मैनपुरी के करहल रोड स्थित प्राचीन श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर को जल्द ही नई पहचान मिलेगी। योगी सरकार ने मंदिर के पर्यटन विकास और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने हेतु 1.80 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की है। सूचना विभाग मैनपुरी द्वारा यह जानकारी दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, मंदिर न केवल जैन समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि यह क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में मैनपुरी के इस प्राचीन जैन मंदिर के विकास की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित परियोजना में मंदिर परिसर में बहुउद्देशीय हॉल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय, स्वच्छ पेयजल सुविधा, यात्री बेंच, आकर्षक लैंडस्केपिंग और क्यूआर कोड आधारित साइनेज शामिल हैं। क्यूआर कोड आधारित साइनेज के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटक अपने मोबाइल पर मंदिर का इतिहास, भगवान पार्श्वनाथ के जीवन, जैन धर्म की परंपराओं और दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इससे मंदिर परिसर आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने के साथ-साथ धार्मिक जानकारी का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सभी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण और विकास के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर का विकास जैन समाज की आस्था का सम्मान करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री ने आगे कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंदिर के पुजारी शिवांग मोदी जैन ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मंदिर के समुचित विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर की भव्यता में भी वृद्धि होगी।
जावाल को ₹10.17 करोड़ की जल योजना की सौगात:अमृत 2.0 के तहत 33 किमी पाइपलाइन, 5 नलकूप बनेंगे
सिरोही जिले के जावाल कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की सालों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत ₹10.17 करोड़ की जावाल जल योजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ कार्यादेश जारी कर दिया गया है। योजना के तहत 33.25 किलोमीटर नई पाइपलाइन, 5 नए नलकूप, 2 उच्च जलाशय और 1074 नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके पूरा होने पर जल उत्पादन 700 KLD से बढ़कर 1979 KLD हो जाएगा और साल 2055 तक की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने का दावा किया गया है। वर्तमान स्थिति: बढ़ती आबादी से बढ़ा पानी का संकट साल 2011 की जनगणना के अनुसार जावाल की आबादी 10,293 थी, जो अब बढ़कर करीब 13,360 हो चुकी है। इसके चलते कस्बे में प्रतिदिन 935 KLD पानी की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा 8 नलकूपों से केवल 700 KLD पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसी वजह से प्रति व्यक्ति जलापूर्ति का स्तर घटकर 50 LPCD रह गया है। वर्तमान में कस्बे के 2,225 जल कनेक्शनों को 100 KL, 100 KL और 60 KL क्षमता वाले तीन उच्च जलाशयों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना से बदलेगी पूरी जलापूर्ति व्यवस्था अमृत 2.0 के तहत जावाल की जलापूर्ति व्यवस्था का व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद जल उत्पादन बढ़कर 1979 KLD हो जाएगा, जिससे साल 2055 की अनुमानित जरूरत पूरी की जा सकेगी। साथ ही जलापूर्ति का स्तर 50 से बढ़कर 70 LPCD हो जाएगा। इसके लिए 5 नए नलकूप, 150 KL और 200 KL क्षमता के दो नए उच्च जलाशय, नया पंप हाउस और आधुनिक जल भंडारण व्यवस्था विकसित की जाएगी। 33.25 किमी नई पाइपलाइन, 1074 घरों तक पहुंचेगा पानी योजना के तहत नदी के पास बनने वाले नए मुख्य पंप हाउस से जलाशयों तक 7.74 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा कस्बे की पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलते हुए 33.25 किलोमीटर नई वितरण पाइपलाइन डाली जाएगी। जिन क्षेत्रों में अब तक सरकारी जलापूर्ति नहीं पहुंची है, वहां 1074 नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना में नदी किनारे आधुनिक पंप हाउस, भूमिगत स्वच्छ जलाशय तथा सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण भी शामिल है। जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहल जावाल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि ₹10.17 करोड़ की यह योजना जावाल और आसपास के क्षेत्र के लिए आने वाले सालों में वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। सांसद लुंबाराम चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित, प्रधान हसमुख मेघवाल और उपप्रधान नारायण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जल्द शुरू होगा जमीनी काम कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिला उपाध्यक्ष छगनलाल घांची के स्वागत भाषण से हुई, जबकि मंडल अध्यक्ष विक्रम माली ने अतिथियों का स्वागत किया। पीएचईडी अधिकारियों के अनुसार ₹10.17 करोड़ का कार्यादेश जारी होने के बाद सर्वे अंतिम चरण में है और जल्द ही पाइपलाइन तथा जलाशयों के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। योजना पूरी होने पर जावाल के लोगों को लो-प्रेशर, गंदे पानी और वैकल्पिक दिनों में होने वाली जलापूर्ति जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और योजनाओं की सतत निगरानी के कारण एटा ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की जून-2026 रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। जनपद ने प्रदेशभर में आठवां स्थान हासिल कर उत्तर प्रदेश के शीर्ष-10 जिलों में अपनी जगह बनाई है। इस उपलब्धि के साथ एटा ने अलीगढ़ मंडल में प्रथम स्थान बरकरार रखा है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच मंडलों के जिलों में इसे दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और जवाबदेही तय करने की कार्यशैली को इस सफलता का प्रमुख आधार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं की विभागवार लगातार समीक्षा की गई। अधिकारियों को समय पर कार्य पूर्ण करने, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया। रैंकिंग के अनुसार, अलीगढ़ मंडल के अन्य जिलों में अलीगढ़ 42वें, हाथरस 61वें और कासगंज 62वें स्थान पर रहे। एटा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर मंडल में अपनी श्रेष्ठ कार्यशैली का परिचय दिया है। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार समीक्षा बैठकें कीं और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखी। समयबद्ध निर्णय, नियमित मॉनिटरिंग और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से विकास कार्यों में तेजी आई। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी विभागों के समन्वित प्रयास, पारदर्शी कार्यप्रणाली और टीमवर्क को दिया। उन्होंने कहा कि जनपद की इस उत्कृष्ट रैंकिंग को बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गंभीरता, गुणवत्ता तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, ताकि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के प्रत्येक मानक पर एटा उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहे।
हांसी के निकट गांव चैनत में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 56वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी क्रम में गांव के मैरिज पैलेस में हरियाणा की विभिन्न खाप पंचायतों और किसान संगठनों की संयुक्त महापंचायत आयोजित की गई। कई घंटे चली पंचायत के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक गांव चैनत को टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए रोधी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 14 जुलाई तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि तक गांव की मांग पूरी नहीं हुई, तो 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में खाप पंचायतें और चैनत के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचकर सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। सरकार पर अनदेखी का लगाया आरोप हरदीप शर्मा ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए ग्रामीणों को 56 दिनों से धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की अनदेखी को आंदोलन के लंबा खींचने का कारण बताया और कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पूरे हरियाणा की खाप पंचायतें इस आंदोलन में शामिल होंगी। महापंचायत में मौजूद किसान संगठनों और खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगवाती है और बाद में उसे उखड़वाकर ग्रामीणों पर ही मुकदमे दर्ज कर देती है, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया। वक्ता बोले- प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे अपनी बात वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक ओर मुख्यमंत्री पाइपलाइन के माध्यम से यमुना का पानी राजस्थान भेजने की बात करते हैं, वहीं अपने ही प्रदेश के लोग पीने के पानी के लिए धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। खाप प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि 14 जुलाई तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हर हाल में मुलाकात कर चैनत के लिए टी-कनेक्शन की मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह भ्रम न पाले कि खाप पंचायतों को रैली तक पहुंचने से रोका जा सकेगा। तरीका चाहे जो भी अपनाना पड़े, हम प्रधानमंत्री तक अपनी बात हर हाल में पहुंचाएंगे। पंचायत के अंत में सभी संगठनों ने आंदोलन को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।
भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के ब्लास्ट फर्नेस में शुक्रवार सुबह-सुबह बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 4:30 बजे ब्लास्ट फर्नेस के रॉ-मैटेरियल एरिया में चल रही ओवर ब्रिज क्रेन (ओबीसी)-4 का केबिन अचानक टूटकर करीब 45 से 50 फीट नीचे गिर गया। हादसे के समय केबिन में मौजूद क्रेन ऑपरेटर रविंद्र कुमार चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक केबिन सीधे जमीन पर नहीं गिरा। नीचे आते समय वह बीच में एक स्टील बीम से टकरा गया, जिससे गिरने की रफ्तार कुछ कम हो गई। इससे और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, केबिन के अंदर मौजूद ऑपरेटर को छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। सेक्टर-9 अस्पताल में करवाया गया भर्तीहादसे की आवाज सुनते ही आसपास काम कर रहे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल ऑपरेटर की मदद की। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से पहले मेन मेडिकल पोस्ट (एमएमपी-1) ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत को देखते हुए सेक्टर-9 अस्पताल भेजा गया। फिलहाल उन्हें आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। हादसे की सूचना मिलते ही बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना के बाद संबंधित ओवर ब्रिज क्रेन को तुरंत बंद कर दिया गया। इससे ब्लास्ट फर्नेस में आयरन ओर की सप्लाई प्रभावित हुई है और इस क्रेन से होने वाला रॉ-मैटेरियल हैंडलिंग का काम फिलहाल बंद है। प्रबंधन ने कहा- हादसा कैसे हुए जांच करेंगेबीएसपी प्रबंधन ने बताया कि हादसा शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। उस समय ओबीसी-4 क्रेन का संचालन ठेका कंपनी एम/एस नवीन कुमार के कर्मचारी रविंद्र कुमार चौधरी कर रहे थे। केबिन गिरने के बाद भी वह खुद बाहर निकलने में सफल रहे और मदद का इंतजार करते हुए जमीन पर बैठे रहे। इसके बाद कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रबंधन के अनुसार डॉक्टरों ने बताया है कि रविंद्र चौधरी की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें छाती में चोट लगी है। साथ ही किसी अंदरूनी चोट की संभावना को देखते हुए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बीएसपी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर चलते-चलते क्रेन का केबिन कैसे टूटकर नीचे गिर गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी बघेल शुक्रवार को जालौन के उरई पहुंचे, जहां उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी द्वारा संचालित ‘अपनी रसोई’ कार्यक्रम और महापुरुषों की प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 64 हजार एकड़ जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसकी जिलेवार सूची सार्वजनिक की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किस जिले में कितनी जमीन कब्जामुक्त कराई गई और किन भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रही है और जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री ने कहा कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन का उपयोग जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई केवल कानून के दायरे में की जा रही है और इसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित कर उन्हें सार्वजनिक हित में उपयोग करना है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले और एसआईटी जांच के संबंध में पूछे गए सवाल पर प्रो. एस.पी. बघेल ने कहा कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, जब जांच चल रही हो, तब किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने दीजिए। कोई भी दोषी होगा तो वह बचेगा नहीं और उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। जब उनसे यह पूछा गया कि इस मामले में पहले चंपत राय का नाम सामने आने की चर्चा हुई थी, तो उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी का नाम लेना या किसी पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी के खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं तो चार्जशीट दाखिल होगी और उसके बाद अदालत गुण-दोष के आधार पर निर्णय करेगी।
कौशांबी के कड़ाधाम थाना क्षेत्र के म्योहरा दारानगर गांव में सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार दोपहर को हुई, जब महिला अपने घर में काम कर रही थी। जानकारी के अनुसार, म्योहरा दारानगर निवासी बेलपती पत्नी रघुराज सरोज (52) शुक्रवार दोपहर अपने घर पर थीं। इसी दौरान घर के किसी कोने से निकले एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। सांप के काटने के बाद बेलपती की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बेलपती को बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कड़ाधाम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मैनपुरी के औंछा थाना क्षेत्र में नौ साल पुराने एक हत्या मामले में शुक्रवार को अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश कमल सिंह ने सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 65-65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने एक दिन पहले, 9 जुलाई को इन चारों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद शुक्रवार को सजा पर सुनवाई हुई। यह घटना 22 अप्रैल 2017 की शाम करीब 5:30 बजे हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी मुकेश कुमार के घर के सामने आरोपियों की बकरियां अक्सर उनके घर और आंगन में लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाती थीं। घटना वाले दिन भी ऐसा ही हुआ, जिस पर मुकेश के पिता युधिष्ठिर सिंह ने बकरियों को बांधकर रखने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी इरफान ने अपने परिजनों को बुला लिया। इसके बाद सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली, बन्टी और अन्य लोग लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर लेकर मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर युधिष्ठिर सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युधिष्ठिर सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद औंछा थाने में मुकदमा अपराध संख्या-94/2017 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149 और 302 में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। चूंकि फरमान किशोर था, उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया, जबकि सत्तार अली, इरफान, स्वराज अली और बन्टी के खिलाफ सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी सहित सात गवाहों के बयान दर्ज कराए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सीय साक्ष्यों और पुलिस विवेचना के आधार पर अदालत ने अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे सिद्ध पाया। 9 जुलाई को चारों आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मृतक युधिष्ठिर सिंह के बेटे मुकेश कुमार ने फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नौ साल बाद उन्हें न्याय मिला है। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चारों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 65 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद मृतक के बेटे और वादी मुकेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2017 में आरोपियों की बकरियां उनके पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाती थीं। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपियों ने उनके पिता युधिष्ठिर सिंह की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि करीब नौ साल की कानूनी लड़ाई के बाद आज उनके परिवार को न्याय मिला है। चारों आरोपियों को सजा मिलने पर उन्होंने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए अदालत का आभार व्यक्त किया।
धौलपुर पुलिस ने राजाखेड़ा कस्बे में 6 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 25-25 हजार रुपए के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीमों का गठन किया गया था। उनके निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा की निगरानी में राजाखेड़ा थाना पुलिस, डीएसटी, स्पेशल टीम और साइबर सेल ने संयुक्त अभियान चलाया। टीमों ने धौलपुर, आगरा और मुरैना सहित लगभग 100 संभावित ठिकानों पर दबिश दी और दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। डीएसटी को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बसई घीयाराम से आगे अंधियारी के बीहड़ों में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगे और बचने के प्रयास में करीब 15 से 20 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले से नीचे कूद गए। इस दौरान उनके पैरों में गंभीर चोटें आईं। डीएसटी के कॉन्स्टेबल भागीरथ और देवेंद्र सिंह ने साहस दिखाते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों का जिला चिकित्सालय धौलपुर में पुलिस अभिरक्षा में उपचार चल रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभिषेक पुत्र रामकुमार निवासी घड़ी जोनावद और सचिन पुत्र कमला निवासी मनसुखपुरा, जिला आगरा के रूप में हुई है। इन दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, एक अवैध .315 बोर का देसी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 6 जुलाई को आरोपियों ने राजाखेड़ा में तीन अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी लुक्का उर्फ मन्नू उर्फ प्रद्युम्न की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार दबिश जारी है।
वीडियो KYC से डॉक्टर के 21.29 लाख हड़पे:कल्याणपुर में तीन क्रेडिट कार्ड से हुई ठगी
कानपुर में साइबर ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार ठगों ने वीडियो KYC के नाम पर एक डॉक्टर को झांसे में लेकर उनके तीन अलग-अलग क्रेडिट कार्डों से 21.29 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर कल्याणपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर स्थित डिविनिटी होम्स निवासी डॉ. संजीव रोहतगी ने पुलिस को बताया कि 8 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनके मोबाइल और व्हाट्सएप पर कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए आकर्षक ऑफर के साथ नया क्रेडिट कार्ड देने की बात कही। बातों में विश्वास दिलाने के बाद ठगों ने वीडियो KYC कराने के बहाने एक लिंक भेजा। डॉ. रोहतगी ने लिंक पर क्लिक किया तो वीडियो KYC की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान ठगों ने उनसे स्क्रीन शेयर करा ली। स्क्रीन शेयर होते ही साइबर अपराधियों ने उनके क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार ठगों ने डॉक्टर के तीन अलग-अलग क्रेडिट कार्डों से 4,58,893 रुपये, 10,50,000 रुपये और 6,20,354 रुपये निकाल लिए। इस तरह कुल 21,29,247 रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने पर डॉक्टर को ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने सभी कार्ड ब्लॉक कराए और पुलिस को सूचना दी। मुकदमा दर्ज, साइबर सेल कर रही जांच शिकायत मिलने के बाद कल्याणपुर पुलिस ने 10 जुलाई को साइबर धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल भी कर रही है।
घाटमपुर नगर स्थित कन्या पाठशाला विद्यालय में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब कक्षा में चल रहा छत का पंखा अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। पंखा गिरने से वहां बैठी दूसरी कक्षा की छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, नगर के रामलीला मैदान स्थित कन्या पाठशाला विद्यालय में रोज की तरह कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसी दौरान कक्षा-2 में पढ़ने वाली छात्रा वैष्णवी पुत्री रोहित गौतम, निवासी शिवपुरी पूर्वी अपनी कक्षा में बैठकर पढ़ाई कर रही थी। तभी कक्षा की छत पर लगा और चल रहा पंखा अचानक अपनी पकड़ छोड़कर नीचे गिर पड़ा। पंखा सीधे छात्रा के सिर पर आ गिरा, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और वह दर्द से चीख उठी। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों ने तत्काल छात्रा को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद छात्रा को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। तीन तस्वीरें देखिए प्रधानाचार्य बोले- अचानक टूटकर गिरा पंखा, मैं क्या करूं मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य राशिद खान ने बताया कि पंखा अचानक गिर गया, जिससे छात्रा घायल हुई है। उन्होंने कहा कि यह एक आकस्मिक और अप्रत्याशित घटना थी। उनके अनुसार, चलता हुआ पंखा अचानक नीचे गिर गया, जिससे छात्रा को चोट आई है।
श्रावस्ती के हरिहरपुर रानी विकासखंड के बनघुसरा मोड़ पर शुक्रवार को करीब 2:00 बजे से 4:00 बजे के बीच 'विश्वकर्मा शिल्पकार पीडीए सम्मेलन लक्ष्य-2027' का आयोजन किया गया। विश्वकर्मा समाज द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान भिनगा विधायक इंद्राणी वर्मा और सांसद राम शिरोमणि वर्मा सहित सपा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राम आसरे विश्वकर्मा ने कार्यकर्ताओं से समाजवादी पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील करते हुए कहा कि पीडीए की एकजुटता ही प्रदेश में बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी। पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर चंदा प्रकरण का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि चोरी बड़े लोगों ने की, लेकिन बड़े चंदा चोरों को बचाया जा रहा है, जबकि छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। धर्म के मुद्दे पर उन्होंने कहा, समाजवादियों के घरों में भगवान राम, भगवान शिव और बजरंगबली की तस्वीरें और मूर्तियां हैं। ऐसे में सबसे बड़े पुजारी समाजवादी लोग हैं, भाजपा कब से पुजारी हो गई? पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत की पहचान उसकी 'अनेकता में एकता' की विरासत रही है, लेकिन मौजूदा सरकार धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री सभी हिंदू हैं, तो फिर कौन सा हिंदू राष्ट्र बनाना चाह रहे हैं। सपा के पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विरासत बचाने के बजाय समाज को धर्म और जाति के आधार पर विभाजित कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। इस कार्यक्रम में विश्वकर्मा समाज के बड़ी संख्या में लोग और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शाजापुर में बाइक से गिरी महिला, मौत:बरनावद जोड़ के पास हुआ हादसा; सिर में आई थी गंभीर चोट
शाजापुर जिले के ग्राम बरनावद जोड़ पर एक बाइक से अचानक नीचे गिर जाने के कारण एक 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान बरनावद गांव की रहने वाली ममता बाई पति कन्हैयालाल भिलाला के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, ममता बाई शुक्रवार को अपने पति कन्हैयालाल के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रही थीं। इसी दौरान बरनावद जोड़ के पास वह अचानक बाइक से असंतुलित होकर सड़क पर नीचे गिर गईं, जिससे उन्हें गंभीर चोट आईं। अस्पताल में मृत घोषित हादसे के तुरंत बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए मोहन बड़ोदिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की जानकारी मिलते ही मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और मामले की जांच शुरू की। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बालाघाट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 10 जुलाई को 'काला दिवस' मनाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन नहीं कर रही है, जो उनके एरियर और ग्रेच्युटी के भुगतान से जुड़ा है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत बालाघाट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ की बैठक हुई, जिसमें जिले भर से 50 से अधिक महिला प्रतिनिधि शामिल हुईं। संघ की जिला अध्यक्ष अंजली बिसेन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ऐलान किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर अगस्त महीने में जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगी और आगे चलकर विधानसभा का घेराव भी करेंगी। मुख्य मांगें: मानदेय बढ़ाना और सरकारी कर्मचारी का दर्जा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने अपनी 15 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं- कार्यकर्ताओं के लिए 38 हजार रुपए और सहायिकाओं के लिए 23 हजार रुपए महीना सैलरी दी जाए। हर महीने समय पर सैलरी का भुगतान हो और कोर्ट के आदेश के मुताबिक एरियर्स की राशि तुरंत दी जाए। किसी कार्यकर्ता या सहायिका की अचानक मौत होने पर उनके परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मोबाइल ऐप्स और अतिरिक्त काम का विरोध संघ ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से तय काम के अलावा भी बहुत सारे अतिरिक्त काम करवाए जा रहे हैं, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कुछ और मांगें भी उठाईं 'पोषण ट्रैकर' और 'संपर्क ऐप' को चलाने में आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। ऑनलाइन या ऑफलाइन काम में से किसी एक को चुनने की छूट दी जाए। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण अगर ऐप पर काम समय से नहीं हो पाता, तो कार्यकर्ताओं की सैलरी काटना बंद किया जाए। 3 से 6 साल तक के जो बच्चे स्कूलों में चले गए हैं, उन्हें वापस आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजने का आदेश जारी हो।
कानपुर में वीआईपी रोड पर अचानक धंसी सड़क:7 फीट गहरे गड्ढे हुआ, एक घंटे में कई वाहन फंसे
कानपुर के जाजमऊ से सर्किट हाउस जाने वाली वीआईपी रोड पर शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे अचानक सड़क धंस गई। सड़क के बीचों-बीच लगभग 7 फीट गहरा गड्ढा बन गया। यह मार्ग जाजमऊ से पुरानी चुंगी और शहर के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ता है, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्रीय लोगों ने सुरक्षा के लिए गड्ढे के आसपास पेड़ लगा दिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क धंसने के बाद मौके पर तत्काल बैरिकेडिंग या मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसके परिणामस्वरूप, एक घंटे के भीतर आधा दर्जन से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहन गड्ढे में फंस गए। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा टल गया, लेकिन कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और उनके चालक बाल-बाल बचे। क्षेत्रीय निवासियों, आशीष कुमार और जावेद आलम ने जानकारी दी कि इस सड़क का डामरीकरण एक साल पहले ही हुआ था। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद सड़क की स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं की गई, तो लगातार बारिश के कारण यह और चौड़ा व गहरा हो सकता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना है। इस घटना के बाद राहगीरों ने संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत, बैरिकेडिंग और यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक वीआईपी मार्ग है, फिर भी इसकी अनदेखी की जा रही है, जबकि रोजाना हजारों वाहन और वीआईपी इस सड़क से गुजरते हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 22 पेटी शराब और एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार जब्त की है। जब्त किए गए माल की कुल कीमत 3 लाख 86 हजार 10 रुपए आंकी गई है। इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कोलारस थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पुनीत बाजपेयी ने जानकारी दी कि शुक्रवार, 10 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम सेसई तिराहा कट के पास घेराबंदी की। इस दौरान एक सफेद रंग की बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार संदिग्ध हालत में दिखी। पुलिस को देखते ही चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। 19 पेटी देशी शराब और 3 पेटी बीयर बरमादपुलिस ने कार की तलाशी ली, जिसमें 19 पेटी देशी प्लेन शराब और 3 पेटी अंग्रेजी बीयर बरामद हुई। बरामद शराब की कीमत 86 हजार 10 रुपए और कार की अनुमानित कीमत 3 लाख रुपए आंकी गई है। इस तरह कुल 3 लाख 86 हजार 10 रुपए का सामान जब्त किया गया। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ थाना कोलारस में अपराध क्रमांक 245/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(2) में मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और शराब की तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।
हरियाणा-उत्तरप्रदेश सीमा पर स्थित करमन बॉर्डर पर हरियाणा परिवहन विभाग के अधिकारियों पर एक गोशाला संचालक से 24 हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। यह रिश्वत गोशाला की एक गाड़ी को छोड़ने के एवज में ली गई, जिसे टैक्स बकाया होने के नाम पर रोका गया था। पलवल जिले की होडल थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली के प्रशांत विहार निवासी टीआर मित्तल ने पुलिस को बताया कि वह श्रीसेवा ट्रस्ट के माध्यम से एक गोशाला का संचालन करते हैं। 23 जून को उनकी गोशाला की एक गाड़ी दिल्ली से वृंदावन में भंडारे का सामान छोड़कर वापस दिल्ली लौट रही थी। गाड़ी में केवल दूध की खाली कैन थीं। हरियाणा रोड टैक्स जमा नहीं था पलवल क्षेत्र में कुछ लोगों ने, जिन्होंने खुद को परिवहन विभाग का अधिकारी बताया, गाड़ी को रोक लिया। जांच के दौरान पता चला कि गाड़ी का जून माह का हरियाणा रोड टैक्स जमा नहीं था। अधिकारियों ने ड्राइवर का लाइसेंस और गाड़ी के कागजात जब्त कर गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करवा दिया। गोशाला की सेवा में लगी गाड़ी शिकायत के अनुसार, अधिकारियों ने ड्राइवर के फोन से मित्तल से बात की। जब मित्तल ने बताया कि यह गोशाला की सेवा में लगी गाड़ी है और टैक्स गलती से जमा नहीं हो पाया, तो आरोपियों ने गाड़ी सीज करने की धमकी दी। उन्होंने गाड़ी छोड़ने के लिए 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर बार-बार गुहार लगाने पर आरोपियों ने गोशाला की गाड़ी होने के कारण एक हजार रुपए कम करने की बात कही और 24 हजार रुपए की मांग की। इसके बाद आरोपियों ने एक मोबाइल नंबर और पेटीएम क्यूआर स्कैनर भेजा, जिस पर रिंकू कुमार का नाम प्रदर्शित हो रहा था। मित्तल ने बताए नंबर पर डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर दिए। पुलिस को सौंपी रिकॉर्डिंग और साक्ष्य होडल थाना पुलिस ने टीआर मित्तल की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। मजबूरी में शिकायतकर्ता ने 24 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने इस पूरी बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग और ट्रांजैक्शन के पुख्ता साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। विभाग के किसी अधिकारी की नहीं थी डयूटी शिकायत मिलने के बाद होडल थाने के सहायक उप-निरीक्षक सुभाष ने मामले की गहनता से जांच की। पलवल साइबर सेल से जब उक्त मोबाइल नंबर की आईडी निकलवाई गई, तो वह करमन गांव निवासी रिंकू कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई। इसके बाद जब पुलिस ने आरटीओ कार्यालय से लिखित जवाब मांगा, तो वहां से चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरटीओ विभाग के अनुसार 23 जून को उस घटना स्थल पर विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी ही नहीं लगाई गई थी। पुलिस अब मामले में रिंकू कुमार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही, इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र के गुलरिहा कला गांव में शुक्रवार को एक दुखद हादसा हुआ। पोखरभिटवा टोला निवासी गुलाम वारिश की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। इकलौते बेटे की असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। बताया गया कि गुलाम वारिश गांव के पोखरे के पास गया था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। युवक को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर गांव के पृथ्वी शर्मा, फिरोज खान, बुधिराम प्रजापति, सहजाद और खुशहाल तुरंत पोखरे में कूद गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने युवक को बाहर निकाला। घटना की सूचना पर कोल्हुई पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, वारिश अली के घर शादी के करीब 25 वर्ष बाद बेटे का जन्म हुआ था। लंबे इंतजार के बाद मिली इस संतान के जन्म पर पूरे गांव में खुशियां मनाई गई थीं। अब उसी इकलौते बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में चीख-पुकार मची हुई है और गांव का माहौल भी गमगीन है। थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनकी सहमति के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीण फिरोज खान और अफताब आलम ने बताया कि सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और युवक को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उज्जैन में 'सनातन पुजारी न्याय यात्रा' निकाली गई। श्री वैष्णव बैरागी समाज चतुः संप्रदाय के बैनर तले सैकड़ों पुजारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पुजारियों का आरोप है कि मंदिरों का सरकारीकरण, जमीनों की नीलामी और प्रशासनिक कार्रवाई से उनकी परंपराएं और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द न्याय की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें न मानने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इस यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पुजारी और संत शामिल हुए। उन्होंने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर मंदिरों के सरकारीकरण, भूमि की नीलामी, निस्तारीकरण और प्रशासनिक प्रताड़ना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुजारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने सनातन परंपरा की रक्षा के लिए प्रार्थना भी की। इसके उपरांत, एक प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। पुजारी समाज का दावा है कि मध्य प्रदेश के लगभग 60 हजार मंदिरों से जुड़े 3 लाख पुजारी परिवार और करीब 12 लाख सनातन धर्मावलंबी इन मुद्दों से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि मंदिरों की संपत्ति और परंपराओं की रक्षा के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। अखिल भारतीय बैरागी परिषद ने सरकार के समक्ष 7 प्रमुख मांगें प्रस्तुत की हैं। इनमें मंदिरों का सरकारीकरण और समितिकरण समाप्त करना, मंदिरों की भूमि की नीलामी पर रोक लगाना, मंदिरों और देव प्रतिमाओं की स्वामित्व वाली जमीन वापस दिलाना, पुजारियों का नामांतरण सुनिश्चित करना तथा भू-माफियाओं से सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है।
रोहतक के गांव काहनौर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मंच से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरपंच निशा देवी व उसके पति नवीन को खूब खरी खोटी सुनाई। मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि सरपंच जो दिल से पार्टी के साथ नहीं, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने मंच से कहा कि काहनौर गांव में 9 हजार लोग हैं और 6500 वोट है। दो दिन पहले ही सरपंच की तरफ से कार्यक्रम दिया गया, लेकिन आज कार्यक्रम में सरपंच का एक आदमी भी नहीं आया। सरपंच ने शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को बुलाकर उनका अपमान किया है। सरपंच केवल पैसा लेने के लिए आते है, ऐसे सरपंचों को पहचाने। पैसा लेने के लिए भाजपा, दिल से कांग्रेसीपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि सरपंच बेचारे से होकर नहीं आते। हमें पहचानना होगा कि किस सरपंच को किस मंत्री के पास लेकर जाना है। सरपंच जो दिल से भाजपा पार्टी के साथ नहीं है, उसके साथ वैसा व्यवहार करें। यह नहीं कि सिर्फ पैसे लेकर चले जाएं और दिल किसी ओर के पास हो। पैसे लेने के लिए भाजपा और दिल से कांग्रेसी बने रहे। भाजपा की विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति भविष्य में बनेगा सरपंचपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि आने वाले समय में सरपंच भाजपा का बनेगा। जो भाजपा पार्टी की विचारधारा से दिल से जुड़ेगा, सरकार भी दिल खोलकर पैसा देगी। यह नहीं चलेगा कि किसी मंत्री से रिबन कटवाकर बाद में पैसे ले ले और गुणगान दूसरी पार्टी का करे। जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका भी ऐसे लोगों से सावधान रहे। कांग्रेस से जुड़े होने का लगाया आरोपपूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने गांव की सरपंच निशा देवी व उनके पति नवीन का कांग्रेस से जुड़ाव बताया। नवीन के पिता भूप सिंह कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। ऐसे में शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा का कार्यक्रम तो ले लिया, लोगों को कार्यक्रम में नहीं लेकर आए, जिससे मंत्री का भी अपमान किया है।
गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ताराटांड़ थाना क्षेत्र से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। एसपी डॉ. बिमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि ताराटांड़ थाना क्षेत्र के मिडिल स्कूल ताराटांड़ के पीछे जंगल में कुछ साइबर अपराधी सुनियोजित तरीके से ठगी की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने मौके पर छापेमारी कर पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे 'customersupport.apk' और 'wiflairtel.apk' नामक फर्जी APK फाइल लोगों के मोबाइल में भेजकर साइबर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में जनार्दन मंडल (26), अशोक कुमार (24), बबलू कुमार मंडल (26) और विष्णु कुमार (23) शामिल हैं। ये सभी ताराटांड़ थाना क्षेत्र के कोरबंधा और झीतरी गांवों के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और चार मोटरसाइकिलें बरामद किया है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अशोक कुमार पहले भी गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 03/2020 में साइबर ठगी के आरोप में जेल जा चुका है। बबलू कुमार मंडल भी साइबर थाना कांड संख्या 10/2020 और ताराटांड़ थाना कांड संख्या 08/2016 में जेल जा चुका है। छापामारी दल में साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत सहित चन्द्रनाथ उरांव, पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, गजेन्द्र कुमार, अमरनाथ प्रसाद, संदीप कुमार वर्मा और भूपाल मंडल जैसे पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
हरदा जिले में शुक्रवार शाम आम किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों ने समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर एक घंटे का सांकेतिक चक्काजाम किया। किसानों ने इंदौर रोड, खंडवा रोड और अबगांवखुर्द के पास प्रमुख मार्गों को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि सरकार उनके मूंग का पूरा उत्पादन समर्थन मूल्य पर खरीदे। उनका आरोप है कि मौजूदा खरीदी व्यवस्था से किसानों को नुकसान हो रहा है। उत्पादन का 25 प्रतीशत ही खरीद रही सरकारकृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में मूंग का औसत उत्पादन 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तय किया गया है। शासन के निर्देश अनुसार उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही खरीदा जा रहा है। हरदा जिले में इस वर्ष 1 लाख 24 हजार हेक्टेयर में मूंग की खेती हुई है। मूंग बेचने के लिए 41,418 किसानों ने पंजीयन कराया है। वर्तमान में सरकार एक एकड़ पर केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग की खरीदी कर रही है। इसी को लेकर किसानों में नाराजगी है। 100 प्रतिशत खरीदी की मांगआम किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने चक्काजाम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी नहीं हुई तो वे भोपाल का घेराव करेंगे। चक्काजाम की पहले से सूचना होने के कारण पुलिस और प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की। बायपास हनुमान मंदिर, खेड़ीपुरा नाका और सिविल लाइन थाने के पास से वाहनों को डायवर्ट किया गया। चक्काजाम के सभी स्थानों पर पुलिस बल और अधिकारी तैनात रहे।
बदायूं की राजनीति के मजबूत स्तंभ, पूर्व राज्यमंत्री और पांच बार के विधायक ओमकार सिंह यादव शुक्रवार को दोपहर लगभग 1बजे पंचतत्व में विलीन हो गए। सांकुरा गंगा घाट पर हुए अंतिम संस्कार में ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि घाट तक पहुंचने वाले मार्ग पर करीब पांच से छह किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। चारों ओर लोगों का हुजूम दिखाई दे रहा था और हर आंख अंतिम विदाई देते समय नम थी। अंतिम संस्कार में आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव और बदायूं सांसद आदित्य यादव पहुंचे। दोनों सांसदों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उनके पुत्र एवं सहसवान विधायक ब्रजेश यादव ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर मौजूद हजारों समर्थक भावुक हो उठे। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम प्रणाम किया। करीब पांच दशक तक सहसवान की राजनीति की धुरी रहे ओमकार सिंह यादव के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ और कई किलोमीटर लंबा जाम इस बात का साक्षी बना कि बाबूजी केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनता के दिलों पर राज करने वाले जननेता थे।
चूरू के डीबी अस्पताल में हर महीने 6 से 7 लाख रुपए सफाई पर खर्च किए जाने के बावजूद गंदगी और अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। सफाई, पेयजल और अन्य सुविधाओं में सुधार की मांग पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में झाड़ू लगाकर विरोध जताया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर ठेकेदार को नोटिस दिए जा रहे हैं और भुगतान में भी कटौती की जा रही है। ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, झाड़ू लेकर उतरे कार्यकर्ता युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आसिफ खान ने बताया कि एक सप्ताह पहले अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने पुराने अस्पताल के सामने स्थित पार्क सहित अस्पताल परिसर में सफाई अभियान चलाकर प्रशासन का ध्यान अव्यवस्थाओं की ओर आकर्षित किया। आधुनिक भवन बने, लेकिन गंदगी पर नहीं लग पा रही रोक डीबी अस्पताल में एक ओर नए भवन बनाकर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लचर सफाई व्यवस्था इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर फैला कचरा और दुर्गंध मरीजों व उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में बीमारी के इलाज से पहले गंदगी का सामना करना पड़ता है। उफनता चैंबर और गंदे शौचालय बढ़ा रहे संक्रमण का खतरा ऑर्थोपेडिक विभाग के सामने कई दिनों से एक चैंबर उफान मार रहा है। आसपास गंदा पानी जमा रहने और नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। इसी रास्ते से मरीज, परिजन और अस्पताल कर्मी गुजरते हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति संक्रमण का खतरा बढ़ा रही है। अस्पताल के कई शौचालयों में भी नियमित सफाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अधीक्षक का पक्ष: ठेकेदार को नोटिस, भुगतान में की जा रही कटौती डीबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी ने बताया कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की समिति प्रतिदिन सभी वार्डों का निरीक्षण करती है और जहां सफाई संतोषजनक नहीं मिलती, वहां संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मई और जून में सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर ठेकेदार के करीब 50 हजार रुपए के भुगतान में कटौती की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था के लिए 80 सफाईकर्मी नियुक्त हैं, जिनमें 64 कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी पर रहते हैं, जबकि 16 रिलीवर के रूप में तैनात हैं, ताकि किसी कर्मचारी की गैरमौजूदगी में सफाई कार्य प्रभावित न हो। प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
कुशीनगर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में कुबेरस्थान स्थित स्वर्गीय रघुनाथ त्रिपाठी हायर सेकेंडरी स्कूल में बाल अधिकार संरक्षण और कानूनी सेवाओं पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में छात्रों को उनके अधिकारों, संरक्षण कानूनों, सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के अध्यक्ष एवं जिला जज संजीव कुमार त्यागी के निर्देशानुसार तथा प्राधिकरण के सचिव भुवन और अपर जिला जज सीनियर डिवीजन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता रामवृक्ष गिरि ने बच्चों के संरक्षण, देखभाल और विकास से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुस्तफा अंसारी ने 'बेटी बचाओ अभियान', बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व को समझाया। महिला कल्याण विभाग के नलिन सिंह ने बच्चों से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की। विद्यालय के प्रबंधक विनोद त्रिपाठी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और महिला कल्याण विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए कई कानून बनाए गए हैं, और इनकी जानकारी से बच्चे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकते हैं। त्रिपाठी ने विद्यालय में ऐसे जागरूकता शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग की प्रीति सिंह, प्रधानाचार्य दुर्गा दयाल त्रिपाठी, राजन सिंह, अन्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा में तंबाकू और धूम्रपान बेचने वालो के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में ये कार्यवाही की गई। शहर में स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में आने वाली विभिन्न स्कूलों के बाहर दुकानों और केबिनों से धूम्रपान और नशीले सामान को जब्त किया है। इसके साथ ही दुकानदारों को चेतावनी दी गई की स्कूलों के पास धूम्रपान बिक्री करने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। शिकायत पर कार्रवाई की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया- 7 जून को रालसा के निर्देशन में भीलवाड़ा के स्कूलों में नशा मुक्ति के तहत कार्यक्रम हुआ था। इसके तहत भीलवाड़ा के सेट असलम स्कूल में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें स्टूडेंट्स ने स्कूलों के धूम्रपान के प्रोडक्ट बिकने की शिकायत की थी। स्कूलों के बाहर से तंबाकू जब्त पुलिस ने शुक्रवार को कार्यवाही को अंजाम दिया। जिसकी शुरुआत सेट असलम स्कूल से की गई। जिसके बाद महेश स्कूल, राजेंद्र मार्ग और प्रताप नगर स्कूल में कार्रवाई की गई। जहां से पुलिस के माध्यम से धूम्रपान की चीज जब्त की गई है और सख्त चेतावनी दी गई है। नशे के खिलाफ भी होगी सख्त कार्रवाई रश्मि आर्य ने कहा कि मेरा स्कूल के बच्चों से यही कहना है कि ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। स्कूल के बाहर बीड़ी, सिगरेट, गुटका, धूम्रपान दुकान आदि की दुकानें नहीं रहेगी। इसके साथ ही शिकायत मिली थी कि स्कूलों के बाहर कुछ ओर नशीले पदार्थों की बिक्री भी की जा रही है। इस शिकायत पर थानों के साथ कोऑर्डिनेट करके इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर में फायर विभाग की छापेमारी:कोचिंग संचालक ताला लगाकर भागे, कई संस्थानों को नोटिस
हमीरपुर के कुरारा कस्बे में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट और लाइब्रेरी में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जांच टीम के पहुंचते ही कुछ संस्थान के संचालक ताला लगाकर फरार हो गए, जबकि कई अन्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर विभाग ने नोटिस जारी कर जल्द सुधार के निर्देश दिए हैं। अग्निशमन विभाग की टीम ने कुरारा कस्बे के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), विद्युत सुरक्षा, वेंटिलेशन और आग से बचाव के अन्य इंतजामों की जांच की गई। निरीक्षण में कई संस्थानों में फायर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। वहीं बीवीएम इंस्टीट्यूट (BVM Institute) का संचालक टीम के पहुंचने से पहले ही संस्थान में ताला लगाकर फरार हो गया। अग्निशमन विभाग ने नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए जल्द आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दमकल विभाग के सीओ रेहान अली ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि कुरारा कस्बे में कुछ लाइब्रेरियां बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच अभियान चलाया गया। टीम को मौके पर केवल दो लाइब्रेरी और दो कोचिंग सेंटर ही जांच के लिए खुले मिले, जबकि अधिकांश संस्थान संचालक जांच की भनक लगते ही ताला लगाकर फरार हो गए। सीओ ने कहा कि जो संचालक संस्थान बंद कर भाग गए हैं, उनके खिलाफ अलग से विशेष अभियान चलाया जाएगा। कहा कि यह मामला सीधे जन सुरक्षा और छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए फायर विभाग का निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन संस्थानों की जांच की गई है, उन्हें सुरक्षित विद्युत वायरिंग कराने, अग्निशमन उपकरण लगाने और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में बारिश के साथ डेंगू का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर 2:00 बजे जिला अस्पताल परिसर में विशेष डेंगू मुक्ति अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई कराई गई, जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर एंटी लार्वल दवा का छिड़काव किया गया और लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया। CMO डॉ. राजेश झा और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह के नेतृत्व में आयोजित अभियान में स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया विभाग, फाइलेरिया विभाग और नगर निगम की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। अस्पताल परिसर में जहां भी पानी जमा मिला, उसे तत्काल हटाया गया और मच्छरों के पनपने की आशंका वाले स्थानों पर एंटी लार्वल दवा का छिड़काव किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों को भी डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छरCMO डॉ. राजेश झा ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में तेजी से पनपता है। इसलिए लोगों को अपने घरों, छतों और आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए दवा से ज्यादा जरूरी सावधानी और जागरूकता है। हर सप्ताह मनाएं ‘ड्राई डे’जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे, पानी की टंकियां, बाल्टियां और अन्य पानी रखने वाले बर्तनों को सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली कर साफ करें। ऐसा करने से डेंगू के मच्छरों का प्रजनन रुकता है और संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। डेंगू रोकथाम के लिए लगातार चलेंगे अभियानअभियान में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.के. सुमन, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजेश, क्वालिटी मैनेजर डॉ. मुकुल समेत अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और नगर निगम, मलेरिया व फाइलेरिया विभाग की टीमें मौजूद रहीं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में “डेंगू मुक्त हॉस्टल अभियान” के साथ-साथ अस्पतालों, सरकारी संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लगातार डेंगू रोकथाम अभियान चलाया जाएगा, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
जिले में युवा पीढ़ी को तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों से बचाने और तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों की एक कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और एसआरकेपीएस राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुई। कार्यशाला में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा) के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अवैध हुक्का बारों और ई-सिगरेट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षित रोजगार केंद्र प्रबंधक समिति राजस्थान के राज्य समन्वयक हिरेंद्र सेवदा ने कोटपा अधिनियम की विभिन्न धाराओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन एवं प्रचार, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है। सेवदा ने हुक्का बार और ई-सिगरेट से संबंधित कानूनी प्रावधानों और उल्लंघन की स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक रतन सिंह राठौड़ ने सभी पुलिस अधिकारियों को कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए तंबाकू नियंत्रण कानूनों की सख्ती से पालना आवश्यक है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कार्यशाला के अंत में तंबाकू उपचार एवं मुक्ति केंद्र, ब्यावर की डॉ. कंचन ने तंबाकू सेवन करने वाले लोगों से उपचार एवं परामर्श प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल स्थित तंबाकू उपचार एवं मुक्ति केंद्र पर निःशुल्क परामर्श एवं सहायता उपलब्ध है, जहां तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।
दिल्ली जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मंडोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है। इससे आरक्षित सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि ट्रेन संख्या 22491/22492 जोधपुर-दिल्ली-जोधपुर मंडोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में एक थर्ड एसी और एक थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी का एक-एक अतिरिक्त कोच अस्थाई रूप से जोड़ा जा रहा है। यह व्यवस्था जोधपुर से 16 जुलाई से 31 जुलाई तक और दिल्ली से 17 जुलाई से 1 अगस्त तक लागू रहेगी। लालकुआं-राजकोट-लालकुआं साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का 11 ट्रिप का विस्तार रेलवे प्रशासन की ओर से अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए लालकुआं-राजकोट-लालकुआं साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि में 11 ट्रिप का विस्तार किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार गाडी संख्या 05045/05046, लालकुआं - राजकोट- लालकुआं साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा की संचालन अवधि में लालकुआं से 19 जुलाई से 27 सितंबर तक (11 ट्रिप) एवं राजकोट से 20 जुलाई से 28 सितंबर तक (11 ट्रिप) तक विस्तार किया जा रहा है। ट्रेन के संचालन का समय और ठहराव यथावत रहेगा। ब्लॉक कार्य स्थगित हो जाने से जैसलमेर-जयपुर रेलसेवा री-स्टोर रहेगी उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल द्वारा डेगाना -फुलेरा रेललाइन के सांभर लेक स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज निर्माण के लिए ग्रीडर लॉन्चिंग कार्य के लिए लिया जाने वाला ब्लॉक कार्य स्थगित हो जाने के कारण जैसलमेर-जयपुर रेलसेवा रीस्टोर रहेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार गाड़ी संख्या 12467, जैसलमेर - जयपुर ट्रेन 19 जुलाई को जैसलमेर से अपने निर्धारित समय एवं संचालन समय सारणी के अनुसार ही संचालित होगी।
महराजगंज जिला अस्पताल में मरीज की संख्या बढ़ी:डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी
महराजगंज। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण महराजगंज जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन बुखार, सर्दी, खांसी, वायरल संक्रमण, गले में दर्द, पेट संबंधी समस्याएं और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतों वाले मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉ. अभिषेक त्रिपाठी के अनुसार, मौसम में अचानक परिवर्तन के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे साफ और ताजा भोजन का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बाहर का दूषित भोजन खाने से बचें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। डॉ. त्रिपाठी ने यह भी बताया कि यदि किसी को तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी-दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं, और चिकित्सकों की टीम बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्यरत है।
झांसी में शादी के लगभग एक साल बाद महिला की लाश फंदे पर लटकी मिली है। मृतका के भाई का आरोप है कि ससुराल वाले दहेज के लिए बहन को प्रताड़ित करते थे। उसे मारकर फंदे पर लटकाया गया है। हम लोग पहुंचे तो कमरे का गेट खुला था और बहन फंदे पर लटकी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे पंचनामा भरा। अब पैनल से शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पूरा मामला रक्सा थाना क्षेत्र के बदनपुर गांव का है। 15 दिन पहले मायके से आई थी दतिया के धवारी गांव निवासी गणेश पाल ने बताया- मेरे चचेरी बहन प्रियंका (20) की शादी 6 मार्च 2025 को अंकित पाल से हुई थी। अंकित रक्सा के बदनपुर गांव का रहने वाला है। उनकी 5 महीने की एक बेटी है। आरोप है कि शादी के बाद से पैसों के लिए बहन को प्रताड़ित किया जाने लगा। जब पैसे हो जाते थे तो दे देते थे। एक साल में 4 बार पैसे दे चुके थे। इस बार पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया। ज्यादा परेशान करने पर हम लोग बहन प्रियंका को मायके ले आए थे। 15 दिन पहले चचिया ससुर लेने आए और कहने लगे कि अब कोई गलती नहीं होगी, पहुंचा दो। तब हम लोगों ने बहन को भेज दिया था। घर में विवाद होने का फोन आया गणेश पाल ने आगे बताया- गुरुवार सुबह बहन को कॉल लगाया था। तब वो खाना बना रही थी। फिर शाम को फोन आया कि घर में विवाद हो रहा है। प्रियंका को समझा जाओ। तब लोग देर शाम को प्रियंका के ससुराल पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। कमरे के अंदर पंखे पर उसकी लाश फंदे पर लटकी थी। कमरा भी खुला था। आरोप है कि प्रियंका की हत्या करके शव को लटकाया गया है। पति बोला- मैं भोपाल में था, आरोप झूठे पति अंकित पाल ने बताया- मैं प्राइवेट काम करने के लिए भोपाल गया था। गुरुवार को फोन आया कि प्रियंका ने फांसी लगा ली। तब मैं ट्रेन से झांसी आया। अब पत्नी के मायके वाले पैसे के लिए प्रताड़ित करने के झूठे आरोप लगा रहे हैं। हम लोगों ने कभी पैसे नहीं मांगे। रक्सा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि घरेलु विवाद के चलते प्रियंका ने फांसी लगाई है। आज पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। अभी तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
झाबुआ में जिले के प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह के दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नटवर डोडियार अपने साथियों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। मंत्री के आने से पहले पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए परिसर में मौजूद लोगों को बाहर करना शुरू कर दिया। जब डोडियार और उनके समर्थक मंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे, तो पुलिस ने उन्हें हटने को कहा। आरोप है कि कोतवाली टीआई आरसी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धक्का देकर परिसर से बाहर कर दिया और कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। कांग्रेस ने जताया विरोध, बाद में 4 लोगों को मिली एंट्री पुलिस की इस कार्रवाई पर युवक कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया और नाराजगी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे क्षेत्र की जरूरी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से बात करने आए थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया। मामले को बढ़ता देख प्रशासन ने बीच-बचाव किया और स्थिति को शांत कराते हुए केवल 4 कांग्रेसी नेताओं को अंदर जाने की इजाजत दी। मंत्री ने दिया कार्रवाई का भरोसा अंदर गए प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। मंत्री शाह ने बेहद शालीनता से ज्ञापन स्वीकार किया और कांग्रेस नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे इन समस्याओं के समाधान के लिए खुद फोन पर संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। इस पूरी घटना के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे।
जालौन के रेस्टोरेंट में महिला कल्याण विभाग की छापेमारी:4 युवतियां और 2 युवक मिले; दो की उम्र की जांच
जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित खत्री बगिया के पास संचालित द यूनिक फैमिली रेस्टोरेंट में शुक्रवार दोपहर महिला कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी से हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट के अंदर चार युवतियां और दो युवक मिले। सूचना पर महिला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी से पूछताछ शुरू की। महिला कल्याण विभाग की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रतीक्षा सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद की गई। प्रारंभिक जांच में दो युवतियों के नाबालिग होने की आशंका जताई गई। इसके बाद उन्हें आवश्यक सत्यापन और पूछताछ के लिए महिला थाना पुलिस के साथ कोतवाली ले जाया गया। वहीं, दो बालिग युवतियों का विवरण दर्ज करने के बाद उन्हें जाने दिया गया। पुलिस ने दोनों संदिग्ध नाबालिग युवतियों के परिजनों को भी सूचना दे दी है। उनकी उम्र, पहचान और पूरे घटनाक्रम का सत्यापन किया जा रहा है। मौके पर मिले दोनों युवकों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे वहां किस उद्देश्य से मौजूद थे। छापेमारी की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट संचालक मौके से चला गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रतिष्ठान में सभी आवश्यक लाइसेंस, अभिलेख और संचालन संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि नियमों के उल्लंघन या किसी भी अवैध गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अवैध गतिविधि के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के शोधार्थियों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) की ओर से मिलने वाली रिसर्च ग्रांट (शोध अनुदान) की परीक्षा में यूनिवर्सिटी के कुल सात शोधार्थियों का फाइनल सिलेक्शन हुआ है। जानकारी के मुताबिक यह फेलोशिप लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों को पास करने के बाद मिलती है, जबकि यूजीसी की जेआरएफ (JRF) के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा देनी होती है। पिछले साल भी विभाग के पांच शोधार्थियों ने इस कठिन परीक्षा को पास किया था। यह जानकारी विश्वविद्यालय के मीडिया सेल की ओर से शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे दी गई। इन छात्रों ने बढ़ाया यूनिवर्सिटी का मानइस साल चुने गए सात छात्रों में से मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के पांच छात्र शामिल हैं, जिनके नाम शुभांगी मिश्रा, पूजा श्रीवास्तव, सत्या निषाद, कुमारी संजू और अनन्या त्रिपाठी हैं। वहीं, प्राचीन इतिहास विभाग की दो छात्राओं मनीषा कुमारी और रोशनी वर्मा ने भी इसमें बाजी मारकर विभाग का नाम रोशन किया है। बेहतर पढ़ाई और अच्छे माहौल का नतीजा- HOD इस शानदार कामयाबी पर मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार तिवारी और प्राचीन इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हमारे विभाग के लिए बहुत गर्व की बात है। यह सफलता विभाग में हो रही अच्छी पढ़ाई, क्वालिटी रिसर्च और वहां के बेहतर माहौल का नतीजा है। कुलपति ने दी शुभकामनाएंकुलपति प्रो. पूनम टंडन ने भी सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनके अच्छे भविष्य की कामना की। उन्होंने भरोसा जताया कि ये छात्र आगे चलकर इतिहास के क्षेत्र में बेहतरीन काम करेंगे। कुलपति ने कहा कि हमारी लगातार यही कोशिश है कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और रिसर्च का स्तर हमेशा आगे बढ़ता रहे और छात्रों की यह कामयाबी हमारी इसी कोशिश का फल है।
पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहे तीन बदमाश गिरफ्तार:बस्ती में मुठभेड़ के बाद तमंचे, कारतूस और बम बरामद
बस्ती में पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार तड़के करीब 2.10 बजे मुड़घाट पुल के पास घेराबंदी कर इन्हें पकड़ा। ये बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग रहे थे। इनके कब्जे से अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और एक देशी सूतली बम बरामद हुआ है। पुलिस को टोल प्लाजा के पास 8 से 10 मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ युवकों के बारे में सूचना मिली थी। ये युवक लाठी-डंडा, हॉकी, तमंचा और बम के साथ किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक मोती चंद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर संदिग्ध युवक बड़ेवन की ओर भागने लगे। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। अंधेरे और ट्रैफिक का फायदा उठाकर कुछ आरोपी फरार हो गए। हालांकि, एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को मुड़घाट पुल के पास पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो अवैध तमंचे (315 बोर), तीन जिंदा कारतूस, एक जिंदा देशी सूतली बम, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और 260 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान शिवांश सिंह उर्फ हर्ष (निवासी तुर्कहिया), अली खान उर्फ गोलू (निवासी तुर्कहिया) और अहमद खान (निवासी जयपुरवा, थाना कोतवाली, जनपद बस्ती) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि अवैध तमंचे और देशी बम उनके फरार साथियों ने उपलब्ध कराए थे। उन्हें बम बनाने और फेंकने का प्रशिक्षण भी दिया गया था। सीओ सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी के अनुसार, अली खान और अहमद खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस फरार अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है और इसके लिए टीमें गठित की गई हैं।
पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में एक महिला से ठगी का मामला सामने आया है। सिंधी पड़ा जैन गली निवासी मोनी लखमानी को झांसा देकर ठगों ने उनके गले से सोने की चेन और हाथ से कंगन उतार लिया। घटना शुक्रवार की है। मोनी लखमानी अपनी स्कूटी से मिशन स्कूल मैदान में वॉक के बाद घर लौट रही थीं। घर के पास ही एक व्यक्ति ने उनसे किसी का पता पूछा। इसी दौरान एक और व्यक्ति वहां पहुंचा और पहले व्यक्ति से बात करने लगा। व्यक्ति ने कहा-वह लोगों का भाग्य देखता हैपहले व्यक्ति ने खुद को ऋषिकेश से आया हुआ बताया और कहा कि वह लोगों का भाग्य देखता है। उसने दूसरे व्यक्ति को कुछ बातें कहीं, जिस पर उसने विश्वास कर लिया। यह सब देखकर मोनी लखमानी भी उनके झांसे में आ गईं। ठगों में से एक ने मोनी से पानी पिलाने को कहा, यह भी बताया कि वह घर का पानी नहीं पीता, उसे दुकान से बोतल का पानी चाहिए। मोनी उन दोनों के साथ पास की एक दुकान पर गईं। दुकान पर ही दोनों ठगों ने मोनी को बातों में फंसा उनके गले से सोने की चेन और हाथ का कंगन उतार लिया। 80 कदम चलने को कहा और भाग निकलेइसके बाद, मौके पर दो मोटरसाइकिल पर मौजूद दो अन्य लोगों के साथ मिलकर वे फरार हो गए। वहीं, मोनी द्वारा बताया गया कि मैं एक तरह से उसके वश में आ गई थी और उन्होंने मेरे गले से चेन और हाथों से कंगन उतारने के बाद मुझे कहा कि आप भगवान का नाम लेकर 80 कदम अपने घर की ओर जाइए और पीछे मुड़कर मत देखिएगा। मैंने वैसा ही किया और जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो दोनों फरार थे। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित महिला के पति शहर से बाहर होने के कारण अभी तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। आवेदन देने की प्रक्रिया जारी है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवान के खिलाफ उसकी पत्नी ने दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, मारपीट, चरित्र पर संदेह और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता निक्की पासवान (24) ने बताया कि उसकी शादी 21 अक्टूबर 2021 को सेक्टर-6 स्थित आर्य समाज मंदिर में मूलचंद सरवा से हुई थी। पति राजस्थान के नागौर जिले का निवासी है और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है। दोनों का एक छोटा बेटा भी है। शादी के दो साल बाद बदला परिवार का व्यवहार महिला के अनुसार, शादी के शुरुआती दो वर्ष तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बेटे के जन्म के बाद पति, सास गीता बाई, ननद ललिता और पति की पहली पत्नी के बेटे मनीष सरवा का व्यवहार बदल गया। दहेज के लिए प्रताड़ना और मारपीट का आरोप महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज में कुछ नहीं लाने की बात कहकर ताने देता था और मायके से नकदी लाने का दबाव बनाता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज, मानसिक प्रताड़ना और मारपीट की जाती थी। चरित्र पर संदेह, गला दबाने और घर से निकालने का आरोप पीड़िता ने शिकायत में कहा कि पति उस पर चरित्रहीन होने का आरोप लगाता था और तलाक की धमकी देता था। महिला का आरोप है कि 10 जुलाई 2025 को पति ने उसके साथ मारपीट की, गला दबाया और घर से निकाल दिया। अगले दिन वह अपने बच्चे के साथ भिलाई स्थित मायके पहुंच गई। काउंसलिंग में नहीं पहुंचा पति, भेज दिया तलाक का नोटिस महिला ने 18 जुलाई 2025 को महिला थाना भिलाई में शिकायत दी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई, लेकिन शिकायत के अनुसार पति एक भी बार काउंसलिंग में उपस्थित नहीं हुआ। बाद में उसने पत्नी को तलाक का नोटिस भेज दिया और बच्चे सहित साथ रखने से इनकार कर दिया। गुंडे लगाने और जान से मारने की धमकी का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि पति कई बार जान से मारने की धमकी देता था। उसने यह भी दावा किया कि राजस्थान में उसके पीछे गुंडे लगाए गए, जिससे उसे अपनी जान का खतरा महसूस हुआ। सौतेले बेटे पर छेड़छाड़ का आरोप शिकायत में महिला ने पति की पहली पत्नी के बेटे मनीष सरवा पर छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि विरोध करने पर परिवार ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया और उल्टा उसे ही प्रताड़ित किया। जेवर और मोबाइल रखने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि पति ने उसके सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल अपने पास रख लिए। बाद में उसी पर जेवर और नकदी चोरी करने का झूठा आरोप लगाया गया। अब समझौता नहीं, कार्रवाई की मांग महिला ने स्पष्ट किया है कि अब वह किसी तरह का समझौता नहीं चाहती और पति, सास, ननद तथा सौतेले बेटे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कर रही जांच महिला थाना भिलाई पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौज में गट्टा मिठाई और खोया के पेड़ा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 'एक जनपद-एक व्यंजन' कार्यक्रम के तहत प्रोत्साहन दे रही है। इस योजना के तहत जिले में 12 इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। लघु उद्योग केंद्र के उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 'एक जनपद एक व्यंजन' कार्यक्रम के अंतर्गत गट्टा मिठाई और खोया के पेड़ा के लिए वित्त पोषण सहायता योजना शुरू की है। कन्नौज जिले के लिए 12 इकाइयों को वित्त पोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत गट्टा मिठाई एवं खोया के पेड़ा से संबंधित उद्योग, सेवा या व्यवसाय स्थापित करने वाले या इस क्षेत्र में नया उद्यम शुरू करने के इच्छुक पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार मार्जिन मनी सहायता भी प्रदान की जाएगी। 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर कुल लागत का 25 प्रतिशत मार्जिन मनी देय होगी। 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 6.25 लाख रुपये या परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, जबकि 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 10 लाख रुपये या परियोजना लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी मिलेगी। 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध होगी। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी को अनुदान के रूप में समायोजित कर दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा, जबकि आरक्षित श्रेणी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को केवल 5 प्रतिशत अंशदान करना होगा। आवेदक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए, उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, और वह किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो। इस योजना के लिए कोई न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है।
अरवल पुलिस ने इंजन चोर दबोचा:हरदोई में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया, इंजन बरामद
हरदोई के अरवल थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में वांछित आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का एक इंजन भी बरामद किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 16 मई 2026 को दर्ज किया गया था। वादी बाबूल पुत्र चेतराम निवासी ग्राम हन्नामऊ, थाना अरवल ने अज्ञात तीन आरोपियों के खिलाफ इंजन चोरी की रिपोर्ट लिखाई थी। इस संबंध में थाना अरवल में मुकदमा अपराध संख्या 119/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान इसमें धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी विवेक पुत्र रामवक्ष निवासी ग्राम जुनकहिया, थाना कोतवाली नगर, जनपद कन्नौज को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी हुआ इंजन बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल मोनू कुमार और कांस्टेबल भानु प्रताप सिंह सहित थाना अरवल की पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कौशांबी के मंझनपुर पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय और जिला क्षय रोग (टीबी) कार्यालय में हुई चोरी की घटनाओं का शुक्रवार को खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी किए गए एसी के आउटडोर का एक हिस्सा और 1,170 रुपए नकद बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को प्राथमिक विद्यालय कोरों की प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय में कई बार ताला तोड़कर चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। चोरों ने विद्यालय से गेहूं, चावल और अन्य सामान चुराया था, साथ ही तोड़फोड़ भी की थी। इसके अलावा, 8 जुलाई को जिला क्षय रोग कार्यालय के प्रभारी डॉ. प्रेम नारायण ने अपने कार्यालय से एसी की आउटडोर यूनिट चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। मंझनपुर पुलिस ने देवखरपुर तिराहे के पास से राहुल पासी पुत्र राधे पासी, निवासी ग्राम कोरों, थाना मंझनपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी राहुल पासी ने स्वीकार किया कि उसने 6/7 जुलाई की रात टीबी कार्यालय से एसी का आउटडोर यूनिट चुराया था। उसने इसे तोड़कर कबाड़ी को अलग-अलग हिस्सों में बेचने की योजना बनाई थी। उसने यह भी कबूल किया कि उसने प्राथमिक विद्यालय कोरों में तीन बार ताला तोड़कर चोरी की थी। पहली बार उसने लगभग 20 किलो गेहूं और 10 किलो चावल चुराया था। दूसरी बार में 50 किलो चावल और 50 किलो गेहूं चोरी कर लगभग 3,500 रुपये में बेच दिया था। पुलिस द्वारा बरामद 1,170 रुपये नकद उसी चोरी से संबंधित बताए गए हैं, जबकि शेष रकम आरोपी खर्च कर चुका था। पुलिस ने आरोपी राहुल पासी के खिलाफ आवश्यक लिखापढ़ी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शाहजहांपुर के पुवायां थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 11 बजे एक सांड के हमले में वेल्डिंग मिस्त्री मुनेश कुमार की मौत हो गई। मुनेश पेमेंट लेने के लिए पुवायां गए थे। स्थानीय लोगों ने सांड को भगाकर घायल मिस्त्री को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान आरसी मिशन थाना क्षेत्र के उदौपारा गांव निवासी मुनेश कुमार (40) के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुई, जब मुनेश कुमार पुवायां के राजीव चौक के पास से गुजर रहे थे। तभी एक सांड ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने लाठी-डंडों की मदद से सांड को वहां से भगाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस से मुनेश को अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुनेश कुमार की गांव में ही वेल्डिंग की दुकान थी। उन्होंने कुछ समय पहले पुवायां क्षेत्र में एक व्यक्ति के लिए ग्रिल और अन्य वेल्डिंग का काम किया था। मृतक की पत्नी संगीता ने बताया कि उनके पति उस व्यक्ति से 90 हजार रुपये का पेमेंट लेने के लिए घर से निकले थे। उन्हें सुबह 11 बजे पुलिस से फोन पर जानकारी मिली कि उनके पति घायल हो गए हैं। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो मुनेश मृत अवस्था में मिले। संगीता ने यह भी बताया कि उन्हें नहीं पता कि उनके पति पेमेंट ले पाए थे या नहीं, क्योंकि उनके पास कोई पेमेंट नहीं मिला। उस व्यक्ति ने मुनेश को पुवायां आने के लिए कहा था, जहां से वह उन्हें लेने वाला था। मुनेश को मकान में कराए जाने वाले कार्य की नाप भी लेनी थी। थाना प्रभारी आरके रावत ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने शुक्रवार को मेरठ सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता की। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मेरठ पहुंचीं सरोज कुशवाहा ने बताया कि उनका यह दौरा संगठन के विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश, क्षेत्र, जिला और मंडल स्तर पर संगठन को और मजबूत करने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। मेरठ में भी महिला मोर्चा पदाधिकारियों के साथ संगठन के विस्तार, नए गठन और आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगी। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में तैयार किया जाएगा। मेरठ में चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड और प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर पूछे गए सवाल पर सरोज कुशवाहा ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार उनसे मिलने की इच्छा जताता है तो वह उनसे अवश्य मिलेंगी। हालांकि सरकार की ओर से कोई वादा करना उचित नहीं होगा, लेकिन संगठन और सरकार की ओर से जो भी न्याय उचित होगा, उसका प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के लिए पहले भी प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। 33% आरक्षण लागू हो या नहीं, महिलाएं चुनाव लड़ेंगी महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के पक्ष में रही है। 33 प्रतिशत आरक्षण लागू ना होने पर भी भाजपा इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को तैयार करेगी कि वे अपनी योग्यता के आधार पर चुनाव लड़ें और जीतें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा महिलाओं को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व देने की है। संगठन का लक्ष्य महिलाओं को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित कर चुनावी राजनीति के लिए तैयार करना है। हर बूथ पर महिला नेतृत्व तैयार करने का लक्ष्य प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनका संकल्प है कि भाजपा की प्रत्येक बूथ समिति में महिलाओं की मजबूत भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को केवल सदस्य नहीं बल्कि बूथ अध्यक्ष और सक्रिय संगठनकर्ता के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान तो लगातार चलता रहता है, लेकिन अब संगठन का फोकस महिलाओं को जिम्मेदारी देने और नेतृत्व विकसित करने पर रहेगा। इसी उद्देश्य से वह क्षेत्रवार, जिलावार और आवश्यकता पड़ने पर मंडल व बूथ स्तर तक जाएंगी। सरोज कुशवाहा ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत महिला मतदाता हैं। अब जरूरत इस बात की है कि यही महिलाएं बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं अब तक केवल मतदान करती थीं, उन्हें अब संगठन के कार्यक्रमों, बूथ बैठकों, 'मन की बात', डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती, धारा 370 जैसे विषयों पर चर्चा करने वाली सक्रिय कार्यकर्ता बनाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण कानून पूरी तरह लागू होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी बाधाएं डाले, भाजपा अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। महिलाओं की सुरक्षा पहले से बेहतर हुई महिलाओं की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी बेटियां अकेले बाहर पढ़ती हैं और उन्हें पहले जैसी चिंता नहीं रहती क्योंकि कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ बाहर निकल रही हैं। सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया है, जिससे महिलाओं का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं का सम्मान सदैव सर्वोच्च रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती के रूप में पूजा जाता है।
संतकबीरनगर जिले के मुखलिसपुर में गाटा संख्या 580 और 581/1 से जुड़े भूमि विवाद को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार को सौंपे गए इस ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कार्रवाई की मांग उठाई। व्यापारी नेता श्रवण कुमार अग्रहरी ने आरोप लगाया कि जिले में एक संगठित रैकेट सक्रिय है। इसमें कुछ प्रॉपर्टी डीलरों और बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से गरीब और असहाय लोगों की संपत्तियों की नीलामी कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी तो व्यापारी समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा। मामले के पीड़ितों में दशरथ गुप्ता पुत्र रामलौट गुप्ता और गंगेश्वर पुत्र दुक्खी, निवासी मुखलिसपुर शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा 8 जुलाई 2026 को उनके हिस्से का विधिवत बंटवारा किए बिना मकान खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया गया है। पीड़ितों ने इस नोटिस को पूरी तरह अवैध बताया और कहा कि पहले उनके वैध हिस्से का निर्धारण किया जाना चाहिए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में कहा है कि उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन से बैंक कर्मियों और सहकारिता विभाग की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। आरोप लगाया गया कि संबंधित पक्षों के वैध अधिकारों की अनदेखी करते हुए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन में जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, सभी पक्षों के वैध अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने तथा ऋण वसूली एवं नीलामी प्रक्रिया में यदि कोई विधिक त्रुटि पाई जाए तो उसका परीक्षण कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। व्यापार मंडल का मानना है कि इससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास बना रहेगा। इस दौरान ग्राम प्रधान मनोज अग्रहरी, नगर अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रहरी, दिलीप अग्रहरी, पवन अग्रहरी, दशरथ, राम अवध, रामचंद्र, संजय मोदनवाल, शिवप्रकाश, राजेंद्र माझी, लालाजी माझी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को एंटी रोमियो स्क्वाड पूरे दिन सक्रिय रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने जिले के स्कूल-कॉलेजों, मंदिरों, रेलवे स्टेशन, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मनचलों और शोहदों पर विशेष नजर रखी गई। एंटी रोमियो स्क्वाड की प्रभारी उपनिरीक्षक मीरा चौहान के नेतृत्व में टीम ने चिल्हिया थाना क्षेत्र के पल्टा देवी मंदिर, जगदीशपुर और चिल्हिया रेलवे स्टेशन सहित कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पैदल गश्त की। टीम ने स्कूल-कॉलेजों के आसपास, मुख्य सड़कों, बाजारों और चौराहों पर मौजूद लोगों की निगरानी की। संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की जांच भी की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने बाजारों में महिला दुकानदारों, छात्राओं और स्थानीय महिलाओं से बातचीत की। उनसे उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। पुलिस ने पूछा कि क्या आसपास कोई ऐसे लोग हैं जो अनावश्यक रूप से मंडराते हों या महिलाओं और लड़कियों को परेशान करते हों। पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अभद्रता, पीछा करने या उत्पीड़न जैसी घटना सामने आती है, तो बिना किसी झिझक के तत्काल पुलिस को सूचना दें। इससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चियों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि 1090 महिला पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन पुलिस सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन, 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं आमजन की सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं। टीम ने महिलाओं को इन सेवाओं का निर्भीक होकर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया और साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी तथा सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से सतर्क रहने की भी सलाह दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल मनचलों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा का विश्वास पैदा करना तथा उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना भी है। इसी उद्देश्य से जिले में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम और एंटी रोमियो अभियान चलाए जा रहे हैं। पूरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और न ही कोई संदिग्ध गतिविधि मिली। पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे और सार्वजनिक स्थानों पर मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस अभियान में एंटी रोमियो स्क्वाड प्रभारी उपनिरीक्षक मीरा चौहान, महिला हेड कांस्टेबल मंजू मौर्य तथा महिला आरक्षी नेहा सिंह शामिल रहीं।
गोंडा जिले से होकर अयोध्या जाने वाली घाघरा नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों के दिखने से तटीय इलाकों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। आज शुक्रवार शाम 4 बजे का दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। गोंडा में करनैलगंज से अयोध्या सीमा तक लगभग 100 किलोमीटर में फैली घाघरा नदी में लगातार मगरमच्छ और घड़ियाल देखे जा रहे हैं। इन जानवरों के हमलों में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। सामने आए पहले वीडियो में सोनौली मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के बच्ची माझा में एक मगरमच्छ नदी के तट पर बैठा दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों को देखकर वह पानी में भाग जाता है। दूसरा वीडियो करनैलगंज के पास घाघरा नदी में घड़ियाल को दिखाते हुए सामने आया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद गोंडा जिला प्रशासन ने करनैलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक तटीय गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से नदी के एकदम किनारे न जाने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि आवश्यक हो तो पूरी सावधानी के साथ नदी किनारे जाएं और मगरमच्छ व घड़ियाल से बचाव के लिए पूरे संसाधन साथ रखें। लोगों को अपने पशुओं को नदी में न ले जाने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि पानी के तेज बहाव के कारण घड़ियाल और मगरमच्छ बहकर आ सकते हैं, जिससे कोई भी घटना हो सकती है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि घड़ियाल और मगरमच्छ की चेतावनी के लिए अलग-अलग तटीय इलाकों में बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही, एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर ने राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के दो अधिकारियों को शुक्रवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इन अधिकारियों पर ब्यावर में लीज डीड के निष्पादन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी के अनुसार रीको के सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपए और जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कुल 85 हजार रुपए की रिश्वत राशि बरामद की गई है। परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। इसके बाद एक योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें दोनों आरोपियों को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज गुप्ता और ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में की गई। डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने इसका पर्यवेक्षण किया, जबकि डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। ट्रैप कार्रवाई के बाद एसीबी टीम ने ब्यावर स्थित रीको कार्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की। अधिकारियों ने कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन कर मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
बागपत की डीएम अस्मिता लाल ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अलार्म सुरक्षा डिवाइस वितरित की। यह डिवाइस आपात स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि कोई महिला बाहर असुरक्षित महसूस करती है और आसपास कोई नहीं है, तो वह इसे सक्रिय कर सकती है। सक्रिय होने पर डिवाइस लगभग 2 मिनट तक 50 मीटर की दूरी तक तेज आवाज उत्पन्न करेगी, जिससे आसपास के लोग सहायता के लिए तुरंत पहुंच सकेंगे। आशा बहुओं और एएनएम को उपलब्ध कराने का प्रयास डीएम ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल सरकारी महिला कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में इसे स्कूल छात्राओं, घर से बाहर काम करने वाली महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और एएनएम को भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने अपने कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष से डिवाइस प्रदान कर किया। उन्होंने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। डिवाइस प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों ने इस पहल के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिला सुरक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशील और प्रेरणादायी पहल बताया। यह नवाचार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सिरसा में नाबालिग के साथ शादी-शुदा युवक ने रेप कर दिया। युवक रिश्ते में पीड़ित लड़की का भाई (मामा का बेटा) लगता है और सालभर पहले ही शादी हुई थी। नाबालिग गर्मी की छुटि्टयों में अपने नैनिहाल गई हुई थी। उन दिनों युवक की पत्नी अपने मायके गई हुई थी तो उसने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। आरोप है कि युवक ने लड़की के साथ कई बार संबंध बनाए। पुलिस के अनुसार, नाबालिग जिले के एक गांव की रहने वाली है। मार्च माह में पीड़िता अपने नैनिहाल गई हुई थी। आरोप है कि एक दिन घर पर उसके उसके मामा का बेटा सुधीर कुमार और वह अकेले थे। उस समय उसकी भाभी अपने मायके गई हुई थी। सुधीर ने उसे बहला-फुसला लिया और मौका पाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। ऐसे ही मौका पाकर उसके साथ कई बार रेप किया। कुछ समय बाद वह अपने घर आ गई। वहां भी उसके साथ संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। ऐसे में उसने अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाने पहुंची और शिकायत दी। पुलिस ने नाबालिग की काउंसलिंग करवाई। महिला अधिवक्ता तथा महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसके बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया तथा लीगल एडवाइजर की राय और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 4 माह तक युवक तंग करता रहा पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक करीब 30 साल का है और लड़की नाबालिग है। छुट्टी के चलते वह अपने नैनिहाल गई थी। करीब चार माह तक युवक उसे तंग करता रहा। इसी 7 तारीख को पीड़िता ने शिकायत दी और आज शुक्रवार को आरोपी युवक पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को पीड़िता ने अपने घर लौटकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।
नरसिंहपुर नगरपालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक में शुक्रवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। इंद्रावार्ड के पार्षद आनंद चौरसिया शहर की विभिन्न समस्याओं के चित्र अपने शरीर पर चिपकाकर बैठक में शामिल होने पहुंचे। पार्षद के विरोध के इस अनूठे तरीके ने बैठक में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका के अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। 'जीवित चित्रों' के जरिए दिखाई शहर की बदहाली पार्षद आनंद चौरसिया ने अपने शरीर पर जर्जर सड़कों के गड्ढे, सिंगरी नदी में पसरी गंदगी, नालियों की खराब स्थिति, डिवाइडरों की बदहाली, सब्जी मंडी की अव्यवस्थाएं, कचरा प्रबंधन में लापरवाही, अधूरी सड़कें और इतवारा बाजार की गंदगी से जुड़ी तस्वीरें लगा रखी थीं। उन्होंने इसे नगर की समस्याओं को उजागर करने का एक सांकेतिक और प्रभावी प्रयास बताया। चार साल में सुधरने के बजाय और बिगड़े हालात साधारण सम्मेलन की बैठक में अपनी बात रखते हुए पार्षद चौरसिया ने कहा कि नगर पालिका परिषद के चार वर्ष पूरे होने के बाद यह बैठक हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल पहले की तुलना में आज शहर की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। उनके मुताबिक जनता की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई अपेक्षित काम नहीं किया गया है। बोले- यह बहरे जिम्मेदारों को जगाने की कोशिश पार्षद ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक नहीं पहुंच रही है, तो शायद इन तस्वीरों के माध्यम से वे शहर की वास्तविक और बदतर स्थिति को समझ सकेंगे। उन्होंने साफ किया कि इन चित्रों के जरिए वे नगर पालिका के जिम्मेदार लोगों को विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर दिखाना चाहते हैं। बैठक में इस अनूठे प्रदर्शन की काफी चर्चा रही।
पानीपत जिले में इसराना की विश्वकर्मा कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान से स्कूटी, की-पैड फोन और 800 रुपए नकद चोरी हो गए। यह घटना तब हुई जब मकान में काम करने के लिए आया एक व्यक्ति रात को वहीं रुका और अगली सुबह सामान लेकर फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव बवाना लाखु निवासी अजय, विश्वकर्मा मंदिर के पास अपना नया मकान बनवा रहे थे। उन्होंने अपने गांव के सतीश को मजदूरी पर रखा था। 8 जुलाई को मजदूरों की कमी होने पर सतीश को पानीपत भेजा गया, जहां से वह संजय चौक से एक मिस्त्री को काम पर लाया। सुबह स्कूटी लेकर मिस्त्री हुआ फरार दिनभर काम करने के बाद, मिस्त्री और सतीश रात को निर्माणाधीन मकान में ही सो गए। अगली सुबह जब सतीश उठा, तो उसने देखा कि कमरे में खड़ी स्कूटी, एक छोटा की-पैड फोन और 800 रुपए नकद गायब थे। सतीश ने तुरंत फोन कर मकान मालिक अजय को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर अजय तुरंत विश्वकर्मा कॉलोनी पहुंचे और आसपास चोर की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद अजय ने इसराना थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को लखनऊ में केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, ट्रस्ट को भंग करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। अजय राय ने आरोप लगाया कि भगवान राम के मंदिर में योजनाबद्ध तरीके से लूट हुई है। इस पूरी साजिश के तार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लिया था, इसलिए अब जवाबदेही से बच नहीं सकती। दीपेंद्र हुड्डा बोले- राम मंदिर का ताला कांग्रेस सरकार में खुला था दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस भगवान राम और सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करती है। उन्होंने दावा किया कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री और वीर बहादुर सिंह के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस सरकार के दौरान राम मंदिर का ताला खुला था और पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई थी।उन्होंने कहा कि जब मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा हुई तो भाजपा ने उसका राजनीतिक लाभ लिया, लेकिन अब कथित चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार और प्रधानमंत्री मौन हैं। 'देश जानना चाहता है चंदा चोरी कैसे हुई' हुड्डा ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में यदि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो पूरे देश को सच्चाई जानने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रस्ट का गठन और प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई तो अब जवाबदेही कौन तय करेगा। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर उठाए सवाल कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कोई आरोप नहीं है तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है, जबकि शीर्ष स्तर की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही। कांग्रेस की प्रमुख मांगें• प्रधानमंत्री इस मामले पर देश के सामने जवाब दें।• जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उनकी तत्काल गिरफ्तारी हो।• सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए।• श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए।• राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।• दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। अजय राय बोले- दर्शन से भी रोकने की कोशिश हुई अजय राय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अयोध्या में दर्शन करने से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भगवान राम के दर्शन करके आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है और इसी वजह से विपक्ष के सवालों से बच रही है।
आगरा में 12 जुलाई को ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस अभियान में कुल 53 लाख 94 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें वन विभाग के करीब 19 लाख पौधों के साथ अन्य विभागों की भी व्यापक सहभागिता रहेगी। अभियान की तैयारियों के क्रम में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक स्थित प्रस्तावित मुख्य स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पौधारोपण के लिए गड्ढों की खुदाई में तेजी लाने, स्थल को थीम आधारित खंडों में विकसित करने तथा औषधीय, हर्बल, पोषण वाटिका और फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही पहुंच मार्गों की साफ-सफाई, मंच निर्माण और आगंतुकों के बैठने की समुचित व्यवस्था समय से पूरी करने को कहा। जिलाधिकारी ने अभियान के प्रभावी संचालन और निगरानी के लिए जनपद को विभिन्न जोन और सेक्टर में विभाजित किया है। इसके तहत उपजिलाधिकारियों को जोनल मजिस्ट्रेट और खंड विकास अधिकारियों को सेक्टर अधिकारी नामित किया गया है। नामित अधिकारियों को वृक्षारोपण स्थलों का सत्यापन, विभागवार और ग्राम पंचायतवार अभिलेखीकरण, सतत मॉनिटरिंग, दैनिक प्रगति रिपोर्टिंग और रोपण के बाद पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोनल मजिस्ट्रेट अपने अधीन सेक्टर अधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे और प्रगति रिपोर्ट जिला कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएंगे। मुख्य कार्यक्रम शास्त्रीपुरम डी-ब्लॉक में आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह सहित जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव (व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता) डॉ. हरिओम की उपस्थिति भी रहेगी। डीएम मनीष बंसल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें और विभागों के आपसी समन्वय से जनभागीदारी के साथ इस महाअभियान को सफल बनाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो सड़क हादसों में सीएसए के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक फैक्ट्रीकर्मी की मौत हो गई। दोनों हादसे गुरुवार रात नवाबगंज और सचेंडी क्षेत्र में हुए। पहले हादसे में साइकिल से घर लौट रहे सीएसए कर्मचारी को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दूसरे हादसे में फैक्ट्री ड्यूटी पर जा रहे बाइक सवार कर्मचारी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और हादसों की जांच शुरू कर दी है। पॉलीटेक्निक के सामने कट के पास हुआ हादसा अवधपुरी के मदारपुर में रहने वाले सुनील कुमार वर्मा (53) सीएसए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। परिवार में सुमन और दो बच्चे शिवम व स्वीटी हैं। परिजनों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 11 बजे वह साइकिल से घर लौट रहे थे, तभी जीटी रोड पर पालीटेक्निक के सामने कट के पास तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर कार समेत फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर नवाबगंज पुलिस ने उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सचेंडी में फैक्ट्री जाने के दौरान हुआ एक्सीडेंट वहीं, कानपुर देहात के रूरा बलेथा के रहने वाले प्रदीप बाबू (35) सरायमीता स्थित नट बोल्ट फैक्ट्री में काम करते थे। परिवार में पत्नी आरती और दो बच्चे हैं। बड़े भाई शिवकुमार ने बताया कि घर में सिलेंडर देने के बाद वह रात 9 बजे ड्यूटी जा रहे थे। सचेंडी थानाक्षेत्र में कटरा भैसोरे के पास तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह खंती में जा गिरे। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें निकाल कर अस्पताल भेजा, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हरियाणा के विभिन्न जिलों में स्थित ईंट भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी के 86 मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। इन मामलों को लेकर आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन सुनवाई आयोजित की गई। इस सुनवाई में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, श्रम आयुक्त और सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शामिल हुए। आयोग ने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जांच में पाई गई कमियों को लेकर फटकार लगाई। उन्हें नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अधिकतर मामलों में संबंधित अधिकारियों ने दस्तावेजों और अभिलेखों की ठीक से जांच नहीं की थी। पुख्ता रिकॉर्ड न होने के कारण अधिकारियों के पास श्रमिकों को बंधुआ मजदूर घोषित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। न्यायमूर्ति ने सभी अधिकारियों से बंधुआ मजदूरी के मामलों से निपटते समय सतर्क रहने का आग्रह किया। SOP और 'एडवाइजरी 2.0' का पालन अनिवार्य आयोग ने स्पष्ट किया कि शिकायतों की जांच के लिए टीम का गठन करते समय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 14 मई 2026 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन किया जाए। यह SOP बंधुआ मजदूरों की पहचान, बचाव और अपराधियों पर मुकदमा चलाने के लिए तय की गई है। साथ ही, एनएचआरसी के संयुक्त सचिव समीर कुमार ने 'बंधुआ मजदूरों की पहचान, रिहाई और पुनर्वास हेतु जारी सलाह 2.0' (Advisory 2.0) के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। ATR की समीक्षा और हेल्पलाइन की मांग सुनवाई के दौरान आयोग ने हरियाणा के जिला प्रशासकों द्वारा प्रस्तुत की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) की विस्तृत समीक्षा की। न्यायमूर्ति रामासुब्रमणियन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बंधुआ मजदूरी की घटनाओं पर प्रभावी नज़र रखने के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित श्रमिक जरूरत पड़ने पर सीधे और तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। सरकार ने दिया पूर्ण अनुपालन का आश्वासन आयोग के कड़े रुख के बाद, हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी और श्रम आयुक्त विजयकुमार भाविकट्टी ने मानवाधिकार आयोग को आश्वस्त किया कि सभी 86 मामलों की नए सिरे से गहन समीक्षा की जाएगी और जल्द ही आवश्यक जानकारी व विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने NHRC को पूरा भरोसा दिलाया कि बंधुआ मजदूरी से संबंधित मामलों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए देश की सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों और सभी लागू कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस सुनवाई के दौरान संयुक्त सचिव समीर कुमार और संयुक्त रजिस्ट्रार (कानून) इंद्रजीत कुमार सहित आयोग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राजसमंद जिले में उत्तर पश्चिम रेलवे की नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। परियोजना के तहत जुलाई महीने में नाथद्वारा से रेलखंड पर नवीन रेलवे लाइन का गति परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विशेष ट्रेनों को लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा अथवा उससे अधिक गति से संचालित किया जाएगा। उपमुख्य अभियंता प्रवीण यादव के अनुसार परीक्षण के दौरान रेलवे की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग भी समन्वय के साथ आमजन को जागरूक करने का कार्य करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के दौरान ट्रेनों की गति सामान्य परिचालन से अधिक रहेगी, इसलिए रेलवे ट्रैक पार करना, ट्रैक के आसपास अनावश्यक रूप से रुकना या पशुओं को रेल लाइन के निकट चराना हादसे का कारण बन सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे गति परीक्षण के दौरान रेलवे लाइन के आसपास विशेष सतर्कता बरतें, बच्चों और पशुओं को ट्रैक के पास न जाने दें और केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करें। साथ ही ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और संबंधित विभागों को भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि परीक्षण सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या-102 में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद शुक्रवार को भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट ने भवन स्वामी की ओर से दाखिल जवाब पर सुनवाई के बाद अवैध निर्माण को नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई को मंजूरी दे दी। अग्निकांड के बाद एलडीए की जांच में भवन निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया था। बुधवार को आरोपी पक्ष ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था और विस्तृत सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन विहित प्राधिकारी ने अतिरिक्त समय देने से इनकार करते हुए गुरुवार को फैसला सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। जांच में कई गंभीर लापरवाही सामने आई एलडीए की जांच में सामने आया था कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया। एसआईटी जांच में भी कई गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। भवन में जहां फायर एग्जिट और लोहे की सीढ़ियां होनी चाहिए थीं, वहां लिफ्ट लगा दी गई थी। इसके अलावा स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली लोड का उपयोग और अतिरिक्त निर्माण भी मिला। 22 जून को हुए इस अग्निकांड में दम घुटने और आग की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद यह मामले की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है। अब एलडीए तय प्रक्रिया के तहत भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगा।
सरयू नदी पर नए पुल का मिट्टी परीक्षण शुरू:लखनऊ-बहराइच फोर लेन राजमार्ग परियोजना के लिए तैयारी तेज
बाराबंकी में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरयू (घाघरा) नदी पर एक नए पुल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे से नदी के बीच मिट्टी परीक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह नया पुल मौजूदा संजय सेतु के समानांतर बनाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद, विशेषज्ञों की एक टीम स्टीमर और विशेष नावों का उपयोग कर रही है। वे नदी के मध्य तक पहुंचकर अत्याधुनिक मशीनों से मिट्टी की जांच कर रहे हैं। नावों पर जनरेटर लगाकर ड्रिलिंग उपकरण संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य नदी की तलहटी की मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी भार वहन क्षमता का परीक्षण करना है, ताकि पुल के लिए एक मजबूत और सुरक्षित नींव तैयार की जा सके। यह प्रस्तावित पुल लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग की चार लेन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान संजय सेतु पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है, जिससे अक्सर यातायात जाम और सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। नए पुल के निर्माण से यातायात सुगम होगा और सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि चार लेन सड़क परियोजना के तहत सरयू-घाघरा नदी पर नए पुल के निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
बरेली के लाल फाटक फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर बने गहरे गड्ढे लोगों के लिए हादसों की वजह बन गए हैं। शुक्रवार को बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में बाइक समेत गिरने से एक बुजुर्ग घायल हो गए। हादसे के बाद वह कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वायरल वीडियो में बुजुर्ग सर्विस रोड से बाइक पर गुजरते दिखाई देते हैं। सड़क पर जलभराव होने के कारण उन्हें गड्ढा दिखाई नहीं देता। जैसे ही बाइक गड्ढे में उतरती है, संतुलन बिगड़ जाता है और वह सड़क पर गिर पड़ते हैं। रोज हो रहे हादसे, फिर भी नहीं हो रही मरम्मत कैंट थाना क्षेत्र स्थित बरेली-बदायूं नेशनल हाईवे पर लाल फाटक फ्लाईओवर की सर्विस रोड लंबे समय से जर्जर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है। इससे रोजाना बाइक, ऑटो और ई-रिक्शा हादसे का शिकार हो रहे हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। शिकायतें बेअसर, लोगों ने फिर उठाई मरम्मत की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
सुल्तानपुर में बल्दीराय पुलिस ने एक युवक को नाबालिग से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अकबर को बहुरावां पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पुल के पास से पकड़ा गया। उसे शुक्रवार दोपहर 3 बजे न्यायालय भेजा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी के साथ डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने और उसकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो फेसबुक पर वायरल करने का गंभीर आरोप है। पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब तीन महीने पहले 29 मार्च को जब वह घर पर नहीं थी, तब उसकी बेटी घास काटने खेत में गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव का रहने वाला युवक वहां पहुंचा और नाबालिग को अकेला पाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी ने अपने मोबाइल से पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वह तस्वीरें इंटरनेट पर डाल देगा और उसे जान से मार देगा। शिकायत में यह भी बताया गया है कि करीब एक महीने पहले आरोपी ने दोबारा धमकी देकर पीड़िता को अपने घर बुलाया और बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। बदनामी और जान के डर से पीड़िता सहमी रही। बीते 19 जून को आरोपी ने उन अश्लील फोटो और वीडियो को फेसबुक पर अपलोड कर दिये। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तब परिजनों को इस घिनौनी करतूत की जानकारी हुई। इसके बाद पीड़िता ने रो-रोकर अपने परिवार को पूरी आपबीती सुनाई।
फर्राटे पंखे से करंट लगने से महिला की मौत:घर का काम करते समय चपेट में आई, हाथ टच होने से हुआ हादसा
औरैया के ऐरवा कटरा थाना क्षेत्र के हरचंदापुर गांव में शुक्रवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे एक महिला की फर्राटे पंखे से करंट लगने के कारण मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, हरचंदापुर निवासी गंगाश्री (पत्नी लाखन सिंह) शुक्रवार दोपहर करीब 1:25 बजे अपने घर के कमरे में घरेलू कार्य कर रही थीं। इसी दौरान कमरे में रखे फर्राटे के पंखे में करंट आ गया। हाथ टच हो जाने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गईं। परिवार के लोग सदमे में परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिधूना लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद गंगाश्री को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतका अपने पीछे पति लाखन सिंह, तीन पुत्र—विमलेश कुमार, छबिराम और मलखान सिंह तथा चार पुत्रियां—कमला, रेनू, बबीता और अंजली को छोड़ गई हैं।
मुरादाबाद के बहुचर्चित योगेंद्र उर्फ भूरा हत्याकांड में शूटर पंकज चौधरी को हाईकोर्ट से बेल मिल गई है। पंकज चौधरी ने अपने दोस्त सुमित चौधरी के साथ मिलकर 23 फरवरी 2015 को मुरादाबाद में भरी कचहरी में इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। तभी से यानी करीब साढ़े 11 साल से पंकज चौधरी जेल में बंद है। पंकज चौधरी और उसके दोस्त सुमित को पुलिस ने घटनास्थल पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया था। सुमित बदायूं जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था और करीब 8 साल की फरारी के बाद STF ने पिछले साल ही उसे गिरफ्तार करके फिर से जेल भेजा है। बता दें कि योगेंद्र उर्फ भूरा की बेटी आयुषी सिंह यूपी में डिप्टी एसपी हैं। बता दें कि मुरादाबाद के डिलारी ब्लॉक के तत्कालीन ब्लॉक प्र्मुख योगेंद्र उर्फ भूरा की 22 फरवरी 2015 को मुरादाबाद में भरी कचहरी गोलियांं मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को हमलावरों ने उस वक्त अंजाम दिया था जब एक मर्डर में मुरादाबाद जेल में बंद भूरा को कोर्ट में मुकदमे की तारीख पर पेशी के लिए लाया गया था। कोर्ट रूम के बाहर अपनी बारी का वेट कर रहे भूरा को शूटरों ने पुलिस कस्टडी में एक के एक बाद 3 गोलियां मारी थीं। जिससे योगेंद्र सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। गोलियां बरसाने वाले दोनों शूटरों सुमित चौधरी निवासी नवैनी गद्दी थाना हजरतनगर गढ़ी (जिला संभल) और पंकज चौधरी निवासी गांव ग्वारऊ थाना बिलारी मुरादाबाद को पुलिस ने मौके से ही दबोच लिया था। सुमित चौधरी ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा के सगे ममेरे रामवीर सिंह के भाई का बेटा है। दरआल योगेंद्र उर्फ भूरा पर सुमित चौधरी के बड़े भाई रिंकू चौधरी की हत्या करा देने का आरोप था। इसी मामले में वे उस समय मुरादाबाद जेल में बंद थे। भाई की मौत का बदला लेने के लिए ही सुमित चौधरी ने अपने दोस्त पंकज चौधरी के साथ मिलकर योगेंद्र उर्फ भूरा का भरी कचहरी में मर्डर किया था।इसी मामले में पुलिस ने सुमित के पिता रामवीर सिंह और मामा नेमपाल को भी जेल भेजा था। लेकिन ये लोग काफी पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। दूसरी ओर सुमित घटना के कुछ वक्त बाद ही बदायूं जेल की दीवार फांदकर भाग गया था। 8 साल की फरारी के बाद यूपी एसटीएफ ने उसे पिछले साल सुमित को अरेस्ट करके वापस बदायूं जेल भेजा है।इस बीच प्रयागराज हाईकोर्ट ने 8 जुलाई को मामले में शूटर पंकज चौधरी की बेल एप्लीकेशन मंजूर कर ली है। आवेदक की ओर से अधिवक्ता नूर मोहम्मद तथा राज्य की ओर से ए.जी.ए.-I डॉ. एस.बी. मौर्य की दलीलें सुनीं गईं। आवेदक के अधिवक्ता ने कहा कि आवेदक 23 फरवरी.2015 से लगातार जेल में है। करीब 11 वर्ष 6 माह सेे वह जेल में बंद है। तर्क दिया कि अब तक कुल 21 गवाहों में से केवल 13 गवाहों की ही गवाही हो सकी है। इसलिए मुकदमे का ट्रायल बहुत धीमी गति से चल रहा है और उसके शीघ्र समाप्त होने की कोई संभावना नहीं है। साथ ही रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि ट्रायल में देरी कराने के लिए आवेदक जिम्मेदार है।आगे यह कहा गया कि आवेदक एक दशक से अधिक समय से जेल में है। इतनी लंबी कैद के कारण उसके शीघ्र सुनवाई (Speedy Trial) के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है। कानून स्पष्ट है कि यदि किसी अभियुक्त के शीघ्र सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है, तो गंभीर अपराधों में भी उसे जमानत दी जा सकती है।आवेदक के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि मुकदमे के गुण-दोष (Merits) की दृष्टि से आवेदक सहित सभी अभियुक्तों को केवल सामान्य भूमिका (General Role) दी गई है कि उन्होंने मृतक को गोली लगने वाली घटना में भाग लिया। आवेदक और सह-अभियुक्त सुमित की विशेष बात केवल यह है कि दोनों को घटनास्थल से गिरफ्तार किया गया था। इनके अतिरिक्त अन्य सभी सह-अभियुक्त पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
कानपुर देहात में 12 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को रेशम विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष रेशम विभाग को प्रदेशभर में 14 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग की नर्सरियों में कुल 36 लाख पौधे तैयार किए गए हैं, जिनमें 33 लाख शहतूत और 3 लाख अर्जुन के पौधे शामिल हैं। यह पौधरोपण अभियान प्रदेश के 56 जनपदों में चलाया जाएगा। इसके तहत 190 ग्राम पंचायतों और 305 चयनित स्थलों पर पौधे लगाए जाएंगे। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'हरित उत्तर प्रदेश' अभियान को सफल बनाने में रेशम विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाए और उन्हें समय पर पौधे उपलब्ध कराए जाएं। समीक्षा बैठक के दौरान आजमगढ़ के किसान राकेश पांडेय ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह पहले से 10 बीघा में शहतूत की खेती कर रहे हैं और इस बार 20 हजार नए पौधे लगाने की तैयारी में हैं। मंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि विदेश से लौटकर खेती करने वाले युवा अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री ने अधिकारियों को शहतूत की कटिंग से अधिक पौधे तैयार करने, अगले वर्ष के लिए अभी से नर्सरी विकसित करने और सभी पौधों की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शहतूत को एक बहुउपयोगी वृक्ष बताया, जो रेशम उत्पादन के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। रेशम विभाग ने विश्वास व्यक्त किया है कि 12 जुलाई को होने वाले प्रदेशव्यापी अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।
देवास में बागली के नयापुरा क्षेत्र के ग्रामीण शुक्रवार को सामुदायिक भवन को बचाने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें वर्षों से धार्मिक गतिविधियां नहीं करने दे रहे हैं और अब सामुदायिक भवन तोड़ने की धमकियां भी दे रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि लखन मखानिया ने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों से गांव में धार्मिक आयोजनों को लेकर लगातार विवाद हो रहा है। नवरात्रि के दौरान घट स्थापना और पूजा-पाठ में भी बाधा पहुंचाई जाती है। मटकियां उठाकर ले जाई जाती हैं और माइक बंद कर दिए जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और निपटा देने जैसी धमकियां दी जाती हैं। ग्रामीण महिलाओं ने भी बताया कि सामुदायिक भवन में वर्षों से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते आ रहे हैं, लेकिन अब कुछ लोग इसे तोड़ने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि इससे पूरे समाज की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की कि सामुदायिक भवन को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाई जाए। उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्वक आयोजित कराने की व्यवस्था करने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की बात सुनकर मामले की जांच कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एटा में दो वाहन चोर गिरफ्तार:पुलिस ने चेकिंग के दौरान चोरी की दो बाइक बरामद की, आरोपियों को भेजा जेल
एटा की कोतवाली नगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। यह कार्रवाई जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।पुलिस ने गिरफ्तार चोरों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से न्यायालय भेजा है।शुक्रवार को 4:30 मिनट पर कोतवाली नगर पुलिस ने जानकारी साझा की है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने दो संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की। जांच में पता चला कि उनके पास मौजूद दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रवीन कुमार पुत्र स्वर्गीय सुरेश बाबू, निवासी ग्राम नाका, थाना भोगांव, जनपद मैनपुरी, और रियाज मंसूरी पुत्र रियाजुद्दीन मंसूरी, निवासी ग्राम आलीपुर खेड़ा, थाना भोगांव, जनपद मैनपुरी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बरामद स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल के संबंध में थाना कोतवाली नगर एटा में मुकदमा संख्या 308/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। वहीं, बरामद पल्सर मोटरसाइकिल थाना क्वार्सी, जनपद अलीगढ़ से चोरी की गई थी, जिसके संबंध में भी वहां संबंधित मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई को थाना कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र पवार और उपनिरीक्षक राजवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में वाहन चोरी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
करनाल में हेरोइन के साथ दो युवक गिरफ्तार:गुप्त सूचना पर मेरठ रोड पर पुलिस की नाकाबंदी; बाइक भी जब्त
करनाल में “नशा मुक्त प्रदेश” अभियान के तहत हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की कुरुक्षेत्र यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.53 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ब्यूरो प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार (आईपीएस) के दिशा-निर्देश पर की गई। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नशे की जड़ों को खत्म करना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर मांगेराम ने बताया कि एएसआई उपकार अपनी टीम के साथ मेरठ रोड, करनाल पर गश्त पर मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना मिली कि कुछ तस्कर नशीले पदार्थ बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही टीम ने रविदास चौक के पास नाका लगाकर संदिग्धों को काबू किया। मोटरसाइकिल सहित पकड़े गए आरोपी पुलिस ने मौके से 12.53 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव कॉलोनी, करनाल निवासी सोनू पुत्र बीरबल और इंतजार पुत्र करमबीर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी लंबे समय से अवैध नशा कारोबार में शामिल बताए जा रहे हैं। नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर 32-33, करनाल में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि उनके नशा तस्करी नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके। जनता से सहयोग की अपील यूनिट प्रभारी ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में समाज का सहयोग बेहद जरूरी है। यदि कहीं भी नशा तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1933, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल एनसीबीमानस.जीओवी.इन या हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 पर जानकारी दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सवाईमाधोपुर को मिले दो नए CI और तीन नए SI:आईजी भरतपुर रेंज ने जारी की ट्रांसफर लिस्ट
सवाई माधोपुर में जिला पुलिस में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भरतपुर रेंज आईजी की ओर से की CI और SI की तबादला सूची जारी की है। जिसमें जिले के कई SI बदले गए हैं। नए जिले में दो SI आए हैं। इन CI और SI का हुआ तबादला सीआई की तबादला सूची में हरिमन मीणा को जीआरपी रेंज से सवाई माधोपुर, कुसुमलता मीणा को अजमेर रेंज से सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं एक अन्य ट्रांसफर लिस्ट एसआई रमेश चंद को जिला भरतपुर से जिला सवाई माधोपुर, भीम सिंह को धौलपुर से सवाई माधोपुर, भागवत सिंह भरतपुर से सवाई माधोपुर लगाया है। इसी तरह एसआई गंभीर सिंह को सवाई माधोपुर से भरतपुर, मानसिंह को सवाई माधोपुर से भरतपुर नान फिल्ड, हरभान सिंह को सवाई माधोपुर से धौलपुर, अमरसिंह को सवाई माधोपुर से डीग लगाया है। उल्लेखनीय है कि तबादलों से रोक हटाने के बाद सवाई माधोपुर जिले में पहली बार पुलिस महकमे में बड़ी संख्या में तबादले देखने को मिले हैं। संभावना जताई जा रही है कि आगामी समय में एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की जंबो लिस्ट भी सामने आ सकती है।
बेमेतरा जिले में गुरुवार शाम एक अज्ञात महिला का शव मिला है। महिला का शव कई टुकड़ों में था और उसे चादर में लपेटकर सुनसान जगह पर फेंका गया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। यह मामला चंदनु थाना क्षेत्र के ग्राम तुमा का है। जानकारी मिलते ही चंदनु पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में महिला की पहचान सोनपुरी निवासी के रूप में होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में सबूत छिपाने की नीयत से शव को यहां लाकर फेंका गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के कारणों और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
नर्मदापुरम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन ने शुक्रवार को पीपल चौक पर भारतीय किसान संघ के अनिश्चित धरने के मंच पर शामिल होकर धरना दिया। न्यूनतम वेतनमान, एरियर के भुगतान, समेत 30 से ज्यादा मांगों को लेकर यह प्रदर्शन हुआ। धरने के बाद सभी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंची। जहां रास्ते से गुजर रही जिला पंचायत अध्यक्ष राधा सुधीर पटेल की गाड़ी को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं ने जाने नहीं दिया। इस बीच प्रशासन और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। फूल नहीं चिंगारी है, हम भारत की नारी है। शासन तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, हम अपना हक लेकर रहेंगे समेत अन्य नारें लगाने लगे। जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने रास्ता नहीं छोड़ा तो वे जिला पंचायत अध्यक्ष राधा पटेल स्वयं गाड़ी से उतरी और कार्यकर्ता, सहायिकाओं के पास उनकी समस्या पुछने चली गई। सीटू की जिलाध्यक्ष ज्योति पवार ने कहा सालों से अपनी मांगे को लेकर हम कार्यकर्ता, सहायिकाएं धरना प्रदर्शन कर लड़ते आ रही है पर शासन हमारी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। साल 2019 से अबतक का रुका हुआ 1500 रुपये महीने के एरियर्स का भुगतान हमें दिया जाए। वरना आगे चरणबद्ध आंदोलन होगा। जिला अध्यक्ष ज्योति पवार, महासचिव ममता चौहान समेत सैकड़ों कार्यकता सहाकायिकाओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम दो पत्र नायब तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव को सौंपा। यह है मांगे
राजस्थान में निजी स्कूलों के लिए लागू किए जा रहे 'राज संबलन' और 'शिक्षा संबलन' कार्यक्रम का विरोध तेज हो गया है। नागौर जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन और राजस्थान प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस एंड स्कूल्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक के नाम जिला कलेक्टर के जरिए ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने नए आदेश वापस लेने, आरटीई का लंबित भुगतान जारी करने और निजी स्कूलों में बढ़ते प्रशासनिक हस्तक्षेप को रोकने की मांग की है। जिला कलेक्टर के जरिए सरकार तक पहुंचाई मांग नागौर में निजी स्कूल संगठनों के पदाधिकारी और शिक्षक जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 'राज संबलन' और 'शिक्षा संबलन' कार्यक्रम के तहत जारी आदेशों को वापस लेने की मांग की गई। निरीक्षण और जांच व्यवस्था पर जताई आपत्ति एसोसिएशन का कहना है कि 3 जुलाई 2026 को जारी शिक्षा संबलन कार्यक्रम के तहत निजी स्कूलों में निरीक्षण और अलग-अलग तरह की जांच की व्यवस्था की गई है। संगठनों का आरोप है कि यह निजी शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता में अनावश्यक हस्तक्षेप है और इससे निजी स्कूलों का स्वतंत्र संचालन प्रभावित होगा। कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैठे शिक्षक ज्ञापन देने के दौरान शिक्षक और निजी स्कूल संचालक कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैठे नजर आए। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल पहले से कई तरह की प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं, इसके बावजूद उन पर लगातार नए नियम और जांच का दबाव बनाया जा रहा है। आरटीई भुगतान का मुद्दा भी उठाया शिक्षकों और स्कूल संचालकों ने कहा कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स के भुगतान का कई सालों से समय पर निस्तारण नहीं हुआ है। उनका कहना है कि निजी स्कूलों का पिछले चार साल का भुगतान अभी भी लंबित है। ऐसे में पहले लंबित भुगतान का समाधान किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों के दैनिक प्रशासन में सरकार का हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। साथ ही राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान (मान्यता, प्रबंधन और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1993 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को नियमन का अधिकार है, लेकिन संस्थानों के आंतरिक प्रबंधन में हस्तक्षेप का नहीं। आदेश और एप्लीकेशन वापस लेने की मांग संगठन ने सरकार से नए आदेश और उनसे जुड़ी एप्लीकेशन को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो निजी विद्यालय संगठन न्यायालय का रुख करने के लिए मजबूर होंगे। प्रमुख मांगें
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित CET ग्रुप-C भर्ती की फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) शुक्रवार सुबह भारी बारिश के कारण स्थगित कर दी गई। लगातार तेज बारिश और मैदान में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परीक्षा के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आज निर्धारित PST आयोजित नहीं की जाएगी। इसके लिए नया शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा, जिसकी सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। HSSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षा की नई तिथि और अन्य जरूरी निर्देश केवल आयोग के आधिकारिक माध्यमों से जारी किए जाएंगे। अब क्या करें अभ्यर्थी? यहां देखिए HSSC चेयरमैन की पोस्ट…
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र में स्थित गांव बड़नपुर के रजबाहा में एक अज्ञात महिला का शव मिला है। सूचना मिलने पर थाना सदर नरवाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार, रजबाहा से बरामद महिला की उम्र लगभग 50 वर्ष है। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने महिला की शिनाख्त के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव रजबाहा तक कैसे पहुंचा। थाना सदर नरवाना पुलिस ने आसपास के गांवों के निवासियों से अपील की है। यदि किसी को महिला के संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि वकीलों की लापरवाही का खामियाजा गरीब या असहाय पक्षकारों को नहीं भुगतना चाहिए। रेलवे से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील और आवेदक पर जुर्माना लगाने के बजाय एक अनोखी शर्त रखी। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि खारिज की गई याचिका तभी बहाल होगी, जब आवेदक, रेलवे के संबंधित अधिकारी और उनके अधिवक्ता जबलपुर के अंधमूक बायपास स्थित शासकीय नेत्रहीन विद्यालय में एक घंटा बिताएंगे। साथ ही विद्यार्थियों के लिए 2,500 रुपए का नाश्ता लेकर जाएंगे। इसके बाद विद्यालय की रिपोर्ट और शपथ-पत्र हाईकोर्ट में प्रस्तुत करना होगा। तभी याचिका बहाल की जाएगी। मामले में 2 जुलाई को सुनवाई हुई थी। ऑर्डर शुक्रवार को अपलोड हुई है। यह मामला एक मिसलेनियस पिटीशन की बहाली से जुड़ा था, जिसे अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण Want of Prosecution के आधार पर खारिज कर दिया गया था। बहाली आवेदन स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अधिवक्ता 15 दिनों के भीतर नेत्रहीन विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के बीच कम से कम एक घंटा बिताएं और उनके लिए खाद्य सामग्री व नाश्ते की व्यवस्था करें। इसके अनुपालन की रिपोर्ट और शपथ-पत्र कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद ही याचिका बहाल की जाएगी। इसे मानना या न मानना आवेदकों के वकील की इच्छा पर निर्भर अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सुझाव सजा के रूप में नहीं दिया गया है। इसे मानना या न मानना आवेदकों के वकील की इच्छा पर निर्भर है। आवेदकों के वकील ने उदारता दिखाते हुए सुझाव को तुरंत स्वीकार कर लिया और भरोसा दिलाया कि वे न केवल सेवा केंद्र जाएंगे, बल्कि अपने साथ 2,500 रुपए का नाश्ता भी ले जाएंगे। साथ ही वहां के लोगों को समझने और इस नेक कार्य से मिलने वाली संतुष्टि का अनुभव करने के लिए उनके बीच एक घंटा बिताएंगे। केन्द्र सरकार ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक की ओर से केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। कैट ने सागर निवासी दशरथ को गैंगमैन पद पर बहाल करने के आदेश दिए थे। केन्द्र सरकार की यह याचिका 4 मई 2025 को वकील की गैरहाजिरी के कारण खारिज हो गई थी। इसे बहाल कराने के लिए डिवीजन बेंच के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि एक घंटे का यह समय न केवल अधिवक्ता को आत्मिक संतुष्टि देगा, बल्कि दृष्टिबाधित बच्चों में यह विश्वास भी पैदा करेगा कि समाज उनके साथ खड़ा है। अदालत ने कहा कि उन्हें कभी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि वे “किसी कमतर ईश्वर की संतान हैं। आदेश में हाईकोर्ट ने ‘सोशल ऑडिट’ की अवधारणा को रेखांकित किया आदेश में हाईकोर्ट ने ‘सोशल ऑडिट’ की अवधारणा को भी प्रमुखता से रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और शेल्टर होम्स जैसी संस्थाओं में कई बार बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार तथा अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि समाज के जिम्मेदार और सक्षम नागरिक, जैसे डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और प्रशासनिक अधिकारी, ऐसी संस्थाओं का नियमित दौरा करें, तो वहां के प्रबंधन पर सामाजिक निगरानी बनी रहेगी। इससे संस्थागत शोषण और मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि विद्यालय के दौरे के बाद अधिवक्ता वहां की स्थिति, अपने अनुभव और सुधार संबंधी सुझावों सहित विस्तृत रिपोर्ट तथा शपथ-पत्र अदालत में प्रस्तुत करें। रिपोर्ट दाखिल होने के बाद ही संबंधित याचिका को दोबारा सुनवाई के लिए बहाल किया जाएगा। हाईकोर्ट ने आदेश की प्रतियां प्रदेश के मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा सामाजिक न्याय विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से ऐसी संस्थाओं में नियमित सामाजिक अंकेक्षण की प्रभावी नीति तैयार करने की अपेक्षा भी जताई है। वकील की गैरहाजिरी से खारिज हुई थी रेलवे की याचिका रेलवे और उसके अधिवक्ता पिटीशन क्रमांक 1217/2025 को बहाल कराना चाहते हैं। इस याचिका को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 4 मई 2025 के आदेश के तहत पैरवी नहीं होने के कारण खारिज कर दिया था। आवेदकों के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिका का खारिज होना न तो जानबूझकर हुआ और न ही इसके पीछे कोई दुर्भावना थी। यह ऐसी परिस्थितियों के कारण हुआ, जो आवेदकों और उनके अधिवक्ता के नियंत्रण से बाहर थीं। इसलिए केवल प्रक्रियागत कारणों से आवेदकों को ऐसी अपूरणीय क्षति नहीं उठानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अधिवक्ता की ओर से बताए गए कारण वास्तविक और सद्भावनापूर्ण प्रतीत होते हैं। मामले की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए, कानून का सिद्धांत भी यही कहता है कि अधिवक्ता की गलती का खामियाजा मुकदमा लड़ रहे पक्षकार को नहीं भुगतना चाहिए।
करनाल में स्मैक के साथ दो युवक गिरफ्तार:जल्द अमीर बनने के लिए करते थे तस्करी; नेटवर्क की तलाश जारी
करनाल जिला पुलिस ने नशा तस्करी और चोरी की वारदातों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने जहां 8 ग्राम स्मैक के साथ दो युवकों को काबू किया, वहीं सीआईए-3 ने बिजली का सामान चोरी करने वाले एक आरोपी को पकड़कर उससे चोरीशुदा सामान बरामद किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में आगे की जांच शुरू कर दी है। गश्त के दौरान पकड़े गए स्मैक तस्कर पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स सेल करनाल की टीम ने इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह के नेतृत्व में थाना सदर क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने गश्त के दौरान कर्ण पुत्र पूर्ण चंद और संजय पुत्र पूर्ण चंद, निवासी गांव नलवीपार थाना कुंजपुरा, जिला करनाल को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 8 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जल्द अमीर बनने के लिए करते थे तस्करी प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जल्दी अमीर बनने और अपने शौक पूरे करने के लिए नशे की तस्करी में शामिल थे। पुलिस अब उनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। सीआईए-3 ने चोरी का मामला सुलझाया दूसरी ओर, सीआईए-3 टीम ने बिजली का सामान चोरी करने के मामले में आरोपी विक्रांत उर्फ कालू पुत्र महाबीर सिंह निवासी गांव कैरवाली थाना मधुबन को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एएसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। 5 जुलाई की वारदात, झाड़ियों से मिला सामान मामले में बीती 5 जुलाई को थाना मधुबन क्षेत्र में खेतों से बिजली का सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरीशुदा सामान छिपाने की जगह बताई। उसकी निशानदेही पर मंगलोरा से लालूपुरा पक्के बांध के बीच मोड़ के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया एक प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया गया, जिसमें से एक स्टार्टर और करीब 20 मीटर बिजली की तार मिली। आरोपियों को भेजा जेल पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
डूंगरपुर की सुभाषनगर कॉलोनी में जीवन ज्योति हॉस्पिटल के सामने एक तेज रफ्तार कार ने रिटायर्ड एसडीएम रीडर भारत सिंह भाटी (68) को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल भाटी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया। शहर के सुभाषनगर निवासी भारत सिंह भाटी डूंगरपुर में एसडीएम रीडर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे सुबह जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। जानकारी के अनुसार, वे आज ही इलाज के लिए उदयपुर जाने वाले थे। घर से थोड़ी दूर जीवन ज्योति हॉस्पिटल के सामने उन्हें तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भाटी उछलकर सड़क पर गिर गए। कार ड्राइवर वाहन सहित घटनास्थल से फरार हो गया। प्राथमिक इलाज के बाद परिजनों ने उन्हें उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह पूरी घटना घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें तेज रफ्तार कार को टक्कर मारते हुए देखा जा सकता है।
संतकबीरनगर के मेंहदावल विद्युत सब स्टेशन से शुक्रवार मेंहदावल शहर की बिजली आपूर्ति सुबह 9 बजे से बाधित है। भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से शहरवासियों को पानी और पंखों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जेई आपूर्ति सुचारू रूप से चलाने के लिए लगे है, SDO फोन नही उठा रहे, वही अधिशासी अभियंता आश्वासन दे रहे। सुबह करीब 9 बजे मेंहदावल विद्युत सब स्टेशन पर तहसील फीडर में ब्लास्ट हो गया, जिसके कारण आपूर्ति ठप हो गई। अवर अभियंता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने तकनीकी कर्मियों के साथ मिलकर मरम्मत का काम शुरू किया, लेकिन शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। बिजली कटौती के कारण सुबह ड्यूटी जाने वाले कई कर्मचारी पानी की समस्या के चलते तैयार नहीं हो पाए। जिन अस्पतालों में जनरेटर की सुविधा नहीं है, वहां पंखे बंद रहे। घरों में बुजुर्गों और बच्चों को भी गर्मी से जूझना पड़ा। कस्बेवासियों, जिनमें रहीम, जावेद, अभिजीत, सुरेश और सुरेन्द्र शामिल हैं, ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में अक्सर ऐसी समस्याएं आती हैं। कुछ निवासियों ने अवर अभियंता की सक्रियता की सराहना की। अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह यादव ने बताया कि केबल ब्लास्ट की मरम्मत कर दी गई है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। खबर लिखे जाने तक, शाम पांच बजे तक भी विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो पाई थी।
नारनौल में नशीले कैप्सूलों के साथ तस्कर गिरफ्तार:बाइक भी जब्त की; रेवाड़ी NCB नेटवर्क की तलाश कर रही
हरियाणा के नारनौल में हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) की रेवाड़ी यूनिट ने कार्रवाई करते हुए एक कथित नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1,680 प्रतिबंधित कैप्सूल और एक बाइक बरामद की गई है। हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) संजय कुमार के निर्देश पर प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। सप्लाई करने की सूचना मिली थी रेवाड़ी यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर धरमबीर ने बताया कि यूनिट के एएसआई सुरेश कुमार अपनी टीम के साथ नारनौल क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध नशीले कैप्सूल लेकर नारनौल में सप्लाई करने आने वाला है। होटल के पास की नाकाबंदी सूचना के आधार पर टीम ने नारनौल-निजामपुर बाइपास रोड स्थित होटल सनराइज के पास नाकाबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसके पास से 1,680 नशीले कैप्सूल बरामद हुए। मौके से उसकी बाइक भी जब्त कर ली गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रकाश निवासी गांव पटीकरा, थाना शहर नारनौल के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ शहर थाना नारनौल में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस नेटवर्क की तलाश कर रही पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशीले कैप्सूल कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
कानपुर में एक अपराधी को निजी कार से उठाकर थर्ड डिग्री देने के आरोप में पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए हैं। आरोपी ने शुक्रवार को 2 वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पुलिस उसे थाने या चौकी ले जाने के बजाय दरोगा के निजी कमरे में ले गई। वहां बंधक बनाकर मारपीट की गई। बाद में उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शांतिभंग में भेजा जेल शिवराजपुर थाना क्षेत्र के सावलपुर बेहटा गांव में रहने वाले युवक विनय पाल उर्फ शिकारी ने बताया कि 7 जुलाई को पुलिस वालों ने उसे अपनी निजी कार से हिरासत में लिया था। दरोगा हिमांशु सिंह, अभिषेक सिंह, विक्रांत यादव समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने अपनी पर्सनल कार से उठाया और अपने रूम पर ले गए थे। रूम पर थर्ड डिग्री दी गई। अगले दिन 8 जुलाई को शांतिभंग की कार्रवाई की गई। इसके बाद अब शुक्रवार को विनय पाल उर्फ शिकारी ने अपने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाया। साथ ही परिवार वालों ने पुलिस के हिरासत में लेने से लेकर थर्ड डिग्री देने के साक्ष्य के साथ पुलिस अफसरों से मामले की शिकायत की है। पीड़ित के दोनों वीडियो में शरीर पर पिटाई के गंभीर निशान मिले हैं। आरोपी का कहना है कि उसे हिरासत में लेकर पुलिस थाने या चौकी जाती तो कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन पुलिस गलत इरादे से अपने निजी रूम पर ले गई और उसे थर्ड डिग्री दी गई है। 6 मुकदमों की क्रिमिनल हिस्ट्री सीओ बिल्हौर संजय कुमार सिंह ने बताया कि विनय कुमार पाल उर्फ शिकारी अपराधी प्रवत्ति का है। दबंगों के साथ बाइक का काफिला और तमंचा लहराते हुए दो वीडियो वायरल हुए थे। इसके साथ ही अन्य मामलों की शिकायत मिली थी। इस वजह से उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लेने के बाद उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई भी की गई थी।
शहडोल के ज्ञानोदय स्कूल में 17 छात्र बीमार:कमजोरी और बुखार की शिकायत, जिला अस्पताल में भर्ती
शहडोल के विचारपुर स्थित आवासीय ज्ञानोदय विद्यालय में शुक्रवार को 17 छात्र बीमार पड़ गए। सभी छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में छात्रों के मौसमी बीमारी से प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को विद्यालय में पढ़ाई के दौरान कई छात्रों ने अचानक कमजोरी, बुखार और अस्वस्थता की शिकायत की। कुछ ही देर में बीमार छात्रों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। विद्यालय प्रबंधन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी छात्रों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने सभी बीमार छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने आवश्यक उपचार शुरू कर उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराईं। प्रारंभिक परीक्षण में किसी भी छात्र की स्थिति गंभीर नहीं पाई गई। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश छात्र मौसमी संक्रमण या वायरल बीमारी के लक्षणों से पीड़ित प्रतीत हो रहे हैं। एहतियात के तौर पर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। छात्रों के बीमार होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और विद्यालय प्रबंधन सक्रिय हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। वहीं, विद्यालय प्रबंधन ने अन्य विद्यार्थियों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि किसी अन्य छात्र में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल इलाज किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है। सभी छात्रों की हालत सामान्य है और उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार है। स्वास्थ्य विभाग ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और भोजन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
अलीगढ़ शहर में जाम की समस्या से निपटने से पुलिस–प्रशासन ने मास्टरप्लान तैयार किया है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक दुबे के पड़ाव को जाम-मुक्त करने के लिए 11 जुलाई (शनिवार) से एक नया रूट प्लान लागू किया जा रहा है। यह प्लान फिलहाल तीन दिनों तक लागू रहेगा। इसके पायलट प्रोजेक्ट के तहत चौराहे पर बिना रुके ट्रैफिक मूवमेंट बनाने की तैयारी है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी स्थायी रूप से लागू कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस और डीएम की अध्यक्षता वाली एक्सपर्ट कमेटी की गाइडलाइंस के मुताबिक दुबे के पड़ाव जंक्शन पर सीधे राइट टर्न (दाहिने मुड़ने) की व्यवस्था को बंद किया जा रहा है। इसके बजाय ट्रैफिक को लगातार चालू रखने के लिए बदलाव किए गए हैं। मानिक चौक से मीनाक्षी फ्लाईओवर की ओर जाने वाले वाहन पहले सीधे मीनाक्षी फ्लाईओवर की तरफ चले जाते थे, जिससे चौराहे पर ट्रैफिक रुकता था। अब इन्हें गांधी पार्क चौराहे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। यह वाहन गांधी पार्क से यू-टर्न लेकर मीनाक्षी फ्लाईओवर पर चढ़ेंगे। मीनाक्षी फ्लाईओवर से मानिक चौक की ओर जाने वाले वाहन पहले फ्लाईओवर से उतरकर सीधे मानिक चौक की तरफ मुड़ जाते थे। अब यहां अस्थाई बैरिकेडिंग की जाएगी। इस ट्रैफिक को डीएस कॉलेज और अचल ताल रामलीला मैदान की ओर डायवर्ट किया गया है। यहां से यू-टर्न लेकर वाहन गांधी पार्क और मानिक चौक की तरफ जा सकेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत एसपी यातायात प्रवीण कुमार ने बताया कि राइट टर्न के चक्कर में वाहनों को रोकना पड़ता है, जिससे चौराहे पर लंबा जाम लग जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए एक साइंटिफिक स्टडी कराई है। अब एक ऐसा सर्कुलेटरी सिस्टम बना रहे हैं जिससे ट्रैफिक लगातार चलता रहे, कहीं रुके नहीं। वहीं, अक्सर देखा जाता है कि स्कूल टाइमिंग के दौरान इस रूट पर भारी जाम लग जाता है, जिससे स्कूली बच्चे और उनके अभिभावक परेशान होते हैं। इस नई कवायद से गाड़ियां लगातार मूव करेंगी, जिससे बच्चे समय से स्कूल और घर पहुंच सकेंगे। अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा अभियान एसपी ट्रैफिक ने बताया कि रूट डायवर्जन के साथ-साथ सड़कों को खाली कराने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के पालन में सड़क पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले कई दिनों से चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को और तेज किया जाएगा। 3 दिन बाद जनता से लिया जाएगा फीडबैक शनिवार से शुरू हो रहे इस 3 दिवसीय स्पेशल ड्राइव के दौरान एसपी ट्रैफिक, प्रशासनिक अधिकारी और एक्सपर्ट्स मौके पर मौजूद रहेंगे। जमीनी हकीकत को देखा जाएगा कि इस बदलाव से जनता को कितनी सहूलियत हो रही है। तीन दिन पूरे होने के बाद यात्रियों और आम जनता से फीडबैक लिया जाएगा। जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें सुधारा जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर दुबे के पड़ाव पर यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे गांधी पार्क, क्वार्सी और सासनी गेट चौराहे पर भी लागू किया है।
सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में पुलिस ने 18 लपकों को गिरफ्तार किया है। यह सभी खाटू में आने वाले श्रद्धालुओं पर अपने परिचित लोगों के होटल और गेस्ट हाउस में कमरा लेने के लिए दबाव बनाते थे। कोई इनका विरोध करता तो उनके साथ बदतमीजी करते और मारपीट करने पर उतारू हो जाते थे। पुलिस ने सभी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार खाटूश्यामजी के कार्यवाहक SHO दिनेश कुमार ने बताया कि आरोपी अनिल चावरिया, वीरेंद्र कुमार, हर्षित गोयल,ओम प्रकाश,अजीत सिंह, प्रवीण कुमार,अजय कुमार नायक,करण वर्मा, प्रशांत दायमा,बलराम यादव,दिलसुख गुर्जर,हरिराम बंजारा,विक्रम सैनी, राहुल कुमावत, हरिओम,सचिन जैन,दिनेश कुमार कुमावत और अंकित सैनी को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को तोरण द्वार,अस्पताल चौराहा,मंडा चौराहा सहित अन्य जगहों से गिरफ्तार किया है। भक्तों के मना करने पर करते थे बदसलूकी आरोपी खाटूश्यामजी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर अपने परिचित लोगों के गेस्ट हाउस और होटल में कमरा बुक करने के लिए दबाव बनाते। यदि कोई इन्हें मना करता और विरोध करता तो उसके साथ बदतमीजी भी करने लग जाते। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। बता दें कि सीकर के खाटूश्यामजी में ही 26 मई को गेस्ट ले जाने की बात पर युवक कारण कुमावत पर जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद से लगातार धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में पुलिस द्वारा ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं को परेशान करने वाले आरोपियों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा।
कोटा के राजकीय महाविद्यालय में एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आपस में धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे। सूचना पर मौके पर पहुंची नयापुरा थाना पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण किया। नयापुरा थानाधिकारी भी बीच-बचाव करते हुए 2 बार गिर पड़े। घटना दोपहर 2 बजे की है। एनएसयूआई ने प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा का लोहे की रॉड से सिर फोड़ने और अन्य छात्र नेता के बाल खीचने का आरोप लगाया है। नयापुरा थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया- गवर्नमेंट कॉलेज में एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद की मूर्ति खंडित होने के विवाद को लेकर आपस में झगड़ गए थे। मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया गया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत ले ली गई है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखिए, PHOTOS… छात्रों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला NSUI के प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने कहा- ABVP कार्यकर्ताओं ने छात्र नेता मोहित वाल्मीकि, कावेरी कुमारी, हंसवी समेत कई छात्रों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया। बीच-बचाव के दौरान पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद एनएसयूआई ने नयापुरा थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रिद्धम शर्मा ने बताया- कॉलेज परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में पहले भी प्राचार्य को ज्ञापन दिया था। शुक्रवार को वे खून से लिखा पत्र लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि प्रतिमा को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और सात दिन के भीतर नई प्रतिमा स्थापित की जाए। कॉलेज गेट के बाहर पहले से ही कुछ बाहरी युवक मौजूद थे, जिनमें से कई कॉलेज के नियमित छात्र भी नहीं थे। नारेबाजी के बीच अचानक मेरे पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इस दौरान छात्रा नेता कावेरी कुमारी के बाल खींचे गए और अन्य छात्रों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। बाहरी छात्रों ने की गाली-गलौज, रिद्धम शर्मा खुद कॉलेज के छात्र नहीं एबीवीपी के विभाग संयोजक निखिल सिंह ने बताया- मेरे साथी छात्र शांतिपूर्वक प्रिंसिपल को ज्ञापन देने जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे बाहरी छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी और गाली-गलौज करने लगे। इनमें से अधिकांश युवक गवर्नमेंट कॉलेज के छात्र नहीं थे। निखिल सिंह ने कहा- जेडीबी गर्ल्स कॉलेज की जिस छात्रा नेता कावेरी कुमारी के नाम पर शिकायत दी गई है, उनका कॉलेज अलग है। ऐसे में वह हमारे कॉलेज परिसर में क्या करने आई थीं? एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा खुद इस कॉलेज के छात्र नहीं हैं, वे केवल यहां राजनीति चमकाने आते हैं। जबकि एबीवीपी के सभी कार्यकर्ता इसी कॉलेज के नियमित (रेगुलर) छात्र हैं। हमारे किसी भी छात्र ने हमला नहीं किया है। घटना के समय नयापुरा थाना पुलिस मौके पर ही मौजूद थी। एबीवीपी की तरफ से भी नयापुरा थाने में शिकायत दर्ज करवाकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:अनूपपुर में एंबुलेंस न मिलने से सुबह तक पटरी किनारे पड़ा रहा शव
अनूपपुर के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। घटना हरद रेलवे स्टेशन से करीब 300 मीटर दूर हरद-अनूपपुर रेलखंड पर हुई। जीआरपी ने शुक्रवार दोपहर शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया। जीआरपी चौकी के आरक्षक संजीत शर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान कोतवाली क्षेत्र के खांडा निवासी विजय सिंह (35) पुत्र लाल जी सिंह के रूप में हुई है। घटना रात करीब 9 बजे की है। अनूपपुर स्टेशन मास्टर को 'हिट रन ओवर' की जानकारी मिलने के बाद रात करीब 10 बजे जीआरपी अमला घटनास्थल पर पहुंचा और शव का मुआयना किया। स्थानीय रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ में सामने आया कि मृतक अनूपपुर की ओर हरद रेलवे स्टेशन से 300 मीटर पहले घुमावदार पटरी (टर्निंग प्वाइंट) के पास बैठा था। इस दौरान वहां से गुजरी ट्रेन के चालक ने युवक को पटरी किनारे बैठा देखकर हॉर्न बजाया, लेकिन युवक हटा नहीं। आशंका है कि इंजन के शेफ गार्ड से टक्कर लगने के कारण उसके चेहरे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर घाव हो गए। जीआरपी कर्मचारियों का आरेप है कि रात 11:45 बजे से सुबह 7 बजे तक एंबुलेंस 108 और डायल 112 को सूचना दी गई, लेकिन सुबह तक न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही डायल 112 वाहन। इसके बाद जीआरपी कर्मियों ने वाहन मंगवाकर दोपहर में शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया। मृतक के पिता लालजी सिंह ने बताया कि विजय अविवाहित था। गांव में ट्रैक्टर चलाता था। वह अक्सर घरवालों की शादी की बात को यह कहकर टाल देता था कि वह अपने दम पर शादी करेगा। घटना वाले दिन वह घर में बिना बताए अपनी भतीजी से मिलने छोहरी-पयारी गांव गया था। शाम को भतीजी के घर पर ही गमछा और अन्य सामान छोड़ गया था। संभवतः रेलवे लाइन के रास्ते अनूपपुर की ओर आ रहा होगा, तभी ट्रेन की चपेट में आ गया होगा।
पलवल में ढाबा संचालक पर फायरिंग:छत पर चढ़कर बचाई जान, काले रंग की गाड़ी में आए हमलावर, 6 लोगों पर FIR
पलवल के फुलवाड़ी गांव में सरपंच ट्रक ढाबा पर कार सवार बदमाशों ने फायरिंग की। इस घटना में ढाबा संचालक नितेश उर्फ नित्ते बाल-बाल बच गए। पुलिस ने एक नामजद सहित छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर थाना प्रभारी हरी किशन के अनुसार, फुलवाड़ी गांव निवासी नितेश उर्फ नित्ते ने अपनी शिकायत में बताया कि वह गांव के मोड़ के पास सरपंच ट्रक ढाबा चलाता है। रात करीब 10:30 बजे वह अपने ढाबे के गेट पर चारपाई पर लेटा हुआ था। हथियार लहराते हुए आए हमलावर इसी दौरान बामनीखेड़ा गांव की तरफ से एक काले रंग की स्विफ्ट कार आकर रुकी। कार से नितेश के ही गांव का निरोत्तम अपने पांच अन्य अज्ञात साथियों के साथ उतरा। आरोपियों के हाथों में हथियार, हथौड़े और डंडे थे। निरोत्तम ने गाड़ी से उतरते ही हथियार लहराते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। जान बचाने के लिए नितेश ढाबे के अंदर कैश काउंटर की तरफ भागा। निरोत्तम ने जान से मारने की नीयत से उस पर सीधा फायर कर दिया। गोली सीधे कैश काउंटर की दराज में जा लगी, जिससे नितेश बाल-बाल बच गए। जान से मारने की धमकी देकर भागे हमलावर इसके बाद नितेश ने ढाबे की छत पर चढ़कर टाइलें फेंककर अपना बचाव किया और एक कमरे में कुंडी लगा ली। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से सहायता मांगी। गश्त पर मौजूद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जिसे देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस को मौके पर जांच के दौरान फर्श पर पड़ा एक खाली खोल और काउंटर की दराज से चली हुई गोली का सिक्का बरामद हुआ है। पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रोहतक में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह शरण ने राम मंदिर चोरी मामले में कहा कि बृजभूषण किसी से डरने वाला नहीं है। पहले जो कहा था, वो व्यंग्य के तौर पर था। इस मामले में जांच चल रही है। एक बार जांच पूरी होने दीजिए। जांच सही होगी तो कोई बात नहीं, सही नहीं हुई तो फिर बोलेंगे। बृजभूषण बोलने से नहीं डरता। वहीं चंदा चोरी मामले में अखिलेश यादव के बयानों पर बृजभूषण शरण ने कहा कि अखिलेश यादव ने क्या कहा, उसे पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। वो विपक्ष में हैं तो आरोप लगाएंगे ही। आरोप सही हैं इसलिए ही तो जांच हो रही है। जांच किस बात की हो रही है। आरोप अगर सत्य ना होता तो जांच क्यों होती। जांच हो रही है, एफआईआर हो रही है और गिरफ्तारी हो रही है। अगर किसी को बचाया जाएगा तो उसके बारे में बोला जाएगा। देश में 3 जगह चल रहे कैंप पूर्व सांसद बृजभूषण शरण ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से अभी तीन जगह कैंप चल रहे हैं। इसमें ग्रीको व फ्री स्टाइल का कैंप लखनऊ में चल रहा है और लड़कियों के लिए दिल्ली में कैंप चल रहा है। वहां सबसे अधिक खिलाड़ी हरियाणा के ही हैं, किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। हरियाणा में चल रही अखाड़ा स्कीम बृजभूषण शरण ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। इतनी सुविधाएं देश के किसी प्रांत में नहीं है। हरियाणा सरकार ने अखाड़ा स्कीम चला रखी है, जिसमें रजिस्ट्रेशन होने पर पैसे दिए जाते है। हरियाणा से अधिक अकेडमी पूरे देश में कहीं नहीं है। अगर हरियाणा में सुविधा नहीं तो कहीं भी नहीं है। ओलिंपिक में आएंगे अधिक मेडल बृजभूषण शरण ने कहा कि उन्हें कुश्ती के साथ लगाव है और कुश्ती खेल को लेकर जो ख्वाब देखे थे, वो निश्चित तौर पर पूरे होंगे। आने वाले ओलिंपिक में पहले से अधिक मेडल आएंगे। हरियाणा रेसलिंग फेडरेशन की तरफ से जो अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप करवाई जा रही है, उसमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी गई हैं। आडवानी की यात्रा चंदा एकत्रित कर निकाली बृजभूषण शरण ने कहा कि लालकृष्ण अडवानी की राम मंदिर को लेकर निकाली यात्रा का कोई बजट नहीं था। आडवानी की यात्रा में रथ वह चला रहे थे और यात्रा चंदा एकत्रित करके निकाली थी। जो लोग बजट को हजम करने की बात कर रहे है, वह झूठ बोल रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को पहनाए मेडल अंडर-23 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में विजेता खिलाड़ियों को बृजभूषण शरण ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। बृजभूषण शरण ने कहा कि खिलाड़ी देश की शान है और नेशनल प्रतियोगिता में हारने वाले खिलाड़ियों को भी निराश न होकर दोबारा जीतने के लिए प्रयास करना चाहिए।
मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने झाबुआ में कांग्रेस के ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान मोहन यादव सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है। जब भी विपक्ष गरीबों या राज्य के भले के लिए सवाल उठाता है, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। पटवारी ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार चाहे उन पर जितने भी केस दर्ज करा ले या जेल भेज दे, कांग्रेस विपक्ष का अपना फर्ज पूरी ईमानदारी और मजबूती से निभाती रहेगी। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे मंचों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और विरोधियों पर जानबूझकर कार्रवाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को भी परेशान किया जा रहा है और डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं क्योंकि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता की दिक्कतों और उनके सुझावों को ध्यान से सुनें। सरदार सरोवर प्रोजेक्ट और किसानों के मुद्दे पर घेरा पटवारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों और खेती-किसानी की बदहाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बांध परियोजना में मध्य प्रदेश को अपने हक का पैसा मिलना था, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उल्टा गुजरात जाकर 500 करोड़ रुपए देकर आ गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गारंटियां पूरी नहीं की जा रही हैं, किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा और पूरे प्रदेश में खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस सरकार के अच्छे कामों की तारीफ करेगी, लेकिन भ्रष्टाचार, कर्ज लेकर बड़े-बड़े आयोजन करने और राज्य को आर्थिक रूप से पीछे धकेलने वाली नीतियों का हर स्तर पर विरोध करेगी। डॉ. विक्रांत भूरिया ने दिया खुला साथ इस कार्यक्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता और झाबुआ के पूर्व विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया भी जीतू पटवारी के समर्थन में खुलकर सामने आए। भूरिया ने कहा कि सरकार से हाथ न मिलाने (समझौता न करने) की वजह से पटवारी पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संघर्ष में पूरी कांग्रेस टीम पटवारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रताप विहार के लोगों ने शुक्रवार दोपहर एक बजे विजयनगर थाने का घेराव किया। थाना प्रभारी को शिकायती पत्र देते हुए यहां के लोगों ने आरोप लगाया कि आवास विकास के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी सोसाइटी और घरों में पानी भर गया है। यह समस्या काफी समय से बनी हुई है। डीएम रविंद्र मांदड़ ने जांच के निर्देश दिए हैं। प्रताप विहार के रहने वाले राजेश शर्मा ने बताया कि अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने के बाद भी उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं किया है, जिस कारण नालों से निकासी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। लगातार गुहार लगा रहे हैं स्थानीय लोग निकासी नहीं होने के कारण सोसाइटी के अंदर जल भराव की समस्या बनी रहती है। डीएम खुद मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुद माना कि आवास विकास के अधिकारियों की कहीं ना कहीं लापरवाही है। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को इस समस्या का निस्तारण करने का आदेश दिए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह चाहते है कि आवास विकास के अधिकारी एके मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो, जिसके लिए उन्होंने थाना विजयनगर पर शिकायत पत्र दे दिया है।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में शुक्रवार को अखिल भारतीय चंद्रवंशी खाती समाज और सर्व हिंदू समाज के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा श्री जगदीश मंदिर से सुबह 10 बजे शुरू हुई। यात्रा से पूर्व श्री जगदीश मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ जी का विधि-विधान से पूजन किया गया। उन्हें 56 भोग अर्पित कर महाआरती की गई। इसके बाद डीजे और ढोल-धमाके के साथ भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल हुए। रथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। उत्साहपूर्वक रथ को खींचकर धर्म लाभ प्राप्त किया। यात्रा का स्वागत नगर के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, व्यापारियों और नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया। रथयात्रा में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा भी शामिल हुए। यात्रा मोहन बड़ोदिया के फूलचंद चौराहा, खेड़ापति हनुमान मंदिर और मुख्य मार्ग से होते हुए पुरानी कृषि उपज मंडी पहुंची। यहां शुक्रवार दोपहर 3 बजे महाआरती के साथ रथ यात्रा का समापन हुआ। महोत्सव में अखिल भारतीय चंद्रवंशी खाती समाज और सर्व हिंदू समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चों ने भाग लिया। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। तीन तस्वीरें..
नागौर अंडर-14 बालिका फुटबॉल टीम भीलवाड़ा रवाना:राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लेगी हिस्सा
नागौर जिले की अंडर-14 बालिका फुटबॉल टीम शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा के लिए रवाना हुई। यह टीम राजस्थान राज्य अंडर-14 सब जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेगी। प्रतियोगिता का आयोजन 11 से 13 जुलाई 2026 तक भीलवाड़ा में किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर की टीमें हिस्सा लेंगी। टीम के चयन के लिए 8 जुलाई को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, हीरावती (लाडनूं) में नागौर जिला फुटबॉल संघ के तत्वावधान में एक चयन ट्रायल और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। नागौर जिला फुटबॉल संघ द्वारा गठित चयन समिति ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर जिला टीम का चयन किया। चयन समिति में सैयद सगीर अली, राजेश गढ़वाल, रामनिवास और मोहम्मद सईद (बाबू सरफराज) शामिल थे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित टीम की मैनेजर पुष्पा मेघवाल होंगी, जबकि नेहा खिलेरी को टीम का कोच नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को टीम को भीलवाड़ा रवाना करते समय स्कूल की प्रिंसिपल अनुराधा, अध्यापिकाएं सरोज एवं फलसाना खान, रोशन खान, कोच सैयद सगीर अली और नागौर जिला फुटबॉल संघ के जिला सचिव फरहत अली सहित अन्य खेल प्रेमी उपस्थित थे। इन सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। नागौर जिला फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि टीम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेगी। खिलाड़ियों में भी प्रतियोगिता को लेकर विशेष उत्साह देखा गया और उन्होंने बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लेकर भीलवाड़ा के लिए प्रस्थान किया।
भारत विकास परिषद् की डीडवाना शाखा ने अपना 64वां स्थापना दिवस स्थानीय सालासर रोड स्थित गोपाल गौशाला में मनाया। इस अवसर पर गौसेवा और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। परिषद् के सदस्यों और मातृशक्ति ने गौमाता को हरा चारा व केले खिलाकर सेवा की, साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव विनोद सेन ने भारत विकास परिषद् के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिषद् का लक्ष्य समाज के सक्षम वर्ग को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए प्रेरित करना है। इसका उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना को बढ़ावा देना भी है। सेन ने यह भी कहा कि परिषद् अपनी स्थापना से ही राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान के लिए विभिन्न सेवा प्रकल्प चला रही है। शाखा अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने डीडवाना शाखा की गतिविधियों पर बात की। उन्होंने बताया कि परिषद् की डीडवाना शाखा सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रमों का लगातार आयोजन करती रही है। उन्होंने भविष्य में भी समाजसेवा की इस यात्रा को पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता परिषद् की मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी रही। सभी सदस्यों ने गौसंरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए गौसेवा की। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प भी लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश और पुख्ता हुआ। इस अवसर पर विकास रत्न महावीर सिंह चौहान, प्रांतीय संपर्क संयोजक शिवकुमार शर्मा, जिला समन्वयक राकेश जांगिड़, कोषाध्यक्ष बालमुकुंद बगड़िया, संयुक्त सचिव कमल किशोर शर्मा, पर्यावरण संयोजक रामगोपाल बंजारा, दिनेश गहलोत, रामकिशोर सैनी, शंकरलाल सैनी, तुलछीराम कच्छावा, कौशल्या सेन, रश्मि शर्मा, शोभा शर्मा सहित परिषद् के कई सदस्य मौजूद थे।

