलिस के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से बैतूल जिले की रहने वाली है। वह करीब डेढ़ साल से अपने परिवार के साथ बगरोदा में रह रही थी। मूलत: उप्र का रहने वाला आरोपी उबेज उसी इलाके में रहकर एक फैक्टरी में काम करता था। पास-पास रहने के कारण दोनों की पहचान हुई और करीब एक साल पहले प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ। आरोपी उबेज ने खुद को ‘राजा’ बताकर युवती से दोस्ती की थी। उबेज ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने युवती के फोटो-वीडियो बनाएं और वायरल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया। जब युवती को पता चला कि आरोपी का असली नाम राजा नहीं, बल्कि उबेज है, तब उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ब्लैकमेल करता रहा। हिंदू संगठन ने किया पुलिस के हवाले इधर, कुछ दिन पहले इस पूरे मामले की जानकारी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को लगी। इसके बाद वे दोनों पर नजर रखे हुए थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों को साथ देखकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी उबेज के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसके जेल भेज दिया है। गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लव जिहाद के आरोपी को बचाने की कोशिश... हवलदार सस्पेंड डीसीपी जोन-03 ने कोहेफिजा थाने में पदस्थ हवलदार ज्ञानेंद्र द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया है। ज्ञानेंद्र पर आरोप है कि उनके द्वारा लव जिहाद के मामले में आरोपी ओसाफ अली के साथी माज को गिरफ्तारी से बचाने गोपनीय जानकारी लीक की जा रही थी। साथ ही थाने की अन्य गोपनीय जानकारी दीगर थाने के बदमाशों तक पहुंचाई जाती थीं। थाना प्रभारी के प्रतिवेदन पर ज्ञानेंद्र को सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। कोहेफिजा पुलिस ने 11वीं की छात्रा की शिकायत पर ऐशबाग निवासी 19 वर्षीय ओसाफ अली खान के खिलाफ दुष्कर्म, पाॅक्सो, ब्लैकमेलिंग एवं मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी ओसाफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया था कि ओसाफ ने आपत्ति जनक वीडियो अपने दोस्त माज को दिए थे, जो उसके मोबाइल में थे। प्रतिवेदन में लिखा ... थाना प्रभारी ने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र का आचरण पूर्णत: पुलिस विभाग के विपरीत होकर थाने की गोपनीय जानकारी थाना क्षेत्र एवं दीगर थाना क्षेत्रों में निवासरत बदमाशों को दी जा रही है। आरोपी माज के सहयोगी एक जिम के संचालक के साथ होटल में लंच करना भी पाया गया है। प्रधान आरक्षक के कृत्य से आरोपी माज की गिरफ्तारी में व्यवधान पढ़ रहा है। इस प्रतिवेदन के आधार पर डीसीपी जोन-03 अभिनव चौकसे ने ज्ञानेंद्र द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन्हें डीसीपी जोन-03 कार्यालय भेजा गया है।
मध्य प्रदेश में अगले 2 दिन तक तेज सर्दी रहेगी। इस दौरान ग्वालियर-चंबल के साथ रीवा और शहडोल संभाग के शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहेगा। अभी कटनी और शहडोल में टेम्पेरेचर सबसे कम है। वहीं, भोपाल और इंदौर में भी पारे में गिरावट देखी गई है। इससे पहले बीती रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 10.4 डिग्री, इंदौर में 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 11.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडे शहर कटनी का करौंदी, शहडोल का कल्याणपुर रहे। करौंदी में 5.6 डिग्री, कल्याणपुर में तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी, उमरिया और खजुराहो में 8.4 डिग्री, राजगढ़ में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, रीवा-मलाजखंड में 9.1 डिग्री, नौगांव में 9.5 डिग्री, मंडला में 9.6 डिग्री और दतिया में 9.8 डिग्री रहा। इधर, रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल में हल्का कोहरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल कोहरे और बारिश की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप खिलेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना आदि जिलों में सर्द हवाएं भी चलेगी। देर रात और अलसुबह ठंड ज्यादा असर दिखाएगी। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम नए सिस्टम का असर देखने को मिलेगापश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 12 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है। यानी, अगले 5 दिन तक तो प्रदेश में बारिश या ओले गिरने का अनुमान नहीं है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्मभोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
क्रिकेट की दुनिया में ब्लाइंड क्रिकेटर की अलग ही दुनिया है। अंधेरे के बावजूद इनके सपनों ने जीवन में उम्मीदों की रोशनी जलाए रखी है। बात उन लड़कियों की कर रहे हैं जो राजस्थान क्रिकेट की जर्सी पहनने वाली वो खिलाड़ी बन गई हैं जो ब्लाइंड क्रिकेट के मैदान में लगातार अपनी छाप छोड़ रही हैं। आज राजस्थान के 25 जिलों की 150 खिलाड़ी हैं जो 10 साल की मेहनत का परिणाम हैं, लेकिन ऐसी लड़कियों को तलाशना, इन्हें घर से मैदान तक लाना, फिटनेस, स्किल डेवलप कर एक खिलाड़ी बनाना, ये सब इतना आसान नहीं था। हाल ही महाराष्ट्र में आयोजित इंटर स्टेट वीमन क्रिकेट टूर्नामेंट में गुजरात को हराकर राजस्थान टीम ने एक बार फिर अपनी काबिलियत दिखाई है। राजस्थान ने 7 साल में अब तक 12 नेशनल टूर्नामेंट जीत लिए हैं। 2022 से देश के 29 राज्यों में राजस्थान की महिला टीम टॉप 4 में गिनी जाती हैं। बेयरिंग बॉल की आवाज सुनकर चलता है पूरा खेल टीम के खिलाड़ियों को तीन कैटेगिरी में बांटा जाता है। B1 कैटेगिरी के 4, B2 के 3, B3 के 4 खिलाड़ी होते हैं। तीनों कैटेगिरी में एक-एक खिलाड़ी एक्स्ट्रा रखा जाता है। बैटिंग करने वाले B1 खिलाड़ी को एक B2 या B3 कैटेगिरी का रनर उपलब्ध कराया जाता है। विकेट कीपर B2 या B3 का होता है। वह बॉलर को बॉलिंग फेंकते समय तीन बार हीयर, हीयर, हीयर कहता है। उसकी आवाज सुनकर बॉलर उसी दिशा में गेंद फेंकता है। खेलने के लिए प्लास्टिक के खोल में बेयरिंग वाली विशेष बॉल होती है। उसी की आवाज सुनकर खिलाड़ी शॉट लगाते हैं। स्पेशल टीचर से संपर्क, फिर परिजन तक पहुंचे राजस्थान में ब्लाइंड पुरुष टीम पहले से है, लेकिन महिला टीम नहीं थी। 2016 में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड से जुड़े इस्लाम अली, जुगल किशोर तसलीमा हुसैन और अंजुम नाज ने ऐसी लड़कियों को तलाशने के लिए ब्लॉक लेवल पर स्पेशल टीचर्स से संपर्क किया। 25 जिलों में 4 साल तक घर-घर घूमे। कहीं परिजन ने टीम को घर में घुसने तक नहीं दिया, कहीं कड़वी बातें सुनने को मिली तो कुछ से समझाइश काम आई। जैसे-तैसे 30 लड़कियों के नाम कागज पर आए। लड़कियों को मैदान तक लाना और नई को ढूंढना जारी रखा गया। इन 30 में खेल कौशल और फिटनेस 25 लड़किया में ही मिला जिन्हें धीरे-धीरे खिलाड़ी लायक बनाया गया। इस प्रक्रिया को बनाए रखा तो 10 साल में अब जाकर 150 खिलाड़ी बनी हैं। पहली बार हुए टी-20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप के लिए देश की 56 खिलाड़ियों की सूची में राजस्थान से 3 खिलाड़ी शामिल हुईं, लेकिन अंतिम 16 में मात्र एक खिलाड़ी बूंदी की सिमरनजीत कौर ने जगह बनाई। 48 खिलाड़ी अब तक 5 बार नेशनल खेल चुकी हैं।
अपराध नियंत्रण से आगे बढ़कर अब पुलिस समाज के भविष्य को गढ़ने की भूमिका में भी नजर आ रही है। राजधानी के निशातपुरा थाना क्षेत्र में आयोजित 16 दिवसीय ‘सृजन’ कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। इसमें बस्तियों के 350 बच्चों ने आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का पाठ सीखा। यह आयोजन पुलिस और मुस्कान संस्था के संयुक्त प्रयास से किया गया। ‘सृजन’ पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग की एक पहल है। इसके तहत निचली बस्तियों के बच्चों को मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों और लाइफ स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। इसका मकसद उन्हें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार नागरिक बनाना है। सांस्कृति कार्यक्रम.... गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर व एहसान नगर के बच्चों ने इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। समापन समारोह में डीआईजी विनीत कपूर समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्य के साथ सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। इसके बाद मार्शल आर्ट, पावर वॉक व अनुशासित परेड ने सबका ध्यान खींचा। पुलिस और अन्य एजेंसियों की वर्दी पहनकर बच्चों की परेड इस बात का संकेत थी कि सही मार्गदर्शन मिले तो प्रतिभा हर जगह उभर सकती है। जब एक पल बन गया सपना समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने पावर वॉक करती अपनी नन्ही बेटी को पुलिस यूनिफॉर्म में आईपीएस कैप पहनवाई। यह नजारा बच्चों के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य का सपना बन गया कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में समाज की सेवा कर सकते हैं। 16 दिनों में बदला व्यवहार प्रतिभागी बच्चों और उनके अभिभावकों ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में स्पष्ट बदलाव आया है। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण की रिपोर्ट बताते हुए सभी 350 बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिए।
संसद में बजट सत्र का सोमवार को 9वां दिन है। इससे पहले शुक्रवार को 8वें दिन भारी हंगामे के चलते सभा तीन बार स्थगित कर दी गई थी। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। आज भी हंगामे के आसार हैं। शुक्रवार को राज्यसभा में भी प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच राज्य मंत्री रवनीत सिंह बट्टू को लेकर तीखी बहस हुई थी। बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें गद्दार कह दिया था, जिसके बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। वहीं, INDIA ब्लॉक के फ्लोर लीडर्स आज सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बजट सत्र के लिए आगे की रणनीति तय करने के लिए मिलेंगे। बजट सत्र की पिछली 8 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 6 फरवरी: लोकसभा हंगामे के कारण पूरे दिन स्थगित, केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा। आज PM की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना बताया गया। अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा में फरवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। वर्तमान में सुबह और रात के समय न्यूनतम तापमान अधिकांश स्थानों पर 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। रविवार को जहां प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट हुई, वहीं दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज हुआ। प्रदेश में सोमवार को मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग की ओर से किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि दिन के दौरान कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। सोमवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहेगा और धूप खिलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। रात के तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। सर्दी की विदाई शुरू मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब प्रदेश में धीरे-धीरे सर्दी की विदाई शुरू हो चुकी है। ठंड का असर कम होते ही दिन के तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिलेगा। फरवरी के पहले पखवाड़े के बाद दिन और रात के तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड का प्रभाव लगभग समाप्त हो जाएगा। 17 फरवरी को होगा बदलाव मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 17 फरवरी के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान में बादल छा सकते हैं। हालांकि फिलहाल किसी प्रकार की वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है। धीरे-धीरे होगी गर्मी की आहट मौसम के जानकारों के अनुसार पूरे इलाके में धीरे-धीरे गर्मी की आहट सुनाई देने लगी है। आने वाले दिनों में सर्द ऋतु की विदाई और ग्रीष्म ऋतु की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जाएगी। दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के चलते लोगों को हल्की गर्मी का अहसास होने लगेगा।
फरीदाबाद में चल रहे 39वें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में झूला गिरने से हुए हादसे के बाद करीब 800 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस घटना में हरियाणा पुलिस के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद पर्यटन विभाग ने मेले के एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया। हालांकि, मेले के अन्य हिस्से पहले की तरह चलते रहेंगे। एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन में करीब 14 छोटे-बड़े झूले और लगभग 72 दुकानें लगाई गई थीं। हर दुकान पर 2 से लेकर 6 व्यक्ति तक काम कर रहे थे। इस हिस्से में दुकान लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने वेंडरों को भारी रकम एडवांस में दी थी। कई स्टॉल संचालक कर्ज लेकर सामान खरीदकर मेला स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन अब उनकी दुकानें बंद कर दी गई हैं। दुकानदारों का आरोप है कि पर्यटन विभाग की ओर से उन्हें न तो कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है और न ही अब तक रिफंड या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई भरोसा दिया गया है। पर्यटन विभाग के MD डॉ. पार्थ गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मेला खत्म (15 फरवरी) होने तक एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन पूरी तरह बंद रहेगा। इस सेक्शन की दुकानों को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा। पहले जानिए दुकानदारों ने क्या कहा…. MD बोले- कमेटी निरीक्षण करती थी पर्यटन विभाग के एमडी डॉ. पार्थ गुप्ता ने बताया कि झूलों की नियमित जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, जो रोजाना निरीक्षण करती थी। हादसे वाले दिन भी जांच की गई थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कमेटी के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच ADC सतबीर मान की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। वहीं फरीदाबाद पुलिस ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। ACP वरुण दहिया की अध्यक्षता में बनी SIT में NIT क्राइम ब्रांच के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर शीशपाल और सूरजकुंड थाने से सब इंस्पेक्टर संजय शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बनाए गए वेंडर मोहम्मद शाकिल और उसके साथी नितेश को गिरफ्तार कर लिया है। क्राफ्ट शॉप, फूड कोर्ट खुला सूरजकुंड मेले में अब क्राफ्ट की दुकानें, फूड कोर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम अभी भी चल रहे हैं। कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं और झांकियां भी निकाली जा रही हैं। इसके अलावा, 46 देशों से आए लोगों ने अपनी दुकानें लगाई हुई हैं। शनिवार शाम हुए हादसे के बाद रविवार सुबह मेले में लोगों की कमी जरूर देखी गई, लेकिन शाम होते-होते मेले में भीड़ हो गई। 7 फरवरी की शाम को हुआ हादसा सूरजकुंड मेला 31 दिसंबर को शुरू हुआ था। यह 15 फरवरी तक चलेगा। 7 फरवरी की शाम करीब 6:15 बजे सुनामी झूले पर 26 लोग झूल रहे थे। नीचे आते समय झूला अचानक टूटकर गिर गया, जिससे चीख पुकार मच गई और आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आसपास के दुकानदार और पुलिसकर्मी तुरंत राहत और बचाव कार्य में जुट गए। कुछ लोगों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, लेकिन तभी झूला रेलिंग से टकराकर और नीचे गिर गया। इस हादसे में पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में झूला टूटा, पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 12 घायल; वेंडर समेत 2 गिरफ्तार हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले में शनिवार को सुनामी झूला गिर गया। हादसे में पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। सूरजकुंड थाना पुलिस ने इस मामले में हिमाचल फन फेयर कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर और नितेश को गिरफ्तार किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
राजधानी में नगर निगम की व्यवस्थाएं पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। प्रदेश भर के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो भोपाल निगम के पास जनता की सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंच रही हैं, लेकिन उनका समाधान करने के मामले में निगम की रफ्तार बेहद सुस्त है। 1 जनवरी 2026 से 8 फरवरी 2026 तक भोपाल नगर निगम के पास अलग-अलग कैटेगरी में करीब 8 हजार शिकायतें पहुंची हैं। इसमें से 42% शिकायतों का अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है, जो प्रदेश में सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक है। बीते साल इसी दौरान करीब 5500 शिकायतें थीं, जिससे स्वच्छ सर्वे में भोपाल को फायदा मिला था। स्वच्छता के बड़े-बड़े दावों के बीच सफाई को लेकर भी भोपाल की स्थिति चिंताजनक है। सफाई के मामले में जबलपुर के बाद सबसे ज्यादा 1948 शिकायतें भोपाल निगम की मिली हैं। इसके अलावा अतिक्रमण और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों ने भी जनता की मुसीबत बढ़ा दी है, जिसकी शिकायतें दर्ज कराने में भोपाल प्रदेश में नंबर वन पर बना हुआ है। आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर है कि प्रदेश के बड़े शहरों के मुकाबले भोपाल में इसकी सबसे ज्यादा 531 शिकायतें हुई हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी लोगों को सबसे ज्यादा चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर की तुलना में भोपाल में इसको लेकर सबसे अधिक असंतोष है। स्रोत: निगम की ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली / सीएम हेल्पलाइन / निगम पोर्टल शिकायतों के मुख्य कारणसफाई और सीवेज की बढ़ती शिकायतें स्थानीय स्तर पर काम की कमी बताती हैं। पुराने इलाकों में पाइपलाइन से चोक और लीकेज हो रहे हैं। पुरानी केबलिंग से स्ट्रीट लाइट खराब रहती हैं। स्ट्रीट डॉग की सबसे ज्यादा शिकायतें (531) होने का कारण नसबंदी का प्रभावी न होना है। एबीसी सेंटर्स की क्षमता कम है और आवारा कुत्तों के फीडिंग स्पॉट को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों और प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए संतों ने विधानसभा में 5 फरवरी को खेजड़ी संरक्षण कानून की घोषणा पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह श्रेष्ठ पहल ऐतिहासिक है। संतों के सान्निध्य में समाज के प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज ने कहा कि 70 वर्षों में यह पहली बार हुआ है कि सरकार ने खेजड़ी के संरक्षण के लिए कानून बनाने की पहल की। वहीं, महंत स्वामी सच्चिदानंद ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने 27 अगस्त 2025 को पर्यावरण प्रेमी संतों और प्रतिनिधियों से खेजड़ी संरक्षण के सुझाव लिए थे और अब उन्होंने वचन निभाकर ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हमने पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से सुझाव लेते हुए खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने का आश्वासन दिया था। हमने विधानसभा में घोषणा की है और संतों के सुझाव के अनुरूप ही इसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि खेजड़ी संरक्षण के लिए शीघ्र कानून लाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद महाराज, महंत स्वामी सच्चिदानंद सहित सभी संतों का दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। मुलाकात के दौरान इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के.के. बिश्नोई, राजस्थान राज्य जीव जंतु बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, आचार्य महन्त स्वामी भगवान दास, महन्त स्वामी भागीरथदास शास्त्री, राजू महाराज, स्वामी कृपाचार्य, स्वामी बलदेवानन्द, स्वामी शिवज्योतीषानन्द, महन्त शिवदास रूडकली, स्वामी प्रेमदास महाराज, रविदास महाराज, सुरेन्द्रानन्द महाराज, रघुवरदास महाराज, शिवदास महाराज, महेशानन्द महाराज, विकास सहित अन्य संत उपस्थित रहे।
आरक्षक भर्ती 2025:हर लेवल पर KYC, बायोमैट्रिक लाइव... फेल तो परीक्षा से बाहर
मप्र पुलिस में आरक्षक (जीडी) और आरक्षक (रेडियो) के 7,500 पदों पर भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इसके तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीपीटी) 23 फरवरी से 10 मार्च तक होगी। ऑनलाइन परीक्षा 30 अक्टूबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच कराई गई थी, जिसके परिणाम 25 जनवरी को घोषित किए जा चुके हैं। सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज परीक्षण के साथ 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की परीक्षा देनी होगी। यह प्रक्रिया मप्र के 10 चयनित केंद्रों पर रोजाना सुबह 6 बजे से शुरू होगी। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद इस बार शारीरिक दक्षता चयन के अलग-अलग चरणों में आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य किया गया है, यानी उम्मीदवार की पहचान बार-बार होगी। पुलिस ने उम्मीदवारों को यह चेतावनी भी दी है कि उनका आधार नंबर लॉक नहीं हो, ताकि परीक्षा प्रणाली को चकमा देने वाले अभ्यर्थी इस बार परीक्षा से पहले ही पकड़े जा सकें। प्रक्रिया 15 दिन में : पुलिस मुख्यालय का कहना है कि 53 हजार उम्मीदवारों को दूसरे चरण के लिए बुलाया गया है। इस प्रक्रिया को 15 दिनों में पूरा करने की योजना है। फिजिकल टेस्ट के दौरान हर परीक्षा केंद्र पर पहले दो दिन रोजाना 200-200 उम्मीदवार, जबकि तीसरे दिन से रोजाना 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी। तिथि और केंद्र में कोई बदलाव नहीं:ऑनलाइन परीक्षा में सफल उम्मीदवार अपनी सूचना पत्र (एडमिट लेटर) वेबसाइट www.esb.mp.gov.in से डाउनलोड कर निर्धारित तिथि और स्थान पर ही पहुंचें। शारीरिक परीक्षा की तारीख या केंद्र में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। फिर भी सिस्टम की असली परीक्षा बाकी, क्योंकि…- पीपीटी सुबह 6 बजे से शुरू होंगे, इसलिए हड़बड़ी की संभावना- बड़ी संख्या यानी करीब 53 हजार अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे, हर किसी पर नजर रखना मुश्किल- अस्थायी स्टाफ, अब भी सिस्टम की कमजोर कड़ी बन सकते हैं। पैटर्न: ऑनलाइन नहीं, ग्राउंड में जाकर होगी पहचान तब (आरक्षक भर्ती–2023)पहले बायोमैट्रिक में 60% मैच पर आधार अपडेट।खामी का फायदा उठाकर डमी कैंडिडेट बैठाए गए।आधार एजेंट-सॉल्वर नेटवर्क का खुलासा, 30 संदिग्ध पकड़े ।रेटिना-फिंगरप्रिंट में छेड़छाड़ बाद में पकड़ में आती थी। अब (आरक्षक भर्ती–2025)पीपीटी के अलग-अलग चरणों में आधार ई-केवाईसी अनिवार्य।प्रतिशत का विकल्प खत्म। पूरा बायोमैट्रिक मैच नहीं हुआ तो ऑथेंटिकेशन फेल माना जाएगा यानी परीक्षा से बाहर।ऑनलाइन नहीं, ग्राउंड लेवल पर पहचान की जांच होगी। भोपाल समेत 10 शहरों में होंगे पीपीटी केंद्र भोपाल (लाल परेड ग्राउंड)इंदौर (एमटीडी परिसर)जबलपुर (रांझी)ग्वालियर (14वीं वाहिनी विसबल, कम्पू)उज्जैन (महानंदा एरीना)सागर (इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज)रीवा (9वीं वाहिनी)बालाघाट (36वीं वाहिनी)रतलाम (भगत सिंह महाविद्यालय, जावरा)मुरैना (5वीं वाहिनी विसबल) में परीक्षा आयोजित होगी।
भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बेवजह मुकदमे दायर करने पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अदालतों में बढ़ते लंबित मामलों की सबसे बड़ी वजह सरकारी केस हैं। सुप्रीम कोर्ट और सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के बीच इस बात पर गंभीर चर्चा हुई कि सरकारों को वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सरकार की ओर से केस दायर किए जाने पर अब जज ही उन्हें यह कहें कि पहले आपसी समझौते से समाधान के विकल्प तलाशें, उसके बाद ही अदालत का रुख करें। इसके साथ ही सरकारी पक्ष को यह भी कहा जाएगा कि वर्षों तक अदालतों में केस लड़ने से होने वाले नुकसान के बजाय सरकारें मामूली नुकसान स्वीकार कर तुरंत समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। क्रिमिनल मामलों में लंबित केसों का बोझ कम करने के लिए यह रणनीति भी तय की गई कि 7 साल तक की सजा वाले मामलों को सुनवाई में प्राथमिकता दी जाएगी। गौरतलब है कि एकीकृत-प्रभावी और जनकेंद्रीत न्यायपालिका पर आधारित कॉन्फ्रेंस का समापन रविवार को हुआ। पहली बार... न्यायपालिका की सबसे ताकतवर तस्वीर सबसे अगली पंक्ति में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और एनजेए के डायरेक्टर जस्टिस अनिरुद्ध बोस। साथ में सुप्रीम कोर्ट के 8 वरिष्ठ न्यायाधीशगण। दूसरी व तीसरी पंक्ति में देश की 25 हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस। इनमें मप्र के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, तीसरी पंक्ति में दाएं से दूसरे नंबर पर। राष्ट्रीय न्यायिक नीति पर सहमति, लेकिन मीडिया ट्रायल पर सख्त रुख मप्र हाई कोर्ट में 65% से अधिक केस सिर्फ सरकार से जुड़े हुए हैं
कलेक्टर ने खुद ही कांग्रेसियों पर भांजी लाठी:वीडियो वायरल... स्थिति बिगड़ती देख एक्शन में प्रशासन
शहडोल के धनपुरी में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब उनका काफिला कॉलेज तिराहा से आगे बढ़ा। सभास्थल से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता काफिले की ओर बढ़े तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने एक आरक्षक से डंडा लेकर खुद प्रदर्शनकारियों पर लाठी भांज दी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
भोपाल के जलाशय अब सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि देशी-विदेशी परिंदों की पसंदीदा ठिकाना भी बनते जा रहे हैं। इसका प्रमाण 40वें एशियन वाटरबर्ड सेंसस का ताजा डेटा देता है। इस गणना के तहत पहली बार पूरे मध्य प्रदेश में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की एक साथ गणना की गई। इसमें प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, 16 वन वृत्त और 63 वन मंडल शामिल किए गए। सामान्य वन मंडलों में गणना पूरी हो चुकी है। गणना में पक्षियों की सबसे अधिक प्रजातियां जबलपुर वन मंडल में दर्ज की गईं। वहीं रामसर साइट भोज वेटलैंड, बिशनखेड़ी (भोपाल) प्रजातियों के मामले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा रातापानी क्षेत्र के दाहोद, कलियासोत और हलाली डेम में भी विभिन्न प्रजातियों के पक्षी पाए गए हैं। टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों के जलाशयों में यह गणना प्रक्रिया 11 फरवरी तक जारी रहेगी। भोज वेटलैंड सिर्फ प्रजातियों की विविधता में ही नहीं, बल्कि जलीय पक्षियों की संख्या में भी आगे रहा। यहां 2430 जलीय पक्षी दर्ज है। इससे यह प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं कलियासोत डेम चौथे और हलाली बांध पांचवें स्थान पर रहा। समृद्ध जैव विविधता... भोज वेटलैंड में 2430 जलीय पक्षी मिले ये देशी-विदेशी परिंदे मिले... गणना के दौरान इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, यूरेशियन मूरहेन, सारस क्रेन, रेड-वॉटल्ड लैपविंग, व्हाइट-थ्रोटेड किंगफिशर, एलेक्जेंड्राइन पैराकीट, एशी प्रिनिया, ब्लैक ड्रोंगो, रेड-वेंटेड बुलबुल जैसी प्रजातियां दर्ज की गईं। गुलाबी मैना, साइबेरियन स्टोनचैट, यूरेशियन रेने, यूरेशियन केस्ट्रेल और कश्मीर से आने वाला टाइगा फ्लायकैचर भी दिखा। पूरी गणना ई-बर्ड ऐप के माध्यम से की गई, जिससे डेटा को डिजिटल रूप से दर्ज और विश्लेषित किया गया। पक्षियों की मौजूदगी से सामने आई जलाशयों और वेटलैंड की सेहत की पूरी तस्वीरयह पहला अवसर है, जब जंगलों और जल स्रोतों की सेहत का आकलन पक्षियों की मौजूदगी के आधार पर किया गया। सर्वे में जिन इलाकों में पक्षियों की प्रजातियां अधिक दर्ज हुईं, वहां वेटलैंड को सुरक्षित रखने की जरूरत स्पष्ट हुई। अध्ययन से यह भी सामने आया कि शहरी क्षेत्रों के जलाशयों में भी उल्लेखनीय जैव विविधता मौजूद है। इससे संकेत मिलता है कि सही संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से शहरी जल स्रोत भी पर्यावरणीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 40वें एशियन वाटरबर्ड सेंसस में पहली बार एमपी के सभी वन वृत और वन मंडल शामिल को शामिल किया गया है। सामान्य वन मंडल की गणना में अभी प्राथमिक रुझान सामने आए है। अभी सेंचुरी और टाइगर रिजर्व की गणना चल रही है। जिसके बाद डेटा का विश्लेषण कर सही आंकलन होगा।'-श्रीनिवास मूर्ति, पूर्व आईएफएस व सेंटल इंडिया के नोडल अधिकारी, 40वीं एशियन वाटरबर्ड सेंसस संस्था
सुस्त सिस्टम:स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हुआ 29 करोड़ महंगा तो कृषि भवन पर 7 करोड़ खर्च बढ़ा
कौशल स्वर्णबेर/ सुधीर उपाध्याय की रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी भवनों और परियोजनाओं की बढ़ती निर्माण लागत सवालों के घेरे में है। नवा रायपुर में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की लागत में करीब 29 करोड़ की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर 7 करोड़ खर्च करने के बाद भी निर्माण अधूरा ही है। इसे पूरा करने में अब और 7 करोड़ खर्च करने होंगे। देरी, विवाद, महंगे टेंडर और कमजोर निगरानी के कारण जनता के पैसों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। हद तो यह है कि बढ़ती लागत के कारण तलाशने बार-बार जांच होती है लेकिन ना तो रिपोर्ट सार्वजनिक होती है और ना ही कार्रवाई। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की संशोधित लागत और अतिरिक्त बजट स्वीकृति पर अंतिम निर्णय अब राज्य शासन को लेना है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स : लागत 85 करोड़ से 114 करोड़ हुईनवा रायपुर अटल नगर में बनने जा रहे बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (फेज-1) की लागत में बड़ा उछाल सामने आया है। पहले इस परियोजना को 85.05 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन अब इसकी लागत बढ़ाकर 114.05 करोड़ करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। यानी करीब 29 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। यह प्रस्ताव नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को भेजा गया है। जिसके बाद खेल संचालनालय की ओर से खेल मंत्रालय को इसकी चिट्ठी भेजी गई है। दरअसल खेल विभाग ने 13 मार्च 2025 को परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी थी। इसके बाद 81.82 करोड़ के इस्टीमेट पर टेंडर जारी हुआ। निविदा प्रक्रिया में डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, कोरबा सबसे कम दर पर चयनित हुई, लेकिन उसकी दर लागत से 19.70 फीसदी अधिक रही। इस आधार पर स्वीकृत निविदा राशि 97.94 करोड़ पहुंच गई। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल ने 24 नवंबर 2025 की बैठक में इस दर को मंजूरी दे दी और संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया बढ़ाने के लिए सीईओ को अधिकृत किया। काम शुरू करने के आदेश जारीचयनित एजेंसी डी.वी. प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, कोरबा को 1 दिसंबर 2025 को वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है। सेक्टर-28 में इस काम को 18 महीने में पूरा करा था आैर इसके लिए 4.89 करोड़ रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी दी गई है। पुरानी लागत पर एनआरडीए कराएगा निर्माणस्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण एनआरडीए द्वारा कराया जा रहा है। जमीन चिन्हांकन से लेकर ठेके की पूरी प्रक्रिया नवा रायपुर विकास प्रािधकरण के जिम्मे है। इसके निर्माण की लागत नहीं बढ़ी है। - तनूजा सलाम, संचालक खेल विभाग शासन ने कृषि विवि से पूछा- खर्च बढ़ने का दोषी कौन? इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन 7 साल बाद भी अधूरा है। भवन निर्माण की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी और तब इसे डेढ़ साल में बनकर तैयार होना था। तब अनुमानित लागत 7 करोड़ रुपए थी। वर्ष 2019 में ठेकेदार और इंजीनियरिंग शाखा के बीच विवाद के कारण काम बंद हो गया। कृषि विवि ने निर्माण फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। हालांकि इसे पूरा करने पर और 7 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। खर्च बढ़ने पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विवि प्रबंधन से पूछा है कि लागत दोगुनी होने के लिए जिम्मेदार कौन है? क्यों ना इसकी जांच कराई जाए? वैसे अब तक न तो जांच शुरू हो सकी है और न ही काम फिर शुरू करने का नया टेंडर हुआ है। इक्यूबेशन सेंटर पर भी हुए थे 16 करोड़ अधिक खर्च कृषि विवि में निर्माण लागत दोगुने का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इसी परिसर में बन रहे बायो-इन्क्यूबेशन सेंटर में भी बढ़ी लागत और समय को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगभग 14 करोड़ से बनने वाले इस भवन पर अब तक 30 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सेंटर का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। इसे 2024 तक पूरा करना था। तय समयसीमा खत्म होने के दो साल बाद भी लगभग 90 प्रतिशत निर्माण हो सका है।
टीबी जैसी घातक बीमारी के संदिग्ध मरीजों की जांच और इलाज में नाकामी खुल कर सामने आ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक साल में 1 लाख 65 हजार से ज्यादा संदिग्ध मरीज तलाश। ये किसी न किसी रूप में टीबी मरीजों के संपर्क में हैं। लेकिन इनमें सिर्फ 33 हजार को ही सुरक्षा के तहत इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। एक्स-रे जांच का और भी बुरा हाल है। 28 लाख से ज्यादा मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही टीबी के संदेह में एक्स-रे जांच के लिए चुना गया। इनमें से केवल 8 लाख की ही एक्स-रे जांच की गई है। राष्ट्रीय कार्यक्रम की यह स्थिति रायपुर समेत राज्य के सभी जिलों में है। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि एक्स-रे जांच में 8 जिले रेड जोन में हैं, जबकि संदिग्ध मरीजों के इलाज में 11 जिलों को रेड जोन में रखा गया है। यलो जोन में 15-15 जिले हैं, लेकिन बाकी जिले जो ग्रीन जोन में है उनमें भी 70 फीसदी संदिग्धों की जांच और इलाज किया जा रहा है। किसी भी जिले में न तो शत-प्रतिशत संदिग्धों का इलाज किया जा रहा है और न ही एक्स-रे जांच की जा रही है। रायपुर जहां सभी तरह के संसाधन और एक्स-रे मशीन तक उपलब्ध है। यहां केवल 41 प्रतिशत संदिग्धों की एक्स-रे जांच की गई है। कभी एक्स-रे मशीन खराब तो कभी फिल्म का टोटा राज्य के अलग-अलग हेल्थ सेंटरों से जानकारी लेने पर पता चला कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में एक्स-रे मशीन नियमित रूप से चलती है लेकिन 200 से अधिक सामुदायिक और पीएचसी में एक्स-रे मशीन अक्सर खराब रहती है। इससे भी ज्यादा दिक्कत एक्स-रे फिल्म की रहती है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन सीजीएमएससी के माध्यम एक्स-रे फिल्म की सप्लाई की जाती है। झुग्गी बस्ती में संदिग्धों की जांच में भी पिछड़े टीबी फैलने से रोकने के लिए घनी और झुग्गी बस्तियों में टीम भेजकर संदिग्धों की जांच के निर्देश है। इसमें भी राज्य के कई जिले बुरी तरह से पिछड़े हुए हैं। राज्य के आठ जिले सक्ती, बेमेतरा, जशपुर, नारायपुर, केसीबी, दंतेवाड़ा, बिलासपुर और बालोद रेड जोन में है। इसमें बिलासपुर जैसा बड़ा जिला शामिल है। जबकि यहां न मैदानी अमले की कमी है और न ही जांच के संसाधनों का अभाव है। संदिग्धों की जांच में 12 जिले यलो यानी जोन में है यानी यहां जांच आधी भी नहीं हो रही है। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. सुभाष मिश्रा, रिटायर्ड राज्य महामारी नियंत्रण प्रभारी घातक बीमारी, इसलिए संदिग्धों का इलाज जरूरी टीबी गंभीर और घातक बीमारी है। लापरवाही बरतने पर इसके समाज में फैलने का खतरा है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित किया है। टीबी को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीमारी को प्रारंभिक लक्षण में पता लगाने प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। मरीज के संपर्क में रहने या देखभाल करने वाले सभी लोगों का इलाज किया जाता है ताकि बीमारी एक दूसरे से न फैले। पांच दिन से ज्यादा खांसी रहने पर बलगम की जांच का प्रोटाकॉल भी बनाया गया है। टीबी के इलाज और फैलने से रोकने के सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है।
परकोटा में मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। विवाद के बाद इलाके में तनाव की स्थिति रही, जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त जाब्ता तैनात करना पड़ा। विवाद उस समय बढ़ा जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य निर्माण रुकवाने पहुंचे। इसकी सूचना मिलते ही किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंच गए। विरासत से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: बालमुकुंदाचार्य हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मजार की छत निर्माण पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि परकोटा क्षेत्र ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व का इलाका है, जहां किसी भी प्रकार के नए या बदले हुए निर्माण के लिए सख्त नियम लागू हैं। उनका आरोप है कि सब्जी मंडी की जमीन पर पक्की छत डालकर मजार बनाई जा रही है, जबकि यह जमीन निगम की है। परकोटे की दीवार से 5 मीटर के दायरे में निर्माण की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद दीवार में सरिए डालकर काम किया जा रहा है। मजार एक ओर गणेशजी मंदिर और दूसरी ओर हनुमानजी मंदिर की दीवार से सटाकर बनाई जा रही है, जबकि पहले यहां ऐसा कोई निर्माण नहीं था। निगम अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों के खिलाफ काम हो रहा है। परकोटा की विरासत से किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानूनी अनुमति के तहत हो रहा काम: अमीन कागजी किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने बालमुकुंदाचार्य के आरोपों को खारिज किया। कागजी ने कहा कि जिस छत निर्माण को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसके लिए नगर निगम की ओर से वर्कऑर्डर जारी किया है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं। कागजी मौके पर आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास कार्य भी हुए हैं, तब किसी ने परकोटा या विरासत की बात नहीं की। उन्होंने कहा, ‘तब आपको परकोटा नहीं दिखा, जब कहां थे महाराज?’ कागजी ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में आकर जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताया और जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत भी दी है। वैधता की जांच जारी एडि. डीसीपी बजरंग सिंह ने बताया कि संजय सर्किल स्थित सब्जी मंडी परकोटा क्षेत्र में एक भवन की छत निर्माण को लेकर रविवार सुबह 11 बजे विवाद हुआ था। निगम द्वारा वर्क ऑर्डर जारी किया है, लेकिन वैधता की जांच की जा रही है। नियम विरुद्ध किया निर्माण“एमएलए कोटे से 20 लाख से मजार का हॉल बनाया जा रहा है। निगम ने वर्क ऑर्डर जारी किया था। ठेकेदार ने परकोटे की दीवार में सरिए डालकर निर्माण कर दिया, जो नियम विरुद्ध है।” -हेमराज ढाका, एक्सईएन
स्मार्ट मीटर:घर में कब ज्यादा जल रही और कब कम इसे ट्रैक करके उपभोक्ता रोक सकेंगे बिजली की फिजूलखर्ची
प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर से लोग अपने घरों में खपत होने वाली बिजली की निगरानी कर सकेंगे। हर 30 मिनट में उन्हें खपत होने वाली बिजली की जानकारी मिल जाएगी। दिनभर में कितनी यूनिट बिजली जली है और दिन के किस वक्त में सबसे ज्यादा खपत हो रही है। इसकी पूरी निगरानी होगी। उपभोक्ता को यह पता चलेगा कि गैर जरूरी वक्त पर बिजली की खपत ज्यादा हो रही है तो वे उस वक्त बिजली बचाने के लिए जरूरी उपाय कर सकेंगे। इससे उनके बिजली बिल में बचत होगी। प्रदेश में 65 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 59 लाख घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने का काम चल रहा है। 30 लाख से अधिक घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं। मीटर लगने के बाद सबसे पहले सरकारी विभागों में प्रीपेड सिस्टम शुरू होगा। इसमें उन्हें पहले मीटर को रीचार्ज कराना होगा। उसके बाद बिजली की खपत होगी। यह एक मुख्य अंतर है नए स्मार्ट यानी प्रीपेड मीटर और पुराने मीटर में। अब दूसरा और महत्वपूर्ण अंतर यह है कि लोग हर दिन और हर आधे घंटे की खपत देख सकेंगे। बिजली कंपनी के अफसरों का कहना है कि एक सामान्य परिवार में रोज 12 से 15 यूनिट बिजली की खपत होती है। इसे आधे-आधे घंटे में बांटा जाए तो यह यह 0 से अधिकतम डेढ़-दो यूनिट तक पहुंच जाता है। आधे घंटे के अंतराल की खपत से यह पता चल जाएगा कि किस समय सबसे ज्यादा बिजली खपत हो रही है। पिक आवर्स में खपत को नियंत्रित करने के उपाए किए जा सकते हैं। एक सप्ताह की खपत भी देख सकेंगेस्मार्ट प्रीपेड मीटर में उपभोक्ता पिछले एक सप्ताह की खपत देख सकेंगे। यदि उपभोक्ता को लगता है कि उनके घर में ज्यादा बिजली की खपत हो रही है तो प्रीपेड मीटर में पिछले एक सप्ताह के दौरान हर दिन की खपत भी देख सकेंगे। यदि सामान्य तौर पर होने वाली खपत से ज्यादा बिजली की खपत हो रही है तो वे इसकी शिकायत कर सकेंगे। कंपनी के अफसरों के अनुसार इसके लिए उपभोक्ता को मोर बिजली एप डाउनलोड करना होगा। एप डाउनलोड करने के बाद उन्हें स्मार्ट मीटर खपत का विंडो खोलना होगा। यदि किसी उपभोक्ता के घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है तो वे इस सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही वे इसका उपयोग कर पाएंगे।
तेलीबांधा तालाब किनारे सड़क पर वाहन खड़े करने वालों से नगर निगम एक बार फिर पार्किंग शुल्क वसूलने की तैयारी में है। निगम का कहना है कि शाम के समय जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से निपटने के लिए यह व्यवस्था जरूरी है। इसी क्रम में पुलिस ने भी जाम की समस्या को देखते हुए तालाब किनारे बने फुटपाथ पर रैंप बनाकर उसे पार्किंग के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव निगम को भेजा है। निगम का दावा है कि शुल्क लागू करने से पहले मौके पर सर्वे कराया गया है और इवनिंग वॉक पर आने वालों को राहत देने की योजना भी बनाई गई है। इसके तहत अलग से ग्रीन जोन विकसित कर निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक वीकेंड पर शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक यहां 600 से अधिक बाइक और 100 से ज्यादा कारें रोटेशन में पार्क होती हैं। इस दौरान करीब 1600 लोग इलाके में मौजूद रहते हैं। वीकेंड पर लेन से बाहर वाहन खड़े करने पर लगभग 70 ई-चालान कटते हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 40 से 50 रहती है। गौरतलब है कि पहले सड़क के एक लेन को पार्किंग बनाकर शुल्क वसूलने के प्रस्ताव का शहरवासियों और विपक्ष ने कड़ा विरोध किया था। विरोध के बाद ही निगम ने दोबारा सर्वे कराया है। इस तरह समझें...तालाब की क्रोनोलॉजी तेलीबांधा तालाब को सुंदर बनाने 2010 में करोड़ों खर्च किए गए। तालाब की सौंदर्यीकरण के बाद लोगों के टहलने के लिए पाथवे बनाया। बच्चों के खेलने के लिए तालाब किनारे गार्डन बनाए गए । सुबह-शाम वॉक पर आने वालों के लिए ओपन जिम बनाए गए। तालाब से पैसा कमाने के लिए वेंडिंग जोन बनाए गए। फिर कमर्शियल एडवेंचर गेम जोन बनाए गए। तालाब के किनारे ही स्थायी फूड कोर्ट बनाकर निगम लाखों रुपए वसूल रही। अब यहां आने वालों से सड़क पर गाड़ी खड़ी करने का भी पैसा वसूलने की तैयारी है। सर्वे के बाद निगम ने लिया फैसला महापौर मीन चौबे ने कहा कि हमने पहले पार्किंग की स्थिति को लेकर टीम से सर्वे कराया है। यहां शाम के समय करीब 170 बाइक और 60 कारें वाक पर आने वालों की होती है। वाक करने वाले गाड़ी खड़ी कर टहलते हैं और आधे से एक घंटे समय बिताकर जल्दी चले जाते हैं। जबकि रेस्टोरेंट्स में घंटों बैठने वालों की संख्या अधिक होती है। इनकी गाड़ियों से ही पार्किंग वसूली करेंगे। वहीं इवनिंग वॉक पर आने वालों के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जाएगा। यहां करीब 200 बाइक और 70 कारों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। पार्किंग सिर्फ शाम के समय वसूला जाएगा। जाम से निजात के लिए रैंप बनवाएगी पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस ने शहर का सर्वे कर 40 सड़क और चौक को चिन्हित किया है, जहां सबसे ज्यादा जाम लगता है। इसमें तेलीबांधा तालाब के सामने की सड़क भी शामिल है। यहां जाम की मुख्य वजह सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ी होने वाली गाड़ियां हैं। इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने प्रस्ताव तैयार किया है कि तालाब किनारे जो फुटपाथ बनाया गया है, उसमें रैंप बनाया जाए। इससे बाइक फुटपाथ पर खड़ी होगी और चारपहिया सड़क पर। इससे गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा। वहीं, अंदर बने पाथवे पर लोग वॉक कर सकेंगे।
गृहमंत्री का दावा:10 साल में बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित ट्राइबल जिला
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर भी गोली चलाना नहीं चाहती। माओवादी हथियार डाल दें हम उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे। शाह ने महिला माओवादियों से कहा कि जो बच्चियां हाथ में बंदूक लेकर खड़ी हैं उनसे दोनों हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि आप सरेंडर कर दीजिए आपके लिए आगे अच्छा जीवन इंतजार कर रहा है। शाह ने ‘छत्तीसगढ़ के 25 साल’ पर आधारित किताब के विमोचन के दौरान यह बातें कहीं। शाह ने दावा किया कि 90 प्रतिशत क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है और मार्च 2026 तक इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से सड़क, स्कूल, अस्पताल, मोबाइल टावर और रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं और आदिवासी परिवारों तक राशन, स्वास्थ्य और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष पहल की गई है। कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक नक्सलवाद को प्रश्रय दियाकेंद्रीय गृहमंत्री ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पांच वर्षों के दौरान राज्य में कई घोटाले और भ्रष्टाचार के मामले सामने आए। उस दौरान नक्सल आंदोलन को अप्रत्यक्ष रूप से प्रश्रय मिला, जिससे विकास की गति प्रभावित हुई। शाह ने कहा कि जनता ने इसी कारण कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर किया और अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी है। छत्तीसगढ़ नक्सलगढ़ से विकास का मॉडल बन रहा, अंत की ओर नक्सलवाद का अस्तित्व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को नवा रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा का सबसे बड़ा गढ़ माना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब निर्णायक बदलाव के दौर में है। शाह ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुंच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश को पूरी तरह नक्सल-मुक्त कर दिया जाएगा। गृह मंत्री ने सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की और कहा कि डबल इंजन सरकार के मॉडल ने छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल दी है। अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की बहु-स्तरीय रणनीति अब ज़मीन पर असर दिखा रही है। इसमें नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा केन्द्रित ऑपरेशन, सड़कों, टेलीकॉम, कैंप और बुनियादी सुविधाओं का तेज़ इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर सख्त प्रहार, प्रभावी और आकर्षक आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति शामिल है। गृह मंत्री ने कहा कि जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा की वजह से सुर्खियों में रहता था, वह आज विकास की नई पहचान बना रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को समान विकास अवसर से जोड़ा जाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आईबी निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सीआरपीएफ, एनआईए, बीएसएफ, आईटीबीपी के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव व पुलिस महानिदेशक मौजूद रहे। समन्वय पर फोकस, पड़ोसी राज्यों की शरण न लें नक्सली नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अब उस दौर में पहुंच चुकी है, जहां सिर्फ ऑपरेशन चलाना काफी नहीं, बल्कि राज्यों और एजेंसियों के बीच सटीक समन्वय ही निर्णायक भूमिका निभाएगा। रायपुर में समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्रीय और राज्यों की एजेंसियों से दो टूक कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान बिखरा हुई नहीं बल्कि संगठित और समन्वय के साथ होना चाहिए और पड़ोसी राज्यों में नक्सली जाकर न छिप जाएं। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों के सामने लंबे समय से एक बड़ी चुनौती यह रही है कि दबाव बढ़ने पर नक्सली एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमा में खिसक जाते हैं। घने जंगलों और दूरस्थ इलाकों से घिरी अंतरराज्यीय सीमाएं उनके लिए अस्थायी शरणस्थली बन जाती हैं। इससे अभियान की रफ्तार टूटती है और बलों को नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ती है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग को और मजबूत किया जाए। केंद्रीय एजेंसियों सीआरपीएफ, आईबी, एनआईए और राज्य पुलिस बलों के बीच ऐसा तंत्र हो, जहां किसी भी संदिग्ध मूवमेंट, फंडिंग चैनल या कैडर गतिविधि की सूचना तुरंत साझा हो और संयुक्त कार्रवाई में देरी न हो। रणनीति का उद्देश्य साफ है कि नक्सलियों के लिए किसी भी क्षेत्र को सुरक्षित ठिकाना बनने से रोकना। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा मजबूत कर लगातार दबाव बनाए रखना और ऑपरेशनों को एक-दूसरे से जोड़कर चलाना अब फोकस में है। सुरक्षा जानकार मानते हैं कि नक्सलवाद के इस अंतिम चरण में इंटर-स्टेट समन्वय ही वह कड़ी है, जो संगठन के बचे हुए ढांचे को पूरी तरह तोड़ सकती है। स्पष्ट है कि सरकार अब नक्सलवाद को किसी एक राज्य की समस्या नहीं, बल्कि साझा राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती मानते हुए अंतिम प्रहार की रणनीति पर काम कर रही है।
नारायणपुर जिले का लाइवलीहुड कॉलेज आज सामान्य शैक्षणिक संस्थान नहीं रह गया है। चारों ओर सुरक्षाबलों का घेरा, बिना अनुमति प्रवेश वर्जित, क्योंकि यही कॉलेज अब नक्सलियों का पुनर्वास केंद्र है। कभी इसी इमारत पर हमला करने वाले 110 आत्मसमर्पित नक्सली आज यहीं सिलाई, ड्राइविंग, नल-सोलर मिस्त्री जैसे हुनर सीख रहे हैं। इनके हाथों में अब बंदूक नहीं, बल्कि औजार और किताबें हैं। लेकिन इनके भीतर का अतीत आज भी डराता है। कई नक्सलियों पर तो 8 लाख तक का इनाम घोषित था। पहली बार कोई अखबार इस पुनर्वास केंद्र तक पहुंचा। यहां दैनिक भास्कर ने नक्सलियों से बातचीत कर समझने की कोशिश की कि आखिर गांवों के मासूम आदिवासी दुर्दांत नक्सली कैसे बन गए। इस सवाल का जवाब मिला नाटक, नक्सल साहित्य देकर प्रशासन के खिलाफ उन्हें बरगलाया गया। हथियार देकर कहा गया कि लड़ो... तुम योद्धा हो। कॉलेज के प्राचार्य मानकलाल अहिरवार बताते हैं कि ये लोग आज भी अतीत और भविष्य की बात सोचकर बेचैन हो जाते हैं। कुछ नाखूनों से दीवारें खुरचते हैं, कुछ को हंसते देखा ही नहीं गया। कई गांव लौटना नहीं चाहते। हालांकि, एक बात साफ है- ये बेहद अनुशासित हैं और सीखने की तीव्र ललक रखते हैं। घरवालों ने रोका था, पर मेरा मन बदल चुका था: रमली मैं नारायणपुर के परथापुर गांव की रहने वाली हूं। 2008 में संगठन के नाच-गाने से प्रभावित होकर उनसे जुड़ी। 6 भाई- बहनों में दूसरे नंबर की हूं। जब मैं नक्सली बनी तो घरवालों ने रोका। लेकिन गरीबों से अन्याय के खिलाफ मुझे लड़ना था। इसलिए नहीं लौटी। वहां अजय दा ने बंदूक चलाना सिखाया। हमें सिखाया गया कि पुलिस हमारी दुश्मन है। पहले एरिया कमेटी में जोड़ा गया। तब 15 से 30 हजार रुपए आते थे। इसी से खर्च चलाना होता था। जंगल में चलते ही रहते थे। बीमार होते समय डिवीजन कमेटी वाले इलाज करवाते थे। 2024 में पिता चल बसे। उधर, पुलिस का दबाव बढ़ रहा था। तब मैंने हमारे नेता भास्कर और रूपेश दादा से विचार करके सरेंडर कर दिया। बंदूक साफ करते-करते चलाना सीखा: पंडीराम ध्रुवकटुलनार निवासी पंडीराम ध्रुव बताते हैं कि 21 साल की उम्र में 2010 में नक्सली बने। गांव में आने वाले नाटक, पर्चे और जल-जंगल-जमीन की बातें उनके मन में घर कर गईं। पहले बंदूक साफ करने का काम मिला, फिर चलाना सिखाया गया। 4 मुठभेड़ों में पुलिस से आमना-सामना हुआ, लेकिन वे कभी पकड़े नहीं गए। जब मैं संगठन में आया तो मेरी शादी हो चुकी थी। पार्टी का नियम है कि अनुमति लेकर पत्नी से मिलने जा सकते हैं। दो-चार साथी लेकर मैं परिवार से मिलने जाता था। हमें कोई वेतन नहीं मिलता था, बस जंगल को बचाना है यही हमारा उद्देश्य था। रूपेश दा के साथ 210 लोगों ने सरेंडर किया, हम भी साथ आने वाले थे। लेकिन तब नहीं आ पाए। बाद में सलाह लेकर मुख्य धारा में जुड़े हैं। अब समझ आ रहा कि जंगल की जिंदगी से यह अच्छी है। डॉक्टर की तरह ट्रेनिंग, टांके लगाना, नसबंदी सीखी: सुखलाल ऐनमेटा गांव के सुखलाल 14 साल की उम्र में संगठन से जुड़ गए। वे बताते हैं, 2006 में आकाबेड़ा में पढ़ता था, जहां नक्सली मेजर दिलीप आते थे। वे कहानी सुनाते। उससे हथियार उठाने की सोची। मेरा सपना था डॉक्टर बनूं। मेरे लीडर को जब पता चला तो उन्होंने बंगाल से आए डॉक्टर शंकर से मेरी ट्रेनिंग करवाई। 3 महीने में ही मैं कमर दर्द, उल्टी, दस्त, छोटी सर्जरी करना सिखाया गया। जैसे बुलेट निकालकर टांका लगाना, नसबंदी करना सीखा। 2022 के बाद फोर्स का मूमेंट बढ़ा। 23 मई 2024 को रुकवाया में घिर गए। तब मैं रेला दीदी का इलाज कर रहा था, जो आंध्र की थीं। मुठभेड़ में 8 लोग मारे गए। 20 अगस्त 2025 को मैंने सरेंडर कर दिया। मैं बीजीएल और 12 बोर की बंदूक बनाता था: दिवाकरकांकेर जिले के दिवाकर गावड़े बताते हैं कि सलवा जुड़ूम के दौर में फोर्स की कार्रवाई और नक्सलियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उन्हें संगठन की ओर मोड़ा। 2004 में वे नक्सलियों के साथ चले गए। बाद में अबूझमाड़ में उन्हें देसी हथियार बनाना सिखाया गया। जनरेटर से वेल्डिंग कर पाइप बनते, ट्रकों की पट्टी से बैरल तैयार होते। उनके बनाए हथियार कई मुठभेड़ों में इस्तेमाल हुए। ब्रेनवॉश कर मन बदला, पति की कर दी गई नसबंदी: कमला जूरी मैं ऐनमेटा गांव की हूं। 2006 में गांव में नक्सली आते थे। वह नाटक से बताता कि हमारा शोषण हो रहा है। यह सुन मन बदल गया। मैं उनके साथ चली गई। मुझे अबूझमाड़ में डिप्टी कमांडर बनाया गया। एक साथी के साथ शादी हो गई। बाद में पति की नसबंदी कर दी गई। लीडर्स से बात करके मैंने 20 जुलाई 2025 को सरेंडर कर दिया। जंगल में 19 साल बिताने के बाद अब यहां थोड़ा मुश्किल है। ब्रेनवॉश करते थे नक्सली आत्मसमर्पित 20 नक्सलियों से बात करने के बाद सामने आया कि मासूम आदिवासियों का ब्रेनवॉश ऐसे होता था... नक्सली संगठन नाट्य मंडली से गांव-गांव नाटक और गीतों से प्रचार करता था। लोगों को इकट्ठा कर जल-जंगल-जमीन, खनन और शोषण की कहानियां सुनाता था। 10 से 20 साल के युवा खास निशाने पर रहते। छत्तीसगढ़ी समेत दूसरी भाषा में नाटक किए जाते थे। सरेंडर नक्सली कॉलेज में हुनर सीख रहे हैं। लेकिन जंगल की यादें, खोए हुए साल और भीतर का डर आसानी से पीछा नहीं छोड़ता। फिर भी, मुख्यधारा में लौटने की ये कोशिश शायद उनके जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई है- जिसमें जीत का मतलब है, शांत जीवन।

