कानपुर देहात में शनिवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) की प्रथम पाली कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर 2544 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की गई। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए प्रत्येक केंद्र पर महिला पुलिसकर्मियों की अलग टीम तैनात रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की भी कड़ी जांच की गई। हर केंद्र पर पुलिस बल और सीसीटीवी से निगरानी परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सभी छह केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई। इसके अलावा सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। डीएम और एसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच और परीक्षा संचालन का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकल या अन्य किसी अनियमितता में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के लुधियाना निवासी जगप्रीत सिंह को अपनी ही पत्नी बलविंदर कौर (41) की चाकुओं से गोदकर हत्या करने का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने जगप्रीत सिंह को सेकेंड डिग्री मर्डर के आरोप में दोषी माना है। कोर्ट अब आगामी 19 अक्टूबर को जगप्रीत सिंह के साइकेट्रिक असेसमेंट रिपोर्ट की समीक्षा करेगी, जिसके बाद उसकी सजा का ऐलान किया जाएगा। आरोपी जगप्रीत सिंह को पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हो सकती है। जगप्रीत सिंह भारत से विजिटर वीजा पर 2024 में कनाडा गया था और वहां पहुंचने के छह दिन बाद ही उसने एबॉट्सफोर्ड स्थित एक बेसमेंट सुइट में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। जगप्रीत ने हत्या के बाद अपनी मां को वीडियो कॉल करके कहा था कि काम हो गया है। अदालत ने जगप्रीत के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उसने इसे 'गलती से हुआ हादसा' और 'अचानक उपजे गुस्से का परिणाम' बताने की कोशिश की थी। पत्नी की हत्या केस की कोर्ट प्रोसिडिंग में क्या-क्या हुआ, सिलसिलेवार जानिए... जगप्रीत सिंह ने चाकू मारकर कैसे की थी पत्नी की हत्या, सिलसिलेवार जानिए... पत्नी बेटी के साथ गई थी कनाडा: जगप्रीत सिंह लुधियाना के पखोवाल रोड का रहने वाला है। उसकी पत्नी बलविंदर कौर साल 2022 में अपनी बेटी की मदद के लिए कनाडा के एबॉट्सफोर्ड शिफ्ट हुई थीं, जो वहां यूनिवर्सिटी की पढ़ाई करने गई थी और बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से घिर गई थी। जगप्रीत 9 मार्च 2024 को कनाडा पहुंचा था। हत्या से पहले की थी शॉपिंग: 15 मार्च 2024 की शाम को जगप्रीत और बलविंदर एबॉट्सफोर्ड के एक गुरुद्वारा साहिब गए थे। इसके बाद वे दोनों मॉल में शॉपिंग करने गए। रात करीब 9:30 बजे दोनों उबर टैक्सी से वैगनर ड्राइव स्थित अपने बेसमेंट सुइट में वापस लौटे। पैसों को लेकर विवाद: बलविंदर कौर की बहन राजविंदर कौर ने तब मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जगप्रीत बेरोजगार था। इस वजह से घर लौटने के बाद दोनों के बीच आर्थिक तंगहाली और पैसों को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। चाकू से 7 वार किए थे: पत्नी पत्नी की बहस के दौरान जगप्रीत ने गोश्त काटने वाले एक भारी चाकू से बलविंदर पर हमला कर दिया। उसने बलविंदर के गले और छाती पर एक के बाद एक 7 बार चाकू से वार किए। हमला इतना जोरदार था कि चाकू का हैंडल टूटकर बलविंदर के शव के पास ही गिर गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि गले और छाती की नसों के कटने व अत्यधिक खून बहने के कारण बलविंदर की मौत हुई। मां को वीडियो कॉल की: बलविंदर को लहूलुहान करने के तुरंत बाद जगप्रीत ने पंजाब के लुधियाना में रहने वाली अपनी मां को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया। बलविंदर की बहन ने बताया कि वीडियो कॉल पर तड़पती हुई पत्नी को दिखाते हुए जगप्रीत ने अपनी मां से कहा, मैंने इसे हमेशा के लिए सुला दिया है। वहीं जगप्रीत के भाई का दावा किया था कि उसने फोन पर सिर्फ यह कहा था कि गलती से चोट लग गई है और वह माफी मांग रहा था। बेसमेंट में खून से लथपथ पड़ी थी बलविंदर कौर: रात करीब 10:38 बजे जब एक पड़ोसी किसी काम से बेसमेंट सुइट में गया, तो वह दंग रह गया। बलविंदर जमीन पर खून से लथपथ और बेसुध पड़ी थीं। सूचना मिलने पर तत्काल एबॉट्सफोर्ड पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जगप्रीत को किया था गिरफ्तार: जब कॉन्स्टेबल निकोलस हाउडेन पुलिस टीम के साथ घर के अंदर दाखिल हुए, तो जगप्रीत सिंह बेसमेंट में सोफे के पास जमीन पर बैठा हुआ था। वह डरा हुआ और सदमे में दिख रहा था और पुलिस अधिकारियों को सिर्फघूर रहा था। चूंकि वह अंग्रेजी नहीं जानता था, इसलिए उसे अधिकारियों के निर्देश समझने में भी दिक्कत हो रही थी। पुलिस ने जगप्रीत को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि बलविंदर ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
हरियाणा के नारनौल और आसपास के क्षेत्रों में दो दिनों के दौरान दो युवतियों और दो महिलाओं के लापता होने के चार अलग-अलग मामले सामने आए हैं। सभी मामलों में परिजनों ने काफी तलाश के बाद संबंधित थानों में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर इनकी तलाश शुरू कर दी। पहला मामला थाना निजामपुर क्षेत्र का है, जहां गांव छीलरो से 19 वर्षीय युवती सुबह घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में एक युवक पर संदेह भी जताया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर से भी लड़की गायब दूसरा मामला थाना शहर नारनौल क्षेत्र का है, जहां मोहल्ला बड़ा बाग से 18 वर्षीय युवती रात के समय घर से लापता हो गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मानसिक परेशान महिला लापता तीसरा मामला शहर के दयानगर क्षेत्र का है। यहां 57 वर्षीय महिला दोपहर के समय घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों के अनुसार महिला का मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं है। काफी तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दी गई। राजस्थान की रहने वाली महिला गई चौथा मामला शास्त्री नगर क्षेत्र का है, जहां 22 वर्षीय विवाहिता रात के समय घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उक्त महिला यहां रिश्तेदारी में रहती थी, जो मूल रूप से राजस्थान के नीम का थाना की निवासी है। मामला दर्ज, तलाश शुरू चारों मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लापता महिलाओं और युवतियों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मथुरा में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत को पीपीएस (प्रांतीय पुलिस सेवा) कैडर से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) कैडर में पदोन्नत किया गया है। इस अवसर पर शनिवार को पुलिस लाइन स्थित विमर्श सभागार में एक पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में सुरेश चंद्र रावत के कंधों पर आईपीएस का बैज लगाकर उन्हें सम्मानित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने इस अवसर पर सुरेश चंद्र रावत के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि रावत ने जनपद में अपनी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और कार्यकुशलता से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूत किया है। श्लोक कुमार ने रावत को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जनपद के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी सुरेश चंद्र रावत को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी। अधिकारियों ने उनकी पदोन्नति को पुलिस विभाग के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे आईपीएस अधिकारी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। पीपिंग सेरेमनी के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। सभी ने सुरेश चंद्र रावत को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल और उज्ज्वल प्रशासनिक जीवन की कामना की। समारोह में पुलिस विभाग के कई राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सुरेश चंद्र रावत की आईपीएस कैडर में यह पदोन्नति जनपद पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे पुलिस विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
बरेली में शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का तीसरा और आखिरी दिन है। जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। खास बात यह रही कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर सिर्फ शिक्षक बनने का सपना लेकर पहुंचे युवा ही नहीं, बल्कि पहले से कार्यरत शिक्षक और शिक्षा मित्र भी परीक्षा देते नजर आए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीईटी को सभी संबंधित शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जाने के कारण इस बार परीक्षा का स्वरूप पहले की तुलना में काफी अलग दिखाई दिया। तीन दिन में 37 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षातीन दिनों तक चली इस परीक्षा में जिले के 17 केंद्रों पर कुल 37,613 अभ्यर्थियों के शामिल हुए है। पहले और दूसरे दिन दो-दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई, जबकि शनिवार यानी अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा कराई जा रही है। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। समय से पहले पहुंचने के लिए कई अभ्यर्थी सुबह ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। दूसरे जिलों से भी पहुंचे परीक्षार्थीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए बरेली के अलावा आसपास के कई जिलों से भी अभ्यर्थी पहुंचे। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे और प्रमुख मार्गों पर सुबह से परीक्षार्थियों की आवाजाही बढ़ी रही। कई अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा मित्र भी परीक्षा देते नजर आए। पहले दो दिन दो पालियां, आखिरी दिन सिर्फ एकपरीक्षा के पहले और दूसरे दिन पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। समय का सख्ती से पालन कराया गया और निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामपरीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। पर्याप्त पुलिस बल के साथ केंद्रों की निगरानी की जा रही है। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया। सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इन 17 केंद्रों पर हुई परीक्षाजिले में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज (ब्लॉक ए और बी), एसवी इंटर कॉलेज, श्री पीसी आजाद इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विष्णु इंटर कॉलेज, श्री गुलाब राय इंटर कॉलेज, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज, बिशप मंडल इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और केपीआरसी कला केंद्र गर्ल्स इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। अब परिणाम का इंतजारतीन दिन तक शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। जिन युवाओं ने शिक्षक बनने के लिए परीक्षा दी है, उनके लिए यह परीक्षा भविष्य तय करने वाली है, जबकि कार्यरत शिक्षक और शिक्षा मित्र भी अब अपने परिणाम का इंतजार करेंगे।
लुधियाना के जस्सियां रोड स्थित एक गली में खड़ी थार गाड़ी को निशाना बनाकर बदमाशों ने लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। आरोपियों ने गाड़ी का पिछला शीशा कथित तौर पर किसी केमिकल की मदद से तोड़ा और लैपटॉप समेत अन्य महंगा सामान लेकर फरार हो गए। शीशा टूटने की आवाज तक इलाके में किसी को नहीं आई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घर के बाहर खड़ी थी थार,3.30 पर आए चोर पीड़ित मनवीर, जो ईंट बनाने वाली मशीनों का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना की तरह उन्होंने रात को अपनी थार घर के बाहर पार्क की थी। जल्दबाजी में उनका लैपटॉप और अन्य कीमती सामान से भरा बैग गाड़ी में ही रह गया। मनवीर के अनुसार वीरवार रात करीब 3:30 बजे दो संदिग्ध युवक गली में पहुंचे। उनके हाथों में टॉर्च थी। दोनों ने पहले गली में खड़ी अन्य गाड़ियों की रेकी की और फिर थार को निशाना बनाया। बदमाशों ने किसी केमिकल की मदद से गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ दिया, जिससे कोई आवाज नहीं हुई। सिक्योरिटी सायरन बजने पर भागे जैसे ही आरोपियों ने गाड़ी का पिछला दरवाजा खोला, वाहन का सिक्योरिटी सायरन बजने लगा। सायरन बजने के बावजूद चोर घबराए जरूर, लेकिन जल्दबाजी में डेढ़ लाख रुपये कीमत का लैपटॉप, करीब 53 हजार रुपये के मेटा स्मार्ट ग्लासेज, गिम्बल, ट्राइपॉड, माइक और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। मौके पर देखा तो गाड़ी के पास एक कैमीकल गिर था। 20 से 25 बार पुलिस कंट्रोल पर किया फोन घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। मनवीर ने बताया कि सायरन की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। इसके बाद करीब 20 से 25 बार पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया गया, लेकिन काफी देर तक किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी मशक्कत के बाद पीसीआर कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने मदद करने की बजाय उनसे सवाल किया कि उन्होंने गाड़ी में बैग क्यों छोड़ा था। इस प्रतिक्रिया से निराश होकर उन्होंने पुलिस चौकी में औपचारिक शिकायत भी दर्ज नहीं करवाई। मनवीर ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले उनकी फैक्ट्री में भी चोरी हो चुकी है, जहां से दो लैपटॉप चोरी हुए थे। उस मामले में पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने एलएलबी तीन वर्षीय प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों की शिकायतों के बाद बड़ा फैसला लिया है। अब छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं का निःशुल्क निरीक्षण करने का मौका मिलेगा। इससे छात्र अपनी कॉपी देखकर मूल्यांकन को लेकर उठ रही शंकाओं का समाधान कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में सभी संबद्ध विधि महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं। कॉलेजों को इच्छुक छात्रों की समेकित सूची 10 जुलाई तक हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों माध्यमों से विश्वविद्यालय को भेजनी होगी। उत्तरपुस्तिकाओं का निरीक्षण राजकीय डिग्री कॉलेज, मथाना में कराया जाएगा। निरीक्षण के समय छात्र के साथ उसके माता या पिता में से किसी एक अभिभावक की उपस्थिति अनिवार्य होगी। अभिभावक को अपना वैध पहचान पत्र भी साथ लाना होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। निरीक्षण संबंधित विषय के शिक्षकों की मौजूदगी में होगा। यदि किसी उत्तरपुस्तिका में कोई प्रश्न बिना जांचा हुआ मिलता है, तो छात्र उसी समय अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। विश्वविद्यालय ने बताया कि उत्तरपुस्तिकाओं के निरीक्षण की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। यह कदम परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों की शिकायतों के निष्पक्ष समाधान के उद्देश्य से उठाया गया है।
देवरिया में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी)-2026 के तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को 12 परीक्षा केंद्रों पर प्रथम पाली में परीक्षा आयोजित की गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेट्रिक सत्यापन के बीच 5,183 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। शनिवार सुबह 7:30 बजे से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार की नकल सामग्री ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। हर केंद्र पर पुलिस बल रहा तैनात परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए सभी 12 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्येक केंद्र पर एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे। मजिस्ट्रेट करते रहे निगरानी परीक्षा की निगरानी के लिए जिले में 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। डीएम और एसपी ने रखी परीक्षा पर नजर जिलाधिकारी (डीएम) मसूद अहमद हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी परीक्षा व्यवस्था की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराई गई तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश पहले से ही दिए गए थे।
फतेहाबाद में गारमेंट्स शॉप में लगी आग:शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारण; ऊपर बने गोदाम में भी सामान जला
फतेहाबाद जिले के भट्टू कस्बे में हिसार रोड स्थित गारमेंट्स शॉप में शुक्रवार देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकान में रखा तैयार गारमेंट्स का सामान, फर्नीचर और अन्य सामग्री जल गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दुकान के ऊपर बने गोदाम तक पहुंच गई, जहां रखा कपड़ों का स्टॉक भी पूरी तरह जल गया। घटना से दुकानदार को लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटें देखकर पड़ोस के लोगों ने दी सूचना जानकारी के अनुसार, न्यू दुर्गा गारमेंट्स एवं जनरल स्टोर शॉप में देर रात 11 बजे के बाद धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने तुरंत दुकानदार और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान और गोदाम में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही लपटें दिखाई दे रही थीं। आग बुझाने के दौरान आसपास के लोगों ने भी दमकल कर्मियों का सहयोग किया, जिससे आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। हालांकि, आग सुबह तक धधकती रही। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारण प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित दुकानदार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 4 जुलाई, दिन शनिवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में 'राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025' के लिए योग्य शिक्षकों को तलाशना शिक्षा विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सूबे के 19 जिलों से एक भी आवेदन न मिलने के कारण विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 30 जून से बढ़ाकर अब 7 जुलाई 2026 कर दिया है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। 19 जिलों से एक भी आवेदन नहीं विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 19 जिलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां 'फाइनल सबमिशन' का आंकड़ा अभी भी शून्य पर अटका हुआ है। इसी उदासीनता को देखते हुए शासन ने समय-सारणी में वृद्धि करने का फैसला लिया है। प्रग्रायराज सबसे आगे, जौनपुर में सबसे ज्यादा आवेदन पेंडिंग सर्वाधिक 5 फाइनल सबमिशन के साथ प्रयागराज जिला सबसे आगे चल रहा है। यहां कुल 11 पंजीकरण हुए हैं। वहीं, जौनपुर जिले में सबसे ज्यादा 13 शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन तो कराया, लेकिन 11 शिक्षकों ने अभी तक आवेदन प्रक्रिया शुरू ही नहीं की है। कमोबेश यही हाल दूसरों आगरा, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बलिया और चित्रकूट जैसे जिलों का है। जहां केवल 3-3 आवेदन ही अंतिम रूप से जमा हो पाए हैं। 'प्रेरणा' पोर्टल पर करना होगा आवेदन शासनादेश के अनुसार, योग्य और अर्ह शिक्षक 'प्रेरणा' वेब पोर्टल (www.prernaup.in) के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जनपदों में इस पुरस्कार का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही, योग्य शिक्षकों से हर हाल में 7 जुलाई तक अधिकतम आवेदन पत्र भरवाना सुनिश्चित करें।
गोरखपुर-यूपी के गुलरिहा थाना क्षेत्र से करीब 2 साल पहले लापता 9वीं का छात्र अजमेर में मिला। गुलरिहा थाने में 3 सितंबर 2024 को गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस टीम छात्र की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने जब जांच पड़ताल की तो राजस्थान के अजमेर की लोकेशन मिली। इसके बाद वहां की पुलिस से बातचीत कर टीम अजमेर पहुंची, यहां आने पर पता चला कि छात्र एक होटल में काम करता है। पुलिस छात्र को लेकर गोरखपुर गई और शुक्रवार दोपहर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह यूट्यूबर 'इंडियन हैकर' का फैन है। उसकी वीडियो ज्यादा देखता था। वह राजस्थान के अजमेर में ही रहता है। उससे ही मिलने के लिए वह घर से निकला था। राजस्थान जाने के बाद जब उससे नहीं मिल पाया तो एक होटल में काम करने लगा। जानिए पूरा मामला … गुलरिहा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति का 15 साल का छोटा बेटा 3 सितंबर 2024 को सुबह स्कूल के लिए निकला और फिर वापस नहीं लौटा। परिवार वालों ने काफी देर तक तलाश किया। स्कूल और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई पता नहीं चला। जिसके बाद वे पूरी तरह घबरा गए। शाम को थाने पहुंच कर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तहरीर में उन्होंने किडनैपिंग की आशंका जताई थी। जानकारी के मुताबिक एक दिन पहले ही पिता ने उसको पढाई के लिए फटकार लगाई थी। जिससे वह बहुत ज्यादा नाराज हो गया था। रात में खाना भी नहीं खा रहा था। मां के बहुत मनाने के बाद खाना खा कर सो गया। सुबह उठकर चुपचाप स्कूल के लिए तैयार हुआ। नाश्ता किया, लंच लिया और निकल गया। स्कूल से नहीं लौटा तो बढ़ी चिंता सब लोग यही सोच रहे थे कि पढ़ने गया है। लेकिन स्कूल की छुट्टी के बहुत देर बाद तक वह घर नहीं लौटा। परिवार वाले आसपास उसकी तलाश किए। स्कूल जाकर पता किया तो पता चला कि स्कूल पहुंचा ही नहीं था। किडनैपिंग की आशंका थी माता- पिता ने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर भी पूछताछ की लेकिन बेटे का कहीं पता नहीं चला। जिसके बाद उन्हें किडनैपिंग का डर हुआ। परिजनों ने उसी शाम गुलरिहा थाने पहुंच कर FIR दर्ज कराई। तभी से पुलिस उसके तलाश में जुटी थी। हर सुराग खंगालने की कोशिश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। 10 दिन पहले फेसबुक पर पिता ने देखा फोटो जानकारी के मुताबिक के करीब 10 दिन पहले नाबालिग के पिता ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बेटे को देखा। उन्होंने तुरंत इसकी जानकरी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत एक्टिव हो गई। सर्विलांस की मदद से उस आईडी का लोकेशन पता करने की कोशिश की। छानबीन में राजस्थान के अजमेर की लोकेशन आई। पुलिस ने पहले फोन से संपर्क करने की कोशिश की। काफी कोशिशों के बाद भी जब संपर्क नहीं हो पाया तो एक टीम अजमेर के लिए निकली। पुलिस की टीम अजमेर पहुंची टीम ने अजमेर पहुंचने के बाद फोटो की मदद से गहराई से खोजबीन की गई। तो एक होटल की लोकेशन मिली। पुलिस जब उस होटल पहुंची तो नाबालिग वहीं काम करता हुआ दिखाई दिया। लोकल पुलिस की मदद उसे बरामद किया गया। कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने परिजनों की बात करवाई। उसके बाद शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे पुलिस उसे लेकर गोरखपुर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।
संतकबीरनगर जिले के बखिरा क्षेत्र में आनंद गौतम की चाकू मारकर हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने हल्का दरोगा और मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पुलिस लाइन से संबद्ध किया है। 30 वर्षीय आनंद गौतम की हत्या 18 जून की शाम 7 बजे बभनी चौराहे पर हुई थी। जांच में सामने आया कि मृतक आनंद के रिश्तेदार की एक लड़की और मुख्य आरोपी नासिर कुसम्हा माफी के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 6 जून को आनंद के घर के पास एक शादी में नासिर के पहुंचने पर आनंद और उसके परिजनों ने उसकी पिटाई की थी। इसी विवाद के चलते यह घटना हुई। घटना के बाद भीड़ आक्रोशित हो गई थी और शव उठाने से इनकार करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीजी, डीआईजी, डीएम, एसपी, एएसपी और सीओ सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। संतकबीरनगर के साथ-साथ बस्ती और सिद्धार्थनगर से भी पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी। कोलकी चमरसन गांव, जहां यह घटना हुई, थाने से करीब 15 किलोमीटर दूर है और थाना क्षेत्र के हल्का नंबर-02 में आता है। इस हल्के में एसआई राजकुमार मिश्र और मुख्य आरक्षी मनोज कुमार यादव लगभग तीन साल से तैनात थे। उनकी लापरवाही के कारण ही यह कार्रवाई की गई है। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि उक्त घटना में हल्का दरोगा राजकुमार मिश्र व मुख्य आरक्षी मनोज कुमार यादव ने यदि अपने पदीय दायित्यों का निर्वहन ठीक प्रकार से किया गया होता तो सरेआम कत्ल जैसी घटना नहीं होती। इसके साथ ही शांति एवं कानून व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न नहीं होती। हल्का दरोगा राजकुमार मिश्र व मुख्य आरक्षी मनोज कुमार यादव को अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं अकर्मण्यता के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
सीएमओ पर फर्जी शिकायत निस्तारण का आरोप:पीड़ित ने प्रधानमंत्री से दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की
जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत का फर्जी तरीके से निस्तारण करने का गंभीर आरोप लगा है। बुलंदशहर निवासी पीड़ित चंद्र भूषण मित्तल ने इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर किसी अन्य सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता चंद्र भूषण मित्तल ने पूर्व में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। आरटीआई से मिले जवाब में सामने आया कि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2025 तक सीएमओ कार्यालय द्वारा स्टेशनरी और साज-सज्जा का कोई सामान नहीं खरीदा गया था। इसके अतिरिक्त, विभाग में संविदा पर चल रहे वाहनों की नियमानुसार जांच की भी मांग की गई थी। इन्हीं वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायत चंद्र भूषण मित्तल ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई थी। मामले में तब मोड़ आया जब पीड़ित की इस शिकायत की जांच वापस बुलंदशहर सीएमओ को ही सौंप दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएमओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए स्वयं ही इस शिकायत का निस्तारण कर दिया। निस्तारण रिपोर्ट में सीएमओ कार्यालय द्वारा दावा किया गया है कि 2 जुलाई को शिकायतकर्ता से मोबाइल पर बात की गई थी। हालांकि, चंद्र भूषण मित्तल ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास विभाग से कोई फोन नहीं आया। उन्होंने प्रशासन से विभाग की कॉल डिटेल सार्वजनिक करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत हो, वही उसकी जांच कैसे कर सकता है? चंद्र भूषण मित्तल ने अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है और मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच बुलंदशहर सीएमओ के बजाय किसी अन्य निष्पक्ष व सक्षम अधिकारी से कराई जाए। वहीं, सीएमओ डॉ. सुनील दोहरे का कहना है कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन में आठ दिन के इंतजार के बाद मानसून सक्रिय हो गया। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। धीमी गति की यह बारिश खेती के लिए लाभदायक मानी जा रही है। शनिवार सुबह स्कूली बच्चे छाता लेकर स्कूल पहुंचे। मौसम विभाग ने जिले में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई वार्डों और मुख्य बाजार की सड़कों पर कीचड़ फैल गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, किसानों के लिए यह बारिश राहत भरी रही। खेतों में नमी बढ़ने से खेती-किसानी की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मानसून की सक्रियता के चलते खरीफ सीजन ने भी गति पकड़ ली है। जिले के किसान धान, सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, रायसेन जिले में अब तक 60 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है। बारिश का यह दौर जारी रहने पर बुवाई का रकबा और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
राजधानी के चर्चित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरु कर दी है। मामले में गंज थाना पुलिस ने ईडी अधिकारियों के प्रतिवेदन के आधार पर केस से जुड़े अहम दस्तावेज ईडी को उपलब्ध करा दिए हैं। अब एजेंसी ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन, मनी ट्रेल और इस नेटवर्क को आर्थिक संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका की पड़ताल करेगी। पुलिस द्वारा ईडी को ड्रग्स केस से जुड़े दस्तावेज देने की पुष्टि रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की है। अब पढ़े क्या है पूरा मामलाजानकारी के मुताबिक, ईडी ने गंज थाना पुलिस से एफआईआर, केस डायरी, जब्ती पंचनामा, आरोपियों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे थे। पुलिस ने सभी जरूरी रिकॉर्ड ईडी को सौंप दिए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों की स्टडी के बाद ईडी केस रजिस्टर्ड करेगी और यह पता लगाएगी कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित रकम कहां-कहां निवेश की गई और किन लोगों ने इस नेटवर्क को वित्तीय मदद या संरक्षण दिया। इन बिंदुओं की जांच करेंगे अफसर सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस केवल ड्रग्स की सप्लाई चेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन लोगों की भी पहचान की जाएगी जिन्होंने अवैध कमाई को छिपाने, निवेश करने या वैध दिखाने में भूमिका निभाई। इसके लिए बैंक खातों, संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध निवेश की भी जांच की जाएगी। यदि मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो ईडी संबंधित लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई कर सकती है। नए नामों का होगा खुलासा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईडी को जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है और एजेंसी द्वारा मांगी गई हर जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, ईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई नए नाम सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। नाव्या के संपर्क में थे ये सब पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी नाव्या मलिक का संपर्क केवल ड्रग्स तस्करों तक सीमित नहीं था, वह शहर के कई कारोबारी और इवेंट आयोजक के संपर्क में थी। जिन लोगों का नाम पुलिस की जांच में सामने आया है, उसमें पियूष अग्रवाल, ऋषि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, भावेश शर्मा, शैलू अग्रवाल, अनुराग, विवेक अग्रवाल, मोहित ईशरानी और राकेश ईशरानी के नाम शामिल है। रायपुर के इन होटल-पब में होती थी टेक्नो पॉर्टी पुलिस की चार्जशीट के अनुसार इवेंट और टेक्नो पार्टियों की आड़ में नाव्या सिंडिकेट से ड्रग्स सप्लाई करवाती थी। ये टेक्नो पार्टी ललित महल, हयात होटल एंड कैफे, रास्ता, जूक, रोज बे रिजॉर्ट, एल्सवेयर, पियानो और को पैको जैसे पब और होटल में अलग-अलग समय में आयोजित हुई। व्हाट्सऐप के जरिए फैलाया कारोबार पुलिस की पूछताछ में सामने आया है, कि व्हाट्सऐप के जरिए नशे का कारोबार पहले वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चलता था। बाद में केवल परिचित ग्राहकों को ही सप्लाई दी जाती थी। एडवांस लेकर होटल, पब, बार या आफ्टर पार्टी में डिलीवरी की जाती थी। इन पार्टियों में वही लोग शामिल होते थे, जो ऑनलाइन फॉर्म भरकर एंट्री पाते थे। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया, कि ईडी के अधिकारियों ने नाव्या मलिक ड्रग्स केस से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। केस फाइल को उन्हें दे दिया गया है। रायपुर कमिश्नरेट की एक टीम भी इस मामले में अलग से जांच कर रही है।
संभल में दो दिन की बारिश के बाद बढ़ी उमस:37°C तक पहुंचेगा पारा, बादलों के बीच बारिश का अलर्ट जारी
संभल में दो दिन की बारिश के बाद शनिवार को मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम विभाग ने पूरे दिन बारिश की संभावना जताई है, जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच इसके 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। शुक्रवार की तुलना में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 146 रहा और हवाएं 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। गुन्नौर में हुई हल्की बारिश शुक्रवार को गंगा किनारे स्थित गुन्नौर कस्बे में करीब 10 से 12 मिनट तक बारिश हुई थी। हालांकि जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं होने और तेज धूप निकलने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी बादलों के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। जुलाई की शुरुआत में बदला मौसम का मिजाज इस वर्ष नौतपा का असर अपेक्षाकृत कम रहा और मानसून करीब 12 दिन की देरी से पहुंचा। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री, मई में 45 डिग्री और जून में 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इसके मुकाबले जुलाई की शुरुआत अपेक्षाकृत सुहावने मौसम के साथ हुई है। 14 मिमी बारिश के बाद किसानों ने शुरू की धान की बुवाई जुलाई के शुरुआती तीन दिनों में जिले में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि जून में कुल 28 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद किसानों ने धान की बुवाई शुरू कर दी है। स्थानीय निवासी अमित कुमार ने बताया कि जून की भीषण गर्मी की तुलना में मौसम में सुधार हुआ है, हालांकि कई स्थानों पर बारिश के कारण लोगों को कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
रामपुर की शिवापुरम कॉलोनी में पिछले दस वर्षों से जलभराव और बदहाल सड़क की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। हल्की बारिश में ही सड़क तालाब में बदल जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को उठानी पड़ रही है। अधूरी नाली निर्माण योजना के कारण जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे हल्की बारिश के बाद कॉलोनी की सड़क पर पानी भर गया। स्कूली बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ा। पैदल राहगीरों के अलावा बाइक, स्कूटी और ई-रिक्शा चालकों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पहले से ही जर्जर थी। कुछ समय पहले जल निकासी के लिए नाली निर्माण शुरू किया गया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा होने लगा। वहीं, बिजली के ट्रांसफार्मर के खुले तार पानी में डूबे होने से हादसे की आशंका भी बनी हुई है। देखें 5 तस्वीरें… बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें स्थानीय निवासी विशाल सक्सेना ने बताया कि बरसात में स्कूली बच्चों के जूते, मोजे और यूनिफॉर्म रोज गंदे हो जाते हैं। सनी ने कहा कि यदि समय पर नाली का निर्माण पूरा हो जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। बुजुर्ग रामवती ने बताया कि जलभराव के कारण घर से निकलना मुश्किल हो गया है और हर समय फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। ईओ बोले- अधूरा निर्माण जल्द कराया जाएगा पूरा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि नाली निर्माण कार्य रुकने के कारणों की जानकारी ली जाएगी। यदि निर्माण कार्य अधूरा है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाएगा। फिलहाल कॉलोनी के लोग सड़क और नाली निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
अलवर जिले में मानसून के प्रवेश के तीसरे दिन शनिवार सुबह से मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। तड़के करीब 5 बजे से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में घने बादल छाए हुए हैं, जबकि कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं-कहीं अच्छी बारिश भी दर्ज की गई। सुबह अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। अन्य दिनों की तुलना में शनिवार सुबह तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। घने बादलों के कारण दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा, जिससे जिले में अच्छी बारिश की संभावना और बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अलवर जिले में 5 से 8 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 4 और 9 जुलाई को हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। अलवर में 2 जुलाई को मानसून ने दस्तक दी, जो सामान्य समय से करीब 7 दिन देरी से पहुंचा। हालांकि मानसून की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। गुरुवार को शहर में हल्की बारिश हुई, जबकि सरिस्का, प्रतापगढ़, नौगांव सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार को पूरे दिन बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। वहीं शनिवार सुबह से फिर मौसम सक्रिय हो गया है और बादलों के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में जिले में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। मौसम के ताजा अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए
छिंदवाड़ा शहर के मॉडल रोड पर शुक्रवार रात जैन मोबाइल शॉप की प्रचार वैन को निशाना बनाकर लूट का प्रयास किया गया। बदमाशों ने वाहन में तोड़फोड़ कर बैग में रखी नकदी लूटने की कोशिश की, लेकिन दुकान संचालक की सतर्कता से रकम सुरक्षित बचा ली गई। मामले में एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि दो अन्य युवकों के भी घटना में शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर निवासी और जैन मोबाइल शॉप के संचालक नरेंद्र जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात उनकी मोबाइल प्रचार वैन वसूली कर लौट रही थी। इसी दौरान मॉडल रोड पर कुछ युवकों ने वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी और बैग में रखे करीब 91 हजार 800 रुपए लूटने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक मौके पर पहुंचे और एक आरोपी युवक को पकड़ लिया। साथ ही नकदी से भरा बैग भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फर्रुखाबाद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को अभ्यर्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों की बालियां और अंगूठियां उतरवाने के साथ मेटल डिटेक्टर व बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर गुरुवार से शुरू हुई टीईटी परीक्षा के तीसरे दिन शनिवार को सुबह 7:15 बजे से अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हुआ। अभ्यर्थी सुबह 6:30 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश की प्रक्रिया सुबह 8:45 बजे तक चली। आधार से मिलान, फिर बायोमेट्रिक और मेटल डिटेक्टर से जांच शहर के एनएकेपी डिग्री कॉलेज, क्रिश्चियन इंटर कॉलेज समेत सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड का आधार कार्ड से फोटो मिलान किया गया। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। महिला अभ्यर्थियों की कानों की बालियां और अंगूठियां भी उतरवाई गईं। हर पाली में 6,312 अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा शहर और कमालगंज के 19 परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक पाली में 6,312 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा और प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी टीईटी परीक्षा में हरदोई, कानपुर, इटावा, औरैया और मैनपुरी समेत कई जिलों से अभ्यर्थी शामिल होने पहुंचे हैं। जनपद में परीक्षा कुल पांच पालियों में आयोजित की गई। शनिवार को प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने के साथ ही सभी पांचों पालियां संपन्न हो जाएंगी।
हरदा जिले में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के कारण छोटी नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें और पुल-पुलियाएं जलमग्न होने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। जिले के ग्राम मांदला के पास काली माचक नदी उफान पर है। पुल पर करीब तीन फीट पानी आने के कारण नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ग्राम कमताड़ा में शनिवार सुबह लगभग 5 बजे एक नाला उफान पर आने से गांव की सड़क तालाब में बदल गई। इससे कई घरों और दुकानों में पानी भर गया। इसी तरह, ग्राम रोलगांव में माचक नदी के उफान पर आने से भी घरों में पानी घुस गया है। ग्राम पहटकला में स्यानी नदी भी रौद्र रूप में बह रही है, जो नए पुल से गुजर रही है। आमासेल, रहटाकला, मांदला, ढोलगांव, कडोला, बारंगा, टेमलावाड़ी और सारंगपुर सहित दर्जनों अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलमग्न रास्तों और उफनते नालों को पार करने का जोखिम न लें। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदियों के बीच से लकड़ियां पकड़ते हुए भी दिखाई दिए। इन लोगों को रोकने के लिए मौके पर कोई जवान तैनात नहीं था।
चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने शुक्रवार देर रात पुलिस लाइन सभागार में जिले के सभी थानाध्यक्षों, क्षेत्राधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षक के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश दिए। एसपी आकाश पटेल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गौ तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने शातिर अपराधियों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाकर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश बैठक में हत्या, लूट, दुष्कर्म, महिला अपराध और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा भू-माफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। साइबर अपराध और अवैध कारोबार पर फोकस एसपी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा एनसीआरपी पोर्टल पर फ्रीज हुई धनराशि को पीड़ितों को शीघ्र वापस दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही जुआ, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब और गौ तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा उनके नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा। जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर एसपी ने गंभीर अपराधों में न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने, 'मिशन शक्ति' केंद्रों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा जनसुनवाई और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सीहोर जिले में शनिवार को मानसून की अच्छी दस्तक हुई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में औसतन 1.50 इंच (लगभग डेढ़ इंच) बारिश दर्ज की गई। इस वर्षा के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बारिश में आष्टा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 2.05 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। जावर में 1.89 इंच और इछावर क्षेत्र में 1.77 इंच बारिश दर्ज हुई। सीहोर शहर और आसपास के इलाकों में 1.69 इंच वर्षा हुई। बुधनी के नर्मदा तटीय क्षेत्र में 1.57 इंच, रेहटी में 1.52 इंच और भैरूंदा क्षेत्र में 1.10 इंच बारिश दर्ज की गई। श्यामपुर में सबसे कम 0.83 इंच वर्षा हुई। आज की बारिश को मिलाकर, 1 जून से अब तक जिले में कुल औसत वर्षा 10.63 इंच तक पहुंच गई है। आष्टा कुल 15.47 इंच के साथ जिले में सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र बना हुआ है। अन्य क्षेत्रों में भैरूंदा में कुल 14.01 इंच, इछावर में 12.40 इंच, जावर में 11.68 इंच, सीहोर में 9.01 इंच, रेहटी में 8.55 इंच, बुधनी में 8.38 इंच और श्यामपुर में 5.54 इंच बारिश हुई है। पिछले वर्ष 4 जुलाई तक जिले में केवल 0.05 इंच औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की तुलना में काफी कम थी।
गोंडा जिले में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) का आज शनिवार को अंतिम दिन है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 18 परीक्षा केंद्रों पर पांचवीं पाली की परीक्षा आयोजित की गई। प्रथम पाली में 7640 परीक्षार्थियों ने भाग लिया है जिन्हें त्रिस्तरीय सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। पुरुष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष कर्मचारियों, अध्यापकों और पुलिसकर्मियों द्वारा मेटल डिटेक्टर व अन्य तरीकों से की गई। वहीं, महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों और महिला कर्मचारियों द्वारा मेटल डिटेक्टर के माध्यम से की गई। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने दिया गया। यह तीन दिवसीय परीक्षा आज प्रथम पाली के बाद गोंडा में संपन्न हो जाएगी। 2 और 3 जुलाई को एक-एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जाने के बाद आज सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ-साथ अन्य जांचों में और सख्ती बरती गई। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, कुछ रुपए और पेन के अलावा कोई अन्य वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं थी। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आज गोंडा में प्रथम पाली की आखिरी परीक्षा है। परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में कक्ष निरीक्षक, पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी इस पूरी परीक्षा को संपन्न कराने में लगे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। 3 दिन के अंदर गोंडा में 39702 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी सभी परीक्षा केंद्र पर हमारे अतिरिक्त अधिकारी और कर्मचारी भी लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार का दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' शुक्रवार और शनिवार (4-5 जुलाई) को IIM रायपुर में आयोजित होगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री शामिल होंगे। दो दिन तक सरकार की कार्यप्रणाली, सुशासन, नई तकनीक और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर मंथन होगा। साथ ही आने वाले समय की प्राथमिकताओं और विभागों के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति भी तैयार की जाएगी। सरकार का कहना है कि बदलते समय के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, जहां मंत्रियों के साथ देश के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। इन सुझावों के आधार पर सरकार आगे की कार्ययोजना पर काम करेगी। इन मुद्दों पर होगी चर्चा शिविर में कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास और जनता तक योजनाओं की बेहतर पहुंच जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र होंगे। सरकार इन चर्चाओं के आधार पर विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का रोडमैप तैयार करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का मतलब सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि समय के साथ खुद को बेहतर बनाते हुए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भी है। उनका कहना है कि सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना चाहती है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर परिणाम दिखाई दें। इस चिंतन शिविर में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रबुद्ध विद्वानों के अनुभवों को सुनने और उनसे सीखने का मौका मिलेगा। लगातार तीसरे साल आयोजित हो रहा यह शिविर सुशासन को और प्रभावी, पारदर्शी और जनता से जुड़ा बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। दो दिनों तक शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा होगी, ताकि प्रदेश में गुड गवर्नेंस को और मजबूत बनाया जा सके। देश के बड़े विशेषज्ञ देंगे सुझाव शिविर के पहले दिन आध्यात्मिक गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद अभय करंदीकर नई तकनीक और भविष्य की शासन व्यवस्था पर अपने विचार रखेंगे। वहीं, डॉ. रमेश चंद कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चर्चा करेंगे। दूसरे दिन योग सत्र के बाद सुमन बिल्ला पर्यटन और सेवा क्षेत्र, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति और विकास, गगन नारंग नेतृत्व और उत्कृष्ट प्रदर्शन की संस्कृति, जबकि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने अनुभव साझा करेंगे। सरकार के मुताबिक इस चिंतन शिविर का मकसद सिर्फ चर्चा करना नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में नवाचार बढ़ाना, फैसलों की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना, विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और तकनीक की मदद से लोगों तक सरकारी सेवाएं तेजी से पहुंचाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है।
दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का ऐलान होने के बाद कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी दावेदारी कर रहे हैं। गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को थामने और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए आज (शनिवार) को दतिया के मोटल होटल में कांग्रेस का एक बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन होने जा रहा है। पहले यह सम्मेलन गुरुवार को होना था, लेकिन हाईप्रोफाइल दिग्गजों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए इसकी तारीख बदली गई। इस महामंथन में खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल होने वाले हैं। इनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सांसद अशोक सिंह भी मौजूद रहेंगे। दावेदारों में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक का नाम प्रमुखता से आगे चल रहा है। वहीं, राजेंद्र भारती के परिवार से भी टिकट की तगड़ी मांग की जा रही है। इनके अलावा जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय शुक्ला भी रेस में शामिल हैं। 2023 में ऐन वक्त पर कटा था अवधेश का टिकटसियासी गलियारों में चर्चा है कि साल 2023 के मुख्य चुनाव में राजेंद्र भारती ने ऐन वक्त पर अवधेश नायक का टिकट कटवाकर खुद सिंबल हासिल कर लिया था। यही वजह है कि इस बार अवधेश नायक पासा पलटने की पूरी फिराक में हैं और अंदरखाने लामबंदी मजबूत कर रहे हैं। इस अंदरूनी खींचतान को साधने और प्रत्याशी का नाम फाइनल करने के लिए आज दतिया मोटल होटल में सुबह 10.30 बजे से कार्यकर्ताओं का मेला जुटेगा। बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व मंत्री प्रियब्रत सिंह, सांसद अशोक सिह, जिला संगठन प्रभारी रामलखन दंडौतिया, विधानसभा प्रभारी दशरथ गुर्जर भी शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों, मोर्चा संगठनों और कार्यकर्ताओं को सुबह 10.30 बजे अनिवार्य रूप से मोटल होटल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इस बंद कमरे की बैठक के बाद कांग्रेस दतिया उपचुनाव के लिए अपने नए प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगा देगी।
बीकानेर शहर के सागर रोड पर हल्दीराम प्याऊ से बीकानेर की ओर उदासर फांटा के पास देर रात एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल का अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज गति से आ रही फॉर्च्यूनर पहले अनियंत्रित हुई और एक गाय को टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन बिजली के पोल और सड़क किनारे खड़ी एक स्कूटी को भी अपनी चपेट में लेता हुआ होटल के सामने कई फीट उछलकर पलट गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में मृतकों में एक की पहचान इंद्रा कॉलोनी निवासी पुनीत चौधरी के रूप में हुई है। दूसरे मृतक की पहचान मूल सिंह के रूप में हुई है, हालांकि उसके घर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया। एक घायल का उपचार जारी है। पुलिस को फॉर्च्यूनर से मिले दस्तावेजों और आधार कार्ड के आधार पर वाहन में सवार अन्य लोगों की पहचान और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह ओवरस्पीड मानी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
मुरादाबाद में टीईटी परीक्षा के दौरान फर्जी आधार कार्ड के जरिए परीक्षा में शामिल होने की कोशिश कर रहे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसकी पहचान संदिग्ध मिलने पर उसे परीक्षा केंद्र पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, मामला 3 जुलाई का है। हिन्दू मॉडल इंटर कॉलेज में आयोजित टीईटी परीक्षा के दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य नन्हे सिंह को एक अभ्यर्थी के दस्तावेजों पर संदेह हुआ। बायोमेट्रिक सत्यापन के समय उसकी पहचान मेल नहीं खाने पर जांच की गई, जिसमें फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल सामने आया। प्रधानाचार्य की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा घटना के बाद प्रधानाचार्य ने कोतवाली नगर थाने में लिखित शिकायत दी। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया। मुजफ्फरनगर का रहने वाला है आरोपी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी नकुल पुत्र श्याम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वह मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र के ग्राम खेरी दूधाधारी का निवासी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह स्वयं परीक्षा देने आया था या किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह बैठने की कोशिश कर रहा था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आरक्षक ने पहले युवती से दोस्ती की, फिर शादी करने का वादा कर 3 साल तक शारीरिक संबंध बनाते रहा। युवती ने जब शादी करने के लिए दबाव बनाया, तब आरक्षक ने खुद को शादीशुदा बताकर युवती को धमकी देने लगा। अब युवती की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना तखतपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, साल 2023 में 22 साल की युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए तखतपुर में पदस्थ आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। जिसके बाद दोनों बातचीत करने लगे। इसी दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरक्षक ने युवती से प्यार करने का हवाला देकर शादी करने का वादा किया। आरोप है कि आरक्षक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा। इस दौरान वह युवती के साथ शादी करने का भरोसा देता रहा। ट्रांसफर होने के बाद भी नहीं छोड़ा साथ युवती ने पुलिस को बताया कि, जब उसका ट्रांसफर बिलासपुर लाइन में हो गया। तब भी आरक्षक उससे मिलने जाता था। हर बार शादी करने का आश्वासन देता था। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो उसने शादी से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने युवती को धमकी भी दी और उससे दूरी बनाने लगा। इससे परेशान होकर युवती ने तखतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शादीशुदा और दो बच्चे का पिता है आरक्षक युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि, आरक्षक सुमंत मिरी पहले से शादीशुदा है। उसके दो बच्चे हैं। उसने यह जानकारी उससे छिपाकर रखी। युवती ने जब शादी के लिए दबाव बनाया, तब उसने अपनी शादी और बच्चे होने की जानकारी दी। सच्चाई सामने आने पर पीड़िता को धमकी देने लगा। इस मामले में पुलिस ने आरोपी आरक्षक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस विभाग उसके खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। …………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में 16 साल की छात्रा से रेप: युवक ने की दोस्ती, प्रेमजाल में फंसाकर ले गया होटल, ब्लैकमेल कर 10 महीने तक बनाया संबंध छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 16 साल की स्कूली छात्रा से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। युवक ने पहले छात्रा से दोस्ती की, फिर प्रेमजाल में फंसाकर होटल ले गया। उसके साथ रेप किया। उसे ब्लैकमेल 10 महीने तक शारीरिक संबंध बनाते रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
अमेठी में 130 तालाबों का होगा कायाकल्प:जलकुंभी-पॉलीथीन हटेगी, नालियों पर जंक्शन और सुरक्षा जाल लगेगा
अमेठी में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी 13 ब्लॉकों से 10-10 तालाबों का चयन किया गया है, जिससे कुल 130 तालाबों का कायाकल्प किया जाएगा। इस योजना के तहत तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अभियान के तहत इन तालाबों से जलकुंभी और पॉलीथीन हटाई जाएगी, जिससे उनकी जलधारण क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही, नालियों के मुहाने पर जंक्शन बनाए जाएंगे ताकि कचरा सीधे तालाबों में न जाए और केवल साफ पानी ही अंदर पहुंचे। तालाबों के पानी को प्राकृतिक रूप से शुद्ध रखने के लिए 'कोना' नामक पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधा पानी को साफ करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, तालाबों के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाए जाएंगे ताकि आसपास से कचरा और पन्नी तालाब में न फेंकी जा सके और बारिश का पानी साफ-सुथरा इकट्ठा हो सके। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज त्यागी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में स्थित प्राकृतिक तालाबों में बरसात का पानी इकट्ठा होता है, जिससे जल संचयन होता है और भूजल का स्तर बना रहता है। डीपीआरओ ने आगे कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संचयन को बढ़ाना, पर्यावरण को स्वच्छ रखना और ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है। सभी चयनित तालाबों पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
डिंडोरी जिले के जोगी टिकरिया गांव में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण शुक्रवार रात जिला मुख्यालय स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने बिजली व्यवस्था को लेकर विरोध जताया और अधिकारियों से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। पानी की समस्या भी बढ़ी ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रोज कई बार बिना सूचना बिजली काटी जा रही है। कटौती का कोई तय समय नहीं होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीण राजा और प्रमोद नाथ ने बताया कि बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है, जिससे पानी की समस्या खड़ी हो गई है। बारिश में बढ़ी परेशानी ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के बीच बिजली बार-बार गुल होने से रात के समय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अंधेरे के कारण असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री राकेश बघेल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली लाइनों में फॉल्ट आ रहे हैं। इससे आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार फॉल्ट सुधारने और बिजली व्यवस्था सामान्य करने में लगी हैं। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
देवरिया के सलेमपुर विकास खंड की परान छपरा ग्राम पंचायत में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग और ग्राम प्रधान की फर्म को लाखों रुपये के भुगतान के आरोपों की जांच तेज हो गई है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति शुक्रवार को गांव पहुंची। टीम ने अभिलेखों की जांच के साथ निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और शिकायतकर्ता व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। ग्राम नदावर निवासी विरजू कुमार ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत से पंचायत निधि से करीब 18 लाख रुपये वेदांश इंटरप्राइजेज नामक फर्म के खाते में भुगतान किए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस फर्म का संचालन स्वयं ग्राम प्रधान करते हैं। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता और पंचायत निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ शपथ पत्र, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से प्राप्त वाउचर, हस्तलिखित वाउचर और फर्म से संबंधित जीएसटी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पूर्व एडीओ पंचायत धीरेन्द्र सागर ने 21 जून को गांव पहुंचकर प्रारंभिक जांच की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त (श्रम रोजगार) और जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता एवं वित्त एवं लेखाधिकारी की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इस समिति ने शुक्रवार को संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया और निर्माण कार्यों का सत्यापन किया। इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी किया है। जांच रिपोर्ट शासन और जिला प्रशासन को सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बांदा डिपो ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे 44 संविदा चालकों और 43 संविदा परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) ने इन सभी कर्मचारियों को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया है, जिससे डिपो में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट के अनुसार, कई संविदा चालक और परिचालक बिना किसी पूर्व सूचना या प्रशासनिक अनुमति के लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। कुछ कर्मचारी छह माह से भी अधिक समय से अनुपस्थित हैं, जबकि कुछ नियमित रूप से कम ड्यूटी करने के आदी पाए गए हैं। इन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बांदा डिपो की लगभग 20 बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। हालांकि, विभाग उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से बस सेवाओं को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डी.के. चौबे ने बताया कि सभी 87 संविदा कर्मचारियों को 6 जुलाई तक अपना पक्ष रखने और अनुपस्थिति का ठोस कारण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित कर्मचारियों की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। अनुपस्थित परिचालकों में अंबिका सोनकर, अमित सिंह, अंजलि, आराधना, दिव्यांश, कुलदीप, कल्पना, रीता, रविंद्र, रोशनी, सपना, सविता, लक्ष्मी, नेहा, प्रज्ञा, प्रियंका पटेल, राजेश, राजकुमार, रामलखन, राम नारायण, रामप्रकाश और राम प्रकाश वर्मा सहित कुल 43 नाम शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इनमें से कई परिचालक जनवरी माह से ड्यूटी पर नहीं आए हैं और बार-बार सूचना देने के बावजूद कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए।
ओवरनाइट एक्सप्रेस के जश्न में स्टेशन मास्टर ने तोड़े नियम:सीहोर में फुटओवर ब्रिज छोड़ ट्रैक पार किया
सीहोर रेलवे स्टेशन पर इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस के स्टॉपेज के जश्न के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ। स्टेशन मास्टर जयशंकर मिश्रा को रेलवे ट्रैक पर चलते हुए कैमरे में कैद किया गया, जबकि उन्हें फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करना चाहिए था। इस घटना का वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। यह घटना गुरुवार रात को हुई, जब लंबे इंतजार के बाद इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट सुपरफास्ट एक्सप्रेस का सीहोर स्टेशन पर ठहराव शुरू हुआ था। इस दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा भी उपस्थित थे। ट्रेन के सीहोर स्टेशन पर रुकने के बाद नेताओं और नागरिकों ने लोको पायलट का स्वागत किया। सांसद आलोक शर्मा ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर आगे के लिए रवाना किया, जिससे पूरे स्टेशन पर उत्सव का माहौल था। स्टेशन मास्टर ने नहीं किया ब्रिज का इस्तेमालट्रेन के रवाना होने के तत्काल बाद, स्टेशन मास्टर जयशंकर मिश्रा अपने कुछ अधीनस्थ रेलवे कर्मचारियों के साथ प्लेटफॉर्म नंबर 1 से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जाने के लिए निकले। नियमों के अनुसार उन्हें फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करना था, लेकिन उन्होंने सीधे रेलवे ट्रैक पर छलांग लगा दी। इस मामले में रेलवे अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। आम नागरिकों के लिए यह है नियमरेलवे प्रशासन आम जनता को आए दिन पटरियां न पार करने और फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने की समझाइश देता है। इसके लिए कड़े कानूनी प्रावधान भी हैं। रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 इस धारा के तहत बिना अनुमति रेलवे ट्रैक पार करना या रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश एक दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपए तक का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। रतलाम मंडल रेलवे के पीआरओ मुकेश पांडे ने बताया कि सीहोर रेलवे स्टेशन का मामला संज्ञान में आया है। इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी, इस पर कार्रवाई का निर्णय वरिष्ठ अधिकारी अपने हिसाब से करेंगे।
रायबरेली में नेशनल हाईवे जाम कर पुलिस और राहगीरों पर हमला करने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई 2 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के अभियान के तहत की गई। पूरा मामला 28 जून 2026 का है, जब थाना सलोन के खम्हरिया पूरे कुशल मोड़ पर एक सड़क दुर्घटना हुई थी। इस घटना में एक साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृतक की मौत के बाद उसके परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर रायबरेली-प्रतापगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों और राहगीरों पर पथराव किया। इस पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में 5 नामजद और 200-250 अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस टीम को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर, वांछित अभियुक्त उदयभान उर्फ रिंकू अंबेडकर को सम्राट ढाबा बाईपास रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। उदयभान ग्राम राजापुर माफी, थाना सलोन का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नदबई कस्बे के खांगरी बाइपास पर शनिवार सुबह तेज रफ्तार डंपर ने मॉर्निंग वॉक पर निकली छात्रा (17) को कुचल दिया। छात्रा के साथ चल रही मां बाल-बाल बच गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए राजकीय जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। डंपर ने पीछे से चपेट में लिया मृतका के चाचा हरिओम ने बताया कि उनकी भतीजी पायल (17) शनिवार सुबह करीब 5 बजे अपनी मां सुनीता देवी के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थी। सुबह करीब 6:15 बजे जब दोनों खांगरी बाइपास के पास पहुंचे, तभी हलैना की ओर से तेज गति से आ रहे डस्ट से भरे डंपर ने पीछे से पायल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पायल डंपर के नीचे आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसकी मां सुनीता देवी बाल-बाल बच गई, लेकिन बेटी की मौत अपनी आंखों के सामने होते देख उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया डंपर जब्त, ड्राइवर फरार हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही नदबई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजकीय जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने हादसे में शामिल डंपर को भी जब्त कर लिया है। ड्राइवर की तलाश की जा रही है। नीट की परीक्षा दी थी, रिजल्ट नहीं आया परिजनों ने बताया- पायल पढ़ाई में बेहद होनहार थी। उसने हाल ही में हुई नीट की परीक्षा दी थी और परिणाम का इंतजार कर रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि पायल डॉक्टर बनकर उनका नाम रोशन करेगी, लेकिन एक तेज रफ्तार वाहन ने उसके सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पायल के पिता किसान हैं। परिवार की सबसे छोटी बेटी होने के कारण वह सभी की लाड़ली थी।
बिलग्राम पेट्रोल पंप पर मिले शव की हुई पहचान:उन्नाव का रहने वाला था धीरू, शनिवार को होगा पोस्टमार्टम
बिलग्राम कस्बे में एक बंद पड़े पेट्रोल पंप पर मिले अज्ञात शव की पहचान हो गई है। शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे शव की शिनाख्त उन्नाव जिले के मंगूखेड़ा निवासी 35 वर्षीय धीरू उर्फ धीरेंद्र के रूप में हुई। धीरू पिछले सात दिनों से लापता था। बिलग्राम पुलिस ने बीते बुधवार को शराब ठेके के बगल में स्थित बंद पेट्रोल पंप से इस युवक का शव बरामद किया था। शिनाख्त न होने के कारण पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को छत्तीसगढ़ से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। पुलिस ने उन्नाव जिले के मंगूखेड़ा (थाना बेहटा मुजावर) निवासी शांति मोहन से संपर्क किया, जो छत्तीसगढ़ में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें शव के हुलिए की जानकारी दी। शांति मोहन ने यह सूचना अपने गांव के निवासी इंद्र कुमार को दी, जिनका बेटा कई दिनों से लापता था। सूचना मिलने पर धीरू के पिता इंद्र कुमार शुक्रवार देर शाम बिलग्राम कोतवाली पहुंचे। पुलिस द्वारा युवक का हुलिया और तस्वीर दिखाए जाने पर उन्होंने अपने बेटे धीरू उर्फ धीरेंद्र के रूप में शव की पहचान की। धीरू की शादी नहीं हुई थी और वह पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। परिवार के अनुसार, वह गांव में रहकर खेती-किसानी में मदद करता था। वह पिछले सात दिनों से अचानक लापता हो गया था, जिसकी तलाश परिवार कर रहा था। धीरू उर्फ धीरेंद्र की मौत कैसे हुई और वह उन्नाव से बिलग्राम के इस सुनसान पेट्रोल पंप तक कैसे पहुंचा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। कोतवाली प्रभारी विजय कुमार के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। शव का पोस्टमार्टम शनिवार को होगा।
महराजगंज में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी-2026) के तीसरे दिन शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आयोजित की गई। प्रशासन ने जिले में परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले के सभी 20 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कई स्तरों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। प्रवेश द्वार पर पुलिस द्वारा तलाशी ली गई, जिसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन, एडमिट कार्ड की स्क्रीनिंग और पहचान पत्र का मिलान किया गया। इसके उपरांत ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया गया। परीक्षा कक्षों और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रख रहे हैं। महराजगंज में यूपी टीईटी-2026 के लिए कुल 20 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। पांच पालियों में आयोजित हो रही इस परीक्षा के लिए 37,814 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, पहले दो दिनों में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी सामने आई। पहले दिन 1,951 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी, जबकि दूसरे दिन लगभग 1,000 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नकल, फर्जीवाड़े या किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रही है और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।
पानी बरसत है। मोरो जी घबरान लगत है। सिंध नदी हमाए गांव को चारों ओर से घेर लेत है। सब कछु छोड़-छाड़ के भागनो पड़त है। जाको जौ सामान मिल जात है, वा उठाय के चल देत है। हर साल हमाए गृहस्थी बह जात है। कोऊ सुनन वालो नइयां…। ये दर्द भरे शब्द भिंड जिले के इंदुर्खी गांव की गड्डी बाई के हैं। स्थानीय बोली में कही गई यह बात सिंध नदी किनारे बसे गांवों की हकीकत बयान करती है। पिछले चार वर्षों से बरसात आते ही सिंध नदी उफान पर आ जाती है। घरों में पानी भर जाता है और सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। एक बार फिर बादल मंडराने लगे हैं। इसे देखते ही नदी किनारे बसे गांवों में डर लौट आया है। दैनिक भास्कर की टीम ऐसे ही बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची। खेती और पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण फिर से जरूरी सामान समेटने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर बारिश नई मुसीबत लेकर आती है। भास्कर टीम ने रिपोर्टिंग की शुरुआत भिंड मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर इंदुर्खी गांव से की। पढ़िए रिपोर्ट… इन तस्वीरों में देखे गांव के हालात… कभी समृद्ध था इंदुर्खी, अब बाढ़ से पहचान इंदुर्खी कभी रौन क्षेत्र का समृद्ध गांव था। यहां पुलिस चौकी, साप्ताहिक हाट और पशु मेला लगता था। लेकिन लगातार आती बाढ़ ने गांव की तस्वीर बदल दी। आर्थिक रूप से सक्षम परिवार कस्बों और शहरों में बस गए। इसके बावजूद गांव की आबादी आज भी चार से पांच हजार के बीच है। सबसे ज्यादा असर ढीमर मोहल्ले पर पड़ता है। सिंध नदी से करीब 500 मीटर दूर यह बस्ती जलस्तर बढ़ते ही टापू बन जाती है। बाढ़ बढ़ने पर ग्रामीण कढ़ाहा, मटका और ट्रैक्टर के ट्यूब की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचते हैं। वे सिर्फ जरूरी सामान ही साथ ले जा पाते हैं। लौटते हैं तो घर दलदल बन चुका होता है इंदुर्खी के लिए बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हर साल नई शुरुआत की मजबूरी है। गांव के मेघराज बाथम बताते हैं कि पानी उतरने के बाद पूरा घर दलदल बन जाता है। कई दिन सफाई और मरम्मत में लगते हैं। घनश्याम बाथम कहते हैं, “बहू-बेटियन और बच्चन को लेकर रातों-रात भागनो पड़त है। घर-मड़ैया डूब जात हैं, सब कछु बर्बाद हो जात है।” बाढ़ के दौरान थम जाती है गांव की जिंदगी स्कूल, पंचायत भवन और अन्य सरकारी इमारतें भी पानी की चपेट में आ जाती हैं। कई बार सरकारी रिकॉर्ड तक खराब हो जाते हैं। रोजगार की कमी और लगातार बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत और राजस्थान के शहरों में काम करने चले गए हैं। ज्यादातर लोग पेंट और पानी की टंकियों की पॉलिश का काम करते हैं। उनका कहना है कि गांव में रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। बड़ी और छोटी मड़वारी भी हर साल प्रभावित सिंध किनारे बसे बड़ी मड़वारी और छोटी मड़वारी गांवों में बाढ़ का पानी सबसे पहले पहुंचता है। लोगों को सबसे पहले गांव खाली करना पड़ता है। भास्कर टीम जब बड़ी मड़वारी पहुंची तो महिलाएं समूह में चर्चा कर रही थीं और ग्रामीण पेड़ की छांव में बैठे थे। बातचीत में हर किसी ने बाढ़ से जुड़ी अपनी परेशानी बताई। गिरवासा गांव: सिंध नदी का पहला प्रहार दतिया सीमा से लगा गिरवासा गांव सिंध नदी की बाढ़ से सबसे पहले प्रभावित होता है। शिवपुरी से निकलकर दतिया के सेंवढ़ा होते हुए नदी भिंड जिले की लहार विधानसभा में प्रवेश करती है और सबसे पहले गिरवासा पहुंचती है। जलस्तर बढ़ते ही यहां पानी भरना शुरू हो जाता है, जिसके बाद असर लिलवारी गांव तक पहुंचता है। पर्याचय और मटियावली भी हर साल संकट में लहार और दतिया सीमा पर बसे पर्याचय और मटियावली गांव भी हर साल बाढ़ झेलते हैं। कई बार केशवगढ़ क्षेत्र तक पानी पहुंच चुका है। इसलिए बारिश के दिनों में ग्रामीण हर समय सतर्क रहते हैं। पिढौरा, बघेली बहादुरपुरा और आसपास के गांव रौन क्षेत्र के पिढौरा, बघेली बहादुरपुरा और मढ़ैयन समेत कई गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। कई बार घरों तक पानी पहुंच जाता है। मेहगांव क्षेत्र के छोटी भारौली, बड़ी भारौली और गोरम गांव भी पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार प्रभावित हैं। खैरा-श्यामपुरा: जंगल में बितानी पड़ती हैं रातें भिंड विधानसभा के खैरा और श्यामपुरा गांवों में भी हर साल बाढ़ आती है। पिछले साल कई घरों में पानी भरने के बाद लोगों को जंगल में रातें बितानी पड़ी थीं। जखमौली, टहनगुर और ककहारा गांवों में भी बारिश के दौरान ऐसे ही हालात बनते हैं। दो बांधों का पानी छोड़ते ही बढ़ता है खतरा सिंध नदी का उद्गम शिवपुरी जिले के जंगलों में है। बरसात के दौरान मोहिनी सागर और मढ़ीखेड़ा बांध भरने पर उनका पानी छोड़ा जाता है। एक बांध का पानी छोड़ने पर स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन दोनों बांधों से एक साथ पानी छोड़े जाने पर नदी उफान पर आ जाती है। 2021 की भीषण बाढ़ में दतिया और भिंड के पांच पुल बह गए थे और 36 गांव जलमग्न हो गए थे। तब से नदी किनारे बसे गांव हर बरसात में बाढ़ और जलभराव का सामना कर रहे हैं। राजस्व देने वाले गांव, लेकिन बदहाल गिरवासा, पर्याचय, इंदुर्खी, बड़ी मड़वारी, छोटी मड़वारी, मढ़ैयन, खैरा-श्यामपुरा और भारौली समेत कई गांव हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। पानी उतरने के बाद लोगों के सामने घर और अनाज तक का संकट खड़ा हो जाता है। विडंबना यह है कि इन्हीं गांवों की रेत से सरकार हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व कमाती है, लेकिन पुनर्वास, स्थायी बाढ़ सुरक्षा और विकास की ठोस योजना अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी। पूर्व कमिश्नर बोले- बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए बने विशेष राहत पैकेज सीनियर आईएएस और पूर्व संभागायुक्त राजीव शर्मा का कहना है कि सिंध नदी किनारे बसे गांवों का विस्तृत सर्वे कराया जाना चाहिए। प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत और पुनर्वास पैकेज जरूरी है। उनका कहना है कि सरकार का ध्यान रेत से मिलने वाले राजस्व पर तो रहता है, लेकिन यहां रहने वाले लोगों की समस्याओं पर उतना फोकस नहीं है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के स्थायी समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात करीब 2:30 बजे एक हॉस्टल संचालक का खून से लथपथ शव झाड़ियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मनोज शुक्ला के रूप में हुई है, जो पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास एक ब्वायज हॉस्टल का संचालन करते थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, मनोज शुक्ला शुक्रवार रात करीब 9 बजे अपने घर से हॉस्टल जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 2:30 बजे महमूदाबाद क्षेत्र में झाड़ियों के बीच उनका रक्तरंजित शव पड़ा मिला। शव से कुछ दूरी पर उनकी बुलेट बाइक भी बरामद हुई। परिजनों का आशंका है कि मनोज शुक्ला की हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंका गया है। उनका कहना है कि मृतक के सिर पर गंभीर चोट के कई निशान थे, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हो रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर महमूदाबाद कोतवाली पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक भानू प्रताप सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत के सही कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे का दावा कर रही है
कानपुर में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के तीसरे एवं अंतिम दिन शनिवार को शहर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हो गया। परीक्षा केंद्रों पर कई स्तर की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी गई। अरमापुर पीजी कॉलेज समेत कई केंद्रों पर पुरुष अभ्यर्थियों के जूते और मोजे उतरवाकर तलाशी ली गई। वहीं महिला अभ्यर्थियों की चूड़ियां उतरवाई गईं और उनके बालों की भी मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। सुरक्षा कर्मियों ने प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया, जिससे किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित सामग्री परीक्षा केंद्र तक न पहुंच सके। आज परीक्षा केवल पहली पाली में आयोजित की जा रही है। कानपुर शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हो रही है, जिसमें 14 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। समय से पहले पहुंचे अभ्यर्थियों ने जांच प्रक्रिया पूरी कर शांतिपूर्वक केंद्रों में प्रवेश किया। प्रशासन और पुलिस की ओर से सभी केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जबकि परीक्षा की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और उड़नदस्तों के माध्यम से भी की जा रही है।
संदिग्ध अवस्था में मिला सड़क पर मिला युवक का शव:हत्या,आत्महत्या या हादसा हर एंगल पर पुलिस जांच शुरू
भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे के मांडल चौराहा स्थित सर्विस रोड पर किसान कुल्फी के समीप आज शनिवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों की सूचना पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। शव की पहचान कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया सूचना मिलने पर पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान मांडल निवासी छोटू तंबोली के रूप में हुई है। मौत कैसे हुई अभी क्लियर नहीं प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत किसी सड़क दुर्घटना में हुई है या फिर मामला हत्या से जुड़ा है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल।
चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास हत्याकांड के मास्टरमाइंड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को भारतीय एजेंसियों के सहयोग से स्पेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। गोल्डी ढिल्लों लंबे समय से विदेश में बैठकर पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। अब उसे जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भारत आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर सेक्टर-11 हत्याकांड में पूछताछ करेगी। गोल्डी ढिल्लों पहले से ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का वांछित आरोपी है। उसके खिलाफ 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं। राजपुरा का रहने वाला गोल्डी ढिल्लों शुरुआत में मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामलों में शामिल रहा। बाद में उसने व्यापारियों से जबरन वसूली शुरू कर दी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह भूमिगत हो गया और बड़े गैंगों के लिए शूटर, हथियार और ठिकानों की व्यवस्था करने लगा। बताया जाता है कि वर्ष 2022 में वह विदेश फरार हो गया। इसके बाद उसने विदेश में बैठकर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में अपना नेटवर्क मजबूत किया। कैशियर हत्याकांड के बाद कारोबारियों को धमकी 13 जून को सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद गोल्डी ढिल्लों ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद उसने चंडीगढ़ के कई कारोबारियों को विदेशी नंबरों से फोन कर रंगदारी मांगी। पुलिस के अनुसार, जब कारोबारी विदेशी नंबर देखकर कॉल नहीं उठाते थे तो वह वॉइस मैसेज भेजकर गालियां देता और जान से मारने की धमकी देता था। वह दावा करता था कि पुलिस सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद वह अपनी वारदातों को अंजाम देता रहेगा। लॉरेंस गैंग से अलग होकर बना विरोधी जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों पहले गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। बाद में गैंग के भीतर विवाद बढ़ने के बाद उसने अलग रास्ता अपना लिया और लॉरेंस गुट का विरोधी बन गया। पुलिस का कहना है कि वह अपने गुर्गों के जरिए टारगेट किलिंग और रंगदारी की वारदातों को अंजाम दिलाता था। हाल ही में पटियाला पुलिस ने उसके दो गुर्गों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उन्हें राजपुरा और मोहाली में हत्या की वारदात को अंजाम देने का जिम्मा दिया गया था। पहचान छिपाने के लिए एन्क्रिप्टेड कॉलिंग ऐप करता था इस्तेमाल गोल्डी ढिल्लों अपनी पहचान छिपाने के लिए एन्क्रिप्टेड कॉलिंग ऐप और वीपीएन का इस्तेमाल करता था। वह पंजाब और हरियाणा के युवाओं को पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर अपने गैंग में शामिल करता था। इसके बाद उन्हीं के जरिए रंगदारी, टारगेट किलिंग और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम दिलाया जाता था। जांच में उसके प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से संबंधों की भी बात सामने आई है, जिसकी विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं। कई राज्यों में दर्ज मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों के खिलाफ पंजाब के जालंधर, पटियाला और लुधियाना में जबरन वसूली, गैंगवार, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। चंडीगढ़ में सेक्टर-11 मेडिकल स्टोर हत्याकांड के बाद क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी हुई थी। वहीं दिल्ली के रोहिणी इलाके से उसके दो गुर्गों जतिन और सुखविंदर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
सतना में वन कर्मी का परिवार निकला बाघ का शिकारी:दो महीने बाद कब्र खोदकर अवशेष मिले; तीन हिरासत में
सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के सरभंगा जंगल में बाघ के शिकार का मामला सामने आया है। इस घटना में जंगल की सुरक्षा में तैनात चौकीदार और उसके परिवार की संलिप्तता उजागर हुई है। वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को कब्र खोदकर बाघ के अवशेष बरामद किए। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच तेज कर दी गई है। सतना वनमंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को लगभग पांच दिन पहले एक मुखबिर से जानकारी मिली थी। सूचना के अनुसार, सरभंगा जंगल में जंगली सुअर का शिकार करने के लिए लगाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई थी। घटना के बाद शिकार में शामिल लोगों ने बाघ के शव को जंगल में ही दफना दिया था। सूचना मिलते ही वन विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और गोपनीय जांच शुरू की। कई दिनों तक क्षेत्र में जानकारी जुटाई गई और संभावित स्थानों की पहचान की गई। गुरुवार को वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड, उड़नदस्ता दल और वन परिक्षेत्र अधिकारी रंजन सिंह परिहार सहित अन्य वनकर्मियों के साथ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, लगातार बारिश, घने जंगल और सटीक जानकारी के अभाव में टीम को कोई सफलता नहीं मिली और बाघ के अवशेष नहीं मिल पाए। चौकीदार का नाम सामने आयागुरुवार रात को मुखबिर ने वन विभाग को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसमें सरभंगा क्षेत्र में कार्यरत चौकीदार मिन्नता सिंह गोंड का नाम सामने आया। इसके बाद शुक्रवार को वन विभाग ने मिन्नता सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उपवनमंडल अधिकारी चित्रकूट अभिषेक तिवारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मझगवां रंजन सिंह परिहार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ के दौरान मिन्नता सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि लगभग दो महीने पहले कुछ लोगों ने जंगली सुअर के शिकार के लिए जंगल में बिजली का तार बिछाया था। उसी करंट की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई। घटना उजागर होने के डर से शव को वहीं पास में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। निशानदेही पर खोदी गई कब्र, मिले बाघ के अवशेषआरोपी मिन्नता सिंह की निशानदेही पर वन विभाग की टीम बीट करारिया के कम्पार्टमेंट नंबर पीएफ-820 में पहुंची। यहां जमीन की खुदाई कराई गई, जहां से मृत बाघ के अंग-प्रत्यंग और अन्य अवशेष बरामद किए गए। हालांकि दो माह बीत जाने के कारण अवशेष काफी हद तक विघटित हो चुके थे। अवशेष मिलने के बाद खराब मौसम को देखते हुए उन्हें सरभंगा वन विश्राम गृह परिसर लाया गया, जहां आगे की कार्रवाई की गई। मुकुंदपुर जू के विशेषज्ञों ने किया पोस्टमार्टमबरामद अवशेषों का परीक्षण करने के लिए मुकुंदपुर जू मैहर से वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता और उनकी टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने अवशेषों का परीक्षण किया और आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक सैंपल सुरक्षित किए। इसके बाद वन संरक्षक रीवा अनुराग कुमार, वनमंडल अधिकारी मयंक चांदीवाल, उपवनमंडल अधिकारी अभिषेक तिवारी, तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी रंजन सिंह परिहार और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ के अवशेषों का अंतिम संस्कार (शवदाह) किया गया। दो अन्य संदिग्ध भी हिरासत में, अन्य फरारवन विभाग के अनुसार मिन्नता सिंह की निशानदेही पर दो अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आई है। उनसे पूछताछ और विवेचना जारी है। वहीं मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। शिकार में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही उड़ान योजना के सेकेंड फेज की शुरुआत भी करेंगे। पीएम मोदी शनिवार सुबह 10:45 बजे जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। यहीं से उड़ान योजना के सेकेंड फेज की शुरुआत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 12:15 बजे बालोतरा जाएंगे। वहां रिफाइनरी के साथ लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर पीएम मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आदि मौजूद रहेंगे। साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु भी जोधपुर आएंगे। वे सुबह 7:45 से 9 बजे तक जोधपुर एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे। 480 करोड़ की लागत से तैयार हुआ नया एयरपोर्ट जोधपुर का नया एयरपोर्ट 480 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इसका नया टर्मिनल 37 एकड़ में तैयार किया गया है। यह पुराने एयरपोर्ट से 6 गुना बड़ा है। इस एयरपोर्ट में एंट्री गेट से फ्लाइट में डायरेक्ट एंट्री के लिए 6 एयरोब्रिज बनाए गए हैं। नए टर्मिनल में जोधपुर व राजस्थान से जोड़ते हुए यहां पर्यावरण के लिए प्राणों की आहुति देने वाली अमृता देवी और वीर दुर्गादास की पेंटिंग भी लगवाई गई है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है। करीब 37 एकड़ क्षेत्र में तैयार हुआ यह टर्मिनल भवन मौजूदा टर्मिनल से 6 गुना बड़ा है और इस टर्मिनल से यात्री क्षमता 10 गुना तक बढ़ जाएगी। भवन का निर्माण 24 हजार वर्गमीटर में किया जा रहा है और इस पर लगभग 480 करोड़ रुपए की लागत आई है। जबकि वर्तमान टर्मिनल केवल 3,900 वर्गमीटर का है।
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले 5 दिनों तक कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। इसी बीच बारिश और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसे भी सामने आए हैं। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तुमान में खेत में काम कर रहे किसान धनीराम पटेल (75) की बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे एक दिन पहले सक्ती जिले में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौत हो गई थी। वहीं, कबीरधाम जिले के ढोलढोली रपटा मार्ग पर गुरुवार शाम तेज बहाव में 20 से 25 यात्रियों से भरी पिकअप फंस गई। लोगों ने महिलाओं और बच्चों समेत सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हुई। हालांकि मानसून के सक्रिय होने के बावजूद अब तक प्रदेश में सामान्य से 46% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब ये तस्वीरें देखिए… रायपुर का मौसम मौसम विभाग के अनुसार आज (शनिवार) रायपुर में दिनभर बादल छाए रहेंगे। बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है, बिजली गिर सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 30C और न्यूनतम 24C के आसपास रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सीएनआई चर्च की कमेटी ने एक ईसाई परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। सोशल मीडिया पर उनसे संबंध रखने पर रोक लगाने का मेसेज जारी कर परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने नई कमेटी के 7 पदाधिकारियों पर केस दर्ज किया है। मामला कोटा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, कोटा के मिशन कंपाउंड स्थित सीएनआई चर्च की नई कमेटी के पदाधिकारियों पर हरीश लाल और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार,आरोपियों ने परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। लोगों से अपील की थी कि वे पीड़ित परिवार से बातचीत न करें और उनके सुख-दुख में शामिल न हों। पुलिस ने नहीं सुनी शिकायत, न्याय के लिए अदालत में गुहार पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत पहले कोटा पुलिस से की, जिस पर राहत नहीं मिली तो पीड़ित ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीप्ति बरवा की अदालत में अपील की। इस मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने कोटा पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने सौरभ पीटर्स, राजा सालोमान दास, अनिल मसीह, थियोडोर पीटर्स, सुनीलेश पीटर्स, सुलेमान दास और पास्टर मनीष आर. मसीह के खिलाफ बीएनएस की नफरत फैलाने, धमकी देने और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्रिसमस और ईस्टर का अपमान करने का आरोप लगाकर बहिष्कार हरीश लाल के अनुसार, नई कमेटी बनने के बाद से पिछले दो वर्षों से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि 17 जनवरी को चर्च परिसर में बुलाई गई बैठक में उन पर झूठा आरोप लगाया गया कि वे क्रिसमस और ईस्टर जैसे धार्मिक पर्वों का अपमान कर रहे हैं। इसके बाद पूरे परिवार को नॉट इन गुड स्टैंडिंग घोषित कर समाज से बाहर कर दिया गया। बिशप के आदेश को भी नहीं माना, गैरेज पर लगाया ताला पीड़ित का कहना है कि संस्था के प्रमुख बिशप डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़, रायपुर ने स्पष्टीकरण जारी कर इस बहिष्कार को अवैध और असंवैधानिक बताया, तो आरोपियों ने कहा कि यहां हमारा कानून चलेगा। वे यहीं नहीं रुके, आरोपियों ने पीड़ित के मिशन कंपाउंड स्थित कार गैरेज के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। जिससे पीड़ित का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
लुधियाना में रेल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। रेलवे फाटक पर मरम्मत कार्य के चलते सुआ रोड (दुगरी) से भाई हिम्मत सिंह नगर को जोड़ने वाला रेलवे फाटक कई घंटों तक बंद रहेगा। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। फाटक बंद होने के कारण करीब 20 हजार से अधिक वाहन चालक प्रभावित होंगे। 6 जुलाई तक मरम्मत कार्य जारी प्रशासन के मुताबिक 3 जुलाई से 4 जुलाई तक यह रेलवे फाटक लगातार 24 घंटे के लिए बंद रखा जाएगा। इसके अलावा 5 जुलाई से 6 जुलाई तक भी मरम्मत कार्य जारी रहने के कारण फाटक 15 घंटे तक बंद रहेगा। इस दौरान फाटक से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रहेगी। रेलवे विभाग का कहना है कि फाटक पर आवश्यक तकनीकी और संरचनात्मक मरम्मत का कार्य किया जाना है, ताकि भविष्य में रेल और सड़क यातायात को सुरक्षित बनाया जा सके। कार्य के दौरान सुरक्षा कारणों से आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। इन रास्तों का करें इस्तेमाल ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी प्राप्त कर लें और अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें। प्रशासन द्वारा लोगों से अनुरोध किया गया है कि लोग जीएनई कालेज गिल रोड की तरफ से दुगरी, धांदरा जाने के लिए 200 फुटा रोड या गिल नहर वाले पुल का इस्तेमाल कर सकते है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की भी अपील की है ताकि मरम्मत कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
यूपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 का शनिवार को आखिरी दिन है। सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक सेंटरों में अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक मिलान और रेटिना स्कैन किया गया। सिंगल शिफ्ट में परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। एग्जाम के अंतिम दिन प्राथमिक स्तर के अभ्यार्थी परीक्षा देंगे। 3,78,655 अभ्यार्थी अंतिम दिन परीक्षा में शामिल होंगे। बीते दो दिन में प्रदेश भर में 26 नकलची पकड़े गए। जिसमें परीक्षा के पहले दिन यानी गुरुवार को 15 सॉल्वर पकड़े गए। ये सभी दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। वहीं दूसरे दिन परीक्षा दे रहे 09 फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) पकड़े गए। परीक्षा केंद्र के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए… इसके अलावा, एक ऐसा अभ्यर्थी भी दबोचा गया जो अपने जूते में मोबाइल छिपाकर परीक्षा कक्ष में घुस गया था। एआई की सतर्कता के कारण विभिन्न जनपदों से 02 और फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। कुल 11 नकलचियों दबोचे गए। पहले दिन परीक्षा में 84.76 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में 8,07,636 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इनमें से 6,84,614 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरे दिन परीक्षा में कुल 93.01% अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 8,07,709 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7,51,321 (93.01%) अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। प्रदेश के 60 जिलों में 955 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा 4 जुलाई को भी होगी। 19.94 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 17,67,180 परीक्षार्थी यूपी के मूल निवासी हैं। 2,27,481 अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से एग्जाम देने पहुंचेंगे। इनमें 1,85,791 सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं। एक शिफ्ट में होगी परीक्षा पेपर - 1 (प्राथमिक स्तर - कक्षा 1 से 5) : सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक परीक्षा चलेगी। एंट्री सुबह 7:15 से 8:45 बजे तक होगी। सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गयासीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि नकल या पेपर लीक की किसी भी कोशिश पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश की सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी की लाइव फीड को लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले सभी केंद्रों के सीसीटीवी की जांच की गई और जो बंद पाए गए, उन्हें तत्काल सक्रिय कराया गया। किसी भी 'सॉल्वर' को केंद्र में प्रवेश से रोकने के लिए प्रवेश द्वार पर बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैनिंग अनिवार्य की गई है। विशेष साइबर टीम भी तैनात की गईसोशल मीडिया और टेलीग्राम पर भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए एक विशेष साइबर टीम भी तैनात की गई है। यह टीम किसी भी अफवाह या गलत जानकारी के प्रसार को रोकने का काम करेगी। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा शुरू होने से कम से कम 60 मिनट पहले केंद्र पर रिपोर्ट करें। अपना एडमिट कार्ड और मूल आईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र के भीतर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। आधे घंटे पहले तय होगी टीचर की ड्यूटीपरीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसमें आईरिस स्कैन और लाइव फोटो कैप्चर की प्रोसेस शामिल होगी। वहीं, परीक्षा कक्षों में किस टिचर की ड्यूटी होगी, इसका चयन परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले रैंडमाइजेशन प्रोसेस के जरिए किया जाएगा, ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो सके। सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाशउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET)-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को सरकार विशेष अवकाश देगी। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट के 'अनिवार्य टेट' के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के सामने करियर का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दशकों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अब नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा हॉल में बैठना पड़ रहा है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी और सेंटर तक पहुंचने के लिए छुट्टी मिलना बड़ी राहत है। परीक्षा के पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मेरठ नगर निगम में महिला कर्मचारी का तबादला निरस्त:पार्षदों ने निगम पर उठाए सवाल; थाने में दी तहरीर
मेरठ नगर निगम में महिला कर्मचारी के तबादले को निरस्त किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी, संजय सैनी और पवन चौधरी ने प्रेसवार्ता कर नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। साथ ही सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दरअसल, नगर निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात एक महिला कर्मचारी ने एक भाजपा पार्षद पर जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि विरोध करने पर उसका दूसरे जोन में तबादला कर दिया गया। इसी दौरान एक अन्य महिला कर्मचारी का भी तबादला किया गया था। मामला सामने आने के बाद भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं, महिला जनप्रतिनिधियों और एक ठेकेदार ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार से महिला कर्मचारी का तबादला निरस्त करने की मांग की थी। वहीं, आरोपों का सामना कर रहे पार्षद के समर्थन में भी कई पार्षद और भाजपा नेता सामने आए। यह मामला पूरे नगर निगम में चर्चा का विषय बना रहा। शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने महिला कर्मचारी का तबादला निरस्त कर दिया। इसके बाद आयोजित प्रेसवार्ता में पार्षदों ने दावा किया कि महिला कर्मचारी कार्यालय में नियमित रूप से देरी से पहुंचती थी और इसी शिकायत के आधार पर नगर आयुक्त ने उसका तबादला किया था। पार्षदों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारी ने एक ठेकेदार और भाजपा के एक नेता के दबाव में आकर पार्षद पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया है। फिलहाल मामले में पुलिस और नगर निगम प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया जारी है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।
भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी ने आगरा में उनकी हत्या की फिर लाश घर के बाथरूम में ही दफना दी। किसी को इस बात का पता न चले, इसके लिए बाथरूम में लाश के ऊपर को मिट्टी में दबाकर ऊपर प्लास्टर और टाइल्स लगवा दीं। इसके बाद महिला करीब 45 दिन तक लोगों से कहती रही कि पति लापता है। शुक्रवार 12 बजे जब पुलिस वेरिफिकेशन करने पहुंची, तो महिला घबरा गई और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी महिला का नाम रूबी है। उसने बताया ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद लाश पर मिट्टी डालकर प्लास्टर करवा दिया था। फिर लेबर बुलाई और फिर टाइल्स भी लगवा दी थी। पुलिस ने बाथरूम का फर्श तोड़कर मृतक सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। घटना का खुलासा होने के बाद बड़ी संख्या में आस-पास के लोग जमा हो गए। यह घटना आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की प्राक्षी टावर चौकी इलाके की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी की है। पहले देखें घटनास्थल की तस्वीरें… भरतपुर के रहने वाले थे सुरेंद्र, 2010 में हुई थी शादी मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी साल 2010 में इटावा की रहने वाली रूबी से हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी रिद्धी (13) और छोटी बेटी सिद्धी (9) है। घर में सुरेंद्र, पत्नी रूबी, मां कमला और दोनों बेटियां रहती थीं। सुरेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा टीचर थे, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है। अब जानें पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस एक पुराने मामले में पूछताछ के लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान पत्नी रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा। इसी बीच सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई की सुबह करीब 9-10 बजे रूबी का उनके पास फोन आया था। उसने कहा कि घर पर पुलिस का कोई मामला हो गया है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को यहां से ले जाओ। अनिल ने जब रूबी से पूरी बात पूछनी चाही तो उसने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया। उसने सिर्फ इतना कहा कि घर मत आना, मैंने मां और दोनों बच्चियों को पास की एक दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से उन्हें अपने साथ ले जाना। अनिल मां और दोनों बच्चियों को लेकर अवधपुरी स्थित अपने घर पहुंचने ही वाले थे कि तभी रूबी का फिर फोन आया। उसने बताया कि सुरेंद्र जबरदस्ती घर का ताला खुलवाकर 5 हजार रुपए लेकर और झगड़ा करके कहीं चले गए हैं। जाते समय उन्होंने कहा था कि 2-3 दिन बाद फोन करके बताएंगे कि वे कहां हैं। इसके अगले दिन यानी 19 मई की शाम को रूबी ने फिर अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन किया। उसने कहा कि यहां उसका मन नहीं लग रहा है, इसलिए उसे भी बच्चों के पास ले जाया जाए। उसी रात अनिल उसे भी अपने घर ले आए। इसके बाद रूबी अपने दोनों बच्चों के साथ करीब 7-8 दिन तक वहीं रही। इस दौरान सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला। अनिल शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य लगातार रूबी से सुरेंद्र के बारे में पूछते रहे, लेकिन वह हर बार उन्हें अलग-अलग बातें कहकर गुमराह करती रही। जब काफी तलाश के बाद भी सुरेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला, तो 26 मई को अनिल शर्मा ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद बढ़ा शक अनिल शर्मा ने बताया कि 27 जून को शक होने पर वह अपनी मां को सुरेंद्र के घर से अपने साथ ले आए। इसके बाद उन्हें भरतपुर ले जाकर बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। मां के खाते में आने वाली पेंशन का पैसा रूबी ही खर्च करती थी। अनिल के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रूबी ने उन्हें फोन कर घर बुलाया। वह रेणुका धाम कॉलोनी स्थित घर पहुंचे और सुरेंद्र के बारे में पूछा। पहले तो रूबी टालमटोल करती रही, लेकिन जब अनिल ने समझाते हुए कहा, रोने से कुछ नहीं होगा। अगर कोई बात है तो मुझे सच बता दो। अगर तुम किसी परेशानी में हो, तो मैं तुम्हारी मदद करूंगा और तुम्हारे ऊपर आंच नहीं आने दूंगा। यह सुनकर रूबी भावुक हो गई और उसने अपने जेठ पर भरोसा करते हुए पूरा सच बता दिया। रूबी ने कहा कि सुरेंद्र ने फांसी लगा ली थी। वह घबरा गई थी, इसलिए उसने शव को घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा दिया। अनिल शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी रूबी लगातार परिवार और पुलिस को गुमराह करती रही थी। वह पुलिस के साथ सीसीटीवी फुटेज भी देखती थी और कई बार उन्हें याद कर रोने लगती थी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। रूबी का कबूलनामा सुनने के बाद अनिल शर्मा ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान बाथरूम की फर्श पर शक होने पर खुदाई कराई गई, जहां से सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। रूबी ने बताया कैसे छिपाया शव पूछताछ में रूबी ने बताया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डालकर प्लास्टर करा दिया था। इसके लिए करीब डेढ़ महीने पहले ही मिस्त्री और लेबर बुलाए थे। इसके बाद बाथरूम में टाइल्स भी लगवा दी थीं, ताकि किसी को घटना की जानकारी न हो सके। शुरुआती जांच में सामने आई यह बात पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर उसके ऊपर मिट्टी डाली गई। इसके बाद प्लास्टर कराया गया और फिर टाइल्स लगवा दी गईं, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पत्नी रूबी से हत्या के कारण और पूरी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी चेक हुए, फिर भी नहीं मिला सुराग अनिल शर्मा ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने रूबी को साथ लेकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कई बार रूबी से सुरेंद्र के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। करीब 7 दिन पहले वह सुरेंद्र के परिवार और मां को फिर उसके घर छोड़ आए थे। डीसीपी ने क्या कहा डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में गाड़ दिया था। फिलहाल महिला से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दुर्ग में पुराने पति-पत्नी के रिश्ते से शुरू हुआ विवाद हत्या के प्रयास तक पहुंच गया। आरोप है कि दूसरी पत्नी अपने पति, बहन और जीजा के साथ युवती के घर पहुंची। उसके साथ मारपीट की और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि आरोपी पति फरार है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र की स्मृति नगर चौकी का है। गिरफ्तार आरोपियों में परी खान (23), उसकी बहन मुस्कान (24) और जीजा राहुल यादव (35) शामिल हैं। मुख्य आरोपी लक्की सरदार की तलाश की जा रही है। दूसरी पत्नी ने बनाई हत्या की योजना पुलिस के अनुसार विवाद से नाराज होकर परी खान ने अपने पति लक्की सरदार, बहन मुस्कान और जीजा राहुल यादव के साथ मिलकर पीड़िता की हत्या करने की साजिश रची। 2 जुलाई की रात लगभग 8 बजे सभी आरोपी ज्वलनशील पदार्थ लेकर पीड़िता के घर पहुंचे। उसके साथ मारपीट की। फिर उसके ऊपर और घर में ज्वलनशील पदार्थ डालकर हत्या करने का प्रयास किया। पीड़िता ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। पहली पत्नी है शीतल इस मामले में दूसरी पत्नी परी खान ने भी शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उसने बताया कि लक्की सरदार की पहले शीतल वर्मा से शादी हुई थी। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। शीतल मायके चली गई थी। दहेज और पैसों के विवाद में मामला पुलिस तक पहुंचा था। इसके बाद दोनों अलग हो गए। साल 2025 में लक्की ने मुझ से प्रेम विवाह कर लिया और हम दोनों खम्हरिया इलाके में रहने लगे। पहली पत्नी से बातचीत का था शक, इसी को लेकर हुआ विवाद परी खान का कहना है कि उसने शीतल को अपने पति से विवाद नहीं करने के लिए कहा था, लेकिन इसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। शीतल का आरोप है कि वह लक्की से कोई बातचीत नहीं करती थी, लेकिन इसके बावजूद परी खान उसे शक की नजर से देखती थी। उसे धमकी देती थी। 1 जुलाई को दोनों महिलाओं के बीच विवाद हुआ था। इसके अगले ही दिन यानी 2 जुलाई की रात करीब 8 बजे मामला हिंसक हो गया। घर में अकेली देखकर मारने का किया प्रयास शीतल ने पुलिस को बताया कि, उस समय वह घर पर अकेली थी। उसकी मां और परिवार के बाकी सदस्य बाहर गए थे। आरोप है कि, लक्की सरदार अपनी पत्नी परी खान, साली मुस्कान और दोस्त राहुल यादव के साथ उसके घर पहुंचा। पहले घर के बाहर गाली-गलौज की गई। जब उसने विरोध कर घर के अंदर चली गई तो चारों उसके घर में घुस आए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने उसके ऊपर और घर के अंदर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश भी की। हालांकि शीतल किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। दूसरी पत्नी ने भी दर्ज करवाई है शिकायत वहीं दूसरी परी खान की शिकायत पूरी तरह अलग कहानी बताई है। उसने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात वह अपनी बहन मुस्कान के साथ घर के बाहर टहल रही थी। तभी फैज इरानी, रिहान और गौतम वहां पहुंचे और शीतल के विवाद को लेकर गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि तीनों ने उसके साथ मारपीट की और फैज ने चाकू निकालकर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद उसने अपनी बहन, ननद और राहुल यादव के साथ पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दूसरी पत्नी और उसके साथियों को किया गिरफ्तार सुपेला पुलिस ने शीतल की शिकायत पर केस दर्ज कर परी खान, मुस्कान और राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी लक्की सरदार अब भी फरार है। उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि पुराने वैवाहिक रिश्ते, आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई ने पूरे विवाद को इतना बढ़ा दिया कि मामला हत्या के प्रयास तक पहुंच गया। फिलहाल, मामले की जांच अभी जारी है।
फर्रुखाबाद जनपद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के कुबेरपुर घाट गांव में एक परिवार के छह सदस्य तोरई की सब्जी खाने के बाद बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि सब्जी में छिपकली गिर गई थी। सभी बीमार लोगों को देर रात लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। शुक्रवार रात को घर में तोरई की सब्जी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने अनजाने में उसी सब्जी से खाना खा लिया। खाने के अंत में जब एक महिला अपनी थाली में सब्जी ले रही थी, तब उसमें छिपकली निकली, जिसके बाद परिवार को घटना की जानकारी हुई। छिपकली का पता चलते ही कुछ ही देर बाद परिवार के सभी सदस्यों को उल्टियां होने लगीं और बेचैनी महसूस हुई। राजेंद्र, नीतू, सीमा, कोमल, रामदेवी और आर्यन नामक छह लोगों को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दीपक तिवारी ने सभी का उपचार किया और उन्हें वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टर ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। परिवार की सदस्य सीमा ने बताया कि सब्जी उसी ने बनाई थी, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं है कि उसमें छिपकली कैसे गिरी। उसने बताया कि सब्जी बनने के बाद चूल्हे के पास रखी हुई थी।
बदायूं में 1 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू के एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर उप जिलाधिकारी (सदर) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने इस जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आम जनता से सहयोग मांगा है। एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के पास मुठभेड़ से संबंधित कोई जानकारी, प्रत्यक्षदर्शी बयान, फोटो, वीडियो या अन्य साक्ष्य हैं, तो वह 10 जुलाई तक एसडीएम (सदर) न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। यह साक्ष्य किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच जमा किए जा सकते हैं। ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, स्थानीय निवासी और घटना के प्रत्यक्षदर्शी भी अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। यह मुठभेड़ 1 जुलाई को बदायूं के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव बहेड़ी के जंगल में हुई थी, जिसमें 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू मारा गया था। वह मूल रूप से हापुड़ जिले के थाना धौलाना क्षेत्र के गांव बझेड़ा का निवासी था और सम्भल जिले के थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव जमैटा में रहता था। मजिस्ट्रियल जांच में मुठभेड़ की पूरी परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और उपलब्ध सभी साक्ष्यों की विस्तार से पड़ताल की जाएगी। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी साक्ष्य और बयान जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनेंगे।
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के कई इलाकों से आम सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक समाधान की मिली-जुली तस्वीरें सामने आई हैं। दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर नागरिकों की सजगता रंग ला रही है, जिसके तहत हाथीपोल सर्किल में नए बिजली मीटर की समस्या का निपटारा करते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम की एआरओ पूनम बंसल ने त्वरित कार्रवाई की, जिसके लिए उन्हें 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। वहीं, प्रताप नगर चौक में खाली प्लॉट से कचरे के ढेर को साफ करवाकर जनता को बड़ी राहत दी गई है। इसके उलट, शहर के अन्य हिस्सों में नागरिक अब भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गिरवा के सुखनाका रोड पर पिछले 15-20 दिनों से सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है, तो बड़गांव में नालियों की गंदगी ट्यूबवेल के पीने वाले पानी में मिल रही है। इसके अलावा, झनों की सराय में अघोषित बिजली कटौती और भुवाना के तुलसी नगर में रोड लाइट न होने से आमजन बेहद परेशान हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) रोड पर बहते गंदे पानी से लोग परेशानीउदयपुर शहर के गिरवा क्षेत्र स्थित सुखनाका रोड के निवासी मनीष पालीवाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सीवर का गंदा पानी सड़क पर बहने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सवालिया धाम बिल्डिंग का सीवर पिछले 15-20 दिनों से सड़क पर बह रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। ट्यूबवेल के पानी में मिल रही सीवर की गंदगीबड़गांव के श्री महालक्ष्मी नगर निवासी संदीप कुमार पालीवाल ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि आरा मशीन वाली गली में गंदे पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। नालियों का गंदा पानी ट्यूबवेल के पानी में मिल रहा है, जिससे प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ गया है। इस समस्या से क्षेत्रवासी लंबे समय से परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। हर दिन घंटों के लिए बिजली का शटडाउनउदयपुर के NH-27 स्थित झनों की सराय क्षेत्र से आशीष ने दैनिक भास्कर पर बिजली आपूर्ति की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्रतिदिन बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक बिजली का शटडाउन लिया जाता है। विभाग जब चाहे बिजली बंद कर देता है और अपनी सुविधा के अनुसार ही आपूर्ति बहाल करता है। समस्या की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन वे फोन भी नहीं उठाते। इससे क्षेत्रवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरएसीबी ऑफिस के सामने रोड लाइट नहींभुवाना के महाप्रज्ञा विहार निवासी नरेंद्र सिंह चौहान ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि तुलसी नगर में आरएसीबी ऑफिस के सामने सड़क पर लगे बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। इसके कारण रात के समय पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है और आए दिन दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। कचरे की समस्या का हुआ समाधानउदयपुर शहर के प्रताप नगर चौक निवासी प्रवीण सेजू ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर खाली प्लॉट में कचरा डाले जाने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि कॉलोनी के लोग खाली प्लॉट में कचरा डाल रहे थे, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही थी और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, 'भास्कर समाधान' पर मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए प्लॉट की सफाई करवा दी और समस्या का समाधान कर दिया है। बिजली के मीटर की समस्या का समाधानउदयपुर शहर के हाथीपोल सर्किल क्षेत्र से मोहम्मद अनीस ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर नए बिजली के मीटर नहीं लगाए जाने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि आसपास की सभी दुकानों पर नए बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन उनकी दुकान पर अब तक मीटर नहीं लगाया गया था। मामला सामने आने के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम की एआरओ ने संज्ञान लेते हुए उनकी समस्या का समाधान करवाया और दुकान पर नया बिजली मीटर लगवा दिया। पूनम बंसल बनीं 'स्टार ऑफिसर'उदयपुर के हाथीपोल के रहने वाले मोहम्मद अनीस ने एक समस्या भास्कर एप पर पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनकी शॉप पर बिजली विभाग ने नया मीटर नहीं लगाया जबकि आसपास की सभी दुकानों पर मीटर लग गए है। उनकी शिकायत पर अजमेर विद्युत वितरण निगम की एआरओ पूनम बंसल ने वहां पर नया मीटर लगवा कर उनकी समस्या का समाधान कर दिया। जिसके बाद पूनम बंसल को आज 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में रोड लाइट और सड़क की समस्या:स्पीड ब्रेकर बना जल निकासी में बाधा, बीमारी का बढ़ा खतरा 2.उदयपुर में नगर निगम की सुस्ती से फूटा रोष:खारोल कॉलोनी में चोक नालियों से भरा पानी, दागली की मगरी में हफ्ते भर से रोड लाइट बंद 3.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 4.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार 5.उदयपुर के अशोक नगर में सुधरी सीवर व्यवस्था:बेदला में 15 दिनों से ठप सफाई व्यवस्था बहाल, सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर' 6.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन 7.उदयपुर में अधिकारियों की लापरवाही:मनवाखेड़ा में सुधारे बिना काट दी पाइपलाइन, तो नाकोड़ा नगर में खाली प्लॉट बने ‘डंपिंग यार्ड’ 8.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; 11 दिन का अंधेरा दूर, कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार 9.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 10.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान
कोटा में नालों, नालियों और गलियों में पड़ा कचरे शहर की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। हर गली में जाम नालियां, चोक नाले और ओवरफ्लो सीवरेज की समस्या लोग पोस्ट के जरिये ‘भास्कर समाधान’ पर भेज रहे हैं। बिजली के झूलते तार, खुले में रखा ट्रांसफॉर्मर और मेंटीनेंस के लिए खोदी गई सड़कें भी लोगों की परीक्षा ले रहे हैं। संबंधित विभाग भी आसानी से सुलझ जाने वाली इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। हालांकि दैनिक भास्कर एप की पहल ‘भास्कर समाधान‘ लोगों की समस्याओं का हल करवाने में अहम भूमिका निभा रहा है। विभाग के अधिकारी भी लोगों की परेशानियों का हल करने में सहयोग कर रहे हैं। पहले उन समस्याओं के समाधान पर एक नजर जिसने स्थानीय लोगों को राहत दी… झाड़ियां हुईं साफ, उठ गया कचरा कोटा के प्रेम नगर आवासीय योजना के डी ब्लॉक से गिरीराज मीणा ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि माताजी मंदिर के सामने लगे बिजली ट्रांसफॉर्मर खुले में हैं और नीचे की पूरी जमीन चूहों ने बिल खोदकर खोखली कर दी है। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर को जाली से ढकने और सफाई करने की अपील की थी। बिजली विभाग ने सफाई करवा दी है। अंधेरे की समस्या का हुआ समाधान रॉयल सन सिटी एरिया से लोकेश कुमार ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या शेयर की थी। उन्होंने पोस्ट में बताया था कि चार पांच दिनों से यह लाइट खराब है। अंधेरे के कारण लोगों को आने–जाने में परेशानी हो रही है। जंगली जीवों का खतरा भी बना हुआ है। बच्चों और महिलाओं को रात में भेजने में डर लगता है। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने लाइट ठी करवा दी है। नालियां ऊंची थीं, पोस्ट के बाद ठीक हुईं वैष्णवी विहार से नीरज ने अपने मकान के दोनों तरफ नालियां ऊंची होने की समस्या बताई थी। उन्होंने लिखा कि घर के दोनों तरफ बनीं नालियाें का ढलान ठीक नहीं है और ऊंची होने के कारण पानी का निकास भी ठीक नहीं है। प्रशासन को कई बार शिकायत कर दी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट करने के बाद उनके एरिया में नालियों का काम शुरू हो गया और लेवलिंग ठीक की जा रही है। कई दिनों से खराब स्ट्रीट लाइट ठीक हुई चौकड़ी के तेलियों की गली से आकाश जैन ने खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत हमें पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि बजाज खाना, रघु पान वाले की गली में स्ट्रीट लाइट कई दिनों से खराब है। बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी अवगत करवाया है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने समाधान कर दिया। सूरजमल घेंघट बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोटा के रंगबाड़ी इलाके के कृष्णा नगर से एक यूजर ने नालियों की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि जैन मंदिर वाली गली में नालियों की साफ सफाई नियमित रूप से न होने के कारण सभी नालियां जाम पड़ी हैं। पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में भरता है। इस समस्या का जमादार सूरजमल घेंघट ने अपनी टीम भेजकर समाधान करवा दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… नाले की सफाई नहीं, लोग परेशान कोटा से ‘भास्कर समाधान’ पर अंशुल मालव ने गणेश मार्ट वाली गली, मानसरोवर से जाम नाले की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में बने इस नाले की कई सप्ताह से सफाई नहीं हुई है। प्लास्टिक, मिट्टी और सूखे कचरे से पूरा नाला जाम पड़ा है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही और रुके हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। 6 महीने पहले खोदी रोड, बनाई नहीं कोटा के सोगारिया क्षेत्र के महावीर नगर से मोतीलाल ने सीवरेज कार्य से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी रिद्धी–सिद्धी नगर में सीवरेज का काम करीब 6 महीने पहले शुरू हुआ था। यूआईटी से अनुमोदित इस कॉलोनी में पूरी रोड खोदकर छोड़ दी गई है। कॉलोनी में पहले से ही नालियां नहीं बनी हैं। खोदी हुई रोड की वजह से वाहन तक गली में नहीं आ पा रहे हैं। राशन की लंबी लाइन, 4 बजे से लगाते नंबर रंगबाड़ी क्षेत्र के वीर सावरकर नगर से विजय कुमार राठौर ने राशन डिपो की परेशानी लिखकर भेजी है। उन्होंने बताया कि महिला जागृति राश्यान डिपो पर तीन दिनों से ऐसे ही लंबी लाइन लगी हुई है। राशन लेने के लिए आए लाभार्थी 4 बजे से अपने नंबर का इंतजार करने के लिए लाइन में लग जाते हैं। अगर इन सभी को टोकन दे दिया जाए तो लाइन की समस्या और इससे लगने वाले जाम दोनों से राहत मिल जाएगी। बिजली के तारों पर लटका हर पेड़ तलवंडी की वीआईपी कॉलोनी से योगेश नागर ने बिजली विभाग को चेताते हुए एक समस्या पोसट की है। उन्होंने बताया है कि शीला चौधरी रोड पर बिजली के तारों पर पूरा हरा पेड़ लटका हुआ है। इससे कभी भी तार टूट सकते हैं और आने जाने वालों के साथ गंभीर हादसा हो सकता है। अपील है कि इसका जल्द से जल्द समाधान करें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र में छह साल के मासूम के अपहरण और हत्या के प्रयास के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना प्रेम संबंध में बाधक बने मासूम को रास्ते से हटाने के प्रयास से जुड़ी है। बृहस्पतिवार रात आरोपी ने बच्चे का अपहरण कर लिया था। इसके बाद धारदार हथियार से मासूम के मुंह और गुप्तांग पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के पति की दो साल पहले मौत हो चुकी है। महिला संभल के असमौली थाना क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर चलाकर अपने छह साल के बेटे का पालन-पोषण करती है। इसी दौरान महिला का गांव मातीपुर निवासी शान पाशा से प्रेम संबंध हो गया। महिला ने आरोप लगाया था कि शान पाशा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली थी। फरवरी में महिला ने प्रेमी के खिलाफ दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। मासूम पर हमले की घटना के बाद शुक्रवार को बच्चे के ताऊ की तहरीर पर मुख्य आरोपी शान पाशा और उसके भाई सुहैल के खिलाफ अपहरण, जानलेवा हमला सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी पीड़िता के गांव के पास जंगल में मौजूद है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी शान पाशा, जो संभल के असमोली जिले के मातीपुर गांव निवासी रियाजुल का बेटा है, के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या करने का प्रयास करने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही में जुटी हुई है।
जोधपुर में आम लोगों की जरूरत पीने का पानी, साफ–सफाई और अच्छी सड़क ही उनकी सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। महावीरर नगर में दो महीने से पीने के पानी की परेशानी बनी हुई है लेकिन जलदाय विभाग सुध नहीं ले रहा। ऐसे ही शहर के नागौरी गेट से नियमित कचरा न उठने क समस्या हमें मिली है। इधर जगह–जगह सीवरेज और पीने की पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क न बनने से आम आदमी रोज परेशान हो रहा है। रही सही कसर सीवरेज के बहते पानी और लंबे पावर कट ने पूरी कर दी है। जोधपुर के लोग संबंधित विभागों की लचर व्यवस्था से दुखी हैं। ‘भास्कर समाधान’ पर ऐसी सैकड़ों पोस्ट हमें रोज मिलती हैं जिनके समाधन करवाने की अपील लोगों ने लिखी हैं। समस्या से जुड़ी पोस्ट आने पर अधिकारियों ने समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर नजर.. दो महीने से पानी नहीं आ रहा जोधपुर से अदिति ओझा ने झालामंड के हनुमान नगर से पीने के पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में पीने के पानी की बहुत परेशानी है। बीते दो महीने से पानी नहीं आ रहा है। जब पानी आता भी है तो प्रेशर इतना कम होता है कि बूंद बूंद पानी आता है। इससे पीने भर को भी पानी नहीं मिल पाता। इस समस्या का जल्द समाधान करवाएं। रोज कचरा न उठने से हो रही गंदगी 'भास्कर समाधान' पर सिंधी भुट्टो का चौक, कांच वाला अस्पताल के सामने नागौरी गेट से अयूब खान ने समस्या पोस्ट की है। उन्हाेंने बताया कि नागौरी गेट के अंदर जोधपुर नगर निगम ने डंपिंग जोन बना दिया है। उन्होंने बताया कि इलाके में सारा दिन कचरा पड़ा रहता है। नियमित रूप से कचरा भी नहीं उठाया जाता है। यहां से सप्ताह में दो बार आधा अधूरा कचरा उठाया जाता है। 2 महीने से सीवरेज लाइन खराब 'भास्कर समाधान' पर शिव बस्ती, मसूरिया से प्रकाश सिंह राजावत ने सीवरेज की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके घर के सामने दो महीने से सीवरेज लाइन खराब है। सीवर का पानी सड़क पर बहता है जिससे आसपास काफी बदबू फैली हुई है। निगम में कई बार कम्प्लेंट कर चुके लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आना जाना भी मुश्किल हो गया है। 4 महीने पहले खोदी सड़क, नहीं बनाई बकरा मंडी रोड, सिवाची गेट से हिमांशु ने अपने एरिया की सड़क से जुड़ी परेशानी पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले मेंटीनेंस वर्क के चलते इस सड़क को खोदा गया था। काम खत्म हो गय लेकिन सड़क के गड्ढे भरकर ऐसे ही छोड़ दिया गया। लेवलिंग न होने से धूल और कंकड़ से लोग परेशान हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों को पथरीली कंकरी राह पर काफी दिक्कत हो रही है। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट के बाद सफाई हुई, उठा कचरा जोधपुर के वार्ड 5 की रामदेव कॉलोनी से मयंक ने कचरा नियमित रूप से न उठाने और सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि न तो कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित आती है न ही गली में ठीक से सफाई ही होती है। इस समस्या के भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद वार्ड के सफाई प्रभारी राजकुमार ने एक्शन लेते हुए साफ–सफाई करवाकर कचरा हटा दिया है। करण कुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर के बनाड़ रोड के महावीर नगर से दीपक चौहान ने बार बार बिजली पॉवर कट की समस्या पोसट की है। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र महादेव नगर, मारवाड़ आईटीआई कॉलेज के आसपास पावर कट बहुत होता है। बिना पूर्व सूचना के लंबे समय तक लाइट काटी जाती हे। गर्मी में लोग बहुत परेशान होते हैं। इस समस्या के सामने आने के बाद डिस्कॉम कॉल सेंटर के टीम लीडर करण कुमार ने समस्या का समाधान करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कानपुर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड टूटा:3 जुलाई को 108 मिमी बरसात, गर्मी से लोगों को मिली राहत
कानपुर शहर में मानसूनी बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। शाम को शुरु हुई बारिश के बाद सुबह तक मौसम सुहावना बना रहा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश ने 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 3 जुलाई को 108.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 2011 में एक जुलाई को 101 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। शुक्रवार दोपहर में बारिश थमने और आसमान साफ होने के बाद तेज धूप निकल आई। हवा की रफ्तार धीमी पड़ने से उमस बढ़ गई और लोगों को फिर पसीना बहाना पड़ा। वहीं शाम होते-होते एक बार फिर बादल छा गए और हल्की बारिश से मौसम दोबारा खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग ने शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना जताई है। सुबह से धूप खिली है। 2 तस्वीरें देखिए… जुलाई की सामान्य बारिश का 39.8% पानी गिरा मानसून की पहली बारिश में ही जुलाई की कुल सामान्य बारिश का 39.8% पानी गिर गया। जुलाई महीने की सामान्य कुल बारिश 275.3 मिमी है। जबकि शुक्रवार को 109.8 मिमी बारिश हो गई। 2002 में हुई थी सबसे कम बारिश कानपुर में जुलाई में सबसे कम बारिश वर्ष 2002 में 25.6 मिमी हुई थी। जबकि वर्ष 2011 में एक जुलाई को 101 मिमी, 2012 में 6 जुलाई को 147.2 मिमी और 2017 में 5 जुलाई को 112.2 मिमी बारिश हुई। जलभराव की बन गई स्थिति बारिश के बाद शहर के गली व मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश थमने के घंटों बाद तक जलभराव से लोग परेशान रहे। हालांकि मौसम सुहावना होने के बाद रात में गंगा बैराज स्थित मैगी प्वाइंट, मोतीझील, मालरोड व शहर के पार्कों में लोगों की भीड़ पहुंची। मानसून सक्रिय है मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून सक्रिय है। इसके साथ कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन व ट्रफ लाइन भी बनी हुई है। आने वाले 24 घंटों में आंधी व बारिश का अलर्ट है। ऐसे में रात का तापमान गिरेगा। यदि दिन में आसमान साफ हुआ तो तेज धूप निकलेगी जो कि गर्मी का एहसास कराएगी।
अजमेर शहर के अलग-अलग इलाकों से मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं खराब स्ट्रीट लाइट के कारण रात में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो कहीं कचरे से नाला जाम होने से बदबू और जलभराव का खतरा बना हुआ है। वहीं एक अन्य क्षेत्र में बिजली के तारों पर पेड़ों की शाखाएं झूलने से हादसे की आशंका जताई गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के स्टार ऑफिसर: राकेश गहलोत अजमेर हाथीखेड़ा रोड स्थित नागेश्वर कॉलोनी, कोटड़ा में निर्माणाधीन हरिभाऊ थाने के सामने मुख्य सड़क पर पिछले कई दिनों से सात स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी थीं। रात के समय सड़क पर अंधेरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मामले की शिकायत भास्कर समाधान पर आने के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी बंद स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करा दिया। इस समस्या के समाधान में प्रभावी कार्रवाई करने पर अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता (XEN) राकेश गहलोत को आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। उनके निर्देशन में टीम ने शिकायत का समय पर निस्तारण कर क्षेत्र में रात के समय रोशनी की व्यवस्था बहाल कर दी। कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने लगी है और क्षेत्रवासियों ने विभाग की त्वरित पहल की सराहना की है। कई समस्याओं का हुआ समाधान, बंद स्ट्रीट लाइटें हुईं चालू, आवारा पशुओं से मिली राहत अजमेर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हो गया है। नगर निगम और अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कुम्हार मोहल्ला में जमा कचरा हटवाया, लक्ष्मीबाई नगर में बंद स्ट्रीट लाइटें चालू कर नालियों की सफाई कराई, हरिभाऊ थाने के सामने बंद पड़ी सात स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराया और गणपति नगर से आवारा पशुओं को हटवाया। कार्रवाई के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। समस्या पोस्ट करने के बाद नगर निगम ने हटवाया कचरा कुम्हार मोहल्ला निवासी शशांक खंडेलवाल ने समस्या में बताया था कि क्षेत्र में पिछले करीब दो महीने से नियमित सफाई नहीं हो रही थी। सफाई कर्मचारियों के समय पर नहीं आने के कारण गलियों में कचरा जमा होता जा रहा था। साथ ही बाहरी लोग भी यहां आकर कचरा डाल रहे थे, जिससे गंदगी लगातार बढ़ती जा रही थी। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में सफाई कराकर जमा कचरे को हटवा दिया गया है और समस्या का समाधान कर दिया गया है। लक्ष्मीबाई नगर में स्ट्रीट लाइट और नालियों की समस्या दूर आनासागर रोड स्थित लक्ष्मीबाई नगर, ढोला भाटा निवासी मनीष कुमार ने समस्या पोस्ट की थी कि क्षेत्र में पिछले दो से तीन सप्ताह से रोड लाइट बंद पड़ी थी। अंधेरे के कारण रात के समय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही कॉलोनी की नालियां भी पूरी तरह चोक हो चुकी थीं, जिनकी लंबे समय से सफाई नहीं होने से गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान कर दिया। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी ने समस्या का निस्तारण होने की पुष्टि की है। निर्माणाधीन हरिभाऊ थाने के सामने सात स्ट्रीट लाइटें फिर हुईं चालू हाथीखेड़ा रोड स्थित नागेश्वर कॉलोनी, कोटड़ा में निर्माणाधीन हरिभाऊ थाने के सामने मुख्य सड़क पर लगी सात स्ट्रीट लाइटें पिछले कई दिनों से बंद थीं। शिकायतकर्ता सतविंदर सिंह ने बताया था कि स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहती थी, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। निर्माण कार्य के चलते इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने समस्या पर कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करा दिया। गणपति नगर में आवारा पशुओं से मिली राहत पुष्कर रोड स्थित रीजनल कॉलेज के पास गणपति नगर में आवारा गायों और सांडों के जमावड़े की समस्या भी दूर कर दी गई है। शिकायतकर्ता जटवेद सोनी, दयाल चौहान और सतरूधन सिंह ने बताया था कि कॉलोनी की गलियों और सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा पशु घूमते रहते थे। सड़क पर गोबर फैला रहने से फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता था। वहीं सांडों के आपस में लड़ने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल था। नगर निगम ने समस्या के बाद कार्रवाई करते हुए क्षेत्र से आवारा पशुओं को हटवाया। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी ने समस्या का समाधान होने की पुष्टि की है। खराब स्ट्रीट लाइट, जाम नाला और बिजली के तारों पर झूलती शाखाओं से लोग परेशान, अंधेरे में आने-जाने को मजबूर लोग ईदगाह रोड पर स्ट्रीट लाइट खराब, रात में बढ़ी परेशानी ईदगाह रोड स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी, अरावली विहार कॉलोनी निवासी जया धरवानी ने समस्या में बताया कि राम मंदिर के पास लगाई गई रोड लाइट कुछ ही समय बाद खराब हो गई। लाइट लगातार झपकती रहती है, जिससे रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पाती। लोगों का कहना है कि इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। उन्होंने नगर निगम से स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक कराने की मांग की है। रामगंज में कचरे से जाम नाला, बदबू से लोग परेशान रामगंज क्षेत्र में डॉ. खुंगेर के सामने नाला कचरे से पूरी तरह जाम होने की समस्या सामने आई है। शिकायतकर्ता जगदीप सिंह ने बताया कि लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण उसमें प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा हो गया है। इससे आसपास के क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है और बरसात के दौरान जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई कराने की मांग की है। श्रीनगर रोड पर बिजली के तारों से टकरा रही शाखाएं श्रीनगर रोड स्थित भाटी की गली में बिजली के खंभे पर लगे तारों से पेड़ों की शाखाएं टकरा रही हैं। शिकायतकर्ता रवि भाटी का कहना है कि इस स्थिति में तेज हवा या बारिश के दौरान बिजली के तार टूटकर नीचे गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने विद्युत निगम से शाखाओं की छंटाई कराकर तारों को सुरक्षित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग समय रहते इन समस्याओं का समाधान करें, ताकि बरसात के मौसम में किसी प्रकार की दुर्घटना या आमजन को असुविधा का सामना न करना पड़े। एक माह से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, कीर्ति नगर निवासी गीता गिदवानी ने समस्या में बताया कि बोराज रोड स्थित कीर्ति नगर की गली नंबर-9 में लगे दोनों बिजली पोल की स्ट्रीट लाइट पिछले करीब एक महीने से बंद पड़ी हैं। कई बार समस्या की जानकारी देने के बावजूद अब तक लाइटें चालू नहीं कराई गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात होते ही पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी होती है। साथ ही अंधेरे के कारण चोरी और अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान : टूटी पाइपलाइन की समस्या हुई ठीक:लीकेज, गंदे नाले और सीवरेज की समस्याओं का हुआ निस्तारण, लोगों को मिली राहत 2.भास्कर समाधान: कचरा डिपो की समस्या का हुआ समाधान:दिनभर जलती स्ट्रीट लाइट और बंदरों के आतंक से लोग परेशान, रमेश चौधरी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.भास्कर समाधान का असर:बिजली का खम्भा झुका, तीन साल से नहीं बनाई सड़क, स्ट्रीट लाइट और बेसहारा पशुओं से लोग परेशान 4.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 5.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 6.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 7.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
नर्मदापुरम में बंद पड़ी मध्यप्रदेश एक्वाटिक एवं ट्रायथलॉन अकादमी (स्वीमिंग अकादमी) जिले से छिन गई है, जो अब कभी जिले में शुरू नहीं होगी। यह अकादमी उज्जैन में संचालित होगी। स्वीमिंग अकादमी में प्रशिक्षण के लिए नर्मदापुरम के खिलाड़ियों को भी उज्जैन जाना होगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अपर सचिव अजय श्रीवास्तव शुक्रवार दोपहर में इसके आदेश जारी किए। नर्मदापुरम में साल 2016 में स्वीमिंग अकादमी स्वीकृत हुई थी। हरदा बायपास स्थित नर्मदा एजूकेशन सोसायटी कैंपस (डॉल्फिन) में स्विमिंग अकादमी स्थापित की गई थी, जो कुछ साल तक चलती रही। कई खिलाड़ियों ने यहां आकर तैराकी सीखी लेकिन कोरोना के बाद से यह बंद पड़ी थी। बीच में अकादमी की इंदौर शिफ्ट करने का विचार था, लेकिन अब उज्जैन में इसे शुरू करने की अनुमति दी गई है। अकादमी के जाने से नर्मदापुरम जिले के सैकड़ों तैराकी सीखने वाले खिलाड़ियों को उज्जैन जाना पड़ेगा या प्राइवेट क्लब में जाना होगा।
शामली में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जिले के हजारों बिजली उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभाग ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना ही उनके विद्युत कनेक्शन का भार (लोड) बढ़ा दिया है। मोबाइल पर अचानक लोड बढ़ने के संदेश मिलने के बाद उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। उपभोक्ताओं के अनुसार, जिन घरेलू कनेक्शनों का भार पहले 1 किलोवाट था, उसे विभाग ने सीधे 2 किलोवाट कर दिया है। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में 2 किलोवाट के कनेक्शनों को बढ़ाकर 4 किलोवाट कर दिया गया है। उपभोक्ताओं का दावा है कि उन्होंने लोड बढ़ाने के लिए न तो कोई आवेदन किया था और न ही विभाग ने उनसे कोई लिखित सहमति ली। मोबाइल पर अचानक आए इन संदेशों से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि अब उन्हें बढ़े हुए विद्युत भार के कारण अधिक फिक्स चार्ज और अन्य शुल्कों का भुगतान करना पड़ेगा।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्वर्ण पदक विजेता छात्र-छात्राओं की सभी सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएंगी। राजभवन सचिवालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना है। राज्यपाल सचिवालय के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जिन छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाना है, उनकी सभी सेमेस्टरों की उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएं। विश्वविद्यालयों को नियम के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पत्र वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों को भेजा गया है। हालांकि, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। इसका एक प्रमुख कारण संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा प्रायोगिक, इंटरनल, सेशनल और डिसटेंशन के अंक समय पर अपलोड न करना है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के परिणाम अभी लंबित हैं, जिससे अंतिम मेरिट और गोल्ड मेडलिस्ट की सूची तैयार करने में कठिनाई आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस संबंध में महाविद्यालयों को लगातार निर्देश जारी कर रहा है। अंक अपलोड कराने के लिए अब तक पांच बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन कई महाविद्यालयों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में राजभवन के नए निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय के सामने निर्धारित समय में गोल्ड मेडलिस्ट की सूची तैयार करने और उत्तर पुस्तिकाओं को वेबसाइट पर अपलोड करने की चुनौती बढ़ गई है।
सलूंबर में तेज आंधी-बारिश:रात 10 बजे बदला मौसम, सड़कों पर जलभराव हुआ
सलूंबर जिले में शुक्रवार रात मौसम ने अचानक करवट बदली। दिनभर की तेज धूप और उमस के बाद रात करीब 10 बजे तेज आंधी, बादलों की गर्जना और बारिश से लोगों को राहत मिली। बारिश से पहले चली तेज और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट देखने को मिली , जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के दौरान बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली की चमक भी देखी गई। अचानक हुई तेज बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भर गया। बाजार से घर लौट रहे लोग और दोपहिया वाहन चालक आंधी व बारिश से बचने के लिए दुकानों तथा सुरक्षित स्थानों पर रुकने को मजबूर हो गए। मौसम में आए इस बदलाव ने भले ही लोगों की आवाजाही प्रभावित की, लेकिन लंबे समय बाद चली ठंडी हवाओं और झमाझम बारिश ने सलूम्बरवासियों को गर्मी से बड़ी राहत दी। देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे वातावरण खुशनुमा हो गया।
आगरा में शुक्रवार रात को झमाझम बारिश के बाद शनिवार सुबह भीषण और उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना हो गया है। आज दिन में भी तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने 9 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को बादलों की आवाजाही के बीच एक-दो दौर की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रविवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे तथा कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आज बारिश-बूंदाबांदी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। 9 जुलाई तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस बीच तापमान में गिरावट हो सकती है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति संभावना के बावजूद बारिश कम यूपी में मानसून दस्तक दे चुका है। मगर, आगरा में बादल ज्यादा बेहरमान नहीं हो रहे। मौसम विभाग 1 जुलाई से हर रोज बारिश की संभावना जता रहा है, लेकिन यहां अपेक्षित बारिश नहीं हो रही। शुक्रवार सुबह कुछ इलाकों में हुई बारिश के बाद रात को पूरे शहर में बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट बारिश के बाद एक बार फिर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को दिन के तापमान में 3.3C की कमी रही। गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 37.6C था वहीं, शुक्रवार को ये गिरकर 34.3C पर आ गया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 28.7C रहा। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
मुज़फ्फ़रनगर। फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर धर्मांतरण के आरोपों का मामला अब जांच के चरण में पहुंच गया है। आरोप सामने आने और मामला सुर्खियों में आने के बाद शुक्रवार को स्थानीय पुलिस और एलआईयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) की संयुक्त टीम ने मदरसे में पहुंचकर कई घंटों तक गहन जांच-पड़ताल की। टीम ने मदरसा प्रबंधन से पूछताछ की, दस्तावेजों का सत्यापन किया और आरोपों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। आपको बता दें कि एक दिन पहले योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने मुख्यमंत्री के नाम वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया था कि फुलत का यह मदरसा पिछले करीब दस वर्षों से हिंदू युवक-युवतियों का धर्मांतरण कराने का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कुछ लोगों के नाम सार्वजनिक करते हुए दावा किया था कि उनका धर्म परिवर्तन कर नाम बदल दिए गए तथा कुछ हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवकों से निकाह कराया गया। मामला सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस की टीम शुक्रवार दोपहर मदरसे पहुंची और वहां मौजूद रिकॉर्ड, व्यवस्थाओं और अन्य तथ्यों की जांच की। जांच के दौरान मदरसे के जिम्मेदार लोगों से भी विस्तृत पूछताछ की गई। हालांकि पुलिस ने फिलहाल जांच के दौरान मिले तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा से वार्ता कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार धर्मांतरण जैसे मामलों को लेकर पहले भी सख्त रही है और भविष्य में भी किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि फुलत गांव पहले भी धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। इसी क्षेत्र के एक अन्य मदरसे से जुड़े मौलाना कलीम सिद्दीकी को कुछ वर्ष पहले कथित धर्मांतरण रैकेट के आरोप में एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है। यही कारण है कि इस बार सामने आए आरोपों को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट किया जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पलामू के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और रांची के नामकुम स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार घर से लिए गए सरसों के तेल के नमूने में जहरीले आर्गेमोन (कटेली) के तेल की मिलावट पाई गई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर इसी वजह से परिवार के सदस्यों की मौत होने का संदेह जताया गया है। क्या बता रही है जांच रिपोर्ट जांच रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन 5 ग्राम से कम), एक्यूट किडनी इंजरी (किडनी को गंभीर नुकसान) तथा खून की उल्टी और दस्त जैसे लक्षण मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ये सभी लक्षण आर्गेमोन विषाक्तता से मेल खाते हैं। लगातार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 22 से 30 जून के बीच गांव में सर्वे किया। जांच में पता चला कि मृतक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। अपने खेत में उगाई गई सरसों से घर पर ही तेल निकलवाकर इस्तेमाल करता था। उसी खेत में बड़ी मात्रा में आर्गेमोन मेक्सिकाना (कटेली) नामक जहरीला खरपतवार भी उगा हुआ था। आशंका है कि कटाई या तेल निकालने के दौरान कटेली के बीज सरसों में मिल गए, जिससे तेल जहरीला हो गया। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने 2 जुलाई को जांचे गए सरसों के तेल के नमूने में आर्गेमोन तेल की मौजूदगी की पुष्टि की है। रिपोर्ट में इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मानते हुए असुरक्षित खाद्य पदार्थ घोषित किया गया है। अन्य रासायनिक जांच की अंतिम रिपोर्ट और मृतकों के विसरा परीक्षण की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। रिम्स में भर्ती सुनील बोले- मैंने वह सरसों तेल नहीं खाया सिक्का गांव के इस परिवार की छठी सदस्य लाखो देवी और सातवें सदस्य सुनील मेहता का रिम्स में इलाज चल रहा है। रिम्स में भर्ती सुनील मेहता ने बताया कि जब वह कमाने के लिए घर से बाहर गए थे, तब तक घर में सरसों का तेल नहीं पेरवाया गया था। उन्होंने दावा किया कि जिस सरसों के तेल का अब नमूना लिया गया है, उसका उन्होंने सेवन नहीं किया था। हालांकि वह भी पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं। उनमें भी परिवार के अन्य सदस्यों जैसे ही लक्षण दिखाई दे रहे हैं। घर में निकाले गए तेल के उपयोग पर रोक स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर प्रभावित गांव में घर पर निकाले गए सरसों के तेल की बिक्री और उसके सेवन पर तत्काल रोक लगाने की सिफारिश की है। साथ ही पूरे गांव के लोगों की सामूहिक स्वास्थ्य जांच कराने की भी अनुशंसा की गई है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति में आर्गेमोन विषाक्तता के लक्षण मिलने पर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके। विभाग ने स्थानीय प्रशासन को दूषित तेल के इस्तेमाल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की सलाह दी है। इसके अलावा कृषि विभाग को सरसों की फसलों में उगने वाले कटेली जैसे जहरीले खरपतवार को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की सिफारिश की गई है। ------------------------------------------------------ इसे भी पढ़ें..… पलामू में 10 दिन में एक परिवार के पांच मरे:पैर में सूजन के बाद फूला शरीर, इलाज नहीं झाड़फूंक कराया पलामू के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव में 10 दिनों में अज्ञात बीमारी से एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। चौथे सदस्य श्वेता देवी की मौत रिम्स में इलाज के दौरान रविवार की सुबह हो गई। लगभग 20 घंटे पहले उनकी ननद इन्दु कुमारी की मौत एमएमसीएच में हो गई थी। इससे पहले 19 जून की रात कुलदीप महतो और आठ घंटे बाद उसकी बेटी बबीता कुमारी की मौत हो गई थी। उसके दो तीन दिन पहले से ही कुलदीप, बबीता, लाखों देवी,श्वेता देवी, ईन्दु कुमारी की तबीयत खराब हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
संभल में 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और तहसील प्रशासन ने 22 ग्रामीणों से छह बीघा से अधिक भूमि का बैनामा कराया है। यह प्रक्रिया शुक्रवार देर रात 1 बजे तक उपनिबंधक कार्यालय में चली। यह भूमि अधिग्रहण संभल तहसील के थाना नखासा क्षेत्र के गांव पल्था, थाना हजरतनगर गढ़ी के गांव फिरोजपुर और थाना हयातनगर के गांव अलीपुर बुजुर्ग में हुआ है। गांव पल्था निवासी याकूब हुसैन को 104 वर्ग मीटर भूमि के लिए 1,74,420 रुपये और रफीस को 160 वर्ग मीटर भूमि के लिए 2,68,800 रुपये मिले हैं। यह बैनामा संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित उपनिबंधक कार्यालय में संपन्न हुआ। कुल 36 गांव इस परियोजना के दायरे में आ रहे हैं, जहाँ भूमि अधिग्रहण किया जाना है। यह मार्ग भगवान श्रीविष्णु के दसवें अवतार भगवान श्रीकल्कि की नगरी की 24 कोसीय परिक्रमा के लिए है। गांव फिरोजपुर निवासी सत्तार ने बताया कि उन्होंने अपनी सवा बीघा भूमि का बैनामा कराया है, जिसके लिए उन्हें 17 से 18 लाख रुपये मिलेंगे। इसी गांव के हाजी बाबू ने बताया कि उनकी पौन बीघा जमीन 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के लिए खरीदी गई है, जिसके एवज में उन्हें 17 लाख रुपये प्राप्त होंगे। एक अन्य ग्रामीण रफाईस ने बताया कि उन्होंने परिक्रमा मार्ग के लिए कुल 5 बीघा जमीन दी है, जिसके लिए उन्हें 42 लाख रुपये मिलेंगे। पीडब्ल्यूडी विभाग की सहायक अभियंता (AE) दीक्षा सिंह ने बताया कि मध्यरात्रि तक कुल 22 लोगों से परिक्रमा मार्ग के लिए बैनामा कराया गया। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर परिक्रमा मार्ग में आने वाली सभी भूमि का बैनामा पूरा कर लिया जाएगा, ताकि परियोजना पर जल्द काम शुरू हो सके। लेखपाल ओमकार गोंड ने जानकारी दी कि भूमि खरीदने की प्रक्रिया पिछले तीन दिनों से लगातार चल रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 22 लोगों से बैनामा कराने की योजना सफल रही। उपनिबंधक कार्यालय देर रात 1 बजे तक खुला रहा ताकि यह प्रक्रिया पूरी की जा सके।
कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने जिले की कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार देर रात कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया। इस तबादला सूची में कई निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां दी गईं, जबकि संदीपन घाट थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। जारी आदेश के अनुसार, एसपी कार्यालय के वाचक संतोष शर्मा को कोखराज थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। कोखराज थाना प्रभारी चंद्रभूषण मौर्य को मोहब्बतपुर पैंसा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संदीपन घाट थाना प्रभारी इंद्रदेव को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह क्राइम ब्रांच में तैनात आशुतोष सिंह को संदीपन घाट का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। कौशाम्बी थाना प्रभारी के.के. यादव को विशेष जांच प्रकोष्ठ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। फील्ड यूनिट में तैनात जगदीश कुमार अब कौशाम्बी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, मोहब्बतपुर पैंसा थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार वर्मा का तबादला चुनाव सेल में किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह फेरबदल जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
प्रतापगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आज तीसरा और अंतिम दिन है। जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। तीन दिवसीय इस परीक्षा में कुल 44,760 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। दूसरे दिन, कुल 1,112 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सीसीटीवी निगरानी और सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। शुक्रवार को परीक्षा के दूसरे दिन दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल 17,904 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 16,792 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,112 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में जूनियर स्तर की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की गई। इसमें 8,952 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 8,328 ने परीक्षा दी, जबकि 624 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक संपन्न हुई। इस पाली में 8,952 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 8,464 ने परीक्षा दी और 488 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। प्रशासन ने अंतिम दिन भी परीक्षा को निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किए हैं।
बिजनौर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक झा ने जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इन तबादलों से पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जारी आदेशों के अनुसार, धामपुर के कोतवाल मृदुल कुमार को उनके पद से हटाकर अब अफजलगढ़ का थाना प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, नहटौर के थाना प्रभारी निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह को धामपुर का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, हल्दौर के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण अवतार को हल्दौर थाने से स्थानांतरित कर नहटौर का थाना प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। अफजलगढ़ के थाना प्रभारी उप निरीक्षक विजेंद्र सिंह राठी को अब हल्दौर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हाथरस में सुबह तेज बारिश, गर्मी से राहत:कई इलाकों में जलभराव, सीवरेज व्यवस्था की खुली पोल
हाथरस में आज शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग 45 मिनट तक जारी रही। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। आज शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले कल अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मोहनगंज, बालापट्टी, नाई का नगला, लाला का नगला, चामड गेट, तरफरा रोड और कर्बला रोड जैसे क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे कीचड़ भी फैल गई। शहर के कई इलाकों की बिजली हुई गुल बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। थोड़ी देर की बरसात ने ही शहर की सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। स्कूली बच्चे भी बारिश में भीगते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते दिखे।
फिरोजाबाद। उत्तर थाना पुलिस ने टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। शुक्रवार रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि उनके दो साथियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से डेढ़ लाख रुपये नकद, अवैध हथियार और घटना में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 23 जून को थाना उत्तर क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बुजुर्ग को बहला-फुसलाकर उनकी सोने की माला और अंगूठी ठग ली गई थी। इस मामले में थाना उत्तर में मुकदमा दर्ज कर एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। शुक्रवार रात को मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश बैंदी की पुलिया के पास किसी नई घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में जग्गू उर्फ जगदीश और सुभाष यादव के पैर में गोली लग गई। वहीं, भागने का प्रयास कर रहे तनुज गोस्वामी और दिनेश चंद्र गोस्वामी को पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से टप्पेबाजी कर बेचे गए आभूषणों के 1.50 लाख रुपये, तीन अवैध तमंचे, चार जिंदा और चार खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त तीन स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। घायल दोनों आरोपितों को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आरोपित आगरा के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, ग्वालियर, धौलपुर और भरतपुर सहित विभिन्न राज्यों में लूट, टप्पेबाजी, चोरी, धोखाधड़ी, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह बुजुर्गों और राहगीरों को बातों में उलझाकर उनके आभूषण उतरवाकर फरार हो जाता था। इस गिरोह की गिरफ्तारी से हाल के दिनों में हुई कई टप्पेबाजी की घटनाओं के खुलासे की उम्मीद है। आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
फिरोजाबाद के मक्खनपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित केसी ग्लास इंडस्ट्रीज में शुक्रवार रात ड्यूटी के दौरान एक चूड़ी श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सहकर्मियों ने अत्यधिक गर्मी को इसका कारण बताया है। घटना के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और अन्य श्रमिकों ने कुछ समय के लिए काम बंद कर दिया। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान शिवदयाल पुत्र राजाराम (लगभग 50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गांव बिजौली, थाना खैरगढ़ के निवासी थे। बताया गया कि शिवदयाल प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को नाइट ड्यूटी पर आए थे। रात में चूड़ी निर्माण कार्य के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े। सहकर्मियों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण उनकी हालत बिगड़ी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन फैक्ट्री पहुंच गए। श्रमिक की मौत की खबर फैलते ही अन्य कर्मचारियों में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया, जिसके कारण कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित रहा। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच देर रात बातचीत हुई। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि दोनों पक्षों के बीच लगभग 9 लाख रुपये में समझौता हुआ है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में बारिश:सुबह से तेज हवा बह रही, आसमान में बादल, रुक रुककर बिजली चमक रही
मथुरा में शनिवार सुबह 5 बजे जोरदार बारिश हुई। 2 घंटे तक तेज हवा चली और बिजली चमकती रही। आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट भी सुनाई दी। बारिश से उमस भरी गर्मी में कमी आई। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सुबह हुई तेज बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई दिया। मथुरा रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा नजर आया, जबकि खराब मौसम के कारण कुछ ट्रेनें भी देरी से चलीं। वहीं कई लोग घरों की छतों और बालकनियों से बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए। निचले इलाकों में भरा पानी शुक्रवार दोपहर हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह की तेज बारिश को इस मानसून की पहली प्रभावी बारिश माना जा रहा है। लगातार बरसात के चलते शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के लिए राहत की बारिश भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आगरा मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने बारिश को किसानों के लिए राहत भरी खबर बताया। उन्होंने कहा कि इस समय धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य चल रहा है, जिसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि अब तक बारिश नहीं होने के कारण किसानों को डीजल खर्च कर इंजन और बोरिंग के जरिए खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही थी, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। अब अच्छी बारिश होने से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचेगा और धान की रोपाई समेत खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। आगे भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी खेती के लिए अनुकूल मौसम मिलेगा।
मेरठ के परीक्षितगढ़ रोड पर शुक्रवार रात नगर निगम की बिना तिरपाल ढंकी कूड़ा गाड़ियों के गुजरने से व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षितगढ़ रोड एवं जेल चुंगी व्यापार संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने चार कूड़ा गाड़ियों को बीच रास्ते रोककर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का आरोप है कि खुले वाहनों में पशु अवशेष युक्त कूड़ा ले जाने से पूरे बाजार में दुर्गंध फैलती है और संक्रमण का खतरा बना रहता है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने वाहन चालकों से बिना तिरपाल कूड़ा ढोने का कारण पूछा। चालकों ने बताया कि वाहन कमेला क्षेत्र से आ रहे हैं और डिपो प्रभारी के निर्देश पर ही बिना तिरपाल के कूड़ा लेकर जा रहे हैं। यह सुनकर व्यापारियों का आक्रोश और बढ़ गया। व्यापारियों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 50 कूड़ा गाड़ियां गुजरती हैं। कई बार वाहनों से कूड़ा और पशु अवशेष सड़क व दुकानों के सामने गिर जाते हैं, जिससे पूरे बाजार में बदबू फैल जाती है। इससे ग्राहकों और राहगीरों को परेशानी होती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। हंगामे की सूचना पर डिपो प्रभारी कुलदीप कुमार ने व्यापारियों से फोन पर बातचीत कर आश्वासन दिया कि आगे से बिना तिरपाल ढंकी कोई भी कूड़ा गाड़ी इस मार्ग से नहीं भेजी जाएगी। इसके बाद व्यापारियों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन में व्यापार संघ के महामंत्री दिनेश चौधरी, प्रवीण गुप्ता, डॉ. अखिल सिंघल, डॉ. मनोज कुमार, मनीष रस्तोगी, मल्लिकार्जुन शर्मा, अनिल शर्मा, संदीप बंसल, राजेश यादव, कंचन समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
लखनऊ में UP-TET 2026 के तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को 46 परीक्षा केंद्रों पर एक पाली में परीक्षा आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थियों को थ्री लेयर जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही एग्जॉम हॉल में एंट्री दी जा रही है। इस बीच कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा भी छूट गई। बाराबंकी से आए प्रियांशु यादव गलत गूगल मैप लोकेशन के कारण समय पर केंद्र नहीं पहुंच सके। वहीं आगरा से पत्नी को परीक्षा दिलाने आए राहुल ट्रेन लेट होने के कारण सही समय से सेंटर पर नहीं पहुंच पाए। शुक्रवार को दूसरे दिन शहर में करीब पहली पाली में 92.99% और दूसरी पाली में 94.84% उपस्थिति रही। एक महिला पुलिसकर्मी ने एक युवती की परीक्षा छूटने से बचा ली। दरअसल, युवती KKV की जगह गलती से KKC परीक्षा केंद्र पहुंच गई। 3 तस्वीरें देखिए… तीसरे दिन बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मिल रहा प्रवेश शहर में बने 46 परीक्षा केन्द्रों पर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन और सघन चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। केन्द्रों की निगरानी में लगे 92 मजिस्ट्रेट, 46 सेक्टर मजिस्ट्रेट और इतने स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से पहले ही पहुंच गए। कई केंद्रों ने सुबह 7:30 बजे से अभ्यर्थियों को प्रवेश देना शुरू किया। परीक्षा के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
बॉयफ्रेंड को पैसों की जरूरत थी। उसने मदद मांगी तो गर्लफ्रेंड ने ऐसा रास्ता चुना, जिसने उसे सीधे जेल पहुंचा दिया। जिस परिवार ने दो साल तक उसे अपने घर में रखा, भरोसा किया और घर की जिम्मेदारी सौंपी। उसी घर से उसने शादी की भागदौड़ का फायदा उठाकर पैसे चोरी कर लिए। मामला दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी महिला ममता चौहान और उसके बॉयफ्रेंड शीतल वर्मा को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से चोरी की कैश और 2 मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में जो वजह सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। ममता ने बताया कि उसके प्रेमी शीतल वर्मा को पैसों की जरूरत थी। उसी के कहने पर उसने चोरी की साजिश रची। शादी की भीड़-भाड़ के बीच अलमारी से कैश निकाल ली। पुलिस का कहना है कि चोरी के लिए प्रेमी ने ही उसे उकसाया था। दो साल से घर में कर रही थी काम सूर्या विहार कॉलोनी जुनवानी निवासी रोहन कुखरानिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि साल 2024 में अपनी वृद्ध मां की देखभाल के लिए लाइफ होम केयर सर्विस के जरिए ममता चौहान को केयरटेकर रखा गया था। मां के निधन के बाद भी ममता घर में रहकर घरेलू काम करती रही। करीब दो साल तक परिवार के साथ रहने के कारण उसे घर की पूरी व्यवस्था, अलमारी और उसमें रखे पैसों की जानकारी थी। भतीजी की शादी में व्यस्त था परिवार 26 और 27 जून 2026 को घर में भतीजी की शादी थी। पूरा परिवार शादी के कार्यक्रम में व्यस्त था। इसी दौरान ममता ने मौका देखकर अलमारी में रखे 24 हजार रुपए निकाल लिए। चोरी के बाद वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर चली गई। जब परिवार को पैसों की जरूरत पड़ी और अलमारी देखी गई तो कैश गायब मिली। इसके बाद सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी महिला के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की। लोकेशन के आधार पर पुलिस रायपुर पहुंची, जहां ममता अपने प्रेमी शीतल वर्मा के साथ मिली। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पैसे और मोबाइल पुलिस ने किया जब्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 23 हजार 500 रुपए कैश और दो मोबाइल बरामद किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 43 हजार 500 रुपए है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर शनिवार सुबह साढ़े 7 बजे ड्यूटी के दौरान पीएसी जवान के हाथ से कार्बाइन चल गई। करीब दो राउंड फायर हो गए। गनीमत रही कि गोलियां सीधे सड़क पर जा लगीं। इसके बाद सड़क की गिट्टी उखड़कर लगने से 3 लोग घायल हो गए। अचानक भीड़ के बीच गोलियां चलने से वहां भगदड़ जैसा माहौल बन गया। कुछ देर किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। लोगों को बताया कि गलती से गोलियां चल गई हैं। बाकी, सबठीक है। पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में तीनों घायल निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव को अस्पताल पहुंचाया। ये सभी मंदिर के बाहर माला-फूल बेचते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी ठीक हैं। खतरे से बाहर हैं। पत्थर के टुकड़े उनको लगे हैं। हादसा काशी विश्वनाथ मंदिर के वीआईपी गेट नंबर-4 पर हुआ। घटना की 2 तस्वीरें- डीआईजी बोले- भीड़ को हटाते समय घटना हुई, जांच की जा रही डीआईजी शिव हरि मीणा कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने बताया- काशी विश्वनाथ धाम के पास नंदू फेरी वाली गली में पीएसी का जवान श्रद्धालुओं की भीड़ को हटा रहा था। तभी कार्बाइन से एक्सीडेंटल फायर हुआ। सभी चीजों की जांच की जा रही है। घायलों को डॉक्टरों ने दवा दी है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। खबर अपडेट की जा रही है…
सतना के कोलगवां थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एक कार मालिक को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मृतक के सुसाइड नोट के आधार पर की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, बैंक कॉलोनी गली नंबर-2 निवासी 38 वर्षीय कमलेश सिंह आरोपी प्रकाश कुमार पाण्डेय की गाड़ी चलाता था। कमलेश को पिछले तीन माह का 45 हजार रुपए वेतन नहीं दिया गया था। इसके अलावा, उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर कमलेश सिंह ने 17 जनवरी को जहरीला पदार्थ खा लिया था। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल सतना में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में लगाए थे आरोपपुलिस जांच में सामने आया कि जहर खाने से पहले कमलेश सिंह ने एक सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में उसने कार मालिक प्रकाश कुमार पाण्डेय (33) निवासी बैंक कॉलोनी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। सुसाइड नोट की लिखावट की पुष्टि भोपाल स्थित क्यूडी शाखा से कराई गई। जांच के दौरान परिजनों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुसाइड नोट की रिपोर्ट का भी परीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में आरोपी द्वारा मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद कार मालिक प्रकाश कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बालोतरा पुलिस ने अवैध मादक-पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो 200 ग्राम एमडी जब्त की है। वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स की अनुमानित कीमत 2.20 करोड़ रुपए आंकी की गई है। वहीं आरोपियों से मादक-पदार्थ से अर्जित 1.25 लाख रुपए बरामद किए है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी रमेश ने नशाखोरी को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुसार जिले में मादक-पदार्थो की तस्करी की रोकथाम के लिए स्पेशल अभियान ऑपरेशन विषभंजन चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह, डीएसपी सुखराम विश्नोई के सुपरविजन में जिला स्पेशल टीम बालोतरा एवं थाना प्रभारी रावताराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। धोरीमन्ना इलाके से ड्रग्स की शिकायतें मिल रही थी। इस पर एसपी गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई गई। डीएसटी टीम का कैंप लगाकर संदिग्ध व्यक्तियों की एक्टिविटी पर निरंतर निगरानी की गई। वहीं परंपरागत पुलिसिंग के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों के माध्यम से सूचनाए इकट्ठी की गई। रेतीलें धोरों में दबिश देकर पकड़ी एमडी बालोतरा डीएसटी और धोरीमन्ना पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्लानिंग तरीके से कारवाई को अंजाम दिया गया। आरोपियों का रहवासी मकान आबादी इलाके से दूर रेतीले धोरों के बीच स्थित ढाणी में होने के कारण टीमों ने करीब 4 किलोमीटर तक रेतीले धोरों में पैदल मार्च कर चारों तक घेराबंदी कर दबिश दी गई। दो आरोपी गिरफ्तार दबिश के दौरान आरोपी चैनाराम पुत्र रामचंद्र निवासी मायलों की बेरी खारी, धोरीमन्ना एवं उसका बेटा हनुमानराम के रहवासी मकान की तलाशी ली गई। इस दौरान कमरे में छिपाकर रखी ई 2 किलो 200 ग्राम अवैध एमडी और 1 लाख 25 हजार रुपए कैश बरामद किए गए। एमडी की अनुमानित कीमत 2.20 करोड़ रुपए आंकी की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यू करते थे वारदात प्रारंभिक पूछताछ एवं जाच में सामने आया है कि आरोपी आबादी से दूर रेतीले धोरों के बीच स्थित ढाणी को सुरक्षित ठिकाने के रूप में उपयोग करते थे। अवैध मादक पदार्थ को मकान के भीतर छिपाकर रखा जाता था। इससे विभिन्न स्थानों पर इसकी सप्लाई कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।
अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र के दुमेडी गांव में पुराने पैसों के लेनदेन को लेकर शुक्रवार शाम 6 बजे एक परिवार पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावर घर में घुस आए, लाठी-डंडों से मारपीट की और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। घटना में दो युवक घायल हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सुरेश चंद्र शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे वह अपने दोनों बेटों प्रबल और विजय के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान नगला खजुआ गांव निवासी गोपाल शर्मा, उनके पुत्र लोकेंद्र भारद्वाज और कृष्ण भारद्वाज, सत्यनारायण पुत्र रामहरि शर्मा तथा तीन अन्य लोग कार से उनके घर पहुंचे। घर में घुसकर की मारपीट आरोप है कि सभी लोग घर में घुस आए और सुरेश चंद्र शर्मा के दोनों बेटों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दोनों युवक घायल हो गए। परिवार ने विरोध किया तो आरोपियों ने तमंचे से हवा में फायरिंग कर दी और जान से मारने की धमकी दी। फायरिंग और शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी गाड़ी संख्या UP 81 CE 9990 और 24BH 6561 H से मौके से फरार हो गए। ट्रैक्टर के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद पीड़ित के अनुसार, कुछ समय पहले उन्होंने आरोपी गोपाल शर्मा से 3.30 लाख रुपये में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे चार दिन बाद वापस कर दिया गया। हिसाब-किताब के अनुसार आरोपी पर उनके 80 हजार रुपये बकाया हैं। आरोप है कि इसके बावजूद गोपाल शर्मा उल्टा उनसे रूप से रुपये मांग रहा था और इसी बात को लेकर रंजिश रखे हुए था। चार लोग हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्वालियर में एक महिला ने युवक पर पहचान छिपाकर शादी करने और बाद में उसे बेचने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर शुक्रवार रात ग्वालियर थाने में जमकर हंगामा हुआ। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता पीड़िता को साथ लेकर थाने पहुंचे और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस ने महिला की शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला का आरोप- बंटी कुशवाह बनकर की शादी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब 12 वर्ष पहले, जब वह नाबालिग थी, उसकी मुलाकात तानसेन मकबरा परिसर में एक युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम बंटी कुशवाह बताया। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का आरोप है कि युवक ने मंदिर में उससे शादी की। महिला के अनुसार, शादी के करीब तीन वर्ष बाद उसे पता चला कि युवक का वास्तविक नाम बंटी खान है। उसने आरोप लगाया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके चार बच्चे हैं। इस बात का विरोध करने पर आरोपी के परिजनों ने समझाइश देकर उसे अपने साथ रहने के लिए मना लिया। 'बेचने की साजिश' और मारपीट का आरोप महिला का आरोप है कि पिछले कुछ समय से आरोपी उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना बना रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसने किसी तरह बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी और मदद मांगी। थाने के बाहर हुआ प्रदर्शन शुक्रवार रात बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता महिला को लेकर ग्वालियर थाने पहुंचे। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के बाहर शांतिपूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि महिला के आरोप गंभीर हैं और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता और संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा की। थाना प्रभारी ने कहा कि महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में 1 जुलाई से ‘वीबी-जी राम जी’ स्कीम लागू हो गई है। योजना में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। आवेदन के 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य किया गया है। रोजगार नहीं देने की स्थिति में पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा मिलेगा। योजना का लाभ कैसे मिलेगा? इस स्कीम में क्या नए प्रावधान किए गए हैं? जैसे सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने ‘वीबी-जी राम जी’ आयुक्त पुष्पा सत्यानी से बात की। आयुक्त पुष्पा सत्यानी से जानिए योजना का लाभ कैसे मिलेगा… भास्कर : कितने दिन का रोजगार मिलेगा? मनरेगा से कैसे भिन्न है नई स्कीम? सत्यानी : यह स्कीम पहले की तुलना में काफी बड़ी है। पहली बार हमने आधारभूत ढांचे की बात की है। पहले की योजना में ग्रामीण क्षेत्र में लेबर को 100 दिन का प्रावधान था। नई योजना में पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। स्कीम में विकास के कार्य ज्यादा होंगे। गांवों की जरूरत पर ही काम होगा। किसानों की आय बढ़ाने वाले कार्य होंगे। भास्कर : 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? सत्यानी : यदि आवेदन करने के 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। भास्कर : मजदूरी कितनी मिलेगी? सत्यानी : मनरेगा में प्रतिदिन 281 रुपए मजदूरी मिलती थी। नई स्कीम में रोजाना 300 रुपये देने का प्रावधान किया गया है। मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। भास्कर : मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा? सत्यानी : स्कीम में डिले कंपनसेशन (मुआवजा) एड किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मस्ट रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। भास्कर : आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? सत्यानी : अब आवेदन ऑनलाइन हो गया है। हर काम डिजिटलाइज कर दिया गया है। रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। भास्कर : फर्जीवाड़ा रोकने के लिए क्या प्रावधान? सत्यानी : फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार फेस-बेस्ड (चेहरे की पहचान) अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। फेस-बेस्ड अटेंडेंस से काफी हद तक फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिली है। भास्कर : नई स्कीम में कौन आवेदन कर सकता है? सत्यानी : कोई भी व्यस्क व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह आवेदन कर सकता है। सरकार रोजगार की गारंटी देगी। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में मुआवजा दिया जाएगा। भास्कर : गांवों में किस तरह के काम होंगे? कितने बजट का प्रावधान है? सत्यानी : गांवों में पहले कच्चे काम होते थे। अब चारागाह, पौधारोपण, तालाब, स्कूल बाउंड्री और भवन निर्माण के काम कर सकते हैं। इसके लिए हमने सरकार के सभी विभागों कह रखा है कि लेबर हमारे पास है, काम में ले सकते हैं। इस बार केंद्र एवं राज्य सरकार ने 9 महीने के लिए 1250 करोड़ का ज्यादा बजट दिया है। पहले हमें मनरेगा में इतना बजट नहीं मिला था। हमारे पास कुल एक्टिव जाॅब कार्ड 98 लाख हैं। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। भास्कर : मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा? सत्यानी : स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग होगी। जिला कलेक्टर की ही स्कीम को रन करने की जिम्मेदारी होगी। प्लानिंग गांव लेवल से होगी। स्कीम में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। ----------
ग्वालियर में रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी से 1.58 करोड़ रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने मुरैना के पोरसा से शुक्रवार रात दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों टेलीग्राम के जरिए विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क से जुड़े थे और ठगी की रकम को बायनेन्स (Binance) के माध्यम से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर आगे भेजते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 2 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इससे पहले इस मामले में नासिक के एक लोहा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसके खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर पहुंची थी। CBI-ED अधिकारी बनकर 1.58 करोड़ ठगे जनकगंज निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी मीनाक्षी नाखरे को ठगों ने खुद को CBI और ED का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' कर लिया था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे अलग-अलग बैंकों की एफडी तुड़वाकर 1.58 करोड़ रुपए कथित जांच के नाम पर विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगालने पर पुलिस को मुरैना के पोरसा निवासी राहुल तोमर के खाते में ठगी के 4 लाख रुपए मिलने का पता चला। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अपने चचेरे भाई रोहित तोमर को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रोहित ने स्वीकार किया कि वह टेलीग्राम के जरिए विदेशी नेटवर्क के संपर्क में था और ठगी की रकम से बाइनेंस पर USDT खरीदकर आगे ट्रांसफर करता था। डीएसपी साइबर मनीष यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और जिन-जिन खातों में ठगी की रकम पहुंची है, उनकी भी पड़ताल की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से हुई थी 1.58 करोड़ की ठगी ग्वालियर की 69 वर्षीय रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को ठगने वाले पकड़े जाने लगे हैं। बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस के IPS अधिकारी व CBI ऑफिसर बनकर 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ की ठगी में पकड़े गए महाराष्ट्र के लोहा कारोबारी बिट्ठल फलसे से कई नए खुलासे हुए हैं। बुजुर्ग से ठगी गई रकम में से 19 लाख 50 हजार रुपए इस कारोबारी के ICICI बैंक के करंट अकाउंट में गए थे।पूरी खबर पढ़ें
लुधियाना के सराभा नगर थाना के पॉश इलाकों में शुमार बीआरएस नगर में एक नौकरानी ने डॉक्टर के घर से हजारों की नकदी और मोबाइल चोरी कर लिया। वारदात के बाद वह फरार हो गई। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सो रही थी महिला डॉक्टर, बेटा घर आया तो खुला राज जानकारी के अनुसार बीआरएस नगर के मकान रहने वाली डॉ. हरमिंदर प्रभाकर ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि 2 जुलाई को वह अपने घर पर सो रही थीं। इसी दौरान जब उनका बेटा गौतम घर वापस आया, तो उसकी आवाज से डॉ. हरमिंदर की आंख खुल गई। आवाज देने पर नहीं मिली नौकरानी, अलमारी से गायब थे पैसे शिकायतकर्ता महिला डॉक्टर के मुताबिक, जागने के बाद उन्होंने घर के कामकाज के लिए रखी हुई निशा नाम की लड़की को आवाज लगाई। जब निशा ने जवाब नहीं दिया, तो उन्होंने कमरों में उसकी तलाश की।निशा न तो अपने कमरे में थी और न ही घर के किसी अन्य हिस्से में मौजूद थी। शक होने पर जब डॉक्टर महिला ने अपने कमरे की जांच की, तो वहां रखा उनका मोबाइल गायब था। इसके बाद जब उन्होंने अलमारी चेक तो 50,000 रुपये गायब थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की तलाश डॉ. हरमिंदर प्रभाकर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें पूरा अंदेशा और शक है कि उनके घर में काम करने वाली लड़की निशा ही अलमारी से ₹50,000 की नकदी और उनका मोबाइल फोन चोरी करके फरार हुई है। सराभा नगर थाने की पुलिस ने आरोपी लड़की निशा (पता अज्ञात) के खिलाफ BNS की धारा 306 (घरेलू नौकर/कर्मचारी द्वारा चोरी) के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगामी तफ्तीश हेड कांस्टेबल (HC) सुखवीर पाल सिंह द्वारा अमल में लाई जा रही है और पुलिस आरोपी लड़की की तलाश में जुटी है।
लखनऊ में शनिवार सुबह से तेज धूप और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने से गर्मी का असर फिर तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में बादलों की आवाजाही रहेगी, लेकिन उमस और गर्म हवाओं से राहत मिलने के आसार कम हैं। अगले 3 दिन भीषण गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। हालांकि, 7 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा और शहर में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। आज अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम 28C रहने का अनुमान है। 2 तस्वीरें देखिए… शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री रहा शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री रहा है। यह सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा है। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 94 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 53 फीसदी दर्ज की गई। इस बीच शुक्रवार को तड़के बारिश भी हुई, लेकिन इसके बाद पूरे दिन उमस बरकरार रही। इसके कारण लोगों को परेशानी हुई। मानसून आने के बाद भी राहत नहीं लखनऊ में 2 जुलाई को मानसून की एंट्री हुई है। इसके बाद 3 जुलाई तक रह-रह कर बारिश हुई है। इस बीच 2 जुलाई से 3 जुलाई तक 6.4 मिलीमीटर बरसात हुई। जबकि 1 जून से 3 जुलाई तक लखनऊ में कुल बरसात करीब 29 मिलीमीटर हुई है। यह सामान्य से कम बारिश है। लेकिन तापमान में दो दिन गिरावट के बाद फिर से पारा बढ़ने लगा है। ऐसे में फिलहाल लोगों को कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। वहीं, मानसून के दौरान लखनऊ में सामान्य से कम बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसके कारण खेती के साथ में अन्य पानी के स्रोतों पर भी असर पड़ेगा। 3 दिन पड़ेगी भीषण गर्मी लखनऊ में फिलहाल 3 दिनों तक तेज चटक धूप और उमस के बीच मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा। यहां पर बादल भी छाए रह सकते हैं, हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसके बाद 7 जुलाई के बाद फिर से बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में 30 जून को मानसून आया था और 2 जुलाई तक यह पूरे प्रदेश में फैल गया था। फिलहाल कोई दूसरा मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव नहीं बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से मानसून की हवाएं दक्षिण की तरफ खिसक गई हैं। इसके अलावा राज्य में फिलहाल कोई दूसरा मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव नहीं है।। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और उससे सटे जिलों में तो बारिश होती रहेगी। लेकिन बाकी इलाकों में बारिश बहुत कम या सीमित हो जाएगी, जिससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होने से गर्मी और उमस हो सकती है। इन 3 दिनों के बीतने के बाद मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और राज्य में बारिश का दौर दोबारा शुरू होगा।
छतरपुर और पन्ना जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, जिनमें केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय माध्यम, रूंझ, नैगुवा सिंचाई और एनटीपीसी शामिल हैं, में कथित अन्याय और झूठे आश्वासनों के खिलाफ स्थगित 'चिता आंदोलन' फिर से शुरू हो गया है। यह आंदोलन 'न्याय दो या मार दो' के नारे के साथ शुक्रवार से केन-बेतवा प्रभावित कुपी ग्राम के पास केन नदी की सहायक बराना नदी पर चल रहा है। इस आंदोलन का नेतृत्व आदिवासी महिलाएं कर रही हैं। प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाएसामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलन के नेता अमित भटनागर ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अमित ने आरोप लगाया कि प्रशासन के भ्रष्ट और तानाशाही रवैये के कारण लगभग 50 हजार लोग बेघर हो गए हैं। इन लोगों को उनके जल, जंगल, जमीन, आजीविका और संस्कृति से उजाड़ दिया गया है। अमित भटनागर ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण 46 लाख पेड़ों, पन्ना टाइगर रिजर्व और केन नदी के विनाश को पर्यावरण के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की। आरोप- एक भी वादे का पालन नहीं हुआआंदोलन के नेताओं दिव्य अहिरवार, चिता और लक्ष्मी आदिवासी ने कहा कि अप्रैल में चले उनके 'चिता आंदोलन' के बाद प्रशासन ने उनकी मांगें पूरी करने के जितने भी वादे किए थे, उनमें से एक का भी पालन नहीं किया गया। इसके विपरीत, लोगों में भय का माहौल पैदा करने के लिए उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, अवैध बेदखली की गई, बिजली काटी गई और स्कूल तोड़े गए। आदिवासी महिलाओं, जिनमें बड़ी बहू आदिवासी भी शामिल हैं, का कहना है कि इस बार वे सरकार के झूठे आश्वासनों में नहीं आएंगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उन्हें न्याय नहीं दे सकती, तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
शहर के मूर्तिकार व कलाकार महेंद्र कोडवानी की कला को एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान मिली है। राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट के लिए तैयार की गई उनकी भव्य कलाकृतियों का 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अनावरण किया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जोधपुर एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पहचान को उभारने की जिम्मेदारी विशेष रूप से महेंद्र कोडवानी को सौंपी गई थी। महेंद्र कोडवानी और उनकी टीम ने महज तीन माह में 20 से अधिक कलाकारों के सहयोग से जोधपुर की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को दर्शाने वाली पांच प्रमुख कलाकृतियां तैयार की हैं। इनमें “जोधपुर की आत्मा को समर्पित एक कलात्मक यात्रा”, “पीकॉक टेल्स : रंग, संस्कृति और मारवाड़ की आत्मा का उत्सव”, “विमान पर विराजमान भगवान शिव : कैलाश से लोककल्याण की दिव्य यात्रा”, “खेजड़ली : प्रकृति रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा” तथा “वीर दुर्गादास राठौड़ : साहस, त्याग और स्वाभिमान की अमर गाथा” शामिल हैं। कलाकृतियों में मारवाड़ की लोक संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और आस्था कलाकृतियों में फाइबर, मोजेक, कैनवास, टाइल्स, लकड़ी, कपड़ा और पारंपरिक शिल्प तकनीकों का उपयोग किया गया है। इन रचनाओं के माध्यम से जोधपुर और मारवाड़ की लोक संस्कृति, स्थापत्य कला, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। राजस्थान की आत्मा को प्रत्येक यात्री से परिचित कराना उद्देश्य महेंद्र कोडवानी ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल सजावटी कलाकृतियां बनाना नहीं था, बल्कि जोधपुर आने वाले प्रत्येक यात्री को राजस्थान की आत्मा, उसके रंगों, उत्सवों और लोकजीवन से परिचित कराना था। एयरपोर्ट पर स्थापित ये कलाकृतियां यात्रियों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रथम परिचय देंगी। पहले भी मिल चुका है राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान कोडवानी इससे पहले भी देश के कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में अपनी कला का योगदान दे चुके हैं। वाराणसी में संत रविदास की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं। इसके अलावा प्रयागराज कुंभ, उज्जैन, चित्रकूट सहित देश के अनेक शहरों में उनकी बनाई प्रतिमाएं और कलाकृतियां स्थापित हैं। बड़ौदा, हुबली, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति एयरपोर्ट के लिए भी वे कलात्मक कार्य कर चुके हैं।

