सुल्तानपुर में आजमगढ़ के युवक का लटका मिला शव:पिता ने लड़की पर ब्लैकमेलिंग और साजिश का लगाया आरोप
सुल्तानपुर। मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में आजमगढ़ के एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के पिता ने मोतिगरपुर थाने में तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एक युवती और उसके परिवार पर बेटे को ब्लैकमेल करने तथा साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। आजमगढ़ के लालगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव निवासी देवसरन राम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र कुलदीप का शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, 15 जुलाई को सुल्तानपुर के आलापुर निवासी आरती (पुत्री शीला देवी, पत्नी छोटेलाल) ने फोन कर कुलदीप द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मृतक के पिता, ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीण मोतिगरपुर थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि कुलदीप का मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी सामान आरती के पास है। उन्होंने पुलिस से सभी सामान बरामद कराने और पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। 2024 में हुआ था समझौता मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, 9 जून 2024 को कुलदीप और आरती घर से चले गए थे और विजेथुआ मंदिर के पास शादी करने की तैयारी में थे। उस समय दोनों पक्षों और गवाहों की मौजूदगी में समझौता हुआ था। चूंकि युवती नाबालिग थी, इसलिए तय किया गया कि उसके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक दोनों अपने-अपने घरों में रहेंगे और बालिग होने के बाद ही विवाह पर निर्णय लिया जाएगा। लड़की पक्ष ने उस समय लड़के के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात भी लिखित रूप में स्वीकार की थी। पिता ने लगाए गंभीर आरोप देवसरन राम का आरोप है कि उनका बेटा जिस स्थान पर काम करता था, वहीं युवती और उसकी मां भी काम करती थीं। उनके अनुसार, दोनों कुलदीप को लगातार ब्लैकमेल कर उससे पैसे लेते थे। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप की अधिकांश कमाई उन्हीं के पास चली जाती थी, जिससे उसके पास घर का बिजली बिल जमा करने और गैस सिलेंडर भरवाने तक के पैसे नहीं बचते थे। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद युवती का परिवार उसे बार-बार दिल्ली भेजता रहा। हाल ही में भी युवती दिल्ली पहुंची थी, जहां फैक्ट्री मालिक के हस्तक्षेप के बाद उसे वापस घर भेजा गया। कुलदीप उसे छोड़ने आया था और फिर दिल्ली लौट गया था। उन्होंने युवती के शराब पीने का भी आरोप लगाया है। पुलिस हर पहलू की कर रही जांच फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश या आपराधिक कारण है। पुलिस का कहना है कि तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बुरहानपुर के खकनार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने सरकारी योजनाओं में धीमी प्रगति और अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को बहाने नहीं, समय पर काम चाहिए। विधायक ने चेतावनी दी कि जनकल्याणकारी योजनाओं में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक की शुरुआत में ही कार्यपालन यंत्री (आरईएस) और प्रधानमंत्री आवास योजना के ब्लॉक समन्वयक की अनुपस्थिति पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक दादू ने कहा कि समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहना जनता के प्रति जवाबदेही से बचने का प्रयास है। इसके बाद VB-GRAMG योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पांचवें एवं पंद्रहवें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिन योजनाओं में प्रगति धीमी पाई गई, वहां अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए विधायक ने कई ग्राम पंचायतों में अधूरे कार्यों, खराब प्रदर्शन और 60:40 अनुपात के उल्लंघन के बावजूद तकनीकी स्वीकृतियां जारी होने पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने उपयंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में केवल आवश्यक और जनहित के कार्यों को ही तकनीकी स्वीकृति दी जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान पात्र हितग्राहियों को समय पर किश्तें न मिलने के मामलों पर भी विधायक ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण किसी गरीब का आशियाना प्रभावित नहीं होना चाहिए। मनरेगा मजदूरों के भुगतान में देरी पर भी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए विधायक ने कहा कि VB-GRAMG योजना के तहत जल संवर्धन और संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास की नींव पानी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों की अनुपस्थिति पर भी विधायक ने नाराजगी व्यक्त की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों का भूमि पूजन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समय-सीमा के भीतर कराने तथा सभी विकास कार्य तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने साफ शब्दों में कहा कि जनहित सर्वोपरि है। जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा। अब हर योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में गुरुवार दोपहर शहर कोतवाली क्षेत्र के टीटी तिराहा के पास गुरूवर दोपहर 1 बजे दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, भरथना थाना क्षेत्र के गांव कुवारा निवासी 18 वर्षीय अश्वनी अपने पांच दोस्तों के साथ तीन बाइकों से केदारेश्वर मंदिर में दर्शन करने इटावा आया था। दर्शन के बाद सभी युवक कालीवाहन मंदिर की ओर जा रहे थे। टीटी तिराहा के पास तेज रफ्तार के कारण एक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। यह बाइक जसवंतनगर क्षेत्र के जगसोरा निवासी अमित और आकाश की बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद, पीछे आ रहे उनके साथियों ने सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉ. राघवेंद्र ने उपचार के दौरान अश्वनी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में अश्वनी के साथ बाइक पर सवार सत्यम और दूसरी बाइक पर सवार अमित व आकाश का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत की खबर से परिजनों में मातम छा गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
पानीपत जिले में सीआईए थ्री पुलिस ने समालखा की बापौली अनाज मंडी से एक युवक को अवैध देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस समेत गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान छाजपुर कलां निवासी अक्षय के रूप में हुई है। सीआईए थ्री प्रभारी सब-इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि बुधवार शाम उनकी टीम बापौली में अनाज मंडी के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली थी कि छाजपुर कलां निवासी एक युवक अवैध हथियार के साथ अनाज मंडी के शेड के पास घूम रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान छाजपुर कला निवासी अक्षय के रूप में बताई। उसकी तलाशी लेने पर उसकी लोवर की जेब से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई। पिस्तौल की मैगजीन की जांच करने पर उसमें एक जिंदा कारतूस भी मिला। तीन महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था आरोपी सब-इंस्पेक्टर सुभाष के अनुसार, पूछताछ में आरोपी अक्षय ने बताया कि वह गुरुग्राम में दर्ज एक हत्या के मामले में जेल में बंद था और बीते मार्च माह में जमानत पर बाहर आया था। उसने पुलिस को बताया कि जिस युवक की हत्या हुई थी, उसके परिजन उससे रंजिश रखते हैं। इसी कारण वह करीब दो माह पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से 60 हजार रुपए में एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस खरीदकर लाया था। पुलिस ने आरोपी अक्षय के खिलाफ थाना पुराना औद्योगिक में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार सप्लायर के ठिकानों का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।
विश्व सर्प दिवस के अवसर पर गुरुवार को नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान, लखनऊ में पर्यावरणम् सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में सर्प संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राणी उद्यान स्थित सारस प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को सर्पों की पारिस्थितिकी में भूमिका, उनके संरक्षण तथा सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई। प्राणी उद्यान के निदेशक संजय कुमार बिश्वाल ने कहा कि पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक जीव-जन्तु पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सर्प चूहों और अन्य हानिकारक जीवों को खाकर खेती की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सर्पों को मारने के बजाय उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लगातार सर्पों का शिकार होता रहा तो भविष्य में वे भी लुप्तप्राय श्रेणी में पहुंच सकते हैं। नुक्कड़ नाटक से बताया सर्पदंश में क्या करें और क्या नहीं कार्यक्रम में एमिकस अकेडमी के छात्र-छात्राओं ने सर्पों के प्रति जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से सर्पदंश की स्थिति में सही प्राथमिक उपचार, अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता और अंधविश्वास से बचने का संदेश दिया गया। लखनऊ में केवल तीन विषैले सर्पों की प्रजातियां कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पर्यावरणम् सोसाइटी के संस्थापक तथा सर्प विशेषज्ञ आदित्य तिवारी ने बताया कि भारत में लगभग 350 प्रजातियों के सर्प पाए जाते हैं, जबकि लखनऊ में केवल तीन विषैले प्रजातियां ऐसी हैं जिनके काटने से जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने बच्चों को विषैले और गैर-विषैले सर्पों की पहचान, सर्प दिखने पर अपनाई जाने वाली सावधानियां और सर्पदंश की स्थिति में किए जाने वाले सही कदमों की जानकारी दी। वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से सर्पों के व्यवहार और संरक्षण पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर दिया। आदित्य तिवारी वर्ष 2012 से सर्प संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और वर्ष 2016 से प्राणी उद्यान से जुड़े हैं। प्रतिभागी छात्रों को किया सम्मानित कार्यक्रम के अंत में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करने वाले एमिकस अकेडमी के छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। समापन पर प्राणी उद्यान के उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
मेरठ में बारिश थमे एक हफ्ते से अधिक समय हो चुका है, लेकिन बुढ़ाना गेट स्थित जिमखाना मैदान आज भी पानी से भरा हुआ है। मैदान में जमा पानी की निकासी नहीं होने से अब उसकी सतह पर काई जमने लगी है। शहर के प्रमुख आयोजन स्थल की यह बदहाल तस्वीर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण मैदान के आसपास मच्छरों और कीड़ों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बरसात के मौसम में पहले ही डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का खतरा बना रहता है, ऐसे में लंबे समय तक रुका पानी बीमारी फैलाने का कारण बन सकता है। लोगों को शाम के समय मैदान के आसपास निकलने में भी परेशानी हो रही है। जिमखाना मैदान शहर के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों में शामिल है। यहां समय-समय पर बड़े मेले, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और आदि आयोजन होते हैं। हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मैदान का एक हफ्ते बाद भी जलमग्न रहना रखरखाव और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी कर दी जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। अब मैदान की मिट्टी भी दलदली हो चुकी है, जिससे यहां किसी कार्यक्रम के आयोजन में भी दिक्कत आ सकती है। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि मैदान से जल्द पानी निकलवाया जाए, नियमित सफाई कराई जाए और फॉगिंग करके मच्छरों के प्रकोप को रोका जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह जलभराव सिर्फ बदहाल व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।
अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के इनायतनगर में शुक्रवार को धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियां एक साथ देखने को मिलेंगी। अयोध्या-रायबरेली हाईवे स्थित 5 नंबर मंत्री आवास पर पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौरक्षा एवं सनातन संस्कृति जनजागरण यात्रा का स्वागत होगा। इसके बाद समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन और पारंपरिक आम पार्टी आयोजित की जाएगी। सपा नेता लवलेश पांडेय ने गुरुवार को बताया कि दोपहर 12 बजे शुरू होने वाले स्वागत समारोह का संयोजन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी करेंगी। इस दौरान शंकराचार्य का पादुका पूजन और अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। अमानीगंज से हैरिंग्टनगंज तक निकलेगी यात्रा स्वागत समारोह के बाद गौरक्षा एवं सनातन संस्कृति जनजागरण यात्रा शोभायात्रा के रूप में अमानीगंज से हैरिंग्टनगंज के लिए रवाना होगी। यात्रा के जरिए गौरक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति जनजागरण का संदेश दिया जाएगा। 1 बजे होगा सपा कार्यकर्ता सम्मेलन धार्मिक कार्यक्रम के बाद दोपहर 1 बजे समाजवादी पार्टी की ओर से कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजीत प्रसाद की मौजूदगी में होने वाले इस सम्मेलन में सपा के राष्ट्रीय महासचिव और फैजाबाद (अयोध्या) सांसद अवधेश प्रसाद मुख्य अतिथि होंगे। वे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और संगठन की मजबूती के साथ आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन के बाद होगी आम पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद सांसद अवधेश प्रसाद की ओर से हर साल की तरह कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों के सम्मान में आम पार्टी का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सपा नेता लवलेश पांडेय ने बताया कि दोनों कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है।
फरीदाबाद जिले के भूपानी थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-88 की एसआरएस रेजिडेंसी में 18 वर्षीय छात्रा ने 13वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही भूपानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान 18 वर्षीय दानविता के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ सेक्टर-88 स्थित एसआरएस रेजिडेंसी में रहती थी। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच उसने 13वीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दानविता ने नीट की परीक्षा पास की थी, लेकिन उसे उम्मीद के अनुसार अंक नहीं मिले थे। इसी बात को लेकर वह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन में थी। परिजनों का कहना है कि इसी कारण उसने यह कदम उठाया। घर में अकेली थी छात्रा बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का रहने वाला है और पिछले काफी समय से फरीदाबाद के सेक्टर-88 स्थित एसआरएस रेजिडेंसी में रह रहा है। मृतका के पिता कटेश्वर जेसीबी कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय उसकी मां आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा गई हुई थीं, जबकि छात्रा घर पर अकेली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नीट परीक्षा में कम अंक आने के कारण तनाव में थी पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि भूपानी थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने बताया है कि छात्रा नीट परीक्षा में कम अंक आने के कारण काफी समय से मानसिक तनाव में थी। फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।
हरियाणा के नारनौल के सदर थाना के गांव में एक 21 वर्षीय युवक ने अपने मामा के गांव में आकर पेड़ से फांसी का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। युवक के आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चला है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। राजस्थान के अलवर जिला के मांढन थाना के गांव नानगवास निवासी करीब 21 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार पिछले तीन दिनों से अपने मामा के घर गांव नांगल काठा में आया हुआ था। परिजनों के अनुसार वह अविवाहित था और कुछ दिनों के लिए यहां पर आया हुआ था। खेतों में लटका मिला पुलिस को आज गुरुवार को सूचना मिली कि गांव के खेतों के समीप एक युवक पेड़ पर लटका हुआ मृत अवस्था में मिला है। इसके बाद सदर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। बाद में शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। इत्तफाकिया हादसे की कार्रवाई नागरिक अस्पताल में मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर इत्तफाकिया कार्रवाई अमल में लाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन उसे अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव लेकर रवाना हो गए। पुलिस कर रही जांच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, घटना के बाद नांगल काठा और मृतक के पैतृक गांव नांगवास में शोक की लहर है।
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग की लत में अधिक कर्जा होने की वजह से नगर निगम के संविदाकर्मी मुकेश पासवान (20) ने सुसाइड किया था। मोबाइल में एक मैसेज भी मिला है, जिसमें लिखा है कि बहुत कर्जदार हो गया हूं, मैं मरने जा रहा हूं। पुलिस के मुताबिक, संविदाकर्मी के मोबाइल में विंजो एप मिला है। जिसमे वह कैसीनो और लाटरी खेलता था। घटना वाले दिन बुधवार सुबह भी वह 40 हजार रुपये हार गया था। इसके बाद उसने मोबाइल पर ही मरने का एक मैसेज लिखा और पेड़ में रस्सी बांधकर गले में फंदा फंसाकर गाड़ी चलाई। जिससे उसका गला कसने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सुसाइड की पुष्टि हुई है। गेम की लत में बाइक गिरवी रख दी मुकेश ने 2 माह पहले राधा निषाद से लव मैरिज की थी। इसके बाद पत्नी को साथ लेकर परिवार से अलग रहने लगा था। नगर निगम की कूड़ा गाड़ी चलाता था, उसकी 11 हजार सैलरी थी। अधिक कमाने के चक्कर में वह ऑनलाइन गेमिंग की लत में पड़ गया था। पत्नी राधा ने बताया कि किस्त पर अपाची बाइक खरीदी थी। जिसकी हर माह 5 हजार रुपये किस्त आती थी। कैसीनो गेम के चक्कर में वह बाइक भी गिरवी रख दिए थे। दोस्तों से भी 10 हजार, 5 हजार, 2 हजार करके 5 लाख रुपये से अधिक कर्ज ले लिया था। इसकी वजह से वह बहुत परेशान रहते थे। कैंट पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा है, लेकिन कहीं काेई आता-जाता नहीं दिखा है। वहां के लोगों से पूछताछ में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। घटनास्थल की तस्वीरें… कूड़ा गाड़ी में मिली थी लाश बेतियाहाता स्थित पार्क में बुधवार सुबह करीब 11 बजे वहां खड़ी नगर निगम की कूड़ा गाड़ी में शव मिला। आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद शव की पहचान गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ निवासी मुकेश पासवान के रूप में हुई। इस दौरान फारेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। लेकिन कोई संदिग्ध चीज वहां नहीं मिली। घटनास्थल पर मुकेश की पत्नी राधा पहुंचकर चीख चीखकर रोने लगीं। तभी मुकेश के माता-पिता भी पहुंच गए। बेटे के गले में फंदा देखकर वे हत्या का आरोप लगाने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया। जहां शाम करीब 4 बजे पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमे सुसाइड की पुष्टि हुई। लव मैरिज करने से नाराज था परिवार परिजनों के मुताबिक, मुकेश ने करीब दो महीने पहले पड़ोस के गांव की दूसरी जाति की युवती राधा निषाद से लव मैरिज किया था। इस शादी से दोनों परिवार नाराज थे। पारिवारिक विरोध के चलते मुकेश अपनी पत्नी के साथ गोरखपुर शहर में किराए के मकान में रह रहा था। शौक पूरा करने के लिए उसने लोन पर अपाची बाइक खरीदी थी। पहली बार ऐसा सुसाइड देखा घटना के बाद स्थानीय पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के साथ ही आस-पास के लोगों की भीड़ लग गई थी। मुकेश ने वहां एक पेड़ की डाली में रस्सी बांधी थी, दूसरे सिरा का फंदा बनाकर गले में फंसा लिया था। इसके बाद कूड़ा गाड़ी स्टार्ट कर आगे बढ़ा दी थी। आस-पास के लोगों ने कहा कि कभी इस तरह का सुसाइड नहीं देखा था। संविदा कर्मी ने जरूर सोशल मीडिया पर मरने का तरीका देखा होगा। इस संबंध में सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में मुकेश कर्जदार हो गया था। सुसाइड से पहले भी उसने कैसीनो गेम में करीब 40 हजार रुपये लगाए थे। हारने के बाद वह मोबाइल पर मरने का मैसेज भी लिखा था। पोस्टमार्टम में भी इसकी पुष्टि हो गई है।
सूरजपुर के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में एक चीतल संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने नियमानुसार पंचनामा और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चीतल का अंतिम संस्कार कराया। फिलहाल उसकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है और विभाग विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। पहले भी हुई थी चीतल की मौत स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक अन्य चीतल की मौत कथित रूप से आवारा कुत्तों के हमले में हुई थी। हालांकि, वन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही चीतल की मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीवों की सुरक्षा पर जोर घटना के बाद रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बाड़मेर के चौहटन में चौथी कक्षा के 8 साल के छात्र को टीचर ने इतना पीटा की बेहोश हो गया। आरोप है कि बच्चा गणित की नोटबुक घर भूल गया था। कॉपी अगले दिन लाने की बात पर टीचर ने गुस्से में डंडे से उसकी पिटाई कर दी। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को सूचना दी गई। बच्चे को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पुलिस ने मेडिकल करवाया। अब परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कॉपी भूलने पर टीचर ने डंडे से पीटा बच्चे के पिता ने बताया - उनका 8 साल का बेटा प्राइवेट टीपीएस पब्लिक स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ता है। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल बस से स्कूल गया था। करीब 10 बजे क्लास में गणित के टीचर गणपत ने कॉपी मांगी। बच्चे ने बताया कि वह गणित की कॉपी घर पर भूल आया है और अगले दिन लेकर आएगा। इस बात पर टीचर ने गुस्से में डंडे से उसकी पिटाई कर दी। इससे उसे चक्कर आने लगे और बच्चा अचेत हो गया। इसके बाद स्कूल के अन्य टीचर जसवंत ने बच्चे के परिजनों को फोन कर तबीयत बिगड़ने की सूचना दी। बच्चे को परिजन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, पुलिस भी पहुंची सूचना मिलने पर वे स्कूल पहुंचे तो बच्चे की तबीयत खराब थी। पूछने पर बच्चे ने बताया कि गणित की कॉपी घर पर छूटने पर शिक्षक ने डंडे से पीटा। इसके बाद परिजन उसे चौहटन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया गया। अस्पताल की इमरजेंसी में पुलिस भी पहुंची और बच्चे का मेडिकल करवाया गया। स्कूल संचालक जगदीश विश्नोई ने बताया- बच्चे ने होमवर्क नहीं किया था, जिस पर टीचर ने उसे डंडे से मारा। वह फिलहाल बाहर हैं। वापस लौटने पर पूरे मामले की जांच करेंगे और यदि टीचर की गलती पाई गई तो उसे स्कूल से हटा दिया जाएगा।
बिजनौर के मुकुल ने बनाया एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स:आंखों पर पट्टी बांधकर किया अनोखा कारनामा
बिजनौर के मुकुल कुमार ने रोप स्किपिंग खेल में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर एक पैर से सबसे तेज रस्सी कूदने का कीर्तिमान स्थापित किया है। मुकुल ने 30 सेकंड में आंखों पर पट्टी बांधकर एक पैर से 84 बार रस्सी कूदकर यह रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने अपनी दाहिनी टांग से यह उपलब्धि हासिल की है। मुकुल ने बिजनौर के 'वैनिला स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर' में अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। बिजनौर की यूनिवर्सल एकेडमी ने अपने पूर्व छात्र मुकुल कुमार को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। गुरुवार दोपहर 12 बजे स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान दिया गया। इस उपलब्धि के बाद मुकुल ने सोशल मीडिया और गूगल पर अपनी पहचान बनाई है। उनका अगला लक्ष्य अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराना है। मुकुल ने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलकूद में रुचि रही है, जिसके चलते उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर रोप स्किपिंग का अभ्यास किया। स्कूल प्रबंधन ने मुकुल को 11 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इन्फ्लुएंसर ने दर्ज करवाया था झूठा मामला:बोला- डीजल भरवाने को लेकर हुआ था विवाद, बहकावे में आ गया था
मूंडवा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित लूट और मारपीट के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में शुरुआती रिपोर्ट के कई दावे गलत पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बींठवाल निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महिपाल गोस्वामी ने 29 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 27 जून को भरत और हरीश नाम के दो युवक बिना नंबर की थार गाड़ी में उन्हें घर से प्रमोशन के बहाने ले गए। रास्ते में बंधक बनाकर पिस्तौल और बंदूक दिखाकर धमकाया, नागौर मेला मैदान में मारपीट की और सोने के कुंडल, अंगूठियां सहित अन्य सामान लूट लिया। बाद में उन्हें फुलेरा के पास रेलवे ट्रैक के निकट छोड़कर फरार हो गए। जांच में कई दावे गलत निकले पुलिस की जांच में सामने आया कि पीड़ित की सोने की अंगूठियां और चेन चोरी नहीं हुई थीं। साथ ही आरोपियों के पास किसी प्रकार की पिस्तौल या बंदूक होने की पुष्टि भी नहीं हुई। बाद में महिपाल गोस्वामी ने स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनके साथ केवल कानों के कुंडल और मोबाइल छीना गया था तथा पूरे विवाद की शुरुआत डीजल भरवाने को लेकर हुई थी। मामले में मूंडवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्फ्लुएंसर ने वीडियो जारी कर दिया स्पष्टीकरण इस मामले में अब इन्फ्लुएंसर ने एक वीडियो जारी कर बताया कि दूसरों के बहकावे में आकर घटना के बाद सोने की अंगूठिया सोने की चेन और पैसे लूटने की शिकायत झूठी दे दी है और स्पष्टीकरण देते हुए पुलिस को धन्यवाद दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर पीड़ित महिपाल गोस्वामी और मामले के जांच अधिकारी एएसआई बेणीराम के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें महिपाल ने जांच अधिकारी पर प्रताड़ित करने, पैसे मांगने और राजीनामे का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, एएसआई बेणीराम ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष और नियमानुसार जांच कर रहे हैं।
नागौर जिले के गोटन रेलवे स्टेशन का शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण करेंगे। इस दौरान गोटन स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहेंगे। 18.93 लाख रुपए की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है, जहां यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे गोटन पहुंचेंगे और लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। दोपहर 2 बजे गोटन पहुंचेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि समारोह सुचारु रूप से संपन्न हो सके। 18.93 लाख रुपए से स्टेशन का हुआ कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 18.93 लाख रुपए की लागत से गोटन रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और बेहतर होगा। इस परियोजना को क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कई जनप्रतिनिधि भी रहेंगे मौजूद लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू, डेगाना विधायक अजय सिंह किलक, जायल विधायक एवं राज्य मंत्री मंजू बाघमार, डॉ. ज्योति मिर्धा, भाजपा नेता रिछपाल सिंह मिर्धा सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के भी पहुंचने की संभावना है।
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में तैनात जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर डॉ. विनोद कुमार बिंद (27) की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले थे और ऑर्थोपेडिक्स विभाग में द्वितीय वर्ष के जूनियर रेजीडेंट थे। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि बुधवार-गुरुवार की रात डॉ. विनोद इमरजेंसी में ड्यूटी पर थे। गुरुवार तड़के करीब पांच बजे उनके पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द शुरू हुआ। दर्द बढ़ने पर वह खुद ही मेडिसिन इमरजेंसी और आईसीयू पहुंचे। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए तत्काल ईसीजी, ट्रॉप-आई (Troponin-I) समेत अन्य जरूरी जांचें कराईं। शुरुआती जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद उनका इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया। हालत बिगड़ने पर लगाया पेसमेकर, लगातार दिया गया CPR इलाज के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. विशाल गुप्ता, एनेस्थीसिया विभाग के प्रो. डॉ. अपूर्व अग्रवाल और कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. गौतम वाजपेयी की टीम ने उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर और धड़कन नियंत्रित करने के लिए लगातार सीपीआर (CPR) दिया और टैम्परेरी पेसमेकर भी लगाया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर कार्डियोलॉजी भेजा हालत गंभीर होने पर हैलट अस्पताल से एलपीएस हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस और अस्पताल प्रशासन की मदद से एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस के जरिए उन्हें कार्डियोलॉजी भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर पहले से मौजूद थे। विशेषज्ञों ने काफी देर तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। डायबिटीज और हाई बीपी से थे पीड़ित सहकर्मियों के अनुसार, डॉ. विनोद पिछले कुछ महीनों से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। डॉक्टरों का मानना है कि मौत का कारण हृदय संबंधी गंभीर समस्या हो सकती है। हालांकि, मौत के सटीक कारण की पुष्टि मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। घटना की जानकारी उपचार के दौरान लगातार परिजनों को दी जाती रही। डॉ. विनोद के निधन से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, जूनियर रेजीडेंट्स और कर्मचारियों में शोक का माहौल है।
खैरथल में शहर में बढ़ती जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने गुरुवार को निरीक्षण अभियान चलाया। डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी ने मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों का पैदल निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों को कब्जे हटाने की चेतावनी दी। साथ ही संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास के मार्गदर्शन में किया गया। कई स्थानों पर मिला अतिक्रमण सचिव अजीत कुड़ी ने मुख्य बाजार, बिजलीघर चौराहा, हेमू कालाणी चौक, मुख्य रेलवे फाटक, सब्जी मंडी और रेलवे स्टेशन मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होता पाया गया। उन्होंने अतिक्रमणकारियों से बातचीत कर स्वेच्छा से कब्जे हटाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित विभागों की मदद से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कें, बाजार और फुटपाथ आम लोगों की सुविधा के लिए हैं और उन पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मानसून को देखते हुए दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान सचिव ने मानसून को देखते हुए नालों और नालियों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से जलभराव की स्थिति से बचने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा। लोगों से भी किया सहयोग का आग्रह अजीत कुड़ी ने आमजन से सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं करने, स्वच्छता बनाए रखने और शहर को व्यवस्थित एवं सुगम बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा, पीएलवी सूरजभान कछवाहा, नगर परिषद के कर्मचारी तथा खैरथल थाना पुलिस की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने डीएलएसए सचिव को आश्वस्त किया कि सफाई, सड़क मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरे किए जाएंगे।
सोनीपत के खरखौदा स्थित कन्या महाविद्यालय में 26 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (एमएमएपीयूवाई-2.0) के तहत अंत्योदय मेला आयोजित किया जाएगा। इसके सफल आयोजन के लिए वीरवार को एसडीएम अमित भारद्वाज की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। एसडीएम भारद्वाज ने सभी विभागों को समयबद्ध और समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना-2.0 का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। एक ही स्थान पर मिलेगी सभी योजनाओं की जानकारी : एसडीएम उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेले के माध्यम से पात्र परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेजों के बारे में मार्गदर्शन और विभिन्न सेवाओं का लाभ मिलेगा। एसडीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले प्रत्येक पात्र लाभार्थी की प्रभावी काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों की अनिवार्य उपस्थिति पर भी जोर दिया। प्रत्येक विभाग अपने स्टॉल पर संचालित योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र लाभार्थी उचित मार्गदर्शन के बिना वापस नहीं लौटना चाहिए। तीन हजार से ज्यादा परिवारों को किया जाएगा आमंत्रित एसडीएम अमित भारद्वाज ने बताया कि खरखोदा विधानसभा क्षेत्र के 53 गांवों एवं नगर पालिका के वार्डों के कुल 3005 पात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। इन सभी लाभार्थियों को 26 जुलाई को कन्या महाविद्यालय, खरखोदा में आयोजित अंत्योदय मेले में आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सचिवों, सरपंचों, नगर पालिका तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों के सहयोग से प्रत्येक पात्र परिवार तक मेले की सूचना समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी पूर्व सूचना उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। बैंकिंग सेवाएं भी कराई जाएंगी उपलब्ध उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेले में बैंक प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार, ऋण, वित्तीय समावेशन एवं अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा सके। सभी विभाग अपने-अपने स्टॉल पर पर्याप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करें तथा लाभार्थियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए पूरी गंभीरता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेले का उद्देश्य पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी लाभ उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुरेंद्र आर्य, नगर पालिका सचिव मनीष, जिला समाज कल्याण विभाग से अतुल तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुकमा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने सरकार के सुकमा को नक्सल मुक्त घोषित करने के बाद जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और आत्मसमर्पित नक्सलियों के समुचित पुनर्वास की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि सुकमा अब नक्सल मुक्त हो चुका है, तो फर्जी नक्सल मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए। 'फर्जी मामलों में बंद हैं सैकड़ों आदिवासी' हरीश कवासी ने कहा कि सैकड़ों आदिवासी फर्जी नक्सल मामलों में जेलों में बंद हैं। उनके परिवार आर्थिक, मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। मुकदमे लड़ने के लिए कई परिवारों को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करे। जरूरत पड़ने पर सरकारी स्तर पर वकीलों की व्यवस्था भी करे, ताकि निर्दोष लोगों को वर्षों तक जेल में न रहना पड़े। विक्रम मंडावी, कवासी लखमा भी उठा चुके हैं मुद्दा उन्होंने बताया कि दो दिन पहले बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा ने भी गृहमंत्री के सामने निर्दोष आदिवासियों की रिहाई का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस जल्द ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास पर भी सवाल हरीश कवासी ने कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया, लेकिन सरकार उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं कर सकी। उनका आरोप है कि पुनर्वास केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई जगह पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती है कि आत्मसमर्पित नक्सली स्थायी रूप से मुख्यधारा से जुड़े रहें, तो उन्हें सम्मानजनक जीवन, जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पांच-पांच एकड़ जमीन, मकान, रोजगार देने की मांग कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की कि जो आत्मसमर्पित नक्सली सुरक्षा कारणों से अपने गांव नहीं लौट सकते, उन्हें जिला मुख्यालय में पांच-पांच एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाए। आर्थिक सहायता, इनामी राशि के अनुरूप पक्का मकान, रोजगार की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने कहा कि नौकरी करने के इच्छुक लोगों को सरकारी या अन्य उपयुक्त रोजगार दिया जाए। खेती करने के इच्छुक लोगों को कृषि भूमि, जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मांगें नहीं मानी गईं तो रायपुर, दिल्ली तक पहुंचेगी लड़ाई हरीश कवासी ने कहा कि कांग्रेस पहले मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद संभागीय स्तर पर कमिश्नर को ज्ञापन दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आदिवासी समाज, पीड़ित परिवारों के साथ रायपुर, दिल्ली जाकर सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के सभी कांग्रेस विधायकों से मुलाकात कर यह मामला उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा।
प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार शाम करीब 4 बजे नगर पालिका, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह कार्रवाई राजापाल टंकी चौराहे से चौक घंटाघर तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई। अभियान की शुरुआत में सड़क किनारे हरी पट्टी (ग्रीन लाइन) खींची गई। व्यापारियों को निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अंबेडकर चौराहे से चौक तक अतिक्रमण हटाने का कार्य किया गया। प्रशासन के अनुसार, इस मार्ग पर जिला अस्पताल स्थित है, जिसके कारण एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही अतिक्रमण की वजह से लगातार प्रभावित हो रही थी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी, नगर पालिका के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित सीमा के बाहर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेसहारा गौवंश के लिए गौशाला की मांग:गौ रक्षक दल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मांगी सरकारी जमीन
चूरू में बेसहारा, बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के संरक्षण के लिए आरजे-10 गौ रक्षक दल ने गुरुवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शहर के आसपास गौशाला स्थापित करने हेतु सरकारी भूमि आवंटित करने की मांग की। संस्था का कहना है कि गौशाला बनने से ऐसे गौवंश को आश्रय, इलाज और नियमित देखभाल मिल सकेगी। क्षेत्र में बढ़ रही है जरूरत आरजे-10 गौ रक्षक दल के प्रतिनिधि जयप्रकाश सहारण ने बताया कि चूरू क्षेत्र में बेसहारा, बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनके संरक्षण, इलाज, चारा-पानी और देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौशाला स्थापित करने की योजना उन्होंने बताया कि संस्था चूरू शहर के आसपास एक गौशाला स्थापित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य बेसहारा, घायल और बीमार गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनका इलाज कराना और गौसेवा को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन से सरकारी भूमि आवंटित करने का आग्रह किया गया है। नियमों के पालन का भरोसा गौ रक्षक दल ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि आवंटित भूमि का उपयोग केवल गौशाला संचालन और गौसेवा के लिए किया जाएगा। साथ ही प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान सुमित, शक्ति, नितिन, राकेश, प्रवीण, सहवाज सहित गौ रक्षक दल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
गोरखपुर के असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर की ओर से गुरुवार की दोपहर 3 बजे से भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा निकाला गया। इस यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पूरी भक्ति-भाव में श्रद्धालु नाचते- गाते और भजनों में लीन नजर आएं। रथ के आगे झाड़ू लगाते हुए रास्ता साफ किया और यात्रा को आगे बढ़ाया गया। यह यात्रा मंदिर से निकल कर मेडिकल कॉलेज रोड, एचएन सिंह चौराहा, धर्मपुर तिराहा, गीता वाटिका होते हुए असुरन चौक से होकर विष्णु मंदिर जाकर समाप्त होगी। जहां शाम 7 बजे के करीब भव्य आरती होगा। उसके बाद महाप्रसाद वितरण का आयोजन होगा। शहर भर में घूमें इस यात्रा का जगह- जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यह दिव्य नजारा देखते बन रहा था। हर तरफ जय जगन्नाथ गूंज उठा। देखिए तस्वीरें… पुरी से आई मूर्तियों का हुआ श्रृंगार इस रथ की सबसे खास बात यह थी पुरी से आई भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमा के साथ निकाली गई। पूरे रथ को फूलों से सजाया गया। भक्तों ने अपने हाथों से श्रद्धा के साथ खींचा। सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु इस यात्रा में शहर और आसपास के तमाम श्रद्धालु सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए। महिला, पुरुष, बच्चे और हर उम्र के लोगों ने नाचते- गाते, भजनों में लीन होकर यात्रा की भव्यता को बढ़ाया। साथ ही तमाम लोगों ने इस खूबसूरत पल को वीडियो और फोटो के माध्यम से अपने कैमरे में कैद किया।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में अपहरण और जानलेवा हमले के मामले में वांछित गैंगस्टर बृहस्पतिवार को प्रयागराज में फरारी काटते गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने उसे हंडिया से पकड़ा। यहां वह अपने पैतृक गांव में छिपा हुआ था और गिरफ्तारी से बचने के लिए रिश्तेदार के घर जाने की फिराक में था। महाराष्ट्र पुलिस ने दी थी सूचनाएसटीएफ के मुताबिक, थाणे (महाराष्ट्र) के थाना नारपोली में दर्ज मुकदमे में वांटेड प्रशांत विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने सहयोग मांगा था। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज ने सूचना जुटानी शुरू की।कटहरा बाजार से दबोचा गया बुधवार रात करीब 9:45 बजे एसटीएफ प्रयागराज और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने हंडिया के कटहरा बाजार से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। गिरोह बनाकर करता था लूटपाटपूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से हंडिया के ग्राम जसवां बरौत का रहने वाला है। वह ठाणे में रहकर अपने साथियों रोहित पांडेय, अभिषेक देशमुख और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चोरी और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था। इसके लिए एक गिरोह भी बना रखा था।लूट के पैसों के बंटवारे पर बढ़ी दुश्मनीपुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य भावेश सोहलाल व्यास से लूट के पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद भावेश ने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। दोनों पक्षों के बीच रंजिश लगातार बढ़ती गई और इसी दुश्मनी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया।भिवंडी से अगवा कर किया जानलेवा हमलामहाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक, 10 जून को आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर भिवंडी शहर से भावेश सोहलाल व्यास का अपहरण किया और उस पर जानलेवा हमला किया। इस घटना के संबंध में थाना नारपोली में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात के बाद वह भाग निकला और तब से अपने पैतृक गांव हंडिया में छिपकर रहा था। मामा के घर भागने की तैयारी में थापूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से वह अपने मामा जयराम विश्वकर्मा के घर, नईकीपुर (थाना सराय ममरेज) जा रहा था। इसी दौरान एसटीएफ ने कटहरा बाजार में उसे दबोच लिया।महाराष्ट्र पुलिस ले गई अपने साथगिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना हंडिया में दाखिल कराया गया। महाराष्ट्र पुलिस ट्रांजिट रिमांड बनवाकर उसे भिवंडी ले जाने के लिए रवाना हो गई है। पहले भी कई मामलों में दर्ज हैं मुकदमेएसटीएफ अफसरों ने बताया, प्रशांत के खिलाफ महाराष्ट्र के भिवंडी शहर, भोईवाडा और नारपोली थानों में छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आपराधिक साजिश, अपहरण एवं जानलेवा हमले के मामले शामिल हैं।
लखीमपुर खीरी में गुरुवार शाम 4 बजे ट्रक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत हो गई। वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से आग बढ़ने के लिए ओवरटेक कर रहा था। ओवरटेक करते समय ट्रक्टर के पहिए के नीचे गिरा, मौके पर जान चली गई। मृतक की पहचान शाहजहांपुर जिले के निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम कजरी नूरपुर निवासी रूप में हुई है। पूरी घटना पसगवां क्षेत्र के बरवर कस्बे में हुई। जानिए पूरी घटाना विस्तार से… जानकारी के अनुसार, सर्वेश त्रिपाठी अपने भाई विनय त्रिपाठी के साथ हरदोई के बरगवां गांव से अपने घर लौट रहे थे। बरवर के सीताराम चौराहे के पास उन्होंने आगे चल रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। ट्रैक्टर के पहिए के नीचे गिरा, मौके पर गई जान हादसे में सर्वेश त्रिपाठी ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके भाई विनय त्रिपाठी दूर जा गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सर्वेश ने हेलमेट पहना था, लेकिन सिर कुचल जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे की सूचना मिलते ही बरवर चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। ग्रामीण बोले- टूटे सड़क से हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और पटरी टूटी पड़ी है। बारिश के कारण जलभराव हो जाता है, जिससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। नरेंद्र सिंह ने बताया- बाइक सवार ओवरटेक करते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने नेशनल हाईवे 730A की जर्जर हालत को हादसे का मुख्य कारण बताया।
आमला नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। वार्ड-9 की पार्षद एवं यूथ कांग्रेस जिला महासचिव खुशबू विजय अतुलकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने रतेड़ा रोड स्थित मां चंद्रभागा नदी पुल पर सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। सड़क पर बैठे कार्यकर्ता, कुछ देर थमा यातायात प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक सड़क पर बैठ गए, जिससे रतेड़ा रोड पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित किया। सड़क, पानी, बिजली और सफाई को लेकर जताई नाराजगी प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर की टूटी सड़कें, पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई जैसी समस्याओं को लेकर कई बार नगर पालिका और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी चक्काजाम समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल तहसील कार्यालय पहुंचा और तहसीलदार को नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष पहुंचे, दिया समाधान का भरोसा प्रदर्शन की सूचना पर नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों से समन्वय कर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर यातायात बहाल कर दिया गया। कांग्रेस बोली- जनता के हित में किया आंदोलन पार्षद खुशबू विजय अतुलकर ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। प्रदर्शन में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे।
प्रयागराज में नागरिक समाज इलाहाबाद ने एक बार फिर सड़क पर उतर विरोध प्रदर्शन किया। नागरिक समाज ने नई दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन और उपवास का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। सोनम वांचचुग के समर्थन में आवाज बुलंद की। बालसन चौराहा नेहरू प्रतिमा के पास जमा हुए समाजसेवियों ने बेरोजगारी, पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर नई दिल्ली में जारी आंदोलन पूरा समर्थन देते हुए कहा कि सामूहिक उपवास, अनशन और प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान दिशा छात्र संगठन से जुड़े छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी की। साथ ही देश हमारा कहां जा रहा .. गीत को गाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। जेलों में बंद आंदोलनकारियों को रिहा करेंसभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की लगभग सभी परीक्षाएं संदेश के घेरे में है। नीट, टेट, लेखपाल, नेट पेपर लीक से पीड़ित, दुःखी प्रतियोगी छात्र, छात्राएं लगातार आत्महताएं करने को मजबूर हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग किया कि जेलों में बंद किए गए आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ट्रेंड यूनियन लीडर की रिहाई की जाए। व्यापमं घोटाले से लेकर नीट के डकैतों तक को तत्काल सत्ता से हटाया जाए। लगातार बंद हो रहे सरकारी स्कूलों को पुनः खोला जाए। सभा की अध्यक्षता कॉम आनंद मालवीय ने और संचालन चंचल व शशांक मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। ये हुए शामिलडॉ. आशीष मित्तल, डॉ. कमल उसरी, सुभाष चंद्र पांडेय, सुरेंद्र राही, हरिश्चंद्र द्विवेदी, अविनाश मिश्रा, विकाश स्वरूप, राजेश सचान, सुनीता, ऋषेश्वर उपाध्याय, गायत्री गांगुली, मनोज पांडेय, राजकुमार पथिक, भीम लाल, सतेंद्र सिंह, सीमा आज़ाद, विश्वविजय, नंद लाल गुप्ता, मनोज चौधरी, नसीम अंसारी, आशीष, चित्तजीत मित्रा, ऋचा, प्रकृति, सूर्या, रिशू, गोविंद, प्रशान्त, सौम्या, संजय, निधि, प्रेमचन्द, चंद्रप्रकाश, अविनाश, विन्द्रेश, गौतम, सुधाकर, सुहानी, अंजली, आरती, जय, हर्ष, प्रियांशु, सोनाली यादव, साक्षी मिश्रा, राधा, अमित मनोज, अनुराग, सोनू यादव, सुनील मौर्य, रानी, सिद्धेश्वर मिश्रा, अशोक कुमार श्रीवास्तव, शिव धनी, विमल, वी के श्रीवास्तव, धनी लाल , बनवारी लाल, आरपी सिंह, टीआर गुप्ता आदि शामिल हुए।
कानपुर के कृष्णा नगर स्थित नगर निगम जोन-2 कार्यालय में गुरुवार दोपहर 3:45 बजे जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में देरी को लेकर हंगामा हुआ। वार्ड-63 यशोदा नगर के पार्षदपति दुर्गा प्रसाद गुप्ता अपने समर्थकों के साथ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता को महीनों तक परेशान करने का आरोप लगाया। पार्षदपति दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वह अपने भतीजे देवाश का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पिछले 15 महीनों से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें लौटा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार दोपहर को वह मनीष शुक्ला की मां, बृजेश साहू के पिता और गोविंद साहू के पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र लेने पहुंचे थे। संबंधित कर्मचारियों ने बताया कि फाइल और आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। पार्षदपति ने कर्मचारियों के साथ मिलकर काफी देर तक दस्तावेज खोजने का प्रयास किया, लेकिन रिकॉर्ड नहीं मिला। रिकॉर्ड न मिलने और लगातार हो रही देरी से नाराज होकर पार्षदपति ने अपने समर्थकों के साथ जोनल कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई, जिससे कार्यालय में कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित हुआ। पार्षदपति ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर लापरवाही और अव्यवस्था का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'टेबल के नीचे से रुपए ना देने पर फाइल लटकाई जाती है।' उन्हें लंबे समय से दौड़ाया जा रहा है। काम के नाम पर टालमटोली की जा रही है। लगभग दस मिनट तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद जोनल विजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदपति से बातचीत की और दो दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया और पार्षदपति अपने समर्थकों के साथ वापस लौट गए। पार्षदपति ने कहा कि, अगर दो दिन में काम नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी दो दिवसीय 'गौ-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' के तहत गुरुवार को गोंडा जिले में रहे। यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने जिले के कई स्थानों पर लोगों से गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित किए जाने के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। इस दौरान वह गुरुवार शाम करीब 5 बजे नवाबगंज क्षेत्र के बल्लीपुर पहुंचे। यहां सपा नेता सूरज सिंह ने अपने परिवार के साथ उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने हजारों लोगों को संबोधित करते हुए गाय को 'गौ माता' घोषित किए जाने के अभियान से जुड़ने की अपील की। मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के संबंधों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अखिलेश यादव की सफलता है कि उन्होंने अपने व्यक्ति टिन्नू यादव को चंपत राय जैसे प्रभावशाली व्यक्ति का विश्वासपात्र बनाकर रखा। उन्होंने अखिलेश यादव को गजब का नेता बताते हुए कहा कि वह उन्हें इतना बड़ा नेता नहीं समझते थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि चंपत राय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत के विश्वासपात्र व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति का विश्वासपात्र अपने खास आदमी को बनाए रखना, जिससे हजारों बार फोन पर बातचीत होती रही हो, किसी सामान्य नेता का काम नहीं है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका मतलब है कि अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत को भी मात दे दी और उनकी खुफिया व्यवस्था विफल हो गई। राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति के लिए मांगे गए आवेदनों पर भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सीईओ नियुक्त करने का कोई औचित्य नहीं है। उनकी मांग है कि पहले वर्तमान ट्रस्ट को हटाकर एक पवित्र ट्रस्ट बनाया जाए, जिस पर लोगों का विश्वास हो सके। उन्होंने कहा कि केवल सीईओ नियुक्त करने से कुछ नहीं होगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि “सतीश महाना जैसे लोग गिरे हुए लोग हैं। विडंबना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की इतनी गरिमामयी कुर्सी पर ऐसे लोग बैठे हैं।” उन्होंने कहा, इनको ऐसा बयान देने की कोई जरूरत नहीं थी। इनके पास शायद ऐसा कोई विशेष यंत्र है, जिससे ये सूंघकर बता देते हैं कि कौन-सा पैसा श्रद्धा से आया है और कौन-सा बिना श्रद्धा के। जो पैसा इन्हें बिना श्रद्धा का लगता है, उसे ये अलग कर देते हैं। ऐसे लोगों को मंदिरों से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने अपने बयान से यह साबित कर दिया कि अब उनकी नाक में इतनी ताकत आ गई है कि वह नोट को सूंघकर बता सकते हैं कि उसमें श्रद्धा है या नहीं। जिस नोट में श्रद्धा होगी उसे छोड़ देंगे और जिसमें श्रद्धा नहीं होगी उसे अपनी जेब में रख लेंगे। मुख्यमंत्री कहते थे कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन अब विधानसभा अध्यक्ष यह तय कर रहे हैं कि कौन-सा नोट श्रद्धा वाला है और कौन-सा नहीं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, हमारी यात्रा भाजपा और सरकार की नीतियों के विरोध में इसलिए चल रही है क्योंकि सरकार हमारी गौ माता को आज भी पशु मानती है। इससे हमें पीड़ा होती है। हमारी मां को कोई पशु कहे और हम उसके विरोध में खड़े भी न हों, ऐसा कौन-सा बंधन है? हम सरकार के नौकर नहीं हैं कि हर बात पर उसकी हां में हां मिलाएं। उन्होंने कहा, सरकार बनाने वाले भी हम हैं और जरूरत पड़ने पर सरकार बदलने वाले भी हम ही हैं। अगर सरकार हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं करती, तो उसे बदलने का अधिकार जनता के पास है। इसमें गलत क्या है?
बांदा पुलिस ने घर की दीवार तोड़कर लाखों के आभूषण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी के आभूषण, नकदी, एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। आरोपी मैनपुरी जिले का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मटौंध पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना क्षेत्र के इंद्रजीत प्रजापति ने 13/14 मई 2026 की रात घर की दीवार तोड़कर आभूषण चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में थाना मटौंध पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस ने गोयरा तिराहा के पास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसकी पहचान मैनपुरी जिले के थाना किसनी क्षेत्र के इंद्रपुर निवासी पिंटू पुत्र नंदकिशोर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी के आभूषणों में 25 ग्राम की एक जोड़ी बिछिया, 50 ग्राम की दो पायल और 125 ग्राम का एक बिछुवा बरामद हुआ। इसके अलावा चोरी के जेवर बेचने से मिले 2,900 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के पास से एक 12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। अवैध हथियार मिलने पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों में संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे स्कूल से घर लौट रही एक 12 वर्षीय छात्रा सड़क हादसे का शिकार हो गई। प्राथमिक विद्यालय कपूरपुर के पास सड़क पार करते समय तेज रफ्तार बाइक ने छात्रा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में छात्रा और बाइक सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के ग्राम रन्नुपुर निवासी आशाराम की 12 वर्षीय पुत्री रामवती गुरुवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। जैसे ही वह प्राथमिक विद्यालय कपूरपुर के पास सड़क पार करने लगी, तभी रामकोट थाना क्षेत्र के जालेपारा निवासी प्रदीप कुमार सिंह की बाइक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि छात्रा सड़क पर दूर जा गिरी, जबकि बाइक सवार भी संतुलन खोकर घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने छात्रा रामवती की हालत अत्यंत गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, जबकि बाइक सवार का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। घटना के बाद छात्रा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेमेतरा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर राम मंदिर चंदा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राम मंदिर निर्माण, चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी, वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। साथ ही मंदिर निर्माण, चढ़ावे, दान, भूमि खरीद, आयोजनों और खर्चों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग रखी। कांग्रेस नेताओं ने ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी बात कही। रविंद्र चौबे ने लगाए आरोप पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि राम मंदिर निर्माण, चंदा और भूमि खरीद से जुड़े मामलों को लेकर सनातन धर्म के अनुयायियों के मन में संदेह पैदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को सीमित कर कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जनता जवाब चाहती है रविंद्र चौबे ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और करीब 5000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस मुद्दे पर मौन रहने पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाब चाहती है।
मैनपुरी जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गुरुवार को जिले में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता और समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। बैठक में जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पाइप पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क या खड़ंजा खोदा गया है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। साथ ही, जिन पेयजल योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका नियमित संचालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने जल निगम (ग्रामीण) की निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता तथा संबंधित तकनीकी अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर पाइप, पानी की टंकियों, सरिया, अन्य निर्माण सामग्री, बोरिंग कार्य तथा भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के बाद कराए गए रेस्टोरेशन की गुणवत्ता की जांच करेगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने प्रयोगशाला भेजकर परीक्षण भी कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने समिति को निष्पक्ष और तकनीकी मानकों के अनुरूप जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। समीक्षा के दौरान अमृत योजना के तहत संचालित सीवर परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सीवर लाइन बिछाने, घरेलू कनेक्शन, सीवेज संचालन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द संचालित किया जाए और शेष कार्यों में तेजी लाई जाए। साथ ही, सभी परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी सीएमआईएस पोर्टल पर समय से अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
शिवपुरी जिले में हाथ में ड्रिप लगी हालत में एक व्यक्ति को बाइक पर ले जाते हुए दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। हालांकि, पड़ताल में सामने आया कि मामला अस्पताल की लापरवाही का नहीं, बल्कि परिजनों के निजी वाहन से मरीज को ले जाने का था। यह घटना बुधवार दोपहर कोलारस थाना क्षेत्र के सरजापुर गांव की है। गांव निवासी दयालू जाटव (50) और उनके बेटे राजेश जाटव के साथ कोलारस कस्बे की नर्सरी के पास मोहरा रोड पर जमीन विवाद को लेकर कुछ लोगों ने मारपीट की थी। मारपीट में घायल होने के बाद दोनों को इलाज के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार और एमएलसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद दयालू जाटव को आगे के इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। देखें तस्वीरें… एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे थाने इसी दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता और परिजन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दयालू जाटव और राजेश जाटव को लेकर कोलारस थाने पहुंचे। एफआईआर दर्ज होने में देरी को लेकर कुछ देर हंगामा भी हुआ। बाद में पुलिस ने राकेश चौबे, महेंद्र यादव, गोलू यादव, मुलायम यादव और पर्वत यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद दयालू जाटव के परिजन कामता प्रसाद जाटव और गंगाराम जाटव उन्हें हाथ में ड्रिप लगी हालत में बाइक से शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले गए। इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। थाना प्रभारी बोले- मारपीट का मामला था कोलारस थाना प्रभारी पुनीत बाजपेयी ने बताया कि दयालू जाटव और उनके बेटे के साथ मारपीट हुई थी। दोनों थाने पहुंचे थे और पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। इसके बाद घायल अपने परिजनों के साथ इलाज के लिए रवाना हो गए। सीएमएचओ बोले- परिजन निजी वाहन से ले गए जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने बताया कि कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में दयालू जाटव का प्राथमिक उपचार और एमएलसी की गई थी। उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन परिजनों ने उन्हें निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिख रही स्थिति अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि परिजनों के निजी वाहन से मरीज को ले जाने के कारण बनी।
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ऑनलाइन परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले एक अभ्यर्थी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन छिपाकर ले गया था और कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख रहे प्रश्नों की तस्वीरें खींच रहा था। केंद्र में लगे आर्ज्वर ने छात्र की गतिविधी को देखा तो उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दी। डी.डी. नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला डीडी नगर पुलिस के मुताबिक15 जुलाई 2026 को आईडीजेड सरोना स्थित परीक्षा केंद्र में रेलवे भर्ती बोर्ड की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) की दूसरी पाली आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उस पर विशेष निगरानी रखी गई। सीसीटीवी फुटेज और जांच में पता चला कि अभ्यर्थी छिपाकर लाए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था और स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रश्नों के फोटो ले रहा था। स्क्रीनिंग में फोन बचाकर सेंटर के अंदर पहुंचा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने डबल अंडरगारमेंट पहनकर उसके अंदर मोबाइल फोन छिपाया था, ताकि सुरक्षा जांच से बचकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सके। पुलिस ने जब मोबाइल की जांच की तो उसमें परीक्षा के दौरान पूछे गए प्रश्नों की तस्वीरें मिलीं, जो परीक्षा स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रश्नों से मेल खाती थीं। मामले की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। उनके निर्देश पर डी.डी. नगर थाना में अपराध क्रमांक 432/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 10(1) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। महाराष्ट्र का रहने वाला है आरोपी पुलिस ने आरोपी की पहचान अफताब (28), पिता गुलाम मोहम्मद, निवासी संतरेजीपुरा, इतवारी, नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में की है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सैमसंग मोबाइल फोन, आधार कार्ड और संबंधित RRB परीक्षा का प्रवेश पत्र जब्त किया है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के हार्ट एक्सपर्ट्स ने एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण सर्जरी कर 75 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को नई जिंदगी दी है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के दिल के दाहिने हिस्से से करीब 180 ग्राम वजनी कार्डियक ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला है। यह ट्यूमर लगातार बढ़ रहा था और हार्ट की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा था। अगर सर्जरी नहीं होती तो मरीज का हार्ट फेल्योर की ओर बढ़ रहा है। पहले जानिए क्या है मामला हरदा जिले के भुवनखेड़ी गांव निवासी जय सिंह चंदेल पिछले करीब 15 दिनों से सांस फूलने, सीने में दर्द और बार-बार चक्कर आने जैसी समस्याओं से परेशान थे। शुरुआत में उन्होंने इसे उम्र के लिहाज से कमजोरी समझा, लेकिन जब स्थिति लगातार बिगड़ने लगी और सामान्य कामकाज भी मुश्किल हो गया, तब उन्होंने हरदा के डॉक्टरों को बताया। वहां तीन दिनों तक आराम नहीं मिला तो वहां से इंदौर रैफर किया गया। 9.5 सेंटीमीटर,180 ग्राम वजनी ट्यूमर, चार घंटे तक चली सर्जरी मरीज की स्थिति और जांचों के बाद 6 जुलाई को सर्जरी का निर्णय लिया गया। डॉ. विनीत पांडे, एनेस्थेटिस्ट डॉ. मनोज गुप्ता और उनकी टीम ने सफल ऑपरेशन कर ट्यूमर को पूरी तहह निकाल दिया। खास बात यह उनका इलाज आयुष्मान भारत योजना में पूरी तरह फ्री में हुआ। जांच में सामने आया दिल का रेयर ट्यूमर डॉ. विनीत पांडे (डायरेक्टर , कार्डियक सर्जरी डिपार्टमेंट, मेदांता हॉस्पिटल) ने बताया कि के दौरान पता चला कि ट्यूमर का आकार 9.5 5.5 सेंटीमीटर और वजन180 ग्राम है हार्ट में इस प्रकार के ट्यूमर अत्यंत रेयर होते हैं और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा साबित हो सकते हैं। ट्यूमर को पूरी तरह निकाल लिया गया अन्यथा उसका हिस्सा फेफडे, आसपास या शरीर के किसी अन्य हिस्से में रह जाता तो वहां फिर ट्यूमर जनरेट होने की आशंका रहती है। मरीज को पांच दिनों बाद डिस्चार्ज कर दिया है और पूरी तरह ठीक है। डॉ. पांडे ने बताया कि इस तरह के ट्यूमर महिलाओं में और युवाओं में होते हैं जो हार्ट की बांयी ओर होते हैं। 25 साल के सेवाकाल में यह अपने आप में रेयर सर्जरी है। सामान्य लक्षणों के पीछे छिपी हो सकती है गंभीर बीमारी एक्सपर्ट्स के मुताबिक राइट एट्रियल मायक्सोमा जैसे ट्यूमर के शुरुआती लक्षण अक्सर सांस फूलना, थकान, सीने में असहजता और चक्कर आने जैसी सामान्य समस्याओं से मिलते-जुलते हैं। इसी कारण कई बार बीमारी की पहचान देर से हो पाती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहे तो इकोकार्डियोग्राफी जैसी जांच अवश्य करानी चाहिए। समय पर पहचान और सर्जरी से मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है।
जालोर में केंद्रीय विद्यालय की तीन प्रतिभावान छात्राओं का 55वीं राष्ट्रीय स्तरीय केंद्रीय विद्यालय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता 16 से 19 जुलाई तक पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित होगी। नियमित रूप से कर रही अभ्यास कोच प्रीतम सिंह ने बताया- प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय जालोर का प्रतिनिधित्व 30 किलोग्राम भार वर्ग में मित्तल पुत्री रमेश कुमार, 36 किलोग्राम भार वर्ग में वैष्णवी पुत्री दिनेश कुमार और 52 किलोग्राम भार वर्ग में दिव्या गोदारा पुत्री रामकिशोर गोदारा करेंगी। तीनों खिलाड़ी पिछले कई दिनों से नियमित रूप से कड़ा अभ्यास कर रही हैं। खिलाड़ियों के चयन पर हैंडबॉल संघ अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह देसू, बीच ग्रेपलिंग संघ अध्यक्ष विक्रम सिंह टेकरा, ग्रेपलिंग संघ अध्यक्ष तरुण अग्रवाल, जालोर विकास समिति के अध्यक्ष मोहन पाराशर, गणपत सिंह मंडलावत, रतन सिंह मंडलावत, अर्जुन सिंह देलदरी, महावीर सिंह मेड़तिया, केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य गोपाल मीणा, खेल प्रभारी बाबूलाल और शारीरिक शिक्षक शैलेंद्र सिंह सहित खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।
मैहर पुलिस ने बोलेरो गाड़ी से 205 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप और करीब 6 लाख रुपए नगद जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कफ सिरप, नगदी और गाड़ी की कुल कीमत 16.36 लाख रुपए से ज्यादा आंकी गई है। बुधवार रात रामपथगमन रोड पर सतना-रीवा सर्विस लेन पर गश्त के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध बोलेरो खड़ी मिली, जिस पर 'आर्मी' लिखा हुआ था। तलाशी लेने पर गाड़ी में रखी प्लास्टिक की बाल्टियों और पानी के कैम्परों के अंदर 205 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप छिपाई हुई मिली। कफ सिरप के साथ ही इसे बेचकर कमाए गए 5,96,500 रुपए मिले। आरोपियों के पास इस दवा को ले जाने या बेचने का कोई वैध कागजात नहीं था। रीवा, सतना और मैहर के पांच आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में ताला (मैहर) निवासी मुमताज शाह (19), अमरपाटन निवासी दीपक सिंह उर्फ अभिषेक पटेल (21), रामपुर बाघेलान निवासी संजू सिंह उर्फ शिवबालक पटेल (28), सेमरिया (रीवा) निवासी रंजीत सिंह उर्फ नन्हे (28) और गोविंदगढ़ (रीवा) निवासी प्रिंस उर्फ गुडलू (22) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से कफ सिरप, नगदी और 10 लाख रुपए कीमत की बोलेरो नियो गाड़ी जब्त की है। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कोतवाली पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। गुरुवार को पुलिस आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रतिबंधित कफ सिरप की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां बेचा जाना था।
कानपुर देहात में खरीफ सीजन के दौरान खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरकारी रिकॉर्ड में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान यूरिया और डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस समस्या का मुख्य कारण पिछले चार दिनों से बंद पड़ी पीओएस (POS) मशीनें हैं। इन तकनीकी दिक्कतों के चलते जिले की सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसान उसे खरीद नहीं पा रहे हैं, जिससे यूरिया और डीएपी का वितरण पूरी तरह ठप पड़ा है। जमीनी पड़ताल के दौरान अमरौधा ब्लॉक की शेखपुर सहकारी समिति बंद मिली। वहीं, सट्टी सहकारी समिति पर बड़ी संख्या में किसान घंटों लाइन में खड़े होकर खाद मिलने का इंतजार करते दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि सोसायटी में खाद मौजूद है, लेकिन मशीनें काम नहीं कर रही हैं, जिसके कारण उन्हें बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। डेरापुर ब्लॉक के कटेही गांव के किसान रामू शुक्ला और जीरेपुर गांव के योगेश ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से बुआई प्रभावित हो रही है और फसल कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने विभागीय खामियों को किसानों की परेशानी का कारण बताया। दूसरी ओर, एआर कोऑपरेटिव आशीष मेहता ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार, जिले में 2673 मीट्रिक टन यूरिया, 840 मीट्रिक टन डीएपी और 964 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। अधिकारियों ने बताया कि शासन स्तर पर पीओएस मशीनों में स्टॉक फीडिंग नहीं हो पा रही है, जिसके कारण खाद का वितरण संभव नहीं है। खरीफ सीजन में खाद की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि ये तकनीकी खामियां जल्द दूर नहीं हुईं, तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ सकता है।
महराजगंज में स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच के दौरान परिवहन विभाग ने स्कॉलर्स एकेडमी की एक मिनी बस का 12 हजार रुपये का चालान किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब जांच में पता चला कि बस का संचालन एक दिव्यांग चालक कर रहा था। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। परिवहन विभाग जिले में स्कूली वाहनों की नियमित जांच का अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत अधिकारियों ने स्कॉलर्स एकेडमी की मिनी बस को जांच के लिए रोका। दस्तावेजों और चालक की पात्रता की पड़ताल के दौरान यह अनियमितता सामने आई। नियमों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन पाए जाने पर बस का 12 हजार रुपये का चालान किया गया। कार्रवाई के उपरांत चालक को एआरटीओ कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई। उससे वाहन संचालन और लाइसेंस से संबंधित आवश्यक जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मोटर वाहन अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक स्कूल बस संचालन के निर्धारित मानकों और शर्तों को पूरा नहीं करता था, या नियमों का उल्लंघन किया गया है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर वाहन स्वामी और संबंधित संस्था के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल पात्र और अधिकृत चालकों से ही स्कूल वाहनों का संचालन कराएं। उन्हें वाहन के सभी दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों के विरुद्ध आगे भी अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले की जांच में 32 दवाओं और इंजेक्शन के सैंपल भेजे गए थे। इसमें 23 की रिपोर्ट पूरी तरह सही आई है। बुधवार को जयपुर स्थित औषधि परीक्षण प्रयोगशाला से आई 11 और दवाओं की रिपोर्ट भी पास हो गई है। अब केवल 9 सैंपलों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र केदावत ने बताया- अब तक अधिकांश दवाओं और इंजेक्शनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। बुधवार को जयपुर के ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी (DTL) से 11 सैंपलों की रिपोर्ट मिली, जिनमें किसी भी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कमी नहीं पाई गई। इससे पहले भी दवाओं के सैंपल भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट एकदम सही आई है। जिस ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई गई थी, वो भी बिल्कुल सही आए हैं। अब 9 सैंपलों की रिपोर्ट बाकी अभी 9 दवाओं और इंजेक्शन के सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। इनमें कुछ सैंपलों की जांच जयपुर और कुछ की कोलकाता स्थित सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी में की जा रही है। जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले में दवाओं की भूमिका पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। ऑपरेशन थियेटर में है इंफेक्शन? अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि जब अधिकांश इंजेक्शन और दवाओं के सेंपल पास हो गए हैं तो प्रसुताओं की किडनी खराब क्यों हुई? राज्य सरकार ने पिछले दिनों ऑपरेशन थियेटर की एसओपी को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अधीक्षक को तलब किया था। ऐसे में सरकार भी कहीं न कहीं मानती है कि एसओपी की पालना नहीं होने से ही प्रसुताओं की तबीयत बिगड़ी है।
अयोध्या-गोरखपुर मार्ग से शहर में प्रवेश करने वाले रास्ते को अब सुंदर बनाया जाएगा। अभी तक इस यह रास्ता बेतरतीब नजर आता है। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने गुरुवार को बैठक करते हुए यह निर्देश गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) के अधिकारियों को दी। उन्होंने आयुक्त सभागार में GIDA, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, नगर निगम के अधिकारियों एवं उद्यमियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर में प्रवेश करने वाले रास्तों को सुंदर बनाने का निर्देश दिया है। जिसके बाद अधिकारी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अयोध्या की ओर से आते समय शहर में प्रवेश करते समय सबसे पहले कालेसर जीरा प्वाइंट पड़ता है। जीरो प्वाइंट पर कभी सुंदरीकरण किया गया था लेकिन अब वहां बेतरतीब स्थिति नजर आती है। GIDA को यह निर्देश दिया गया कि जीरो प्वाइंट का सबसे पहले सुंदरीकरण किया जाए। इसकी कार्ययोजना को स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई। इसके साथ ही नौसढ़ से कालेसर तक बनाए गए बांध का सुंदरीकरण भी GIDA को कराने के निर्देश दिए गए हैं। शहर से कुछ किलोमीटर तक नगर निगम ने उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से सुंदरीकरण का कार्य कराया था। लेकिन अब यह जिम्मेदारी भी कमिश्नर ने GIDA को दी है। सुंदरीकरण कराने पर सिंचाई विभाग को कोई आपत्ति नहीं है। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यह बात रखी है। सड़क किनारे झाड़ियां साफ करेगा एनएचएआई बैठक में बताया गया कि तेनुआ टोल प्लाजा के आस-पास झाड़ियों तथा गंदगी की सफाई एनएचएआई की ओर से कराई जाएगी। इसके साथ ही गोरखपुर से खजनी तथा पिपरौली तक जाने वाले मार्ग में GIDA क्षेत्र में पड़ने वाले हिस्से का सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं चौड़ीकरण का काम भी GIDA की ओर से कराया जाएगा। कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया है कि वे इस मार्ग को तत्काल GIDA को हैंडओवर कर दें। बैठक में GIDA के उद्यमियों ने भी अपने सुझाव दिए।
करनाल जिले के घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 99.53 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और एक-दो दिन में यह 100 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ने गणना प्रपत्र जमा करवाने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 24 जुलाई कर दी है। मतदाता अब इस तारीख तक अपना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा करवा सकते हैं। 250 बीएलओ ने किया घर-घर सत्यापन अधिकारियों के मुताबिक 15 जून से 14 जुलाई तक चले इस अभियान में करीब 250 बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया। एसडीएम कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 45 हजार 643 मतदाता हैं। एसआईआर के दौरान 33 हजार 216 वोट कटने की संभावना है, जिनमें 8 हाजर 116 अनुपस्थित, 12 हजार 351 स्थानांतरित, 9 हजार 547 मृत व्यक्तियों के नाम, 2 हजार 768 डुप्लीकेट और 434 अन्य कारणों से हटाए जा सकते हैं। संशोधित कार्यक्रम जारी भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में चल रहे इस अभियान की समय-सीमा में बदलाव किया है। अब बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन और गणना प्रपत्र एकत्र करने का कार्य 24 जुलाई तक चलेगा। इसी तारीख तक मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी पूरा किया जाएगा। प्रारंभिक मतदाता सूची 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित होगी। दावे-आपत्तियां और अंतिम सूची की तारीख तय संशोधित शेड्यूल के अनुसार 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी, जिनका निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे 24 जुलाई 2026 तक अपना गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करें या ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन जमा करें, अन्यथा उनका नाम 31 जुलाई को प्रकाशित प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं होगा। एसडीएम राजेश कुमार सोनी की अपील एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने सभी मतदाताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य का नाम सुनिश्चित कराएं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे।
मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। बलिया के जिला क्रीड़ाधिकारी जवाहर लाल यादव ने यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बी.पी.एड.), बैचलर ऑफ साइंस इन योगा (बी.एससी. योगा), मास्टर ऑफ साइंस इन योगा (एम.एससी. योगा) और डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट sportsuniup.com के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी info@sportsuniup.com पर ई-मेल के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं। जिला क्रीड़ाधिकारी जवाहर लाल यादव ने जनपद के इच्छुक विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
गुरुग्राम में अवैध रूप से पकड़े गए बंगलादेश के 13 नागरिकों को डिपोर्ट करने के लिए एक विशेष टीम ट्रेन से इंटरनेशनल बॉर्डर के लिए रवाना हो गई है। एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 23 पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट टीम गठित करके सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मालदा टाउन एक्सप्रेस से रवाना हुई है। एस्कॉर्ट टीम विदेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल स्थित मालदा टाउन तक सुरक्षित पहुंचाएगी, जहां से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, किराए के मकानों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा होटलों में रह रहे व्यक्तियों के दस्तावेजों एवं पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। गहन जांच के दौरान सेक्टर-39 पुलिस टीम ने इन्हें पकड़ा था। करीब एक महीने से इन सभी को मानेसर स्थित सेंटर में रखा हुआ था। वैध तरीके से रहने वालों को दिक्कत नहीं एसीपी ने कहा- वैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों एवं वैध विदेशी नागरिकों को इस अभियान से घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। अभियान के संबंध में भ्रामक, झूठी अथवा मनगढ़ंत अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विदेशी नागरिकों की जानकारी देना जरूरी पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध अथवा अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही अपने किराएदारों, घरेलू सहायकों, कर्मचारियों एवं होटल/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि अगर किसी के आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति रहता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें।
गुरुग्राम में अवैध रूप से पकड़े गए बंगलादेश के 13 नागरिकों को डिपोर्ट करने के लिए एक विशेष टीम ट्रेन से इंटरनेशनल बॉर्डर के लिए रवाना हो गई है। एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 23 पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट टीम गठित करके सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मालदा टाउन एक्सप्रेस से रवाना हुई है। एस्कॉर्ट टीम विदेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल स्थित मालदा टाउन तक सुरक्षित पहुंचाएगी, जहां से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, किराए के मकानों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा होटलों में रह रहे व्यक्तियों के दस्तावेजों एवं पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। गहन जांच के दौरान सेक्टर-39 पुलिस टीम ने इन्हें पकड़ा था। करीब एक महीने से इन सभी को मानेसर स्थित सेंटर में रखा हुआ था। वैध तरीके से रहने वालों को दिक्कत नहीं उन्होंने कहा कि वैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों एवं वैध विदेशी नागरिकों को इस अभियान से घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। अभियान के संबंध में भ्रामक, झूठी अथवा मनगढ़ंत अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विदेशी नागरिकों की जानकारी देना जरूरी पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध अथवा अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही अपने किराएदारों, घरेलू सहायकों, कर्मचारियों एवं होटल/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं। यदि आपके आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति रहता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें।
5 दिन बाद लौटी मेडिकल कॉलेज में बिजली:96 सर्जरी टलीं, ICU फुल होने से एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में पांच दिन तक बिजली संकट ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी खामियां उजागर कर दीं। गुरुवार को बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन इन पांच दिनों में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली ठप होने से पहले जांच सेवाएं प्रभावित हुईं, फिर ऑपरेशन थिएटर बंद करने पड़े और आखिर में बुधवार को नए मरीजों की भर्ती भी रोक दी गई थी । बिजली संकट के कारण 96 से अधिक पूर्व निर्धारित ऑपरेशन टाल दिए गए, जबकि मरीजों को एक हफ्ते बाद की तारीख दी गई है। इस दौरान जनरेटर के सहारे केवल ओपीडी संचालित होती रही, लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित रहा। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भी कुछ मामलों में डॉक्टरों ने बच्चे को तत्काल भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन वार्ड में बिजली न होने के कारण उसे पुराने अस्पताल के आईसीयू भेजा गया। वहां पहले से सभी बेड भरे होने के कारण बच्चे को दूसरे मरीज के साथ बेड साझा करना पड़ा। वहीं, कुपोषित बच्चे को लेकर पहुंचे एक अन्य परिवार ने बेड नहीं मिलने पर मजबूर होकर निजी अस्पताल जाने का फैसला किया । नेफ्रोलॉजी विभाग में बिजली न होने से डायलिसिस पूरी तरह प्रभावित रही। 15 मरीजों को इलाज के बजाय दवाएं देकर तीन दिन बाद आने के लिए कहा गया, हालांकि गुरुवार को डायलिसिस सेवाएं एक बार फिर शुरू हो गई । कार्डियोलॉजी में जनरेटर के सहारे ईसीजी की गई, जबकि कैथलैब समेत पांचों ऑपरेशन थिएटर बंद रहे। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में रोजाना करीब 600 मरीजों की ओपीडी, 50 से 60 मरीजों की भर्ती और 15 से 20 बड़ी सर्जरी होती हैं। यहां हृदय, किडनी, न्यूरो, प्लास्टिक सर्जरी और गंभीर दुर्घटना के मरीजों का इलाज किया जाता है। बिजली संकट के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के 56 मरीजों को पुराने अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। इससे पुराने अस्पताल के बाल रोग आईसीयू के 28 बेड पर 40 गंभीर बच्चे भर्ती हैं और कई जगह एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज करना पड़ा। ट्रॉमा, मेडिसिन और अन्य आईसीयू भी पूरी तरह भर चुके थे , जिससे नए गंभीर मरीजों को भर्ती करना मुश्किल हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, भवन की छत और दीवार से पानी रिसने के कारण 11 केवी लाइन से जुड़े मुख्य विद्युत पैनल का कपलर खराब हो गया था, जिससे पूरे ब्लॉक की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। अब छत की मरम्मत और पैनल की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऊर्जा निगम से मदद मांगी थी, लेकिन समय पर सहयोग नहीं मिलने के कारण निजी इलेक्ट्रीशियन लगाकर मरम्मत करानी पड़ी। पांच दिन तक चले इस संकट ने साफ कर दिया कि सिस्टम की लापरवाही के कारण मरीजों को भुगतना पड़ा।
करनाल में शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) ने गुरुवार को प्रदर्शन किया और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में करनाल से जुड़े जनहित के मुद्दों में खराब स्वास्थ्य सेवाएं, जर्जर सड़कें, अधूरा सिंगल पिलर फ्लाईओवर, ट्रैफिक अव्यवस्था और एनसीआर में शामिल होने के बाद बढ़ी परेशानियाँ शामिल थीं। कांग्रेस ने इन मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला अध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि शहर की जनता वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। उनके अनुसार, विकास के दावों के बावजूद मरीज बेहतर इलाज के लिए भटक रहे हैं और लोग टूटी सड़कों पर जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब जनता को भाषण नहीं, जमीन पर बदलाव चाहिए। मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस शुरू न होना गंभीर लापरवाही : गाबा पराग गाबा ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू न होने को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने से उनकी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की कमी दूर करने, साथ ही बिजली और जनरेटर व्यवस्था हर समय सुचारु रखने की मांग की। ज्ञापन में सेक्टर-6 और शहीद ऊधम सिंह मार्ग सहित शहर की टूटी सड़कों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण की मांग की गई। वर्षों से अधूरे पड़े सिंगल पिलर फ्लाईओवर को युद्धस्तर पर पूरा करने, उसके नीचे होने वाले जलभराव का स्थायी समाधान करने और रेलवे रोड की ओर उतरने वाले हिस्से को सुरक्षित बनाने की भी बात कही गई। ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार पर जोर गाबा ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया, लेकिन साथ ही कहा कि इसके नाम पर आम लोगों पर अत्याचार स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी चालान, वाहनों को जब्त करना और छोटे मामलों में आर्थिक बोझ डालना लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य राहत देना होना चाहिए, न कि डर पैदा करना। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया सरल बनाने की मांग उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को जटिल बताते हुए कहा कि टेस्ट इतना कठिन है कि लोग बार-बार फेल हो रहे हैं और महीनों तक लाइसेंस नहीं बन पाता। इससे लोग चालान का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा कर इसे सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की। गाबा ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर शांतिपूर्ण जनआंदोलन करेगी।
मोबाइल केबल से पति ने गला घोंटकर मारा:भदोही में आर्केस्ट्रा डांसर की अवैध संबंध के शक में हत्या
सुरियावां थाना क्षेत्र के नेता नगर में 13 जुलाई को हुई एक महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महिला की हत्या उसके पति रत्नेश ने अवैध संबंधों के शक और घरेलू विवाद के चलते मोबाइल चार्जर केबल से गला घोंटकर की थी। आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी रत्नेश ने बताया कि उसकी पत्नी आरती आर्केस्ट्रा में डांस करती थी। उसे अपनी पत्नी के अन्य पुरुषों से अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक और लगातार चल रहे घरेलू विवाद के कारण रत्नेश ने गुस्से में आकर 13 जुलाई को आरती की हत्या कर दी। हत्या के बाद रत्नेश ने अपनी पत्नी का मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर डालकर स्कॉर्पियो से फरार हो गया था। उसने रास्ते में मोबाइल को हाईवे पर तोड़ दिया। पुलिस टीम ने अभियुक्त की निशानदेही पर घटना स्थल से हत्या में प्रयुक्त सफेद केबल और मृतका का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन बरामद किया है। मृतक महिला आरती का विवाह रत्नेश से लगभग पांच वर्ष पूर्व हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दोनों संजय नगर बाजार दशवंतपुर में बाबूराम बिना के मकान में किराए पर रहते थे। अभियुक्त रत्नेश कुमार वार्ड नंबर एक हंडिया का निवासी है।
भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र में हुए धीरज शुक्ला हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, तालाब में मछलियों को जहर देकर मारने के पुराने शक में धीरज शुक्ला की पीट-पीटकर हत्या की गई थी। वारदात के बाद शव को तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त बल्ली का टुकड़ा और मृतक की शर्ट बरामद कर ली है। सुरियावां थाना क्षेत्र के सदौपुर गांव निवासी धीरज शुक्ला 8 जुलाई को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन 9 जुलाई को उनका शव दानुपुर पूरबपट्टी स्थित डोलहरिया तालाब से बरामद हुआ। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान दानुपुर पूरबपट्टी निवासी सभाजीत बिन्द और सुरेंद्र बिन्द को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेंद्र बिन्द ने बताया कि बेलवरिया तालाब का पट्टा उसके पिता के नाम पर है, जहां वे मछली पालन करते हैं। करीब सात-आठ महीने पहले तालाब में किसी ने जहर डाल दिया था, जिससे लगभग 7 से 8 क्विंटल मछलियां मर गई थीं। तभी से उन्हें कुछ लोगों पर शक था। 8 जुलाई की शाम दोनों आरोपी तालाब की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने तालाब किनारे दो लोगों को शराब पीते देखा। उन्हें शक हुआ कि यही लोग पहले भी तालाब में जहर डाल चुके हैं। इस पर दोनों उन्हें वहां से भगाने पहुंचे। पूछताछ के दौरान कहासुनी बढ़ गई और धीरज शुक्ला ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इस पर सभाजीत बिन्द ने पास में पड़ी पुरानी बल्ली का एक हिस्सा तोड़कर धीरज के सिर पर दो-तीन वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से वह जमीन पर गिर पड़े और उनके सिर से खून बहने लगा। वहीं, सुरेंद्र बिन्द ने उनके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति को थप्पड़ मारकर वहां से भगा दिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि धीरज के सिर से बह रहे खून को उसकी टी-शर्ट से साफ किया। जब उन्हें लगा कि उसकी मौत हो चुकी है तो पकड़े जाने के डर से दोनों ने शव को उठाकर तालाब में फेंक दिया। इसके बाद हत्या में प्रयुक्त बल्ली का टुकड़ा पास के ट्यूबवेल के पास फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बल्ली का टुकड़ा और मृतक की शर्ट बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सोनभद्र में विंध्य ब्रिगेड के बैनर तले गुरुवार को रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया गया। संगठन के संयोजक रमेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सक्षम अधिकारी उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन नहीं देंगे, तब तक उपवास जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मंडलायुक्त कार्यालय और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया जाएगा। संयोजक रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि लोकतंत्र में बार-बार निषेधाज्ञा लगाकर जनता की आवाज दबाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक शक्ति के बल पर जन आंदोलनों को रोकने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। विंध्य ब्रिगेड ने जल, जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचाकर बड़े औद्योगिक संयंत्र स्थापित किए जाने का विरोध किया।संगठन का कहना है कि इससे वनवासियों के जीवन, पर्यावरण और भूगर्भ जल पर गंभीर संकट पैदा होगा। छोटे प्राकृतिक जलस्रोत समाप्त होने से चंद्रप्रभा और धनरौल जैसे बांधों के जलभराव पर प्रतिकूल असर पड़ेगा,जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी और पूरा क्षेत्र 'ड्राई जोन' बनने की आशंका है। संगठन ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया।उनका आरोप है कि जिले में डीएपी और यूरिया खाद की कालाबाजारी तथा मिलावट लगातार हो रही है,जिससे किसान परेशान हैं।उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने की मांग की। विंध्य ब्रिगेड की चौथी मांग जिला खनिज निधि (डीएमएफ) से जुड़ी रही।कार्यकर्ताओं ने कहा कि डीएमएफ का करोड़ों रुपये का फंड उपलब्ध होने के बावजूद माइनर,गुल और सिंचाई की झालें जर्जर पड़ी हैं।उन्होंने डीएमएफ के धन से इन सिंचाई संसाधनों की शीघ्र मरम्मत कर किसानों को राहत देने की मांग की। इसके अलावा, स्थानीय उद्योगों में योग्य स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई गई। संयोजक रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि जिले में स्थापित बड़े उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है।उन्होंने दोहराया कि जब तक कोई सक्षम अधिकारी आकर मांगों के समाधान का ठोस आश्वासन नहीं देता,तब तक उनका अनिश्चितकालीन उपवास जारी रहेगा।
इंदौर-भोपाल हाईवे पर जैतपुरा के पास गुरुवार को सड़क किनारे पड़े मेडिकल वेस्ट में आग लग गई। आग से उठे घने धुएं के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। करीब 25 से 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही देवास से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मचारी सागर सांगते ने बताया कि हाईवे पर धुएं के कारण दृश्यता कम होने की सूचना मिली थी। टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। सड़क किनारे पड़ा था अस्पताल का मेडिकल वेस्टप्राथमिक जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे अस्पताल का मेडिकल वेस्ट पड़ा था। इसमें किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। आग के बाद धुआं दूर तक फैल गया, जिससे हाईवे पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। गौरतलब है कि जैतपुरा क्षेत्र में हाईवे किनारे अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट खुले में पड़े होने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मेडिकल वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण कराने और क्षेत्र में नियमित निगरानी की मांग की है।
रोडवेज कंडक्टर से मारपीट, कर्मचारी भूख हड़ताल पर:आरोपी की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी, बस संचालन टला
चूरू में रोडवेज कर्मचारियों ने गुरुवार से प्रस्तावित बस संचालन बंद करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। बस कंडक्टर से मारपीट के विरोध में कर्मचारियों ने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह निर्णय जिला पुलिस प्रशासन और रोडवेज अधिकारियों के साथ देर रात हुई बातचीत के बाद लिया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो 17 जुलाई से चूरू डिपो का बस संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। देर रात हुई वार्ता में जिला पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, चूरू डीएसपी, चूरू कोतवाली थानाधिकारी, मुख्य प्रबंधक चूरू डिपो, प्रबंधक संचालन और प्रबंधक प्रशासन मौजूद थे। अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए 16 जुलाई दोपहर तक का समय मांगा। कर्मचारी नेताओं ने लंबी चर्चा के बाद प्रशासन को यह समय देने पर सहमति जताई, जिसके बाद आंदोलन का स्वरूप बदलकर भूख हड़ताल का निर्णय लिया गया। भूख हड़ताल पर जितेंद्र सिंह चाहर, तालीम हुसैन, महेंद्र धायल, हेम सिंह और राजेश पायल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी को जाति प्रमाणपत्र विवाद में बड़ी राहत मिली है। हाई लेवल जाति जांच समिति ने विस्तृत जांच के बाद उनके अनुसूचित जाति (बागरी) प्रमाणपत्र को वैध माना है। समिति ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड में कहीं भी परिवार के राजपूत होने का प्रमाण नहीं मिला, जबकि कई दशक पुराने सरकारी दस्तावेज लगातार उन्हें बागरी समुदाय का बताते हैं। समिति की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके विपरीत 1950 से लेकर वर्तमान तक के राजस्व अभिलेख, वंशावली, शैक्षणिक रिकॉर्ड, जाति प्रमाणपत्र, निर्वाचन रिकॉर्ड और अन्य शासकीय दस्तावेज एक ही तथ्य की पुष्टि करते हैं कि परिवार बागरी समुदाय से संबंधित है। 1950 के रिकॉर्ड बने सबसे अहम साक्ष्य समिति ने कहा कि आजादी के बाद के शुरुआती राजस्व रिकॉर्ड सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। इन अभिलेखों में परिवार की जाति बागरी दर्ज है। ऐसे रिकॉर्ड में बाद में बदलाव की संभावना कम मानी जाती है, इसलिए इन्हें विशेष महत्व दिया गया। परिवार के दूसरे दस्तावेजों से भी पुष्टि जांच के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों के जाति प्रमाणपत्र, शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड और विभिन्न सरकारी विभागों के दस्तावेजों का भी मिलान किया गया। सभी रिकॉर्ड में परिवार की जाति बागरी ही दर्ज मिली। किसी भी दस्तावेज में परिवार को राजपूत नहीं बताया गया। शिकायतकर्ता के आरोप क्यों खारिज हुए समिति ने कहा कि शिकायतकर्ता यह साबित नहीं कर सके कि प्रतिमा बागरी या उनके पूर्वज राजपूत समुदाय से थे। आरोपों के समर्थन में कोई राजस्व रिकॉर्ड, वंशावली, शैक्षणिक दस्तावेज, जन्म रिकॉर्ड या अन्य सरकारी अभिलेख पेश नहीं किए गए। केवल मौखिक दावों को समिति ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं माना। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हाई लेवल जाति जांच समिति ने विस्तृत जांच की। समिति ने विभिन्न विभागों से रिकॉर्ड मंगवाए, वंशावली और सरकारी अभिलेखों का सत्यापन कराया। जांच पूरी होने के बाद समिति ने निष्कर्ष निकाला कि प्रतिमा बागरी का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र वैध है और इसे निरस्त करने का कोई आधार नहीं है।
वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र स्थित वीरभानपुर ओदार गांव में घर के बरामदे में सो रहे एक बीकॉम छात्र पर अज्ञात व्यक्ति ने एसिड फेंक दिया। घटना में छात्र गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तत्काल निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, वीरभानपुर ओदार गांव निवासी 24 वर्षीय चंद्रेश पटेल बुधवार रात घर के बरामदे में सो रहे थे। भोर करीब तीन बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन पर एसिड फेंक दिया। उस समय चंद्रेश ने शरीर पर पतली चादर ओढ़ रखी थी। शुरुआती तौर पर एसिड चादर पर गिरा, लेकिन कुछ ही देर में शरीर तक पहुंच गया, जिससे तेज जलन होने लगी। चीख सुनकर पहुंचे परिजनजलन और दर्द से परेशान चंद्रेश जोर-जोर से चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी होते ही परिजनों ने उन्हें तत्काल भदवर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक छात्र के शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया है। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उपचार जारी है। बीकॉम का छात्र है घायलघायल छात्र के पिता रामनरेश पटेल ने बताया कि चंद्रेश भैरवतालाब स्थित एक महाविद्यालय में बीकॉम का छात्र है। परिवार की किसी से कोई ऐसी रंजिश नहीं है, जिससे घटना का कारण स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि किसने और क्यों उनके बेटे पर एसिड फेंका, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। अस्पताल पहुंचकर पुलिस ने दर्ज किया बयानघटना की सूचना मिलने पर डायल-112 और राजातालाब थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद राजातालाब थाना प्रभारी दयाराम अस्पताल पहुंचे और घायल छात्र का बयान दर्ज किया। पीड़ित परिवार की ओर से थाने में लिखित शिकायत दी गई है। थाना प्रभारी दयाराम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घायल के चचेरे भाई चंचल ने बताया- चंद्रेश बुधवार रात शक्तेशगढ़ से घर लौटा था। खाना खाने के बाद वह सो गया। तड़के करीब तीन बजे अचानक उसकी चीख सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो उसका पूरा चेहरा लाल हो चुका था। इसके बाद तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
हिसार में अपराधों की बदलती प्रकृति और आधुनिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हिसार पुलिस लगातार अपने अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के निर्देशानुसार थाना उकलाना में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें एनडीपीएस एक्ट, साइबर अपराधों की जांच, गूगल वर्कस्पेस के उपयोग तथा महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की विवेचना में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं, साक्ष्य संकलन, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संरक्षण, साइबर अपराधों की वैज्ञानिक जांच पद्धति तथा ऑनलाइन संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय और उसके व्यावहारिक प्रभावों पर भी चर्चा की गई। आधुनिक दौर में तकनीकी दक्षता बेहद जरुरी प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को बताया गया कि आधुनिक दौर में साइबर ठगी, ऑनलाइन वित्तीय अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों की जांच में तकनीकी दक्षता और कानूनी जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए जांच अधिकारियों को नवीनतम कानूनों और तकनीकी संसाधनों की जानकारी से लगातार अपडेट रखना आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि अपराधियों के तौर-तरीकों में लगातार बदलाव आ रहा है, ऐसे में पुलिस अधिकारियों को भी आधुनिक तकनीक और नवीन कानूनी प्रावधानों की जानकारी से लैस करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक अनुसंधान ही कोर्ट में मजबूत पैरवी और अपराधियों को सजा दिलाने का आधार बनता है। डिजिटल जांच प्रणाली को मजबूत बनाया जा रहा : एसपी कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए अधिकारियों का टेस्ट एवं क्विज़ भी आयोजित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की गई तथा सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी अध्ययन और प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी पेशेवर दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि हिसार पुलिस का लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी को आधुनिक तकनीक, डिजिटल जांच प्रणाली और नवीनतम न्यायिक निर्णयों की जानकारी से प्रशिक्षित कर निष्पक्ष, वैज्ञानिक और कानूनसम्मत जांच व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
कोटा यूनिवर्सिटी के छात्र अब सिर्फ क्लासरूम में बैठकर किताबी पढ़ाई नहीं करेंगे, बल्कि वे सीधे खेतों में जाकर व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) काम सीखेंगे। यूनिवर्सिटी ने पर्यटन (Tourism) की पढ़ाई को प्रैक्टिकल और सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए पुणे की प्रतिष्ठित कंपनी एटीडीसी (एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) के साथ 5 साल का एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस समझौते के तहत अब दोनों संस्थान मिलकर छात्रों को खेती और पर्यटन से जुड़े नए गुर सिखाएंगे। यूनिवर्सिटी के पर्यटन विभाग की हेड प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने बताया कि इस साझेदारी के तहत ऐसे नए डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनकी वर्तमान में बाजार में भारी मांग है। इससे छात्रों के लिए स्वरोजगार और नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे। कुलगुरु यूनिवर्सिटी के कुलपति (कुलगुरु) प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें स्टडी टूर के जरिए सीधे खेतों में ले जाकर काम सिखाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को नामी कंपनियों में इंटर्नशिप (ट्रेनिंग) का मौका मिलेगा, जिससे कोर्स पूरा होते ही उन्हें तुरंत नौकरी मिल सके। कुलगुरू प्रो.बीपी सारस्वत ने बताया- जो छात्र अपनी खुद की कंपनी या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें पूरा सपोर्ट दिया जाएगा। भारत में कृषि पर्यटन की शुरुआत करने वाले मशहूर विशेषज्ञ पांडुरंग तावरे भी मौजूद रहे। इस पहल से छात्रों को यह सीखने को मिलेगा कि कैसे खेती और गांवों को पर्यटन का जरिया बनाकर अच्छी कमाई की जा सकती है। इससे गांवों का भी विकास होगा। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत यह कदम छात्रों को रोजगार के नए अवसर देगा साथ ही ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
सीकर के रोडवेज डिपो में गुरुवार को ड्राइवर-कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने एकत्रित होकर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। चूरू में सीकर डिपो के कंडक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले में कर्मचारियों ने अब प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी दी है। राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) के उप महासचिव श्योदाना राम शेषमा ने बताया कि पुलिस ने पहले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 15 जुलाई तक की मोहलत मांगी थी, जिसके बाद 1 दिन का समय और मांगा गया। लेकिन अब कर्मचारियों का सब्र टूट रहा है। यदि अगले 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे और पूरे प्रदेश में चक्काजाम किया जाएगा। प्राइवेट बस के गुंडों ने की थी मारपीट यूनियन के धूड़ाराम गुर्जर ने बताया कि सीकर डिपो के कंडक्टर सुरेंद्र कुमार के साथ चूरू के कनेक्ट चौराहे पर प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने आज आक्रोश रैली निकालकर प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। रैली के दौरान कर्मचारियों ने लोक परिवहन बसों, अवैध प्राइवेट बसों और प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से मारपीट बर्दाश्त नहीं सीटू प्रदेशाध्यक्ष सीटू के प्रदेशाध्यक्ष रामदेव सिंह टाकरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ इस तरह की गुंडागर्दी और मारपीट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्कर्स यूनियन ने इस संबंध में चूरू के जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण ही अब चक्काजाम और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इस घटनाक्रम से राजस्थान रोडवेज के उच्च प्रबंधन और परिवहन आयुक्त को भी अवगत करा दिया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और छात्र निष्कासन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 45वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने छात्रों के हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर हस्ताक्षर किए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बताया। फीस बढ़ाकर छात्रों के साथ यूनिवर्सिटी कर रही अन्याय धरने को संबोधित करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में फीस बढ़ाकर आम और गरीब परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा मुश्किल बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल उठाने वाले छात्रों पर निष्कासन जैसी कार्रवाई कर डर का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। हस्ताक्षर अभियान के पोस्टर को हटाने को लेकर विवाद छात्रों का आरोप है कि राजेंद्र पाल गौतम के जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की मौजूदगी में हस्ताक्षर अभियान को रोकने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि अभियान के पोस्टर हटाने और फाड़ने का प्रयास किया गया और छात्रों को वहां से हटाने की कोशिश की गई। छात्र बोले- धरना रहेगा जारी आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि फीस वृद्धि वापस लेने, निष्कासित छात्रों की बहाली होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सिरसा में घरों और सर्विस स्टेशन संचालकों के डबल अवैध कनेक्शन पर नोटिस थमाए गए हैं। अधिकांश लोगों ने एक नहीं दो से तीन पेयजल पाइप से अवैध तरीके से कनेक्शन लिया हुआ था। लोगों को सप्लाई के दौरान नलों से बेवजह पानी बहाया जा रहा था और कुछ गाड़ियों की धुलाई में इस्तेमाल करते हैं। इनके अलावा बाकी घर मालिकों को भी चेतावनी दी गई है, ताकि पेयजल की बर्बादी रोकी जा सके। जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाई पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से गई है और सभी को चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए है। विभाग की टीम ने ऐलनाबाद खंड के गांव पट्टी कृपाल में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभाग की टीम ने घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शनों की जांच की तथा अवैध जल उपयोग पर सख्त कार्रवाई की।पब्लिक हेल्थ के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) हरि सिंह भिड़ासरा के अनुसार, इस तरह की कुछ शिकायतें मिली थी, जिस पर टीम बनाई गई। जांच के दौरान जिन घरों और सर्विस स्टेशनों पर अवैध डबल कनेक्शन पाए गए, उन्हें मौके पर ही नोटिस जारी किए गए। पेयजल का दुरुपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीआरसी बोले-गर्मी को देखते हुए उपयोग करे बीआरसी हरिसिंह ने बताया, गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी नागरिक पेयजल का सोच-समझकर उपयोग करें। उन्होंने लोगों से नलों पर कैप लगाने, अनावश्यक रूप से पानी बहने से रोकने तथा जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की। ऐसे में पानी की बर्बादी को रोका जा सके। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक उपभोक्ता तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराना तथा जल की अनावश्यक बर्बादी को रोकना है।
पानीपत की सीआईए-3 पुलिस टीम ने बापौली अनाज मंडी में दबिश देकर एक युवक को अवैध देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस (रौंद) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अक्षय निवासी छाजपुर कला के रूप में हुई है। आरोपी पहले भी गुरुग्राम में हुए एक मर्डर केस में जेल जा चुका है। पुलिस को देखकर भागने लगा था आरोपी सीआईए-3 प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि बुधवार शाम को उनकी एक विशेष टीम गश्त व अपराध रोकथाम के सिलसिले में बापौली क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान टीम को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि छाजपुर कला निवासी एक युवक अवैध हथियार के साथ बापौली अनाज मंडी के शेड के पास किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस गाड़ी को देखकर आरोपी युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने कुछ ही कदमों की दूरी पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी की लोअर की जेब से एक अवैध देसी पिस्तौल और उसकी मैग्जीन से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। गुरुग्राम हत्याकांड का आरोपी है अक्षय, रंजिश के चलते यूपी से लाया था हथियार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अक्षय ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने पुलिस को बताया कि वह गुरुग्राम में दर्ज एक मर्डर केस में संलिप्त था और जेल की सजा काट रहा था। वह इसी वर्ष मार्च महीने में ही बेल (जमानत) पर बाहर आया है। अक्षय ने खुलासा किया कि जिस युवक की हत्या हुई थी, उसके परिजन उससे पुरानी रंजिश रखते हैं और उसे अपनी जान का खतरा था। इसी आत्मरक्षा व रंजिश के चलते वह करीब दो महीने पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक अज्ञात तस्कर से यह देसी पिस्तौल व जिंदा कारतूस 60 हजार रुपए में खरीदकर लाया था, जिसे वह हमेशा अपने साथ रखता था। कोर्ट से 3 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर थाना पुराना औद्योगिक पुलिस ने आरोपी अक्षय के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान सीआईए टीम आरोपी से गहनता से पूछताछ करेगी ताकि यूपी के उस असला सप्लायर का पता लगाकर उसे भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
भोपाल में एनएसयूआई (NSUI) के महासचिव सुभाष यादव पर 23 वर्षीय जनजातीय छात्रा से मारपीट और दुष्कर्म का आरोप लगा है। झबुआ में इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की झाबुआ इकाई ने राजगढ़ नाका पर प्रदर्शन किया और एनएसयूआई का पुतला जलाया। शिकायत के अनुसार, भोपाल में एनएसयूआई की ही एक 23 वर्षीय जनजातीय कार्यकर्ता को सुभाष यादव ने बैठक के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाया था। आरोप है कि वहां सुभाष यादव ने छात्रा के साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सुभाष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एबीवीपी का प्रदर्शन और नारेबाजी पुतला दहन के दौरान एबीवीपी के प्रांत मंत्री दर्शन कहार ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के शीर्ष नेता छात्रों के अधिकार की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके संगठन के पदाधिकारी छात्राओं के साथ ऐसा कृत्य कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान जिला संयोजक अमित चौहान, जिला छात्रा प्रमुख देवयानी अजनार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
फलोदी में चोरी के दो नए मामले सामने आए हैं। इनमें एक मोटरसाइकिल दुकान के बाहर से चोरी हुई, जबकि दूसरी घटना में खेत में लगे ट्यूबवेल से बिजली केबल चुरा ली गई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला उत्तर प्रदेश निवासी सत्यम सिंह ने दर्ज कराया है, जो वर्तमान में राजीव कॉलोनी, फलोदी में रहते हैं। उन्होंने बताया- 13 जुलाई को उन्होंने अपनी बाइक शहर में एक दुकान के बाहर खड़ी की थी। कुछ देर बाद लौटने पर उनकी बाइक मौके से गायब मिली। दूसरी वारदात फलोदी थाना क्षेत्र के मलार रीण गांव में हुई। यहां सौरव बोहरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 जुलाई को उनके खेत में स्थित ट्यूबवेल से अज्ञात चोर बिजली केबल चुरा ले गए। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। शहर में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को लेकर लोगों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति नाराजगी है।
आबूरोड के गांधीनगर क्षेत्र स्थित प्रेम नगर में 11वीं कक्षा की छात्रा मोमिना की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायालय संख्या-1 ने आरोपी पिता फतेह मोहम्मद को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। छात्रा की मौत का मामला अप्रैल 2024 में सामने आया था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। 5 अप्रैल 2024 को छात्रा के चाचा अकरम ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके भाई फतेह मोहम्मद ने फोन कर उसे घर बुलाया। मौके पर पहुंचने पर उसकी भतीजी मोमिना घर के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी मिली। पूछताछ में सामने आया कि पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता ने बेटी के साथ मारपीट की थी। आरोप था कि फतेह मोहम्मद ने लकड़ी, थप्पड़ों और मुक्कों से मोमिना की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आबूरोड अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 11वीं की परीक्षा शुरू होने वाली थी जांच में सामने आया था कि मोमिना की 11वीं कक्षा की परीक्षा शुरू होने वाली थी। परिवार के अनुसार पिता पढ़ाई को लेकर उस पर लगातार दबाव बना रहा था। घटना से पहले भी दो दिनों तक उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। मोमिना ने इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वह आबूरोड के अर्बुद स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। चाचा की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था हत्या का मामला घटना के बाद मोमिना के चाचा अकरम की शिकायत पर आबूरोड सिटी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी पिता फतेह मोहम्मद को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। 13 गवाहों और 30 दस्तावेजों के आधार पर हुई सुनवाई मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए, 30 दस्तावेज और दो आर्टिकल साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फतेह मोहम्मद को दोषी माना। अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा अपर सत्र न्यायालय संख्या-1 ने आरोपी फतेह मोहम्मद को 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत का यह फैसला करीब दो वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। --- इस घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- पढ़ाई नहीं करने पर पिता ने बेटी को मार डाला: परीक्षा के 2 दिन पहले से कर रहा था मारपीट; बेहोश हुई तो हॉस्पिटल लेकर पहुंचे घरवाले पिता ने 11वीं क्लास में पढ़ने वाली बेटी को पीट-पीटकर मार डाला। परीक्षा की तैयारी नहीं करने से पिता नाराज था। बेटी को लकड़ी और मुक्का से इतना मारा कि उसे अंदरूनी चोटें आईं। (पूरी खबर पढ़ें)
खंडवा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पंधाना तहसील के रुस्तमपुर स्थित मेसर्स प्रेरणा कृषि सेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ उर्वरक विक्रय और भंडारण में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर पंधाना थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उप संचालक (कृषि) नितेश यादव ने बताया कि उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जितेंद्रसिंह दादौरिया ने बुधवार को दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक के भंडारण, बिक्री और रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। POS मशीन में 1102 बैग, दुकान में एक भी नहीं मिला जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी यूरिया के स्टॉक को लेकर मिली। विभाग के अनुसार, पीओएस मशीन में 1102 बैग यूरिया उपलब्ध दिखाया गया था, लेकिन निरीक्षण के समय दुकान में एक भी बैग मौजूद नहीं मिला। विभाग का मानना है कि यह रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है, जिससे अवैध बिक्री या कालाबाजारी की आशंका मजबूत होती है। कई नियमों के उल्लंघन का आरोप जांच में पाया गया कि संबंधित फर्म ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 4, 5, 8 और 35 का उल्लंघन किया। इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया। विभाग ने यह भी पाया कि शासन के ई-टोकन सिस्टम से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए उर्वरक निरीक्षक जितेंद्रसिंह दादौरिया ने बुधवार देर रात पंधाना थाने में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खरीफ सीजन में कालाबाजारी रोकने पर विभाग का फोकस कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उर्वरक विक्रेताओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि जमाखोरी, रिकॉर्ड में हेराफेरी या अनियमित बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
15 लाख बकाया पर डिस्कॉम की बड़ी कार्रवाई:राजाखेड़ा-ग्रामीण क्षेत्र में 14 ट्रांसफॉर्मर उतारे
धौलपुर में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) ने बकाया बिजली बिलों की वसूली और बिजली चोरी पर सख्ती तेज कर दी है। राजाखेड़ा और धौलपुर ग्रामीण उपखंड में 15 लाख रुपए के बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 14 ट्रांसफॉर्मर उतारे गए। इस कार्रवाई के दौरान पांच उपभोक्ताओं ने मौके पर ही तीन लाख रुपए जमा करा दिए। इसके बाद उनके ट्रांसफॉर्मर पुनः स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। निगम ने अन्य बकायेदारों से भी बकाया राशि तुरंत जमा कराने की अपील की है। जांच के दौरान सतर्कता टीम ने कई स्थानों पर बिजली चोरी और मीटर बाईपास कर एसी सहित भारी विद्युत उपकरणों के उपयोग के मामले भी पकड़े। ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत चोरी रिपोर्ट (वीसीआर) भरने की कार्रवाई की जा रही है। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि बड़े बकायेदारों के ट्रांसफॉर्मर उतारे जा रहे हैं और अन्य बकायेदारों के कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से समय पर बकाया राशि जमा कराने की अपील करते हुए कहा कि कृषि कनेक्शन कटने के बाद उन्हें दोबारा शुरू कराने में तकनीकी और राजस्व संबंधी समस्याएं आती हैं। शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिलेभर में राजस्व वसूली अभियान लगातार जारी रहेगा और बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोकारो के कसमार थाना क्षेत्र में 14 जुलाई को महज एक किलोमीटर की दूरी पर मानवता को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक गांव में सात वर्षीय मासूम बालक के साथ दो लड़कों ने अप्राकृतिक यौनाचार किया। मामले पर गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और पुलिस को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें किशोर बाल सुधार गृह भेजा गया। आम चुनने गया था बच्चा शिकायत के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले बच्चा गांव में आम चुनने गया था। इसी दौरान गांव के ही दो लड़कों ने उसे जबरन पकड़ लिया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर रस्सी से बांध दिया। इसके बाद आरोपियों ने मासूम के साथ क्रूरतापूर्वक अप्राकृतिक यौनाचार किया और किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से मासूम बुरी तरह डरा हुआ था और उसके प्राइवेट पार्ट में तेज दर्द था, लेकिन जब उसने स्कूल जाने से साफ मना कर दिया तो मां को संदेह हुआ। जब मासूम की मां ने कड़ाई से पूछताछ की तब मासूम ने सहमे हुए पूरी बात सुनाई। पीड़ित बच्चे की मां का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्कूल के शिक्षकों से भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन या शिक्षकों की ओर से इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। मां ने कसमार थाने में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की। बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि मामले में शामिल दोनों विधि-विरुद्ध किशोरों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि दोनों किशोरों की काउंसलिंग कराई गई, ताकि उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों को बाल सुधार गृह (बाल गृह) भेज दिया गया है।
झालावाड़ में गुरुवार को इंटेंसिव आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) ड्राइव के तहत जिलेभर के 237 से अधिक चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल, उप-जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की जांच की गई। इसमें उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की पहचान, एएनसी सेवाएं, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, दवा एवं जांच सुविधाएं, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा शामिल थी। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। इस अभियान में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, बीसीएमओ, चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों, बीपीएम, बीएचएस, पीएचएस और सीएचओ सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने बताया कि ड्राइव के दौरान 12 सप्ताह से पूर्व 440 गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण किया गया। डॉ. नागर ने आगे बताया कि 192 उच्च जोखिम गर्भवतियों की पहचान हुई, जिनमें 94 एनीमिया, 17 हाईपरटेंशन और 3 गर्भावस्थाजन्य मधुमेह से पीड़ित पाई गईं। गुरुवार को जिले में कुल 15 प्रसव कराए गए, जिनमें से 3 जटिल प्रसव थे और 1 प्रसव ऑपरेशन के माध्यम से संपन्न हुआ। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने कहा कि इंटेंसिव आरसीएच ड्राइव का लक्ष्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाना, प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा आरसीएच सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
जोधपुर में बिना डॉक्टर की पर्ची के नींद और प्रतिबंधित शेड्यूल की दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस की ओर से अन्य एजेंसियों और ड्रग विभाग के साथ मिलकर ऐसे मेडिकल स्टोर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले 2 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित करने को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। DCP वेस्ट कमल सिंह शेखावत ने बताया- सूरसागर थाना क्षेत्र में मेडिकल की दुकानों की जांच के लिए एडीसीपी (ADCP), एसीपी (ACP) और एसएचओ (SHO) की टीम लगाई गई थी। इस टीम में ड्रग विभाग और एनसीबी (NCB) के अधिकारियों को भी शामिल किया गया। इस संयुक्त टीम ने क्षेत्र के 5 मेडिकल स्टोर पर औचक चेकिंग की है। DCP वेस्ट कमल सिंह शेखावत ने बताया- जांच के दौरान 2 मेडिकल स्टोर पर 'एविल' (Avil) और कुछ अन्य प्रतिबंधित दवाइयां बिना किसी रिकॉर्ड के बेची जाती पाई गईं। नियमों के इस गंभीर उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए, इन दोनों दुकानों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई ड्रग विभाग की ओर से की जा रही है। डीसीपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाइयां बेचता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, कई दवाइयां ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल लोग इलाज के लिए नहीं, बल्कि नशे के रूप में कर रहे हैं। पुलिस और ड्रग विभाग का संयुक्त अभियान जारी युवाओं को नशे की लत से बचाने और इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए पुलिस और ड्रग विभाग मिलकर लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे संदिग्ध मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी और औचक निरीक्षण की कार्रवाई जारी रहेगी।
कानोड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से मानसून का इंतजार है। गुरुवार से आसमान में बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं थम गई हैं, जिससे क्षेत्र में अच्छी बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बदलाव के कारण आगामी दो से चार दिनों में अच्छी बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। बादलों की लगातार आवाजाही और वातावरण में बढ़ी नमी ने किसानों में नई उम्मीद जगाई है। बारिश खरीफ फसलों जैसे मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग और अन्य मौसमी फसलों के लिए बेहद लाभदायक होगी। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और किसानों को राहत मिलेगी। कानोड़ क्षेत्र में बदले मौसम ने किसानों और आमजन में उत्साह भर दिया है। सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।
पलवल जिले के गुरवाड़ी गांव में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने परिजनों के लिए खेतों में खाना लेकर जा रहे थे। पुलिस ने मृतक बच्चों के परिजनों की शिकायत पर ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना 15 जुलाई को दोपहर के समय हुई। गुरवाड़ी गांव निवासी खुशीराम ने चांदहट थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने भतीजे राजू और विष्णु के साथ नंगला गुरवाड़ी से आगे खेतों में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान, खुशीराम का बेटा योगेश और विष्णु का भाई हिमांशु घर से उनके लिए दोपहर का खाना लेकर आ रहे थे। पैदल खेत जा रहे बच्चों को ट्रैक्टर ने रौंदा दोनों बच्चे पैदल सड़क पर चल रहे थे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रैक्टर ड्राइवर मौके से भागने लगा। खेत में मौजूद परिजन तुरंत बच्चों की ओर दौड़े। खुशीराम के भतीजे राजू ने भाग रहे ट्रैक्टर ड्राइवर की पहचान चांदहट गांव निवासी कुलदीप उर्फ टुल्ली के रूप में की। परिजन गंभीर रूप से घायल दोनों बच्चों को तुरंत पलवल के जिला नागरिक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलने पर चांदहट थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। थाना प्रभारी श्री भगवान के अनुसार, पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर कुलदीप उर्फ टुल्ली की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के करीबी तबादलों के नाम पर पैसे की वसूली कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जो बातें कही हैं, वे सही हैं। डोटासरा ने बेनीवाल समर्थकों पर मुकदमे दर्ज करने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया और सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। डोटासरा जयपुर में कांग्रेस ओबीसी विभाग के सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- तबादलों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शिक्षा विभाग का हाल सबसे खराब है, शिक्षा मंत्री के नजदीकी लोग तबादलों में जमकर वसूली में लगे हैं। शिक्षक तबादलों में जमकर पैसा लिया गया है। सरकार में हिम्मत है तो शिक्षा मंत्री के पीए, पीएसओ के नजदीक रहने वालों के फोन टैप करवाकर देख लीजिए पता लग जाएगा। डोटासरा ने कहा- शिक्षा मंत्री के दलाल बने हुए हैं, वे ट्रांसफर में लूट रहे हैं। स्कूल बर्बाद हो रही हैं। तबादला उद्योग में आरएसएस तांडव नृत्य कर रहा है। पैसे ले लेकर भ्रष्टाचार चल रहा है इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। समसा में इंटरव्यू की पोस्टों में पैसा लेकर पोस्टिंग दी जा रही है। मंत्री के इर्द गिर्द के लोग खुलेआम पैसे ले रहे हैं। भ्रष्टाचार का खुला नाच हो रहा है,कोई सुनने पूछने वाला नहीं है। बीजेपी के विधायक तक रो रहे हैं। वसुंधरा राजे दुखी आत्मा, उन्होंने ने कल अच्छी बातें कहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के राजनीति से सामाकि रिश्तों को अलग रखने के बयान पर डोटासरा ने कहा- वसुंधराजी दुखी आत्मा हैं, दुखी आत्मा से जो निकलता है, वो सच निकलता है। कल उन्होंने राजेंद्र राठौड़ और सीएम की तरफ देखा, उनकी क्या बात चुभ गई? उनके खिलाफ कौन षडयत्र कर रहा है, लेकिन वसुंधरा राजे ने कल जो कहा वे अच्छी बाते हैं। हमें राजनीति में इतना भी वैर भाव नहीं रखना चाहिए कि हम आंख भी नहीं मिला सकें। मेरे परिवार और रिश्तेदार कर्मचारियों का बांसवाड़ा-बाड़मेर किया ट्रांसफर डोटासरा ने कहा- पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा ने भी कल सही कहा कि पहले विरोध में बोलकर भी साथ बैठकर चाय पीते थे, लेकिन आजकल तो एक्सीडेंट करवा दें। आजकल तो मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ बोल दिया तो मेरे सभी पहचान वालों और रिश्तेदारों तक सबके ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तबादलों से मैं झुकने वाला नहीं हूं। 2028 में इनका नाम लेने वाला बच जाए तो मुझे बता देना। बेनीवाल के लोगों के खिलाफ रंजिश निकालने दर्ज किए जा रहे मुकदमे डोटासरा ने कहा- विपक्ष की आवाज को आप दबाना चाहते हैं। विपक्ष के लोगों को परेशान करो,उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दो, बताइए यह कौनसा तरीका है? आज हनुमान बेनीवाल और उनके लोगों पर कितने मुकदमे दर्ज करवा दिए? बेनीवाल मेरे लिए अच्छा बोले ना बोले कोई फर्क नहीं पड़ता। बेनीवाल ने दो साल पहले भी कहीं आंदोलन किया तो दो साल बाद भी आज उनके खिलाफ और उनके लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। अगर बेनीवान का नाम लिखा हुआ गाड़ी पर मिल गया तो उनको भी अंदर डाल दो, यह कौन सी राजनीति है ? इनको पता है कि कांग्रेस पार्टी बदले की राजनीति नहीं करती इसका ये नाजायज फायदा उठाते हैं।
कानपुर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा गुरुवार शाम को धूमधाम से निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को जगन्नाथ मंदिर (बाई जी) से बाहर लाकर उनके रथों पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद भक्त रथों को खींचते हुए जनरलगंज की सकरी गलियों से गुजरेंगे। ढोल-नगाड़ों, झांकियों, लकड़ी के हाथी-घोड़ों, पुष्पवर्षा और पारंपरिक प्रसाद के साथ निकलने वाली यह यात्रा कानपुर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए शहर की सड़कों पर उमड़ते हैं। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को रजनीगंधा, गुलाब और गेंदे के फूलों से सजाया गया है। सुबह की आरती के बाद भोग अर्पित किया गया। इसके बाद दिनभर श्रद्धालुओं का भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए तांता लगा रहा। शाम 6 बजे से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा काहू कोठी, नयागंज चौराहा, मारवाड़ी कॉलेज। हूलागंज, भूषा टोली, किराना बाजार, जनरलगंज, मनीराम बगिया, मेस्टन रोड, चौक सर्राफा और कोतवाली चौराहा होते हुए सरसैया घाट पहुंचेगी। यहां गंगा आरती और विश्राम के बाद यात्रा की वापसी लाठी मोहाल होते हुए जनरलगंज स्थित मंदिर पहुंचेगी। पुरी जैसी झलक, कानपुर की पहचान रथयात्रा में पुरी की कई परंपराओं की झलक दिखाई देती है। मुख्य रथ के आगे घोड़े पर दो मंत्री और लकड़ी के हाथी पर राजा का स्वरूप चलता है। रथों पर बैठे बच्चे भगवान की जीवंत झांकियां प्रस्तुत करते हैं। पूरे मार्ग में श्रद्धालु घरों की छतों और बालकनियों से पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करते हैं। यात्रा में रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाक पहने मंडलियां रथ के आगे नृत्य और संगीत प्रस्तुत करती हैं। सुर, ताल और लय का ऐसा संगम बनता है कि श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो जाते हैं। प्रसाद भी परंपरा का प्रतीक इस रथयात्रा की एक और खास पहचान इसका पारंपरिक प्रसाद है। श्रद्धालुओं को भीगी हुई चने और मूंग की दाल, जामुन, आम और बड़हल का प्रसाद दिया जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है और हर साल हजारों श्रद्धालु इसे श्रद्धापूर्वक ग्रहण करते हैं। 17 जुलाई को निकलेगी (बिरजी भगत) की रथयात्रा श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर (बिरजी भगत) की रथयात्रा 17 जुलाई को निकाली जाएगी। रथयात्रा जगन्नाथ गली, काहू कोठी, नीलवाली गली, मारवाही पुस्तकालय, बिरहाना रोड और धनकुट्टी होते हुए वापस मंदिर लौटेगी। जब भगवान ने खुद चुना अपना धाम मान्यता है कि राजस्थान की एक महिला, जिन्हें लोग 'बाई जी' कहते थे, पुरी से भगवान जगन्नाथ की मूर्ति लेकर अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में उन्होंने कानपुर में विश्राम किया। रात में उन्हें स्वप्न में एक भव्य मंदर के दर्शन हुए। अगले दिन जब उन्होंने यात्रा आगे बढ़ाने की कोशिश की तो बैलगाड़ी आगे नहीं चली। इसे भगवान की इच्छा मानते हुए उन्होंने उसी स्थान पर मंदिर बनवाकर विग्रह स्थापित करा दिए। बाद में उन्होंने पनकी के पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत देवदास को समर्पित कर दिया। 15 दिन के एकांतवास के बाद देते हैं दर्शन परंपरा के मुताबिक, स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को बीमार माना जाता है। इस साल 29 जून को भक्तों द्वारा अत्यधिक जलाभिषेक के बाद भगवान बीमार हुए और 15 दिनों के लिए एकांतवास में चले गए। इस दौरान उन्हें औषधीय काढ़े का भोग लगाया गया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के कार्यालय में अध्यक्ष की कुर्सी को बैठने को लेकर विवाद हो गया। यहां कुर्सी पर बैठे नीलकंठ शर्मा को पकड़कर रजवंत कौर कुर्सी से खींचती रहीं। एक मिनट से ज्यादा चली खींचतान के बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यह पूरी खींचतान दिखाई दे रही है। रजवंत कौर, नीलकंठ शर्मा को गर्दन से पकड़ कर खींचती दिखाई दे रही है। यहीं नहीं, वे कुर्सी और मेन टेबल के बीच में खड़ी हो जाती हैं और पूरा जोर लगाकर नीलकंठ शर्मा कुर्सी का हटाने का प्रयास करती हैं। मगर, इस पूरी कोशिश में वे टस से मस नहीं होते। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस ही नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से खड़ा करती है और दोनों गुटों को थाना केयूके ले जाती है। यहां दोनों ही गुट ने एक-दूसरे पर हाथापाई, मारपीट और खींचतान के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। क्या है कुर्सी का विववाद, सिलसिलेवार ढंग से जानिए… सर्वसम्मति से प्रधान बनने का किया दावा दरअसल, कुंटिया का चुनाव होना था, लेकिन चुनाव करीब 3 महीने लेट हो गया। इसलिए कुंटिया से जुड़े कई कर्मियों ने बगावत कर दी। इस पर नीलकंठ शर्मा और पूर्व प्रधान रामकुमार गुर्जर का गुट एकमत हो गए। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले पिछले महीने चुनाव करवा दिया गया। इसमें नीलकंठ शर्मा को सर्वसम्मति से कुंटिया का प्रधान चुन लिया गया। दोनों कर रहे प्रधान होने का दावा रजवंत कौर गुट स्वयं को निर्वाचित पदाधिकारी बताकर अपना दावा कर रहे हैं। जबकि नीलकंठ गुट के समर्थक उनके प्रधान होने की बात कह रहे हैं। फिलहाल पुलिस ममाले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर रजवंत कौर से बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि वे कुछ देर बाद बात करेंगी। दोनों पक्ष की तरफ से आई शिकायत- सुरेंद्र कुमार केयूके थाना के SHO सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष के बीच कुंटिया की प्रधानगी को लेकर विवाद हुआ था। दोनों की तरफ शिकायत भी आई है। पुलिस ने दोनों पक्ष को शांत कर दिया है। अभी मामले की जांच चल रही है।
डिंडोरी जिले के जंगलों में सरई और साल के पेड़ों पर साल बोरर कीड़ों का हमला शुरू हो गया है। भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद लगभग 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चिह्नित किए गए 1 लाख 46 हजार 784 पेड़ काटे जाएंगे। फिलहाल, वन विभाग ने इन कीटों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। एसडीओ एसके जाटव ने बताया कि पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया, दक्षिण समनापुर और बजाग वन परिक्षेत्र के लगभग 30 हजार हेक्टेयर में लगे पेड़ कीटों से प्रभावित हैं। 20 जून से ग्रामीणों की मदद से कीटों को पकड़ने का काम जारी है। 10 लाख सिर हुए जमा अब तक लगभग 10 लाख कीटों के सिरों की माला बनाकर जमा की जा चुकी है। एक सिर की कीमत दो रुपए निर्धारित की गई है। कौन कितने सिर लेकर आया इसी एंट्र4 की गई है। अब तक 20 लाख रुपए का काम हो गया है। इस राशि को ग्रामीणों में बांटा जाएगा। पकड़े गए कीटों को जुलाई के अंत में दो डीएफओ अधिकारियों की मौजूदगी में नष्ट किया जाना है। यह अभियान जुलाई के अंत तक चलेगा। एसडीओ ने बताया कि साल बोरर कीटों को पकड़ने के लिए सरई के पेड़ों को काटकर उनकी छाल को पीटा जाता है। इसकी सुगंध से लगभग तीन किलोमीटर दूर से कीट रस पीने आते हैं और मदमस्त हो जाते हैं। ग्रामीण सूर्योदय से पहले इन कीटों को पकड़ लेते हैं, क्योंकि सूर्योदय के बाद ये उड़ने लगते हैं। पकड़े गए कीटों के सिरों की माला बनाकर वनकर्मियों के पास जमा की जाती है। ऐसे शुरू होता है हमला दरअसल, साल बोरर कीड़ा से सिर्फ साल के पेड़ को ही नुकसान होता है, और वो भी तब जब इनकी संख्या बढ़ जाती है। साल बोरर धीरे-धीरे साल के पेड़ के तने में रहकर इसे खाना शुरू कर देता है। जैसे- जैसे यह पेड़ को खाता है, वैसे-वैसे पेड़ के नीचे पाउडर जमा होना शुरू हो जाता है। समय रहते अगर वन विभाग की टीम साल बोरर कीड़े पर ध्यान न दें तो यह एक पेड़ से दूसरे पेड़, दूसरे से तीसरे, और फिर ये कई पेड़ तक पहुंच जाते है। तो काटे जाएंगे 1 लाख 46 हजार पेड़ वन विभाग की उत्पादन डीएफओ भारती ठाकरे ने जानकारी दी कि सामान्य वन मंडल ने 1 लाख 46 हजार 784 पेड़ों को चिह्नित किया है। इन पेड़ों की कटाई के लिए भारत सरकार की अनुमति का इंतजार है। पेड़ों की कटाई में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। पकड़ने का एक तरीका ये भी साल बोरर कीड़े को मारने के लिए वन विभाग साल के पेड़ की छाल को निकालकर उसका रेजिन को कूटकर रख लेते है। ग्रामीण इस छाल के पाउडर के अपने घरों के आसपास रखते है। जिसकी खुशबू को सूंघकर जैसे ही साल के कीड़े आते है तो ग्रामीण इसे पकड़कर इसके सिर को काटकर इसकी माला बनाते है। वन विभाग प्रति सिर की गिनती कर ग्रामीण आदिवासियों को भुगतान करते है। 1997-98 में भी हो चुकी है कटाई इस कार्य के लिए सामान्य, उत्पादन, मंडला वेस्ट और ईस्ट के चार डीएफओ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। कटाई से लगभग 46,390 क्यूबिक मीटर इमारती लकड़ी और 43,390 क्यूबिक मीटर जलाऊ लकड़ी मिलने की उम्मीद है, जिनकी ई-नीलामी की जाएगी। लकड़ियों को गाड़ा सरई और करंजिया काष्ठ गार में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे पहले 1997-98 में भी साल बोरर कीटों के प्रकोप के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई थी। क्या होता है साल बोरर ? साल बोरर (Sal Borer) साल के वृक्षों को नुकसान पहुंचाने वाला एक कीड़ा है। जिसे हॉपलोसेरामबिक्स स्पिनिकोर्निस (Hoplocerambyx spinicornis) भी कहा जाता है। ये साल के पेड़ों के तने में घुसकर उन्हें खोखला कर देता है। जिससे पेड़ पूरी तरह से सूख जाते हैं और मर जाते हैं। ये साल के पेड़ों के तने में सुरंग बनाकर लार्वा और कीड़े के रूप में रहता है। इसकी लंबाई लगभग 2 इंच होती है और जीवन चक्र 1 साल का ही होता है। साल बोरर का प्रकोप साल के जंगलों में एक गंभीर समस्या है। इसे महामारी के रूप में भी जाना जाता है। साल बोरर के नियंत्रण के उपाय साल बोरर के नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जैसे संक्रमित पेड़ों को काटना, कीटों को पकड़कर सिर तोड़ना, और कीटनाशकों का उपयोग करना।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बुधवार शाम को सचेंडी में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस ने ड्रोन उड़ाकर साइबर ठगों की तलाश की। 125 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 13 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी बनकर और सरकारी योजनाओं का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग खेतों और बागों में बनी झोपड़ियों से कॉल सेंटर की तरह नेटवर्क चला रहे थे। अब तक इनसे जुड़े करीब 200 साइबर अपराधों की शिकायतें सामने आई हैं। छापेमारी में 29 मोबाइल फोन, तीन कारें और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। सचेंडी के हर घर में साइबर ठग, कुटीर उद्योग की तरह चल रही ठगी पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गुरुवार दोपहर 3.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बताया कि साइबर वज्र योजना के तहत साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह और एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने 100 से ज्यादा पुलिस वालों के साथ सचेंडी के गज्जापुरवा, नयापुरवा समेत अन्य गांवों में रेड मारकर 13 साइबर ठगों को अरेस्ट कर लिया। बीते मंगलवार को रेउना में डीसीपी साउथ ने फोर्स के साथ रेड करके 12 साइबर ठगों को अरेस्ट किया था। इस दौरान ये सभी शातिर साइबर ठग पुलिस को चकमा देकर भाग निकले थे। पकड़े गए साइबर ठगों से पूछताछ और गांव में जांच के दौरान सामने आया कि शातिर साइबर ठगों ने बाग और खेत में झोपड़ी बनाकर साइबर ठगी का गैंग चला रहे हैं। पकड़े गए साइरब ठग अलग-अलग टोलियों में बैठकर मोबाइल फोन से देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को कॉल कर स्वयं को क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताकर डराने धमकाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर फर्जी पंजीकरण कराने के नाम पर ठगी करते हैं। जांच में सामने आया कि अब तक शातिर 2 से 3 करोड़ की साइबर ठगी कर चुके हैं। डिजिटल सबूतों के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट समेत कई अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, उनके बैंक खातों और ठगी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पूछताछ और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जेल भेजने की धमकी देकर करते थे साइबर ठगी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को फोन कर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाते थे। इसके बाद खुद को पुलिस या क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देते थे। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए मोबाइल पर पुलिस सायरन की आवाज भी सुनाते थे। गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर वे अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के जरिए पैसे मंगवाकर ठगी करते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने और फर्जी पंजीकरण कराने का झांसा देकर भी लोगों से रुपये ऐंठते थे। छठवीं और आठवीं पास साइबर ठग जी रहे लग्जरी लाइफ पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पकड़े गए 13 साइबर ठग पहले कच्चे मकानों में रहते थे, लेकिन इस साइबर ठगी के धंधे में आने के बाद से सभी के पक्के मकान बन गए, कार खरीद ली और महंगे मोबाइल रखने लगे थे। साइबर ठगी से इन सभी की लाइफ स्टाइल बदल गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 29 मोबाइल फोन (एंड्रॉयड, आईफोन एवं कीपैड), तीन कारें बरामद की हैं। देश भर के कई राज्यों से 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन एवं आईएमईआई नंबरों को एनसीआरपी पोर्टल पर जांच किये जाने पर उनके माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से लगभग-200 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज होना पाया गया। जिन पर आभियुक्तों द्वारा अब तक लगभग 02 करोड़ की अनुमानित धनराशि की साइबर ठगी की गयी है। पुलिस कमिश्नर ने की अपील पुलिस कमिश्नर ने पब्लिक से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके पास कोई अनजान नंबर से कॉल आए और बात करने वाला खुद को पुलिस, क्राइम ब्रांच, सीबीआई, ईडी, साइबर सेल अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से डराकर धनराशि की मांग करता है, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। ऐसी किसी भी घटना की तत्काल सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर दें तथा निकटतम पुलिस स्टेशन/ साइबर थाने से संपर्क करें।
झुंझुनूं में आगामी 18 जुलाई को होने जा रहे 'विशाल बहुजन एकता सम्मेलन' को लेकर अंबेडकर भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों प्रेस वार्ता की गई। जिसमें रूपरेखा और इसके उद्देश्यों के बारे में बताया गया। यह सम्मेलन सामाजिक न्याय, संविधान की सुरक्षा और बहुजन समाज के हक-अधिकारों को केंद्र में रखकर आयोजित की गई। SC,ST,OBC और अल्पसंख्यक को मंच प्रदान करना कार्यक्रम के संयोजकों ने बताया- यह सम्मेलन जिले के ग्राम जय पहाड़ी स्थित दरगाह व बुद्ध विहार के समीप सुबह 10 बजे से शुरू होगा। आयोजकों के अनुसार इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों को एक साझा मंच प्रदान करना है। इसका लक्ष्य इन वर्गों को सामाजिक न्याय, संविधान सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, किसान-मजदूरों की समस्याओं और महिला सशक्तिकरण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर एकजुट करना है। कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक विकास आल्हा, महेंद्र चारणवास, मास्टर यूनुस भाटी, रामानंद आर्य, मनीराम देवरोड़ और मुस्लिम न्याय मंच के अध्यक्ष इमरान बडगुजर समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संयोजकों ने समाज से बिखराव छोड़कर एकता का मार्ग चुनने और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की। 25 सूत्रीय मांग पत्र जारी सम्मेलन के दौरान देश और स्थानीय स्तर के ज्वलंत मुद्दों पर आधारित एक विस्तृत 25 सूत्रीय मांग पत्र जारी किया गया। पेपर लीक पर कड़ा रुख और NTA का विरोध विवादित एनटीए (NTA) को समाप्त करने की पुरजोर वकालत की। न्यायपालिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने और संविधान के अनुच्छेद 312 (3) के तहत इंडियन ज्यूडिशियल सर्विस (IJS) गठित करने की मांग की गई है। संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखने और शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के निजीकरण के दौर में आबादी के अनुपात में आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, तकनीकी व मेडिकल शिक्षा में 'जीरो फीस' प्रणाली लागू करने और पुनः मत-पत्रों (Ballot Paper) से चुनाव प्रक्रिया बहाल करने की मांग शामिल है। प्रत्येक गांव जनसंपर्क अभियान जारी आयोजक विकास आल्हा ने जानकारी दी कि सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले के प्रत्येक गांव और कस्बे में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। 'एक मंच, एक आवाज-बहुजन समाज' के संकल्प के साथ इस आयोजन में हजारों की संख्या में युवाओं, बुद्धिजीवियों और मेहनतकश वर्ग के जुटने की उम्मीद है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। शुक्रवार को टिकट की घोषणा के बाद समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। घटना के 6 दिन बाद कोतवाली पुलिस ने बाजार बंद कराने और दुकानदारों से अभद्रता करने के आरोप में 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी कार्तिक रायकवार (26), निवासी सपा पहाड़, रेलवे स्टेशन के पास, ने शिकायत दर्ज कराई कि 10 जुलाई की रात करीब 8 बजे वह किला चौक पर खड़ा था। इसी दौरान 8 से 10 अज्ञात युवक वहां पहुंचे और डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवकों ने दुकानदारों पर दुकानें बंद करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर फरियादी और दुकानदारों के साथ गाली-गलौज की गई। इसके बाद सभी आरोपी वहां से चले गए। फरियादी ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह डर गया था, इसलिए तुरंत शिकायत नहीं कर सका। बाद में 15 जुलाई को कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। हाईवे जाम के दौरान बाजार भी बंद कराने पहुंचे थे कुछ लोग गौरतलब है कि 10 जुलाई को टिकट कटने के विरोध में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने हाईवे जाम किया था। इसी दौरान कुछ समूह किला चौक और मुख्य बाजार में दुकानें बंद कराने भी पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शहर में मुनादी कराकर व्यापारियों से अपील की थी कि वे किसी के दबाव में आकर दुकानें बंद न करें। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बाजार बंद कराने और अभद्रता करने के आरोप में 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पलवल जिले में होडल सीआईए टीम ने ताला मंडी होडल स्थित जैन धर्मशाला में हुई चोरी की वारदात को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुंडा कॉलोनी निवासी सागर और होडल वार्ड नंबर-14 निवासी निरंजन उर्फ नितिन के रूप में हुई है। सीआईए होडल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि 7 जुलाई को ताला मंडी होडल निवासी डॉ. राजेश जैन ने होडल थाने में एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि 6 जुलाई की रात को अज्ञात चोरों ने जैन धर्मशाला से इन्वर्टर की बैटरी खोलकर छत पर छोड़ दी थी। कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी पुलिस चोर वहां से तांबे की दो तामड़ी (बर्तन) और अन्य सामान, जिसकी कुल कीमत लगभग 40 हजार रुपए थी, चुरा ले गए थे। इस शिकायत पर थाना होडल में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। सीआईए स्टाफ के हवलदार दिनेश कुमार ने मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से चोरी किया गया सभी सामान बरामद करने और मामले में गहनता से पूछताछ के लिए उन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि चोरों से अन्य चोरी की वारदातों के बारे में भी जानकारी मिल सके।
पंचकूला जिले के मोरनी बड़ी शेर रोड पर गांव सेमू के पास एक कार गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। स्थानीय चौकी के एएसआई राजेंद्र ने बताया कि घायल की पहचान जगबीर (53) के रूप में हुई है। जगबीर चंडीगढ़ के निवासी हैं और चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार, कार मोरनी की ओर से आ रही थी और गांव सेमू के पास अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। गंभीर हालत में पीजीआई में चल रहा इलाज घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल जगबीर को कार से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरनी ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल रेफर कर दिया गया। पंचकूला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जगबीर को बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि अब उनकी हालत स्थिर है और वे पीजीआई में उपचाराधीन हैं। पुलिस द्वारा इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
CNG की जगह CBG बेचे जाने का मामला:उपभोक्ताओं से ठगी, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
जबलपुर में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के नाम पर सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) बेचे जाने की शिकायत सामने आई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस संबंध में कलेक्टर से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मंच ने आरोप लगाया है कि शहर के गैस पंपों पर उपभोक्ताओं को काम्प्रेस्ड नेचुरल गैस की जगह चुपके से काम्प्रेस्ड बायो गैस दी जा रही है। इसे सीधे तौर पर ग्राहकों के साथ विश्वासघात बताया गया है। शिकायत के अनुसार, जबलपुर के गैस पंप संचालक सीएनजी की दर 105 रुपये प्रति किलोग्राम वसूल कर सीबीजी बेच रहे हैं, जबकि सीबीजी की वास्तविक उत्पादन लागत मात्र 60 रुपये है। इस प्रकार उपभोक्ताओं से प्रति किलो 45 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अतिरिक्त, नेचुरल गैस की तुलना में सीबीजी की कैलोरिक वैल्यू कम होने के कारण वाहनों का माइलेज 5 से 6 किलोमीटर तक घट गया है, जिससे वाहन चालकों को दोहरा नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बायो गैस में प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन होती है, जो नमी को तेजी से सोखती है। इससे वाहनों के इंजन के अंदरूनी हिस्सों में जंग लगने और खराबी आने की शिकायतें बढ़ रही हैं। मंच ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम का घोर उल्लंघन बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कलेक्टर जबलपुर ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर को पूरे प्रकरण की सघन जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के सख्त आदेश दिए हैं।
गिरिडीह के पारसनाथ क्षेत्र में स्थित मधुबन पंचायत के 12 दुर्गम टोलों को अब पक्की सड़क मिलेगी। जिला प्रशासन ने 1.28 करोड़ रुपये की लागत से दो पीसीसी सड़क निर्माण योजनाओं को मंजूरी दी है। गुरुवार को उपायुक्त रामनिवास यादव ने दलुआडीह गांव पहुंचकर ग्रामीणों को इन योजनाओं के स्वीकृति पत्र सौंपे। उपायुक्त के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज मरांडी और अंचलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अधिकारी पैदल चलकर गांव पहुंचे। उन्होंने पेड़ की छांव में ग्रामीणों के साथ बैठक की और उनकी समस्याओं को सुना। उपायुक्त ने ग्रामीणों को बताया कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसके लिए शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि पारसनाथ क्षेत्र के कई टोले अभी भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जहां बीमार लोगों को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। हाल ही में ऐसी तस्वीरें सामने आने के बाद इस समस्या को गंभीरता से लिया गया। मंत्री सुदिव्य कुमार के निर्देश पर इन योजनाओं को तैयार कर स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत योजनाओं में पहली, मधुबन (उत्तरी पारसनाथ) के पिपराडीह से दलुआडीह तक पीसीसी सड़क का निर्माण है। इसकी लागत 88 लाख 62 हजार 400 रुपये है, जिसमें पुलिया निर्माण भी शामिल है। दूसरी योजना कोठटांड़ से वाइल्ड लाइफ सीमा तक पीसीसी सड़क निर्माण की है, जिस पर 39 लाख 57 हजार 400 रुपये खर्च होंगे। दोनों योजनाओं का कार्यान्वयन एनईआरपी एजेंसी करेगी। योजना की स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार और जिला प्रशासन का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से आवागमन आसान होगा, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन परिसर में चोरी की दो घटनाएं सामने आई हैं। जीआरपी थाने के पास से एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई, वहीं प्लेटफॉर्म पर सो रहे एक यात्री की तीन सोने की अंगूठियां और मोबाइल फोन भी चुरा लिया गया। जीआरपी बीजी थाना पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना जहांगीर कटरा निवासी 28 वर्षीय शिवकुमार प्रजापति के साथ हुई। वे अपने भाई की मोटरसाइकिल (एमपी-07 एनबी-5094) से रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने बाइक को जीआरपी थाने के पास स्थित शौचालय के सामने खड़ा किया और अपने काम से चले गए। शाम करीब 7:30 बजे लौटने पर उन्हें बाइक वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बावजूद मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं लगा। दूसरी घटना में भिंड जिले के ग्राम विरगंवा निवासी 73 वर्षीय रामसिया शर्मा अपने पुत्र अरुण शर्मा के साथ 27 जून की रात ऊना (हिमाचल प्रदेश) जाने के लिए ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन का इंतजार करते हुए दोनों प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सो गए। सुबह करीब 5:30 बजे अरुण शर्मा की नींद खुली तो उनकी जेब में रखा ओप्पो कंपनी का मोबाइल, ट्रेन टिकट, जरूरी दस्तावेज और दो हजार रुप नकद गायब थे। बदमाशों ने उनकी उंगलियों में पहनी तीन सोने की अंगूठियां भी चुरा लीं। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 66 हजार रुपए बताई गई है। पीड़ित ने घटना की सूचना अगले दिन जीआरपी थाने में दी थी। मोबाइल का बिल उपलब्ध न होने के कारण तत्काल मामला दर्ज नहीं हो सका था, लेकिन बाद में बिल प्रस्तुत करने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जीआरपी बीजी थाना पुलिस ने बुधवार शाम अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही चोरी की इन घटनाओं ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अजमेर की विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश हेमंत सिंह ने 15 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत आरोपी को दोषी माना। अभियोजन के अनुसार- मामला ब्यावर जिले का है। 23 जुलाई 2024 को पीड़िता के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी 17 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि घटना से कुछ दिन पहले एक आरोपी ने परिवार को धमकी दी थी कि वह हमारी बेटी को उठाकर ले जाएगा। शिकायत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। 3 दिन बाद डिटेन हुई थी किशोरी पुलिस ने 26 जुलाई 2024 को किशोरी को डिटेन किया। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी मुझे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद सुनसान स्थान पर ले जाकर मेरे साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी ने मुझे किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने और बदनाम करने की धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। 14 गवाहों के हुए बयान सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान और 37 दस्तावेज साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए। पीड़िता के कोर्ट और बीएनएसएस की धारा 180 व 183 के तहत बयान दर्ज हुए। वहीं FSL रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा में दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशांत यादव ने पैरवी की।
बोकारो पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बताया कि ये सभी अपराधी बिहार के विभिन्न जिलों से संबंध रखते हैं और बोकारो में रहकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। जांच में सामने आया है कि ये अपराधी आरएम टूर एवं ट्रेवल्स एजेंट और बैंककर्मी बनकर लोगों को झांसे में लेते थे। विश्वास जीतने के बाद वे उनके साथ ठगी करते थे। पुलिस ने इनके पास से 43,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई राशि को बैंकों में होल्ड करा दिया गया है। अपराधियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 18 बैंकों के पासबुक, तीन चेक बुक और 10 डेबिट कार्ड भी जब्त किए गए हैं। एसपी मीणा ने बताया कि इन अपराधियों के तार बिहार से जुड़े हैं और इनके सरगना बिहार में बैठकर गिरोह का संचालन करते हैं। पुलिस उस मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी, जिसके घर में रहकर ये अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में सम्राट कुमार विनय, निरंजन कुमार, सुदामा कुमार, नीतीश कुमार, सुबोध कुमार, प्रेमचंद कुमार, धर्मराज कुमार, बृजेश कुमार और रवि प्रभाकर शामिल हैं। एसपी के अनुसार, सम्राट कुमार विनय बोकारो के सेक्टर 3 का निवासी है, जबकि अन्य सभी अपराधी बिहार के हैं। इनके आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस पूरे साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम किया जाएगा।
भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के खिलाफ एक महिला खिलाड़ी ने अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि उसके साथ चेंजिंग रूम में अश्लील हरकत की गई और किसी को न बताने की धमकी दी। महिला ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया सचिव ने उसे धमकी दी कि अगर वह किसी से शिकायत करेगी तो, उसके साथ अच्छा नहीं होगा। अब पढ़िए पूरी रिपोर्ट चेंजिग रूम में की अश्लील हरकत महिला खिलाड़ी चेंजिंग रूम में थी। इस दौरान अकेला पाकर शत्रुघ्न तिवारी ने अश्लील हरकत की। जब खिलाड़ी ने शोर मचाया तो मुंह दबा दिया। शत्रुघ्न तिवारी ने धमकी दी कि अगर भविष्य में मैच खेलना है तो मुझसे बनाकर रखो। घटना के बाद रोते हुए चेंजिग रूम से बाहर निकली खिलाड़ी इसी दौरान दूसरी खिलाड़ी वहीं पर अपनी ड्रेस चेंज करने के लिए पहुंची। दूसरी खिलाड़ी को देखकर शत्रुघ्न तिवारी ने खिलाड़ी को छोड़ दिया। जब खिलाड़ी बाहर आई तो, वहां काम करने वाली एक महिला ने खिलाड़ी से रोने की वजह पूछा तो, खिलाड़ी ने महिला को सारी घटना के बारे में बताया। घटना के बाद खिलाड़ी ने क्रिकेट खेलना किया बंद शत्रुघ्न तिवारी ने खिलाड़ी को धमकी दी कि अगर उसने किसी से शिकायत की तो, अच्छा नहीं होगा। क्योंकि उसकी ऊपर तक पहुंच है। इस घटना के बाद खिलाड़ी ने क्रिकेट खेलना बंद कर दिया। सभी आरोप बेबुनियाद है इस मामले में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघन तिवारी ने बताया- मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं। वह सभी बेबुनियाद हैं। RCA के चुनाव आने वाले हैं। इसलिए मुझे चुनाव प्रक्रिया से दूर रखने के लिए यह आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले भी मेरे खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे लेकिन, जांच में वह भी सही नहीं पाए गए। यह मामला 2024 का बताया जा रहा है। 2 साल इस मामले की FIR दर्ज करवाना सवाल उठाता है।
करौली में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) प्रेमराज मीणा ने गुरुवार को दोबारा अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख किया, जिसमें जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित बाईपास निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराना शामिल है। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया। प्रेमराज मीणा इससे पहले भी करौली में एसडीएम के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। उनका स्थानांतरण महुआ एसडीएम के पद पर हुआ था और उन्हें 14 जून को कार्यमुक्त कर दिया गया था। हालांकि, राज्य सरकार ने 19 जून को उन्हें पुनः करौली एसडीएम पद पर स्थानांतरित कर दिया, जिसके बाद गुरुवार को उन्होंने विधिवत पदभार संभाला। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, प्रेमराज मीणा के पास करौली नगर परिषद आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी था। उन्होंने उस समय दोनों महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया था। पदभार ग्रहण के बाद, एसडीएम प्रेमराज मीणा ने विशेष रूप से बाईपास निर्माण कार्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित यह परियोजना लंबे समय से लंबित है और इसे शीघ्र शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उपखंड कार्यालय में पदभार ग्रहण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रेमराज मीणा का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
अयोध्या नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चार सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन सड़कों का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी), अयोध्या प्रखंड द्वारा कराया जाएगा। परियोजनाओं के पूरा होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा। शिलान्यास की गई परियोजनाओं में रायबरेली रोड से सुल्तानपुर रोड तक संपर्क मार्ग, दशरथ कुंड वार्ड में 60 लाख रुपये, हनुमत नगर वार्ड में 35 लाख रुपये तथा रानोपाली से मणिपर्वत तक 48 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इन सभी विकास कार्यों की कुल अनुमानित लागत लगभग 2.25 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। कार्यक्रम में पार्षद निखिल श्रीवास्तव, महेश श्रीवास्तव, आकाश गुप्ता, सौरभ तिवारी, विमल गुप्ता, मुन्ना सिंह, हरभजन गौड़, राम प्रसाद निषाद, औरौनी पासवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सक्ती जिले के हरेठी स्थित पापा ढाबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ढाबे का एक कर्मचारी कथित तौर पर पुरुष शौचालय के अंदर कटोरी, प्लेट और अन्य बर्तन धोता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ढाबे की स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए ढाबा संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। ग्राहक ने बनाया VIDEO, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल जानकारी के अनुसार, सक्ती नगर और आसपास के क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में पापा ढाबा में भोजन करने पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि एक ग्राहक ने ढाबे के कर्मचारी को पुरुष शौचालय के भीतर बर्तन धोते हुए देखा। इसके बाद उसने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। VIDEO ने बढ़ाई हाइजीन को लेकर चिंता वायरल वीडियो में कर्मचारी कथित तौर पर शौचालय के भीतर कटोरी, प्लेट और अन्य बर्तन साफ करता दिखाई दे रहा है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले बर्तनों की सफाई वास्तव में शौचालय के अंदर की जा रही थी, तो इसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है। ढाबा संचालक ने बताया ढाबा संचालक मुन्ना ठाकुर ने बताया कि जहां बर्तन धोया जाता है, वहां ढलाई हो रहा था। इसीलिए वहां थोड़े समय के लिए बर्तन धोया जा रहा था। इसी दौरान किसी ने उस समय का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। खाद्य विभाग की निगरानी पर भी उठे सवाल घटना सामने आने के बाद जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की नियमित जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ढाबों और रेस्टोरेंट्स का नियमित और प्रभावी निरीक्षण होता, तो इस तरह की स्थिति सामने नहीं आती। लोगों का आरोप है कि निरीक्षण के नाम पर अक्सर केवल औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। अधिकारी और कर्मचारी भी आते हैं यहां भोजन करने स्थानीय लोगों के अनुसार, पापा ढाबा में आम लोगों के अलावा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी भोजन करने पहुंचते हैं। ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। 'दूसरे ढाबों की भी जांच हो' स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के अन्य ढाबों और रेस्टोरेंट्स की भी जांच की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता किया जा रहा है। लोगों ने पूरे जिले में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। खाद्य विभाग बोला- नोटिस जारी होगा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य ने कहा कि जिले के सभी ढाबों और रेस्टोरेंट्स में नियमित जांच की जाती है। जहां भी कमियां मिलती हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि पापा ढाबा का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसका संज्ञान लिया गया है। ढाबा संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सोडा-गन्ना जूस की बर्फ में मिला मरा मेंढक, VIDEO:शॉप में बर्फ तोड़ते समय दिखा; कोरबा चौपाटी-संघ ने की फैक्ट्री पर कार्रवाई की मांग छत्तीसगढ़ के कोरबा में सोडा-गन्ना जूस की दुकान में इस्तेमाल की जा रही बर्फ में मरा हुआ मेंढक मिला। जूस बनाते समय जब बर्फ को तोड़ा जा रहा था, तभी उसमें मेंढक दिखाई दिया, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। पढ़िए पूरी खबर…
गौरव खिड़िया ने संभाली चूरू कोतवाली की कमान:बोले- आमजन की सुरक्षा, अपराधियों पर अंकुश पहली प्राथमिकता
नवनियुक्त थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने गुरुवार दोपहर चूरू कोतवाली पुलिस थाने का कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। खिड़िया ने कहा कि क्षेत्र में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। सीआई गौरव खिड़िया ने अपनी आगामी कार्य योजना के मुख्य बिंदुओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उन पर शिकंजा कसा जाएगा। थानाधिकारी ने यह भी कहा कि रात के समय तेज रफ्तार में वाहन चलाने, स्टंट करने और शोर मचाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खिड़िया ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हर फरियादी को त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय प्रदान किया जाएगा, जिससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।
सवाईमाधोपुर में खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेड़ी में हल्का पटवारी पप्पू कोली का नामांतरण के बदले पैसे लेते हुए वीडियो सामने आया है। किसान से जमीन के नामांतरण के बदले नकदी लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पहले तय हुई रकम को लेकर बातचीत भी सुनाई दे रही है। मामले में पटवारी ने कहा कि वीडियो के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में परिवादी से कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल रिसिव नहीं किया। पहले 36 हजार मांगे, बाद में 15 हजार में हुआ सौदा जानकारी के अनुसार, 12 बीघा कृषि भूमि का नामांतरण कराने के लिए पहले 3 हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से 36 हजार रुपए मांगे गए थे। बाद में 15 हजार रुपए में बात तय हुई। ग्रामीण बोले- बिना पैसे नहीं होते राजस्व के काम ग्रामीणों का आरोप है कि नामांतरण जैसे सामान्य राजस्व कार्य भी बिना पैसे दिए नहीं हो रहे हैं। किसानों को अपनी ही जमीन के वैध दस्तावेज बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और अवैध मांगों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण गौरी शंकर ने इसी पटवारी के खिलाफ पहले भी रिश्वत मांगने की शिकायत अधिकारियों से की थी। --- रिश्वत से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए … 12 साल पहले घूस में मांगा था कैश और मुर्गा:थाने में रिश्वत लेते पकड़ा गया था एएसआई, 4 साल की कैद और जुर्माना लगाया एसीबी कोर्ट ने 12 साल पुराने रिश्वत के मामले में फैसला सुनाते हुए तत्कालीन एएसआई को 4 साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। पूरी खबर पढ़िए

