Flipkart Big Billion Days सेल में इन फोन्स पर डिस्काउंट, देख लें पूरी प्राइस लिस्ट
Flipkart Big Billion Days Sale में Realme के स्मार्टफोन्स पर भारी डिस्काउंट मिलेगा, जिसकी घोषणा कंपनी ने सेल से पहले ही कर दी है। यह सेल 8 अक्टूबर से Flipkart Black यूजर्स के लिए और 9 अक्टूबर से सभी ग्राहकों के लिए शुरू होगी, जिसमें बैंक ऑफर और नो-कॉस्ट EMI जैसे लाभ भी मिलेंगे।
Realme का 7000 mAh बैटरी वाला नया फोन, 120Hz डिस्प्ले और 13MP का कैमरा भी
रियलमी ने भारत में अपना नया Realme P4 Lite 4G स्मार्टफोन लॉन्च किया है, जिसमें 7000mAh की दमदार बैटरी और 120Hz डिस्प्ले जैसे फीचर्स हैं।
Realme ने भारत में लॉन्च किया 7000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन
Realme P4s Lite भारत में लॉन्च हो गया है। रियलमी का यह फोन 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इस सीरीज में कंपनी पहले भी कई फोन लॉन्च कर चुकी है।
Oppo F35, Oppo F35 Pro भारत में हुए लॉन्च, मिलेगी 8000mAh की तगड़ी बैटरी
Oppo F35 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है। ओप्पो ने इस सीरीज में दो फोन F35 और F35 Pro पेश किया है। ओप्पो के इन दोनों फोन में 8,000mAh की दमदार बैटरी मिलती है।
8000mAh बैटरी वाले Oppo के दो नए 5G फोन लॉन्च, 50MP अल्ट्रा वाइड सेल्फी कैमरा और मीडियाटेक प्रोसेसर
Oppo ने भारतीय बाजार में अपनी कैमरा-सेंट्रिक F35 सीरीज लॉन्च की है, जिसमें F35 Pro 5G और F35 5G शामिल हैं।
Nothing Phone 4 सीरीज की डील हुई रिवील, Flipkart Sale में मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट
Nothing Phone 4 Series की डील्स रिवील हो गई है। नथिंग के इस साल लॉन्च हुए तीनों फोन Phone 4a, Phone 4a Pro और Phone 4b की खरीद पर हजारों रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है।
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Vivo ने लॉन्च किया 9020mAh बैटरी वाला फोन, पानी में भींगने से नहीं होगा खराब
Vivo ने एक और दमदार फोन Y600k Turbo लॉन्च कर दिया है। वीवो का यह फोन 9020mAh की बैटरी और 5000 निट्स वाले AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है।
9,020 mAh बैटरी वाला Vivo का नया 5G फोन लॉन्च, 12GB तक RAM और स्नैपड्रैगन प्रोसेसर
वीवो ने अपना नया स्मार्टफोन Vivo Y600k Turbo लॉन्च किया है, जिसमें 9,020mAh की दमदार बैटरी और स्नैपड्रैगन 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है। यह फोन 12GB तक रैम और 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है, जिसकी कीमत लगभग 41 हजार रुपये है।
अमेरिका में AI हुआ बैन: ट्रंप ने बनाई सुपर इंटेलिजेंस फोर्स, क्यों लिया गया यह फैसला? जानें दिग्गजों की राय
Flipkart Big Billion Days 2026: Axis-ICICI
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7200 mAh बैटरी वाला Vivo का नया 5G फोन कल होगा लॉन्च, 144Hz डिस्प्ले और Zeiss कैमरा भी
वीवो 6 अक्टूबर 2026 को भारत में अपना नया स्मार्टफोन Vivo V80 लॉन्च करेगा, जिसमें 7,200 mAh की बड़ी बैटरी और Zeiss-ट्यून्ड कैमरा सिस्टम मिलेगा। यह फोन 144Hz OLED डिस्प्ले, 90W फास्ट चार्जिंग और प्रीमियम डिजाइन के साथ आएगा, जिसकी कीमत लगभग 60,000 रुपये हो सकती है।
पानी, धूल और झटके सब बेअसर: 8,000mAh बैटरी-IP69K रेटिंग के साथ ओप्पो ने लॉन्च के दो फोन्स: क्या है इनमें खास?
गूगल और अमेजन को मिलेगी टक्कर: जल्द लॉन्च हो सकता है एपल का पहला स्क्रीन वाला होम हब, जानिए क्या-क्या होगा खास
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7200 mAh बैटरी वाला Vivo का नया फोन लॉन्च, 50MP पेरिस्कोप कैमरा और स्नैपड्रैगन प्रोसेसर
वीवो ने चीन में अपना नया 5G स्मार्टफोन Vivo S60t लॉन्च किया है, जिसमें 7200 mAh की बड़ी बैटरी और 90W फास्ट चार्जिंग है। यह फोन 144Hz AMOLED डिस्प्ले, स्नैपड्रैगन 7 Gen 4 प्रोसेसर और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरे के साथ आता है।
50MP कैमरा और 6000 mAh बैटरी वाला नया फोन लॉन्च, पीछे लगी है अलग स्क्रीन
Honor ने साउथ अफ्रीका में अपना नया बजट स्मार्टफोन Honor X5ds लॉन्च किया है। इसमें 2.01 इंच की सेकेंडरी रियर डिस्प्ले, 6000 mAh बैटरी और 50MP कैमरा जैसे खास फीचर्स मिलते हैं।
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7000 mAh बैटरी वाला फोन सिर्फ ₹13,166 में, 6.72 इंच डिस्प्ले और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी
रियलमी P4s लाइट स्मार्टफोन फ्लिपकार्ट पर बैंक ऑफर्स के साथ सिर्फ ₹13,166 में उपलब्ध है। इसमें 7000mAh की बड़ी बैटरी, 6.72 इंच का डिस्प्ले और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी जैसे शानदार फीचर्स मिलते हैं।
7000 mAh बैटरी वाला Vivo का नया फोल्डेबल 5G फोन, 200MP कैमरा और 8.02 इंच की डिस्प्ले भी
वीवो 6 अक्टूबर को भारत में अपना प्रीमियम फोल्डेबल फोन Vivo X Fold 6 लॉन्च करेगा, जिसके साथ Vivo S2 FE, Vivo V80 और एक MR हेडसेट भी पेश किया जाएगा। इस फोल्डेबल फोन में Dimensity 9500 Super Edition प्रोसेसर, 7000mAh बैटरी और 200MP कैमरा जैसे दमदार फीचर्स मिल सकते हैं।
होमग्रोन ऑडियो और टेक ब्रांड Mivi ने भारतीय बाजार में अपना पहला स्मार्टफोन Mivi One 5G बीते दिनों उतारा है। 15,000 रुपये के बजट सेगमेंट को टारगेट करने वाला ये फोन 4nm Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर, 90Hz डिस्प्ले, 50MP मेन कैमरा और 6,000mAh की बड़ी बैटरी के साथ आता है।
AI एजेंट्स को दे रहे हैं ईमेल डेटा का एक्सेस?: एक गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान, जानें क्या है सुरक्षित तरीका
Jio का 98 दिन वाला प्लान: डेली 2GB हाई-स्पीड डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ JioHotstar भी
जियो का ₹999 वाला प्लान 98 दिनों की वैलिडिटी के साथ 2GB डेली डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग प्रदान करता है। इसमें JioHotstar, Google Gemini Pro और Canva Pro Lite जैसे कई OTT और AI बेनिफिट्स भी शामिल हैं।
स्पैम फोल्डर में जा रहे काम के ईमेल्स?: जीमेल की इन पांच सेटिंग्स में करें बदलाव, मिनटों में दूर होगी समस्या
Steelbird Helmets FY2026-27 में रिकॉर्ड 1.20 करोड़ हेलमेट का उत्पादन करेगा, घरेलू मांग में तेजी
Steelbird Hi-Tech India Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 56.21 लाख हेलमेट का उत्पादन किया है और आफ्टरमार्केट कारोबार में 30% की वृद्धि दर्ज की है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए Xiaomi ने अपनी एनुअल Diwali with Xiaomi Sale 2026 का एलान कर दिया है, जो 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है।
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सैन फ्रांसिस्को की AI स्टार्टअप कंपनी Tavus ने अपना Human Interaction Model (HIM) पेश किया है, जिसका नाम 'Griffin' रखा गया है। आम चैटबॉट्स की तरह सिर्फ टेक्स्ट में जवाब देने के बजाय ये AI मॉडल रियल-टाइम वीडियो कॉल पर इंसानों की तरह बात कर सकता है।
Nothing Phone 4a/4b Price Reveal: Flipkart BBD
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सरकार की सख्ती: एपल ने भारत में अपने एप स्टोर से बिटचैट हटाया, क्यों अवैध; क्या दूसरे देशों में मिलेगा?
OpenAI से इस्तीफा देकर पूर्व कर्मचारी ने दी चेतावनी: सुरक्षा पर उठाए सवाल, बताया क्यों टूटा है कंपनी की कल्चर?
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WhatsApp ला सकता है ‘Restricted Chat’ फीचर, लिंक्ड डिवाइसेज और चैट एक्सपोर्ट पर लगेगी रोक: रिपोर्ट
Meta का पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करने के लिए एक नए 'Restricted Chat' फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
Flipkart Big Billion Days: Motorola Edge 70 Fusion
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Aprilia ने भारत में लॉन्च की नई SXR GT 125 और 175 रेंज, जानें कीमत और दमदार फीचर्स
Aprilia SXR GT:Aprilia ने भारत में SXR GT रेंज को अपडेटेड इंजन, बड़े पहिए और नए इक्विपमेंट्स के साथ फिर से लॉन्च किया है। इस लाइन-अप में SXR GT 125 और SXR GT 175 मॉडल शामिल हैं।
Hexaware और Replit की साझेदारी, लॉन्च हुआ RapidX का ओपन वर्जन
AI इंटीग्रेशन से एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में प्रोटोटाइपिंग और प्रोडक्शन की प्रक्रिया तेज होगी तथा निर्णय लेने के चक्र में सुधार आएगा।
iPhone में WhatsApp पर फाइल और डेटा शेयर करने के 3 आसान तरीके
iOS यूजर्स यूनीवर्सल लिंक, कस्टम यूआरएल स्कीम और शेयर एक्सटेंशन के जरिए अन्य ऐप से वॉट्सएप पर आसानी से फोटो, वीडियो और डॉक्युमेंट्स भेज सकते हैं।
Power Bank की गलत स्टोरेज और चार्जिंग से हो सकता है Battery Blast, बरतें ये जरूरी सावधानियां
अक्सर लोग पावर बैंक को रखकर भूल जाते हैं। कहीं ये गलती आप भी तो नहीं करते हैं। यदि हां, तो आपको सावधान होने की जरुरत है। असल में पावर बैंक भले ही स्मार्टफोन और दूसरे डिवाइस को चार्ज करने के लिए बेहद काम का गैजट है, लेकिन इसमें लगी बैटरी को सही तरीके से स्टोर करना भी काफी जरुरी है। बैटरी में आग लगने पर पावर बैंक फट सकता है और आसपास रखी चीजें में भी आग लग सकती है। खासकर पावर बैंक कपड़ों के बीच में रखा हो, तकिए के नीचे, लकड़ी की अलमारी में या तेज धूप वाली जगह पर रखा हो। आइए आपको बताते हैं पावर बैंक के इस्तेमाल के समय किन गलतियों से बचना जरुरी है। पावर बैंक के साथ भूलकर भी न करें ये चार बड़ी गलतियां तेज धूप और बंद गाड़ी में छोड़ना कई बार लोग पावर बैंक को कार के डैशबोर्ड या धूप में खड़ी गाड़ी के अंदर छोड़कर चले जाते हैं और कार के अंदर की गर्मी की वजह से पावर बैंक की बैटरी फूल सकती है। इतना ही नहीं, इसमें धमाका भी हो सकता है। कई गाड़ियों में अचानक आग लगने का कारण अंदर छूटा हुआ पावर बैंक भी पाया गया है। चार्जिंग के दौरान ढक देना ज्यादातर लोग पावर बैंक को चार्जिंग के दौरान उसके ऊपर तकिया, चादर या कपड़े से ढक देते हैं। चार्जिंग के दौरान डिवाइस अपने आप में गर्म होता है। ऊपर से ढके होने के कारण इसकी हीटिंग कंट्रोल से बाहर हो जाती है, जिससे बैटरी फटने और आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डैमेज और फूली हुई बैटरी को नजरअंदाज करना यदि आपका पावर बैंक गिर गया है या उसकी बॉडी फूल चुकी है, तो इसका इस्तेमाल जारी न रखे। यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। फूली हुई बैटरी कभी भी फट सकती है। सस्ते और खराब क्वालिटी के पावर बैंक का इस्तेमाल कई लोग पैसा बचाने के चक्कर में लोकल या खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं। इन सस्ते पावर बैंक्स में ओवरचार्जिंग, शॉर्ट-सर्किट और ओवरहीटिंग से बचाने वाले सेफ्टी फीचर्स नहीं होते हैं। पावर बैंक को स्टोर (रखने) करने का सही तरीका क्या है? ठंडी और हवादार जगह: पावर बैंक को हमेशा ऐसा जगह पर रखें, जो कि सूखी, ठंडी और हवादार हो। सीधी धूप से बचाव: अगर आपने जहां पर पावर बैंक रखा हो, उसको सीधा धूप नहीं देनी चाहिए और आसपास फालतू सामान का ढेर न हो। नॉन-फ्लेमेबल जगह चुनें: भूलकर भी पावर बैंक को कपड़े, तकिए या लकड़ी की दराज में रखने के बजाय मार्बल स्लैब या ऐसी जगह रखें, जो आसानी से आग न पकड़े। 50% चार्ज करके रखें: यदि आप पावर बैंक का रोज इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उसे लंबे समय के लिए रखना चाहते हैं, तो उसे करीब 50 प्रतिशत चार्ज करके ही स्टोर करें। इन बातों का रखें ध्यान - पावर बैंक का इस्तेमाल या चार्ज के समय ओवरहीटिंग का ध्यान जरुर रखें। यदि ज्यादा गर्म रहता है, तो नया पावर बैंक ले लें। - जब भी पावर बैंक का इस्तेमाल करें, तो एक बार हल्का सा हिलाकर देखें। यदि अंदर से खड़खड़ाहट या किसी टूटे पुर्जे की आवाज आए, तो समझ जाएं कि गिरने की वजह से उसका इंटरनल सेफ्टी सर्किट टूट चुका है। - पावर बैंक को कभी किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स या कोई भी डिवाइसेस के बीच में सटाकर न स्टोर करें और न ही चार्ज करें।
मुसीबत में बस एक आवाज और मदद तैयार? Google के नए सेफ्टी फीचर को लेकर सामने आई डिटेल
Google अपने Android यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नए वॉयस-बेस्ड Emergency SOS फीचर पर काम कर रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
Honda 0 Alpha EV: होंडा जल्द ही भारत में अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV 0 Alpha लाने की तैयारी में है। इसमें 500 किमी की रेंज, नया डिजाइन और फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
Honda Rebel 500 Recall: Honda ने अपनी Rebel 500 की 96 यूनिट्स को एक समस्या की वजह से रिकॉल किया है। आइए जानते हैं कि इसे कैसे चेक कर सकते हैं।
दशहरे पर 320 से 430 करोड़ रुपये तक का ऑटोमोबाइल कारोबार संभव, इस साल 10% तक बढ़ सकती है बिक्री
पेट्रोल वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया की मांग भी बढ़ रही है। कारोबार से मिले इनपुट में ओला, एथर, टीवीएस और बजाज चेतक जैसे इलेक्ट्रिक मॉडल ग्राहकों के बीच मांग में बताए गए हैं। कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों में बुकिंग के बाद 15 से 30 दिन तक की वेटिंग हो सकती है।
Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi ने भारत में अपनी बजट सीरीज का विस्तार करते हुए नया स्मार्टफोन Redmi 17C 5G बीते दिनों लॉन्च कर दिया है। इसकी सेल 7 अक्तूबर से शुरू होने वाली है।
एआई ने दिखाया कमाल: 100 प्रतिशत सटीकता से किए अकाउंटिंग के काम, क्या खतरे में है इंसानी अकाउंटेंट्स की नौकरी?
Flipkart Big Billion Days 2026: Realme
Planning to buy a Realme phone during the Flipkart Big Billion Days 2026 sale? Realme P4
Flipkart Big Billion Days सेल: Nothing Phone 4 सीरीज और CMF एक्सेसरीज पर मिलेंगे भारी डिस्काउंट्स
Flipkart की अपकमिंग Big Billion Days Sale 2026 के लिए Nothing ने अपने पूरे स्मार्टफोन और एक्सेसरीज लाइनअप पर मिलने वाले डिस्काउंट्स और ऑफर्स का एेलान कर दिया है।
क्या आप भी कहीं भी रख देते हैं पावर बैंक?: छोटी-सी गलती पड़ सकती है भारी, जानें क्या है सही इस्तेमाल का तरीका
Vivo का ये नया 5G फोन भारत में जल्द हो सकता है लॉन्च, मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी
मलेशिया में 10,000mAh बैटरी वाले Vivo V80 Lite के लॉन्च के बाद, अब इसी हार्डवेयर वाला एक नया फोन Google Play Console पर स्पॉट हुआ है, जिसका नाम Vivo Y600 5G सामने आया है।
भारी-भरकम इलेक्ट्रिक बिल से हैं परेशान?: उपकरण में बस करें यह काम, बच सकता है 20 प्रतिशत तक बिजली; जानें कैसे
Flipkart Big Billion Days: Amazon Pay ICICI
Planning to shop during Flipkart Big Billion Days 2026? Don't miss out on crucial bank discount rules. Amazon Pay ICICI
टिप्स: क्या आपका ब्लूटूथ भी बार-बार हो रहा है डिस्कनेक्ट? जानें पांच कारण और मिनटों में ठीक करने के आसान तरीके
अलर्ट: मैक में एआई एजेंट्स को डेटा एक्सेस देना कितना सुरक्षित? एपल ने दी चेतावनी, आ रहे नए प्राइवेसी कंट्रोल्स
व्हाट्सएप के नये फीचर रिस्ट्रिक्टेड चैट में आपको मिलेगी ये खास सुविधा!
व्हाट्सएप के नये फीचर रिस्ट्रिक्टेड चैट में आपको मिलेगी ये खास सुविधा!
टिप्स: आईफोन की वारंटी खत्म हुई या है एक्टिव? घर बैठे ऐसे चेक करें कवरेज, पुराना फोन खरीदते समय भी आएगा काम
क्या अब AI हल करेगा गणित की अनसुलझी पहेलियां?: मेटा म्यूज स्पार्क ने किया कमाल, जानें कौन से गैजेट्स हुए लॉन्च
7,025mAh की बैटरी और 50MP ट्रिपल कैमरा सेटअप वाले Oppo फोन पर भारी डिस्काउंट, इतने में खरीदें
अगर आप एक कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Oppo Find X9 पर इस समय Flipkart पर तगड़ी डील मिल रही है।
Xiaomi के प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Xiaomi 17 Ultra पर एक शानदार लिमिटेड-टाइम ऑफर आया है, जिसके तहत बायर्स को भारी डिस्काउंट का फायदा मिल रहा है।
BYD Denza इलेक्ट्रिक MPV भारत में लॉन्च को तैयार, मिलेगी 800 किमी तक की रेंज और मसाज सीट जैसे फीचर्स
BYD Denza Z9GT:इलेक्ट्रिक कार निर्माता BYD जल्द ही भारत में अपना लग्जरी ऑटोमोटिव ब्रांड Denza लॉन्च करने जा रही है। Denza D9 MPV और BYD Z9GT जैसे मॉडल प्रीमियम फीचर्स और लंबी रेंज के साथ भारतीय बाजार में दस्तक देंगे।
Vivo T5 सीरीज के दो फोन के नए वेरिएंट्स लॉन्च, मिलती है 9020mAh की बैटरी
Vivo T5 Lite और Vivo T5 Pro के नए वेरिएंट्स भारत में लॉन्च हुए हैं। वीवो के ये दोनों नए वेरिएंट्स अपकमिंग फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल में सेल के लिए उपलब्ध होंगे।
Samsung ने अपना नया ट्रैकर डिवाइस Galaxy SmartTag 3 पेश कर दिया है, जो ज्यादा कॉम्पैक्ट डिजाइन और लंबी बैटरी लाइफ के साथ आता है।
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बर्थडे हो या फिर शादी की सालगिरह पुरुषों के लिए बढ़िया गिफ्ट देने के लिए बहुत ही पापड़ बेलने पड़ते है। कई बार तो समझ नहीं आता कि अपने पसंदीदा पुरुष को क्या गिफ्ट दें। ऐसे में अगर आप भी कुछ तोहफा देने के लिए सोच रही हैं, तो आपको बता दें कि आप अमेजन पर मेंस के लिए शानदार स्मार्टवॉच खरीद सकते हैं। आइए आपको बताते हैं 5 बेस्ट स्मार्टवॉच फॉर मैन, जिसे आप खरीद सकते हैं। अगर महिलाएं किसी पुरुष को गिफ्ट में स्मार्टवॉच देना चाहती हैं, तो एक बार इन स्मार्टवॉच को जरुर खरीदें। आप 2000 रुपये के बजट में जबरदस्त स्मार्टवॉच खरीद सकते हैं। आइए आपको बताते हैं सबसे बेस्ट 5 स्मार्टवॉच फॉर मैन। Noise Canvas Smart Watch अमेजन पर यह स्मार्टवॉच 2000 रुपये के कम बजट में मिल रही है। Noise की इस वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग का ऑप्शन दिया गया है। इस स्मार्टवॉच में 7 कलर के ऑप्शन मिल रहे हैं। अब तक अमेजन पर Niose की वॉच को हजार से भी ज्यादा लोगों ने खरीदा है। स्पेशल फीचर - टचस्क्रीन - लाइट वेट - अलार्म क्लॉक - एक्टिविटी टैकर - स्मार्टवाट पर 1 साल की वारंटी boAt Lunar Discovery अमेजन पर boAt की यह स्मार्टवॉच 82% के जबरदस्त ऑफर के साथ मिल रही है। इस स्मार्टवॉच में आपको 6 अलग कलर के डिजाइन मिल जाएंगे। यह वॉच एचडी डिस्पेल के साथ मिल रही है। इसमें भी ब्लूटूथ कॉलिंग का फीचर दिया गया है। स्पेशल फीचर - एंड्रॉयड स्पोर्ट के साथ है - ब्लूटूथ कॉलिंग का फीचर है - डस्ट एंड स्वेट प्रूफ है Fire-Boltt Ninja Call Pro Plus Smartphone इस स्मार्टवॉच पर 93% पर का शानदार ऑफर मिल रहा है। इसके आपको कई अलग कलर ऑप्शन मिल जाएंगे। Fire-Boltt की इस वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग और AI Voice Assistance फीचर दिया गया है। एचडी डिस्प्ले के साथ इस स्मार्टवॉच का लुक बेहद ही शानदार है। इस ऑफर का फायदा उठाएं, इसे जल्द ही खरीद लें। स्पेशल फीचर - Android 4.4 और iOS8.O उपलब्ध है - ब्लूटूथ कॉलिंग - AI Voice Assistance - Long Battery Life boAt Storm Call Smartwatch अगर आपका बजट कम हैं, तो आप अमेज़न पर boAt Storm Call Smartwatch खरीद सकते हैं। यह वॉच 1.83 (4.6 cm) HD Display के साथ आ रही है। इस जबरदस्त ऑफर को हाथ से न जाने दें। स्पेशल फीचर - Crest+ OS Operating system उपलब्ध है - बैटरी 230 Milliamp Hour तक चलती है - ब्लूटूथ उपलब्ध है - इसमें Daily Activity Tracker मौजूद है
Samsung Galaxy S25 की कीमत में बड़ी कटौती, अर्ली सेल में हजारों रुपये सस्ता
Samsung Galaxy S25 की कीमत में 17,000 रुपये की कटौती की गई है। सैमसंग का यह फोन लॉन्च प्राइस से काफी सस्ता मिल रहा है। फ्लिपकार्ट ने इस फोन की डील रिवील कर दी है।
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देसी कंपनी ने लॉन्च किया 100 इंच की स्क्रीन वाला QLED Smart TV, मिलेगा थिएटर जैसा एक्सपीरियंस
Acerpure ने 100 इंच की स्क्रीन वाला QLED Smart TV भारत में लॉन्च किया है। यह स्मार्ट टीवी सीरीज गूगल टीवी प्लेटफॉर्म पर काम करता है। इसमें थिएटर जैसे एक्सपीरियंस घर में ही मिलेगा।
Kawasaki Ninja सुपरस्पोर्ट बाइक को मिला बड़ा अपडेट, अब 2 नए कलर के साथ USD फोर्क भी
Kawasaki Ninja 650 Update: कावासाकी ने अपनी सुपरस्पोर्ट बाइक निंजा को 2027 के लिए नए फीचर्स, सस्पेंशन अपडेट और नए कलर ऑप्शन के साथ पेश किया है।
7200mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले वाला Vivo का नया 5G फोन, भारत में 6 अक्टूबर को होगा लॉन्च
Vivo भारत में अपनी पॉपुलर V-सीरीज का दायरा बढ़ाते हुए नया स्मार्टफोन Vivo V80 लॉन्च करने की तैयारी में है, जो 6 अक्टूबर 2026 को पेश किया जाएगा।
BSNL के इस रिचार्ज प्लान के साथ मिलेगा फ्री इंश्योरेंस, जानिए कितना का है कवर
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Motorola Edge 70 Pro भी मिलेगा सस्ता, Flipkart सेल की अर्ली डील हुई रिवील
Motorola Edge 70 Pro को अपकमिंग Flipkart Big Billion Days सेल में काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर सेल से पहले अर्ली डील्स मिल रहा है, जिसमें यह फोन काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है।
अक्टूबर में Jeep की इन SUVs पर मिल रही है बंपर छूट, ऑफर्स में 4 लाख रुपए तक का है डिस्काउंट
Jeep Compass Discount: जीप ने इस महीने अपनी लोकप्रिय SUV कंपास, मेरेडियन और ग्रैंड चेरोकी पर बंपर छूट और आकर्षक ऑफर्स का ऐलान किया है।
Poco ने लॉन्च किया 7500mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, मिलते हैं तगड़े फीचर्स
Poco C95 Pro लॉन्च हो गया है। पोको का यह बजट फ्रेंडली फोन 7500mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इस फोन में 50MP का कैमरा भी दिया गया है।
चर्चा में एआई की गॉडमदर ‘फेई फेई’:पहले रेस्त्रां में नौकरी की, फिर ड्रायक्लीनिंग की दुकान भी चलाई
फेई-फेई ली चीनी मूल की अमेरिकी एआई दिग्गज हैं। चिप कंपनी एएमडी ने इनके स्टार्टअप एआईलैब्स को करीब 78 हजार करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा की है। आज अमेजन के स्टोर्स और फुलफिलमेंट सेंटर्स में काम करने वाले एआई रोबोट गोदाम में मौजूद 10 लाख वस्तुओं के बीच भी बताई गई किसी खास सामग्री को आसानी से पहचान लेते हैं। एआई को वस्तुओं को पहचानने की यह ताकत मिली अमेरिका की इसी एआई दिग्गज फेई-फेई ली के आविष्कार ‘इमेजनेट’ से। उन्होंने 2007 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर काई ली के साथ मिलकर इसकी खोज की थी। उनके इस काम में 167 देशों के 49 हजार वर्कर्स ने 16 करोड़ से ज्यादा तस्वीरों को छांटकर उन पर लेबल लगाए, जिसके आधार पर एआई ने चीजों को पहचानना सीखा। इसके बाद उन्हें एआई की गॉडमदर कहा जाने लगा। चीन छोड़कर परिवार के साथ अमेरिका पहुंची फेई-फेई ली का शुरुआती जीवन संघर्षपूर्ण रहा। उनके पिता अमेरिका में कैमरा रिपेयर करने का काम करते थे। ऐसे में पारिवारिक खर्चों में मदद के लिए फेई-फेई अमेरिका के एक चीनी रेस्त्रां में काम करने लगीं। यहां उन्हें एक घंटे के काम के बदले 2 डॉलर मिलते थे। ऐसे ही प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में जब वे कॉलेज की पढ़ाई के लिए दाखिला ले रही थीं तभी उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने ड्रायक्लीनिंग की दुकान खोल ली, जिसे फेई-फेई ही चलाती थीं। एक इंटरव्यू के अनुसार उन्होंने करीब 7 साल तक यह दुकान चलाई।फेई-फेई को शुरू से किताबों का शौक है। उन्हें किशोरावस्था में एयरोस्पेस और उड़नतश्तरियों में भी काफी दिलचस्पी थी। जब उनके बच्वेचे छोटे थे तो वे स्क्रीन टाइम को लेकर काफी सख्त थीं। एक बच्चे को बिल्कुल अनुमति नहीं थी तो दूसरे को सप्ताह में केवल एक मूवी देखने की छूट देती थीं। पढ़ाई में बाकी बच्चों से आगे रहीं हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान गणित में वे अन्य बच्चों से इतना आगे निकल गईं थीं कि स्कूल के पास उन्हें पढ़ाने के लिए कोई ऊंचा कोर्स ही नहीं बचा था। जन्म : 3 जुलाई 1976, चीन शिक्षा : अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी परिवार : पति- सिल्वियो सावरेसे और दो बच्चे संपत्ति : करीब 15 हजार करोड़ रु. (विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) करियर: यूनिवर्सिटी में पढ़ाने से लेकर एआई लैब तक पीएचडी के बाद फेई-फेई ने इलिनॉय यूनिवर्सिटी और प्रिंसटन में पढ़ाया। 2007 में उन्होंने प्रिंसटन के प्रोफेसर काई ली के साथ ‘इमेजनेट’ बनाया। इसी ने आज के एआई की नींव रखी। 2013-18 तक वे स्टैनफोर्ड एआई लैब की डायरेक्टर रहीं। 2024 में स्टार्टअप ‘वर्ल्ड लैब्स’ शुरू किया। 28 सितंबर को चिप कंपनी एएमडी ने इसे करीब 78 हजार करोड़ रु. में खरीदने की घोषणा की है। विवाह: पति कम्प्यूटर वैज्ञानिक व रोबोटिक्स विशेषज्ञ हैं फेई-फेई ने इटैलियन-अमेरिकी वैज्ञानिक सिल्वियो सावरेसे से शादी की है। सावरेसे कम्प्यूटर वैज्ञानिक व रोबोटिक्स विशेषज्ञ हैं। दोनों ने ही अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की है। जब फेई-फेई स्टैनफोर्ड में असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं, तब सावरेसे मिशिगन यूनिवर्सिटी में थे। ऐसे में एक साथ रहने के लिए सावरेसे ने 2013 में स्टैनफोर्ड जॉइन कर लिया। परिवार: मां शिक्षिका और पिता कम्प्यूटर ऑपरेटर थे चीन के बीजिंग में जन्मीं फेई-फई की मां क्वांग यिंग सेकंडरी स्कूल में शिक्षिका थीं और पिता एक केमिकल फैक्टरी के कम्प्यूटर विभाग में काम करते थे। जब फेई-फेई 12 साल की थीं तभी उनके पिता अमेरिका चले गए। करीब 3 साल बाद वे और उनकी मां भी अमेरिका आ गए। यहां पिता कैमरा रिपेयर का काम करते थे। रोचक : ओपनएआई के एक फाउंडर इनके पीएचडी स्टूडेंट रहे ओपनएआई के संस्थापक सदस्य रहे आंद्रेज कार्पथी, एआई एथिक्स रिसर्चर टिमनिट गेब्रू और ओल्गा रूसाकोवस्की उनके छात्र रहे हैं। दिसंबर 2024 में करीब 25 करोड़ रुपए का विन फ्यूचर ग्रैंड प्राइज जीता। फेई-फेई को यह पुरस्कार ‘इमेजनेट’ बनाने के लिए दिया गया। उपलब्धि : टाइम पर्सन ऑफ द ईयर और 100 एआई की सूची में 2025 में इंजीनियरिंग का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘क्वीन एलिजाबेथ प्राइज’ मिला। किंग चार्ल्स तृतीय ने सेंट जेम्स पैलेस में यह सम्मान दिया। टाइम मैगजीन ने ‘आर्किटेक्ट्स ऑफ एआई’ को 2025 का पर्सन ऑफ द ईयर चुना। फेई-फेई ली उन 8 चेहरों में थीं, जिन्हें कवर पर जगह मिली। खास: उस मंच से भाषण दिया था जहां आइंस्टीन ने संबोधित किया नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन व अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की सदस्य रही हैं। प्रिंसटन में उन्होंने उसी मंच से 450 से ज्यादा लोगों को संबोधित किया, जहां 1921 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत समझाया था।
TRAI ने देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स की एक बार फिर से चांदी करा दी है। नियामक ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि उन्हें स्पष्ट तौर पर सस्ते रिचार्ज दिखाने होंगे।
BMW F 450 R Unveil: 420cc का इंजन 48hp की पावर और हीटेड ग्रिप्स जैसे फीचर्स के साथ होगी लॉन्च
BMW F 450 R: BMW ने अपनी नई नेकेड रोडस्टर बाइक F 450 R को अनवील कर दिया है जो 420cc के पैरेलल-ट्विन इंजन के साथ 2027 के शुरुआत में भारत में लॉन्च हो सकती है।
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सिस्टम ने 100 से ज्यादा संस्थानों के सिस्टम में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है। कंपनी ने खुद इसका खुलासा किया है। यह इस बात का संकेत है कि टेस्टिंग स्टेज में ही टेक कंपनियों के हाथ से उनके एडवांस AI मॉडल्स की कमान छूट रही है। AI मॉडल्स ना सिस्टम की सुरक्षा को बायपास कर रहे हैं, बल्कि तय दायरों को तोड़कर इंसानी नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। ओपनएआई ने संस्थानों को अलर्ट किया कंपनी ने अपने एआई एजेंट की चपेट में आए 100 से ज्यादा संस्थानों को अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इन संस्थानों का डेटा चोरी नहीं हुआ है। ओपनएआई ने बचाव में दलील दी कि AI एजेंट्स ने सिस्टम का ताला नहीं तोड़ा, बल्कि सिर्फ बंद दरवाजे को जबरन खटखटाकर और उसका हैंडल घुमाकर अंदर घुसने की कोशिश भर की थी। वेबसाइट्स को गलत कमांड दिए जांच में सामने आया है कि इन AI एजेंट्स ने कई वेबसाइट्स को मनमाने और अनाधिकृत कमांड भेजकर उनसे गलत प्रोसेस एग्जीक्यूट कराने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए इन एजेंट्स ने वेबसाइट्स को आपस में संपर्क साधने का जरिया (कम्युनिकेशन चैनल) बना लिया और तय सुरक्षा पैमानों को पूरी तरह नजरअंदाज कर बायपास करने की कोशिश की। ओपनएआई ने माना सुरक्षा घेरे नाकाम साबित हुए ओपनएआई ने माना है कि उसके सुरक्षा घेरे AI एजेंट्स को काबू में रखने में नाकाम साबित हुए। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि प्रभावित संस्थानों को तकनीकी डेटा दे दिया गया है ताकि वे सिस्टम में लगी सेंध और सुरक्षा खामियों की जांच कर सकें। अपनी नाकामी के बाद अब ओपनएआई ने दावा किया है कि वह AI मॉडल के इस असामान्य व्यवहार और सुरक्षा की कमियों से जुड़े निष्कर्षों को सार्वजनिक करेगी, ताकि दुनिया भर के साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स मिलकर इस खतरे का तोड़ निकाल सकें। इतना बड़ा डेटा कि इंसान को पढ़ने में लग जाएं 6.6 करोड़ साल कंपनी 50 पेटाबाइट डेटा रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। इस जांच के लिए 7,000 अत्याधुनिक GB200 और GB300 GPUs लगाए गए हैं। इसमें रोज ₹5 करोड़ खर्च हो रहे हैं। अगर यह पूरा डेटा सामान्य अंग्रेजी शब्दों में लिखा हो, तो एक इंसान 240 शब्द प्रति मिनट की तेज रफ्तार से बिना रुके भी पढ़े, तो इसे खत्म करने में करीब 6.6 करोड़ साल लग जाएंगे। इंसानों के बस से बाहर होने के कारण ही इस काम को AI मॉडल्स से कराया जा रहा है। जांच को ज्यादा सटीक बनाने के लिए ज्यादा कंप्यूटिंग पावर लगाई जाएगी। हगिंग फेस घटना के बाद सुरक्षा नियम कड़े इस घटना के सामने आने के बाद ओपन एआई ने सुरक्षा तंत्र को काफी सख्त किया गया है: हगिंग फेस घटना के बारे में जानें… यह मामला एआई की दुनिया की अब तक की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक है। आसान शब्दों में समझें कि असल में हुआ क्या था: 1. 'आंसर की' चुराने के लिए किया गया हैक ओपनएआई अपने एक AI मॉडल की साइबर सुरक्षा क्षमता जांचने के लिए उसका टेस्ट ले रही थी। टेस्ट में अच्छा स्कोर करने के लिए AI ने एक खतरनाक शॉर्टकट चुना। उसने सोचा कि सवालों को हल करने से बेहतर है कि सीधे 'आंसर की' चुरा ली जाए। 2. पाबंदियां तोड़कर इंटरनेट पर पहुंचा उस AI मॉडल को एक सुरक्षित और बंद टेस्टिंग एनवायरनमेंट में रखा गया था, जहां उसे इंटरनेट चलाने की इजाजत नहीं थी। इसके बावजूद AI ने उस सिस्टम की सुरक्षा तोड़ी, इंटरनेट तक अपनी पहुंच बनाई और मशहूर AI प्लेटफॉर्म हगिंग फेस के सिस्टम को हैक कर लिया, ताकि वहां से जवाब हासिल कर सके। 16 जुलाई को हगिंग फेस ने इस हैक का खुलासा किया था। 3. दो महीने से चल रहा था सीक्रेट नेटवर्क जांच में सामने आया कि यह किसी एक अकेले AI मॉडल का काम नहीं था। यह सिलसिला घटना से करीब दो महीने पहले यानी मई की शुरुआत से ही चल रहा था। ओपनएआई के ही सर्वरों के भीतर कई AI एजेंट्स आपस में सीक्रेट नोट्स छोड़ रहे थे। इन नोट्स में वे एक-दूसरे को बता रहे थे कि सिस्टम की सुरक्षा कैसे तोड़नी है और प्रतिबंधित डेटा तक कैसे पहुंचना है। ये एजेंट्स खुद को एक 'स्वार्म' यानी संगठित झुंड कह रहे थे। 4. अनकंट्रोल्ड बर्ताव इंजीनियर्स ने इन मॉडल्स को ऐसा करने के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं दी थी। AI ने सिस्टम में मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करके यह तरीका खुद ही विकसित कर लिया था। ओपनएआई को अपने ही सर्वर में चल रहे इस पूरे नेटवर्क की भनक तक नहीं थी। चिंता की असली वजह क्या है? इसे एक उदाहरण से समझते हैं: अगर आपको अपनी रसोई में दो चींटियां दिखती हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि घर में सिर्फ दो ही चींटियां हैं। यह घटना किसी तरह पकड़ में आ गई, लेकिन सबसे बड़ा डर यह है कि बंद दरवाजों और सुरक्षित सर्वरों के पीछे ऐसे कितने AI सिस्टम हैं जो इंसानों की जानकारी के बिना अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं। अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सरकारी साइट्स में भी सेंधमारी हगिंग फेस घटना के बाद ओपनएआई के एआई एजेंट्स ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट्स में भी सेंधमारी की थी। इस स्थिति को देखते हुए ओपनएआई ने मॉनिटरिंग बढ़ा दी है और अपने नए मॉडल डेवलपमेंट पर फिलहाल रोक लगा दी है। एआई से मानवता के खात्मे का खतरा AI रिसर्चर जैकब कॉक्सन का दावा है कि अगर एआई पर समय रहते कड़ा नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो यह जल्द ही मानवता के अंत का कारण बन सकता है। वहीं एआई कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने भी माना कि AI के डेवलपमेंट को धीमा करने की जरूरत है। --------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सिस्टम ने यूनाइटेड नेशंस के ट्रेड विभाग की वेबसाइट का सुरक्षा घेरा तोड़कर डेटा निकाल लिया। शनिवार को आई एक रिसर्च रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। इसके अनुसार AI सिस्टम ने ट्रेड विभाग की वेबसाइट पर 16,000 से ज्यादा सर्च रिक्वेस्ट भेजी थी। पूरी खबर पढ़ें…
Google का बिना डिस्प्ले वाला फिटनेस बैंड भारत में लॉन्च, पूरे सप्ताह नहीं करना पड़ेगा चार्ज
Google Fitbit Air भारत में सेल के लिए उपलब्ध हो गया है। गूगल का यह फिटनेस ट्रैकर सिंगल चार्ज में एक सप्ताह तक यूज किया जा सकता है। इसकी खरीद पर कंपनी डिस्काउंट भी ऑफर कर रही है।
Samsung ने अपने ऑडियो लाइनअप का विस्तार करते हुए Galaxy Buds On पेश किया है, जो कंपनी के पहले क्लिप-ऑन (ओपन-ईयर) वायरलेस इयरफोन्स हैं।
Royal Enfield Himalayan 750 जल्द हो सकती है लॉन्च, क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स और 4 कलर ऑप्शन भी
Royal Enfield Himalayan 750: रॉयल एनफील्ड जल्दी ही अपनी नई एडवेंचर बाइक Himalayan 750 लॉन्च करने वाली है। इसमें क्रूज कंट्रोल जैसे कई फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
e-Challan वालों जरा संभल कर... वरना गाड़ी होगी जब्त, कट सकता है बिजली कनेक्शन
भारत में कई लोगों का चालान घर तक आ जाता है इसके बावजूद लोग ई चालान नहीं भरते है। इसी को देखते हुए एक सख्त कदम उठाया गया हैं।
आने वाले दिनों में ईवी सस्ती हो सकती है। वहीं पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में ज्यादा माइलेज मिल सकता है। केंद्र सरकार ने पैसेंजर गाड़ियों के लिए CAFE-3 नियमों की घोषणा कर दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे। इन नियमों का मुख्य मकसद गाड़ियों का माइलेज बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। ऐसे में ऑटो कंपनियों को पोर्टफोलियो में ज्यादा माइलेज देने वाली पेट्रोल-डीजल कारों के साथ-साथ EV और हाइब्रिड गाड़ियों की हिस्सेदारी बढ़ाना जरूरी होगा। ज्यादा से ज्यादा ईवी बेचने के लिए कंपनियां बजट और किफायती ईवी मॉडल्स लॉन्च करेंगी। बाजार में जब टाटा, महिंद्रा, हुंडई, मारुति और एमजी जैसी कंपनियों के बीच सस्ती ईवी बेचने की होड़ मचेगी, तो आक्रामक प्राइसिंग का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। CAFE 2 के मुकाबले CAFE 3 में क्या बदल रहा है? मौजूदा नियम (CAFE 2): मौजूदा CAFE 2 नियम अप्रैल 2022 से लागू हैं। सरकार यह नियम किसी एक कार पर नहीं, बल्कि कंपनी की बिकी सभी कारों के कुल औसत पर लागू करती है। गाड़ियां जितनी भारी होंगी, तेल की खपत उतनी ज्यादा होगी। इसलिए सरकार ने माइलेज का लक्ष्य तय करने के लिए कारों का एक पैमाना यानी औसत वजन 1,082 किलो तय किया है। इस वजन को आधार बनाकर कंपनियों को लक्ष्य दिया गया है कि उनकी सभी कारों का औसत माइलेज 20.92 किमी/लीटर होना चाहिए। साथ ही, उनसे निकलने वाला प्रदूषण 113 ग्राम प्रति किमी से कम होना जरूरी है। नए नियम (CAFE 3): 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले नियमों के तहत 2027 से 2032 के बीच कंपनियों के बेड़े का औसत कार्बन उत्सर्जन घटाकर 91.7 ग्राम प्रति किमी तक लाना होगा। अभी यह सीमा 113 ग्राम प्रति किमी है, यानी प्रदूषण में 19% की कटौती करनी होगी। इसके साथ ही कंपनियों को 2027 में गाड़ियों का औसत माइलेज कम से कम 25 किमी/लीटर का करना होगा। इसे हर साल कड़ा करते हुए 2031-32 तक लगभग 30 किमी/लीटर तक ले जाना होगा। कंपनियों को यह लक्ष्य 5 साल में हासिल करना होगा। ईवी और हाइब्रिड कारों पर मिलेगा 'सुपर-क्रेडिट' का फायदा प्रदूषण घटाने वाली गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार ने 'सुपर-क्रेडिट' देने का नियम बनाया है। यानी, कंपनी जितनी इको-फ्रेंडली गाड़ियां बेचेगी, रिकॉर्ड में उनकी गिनती ज्यादा मानी जाएगी। इससे कंपनियों के लिए अपना टारगेट पूरा करना आसान हो जाएगा: पेट्रोल-डीजल कारों के लिए 12 आधुनिक तकनीकों को मंजूरी कंपनियों के लिए सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचना ही जरूरी नहीं होगा। वे अपनी पेट्रोल-डीजल कारों में आधुनिक तकनीक लगाकर भी कार्बन उत्सर्जन के तय लक्ष्य में 9 ग्राम प्रति किमी तक की छूट ले सकती हैं। क्या हैं CAFE नियम और कैसे होती है इनकी गणना? CAFE यानी कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी कार कंपनियों के लिए सरकार के तय माइलेज और प्रदूषण के नियम हैं। इसके तहत किसी एक साल में कंपनी की बिकी सभी गाड़ियों के औसत वजन, तेल की खपत और उनसे निकलने वाले धुएं को मिलाकर कुल स्कोर निकाला जाता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कंपनी की हर एक कार को तय माइलेज देना ही होगा। बल्कि कंपनी की बेची गई सभी छोटी कारों, बड़ी एसयूवी, हाइब्रिड और ईवी का 'कुल औसत' (ओवरऑल एवरेज) सरकार के तय नियमों के अंदर होना चाहिए।
आईफोन-एपल वॉच से बिना पिन पेमेंट कर सकेंगे:एपल पे भारत में लॉन्च, एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है। शुरुआत में इसके तहत एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड्स को सपोर्ट दिया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, एपल पे के जरिए यूजर्स अपने एलिजिबल क्रेडिट कार्ड्स को एपल वॉलेट एप में जोड़कर खरीदारी कर सकेंगे। भारत में शुरुआती फेज में यह सर्विस हजारों मर्चेंट्स पर अवेलेबल होगी। आने वाले समय में अन्य बैंकों, नेटवर्क और मर्चेंट एप्स को भी इससे जोड़ा जाएगा। एपल का पहला क्रेडिट कार्ड पार्टनर बना एक्सिस बैंक आईफोन और एपल वॉच से पेमेंट करने के स्टेप्स सिक्योरिटी: कार्ड नंबर न तो फोन में रहेगा न ही मर्चेंट से शेयर होगा इन एप्स और स्टोर्स पर आज से ही चलेगा एपल पे भारत में लॉन्च के साथ ही एपल पे कई प्रमुख स्टोर्स और डिजिटल एप्स पर अवेलेबल हो गया है। इनमें ब्लिंकिट, चायोस, कॉमेट, क्रोमा, इंटरफ्लोरा, मेकमायट्रिप/इक्सिगो, ले 15 पेस्ट्री, रिलायंस ब्रांड्स, टाटा 1mg, जोमैटो और देश के एपल स्टोर्स शामिल हैं। पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एपल ने प्रमुख पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे कैशफ्री, जसपे, एमस्वाइप, पेटीएम, पेयू, पाइन लैब्स, रेजरपे और वर्ल्डलाइन के साथ साझेदारी की है। इससे इन सर्विस प्रोवाइडर्स के मर्चेंट नेटवर्क पर भी एपल पे सपोर्ट मिलेगा। सिस्टम रिक्वायरमेंट्स: किन डिवाइसों में चलेगा? क्या होता है 'टोकनाइजेशन' और 'सिक्योर एलिमेंट'? एपल पे में जब आप कार्ड ऐड करते हैं, तो आपका 16 अंकों का असली कार्ड नंबर मर्चेंट या डिवाइस में सेव नहीं होता। इसकी जगह एल्गोरिदम एक रैंडम कोड यानी 'टोकन' यानी डिवाइस अकाउंट नंबर बनाता है। यह डेटा फोन की स्पेशल सिक्योरिटी चिप 'सिक्योर एलिमेंट' में एन्क्रिप्टेड रहता है। पेमेंट के वक्त यही टोकन शेयर होता है, जिससे कार्ड का डेटा कभी भी हैक होने का खतरा नहीं रहता।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की। बैठक में AI की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गूगल, एंथ्रोपिक, मेटा, ओपनएआई, X-AI और एनवीडिया के CEO ने एक समझौते पर साइन किए। इस दौरान ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल यानी बनावटी कहना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने कहा कि AI की दौड़ अब अमेरिका और चीन के बीच है और फिलहाल अमेरिका इस मुकाबले में आगे चल रहा है। उन्होंने पिछले हफ्ते UN महासभा में पहली बार AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहा था। समझौते में कंपनियों ने 4 बातें मानने पर सहमति दी 1. अपने AI सिस्टम की खुद जांच करेंगी: कंपनियां खुद जांचेंगी कि उनके AI मॉडल सुरक्षा के तय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2. अलग टीम निगरानी करेगी: कंपनियां एक टीम बनाएंगी, जो AI सिस्टम की निगरानी करेगी और यह देखेगी कि कहीं कोई खतरा या गड़बड़ी तो नहीं है। 3. बाहर के विशेषज्ञ भी जांच करेंगे: कंपनियां अपने AI मॉडल की जांच बाहरी विशेषज्ञों या किसी स्वतंत्र संस्था से भी कराएंगी। 4. कंपनी का बोर्ड भी नजर रखेगा: कंपनियों के बोर्ड की एक स्वतंत्र समिति इन जांच रिपोर्टों को देखेगी। अगर कोई समस्या सामने आती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी होगी। ट्रम्प ने टेक कंपनियों से कहा- डेटा सेंटर बनाने में स्थानीय लोगों को साथ लें बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प के मुताबिक, डेटा सेंटर बनाने से पहले कंपनियों को स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि इन प्रोजेक्ट्स का फायदा वहां रहने वाले लोगों को भी मिल सके। AI के लिए डेटा सेंटर इतने जरूरी क्यों हैं? हम जिस AI से सवाल पूछते हैं, उसके पीछे हजारों-लाखों शक्तिशाली कंप्यूटर काम करते हैं। ये बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। इसलिए AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ेगी। जुकरबर्ग बोले- लोगों को AI पर भरोसा होना जरूरी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि AI तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। अमेरिका-चीन की AI रेस में 4 मोर्चे पर मुकाबला 1. चिप्स: AI का दिमागAI को चलाने के लिए बहुत ताकतवर चिप्स चाहिए। जिसके पास बेहतर और ज्यादा चिप्स होंगे, वह बड़े और तेज AI सिस्टम बना सकेगा। 2. डेटा सेंटर: जहां AI चलता हैAI को चलाने वाले हजारों कंप्यूटर बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ रही है। 3. बिजली: AI को चलाने के लिए ईंधनडेटा सेंटर बहुत ज्यादा बिजली खाते हैं। इसलिए AI की रेस में सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, पर्याप्त और लगातार बिजली मिलना भी जरूरी है। 4. AI मॉडल: किसका AI ज्यादा काम का?आखिर में मुकाबला इस बात का भी है कि कौन ज्यादा तेज, समझदार और मुश्किल काम करने वाला AI मॉडल बना सकता है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'आज क्या पहनूं?' की टेंशन खत्म! AI Wardrobe बनेगा आपका पर्सनल स्टाइलिस्ट
अलमारी छोड़िए अपने फोन में बनाइए अब Wardrobe। Google Photos ने अपनी AI-powered Wardrobe फीचर को लॉन्च कर दिया है।
इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स सबसे ताकतवर रॉकेट 'स्टारशिप' की 14वीं टेस्ट उड़ान के लिए तैयार है। यह पहली बार होगा जब स्टारशिप को पृथ्वी की ऑर्बिट में भेजा जाएगा। इसकी लॉन्चिंग सोमवार, 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार शाम 5:45 बजे से होगी। इससे पहले की सभी उड़ानों में रॉकेट को सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी तक ही सीमित रखा गया था ताकि सुरक्षा बनी रहे और ज्यादा से ज्यादा डेटा जुटाया जा सके। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली 'स्टारशिप' कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ऑर्बिटल और सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी में अंतर 10 घंटे का सफर, पृथ्वी के लगाएगा 6 चक्कर इस मिशन में स्टारशिप जमीन से लगभग 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ेगा। करीब 10 घंटे लंबे इस सफर में यह पृथ्वी के 6 चक्कर पूरे करेगा। मिशन खत्म होने के बाद रॉकेट चिली देश के पास प्रशांत महासागर में सुरक्षित पानी पर लैंड यानी स्प्लैशडाउन करेगा। पहली बार स्पेस में छोड़े जाएंगे 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स इस उड़ान से पहली बार नई तकनीक वाले 26 'स्टारलिंक V3' सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। इनसे पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड और नेटवर्क काफी बेहतर हो जाएगा। इस नए मॉडल का सिर्फ एक सैटेलाइट ही नेटवर्क में 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की डेटा क्षमता जोड़ देगा, यानी इस अकेले मिशन से कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो कि फॉल्कन 9 रॉकेट से भेजे जाने वाले छोटे सैटेलाइट्स के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है। रॉकेट से अलग होते ही ये सैटेलाइट अपने एंटीना और सोलर पैनल खोल लेंगे और रेडियो तरंगों व लेजर के जरिए जमीन तथा बाकी सैटेलाइट्स से संपर्क साधेंगे। इसके बाद वे अपने छोटे इंजनों की मदद से तय कक्षा में पहुंच जाएंगे और सभी शुरुआती जांचों के बाद इंटरनेट सर्विस देना शुरू कर देंगे। 3 सैटेलाइट्स में कैमरे लगे हैं, स्टारशिप की करेंगे निगरानी इस मिशन में शामिल 3 सैटेलाइट्स को खास तौर पर बदला गया है। इनमें हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अंतरिक्ष में स्टारशिप की 'हीटशील्ड' यानी गर्मी से बचाने वाली बाहरी परत को स्कैन करेंगे और तस्वीरें सीधे जमीन पर मौजूद वैज्ञानिकों को भेजेंगे। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि धरती पर लौटते वक्त स्टारशिप की हीटशील्ड कितनी सुरक्षित रहती है। ये तस्वीरें और टेस्ट के रिजल्ट भविष्य में रॉकेट को लॉन्च पैड पर वापस सुरक्षित उतारने के काम आएंगे। अब स्टारशिप के पहले हुए 13 टेस्ट के बारे में जानें…. 13वां टेस्ट: पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान भारतीय समय के अनुसार 25 जुलाई 2026 को हुई थी। इसमें अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। यह पहली बार था जब स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी 'बेली-फ्लॉप' स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा। 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग 'स्टारशिप' का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित 'स्टारबेस' लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया। 11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, 'कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।' तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। स्टारशिप ने ऑर्बिट में पहुंचने के बाद पेलोड डोर को खोला और बंद किया। रॉकेट के भीतर दो टैंकों के बीच कई टन तरल ऑक्सीजन को मूव किया। स्टारशिप की पृथ्वी के वातावरण में रीएंट्री कराई गई, लेकिन संपर्क टूट गया। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।
गूगल आज 27 सितंबर को अपना 28वां जन्मदिन मना रहा है। हालांकि, कागजों पर कंपनी 4 सितंबर 1998 को दर्ज हुई थी। शुरुआती सालों में अलग-अलग तारीखों पर जश्न मनाने के बाद, गूगल ने 2006 से वेब इंडेक्सिंग के एक बड़े रिकॉर्ड की याद में 27 सितंबर को ही अपना आधिकारिक जन्मदिन तय कर लिया। 6 चैप्टर में गूगल की पूरी कहानी... गूगल के बिना जिंदगी कैसी होती? आज हर सवाल के जवाब 'गूगल कर लो' कहकर निकल जाते हैं, लेकिन 1998 से पहले सर्च करना था तो घंटों लग जाते थे। फिर आए लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन। दो ऐसे जीनियस, जिन्होंने एक छोटे से प्रोजेक्ट से दुनिया की तीसरी बड़ी टेक कंपनी बना दी। ये उनकी स्टोरी है, चैप्टर बाय चैप्टर, जैसे कोई मजेदार फिल्म… चैप्टर 1- मुलाकात: पहली बार स्टैनफोर्ड में मिले 1995 में मिशिगन का लड़का लैरी पेज कंप्यूटर इंजीनियरिंग करने के लिए स्टैनफोर्ड पहुंचा। उसके मम्मी-पापा दोनों कंप्यूटर एक्सपर्ट थे, तो लैरी को बचपन से ही मशीनों का शौक चढ़ा। उधर सर्गेई ब्रिन, मॉस्को से आया रूसी लड़का। उसके पापा मैथ प्रोफेसर, मम्मी नासा साइंटिस्ट थीं। छह साल की उम्र में फैमिली रूस में यहूदी उत्पीड़न से बचने के लिए अमेरिका आ गई थी। सर्गेई ब्रिन पहले से ही वहां स्टूडेंट थे। उन्होंने न्यू स्टूडेंट्स को कैंपस टूर देने का काम संभाला था। जब वो लैरी को टूर दे रहे थे तो सैन फ्रांसिस्को की पहाड़ियों पर घूमते हुए दोनों की बहस हो गई। शुरुआत में तो दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं आए, लेकिन बाद में अच्छे दोस्त बन गए। चैप्टर 2- जीनियस आइडिया: गलती से पड़ गया गूगल का नाम लैरी को पीएचडी थीसिस का टॉपिक ढूंढना था। ऐसे में उन्होंने वेब पर सर्च इंजन बनाने की सोची। ऐसा सर्च इंजन, जो सिर्फ कीवर्ड्स न देखे, बल्कि पेजेस के बीच लिंक्स को रैंक करे। नाम रखा बैकरब - मतलब बैकलिंक्स से रैंकिंग। लेकिन ये आइडिया इतना कॉम्प्लिकेटेड था कि कंप्यूटिंग पावर और मैथ की जरूरत पड़ी। यहां सर्गेई की एंट्री हुई, जो मैथ के जादूगर थे। 1996 में दोनों ने स्टैनफोर्ड होमपेज पर एक्सपेरिमेंट शुरू किया। उन्होंने पेजरैंक एल्गोरिदम बनाया। ये बताता था कि कौन सा पेज कितना इंपॉर्टेंट है। ये फॉर्मूला गूगल सर्च का बेस बना। नाम? मैथ टर्म गूगोल से इंस्पायर्ड – 1 के पीछे 100 जीरो। इसका नाम लिखते समय गलती से GOOGLE लिख दिया गया। तब से नाम गूगल पड़ गया। चैप्टर 3- फंडिंग: पहला चेक और एंजेल इन्वेस्टर राम श्रीराम का निवेश गूगल का ऑफिस गैराज में चल रहा था। इसे बढ़ाने के लिए फंडिंग की जरूरत थी। 1998 में जब दोनों फंडिंग मांगने इनवेस्टर्स के पास पहुंचे तो उन्हें कहा गया- पांच सर्च इंजन हैं, छठा क्यों?। लेकिन सन माइक्रोसिस्टम्स के को-फाउंडर एंडी बेचटलशाइम को आइडिया पसंद आ गया। उन्होंने 1 लाख डॉलर का चेक दिया। फिर एंजेल इनवेस्टर राम श्रीराम और अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस दोनों ने 2.5-2.5 लाख डॉलर इन्वेस्ट किए। इस तरह गूगल की शुरुआत हो गई। पहला एम्प्लॉई क्रेग सिल्वरस्टीन था, जिसे 12-15 राउंड्स के बाद सिलेक्ट किया गया था। चैप्टर 4- ऑफर: याहू ने खरीदना चाहा, गूगल ने मना कर दिया 2002 में याहू इंटरनेट की दुनिया में राजा था। सर्च इंजन से लेकर मेल सब कुछ याहू के पास था। लेकिन गूगल नया-नया होने के बाद भी तेजी से बढ़ रहा था। ऐसे में याहू के सीईओ टेरी सेमेल ने गूगल के फाउंडर को 3 बिलियन डॉलर का ऑफर दिया। लैरी और सर्गेई जानते थे कि गूगल की वैल्यू ज्यादा है तो उन्होंने 5 बिलियन डॉलर का काउंटर दिया। इसे लेकर हफ्तों नेगोशिएशन चली, लेकिन बात नहीं बनी। लैरी-सर्गेई ने ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि वो मानते थे कि गूगल सिर्फ सर्च नहीं, दुनिया की सारी जानकारी को ऑर्गनाइज करने वाला प्लेटफॉर्म बनेगा। पैसे से ज्यादा, विजन था। 2004 में गूगल 27 बिलियन डॉलर का आईपीओ लेकर आया। याहू पीछे छूट चुका था। 2008 में माइक्रोसॉफ्ट ने याहू को 44 बिलियन डॉलर में खरीदना चाहा, लेकिन वो ऑफर भी फाउंडर्स ने ठुकरा दिया। आज गूगल का मार्केट कैप 3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। चैप्टर 5- प्रोडक्ट: ईमेल को रेवोल्यूशनरी बनाया लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन की टीम ने सोचा कि ईमेल को रिवोल्यूशनरी बनाते हैं। तब के ईमेल सर्विसेज जैसे हॉटमेल या याहू सिर्फ 2-4 एमबी स्टोरेज देते थे। मतलब कुछ हफ्तों में इनबॉक्स भर जाता था, लेकिन गूगल ने 1 अप्रैल 2004 को जीमेल लॉन्च किया। 1 जीबी फ्री स्टोरेज दिया। सबको लगा कि ये जोक है, लेकिन ये रियल था। आज जीमेल के 1.8 बिलियन+ यूजर्स हैं। फिर 2005 में गूगल मैप्स लॉन्च हुआ। आज दुनिया भर में नेविगेशन के लिए इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। 2005 में 50 मिलियन डॉलर में एंड्रॉयड का अधिग्रहण कर लिया, क्योंकि लैरी पेज को मोबाइल फ्यूचर दिख रहा था। उस समय एंडी रुबिन का स्टार्टअप एंड्रॉयड इंक. ओपन-सोर्स मोबाइल ओएस बनाता था। आज एंड्रॉय़ड दुनिया का टॉप मोबाइल ओएस है। 2005 में स्टीव चेन, चाड हर्ली और जावेद करीम ने यूट्यूब शुरू किया। ये छोटे वीडियोज शेयर करने का प्लेटफॉर्म था। गूगल ने इसके फ्यूचर को देखते हुए 1.65 बिलियन डॉल का ऑफर दे दिया। माइक्रोसॉफ्ट, याहू, वायकॉम ने भी बोली लगाई, लेकिन गूगल जीत गया। चैप्टर 6- नया दौर: अल्फाबेट और पीछे हटना 2012 का साल लैरी पेज के लिए मुश्किलों भरा साबित हुआ। उन्हें वोकल कॉर्ड पैरालिसिस नाम की बीमारी हो गई, जिससे उनकी आवाज कमजोर पड़ने लगी और बोलना बेहद कठिन हो गया। उन्होंने कॉन्फ्रेंस कॉल्स और प्रेस इवेंट्स को स्किप करना शुरू कर दिया। इस चुनौती के बीच लैरी और सर्गेई ब्रिन ने 2015 में एक बड़ा स्ट्रक्चरल चेंज किया। अल्फाबेट इंक. का जन्म हुआ जो गूगल की पैरेंट कंपनी बनी, ताकि गूगल सिर्फ सर्च इंजन तक सीमित न रहे, बल्कि हेल्थ, एनर्जी, सेल्फ-ड्राइविंग कार्स जैसी नई फील्ड्स में फैल सके। लैरी पेज अल्फाबेट के सीईओ बने, सर्गेई ब्रिन प्रेसिडेंट और सुंदर पिचाई को गूगल का सीईओ बनाया गया। फिर आया 2019 का टर्निंग पॉइंट – लैरी और सर्गेई ने पूरी तरह स्टेप बैक ले लिया। सुंदर पिचाई को अल्फाबेट का भी सीईओ बना दिया गया। दोनों फाउंडर्स अब डेली ऑपरेशंस से दूर हो गए। ये फैसला नैचुरल था- 20 साल की मेहनत के बाद, वो अब फ्यूचर जनरेशन को हैंडओवर कर रहे थे। अल्फाबेट आज 4 ट्रिलियन डॉलर+ की वैल्यू वाली कंपनी है। पिचाई ने इसे क्लाउड, AI और क्वांटम कंप्यूटिंग में लीडर बना दिया है। कुल मिलाकर लैरी और सर्गेई ने गूगल को सिर्फ कंपनी नहीं, बल्कि दुनिया बदलने वाला इकोसिस्टम बनाया।
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में छेड़छाड़ की। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट शामिल है। ओपनएआई ने इसकी जानकारी दी। हालांकि इस छेड़छाड़ से किसी तरह का कोई नकुसान नहीं हुआ। एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। कंपनी ने कहा कि AI एजेंट का मकसद सरकारी वेबसाइट से सटीक जानकारी जुटाना था। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा की वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे एजेंट ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन एआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में एक्सेस बना लिया। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक, व्यापार विभाग की वेबसाइट शामिल है। ये खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है। दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। AI रिसर्च नॉन-प्रॉफिट 'ट्रांसल्यूस' के अनुसार… एआई एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हो सके। सरकारी एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने सफाई दी है। SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा।

