22वें वर्ष मढ़ीनाथ मंडल का जत्था रवाना:55 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए बरेली से प्रस्थान
बरेली के मढ़ीनाथ मंडल से 55 श्रद्धालुओं का एक जत्था बुधवार दोपहर 2 बजे बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुआ। डब्बल भटनागर के नेतृत्व में यह लगातार 22वां वर्ष है जब मंडल द्वारा अमरनाथ यात्रा का आयोजन किया गया है। यात्रा पर निकलने से पहले, श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुखद व सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तिलक लगाकर और शुभकामनाएं देकर श्रद्धालुओं को विदा किया। यात्रा के पहले चरण में, श्रद्धालु बरेली से बस द्वारा रामपुर पहुंचे। यहां से वे गरीब रथ एक्सप्रेस से जम्मू के लिए प्रस्थान करेंगे। जम्मू से आगे, निर्धारित मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए जाएंगे। पूरी यात्रा लगभग 10 से 12 दिनों में संपन्न होने की उम्मीद है। जत्था प्रमुख डब्बल भटनागर ने बताया कि मढ़ीनाथ मंडल पिछले 22 वर्षों से लगातार श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा के लिए संगठित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक है। इस जत्थे में राजबहादुर सक्सेना, राजीव शर्मा, राहुल सक्सेना, विपिन शर्मा, दिनेश गंगवार, सक्षम सक्सेना और रविंद्र पटेल सहित कुल 55 श्रद्धालु शामिल हैं। मंडल के सदस्यों ने बाबा बर्फानी से सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका स्वाति, संध्या, बॉवी यादव और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यह पूरा कार्यक्रम आंवला के क्षेत्रीय वन अधिकारी हनुमान प्रसाद चौधरी के निर्देशन में संपन्न हुआ। वन विभाग की ओर से उप क्षेत्रीय वन अधिकारी अवनेश गंगवार, वन दरोगा गौरव पाल सिंह और राम शरन, तथा कर्मचारी अमित राना, नितिन कुमार, अजय गंगवार, महेश चंद्र सहित अन्य कई लोग उपस्थित थे।
ललितपुर के थाना जखौरा अंतर्गत कस्बा बांसी पुलिस चौकी में 29 मई को हुए प्रदर्शन और रास्ता जाम करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के मंडल संयोजक सहित 11 नामजद और 15 अज्ञात लोगों समेत कुल 26 कार्यकर्ताओं पर यह कार्रवाई हुई है। यह एफआईआर बांसी पुलिस चौकी इंचार्ज अभिषेक पवार ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 मई को दोपहर करीब 12 बजे जब वह अपने स्टाफ, जिसमें हेड कांस्टेबल विक्रम चतुर्वेदी और कांस्टेबल सुरजीत शामिल थे, के साथ ड्यूटी पर थे, तभी यह घटना हुई। पुलिस के अनुसार, आजाद समाज पार्टी के मंडल संयोजक हरपाल सिंह और भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेश अहिरवार के नेतृत्व में हरीशंकर, आशीष गौतम, शिशुपाल, गजेंद्र, मोंटी उर्फ कैलाश, महेंद्र, खेमचंद्र (सभी निवासी बांसी), दिनेश अहिरवार (निवासी असऊपुरा) और कैहर अहिरवार (निवासी सौरई) अपने 10 से 15 अन्य साथियों के साथ चौकी पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस विरोधी नारे लगाए और चौकी का रास्ता रोककर बैठ गए। पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और नारेबाजी जारी रखी। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने का आरोप है। चौकी का रास्ता बाधित होने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण संबंधी अनियमितताओं के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संयुक्त जांच में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण, फायर एनओसी का अभाव और 38 अवैध दुकानों के निर्माण सहित कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट पर रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बुधवार को बताया कि पुलिस और आरडीए की संयुक्त जांच में पाया गया कि परिसर में केवल दो भवनों का ही आरडीए से स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध है, जबकि अन्य सभी भवन बिना नक्शा पास कराए बनाए गए हैं। इसके अलावा परिसर के लिए फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) भी नहीं मिला, जिसे सुरक्षा मानकों की दृष्टि से गंभीर अनियमितता माना गया है। आरडीए की प्रथम सूचना रिपोर्ट (रूप पत्र-सी) के अनुसार परिसर में लगभग 38 दुकानों का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया है और निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य भी जारी मिला। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धाराओं 26 और 27 के तहत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित पक्ष का जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय यह निर्माण हुआ था, उस दौरान तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
मथुरा में जिला प्रशासन, नगर निगम मथुरा-वृन्दावन, मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने संयुक्त रूप से 'हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' महाअभियान चलाया। बुधवार शाम 4 बजे तक शहर भर में चले इस अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने, गंदगी और प्रतिबंधित पॉलीथीन के उपयोग पर ₹96,900 का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने, प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ कार्रवाई और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर निगम के सेक्टर प्रभारियों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़ा-कचरा हटवाया। साथ ही अवैध अतिक्रमण हटाकर यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह के नेतृत्व में सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार त्यागी और सफाई निरीक्षक विपिन सिंह की टीम ने कृष्णा नगर से मंडी चौराहे तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान अतिक्रमण पर ₹24,000, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने पर ₹5,200 और प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथीन के उपयोग पर ₹36,000 का जुर्माना लगाया गया। इस अभियान में कुल ₹65,200 का अर्थदंड वसूला गया। नगर निगम के सभी जोनों में भी प्रवर्तन अभियान चला। इसमें अतिक्रमण के विरुद्ध ₹32,000, गंदगी फैलाने पर ₹13,900 और प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथीन के उपयोग व भंडारण पर ₹51,000 का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई के दौरान 17 किलोग्राम प्रतिबंधित पॉलीथीन भी जब्त की गई। विभिन्न मदों में कुल ₹96,900 की प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत स्वच्छता रैलियां, जनसंपर्क कार्यक्रम और व्यापारिक संगठनों के साथ बैठकें भी आयोजित की गईं। दुकानदारों को प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखने, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण करने तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। नगर निगम ने नागरिकों से स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित ब्रज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
महू के अंबाचंदन गांव में बुधवार को तेज बारिश के बाद रपट पार करते समय कार नदी के तेज बहाव में बह गई। घटना के समय कार में सिर्फ चालक सवार था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बहाव अधिक होने पर भी किया पार करने का प्रयास प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारिश के कारण रपट और पुलिया पर पानी का बहाव बेहद तेज था। इसके बावजूद चालक ने अपनी कार को वहां से निकालने की कोशिश की। कार जैसे ही रपट के बीचों-बीच पहुंची, पानी के दबाव से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में बहने लगी। ट्रैक्टर की मदद से निकाली कार हादसा होते ही आस-पास के ग्रामीण तुरंत बचाव के लिए दौड़े। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर की व्यवस्था की। काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की मदद से कार को भी नदी के तेज बहाव से बाहर खींच लिया गया। इस दौरान वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। बारिश से नदी-नाले उफान पर बुधवार को हुई जोरदार बारिश के कारण क्षेत्र की कई छोटी नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। कई मुख्य मार्ग और रपटें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी जलमग्न पुलिया या रपट को जोखिम उठाकर पार न करने की अपील की है। पिछले साल भी हुआ था हादसा क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले साल भी कालाकुंड-रतबी क्षेत्र में पुलिया पर पानी होने के बावजूद वाहन निकालने के चक्कर में गाड़ी बहने की ऐसी ही घटना सामने आई थी। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं और उफनते नालों को पार कर जान जोखिम में डाल रहे हैं।
देवास मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी:संदिग्ध महिला CCTV में कैद, एक साल पहले भी हुई थी चोरी
देवास के मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया है। यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक संदिग्ध महिला दिखाई दे रही है। मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:45 बजे एक महिला मंदिर में प्रवेश करती दिखी। लगभग दो मिनट बाद वह बाहर निकली और उसके हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान था। शाम को जब किशोर के पिता पूजा करने मंदिर पहुंचे, तो उन्हें भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट गायब मिला। सीसीटीवी फुटेज देखने पर चोरी की पुष्टि हुई। चोरी हुए मुकुट की अनुमानित कीमत 7 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि इसी मंदिर से एक साल पहले भी मुकुट चोरी की घटना हुई थी।
शहर के प्रतिष्ठित डी.ए-वी. (DAV) कॉलेज के रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विभाग के प्रोफेसर, डा. डी. पी. राव को लंदन की मशहूर 'रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री' (RSC) का बुधवार शाम 6 बजे फेलो चुना गया है। कॉलेज के इतिहास में यह पहला मौका है, जब केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के किसी प्रोफेसर को इस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने फेलो बनाकर इतनी बड़ी पहचान दी है। डा. राव की इस वैश्विक उपलब्धि से न सिर्फ कॉलेज प्रबंधन बल्कि पूरे शहर के शिक्षाविद बेहद उत्साहित हैं। कॉलेज में वे सिर्फ पढ़ाते ही नहीं हैं, बल्कि आई.क्यू.ए.सी. (IQAC), समर्थ पोर्टल और यू.पी. प्रमाण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कोऑर्डिनेटर के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। 85 से ज्यादा रिसर्च पेपर और 10 पेटेंट हैं नाम डा. डी. पी. राव का पूरा करियर रिसर्च और नवाचार (इनोवेशन) को समर्पित रहा है। उन्होंने अब तक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में पच्चासी (85) से अधिक रिसर्च पेपर लिखे हैं, जो एल्सेविएर, स्प्रिंगर, और टेलर एंड फ्रांसिस जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित प्रकाशकों (पब्लिशर्स) द्वारा प्रकाशित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में उनके नए अविष्कारों के लिए उनके नाम 10 से ज्यादा पेटेंट भी दर्ज हैं। उनका मुख्य शोध कार्य (रिसर्च वर्क) 'ट्रांजीशन मेटल केमिस्ट्री' के क्षेत्र में रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है। कॉलेज के लिए बेहद गर्व का पल इस बड़ी कामयाबी पर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर मनोज जोहरी ने डा. राव को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे डी.ए-वी. कॉलेज के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का पल है। डा. राव हमारे रसायन विज्ञान विभाग के पहले ऐसे सदस्य हैं जिन्हें रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का फेलो बनाया गया है। यह सम्मान उनके सालों के कड़े वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्कृष्ट कार्य की सच्ची पहचान है, जिस पर हम सभी को गर्व है। 1841 में बनी थी ये ब्रिटिश सोसाइटीरॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (RSC) यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) का एक बेहद प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक संगठन है, जिसकी स्थापना साल 1841 में हुई थी। लंदन के बर्लिंगटन हाउस में स्थित इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में रासायनिक विज्ञान को आगे बढ़ाना और बढ़ावा देना है। यह संस्था योग्य और प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को चार्टर्ड साइंटिस्ट (CSci), पंजीकृत वैज्ञानिक (RSci) और पंजीकृत विज्ञान तकनीशियन (RScTech) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजती है। अब इस वैश्विक मंच पर कानपुर के वैज्ञानिक की मौजूदगी शहर के युवाओं को भी रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
कालिदास बांध में जलस्तर घटा:विदिशा में चौथी बार हलाली से पानी मंगाया, आपूर्ति प्रभावित
विदिशा शहर में इस बार मानसून की देरी से जल संकट गहरा गया है। बेतवा नदी पर बने कालिदास बांध में जलस्तर काफी कम होने के कारण शहर की पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है। नगर पालिका को इस सीजन में चौथी बार हलाली बांध से पानी मंगाना पड़ा है, जो एक रिकॉर्ड है। यह पहली बार है जब गर्मी के मौसम में चौथी बार हलाली बांध से पानी लेने की नौबत आई है। इससे पहले हर साल अधिकतम तीन बार ही हलाली से पानी लेना पड़ता था। हलाली बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, लेकिन लगभग 35 किलोमीटर लंबी पुरानी नहर के रास्ते विदिशा तक पहुंचने में काफी पानी बर्बाद हो जाता है। कालिदास बांध की जल संग्रह क्षमता भी सीमित है। नगर पालिका हर महीने लगभग 35 लाख रुपये खर्च कर शहर की करीब 2.25 लाख आबादी तक पानी पहुंचाती है। फिल्टर प्लांट से प्रतिदिन 22 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शहर की आवश्यकता लगभग 27 एमएलडी है। शहर में लगभग 28 हजार नल कनेक्शन हैं। जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां 17 टैंकरों के माध्यम से 130 स्थानों पर पानी पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका जल शाखा प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बेतवा नदी में पानी कम होने के कारण हलाली बांध से पानी लिया जा रहा है। इस बार लगभग 20 एमसीएफटी पानी खरीदा गया है, जिससे शहर को करीब 25 दिनों तक पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नहर के ऊपर बनाए गए रास्तों से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। बुधवार को नगर पालिका की जेसीबी ने इन अवरोधों को हटाकर नहर को फिर से चालू कराया।
परेड स्थित आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) भवन के जितेंद्र कुमार लोहिया ऑडिटोरियम में बुधवार शाम 6 बजे चिकित्सा जगत की जानी-मानी हस्तियां एक मंच पर जुटीं। नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर आईएमए कानपुर शाखा की ओर से एक शानदार सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज को सेहतमंद रखने और कोरोना जैसे मुश्किल वक्त में अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को याद किया गया और उनके जज्बे को सलाम किया गया। क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे? कार्यक्रम के दौरान आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने इस दिन के इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश के महान चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. विधान चंद्र राय (बी.सी. रॉय) का जन्म और निधन दोनों ही 1 जुलाई को हुआ था। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने साल 1991 से हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने की शुरुआत की थी। इसका असली मकसद समाज में डॉक्टरों के योगदान और उनकी चौबीसों घंटे की सेवा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। डॉ. प्रदीप टंडन को नेशनल अवॉर्ड, 50 से ज्यादा हस्तियां सम्मानित आईएमए की सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि, इस बार का आयोजन कानपुर के लिए बेहद खास रहा। शहर के मशहूर डॉक्टर प्रदीप टंडन को इस साल डॉक्टर्स डे पर सीपीआर (CPR) वर्कशॉप के लिए आईएमए मुख्यालय की तरफ से 'आईएमए नेशनल कम्युनिटी सर्विस अवॉर्ड' से नवाजा गया। इसके साथ ही चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले शहर के 50 से ज्यादा डॉक्टरों, समाजसेवियों, सीए और वकीलों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. ए.सी. अग्रवाल, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. संजय काला, डॉ. किरण सिन्हा, डॉ. ऋचा गिरी, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. उमेश पालीवाल समेत कई दिग्गज शामिल रहे। इसके अलावा समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले 'मुस्कुराए कानपुर' के सुधांशु राय, 'परिवर्तन' के अनिल गुप्ता और 'ह्यूमेन फाउंडेशन' की अदिति शुक्ला को भी उनके काम के लिए सराहा गया। कवि सम्मेलन में बंधी महफिलसम्मान समारोह के बाद ऑडिटोरियम में एक बेहद खूबसूरत कवि सम्मेलन का रंग जमा। आमतौर पर गंभीर रहने वाले और मरीजों के इलाज में व्यस्त रहने वाले डॉक्टरों ने यहां देर शाम तक कविताओं का आनंद लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए मानवीय संवेदनाओं, देशप्रेम और चिकित्सा सेवा से जुड़े गंभीर और गुदगुदाने वाले विषयों को सामने रखकर खूब तालियां बटोरीं। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन आईएमए की सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने किया।
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 20 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बडाया के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया है। एसीबी ने करीब 3000 पृष्ठों का आरोप पत्र विशेष एसीबी न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में प्रस्तुत किया। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि मामले में अनुसंधान अभी भी लंबित है और जांच जारी है। पहले भी दाखिल हो चुका है चालान इस मामले में पूर्व में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चालान पेश किया जा चुका है। एसीबी अब तक मामले में कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये आरोपी हैं न्यायिक हिरासत में मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बडाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार वर्तमान में जेल में हैं। एक आरोपी को मिली जमानत मामले के आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। एसीबी के अनुसार जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया, ठेकों के आवंटन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर मामले में पूरक चालान भी पेश किए जा सकते हैं।
दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में लड़के की मौत:सीतापुर में हादसे में दो गंभीर घायल, दोनों वाहन जब्त
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर बुधवार शाम 7 बजे दो बाइकों की भिड़ंत में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। थाना क्षेत्र के रजपारापुर सुहेला गांव निवासी रोहित (15) पुत्र देवता अपने मित्र मोहित (16) के साथ बाइक से शेखपुर बाजार जा रहा था। जब उनकी बाइक पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर पहुंची, तभी सामने से दिबियापुर की ओर से आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरी बाइक पर सवार युवक भी हादसे में घायल हुआ। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। ग्रामीणों की भी मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायलों को अस्पताल भेजा गया है तथा मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
महोबा में बच्चे को सांप ने काटा:परिजन सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचे, जान बची
महोबा के करहरा कलां गांव में एक 9 वर्षीय बच्चे को सांप ने काट लिया। परिजनों ने झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय सांप को एक डिब्बे में बंद कर सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ से बच्चे की जान बच गई। यह घटना महोबा सदर तहसील के करहरा कलां गांव की है। बबलू का 9 वर्षीय बेटा यश घर के दरवाजे पर खेल रहा था, तभी लकड़ियों के पीछे छिपे एक सांप ने उसके पैर में काट लिया। बच्चे के चिल्लाने पर उसकी मां राजकुमारी और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। परिवार ने समय बर्बाद न करते हुए या किसी तांत्रिक के पास जाने के बजाय एक समझदारी भरा निर्णय लिया। उन्होंने सांप को पकड़ा, उसे एक पन्नी में बंद किया और सीधे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अस्पताल पहुंचकर मां ने डॉक्टर को सांप दिखाया ताकि सही जहर की पहचान हो सके। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने बिना समय गंवाए सांप को देखा और उसी आधार पर मासूम यश का तुरंत इलाज तथा ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ के कारण अब बच्चा खतरे से बाहर है और उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण सांप अक्सर बाहर निकल आते हैं। इसलिए बच्चों को अंधेरे में न जाने दें और खेतों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें व जूते जरूर पहनें। डॉक्टर ने यह भी कहा कि अक्सर सांप के काटने पर लोग जहर से कम और दहशत या घबराहट से ज्यादा दम तोड़ देते हैं। ऐसे में झाड़-फूंक के जाल में फंसकर समय बर्बाद करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम पूरी तरह उपलब्ध है।
राजस्थान में पिछले पांच दिनों से सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रही हड़ताल खत्म हो गई है। राज्य सरकार और संयुक्त वाल्मीकि सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई बातचीत में अलग - अलग मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है। हड़ताल के कारण राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे। सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक में तय किया गया है कि आगामी भर्ती में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही निकायों में कम से कम एक साल का सफाई कार्य अनुभव भर्ती का प्रमुख आधार माना जाएगा। समझौते के अनुसार अगर निकायों में एक साल का अनुभव रखने वाले पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य संस्थाओं में एक साल का सफाई कार्य अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकार ने साल 2012 और 2018 की सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए गठित समिति में यूनियन के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने पर सहमति जताई है। वहीं संविदा सफाई कर्मचारियों के मामलों को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा और तीन साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार लाभ देने पर भी सहमति बनी है। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिली है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल की अवधि को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा और इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि 25 जुलाई तक सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी, जिससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। सरकार और यूनियन के बीच सहमति बनने के बाद अब कल से सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे। पांच दिनों तक चली हड़ताल के दौरान कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
संभल में ग्राम सभा की 101 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को 58 साल बाद कब्जा मुक्त कराया गया है। इस मामले में विवेचक सीओ संभल कुलदीप कुमार ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले लेखपाल स्पर्श गुप्ता के बयान दर्ज किए हैं। सीओ बुधवार शाम 6:30 बजे मौके पर पहुंचे। यह मामला थाना रायसत्ती क्षेत्र के संभल-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम तख्तगुशाईन की ग्राम सभा की 2.367 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। इसका बाजार मूल्य लगभग 101 करोड़ रुपये आंका गया है। बीते सोमवार रात करीब 9:30 बजे लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर संभल कोतवाली पुलिस ने कुल 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता, उपसंचालक खेम सिंह खड़क, पालिका के रिटायर्ड मानचित्रक शहाबुद्दीन, रिटायर्ड पैरोकार मजीद खान, पूर्व चेयरमैन नुसरत इलाही के दामाद, भाभी, पांच भतीजे और बसपा नेता साजिद सैफी के बेटों सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि डीडीसी कोर्ट के आदेश पर यह सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है। जमीन का निजीकरण करने के मामले में दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है और उन्हें इस मामले का जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने लेखपाल स्पर्श गुप्ता के साथ मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम को समझा और बयान दर्ज किए। यह धोखाधड़ी 12 जुलाई 1967 को कथित रूप से जारी एक फर्जी पट्टा अभिलेख से शुरू हुई थी। थाना रायसत्ती मियां सराय निवासी सईदुल रहमान ने इसी फर्जी अभिलेख के आधार पर 15 फरवरी 2008 को उपसंचालक चकबंदी से नामांतरण आदेश पारित करा लिया था। इसके बाद उन्होंने ग्राम सभा की इस संपत्ति पर कब्जा कर लिया। उपसंचालक चकबंदी के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका (संख्या बी-20341/2008) दायर की गई थी। आरोप है कि तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने विपक्षियों से मिलीभगत कर निजी स्वार्थवश इस याचिका को 'नोट प्रेस' करा दिया। उपसंचालक खेम सिंह खड़क भी इस कथित षडयंत्र में शामिल थे, जिससे करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति भू-माफियाओं के हवाले कर दी गई। नगर पालिका में कार्यरत तत्कालीन मानचित्रक शाहबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान की संलिप्तता भी सामने आई है। जांच में पाया गया कि इन्होंने अधिशासी अधिकारी के समक्ष वास्तविक तथ्यों को प्रस्तुत नहीं किया था। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रामपाल सिंह और डिप्टी कलेक्टर रमेशबाबू ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने हाल ही में तहसील और नगर पालिका परिषद संभल प्रशासन के साथ इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यह कार्रवाई उसी निरीक्षण के बाद हुई है।
जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई का धरना पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ता एक दिन के सांकेतिक अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने मांगें नहीं मानने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एनएसयूआई जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष विश्नोई ने कहा- एनएसयूआई कार्यकर्ता पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। हमारी मुख्य मांग यही है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता एमएल चौधरी ने बताया- बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया। फीस वृद्धि का असर करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें से बहुत से छात्र गांवों में मजदूर किसान वर्ग से आते हैं। 27 जून को शुरू किया था धरना गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर एनएसयूआई और ABVP ने 27 जून को धरना शुरू किया था। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और विश्नविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में बढ़ी हुई फीस (1350 रुपए) की 30 फीसदी कम करने पर मंगलवार देर शाम सहमति बन गई थी। कम की गई राशि को छात्रों के परीक्षा शुल्क में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एबीवीपी ने अपना धरना समाप्त कर लिया, जबकि एनएसयूआई का धरना फिलहाल जारी है। NSUI की हैं ये मांग
बोनट से निकला धुआं, पल भर में लगी आग:कार सवारों ने कूदकर बचाई जान, कार में रखे 6 लाख रुपए भी जले
आगरा में इनर रिंग रोड पर बुधवार को एक कार में आग लग गई। कार सवार दो युवकों ने कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते कार से आग की लपटें उठने लगीं। थोड़ी देर में ही आग पूरी तरह जल गई। कार में रखे 6 लाख रुपए भी जल गए। जानकारी के अनुसार शास्त्रीनगर कहरई निवासी योगेश अपने दोस्त एकता थाना निवासी सनी के साथ दोपहर करीब 3 बजे संजय प्लेस बैंक आया था। यहां से उन्होंने 6 लाख रुपए निकाले। इसके बाद वो वापस जाने लगे। रमाड़ा कट के पास उनकी गाड़ी हीट करने लगी। उन्होंने गाड़ी को रोक दिया। करीब 5 बजे जब कार स्टार्ट की तो बोनट से धुआं निकलने लगा। दोनों कुछ समझ पाते तब तक कार में आग लग गई। वो कार से नीचे उतर आए। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। दोनों को कार में रखे अपने 6 लाख रुपए निकालने तक का समय नहीं मिला। कुछ ही देर में कार धूं-धूं कर जलने लगी। लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जब तक आग बुझाई कार पूरी तरह से जल चुकी थी।
रामपुर के मंसूरपुर गांव की नई आबादी में पिछले 15 वर्षों से सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीण बुधवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क न बनने के कारण बरसात के मौसम में पहली ही बारिश में पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ग्रामीणों, जिनमें इरसाद, शमशाद गुड्डी और परवीन शामिल थे, ने बताया कि सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि सड़क और नाली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इससे राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय महिलाओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोहल्ले के बच्चे जलभराव वाली सड़क पर खेलते और नहाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने मंसूरपुर गांव की नई आबादी में जल्द से जल्द पक्की सड़क और आवश्यक जल निकासी व्यवस्था के निर्माण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया और भविष्य में कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान कराएगा।
बलरामपुर जिले के राजपुर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा का भड़क गईं। उन्होंने मंच की बैठक व्यवस्था पर नाराजगी जताई और अधिकारियों के द्वारा अतिथियों के लिए लगाए गए नेम प्लेट को स्वयं हटा दिया। विधायक ने मंच की बैठक व्यवस्था को लेकर एबीईओ को फटकार लगाई है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। दरअसल, राजपुर के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने विधायक उद्धेश्वरी पैकरा अपने समर्थकों के साथ पहुंची थी। मंच पर पहुंचने के बाद विधायक ने मंच पर लगाए गए नेम प्लेटों को देखा तो भड़क गईं। विधायक ने स्वयं नेमप्लेटों को हटा दिया। विधायक ने कहा कि इससे पहले कभी शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में मंच की बैठक व्यवस्था में नेम प्लेट नहीं लगाये गये तो आज कैसे लगा दिए। और लगाये भी गए तो नाम पता कर लेना चाहिए था? अधिकारियों ने बैठक व्यवस्था के लिए लगाए गए नेम प्लेट में भाजपा के मंडल अध्यक्ष का नाम नहीं शामिल किया था। कार्यक्रम में शामिल होने मंडल अध्यक्ष भी पहुंचे थे। विधायक ने यह देखा तो वे भड़क गईं। विधायक के साथ पहुंचे समर्थकों ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष के लिए मंच पर जगह ही आरक्षित नहीं है। विधायक ने एबीईओ को फटकार लगाई। एबीईओ ने इसके लिए खेद व्यक्त किया तब कार्यक्रम शुरू हुआ और शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम संपन्न किया गया।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डकैत जगन को सेल नंबर-5 अलॉट थी। वहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपी विष्णु जाट को अलग सेल अलॉट थी। फिर आरोपी विष्णु कैसे डकैत जगन की सेल तक पहुंच गया। पुलिस ने इन तमाम सवालों के साथ आज ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और जेल प्रहरी का बयान दर्ज किया। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किए। जगन और विष्णु का भी पूरा रिकॉर्ड लिया। जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा आरोपी? जांच अधिकारी व सिविल लाइन थाना प्रभारी शम्भूसिंह ने बताया- जेल में सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजे तक कैदी सेल से बाहर आते हैं और अपनी दिनचर्या के काम करते हैं। इसके बाद 11 बजे से 3 बजे तक सेल में चले जाते हैं। 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर बाहर आते हैं और सूर्यास्त के बाद अपनी आवंटित सेल में चले जाते हैं। सुबह 11 बजे से 3 बजे तक कैदी एक दूसरे की सेल में आते-जाते हैं और वहां अपना समय बिता सकते हैं। इसमें दोनों कैदियों की रजामंदी होती है। अब पुलिस ये पता कर रही है कि जगन और विष्णु की रजामंदी थी या नहीं। आरोपी विष्णु को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। इसके बाद परिवार वाले धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को परिवार वालों के साथ सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम अजमेर में कराया गया था। ------------ ये खबरें भी पढ़िए… 1- छावनी बना डकैत जगन का गांव, 9 थानों की पुलिस तैनात; धौलपुर में होगा अंतिम संस्कार कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में कुछ ही देर में होगा। जगन के पैतृक गांव में इसकी तैयारियां चल रही हैं। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन का शव गांव पहुंचा। गांव में 9 थानों की पुलिस तैनात है। पढ़ें पूरी खबर 2- अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 3. जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। जिस गमछे से जगन का गला घोंटा गया, वह बैरक के पंखे पर लटका मिला है। हालांकि, जगन के भारी-भरकम शरीर के कारण आरोपी अपने इस प्लान में कामयाब नहीं हो सका। पढ़ें पूरी खबर डकैत जगन हत्याकांड
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच सकता हैं। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 31 जुलाई तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के अदालती आदेश की पालना में चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट पंचायत-निकाय चुनाव के लिए स्पष्ट निर्देश दे चुका है। कोर्ट यह भी स्पष्ट रूप से कह चुका कि 20 जून तक परिसीमन व मतदाता सूचियों के संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। लेकिन इसके बावजूद आयोग और सरकार ने अभी तक चुनाव कराने की तैयारी नहीं की है। पूर्व विधायक ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, आयोग सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज सचिव जोगाराम व स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर को लीगल नोटिस भेजा हैं। हाईकोर्ट के आदेश की अवमाननापूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नोटिस में कहा- चुनाव आयोग और राज्य सरकार ऐसा करके हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो एक तरह से अदालत की अवमानना है। उन्होंने आयोग से अपील की है कि वह 31 जुलाई की डेडलाइन को ध्यान में रखकर चुनाव कार्यक्रम जारी करें। ऐसा नहीं करने पर वे हाईकोर्ट में राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अवमानना याचिका दायर करेंगे। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेशराजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।
रायपुर पुलिस ने सरोना स्थित कम्पोजिट विदेशी शराब दुकान में हुई 7.05 लाख रुपए की चोरी का खुलासा कर दिया है। मामले में राजस्थान के 4 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। आरोपियों ने दुकान का लॉकर उखाड़कर 7.05 लाख रुपए नकद, शराब की बोतलें और CCTV का DVR चोरी कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15.50 लाख रुपए का मशरूका, घटना में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। 15 दिन तक चली जांच, सैकड़ों CCTV कैमरे खंगाले इस चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच, साइबर यूनिट और आमानाका थाना पुलिस ने लगातार 15 दिनों तक जांच की। टीम ने शहर और दूसरे राज्यों के सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के बांसवाड़ा में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान में कैंप कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पहले की रेकी, फिर राजस्थान से आए और वारदात कर लौट गए पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य पहले रायपुर आया था और शराब दुकान की रेकी कर वापस लौट गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। योजना के मुताबिक सभी आरोपी कार से रायपुर पहुंचे। रात में शराब दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे, लॉकर उखाड़कर उसमें रखे 7,05,580 रुपए लेकर फरार हो गए। जाते-जाते दुकान से करीब 10,820 रुपए की शराब और CCTV का DVR भी साथ ले गए। 2 लाख नकद, कार और मोबाइल जब्त गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 2 लाख रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई चारपहिया गाड़ी और 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 15.50 लाख रुपए बताई गई है। हत्या, लूट और नारकोटिक्स के मामलों में पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चारों आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के रहने वाले हैं और सभी का आपराधिक रिकॉर्ड है। इन पर पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, मारपीट और नारकोटिक्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपी अलग-अलग मामलों में जेल भी जा चुके हैं। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों की दूसरे राज्यों में गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं या नहीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आमानाका थाने में बीएनएस की धारा 331(4), 305 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
दौसा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड कर्मचारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। घटनाक्रम निहालपुरा-छोकरवाड़ा मार्ग पर बुधवार दोपहर का है, जहां बाइक सवार बदमाशों ने भंडारी गिर्राज सिंह राजपूत से एक लाख रुपए से भरा बैग लूट लिया। जानकारी के अनुसार- गिर्राज सिंह बैंक से कैश निकालकर साइकिल से घर लौट रहा था कि निहालपुरा चौराहे और छोकरवाड़ा के बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों की ओर भागकर पहले से खड़ी बाइक से फरार हो गया। सूचना पर सिकंदरा थाना प्रभारी अशोक चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया है।
लखनऊ में फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स, ओवरलोड शुल्क और ऑनलाइन चालान से बचने वाले दो सगे भाइयों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना एसटीएफ कर रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने अधिक आर्थिक लाभ के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर उसका इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। एसटीएफ के अनुसार, एआरटीओ लखनऊ दक्षिणी की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा कर रहे थे। जांच में सामने आया कि गारी नंबर UP 32 ZN 8925 के मालिक रियाज और उसके भाई सिराज साल 2024 से अपने वाहन पर कूटरचित फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे थे। फास्टैग में फर्जी गाड़ी संख्या MA 34 59455 दर्ज थी। बाद में एक अन्य वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसी फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल साल 2025 से वाहन UP 32 ZN 8925 पर किया जाने लगा। एसटीएफ की जांच में पता चला कि सिराज ने अपने परिचितों के माध्यम से सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा के पास स्थित एक फास्टैग एजेंट को ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर और कूटरचित आरसी उपलब्ध कराकर फर्जी वाहन संख्या के आधार पर इंडसइंड बैंक का फास्टैग जारी कराया था। पूछताछ के लिए एसटीएफ मुख्यालय गोमतीनगर बुलाए गए रियाज पुत्र सगीर और सिराज पुत्र सगीर निवासी पटकी टोला, वार्ड मीरा टोला लहरपुर सीतापुर ने स्वीकार किया। उन्होंने बताया अधिक आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से उन्होंने फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल किया। इसका मकसद उत्तर प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर ओवरलोड शुल्क और ऑनलाइन चालान से बचना था। पूछताछ में अपराध में संलिप्तता पाए जाने के बाद एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
मऊ में 15 शराबी गिरफ्तार, 4 बाइक सीज:सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई
मऊ जिले में पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत दक्षिण टोला थाना पुलिस ने बुधवार देर शाम 15 लोगों को गिरफ्तार किया और 4 मोटरसाइकिलें सीज कीं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना दक्षिण टोला की एंटी रोमियो टीम तथा अन्य पुलिस टीमों ने यह अभियान चलाया। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर उत्पात मचाने के आरोप में राजू चौहान, रामाधार, अर्जुन चौहान, सूरज चौहान, अहमद, अरविंद, राजन चौहान, गुलशन, राजू, छोटू, मुख्तार, आजाद अहमद, किशन कुमार, अशोक और जयराम सहित कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट की धारा 34 के तहत कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त, सड़क पर तेज गति से स्टंटबाजी करते हुए पाई गई चार मोटरसाइकिलों को भी सीज कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने और स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
नेत्रहीन दंपती की फरियाद पर तुरंत एक्शन:जनता दर्शन में डीएम ने मौके पर बनवाया राशन कार्ड
लखीमपुर में बुधवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में एक नेत्रहीन दंपती ने अपनी आजीविका और राशन संबंधी समस्या डीएम अंजनी कुमार सिंह के समक्ष रखी। डीएम ने उनकी फरियाद सुनते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। गांव छाउछ निवासी मनोज कुमार (30) और उनकी पत्नी अंजना देवी (25) ने बताया कि उन्हें राशन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। उनकी व्यथा सुनने के बाद, डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों को बुलाया और तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा। डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) सीमा त्रिपाठी को मौके पर बुलाया। डीएसओ ने दंपति की पात्रता से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल पूरा किया। प्रक्रिया पूरी होते ही, नेत्रहीन दंपति का अंत्योदय राशन कार्ड जारी कर दिया गया, जिससे उन्हें अब नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर डीएम ने जोर देकर कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल औपचारिकताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
हरदोई में पिता और उसके दो बेटे दोषी करार:गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध होने पर 8-8 साल की सजा
हरदोई जिला अदालत ने साढ़े छह साल पुराने एक हत्याकांड में फैसला सुनाया है। जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक की अदालत ने बुधवार को गैर-इरादतन हत्या और मारपीट के मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को 8-8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में टीकाराम और उसके दो बेटे रवि व रामपाल (निवासी खाडाखेडा, टडियावां) शामिल हैं। कोर्ट ने तीनों पर 7-7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 3 जनवरी 2020 को हुई थी। इसी दिन दोपहर 1:27 बजे थाना टडियावां में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वादी नत्थूलाल ने बताया कि 3 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे उनके भाई राकेश खेत देखकर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोककर खेत चरवाने का आरोप लगाया। राकेश ने बताया कि फसल आवारा जानवरों ने चरी होगी, जिसके बाद आरोपी गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद टीकाराम, रवि और रामपाल ने राकेश को लाठी-डंडों, लात-घूसों से पीटा। गंभीर चोटों के कारण राकेश की मौत हो गई। हरदोई पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। इनमें गैर-इरादतन हत्या (धारा 304), स्वेच्छा से चोट पहुँचाना (धारा 323), और शांति भंग करने के इरादे से गाली-गलौज व अपमान करना (धारा 504) शामिल हैं। यह सजा डीजीपी उत्तर प्रदेश के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हरदोई पुलिस की गुणवत्तापूर्ण जांच और कोर्ट में मजबूत पैरवी के कारण संभव हुई। इस मामले में अभियोजन अधिकारी चंदन कुमार सिंह, विवेचक उप-निरीक्षक रमेश सिंह सेंगर और पैरोकार हेड कांस्टेबल आरिफ का योगदान सराहनीय रहा।
राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने आगरा में कहा- राम मंदिर आंदोलन से वह स्वयं भी जुड़े रहे हैं, इसलिए कथित चंदा चोरी की घटना से व्यक्तिगत तौर से आहत हूं। यह प्रत्येक रामभक्त के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। रामंदिर हमारे लिए चुनाव का तो क्या, राजनीति का भी मुद्दा नहीं है। ये भारत की अस्मिता और पहचान का मुद्दा है। विपक्ष के लिए ये जरूर राजनीति का मुद्दा है। वे बुधवार शाम को पंडित दिन दयाल उपाध्याय की जयंती और बलिदान दिवस के पखवाड़े कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आगरा पहुंचे थे। इससे पहले राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा-कथित चंदा चोरी मामले में चंदा चोरी मामले में SIT का गठन हुआ है, जांच चल रही है। भगवान राम का नाम लेने से पाप कटते हैंकमलानगर स्थित राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के निवास पर प्रेसवार्ता में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- भगवान राम का नाम लेने से पाप कटते हैं, लेकिन यदि किसी ने राम के धाम और राम के नाम पर ही पाप किया है तो उसे न राजदंड से बचाया जाएगा और न ही धर्मदंड से। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए, ताकि न्यायालय में दोषियों को कठोर दंड सुनिश्चित किया जा सके। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा-देश की जनता भली-भांति जानती है कि कौन वास्तव में भगवान राम की आस्था का सम्मान करता है और कौन राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस विषय का उपयोग कर रहा है। भाजपा की राम मंदिर आंदोलन से अपनी आस्था हैचंदा चोरी के आरोप वे लोग लगा रहे हैं, जो राम के अस्तित्व को नकारते थे। जो देश से लेकर विदेशों तक में हिंदू समाज को खत्म करने के लिए कार्यक्रम करते थे। भाजपा तो राम मंदिर आंदोलन से अपनी आस्था से जुड़ी है। उन्होंने कहा-आरोप कौन लगा रहे हैं? जो कहते थे, यहां अयोध्या थी ही नहीं, राम हुए ही नहीं...जो ये कहते थे कि साबित करो कि राम हुए थे। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन पर कांग्रेस को निमंत्रण पत्र दिया गया था, उन्होंने लिखित रूप में कहा था, हम नहीं आएंगे। जिन्होंने अयोध्या को अपमानित किया...वह कथित चंदा चोरी की घटना से चिंतित नहीं हैं, दरअसल अंदर से आनंदित हैं। उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से लेकर जयंती तक भाजपा पूरे देश में जनजागरण अभियान चला रही है। इसी अभियान के अंतर्गत उनका आगरा प्रवास हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर डा. त्रिवेदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित अनेक वैश्विक संस्थाएं भारत को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बता रही हैं। उत्तर प्रदेश भी वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
कन्नौज में विवाहिता ने काली नदी में लगाई छलांग:बीमारी से परेशान थी, 2 घंटे बाद भी पता नहीं चला
कन्नौज जिले के एक गांव की रहने वाली विवाहित महिला ने काली नदी में छलांग लगा दी। उसके भाई ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ लग गई। स्थानीय गोताखोरों ने खोजबीन की, लेकिन 2 घण्टे बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मायानगर गांव निवासी कैलाश दोहरे की 20 वर्षीय विवाहित बेटी लाली ने बुधवार शाम 6 बजे पुल से काली नदी में छलांग लगा दी। उसके साथ मौजूद 12 वर्षीय भाई सिंटू ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। महिला की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोर नदी में उतर गए। काफी देर खोज करने के बाद भी युवती का कुछ पता नहीं चल सका। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए और महिला की खोज शुरू करवा दी। ग्रामीणों ने बताया कि लाली की शादी करीब एक वर्ष पहले तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के पाहला गांव निवासी अंकुल दोहरे से हुई थी। पिछले कुछ समय से वह अपने मायके में थी और वह पेट दर्द से परेशान रहती थी। ऐसे में वह गुगरापुर कस्बे में एक निजी चिकित्सक के यहां अक्सर दवा लेने जाती थी। बुधवार को भी वह अपने भाई सिंटू के साथ दवा लेने गुगरापुर गई थी। जहां से शाम को वापस घर लौटते समय रास्ते में पुल से नदी में छलांग लगा दी। गांव के रहने वाले काली चरण ने बताया कि लाली ने नदी में छलांग लगा दी। वह अक्सर बीमार रहती थी और दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। उसने नदी में छलांग क्यों लगाई, ये जानकारी नहीं है। उधर ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी से परेशान होकर वह अक्सर मरने की बात करती थी। घर वाले समझाकर किसी तरह उसे दवा लेने के लिए राजी करते थे।
जालोर में भारतीय स्टेट बैंक(SBI) ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक(SBI) का स्थापना दिवस मनाया गया। संस्थान परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया और प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार व बैंक की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। आरसेटी अनुदेशक योगेश दवे ने बताया- स्थापना दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक महाप्रबंधक हेमेन्द्र सांखला थे। कार्यक्रम में कचहरी शाखा के मुख्य प्रबंधक, असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर सुरेंद्र प्रताप सिंह और आरसेटी निदेशक अशोक कुमार भी शामिल हुए। इस दौरान अतिथियों ने संस्थान परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्वरोजगार और साइबर सुरक्षा की जानकारी दीमुख्य अतिथि सहायक महाप्रबंधक हेमेन्द्र सांखला ने महिला सिलाई वस्त्र एवं महिला ब्यूटी पार्लर की प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में स्वरोजगार की महत्ता बताई। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण पूरा कर स्वयं का कार्य प्रारंभ करें। इसके साथ ही उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपने लक्ष्यों को अर्जित करने के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। सांखला ने प्रशिक्षणार्थियों को बैंक की विभिन्न वित्तीय योजनाओं से अवगत कराने के साथ-साथ वर्तमान दौर में बढ़ रहे साइबर क्राइम से सतर्क रहने और सुरक्षित बैंकिंग अपनाने के टिप्स भी दिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्टूडेंट्स को मिला पुरस्कारकार्यक्रम के दौरान महिला वस्त्र सिलाई बैच की उन प्रशिक्षणार्थियों को पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट सिलाई कार्य का प्रदर्शन किया था। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक अशोक कुमार ने पधारे हुए सभी अतिथियों का आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अजय रावत, उदिता, फूलाराम, अर्जुन कुमार परिहार, बैंक कार्ड भीम सिंह सहित संस्थान के स्टाफ और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
हाथरस में मथुरा-बरेली हाईवे पर आज बुधवार शाम करीब 7 बजे एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनके परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को गंभीर हालत में आगरा रेफर किया गया है। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया। मृतक की पहचान नवल नगर निवासी मदन मुरारी दीक्षित पुत्र हर प्रसाद के रूप में हुई है। वह हाथरस में इगलास रोड पर बिल्डिंग मटेरियल की दुकान चलाते थे और मूल रूप से गांव टुकसान के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि मदन मुरारी अपने बेटे की शादी के कार्ड बांटकर घर लौट रहे थे। उनके बेटे की शादी 6 जुलाई 2026 को होनी है। यह हादसा कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव टुकसान के पास मथुरा-बरेली हाईवे पर हुआ। बाइक पर मदन मुरारी के साथ उनके परिवार का सदस्य योगेश भी बैठा था। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि मदन मुरारी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। योगेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगरा रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलने पर इलाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। इस दुखद घटना से परिवार में गहरा सदमा है। मदन मुरारी अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गए हैं।
आंखों के सामने पत्नी जिंदा जलती रही...पति 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाता रहा, लेकिन कोई उसे बस से बाहर नहीं निकाल सका। जितेंद्र पांडे सीट के नीचे फंसी पत्नी प्रियंका को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन देखते ही देखते आग की लपटों ने चपेट में ले लिया। वहीं बड़वाह के होटल संचालक दीपक सिंह तंवर भी इसी भीषण हादसे में जिंदा जल गए। मौत से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। दीपक सिंह तंवर ने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे...ढल गया दिन... हो गई रात। राजस्थान के दौसा में हुए इस दर्दनाक बस हादसे ने मध्यप्रदेश के 6 समेत 8 लोगों की मौत हो गई। वे हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि दोनों शव बुरी तरह जल गए। उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच करानी पड़ेगी। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को शव बड़वाह लाए जा सकेंगे। भाई की मौत की खबर मिलते ही दीपक की बहन बार-बार बेहोश हो रही हैं। वह रोते-रोते जमीन पर गिर जाती हैं। दैनिक भास्कर ने दीपक के परिवार और प्रियंका के पड़ोसियों से से बात की। ये तस्वीरें देखिए… दीपक सिंह तंवर: परिवार के साथ घर से निकले थे हादसे में कस्तूरबा मार्ग के रहने वाले दीपक सिंह तंवर की मौत हो गई। वह पिता नन्नू सिंह के साथ सनावद में होटल चलाते थे। वह 22 जून को परिवार के पांच अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए निकले थे। वैष्णोदेवी दर्शन के बाद अमृतसर और हरिद्वार के दर्शन कर लिए थे। बुधवार को इंदौर और फिर घर आना था। वह भी इसी स्लीपर बस से बड़वाह लौट रहे थे। हादसे में नन्नूसिंह तंवर के छोटे बेटे सन्नी (24), उनकी पत्नी नेहा (26), दीपक की पत्नी दिव्या (25), बेटी यशिका (3), बेटा वंशराज (7) और इंदौर के रहने वाले नाती हर्षद पिता संजय तंवर घायल हुए हैं। घर पर बहन बार-बार बेहोश हो रही कस्तूरबा मार्ग पर होली टेकड़ा में घर पर सिर्फ दीपक की बहन कविता तंवर है। वह बार-बार बेहोश हुए जा रही है। पड़ोसी उन्हें संभाल रहे हैं। घर के बाहर पड़ोसी भी मौजूद हैं। बाकी सभी परिवारवाले राजस्थान गए हैं। वह ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं। कविता ने रोते हुए बताया कि रात करीब ढाई बजे सन्नी भैय्या का पिता को कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी बस का एक्सीडेंट हो गया है। दीपक भैया नहीं मिल रहे हैं। सभी लोग सुबह तक घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही मौत की खबर आ गई। सोशल मीडिया पर लिखा- ट्रिप खत्म, फिर काम पर घटना से पहले दीपक ने सोशल मीडिया पर स्टेटस शेयर किया। इसमें लिखा है… ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…। इसके बैक ग्राउंड पर ‘सो गया ये जहां…’ गाना भी चल रहा है। इसके अलावा, दीपक ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया है। इसमें ट्रेन में सभी हाथ उठाकर झूमते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में वैष्णो देवी के दर्शन करते भी दिख रहे हैं। पड़ोसी ने बताया- जितेंद्र की पत्नी जिंदा जल गई हादसे में बड़वाह में वन विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ जितेंद्र पांडे (40) की पत्नी प्रियंका पांडे (35) की भी मौत हो गई है। जितेंद्र 26 जून को ही पत्नी और बेटे अभिनव (7) के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। इसी बात से इंदौर लौट रहे थे। जितेंद्र मूलत: रीवा के रहने वाले थे। यहां दशहरा मैदान के पास पटेल नगर में किराए से रहते थे। पड़ोसी दिलीप चौरे ने बताया कि सुबह जितेंद्र का फोन आया था। उसने कहा था कि टक्कर के बाद अफरा–तफरी में मैं और बेटा बाहर निकल आए, जबकि पत्नी अंदर रह गई। सीट के नीचे फंसी पत्नी, मैं दौड़ता रहा, बचाने को चिल्लाता रहा इंदौर निवासी वन विभाग में ऑपरेटर जितेन्द्र पांडेय बताते हैं- मैं, पत्नी और बच्चा इस बस में सवार थे। हमारी सीट ड्राइवर के पीछे थी और बच्चा साइड वाली बर्थ पर सो रहा था। बहुत तेज आवाज और झटके के कारण नींद खुली। पत्नी प्रियंका सीट के नीचे फंसी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे निकालने की कोशिश की। बहुत खींचा, उसके पैर नीचे की तरफ फंस गए थे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, बच्चा भी साथ था। मैंने उतर कर दौड़ लगाई और घूम कर खिड़की वाली तरफ आया और प्रियंका को खींचना शुरू किया। तब भी वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। इतने में बस में आग लग गई। जितेंद्र पांडे भी अपने परिवार के साथ हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। साहब मेरी वाइफ मेरे सामने जिंदा जल गई। सर मैंने लोगों को बहुत कहा निकालो इसे कोई मदद करो। किसी ने मदद नहीं की। सब ही परेशान थे और घबराए हुए थे। मेरे सामने मेरी पत्नी चली गई। ……………………………………….. हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान- बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर…
कोटपूतली नगरीय क्षेत्र में अग्निशमन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे व्यावसायिक भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला कलेक्टर के आदेश और सीएमओ कार्यालय के निर्देश पर नगर परिषद और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने लगातार दूसरे दिन शहर में अभियान चलाया। इस दौरान बिना फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालित कई भवनों, कोचिंग सेंटरों, मॉल और व्यावसायिक टावरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 194 (7) के तहत कार्रवाई करते हुए कई भवनों को सीज किया। सीज किए गए भवनों में रतन बॉयज हॉस्टल, पी.जी.बी.आर. टावर, कॉमर्स कैंपस, आर.पी.जी. तिवाड़ी टावर, प्रिंस लाइब्रेरी और कनक टावर शामिल हैं। भवन मालिकों पर लगाया जुर्माना प्रशासन ने कार्रवाई के साथ नियमों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों पर जुर्माना भी लगाया है। सीज किए गए सभी संस्थानों और भवन मालिकों को अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में उन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा कर जुर्माना राशि जमा करनी होगी और प्रशासन के समक्ष शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। लापरवाही पर होगी स्थायी सील की कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 दिन के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित भवनों को स्थायी रूप से सीज कर दिया जाएगा। शहरभर में जारी रहेगा जांच अभियान अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर में संचालित अन्य शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों और गोदामों की भी जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यावसायिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सुल्तानपुर में गोमती नदी में नहाने गए दो किशोर डूबे:एक का मिला शव, दूसरे की तलाश में जुटी SDRF टीम
सुल्तानपुर में बुधवार को गोमती नदी में नहाने गए दो किशोर डूब गए। देर शाम तक एक किशोर का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। यह घटना कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव के पास निरसहिया घाट पर हुई। मृतकों की पहचान सोहगौली निवासी पंच बहादुर कोरी के पुत्र साहिल कोरी (13) और रामरूप कोरी के पुत्र अमन कोरी (13) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त अपने कुछ साथियों के साथ साइकिल से नदी में नहाने गए थे। बताया जाता है कि बच्चों ने नदी किनारे अपनी साइकिल, कपड़े और चप्पल उतारकर रख दिए थे। काफी देर तक दोनों के बाहर न आने पर उनके साथियों ने गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। घटना की सूचना पर कुड़वार पुलिस भी मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक बाबू दयाल यादव, उपनिरीक्षक अमरजीत यादव और दीवान राज नारायण पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। एनडीआरएफ टीम को भी सूचित किया गया है। तलाशी अभियान के दौरान साहिल कोरी का शव कुम्हाई गांव के पास से बरामद कर लिया गया। दूसरे किशोर अमन की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के क्या मापदंड हैं। कोर्ट ने आयोग में नियुक्त मेंबर्स की नियुक्ति से जुड़ा ऑरिजनल रिकॉर्ड भी तलब किया है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने बुधवार को सोसायटी फॉर पब्लिक ग्रीवेंस और सुभाष सियाग की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाओं में आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष केसरी सिंह, सदस्य कैलाश चंद मीणा और अयूब खान की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि तीनों की नियुक्ति तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से कुछ घंटे पहले की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- हम SI भर्ती के मामले में भी सदस्यों की कार्यशैली को ऑब्जर्व कर चुके हैं। सरकार कर रही राजनीतिक नियुक्तियां अधिवक्ता शिवचरण गुप्ता और अधिवक्ता हिमांशु जैन ने कोर्ट को बताया- सरकार आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां कर रही हैं। जबकि संवैधानिक आयोग होने और सरकारी नियुक्तियों की जिम्मेदारी के बावजूद नियुक्ति में मैरिट पर निर्णय नहीं लिया जाता है। उन्होने कहा- सदस्य केसरी सिंह के सोशल मीडिया पर टिप्पणियों के वीडियो मौजूद हैं, लेकिन उसके बाद भी उन्हें संवैधानिक पद पर नियुक्त कर दिया गया। सरकार मनमाने तरीके से आयोग में नियुक्तियां कर रही हैं। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि यह सर्विस मैटर है। इसे जनहित याचिका में चुनौती नहीं दी जा सकती है। रिकॉर्ड में बताना होगा नियुक्ति का आधार हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- सदस्यों की नियुक्ति का क्या आधार है। क्या नियुक्त सदस्यों ने नियुक्ति के लिए कोई आवेदन किया है। सरकार की आपत्ति पर कोर्ट ने कहा- हम नियुक्ति का ज्यूडिशियल रिव्यू कर सकते हैं। यह खबर भी पढ़ें… सरकार ने हाईकोर्ट में कहा-SI भर्ती रद्द करना गलत:एकलपीठ ने नियम दरकिनार किए, जांच एजेंसी सही और गलत की छंटनी करने में सक्षम सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई में सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा- सिंगल बेंच में दायर याचिका मेंटेनेबल ही नहीं थी। सिंगल बेंच ने इसे दरकिनार कर मेरिट पर सुनवाई करते हुए भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया। (पूरी खबर पढ़ें)
औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति, उदयपुर के तत्वावधान में उदयपुर के गिरिजा व्यास पेट्रोल पंप के पास समाज के नवनिर्मित औदीच्य मांगलिक भवन एवं गार्डन का लोकार्पण महोत्सव बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान के बीच हुआ। इस आयोजन में उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिलों के 150 से अधिक गांवों से हजारों समाजबंधुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के प्रथम दिन मंगलवार को प्रातः शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना, नवचंडी पाठ एवं वैदिक पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। 11 विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, उन्नति और कल्याण की कामना की गई। पूरे दिन श्रद्धालुओं का भवन में दर्शन एवं पूजन के लिए आगमन बना रहा। संध्याकाल में भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ। मधुर भजनों और सुंदरकांड के सस्वर पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। देर रात तक चले इस आयोजन में एक हजार से अधिक समाजबंधुओं ने भाग लेकर भक्ति रस का आनंद लिया। महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को मुख्य आचार्य पंडित भूपेंद्र शास्त्री (वीरपुरा) के आचार्यत्व में 21 विद्वान पंडितों ने देव आवाहन, गृह प्रवेश, वास्तु पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को सनातन परंपरा के अनुसार विधिवत संपन्न कराया। प्रातः 10:35 बजे महापूर्णाहुति के साथ यज्ञ सम्पन्न हुआ, जिसके पश्चात नवीन मांगलिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। समारोह में रामस्नेही संप्रदाय के संत नरपत राम महाराज (बड़ा रामद्वारा चौक) ने अपने शिष्यों सहित कार्यक्रम में पहुंचकर समाज जनों को आशीर्वाद प्रदान किया। संत ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज जब शिक्षा, संस्कार और संगठन के साथ आगे बढ़ता है तो उसका भविष्य स्वतः उज्ज्वल हो जाता है। उन्होंने भवन निर्माण में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों, दानदाताओं एवं कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया। इस अवसर पर औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति, उदयपुर के संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल औदीच्य ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया तथा सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मांगलिक भवन केवल विवाह एवं सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा। यहां नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने, शैक्षणिक मार्गदर्शन, प्रतिभा सम्मान, खेलकूद प्रतियोगिताएं, कैरियर काउंसलिंग, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाएगा। प्रवक्ता एवं प्रचार-प्रसार मंत्री प्रेम औदीच्य ने बताया कि समारोह में समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान, भामाशाहों का अभिनंदन तथा विभिन्न चोखलों एवं टीलातों के प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया गया। कार्यक्रम में समाज के युवाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। वहीं महिलाओं ने भी सेवा भाव का परिचय देते हुए भोजन व्यवस्था का संचालन किया। 'झूठा न छोड़ें' अभियान से दिया स्वच्छता और संस्कार का संदेश कार्यक्रम के दौरान सेवा में लगी टीमों ने समाजजनों से भोजन की बर्बादी नहीं करने और थाली में झूठा भोजन नहीं छोड़ने की अपील की। इस पहल के माध्यम से स्वच्छता, अन्न के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। जल्द आयोजित होगा संस्कार शिविर औदिच्य ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल औदिच्य ने बताया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं। इन बदलावों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाजजनों के सहयोग से शीघ्र ही संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। इनपुट : करण औदिच्य उदयपुर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डंपर और दीवार के बीच फंसे ठेकेदार की मौत:हादसे से पहले मजदूरों का पेमेंट कर बोले थे- 'आज तक का हिसाब हो गया, अब कल का कल देखेंगे' खेरवाड़ा में दो-भाइयों के घर से 37-लाख के जेवर चोरी:चोरों ने बाहर से कुंदी लगाकर दिया वारदात को अंजाम; पड़ोसी से खुलवाया गेट उदयपुर में कल 15 से ज्यादा इलाकों में बिजली गुल:विद्युत लाइन के मेंटेनेंस कार्य के चलते पावरकट, जानिए किस समय रहेगी कटौती डॉक्टर्स डे पर उदयपुर में निकाली रैली:हजारों डॉक्टर सड़कों पर उतरे, अस्पतालों में हमलों और हिंसा के खिलाफ दिखाई एकजुटता
औरैया में एसपी ऑफिस के ऑडिटोरियम में रिटायर्ड दरोगा की बहू ने रील बनाई। 30 जून (मंगलवार) दोपहर करीब 2 बजे बनाया गया यह वीडियो बुधवार शाम सामने आया। जब बहू ने वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया और वह शेयर होने लगा। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला एसपी की कुर्सी पर बैठकर गोल-गोल घूम रही है। मामला सामने आने पर एसपी अभिषेक भारती ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बहू और उसके ससुर ने माफी मांगी। साथ ही बहू ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट ही डिलीट कर दिया। रिटारमेंट पार्टी में पुलिसकर्मियों के घरवाले भी शामिल हुए मंगलवार को एसपी ऑफिस में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों का विदाई समारोह था। दिबियापुर के उपनिरीक्षक (एसआई) नेम सिंह का भी विदाई समारोह था। प्रोग्राम में उनके घरवाले भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ऑडिटोरियम खाली हो गया। इसके बाद नेम सिंह की बहू सोनी चौधरी ने कुर्सी पर बैठकर एक रील बनाई। फिर इस रील को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड कर दिया। बुधवार को यह रील वायरल हो गई, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। रील वायरल होने की जानकारी मिलने पर एसपी अभिषेक भारती ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद रिटायर्ड दरोगा नेम सिंह और उनकी बहू सोनी चौधरीने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। सोनी चौधरी ने माफीनामे का एक वीडियो भी जारी किया। बहू के इंस्टाग्राम पर 26 हजार फॉलोअर थे बहू ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया, जिस पर 16 हजार फॉलोअर्स थे। एसपी अभिषेक भारती ने बताया- रिटायर्ड दरोगा की बहू ने ऑडिटोरियम खाली होने पर रील बना ली थी। माफी मांगने और भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। ससुर बोले- मैंने रील डिलीट करा दी है सोना चौधरी के ससुर नेम सिंह ने बताया- एसपी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में पुलिसकर्मियों के रिटायर होने पर कार्यक्रम था। इसमें मेरे घरवाले भी आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने पर मेरी बहू ने एक रील बना ली थी। यह पता चलते ही मैंने तत्काल वह रील डिलीट करा दी। बहू ने हाथ जोड़कर माफी मांगी, बोली- गलती हो गई बहू सोनी चौधरी ने कहा- मैं अपने ससुर के रिटायरमेंट समारोह में शामिल होने गई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मैंने कॉन्फ्रेंस रूम में रखी कुर्सी पर बैठकर एक रील बनाई। फिर उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। बाद में मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ। फिर पापा के कहने पर मैंने वह रील तुरंत डिलीट कर दी। आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैं इस कृत्य के लिए तहे दिल से क्षमा मांगती हूं। मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई है। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें- राम मंदिर चोरी-यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को पुलिस ने दर्शन कराए, 20 घंटे नजरबंद करके रखा था; CO ने जेल में आरोपियों से पूछताछ की अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई। करीब 20 घंटे नजरबंद रखने के बाद मंगलवार रात 9 बजे पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कराए। यहां पढ़ें पूरी खबर
यूपी एसटीएफ ने फर्जी वाहन नंबर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान से बचते हुए सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीतापुर के दो सगे भाई निकले फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रियाज और उसके सगे भाई सिराज के रूप में हुई है। दोनों सीतापुर जिले के लहरपुर थाना क्षेत्र के पटकी टोला, मीरा टोला वार्ड के रहने वाले हैं। एसटीएफ ने दोनों को गोमतीनगर स्थित मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की, जिसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। फर्जी नंबर से बनवाया फास्टैग, वर्षों तक किया इस्तेमाल जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी वाहन संख्या MA 3459455 के नाम पर कूटरचित आरसी तैयार कर इंडसइंड बैंक के एजेंट के माध्यम से फास्टैग जारी कराया। वर्ष 2024 में इस फास्टैग का इस्तेमाल एक वाहन पर किया गया और दुर्घटना के बाद वर्ष 2025 से उसी फास्टैग को दूसरे वाहन UP-32 ZN-8925 पर इस्तेमाल किया जाने लगा। टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान से बचने के लिए रची थी साजिश एसटीएफ के अनुसार आरोपी फर्जी फास्टैग का उपयोग कर विभिन्न टोल प्लाजा से बिना अतिरिक्त शुल्क दिए गुजरते थे। साथ ही ओवरलोडिंग और ऑनलाइन ट्रैफिक चालान से भी बचते रहे। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि अधिक आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से उन्होंने यह फर्जीवाड़ा किया। एसटीएफ कर रही नेटवर्क की जांच यह मामला एआरटीओ लखनऊ दक्षिणी की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना बाद में एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी फास्टैग बनाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस गिरोह के जरिए सरकार को कितने बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
श्योपुर शहर में दो घंटे बिजली बंद रहेगी:सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक मेंटेनेंस, कई इलाकों में शटडाउन
श्योपुर शहर के कई इलाकों में गुरुवार को बिजली गुल रहेगी। बिजली कंपनी ने बताया है कि 33 केवी फीडरों पर लाइन मेंटेनेंस का काम किया जाना है। इस वजह से सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक बिजली की सप्लाई बंद रहेगी। इससे मधुवन नगर, कल्याणपुरम कॉलोनी, गुलमोहर कॉलोनी, बजाज नगर, रेलवे फाटक, एफसीआई गोदाम क्षेत्र, बड़ौदा रोड, पटेल चौक, पुल दरवाजा, मछली मार्केट, भोई मोहल्ला, रेगर मोहल्ला, वार्ड 14-15, फक्कड़ चौराहा, गांधी नगर, कमालखेड़ी, खरंजा रोड, जयश्री पैलेस कॉलोनी, पीली कोठी, चंबल कॉलोनी, नर्सरी के सामने का क्षेत्र, पप्पू होटल के आसपास, कॉलेज के सामने जाट छात्रावास, जागा मोहल्ला, मोहनजी की बगीची, चिंताहरण हनुमान मंदिर, वार्ड क्रमांक 10, महाराणा प्रताप नगर, नागदा रोड, मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, कैनरा बैंक में बिजली बंद रहेगी। धानमील फीडर के इन इलाकों में भी बत्ती गुल रहेगी हिंदू धर्मशाला, गैस एजेंसी रोड, बालापुरा, जय स्तंभ, मेन बाजार, बूढ़ी बाजार, घास गली, बोहरा बाजार, टोडी बाजार, ब्राह्मण पाड़ा, मोती टिकिया, हम्माल मोहल्ला, पुरानी कचहरी, पुरानी सब्जी मंडी, छीपा मोहल्ला, आनंद नगर, चैनपुरा, पुलिस लाइन, जैन होटल के पीछे, डॉक्टर कॉलोनी, पाम होटल क्षेत्र, केसर अस्पताल, स्टेडियम, बेंगदा, ईको सेंटर, जिला पंचायत, न्यायालय, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, शिवपुरी रोड, विकास नगर, हाउसिंग बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय, बूगी नाका, पटवारी कॉलोनी, शिव नगर कॉलोनी, कंडेल बाजार, मेस पाड़ा, किला बगीची, चतरदास का टीला, गुलेया मोहल्ला, गुलाब बाड़ी, हरिजन बस्ती और ईदगाह रोड। बिजली कंपनी ने की सहयोग की अपील बिजली कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से इस जरूरी काम में सहयोग करने की अपील की है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि अगर मरम्मत का काम जल्दी पूरा हो जाता है तो बिजली पहले भी चालू की जा सकती है, और यदि काम में देरी हुई तो कटौती का समय थोड़ा बढ़ाया भी जा सकता है।
अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर के 80वें शहादत दिवस पर मंगलवार को जीनगर समाज एवं प्रगतिशील युवा संस्था की ओर से पाली के न्यू मोची कॉलोनी स्थित शहीद बीरबल सिंह बगेची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय एकीकरण जीनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश परमार ने शहीद बीरबल सिंह जीनगर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर साफा पहनाया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर महासचिव ओमप्रकाश बागड़ी, उपाध्यक्ष टीकमचंद चौहान, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सिसोदिया, राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद गोयल एवं प्रदेश महासचिव गोविंद राठौड़ सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अव्वल आए प्रतिभागियों को मिले पुरस्कारप्रगतिशील युवा संस्था की ओर से दयानंद बगेची में आयोजित पांच दिवसीय खेलकूद सप्ताह एवं प्रतिभावान सम्मान समारोह के तहत छात्रों को साफा, दुपट्टा, प्रशस्ति पत्र, नकद पुरस्कार एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। 2 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस एवं डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश परमार की ओर से 2 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 1500 रुपए और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 1100 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को 500-500 रुपए देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। खेल सप्ताह के दौरान आयोजित क्रिकेट, मेहंदी एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रधानाचार्य तुलसीराम चौहान (राजकीय विद्यालय, राणा) ने साफा, दुपट्टा, प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश परमार ने कहा कि शहीद बीरबल सिंह जीनगर ने तिरंगे की आन, बान और शान की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रगतिशील युवा संस्था के अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, उपाध्यक्ष कमलेश सांखला, भरत सांखला, सचिव कांतिलाल सांखला, कोषाध्यक्ष कुलदीप बोराणा, कल्याण गहलोत, पन्नालाल चौहान, कमल चौहान, टीकम चौहान, अमृत सांखला, श्रवण चितारा, मनोज गोयल, प्रेम पंवार सहित समाज के युवाओं का विशेष सहयोग रहा।
हांसी में एनएच-10 स्थित जांकी शोरूम के मैनेजर सूरज हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस को एक और सफलता मिली है। सीआईए-1 की टीम ने फरार आरोपियों को पनाह और सहयोग देने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देशन में सीआईए-1 में तैनात उप निरीक्षक कपिल कुमार ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि हत्याकांड के आरोपी गौरव उर्फ गोचू और रवि उर्फ गोलू को फरारी के दौरान अभिषेक निवासी बहबलपुर, जिला हिसार ने पनाह और सहयोग दिया था। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस : एसआई उप निरीक्षक कपिल कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसे गुरुवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस चर्चित हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी साहिल बामल, साहिल श्योराण, विकास मलिक, गौरव उर्फ गोचू और रवि उर्फ गोलू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, आरोपियों की सहायता करने वाले मोहित और साहिल को भी पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की गहनता से जांच की जा रही है और वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) परिसर में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब रीचेकिंग में नंबर न बढ़ने से नाराज एक छात्रा ने कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा की गाड़ी रोक दी। छात्रा के विरोध प्रदर्शन के बाद कुलगुरू को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस मामले में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। बीपीएड चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा निकिता रजक का आरोप है कि उसे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट विषय में बहुत कम अंक दिए गए थे। पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) के बाद भी उसके एक भी नंबर में वृद्धि नहीं हुई। छात्रा का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। निकिता ने अपनी उत्तरपुस्तिका की वीडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कॉपी में दो प्रश्नों का मूल्यांकन ही नहीं किया गया। बुधवार को जब कुलगुरू परिसर से बाहर जा रहे थे, तब छात्रा उनकी चलती कार के सामने खड़ी होकर नारेबाजी करने लगी। प्रोफेसरों द्वारा समझाने के बावजूद छात्रा निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ी रही, जिसके बाद कुलगुरू को सुरक्षा कारणों से अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना के बाद एनएसयूआई ने छात्रा का समर्थन किया और शहर प्रवास पर आ रहे मुख्यमंत्री के सामने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई। एनएसयूआई कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के काफिले के मार्ग पर उन्हें ज्ञापन सौंपने की तैयारी में थे। हालांकि, पुलिस ने मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों की योजना विफल कर दी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में ले लिया।
मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेज के अलग-अलग डिपार्टमेंट की परीक्षा 3 जुलाई को दो पारियों में होगी। ये परीक्षा जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, अजमेर व उदयपुर शहरों में होगी। वहीं डॉक्टर्स डे पर एमडीएम हॉस्पिटल में पौधरोपण हुआ। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से भी डॉक्टर्स डे पर पौधरोपण और ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें… 1. ग्रेजुएशन और डिप्लोमा कोर्स के एग्जाम 3 जुलाई को मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जोधपुर से जुड़े कॉलेज के विभिन्न डिपार्टमेंट और डिप्लोमा कोर्स के लिए एंट्रेस एग्जाम 3 जुलाई को दो पारियों में होगी। ये परीक्षा जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, अजमेर व उदयपुर शहरों में होगी। जानकारी के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक और डिप्लोमा कोर्स के लिए 21 मई को ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। ये एग्जाम 'कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)' के माध्यम से दो पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी सुबह 9 से 11 और दूसरी पारी का एग्जाम 1:30 से 3:30 होगा। एग्जाम से आधे घंटे पहले कैंडिडेट्स को पहुंचना हाेगा। इस एग्जाम के माध्यम से बीएससी नर्सिंग, बी-फॉर्मेसी, डी. फार्मेसी एवं एलाइड हेल्थ साइंसेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों- बीपीटी, बीएमआरआईटी, बीएमएलएस एव 'बी. ऑप्टोमेट्री में प्रवेश दिया जाएगा। मारवाड़ चिकित्सा विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु डॉ. एम.के. आसेरी की ओर से एग्जाम में शामिल होने वाले सभी कैंडिडेट्स को समय से पहले पहुंचने की अपील की है। 2. डॉक्टर्स डे पर किया पौधरोपण डॉक्टर्स डे के अवसर पर बुधवार को एमडीएम अस्पताल के गैस्ट्रो बिल्डिंग के सामने और पीजी हॉस्टल के बाहर पौधरोपण किया गया। इस दौरान 15 फीट ऊंचाई के 11 पौधे लगाए गए। ये सभी पौधे पर्यावरण प्रेमी और भामाशाह प्रमोद धानदिया द्वारा डॉक्टर्स डे के अवसर पर गिफ्ट किए गए। समाजसेवी भवानी शंकर नायक और देवराज चौहान ने बताया- मुख्य अतिथि अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित के नेतृत्व में समारोह आयोजित हुआ। इसमें डॉक्टर्स ने इनके संरक्षण का भी संदेश दिया। एमडीएम हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट विकास राजपुरोहित ने सभी से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील की। डॉ. हरीश अग्रवाल, न्यूरो फिजिशियन डॉ. नवीन सिरवी ने भी सभी को इन पौधों के संरक्षण की अपील की। वहीं नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश जाट ने भी बारिश के समय ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने को कहा। कार्यक्रम में डॉ. विकास राजपुरोहित, डॉ. हरीश अग्रवाल, भामाशाह प्रमोद धानदिया, डॉ. करणी प्रताप सिंह, डॉ. नवीन सीरवी, डॉ. निशा, अरशद कुरैशी (का.नर्सिंग अधीक्षक), जगदीश जाट (अध्यक्ष RNA), भवानी शंकर नायक, देवराज चौहान, दीपक सोनी, करणसिंह राठौड़, मुकुल परिहार, घमंडाराम चौधरी, ओम सारण, चूनाराम चौधरी, अजीत चौधरी, सुनील तालणिया, सुमेरसिंह, वसीम आदि मौजूद थे। 3. एक पेड़ कॉलेज के नाम, ब्लड डोनेशन भी किया इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर ब्रांच की ओर से बुधवार को डॉक्टर्स डे पर ‘एक पेड़ कॉलेज के नाम’ अभियान के तहत 100 पौधे लगाए। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, सचिव डॉ. प्रदीप जैन और कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघवी के नेतृत्व में डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर परिसर में 100 पौधे लगाए। इस पौधरोपण अभियान का शुभारंभ डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने किया। डॉक्टर्स डे के अवसर पर ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा ने कहा- डॉक्टर्स डे चिकित्सकों के सम्मान के साथ-साथ समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक योगदान देने का भी अवसर है। सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने कहा कि पौधरोपण और रक्तदान जैसे कार्यक्रम चिकित्सकों की समाज, पर्यावरण एवं मानवता के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघवी ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी डॉक्टर्स, मेडिकल स्टूडेंट, रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों का आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, डॉ. प्रदीप कुमार जैन, डॉ. अमित सिंहवी, डॉ. रईस, डॉ. अनिल कुमार अरोड़ा, डॉ. आर्य त्रिलोक सांखला, डॉ. पुरुषोत्तम दान, डॉ. कुशल कटारिया, डॉ. रामेश्वर लाल, डॉ. दीपक भंडारी, डॉ. आशीष व्यास, डॉ. तेजपाल फरोड़ा, डॉ. अजय हरित, डॉ. के. सी. अग्रवाल, डॉ. संगीता लोढ़ा, डॉ. संजीव बत्रा, डॉ. रंजना माथुर निगम, डॉ. नागाराम धांधे, डॉ. प्रियंका माथुर सिंह, डॉ. सुमिता अग्रवाल, डॉ. रुनू भाटिया, डॉ. सरिता चरण, डॉ. गोपेश, डॉ. कीर्ति सचदेव, डॉ. महेश पंवार, डॉ. एस. एन. चावला, डॉ. पी. सी. गुप्ता, डॉ. अजय मालवीय, डॉ. सुनीता मालवीय, डॉ. श्याम माथुर, डॉ. मनीष के. जैन, डॉ. मनीष परिहार, डॉ. श्याम सुंदर वैष्णव, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. स्नेहलता शर्मा, डॉ. आशीष बत्रा, डॉ. के. के. असेरी, डॉ. पी. के. गुप्ता, डॉ. पुष्पा जैन, डॉ. महेंद्र सांखला, डॉ. किशन राठी, डॉ. कांतेश खेतानी, डॉ. मीनल जैन, डॉ. खुशाली जैन, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. गुलाब सिंह सारण, डॉ. शिव रतन जोशी, डॉ. सिद्धेश कुमार गौर, डॉ. सी. के. लोहरा, डॉ. सुरेश सांचेती, डॉ. बाबूलाल जैन, डॉ. कमलकांत, डॉ. जयश्री शर्मा, डॉ. महेंद्र प्रकाश सोनी (बाड़मेर), डॉ. मधुशेखर बिस्सा, डॉ. सी. एस. भार्गव, डॉ. सूची भार्गव, डॉ. नीलम सांवल, डॉ. मंजुला व्यास, डॉ. भूषण हाथी, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. प्रतिभा पाटनी, डॉ. हंसा सोनी, डॉ. मनीष पारख, डॉ. राजेश जैन, डॉ. डी. एस. चौधरी (एनेस्थीसिया), डॉ. संजय मकवाना, डॉ. रेनू मकवाना, डॉ. प्रतीक मकवाना, डॉ. विनीत कुमार जैन, डॉ. बीना गोयल, डॉ. संदीप टाक, डॉ. मालती माथुर, डॉ. कुशल बन गोस्वामी, डॉ. नरेंद्र सिंह राजपुरोहित, डॉ. बी. पी. शर्मा, डॉ. प्रनेह शर्मा, प्रनेट शर्मा (मेडिको), संतोष शर्मा, डॉ. जयदेव जेठानी, डॉ. सीमा सुराना, डॉ. अशोक जैन, डॉ. कल्पित मेहता, डॉ. रामनिवास सेवार, डॉ. हनुमान तोषणीवाल, डॉ. गीता सिंगारिया, जितेंद्र खेतावत, डॉ. दौलाल रंगा, डॉ. लवलीन जनवेजा, डॉ. जगदीश सिंह शेखावत, डॉ. ओम शाह, डॉ. मूल सिंह राठौड़, डॉ. ऋषभ मालू, डॉ. पुष्पा माथुरिया एवं डॉ. कपिल रहेजा मौजूद रहे।
बरेली में सपा नेत्री और पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर बुधवार दोपहर 12 बजे बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि वह 2027 का चुनाव लड़ना चाहती हैं और पार्टी को सत्ता में लाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगी। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को प्रदेश का सबसे सक्षम नेता बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की। साथ ही भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। 2027 में चुनाव लड़ने की इच्छा जताईसुप्रिया ऐरन ने कहा कि पिछले चुनावों के अनुभवों के बाद एक समय ऐसा लगा था कि चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं, लेकिन अब वह 2027 में चुनाव लड़ना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मजबूती से मैदान में उतरेंगे और पार्टी को सत्ता में लाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। अखिलेश यादव को बताया काबिल नेताअखिलेश यादव के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सुप्रिया ऐरन ने कहा कि वह एक अच्छे इंसान, काबिल नेता और जिम्मेदार परिवार प्रमुख हैं। उनके मुताबिक अगर उत्तर प्रदेश की कमान अखिलेश यादव के हाथों में जाती है तो प्रदेश सुरक्षित नेतृत्व में रहेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का हर कार्यकर्ता 2027 में उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी ताकत लगाएगा। भाजपा पर लगाए गंभीर आरोपसुप्रिया ऐरन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खुद को सबसे ईमानदार बताती है, लेकिन आज उसी पर चंदे से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे अमीर राजनीतिक पार्टी के लोगों पर चंदे और दान में मिली सामग्री को लेकर सवाल उठना बेहद गंभीर बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालु अपनी आस्था से जो दान करते हैं, उस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। बोलीं- हम भी हिंदू और सनातनी हैंउन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग भी हिंदू हैं, सनातन परंपरा में विश्वास रखते हैं और भगवान राम के प्रति उनकी भी आस्था है। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। उनके अनुसार जनता अब धार्मिक नारों से आगे बढ़कर विकास, महंगाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर जवाब चाहती है। बरेली को लेकर सरकार पर साधा निशानासुप्रिया ऐरन ने कहा कि मुख्यमंत्री के बरेली दौरे के दौरान शहर की मूल समस्याओं पर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। उन्होंने बिजली संकट, जलभराव और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों का लाभ आम लोगों तक अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंचा है। उनका कहना था कि सरकार को अब विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपने काम का हिसाब देना चाहिए। 2027 में साइकिल दौड़ने का किया दावासुप्रिया ऐरन ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां सपा के पक्ष में बन रही हैं और जनता बदलाव चाहती है। उनका दावा रहा कि आने वाले चुनाव में साइकिल तेजी से दौड़ेगी और समाजवादी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
कटनी की दाल मिल में शॉर्ट सर्किट से आग:लाखों का नुकसान, 5 दमकलों ने 2 घंटे में पाया काबू
कटनी के माधवनगर थाना क्षेत्र के इमलिया गांव में बुधवार शाम एक दाल मिल में भीषण आग लग गई। एस.के. एग्रो फर्म की इस दाल मिल में लगी आग से भारी मात्रा में दाल का स्टॉक जलकर खाक होने की आशंका है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, मिल मालिक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। बुधवार शाम करीब 4 बजे मिल के एक हिस्से से अचानक चिंगारियां उठीं, जिसने वहां रखे सूखे माल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि उसकी लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर से दिखाई देने लगा। आग की भयावहता को देखकर आसपास के लोगों और राहगीरों में भगदड़ मच गई। मिल में काम करने वाले कर्मचारियों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उनकी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। दमकल की 5 गाड़ियों ने 2 घंटे में पाया काबू घटना की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग के पांच वाहनों को काम पर लगाया गया। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए मिल को चारों तरफ से घेरा और पानी की तेज बौछारें मारनी शुरू कीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम लगभग 6 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल विभाग की मुस्तैदी के कारण आग मिल के पास बने रिहायशी इलाकों और दूसरे गोदामों तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
फिरोजाबाद में अवैध गैस रिफिलिंग पकड़ी, 87 सिलेंडर बरामद:मकान मालिक फरार, पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
फिरोजाबाद के जैन नगर में अवैध गैस रिफिलिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी सिंह की टीम ने बुधवार शाम करीब 7:30 बजे जैन नगर निवासी धर्मवीर राठौर के घर पर छापा मारा। यहां अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग का कारोबार संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 87 गैस सिलेंडर बरामद किए। इनमें 37 घरेलू एलपीजी सिलेंडर शामिल हैं। कुछ सिलेंडर भरे हुए पाए गए, जबकि कई खाली अवस्था में थे। छापेमारी की सूचना मिलते ही मकान मालिक धर्मवीर राठौर मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया और मौके से मिले अन्य सामान की भी जांच की। जिला पूर्ति विभाग ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस मकान पर ऐसी कार्रवाई हुई है। इससे पहले भी इसी स्थान पर अवैध गैस रिफिलिंग की शिकायत पर छापा मारा गया था और बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। इसके बावजूद अवैध कारोबार का दोबारा शुरू होना विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। रिहायशी इलाके में अवैध गैस रिफिलिंग का संचालन न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान-माल के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। ज्वलनशील गैस की अवैध हैंडलिंग से किसी भी समय बड़ा विस्फोट या आग लगने जैसी दुर्घटना हो सकती है। जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध गैस कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दतिया में गुरुवार को 11 फीडरों पर मेंटेनेंस:सुबह 6 से 11 बजे तक कई इलाकों में बिजली रहेगी बंद
दतिया शहर और आसपास के कई क्षेत्रों में गुरुवार 2 जुलाई को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 11 केवी फीडरों पर प्रस्तावित मेंटेनेंस कार्य के चलते अलग-अलग इलाकों में चार से पांच घंटे तक बिजली बंद रहेगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से असुविधा से बचने के लिए आवश्यक तैयारी करने की अपील की है। बिजली कंपनी के अनुसार, 11 केवी रामसागर, हॉस्पिटल, गौतम विहार और कोर्ट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी। वहीं, 11 केवी बीकर आबादी-2, गधारी आबादी, उन्नाव आबादी, पिपरआ कला आबादी, केशर परासुरा आबादी, ठाकुरपुरा आबादी और नयाखेड़ा आबादी फीडर से संबंधित क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक बिजली नहीं आएगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह शटडाउन विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के तहत लिया जा रहा है। यदि कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति भी निर्धारित समय से पहले बहाल की जा सकती है।
टीकमगढ़ के जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार शाम जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को समय पर इलाज न मिलने, गर्भवती महिलाओं से पैसों की मांग करने और अस्पताल में मौजूद मशीनों का इस्तेमाल न होने पर गहरी नाराजगी जताई। विधायक खटीक ने डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए कहा कि लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं, लेकिन आप लोगों का बर्ताव मरीजों के प्रति ठीक नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, अगर काम करना है तो सही ढंग से करिए, वरना ट्रांसफर कराकर चले जाइए। निरीक्षण में अस्पताल में कई कमियां सामने आने पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करने को कहा। मरीजों के लिए तैयार करवाया नया ड्यूटी चार्ट विधायक ने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और कर्मचारियों की हाजिरी तथा साफ-सफाई समेत दूसरी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए और एक नया ड्यूटी चार्ट भी तैयार करवाया, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। बाउंड्री वॉल और फ्रीजर के लिए दिए 11 लाख रुपए निरीक्षण के दौरान, विधायक हरिशंकर खटीक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही, उन्होंने फ्रीजर के इंतजाम के लिए 1 लाख रुपये की मदद देने की बात भी कही। विधायक ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं दिलाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बीएमओ संजय अहिरवार को निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाए, ताकि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के राजाबंदी गांव में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां सरकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे की छत का प्लास्टर बुधवार शाम करीब 6 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में कमरे के अंदर पढ़ाई कर रही आठ छात्राएं घायल हो गईं, जिससे पूरे हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। सभी घायल छात्राओं को तुरंत इलाज के लिए पटेरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की खबर मिलते ही हटा एसडीएम राकेश मरकाम और तहसीलदार भी अस्पताल पहुंचे और बच्चियों का हालचाल जाना। हॉस्टल की बिल्डिंग की खस्ता हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्लास्टर गिरने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दो बार छत का प्लास्टर गिर चुका है, लेकिन राहत की बात यह थी कि उन दोनों समय स्कूल बंद था। ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक पटेल ने बताया कि गनीमत रही कि यह हादसा शाम के समय हुआ जब छात्राएं जाग रही थीं और एक ही जगह पर जमा नहीं थीं। अगर यही प्लास्टर रात को सोते समय गिरता, तो गंभीर चोट आने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। ये छात्राएं हुईं हादसे का शिकार ज्योति (10 वर्ष, पिता अनरव सिंह) काजल (12 वर्ष, पिता देवेंद्र अहीरवाल) बबली (12 वर्ष, पिता प्रकाश पटेल) लक्ष्मी (12 वर्ष, पिता लीला बर्मन) रश्मि (12 वर्ष, पिता कल्याण आदिवासी) अनामिका (11 वर्ष, पिता राघवन) लक्ष्मी (11 वर्ष, पिता वेजू अहिरवार) शिक्षा (10 वर्ष, पिता Ram प्रसाद) डॉक्टर के मुताबिक, काजल के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उसकी एमआरआई और सीटी स्कैन करानी बेहद जरूरी है। इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बाकी बच्चियों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। बीआरसी ने दिए जांच के आदेश, जर्जर कमरों के इस्तेमाल पर रोक हादसे के बाद पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने बताया कि घायल छात्राओं को बेहतर इलाज देने की पूरी कोशिश की जा रही है। वहीं, पटेरा के बीआरसी मुकेश गुजरे ने इस पूरी लापरवाही की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने पटेरा ब्लॉक में चलने वाले सभी सरकारी स्कूलों और हॉस्टलों से उनकी बिल्डिंग की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सभी प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी जर्जर या कमजोर कमरे में बच्चों को बिल्कुल न बैठाया जाए। छात्रावास की वार्डन सस्पेंड छात्रावास की वार्डन सीता स्वामी तिवारी प्राथमिक शिक्षक को जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में लिखा है कि 3 जून 2026 को आदेश जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि जिन छात्रावास और स्कूल की छत जर्जर है, उनमें बच्चों को न बैठाया जाए। इसके बावजूद भी घटना हुई है। मामले में जांच कराए जाने पर वार्डन को दोषी माना गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
हांसी में जींद रोड स्थित भाग्य लक्ष्मी खल-बिनौला फैक्ट्री में बुधवार को आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। आग ने तेजी से फैक्ट्री परिसर में रखे बारदाने और गोदाम में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्ट्री मालिक वेद प्रकाश ने बताया कि उन्हें सुबह करीब पांच बजे चौकीदार का फोन आया, जिसने फैक्ट्री में आग लगने की सूचना दी। वेद प्रकाश तुरंत मौके पर पहुंचे, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी और गोदाम में रखा बारदाना जल रहा था। इसके बाद तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने पाया काबू फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक गोदाम में रखा बारदाना और गोदाम का शेड जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस घटना से फैक्ट्री मालिक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फैक्ट्री मालिक के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। फायर ऑपरेटर जसवीर ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने बताया कि आग काफी विकराल थी, लेकिन पांच फायर टेंडरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद उसे पूरी तरह बुझा दिया गया। इससे आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सका।
सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध गिट्टी परिवहन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ई-फॉर्म C/MM-11 (खनिज परिवहन परमिट) बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार, अवैध खनिज परिवहन के दौरान पकड़े गए चालक दिलीप प्रजापति ने पूछताछ में बताया कि पुराने ई-फॉर्म C/MM-11 में वाहन संख्या, तिथि और समय बदलकर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे। इन्हीं परमिटों के आधार पर गिट्टी का अवैध परिवहन कराया जाता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बिल्ली-मारकुंडी स्थित AK इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापा मारकर अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल और मोहन उर्फ अजय कुमार को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक डेल लैपटॉप, एचपी लेजर प्रिंटर, 748 अप्रयुक्त सिक्योरिटी पेपर सेट, लगभग एक हजार प्रयुक्त ई-फॉर्म C/MM-11 और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। जांच में सामने आया कि AK इंटरप्राइजेज का लाइसेंस 8 जून 2026 तक वैध था, लेकिन लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी उसके नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर का कथित दुरुपयोग कर फर्जी परमिट तैयार किए जा रहे थे। इस मामले में अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय और AK इंटरप्राइजेज के संचालक सुरेश कुमार पाठक फरार हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अवैध खनन और फर्जी खनिज परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
शहर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह फिल्मी अंदाज में एक थार सवार छात्र पर जानलेवा हमला किया गया। भिंड रोड स्थित लीगेसी प्लाजा के पास कार सवार तीन बदमाशों ने पुरानी रंजिश के चलते थार का पीछा किया और चलती गाड़ी पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने थार के टायर को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं, लेकिन निशाना चूक गया। एक गोली वाहन की बॉडी में धंस गई, जबकि दूसरी सड़क पर लगी। घटना में थार सवार दोनों छात्र बाल-बाल बच गए। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। दोस्त को रेलवे स्टेशन से लेकर लौट रहा था छात्र गोला का मंदिर थाना पुलिस के मुताबिक, मुरार स्थित सीपी कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय समरेंद्र सिंह गुर्जर बुधवार सुबह अपनी थार लेकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। उसका दोस्त शिवा घुरैया दिल्ली से ट्रेन के जरिए ग्वालियर आया था। स्टेशन से उसे लेने के बाद समरेंद्र उसे डीडी नगर स्थित उसके घर छोड़ने जा रहा था। जैसे ही उनकी थार भिंड रोड स्थित लीगेसी प्लाजा के सामने पहुंची, तभी पहले से घात लगाए बैठे तीन युवकों ने स्विफ्ट डिजायर कार से उनका पीछा शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, कार में राघव उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय और आशीष गुर्जर सवार थे, जिनकी समरेंद्र से पुरानी रंजिश चली आ रही है। टायर को बनाया निशाना, गोली गाड़ी में धंसी पीछा किए जाने का एहसास होते ही समरेंद्र ने थार की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान आरोपियों ने अपनी कार थार के बराबर लाकर कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी। उनका निशाना थार का टायर था, ताकि वाहन रुक जाए। हालांकि गोली टायर में नहीं लगी। एक गोली थार की बॉडी में जा धंसी, जबकि दूसरी सड़क पर लगी। समय रहते वाहन की गति बढ़ाने से दोनों छात्र सुरक्षित निकलने में सफल रहे। सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच शुरू घटना के बाद दोनों छात्र घर पहुंचे और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद समरेंद्र ने गोला का मंदिर थाने पहुंचकर नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस लीगेसी प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वहीं थार पर लगे गोली के निशान की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, ताकि इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना के अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते छात्र पर जानलेवा हमला करने के मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार के नंबर के आधार पर नाकेबंदी कराई गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले का खुलासा किया जाएगा।
लखनऊ में अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया:समीना शाह दरगाह पर लंबी उम्र और सफलता की दुआ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन बुधवार को लखनऊ में मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर की प्रसिद्ध समीना शाह दरगाह पर उनकी लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और राजनीतिक सफलता के लिए विशेष दुआ की गई। कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव चौधरी मोहम्मद मोहसिन के नेतृत्व में हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, उलेमा-ए-कराम और स्थानीय लोग शामिल हुए। दरगाह परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ रही, जिन्होंने अखिलेश यादव के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना की। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की कामना की दरगाह के मुतवल्ली और सज्जादानशीन राशिद अली मीनाई साहब ने विशेष दुआ कराई। इस दुआ में प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक सौहार्द और वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की कामना की गई। इसके साथ ही, अखिलेश यादव के पुनः उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की मन्नत भी मांगी गई। जन्मदिन समारोह के बाद समाजसेवा के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक सामान वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। दीर्घायु और जनकल्याण के लिए दुआ की प्रदेश सचिव चौधरी मोहम्मद मोहसिन ने इस अवसर पर कहा कि अखिलेश यादव जनसेवा और विकास की राजनीति के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं ने उनके स्वस्थ, दीर्घायु और जनकल्याण से परिपूर्ण जीवन के लिए दुआ की है। मोहसिन ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में बदलाव की नई इबारत लिखी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षामंत्री योगेन्द्र उपाध्याय से बुधवार शाम को उनके सरकारी आवास पर राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच शिक्षा, संस्कृति और देश में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने अपनी पुस्तक 'सनातन चेतना का जागरण' उच्च शिक्षामंत्री को भेंट की। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक पिछले कुछ वर्षों में देश में हुए सांस्कृतिक जागरण, राष्ट्रीय चेतना के उत्थान और भारतीय परंपराओं के पुनर्स्थापन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समेटे हुए है। श्रीराम मंदिर देशवासियों की आस्था का नया आयाम डॉ. अग्निहोत्री के अनुसार, उनकी पुस्तक में अयोध्या में लगभग पांच सौ वर्षों के बाद हुए भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण ने देशवासियों की आस्था को नया आयाम दिया है और अयोध्या के समग्र विकास को भी गति प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या धाम का विकास अब विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से अयोध्या को वैश्विक पहचान मिली है। यह सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों के लिए गौरव और श्रद्धा का विषय है।
कांग्रेस ने 8 जुलाई को जिला मुख्यालय पर सर्व धर्म सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। यह सम्मेलन सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने के विरोध में किया जा रहा है। सम्मेलन के बाद कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। वरिष्ठ नागरिक और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा इस सर्व धर्म सम्मेलन की तैयारियों के लिए बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक बैठक हुई। पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्व धर्म समाज के वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। ऑपरेशन क्लीन का किया विरोध बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई ने कहा कि 'डबल इंजन' सरकार में जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति विकट हो गई है। बिश्नोई ने 'ऑपरेशन क्लीन' के नाम पर मस्जिदों और मंदिरों को तोड़े जाने का भी जिक्र किया। ये रहे मौजूद इस बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, वरिष्ठ नेता प्रकाश छंगाणी, कुंभ सिंह पातावत, पीसीसी सदस्य महेश व्यास, पंचायत समिति प्रधान हाजी उमरदीन, ताज मोहम्मद, गोपाल शर्मा, शीशपाल बिश्नोई, कीर्ति सिंह भील, प्रेम सिंह राजपुरोहित, श्रीगोपाल व्यास, हरभज नोखडा, सतीश पुरोहित एडवोकेट, नटवर मेघवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत लखनऊ में मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन (संभाजन) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्तावित मतदान केंद्रों की समीक्षा की गई। आयोग के निर्देशों के तहत 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की ड्राफ्ट सूची जारी की जाएगी, जिस पर राजनीतिक दल निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। हर बूथ पर तय मानक के अनुसार होंगे मतदाता, सभी भवनों का कराया गया भौतिक सत्यापन जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना है। इसके लिए सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराया गया है। जहां नए आवासीय क्षेत्र विकसित हुए हैं वहां नए मतदान केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि जर्जर अथवा अनुपयुक्त भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। राजनीतिक दलों से मांगे सुझाव और आपत्तियां, परीक्षण के बाद बनेगी अंतिम सूची बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर यदि कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराएं। सभी सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और अनुमोदन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा। 4 जुलाई को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट सूची, अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों की ड्राफ्ट (आलेख्य) सूची प्रकाशित कर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत अंतिम सूची अनुमोदन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
तिघरा में जलस्तर घटा, ग्वालियर में पानी संकट गहराया:एक दिन छोड़कर पानी देने का फैसला अब परिषद करेगी
ग्वालियर शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। तिघरा बांध में घटते जलस्तर और पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की अध्यक्षता में बाल भवन सभागार में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। बैठक में 'एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई' के प्रस्ताव पर भी लंबी चर्चा हुई। हालांकि, एमआईसी (महापौर परिषद) ने इस फैसले की जिम्मेदारी खुद लेने के बजाय इसे नगर निगम परिषद के पाले में डाल दिया। एमआईसी ने शहरवासियों से जुड़े इस अहम मुद्दे पर सीधा निर्णय लेने के बजाय प्रस्ताव को परिषद के पास भेजने का विकल्प चुना है। यदि परिषद इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो ग्वालियर के निवासियों को हर दूसरे दिन ही पानी मिल पाएगा। पानी के मुद्दे के अलावा, बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। चार अधिकारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वहीं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क और गार्बेज शुल्क की नई दरों से संबंधित प्रस्ताव को अगली बैठक के लिए टाल दिया गया। प्रदेश में बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजना का प्रस्ताव भी अपर्याप्त जानकारी के कारण वापस कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, पुराने नगर निगम भवन के पीछे स्थित दुकानों के ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लीज आवंटन को स्वीकृति मिली। ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग क्रमांक-2 पर एम-30 ग्रेड सीसी सड़क निर्माण के लिए 4.30 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि को भी स्वीकृति प्रदान की गई। शहर की सड़कों के पैच रिपेयर कार्यों को भी हरी झंडी मिली। अब सभी की निगाहें नगर निगम परिषद की आगामी बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक में यह तय होगा कि ग्वालियर के निवासियों को प्रतिदिन पानी मिलेगा या 'एक दिन छोड़कर' पानी की नई व्यवस्था लागू होगी। तिघरा का जलस्तर जितनी तेजी से घट रहा है, उतनी ही तेजी से शहरवासियों की चिंता भी बढ़ रही है।
उदयपुर शहर के लोगों को जल्द ही खराब और गड्ढों वाली सड़कों से राहत मिलने वाली है। शहर विधायक ताराचंद जैन ने अलग-अलग वार्डों के लिए मंजूर हुए कुल 42 लाख रुपए के सड़क निर्माण कामों का बुधवार को शिलान्यास किया। इस बजट से शहर की तीन मुख्य सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें महाराष्ट्र भवन रोड, सत्यनारायण मंदिर के पीछे वाली रोड और राज रानी रोड नंबर 2 शामिल हैं। इन सड़कों के नए सिरे से बनने और मजबूत होने से स्थानीय निवासियों को आने-जाने में आ रही बड़ी परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि उदयपुर शहर का चारों तरफ से विकास करना और आम जनता को पानी, बिजली, सड़क जैसी बेहतर बुनियादी सुविधाएं देना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यक्रम में आए लोगों को भरोसा दिलाया कि शहर के हर वार्ड और गली-मोहल्ले तक विकास के कामों को पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि जनता की भलाई और विकास से जुड़े कामों में बजट की कोई कमी कभी आड़े नहीं आने दी जाएगी। हर इलाके की समस्या को दूर किया जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान विधायक के साथ बीजेपी नेता विजय गोधा, राकेश जैन, गिर्राज सालवी, कुसुम पंवार, शोभा मेहता, अनिल कटारिया, नीलम रमेजा, चौसर माली, भावना और विशाल साहू सहित कई पार्टी कार्यकर्ता और इलाके के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
करनाल की शिव कॉलोनी में बुधवार को एक युवती ने अपने घर के वॉशरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यूपीएससी की तैयारी कर रही थी युवती मृतका की उम्र 26 वर्ष थी और वह शिव कॉलोनी की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, युवती यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। एग्जाम क्लियर न होने के कारण वह काफी समय से मानसिक तनाव में थी। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया। वॉशरूम में चुन्नी से लगाया फंदा बुधवार को युवती ने अपने ही घर की पहली मंजिल के वॉशरूम में चुन्नी से फंदा लगा लिया। जब परिवार के लोगों ने उसे इस हालत में देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजनों की चीख सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों ने कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही डीएसपी मीना कुमारी, रामनगर थाना की टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वॉशरूम से शव को बाहर निकाला। फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्च्युरी हाउस भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव रामनगर थाना के पीएसआई सोनू ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि युवती ने घर के वॉशरूम में आत्महत्या की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह परीक्षा में सफलता न मिलने के कारण परेशान थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के कला महाविद्यालय के जाने-माने आर्टिस्ट और प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार की सेवानिवृत्ति पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन संस्कृति मंच (जसम) ने विकास नगर स्थित 'कलाघर' में 'एक शाम धर्मेंद्र कुमार के साथ' शीर्षक से यह कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन शहर के संस्कृति कर्मियों, कलाकारों, लेखकों और पुराने दोस्तों के आत्मीय मिलन समारोह में बदल गया। जसम की ओर से प्रोफेसर धर्मेंद्र को शाल, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जसम लखनऊ की सचिव फरजाना महदी ने किया। मूर्तिकला के क्षेत्र में उनका काम बेमिसाल रहा कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के आत्मप्रचार के दौर में प्रोफेसर धर्मेंद्र जैसे लोग विरले हैं, जो खामोशी से काम करते हैं। मूर्तिकला के क्षेत्र में उनका काम बेमिसाल रहा है, लेकिन वे अपने काम का प्रचार करने से हमेशा बचते रहे। उनके पूर्व सहकर्मी लालजीत अहीर ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन धर्मेंद्र कुमार जैसी प्रतिभा को समझ नहीं पाया। अहीर ने यह भी कहा कि ऐसी उपेक्षाओं के कारण ही गौरवशाली अतीत वाला लखनऊ आर्ट कॉलेज अपनी पुरानी चमक खो रहा है। कला शिक्षक पत्नी नीता कुमार के साथ मिलकर 'कला गांव' की शुरुआत वक्ताओं ने प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार की सामाजिक प्रतिबद्धता को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब देश में सांप्रदायिक उन्माद और फासीवाद का उभार हो रहा था, तब प्रोफेसर धर्मेंद्र ने महाविद्यालय में 'फासिस्ट गैलरी' की स्थापना कर अपनी वैचारिक उपस्थिति दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी कला शिक्षक पत्नी नीता कुमार के साथ मिलकर 'कला गांव' की भी शुरुआत की थी। जौनपुर से आकर लखनऊ आर्ट कॉलेज में प्रोफेसर बने धर्मेंद्र कुमार को मार्क्सवाद की वैचारिक प्रतिबद्धता अपने कम्युनिस्ट पिता से विरासत में मिली थी। इसी वैचारिक दृढ़ता के कारण वे सिद्धांतों के लिए हमेशा प्रशासकों से टकराते रहे। ये मौजूद रहे इस अवसर पर कला समीक्षक शहंशाह हुसैन, कौशल किशोर, आलोक कुमार, शैलेश पंडित, सत्य प्रकाश और परिवार के सदस्यों सहित कई छात्रों ने प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार के साथ अपने अनुभव साझा किए।
डॉक्टर दिवस के अवसर पर इनरव्हील क्लब ऑफ लखनऊ 312 ने सेवा और सम्मान के कई कार्यक्रम आयोजित किए। क्लब ने विवेकानंद हॉस्पिटल और भाऊराव देवरस सिविल अस्पताल में विभिन्न सेवा परियोजनाओं की पहल की। विवेकानंद हॉस्पिटल में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए 12 डायलिसिस के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। इस पहल से उन जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिली, जो आर्थिक अभाव के कारण उपचार कराने में असमर्थ थे। हाइजीन किट और भोजन सामग्री भी वितरित की अस्पताल में भर्ती मरीजों को हाइजीन किट और भोजन सामग्री भी वितरित की गई। क्लब सदस्यों ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इसके बाद, क्लब के सदस्यों ने भाऊराव देवरस सिविल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों का सम्मान किया। डॉक्टरों को समाज और मानवता के प्रति उनकी निस्वार्थ, समर्पित और निरंतर सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रकार के सेवा और सम्मान कार्यक्रम होंगे इस सेवा अभियान को सफल बनाने में विवेकानंद हॉस्पिटल के स्वामी मुक्तनाथानंद का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। क्लब पदाधिकारियों ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में क्लब की अध्यक्ष कविता अग्रवाल, सचिव पल्लवी, आईएसओ पल्लवी, मनीषा, इन्दु अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्या वंदना अग्रवाल, मधु अग्रवाल, स्मृति अग्रवाल और मालविका सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि चिकित्सकों की सेवा, समर्पण और मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा और सम्मान कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।
दुर्ग जिले में ऑनलाइन ठगी के एक मामले में भिलाई नगर थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजकर 4.02 लाख रुपए की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद दुर्ग लाकर कोर्ट में पेश किया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। भिलाई के सेक्टर-5 निवासी संजय झा ने 25 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया था। उस मैसेज में एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद उनके मोबाइल में आने वाले ओटीपी और दूसरे जरूरी मैसेज अपने आप किसी दूसरे नंबर पर जाने लगे। इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4 लाख 2 हजार 728 रुपए निकाल लिए गए। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत भिलाई नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। गुजरात गई दुर्ग पुलिस,आरोपियों को पकड़ाशिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपियों की लोकेशन गुजरात में मिली। इसके बाद भिलाई नगर थाना की एक टीम गुजरात रवाना हुई। वहां जांच और पहचान के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मामले में एक से ज्यादा लोगों की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने केस में संबंधित धाराएं भी बढ़ा दीं। पुलिस ने मोबाइल और डिजिटल सबूत को किया जब्तगिरफ्तार आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय अच्छे लाल यादव और 49 वर्षीय जोखन प्रसाद यादव के रूप में हुई है। दोनों दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल सबूत और जांच से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। व्हाट्सऐप पर भेजता था एपीके फाइलपुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता था, उसके मोबाइल का एक्सेस गिरोह के पास पहुंच जाता था। इसके बाद मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और दूसरे मैसेज उनके पास पहुंचने लगते थे। इसी का फायदा उठाकर वे बैंक खाते से रकम निकाल लेते थे। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल ऐप को बिना जांचे डाउनलोड न करें। बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन या दूसरी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें।
महू में सोमवार शाम गेटवेल अस्पताल के पास बाइक कट मारने को लेकर हुए विवाद में एक 18 साल के युवक को चाकू मार दिया गया। युवक के पेट में चाकू लगने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, चोरल डेम के रहने वाले गोलू पिता जगदीश (18 वर्ष) सोमवार शाम करीब 6:30 बजे इंदौर से अपने घर लौट रहे थे। गेटवेल अस्पताल के सामने उनकी बाइक से कट लगने को लेकर दो दूसरे बाइक सवार युवकों से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर एक आरोपी ने गोलू के पेट में चाकू घोंप दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अरुण गावड़े और उनके भाई ने घायल युवक को संभाला और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीन ड्राइव पोर्टल लॉन्च किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के कार्यक्रम में इस डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम–एक पेड़ मां के नाम अभियान का प्रमुख डिजिटल मंच होगा। सीएम ने कहा दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि ‘रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम’ का औपचारिक शुभारंभ इसी माह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। लोगों ने लिया ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद दिल्ली ग्रीन वॉरियर्स और स्वयंसेवकों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को घर-घर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल 70 लाख पौधे लगाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को हरित दिल्ली के निर्माण में भागीदार बनाना है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में चिन्हित पौधारोपण स्थलों का विवरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार वृक्षारोपण के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ना महत्वपूर्ण पहल : सिरसा सिरसा ने कहा यह पोर्टल पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे नागरिकों, स्कूलों, आरडब्ल्यूए, कार्यालयों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ेगी और पौधारोपण अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा। ग्रीन ड्राइव पोर्टल’ की प्रमुख सुविधाएं
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी:लखनऊ से 4 आरोपी गिरफ्तार, 500 करोड़ के लेनदेन की जांच
सोनभद्र साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लखनऊ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच के दौरान एक बैंक खाते में एक वर्ष के भीतर करीब 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चोपन क्षेत्र निवासी दीपक कुमार वर्मा की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच के बाद पुलिस ने लखनऊ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, दीपक कुमार वर्मा को Botbro, Crossmarket और Minecrypto जैसे ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर 8 से 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 10 लाख 70 हजार रुपये निवेश कराए गए। निवेश के बाद न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही उनकी रकम वापस की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने लखनऊ निवासी सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरोह फर्जी निवेश कंपनियां बनाकर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देता था। निवेश की रकम को विभिन्न बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया जाता था, जिससे उसका पता लगाना कठिन हो जाता था। प्रारंभिक जांच में गिरोह के कथित सरगना रवि चौधरी का नाम सामने आया है, जो कई राज्यों की जांच एजेंसियों के रडार पर है। पुलिस उसके ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान एक बैंक खाते में पिछले एक वर्ष के भीतर करीब 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी पता चला है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और निजी क्षेत्र के लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया है। साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
टीकमगढ़ के व्यापारी से 14 लाख की धोखाधड़ी:बेंगलुरु के व्यापारी ने टमाटर का एडवांस लेकर माल नहीं भेजा
टीकमगढ़ के एक टमाटर व्यापारी के साथ लाखों रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यापारी अजीम राईन ने बेंगलुरु के चित्तूर जिले (मदनपल्ली) के एक व्यापारी को टमाटर के एडवांस पेमेंट के तौर पर करीब 14 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि मोटी रकम मिलने के बाद भी आरोपी ने टमाटर की सप्लाई नहीं की और अब उसका फोन बंद आ रहा है। अजीम राईन ने बताया कि वह मदनपल्ली के रहने वाले व्यापारी महबूब खान के साथ पिछले पांच सालों से टमाटर का बिजनेस कर रहे थे। हर साल सीजन शुरू होने से पहले वे एडवांस पैसा भेज देते थे और वहां से माल आ जाता था। पिछले पांच वर्षों से यह व्यापार भरोसे पर सही चल रहा था। 15 दिन बाद भी नहीं आया माल, बंद आ रहे नंबर इस बार भी टमाटर का सीजन शुरू होने से पहले महबूब खान ने 14 लाख रुपए एडवांस भेजने को कहा। 17 जून को अजीम ने महबूब खान के बताए बैंक खातों में यह पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। लेकिन पैसा भेजने के 15 दिन बीत जाने के बाद भी जब टमाटर की गाड़ी टीकमगढ़ नहीं पहुंची, तो अजीम ने महबूब खान के मोबाइल नंबरों पर फोन लगाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि उसके दोनों नंबर बंद मिले। धंधा समेटकर भागा आरोपी, पुलिस में शिकायत दर्ज जब अजीम ने बेंगलुरु के दूसरे व्यापारियों से इस बारे में पूछताछ की, तो उन्हें पता चला कि महबूब खान अपना पूरा कारोबार समेटकर वहां से भाग चुका है। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी अजीम राईन ने बुधवार को संबंधित बैंक को इसकी सूचना दी और टीकमगढ़ कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
जांजगीर-चांपा। नशे में धुत दूल्हे से मंडप में ही शादी करने से इनकार कर सुर्खियों में आईं मुस्कान प्रधान को परिवार परामर्श केंद्र का परामर्शदात्री सदस्य नियुक्त किया गया है। उन्होंने जांजगीर स्थित परिवार परामर्श केंद्र में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अब वे पारिवारिक विवादों के समाधान और जरूरतमंद परिवारों की काउंसलिंग में अहम भूमिका निभाएंगी। एसपी के निर्देश पर हुई नियुक्ति पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर यह नियुक्ति की गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, जिले में बढ़ते पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवार परामर्श केंद्र का विस्तार किया गया है। मंडप में लिया था साहसिक फैसला मुस्कान प्रधान उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थीं, जब उन्होंने चांपा थाना क्षेत्र के कोसमंदा गांव में शादी के मंडप में शराब के नशे में पहुंचे दूल्हे से विवाह करने से साफ इनकार कर दिया था। उनके इस फैसले को आत्मसम्मान, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक माना गया था। इस साहसिक कदम की जिलेभर में सराहना हुई थी। बाद में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने भी उनके साहस और आत्मसम्मान की भावना का सम्मान करते हुए उन्हें सम्मानित किया था। सामाजिक सोच के आधार पर मिली जिम्मेदारी पुलिस विभाग ने मुस्कान के साहस, सामाजिक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को देखते हुए उन्हें परिवार परामर्श केंद्र में जिम्मेदारी सौंपी है। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव और संवेदनशीलता के बल पर पारिवारिक विवादों को सुलझाने और टूटते रिश्तों को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। पुलिस विभाग के अनुसार, उनकी नियुक्ति समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।
छतरपुर में महिला की सीढ़ियों से गिरकर मौत:बारिश से बचने की जल्दबाजी में छत से उतरते समय फिसला पैर
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार में बुधवार को एक महिला की सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई। 40 वर्षीय महिला बारिश से बचने की जल्दबाजी में छत से नीचे उतर रही थी, तभी यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, ग्राम अतरार निवासी फूला कुशवाहा (40) पत्नी हरगोविंद कुशवाहा सुबह किसी काम से अपने घर की छत पर गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह तेजी से सीढ़ियों से नीचे उतरने लगीं। इसी क्रम में उनका पैर फिसल गया और वह सीढ़ियों से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद फूला कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नीमच के पुरानी नगर पालिका (बंगला नंबर 60) के सभाकक्ष में बुधवार को नगर पालिका परिषद की मीटिंग के बाद कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर बहस हो गई। बैठक खत्म होते ही स्कीम नंबर 36 में रहने वाली सकीना बी के मकान के नामांतरण के मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई तक पहुंचने वाला था। हालांकि, मौके पर मौजूद भाजपा और कांग्रेस के दूसरे पार्षदों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका परिषद की बैठक में शामिल मुद्दों को लेकर कांग्रेस के दो गुटों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए। एक प्रस्ताव पर असहमति इतनी ज्यादा बढ़ गई कि पार्षदों ने एक-दूसरे पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाने शुरू कर दिए, जिससे पूरे परिसर में तनाव का माहौल बन गया। नेता प्रतिपक्ष और पार्षद प्रतिनिधियों में हुई तीखी बहस यह पूरा विवाद मुख्य रूप से नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति और कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधि शराफत अली और इकबाल खान के बीच हुआ। दोनों पार्षद प्रतिनिधि किसी बात को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रजापति से उलझ गए, जिसके बाद दोनों तरफ से तीखी बहस शुरू हो गई। हाथापाई की नौबत आने से पहले दूसरों ने संभाला सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गुस्सा इतना बढ़ गया था कि वे आपस में मारपीट करने पर उतारू हो गए थे। हाथापाई की नौबत आने से ठीक पहले, वहां मौजूद भाजपा और कांग्रेस के अन्य पार्षदों ने तुरंत दखल दिया। उन्होंने विवाद कर रहे पार्षदों को एक-दूसरे से अलग किया, समझाया और जैसे-जैसे स्थिति को काबू में किया।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों की कम रुचि के कारण 19 जिलों से अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 7 जुलाई कर दी है। बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि 30 जून की अंतिम तिथि तक प्रदेश के 19 जिलों से एक भी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया था। शिक्षकों की इस सुस्ती को देखते हुए विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला लिया है। राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 जून से शुरू हुई थी। इसके लिए परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों या अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षक/शिक्षिकाएं पात्र हैं। आवेदन केवल प्रेरणा वेब पोर्टल (www.prernaup.in) के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की स्थिति शून्य पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे प्राथमिकता पर लिया है। प्रयागराज के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पुरस्कार की गरिमा और महत्व के बारे में जागरूक करें और उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करें। अब शिक्षक 7 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
एटा के जनेश्वर मिश्र हॉल में भाजपा संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एटा की विभिन्न विधानसभाओं से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया गया और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, दिनेश शर्मा और राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और उनका लाभ दिलाने पर जोर दिया। इस दौरान आयुष्मान कार्ड योजना, हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जनधन योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई, ताकि ये योजनाएं आम जनता तक पहुंच सकें। मुख्य अतिथि एसपी सिंह बघेल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में एटा की स्थिति क्या थी, यह यहां के लोग बेहतर समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भावनात्मक ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। एसपी सिंह बघेल ने कहा कि एटा के लोगों ने सपा सरकार में बहुत कुछ झेला है, जहां खाली प्लॉट और बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। महिलाएं डरती थीं कि कहीं गोली न मार दी जाए, अपहरण न हो जाए या थैला न छीन लिया जाए। उन्होंने सपा सरकार में पुलिस भर्तियों में कथित तौर पर सूचियों के माध्यम से चयन होने का भी आरोप लगाया। राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और दूध का दूध, पानी का पानी अलग हो जाएगा।
दमोह में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर परेशान पीड़ितों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि दमोह के सीताबावरी के रहने वाले शैलेंद्र वर्मा ने उन्हें सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 20 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ऐंठ ली। पैसे लेने के बाद न तो किसी को नौकरी मिली और न ही अब उनका पैसा वापस किया जा रहा है। दमोह निवासी देवेंद्र अहिरवार ने कहा कि शैलेंद्र वर्मा ने उनसे सरकारी नौकरी के नाम पर 12 लाख रुपए ठगे थे। ठग ने विश्वास जीतने के लिए स्वास्थ्य विभाग का एक फर्जी ईमेल भी दिखाया और कहा कि तुम्हारी नौकरी का लेटर भी ऐसे ही मेल पर आएगा। देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने लोगों से कर्ज लेकर यह रकम दी थी। अब नौकरी तो मिली नहीं, ऊपर से कर्जदार उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इसी तरह हटा के रहने वाले हरिनारायण अहिरवार ने बताया कि करीब दो साल पहले शैलेंद्र ने उनसे भी नौकरी के नाम पर 7 लाख रुपए ऐंठे थे। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने पैसा फंसने का बहाना बना दिया। हरिनारायण का आरोप है कि जब वे पैसे मांगने शैलेंद्र के घर गए, तो उसकी पत्नी और भाई यशवंत ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई एफआईआर, पर गिरफ्तारी अब तक नहीं पीड़ितों ने बताया कि साल 2025 में पैसे डूबने के बाद उन्होंने पुलिस में कई बार आवेदन दिए, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने जनवरी 2026 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 8 मार्च 2026 को आरोपी शैलेंद्र वर्मा के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं की गई। पुलिस की इस सुस्ती से परेशान होकर पीड़ितों ने अब हाईकोर्ट में दोबारा रिट याचिका लगाई है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द जेल भेजा जा सके। एसपी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा ठग शैलेंद्र वर्मा ने पीड़ितों को झांसा दिया था कि उसके परिवार के लोग आउटसोर्सिंग और बैंकों में बड़े पदों पर काम करते हैं, जिससे वह आसानी से सरकारी नौकरी लगवा देगा। पीड़ितों के आवेदन और पूरी बात सुनने के बाद दमोह एसपी आनंद कलादगी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
प्रयागराज के खुल्दाबाद स्थित गुरु सिंह सभा में सिखों के छठे गुरु, गुरु हरगोबिन्द साहिब जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ, साथ ही सिख फुलवारी समर कैंप का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह भी संपन्न हुआ। श्री गुरु तेग बहादुर खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड पाठ साहिब और विद्यालय द्वारा आयोजित सहज पाठ के भोग के साथ हुआ। इसके बाद दीवान हॉल में कीर्तन दरबार सजा, जहाँ हजूरी रागी जत्था भाई नवजोत सिंह जी और वाराणसी से आए भाई रक्कम सिंह जी ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया। समारोह के दौरान, विद्यालय की वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, 24 मई से 14 जून 2026 तक आयोजित सिख फुलवारी समर कैंप के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस कैंप में गतका (मार्शल आर्ट), कीर्तन, ढोलक, तबला और दस्तार सजाने जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया था। सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार, सांत्वना पुरस्कार और सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समर कैंप के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों और सेवादारों को भी सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक सरदार परमजीत सिंह सचदेवा ने संगत के समक्ष विद्यालय का वार्षिक आय-व्यय विवरण और वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रबंध समिति के सदस्यों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। समारोह के अंत में, गुरु सिंह सभा के मुख्य सेवादार सरदार हरजिन्दर सिंह ने समर कैंप की सफलता पर सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सेवादारों को बधाई दी। उन्होंने विद्यालय परिवार को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर सरदार दिलजीत सिंह, जसविन्दर सिंह, हरप्रीत सिंह सचदेवा, हरप्रीत सिंह भाटिया, देवेन्द्र पाल सिंह, मनजीत सिंह मक्कन सहित बड़ी संख्या में संगत, अभिभावक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विधायक के जन्मदिन पर 225 यूनिट ब्लड डोनेट:गोसेवा, पौधरोपण और अस्पतालों में किया फल वितरित
बैतूल के शाहपुर में बुधवार को किसानों और जनहित के मुद्दों को लेकर युवा कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जनपद पंचायत कार्यालय से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने युवा कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागदरे समेत 12 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष पिंटू वरकड़े, अविनाश भलावी और नीलेश करोचे ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और स्थानीय लोग जनपद पंचायत कार्यालय के सामने जुटे और रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने या उसमें सुधार, खाद की कालाबाजारी रोकने, स्वच्छ भारत मिशन की लंबित राशि का भुगतान, छात्रावासों में पारदर्शी प्रवेश, अवैध रेत खनन पर रोक और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग उठाई। कांग्रेस बोली- किसान परेशान, सरकार गंभीर नहीं कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान खाद, बिजली और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। पुलिस ने अभिषेक परमार, कमलेश यादव, पिंटू वरकड़े, अविनाश भलावी, अमित तिवारी, प्रदीप कोकाटे, भोला पुंडे सहित कुल 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। प्रदर्शन में ओम कवडकर, अंकुश मिश्रा, आयुष शुक्ला, सिद्धिक कुरैशी, संजू वट्टी, शेखर कुमरे, सोनू धुर्वे, राजेश साहू, मनीष नागले, नीलेश करोचे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
पारस पर्ल्स एक्सटेंशन के निवासियों ने मंगलवार को बिल्डर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कई गंभीर आरोप लगाए। निवासियों का कहना है कि पिछले लगभग 9 वर्षों से वे मूलभूत सुविधाओं की कमी और मनमानी वसूली से परेशान हैं। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में निवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे और उपजिलाधिकारी प्रवेश वर्मा को तथा पुलिस लाइन में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को ज्ञापन सौंपा। निवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने प्रति फ्लैट 40 हजार रुपये वन टाइम मेंटेनेंस चार्ज के रूप में लिया, जिसका कुल फंड लगभग 60 लाख रुपये बताया जा रहा है। इसके अलावा हर फ्लैट से प्रतिमाह 3 से 4 हजार रुपये मेंटेनेंस के नाम पर वसूले जा रहे हैं, जबकि सुविधाएं बेहद सीमित हैं। बिजली, लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोपनिवासियों का कहना है कि सोसायटी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बिल्डर के नियंत्रण में है और टोरंट से सीधे कनेक्शन नहीं लेने दिया जा रहा है। इससे उन्हें अधिक दरों पर बिजली दी जा रही है।साथ ही आरोप है कि 150 फ्लैटों वाली इस सोसायटी में सात लिफ्ट का वादा किया गया था, लेकिन केवल तीन ही लगाए गए हैं। निवासियों ने यह भी बताया कि सोसायटी में फायर एनओसी नहीं है और एडीए से जरूरी सीसीओसी प्रमाणपत्र भी नहीं लिया गया है। सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे या तो खराब हैं या काम नहीं कर रहे हैं। ‘सोसायटी नहीं बनने दी ताकि कमाई जारी रहे’निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले वर्ष खुद सोसायटी का गठन करने की कोशिश की थी, लेकिन बिल्डर ने उसे रजिस्टर नहीं होने दिया। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि बिल्डर की कमाई पर असर न पड़े। गंदगी, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं की कमीनिवासियों ने कहा कि नियमित मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद सोसायटी में सफाई व्यवस्था बदहाल है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। दीवारों में दरारें आ रही हैं, समय पर पेंट नहीं हुआ है और जनरेटर की सुविधा न होने के कारण कई बार पूरी रात बिजली के बिना रहना पड़ता है। प्रशासन से कार्रवाई की मांगसोसायटी के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बिल्डर के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ये रहे मौजूदप्रदर्शन में डॉ. अशोक गर्ग, जितेंद्र गर्ग, प्रेमचंद जैन, अभिषेक अग्रवाल, विकास गर्ग, नीरज जैन, आशीष जैन, विपिन गोयल, हरीश करीरा, अभिसार अग्रवाल, साहिल महाजन, भावेश जैन, दुर्गेश अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, महेंद्र खंडेलवाल, दीपक ठाकुर, अंकित गर्ग, विनोद कपूर, संजय गर्ग, आशुतोष गोयल, विजय गुप्ता, अमित अग्रवाल, जयदीप टंडन, जय प्रकाश, पुनीत आनंद, राजेश यादव, मानव गर्ग, सिद्धार्थ जैन, मोहित गोयल सहित बड़ी संख्या में निवासी मौजूद रहे।
महोबा में अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। पूर्व सांसद और भाजपा नेता गंगा चरण राजपूत ने इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2014 के चुनावी वादे की याद दिलाते हुए अपनी ही सरकार को घेरा। राजपूत ने भ्रष्टाचार और पलायन जैसे मुद्दों पर भी तीखे सवाल उठाए। पत्रकारों से बात करते हुए गंगा चरण राजपूत ने कहा कि राम मंदिर और धारा 370 की तरह बुंदेलखंड राज्य का वादा भी पूरा होना चाहिए। उन्होंने 'प्रांत या प्राण' का नारा देते हुए कहा कि बुंदेलखंड वीरों की भूमि है और वे अपने हक के लिए आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार हैं। इसके लिए उन्हें जेल जाना पड़े या अपनी संपत्ति कुर्बान करनी पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। भाजपा नेता ने अपनी ही सरकार के कामकाज और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत अकेले महोबा जिले में ग्यारह सौ करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने भी इस मुद्दे पर संघर्ष किया है। राजपूत ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दी गईं, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। गंगा चरण राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आए लोगों ने बुंदेलखंड को 'लूटखंड' बना दिया है। उन्होंने कहा कि यहां भारी मशीनों से अवैध खनन हो रहा है, जिसके कारण नदियां सूख रही हैं, पहाड़ खोदे जा रहे हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साल 2014 में झांसी की रैली में किए गए वादे को याद रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर और धारा 370 जैसे बड़े वादे पूरे हो सकते हैं, तो बुंदेलखंड राज्य क्यों नहीं? उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को संभालना।मुख्यमंत्रियों के लिए मुश्किल हो रहा है। आज बुंदेलखंड के 40 फीसदी घरों में बेरोजगारी के कारण पलायन है और यहां का मजदूर दूसरे राज्यों में भटक रहा है। गंगा चरण ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें कम होना जनता की इसी नाराजगी का संकेत है, इसलिए पर्यावरण, रोजगार और नदियों को बचाने के लिए बुंदेलखंड को अलग प्रांत बनाना अब एकमात्र रास्ता बचा है।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पति ने पत्नी के साथ मिलकर गर्लफ्रेंड को रास्ते से हटाने के लिए 4 लाख की सुपारी दी थी। दरअसल, गर्लफ्रेंड पूर्णिमा शादीशुदा बॉयफ्रेंड पर शादी का दबाव बना रही थी। दो नकाबपोश युवकों ने घर में घुसकर युवती को 3 गोलियां मारी थीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, शूटर्स ने शूटर मूवी देखकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पत्नी चम्पा ने शूटर्स को सुपारी देने के लिए अपने पोस्ट ऑफिस का खाता तोड़कर उससे रकम निकाली। जिससे उसने 2 लाख रुपए एडवांस दिए थे। पुलिस ने मामले में पति-पत्नी समेत कुल 9 आरोपियों को छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार, बाइक और कैश भी बरामद किया गया है। घटना सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम जोंगरा की है। पहले देखिए ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, 26 जून की सुबह करीब 11 बजे ग्राम जोंगरा में 2 नकाबपोश युवक बिना नंबर की बाइक से पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम (25) के घर पहुंचे। एक आरोपी घर के भीतर गया और पहचान करने के बाद पिस्टल से उस पर 3 गोलियां दाग दीं। सिर और शरीर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल पूर्णिमा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शादीशुदा युवक से था अफेयर पुलिस जांच में पता चला कि, पूर्णिमा का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान से अफेयर था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार-प्रसार का काम करते थे। पूर्णिमा की शादी रायगढ़ जिले में हुई थी, लेकिन रिश्ता टूटने के बाद 2 साल से वह अपने घर में ही रह रही थी। वहीं, मुरलीशंकर भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी चम्पा चौहान को इस संबंध की जानकारी थी, जिससे पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बाद में मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बना ली, लेकिन वह शादी का दबाव बना रही थी। इसी से परेशान होकर पति-पत्नी ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। 4 लाख की सुपारी देकर बुलाए शूटर पुलिस के अनुसार, मुरलीशंकर और चम्पा ने झारखंड के राजेंद्र महंत से संपर्क कर 4 लाख में हत्या की सुपारी दी। वारदात के बाद चम्पा ने सुपारी की रकम में से 2 लाख आरोपियों को दे दिए थे। साजिश में 7 और लोग शामिल थे, जिन्होंने हत्या से लेकर फरारी तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। आरोपियों ने बताया कि, हत्या की साजिश में राजेंद्र महंत, गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत शामिल थे। सभी ने मिलकर 26 जून को हत्या करने की साजिश रची और सुपारी की राशि आपस में बांटने का फैसला किया। टेक्निकल जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर डंप और CCTV फुटेज के आधार पर जांच की। इसी दौरान झारखंड के जमशेदपुर और महाराष्ट्र के पुणे में आरोपियों की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीमों ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पिस्टल, कारतूस, बाइक और कैश जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, दो बाइक, 7 मोबाइल, बैंक पासबुक और 71,500 रुपए कैश बरामद किया है। घटना स्थल से तीन खाली कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पति-पत्नी समेत 9 गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में रायगढ़ निवासी चम्पा चौहान, मुरलीशंकर चौहान, मालखरौदा निवासी सुनील महंत, राजेंद्र महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, चंद्रशेखर महंत, राकेश महंत, खरसिया निवासी गौरीशंकर सिदार और रायगढ़ के सुमित गबेल सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सक्ती- युवती की गोली मारकर हत्या: कांग्रेस ने बनाई जांच समिति; गमछा बांधकर बाइक पर आए थे बदमाश छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 2 युवकों ने घर में घुसकर युवती की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शुक्रवार सुबह 11 बजे यह वारदात हुई। घटना को 30 घंटे से भी ज्यादा वक्त गुजर गए, लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, हालांकि पुलिस ने संदिग्धों के बारे में जानकारी मिलने का दावा किया है। मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
बालाघाट के रामनगर में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट से सटी दीवार गिरने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय युवाओं की मदद से मजदूरों को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में दो मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना बुधवार शाम करीब 5:30 बजे की है। शहर के स्टेट बैंक के पीछे व्यापारी हर्षित पगारिया के निर्माणाधीन भवन में बेसमेंट की दीवार बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन स्थल से सटे एक मकान की दीवार अचानक ढह गई। मलबे में नवेगांव नैतरा निवासी निलेश पिता धनलाल नगपुरे (23), चैतराम पिता सोंधड़ सौलखे (35) और हट्टा के तिलपेवाड़ा निवासी मानिक पिता उमेन्द्र मचाड़े (48) दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी मयंक तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक वहां लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। शुरुआती प्रयासों में दो मजदूरों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीसरे मजदूर मानिक मचाड़े का केवल चेहरा ही दिखाई दे रहा था। उसे बचाने के लिए बेसमेंट में उतरे लोगों ने फावड़े और हाथों से मिट्टी हटाकर बाहर निकाला। लगभग 5 फीट गहरे बेसमेंट से घायल मजदूर को सीएसपी के चालक पुलिसकर्मी राजू गौतम और युवा सुमित मंगलानी ने पीठ पर लादकर सीढ़ियों के सहारे ऊपर पहुंचाया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल मानिक मचाड़े और चैतराम सौलखे को आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं, निलेश नगपुरे का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है। युवा सुमित मंगलानी ने बताया कि जानकारी मिलते ही उनकी दुकान पास होने के कारण वे घटनास्थल पर दौड़कर पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक मजदूर का केवल चेहरा दिखाई दे रहा था। उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके शरीर से मलबा हटाया और उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
मंडला शहर में बुधवार दोपहर करीब दो घंटे तक हुई भारी बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तेज बारिश ने नगर पालिका की मानसून से पहले की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। बुधवारी बाजार, सुभाष वार्ड, नर्मदा जी वार्ड, रेडक्रॉस भवन के सामने और योजना भवन के पास समेत शहर के कई हिस्सों में सड़कें तालाब बन गईं। कुछ जगहों पर तो पानी दुकानों और घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे लोगों को अपना सामान सुरक्षित रखने और पानी बाहर निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक भी थम गया, जिससे लोगों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हुई। हालांकि, यह बारिश लंबे समय से अच्छे मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। अच्छी बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे फसलों की बुवाई और रोपा लगाने के काम में तेजी आने की उम्मीद है। पिछले साल के मुकाबले अब तक कम हुई बारिश भू-अभिलेख कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 1 जुलाई तक जिले में कुल 60.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी समय के दौरान 342.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस लिहाज से इस साल अब तक काफी कम पानी गिरा है। 5 जुलाई तक आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार शाम 5:30 बजे तक शहर में लगभग 53 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 5 जुलाई तक जिले में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
नूंह जिले के पुन्हाना शहर में मंगलवार रात बाल मनोरंजन मेले में टिकट विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस झड़प से मेले में अफरा-तफरी मच गई, जहां महिलाएं और बच्चों सहित सैकड़ों लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद पटाकपुर और नकनपुर गांव के लोगों के बीच टिकट को लेकर शुरू हुआ था। कुछ ही मिनटों में यह कहासुनी झड़प में बदल गई। इस दौरान नकनपुर गांव का एक युवक घायल हो गया। पुलिस के पहुंचने से पहले भागे दोनों पक्ष सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे। दोनों पक्षों ने सिटी थाना में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले लगभग 15 दिनों से चल रहे इस मेले में आए दिन झगड़े और विवाद होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से स्थायी पुलिस व्यवस्था या पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों ने यह भी बताया कि मेले में कई खाने-पीने की दुकानों पर खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। डीएसपी बोले- दोनों पक्षों की शिकायत मिली, जांच के अनुसार होगी कार्रवाई इसके अलावा, मौके पर न तो अग्निशमन विभाग की कोई गाड़ी तैनात है और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था दिखाई देती है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि आग लगने या भगदड़ जैसी किसी भी घटना से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद नहीं हैं। इस मामले में पुन्हाना के डीएसपी दिनेश यादव ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करेंट तार की चपेट में आने से किसान की मौत:मुंगेली के संगवा गांव में खेत में जुताई का काम कर रहा था
मुंगेली में खेत में काम कर रहे एक किसान की करेंट लगने से मौत हो गई। यह घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र के संगवा गांव में हुई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय जितेंद्र कोसले के रूप में हुई है। वह अपने खेत में जुताई का काम करने के लिए हल लेकर गया था। खेत के पास से गुजरता बिजली का तार जमीन में जा गिरा जुताई के दौरान उसके खेत के पास से गुजर रहा बिजली का तार जमीन पर पड़ा था। जितेंद्र कोसले उसी तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। जांच जारी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायपुर पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार को 'ऑपरेशन कालचक्र' के तहत शहर के कई थाना क्षेत्रों में विशेष कॉम्बिंग गश्त और अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने 190 वारंट तामील किए। फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की। डीसीपी (नॉर्थ) मयंक गुर्जर के निर्देशन में चलाए गए अभियान में उरला, खमतराई, पंडरी, खम्हारडीह समेत अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस टीम शामिल रही। 190 वारंटों की तामील, फरार आरोपी भी पकड़े गए पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 190 वारंट तामील किए गए। इनमें 24 स्थायी वारंट, 68 गिरफ्तारी वारंट और 98 जमानती वारंट शामिल हैं। अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। निगरानी बदमाश और चाकूबाज पुलिस के रडार पर अभियान के दौरान आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, गुंडा बदमाशों और चाकूबाजों की सघन जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों का सत्यापन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। 29 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 170/126/135 के तहत 29 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। इसके अलावा आबकारी एक्ट के 8 मामलों और आर्म्स एक्ट के 3 मामलों में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अवैध शराब बेचने वालों को चेतावनी अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों, उभरते बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। वहीं रात में कॉम्बिंग गश्त कर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीकर में देश की 11 यूनिवर्सिटी के टॉप प्रोफेसर, स्पीकर और शोधकर्ता जुटेंगे। अगस्त महीने में 3 दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस में शेखावाटी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राचीन भित्ति चित्रों और मूर्तिकला पर शोध और चर्चा की जाएगी। सीकर स्थित त्रिलोक सिंह रीसर्च और डवलपमेंट संस्थान के तत्वावधान में यह कॉन्फ्रेंस होगी। इस एकेडमिक आयोजन में देश के विभिन्न इतिहासकार शेखावाटी के छिपे हुए ऐतिहासिक पहलुओं और नई खोज की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। संस्थान के सचिव केडी नेहरा ने बताया- 3 दिन के आयोजन में विभिन्न सत्र होंगे, जिन्हें स्पीकर्स व प्रोफेसर संबोधित करेंगे। पहले दिन पूरा सत्र समग्र भारतीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं, राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और शोध प्रवृत्तियों पर फोकस रहेगा। दूसरे दिन सभी प्रतिभागी इतिहासकार और शोधार्थी शेखावाटी अंचल के ऐतिहासिक स्थलों का ऑन-फील्ड (धरातलीय) भ्रमण करेंगे। इस दौरान शेखावाटी क्षेत्र की विश्वप्रसिद्ध मूर्तिकला, प्राचीन शिलालेखों, महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों और शेखावाटी की हवेलियों में बने दुर्लभ भित्ति चित्रों (फेस्को पेंटिंग्स) की बारीकी से सर्वे व स्टडी की जाएगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम दिन शेखावाटी के इतिहास पर केंद्रित होगा। अंतिम दिन शेखावाटी के नए ऐतिहासिक साक्ष्यों और भविष्य में खोज की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। 8 जुलाई को देंगे सूचना सचिव नेहरा ने बताया- इस सेमिनार की मुख्य थीम (विषय) और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना 8 जुलाई को जारी की जाएगी। 8 जुलाई को आयोजित होने वाले प्रारंभिक कार्यक्रम की अध्यक्षता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के हिस्ट्री डिपार्टमेंट के Ex HOD बीएल भादानी करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुधवार को शिक्षाविद् शिवनाथ सिंह भड़िया, संस्थान के चेयरमैन गणेश बेरवाल, और एडवोकेट (वकील) सूरजभान सिंह मौजूद थे।
बैतूल बाजार थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने और गर्भवती होने के बाद शादी से इनकार करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच के मुताबिक, मेडापानी निवासी प्रदीप काकोडिया ने युवती को शादी का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने गर्भावस्था की जानकारी देकर शादी करने की बात कही, तो आरोपी ने कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उठाया कदम जांच में सामने आया कि चिकित्सकीय कारणों से गर्भपात संभव नहीं था। आरोप है कि आरोपी ने युवती के साथ अपमानजनक व्यवहार किया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। लगातार तनाव के चलते युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मर्ग जांच के दौरान मृतका के भाई और बहन के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी प्रदीप काकोडिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम) (शादी का झांसा देकर दुष्कर्म) और धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी पुलिस ने आरोपी को उसके संभावित ठिकाने से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा, खेल, पेयजल और सामाजिक विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए आकृति फाउंडेशन को 'शिक्षा श्री ' सम्मान से नवाजा गया है। शिक्षा विभाग की ओर से सम्मान मधुबन, उदयपुर स्थित राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक आवासीय स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में प्रदान किया गया। फाउंडेशन ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में शिक्षा और छात्र हित में कई कार्य किए हैं। इनमें 250 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री, खेल अवसंरचना, खेल टूर्नामेंट और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन शामिल है। संस्था ने 6 स्कूलों में नाइट फ्लडलाइट युक्त खेल मैदान, 25 स्कूलों में शीतकालीन स्वेटर वितरण, 16 में फर्नीचर और स्टेशनरी किट उपलब्ध कराए हैं। 12 स्कूलों में आर.ओ. जल शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित की गई है, जबकि 28 स्कूलों में पौधारोपण किया। संस्था के प्रमुख प्रकल्पों में 'लेवलिंग द प्लेइंग फील्ड' (खेल विकास), 'वॉर्म्थ' (वस्त्र वितरण), 'नीर' (स्वच्छ पेयजल), 'सक्षम शिक्षा', 'नवपाठशाला', 'स्वास्थ्य सहेली' और ‘धरा श्रृंगार’ शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कानोड़ के शिक्षाविद् चंद्रशेखर स्वर्णकार को 'प्रेरक सम्मान' से सम्मानित किया गया। संस्था के संस्थापक अमन वया ने बताया कि वर्तमान कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। भविष्य में सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना और निर्माण संबंधी कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर राहुल जैन और अलीशा शर्मा सहित न्यूएज टीम के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। संस्था ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने सहयोगियों, स्वयंसेवकों, दानदाताओं और सभी साझेदार संस्थाओं को दिया।
अजमेर में गृहक्लेश के बाद पत्नी के साथ मारपीट और गला दबाकर हत्या करने वाले पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आदर्शनगर थाना पुलिस के अनुसार- भीलवाड़ा हाल राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के पास डेरा निवासी माया भील पत्नी काना बावरिया की 24 मई को हत्या हो गई थी। वह अपने पति के साथ झुग्गी में रहती थी। हादसे की रात को पति काना शराब के नशे में था। किसी बात पर गुस्से में आकर पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। बाद में उसका गला दबा दिया। अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। उसे गंभीर हालत में जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस पहुंची और आरोपी पति को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। कोर्ट में किया पेश, जेल भेजा पुलिस ने माया के भाई ग्राम कालिया आसिंद भीलवाड़ा निवासी रमेश को बुलाया और जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव उसे सौंप दिया। मृतका के भाई रमेश भील ने बताया- हमारा माया से 4-5 साल से कोई संपर्क नहीं है। मेरी बहन माया को काना अपने साथ भगा लाया था। वह तब से काना के साथ रह रही थी। उनके यहां कोई आना-जाना नहीं था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पन्ना जिले के पवई निवासी अनुराग मिश्रा की बेटी और प्रयागराज के यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के माता-पिता ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पिता ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए थाने शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। सामान्य बातचीत के अगले दिन मिली मौत की खबर परिजनों के अनुसार, सृष्टि 15 जून को अपने घर से पूरी तरह स्वस्थ होकर पढ़ाई के लिए प्रयागराज गई थी। घटना से एक रात पहले ही उसने अपनी मां से करीब 20 मिनट तक सामान्य बातचीत की थी। इसके बाद, 20 जून की सुबह परिजनों को सृष्टि के ही मोबाइल से फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। परिजन जब प्रयागराज पहुंचे, तो सृष्टि उन्हें इमरजेंसी वार्ड में मृत मिली। चेहरे का रंग नीला और सोने की अंगूठी गायब सृष्टि के पिता अनुराग मिश्रा ने बताया कि बेटी के चेहरे का रंग नीला पड़ चुका था और उसके हाथ में रहने वाली सोने की अंगूठी भी गायब थी। कॉलेज प्रशासन ने मौत की वजह 'मिर्गी का दौरा' बताया है, जबकि परिजनों का दावा है कि सृष्टि को कभी ऐसी कोई बीमारी नहीं थी। इसके अलावा, सृष्टि के मोबाइल से सोशल मीडिया अकाउंट्स सहित कई जरूरी एप्लीकेशन डिलीट पाए गए हैं। पुलिस पर सुस्ती का आरोप, सीसीटीवी फुटेज की मांग पिता ने बताया कि उन्होंने 22 जून को ही थाने में लिखित शिकायत देकर बेटी का मोबाइल पुलिस को सौंप दिया था। इसके बावजूद, अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी गई है। पिता का आरोप है कि पुलिस ने अब तक मेडिकल कॉलेज या हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज भी नहीं खंगाले हैं। परिजनों ने मोबाइल की फोरेंसिक जांच और सहपाठियों से पूछताछ की मांग की है। गृह नगर पवई में आक्रोश सृष्टि की इस संदिग्ध मौत को लेकर उसके गृह नगर पवई के निवासियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई है।
देवास में नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई संस्थान में गंभीर सुरक्षा खामियां पाए जाने के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन के एग्जिट मार्ग की सीढ़ियां या रैंप बेहद खराब स्थिति में थे, जिससे छात्रों के गिरने का खतरा था। इसके अतिरिक्त, कक्षाओं में भी आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव मिला। सबसे गंभीर लापरवाही यह थी कि आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए संस्थान में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं थे। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगम की टीम ने यह सख्त कदम उठाया। कार्रवाई के समय नगर निगम के जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौजूद थी। टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया और उनके संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणा के पंचकूला में चल रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती में दौड़ लगा रहे एक युवक की ट्रैक पर ही गिरकर मौत हो गई। युवक की पहचान महेंद्रगढ़ जिले के मंडी अटेली क्षेत्र के गांव सैदापुर निवासी 27 वर्षीय कपिल के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, बुधवार को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PST) के दौरान अभ्यर्थियों की रेस कराई गई। इसी रेस में कपिल भी सेलेक्ट हुआ था। उसने ढाई किलोमीटर रेस का पहला राउंड तो पूरा कर लिया, जब दूसरा राउंड शुरू किया तो अचानक बेहोश होकर ट्रैक पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन पूरी तरह बेसुध था। उसे तुरंत पंचकूला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। चंडीगढ़ में उसे मृत घोषित कर दिया गया।। उधर, घटना के बाद भर्ती स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि गांव में शोक का माहौल है। कपिल की चार साल पहले शादी हुई थी। वह तीन साल की बेटी का पिता था। वर्तमान में उसकी पत्नी गर्भवती है। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… 5500 पदों के लिए चल रही भर्ती, पहले दिन भी हुआ था हादसा हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन आयोग (HSSC) की ओर से करीब 5500 कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुरुष अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत 12 मिनट में 2.5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होती है। भर्ती प्रक्रिया के पहले ही दिन हिसार के एक अभ्यर्थी का दौड़ के दौरान पैर टूट गया था। अब दूसरे बड़े हादसे के बाद भर्ती प्रक्रिया में स्वास्थ्य सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती केंद्रों पर मेडिकल स्क्रीनिंग, एंबुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
हिमाचल हाईकोर्ट ने माजरीहट्टा से नालागढ़ चौक तक प्रस्तावित करीब 31.195 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी समेत कई अधिकारियों और संस्थाओं को मामले में प्रतिवादी बनाने के आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी की बैंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए। नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि इस फोरलेन परियोजना का करीब 13 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पंचकूला के सक्षम प्राधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण हरियाणा के मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया जा रहा है। अदालत ने फोरलेन निर्माण की निगरानी और कार्य में आ रही मूलभूत अड़चनों को दूर करने की जरूरत पर भी चिंता जताई। सड़क के आरक्षित क्षेत्र में लोगों ने अवैध दीवारें बनाई सुनवाई के दौरान सामने आया कि सड़क के लिए आरक्षित राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से दीवारें खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में अवैध रूप से पानी की निकासी किए जाने का मामला भी सामने आया। चीफ सेक्रेटरी के अलावा इन अधिकारियों को भी नोटिस हाईकोर्ट ने परियोजना की प्रगति में तेजी लाने और बाधाओं को हटाने के लिए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के अलावा उपायुक्त पंचकूला, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण (BBNDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी प्रतिवादी बनाने के आदेश दिए हैं।

