कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित होटलों पर अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वायरल हुई तस्वीरों में होटलनुमा दुकानों पर बोरों में भरकर शराब के पैकेट रखे होने की बात सामने आई है। इन तस्वीरों में शराब के एक विशेष ब्रांड के पाउच और अन्य सामग्री स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना लाइसेंस शराब की बिक्री से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। वायरल तस्वीरों के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध शराब कारोबार को कुछ स्थानीय पुलिसकर्मियों का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है, क्योंकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या एजेंसी से कराने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण कारोबारियों के हौसले बढ़े हैं। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग को होटल, ढाबों और संदिग्ध दुकानों की गहन जांच कर लाइसेंस, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की पड़ताल करनी चाहिए। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी सुबास प्रसाद से संपर्क किया गया। उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही, लेकिन साथ ही आश्वासन दिया कि तुर्कपट्टी क्षेत्र में जल्द ही अभियान चलाकर संदिग्ध दुकानों की चेकिंग कराई जाएगी और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा में चौकी प्रभारी 22 दिन में निलंबित:नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को टहलाने पर SP ने की कार्रवाई
अमरोहा में जीवाई चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक को नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उन्हें 15 जून को पुलिस लाइन से जीवाई चौकी का प्रभार सौंपा गया था और महज 22 दिनों के भीतर यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, संबंधित उपनिरीक्षक इससे पहले मुरादाबाद जनपद के कई थानों में थानाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। स्थानीय पुलिस महकमे में यह चर्चा है कि चौकी का प्रभार मिलने के बावजूद उनकी कार्यशैली थानेदार जैसी ही रही, जिसके कारण उन्हें यह परिणाम भुगतना पड़ा। चौकी से कोई राहत न मिलने पर पीड़ित पक्ष ने सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) लखन सिंह यादव से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद देर रात दुष्कर्म और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिला अपराधों, विशेषकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करना सभी पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में यह चर्चा तेज हो गई है कि संवेदनशील मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर कच्ची शराब की भट्ठियों का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। प्रभारी निरीक्षक भदोखर राकेश चंद्र आनंद ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कच्ची शराब बनाने वाली भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया और लगभग दस कुंतल लहन (कच्ची शराब बनाने का मिश्रण) नष्ट किया। पुलिस ने कच्ची शराब बनाने में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राकेश चंद्र आनंद ने सभी उप निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने और हल्का सिपाहियों को अपनी कार्यशैली में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। भदोखर थाना क्षेत्र में लंबे समय से शराब माफियाओं द्वारा कच्ची शराब बनाने का काम किया जा रहा था। वायरल वीडियो के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। थाना प्रभारी आनंद ने बताया कि शराब माफियाओं के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा और ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
डूंगरपुर जिले में मंगलवार रात हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। रात करीब 10 बजे शुरू हुई तेज बारिश के कारण डूंगरपुर शहर के पुराने इलाके जलमग्न हो गए। जिले में बुधवार सुबह 8 बजे तक निठाउवा में सर्वाधिक 95 मिलीमीटर (पौने 4 इंच) बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के चलते घाटी, कानेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा सहित कई क्षेत्रों की सड़कों पर लगभग 3 फीट तक पानी बहने लगा। भीतरी शहर की सड़कें दरिया जैसी दिखने लगीं, जिससे कई स्थानों पर लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।लगातार हो रही इस बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की अपील की है। आज भी येलो अलर्ट जारीरातभर रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे नदी-नालों में पानी की अच्छी आवक हुई। बुधवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और दिनभर बारिश की संभावना जताई है। बुधवार सुबह 8 बजे तक के वर्षा आंकड़ों के अनुसार, निठाउवा में 95 एमएम, वेंजा में 85 एमएम, डूंगरपुर शहर में 73 एमएम, धंबोला और सागवाड़ा में 70-70 एमएम, आसपुर में 67 एमएम, गणेशपुर में 56 एमएम, कनबा में 53 एमएम, गलियाकोट में 51 एमएम, देवल में 45 एमएम, सोम-कमला-अम्बा बांध क्षेत्र में 40 एमएम, साबला में 24 एमएम तथा चिखली में 23 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश होते ही बिजली गुलमंगलवार रात को बरसात का दौर शुरू होते ही बिजली की परेशानी बढ़ गई। बादलों की तेज गर्जना ओर बिजली कड़कने के साथ ही बिजली गुल हो गई। डूंगरपुर शहर समेत जिले के कई हिस्सों में बिजली बंद रहने से लोग परेशान रहे। बिजली बंद होने उमस और मच्छरों की वजह से परेशानी हुई। बारिश का दौर थमने के बाद बिजली बहाल हो सकी। वही कई बार बिजली के आने ओर जाने का दौर चलता रहा। वही जिले के कई गांवों में बारिश शुरू होने से बंद हुई बिजली आज सुबह तक बहाल नहीं हो सकी।
जौनपुर के खेतासराय थाना क्षेत्र में आजाद बिंद हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा धरना मंगलवार रात करीब 10:30 बजे समाप्त हो गया। मृतक की बहन सौम्या बिंद 18 जून से इस धरने पर बैठी थीं। आजाद बिंद की हत्या 1 मई को बरात ले जाते समय गोली मारकर की गई थी। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे सौम्या बिंद ने जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह से मुलाकात की। उन्हें एक ज्ञापन सौंपने के बाद, प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार विधिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद सौम्या बिंद ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। सौम्या बिंद का आरोप था कि मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी के विरोध में वह 18 जून से ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी थीं। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि धरना समाप्त हो गया है और धरने पर बैठे लोग अपने-अपने घर लौट गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में सोमवार रात करीब 10 बजे किसानों ने यूरिया की बोरियों से लदे एक ऑटो को रोक लिया। यह घटना यूरिया वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर सामने आई है। किसानों का आरोप है कि दिन में उन्हें समिति पर यूरिया का स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। वहीं, रात के समय चोरी-छिपे यूरिया की बिक्री की जा रही है। किसानों ने दावा किया कि जिस किसान सेवा समिति पर दिन में यूरिया उपलब्ध न होने की बात कही गई थी, उसी से रात में करीब 15 बोरी यूरिया ऑटो में भरकर ले जाई जा रही थी। ऑटो रुकवाने के बाद मौके पर किसानों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित समिति और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि किसानों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह यूरिया वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी का गंभीर मामला होगा।
सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर में बुधवार तड़के पुराने मकान की छत गिरने से जेठानी-देवरानी दो महिलाओं की मौत हो गई । लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर हो चुके पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर की दो महिलाएं, जो आपस में जेठानी-देवरानी थीं, कमरे में चारपाई पर सो रही थीं। भारी शहतीर, मिट्टी और ईंटें सीधे उनके ऊपर गिरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब परिवार के सदस्य उन्हें चाय देने पहुंचे तो कमरे का मंजर देखकर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। सुबह चाय देने पहुंचे परिजनों के सामने आया दर्दनाक मंजर जानकारी के अनुसार गांव महमूदपुर के मान पान्ने में रहने वाली 55 वर्षीय बिमला और 52 वर्षीय सुनील रानी सोमवार रात खाना खाने के बाद पुराने मकान में सोने चली गई थीं। देर रात लगातार बारिश के कारण मकान की जर्जर छत भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। परिवार को हादसे की भनक तक नहीं लगी। मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जब परिवार के सदस्य उन्हें चाय देने पहुंचे तो कमरे की छत गिरी हुई मिली और दोनों महिलाएं मलबे के नीचे दबी थीं। परिजनों और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर निकाले शव हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों और आसपास के ग्रामीणों ने कस्सी और फावड़ों की मदद से मिट्टी, ईंट और लकड़ी के भारी शहतीर को हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं के शव बाहर निकाले गए। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बारिश से कमजोर हुई थी पुराने मकान की छत ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पुराने मकान की मिट्टी और दीवारें कमजोर हो चुकी थीं। रात करीब 12 बजे के बाद छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत के साथ लकड़ी का भारी शहतीर भी चारपाइयों पर आ गिरा, जिससे दोनों महिलाएं मलबे में दब गईं। दोनों महिलाओं के बीच था सगी बहनों जैसा रिश्ता ग्रामीणों ने बताया कि जेठानी बिमला और देवरानी सुनील रानी के बीच बेहद गहरा लगाव था। दोनों हमेशा साथ रहती थीं और अक्सर एक ही कमरे में सोती थीं। इसी कारण हादसे वाली रात भी दोनों पुराने मकान में एक साथ सो रही थीं। उनके इस स्नेहपूर्ण रिश्ते की पूरे गांव में चर्चा होती थी। भावुक रिश्ता, साथ जिए और साथ ही दुनिया छोड़ गए बिमला और सुनील रानी सिर्फ जेठानी-देवरानी ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे की सबसे बड़ी सहारा थीं। दोनों के बीच इतना गहरा अपनापन था कि परिवार और गांव के लोग भी उनके रिश्ते की मिसाल देते थे। दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ रहतीं, साथ खाना खातीं और अक्सर एक ही कमरे में सोती थीं। बिमला की कोई संतान पुत्र नहीं थी तो सुनील रानी ने अपने बेटे दीपक को उन्हें गोद देकर रिश्ते को और भी मजबूत बना दिया था। किस्मत का ऐसा क्रूर खेल रहा कि जीवनभर सुख-दुख में साथ रहने वाली दोनों महिलाओं ने अंतिम सांस भी एक ही मलबे के नीचे ली। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव की आंखें नम कर दीं। देवरानी ने अपना बेटा जेठानी को गोद दिया था परिवार की कहानी भी भावुक करने वाली है। बिमला के तीन बेटियां थीं और बेटा नहीं था। ऐसे में उनकी देवरानी सुनील रानी ने अपना बेटा दीपक उन्हें गोद दे दिया था। बिमला ने दीपक का पालन-पोषण अपने बेटे की तरह किया। चारों बच्चों की शादी हो चुकी है। वहीं सुनील रानी के दो बेटे हैं, जिनमें संदीप उनके साथ रहता है। बड़ा किसान परिवार, पूरे गांव में शोक जानकारी के अनुसार दोनों महिलाओं के परिवार बड़े किसान हैं। राजेंद्र और रमेश दोनों भाई गांव में लगभग 30 से 40 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते हैं। एक साथ परिवार की दो महिलाओं की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पुलिस ने शुरू की जांचहादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जर्जर मकान की छत गिरने से हुए हादसे का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे तथा मामले की जांच जारी है।
जयपुर के सिनेमा हॉल में परिजनों के साथ अपनी मूवी 'बेबी डू डाई डू' देखकर एक्टर मरुधर शेखावत रोने लगे। जयपुर आए मरुधर ने बॉलीवुड में अपना संघर्ष, मुंबई की 12 साल लंबी यात्रा, क्रिकेट से एक्टिंग तक के सफर, फिल्म मिलने की कहानी, माता-पिता के त्याग और पहली सफलता के भावुक पलों को खुलकर साझा किया। मां और परिवार के साथ जीटी सेंट्रल में मंगलवार को फिल्म देखने के बाद दर्शकों के बीच आकर मरुधर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मुंबई में बड़े पर्दे पर दिखने के लिए 12 साल पहले जयपुर से गया था। अब यह सपना पूरा हुआ है। मैंने शुरुआत से एक बात तय कर ली थी कि मुझे सिर्फ मेहनत करनी है। मैं कभी रिजल्ट के पीछे नहीं भागा। मुझे हमेशा अपनी जर्नी पर भरोसा था। मैं मंजिल से ज्यादा सफर को जीना चाहता हूं। उन्होंने कहा- मैं राजस्थान का बेटा हूं। राजस्थान ने इरफान खान जैसे महान कलाकार दिए हैं। मैं भी उसी तरह का ईमानदार अभिनेता बनना चाहता हूं। अच्छे किरदार निभाना चाहता हूं। मरुधर ने बॉलीवुड में इस मूवी से अपना डेब्यू किया है। मरुधर मुंबई में 100 से ज्यादा विज्ञापन कर चुके हैं। पहले देखें सिनेमाहॉल् में दर्शकों के साथ एक्टर मरुधर की PHOTOS सवाल: डेब्यू के बारे में बताइए। जयपुर से हैं और पहली फिल्म को इतनी बड़ी रिलीज मिली। अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं यही कहना चाहूंगा कि यह मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा पल है। पिछले 12 साल से मैं मुंबई में रह रहा हूं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत करता रहा हूं। आज जब यह मौका मिला है तो मैं इसे पूरी तरह जीना चाहता हूं और इसका पूरा फायदा उठाना चाहता हूं। सबसे अच्छी बात यह है कि फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग हमारी फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। अब हमारी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग थिएटर में आएं, फिल्म देखें। कलाकार के लिए दर्शकों का प्यार और उनकी प्रतिक्रिया सबसे बड़ी कमाई होती है। सवाल: 12 साल का संघर्ष... विज्ञापनों से लेकर पहली फिल्म तक का सफर कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मुंबई जाने वाले हर इंसान की कहानी अलग होती है। किसी की जिंदगी दो साल में बदल जाती है। किसी की पांच साल में और किसी की 12 साल में। मेरे लिए यह सफर 12 साल लंबा रहा। मैं चाहता हूं कि मैं लगातार इतना काम करता रहूं कि मेरे पास रुककर सोचने का भी समय न हो। आज जब मैं अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए जयपुर आया। यहां कई जगह हमारे शो हाउसफुल मिले तो मेरे लिए वह बेहद भावुक पल था। मैं खुद थिएटर के बाहर जाकर उन लोगों से मिलना चाहता था, जिन्होंने टिकट खरीदकर हमारी फिल्म देखने का फैसला किया। उस वक्त मेरे दिल और दिमाग में क्या चल रहा था, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मैं बेहद खुश हूं और एक्साइटेड भी। सवाल: फिल्म तक पहुंचने की कहानी क्या रही? साकिब सलीम-हुमा कुरैशी के साथ काम का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: यह दिलचस्प कहानी है। मैं और साकिब सलीम बचपन के दोस्त हैं। हमने स्कूल, कॉलेज और क्रिकेट साथ खेला है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मैंने करीब 10 साल तक राजस्थान के लिए क्रिकेट भी खेला है। जब साकिब मुंबई गए और उन्हें यशराज फिल्म्स की पहली फिल्म मिली, तब उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। हुमा ने भी मुझे काफी मोटिवेट किया। उसी समय मुझे महसूस हुआ कि मेरे अंदर भी एक कलाकार है और मुझे भी अभिनय को गंभीरता से आजमाना चाहिए। फिर मैं मुंबई चला गया और दिन-रात मेहनत करता रहा। जो भी काम मिला, मैंने कभी मना नहीं किया। छोटा-बड़ा कुछ नहीं देखा। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि मेरी पहली फिल्म रिलीज हो चुकी है। सवाल: इस फिल्म का चयन कैसे हुआ? ऑडिशन और शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं एक्टिंग वर्कशॉप कर रहा था। उस वर्कशॉप को अभिनेता रचित, जो फिल्म में हुमा के अपोजिट हैं। वर्कशॉप के दौरान उन्होंने बिना बताए मेरा ऑडिशन रिकॉर्ड किया और निर्देशक नचिकेता सामंत को भेज दिया। उन्हें ऑडिशन इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत कहा कि तुम फिल्म में हो। इसके बाद असली तैयारी शुरू हुई। अगले 8 महीनों तक मैंने अपने किरदार 'मनु' के लिए खुद को पूरी तरह बदला। मैंने काफी वजन कम किया। अपना पूरा लुक बदला और किरदार के अनुसार खुद को तैयार किया। आज जब फिल्म रिलीज हो चुकी है तो लगता है कि वह सारी मेहनत सफल हो गई। सवाल: जब माता-पिता ने पहली बार आपको बड़े पर्दे पर देखा, उस समय क्या महसूस हुआ? मरुधर शेखावत: यह मेरी जिंदगी के सबसे भावुक पलों में से एक था। मेरे माता-पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया है। पिछले 12 साल मैं उनसे दूर रहा हूं। जब ऐसे समय में आपकी मेहनत रंग लाती है और आपके माता-पिता आपको बड़े पर्दे पर देखकर खुश होते हैं, तब अंदर से बहुत भावुक हो जाते हैं। आज मेरी पूरी फैमिली बेहद खुश है। सिर्फ मम्मी-पापा ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार मुझे लगातार फोन कर रहा है। मैसेज भेज रहे हैं। सोशल मीडिया की रील्स शेयर कर रहे हैं। सब लोग मेरी सफलता को अपनी सफलता की तरह मना रहे हैं। इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं हो सकती। सवाल: आपकी फिल्म बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म के सामने रिलीज हुई। इसके बावजूद शानदार प्रतिक्रिया मिली। इसे कैसे देखते हैं? मरुधर शेखावत: फिल्म बनाना बहुत मुश्किल काम है। चाहे कोई भी फिल्म हो, उसके पीछे 400-500 लोगों की मेहनत होती है। जब कोई फिल्म नहीं चलती तो लोग सिर्फ उसका रिजल्ट देखते हैं, लेकिन उसके पीछे हजारों घंटे की मेहनत होती है। मैं मानता हूं कि हर फिल्म को दर्शक मिलना चाहिए। हर कलाकार की मेहनत सफल होनी चाहिए। जहां तक हमारी फिल्म की बात है। हमें खुशी है कि लोगों को यह पसंद आ रही है। हमारा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। हम अपनी अलग राह पर चल रहे हैं। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि जिन्होंने फिल्म देखी है। वे दूसरों को भी इसे देखने के लिए प्रेरित करें। सवाल: बेटे को पहली बार बड़े पर्दे पर देखकर कैसा लगा? मरुधर की मां: बहुत अच्छा लगा... बहुत खुशी हुई। मैं बता नहीं सकती कि उस पल मुझे कैसा महसूस हुआ। यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। मैं हमेशा उसका हौसला बढ़ाती थी। उसे यही कहती थी कि बेटा, जिंदगी में तकलीफ भी आती है और सुख भी मिलता है। मेहनत करते रहो, सब ठीक होगा। मैं उसे हमेशा यही समझाती थी कि कभी हिम्मत मत हारना। अच्छे दिन जरूर आएंगे। आज मैं बहुत खुश हूं। मेरी खुशी की कोई सीमा नहीं है। मां के लिए इससे बड़ा दिन और क्या हो सकता है। मरुधर शेखावत: ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब मैं मम्मी से बात नहीं करता। हम रोज कई बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं। दूर किसी दूसरे शहर में रहना और परिवार से दूर होना आसान नहीं होता। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि मैं उनसे अलग हूं। उन्होंने मेरे लिए जो त्याग किया है, उसे मैं कभी भूल नहीं सकता। अब बस यही उम्मीद है कि आने वाला समय और भी अच्छा होगा और मैं अपने माता-पिता का नाम लगातार रोशन करता रहूं। सवाल: आगे कौन-कौन से प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं? मरुधर शेखावत: अभी एक नई फिल्म पर काम चल रहा है। फिलहाल उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता, लेकिन उम्मीद है कि बहुत जल्द उसकी आधिकारिक घोषणा होगी। मैं चाहता हूं कि अब लगातार अच्छा काम करता रहूं और दर्शकों का प्यार इसी तरह मिलता रहे।
बाराबंकी में रेलवे स्क्रैप ले जाते 7 पर केस:अमृत भारत योजना के निर्माण कार्य में आरपीएफ की कार्रवाई
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य से रेलवे स्क्रैप की कथित अवैध निकासी के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात आरपीएफ ने एक पिकअप वाहन से रेलवे का लोहा स्क्रैप बरामद करते हुए सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई सब इंस्पेक्टर रवि मिश्रा के नेतृत्व में की गई। आरपीएफ को सूचना मिली थी कि निर्माणाधीन स्टेशन परिसर से रेलवे की संपत्ति और भवन निर्माण से निकला लोहे का स्क्रैप बिना वैध अनुमति के पिकअप वाहन में भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और वाहन की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में स्क्रैप बरामद हुआ। आरपीएफ ने तत्काल वाहन को कब्जे में ले लिया और विधिक कार्रवाई शुरू की। इस मामले में सतीश कुमार शर्मा, नृपेन्द्र सिंह, मोहम्मद हामिद, हमीदुल फकीर, रफीक अली, सनवर और सोनू के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। ये सभी आरोपी अलग-अलग जिलों और राज्यों के निवासी हैं। बरामद पिकअप वाहन और स्क्रैप को आरपीएफ ने अपने कब्जे में रखा है। प्रारंभिक जांच में यह सामग्री रेलवे की संपत्ति और निर्माणाधीन भवन से संबंधित बताई गई है। अब इस बात की जांच की जा रही है कि स्क्रैप किसके निर्देश पर ले जाया जा रहा था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे सामग्री की चोरी या अवैध निकासी के मामलों में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धौलपुर में बारिश से खुशनुमा हुआ मौसम:भीषण गर्मी और उमस से मिली राहत, निचले इलाकों में हुआ जलभराव
धौलपुर जिले में मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। मानसून की सक्रियता के कारण पूरे जिले में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। जिन किसानों ने बारिश के इंतजार में बुवाई रोक रखी थी, वे अब अपने खेतों में काम शुरू कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनकी फसलों के लिए भी यह वर्षा बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। फसलों को होगा फायदाकिसान विनीत कुमार शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले में खरीफ सीजन में बाजरा, मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, तिलहन, दलहन और मूंगफली जैसी फसलों की बुवाई जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू हो जाती है। समय पर हुई यह अच्छी बारिश इन फसलों की बेहतर बढ़वार के लिए शुभ संकेत है।लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे पिछड़ी हुई बुवाई अब तेजी से पूरी हो सकेगी। साथ ही, पहले से बोई गई फसलों को भी भरपूर लाभ मिलेगा। बारिश के बाद जिले का मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने राहत महसूस की है। कृषि विशेषज्ञ भी समय पर हुई इस बारिश को खरीफ सीजन के लिए बेहद सकारात्मक मान रहे हैं।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया विकासखंड में भारी बारिश के कारण शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। एकीकृत शासकीय हाई स्कूल नौलाया के पास स्थित नाले में पानी भरने से मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया है। शासन की ई-अटेंडेंस व्यवस्था के चलते शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करनी होती है। बुधवार को स्कूल के प्राचार्य गोकुल प्रसाद कुलमिया और अन्य स्टाफ सदस्य उफनता नाला पार करते हुए विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान नाले का पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे आवागमन बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद, वे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन खतरा उठाकर स्कूल आ रहे हैं। स्कूल मार्ग पर पुलिया का निर्माण की मांग स्थानीय ग्रामीण अजय ने बताया कि यह समस्या हर साल बारिश के मौसम में होती है। नाले पर सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल मार्ग पर शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कराया जाए या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा और शिक्षा व्यवस्था भी सुचारु रूप से चल पाएगी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज सुबह बुलंदशहर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुबह करीब 8:30 बजे, NIA की टीम ने स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शहर के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। जानकारी के अनुसार, यह मुख्य कार्रवाई बुलंदशहर के मोहल्ला इंटारोड़ी में चल रही है। NIA की टीमों ने अब्दुल कादिर के घर सहित उसके दो भाइयों, फैजल और बिलाल के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी है। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। NIA टीम के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल और जिला पुलिस के जवान मौके पर मुस्तैद हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने मोहल्ला इंटारोड़ी और आसपास के पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को छापेमारी वाले ठिकानों के पास जाने की अनुमति नहीं है, न ही अंदर से किसी को बाहर आने दिया जा रहा है। NIA की यह छापेमारी अभी भी जारी है। हालांकि, यह कार्रवाई किस मामले या किस सिलसिले में की जा रही है, इस पर अभी तक NIA या स्थानीय पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने बताया कि यह NIA की छापेमारी है, लेकिन इसके संदर्भ में उन्हें कोई विस्तृत जानकारी नहीं है।
वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ रिंग रोड चौराहे पर मंगलवार देर रात एक तेज रफ्तार थार ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो चालक और उसमें सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद एंबुलेंस या अन्य वाहन नहीं मिलने पर एक ट्रॉली चालक ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों घायलों को ट्रॉली से ही हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहीं टक्कर मारने के बाद थार सवार मौके से फरार हो गए। कपसेठी थाना क्षेत्र के तक्खू की बऊली निवासी सेवचंद पटेल ऑटो चलाता है। मंगलवार रात में वह जगतगंज निवासी सुषमा को उनके घर छोड़ने जा रहा था। सुषमा पेशे से ब्यूटीशियन हैं और एक शादी समारोह में श्रृंगार का काम करने के बाद रिजर्व ऑटो से घर लौट रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही ऑटो हरहुआ रिंग रोड चौराहे पर पहुंचा। उसी समय संदहा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थार ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो करीब 10 मीटर तक घिसटता चला गया। हादसे में सुषमा ऑटो के नीचे दब गईं, जबकि चालक सेवचंद पटेल गंभीर चोट लगने से बेहोश हो गया। हादसे के बाद काफी देर तक न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई अन्य वाहन मिला। इसी दौरान पास की मुस्लिम बस्ती का रहने वाला ट्रॉली चालक मेहंदी शाह ने दोनों घायलों को अपनी ट्रॉली पर लादकर हरहुआ पीएचसी पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार महिला के सिर और पैर में चोटें आई हैं, जबकि ऑटो चालक के सिर में गंभीर चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त ऑटो को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
धार शहर के मुंज सागर तालाब तक वर्षा जल पहुंचाने वाला नौगांव रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रमुख नाला एक बार फिर चालू हो गया है। इसके खुलने से बारिश का पानी दोबारा तालाब तक पहुंचना शुरू हो गया है। यह नाला रेलवे द्वारा ब्रिज निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी डालकर पूरी तरह बंद कर दिया गया था। नौगांव रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे पुल निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसके चलते नाले के मार्ग पर अवरोध उत्पन्न हो गया था। नाले के बंद होने से मुंज सागर तालाब में पानी की आवक पूरी तरह थम गई थी। क्षेत्र का वर्षा जल आगे नहीं बढ़ पा रहा था, जिससे तालाब तक पहुंचने वाला प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित हो गया था। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए नाला खोलने की मांग की थी। अब रेलवे प्रशासन ने नाले से मिट्टी हटाकर उसकी सफाई कर दी है। इस कार्रवाई के बाद वर्षा जल उसी मार्ग से मुंज सागर तालाब में फिर से प्रवाहित होने लगा है। हाल ही में हुई बारिश में नाले से तेज बहाव के साथ पानी तालाब में जाता देखा गया है, जिससे तालाब के जलस्तर में वृद्धि की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला मुंज सागर का प्रमुख वर्षा जल स्रोत है, और इसके दोबारा खुलने से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था बहाल हो गई है। अच्छी बारिश होने पर मुंज सागर में पर्याप्त जल संग्रह होने की संभावना है।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 5 जुलाई, दिन बुधवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
रोहतक के ब्लॉक महम के गांव खरकड़ा में एक फार्म हाउस पर महिला के साथ दुष्कर्म किया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित महिला ने मामले की शिकायत महम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़ित महिला ने बताया कि वह गुरुग्राम के ग्लोबल सिटी सेक्टर-37 की रहने वाली है और अपनी सहेली से मिलने के लिए देव कॉलोनी में आई थी। उसे कुत्तों से बहुत लगाव है। इसी के दौरान अपनी सहेली से कुत्ता खरीदने के बारे में पूछा था। सहेली से एक नंबर देते हुए कहा कि इस व्यक्ति के पास कुत्तों का फार्म हाउस है। पीजी से रात 8 बजे निकलकर मदीना गांव पहुंची महिला ने बताया कि सहेली द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल की तो सामने वाले युवक ने उसे मदीना स्कूल के पास बुलाया। वह रात 8 बजे पीजी से निकली और बस में बैठकर मदीना पहुंची। वहां से ऑटो लेकर आरोपी द्वारा बताई जगह स्कूल के पास पहुंची। वहां आरोपी अपनी गाड़ी लेकर आया और उसे बैठाकर गांव खरकड़ा में फार्म हाउस पर ले गया। फार्म हाउस में आरोपी ने किया दुष्कर्म महिला ने बताया कि आरोपी उसे फार्म हाउस लेकर गया, जहां पहले से 4 लोग बैठे हुए थे। आरोपी उसे कमरे में लेकर गया और कहा कि वह दिखाने के लिए कुत्ता लेकर आता है। 15 मिनट बाद आरोपी आया और दरवाजा बंद करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। 10 मिनट बाद दोबारा आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाथरूम में जाकर पुलिस को किया फोन महिला ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकी दी। उसने बाथरूम में जाकर पुलिस व अपनी सहेली को फोन पर सूचना दी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। महंगे पशु रखने का आरोपी को शौक आरोपी ने गांव खरकड़ा में फार्म हाउस बना रखा है, जहां महंगे पशु रखने का उसे शौक है। आरोपी के पास महंगी भैंस, घोड़े, बैल आदि है, जिनकी देखभाल भी फार्म हाउस पर ही होती है। पहले भी आरोपी द्वारा करोड़ों रुपए के पशु बेचे जा चुके हैं। पुलिस मामले में कर रही जांच महम थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें एक महिला द्वारा दुष्कर्म होने की शिकायत दी गई है। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अभी आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का जन्म 17 अप्रैल 1927 को बलिया में हुआ था। उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक पदयात्रा कर देश की राजनीति को नई दिशा दी। बलिया लोकसभा सीट से रिकॉर्ड आठ बार प्रतिनिधित्व करने वाले चंद्रशेखर बिना किसी मंत्री पद पर रहे सीधे प्रधानमंत्री बने थे। 8 जुलाई 2007 को उनका निधन हो गया। उन्हें 'युवा तुर्क' के नाम से भी जाना जाता था। चंद्रशेखर का जन्म पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी गांव में एक कृषक परिवार में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा भीमपुरा के राम करन इंटर कॉलेज में हुई और उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (प्रयागराज) से एमए की डिग्री प्राप्त की। छात्र राजनीति में उन्हें 'फायरब्रांड' के रूप में जाना जाता था। विद्यार्थी जीवन के बाद वे समाजवादी राजनीति में सक्रिय हो गए। भारतीय राजनीति में उनका सफर 1962 से 1977 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में चला। 1984 में उन्होंने भारत की पदयात्रा की, जिसका उद्देश्य देश को गहराई से समझना था। इस पदयात्रा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का ध्यान आकर्षित किया था। वर्ष 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी, तो उन्होंने मंत्री पद स्वीकार न कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला। इसी वर्ष वे बलिया जिले से पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने बलिया से आठ बार सांसद बनकर प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया। चंद्रशेखर ने समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) की स्थापना की। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बाहरी समर्थन से उनकी अल्पमत सरकार बनी। हालांकि, कांग्रेस ने उन पर हरियाणा पुलिस द्वारा राजीव गांधी की जासूसी कराने का आरोप लगाया, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। 6 मार्च 1991 को उन्होंने इस्तीफा दिया, लेकिन नए राष्ट्रीय चुनावों तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला। उनका कार्यकाल लगभग सात महीने का रहा। 17 अप्रैल 1927 को बलिया की धरती पर एक ऐसे सपूत का जन्म हुआ।जो अपने कर्म के दम पर देश के प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित किये।जी हां हम बात कर रहे हैं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चन्द्रशेखर की जिन्होंने बलिया लोक सभा का रिकार्ड आठ बार प्रतिनिधित्व किया तथा बिना किसी मंत्री रहे डायरेक्ट प्रधानमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुए।8 जुलाई 2007 का वह मनहूस दिन जब देश में युवा तुर्क के नाम से मशहूर जो काश्मीर से कन्याकुमारी तक पद यात्रा करके पूरे देश में को जगाने वाले देश के अनमोल सपूत को काल के क्रूर पंजों ने जकड़ लिया। 1984 में की थी पदयात्रा पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर का जन्म 17 अप्रैल 1927 में पूर्वी उत्तरप्रदेश के बलिया जिले केइब्राहिमपट्टी गांव में एक कृषक परिवार में हुआ था।इनकी स्कूली शिक्षा भीमपुरा के राम करन इण्टर कॉलेज में हुई।उन्होंने एमए डिग्री इलाहाबाद विश्वविद्यालय(प्रयागराज)सेकिया।उन्हें विद्यार्थी राजनीति मेंफायरब्रान्डके नाम से जाना जाता था।विद्यार्थी जीवन के पश्चात वह समाजवादी राजनीति में सक्रिय हुए भारत के राजनीति में उनका जीवन 1962 से 1977 तक वह भारत के ऊपरी सदन राज्य सभाके सदस्य थे।उन्होंने 1984 में भारत की पदयात्रा की,जिससे उन्होंने देश को अच्छी तरह से समझने की कोशिश की।बागी बलिया के सपूत द्वारा की जा रही इस पदयात्रा से इन्दिरा गांधी को थोड़ी घबराहट हुई।सन 1977 मे जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्होने मंत्री पद न लेकर जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लिया था।सन 1977 में ही वो बलिया जिले से पहली बार लोकसभा के सांसद बने।तत्पश्चात बलिया से आठ बार सांसद होने से लेकर प्रधानमंत्री की कुर्सी को गौरवान्वित किये। चन्द्रशेखर ने सजपा की स्थापना की चन्द्रशेखर समाजवादी जनता पार्टी की स्थापना की।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव ना करने के लिए समर्थन करने के बाद उनकी छोटे बहुमत की सरकार बन गयी।कांग्रेस ने उन पर हरियाणा पुलिस से राजीव गांधी का जासूसी कराने के मिथ्था आरोप के लगाया।जिसके कारण उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा घोषणा कर दी।प्रधानमंत्री के पद पर 7 महीने तक रहे चन्द्रशेखर मार्च 6 मार्च 1991 में राजीनामा किया।उन्होंने लेकिन राष्ट्रीय चुनाव तक प्रधानमन्त्री का पद संभाला। संसदीय वार्तालाप के लिए चर्चित थे चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर जी को उनके संसदीय वार्तालाप के लिए बहुत चर्चित थे।1995 में आउटस्टैण्डिंग पार्लिमेन्टेरियन अवार्ड भी चन्द्रशेखर जी को मिला था। चन्द्रशेखर जी देश में परिवारवाद राजनीति की घोर विरोधी रहे। चन्द्रशेखर जी को पक्ष और विपक्ष के नेता बड़े ध्यान से सुनते। चन्द्रशेखर जी हमेशाराजनीति की धारा के विपरीत अपनी आत्मा की आवाज सुनकर चले। 8 जुलाई 2007 को थम गई सांसेचन्द्रशेखर जी को लोग दाढ़ी बाबा भी कहते थे।कहा जाता है कि चन्द्रशेखर जी जब अपनी दाढ़ी खुजाते थे तो कुछ न कुछ बहुत बड़ी बात होती थी।सदन में हंगामे के बीच जब चन्द्रशेखर जी उद्बोधन के लिए खड़े होते थे,पूरे सदन में खामोशी हो जाती थी और सभी मौन होकर चन्द्रशेखर जी को सुनते थे। 8 जुलाई 2007 का वह काला दिन जब सदन को मौन कर देने वाले चन्द्रशेखर सदा के लिए मौन हो गये।
हमीरपुर में कार पलटी, एयरबैग खुलने से बची जान:कैंसर मरीज को लेकर लखनऊ से लौटते समय हुआ हादसा
हमीरपुर में मंगलवार देर रात नेशनल हाईवे-34 पर एक तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार में सवार कैंसर मरीज सहित तीन लोग बाल-बाल बच गए। एयरबैग खुलने के कारण उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला और क्षतिग्रस्त कार को हाइड्रा की मदद से हाईवे से हटवाया। यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीबाई तिराहे के पास मंगलवार रात करीब 12:15 बजे हुई। कार में राठ कोतवाली क्षेत्र निवासी किसान हरिशरण, उनकी भाभी रामकुमारी और चालक रामशरण मौजूद थे। वे लखनऊ के कैंसर अस्पताल से इलाज कराकर अपने गृह नगर राठ लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। लक्ष्मीबाई तिराहे के पास पहुंचते ही कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। टक्कर होते ही कार के दोनों एयरबैग खुल गए, जिससे उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आने से बच गईं। कार चालक रामशरण ने बताया कि रात के अंधेरे में डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं दिया, जिसके चलते कार उस पर चढ़कर पलट गई। उन्होंने पुष्टि की कि वे लखनऊ से इलाज कराकर राठ वापस जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों लोगों को कार से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद, हाइड्रा मशीन बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त कार को नेशनल हाईवे-34 से हटवाया गया।
सिंगरौली में फोर व्हीलर ने बाइक को मारी टक्कर:दो घायल, जनपद सदस्य ने जिला अस्पताल पहुंचाया
सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात फोर व्हीलर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एक जनपद सदस्य ने घायलों को अपने निजी वाहन से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान अनीशा और विवेक कुमार के रूप में हुई है। दोनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। माड़ा थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन ने बताया कि घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस उनके बयान दर्ज करेगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना में शामिल फोर व्हीलर वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में बुधवार सुबह भी छाए रहे बादल:10 जुलाई तक राहत के आसार, ठंडी हवाओं से मौसम सुहाना
मानसून मेरठ में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद बुधवार सुबह भी मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में बादल छाए रहे और हल्की ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। सुबह के समय मौसम इतना सुहाना रहा कि पार्कों, कॉलोनियों और सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक और टहलते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को शहर में 68.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन तापमान में गिरावट दर्ज होने से लोगों ने राहत महसूस की। बुधवार को भी दिनभर बीच-बीच में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मेरठ समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के चलते अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम है। इससे अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश सिर्फ तापमान कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पर्यावरण और कृषि पर भी सकारात्मक पड़ेगा। अच्छी बारिश से भूजल स्तर में सुधार, तालाबों और जलाशयों में जलभराव तथा वातावरण में धूल और प्रदूषण के स्तर में कमी आने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह बारिश खरीफ सीजन के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है। धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी, वहीं खेतों में नमी बनी रहने से किसानों की सिंचाई पर निर्भरता भी कम होगी। यदि अगले दो-तीन दिन तक इसी तरह बारिश होती रही तो जिले में खरीफ फसलों की अच्छी शुरुआत होने की उम्मीद है।
पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग पर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज को 100 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश और संचालन की अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के बाद कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 200 से बढ़कर 300 हो जाएगी। NMC से अनुमति पत्र मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नए बैच के स्वागत और उनकी पढ़ाई-लिखाई को सुचारु रूप से चलाने की तैयारियों में जुट गया है। संभावना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर माह के पहले सप्ताह से इस नए सत्र का विधिवत संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन सीटों पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले मेधावी छात्र प्रवेश लेंगे। सीटों में इस बढ़ोतरी से न केवल जिले की चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। पढ़ाई के दौरान ये भावी डॉक्टर जिला अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों को परामर्श देना सीखेंगे। इससे अस्पताल में आने वाले और भर्ती मरीजों को समय पर बेहतर इलाज और देखभाल मिल सकेगी। मेडिकल कॉलेज पीलीभीत की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की ओर से हमें 100 नई सीटों पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने की अनुमति मिल चुकी है। अक्टूबर से इस सत्र का संचालन शुरू करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं।
एटीएम बदलकर ठगी का खुलासा:डेढ़ लाख उड़ाने वाला आरोपी गिरफ्तार, CCTV से हुई पहचान
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने एटीएम बदलकर डेढ़ लाख रुपये की ठगी का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से हुई। मुख्त्यारगंज निवासी सलाउद्दीन सिद्दीकी ने 6 जून को एटीएम से पैसे निकालने का प्रयास किया था। तकनीकी समस्या के कारण लेनदेन नहीं हो सका। इसी दौरान एक बदमाश ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। तीन दिनों के भीतर उनके खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान राज हामिद उर्फ राज पुत्र हामिद सौदागर (28 वर्ष, निवासी देवेन्द्र नगर, जिला पन्ना) के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी राज हामिद पहले से ही नागौद में इसी तरह की दो अन्य वारदातों में अपने सहयोगियों के साथ गिरफ्तार होकर जेल में बंद था। सतना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर उसे जेल से बाहर लाकर गिरफ्तार किया। रिमांड पर पूछताछ के बाद आरोपी को दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सिंगरौली के नवानगर थाना क्षेत्र के माजन खुर्द में छत ढलाई के दौरान हुए हादसे में घायल सोनू शाह (24) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद मंगलवार रात परिजन शव लेकर घर पहुंचे और सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने ठेकेदार राममनोज शाह पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था और निर्माणाधीन मकान मालिक से आर्थिक सहायता की मांग की। घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जानकारी के अनुसार, यह हादसा चार दिन पहले हुआ था। निर्माणाधीन मकान की छत ढलाई के दौरान सोनू शाह का पैर फिसल गया था, जिससे वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद निर्माणाधीन मकान मालिक ने घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान मंगलवार रात युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज मृतक का शव सिंगरौली पहुंचते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि मंगलवार रात शव रीवा से सिंगरौली पहुंचने के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और तत्काल सामाजिक सहयोग से मृतक परिवार को 1 लाख 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। पुलिस ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानपुर शहर में सुबह से घने बादल छाए हुए है। दिनभर बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी और तेज धूप से राहत मिली। बादलों के साथ चल रही ठंडी हवा और कुछ इलाकों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम खुशगवार होने पर लोगों ने पार्कों, मोतीझील और गंगा बैराज का रुख किया, जहां अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन धूप के तेवर रहे नरम सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और पूरे दिन धूप के तेवर नरम रहे। गुमटी, कल्याणपुर समेत शहर के कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बादलों और बारिश के असर से अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिकतम आर्द्रता 81 प्रतिशत रही। हवा में नमी रहने के बावजूद बादलों और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को उमस से काफी राहत महसूस हुई। तीन से चार दिनों तक सुहावना रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 घंटों में बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। इसके अलावा तेज हवाएं चलेंगी। दोपहर में धूप निकल सकती है लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिकेगी। आने वाले तीन से चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। कई मौसमी प्रणालियां यूपी में एक्टिव हैं।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। कमेटी के मुख्य संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि संगठन ने दोनों संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को पत्र लिखकर वर्तमान आदेश को तत्काल वापस लेने और मुस्लिम समाज की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल या अन्य मुस्लिम सदस्यों से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने का फैसला स्वीकार्य नहीं है। शमशुल हसन ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में वर्तमान वक्फ बोर्ड समिति को भंग कर नए सिरे से बोर्ड गठित करने की मांग की गई है। उनका कहना था कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोग इस मुद्दे की गंभीरता को समझेंगे और मुस्लिम समाज की भावनाओं का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि अतीत में भी जनभावनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपने फैसलों पर पुनर्विचार किया है, इसलिए इस मामले में भी सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। इन दो हिंदू सदस्यों की वक्फ बोर्ड में नियुक्ति हमें अध्यक्ष या मुस्लिम सदस्यों से कोई शिकायत नहींउन्होंने स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी का विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं है। उनके अनुसार वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल पहले भी मस्जिदों और कब्रिस्तानों से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें उनके कामकाज पर कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि विवाद केवल दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर है, क्योंकि वक्फ इस्लाम से जुड़ा धार्मिक और सामाजिक संस्थान है तथा उसके प्रबंधन में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को ही स्थान मिलना चाहिए। स्वागत करने वाले उलेमाओं पर बिना नाम लिए निशानाशमशुल हसन ने बिना किसी का नाम लिए उन उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर भी निशाना साधा, जिन्होंने नए वक्फ बोर्ड और उसके अध्यक्ष का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कुरान और हदीस की शिक्षाओं से परिचित होने के बावजूद इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जो मुस्लिम समाज की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे रुख को लेकर नाराजगी है और धार्मिक नेतृत्व को समुदाय की भावनाओं के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि विवादित फैसलों का स्वागत करना चाहिए। बता दें कि बीते दिन भोपाल के शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने वक्फ के दोबारा से बने अध्यक्ष सनव्वर पटेल का स्वागत किया था। उलेमाओं को इतिहास से सीख लेनी चाहिएउन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के धार्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी केवल बयान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी है। शमशुल हसन ने कहा कि इतिहास में मुस्लिम उलेमाओं ने समाज और देश के लिए बड़े संघर्ष किए हैं, इसलिए आज के धार्मिक नेतृत्व को भी उन्हीं परंपराओं से प्रेरणा लेकर समाज के हित में आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर मौन हैं या स्वागत कर रहे हैं, उन्हें अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। मुस्लिम समाज में नाराजगी, आंदोलन जारी रहेगाशमशुल हसन ने दावा किया कि वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर देशभर के मुस्लिम समाज में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि एक ऐसे फैसले के खिलाफ है जिसे समुदाय अपनी धार्मिक व्यवस्था में हस्तक्षेप के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया तो ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।
जबलपुर के बड़ा फुहारा इलाके में मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे पांच मंजिला जर्जर इमारत भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जिस जगह इमारत गिरी, वहां रोज शाम और रात तक लोगों की भीड़ रहती है और फुटपाथ पर ठेले भी लगते हैं। लोगों का कहना है कि अगर यह हादसा किसी दूसरे दिन या कुछ देर पहले होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल से जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने शहर की पुरानी बस्तियों में जर्जर भवनों की पहचान कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुराने भवनों का होगा सर्वे मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए शहर के बड़ा फुहारा समेत सभी पुराने इलाकों में जर्जर भवनों का सर्वे कराया जाए। जो भवन लोगों के लिए खतरा हैं, उन पर समय रहते कार्रवाई की जाए। निगम पर विपक्ष का हमला नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अमरीष मिश्रा ने घटना के बाद निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई लोग अपने जर्जर मकानों को गिराने की अनुमति मांगते हुए आवेदन दे चुके हैं, लेकिन निगम न तो कार्रवाई करता है और न ही अनुमति देता है। उनका आरोप है कि सिर्फ प्रभावशाली लोगों के काम किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार होने की वजह से उस समय वहां भीड़ कम थी। अगर किसी और दिन यह इमारत गिरती तो दर्जनों लोगों की जान जा सकती थी और सैकड़ों लोग घायल हो सकते थे। भवन मालिक ने यह वजह बताई भवन मालिक का कहना है कि आसपास की इमारतें पहले ही तोड़ दी गई थीं। इससे इस इमारत का सहारा खत्म हो गया और करीब 40 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से कुछ मिनट पहले इमारत के नीचे कुछ लोग खड़े थे। बारिश शुरू होने पर वे दूसरी ओर चले गए। उनके हटने के कुछ ही देर बाद पूरी इमारत ढह गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने वीरता, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला, संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हों। इच्छुक एवं पात्र बच्चे 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन बच्चों को सम्मानित करता है, जिन्होंने कम उम्र में ही अपने उत्कृष्ट और प्रेरणादायक कार्यों से समाज एवं देश का नाम रोशन किया है। यह सम्मान बच्चों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी भारत सरकार के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर जाकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान, अपनी उपलब्धियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी अपलोड करने होंगे। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों से अपील की है कि वे ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करें और उन्हें समय रहते आवेदन करने में सहयोग करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के अधिक से अधिक मेधावी बच्चे इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री जिले को 950 करोड़ रुपये से अधिक की 124 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिनमें लोकार्पण और शिलान्यास शामिल हैं। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे चित्रकूट एयरपोर्ट पर उतरे, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे चित्रकूट इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री कुल 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 49 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 394.70 करोड़ रुपये है। वहीं, 75 नई विकास परियोजनाओं का 556.19 करोड़ रुपये की लागत से शिलान्यास होगा। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। जनसभा के बाद मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में चित्रकूट मंडल के सभी जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थलों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट से लेकर जनसभा स्थल और कलेक्ट्रेट तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जनसभा स्थल पर बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा जैसी अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात चित्रकूट में ही विश्राम करेंगे। गुरुवार को वह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस दौरे से जिले में लंबे समय से प्रस्तावित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
देवरिया जीआरपी ने ट्रेन में स्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार रात 10 बजे देवरिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 से की गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान आरिफ (24) पुत्र कमाल खां, निवासी भुजौली कॉलोनी, कोतवाली थाना क्षेत्र, देवरिया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई को ट्रेन संख्या 19602 में हुई थी। आरोपी आरिफ का कोच अटेंडेंट से विवाद हो गया था। जब मौके पर स्कॉर्ट पुलिसकर्मी पहुंचे, तो आरिफ ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उनके सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले में जीआरपी थाना देवरिया में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 132 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कोच अटेंडेंट से विवाद के दौरान गुस्से में उसकी स्कॉर्ट पुलिसकर्मियों से भी कहासुनी हो गई थी। मंगलवार देर रात रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सौरभ सिंह, आरक्षी अरविंद यादव और रंजीत यादव शामिल थे। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
मैनपुरी में एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक महिला ने अपने जेठ और जेठानी पर घर में घुसकर हमला करने, तोड़फोड़ करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी हमला करते हुए दिखाई दे रहा है। महिला ने पुलिस पर घटना के बाद भी उनकी सुनवाई न करने और घायलों का मेडिकल न कराने का आरोप लगाया है। कोतवाली क्षेत्र के मौसम बाग निवासी चंद्रकांता ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे वह अपने पति अजीत कुमार और ढाई साल के बच्चे के साथ घर पर थीं। आरोप है कि तभी उनके जेठ राजीव कुमार और जेठानी सरिता उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। चंद्रकांता के अनुसार, वह अपने घायल पति और मासूम बच्चे को लेकर किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकलीं। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद वह सीधे कोतवाली पहुंचीं, लेकिन करीब पांच घंटे तक न्याय की आस में थाने के चक्कर लगाती रहीं। इसके बावजूद पुलिस ने न तो उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की और न ही घायल परिजनों का मेडिकल कराया। आखिरकार, चंद्रकांता स्वयं अपने पति और ससुर को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां उनका उपचार कराया गया। महिला ने बताया कि इस हमले में उनके पति अजीत कुमार का हाथ टूट गया है और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने पहुंचे ससुर शिव सिंह के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके शरीर पर कई चोटें आईं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने घर में खड़ी कार और मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की। उन्होंने मोबाइल फोन भी तोड़ दिए और घर का अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें। हालांकि, घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज में कथित तौर पर आरोपी जेठ बाइक से घर आता दिखाई देता है। इसके बाद वह पहले बाहर खड़े वाहन में तोड़फोड़ करता है और फिर घर के अंदर घुसकर अपने छोटे भाई पर लाठी-डंडों से हमला कर देता है। बीच-बचाव करने पहुंचे पिता को भी जमीन पर घसीटकर पीटने का आरोप है। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा हुआ है, इसलिए थाने में उसकी सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, आरोपियों ने शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी है। फिलहाल पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक युवक की बीच सड़क पर पिटाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवती ने युवक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार एमआईजी इलाके स्थित आस्था टॉकीज के पास एक युवती और उसके साथ मौजूद कुछ लोगों ने एक युवक की जमकर पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक नशे की हालत में था। वायरल वीडियो में युवती युवक को लगातार थप्पड़ और लात-घूंसों से मारती दिखाई दे रही है। इस दौरान युवक उससे माफी मांगता भी नजर आ रहा है। सड़क पर ही उतरवा दिए गए कपड़े घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। आरोप है कि पिटाई के बाद युवक के कपड़े भी सड़क पर उतरवा दिए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार युवती ने युवक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। हालांकि एमआईजी थाना पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत नहीं मिली है। वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में बारिश:सड़कें बनी तालाब, गलियों में भरा पानी, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मथुरा में मंगलवार दोपहर से शुरू हुई बारिश बुधवार तड़के तक रुक-रुककर जारी रही। करीब 16 घंटे तक चले बारिश के दौर से मौसम पूरी तरह बदल गया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर भरा पानी बारिश के चलते शहर की कई मुख्य सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी से भर गए। कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। जलभराव के कारण कई स्थानों पर यातायात भी धीमा रहा। किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश बारिश ने किसानों के चेहरे भी खिला दिए हैं। किसानों का कहना है कि समय पर हुई मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों, खासकर धान की फसल को पर्याप्त नमी मिलेगी। इससे सिंचाई की जरूरत कम होगी और फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इसका सीधा लाभ खेती को मिलेगा। अगले कुछ दिन भी बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को मथुरा का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। जलभराव वाले इलाकों में सावधानी की सलाह प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में भी मौसम सुहाना बना रह सकता है।
इटावा में बुधवार सुबह करीब 5 बजे बनारस से दिल्ली जा रही प्राइवेट दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में बस चालक और कंडक्टर की मौके पर मौत हो गई। करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल है। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। घटना आगरा कानपुर नेशनल हाईवे 19 पर आईटीआई चौराहा थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुई है। बताया जा रहा है सरिया लदे खराब ट्रक में पीछे से बस जा घुसी। आनन फानन में सभी घायलों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल इटावा में भर्ती करवाया गया है। दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया है। परिवार को सूचना दे दी गयी है। दोनों मृतकों की पहचान 35 वर्षीय प्रेम बस चालक और कंडक्टर 22 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है। यात्रियों ने बताया कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक को नींद आ गई थी। डॉक्टर राहुल बाबू ने बताया कि पुलिस और एंबुलेस के माध्यम से कई घायलों को लाया गया था। जिसमें बस का ड्राइवर और कंडक्टर मृत अवस्था में थे, जिनको मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं दो दर्जन से अधिक यात्री घायल है, जिनका लगातार उपचार किया जा रहा है। घायलों के अनुसार बस चालक को झपकी आने के चलते यह बस खराब खड़े ट्रक में घुस गई। देखें हादसे की 4 तस्वीरें… घायल यात्रियों ने बताया कि बस चालक ज्यादा एक्सपर्ट नहीं लग रहा था, खराब ट्रक के पास धीरे चलने के संकेत लगे थे लेकिन बस चालक कंडक्टर नींद के होनें के कारण जब तक कुछ समझ पाते तब तक बस ट्रक में घुस गई थी। हादसा इतनी जोरदार था कि बस में चीखपुकार मच गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया घटना की जानकारी मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यात्रियों ने बताया कि बस चालक तेज रफ्तार में था और उसको नींद आने के चलते हादसा हुआ, इस हादसे में बस चालक और कंडक्टर की मौत हो गई है। उनकी पहचान कर ली गई है परिवार को सूचना भेजी गई है।
आजमगढ़ में आबकारी विभाग के प्रवर्तन टीम के असिस्टेंट कमिश्नर राजकुमार सिंह ने ट्रक चालक को थप्पड़ मार दिया। इसका वीडियो बुधवार सुबह 9 बजे सामने आया है। घटना पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पास की है। वीडियो में देखा देखा जा सकता है किस तरह से ट्रक ड्राइवर से बातचीत के दौरान प्रवर्तन टीम के अधिकारी थप्पड़ मार रहे हैं। इस दौरान प्रवर्तन टीम में शामिल महिला से डंडे छीन कर मारने का भी प्रयास कर रहे हैं। हालांकि महिला आरक्षी ने डंडा नहीं दिया। प्रवर्तन टीम के असिस्टेंट कमिश्नर जिस तरह से बीच सड़क पर हाथ की बाजू बटोरकर खुलेआम दबंगई कर रहे हैं। यह वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। जिस निजी वाहन से प्रवर्तन टीम के असिस्टेंट कमिश्नर चल रहे हैं। वह किसी बिंदुमती देवी के नाम पर दर्ज है। और जिस ड्राइवर की पिटाई कर रहे हैं। वह गाड़ी में तेल न होने से सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करके तेल की व्यवस्था करने में जुटा हुआ था 3 किलोमीटर पीछा करके रोका ट्रक जिस ट्रक ड्राइवर को प्रवर्तन टीम के असिस्टेंट कमिश्नर राज किशोर सिंह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर थप्पड़ जड़ रहे हैं। अधिकारी का आरोप है कि 3 किलोमीटर पीछा करके रोका गया। जबकि वीडियो में यह बात सामने आ रही है कि ट्रक ड्राइवर सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करके डीजल की व्यवस्था कर रहा था। ट्रक में डीजल ना होने से आगे का सफर ना हो पता इसी को लेकर डीजल लाने के लिए एक व्यक्ति को भेजा गया था। इसी दौरान असिस्टेंट कमिश्नर की गाड़ी आई और ट्रक ड्राइवर की पिटाई करके अपनी गाड़ी में भी बैठा लिया गया।
चित्तौड़गढ़ जिले में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है, लेकिन बारिश का असर हर इलाके में एक जैसा नहीं दिख रहा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 85 एमएम बारिश बड़ीसादड़ी में दर्ज की गई, जबकि जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ में सिर्फ 5 एमएम पानी बरसा। बुधवार सुबह भी आसमान बादलों से ढका रहा और मौसम विभाग ने दिनभर जिले के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली और मेघ गर्जन का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक जिले में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। जिले में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश, बड़ीसादड़ी सबसे आगे पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा। सबसे ज्यादा 85 एमएम बारिश बड़ीसादड़ी में रिकॉर्ड की गई, जिससे वहां मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। दूसरी ओर चित्तौड़गढ़ शहर में केवल 5 एमएम बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा डूंगला में 10 एमएम, बस्सी में 7 एमएम, भदेसर में 6 एमएम, रावतभाटा और भूपालसागर में 4-4 एमएम, जबकि गंगरार और राशमी में 3-3 एमएम बारिश हुई। आंकड़े बताते हैं कि इस बार मानसून पूरे जिले में सक्रिय है, लेकिन बारिश की मात्रा हर क्षेत्र में अलग-अलग बनी हुई है। कहीं अच्छी बारिश हो रही है तो कहीं लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के बाद भी उमस से राहत नहीं, तापमान बना हुआ है ज्यादा बारिश होने के बावजूद जिले में लोगों को उमस से पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के बाद भी हवा में नमी ज्यादा रहने से गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लगातार और अच्छी बारिश नहीं होती, तब तक उमस का असर बना रह सकता है। यही कारण है कि हल्की बारिश के बाद भी लोगों को राहत कम महसूस हो रही है। आज भी बारिश की संभावना, कई इलाकों में भारी बरसात का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी जिले में बारिश का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार चित्तौड़गढ़ के कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और मेघ गर्जन की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है और आगामी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक भी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
शाजापुर बस स्टैंड पर करंट से गौवंश की मौत:जांच में वायरिंग में खराबी मिली; बिजली कंपनी ने सुधार किया
शाजापुर शहर के बस स्टैंड परिसर में मंगलवार रात करंट फैलने से एक गोवंश की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर गौरक्षा सेना के पदाधिकारी और बिजली कंपनी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने विद्युत आपूर्ति में आई खराबी को दूर कर स्थिति को सुरक्षित किया। गौरक्षा सेना के नगर महासचिव हर्षित परमार ने बताया कि उन्हें बस स्टैंड परिसर में एक नंदी के करंट की चपेट में आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा और अन्य सदस्य भारी बारिश के बावजूद मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक गोवंश की मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस स्टैंड परिसर में लगे लोहे के अर्थिंग में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। गौरक्षा सेना ने तुरंत बिजली कंपनी को घटना की जानकारी दी। लस्सी दुकान की वायरिंग से फैला करंट सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और करंट के स्रोत की तलाश कर सुधार कार्य प्रारंभ किया। बिजली कंपनी के जेई रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि जांच में बस स्टैंड परिसर स्थित सम्राट लस्सी की दुकान की वायरिंग में खराबी पाई गई, जिसके कारण करंट फैल रहा था। इस खराबी को तत्काल ठीक कर दिया गया। इस घटना के बाद नगर पालिका की टीम ने मृत नंदी को मौके से हटवाकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान खुले विद्युत उपकरणों और संदिग्ध बिजली के तारों से दूरी बनाए रखें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
नर्मदापुरम में मंगलवार को 4.22 करोड़ रुपए की सरकारी मूंग गायब होने के बहुचर्चित मामले में कोर्ट के आदेश पर सील एकलव्य वेयरहाउस को एक दिन के लिए खोला गया। पांच महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी है कि गायब हुई सरकारी मूंग कहां और किसके माध्यम से खपाई गई। जांच लंबित होने के कारण वेयरहाउस में रखी करीब 21.11 करोड़ रुपए मूल्य की 26,397 क्विंटल सरकारी मूंग अभी भी पुलिस की अभिरक्षा में है। कोर्ट के निर्देश पर हर महीने एक दिन वेयरहाउस खोला जाएगा, ताकि पुलिस की मौजूदगी में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा सके। मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे ने बताया कि मूंग जल्दी खराब होने वाली उपज है। यदि समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया जाए तो इसमें कीट लगने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है। मूंग चोरी का मामला सामने आने के बाद से वेयरहाउस सील है और उसकी चाबी पुलिस के पास है। कॉर्पोरेशन ने कोर्ट से मूंग अपनी सुपुर्दगी में देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस जांच जारी होने के कारण यह अनुमति नहीं मिली। फिलहाल कोर्ट ने केवल हर महीने दवा छिड़काव के लिए वेयरहाउस खोलने की अनुमति दी है। ढाई महीने तक नहीं खुला गोदाम, अब हर महीने मिलेगी अनुमतिडवडे ने बताया कि फरवरी 2026 में वेयरहाउस सील होने के बाद मार्च और अप्रैल में उन्होंने माखननगर थाना प्रभारी को तीन बार पत्र लिखकर दवा छिड़काव की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बाद मई में कोर्ट के आदेश पर पहली बार एक दिन के लिए गोदाम खोला गया। चूंकि हर महीने दवा छिड़काव जरूरी है, इसलिए दोबारा कोर्ट से अनुमति ली गई। अब न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक महीने एक दिन पुलिस की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऐसे सामने आया था 4.22 करोड़ की मूंग गायब होने का मामला13 फरवरी 2026 को मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के कर्मचारी सिमरन ट्रेडिंग कंपनी, पिपरिया के प्रतिनिधि को सैंपल दिखाने के लिए एकलव्य वेयरहाउस पहुंचे थे। वहां मूंग की बोरियां अस्त-व्यस्त मिलीं। सूचना मिलने पर ब्रांच मैनेजर हेमंत चंदेल मौके पर पहुंचे और 14 फरवरी को चोरी की आशंका में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 16 फरवरी को क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरटे, जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे और तत्कालीन तहसीलदार अंकित मौर्य ने वेयरहाउस का ताला तुड़वाकर निरीक्षण किया। जांच में बड़ी संख्या में मूंग की बोरियां गायब मिलीं, जबकि कई बोरियों में मिट्टी और कचरे की मिलावट भी पाई गई। 18 और 19 फरवरी को स्टॉक के भौतिक सत्यापन में सामने आया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार गोदाम में 62,694 बोरियां (21,345 क्विंटल) दर्ज थीं, जबकि मौके पर केवल 52,795 बोरियां मिलीं। यानी 9,899 बोरियां कम थीं, जिनकी कीमत 4 करोड़ 22 लाख 21 हजार 710 रुपए आंकी गई। इसके बाद 19 फरवरी को माखननगर थाने में गोदाम संचालिका आरती नरेंद्र तोमर, उनके भाई अमित तोमर, चौकीदार अमर कौल समेत अन्य के खिलाफ अमानत में खयानत और हेराफेरी का मामला दर्ज किया गया। 5 गिरफ्तार, लेकिन मूंग कहां खपाई गई इसका खुलासा नहींएफआईआर के दो दिन बाद पुलिस ने गोदाम संचालिका आरती तोमर को इंदौर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले का कथित मास्टरमाइंड अमित तोमर करीब ढाई महीने तक फरार रहा। इस दौरान उसके सहयोगी अभय राजावत को 26 मार्च को भिंड से गिरफ्तार किया गया। 28 अप्रैल को अमित तोमर ने माखननगर थाने में सरेंडर किया, जिसके बाद पूछताछ के आधार पर उसके पति नरेंद्र तोमर को भी गिरफ्तार किया गया। हालांकि अमित तोमर की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी कि वेयरहाउस से निकाली गई सरकारी मूंग कहां-कहां बेची गई। जांच में आरोपी अभय राजावत ने इटारसी स्थित बालाजी इंडस्ट्रीज को करीब 1,800 बोरी सरकारी मूंग बेचने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद यह भी सामने आया कि वहां के एक मैनेजर ने मूंग खरीदी थी, लेकिन मामला उजागर होने के बाद वह फरार हो गया। पुलिस अब तक उसे भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सूत्रों के अनुसार मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण जांच की रफ्तार प्रभावित होने की चर्चा भी बनी हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर मंगलवार रात करीब 9 बजे हुए सड़क हादसे में एक पत्रकार की मौत हो गई। मृतक की पहचान उसकी बाइक पर लिखे प्रेस और बैग में मिले प्रेस कार्ड के आधार पर हुई। मृतक हाथरस जनपद का बताया जा रहा है। समृद्धि हॉस्पिटल के पास अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार उछलकर सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। बारिश के बीच हाईवे पर घायल पड़े युवक को देखकर 28वीं वाहिनी पीएसी निवासी विशाल यादव और अन्य राहगीरों ने अपनी कार से तत्काल समृद्धि हॉस्पिटल पहुंचाया। आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी मरीज का उपचार करने के बजाय जिला अस्पताल ले जाने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद युवक को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. राघवेंद्र सिंह ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। घटनास्थल पर बिना नंबर की प्लेटिना बाइक मिली, जिस पर प्रेस लिखा था। बाइक के पास मिले बैग से जनपद हाथरस के सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेस कार्ड, अन्य पहचान पत्र और विजिटिंग कार्ड बरामद हुए। सूचना मिलने पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात वाहन की तलाश, मृतक की शिनाख्त की पुष्टि और उसके परिजनों से संपर्क करने के प्रयास किए जा रहे हैं। निजी अस्पताल पर लगाए गए इलाज न करने के आरोपों की भी पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।
कानपुर में BJP पार्षद दल के नेता नवीन पंडित और बागी पार्षद विकास जायसवाल के बीच बातचीत का एक और ऑडियो सामने आया है। इसमें नवीन पंडित कह रहे हैं कि सीवर का टेंडर हो गया, अब जान बची मेरी… अब टेंशन खत्म हो गई है। उन्होंने बागी पार्षद से कहा- कोई वीडियो जारी ना कराओ…अगर पंडित जी का कोई रोल हो तो बताओ। माहौल शांत हो गया, लेकिन खामखा फंसता नवीन पंडित है और कोई नहीं। हम दूध के धुले नहीं हैं, हम किसी पर उंगली उठाएंगे तो वह हम पर भी उंगली उठाएगा। जो ईमानदारी की बात होगी, वही कहेंगे। हम तो लोगों से यही कहते हैं कि पूरी बात उसी दिन खत्म हो जानी चाहिए थी। हमें कोई मतलब नहीं है। मंगलवार को दैनिक भास्कर एप को मिले ऑडियो में पार्षदों की पूरी बात सामने आई है। पढ़िए दोनों पार्षदों की बातचीत… अब पढ़िए किसने क्या कहा… नवीन पंडित– अरे हमारी तो ऐसी-तैसी हुई पड़ी है, ब्लड प्रेशर बढ़ा है स्वास्थ्य खराब है, लेकिन चलो एक खुशी है कि सीवर वाला काम हो गया है।विकास जायसवाल– हो गया अपना? नवीन पंडित– भाई टेंडर हो गया जल निगम से है।विकास जायसवाल– चलो बहुत अच्छी बात है भैया। नवीन पंडित– राहत पाया हूं बहुत राहत पा गया हूं कल से। तो अब जान बच पाएगी अब जान बची मेरी।विकास जायसवाल– तो अभी तक टेंडर नहीं हुआ था क्या उसका? नवीन पंडित– अरे तभी टेंडर हो गया था। वो टेंडर एक करोड़ का हुआ था और उसको फिर कैंसिल कर दिया था। उसमे पैसा बढ़कर लग रहा था। उसी में हाथ–पैर जोड़कर उसमे पैसा बढ़वाया अब फिर वो टेंडर हुआ। अब दोबारा टेंडर हो गया तो राहत मिल गई है। विकास जायसवाल– अच्छा।नवीन पंडित– अब दोबारा टेंडर हो गया टेंडर की कॉपी हाथ में आ गयी। जल निगम से हुआ है। विकास जायसवाल– चलो बढ़िया भाई आपकी मेहनत सफल हुई।नवीन पंडित– भाई कोई वीडियो जारी ना कराओ । समझाओ इन लोगों को, कह दो पंडित जी का कोई रोल हो तो बताओ यार। कोई गलत काम कर रहा हो तो हम क्या करें। हम तो उस दिन अनिल दीक्षित से पूछना। हमने उनसे भी कहा भैया बैठक करके खत्म कराओ। हां, हम तो पक्ष में हैं हमारे सब भाई हैं। अब हम टेंशन फ्री हो गए। अब हमें कोई टेंशन नहीं है। हम अपना काम करेंगे। हमारी बिटिया कह रही है कि पापा हमने मन्नत मानी थी, आप वैष्णो देवी गए नहीं हो। हमें सपना आ रहा है। आप जाइए वैष्णो देवी जाकर दर्शन करके आइए। अब हम सोच रहे हैं की साहू जी से उस दिन हमने रिक्वेस्ट करके सारी बात दिया है। अब बैठक करने वाले हैं। फिलहाल मिलते हैं मिलोगे? विकास जायसवाल– भाई, देखो इतना बड़ा कोई विषय पंडित जी नहीं था। जितना बड़ा विषय बनाया गया है। नवीन पंडित– बना दिया गया। क्या करें? विकास जायसवाल– आप दल के नेता की बात नहीं मान रहे हो और आप पीछे से सारा चक्रव्यूह की रचना भी कर रहे हो। ये जो बैठ करके वहां माहौल तैयार करना लोगों को सिखाना आप भी समझते हो। ऐसा तो है नहीं। लेकिन दुष्टता और खुलेआम सीसामऊ चुनाव सौरव ने हरवाया। आपको भी मालूम है। खुलेआम डंके की चोट पर कहते हैं कि नहीं कहते हैं? सही बात बताना हकीकत में। नवीन पंडित– ठीक बात है।विकास जायसवाल– अब तुम पार्टी को हराओ भी और आज की तारीख में जिसने तुमको टिकट दिया था । नवीन पंडित– विधानसभा चुनाव में हम ईमानदारी से लगे रहे की नहीं लगे रहे? विकास जायसवाल– आपने किया, लेकिन ये उस विधानसभा में रहते थे वहां से पार्षद थे। इनके यहां से विधानसभा हारे हैं और उसके बाद हम कह रहे ठीक है पार्टी के नेता हैं सुरेश जी। अगर हमने सुरेश जी को लड़ाया या नवीन पंडित ने लड़ाया तो गुनाह थोड़े न किया। हम लोग पार्टी में हैं कोई एहसान कर रहा है। नवीन पंडित– हां, सही बात है हमारे लिए तो भाजपा है। भाजपा ही काम आएगी। भाजपा ही के साथ जाना है जिसका खा रहे हैं उसके लिए तो रहना ही पड़ेगा ना भैया। विकास जायसवाल– जो पार्टी तुम्हें टिकट दे रही बार–बार तुम वहां से पार्षद हो। तुम्हारे वार्ड से तुम्हारे विधानसभा से हार रही है और हारने के बाद तुम लोग खिसखिल्ली करते हो और उसी व्यक्ति ने तुमको मंडल अध्यक्ष बनाया, उसी व्यक्ति ने तुमको पहली बार पार्षद की टिकट दिया। अब तुम लोभ और लालच के चक्कर में बैठ गए हो। तुम इतना बड़ा भवन भी बनवाओ, करोड़ों रुपए उसमें लगवाओ और उसके बाद बेवकूफ भी बनाओ तो विकास जायसवाल का भवन नहीं बन रहा और ना नवीन पंडित का भवन बन रहा है। नवीन पंडित– सही बात है।विकास जायसवाल– तुम लोग चोरी भी करो सीना जोरी भी करो। नवीन पंडित– सही बात है।विकास जायसवाल– इनकी पत्नी नौकरी नहीं करती हैं सरकारी स्कूल में नगर निगम के? नवीन पंडित– हांविकास जायसवाल– हम लोग तो कभी नहीं कहते हैं चलो ठीक है यार। लेकिन आप जबरदस्ती…अब उसका बताओ अंकित मौर्या जो है... नवीन पंडित– हां, बताओ उसका गलत किया। ये नहीं होना चाहिए।विकास जायसवाल– भाई वो हमारे दल में आ गया है। नवीन पंडित– हमें कोई मतलब नहीं है। हमने कहा हम दूध के धुले नहीं हैं हम किसी पर उंगली उठाएगें तो वह हम पर भी उंगली उठाएगा। इसलिए भैया हम नहीं कुछ कर पाएंगे।विकास जायसवाल– बेवजह का आपस में लड़ाई–झगड़ा करा रहे हैं। सपा वालों को अपने साथ में बैठाते हो। अर्पित यादव काम करा रहे। करोड़ों के रजत बाजपेई को तुम बैठा रहे हो ये सपा के लोगों को साथ में बैठा के तुम भाजपा को कमजोर नहीं कर रहे हो? विकास जायसवाल– भैया देख लो 2027 आने वाला है मेरे भाई तुम...नवीन पंडित– मैं लगा हूं। मैं करता हूं लेकिन यार सुनो देख लेना इन लोगों को समझाओ। कह दो नुकसान ना करो। विकास जायसवाल– नहीं, आपका कहीं नुकसान नहीं होगा, लेकिन हां जहां उचित फोरम में जो बात रखी जाएगी आप जो निष्पक्ष बात हो वही करना। ठीक है। ना इधर की ना उधर की मेरी बात समझो।नवीन पंडित– जो ईमानदारी की बात होगी वो कहेंगे। विकास जायसवाल– दल के हित में जो बात होगी ईमानदारी से वो आप रखना।नवीन पंडित– हां बिल्कुल ठीक बात है… बिल्कुल ठीक बात है। अब आपको बताते हैं क्या है पूरा विवाद जिलाध्यक्ष से रक्षामंत्री और सीएम तक शिकायत फिर भी नहीं सुलझा विवाद कानपुर नगर निगम में 26 दिसंबर 2025 को सदन चल रहा था। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर पार्षद पवन गुप्ता और अंकित मौर्या ने हंगामा किया। हंगामे के बाद महापौर ने दोनों पार्षदों को तीन दिन के लिए सदन की बैठकों के लिए निष्कासित कर दिया था। निष्कासन के विरोध में भाजपा के अन्य चार पार्षद भी महापौर और उनके बेटे पर क्षेत्रीय विकास कामों के लिए बजट न देने का आरोप लगाते हुए दोनों पार्षदों के समर्थन में सामने आए थे, जिससे विवाद और गहरा गया था। 6 पार्षदों ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सबसे पहले कानपुर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद भी विवाद नहीं थमा तो उन्होंने ने कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तक अपनी बात पहुंचाई। प्रभारी मंत्री ने भी 6 पार्षदों से बात करके पूरे मामले को समझा लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। इसके बाद मेयर का विरोध करने वाले 6 पार्षद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मिले और इतना ही नहीं पार्षद अपनी बात रखने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तक पहुंचे, लेकिन विवाद नहीं थमा। इसके बाद 18 जून को पार्षद पवन गुप्ता ने सीएसए कैंपस में कार्यक्रम के दौरान सीएम को पत्र देकर मेयर की शिकायत की थी। सीएम से शिकायत के बाद विवाद फिर से बढ़ा और महापौर की तरफ से भाजपा के पार्षदों ने पार्षद दल के नेता नवीन पंडित की अगुवाई में एकजुट होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इन सभी छह पार्षदों को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की थी। इसके बाद अब बागी पार्षदों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले पार्षद दल के नेता नवीन पंडित का एक और ऑडियो सामने आ गया है। ---------------------------------ये खबर भी पढ़ें…यूपी STF ने बदमाश आसिफ अली को मार गिराया:जौनपुर डबल मर्डर में वांटेड था, कानपुर का रहने वाला था यूपी STF ने अंबेडकरनगर में बदमाश आसिफ अली (40) को मंगलवार सुबह 4 बजे एनकाउंटर में मार गिराया। STF ने मुखबिर की सूचना पर आसिफ को घेरा तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में वह ढेर हो गया। असीम कानपुर का रहने वाला था। मुठभेड़ जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर जगदीशपुर गांव के पास हुई। पढ़िए पूरी खबर
नांदेड़-टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस (17631/17632) की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने मथुरा जंक्शन पर इस ट्रेन के ठहराव समय में परिवर्तन किया है। यह संशोधन 12 और 14 जुलाई से प्रभावी होगा। यह ट्रेन बदायूं होकर गुजरेगी। रेलवे के अनुसार, 17631 नांदेड़-टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को नांदेड़ से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दूसरे दिन रात 11:00 बजे संशोधित समय पर मथुरा जंक्शन पहुंचेगी। मथुरा से कासगंज होते हुए यह तीसरे दिन रात 1:32 बजे बदायूं पहुंचेगी। इसके बाद बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत और खटीमा होते हुए सुबह 5:55 बजे टनकपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार, 17632 टनकपुर-नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक मंगलवार को टनकपुर से चलेगी। यह दोपहर 12:12 बजे बदायूं पहुंचेगी। बदायूं से कासगंज होते हुए यह शाम 4:05 बजे संशोधित समय पर मथुरा जंक्शन पहुंचेगी। मथुरा के बाद यह आगरा, ग्वालियर, झांसी, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, खंडवा, अकोला, वाशिम, हिंगोली और पूर्णा होते हुए नांदेड़ पहुंचेगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस ट्रेन में कुल 21 कोच लगाए जाएंगे। इनमें दो वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, चार वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, एक पेंट्रीकार, आठ शयनयान, चार सामान्य द्वितीय श्रेणी, एक एलएसएलआरडी और एक जनरेटर सह लगेजयान कोच शामिल हैं। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित कुमार ने जानकारी दी कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नांदेड़-टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस के मथुरा जंक्शन पर ठहराव समय में संशोधन किया गया है। संशोधित समय-सारिणी 12 जुलाई से नांदेड़ से चलने वाली ट्रेन (17631) और 14 जुलाई से टनकपुर से चलने वाली ट्रेन (17632) पर प्रभावी होगी।
बिलासपुर में पुलिसकर्मियों के अपने घरों में ही पानी का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस लाइन स्थित कॉलोनी में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। कॉलोनी के C, D, E, F और G ब्लॉक में नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आ रहा। पंप खराब होने के कारण सैकड़ों पुलिस परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक बाल्टी लेकर पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। पुलिस परिवारों का कहना है कि पानी सप्लाई बंद होने से पीने के पानी, खाना बनाने और अन्य जरूरी कामों में भारी परेशानी हो रही है। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। नहाने और घरेलू उपयोग के लिए भी पानी नहीं मिल रहा, जिससे मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। तीसरी और चौथी मंजिल के परिवारों की बढ़ी परेशानी सबसे अधिक दिक्कत तीसरी और चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को हो रही है। उन्हें सीढ़ियों से बाल्टी में पानी भरकर ऊपर ले जाना पड़ रहा है। कई घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं, जिनके लिए यह स्थिति और भी ज्यादा कष्टदायक बन गई है। अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप रहवासियों का आरोप है कि चार दिन से समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक न तो खराब पंप की मरम्मत कराई है और न ही वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई व्यवस्था की है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि जब पुलिसकर्मियों के परिवारों को ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, तो व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में पुलिस ने अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ा दी है। शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी थानों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 200 हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों को तलब कर उनकी परेड कराई गई। वहीं 150 नए गुंडे-बदमाशों को चिह्नित कर उनके खिलाफ गुंडा एवं निगरानी संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी बीच आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद चेकिंग के दौरान 19 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं। जिसकी जांच अब आयकर विभाग करेगा। पुलिस के अनुसार, परेड में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी सहित गंभीर अपराधों में शामिल और वर्तमान में जमानत पर चल रहे आरोपियों को भी बुलाया गया। थाना प्रभारियों ने उनकी वर्तमान गतिविधियों और आजीविका की जानकारी लेते हुए दोबारा अपराध में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। जिन 150 नए लोगों को चिह्नित किया गया है। उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उधर, चुनावी चेकिंग के दौरान पुलिस ने 19 लाख रुपए की नकदी बरामद की। मौके पर रकम से संबंधित संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राशि जब्त कर जांच के लिए आयकर विभाग को सौंप दी गई। एसपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आदतन और बड़े अपराधियों के खिलाफ जिला बदर और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी लगातार जारी है।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के दिल्ली से कोटा तक हिस्से का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान एक्सप्रेस वे पर कोई कमी नजर नहीं आए। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी और ठेकेदार दिन-रात सड़क को चमकाने में जुटे रहे, ताकि मंत्री को एक्सप्रेस-वे का सफर आरामदायक लगे। गडकरी कार में सवार होकर दिल्ली से कोटा आएंगे। इसीलिए अधिकारियों का फोकस केवल दिल्ली से कोटा की सड़क पर है। गडकरी वापस सड़क मार्ग से कोटा से दिल्ली नहीं जाएंगे इसलिए सड़क के दूसरी तरफ (कोटा से दिल्ली की लेन) के गड्ढे नहीं भरे गए। उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक निरीक्षण कर हकीकत जानेंगे। सीएम हेलीकॉप्टर से लबान इंटरचेंज पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष खातौली के कार्यक्रम में भाग लेकर सड़क मार्ग से यहां पहुंचेंगे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तीनों नेता एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण शुरू करेंगे। 5.30 बजे दरा टनल का भी निरीक्षण करेंगे। शाम 6.30 बजे एक्सप्रेस वे के पास गोपालपुरा में आमसभा को संबोधित करेंगे।
बड़वानी जिले में बुधवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ बादल गरजे और कई हिस्सों में रिमझिम बारिश हुई। इससे सड़कें तर हो गईं और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, हवाओं की रफ्तार कम होने के बाद उमस फिर महसूस होने लगी। मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात में भी रुक-रुक कर बारिश हुई थी। जिला वर्षामापी आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को जिले में कुल 0.86 इंच वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 0.40 इंच बारिश सेंधवा में रिकॉर्ड हुई। बड़वानी में 0.09 इंच, ठीकरी में 0.13 इंच, वरला में 0.21 इंच और निवाली में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। पाटी, अंजड़, चाचरीया पाटी, राजपुर और पानसेमल में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई। अगले एक से दो दिनों जिले में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने अगले एक से दो दिनों तक जिले में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को बिजली चमकने के समय खेतों में काम न करने को कहा गया है। यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। इसके साथ ही, तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 29.38 इंच निर्धारित है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है।
मुज़फ्फ़रनगर। मेनका गांधी के कथित बयान के विरोध में आयोजित जैन समाज के प्रदर्शन का मामला अब नए विवाद में बदल गया है। कलेक्ट्रेट पर दिए गए ज्ञापन के दौरान मंच से बोले गए एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जैन समाज से जुड़े प्रदीप जैन कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि देश में 16 हजार गौशालाओं में से 12 हजार का संचालन जैन समाज करता है, जबकि केवल मुंह से यह कहने वाले कि गाय हमारी माता है... वो सब फ्रॉड हैं। वीडियो वायरल होते ही इस बयान को लेकर गौ सेवकों में भारी नाराजगी फैल गई। मंगलवार रात करीब 9 बजे गौ सेवक नीशू समेत कई गौ सेवकों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे और प्रदीप जैन के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी करते हुए प्रदर्शन किया था तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। गौ सेवकों का आरोप है कि मंच से दिया गया यह बयान पूरे गौ सेवा आंदोलन और हजारों गौ सेवकों का सार्वजनिक अपमान है। गौ सेवक नीशू ने कहा कि वर्षों से हजारों लोग बिना किसी स्वार्थ के गौ सेवा कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मंच से फ्रॉड कहना बेहद आपत्तिजनक है और इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। गौरतलब है कि इसी कार्यक्रम में जैन समाज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से दिगंबर जैन संतों की पवित्र मयूर पिच्छी को लेकर दिए गए कथित बयान पर बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था। लेकिन अब उसी कार्यक्रम का वायरल वीडियो पूरे आंदोलन की दिशा बदलता नजर आ रहा है। फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर छात्रों के लिए अपने संविधान को जानें प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस छात्र हितैषी पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संविधान के मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों से जोड़ना है। प्रतियोगिता में 3 लाख 20 हजार विद्यार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रतियोगिता में कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के 2505 राजकीय और निजी विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी भाग लेंगे। इच्छुक छात्र 10 जुलाई तक अपने विद्यालय के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं। जिन विद्यालयों में अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे निर्धारित तिथि से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। 3 प्रकार के पेपर किए जाएंगे तैयारप्रतियोगिता को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए 3 प्रकार के पेपर तैयार किए जाएंगे। लिखित परीक्षा के साथ-साथ सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान संविधान से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों में संविधान के प्रति जिज्ञासा और जागरूकता बढ़ेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस अवसर पर कहा कि संविधान केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने जोर दिया कि यदि युवा इसे बचपन से समझेंगे तो देश का भविष्य और मजबूत होगा। इसी सोच के साथ यह प्रतियोगिता शुरू की गई है। संसद भ्रमण का मिलेगा मौकाइस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संसद भ्रमण के लिए भेजा जाएगा। विजेता छात्र देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था को करीब से देख सकेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में प्रेरणा का नया अध्याय जोड़ेगा। शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि अपने संविधान को जानें जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों की भावना विकसित करेंगी। जिला शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाकर इस पहल को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।
लखीमपुर खीरी में जमीनी विवाद मामले में पत्नी और तीन बेटों ने मिलकर पिता को बंधक बना लिया। उसे रस्सी से बांधकर डंडे से पिटाई कर दी। घायल करने के बाद उसे कई घंटों तक एक शटर वाली दुकान में बंधक बनाकर रखा। पुलिस पूछताछ में पता चला कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। जिसके वजह से परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। बेटों ने कुछ जमीन दूसरे किसान को ठेके पर दी थी। जिसकी खड़ी फसल में कुछ महीने पहले पिता ने आग लगा दी थी। इसे लेकर मंगलवार शाम फिर से कहासुनी हुई। जिसके बाद बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पीआरवी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान का दरवाजा खुलवाकर गंघायल व्यक्ति को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पत्नी और तीनों बेटों के खिलाफ देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बुधवार सुबह पुलिस ने एक आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया गया है। आगे की जांच जारी है। मामला भीरा थाना क्षेत्र के पड़रिया तुला गांव का है। जमीन को लेकर परिवार के साथ चल रहा है विवाद पड़रिया तुला गांव के रहने वाले जगमोहन राठौर अपनी पत्नी जगरानी और उनके तीन बेटों - अनंत, रोहित और संतोष के साथ रहते हैं। उनका अपने ही परिवार के साथ काफी समय से जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। कुछ समय पहले जगमोहन के बेटों ने अपने हिस्से की कुछ जमीन गांव के ही एक दूसरे किसान को ठेके (बटाई) पर दे दी थी। उस खेत में परवल की फसल उगी हुई थी। आरोप है कि कुछ महीने पहले जगमोहन ने उसी खेत में जाकर खड़ी फसल में आग लगा दी थी। फसल जलने के बाद पीड़ित ठेकेदार किसान ने इसकी शिकायत स्थानीय पड़रिया पुलिस चौकी में भी की थी, लेकिन तब इस पारिवारिक और जमीनी विवाद का कोई पक्का हल नहीं निकल पाया था। यही सुलगती हुई चिंगारी मंगलवार को एक बड़े हादसे में बदल गई। रस्सी से बांधकर लाठी-डंडे से पिटा मंगलवार की सुबह इसी विवाद को लेकर घर में फिर से बहस शुरू हुई। बात इतनी बढ़ गई कि जगमोहन की पत्नी जगरानी और उनके तीन बेटों - अनंत, रोहित और संतोष ने मिलकर लाठी-डंडे निकाल लिए। सबने मिलकर जगमोहन को घेर लिया और उन पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। इस बेरहम पिटाई में जगमोहन के सिर और पैर में बेहद गंभीर चोटें आईं और वे खून से लथपथ हो गए। उन्होंने जगमोहन को रस्सी से कसकर बांधा और गांव की ही एक शटर वाली दुकान के अंदर फेंक दिया। बाहर से शटर गिराकर उन्हें कई घंटों तक उसी तड़पती हालत में बंधक बनाए रखा गया। पुलिस ने बचाया और अस्पताल में कराया भर्ती घर में मची चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पड़रिया तुला चौकी के इंचार्ज अभिषेक सिंह और पीआरवी 112 की टीम तुरंत गांव में उस दुकान के पास पहुंची। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दुकान का शटर खुलवाया और अंदर बंधक बने जगमोहन को बाहर निकाला। पिता की हालत काफी नाजुक थी। इसलिए तुरंत 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और उन्हें इलाज के लिए सीएचसी बिजुआ भेजा गया। डॉक्टरों का कहना है कि जगमोहन के सिर और पैर में गहरे जख्म हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। FIR दर्ज कर एक आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया गया भीरा थाना के प्रभारी अमित पांडेय ने बताया कि पीड़ित जगमोहन राठौर के बयान के आधार पर उनकी पत्नी जगरानी और तीनों बेटों (अनंत, रोहित और संतोष) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एक आरोपी बेटे रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। उसे जेल (चालान) भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और जैसे-जैसे नए सबूत सामने आएंगे बाकी आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पिता जगमोहन को देर शाम उनकी बहन की देखरेख में सौंप दिया गया है।
दमोह में बाइक सवार ने राहगीर को मारी टक्कर:दोनों गंभीर घायल; जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
दमोह-कटनी मार्ग पर मंगलवार रात सड़क हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के धरमपुरा में रात करीब 10 बजे तेज रफ्तार बाइक सवार ने राहगीर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार और राहगीर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार और यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह मार्को जिला अस्पताल पहुंचे। हादसे में हिंडोरिया निवासी बाइक सवार रामसेवक पटेल (पिता कालूराम पटेल) और राहगीर रफीक खान घायल हुए हैं। घटना कैसे हुई, इसकी जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर घायलों को देखकर उनके परिजनों को सूचित किया। दोनों घायलों को जबलपुर रेफर किया रामसेवक पटेल के भाई रामेश्वर पटेल ने बताया कि रामसेवक दमोह मंडी में हम्माली का काम करते हैं। मंगलवार रात वह मंडी से घर लौट रहे थे, तभी धरमपुरा के पास यह हादसा हो गया। उन्हें पुलिस के माध्यम से भाई के घायल होने की सूचना मिली थी। वहीं, दूसरे घायल रफीक खान मैकेनिक का काम करते हैं। उनके परिजनों को भी घटना की कोई जानकारी नहीं थी और स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर वे अस्पताल पहुंचे। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि दोनों घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के करनाल में मंगलवार देर रात एक नाबालिग बेटे ने अपने पिता की सिर में डंडा मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि कुटेल गांव में व्यक्ति अपनी पत्नी और बेटी से मारपीट कर रहा था। इसी दौरान बेटे ने बचाव में पिता पर हमला किया। व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मधुबन थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंचे और लड़के को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि व्यक्ति शराब पीकर घर आया था और परिवार के साथ मारपीट कर रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… नशे में घर पहुंचा, पत्नी और बेटी से किया झगड़ा पुलिस के अनुसार, कुटेल गांव निवासी राजेंद्र (55) पेशे से ड्राइवर था। वह शराब पीने का आदी था। मंगलवार देर रात करीब 12 बजे वह नशे की हालत में घर पहुंचा। घर आते ही किसी बात को लेकर उसकी पत्नी और बेटी से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उसने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घर में हो रही मारपीट देखकर 17 वर्षीय बेटा बीच-बचाव करने पहुंचा। डंडा लगते ही जमीन पर गिरा राजेंद्र परिवार का आरोप है कि राजेंद्र ने बेटे के साथ भी हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान बेटे ने पास में पड़ा डंडा उठाकर पिता के सिर पर वार कर दिया। वार लगते ही राजेंद्र जमीन पर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। बेटा परिजनों की मदद से अपने घायल पिता को करनाल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना मधुबन थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्य, बेटे को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह भिजवाया। इसके बाद पुलिस टीम कुटेल गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि घटनास्थल पर फैले खून को साफ करने की कोशिश की गई थी। फिलहाल पुलिस ने नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। SHO बोले- हर पहलू से जांच जारी मधुबन थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बेटे ने ही पिता के सिर पर डंडा मारा था। घटना के बाद वही उसे अस्पताल लेकर भी गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार:8 बाइक बरामद; लग्जरी शौक पूरे करने के लिए चोरी करता था
शहडोल में कोतवाली पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छह युवकों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर आठ चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी महंगे शौक पूरे करने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए बाइक चोरी करते थे। कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लिया टीम ने संदिग्धों पर नजर रखना शुरू किया और मुखबिर की सूचना पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर छह आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आठ चोरी की बाइक बरामद कीं चोरी के बाद वे वाहनों को छिपाकर रखते थे गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुनील वर्मा (26) निवासी कोटमा, मोहम्मद अहमद (38) निवासी कल्याणपुर, शुभम सरवारी उर्फ पापे (26) निवासी सौखी मोहल्ला, सुधीर केवट उर्फ छोटू (32) निवासी जमुई, सागर जायसवाल उर्फ शिवम जायसवाल (24) निवासी जमुई और विजय जायसवाल (31) निवासी जमुई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुनसान स्थानों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर खड़ी बाइक को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वे वाहनों को छिपाकर रखते थे और मौका मिलने पर उन्हें बेच देते थे या अपने उपयोग में लाते थे। पुलिस बरामद बाइक को मालिक को सौंपेंगे पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। बरामद बाइक के दस्तावेजों का सत्यापन भी कराया जा रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा सके। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में की गई। इस टीम में उप निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक रजनीश तिवारी सहित कोतवाली थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जयपुर में बिंदास ब्रदर्स ग्रुप खातीपुरा की ओर से रक्तदान शिविर का मंगलवार को आयोजन किया गया। इस शिविर में 109 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा शामिल हुए। बिंदास ब्रदर्स ग्रुप के सदस्य अजय कुमावत की पुण्य स्मृति में 31वें जन्मदिवस 7 जुलाई के उपलक्ष्य में यह कैम्प लगाया गया। ग्रुप के सदस्यों द्वारा स्वास्थ्य कल्याण बल्ड बैंक के सहयोग से खातीपुरा तिराहे पर यह चतुर्थ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। ग्रुप के अध्यक्ष एवं मरूधर विहार नागरिक विकास समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष राकेश कुमावत ने बताया कि रक्तदान शिविर में 109 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। रक्तदान शिविर में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, संयोजक राकेश गुर्जर, बिंदास ब्रदर्स ग्रुप के सदस्यों समेत कई लोग मौजूद रहे। शिविर में ग्रुप के सदस्य नीरज, दीपक, मुकेश, रोहित, अमित, प्रशांत, पुलकित, संजय, दिनेश, विजय, कपिल, पुनीत, विनीत, लेखराज, एवं समस्त सहयोगी जन ने सराहनीय कार्य किया।
सहारनपुर में महिला से धोखाधड़ी:बिना पढ़ाए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए, करोड़ों का प्लॉट हड़पा
सहारनपुर में एक महिला से कथित धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये के प्लॉट पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने रामपुर मनिहारान क्षेत्र के नंदपुर निवासी रूपेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार सुबह 7 बजे मिली शिकायत के अनुसार, हसनपुर चुंगी निवासी मिताली जैन ने आरोप लगाया है कि उनके पति अमित कुमार जैन और आरोपी रूपेश कुमार के बीच पुराने पारिवारिक संबंध थे। वर्ष 2018 से प्लॉट से जुड़ा एक दीवानी वाद चल रहा था। मिताली जैन के पति की बीमारी के दौरान, आरोपी ने मुकदमे की पैरवी और अपील में प्रतिनिधित्व करने के बहाने मुख्तारनामा बनवाने की बात कही थी। महिला का आरोप है कि 31 जुलाई 2024 को आरोपी ने विश्वास में लेकर उनसे बिना पढ़ाए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में उन्हें पता चला कि मुख्तारनामे की जगह आरोपी ने कथित तौर पर अपने पक्ष में गिफ्ट डीड (दानपत्र) पंजीकृत करा ली थी और 362.50 वर्गगज का प्लॉट अपने नाम करा लिया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने 20 अगस्त 2024 को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एक लिखित रसीद दी। इसमें भविष्य में प्लॉट बिकने पर 67 प्रतिशत हिस्सा महिला को और 33 प्रतिशत हिस्सा स्वयं लेने की बात दर्ज थी। हालांकि, जब महिला ने प्लॉट बेचने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसे अपनी संपत्ति बताते हुए इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि थाने और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। एसीजेएम प्रथम के आदेश पर कोतवाली देहात पुलिस ने आरोपी रूपेश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अलवर में बुधवार सुबह से चारों ओर घने बादल छाए हुए हैं। कई इलाकों में हल्की फुहारों और रिमझिम बारिश का दौर जारी है, जिससे उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले दो दिनों की तुलना में बुधवार सुबह मौसम काफी ठंडा रहा। अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक रहेगा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 10 जुलाई तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान गरज के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 11 से 13 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। रातभर रुक-रुककर हुई बारिश मंगलवार को भी सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिसका असर बुधवार सुबह भी देखने को मिला। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी इस बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार को फायदा होगा। यदि बुधवार शाम तक भी इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो जिले के कई मौसमी नाले और झरने बहने लग सकते हैं। सुहाने मौसम के कारण पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
भिलाई के रुंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की महिला प्रोफेसर की कॉल रिकॉर्डिंग, फोटो और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने कॉलेज के ही छात्र प्रांजल यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पीजीडीसीए सेकेंड ईयर (R2) का छात्र है। महिला प्रोफेसर की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने प्रांजल यादव (24) के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, छात्र ने अपने खिलाफ भेजे गए मानहानि नोटिस के संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रोफेसर को फोन किया था। बातचीत के दौरान हुई कॉल रिकॉर्डिंग, प्रोफेसर की फोटो और मोबाइल नंबर को उसने सोशल मीडिया पर अपलोड कर वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट से महिला प्रोफेसर परेशान महिला प्रोफेसर ने 4 जून को दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि प्रांजल यादव पीजीडीसीए का छात्र है, जो खुद को पत्रकार बताता है। उनके अनुसार, पिछले कुछ दिनों से वह सोशल मीडिया पर कॉलेज को बदनाम करने वाली पोस्ट कर रहा था। प्रोफेसर को व्यक्तिगत रूप से कॉल कर बातचीत रिकॉर्ड करता था। बाद में उनकी फोटो और कॉल रिकॉर्डिंग इंस्टाग्राम पर अपलोड कर वायरल कर दी। पोस्ट पर अज्ञात लोगों ने भद्दे कमेंट किए, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई। परिचित लोग भी इस संबंध में सवाल पूछने लगे। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं। कॉलेज को बदनाम करने का आरोप प्रोफेसर ने शिकायत में कहा कि आरोपी लगातार सोशल मीडिया पर कॉलेज के खिलाफ पोस्ट और वीडियो साझा कर रहा था। कॉलेज प्रबंधन पहले भी उसकी गतिविधियों को लेकर उसे मानहानि का नोटिस भेज चुका था, लेकिन उसने पोस्ट करना नहीं छोड़ा। शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम अकाउंट की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। FIR के बाद प्रोफेसर को मिली धमकी महिला प्रोफेसर ने 4 जून को प्रांजल यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद 18 जून को बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें शिकायत वापस लेने की धमकी दी। इस मामले में प्रोफेसर ने 18 जून को दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई। एफआईआर के अनुसार, 18 जून की सुबह करीब 9:25 बजे वह एक्टिवा से कॉलेज जा रही थीं। सेक्टर-6 स्थित पावर जिम के पास ब्लैक-रेड स्पोर्ट्स बाइक पर सवार दो युवक उनकी स्कूटी के बराबर पहुंचे। उन्होंने कहा, पत्रकार प्रांजल यादव अब आपको परेशान नहीं कर रहा है। आप भी अपनी एफआईआर वापस ले लीजिए, नहीं तो आगे बहुत ज्यादा परेशानी होगी। इतना कहकर दोनों युवक वहां से फरार हो गए। बिना नंबर प्लेट की बाइक पर पहुंचे थे आरोपी शिकायत के मुताबिक, बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। बाइक चला रहे युवक ने हेलमेट पहन रखा था। उसने सफेद शर्ट और ग्रे पैंट पहन रखी थी। पीछे बैठा युवक लाल टी-शर्ट और हाफ पैंट में था। उसके चेहरे पर सफेद गमछा बंधा हुआ था। प्रोफेसर ने बताया कि घटना के बाद वह काफी घबरा गईं। कॉलेज पहुंचकर उन्होंने पूरी जानकारी जीएम अभिषेक सोनी और सुरक्षा प्रमुख संतोष कुमार सिंह को दी। इसके बाद तीनों भिलाई नगर थाने पहुंचे, जहां रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस अज्ञात दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।
जयपुर की श्रीजा गुप्ता ने 19 साल की उम्र में मिस राजस्थान-2026 का ताज अपने नाम किया। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहीं श्रीजा ने बिना मॉडलिंग अनुभव के यह सफर तय किया। उन्होंने जीत का श्रेय मां दीपिका गुप्ता, पिता रत्नेश गुप्ता, टीचर्स और लगातार सीखने की अपनी आदत को दिया। वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहने वाली श्रीजा ने अपनी संघर्ष भरी यात्रा, मिस राजस्थान बनने के अनुभव, समाज के लिए अपने नजरिए को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की। श्रीजा ने कहा- मेरी तैयारी तीन बातों पर आधारित थी। पहली पंक्चुअलिटी यानी समय की पाबंदी। दूसरी हर दिन की प्लानिंग, आउटफिट्स और शेड्यूल तय रखना। तीसरी कंसिस्टेंसी। चाहे मैं सही कर रही थी या गलत, लेकिन सीखते हुए बढ़ती रही। मेरा मानना है कि निरंतरता ही आपको लक्ष्य (टारगेट) तक पहुंचाती है। मुझे लगता है कि हर कोशिश किसी न किसी मंजिल तक जरूर पहुंचाती है। पहले देखें श्रीजा गुप्ता की PHOTOS… अब पढ़िए… श्रीजा की जर्नी, लक्ष्य और परिवार का रिएक्शन सवाल: मिस राजस्थान बनने तक की पूरी जर्नी के बारे में बताएं? श्रीजा गुप्ता: खम्मा घणी राजस्थान। मैं 19 साल की हूं। यह जर्नी मेरे लिए देखने में बहुत सिंपल रही, लेकिन इसने मुझे जिंदगी ने बहुत बड़े सबक सिखाए। इस साल मैंने एक ही टारगेट लिया था कि मैं जो भी करूंगी, उसमें अपना 100 प्रतिशत दूंगी। मेरे माता-पिता हमेशा से प्रोत्साहित करने वाले रहे। इसी वजह से मैंने मिस राजस्थान के लिए रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद मेरा पर्सनल इंटरव्यू राउंड हुआ। फिर मेरा चयन टॉप-28 में हो गया। वहीं से मेरी असली जर्नी शुरू हुई। लगभग एक महीने तक तैयारी चली। मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत सीखने की इच्छा थी। मैं हर छोटी-बड़ी चीज सीखना चाहती थी। योगेश सर, निमिषा मैम, मिस राजस्थान ऑर्गेनाइजेशन और लास्ट ईयर की सभी क्वीन ने मुझे गाइड किया। मैं हर चीज को लेकर सवाल पूछती थी। हर छोटी डिटेल पर ध्यान देती थी और यही आदत मेरे बहुत काम आई। सवाल: 10वीं क्लास के बाद आगे के लिए कन्फ्यूज थीं। मॉडलिंग में सफलता कैसे मिली? श्रीजा गुप्ता: मेरी स्कूलिंग मानसरोवर के इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से हुई है। 10वीं के बाद मेरे सामने भी वही स्थिति थी, जो आज कई स्टूडेंट्स के सामने होती है। मेरे पापा का बैकग्राउंड IIT से जुड़ा रहा है। इसलिए मैंने भी PCM चुना। मैंने JEE की तैयारी की। सच कहूं JEE मेरे लिए नहीं था। मैं IIT तक नहीं पहुंच सकी। फिलहाल मैं बीटेक कर रही हूं, लेकिन मेरे मन में हमेशा यह बात थी कि मेरे पास अभी काफी समय है। मैं चाहती थी कि ऐसा क्षेत्र देखें, जिसमें मैं वास्तव में अच्छा कर सकूं। मैंने मिस राजस्थान से पहले भी कई चीजों में खुद को आजमाया, लेकिन कहीं न कहीं मुझे लगता है कि मिस राजस्थान शायद मेरी डेस्टिनी थी। सवाल: जीत के बाद जब घर पहुंचीं तो परिवार का क्या रिएक्शन था? श्रीजा गुप्ता: मेरे माता-पिता बहुत ज्यादा खुश थे। उन्होंने मेरे लिए बहुत शानदार स्वागत की तैयारी की थी। मैं वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहती हूं। वहां मेरे स्वागत के लिए रैली निकाली गई। जीप में बैठाकर क्षेत्र में घुमाया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ सभी लोगों ने मेरा स्वागत किया। हम सबसे पहले मंदिर गए। जहां मैंने अपना क्राउन माता जी के चरणों में रखा और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद घर पहुंचे, जहां पूरा सेलिब्रेशन रूम तैयार किया गया था। केक काटा। केक पर भी मेरी तस्वीरें थीं और मेरी पूरी जर्नी की तस्वीरों से पूरा हॉल सजाया गया था। परिवार, दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, डांस किया और जीत का जश्न मनाया। वह पल मेरी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। सवाल: क्या इससे पहले कभी मॉडलिंग की थी? श्रीजा गुप्ता: सच कहूं तो मैंने कभी प्रोफेशनल मॉडलिंग नहीं की थी। बचपन में एक-दो छोटे फैशन इवेंट किए थे। इसके बाद मेरा इस फील्ड से कोई संबंध नहीं रहा। जब मैं मिस राजस्थान में आई, तब मुझे मेकअप के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं थी। कौन-सा प्रोडक्ट कैसे इस्तेमाल होता है। कॉम्पैक्ट क्या होता है। स्किन प्रेप कैसे करते हैं। इनमें से कुछ भी नहीं पता था। मैं यहां पूरी तरह नई थी। वहीं मुझे जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से काफी सपोर्ट मिला। मैं पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप भी कर रही हूं। इसके अलावा मैं AISTE (Association for International Students Exchange) से भी जुड़ी हूं। जहां मुझे नई चीजें सीखने और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। इन सभी अनुभवों ने मेरी पर्सनैलिटी को काफी बेहतर बनाया। सवाल: मिस राजस्थान बनने के बाद समाज के लिए क्या काम करना चाहती हैं? श्रीजा गुप्ता: हमारे पेजेंट में ब्यूटी विद ए कॉज भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। मेरा विषय Stop Sympathizing and Start Strengthening रहा। पिछले साल एक महीने मैंने एक NGO में काम किया। वहां मैंने ऐसे बहुत सारे बच्चों को देखा, जो बेहद प्रतिभाशाली थे। कोई बहुत अच्छा गाता था। कोई डांस करता था। कोई पढ़ाई में बहुत अच्छा था। मुझे लगा कि हम अक्सर ऐसे बच्चों के लिए सिर्फ सहानुभूति जताते हैं। हम कहते हैं कि उन्हें खाना मिलना चाहिए। शिक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन दो-चार दिन बाद हम उन्हें भूल जाते हैं। मेरा मानना है कि हमें सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत बनाना चाहिए। हमें उनके और अवसरों के बीच की दूरी कम करनी होगी। उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म देने होंगे, जहां वे प्रतिभा दिखा सकें और आगे बढ़ सकें।
आजमगढ़ में बारिश का अलर्ट:तेज हवा बह रही, टेम्प्रेचर 33°C, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
आजमगढ़ में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। पिछले तीन दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को जिले के बाहरी इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जबकि शहर में हल्की फुहारें पड़ीं। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। 33 डिग्री तक पहुंचा तापमान बारिश और बादलों की वजह से जिले का अधिकतम तापमान घटकर 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। किसानों के लिए राहत की बारिश जिले के ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से रोपाई का काम आसान होगा। अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, मानसून आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सरकार ने दिए सतर्क रहने के निर्देश प्रदेश में बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अगले चार से पांच दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहने की संभावना है। लोगों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मंडला में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नैनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में शराब तस्करी में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत 3.03 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस को मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक MP20CH 8794) में अवैध अंग्रेजी शराब ले जाई जा रही है। इस सूचना पर नैनपुर थाना पुलिस ने धनौरा नाका के आगे बालाघाट-नैनपुर मार्ग पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। 1 कार्टून में 48 पाव ओल्ड मंक अंग्रेजी शराब वाहन चालक ने अपनी पहचान विक्रम पाण्डे (42) के रूप में बताई, जो ग्राम आलेझरी, थाना वारासिवनी, जिला बालाघाट का निवासी है। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 6 कार्टूनों में कुल 53.64 बल्क लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसमें 5 कार्टूनों में 250 पाव गोवा ब्रांड और 1 कार्टून में 48 पाव ओल्ड मंक अंग्रेजी शराब शामिल थी। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 53,640 रुपए है। आरोपी विक्रम पाण्डे से शराब के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। नियमानुसार, प्रत्येक कार्टून से नमूने लेकर उन्हें सीलबंद किया गया और शेष शराब जब्त कर ली गई। स्विफ्ट डिजायर कार को भी बरामद पुलिस ने शराब परिवहन में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त कर लिया है, जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपए है। इस प्रकार, जब्त किए गए कुल मशरूका (सामान) की कीमत 3,03,640 रुपए आंकी गई है। आरोपी विक्रम पाण्डे के खिलाफ अपराध क्रमांक 317/2026 के तहत मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में आगे की विवेचना जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मंशाराम वगेन, एएसआई जगदीश सियाम, प्रधान आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक विशाल और अन्य थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भीलवाड़ा के होटल लैंडमार्क ट्रेवल्स एरिया में परिवहन विभाग ने लग्जरी और स्लीपर बसों की जांच की। जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर तीन बसों को मौके पर सीज कर दिया गया, जबकि एक बस का चालान बनाया गया। इस कार्रवाई से ट्रेवल्स संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर बुधवार शाम को की गई। इमरजेंसी गेट नहीं खुले, कई बसों में मिलीं गंभीर खामियां जांच के दौरान कई बसों में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ बसों के इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम नहीं कर रहे थे और कई कोशिशों के बाद भी नहीं खुले। कुछ बसों में यात्रियों के साथ भारी सामान और लोहे की रॉड भी ले जाई जा रही थी, जिससे हादसे का खतरा बढ़ सकता था। इसके अलावा कई वाहनों के जरूरी दस्तावेज, बीमा और अन्य कागजात भी पूरे नहीं मिले। इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर तीन बसों को सीज किया गया और एक बस का चालान बनाया गया। दौसा बस अग्निकांड के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि दौसा में हुए बस अग्निकांड के बाद राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला स्तर पर परिवहन विभाग, पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बसों में सरकार की तय एसओपी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक महीने तक लगातार चलेगी जांच जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी ने बताया कि जिले में बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है। जिन बसों में बीआईएस मानकों या अन्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ चालान, सीज सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह विशेष अभियान अगले एक महीने तक लगातार चलेगा। ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) डॉ. हरितिमा, जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी, गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कांसोटिया सहित परिवहन, पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेंद्री की थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम ब्लास्ट हो गया। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई। विस्फोट इतना तेज था कि मजदूरों के शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए। घटना उरला थाना क्षेत्र की है। मृतकों में अरुण पांडे (17) भी शामिल है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। वहीं मध्य प्रदेश के डिंडौरी निवासी लाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह (25) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। फैक्ट्री के अंदर घुसते ही जिस यूनिट में विस्फोट हुआ था, वहां चारों ओर शरीर के अंग बिखरे पड़े थे। मौके पर पुलिस, एफएसएल और श्रम विभाग की टीम मौजूद थी और घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई थी। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी प्रशिक्षण के भट्ठी में काम कराया जाता था। साथ ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी इक्विपमेंट) भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय टेपिंग यूनिट से कुछ दूरी पर कुछ मजदूर खाना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस, श्रम विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां ब्लास्ट के कारण, सुरक्षा मानकों के पालन और नाबालिग से काम कराए जाने के पहलुओं की जांच कर रही हैं। देखिए पहले ये तस्वीरें- 10 मिनट तक फैक्ट्री में अंधेरा छाया रहा हादसे के समय टेपिंग यूनिट में काम कर रहे रामकुमार देवांगन ने बताया कि वह टेपिंग का काम कर रहे थे, जबकि अरुण ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला और पूरी फैक्ट्री की बिजली गुल हो गई। करीब 10 मिनट बाद जब बिजली आई, तब देखा कि साथ में काम करने वाले मजदूरों के शव और उनके शरीर के अंग जमीन पर बिखरे पड़े थे। जो लोग मेरे साथ काम कर रहे थे, वे मेरे बच्चों की उम्र के थे। उनके चले जाने का बहुत दुख है। ऊपरवाले ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है। नाबालिग बदल रहा था ऑक्सीजन सिलेंडर हादसे में जान गंवाने वालों में जांजगीर-चांपा निवासी अरुण पांडेय भी शामिल था। आधार कार्ड के अनुसार उसकी उम्र 17 साल थी। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। अरुण के भाई ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से उरला क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता है। परिवार के कई रिश्तेदार भी पहले इसी फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इसी वजह से अरुण भी यहां काम करने आया था। उन्होंने ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और मजदूरों को जोखिम भरे काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे। जहां टेपिंग हो रही थी, वहीं खाना भी बन रहा था हादसे के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मजदूर किशोर कुमार निषाद ने बताया कि टेपिंग यूनिट के पास कुछ मजदूर खाना बना रहे थे। रात में गैस सिलेंडर खत्म होने पर वे भट्ठी से निकलने वाले गर्म लावे की गर्मी का इस्तेमाल कर भोजन तैयार कर रहे थे। उसी दौरान वे और उनके साथी वहीं बैठे थे कि अचानक जोरदार धमाका हो गया। हमें कोई ट्रेनिंग नहीं मिली, सीधे भट्ठी में लगा दिया मध्य प्रदेश के उमरिया निवासी मजदूर सूर्यभान सिंह ने बताया कि वह 3 महीने पहले ही फैक्ट्री में काम करने आए थे। उनका आरोप है कि काम शुरू करने से पहले उन्हें किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं दी गई। सीधे भट्ठी (फर्नेस) सेक्शन में काम पर लगा दिया गया। बिना पर्याप्त सेफ्टी इक्विपमेंट के ही हमें काम करना पड़ता है। वहीं, एक अन्य मजदूर अंकित सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में सेफ्टी शूज तक उपलब्ध नहीं कराए जाते थे। मैनेजमेंट का कहना था कि जूते अपने पैसे से खरीदकर पहनें। अंकित ने कहा कि वह हेल्पर के तौर पर काम करते हैं, लेकिन उन्हें भी बिना किसी ट्रेनिंग के सीधे भट्ठी पर काम में लगा दिया गया। 2005 से संचालित हो रही फैक्ट्री उरला के बेंद्री औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री का संचालान 2005 से हो रहा है। कंपनी एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में संचालित होती है। जानकारी के मुताबिक, नारायण वेदुला और दिनेश वेदुला कंपनी में मैनेजर और पार्टनर की भूमिका में हैं। कंपनी मुख्य रूप से पिग आयरन रिफाइनिंग, फेरो सिलिकॉन लंप के बनाने और सप्लाई का काम करती है। इसके अलावा कंपनी पिग आयरन और सोलर पैनल के निर्माण एवं थोक कारोबार से भी जुड़ी हुई है। नाबालिग से काम पर 2 साल की सजा का प्रावधान अधिवक्ता विपिन अग्रवाल ने बताया कि 14 से 18 साल के लड़कों से फैक्ट्री, खदान और कुछ अन्य खतरनाक उद्योगों में काम कराना कानून के खिलाफ है। अगर कोई फैक्ट्री मालिक नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ संज्ञेय अपराध के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जा सकती है। दोषी साबित होने पर 2 साल तक की जेल और 50 हजार रुपए तक जुर्माने की सजा का प्रावधान है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर की थ्रीडी फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 मजदूरों की मौत:200 मीटर दूर बिखरे मिले बॉडी पार्ट, मृतकों में 2 MP के रहने वाले रायपुर के उरला क्षेत्र में स्थित थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम को ब्लास्ट हुआ है। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई है। बॉडी पार्ट्स 200 मीटर दूर पड़े मिले। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पढ़ें पूरी खबर…
चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में अलीनगर थाना के आलू मिल नई बस्ती, वार्ड नंबर-3 स्थित गंगा नहर में बुधवार को 15 वर्षीय किशोरी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। कुछ देर बाद मृतका की पहचान खुशबू (15) के रूप में हुई। बुधवार सुबह गंगा नहर में किशोरी का शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने तत्काल अलीनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अलीनगर थाना पुलिस और पीडीडीयू नगर के क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पहचान की प्रक्रिया पूरी की। घरवालों ने रील बनाने से मना किया था क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किशोरी को परिजनों ने रील बनाने से मना किया था। इसी बात पर डांट पड़ने के बाद वह घर से निकल गई थी। पुलिस आशंका जता रही है कि इसके बाद उसने गंगा नहर में छलांग लगा दी। हालांकि, मौत के कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस बोली- हर एंगल से जांच कर रहे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में लगातार हो रही तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम के कारण शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यदि लोग घरों में रहेंगे, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और जलभराव के बीच लगने वाले भीषण जाम से राहत मिल सकेगी। अभी भी शहर के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। पुलिस का कहना है कि जब तक सड़कों से पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक वाहनों की सामान्य आवाजाही संभव नहीं है। अगर कंपनियां वर्क फ्रॉम होम लागू करती हैं, तो सड़कों पर वाहनों की संख्या में भारी कमी आएगी। इससे ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने और फंसे हुए वाहनों को निकालने में मदद मिलेगी। ड्रेनेज सिस्टम की खुली पोल, अभी भी बारिश जारी इस आपदा ने एक बार फिर शहर के ड्रेनेज सिस्टम और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर का पानी निकालने का कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आया। मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी गुरुग्राम और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। आने वाले घंटों में और बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में यदि प्रशासन ने मुस्तैदी नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में गुरुग्राम की रफ्तार पूरी तरह थम सकती है। फिलहाल, शहरवासियों को घरों में रहने और ट्रैफिक अपडेट देखकर ही निकलने की सलाह दी गई है। आधी रात तक सड़कों पर फंसे रहे लोग गुरुग्राम में बारिश के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, वे बेहद डराने वाली थीं। दफ्तरों से घर लौटने वाले लोग आधी रात तक सड़कों पर फंसे रहे। स्थिति इतनी बदतर थी कि कामकाजी लोगों को अपने ऑफिस से घर पहुंचने में पांच से छह घंटे का लंबा समय लग गया। दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर से लेकर शहर के अंदरूनी रास्तों तक हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें नजर आईं। जलभराव के कारण गाड़ियां रेंगती रहीं और कई वाहन बीच सड़क पर ही खराब हो गए, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। भूख-प्यास से बेहाल लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में कैद रहने को मजबूर रहे। हाईवे बना पार्किंग लॉट, 15 किलोमीटर लंबा जाम बारिश का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और इससे कनेक्टेड सड़कों पर देखने को मिला। हाईवे पर करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, इफ्को चौक और खेड़की दौला टोल प्लाजा जैसे प्रमुख प्वाइंट्स पर पानी घुटनों तक भर गया। देखते ही देखते हाईवे एक विशाल पार्किंग लॉट में तब्दील हो गया। प्रशासन द्वारा पानी निकालने के दावे पूरी तरह फेल साबित हुए। हाईवे पर फंसे यात्रियों ने बताया कि कई किलोमीटर का सफर तय करने में उन्हें काफी वक्त लगा। गुरुग्राम आने से बचें-दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी दिल्ली एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर लगे ट्रैफिक जाम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लोगों को आगाह किया है कि वे दिल्ली से गुरुग्राम की ओर यात्रा करने से बचें। एडवाइजरी के अनुसार, बॉर्डर और हाईवे पर जलभराव की स्थिति है, तो नरसिंहपुर के पास हाईवे धंस गया है। दिल्ली पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही इस रूट का रुख करें और यदि संभव हो तो वैकल्पिक रास्तों या दिल्ली मेट्रो की सेवाओं का उपयोग करें। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने में जुटा है। 24 घंटे में 83 एमएम बारिश तहसील - गुरुग्राम...83...(मिमी)उप-तहसील - कादीपुर...87...(मिमी)उप-तहसील - हरसारू...87...(मिमी)तहसील - वज़ीराबाद...53...(मिमी)उप-तहसील - बादशाहपुर...17...(मिमी)तहसील - सोहना...30...(मिमी)तहसील - मानेसर...56...(मिमी)तहसील - पटौदी...29...(मिमी)तहसील - फर्रुख नगर...31...(मिमी) फोटो में देखिए एक दिन बारिश से बिगड़े हालात…………..
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर जारी विवाद के बीच परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टर्स को अंतरिम राहत देते हुए SOP लागू होने तक अस्थायी परमिट (TP) जारी रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय और परिवहन आयुक्त स्तर पर हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि यह राहत नहीं, बल्कि नई परेशानी है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को प्रदेशभर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देंगे। उनका कहना है कि जब तक VLTD की व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होती और सभी वाहन मालिकों को आसानी से डिवाइस उपलब्ध नहीं होती, तब तक अस्थायी परमिट का विकल्प व्यावहारिक नहीं है। SOP बनने तक अस्थायी परमिट की व्यवस्था जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया कि परिवहन विभाग ने SOP को मंजूरी मिलने तक अस्थायी परमिट जारी रखने का निर्णय लिया है। SOP का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है, जहां से अगले 5 से 6 दिन में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने जयपुर में अस्थायी परमिट जारी करने के लिए डीटीओ आदर्श सिंह राघव, अतुल शर्मा और संदीप शर्मा को अधिकृत किया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अंतरिम व्यवस्था के दौरान TP से जुड़े चालान निरस्त किए जाएंगे। ट्रांसपोर्टर्स बोले- इससे खर्च कई गुना बढ़ जाएगा ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि अस्थायी परमिट का विकल्प लंबी दूरी तक माल ढुलाई करने वाले ट्रकों के लिए व्यवहारिक नहीं है। उनका कहना है कि यदि कोई ट्रक राजस्थान से केरल, चेन्नई, गुवाहाटी या दूसरे राज्यों में जाता है तो उसे हर राज्य का अलग-अलग टैक्स देना पड़ेगा। ऐसे में कई बार टैक्स और परमिट का खर्च ही ट्रक के पूरे भाड़े के बराबर पहुंच जाता है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इसके अलावा ऑनलाइन टोल और ई-चालान का जोखिम भी बना रहेगा। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम ट्रक मालिकों के लिए इतना अतिरिक्त खर्च उठाना संभव नहीं है। ‘TP नई व्यवस्था नहीं, पहले से मौजूद है’ ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि अस्थायी परमिट कोई नई व्यवस्था नहीं है। इसका उपयोग पहले भी ऐसे मामलों में होता रहा है, जब किसी वाहन को एक बार या सीमित समय के लिए दूसरे राज्य भेजना होता है। उनका कहना है कि रोजाना माल ढुलाई करने वाले नेशनल परमिट वाले ट्रकों के लिए यह व्यवस्था उपयुक्त नहीं है। आज शहीद स्मारक पर जुटेंगे ट्रांसपोर्टर विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन समेत विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर से ट्रांसपोर्ट कारोबारी जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देंगे। संगठनों का कहना है कि हमारी मांग VLTD का विरोध करना नहीं, बल्कि इसकी आसान और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना है। यदि सरकार ने जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा।
जालौन में 16 घंटे से लगातार बारिश:उमस से राहत, रात का तापमान 26 डिग्री तक लुढ़का
जालौन में पिछले करीब 16 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मंगलवार शाम लगभग चार बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरी रात जारी रहा और बुधवार सुबह भी रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। लगातार वर्षा से लोगों को पिछले दो दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है और वातावरण में ठंडक है। वहीं दूसरी ओर, जिन किसानों के खेतों में तिल की फसल खड़ी है, उनके लिए जलभराव चिंता का विषय बन गया है। खेतों में अधिक पानी भरने से तिल की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के कारण शहर और कस्बों के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ समय तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना बनी हुई है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। जहां पिछले दिनों दिन का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 32 डिग्री के आसपास बना हुआ था, वहीं लगातार बारिश के बाद दिन का तापमान घटकर 28 डिग्री और रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत महसूस की। लगातार बारिश से जिले के खेत पानी से लबालब भर गए हैं। जिन किसानों ने धान की रोपाई पहले ही कर ली थी, उनके लिए यह बारिश बेहद लाभदायक मानी जा रही है, क्योंकि इससे फसल की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है।
हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश में पहली बार किसी निजी कंपनी ने सरकारी बिजली निगम के समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के लिए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में आवेदन किया है। यदि आयोग मंजूरी देता है तो गुरुग्राम और नूंह में उपभोक्ताओं के पास बिजली सप्लायर चुनने का विकल्प होगा। एलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने 12 मई को यह याचिका दाखिल की थी। आयोग ने 26 मई को इसे सुनवाई योग्य मानते हुए स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। गुरुग्राम और नूंह में सरकारी कंपनी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के साथ निजी कंपनी भी बिजली सप्लाई कर सकेगी। उपभोक्ता अपनी पसंद की वितरण कंपनी चुन सकेंगे। भविष्य में इस मॉडल का विस्तार हरियाणा के दूसरे जिलों तक भी हो सकता है। निगम के निजीकरण का मामला नहीं कंपनी ने अपनी याचिका का आधार विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 14 को बनाया है। इस प्रावधान के तहत एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बिजली वितरण लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह बिजली निगम के निजीकरण का मामला नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद कानूनी व्यवस्था को लागू करने की पहल है। सरकारी बिजली निगम पर क्या असर होगा याचिका के अनुसार, DHBVN पहले की तरह बिजली आपूर्ति करता रहेगा। उसके अधिकार और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं होगा। नई कंपनी सरकारी नेटवर्क का उपयोग नहीं करेगी। उसे अपना अलग वितरण नेटवर्क खुद तैयार करना और संचालित करना होगा। कंपनी ने अपनी याचिका में मुंबई के समानांतर बिजली वितरण मॉडल और 11 मार्च को APTEL के फैसले का भी उल्लेख किया है। इसमें चरणबद्ध तरीके से समानांतर वितरण नेटवर्क के विस्तार को स्वीकार किया गया था। हर वर्ग के उपभोक्ताओं को सेवा देने का दावा कंपनी ने आयोग को दिए शपथपत्र में कहा है कि लाइसेंस मिलने पर वह, कृषि उपभोक्ताओं कम आय वाले परिवारों, घरेलू उपभोक्ताओं, औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सभी को समान रूप से बिजली उपलब्ध कराएगी। साथ ही विद्युत अधिनियम की धारा-43 के तहत सार्वभौमिक सेवा दायित्व निभाने का भी वचन दिया है। ₹4,716 करोड़ का निवेश प्रस्ताव कंपनी ने गुरुग्राम और नूंह में 4,716.73 करोड़ रुपए के निवेश की योजना पेश की है। योजना की प्रमुख बातों में कहा गया है कि ₹1,415.02 करोड़ इक्विटी निवेश, ₹3,301.71 करोड़ ऋण, 80% नवीकरणीय और 20% तापीय ऊर्जा का मिश्रण, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिलिंग, पारदर्शी टैरिफ, समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली शामिल है। पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बिजली वितरण कंपनियों को लाइसेंस मिल सकता है। उपभोक्ता अपनी पसंद की कंपनी से बिजली लेने का विकल्प चुन सकते हैं। नई कंपनी को अपना अलग बिजली वितरण नेटवर्क बनाना होगा। सरकारी बिजली निगम की सेवाएं बंद नहीं होंगी। उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना है।
रेवाड़ी शहर के हंस नगर स्थित पूर्व सैनिक के घर में हुए धमाके के 3 दिन बाद भी मोहल्ला वासी खौफ में हैं। धमाके बाद बंद किए गए पीएनजी कनेक्शन कुछ उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन चालू नहीं करवाए। प्रारंभिक जांच में पीएनजी रिसाव से धमाके के पुलिस के दावों पर कंपनी के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। पहले पीएनजी रिसाव की थ्योरी को नकारने वाले आसपास के लोगों को भी इसमें सच्चाई नजर आने लगी है। दैनिक भास्कर ने लगातार तीसरे दिन ग्राउंड जीरो और राजेश पायलट चौक स्थित पीएजनी कार्यालय पहुंचकर सच्चाई पता लगाने का प्रयास किया, तो मोहल्ले की महिलाओं के मुंह से कुछ ऐसा ही सुनने को मिला। पता चलने पर करवाएंगे चालू मोहल्लावासी ममता ने कहा कि उनके घर गैस कनेक्शन है। धमाके बाद गैस सप्लाई बंद कर दी। अभी हमने कनेक्शन दोबारा चालू करवाने से मना कर दिया था। जब पता चल जाएगा, तब चालू करवाएंगे। यह गैस का हादसा है या ऐसे कुछ हुआ है। अभी चालू नहीं गैस मोहल्लावासी ममता ने कहा कि उनके घर गैस का कनेक्शन तो है, परंतु गैस अभी चालू नहीं है। बदबू तीन दिन से आ रही थी। कल 11 बजे के बाद बदबू आनी बंद हुई है। हादसे के बारे में अभी मैं तो कुछ नहीं कह सकती। खोलकर रखते थे दरवाजे मोहल्लावासी भावना ने कहा कि हमारे घर तन्नु के दूसरे दरवाजे के सामने हैं। जब ब्लास्ट के समय अपने कमरे में थी और फोन देख रही थी। एकदम तेज आवाज आई, मुझे लगा कि कहीं मेरे घर का आगे वाला हिस्सा तो नहीं गिर गया। यह सब चंद सैकेंड था। इनका कूलर मेरे घर के साइड गिरा हुआ था। आंटी का बेटा दौड़ता आ रहा था। फिर पता चला कि कुछ हुआ है इधर। आंटी और लड़की को गोद में उठाकर ला रहे थे। चंद सेकेंड में सबकुछ हो गया। साढ़े 3 दिन हमें गैस की बदबू के कारण टॉयलेट और घर के दरवाजे भी खोलकर रखने पड़ते थे। बाहरी एरिया में सोने में भी समस्या हो रही थी। गड्ढा खोदने पर नहीं आ रही बदबू मोहल्लावासी सुनीता ने कहा कि उनकी गैस परसों बंद की थी। कल पौने 4 बजे चालू की, पहले स्मैल आती थी। जब से गड्डा खोदा है, तब से नहीं आ रही। स्मैल आती है तभी तो यह हादसा हुआ है। आज का दिन रहेगा अहम धमाके में गंभीर रूप से झुलसी पूर्व सैनिक की बेटी तन्नु का परिवार के अन्य लोगों का दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे को बुधवार शाम करीब 4.30 बजे 72 घंटे पूरे होंगे। ऐसे में करीब 80 फीसदी तक झुलसी तन्नु के लिए आज का दिन अहम माना जा रहा है। परिवार की माने, हादसे में सभी 50 फीसदी तक झुलसे हैं, परंतु तन्नु को लेकर अधिक चितिंत दिखाई दिए। चचेरे भाई राहुल ने कहा कि बहन जब ठीक होकर घर आ जाएगी, तभी उन्हें पूरा विश्वास होगा। अब तक तो अस्पताल में उससे किसी को बात भी नहीं करने दी जा रही। बच्चों के आने से पहले धमाका तन्नु अपने घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है। रविवार को छुट्टी के दिन भी बच्चों को पढ़ाने के लिए बुलाया हुआ था। बच्चों के आने से पहले वह कपड़े प्रेस कर रही थी। इसी दौरान बच्चों के ट्यूशन पढ़ने के लिए आने से पहले धमाके के कारण हादसा हो गया। मंगनी के बाद 25 नवंबर का दिन तन्नु की शादी के लिए फिक्स किया हुआ है। उनके पड़ोसियों ने यह बात बताई। जानिए क्या है मामला पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के घर में रविवार शाम करीब साढ़े 4 बजे जोरदार धमाका हुआ। जिसमें सतबीर के साथ सीआरपीएफ जवान पड़ोसी जयभगवान के अलावा बेटी तन्नु, नाती खुशी झुलस गई थी। पत्नी मधु भी चपेट में आई। सभी दिल्ली के अस्पताल में उपचाराधीन है। जिनमें से तन्नु की स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है। रिपोर्ट आने में लगेगा समय डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा कि फारेसिंक रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा। IGL की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के अधिकारी भी अपने स्तर पर जांच कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पीएजनी रिसाव हादसे का कारण माना जा रहा है। हादसे के कारणों की वास्तविकता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। घर में रखे उपकरण सुरक्षित मिले धमाके के बाद घर के दरवाजे, खिड़की, शीशे टूट गए थे। गली में सामने बने मकान की दीवार पर जले हुए शीशे के टुकड़े चिपके मिले थे। घर में रखें गैस के 3 सिलेंडर, फ्रीज और प्रेस सुरक्षित मिले थे। जिससे हादसे के बाद धमाका सभी के लिए रहस्य बना रहा। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस भले ही दावा कर रही हो, परंतु स्पष्ट रूप से कहने से बच रही है।
भष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की टीम ने 2 जुलाई को जयपुर के लालकोठी स्थित नगर निगम ऑफिस से मैरिज रजिस्ट्रार और एक दलाल को घूस लेते पकड़ा। जांच में सामने आया कि दलाल राकेश चौधरी पहले निगम के मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस में ठेके पर लगा हुआ था। 15 जून को ही संवेदक ने उसे हटा दिया था। इसके बाद राकेश ने निगम ऑफिस की कुछ दूरी पर ही खुद का मैरिज ब्यूरो खोल लिया था। वो लगातार मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह के संपर्क में था। एसीबी डीएसपी अनीस अहमद ने बताया कि 2 जुलाई को जयपुर एसीबी ने भी निगम में ट्रैप की कार्रवाई की थी। इसकी सूचना राकेश चौधरी ने मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह को दी। राकेश ने ACB कार्रवाई का स्क्रीन शॉट विक्रम सिंह को भेजा था। मीटिंग में होने के कारण विक्रम ने फोन स्विच ऑफ कर रखा था। इस कारण विक्रम मैसेज नहीं देख पाया। कुछ घंटे बाद ही एसीबी कोटा की टीम ने दोनों को दबोच लिया। 3 हजार तक रिश्वते लेते आरोपी जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन में चैटिंग मिली है। जिसमें कितने केस आए, कितनों से पैसा लिया, कितने से पैसा बाकी है, की डिटेल मिली है। आरोपी शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में 2500 से 3000 हजार की रिश्वत लेते थे। जबकि विवाह रजिस्ट्रेशन का निर्धारित शुल्क 110 रुपए है। फिलहाल जांच की जा रही है। दोनों न्यायिकअभिरक्षा में जयपुर जेल में बंद है। ट्रैप से पहले पार्टी को खुद का मैरिज ब्यूरो दिखाने गया अनीस अहमद ने बताया कि दलाल राकेश व मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम दोनों संपर्क में रहते थे। जॉब से हटाने के बाद भी दलाल राकेश की निगम ऑफिस में बैठक थी। ट्रैप से कुछ वक्त पहले ही राकेश किसी पार्टी को अपना मैरिज ब्यूरों दिखाने ले गया था। फिर वायस निगम लौटा। जहां उसे परिवादी मिला। जैसे ही उसने परिवादी से रिश्वत लीं। कोटा एसीबी ने उसे पकड़ लिया। कुछ मिनट बाद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह भी मीटिंग से ऑफिस लौटा। एसीबी ने उसे भी पकड़ लिया। रिश्वत की रकम घटाकर 1 हजार की ख़ुद का मैरिज ब्यूरो खोलने के बाद आरोपी दलाल ने मैरिज रजिस्ट्रेशन की एवज में रिश्वत की रकम 2500 से घटाकर 1000 हजार कर दी थी। दोनों ने तय किया कि नए रजिस्ट्रेशन पर अब 1 हजार रूपए ही लेंगें। एडिशनल एसपी एसीबी कोटा विजय स्वर्णकार ने बताया परिवादी ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि आर्य समाज मंदिर, प्रताप नगर में गरीब और दहेज रहित शादी करवाई जाती है। विवाहों के पंजीयन के लिए आरोपी प्रति विवाह 2,500 से 3,000 रूपए तक रिश्वत मांगते थे। रिश्वत नहीं देने पर डॉक्यूमेंट में कमियां बात कर परिवादियों को परेशान किया जाता था। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 2 जुलाई को 12,500 की रिश्वत लेते दोनों आरोपियों को ट्रैप किया। मौके पर तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 38 हजार की नगदी भी बरामद की थी। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़े- जयपुर में मैरिज रजिस्ट्रार-कर्मचारी को घूस लेते किया गिरफ्तार:शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में मांगी रिश्वत; साढ़े 12 हजार रुपए लेते पकड़ा
बदायूं पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने सीओ सर्किल में बदलाव करते हुए राहुल पाण्डेय को नया सीओ सिटी नियुक्त किया है। इससे पहले राहुल पाण्डेय सीओ दातागंज के पद पर कार्यरत थे। इस फेरबदल के तहत, गैर जिले से स्थानांतरित होकर आए अशेषनाथ सिंह को दातागंज सर्किल का नया सीओ बनाया गया है। दरअसल, कुछ समय पहले सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय का तबादला कासगंज जिले में हो गया था। रजनीश उपाध्याय सीओ क्राइम का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे, जिसके बाद से सीओ सिटी का पद रिक्त चल रहा था। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि जिलेभर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि राहुल पाण्डेय के सीओ सिटी बनने से शहरी क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
हरदा में किराना दुकान में चोरी:अज्ञात चोर 7 हजार नकद, चिल्लर ले गए; CCTV कैमरे बंद मिले
हरदा जिले के टिमरनी बस स्टैंड के पास स्थित एक किराना दुकान में अज्ञात चोरों ने बीती रात धावा बोल दिया। चोर दुकान के ताले तोड़कर गल्ले में रखी नकदी और चिल्लर लेकर फरार हो गए। बुधवार सुबह करीब छह बजे संदीप किराना दुकान के संचालक संदीप कुशवाहा के पिता दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकान के ताले टूटे हुए और अंदर सामान बिखरा हुआ देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुकान संचालक संदीप कुशवाहा ने बताया कि चोर लगभग सात हजार रुपये नकद और तीन हजार रुपये की चिल्लर लेकर गए हैं। कुल मिलाकर करीब दस हजार रुपये की चोरी हुई है। चोरों का पता लगाने में फिलहाल दिक्कत आ रही है क्योंकि दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। बताया जा रहा है कि ये कैमरे नगर परिषद द्वारा लगाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि दुकान से महज 200 मीटर की दूरी पर डायल 112 वाहन खड़ा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे आसपास की अन्य दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर चोरों की तलाश करेंगे।
सतना में 24 घंटे में सवा 3 इंच बारिश:3 दिन का यलो अलर्ट, तापमान 4 डिग्री गिरा
सतना जिले में मानसून सक्रिय है। पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई, जिसमें जिला मुख्यालय में सवा 3 इंच (लगभग 82.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें औसतन आधा इंच बारिश की संभावना है। इसी अवधि में पूरे जिले में डेढ़ इंच (लगभग 37.5 मिमी) औसत बारिश हुई। चालू मानसून सीजन में अब तक कुल 7 इंच (लगभग 175 मिमी) पानी गिरा है, जो पिछले साल की तुलना में 2 इंच कम है। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं: सोहावल में आधा इंच, मझगवां में एक इंच, बिरसिंहपुर और रामपुरबघेलान में डेढ़-डेढ़ इंच, नागौद में सवा 2 इंच और अमरपाटन में 2 इंच बारिश दर्ज की गई। नागौद में सर्वाधिक बारिश हुई। सवा 3 इंच बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। सुबह हवा में नमी 97 प्रतिशत और शाम को 88 प्रतिशत रही।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने एनर्जी ड्रिंक के नाम पर परोसी जा रही कैफिनेटेड बेवरेजेस के खिलाफ दूसरे दिन भी एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुष्कर रोड़ के गोदाम से नामी ब्रांड रेड बुल की 2,293 कैन जब्त कर सीज करने की कार्रवाई की। इसमें रेड बुल सहित केचप व लीची ज्यूस के सेंपल भी लिए गए है। अजमेर में पिछले दो दिनों के भीतर अब तक कुल 12 हजार से अधिक प्रतिबंधित और भ्रामक ड्रिंक्स जब्त की जा चुकी हैं। मंगलवार को विभाग की विशेष टीम ने पुष्कर रोड स्थित बैकुंठ मंदिर के सामने जोगराज नगर में मैसर्स अंबे ट्रेडिंग के गोदाम पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की। यहां एनर्जी ड्रिंक के रूप में धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही नामी ब्रांड ह्यरेड बुल की 2,293 कैन जब्त की गईं। इसके साथ ही टीम ने मौके से विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिए हैं। कैनों में से 2 सैंपल लिए सीएमएचओ डॉ ज्योत्सना रंगा के अनुसार रेड बुल की विभिन्न क्षमता वाली कैनों में से 2 सैंपल लिए और शेष स्टॉक को तुरंत सीज कर दिया। इसके अलावा संदेह के आधार पर इसी प्रतिष्ठान से बिक रहे टमाटर केचप और रेडी टू सर्व फ्रूट ड्रिंक (लीची फ्लेवर) के भी नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संग्रहित किए गए। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, अजय मोयल, केसी नंदन शर्मा एवं राजेंद्र शर्मा सम्मिलित रहे। …………. . पढें ये खबर भी… पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने शांति भंग में पकड़ा; जांच के आधार पर जोड़ेंगे अन्य धाराएं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में कृष्णगंज थाना पुलिस ने एक यू-ट्यूबर नरेश राघानी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढें
फर्रुखाबाद की डॉ. गुंजन अग्रवाल को राज्यपाल ने उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया है। उन्हें यह सम्मान अध्यापन, शोध कार्यों और शैक्षिक नवाचार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। डॉ. गुंजन अग्रवाल वर्तमान में श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय, अलीगढ़ में वाणिज्य विभाग की अध्यक्ष हैं। वह फर्रुखाबाद के किराना बाजार निवासी डीएन कॉलेज, फतेहगढ़ के वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भुवनेश अग्रवाल और सुधा अग्रवाल की बेटी हैं। राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ़ में सोमवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान कार्यों में विशेष योगदान के लिए नवाजा गया। उनकी मां सुधा अग्रवाल ने बताया कि डॉ. गुंजन शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने एनएकेपी इंटर कॉलेज, फर्रुखाबाद से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की और डीएन कॉलेज, फतेहगढ़ से स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2000 में, वह एमकॉम की परीक्षा में सीएसजेएम विश्वविद्यालय, कानपुर की टॉपर थीं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।
फर्रुखाबाद के कमालगंज इलाके में डीसीएम चालक की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। बुधवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में हत्या के मुख्य आरोपी वीनेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चलीं। जिसमें आरोपी वीनेश के बाएं पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है। पूरा मामला 7 जुलाई की घटना से जुड़ा है। कमालगंज थाने में मृतक सोनेलाल के पिता ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कल्लू नगला गांव के रहने वाले दो भाइयों - अवधेश और वीनेश पुत्र रामभरोसे ने मिलकर उनके बेटे सोनेलाल की बेरहमी से हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को रास्ते में फेंक दिया। सोनेलाल डीसीएम ड्राइवर था। पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक यूनिट को बुलाकर वहां से सारे जरूरी सबूत इकट्ठा किए। पिता की शिकायत के आधार पर कमालगंज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके उसे पकड़ा बुधवार को पुलिस को अपने मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या का आरोपी वीनेश किसी खास जगह पर छिपा हुआ है। वह वहां से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी करके उसे पकड़ने की कोशिश की। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी वीनेश ने अवैध तमंचे से पुलिस वालों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने भी अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस फायरिंग में एक गोली सीधे वीनेश के बाएं पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं ढेर हो गया और पुलिस ने उसे दबोच लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज में इलाज जारी गोली लगने की वजह से वीनेश जख्मी हो गया था, इसलिए पुलिस ने उसे तुरंत इलाज के लिए कमालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि हत्या के मामले के अलावा, पुलिस पर जानलेवा हमला करने और गैरकानूनी हथियार रखने के जुर्म में वीनेश के खिलाफ एक और नया केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है और मामले के दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है।
हाथरस में मंगलवार रात 3 बजे से बुधवार सुबह आठ बजे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। कभी तेज तो कभी रिमझिम फुहारों से लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। ठंडी हवाएं भी चलीं। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था, जबकि आज बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस मापा गया। लगातार बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव हो गया। इससे शहर की ड्रेनेज और सीवरेज व्यवस्था की पोल खुल गई। नाली नालियां उफन कर सड़क पर आ गए। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बरसात से सामान्य दिनचर्या प्रभावित... हाथरस कोतवाली सदर परिसर में भी घुटनों तक पानी भर गया। स्कूली बच्चे बारिश में भीगते हुए स्कूल जाते दिखे, वहीं लोगों को छाते और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा। बारिश ने सामान्य दिनचर्या को प्रभावित किया और वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण शहर और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए 21 से 30 अगस्त 2026 तक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों को निपटाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संतकबीरनगर के सचिव सुनील कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्य न्यायाधीश की पहल पर 21 अप्रैल 2026 से 'समाधान समारोह-2026' अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वादों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर शीघ्र और प्रभावी निस्तारण करना है। विशेष लोक अदालत से पहले, जिला, तालुका और उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों के मध्यस्थता केंद्रों पर परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में पक्षकार अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शामिल होकर विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रयास कर सकते हैं। समाधान समारोह में शामिल होने के इच्छुक पक्षकारों को सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संतकबीरनगर के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। प्राधिकरण ने आमजन से इस महत्वपूर्ण पहल में सक्रिय सहभागिता कर न्याय को अधिक सरल, सुलभ और शीघ्र बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र के एक गांव से दो नाबालिग बहनें लापता हो गई हैं। परिजनों के अनुसार, दोनों घर से कपड़े और जेवर लेकर निकली थीं। मां की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, दोनों किशोरियां सोमवार को दोपहर करीब एक बजे बैग लेकर घर से निकली थीं। उनके छोटे भाई ने उन्हें जाते हुए देखा था, लेकिन वे बिना कुछ बताए चली गईं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मां की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। किशोरियों की तलाश के लिए दो टीमें गठित की गई हैं और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किशोरियां किसी के संपर्क में तो नहीं थीं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों को सकुशल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को पुलिस ने 40 घंटे की रिमांड पर ले लिया है। पुलिस टीम बुधवार सुबह 7:36 बजे फैजाबाद जेल पहुंची और तीनों आरोपियों को पुलिस लाइन लेकर गई। SIT रिपोर्ट के अनुसार, तीनों आरोपी CCTV फुटेज में नोटों को जेब में रखते हुए नजर आए थे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि चंपत राय से मिलने पहुंचे हैं। चंपत राय राम मंदिर के निकट रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में एकांतवास कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने लेटर जारी कर चुप्पी तोड़ी थी। कहा था- मेरे ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं। इधर, SIT ने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े आयोजनों के खर्च की जांच शुरू कर दी है। SIT 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण के बिल और वाउचर खंगाल रही है। रिकॉर्ड के मुताबिक, प्राण-प्रतिष्ठा पर 113 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें 8 हजार मेहमान आए थे। ध्वजारोहण पर 10.12 करोड़ खर्च हुए। राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
हरियाणा के हिसार में 5 बच्चों का बाप गर्लफ्रेंड के साथ फरार हो गया है। मामला 20 जून का है मगर इतने बीत जाने के बाद भी पति घर नहीं आया तो पत्नी ने पुलिस को पति के लापता होने की शिकायत दी है। हालांकि पत्नी का कहना है कि पुलिस इस मामले में कोई कॉपरेट नहीं कर रही है और उसके पति का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। गांव गंगवा की रहने वाली माया देवी ने बताया कि 20 जून को उसको पता चला था कि उसके पति विजय का किसी दूसरी औरत से चक्कर चल रहा है। इसके बाद वह पति की गर्लफ्रेंड के घर ऋषिनगर में गई जहां पता चला कि कई महीनों से उसका पति यहां आ रहा है। आस पड़ोस में पता किया तो पता चला कि औरत ने मेरे पति को अपना पति बताया हुआ था। जब रात को उसका पति घर आया तो उसने उस औरत के बारे में पूछा, इसके बाद वह रात को 11 बजे घर से चला गया और औरत कमलेश को भी साथ ले गया। दोनों का अभी तक कोई पता नहीं चला सकता है। बाप ने बेटे को बता हुई थी सच्चाईपत्नी माया देवी ने बताया कि उसके पति विजय ने अपने बड़े बेटे और मेरे देवर को पूरी सच्चाई बताई हुई थी। वो मेरे बेटे को कहता था यह तेरी दूसरी मां है। यह मेरी सेटिंग है। माया देवी ने बताया कि पति विजय अकसर उससे मारपीट किया करता था। मेरे 5 बच्चे हैं जिसमें 3 लड़की और 2 लड़के हैं। उसका पति ड्राईवरी करता है और मैं ई-रिक्शा चलाती हूं। मैं जिस घर में रहती हूं वो किराए का है। इसका ढाई हजार रुपए महीना किराया है। अब बच्चों की देखभाल करूं या घर खर्च निकालूं, कुछ समझ नहीं आ रहा। 20 साल पहले हुई थी शादीपत्नी माया ने बताया कि उसकी करीब 20 साल पहले शादी हुई थी। देवर को पिछले ढाई साल से पता था कि उसका चक्कर चल रहा है मगर उसको मेरे पति ने धमकी दी हुई थी अगर तूने घर पर बताया तो तुझे जान से मार दूंगा। जब मुझे सच्चाई का पता चला तो मैंने उस औरत को फोन किया तो उसने मुझे ही उल्टा सुना दिया और कहा कि तेरे पति का तेरे से मन भर गया है इसलिए वो मेरे पास आता है। मैं सबकुछ भूल जाउंगी, वो घर आ जाएमाया देवी ने बताया कि मैं अपने पति की हर भूल माफ करने के लिए तैयार हूं। बस वो एक बार घर आ जाए और परिवार को संभाल लें। माया ने बताया कि जिस औरत के साथ उसका पति भागा है वो दो शादी कर चुकी है। उसका पहला पति मंदबुद्धि है और मेरा पति तीसरा आदमी है जिसका उसके साथ चक्कर चल रहा है। माया ने बताया कि कमलेश की एक 18 साल की लड़की है और उसने अपनी बेटी को भागने से पहले हरिद्वार भेज दिया था। पुलिस नहीं कर रही सुनवाई वहीं इस मामले में माया देवी ने बताया कि वो पुलिस के पास शिकायत लेकर गई। आजाद नगर थाने में शिकायत की तो पुलिस ने कहा कि तेरा पति भाग गया तो भाग गया हम इसमें क्या कर सकते हैं। माया ने बताया कि मेरे पति से कई दिनों से बात नहीं हुई है और उस औरत का फोन बंद आ रहा है। मेरा पति अपना फोन घर पर ही छोड़ गया था। माया ने बताया कि उसकी मां उससे कहती थी कि तेरा पति ठीक नहीं है उसे छोड़ मगर मैंने कभी मां की बात नहीं मानी।
बांसवाड़ा में नाबालिग छात्रा के अपहरण और गैंगरेप के मामले में एक साल से फरार चल रहे तीसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में पहले ही दो आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि मेडिकल जांच में पीड़िता के गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई थी। 9वीं की छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, गहने भी साथ ले गए बांसवाड़ा जिले में 22 फरवरी 2025 की रात 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा घर से लापता हो गई थी। 8 मार्च को उसके पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि आरोपी छात्रा को बहला-फुसलाकर पत्नी बनाने की नीयत से अपने साथ ले गए। जाते समय छात्रा के करीब 1 किलो चांदी के जेवर, जिनमें कंदोरा, सांकली, पायजेब और पायल शामिल थे, भी साथ ले गए। मेडिकल जांच में प्रग्नेंट होने का खुलासा, दो आरोपी पहले ही जेल भेजे गए मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और नाबालिग को दस्तयाब किया। मेडिकल और सोनोग्राफी जांच में उसके प्रेग्नेंट होने की पुष्टि हुई। इसके बाद दुष्कर्म की धाराएं मामले में जोडृ़ी गई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में तीसरा आरोपी करीब एक साल से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस से बच रहा था। पुलिस ने जाल बिछाकर दबोच लिया।
मुरैना में सुबह से रिमझिम बारिश:भीषण उमस भरी गर्मी से राहत, किसानों को बोवनी में भी होगी मदद
मुरैना जिले में मानसून अपनी रफ्तार अब धीरे-धीरे पकड़ने लगा है। बुधवार सुबह से शहर और आसपास के इलाकों में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। हल्की बारिश से लोगों को भीषण उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं, बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी यह राहत लेकर आई है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन फिलहाल जिले में अच्छी और झमाझम बारिश के संकेत नहीं हैं। उमस भरी गर्मी से मिली राहत पिछले कई दिनों से मुरैना में तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा था। बुधवार सुबह मौसम ने करवट ली और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई। किसानों के लिए राहत की बारिश मानसून के देरी से पहुंचने के कारण जिले के किसान बोवनी को लेकर चिंतित थे। खेतों में नमी नहीं होने से कई किसान फसल की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। सुबह से हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को खरीफ फसलों की बोवनी शुरू करने में मदद मिलेगी। अभी अच्छी बारिश के संकेत नहीं मौसम विभाग के वैज्ञानिक संदीप तोमर के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है। हालांकि फिलहाल भारी या लगातार अच्छी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। ऐसे में किसानों की नजर अब मानसून की तेज बारिश पर बनी हुई है।
उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी
उदयपुर। शहर की बुनियादी और नागरिक समस्याओं को दूर करने के लिए चलाए जा रहे दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' का धरातल पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम और संबंधित प्रशासन ने प्रताप नगर इलाके में बड़ी राहत दी है। यहाँ एसबीआई बैंक के सामने जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को दुरुस्त कर दिया गया है, तो वहीं एफ-ब्लॉक के खाली प्लॉट में महीनों से जमा कचरे के ढेर को हटवाकर सफाई कर्मचारी रोशन लाल ने 'पब्लिक के स्टार' के रूप में मिसाल पेश की है। हालांकि, शहर के कई अन्य इलाके अब भी प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हैं। बड़गांव क्षेत्र के सापेटिया गांव में भारी जलभराव के कारण मुख्य सड़क तालाब बन चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। इसी तरह महालक्ष्मी नगर में पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों को गड्ढों में तब्दील छोड़ दिया गया है। उधर, पहाड़ा के शांति नगर में पिछले 1 साल से बंद पड़ी रोड लाइटों के कारण चोरियों और हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है, जबकि मल्ला तलाई के सज्जनगढ़ रोड पर बिखरा कचरा पर्यटन नगरी की छवि को धूमिल कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रवासियों ने 'भास्कर समाधान' के जरिए प्रशासन से इन समस्याओं के भी जल्द से जल्द स्थाई निपटारे की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… खाली प्लॉट से हटा कचरे का ढेरउदयपुर के प्रताप नगर चौक (एफ-ब्लॉक) में 'भास्कर समाधान' की पहल के बाद गंदगी की एक बड़ी समस्या दूर हो गई है। यहाँ एक खाली पड़े प्लॉट में लोगों के जरिए कचरा फेंकने से चारों तरफ गंदगी और असहनीय बदबू फैल रही थी, जिससे परेशान होकर क्षेत्रवासी प्रवीण झा ने इसकी शिकायत 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। खबर सामने आते ही नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। निगम के सफाई कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर जाकर प्लॉट की पूरी सफाई करवाई और कचरे को हटवाकर स्थानीय निवासियों को इस समस्या से स्थाई निजात दिलाया है। रोशन लाल बने आज 'पब्लिक के स्टार'प्रताप नगर एफ-ब्लॉक से 'भास्कर समाधान' पर प्रवीण झा ने गंदगी की एक बड़ी समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि खाली पड़े प्लॉट में लोगों के जरिए लगातार कचरा फेंकने से क्षेत्रवासी परेशान थे। समस्या पोस्ट होने पर नगर निगम के सफाई कर्मचारी रोशन लाल ने मुस्तैदी दिखाई और तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे प्लॉट की अच्छी तरह सफाई करवाई। निगम की इस त्वरित कार्रवाई से खाली प्लॉट अब पूरी तरह साफ हो गया है और स्थानीय लोगों को गंदगी से राहत मिली है। पानी की समस्या का हुआ समाधानउदयपुर के प्रताप नगर इलाके में 'भास्कर समाधान' का एक बड़ा असर देखने को मिला है। यहाँ एसबीआई बैंक के सामने वाली गली में पिछले काफी समय से पानी की टंकी खराब और जर्जर हालत में थी। स्थानीय निवासी दीपक मेघवाल के जरिए इस समस्या को पोर्टल पर पोस्ट करने के बाद प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया। जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर टंकी को पूरी तरह दुरुस्त करवा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। अभी भी कई इलाकों में समाधान की आस… स्कूली बच्चे गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूरउदयपुर के बड़गांव क्षेत्र के सापेटिया गांव में जलभराव के कारण हालात बद से बदतर हो चुके हैं। स्थानीय निवासी विनय पटेल ने लिखा कि मुख्य सड़क पर बहुत सारा पानी भरा होने से यातायात पूरी तरह ठप है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना इस गंदे और संक्रामक पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। उचित जल निकासी न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है और हादसे का डर बना हुआ है। सड़क ठीक करना भूले जिम्मेदारबड़गांव क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर के निवासी राधा कृष्ण जोशी ने 'भास्कर समाधान' पर सड़क की बदहाली की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि इलाके में नल और गैस पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी इसे दुरुस्त नहीं किया गया। अधूरी और जर्जर स्थिति में छोड़ी गई यह सड़क अब वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है, जिससे यहां रोज हादसे की आशंका बनी रहती है। रोड लाइट न होने से बढ़ा वारदातों का खतराउदयपुर के पहाड़ा इलाके के शांति नगर (रूप सागर रोड) निवासी सुरेंद्र कुमार धाकड़ ने क्षेत्र की गंभीर समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 1 साल से पूरे इलाके में रोड लाइटें खराब पड़ी हैं, जिसके चलते रात के समय चारों तरफ घना अंधेरा पसर जाता है। स्ट्रीट लाइट्स बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी तो हो ही रही है, साथ ही क्षेत्र में लगातार हादसों और चोरियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। मल्ला तलाई में लगा गंदगी का अंबारमल्ला तलाई क्षेत्र स्थित सज्जनगढ़ रोड से रज्जाफ खान ने 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि इलाके के ए-ब्लॉक में पिछले 15 दिनों से सड़क किनारे कचरा पड़ा हुआ है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस सड़ते हुए कचरे से पूरे क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल रही है, जिससे न केवल गंदगी और बीमारियां बढ़ रही हैं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस इलाके की छवि भी खराब हो रही है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:फतहसागर में बेसहारा पशु ब्रिज से गिर रहे, बड़गांव में बिजली के तारों पर लटका पेड़, खुली नालियों से हादसे का डर 2.हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें ठीक:आर्य समाज मार्ग पर नाली साफ होने से खत्म हुआ जलभराव, लेकिन कॉलोनियों में टूटी सड़क बनी परेशानी 3.उदयपुर में समस्याओं को लेकर लोगों ने उठाई आवाज:सीवर के पानी और मलबे से बढ़ी आफत, खुले नाले और बंद पड़ी रोड लाइटें दे रहीं हादसों को न्यौता 4.उदयपुर के भुवाना में सुरक्षा भगवान भरोसे:तुलसी नगर RAC ऑफिस के सामने रोड लाइट गायब, अंधेरे में हादसों का डर 5.उदयपुर में रोड लाइट और सड़क की समस्या:स्पीड ब्रेकर बना जल निकासी में बाधा, बीमारी का बढ़ा खतरा 6.उदयपुर में नगर निगम की सुस्ती से फूटा रोष:खारोल कॉलोनी में चोक नालियों से भरा पानी, दागली की मगरी में हफ्ते भर से रोड लाइट बंद 7.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 8.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार 9.उदयपुर के अशोक नगर में सुधरी सीवर व्यवस्था:बेदला में 15 दिनों से ठप सफाई व्यवस्था बहाल, सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर' 10.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है। बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा। प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे 'शीशमहल' नाम दिया था। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें... CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। 2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
जयपुर में नागरिक समस्याओं के खिलाफ 'भास्कर समाधान' मुहिम एक बार फिर असरदार साबित हुई है। जहां एक तरफ सजग नागरिकों की शिकायतों के बाद प्रशासन और पार्षदों ने तत्परता दिखाई, वहीं दूसरी ओर कई पुरानी समस्याओं का हाथों-हाथ निपटारा भी हुआ। चाहे सेशन कोर्ट में चोक सीवर का मामला हो या विधानसभा रोड पर बहता गंदा पानी, 'भास्कर समाधान' की ताकत और जन-भागीदारी से राहगीरों को गंदगी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, आमेर की टूटी सड़कें और हरमाड़ा की बंद स्ट्रीट लाइटें अब भी सिस्टम की सुस्ती बयां कर रही हैं, जिन्हें जल्द समाधान की आस है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) सीवर की समस्या का हुआ समाधानजयपुर के सेशन कोर्ट परिसर से सीवर लाइन चोक होने की समस्या सामने आई थी। इस मामले में एडवोकेट आशुतोष शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट कर लिखा था कि परिसर में लाइन चोक होने से गंदगी फैल रही है। नगर निगम की तरफ से भी कई-कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता है। जिसके कारण लोगों को गंदगी से गुजरना पड़ता था, हालांकि, समस्या पोस्ट होने के बाद निवर्तमान पार्षद ने साफ-सफाई करवा दी है। मनोज मुदगल बने आज'पब्लिक का स्टार'सेशन कोर्ट परिसर से सीवर लाइन चोक होने की समस्या के बारे में एडवोकेट आशुतोष शर्मा ने पोस्ट कर समस्या बताई थी। जिसपर निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल ने एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है। जिसके बाद परिसर में आने-जाने वाले लोगों को गंदगी से काफी राहत मिली है। लोगों ने मनोज मुदगल को आज का 'पब्लिक का स्टार' भी चुना है। विधानसभा रोड पर बह रहा था गंदा पानीलाल कोठी के विधानसभा रोड के रहने वाले मनोज ने कुछ दिनों पहले सीवर का पानी रोड पर बहने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि पूरी कॉलोनी में गंदगी होने से बदबू फैल गई है। रास्ते से निकलने में भी काफी परेशानी हो रही थी। राहत की खबर हो कि समस्या का समाधान करवा दिया गया है। कंवर नगर में साफ हुआ कचराट्रिपेलिया बाजार के कंवर नगर से कचरे की समस्या सामने आई थी। जिसमें निवासी राहुल अग्रवाल ने बताया था कि राजहंस कॉलोनी के मेन गेट पर कचरा पड़ा था। जिसके कारण कॉलोनी की छवि खराब हो रही थी। साथ ही नगर निगम भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। मामला जब दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सामने आया तो इस जगह की साफ-सफाई करवा दी गई है। रोड पर पानी व्यर्थ बहने से रोकापृथ्वीराज नगर निवासी सूर्या ने भी दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' का इस्तेमाल कर अपनी समस्या पोस्ट की थी। जिसमें सूर्या ने लिखा था कि सड़क किनारे पानी की लाइन में लीकेज है, जिसके कारण रोड पर पानी व्यर्थ बह रहा है। हालांकि, राहत की बात है कि समस्या पर प्रशासन ने एक्शन लिया और लीकेज को ठीक करवा दिया है। अभी भी कुछ समस्याओं के समाधान की आस… सालों ने टूटी पड़ी है इलाके की सड़केंजयपुर शहर के आमेर इलाके के रहने वाले दिलीप कुमार झा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क की समस्या पोस्ट की है। समस्या में लिखा कि मेहंदी का बास सियाराम डूंगरी में सालों से क्षेत्र की रोड टूटी पड़ी है। बारिश के मौसम में हालत और भी खराब हो जाती है। टूटी रोड पर बारिश का पानी भर जाता है और कॉलोनी वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कचरा भरा होने से बंद हुई गलीशहर की बैरवा बस्ती माउंट रोड निवासी राहुल बोलिया ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा कि मकान नं 28 के बाद गलियां बंद पड़ी है। गलियों में कचरा भरा होने के कारण ये स्थिति बन गई है। कई बार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है और कोई भी नगर निगम की तरफ से सफाई करने नहीं आ रहा है। खराब स्ट्रीट लाइट से लोग परेशान सीकर रोड, हरमाड़ा क्षेत्र की शेखावटी नगर कॉलोनी से बंद रोड लाइट की समस्या सामने आई है। मामले में लक्ष्य नाम के क्षेत्रवासी ने दैनिक भास्कर पर पोस्ट कर बताया कि खंबे पर लगी लाइट लंबे समय से खराब है। इसके कारण कॉलोनीवासी और आस-पास के लोगों को काफी असुविधा होती है। हादसों को न्यौता दे रहा सीवर चैंबरजयपुर शहर के दादू मार्ग गोविंद नगर ईस्ट से श्याम कुमार पारीक ने 'भास्कर समाधान' पर टूटे फेरो कवर की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि पिछले 2 सालों से ये सीवर के फेरो कवर टूटे पड़े है। कवर टूटने के कारण कभी भी कोई हादसा भी हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि जल्द इसे ठीक किया जाए ताकि, लोगों को डर के ना रहना पड़े। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान': निगम उपायुक्त बनीं ‘स्टार ऑफिसर’:कीचड़ भरे रास्ते से श्मशान जाने को मजबूर, अतिक्रमण से स्कूली बच्चे परेशान, बारिश से बना गड्ढा 2.जयपुर की गलियों में गंदगी, अंधेरा बना चुनौती:'भास्कर समाधान' बना जनता की आवाज, शिकायतों पर अधिकारी ले रहे तुरंत एक्शन 3.पार्षद की कार्रवाई ने शास्त्री नगर में पलटी तस्वीर:कई इलाकों में विभागों ने दिखाई तत्परता, मानसून की शुरुआत ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल 4.सोडाला में सीवर की समस्या दूर:गोकुलपुरा में टला बड़ा हादसा, बिजली के पोल पर झुके पेड़ को विभाग ने मुस्तैदी से हटाया 5.'भास्कर समाधान' से कई इलाकों की समस्याएं खत्म:बंद लाइटें, टूटी सड़कें और कचरे से मिली राहत, कुछ क्षेत्रों में अब भी समाधान का इंतजार जारी 6.जयपुर में अंधेरे और अतिक्रमण का संकट:जगदीश विहार में 4 दिन से बंद रोड लाइट, मालवीय नगर में अवैध पार्किंग से घरों के रास्ते हुए जाम 7.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:निगम की एक्सईएन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’, पार्क, सड़कें बदहाल, बेसहारा पशु और नियमित सफाई बड़ी समस्या 8.भास्कर समाधान: पेड़ की समस्या का हुआ समाधान:सीवर, बदहाल सड़कें और आवारा पशुओं से लोग परेशान, शिकायतों के बाद भी कई इलाकों में इंतजार 9.जयपुर में निगम उपायुक्त बनीं 'स्टार ऑफिसर':वैशाली नगर में जानलेवा टूटा ढक्कन बदला, एक महीने से खुला सीवर चैंबर दुरुस्त 10. दादी का फाटक अंडरपास बना तालाब:कनक विहार में अंधेरे का संकट; पार्षद ने दूर की वार्ड की दिक्कतें
सीकर शहर के लोग दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं, जिन पर संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सफाई, सीवर, जलभराव और आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए वार्ड-28 में कचरा उठवाया गया और जयपुर रोड स्थित खिचियों का बास में सीवर लाइन की समस्या का समाधान किया गया। वहीं, बीएसएनएल टेलीकॉम कॉलोनी में नाले की सफाई, देव नगर में आवारा पशुओं, ग्राम कुंडल में जलभराव और सुभाष चौक क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क पर पानी भरने जैसी समस्याओं के समाधान की मांग स्थानीय लोगों ने की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : एईएन अमित स्वामी आज के हमारे स्टार ऑफिसर एईएन अमित स्वामी बने हैं। सीकर के दधीचि नगर, शीतला का बास, वार्ड नंबर-28 में पिछले कई दिनों से ऑटो टिपर नहीं आने के कारण घरों और सड़क किनारे कचरे के ढेर लग गए थे। इससे बदबू फैल रही थी और बारिश के मौसम में संक्रमण व मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। समस्या मिलने के बाद एईएन अमित स्वामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से क्षेत्र की सफाई करवाई और नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। समय पर कार्रवाई से लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिली। उनकी त्वरित कार्रवाई के लिए उन्हें आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया। वार्ड 28 में कचरा उठने से लोगों को मिली राहत सीकर के दधीचि नगर, शीतला का बास, वार्ड नंबर 28 में पिछले कई दिनों से ऑटो टिपर नहीं आने के कारण घरों और सड़क किनारे कचरे के ढेर लग गए थे। इससे बदबू फैलने के साथ बारिश के मौसम में संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था। इस समस्या को लेकर जयप्रकाश सैनी ने नागरिक मंच पर शिकायत दर्ज कर प्रशासन से जल्द कचरा उठाने की मांग की थी। शिकायत के बाद नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में ऑटो टिपर भेजकर जमा कचरा उठवा दिया। समस्या के समाधान से क्षेत्रवासियों को राहत मिली और लोगों ने नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था बनाए रखने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो। सीवर लाइन की समस्या का हुआ समाधान जयपुर रोड स्थित खिचियों का बास निवासी नवल किशोर ने भास्कर समाधान ऐप पर शिकायत पोस्ट की थी कि सीवर लाइन शुरू होने से पहले ही लोगों ने अवैध कनेक्शन कर लिए थे। इसके कारण चैंबर से गंदा पानी निकलकर सड़क पर फैल रहा था और आसपास बदबू से लोगों को परेशानी हो रही थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और समस्या का समाधान कर दिया। अब गंदे पानी का बहाव बंद हो गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को दुर्गंध और गंदगी से राहत मिली। एक साल से नाले की सफाई न होने से बीमारी का खतरा बीएसएनएल टेलीकॉम कॉलोनी निवासी रामनिवास दुकिया ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि कॉलोनी के नाले की पिछले एक साल से सफाई नहीं हुई है। नाले में झाड़ियां, मिट्टी और कचरा जमा होने से बरसात में जलभराव की स्थिति बन रही है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। बेसहारा पशुओं से लोग परेशान, हादसे का खतरा देव नगर निवासी हरफूल सिंह ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम पशुओं को पकड़कर ले गई थी, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर छोड़ दिया गया। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़कों पर घूम रहे पशुओं के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उपस्वास्थ्य केंद्र के सामने जलभराव से मरीज परेशान नगर परिषद के वार्ड-55 स्थित ग्राम कुंडल निवासी तनसुख ओला ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि राजकीय उपस्वास्थ्य केंद्र के सामने पिछले कई दिनों से पानी भरा हुआ है। सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण मरीजों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द जल निकासी और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। बारिश के बाद सड़क पर जलभराव, आवागमन हुआ मुश्किल सुभाष चौक स्थित बकरा मंडी रोड निवासी विनोद जैन ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। कई जगह जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.सीकर शहर की समस्याएं भास्कर समाधान पर पहुंचीं:कहीं टूटी सड़क तो कहीं जलभराव और नाली की परेशानी, सुरेंद्र गोदारा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.भास्कर समाधान: लाइट की समस्या का हुआ समाधान:सीकर में पानी, बिजली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 3.भास्कर समाधान: कचरा हटने पर लोगों को मिली राहत:आवारा पशुओं का आतंक, अंधेरे में डूबी गलियां और सड़क पर गहरे गड्ढे से बढ़ी परेशानी 4.सीकर में नाली, सड़क से जुड़ी समस्याओं का हुआ समाधान:नालों की सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं से लोग परेशान 5.भास्कर समाधान : स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुई हल:शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी की समस्याओं से परेशान, सुरेंद्र जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.भास्कर समाधान: गोकुलपुरा में खुले में फैला कचरा हटाया:पेयजल रिसाव, गंदी नालियां, टूटी सड़कें और बंद स्ट्रीट लाइट से शहरवासी परेशान, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7.‘भास्कर समाधान’ से एक क्लिक पर मिलता हल:कहीं 7 साल में 30 दिन ही जली लाइट, तो कहीं सड़क के बीच जानलेवा गड्ढे से हादसे का खतरा 8.'भास्कर समाधान' का बड़ा असर:कहीं बरसों पुराना जानलेवा गड्ढा हुआ दुरुस्त, तो कहीं दूर हुई लो-वोल्टेज की समस्या 9.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:AEN नीरज कुमारी ने दूर की पानी की किल्लत, सीवर और कचरे से जूझ रहे शहर को मिली राहत 10.सीकर में खुली समस्याओं की पोल:एक तरफ ट्रांसफॉर्मर का खौफ, तो दूसरी तरफ लाइट चालू और सड़क निर्माण के साथ एक्शन में आया प्रशासन
एटा जिले के अलीगंज कोतवाली क्षेत्र के कैल्ठा गांव में बुधवार तड़के 4:30 बजे रोडवेज बस ने दो देवरानी-जेठानी को टक्कर मार दी। हादसे में एक देवरानी की मौके पर मौत हो गई। वहीं, जेठानी गंभीर रूप से घायल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टमके लिए भेज दिया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। है। अब जानिए पूरा मामला… अलीगंज थाना क्षेत्र के कैल्ठा गांव की रहनेवाली कमला देवी (50) पत्नी सरवन सिंह अपनी जेठानी मालती देवी (60) पत्नी अजयपाल के साथ बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे खेत की ओर जा रही थी। दोनों सड़क किनारे चल रही थी। इसी दौरान एटा की ओर से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में कमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि जेठानी मालती देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने दोनों को घटनास्थल से किनारे हटाया। पुलिस को मामले की सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घायल मालती देवी को इलाज के लिए स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से हालत नाजूक होने के चलते डॉक्टर ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। हादसे के बाद बस चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने फरार बस चालक की तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि पुलिस बल को मौके पर भेजा गया है। हादसे के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बस की पहचान हो सके। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आगरा में सुबह से बूंदाबांदी, तेज हवा चल रही:आज भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में गिरावट आएगी
आगरा में बुधवार सुबह 6 बजे से ही बूंदाबांदी हो रही है। तेज हवाएं भी चल रही हैं। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट किया है। रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार, 8 और 9 जुलाई को आगरा में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 10 जुलाई को भी दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है। एक या दो दौर की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। सामान्य से 45% कम बारिशइस सीजन बारिश की कमी का असर आगरा समेत करीबी जिलों में साफ दिखाई दे रहा है। अब तक सामान्य से करीब 45% कम बारिश रिकार्ड की गई है। इससे खरीफ की फसलों की बुवाई और बढ़वार प्रभावित होने की आशंका है। कम बारिश से गर्मी और उमस ने भी लोगों को खासा परेशान किया है। हालांकि आने वाले दिनों में इससे राहत की उम्मीद की जा रही है। तीन बार हल्की बारिश से तापमान भी गिराएक दिन पहले मंगलवार को दिन में तीन बार रिमझिम और हल्की बारिश देखी गई। शाम को ठंडी हवाओं ने भी राहत बख्शी है। इससे तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक होकर 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले 5 दिनों के तापमान का अनुमान पिछले 5 दिनों के तापमान की स्थिति
अजमेर शहर के लोग दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं, जिन पर संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में मदार, शांतिपुरा, दयानंद कॉलोनी और श्री वाटिका रेजीडेंसी से बिजली और सफाई से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों ने झूलते बिजली के तार हटवाए, गंदी नाली की सफाई कराई, बंद स्ट्रीट लाइट चालू करवाई और बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या का समाधान किया। इससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर : अमित मुद्गल आज के हमारे स्टार ऑफिसर अमित मुद्गल बने हैं। मदार स्थित जे.पी. कॉलोनी के वार्ड-55 निवासी हिमांशु लालवानी ने भास्कर समाधान ऐप पर पेड़ों की टहनियों में उलझे बिजली के तारों की शिकायत पोस्ट की थी। शिकायत मिलने के बाद अमित मुद्गल ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से पेड़ों की टहनियों की छंटाई करवाई और बिजली के तारों को व्यवस्थित कराया। समय पर कार्रवाई से संभावित हादसे का खतरा टला और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया। झूलते बिजली के तार हटने से लोगों को मिली राहत मदार स्थित जे.पी. कॉलोनी के वार्ड-55 में पेड़ों की टहनियों में उलझे बिजली के तारों की समस्या का समाधान कर दिया गया है। स्थानीय निवासी हिमांशु लालवानी ने इस समस्या को उठाया था, जिसके बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर टहनियों की छंटाई कर तारों को व्यवस्थित कर दिया। इससे संभावित हादसों का खतरा टल गया है और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिलने लगी है। गंदी नाली की सफाई से सड़क पर जलभराव से मिली राहत शांतिपुरा क्षेत्र में कचरे से भरी नाली के कारण सड़क पर गंदा पानी फैलने की समस्या का समाधान हो गया है। धर्मेंद्र मेघवाल द्वारा समस्या उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग ने नाली की सफाई कर दी। सफाई होने से पानी की निकासी सुचारु हो गई है और क्षेत्र के लोगों को गंदगी व जलभराव से राहत मिली है। 20 दिन से बंद स्ट्रीट लाइट फिर हुई चालू दयानंद कॉलोनी गली नंबर-1 में पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को ठीक कर दिया गया है। पंकज ने इस समस्या को ऐप पर उठाया था। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट चालू कर दी। अब रात के समय क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी होने से लोगों की आवाजाही सुरक्षित हो गई है। शिकायतकर्ता ने भी समाधान की पुष्टि करते हुए दैनिक भास्कर टीम और संबंधित विभाग का आभार जताया है। बार-बार बिजली कटौती से मिली राहत, बिजली आपूर्ति हुई सुचारु अजमेर की श्री वाटिका रेजीडेंसी में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या का समाधान हो गया है। क्षेत्र के निवासी दलजीत जाट ने बताया था कि हर घंटे बिजली चली जाने से लोगों को काफी परेशानी हो रही थी और छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने आवश्यक कार्रवाई कर बिजली आपूर्ति को सुचारु कर दिया। अब क्षेत्रवासियों को लगातार बिजली मिल रही है, जिससे दैनिक कार्यों और विद्यार्थियों की पढ़ाई में आने वाली दिक्कत दूर हो गई है। अजमेर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं कई दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा पसरा है, तो कहीं महीनों से जाम नालियों के कारण गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं बारिश में जलभराव से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सब्जी मंडी में सड़क पर फैली गंदगी व अतिक्रमण से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से इन समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए…15 दिन से बंद स्ट्रीट लाइट से गली में अंधेरा, हादसे का बढ़ा खतरा अजमेरअशोक नगर, गढ़ी मालियान क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात के समय पूरी गली अंधेरे में डूबी रहती है। स्थानीय निवासी भोजराज ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों के खेलने के दौरान सांप और बिच्छू निकलने का डर बना रहता है। वहीं रात में वाहन और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट ठीक करवाने की मांग की है। कई महीनों से ब्लॉक नाली, मच्छरों और गंदगी से लोग परेशान अजमेर यू चंद्रवरदाई नगर क्षेत्र में लंबे समय से नाली जाम होने के कारण गंदा पानी जमा है। स्थानीय निवासी पवन दवे ने बताया कि नाली की नियमित सफाई नहीं होने से मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने नगर निगम से जल्द नाली की सफाई कराने की मांग की है। बारिश में घरों में भरता है गंदा पानी, लोगों का जीना हुआ मुश्किल अजमेर गुलाब बाड़ी मार्ग स्थित नया घर क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासी संतोष भाटी ने बताया कि बरसात में सड़क और नालियों का पानी घरों में घुस जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। क्षेत्रवासियों ने जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। सब्जी मंडी में सड़क पर फैली गंदगी, राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी अजमेर आगरा गेट सब्जी मंडी में सड़क पर फैली गंदगी और सड़ी-गली सब्जियों के ढेर से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि कुछ सब्जी विक्रेता सड़क पर ही खराब सब्जियां फेंक देते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है और बदबू फैलती है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और ग्राहकों को दिक्कत होती है। लोगों ने नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ से लोगों को मिल रहा हल:8 दिन से पीने का पानी नहीं, अधिकारी बोले सप्लाई चालू, घरों के आगे बाढ़ जैसे हालात, विभागों को फिक्र ही नहीं 2.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 3.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 4.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 5.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
काशी विश्वनाथ धाम में सावन के महीने में 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करेंगे। प्रशासन ने इसी अनुमान को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू कर दी है। सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेंगे। इस बार सावन के सोमवार 4 हैं, मगर श्रद्धालु ज्यादा रहेंगे। इसलिए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने व्यवस्थाएं फाइनल करनी शुरू कर दी हैं। सावन के महीने में सुगम दर्शन और VIP प्रोटोकॉल पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं को ज्यादा समय तक लाइन में न लगा पड़े, इसलिए सात द्वार से भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को सिर्फ गंगा जल ले जाने की अनुमति, दूसरे सामान पर रोकमंदिर प्रशासन ने कहा- मंदिर के अंदर चूंकि सीमित जगह होती है, इसलिए श्रद्धालु जिग जैग लाइन में आएंगे। जगह-जगह पानी की व्यवस्था रहेगी। ताकि महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी में परेशान न हों। मेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहेगा। सबसे अहम बदलाव ये है कि धाम में मौजूद सभी लाॅकर सुविधा बंद रहेगी। पहले धाम में यह सुविधा थी। भक्त सिर्फ गंगा जल लेकर जा सकेंगे। दूसरे किसी सामान को लेकर अंदज जाने की इजाजत नहीं दी गई है। सावन के पहले सोमवार को 50 हजार यादव बंधु करेंगे जलाभिषेकसावन में काशी विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग पर प्रथम अभिषेक करने का जो स्थान यदुवंशी समाज को हैं वो किसी को नहीं है। इस साल 3 अगस्त को सावन का प्रथम सोमवार है। इस दिन यादव समाज के बंधु गंगा स्नान कर सर्वप्रथम काशी विश्वनाथ को जलाभिषेक करेंगे। सावन के पहले सोमवार को सुबह लगभग 7 बजे यादव बंधुओं की तरफ से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाना है, जिसमें अलग-अलग घाटों से बड़ी संख्या में यादव बंधु बड़े-बड़े पात्रों में जल लेकर विश्वनाथ मंदिर पहुंचते हैं। हालांकि प्रशासन ने बैठक कर सिर्फ 21 लोगों को ही गर्भगृह में जलाभिषेक का परमिशन दिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने अपील जारी की है..
कोटा में नगर निगम की लापरवाही ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वार्ड 28 में दो दिन से मृत गाय उठाने निगमकर्मी नहीं आए, तो स्टेशन रोड पर जाम ड्रेनेज सिस्टम से पूरा मोहल्ला परेशान हो रहा है। वहीं वार्ड 8 के खेड़ा रामपुर में तीन दिन से पीने का पानी नहीं आ रहा है। अर्जुनपुरा में बीच सड़क सीवरेज चैम्बर से बना गड्ढा लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। पोस्ट के जरिये ‘भास्कर समाधान’ पर कोटा के लोगों की भेजी हुई ये कुछ समस्याएं हैं जिनका समाधान नहीं हो रहा है। हालांकि ‘भास्कर समाधान‘ पर इन समस्याओं के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी लोगों की परेशानियों का हल करने में सहयोग कर रहे हैं। एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की परेशानी दूर हुई… पोस्ट के बाद हुई नालियों की सफाई कोटा के वार्ड 54 के महावीर नगर से जोधराज सिंह ने अपने एरिया में नालियों की सफाई न होने की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि मॉनसून आने के बाद भी निगम के सफाईकर्मी नालियों की सफाई नहीं कर रहे हैं। इससे मलबा भरी नालियां थोड़ी सी बारिश में ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं। गंदगी से लोगों को बहुत असुविधा होती है। इस पर एक्शन लेते हुए वार्ड के हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेन्द्र पंवार ने नाले की सफाई करवा लोगों को राहत दी है। खाली भूखंडों में पड़ा कचरा हटाया कोटा के श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए से चंद्रशेखर गुप्ता ने खाली प्लाट में कचरा पड़ा होने और घरों का गंदा पानी जमा होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि मकान के सामने मौजूद खाली भूखंडों में पानी जमा होने से मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही लोगों ने कचरा डालकर इसे डंपिंग जोन बना दिया है। खाली प्लाट में बड़ी–बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। ‘भास्कर समाधान’ पर उनकी इस समस्या के पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार ने समाधान करवा दिया है। पोस्ट हुई समस्या तो मिला समाधान कोटा के महावीर नगर से अजय कुमार ने अपने एरिया में जाम नालियों की समस्या हमें पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि संतोषी नगर के तिलक सीनियर सेकेंडरी स्कूल रोड पर बनीं सभी नालियां जाम हैं। पानी ठहरा हुआ है और लोगों को गंदगी से काफी परेशानी हो रही है। इस पर संबंधित वार्ड के सफाई प्रभारी ने समस्या का समाधान करवा दिया है। अब एरिया में लोगों को जाम नालियों से राहत मिल गई है। लोगों ने संबंधित अधिकारी, विभाग और भास्कर समाधान का आभार जताया है। सुरेन्द्र पंवार बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा के वार्ड 54 के हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेंद्र पंवार ने रवि मालव की समस्या का समाधान करवाया है। रवि ने कुछ समय पहले ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी पोस्ट में महावीर नगर के गोचर हॉस्पिटल के पास मौजूद नाले की सफाई न होने की समस्या बताई थी। उन्होंने बरसात में नाले से पानी बहकर आने की समस्या का समाधान करने की अपील की थी। इस पर हैल्थ इंस्पेक्टर ने मौके पर टीम भेजकर ब्लॉक नाले की सफाई करवा दी है। अब ओवरफ्लो हो रहे नाले की समस्या ठीक हो गई है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… दो दिन से नहीं उठाई मृत गाय कोटा के वार्ड 28 के बालिता गांव के सुनील मीणा ने नगर निगम की लापरवाही उजागर करते हुए ‘भास्कर समाधान’ पर एक पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके एरिया में ठाकुर जी के मंदिर और सरकारी स्कूल के पास दो दिन से एक मृत गाय सड़क किनारे पड़ी हुई है। लेकिन सूचना के बाद भी निगम की गाड़ी इसे उठाने नहीं आई है। उन्होंने इसका जल्द समाधान करवाने की अपील की है ताकि मॉनसून में बारिश की वजह से संक्रमण न फैले। नयापुरा में ड्रेनेज सिस्टम चोक कोटा के स्टेशन रोड, नयापुरा से मुनेश शर्मा ने ब्लॉक ड्रेनेज सिस्टम की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर लिखा कि उनके एरिया में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चोक हो चुका है। ना तो समय पर नालियों की सफाई हो रही है न ही सीवरेज का मलबा ही निकाला गया है। निकासी न होने से घरों का पानी आगे नहीं जा रहा। इस जमा गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। इसका जल्द समाधान कराएं नहीं तो पानी वापस घरों में घुसने लगेगा। 3 दिन से नहीं आ रहा पीने का पानी कोटा से ‘भास्कर समाधान’ पर योगेश कुमार ने लाडपुरा के वार्ड 8 के खेड़ा रामपुर में बीते तीन दिन से पीने के पानी की सप्लाई न आने की समस्या बताई है। उन्होंने कहा कि इस बारे में ठेकेदार और संबंधित विभाग को भी जानकारी दे चुके लेकिन कोई भी हमारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। गर्मी में पानी के बिना 72 घंटों से ज्यादा हो गए। लोग बहुत परेशान हो रहे हैं। कोटा में पेयजल की समस्या लगातार बए़ रही है और हर वार्ड में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। बीच सड़क में चैम्बर धंसा, गड्ढे से हादसे की आशंका कोटा के सोगारिया महाकाल चौराहे से विमल कुमार ने बीच सड़क सीवरेज चैम्बर का ढक्कन धंस जाने से बने गड्ढे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सोगारिया महाकाल चौराहे से लॉर्ड कृष्णा स्कूल और आईसीसी कोचिंग जाने वाले मेन रोड पर सड़क के बीच दो चैम्बर हैं जिनके ढक्कन गाड़ियों के गुजरने सेअंदर धंस गए हैं। इससे एक गहरा गड्ढा बन गया है जिस पर रात के समय कोई भी वाहन सवार हादसे का शिकार हो सकता है। उन्होंने इन ढक्कनों को ठीक करवाकर राहगीरों को हादसे से बचाने की अपील की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के रैहटी में नवनिर्मित सीएम राइज सांदीपनी स्कूल भवन की छत से पहली बारिश में पानी टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भवन की छत से लगातार पानी गिर रहा है। इस घटना ने स्कूल भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कहा है कि विद्यालय नियमानुसार संचालित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जहां बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, वहां वे टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। पहली बारिश में ही भवन का यह हाल होना निर्माण कार्य में गुणवत्ता से बड़े पैमाने पर समझौता दर्शाता है। नागरिकों ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कई सुझाव दिए हैं। इनमें रैहटी स्थित सीएम राइज स्कूल भवन के निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराना, निर्माण एजेंसी, संबंधित इंजीनियरों और गुणवत्ता परीक्षण करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कड़ी कार्रवाई करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए भवन की छत की तुरंत मरम्मत कराने की मांग भी की गई है। उन्होंने सीहोर जिले सहित प्रदेश में हाल ही में बने सभी सरकारी भवनों का एक स्वतंत्र गुणवत्ता ऑडिट कराने की भी अपील की है। करोड़ों की लागत से तैयार हुए इस सीएम राइज स्कूल की दुर्दशा का वीडियो सामने आने के बाद, अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। क्षेत्र की जनता यह जानने को उत्सुक है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और क्या दोषियों पर कोई एक्शन लिया जाएगा।
जोधपुर में मानसून की शुरुआती बारिश में ही सड़क, सीवरेज और जलभराव को लेकर किए गए नगर निगम के दावों की पोल खुल गई है। परेशान हाल लोग ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो–वीडियो पोस्ट कर समाधान करवाने की अपील कर रहे हैं। एक यूजर ने बताया कि सारण नगर में बीते तीन साल से चल रहा नाले का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। परेशान लोग घर बेचने को मजबूर हैं। वहीं एक यूजर ने जलभराव के कारण घर से बाहर न निकल पाने की परेशानी शेयर की है। बारिश में टूटे बिजली के पोल और मेनहोल के टूटे ढक्कन पर भी संबंधित विभागों ने आंखें मूंद रखी हैं। हालांकि कुछ मामलों में जिम्मेदारों ने समस्या का समाधान करवाकर लोगों को राहत भी दी है। एक नजर डालते हैं लोगों की पोस्ट की गई ऐसी ही समस्याओं पर… 3 साल से सड़क बनी ना नाला जोधपुर के बनार रोड के सारण नगर से दीपक चौहान ने तीन साल से चल रहे निर्माण कार्य से हो रही समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इस रोड पर सड़क और नाला बनाने का काम तीन साल से चल रहा है लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। स्थानीय लोग बीते 10 सालों से टूटी सड़क और नाले के गंदे पानी से परेशान हैं। लोग यहां से मकान बेचकर जाने को मजबूर हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे अच्छा तो पहले ही था, कम से कम आने जाने का टूटा फूटा ही सही रास्ता तो था। जलभराव से घर से निकलना मुश्किल जोधपुर से कमल किशोर गर्ग ने बारिश के मौसम में गली में होने वाले जलभराव की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर लिखा कि समन्वय धाम मंदिर एरिया में आसपास के इलाके का सारा पानी जमा हो जाता है। इससे घर से बाहर निकलने में भी परेशानी होती है। खुले और टूटे मेनहोल के कारण स्कूली बच्चों के लिए भी डर लगता है। ऐसे हालात में जीते 10 साल से ज्यादा हो गए। अब तक कई बार शिकायत कर चुके लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। बिजली का पोल टूटकर दीवार पर टिका हेम सिंह ने वार्ड 1 की गोयलों की ढाणी के गांव तलिया से टूटे हुए बिजली के पोल की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि आंधी में बिजली का जर्जर पोल टूटकर बीच रास्ते टेढ़ा बाउंड्री वॉल पर गिरा हुआ है। बारिश के इन दिनों में रास्ते से आने जाने वाले स्कूली बच्चों और राहगीरों को इससे खतरा है। बिजली विभाग इस पर जल्दी ध्यान दे और बिजली के पोल को हटाए। बिजली विभाग को इस मामले में जानकारी दी जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। दो महीने से टूटा मेनहोल का ढक्कन विनोद प्रजापत ने गांधी नगर से टूटे मेनहोल के ढक्कन की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके एरिया में बीते दो महीने से सीवरेज चैम्बर के मेनहोल का ढक्कन टूटा हुआ है। भारी वाहनों के इस पर से गुजरने के कारण यह कभी भी टूटकर अंदर धंस सकता है। बारिश के मौसम में पानी भर जाने से यह नजर नहीं आएगा जिससे हादसा होने का अंदेशा बना रहेगा। इसका जल्द से जल्द समाधान करवाया जाए। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… चार महीने बाद साफ हुआ गली का कचरा जोधपुर के चतुर्भुज गहलोत मार्ग, विजय चौक से राजवीर सिंह ने तीन दिन में एक बार कचरा उठाए जाने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग बीते चार महीने से इस समस्या से परेशान हैं लेकिन निगम के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद निगम ने कचरा उठवाकर सफाई करवा दी है। कचरे के निस्तारण के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है। ओवरफ्लो सीवरेज की समस्या हुई दूर जोधपुर की सैन कॉलोनी से राकेश ने मां भवानी मंदिर क्षेत्र में गलियों में सीवरेज ओवरफ्लो होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि हर दूसरे–तीसरे दिन यहां ओवरफ्लो होने के कारण गलियां और सड़कें गंदगी से भर जाती हैं। निगम को कई बार जानकारी दे चुके लेकिन सफाई नहीं हो रही। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद वार्ड 24 के सफाई प्रभारी बाबूलाल ने गलियां और सड़कें साफ कर ओवरफ्लो सीवरेज सही करवाया। मोहित चौहान बने 'पब्लिक के स्टार' जोधपुर के गवर्नमेंट क्वार्टर्स, जोधपुर कैंट टाउनशिप, गली नंबर एक से एक यूजर ने लंबे पॉवर कट और शट डाउन का मुद्दा उठाया था। उन्हाेंने लिखा था कि बीते दो सप्ताह से गांधीपुरा, बीजेएस रेलवे क्राॅसिंग एरिया में रात के समय शटडाउन और बार–बार पॉवर कट की जा रही है। कोई फिक्स टाइम नहीं है। जोधपुर डिस्कॉम कॉल सेंटर एग्जिक्यूटिव मोहित चौहान ने समाधान करवा दिया है। अब एरिया में नियमित पॉवर सप्लाई हो रही है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप

