ग्वालियर में शुक्रवार रात एक 95वें साल के बुजुर्ग ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। बुजुर्ग ने अपने पेट पर 12 बोर की लाइसेंसी राइफल टिकाकर ट्रिगर दबा दिया था। मृतक ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें बड़ी बहू की प्रताड़ना का जिक्र किया था। पुलिस ने प्रताड़ना की जांच की तो खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग ससुर को उसकी बड़ी बहू सुनीता खाने में अलग से दोगुनी मिर्च डालकर देती थी। इतना ही नहीं बहू सोने नहीं देती थी। यदि वह बेटों से शिकायत करे तो अकेले में पीटती थी। हर दिन उसके साथ ऐसा होता था। जिस दिन यह कदम उठाया था उस दिन भी बहू ने प्रताड़ित किया था। पुलिस जल्द ही इसमें मृतक की बड़ी बहू को आरोपी बनाकर मामला दर्ज करेगी। पुलिस पता कर रही है बहू की भूमिकाबुजुर्ग के सुसाइड केस में अब पुलिस ने पूरी तरह मन बना लिया है कि घर में जिस-जिसने भी बुजुर्ग को प्रताड़ित किया था उसका नाम एफआईआर में दर्ज किया जाएगा। अभी पुलिस मृतक की बड़ी बहू सुनीता की भूमिका का पता लगा रही है। जांच में यह तो खुलासा हो गया है कि बड़ी बहू बुजुर्ग ससुर को समय पर खाना नहीं देती थी। खाना मांग-मांगकर थक जाता था तो खाना मिलता था। खाने में नमक और मिर्ची ऊपर से ज्यादा डालकर दी जाती थी। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में यह लिखा भी था कि अब उससे बहू की प्रताड़ना झिल नहीं रही है। उसकी मरने की उम्र तो नहीं है, लेकिन और कोई रास्ता नहीं बचा है। कुर्सी पर बैठे और पेट पर टिकाई राइफलबुजुर्ग ने कुर्सी पर बैठकर जमीन पर राइफल टिकाई और पेट पर उसकी नाली रख कर ट्रिगर दबाया था। जिससे गोली उनके पेट में लगकर आर-पार निकल गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पीएम हाउस पहुंचा दिया है। पुलिस ने फोरेंसिक जांच भी कराई है। ऐसे समझिए पूरा मामलाथाटीपुर थाना क्षेत्र के 80-A नेहरू कॉलोनी निवासी 95 वर्षीय रामाधार पुत्र मंगाराम गुप्ता डेयरी संचालक हैं। उनकी पीएनटी कॉलोनी में दूध डेयरी है। अभी डेयरी को उनका बेटा सुरेश चंद्र गुप्ता संचालित करता है। शुक्रवार रात वह अपने कमरे में थे और परिजन अपने-अपने काम में लगे थे। तभी अचानक उनके कमरें से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही परिजन कमरे में दौड़े तो अंदर रामाधार खून से लथपथ पड़े थे और पास ही उनकी बारह बोर की लाइसेंसी राइफल पड़ी हुई थी। परिजन ने उनकी नब्ज टटोली तो पता चला कि बुजुर्ग का देहांत हो गया है। तुरंत ही मामले की सूचना सुरेश चंद्र को दी। घटना का पता चलते ही सुरेश चंद्र गुप्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया। ये खबर भी पढ़ें…ग्वालियर में बुजुर्ग ने गोली मारकर आत्महत्या की ग्वालियर में 95 साल के बुजुर्ग ने लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया है। घटना थाटीपुर थाना क्षेत्र के नेहरू कॉलोनी में शुक्रवार रात की है। गोली पेट में लगकर पीठ से आर-पार निकल गई। आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बुजुर्ग दम तोड़ चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है।पूरी खबर पढ़ें
प्रयागराज के अंदावा चौराहा स्थित एक वाइन शॉप पर उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब एक बंदर अचानक शराब की दुकान पर पहुंच गया। पहले वह शॉप के बाहर बैठा रहा, फिर अचानक लपककर अंदर काउंटर पर जा बैठा। काउंटर पर बैठकर बंदर बड़े आराम से नमकीन चखता रहा। दुकान पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कोई मजाक में कहने लगा कि “शराब पीने आया है”, तो कोई बोला “हिसाब लेने पहुंचा है।” देखें तस्वीरें… इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अब यह मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। ] बंदर ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन कुछ देर के लिए दुकान में हलचल जरूर मच गई। जिसका मजेदार वीडियो वायरल।
फरवरी के पहले पखवाड़े में ही दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है। पिछले 10 सालों में इन दिनों सबसे अधिक गर्मी इन दिनों है। वर्ष 2017 से 2026 के बीच 15 फरवरी का तापमान देखें तो पता चलेगा कि इस डेट को इस समयावधि में सबसे अधिक तापमान इसी साल रहा है। स्थिति ये है कि दिन में धूप चुभने लगी है। सुबह भी धूप में बैठना मुश्किल हो रहा है। सुबह-शाम गुलाबी सर्दी का अहसास हो रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोत्तरी की संभावना है। 17-18 फरवरी को बूंदाबांदी हो सकती है। देखें 10 सालों में 15 फरवरी को तापमान की स्थिति… सोमवार को मौसम की स्थिति सोमवार सुबह से मौसम साफ रहा। हल्की हवा चल रही है लेकिन ठंड नहीं है। सुबह का तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस रहा। फरवरी में अब तक सबसे गर्म दिन 15 फरवरी ही रहा है। अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। जोकि अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं, न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। सुबह-शाम गुलाबी सर्दी का अहसास रह गया है। अधिकांश लोगों ने अपनी जैकेट और स्वेटर फिर से अलमारी में रखना शुरू कर दिए हैं। देखें पिछले दिनों तापमान की स्थिति… पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को दिन में तेज धूप निकलेगी। इसके साथ ही तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। 16 फरवरी तक मौसम खुला रहेगा। इस बीच तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। जिसकी वजह से ठंड का असर काफी कम होगा। 17 फरवरी को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 18 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति…
कैथल में आज हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से हरियाणा में काटी जा रही वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड और ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा और राष्ट्रपति के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदर्शन की अगुवाई कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामचंद्र गुर्जर ढांड करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को दिया निमंत्रण विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जिले के समस्त वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व प्रत्याशी, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, पूर्व ब्लॉक प्रधान, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एससी/ओबीसी/अल्पसंख्यक कांग्रेस, रिटायर्ड कर्मचारी कांग्रेस, लीगल सेल व अन्य संगठनों को निमंत्रण दिया गया है। लघु सचिवालय में होंगे इकट्ठे प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता लघु सचिवालय में इकट्ठे होंगे। वहां पर जनसभा की जाएगी। इसके बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए उपरोक्त मांगों को लेकर डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। विधायक ने जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में अपने साथियों सहित उपस्थित रहें।
मंगेतर के मोबाइल में अन्य लड़की के साथ उसका फोटो देखा। उससे पूछा, तो ठीक से जवाब नहीं दिया। गुस्से में बिजली के तार से उसका गला घोंट दिया। किसी को पता नहीं चले, इसलिए सुबह सास को फोन कर दिया। यह कबूलनामा 17 साल की नाबालिग लड़की का है। घटना 11 जनवरी को कटनी के खमरिया गांव की है। 13 जनवरी को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। मृतक 20 साल का सुनील आदिवासी (20) है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के मृतक के परसवारा गांव पहुंची। यहां मृतक के परिजन और एएसपी संतोष कुमार डेहरिया से बात कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। एएसपी ने बताया कि 11 जनवरी की सुबह रीठी थाना क्षेत्र के खम्हरिया गांव के एक घर में युवक का शव मिला था। उसकी पहचान सुनील आदिवासी के रूप में हुई थी। पुलिस ने लड़की से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने वारदात कबूल कर ली। घर का इकलौता बेटा था सुनील कटनी से विजयराघवगढ़ रोड पर करीब 10 किमी पहले परसवारा गांव के लिए सड़क मुड़ती है। मेन रोड पर एक ओर कच्चे घर बने हैं। वहां एक शख्स से पूछा, तो उन्होंने सुनील के घर का पता बता दिया। तीनों मकान सुनील के ही परिवार के हैं। घर के बाहर 10-12 लोग गमजदा बैठे थे। यहां सुनील के बारे में पूछा, तो उसके पिता रमेश आदिवासी उठे। नम आंखों से उन्होंने बताया कि वह घर का इकलौता था। वही कमाने वाला था। चूना भट्टी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। एक बड़ी बहन शादीशुदा है, जबकि छोटी बहन की शादी की जिम्मेदारी उसी पर थी। काम पर जाने के लिए निकला था, दूसरे गांव चला गया रमेश ने बताया कि 10 फरवरी को सुनील घर से ईंट भट्टे पर काम करने निकला था। वहीं, मां को फसल कटाई के लिए बीना जाना था। इससे पहले, सुनील अपनी मंगेतर से मिलने खम्हरिया गांव चला गया। 11 फरवरी की दोपहर 12:00 बजे मेरे मोबाइल पर कॉल आया कि उसकी मौत हो गई है। यह सुनते ही होश उड़ गए। मैं, भाई कमलेश और अन्य ग्रामीण गांव पहुंचे। वहां बताया गया कि उसे रीठी अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि शव को पोस्टमार्टम रूम में रख दिया गया है। रीठी थाने में बयान दर्ज किए गए। रमेश ने बताया कि सालभर पहले दूर के रिश्तेदार की शादी में वह खम्हरिया गांव गया था। यहां उसकी मुलाकात गांव की ही लड़की से हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। परिवार वालों ने उनकी शादी का निर्णय लिया था। सगाई भी हो गई थी। इसी साल जून महीने में शादी होने वाली थी, लेकिन न जाने लड़की के मन में क्या आया कि इकलौते बेटे की हत्या कर दी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए, ताकि हमें न्याय मिल सके। मां बोली– बेटा बोला था, तुम निकल जाओ, मैं आ जाऊंगा घर के भीतर प्रवेश करते ही 4-5 महिलाएं अनाज साफ करती नजर आईं। इनमें सुनील की मां लक्ष्मीबाई भी शामिल थीं। उन्होंने गहरी सांस लेते हुए बताया कि 10 फरवरी को हम बीना जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान होने वाली बहू का कॉल आया। उसने सुनील को मिलने खम्हरिया गांव बुलाया। सुनील ने मुझसे कहा– मां, तुम मेरे कपड़े रख लो। मैं शाम को कटनी मुड़वारा स्टेशन पर मिलूंगा। यह कहकर दोपहर 2:30 बजे घर से निकल गया। शाम 5:00 बजे जब मैं स्टेशन पहुंची, तो उससे बात हुई। कहा– मैं जल्दी आ जाऊंगा, तुम चिंता मत करना। अगर ट्रेन आ जाए, तो निकल जाना। मैं दूसरी गाड़ी से आ जाऊंगा। मैं ट्रेन पकड़कर बीना पहुंच गई। मैं किसान के डेरे पर पहुंची। दूसरे दिन यानी 11 फरवरी की दोपहर करीब 12:00 बजे होने वाली बहू का कॉल आया। कहा– मां, सुनील कुछ बोल नहीं रहा है, उसे कुछ हो गया है, आप जल्दी आ जाओ। यह कहकर फोन काट दिया। घबराकर मैं वापस घर आई, तो पता चला कि सुनील की मौत हो चुकी है। लक्ष्मीबाई ने रोते हुए कहा, अगर उसे बेटा पसंद नहीं था, तो मना कर देती। हम शादी नहीं करते, लेकिन उसे मारना नहीं था। जिसने मेरे बच्चे को मारा है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए, तभी आत्मा को शांति मिलेगी। मोबाइल चेक करते वक्त देखा था फोटो, गुस्से में मार डाला लड़की ने पुलिस ने को बताया कि हमारी शादी अप्रैल महीने में होने वाली थी, लेकिन किसी कारणवश तारीख आगे बढ़कर जून में हो गई। सगाई हो के बाद सुनील अक्सर घर आता-जाता रहता था। 10 फरवरी को वह पास के गांव मुहासा के मेले में आया था। यहां से रात 8:00 बजे वह घर आ गया। वह नशे में धुत था। दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया। भोजन के बाद सुनील ने दोबारा शराब पी। कमरे में जमीन पर लेटकर मोबाइल चलाने लगा। मैं भी पास ही रखी खटिया भी लेटकर अपना मोबाइल चलाने लगी। इसी बीच, मैंने सुनील का मोबाइल देखना चाहा। गैलरी चेक करते समय उसका फोटो किसी दूसरी लड़की के साथ दिखा। यह देखकर गुस्सा आ गया। सुनील से इस बारे में पूछा, तो ठीक से जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि हमारी शादी होने वाली है, ऐसे में दूसरी लड़की के साथ फोटो रखना गलत है। इस पर सुनील भड़क गया। बोला– मैं ऐसा ही करूंगा, तुझे शादी करनी है, तो कर, वरना मत कर। विरोध करने पर वह गाली–गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देकर थप्पड़ भी मार दिया। मुझे गुस्सा आ गया। पास ही रखे बिजली के तार को गले में फंसाकर कस दिया। दुम घुटने से वह बेहोश हो गया। रात करीब 12:40 बजे एहसास हुआ कि सुनील की मौत हो चुकी है। मैं घबरा गई। डर के मारे दूसरे कमरे में सो रहे माता–पिता को भी नहीं बताया। शव के पास ही रातभर बैठकर सुबह होने का इंतजार करती रही। सुबह होते शव को कमरे से निकाल कर आंगन में रख दिया। शोर मचाया कि सुनील को कुछ हो गया है, वो उठ नहीं रहा है। परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पीएम रिपोर्ट ओर पूछताछ में हत्या का खुलासा एएसपी संतोष डेहरिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि गला घोंटकर हत्या की गई है। हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। परिजन से पूछताछ में पता चला कि घटना के समय होने वाली नाबालिग बहू और सुनील एक ही कमरे में थे। इससे पुलिस को शक हुआ। महिला पुलिस टीम के सहयोग से चार घंटे लड़की से पूछताछ की गई। शुरुआत में वह बयान बदलती रही, लेकिन सख्ती करने पर वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने लड़की को हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया, जहां से बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
झांसी में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश राजपूत के बेटे अंशुल राजपूत (24) की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस केस में नामजद रमेश राजपूत, भरत राजपूत और गोविंद सिंह राजपूत ने कई घंटों की पूछताछ के बाद घटना में शामिल होने से इनकार किया है। अब अंशुल के दोस्त और करीबी पुलिस के राडार पर आ गए हैं। पुलिस ने अंशुल के मोबाइल का सीडीआर निकाला। अंतिम बार अंशुल की अपने एक रिश्तेदार से बात हुई थी। पुलिस उससे भी पूछताछ कर चुकी है। इधर, रविवार शाम को दो डॉक्टरों के पैनल ने अंशुल के शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें कनपटी में एक गोली मारे जाने की पुष्टि हुई है। गोली सिर में आर पार हो गई। इसी वजह से अंशुल की मौत हुई है। शनिवार को अंशुल राजपूत खेत पर गया था। वहां पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। मां खेत पर पहुंची तो पता चला रक्सा थाना क्षेत्र के नयाकुआं गांव निवासी अंशुल राजपूत शनिवार को खेत पर गया था। शाम करीब 6 बजे खेत में बनी झोपड़ी के अंदर से उसका खून से सना शव बरामद हुआ था। हमलावरों ने कनपटी से सटाकर गोली मारी थी। देर-शाम तक घर न लौटने पर मां कलावती उसे तलाशते हुए खेत पर पहुंची थी। तब खून से सना शव बरामद हुआ था। अंशुल के परिजनों ने पुरानी रंजिश का आरोप लगाते हुए 3 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस शनिवार रात से ही आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कई घंटे चली पूछताछ के बाद भी आरोपी घटना में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं। छानबीन में जुटी पुलिस को आशंका है कि वेलेंटाइन डे के दिन उसकी हत्या के पीछे कोई प्रेम प्रसंग जैसा मामला भी हो सकता है। इसके लिए पुलिस उसके दोस्तों के मोबाइल फोन को भी खंगाल रही है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि पुलिस कई अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। इसके लिए कई टीम भी लगाई गई है।
शिवपुरी के करैरा में वकील की हत्या के विरोध में पूरे मध्यप्रदेश के वकील सोमवार (16 फरवरी) को काम से विरत, यानी हड़ताल पर रहेंगे। वे कोर्ट तो जाएंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। शिवपुरी में कोर्ट जाते समय दिनदहाड़े अधिवक्ता की हत्या से वकीलों में काफी आक्रोश है। हालांकि हत्या के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को शॉर्ट एनकाउंटर में गोली मारकर पकड़ लिया है, लेकिन इसके बाद भी आक्रोश कम नहीं हो रहा है। वकीलों की हड़ताल से ग्वालियर में हाईकोर्ट के एक हजार और सेशन कोर्ट के लगभग दो हजार केस प्रभावित होंगे। ग्वालियर अंचल के शिवपुरी जिले के करैरा में दो दिन पहले सुबह कोर्ट के लिए निकले एडवोकेट संजय सक्सेना की बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड से पूरे मध्यप्रदेश में सनसनी फैल गई थी। कोर्ट जाते समय वकील की हत्या से मध्यप्रदेश के सभी कोर्ट के वकील आक्रोशित हैं। इस पर तत्काल स्टेट बार एसोसिएशन, बार एसोसिएशन और कोर्ट से जुड़े अन्य कर्मचारी संगठनों ने बैठक कर इस घटना का कड़ा विरोध जताने का निर्णय लिया। इसी क्रम में सोमवार, 16 फरवरी को मध्यप्रदेश के सभी कोर्ट में वकील काम नहीं करेंगे। वकीलों ने अपनी हड़ताल को कार्य से विरत नाम दिया है। सीधे शब्दों में कहें तो वकील कोर्ट परिसर पहुंचेंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। एक दिन में हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट में तीन हजार केस प्रभावित होंगे बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ और जिला एवं सत्र न्यायालय में वकीलों की हड़ताल से लगभग 3 हजार केस प्रभावित होंगे। पक्षकार कोर्ट पहुंचेंगे, लेकिन वकील उनके केस में पैरवी नहीं करेंगे। इससे कई लोग प्रभावित होंगे। वकील कोर्ट परिसर के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन भी कर सकते हैं। जमीन विवाद में सुपारी देकर कराई गई हत्या शिवपुरी के करैरा निवासी एडवोकेट संजय सक्सेना की दो दिन पहले दिनदहाड़े बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करैरा में उस समय की गई, जब वकील संजय सक्सेना कोर्ट जाने के लिए घर से निकले थे। वकील ने कोर्ट जल्दी पहुंचने के लिए शॉर्टकट लिया था, लेकिन उनकी रेकी हो रही थी और उसी रूट पर बदमाश घात लगाकर बैठे थे। पुलिस ने तत्काल हत्या का मामला दर्ज किया था। करैरा थाना पुलिस ने शनिवार को इस सनसनीखेज हत्याकांड में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़ लिया। पता चला है कि जमीन विवाद में सुपारी देकर वकील संजय सक्सेना की हत्या कराई गई थी।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
भोपाल में लवजिहाद, रेप और ब्लैकमेलिंग का शिकार 11वीं की नाबालिग छात्रा एफआईआर दर्ज कराने के बाद से लगातार बीमार है। उसे डिप्रेशन के सिम्पटम्स हैं। वह बेहद सहमी और डरी हुई है। लोगों से बात करने तक से कतरा रही है। स्वास्थ्य इस हद तक बिगड़ गया कि चार दिन तक उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रविवार को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। यही कारण है कि केस की जांच कर रही एसआईटी की टीम पीड़िता के बयान दर्ज नहीं कर सकी है। वहीं पीड़िता का अश्लील वीडियो शूट करने वाला माज खान रिमांड पर है। हालांकि दो बार रिमांड पर लिए जाने के बाद भी पुलिस उससे मोबाइल फोन बरामद नहीं कर सकी है। आरोपी बेहद शातिर है और साक्ष्यों को प्रभावित करने की नीयत से मोबाइल के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। मोबाइल के संबंध में अलग-अलग कहानियां बता रहा है, कभी अजमेर में मोबाइल को तोड़कर फेंक देने की बात, तो कभी सीहोर में मोबाइल गुम जाने की बात कह रहा है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने थार सहित चार कारें जब्त की हैं। थार कार से एक छुरा मिला है, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में इजाफा किया गया है। थार में ओसाफ ने रेप किया, माज खान ने वीडियो शूट किया आरोपी माज खान के खुलासों ने पुलिस को चौंका दिया है। उसने बताया है कि ओसाफ अली खान ने थार में नाबालिग से रेप किया। इस दौरान वह बाहर खड़ा था। उसी ने छिपकर वीडियो शूट किया। माज खान ने बताया कि मैंने प्लानिंग पहले ही कर ली थी। कार के बाहर खड़े रहकर ग्लास से अंदर झांका और चोरी छिपे वीडियो शूट कर लिया। वीडियो को आपस में शेयर किया। लड़की को संबंध बनाने के लिए कई बार मजबूर किया। यहां तक कि वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 40 हजार रुपए भी वसूले। वह थार सहित चार कारों का इस्तेमाल करता था। इन चारों कारों में छात्रा से अलग-अलग समय में अलग-अलग स्थानों पर रेप किया। 16 फरवरी तक रिमांड पर है आरोपी बता दें, 365 जिम का संचालक माज खान 16 फरवरी तक कोहेफिजा थाना पुलिस की रिमांड पर है। उसे 8 फरवरी को कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस अन्य छात्राओं से भी रेप और ब्लैकमेलिंग के संबंध में पूछताछ कर रही है। वहीं मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान (19) को जेल भेज दिया गया है। जांच के लिए चार सदस्यों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। पुलिस ने आरोपी माज से अन्य छात्राओं से रेप के संबंध में भी पूछताछ की है। उसने इस तरह की किसी अन्य वारदात को अंजाम देने से इनकार किया है। पुलिस का भी कहना है कि अब तक कोई दूसरी पीड़िता सामने नहीं आई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस का मानना है कि माज के मोबाइल फोन में अन्य वीडियो भी हो सकते हैं। यही कारण है कि वह मोबाइल के संबंध में जानकारी मांगने पर लगातार गुमराह कर रहा है। मोबाइल फोन मिलने पर उसका एफएसएल परीक्षण कराया जाएगा। होटल में एंट्री के डर से अलग-अलग कार में किया दुष्कर्म हिंदू संगठनों को होटल में एंट्री के बाद मुखबिरी किए जाने के डर से आरोपी पीड़िता के साथ कार में दुष्कर्म करते थे। चार अलग-अलग कारों में उसके साथ रेप किया गया। माज की निशानदेही पर 9 फरवरी की रात तीन कारें, मारुति सियाज, स्विफ्ट और होंडा सिटी जब्त कर ली गई थीं। 13 फरवरी को उसकी थार भी जब्त की गई। इसी थार में पहली बार पीड़िता के साथ रेप किया गया और उसका वीडियो भी बनाया गया। धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया 2 फरवरी को कोहेफिजा पुलिस ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा की शिकायत पर FIR दर्ज की थी। पीड़िता ने खानूगांव इलाके में कार में रेप करने, धर्म बदलने का दबाव बनाने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इस मामले में 3 फरवरी को आरोपी ओसाफ अली खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 8 फरवरी को दूसरे आरोपी माज खान की गिरफ्तारी की गई। वारदात में इस्तेमाल काले कांच की थार, माज की ही थी। माज रसूख दिखाने के लिए कई कार रखता था। जरूरत पड़ने पर अपने दोस्तों को भी देता था। एमडी तस्करी केस में जमानत पर है माज का भाई वहीं माज का बड़ा भाई मोनिस मादक पदार्थों की तस्करी में जमानत पर है। मोनिस का एमडी तस्करी, लव जिहाद और जमीनें कब्जा करने वाले यासीन मछली गैंग से भी रिश्ता सामने आ चुका है। एसीपी बोलीं- जल्द बयान दर्ज करेंगे केस की जांच कर रहीं एसआईटी की प्रमुख अंकिता खातरकर ने बताया कि पीड़िता हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुई है। परिजन हमारे संपर्क में हैं। पीड़िता के स्वास्थ्य में सुधार होते ही उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। माज का मोबाइल फोन जब्त नहीं हो सका है। वह लगातार गुमराह कर रहा है और पूछताछ में मोबाइल के संबंध में जानकारी नहीं दे रहा है।
मोहन सरकार ने राजस्थान के ऊंटों, भेड़ों और अन्य जानवरों के लिए नया कॉरिडोर खोला है। चालीस साल बाद किए गए बदलाव के बाद अब एमपी में पांच मार्गों से राजस्थान के ऊंटों, भेड़ों की आवाजाही हो सकेगी। मोहन सरकार द्वारा घोषित किए गए नए कारिडोर से होकर राजस्थान के जानवर यहां चराई के साथ छत्तीसगढ़ तक जा सकेंगे। प्रदेश सरकार ने राजस्थान के पशुपालकों को राहत देते हुए भेड़, ऊंट आदि पशुओं की एमपी में चराई के लिए पांचवां मार्ग भी मंजूर कर दिया है। इस मार्ग से राजस्थान के पशुपालक अपने पशुओं को लेकर मध्यप्रदेश में प्रवेश कर चराई कर सकेंगे। यह पांचवां मार्ग दमोह, नरसिंहपुर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी और अमरकंटक होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा तक राजस्थान के पशुओं को निकासी देगा। इसके पहले एमपी सरकार ने अन्य राज्यों के पशुओं को चराई की सुविधा देने के लिए वर्ष 1986 में चराई नियम बनाए थे। इसी नियम के अंतर्गत अब पांचवां मार्ग घोषित किया गया है। इसके पहले प्रदेश में चार मार्ग पहले से अधिकृत थे, जिनसे राजस्थान के पशुपालक अलग-अलग जिलों से होकर एमपी में प्रवेश करते थे। अब नए मार्ग के जुड़ने से पशुपालकों को आवाजाही और चराई में सुविधा मिलेगी। अब तक ये मार्ग तय थे, जो एमपी की सीमा से गुजरते हैं
रात का अंधेरा बड़े से बड़े शातिर अपराधियों को भी पुलिस से नहीं बचा पाता। लेकिन, यही अंधेरा डोडा-चूरा तस्करों के लिए हर बार सबसे भरोसेमंद साथी साबित हो रहा है। अजीब संयोग है कि तस्कर हर बार अंधेरे का फायदा उठाकर न केवल फरार हो जाते हैं, बल्कि जाते-जाते गाड़ी और डोडा-चूरा पुलिस के लिए छोड़ जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की कहानी हर बार वही रटी-रटाई स्क्रिप्ट पर चलती है- नाकाबंदी की गई, तस्करों ने तोड़ दी। फिर पीछा किया गया तो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी बीच रास्ते में छोड़कर भाग निकले। सवाल यह है कि जब सूचना पुख्ता थी तो पर्याप्त पुलिस बल, रोशनी और प्रभावी घेराबंदी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या हर बार जिम्मेदार सिर्फ अंधेरा ही होता है, या फिर कार्रवाई की रणनीति में कहीं न कहीं गंभीर चूक रह जाती है? तस्करी के खिलाफ सख्ती के तमाम दावों के बीच पुलिस की यह कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। लगता है पुलिस की रोशनी सिर्फ कागजों और बयानों में ही तेज जलती है, जबकि जमीनी हकीकत में अंधेरा हर बार तस्करों का साथ निभा जाता है। लंबी होती जा रही फरारी की सूची पुलिस प्रेस नोट जारी कर बताती है कि देर रात हाईवे पर नाकाबंदी की गई। तभी एक गाड़ी को रुकने का इशारा किया। गाड़ी बिना रुके नाकाबंदी तोड़ जाने लगी। इस पर रोड स्टिक से गाड़ी के टायर बर्स्ट किए। फिर भी गाड़ी नहीं रुकी। पुलिस ने पीछा किया तो कुछ किलोमीटर बाद सड़क किनारे गाड़ी खड़ी मिली। उसमें डोडा-चूरा के कट्टे भरे मिले। चालक अंधेरे का फायदा उठा कर भाग गए। पुलिस ने कार और डोडा-चूरा जब्त कर लिया। प्रेस नोट में जब्ती और कार्रवाई के आंकड़े जरूर चमकते हैं। लेकिन, फरार आरोपियों की सूची भी उतनी ही बढ़ती जाती है। बार-बार आरोपी फरार होने से केस कमजोर पड़ जाते हैं। गवाह और सबूत जुटाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसका फायदा भी आरोपियों को ही मिलता है। केस-1 15 सितंबर 2024 : प्रतापनगर थाना पुलिस ने रात में देबारी टी प्वाइंट पुलिया पर नाकाबंदी की। डबोक से पिंडवाड़ा जा रही स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया। रफ्तार कम नहीं होने पर रोड स्टिक डालकर टायर पंक्चर किए। फिर भी चालक कार को लेकर 500 मीटर आगे तक ले गया। वहां कार को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठा कर भाग गया। केस-2 डोडा-चूरा जब्त। 16 सितंबर 2025 : प्रतापनगर थाना पुलिस ने पिंडवाड़ा हाइवे पर केसरिया बालम कट पर नाकाबंदी की। पिंडवाड़ा की तरफ से आ रही स्कॉर्पियों कार को रुकने का इशारा किया। चालक ने कार नहीं रोकी तो रोड स्टिक बिछा कर टायर बर्स्ट किए। चालक नहीं रुका और एक किमी दूर वह कार छोड़कर पहाड़ियों की तरफ भाग गया। केस-3 10 जनवरी 2026 : देबारी-अंबेरी हाईवे पर देर रात एक कार पलट गई। सूचना के बाद प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार में 436.350 किलो डोडा-चूरा मिला। इसके अलावा देसी पिस्टल मय 6 कारतूस भी मिली। चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने डोडा-चूरा और हथियार जब्त किए। भास्कर एक्सपर्ट- रि. एएसपी ने कहा- तस्करों की गाड़ियां लग्जरी, यही बड़ी वजह \डोडा-चूरा तस्करों के भाग निकलने के पीछे कई कारण हैं। लेकिन, प्रमुख कारण पुलिस के संसाधनों का है। पुलिस और तस्करों की गाड़ियों में काफी अंतर है। तस्कर लग्जरी गाड़ियों में चलते हैं। पुरानी गाड़ियों के साथ इनका पीछा करने में पुलिस सफल नहीं हो पाती है। तेज रफ्तार में गाड़ी भगाने पर आमजन के जीवन पर भी खतरा रहता है। तस्कर अधिकतर रात में ही तस्करी करते हैं, ऐसे में वे गाड़ी छोड़ भाग निकलते हैं। -घनश्याम शर्मा, रिटायर एएसपी अधिवक्ता ने कहा- पुलिस के तरीकों की जांच होनी चाहिए “तमाम प्रयासों के बावजूद तस्करों का ना पकड़ा जाना संदेह पैदा करता है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान किन तरीकों का इस्तेमाल किया, उच्चाधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए। अगर पुलिस ने उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है तो यह अभियुक्त के लिए फायदेमंद हो सकता है। बार-बार तस्करों के भागने पर पुलिस की कार्यशैली और छवि पर भी सवाल खड़ा होता है। इससे तस्करों के हौसले भी बुलंद होते हैं।” -मनीष शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, बार एसो.
प्रयागराज माघ मेला में महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम पवित्र स्नान संपन्न हुआ। सुबह भोर से ही घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। संगम तट पर श्रद्धालुओं ने पूरे दिन आस्था की डुबकी लगाई। इस पर्व पर संगम में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मंत्रोच्चारण और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मेला क्षेत्र गूंजता रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ATS, RPF के जवान सहित पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे ATS के विशेष सर्विलांस ड्रोन से भीड़ की निगरानी की जा रही थी। ड्रोन विडियो देखने के लिए ऊपर तस्वीर पर क्लिक करें…..
यूपी की बड़ी खबरें:गोरखपुर में युवक की गोली मारकर हत्या; घर से बुलाकर ले गए दोस्त, झगड़े के बाद मारा
गोरखपुर के चिलुआताल के तेनुहिया गांव में रविवार शाम एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक की पहचान अरुण निषाद (22) के रूप में हुई है। घटना को अंजाम देने वाले मृतक के ही दोस्त बताए जा रहे हैं। हमलावरों ने युवक को पहले घर से बुलाया और किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मैदान में ले जाकर गोली मार दी। गोली लगते ही अरुण जमीन पर गिर गया। घायल हालत में उसको मेडिकल कालेज ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर के बाद गुस्साए लोगों ने मेडिकल कालेज पुलिस चौकी के सामने गोरखपुर-महराजगंज रोड जाम कर दिया। पढ़िए पूरी खबर फर्रुखाबाद में भीषण सड़क हादसा, 3 की मौत; कार और डीसीएम की टक्कर, दो गंभीर घायल फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली हाईवे पर रविवार देर शाम भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में कार सवार तीन व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कार और डीसीएम की टक्कर हुई थी।हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार का चालक वाहन में फंस गया था। उसे काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। बलिया में पत्नी से झगड़ते थे पिता की हत्या कर लिया बदला, पेट में 5 बार चाकू घोपा बलिया में पत्नी के अपमान का बदला लेने के लिए बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। आरोपी ने पहले कड़े से सिर पर वार किया। फिर पेट में कई बार चाकू घोंप दिया। बीच-बचाव करने आए दो भाइयों को भी घायल कर दिया गया। घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी बेटे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। मामला दोकटी थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव का है। पढ़ें पूरी खबर… आगरा एयरफोर्स स्टेशन परिसर में पाकिस्तान लिखा बैलून विमान मिला; तकनीकी एरिया में गिरा, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क आगरा में एयरफोर्स स्टेशन परिसर के तकनीकी क्षेत्र में संदिग्ध गुब्बारा मिला है। इसका रंग हरा और सफेद है। इस पर “Pakistan International Airlines” लिखा हुआ था। एयरफोर्स की ओर से शाहगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसी भी सतर्क हो गई हैं। थाना शाहगंज में दर्ज एफआईआर के अनुसार 12 फरवरी को सुबह करीब 9 बजे एयरफोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में एक गुब्बारा पड़ा मिला, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा था। इसके अलावा उर्दू में भी कुछ लिखा था। प्राथमिक जांच के बाद गुब्बारे को कब्जे में लेकर थाना शाहगंज थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पढ़िए पूरी खबर देवरिया में बाइक में आग लगने से महिला जिंदा जली, मौत: पिकअप से टक्कर में पति गंभीर घायल देवरिया में एक शिक्षक की पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो गई। गांव में महाशिवरात्रि की पूजा थी। इसी कारण रविवार सुबह चार बजे दोनों गांव जा रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार पिकअप और मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पति दूर जाकर गिर गया, जबकि पत्नी बाइक पर ही रह गई। उसी दौरान गाड़ी में भीषण आग लग गई। तेज चीखने की आवाज सुनाई दी। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक पिकअप और बाइक दोनों जलकर राख हो चुकी थीं। ड्राइवर गाड़ी से उतरकर फरार हो गया। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला खुखुंदू थाना क्षेत्र के मगहरा चौराहे का है। पढ़ें पूरी खबर… झांसी में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की गोली मारकर हत्या, लाश को खेत में छोड़कर भागे बदमाश झांसी में बदमाशों ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी लाश उसी के खेत में बनी कुटिया के छोड़कर भाग गए। मां जब बेटे को घर ले जाने के लिए कुटिया में पहुंचीं तो बेटे को खून से लथपथ देखा। उसने परिजन को सूचना दी। परिजन ने पुलिस को बुलाया। उसके बाद उसे इलाज के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना शनिवार को रक्सा थाना क्षेत्र के बाजना रोड की है। यहां पढ़ें पूरी खबर गोरखपुर में हर्ष फायरिंग में DJ ऑपरेटर की मौत बारात में नाचने के दौरान चली गोली गोरखपुर में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में डीजे ऑपरेटर की गोली लगने से मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग उसके पास पहुंचे। खून से लथपथ देखकर उसे फौरन अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि सिर में गोली लगने से उसकी मौत हुई है। मृतक की पहचान छोटू (18) के रूप में हुई है। घटना शनिवार रात 10 बजे गगहा की है। यहां पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के पांडेयपार में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में गोली लगने से डीजे ऑपरेटर की मौत गई थी। इस मामले में रविवार को आरोपी गुरमही गांव के आदर्श उर्फ पंकज गुप्ता को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। आरोपी के पास से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। पूछताछ के बाद उसे जेल भिजवा दिया गया। पुलिस को चश्मदीदों ने बताया कि शनिवार को शादी समारोह में माहौल पूरी तरह जश्न में डूबा था। बारात में बज रहे डीजे पर फरमाइश हुई और गाना बजा ''चली समियाना में तोहरे चलते गोली...''। इसी गाने की धुन पर थिरकते हुए आरोपी आदर्श उर्फ पंकज गुप्ता ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। जैसे ही गाने के बोल गूंजे, पंकज गुप्ता ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने लगातार पांच राउंड फायरिंग की। एक गोली सीधे डीजे ऑपरेटर के सिर में लगी और वहां सन्नाटा पसर गया। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले पिता की सड़क हादसे में मौत के बाद पंकज खुद को इलाके का रसूखदार दिखाने की कोशिश में रहता था। वह पेंट की दुकान संचालित करता है। इसके साथ ही ठेकेदारी भी करता है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर के गगहा इलाके में शनिवार की देर रात एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में डीजे ऑपरेटर की गोली लगने से मौत हो गई। घटना गुरु कृपा मैरेज हाल से लगभग 100 मीटर पहले हुई, जिससे समारोह में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान डीजे ऑपरेटर छोटू (18) के रूप में हुई। नाचने में चलाई गोली घटना शनिवार रात करीब 10 बजे की है। गगहा पांडेपार निवासी हरि गोविंद गुप्ता के पुत्र शुभ्रांश की बारात घर से निकलकर बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर के सामने स्थित गुरु कृपा मैरेज हाल में जा रही थी। डीजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारात मैरेज हाउस से 100 मीटर पहले ही थी कि बारात में शामिल एक युवक ने पिस्टल से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उसने लगातार तीन फायर किए, जिनमें से दो गोली हवा में चली गईं, जबकि तीसरी गोली डीजे ऑपरेटर के सिर में जा लगी।गोली लगते ही डीजे ऑपरेटर छोटू (18) मौके पर गिर पड़ा। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। छोटू गोला थाना क्षेत्र के गौशाला गांव का निवासी था और डीजे ऑपरेटर का कार्य करता था। हादसे के बाद कई बाराती लौट गए घटना के बाद शादी समारोह का माहौल गमगीन हो गया। लड़की पक्ष फरीदाबाद से शादी के लिए कौड़ीराम आया था। हादसे के बाद कई बाराती लौट गए, हालांकि वैवाहिक रस्में किसी तरह पूरी कराई गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। आरोपी युवक की तलाश जारी है। इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि हर्ष फायरिंग करने के आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे जेल भिजवा दिया गया है।
मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के भडौली गांव निवासी हवलदार राहुल भड़ाना जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सड़क हादसे का शिकार हो शहीद हो गए थे। आज उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में लाया जा रहा है जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हवलदार राहुल भड़ाना सेना में तैनात थे और उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अखनूर जिले में थी। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने कार्यालय के किसी काम से जा रहे थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। क्षेत्र में शाक की लहर राहुल के शहीद होने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। गांव में भी लोगों के घर में चूल्हा तक नहीं जला। हर एक व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात रही कि वह उनके गांव का एक होनहार लड़का था जिससे अन्य युवा भी प्रेरणा लेते थे भगवान ने उसके साथ यह क्या कर दिया। परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल परिजनों को सूचना मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। परिजन बे सुध हालत में रोते रहे। राहुल के मां- बाप बार बार उसके फोटो को देख कर बोलते रहे कि हमारे लाल के साथ क्या हुआ। बचपन से ही फोज में जाना उसका सपना था।
गोरखपुर में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को यूटिलिटी शिफ्टिंग और आरएमयू इंस्टॉलेशन का कार्य कराया जाएगा। इसके चलते कई फीडरों और इलाकों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने संबंधित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। भटहट व पादरी उपकेंद्र से जुड़े फीडरों की आपूर्ति रहेगी बंद विद्युत विभाग के अनुसार यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य के तहत 11 केवी भटहट फीडर (भटहट उपकेंद्र), 11 केवी पादरी बाजार, सरस्वतीपुरम, लक्ष्मीपुर और न्यू फीडर (पादरी उपकेंद्र) की आपूर्ति सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। राप्ती नगर उपकेंद्र के क्षेत्रों में बारी-बारी से होगी कटौती राप्ती नगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में आरएमयू इंस्टॉलेशन कार्य के कारण जरूरत के अनुसार बिजली आपूर्ति बारी-बारी से बाधित की जाएगी। इन इलाकों के उपभोक्ता होंगे प्रभावित रामजानकी नगर, नकहा, राप्ती नगर फेस प्रथम, भगवानपुर, राप्ती नगर फेस फोर और राजनगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को इस दौरान बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। विद्युत विभाग ने कहा है कि कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए विभाग ने खेद जताते हुए सहयोग की अपील की है।
'ऐतिहासिक उपलब्धि' सरकारी डॉक्टर अब मरीजों को नहीं देखेंगे, अब वे आवारा ‘श्वानों (डॉग) को हटाने एवं प्रवेश की रोकथाम करेंगे।’ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का ये तंज एक सरकारी ऑर्डर को लेकर था। ऑर्डर में एक सरकारी अस्पताल में आवारा श्वानों की रोकथाम के लिए डॉक्टर्स को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। डॉक्टरों को ऐसी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पहला मामला नहीं है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मान सिंह (SMS) में 30 से ज्यादा डॉक्टर ऐसी ही जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कोई किचन, कैंटीन, स्टेशनरी की व्यवस्था देख रहा है तो किसी के पास सिक्योरिटी, लॉन्ड्री, हाउसकीपिंग और सीवरेज क्लिनिंग मैनेजमेंट का जिम्मा है। यही नहीं, कई डॉक्टर्स को पार्किंग, अतिक्रमण, ट्रॉली जैसे मैनेजमेंट का काम भी दे रखा है। भास्कर ने सभी डॉक्टर्स की प्रोफाइल को खंगाला तो सामने आया को कोई ईएनटी का स्पेशलिस्ट है तो कोई न्यूरो सर्जन। चौंकाने वाली बात ये है कि प्रदेश पहले से ही साढ़े 4 हजार डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। हार्ट, किडनी के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर, किचन कैंटीन, स्टेशनरी का भी जिम्माजोधपुर और जैसलमेर में हाल ही में दो डॉक्टर्स को हॉस्पिटल में घुसने वाले श्वानों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भास्कर टीम ने प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल में ऐसी ही व्यवस्थाओं की पड़ताल की। सामने आया कि 30 से ज्यादा डॉक्टर्स को ऐसी ही जिम्मेदारियों में बांध रखा है। इनमें कोई हार्ट का एक्सपर्ट है तो कोई किडनी स्पेशलिस्ट, लेकिन इन्हें किचन, कैंटीन, स्टेशनरी, पार्किंग से लेकर अस्पताल प्रशासन से जुड़ी कई जिम्मेदारियां दे रखी हैं। इन जिम्मेदारियों के कारण एसएमएस अस्पताल के कुछ डॉक्टर्स ऐसे हैं, जिन्होंने सालों से शायद ही किसी मरीज की नब्ज छुई हो। उनकी उंगलियां अब कीबोर्ड पर टाइपिंग, फाइलों के पन्नों को पलटने, साइन करने और कैंटीन के बिल पास करने में व्यस्त हो गई हैं। चलिए, आपको मिलवाते हैं उन चेहरों से, जो डॉक्टर की डिग्री लेकर 'एडमिनिस्ट्रेशन' के चक्रव्यूह में फंसे हैं। 1. डॉ. सतीश वर्मा, एडिशनल सुपरिटेंडेंट जनरल मेडिसिन के विशेषज्ञ हैं। जिम्मेदारी : SMS अस्पताल में किचन, कैंटीन, स्टेशनरी, कॉन्ट्रैक्ट सेल, अकाउंट सेक्शन, रेडियोग्राफर एंड लैब टेक्नीशियन, हेड ऑफिस, डीडीओ गजेटेड, डीडीओ नॉन गजैटेड, इस्टेब्लिशमेंट ऑफिस, बीएमडब्ल्यू एंड जनरल वेस्ट मैनजमेंट। 2. डॉ. अरविंद पालावत, एडिशनल एमओ इंचार्ज जनरल मेडिसिन के विशेषज्ञ हैं। जिम्मेदारी : डीडीओ नॉन गजेटेड, रेडियोग्राफर एंड लैब टेक्नीशियन 3. डॉ.राशिम कटारिया, एडिशनल सुपरिटेंडेंट न्यूरोसर्जन हैं, इसके अलावा भी कई जिम्मेदारियां हैं। जिम्मेदारी : नर्सिंग ड्यूटी मैनेजमेंट इंचार्ज, फार्मासिस्ट ड्यूटी मैनेजमेंट, डीडीसी मैनेजमेंट, बीएमआरसी, आरकेबीसी 4. डॉ. बीएम शर्मा, एडिशनल एमओ इंचार्ज ईएनटी : आंख-कान-गला रोग विशेषज्ञ हैं। जिम्मेदारी : किचन, कैंटीन 5. डॉ. प्रवीण जोशी, एडिशनल एमओ इंचार्ज एमएस : जनरल सर्जन हैं। जिम्मेदारी : पार्किंग की व्यवस्था देखना और लाइफ लाइन इंचार्ज 6. डॉ. राजकुमार हर्षवाल, एडिशनल एमओ इंचार्ज ऑर्थोपेडिक्स : हड्डी एवं जोड़ रोग के विशेषज्ञ हैं। जिम्मेदारी : स्टेशनरी, ईपीबीएक्स 7. डॉ. एनएस चौहान, एडिशनल सुपरिटेंडेंट जनरल फिजिशियन हैं। जिम्मेदारी : अस्पताल के अंदर और पेरीफेरी में अतिक्रमण, आरटीआई, संपर्क पोर्टल, सुगम पोर्टल और ग्रीवान्स के जवाब देना। 8. डॉ. अजीत सिंह, एडिशनल सुपरिटेंडेंट सीनियर फिजिशियन हैं। जिम्मेदारी : सिक्योरिटी, चोरी नियंत्रण, हॉस्पिटल में वॉयलेंस, सीसीटीवी, इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी कन्वीनर, सीजनल डिजीज केस रिपोर्टिंग, धन्वंतरी इंचार्ज, ओपीडी ट्रॉली मैनेजमेंट। 9. डॉ. अनिल दूबे, एडिशनल सुपरिटेंडेंट MBBS डॉक्टर हैं। जिम्मेदारी : सुलभ टॉयलेट क्लीनिंग, कंडम आइटम की नीलामी, आईपीडी टावर, सीटीवीएस टावर, न्यू इमरजेंसी ब्लॉक, सैंपल कलेक्शन सेंटर, साइनेज, आरएमआरएस 10. डॉ. गिरधर गोयल, एडिशनल सुपरिटेंडेंट जनरल सर्जन हैं। जिम्मेदारी : लॉन्ड्री, क्लॉथिंग-लिनेन सेक्शन, ईपीबीएक्स, सेकेंड फ्लोर इंचार्ज, नर्सिंग स्कूल, नर्सिंग हॉस्टल, पैरामेडिकल हॉस्टल, जनरल सेक्शन, ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी कन्वीनर इसके अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार का अहम पद भी संभाल रहे हैं। 11. डॉ. आलोक तिवारी, एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑर्थोपेडिक्स : हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ जिम्मेदारी : अस्पताल की फायर सेफ्टी, पीडब्ल्यूडी से जुड़े काम एसएमएस हॉस्पिटल में डॉक्टर्स को इस प्रकार की जिम्मेदारी देने की व्यवस्था कोई आज ही हुई है ऐसा नहीं है। सालों से ये ही व्यवस्था चल रही है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि अधीक्षक के साथ एडिशनल सुपरिटेंडेंट्स और डिप्टी सुपरिडेंट्स की टीम बना रखी है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी की टीम भी है। ये सभी मिलकर अस्पताल की व्यवस्थाओं को संभालते हैं। प्राइवेट अस्पतालों में इन व्यवस्थाओं के लिए होती है अलग से विंगसरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स को ही तमाम तरह की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। प्राइवेट हॉस्पिटल्स में सफाई से लेकर तमाम व्यवस्थाएं विषय विशेषज्ञ, एडमिनिस्ट्रेशन या मैनेजर संभालते हैं। डॉक्टर्स से व्यवस्था को सुधारने के लिए सुझाव जरूर लिए जाते हैं। काम करने या करवाने का पूरा जिम्मा एडमिनिस्ट्रेशन के पास होता है। जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर के अध्यक्ष डॉ. राजपाल मीना ने कहा कि अस्पतालों में अलग-अलग व्यवस्था के लिए विभागों के अधिकारियों को ही जिम्मेदारी सौंपना चाहिए। डॉक्टर्स ने जो स्पेशलाइजेशन कर रखा है, उन्हें वही जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। हजारों पद खाली पड़े हैंप्रदेश में करीब साढ़े चार हजार डॉक्टर्स के पद रिक्त चल रहे हैं। एसएमएस या फिर अन्य सरकारी अस्पतालों में कई डॉक्टर्स इस तरह के कामों की जिम्मेदारी संभालने में व्यस्त हैं। उनकी विशेषज्ञता का लाभ न तो मरीजों को मिल पा रहा है और न ही सरकार को। कई सीएचसी-पीएचसी या फिर जिला अस्पतालों में डॉक्टर्स के पद खाली पड़े हैं। इन 2 आदेश के बाद चर्चा में आई डॉक्टर्स की जिम्मेदारी8 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर की थी। पोस्ट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक ऑर्डर था। इस ऑर्डर में एक महिला डॉक्टर (डेंटिस्ट) को अस्पताल में घुसने वाले आवारा श्वानों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। हालांकि यह आदेश पिछले महीने जनवरी में जारी हुआ था। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था।
नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें…वैलेंटाइन डे पर शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने गया युवक टुकड़ों में मिला। उसका शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा था। वहीं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में शनिवार देर रात दो छात्र गुटों में लाठी-डंडे चले। इसमें 6 से अधिक छात्रों के सर फट गए। महाशिवरात्रि पर बिल्हौर में भूत-भावन भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। शिवगणों के रूप में सजे कलाकारों ने नरमुंड की माला पहन कर डांस किया। कानपुर की ऐसी कल की 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें… अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें… 1: शिव बारात में नरमुंड पहनकर कलाकारों ने किया डांस:बिल्हौर में हनुमानजी भी झूम उठे, भूत-प्रेतों का तांडव; भगवा झंडे लहराए महाशिवरात्रि पर रविवार को कानपुर के बिल्हौर में भूत-भावन भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। शिवगणों के रूप में सजे कलाकारों ने नरमुंड की माला पहन कर डांस किया। हनुमानजी के रूप में सजे कलाकार ने भी डांस किया, गदा लेकर रथ पर निकले। भगवा झंडे लहराए गए और डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर डांस किया। बारात में भूत, प्रेत, पिशाच और गणों के वेश में कलाकार शामिल हुए, जिसने शिवबारात को पारंपरिक और अलौकिक स्वरूप दिया। पढ़ें पूरी खबर 2: IIT टेक्नीशियन सुसाइड के बाद परिजन कानपुर पहुंचे:बेटी का शव देख बिलखी मां, बोली- कोई बात थी मुझे बताती, ये क्या हो गया हे भगवान ये मेरी बेटी को क्या हो गया, एक बार तो मेरी बच्ची का चेहरा दिखा दो, आखिरी बार उसे देख लें… यह करुण पुकार थी IIT में सुसाइड करने वाली जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी की मां। सुसाइड के बाद जूनियर टेक्नीशियन के परिजन रविवार सुबह कानपुर पहुंचे थे। दोपहर करीब 11 बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां वह गुमसुम बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने किसी प्रकार की बात करने से इंकार कर दिया। मूलरूप से झारखंड राज्य के जादूगोडा, पूर्व सिंह भूमि के यूसीआईएल के सेक्टर सी की रहने वाली 29 वर्षीय अंजू कुमारी आईआईटी में जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थी। पढ़ें पूरी खबर 3: भारत-पाक मैच- किक्रेटर कुलदीप यादव को कोच ने टिप्स दिए:कहा- गेंदबाजी में लाइन और लेंथ का ध्यान रखें, रिलैक्स मोड में बॉलिंग करें T20 वर्ल्ड कप में आज भारत-पाकिस्तान का मुकाबला श्रीलंका के कोलंबो में हो रहा है। इसमें कानपुर के कुलपति यादव भी खेल सकते हैं। इस महामुकाबले से पहले कुलदीप यादव से कोच ने फोन पर बात की। चाइनामैन कहे जाने वाले स्पिनर कुलदीप से कोच कपिल देव पांडेय ने कहा- गेंदबाजी में लाइन और लेंथ का ध्यान रखें। मैच का दबाव न लें और रिलैक्स मोड में गेंदबाजी करें। कपिल देव पांडेय ने बताया- शनिवार रात तकरीबन 12 बजे कुलदीप से मैच को लेकर फोन पर बात हुई थी। पढ़ें पूरी खबर 4: शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने गया प्रेमी टुकड़ों में मिला:बहन से बोला था- वैलेंटाइन डे पर साड़ी दूंगा, 6 महीने पहले हुई थी शादी वैलेंटाइन डे पर शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने गए युवक का शव दबौली वेस्ट स्थित खारजा नहर के पास से गुजरी रेलवे ट्रैक के किनारे टुकड़ों में पड़ा मिला। युवक अपनी बड़ी बहन से कह कर निकला था कि दीदी आज वैलेंटाइन डे पर गर्लफ्रेंड को साड़ी दूंगा, किसी को बताना नहीं, एक घंटे के अंदर वापस आ जाऊंगा। इसके बाद युवक की देर रात में बॉडी मिली, उसकी जेब से साथी फैक्ट्री कर्मी का आईडी कार्ड गोविंद नगर पुलिस को मिला, जिससे मृतक की पहचान हुई। जरौली फेस–2 निवासी आदर्श शर्मा (25) ऑयल टैंकर क्लीनर था। पढ़ें पूरी खबर 5: ब्लेड हमले की घायल बोली- 'वो जानवर हैं, एनकाउंटर हो':कानपुर में हुआ था हमला, 25 टांके लगे; जीजा का प्राइवेट पार्ट काटने की कोशिश वो लोग जानवर हैं, उनका तो सीधे एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने मेरे ऊपर ब्लेड से हमला किया, जिससे मेरे चेहरे पर 25 टांके लगे हैं। आदिल थाने में कह रहा था कि छूटकर आने के बाद वह फिर मेरे साथ यही करेगा। आदिल और जीशान अक्सर मेरे घर के बाहर आकर शराब पीते थे और सिगरेट का धुआं उड़ाते थे। मैंने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद वे हमसे रंजिश रखने लगे।’ ये कहना है कानपुर में रहने वाली रानी का। ऑटो ड्राइवर और उसके साथियों ने रानी पर ब्लेड से हमला कर उसका चेहरा खराब कर दिया था। रानी का कसूर इतना था कि अनियंत्रित ऑटो की चपेट में आने से बचने के बाद उन्होंने ड्राइवर को टोक दिया था। पढ़ें पूरी खबर 6: रिटायर फौजी साइकिल से उतरा और मौत:कानपुर में सड़क किनारे बैठे, फिर लेट गए और उठे नहीं; बेटा बोला- बीमार चल रहे थे कानपुर के जाजमऊ चुंगी चौराहे पर रविवार सुबह 75 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिला। मृतक की पहचान शब्बीर हुसैन के रूप में हुई, जो 30 साल पहले सेना से रिटायर हुए थे। बेटे शमशीर हुसैन ने बताया कि उनके पिता रोजाना साइकिल से उन्नाव के अखलाक नगर स्थित अपने मकानों को देखने और किरायेदारों से किराया लेने जाते थे। रविवार सुबह भी वह इसी उद्देश्य से 8 बजे घर से निकले थे। शमशीर हुसैन ने यह भी बताया कि उनके पिता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पढ़ें पूरी खबर 7: कानपुर में 2 दिन बारिश का अलर्ट:17 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा, सर्द हवा ने सुबह-रात की ठंड बढ़ाई; पारा 9 डिग्री मौसम ने एक बार फिर करवट लेकर लोगों को एक ही दिन में सर्दी और गर्मी का एहसास कराया। बीते 24 घंटे के दौरान रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दिन का पारा 1.2 डिग्री बढ़ा है। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। इस गिरावट के कारण सुबह के समय घरों से निकलने वाले लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 8: तालाब में डूबने से राजमिस्त्री की मौत:बिल्हौर में शव निकाला गया, घर के पीछे गया था, तभी डूबा कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र स्थित माननिवादा गांव में शनिवार शाम एक राजमिस्त्री की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। माननिवादा गांव निवासी 40 वर्षीय अरविंद कुमार पुत्र राजकुमार गौतम पेशे से राजमिस्त्री थे। उनके परिवार में पत्नी राधा, बेटा देवेश और बेटी मानसी हैं। परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम अरविंद कुमार घर के पीछे स्थित तालाब की ओर गए थे। काफी देर तक उनके वापस न लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान परिजनों को तालाब के पास अरविंद कुमार के डूबने की जानकारी मिली। बताया गया कि वह तालाब में गहराई में चले गए थे। पढ़ें पूरी खबर 9: आस्था और ऋतु के बीच जुबानी जंग थमी:दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस कर रही जांच, लोग समझौता कराने में जुटे मैं ठाकुर हूं और मैं ब्राह्मण हूं कहकर दो महिलाओं के बीच चल रही जंग अब धीरे धीरे समाप्त होने लगी है। कानपुर के थाने में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर जरुर सौंप दी गई है, लेकिन फिलहाल किसी भी पक्ष का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर आठ दिन चली जंग के बाद अब आस्था सिंह और ऋतु त्रिपाठी के तेवर ढीले पड़ गए हैं। दोनों जुबानी जंग से दूर हट रही हैं। दोनों महिलाओं के बीच चल रहे झगड़े में बैंक अधिकारियों पर लगे आरोपों के बाद मामला थोड़ा गंभीर हो गया। पढ़ें पूरी खबर 10: कानपुर के CSA हास्टल में छात्रों के 2 गुट भिड़े:पीएचडी और एबीएम के स्टूडेंट्स भिड़े, दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से एक-दूसरे को पीटा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में शनिवार देर रात दो छात्र गुटों में जमकर संघर्ष हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। देर रात दोनों छात्र गुटों के बीच हुए संघर्ष में कई छात्रों के सिर फटे हैं। इसके अलावा कई छात्र घायल भी हुए हैं। मारपीट की यह घटना एग्री बिजनेस मैनेजमेंट (एबीएम) व पीएचडी के छात्रों के बीच हुई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि रात के अंधेरे में छात्र कैंपस में एकत्र है। हाथों में लाठी डंडे है और एक छात्र का सिर फटा हुए है। पढ़ें पूरी खबर
हरियाणा सरकार अदालत में उस याचिका का जवाब दाखिल नहीं कर सकी, जिसमें रिटायर्ड IAS अधिकारी आशोक खेमका के खिलाफ कथित धोखाधड़ी भर्ती मामले को हायर कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी। यह मामला एक अन्य मामले से जुड़ा हुआ है जिसमें रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का आरोप भी है। पंचकूला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अर्पणा भारद्वाज ने देखा कि राज्य सरकार ने याचिका पर जवाब नहीं दिया है। क्योंकि सरकार ने जवाब से इंकार या और समय लेने का कोई ठीक कारण नहीं बताया, इसलिए अदालत ने जवाब देने का मौका बंद कर दिया। अगली सुनवाई 30 मई, 2026 के लिए तय की। यहां पढ़िए क्या है पूरा मामलायह मामला हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में दो मैनेजर रैंक समेत 25 कर्मियों की नियुक्ति से जुड़ा है। साल 2009-10 में हुड्डा सरकार के दौरान यह भर्तियां हुई। तब खेमका वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी थे।विभाग की आंतरिक जांच में स्क्रीनिंग कमेटी ने इन भर्तियों को नियमों के खिलाफ बताया था। इस मामले में आवश्यकता मात्र एक अधिकारी की थी और नियुक्तियां दो को दी गईं।खेमका के बाद वेयरहाउसिंग के एमडी बने IAS अधिकारी संजीव वर्मा ने इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट तत्कालीन मुख्य सचिव संजीव कौशल और कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा को भेजी। जिसमें अशोक खेमका के खिलाफ चार्जशीट करने की सिफारिश की थी। संजीव वर्मा ने उन दोनों अधिकारियों को भी निलंबित करने की सिफारिश की थी, जिन्हें भर्ती किया था। कोर्ट में पड़ चुकी प्रोटेक्शन पिटीशन वकील रविंदर कुमार ने इस मामले में प्रोटेक्शन पिटीशन डाली है, जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस ने PC एक्ट (भ्रष्टाचार विरोधी कानून) के तहत पहले अनुमति नहीं ली थी, इसीलिए मामला गलत तरीके से रजिस्टर हुआ। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में विरोधाभास हैं: एक तरफ कहा गया कि अनुमति नहीं मिली, वहीं दूसरी तरफ उस एक्ट के तहत बाकी आरोपियों के लिए कुछ भी नहीं कहा गया। यहां पढ़िए प्रोटेस्ट पिटीशन में क्या...1. 26 अप्रैल 2022 को दर्ज हुई FIR पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट रविन्द्र कुमार इस मामले के प्रथम शिकायतकर्ता हैं। उन्होंने ही अब प्रोटेस्ट पिटीशन लगाई है। पिटीशन में लिखा है कि उन्होंने शिकायतों के आधार पर इस मामले में 26 अप्रैल 2022 को एफआईआर दर्ज कराई थी। 2009 में भर्ती विज्ञापन के सभी जरूरी नियमों के खिलाफ 2010 में निगम में प्रबंधक ग्रेड-1 के पद पर कई अवैध नियुक्तियां हुईं।2. क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल उठाएपिटीशनर ने पुलिस की ओर से कोर्ट में लगाई गई क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। तर्क दिया है कि मामले की जांच कर रहे पंचकूला के सेक्टर-5 की पुलिस चौकी के प्रभारी ने पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत मंजूरी लेने में सफल नहीं होने का बहाना किया है। उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला बंद करने के लिए एलडी चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, पंचकूला के समक्ष अनट्रेस्ड क्लोजर रिपोर्ट (UCR) दायर की है। इसकी सुनवाई 17 नवंबर 2025 को हो चुकी है।3. इंटरव्यू कमेटी के लेटर को नजरअंदाज किया गयापिटीशन में लिखा है कि पंचकूला के ACP विजय नेहरा जो तत्कालीन जांच अधिकारी थे, जानबूझकर अपराधों की जांच करने में विफल रहे। इस मामले में किसी भी अनुमति की जरूरत नहीं थी। यहां तक कि इंटरव्यू कमेटी के चेयरमैन आईएएस रोशन लाल ने भी हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को 12 मई 2022 को एक लेटर लिखा था, जिसमें इन नियुक्तियों को गलत बताया गया था।4. क्लोजर रिपोर्ट में कई विरोधाभासप्रोटेस्ट पिटीशन में लिखा है कि पुलिस की ओर से दायर क्लोजर रिपोर्ट विरोधाभासों से भरी है। एक तरफ यह पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत धारा की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ यह अन्य सह-आरोपी कर्मचारियों के संबंध में इस धारा पर पूरी तरह से चुप है, जिनके अनुमोदन प्राधिकारी हरियाणा राज्य भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक हैं, जो खुद इस मामले में शिकायतकर्ता हैं।5. गलत कोर्ट में दी गई क्लोजर रिपोर्टइस मामले में पीसी अधिनियम, 1988, आईपीसी की धारा 420 भी शामिल है। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए एलडी सीजेएम कोर्ट को सुनने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है, क्योंकि यह अधिकार क्षेत्र विशेष रूप से एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत को सौंपा गया है।6. 5 महीने से कोर्ट में हो रही सुनवाईप्रोटेस्ट पिटीशन में लिखा है कि उप-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पंचकूला पिछले 5 महीनों से पीसी अधिनियम, 1988 से जुड़े मामले की नियमित सुनवाई कर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा राज्य भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक की ओर से वनीत चावला सचिव (सेवानिवृत्त) और मनोज कुमार सचिव के बयान भी कानून के प्रावधानों के विरुद्ध दर्ज किए हैं, क्योंकि वे खुद को अधिकृत शिकायतकर्ता होने का दावा नहीं कर सकते थे।7. खेमका के एक आईएएस रिश्तेदार का भी नामपिटीशन में दावा है कि खेमका के आईएएस रिश्तेदार अपने अधीनस्थ एक आईएएस अधिकारी पर दबाव बना रहे हैं। इस मामले में एचएसडब्ल्यूसी एमडी अपने अधिकारियों के माध्यम से पूरी तरह से गलत और झूठे बयान दर्ज करवाकर अदालत को गुमराह कर रहे हैं।
मानव और पशु सेवा का लिया संकल्प
ग्वालियर | सिंधु सोशल सोसायटी के समारोह में साल 2026 में कार्य करने वाली टीम ने शपथ ग्रहण की। शपथ अधिकारी सुरेश लक्ष्मणी ने अनुभा ठक्कर को अध्यक्ष और प्रिया मोतीवानी को सचिव के रूप में शपथ दिलाई। रामआशा रामत्री ने कोषाध्यक्ष की शपथ ग्रहण की। कार्यकारिणी सदस्यों में पायल, भावना, कोमल रानी वाधवानी, जिया तुलसानी, इशिका भाटिया, बरखा आनंदानी, माधुरी जैस्वामी और रोशनी फेरवानी आदि शामिल हैं। नई टीम ने मानवसेवा के साथ पशु सेवा करने की शपथ ली।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ऑनलाइन लर्निंग (OL) और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कोर्सेज में फरवरी महीने से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन के अंतर्गत स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) प्रोग्राम आवेदन शुरू है। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार नौकरीपेशा, होम मेकर से लेकर कोई भी अभ्यर्थी B.Com, M.Com, BBA, MBA और M.A. (इंग्लिश, इकोनॉमिक्स, एजुकेशन, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी) के साथ M.A./M.Sc मैथ्स में एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा डुअल डिग्री करने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थी भी इन सभी प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके लिए विश्विद्यालय की वेबसाइट के माध्यम विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे करें आवेदन आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी विश्विद्यालय की वेबसाइट से ऑनलाइन लर्निंग OL/ऑनलाइन एंड डिस्टेंस लर्निंग ODL पर क्लिक करके आवेदन कर सकता है। प्रवेश संबंधित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर या लिंक से काउंसलर से संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर विश्विद्यालय में खुद आकर सीधे काउंसलर से मिलकर अपनी समस्या पर परामर्श भी कर सकते हैं।
जेएएच: लिखित में देने के बाद भी कर्मचारियों को नहीं दिया एरियर
ग्वालियर | जयारोग्य चिकित्सालय की सफाई और सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही एजाइल सिक्योरिटी फोर्स लिमिटेड ने जब से जिम्मेदारी संभाली है तब से कर्मचारियों न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही एरियर। इसे लेकर कर्मचारी कई बार हड़ताल तक कर चुके हैं। बीते माह कर्मचारियों ने 4 दिन तक हड़ताल कर दी थी,जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं चौपट हो गई थीं। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम लश्कर नरेन्द्र बाबू यादव एवं अपर आयुक्त निगम मुनीष सिकरवार 22 जनवरी को जेएएच पहुंचे थे। कंपनी ने अपने लेटरपैड पर एक माह में एरियर देने की बात लिखकर दी थी, जिसके बाद हड़ताल खत्म हुई थी। करीब 24 दिन गुजरने के बाद कर्मचारियों को एरियर नहीं मिला है। ऐसे में कर्मचारी फिर हड़ताल करने की बात कह रहे हैं।
छात्रावास की बाउंड्री तोड़ी, ठेकेदार की जेसीबी जब्त; एफआईआर दर्ज
ग्वालियर | हुरावली में विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए बन रहे 250 सीटर छात्रावास की बाउंड्री वॉल तोड़ने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। रेजिडेंसी के ठेकेदार सोनू शर्मा द्वारा जेसीबी से दीवार तोड़ने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी जब्त कर ली तथा आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शासन द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग के माध्यम से छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है।
शिक्षा विभाग:स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव भेजे, बजट में मिले सिर्फ 500 करोड़
प्रदेश में करीब 3768 स्कूल जर्जर हैं। इनको जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया। इनमें से 2558 भवनों को औपचारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है और 1210 को प्रक्रिया में रखा गया है। वैसे असुरिक्षत की श्रेणी में 5667 स्कूलों को रखा गया है। झालावाड़ घटना के बाद ठीक कराने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया लेकिन बुधवार को बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए। हालांकि शिक्षा विभाग इसको लेकर वाहवाही बता रहा है लेकिन कम राशि मिलने का मतलब साफ है कि आने वाले मानसून में मरम्मत से वंचित होने वाले जर्जर स्कूलों में बच्चों को बैठना होगा। दरअसल झालावाड़ स्कूल की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया था। सामने आया कि प्रदेश में 5667 स्कूल पूरी तरह असुरक्षित हैं। एक प्रारंभिक सर्वे में पाया गया कि लगभग 5667 स्कूल इतने खराब हैं कि उन्हें पूरी तरह असुरक्षित माना गया जहां पूरी तरह भवन का उपयोग करना खतरनाक है। 86,934 कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की कुल 63018 स्कूलों में से लगभग 86934 कक्षाएं पूरी तरह असुरक्षित और जर्जर हैं। 41178 स्कूलों को छोटे से बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 41178 स्कूलों में मरम्मत की आवश्यकता है हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित तो नहीं पर मरम्मत जरूरी है। प्रदेश की स्कूलों में 17109 शौचालयों को जर्जर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 29093 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत खुद शिक्षा विभाग ने माना है। अब सवाल ये है कि शिक्षा विभाग ने जो 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था उसमें से सिर्फ 500 करोड़ से क्या होगा। निदेशालय का काम जर्जर स्कूल बताना है स्कूलों की मरम्मत से लेकर बजट प्रस्ताव, आवंटन, भुगतान तक का दायित्व समसा का है। समसा का काम है जर्जर, असुरक्षित या मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की पहचान करना, प्रस्ताव और बजट, मरम्मत, पुनर्निर्माण कराना यदि भवन अत्यधिक जर्जर है, तो छात्रों की सुरक्षा के लिए अस्थायी कक्ष/वैकल्पिक व्यवस्था करना। शिक्षा निदेशालय का काम सिर्फ जर्जर स्कूल बताना है।
हरियाली बढ़ाने पांच लाख पौधे तैयार कर रहे:लाल चंदन से लेकर आम के एक ही पेड़ पर 4 तरह की प्रजाति
हरियाली बढ़ाने के लिए वन विकास निगम भी एक नर्सरी शुरू करने जा रहा है। यहां पांच लाख पौधे तैयार होंगे। इस नर्सरी में लाल चंदन, बांस के साथ ऐसी प्रजातियां विकसित कर बेची जाएंगी, जिससे किसानों का भी फायदा होगा। लाल चंदन के बीज विशेष रूप से बालाघाट से लाए गए हैं। मालवा के वातावरण में बीज पनप भी गए हैं। फिलहाल तैयार किए गए पौधों को बेचा नहीं जाएगा, बल्कि उनसे और पौधे तैयार किए जाएंगे। कुछ पौधे भेजकर बकायदा उनकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी कि उनकी ग्रोथ कितनी हुई। मालूम हो, वन विभाग लगातार नए पौधे तैयार कर खाली जमीन पर रोप रहा है। हर साल 5 लाख पौधों का लक्ष्य वन विकास निगम को बड़गोंदा में नर्सरी के लिए दो हेक्टेयर से अधिक जमीन दी गई है। निगम हर साल 5 लाख पौधे तैयार करेगा। बांस के पौधों की खेती और व्यावसायिक उपयोग तेजी से हो रहा है। यहां ऐसे पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जो सालभर में ही काटने लायक हो जाएंगे। इसके अलावा लाल चंदन के पौधे भी किसानों को दिए जाएंगे। लाल चंदन मुख्य रूप से आंध्रप्रदेश के चित्तूर और कड़प्पा जिले में ही पाया जाता है। दुनियाभर में इसकी लकड़ी की डिमांड रहती है। खुशबूदार मजबूत लकड़ी से कई तरह की वस्तुएं बनाई जाती हैं। अगली गर्मी तक फल भी आने लगेंगे हाईब्रिड आम के पेड़ की प्रजाति पर चार अलग-अलग प्रजातियों की टहनियां बांधी गई थीं। एक साल की अवधि में इन टहनियों ने मूल पेड़ की टहनियों में पनपना शुरू कर दिया। दो साल बाद नतीजा यह हुआ है कि पूरे पेड़ में मोर आ गए हैं। जितनी प्रजातियों की टहनियां बांधी गई थीं उन सभी में ना केवल ग्रोथ है बल्कि आगामी गर्मी में इन पर फल भी आएंगे। दशहरी, लंगड़ा, कलमी और मालवी आम की टहनियां मूल पेड़ की शाखाओं में बांधी गई थी। जिस पेड़ पर ग्राफ्टिंग की गई थी, उसकी उम्र महज 4 साल है। किसान सीखने आ सकेंगे यह तकनीक : बड़गोंदा में जिस पेड़ पर प्रयोग किया गया था वह पूरी तरह सफल रहा है। आम के बाग और व्यापार करने वाले इस तकनीक को सीखने जा सकेंगे। आम के साथ ही आंवला की प्रजातियों पर भी काम किया जा रहा है। सालभर आंवला दे सके, ऐसे पौधे भी तैयार किए जाने पर काम किया जा रहा है। आंवला आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच आता है।
रात का पारा फिर कम हुआ, 11.5 डिग्री दर्ज, ठंड का दायरा सिमटा
रात के तापमान में कमी आई है। न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री से घटकर 11.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम रहा। तापमान में कमी के बावजूद ठंड का दायरा अब सिमटता जा रहा है। अब रात 10 बजे के बाद ही ठंड का एहसास हो रहा है जो अगले दिन 7 बजे तक महसूस होता है। इसके बाद धूप गर्मी के शुरुआती दिनों जैसी महसूस हो रही है। रविवार को भी सुबह की शुरुआत में ठंडापन था, लेकिन फिर तेज गर्मी से लोग परेशान होते रहे। अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा। इस बार फरवरी में दो बार रात का तापमान 10 डिग्री के लेवल पर गया है। फरवरी जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा गर्मी भी असरदार होती चली जाएगी। अभी 32 डिग्री तक तापमान जा चुका है। फरवरी खत्म होने तक पारा 34 डिग्री तक चला जाएगा। मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का तेज असर इस बार ठंड की तरह मार्च से ही तेज गर्मी का एहसास होने लगेगा। फरवरी में ही दोपहर की धूप तेज महसूस हो रही है। फरवरी विदा होने के साथ ही राजस्थान तरफ गर्म हवा आना शुरू हो जाएगी, जिससे तापमान में वृद्धि होने लगेगी। हालांकि गर्मी को प्रभावित करने वाले विक्षोभ आते रहे तो गर्मी काबू में रहेगी।
हुकमचंद मिल : जमा करने होंगे 19 करोड़ रुपए
नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड के बीच हुए हुकमचंद मिल की जमीन के सौदे में हाउसिंग बोर्ड को 19 करोड़ रुपए भरना होंगे। मामला स्टाम्प ड्यूटी में गड़बड़ी का है। एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि नगर निगम ने गृह निर्माण मंडल के पक्ष में 23 मार्च 2025 को यह रजिस्ट्री की थी। इसमें कुल कीमत 218 करोड़ बताई गई थी। मामले में स्टाम्प चोरी की शिकायत की थी।
डिस्कॉम व पीएचईडी में तालमेल नहीं होने से आमजन को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। डिस्कॉम पीएचईडी के ट्यूबवेल व ओपनवेल के कनेक्शन डिमांड राशि जमा कराने के बावजूद भी समय पर कनेक्शन नहीं करता है। दूसरी ओर पीएचईडी भी डिस्कॉम का बकाया समय पर जमा नहीं करवा रही। दोनों विभागों के आपसी तालमेल के अभाव के कारण पीएचईडी की 34 जल योजनाएं बंद होने से करीब 38 गांवों की 25 हजार से अधिक आबादी को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा। डिस्कॉम का पीएचईडी से 21.42 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। इनमें से 6 करोड़ 82 लाख 13 हजार रुपए मांग पत्र राशि (अंडरटेकिंग) के पिछले 12 साल से मांग रहा है, लेकिन पीएचईडी के अधिकारी बकाया नहीं चुका रहे। जनवरी तक पीएचईडी से डिस्कॉम का बिजली बिलों के 14 करोड़ 59 लाख 87 हजार रुपए का बकाया हो गया है। सबसे अधिक 4.95 करोड़ का बकाया गडरारोड सब डिवीजन का है। पीएचईडी की ओर से ट्यूबवेल, ओपनवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किए जाते हैं तो डिस्कॉम की ओर से कनेक्शन के लिए डिमांड राशि निकाली जाती है। नियमानुसार डिमांड राशि जमा कराने के बाद ही डिस्कॉम को कनेक्शन जारी करना होता है, लेकिन पीएचईडी लोकहित कार्य बताते हुए डिमांड राशि बाद में जमा कराने का शपथ पत्र (अंडरटेकिंग) देती है, लेकिन बकाया नहीं चुका रही। एक्सप्लेनर - अंडरटेकिंग में 362 कनेक्शन, 6.82 करोड़ बाकी डिस्कॉम की ओर से पीएचईडी के अंडरटेकिंग पर 362 कनेक्शन का 6 करोड़ 82 लाख 13 हजार का बकाया 2014 से चल रहा है। इसी साल में 8 कनेक्शन जारी करने पर 17 लाख 96 हजार, 2015-16 में 5 का 5.57 लाख, 2019 में 58 का 1.62 करोड़, 2020 में 58 का 1.14 करोड़, 2021 में 32 का 50.25 लाख, 2022 में 23 का 77.92 लाख, 2023-24 में 12 का 41.48 लाख, 2024 में 49 का 1 करोड़ 76 लाख 83 हजार व 2025 के 11 कनेक्शन का 48.84 लाख का बकाया चल रहा है। बाड़मेर डिवीजन के पीएचईडी की ओर से 10.43 करोड़ बिजली बिल का भुगतान बकाया है तो गुड़ामालानी डिवीजन में 4.16 करोड़ का भुगतान अटका पड़ा है। सबसे अधिक गडरारोड सब डिवीजन का 4.95 करोड़, चौहटन का 1.91 करोड़, भियाड़ का 1.10 करोड़, बाड़मेर शहर द्वितीय का 1 करोड़ के बिजली बिलों का भुगतान पीएचईडी की ओर से नहीं किया गया। गुड़ामालानी के अधीन सेड़वा सब डिवीजन के 1.66 करोड़ का भुगतान अटका पड़ा है। “बिजली बिलों व अंडरटेकिंग राशि के भुगतान की जिम्मेदारी एक्सईएन लेवल की है। डिस्कॉम की ओर से अंडरटेकिंग के बकाया का मेरे पास कोई पत्र नहीं आया। विभाग की ओर से बिजली बिलों का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। कहीं समस्या है तो आपस में बातचीत से समस्या समाधान हो सकता है। काम नहीं करने से स्रोत बंद रहते हैं।” -हजारीराम बालवां, एसई पीएचईडी बाड़मेर “डिस्कॉम की ओर से जनहित को देखते हुए पिछले दो-तीन साल में पीएचईडी के कई कनेक्शन अंडरटेकिंग पर किए गए। पीएचईडी की ओर से अब रुपए जमा नहीं करवाए जा रहे। ऐसे में जिले के सभी 16 सब डिवीजन में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। विभाग की ओर से पीएचईडी के पेयजल स्रोत में बिजली व्यवधान होने पर प्राथमिकता से ठीक करवाए जाते हैं।” -अशोक मीणा, एसई डिस्कॉम बाड़मेर
राजस्थान में गर्मी ने दस्तक दे दी। रविवार को बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी के अलावा अब पूर्वी राजस्थान समेत अन्य दूसरे जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। बाड़मेर में रविवार को दिन सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में सोमवार को भी मौसम ड्राय रहने और तेज धूप रहने के आसार हैं। 17 फरवरी यानी मंगलवार से प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने और उसके असर से जयपुर, बीकानेर संभाग के एरिया में मौसम बदलने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के सभी शहरों में सुबह से आसमान साफ रहा था। तेज धूप निकली थी। बाड़मेर में दिन में गर्मी तेज रही और अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 33.8, जोधपुर में 33.1, बीकानेर में 32.8, जालौर में 32.6, दौसा में 31.3, लूणकरणसर में 31.6, डूंगरपुर में 31.8, नागौर में 31.2, चूरू में 31.5, फलोदी में 31.8, कोटा में 31.3, भीलवाड़ा में 31.4 और अजमेर में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन शहरों के अलावा जयपुर, पिलानी (झुंझुनूं), उदयपुर, श्रीगंगानगर, पाली, करौली, फतेहपुर (सीकर) में भी दिन में तेज धूप रहने से दिन में हल्की गर्मी रही। इन शहरों का अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। दिन का तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपरमौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों अचानक गर्मी तेज होने से राज्य के शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज हो रहा है। जैसलमेर में कल (15 फरवरी) अधिकतम तापमान यहां के सामान्य तापमान से 6.7 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। चित्तौड़गढ़ में 4.7, बाड़मेर में 6.4, श्रीगंगानगर में 6, बीकानेर में 5.8, जयपुर में 4.6, पिलानी (झुंझुनूं) में 5.5 और जोधपुर में तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। सुबह-शाम की सर्दी हुई खत्मजयपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर में अब सुबह-शाम की सर्दी लगभग खत्म हो गई। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हो रहा है। सीकर, फतेहपुर, पिलानी, झुंझुनूं, चूरू के अलावा अन्य शहरों में भी सुबह-शाम की सर्दी में कमी आ रही है। इन शहरों में भी अब न्यूनतम तापमान बढ़ने लगा है। 17 फरवरी से बदल सकता है मौसमजयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- एक पश्चिमी विक्षोभ 17 फरवरी से राज्य पर एक्टिव होगा। इस सिस्टम के असर से जयपुर, बीकानेर संभाग के चूरू, सीकर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के एरिया में मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में कहीं-कहीं बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की-तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।
हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी चुनौती भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। शहर के पैरा स्विमर सतेंद्र लोहिया ने इन्हीं हौसलों के साथ कीर्तिमान रचा। वे न्यूजीलैंड में कुक स्ट्रेट समुद्री चैनल पार करने वाले प्रदेश के पहले पैरा स्विमर बन गए हैं। बर्फ जैसे ठंडे पानी में सतेंद्र ने 24 किमी की दूरी 9 घंटे 22 मिनट में तय की। मूल रूप से भिंड के निवासी सतेंद्र फिलहाल इंदौर में कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट में पदस्थ हैं। सतेंद्र इसी साल 18 जनवरी से न्यूजीलैंड में इसकी तैयारी कर रहे थे। 28 जनवरी को पहला प्रयास किया लेकिन खराब मौसम के कारण रुकना पड़ा। उन्होंने तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में सफल हुए। उन्होंने पहली बार 2018 में अपनी टीम के साथ 36 किलोमीटर लंबा इंग्लिश चैनल 12 घंटे 26 मिनट में पार किया था। इसके बाद 2019 में यूनाइटेड स्टेट्स का कैटलीना चैनल पार किया। इसके बाद मुंबई के 33 किमी लंबे स्विम सर्किट को 5 घंटे 42 मिनट में पूरा किया। तेज धाराएं, ऊंची लहरें, बदलता मौसम बड़ी चुनौती कुक स्ट्रेट दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर में स्थित है। लंबाई लगभग 22-24 किमी है। इसे दुनिया के सबसे खतरनाक और चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में माना जाता है। यहां तेज धाराएं, ऊंची लहरें, अचानक बदलता मौसम और ठंडा पानी कठिन चुनौती पैदा करते हैं। दूरी सीधी लाइन में कम होती है, लेकिन तेज धाराओं के कारण स्विमर को 25-30 किमी या उससे ज्यादा तैरना पड़ सकता है। चैनल पार करने के लिए समुद्र में करनी होती है प्रैक्टिस सतेंद्र ने बताया चैनल पार करने के लिए उन्हें समुद्र में प्रैक्टिस करनी पड़ी। रोज लगभग 15-20 किमी ठंडे पानी में तैरना होता है। स्विमिंग पूल में तैरना आसान होता है, लेकिन समुद्री लहरों के बीच तैरना कठिन होता है। चैनल पार करने के दौरान भी केवल एक स्कॉट बोट साथ होती है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर टी-20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान पर भारत की सबसे बड़ी जीत की है। भारत ने 61 रन से मैच जीता। दूसरी खबर पीएम मोदी को लेकर है वे बांग्लादेश में पीएम के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुडुचेरी जाएंगे। कई प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन करेंगे। 2. दिल्ली में India AI Impact Summit 2026 की शुरुआत होगी। PM मोदी उद्घाटन करेंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. टी-20 वर्ल्डकप में भारत की पाकिस्तान पर सबसे बड़ी जीत: 61 रन से हराया भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 61 रनों से हरा दिया है। टूर्नामेंट के इतिहास में यह भारत की पाकिस्तान पर रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सुपर-8 राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया है। टीम लगातार 3 जीत के साथ ग्रुप ए की पॉइंट्स टेबल के टॉप पर है। मैच के हाईलाइट्स: पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए। ईशान किशन ने 40 बॉल पर 77 रन की पारी खेली। जवाब में पाकिस्तानी टीम 18 ओवर में 114 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट झटके। टॉस के दौरान हाथ नहीं मिलाया: टॉस के दौरान दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया। भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले साल एशिया कप के दौरान भी पाकिस्तान के प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाया था। यह फैसला पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में किया गया था। पूरी खबर पढ़ें... 2. बांग्लादेश में पीएम के शपथ ग्रहण समारोह में मोदी नहीं जाएंगे, भारत का प्रतिनिधित्व ओम बिरला करेंगे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान 17 फरवरी को देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं को इस समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि मोदी नहीं जाएंगे, भारत की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल होंगे। मोदी के न जाने की वजह: PM मोदी 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं, इसलिए वे ढाका नहीं जा रहे हैं। हालांकि मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई दी थी। कौन हैं तारिक रहमान: बांग्लादेश के पीएम बनने जा रहे तारिक रहमान ढाई महीने पहले ही लंदन से लौटे थे। 12 फरवरी को हुए चुनाव में उनकी पार्टी BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों की जरूरत थी। पूरी खबर पढ़ें... 3. गाजियाबाद में किसानों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां; खेतों में दौड़ाकर पीटा, गुस्साई भीड़ ने भी पत्थर मारे गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर रविवार को बवाल हो गया। ट्रॉनिका सिटी में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का किसान विरोध कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। पुलिस उनको जबरिया हटाने लगी और गाड़ियों में भरना शुरू किया, तो किसान उग्र हो गए। इस पर गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। एक बुजुर्ग महिला तो बेहोश हो गई। गांववालों का दावा है कि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। एक महिला के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं एक ग्रामीण का कूल्हा टूट गया। किसान डंपिंग ग्राउंड का कर रहे विरोध: मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड बना है। इसके विरोध में किसान और ग्रामीण धरना दे रहे थे। इसी बीच वहां पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई किसान, महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें... 4. राहुल बोले- ट्रेड डील में किसानों के साथ धोखा हो रहा: पीएम मोदी से 5 सवाल किए लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से पांच सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के नाम पर भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। गांधी ने कहा कि यह मुद्दा देश की कृषि के भविष्य से जुड़ा है। राहुल के 5 सवाल शाह बोले- राहुल ट्रेड डील पर झूठ फैला रहे: गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में राहुल पर आरोप लगाया कि वे US, UK और EU के साथ भारत की ट्रेड डील को लेकर झूठ फैला रहे हैं और किसानों को गुमराह कर रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें... 5. ईशान किशन जयपुर की मॉडल से शादी करेंगे: क्रिकेटर के दादा ने अदिति हुंडिया का नाम बताया भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन जयपुर की मॉडल अदिति हुंडिया के साथ शादी करने जा रहे हैं। ईशान के दादा अनुराग पांडेय ने उनकी गर्लफ्रेंड का नाम बताया है। दादा ने बताया कि अदिति ही ईशान की गर्लफ्रेंड है। वो जयपुर में रहती हैं। ईशान की पसंद ही मेरी पसंद है। जानिए कौन हैं अदिति हुंडिया: अदिति हुंडिया के पिता जयपुर में कारोबारी हैं। अदिति मिस डीवा 2018 की विनर रह चुकी हैं। अदिति फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं। नेशनल ब्यूटी क्वीन कॉन्सटेस्ट तक पहुंची हैं। फैशन क्रेडिबिलिटी के साथ सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. आरोप- पुतिन ने अपने विरोधी को एपिबैटिडीन जहर देकर मारा: इससे लकवा फिर दर्दनाक मौत यूरोप के पांच देशों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर उनके विरोधी एलेक्सी नवलनी को 'एपिबैटिडीन जहर' देकर मारने का आरोप लगाया है। नवलनी की 16 फरवरी 2024 को आर्कटिक की एक जेल में मौत हो गई थी, वो यहां 19 साल की सजा काट रहे थे। अमेरिकी मेंढक में मिलता है जहर: यूरोप की लैब में नवलनी के शरीर के नमूनों की जांच में एपिबैटिडीन पाया गया। ये जहर रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं मिलता। ये जहर दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले जहरीले डार्ट मेंढकों की त्वचा में मिलता है। जहर पहले शरीर को लकवाग्रस्त करता है, फिर सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है और आखिर में दर्दनाक मौत हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 7. सीतापुर के BJP विधायक SO से बोले- तुम्हारी क्या औकात:तुम थाने से भगाए जाओगे, इस्तीफा देकर दिखाओ यूपी के सीतापुर में पुलिस की कार्रवाई से नाराज बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी रविवार दोपहर समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने में धरने पर बैठ गए। इस दौरान SO संजय पांडेय और विधायक के बीच जमकर बहस हुई। इंस्पेक्टर बोले- मैं छोड़ दूंगा थाना, सर मैं चला जाऊंगा। विधायक ने कहा- अरे तुम क्या छोड़ दोगे यार, तुम्हारी जागीर है क्या? तुम थाना छोड़ दोगे, तुम तो भगाए जाओगे.. तुम क्या छोड़ दोगे थाना। एहसान करोगे, तुम्हारी औकात है। तुम इस्तीफा देकर दिखाओ हमको। बोले- गरीबों को तुमने बर्बाद कर दिया: सीओ महमूदाबाद वेद प्रकाश विधायक को समझाकर किनारे ले गए। तब विधायक कहते हैं- अरे गरीब बेचारे लोगों को बर्बाद कर दिया पुलिस ने। विधायक ने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शनिवार देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को जबरन बंद कराया गया। पुलिस ने नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की। इसके करीब 2 घंटे बाद भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी से एसपी अंकुर अग्रवाल ने फोन पर बात की। 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब ज्ञान तिवारी माने। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बोले- टीपू सुल्तान शिवाजी महाराज के बराबर: BJP बोली- सपकाल पागल हो चुके हैं; पुणे में पूर्व विधायक के पोस्टर जलाए, FIR (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: मोदी बोले-38 देशों से अपनी शर्तों पर डील कर रहे: कांग्रेस के समय सिर्फ बात शुरू होती थी; राजनीतिक स्थिरता से निवेशकों का भरोसा बढ़ा (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: रिजिजू बोले-सदन चलाने विपक्ष के नेता का मैच्योर होना जरूरी: सुषमा स्वराज का वीडियो शेयर किया; राहुल गांधी की स्पीच से संसद में हंगामा हुआ था (पढ़ें पूरी खबर) 4. नेशनल: सोने की चेन में लगा रहे तेंदुए का नाखून: हिमाचल में बना स्टेटस सिंबल, ऊपरी शिमला में चल रहा ट्रेंड; ज्वेलर्स दूसरे राज्यों से कर रहे तस्करी (पढ़ें पूरी खबर) 5. इंटरनेशनल: BLA का दावा- 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया: 10 रिहा किए, 7 अभी भी कैद में; अदला-बदली के लिए 7 दिन की मोहलत (पढ़ें पूरी खबर) 6. इंटरनेशनल: रमजान से पहले दुबई पहुंच रहे पाकिस्तान के भिखारी: एक के पास लाखों की संपत्ति, 3 लग्जरी कारें; पुलिस ने अभियान चलाकर पकड़ना शुरू किया (पढ़ें पूरी खबर) 7. सेलेब्स: राजपाल यादव को बेल मिलने का दावा गलत: पत्नी ने साफ किया- एक्टर अभी जेल में ही हैं; 16 फरवरी को होगी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई (पढ़ें पूरी खबर) 8. क्रिकेट: विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स, भारत ने पाकिस्तान को हराया: आठ विकेट से जीता मैच, 94 रन का टारगेट 11वें ओवर में चेज किया (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... बदला लेने के लिए चोर सिर्फ पुलिस के घर करता है चोरी मध्य प्रदेश का एक चोर पिछले 15 सालों से पुलिसवालों के घर में चोरी कर रहा था। MP पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी दीपेश ने बताया एक पुलिसकर्मी ने उसकी जमकर पिटाई की थी। तभी से उसने कसम खाई थी वो सिर्फ पुलिसवलों के परिवारों को ही लूटेगा। अब तक वह 16 घरों में चोरियां कर चुका था। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी नहीं जाएंगे; इसके इम्पैक्ट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़े 5 सवालों के जवाब 2. पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार को घर में घुसकर मारी गोली: आरोपी 10वीं फेल, लव प्रपोजल ठुकराना बर्दाश्त नहीं कर पाया 3. ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली ट्रिपल मर्डर- इलाज के लिए अंडे-गोश्त मंगाता था कमरुद्दीन: घर पर गाड़ियां आती थीं, पड़ोसी बोले- कहता था कैंसर भी ठीक कर दूंगा 4. संडे जज्बात-मेरे बेटे की लाश कुत्ते नोंचकर खा गए: इतना बदनसीब था कि बच्चे की लाश तक न मिली, अब लावारिस लाशों का संस्कार करता हूं 5. जरूरत की खबर- क्या आपका यूरिक एसिड बढ़ा है: इन 9 संकेतों से पहचानें, जानें बिना दवाई कैसे करें कंट्रोल, क्या खाएं और क्या न खाएं 6. वर्ल्डकप में शादी वाला फूफा क्यों बन जाता है पाकिस्तान: पावर, पैसा, पॉलिटिक्स वजह, 1 मैच न होने से ₹1700 करोड़ तक का नुकसान करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज तुला राशि वालों को काम पर फोकस रखना होगा। धनु राशि वालों को नए एग्रीमेंट मिल सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
कानपुर के वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को तेज रफ्तार 14 करोड़ की लेम्बोर्गिनी लोगों को उड़ाती चली गई। एक तो सुपरकार और ऊपर से अरबपति बाप का बेटा होने की वजह से मामला खूब उछला, लेकिन उसके बाद की पुलिस कार्रवाई और फिर कोर्ट से 7 घंटे में छूटने पर बड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा कथित ड्राइवर मोहन की हो रही है, जिसने कार में 9 गियर बताए। सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के सवाल लाेग कर रहे हैं। आखिर ऐसे एक्सीडेंट में कोर्ट से जमानत क्यों लेनी पड़ी, पुलिस ने 14 दिन की रिमांड क्यों मांगी, कोर्ट ने उसे खारिज क्यों किया, धाराएं क्या थीं और क्या बदली जा सकती हैं? लेम्बोर्गिनी जैसी सुपरकार शहर की सड़कों पर कितनी वैध है? इसके फीचर क्या होते हैं और यूपी में कितनी उपलब्ध है? इन्हीं सवालों के जवाब पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर में… सबसे पहले पढ़िए क्या है मामला?कानपुर की वीआईपी रोड इलाके में 8 फरवरी को लेम्बोर्गिनी से हादसा हुआ। इसके बाद तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने अपने इकलौते बेटे शिवम मिश्रा को बचाने की तमाम कोशिशें की। पहले तो हादसे के तुरंत बाद केके मिश्रा ने अपने बेटे को घटनास्थल से हटवाया। मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनका बेटा कार नहीं चला रहा था। इसके बाद पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने प्रेस के सामने आकर कहा कि जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि हादसे के वक्त लेम्बोर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। 11 फरवरी को मोहन नाम का व्यक्ति कानपुर कोर्ट पहुंचा और उसने खुद को हादसे के समय कार का चालक बताया। हालांकि, कोर्ट ने मोहन की अर्जी खारिज कर दी। पुलिस ने शिवम मिश्रा को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया, लेकिन करीब 7 घंटे के भीतर ही उसे रिहा कर दिया गया। सवाल : क्या लेम्बोर्गिनी में 9 गियर होते हैं?जवाब : नहीं! हालांकि ये सवाल इसलिए क्योंकि कानपुर एक्सीडेंट में कथित तौर पर खुद को आरोपी बताने वाले ड्राइवर मोहन ने ऐसा बताया था। इसके बाद ही सच सामने आया और फिर शिवम की गिरफ्तारी हुई। लेम्बोर्गिनी को ‘लैंबो’ भी कहते हैं। आमतौर पर इसमें 7 गियर होते हैं, जिसे ऑटो की भाषा में 7-स्पीड ट्रांसमिशन कहा जाता है। इटालियन ब्रांड की कुछ गाड़ियों में 8-स्पीड ट्रांसमिशन भी मिलता है। घटना के वक्त आरोपी शिवम मिश्रा जिस Lamborghini Revuelto को चला रहा था, उसमें 8-स्पीड डुअल-क्लच ट्रांसमिशन (DCT) दिया गया है। इसका गियर सिस्टम बेहद स्मूद और तेज है। सवाल : पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाईं?जवाब : इस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बावजूद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 281, 125(a), 125(b) और 324(4) लगाई थीं। यह मामला लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ा हुआ है। धारा 281 (BNS): तेज रफ्तार या लापरवाही से वाहन चलाना। धारा 125(a) एवं 125(b) (BNS): ऐसे कृत्य करना जिससे दूसरों के जीवन या उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो। धारा 324(4) (BNS): किसी खतरनाक वस्तु (जैसे वाहन) के माध्यम से लापरवाहीपूर्वक चोट पहुंचाना। सवाल: शिवम मिश्रा को कैसे मिल गई जमानत?जवाब: इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट नीरज पांडेय बताते हैं कि आमतौर पर सड़क हादसों के मामलों में लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ी धाराएं लगाई जाती हैं, जो जमानती होती हैं। कानपुर की कोर्ट में शिवम मिश्रा की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के सही कारण दर्ज नहीं किए थे, खासकर तब जब अपराधों में 7 साल से कम की सजा का प्रावधान हो। उन्होंने कोर्ट में दलील रखी कि ये गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों का उल्लंघन है। सवाल: कोर्ट ने रिमांड क्यों खारिज कर दी?जवाब: क्योंकि कानूनी तौर पर पुलिस रिमांड लेने का आधार ही नहीं बना पाई। आरोपी शिवम मिश्रा के वकील अनंत शर्मा ने बताया- पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। जज ने पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए, जबकि सारी धाराएं जमानती हैं? इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। फिर 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। सवाल: फिर पुलिस से क्या चूक हुई?जवाब: पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने इस केस में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि मामले में धारा 238 क्यों नहीं लगाई गई, जबकि सबूतों से छेड़छाड़ (एविडेंस टैंपरिंग) का एंगल सामने आ सकता था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आरोपी चार दिन तक अंडरग्राउंड रहा, इसके बावजूद उसे दिल्ली जाने की अनुमति कैसे दी गई। इस मामले में जानबूझकर हल्की धाराएं लगाई गईं, जिससे आरोपी को राहत मिल गई। विक्रम सिंह ने यह सवाल भी उठाया कि सामने होने के बाद भी शिवम के पिता ने कहा कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके पिता के खिलाफ कोई कानूनी धारा क्यों नहीं लगाई गई। उनका कहना है कि पूरे मामले में पुलिस जरूरत से ज्यादा उदार नजर आई है, इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि शिवम ही ड्राइविंग सीट पर था, जिससे पुलिस की विश्वसनीयता और जांच प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ा है। पुलिस को इस मामले में सख्ती से अभी पूछताछ करनी चाहिए। सवाल : क्या पुलिस बाद में धाराएं बढ़ा सकती है?जवाब : इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट नीरज पांडेय बताते हैं कि अगर जांच के दौरान ऐसे नए और ठोस सबूत सामने आते हैं, जो यह साबित कर सकें कि मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि ज्यादा गंभीर अपराध का है, तो पुलिस मौजूदा धाराओं में बदलाव कर सकती है या नई धाराएं जोड़ सकती है। हालांकि, इसके लिए यह जरूरी होता है कि नए सबूत कानूनी तौर पर मजबूत और न्यायालय में टिकने योग्य हों। सवाल : क्या लेम्बोर्गिनी जैसी सुपरकार सड़क पर चलाना वैलिड है?जवाब : हां अगर ऐसी कारें देश में आरटीओ से रजिस्टर्ड, वैलिड नंबर प्लेट, बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस के साथ चलाई जा रही हैं तो वैलिड है। हालांकि इससे जुड़ी कुछ शर्तें हैं जैसे कि वाहन में कोई अवैध मॉडिफिकेशन (इंजन, ECU, साइलेंसर आदि) नहीं होना चाहिए। स्पीड लिमिट और ट्रैफिक नियमों का पालन अनिवार्य है। रैश या लापरवाह ड्राइविंग की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई हो सकती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि कानून कार के ब्रांड या कीमत को नहीं, बल्कि ड्राइवर के आचरण को देखता है। नियमों के भीतर चलने पर सुपरकार भी सामान्य वाहन की तरह वैध मानी जाती है। भारत में लेम्बोर्गिनी से जुड़े हादसे कानपुर के मामले के अलावा, मुंबई में एक लेम्बोर्गिनी को पुलिस ने जब्त किया था, क्योंकि वह 200 किमी/घंटा से ज्यादा रफ्तार में चल रही थी, जो तय सीमा से काफी अधिक थी। बेंगलुरु में 3 अगस्त 2025 को एक Lamborghini Aventador के इंजन में चलते-चलते आग पकड़ने का वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि, इसमें किसी को गंभीर चोट नहीं आई। इसके अलावा विदेशों में भी लेम्बोर्गिनी जैसी सुपरकार्स के तेज रफ्तार में चलने से कई हादसे सामने आए हैं। इनमें गाड़ी का कंट्रोल खो जाना, हवा में उछल जाना और भारी नुकसान जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन मामलों से साफ है कि बहुत तेज स्पीड अपने आप में बड़ा खतरा होती है। ……….. ये खबर भी पढ़ें… कानपुर लेम्बोर्गिनी कांड-अरबपति का बेटा 7 घंटे में छूटा:रिमांड की वजह नहीं बता पाई पुलिस, घटना के 4 दिन बाद गिरफ्तार किया था कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने वाले अरबपति कारोबारी का बेटा 7 घंटे में ही रिहा हो गया। आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने बताया- पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। जज ने पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए, जबकि सारी धाराएं जमानती हैं? इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। फिर 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पढ़िए पूरी खबर…
सुमित से रेखा शादी नहीं करना चाहती थी। करीब 1 साल पहले दोनों अलग हो गए थे। रेखा ने इस बारे में घरवालों को भी बता दिया था। इसके बावजूद सुमित उसे बार-बार फोन करता था। परेशान होकर रेखा ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। यह कहना है नोएडा की रेखा के पिता देव चंद्र कांत का, जिनकी बेटी की लाश कार में प्रेमी के साथ मिली थी। उन्होंने कहा- 13 फरवरी को रेखा ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि वह 15 मिनट में घर पहुंच रही है और उसके लिए खाना ना बनाना। लेकिन वह घर नहीं लौटी। अगले दिन दोपहर में उसकी डेड बॉडी मिली। अब पढ़िए पिता से बातचीत… रेखा को सुमित का व्यवहार अच्छा नहीं लगता थादेव चंद्र कांत ने बताया- सुमित का व्यवहार रेखा को अजीब लगता था। वह उससे दूरी बनाना चाहती थी। करीब एक साल पहले उसने यह बात अपनी मां को बताई थी। इसके बाद हमने रेखा को समझाया। फिर रेखा ने सुमित से साफ कह दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती। इसके बावजूद सुमित उसे बार-बार फोन कर मनाने की कोशिश करता रहा। उसके लगातार कॉल से रेखा परेशान हो गई थी तो उसने सुमित का नंबर ब्लॉक कर दिया था। भाई को कॉल करके बात कराने को कहीमई 2025 में सुमित ने दोबारा रेखा को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उसने रेखा के भाई और जीजा को फोन कर उससे बात कराने की रिक्वेस्ट की, लेकिन बात नहीं हो सकी। वहीं हम लोग रेखा के लिए लड़का देख रहे थे। कई जगह रिश्ते की बात चल रही थी। जल्द ही सगाई कर उसकी शादी की तारीख तय होने वाली थी। 13 फरवरी को रेखा रोज की तरह ऑफिस गई थी। शाम करीब 7:30 बजे उसकी मां ने फोन कर पूछा कि कब आ रही हो। रेखा ने बताया कि वह ऑफिस से निकल चुकी है और 15-20 मिनट में घर पहुंच जाएगी, उसके लिए खाना न बनाना। रेखा डेली समय से घर पहुंच जाती थी, लेकिन उस दिन देर रात तक वह घर नहीं लौटी। कई बार फोन करने पर भी उसका कॉल रिसीव नहीं हुआ। जब सुमित को फोन किया गया तो उसका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद मैंने देर रात नोएडा के सेक्टर-58 थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन दोपहर को फोन से सूचना मिली कि सुमित और रेखा की डेडबॉडी कार में मिली है। अब पढ़िए पूरा मामला… अफेयर की शुरुआत स्कूल की दोस्ती सेसुमित और रेखा पहली बार त्रिलोकपुरी के पब्लिक स्कूल में मिले। 10वीं और 12वीं की पढ़ाई साथ की। एक ही कैंपस में थे, बातचीत शुरू हुई, वो गहरे रिश्ते में बदल गई। दोनों के परिवार ओपन माइंड थे, इसलिए एकेडमिक तैयारियों के लिए दोनों के एक-दूसरे के घर आने-जाने पर किसी को आब्जेक्शन भी नहीं हुआ। पहले दोनों एक-दूसरे के घर सिर्फ पढ़ाई के लिए आते-जाते थे। मगर बाद में घर के शादी-ब्याह के इवेंट में भी शामिल होने लगे। रिश्ते का अपनापन इतना था कि परिवार के लोग इसको रूटीन की तरह मानने लगे थे। सिर्फ पढ़ाई नहीं, सुमित और रेखा के शौक भी मिलते थे। सुमित दाएं हाथ का अच्छा बल्लेबाज था। वह यूपी के अलावा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के इवेंट में खेलने जाया करता था। रेखा को भी क्रिकेट पसंद था। अक्सर वो फोन पर बात करती रहती थी। रेखा ने जॉब की, सुमित पानी सप्लाई करने लगा रेखा ने 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में बीकॉम किया। फिर सेक्टर-62 में जॉब करने लगी। इधर सुमित ने अपने पिता की मदद से एक वाटर प्लांट लगा लिया। सुमित के पिता राजीव दिल्ली एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) में हेल्थ इंस्पेक्टर की नौकरी करते हैं। सुमित अलग-अलग सोसाइटी में पानी की सप्लाई करने लगा। साथ ही, क्रिकेट खेलना भी जारी रखा। हालांकि, उसने अच्छा पैसा कमाया। इधर, सुमित रेखा के साथ अपनी जिंदगी के प्लान बनाने लगा। दोनों शादी करना चाहते थे। सुमित के भाई ने बताया- मेरे भाई ने नोएडा में 1 करोड़ का फ्लैट खरीदा। वो इसको रेखा को गिफ्ट देना चाहता था। आए दिन रेखा को ब्रांडेड गिफ्ट देता था। वो हर रोज कार से रेखा को सेक्टर-62 स्थित ऑफिस से लेने और छोड़ने जाता था। सब कुछ ठीक चल रहा था। एक्सीडेंट के बाद क्रिकेट करियर बर्बाद हुआइस लव स्टोरी में पहला यूटर्न 2019 में आया। नोएडा के सेक्टर-107 में सुमित का रोड एक्सीडेंट हो गया। इसमें सुमित बुरी तरह से घायल हो गया। डॉक्टर ने बताया कि अब तुम स्पोर्ट में नहीं जा सकते हो। इस दौरान हॉस्पिटल से लेकर घर तक रेखा उसके साथ रही। उसको रिकवरी में 6 से 7 महीने लग गए। यही वो दौर था, जब दोनों के परिवार को उनके प्यार का पता चला। इस अफेयर में सबसे बड़ी बाधा उनकी बिरादरी की थी। क्योंकि सुमित वाल्मीकि समाज से था, जबकि रेखा कायस्थ थी। अगड़ी और पिछड़ी जाति की खींचतान अब उनके रिश्ते के बीच भी आ चुकी थी। सुमित के परिवार के लोग इस शादी के लिए तैयार थे, लेकिन रेखा के घर वाले अपनी लड़की को नीचे की जाति में देना नहीं चाहते थे। उन्होंने धीरे-धीरे रेखा को समझाना शुरू किया कि अगर सुमित से शादी करती हो तो फिर समाज में क्या मुंह लेकर जाओगी। सुमित के भाई सचिन का आरोप है- इसके बाद रेखा के परिवार वालों ने सुमित को घर आने से मना कर दिया था। सुमित अगर घर के आस-पास भी दिखता था, तो उसको धमकाते थे। ये सब लंबे समय चला, लेकिन दोनों परिवारों के बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ। 2025 में आया यूटर्न चचेरे भाई ने धमकाया- बहन को परेशान किया तो FIR करवा दूंगा परिवार के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में सुमित को रेखा के परिवार के लोगों ने घर के पास पकड़ लिया था। चचेरे भाई ने धमकाया कि रेखा से दूर रहो। नहीं तो पुलिस में छेड़खानी का केस दर्ज करा देंगे। उस वक्त की कुछ चैट भी दैनिक भास्कर को मिली है। जिनमें सुमित माफी मांग रहा है। वो कह रहा है कि मुझसे गलती हो गई, अब मैं नहीं मिलूंगा। प्लीज आप शिकायत मत करिएगा। परिवार के मुताबिक, इस घटना के बाद रेखा ने भी सुमित का कॉल उठाना बंद कर दिया। सुमित ने उसके परिवार को लिखकर दिया था- रेखा से मेरा कोई संबंध नहीं। अगर मैं उसके साथ किसी भी तरह की छेड़खानी कर दूं, या परेशान करूं। तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसका मैं खुद ही जिम्मेदार माना जाऊंगा। कास्ट के चक्कर में शादी अटकी, सुमित परेशान रहने लगाहालांकि, ये सब होने के बाद भी दोनों मिलते रहे, सुमित परेशान रहता था, क्योंकि सिर्फ कास्ट के चक्कर में उसकी शादी रेखा से नहीं हो रही थी। उधर रेखा भी अपने दोस्त को परेशान नहीं देख पा रही थी। 13 फरवरी की दोपहर 3 बजे सुमित कार लेकर घर से निकला था। 3.39 बजे उसने रेखा के मोबाइल पर मैसेज किया। उसने लिखा- मैं मरने जा रहा हूं। रेखा ने उसको मैसेज किया, फिर वो नोएडा रेखा के ऑफिस पहुंचा। रेखा ऑफिस से निकलकर उसकी कार में बैठ गई। परिवार के लोगों के मुताबिक, रेखा रोज शाम को 6 बजे तक घर आ जाती थी, लेकिन उस दिन वो रात तक घर नहीं पहुंची। सबको चिंता हुई, ऑफिस से पता कराया गया। मालूम हुआ कि वो किसी के साथ कार में बैठकर गई है। परिवार का शक सुमित पर गया। उन्होंने सुमित के घर से संपर्क किया, पता चला कि वो भी अपने घर पर नहीं है। इसके बाद दोनों परिवार पुलिस के पास गए। नोएडा के सेक्टर-58 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सुमित का फोन शाम 6 बजे से बंद जा रहा था, जबकि रेखा का मोबाइल 14 फरवरी की सुबह तक ऑन था, मगर वो किसी का कॉल रिसीव नहीं कर रही थी। अब मौत की कहानी1.30 बजे दोनों की लाशें कार में मिली14 फरवरी की दोपहर 1.30 बजे थाना सेक्टर-39 पुलिस को सफेद एल्ट्रोज कार मिली। कार अंदर से लॉक थी, इसलिए शीशा तोड़कर पुलिस ने गेट खोला। अंदर सुमित और रेखा की लाश मिलीं। सुमित के हाथ में पिस्टल थी, परिस्थिति देखकर यही लगा कि सुमित ने रेखा को गोली मारी, फिर खुद सुसाइड कर लिया। दोनों के सिर में गोली लगी थी। बगल में दो खोखे पड़े थे। पुलिस ने सुमित और रेखा का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया। सुमित के परिवार ने दिल्ली में उसका दाह संस्कार किया। वहीं, रेखा का अंतिम संस्कार नोएडा के सेक्टर 94 में किया गया। डीसीपी बोले- हाथापाई के निशान नहींनोएडा डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया- दोनों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। मौत का कारण हेड इंजरी है। शरीर पर अन्य किसी चोट या हाथापाई के निशान नहीं मिले हैं। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद सुमित और रेखा दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुमित का अंतिम संस्कार दिल्ली में, जबकि रेखा का नोएडा के सेक्टर-94 में किया गया। परिजनों ने आईएसडी कॉल के जरिए धमकी दिए जाने की बात को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि जब रेखा लापता थी, तब सुमित के परिजनों को फोन कर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी दी गई थी। ----------------------- ये पढ़ें - वैलेंटाइन-डे पर प्रेमिका की हत्या कर क्रिकेटर ने जान दी:नोएडा में बंद कार में गोली मारी, भाई बोला- 1 करोड़ का फ्लैट दिलाया था नोएडा में वैलेंटाइन-डे के दिन प्रेमी ने प्रेमिका की कार में हत्या कर दी, फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। देखा तो कार अंदर से लॉक थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने टाटा अल्ट्रोज कार का शीशा तोड़कर देखा, तो आगे की सीट पर दोनों के शव पड़े थे। दोनों के सिर में गोली लगी थी। पढ़िए पूरी खबर…
अखिलेश की चुनावी रैली बदल रहीं शादियां:सबने देखा पंचायत सचिव का रोमांस, फटकर फव्वारा हुई टंकी
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…
लखनऊ में अखिलेश यादव ने 15 फरवरी को नसीमुद्दीन सिद्दीकी को सपा में जॉइन कराया। नसीमुद्दीन का सपा में शामिल होना यूपी के सियासी समीकरण बदलने का संकेत माना जा रहा है। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा जॉइनिंग के दौरान अखिलेश यादव के बहुजन समाज को लेकर दिए भाषण को लेकर हो रही है। कहा जाने लगा है कि क्या अखिलेश एक बार फिर से मायावती से जुड़ना चाहते है? VIDEO में देखिए कब-कब सपा, बसपा साथ आए? क्या नतीजा रहा?
भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल अब होली के बाद ही होगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को लेकर पहले दौर का मंथन पूरा हो चुका है। लेकिन, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर पेंच फंसा है। ऐसे में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक दूसरे दौर की बैठकों के बाद ही अंतिम मुहर लगेगी। भाजपा की नई प्रदेश टीम क्या वाकई संगठन में बड़ा बदलाव लाएगी या फिर पुराने चेहरों की कुर्सियां सिर्फ इधर-उधर होंगी? पंकज चौधरी अपनी पहली बड़ी टीम से 2027 की सियासी जंग का मजबूत संदेश दे पाएंगे? या अंदरूनी खींचतान भाजपा के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगी? पढ़िए ये खास खबर… पंकज चौधरी को यूपी अध्यक्ष का कार्यभार संभाले 2 महीने का समय हो गया है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा चुनाव की है। इससे पहले उन्हें अपनी नई बनानी है। टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए बड़े नेताओं को संतुष्ट करना भी मुश्किल काम है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश टीम को लेकर पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के बीच एक दौर की चर्चा हो चुकी है। इसमें तय हुआ कि प्रदेश टीम में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। चुनाव को देखते हुए मौजूदा अनुभवी पदाधिकारियों को बनाए रखा जाएगा। अलबत्ता उनकी जिम्मेदारी में बदलाव हो सकता है। सालों से टीम में शामिल कुछ लोगों की विदाई हो सकती है। लेकिन, उन्हें सरकार या राष्ट्रीय टीम में समायोजित कराने की तैयारी है। जानिए नई टीम की अहमियत क्यों ज्यादा? विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी अब पंकज चौधरी की नई टीम के हाथ होगी। यह यूपी में चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का पहला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि, धर्मपाल सिंह को झारखंड चुनाव का अनुभव है। नई टीम ही प्रचार, चुनाव प्रबंधन, सदस्यता अभियान और रैलियों की कमान संभालेगी। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों को जमीन पर उतारना भी इसी टीम की जिम्मेदारी होगी। राजनीति के जानकारों का कहना है कि चुनावी साल में प्रदेश पदाधिकारी की अहमियत मंत्री जैसी होती है। इसीलिए पुराने पदाधिकारी बने रहना चाहते हैं। नए दावेदार पूरी ताकत से टीम में जगह पाने की कोशिश करेंगे। टीम तय करने का जिम्मा किसका? जानिए संगठन में कहां पदाधिकारी चुने जाने हैं? टीम में कई अहम पदों पर नए पदाधिकारी बनाए जाने हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री पदों में फेरबदल होगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में भी नए अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। ऐसे में पुरानी टीम से कुछ को प्रदेश टीम में जगह मिलेगी। इसके साथ ही 14 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त होने हैं। युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बदले जाएंगे। नगर निकायों, आयोगों, निगमों और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियां भी जल्द शुरू होंगी। अब दावेदारों के बारे में भी जानिएभाजपा की नई प्रदेश टीम में सबसे ज्यादा नजर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की राजनीतिक विरासत पर है। बड़े बेटे पंकज सिंह फिलहाल प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, छोटे बेटे नीरज सिंह भी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सवाल यह है कि टीम में पंकज की जगह बरकरार रहेगी या नीरज को मौका मिलेगा। इसका अंतिम फैसला खुद राजनाथ सिंह के हाथ में होगा। युवा मोर्चा अध्यक्ष महिला मोर्चा अध्यक्ष जानिए कहां फंसा पेच, चुनौती क्या? प्रदेश टीम के गठन को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक सियासी दौड़ तेज है। दावेदार दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं लखनऊ में आरएसएस का समर्थन जुटाने की कोशिश चल रही। सबसे ज्यादा दावेदारी ब्राह्मण और ठाकुर समाज से है, जिससे चयनकर्ताओं के सामने संतुलन साधने की चुनौती है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर है। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि नाराजगी को देखते हुए पार्टी एक अहम पद ब्राह्मण समाज को देने की रणनीति पर काम कर रही है। जिससे जाति और महिला दोनों समीकरण साधे जा सकें। चुनाव से पहले टीम बनाना चुनौती राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि यूजीसी के मुद्दे ने सवर्ण को भाजपा से नाराज कर दिया है। भाजपा ने कुर्मी समाज से अध्यक्ष बनाया, तो लोध और मौर्य नाराज हो गए। ऐसे में भाजपा अपने कोर सवर्ण वोटबैंक को एडजस्ट करने के साथ पिछड़े वर्ग की जातियों की भी चिंता करनी है। वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश बाजपेयी का मानना है, भाजपा की प्रदेश टीम में पिछली बार भी थोड़ा ही बदलाव हुआ था। प्रदेश अध्यक्ष को 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ यूजीसी, ब्राह्मणों की नाराजगी, लोध-कुर्मी टकराव सहित अन्य राजनीतिक लाभ-हानि देखते हुए टीम बनानी होगी। यूजीसी के बाद अगले साल 5 राज्यों में चुनाव है। इनमें यूपी न केवल सबसे बड़ा है, बल्कि भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण भी है। अखिलेश बाजपेयी का मानना है, बसपा सुप्रीमो मायावती जिस प्रकार दलित और ब्राह्मणों को लेकर सक्रिय हुई है, वह भी भाजपा की चिंता है। भाजपा सबका-साथ सबका विकास की बात करती है, लेकिन अभी तक उसका दलित प्रदेश अध्यक्ष नहीं बना है। विद्यासागर सोनकर, कौशल किशोर, विनोद सोनकर जैसे बड़े दलित नेताओं को एडजस्ट करना होगा। जिससे दलितों के बीच संदेश जाए कि भाजपा उनकी चिंता कर रही। राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्रनाथ भट्ट का कहना है, यूजीसी के बाद बदले सामाजिक समीकरण, ब्राह्मणों की नाराजगी, विधायक और मंत्री विवाद सहित अन्य कारणों से पंकज चौधरी के सामने कई चुनौती हैं। उन्हें अपनी टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाना होगा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, अलंकार अग्निहोत्री विवाद समेत अन्य मुद्दे भी हैं। भाजपा को टीम बनाने के साथ इन चुनौतियों का सामना भी करना है। अगर समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया, तो चुनाव में निश्चित तौर पर दिक्कत होगी। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं, दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार जल्द; गुजरात मॉडल अपनाने की तैयारी यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी कर नई टीम भी उतार सकती है। पढ़ें पूरी खबर
कांग्रेस के नेता और कभी बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को सपा का दामन थाम लिया। 2017 से पहले एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे नसीमुद्दीन ने जब लाल टोपी लगाई, तो सबसे बड़ा सवाल यही था कि उनके सपा में जॉइन करने की इनसाइड स्टोरी क्या है? आखिर ये अचंभा हुआ कैसे? क्या दोनों नेताओं की सीधे बात हुई या फिर किसी ने मध्यस्थता की? मध्यस्थता की, तो बात कहां से शुरू हुई? बात परवान कहां चढ़ी? इससे सपा को क्या फायदा और क्या नुकसान हो सकता है? नसीमुद्दीन को क्या फायदा हो सकता है? इन सब सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश दैनिक भास्कर ने की। पढ़िए ये खास खबर… नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे अफजल के एक करीबी दोस्त ने नाम न छापने की शर्त पर हमसे बात की। वह कहते हैं- 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की कामयाबी के बाद से ही नसीमुद्दीन का रुख पार्टी में शामिल होने का हो गया था। इसमें अहम भूमिका निभाई अखिलेश यादव और नसीमुद्दीन के बेटे अफजल के कॉमन फ्रेंड कारोबारी रेहान ने। अखिलेश के स्कूल टाइम दोस्त हैं रेहानरेहान अखिलेश के उस समय के दोस्त हैं, जब वे मैसूर में पढ़ाई कर रहे थे। अखिलेश यादव मैसूर से ऑस्ट्रेलिया गए और वहां से लखनऊ लौटे। लेकिन, उनकी रेहान से दोस्ती न सिर्फ बनी रही, बल्कि और मजबूत होती रही। रेहान मुंबई में बस गए। यहीं उनकी मुलाकात नसीमुद्दीन के बेटे अफजल से हुई। इन दोनों की दोस्ती भी खूब परवान चढ़ी। बताते हैं, अफजल ने रेहान से सपा मुखिया अखिलेश यादव की तारीफ की। रेहान ने भी अखिलेश को विजनरी नेता और लंबी रेस का घोड़ा बताया। साथ ही बातों-बातों में कह भी दिया कि ‘पापा से पूछो अगर कहें, तो मैं आगे बात करूं।’ फिर यहीं से बात की शुरुआत हो गई। अफजल के साथ अखिलेश से मिले नसीमुद्दीनकरीब 6 महीने पहले पहले अफजल और अखिलेश यादव की मुलाकात हुई। इसके बाद दिल्ली में नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अफजल और अखिलेश की मुलाकात हुई। फिर दोनों नेताओं की लगातार बातचीत होने लगी। तय हो गया कि 2026 के शुरुआत में वे सपा जॉइन करेंगे। 15 फरवरी को वो दिन भी आ गया, जब नसीमुद्दीन ने सार्वजनिक तौर पर सपा जॉइन कर ली। ये तो रही नसीमुद्दीन के सपा में आने की इनसाइड स्टोरी। अब बड़ा सवाल कि धीरे-धीरे बसपाई सपा में क्यों जा रहे? नसीमुद्दीन का भविष्य क्या है? धीरे-धीरे कई बसपाई हो गए सपाईदरअसल, 2019 में सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद लोकसभा चुनाव में हार मिली। इसके बाद जब बसपा ने गठबंधन तोड़ने का एकतरफा फैसला किया, तो इसका सबसे ज्यादा रंज अखिलेश यादव को ही हुआ। इसी के बाद से समाजवादी पार्टी ने ऑपरेशन बसपा शुरू किया। धीरे-धीरे बसपा के बड़े नेता समाजवादी पार्टी में शामिल होने लगे। इनमें लालजी वर्मा, राम अचल राजभर, इंद्रजीत सरोज, स्वामी प्रसाद मौर्य, बाबू सिंह कुशवाहा, राम शिरोमणि वर्मा, आरके चौधरी, राम प्रसाद चौधरी, त्रिभुवन दत्त, सुखदेव राजभर जैसे बड़े नेता शामिल थे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उससे पहले ही बसपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम चुके थे। पहले 2022 और फिर 2024 में बसपा से सपा में आए नेताओं को मिली कामयाबी के बाद नसीमुद्दीन को भी एहसास हो गया था कि कांग्रेस में आकर उन्होंने गलती कर दी। लेकिन, उन्होंने इसका इजहार नहीं किया। उधर, नसीमुद्दीन के बेटे अफजल सिद्दीकी भी राजनीति में कदम रख चुके थे। जानिए नसीमुद्दीन के आने से सपा को फायदा या नुकसान वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं- चुनाव में परसेप्शन अहम होता है। चुनाव परसेप्शन का खेल है, ये अखिलेश यादव भी जानते हैं। नसीमुद्दीन बतौर मंत्री 18 विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बसपा में प्रबंधन और संगठन की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इसका जिक्र अखिलेश यादव ने भी अपने संबोधन में किया कि वे कई सरकारें संभाल चुके हैं। लंबा अनुभव है। नसीमुद्दीन ने भी अपने अंदाज में 15,718 का आंकड़ा देकर बता दिया कि कांग्रेस में होते हुए भी उनके साथ बड़ी संख्या में बसपा के लोग भी सपा के साथ आ गए हैं। निश्चित रूप से परसेप्शन की दृष्टि से अखिलेश यादव के लिए ये फायदे का सौदा होगा। हालांकि, नसीमुद्दीन ने खुद ये कहकर कि सपा में उनसे पहले कई बसपा के लोग आ चुके हैं, वे सब उनके सीनियर हैं, पार्टी में वे सबसे जूनियर हैं। इस विवाद को खत्म करने की कोशिश की है। नसीमुद्दीन सपा में आए, लेकिन अब भविष्य क्या वरिष्ठ पत्रकार और राजनीति के जानकार अशोक त्रिपाठी कहते हैं- नसीमुद्दीन के आने से सपा को कोई खास फायदा नहीं होगा। सिवाय यह गिनाने के कि एक बड़े कद के नेता ने पार्टी जॉइन की। लेकिन, नसीमुद्दीन को कई फायदे हैं। मसलन, वे अपनी पारी तो खेल चुके हैं। अब उनके सामने भी बेटों का भविष्य है। कांग्रेस में रहते हुए भी टिकट के लिए उन्हें पहले कांग्रेस से जद्दोजहद करनी पड़ती। कांग्रेस और सपा का समझौता जो अभी तक तय माना जा रहा, सीट छोड़ने के लिए सपा से भी मशक्कत करनी पड़ती। उसके बाद भी जीत मिलेगी या नहीं, यह कहना मुश्किल था। जानकार बताते हैं, नसीमुद्दीन के साथ बड़ी संख्या में नेता सपा में शामिल हुए हैं। उनकी पत्नी और बेटा अफजल भी सपा में शामिल हुआ। नसीमुद्दीन बड़े कद के नेता हैं। माना जा रहा है, उन्हें जल्द ही पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी दे सकती है। बसपा में भी वे इसी पद पर रह चुके हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश बोले- बहुजन समाज से पुराना रिश्ता...आगे भी काम करेंगे, नसीमुद्दीन को सपा जॉइन कराई पश्चिम यूपी में मुस्लिमों के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा का दामन थाम लिया है। रविवार को अखिलेश यादव उन्हें साथ लेकर लखनऊ में सपा कार्यालय पहुंचे। वहां पार्टी की सदस्यता दिलाई। नसीमुद्दीन के साथ 15,758 लोगों ने भी सपा जॉइन की। इसमें ज्यादातर बसपा कार्यकर्ता रहे हैं।
तहसील की एलआरसी शाखा में आग:राजस्व रिकॉर्ड जला, दमकल ने आग पर पाया काबू
कस्बे के जटमासी रोड स्थित तहसील कार्यालय में रविवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तहसील परिसर की एलआरसी (भूमि अभिलेख) कम्प्यूटर शाखा में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे शाखा में रखा महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और कई जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय शाखा के कमरे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग की लपटें बाहर आने लगीं। कर्मचारियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी और नगरपालिका की दमकल को मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल की तत्परता से आग को अन्य कमरों तक फैलने से रोक लिया गया, अन्यथा तहसील कार्यालय का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ सकता था। हालांकि दमकल के पहुंचने से पहले कई फाइलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड जल चुके थे। वहीं आग बुझाने के दौरान पानी के इस्तेमाल से जो रिकॉर्ड बचा है, उसके भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है। भास्कर इनसाइट - 4 अग्निशामक यंत्र लगे थे, आग के वक्त एक भी काम नहीं आया तहसील कार्यालय में लगी आग ने प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी। परिसर में आग से बचाव के लिए चार अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन आग लगने के वक्त एक भी यंत्र काम नहीं आया। कर्मचारियों ने इन्हें चलाने की कोशिश की, लेकिन उपकरणों से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूत्रों के अनुसार इन अग्निशामक यंत्रों का लंबे समय से निरीक्षण और रखरखाव नहीं हुआ, जिससे अधिकांश उपकरण एक्सपायर हो चुके थे। अगर शुरुआती स्तर पर ही आग बुझाने की व्यवस्था दुरुस्त होती तो शाखा में रखे कई महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेज बचाए जा सकते थे। घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। फिलहाल आगजनी में हुई नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।” - अमित शर्मा, तहसीलदार, रूपवास
3 दिन साफ रहेगा मौसम, 19 से छाएंगे बादल
शहर में फिलहाल मौसम साफ बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 19 फरवरी से बादल छाने और दिन के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। अभी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। सुबह 8:30 बजे आर्द्रता 53 प्रतिशत और शाम 5:30 बजे 34 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे दिन में हल्की गर्मी का अहसास हुआ। प्रदेश में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान वाले शहरों में सागर चौथे स्थान पर रहा। जबकि नर्मदापुरम पहले नंबर पर है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 19 फरवरी से बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट आने के संकेत हैं।
शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देने से संबंधित पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ पब्लिक एक्शन कमेटी(PAC) मत्तेवाड़ा ने शिवरात्रि के अवसर पर शिवालिक मोर्चा बनाने का फैसला कर दिया। पंजाब सरकार के शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देने के नोटिफिकेशन को तो पब्लिक एक्शन कमेटी मत्तेवाड़ा एनजीटी में चैलेंज कर चुकी है और एनजीटी ने फिलहाल नोटिफिकेशन को इंप्लीमेंट न करने को कह दिया है। वहीं पीएसी इसे संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी चैलेंज कर चुकी है। पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य कुलदीप सिंह खैहरा का कहना है कि शिवालिक मोर्चा शिवालिक रैंज की लड़ाई को सड़क से लेकर कोर्ट तक हर मोर्चे पर लड़ेगा। इसमें पर्यावरण से प्रेम करने वाले पंजाब भर के लोगों को जोड़ा जाएगा। भगवान शिव के नाम पर है पहाड़ियों का नाम पीएसी के जसकीरत सिंह का कहना है कि इन पहाड़ियों का नाम भगवान शिव के नाम से है। इसिलए पीएसी ने शिवरात्रि के मौके पर शिवालिक रैंज को बचाने के लिए शिवालिक मोर्चा का ऐलान किया है। पीएसी ने बाकायदा शिवालिक मोर्चा का एक पोस्टर भी जारी किया जिस पर पहाड़ियों पर भगवान भोलेनाथ का चित्र बनाया है। लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी के जरिए रेगुलर करने की कोशिश जसकीरत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी के जरिए शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देना चाहती है। उन्होंने कहा कि पीएसी एनजीटी व हाईकोर्ट में केस लड़ रही है। सरकार ने इसके लिए बड़े वकील खड़े किए हैं जिससे साफ है कि सरकार इस पॉलिसी को लागू करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है। पंजाब के पांच जिलों में है शिवालिक रैंज पीएसी के डॉ अमनदीप सिंह बैंस का कहना है कि शिवालिक रेंज पंजाब के पांच जिले आते हैं। शिवालिक रैंज मोहाली से शुरू होकर पठानकोट तक आती है। इस क्षेत्र में पंजाब का 70 फीसदी जंगल आता है। शिवालिक मोर्चा करेगा ये काम -शिवालिक रेंज में जंगल व पर्यावरण बचाने के लिए नियमों की सख्ती से पालना करवाना। -एनजीटी व हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ना। -नॉन ट्रांसफरेबल लैंड का सीएलयू करने से रोकेगा। -आम लोगों, धर्म गुरुओं, किसानाें व विशेषज्ञों से समर्थन हासिल करना। डॉ नवजोत कौर भी उठा चुकी है शिवालिक रैंज का मामला पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू शिवालिक रेंज के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेर चुकी है। नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब सरकार पर शिवालिक रेंज में अवैध कब्ज करवाने का आरोप लगाया था। नवजोत कौर ने इस संबंध में राज्यपाल को भी शिकायत दी थी। डा. कौर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शिवालिक रेंज में जमीन खरीदने वाले नेताओं के नाम भी सार्वजनिक किए थे। उन्होंने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुखबीर बादल के शिवालिक रेंज में अवैध कब्जों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने नहीं दिया जाएगा। उन्हें यह जमीन पंजाब को वापस करनी होगी। जानिए, क्या है शिवालिक रेंज की जमीन का मुद्दा... कमेटी की सिफारिशों पर मुहर: काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स (सीओई) के अध्यक्ष कपिल देव ने बताया कि शिवालिक पहाड़ियों का कुछ एरिया फॉरेस्ट लैंड में शामिल है। इस एरिया में लोगों की जमीन है, लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेस्ट लैंड ही माना है। जिसकी वजह से यहां कोई कन्स्ट्रक्शन और खेतीबाड़ी का काम नहीं हो सकता। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बनी थी जिसने इस जमीन को एग्रीकल्चर और पशुपालन करने की सिफारिश की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस कमेटी की सिफारिशों पर अनुमति दे दी थी। पंजाब सरकार ने अनुमति दी: कपिल देव ने आगे बताया कि इसके बाद से कुछ लोगों ने शिवालिक रेंज में जमीनें खरीद ली थी। पंजाब सरकार ने नवंबर माह में कैबिनेट में एक प्रस्ताव पास किया और उसके बाद लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी का नोटिफिकेशन जारी किया। शिवालिक रेंज की इस जमीन पर 4000 वर्ग गज के एरिया में फॉर्म हाउस का निर्माण किया जा सकता है। इसके बाद से ही नवजोत कौर इसी प्रस्ताव की वजह से पंजाब सरकार को बार-बार घेर रही है। एनजीटी ने लगाई रोक: कपिल देव ने बताया कि एनजीटी ने सरकार के नोटिफिकेशन पर फिलहाल रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि वहीं इस मामले में हाईकोर्ट में भी एक याचिका पेंडिंग है।
स्वास्थ्य मंदिर आश्रम महाराज सर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग अब मोबाइल फोन के जरिए डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। यहां सीनियर सिटीजन के लिए मोबाइल फोन से जुड़े दैनिक उपयोग के कार्यों की ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। अब इसे रणजीत नगर इकाई पर शुरू किया जाएगा। इसमें रेलवे टिकट बुकिंग, ऑनलाइन टैक्सी मंगाना, ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना, सोशल मीडिया आदि का उपयोग, साइबर सुरक्षा सिखाई जा रही है। स्वास्थ्य मंदिर के निदेशक डॉ. वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह मुहिम पिछले साल अक्टूबर माह से शुरू की गई थी। हुआ यूं कि एक सीनियर सिटीजन की रात में तबीयत खराब हुई। उनके बच्चे हैदराबाद रहते हैं। देर रात को उन्होंने अपने बच्चों को फोन किया। उन्होंने इमरजेंसी कॉलिंग के लिए कहा, लेकिन बुजुर्ग को एंड्रॉयड फोन का ठीक से इस्तेमाल करना नहीं आता था। बच्चों के बताए अनुसार कर नहीं पा रहे थे। बच्चों के पास मेरा नंबर था। उन्होंने मुझे फोन किया। हमने रात में सीनियर सिटीजन के घर पहुंचकर प्राथमिक उपचार दिया और अस्पताल ले गए। तभी ख्याल आया कि बुजुर्गों को भी ऑनलाइन सेवाओं और इमरजेंसी कॉलिंग की जानकारी होनी चाहिए। सप्ताह में दो दिन ऑफलाइन और ऑनलाइन मोबाइल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए नि:शुल्क आयोजित किया जा रहा है, जिनकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक है। बुजुर्गों को मोबाइल से जुड़े कार्यों की ट्रेनिंग अनिल जैन, त्रिलोक खंडेलवाल, संदीप श्रीवास्तव, प्रभा गुप्ता द्वारा दी जा रही है। यह पहल उन बुजुर्गों के लिए भी मददगार साबित हो रही है, जिनके बच्चे दूर शहरों में नौकरी कर रहे हैं और माता-पिता अकेले रह रहे हैं। मोबाइल चलाना सीखकर वे न सिर्फ ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पा रहे हैं, बल्कि अपने बच्चों और परिजनों से बेहतर तरीके से जुड़े भी रह पा रहे हैं। आश्रम में 8 बुजुर्ग रहते हैं, जबकि 10 से 12 सीनियर सिटीजन प्रतिदिन सुबह-शाम को आते हैं। इनके साथ अब हर रविवार शाम 4 से 6 बजे तक मोबाइल प्रशिक्षण के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियां होती हैं। गेम और पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध है। आपातकालीन सेवाओं का भी दे रहे प्रशिक्षण, कंप्यूटर भी सिखा रहे स्वास्थ्य मंदिर आश्रम पर रह रहे बुजुर्गों को आपातकालीन उपचार भी सिखाया जा रहा है। जब कोई यहां पर न हो और सिर्फ बुजुर्ग हों, तो उस समय उन्हें सीपीआर, ऑक्सीजन कैसे दें। यदि बुखार आ गया है तो सिर पर गीली पट्टी रख दें, पैरों के तलवों की मालिश कर दें। यदि बहुत ज्यादा जरूरत है तो 100 नंबर, 108 नंबर पर तुरंत सूचना दें और प्राथमिक उपचार में उन्हें पैरासिटामोल दे दें। ब्लड प्रेशर नापना, थर्मामीटर से बुखार नापना, डायबिटीज चेक करना इत्यादि चीजें सिखाई जा रही हैं, ताकि इमरजेंसी व्यवस्था बनाई जा सके। बुजुर्गों को गार्डनिंग, बच्चों को पढ़ाना, पुस्तकालय में पुस्तक पढ़ना, रामचरित मानस का पाठ आदि से भी जोड़ा गया है। जो सीनियर सिटीजन पढ़े-लिखे हैं, उन्हें कंप्यूटर चलाना भी सिखाया जा रहा है।
शहर में आवारा कुत्तों की समस्या अब आम हो चली है। आवारा कुत्तों के काटने के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। यह कुत्ते रोजाना औसतन 25 लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इनमें आवारा से लेकर पालतू कुत्ते तक शामिल हैं। स्थिति यह है कि शहर के सभी वार्डों में आवारा कुत्तों द्वारा हमले, काटने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की गलियों में कुत्तों के झुंड दिखते हैं। कुत्ते सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चों को बना रहे हैं। गौवंश पर भी कुत्ते हमला कर रहे हैं। रविवार को मधुकर शाह वार्ड में यादव कॉलोनी में कुत्ते के हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इसमें एक बच्ची गली से निकलती है तो एक कुत्ता उसके पीछे दौड़ता है। बाद में जब वह वापस लौटती है तो कुत्ते को देखकर स्कूटी की ओट में खड़ी हो जाती है। कुत्ता उसकी और दौड़ता है, बच्ची बचने के लिए दौड़ लगाती है तो कुत्ता पीछे से उसकी फ्रॉक पकड़कर खींचने लगता है। तभी सामने से एक बड़ी लड़की आकर आवाज लगाती है और कुत्ता उसे छोड़ देता है। यहीं का एक अन्य फुटेज सामने आया जिसमें कुत्ता घर से बाहर निकल रही छोटी बच्चियों पर झपटता है। यहीं गाय के बछड़े पर भी एक साथ चार कुत्ते हमला कर देते हैं। यहां स्थिति ऐसी बनी हुई है कि छोटे बच्चे अकेले घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। केस- 1 सदर के 15 मुहाल में 15 नवंबर को पालतू कुत्ते के अटैक से एक 6 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ। बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी पड़ोसी ने अपना कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ते ने बच्चे पर अटैक किया और उसका सिर फुटबॉल की तरह पकड़कर झिझोड़ दिया। रॉटवीलर नस्ल के कुत्ते के अटैक से बच्चे को सिर में कई जगह दांत लगने से गहरे घाव हुए। मौके पर मौजूद बच्चे के पिता व आसपास खड़े लोगों ने जैसे-तैसे बच्चे को कुत्ते से छुड़ाया, लेकिन हमले में वह पूरी तरह लहूलुहान हो चुका था। बच्चे के सिर में 22 टांके आए और हमले के 14 घंटे बाद बच्चा होश में आया और आईसीयू में भर्ती रहा। केस- 2 वल्लभनगर वार्ड में अक्टूबर माह में पालतू कुत्ते द्वारा युवक को काटने का मामला सामने आया था। युवक सरकारी कॉम्प्लेक्स जा रहा था, रास्ते में एक व्यक्ति ने अपने घर का दरवाजा खोला और उनका पालतू कुत्ता बाहर निकल आया। पैदल जा रहे युवक द्वारा कुत्ते को देखते ही वह उस पर झपटा और उनके बाएं हाथ की कलाई पर काट लिया। काटने से खून निकलने लगा। उन्होंने कुत्ता मालिक से इलाज कराने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मोतीनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया। रोजाना कुत्ते काटने के 25 मामले आ रहे सामने शहर सहित पूरे जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वहीं पालतू कुत्तों को लेकर पशु मालिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, यही कारण है कि डॉग बाइट के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल व बीएमसी प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार हर रोज औसत 25 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। इस हिसाब से देखें तो महीने में 750 और साल में इसकी संख्या 9 हजार होती है। उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया में भी आवारा कुत्ते बढ़ी समस्या सागर नगर निगम क्षेत्र के साथ ही उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया में भी आवारा कुत्तों की बढ़ी समस्या है। कुत्तों के हमले के मामले भी सामने आते रहते हैं। बावजूद इसके अब तक इनकी रोकथाम, वैक्सीनेशन, कुत्तों की नसबंदी के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। यही वजह है कि यहां आवारा कुत्तों की संख्या और कुत्तों द्वारा काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एडवाइजरी नगर निगम प्रशासन कुत्तों की नसबंदी, वैक्सीनेशन कराने के साथ ही एडवाइजरी भी जारी कर रहा है, जिसमें लोगों को जागरुक किया जाएगा कि वे अनावश्यक रूप से आवारा कुत्तों को न छेड़ें, न पत्थर मारें और न भगाएं। कुत्ता पास आए तो शांत रहें, न भागें, न चिल्लाएं। बच्चों को कुत्तों से दूर रखें। एजेंसी तय, वर्कऑर्डर होते ही काम शुरू कराएंगे आवारा कुत्तों की समस्या की लगातार शिकायतें आ रही हैं। आवारा कुत्तों की नसबंदी, वैक्सीनेशन के लिए हमने चार बार टेंडर निकाले। तीन बार में जरूरी आवेदन ही नहीं आए। चौथी बार शर्तें शिथिल कर टेंडर निकाला, जो खोला भी जा चुका है। वर्कऑर्डर जारी होने वाला है। इसके बाद संबंधित एजेंसी द्वारा काम शुरू कर दिया जाएगा। - संगीता तिवारी, महापौर
8 से ज्यादा शाही बरातें निकलीं, तीनबत्ती पर आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही
महाशिवरात्रि के पर्व पर समूचा सागर हर-हर महादेव के जयघोष से सराबोर रहा। शहर के अलग-अलग कोनों से 8 से ज्यादा भव्य शिव बरातें निकलीं। डीजे की धुन, सजीव झांकियों और अखाड़ों के करतबों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चंपाबाग लक्ष्मीपुरा की शिव बरात अब शाही स्वरूप ले चुकी है। पहले मुखौटे के साथ निकलने वाली यह बरात अब बाबा की 51 किलो वजनी अष्टधातु प्रतिमा के साथ निकली। तीनबत्ती पर भव्य आतिशबाजी और विद्युत सज्जा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। एक रात, 8 बरातों की धूम: बैंड- बाजे नहीं, डीजे की धुन पर थिरके शिवभक्त : पढ़ें पेज-6
उन्नत तकनीक के प्रचार-प्रसार और सोशल मीडिया ने कृषि क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव लाया है। लोगों को मोबाइल से खेती की नई-नई तकनीक सीखकर उसे अपने खेतों में लागू करते हैं और दोगुनी- तिगुनी आय कमा रहे हैं। बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा पंचायत अंतर्गत बनटोली गांव के प्रगतिशील किसान मनोज कुमार सिंह आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। लगभग 5 से 6 एकड़ भूमि में उन्नत खेती कर वे न केवल अपना, बल्कि पूरे परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण कर रहे हैं। इंटरमीडिएट पास मनोज कुमार सिंह खुद को आज के दौर का किसान बताते हैं। वे खेती से संबंधित नई-नई जानकारियां मोबाइल और यूट्यूब के माध्यम से प्राप्त करते हैं। इसी क्रम में एक दिन यूट्यूब देखते हुए उन्हें पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के दुलदुला स्थित एमके एग्रीकल्चर का एक वीडियो देखने को मिला, जिसमें आधुनिक तकनीक से खेती कर किसानों को आत्मनिर्भर बनने के तरीकों को दर्शाया गया था। वीडियो से प्रभावित हो कर रहे ग्राफ्टिंग खेती मनोज कुमार बताते हैं कि वीडियो में उन्होंने देखा कि किस प्रकार जंगली देसी बैगन पर ग्राफ्टिंग कर उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर की खेती की जा सकती है। इस तकनीक ने उन्हें काफी प्रभावित किया। ग्राफ्टिंग द्वारा पौधा तैयार करने में लगभग दो महीने का समय लगता है और इसकी खेती जुलाई महीने में करना सबसे उपयुक्त है। पौधे के लिए 30 प्रतिशत अग्रिम देना होता है पौधे मंगवाने के लिए पहले एमके एग्रीकल्चर को 30 प्रतिशत राशि अग्रिम रूप से देनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है कि किसान को पौधा समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। एक पौधे की कीमत लगभग ₹11 पड़ती है, जबकि 10 हजार से अधिक पौधे मंगवाने पर कंपनी द्वारा किसानों को फ्री ऑफ कॉस्ट पौधे खेत तक पहुंचाए जाते हैं। मनोज अपनी फसल नजदीकी बोलबा बाजार और केरसई बाजार में बेचते हैं। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है। पॉली हाउस की जरूरत ताकि समय से पहले पौधे तैयार कर सकें बोलबा प्रखंड के आत्मा विभाग के तकनीकी प्रबंधक निलेश खलखो से काफी प्रोत्साहन मिलता है। समय-समय पर गांव आकर किसानों को मार्गदर्शन और प्रेरणा देते हैं। किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या को देखते हुए आत्मा विभाग द्वारा सोलर से संचालित 5 एचपी का बड़ा मोटर पम्पसेट बहुत ही कम अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया। मनोज ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से लिखित रूप में पॉली हाउस की मांग की है, ताकि वे अपनी 25 डिसमिल जमीन में समय से पहले पौध तैयार कर सकें और बड़े पैमाने पर उन्नत खेती कर सकें। जानिए... कौन हैं मनोज कुमार सिंह मनोज कुमार सिंह बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा पंचायत अंतर्गत बनटोली गांव के रहने वाले हैं। खेती से होने वाली आय से वे अपने तीनों बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनका बड़ा पुत्र राहुल सिंह सिमडेगा जिला मुख्यालय स्थित सामटोली के सेंट मेरीज़ स्कूल में मैट्रिक का पढ़ाई कर रहा है, जबकि दो अन्य पुत्र रीगन सिंह और रौनक सिंह पास के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में पढ़ते हैं। मनोज की पत्नी सविता देवी भी उनके कार्य में सहयोग करती हैं। वे आसपास के किसानों को भी खेती की नई तकनीक की जानकारी देते हैं।
वाहन मेला:पहले दिन 2 वेरिफिकेशन, 19 मार्च तक लगेगा
उज्जयिनी विक्रम व्यापार (वाहन) मेला 2026 का रविवार को शुभारंभ हुआ। पहले दिन केवल दो वाहनों के वेरिफिकेशन हुए। सोमवार को सेल लेटर सामने आने पर पता चलेगा कि पहले दिन कितने वाहन बिके थे। वाहन मेला इंजीनियरिंग कॉलेज में 19 मार्च तक रोजाना सुबह 11 बजे से लगेगा। मेले से वाहन खरीदने पर उपभोक्ताओं को मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले का शुभारंभ किया। मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट के लाभ के लिए लोग वर्षभर इसका इंतजार करते हैं। उज्जैन में दो वर्ष वाहन मेला लग रहा है। हर वर्ष उपभोक्ताओं में मेले के प्रति रुचि व खरीदी का आंकड़ा भी बढ़ता रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार तीसरे वर्ष के मेले में पिछले दोनों साल का रिकॉर्ड टूटेंगे। मेले में फोर व्हीलर के करीब 123 और टू व्हीलर की लगभग 40 अस्थाई शोरूम लग रहे हैं।
सात साल बाद विक्रमनगर सहित 5 कॉलोनियों में होंगे नल कनेक्शन
शहर के विक्रमनगर क्षेत्र की गांधीनगर सहित आसपास की 5-6 कॉलोनियों के करीब 400 परिवारों को सात साल बाद पानी की समस्या से राहत मिलने जा रही है। नगर निगम ने मेसर्स भारत एलम् कंपनी को पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का वर्कऑर्डर जारी कर दिया है। निगम अधिकारियों के अनुसार इसी माह काम शुरू हो जाएगा और अगली गर्मी तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में विक्रमनगर में 2 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से साढ़े पांच लाख गैलन क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई थी। इस टंकी से विक्रमनगर, विवि कैंपस, भर्तृहरि नगर, रेलवे कॉलोनी और 3 नंबर नाका क्षेत्र को जोड़ने की योजना थी। पाइपलाइन का कुछ कार्य हुआ, लेकिन रेलवे लाइन पार अनुमति नहीं मिलने से काम अटक गया। इसके बाद वर्षों तक रहवासी टैंकरों पर निर्भर रहे। अब नल कनेक्शन होने से रोज ही टैंकर के भरोसे रहने से निजात मिलेगी। लोगों का रोज पानी से परेशान होने पर खर्च होने वाला समय बचेगा। पार्षद सुलेखा वशिष्ठ ने बताया कि 7 से 8 दिन में काम शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। सुबह से शाम तक रोज लग रहे 10 टैंकर पानी वर्तमान में निगम रोजाना सुबह से शाम तक लगभग 10 पानी के टैंकर भेज रहा है। रहवासियों ने बताया कि टैंकर आते ही बाल्टी-ड्रम लेकर लाइन में लगना पड़ता है। एक दिन देरी होने पर पूरे घर की दिनचर्या बिगड़ जाती है। कई बार पीने का पानी खरीदना पड़ता है। निगम के बजट 2025-26 में 64 लाख रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अब वर्कऑर्डर जारी कर दिया है। रेलवे से भी अनुमति मिल चुकी है। 7 साल से चल रही मशक्कत के बाद अब रहवासियों को उम्मीद है कि छह माह में नलों से पानी आएगा और टैंकरों से स्थायी छुटकारा मिलेगा।
करनाल के फुसगढ़ गांव में एनआरआइ के घर पर हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला 53 हजार अमेरिकी डॉलर के लेनदेन को लेकर किया गया। मामले में एक आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी करेगी और रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। रात को घर और नीचे बने ब्यूटी पार्लर पर की गई फायरिंगपुलिस के अनुसार 3 फरवरी की रात फुसगढ़ गांव में यह वारदात हुई। उस समय घर की पहली मंजिल पर एनआरआइ बलकार की मां और उसकी पत्नी सो रही थीं। मकान के नीचे किराये पर एक ब्यूटी पार्लर चल रहा है। रात के अंधेरे में आए बदमाशों ने मकान और ब्यूटी पार्लर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ तीन से चार गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया और वारदात के बाद से आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया। अमेरिका में शुरू हुआ विवाद, करनाल तक पहुंची वारदातजांच में सामने आया कि बलकार लाठर अमेरिका में रहता है और उसका साला संदीप भी वहीं रह रहा है। संदीप को सौंटा, जिला अंबाला निवासी गुरदास के करीब 53 हजार अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 47.99 लाख रुपये देने थे। गुरदास भी अमेरिका में ही रहता है। रुपयों को लेकर दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई और पंचायतें भी बुलाई गईं, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया। इस मामले को लेकर पुलिस को भी शिकायत दी गई थी, इसके बावजूद रकम नहीं मिली। रुपये नहीं मिलने पर रची गई फायरिंग की साजिशपुलिस के मुताबिक रुपयों का लेनदेन न सुलझने पर गुरदास के भाई गुरशेर ने बदले की नीयत से यह कदम उठाया। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर 3 फरवरी की रात बलकार के फुसगढ़ स्थित घर पर फायरिंग की। वारदात से पहले गुरशेर ने इलाके की रेकी की थी और फिर योजना के तहत हमला किया गया। 14 फरवरी को गिरफ्तारी, बाइक बरामदपुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 फरवरी को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीआइए-वन प्रभारी संदीप ने बताया कि आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक बरामद कर ली गई है। आरोपी गुरशेर सिंह को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि आरोपी जसबीर सिंह को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हथियार की तलाश जारी, रिमांड के बाद होगी कोर्ट में पेशीपुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान फायरिंग में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आज आरोपी जसबीर सिंह को भी अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, ताकि किसी भी तरह की जानकारी छूट न जाए और वारदात में शामिल हर तथ्य सामने आ सके।
खेती में मुनाफा बढ़ाने का सबसे सीधा रास्ता है, खर्च कम करें और आय के कई स्रोत बनाएं। विदिशा के गंजबासौदा के ग्राम निवोंदिया में तैयार एक मॉडल इसी सोच पर आधारित है। यहां 3 एकड़ जमीन पर रासायनिक खाद पूरी तरह बंद कर देसी गोबर खाद और जीवामृत से खेती हो रही है। मेड़ों पर फलदार पौधे, बीच में मसाले, दलहन-तिलहन और अनाज की फसल ली जा रही है। ड्रिप सिंचाई से पानी बच रहा है और अलग-अलग समय पर फसल तैयार होने से सालभर नकदी मिल रही है। नामी कंपनी में नेशनल हेड रह चुके दीपक मिश्रा ने नौकरी छोड़कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की राह चुनी है। दीपक ने बड़ी क्यारियां बनाकर मेड़ों पर करीब 150 आम, 500 ड्रैगन फ्रूट और 100 पपीते के पौधे लगाए हैं। बीच की जमीन पर हल्दी, गेहूं, दलहन, तिलहन और मौसमी सब्जियां बोई गई हैं। तुअर की ऐसी किस्म लगाई गई है, जो एक बार बोने के बाद कई साल तक उत्पादन देती है। इससे खेत से एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर आय मिलती है। खेत में अच्छे जीवाणु (बैक्टीरिया) का घोल भी स्वयं तैयार कर डाला जाता है, जिससे मिट्टी की ताकत बढ़े और पौधों की जड़ मजबूत हो। खेती को गाय पालन से जोड़ा गया है। देसी गाय के गोबर से केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट), जीवामृत और अन्य देसी घोल तैयार किए जाते हैं। इससे बाजार से खाद और दवा खरीदने का खर्च घटा है। मिश्रा के अनुसार पहले की तुलना में अब लागत 30-40% तक कम हुई है। मिट्टी भुरभुरी हो रही है और पैदावार की गुणवत्ता बेहतर हुई है। गायों के लिए खेत में ही नेपियर घास उगाई जा रही है। इससे चारा भी बाहर से नहीं खरीदना पड़ता और पूरा चक्र खेत के भीतर ही चलता है। ड्रिप से पानी और बिजली की बचतपूरे खेत में ड्रिप सिंचाई लगाई गई है। पानी सीधे पौधों की जड़ तक पहुंचता है, जिससे बर्बादी रुकती है। कम पानी में ज्यादा क्षेत्र सींचा जा रहा है और बिजली का खर्च भी घटा है। निवोंदिया में तैयार यह मॉडल अब आसपास के किसानों के लिए सीख बन रहा है। इसी तरीके से मंडीदीप और रायसेन क्षेत्र में भी खेती विकसित की जा रही है। हर मौसम में बिक्रीफलदार पौधे लंबी अवधि की आय देते हैं, जबकि हल्दी, सब्जियां और दलहन जल्दी तैयार होकर तुरंत नकदी देती हैं। गेहूं और तिलहन से अतिरिक्त आय मिलती है। इस तरह खेत में हर समय कोई न कोई फसल बिकने योग्य रहती है। ऐसे समझें देसी पद्धतियह खेती गाय आधारित है। इसमें देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से बने घोल जैसे जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य और केंचुआ खाद का उपयोग किया जाता है। उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना है। ऐसे समझें कम लागत मॉडल का पूरा गणितइस मॉडल में खेत को हिस्सों में बांटकर अलग-अलग समय पर तैयार होने वाली फसलें ली जाती हैं। फलदार पौधे लंबी अवधि की आय देते हैं, जबकि मसाले और सब्जियां जल्दी नकद पैसा देती हैं। देसी खाद से मिट्टी की ताकत बनी रहती है और बाहर से खाद-दवा खरीदने की जरूरत कम पड़ती है। यही संतुलन खेती को जोखिम से बचाकर स्थिर कमाई का रास्ता देता है।
महाशिवरात्रि पर्व की रात भगवान महाकालेश्वर मंदिर में चार प्रहर के पूजन-अभिषेक और अनुष्ठान के बाद सोमवार को भगवान महाकाल को सेहरा अर्पित किया जाएगा। इस दौरान वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। रविवार रात भगवान महाकालेश्वर मंदिर में रात 10:30 बजे से चार प्रहर का पूजन हुआ। इसमें एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ व विभिन्न मंत्रों के माध्यम से 11 ब्राह्मणों द्वारा देवादिदेव भगवान का अभिषेक किया है। इसके पश्चात पांच प्रकार के फलों के रस से अभिषेक हुआ। इसके बाद पंचामृत पूजन किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद, खांडसारी शक्कर, गंगाजल, गुलाब जल, भांग के साथ केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया है। भगवान को नवीन वस्त्र धारण और सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया गया। श्री महाकालेश्वर जी को सप्तधान्य अर्पित किए गए, जिनमें चावल, खड़ा मूंग, तिल, गेहूं, जौ, साल और खड़ा उड़द शामिल रहे। सप्तधान्य अर्पण के बाद पुष्प मुकुट शृंगार आरती हुई। 3 क्विंटल फूलों से सजा भगवान का सेहरा पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का शृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा गया। भगवान को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया है। सेहरा आरती के बाद भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल और पंचमेवा का भोग अर्पित किया गया। प्रातः सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी। भस्म आरती के बाद भोग आरती संपन्न होगी तथा शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। इसके बाद महाकाल मंदिर में शाम को पूजन, शयन आरती के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होंगे। 18 फरवरी, बुधवार को वर्ष में एक बार एक साथ होने वाले पंचमुखारविंद (पांच स्वरूप एक साथ) के दर्शन के साथ महाशिवरात्रि पर्व का समापन होगा। आरती से पहले सेहरा उतारा जाएगा बाबा महाकाल का सेहरा सुबह 11 बजे उतारा जाएगा। भगवान के आभूषण, मुखारविंद और वस्त्र बाहर निकालने के बाद दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक भस्म आरती होगी। इसके आधे घंटे बाद दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे तक भोग आरती संपन्न होगी। भोग आरती के पश्चात ब्राह्मण भोजन नवनिर्मित श्री महाकालेश्वर नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में होगा। भोजन उपरांत ब्राह्मणों को दक्षिणा प्रदान की जाएगी। संध्या पूजन शाम 5 बजे से 5:45 बजे तक होगा। इसके बाद संध्या आरती शाम 6:30 बजे से 7:15 बजे तक होगी। वहीं शयन आरती रात 10:30 बजे से और रात 11 बजे भगवान के पट मंगल होंगे। यह खबर भी पढ़ें… महाशिवरात्रि पर 4 लाख श्रद्धालु ने किए महाकाल के दर्शन महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। अब तक 4 लाख से अधिक भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार का दिन होने से भीड़ में लगातार इजाफा हो रहा है और देर रात तक संख्या और बढ़ने का अनुमान है। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल हो चुके हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
इंदौर के फैमिली कोर्ट में वैलेंटाइन डे पर एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। यहां इंजीनियर और डॉक्टर दंपति ने आपसी मतभेद भुलाकर दोबारा साथ जीवन जीने का फैसला किया। कोर्ट परिसर में दोनों ने एक-दूसरे को रेड रोज़ दिए और परिवार के साथ मुस्कुराते हुए रवाना हो गए। वकीलों ने भी इस फैसले को सराहा और इसे सिर्फ एक प्रकरण नहीं, बल्कि दो ज़िंदगियों से जुड़ा अहम निर्णय बताया। कोर्ट में समझाइश से टूटा नहीं, जुड़ा रिश्ता हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि इंदौर निवासी डॉक्टर पति ने अपनी आईटी सेक्टर में कार्यरत इंजीनियर पत्नी के खिलाफ शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए विवाह विच्छेद की याचिका कुटुम्ब न्यायालय इंदौर में प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने पत्नी को नोटिस जारी किए थे। दोनों पक्ष 14 फरवरी 2026, वेलेंटाइन डे के दिन कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश आरके जैन ने दोनों पक्षों को सुना और समझाइश दी। उन्होंने जीवन की लंबी यात्रा और पुराने मतभेद भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करने की सलाह दी। इस पर पति-पत्नी सहर्ष सुलह के लिए तैयार हो गए और तलाक का प्रकरण वापस लेते हुए समाप्त करा दिया। 5 साल पहले हुई थी शादी, 2025 में पहुंचा था मामला कोर्ट दंपति की शादी नवंबर 2021 में हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं है। पत्नी दिल्ली की एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि पति इंदौर में डॉक्टर हैं। फरवरी 2025 में पति ने तलाक को लेकर फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट द्वारा दो-तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। अंतिम रूप से 14 फरवरी को दोनों को कोर्ट में उपस्थित होना था। फैमिली कोर्ट में पहले सुलह की कोशिश एडवोकेट रूपाली राठौर ने बताया कि फैमिली कोर्ट इंदौर में किसी भी पति-पत्नी विवाद में प्राथमिक स्तर पर परामर्श और मीडिएशन के जरिए समाधान का प्रयास किया जाता है।इस प्रकरण में भी न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन सकी। जानिए, क्या हैं तलाक के प्रावधान हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के सेक्शन 13बी में आपसी सहमति से तलाक का प्रावधान है। सेक्शन 13बी (1) में कहा गया है कि पति-पत्नी तलाक के लिए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अर्जी दे सकते हैं। इसका आधार यह होना चाहिए कि दोनों साल भर या इससे ज्यादा वक्त से अलग रह रहे हों, या उनका साथ रहना संभव न हो, अथवा दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया हो। हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13बी (2) में कहा है कि दोनों पक्षों को तलाक की अर्जी दाखिल करने की डेट से 6 से 18 महीने के बीच इंतजार करना होगा। इस समय को कूलिंग पीरियड कहते हैं। तलाक का फैसला जल्दबाजी में तो नहीं लिया जा रहा, इस पर विचार करने के लिए यह समय मिलता है। इस दौरान दोनों तलाक की अर्जी वापस ले सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तब निर्धारित वेटिंग पीरियड बीतने के बाद और दोनों पार्टी को सुनने के बाद अगर कोर्ट को लगता है तो वह जांचकर तलाक को मंजूरी दे सकती है। यह खबर भी पढ़ें… पति ने पढ़ाया-लिखाया, SI बनते ही पत्नी ने तलाक मांगा भोपाल के फैमिली कोर्ट में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पति ने पंडिताई कर पैसे जोड़कर पत्नी को पढ़ाया-लिखाया ताकि वह पुलिस अफसर बन सके। सब-इंस्पेक्टर बनते ही पत्नी ने कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मध्य प्रदेश के वकील आज सोमवार को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। 14 फरवरी शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब अधिवक्ता यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे। इससे आक्रोशित वकीलों ने विरोध स्वरूप प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला रविवार को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इससे पहले मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार ने भी संयुक्त रूप से सोमवार को पैरवी न करने का निर्णय लिया था। मप्र स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार दोपहर सभी सदस्यों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है। 7 दिन का अल्टीमेटम, फिर मुख्यमंत्री निवास घेराव बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर और तहसील स्तर पर अधिवक्ता, तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ता भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में मृत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी दी गई। एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि संजय कुमार सक्सेना के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। साथ ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया। चीफ जस्टिस को पत्र, मुकदमे खारिज न करने का आग्रह तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को खारिज न किया जाए। सोमवार को दोपहर 12:30 बजे वकील मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। वर्षों से लंबित है एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत आयोजित कर सरकार ने भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। यह खबर भी पढ़ें… शूटर का शॉर्ट एनकाउंटर; वकील हत्याकांड का आरोपी था मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में वकील संजय कुमार सक्सेना (57) की गोली मारकर हत्या करने वाले 3 शूटर को पुलिस ने अरेस्ट किया है। गिरफ्तारी के दौरान सुबह-सुबह एक शूटर से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। शूटर ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी खबर यहां पढ़ें... वकील की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या शिवपुरी जिले में शनिवार को दिनदहाड़े एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना (57) रोज की तरह बाइक से कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात करैरा कस्बे की है। पूरी खबर पढ़ें
MP विधानसभा का बजट सत्र आज से:राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत, बताएंगे मोहन सरकार की विकास गाथा
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज सोमवार से शुरुआत हो रही है। विधानसभा की कार्रवाई के शुरुआत में वंदे मातरम् गायन होगा। इसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल का अभिभाषण होगा। अपने अभिभाषण में राज्यपाल सरकार की विकास गाथा और जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण आए बदलावों के बारे में बताएंगे। संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर सरकार ने कितना काम किया और आगामी लक्ष्यों के बारे में भी वे बताएंगे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विभिन्न हस्तियों, नेताओं के निधन का उल्लेख करते हुए पक्ष-विपक्ष के सदस्य अपने विचार रखेंगे। 6 मार्च तक चलेगा सत्रसत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।
आकर्षक वाटर स्क्रीन शो:नवलसागर पर बन रहा हाड़ौती का पहला म्यूजिकल फाउंटेन, रोज होगा शो
शहर की नवलसागर झील पर 4 करोड़ 30 लाख की लागत से बना हाड़ौती का पहला म्यूजिकल फाउंटेन वाटर स्क्रीन शो अगले माह से शुरू हो जाएगा। फाउंटेन लगाने का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि साउंड सिस्टम और स्क्रीन इंस्टॉलेशन का काम जारी है। इस माह के अंत तक टेस्टिंग पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद देशी-विदेशी पर्यटकों को रंगीन फव्वारों के बीच आकर्षक वाटर स्क्रीन शो देखने का अवसर मिलेगा। इस शो के माध्यम से दर्शकों को बूंदी शहर, यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने का मौका मिलेगा। शो देखने आने वाले लोगों के लिए नगर परिषद ने ओपन थिएटर भी तैयार किया है। बंसी पहाड़पुर के पत्थर से हैरिटेज स्टाइल में बनाए गए इस थिएटर में एक साथ 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी ने बताया कि शो में मधुर संगीत की धुनों पर पानी की तरंगों के बीच छोटीकाशी के प्राचीन स्थल, ऐतिहासिक मंदिर, धरोहरें और शहर की खूबसूरती प्रदर्शित की जाएगी। लेजर तकनीक की मदद से पानी की स्क्रीन पर विभिन्न आकृतियां उकेरी जाएंगी। म्यूजिकल फाउंटेन में फव्वारों का पानी संगीत के साथ रंग बदलता नजर आएगा, जो दर्शकों के लिए बेहद मनमोहक दृश्य होगा।
गोल्डन टेंपल मेल बांद्रा से ओरिजिनेट/टर्मिनेट रहेगी
उज्जैन | पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल से गुजरने वाली गोल्डन टेंमल मेल के टर्मिनल से संबंधित अस्थायी परिचालन व्यवस्था को अगले छह माह तक जारी रखा जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार ट्रेन नंबर 12903 मुंबई सेंट्रल–अमृतसर गोल्डन टेंपल मेल 17 अगस्त तक मुंबई सेंट्रल के स्थान पर बांद्रा टर्मिनस से ही ओरिजिनेट होती रहेगी। ट्रेन नंबर 12904 अमृतसर–मुंबई सेंट्रल 15 अगस्त तक बांद्रा टर्मिनस पर टर्मिनेट होगी।
सड़क हादसे में घायल महिला की 14वें दिन मौत
हरदा | हादसे में घायल एक महिला की भोपाल में चल रहे इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक शहर के विष्णुपुरी कॉलोनी गौरीशंकर विश्वकर्मा और उनकी पत्नी गायत्री के साथ परचरी कथा में गए थे। लौटते समय किल्लौद थाना क्षेत्र में 1 फरवरी को सड़क हादसे में गौरीशंकर की मौत हो गई। उनकी पत्नी गायत्री गंभीर घायल हो गई। उन्हें गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया। बीती रात उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
टी-20 वर्ल्डकप के सबसे बड़े मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। रोमांच से भरे इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर हार्दिक ने उसमान तारीक को बोल्ड कर पाकिस्तान की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। पूरी टीम 114 रन पर सिमट गई। इस दमदार जीत के साथ भारत ने सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी। भारत की जीत के बाद देर रात तक देशभर में जश्न का माहौल रहा। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आतिशबाजी की गई। रायपुर के जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी जुटे। ढोल-नगाड़ों की थाप, तिरंगा लहराते युवा और देशभक्ति गीतों पर झूमते फैंस ने माहौल को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया। देखिए जश्न की तस्वीरें… दुर्ग के गांधी चौक पर प्रोजेक्टर के जरिए सामूहिक रूप से मैच देखा गया। जैसे ही भारत की जीत पक्की हुई, पूरा चौक तालियों और जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जमकर आतिशबाजी की। तिरंगा हाथ में लेकर युवा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए सड़कों पर निकल पड़े। जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी देर रात तक जश्न जारी रहा। यहां भी फटाखों की गूंज और भारत माता के जयकारों से पूरा इलाका देशभक्ति के रंग में रंग गया। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस उत्सव में शामिल हुए और भारत की शानदार जीत का जश्न मनाया।
हाजियों का प्रशिक्षण और टीकाकरण कैंप कल, 70 हाजी करेंगे हज यात्रा
बैतूल| जिले से हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का टीकाकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 फरवरी को कोकाश लॉन रानीपुर रोड पर आयोजित किया जाएगा। जिला हज कमेटी के शेख सलीम, नूर पाशा ने बताया इस साल जिले भर से करीब 70 लोग हज यात्री हज पर जा रहे हैं। जिले से 53 लोग और 17 प्राइवेट टूर से हज यात्रा पर जाएंगे। पिछले सालों की तरह इस बार भी हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा टीके लगाने और प्रशिक्षण का कार्यक्रम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और हज कमेटी की तरफ से रखा गया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी हज यात्रियों को टीके लगाएगी। इसके अलावा सभी प्राइवेट टूर वाले और हज कमेटी एमपी के हज यात्रियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। शेख आसिफ ने सभी हाजियों से अपने आवश्यक दस्तावेज, पहचान पत्र एवं हज यात्रा से जुड़े कागजात साथ लेकर समय पर उपस्थित होने को कहा है।
कुंड बकाजन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
भीमपुर| कुंड बकाजन स्थित शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां 1973 में जलाशय निर्माण के दौरान ठेकेदार उत्तम सिंह ठाकुर ने शिवलिंग की स्थापना की थी। तभी से हर महाशिवरात्रि पर उनके परिवार के सदस्य यहां पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं प्रसादी वितरण करते आ रहे हैं। गांव के सरपंच पूरन सिंह डिकारे ने बताया कि शिवलिंग स्थापना के बाद से ग्रामीण ही पूजा-अर्चना करते हैं।
गुदगत रोग शिविर में 580 मरीजों को मिला इलाज
बैतूल| जिला आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी में गुदगत रोगों के मरीजों का इलाज किया। शिविर में आयुर्वेदिक शल्य विशेषज्ञ डॉ. रवि चौकीकर ने बवासीर, फिस्टुला, भगंदर और फिशर जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का सफल उपचार किया। महिला आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वर्षा उइके एवं डॉ. प्रियंका कासदे ने महिला रोगियों की शल्य क्रियाएं की। शिविर के दौरान विभागीय कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया। कुल 580 मरीजों का पंजीयन कर चिकित्सा की। इनमें 34 प्रमुख शल्य क्रियाएं एवं 134 अन्य अनुशस्त्र क्रियाएं की गईं।
जलवाड़ी में भागवत महापुराण कथा का समापन आज
सावलमेंढ़ा| हनुमान मंदिर परिसर में जारी श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का समापन 16 फरवरी का होगा। यहां कथा पं. संतोष शर्मा द्वारा सुनाई जा रही है। कथा के समापन पर 17 फरवरी को महाप्रसादी का वितरण होगा। महेश कुमार रामदीन राठौर के सहयोग से कथा का आयोजन किया जा रहा है।
शहर के पर्यटन को नया आयाम मिलने जा रहा:सज्जनगढ़ अभयारण्य में पर्यटक अब उठा सकेंगे लॉयन सफारी का आनंद
शहर के पर्यटन को नया आयाम मिलने जा रहा है। 16 फरवरी को सज्जनगढ़ अभयारण्य में विकसित लॉयन सफारी शुरू होगी। अब सज्जनगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में पर्यटक तीन प्रमुख प्वाइंट सज्जनगढ़ अभयारण्य, सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क और लॉयन सफारी का आनंद ले सकेंगे। करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस लॉयन सफारी के चारों ओर सुरक्षा के लिए मजबूत लोहे की घेराबंदी और चहारदीवारी बनाई गई है। वन्यजीव प्रभाग के मुख्य वन संरक्षक सीआर यादव के अनुसार लायन सफारी, रेस्क्यू सेंटर एवं रेप्टाइल हाउस का उद्घाटन सोमवार शाम 4 बजे पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया करेंगे। सफारी शुरू होने से पहले शेर ‘सम्राट’ और शेरनी ‘सुनयना’ को होल्डिंग एरिया से निकालकर खुले बाड़े में छोड़ा गया है, ताकि वे नए वातावरण के अभ्यस्त हो सकें। लॉयन सफारी के लिए शेरों का जोड़ा गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग चिड़ियाघर से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाया गया है। ये एशियाटिक लॉयन हैं। इनमें 7 वर्षीय नर शेर ‘सम्राट’ और 3 वर्षीय मादा शेरनी ‘सुनयना’ शामिल हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा और इसमें एक साल बाद होने वाले पंचायत और निकाय चुनावों की स्पष्ट झलक दिखने की पूरी संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है। इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और 'सीएम केयर' योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है... जानिए बजट में किसके लिए क्या रहेगा…. स्वास्थ्य: 'सीएम केयर' से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तारइस बजट में सरकार 'सीएम केयर' योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगममध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है। पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूधपहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा। किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तककिसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और शहरों का कायाकल्प कर्मचारी और युवा: वेतन वृद्धि से लेकर 50 हजार नौकरियों तक पहली बार 'रोलिंग बजट': एक बजट, तीन साल की योजनाइस बार मध्य प्रदेश सरकार एक नई पहल करते हुए विधानसभा में पहली बार रोलिंग बजट पेश करेगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिसमें सरकार एक साथ तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) की वित्तीय योजना पेश करेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से योजनाओं पर होने वाले खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी लगातार समीक्षा संभव होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा। एक छत के नीचे आएंगी समान प्रकृति की योजनाएंबजट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब हर योजना के लिए यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे मिलेगा और उसका सामाजिक व आर्थिक प्रभाव क्या होगा। इस प्रक्रिया में, कई गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक ही छतरी के नीचे लाकर बजट का प्रावधान किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में 50 हजार नौकरी, 35 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इसमें डॉ. मोहन यादव सरकार पहली बार रोलिंग बजट का कॉन्सेप्ट पेश करेगी। यानी बजट में एक साल की बजाय अगले तीन सालों के फाइनेंशियल रोडमैप की झलक देखने को मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर…
शुभारंभ हेरिटेज में शिवरात्रि पर हुआ भंडारा
भास्कर संवाददाता|बैतूल शुभारंभ हेरिटेज स्थित शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। सुबह विधिविधान से पूजा संपन्न होने के बाद भक्तों को भंडारे की प्रसादी वितरित की गई। पूरे आयोजन में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन अभिजर हुसैन एवं जीवेश पंडाग्रे द्वारा किया गया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
दूल्हा बनकर निकले महाकाल, भक्तों ने बरसाए फूल
बैतूल| कोठीबाजार इलाके से देर शाम को भगवान शिव की बारात निकाली गई। यह बारात महाकाल चौक से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंची। बारात में आकर्षक झांकियों के साथ अमरावती के ढोल, उज्जैन की झांझ डमरु की टीम आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा जय सेवा डंडार मण्डल मरकढ़ाना, चलित लड्डू गोपाल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। जबकि अन्य दल अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया । देर रात तक शहर के विभिन्न मार्गों से बारात गुजरी तो लोगों ने पूजा अर्चना करके महाकाल का स्वागत किया।
बालक से कुकर्म और हत्या के आरोपी को जेल भेजा
हरदा | सिविल लाइन थाना पुलिस ने बालक से कुकर्म और हत्या के आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी भूरा ने 12 फरवरी को कुरकुरे और बेर का लालच देकर गांव के खंडहर हो चुके स्कूल भवन में ले गया। वहां उसके साथ कुकर्म किया। पीड़ित बालक के चिल्लाने पर आरोपी ने मुंह, नाक और गला दबा दिया। इससे बालक की मौत हो गई। आरोपी ने मृत बालक को टेबल पर लिटा दिया। उसके ऊपर कपड़ा ढककर घर लौट आया। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने बालक की खोजबीन शुरू की। देर शाम बालक का शव खंडहर में मिला। इसके बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें बालक पहले और उसके पीछे-पीछे आरोपी जाता नजर आया। शाम को आरोपी अकेला लौटता नजर आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पलवल जिले के गांव छांयसा में हेपेटाइटिस- B और C के मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विभाग को गांव में रविवार को एक दिन में 12 नए मामले हेपेटाइटिस- C के मिले है। जिसके बाद कुल मामलों के संख्या 29 हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव में लोगों की स्क्रीनिंग और जांच के लिए ब्लड नमूने ले रही है। विभाग ने इनमें से 18 मरीजों का घर पर इलाज शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अभी तक 700 के करीब लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 500 के करीब लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके है। 15 दिन में 12 रहस्यमयी मौत गांव मे 15 दिनों के भीतर 12 रहस्यमयी मौत हो चुकी है। मरने वालों में 5 स्कूली बच्चे भी हैं। गांव में लगातार हुई मौतों ने सबको चौंका दिया है। अभी भी गांव में बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षण वाले मरीज मिल रहे है। पानी के सैंपल हो रहे फेल छांयसा गांव में पानी के सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार जांच की जा रही है। लेकिन दूसरी तरफ सैंपल भी फैल हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 135 घरों से पानी के सैंपल लिए है। जिनमें से 31 सैंपल फेल साबित हुए है। इन घरों के पानी में क्लोरीन की कमी मिली है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसकी कमी पूरी करने के लिए क्लोरीन की गोलियां दे रहा है। नशा करने वाले मरीज ज्यादा स्वास्थ्य विभाग की टीम में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि हेपेटाइटिस-B और C के लक्षणों वाले सबसे ज्यादा मरीज ऐसे मिल रहे है, जो नशे के आदि है। गांव में इंजेक्शन के माध्मय से नशा करने वाले युवाओं की तादात काफी ज्यादा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि एक ही इंजेक्श को कई युवक इस्तेमाल कर रहे है। जिसके कारण हेपेटाइटिस-B और C फैल रहा है। घरों में बने पानी के कुंडे बीमारी का घर डॉक्टरों की टीम का कहना है कि घरों में लोगों ने पानी स्टोर करने के लिए जो कुंडे बना रखे है। उनसे लोगों के बीमार होने का सबसे ज्यादा खतरा है। क्योंकि ज्यादातर सैंपल उसी पानी के फेल हो रहे है। ऐसे में लोगों में फैल रहे बुखार, खांसी और पेट दर्द का ये एक बड़ा कारण माना जा रहा है। 29 लोगों के वायरल लोड सैंपल भेजे स्वास्थ्य विभाग ने 29 लोगों के वायरल लोट सैंपल भेजे है। जिसमें उनके लीवर से जुड़े संक्रमण को लेकर जांच की जायेगी। विभाग का कहना है कि इससे पता चल पायेगा कि ये संंक्रमण लीवर को किस स्पीड के साथ प्रभावित कर रहा है। 25 अवैध कनेक्शन काटे गए जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुरेन्द्र सिरोहा ने बताया कि गांव में पीने के पानी में लोगों ने अवैध कनेक्शन किए थे। जिसके कारण लीकेज की समस्या बन रही थी। लोगों ने अपने आप ये कनेक्शन किए थे। विभाग ने ऐसे 25 कनेक्शन काट दिए है। इसके साथ पी गांव में पानी की लाइन को चेक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग हर घर की कर रहा है जांच पलवल स्वास्थ्य विभाग की सीएमओ डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ ने बताया कि उनकी 4 टीमें पुरी मेहनत के साथ काम कर रही है। गांव में हर घर के लोगों की जांच की जा रही है। जिनको किसी प्रकार की कोई दिक्कत है उनको दवाई दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हालात पुरी तरह से काबू में है। इसलिए वो लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 84 पहुंचे हैं, जहां से गुरजीत कौर खनूजा पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब।सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: हमारे वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि शासकीय विद्यालय की हुई है। बस्ती के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की बात है। इसलिए ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। हमारे यहां शासकीय विद्यालय नहीं था। इसलिए हमने मांग उठाई थी। स्कूल की वजह से बस्ती के बच्चे भी अच्छे से पढ़ लिख सकेंगे। स्कूल का काम को 6 महीने हो चुके हैं और अभी जारी है। हमारे वार्ड में पानी की समस्या थी। कई घरों में नर्मदा की लाइन नहीं थी। हमने 500 घरों तक नर्मदा की लाइन पहुंचाई है। अब पानी बहुत अच्छा आ रहा है। सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: 20-40 की पट्टी में स्टॉम वाटर का काम अधूरा है। इस काम की फाइल लग चुकी है। ये काम भी जल्द शुरू हो जाएगा। संभवत: इसका काम आगामी दो से तीन महीने में शुरू हो जाएगा। जिससे यहां की समस्या दूर हो जाएगी। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की शिकायतों की बात करें तो यहां पर नर्मदा का पानी समय पर नहीं आता है। लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। लोग यहीं शिकायत करते हैं कि नर्मदा के पानी के टाइमिंग को लेकर कुछ किया जाए। लोग कई बार इसकी मांग कर चुके हैं। टंकी समय से नहीं भराने के कारण पानी की सप्लाई लेट होती है। सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ? जवाब: हमारा 60 फीट का जो मेन रोड है वहां हम गेट बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही यहां के सौंदर्यीकरण का काम करने के साथ ही एलईडी लाइटें लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं। हमारा यही प्रयास है कि हमारा वार्ड साफ-सुंदर दिखे। सभी कहें कि पार्षद ने हमारा वार्ड अच्छा कर दिया है। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या? जवाब: पानी की शिकायत बस यही है कि यहां पर पानी देर से आता है। पानी तो आता है, बस समय की परेशानी है। रहवासियों से भी बात होती है, कई रहवासी मानते हैं कि हमारे आने के बाद पानी की दिक्कत नहीं है। गंदे पानी की समस्या थी उसका भी निराकरण कर दिया है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: अगले 6 महीने में हमारे 60 फीट रोड का सौंदर्यीकरण करना चाहते हैं। जो एसओआर के कारण जो फाइलें हमारी रुकी हुई हैं। जिसके कारण हमारे वार्ड के काम जो रुके हुए हैं उन्हें जल्दी पूरा करना चाहते हैं। हमारे यहां जो ज्ञानसागर बगीचा है उसके भी सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। ये काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… पार्षद मुन्नलाल यादव बोले- साढ़े 7 करोड़ की लागत से बदली ड्रेनेज लाइन इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 27 पहुंचे हैं, जहां से मुन्नालाल यादव पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब।पूरी खबर पढ़ें
मोगा जिले के गांव किल्ली चहल में होने वाली युद्ध नशे विरुद्ध कैंपेन-2 रैली के मद्देनजर लुधियाना देहात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने पब्लिक से अपील की है कि आज मोगा की तरफ जाने वाले लोग ट्रैफिक पुलिस की तरफ से जारी रूट पर ही जाएं। लुधियाना देहाती पुलिस के एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि रैली के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहेगी। आम जनता को ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से बचाने के लिए विभिन्न रूट से आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट प्लान निर्धारित किए गए हैं। मोगा में जुटेंगे प्रदेश भर से आप कार्यकर्ता मोगा में होने वाली पंजाब सरकार की इस रैली में पंजाब भर के अलग-अलग जिलों से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आएंगे। रैली में शामिल होने के लिए जहां सार्वजनिक ट्रांसपोर्टेशन का प्रयोग करेंगे वहीं लोग निजी वाहनों से भी आएंगे। इससे लुधियाना से मोगा जाने वाले रूट पर ट्रैफिक जाम की स्थिति हो सकती है। लुधियाना देहाती पुलिस द्वारा आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी रायकोट से मोगा जाने के लिए: रायकोट → बस्सियां → चकर → रामा → बिलासपुर → मोगा। लुधियाना से मोगा जाने के लिए: लुधियाना → मुल्लापुर → जगराओं → सिधवा बेट → गिद्दड़विंडी → किशनपुरा → धर्मकोट → मोगा। माहितपुर से मोगा जाने के लिए: माहितपुर → सिधवा बेट → गिद्दड़विंडी → किशनपुरा → धर्मकोट → मोगा। रैली में शामिल होने वालों के लिए रूट रायकोट से किल्ली चहल रैली रूट: रायकोट → बस्सियां → कमलपुरा → जगराओं तहसील चौक → नानकसर → किल्ली चहल। लुधियाना से किल्ली चहल रैली रूट: लुधियाना → मुल्लापुर → जगराओं → नानकसर → किल्ली चहल। जालंधर/नकोदर साइड से रैली रूट: जालंधर → नकोदर → माहितपुर → सिधवा बेट → जगराओं → नानकसर → किल्ली चहल।
हरियाणा के पूर्व सीएम ओपी चौटाला के छोटे भाई और पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो.संपत सिंह पर विवादित बयान दिया है। रणजीत सिंह ने पिता और पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का नाम लेते हुए कहा कि संपत सिंह को तो उन्होंने हुक्का भरने के लिए लगाया था। लेकिन मंत्री तक बना गए। संपत को काफी लंबा चला दिया, अब वो कई जगह घूम कर फिर से इनेलो में आ गया। बता दें कि, प्रो.संपत सिंह 5 नवंबर को कांग्रेस छोड़कर इनेलो में शामिल हुए थे। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने उसी दिन उन्हें राष्ट्रीय संरक्षक का पद सौंपा था। हालांकि, इस बयान पर जब भास्कर ऐप ने प्रो.संपत सिंह से बातचीत की तो उन्होंने इसपर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। जानिए रणजीत सिंह ने क्या कहा… बोले-महम कांड ने सारा इतिहास बदल दिया रणजीत सिंह ने महम कांड का नाम लेकर इनेलो पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल चौटाला में बैठकर तय करते थे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन बनेगा। उस वक्त से अब कहां पहुंच गए, उस पर कुछ नहीं कहूंगा। एक महम कांड ने सारा इतिहास बदल दिया। परिवार में झगड़ा तो था, आज भी है, तब भी था। मेरे और ओमप्रकाशजी में था कि कौन-कौन सीएम बने। 50 से ज्यादा एमएलए मेरे साथ थे, सिर्फ 15 एमएलए ओमप्रकाश चौटाला के साथ थे। फिर भी घर का फैसला था, ओमप्रकाश सीएम बन गए और मैं उनकी कैबिनेट में शामिल हो गया। कांड तो सारा महम से हुआ। महम कांड में गोलियां चली, उससे सारा नाश हो गया। फिर इलेक्शन आ गए तो 90 में से 85 सीट जीतने वाले चौधरी देवीलाल तीन-तीन बार हार गए। भूपेंद्र हुड्डा से लोकसभा चुनाव हारे, घिराय में छत्रपाल से हार गए। अगर रणजीत सिंह होता तो यह नाश नहीं होता। मैंने तो कहा था परिवार इकट्ठा हो जाए- रंजीत रणजीत सिंह ने कहा कि बड़े भाई ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर जब लोग आ रहे थे तो मैं लोगों की भावनाएं समझ रहा था। सारे हरियाणा में चर्चा थी कि परिवार इकट्ठा हो जाए। सबसे पहले मैंने कहा कि भई इकट्ठे हो जाओ लोगों की भावनाएं हैं। मगर किसने क्या कहा, वो सब लोग सुन चुके हैं, उस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। मैं बीजेपी के साथ न जाता तो कांडा चला जाता रणजीत ने कहा कि बीजेपी में मैं इंडेपेंडेट जीतकर गया। रानियां से निर्दलीय लड़ा और बीजेपी-कांग्रेस की जमानत जब्त करवाई। मैंने बीजेपी को समर्थन दे दिया। पर मेरे लिए भी सोचना था। मैं बीजेपी में नहीं जाता तो कांडा जाता, कांडा नहीं जाता तो सोमवीर सांगवान जाता। जेजेपी वाले भी गई। सरकार तो जिसके पास 40 एमएलए थे, उनकी बननी थी। बीजेपी-जेजेपी की सरकार में दुष्यंत डिप्टी सीएम, रणजीत सिंह बिजली एवं जेल मंत्री, जेपी दलाल वित्त मंत्री, देवेंद्र बबली पंचायत मंत्री और कमलेश ढांडा भी मंत्री थे। आपका आना-जाना तो था, दफ्तर भी थे, जाकर कह सकते थे। और मैं भी ग्रीवेंस कमेटी फतेहाबाद का इंचार्ज था, मैं भी आकर अफसरों को धमका देता था। तुम्हारा राज में हिस्सा तो था। अब कहां हो तुम, हो क्या कहीं। सारा गया। मेरा कहने का मतलब कि सारा कुछ चौधरी देवीलाल का कद बना। उसके डाउन फाल का क्या कारण था। उत्थान-पतन तो हर परिवार का होता है। इनेलो ने रंजीत सिंह के बयान का दिया जवाब इनेलो पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विकास मेहता का कहना है कि अगर रणजीत सिंह चौधरी देवीलाल के इतने ही शुभचिंतक होते तो उन्हें और उनकी पार्टी को छोड़कर क्यों जाते। उन्होंने हमेशा ही उनकी पार्टी की खिलाफत की है। अब रणजीत सिंह अपना जनाधार खो चुके हैं। प्रो.संपत सिंह इनेलो के बेहद सीनियर नेता है। उनके लिए ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देती। हाल ही में फतेहाबाद में एक्टिव हुए हैं प्रो.संपत सिंहप्रो.संपत सिंह कांग्रेस में शामिल होने के बाद फतेहाबाद छोड़कर हिसार जिले के नलवा क्षेत्र में राजनीति कर रहे थे। मगर अब दोबारा से इनेलो में वापसी के बाद उन्होंने फतेहाबाद और भट्टू क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है। वह लगातार लोगों से संपर्क कर पुराने साथियों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। उनके बेटे गौरव संपत भी सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सुख-दुख में शामिल होने पहुंच रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि साल 2029 में इनेलो प्रो.संपत सिंह या उनके बेटे गौरव को फतेहाबाद से चुनावी मैदान में उतार सकती है।
उदयपुर के गोगुंदा निवासी चतरा पांचवीं पास हैं। कभी सेना में नौकरी नहीं की, लेकिन पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए बनी संस्था रेक्सो में पंजीकृत हैं। चतरा के पास CISF का आईडी कार्ड, पीपीओ नंबर, डिस्चार्ज बुक समेत तमाम कागज हैं। बेमला गांव के इंद्र सिंह किसान हैं। इंद्र को सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त दिखाया गया है। इनके पास भी सभी दस्तावेज हैं। पेंशन कार्ड पर सीआरपीएफ के महानिदेशक की ‘मुहर व हस्ताक्षर’ भी हैं। दरअसल, यह फर्जीवाड़ा भूतपूर्व सैनिक के तौर पर बैंक, कोर्ट व सरकारी दफ्तरों में मिलने वाली सुरक्षा गार्ड की नौकरी के लिए है। भास्कर के पास 150 लोगों के दस्तावेज हैं, जो फर्जी तरीके से भूतपूर्व सैनिक बनाए गए। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा समेत कई जिलों के 300 लोगों को फर्जी तरीके से भूतपूर्व सैनिक बनाकर रेक्सो में रजिस्ट्रेशन करा दिया गया। इन लोगों ने 10 से 15 साल तक बैंक, डिपो, कोर्ट, रेलवे समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा गार्ड की नौकरी भी कर ली। सबसे बड़ा सवाल है कि फर्जी दस्तावेजों पर रेक्सो में इनका रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ? फर्जीवाड़ा - आईडी कार्ड, पीपीओ नंबर, डिस्चार्ज बुक, पेंशन प्रमाण सहित सभी दस्तावेज फर्जी, दैनिक भास्कर के पास 150 से ज्यादा लोगों के दस्तावेज केस-1: चतरा, गोगुंदा5वीं पास है, दस्तावेजों में दसवीं दिखाया। सिटी (कांस्टेबल), CISF से रिटायर्ड दिखा 8 साल सरकारी विभाग में नौकरी की। केस-2: इंद्र सिंह, बेमलाकिसान है, लेकिन सिटी (कांस्टेबल), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत्त दिखाया। 6 साल से सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे। केस-3: चंपालाल, डिगलीनिरक्षर, पूर्व में मजदूरी का कार्य। इनके पास जवान के फर्जी दस्तावेज, जिनसे 6 साल से लोक कला मंडल में नौकरी कर रहे हैं। 12 साल तक कैश वैन में नौकरी की, बंदूक का लाइसेंस भी पिता के नामवाजनी रोड, उदयपुर के रहने वाले माधव सिंह ने फर्जी तरीके से 12 साल तक बैंक की कैश वैन में गार्ड की नौकरी की। इनके पास CISF में हवलदार के फर्जी प्रमाणपत्र हैं। इनके पिता के नाम पर जारी बंदूक लाइसेंस पर ही रेक्सो में गार्ड का रजिस्ट्रेशन है। डिगली के रहने वाले चंपालाल निरक्षर हैं। इन्होंने पूर्व सैनिक बनकर 6 साल तक विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी की। वल्लभनगर के दूल्हे सिंह ने सेना में नौकरी नहीं की, लेकिन इनके पास राजपूत रेजिमेंट-17 के दस्तावेज हैं। 7 साल से बैंक व अन्य जगहों पर नौकरी कर चुके। इन सभी के पास सेना की यूनिट से लेकर PPO नंबर तक सब फर्जी हैं। किसी से भी गलती हो जाती है, जांच कर रहे हैं : एमडी“हमने कोई गलती की है तो निकाले जाने वाले लोग हमारे खिलाफ रिपोर्ट करें। जिंदगी में किसी से भी गलती हो जाती है, क्या उसे सुधार नहीं सकते? अब जांच कर रहे हैं, जो गलत है, उसको निकाल रहे हैं।”-हरीश खंगारोत, महाप्रबंधक (सिक्योरिटी), रेक्सो, राजस्थान घोषणा पत्र में लिखा- पूर्व सैनिक आते ही नौकरी छोड़ देंगे... क्या पहले पता था फर्जी है?इन लोगों से रेक्सो में रजिस्ट्रेशन के समय घोषणा पत्र भरवाया गया, जिसमें साफ लिखा है कि कोई पूर्व सैनिक आते हैं, तो ये लोग अपने आप नौकरी छोड़ देंगे। इससे प्रतीत होता है कि इनके फर्जी कागज बनाने में रेक्सो अधिकारियों की मिलीभगत रही है।
देश के हिमालयी इलाकों में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं। आज से दो दिन हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। वहीं राजस्थान, एमपी, पंजाब-चंडीगढ़ में 17-18 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर-चंबल और सागर के 8 जिलों में अगले दो दिनों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में दिन का तापमान 30C पार हो चुका है। राजस्थान के बाड़मेर में शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर में पारा 32.9C दर्ज किया गया। उत्तराखंड के मुनस्यारी में पारा गिरकर -25C तक पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना। इसके अलावा बद्रीनाथ में -16C, गंगोत्री में -20C, हर्षिल में -12C और हेमकुंड में -11C, केदारनाथ में -18C और यमुनोत्री में -13C तापमान दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार को भद्रवाह-पठानकोट इंटर-स्टेट रोड पर एवलांच (हिमस्खलन) हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एवलांच शाम करीब 5 बजे शहर से करीब 18 km दूर थांथेरा और गुलदांडा के बीच हुआ। एवलांच के समय टूरिस्ट को ले जा रही 250 से ज्यादा गाड़ियां उस इलाके से गुजर रही थीं। इसमें लोकल वेंडर्स की कुछ दर्जन गाड़ियां फंस गई हैं। सड़क साफ करने के लिए लोगों और मशीनरी को लगाया गया है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अगले 2 दिन मौसम का हाल 17-18 फरवरी- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी की संभावना। वहीं राजस्थान, एमपी समेत पंजाब चंड़ीगढ़ में बारिश के आसार हैं।
यह एक ऐसी कहानी है, जो एक कप चाय छोड़ने से शुरू होती है और गायों के लिए अस्पताल निर्माण तक पहुंच जाती है। इसे स्थानीय लोग अब जीवंत माता का मंदिर कहते हैं। वह कोरोना महामारी का दौर था। कोटा से करीब 50 किलोमीटर दूर सांगोद के छोटे से कस्बे में आठ दोस्त रोज शाम को चाय की दुकान पर जमा हुआ करते थे। महज 80 रुपए की वह चाय उनकी रोजमर्रा की खुशी थी। जब कोरोना महामारी का दौर खत्म हुआ तब उन्होंने फैसला किया कि हम अपनी चाय छोड़कर उन पैसों से किसी जरूरतमंद की मदद करेंगे। शुरू में लोगों की मदद की। फिर उन्होंने मिलकर पैसे इकट्ठा करने शुरू किए। कोई 10-20 रुपए, कोई 50, कोई 100... किसी दिन और भी ज्यादा। चाय छोड़कर इकट्ठा किया जा रहा पैसा अब हजारों में जुटाया जाने लगा। गायों के लिए आईसीयू और जनरल वार्ड भी बनाए गए हैं यहां गायों के लिए आईसीयू और जनरल वार्ड भी हैं। जब कोई बीमार या घायल गोवंश यहां लाया जाता है तो पहले उसे आईसीयू में रखते हैं। हालत सुधरती है तब जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। रात के दो बजे भी कोई फोन आता है कि कहीं कोई गाय घायल पड़ी है। बहुत तकलीफ में है तो तुरंत गाड़ी निकल पड़ती है। जब गाय पूरी तरह स्वस्थ हो जाती है, तब उसे नगर पालिका गोशाला में भेजा जाता है। -सुनील सुमन, इंचार्ज, कृष्ण दरबार गो सेवा संस्थान
भिवानी जिले के किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके लाखों रुपए तक का मुनाफा कमा रहे हैं। किसान महाराष्ट्र के पुणे से स्ट्रॉबेरी के पौध लेकर आते हैं और उगाकर दिल्ली की मंडी में बेचते हैं। भिवानी के किसान स्ट्रॉबेरी उगाने के साथ-साथ खुद ही पैकिंग करके मंडी में पहुंचाते हैं। हालांकि स्ट्रॉबेरी में जैसी बचत है, वैसी ही लागत भी है। प्रति एकड़ 5-10 लाख रुपए तक का खर्च लग जाता है। गांव बीरण निवासी किसान मनफूल सैनी ने बताया कि वह गांव बापोड़ा में स्ट्रॉबेरी के खेती करते है। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब 10 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। वहीं इस बार उन्होंने 13 एकड़ जमीन में स्ट्रॉबेरी लगाई है। एक एकड़ में लगभग 5 लाख के करीब खर्च आता है। अगर फ्रूट अच्छा हो और मंडी में भाव अच्छा मिले तो प्रति एकड़ ढाई से 3 लाख रुपए की बचत हो जाती है। सितंबर में होती है स्ट्रॉबेरी की बुआई उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की बुआई सितंबर में की जाती है। महाराष्ट्र के पूणे से स्ट्रॉबेरी के पौध लाए जाते हैं। स्ट्रॉबेरी में फ्रेस पानी की आवश्यकता होती है। जिसका टीडीएस कम से कम 250 होना चाहिए और जमीन उपजाऊ हो। इसके अलावा रेतीले एरिया में भी हो सकती है। शुरूआत में खेत की अच्छे से जुताई करनी चाहिए। देशी खाद डालकर खेत तैयार किया जाता है और फिर पौधों की रोपाई की जाती है। 80 लाख की स्ट्रॉबेरी बेचीकिसान मनफूल सैनी ने बताया कि 13 एकड़ में लगाई गई स्ट्रॉबेरी में से करीब 80 लाख की स्ट्रॉबेरी बेची जा चुकी है। खेत में लगाई गई स्ट्रॉबेरी को खुद ही पैक करते हैं। खुद परिवार और लेबर से स्ट्रॉबेरी को पैक करवाया जाता है। वहीं स्ट्रॉबेरी खुद की गाड़ी में दिल्ली लेकर जाते हैं और दिल्ली की आजादपुर मंडी में बेचते हैं। इसकी खेती में फंगस की ज्यादा दिक्कत है। हालांकि सरकार के द्वारा सहायता भी दी जाती है। अगर कोई दूसरा स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करना चाहे तो वह शुरूआत में थोड़ी जमीन पर खेती कर सकते हैं। अगर वे खुद 13 एकड़ की बात करते तो वे पट्टे पर लेकर स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। वहीं इन 13 एकड़ में करीब 25-30 लाख रुपए की बचत होगी। ओलावृष्टि से हुआ नुकसानगांव दिनोद निवासी किसान धर्मबीर ने बताया कि वह पिछले करीब 27 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती करता है। इस बार उन्होंने 8 एकड़ में स्ट्रॉबेरी लगाई है। स्ट्रॉबेरी की फसल अच्छे से चल रही थी, लेकिन पिछले दिनों ओलावृष्टि हुई थी। उससे नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से पहले बहुत अच्छे से फूल चल रहा था और मजदूर भी काम लगे थे। जिसके कारण नुकसान हुआ है। 10 लाख आता है खर्चकिसान धर्मबीर ने कहा कि एक एकड़ पर करीब 10 लाख रुपए खर्च हो जाता है, शुरूआत से लेकर आखिर तक। इस बार ओलावृष्टि के कारण न लाभ और न हानि की स्थिति लग रही है। क्योंकि काफी नुकसान हुआ है। अगर अच्छे से स्ट्रॉबेरी की फसल पूरी हो तो प्रति एकड़ 2-3 लाख रुपए की बचत होती है। लेकिन इस बार ओलावृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। वे स्ट्रॉबेरी की पौध महाराष्ट्र के पूणे से लेकर आते हैं। दिल्ली बेचते हैं स्ट्रॉबेरी उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी को वे दिल्ली की आजादपुर मंडी में बेचते हैं। एक एकड़ में अच्छी फसल हो तो 8-10 हजार ट्रे पैदा हो जाती है। हमारे यहां कई किसानों ने स्ट्रॉबेरी की खेती की हुई है। आस पास में करीब 60 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की फसल लगाई गई है। इसमें फंगस की आशंका रहती है। जिसकी स्प्रे करनी पड़ती है और खाद डालनी पड़ती है। बच्चे के तरह पालना पड़ता है। इसमें ड्रिप सिस्टम से सिंचाई की जाती है। जमीन पट्टे पर लेकर बोई स्ट्रॉबेरीकिसान धर्मबीर ने बताया कि जमीन पट्टे पर लेकर स्ट्रॉबेरी लगाई है। अगर घर की जमीन हो तो सरकर सब्सिडी देती है। हर साल सब्सिडी देनी चाहिए। सरकार द्वारा विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों की भी सहायता नहीं मिलती। खुद के दम पर सभी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। ओलावृष्टि से हुए नुकसान का कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए 2 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए।
पिछले महीने 3 जनवरी को मऊगंज में दो पक्षों के बीच जमीनी विवाद को सुलझाने पहुंचे मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल अगले दिन से गायब थे। पांडे और मिश्रा परिवार के बीच 30 डेसिमिल जमीन के विवाद में पहुंचे विधायक पर कुछ लोगों ने डीजल डालकर जलाने की कोशिश की। विधायक के भोपाल में होने की जानकारी मिली तो बीएचएलई स्थित प्रदीप पटेल की बहन के घर पहुंचकर दैनिक भास्कर ने उनसे बातचीत की। भास्कर: इतने दिनों से आप कहां पर थे? प्रदीप पटेल: मैं यहीं भोपाल में था। एक हॉस्पिटल में हमारे यहां के मरीज आते हैं वहां हमारा सेवा कार्य चलता है। उनके भोजन-पानी, रहने आने-जाने की व्यवस्था करते हैं। हमारी माता जी 90 वर्ष से अधिक आयु की हैं। वो यहीं रहतीं हैं। हमारे स्टाफ के पास जो काम या आवेदन आते हैं वो सब हमारा लगातार चल रहा है। भास्कर: कहा जा रहा था कि आपको किसी मूसा गैंग से खतरा है? प्रदीप पटेल: 3 जनवरी को एक घटना हुई थी। जिसमें कुछ लोगों ने डीजल डालकर मुझे जलाने का प्रयास किया था। उसके वीडियो भी सभी ने देखे थे। घटना के अगले दिन सुबह हमारे निवास पर बहुत ज्यादा भीड़ इकट्ठी हो गई। कुछ उत्तेजना वाली बातें होने लगीं। तो मुझे लगा कि कहीं टकराहट न हो। इसलिए मैंने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए थे। मेरी आंख में जरूर चोट लगी थी तो मैं रीवा आ गया था उसके बाद भोपाल आ गया था। तभी से भोपाल में हूं। आप जिस गैंग की बात कर रहे हैं। मैं बताऊं कि मैंने इस घटना की सूचना थाने में दी। उसके बाद हम यहां आए तो शाम को रीवा में मेरे पास एक फोन आया और मुझे धमकी दी गई कि विधायकी उतार देंगे, देख लेंगे। उसके बाद मैंने मोबाइल बंद कर लिया और भोपाल आ गया था। भास्कर: एक वीडियो में आप अपने बेटे से कह रहे थे कि घर से बाहर मत निकलना, वो डर की स्थिति क्यों थी? प्रदीप पटेल: चूंकि, छोटे-बडे़ मामलों को मिलाकर मेरे ऊपर यह छठवां हमला है। कई बार पथराव हुआ, लोग घायल हुए। लोग घर के बाहर जान से मारने के लिए आ गए। मुझे लगा कि हम तो भोपाल चले आए, लेकिन जो लोग धमकी दे रहे हैं वो घर पर जाएं और ये मैसेज बने कि विवाद हुआ। मैंने सोचा कि हमारे लोग निकलें या घर के लोग निकलेंगे तो टकराहट हो सकती है। बतौर सावधानी मैंने ये कहा था कि किसी से कुछ मत कहो अपने घर में रहो, कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं हैं। भास्कर: क्या आपने अपनी पार्टी में या मुख्यमंत्री को ये बातें बताईं थीं? प्रदीप पटेल: हां, जैसे ही घटना हुई मैंने विधानसभा अध्यक्ष जी, मुख्यमंत्री जी से बात की। उनको आवेदन दिया। उन्होंने उस पर कार्रवाई करवाई। उसके बाद जब फोन आने लगे तो मुझे लगा कि मैं क्षेत्र में जाऊंगा तो टकराहट हो सकती है। मैंने यह विचार किया कि हम थोड़ा अगर क्षेत्र से दूरी बना लें तो हमारे लोगों के भीतर का आक्रोश थमेगा। यही एकमात्र विकल्प था, क्योंकि टकराना अच्छी चीज नहीं थी। हमने सब लोगों को समझाया कि विधानसभा सत्र आने वाला है जिसके जो काम होंगे सब करेंगे। इसलिए मैं यहां आ गया था। भास्कर: अपनी ही सरकार में आपको इतनी असुरक्षा क्यों महसूस हो रही है? प्रदीप पटेल: घटना करने वाले लोग ये क्यों कर रहे हैं? हमारे साथ ही ये क्यों हो रहा है? ये मैं बता सकता हूं कि मैं जब से विधायक बना हूं तो वहां पर जो अवैध नशे का कारोबार है उसके खिलाफ मैंने उसे रोकने के लिए पूरी ताकत लगाई और खूब लड़ाई लड़ी। प्रशासनिक स्तर पर, भाषणों में भी फील्ड में मैंने खूब बोला। उसको लेकर पकड़-धकड़ भी खूब हुई। मेरे ऊपर पहली बार घर के सामने जो घटना हुई थी उसमें ये हुआ ही था कि नशे का सामान पकड़ गया था। उसके प्रतिशोध में वो नाराज होकर मेरे ऊपर हमला करने आए थे। हमारे यहां कई स्पॉट थे जहां बसों में लूट हो जाती थीं। हमारे यहां भैराडाबर, पिपराही जैसे इलाकों के सुनसान एरिया में कई घटनाएं होती थीं। पुलिस परेशान होती थी। उसको लेकर मैंने कंट्रोल किया है। स्वाभाविक है जिनका धंधा वहां पर था वो प्रभावित हुआ तो वे रंजिश रखेंगे। भास्कर: नशे के कारण स्थानीय लोग आवाज नहीं उठाते? प्रदीप पटेल: हमारे यहां एक ब्राह्मणों का गांव जमोई है। वहां 20-22 लोग जिनमें युवा, बच्चे भी कोरेक्स के नशे के कारण खत्म हुए। किसी का लिवर खराब हो रहा, किसी का एक्सीडेंट हो रहा। उनके माता-पिता रो रहे। इस कारण से मुझे लगा कि मुझे इसमें कंट्रोल करना है। हमारी सरकार और मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खूब कार्रवाईयां हुईं और लोग जेलों में ठूंसे। इसलिए बौखलाहट में लोग ये सब कर रहे हैं। भास्कर: नशे के कारोबार को आपके क्षेत्र में बढ़ावा कौन दे रहा है? प्रदीप पटेल: हमारे यहां कांग्रेस के एक लीडर हैं उन्होंने मंच से बोला था कि कोरेक्स और गांजे का छोटे-मोटे लोग कारोबार करते हैं तो मैं उनकी मदद करता हूं। उन्हें उन नशा कारोबारियों की बेरोजगारी दिख रही है। लेकिन उन्हें ये नहीं दिख रहा कि उस नशे के कारण हजारों लोग मर रहे हैं। भास्कर: ये किसने कहा था? प्रदीप पटेल: हमारे यहां कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में ये कहा था उनके समय में ये सब चीजें हुईं। वो सब ऐसे लोग हमारे खिलाफ थे। सोशल मीडिया में लोग धमकी देते हैं। उनका हमारे कारण नुकसान हो रहा है तो टकरा रहे हैं। मेरे ऊपर इतनी बार हमले होने के बाद मैं लगा हूं। भास्कर: अब आप मऊगंज कब जा रहे हैं? प्रदीप पटेल: विधानसभा सत्र के बाद जाऊंगा। भास्कर: क्या अब डर-भय का माहौल नहीं हैं? प्रदीप पटेल: क्षेत्र की जनता के लिए मेरा यह मैसेज था कि आप उन लोगों से टकराएं नहीं। उस टकराव को रोकने के लिए मेरे पास यही विकल्प था। वरना हमारे पास वोट है, इतनी बड़ी पार्टी है कार्यकर्ता हैं, उनके अंदर क्रोध होता है अपने कार्यकर्ताओं को रोकना हमारा काम है। अगर हम भी उनकी तरह टकराने लगें तो उनमें और हमारे में क्या अंतर रह जाएगा? भास्कर: सोशल मीडिया पर ये भी कहा जा रहा था कि आपकी उस जमीन पर नजर थी? प्रदीप पटेल: नहीं, मेरा कोई मतलब नहीं। मुझे विनोद मिश्रा जी ने फोन किया। उनकी 70 साल की उम्र है। उनके बेटे हैं नहीं, उनकी जमीन में जबरन कब्जा हो रहा था। उन्होंने शिकायत की और स्टे लिया। पटवारी, तहसीलदार ने ये बात मुझे बताई। स्टे लेने के बाद उनकी जमीन पर कब्जा करके बोर कर लिया। अब वो कहां जाएं बच्चे हैं नहीं लड़ सकते नहीं। बहुत जगह पर ऐसा करते हैं। उनको लगा कि विधायक जी को बोल देंगे तो साईलेंट हो जाएंगे।मैं तो जनता के लिए काम कर रहा हूं। वहां पर पुलिस ने समय पर एक्शन नहीं लिया। मैं तो डीआईजी को बताकर गया था। कि मैं वहां जा रहा हूं। मैं ये सोचकर गया था कि दोनों पक्षों को बिठाकर समझा देंगे। लेकिन, वो तो अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं। शुरुआत में दो घंटे तक मैं वहां बैठा रहा एक ऑनलाइन मीटिंग भी वहीं से अटैंड की। अचानक दो तीन घंटे बाद ऐसा लगता है कि लोग प्लानिंग करके गालियां देते हुए आए और कहा डीजल लेकर आओ मुझे खत्म कर देंगे। फिर गांव के कुछ लोगों ने मुझे बचाया। फिर अंतिम समय में एसडीओपी भी वहां पहुंच गईं उन्होंने कहा कि विधायक जी आप यहां से जाइए। भास्कर: क्या विधानसभा में भी इस मामले को उठाएंगे? प्रदीप पटेल: विधानसभा में क्या उठाना, हम तो लगेंगे। इनके जैसे लोग तो पहले छह बार प्रयास कर चुके हैं, लेकिन बचाने वाला ऊपर बैठा है। हमारी सरकार कोरेक्स और नशे के कारोबार को ध्वस्त करने में लगी है। भास्कर: क्या इसके पीछे नशे का कारोबार है? प्रदीप पटेल: ये पूरे नशा माफिया है। स्टे नहीं मानेंगे, कानून नहीं मानेंगे। जो इस तरह के लोग है उनको हमसे दिक्कत है। भास्कर: क्या सुरक्षा बढ़ाने की बात हुई है? प्रदीप पटेल: अब उनके पास जो फीडबैक सुरक्षा की दृष्टि से आएगा तो वे करेंगे, लेकिन एरिया सेंसटिव है बॉर्डर का क्षेत्र है टकराहट हो रही है तो इस विषय में विचार करेंगे। ये खबर भी पढ़ें… 30 दिन से भाजपा विधायक गायब...परिवार घर में कैद मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को लापता हुए एक महीना हो चुका है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वे कहां हैं। न परिवार को कोई जानकारी है, न ही करीबी कुछ बता पा रहे हैं। 20 दिन पहले तक उनके लौटने की उम्मीद थी, लेकिन समय बीतने के साथ मामला गहराता जा रहा है।पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने ट्रेजरी ऑफिसर (TO) और असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर (ATO) के मेंस का रिजल्ट जारी कर दिया है। इंटरव्यू के लिए 184 कैंडिडेट योग्य पाए गण् हैं। 2 व 3 मार्च को आयोग के द्वारा इंटरव्यू लिए जाएंगें। HPSC ने वर्ष 2023 में ट्रेजरी अफसर के 5 और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के 30 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2023 तय की गई थी। ट्रेजरी अफसर भर्ती में जनरल के लिए 2, एससी के लिए 1, BCA के लिए 1 और EWS के लिए 1 पद आरक्षित। असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर पदों का वर्गीकरण: जनरल के लिए 16, एससी के लिए 6, BCA के लिए 4, BCB के लिए 1 और EWS के लिए 3 पद आरक्षित।सभी पदों के लिए बैचलर डिग्री योग्यता निर्धारित की गई थी। 2 बार रिवाइज हुआ प्री परीक्षा रिजल्ट हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्री परीक्षा परिणाम 2 बार रिवाइज हुआ था। 2 नवंबर को आयोजित की गई प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम पहले 19 नवंबर को घोषित किया गया था। हालांकि, कानूनी पेच और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के चलते उस रिजल्ट को वापस (Withdraw) लेना पड़ा। मेंस एग्जाम में 967 कैंडिडेट शामिल हुए थे। पहले जारी परिणाम में 927 अभ्यर्थियों को पास घोषित किया गया था, लेकिन नए परिणाम में यह संख्या घटकर 910 रह गई थी, फिर इसे बढ़ाकर 967 कर दिया है। भर्ती पर पेंडिंग हैं 3 कोर्ट केस हरियाणा लोक सेवा आयोग की ट्रेजरी ऑफिसर (TO) और असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर (ATO) पर फिलहाल तीन कोर्ट केस पेंडिंग हैं। रोल नंबर 55472, 70443 व 77676 को कोर्ट केस की वजह से प्रोविजनल तौर पर भर्ती में मौका मिला है। इनका फाइनल चयन भी कोर्ट के फैसले पर टिका हुआ है।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की 8 साल पुराने मानहानि मामले में आज (सोमवार को) चंडीगढ़ जिला कोर्ट में पेशी है। सुखबीर सिंह बादल द्धारा 2 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। आवेदन में अमृतसर में आयोजित पार्टी की अहम बैठक का हवाला देते हुए आज की सुनवाई में पेश होने से छूट मांगी गई है। यह आवेदन राजिंदर सिंह बनाम सुखबीर सिंह बादल व अन्य से जुड़े करीब 8 साल पुराने मानहानि मामले में कोर्ट में लगाया गया है। अर्जी में कहा गया है कि 2 फरवरी को शिरोमणि अकाली दल की पार्टी बैठक अमृतसर में बुलाई गई है, जिसमें कई गांवों, शहरों और राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने वाले हैं। बैठक में सुखबीर बादल की मौजूदगी जरूरी बताई गई है। आवेदन में यह भी कहा गया था कि अगर सुखबीर बादल बैठक में शामिल नहीं होते हैं, तो दूर-दराज से आए लोगों को बिना किसी नतीजे के लौटना पड़ेगा। अर्जी में स्पष्ट किया गया कि उनकी गैरहाजिरी जानबूझकर नहीं है और वह अगली तारीख पर कोर्ट में पेश होने का वचन देते हैं। 8 साल पुराने मानहानि मामले से जुड़ा है केस यह मामला वर्ष 2017 का है। अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता और मोहाली निवासी राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चंडीगढ़ जिला कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत दायर की गई है। शिकायत के मुताबिक, 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया में बयान दिया था। इस बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट बताया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से उनके संगठन की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके बाद मानहानि का केस दायर किया गया। पेश न होने पर जारी हुए थे गैर-जमानती वारंट कोर्ट के आदेश के बावजूद 17 दिसंबर 2025 को सुखबीर बादल पेश नहीं हुए थे। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे। सख्त कार्रवाई की आशंका के चलते सुखबीर बादल बाद में अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। इस मामले को रद्द कराने के लिए सुखबीर बादल ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला चंडीगढ़ जिला कोर्ट में ही चल रहा है।
हरियाणा में सोमवार को मौसम खुश्क रहेगा। वहीं मंगलवार से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। मगर इसके बाद गर्मी में लगातार बढ़ोतरी होगी। इससे दिन और रात के तापमान में काफी इजाफा होगा। रविवार को ही प्रदेश में तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया। आधी फरवरी गुजरने के बाद प्रदेश में मौसम गर्म होने लगा है। यही कारण है कि रविवार को प्रदेश के पलवल में सबसे ज्यादा तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़ने लगा है। रविवार को अंबाला का न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में ठंड समाप्त हो जाएगी तथा गर्मी की दस्तक पूरे प्रदेश में हो जाएगी। कल छाए रह सकते हैं बादल मौसम विभाग के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में 17 फरवरी को सक्रिय होने की संभावना है। इससे 17-18 फरवरी के दौरान सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद और मेवात में बिखराव वाली हल्की बारिश की सम्भावना बन रही है। यहां छाए रहेंगे बादल इन जिलों के अलावा शेष हरियाणा विशेषकर उत्तरी और पूर्वी हरियाणा में पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद, करनाल, पानीपत और सोनीपत में केवल आंशिक बादल छाए रहेंगे। बढ़ने लगेगा तापमान इस पश्चिमी विक्षोभ के बाद हवाओं की दिशा बदल जाएगी और तापमान में वृद्धि होगी और सामान्य से अधिक होने लगेंगे। दिन के तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस से 35.0 डिग्री सेल्सियस के बीच जबकि रात्रि तापमान भी 10.0 डिग्री सेल्सियस से 15.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएंगे।
हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले सेना के हवलदार जसबीर सिंह की पत्नी मोनिका (34) की हत्या उसके भतीजे युवराज ने ही की थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि युवराज चाची मोनिका से बेइंतफा नफरत करता था। वह इस वारदात को हर हाल में अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह पूरी प्लानिंग करके आया था। पुलिस को परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, रात साढ़े 11 बजे जब वह घर पहुंचा तो उसे चाची के मकान के सारे दरवाजे पूरी तरह लॉक मिले। इसका अंदाजा उसे था, इसलिए वह अपने एक दोस्त को साथ लेकर आया था। उसने दोस्त के सहारे ही मकान की 24 फुट ऊंची दीवार पार की और उस कमरे में पहुंचा, जहां मोनिका सो रही थी। मकान के अंदर की भौगोलिक स्थिति से वह पहले ही पूरी तरह वाकिफ था। इसके बाद उसने सो रही मोनिका की गला काट कर हत्या कर दी। मोनिका के चिल्लाने की आवाज आने पर दूसरे कमरे में सो रही उसकी मां कांता वहां पहुंच गई। मगर, युवराज उनके आने पर भी नहीं रुका और गले पर चाकू चलाता रहा। जब कांता चिल्लाई तो वह सीढ़ियों के रास्ते घर से फरार हो गया। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में कांता देवी की शिकायत पर युवराज और उसके दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मोनिका के पति जसबीर देर रात यमुनानगर लौटे, जिसकी वजह से कल अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पहले जानिए कौन है मोनिका, जिसका मर्डर हुआ… कैसे हुआ मोनिका का मर्डर, मां ने बताईं 4 बातें… घर में पांच कमरे, अकेली सो रही थी मोनिकामोनिका की मां कांता देवी ने बताया कि उनके मकान में पांच कमरे हैं, जिनमें तीन कमरे एक के अंदर एक हैं, वहीं दो कमरे साइड में हैं, जिसके बाहर एल्यूमिनीयम का दरवाजा लगा है। परिवार में केवल महिलाएं ही रहती है, इसलिए मकान की दीवारों को 24 फुट तक ऊंचा कराया गया है। मोनिका साइड में बने दो कमरों में से एक में ही अकेली सोई थी, जबकि उसका बेटा अपनी नानी के पास सोया था। रात साढ़े 11 बजे मोनिका के चिल्लाने की आवाज आईमां कांता देवी ने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक से मोनिका के चिल्लाने की आवाज आई। मुझे लगा कि कोई सपना देखा होगा। दोबारा आवाज आने पर मैं उठकर उसके रूम में गई। 2 लड़कों ने उसके चाकू मार रखा था। दोनों ने उनके सामने ही उसकी बेटी का गला काट दिया। चाकू मारने वाला मोनिका के जेठ का लड़काकांता देवी ने आगे बताया कि हत्या करने वाला कोई और नहीं, मोनिका के जेठ का लड़का युवराज था, जबकि दूसरा युवक उसका दोस्त सचिन था। हत्या करने के बाद दोनों उन्हें वहां से धक्का देकर सीढ़ियों की तरफ भाग गए और छत से होते हुए 24 फुट ऊंची दीवार के साइड में बनी सब्जियों की क्यारी में कूद कर फरार हो गए। गले पर किए कई वार, नाली में पड़ा मिला चाकूकांता देवी के मुताबिक, आरोपी युवराज ने उसकी बेटी के गले पर एक बाद एक कई वार किया। आरोपियों के भाग जाने के बाद परिवार के लोग एकत्रित हुए और खून से लथपथ मोनिका को उठाकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में घर के बाद नाली में एक चाकू भी पड़ा मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हत्या के बाद पुलिस ने अब तक क्या किया, तीन पॉइंट़्स… 3 बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी, फौजी से भी होगी पूछताछथाना छप्पर प्रभारी वेदपाल ने बताया कि फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मृतका की मां की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल से बरामद साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल और संदिग्धों की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा पुरानी रंजिश, प्रेम प्रसंग और रुपयों के लेनदेन सहित कई एंगल पर जांच कर रही है। फौजी जसबीर से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी। ------------- ये खबर भी पढ़ें… यमुनानगर में फौजी की पत्नी की गला काटकर हत्या:नानी बोली- कटती हुई देखी बेटी, जेठ के बेटे ने कई वार किए; पति जम्मू-कश्मीर में तैनात हरियाणा के यमुनानगर में महिला मोनिका की सोते वक्त धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। आरोप जेठ के बेटे और उसके एक साथी पर ही लगा है। मृतक महिला की नानी का कहना है कि उन्होंने अपनी आंखों से नाती को कटते हुए देखा है। (पूरी खबर पढ़ें)
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर होली पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसी क्रम में भारतीय रेल द्वारा सियालदह–गोरखपुर तथा आसनसोल–गोरखपुर के बीच होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा, जिससे पूर्वांचल और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन नंबर 03131/03132 सियालदह–गोरखपुर–सियालदह होली विशेष ट्रेन तीन फेरों के लिए चलाई जाएगी। 03131 सियालदह–गोरखपुर होली स्पेशल 26 फरवरी तथा 02 और 05 मार्च 2026 को सियालदह रेलवे स्टेशन से रात 23:50 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन नैहाटी, बैण्डेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किऊल और बरौनी होते हुए शाहपुर पटोरी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा, सीवान तथा देवरिया सदर में ठहराव के बाद अगले दिन शाम 18:00 बजे गोरखपुर जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 03132 गोरखपुर–सियालदह होली स्पेशल 27 फरवरी तथा 03 और 06 मार्च 2026 को गोरखपुर से रात 21:00 बजे प्रस्थान करेगी और देवरिया सदर, सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, आसनसोल, दुर्गापुर और बर्द्धमान होते हुए अगले दिन शाम 16:20 बजे सियालदह पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 4, शयनयान श्रेणी के 10, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 6 तथा 2 एसएलआरडी कोच शामिल रहेंगे। इसके अलावा 03527/03528 आसनसोल–गोरखपुर–आसनसोल होली विशेष ट्रेन का संचालन भी किया जाएगा। 03527 आसनसोल–गोरखपुर होली स्पेशल 01 मार्च 2026 को आसनसोल जंक्शन से दोपहर 13:20 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किऊल और बरौनी के बाद शाहपुर पटोरी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा, सीवान, भटनी तथा देवरिया सदर में ठहरते हुए अगले दिन तड़के 03:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 03528 गोरखपुर–आसनसोल होली स्पेशल 02 मार्च 2026 को गोरखपुर से सुबह 06:30 बजे चलेगी और देवरिया सदर, भटनी, सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, जामताड़ा तथा चित्तरंजन होते हुए रात 21:00 बजे आसनसोल पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 1, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 4, शयनयान श्रेणी के 11, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 6 तथा 2 एसएलआरडी कोच शामिल रहेंगे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि होली के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए इन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे समय से टिकट आरक्षित कराएं और यात्रा से पहले ट्रेन के समय की पुष्टि अवश्य कर लें।
मेरा काम मेरा सच:कॉस्ट्यूम में लोग शर्मिंदा करते थे, लेकिन मेरे लिए खेल सबकुछ था
मैं रोज 9 घंटे जिम में ट्रेनर का काम करती थी। 5’7 हाइट और 80 किलो वजन के साथ यह सफर आसान नहीं था। इससे पहले मैं घरों में पोछा-बर्तन करती थी। जिम में महिला ट्रेनर होने के कारण कई बार लोगों की मानसिकता का सामना करना पड़ा। कई बार गुंडे-बदमाश तक का सामना करना पड़ा। इन सब परिस्थितियों से मैं गुजरी हूं। पीरियड्स के दौरान भी घंटों फ्लोर पर खड़े रहना पड़ता था। जब मैंने बॉडी बिल्डिंग की प्रैक्टिस शुरू की तो ताने सुनने पड़े। ‘ये तो ट्रांसजेंडर बन गई’, ‘इसे शेविंग किट गिफ्ट कर दो’, ‘पता ही नहीं चलता पुरुष है या महिला।’ यह सब सुनकर बुरा लगता था। बॉडी बिल्डिंग के बाद शरीर में कई बदलाव आते हैं। हार्मोनल बदलाव से आवाज और चाल बदल जाती है, शरीर मर्दाना दिखने लगता है, कंधे चौड़े हो जाते हैं। सप्लीमेंट्स के कारण लड़कियों का ब्रेस्ट पार्ट लगभग खत्म हो जाता है और मसल्स उभरकर दिखते हैं। पीरियड तीन-चार साल तक मिस हो सकते हैं। इन बदलावों ने शुरुआत में मुझे भी परेशान किया। मेरी अगली चुनौती बॉडी बिल्डिंग का कॉस्ट्यूम (बिकनी) था। इस कारण मैंने कई दोस्त खो दिए। जब मैंने प्रतियोगिता में कॉस्ट्यूम पहनकर परफॉर्म किया तो एक मीडियाकर्मी ने कहा कि मैं राजस्थान का नाम खराब कर रही हूं। उस वक्त मुझे अपने कोच की बात याद रही। स्टेज पर तीन मिनट के लिए खड़े हों तो भूल जाएं कि सामने कौन है। भीड़ में परिवार ही क्यों न बैठा हो, यह सिर्फ एक गेम है। जब कॉस्ट्यूम में भारत का झंडा लेकर स्टेज पर खड़ी थी, तब भी खराब कमेंट किए गए। शुरुआत में ऐसे कमेंट तनाव देते थे, लेकिन दर्शकों के प्यार ने हौसला भी दिया। 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में मैंने गोल्ड जीतकर सबकी बोलती बंद कर दी। प्रतियोगिता से एक महीने पहले अनाज पूरी तरह छोड़ना पड़ता है। उबला खाना महंगा भी होता है और इतना बेस्वाद कि कई बार उसे मिक्सर में ब्लेंड कर पीना पड़ता था। अगर एक मील में कुछ अतिरिक्त खा लिया तो तैयारी सात दिन पीछे चली जाती थी। प्रतियोगिता से 15 दिन पहले नमक छोड़ देते हैं और 30 घंटे पहले पानी पीना भी बंद कर देते हैं। दवा लेकर शरीर से पानी निकाला जाता है ताकि मसल्स की विजिबिलिटी बेहतर दिखे। दो दिन में एक संतरा या नींबू की कुछ बूंदों से काम चलाना पड़ता है। परफॉर्मेंस से पहले बड़े हॉल में लड़कियां और लड़के खुले में कॉस्ट्यूम में घंटों अपनी बारी का इंतजार करते हैं। शाइनिंग के लिए लगाई जाने वाली प्रो-टेन क्रीम ठंड को और बढ़ा देती है। स्टेज पर बैक, शोल्डर, बायसेप और ट्राइसेप दिखाने होते हैं। मेडल इस बात पर निर्भर करते हैं कि किसकी मसल्स विजिबिलिटी बेहतर है। महिलाओं में टेस्टोस्टेरॉन नहीं होता, इसलिए उन्हें अच्छा वर्कआउट, सख्त डाइट और सप्लीमेंट्स लेने पड़ते हैं। पुरुषों की तुलना में वे चार गुना मेहनत करती हैं। इस खेल में महिलाओं को लेकर नजरिए में बदलाव की अब भी जरूरत है।-जैसा पूजा शर्मा को बताया
अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड और उससे जुड़े जमीन विवाद में कोतवाली पुलिस ने रविवार को नवाबगंज सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह से तीन घंटे पूछताछ की गई। आरोप है कि उन्होंने मृतक राजाराम की बहू रेखा से विवादित जमीन का एग्रीमेंट कराया था। इस दौरान पुलिस ने करीब 3 घंटे में 80 सवाल पूछे, हालांकि अधिकांश सवालों में पुलिस को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विशेष तौर पर एग्रीमेंट के लिए दी गई रकम वह कहां से लाए इसके साथ ही कई सवालों पर वह चुप्पी साध गए। 26 दिसंबर 2018 को कराया था एग्रीमेंट कोतवाली इंस्पेक्टर और मामले के विवेचक जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि 26 दिसंबर 2018 को मनोज सक्सेना और जितेंद्र कुमार सिंह ने राजाराम की छोटी बहू रेखा वर्मा से तीन आराजी की कुल 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट कराया था, जो राजाराम वर्मा की हत्या से पूर्व हुआ था और इसी सौदे ने परिवार के सदस्यों के बीच विवाद पैदा किया। रविवार को शारदा नगर क्यू ब्लाक निवासी मनोज सक्सेना और जितेंद्र कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, हालांकि मनोज सक्सेना ने शहर से बाहर होने की बात होने की बात कही, जबकि जितेंद्र कोतवाली पहुंचे। वहां उनसे करीब 3 घंटे में करीब 80 सवाल किए गए। जिनमें प्रमुख रूप से एग्रीमेंट की रकम, सौदे की शर्ते, भुगतान की प्रक्रिया और बाद में उसे निरस्त कराने के सवाल शामिल थे। हालांकि पूछताछ के दौरान जितेंद्र कई सवालों पर चुप्पी साध गए या फिर याद नहीं और भूल गया जैसे जवाब दिए। दस्तावेज पेश करने के लिए दो दिन मांगा समय कुछ महत्वपूर्ण सवालों पर वह शांत रहे। हालांकि उन्होंने अपने पक्ष में दस्तावेज पेश करने के लिए पुलिस से दो दिन का समय मांगा है। पुलिस अब उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि अब जल्द ही मनोज सक्सेना से भी पूछताछ की जाएगी।
काम चोरी, पर प्रभु में आस्था पूरी:बाइक उठाने से पहले ईश्वर को याद किया, फिर लेकर भाग गया
सांगानेर इलाके में गोशाला के सामने से चोरी हुई बाइक के मामले में सीसीटीवी फुटेज ने चौंकाने वाला दृश्य दिखा है। आरोपी वारदात से पहले हाथ में समोसा लेकर मौके पर पहुंचा। आराम से खड़ा होकर समोसा खाया, करीब 4 मिनट तक आसपास खड़ी गाड़ियों और लोगों की गतिविधि देखता रहा। मौका मिलते ही उसने बाइक का लॉक तोड़ा, फिर स्टार्ट किया और फरार होने से पहले एक बार ऊपर देखा- मानो भगवान को याद कर रहा हो। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले रैकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया। फुटेज में उसकी हर गतिविधि रिकॉर्ड हुई है। फागी निवासी हेनी मधानी ने सांगानेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वे गोशाला स्थित शोरूम में सामान खरीदने आए थे। वापस लौटे तो बाइक गायब थी। मधानी एक बैंक के लिए मोबाइल फाइनेंस का काम करते हैं।
अमेरिका में भारतीय प्रवासी इंजीनियर व उनकी टीम ने एक ऐसा एप तैयार किया है, जो डॉक्टर को दैनिक कामों में सहयोग करेगा। इसे मोबाइल से आसानी से चला सकेंगे। यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वॉइस असिस्टेंट है, जिसे खासतौर पर डॉक्टर्स की सुविधा के लिए डिजाइन किया है। डॉक्टर केवल आवाज से आदेश देंगे और यह असिस्टेंट रोगी का इतिहास, लक्षण और प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दे देगा। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टर्स का समय बचाना, थकान और ऊर्जा की खपत को कम करना, रोगियों के लिए और भी सटीक और तेज निदान उपलब्ध कराने के साथ उपचार प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाना है। इस तकनीक का लक्ष्य डॉक्टर्स का सहायक बनाना है, ना कि उनकी जगह लेना। टीम ने इसे AI BONORx : Bhart Online Nidan Oshadhi Prescription यानी वॉइस ड्रिवन एआई असिस्टेंट नाम दिया है। इंजीनियर राकेश कुमार के निर्देशन में नौ सदस्यीय टीम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रोफेसर डॉ. योगेश यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कविता, टोंक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. लोकेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार, इंजीनियर डॉ. जितेंद्र, डॉ. धनराज, डॉ. गौरव, छात्र आदित्य सिंह का सहयोग रहा। इंजीनियर राकेश कुमार बताते हैं कि तेज रफ्तार मेडिकल दुनिया में यह डॉक्टर्स का सहयोगी बनेगा। नोट्स लिखेगा, मेडिकल रिपोर्ट पढ़ने में मदद देगा इलाज में मदद मिलेगी आगे क्या... भविष्य की दिशा तय करेगायह तकनीक टेलीमेडिसिन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बड़े अस्पतालों में एक अभिन्न हिस्सा बन सकती है। यह केवल बड़े कॉरपोरेट हॉस्पिटल तक सीमित नहीं रहे बल्कि हर डॉक्टर का डिजिटल सहयोगी बन सके। विशेषता - यह बहुभाषी और मरीजों की अत्याधिक संख्या को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। हिंदी, अंग्रेजी, क्षेत्रीय भाषाओं को समझने की क्षमता, डॉक्टर मरीज से बात करते‑करते वॉइस के माध्यम से ही हिस्ट्री, नोट्स और प्रिस्क्रिप्शन जेनरेट कर सकते हैं। हाथ से लिखने या टाइप करने की आवश्यकता को न्यूनतम कर डॉक्यूमेंटेशन बोझ को घटाता है।
जयपुर में 14 गोल के सिरमौर कप पोलो टूर्नामेंट के दौरान रविवार को एक घोड़े की मौत हो गई। घोड़ा कैरेसिल सुहाना टीम के कुलदीप सिंह राठौड़ का था। दिल का दौरा पड़ने से यह मौत हुई। इससे पहले इसी सीजन कोग्निवेरा पोलो कप के फाइनल के दौरान भी एक घोड़े की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। एक ही सीजन में दो घोड़ों की मौत हो चुकी हैं। कोग्निवेरा पोलो कप फाइनल के दौरान जिस घोड़े की मौत हुई, वह पद्मनाभ सिंह का था। डॉक्टर पहुंचे तब तक तोड़ दिया दमकुलदीप सिंह राठौड़ चौथा चक्कर पूरा करके ग्राउंड के बाहर आए, तभी घोड़ा लड़खड़ाकर गिर गया। डॉ. सुदामा गुप्ता दूसरे छोर पर जयपुर अरावली टीम के साथ थे। जब तक डॉक्टर वहां तक पहुंचे, घोड़े की सांसें बंद हो चुकी थीं। एसडीएमएच की एम्बुलेंस भी वहां थी। हमने उसके डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा, घोड़ों की देखभाल का काम वेटरनरी डॉक्टर करते हैं। 13 साल पहले एक ही दिन दो घोड़ों की मौत हुई थी13 साल पहले यानी 2013 में भी राजस्थान पोलो ग्राउंड पर ही एक ही दिन दो घोड़ों की मौत हो गई थी। ये दोनों घोड़े भी दिल का दौरा पड़ने से मरे थे। 17 जनवरी, 2013 को भवानी सिंह पोलो कप के दौरान एक ही दिन ये हादसे हुए थे। रेसिंग व पोलो में एक फीसदी से भी कम होते हैं ऐसे हादसे“रेसिंग और पोलो में इस तरह के हादसे होते हैं, लेकिन इनकी संख्या एक प्रतिशत से भी कम होती है। आमतौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत होने पर पोस्टमार्टम नहीं होता है। चोट वगैरह से मौत होती है तो पोस्टमार्टम कराते हैं। दोनों घोड़ों की मौत दिल का दौरा पड़ने से ही हुई।”-डॉ. सुदामा गुप्ता, वेटरनरी डॉक्टर यह दुखद है, पर इस तरह के हादसे कभी-कभी हो जाते हैं“एक ही सीजन में दिल का दौरा पड़ने से दो घोड़ों की मौत होना दुखद है। टूर्नामेंट में उतरने से पहले सभी घोड़ों की गहन चिकित्सा जांच कराई जाती है, फिर भी इस तरह के हादसे कभी-कभी हो जाते हैं।”-दिग्विजय सिंह, सचिव, राजस्थान पोलो संघ एक्सपर्ट— कर्नल डॉ. अशोक सिंह राठौड़, 61 कैवलरी के पूर्व खिलाड़ी व अपोलो कॉलेज ऑफ वेटरनरी मेडिसिन में प्रोफेसर मेडिसिन
9 साल से बाइपास निर्माण अधूरा, जाम से लोग परेशान
भास्कर न्यूज | पेण्ड्रा पेण्ड्रा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली बाइपास सड़क का निर्माण पिछले 9 वर्षों से राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक लेटलतीफी की भेंट चढ़ा हुआ है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह सरकार में शुरू हुई यह योजना भूपेश सरकार के दौर में टेंडर निरस्त होने और अब विष्णुदेव साय सरकार की उपेक्षा के कारण अधर में लटकी है। बाइपास की मांग को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2015-16 में 13 किमी लंबी सड़क के लिए 54.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। पीडब्ल्यूडी को कार्य एजेंसी बनाया गया और राशि भी जारी कर दी गई। 24 सितंबर 2018 को स्वयं मुख्यमंत्री ने इसका भूमिपूजन किया, लेकिन भूमि अधिग्रहण की कछुआ चाल के कारण काम धरातल पर नहीं उतर सका। 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने चार गुना मुआवजा देने का नियम लागू किया, जिससे परियोजना की लागत बढ़ गई। नवंबर 2020 में मरवाही उपचुनाव से ठीक पहले मतदाताओं को लुभाने के लिए सितंबर 2020 में टेंडर जारी किया गया। चुनाव के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। हाल ही में 10 फरवरी को अरपा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पेण्ड्रा प्रवास पर थे। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और नपा अध्यक्ष राकेश जालान सहित नागरिकों ने बाइपास की गुहार लगाई, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस घोषणा न होने से क्षेत्रवासियों के हाथ केवल निराशा लगी। प्रस्तावित बाइपास सड़क अमरपुर, धनगवां, भदौरा, सेमरा, पेण्ड्रा, बंधी, अड़भार और कुड़कई से होकर गुजरेगी। भूमि चिह्नांकित है और कुछ को मुआवजा मिला भी है, लेकिन चार गुना मुआवजे की अंतर राशि जारी न होने से पूरी प्रक्रिया ठप पड़ी है। जाम में फंस रहे लोग, सड़क हादसे के मामले भी बढ़े बाइपास न होने से भारी वाहन शहर के बीच से गुजरते हैं, जिससे प्रतिदिन घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पेण्ड्रा के नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि जनहित को देखते हुए तत्काल अंतर राशि जारी करने का आदेश दें, ताकि सालों से लंबित इस परियोजना को पूर्ण कर शहर को हादसों से मुक्ति दिलाई जा सके।
साल के पेड़ों की अवैध कटाई, जांच की मांग हुई तेज
मरवाही | मरवाही वन परिक्षेत्र में वनों की अवैध कटाई और तस्करी के विरोध में ग्राम पंचायत उसाढ़ के जनप्रतिनिधियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उपसरपंच खिलनवती, वन प्रबंधन समिति के आर. मिश्रा, पंच चैन सिंह, मूलचंद, लेखन सिंह व उपेंद्र सिंह ने इस संबंध में वन मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन रायपुर, वन मंत्री छत्तीसगढ़ और सचिव वन विभाग को शिकायत पत्र प्रेषित किया है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम उसाढ़ के फाटपानी मोहल्ला, कक्ष क्रमांक 2033 में लगभग 20 पुराने और मोटे सरई (साल) के पेड़ों की अवैध कटाई कर तस्करी की गई है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष मई माह में भी 9 कटे हुए पेड़ों की जब्ती की गई थी, इसके बावजूद अवैध कटाई का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन माफिया द्वारा खुलेआम विशालकाय पेड़ों की तस्करी की जा रही है, लेकिन शिकायत के बाद भी परिक्षेत्र अधिकारी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीट गार्ड और डिप्टी रेंजर पर भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मंदिर
लोहर्सी | ग्राम पंचायत लोहर्सी स्थित भूफोड़ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। 135 वर्ष प्राचीन मंदिर में रविवार सुबह 4 बजे से भगवान शिव का रुद्राभिषेक प्रारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने जल और दूध से अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लग गईं। आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु जल लेकर कतारबद्ध खड़े रहे और पूरे भक्तिभाव से जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं विकास तिवारी द्वारा भी अलग से भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति के सदस्य, रूद्र कुमार दुबे, शुभम तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
बैठक में शिक्षक संघ के कैलेंडर का विमोचन
भास्कर न्यूज | हरदीबाजार बीआरसी भवन कटघोरा में स्थायी शिक्षा समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता जनपद पंचायत कटघोरा की उपाध्यक्ष व स्थायी शिक्षा समिति की उपाध्यक्ष ममता दामोदर राठौर ने की। उन्होंने शिक्षा से जुड़ी सभी बारीकियों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए निर्देशित किया। समिति की उपाध्यक्ष राठौर ने छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ कोरबा के कैलेंडर का विमोचन किया। इस मौके पर बीईओ अभिमन्यु सिंह टेकाम, बीआरसी प्रहलाद साहू, शिक्षा समिति सदस्य कमला देवी, भुवन पाल सिंह कंवर, संकुल प्रभारी कुंज बिहारी, संतोष कुर्रे, शरद काठले, लक्ष्मी केंवट, हरिशंकर दिवाकर, रामनारायण चौहान, श्याम लाल राठौर, विनय सोनवानी, संतोष कुमार यादव, हेमंत कुमार साहू, मुकेश कुमार केंवट, अखिलेश साहू, पंचराम देवांगन, गणेश राम प्रजापति, अजय सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।
श्री बजरंगी जन कल्याण समिति ने बांटा भोग-प्रसाद
भास्कर न्यूज | कोरबा महाशिवरात्रि पर नगर पालिका निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 36 डिगापुर में श्री बजरंगी जन कल्याण समिति ने भंडारे का आयोजन किया। हनुमान मंदिर परिसर में समिति की ओर से प्रसाद बांटा गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किए। यहां स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही भक्तों ने पूजा-अर्चना की। आयोजन समिति के मुख्य आयोजक श्री बजरंगी जन कल्याण समिति डिगापुर के अध्यक्ष रघुवंशी सोनी, बृजलाल वरिष्ठ समाज सेवी, अखिल भारतीय सतनामी युवा कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनीराम जांगड़े, पुष्पेंद्र कर्ष, मुनीराम यादव, देव पटेल, रामेश्वर सूर्यवंशी, ओमप्रकाश दुबे, बीएल निराला, इंद्रजीत मरकाम, अजय कुमार, नेतराम, राजकुमार प्रजापति, चेतन दास महंत, संजय तिर्की, संदीप तिवारी ने आयोजन में सहयोग किया।
मेडिकल कॉलेज निर्माण पर विवाद, रास्ता बंद किया
जांजगीर | कुटरा गांव में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान किसानों के खेतों तक पहुंचने वाला पारंपरिक मार्ग बंद किया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी और आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं। जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने में भी उन्होंने सहयोग किया था। लेकिन अब बची हुई निजी जमीन तक पहुंच का रास्ता रोका जाना उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है।

