मुज़फ़्फ़रनगर में आगामी मोहर्रम जुलूस के मार्ग को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने जुलूस के रूट में बदलाव की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की आशंका को टाला जा सके। समिति का कहना है कि वर्तमान में मोहर्रम का मातमी जुलूस शहर के प्रमुख चौराहों शिव चौक और हनुमान चौक से होकर गुजरता है। समिति के संयोजक नरेंद्र पवार ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर, विशेषकर शिव चौक और हनुमान मंदिर के सामने, लंबे समय तक रुककर मातम किया जाता है, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। पवार ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि इस वर्ष हिंदू धार्मिक स्थलों को तिरपाल से न ढका जाए। उन्होंने जुलूस को इन संवेदनशील स्थानों से न निकालकर वैकल्पिक मार्ग से निकालने का आग्रह किया। हिंदू संघर्ष समिति के नेता देशराज पंवार ने भी शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील धार्मिक स्थलों से जुलूस निकालने पर प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि हर वर्ष इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष की स्थिति बनती है। समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मोहर्रम से पहले इस विषय पर उचित निर्णय लेने की मांग की है। उनका उद्देश्य है कि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
डीडवाना में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान के तहत जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कलेक्ट्रेट परिसर में अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा यह विशेष जागरूकता अभियान 26 जून तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम, रैलियां और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। उन्होंने जोर दिया कि इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को नशे से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने अभियान से जुड़े अधिकारियों को प्रभावी जनसंपर्क के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में यह 10 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मन्दसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने गुरुवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के सफल और व्यवस्थित आयोजन को लेकर बैठक की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के एग्जाम कोऑर्डिनेटर और संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को सतर्कता और सुगमता के साथ परीक्षा संपन्न कराने तथा विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिले में नीट परीक्षा चार केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इनमें लाल बहादुर शास्त्री उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय और राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं। इस परीक्षा में करीब 1,240 विद्यार्थी शामिल होंगे। विद्यार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जबकि परीक्षा दोपहर 2 बजे से आयोजित की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर अभिभावकों के लिए समुचित वेटिंग एरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, केंद्रों के 100 मीटर दायरे में वाहन पार्किंग और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। बैठक में चेकिंग व्यवस्था को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे संचालित रखने, कंट्रोल रूम की सतत निगरानी, बायोमेट्रिक ई-मशीनों के सुचारू संचालन तथा सभी केंद्रों पर जैमर स्थापित कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया। परीक्षा की निगरानी के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग दल भी तैनात रहेगा। स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मेडिकल स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर संसाधनों की कमी होने की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाए। उन्होंने सभी सेंटर कोऑर्डिनेटर को परीक्षा संबंधी नियमों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।
बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। मनौरी ओवरब्रिज पर हुए इस हादसे में महिला का पति और दो मासूम बेटे घायल हो गए। परिवार बस्ती शहर में लगी प्रदर्शनी देखने जा रहा था। जानकारी के अनुसार, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के भरौली बाबू गांव निवासी राजन अपनी पत्नी बबली और दो बेटों शिवम व सिद्धार्थ के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। बुधवार रात करीब 10 बजे जब उनकी बाइक मनौरी ओवरब्रिज के पास पहुंची, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क पर गिर गए। हादसे में बबली गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि राजन और उनके दोनों बच्चों को भी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से राजन ने एक निजी वाहन की व्यवस्था कर सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल बबली का उपचार शुरू किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में शोक छा गया। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है।
उज्जैन में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही यातायात पुलिस ने स्कूल बसों और छात्र परिवहन वाहनों की जांच शुरू कर दी। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार और गुरुवार को विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत ट्रैफिक डीएसपी विक्रम कनपुरिया, डीएसपी दिलीप परिहार और यातायात थाना प्रभारी सूबेदार इंद्रपाल सिंह ने करीब 70 स्कूल बसों का निरीक्षण किया। मोहन नगर चौराहे पर हुई वाहनों की चेकिंग ट्रैफिक डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि नए सत्र के पहले दिन मोहन नगर चौराहे पर स्कूल वाहनों की विशेष जांच की गई। इस दौरान स्कूल बसों और अन्य छात्र परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। फिटनेस, फायर सिस्टम और सीसीटीवी की हुई जांच जांच के दौरान वाहनों की फिटनेस, वैध दस्तावेज, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। साथ ही वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और परिचालकों की उपलब्धता भी देखी गई। कमियां मिलने पर दिए सुधार के निर्देश यातायात अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को निर्देश दिए कि सभी छात्र परिवहन वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन वाहनों में आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी पाई गई, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। आगे भी जारी रहेगा अभियान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से स्कूल वाहनों की नियमित जांच आगे भी जारी रखी जाएगी, ताकि छात्र सुरक्षित तरीके से स्कूल आ-जा सकें।
रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र में आस्तिक बाबा मंदिर के पास सई नदी से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है। नदी में बहता शव देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही हरचंदपुर थाना पुलिस और महराजगंज क्षेत्राधिकारी (CO) प्रदीप कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मृतक महिला की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हालांकि, काफी प्रयासों के बाद भी अभी तक महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस आस-पास के गांवों और थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि महिला की पहचान की जा सके। फॉरेंसिक टीम कर रही घटना की जांच महराजगंज सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि हरचंदपुर थाना क्षेत्र के आस्तिक बाबा मंदिर के पास सई नदी में एक महिला का शव बरामद हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकाल लिया है। सीओ ने आगे बताया कि फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई है। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस हत्या या दुर्घटना सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मैहर जिले में एक अज्ञात व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह व्यक्ति मंगलवार शाम हरनामपुर क्षेत्र में पानी की टंकी के पास अर्धनग्न और गंभीर रूप से बीमार हालत में मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब 24 घंटे तक चले उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, हरनामपुर के लोगों ने मंगलवार देर शाम पानी की टंकी के पास एक व्यक्ति को अत्यंत कमजोर अवस्था में पड़ा देखा। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल डायल-112 को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस सहायता वाहन मौके पर पहुंचा और उसे सिविल अस्पताल मैहर ले जाया गया। अपना परिचय भी नहीं बता पा रहा था अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। बताया गया कि वह इतना कमजोर था कि अपना नाम और पता तक नहीं बता पा रहा था। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन लगभग 24 घंटे तक चले उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पहचान नहीं होने से बढ़ी मुश्किल बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक के पास से कोई पहचान पत्र, दस्तावेज या अन्य सामान नहीं मिला है, जिससे उसकी पहचान की जा सके। फिलहाल शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस उसकी शिनाख्त कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों से मांगी जानकारी कोतवाली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो वह तत्काल थाना मैहर से संपर्क करे। पुलिस का कहना है कि पहचान होने पर मृतक के परिजनों को सूचना देकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के पर्यटक स्थल ग्राम्फू में एक कार खाई में गिर गई। इस हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना बुधवार देर शाम को हुई। पुलिस के अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम (सियाराम एन्क्लेव, वोडसे) निवासी दीपक कुमार सिंह अपनी कार (MH 14LP-9048) से हिमाचल घूमने आए थे। उन्होंने अपनी गाड़ी ग्राम्फू के पास सड़क किनारे पार्क की थी। अनियंत्रित होकर गाड़ी खाई में गिरी हादसे के समय कार में 3 लोग बैठे थे। अचानक पार्क की गई गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरने से दीपक कुमार सिंह की 26 वर्षीय पत्नी तनु कुमारी और उनके 11 महीने के बेटे दक्ष कुमार सिंह को गंभीर चोटें आईं। दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया, जहां मेडिकल ऑफिसर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में एक महिला गंभीर घायल इस हादसे में कार में सवार तीसरी यात्री, 52 वर्षीय सविता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह ग्राम भीखनपुरा, देसरी, जिला वैशाली (बिहार) की मूल निवासी हैं। सविता देवी का इलाज सिविल अस्पताल मनाली में चल रहा है। लाहौल-स्पीति की एसपी शिवानी मेहला ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
बाराबंकी में ट्रैक्टर निकालने पर हुआ विवाद:दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, 6 से ज्यादा घायल
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झड़प के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके और गाली-गलौज की। इस मारपीट में दोनों तरफ के लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। मामले की जांच जारी सूचना मिलने पर लोनी कटरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने गांव में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और विवाद भड़काने के आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और सतर्कता बरती जा रही है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें वर्ष 2010 से पूर्व और उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अभिषाश शुक्ल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 23 अगस्त 2010 को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को न्यूनतम योग्यता के रूप में अधिसूचित किया था। इसके बाद शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) में 9 अगस्त 2017 को संशोधन किया गया था। महासंघ का कहना है कि हाल के न्यायिक निर्णयों के बाद लंबे समय से सेवा दे रहे इन शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। ज्ञापन में तर्क दिया गया कि टीईटी लागू होने से पहले की नियुक्तियां उस समय के प्रभावी नियमों, निर्धारित शैक्षिक योग्यता और चयन प्रक्रिया के अनुसार पूरी तरह वैध थीं। ऐसे में, बाद में निर्धारित पात्रता मानकों को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू करना प्राकृतिक न्याय और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विपरीत होगा। महासंघ ने जोर दिया कि इन शिक्षकों ने वर्षों तक विद्यालयों में सेवाएं देकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। यदि उनके सेवा अधिकार प्रभावित होते हैं, तो इसका असर लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ेगा, साथ ही शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। महासंघ की प्रमुख मांगों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी छूट देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सभी सेवा लाभों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। महासंघ ने आवश्यकता पड़ने पर संसद में विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान करने का भी आग्रह किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र नीतिगत और विधायी निर्णय लेकर शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करने की अपील की है।
सतना जिला अस्पताल में गुरुवार को स्ट्रेचर को लेकर हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। वार्ड नंबर-2 में भर्ती मरीज के परिजनों के साथ तीन युवकों ने कथित तौर पर मारपीट की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित ने अस्पताल चौकी पुलिस को लिखित शिकायत दी है। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-2 में पैर फ्रैक्चर होने के कारण संस्कार दहिया नामक मरीज भर्ती है। उसके चाचा सोनू दहिया उसे बाथरूम ले जाने के लिए स्ट्रेचर बेड के पास लाए थे। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और स्ट्रेचर ले जाने लगे। सोनू ने मरीज की आवश्यकता बताते हुए स्ट्रेचर रोकने का अनुरोध किया, जिस पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने सोनू दहिया और उनकी पत्नी रचना के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना से वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। अन्य मरीजों के परिजनों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के समय अस्पताल का कोई स्टाफ मौके पर मौजूद नहीं था। सोनू दहिया ने अस्पताल चौकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर देशभर के लाखों शिक्षकों में बढ़ती चिंताओं के बीच अखिल राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजकर वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की है। महासंघ का कहना है कि इन शिक्षकों के सेवा अधिकारों, पदोन्नति और भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इस स्थिति को दूर करने के लिए सरकार को विशेष प्रावधान करने चाहिए। जिला अध्यक्ष डॉ. अबोध कुमार चतुर्वेदी और जिला महामंत्री कौशलेंद्र सिंह के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम की धारा 23(2) में वर्ष 2017 में हुए संशोधन तथा इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के बाद शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। तर्क दिया गया है कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा टीईटी को न्यूनतम योग्यता घोषित किए जाने से पहले देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां तत्कालीन नियमों के अनुसार वैध रूप से की जा चुकी थीं। महासंघ ने कहा कि ऐसे में बाद में लागू की गई योग्यता को पूर्व प्रभाव से लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। संगठन ने जोर दिया कि वर्षों से विद्यालयों में कार्यरत इन शिक्षकों ने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सेवाओं, अनुभव और कार्यकुशलता को नजरअंदाज कर उनके भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों के लिए हानिकारक होगा। महासंघ ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना सभी का संवैधानिक दायित्व है, लेकिन जनहित में आवश्यक नीतिगत और विधायी समाधान उपलब्ध कराना संसद और सरकार के अधिकारक्षेत्र में आता है। इसलिए सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। संगठन की प्रमुख मांगों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करना शामिल है। इसके साथ ही, उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सभी वैधानिक लाभों को पूर्ण संरक्षण देने की भी मांग की गई है।
हिसार में अग्रोहा चौक के पास आदमपुर रोड पर मंगलवार देर रात कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 की टीम ने उन्हें तुरंत अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। अग्रोहा थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की और अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में असमीर निवासी इसाकपुर चैंची, जिला सहारनपुर ने बताया कि वह अपने बुआ के बेटे इसरार और पंकज निवासी हथछोवा, जिला शामली के साथ लांधड़ी टोल के पास खेत में बनी ढाणी में किरा, के कमरे में रहता था। तीनों क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण का काम करते थे। मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम असमीर के अनुसार मंगलवार रात करीब 11 बजे इसरार और पंकज ठेकेदार की बाइक पर अग्रोहा से सामान लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान आदमपुर की तरफ से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही एक बलेनो कार ने उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मुरादाबाद में भारतीय मजदूर संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम 25 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। यह ज्ञापन महंगाई, बेरोजगारी, वेतन विसंगतियों और कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित था। संगठन के पदाधिकारियों ने इस दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन सभी वर्गों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। संघ ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहनों को उनके निर्धारित मानदेय का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अतिरिक्त, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने और नौकरी से निकाले जाने का भय सताता रहता है। संगठन ने इन संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने और उनके नियमितीकरण की मांग की। ज्ञापन में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने, न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये निर्धारित करने और बीएसएनएल कर्मचारियों के लंबित सातवें वेतनमान को तत्काल लागू करने की मांग भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने और सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों की बीमा, स्थानांतरण और वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की। साथ ही, नगर निगम और विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा परिवहन निगम के संविदा कर्मियों को स्थायी करने की भी अपील की गई। संगठन ने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए उचित स्टैंड की व्यवस्था करने और उनके पुलिस उत्पीड़न को रोकने की भी मांग रखी।
जनता दर्शन में अधिवक्ता को मिली हियरिंग मशीन:देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी से बताई थी समस्या
देवरिया में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने एक श्रवण बाधित अधिवक्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव को हियरिंग मशीन प्रदान की। इस पहल से अधिवक्ता की लंबे समय से चली आ रही सुनने की समस्या का समाधान हुआ। कुछ दिन पहले एक जनता दर्शन में अधिवक्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिले थे। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी को पता चला कि अधिवक्ता को सुनने में काफी कठिनाई होती है। जिलाधिकारी ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर हियरिंग मशीन की व्यवस्था की। बुधवार को आयोजित जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने स्वयं अधिवक्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव को यह श्रवण यंत्र सौंपा। हियरिंग मशीन मिलने पर अधिवक्ता ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और सामाजिक कार्यों में बहुत सुविधा होगी। जिलाधिकारी की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि जनता दर्शन अब केवल शिकायतों के निपटारे का मंच नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने का माध्यम भी बन रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शासन की मंशा के अनुरूप जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील समाधान प्राथमिकता पर किया जा रहा है। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी की इस मानवीय पहल की पूरे जनपद में चर्चा हो रही है। इसे प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का एक उदाहरण माना जा रहा है।
सागर में गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के ग्राम रेगुवां में मकान निर्माण के दौरान खुदाई में चांदी के प्राचीन सिक्के मिले हैं। मामले की सूचना पर पुलिस ने मकान मालिक को थाने बुलाया। जहां मकान मालिक ने चांदी के सिक्के पुलिस को सौंप दिए। पुलिस ने तहसीलदार को सूचना दी। तहसीलदार ने सिक्के जब्त किए हैं। ग्राम रेगुवां निवासी दयाल पिता प्रहलाद अहिरवार गांव में मकान का निर्माण करा रहे हैं। बुधवार को वे मकान की नींव खुदवा रहे थे। नींव की खुदाई के दौरान मजदूरों को एक घड़ा मिला। जिसे खोलकर देखा तो उसमें चांदी के प्राचीन सिक्के थे। सिक्कों पर उर्दू-फारसी लिपि में लेख अंकित हैं। उनकी बनावट और स्वरूप को देखकर प्रारंभिक तौर पर इन्हें मुगलकालीन माना जा रहा है। हालांकि सिक्कों की वास्तविक विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। मामले में मकान मालिक दयाल अहिरवार ने गढ़ाकोटा थाने पहुंचकर सिक्के पुलिस को सौंप दिए हैं। गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम् दुबे ने बताया कि रेगुवां गांव में मकान निर्माण के दौरान प्राचीन सिक्के मिले हैं। सिक्कों की संख्या 49 है। सिक्के जब्त किए गए हैं। सिक्कों के संबंध में तहसीलदार और पुरातत्व विभाग को सूचना दी है। वे सिक्कों की जांच करेंगे।
छात्रों तक नशा पहुंचाने वाले पैडलरों पर शिकंजा:नशा तस्करों पर कार्रवाई के लिए मांगी गोपनीय सूचनाएं
हनुमानगढ़ जिले में पुलिस और आमजन के बीच संवाद बढ़ाने के लिए 'रात्रि चौपाल' पहल शुरू की गई है। यह नवाचार प्रभावी साबित हो रहा है, जिसके तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और नशे के खिलाफ जनसहयोग जुटाया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी मात्रा में नशा बेचने वाले पैडलरों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। बुधवार रात को सदर थाना क्षेत्र के गांव बहलोल नगर में आयोजित रात्रि चौपाल का मुख्य फोकस नशे पर रहा। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। एएसपी अरविंद और सीओ सिटी मीनाक्षी के नेतृत्व में अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने आमजन को समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस की तत्परता का आश्वासन दिया। चौपाल में महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, हिंसा या अपराध की स्थिति में वे बिना किसी भय के पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, अधिकारियों ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि नशे की खरीद-फरोख्त या तस्करी से संबंधित कोई भी सूचना सीधे पुलिस को दी जा सकती है। इसके लिए विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 87645-31201 जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस नंबर की निगरानी स्वयं जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा करते हैं और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की भी समझाइश दी गई। चौपाल के अंत में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर सदर थानाधिकारी राकेश सांखला, ग्राम पंचायत प्रशासक, सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन:टी ई टी पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग
बागपत में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश की बागपत इकाई ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक ज्ञापन भेजा। इस ज्ञापन में टी ई टी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधायी और नीतिगत संरक्षण प्रदान करने की मांग की गई है। जिला अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी टीईटी अधिसूचना और 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देशभर में वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों को लेकर चिंता बढ़ गई है। महासंघ इन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चला रहा है। जिला महामंत्री सुभाष शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण लाखों शिक्षकों में असुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है। उनका मानना है कि उस समय की नियमावली और पात्रता मानकों के अनुसार हुई नियुक्तियों को बाद में लागू किए गए नियमों के आधार पर प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल आत्रेय ने इस संबंध में भारतीय विधिक व्यवस्था का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी नियम सामान्यतः उसके लागू होने की तिथि से प्रभावी माना जाता है। टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में 23 अगस्त 2010 को अधिसूचित किया गया था और उत्तर प्रदेश में इसे 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया। इससे पहले नियुक्त शिक्षकों ने तत्कालीन नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी कर सेवाएं प्राप्त की थीं, इसलिए उनके अर्जित अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। महासंघ ने सरकार से स्पष्ट रूप से मांग की है कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को संरक्षण प्रदान कर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
श्रावस्ती पुलिस ने महिला अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म करने और अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में, थानाध्यक्ष सोनवा विसुनदेव पाण्डेय के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने थाना सोनवा में पंजीकृत मु0अ0सं0 56/2026 धारा 69, 351(3) बीएनएस के वांछित अभियुक्त साजन उर्फ समशेर अली पुत्र नजर मोहम्मद, निवासी सलीकाबाद, थाना नानपारा, जनपद बहराइच को गिरफ्तार किया। यह मामला 28 अप्रैल 2026 को सामने आया था, जब थाना सोनवा क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त साजन उर्फ समशेर अली ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसने शादी से इनकार कर दिया और पीड़िता को अश्लील फोटो/वीडियो मोबाइल पर भेजने की धमकी भी दी। पुलिस ने लगातार प्रयासों के बाद 17 जून 2026 को अभियुक्त साजन उर्फ समशेर अली को गिरफ्तार कर लिया। उसे भेंसड़ी नहर पुल, नहर विभाग की बिल्डिंग के पास, थाना सोनवा क्षेत्र से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। श्रावस्ती पुलिस महिला संबंधी अपराधों को लेकर लगातार सतर्क और सक्रिय है। महिला जनसुनवाई और महिला आयोग के निर्देशों के क्रम में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना है। श्रावस्ती पुलिस की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किदवई नगर में 20 दिन पहले लेनदेन के विवाद में आग लगाने वाली महिला की प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पड़ोसी युवक पर आरोप लगाते हुए बताया कि युवक ने कारोबार के लिए महिला से पांच लाख रुपए उधार लिए थे। वापस मांगने पर युवक ने मारपीट कर भगा दिया था, जिससे परेशान होकर महिला ने आग लगाकर जान दे दी। 8 साल पहले महिला के पति की हो चुकी थी मौत किदवई नगर के कंजड़नपुरवा निवासी राज ने बताया कि उनकी 32 वर्षीय मां संगीता ने पड़ोस में रहने वाले शेखू को कई साल पहले अलमारी के व्यापार के लिए पांच लाख रुपये उधार दिए थे। जिसे लौटाने को लेकर वह लगातार टरका रहा था। राज ने बताया कि उनके परिवार में बड़ी बहन नंदिन भाई कपिल और छोटी बहन नताशा है, जबकि पिता मानू का 8 साल पहले कैंसर से निधन हो चुका है। राज का आरोप है कि मां ने 30 मई को पड़ोस में रहने वाले शेखू से रुपये मांगे तो आरोपी ने गाली गलौज करते हुए मां संगीता को डंडे से मारापीटा। जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने आग लगा ली इस पर गंभीर हालत में उन्हें किदवई नगर थानाक्षेत्र स्थित स्वाती नर्सिंग होम में भर्ती कराया। आरोपी ने इलाज कराने का दिया था आश्वासन इस दौरान शेखू ने उनके परिजनों के हाथ–पैर जोड़ते हुए इलाज कराने का आश्वासन देकर पुलिस से शिकायत न करने की बात कही। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान संगीता की मौत हो गई। किदवई नगर थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर-लखनऊ मार्ग पर सड़क हादसा, एक की मौत:पेट्रोल टैंकर की टक्कर से दो लोग घायल, पुलिस कर रही जांच
उन्नाव में कानपुर-लखनऊ मार्ग पर गुरुवार सुबह हुए सड़क हादसे में एक पिकअप सवार व्यक्ति की मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा एक पेट्रोल टैंकर की टक्कर से हुआ। पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे हुई। एक पिकअप वाहन उन्नाव की ओर जा रहा था, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात पेट्रोल टैंकर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप में सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली सदर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने फतेहपुर के केबतरा बिंदकी निवासी निराजुल हसन (45) पुत्र राहत हुसैन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल हुए दो अन्य लोगों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कर दिया गया। पुलिस अज्ञात पेट्रोल टैंकर की तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है, परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 56 वर्षीय रामकिशोर की मौत हो गई। बुधवार देर शाम कोथावां से घर लौटते समय उनकी बाइक एक ऑटो से टकरा गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन एंबुलेंस से उनको कोथावां सीएचसी फिर मेडिकल कॉलेज लाए। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रात 10:23 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना सैर गांव के पास हुई। ग्राम निबहा निवासी रामकिशोर बुधवार देर शाम कोथावां बाजार से कुछ काम निपटाकर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक सीएनजी ऑटो से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद राहगीरों की सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस ने रामकिशोर को सीएचसी कोथावां पहुंचाया। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर कर दिया गया। बाद में, मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक रामकिशोर अपने पीछे पत्नी मिलन और तीन पुत्र छोड़ गए हैं। वह खेती-किसानी और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस संबंध में शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि हादसा दूसरी कोतवाली क्षेत्र में हुआ है। शव का पंचनामा भरवाया गया है।
कोंडागांव जिले के ग्राम मसोरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और विधायक लता उसेंडी ने बच्चों को नए सत्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासित जीवन अपनाने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया, सभी से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। लता उसेंडी ने शिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे कक्षा 10वीं और 12वीं के बाद विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। जन-जागरूकता पर जोर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल ने शाला प्रवेश उत्सव को शिक्षा के प्रति जन जागरूकता लाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने जिले के विद्यार्थियों की शिक्षा और खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों की सराहना की। श्री पटेल ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील भी की। हैंडराइटिंग के लिए अभ्यास करने की सलाह कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में नियमित सहयोग करने और उन्हें प्रतिदिन विद्यालय भेजने का आग्रह किया। उन्होंने बच्चों को अध्ययन के साथ-साथ सुंदर हैंडराइटिंग के लिए भी नियमित अभ्यास करने की सलाह दी। प्राथमिक परीक्षा परिणाम में ग्रामीण स्कूल का शानदार प्रदर्शन केंद्रीकृत प्राथमिक बोर्ड परीक्षा 2025-26 के परिणाम घोषित हो गए हैं। जनपद प्राथमिक शाला बुनागांव के दो छात्रों ने जिले की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान हासिल किया है। कक्षा पांचवीं की छात्रा जानवी कौशिक ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में चौथा स्थान हासिल किया है। उनकी इस सफलता से स्कूल में खुशी का माहौल है। इसी स्कूल के छात्र नोवेंद्र कौशिक ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सातवां स्थान प्राप्त किया है। दोनों छात्रों ने स्कूल का नाम रोशन किया है। शिक्षक सूरज नेताम ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह पूरे स्कूल और जिले के लिए गर्व की बात है। अतिरिक्त गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन दोनों छात्र पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विज्ञान-गणित प्रदर्शनी में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। जानवी और नोवेंद्र ने राज्योत्सव प्रदर्शनी 2026 और सुशासन तिहार शिविर में मुख्यमंत्री से संवाद कर अपनी प्रतिभा दिखाई थी। शिक्षिका मोनिका साहू के मार्गदर्शन में बच्चों को नई और आसान गतिविधियों के जरिए पढ़ाई कराई जाती है, जिससे उनका विकास हो रहा है। स्कूल की लगातार सफलता विद्यालय के शिक्षक बताते हैं कि इसी तरीके की पढ़ाई से छात्र लगातार जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में सफल हो रहे हैं। अब तक 45 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं। हाल ही में जानवी कौशिक ने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा भी पास की है, जो स्कूल के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में देखा सामुदायिक बदलाव का मॉडल कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत शंकरपुर में मानसिक स्वास्थ्य और बाल सुरक्षा से जुड़ी सामुदायिक गतिविधियों का यूनिसेफ इंडिया और यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने ‘युवोदय कोंडानार चैंप्स’ की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों को देखा और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दल में यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवाओं की प्रमुख सोलेदाद हरैरो, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ प्रमुख सीमा कुमार, राज्य बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई और सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह शामिल थे। पारंपरिक स्वागत शंकरपुर पहुंचने पर अतिथियों का बस्तरिया नृत्य और मांदर वादन के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया, जिससे ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखी। सामुदायिक बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि “आओ बात करें” अभियान से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है और बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की समझ बेहतर हुई है। स्वयंसेवकों की भूमिका ‘युवोदय कोंडानार चैंप्स’ के स्वयंसेवकों ने मानसिक स्वास्थ्य, बाल सुरक्षा और जागरूकता अभियान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने एनीमिया मुक्त कोंडागांव, टीकाकरण, मातृत्व स्वास्थ्य, सामाजिक योजनाएं, नशामुक्ति और पॉक्सो कानून पर भी काम करने की जानकारी दी। यूनिसेफ की सराहना प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्तर पर बहुत अच्छा उदाहरण है। युवाओं की भागीदारी से यह काम और भी प्रभावी बन रहा है। भ्रमण के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए।
मानसून सिर पर है, लेकिन राजधानी भोपाल में अव्यवस्थाओं से निपटने के इंतजाम नहीं हुए हैं। सबसे व्यस्त इलाकों में से एक एमपी नगर में 1 साल पहले धंसी सड़क ठीक नहीं हुई है। ऐसे में न सिर्फ एक तरफ की लेन से ट्रैफिक बंद है, बल्कि थोड़ी सी बारिश होते ही घुटनों तक पानी भी भर रहा है। बता दें कि बोर्ड ऑफिस चौराहे से एमपी नगर चौराहे के बीच की सड़क पिछले साल 17 जुलाई को धंस गई थी। यह नाले के ऊपर बनी थी। इसे अगले दो से तीन दिन में ठीक किया गया तो अगले हिस्से की सड़क धंसने लगी। इसके चलते पीडब्ल्यूडी ने 50 साल पुराने इस नाले पर प्री-कास्ट तकनीक से रेलवे के अंडरपास जैसा स्ट्रक्चर बनाना शुरू किया। इसके लिए दो बार टेंडर भी निकाले, लेकिन ऐसा स्ट्रक्चर बनाने के लिए कोई नहीं आया और टेंडर कैंसिल हो गए। आखिरकार तीसरी बार टेंडर की प्रक्रिया हुई और फिर इसकी मरम्मत का काम शुरू हो गया। चार महीने से चल रहा काम ज्योति टॉकीज चौराहा से बोर्ड ऑफिस चौराहा आने-जाने वाले वाहन चालकों को पिछले चार महीने से भारी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। पहले एक लेन का काम शुरू किया गया, जो कुछ दिन में ही पूरा हुआ है। अब दूसरी लेन पर काम चल रहा है। इस वजह से ऐसा तरफ की सड़क बंद की गई है। ऐसे में चेतक ब्रिज से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर आने वाले लोगों को घूमकर जाना पड़ रहा है। हर रोज करीब 5 लाख लोग परेशान हो रहे हैं। बारिश में ज्यादा दिक्कतें जानकारी के अनुसार, ज्योति टॉकीज चौराहे पर जो सड़क धंसी थी, उसके ऊपर बारिश के दिनों में घुटने तक पानी भर जाता था। ऐसे में राहगीर खासे परेशान होते थे। यही कारण है कि सड़क धंसने के बाद पीडब्ल्यूडी ने नई तकनीक से मरम्मत शुरू कराई, लेकिन यह भी कारगार साबित नहीं हो पाई है। हाल ही में हुई बारिश की वजह से एक लेन पर इतना पानी भर गया कि पैदल चलने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। वहीं, कारें भी मुश्किल से निकल पाईं। करीब दो घंटे तक लोग परेशान होते रहे। समझा जा सकता है कि नई तकनीक भी यहां काम की नहीं रही।
छतरपुर में इंस्टाग्राम पर बनी दोस्ती के कारण एक महिला अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई। मजदूर पति ने अपनी पत्नी को वापस लाने की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। जिले के मुकुंदी ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसकी पत्नी को इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने का शौक था। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवक से हुई, जिससे उसकी दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। मुकुंदी के अनुसार, उसकी पत्नी और प्रेमी के बीच लगातार मैसेज और वीडियो कॉल पर बातचीत होती थी। आरोप है कि जब वह मजदूरी के लिए घर से बाहर रहता था, तब उसकी पत्नी उस युवक से घंटों बात करती थी। उसकी पत्नी ने अपनी बेटी को इस बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी थी। बेटी को डराया गया था कि यदि उसने पिता को कुछ बताया तो उसे मार पड़ेगी। 16 अक्टूबर को उसकी पत्नी अचानक घर से लापता हो गई। काफी तलाश के बाद उसने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में महिला का पता चलने पर वह उसे वापस घर लाने पहुंचा, लेकिन उसने पति और बच्चों के साथ लौटने से साफ इनकार कर दिया। युवक ने आरोप लगाया कि उसने मामले में पुलिस से मदद मांगी, लेकिन उसे कोर्ट में जाने की सलाह देकर टाल दिया गया। उसने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वह एक गरीब मजदूर है और उसके लिए कोर्ट के चक्कर लगाना मुश्किल है।
फिरोजाबाद में भारतीय मजदूर संघ ने गुरुवार को श्रमिकों, कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया, जिसमें श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी विभागों में व्याप्त समस्याओं के कारण कर्मचारी एवं श्रमिक वर्ग को हो रही कठिनाइयों का उल्लेख किया गया। इसमें विशेष रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा एवं आशा संगिनी, संविदा कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, एनएचएम कर्मियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पर्याप्त वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित रहने का मुद्दा उठाया गया। 72 हजार रुपये निर्धारित संघ की प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करना, न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये निर्धारित करना, पुरानी पेंशन बहाल करना और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती शुरू करने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए नियमावली बनाने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली, मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि तथा पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। भारतीय मजदूर संघ ने पटरी, रेहड़ी और पथ विक्रेताओं के लिए समुचित स्थान उपलब्ध कराने, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए स्टैंड की व्यवस्था करने तथा पुलिस उत्पीड़न रोकने की भी मांग की। धोबी, दर्जी, बढ़ई, लुहार, मोची और कुम्हार जैसे पारंपरिक कामगारों को मजदूर श्रेणी में शामिल कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। श्रमिकों को ईएसआईसी का लाभ ज्ञापन में फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं को विशेष रूप से उठाया गया। संघ ने इन श्रमिकों के लिए विशेष कानून बनाने, चूड़ी पकाई एवं जुड़ाई श्रमिकों को श्रम कानूनों के तहत न्यूनतम मजदूरी दिलाने और सभी चूड़ी श्रमिकों को ईएसआईसी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जौनपुर के खुटहन क्षेत्र के शेख असरखपुर गांव में गुरुवार को एक किसान चकमार्ग के निर्माण की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने चेतावनी दी कि यदि उसी दिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वह टावर से कूदकर जान दे देगा। इस घटना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। गांव निवासी सतीश कुमार यादव का आरोप है कि गांव के मुख्य मार्ग से जुड़ा लगभग 400 मीटर लंबा चकमार्ग राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। हालांकि, कुछ चकदारों ने इसे जोतकर अपने खेतों में मिला लिया है। सतीश यादव के अनुसार, वह पिछले एक वर्ष से चकमार्ग खाली कराने के लिए ब्लॉक मुख्यालय से लेकर शाहगंज तहसील तक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व कर्मियों ने कई बार आश्वासन दिया, पर मौके पर पैमाइश नहीं की गई। गुरुवार सुबह करीब सात बजे सतीश नहर के पास स्थित मोबाइल टावर पर लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही एसडीएम शाहगंज कुणाल गौरव, क्षेत्राधिकारी गिरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार, लेखपाल, पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर टावर के नीचे जाल और गद्दे बिछा दिए। लगभग तीन घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने चकमार्ग की पैमाइश कराई और जेसीबी से निर्माण कार्य शुरू करवाया। इसके बाद सतीश टावर से सुरक्षित नीचे उतर आए। किसान के सकुशल नीचे आने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शादी के महज 48 दिन बाद 26 साल विशाखा तिलकर ने आत्महत्या कर ली। विशाखा पुणे की रहने वाली थी। ठाणे जिले के अंबरनाथ में रहने वाले डॉक्टर नितिन तिलकर से 30 अप्रैल को उसकी अरेंज मैरिज हुई थी। नितिन BHMS डॉक्टर है और उल्हासनगर में प्रैक्टिस करता है। पुलिस ने नितिन, उसकी मां छाया और भाई को गिरफ्तार किया है। तीनों पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों के मुताबिक, नितिन विशाखा पर शक करता था। उसने विशाखा पर नजर रखने के लिए घर के अंदर और बाहर CCTV कैमरे लगवा रखे थे। नितिन ने विशाखा के किसी से बात करने पर रोक लगा दी थी। विशाखा के परिवार ने बताया कि शादी में दूल्हे पक्ष को कोई दहेज नहीं दिया गया था। हालांकि, शादी के कुछ ही समय बाद पति और ससुरालवालों ने उसके माता-पिता से 50 ग्राम सोना लाने की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि दहेज मांगने के अलावा ससुराल पक्ष को विशाखा के चरित्र पर भी शक था। इसी वजह से उसे कड़ी निगरानी और लोगों से अलग रखा जाता था। 14 जून को पड़ोस की एक महिला से बात करते देख पति और ससुरालवालों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। इस घटना से परेशान विशाखा ने पुणे में अपने माता-पिता को फोन कर पूरी आपबीती बताई थी। उसके माता-पिता अंबरनाथ जाकर ससुरालवालों से बात करने और उसे वापस लाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच 16 जून को विशाखा ने प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी जान दे दी। शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर रमेश पाटिल ने बताया कि आरोपियों का परिवार शादी में दहेज नहीं मिलने से नाराज था। विशाखा के पिता पुणे में रिक्शा चालक हैं और दहेज की मांग पूरी नहीं कर पा रहे थे।
बलरामपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत कार्यरत समूह सखियों ने गुरुवार को मानदेय बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा गया। समूह सखियों ने बताया कि वे ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत प्रशिक्षित होकर विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्यों, बैठकों और विशेष अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रतिमाह मात्र 2000 रुपये का मानदेय मिलता है, जो अक्सर समय पर नहीं मिलता। सखियों के अनुसार, कई बार मानदेय का भुगतान छह महीने से लेकर एक वर्ष तक लंबित रहता है, और फिर एकमुश्त राशि दी जाती है। बढ़ती महंगाई के दौर में इतनी कम और अनियमित राशि में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। उन्हें किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलतीं। ज्ञापन के माध्यम से समूह सखियों ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें ऑनलाइन कार्यों के लिए प्रत्येक समूह सखी को मोबाइल फोन और रिचार्ज सुविधा, मानदेय सीधे उनके निजी बैंक खातों में प्रतिमाह भेजना, वर्तमान 2000 रुपये के स्थान पर 15,224 रुपये प्रतिमाह मानदेय का भुगतान, और सभी समूह सखियों को स्थायी नियुक्ति देना शामिल है। प्रदर्शनकारी सखियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित करमपुर पोखरी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव के साथ पत्थर बंधे होने के कारण हत्या कर साक्ष्य छिपाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने पोखरी में एक शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव पत्थरों से बंधा हुआ है, जिससे यह संदेह गहरा गया कि युवक की हत्या के बाद शव को पानी में फेंककर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई है। DDRF और SDRF की टीम ने शव को पानी से बाहर निकला सूचना मिलते ही डीडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर बुलाया गया। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू कर शव को पोखरी से बाहर निकालने की कार्रवाई की। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पहचान और मौत के कारणों की जांच जारी पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान करने और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है। आसपास के गांवों में गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी भी खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। हालांकि शव की स्थिति और पत्थर बंधे होने के कारण पुलिस हत्या की आशंका को प्रमुखता से जांच रही है। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक कौन था, उसकी हत्या कब हुई और उसे पोखरी तक कैसे पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में गर्भगृह प्रवेश को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के गर्भगृह में जाकर दर्शन करने और फोटो खिंचवाने की तस्वीरें सामने आने के बाद श्रद्धालु मंदिर समिति के कामकाज और आम भक्तों के साथ हो रहे भेदभाव पर सवाल उठा रहे हैं। तस्वीरें 15 जून की बताई जा रही हैं। उस दिन सोमवती अमावस्या होने के कारण महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान दिल्ली निवासी अक्षय आनंद ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। तस्वीरों में वह अपनी पत्नी और मित्रों के साथ महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करते नजर आ रहे हैं। अक्षय धोती-सोला पहनकर गर्भगृह में पहुंचे थे और वहां फोटो भी खिंचवाई। जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह बंद है तो कुछ लोगों को वहां प्रवेश कैसे मिल गया। लोगों ने इसे वीआईपी कल्चर और दोहरी व्यवस्था बताया। सोशल मीडिया खंगालने पर सामने आई जानकारी अक्षय आनंद के सोशल मीडिया अकाउंट देखने पर पता चला कि वह डिजिटल क्रिएटर हैं। उनके कई सेलेब्रिटीज के साथ भी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। मामले में महाकाल मंदिर के प्रशासक ने सफाई देते हुए कहा कि अक्षय आनंद सहित अन्य लोग हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ आए थे। इसी कारण उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। सांसद अनिल फिरोजिया ने जताई नाराजगी मामले पर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर हावी हो गया है और वे इसके घोर विरोधी हैं। फिरोजिया ने कहा, मैं आज भी आम श्रद्धालुओं के साथ लाइन में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन करता हूं। मेरी माताजी भी पिछले 60 साल से महाकाल दर्शन करने जाती हैं और वे भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही दर्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के लिए कोई राजा या रंक नहीं होता। सांसद ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि अंत में सबको महाकाल की शरण में ही जाना है और किए गए कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है। आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह खोलने की मांग सांसद फिरोजिया ने मांग की कि प्रतिदिन कम से कम दो घंटे के लिए गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाना चाहिए ताकि भक्त भगवान महाकाल का जलाभिषेक और पूजन कर सकें। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी अनुरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि जिस दिन गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा, वे भी सामान्य भक्त की तरह लाइन में लगकर जलाभिषेक करेंगे। गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार कलेक्टर के पास महाकाल मंदिर के गर्भगृह प्रवेश को लेकर पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह अधिकार जिला कलेक्टर को दिया था कि वे तय करेंगे कि किन लोगों को गर्भगृह में प्रवेश दिया जा सकता है। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां भी यही व्यवस्था बरकरार रखी गई। करीब तीन साल से बंद है गर्भगृह महाकाल मंदिर का गर्भगृह 4 जुलाई 2023 को श्रावण मास में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए आम श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया था। उस समय मंदिर समिति ने कहा था कि श्रावण समाप्त होने के बाद गर्भगृह फिर से खोल दिया जाएगा। हालांकि लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी गर्भगृह आम भक्तों के लिए नहीं खोला गया है। अक्टूबर 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई। पहले जहां रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे, वहीं अब यह संख्या डेढ़ से दो लाख तक पहुंच गई है। पहले 1500 रुपए में मिलता था गर्भगृह प्रवेश 4 जुलाई 2023 से पहले श्रद्धालु 1500 रुपए की रसीद कटवाकर गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक और पूजन कर सकते थे। वर्तमान में श्रद्धालुओं को गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और नंदी हॉल से दर्शन कराए जा रहे हैं, लेकिन गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसी व्यवस्था के विरोध में सांसद अनिल फिरोजिया पहले भी आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह खोलने की मांग उठा चुके हैं। अब वायरल तस्वीरों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ये खबर भी पढ़ें… महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जबरन घुसा विधायक का बेटा उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला का बेटा रुद्राक्ष जबरन घुस गया। इस दौरान मंदिर कर्मचारी आशीष दुबे ने उसे रोकने की कोशिश की, तो रुद्राक्ष ने उसे धमकाया।इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें...
मीरका गांव में कानूनी जागरूकता शिविर:महिला संरक्षण, मानव तस्करी से संबंधित कानूनों की जानकारी दी
खैरथल तिजारा के मीरका और टोहरी में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015 के तहत आयोजित किया गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खैरथल के अध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास के आदेश एवं सचिव अजीत कुड़ी के निर्देशन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। पीएलवी किरण कुमारी आर्य ने ग्राम टोहरी में और पीएलवी मनीष कुमार ने ग्राम मीरका में शिविर का संचालन किया। कानूनी अधिकारी की जानकारी दी शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, उन्हें उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में महिला संरक्षण कानूनों, मानव तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों के अधिकारों और विभिन्न निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस शिविर से कुल 25 लोग लाभान्वित हुए।
अमेठी में धारदार हथियार से हमला कर बुजुर्ग की हत्या:बेटा-बहू और बच्चे घायल, गांव में पुलिस तैनात
अमेठी में देर रात जमीनी विवाद को लेकर हुए हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस हमलावरों ने घर में घुसकर पूरे परिवार पर हमला किया, जिसमें बुजुर्ग दंपत्ति, उनके बेटे-बहू और दो बच्चे घायल हो गए। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के दलशाहपुर सैदपुर गांव की है। रामफली पाल (65) का गांव के कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते कृष्ण कुमार सिंह और उनके परिजनों समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों ने देर रात रामफली पाल के घर पर हमला कर दिया। हमले में रामफली गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने पहुंची पत्नी अनारा, बेटा सुनील पाल, बहू किरन पाल और नाबालिग अनिकेत भी घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले जाया गया, जहां से रामफली की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायबरेली एम्स भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों ने कृष्ण कुमार सिंह, मंजू सिंह, शीतला सिंह, अतुल सिंह, शिरोमणि सिंह समेत आधा दर्जन अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी श्रीराम पांडेय ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के परेड कोठी इलाके में बुधवार देर रात युवक ने पिस्टल लहराकर और फायरिंग करके पुलिस के सुरक्षा इंतजामों की कलई खोल दी। दहशत फैलाकर युवक पुलिस कर्मियों के सामने से गुजर गया और वर्दीधारी तमाशा देखते रहे। रात करीब 2:10 बजे बुलेट बाइक पर सवार एक युवक ने बीच सड़क पर असलहा निकालकर हवा में फायर कर दिया और मौके से फरार हो गया। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, हवाई फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। फजीहत होने के बाद सिगरा पुलिस जागी लेकिन आरोपी अब तक उनके हाथ नहीं लगा। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पहचान का दावा करने वाली पुलिस युवक की तलाश में जुटी है। वहीं वारदात ने सिगरा इलाके में पुलिस की निष्क्रियता की पोल खोल दी है। वाराणसी के कैंट स्टेशन के सामने रोडवेज बस स्टैंड समेत तमाम होटल और कालोनी सिगरा थाना क्षेत्र में आते हैं। हजारों लोगों के आवागमन और ठहराव का केंद्र होन के कारण परेड कोठी इलाका बेहद संवेदनशील और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। टवेरा वाली गली स्थित एक गेस्ट हाउस में कमरा लेने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान एक युवक की पिटाई भी किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद देर रात बुलेट सवार युवक मौके पर पहुंचा और कमर से तमंचा निकालकर हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना स्थल से पुलिस को एक खोखा भी बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रोडवेज पुलिस चौकी के कार्यवाहक प्रभारी प्रशांत कुमार बंधु ने बताया कि शुरुआती जांच में घटना के पीछे मारपीट और आपसी विवाद की बात सामने आई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है स्थानीय लोगों का कहना है कि आधी रात अचानक गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपी युवक की पहचान के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की जा रही है। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस चक्रमण बढ़ाने की मांग की है।
इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी रणथंभौर एक्सप्रेस के एक जनरल कोच से धुआं निकलने पर कोटा रेल मंडल में गुरुवार सुबह हड़कंप मच गया। घटना सुबह करीब 9 बजकर 20 मिनट पर लूनीरिछा स्टेशन के पास हुई। ट्रेन के आगे वाले जनरल कोच के पहियों के पास से धुआं उठता देख रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को रोक दिया। धुआं और आग की आशंका के चलते यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री एहतियात के तौर पर कोच से उतरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। ब्रेक ब्लॉक जाम होकर चिपक गए प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कोच का ब्रेक ब्लॉक जाम होकर चिपक गया था। लगातार घर्षण होने के कारण पहियों के पास से धुआं निकलने लगा। तकनीकी कर्मचारियों ने ब्रेक सिस्टम को आइसोलेट कर समस्या का समाधान किया। इसके बाद धुआं निकलना बंद हो गया। ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। घटना के कारण रणथंभौर एक्सप्रेस करीब 20 मिनट तक प्रभावित रही। इसके चलते पीछे आ रही बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया- यह केवल तकनीकी खराबी थी, आग लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई। समय रहते समस्या का समाधान कर लिया गया।
बदायूं जिला अस्पताल में एक मृत महिला के कानों से सोने के कुंडल चोरी होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी पर कुंडल चुराने का आरोप लगाया। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद कुंडल बरामद कर लिए गए हैं और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना दातागंज कस्बे की 48 वर्षीय शहाना बेगम पत्नी बाबू हसन के साथ हुई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद परिजन जिला अस्पताल लाए थे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, वे शव वाहन की व्यवस्था करने अस्पताल से बाहर गए थे, तभी महिला के शव से कुंडल गायब हो गए। कुंडल गायब होने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें एक ठेका कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं। यह कर्मचारी अस्पताल में सफाई का काम करता है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चोरी हुए कुंडल बरामद कर परिजनों को वापस सौंप दिए। इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मृतकों के सामान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अमित वार्ष्णेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है, लेकिन वह अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल लौटने के बाद पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी कोतवाल अशोक कुमार ने पुष्टि की कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून से शुरू होने जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान नियम इतने कठोर हैं कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षक स्वैच्छिक तबादले का लाभ नहीं ले पाएंगे। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक और न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा अवधि जैसी शर्तें हजारों शिक्षकों के लिए बाधा बन रही हैं। बता दें कि मप्र में 3.50 लाख शिक्षक हैं। ई-अटेंडेंस और जनगणना ड्यूटी बनी परेशानी कौशल ने बताया कि प्रदेश के कई शिक्षक पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन ई-अटेंडेंस से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण कई शिक्षकों की उपस्थिति रिकॉर्ड प्रभावित हुई है, जिसका असर अब उनके स्थानांतरण आवेदन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में भी संलग्न हैं। ऐसे शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखने का निर्णय उनके लिए अन्यायपूर्ण साबित हो सकता है। 19 से 23 जून तक होंगे आवेदन शिक्षक संगठन के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 जून से 23 जून तक लिए जाएंगे। वहीं, पहले जारी प्रशासनिक स्थानांतरण आदेशों में भी यह उल्लेख किया गया है कि यदि संबंधित शिक्षक की जनगणना ड्यूटी लगी होगी तो स्थानांतरण आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा। 95 प्रतिशत शिक्षक रह सकते हैं बाहर उपेन्द्र कौशल का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में अधिकांश शिक्षक निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उनके अनुसार प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत शिक्षक जनगणना कार्य में लगे हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है। वहीं कई शिक्षक तीन वर्ष की अनिवार्य सेवा अवधि की शर्त भी पूरी नहीं करते। ऐसी स्थिति में संगठन का अनुमान है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण की इच्छा रखने वाले लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक आवेदन करने से ही वंचित रह जाएंगे और शासन की स्थानांतरण नीति का लाभ नहीं ले सकेंगे। शासन से पुनर्विचार की मांग शासकीय शिक्षक संगठन ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी और सेवा अवधि संबंधी शर्तों में आवश्यक छूट एवं शिथिलता प्रदान की जाए। संगठन का कहना है कि इससे वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे पात्र शिक्षकों को राहत मिलेगी और स्थानांतरण नीति का उद्देश्य भी पूरा हो सकेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून से शुरू होने जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान नियम इतने कठोर हैं कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षक स्वैच्छिक तबादले का लाभ नहीं ले पाएंगे। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक और न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा अवधि जैसी शर्तें हजारों शिक्षकों के लिए बाधा बन रही हैं। ई-अटेंडेंस और जनगणना ड्यूटी बनी परेशानी कौशल ने बताया कि प्रदेश के कई शिक्षक पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन ई-अटेंडेंस से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण कई शिक्षकों की उपस्थिति रिकॉर्ड प्रभावित हुई है, जिसका असर अब उनके स्थानांतरण आवेदन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में भी संलग्न हैं। ऐसे शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखने का निर्णय उनके लिए अन्यायपूर्ण साबित हो सकता है। 19 से 23 जून तक होंगे आवेदन शिक्षक संगठन के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 जून से 23 जून तक लिए जाएंगे। वहीं, पहले जारी प्रशासनिक स्थानांतरण आदेशों में भी यह उल्लेख किया गया है कि यदि संबंधित शिक्षक की जनगणना ड्यूटी लगी होगी तो स्थानांतरण आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा। 95 प्रतिशत शिक्षक रह सकते हैं बाहर उपेन्द्र कौशल का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में अधिकांश शिक्षक निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उनके अनुसार प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत शिक्षक जनगणना कार्य में लगे हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है। वहीं कई शिक्षक तीन वर्ष की अनिवार्य सेवा अवधि की शर्त भी पूरी नहीं करते। ऐसी स्थिति में संगठन का अनुमान है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण की इच्छा रखने वाले लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक आवेदन करने से ही वंचित रह जाएंगे और शासन की स्थानांतरण नीति का लाभ नहीं ले सकेंगे। शासन से पुनर्विचार की मांग शासकीय शिक्षक संगठन ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी और सेवा अवधि संबंधी शर्तों में आवश्यक छूट एवं शिथिलता प्रदान की जाए। संगठन का कहना है कि इससे वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे पात्र शिक्षकों को राहत मिलेगी और स्थानांतरण नीति का उद्देश्य भी पूरा हो सकेगा।
कानपुर देहात में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, जिले में परंपरागत रूप से मोहर्रम के जुलूस निकाले जाएंगे, जिसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों और ताजिया समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी धार्मिक आयोजन परंपरागत तरीके से ही होंगे और कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। जुलूस निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे और ताजियों की ऊंचाई शासन द्वारा तय मानकों के अनुरूप रखी जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों पर, जिले की सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारियों ने पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से शांति तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ संदेश दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, ताकि जिले में कानून व्यवस्था बनी रहे।
सम्भल में केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक में संगठन के विस्तार और सदस्य संख्या बढ़ाने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सर्वसम्मति से 20 जून से 20 जुलाई तक एक माह का विशेष सदस्यता अभियान चलाने का फैसला किया गया है। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर संचालकों और केमिस्टों को संगठन से जोड़ा जाएगा। यह अभियान तिरंगा मार्केट के सामने स्थित यशोदा रेस्टोरेंट में आयोजित बैठक में प्रस्तावित किया गया। मोहम्मद शाहनवाज आलम ने एसोसिएशन की सदस्य संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन अंकुश त्यागी, अतुल त्यागी, मोहम्मद नसीम, सुबोध पाल, दुर्वेश सैनी, अभिजीत पॉल, आदित्य शर्मा और राहिल भारतीय सहित अन्य सदस्यों ने किया। महामंत्री अजय कुमार शर्मा ने बताया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान उन ग्रामीण केमिस्टों तक पहुंच बनाई जाएगी, जो अभी तक संगठन से नहीं जुड़ सके हैं। उन्होंने एसोसिएशन से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता से अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में सुबोध पाल ने संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कई केमिस्ट अपनी समस्याओं को उचित मंच तक नहीं पहुंचा पाते हैं। ऐसे साथियों को संगठन से जोड़कर उनकी आवाज को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने संगठन को एक बड़े परिवार के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कार्यकारिणी की बैठक प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वर्ष में दो सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने और वर्ष में एक बार जिला स्तरीय स्थापना दिवस समारोह मनाने का भी फैसला किया गया। बैठक की अध्यक्षता राहिल भारतीय ने की, जिन्होंने कहा कि सभी सदस्य सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ कार्य करेंगे। बैठक का संचालन अभिजीत पॉल ने किया।
खरगोन जिले में मानसून की देरी के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। कुंदा सहित तीन प्रमुख पहाड़ी नदियां सूखकर मैदान में तब्दील हो गई हैं। इससे मवेशियों के लिए पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। आदिवासी क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से खारक और अपरवेदा बांधों से नदियों में पानी छोड़ने की मांग की है। मानसून की देरी से खरीफ की बुवाई भी पिछड़ने की आशंका है। इस सीजन में अब तक जिले में केवल 5.5 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत 61.2 मिलीमीटर से लगभग 2 इंच कम है। पिछले साल इसी अवधि तक 61.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। मौसम विभाग के अनुसार, 22-23 जून से मानसून पूर्व गतिविधियों का अनुमान है। जिले में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। शुक्रवार सुबह 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पिछले साल 16 जून को मानसून ने निमाड़ के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इस बार दो दिन बाद भी पूर्व-मानसून की गतिविधियां नजर नहीं आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और खरीफ की बुवाई रुकी हुई है।
पत्नी की आत्महत्या के बाद फौजी ने दी जान:शव गांव पहुंचा, पत्नी का कानपुर में हुआ अंतिम संस्कार
उन्नाव के दादामऊ गांव में पत्नी की आत्महत्या के बाद एक फौजी पति ने भी जान दे दी। गुरुवार को फौजी का शव गांव पहुंचा, जिससे माहौल गमगीन हो गया। पत्नी का अंतिम संस्कार कानपुर में किया गया, जबकि फौजी का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ बक्सर घाट पर होगा। दादामऊ निवासी शैलेन्द्र कुमार भारतीय सेना में कोलकाता में तैनात थे। उनकी शादी करीब 10 साल पहले कानपुर के चकेरी निवासी अशोक कुमार की पुत्री साधना पांडेय से हुई थी। मंगलवार रात घरेलू विवाद के बाद साधना ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामला बीघापुर थाना क्षेत्र का है। पहले देखें, 3 तस्वीरें… पत्नी की मौत की सूचना पर पति ने की आत्महत्या साधना के भाई अनुज मिश्रा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। बीघापुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। पत्नी की मौत की खबर मिलने पर शैलेन्द्र ने बुधवार सुबह कोलकाता में आत्महत्या कर ली। गुरुवार दोपहर जैसे ही फौजी शैलेन्द्र का शव गांव पहुंचा, परिजनों में मातम छा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुटे। वहीं, साधना पांडेय का शव उसके मायके पक्ष के लोग कानपुर नगर के चकेरी ले गए थे, जहां गुरुवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच, साधना के मायके पक्ष ने उसकी मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मृत्यु की पुष्टिपुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और दोनों परिवारों के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे। वही पोस्टमार्टम डॉ शिवप्रसाद सिंह, डॉ संकल्प गुप्ता ने वीडियो ग्राफी के साथ मृतका के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमे हैंगिंग से मृत्यु होने की पुष्टि हुई है।दो मासूम बच्चों की जिंदगी में छाया अंधेराइस घटना का सबसे बड़ा असर दंपती के दो मासूम बच्चों पर पड़ा है। शैलेन्द्र और साधना के बेटे यथार्थ की उम्र करीब 5 वर्ष और बेटी सांवी की उम्र करीब 8 वर्ष है। माता-पिता की एक साथ मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से अभिभावकों का साया उठ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक शैलेन्द्र सेना में नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। गांव के लोग बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंतित दिखाई दिए। पुलिस कर रही दोनों मौतों की जांचबीघापुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि महिला की आत्महत्या की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद मामले की जांच की जा रही है। पति की आत्महत्या की सूचना भी पुलिस को मिली है। दोनों घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह के अधीन संचालित खुले बंदी शिविर से हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा एक बंदी फरार हो गया। बंदी के गायब होने की जानकारी जेल प्रशासन को उस समय मिली जब शाम को रोजाना होने वाली गिनती के दौरान बंदियों की संख्या कम पाई गई। शुरुआत में इसे गिनती में हुई गलती माना गया, लेकिन दोबारा जांच और सभी बंदियों की पहचान कराने के बाद यह साफ हो गया कि एक बंदी शिविर से गायब है। इसके बाद जेल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर मामला दर्ज कराया। घटना सामने आने के बाद पुलिस फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी गई है। दो बार गिनती के बाद सामने आई फरारी की जानकारी जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार फरार बंदी रतनलाल पुत्र उंकारलाल, निवासी करजिया, थाना राशमी, जिला चित्तौड़गढ़ है। रतनलाल जिला कारागृह के अधीन खुले बंदी शिविर में रहकर अपनी सजा भुगत रहा था। 17 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे जब बंदियों की नियमित गिनती की गई तो संख्या कम मिली। इसके बाद अधिकारियों ने दोबारा गिनती करवाई, लेकिन संख्या फिर भी पूरी नहीं हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी बंदियों की पहचान कर एक-एक की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि रतनलाल शिविर में मौजूद नहीं है। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद उसके फरार होने की पुष्टि हुई। 2018 के हत्या मामले में मिली थी उम्रकैद की सजा जेल रिकॉर्ड के अनुसार रतनलाल को 2018 के हत्या मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले की सुनवाई के बाद कपासन के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने 8 अक्टूबर 2025 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। सजा मिलने के बाद वह चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह के अधीन संचालित खुले बंदी शिविर में रखा गया था। खुली जेल में बंदियों को कुछ शर्तों के साथ रहने और काम करने की अनुमति होती है, लेकिन उन्हें निर्धारित समय पर शिविर में उपस्थित रहना अनिवार्य होता है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई बंदी के फरार होने के बाद जिला कारागृह चित्तौड़गढ़ के कारापाल की ओर से कोतवाली थाना पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई। इसके आधार पर जेल प्रहरी वेदराम पुत्र शोभाराम चौधरी, निवासी वाम्बोली, जिला अलवर हाल चित्तौड़गढ़ ने थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने बांगड़ जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से दुर्व्यवहार तथा राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुख्य आरोपी जगमाल घेतरवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से मामले के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृत्ताधिकारी गरिमा चौधरी का सुपरविजन रहा। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई 2026 की रात आरोपी जगमाल घेतरवाल और उसके साथियों ने राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर व अन्य वार्डों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आरोपी जगमाल घेतरवाल पहले भी कई बार अस्पताल के वार्डों में अनाधिकृत रूप से घूमकर मरीजों की निजता भंग करने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। इस मामले में डीडवाना पुलिस थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और राजस्थान चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2008 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कोलिया निवासी मुख्य आरोपी जगमाल घेतरवाल (28) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामेश्वरलाल, कांस्टेबल सत्यम, इन्द्र सिंह, सुरेन्द्र और साइबर सेल के तुलसीराम सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम के सामूहिक प्रयास को दिया है।
झज्जर जितेंद्र हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को एक और सफलता मिली है। मामले में पहले एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सीआईए झज्जर ने चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव गांगटान निवासी अमित के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देशन में सीआईए झज्जर की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। सीआईए प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर फोगाट ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना तंत्र और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। लगातार की गई छानबीन के बाद पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस इस हत्याकांड में एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या की वारदात के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए थे और दूसरे राज्यों में छिपे हुए थे। पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार की गई कार्रवाई के चलते सभी आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। अमित की गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस हत्याकांड में कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी अमित को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का मानना है कि चौथे आरोपी की गिरफ्तारी से हत्याकांड की जांच को और मजबूती मिलेगी तथा मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
पलवल सीआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने दिल्ली में लाखों की चांदी लूट के एक लाख रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के कांतीखेड़ा गांव निवासी सुनील के रूप में हुई है। सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सुनील और उसके साथियों ने दिल्ली के कापसहेड़ा क्षेत्र में लाखों रुपए की चांदी लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में दिल्ली के कापसहेड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपए का नकद इनाम घोषित किया था। दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर चलाया अभियान सीआईए प्रभारी के अनुसार, एसपी नीतीश अग्रवाल के निर्देश पर सीआईए टीम ने निरीक्षक रविंद्र कुमार, एएसआई श्रीचंद व अशोक कुमार, हवलदार रविंद्र, सिपाही कपिल व सुनील के साथ मिलकर गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर दिल्ली स्पेशल सेल के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत आरोपी सुनील को पलवल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को दिल्ली स्पेशल सेल को सौंप दिया गया है। एसपी नीतीश अग्रवाल ने इस संयुक्त अभियान की सफलता पर सीआईए पलवल टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की धरपकड़ के लिए पलवल पुलिस पूरी तरह सतर्क है। भविष्य में भी अन्य राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बैठाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
“खूब बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए अभी से मेहनत शुरू करो। योग, ध्यान और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाओ। स्वस्थ रहोगे तभी अपने परिवार, समाज और देश का भला कर सकोगे। नई-नई जगहों पर घूमो, दुनिया को समझो, इससे सोच का दायरा बढ़ता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।” यह बात कलेक्टर किशोर कुमार ने गुरुवार को स्कूल चले हम अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत पुरानी छावनी स्थित पीएमश्री शासकीय माध्यमिक विद्यालय के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों से कही। विद्यालय पहुंचने पर कलेक्टर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर उनका आत्मीय स्वागत किया। विद्यार्थियों से पूछा- क्या है आपका सपना? कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके भविष्य के सपनों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहते हैं और कहा कि यह उम्र बड़े लक्ष्य तय करने की है। यदि विद्यार्थी अभी से अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक आदतों को अपनाएं तो जीवन में कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नियमित योग, मेडिटेशन और व्यायाम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दिन की शुरुआत योग, ध्यान अथवा एक्सरसाइज से करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकता है। 21 जून से पहले शुरू करें योग की तैयारी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने कहा कि 21 जून को जिलेभर में योग दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अभी से योगाभ्यास शुरू करने और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार है। विद्यालय की उपलब्धियों की ली जानकारी भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें अपने विद्यालय में सबसे अच्छा क्या लगता है। उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यालय की उपलब्धियों और विशेषताओं की जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि विद्यालय में लगभग 25 शिक्षक कार्यरत हैं तथा वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 700 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। “गुना गुलाब गुनिया, देखेगी दुनिया” का दिया संदेश कलेक्टर ने ‘गुना गुलाब गुनिया, देखेगी दुनिया” उल्लेख करते हुए कहा कि गुना केवल एक नाम नहीं, बल्कि विकास, समृद्धि और खुशहाली को गुणा करने का संदेश है। उन्होंने कहा कि गुलाब प्रगति, सौंदर्य और समृद्धि का प्रतीक है। विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने की सीख भी दी। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री और पेन वितरित कर अध्ययन के प्रति प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल, प्रभारी प्राचार्य राजनारायण शर्मा सहित शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बिजनौर में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPM) के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की गई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार 'नाकाबंदी' का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज पर हमले जारी रखने की धमकी दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी प्रशासन की इन कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त आवाजाही के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक 'अपराधी' की तरह व्यवहार कर रहा है, जो पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश कर रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की 'जूनियर पार्टनर' बनने और अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ईरान और पश्चिम एशिया पर अमेरिकी हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ऊर्जा की लागत बढ़ी है और उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हुई है। कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के एक महत्वपूर्ण देश के रूप में भारत को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ खड़े होने के लिए ग्लोबल साउथ की आवाजों का नेतृत्व करना चाहिए। केंद्र सरकार से यह भी मांग की गई कि मारे गए नाविकों के परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन में फरीद अहमद, शफाफत मोहम्मद, इसरार, तुलाराम, इंदु कुमार शर्मा, अखलाक मोहम्मद, सुहैल सलीम, राम अवतार सिंह, जयपाल सिंह, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस मनाया:हाथरस के गुरुद्वारे में शबद कीर्तन, गुरुजी की किया नमन
हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार में सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस सादगी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में शबद कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह ने गुरु अर्जन देव जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुगल शासकों ने गुरु जी को गर्म तवे पर बैठाकर और ऊपर से गर्म रेत डालकर शहीद किया था। इतनी यातना के बावजूद गुरु जी विचलित नहीं हुए और पाठ करते रहे। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद... कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारे के बाहर मीठे शरबत की प्याऊ लगाई गई। संगत के लोगों ने स्वयं मीठे दूध का वितरण किया और लंगर की सेवा भी की। इस अवसर पर समाजसेवी तजवंत कालरा, नानक सिंह, हरबंश सिंह, गुलशन शूरी, पन्ना सिंह, नानक सिंह, राजेश सिंह, जयंत सिंह सहित काफी लोग और महिलाएं उपस्थित रहीं।
टीईटी अनिवार्यता से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर देशभर में जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन अभियान चलाया गया। इसी क्रम में मेरठ में भी सैकड़ों शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। शिक्षकों ने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर उनके सेवा हितों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। महासंघ का कहना है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों और उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। सेवा अधिकारों को लेकर जताई चिंता ज्ञापन में कहा गया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा जारी टीईटी संबंधी अधिसूचना, आरटीई अधिनियम की धारा 23(2) में 9 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के बाद लाखों शिक्षकों में अपने सेवा अधिकारों को लेकर चिंता बढ़ गई है। महासंघ का कहना है कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं और चयन प्रक्रिया के अनुसार पूरी तरह वैध थीं। इसलिए बाद में बनाए गए पात्रता मानकों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्याय और विधिक सिद्धांतों के खिलाफ है। 'दशकों से दे रहे हैं सेवाएं' संगठन ने कहा कि वर्ष 2010 और 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक और सर्वांगीण विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इन शिक्षकों के अनुभव और सेवाओं की अनदेखी न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता पर भी नकारात्मक असर डालेगी। वरिष्ठता और पदोन्नति की सुरक्षा की मांग राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रभावित शिक्षकों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य वैधानिक लाभ सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक विधायी और नीतिगत समाधान निकाले जाएं। संगठन ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर प्रभावी पहल करे, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके। सैकड़ों शिक्षक रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष विकेश कुमार, जिला महामंत्री डॉ. छोटूराम, जिला संगठन मंत्री विनय कुमार, जिला मीडिया प्रभारी डॉ. रतन सिंह, जिला संयुक्त मंत्री कमल समेत विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि सेवा से जुड़े सभी प्रकार के संशय और चिंताएं समाप्त हो सकें।
सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत भदौरा के चौहट्टा टोला में गुरुवार सुबह शासकीय भूमि और सार्वजनिक हैंडपंप को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, गांव में शासकीय भूमि पर कथित कब्जे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। गुरुवार सुबह विवादित स्थल के पास स्थित सार्वजनिक हैंडपंप के उपयोग को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में बहस बढ़ी और मारपीट शुरू हो गई। महिलाएं भी झड़प में शामिल रहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना में रमेश तिवारी, अमित तिवारी, सुमित तिवारी, गोबिंद सेन और मुन्ना सेन सहित दोनों पक्षों के कई लोग शामिल थे। मारपीट के दौरान कुछ महिलाएं भी मौके पर मौजूद थीं और विवाद में शामिल रहीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोगों को चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल सीधी भेजा जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। वीडियो के आधार पर जांच शुरू मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने और जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता गुरुवार को नूंह पहुंचीं। उनके आगमन पर संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। डॉ. गुप्ता ने समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और संगठन के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। अर्चना गुप्ता का नूंह आना बेहद महत्वपूर्ण : सुरेंद्र सिंह इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू ने कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता का नूंह आगमन संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और समाजहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। पिंटू ने यह भी कहा कि कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। आयोजकों ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इस प्रेस वार्ता में संगठन की आगामी रणनीति, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
दौसा में सिविल डिफेंस की वालंटियर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आक्रोशित युवाओं ने जमकर हंगामा किया। गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने युवाओं ने सुबह 10 बजे धरना दिया। जहां युवाओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। 972 युवाओं का हुआ था सिलेक्शन अभ्यर्थी महावीर चौधरी ने कहा- सिविल डिफेंस वालंटियर के 597 पदों के लिए युवाओं ने आवेदन किए थे। जांच करने के बाद फिजिकल करवाने पर 972 युवाओं को सिलेक्शन हुआ। ऐसे में फिजिकल पास कर चुके युवा सिलेक्शन होने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। नियुक्ति नहीं मिलने से युवाओं में रोष अभ्यर्थी विश्वेंद्र सिंह ने कहा- फिजिकल करवाने के बाद रिजल्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। युवाओं ने प्रशासन पर जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा- भर्ती पूरी न होने के कारण योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में लटका हुआ है, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष है। वहीं अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि फिजिकल पास कर चुके सभी युवा नागरिक सुरक्षा विभाग में जुड़कर देश और समाज की सेवा करने के लिए तत्पर और उत्साहित हैं, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण हमें मौका नहीं मिल पा रहा है। जल्द पूरी करें भर्ती जबकि जिला प्रशासन द्वारा नए सिरे से भर्ती करने की तैयारी की जा रही है, ऐसे में पूर्व में फिजिकल पास कर चुके अभ्यर्थियों को भी इसी भर्ती में समायोजित कर भर्ती जल्द पूरी करने की मांग की है। धरने के दौरान एक महिला अभ्यर्थी अचेत हो गई, जिसे वहां मौजूद अभ्यर्थियों ने संभाला। इस दौरान मनीष गुर्जर, उमाशंकर जैमन, देवेन्द्र गुर्जर, शिवराम मीणा, अनिल कसाना, जगदीश शर्मा, महावीर गुर्जर, लोकेश शर्मा समेत दर्जनों युवा मौजूद रहे।
मुज़फ़्फ़रनगर के राधिकापुरम स्थित दिव्य ध्यान योग आश्रम में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संतों ने ज्ञान, सद्कर्म और समाज निर्माण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। तीर्थनगरी शुकतीर्थ के ब्रह्म विद्या पीठ के पीठाधीश्वर दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। अपने संबोधन में दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने ज्ञान और कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करता है, जबकि उसके कर्म ही समाज में उसकी वास्तविक पहचान बनाते हैं। अच्छे कर्म करने वाले को सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है, वहीं बुरे कर्म करने वाले को अंततः अपमान का सामना करना पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सदाचार, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। महाराज ने जोर देकर कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए सत्कर्म ही सबसे बड़ा आधार हैं। दिव्य ध्यान योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज का निर्माण किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों से होता है। उन्होंने उन लोगों पर टिप्पणी की जो स्वयं को समाज मानकर दूसरों को भ्रमित करते हैं और अपनी छवि बड़ी दिखाने का प्रयास करते हैं, ऐसे लोगों को वास्तविक सम्मान नहीं मिलता। इस कार्यक्रम के दौरान संतों से अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा गड़बड़ी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी सवाल पूछे गए। स्वामी श्रीभगवान आश्रम महाराज ने इन चर्चाओं को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि सत्य सामने आए बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संतों के प्रवचनों के माध्यम से उन्हें नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का संदेश मिला।
सूरजपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंद्रपुर में गुरुवार तड़के एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वाहन में सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, बोलेरो अंबिकापुर से बैकुंठपुर की ओर जा रही थी। चंद्रपुर के पास वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया दुर्घटना के समय वाहन में कुल तीन लोग सवार थे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। तेज रफ़्तार बनी हादसे की वजह गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार माना जा रहा है। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
महराजगंज पुलिस ने 105 गुम मोबाइल बरामद किए:31 लाख रुपये की संपत्ति उनके मालिकों को लौटाई
महराजगंज पुलिस की सर्विलांस सेल ने 105 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई। सर्विलांस सेल ने यह सफलता सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, आईएमईआई नंबर ट्रैकिंग और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके हासिल की। टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के आधार पर मोबाइलों की खोजबीन की। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, पिछले तीन महीनों में जनपद पुलिस अब तक कुल 307 मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये है। यह उपलब्धि तकनीक आधारित पुलिसिंग के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गुरुवार को पुलिस आफिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया। कई मालिकों ने कहा कि उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या का समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने सीईआईआर पोर्टल पर भी जानकारी दर्ज करने की सलाह दी, जिससे मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ सके।
सुकमा जिले के गादीरास थाना क्षेत्र में बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रही एक बुजुर्ग महिला की नदी में डूबने से मौत हो गई। मलगेर नदी पार करने के दौरान हुए इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला चुले कवासी (65) गुरुवार सुबह बैंक से 7 हजार निकालकर अपने गांव वापस लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में पड़ने वाली मलगेर नदी को पार करते समय वह गहरे पानी में चली गई और डूबने से उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, उसके घर तमिया पारा से बैंक शॉर्टकट में 2 किमी की दूरी पर है। जबकि पुल से जाने 6 किमी दूर पड़ता है। नदी में ज्यादा पानी नहीं होने के कारण वो शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल कर रही थी। ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने गादीरास पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बुजुर्ग महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक का माहौल ग्रामीणों ने बताया कि महिला शांत और मिलनसार स्वभाव की थी। वह लंबे समय से गांव में अपने परिवार के साथ रह रही थी। अचानक हुई इस घटना से परिजन ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लोग सदमे में हैं। पुलिस कर रही जांच पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल शुरुआती तौर पर मामला नदी में डूबने से मौत मानी जा रही है।
मोगा जिले के सब-डिवीजन बाघापुराना के अंतर्गत आने वाले गांव सुखानंद में फायरिंग हुई। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बाघापुराना थाने के डीएसपी जसबिंदर सिंह खैहरा और एसआई मंगल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस जांच में मृतक और आरोपी के बीच पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें गठित की गई हैं और उसे जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। मौके की 2 PHOTOS देखिए:- पढ़ें DSP की 2 अहम बातें:- ----------------------------- फायरिंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें:- जालंधर में 25 राउंड फायरिंग:युवक के पेट में गोली लगी, निहंग बाणे में आए हमलावर; हथियार लहराते फरार हुए जालंधर में बुधवार सुबह दो गुटों में टकराव के बाद एक युवक पर 25 राउंड फायरिंग हुई। एक गोली उसके पेट में जा लगी। तड़के करीब 4 बजे हुई इस वारदात से पूरा इलाका दहल उठा। यह भी पढ़ें
मऊ जनपद में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद के सभी स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अलावा ग्राम पंचायतों में भी योग शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ा जा सके। एक हजार लोगों के योगाभ्यास की व्यवस्था इस संबंध में ब्लॉक प्रमुखों, बीडीसी सदस्यों, नगर पालिका अध्यक्षों और नगर पंचायत अध्यक्षों से बातचीत की गई है। प्रशासन का उद्देश्य योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाना और इसे एक वृहद आयोजन का रूप देना है। जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम में लगभग एक हजार लोगों के बैठने और योगाभ्यास की व्यवस्था की जाएगी। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य भाग लेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री को भी आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री के योग दिवस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया जाएगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन होगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य योग के प्रति लोगों को जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि योग दिवस का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
गोरखपुर में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल:40°C पहुंचा तापमान, 20 जून के बाद बारिश होने की संभावना
गोरखपुर में मानसून आने से पहले गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार सुबह तेज धूप और चिपचिपी गर्मी के साथ हुई। सूरज निकलने के कुछ ही देर बाद गर्मी का असर बढ़ने लगा और हवा में नमी ज्यादा होने के कारण लोग सुबह से ही पसीने से परेशान दिखे। पिछले कई दिनों से शहर में तेज गर्मी का दौर जारी है। दिन में कड़ी धूप लोगों को झुलसा रही है, जबकि रात में भी उमस के कारण राहत नहीं मिल रही। तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के करीब आने से हवा में नमी बढ़ गई है, जिसकी वजह से उमस ज्यादा महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी गोरखपुर में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। सुबह से निकली तेज धूप दोपहर तक और तीखी हो सकती है। ऐसे में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दोपहर के समय 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। शुरू हुईं प्री-मानसून गतिविधियां जिले में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। 20 से 22 जून के बीच पहुंच सकता है मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और यूपी-बिहार सीमा के करीब पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि गोरखपुर और आसपास के जिलों में 20 से 22 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। मानसून आने से पहले तेज हवाएं चलेंगी, बादलों की संख्या बढ़ेगी और बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लंबे समय से जारी गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में 20 से 22 जून, मध्य यूपी में 20 से 23 जून और पश्चिमी यूपी में 22 से 25 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है। मौसम अनुकूल रहा तो 25 जून तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाएगा। पिछले वर्षों में देरी से पहुंचा मानसून गोरखपुर में आमतौर पर मानसून 18 से 20 जून के बीच पहुंचता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी एंट्री देर से हुई है। 2025 में मानसून 25 जून को पहुंचा था। 2024 में 26 जून को दस्तक दी थी। 2023 में भी मानसून 26 जून को आया था। 2022 में मानसून 30 जून को पहुंचा था। 2021 में मानसून 14 जून को ही पहुंच गया था। एक सप्ताह से 40 डिग्री के आसपास बना है पारा गोरखपुर में पिछले एक सप्ताह से तापमान लगातार 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। 12 जून से 17 जून के बीच अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। अगले कुछ दिनों में मिलेगी राहत मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में तापमान धीरे-धीरे कम होने लगेगा। 20 जून के बाद अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री और 23 से 24 जून तक 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। बारिश के बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार मानसून की एंट्री के साथ गोरखपुर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश, बादल और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी और कई दिनों से लोगों को परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो अगले कुछ दिनों में गोरखपुर का मौसम सुहाना हो सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
मुज़फ़्फ़रनगर के बहादरपुर गांव में बुधवार देर रात एक ही मोहल्ले के दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मारपीट में घायल युवक की पहचान भोलू कश्यप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हमले में वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए उपचार शुरू कर दिया। घायल की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सिखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मौके से मारपीट में शामिल दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष शराब के नशे में थे। किसी मामूली बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। उन्होंने बताया कि एक युवक घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली भाजपा ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष और दिल्ली सरकार के 16 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए गुरुवार से तीन दिवसीय विशेष जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 18 से 20 जून तक राजधानी के सभी 256 मंडलों में चलाया जाएगा। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शाहदरा के भोलानाथ नगर से घर-घर संपर्क अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान पूर्व महापौर निर्मल जैन और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। अभियान के दौरान मल्होत्रा ने दशकों से भोलानाथ नगर में जूते-चप्पल मरम्मत का काम कर रहे गोविंद से बातचीत की। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। गोविंद द्वारा योजना में रुचि दिखाने पर मल्होत्रा ने अपने सहयोगी अमन पांडेय को उन्हें योजना का पूरा लाभ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी। घर-घर जाकर किया लोगों से संवाद मल्होत्रा ने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और केंद्र तथा दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं को अब दिल्ली में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। साथ ही दावा किया कि भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारें लंबे समय तक लागू नहीं कर सकीं। उन्होंने आयुष्मान भारत सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा नेताओं के अनुसार, अभियान के दौरान सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान सरकारों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ-साथ रिपोर्ट कार्ड भी नागरिकों को सौंपा जाएगा। अभियान की प्रमुख बातें…
हरियाणा के पंचकूला में गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने के लिए पहुंचे हैं। कार्यक्रम से पहले उन्होंने छबील पर श्रद्धालुओं को शरबत पानी पिलाया। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में पहुंचे सीएम नायब सैनी ने छबील पर पानी पिलाने के बाद लंगर को भी शुरू करवाया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में सिख संगत हिस्सा लेने पहुंची है। इसके अलावा कार्यक्रम में संत-महापुरुषों की भी सहभागिता रहेगी। राज्यस्तरीय कार्यक्रम सेमिनार के रूप में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें वक्ताओं द्वारा गुरु अर्जुन देव की शहादत और सिखों के समृद्ध इतिहास पर आधारित व्याख्यान दिए जाएंगे।सिख गुरुओ सिखाई मानवता : सीएम सीएम नायब सैनी छबील पर सेवा करते हुए कहा कि सिख धर्म में सेवा असली सेवा का महत्व समझाया है। समद्ध परंपरा वाले सिख धर्म में संदेश दिया गया है कि मेहनत के बाद सभी को बांट कर खाना चाहिए। सिख धर्म गुरुओं से सभी को शिक्षा लेनी चाहिए। गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोबिंद सिंह तक, सभी सिख गुरुओं ने मानवता, समानता, निस्वार्थ सेवा, करुणा, भाईचारा और सामाजिक न्याय जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का प्रचार किया है।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत चौधरीबांध गांव में गुरुवार को श्री 1008 शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा नौ दिवसीय पंचकुंडीय महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह महायज्ञ कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा 25 जून को होगी, जबकि महायज्ञ का समापन 26 जून को किया जाएगा। कलश यात्रा में गांव और आसपास के क्षेत्रों से महिलाएं, युवतियां, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर मंदिर परिसर से सुंदरोटांड़ नदी तक पहुंचे। वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए वहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद शोभायात्रा के रूप में श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना और अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। यह महायज्ञ चौधरीबांध गांव में नवनिर्मित शिव मंदिर में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। ग्रामीणों के सहयोग और लगभग 10 वर्षों के सामूहिक प्रयास के बाद मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो सका है। आयोजन समिति के अनुसार, 25 जून को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी सहित शिव परिवार की विधि-विधानपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। वहीं, 26 जून को हवन, पूर्णाहुति, कन्या पूजन, कन्या भोजन एवं विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन किया जाएगा। गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन संगीतमय झांकियों से सुसज्जित श्रीराम कथा एवं शिव पुराण महाकथा का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म का संदेश देंगे। आयोजन को लेकर पूरे गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में रंग-बिरंगी रोशनी और तोरण द्वार लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक है। यह मंदिर अब क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होने जा रहा है।
हाथरस में मकान निर्माण करते समय मजदूर की मौत:छत का पटाव करते समय गिरा, अस्पताल में मृत घोषित
हाथरस में एक मकान निर्माण स्थल पर हुए हादसे में आज सुबह एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना आज सुबह कोतवाली हाथरस सदर क्षेत्र के सीयल खेड़ा मोहल्ले में अशोक टॉकीज के निकट हुई। मजदूर दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मजदूर छत का पटाव करते समय अचानक पैर फिसलने से पत्थर सहित नीचे आ गिरा। वह दूसरी मंजिल पर निर्माण कार्य कर रहा था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उसके साथ काम कर रहे अन्य मजदूर तुरंत उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मृतक की पहचान 35 वर्षीय जगदीश, पुत्र सोनपाल, निवासी छोटा अय्यापुर, थाना कोतवाली सदर, हाथरस के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर जगदीश के परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। जगदीश अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। उसका पिछले दिनों अपनी पत्नी से भी विवाद हो गया था और वह खुद व बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी है, जो मामले की आगे की जांच कर रही है।
सोनीपत में किसानों के खेतों से बिजली के तार और मोटर चोरी करने के आरोप में दो युवकों को नंगा करके हाथ-पैरों में डंडा फंसाकर रस्सी से बांधकर पिटाई की वीडियो सामने आई है। जहां दोनों युवक की बारी-बारी से पिटाई की जाती है और उसके बाद उन्हें रस्सी से बांधकर खेत में बिठाया जाता है और चोरी की वारदात का कबूल नामा करवाया जाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस को किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया मामला गांव मेहंदीपुर का है, जहां ग्रामीणों ने खेतों में चोरी की वारदात को अंजाम देने के आरोप में दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पुलिस के हवाले करने की बजाय खुद ही सजा देना शुरू कर दिया। दोनों के हाथ-पैर में डंडे फंसाकर रस्सियों से बांध दिए गए, उनके साथ मारपीट की गई और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो में ग्रामीण दोनों युवकों से पूछताछ करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि युवक खुद को मुरथल क्षेत्र का निवासी बता रहे हैं। युवकों की पिटाई की अलग-अलग तस्वीरें… वीडियो में क्या कह रहे दोनों युवक… एक युवक को डंडे से बांध दिया, दूसरा बोला- चाचा मैं कहीं नहीं जाऊंगा: वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले एक युवक के हाथ और पैरों के बीच डंडा फंसाकर उसे रस्सी से बांध दिया गया है। वहीं दूसरे युवक को भी इसी तरह बांधने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान दूसरा युवक ग्रामीणों से कहता सुनाई देता है कि चाचा मैं कहीं नहीं जाऊंगा, यहीं बैठ जाऊंगा, बस हाथ रस्सी से बांध दो। इसके बाद दोनों युवकों को बांधकर जमीन पर बैठाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। वीडियो में पूछी गई पहचान: वीडियो में ग्रामीण दोनों युवकों से उनकी पहचान और गांव के बारे में जानकारी लेते दिखाई दे रहे हैं। एक युवक खुद को सत्यनारायण का बेटा और सिंहराम का पोता बताता है। जब उससे मोबाइल नंबर पूछा जाता है, तो वह कहता है कि उसके पास मोबाइल नंबर नहीं है। वहीं दूसरे युवक से भी उसके परिवार और बिरादरी के बारे में पूछताछ की जाती है। खेत में ले जाकर उतरवाए कपड़े: वीडियो में नजर आ रहा है कि ग्रामीणों ने दोनों युवकों को खेत में ले जाकर उनके कपड़े उतरवाए। इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और गोला-लाठी देकर हाथ-पैर बांधकर तेज धूप में जमीन पर बैठा दिया गया। वीडियो में ग्रामीण युवकों से उनकी बिरादरी पूछते हुए और गांव के सरपंच को बुलाने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मारपीट के बीच कराया कबूलनामा: वीडियो में दोनों युवक एक-दूसरे पर चोरी की योजना बनाने का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। एक युवक कहता है कि दूसरा उसे लेकर आया था और पहले मोटर चोरी करने की रेकी करके गया था। वहीं दूसरा युवक भी उसी पर आरोप लगाता है। मारपीट और दबाव के बीच दोनों से चोरी की बात कबूल करवाने की कोशिश की जाती दिखाई दे रही है। सरपंच बोला- 99 चोरी की वारदात: गांव मेहंदीपुर के सरपंच रमेश ने बताया कि मेहंदीपुर, गढ़ी, बख्तावरपुर समेत आसपास के कई गांवों में लंबे समय से खेतों से चोरी की घटनाएं हो रही हैं। किसानों की ट्यूबवेल मोटर, बिजली के तार और अन्य सामान चोरी किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि तीनों गांवों में अब तक 99 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद चोरी के आरोप में दो युवक पकड़े गए हैं। मोटर और तार चोरी करने का आरोप: ग्रामीणों के अनुसार गांव मेहंदीपुर निवासी आजाद के खेत से ट्यूबवेल की मोटर चोरी हुई थी, जबकि अन्य किसानों के खेतों से बिजली की तारें चोरी की गई थीं। आरोप है कि पकड़े गए दोनों युवक चोरी की गई मोटर को बेचने की फिराक में घूम रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस को नहीं दी सूचना: चोरी के आरोप में युवकों को पकड़ने के बावजूद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल पुलिस के हवाले नहीं किया। इसके बजाय ग्रामीणों ने खुद ही कानून अपने हाथ में लेते हुए दोनों को दंडित किया। घटना का वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी: ग्रामीणों का कहना है कि दोनों युवक नशा करने के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए खेतों से मोटर और बिजली के केबल चोरी करते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। 18 से 20 दिन पुरानी वीडियो: गांव मेहंदीपुर के सरपंच रमेश के अनुसार यह घटना करीब 18 से 20 दिन पुरानी है। उन्होंने बताया कि मामले में किसी भी ग्रामीण ने पुलिस को शिकायत नहीं दी है। वहीं मुरथल थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत सामने आती है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में पुलिस चौकी के सामने पिस्टल संग रील बनाया गया। एक युवक ने पिस्टल लेकर यह वीडियो बनाया। खास बात यह कि इसमें दिख रहा एक दूसरा युवक पुलिस की वर्दी में नजर आया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह असली पुलिसकर्मी है या नहीं। अफसरों ने इस मामले में जांच कराने की बात कही है। खुल्दाबाद सब्जी मंडी चौकी के सामने का वीडियो यह रील वीडियो खुल्दाबाद के सब्जी मंडी चौकी के सामने सड़क पर बनाया गया। इसकी 12 सेकेंड की एक क्लिप सामने आई है। इसमें एक युवक पिस्टल लिए दिखाई दे रहा है। उसके सामने पुलिस की वर्दी पहने एक युवक खड़ा नजर आता है, जिसने चेहरे पर मास्क बांध रखा है। रील के शुरुआत में ही युवक पिस्टल पुलिस की वर्दी पहने युवक को सटाता नजर आता है। जिसके बाद वर्दी पहनने वाला युवक पीछे हट जाता है। पिस्टल वाला युवक उसे धकियाता भी नजर आता है। यह रील वीडियो रात के समय बनाया गया नजर आ रहा है। वीडियो बनाने वाले कौन? फिलहाल यह नहीं पता चल सका है कि वीडियो कब का है। साथ ही इसमें दिख रहे युवक कौन हैं। अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो में वर्दी पहने नजर आने वाला युवक असली पुलिसकर्मी है या नहीं। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि पता लगाया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे युवक कौन हैं। वर्दी पहने युवक की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र के गुड़र गांव में हुए ब्लास्ट में गुरुवार को दूसरी मौत हो गई। ग्वालियर में इलाज करा रहे 11 वर्षीय कल्ला आदिवासी पुत्र शिशुपाल आदिवासी ने दम तोड़ दिया। कल्ला का पोस्टमार्टम ग्वालियर में किया जा रहा है। इस घटना में अब तक मरने वालों की संख्या दो हो गई है। यह घटना बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे प्राणसिंह प्रजापति के घर में खाना बनाते समय हुई थी। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत और दीवारें ढह गईं, और आग की लपटें उठने लगीं। हादसे के वक्त घर में मौजूद 4 वर्षीय जानवी प्रजापति मलबे में दब गई थीं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। बुरी तरह से झुलस गया था लड़काघटना के समय पड़ोस का 11 वर्षीय कल्ला आदिवासी भी घर में मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे अन्य घायलों के साथ पहले शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। गंभीर हालत के कारण उसे जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हादसे में रौशनी प्रजापति, प्रण सिंह प्रजापति और शिवा प्रजापति गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। उनका इलाज अभी भी ग्वालियर में जारी है। प्रारंभिक जांच में घर में रखे पेट्रोल-डीजल में आग लगने या गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की आशंका जताई गई है। घटना के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया और विधायक प्रीतम लोधी ने मौके का निरीक्षण किया था। पुलिस और प्रशासन अभी भी हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं।
आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में टोल कर्मियों द्वारा इलाके में तीन अवैध बैरियर लगाए गए थे। इन बैरियर के लग जाने से दूसरे तरफ जाने वाली गाड़ियों को भी टोल की तरफ से जाना पड़ता था और उन्हें बिना मतलब के टोल टैक्स देना पड़ता था। इलाके के लोगों ने जब इसकी शिकायत आजमगढ़ के लोकसभा सांसद धर्मेंद्र यादव और लालगंज लोकसभा से सांसद दरोगा प्रसाद सरोज से की थी तो दोनों लोकसभा सांसदों ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने का काम किया था पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके कारण प्रतिदिन सबसे ज्यादा समस्या स्कूली बसों को होती थी। तीन इलाकों में लगाए गए थे अवैध बैरियर आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में चल रहे टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने गंभीरपुर बाजार में मार्टिनगंज रोड पर मोहम्मदपुर स्थित फरिहा रोड पर सैनिक ढाबा के निकट, इसके साथ ही मार्टिनगंज रोड खुर्रामपुर मोड पर बैरियर लगाया गया था। इन तीन बैरियरों के लग जाने से बड़ी संख्या में लोगों को लंबी-लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और बिना मतलब के टोल टैक्स भी देना पड़ता था। ऐसे में जिला प्रशासन ने जेसीबी लगाकर टोल कर्मियों द्वारा लगाए गए इन अवैध बैरियर को हटा दिया गया है। इन बैरियरों के है जाने से इलाके की जनता ने राहत की सांस ली है।
यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक आज गुरुवार को गाजियाबाद पहुंचे। वह गाजियाबाद में अलग अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। केंद्र सरकार के 12 साल पूरा होने पर भाजपा गाजियाबाद द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हैं। इनके अलावा अलग अलग कार्यक्रम में भाग लेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा- राम मंदिर मामले में जांच चल रही है, शासन ने एसआईटी गठित की है। जानिए क्या बोले डिप्टी सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल हो चुके हैं। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए पीएम के आहवान पर हम यहां सब एकत्र हुए हैं। हमें प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना होगा। रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं, हमारे शरीर में कीटनाशक दवाएं जा रहीं हैं, हमें प्राकृतिक संसाधनों पर जाना है। यदि हम सुरक्षति खाद सामग्री दे पाएंगे तो हम खुशहाल होंगे। किसानों से भी यही अपील है। डॉक्टरों की कमी पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। चिकित्सा सरकार की प्राथमिकता है। डीएम को अधिकार दिया है कि वह रिक्त जगहों को भरें। राममंदिर पर बोले बृजेश पाठक राम मंदिर से चढ़ावे से चोरी के मामले में उन्होंने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। तरह तरह की चर्चाएं मिली हैं, एसआईटी बनाई गई है, एसआईटी जांच कर रही है। जांच से पहले तक क्या बता सकते हैं। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह राजनीति करते हैं। बाबरी मस्जिद के लिए जो चंदा एकत्र हुआ था वह कहां गया। तुष्टिकरण की राजनीति वह करते हैं। रामलला के मंदिर पर तरह तरह के प्रश्न लगाते हैं। हमारी सरकार और पार्टी भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं करेगी। अब तक 2 करोड़ की बरामदगी चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली।
ग्रामसभा की खलिहान भूमि पर अवैध रास्ता बनाने का आरोप:कानपुर देहात में DM से निष्पक्ष जांच की मांग
कानपुर देहात में ग्रामसभा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और रास्ते के निर्माण का मामला सामने आया है। अकबरपुर तहसील के नागिनजसी गांव निवासी सुमित पांडेय ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर ग्रामसभा की खलिहान भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप लगाया है। शिकायत में बताया गया है कि ग्रामसभा की गाटा संख्या 438 राजस्व अभिलेखों में खलिहान भूमि के रूप में दर्ज है। वहीं, गाटा संख्या 439 खाद के गड्ढे और चकरोड के लिए आरक्षित है। आरोप है कि गांव के ब्रजपाल यादव ने पहले गाटा संख्या 439 पर आवासीय निर्माण कर कब्जा किया। अब वह अपनी प्लॉटिंग तक पहुंचने के लिए खलिहान की भूमि पर अवैध रास्ते का निर्माण करा रहे हैं। सुमित पांडेय के अनुसार, इसी भूमि पर अवैध रास्ता बनाने के मामले में वर्ष 2021 में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। तब नगर पंचायत ने इस रास्ते को ध्वस्त कर दिया था। इसके बावजूद, अब उसी भूमि पर दोबारा रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में नगर पंचायत अकबरपुर के अधिशासी अधिकारी पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि उनके संरक्षण में ग्रामसभा की भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण हो रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की राजस्व टीम से स्थलीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने खलिहान भूमि पर बनाए गए कथित अवैध रास्ते को हटाने, सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने और आरोपित व्यक्ति व संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पूरे मामले में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बताया शिकायत मिली है जांच करा कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी
कल्याणपुर में दिनदहाड़े महिला से ठगी:डर दिखाकर सोने के कुंडल और नकदी लेकर फरार हुए तीन शातिर
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह तीन शातिर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना निशाना बनाते हुए डर भय दिखाकर कर उसके कानों से सोने के कुंडल उतरवा लिए और नकदी लेकर फरार हो गए। पीड़िता ने कल्याणपुर थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बच्चों के मरने सहित बड़ी हानि होने का भय दिखाया रतनपुर, पनकी निवासी 62 वर्षीय सुषमा मिश्रा के अनुसार वह गुरुवार सुबह करीब 10:15 बजे कृष्णा विहार स्थित अपने वकील के कार्यालय जाने के लिए घर से निकली थीं। जब वह चुंगी तिराहे के पास पेट्रोल पंप के निकट पहुंचीं, तभी तीन अज्ञात युवक उनके पास आए और बातचीत शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने उनसे कहा कि उन्हें पता है कि वह वकील से मिलने जा रही हैं और उनका काम आसानी से हो जाएगा। पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के दौरान युवकों ने उनके हाथ में एक गिल्ली और पुड़िया जैसी वस्तु रख दी, जिससे धुआं निकलने लगा। इसके बाद वह घबराहट और भय महसूस करने लगीं। महिला का कहना है कि वह स्वयं को हनुमान भक्त बताती हैं, लेकिन उस समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने ऊपर नियंत्रण खो रही हों और युवकों के प्रभाव में आ गई हों। सुषमा मिश्रा ने बताया कि ठगों ने उनसे कहा कि उनके बेटे को कोई अनहोनी हो सकती है और उससे बचाने के लिए उन्हें अपने कानों में पहने सोने के कुंडल तथा पास रखी नकदी उनके हवाले करनी होगी। डर और मानसिक दबाव में आकर उन्होंने अपने कानों से करीब 5 ग्राम वजन के सोने के कुंडल, जिनकी कीमत लगभग 70 हजार रुपये बताई गई है, तथा 500 रुपये नकद आरोपियों को दे दिए। महिला के मुताबिक सामान लेने के बाद ठगों ने उन्हें आंखें बंद कर कुछ कदम आगे बढ़ने को कहा। जब उन्होंने कुछ देर बाद पीछे मुड़कर देखा तो तीनों युवक वहां से गायब हो चुके थे। तभी उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गई हैं। बोले थाना प्रभारी-कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया की पीड़िता ने थाने मे तहरीर दी है सीसीटीवी फुटेज़ खंगाले जा रहे है। महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्जकर जल्द ही शातिरो को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र स्थित खड़खड़ी टोल प्लाजा पर एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कई टोलकर्मी एक युवक को घेरकर लाठी-डंडों से पीटते दिखाई दे रहे हैं। टोल प्लाजा के पास कुछ लोग एक युवक को चारों तरफ से घेर लेते हैं। इसके बाद उसके साथ जमकर मारपीट की जाती है। युवक खुद को बचाने की कोशिश करता नजर आता है, लेकिन कई लोग उस पर हमला करते दिखाई देते हैं। इस दौरान आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहते हैं। मारपीट की वजह अभी साफ नहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था। मारपीट से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ और मामला कैसे बढ़ा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली और वहां तैनात कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने भी उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में इस वीडियो के वायरल होने के बाद टोलकर्मियों के रवैये और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। टोल प्लाजा पर आने-जाने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस बोली- वीडियो की कराई जाएगी जांच खरखौदा थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। अगर जांच में मारपीट की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा महामंत्री अरुण सिंह गाजीपुर पहुंचे:पवहारी बाबा आश्रम में दर्शन, स्वच्छता अभियान में हुए शामिल
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर गाजीपुर पहुंचे। उनका दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त कार्यक्रम तय है। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत पवहारी बाबा आश्रम पहुंचकर दर्शन-पूजन से की। दर्शन के बाद, उन्होंने स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'मां के नाम एक पेड़' अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन में खासा उत्साह देखा गया। इसके बाद, अरुण सिंह लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह पहुंचे। यहां से वह राइफल क्लब में केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी करेंगे। कार्यक्रम के अगले चरण में, वह रोडवेज के पास स्थित अग्रवाल पैलेस में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के तहत प्रबुद्ध जनों की बैठक में शामिल होंगे। दोपहर 2 बजे, वह प्रगति पथ यात्रा के अंतर्गत रेल और सड़क पुल का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के समस्त वृत्त अधिकारियों एवं थानाधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा लंबित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपराधों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान 60 एवं 90 दिवस की अवधि में निस्तारण योग्य प्रकरणों की थाना स्तर पर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, आबकारी अधिनियम एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। एसपी ने अवैध मादक पदार्थों एवं अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने तथा न्यायालयों में मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने पर बल दिया। पुलिस मुख्यालय जयपुर द्वारा संचालित मालखाना निस्तारण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर लंबित माल एवं जब्तशुदा संपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही, मालखानों के सुव्यवस्थित संधारण एवं रिकॉर्ड के अद्यतन रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में वर्ष 2026 के दौरान धारा 107 एवं 111 बीएनएसएस के अंतर्गत की गई निरोधात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने असामाजिक एवं शांति भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने, अधिक से अधिक इस्तगासे न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने झूठी शिकायतें एवं भ्रामक सूचनाएं देने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। एसजेएमएस पोर्टल पर लंबित एफआईआर एवं चालानों को समय पर अपलोड करने, रिकॉर्ड संधारण में शुद्धता बनाए रखने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिकायत प्रकोष्ठ हवा सिंह सहित जिले के सभी वृत्ताधिकारी एवं थानाधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नितेश यादव पुत्र अशोक यादव निवासी आमना खेड़ी के रूप में हुई है। नितेश भैंसा खेड़ी स्थित एक पेट्रोल पंप पर बतौर सेल्समैन काम करता था। बुधवार-गुरुवार की रात ड्यूटी पूरी करने के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। सुबह करीब 10:15 बजे खजूरी सड़क के पास एक टर्निंग पर सामने से आ रहे आयशर वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि नितेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस को सौंपा घटना के बाद आयशर चालक मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने वाहन जब्त कर थाने में खड़ा कर लिया है। आरोपी चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। नितेश की छह साल पहले शादी हुई थी। वह दो बच्चों का पिता था। गुरुवार दोपहर पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार में हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है।
सिरसा जिले के डबवाली शहर में दिनदहाड़े एक बुजुर्ग महिला से सोने की बालियां लूट ली गईं। मेन बाजार सब्जी मंडी इलाके में हुई इस घटना में एक महिला और दो पुरुषों के गिरोह ने 65 वर्षीय महिला को बातों में फंसाकर बेहोश किया और उसके कानों से बालियां उतारकर फरार हो गए। लूटी गई बालियां बुजुर्ग महिला के दिवंगत पति की लगभग 45 साल पुरानी निशानी थीं। इस घटना के बाद महिला सदमे में आ गई और उसकी तबीयत बिगड़ने पर वह बेहोश हो गई। जानकारी के अनुसार, पंजाब के बड़िंगखेड़ा गांव निवासी 65 वर्षीय गुल्लो देवी अपने पति खजान सिंह के साथ डबवाली दवाई लेने आई थी। उनका पोता सुखपाल राम उन्हें बाइक पर लेकर आया था। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच, वह मेन बाजार सब्जी मंडी के पास भगत सिंह चौक की सीढ़ियों पर अपने पोते का इंतजार कर रही थी। बातों में उलझाया, बेहोश किया इसी दौरान, एक महिला, एक युवक और एक अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे। योजनाबद्ध तरीके से एक व्यक्ति थोड़ी दूरी पर खड़ा हो गया, जबकि महिला और युवक गुल्ला देवी के पास आकर बैठ गए। पीड़िता गुल्लो देवी के अनुसार, महिला ने उनसे बातचीत शुरू की और उनकी नजर कानों में पहनी सोने की बालियों पर पड़ी। उसने पूछा कि क्या ये बालियां सोने की हैं। जैसे ही गुल्लो देवी ने हाथ लगाकर बालियों को दिखाना चाहा, आरोपियों ने उन्हें किसी तरह से नशीला पदार्थ सुंधाकर बेहोश कर दिया। इसके तुरंत बाद, महिला और युवक ने उनके दोनों कानों से बालियां उतार लीं और मौके से फरार हो गए। पति की आखिरी निशानी थी बालियां कुछ देर बाद जब गुल्लो देवी को होश आया तो उसने अपने कानों को छुआ। कानों से बालियां गायब थीं और उसके चेहरे का रंग उड़ चुका था। उसने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन तब तक आरोपी काफी दूर जा चुके थे। जब उसका पोता वापस लौटा तो गुल्लो देवी ने रोते हुए पूरी घटना बताई। उसने कहा कि ये बालियां उसके पति ने करीब 45 वर्ष पहले बनवाकर दी थीं। पति की मृत्यु के बाद वह इन्हें अपनी जान से भी ज्यादा संभालकर रखती थी, क्योंकि ये उसके पति की आखिरी निशानी थीं। करीब एक तोले वजन की इन बालियों के चोरी होने के सदमे से उसकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि वह वहीं बेहोश हो गई। बाद में उसका पोता उसे वापस गांव बड़िंगखेड़ा ले गया। पुलिस ने शुरू की सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना की शिकायत गोल बाजार पुलिस चौकी में दी गई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने पुरानी सब्जी मंडी, भगत सिंह चौक, रेलवे पुल के नीचे स्थित क्लीनिक और आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध महिला और उसके साथियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
हरियाणा के बावल के पास चलती ट्रेन से गिरकर अलवर के 60 फीट रोड निवासी केशव प्रजापत (26) की मौत हो गई। केशव रेवाड़ी की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। रोजाना अप-डाउन करता था। बुधवार रात को भी वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से अलवर लौट रहा था, तभी बावल के पास अचानक पैर उलझने से चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। ढाई साल से पीहर में है पत्नी मृतक केशव की पत्नी करीब ढाई साल से पीहर बड़ौदामेव में रह रही है। वह अपने 3 महीने के बेटे को ही छोड़ गई थी। उसके बाद से वापस नहीं लौटी है। अब 3 साल के बालक के सिर से पिता का साया भी उठ गया है। फिलहाल जीआरपी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस तरह हुई घटना मृतक के परिजनों ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि ट्रेन के अंदर वह गेट के पास खड़ा था। उसके साथ ट्रेन में यात्रा करने वाले युवक भी थे। अचानक केशव का पैर उलझा और वह ट्रेन के नीचे आकर गिरा। उसके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसे रेवाड़ी में भर्ती कराया गया। लेकिन वहां से रैफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में अच्छे से इलाज नहीं मिला। वरना युवक की जान बच सकती थी।
वाराणसी के लालपुर पाण्डेयपुर थाना में पुलिस की निष्क्रियता से अपराधी बेलगाम हो गए हैं। गुरूवार की भोर रुपयों के लेनदेन में मारपीट और फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों को बुलाकर जमकर हंगामा काटा। युवक को पहले लात-घूसों, फिर डंडों से पीटा बाद में उस पर गोली भी चला दी। हालांकि फायरिंग में वह बच गया लेकिन धमकाते बवाल काटा। आसपास जुटे लोगों ने हमलावरों को दौड़ाया लेकिन चोटिल हुआ हिस्ट्रीशीटर भीड़ के हत्थे चढ़ गया। कालोनी के लोगों ने उसे पकड़ लिया और धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। लालपुर पुलिस को दी गई तहरीर में एक युवक ने आरोप लगाया है कि बकाया रुपये के विवाद को लेकर कुछ युवकों ने उस पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की। गाजीपुर जनपद के सैदपुर निवासी अनीस कुमार गौतम, जो वर्तमान में पहड़िया मंडी स्थित स्टाफ कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि वह गुरुवार को करीब भोर 1:40 बजे घर के बाहर एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। उसका पहड़िया निवासी अंशुमान सिंह उर्फ सानू और पहड़िया मंडी निवासी अनीश गौतम के बीच करीब 5 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद के निपटारे के लिए गाजीपुर के हिस्ट्रीशीटर अंगद यादव और उसके साथी शैलेंद्र को बुलाया गया था। बाइक से पहुंचे कुछ युवकों ने कथित रूप से गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ने पर एक युवक ने जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायरिंग कर दी। हालांकि, अनीस बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी असलहे के दम पर दबाव बनाने और संबंधित पक्ष को डराने-धमकाने की नीयत से पहुंचे थे। हवाई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद लोग सक्रिय हो गए। जिन लोगों को धमकाने और निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी, उन्हीं लोगों ने अंगद यादव को पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी हुई। पीड़ित ने बचाव में किया जिससे हमलावर का असलहा गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि अन्य युवक फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटनास्थल से एक पिस्टल बरामद हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना से जुड़े मारपीट और कथित फायरिंग के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस वीडियो के आधार पर भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पांडेयपुर में पनप रहा बदमाशों का नेटवर्क हाल के दिनों में पुलिस ने कई युवकों के पास से अवैध हथियार बरामद किए थे, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को केवल हथियार रखने वालों पर ही नहीं, बल्कि अवैध असलहों की आपूर्ति और बिक्री करने वाले नेटवर्क तक पहुंचकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, लालपुर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध असलहों का कारोबार समाज के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस फायरिंग, मारपीट और अवैध असलहे के इस्तेमाल समेत पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने अवैध या बलपूर्वक धर्मांतरण गतिविधियों की रोकथाम के लिए छह नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की तरफ से जारी निर्देशों के बाद ये कदम उठाए गए है। दावा है कि इससे कैंपस में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वतंत्रता के साथ सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया का सकेगा कुलसचिव डॉ.भावना मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को प्रभावित कर, भय दिखाकर, मानसिक दबाव बनाकर अथवा प्रलोभन देकर किए जाने वाले किसी भी प्रकार के अवैध या बलपूर्वक धर्मांतरण को रोकने के लिए कई स्तर पर निवारक उपाय लागू किए जाएंगे। अवेयरनेस सेशन का भी होगा आयोजन विश्वविद्यालय ने इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी तय की है। मेंटर-मेंटी सत्रों के माध्यम से छात्रों को जागरूक किया जाएगा। छात्र कल्याण प्रकोष्ठ और संवाद तंत्र को सक्रिय करते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाएगी। परिसर में काउंसलिंग सेंटरों को मजबूत बनाया जाएगा, जहां छात्र गोपनीय तरीके से अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे। हॉस्टलों पर भी रहेगी नजर इसके अलावा छात्रावासों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने, बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर निगरानी रखने तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, तार्किक सोच और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष व्याख्यान और संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि परिसर या छात्रावासों में किसी संस्था, समूह अथवा व्यक्ति द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तत्काल सूचित करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी
शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुरा में गुरुवार सुबह एक बुजुर्ग महिला पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गई, जिसके बाद उसका उपचार कराया गया। महिला का दावा है कि उस पर चीते ने हमला किया था, जबकि वन विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभाग का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला करने वाला जानवर चीता था या तेंदुआ। सुबह शौच के लिए गई थीं महिला घायल महिला सोमली भील ने बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब 5 बजे गांव के बाहर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक जंगली जानवर ने अचानक उन पर हमला कर दिया। महिला के अनुसार, हमले के दौरान जानवर ने उन पर झपट्टा मारा, जिससे उनकी गर्दन और हाथ पर चोटें आई हैं। शरीर पर पंजों के निशान भी बने हुए हैं। अचानक हुए हमले से महिला घबरा गई और जोर-जोर से शोर मचाने लगीं। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण महिला की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को अपनी ओर आता देख जंगली जानवर वहां से भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उपचार की व्यवस्था कराई। क्षेत्र में पहले भी दिखी है वन्यजीवों की गतिविधि ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के जंगल क्षेत्र में लंबे समय से जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है। इससे ग्रामीणों में पहले से ही डर का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को भी दी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद विभागीय अमला तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी है। महिला ने बताया चीते का हमला घायल महिला सोमली भील का कहना है कि जिस जानवर ने उन पर हमला किया, वह चीता था। हालांकि घटना के दौरान अचानक हमला होने के कारण जानवर को स्पष्ट रूप से पहचान पाना मुश्किल रहा। वन विभाग ने फिलहाल चीते के हमले की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि बिना जांच और साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। रेंजर ने तेंदुए की भी जताई आशंका वन विभाग की रेंजर श्रुति राठौर ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला करने वाला जानवर चीता था या नहीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उस क्षेत्र में चीते की कोई सक्रिय मौजूदगी दर्ज नहीं है। रेंजर के अनुसार महिला के शरीर पर मौजूद घावों और पंजों के निशानों का अध्ययन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर यह संभावना भी जताई जा रही है कि हमला किसी तेंदुए ने किया हो सकता है। श्योपुर भेजी गई महिला वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में महिला को बेहतर उपचार के लिए श्योपुर भेजा गया है। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। वन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के निरीक्षण, पैरों के निशान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि महिला पर हमला करने वाला जानवर कौन था।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रजनीश तिवारी ने मिडिल स्कूल सधवानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में एक भी बच्चा उपस्थित नहीं मिला। इस लापरवाही पर उन्होंने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई और कारण बताओ नोटिस (शोकाज नोटिस) जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने हाई स्कूल सधवानी का भी औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन किया। अनुपस्थित शिक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। DEO ने पाठ्यपुस्तकों की बुक स्कैनिंग की जानकारी ली और बच्चों को समय पर किताबें बांटने के निर्देश दिए। इससे पहले, गौरेला में ‘उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने की, जिसमें शत-प्रतिशत साक्षरता पर जोर दिया गया। यह बैठक जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। 5+ आयु वर्ग के असाक्षरों को साक्षर बनाने पर जोर जिला पंचायत सीईओ रावटे ने कहा कि 15+ आयु वर्ग के असाक्षर नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें बुनियादी शिक्षा से जोड़ना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने पेश की प्रगति रिपोर्ट बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, जिले के तीनों जनपद पंचायतों के सीईओ, तीनों विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, नोडल अधिकारी, एनआरएलएम के विकासखंड अधिकारी, महिला-बाल विकास विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट पेश किए। पेण्ड्रारोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का सचिव ने किया निरीक्षण लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने अपने जिला प्रवास के दौरान पेण्ड्रारोड स्थित निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन का कार्य अगस्त माह के अंत तक उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। लगभग 17 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रूम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कक्ष शामिल हैं। सचिव ने सभी निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। कलेक्टर न्यायालय और मीटिंग हॉल में सुधार के निर्देश निरीक्षण के दौरान सचिव बंसल ने कलेक्टर न्यायालय और मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, बाउंड्री वॉल, पार्किंग और कैंटीन के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को अलग-अलग विभागों के लिए कक्ष आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए। पेंड्रा में तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग ने पेंड्रा में तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया है। मल्टीपरपज स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में 17 से 19 जून तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ विधायक प्रणव कुमार मरपची ने किया। विधायक मरपची ने बताया कि मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में ऐसी प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी '12 वर्ष विकास के, विश्वास के और जनकल्याण के' कार्यों को दर्शाती है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को शासन की जनहितकारी योजनाओं, विकासोन्मुखी कार्यक्रमों, देश-प्रदेश में हुए सकारात्मक परिवर्तनों से अवगत कराना है। जनप्रतिनिधियों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, उपाध्यक्ष श्रीमती रोशती तापश शर्मा, डॉ. नीरज जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन प्रदर्शनी में केंद्र सरकार, राज्य सरकार की पिछले 12 सालों की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं, विकास कार्यों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें वित्तीय समावेशन, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आधारभूत संरचना विकास, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जनधन, आवास, स्वच्छता और डिजिटल इंडिया पर फोकस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री जन धन योजना के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देशभर में शौचालय निर्माण जैसी उपलब्धियों को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया अभियान, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार को भी प्रदर्शित किया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने 8 साल के लंबे इंतजार के बाद विंध्य विकास प्राधिकरण में नई नियुक्तियां कर दी हैं। पूर्व विधायक पंचू लाल प्रजापति को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, रीवा के डॉ. अजय सिंह और सतना के संजय तीर्थनी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ही बिना स्थायी कार्यालय और बजट के विंध्य के 10 जिलों के विकास को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए किया गया था। इसके दायरे में रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मैहर, मऊगंज और डिंडोरी जिले आते हैं। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचा, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी विकास योजनाओं को गति देना है। बिना दफ्तर और बजट के योजनाओं पर संशयफिलहाल प्राधिकरण के सामने सबसे बड़ी चुनौती संसाधनों की कमी है। इसका कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और पुराने दफ्तर की जगह अब आईटी पार्क का निर्माण चल रहा है। अथॉरिटी के लिए अभी तक अलग से कोई बजट भी तय नहीं किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े क्षेत्र में विकास की योजनाएं जमीन पर कैसे उतारी जाएंगी। कांग्रेस का आरोप- राजनीतिक डैमेज कंट्रोल कर रही भाजपाइन नियुक्तियों पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यह नियुक्ति सिर्फ राजनीतिक डैमेज कंट्रोल के लिए की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए इस मंच का उपयोग कर रही है। विकास के लिए कोई ठोस व्यवस्था जमीन पर नजर नहीं आ रही है। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बोले- मुख्यमंत्री ने दिया है पूरा भरोसाउपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह का कहना है कि सरकार विंध्य के विकास को लेकर गंभीर है। फिलहाल रीवा के सिविल लाइन क्षेत्र में अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था की जा रही है और योजनाओं की जरूरत के अनुसार बजट भी मिलेगा। वहीं, नवनियुक्त अध्यक्ष पंचू लाल प्रजापति ने स्पष्ट किया कि विंध्य के विकास के लिए नई कार्ययोजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। 2008 में तत्कालीन सीएम शिवराज ने की थी स्थापनाविंध्य क्षेत्र का अपना ऐतिहासिक महत्व रहा है। 1948 में विंध्य प्रदेश अस्तित्व में था, जिसकी राजधानी रीवा हुआ करती थी। इस क्षेत्र को पिछड़ेपन से निकालने के लिए 27 सितंबर 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विंध्य विकास प्राधिकरण की स्थापना की थी। अजय प्रताप सिंह इसके पहले और वर्ष 2017 में सुभाष सिंह दूसरे अध्यक्ष बने थे। पिछले 8 वर्षों से प्राधिकरण लगभग निष्क्रिय था और इसके खत्म होने की चर्चाएं चल रही थीं।
नाथद्वारा में बारिश से निचले इलाकों में पानी भरा:कुम्भलगढ़ में 1 इंच बरसात, तापमान भी गिरा
राजसमंद में गुरुवार सुबह मौसम ने करवट बदली। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिली। घने बादलों के कारण कई क्षेत्रों में हल्का अंधेरा छाया रहा, वहीं ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। बादलों की मौजूदगी से मौसम सुहाना हो गया और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। हालांकि बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है। बारिश से निचले इलाकों में पानी भरा इससे पहले बुधवार शाम जिले के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। नाथद्वारा शहर में हुई बारिश के बाद बोहर वाड़ी बाजार सहित आसपास के इलाकों में पानी भर गया। जलभराव के कारण राहगीरों, दो पहिया वाहन चालकों और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुंभलगढ़ में 1 इंच बारिश जानकारी के अनुसार जिले के कुंभलगढ़ क्षेत्र में करीब 1 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ठंडा हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है।
हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी किए गए इन आदेशों में एक IAS और एक IFoS अधिकारी का नाम शामिल है। सत्येंद्र दुहान, IAS (हरियाणा कैडर: 2018) वर्तमान में 'निदेशक, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, हरियाणा' और 'अतिरिक्त सचिव, हरियाणा सरकार, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग' के पद पर तैनात हैं। उन्हें अब अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ 'मिशन निदेशक, हरियाणा कौशल विकास मिशन' का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ट्रांसफर ऑर्डर की कॉपी... IFoS एस. नारायणन अतिरिक्त चार्ज से मुक्त एस. नारायणन, IFoS (1997 बैच) वर्तमान में 'महानिदेशक, उच्च शिक्षा, हरियाणा', 'सचिव, हरियाणा सरकार, उच्च शिक्षा विभाग' और 'सदस्य सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरियाणा' के रूप में कार्यरत हैं। हरियाणा के राज्यपाल के आदेशानुसार, उन्हें 'सदस्य सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरियाणा' के अतिरिक्त प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। वे अपने अन्य पदों पर बने रहेंगे।
यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव छोटाबांस की डेहा बस्ती में करनाल सीआईए टीम पर हुए पथराव और एनडीपीएस आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मामले में दो दिन हो चुके हैं। अभी तक मुख्य आरोपी समेत किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अधिकांश संदिग्ध अपने घरों पर ताले लगाकर फरार बताए जा रहे हैं। गांव में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस की गतिविधियों के चलते लोग खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। नगर पालिका में बुलाई हाउस की बैठक उधर, घटना के बाद नगर में भी रोष बढ़ता जा रहा है। सामाजिक लोगों ने आज नगर पालिका प्रधान को ज्ञापन सौंप इस बस्ती को अवैध बताते हुए बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में आज वीरवार को रादौर नगर पालिका कार्यालय में पालिका प्रधान शालू मेहता की अध्यक्षता में पार्षदों और सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा गया कि इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। बस्ती को शिफ्ट करने की मांग बैठक के दौरान कई पार्षदों और स्थानीय लोगों ने डेहा बस्ती को वर्तमान स्थान से हटाने अथवा किसी अन्य जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रधान को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि नगर पालिका की भूमि पर डेहा बस्ती अवैध रूप से बसी हुई है और लंबे समय से यहां नशे के कारोबार की शिकायतें मिलती रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि जिस बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, सरकारी और निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त किया तथा पुलिस हिरासत से आरोपी को छुड़ा लिया, वहां अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। अवैध मकानों पर बुलडोजर से कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता अमित ने कहा कि पुलिस पर हमला और आरोपी को छुड़ाना बेहद गंभीर अपराध है। ऐसे में नगर पालिका को अवैध रूप से बने मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए ताकि कानून का भय बना रहे। नगर पालिका प्रधान शालू मेहता ने कहा कि पुलिस पर हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। इस मुद्दे पर हाउस की विशेष बैठक बुलाकर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी पहलुओं की जांच करेगी तथा जो भी कार्रवाई नियमों के तहत संभव होगी, उसे अमल में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। 5 पुलिसकर्मी हुए थे घायल गौरतलब है कि मंगलवार शाम करनाल सीआईए की टीम एनडीपीएस एक्ट के एक वांटेड आरोपी राजेंद्र कुमार बंगाली को पकड़ने डेहा बस्ती पहुंची थी। आरोप है कि आरोपी को हिरासत में लेने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया और आरोपी को छुड़वा लिया। इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। मामले में 15 लोगों को नामजद करते हुए करीब 20 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है।
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में 35 वर्षीय सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। उस समय हुआ जब वह रोजाना की तरह अपने लोडिंग ई-रिक्शा से डबुआ सब्जी मंडी सब्जी लेने जा रहा था। तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक की टक्कर से उनका ई-रिक्शा पलट गया और वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद कंटेनर उसके ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भिजवा दिया। रोजाना सब्जी खरीदने मंडी जाता था मृतक की पहचान बल्लभगढ़ की रघुवीर कॉलोनी निवासी मनोज (35) के रूप में हुई है। मनोज घर के पास ही सब्जी बेचने का काम करते थे और हर दिन सुबह डबुआ सब्जी मंडी से सब्जियां खरीदकर लाता था। गुरुवार सुबह भी वह करीब 5:30 बजे अपनी लोडिंग ई-रिक्शा से मंडी जाने के लिए निकला था। जब वह मुजेसर फ्लाईओवर से उतरकर बाटा रेड लाइट से करीब 150 मीटर पहले सर्विस लेन की ओर मुड़ा, तभी पीछे से आ रहे एक कंटेनर ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। नहीं मिला संभलने का मौका प्रत्यक्षदर्शी विक्रम के अनुसार, टक्कर लगते ही ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया और मनोज सड़क पर जा गिरा। इससे पहले कि वह संभल पाता, कंटेनर उसके ऊपर चढ़ गया। जिससे मनोज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद कंटेनर ड्राइवर वाहन छोड़कर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन वहां मौजूद राहगीरों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूरे घर का खर्च चलाता था मृतक मृतक के चाचा राजकुमार ने बताया कि मनोज अपनी पत्नी, तीन बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ रघुवीर कॉलोनी में रहता था। परिवार का खर्च चलाने की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। मौके पर पहुंचे सेक्टर-11 चौकी के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में कंटेनर की टक्कर से ई-रिक्शा चालक की मौत होना सामने आया है। आरोपी ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महू में सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव के शहीदी पर्व पर शरबत वितरण सेवा किया गया। यह सेवा तप स्थान संत बाबा सीतल सिंह जी गुरुद्वारा, रेलवे कॉलोनी में हुई। गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चली इस सेवा में बड़ी संख्या में साध-संगत ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व सिख इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वर्ष 1606 में उन्होंने मानवता, सत्य और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हें भीषण गर्मी में तपते तवे पर बैठाकर और गर्म रेत डालकर यातनाएं दी गईं। गुरु साहिब ने धैर्य, सहनशीलता और ईश्वर में अटूट विश्वास का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया इसी स्मृति में प्रत्येक वर्ष सिख समाज की ओर से गर्मी के मौसम में छबील सेवा आयोजित की जाती है। छबील का अर्थ है राहगीरों और आमजन को ठंडा एवं मीठा पेय पदार्थ, विशेष रूप से शरबत, निःशुल्क वितरित करना। यह सेवा गुरु अर्जन देव जी की शहादत को याद करते हुए मानव सेवा, परोपकार और प्रेम का संदेश देती है। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और संगत के सदस्यों ने आने-जाने वाले लोगों को शरबत वितरित किया। उन्होंने गुरु साहिब के बताए सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संगत ने इस सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया और गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र स्थित मां धनौजा मंदिर परिसर में युवक और युवती द्वारा बनाई गई एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। वायरल वीडियो में युवक और युवती मंदिर परिसर के भीतर भोजपुरी गीत पर अभिनय और नृत्य करते नजर आ रहे हैं। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल आस्था और श्रद्धा का केंद्र होता है, इसलिए वहां इस तरह की गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। मंदिर प्रबंधन ने जताई नाराजगी मंदिर प्रबंधन से जुड़े देव उर्मलिया ने वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की कोशिश में कुछ लोग धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान नहीं रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में इस तरह की रील बनाना और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना उचित नहीं है। ऐसे कृत्यों से लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। दोबारा घटना होने पर शिकायत की चेतावनी देव उर्मलिया ने कहा कि भविष्य में यदि इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। मंदिर परिसर की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। पुलिस में नहीं पहुंची औपचारिक शिकायत फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस के पास किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। मंदिर प्रबंधन ने लोगों से धार्मिक स्थलों की मर्यादा और गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
पंजाब के रोपड़ से आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने आनंदपुर साहिब के एक होटल में पकड़े गए सैक्स रैकेट के मामले में संदोआ को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। डीएसपी रोपड़ के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के सामने पूर्व विधायक को 22 जून को सुबह 11 बजे पेश होना होगा। पुलिस ने स्थानीय थानों को निर्देश जारी कर संदोआ को सूचित करने और मामले से जुड़ी पूरी फाइल एसआईटी के सामने पेश करने को कहा है। इसी साल 17 फरवरी, 2026 को पंजाब पुलिस ने आनंदपुर साहिब के एक होटल पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां चल रहे एक बड़े सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संबंधित होटल और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस की विशेष जांच टीम इस रैकेट में पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ के कनेक्शन और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी संदोआ की सटीक भूमिका पर खुलकर कुछ भी बोलने से इनकार किया है। सूत्रों का कहना है कि यह समन चल रही जांच का हिस्सा है और केस से जुड़े सभी संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसआईटी कर रही है मामले की जांच एसआईटी ने यह सम्मन इसलिए जारी किया है ताकि इस हाई-प्रोफाइल रैकेट के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके। 17 फरवरी को दर्ज एफआईआर की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी की अध्यक्षता में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई थी। एसआईटी को जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिसके आधार पर पूर्व विधायक से पूछताछ जरूरी हो गई है। आदेश के मुताबिक, 22 जून को होने वाली इस पेशी के दौरान आनंदपुर साहिब थाने के एसएचओ को भी पूरी केस डायरी और फाइल के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है, ताकि संदोआ से आमने-सामने सवाल-जवाब किए जा सकें। राजनीतिक साजिश का आरोप, संदोआ बोले- 'मैं झुकूंगा नहीं' दूसरी ओर, समन मिलने के बाद पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। संदोआ का कहना है कि यह उनके खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। उन्होंने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे रोपड़ विधानसभा क्षेत्र में सरकार के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। इससे घबराकर सरकार पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे 22 जून को एसआईटी के सामने पेश होकर जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

