शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। यातायात निरीक्षक जय बहादुर यादव के नेतृत्व में यह अभियान शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया गया। अभियान के दौरान आम नागरिकों, वाहन चालकों और राहगीरों को सड़क सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित किए गए। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, लोगों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा ट्रैफिक सिग्नलों और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। यह जागरूकता अभियान अकबरपुर पुरानी तहसील तिराहा, पटेल नगर, हाईवे स्थित गौहन्ना चौराहा, बस स्टेशन और शहजादपुर सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चलाया गया। यातायात निरीक्षक जय बहादुर यादव ने इस अवसर पर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने जोर दिया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। यादव ने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षक हैं, और नियमों की अनदेखी कई बार जानलेवा साबित होती है। उन्होंने लोगों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से जनपद में ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।
ललितपुर में 12 जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण महाअभियान-2026 को जन-जन का अभियान बनाने के उद्देश्य से अपर आयुक्त, झांसी मंडल, प्रियंका ने शनिवार दोपहर जिले का दौरा किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान, अपर आयुक्त ने विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित लक्ष्यों, पौधों की उपलब्धता, गड्ढों की तैयारी, रोपण स्थलों की व्यवस्था और कार्यक्रम के सफल संचालन से संबंधित बिंदुओं पर समीक्षा की। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। अपर आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर जनभागीदारी का महाअभियान बने। उन्होंने प्रभागीय निदेशक वानिकी को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में जनपद की सभी समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, बच्चों और विशेष रूप से सहरिया जनजाति के लोगों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। बैठक में वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने 12 जुलाई को आयोजित होने वाले इस वृहद वृक्षारोपण महाअभियान को पूर्ण सफलता के साथ संपन्न कराने का विश्वास व्यक्त किया। विभागवार निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान बताया गया कि ललितपुर जनपद में 12 जुलाई को कुल 9,30,340 पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें वन विभाग को सर्वाधिक 5,00,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया है। ग्राम्य विकास विभाग को 2,01,800, कृषि विभाग को 66,000, पंचायती राज विभाग को 52,000, राजस्व विभाग को 39,800, शिक्षा विभाग को 36,400 और नगर विकास विभाग को 30,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शेष लक्ष्य अन्य विभागों को उनके कार्यक्षेत्र एवं उपलब्ध भूमि के अनुसार आवंटित किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधरोपण कराया जाए तथा सभी रोपण स्थलों पर पूर्व तैयारियां पूरी कर ली जाएं। पौधों की गुणवत्ता, समय पर उपलब्धता, गड्ढों की तैयारी, सिंचाई व्यवस्था एवं उनके संरक्षण की समुचित कार्ययोजना भी सुनिश्चित की जाए, ताकि लगाए गए पौधे दीर्घकाल तक सुरक्षित रह सकें। समीक्षा के दौरान अपर आयुक्त ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं तथा पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करने और प्रत्येक नागरिक को इस महाअभियान से जोड़ने का आह्वान किया। बैठक में विभागवार लक्ष्यों और तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रोपण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अपर आयुक्त ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विभाग लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित करे, जिससे अभियान का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सके। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए तथा पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था भी की जाए, ताकि अभियान के दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकें।
मिर्जापुर में ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण और पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी के प्रयासों से उत्तर प्रदेश सरकार के पुरातत्व विभाग के निर्देश पर दिल्ली से एक विशेषज्ञ आर्किटेक्ट्स टीम ने घंटाघर का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने इसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने घंटाघर की संरचना, वास्तुकला और इसके मूल स्वरूप से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य घंटाघर को उसके ऐतिहासिक और मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करना है।नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने बताया कि घंटाघर जिले की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसे संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। केसरी ने यह भी उल्लेख किया कि जनसहयोग से निर्मित इस धरोहर के संरक्षण के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी शहर के गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें। अध्यक्ष केसरी ने विश्वास व्यक्त किया कि डीपीआर तैयार होने के बाद पुनरुद्धार कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की भारी कमी के कारण महिलाओं को इलाज और पुलिस मामलों से जुड़े मेडिकल परीक्षण के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर, खंडासा, हैरिंग्टनगंज, 50 बेड अस्पताल देवगांव और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में महिला चिकित्सक का पद लंबे समय से रिक्त है। केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानीगंज में एक महिला चिकित्सक तैनात हैं, जिससे वहां की महिलाओं को कुछ राहत मिल रही है। क्षेत्र के इन अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 600 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से करीब 300 महिलाएं होती हैं। महिला चिकित्सक न होने के कारण कई महिलाएं अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पुरुष चिकित्सकों के सामने खुलकर नहीं बता पातीं और बिना उपचार कराए ही लौट जाती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना भी संभव नहीं हो पाता है। महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसे मामलों में पुलिस पीड़िताओं को मेडिकल परीक्षण के लिए स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचती है। महिला चिकित्सक के अभाव में मेडिकल परीक्षण नहीं हो पाता, जिससे पीड़िताओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में जांच में देरी होती है और उन्हें कई दिनों तक भटकना पड़ता है। सीएचसी मिल्कीपुर के अधीक्षक डॉ. आनंद सिन्हा ने बताया कि पहले यहां एक महिला चिकित्सक तैनात थीं, लेकिन उनके गोरखपुर स्थानांतरण के बाद से नई तैनाती नहीं हुई है। सीएचसी हैरिंग्टनगंज के अधीक्षक डॉ. डी.एन. द्विवेदी ने भी महिला चिकित्सकों की कमी से महिलाओं को हो रही कठिनाइयों की पुष्टि की। सीएचसी अमानीगंज में डॉ. शिल्पी सिंह की तैनाती के बाद अब महिला उत्पीड़न से जुड़े मेडिकल परीक्षण वहीं किए जा रहे हैं। 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के अधीक्षक डॉ. रवि पाण्डेय ने 11 जुलाई शनिवार दोपहर में बताया कि महिला चिकित्सक न होने के कारण ऐसे मामलों को जिला अस्पताल भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि महिला चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
पन्ना में चलती बाइक पर जंगली जानवर का हमला:महिला को खींचने का प्रयास, ग्रामीणों ने पथराव कर बचाया
पन्ना जिले के मनकी और जरधोवा गांव के बीच भाटिया इलाके में चलती मोटरसाइकिल पर एक जंगली जानवर ने हमला कर दिया। इस हमले की वजह से बाइक पर पीछे बैठी महिला सड़क पर गिर गई। हालांकि, मौके पर मौजूद गांव वालों की सूझबूझ और मदद से महिला की जान बाल-बाल बच गई। यह घटना शुक्रवार की रात को हुई। जानकारी के मुताबिक, जरधोवा गांव के रहने वाले संतोष पाठक अपने परिवार के साथ पन्ना से वापस अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे भाटिया इलाके के पास पहुंचे, अचानक एक जंगली जानवर ने उनकी बाइक पर हमला बोल दिया। हमले के कारण बाइक डगमगा गई और पीछे बैठी पूना बाई पाठक सड़क पर नीचे गिर गईं। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और पत्थर मारकर भगाया महिला के सड़क पर गिरते ही उस जंगली जानवर ने उन पर दोबारा हमला करने की कोशिश की। लेकिन तभी वहां मौजूद गांव के लोगों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया और जानवर पर पत्थर फेंके। गांव वालों के इस विरोध को देखकर जानवर डर गया और वापस जंगल की तरफ भाग गया। इस हादसे में पूना बाई पाठक को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। बाघ होने की आशंका, वन विभाग से सुरक्षा की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग को दी। गांव वालों को शक है कि हमला करने वाला जानवर बाघ हो सकता है। उनका कहना है कि इस रास्ते पर हमेशा जंगली जानवरों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान को हमेशा खतरा रहता है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली जानवरों वाले इन संवेदनशील रास्तों के किनारे तुरंत सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल) बनाई जाए। इलाके की खराब सड़कों को जल्द ठीक किया जाए ताकि गाड़ियां बिना रुके आराम से निकल सकें। वन विभाग के कर्मचारी इस इलाके में गश्त बढ़ाएं ताकि आगे ऐसा कोई हादसा न हो। फिलहाल, इस घटना को लेकर वन विभाग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 11 जुलाई यानी आज 5 घंटे में दो एक्सीडेंट हो गए, जिनमें एक ड्राइवर की मौत हो गई। एक ड्राइवर का पैर फ्रेक्चर हो गया। दोनो घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्र की है। दोनों ट्रक व ट्रेलर ड्राइवर मुंबई से दिल्ली जा रहे थे। पहली घटना बूढ़ादीत थाना क्षेत्र की है। मंडावरा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 360.6 की है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे ट्रक नंबर RJ34GA4377 का टायर फट गया। ट्रक एक्सप्रेसवे पर खड़ा था। इसी दौरान मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा कंटेनर NL01Q4582 पीछे से खड़े ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से कडी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानपुर पहुंचाया गया। हादसे में कंटेनर ड्राइवर फखरुद्दीन पुत्र नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर एक ओर कराया। आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर की टक्कर दूसरी घटना दोपहर 4 बजे सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास की है। यहां आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर भिड़ गया। ट्रेलर ड्राइवर शंकर मीणा निवासी निमली, सवाई माधोपुर,मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा था। ड्राइवर ने बताया कि वो नॉर्मल स्पीड से चला रहा था। तभी आगे चल रहे ट्रक ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। अचानक ब्रेक लगने से वह ट्रेलर को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रक से जा भिड़ा। हादसे की सूचना पर एक्सप्रेस-वे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल ड्राइवर को सुल्तानपुर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोटा रैफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके और हॉस्पिटल पहुंची। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया था निरीक्षण बता दें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 जून बुधवार को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर 550 किमी का सफर किया। इस दौरान उन्होंने एक्सप्रेस वे की स्थिति व सुरक्षा मानकों,सड़क की गुणवत्ता, गड्ढों, पेचवर्क और खराब अलाइनमेंट का जायजा लिया। --- ये खबर भी पढ़िए - गडकरी बोले-2 साल में दिल्ली से मुंबई 12-घंटे में पहुंचेंगे:जो बोलेंगे वह करके दिखाएंगे, यही हमारी पहचान; कोटा से इटावा तक अटल एक्सप्रेसवे बनेगा खबर पढ़े
शहडोल जिले की कृष्णा कॉलोनी में शनिवार दोपहर एक निर्माणाधीन मकान की छत ढलाई के दौरान सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक गया, जिससे पूरी संरचना ढह गई। इस हादसे में छत पर काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। जैक और बल्लियां खिसकने से असंतुलित हुआ ढांचा यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 28 स्थित कृष्णा कॉलोनी में हुआ, जहां धनपुरी निवासी मयंक अग्रवाल के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार को दोपहर में छत की ढलाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान नीचे सेंटरिंग को थामने के लिए लगाए गए लोहे के जैक और लकड़ी की बल्लियों का सपोर्ट अचानक खिसक गया। सपोर्ट हटते ही कंक्रीट का भारी-भरकम ढांचा असंतुलित होकर नीचे गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य छत गिरते ही वहां मौजूद अन्य कामगारों और आस-पास के निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे को हटाना शुरू किया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। मलबे से निकाले गए तीनों मजदूरों को तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण स्थल पर काम रुकवा दिया है। शुरुआती जांच में सेंटरिंग फेल होना ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
शामली के लिसाढ़ गांव में खुले में रखे बिजली ट्रांसफार्मर से करंट लगने के कारण एक गोवंश की मौत हो गई। यह घटना दो दिन पहले हुई थी, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसमें वे ट्रांसफार्मर की सुरक्षा घेराबंदी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुले में रखा हुआ है। उनके अनुसार, ट्रांसफार्मर के आसपास अक्सर गोवंश घूमते रहते हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले एक गोवंश लोहे के पोल के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आ गया था, जिससे उसकी जान चली गई। घटना की सूचना बिजली विभाग को दी गई थी। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लोहे के पोल पर टेप लगाकर अस्थायी समाधान किया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कोई स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि खुले ट्रांसफार्मर के पास अभी भी गोवंश घूम रहे हैं, जिससे भविष्य में फिर से हादसा होने की आशंका है। उन्होंने बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर के चारों ओर तत्काल सुरक्षा घेराबंदी कराने और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इस मामले में संबंधित एसडीओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रामपुर में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) आनंद कुमार सिंह ने शनिवार दोपहर कोसी नदी से जुड़े संवेदनशील गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील सदर के भैया नगला और बेनाजीर उर्फ घाटमपुर गांवों में राहत एवं बचाव तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान नायब तहसीलदार सदर और आपदा प्रबंधन टीम भी उनके साथ थी। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने वर्ष 2021-22 में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित हुए क्षेत्रों, जलमग्न मार्गों और संभावित बाढ़ प्रभावित स्थानों का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर संभावित जोखिमों की समीक्षा की और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। भैया नगला में अपर जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन पुलिया का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार को सेतु निगम के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराने को कहा, ताकि बरसात के दौरान जलभराव और कटान की स्थिति में ग्रामीणों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही, संबंधित मार्गों को सीसी सड़क से मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए। बेनाजीर उर्फ घाटमपुर में एडीएम ने वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने को कहा। निरीक्षण के बाद, एडीएम ने ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन की राहत एवं बचाव योजनाओं की जानकारी दी। बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय, बिस्तर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एडीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी की जा रही हैं।
डिंडौरी में सामुदायिक भवन छत ढलाई गिरी,:चार अधिकारियों को नोटिस, कलेक्टर ने तीन दिन में मांगा जवाब
डिंडोरी में सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने चार अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस सहायक यंत्री आरईएस बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक अशोक चंदेल और ग्राम पंचायत चटुआ के सरपंच रामनरेश धुर्वेया को जारी किया गया है। यह घटना जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुआ में हुई। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत ग्राम पंचायत चटुआ में एक नए सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। 9 जुलाई 2026 को भवन की छत ढलाई के दौरान उसका एक हिस्सा ढह गया। इस दुर्घटना में एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया, जिसे सुरक्षित निकालकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अपने नोटिस में उल्लेख किया है कि छत ढलाई से पहले निर्माण कार्य का आवश्यक तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और उपयोग की गई निर्माण सामग्री तथा सरिए की गुणवत्ता का समुचित परीक्षण नहीं किया गया था। कलेक्टर ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता का मामला बताया है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई और मानव जीवन भी जोखिम में पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बरेली के आईएमए हॉल में शनिवार को बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन के अंतर्गत माध्यमिक प्रबंधक-शिक्षक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बरेली जिले भर से वित्तविहीन और सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों सहित हजारों की संख्या में शिक्षक मतदाता उपस्थित रहे। इस दौरान एमएलसी और शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने शिक्षकों के हित में किए गए कार्यों और सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इसी दौरान मंच से लोगों को संबोधित करते हुए उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने नरेंद्र मोदी को उत्तर प्रदेश का प्रधानमंत्री बोल दिया। भाषण के दौरान फिसली जुबानडॉ. ढिल्लों ने कहा, मैं धन्यवाद देना चाहता हूं उत्तर प्रदेश के यशस्वी प्रधानमंत्री, यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार को। इसके बाद उन्होंने कहा कि जब आयुष्मान योजना से शिक्षामित्रों को जोड़ने का काम हुआ तो उन्होंने विधान परिषद में मांग उठाई कि सेल्फ फाइनेंस और सहायता प्राप्त विद्यालयों के गरीब अध्यापकों को भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए शिक्षकों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। कैबिनेट मंत्री ने मांगे वोटकार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने की। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने संबोधन में बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान सदस्य विधान परिषद डॉ. हरि सिंह ढिल्लों को भारी मतों से विजयी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों और शिक्षकों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री ने की अपीलकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने विधान परिषद में हमेशा शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया है। उन्होंने उपस्थित शिक्षक मतदाताओं से उन्हें दोबारा प्रचंड मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस अवसर पर महापौर डॉ. उमेश गौतम और जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने भी अपने संबोधन में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने का दावाभाजपा प्रत्याशी और सदस्य विधान परिषद डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने हमेशा पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उन्होंने लगातार विधान परिषद में उठाई, जिसका परिणाम आज शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में मिला है। ये रहे मौजूदइस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर उमेश गौतम, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, सदस्य विधान परिषद बहोरन लाल मौर्य, विधायक राघवेंद्र शर्मा, विधायक डॉ. एमपी आर्य, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिला अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, एलडीबी के उपसभापति रविन्द्र सिंह राठौर, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक हरिशंकर गंगवार, पूर्व शिक्षा निदेशक महेंद्र देव, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और शिक्षक चुनाव के संयोजक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री और शिक्षक चुनाव के जिला संयोजक निर्भय गुर्जर ने किया।
कानपुर देहात में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का मामला अब सिर्फ दस्तावेजी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रह गया है। आरोप है कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर मोटी रकम ऐंठी गई और इस पूरे खेल ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन जांच अब भी पूरी नहीं हो सकी है। मामला झींझक और मैथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का है। शिकायत के अनुसार फरवरी 2026 में एक ही दिन में दर्जनों जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। इनमें वर्ष 2010 से 2026 तक की जन्म तिथियां दर्ज हैं। इतना ही नहीं, कानपुर देहात के अलावा औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, हरदोई, रायबरेली और जालौन के लोगों के नाम पर भी प्रमाण पत्र जारी होने का दावा किया गया है। आरोप है कि जिन लोगों के नाम पर प्रमाण पत्र बने, उनका संबंधित अस्पतालों के जन्म रजिस्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना रिकॉर्ड के प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किए गए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर मोटी रकम वसूली गई। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो ऐसे दस्तावेजों का दुरुपयोग पहचान पत्र, पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने में भी हो सकता है, जिससे देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने 11 दिन पहले जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जय गोविंद का कहना है कि जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। हालांकि, पांच महीने बाद भी जांच लंबित रहने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि मोटी रकम वसूलने और सुरक्षा पर खतरे के आरोप हैं; इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
सुल्तानपुर दीवानी सभागार में 'भारत का संविधान एवं इक्कीसवीं सदी का संविधान' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह आयोजन शनिवार शाम 4 बजे अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में हुआ। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने विषय पर अपने विचार रखे। कार्यशाला के संयोजक अयोध्या जनपद के गायत्री परिवार के जिला समन्वयक महेंद्र सिंह थे। इसका संयोजन गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह 'मदन' द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता करुणाशंकर दुबे और नागेंद्र सिंह ने समसामयिक परिप्रेक्ष्य में संवैधानिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर बल दिया। विशिष्ट वक्ता के रूप में डॉ. सुधाकर सिंह, राकेश सिंह और प्रभाकर सक्सेना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने 21वीं सदी की चुनौतियों के बीच संविधान की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के समापन पर सुल्तानपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी आगंतुकों, अधिवक्ताओं और प्रबुद्धजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, प्रबुद्ध नागरिक और गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मैनपुरी पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होटल और ढाबों पर निगरानी बढ़ा दी है। ऑपरेशन रक्षा अभियान के तहत शनिवार को एएचटी थाना पुलिस ने क्षेत्र के होटल और ढाबों पर सघन जांच की। यह अभियान बाल तस्करी और महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम पर केंद्रित है। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न होटल और ढाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस ने होटल संचालकों के रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरों की जांच की, साथ ही कर्मचारियों व अन्य लोगों से भी पूछताछ की। देखें, 3 तस्वीरें… पुलिस ने होटल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, बच्चा या महिला दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्हें बताया गया कि बाल तस्करी, मानव तस्करी और महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करने और तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की गई, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अभियान के तहत पुलिस टीम ने मिशन शक्ति के अंतर्गत लोगों को महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी। 1090, 1098, 112 और 181 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। उपनिरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन रक्षा का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रख रही है। अभियान के दौरान होटल, ढाबे, सार्वजनिक स्थान और अन्य संभावित क्षेत्रों में नियमित चेकिंग जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 10 जुलाई से शुरू हो चुका है और 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान बाल तस्करी, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि आमजन भी इस अभियान का हिस्सा बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं, जिससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
तेज रफ्तार ट्रक-बाइक की टक्कर:बायपास पर हुआ हादसा, दो युवक गंभीर घायल; जिला अस्पताल में भर्ती
सीधी जिले के जोगीपुर बायपास पर शनिवार दोपहर करीब 3 बजे ट्रक और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, ट्रक क्रमांक MP19 HA 5501 और बाइक क्रमांक MP53 HJ 4256 के बीच यह टक्कर हुई। बाइक का पंजीयन अमित कुमार चौहान के नाम पर दर्ज है। हालांकि, हादसे में घायल हुए दोनों युवकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। प्रत्यक्षदर्शी शनि जायसवाल ने बताया कि दोनों वाहन तेज गति से आ रहे थे, जिसके कारण हादसा हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. बृजेश पांडे ने बताया कि घायल दोनों व्यक्तियों की हालत गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इस संबंध में संबंधित पुलिस चौकी को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस घायलों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ-साथ दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है।
पंचकूला जिले में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने चंडी मंदिर टोल प्लाजा के पास सड़क दुर्घटना में घायल एक युवती की मदद की। सांसद ने अपना काफिला रुकवाकर युवती को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया और उसे भर्ती कराया। मिली जानकारी के अनुसार, सांसद कार्तिकेय शर्मा पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में आयोजित मैंगो मेले में शामिल होने के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान चंडी मंदिर टोल प्लाजा के समीप उन्होंने सड़क पर एक युवती को घायल अवस्था में देखा। अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से ली जानकारी अस्पताल पहुंचने पर सांसद शर्मा ने डॉक्टरों से घायल युवती के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों को युवती के समुचित उपचार और सभी आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने युवती के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सके।
मैहर में महाराजा नगर बस्ती के मकान में लगी आग:परिवार के लोग ने थे घर के अंदर, फायर ब्रिगेड पाया काबू
मैहर शहर के वार्ड क्रमांक-1 महाराजा नगर बस्ती में शनिवार दोपहर एक खाली मकान में आग लग गई। गोला मठ मंदिर के पीछे स्थित इस मकान में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मकान खाली होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की घटना से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। तस्वीरें देखिए… सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने तेजी से आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ ही देर की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। समय पर की गई कार्रवाई के कारण आग आसपास के अन्य मकानों तक नहीं फैल सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान के पास कचरे में पहले से आग लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि वहीं से उठी लपटें खाली मकान तक पहुंच गईं, जिससे आग भड़क उठी। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
गोंडा में तेज आंधी के साथ बारिश:3 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी, 12 घण्टे में 16.5 MM हुई बारिश
गोंडा में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं, धान की रोपाई में जुटे किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। पिछले 12 घंटे के दौरान गोंडा में 16.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 11 जुलाई तक जिले में सामान्यतः 237.7 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 225.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 5 प्रतिशत कम है। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर और जिले के निचले इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर पालिका की टीमें जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। पिछले 12 घंटे के दौरान गोंडा में 16.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 11 जुलाई तक जिले में सामान्यतः 237.7 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 225.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 5 प्रतिशत कम है। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर और जिले के निचले इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर पालिका की टीमें जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश अगले एक सप्ताह तक रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कैथल में बाढ़ को लेकर अलर्ट हुआ प्रशासन:अधिकारियों को तैयार रहने के आदेश, सरोला साइफन पर 20 फुट पानी
कैथल के गुहला-चीका क्षेत्र में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। इस समय सरोला साइफन पर 20 फुट व घग्घर टटियाणा गेज पर 11 फुट पानी चल रहा है। कैथल डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। सिंचाई विभाग के अनुसार साइफन में भारी मात्रा में सिल्ट जमा होने के कारण जल के निर्बाध प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे हरियाणा एवं पंजाब के ऊपरी क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका बनी रहती थी और लगभग 40 गांव प्रभावित हो रहे थे। साइफन के सभी 48 दर्रों की सफाई करवाई है। यह कार्य बोली प्रक्रिया द्वारा किया गया जिससे सरकार को लगभग 2 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति भी होनी है। 16 फुट तक जमी गाद को हटवाया कार्य के दौरान स्थल से लगभग 16 फुट तक जमी गाद एवं अन्य अवसाद को हटाया गया है। इस कार्य के पूर्ण होने से वर्तमान मानसून के दौरान साइफन से बारिश के पानी का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित होगा, जिससे लगभग 40 गांवों की आबादी तथा विशाल कृषि भूमि को बाढ़ से सुरक्षा प्राप्त होगी। डीसी अपराजिता ने कहा कि मानसून के इस सीजन में जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण व्यवस्था की गई है। उच्च अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, जहां कहीं कमी नजर आती है तुरंत सही करवाने का कार्य किया जाता है। जिला में कहीं भी जलभराव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए तेज गति से कार्य किया जा रहा है। जल निकासी के लिए प्रबंध करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सीएम ने समीक्षा की इस संबंध में डीसी अपराजिता ने लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंस हॉल में मानसून सीजन के दौरान जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी उपायुक्त के साथ मानसून सीजन के दृष्टिगत बातचीत की व जिला वार किए गए प्रबंधों की फीडबैक भी ली। घग्घर के बांधों को मजबूत किया डीसी अपराजिता ने कहा कि जिला कैथल में सभी ड्रेनों की दो बार सफाई करवाई जा चुकी है। जल निकासी में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है और विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। गुहला-चीका क्षेत्र संभावित बाढ़ क्षेत्र है। सिंचाई विभाग द्वारा सरोला साइफन के 48 दर्रों की सफाई व गाद निकालने का कार्य किया जा चुका है। लगभग 16 फुट गाद निकाली जा चुकी है। वहीं घग्घर के बांधों को मजबूत किया गया है। 20 हजार क्यूबिक मीटर मिट्टी का स्टॉक बाढ़ नियंत्रण करने के लिए किया गया है। मिट्टी की आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकेगा। दो जेसीबी और दो पॉकलेन मशीन बांध की सुरक्षा के लिए तैनात की गई है। डीसी ने शहरी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर परिषद व नगर पालिकाओं को भी निर्देश दिए।
जैसलमेर का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से बदल चुका है। केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत लगभग 140 करोड़ रुपए की लागत से इसका नया रूप तैयार किया गया है। अब यह स्टेशन मॉडर्न सुविधाओं से लैस किया गया, साथ ही जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान भी बिल्डिंग में दिखाई देगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, स्टेशन की नई तीन मंजिला इमारत को बनाने में यहां के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसका लुक महल जैसा नजर आए। यात्रियों के लिए 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर और एक शानदार रेल कोच रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। यह नया स्टेशन आने वाले पर्यटकों के लिए सफर को आसान बनाएगा और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा। एयरपोर्ट जैसी मॉडर्न सुविधाएं मिलेगीमुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया- पर्यटकों के पसंदीदा शहर जैसलमेर का नया रेलवे स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार है। इसे शहर की संस्कृति को ध्यान में रखकर बेहद खूबसूरत और भव्य बनाया गया है। इसके विशाल प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों को एक अलग ही अहसास कराएंगे। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है। पूरे स्टेशन परिसर में 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर (चलती सीढ़ियां) लगाई गई हैं। इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने के लिए 6 मीटर चौड़े दो नए पुल (फुट ओवरब्रिज) बनाए गए हैं। यात्रियों के बैठने के लिए एक बड़ा वेटिंग एरिया, आधुनिक लाउंज और तीनों प्लेटफॉर्मों पर 10 हजार वर्गमीटर से ज्यादा हिस्से में नया शेड लगाया गया है, जिससे यात्रियों को धूप या बारिश की परेशानी न हो। रेलवे को हर साल होगी 50 लाख की कमाईजैसलमेर में हर साल लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इसे देखते हुए स्टेशन पर कमाई के नए तरीके भी शुरू किए गए हैं। स्टेशन की खाली जमीनों और दुकानों को प्राइवेट कंपनियों को सौंप दिया गया है। यात्रियों के लिए ठहरने के कमरे (रिटायरिंग रूम), डॉरमेटरी, दुकानें और गाड़ियों के लिए बड़ी पार्किंग बनाई गई है। खास बात यह है कि यहां एक रेल कोच रेस्टोरेंट भी खोला गया है, जहां लोग ट्रेन के डिब्बे में बैठकर खाना खा सकेंगे। इन सभी सुविधाओं से रेलवे को टिकट के अलावा हर साल करीब 50 लाख रुपए की अलग से कमाई होगी। अब देखिए- मॉडर्न रेलवे स्टेशन की तस्वीरें
आधे आगरा में अगले दो दिन पानी का संकट रहेगा। जलकल विभाग बिजलीघर चौराहे पर शिवाजी मार्केट के सामने पेयजल पाइपलाइन शिफ्ट करने का काम शनिवार रात से शुरू करेगा। इसके कारण 12 और 13 जुलाई को जीवनी मंडी और सिकंदरा वाटरवर्क्स से जुड़े करीब 8 से 10 लाख लोगों को जलापूर्ति नहीं होगी। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से पहले ही पर्याप्त पानी का भंडारण करने की अपील की है। इसके कारण रविवार और सोमवार को सुबह व शाम, दोनों समय जलापूर्ति बंद रहेगी। जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि छत्ता जोन के अंतर्गत शिवाजी मार्केट, बिजलीघर चौराहे के पास नाले से होकर पेयजल पाइपलाइन गुजर रही है। इससे नाले में कचरा फंस जाता है और जलभराव की समस्या पैदा होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन को बाईपास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार रात से कार्य शुरू होगा। पहले ये काम 8 जुलाई की रात को शुरू होना था। जिसके चलते 9 और 10 जुलाई को पानी की सप्लाई बाधित रहती। मगर, मौसम खराब होने की वजह से जलकल विभाग ने इस काम को आगे बढ़ा दिया था। अब ये काम शनिवार रात से शुरू होगा। 14 जुलाई को सुबह जलापूर्ति होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में होगी दिक्कतकालामहल, कोतवाली, दरेसी, कचहरी घाट, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, बेलनगंज, काजीपाड़ा, मंटोला, छत्ता, रकाबगंज, बालूगंज, छीपीटोला, नौलक्खा, ताजगंज, गोबरचौकी, फतेहाबाद रोड, ताजनगरी, बसई, चक्कीपाट, शाहगंज का अलबतिया रोड, सुभाष नगर, बालाजीपुरम, दयालबाग, सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, भीमनगर, बोदला, मारुति एस्टेट, अवधपुरी, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, राजपुर चुंगी, शमशाबाद रोड और ट्रांस यमुना कॉलोनी। टैंकर के लिए यहां करें संपर्क
मऊगंज जिले के ग्राम करकचहा की पहाड़ी बसाहट 'नई दिल्ली' इन दिनों पेयजल संकट के दौर से गुजर रही है। सरकार के 'हर घर नल, हर घर जल' और जल जीवन मिशन की सफलता के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बसाहट के लगभग 80 परिवार आज भी स्वच्छ पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी बदतर है कि ग्रामीण और मवेशी एक ही काई युक्त कुंड से पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बीमारियां पैर पसार रही हैं। 3 महीने में 20 से अधिक लोग पड़े बीमार हनुमना-कटरा मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में बसी इस 'नई दिल्ली' बसाहट में 400 से अधिक लोग रहते हैं। यहां पानी का एकमात्र जरिया गांव के बीच बना एक पुराना गड्ढेनुमा कुंड (झरना) है। इस कुंड में गर्मियों में महज दो फीट पानी बचता है, जबकि बरसात में आसपास की गंदगी और मिट्टी मिलकर इसे और दूषित कर देती है। पानी के ऊपर हरी काई की मोटी परत जमी रहती है। ग्रामीण इस पानी को कपड़े से छानकर पीने को मजबूर हैं, जबकि मवेशी और जंगली जानवर इसे सीधे पीते हैं। इस दूषित पानी के कारण पिछले तीन महीनों में 20 से ज्यादा लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों के शिकार हो चुके हैं, जिन्हें इलाज के लिए हनुमना या मऊगंज जाना पड़ता है। 40 साल से नहीं बदले हालात, रसूखदारों के घर लगे हैंडपंप स्थानीय निवासी राजकुमार (40) और राजबहोर साकेत ने बताया कि वे बचपन से लेकर आज तक इसी गड्ढे का गंदा पानी पी रहे हैं और दशकों बाद भी यहां की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के लिए हैंडपंप तो स्वीकृत हुए, लेकिन रसूखदारों ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें अपने घरों के पास लगवा लिया। इस बसाहट में न तो जल जीवन मिशन की पाइपलाइन पहुंची है और न ही प्रशासन ने पानी का कोई दूसरा विकल्प दिया है। ग्राम पंचायत के सरपंच दशरथ प्रसाद कोरी ने भी माना कि इस बसाहट में पानी की गंभीर समस्या है और दूर-दराज के हैंडपंपों की वजह से अधिकांश आबादी इसी कुंड पर निर्भर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
चंदौली में मारपीट का वीडियो आया सामने, 6 पर केस:गिरफ्तारी के लिए टीम गठित, सड़क पर की गई थी मारपीट
चंदौली जिले के अलीनगर थानाक्षेत्र के धपरी गांव में मारपीट का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने मारपीट के आरोप में छह लोगों के खिलाफ छह धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार दहशत में है। पीड़ित ज्ञानचंद्र जायसवाल ने बताया कि घटना के बाद अलीनगर थानाध्यक्ष गगनराज सिंह ने मौके का मुआयना कर मुकदमा दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष गगनराज सिंह ने कहा है कि मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम जुटी है और ऐसे लोगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस से की कार्रवाई की मांग यह घटना 8 जुलाई की देर शाम को धपरी गांव में हुई थी। सड़क पर कुछ युवाओं ने ज्ञानचंद्र जायसवाल के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद आरोपी पक्ष के लोग ज्ञानचंद्र जायसवाल के घर पर भी पहुंचे और जमकर हंगामा किया था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में धपरी गांव के उत्तम सिंह, प्रवीण सिंह, गौतम सिंह, बृजेश सिंह, मनीष और छोटू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित ज्ञानचंद्र जायसवाल ने बताया कि हमला करने वाले दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं। घटना के बाद उनके घर पर भी तांडव किया गया था, जिससे वे विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाए। अब उन्हें केवल पुलिस पर भरोसा है।
मंडला जिले के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर 'प्रोजेक्ट संकल्प' का औपचारिक शुभारंभ शनिवार को योजना भवन में किया गया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके उपस्थित थीं। इस परियोजना के तहत, सरकारी स्कूलों में ही विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाएगी। इसमें विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए हर शनिवार को टेस्ट भी लिए जाएंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि यह अभियान जिले के विद्यार्थियों के लिए एक नई दिशा तय करेगा। उन्होंने बताया कि इसकी नियमित निगरानी की जाएगी और इसमें केवल कोचिंग ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने भविष्य के बारे में बेहतर निर्णय ले सकें। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों का आईआईटी, मेडिकल, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसे जिले के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने 'प्रोजेक्ट संकल्प' के तीन प्रमुख आधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका पहला उद्देश्य मंडला के अधिकतम विद्यार्थियों का आईआईटी, नीट, क्लेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन सुनिश्चित करना है। दूसरा, सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और तीसरा, विद्यार्थियों को प्रभावी करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, उपाध्यक्ष कमलेश तेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विद्यार्थी भी उपस्थित थे।
काजीपुर गांव स्थित सरकारी स्कूल में जलभराव को लेकर शनिवार को सपा नेता गौरव गुर्जर ने विरोध प्रदर्शन किया। गौरव गुर्जर स्कूल परिसर में भरे पानी के बीच बैठ गए और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई। गौरव गुर्जर ने कहा कि विद्यालय परिसर में कई दिनों से पानी भरा है, जिससे बच्चों और शिक्षकों के आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि बरसात के कारण करंट उतरने, सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव निकलने और किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। स्कूल परिसर की टूटी दीवार भी एक मुख्य समस्या है। उनका कहना था कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे माहौल में बच्चों की पढ़ाई और खेलकूद दोनों प्रभावित हो रहे हैं। काजीपुर का यह सरकारी स्कूल राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर द्वारा गोद लिया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद स्कूल की हालत बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि इसी स्कूल से पढ़कर कई छात्र डॉक्टर, जज और अन्य बड़े पदों तक पहुंचे हैं, लेकिन आज गरीब और किसान परिवारों के बच्चे बदहाल परिस्थितियों में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से तत्काल जलनिकासी और विद्यालय की मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
दमोह जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव परिणाम शनिवार दोपहर घोषित कर दिए गए। मुकेश पांडे अध्यक्ष पद पर चार वोटों के अंतर से विजयी हुए हैं। उनकी जीत पर अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में कुल 560 अधिवक्ता मतदाता थे, जिनमें से 548 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिला न्यायालय परिसर में संपन्न हुआ था, जिसमें 95% मतदान दर्ज किया गया। इन चुनावों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कार्यकारिणी के पदों के लिए मतदान हुआ था। शनिवार शाम चार बजे मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी चरणजीत सिंह वाधवा ने परिणाम घोषित किए। अध्यक्ष पद पर मुकेश पांडे को 261 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुरेश खत्री को 257 वोट हासिल हुए। उपाध्यक्ष पद पर राजीव सिंह ठाकुर, सचिव पद पर बसंत खरे और कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अभिजीत सिंह ठाकुर तथा विनोद पटेल निर्वाचित हुए हैं। निर्वाचन अधिकारी ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। अपनी जीत पर नव-निर्वाचित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पांडे ने कहा कि यह चुनाव एक परिवार का था, जिसमें कोई छोटा या बड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि जूनियर अधिवक्ता उनके छोटे भाई और सीनियर अधिवक्ता उनके बड़े भाई समान हैं। पांडे ने सभी अधिवक्ताओं को साथ लेकर चलने और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया। सबसे पहले न्यायालय कक्ष में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अधिवक्ताओं को जो परेशानियां हो रही हैं उसके लिए भी वह हमेशा लड़ाई लड़ते रहेंगे। सभी अधिवक्ताओं का सहयोग उन्हें मिला है जो आज वह जिलाअधिवक्ता संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
ट्रेन हादसे में बिहार के युवक की मौत:हरदोई में परिजनों के पहुंचने पर दूसरे दिन हुआ पोस्टमार्टम
हरदोई में लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर संडीला-बालामऊ के बीच ट्रेन से गिरकर बिहार के एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को करीब 1:30 परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान मोहसिन (26) के रूप में हुई है। बिहार राज्य के किशनगंज जनपद के धापर बस्ती निवासी मोहसिन पठानकोट में मजदूरी करते थे। मोहसिन के जीजा दिलशाद ने बताया कि मोहसिन दो माह पहले ही अपने गांव आए थे। बृहस्पतिवार रात को वह किशनगंज से अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उन्हें अजमेर से पठानकोट के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। युवक की जेब से मिला परिजनों का पता शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे संडीला-बालामऊ रेल मार्ग के बीच ट्रेन के दरवाजे पर खड़े मोहसिन का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घायल मोहसिन को तुरंत कछौना सीएचसी पहुंचाया। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां सुबह 9:21 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस को मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र से परिजनों का संपर्क नंबर मिला। तुरंत उनके गांव सूचना भेजी गई। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बिहार से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरा और दोपहर करीब 3:30 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया। मोहसिन अपने पीछे पत्नी दिलफरोज और एक मासूम पुत्री महक नाज को छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
इटावा। प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के साथ प्रयागराज रेल मंडल क्षेत्र के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने इटावा रेलवे स्टेशन और सैफई रेलवे स्टेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। बैठक में उन्होंने इटावा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सुबह 5:30 बजे मगध एक्सप्रेस और 9:30 बजे गोमती एक्सप्रेस के बाद सीधे शाम 3:30 बजे महानंदा एक्सप्रेस मिलती है। सुबह 5:30 बजे से दोपहर तक केवल गोमती एक्सप्रेस उपलब्ध होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी होती है। इसलिए कानपुर से चलकर अलीगढ़ तक बिना रुके जाने वाली 12561 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का इटावा स्टेशन पर ठहराव कराया जाए। इसके साथ ही 12987/12988 अजमेर–सियालदाह एक्सप्रेस का भी इटावा स्टेशन पर स्टॉपेज देने की मांग की गई, ताकि इटावा से अजमेर जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल सुविधा मिल सके। सांसद ने इटावा रेलवे स्टेशन के बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि फ्रेंड्स कॉलोनी की ओर नई स्टेशन बिल्डिंग बन चुकी है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई है और वहां एस्केलेटर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। वृद्ध और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए तत्काल एस्केलेटर लगाए जाएं। नई स्टेशन बिल्डिंग के पास बने नए फुटओवर ब्रिज को प्लेटफॉर्म-1 से जोड़ा जाए तथा पुराने फुटओवर ब्रिज, जो प्लेटफॉर्म-1 को प्लेटफॉर्म-2, 3, 4 और 5 से जोड़ता था, उसे दोबारा चालू किया जाए। उन्होंने बताया कि इटावा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 22 से 24 हजार यात्रियों का आवागमन होता है और यह प्रयागराज, कानपुर तथा अलीगढ़ के बाद प्रयागराज मंडल का चौथा सबसे व्यस्त स्टेशन है। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म-1 से 5 तक पर्याप्त टीनशेड नहीं हैं, जिससे बरसात के मौसम में यात्रियों को कठिनाई होती है। सभी प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त शेड लगाए जाने की मांग की गई। इसके अलावा प्लेटफॉर्म-1, 4 और 5 की लंबाई कम होने के कारण कई बार दिव्यांग और जनरल कोच प्लेटफॉर्म से बाहर रह जाते हैं। इसे देखते हुए इन प्लेटफॉर्मों की लंबाई बढ़ाने की भी मांग रखी गई। इस बैठक में प्रो. रामगोपाल यादव ने सैफई रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, स्टेशन को अपग्रेड करने और वहां की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन के समक्ष रखी
भाजपा की मासिक बैठक, बूथ मैपिंग पर हुई चर्चा:शामली जिला कार्यालय पर वृक्षारोपण अभियान की रणनीति बनाई
शामली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मासिक संगठनात्मक बैठक का आयोजन जिला कार्यालय पर किया गया। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रामजीलाल कश्यप ने कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा स्तर पर बूथों की मैपिंग और आगामी वृक्षारोपण महाअभियान पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. कश्यप ने कार्यकर्ताओं को बूथों की मैपिंग का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) कार्य पूरा होने के बाद अधिकांश बूथों पर मतदाताओं की संख्या कम हो गई है और कई बूथों की संख्या भी घटाई गई है। इस स्थिति का चिंतन करते हुए यह कार्य पूर्ण करना है। जिलाध्यक्ष ने 12 जुलाई से शुरू हो रहे वृक्षारोपण महाअभियान पर भी जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत की थी। डॉ. कश्यप ने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 पौधे लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने की अपील की। बैठक का संचालन जिला महामंत्री भूपेंद्र शर्मा ने किया। इस अवसर पर मानस संगल, राजेश मलिक, राजेंद्र मादलपुर, पवन तरार, मोहित जैन, पुनीत द्विवेदी, आनंद पुंडीर, अभय तोमर, विशेष सरोहा, भूपेंद्र चौधरी, पियूष सैनी, संगीता जिंदल, बबीता चौहान, सुखचैन वालिया, पंकज गुप्ता, वरुण चौधरी, अमित मित्तल, कमल बंसल, पीयूष वर्मा, नवीन मलिक, मनीष भटनागर, रिनू सरोहा, रोहित विश्वकर्मा, नीरज उपाध्याय, अतुल मित्तल, सतीश धीमान, सुरेंद्र सैनी, नरेंद्र कश्यप, रविंद्र सैनी, नीरज जाटव, शक्ति संगल और रश्मिकांत जैन सहित कई प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत भी किया गया।
बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के साल्हे गांव में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर हमला हो गया। देवनदी के किनारे बने खेल के मैदान और लाखों रुपए के बगीचे की जमीन को खाली कराने पहुंचे पंच, पुलिस, पटेल और एक ग्रामीण के साथ मारपीट की गई है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कब्जा करने वाले लोग लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला करते दिख रहे हैं। हमले के बाद तहसील और पंचायत की टीम बिना काम पूरा किए ही वापस लौट आई। इस घटना के बाद पंच टिकाराम की शिकायत पर किरनापुर पुलिस ने एक्शन लिया है। पुलिस ने आरोपी रंगलाल पांचे, सालिकराम खरे, सुरेश खरे, मोतीलाल खरे और नेतलाल खरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई थी टीम सरपंच त्रिवेंद्र पंचेश्वर ने बताया कि जिस जमीन पर यह बखेड़ा हुआ, वहां एक खेल का मैदान है और साल 2006-07 में करीब 2 लाख 92 हजार रुपए खर्च करके एक सुंदर बगीचा (उपवन) तैयार किया गया था। जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर तहसील कोर्ट में केस चल रहा था, जहां से अतिक्रमण हटाने के साफ आदेश जारी हुए थे। इन्हीं आदेशों का पालन करवाने के लिए तहसील के पटवारी, पंचायत के पंच, पुलिस पटेल और कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। पटवारियों को जान बचाकर भागना पड़ा सरपंच के मुताबिक, जैसे ही टीम वहां पहुंची, कब्जा करने वाले लोगों ने विवाद शुरू कर दिया और पंच व पुलिस पटेल को डंडों और घूसों से पीटना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपी पटवारियों के पीछे भी डंडे लेकर दौड़ पड़े। पटवारी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागते हुए पंचायत दफ्तर पहुंचे। इस पूरी गुंडागर्दी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करा दी गई है।
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ने का खुला प्रस्ताव दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के मध्य प्रदेश प्रदेश प्रमुख सुनील शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट और वीडियो में कहा कि यदि डॉ. नरोत्तम मिश्रा चाहें तो वे पार्टी में शामिल होकर 'मशाल' चुनाव चिन्ह पर दतिया उपचुनाव लड़ सकते हैं। सुनील शर्मा ने दावा किया कि यदि डॉ. मिश्रा प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, युवा नेता आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना के राष्ट्रीय स्तर के नेता मध्य प्रदेश आकर उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। आईटी सेल प्रमुख का वीडियो भी जारी इस प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश शिवसेना (यूबीटी) के आईटी सेल प्रमुख नाहरसिंह सिसोदिया का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें डॉ. मिश्रा को पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस दौरान हाईवे जाम, बाजार बंद और भाजपा कार्यालय पर ताला लगाने जैसी घटनाओं से प्रदेश की राजनीति गरमा गई थी। ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) का यह प्रस्ताव राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा या उनके समर्थकों की ओर से शिवसेना (यूबीटी) के इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संतकबीरनगर पुलिस ने 161 गुमशुदा एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। पुलिस की तकनीकी जांच और CEIR पोर्टल के प्रभावी उपयोग से यह सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व वाली सर्विलांस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की। टीम ने CCTNS, IMEI ट्रैकिंग और CEIR पोर्टल का उपयोग कर मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइल फोन केवल संतकबीरनगर से ही नहीं, बल्कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, तमिलनाडु, गुजरात, बिहार, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लखनऊ सहित कई अन्य राज्यों से भी ट्रेस किए गए। संबंधित राज्यों की पुलिस के सहयोग से इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जाएगा। मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे IMEI नंबर के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस करना संभव हो सकेगा।
देवरिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला प्रशिक्षण वर्ग का दूसरा दिन शनिवार दिन में चार बजे तक संपन्न हुआ। इस दौरान चार महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण वर्ग में संगठन की कार्यपद्धति, व्यवहारिक कौशल, मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रबंधन, डाटा प्रबंधन, विचार परिवार, कार्यकर्ता विकास तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि भाजपा का संगठन निरंतर प्रशिक्षण और वैचारिक मजबूती से आगे बढ़ता है, जिसमें प्रत्येक कार्यकर्ता की अहम भूमिका होती है। दूसरे दिन के पहले सत्र में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य विजय यादव ने व्यवहारिकता पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने संगठन में अनुशासन, समन्वय और विनम्रता को आवश्यक बताया। इसी सत्र में पूर्व प्रदेश संयोजक आनंद शाही ने मीडिया प्रबंधन, जिला आईटी संयोजक शिवेश पांडे ने सोशल मीडिया एवं आईटी तथा जिला महामंत्री रविंद्र किशोर कौशल ने डाटा प्रबंधन पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। आनुषंगिक संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डाला अगले सत्र में क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा ने विचार परिवार विषय पर भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और राष्ट्र निर्माण में आनुषंगिक संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके बाद, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला ने कार्यकर्ता विकास विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि सेवा, अनुशासन और निरंतर अध्ययन से ही एक कार्यकर्ता नेतृत्व के स्तर तक पहुंचता है। समापन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। मंत्री शाही ने कार्यकर्ताओं से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने की। इस अवसर पर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, दीपक मिश्रा शाका, सुरेंद्र चौरसिया, सभाकुंवर कुशवाहा, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला, पूर्व विधायक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार दुबे, मारकंडे शाही सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एटा के वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में शनिवार को स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निरीक्षण किया गया। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस), नई दिल्ली की एक टीम ने पीडियाट्रिक (बाल रोग) विभाग में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी-पीजी) की चार सीटों की मान्यता के लिए कॉलेज और चिकित्सालय का विस्तृत मूल्यांकन किया। निरीक्षण टीम ने बाल रोग विभाग की ओपीडी, आईपीडी, एनआईसीयू, एसएनसीयू और पीआईसीयू जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त, इमरजेंसी विभाग, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, सेंट्रल लैब, रेडियोलॉजी विभाग, डिस्पेंसरी और पर्चा काउंटर सहित विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों, मानव संसाधन और रोगी सेवाओं का भी मूल्यांकन किया गया। टीम ने मौजूदा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया टीम ने राष्ट्रीय चिकित्सा मानकों के अनुरूप विभागीय अभिलेखों, प्रशिक्षण सुविधाओं, शिक्षण वातावरण और आवश्यक दस्तावेजों की गहन समीक्षा की। मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा एवं शैक्षणिक संसाधनों का परीक्षण करने के बाद, निरीक्षण टीम ने मौजूदा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि निरीक्षण सफलतापूर्वक और संतोषजनक ढंग से संपन्न हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पीडियाट्रिक विभाग को जल्द ही डीएनबी (पीजी) की चार सीटों की स्वीकृति मिल जाएगी। यह स्वीकृति मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा को नई पहचान देगी और क्षेत्र में बाल रोग विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनू यादव, डॉ. विवेक पाराशर, डॉ. प्रशांत भारद्वाज, डीएनबी एवं एनएमसी नोडल अधिकारी डॉ. मंजरी कुमारी, डॉ. ए.बी. सिंह, डॉ. शिवम यादव, डॉ. मंजेश, डॉ. योगेन्द्र सिंह सहित मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य और चिकित्सालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के कैथाभारी गांव में महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए शनिवार दोपहर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंधों को लेकर उपजे शक के चलते आरोपी ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी थी। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, 8 जुलाई 2026 की सुबह कैथाभारी गांव के खड़ंजे पर करीब 36 वर्षीय रेनू का शव मिला था। मृतका की पहचान रक्षपाल की लिव-इन पार्टनर के रूप में हुई। रक्षपाल की तहरीर पर हरगांव थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आलोक सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर नेहा त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने शनिवार को कल्याणपुर तिराहे स्थित काली माता मंदिर के पास से आरोपी रामजीवन पुत्र छोटेलाल, निवासी अंबर सराय, थाना लहरपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके मृतका से प्रेम संबंध थे, लेकिन उसे संदेह था कि महिला के अन्य पुरुषों से भी संबंध हैं। इसी शक के चलते वह उसे बाइक से हरगांव घुमाने के बहाने कबीरपुर के पास खेतों में ले गया, जहां विवाद के दौरान गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने मृतका का मोबाइल फोन रास्ते में पड़ने वाली बड़ी नहर में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से हत्या, चोरी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं तथा वह हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी, उपनिरीक्षक विकास कुमार यादव, मुख्य आरक्षी बलदेव सिंह, बृजनाथ द्विवेदी और अनुज कुमार शामिल रहे।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में 11 जुलाई 2026 दोपहर बाद एक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के तमसा एवं अलखनंदा छात्रावासों में कुलपति, वैज्ञानिकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर 500 हलदर, छायादार, शोभाकर और औषधि पौधे लगाए। इस अभियान का उद्देश्य परिसर को अधिक हरित और स्वच्छ बनाना तथा विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। अभियान के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ने और प्रत्येक पौधे को अपनी मां के नाम समर्पित कर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। कुलपति ने जोर देकर कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, विभिन्न निदेशक, छात्रावास अधीक्षक, सह छात्रावास अधीक्षक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. डी. नियोगी के निर्देशन में किया गया। उनके नेतृत्व में यह पूरा अभियान सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने भविष्य में भी नियमित रूप से वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस वृहद वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित परिसर निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी लोगों द्वारा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर विभागध्यक्ष वन संवर्धन डॉ. एस. के. वर्मा, निदेशक प्रसार डॉ. प्रतिभा सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बूंदी में सिगरेट उधार नहीं देने पर एक युवक ने दुकानदार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू पेट और हाथ में लगने से दुकानदार लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और हमलावर मौके से फरार हो गया। घायल दुकानदार का जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना शनिवार दोपहर 3 बजे नैनवां रोड स्थित अलगोजा रिजॉर्ट के पास हुई। थानाधिकारी भंवर सिंह ने बताया- नैनवां रोड पर पान की दुकान चलाने वाला बहादुर मीणा (28) अपनी दुकान पर बैठा था। इसी दौरान एक युवक दुकान पर आया और सिगरेट उधार मांगने लगा। बहादुर मीणा ने उधार देने से मना कर दिया। कहासुनी के बाद चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला सिगरेट उधार नहीं देने की बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी जेब से चाकू निकाला और बहादुर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू पेट और हाथ में लगने से बहादुर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। हमलावर मौके से फरार हो गया। दुकानदार की हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा कर ली। लोगों ने तुरंत घायल बहादुर को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस थानाधिकारी भंवर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुकानदारों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। व्यापारियों में आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांगदिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद नैनवां रोड के व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा तत्वों का आतंक बढ़ गया है। उन्होंने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने कम समय और किफायती खर्च में शहर के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराने के उद्देश्य से विशेष हेरिटेज वॉक पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों के माध्यम से पर्यटक लगभग पांच घंटे में काशी विश्वनाथ मंदिर, प्रमुख घाटों, प्राचीन मंदिरों, गंगा आरती और बनारसी खान-पान का अनुभव कर सकेंगे। पर्यटन विभाग ने जारी किया वेबसाइटपर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि इन पैकेजों का उद्देश्य कम समय में आने वाले पर्यटकों को काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना है। पैकेजों का प्रचार कैंट रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, गंगा घाटों और काशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। इच्छुक पर्यटक विभाग की वेबसाइट www.darshan-kashi-gov.in या निर्धारित क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। पर्यटन विभाग ने जारी किया है 3 पैकेज पर्यटन विभाग ने तीन विशेष पैकेज तैयार किए हैं। दिव्य काशी हेरिटेज वॉक की कीमत 2,200 रूपया प्रति व्यक्ति है। इसमें मंगला आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन, मां अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, पशुपतिनाथ, मणिकर्णिका घाट सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण, रुद्राक्ष माला, प्रसाद, गाइड और जलपान शामिल है। दूसरा अस्सी काशी हेरिटेज वॉक पैकेज 2,500 रूपया प्रति व्यक्ति का है। इसमें मंगला आरती के साथ अस्सी घाट पर 'सुबह-ए-बनारस', नाव या ई-बस से यात्रा, प्रमुख मंदिरों के दर्शन, बनारसी चाय और कचौड़ी का स्वाद तथा गाइड की सुविधा दी जाएगी। तीसरा पुरानी काशी हेरिटेज वॉक शाम का पैकेज है, जिसकी कीमत 2,499 रूपया प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है। इसमें मान मंदिर वेधशाला, प्रमुख मंदिरों, ललिता घाट की गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन, बनारसी चाट का अनुभव तथा गाइड और प्रसाद जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
राजगढ़ की भंडारा गली में रहने वाले 20 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे गंभीर हालत में शनिवार तड़के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान आदित्य सिंह भाटी (20) के रूप में हुई है। वह घर में हाफ लोअर और बनियान पहने फंदे पर लटका मिला। घटना का पता चलते ही परिजन उसे सुबह करीब चार बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलने पर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद मर्ग कायम किया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सुबह करीब 11 बजे भंडारा गली स्थित निवास से आदित्य की अंतिम यात्रा निकाली गई। बांसवाड़ा श्मशान घाट में परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का कारण सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जौनपुर के तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज में शनिवार को एक पुरातन छात्र सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और व्यक्तित्व निर्माण का मंदिर होता है। यह सम्मेलन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शामिल हुए। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके बाद अतिथियों ने ठाकुर तिलकधारी सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा, लगभग साठ वर्षों बाद अपने उस विद्यालय की धरती पर आने का सौभाग्य मिला है, जहाँ से हमने शिक्षा ग्रहण कर जीवन की दिशा और संस्कार प्राप्त किए। इस विद्यालय से जुड़ी अनगिनत स्मृतियां आज भी मेरे हृदय में जीवित हैं। श्री सिंह ने विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस पुरातन छात्र सम्मेलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सभी के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं, जिससे पुराने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों एवं सहपाठियों से पुनः मिलने का अवसर मिलता है। साथ ही, वर्तमान छात्रों को अपने वरिष्ठों के अनुभवों से प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति की सफलता की पहली नींव उसके विद्यालय में ही रखी जाती है। श्री सिंह ने अपनी वर्तमान स्थिति का श्रेय तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज के शिक्षकों के मार्गदर्शन, अनुशासन और शिक्षा को दिया। अंत में, कृपाशंकर सिंह ने विद्यालय प्रबंधन समिति, प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम को पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, श्याम सिंह यादव, धनंजय सिंह, ज्ञानप्रकाश सिंह और सुरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित, सुचारु और दुर्घटनामुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लगातार हो रही बारिश और गंगनहर में बढ़े जलस्तर को देखते हुए शनिवार दोपहर को पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने कांवड़ यात्रा मार्ग, सिखेड़ा गंगनहर पुल और जौली गंगनहर पुल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी ने गंगनहर में बढ़े जलस्तर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों के अलावा अन्य स्थानों पर स्नान करने या गंगनहर के किनारे अनावश्यक रूप से जाने की अनुमति न दी जाए। एसपी सिटी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। बैरिकेडिंग, निगरानी व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम यात्रा शुरू होने से पहले ही पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, पुलिस कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा श्रद्धालुओं के प्रति सौहार्दपूर्ण व्यवहार अपनाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र यादव, प्रभारी कांवड़ सेल रवेन्द्र यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि लाखों शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सुल्तानपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेसमेंट में भारी बारिश के कारण पानी भर गया है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव का एक वीडियो शनिवार दोपहर 2 बजे सोशल मीडिया पर सामने आया। बीते वर्ष बरसात में भी ऐसी समस्याए सामने आई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रियंक वर्मा ने बताया कि भारी बारिश के चलते बेसमेंट और विशेषकर लिफ्ट के डक्ट में पानी जमा हो गया है, जिससे लिफ्ट अचानक ठप हो गई है। पानी निकालने का काम तेजी से जारी है। प्रिंसिपल ने उम्मीद जताई कि पानी पूरी तरह साफ होने के बाद लिफ्ट की ग्रीसिंग की जाएगी और इसे शाम तक दोबारा चालू कर दिया जाएगा। भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए लिफ्ट और बेसमेंट के आसपास शेड लगाने की योजना बनाई जा रही है। एक्स-रे सेवाओं पर जलभराव का कोई असर नहीं शनिवार को अल्ट्रासाउंड सुविधा न मिलने की शिकायत पर प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण मेडिकल कॉलेज में हफ्ते में केवल 4 दिन (सोमवार से गुरुवार) ही अल्ट्रासाउंड होता है। शुक्रवार और शनिवार को डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण यह सेवा बंद रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि एक्स-रे सेवाओं पर जलभराव का कोई असर नहीं पड़ा है। गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर में 819 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था, जिसमें यह राजकीय मेडिकल कॉलेज भी शामिल था। उद्घाटन के बाद हुई इस बारिश ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण में संभावित कमियों को उजागर किया है।
सीकर में मानसून के सीजन में भी मई महीने जैसी गर्मी पड़ रही है। बादलों की वजह से उमस का असर है, लेकिन आज हवाएं भी चल रही हैं। सीकर समेत शेखावाटी इलाके में अभी मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार है। पिछले साल के मुकाबले इस साल मानसून का असर पूरी तरह कमजोर है। मौसम विभाग के अनुसार, बरसाती हवाएं सीकर-शेखावाटी में एंट्री करने से पहले ही कमजोर पड़ गईं। सामान्य से 50% कम हुई बारिश, अगले 4 दिन राहत नहीं सीकर समेत शेखावाटी इलाके में अभी तक सामान्य से 50% कम बारिश हुई है। सीकर के मौसम में आज हल्की नमी और उमस महसूस की गई। बीती रात हवाएं नहीं चलने से न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। आज सुबह से सीकर जिले के कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए हुए हैं और उमस बढ़ने से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सीकर में अगले 4 दिन तक बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। 15 जुलाई के बाद ही बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में एंट्री करने के बाद से बरसाती हवाओं की स्पीड कम हो गई है। सीकर के ऊपर एयर प्रेशर (वायुदाब) बार-बार बदल रहा है। सीकर में अब 15 जुलाई के बाद ही बारिश होने का अनुमान है। तब तक बारिश की कमी और तेज धूप की वजह से उमस और बढ़ेगी। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार सीकर में औसत बारिश दर्ज की जाएगी। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री दर्ज सीकर के तापमान की बात करें तो, सीकर जिले के फतेहपुर में स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सीकर में आज धूप की तल्खी के साथ ही उमस भी बढ़ी हुई है और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अयोध्या के रुदौली ब्लॉक मुख्यालय पर शनिवार, 11 जुलाई 2026 शनिवार दोपहर बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने 36 नवचयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। साथ ही, 209 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन और लगभग 50 कुपोषित बच्चों को पोषण किट भी प्रदान की गईं। विधायक ने नवचयनित सहायिकाओं को उनकी सेवा की जिम्मेदारी सौंपते हुए बधाई दी। उन्होंने बताया कि ये स्मार्टफोन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ऑनलाइन डाटा फीडिंग के लिए दिए गए हैं। इस अवसर पर विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को सरकार का लक्ष्य बताया। विधायक ने जोर दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल योजनाओं के वितरण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने और स्वस्थ पीढ़ी तैयार करने के केंद्र हैं। उन्होंने नवचयनित सहायिकाओं से ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक पोषण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। कुपोषित बच्चों को पोषण किट वितरित करते हुए अभिभावकों को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक किया गया। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार तकनीक के इस्तेमाल से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ा रही है। स्मार्टफोन मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों का विवरण, पोषण संबंधी जानकारी और विभागीय प्रगति को समय पर ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगी, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा। इस कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, नवचयनित सहायिकाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सीतापुर में नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने और जन-सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार दोपहर करीब 4 बजे जिलाधिकारी राजागणपति आर. एवं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तहसील बिसवां क्षेत्र के ग्राम म्योंडी छोलहा एवं श्रीरामपुरवा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शारदा नदी के किनारे सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे स्टड निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि नदी के कटान से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश भी दिए। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति, संभावित समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा तथा राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने भी मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को बाढ़ के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग विशाल पोरवाल, उपजिलाधिकारी बिसवां आकांक्षा गौतम सहित सिंचाई, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रवास के दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में निर्माणधीन परियोजनाओं की प्रगति के बारे में पूछा और कहा कि सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय से पूरा किया जाए। उन्होंने बाढ़ बचाव कार्यों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून में शहर में जलभराव किसी कीमत पर न होने पाए। नालियों एवं बड़े नालों की अच्छे से सफाई कर लें। सुबह जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री कुशीनगर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद गोरखपुर वापस आए। CM बोले- नालों की सफाई कर ली जाए गोरखपुर आने के बाद गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, जीडीए, नगर निगम, बिजली, सेतु निगम आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने एक-एक कर विकास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून का समय है। ऐसे में शहर में जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। सभी बड़े नालों की सफाई करा ली जाए। गोड़धोइया नाला जहां तैयार नहीं हो पाया है, वहां भी जलनिकासी के लिए मार्ग बना दिया जाए। शहर के बड़े हिस्से का पानी यहां से निकलेगा। सीएम को नगर निगम की ओर से बताया गया कि नालों की सफाई लगभग पूरी कर ली गई है। नालों की सफाई व जल निकासी को लेकर नियमित रूप से निरीक्षण भी किया जा रहा है। सीएम ने बाढ़ बचाव की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी बंधों को सुदृढ़ कर लिया जाए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ बचाव की तैयारी पूरी है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ चौकियों को तैयार रखने का निर्देश दिया। तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई जाए उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर पर नियमित रूप से नजर रखी जाए। तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी जाए। किसी भी दशा में लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर एलीवेटेड फ्लाईओवर की प्रगति के बारे में पूछा। सेतु निगम की ओर से बताया गया कि इसका निर्माण पूरा हो गया है। इसके साथ ही सीएम ग्रिड की परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी ली गई। मानीराम-बालापार रोड, असुरन-पिपराइच रोड, असुरन-चारफाटक रोड, एचएन सिंह चौहारा-हड़हवा फाटक रोड की प्रगति भी पूछी। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। मानसून को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा काम पूरा कर लिया जाए। गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। उन्होंन कहा कि वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इन परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा करें और समय-समय पर निरीक्षण भी करें। मुख्यमंत्री ने जीडीए, गीडा के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्हें नया गोरखपुर की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया गया। जहां लाइन लॉस ज्यादा, वहां बरतें सख्ती मुख्यमंत्री ने बिजली निगम की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोगों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति मिलनी चाहिए। प्रयास करें कि फाल्ट न होने पाए। यदि कहीं फाल्ट मिले तो उसे तत्काल दुरुस्त कर लिया जाए। अभियंता लोगों के फोन जरूर उठाएं। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। सीएम ने कहा कि जहां लाइन लॉस ज्यादा है यानी जिन इलाकों में बिजली का उपभोग करने के बाद भी लोग बिल नहीं जमा कर रहे हैं, वहां बिल जमा कराने के लिए सख्ती बरती जाए। वहां सघन अभियान चलाकर चेकिंग की जाए।
पति से विवाद के बाद महिला की मौत:विषाक्त पदार्थ खाया, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद महिला ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (सैफई पीजीआई) में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार देर रात करीब एक बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। पचावली, पोस्ट दतावली निवासी 30 वर्षीय उपासना पत्नी महेंद्र प्रताप सिंह राजपूत का शुक्रवार को पति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सैफई पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग सैफई पीजीआई पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। मृतका की शादी वर्ष 2017 में हुई थी। वह अपने पीछे दो मासूम बेटे, मृदुल और छोटू, को छोड़ गई है। मृतका के भाई का आरोप है कि उसकी बहन की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर जब वे सैफई अस्पताल पहुंचे तो उनकी बहन की मौत हो चुकी थी। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें समय पर घटना की जानकारी भी नहीं दी। हालांकि, उन्होंने अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रावस्ती में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।वहीं जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर जनपद के 28 बाढ़ शरणालयों को आदर्श शरणालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शरणालयों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी क्रम में शनिवार को करीब 2:00 से 3:00 बजे के बीच अपर जिलाधिकारी ललित कुमार ने विभिन्न बाढ़ शरणालयों और राप्ती बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति में शरणालयों में पर्याप्त बिस्तर, पका भोजन, चिकित्सा टीम, साफ-सफाई, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय, मनोरंजन की व्यवस्था तथा बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती अपर्णा यू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। निरीक्षण के दौरान, किसान इंटर कॉलेज, लक्ष्मननगर में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई। इस पर अपर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज, वीरगंज में भी साफ-सफाई बेहतर कराने के निर्देश दिए। इसके बाद, एडीएम ने राप्ती बैराज और वहां स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिशासी अभियंता विकास शिरोमणि और सहायक अभियंता को नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र, लेखपाल सुनील कुमार मिश्र और संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य भी मौजूद रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ से पहले सभी शरणालयों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को कोई परेशानी न हो।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अभय दुबे ने शनिवार को राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम के नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा वर्षों से अर्पित किए गए चंदे और मंदिर में चढ़ाए गए धन में कथित अनियमितताओं ने पूरे देश की धार्मिक आस्था को आहत किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी धर्म या भगवान श्रीराम के विरुद्ध नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और जवाबदेही के पक्ष में खड़ी है। इसलिए इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि देश के सामने सच्चाई आ सके।शनिवार को प्रो. अभय दुबे मेरठ पहुंचे यहां उन्होंने पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। देशभक्त जानना चाहते हैं कि राममंदिर का चंदा कहां गया? प्रो. अभय दुबे ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति, मर्यादा और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और सामान्य श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई, गहने, बचत और आस्था के साथ मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने लगभग तीन दशकों तक भगवान श्रीराम के नाम पर देशभर में अभियान चलाया और इसी आंदोलन के आधार पर राजनीतिक लाभ प्राप्त किया। आज वही करोड़ों रामभक्त यह जानना चाहते हैं कि भगवान श्रीराम के नाम पर एकत्र किया गया चंदा और मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया धन आखिर किसके संरक्षण में कथित रूप से लूटा गया।जनता अपने सवालों के जबाव चाहती है अभय दुबे ने कहा कि पूरे देश की जनता तीन प्रश्नों का उत्तर चाहती है। पहला, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ, तो इस कथित घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा? दूसरा, यदि सब कुछ पारदर्शी और नियमों के अनुसार था तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए?तीसरा, यदि किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हुई, तो सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच से सरकार और ट्रस्ट को डर किस बात का है?उन्होंने कहा कि सरकार को इन सवालों का जवाब देश की जनता को देना चाहिए। प्रधानमंत्री आखिर कब इस मुद्दे पर बोलेंगेअभय दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक ढांचे में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका रही है। ऐसे में यदि गंभीर आरोप सामने आए हैं तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं देश के सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई। मेरठ की दलित बेटी का मामला भी उठायाप्रेस वार्ता के दौरान अभय दुबे ने मेरठ में दलित समाज की युवती की हत्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध और दलित उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाथरस, उन्नाव और लखीमपुर खीरी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब मेरठ की दलित बेटी की हत्या ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बेगुनाहों पर भी मुकदमे किए गएउन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जब कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया तो प्रशासन ने आवाज़ दबाने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान सहित अन्य कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि किसी दलित बेटी के लिए न्याय की मांग करना अपराध नहीं हो सकता। कांग्रेस पार्टी हेमंत प्रधान और सभी आंदोलनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है तथा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। सीटों का फैसला आपसी सहमति से होगाप्रेस वार्ता के दौरान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अभय दुबे ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी मजबूती के साथ बना हुआ है और आगामी विधानसभा चुनाव भी सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। गठबंधन में कोई किसी को सीटें देता या लेता नहीं है, बल्कि सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान, संवाद और सहमति के आधार पर निर्णय लेते हैं।उन्होंने कहा कि समय आने पर गठबंधन की समन्वय समिति सभी दलों से बातचीत कर सीटों का अंतिम फैसला करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल भाजपा को सत्ता से हटाने के साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं और सीटों का निर्धारण भी इसी भावना के अनुरूप होगा। ये रहे मौजूदप्रेस वार्ता का संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने किया, जबकि महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा कार्यक्रम के संयोजक रहे। बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र स्थित राधा नगर से एक पल्सर बाइक चोरी हो गई है। यह घटना घर के बाहर खड़ी बाइक का लॉक तोड़कर अंजाम दी गई। चोरी की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चिकलिया निवासी अनिल गिरवाल ने बताया कि वे दूध का व्यवसाय करते हैं। शुक्रवार को वे अपने काम से निकले थे और अपनी पल्सर बाइक राधा नगर स्थित अपने दोस्त के घर के बाहर खड़ी की थी। देर रात लौटने पर उन्हें बाइक वहां नहीं मिली। लॉक तोड़कर ले गए बदमाश आसपास तलाश करने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन बदमाश बाइक का लॉक तोड़कर उसे ले जाते हुए दिखाई दिए। अनिल गिरवाल के अनुसार, चोरी हुई पल्सर बाइक की कीमत लगभग 1.50 लाख रुपए है। इस घटना के बाद उन्होंने नौगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। नौगांव थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फुटेज में दिख रहे आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुट गई है।
कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर गांव स्थित एक मजार पर कथित धर्मांतरण के आरोप में चार मौलवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शनिवार को चंदन कुमार की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले 9 जुलाई को बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता शहजादपुर स्थित मजार पर पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने वहां कथित लव जिहाद और धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मजार पर तोड़फोड़ भी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और पूछताछ के लिए मजार पर मौजूद चार मौलवियों को हिरासत में लिया था। बाद में पूछताछ के उपरांत उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सिराथू तथा राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ता भी अपनी शिकायत लेकर कोखराज थाने पहुंचे थे। बजरंग दल के जिला संयोजक धीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उनकी टीम पिछले छह माह से मजार पर कथित धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। शिकायतकर्ता चंदन कुमार ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि करीब दो माह पहले वह अपनी व्यक्तिगत समस्या के समाधान के लिए शहजादपुर स्थित सलारहाथन बाबा की मजार पर गए थे। वहां उनसे 500 रुपये लेकर झाड़-फूंक किया गया और एक बोतल पानी दिया गया। तहरीर के अनुसार, 9 जून को दोबारा मजार पहुंचने पर वहां मौजूद चार मौलवियों ने उनसे 5,000 रुपये की मांग की और कथित रूप से कहा कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान तभी होगा, जब वह इस्लाम धर्म स्वीकार करेंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें कलमा पढ़ने, उर्दू सीखने और अन्य धार्मिक प्रक्रियाएं अपनाने के लिए भी कहा गया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी हिंदू संगठनों को दी। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी
संतकबीरनगर में दो अलग-अलग हादसों में दो की मौत:सड़क दुर्घटना और ट्रेन की चपेट में आने से गई जान
संतकबीरनगर जिले में दो अलग-अलग हादसों में दो अज्ञात व्यक्तियों की मौत हो गई। एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में जान गई, जबकि दूसरे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई। पुलिस दोनों शवों की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। शनिवार को दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया। पहली घटना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में रात करीब नौ बजे हुई। पुलिस को सूचना मिली कि नवीन सब्जी मंडी के आगे गौरापार मोड़ के पास एक लगभग 35 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति पैदल जा रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस इस मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान कर परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दूसरी घटना रात करीब दस बजे मीरगंज रेलवे ट्रैक पर हुई। पीआरबी 6002 को सूचना मिली कि ओएचई पोल संख्या 544/16 और 544/18 के बीच डाउन लाइन के उत्तरी हिस्से में एक लगभग 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद शव को पहचान और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश दुबे ने बताया कि दोनों मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कर विभाग की अपील पर व्यापारियों ने चाइनीज मांझे की बिक्री न करने का भरोसा दिया है। विभाग ने चाइनीज, सिंथेटिक और सीसा लेपित मांझे के निर्माण, विक्रय और उपयोग को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए एक व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया था। यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर 3 बजे राज्य कर विभाग के कार्यालय स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य शासन एवं राज्य कर मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में हानिकारक मांझे के प्रचलन पर रोक लगाना था। बैठक में अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर मेरठ जोन, मेरठ हरीराम, अपर आयुक्त ग्रेड-2 (वि०अनु०शा०) राज्य कर मेरठ जोन सुशील कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) राज्य कर सम्भाग-बी अनीता गर्त्याल, संयुक्त आयुक्त राज्य कर संजय कुमार सिंह, उपायुक्त राजेश सिंह, सीमा सिंह, प्रतिभा सिंह, सचिन कुमार सहित अन्य खण्डाधिकारी उपस्थित रहे। व्यापारी वर्ग से रवि मनचन्दा (संगम ट्रेडर्स), अविनाश शर्मा, अंकुर जैन, प्रदीप शाह, नरेन्द्र दधीचि (अन्नपूर्णा हैण्डलूम), विपिन शर्मा (सर्वश्री पुष्प यार्न नेटस् मेकर), मो. काशिफ और मो० शहजाद जैसे धागा कारोबारी कार्यक्रम में शामिल हुए। संवाद कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त अरूण कुमार पाण्डेय और सहायक आयुक्त अम्बुज सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर कारोबारी अविनाश शर्मा (मयंक ट्रेडर्स) और मो० शहजाद (टी.एस. इण्डस्ट्रीज) ने व्यापार के सामान्य क्रम में आने वाली समस्याओं को उठाया और उनके निदान का अनुरोध किया। अपर आयुक्त ग्रेड-2 एस.आई.बी. सुशील कुमार सिंह ने मौके पर ही कारोबारियों की विभिन्न समस्याओं का उचित समाधान किया। विभाग ने व्यापारियों को चाइनीज मांझा/सिंथेटिक मांझा/सीसा लेपित डोरी के उपयोग से हो रही जनहानि के संबंध में जागरूक किया। व्यापारियों ने बताया कि वे चाइनीज मांझा/सिंथेटिक मांझा/सीसा लेपित डोरी की खरीद-बिक्री अथवा निर्माण का कार्य नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सिंथेटिक/चाइनीज धागे का अधिकतम संव्यवहार ई-कॉमर्स के माध्यम से उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है। उपायुक्त प्रशासन रंजीत रमन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में रचनात्मक प्रयास किए। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ।
लखनऊ में आरबीएल बैंक की इंदिरानगर शाखा के ब्रांच मैनेजर मलय मोहन ने डॉक्टर दंपती पर फर्जी ट्रस्ट डीड के जरिए बैंक खाते खुलवाने, रुपए के लेनदेन में गड़बड़ी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मैनेजर ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर कोर्ट की मदद ली। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। ब्रांच मैनेजर मयल मोहन ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि साल 2022 में हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थाओं हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सफेदाबाद (बाराबंकी) और हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अटरिया (सीतापुर) के नाम से आरबीएल बैंक की इंदिरानगर ब्रांच में खाते खोले गए थे। खाते खोलते समय डॉ. अमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी ऋचा मिश्रा ने खुद को ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए ट्रस्ट डीड और अन्य केवाईसी दस्तावेज जमा किए थे। जांच में ट्रस्ट डीड फर्जी होने का दावा बैंक मैनेजर का आरोप है कि मार्च 2026 में कैसरबाग थाने में दर्ज गबन के मुकदमें की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने ट्रस्ट के खातों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद बैंक ने सभी खातों को 'नो-डेबिट' कर दिया। बाद में ट्रस्ट की मूल डीड का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि बैंक में जमा कराई गई ट्रस्ट डीड कूटरचित थी। मूल ट्रस्ट डीड में सात ट्रस्टी थे, जबकि बैंक में जमा दस्तावेज में केवल डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा को ही ट्रस्टी दिखाया गया था। फोन पर जान से मारने की धमकी का आरोप मलय मोहन का कहना है कि खातों पर रोक लगाए जाने से नाराज डॉ. अमोद कुमार सचान ने 17 मार्च की रात फोन कर खाते तुरंत चालू करने का दबाव बनाया। बैंक की असमर्थता जताने पर उन्होंने अपशब्द कहे और परिवार सहित जान से मारने, लखनऊ में न रहने देने तथा नौकरी नहीं करने देने की धमकी दी। साक्ष्य के लिए बैंक मैनेजर के पास बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप मलय मोहन का कहना है कि उन्होंने गाजीपुर थाने और बाद में पुलिस आयुक्त को भी लिखित शिकायत भेजी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। जिसके आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। 94 करोड़ तक घोटाले की जानकारी हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज फाउंडर ट्रस्टी बृज किशोर सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने बताया कि हम लोग को जब जानकारी हुई बैंक के खातों में कुछ गड़बड़ी चल रही है। इस पर बैंक में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि हमारी ओरिजनल डीड फोर्ज करके एक नकली डीड तैयार की गई। जिसमें सिर्फ डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा हैं, उसी के द्वारा सारे बैंक का संचालन हो रहा है। इस तरह कॉलेज का बहुत सारा पैसा अर्नगल व पर्सल चीजों में खर्च किया गया है। पुलिस ने जो कोर्ट में लिखकर दिया है, उसमें 94 करोड़ तक की फ्रॉड की जानकारी मिली है। लेकिन ये मामला 600 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। फ्रॉड के बाद से कोई संपर्क नहीं किया। बस दावा करते हैं कि कॉलेज उनका है। कैसरबाग पुलिस ने सारे साक्ष्य जुटा लिए हैं। अब पता नहीं कार्रवाई में देर क्यों हो रही है। मामले में थाना प्रभारी गाजीपुर का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन दक्षिण क्षेत्र के निवासियों और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के छात्रों को जल्द ही एक नई स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय परिसर में 50 बिस्तरी आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। यह अस्पताल आयुर्वेद, पंचकर्म वेलनेस सेंटर, ओपीडी और आईपीडी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। यह प्रदेश का पहला आयुष अस्पताल होगा जो किसी विश्वविद्यालय परिसर के भीतर संचालित होगा। इस पहल से उज्जैन दक्षिण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने अस्पताल निर्माण के लिए आयुष विभाग को लगभग दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दोनों संस्थाओं के बीच इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। 24 घंटे मिलेगा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ कुलपति प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देश और कार्य परिषद की सहमति के बाद लिया गया है। अस्पताल के निर्माण से विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाले 800 से अधिक छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों और आसपास के नागरिकों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह प्रदेश का पहला आयुष चिकित्सालय होगा जो किसी विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थापित और संचालित होगा। चिकित्सालय में आयुर्वेद, पंचकर्म वेलनेस सेंटर, ओपीडी और आईपीडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें 50 बिस्तरों की भर्ती सुविधा भी होगी, जिससे गंभीर रोगियों को भर्ती कर बेहतर उपचार प्रदान किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को निःशुल्क ओपीडी सुविधा का लाभ मिलेगा। भूमि का चयन हो चुका, निर्माण जल्द शुरू होगा जिला आयुष अधिकारी डॉ. मनीषा पाठक ने जानकारी दी कि भूमि का चयन कर लिया गया है और निर्माण प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। आयुष विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है, और निर्माण कार्य को लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अस्पताल न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और दक्षिण क्षेत्र के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि सिंहस्थ महापर्व 2028 के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र साबित होगा। आयुष विभाग द्वारा संचालित यह चिकित्सालय आयुर्वेद आधारित उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
पलवल में छत से गिरकर युवक की मौत:मोबाइल फोन पर बात कर रहा, अचानक फिसला पैर, यूपी का रहने वाला
पलवल के ततारपुर गांव में शुक्रवार रात एक युवक की छत से गिरकर मौत हो गई। 30 वर्षीय मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के कन्नौज निवासी अनुप पाल के रूप में हुई है। वह ततारपुर स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था। मृतक के बड़े भाई अवनीश पाल ने बताया कि अनुप शुक्रवार रात करीब दस बजे अपने मकान की छत पर खड़े होकर फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। सिर में आई गंभीर चोट सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अनुप की मौके पर ही मौत हो गई। अवनीश पाल भी उसी कंपनी में काम करता है और दोनों भाई गांव में अलग-अलग किराए के मकानों में रहते थे। सूचना मिलने पर गदपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि मृतक के बड़े भाई के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक हादसे का प्रतीत हो रहा है।
एटा के राजकीय इण्टर कॉलेज (GIC) में शनिवार को ओ-लेवल की ऑफलाइन परीक्षा में देरी से पहुंचे लगभग 50 परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों को केंद्र के द्वार पर ही रोक दिया गया, जिससे वे परीक्षा देने से वंचित रह गए। परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए छात्रों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। परीक्षार्थियों ने प्रवेश के लिए गुहार लगाई, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। नियमों के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 50 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना था और 20 मिनट पहले द्वार से प्रवेश करना था। हालांकि, कुछ परीक्षार्थियों का आरोप है कि वे सुबह 9:30 बजे तक केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन थोड़ी देरी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश न मिलने से कई छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने की आशंका है। पीड़ित छात्रों ने शिक्षकों और अधिकारियों से मिन्नतें कीं, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। कुछ छात्रों ने एटा के जिलाधिकारी से भी इस संबंध में गुहार लगाई। रामनगर, एटा की निवासी पिंकी नामक एक छात्रा ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई थी, फिर भी उसे प्रवेश नहीं मिला। कुल मिलाकर, लगभग 50 बच्चे परीक्षा देने से वंचित रह गए।
बरेली में 5.84 किलो डोडा छिलका बरामद:उत्तराखंड सप्लाई से पहले तस्कर गिरफ्तार
बरेली पुलिस ने शनिवार को उत्तराखंड में डोडा छिलका की सप्लाई करने जा रहे एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 5 किलो 840 ग्राम डोडा छिलका बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने सिठौरा से सराय तल्फी रोड पर बिजलीघर के पास तिराहे पर घेराबंदी की। यहीं से कुलदीप यादव (23) को पकड़ा गया। कुलदीप यादव बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र के ग्राम धनौरा का निवासी है और वर्तमान में बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के रविन्द्र नगर में रहता है। पूछताछ के दौरान आरोपी कुलदीप यादव ने स्वीकार किया कि वह डोडा छिलका उत्तराखंड में सप्लाई करता है। बरामद किया गया माल भी वह बेचने के उद्देश्य से ही ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुभाषनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कुलदीप यादव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी और अन्य गंभीर धाराओं में पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और नशे की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
क्लास 9 से 12 में 25 जुलाई तक होंगे एडमिशन:लास्ट डेट में बदलाव किया; आठवीं तक पूरे साल होंगे एडमिशन
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई से बढ़ाकर अब 25 जुलाई कर दी है। यह निर्णय नामांकन बढ़ाने और अनामांकित और ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को दोबारा स्कूलों से जोड़ने के उद्देश्य से लिया गया है। हर साल शिक्षा विभाग में एडमिशन की लास्ट डेट में परिवर्तन करता है। कई बार तो सितम्बर महीने तक एडमिशन होते रहते हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक प्रवेश पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान जारी रहेंगे, जबकि कक्षा 9 से 12 के लिए अब 25 जुलाई तक प्रवेश दिए जा सकेंगे। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश अभियान में तेजी लाकर अधिक से अधिक स्टूडेंट्स का नामांकन सुनिश्चित करें। आठवीं तक पूरे साल होंगे एडमिशन राजस्थान में शिक्षा विभाग आठवीं तक के स्कूल में पूरे साल एडमिशन की छूट देता है। इस बार भी ये छूट लागू रहेगी। दरअसल, आठवीं तक के स्कूलों पर शिक्षा का अधिकार कानून तक एडमिशन होते हैं। उम्र आधारित एडमिशन के कारण भी पूरे साल प्रवेश चालू रहते हैं। बोर्ड के फॉर्म भी भरे जा रहे उधर, इस बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं के एग्जाम फॉर्म भरे जा रहे हैं। छह अगस्त तक फॉर्म भरे जाने हैं। बड़ी संख्या में स्कूलों में सीबीएसई से भी स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है। ये स्टूडेंट्स अब तक अपना एडमिशन फॉर्म ही पूरा नहीं करवा पाए हैं। ऐसे में लास्ट डेट में संशोधन किया गया है।
मेरठ एसएसपी पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल:पूर्व बार महामंत्री ने की मुकदमा दर्ज करने की मांग
मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडे के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी का एक वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में पूर्व बार एसोसिएशन महामंत्री एडवोकेट रामकुमार शर्मा ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह वीडियो चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद सामने आया है। वायरल वीडियो में एसएसपी के साथ-साथ उनके परिवार के बारे में भी आपत्तिजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। रामकुमार शर्मा ने अपनी तहरीर में कहा है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है और समाज में गलत संदेश देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे वीडियो माहौल खराब करने और समाज को बांटने की कोशिश हैं। तहरीर के अनुसार, इंस्टाग्राम पर वायरल इस वीडियो में बोलने वाला व्यक्ति खुद को बरेली का निवासी बता रहा है। वीडियो में एसएसपी अविनाश पांडे और उनके परिवार के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। सिविल लाइन थाना प्रभारी सौरभ शुक्ला ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हो गई है। वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है और वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में तथ्य सही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर माध्यमों से वीडियो की सत्यता और उसके स्रोत की भी पड़ताल कर रही है।
झांसी में सीढ़ियों से गिरकर युवक की मौत:छत पर कपड़े उठाने गया था, 7 साल पहले पत्नी की भी मौत हो चुकी
झांसी में छत की सीढ़ियों से गिरकर एक युवक की माैत हो गई। वह नशे में छत पर कपड़े उठाने गए थे, तभी गिर गए। परिजन स्थानीय क्लीनिक ले गए। वहां सिर में टांके लगने के बाद परिजन घायल को घर ले आए। शनिवार सुबह लगभग 9 बजे वह बिस्तर पर बेहोश पड़े थे, तब परिजन आनन फानन में मेडिकल कॉलेज लेकर आए। डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस शव कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है। पूरा मामला टोड़ी फतेहपुर कस्बे का है। 7 साल पहले पत्नी की मौत हो गई थी मृतक का नाम रामकिशोर यादव (45) पुत्र मुरलीधर यादव था। वह टोड़ी फतेहपुर कस्बे के टोड़ी मोहल्ले के रहने वाले थे। मृ़तक के चचेरे भाई सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- मेरा भाई रामकिशोर खेती किसानी करता था। उसकी दो बेटी साक्षी (16), सृष्टि (12) और एक बेटा वेद (8) है। तीनों बच्चे पढ़ रहे हैं। रामकिशोर की पत्नी मंजू की 7 साल पहले मौत हो गई थी। तब वेद मात्र 6 महीने का था। रामकिशोर और परिवार वालों ने ही तीनों बच्चों को पाला। नशे में सीढ़ियों से गिर गया सुरेंद्र ने आगे बताया- शुक्रवार रात को मेरा चचेरा भाई रामकिशोर नशा किए था। छत पर कपड़े उठाने गया था। नशे की वजह से पैर फिसल गया और वह सीढ़ियों से नीचे गिर गया। सिर में चोट होने की वजह से वह गंभीर घायल हो गया। हम लोग उसे स्थानीय क्लीनिक ले गए। जहां पर डॉक्टर ने टांके लगा दिए। इसके बाद उसे घर ले आए। यहां पर वह कमरे में सो गए। आज सुबह 9 बजे देखा तो रामकिशोर बेसुध पड़े थे। आनन फानन में मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
महोबा में पुलिस मुठभेड़, 17 मुकदमों का अपराधी घायल:अंतर्जनपदीय गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार, 1 साथी फरार
महोबा में पुलिस और अंतर्जनपदीय बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 17 मुकदमों का शातिर अपराधी विपिन गेहार गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इन बदमाशों ने तीन दिन पहले एक ई-रिक्शा सवार से 50 हजार रुपये की चोरी की थी। यह मुठभेड़ शहर कोतवाली क्षेत्र के करिया पठवा के पास चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विपिन गेहार के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल विपिन गेहार को तुरंत महोबा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से कमल गेहार और पिंकिल नामक दो अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया। हालांकि, उनका एक साथी करन कंजर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस को यह सफलता अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मिली है। दरअसल, 7 जुलाई को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सरवई निवासी महेश्वरदीन गुप्ता से ई-रिक्शा में सफर के दौरान जेब काटकर 50 हजार रुपये चुरा लिए गए थे। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने मामले के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की चार संयुक्त टीमें गठित की थीं। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात इन्हीं टीमों द्वारा करिया पठवा के पास सघन चेकिंग की जा रही थी, तभी अपाचे मोटरसाइकिल पर चार संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग अंतर्जनपदीय वारदातों को अंजाम देता था।
जालौन में जिला प्रशासन के सहयोग से अनुरागिनी संस्था द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, छौक में शनिवार को 'स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में छात्राओं को संतुलित आहार अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा लोधी ने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित बेटियां ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहते हुए संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने छात्राओं को जंक फूड, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और शीतल पेयों से दूरी बनाकर हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंकुरित अनाज, दूध, दही, गुड़, चना और मौसमी फलों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता, साफ पेयजल के उपयोग और नियमित हाथ धोने के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम भी हैं। उन्होंने छात्राओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। वहीं महिला कल्याण विभाग की ऋचा द्विवेदी ने छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ रजनी पाल ने एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन, हरी सब्जियों, बाजरा, रागी, दालों तथा विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है। कार्यक्रम के अंत में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत विद्यालय की पोषण वाटिका में अतिथियों ने पौधरोपण किया। इसके बाद मुख्य अतिथि अनुपमा लोधी ने विद्यालय की रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत, खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह, विद्यालय की प्रधानाचार्य स्वाति श्रीवास्तव, वार्डन रेवती कुमारी, शिक्षिकाएं प्रियंका भदौरिया, प्रतिभा द्विवेदी, उपलब्धि दोहोलिया, प्रतिष्ठा श्रीवास्तव, मधुबाला चतुर्वेदी, संस्था के श्याम करन प्रजापति एवं नितिन सैनी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वर्षा विश्वकर्मा ने किया।
वार्ड 32 के बम्बा रोड क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों से जारी पेयजल संकट शनिवार को भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। सुबह कुछ देर के लिए नलों में पानी की आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कई घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंचने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि कई दिनों तक पानी की आपूर्ति बाधित रहने के कारण उन्हें पीने और घरेलू उपयोग के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। महिलाओं को घरेलू कामकाज में परेशानी हो रही है, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। लोगों ने नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है। जल निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) ललित कुमार ने बताया कि नाऊ की सराय स्थित विद्युत आपूर्ति केंद्र से बजरंग नगर और कालिंदी विहार के जलाशयों तक पानी पहुंचाया जाता है। विद्युत विभाग की 11 केवी लाइन में तार टूटने से फॉल्ट आ गया था। गुरुवार को फॉल्ट ठीक करते समय तीनों फ्यूज खराब हो गए, जिससे एचटी पैनल में भी तकनीकी खराबी आ गई थी। जेई ललित कुमार के अनुसार, रात अधिक होने के कारण मरम्मत का कार्य शुक्रवार को पूरा किया गया। इसके बाद रातभर जलाशयों में पानी का भंडारण किया गया और शनिवार सुबह से जलापूर्ति सामान्य कर दी गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन क्षेत्रों से गंदे पानी की शिकायतें मिली हैं, वहां विभागीय टीम भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। यदि कहीं तकनीकी खामी पाई जाती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों नदियां अभी भी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार का खतरा नहीं है। शनिवार सुबह यमुना नदी का नैनी गेज पर जलस्तर 71.48 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं गंगा नदी के फाफामऊ गेज पर जलस्तर 76.24 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर बढ़ा है। इस क्षेत्र में 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर छतनाग गेज पर गंगा का जलस्तर 71.04 मीटर रहा, जहां पिछले 24 घंटे में 22 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां बारिश नहीं हुई। प्रशासन स्थिति पर बनाए हुए नजरप्रशासन का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि के बावजूद सभी गेजों पर नदी का स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और नदी किनारे रहने वाले लोगों से प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
बदायूं में शुक्रवार रात 9 बजे बेटे ने बुजुर्ग पिता की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने बेटे और उसके एक दोस्त के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। बुजुर्ग के नाती ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात की वजह रुपयों का लेनदेन बताया जा रहा है। घटना के समय बुजुर्ग अपनी चारपाई पर खाना खा रहे थे। पिता से रुपए मांगे थेघटना बिनावर थाना क्षेत्र के ब्यौर गांव की है। गांव निवासी 75 वर्षीय राधेलाल ने शुक्रवार को अपनी फसल बेची थी, जिससे उन्हें लगभग 1.20 लाख रुपये मिले थे। राधेलाल के बेटे ऐवरन को इसकी जानकारी हुई तो उसने पिता से 35 हजार रुपये मांगे। ऐवरन ने बताया कि उसे स्वयं सहायता समूह से लिए गए कर्ज की किश्त (जो 10 जुलाई को देय थी) और कुछ निजी खर्चों के लिए रुपयों की आवश्यकता थी। राधेलाल ने रुपये देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ऐवरन नाराज होकर घर से चला गया। शराब के नशे में हत्या कीरात करीब 9 बजे ऐवरन अपने दोस्त राकेश पुत्र भानू के साथ शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। उस समय राधेलाल बरामदे में अपनी चारपाई पर बैठकर खाना खा रहे थे। घर में घुसते ही ऐवरन ने फिर से राधेलाल से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने फिर इनकार कर दिया। इस पर ऐवरन ने गालीगलौज शुरू कर दी। परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए और ऐवरन को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान ऐवरन ने वहां रखी कुल्हाड़ी उठाई और राधेलाल पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जब आरोपी कुल्हाड़ी लेकर परिजनों पर हमलावर हुए, तो परिवार के सदस्य पीछे हट गए और दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। देर रात सीओ सिटी राहुल पांडेय ने घटनास्थल का मुआयना किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। सीओ सिटी ने बताया कि दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हरदा के टिमरनी में अमृत 2.0 योजना के तहत वार्ड क्रमांक 10 में स्वीकृत पार्क को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। नगर परिषद उपाध्यक्ष राजा कौशल और वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद सुधीर गौर ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए पार्क का निर्माण मूल स्वीकृत स्थल पर ही कराने की मांग की है। दोनों जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह पार्क केवल वार्ड क्रमांक 10 ही नहीं, बल्कि वार्ड 8 और 9 के हजारों रहवासियों के लिए भी जरूरी है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में बच्चों के खेलने, महिलाओं के टहलने और बुजुर्गों के स्वास्थ्य लाभ के लिए कोई सार्वजनिक पार्क उपलब्ध नहीं है। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। जनरल काउंसिल के फैसले का हवाला राजा कौशल और सुधीर गौर ने बताया कि नगर परिषद की जनरल काउंसिल में सर्वसम्मति से वार्ड क्रमांक 10 में पार्क निर्माण का निर्णय लिया गया था। उनका आरोप है कि बाद में इसे पीआईसी (President-in-Council) की बैठक में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दोनों जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में अब पार्क प्रस्तावित किया जा रहा है, वह पहले से विकसित कॉलोनी है और वहां पार्क सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। जबकि वार्ड 8, 9 और 10 के लोग अब भी इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। ऐसे में जरूरत वाले क्षेत्र से पार्क हटाना जनहित के खिलाफ है। निर्णय वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी नगर परिषद उपाध्यक्ष और पार्षद ने नगर प्रशासन व शासन से पार्क स्थानांतरण के निर्णय की निष्पक्ष जांच कराने और अमृत 2.0 योजना के तहत स्वीकृत पार्क का निर्माण मूल स्थल, वार्ड क्रमांक 10 में ही कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनहित की अनदेखी की गई तो क्षेत्रवासियों के साथ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।
देवघर के जसीडीह रेलवे स्टेशन पर एक हादसे में धनबाद के एक युवक का दाहिना पैर कट गया। युवक ट्रेन में चढ़ने के दौरान संतुलन खो बैठा। गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है। घायल युवक की पहचान बलियापुर थाना क्षेत्र के आमटाल निवासी लक्ष्मण सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि पूरा परिवार जसीडीह में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। शुक्रवार को समारोह से लौटते समय लक्ष्मण सिंह चलती ट्रेन में चढ़ रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनका दाहिना पैर कट गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) धनबाद लाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए शनिवार को रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। घायल की चाची रुक्मणी देवी ने बताया कि लक्ष्मण सिंह पेशे से राजमिस्त्री हैं और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य हैं। इस हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर शनिवार को जालोर जिले में पांच प्रमुख स्थानों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर छात्र शक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जिला संयोजक देवराज गर्ग मिठड़ी ने बताया कि जिले के जालोर, आहोर, भाद्राजून, सायला सहित पांच केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में विभिन्न पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। जालोर के मुख्य कार्यक्रम में जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग एवं प्रांत सहमंत्री विजय शर्मा, आहोर में प्रांत कार्यसमिति सदस्य दीपू चौहान, भाद्राजून में नगर उपाध्यक्ष गिरीश बोहरा तथा सायला में जिला प्रमुख गिरीराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एबीवीपी के 78 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, छात्र हितों के लिए किए गए संघर्षों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों और राष्ट्रीय मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापकों एवं शिक्षकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभी केंद्रों पर अनुशासन, राष्ट्रभक्त और संगठनात्मक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। अंत में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सभी अतिथियों, छात्र-छात्राओं एवं गुरुजनों का आभार व्यक्त किया।
पलवल जिला साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आलीमेव गांव निवासी रिहान फजल के रूप में हुई है। वह फेसबुक पर सस्ते एयर कंडीशनर (एसी) बेचने और ऑल इंडिया होम डिलीवरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत, उनकी टीम के सदस्य रोहित को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मुंडकटी चौक से सेवली की ओर जाने वाले रास्ते पर छापेमारी कर रिहान फजल को हिरासत में ले लिया। मोबाइल और फर्जी सिम बरामद तलाशी के दौरान आरोपी के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए। इन मोबाइलों की जांच में फेसबुक पेज और व्हाट्सएप अकाउंट खुले मिले, जिनके जरिए वह ग्राहकों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाता था और रकम मिलने के बाद पीड़ितों से संपर्क तोड़ देता था। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइलों के रिकॉर्ड और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की जांच से कई अन्य शिकायतों और ठगी गई रकम का भी खुलासा हुआ है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में व ठगी गई राशि की बरामद की जा सके।
सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए 95 हिंदू जोड़ों के विवाह की रस्मों पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शादी में सात फेरे और हवन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जिससे कई नवविवाहित जोड़ों ने असंतोष व्यक्त किया है। यह आयोजन शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान में हुआ, जिसमें कुल 151 जोड़ों का विवाह कराया गया। मंच पर सांसद, विधायक, नेता प्रतिपक्ष, जिलाधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। नवविवाहित जोड़ों को उपहार दिए गए और वधुओं के खातों में 64-64 हजार रुपये डीबीटी से भेजने की जानकारी दी गई। आयोजन में शामिल कुछ वर-वधुओं ने बताया कि विवाह के दौरान सात फेरे नहीं कराए गए। कुछ ने फेरे न होने की बात कही, तो कहीं महज एक फेरा कराकर रस्म पूरी कर दी गई। आयोजन स्थल पर हवन कुंड बनाए गए थे, लेकिन कई जोड़ों के सामने न तो अग्नि जलाई गई और न ही अग्नि के चारों ओर सात फेरे कराए गए। सामूहिक विवाह में शामिल वधू विद्या ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, मंत्र पढ़ाए गए, सिंदूर लगाया गया और जयमाल कराई गई, लेकिन फेरे नहीं हुए। शादी में सात फेरे होने चाहिए और हवन कुंड जलना चाहिए, ऐसा कुछ नहीं हुआ। शोहरतगढ़ क्षेत्र के वर नरेंद्र कुमार ने भी बताया कि सिंदूरदान तो हुआ, लेकिन सात फेरे नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विवाह की प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई और फेरे की रस्म छोड़ दी गई। वहीं, समारोह में शामिल एक अन्य वधू ने बताया कि जयमाल और सिंदूरदान की रस्म हुई, लेकिन जिस तरह से सामान्य विवाह में हवन के बाद सात फेरे कराए जाते हैं, वैसी प्रक्रिया यहां नहीं हुई। एक अन्य वर ने भी दावा किया कि विवाह की रस्में बहुत कम समय में पूरी करा दी गईं और सात फेरे नहीं कराए गए। 151 जोड़ों की शादी, इनमें 95 हिंदू जिला प्रशासन के मुताबिक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 151 जोड़े विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें हिंदू समुदाय के 95, बौद्ध धर्म के 36 और मुस्लिम समुदाय के 20 जोड़े थे। मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलाना ने पढ़ाया, जबकि बौद्ध जोड़ों का विवाह उनके धर्म के अनुसार कराया गया। हिंदू जोड़ों का विवाह पंडितों के माध्यम से हिंदू रीति-रिवाज से कराने की व्यवस्था की गई थी। अब कुछ हिंदू वर-वधू के बयानों के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर 95 हिंदू जोड़ों में कितने जोड़ों के विधिवत सात फेरे कराए गए? यदि हवन कुंड बनाए गए थे तो उनमें अग्नि प्रज्ज्वलित कर विवाह की रस्म पूरी क्यों नहीं कराई गई? मंच पर सांसद, नेता प्रतिपक्ष और चार विधायक रहे मौजूद कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद जगदम्बिका पाल, नेता प्रतिपक्ष एवं इटवा विधायक माता प्रसाद पाण्डेय, बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह समेत जिला स्तरीय अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजन के लिए अलग-अलग पंक्तियों में प्रभारी अधिकारियों की तैनाती भी की गई थी। 151 विवाह पर 1.51 करोड़ रुपये का प्रावधान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिए जा रहे हैं। 21 हजार रुपये की सामग्री दी गई, जबकि 15 हजार रुपये बारातियों के स्वागत और आयोजन पर खर्च किए गए। इस हिसाब से 151 जोड़ों पर कुल 1 करोड़ 51 लाख रुपये का प्रावधान बनता है। इनमें 96 लाख 64 हजार रुपये वधुओं के बैंक खातों में, 31 लाख 71 हजार रुपये की सामग्री और 22 लाख 65 हजार रुपये स्वागत एवं आयोजन पर खर्च का प्रावधान है। पांच साड़ियां, पंखा, गद्दे और घरेलू सामान दिया नवविवाहित जोड़ों को पांच साड़ी-ब्लाउज, पांच पेटीकोट, कढ़ाईयुक्त चुनरी, पैंट और शर्ट का कपड़ा, गमछा, स्टेनलेस स्टील डिनर सेट, पांच लीटर का कुकर, ट्रॉली बैग, दीवार घड़ी, कड़ाही, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, 10 लीटर का कूल केज, प्रेस, डबल बेड चादर, तकिया कवर, दो कंबल, दो गद्दे और दो तकिए दिए गए। इसके अलावा सिंहोरा, दो दर्जन चूड़ियां, चार कंगन, पांच किलो लड्डू, 500 ग्राम बादाम, 250 ग्राम अखरोट, 250 ग्राम मखाना, 500 ग्राम किशमिश और सूखा नारियल भी दिए जाने की जानकारी प्रशासन ने दी। सांसद ने नौकरी-प्लेसमेंट दिलाने की घोषणा की सांसद जगदम्बिका पाल ने समारोह में नवविवाहित जोड़ों को जिला प्रशासन के माध्यम से नौकरी या प्लेसमेंट दिलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों की बेटियों की शादी की चिंता दूर हुई है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने नवविवाहित वर-वधू को आशीर्वाद दिया। बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने भी योजना की सराहना करते हुए नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। दुलहन बोली- फेरे कराए ही नहीं वधू विद्या का स्पष्ट कहना है कि मंत्र पढ़े गए, सिंदूर लगाया गया और जयमाल कराई गई, लेकिन सात फेरे नहीं हुए। उनके मुताबिक हवन कुंड जलना चाहिए था और सात फेरे होने चाहिए थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। नरेंद्र कुमार ने भी फेरे नहीं कराए जाने की बात कही है। ऐसे में सवाल है कि जब हिंदू जोड़ों के विवाह के लिए हवन कुंड बनाए गए थे तो क्या वे सिर्फ दिखावे के लिए थे? क्या सभी 95 हिंदू जोड़ों के विवाह में सात फेरों की रस्म पूरी कराई गई? अगर नहीं, तो विवाह की प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में क्यों पूरी की गई?
जयपुर के नीरज शर्मा हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा का आरोप है कि प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश के तहत चचेरे भाई रवि उर्फ बलराम ने आयुषी शर्मा (23) को अपने प्रेम जाल में फंसाया था। रवि ने आयुषी को पूरी तरह अपने वश में कर लिया और पहले आयुषी के बीमार पिता विजय शर्मा की हत्या करवाई। इसके बाद घर से चुराए गए गहनों और कैश के दम पर मां (नीरज शर्मा) की हत्या के लिए बदमाशों को सुपारी दी थी। मृतका के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस से इन दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। दरअसल, प्रताप नगर थाना इलाके के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें स्कॉर्पियो से कुचल दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि बेटी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मर्डर प्लान किया था। इसके बाद 7 लाख रुपए की सुपारी देकर मां को स्कॉर्पियो से कुचलवा दिया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नीरज शर्मा के भाई ने लगाए ये 4 आरोप… 1. पुलिस ने शिकायत सुनी होती तो बहन की जान बच सकती थीराकेश शर्मा का आरोप- 1 मार्च 2026 को बहन नीरज शर्मा ने सांगानेर थाने में शिकायत दी थी। पुलिस को घर का ताला तोड़कर कब्जा करने की कोशिश, सोने-चांदी के गहने-कैश और कीमती सामान चोरी होने की बात बताई थी। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। चोरी हुए गहने-कैश का यूज बहन नीरज शर्मा की हत्या के लिए बदमाशों को सुपारी देने में किया गया। पुलिस ने समय रहते शिकायत सुनी होती तो बहन की जान बच सकती थी। 2. विजय शर्मा की संदिग्ध मौत हो सकती है हत्या राकेश शर्मा ने आगे कहा- जीजा विजय शर्मा (नीरज शर्मा के पति) की भी संदिग्ध मौत हुई थी। राजस्थान हाईकोर्ट के कोर्ट मास्टर रहे विजय बीमार हुए थे। ब्रेन ट्यूमर के इलाज के दौरान वह लगातार रिकवर हो रहे थे। इलाज के दौरान बेटी आयुषी और चचेरा भाई रवि उर्फ बलराम उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दिलाकर ले गए। करीब 3 महीने तक उन्हें किसी अन्य जगह रखने के साथ ही परिवार को उनसे मिलने तक नहीं दिया। बार-बार पूछने पर बताया जाता कि विजय हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट हैं। कुछ समय बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। 3. प्रॉपर्टी के लिए रची थी प्लानिंग राकेश शर्मा ने आगे कहा- प्रॉपर्टी हड़पने को लेकर पूरी प्लानिंग रची गई थी। विजय-नीरज अपने परिवार के साथ हंसी-खुशी रहते थे। रवि उर्फ बलराम पढ़ाई में कमजोर और बेरोजगार था। जीजा विजय के पास आने पर उन्होंने उसे LLB की पढ़ाई करवाई। पढ़ाई के दौरान साथ रहने के समय ही बलराम ने प्रॉपर्टी हड़पने की प्लानिंग की। प्रॉपर्टी हड़पने के लिए प्लान के तहत आयुषी को मोहरा बनाकर अपने प्रेमजाल में फंसाया। साल 2025 के लास्ट में आयुषी को बलराम ने पूरी तरह अपने वश में कर लिया था। उसके कहे अनुसार, वह घर पर झगड़ा-गुस्सा करने लगी थी। 4. पहले जूस में जहर देकर हत्या का प्रयास किया था राकेश शर्मा ने दावा किया है कि पिछले एक साल से परिवार से अलग होकर बलराम और आयुषी लिव-इन में रह रहे थे। बलराम ने संपत्ति के लालच में आयुषी की मदद से पहले विजय को मारा। बलराम को लगता था कि विजय की मौत के बाद उनकी सरकारी नौकरी पर आयुषी लग जाएगी। बंटवारा करवाने पर आयुषी के हिस्से आने वाली संपत्ति पर उसका हक हो जाएगा। विजय की मौत के बाद आयुषी के दबाव डालने के बाद भी मां नीरज ने खुद नौकरी ज्वाइन कर ली। पूरी प्लानिंग फेल होने पर नीरज को पहले टॉर्चर करना शुरू किया गया। बलराम-आयुषी ने नीरज को जूस में जहर देकर हत्या का प्रयास किया था। LLB स्टूडेंट होने के कारण दोनों ने पहले की तरह प्लानिंग न बिगड़े, इसलिए हत्या को एक्सीडेंट दिखाने का प्लान बनाया था। जिससे बिना किसी शक के आसानी से सरकारी नौकरी व प्रॉपर्टी हाथ लग जाएगी। आरोपों पर डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- नीरज हत्याकांड में परिवार के लोग शामिल हैं। हत्या में फरार बलराम उर्फ रवि की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। बलराम की अरेस्टिंग के बाद ही सभी पहलुओं से पर्दा उठ सकेगा। पुलिस की ओर से जल्द फरार आरोपी बलराम को अरेस्ट कर सामने आए आरोपों को क्लियर करने का प्रयास किया जा रहा है। … इस मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया मां की हत्या-कराने वाली बोली-नहीं चाहती थी भाई चोटिल हो:राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट में जाकर टक्कर मारी, इसी से हुआ शक
झालावाड़ में विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर एक वर्चुअल सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, संस्थाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभूदयाल मीणा ने झालावाड़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान और उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. अरविंद कुमार नागर को सम्मानित किया। झालावाड़ जिले को राज्य में चौथे स्थान पर रहने के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। समारोह में अंश एड पैरा मेडिकल फाउंडेशन को सर्वश्रेष्ठ गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के रूप में 2 लाख रुपए का पुरस्कार मिला। व्यक्तिगत श्रेणी में सीएचसी भवानीमंडी की एलएचवी आशा वर्मा को प्रथम स्थान के लिए 10 हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त डग पंचायत समिति, सीएचसी चौमहेला, पीएचसी रीछवा और भालता, कुमठिया, सलोतिया और सारोलाकलां ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों व एएनएम को भी सम्मानित किया गया। डॉ. अरविंद कुमार नागर ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले ने महिला नसबंदी, पीपीआईयूसीडी और अंतरा इंजेक्टेबल जैसे परिवार कल्याण कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने कहा कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में चिकित्सा विभाग सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस वर्चुअल कार्यक्रम में राज्य स्तर से मिशन निदेशक, अतिरिक्त मिशन निदेशक, निदेशक आरसीएस और निदेशक जन स्वास्थ्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिला स्तर पर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभु लोधा, जिला कार्यक्रम समन्वयक (आशा, आईईसी, डीएनओ), सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सहित चिकित्सा विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रतलाम शहर के दिलीप नगर में सड़कों की हालात जर्जर व गड्ढा में तब्दील होने के बावजूद मरम्मत नहीं करने पर क्षेत्रवासियों का गुस्सा शनिवार दोपहर फूट पड़ा। नगर निगम के खिलाफ रहवासी सड़कों के बीच गड्ढे में जाकर बैठ प्रदर्शन किया। नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शहर के वार्ड क्रमांक 28 स्थित अर्जुन नगर के रहवासियों का कहना था गड्ढा के कारण आए दिन क्षेत्र में दुर्घटनाएं हो रही है। प्रशासन व संबंधित विभाग के जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे। सड़कों की दुर्दशा के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को निकलने में भारी असुविधा हो रही है। क्षेत्र में कर रखा है अतिक्रमण क्षेत्र में प्लास्टिक, कबाड़ व दोना पत्तल बनाने की फैक्ट्रियों द्वारा सड़कों पर अतिक्रमण करने, क्षेत्र में समय पर सफाई नहीं होने, पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने का विरोध जताया। मौके पर पार्षद प्रतिनिधि रमेश पांचाल भी पहुंचे। लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। बाद में सालाखेड़ी पुलिस चौकी से पुलिस जवान पहुंचे। संबंधित अधिकारी भी आए। रहहवासियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन 2 दिन के अंदर सड़कों की तत्काल मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करे। दो दिन के अंदर सड़कों को दुरुस्त करने का काम धरातल पर शुरू नहीं किया तो फिर उग्र आंदोलन कर चक्का जाम किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। विक्की प्रजापत, यूसुफ मंसूरी, तय्यब चाचा, राजू भाई, अकरम भाई, संतोष भाई, रफीक, मुबारिक थावर, सोहेब, चतुर्भुज, पवन, बाबू खान, ताहिर आदि मौजूद रहे।
गुरुग्राम के सिविल लाइंस स्थित जॉन हॉल में भारतीय युवा कांग्रेस ने गिग वर्कर्स न्याय अभियान के तहत एक सम्मेलन आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में गिग वर्कर्स के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, बीमा, उचित पारिश्रमिक और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश की अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अब उनके अधिकारों की लड़ाई और अधिक मजबूती से लड़ी जाएगी। सामाजिक सुरक्षा गिग वर्कर्स का अधिकार : राव दान सिंह सम्मेलन में पूर्व सीपीएस राव दान सिंह और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। राव दान सिंह ने गिग वर्कर्स को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, बीमा और श्रमिक अधिकार मिलना उनका हक है। इसी दौरान राव दान सिंह ने गुरुग्राम में मानसूनी जलभराव को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की विफलता है, जो सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद लोगों को जलभराव से निजात नहीं दिला पाती। सड़क से सदन तक उठाई जाएगी आवाज : यादव युवा कांग्रेस नेता अभिषेक यादव ने भरोसा दिलाया कि गिग वर्कर्स की आवाज सड़क से लेकर सदन तक लगातार उठाई जाएगी और उनके हकों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। गुरुग्राम युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक यादव ने कहा कि गिग वर्कर्स न्याय अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लाखों गिग वर्कर्स को न्याय दिलाने का संकल्प है। उन्होंने जोर दिया कि युवा कांग्रेस इस अभियान को जमीनी स्तर पर ले जाएगी और गिग वर्कर्स के अधिकार, रोजगार सुरक्षा, बीमा तथा सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने शनिवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रभु राम की आस्था के साथ खिलवाड़ किया और धर्म का इस्तेमाल केवल सत्ता हासिल करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा जनता की आस्था का सम्मान करना नहीं, बल्कि उसका राजनीतिक लाभ उठाना है। अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि भाजपा ने देश की आस्थावान जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी भगवान भोलेनाथ की आस्था के साथ धोखा किया। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी प्रमुख निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति से लिए गए थे। ‘पीएम चोरी की जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते’ पाटिल ने आगे कहा कि कई लोगों ने पहले भी राम मंदिर में चोरी का मुद्दा उठाया था। लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। आज भगवान ने इन चोरों को उजागर किया। पीएम मोदी इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते। 'भाजपा ने प्रभु राम के साथ धोखा किया' अतुल लोंढे ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि जो चोर चोरी करने आए और कुत्ता भौंके नहीं, इसका मतलब कुत्ता चोरों को जानता है। भाजपा ने प्रभु राम को धोखा दिया। इनका सत्ता में रहना खतरे से खाली नहीं है। जांच रिपोर्ट में चंपत राय और मिश्रा का नाम ही नहीं है। चंपत राय का नाम आरोपियों की लिस्ट में क्यों नहीं? कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि चंपत राय का नाम आखिर क्यों नहीं है। जांच रिपोर्ट में। ये पार्टी केवल पैसे के लिए प्रभु राम के साथ धोखा कर रही है। आरोपी चोरी किया हुआ पैसा शेयर मार्केट में लगा रहे हैं।
हरियाणा में अग्रवाल वैश्य समाज ने साहित्य एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का गठन किया गया। वैश्य समाज के महासचिव बलराम गुप्ता ने बताया कि रजनीश गुप्ता कुरुक्षेत्र को इस प्रकोष्ठ का अध्यक्ष एवं प्रो. विपिन गुप्ता भिवानी को महासचिव नियुक्त किया गया है। सविता जैन गुरूग्राम, डॉ. संजय गोयल कैथल, विनोद गोयल हिसार, प्रो. राजेन्द्र प्रसाद गर्ग रोहतक एवं प्रो. संजय गुप्ता रोहतक को उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ डॉ. नीरू मित्तल पंचकूला व खुशबू जैन हांसी को सचिव, पवन मित्तल रोहतक व प्रो. रेखा भिवानी को संगठन सचिव की जिम्मेवारी सौंपी। प्रचार सचिव का कार्यभार डॉ. विरेन्द्र गोयल कुरूक्षेत्र को सौंपा गया। बलराम गुप्ता ने कहा कि नवगठित प्रकोष्ठ के माध्यम से प्रदेशभर में साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं कला प्रेमी वैश्यजनों को जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी प्रतिभाओं को समाज के माध्यम से एक मंच प्रदान किया जा सके। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से काव्य गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों, पुस्तक विमोचन कार्यक्रमों, सांस्कृतिक उत्सवों, नाट्य प्रस्तुतियों तथा भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों पर आधारित विभिन्न आयोजनों का नियमित संचालन किया जाएगा। रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएगी इससे समाज की नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि कोई भी संगठन केवल सामाजिक गतिविधियों से ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और वैचारिक समृद्धि से भी मजबूत बनता है। इसी सोच के अनुरूप संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों का लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रतिभा को मंच मिल सके। इन्हें भी सौंपी जिम्मेदारी महासचिव ने बताया कि इस नव गठित साहित्य एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के मार्गदर्शन के लिए अनुभवी एवं प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों को प्रभारी एवं संरक्षक पद की जिम्मेवारी सौंपी है। जिसके तहत डॉ. राजेश गुप्ता सोनीपत को प्रभारी बनाया गया है तथा संरक्षक मंडल में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधुकांत रोहतक, प्रो. अंजना गर्ग रोहतक, प्रो. लालचंद गुप्त मंगल कुरुक्षेत्र तथा डॉ. जयभगवान सिंगला कुरुक्षेत्र को शामिल किया गया है। संगठन का विश्वास है कि उनके लंबे साहित्यिक अनुभव, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक नेतृत्व से प्रकोष्ठ की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेशभर में साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में प्रभावी और रचनात्मक कार्यों को गति प्राप्त होगी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत ने अंडर-23 सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। हरियाणा के रोहतक में आयोजित प्रतियोगिता में प्रियांशी ने 50 किलोग्राम वजन वर्ग समूह में दमदार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश को पहला गोल्ड पदक दिलाया है। उन्होंने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का खाता भी खोल दिया है। तीन दिवसीय 10 से 12 जुलाई तक चलने वाली चैंपियनशिप में देशभर के विभिन्न राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक से 70 से अधिक शीर्ष खिलाड़ियों ने शिरकत की है। एमपी से उतरीं 8 महिला पहलवान मध्य प्रदेश की तरफ से 8 महिला पहलवानों का दल इस प्रतियोगिता में उतरा है। प्रियांशी ने अपने वर्ग में कुश्ती की गढ़ मानी जाने वाली टीमों हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की महिला पहलवानों को एक के बाद एक कड़े मुकाबलों में शिकस्त देकर गोल्ड मैडल जीता है। खबर लगते ही ही उज्जैन में कई लोग प्रियांशी के पिता मुकेश पहलवान को बधाई देने पहुंचने लगे हैं। दिग्गजों ने दिया आशीर्वाद प्रियांशी विजय होते ही भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने प्रियांशी को जीत की बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रियांशी को मैडल भी दिया। अब हंगरी में दिखाएंगी दम राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरने के बाद प्रियांशी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। वह 14 जुलाई को भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से हंगरी में आयोजित होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भाग लेने के लिए रवाना होंगी। खेल प्रेमियों और कुश्ती संघ ने प्रियांशी को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है। मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव ओलंपियन पप्पू पहलवान यादव माधव गौशाला अखाड़ा परिवार के संरक्षक पूर्व निगम सभापति आजाद यादव अंतू पहलवान राणा दारा सिंह राणा प्रमोद सूर्यवंशी अनु गुर्जर संदीप राणा शक्ति नारायण दोसारिया ने प्रियांशी को बधाई दी। अब प्रियांशी हंगरी में होने वाली 14 से 21 जुलाई को विश्व कुश्ती रैंकिंग चैंपियनशिप में अपने भारत देश का प्रतिनिधित्व करेगी। इसके पूर्व भी प्रियांशी ने अल्बानिया के तिराना में अपने देश के लिए विश्व कुश्ती रैंकिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वह मध्य प्रदेश शासन द्वारा एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित की गई हैं। प्रियांशी प्रजापत भारतीय कुश्ती महासंघ की एथलेटिक्स महिला संघ की सदस्य भी हैं।
सतना में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में महिला कांग्रेस ने शनिवार को शहर के कोठी मोड़ स्थित हनुमान मंदिर में प्रदर्शन किया। प्रदेश महासचिव आरती सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर विरोध जताया। इस दौरान पूजा-अर्चना, सुंदरकांड का पाठ और हवन भी किया गया। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हनुमान मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान किए और चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में शामिल लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में चंपत राय के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। निष्पक्ष जांच की मांग उर्मिला त्रिपाठी ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। महिला कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई कर उन्हें सख्त सजा दी जाए।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 37 चोरी की बाइकें बरामद की हैं। गिरोह कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार आरोपियों में झालावाड़ जिले के सुनेल थाना क्षेत्र का टीकम भील भी शामिल है। कई जिलों में फैला था वाहन चोरी का नेटवर्क पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से सक्रिय थे और कोटा ग्रामीण, कोटा शहर, बूंदी, बारां, झालावाड़ तथा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। सुनसान स्थानों पर खड़ी बाइकों को बनाते थे निशाना जांच में सामने आया कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और मुख्य सड़कों के किनारे सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में छिपा देते थे, ताकि पुलिस आसानी से उन तक नहीं पहुंच सके। सीसीटीवी, साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक, मुखबिर तंत्र और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। सघन जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। झालावाड़ पुलिस की भी रही अहम भूमिका इस अभियान में झालावाड़ कोतवाली के कांस्टेबल धर्मेंद्र और संदीप ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सूचना और समन्वय से गिरोह तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिली। बरामद बाइकों के मालिकों की तलाश शुरू पुलिस अब बरामद 37 मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वाहन सुपुर्द करने की प्रक्रिया में जुटी है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से झालावाड़ सहित आसपास के जिलों में दर्ज कई वाहन चोरी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही, बाइक चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की भी संभावना है।
देवास में अमृत नगर स्थित खाटू श्याम धाम में योगिनी एकादशी के अवसर पर शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर 'हारे के सहारे, खाटू वाले श्याम हमारे' और 'जय श्री श्याम' के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। योगिनी एकादशी के पावन अवसर पर बाबा खाटू श्याम का भव्य श्रृंगार किया गया। फूलों से सजे दरबार में श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर बाबा को छप्पन व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया गया। ज्योत दर्शन और भोग आरती में उमड़ी भीड़ मंदिर में आयोजित ज्योत दर्शन और भोग आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ आरती में भाग लेकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। शाम को आयोजित भजन संध्या में भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। श्याम भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर श्याम नाम के जयघोष से गूंजता रहा। मंदिर के पुजारी श्याम शर्मा ने बताया कि महाआरती आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ बाबा श्याम की आरती कर आस्था का अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया। दीपों की रोशनी, घंटियों की गूंज और जयघोष के बीच पूरा खाटू श्याम धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती और बार-बार तकनीकी खराबी से नाराज ग्रामीण शुक्रवार रात विद्युत विभाग के सब-स्टेशन पहुंच गए। करीब 150 से 200 ग्रामीणों ने घंटों प्रदर्शन कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद दरगहन, सिरसिदा, गिरहोला, बारगरी, नयापारा, चारभाटा और जैसाकर्रा सहित कई गांवों के ग्रामीण रात करीब 10 बजे सब-स्टेशन पहुंच गए। कर्मचारियों की कमी का हवाला उस समय अधिकांश तकनीकी कर्मचारी फॉल्ट सुधारने के लिए फील्ड में थे, जबकि कार्यालय में कुछ संविदा कर्मचारी मौजूद थे। बाद में जूनियर इंजीनियर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को स्थिति की जानकारी दी। 12 से 15 घंटे तक रहती है बिजली बंद ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना सूचना घंटों बिजली कटौती की जा रही है। कई बार 12 से 15 घंटे तक बिजली नहीं रहती, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत नंबर पर भी नहीं मिलता जवाब ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के शिकायत नंबर पर कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं होता। इससे लोगों को यह भी पता नहीं चल पाता कि बिजली कब तक बहाल होगी। विभाग ने बताई फॉल्ट बढ़ने की वजह विद्युत विभाग का कहना है कि इस बार बारिश देर से होने के कारण सिंचाई के लिए बोर और पंपों का उपयोग बढ़ गया है। इससे बिजली तंत्र पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और तकनीकी खराबियां बढ़ रही हैं। पुलिस पहुंची, बहाल हुई बिजली प्रदर्शन के दौरान स्थिति को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराया। देर रात फॉल्ट ठीक होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अघोषित बिजली कटौती और खराब व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
नोएडा पुलिस ने कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुसाला किया है। ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रोसेसिंग फीस और वेरिफिकेशन चार्ज के नाम पर लोगों से रुपए वसूलते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर से मोबाइल, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज, कॉलिंग डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिलीं एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिल रही थी। थाना स्तर पर 159 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया गया। जांच में इनमें से 19 खाते रेड जोन में मिले। इसके बाद इन खातों से जुड़े करीब 2500 मोबाइल नंबरों का इलेक्ट्रॉनिक विश्लेषण किया गया। कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रेल और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस सेक्टर-2 स्थित डी-80 बिल्डिंग की पहली मंजिल तक पहुंची, जहां फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। ऐसे चलता था पूरा खेल जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर के कर्मचारी पहले इंटरनेट और अन्य माध्यमों से लोन की तलाश कर रहे लोगों का डेटा जुटाते थे। फिर उन्हें फोन कर बाजार से कम ब्याज दर पर तुरंत लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था। विश्वास बनाने के लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियों जैसी भाषा में बात की जाती थी। जब ग्राहक तैयार हो जाता तो उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक डिटेल और ओटीपी मांगा जाता। इसके बाद 'प्रोसेसिंग फीस', 'फाइल चार्ज', 'इंश्योरेंस' या 'वेरिफिकेशन फीस' के नाम पर रकम जमा करा ली जाती। पैसे मिलते ही लोन की प्रक्रिया रोक दी जाती और पीड़ित के कॉल उठाने बंद कर दिए जाते। न लोन मिलता और न ही जमा कराई गई रकम वापस होती। 10 से ज्यादा शिकायतें, करोड़ों की ठगी का शक इस गिरोह के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 10 से अधिक शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं। शुरुआती जांच में आशंका है कि गिरोह ने इसी तरीके से कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस ने कॉल सेंटर से पवन कुमार (33), मोहित (24), हर्ष शर्मा (23), स्वाती (27) और प्रीती (35) को गिरफ्तार किया है। पवन को गिरोह का प्रमुख संचालक माना जा रहा है। अन्य आरोपी कॉलिंग, दस्तावेज जुटाने और प्रोसेसिंग फीस वसूलने का काम करते थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 6 चेकबुक, एक पासबुक, 160 कॉलिंग डेटा शीट, 11 स्क्रिप्ट बुक, एक बिलिंग बुक और इंटरनेट राउटर बरामद किया। इन्हीं दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर अब पुलिस ठगी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सोनीपत में एक अत्याधुनिक आधार सेवा केंद्र का शनिवार को शुभारंभ किया गया। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन नगर निगम मेयर राजीव जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। यह केंद्र यू-38, ओल्ड महावीर कॉलोनी, पुरखास रोड, एच.पी. पेट्रोल पंप के निकट स्थित है। इस दौरान मेयर राजीव जैन ने आधार सेवा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध विभिन्न आधार सेवाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया। मेयर जैन ने केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जाएं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पूरे सप्ताह खुलेगा नया आधार सेवा केंद्र : कपूर यूआईडीएआई के निदेशक कर्नल हरमीत सिंह कपूर ने बताया कि नया आधार सेवा केंद्र सप्ताह के सातों दिन आमजन के लिए खुला रहेगा। केन्द्र का समय प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए केन्द्र में आधुनिक टोकन सिस्टम, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था तथा सुव्यवस्थित सेवा प्रबंधन किया गया है, जिससे लोगों को बिना किसी परेशानी के आधार संबंधी सेवाएं प्राप्त हो सकें। बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर जाकर दी जाएगी सेवाएं उन्होंने बताया कि इस आधार सेवा केन्द्र के शुरू होने से सोनीपत सहित आसपास के जिलों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले आधार से जुड़े जटिल मामलों के समाधान के लिए लोगों को चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। कर्नल कपूर ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद नागरिकों को घर जाकर भी आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांग नागरिकों की सुविधा के लिए केंद्र में व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है तथा नवजात शिशुओं का आधार नामांकन पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। आधार सेवा केन्द्र में प्रशिक्षित एवं अनुभवी कर्मचारियों की टीम नियुक्त की गई है, जो नागरिकों को सभी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराएगी। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार बुक कर सकते हैं अपॉइंटमेंट उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं। आधार सेवाओं के लिए यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 75 रुपए तथा बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपए निर्धारित किए गए हैं, जबकि अन्य सेवाओं के लिए भी यूआईडीएआई की निर्धारित शुल्क सूची के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा। इस अवसर पर रिजनल मैनेजर रजनीश मेहता, यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ से विनोद कुमार, आधार सेवा केंद्र का स्टाफ तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आगरा में शनिवार दोपहर तीन बजे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यसमिति सदस्य एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रेसवार्ता करते हुए राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर कई सवाल खडे़ किए। उन्होंने कहा कि “राम मंदिर चढ़ावा चोरी” आस्था के नाम पर धोखा और लूट का मामला है, जिसमें बड़े स्तर पर घोटाले के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चढ़ावे में चोरी किसने की, जो लोग उस रखरखाव के जिम्मेदार थे। वो इसमें लिप्त हैं। उनको बचाया जा रहा है। चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनका नाम एफआईआर में नहीं है। ये तो एक ट्रस्ट की बात कर रहे हैं, मैं दूसरे ट्रस्ट की बात कर रहा है। नेशनल हेराल्ड ट्रस्ट में एक रुपए का लेनदेन नहीं हुआ। उस ट्रस्ट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया। ट्रस्ट में गड़बड़ी दिखाकर गड़बड़ी दिखाकर आरोप लगाए । ईडी की जांच कराई गई। पूछताछ करते की गई। वहीं, इस ट्रस्ट में गबन कर गए। वहां पर सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। उनकी मांग है कि एसआईटी जांच के बजाए सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच हो, जिससे पता चला कि कहां तक रकम गई है। ट्रस्ट बर्खास्त होना चाहिएउन्होंने कहा कि निचले स्तर के लोगों का नाम सामने लाकर इस मुद्दे को ठंडा करने का इंतजार किया जा रहा है। जो चढ़ावा चोरी कर सकते हैं, क्या गारंटी है उन्होंने निर्माण में गबन नहीं किया हो। ट्रस्ट बर्खास्त होना चाहिए। किसके सरंक्षण में कितनी बड़ी चोरी हुई। अगर ये ट्रस्ट मनमोहन सिंह के द्वारा बनाई जाती तो सब जानते हैं कि क्या हाल होता। सब जानते हैं चंपत राय की नियुक्ति किसने की। अनिल मिश्रा को कौन लाया। अब इनको बचाने की तैयारी है, इसलिए एफआईआर में इनका नाम तक नहीं है। घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगाउन्होंने कहाकि जिन लोगों ने ट्रस्ट की भूमिका रखी, लोगों को चयन किया, उनका नाम भी सामने आना चाहिए। अब इस कथित घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका नाम भी सामने आना चाहिए। अगर सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा को इस्तीफा क्यों देना पड़ा? उन्हें बचाने के लिए सम्मानजनक तरीके से उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से डर क्यों अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से डर क्यों है? उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। देशभर से गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई, गहने और बचत लेकर मंदिर निर्माण के लिए आगे आए। अब वही श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि उनके द्वारा दिया गया चंदा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया। उन्होंने इसे केवल आर्थिक घोटाला नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात बताया। उनकी मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर देश के सामने जवाब दें । लोगों को विश्वास दिलाएं कि अब भविष्य में चंदा चोरी नही होगी। ट्रस्ट के गठन, नियुक्तियों व प्रशासनिक निर्णयों में उनकी भूमिका स्पष्ट करें। साथ ही तत्काल प्रभाव से चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत सभी प्रभावशाली व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में 'म्यूल अकाउंट' धारक अरमान छींपा उर्फ लीलिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम जमा करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। उसके इस खाते के खिलाफ दो अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज थीं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह के सुपरविजन में की गई। जसवंतगढ़ थाना प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की सूची की जांच के दौरान यूको बैंक के एक खाते की पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि यह खाता सुजानगढ़, चूरू निवासी अरमान छींपा (20) के नाम पर संचालित था। समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर इस खाते से जुड़ी दो राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें मिलीं। इनमें एक मामले में पीड़ित से 50,500 रुपए और दूसरे मामले में 15,400 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर रकम इसी खाते में जमा की गई थी और फिर निकाल ली गई। तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जसवंतगढ़ थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने 'म्यूल अकाउंट' के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल नंबर का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करते हैं। ऐसे खातों को 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी राजेश कुमार, हेड कॉन्स्टेबल सुखाराम, कॉन्स्टेबल मुकेश मीणा, कॉन्स्टेबल मुकेश और मोहम्मद सलीम शामिल थे। पुलिस ने बताया कि कॉन्स्टेबल मुकेश मीणा और कॉन्स्टेबल मुकेश का इस कार्रवाई में विशेष योगदान रहा। पुलिस की अपील: पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करने के लिए न दें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या जिला साइबर हेल्पलाइन 8000372519 पर सूचना दें।
उदयपुर में चेन स्नेचर्स की घटनाएं बढ़ती जा रही है। शनिवार सुबह शहर के मोगराबाड़ी कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक पर निकली 77 वर्षीय महिला से बाइक सवार दो बदमाशों ने चेन लूटने का प्रयास किया। महिला के विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वे सड़क पर गिरकर चोटिल हो गईं। घटना के बाद भागते वक्त बदमाशों ने एक अन्य महिला की चेन छीनने की भी कोशिश की। शहर के मोगरावाड़ी में रहने वाली कमला कावड़िया (77) पत्नी चांद सिंह कावड़िया सुबह टहलने निकली थीं। मोगराबाड़ी कॉलोनी के गेट से मुख्य सड़क पर पहुंचते ही बाइक पर आए दो युवकों ने उनकी चेन झपटने की कोशिश की। महिला ने चेन बचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन्हें धक्का दे दिया। गिरने से महिला की गर्दन और कोहनी पर चोट आई है। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान कच्ची बस्ती क्षेत्र में निवर्तमान पार्षद पति रवि ने तत्काल मोगराबाड़ी कॉलोनी के दोनों प्रवेश द्वार बंद करा दिए। कॉलोनी की बनावट ऐसी है कि दोनों गेट बंद होने के बाद वाहनों के निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता, जिससे दोनों बदमाश अंदर ही फंस गए। भागने का रास्ता नहीं मिलने पर आरोपी मोटरसाइकिल लेकर उस संकरे पैदल मार्ग तक पहुंचे, जहां उदियापोल की ओर जाने वाली ऊंची सीढ़ियां बनी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने लोगों को बताया कि आरोपियों ने बाइक से सीढ़ियां चढ़ने और उतरने का जोखिम उठाया। इस दौरान एक युवक संतुलन बिगड़ने से गिर पड़ा, लेकिन साथी ने बाइक संभाल ली और दोनों शिवाजी नगर कम्युनिटी हॉल होते हुए सर्वऋतु विलास कॉलोनी की ओर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भागते समय आरोपियों ने सर्वऋतु विलास कॉलोनी में भी एक अन्य महिला से चेन छीनने का प्रयास किया, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और दहशत है। लोगों ने शहर में लगातार बढ़ रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
आईजी राहुल प्रकाश आज अलवर में शालीमार स्थित जीएसटी अधिकारी के घर पहुंचे। इन्हीं जीएसटी अधिकारी के घर कुछ दिन पहले बदमाशों ने डकैती करनी की कोशिश की थी। राहुल प्रकाश ने परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस अपराधियों तक काफी हद तक पहुंच चुकी है। तीन से चार दिन में मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस इन्वेस्टिगेशन बिल्डिंग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी ने कहा- पिछले दिनों कुछ वारदात हुई हैं, लेकिन कई मामलों का खुलासा एक-दो घंटे और 24 घंटे के भीतर भी किया गया है। शालीमार डकैती में पुलिस को अहम सुराग मिलने में थोड़ा समय लगा, लेकिन अब जांच अंतिम चरण में है। मंत्री के नाम से फर्जी अकाउंट बनाने वाले की जांच होगी वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के नाम से बनाए गए फर्जी फेसबुक अकाउंट के मामले में भी आईजी ने जांच कराने की बात कही। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर उन्होंने बताया- नो-पार्किंग में खड़े भारी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि ऐसे वाहनों से कई हादसे और मौतें हो चुकी हैं। व्यापारियों ने बताई परेशानी दौरे के दौरान व्यापारियों ने भी आईजी से मुलाकात कर शहर में पुलिस गश्त बढ़ाने और बाहरी असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर आईजी ने एसपी को निर्देश दिए कि ऐसी सभी शिकायतें तत्काल दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ये भी पढ़ें… जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए अलवर में तीन नकाबपोश बदमाशों ने जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश (50) के परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश 25 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी और 40 हजार रुपए कैश लूट ले गए। विरोध करने पर असिस्टेंट कमिश्नर के बेटे का सिर फोड़ दिया। घटना आज (शनिवार) सुबह करीब 6-7 बजे के बीच की है। (पूरी खबर पढ़ें)
पलवल में रोटरी क्लब पलवल सिटी ने मानसून के आगमन के साथ पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान सेक्टर-छह स्थित मोडिस पब्लिक स्कूल में चलाया गया, जिसका लक्ष्य इस वर्ष एक हजार फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाना है। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में फलदार, छायादार और फूलों के पौधे लगाए गए। रोटरी क्लब के प्रधान दिनेश गर्ग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। रोटरी क्लब के पूर्व प्रधान एवं स्कूल संचालक धर्मवीर चौहान और यशपाल पाराशर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूर्व एजी एवं पूर्व प्रधान रोटेरियन कुलदीप सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। पर्यावरण का संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी : दिनेश गर्ग क्लब के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि पेड़-पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने बताया कि क्लब लगातार सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े कार्यों को गति दे रहा है। पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी स्कूल संचालक एवं पूर्व प्रधान धर्मवीर चौहान ने क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्कूल प्रशासन लगाए गए इन पौधों की उचित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करेगा। पूर्व एजी कुलदीप सिंह एडवोकेट ने इस सराहनीय कार्य की सफलता में रोटरी क्लब और स्कूल परिवार के गणमान्य सदस्यों के सक्रिय योगदान पर प्रकाश डाला। इस पौधारोपण अभियान में रोटरी क्लब के कोषाध्यक्ष रितेश गोयनका, रोटेरियन राहुल गुप्ता, पवन सिंगला, निशांत शर्मा एडवोकेट और नीरज गुप्ता सहित स्कूल की प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
झालावाड़ में शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीणा की 8वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। खानपुर रोड स्थित अंबेडकर भवन के समीप बने शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनकी पत्नी अंजना मीणा, पुत्री आरवी, सैनिकों, पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इस दौरान पौधारोपण भी किया गया और अतिथियों व शहीद परिवारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्नी-बेटी ने दी श्रद्धांजलि, जुटे सैनिक और नागरिक श्रद्धांजलि सभा में शहीद की पत्नी अंजना मीणा और पुत्री आरवी ने स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। झालावाड़ सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोगों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में नागा रेजीमेंट के सदस्य, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। 'राजस्थान वीरों की धरती है' समारोह के मुख्य अतिथि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बीसीएस शेखावत ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि राजस्थान वीर योद्धाओं की धरती है और देश के लगभग हर युद्ध में यहां के सैनिकों का योगदान गौरवपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शहीद मुकुट बिहारी मीणा जैसे सैनिकों ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे वीरों से युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने शहीद परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। पौधारोपण कर दिया सेवा और स्मृति का संदेश कार्यक्रम के दौरान शहीद की स्मृति में पौधारोपण किया गया। अतिथियों, सहयोगियों और अन्य शहीद परिवारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में शहीद की धर्मपत्नी अंजना मीणा ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। आतंकियों से मुठभेड़ में दिया था सर्वोच्च बलिदान आर्मी कमांडो मुकुट बिहारी मीणा खानपुर क्षेत्र के लडानिया गांव के निवासी थे। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित कुपवाड़ा के जंगलों में आतंकियों की तलाश के लिए चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान उनकी आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया और वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान आज भी क्षेत्र के युवाओं के लिए देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा बना हुआ है। पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए सैनिक विश्राम गृह, झालावाड़ में समस्या समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ईसीएचएस, सीएसडी, रिकॉर्ड, अनुदान और आश्रितों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर समाधान किया गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर बी.सी.एस. शेखावत ने कहा कि अधिकतम मामलों का निस्तारण झालावाड़ में ही कराया जाएगा, ताकि पूर्व सैनिकों को अन्य स्थानों की यात्रा नहीं करनी पड़े। कार्यक्रम के दौरान परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

