रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका में भाजपा उम्मीदवारों को मिली जीत पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने यह पूरे संगठन की जीत है। जनता ने हम पर उम्मीद से अधिक भरोसा किया है। उस भरोसे पर खरा उतरना अब इन चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। मेरा तीन साल का कार्यकाल बचा है और मैं जनता की उम्मीदों से कोई समझौता नहीं होने दूंगा। जब भी मुझे लगा कुछ गलत लगा तो बड़े होने के नाते टांग खींचने से नहीं हिचकूंगा। शहर में जो भी समस्याएं हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। अफसरशाही अब बिल्कुल नहीं चलेगी। पार्टी में भितरीघात के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत भूत जैसी होती है, जो कभी छोड़ नहीं सकते। रेवाड़ी और धारूहेड़ा में मिली बड़ी जीत कड़ी टक्कर बताने वालों के मुंह पर तमाजा है। उन्होंने कहा कि उकलाना को छोड़ सभी जगह भाजपा को जीत मिली है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि जनता में आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी और मुख्यमंत्री के नाम का सिक्का चल रहा है। रेवाड़ी की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन विनिता पीपल, धारूहेड़ा के नवनिर्वाचित चेयरमैन अजय जांगड़ा व पार्षदों की मौजूदगी में रामपुरा हाउस में उन्होंने यह बात कही। भाजपा ने मुझे तीन बार टिकट दिया भाजपा में राव एंटी राव की चर्चाओं का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भाजपा ने मुझे तीन बार सांसद का टिकट दिया। तीनों बार मैं भाजपा की टिकट पर चुनाव जीता। अब आप ही बताएं क्या मैं भाजपा का नहीं हूं। रेवाड़ी और धारूहेड़ा में विधायकों सहित हमारी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने एकजुटता से काम किया। जिस कारण हम उम्मीद से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर पाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज आए निकाय चुनावों के नतीजों ने यह बता दिया कि हरियाणा में चौथी बार भी भाजपा की सरकार बनेगी। आरती बोलीं, बंगाल जैसा प्रदर्शन स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि प्रदेश में आज आए निकाय चुनाव के नतीजों में भाजपा ने हरियाणा में भी पश्चिमी बंगाल वाले प्रदर्शन को दोहराया है। मैंने चुनाव प्रचार के दौरान भी पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद यह बात कही थी। जिसे रेवाड़ी और धारूहेड़ा ही नहीं, प्रदेश की जनता ने सच साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी से आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए राजस्थान सरकार से मिलकर काम कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि दोनों प्रदेशों की भाजपा सरकार मिलकर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाल लेगी।
इंदौर में शादी से लौट रही एक महिला का पर्स रास्ते में गिर गया। पर्स में सोने-चांदी के जेवरात, दो मोबाइल फोन और नकदी रखी थी। पर्स नहीं मिलने पर पति-पत्नी परेशान हो गए, उन्हें समझ नहीं आया कि पर्स कहां गुम हो गया। गनीमत रही कि पर्स किसी गलत हाथ में नहीं गया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात एक महिला कॉन्स्टेबल को मिल गया। मामला बुधवार को आईटी पार्क चौराहे का है। यहां एक महिला का पर्स गिर गया था। लावारिस हालत में पड़ा यह पर्स वहां ड्यूटी कर रही महिला कॉन्स्टेबल को मिला। पर्स खोलकर देखा तो उसमें लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, दो मोबाइल फोन और नकदी रखी थी। पर्स के अंदर सोने के कान के जेवरात, चांदी की दो जोड़ी पायल, एक चांदी का कमरबंद, दो मोबाइल फोन और नकदी मिली। साथ ही पर्स में आईडी कार्ड भी मिले, जिसके आधार पर संबंधित महिला की जानकारी प्राप्त की गई। वापस बुलवाया आईटी पार्क चौराहेएसीपी सुप्रिया चौधरी ने बताया कि आईटी पार्क चौराहे पर महिला काॅन्स्टेबल टोनिका मौर्य, संध्या पोरवाल और आरती वसुनिया ड्यूटी पर तैनात थीं। इसी दौरान उन्हें एक लावारिस पर्स मिला। पर्स खोलकर देखा गया तो उसमें सोने-चांदी के जेवरात रखे मिले। इसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पर्स में दो मोबाइल फोन भी मिले थे। मोबाइल पर कॉल आने के बाद संबंधित महिला से संपर्क किया गया और उन्हें वापस आईटी पार्क चौराहे बुलवाया गया। पता ही नहीं चला कब गिरा पर्सपुलिस ने जानकारी ली तो पता चला कि जिस महिला का पर्स गिरा था, उनका नाम मंजू है। वह अपने पति और दो बच्चों के साथ शादी समारोह से लौट रही थीं। परिवार पीथमपुर का रहने वाला है। रास्ते में पर्स कब गिर गया, इसका उन्हें पता ही नहीं चला। पुलिस ने पहचान सत्यापन के लिए मोबाइल फोन का पासवर्ड खुलवाया और पर्स में रखे सामान की जानकारी ली। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद पर्स और उसमें रखा सामान महिला को सुपुर्द कर दिया गया। पर्स मिलने के बाद महिला के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने ट्रैफिक पुलिस का आभार जताया।
जशपुर पुलिस ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कांसाबेल थाना क्षेत्र अंतर्गत चौकी दोकड़ा पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर एक संदिग्ध पिकअप वाहन को पकड़ा। वाहन की तलाशी लेने पर कच्चे आम की ट्रे के नीचे छिपाकर रखा गया 2 क्विंटल 7 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी तस्कर को गिरफ्तार करते हुए कुल 1 करोड़ 13 लाख 60 हजार 550 रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी पुलिस के अनुसार, 12 मई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की एक पिकअप वाहन (UP-70-RT-6633) में भारी मात्रा में गांजा तस्करी कर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर ग्राम देवरी के पास नाकाबंदी की गई। जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, चालक ने पुलिस को देखकर वाहन रोकने के बजाय तेजी से कांसाबेल की ओर भगा दिया। इसके बाद पुलिस ने ग्राम खुटेरा में दूसरी नाकाबंदी की, लेकिन आरोपी वहां से भी वाहन मोड़कर भाग निकला। पुलिस टीम ने लगातार पीछा किया और आखिरकार बगिया-दोकड़ा मुख्य मार्ग पर बहाल जोर के पास वाहन को घेरकर पकड़ लिया। आम की कैरेट के नीचे छिपा था गांजा वाहन की तलाशी लेने पर ट्रॉली में प्लास्टिक कैरेट में भरे कच्चे आम मिले। जब पुलिस ने आम हटवाए तो नीचे खाकी रंग की प्लास्टिक टेप से लिपटे गांजे के पैकेट बरामद हुए। पुलिस ने 23 प्लास्टिक कैरेट से कुल 207 पैकेट जब्त किए, जिनमें 207 किलो गांजा भरा हुआ था। आरोपी गांजे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। ओडिशा से अंबिकापुर, फिर यूपी भेजी जानी थी खेप गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रेमनाथ सिंह (36) निवासी ग्राम विमड़ा, थाना बगीचा, जिला जशपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांजा ओडिशा के सुंदरगढ़ क्षेत्र से लाया जा रहा था। उसने पुलिस को बताया कि खेप को अंबिकापुर पहुंचाना था, जहां से इसे उत्तर प्रदेश भेजने की तैयारी थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच में जुटी हुई है। करोड़ों की जब्ती, वाहन और मोबाइल भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 207 किलो गांजा, तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन, एक मोबाइल फोन और 550 रुपए नकद जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं पिकअप वाहन की कीमत करीब 10 लाख रुपए और मोबाइल फोन की कीमत लगभग 10 हजार रुपए बताई गई है। जनवरी से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जनवरी 2026 से अब तक 3 करोड़ 24 लाख 55 हजार 550 रुपए कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। इन मामलों में अब तक 744 किलो से अधिक गांजा, प्रतिबंधित कफ सिरप, ब्राउन शुगर और गांजा के पौधे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसएसपी बोले -सख्त कार्रवाई जारी रहेगी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर मोहम्मद इस्लाम निजी अस्पताल के लिए काम कर रहा था। जेएन मेडिकल कॉलेज की नर्सों की मिलीभगत से दो साल से यह खेल चल रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि मरीजों को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर मरीजों को निजी अस्पताल भेजता था। इसके लिए मेडिकल के बाहर खड़ी एंबुलेंस का सहारा लिया जाता था। अब पुलिस एंबुलेंस माफिया और मेडिकल कॉलेज में चल रहे फर्जीवाड़े के रैकेट की जांच में जुटी है। संभल के असमोली क्षेत्र का रहने वाला मोहम्मद इस्लाम गले में स्टेथोस्कोप लटकाकर और डॉक्टरों वाली स्क्रब ड्रेस पहनकर अस्पताल में घूमता था। इससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। वीआईपी ट्रीटमेंट के नाम पर लेता था रुपए पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था। वह मरीजों और उनके तीमारदारों को बीमारी की गंभीरता बताकर डरा देता था। वह मरीजों को झांसा देता था कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं कम हैं और यहां इलाज में बहुत वक्त लगेगा। वह एंबुलेंस के जरिए मरीजों को शहर के निजी अस्पतालों में शिफ्ट करवा देता था, जहां से उसे मोटा कमीशन मिलता था। मेडिकल कॉलेज के अंदर ही बेहतर और वीआईपी ट्रीटमेंट दिलाने के नाम पर वह लोगों से हजारों रुपए ऐंठता था। जूनियर डॉक्टरों के साथ करता था राउंड आरोपी सीनियर डॉक्टरों के राउंड के समय जूनियर डॉक्टरों की टोली में शामिल हो जाता था। वह डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली सलाह और दवाओं को नोट करता था ताकि मरीजों के सामने खुद को असली डॉक्टर साबित कर सके। उसके मोबाइल से कई डॉक्टरों, नर्सों और दवा विक्रेताओं के नंबर मिले हैं। डेढ़ महीने की रेकी के बाद चढ़ा हत्थे प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने बताया कि प्रॉक्टोरियल टीम को उसकी गतिविधि पर कुछ शक हुआ था। इसलिए टीम पिछले डेढ़ महीने से उस पर नजर रख रही थी। एक बार उसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह महिला डॉक्टरों के रेस्ट रूम में घुस गया था। मंगलवार सुबह 11 बजे उसे प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से दबोच लिया गया। आरोपी के पास से 3 सर्जिकल ब्लेड, स्टेथोस्कोप और डॉक्टरों की वर्दी, इन्वेस्टिगेशन फॉर्म, नई और इस्तेमाल की हुई सिरिंज, ब्लड और यूरिन सैंपल की वायल बरामद हुई हैं। पहले भी पकड़े हैं फर्जी डॉक्टर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और जालसाजी कर डॉक्टर बनने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन निजी अस्पतालों और एम्बुलेंस चालकों की तलाश कर रही है जो इस गिरोह का हिस्सा थे। जेएन मेडिकल कॉलेज में पहले भी 2017 में इसी तरह एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा जा चुका है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ज्यादातर रघुवीरपुरी के एसएन हॉस्पिटल में मरीजों को भेजता था। बैंक खातों से लेन–देने के प्रमाण मिले सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई है। मेडिकल कॉलेज पर खड़े होने वाले दलालों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। आरोपी के खाते में संदिग्ध लेन–देन भी मिला है। आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।
जींद जिले के जुलाना कस्बे में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों का धरना बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उन्होंने पुराने बस स्टैंड पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर उनकी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। सरकार पर अनदेखी करने का आरोप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी पिछले 17 दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। उनकी मांग है कि जब तक कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, तब तक उन्हें न्यूनतम 30 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाए। इसके अतिरिक्त, ठेका प्रथा को समाप्त करने और सरकार द्वारा पहले मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने की भी मांग की गई।
बूंदी के नैनवां शहर में दो प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे गए हैं। पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रमोद जैन ने नवल सागर और कनक सागर तालाबों पर वेस्टवियर (ओवरफ्लो चैनल) बनाने की मांग की है। वहीं, शहर कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हाईवे 148डी के सर्विस रोड की मरम्मत की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। प्रमोद जैन ने सिंचाई मंत्री और पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी को भेजे ज्ञापन में बताया कि तेज बारिश के दौरान दोनों तालाबों के ओवरफ्लो होने पर वेस्टवियर न होने के कारण शहर में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। तालाबों का पानी सड़कों पर आने से शहर के अंदरूनी और बाहरी हिस्से का संपर्क टूट जाता है, जिससे रास्ते बंद हो जाते हैं। इस वर्ष भी भारी बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गए थे, जिससे शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया और लोगों के खाने-पीने का सामान खराब हो गया था। जैन ने मांग की है कि दोनों तालाबों पर हाइड्रोलिक गेट के साथ पक्के नाले का निर्माण कराया जाए, ताकि आमजन को बाढ़ से राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने तालाबों की क्षतिग्रस्त पाल की बारिश से पहले मरम्मत कराने की भी मांग की है, जिससे लोगों को राहत मिल सके। दूसरी ओर नैनवां शहर कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में नेशनल हाईवे 148डी के सर्विस रोड की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने जजावर चौराहे से हाईवे तक और पीडब्ल्यूडी चौराहे से रजलावता तक सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि इन दोनों सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य करवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में नबील अंसारी, अमृतराज मीना, मोहम्मद सलीम, जावेद आलम, भूपेंद्र साहू, मनु गौतम और मुराद अली शामिल थे। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां
इंदौर के विजयनगर और लसूड़िया क्षेत्र के बीच स्थित पानी की टंकी पर मंगलवार रात जमकर हंगामा हो गया। आरोप है कि यहां अमित सोनी ने नगर निगम के वाल्वमैन के साथ मारपीट कर दी। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हालांकि मामले में अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। जानकारी के मुताबिक स्कीम नंबर-114 स्थित पानी की टंकी पर तैनात नगर निगम कर्मचारी अभिषेक के साथ मारपीट की घटना हुई। घटना के विरोध में बुधवार सुबह कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। इसका असर आसपास के इलाकों में जलापूर्ति पर भी पड़ा। स्कीम नंबर-54 की पानी की टंकी भी समय पर नहीं भर पाई, जिससे कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई प्रभावित रही। मामले की जानकारी नगर निगम अधिकारियों तक भी पहुंची, लेकिन पार्षद का नाम सामने आने के कारण किसी ने खुलकर कार्रवाई नहीं की। घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। निगम कर्मचारी पर आरोप इधर, पार्षद बालमुकुंद सोनी ने मीडिया से बातचीत में नगर निगम कर्मचारी अभिषेक पर शराब पीकर ड्यूटी करने और पानी चोरी करवाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। वहीं दूसरी ओर, स्कीम नंबर-114 का वाल्व समय पर नहीं खोले जाने के कारण इलाके की करीब तीन पानी की टंकियां बुधवार को खाली रह गईं। सुबह नगर निगम कर्मचारी मामले की शिकायत लेकर थाने भी पहुंचे थे, लेकिन निगम अधिकारियों से सहयोग नहीं मिलने के कारण वे बिना शिकायत दर्ज कराए वापस लौट आए।
हरदोई जिले के कछौना क्षेत्र में बुधवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से 14 वर्षीय छात्रा अंकिता मौर्य की मृत्यु हो गई। अंकिता अपनी चाची और चचेरी बहन के साथ गोबर के उपले उठाने गई थी, तभी अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। यह घटना आंट-सांट गांव में दोपहर करीब दो बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे अंकिता पर गिरी, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। उसके साथ मौजूद चाची और चचेरी बहन सुरक्षित बच गईं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में अंकिता को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका अंकिता मौर्य गांव के जूनियर स्कूल में कक्षा सात की छात्रा थी। वह अपने छह भाई-बहनों में पांचवें स्थान पर थी। इस घटना से परिवार में गहरा दुख है।
सतना में समाज सेवा और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े उत्तम बनर्जी के वयोवृद्ध पिता असीम बनर्जी का बुधवार को बांधवगढ़ स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर सतना मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। परिजनों के अनुसार, असीम बनर्जी ने जीवनकाल में ही मानव सेवा के उद्देश्य से देहदान का संकल्प लिया था। उनके इस निर्णय को समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे उनका पार्थिव शरीर बांधवगढ़ कॉलोनी स्थित निवास से सतना मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। मेडिकल कॉलेज में दोपहर 3 बजे उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र में शोक की लहर असीम बनर्जी के निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने इसे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। परिवार की ओर से सभी शुभचिंतकों से दिवंगत आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है। शोक संतप्त परिवार में उत्तम बनर्जी, सुभाष बनर्जी और विभाष बनर्जी शामिल हैं।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की जिला कमेटी हिसार द्वारा 15 मई को प्रस्तावित मनरेगा मजदूर हड़ताल की तैयारियां उकलाना क्षेत्र में तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में हिसार जिले के बिठमड़ा, प्रभूवाला, शंकरपुरा, कन्डूल, पाबड़ा और फरिदपुर गांवों में जनसभाओं का आयोजन कर मजदूरों को हड़ताल के लिए लामबंद किया गया। जनसभाओं को संबोधित करते हुए यूनियन के केंद्रीय नेता साहिल ने कहा कि मनरेगा एक्ट 2005 देश के मेहनतकश मजदूरों के लंबे संघर्षों का परिणाम था। यह कानून ग्रामीण मजदूरों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता रहा है, जिससे लाखों परिवारों को रोजगार और जीवनयापन का सहारा मिला। मनरेगा मजदूरों की शक्तियों को किया जा रहा कमजोर : साहिल उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून की मूल भावना को कमजोर करते हुए इसे विकसित भारत-गारंटी रोजगार आजीविका मिशन में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत फसल सीजन के दौरान दो महीने तक काम बंद रखने, मनरेगा के कार्यों में कटौती करने, मजदूरी बजट को केंद्र और राज्य के बीच बांटने तथा ग्राम सभाओं और मजदूरों की शक्तियों को कमजोर करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। हड़ताल को सफल बनाने का लिया संकल्प साहिल ने कहा कि ये नीतियां ग्रामीण गरीब और मजदूर वर्ग के हितों के खिलाफ हैं तथा बड़े पूंजीपतियों और सामंतवादी ताकतों को लाभ पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर संगठन इन बदलावों का पुरजोर विरोध करेंगे और मनरेगा एक्ट 2005 को पूर्व स्वरूप में बहाल करवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि, मनरेगा देश के मजदूरों के संघर्षों से बना था और मजदूर ही इसे बचाने का काम करेंगे। जनसभाओं में बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और 15 मई की हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।
बुरहानपुर में सराफा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर बुधवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक आयोजित की गई। कोतवाली थाना प्रभारी नीता देअरवाल ने सराफा एसोसिएशन और व्यापारियों के साथ चर्चा की। बैठक में शहर के प्रमुख सराफा व्यापारी और व्यापारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चोरी और ठगी की घटनाओं पर रोक लगाना तथा पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय मजबूत करना था। CCTV और अलार्म सिस्टम लगाने पर जोरबैठक में सभी सराफा दुकानों पर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाने और उन्हें नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए। व्यापारियों से दुकानों में इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगाने को भी कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना मिल सके। पुलिस ने व्यापारियों से संदिग्ध गतिविधियों और अपरिचित व्यक्तियों की जानकारी तत्काल साझा करने की अपील की। त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए पुलिस और व्यापारियों का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव भी दिया गया। कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की सलाहबैठक में दुकानों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और नए स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराने की सलाह दी गई। व्यापारियों को अधिक मात्रा में नकदी लेकर अकेले आवागमन नहीं करने और बैंक लेनदेन में सावधानी बरतने के प्रति जागरूक किया गया। दुकान बंद करते समय सुरक्षा उपायों का पालन करने और रात में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। व्यापारियों को नकली सोना गिरवी रखने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव संबंधी जानकारी भी दी गई। बाजार में बढ़ेगी पुलिस गश्तव्यापारी संघ ने सुझाव दिया कि यदि किसी अन्य जिले या राज्य की पुलिस कार्रवाई के लिए बुरहानपुर आती है, तो इसकी जानकारी व्यापारी संघ को भी दी जाए, ताकि आवश्यक सहयोग किया जा सके। पुलिस ने बाजार क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों, लावारिस वस्तुओं या संदिग्ध वाहनों की सूचना तत्काल डायल 112 या स्थानीय पुलिस को देने की अपील की। साथ ही बाजार क्षेत्र में समय-समय पर पैदल गश्त और रात्रि भ्रमण बढ़ाने का आश्वासन दिया। बैठक में सराफा संघ से सौरभ श्रॉफ, संतोष श्रॉफ, उपेन्द्र श्रॉफ, दिलीप श्रॉफ, आरसी बाफना, ऋषभ जैन समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
CBSE के12वीं के परीक्षा परिणामों में श्योपुर के केंद्रीय विद्यालय ने 100 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है। स्कूल के सभी 25 छात्र परीक्षा में सफल रहे। वहीं पीएम श्री जवाहर नवोदय स्कूल के 72 में से 71 छात्र पास हुए। अपूर्वा पाराशर ने 94.60 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर केंद्रीय विद्यालय की छात्रा अपूर्वा पाराशर 94.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की टॉपर बनीं। उन्होंने बायोलॉजी और हिंदी में 97-97 अंक हासिल किए हैं। अपूर्वा ने अपनी सफलता का श्रेय सेल्फ स्टडी और शिक्षकों को दिया है और वे भविष्य में NEET की तैयारी करना चाहती हैं। स्कूल में कनक चौरसिया 85.80 प्रतिशत के साथ दूसरे और कुलदीप गोयल 85 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जेएनवी में अनिकेश रावत ने हासिल किया प्रथम स्थान जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर के छात्र अनिकेश रावत ने 89.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में पहला स्थान पाया। अंकित मीणा और आस्था शर्मा ने 88.6 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि भोले आदिवासी 86 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। स्कूल प्रबंधन ने इस परिणाम को शिक्षकों के समर्पण और छात्रों की मेहनत का नतीजा बताया है। प्रमुख छात्रों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक किए प्राप्त केंद्रीय विद्यालय के अन्य सफल छात्रों में शिव प्रताप सिंह (84.80%), ईशिका गौतम (84.60%), खुशी चौहान (84.60%), पूनम मीणा (82%), रितिक शर्मा (82%) और वैष्णवी जाधव (82%) शामिल हैं। अंश शर्मा और हर्षित गर्ग ने भी 81.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गौरव बढ़ाया। परिणाम घोषित होने के बाद स्कूलों में मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में बुधवार दोपहर खेत की नरवाई में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती हुई वॉटर बॉक्स के पास स्थित बिजली ग्रिड तक पहुंच गई। आग बढ़ती देख मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल नगर परिषद खिलचीपुर की दमकल टीम को सूचना दी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने सबसे पहले वॉटर बॉक्स और बिजली ग्रिड के आसपास लगी आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान तेज हवा के कारण आग खेतों के रास्ते फैलती हुई पेट्रोल पंप के पीछे वाले हिस्से तक पहुंच गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखिए दो तस्वीरें… खेतों के रास्ते पहुंची दमकल, बड़ी घटना टली स्थिति गंभीर होते देख दमकल वाहन खेतों के रास्ते दूसरे हिस्से तक पहुंचा और लगातार पानी डालकर आग बुझाने में जुट गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बिजली ग्रिड और पेट्रोल पंप के पास बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर व्यापारी के बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया था। यह मामला 28 अप्रैल 2026 का है। मीनाक्षी चौक स्थित शान ऑप्टिकल्स से एक व्यापारी का मोबाइल फोन चोरी हुआ था। आरोपी ने चोरी किए गए फोन का पासवर्ड अनलॉक किया। फिर उसने मोबाइल में सेव आधार कार्ड और बैंक से जुड़े नंबर का उपयोग कर UPI PIN बदला और विभिन्न लेनदेन के माध्यम से खाते से लगभग 60 हजार रुपये निकाल लिए। घटना की शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है। वह मूल रूप से शाहपुर थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में लोनी, गाजियाबाद में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किया गया ONE PLUS NORD 3 मोबाइल फोन और 5,150 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
मुजफ्फरनगर के थाना छपार क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ्सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को फंसाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया गाजियाबाद निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवक के अनुसार, कुछ लोगों ने चैटिंग के जरिए उससे संपर्क किया। आरोपियों ने मोटरसाइकिल खरीदने का बहाना बनाकर उसे छपार क्षेत्र में बुलाया। वहां पहुंचने पर तमंचे के बल पर उसकी मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली गई। घटना का खुलासा करने के लिए थाना छपार प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मिली, जिसके बाद घेराबंदी की गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जुहैब, निवासी सफरपुर, थाना गंगनहर (रुड़की), गोली लगने से घायल हो गया। उसके दो साथी अहमद, निवासी रुड़की, और साईम, निवासी बागोवाली, नई मंडी, को तलाशी अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 400 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी और पीड़ित एक 'गे-ऐप' के माध्यम से जुड़े हुए थे। इसी ऐप पर हुई बातचीत के आधार पर युवक को योजनाबद्ध तरीके से बुलाया गया और फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
लखीमपुर खीरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय और प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र छाउछ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्थानों पर व्यवस्थाओं की गहन जांच की। एआरटीओ कार्यालय में जिलाधिकारी ने एक-एक काउंटर पर जाकर अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने आवेदनों और दस्तावेजों की जांच करते हुए कर्मचारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कार्यालय के तीनों तलों का निरीक्षण कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने एआरटीओ शांति भूषण पांडे से कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और आवेदकों से सीधे संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद, डीएम अंजनी कुमार सिंह प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र छाउछ पहुंचे। यहां उन्होंने सेंसर बेस्ड ट्रैक, सिम्युलेटर मशीनों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षक दीपक शुक्ला से केंद्र की कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने रंजीत कुमार के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट का भी अवलोकन किया। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को देखने के बाद प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निर्देश जारी किए।
देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के जंगल अराजी अमौनी गांव में कथित तौर पर बिना अनुमति मस्जिद निर्माण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए बुधवार को भी पुलिस बल तैनात रहा। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में स्थित एक प्राचीन शिवलिंग के बगल में गांव निवासी सहादत अली पुत्र छोटू की भूमि है। आरोप है कि इस भूमि पर पहले मकान निर्माण के नाम पर दीवारें खड़ी की गईं, लेकिन बाद में इसे मस्जिद का स्वरूप दिया जाने लगा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहा था, जिसकी जानकारी प्रशासन को नहीं थी। गांव निवासी रमाशंकर यादव ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद श्री दत्तात्रेय धाम बेलुआर घाट के संस्थापक स्वामी परमानंद गिरि ने भी इस मुद्दे को उठाया। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अवधेश कुमार निगम, नायब तहसीलदार अनिल तिवारी और प्रभारी निरीक्षक कल्याण सिंह सागर पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य बंद करा दिया। एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि किसी भी धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र अंतर्गत पचउथ गांव में बुधवार सुबह एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। नवविवाहिता मनीषा की शादी करीब दो महीने पहले पचउथ निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था मृतका मनीषा के मायके पक्ष द्वारा ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मनीषा को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई। मनीषा की मां ने न्याय की मांग करते हुए कहा, “हमारी बेटी को दहेज के लिए मार दिया गया है, हमें इंसाफ चाहिए।” शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शाहपुर पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर हत्या का। घटना के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजन द्वारा पुलिस से न्याय की मांग की जा रही है।
युवा कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:नीट धांधली के विरोध में झाबुआ में प्रदर्शन
नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से झाबुआ के आदिवासी अंचल के छात्र और अभिभावक परेशान हैं। इसी के विरोध में आज झाबुआ जिला युवक कांग्रेस ने राजगढ़ नाके पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नटवर डोडियार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी प्रताप पटेल ने इस चूक के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की गलती ने हजारों परिवारों के बच्चों के भविष्य के सपनों को प्रभावित किया है, जिन्होंने अपने बच्चों के लिए काफी त्याग किया था। झाबुआ जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले में यह केवल एक परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि उन छात्रों के सपनों का टूटना है जिन्होंने गरीबी से बाहर निकलने के लिए डॉक्टर बनने का मार्ग चुना था। जिले के कई किसान और मजदूर परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई और जमीनें गिरवी रखकर या कर्ज लेकर अपने बच्चों को बड़े शहरों में कोचिंग के लिए भेजा था। विशेष रूप से उन मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों में भारी निराशा है, जिन्हें सरकारी स्तर पर पीएम श्री गर्ल्स स्कूल में विशेष कोचिंग दी गई थी। विज्ञान विषय की शिक्षक श्रद्धा परसाई के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल तक चली इस कोचिंग में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से कई छात्र अपनी मेहनत के दम पर सफलता के करीब थे, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्कूल से मिली पठन सामग्री और शिक्षकों के सहयोग से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये गरीब बच्चे अब व्यवस्था की खामियों के कारण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सिरसा जिले के गांव जोगीवाला में आधा दर्जन गांवों के किसानों ने राजस्थान सीमा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील के गांव गांधी में स्थापित की जा रही टायर गलाने वाली फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस फैक्ट्री से क्षेत्र में प्रदूषण फैलने की आशंका है। गांव गांधी हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित है। किसानों का कहना है कि फैक्ट्री लगने से आसपास के गांवों की हवा, पानी और खेती बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते हरियाणा के जोगीवाला, चाहरवाला, रामपुरिया बगड़िया सहित कई गांवों के ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंचे और धरना शुरू किया। कई गांवों के लोग रहे मौजूद धरने में देश बंधु बैनीवाल, अनिल बैनीवाल (सरपंच प्रतिनिधि), कृष्ण जी (पूर्व सरपंच), महावीर भाकर, भूप सिंह बैनीवाल, हरबंस खेतलान, प्रवीण पोहड़, सुभाष जाखड़, रामूर्ति खेतलान, सतबीर साहू, राजेंद्र जाखड़, गिरधारी बैनीवाल, धेतरवाल, संदीप खेतलान, सुरेंद्र और साधुराम सहित कई गांवों के लोग मौजूद रहे। वहीं, गांधी गांव से किसान रामस्वरूप छिम्पा, रोहताश छिम्पा, सुभाष पुनिया, रणधीर छिम्पा, महावीर पुनिया, शंकरलाल पूनियां, प्रहलाद पूनियां, सुनील और भागीरथ सहित सैकड़ों ग्रामीण भी धरने में शामिल हुए। किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया बंद नहीं की जाती, तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा।
बदायूं में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 18 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निरस्त कर दिए गए। ये वे चालक थे जिनके खिलाफ 10 से अधिक चालान लंबित थे। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि यातायात पुलिस ने नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की है। ऐसे वाहन चालकों की पहचान की गई जिनके 10 या उससे अधिक चालान लंबित थे। जांच के बाद, लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले इन 18 चालकों के DL परिवहन विभाग द्वारा निलंबित कर दिए गए। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि आदतन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इसी क्रम में, 9 और 10 मई को जिलेभर में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य मॉडिफाइड साइलेंसर, हूटर, प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना था। अभियान के दौरान, तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे 66 वाहनों का चालान किया गया। अवैध रूप से हूटर का प्रयोग करने वाले दो वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई, जबकि प्रेशर हॉर्न लगाने वाले 533 वाहन चालकों के खिलाफ चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाते पाए गए 25 लोगों को भी पुलिस ने पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 35 वाहनों को सीज किया गया। दो दिनों में मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कुल 661 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि सभी वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और सड़क सुरक्षा के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
डीएम शैलेष कुमार ने भदोही में निर्माणाधीन 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में लापरवाही और धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने परियोजना प्रबंधक के स्थानांतरण और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संतोष कुमार चक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, सत्यापनकर्ता टीम तथा कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम सोनभद्र इकाई के परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता एवं कार्य की वास्तविक स्थिति का गहन परीक्षण किया। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि यह परियोजना एसआईटी से आच्छादित है और इसके लिए 770.99 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत संपूर्ण धनराशि कार्यदायी संस्था को प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लगभग 69 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और करीब 120 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। निरीक्षण के समय मौके पर केवल 32 श्रमिक कार्य करते पाए गए। अधिकारियों को कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई का अभाव था और भवन परिसर में निर्माण सामग्री अव्यवस्थित ढंग से बिखरी हुई थी। सीमित संख्या में श्रमिक केवल कुछ स्थानों पर प्लास्टर, टाइल एवं मरम्मत कार्य करते दिखाई दिए। मौके की स्थिति देखकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रगति को देखते हुए 30 जून 2026 तक कार्य पूर्ण होना संभव नहीं है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर फटकार लगाई और मैनपावर बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने जून 2026 तक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूरा करने की चेतावनी भी दी।
रीवा में भीषण गर्मी का कहर, पारा 41°C के पार:अगले तीन दिन और तपेगा मौसम ; दिन के साथ रातें भी गर्म
रीवा में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार जिले में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। बीते तीन दिनों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम के रुझानों के मुताबिक 10 मई को अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री, 11 मई को 39 से 40 डिग्री और 12 मई को 40 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है और उमस बनी हुई है। अगले तीन दिन और बढ़ सकती है गर्मीIMD के पूर्वानुमान के अनुसार 13 से 15 मई के बीच अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।मौसम विभाग का कहना है कि आसमान साफ रहने और बारिश की संभावना बेहद कम होने के कारण गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो सकता है। दोपहर में बाहर निकलना मुश्किलस्थानीय निवासी राजेश पटेल ने बताया कि दोपहर के समय हालात काफी मुश्किल हो जाते हैं। उन्होंने कहा, “धूप इतनी तेज रहती है कि 12 बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गर्म हवा चेहरे को झुलसा देती है।” वहीं ऑटो चालक सुरेश कोल का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी काम के दौरान होती है। उन्होंने बताया, “दिन में सड़कें तप जाती हैं। गाड़ी चलाते समय लगातार गर्म हवा के थपेड़े लगते रहते हैं, इसलिए बार-बार पानी पीना पड़ता है।” मौसम विभाग की सलाहमौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है, ताकि लू और गर्मी के असर से बचा जा सके।
मिर्जापुर में प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब धरातल पर दिखने लगा है। जिले के 12 विकासखंडों में संचालित 49 गोवंश आश्रय स्थलों में कुल 14,435 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना भी पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिसके तहत 1,645 गोवंश को संरक्षित किया जा चुका है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक 518 पशुपालकों को 1,645 गोवंश सुपुर्द कर उनका संरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इस योजना के तहत सरकार पशुपालकों को प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजती है। एक लाभार्थी अधिकतम चार गोवंश अपने पास रख सकता है। इस पहल से न केवल सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को आश्रय मिला है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। यह योजना छोटे पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है, जिससे वे गोवंश की बेहतर देखभाल कर पा रहे हैं। डॉ. पाठक ने यह भी बताया कि जिले में संचालित 49 गोवंश आश्रय स्थलों में 14,435 गोवंश के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। विभाग द्वारा इन आश्रय स्थलों में बीमार गोवंश को उचित चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। योजना के लाभार्थियों ने भी इसके सकारात्मक प्रभावों को साझा किया है। अटारी गांव के निवासी अजय कुमार ने बताया कि उन्हें इस योजना से बेसहारा गोवंश की सेवा करने का अवसर मिला है और समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से चारे-पानी की व्यवस्था आसान हो जाती है। वहीं, देवपुरा गांव की लाभार्थी उषा भारती का कहना है कि यह योजना छोटे पशुपालकों के लिए अत्यंत सहायक है, जिससे गोवंश का संरक्षण होने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहारा भी मिल रहा है।
बोकारो पुलिस और एसटीएफ पटना की संयुक्त कार्रवाई में बेरमो थाना क्षेत्र के सुभाषनगर में एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से चार अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य संचालक राजकुमार सिंह उर्फ बंटी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में देवघर और बिहार के मुंगेर जिले के हथियार बनाने वाले अपराधी शामिल हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेरमो बी.एन. सिंह ने बताया कि सुभाषनगर स्थित सीसीएल क्वार्टर में अवैध हथियार बनाने की गुप्त सूचना मिली थी। एसपी के निर्देश पर गठित छापेमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री का खुलासा किया। मौके से उसमान अंसारी उर्फ अरमान, मो. रिजवान, मो. इम्तियाज और संजय कुमार साव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण और तस्करी में शामिल हैं तथा कई राज्यों में जेल जा चुके हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 जिंदा गोली, 6 अर्धनिर्मित पिस्टल बॉडी, 20 अर्धनिर्मित बैरल, कई स्लाइडर और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए। इनमें लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, ड्रिल मशीन, मोटर ग्राइंडर भी शामिल हैं। मौके से छह हजार रुपए नगद भी जब्त किए गए हैं। बी.एन. सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों पर आर्म्स एक्ट, हत्या, लूट और अवैध हथियार निर्माण के कई मामले दर्ज हैं। विशेष रूप से मुंगेर के अपराधियों का अवैध हथियार कारोबार से पुराना संबंध रहा है। पुलिस फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
हरदोई में आंधी से दीवार गिरी, छात्रा की मौत:मलबे से निकालकर लोग ले गए अस्पताल, नहीं बच पाई जान
हरदोई जिले के बेहटागोकुल थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर तेज आंधी के दौरान एक हादसा हो गया। ग्राम पंचायत जशतपुर के रूपापुर गांव में घर के बाहर शौच के लिए गई 11 वर्षीय छात्रा देवकी की दीवार गिरने से मौत हो गई। रूपापुर निवासी नरेश पुत्र रमेश्वर की सबसे छोटी बेटी देवकी बुधवार दोपहर करीब एक बजे घर के बाहर गई थी। इसी दौरान तेज आंधी चलने लगी। एक पुरानी दीवार अचानक ढह गई और देवकी उसके मलबे में दब गई। देवकी की चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मलबा हटाकर बच्ची को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज हरदोई ले जाया गया। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन देवकी को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने भी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। देवकी रूपापुर प्राथमिक विद्यालय की छात्रा थी। उसने हाल ही में कक्षा पांच पास की थी और अब कक्षा छह में प्रवेश लिया था। परिवार में उसके बड़े भाई रामशंकर (30), वासुदेव (27), अरुण (26), छोटू (24), बहन जसोदा (25, निवासी हथौड़ा शाहजहांपुर), रतनू (23), रौनक (21) और कन्हैया (19) हैं। देवकी परिवार में सबसे छोटी थी।
अवैध स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त:भदोही में एआरटीओ ने मान्यता रद्द करने की संस्तुति की
डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर अवैध स्कूली वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) राम सिंह ने पं. राम आसरे पब्लिक स्कूल, दवनपुर जंगीगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में पांच वाहन संचालित पाए गए। निरीक्षण में पाया गया कि इनमें से दो वाहन (DL 1VC 0012 और UP63 AN 3747) निजी वाहन थे, जो स्कूल के नाम पर पंजीकृत नहीं थे, फिर भी स्कूल के लिए चलाए जा रहे थे। एक वाहन बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहा था। शेष दो वाहन (UP31 AT 2230 और UP 72 T 1350) बिना वैध कागजात के चल रहे थे। इससे पहले, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने 1 अप्रैल, 2026 को एसजी पब्लिक स्कूल, कंसापुर (यूडेसकोड 9710414306) के चार वाहनों (UP66 T 2915, UP66 T 3150, UP 66 T 3331 और UP66 T 5150) का चालान किया था। अधिकारी द्वारा कई बार इन वाहनों के कागजात पूरे करने के निर्देश दिए गए, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने अभी तक उनका पालन नहीं किया है। ऐसे वाहनों के संचालन से भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे जान-माल का खतरा हो सकता है। इन अनियमितताओं को देखते हुए, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने संबंधित विद्यालयों की मान्यता निलंबित या रद्द करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
786 नंबर के नोट के बदले 86 लाख का झांसा:उज्जैन में फेसबुक से नेपाली युवक को फंसाया, 3.5 लाख रुपए ठगे
उज्जैन की एक बड़ी होटल में काम करने वाले नेपाली युवक को फेसबुक पर दिखा एक विज्ञापन भारी पड़ गया। 786 नंबर वाले नोट बेचने के लालच में युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया। आरोपियों ने नोट खरीदने के नाम पर उससे करीब साढ़े तीन लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित मोहन श्रेष्ठा (44), पिता लील प्रसाद श्रेष्ठा, उज्जैन के एक फोर स्टार होटल में शेफ हैं। उन्होंने बताया कि वह फेसबुक चला रहे थे, तभी उन्हें एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें यूनिक नंबर और 786 नंबर वाले नोटों के बदले भारी रकम देने का दावा किया गया था। अलग-अलग चार्ज के नाम पर ठगे रुपए विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने उन्हें भरोसे में लिया और कहा कि तीन नोटों के बदले 86 लाख रुपए होम डिलीवरी के जरिए भेजे जाएंगे। इसके बाद डिलीवरी चार्ज, जीएसटी, रजिस्ट्रेशन और टीडीएस के नाम पर अलग-अलग किश्तों में उनसे 3 लाख 66 हजार 546 रुपए मोबाइल नंबर 8401046661 पर ट्रांसफर करा लिए गए। मोहन ने बताया कि जब उन्होंने यह बात अपने एक मित्र को बताई, तब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। यह ठगी 28 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच हुई थी। घटना के तुरंत बाद उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से मामले की जांच चल रही थी। अब राज्य साइबर सेल की ओर से जांच रिपोर्ट नानाखेड़ा थाने भेजी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि राज्य साइबर सेल से मिली ई-एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और 319(2) के तहत प्रकरण कायम कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े सेक्सटोर्शन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह का एक सदस्य फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ से प्रेरित होकर लड़की की आवाज निकालकर लोगों को जाल में फंसाता था। इंस्टाग्राम और टिंडर पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाते पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और टिंडर पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करते थे। शुरुआत में सामान्य बातचीत की जाती, फिर धीरे-धीरे अश्लील चैट के जरिए सामने वाले को फंसाया जाता था। इसके बाद वीडियो कॉल कर पहले से रिकॉर्डेड वीडियो दिखाकर पूरी बातचीत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी इसके बाद आरोपी पीड़ित को अश्लील वीडियो वायरल करने या पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर ब्लैकमेल करते और पैसे ऐंठते थे। गिरोह इस तरीके से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को निशाना बना चुका है, जिनमें अधिकतर दिल्ली-एनसीआर के निवासी हैं। राजस्थान से पांच गिरफ्तार पुलिस ने राजस्थान के करौली निवासी भगवान सिंह, देवा गुर्जर, बिजेंद्र, धीरज और मनीष को गिरफ्तार किया है। इनमें भगवान सिंह को गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, जो लड़की की आवाज निकालने में माहिर था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित जानबूझकर एक व्यक्ति से सीमित रकम ही मांगते थे, ताकि पीड़ित डर के कारण शिकायत दर्ज न कराए। गिरोह में शामिल मनीष बैंक खातों की व्यवस्था करता था, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही ओल्ड फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट का खुलासा किया। फिलहाल साइबर थाना पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और अन्य संभावित साथियों की जांच में जुटी हुई है।
भिवानी जिला में अपने-अपने ब्लॉक में मकानों की गणना का काम शुरू नहीं करने वाले 246 प्रगणक डीसी साहिल गुप्ता के रडार पर है। डीसी द्वारा जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ न केवल सख्त कार्रवाई लाने की चेतावनी दी जा चुकी है, बल्कि एक शिक्षक के खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज करवाया जा चुका है। इसके साथ-साथ अपने काम को निर्धारित समय से पहले ही संपन्न करने वाले 8 शिक्षकों को डीसी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर डीसी के मार्गदर्शन में जनगणना-2027 के तहत जिले में मकानों की गणना का 88.16 प्रतिशत तक पहुंच गया है। नगराधीश अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में गणना कार्य के लिए जिला में 2078 ब्लॉक बनाए गए हैं। एक ब्लॉक में 700 से 900 की जनसंख्या है, यानि करीब 150 से 200 मकान शामिल हैं। गणना कार्य के लिए जिला में करीब 2500 प्रगणक लगाए गए हैं। इसके अलावा 6 एलूमिनेटर पर एक सुपरवाइजर लगाया गया है। ऐसे में करीब 600 सुपरवाइजर हैं। 19 ब्लॉक में कार्य पूर्ण उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल 1813 ब्लॉक पर कार्य तेज गति से प्रगति पर है, जबकि 19 ब्लॉक में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। लोहारू एमसी में 96.55 प्रतिशत, लोहारू में 98.38 प्रतिशत, सिवानी एमसी व बवानीखेड़ा एमसी में 100 प्रतिशत कार्य प्रगति दर्ज की गई है। वहीं सिवानी क्षेत्र में 89.93 प्रतिशत, तोशाम में 83.80 प्रतिशत, भिवानी एमसी में 75.39 प्रतिशत, भिवानी में 93.82 प्रतिशत तथा बवानीखेड़ा में 87.90 प्रतिशत प्रगति दर्ज हुई है। 246 ब्लॉक में प्रगणकों ने कार्य शुरु नहीं किया उन्होंने बताया कि जिला में 246 ब्लॉक ऐसे हैं, जिनमें नियुक्त प्रगणकों द्वारा कार्य शुरु नहीं किया गया है, जो डीसी की रडार पर हैं। इन ब्लॉक में लोहारू एमसी में एक ब्लॉक, लोहारू में चार, सिवानी में 14, तोशाम में 52, भिवानी नगर पालिका में 110, भिवानी में 35 व बवानीखेड़ा में 30 प्रगणक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने ब्लॉक में मकानों की गणना कार्य शुरु नहीं किया है। जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई: डीसीभिवानी डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि जनगणना जैसे अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रगणकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तत्काल प्रभाव से अपना कार्य शुरु करें। यदि कोई प्रगणक अपने कार्य में लापरवाही बरतता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रतापगढ़ के लालगंज में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के भाई ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देखिए 2 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे नक्का मठहा निवासी प्रमोद यादव ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन पूनम यादव (30 वर्ष) की शादी करीब पांच साल पहले पूरे हरिकिशुन के संतोष यादव से हुई थी। शादी के बाद भी बोलेरो की मांग मृतक महिला का भाई प्रमोद यादव का आरोप है कि शादी के बाद से ही पूनम को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल पक्ष लगातार बोलेरो वाहन की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर पूनम के पति संतोष और उसकी मां मालती देवी द्वारा उसे अक्सर पीटा जाता और घर से निकाल दिया जाता था। आरोपियों ने की मारपीट, गंभीर घायल होली के दिन भी आरोपियों ने पूनम के साथ मारपीट की, उसके जेवर छीन लिए और उसे घर से निकाल दिया था। हालांकि, रिश्तेदारों के हस्तक्षेप के बाद उसे वापस ससुराल भेज दिया गया था। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे पूनम ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि उसके साथ फिर मारपीट की जा रही है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने किया मृत घोषित सूचना मिलने पर परिवार के लोग बुधवार करीब 12बजे मौके पर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि पति संतोष पूनम को कार से ट्रामा सेंटर ले गया है। जब पीड़ित परिवार अस्पताल पहुंचा, तो चिकित्सकों ने बताया कि पूनम की मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल बोले- तहरीर के अधार पर होगी कार्रवाई लालगंज कोतवाल आलोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और ट्रामा सेंटर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
भादरा क्षेत्र के मलसीसर गांव में नाबालिग छात्र से मारपीट के मामले में पुलिस ने रोडवेज बस कंडक्टर सहित 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह मामला 8 मई को सामने आया था, जब मलसीसर निवासी एक व्यक्ति ने भादरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उनका नाबालिग बेटा रोडवेज बस से गांव लौट रहा था। बस में टिकट को लेकर कंडक्टर हरपाल सिंह से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि टिकट मांगने पर कंडक्टर ने छात्र के साथ गाली-गलौज की। इसी दौरान बस में मौजूद भगवानाराम नामक व्यक्ति भी विवाद में शामिल हो गया और छात्र से मारपीट करने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक मलसीसर बस स्टैंड पर बस रुकवाकर कुछ लोगों ने छात्र को बस से नीचे उतार लिया। इसके बाद लोहे की रॉड और लात-घूंसों से उस पर हमला किया गया, जिससे छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया था। घटना के बाद एसपी नरेंद्र सिंह मीना के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने रोडवेज कंडक्टर हरपाल सिंह, रोहिताश कुमार उर्फ रोहताश और राकेश कुमार को गिरफ्तार किया। इससे पहले भगवानाराम, प्रदीप कुमार, मानसिंह और चुन्नीराम को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से छह आरोपियों को 15 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि रोडवेज कंडक्टर हरपाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं, मुख्य आरोपी भगवानाराम के खिलाफ भी संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की जांच अभी जारी है।
तेज हवाओं और बारिश से कई जगह पेड़ गिरे:प्रतापगढ़ में मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे का अलर्ट जारी किया
प्रतापगढ़ में बुधवार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। शाम करीब 4:30 बजे जिले के कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। इस मौसमी परिवर्तन से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं तेज हवाओं ने जनजीवन को भी प्रभावित किया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे सड़कों पर आवाजाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। गर्मी से परेशान लोगों ने इस बदलाव का स्वागत किया, लेकिन आंधी-तूफान के चलते लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते भी देखे गए। मौसम विभाग ने प्रतापगढ़ और आसपास के जिलों के लिए अगले तीन घंटे का अलर्ट जारी किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस अवधि में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। हवाओं की गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। उन्हें किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तेज बारिश के बाद तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
भदोही के औराई पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्जनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 22 किलोग्राम 494 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 लाख 34 हजार 900 रुपए बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पुरूषोत्तमपुर तिराहा से कोठरा ओवर ब्रिज वाली सड़क मार्ग पर घेराबंदी की। इस दौरान विकास उर्फ दीपक भारतीया (21), पुत्र रामचन्द्र भारतीया, निवासी गांधीनगर बजहा मिश्रान, थाना हंडिया, प्रयागराज को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से प्लास्टिक की बोरी में छिपाकर रखा गया अवैध गांजा, तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वे लोग सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर महंगे दामों पर बेचते थे, जिससे अच्छा खासा मुनाफा होता था। इस मुनाफे को सभी सदस्य बराबर बांटकर ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे। पुलिस ने बताया कि इस अवैध गांजा तस्करी गिरोह में कुछ अन्य आरोपी भी वांछित हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
झांसी में पेड़ पर लटका मिला युवक का शव:परिजन बोले- 3 दिन से डिप्रेशन में थे, खेत पर जाकर सुसाइड किया
झांसी में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। वह बिना बताए घर से बाइक लेकर निकला था। खेत पर जाकर बबूल के पेड़ पर फांसी लगा ली। आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो परिजनों को सूचना दी। परिजनों का कहना है कि युवक 3 दिन से डिप्रेशन में था। किसी से बात नहीं कर रहा था। डिप्रेशन के चलते उसने सुसाइड किया है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला समथर थाना क्षेत्र के करई गांव का है। मजदूरी करते थे कमलेश मृतक का नाम कमलेश अहिरवार (40) पुत्र श्यामकरण अहिरवार था। वह समथर के करई गांव के रहने वाले थे। मृतक के साले जगदेव का कहना है कि मेरा साला कमलेश खेती किसानी और मजदूरी करता था। उसके ऊपर काफी कर्ज हो गया था। 3 दिन से वह बहुत ज्यादा डिप्रेशन में था। किसी से बात नहीं कर रहा था। मंगलवार शाम को वह घर से बाइक लेकर निकला था। रात को खबर मिली कि कमलेश ने खेत पर जाकर बबूल के पेड़ पर फांसी लगा ली। तब हम लोग भी पहुंच गए। शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम आ गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घर में मातम छाया कमलेश की मौत के बाद घर में मातम छाया है। कमलेश की दो बेटी परी (8), जानू (6) और एक बेटा हंसराज (5) है। पति की मौत के बाद पत्नी पिंकी का रो रोकर बुरा हाल है।
सीतापुर के संदना थाना इलाके में सरायन नदी में नहाते समय डूबे युवक का शव करीब 24 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। मंगलवार दोपहर दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया युवक अचानक गहरे पानी में लापता हो गया था। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की लगातार तलाश के बाद बुधवार दोपहर करीब 4 बजे उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मनीष (19) पुत्र त्रिभुवन लाल उर्फ मिस्त्री निवासी शेरवानी नगर, भिटौली चौराहा, थाना मड़ियाव लखनऊ अपने दोस्तों जिबराइल, अमन और रियाज के साथ मंगलवार को सिधौली मंडी प्याज और लहसुन खरीदने आया था। खरीदारी के बाद चारों दोस्त थाना संदना क्षेत्र के शाहपुर गांव के पास कोनी घाट स्थित सरायन नदी में नहाने चले गए। बताया गया कि मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सभी युवक नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान नदी में उगी अत्यधिक जंगली घास और शैवाल के बीच मनीष गहरे पानी में फंस गया और देखते ही देखते डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह नदी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही संदना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया। थानाध्यक्ष मान सिंह पाल ने बताया कि मंगलवार देर रात तक युवक की तलाश जारी रही। बुधवार सुबह दोबारा सर्च अभियान चलाया गया, जिसके दौरान युवक का शव नदी से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की प्रदेश सचिव राजबाला ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी वर्षों से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी सेवाएं ईमानदारी से दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित अधिकार नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल की तर्ज पर दी जा रही शिक्षा राजबाला ने मांग की कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, इसलिए वर्करों को अध्यापक का दर्जा भी मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मठ स्टैंड के पास बुधवार को एक अनियंत्रित पिकअप बिजली के पोल से जा टकराई। हादसा इतना अचानक था कि आसपास के लोग सहम गए। गनीमत यह रही कि टक्कर के वक्त पोल के पास कोई पैदल यात्री मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। प जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक को गाड़ी चलाते समय अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप गाड़ी सामान्य गति से मठ स्टैंड की ओर आ रही थी। इसी दौरान एक होटल के सामने अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। पिकअप लहराते हुए सीधी सड़क किनारे लगे बिजली के पोल में जा घुसी। टक्कर की आवाज सुनकर पास के होटल और दुकानों में मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। मशक्कत के बाद निकाला बाहर हादसे के बाद जब लोग पिकअप के पास पहुंचे, तो देखा कि चालक बेसुध हालत में था और उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। स्थिति को देखते हुए लोगों ने तुरंत उसे वाहन से बाहर निकाला। हादसे में चालक को चोटें भी आई हैं। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत 108 एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। बीडीके अस्पताल में भर्ती सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल चालक को शहर के राजकीय भगवान दास खेतान (बीडीके) अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, चालक की स्थिति अब स्थिर है, लेकिन मिर्गी के दौरे के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।
झाबुआ जिले की मेघनगर तहसील में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे, चौखवाड़ा गांव के पास मंगलवार शाम को ढेर सारे जरूरी सरकारी कागज लावारिस हालत में पड़े मिले। सड़क किनारे एक खुला हुआ बोरा मिला, जिसमें से निकलकर लोगों के जरूरी कागजात चारों तरफ फैले हुए थे। इनमें लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बीमा के कागज और सबसे जरूरी—युवाओं की नौकरी के जॉइनिंग लेटर शामिल थे। डाक विभाग का काम इन कागजों को लोगों के घर तक सुरक्षित पहुंचाना था, लेकिन इन्हें इस तरह सड़क पर फेंक दिया गया। गांव वालों ने संभाली जिम्मेदारी सड़क पर कागज बिखरे देख गांव के लोग मदद के लिए आगे आए। उन्होंने उन कागजों को इकट्ठा किया और उन पर लिखे पतों और फोन नंबरों के जरिए लोगों को खबर दी। गांव वालों ने इंसानियत दिखाते हुए उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जिनके जरूरी दस्तावेज वहां पड़े मिले थे। एसडीएम बोलीं- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई मंगलवार शाम की इस घटना के बाद आज बुधवार को प्रशासन हरकत में आया। मेघनगर की एसडीएम अवंधति प्रधान ने बताया कि अधिकारियों की एक टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में जिस भी कर्मचारी या अधिकारी की गलती पाई जाएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा और सख्त सजा दी जाएगी। लोगों की निजी जानकारी को इस तरह सड़क पर छोड़ने से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षक के साथ साइबर धोखाधड़ी हो गई। बदमाशों ने शिक्षक ईश्वर सिंह मालवीय का मोबाइल हैक कर उनके व्हाट्सएप के जरिए रिश्तेदारों और परिचितों से करीब 15 हजार रुपए ऐंठ लिए। पीड़ित ने बुधवार को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। व्हाट्सएप पर अलग-अलग बहाने बनाकर मांगे पैसे बकानी में पदस्थ शिक्षक ईश्वर सिंह मालवीय ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे उनका मोबाइल अचानक हैक हो गया। इसके बाद उनके नंबर से परिचितों को मैसेज भेजे गए, जिसमें प्रधानमंत्री योजना की किस्त डालने और एक्सीडेंट का बहाना बनाकर पैसे मांगे गए। संदेशों के साथ क्यूआर कोड भी भेजा गया था ताकि लोग तुरंत भुगतान कर सकें। परिचितों ने ट्रांसफर किए 15 हजार रुपए धोखाधड़ी के इन संदेशों को सच मानकर शिक्षक के कुछ रिश्तेदारों ने 2 हजार, 4 हजार और 5 हजार रुपए सहित कुल 15 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। परिचितों के फोन आने पर शिक्षकों को घटना की जानकारी लगी। पीड़ित ने बताया कि मोबाइल हैक होने के बाद फोन बंद भी नहीं हुआ। साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत शिक्षक ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि विभागीय कार्यों के लिए वे वॉट्सऐप का अधिक उपयोग करते थे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने यह किया। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
कासगंज जनपद के थाना सिकन्दरपुर वैश्य क्षेत्र में स्थित जधई गांव के पास बुधवार को एक तेज रफ्तार ईको कार ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे इस सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा। उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक युवक की पहचान थाना सिढ़पुरा के लखनपुर निवासी 26 वर्षीय देवेंद्र पुत्र रामनिवास के रूप में हुई है। घायल युवक 24 वर्षीय विमल पुत्र महेश है, जोकि बदायूं जनपद के थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव जोरी नगला का निवासी है। दोनों युवक बाइक से देवेंद्र की ससुराल जोरी नगला जा रहे थे। बताया गया है कि देवेंद्र अपनी बड़ी बेटी तान्या के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ससुराल जा रहा था। जधई गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार ईको कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद डायल-112 पुलिस और 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को गंजडुंडवारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां चिकित्सकों ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। विमल की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्रीय विधायक नादिरा सुल्तान ने भी मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। देवेंद्र की आठ साल पहले लक्ष्मी से शादी हुई थी और उसकी दो बेटियां, तान्या (6) वर्ष और प्रज्ञा (4) वर्ष हैं। कादरगंज चौकी प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि ईको कार चालक मौके से कार छोड़कर फरार हो गया। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। और पुलिस हादसे की जांच कर रही है। वहीं मृतक युवक के परिजनों में कोहराम मच गया है। जिनका रो रोकर बुरा हाल है।
मुज़फ्फरनगर में एक महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का रुख किया। महिला का आरोप है कि लगातार शिकायतें करने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी, जिसके बाद उसे बुधवार को SSP कार्यालय आना पड़ा। शहर कोतवाली क्षेत्र की निवासी आशना बुधवार को बुर्का पहनकर SSP कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को एक शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। आशना ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसके साथ ज्यादती करते हैं, और स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हुई। ससुराल वालों और देवर पर झूठी शिकायतें दर्ज कराने का आरोप पीड़िता ने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसके देवर को जेल भेजा था। हालांकि, जेल से छूटने के बाद अब वह उसे फिर से परेशान कर रहा है और लगातार धमकियां दे रहा है। आशना ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले और देवर आए दिन उसके मायके वालों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराते हैं। हाल ही में, आरोपियों ने सिविल लाइन थाने में उसके मायके वालों के खिलाफ झूठी तहरीर दी, जिसमें पैसे लेने का आरोप लगाया गया। पीड़िता के अनुसार, जिस दिन का घटनाक्रम आरोपी बता रहे हैं, उस दिन उसके परिवार वाले दिल्ली में एक शादी में शामिल होने गए थे। उनके पास इसके वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सहित कई साक्ष्य मौजूद हैं। पीड़िता अपने साथ मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी लेकर SSP कार्यालय पहुंची थी, जिन्हें उसने अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। महिला ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे मजबूरन बड़े स्तर पर न्याय की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने और जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) के दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल को पकड़ा गया है। पुलिस ने उनके घर में रेड भी डाली थी। सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों ने 26-27 अप्रैल को गुरुग्राम के एक डॉक्टर से कथित रूप से 30 लाख रुपए में पेपर खरीदा था। हालांकि डील 45 लाख में हुई थी। वहीं परिवार का कहना है कि दोनों को साजिश के तहत फंसाया गया है। बताया जा रहा है कि इस साल दिनेश के बेटे ऋषि ने नीट परीक्षा दी है। बताया जा रहा है कि वह भी सीकर में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस कार्रवाई के बाद से परीक्षा देने वाले परिवार के कई छात्र घर से फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों के घर में केवल महिलाएं NEET पेपर लीक की बात सामने आने के बाद राजस्थान समेत कई राज्यों में धरपकड़ की गई। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं कई फरार है, जिनकी तलाश जारी है। इसमें दोनों भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल भी हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने पेपर अपने उस बेटे को उपलब्ध कराया, जो सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। इसके बाद 29 अप्रैल को पेपर कई अन्य लोगों को भी बेचे जाने की बात सामने आई है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन पहले पुलिस ने इनके जमवारामगढ़ स्थित घर में रेड डाली थी लेकिन दोनों नहीं मिले थे। फिलहाल इनके घर में केवल महिलाएं हैं। पत्नी बोली-पति और देवर को फंसाया गया मांगीलाल बिवाल की पत्नी सोनू ने कहा कि उनके पति और देवर को साजिश के तहत फंसाया गया है। पिछले साल परिवार के चार बच्चों ने नीट परीक्षा पास की थी। इस सवाल पर महिला ने कहा कि परीक्षा में सिलेक्शन हुआ था। इसका पेपर लीक से क्या लेना-देना है। पेपर लीक से ही परीक्षा पास की होती तो अच्छे कॉलेज मिलते। मांगीलाल की पत्नी ने बताया कि घर में 10 लोग आए थे। वे ऊपर जाने लगे तो हमने कहा कि वो खुद नीचे आ जाएंगे। इसके बाद भी वो सभी ऊपर गए और पति को पकड़कर ले गए। दिनेश बिवाल की पत्नी रजनी ने कहा कि मुझे मेरे पति पर भरोसा है। पिछली बार भी मेहनत के कारण ही बच्चों का सिलेक्शन हुआ था। मां बोली-मेरे बेटे निर्दोष है दोनों की मां प्रभु देवी ने कहा कि उनके बेटे निर्दोष हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल परिवार के चार बच्चों ने नीट परीक्षा पास की थी। इनमें सबसे बड़े बेटे घनश्याम की तीन बेटियां और मांगीलाल का बेटा विकास शामिल हैं। --- ये खबर भी पढ़िए- नीट पेपरलीक का आरोपी पूर्व बीजेपी पदाधिकारी निकला:कांग्रेस नेता बोले- भाजपा और पेपरलीक माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? क्या इसीलिए पेपरलीक को छिपाया
शिवपुरी जिले के पोहरी विकासखंड के ग्राम खेरपुरा में शासकीय खेल मैदान और शमशान भूमि पर कथित अवैध मुरम उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि गांव की सरकारी जमीन से दिन-रात मशीनों के जरिए मुरम निकाली जा रही है। इससे खेल मैदान गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया है और शमशान भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर उत्खनन तत्काल बंद कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बच्चों के खेल मैदान में बने बड़े गड्ढेग्रामीणों के मुताबिक, खेरपुरा ग्राम पंचायत में सर्वे नंबर 472, 473, 474 और 475 की शासकीय भूमि पर लगातार खुदाई की जा रही है। गांव के बच्चों के लिए यही एकमात्र खेल मैदान था, लेकिन अब वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सरपंच पुत्र अमर सिंह ने बताया कि लगातार हो रहे उत्खनन से बारिश के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि गड्ढों में पानी भरने से बच्चों के डूबने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। शमशान भूमि प्रभावित होने का भी आरोपग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस जगह से मुरम निकाली जा रही है, वह गांव की शमशान भूमि भी है, जहां अंतिम संस्कार किए जाते हैं। यदि इसी तरह अवैध उत्खनन चलता रहा तो भविष्य में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम भेजकर सीमांकन कराने, अवैध उत्खनन रुकवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
भाजपा का जन आक्रोश कार्यक्रम शोक सभा में बदला:मऊ में अर्पणा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर फैसला
मऊ जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का महिला जन आक्रोश कार्यक्रम शोक सभा में बदल गया। यह परिवर्तन भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव के पति प्रतीक यादव के असामयिक निधन की सूचना मिलने के बाद हुआ। प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही, भाजपा के मऊ जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य के नेतृत्व में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को तत्काल रद्द कर दिया गया। इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति हेतु शोक संवेदनाएं व्यक्त की गईं। उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर भाजपा नेता एवं सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अशोक सिंह, जिला महामंत्री राघवेंद्र राव शर्मा, सचिंद्र सिंह, इंद्रदेव राम भारती, जिला उपाध्यक्ष प्रतीक जायसवाल, जिला मंत्री कृष्णकांत राय, संजय मौर्य, राकेश तिवारी, सभासद आकाश मल, कार्यालय मंत्री राजीव सैनी, सुनील दुबे, नीतिश गोङ, भाजपा नेत्री प्रीतूलता पांडेय, नीलम सर्राफ, नेहा कपूर, आरती गुप्ता, सन्नो गुप्ता, बदामी देवी और अन्जू भारती सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। अजमेर रीजन का कुल परिणाम 86.78 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 90.40 प्रतिशत के मुकाबले कम दर्ज किया गया है। डीडवाना जिले में कोमल कुरी ने कॉमर्स में 97.20% अंक अर्जित किए। सीबीएसई के अनुसार, इस वर्ष राजस्थान में 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 88,118 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें 50,354 छात्र और 37,564 छात्राएं शामिल थीं। परीक्षा परिणाम में 42,427 छात्र और 34,042 छात्राएं सफल हुई हैं। छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ दिया। छात्राओं का पास प्रतिशत 90.14 प्रतिशत रहा, जबकि छात्रों का परिणाम 84.26 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, अजमेर रीजन से अलग हुआ गुजरात इस बार सातवें स्थान पर रहा। इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में भी राजस्थान, गुजरात से पीछे रहा था। इस वर्ष पहली बार ऐसा हुआ है जब सीबीएसई ने 12वीं का परिणाम 10वीं के परिणाम के बाद जारी किया। सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड का रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी किया था। बोर्ड की ओर से इस बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली अपनाई गई और परीक्षा परिणाम 52 दिनों में जारी कर दिया गया। पिछले वर्ष बोर्ड ने 49 दिनों में रिजल्ट जारी किया था।
हरदोई नगर पालिका का 2026-27 बजट पारित:2.07 करोड़ रुपये के लाभ का अनुमान, विकास कार्यों पर जोर
हरदोई नगर पालिका परिषद की विशेष बोर्ड बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2.07 करोड़ रुपये के लाभ का बजट पारित किया गया। यह बैठक 13 मई 2026 को नगर पालिका कार्यालय में अध्यक्ष सुख सागर मिश्र 'मधुर' की अध्यक्षता में संपन्न हुई। अधिशासी अधिकारी रामेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत बजट में वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय 62 करोड़ 51 लाख 55 हजार रुपये दर्शाई गई। 31 मार्च 2026 तक का शेष 4 करोड़ 75 लाख 35 हजार 500 रुपये मिलाकर कुल आय 67 करोड़ 26 लाख 90 हजार 500 रुपये रही। कुल व्यय 65 करोड़ 19 लाख 35 हजार 500 रुपये अनुमानित है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष के अंत में 2 करोड़ 07 लाख 55 हजार रुपये का अधिशेष रहेगा। इस बजट में प्रत्येक वार्ड में सड़कों का निर्माण, चौराहों और पार्कों का विकास कार्य शामिल है। नगर पालिका की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आय के नए स्रोतों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मार्ग प्रकाश व्यवस्था के तहत एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी और नालों का निर्माण कराया जाएगा। बैठक में शहफीज अहमद मुन्ना नेता, जमील अहमद, राजकुमार गुप्ता सहित कई सदस्यगण और नामित सदस्य श्री संतोष कुमार पटेल, विनोद कुमार, अनूप सिंह, श्रीमती रीना गुप्ता उपस्थित रहे। विस्तृत चर्चा के बाद बजट को स्वीकृति प्रदान की गई और अधिशासी अधिकारी व अध्यक्ष को इसे लागू करने के लिए अधिकृत किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष सुख सागर मिश्र 'मधुर' ने उपस्थित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया और नगर के विकास में उनके सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने नगर के सहयोग और विकास कार्यों के लिए आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल का भी आभार व्यक्त किया। अधिशासी अधिकारी रामेन्द्र सिंह ने भी बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पालिका के अवर अभियंता अमित गुप्ता, राजस्व निरीक्षक राजीव कुमार शुक्ला, लेखालिपिक विद्याभूषण सिंह के साथ कमल किशोर मिश्रा, अशलेखा श्रीवास्तव, मोहित सिंह, संतोष यादव और विमलेश यादव भी उपस्थित रहे।
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के आमली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर बुधवार दोपहर खूनी संघर्ष हो गया। करीब 30 से 40 हथियारबंद लोगों ने दुकान पर बैठे पिता-पुत्र पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावर कुल्हाड़ी, बंदूक, धारिया, तलवार, लाठी-डंडे और पत्थरों से लैस थे। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें पिता कसना राम की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। दुकान पर बैठे थे पिता-पुत्र, तभी पहुंची हथियारबंद भीड़ जानकारी के अनुसार, आमली गांव निवासी कसना राम पुत्र हरा जी अपने बेटे चेनाराम के साथ दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक 30 से 40 लोग हथियारों के साथ वहां पहुंच गए। आरोप है कि आते ही उन्होंने दोनों पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने तलवार, बंदूक, धारिया, लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। इस दौरान कसना राम के सिर पर गंभीर चोट लगी और वे खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर पड़े। हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बीच-बचाव कर अस्पताल पहुंचाया, सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर पिता-पुत्र को हमलावरों से बचाया और तुरंत पिंडवाड़ा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। सिरोही ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम दोनों घायलों का इलाज कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार कसना राम की हालत गंभीर बनी हुई है। “001 गैंग ने किया हमला”, पीड़ित का आरोप घायल कसना राम ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले लोग “001 गैंग” के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि गैंग के लोगों ने न सिर्फ दुकान में घुसकर हमला किया, बल्कि जमकर तोड़फोड़ भी की। इसके अलावा मकान में भी उत्पात मचाया गया। कसना राम के अनुसार, होली के समय भी इन लोगों ने इलाके में उत्पात मचाया था। उन्होंने कहा कि यह तीसरी बार है जब इसी गैंग ने उनके परिवार को निशाना बनाया है। पहले भी दी थी रिपोर्ट, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई कसना राम ने बताया कि हमलावर मालप और जेमा फली क्षेत्र से जुड़े गैंग के लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर पहले भी कई बार पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी वारदात नहीं होती। अब 007 के बाद सामने आया 001 गैंग का नाम गौरतलब है कि आबू रोड और पालनपुर गुजरात बॉर्डर क्षेत्र में पहले से 007 गैंग सक्रिय होने की चर्चाएं रही हैं। वहीं अब पिंडवाड़ा के आमली-मालप इलाके में “001 गैंग” का नाम सामने आने से लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सिर्फ 38 साल के भाई प्रतीक का बुधवार सुबह निधन हो गया। उनकी अचानक हुई मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर उनकी तबीयत कब बिगड़ी? आखिरी रात ऐसा क्या हुआ? उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था? पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पत्नी अपर्णा यादव असम में थीं, लेकिन वह रातभर घरवालों के टच में रहीं। उन्होंने किसी ज्योतिषी से भी फोन पर बात की थी। यह भी बताया जा रहा है कि प्रतीक ने मंगलवार शाम को ड्रिंक किया था। प्रतीक यादव की आखिरी रात की कहानी पर पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… अपर्णा के कहने पर ज्योतिषी लेते रहे हालचाल सूत्रों से पता चला है कि अपर्णा यादव पति प्रतीक के स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान थीं। वह असम में थीं, लेकिन समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के बारे में इनपुट ले रही थीं। मंगलवार शाम करीब 5 बजे अपर्णा ने परिवार के एक करीबी एस्ट्रोलॉजर जोशी को फोन किया था। उनसे कहा था कि एक बार घर जाकर प्रतीक की स्थिति देख लें। एस्ट्रोलॉजर खुद नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने घर पर मौजूद एक स्टाफ (राकेश) से फोन पर संपर्क किया था। जवाब मिला था कि प्रतीक अपने कमरे में आराम कर रहे हैं। प्रतीक ने मंगलवार शाम ड्रिंक किया था परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक, पिछले 3-4 दिन से प्रतीक यादव घर पर ही थे। 30 अप्रैल को बाएं पैर की सर्जरी की वजह से उनका बाहर आना-जाना बंद था। पैर में काफी स्वैलिंग (सूजन) थी। मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की डॉक्टर रचिता शर्मा की निगरानी में प्रतीक का इलाज चल रहा था। यह भी सामने आया है कि ऑपरेशन के बाद से उनका रूटीन काफी बदला हुआ था। वह बाहरी लोगों से बिल्कुल नहीं मिलते थे, अपने कमरे में ही रहते थे। इस दौरान प्रतीक कई बार 24-24 घंटे के लिए मेदांता में एडमिट हुए थे। डॉ. रचिता और ICU की टीम उनका इलाज कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम प्रतीक के ड्रिंक लेने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कुछ भी खाया नहीं था। रात 11:30 बजे तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल ले जाया गया प्रतीक के जिम से जुड़े उनके साथी सर्वेश पांडेय बताते हैं कि मंगलवार रात करीब 11:30 बजे अचानक प्रतीक की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद ड्राइवर और स्टाफ की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। सूत्र बताते हैं कि वहां करीब एक घंटे इलाज चला, फिर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्हें अस्पताल लाया गया था। प्रतीक हॉस्पिटल गए थे या नहीं? यही सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। जब उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी, तो डिस्चार्ज क्यों किया गया? क्या उस समय उनकी हालत को डॉक्टरों ने सही तरीके से नहीं आंका? घर में सिर्फ नौकर और दोनों बेटियां थीं सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात घर के अंदर सिर्फ प्रतीक, उनकी दोनों बेटियां प्रथमा-प्रतीक्षा और नौकर ही थे। बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। अपर्णा यादव असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में गई थीं। इसके चलते उनके परिवार का कोई सदस्य घर पर नहीं था। ड्राइवर-गार्ड और स्टाफ से पूछताछ हुई लखनऊ पुलिस ने प्रतीक के ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड और घरेलू नौकर से घटना के बारे में पूछताछ की। किस समय किसने क्या देखा? किसने अस्पताल ले जाने का फैसला लिया? रास्ते में क्या हुआ? इन सभी बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, घर से कुछ दवाएं, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सामान भी मिले हैं। घर के किचन में प्रतीक बेहोशी की हालत में मिले थे यह भी बताया जा रहा है कि प्रतीक अपने घर के किचन में बेहोशी की हालत में मिले थे। इसके बाद घरवालों और स्टाफ की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच के लिए लखनऊ पुलिस अब उनके घर जाकर पूरे घटना की पड़ताल करेगी। यह जानने की कोशिश करेगी कि उस समय घर के अंदर क्या परिस्थितियां थीं? प्रतीक किन हालात में थे? अब जानिए डॉक्टर ने क्या कहा? मृत अवस्था में लाए गए थे अस्पताल लखनऊ के सिविल अस्पताल के CMS डॉ. डीसी पांडेय के मुताबिक, प्रतीक यादव को सुबह 6:55 बजे अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रतीक के साथ उनके रिश्तेदार भी मौजूद थे। डॉक्टरों ने देखा, तो उनके शरीर मे कोई हरकत नहीं हो रही थी। हार्ट और विसरा सुरक्षित रखा गया प्रतीक के पोस्टमॉर्टम के दौरान हार्ट और विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा सुरक्षित रखने का उद्देश्य यह है कि जांच में यह साफ किया जा सके कि कहीं किसी प्रकार का जहर तो नहीं दिया गया था। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर के निचले हिस्से से ऊपरी हिस्से की ओर खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) पहुंच गया था। इससे धमनियों (आर्टरी) और फेफड़ों (लंग्स) पर असर पड़ा, जिससे इंफेक्शन (संक्रमण) की स्थिति बनी और कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हो गई। शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। नाखून और शरीर के कुछ हिस्सों का नीला पड़ना हाल ही में हुई सर्जरी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, करीब 2 हफ्ते पहले प्रतीक ने लेफ्ट पैर की सर्जरी कराई थी। प्रतीक 30 अप्रैल को मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे 30 अप्रैल को प्रतीक यादव को गंभीर हालत में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 3 दिन बाद उनकी हालत में सुधार हो गया। इसके बाद वह अस्पताल से बिना छुट्टी लिए घर चले गए थे। मेदांता अस्पताल में जब अखिलेश यादव भाजपा नेता अनुपमा जायसवाल को देखने गए थे, तो वहां प्रतीक से भी मिले थे, जहां उनका इलाज चल रहा था। लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़े की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। वह लंबे समय से इस बीमारी से जूझ रहे थे। उनके फेफड़ों में खून का थक्का (क्लॉट) था। इसके अलावा वे डिप्रेशन की समस्या से भी पीड़ित थे। क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म, जिससे प्रतीक की मौत हुई? डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म (PE) जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। पल्मोनरी एम्बोलिज्म, एक जानलेवा स्थिति होती है, जिसमें फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का जम जाता है। यह थक्का अक्सर पैरों की नसों में बनने वाले डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) से फेफड़ों तक पहुंचता है। इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, बेचैनी और खांसी के साथ खून आना शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो जाती है। जानिए कौन थे प्रतीक यादव? प्रतीक यादव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। प्रतीक का जन्म 7 जुलाई, 1987 को लखनऊ में हुआ था। मुलायम सिंह के बेटे होने की वजह से प्रतीक की राजनीति में एंट्री बहुत आसान थी, लेकिन उन्होंने शुरू से ही दूसरी राह चुनी। प्रतीक सफल बिजनेसमैन, फिटनेस फ्रीक बने और राजनीति से बराबर दूरी बनाए रखी। 2011 में प्रतीक और अपर्णा ने लव मैरिज की थी। ………….. ये खबर भी पढ़ें… लग्जरी कारें, बॉडी बिल्डिंग और तन्हाई, ऐसे थे प्रतीक यादव:राजनीति से दूरी, अपर्णा से लव मैरिज, फिर विवाद; मौत की वजह भी रहस्य सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। वह कभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आते थे। न ही मीडिया में कभी कोई बयान देते थे। वह अपनी कहानी सिर्फ सोशल मीडिया से बयां करते थे। पढ़िए पूरी खबर…
सरकार क्या चाहती है… हम सब एक साथ मर जाएं? अगर सम्मानजनक पदों के साथ दूसरी काउंसलिंग नहीं हुई तो हम इच्छामृत्यु के लिए कोर्ट जाएंगे…” भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान हरी सिंह के ये शब्द उस पीड़ा को बयां करते हैं। जो पिछले तीन साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है। पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग को लेकर अभ्यर्थियों बुधवार को डीपीआई कार्यालय के सामने धरना किया और मांगे पूरी न होने पर 16 मई को विशाल आंदोलन की चेतावनी भी दी। शिक्षा का अधिकार के खिलाफ जा रही है आंदोलन के दौरान अभ्यर्थी हरी सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून कहता है कि प्राथमिक स्तर तक बच्चों को एक किलोमीटर के भीतर स्कूल मिलना चाहिए, उच्च प्राथमिक स्तर तक तीन किलोमीटर और आगे निर्धारित दूरी के भीतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध होना जरूरी है। इसके बावजूद प्रदेश में स्कूलों के विलय और बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, “शिक्षा समाज की सबसे बड़ी जरूरत है। बिना शिक्षा देश आगे नहीं बढ़ सकता, लेकिन सरकार स्कूल मर्ज कर रही है और भर्ती नहीं कर रही। हम 15-20 नहीं, 40 से ज्यादा आंदोलन कर चुके हैं। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो इच्छामृत्यु की मांग करेंगे।” 1.48 लाख पद खाली, फिर भी वेटिंग लिस्ट नहीं छतरपुर से आई अभ्यर्थी भारती त्रिवेदी ने कहा कि वर्ष 2022 में भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ, परीक्षा हुई, परिणाम आया, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को वेटिंग में डाल दिया गया। भारती ने कहा, “प्रदेश में करीब 1 लाख 48 हजार पद खाली हैं, फिर भी पदवृद्धि के साथ दूसरी काउंसलिंग नहीं हो रही। दो-दो परीक्षाएं हो चुकी हैं, लेकिन आज भी हम इंतजार कर रहे हैं।” मुंडन कर प्रदर्शन किया मुंडन के कर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी मनोज पटेल ने कहा कि हजारों युवा तीन साल पहले परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन आज भी नियुक्ति नहीं मिली। उनका कहना है कि सरकार जितने पद खाली हैं, उन्हें भरकर युवाओं को रोजगार दे। एक शिक्षक अपने बेटे के इलाज के लिए मदद मांगने को मजबूर इंदौर से आए अभ्यर्थी लोकेश श्रीवास्तव ने आंदोलन के दौरान एक भावुक मामला सामने रखा। उन्होंने बताया कि भोले शंकर सेन और उनकी पत्नी दोनों वेटिंग शिक्षक हैं। उनके बेटे को ब्लड कैंसर है और भोपाल में इलाज चल रहा है, जिसके बाद आगे इलाज के लिए दिल्ली ले जाना पड़ा। लोकेश ने कहा, “आज हालत यह है कि एक शिक्षक को अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए आर्थिक मदद मांगनी पड़ रही है। इससे ज्यादा दुखद क्या हो सकता है।” मुंडन कराया, खून से पत्र लिखा, महिलाओं ने बाल तक काटे अभ्यर्थियों ने बताया कि अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए वे हर तरह का लोकतांत्रिक विरोध कर चुके हैं। मुंडन कराया, खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा, भूख हड़ताल की और महिला अभ्यर्थियों ने अपने बाल तक त्याग दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। टॉप-10 रैंक वाले भी वेटिंग में अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में प्रदेश स्तर पर शीर्ष रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को भी वेटिंग सूची में डाल दिया गया है। उनका कहना है कि यह योग्य युवाओं के साथ अन्याय है। पूरा मामला क्या है मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) और वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) अभ्यर्थी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में नाममात्र पद जारी किए गए, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 2 लाख 89 हजार 5 स्वीकृत शिक्षक पदों में से केवल 1 लाख 74 हजार 419 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि करीब 1 लाख 15 हजार 678 पद रिक्त हैं। इसके अलावा 83 हजार 514 स्कूलों में से 1968 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक और 46 हजार 417 स्कूल केवल दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें • वर्ग-2 भर्ती में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग शुरू हो।• वर्ग-3 भर्ती में पद बढ़ाकर 25 हजार किए जाएं।• 3200 विशेष शिक्षक पद अलग भर्ती प्रक्रिया से भरे जाएं।• कुल मिलाकर 20 हजार पद बढ़ाकर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक शानदार मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल अपने काफिले से एस्कॉर्ट वाहनों को हटा दिया है, बल्कि जिले में 'नो व्हीकल डे' की भी शुरुआत की है। इस पहल के जरिए प्रशासनिक अमले में ईंधन की बर्बादी रोकने और संसाधनों के सही उपयोग का संदेश दिया गया है। आवास से कलेक्ट्रेट तक पैदल चले डीएम इस मुहिम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डीएम अविनाश सिंह ने खुद इसकी शुरुआत की। वे अपने अर्दली, हमराही और सुरक्षा गार्डों के साथ आवास से कलेक्ट्रेट तक पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी अब ईंधन बचाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगाएंगे। उनके इस कदम की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है, जिसे राष्ट्रहित और जनहित में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हफ्ते में दो दिन ‘नो व्हीकल डे’ नई रणनीति के तहत अब बरेली में सप्ताह में दो दिन 'नो व्हीकल डे' मनाया जाएगा। इन दो दिनों में जिले के सभी आला अधिकारी अपने निजी या सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। इसके बजाय वे साइकिल से या पैदल ही अपने दफ्तर पहुंचेंगे। डीएम के अनुसार, इससे न केवल सरकारी खजाने पर ईंधन का बोझ कम होगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि अधिकारियों की सेहत में भी सुधार होगा। सामूहिक आवागमन के लिए ई-बस का प्रयोग सिर्फ दफ्तर ही नहीं, बल्कि फील्ड विजिट के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब तहसील दिवस, समाधान दिवस या चौपाल जैसे कार्यक्रमों में जाने के लिए अधिकारी अलग-अलग गाड़ियों से नहीं जाएंगे। इसके लिए सरकारी बस या ई-बैटरी संचालित वाहनों का सामूहिक रूप से इस्तेमाल किया जाएगा। डीएम ने जनपद के सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं कि शासन की इस मंशा का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश पहुंचे।
रोहतक में जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रजातंत्र में कोई तानाशाह नहीं है। गढ़ किसी का नहीं होता, जनता ही गढ़ बनाती और ध्वस्त करती है। लेकिन भाजपा डेमोक्रेसी को डेमोक्रेजी बनाकर परमानेंट करना चाहती है। आने वाले समय में सभी पर मुकदमें होंगे। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि नीट जैसी परीक्षा का पेपर पहले ही लीक होना, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। भाजपा जानबूझकर ऐसा करवा रही है, ताकि उन्हें जवाब ना देना पड़े। नीट का पेपर लीक होना भाजपा की सोची समझी साजिश है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। अरविंद केजरीवाल से पुराना रिश्ता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अरविंद केजरीवाल से साथ पुराना रिश्ता है। जब चुनाव लड़ा था तो अरविंद केजरीवाल ने काफी साथ दिया था। वैसे भी वह अलग-अलग राजनीतिक लोगों से मिलते रहेंगे और मिलते रहना चाहिए। समीकरण किसी का भी बन सकता है। पहले भाजपा का भी कोई वजूद नहीं था और आज उसी के खिलाफ लड़ रहे हैं। जनता के साथ से सरकार में रहे, किसी का आशीर्वाद नहीं थादिग्विजय चौटाला ने कहा कि सरकार में जनता के साथ रहे, किसी के आशीर्वाद पर नहीं थे। जनता ने 10 सीट दी थी, जिसके दम पर सरकार में रहे। जनता के मुद्दों को लेकर काम किया। आगे भी जनता ने आशीर्वाद दिया तो फिर सरकार में रहकर लोगों के लिए काम करेंगे। प्रदेश में अफसरशाही हो रही हावी दिग्विजय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में चुने हुए लोगों की ताकत कम है, बल्कि अफसरों की ताकत अधिक नजर आ रही है। आज प्रदेश में अफसरशाही हावी हो रही है। प्रदेश में अराजकता फैली हुई है। आवाज उठाने वालों पर केस दर्ज करते हैं। लेकिन जेजेपी के जन जन अभियान के माध्यम से युवाओं में जागरूकता लाने का काम करेंगे। सबको संगठित होने की पड़ेगी जरूरत दिग्विजय चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों को संगठित होना पड़ेगा। विपक्ष के लोग कहेंगे कि ये तो ए टीम, बी टीम व सी टीम है। लेकिन जब जरूरत पड़ेगी तो वही लोग आएंगे। 1987 में चौधरी देवीलाल ने भी कांग्रेस के खिलाफ सबको संगठित किया था, तभी बदलाव आया था।
ग्वालियर में फूलबाग चौपाटी की तर्ज पर सचिन तेंदुलकर मार्ग पर एक नई चौपाटी विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय से 4 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। चौपाटी में 50 दुकानें होंगी और इसमें एक साथ 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। शुरुआत में नगर निगम ने इस चौपाटी के लिए रामदास घाटी के पास जगह देखी थी। हालांकि, वहां की स्थिति और संभावित ग्राहकों की संख्या को देखते हुए उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। अब सचिन तेंदुलकर रोड पर नगर निगम के मदाखलत विभाग के कार्यालय के सामने नई चौपाटी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द ही भोपाल भेजी जाएगी। नई चौपाटी में नगर निगम 12 गुणा 12 फीट की 50 दुकानें तैयार करेगा। यहां आने वाले लोगों के लिए 50 कारों और 100 बाइकों की पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। चौपाटी का डिज़ाइन इस प्रकार किया गया है कि गर्मियों में भी लोगों को परेशानी न हो और वे आसानी से व्यंजनों का आनंद ले सकें। इस चौपाटी का निर्माण स्टील स्ट्रक्चर का उपयोग करके किया जाएगा, जिससे यह पक्का निर्माण नहीं होगा। दुकानों की छत स्टील और टीन से बनाई जाएंगी, जो इसे एक आधुनिक और लचीला स्वरूप प्रदान करेगा। नगर निगम इन दुकानों को किराए पर देगा, जिससे गरीब और छोटे विक्रेता भी यहां दुकान ले सकेंगे। यदि दुकानें बेची जातीं, तो उनकी कीमत लाखों में होती, जिससे गरीब व्यक्ति उन्हें खरीद नहीं पाते। यह मॉडल सभी वर्गों के लिए अवसर सुनिश्चित करेगा। फूलबाग चौपाटी को स्मार्ट सिटी ने लगभग 1.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया था। इसके विपरीत, नवीन चौपाटी के लिए केंद्र सरकार 4 करोड़ रुपये भेज रही है। सचिन तेंदुलकर मार्ग पर फूलबाग चौपाटी से अधिक जगह उपलब्ध है, और यहां अधिक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
नूंह जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सेक्सटॉर्शन और फर्जी मैसेज के जरिए लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने इनके पास से फर्जी सिम, मोबाइल फोन और ठगी से संबंधित डेटा बरामद किया है। इस संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पहले मामले में, साइबर टीम ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान पुलिस फिरोजपुर नामक क्षेत्र पहुंची और रीठठ निवासी सलमान को हिरासत में लिया। उसकी तलाशी में दो मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड मिले। मोबाइल में मिली युवतियों की फोटो सलमान के मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप अकाउंट, साइबर ठगी से जुड़े स्क्रीनशॉट, कथित सेक्सटॉर्शन वीडियो और कई युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। उसके खिलाफ साइबर ठगी, फर्जी सिम के इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दूसरे मामले में, साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत गश्त कर रही टीम को सूचना मिली कि गांव जैवन्त निवासी जाहिद और उसैद फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने गांव हुसैनपुर के पास दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। साइबर फ्रॉड से जुड़ा डेटा बरामद पुलिस के अनुसार, जाहिद और उसैद के मोबाइल फोन से फर्जी डेबिट मैसेज, बार कोड, व्हाट्सएप चैट और साइबर फ्रॉड से जुड़ा अन्य डेटा बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये आरोपी फर्जी सिम और सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग कर लोगों को झांसे में लेते थे और ऑनलाइन ठगी करते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
घाटमपुर के पतारा पानी टंकी के पास सवारी को बचाने में ऑटो अनियंत्रित होकर हाइवे पर पलट गया। इस हादसे में ऑटो का ड्राइवर घायल हो गया।ऑटो में बैठी सवारियां बाल-बाल बच गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने ऑटो ड्राइवर को घायल अवस्था में पतारा सीएचसी पहुंचाया। वहां डाॅक्टर ने प्राथमिक इलाज कर गंभीर हालत में चालक को कानपुर जिलास्पताल रेफर कर दिया। नौबस्ता के बकतौरी पुरवा निवासी 47 वर्षीय अजय अवस्थी पुत्र स्व. शिवकिशोर अवस्थी ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुधवार दोपहर वह ऑटो लेकर कानपुर से घाटमपुर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह कानपुर सागर हाइवे पर स्थित पानी टंकी के पास पहुंचे, तभी आगे बैठी सवारी अचानक गिरने लगी। उसे पकड़ने में ऑटो अनियंत्रित होकर हाइवे पर पलट गया। हादसे में ड्राइवर घायल हो गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को पतारा सीएचसी पहुंचाया। वहां डाॅक्टर ने प्राथमिक उपचार कर ड्राइवर को गंभीर हालत में कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गनीमत रही कि ऑटो में सवार अन्य सवारियां बाल बाल बच गई। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। इंस्पेक्टर बोले- तहरीर के आधार पर करेंगे कार्रवाई घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिली थी, घायल को अस्पताल पहुंचाया गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
CBSE ने बुधवार को कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। अजमेर रीजन में 86.78% स्टूडेंट्स पास हुए। वहीं गुना के वंदना कॉन्वेंट स्कूल में दिवि जैन ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया। उन्होंने कॉमर्स संकाय में 485 अंक प्राप्त किए हैं। शहर के एस एल मेमोरियल स्कूल में शिवानी यादव ने आर्ट्स स्ट्रीम में 95.4% अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार वंदना कॉन्वेंट स्कूल में मैथ्स संकाय में ज्यांशी झा 433 अंकों के साथ 86.6% के साथ दूसरे नबा पर रहीं। वहीं बायोलॉजी संकाय की प्रिय धाकड़ 400 अंक प्राप्त कर 80% के साथ तीसरे नंबर पर रहीं। SL मेमोरियल स्कूल में कला संकाय में शिवानी यादव ने 95.4% अंक अर्जित कर अपने संकाय सहित विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया । रोहित कुमार दोहरे 95% और अंतरा कोरकू ने 90% अंक अर्जित कर दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया । कॉमर्स संकाय में सोनिका लोधी 94% पहले, कार्तिक कोरी 84% दूसरे और मोहित यादव 75% अंक लाकर तीसरे स्तन पर रहे। इसके अलावा बायोलॉजी संकाय में छायांक भार्गव 90% प्रथम, अनुष्का शर्मा 88% द्वितीय और शिवानी साहू 80.2% तृतीय स्थान पर रहीं। गणित संकाय में सूर्याश रघुवंशी 85.4% प्रथम, तनुज ओझा 75% दूसरे और आरुषि रघुवंशी 71.2% अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। इंदौर में डॉग फीडिंग कर रहे युवक पर हमला द्वारकापुरी क्षेत्र में डॉग फीडिंग कर रहे एक वॉलंटियर के साथ आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मारपीट कर दी। युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक व्यक्ति को कुत्ते को पीटने से रोक दिया था। घटना के बाद नाराज पशु प्रेमियों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें… जेल रोड के व्यापारी पर नकाबपोश बदमाशों का हमला इंदौर के जेल रोड स्थित चाइना टाउन मार्केट में बुधवार सुबह एक व्यापारी पर नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले लोहे की रॉड से हमला किया और फिर पैर में चाकू मारकर मौके से फरार हो गए। घायल व्यापारी को आसपास के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… डॉक्टर ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप इंदौर में एक डॉक्टर ने मंगलवार को पारिवारिक विवाद के मामले में टीआई समेत हीरानगर थाने के पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। वहीं, टीआई सुशील पटेल का कहना है कि डॉक्टर, उसके इंजीनियर भाई और माता-पिता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहा है। पूरी खबर पढ़ें… इंदौर में तपिश, दूसरे दिन भी पारा 43 डिग्री पार इंदौर में भीषण गर्मी ने लोगों को हलाकान कर दिया है। स्थिति यह है कि तेज धूप लोगों को झुलसा रही है। दिनभर लू के थपेड़ों का जनजीवन पर काफी असर दिखाई दे रहा है और दिन में सडकें पहले की तुलना सूनी नजर आ रही है। शहर में दूसरे दिन भी पारा 43 डिग्री पार रहा और लोगों में काफी बेचैनी दिखाई दे रही है। पूरी खबर पढ़ें… इंदौर में गार्डन-सर्विस सेंटर पर ट्रीटेड वॉटर जरूरी इंदौर में बढ़ती गर्मी और जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने शहर में जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों और गार्डनों में ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। पूरी खबर पढ़ें… पिता की नाराजगी से टूटा युवक, जहर खाकर जान दी इंदौर में खाद्य और उर्वरक कंपनी में काम करने वाले एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान बुधवार अलसुबह उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ससुराल पक्ष से विवाद के बाद पिता उससे नाराज चल रहे थे और बात नहीं कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… शराब के नशे में कुएं में खुद गिरा युवक, बोला-लुटेरों ने गिराया इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात कथित लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया। कुक संजय यादव ने तीन बदमाशों द्वारा हमला कर कुएं में फेंकने और बाइक-मोबाइल लूटने की जो कहानी पुलिस को बताई थी, वह पूरी तरह झूठी निकली। दरअसल, उसने पत्नी के डर से कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने कुएं से उसकी बाइक और मोबाइल बरामद कर लिए हैं। पूरी खबर पढ़ें… रेड स्पॉट पर सख्ती, अधूरे काम पर लगाई फटकार इंदौर में स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव एक्शन मोड में नजर आए। बिना किसी पूर्व सूचना के उन्होंने विधानसभा-4 क्षेत्र में साफ-सफाई और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। जहां अव्यवस्थाएं मिलीं, वहां अधिकारियों को फटकार लगाई और रेड स्पॉट खत्म नहीं होने पर चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरी खबर पढ़ें… चांद इतना खूबसूरत क्यों है… कहकर महिला को छेड़ा इंदौर जिला कोर्ट ने महिला से छेड़छाड़, पीछा करने और अश्लील टिप्पणी करने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला मल्हारगंज थाना क्षेत्र का है। कोर्ट ने आरोपी केशव उर्फ केशु पिता दिलीप राठौर निवासी इंदौर पर 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। पूरी खबर पढ़ें… पीएम के आह्वान पर इंदौर महापौर का ऐलान पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद अब इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक ऐलान किया है। अब वे भी हफ्ते में एक दिन आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे और हफ्ते में एक दिन नो कार डे को फॉलो करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने जनता से भी यहीं अपील की है। इसे लेकर उन्होंने वीडियो के माध्यम से लोगों से अपील की है कि वे भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें। पूरी खबर पढ़ें…
सलूम्बर में बुधवार को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान पर सलूम्बर जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परमानंद मेहता ने किया। जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां से वे रैली के रूप में आशीर्वाद गार्डन प्लस चौराहे तक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। पेपर लीक को लेकर घेरा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। वहीं, जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती से किसान, व्यापारी और आमजन भीषण गर्मी में परेशान हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष परमानंद मेहता ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और आमजन के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
रेगिस्तानी में बाड़मेर में इन दिनों हीटवेव और लू का रेड अलर्ट है। आसमान में मानों आग बरस रही हो। देश भर में बाड़मेर लगातार तीसरे दिन सबसे गर्म है। तापमान 48 डिग्री से पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने 15 मई तक हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद नहीं जताई है। इधर डॉक्टर और प्रशासन ने दोपहर के समय में बिना काम घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। मई के शुरूआती 12 दिनों में 31 साल बाद पहली बार 48.3 डिग्री पारा पहुंचा है। जबकि इससे पहले 10 मई 1995 को बाड़मेर में 49.9 डिग्री पारा पहुंचा था। हालांकि इसके बाद 27 मई 2024 को भी सर्वाधिक 49.9 डिग्री पारा दर्ज किया गया। गर्मी का असर, सुबह 11 बजे बाद सड़कें सूनी बुधवार को सुबह सूरज की किरण निकलने के साथ गर्मी पड़नी शुरू हो गई। 11 बजे के बाद गर्मी ने तेवर दिखाएं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोगों की आवाजाही कम हो गई। लोग पानी की बोतल, कपड़ा मुंह पर ढककर इक्का-दुक्की निकलते नजर आए। नींबू पानी और गन्ने की स्टॉल पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिला। मंगलवार को सुबह से ही भीषण गर्मी व लू की वजह से जनजीवन प्रभावित रहा। हवा इतनी गर्म थी कि मानो आग बरस रही हो। दुपहिया वाहनों पर तो और भी ज्यादा हालात खराब रहे। 15 मई तक रेड अलर्ट मौसम विभाग ने 15 मई तक हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। 16 मई के बाद गर्मी से कुछ राहत की संभावना है। इस दौरान अधिकतम पारा 46 से 48 डिग्री के आसपास रहेगा। इसके बाद ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। 43 से 45 डिग्री तक रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ या हवा के नहीं चलने तक गर्मी से राहत की संभावना नहीं है।
हत्या के बाद इंदौर में हुलिया बदलकर फरारी काट रहे आरोपी को इंदौर क्राइम ब्रांच और महाराष्ट्र पुलिस ने समन्वय कर पकड़ लिया। वह इंदौर में छिपा हुआ था और फरारी काट रहा था। मिली जानकारी के मुताबिक 9 मई को अडगांव जिला नासिक, महाराष्ट्र में दिन दहाड़े चाकुओं से गोदकर हत्या कर सनसनी फैलाने वाले कुख्यात बदमाश राजेंद्र उर्फ राजा को क्राइम ब्रांच इंदौर ने पकड़ा। आरोपी भेष बदलकर इंदौर में फरारी काटने के लिए आया था। थाना अडगांव की एक विशेष पुलिस टीम इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंची। यहां टीम ने महाराष्ट्र में दर्ज घटना और फरार आरोपी की जानकारी दी और उसे पकड़ने के लिए इंदौर आने के बारे में बताया। जानकारी मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम भी एक्टिव हुई और आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी को ट्रेस कर उसे छोटी ग्वालटोली इलाके से पकड़ा। पकड़ाए आरोपी को नाम राजेंद्र उर्फ राजा काकवीपुरे निवासी येवला, जिला नासिक है। क्राइम ब्रांच ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया। बदल लिया था हुलिया, ताकी पहचान में ना आ सके बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी ने अपना हुलिया बदल लिया था, ताकि वह पहचान में ना आ सके। पहले उसके बाल बड़े हुए, मगर बाद में उसने बाल छोटे करा लिए, जिससे उसे एकदम कोई पहचान ना सके।
भिवानी कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ करने तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को 5 वर्ष कैद व 41000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा भिवानी फास्ट ट्रैक कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह द्वारा सुनाई गई। भिवानी निवासी एक महिला ने थाना सिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह किसी कार्य से घर के बाहर गई हुई थी। 30 मई 2025 को शाम के समय आरोपी उनके घर में घुस गया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ की। लड़की द्वारा शोर मचाने पर महिला मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। बाद में महिला द्वारा अपने पति को घटना की जानकारी दी गई। इसके पश्चात आरोपी ने शिकायतकर्ता के पति व अन्य परिजनों के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर थाना सिवानी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। इस केस की ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी की पहचान भिवानी के थाना सिवानी के गांव मोरका निवासी धमन पुत्र सज्जन सिंह के रूप में हुई है। यह सुनाई सजान्यायालय द्वारा आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत 3 वर्ष कैद व 20000 रुपए जुर्माना लगाया। वहीं धारा 115 भारतीय न्याय संहिता के तहत 1 वर्ष कैद व 1000 रुपए जुर्माना, धारा 333 भारतीय न्याय संहिता के तहत 5 वर्ष कैद व 10000 रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं धारा 351(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत 5 वर्ष कैद व 10000 जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एसपी के निर्देशभिवानी एसपी सुमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए कि महिला विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
बस्ती में तेज आंधी से स्कॉर्पियो पर गिरा पेड़:सड़क किनारे लगा यूनीपोल भी धराशायी, राहगीर बाल-बाल बचे
बस्ती में बुधवार शाम तेज आंधी के कारण बड़ेबन-बांसी मार्ग पर लगा एक विशाल लोहे का द्वार सड़क पर गिर गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि राहगीर बाल-बाल बच गए। करीब चार बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा इतनी तीव्र थी कि सड़क किनारे लगे बोर्ड और टीनशेड भी हिलने लगे थे। इसी दौरान भारी लोहे का यह गेट अचानक संतुलन खोकर जोरदार आवाज के साथ सड़क पर आ गिरा। घटना के समय मार्ग पर लोगों का आवागमन जारी था। संयोगवश, कोई व्यक्ति या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय कोई राहगीर या वाहन गेट के नीचे होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। कुछ देर के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। आंधी के बाद जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन उमस बढ़ गई। बिजली कटौती ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई। सोनूपार-दसकोलवा पेट्रोल पंप के पास तेज आंधी के दौरान आम का पेड़ अचानक स्कॉर्पियो वाहन पर गिर पड़ा। हादसे में गाड़ी पेड़ और मलबे के नीचे दब गई, जिससे उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
पानीपत के गांव डाडौला में खेत की मेड़ (डोल) को लेकर हुए विवाद के दौरान गोलियां मारकर हत्या के दोषी को बुधवार को कोर्ट ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी संदीप को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। विवाद और हत्याकांड का विवरण यह घटना 22 अक्टूबर 2020 की सुबह करीब 10 बजे की है। मृतक सुखवीर अपने खेत में काम कर रहा था, तभी पड़ोसी खेत के मालिक संदीप, सतपाल और कृष्ण के साथ खेत की मेड़ को लेकर उसका झगड़ा और गाली-गलौज शुरू हो गई। बीच-बचाव के लिए सुखवीर का भाई महावीर भी मौके पर पहुंचा। आरोप है कि संदीप ने सुखवीर को जान से मारने की धमकी दी और घर जाकर हथियार ले आया। रास्ते में किया था हमला जब सुखवीर और उसका भाई वापस गांव की ओर जा रहे थे, तब रास्ते में संदीप ने उन पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि परिवार के अन्य सदस्यों ने सुखवीर को पकड़ लिया और संदीप ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सुखवीर को छाती, दिल के नीचे और पैर में तीन गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच के दौरान पुलिस ने ये साक्ष्य जुटाए हथियार की बरामदगी: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और आरोपी का आर्म्स लाइसेंस बरामद किया। कारतूस: आरोपी की निशानदेही पर पानीपत सचिवालय की तीसरी मंजिल के शौचालय से 4 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। गवाह: मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत का फैसला न्यायाधीश आर.के. मेहता (ASJ) की अदालत में चली सुनवाई के दौरान चिकित्सा और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष के दावे की पुष्टि की। सभी तथ्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने संदीप को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
टोंक के सोहेला ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 6 नवजात बालिकाओं के जन्म के मौके पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में 6 नवजात बालिकाओं के परिवार के लिए 11-11 पौधे (66 पौधे) लगाए गए। पहल ‘रालसा वन एवं बालिका वर्ष 2025 सृजन की सुरक्षा’ योजना के तहत की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम उठाना है। कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं के अभिभावकों के हाथों से पौधे लगवाए जाकर उनके परिवार को इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई। हरित बालिका पहचान पत्र जारी किए गएजिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश जलुथरिया द्वारा इस अवसर पर 6 नवजात बालिकाओं को हरित बालिका का पहचान पत्र जारी किया गया। समय-समय पर बालिकाओं को विधिक सेवाओं के साथ-साथ राज्य व केन्द्र सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव व अपर जिला न्यायाधीश टोंक दिनेश जलुथरिया ने बताया कि 'सृजन की सुरक्षा' अभियान के अन्तर्गत नियमित रूप से बालिकाओं के जन्म होने पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में पैदा हुई 6 नवजात बालिकाओं के जन्म के अवसर पर यह पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल सोहेला ग्राम पंचायत में हरियाली में वृद्धि होगी, बल्कि नवजात बालिकाओं के परिवारों में सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थय संबंधी विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न होगी। यह कदम भविष्य में अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार के वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए एक उदाहरण बनेगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव के प्रयास के रूप में वर्णित किया। कार्यक्रम में प्रशासक शांति देवी, पूर्व सरपंच रामदास, गायत्री, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोहेला, आशा सहयोगिनी पुष्पा सैनी, वन विभाग के कर्मचारीगण और ग्राम पंचायत सोहेला के लोग मौजूद रहे।
रतलाम शहर के पुराने कलेक्ट्रेट स्थित गुलाब चक्कर गार्डन में बुधवार दोपहर एक साल की मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची तपती धूप में अकेली रो रही थी। उसके पास कपड़ों से भरा एक बैग भी रखा था। जिस हालत में बच्ची मिली, उससे आशंका जताई जा रही है कि कोई उसे छोड़कर चला गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्ची को बरामद कर चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया। जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे गार्डन परिसर में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं की नजर पास में बैठी एक छोटी बच्ची पर पड़ी। बच्ची अकेली थी और लगातार रो रही थी। कार्यकर्ता उसके पास पहुंचीं और उसे चुप कराने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कोई उसे लेने नहीं आया। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास बच्ची के परिजनों की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बच्ची के आसपास लगी थीं चींटियांरत्तागढ़खेड़ा की आशा कार्यकर्ता शोभा पाटीदार ने बताया कि बैठक के दौरान उनकी नजर बच्ची पर पड़ी। बच्ची के आसपास चींटियां लगी हुई थीं। इसके बाद उन्होंने अन्य साथियों को जानकारी दी। बच्ची को पानी पिलाया और बिस्किट खिलाए। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। मेडिकल के बाद शिशु गृह भेजाचाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने पुलिस के साथ बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। स्वास्थ्य सामान्य पाए जाने पर बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्ची को शिशु गृह भेज दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक प्रेम चौधरी ने बताया कि बच्ची जिस हालत में मिली है, उससे अंदेशा है कि उसे जानबूझकर छोड़ा गया है। बच्ची के पास छोटे बच्चों के कपड़ों से भरा बैग भी मिला है। फिलहाल बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिसस्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बच्ची को छोड़ने वालों की पहचान की जा सके।
CBSE 12वीं में बांसवाड़ा की मैत्रेयी के 98.8%:बोली-जज बनना चाहती हूं, माता-पिता दोनों सरकारी टीचर
CBSE ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। पहली बार ऐसा हुआ, जब 12वीं का रिजल्ट 10वीं के बाद जारी किया गया। 10वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी किया गया था। 86.78 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पूरे देश में अजमेर रीजन 11वें नंबर पर रहा है। बांसवाड़ा के बागीदौरा की मैत्रेयी अमेटा ने सीबीएसई 12वीं में 98.8% अंक हासिल किए हैं। वे आट्र्स की स्टूडेंट हैं, मैत्रेयी ने पेंटिंग में 100, जबकि इतिहास, राजनीति विज्ञान और भूगोल में 99-99 अंक प्राप्त किए हैं।मैत्रेयी की माता ममता आमेटा-पिता भरत जोशी दोनों सरकारी टीचर हैं। मैत्रेयी RJS देकर जज बनना चाहती हैं। सज्जनगढ़ के राज पणदा ने अर्जित किए 97.2 प्रतिशत अंक बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ तहसील के ग्राम मगरदा खतेला साथ निवासी होनहार छात्र राज पणदा ने 97.2% अंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राज के पिता मुकेश ग्राम पंचायत में एलडीसी के पद पर कार्यरत हैं, वहीं माता वना पणदा गृहणी हैं। राज ने बताया कि उनका लक्ष्य भविष्य में आईएएस (IAS) बनकर देश की सेवा करना है। हर बार मई या उसके बाद रिजल्ट जारी हुए हैं, लेकिन इस बार अप्रैल महीने में सीबीएसई ने 10वीं का रिजल्ट जारी किया। पिछले साल 12वीं का रिजल्ट 90.40 प्रतिशत रहा था। पूरे रीजन में अजमेर छठे स्थान पर रहा था।
झाबुआ जिले में वन विभाग ने मेघनगर, थांदला और पेटलावद क्षेत्रों में अभियान चलाकर करीब 25 हेक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। वनमंडलाधिकारी भारत सोलंकी ने बुधवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। पेटलावद के रसोंडी में 13 हेक्टेयर जमीन बरामद वन विभाग ने अकेले पेटलावद के रसोंडी क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में 13 हेक्टेयर भूमि पर नियंत्रण पाया। वनपरिक्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश बिरला के नेतृत्व में टीम ने कक्ष क्रमांक 324 में कार्रवाई करते हुए 10 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया। विभाग ने जमीन को सुरक्षित करने के लिए सीमाओं पर खूंटे गाड़ दिए हैं। जल संवर्धन के लिए कंटूर ट्रेंच बनाया अतिक्रमण हटाने के बाद भविष्य में कब्जे रोकने के लिए मौके पर जेसीबी मशीनों से जलसंचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। विभाग ने खाली कराई गई जमीन पर कंटूर ट्रेंच बनाई हैं, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। अधिकारियों ने बताया कि वन संपदा की रक्षा के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया भेदभाव का आरोप कार्रवाई के विरोध में रसोंडी क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पट्टे आवंटित करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन एक ही क्षेत्र में कुछ लोगों को पट्टे दे रहा है, जबकि अन्यों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई कर रहा है। प्रभावितों ने इसे भेदभाव बताते हुए पट्टे की मांग का आवेदन सौंपा है।
जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना के 13 दिन बाद मैकल रिसोर्ट के नाम से लिखा गया एक पत्र सामने आया है। इसमें 1 मार्च को ही निगम को बता दिया था कि क्रूज खराब है। इसके बावजूद क्रूज को बंद नहीं किया गया। पत्र में लिखा है कि क्रूज पानी में उतारने लायक नहीं है। यानी खामियों की जानकारी होने के बावजूद पर्यटकों को बैठाकर क्रूज डैम में उतारा और हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। दैनिक भास्कर ने बात की तो रिसोर्ट और पर्यटन विकास निगम ने इस पत्र के मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। कलेक्टर जबलपुर ने भी जवाब नहीं दिया। बोट बिल्डर ने कहा था, दोनों इंजन बदलना चाहिए… रिसोर्ट ने अपने पत्र का विषय - इकाई में उपलब्ध वोट्स के सुधार कार्य बाबत… लिखा है। पत्र में आगे लिखा है कि दो क्रूज उपलब्ध हैं, जिसमें मैकलसुता क्रूज वर्ष 2006 में आया था। इसे लगभग 20 वर्ष हो गए हैं। दूसरा क्रूज रेवा वर्ष 2007 में आया, जिसे लगभग 19 साल हो गए। दोनों क्रूज के इंजन में कई बार सुधार कार्य हो चुका है, लेकिन अब यह बार-बार खराब होते हैं। इस संबंध में कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। रेवा क्रूज बोट 14 जनवरी 2025 को राउंड के दौरान दोनों इंजन बंद हो गए थे। हैदराबाद बोट बिल्डर द्वारा मेल के माध्यम से अवगत कराया गया कि इंजन काफी पुराने हो गए हैं। स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पा रहे। अतः दोनों इंजन ही बदलना चाहिए। मैकलसुता का एक इंजन ठीक नहीं दूसरा क्रूज मैकलसुता चालू हालत में है, परंतु इसका भी एक इंजन ठीक तरह से लोड नहीं कर रहा है। इससे क्रूज को किनारे लगाने में एवं राउंड पर निकलते समय काफी कठिनाई होती है। कभी-कभी तेज हवाओं में लहरों के चलते स्पीड बोट का सहारा लेकर निकलना एवं लगाना पड़ता है। दूसरा इंजन जो अच्छे से लोड लेता है, वह कई बार स्टार्ट होने में दिक्कत देता है। इसकी सेल्फ की गरारी चढ़ जाती है। इस वजह से क्रूज बोट की सेवाएं बंद करनी पड़ती है। इसके पर्यटकों को द्वारा नाराजगी व्यक्त की जाती है। वर्तमान में इकाई में एक क्रूज मैकलसुता संचालित है, जिसका इंजन का सुधार कार्य कराया जाना आवश्यक है, अन्यथा क्रूज चलाना किसी भी समय बंद करना पड़ सकता है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले एवं वर्तमान में क्रूज के चलन को ध्यान में रखते हुए सुधार कर अथवा इंजन बदला जाना अति आवश्यक है, जिससे इकाई को वर्तमान में हो रही वित्तीय हानि की पूर्ति पर्यटक सीजन में की जा सके। कोई नहीं दे रहा है जवाब क्रूज हादसे में 13 पर्यटकों की जान गई थी। मामले पर दैनिक भास्कर ने कलेक्टर से बात करना चाही, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। मैकल रिसोर्ट प्रबंधन ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया था। पत्र क्रमांक 45,108 और 169 में लगातार इंजन की हालत खराब हालत और उन्हें बदलने का जिक्र भी किया गया था। इसके बावजूद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एमपीटी के क्षेत्रीय प्रबंधक को इस पूरी स्थिति की जानकारी तो फिर पर्यटकों को जानलेवा क्रूज पर यात्रा करने के लिए क्यों भेजा गया। ………………………………………. ये खबर भी पढ़ें… जबलपुर हाईकोर्ट में बरगी क्रूज हादसा पर सुनवाई जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए बताया गया कि मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।पूरी खबर पढ़ें
रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर से बाघ आ गया। इस दौरान वहां से निकल रही गाड़ियों को रोकना पड़ा। बाघिन रिद्धि का शावक करीब 15 मिनट तक अमराई क्षेत्र की पहाड़ी पर बैठा रहा। हालांकि जोन में बुधवार को वीकली ऑफ होने की वजह से वहां कोई टूरिस्ट मौजूद नहीं था। श्रद्धालुओं को 15 मिनट तक हुए दीदार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शावक करीब दस से पंद्रह मिनट तक पहाड़ी पर ही बैठा रहा। इस दौरान मंदिर जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों को अपनी गाड़ियां रोकनी पड़ी। देखते ही देखते मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी और वाहनों को व्यवस्थित तरीके से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रणथंभौर क्षेत्र में बाघों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा वन्यजीवों के करीब जाने से बचने की आवश्यकता है।
कटनी जिले में ईंधन संकट के बीच डीजल चोर सक्रिय हो गए हैं। निवार चौकी क्षेत्र के पौनिया रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने खड़े दो हाईवा ट्रकों से अज्ञात बदमाशों ने लगभग 240 लीटर डीजल चोरी कर लिया। इस घटना से वाहन चालकों और पेट्रोल पंप मालिकों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, ड्राइवर अखिल पांडे और उनके साथी द्वारका प्रसाद नामदेव 4 मई की रात रीवा के बघवार से बॉक्साइट लोड कर जरवाही पहुंचे थे। यूएसजे कंपनी में माल खाली करने के बाद, उन्होंने अपने दोनों हाईवा ट्रक (क्रमांक MP21ZE5003 और MP21ZE5090) रात करीब 10:30 बजे पौनिया रोड स्थित दुबे पेट्रोल पंप के सामने खड़े किए और घर चले गए। अगली सुबह जब दोनों ड्राइवर वापस लौटे, तो उन्होंने देखा कि ट्रकों की डीजल टंकियों के ताले टूटे हुए थे। टंकियों में मौजूद पूरा डीजल गायब था। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में अज्ञात बदमाश पेट्रोल पंप परिसर के पास खड़े वाहनों से डीजल निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। अनुमान है कि आरोपियों ने देर रात इस घटना को अंजाम दिया। दोनों ट्रकों से कुल 240 लीटर डीजल चोरी हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20,000 रुपए है। ट्रक मालिक और फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे आम जनता को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
पलवल में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को लगातार बारहवें दिन भी जारी रही। बुधवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी उनके समर्थन में आ गए। उन्होंने रोष मार्च निकाला और लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि जिले के करीब 350 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल 14 मई तक जारी रहेगी और यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी और हठधर्मिता का आरोप लगाया। सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें प्रदेश सचिव सुनील कुमार ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें बताईं। इनमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर डोर-टू-डोर कर्मचारियों को पेरोल पर लेकर नियमित करना, तथा पक्का होने तक समान काम के लिए समान वेतन देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सफाई और सीवर कर्मचारियों को जोखिम भरे कार्य के लिए हर महीने पांच हजार रुपये का जोखिम भत्ता देने की मांग भी की गई है। सफाई कर्मचारी विजय बेनीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 27 हजार रुपए वेतन लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर वे संघर्ष जारी रखेंगे। इस हड़ताल में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है। ग्रामीण कर्मचारियों ने भी दिया अपना समर्थन वहीं, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भी नगर परिषद के सफाई कर्मियों का समर्थन किया। वे गुर्जर धर्मशाला में एकत्रित हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2024 को जींद में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26 हजार रुपए वेतन देने की घोषणा अब तक लागू नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 को कर्मचारियों को पक्का करने के जो आदेश दिए थे, उन्हें भी अब तक लागू नहीं किया गया है। यूनियन के जिला प्रधान नरेश राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन में सीटू नेता रमेशचंद और बनवारीलाल ने सरकार से जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गई तो ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर जा सकते हैं।
देवास जिला अस्पताल में मंगलवार को दिव्यांगता प्रमाण पत्र के नवीनीकरण को लेकर एक परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में भाजपा नेता राजेश यादव के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टरों और उनके बीच तीखी बहस हो गई। जानकारी के अनुसार, रेवाबाग क्षेत्र निवासी राजेश भीमोदिया अपनी बेटी सलोनी भीमोदिया के साथ जिला अस्पताल पहुंचे थे। सलोनी की दाहिनी आंख डैमेज है और उसके पास पहले से 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र था, जिसका नवीनीकरण कराया जाना था। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल टीम ने उन्हें इंदौर जाने की सलाह देते हुए कहा कि यहां प्रमाण पत्र नहीं बन पाएगा। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कहते हुए पुराने प्रमाण पत्र के आधार पर ही नया प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। भाजपा नेता बोले- पुराना प्रमाण पत्र यहीं से बना था मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता राजेश यादव जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार की समस्या अधिकारियों के सामने रखी और डॉक्टरों से पुराने प्रमाण पत्र के आधार पर नया प्रमाण पत्र बनाने का आग्रह किया। इसी दौरान राजेश यादव और एक डॉक्टर के बीच बहस हो गई। यादव ने पुराना दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र इसी जिला अस्पताल से जारी हुआ है और इस पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर भी हैं, फिर इसे मानने से इनकार क्यों किया जा रहा है। विवाद के बाद डॉक्टरों की टीम ने बालिका की जांच की। इसके बाद उसके दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
डीग शहर की नई सड़क स्थित लाला मनोहर लाल खंडेलवाल स्कूल में बुधवार को 12वीं क्लास की चार छात्राएं टेस्ट देते समय गर्मी के कारण बेहोश हो गईं। उन्हें तत्काल डीग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में तनु पुत्री रोहतास, राधिका पुत्री हरेंद्र, अक्षरा पुत्री कोमल और अर्पिता पुत्री कुंवर सिंह शामिल है। परीक्षा देते समय अचानक उन्हें चक्कर आने लगे और वे वहीं बेहोश हो गईं। प्रिंसिपल सुमित्रा धंघेल ने सभी छात्राओं को डीग जिला अस्पताल पहुंचाया और उनके परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलने पर डीईओ मनोज खुराना और हरवीर सिंह चाहर ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। सीएमएचओ विजय सिंघल और पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह फौजदार ने भी छात्राओं का हालचाल जाना। डॉ. फौजदार ने बताया कि बच्चियों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है और बातचीत करने पर वे डरी हुई प्रतीत होती हैं, लेकिन उनकी बेहोशी का मुख्य कारण गर्मी ही है। सभी छात्राओं का डीग जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्कूल में 13 से 15 मई तक प्रथम टेस्ट चल रहे हैं।
पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल के बेटे और भाजपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट चौधरी विजय पाल को मिली जान से मारने की धमकी का मामला जांच में फर्जी निकला है। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस पूरे घटनाक्रम की साजिश खुद विजय पाल द्वारा रची गई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से विदेशी नंबर से कॉल करवाई गई और उसकी रिकॉर्डिंग भी पहले से तय योजना के तहत करवाई गई। जिसमें मनोनित पार्षद को गवाह बनाया गया, लेकिन पार्षद ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाए और पूरे मामले का ही पटाक्षेप हो गया। एमसी विशेष वर्मा के बयान से खुलासामामले में उस समय नया मोड़ आया जब मनोनीत पार्षद विशेष वर्मा पुलिस के पास पहुंचे, उन्हें इस मामले में गवाह बनाया गया था। विशेष वर्मा ने बताया कि वह विजय पाल के पास बैठे थे, तभी विजय ने उन्हें कहा कि अभी पाकिस्तान के नंबर से कॉल आएगी और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है। कुछ ही देर में कॉल आई और सामने वाले ने धमकी देनी शुरू कर दी। विशेष के अनुसार विजय पाल को पहले से ही कॉल आने की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस साजिश की जानकारी नहीं थी और बाद में उन्हें शक हुआ। उन्होंने पुलिस को अपने बयान दे दिए हैं। शिकायत में क्या लगाए थे आरोपइससे पहले चौधरी विजय पाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 11 मई सोमवार रात उनके पास एक विदेशी नंबर से वॉट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को बरार बताया और धमकी दी कि वह उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। कॉलर ने हैंड ग्रेनेड से पूरे परिवार को उड़ाने की बात कही थी। 50 लाख की फिरौती मांगने का भी आरोपविजय पाल ने यह भी बताया था कि कॉलर ने उनसे 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। कॉलर ने बातचीत के दौरान उनके पिता चौधरी वेद पाल का नाम लिया और घर का सही पता भी बताया, जिससे परिवार में डर का माहौल बन गया था। पुलिस ने बढ़ाई थी सुरक्षाधमकी मिलने के बाद करनाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया था। विजय पाल के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। वहीं मॉडल टाउन चौकी इंचार्ज गीता ने भी पुष्टि की थी कि पुलिस तकनीकी आधार पर कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान में जुटी हुई है। ग्रीन सिग्नल के बाद सामने आई सच्चाईजांच के दौरान जैसे-जैसे तथ्यों की पुष्टि हुई, मामला संदिग्ध होता गया। विशेष वर्मा के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कॉल पहले से प्लान की गई थी। इससे यह भी सामने आया कि पुलिस सुरक्षा लेने के लिए इस तरह की साजिश रची गई। सुरक्षा बूथ हटने के बाद बढ़ी थी हलचलबताया जा रहा है कि 5 मई को करनाल के एनडीआरआई चौक स्थित विजय पाल के घर के बाहर बने पुलिस सुरक्षा बूथ पर एनएचएआई द्वारा बुलडोजर चलाया गया था। यह बूथ एनएचएआई की जमीन पर बना होने के कारण अवैध माना गया। जानकारी के अनुसार विजय पाल ने खुद ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री को शिकायत दी थी, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई थी। मीडिया के सामने आकर सुनाई थी आपबीतीधमकी मिलने के बाद विजय पाल पहली बार मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने बताया था कि कॉलर ने खुद को बरार बताते हुए कहा कि पुलिस से उसका नाम पूछ लेना, सब जानते हैं कि वह कौन है। उन्होंने यह भी कहा था कि कॉलर ने खुली चुनौती दी कि जितना भाग सकते हो भाग लो, पुलिस के पास जाओ या वीडियो बनाओ, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। 1984 में हुआ था बड़ा हमलाविजय पाल के परिवार पर पहले भी हमला हो चुका है। 9 मार्च 1984 को मधुबन के पास चौधरी वेद पाल की गाड़ी पर करीब 80 गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में वे बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनके ड्राइवर की मौत हो गई थी और गनमैन घायल हो गया था। यह घटना उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी। चौधरी वेद पाल का राजनीतिक सफरचौधरी वेद पाल ने राजनीति की शुरुआत गांव कैड़रौली (यमुनानगर) से पंच के रूप में की थी। इसके बाद 1967-68 में वे मार्केट कमेटी रादौर के चेयरमैन बने और सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े। विधायक से डिप्टी स्पीकर तक का सफर1982 में वे घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए और बाद में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर बने। उन्होंने 24 जून 1982 से 23 जून 1987 तक इस पद पर कार्य किया। उस समय प्रदेश में मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की सरकार थी। कैबिनेट दर्जा और राष्ट्रीय पहचानचौधरी वेद पाल हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन रहे, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला। वे ऑल इंडिया मार्केटिंग बोर्ड काउंसिल के चेयरमैन भी रहे। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष और राष्ट्रवादी किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। इसके अलावा वे डीएवी पीजी कॉलेज करनाल के चार बार प्रधान रहे। देश-विदेश में सक्रिय भूमिकाउन्होंने अपने जीवन में 44 देशों का दौरा किया और भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके देश के पूर्व राष्ट्रपतियों ज्ञानी जैल सिंह, केआर नारायणन, शंकर दयाल शर्मा, प्रणव मुखर्जी और एपीजे अब्दुल कलाम के साथ करीबी संबंध रहे। 2023 में हुआ निधनचौधरी वेद पाल का जनवरी 2023 में 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद भी उनका परिवार राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बना हुआ है।
भले ही गत एक सप्ताह से केंद्र व पंजाब सरकार के बीच तनातनी का माहौल चल रहा है। वहीं, बुधवार को पंजाब सीएम भगवंत मान दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से मिले। इस दौरान दोनों में करीब पौने घंटे तक मीटिंग चली। इसके दोनों ने जाइंट प्रेस कांफ्रेंस की। इस मौके CM ने कहा मंत्री साहिब ने हमें विश्वास दिलाया है कि खादों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखी जाएगा। भले ही खाड़ी युद्ध के कारण कुछ मुश्किलें आ सकती हैं, लेकिन पंजाब को खाद मिलती रहेगी। क्योंकि पंजाब केंद्रीय पूल (Central Pool) में सबसे ज्यादा योगदान देता है और जब भी देश पर अनाज का संकट या दुश्मन का हमला होता है, पंजाब हमेशा सीना तानकर सबसे आगे खड़ा रहता है। मुझे इस बात की खुशी है कि चौहान साहब (केंद्रीय मंत्री) ने हमारी तीन-चार मुख्य मांगों को माना है, विशेषकर फसल विविधीकरण (Crop Diversification) पर। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब हरित क्रांति का अगुवा है और इसने अनाज के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाया है, इसलिए हम मिलकर काम करेंगे। सीएम ने मुख्य रूप से यह तीन बाते कहीं आधा पंजाब डॉर्क जोन में मुलाकात के बाद जाइंट पीसी मं सीम ने कहा कि खाद की सप्लाई का भरोसा मिला है। धान की खेती की वजह से पंजाब की धरती का पानी बहुत कम हो गया है और आधा पंजाब 'डार्क जोन' में चला गया है। इसलिए आने वाले दिनों में मक्का, दालों, तिलहन, सूरजमुखी और बाजरा जैसी फसलों को बढ़ावा देने का फैसला हुआ है। इससे किसान का पानी और मेहनत कम लगेगी और उनकी आमदनी भी अच्छी होगी। चावल के लिए कमेटी बनेगी चावल की कुछ हाइब्रिड किस्मों (जिनमें ब्रोकन राइस ज्यादा होता है) पर एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के सदस्य शामिल होंगे। जल्द ही कृषि विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब का दौरा करेगा ताकि किसानों में फसल विविधीकरण को लेकर जागरूकता लाई जा सके। पानी बचाने पर रणनीति बनी पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ और उपजाऊ (जरखेज) है, यहां कुछ भी बीजो तो उग जाता है, लेकिन हमें पंजाब को रेगिस्तान (मारूथल) बनने से रोकना है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए 'पांच आब' (पांच पानी) वाले पंजाब के नाम को सार्थक करना है, इसलिए पानी बचाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य दोनों सहमत हैं। सबसे खुशी की बात यह है कि पंजाब ने 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं का जो लक्ष्य तय किया था, उसे पूरा कर लिया है और हम इसे नेशनल पूल में दे रहे हैं। पंजाब के साथ मिलकर काम करेंगे मैं पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री जी का दिल से स्वागत करता हूं। हमें पंजाब पर गर्व है, जो देश पर आने वाले हर संकट को अपने सीने पर झेलता है। मैं पंजाब की महान जनता को प्रणाम करता हूं।आज कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। हमने तय किया है कि कपास (Cotton), दालों, तिलहन और बागवानी के मिशनों में केंद्र और पंजाब मिलकर काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि किसान को घाटा न हो, डायवर्सिफिकेशन से फायदा मिले, पानी और मिट्टी बचे और हम जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपट सकें। पंजाब की अन्य मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। किसानों को जिस भी सहयोग की जरूरत होगी, हम पूरी ताकत से उसे पूरा करेंगे। पंजाब हरित क्रांति का अगुवा है और इसने अनाज के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाया है, इसलिए हम मिलकर काम करेंगे।
पंचकूला जिले में पिंजौर के हुड्डा सेक्टर 30 में मंगलवार देर शाम सैर कर रही एक महिला से चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। बाइक सवार दो बदमाश महिला के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला कृष्णा एवेन्यू निवासी जीवनलता ने पुलिस को बताया कि वह रोजाना की तरह मंगलवार शाम भी हुड्डा सेक्टर 30 में सैर कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर आए दो बदमाशों ने उनके गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन ली। बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही ईआरवी इंचार्ज एएसआई करण सिंह और एसपीओ राजीव कुमार मौके पर पहुंचे। जीवनलता के पति राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे भागने में सफल रहे। पिंजौर थाना पुलिस के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कंवलजीत ने बताया कि बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पाई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। बता दें कि, क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चेन स्नैचिंग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अब अपने कारकेड में वाहनों की संख्या घटाकर मात्र 4 गाड़ियां रखने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने का आग्रह किया है। राज्यपाल ने बुधवार को अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा- माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के उद्देश्य से लोक भवन, झारखण्ड में मेरे द्वारा कारकेड में वाहनों की संख्या घटाकर मात्र 4 गाड़ियां रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मैं सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने का आग्रह करता हूं। आइए, हम सभी ऊर्जा संरक्षण के इस जन-जागरूकता अभियान में सहभागी बनें। पीएम ने की अपील- पेट्रोल-डीजल बचाएं दरसअल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-ईरान युद्ध से ईंधन सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर रविवार को चिंता जताई थी। तेलंगाना में विकास कार्यों के शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा था, ‘अभी पेट्रोल, डीजल, गैस जैसे पेट्रो उत्पादों का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत के हिसाब से करें। इससे विदेशी मुद्रा बचेगी और युद्ध के असर को कम करने में भी मदद मिलेगी।’ नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दो महीने से हमारे पड़ोस में इतना बड़ा युद्ध चल रहा है। इसका भारत पर गंभीर असर हुआ है। हमारे पास बड़े-बड़े तेल के कुएं नहीं हैं। इसलिए अब देश को सर्वोपरि रखते हुए हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। इसलिए पेट्रोल-डीजल का उपयोग किफायत से करें। जहां मेट्रो ट्रेन हो, वहां उन्हीं से सफर करें। सोने के गहने नहीं खरीदने का भी आग्रह कार पूलिंग करें। सामान भेजने के लिए रेलवे गुड्स सर्विस का उपयोग करें। कोरोनाकाल की तरह वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की आज फिर से जरूरत है। इसके अलावा, एक साल के लिए विदेश में शादियां करने, छुट्टी मनाने के लिए भी न जाएं। देशहित में हमें ये भी तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। क्योंकि ऐसा करने से विदेशी मुद्रा बचेगी।
हरियाणा मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक 18 मई, सोमवार को आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सीएम नायब सिंह सैनी करेंगे। यह बैठक सोमवार सुबह 10 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय में होगी। माना जा रहा है कि बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम प्रशासनिक और नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न विभागों के एजेंडा आइटमों को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी हरियाणा दौरे पर आ सकते हैं। इसको लेकर भी मीटिंग में सीएम अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जा सकता है। बैठक के बाद लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी। यहां देखिए CS के लेटर की कॉपी...
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रवक्ता रमन चांदी को खन्ना में गिरफ्तार कर लिया गया है। पायल पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 15 मई तक न्यायिक हिरासत में लुधियाना की केंद्रीय जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पायल निवासी हरचंद सिंह चीमा की शिकायत पर की गई है। रमन चांदी और हरचंद सिंह चीमा के बीच लंबे समय से एक जमीनी विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष लगातार पुलिस और सिविल प्रशासन के पास शिकायतें दर्ज करा रहे थे। बताया जा रहा है कि विवादित जमीन पर पहले भी कई बार दोनों पक्षों के बीच टकराव हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, 11 मई को रमन चांदी अपनी पत्नी और बेटे के साथ विवादित जमीन पर स्थित मोटर वाले कमरे के बाहर पहुंचे थे। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक लाइव वीडियो किया। जिसमें उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। फेसबुक लाइव के दौरान, चांदी ने आरोप लगाया था कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और प्रशासन उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं कर रहा। हरचंद सिंह चीमा ने की शिकायत फेसबुक लाइव के बाद, हरचंद सिंह चीमा ने पायल थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि रमन चांदी उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि चांदी बिना अनुमति विवादित स्थल पर पहुंचे और सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल खराब करने की कोशिश की। पायल थाना एसएचओ तरविंदर कुमार बेदी ने पुष्टि की कि हरचंद सिंह की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। रमन चांदी को एसडीएम की अदालत में पेश किया गया था, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें 15 मई तक जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत अपराध रोकू कार्रवाई की है।
अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग से रेप और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश हेमंत सिंह बघेला ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सीनियर पब्लिक प्रोसेक्यूटर प्रशांत यादव ने की। स्कूल जाते समय दी थी वीडियो वायरल करने की धमकी सरकारी वकील प्रशांत यादव के अनुसार पीड़िता के पिता ने 13 जुलाई 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी 17 साल की बेटी 12 जुलाई 2024 को स्कूल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी बाइक लेकर पहुंचा और लड़की को अपने साथ चलने के लिए कहा। मना करने पर उसने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। घटना के बाद डरी-सहमी बालिका ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने बताया कि करीब तीन महीने पहले आरोपी ने उसे जबरन घर के अंदर खींच लिया था। उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर मारपीट की गई तथा मोबाइल से अश्लील वीडियो और फोटो भी बनाए गए। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 28 अक्टूबर 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। इसके बाद न्यायालय ने आरोप तय कर मामले की सुनवाई शुरू की। कोर्ट में पीड़िता ने बयान में दोहराई पूरी घटना सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए गए। पीड़िता और परिवादियों ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज करवाते हुए घटना की पुष्टि की। साथ ही पुलिस के समक्ष दिए गए 161 और 164 सीआरपीसी के बयानों को भी सही बताया। कोर्ट ने कहा- ऐसे अपराधों में नरमी उचित नहीं अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि आरोपी ने 18 साल से कम आयु की नाबालिग बालिका के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध लैंगिक हमला किया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में नरमी बरतना न्ययसंगत नहीं है।
शिवपुरी जिले की पिपरसमा अनाज मंडी में बुधवार को पानी की गंभीर किल्लत को लेकर किसानों और हम्मालों ने जमकर हंगामा किया। भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था ठप होने से नाराज किसान मंडी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शिकायत लेकर मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे। इन दिनों जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर रात से ही ट्रॉलियों में मंडी पहुंच रहे हैं। फसल की बिक्री शाम तक होने के कारण उन्हें पूरे दिन मंडी परिसर में रुकना पड़ता है। ‘सुविधायुक्त मंडी की हालत बदहाल’ किसानों का आरोप है कि करोड़ों रुपए की लागत से बनी पिपरसमा अनाज मंडी को सर्वसुविधायुक्त बनाया गया था। यहां शुद्ध पेयजल, शौचालय, रात्रि विश्राम स्थल और बड़े शेड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन अब प्रबंधन की लापरवाही के कारण अधिकांश व्यवस्थाएं बदहाल हो चुकी हैं। मोटर चोरी होने से रुकी पानी सप्लाई बुधवार को जब किसानों को पीने का पानी नहीं मिला तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। किसानों को बताया गया कि मंडी के बोरवेल की मोटर चोरी हो गई है, जिसके कारण पानी की आपूर्ति बाधित है। इसके बाद मंडी में एक पानी का टैंकर मंगवाया गया, लेकिन कुछ ही देर में वह भी खाली हो गया। इससे किसानों और हम्मालों का गुस्सा और बढ़ गया। हम्माल भी विरोध में शामिल, प्रबंधन ने दिया आश्वासन बाद में हम्माल भी किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। उन्होंने मंडी में जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था करने की मांग की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मंडी प्रबंधन के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। वहीं, इस पूरे मामले में मंडी सचिव बालेश शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
लुधियाना में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक केंद्रीय एजेंसी की टीम ने फिरोजपुर रोड स्थित ग्रीन सिटी इलाके में एक कारोबारी के ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई किस विभाग द्वारा की जा रही है, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक रेड केंद्रीय एजेंसी की ओर से की गई है। कारोबारी जतिंदर सचदेवा से पूछताछ सूत्रों के अनुसार कारोबारी जतिंदर सचदेवा के ठिकानों पर सुबह-सुबह टीमें पहुंचीं। अधिकारियों ने घर और अन्य परिसरों में जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि टीम कारोबारी से दस्तावेजों और कारोबारी लेनदेन को लेकर पूछताछ कर रही है। कई अन्य ठिकानों पर भी दबिश जानकारी के मुताबिक केंद्रीय एजेंसी ने शहर में कारोबारी के अन्य ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी है। कार्रवाई के दौरान टीम ने कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं। सुबह अचानक केंद्रीय एजेंसी की गाड़ियों के पहुंचने से ग्रीन सिटी इलाके में हड़कंप मच गया। एजेंसी ने अधिकारिक बयान नहीं किया जारी फिलहाल एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ हो पाएगी। 25 दिन पहले संजीव अरोड़ा के घर हुई थी ईडी के रेडiगौरतलब है कि 25 दिन पहले पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर रहे संजीव अरोड़ा के घर ईडी ने रेड की थी। उस 2 दिन बाद ED ने उनके अरोड़ा के करीबी नीरज सतीजा पर भी रेड की थी। टीम ने संजीव अरोड़ा और उनके दो पार्टनरों व बेटे की फर्मों पर भी रेड़ की थी। अब अरोड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है। अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी को शक था। अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में अभी भी जांच के दायरे में हैं।
नर्मदापुर के शासकीय औद्योगिक संस्थान (ITI) के छात्र और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्टर के नाम एक पत्र सौंपा। इसमें बताया कि जनगणना कार्य में शिक्षकों के लगे होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने और कॉलेज के एक प्यून द्वारा अभद्रता करने की शिकायत की गई। छात्र शरद चौरे ने बताया मेरी इलेक्ट्रिशन ट्रेड है। हमारी क्लास रेगुलर नहीं लगती है। 6 माह पहले एसआईआर में स्टॉफ व्यस्त रहे। अब जनगणना कार्य में ड्यूटी लगी है। जिस वजह से क्लास नहीं लग रही। अगले महीने परीक्षा हैं। पढ़ाई प्रभावित होने से रिजल्ट खराब होने की आशंका है। पढ़ाई की समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ( NSUI) नगर अध्यक्ष ऋतिक चौहान के साथ में प्रभारी प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे। तब आईटीआई में मौजूद कर्मचारी (प्यून) अभद्र भाषा का उपयोग किया, हमें प्राचार्य से मिलने नहीं दिया गया। शासकीय आईटीआई में छात्रों की परीक्षा जून जुलाई में प्रारंभ होने वाली है, लेकिन शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हमारी मांग है कि अभद्रता करने वाले प्यून पर कार्रवाई हो, शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने और बाद में रिकॉर्ड में हेरफेर कराने के प्रयास का बड़ा खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा और आरपीएससी के यूडीसी मानसिंह मीणा को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि राजेश कुमार मीणा ने अक्टूबर 2022 में आयोजित प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा में स्वयं परीक्षा देने के बजाय अपने परिचित उम्मेद सिंह को डमी अभ्यर्थी के रूप में बैठाया। आरोपी ने परीक्षा प्रवेश पत्र में कंप्यूटर से छेड़छाड़ कर अपनी जगह उम्मेद सिंह की फोटो लगा दी और संशोधित प्रवेश पत्र उसे उपलब्ध कराया। इसके बाद उम्मेद सिंह ने 17 अक्टूबर 2022 को सामान्य ज्ञान और 18 अक्टूबर 2022 को इतिहास विषय की परीक्षा राजेश कुमार मीणा के स्थान पर दी। परीक्षा के दौरान उपस्थिति पत्रक पर भी उम्मेद सिंह ने अपनी फोटो लगाकर राजेश कुमार मीणा के हस्ताक्षर की नकल की। एसओजी के अनुसार इस सुनियोजित फर्जीवाड़े के जरिए राजेश कुमार मीणा परीक्षा में सफल होकर प्राध्यापक (इतिहास) पद पर नियुक्त हो गया। बाद में उसने आरपीएससी के रिकॉर्ड में मौजूद उपस्थिति पत्रक से डमी अभ्यर्थी की फोटो हटवाकर अपनी फोटो लगवाने का प्रयास किया, ताकि भविष्य में इस फर्जीवाड़े का खुलासा न हो सके। जांच में सामने आया कि आरपीएससी अजमेर में कार्यरत यूडीसी मानसिंह मीणा ने रिकॉर्ड में हेरफेर करने के एवज में 8 लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि इसमें से 2 लाख रुपये अग्रिम के रूप में भी ले लिए गए। मामले में एसओजी थाना में अभियोग संख्या 11/2025 दर्ज किया गया था। इससे पहले डमी अभ्यर्थी उम्मेद सिंह और सहयोगी रमेश विश्नोई उर्फ ढाका को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा प्रकरण दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था, जिसे अब गिरफ्तार कर न्यायालय से 18 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं, आरपीएससी के यूडीसी मानसिंह मीणा की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उसे 12 मई को गिरफ्तार किया गया। एसओजी अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में वापसी कर ली है। बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में उन्होंने अपने पति प्रहलाद सिंह परमार के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला मंत्री वर्षा गढ़ेकर और नगर मंडल अध्यक्ष गणेश साहू सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने नीतू परमार और उनके पति का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। ‘भाजपा की रीति-नीति से लोग जुड़ रहे’ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की रीति-नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न वर्गों के लोग लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने नीतू परमार का भाजपा परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से संगठन को और मजबूती मिलेगी। नीतू परमार ने भाजपा में वापसी पर कहा कि उनका परिवार वर्षों से भाजपा से जुड़ा रहा है। कुछ परिस्थितियों के कारण उन्हें अलग रास्ता अपनाना पड़ा था, लेकिन अब वह भाजपा की विचारधारा और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर पुनः पार्टी में शामिल हुई हैं। उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनसेवा के उद्देश्य से संगठन को मजबूत करने की बात कही। भाजपा जिला मंत्री वर्षा गढ़ेकर ने भी उनकी वापसी का स्वागत किया। चुनाव निरस्त होने के बाद कोर्ट तक लड़ी कानूनी लड़ाई नीतू परमार का राजनीतिक सफर काफी चर्चाओं में रहा है। वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी और बाद में कांग्रेस के समर्थन से नगर पालिका अध्यक्ष बनी थीं। इसके बाद उनके निर्वाचन को अदालत में चुनौती दी गई। जून 2023 में जिला अदालत ने उनका चुनाव निरस्त कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ी। करीब तीन साल के संघर्ष के बाद अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए दोबारा अध्यक्ष पद पर बहाल करने का आदेश दिया था।
कैथल के सरकारी अस्पताल में पिछले 2 दिनों से बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्सरे, सिटी स्कैन और अन्य जरूरी टेस्ट बंद पड़े हैं, जिससे मरीज घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। अस्पताल के कई कमरों में अंधेरा पसरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि कर्मचारी मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों की पर्चियां काट रहे हैं। हर रोज सैकड़ों मरीज एक्सरे और सिटी स्कैन के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। बिजली न होने के कारण मशीनें बंद पड़ी हैं और मरीज बिना इलाज लौटने को मजबूर हैं। हालांकि नागरिक अस्पताल प्रबंधन ने जल्द बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करवाने की बात कही है। फिलहाल मरीजों को समस्या बनी हुई है। महिला का नहीं हुआ एक्सरे एक्सरे करवाने पहुंची एक बुजुर्ग महिला लक्ष्मी ने बताया कि वह कल भी अस्पताल आई थीं। लेकिन बिजली न होने के कारण उनका एक्सरे नहीं हो पाया। आज फिर सुबह से बैठी हैं, लेकिन दोपहर तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। हादसे में घायल के इलाज में हुई देरी एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के भतीजे फरल निवासी पवन ने बताया कि उनके चाचा का एक्सीडेंट हुआ था। वे कल भी अस्पताल में पूरे दिन बैठे रहे और आज भी एक्सरे नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के बिना आगे की कार्रवाई और इलाज दोनों में देरी हो रही है। सैंपल के टेस्ट नहीं हो पाने से लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं। पीएमओ बोले-ठीक करवा रहे मामले को लेकर जब अस्पताल के पीएमओ दिनेश कंसल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को समस्या की जानकारी मिली है। बिजली व्यवस्था को ठीक करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली के साथ-साथ जनरेटर में भी तकनीकी खराबी आ गई है, जिसे जल्द ठीक करवाया जाएगा।
लालबाग पुलिस ने एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3.20 लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया है। आरोपी ने एप्पल शोरूम का शटर काटकर लाखों रुपए के मोबाइल, आईपैड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी किए थे। एएसपी एएस कनेश ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, बुरहानपुर की न्यू इंदिरा कॉलोनी निवासी मयंक धर्मशी ने लालबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह 6:30 बजे गोलू जायसवाल ने फोन कर दुकान के ताले टूटे होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर मयंक ने देखा कि शटर आधा खुला था और ताले टूटे पड़े थे। आईफोन, आईपैड और लैपटॉप समेत लाखों का सामान चोरी दुकान के अंदर जांच करने पर एक आईफोन 17 (256 जीबी), एक आईफोन 16 (128 जीबी), तीन एप्पल आईपैड, एक पुराना आईपैड 9 जनरेशन, लैपटॉप एडाप्टर, ग्राहक का लैपटॉप, पुराना ओप्पो मोबाइल और एप्पल कंपनी की अन्य एक्सेसरीज गायब मिलीं। चोरी हुए सामान की कुल कीमत 3 लाख 53 हजार 443 रुपए आंकी गई थी। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपी किशन पिता मांगीलाल बारेला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 16 और 17 अप्रैल की दरमियानी रात अपने बड़े भाई जेकेराम की मोटरसाइकिल से सिंधीबस्ती स्थित एप्पल प्लेनेट शोरूम पहुंचकर आरी और सब्बल से शटर काटा था। इसके बाद उसने दुकान से मोबाइल, टैबलेट और अन्य सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने बरामद किया चोरी का सामान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो एप्पल मोबाइल, एक ओप्पो टच स्क्रीन मोबाइल, दो एप्पल टैबलेट, मैकबुक चार्जर एडाप्टर, कार चार्जर, एप्पल ईयरफोन, एप्पल आईपॉड, दो पावर बैंक, लैपटॉप बैग और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद किया है। कुल 3 लाख 53 हजार 443 रुपए के चोरी गए सामान में से 3 लाख 20 हजार रुपए का सामान बरामद कर लिया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। पहली बार ऐसा हुआ, जब 12वीं का रिजल्ट 10वीं के बाद जारी किया गया। 10वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल को जारी किया गया था। पाली में भी परिजन बच्चों के अच्छे अंक आने पर उनका मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाते नजर आए। जालोर जिले के भीनमाल के पांचपादरा के रहने वाले त्रिपालसिंह पाली जिले के जोजावर नवोदय विद्यालय के स्टूडेंट है। जिन्होंने 12वीं आर्ट्स में 94.20% अंक हासिल किए। उनके पिता नारायण सिंह बस ड्राइवर है और मां ममता कंवर हाऊस वाइफ है। तीन भाई बहनों में त्रिपाल सबसे छोटा है। बड़ी बहन हीना बीएड की पढ़ाई कर रही है और बहन डिम्पल बीए पढ़ रही है। त्रिपालसिंह ने बताया कि वह आगे चलकर RAS बनना चाहता है। मोबाइल से दूर रहकर एंजल लाई 90 प्रतिशत, CA बनना लक्ष्यपाली शहर के सिंधी कॉलोनी में रहने वाली एंजल निहालानी ने 12वीं कॉमर्स में 90 प्रतिशत हासिल किए और आगे सीए बनने का उसका लक्ष्य है पिता ललित निहालानी लोन एजेंट है और मां महक हाऊस वाइफ है। एंजल का एक छोटा भाई भव्य है जो 10वीं में पढ़ता है। एंजल ने बताया कि वह रोजाना छह-सात घंटे पढ़ाई करती थी और उसक लक्ष्य सीए बनने का है। सुबह चार बजे उठकर पढ़ता था अहर्म, लाया 95 प्रतिशतपाली के अर्हम जैन ने 12वीं कॉमर्स में 95 अंक हासिल किए। स्कूल से आने के बाद रोजाना छह-सात घंटे पढ़ना उनका रूटीन था। आगे चलकर वे CA बनना चाहते है। अर्हम की बड़ी बहन लक्षिता बीकॉम फाइनल पढ़ रही है। मां आशा हाऊस वाइफ है और पिता धर्मेन्द्र जैन टेक्सटाइल बिजनेसमैन है। अर्हम सुबह चार बजे उठकर पढ़ता था। भावेश पारीक बनना चाहता है डॉक्टरपाली के मिलगेट क्षेत्र में रहने वाले भावेश पारीक ने 12वीं साइंस में 90.40 अंक प्राप्त किए। उनका सपना डॉक्टर बनने का है। भावेश के पिता पंकज पारीक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी है और मां इंद्रा पारीक हाऊस वाइफ है। बड़ा भाई केशव पारीक बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। भावेश ने बताया कि वह रोजाना सात-आठ घंटे पढ़ाई करता था। चारवी व्यास ने लाए 90.40 अंक, आर्टिस्ट बनना सपनापाली के रामदेव रोड क्षेत्र रहने वाली चारवी व्यास ने 12वीं कॉमर्स में 90.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। रोजाना पांच-छह घंटे पढ़ना उसका रूटीन रहा है। उसका सपना आर्टिस्ट बनने का है। वह बताती है कि उसे देश के विभिन्न राज्यों क कल्चर, नेचर, पशु-पक्षी, जंगल अच्छे लगते है। मॉर्डन आर्ट के जरिए उन चित्रों को केनवास पर उतारना उसका सपना है और इसी में वह अपना कॅरियर बनाना चाहती है। उनके पिता हीरालाल व्यास एड एजेंसी चलाते है और मां सुमनलता हाऊस वाइफ है। छोटा भाई रोहन सातवीं में पढ़ता है।
चित्तौड़गढ़ में बुधवार को NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग लिखी हुई थी। उन्होंने कहा कि धांधली से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ता ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मेहनती छात्रों के सपने टूटे, सरकार जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स मेहनत करके NEET परीक्षा की तैयारी की थी। कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी और गहने तक बेच दिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीसरी बार NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवाओं और छात्राओं ने भी जताई नाराजगी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं भी शामिल हुए। सेगवा निवासी कृष्णा जाट ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। छात्र महीनों और सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले स्टूडेंट्स को उनका हक मिल सके। प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं ने भी कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की खबरें आने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बलरामपुर रामानुजगंज जिले की चलगली पुलिस ने अवैध कोयला परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 23/2026 के तहत की गई। पुलिस ने मामले में धारा 318, 338, 336 एवं 3(5) भान्यासं के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय कुमार, अफताब आलम और विनोद नायक शामिल हैं। सड़क किनारे लावारिस मिला था कोयले से भरा ट्रेलर पुलिस के मुताबिक, 22 मार्च की रात थाना चलगली की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान ग्राम डोंगरो में रात करीब 10:30 बजे सड़क किनारे ट्रेलर वाहन (CG 13 AL 4354) लावारिस हालत में खड़ा मिला। वाहन में भारी मात्रा में कोयला लदा हुआ था। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जांच के दौरान कोयला परिवहन से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाए गए। पूछताछ में सामने आया पूरा मामला मामले की जांच के दौरान संदेही सीताराम (38) से पूछताछ की गई। उसने बताया कि करीब 32 टन कोयला ट्रांसपोर्टर अफताब खान से मंगाया गया था और इसे ग्राम डोंगरो पहुंचाया जाना था। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रेलर का ड्राइवर अक्षय कुमार था, जबकि वाहन का मालिक विनोद नायक है। तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 12 मई को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच थाना चलगली पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस अवैध कोयला परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

