एशिया का 'वॉटर टावर' हो रही है खाली...हर साल 24 अरब टन पानी गायब, 4 करोड़ लोगों पर संकट
Water Scarcity: एशिया के ऊंचे पहाड़ों के नीचे मौजूद जमीन का पानी तेजी से कम हो रहा है. हर साल 24 अरब टन से ज्यादा पानी खत्म हो रहा है. इस गिरावट की वजह से नीचे के मैदानी इलाकों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए पीने और खेती के पानी का संकट पैदा हो गया है.
देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' आज लॉन्च की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में इसकी शुरुआत करेंगे। इस नई सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, 'भारत टैक्सी' का उद्देश्य ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है। टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल रहा है। रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम मिलेगा लॉन्चिंग के दौरान अमित शाह बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 ड्राइवर्स (जिन्हें 'सारथी' कहा गया है) को सम्मानित करेंगे। इन ड्राइवर्स को कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट भी बांटे जाएंगे। सम्मानित होने वाले ड्राइवर्स को 5 लाख रुपए का एक्सिडेंटल और 5 लाख रुपए का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले सभी ड्राइवर्स के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। जीरो कमीशन और सर्ज-प्राइसिंग से राहत मिलेगी निजी कंपनियां जैसे ओला और उबर आमतौर पर ड्राइवरों की कमाई से 20% से 30% तक कमीशन वसूलती हैं। इसके उलट, भारत टैक्सी 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर काम करेगी। यानी ड्राइवर जितनी कमाई करेगा, वह सीधे उसके पास जाएगी। इसके साथ ही, ग्राहकों के लिए भी राहत की बात यह है कि इसमें 'सर्ज-प्राइसिंग' (पीक ऑवर्स में ज्यादा किराया) का सिस्टम नहीं होगा। इससे यात्रियों को भी किफायती दरों पर टैक्सी मिल सकेगी। अगले 2 साल में हर शहर तक पहुंचने का टारगेट भारत टैक्सी को अगले दो साल में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में शुरू करने का टारगेट है। इसके लिए सरकार के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ इसे इंटीग्रेट किया जाएगा। दिल्ली के 7 प्रमुख स्थानों पर ड्राइवरों के लिए सपोर्ट सेंटर भी शुरू किए गए हैं। भारत टैक्सी को कौन चलाएगा यह सदस्यता आधारित मॉडल है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में ₹300 करोड़ की रकम के साथ हुई। एप आधारित यह सेवा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसकी एक संचालन परिषद होगी, जिसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन हैं। इसके अलावा 8 अन्य सदस्य भी हैं, जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है। 4 सवाल-जवाब में भारत टैक्सी के फायदे समझिए... 1. इसकी सर्विस कैसे ले सकेंगे? भारत टैक्सी का एप ओला-उबर जैसा होगा, जो नवंबर में एप स्टोर्स से डाउनलोड कर सकेंगे। एप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में होगा। 2. ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उसे सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही सामान्य रहेगा। 3. महिला सारथी की क्या भूमिका रहेगी? यानी महिला ड्राइवर्स। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी। 2030 तक इनकी संख्या 15 हजार करेंगे। 15 नवंबर से मुफ्त प्रशिक्षण, विशेष बीमा मिलेगा। 4. यह सेवा 2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी? ये खबर भी पढ़ें… ओला-उबर से 30% तक सस्ती भारत टैक्सी: किराए में ₹100 से ज्यादा का अंतर; दिल्ली में इस महीने, मुंबई-पुणे में छह महीने बाद शुरू केंद्र सरकार की सहकारी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ जनवरी 2026 से दिल्ली और गुजरात में शुरू हो सकती है। यह छह महीने बाद मुंबई, पुणे में शुरू होगी। सहकारी टैक्सी का ट्रायल डेढ़ महीने पहले दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू हुआ था, जो सफल रहा है। अपने पायलट प्रोजेक्ट में यह ओला-उबर पर भारी पड़ रही है। सहकारी टैक्सी पीक ऑवर में अपनी प्राइवेट प्रतिद्वंद्वियों से 25 से 30% तक सस्ती पड़ रही है। भास्कर ने दिल्ली में 100 से ज्यादा ड्राइवरों, राइडर्स, यूनियन पदाधिकारियों और भारत टैक्सी एप से जुड़े अधिकारियों से बात की। पूरी खबर पढ़ें…
सैमसंग इंडिया 9 फरवरी को भारत में F सीरीज में नया स्मार्टफोन गैलेक्सी F70e लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने गैलेक्सी F70e की ईमेज और स्पेसिफिकेशन्स शेयर कर दिए हैं। नया गैलेक्सी स्मार्टफोन 6000mAh बैटरी, 6.7-इंच का HD+ और 50 मेगापिक्सल का मेन सेंसर के साथ आएगा। यह लो बजट स्मार्टफोन होगा, जिसकी कीमत 15 से 18 हजार रुपए के बीच रखी जा सकती है। उम्मीद है नया फोन गैलेक्सी F07e अगले हफ्ते बिक्री के लिए अवेलेबल हो जाएगा। डिजाइन: लैदर फिनिश के साथ प्रीमियम लुक नए सैमसंग फोन का बैक पैनल लैदर फिनिश के साथ आएगा, जो प्रीमियम और सॉफ्ट फील देगा। यह डिजाइन इसे उंगलियों के निशान और छोटे-मोटे स्क्रैच से भी बचाता है। कंपनी इसे दो कलर ऑप्शन- लाइमलाइट ग्रीन और स्पॉटलाइट ब्लू के साथ पेश करेगी। सामने की तरफ 6.7 इंच की बड़ी स्क्रीन है, जिसमें पतले बेजल्स हैं। फोन में टाइप-C चार्जिंग पोर्ट और जरूरी बटन दिए गए हैं। इस सैमसंग स्मार्टफोन को IP54 रेटिंग के साथ पेश किया जाएगा जो पानी की बौछारों से बचाने में मदद करेगा। सैमसंग गैलैक्सी F70e: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: सैमसंग गैलेक्सी F70e में कंपनी ने 1600 x 720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.7-इंच की HD+ स्क्रीन दी है। यह इनफिनिटी ‘यू’ वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले है, जो LCD पैनल पर बनी है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 800 निट्स पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट भी मिलेगा। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा। इसमें LED फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी: सैमसंग गैलैक्सी F70e में पावर बैकअप के लिए 6,000mAh की बैटरी दी जाएगी। सैमसंग के मुताबिक यह भारी इस्तेमाल के बावजूद आसानी से 2 दिन तक चल सकती है। बैटरी चार्ज करने के लिए फोन में 25W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। परफॉर्मेंस: फोन को मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जाएगा। यह 6 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मोबाइल चिपसेट है, जो 2.0GHz से लेकर 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। मीडियाटेक ने इस प्रोसेसर को 2024 में पेश किया था। ऐसे में गैलेक्सी F70e में 2 साल पुराना प्रोसेसर दिया जाना, सैमसंग फैंस को निराश कर सकता है। हालांकि फोन एंड्रॉयड बेस्ड OneUI 8 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा, जिसमें 6 OS और सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा।
World Oldest Flush Toilet: दुनिया का सबसे पुराना फ्लश टॉयलेट किस देश में यूज होता था? इसका राज अब खुल गया है. पता चला है कि वह टॉयलेट 2400 साल पहले का था.
स्पेस में जाने पर भूख ज्यादा लगती है या कम? जानें एस्ट्रोनॉट्स की बॉडी में होते हैं कौन से बदलाव
Space Station Astronauts Body Change:जीरो ग्रेविटी में पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण खाने को पेट के निचले हिस्से में रखने में मदद करता है, लेकिन स्पेस में खाना और गैस पेट के ऊपरी हिस्से में तैरते रहते हैं.
Earth Magnetic Field: हाल में ही नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित हुए एक लेख में धरती की चुंबकीय संरचना को लेकर एक नया अध्ययन सामने आया है. वैज्ञानिकों ने इसको अलग माना है और उनका कहना है कि अभी कितना कुछ खोजना बाकी है.
जर्मन कार मेकर फॉक्सवैगन ने अपनी नई प्रीमियम 7-सीटर SUV टेरॉन आर-लाइन की बुकिंग शुरू कर दी है। हाल ही में इसे रिवील किया गया था। भारत में यह कार टिग्वान R-लाइन के ऊपर रहेगी और यह कंपनी की फ्लैगशिप SUV होगी। टेरॉन असल में टिग्वान का ही बड़ा और थ्री-रो (तीन लाइन सीट) वर्जन है। टेरॉन R-लाइन की सबसे खास बात इसका बड़ा केबिन और प्रीमियम फीचर्स हैं। कंपनी ने इसमें वो सभी कमियां दूर की हैं, जो टिग्वान में थीं। अब इसमें मसाज फंक्शन वाली सीटें, 15-इंच की टच स्क्रीन और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स हैं। कार का लुक काफी स्पोर्टी और प्रीमियम है। फॉक्सवैगन ने कार की कीमतों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि भारत में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 45 से 50 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसका मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर, स्कोडा कोडिएक और एमजी ग्लोस्टर जैसी कारों से होगा। एक्सटीरियर: स्पोर्टी लुक के साथ कनेक्टेड LED सेटअप टेरॉन आर-लाइन का डिजाइन काफी बोल्ड है, जो काफी हद तक टिग्वान आर-लाइन जैसा लगता है। फ्रंट: आगे की ओर इल्लुमिनेटेड फॉक्सवैगन लोगो और कनेक्टेड LED लाइट बार दी गई है। बंपर पर ग्लॉस ब्लैक फिनिश है और ग्रिल पर 'R' का बैज मिलता है, जो इसके स्पोर्टी कैरेक्टर को दिखाता है। साइड प्रोफाइल: यहां 19-इंच के डुअल-टोन अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। साइड से 7-सीटर कार काफी लंबी दिखती है। विंडो के चारों ओर क्रोम फिनिश और फ्रंट फेंडर पर 'R' बैजिंग दी गई है। इसके अलावा, व्हील आर्क में पतली ग्लॉस ब्लैक क्लेडिंग है। रियर: पीछे का लुक काफी क्लीन और मॉडर्न रखा गया है। यहां, 'पिक्सल स्टाइल' वाली कनेक्टेड टेल लैंप्स हैं। कंट्रास्ट के लिए रियर बंपर पर आगे की तरह ग्लॉस ब्लैक ट्रीटमेंट दिया गया है। इंटीरियर: 15-इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन कार के केबिन को बेहद प्रीमियम और हाई-टेक बनाया गया है। डैशबोर्ड पर 15-इंच का बड़ा फ्लोटिंग इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। डैशबोर्ड पर 30 अलग-अलग कलर्स वाली एम्बिएंट लाइटिंग दी गई है, जो केबिन के माहौल को लग्जरी बनाती है। 7-सीटर SUV में आगे की सीटों में मसाज, वेंटिलेशन और हीटिंग फंक्शन दिया गया है। ये इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल भी हैं। सेकेंड रो की सीटों को आप अपनी जरूरत के हिसाब से स्लाइड और रिक्लाइन भी कर सकते हैं। कार में ज्यादातर फीचर को सिर्फ टचस्क्रीन से ही एक्सेस किया जा सकता है, जिसमें क्लाइमेट कंट्रोल भी शामिल है। फ्लोर कंसोल पर मल्टी-फंक्शन नोब है, जिससे आप वॉल्यूम और ड्राइव मोड एडजस्ट कर सकते हैं। टेरॉन में 3-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, दो वायरलेस फोन चार्जर और पावर्ड टेलगेट, हरमन कार्डन का प्रीमियम साउंड सिस्टम, हेड्स-अप डिस्प्ले (HUD) जैसे फीचर्स दिए गए हैं। परफॉरमेंस: दमदार इंजन और ऑफ-रोड क्षमता कंपनी ने इंजन स्पेसिफिकेशन के बारे में नहीं बताया है, लेकिन उम्मीद है कि कार में 2.0 लीटर का टर्बो पेट्रोल TSI इंजन दिया जा सकता है। ये इंजन 204ps की पावर और 320Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। इसमें 4-मोशन ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम भी मिल सकता है। सेफ्टी: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS से लैस सेफ्टी के मामले में फॉक्सवैगन टेरॉन में 9 एयरबैग्स, 360 डिग्री कैमरा, फ्रंट और रियर में पार्किंग सेंसर्स, चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा कार लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम भी दिया गया है, जिसमें लेन कीप असिस्ट, एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल और इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं।
समंदर की लहरों में नीचे बिछाया 'तारों का जाल'...चीन का नया पावर गेम देख उड़े सबके होश
China Floating Solar Plant: चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा ऐसा सोलर प्लांट बनाया है जो जमीन पर नहीं बल्कि समुद्र के पानी पर तैरता है. समुद्र के ऊपर चलने वाली ठंडी हवा इन पैनलों को गर्म होने से बचाती है. पैनल जितने ठंडे रहते हैं उतनी अच्छी बिजली बनाते हैं.
सूरज बना 'ज्वालाओं की फैक्ट्री'! 24 घंटे में 17 धमाके, क्या धरती पर छाने वाला है अंधेरा?
Solar Eruption: वैज्ञानिकों और सैटेलाइट चलाने वाली कंपनियों को सावधान रहने के लिए कहा गया है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सूरज से और भी सौर ज्वालाएं निकल सकती हैं. सूरज पर मौजूद धब्बों में हो रही हलचल की वजह से इस हफ्ते के अंत में आसमान में एक शानदार नजारा भी देखने को मिल सकता है.
समुद्र में 6 KM नीचे तक गया जापानी जहाज...कीचड़ से निकाल लाया 'काला सोना', उड़ गई चीन की नींद
Japan found Rare Earth Rich Mud From Sea: शायद ये दुनिया की पहली कोशिश है, जब कोई जहाज समुद्र में 6 किलोमीटर तक उतरा. 6 मील की गहराई यानी समुद्री तल में जाकर वहां की मिट्टी को खोज लेना, एक सफल मिशन बताया जा रहा है. आइए जानते हैं ये किस देश ने कर दिखाया है...
क्यों नॉर्थ की तरफ खिसक रहा है भारत? वैज्ञानिकों ने कहा- कमजोर पड़ी रही है धरती की परत
Earth Fault Lines: यह पठार लगभग 25 लाख वर्ग किमी में फैला है जो भारत, चीन और नेपाल जैसे कई देशों का हिस्सा है. इसकी औसत ऊंचाई 4,500 मीटर से भी ज्यादा है इसलिए इसे दुनिया का सबसे ऊंचा क्षेत्र माना जाता है.
क्यों Google ने Winter Olympics के लिए बदला अपना Doodle? क्या है उसके पीछे की असली कहानी?
मिलान-कॉर्टिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक का रोमांच आज 4 फरवरी से शुरू हो गया है! गूगल ने विशेष एनिमेटेड डूडल के जरिए कर्लिंग खेल और इटली की बर्फीली वादियों को सलाम किया है। हालांकि औपचारिक उद्घाटन 6 फरवरी को है, लेकिन प्रारंभिक स्पर्धाएं आज से ही शुरू हो गई हैं। खेल जगत की इस बड़ी हलचल और ओलंपिक के 25वें संस्करण की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
A 1000 year old skeleton was found: 1000 साल बाद भी कोई कंकाल कैसे सुरक्षित रह सकता है? ये सवाल हर उस शख्स के जेहन में आया था जिसने गुजरात के वडनगर में मिले कंकाल की खबर सुनी थी. इस कंकाल को 5 साल बाद नया घर मिला हैय
ESA लॉन्च करेगा अंतरिक्ष में 'सुसाइ़ड मिशन', अपनी ही मौत को गले लगाएगा 27 करोड़ का यह सैटेलाइट
Science News in Hindi: पिछले 70 सालों के अंतरिक्ष इतिहास में लगभग 10,000 सैटेलाइट्स और रॉकेट के हिस्से धरती पर वापस गिर चुके हैं. लेकिन हैरानी का बात यह है कि गिरते समय उनके साथ क्या होता है और वो कैसे खत्म होते हैं, वैज्ञानिक आज भी इसे नहीं समझ पाए हैं.
इंसान तो क्या, रोशनी भी नहीं पहुंचती जहां...समुद्र की उस गहराई में मिले 20,000 रहस्यमय जीव
Underwater Mysteries: समुद्र की गहराइयों में जहां सूरज की रोशनी भी नहीं पहुंचती, वैज्ञानिकों को हजारों अजीबोगरीब जीवों का पता चला है. ये जीव समुद्र के अंदर मौजूद एक गर्म ज्वालामुखी के पास रह रहे हैं.
तहखाने की दीवार टूटी...और निकली 20,000 लोगों की सीक्रेट सिटी, जमीन से 85 मीटर नीचे दफन था इतिहास
Hidden Underground City: तुर्की में एक घर के मरम्मत के दौरान गलती से एक बहुत हू पुराना और विशाल जमीन के नीचे बसा शहर मिला जिसे डेरिनकुयू कहा जाता है. एक आदमी अपने घर का नवीनीकरण करा रहा था तभी उसे दीवार के पीछे एक सीक्रेट रास्ता दिखा.
चांद पर अब अमर होने का मौका...इस खास 'टाइम कैप्सूल' के जरिए भेजें अपना DNA और यादें
Time Capsule: अब आप भी अपना DNA और अपनी जीवन की कहानी चंद्रमा पर भेज सकते हैं. आपके डीएनए और कहानी को एक खास डिब्बे में रखा जाएगा और इसे चांद की सतह के नीचे सुरक्षित दफनाया जाएगा. लूनर मिशन वन के जरिए आप भी इसका हिस्सा बन सकते हैं.
3600 करोड़ का मेगा प्लान! भारत जमीन से अंतरिक्ष पर रखेगा पैनी नजर, अब लद्दाख बनेगा नया स्पेस हब
Science News: भारत में अंतरिक्ष विज्ञान को बेहतर बनाने के लिए अगले 5 सालों में 3,600 करोड़ खर्च किए जाएंगे. लद्दाख में न नई मशीन और आधुनिक टेलीस्कोप लगाए जाएंगे और जो मशीनें पहले से मौजूद हैं उन्हें और बेहतर बनाने का काम किया जाएगा.
टेक कंपनी रियलमी इंडिया ने अपने मिड रेंज रियलमी P4 सीरीज के 5G स्मार्टफोन्स P4 और P4 प्रो की कीमत में बढ़ा दी हैं। रियलमी P4 की कीमत में जहां 2,500 रुपए की बढ़ोतरी की गई गई है। वहीं रियलमी P4 प्रो के दाम 4,000 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। दोनों फोन 7000mAh बैटरी के साथ आते हैं, इनमें 50MP कैमरा और 144Hz रिफ्रेश रेट वाली 4D कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले दी गई है। डिजाइन: मेटालिक फ्रेम के साथ प्रीमियम नेचुरल टेक्सचर रियलमी P4 में मेटालिक और प्लास्टिक फिनिश दिया गया है। इसमें मेटालिक लाइन्स और एक्सपोज्ड स्क्रू डिटेल्स हैं, जो इसे मजबूत और स्टाइलिश बनाते हैं। इसमें 6.77 इंच का डिस्प्ले है और इसके बेजल्स काफी पतले हैं। डिजाइन में फ्लैट फ्रेम्स और स्लिम बैक पैनल का इस्तेमाल किया गया है। रियलमी P4 को IP65+IP66 रेटिंग के साथ पेश किया गया है। इसका वजन लगभग 194 ग्राम और मोटाई 7.58mm है। इसके बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप है, कैमरा मॉड्यूल काफी पतला है। फोन तीन बोल्ड कलर ऑप्शन- स्टील ग्रे, इंजन ब्लू, और फोर्ज रेड में अवेलेबल है। वहीं, रियलमी P4 प्रो में टेक-वुड मटेरियल के साथ प्रीमियम और नेचुरल टेक्सचर वाला डिजाइन दिया गया है। मेटालिक फ्रेम के साथ बैक पैनल मैट टेक्सचर दिया गया है, जो फिंगरप्रिंट्स को कम करता है। इसमें 6.8-इंच का डिस्प्ले है, जिसके बेजल्स काफी पतले हैं। फोन का वजन लगभग 189-194 ग्राम है और मोटाई 7.68-7.69mm है। कैमरा मॉड्यूल एक सर्कुलर आइलैंड डिजाइन में है, जो ज्यादा बाहर नहीं निकलता और फोन को सपाट सतह पर स्थिर रखता है। LED फ्लैश को कैमरा सेंसर से अलग रखा गया है। ये फोन भी तीन कलर ऑप्शन- बर्च वुड, डार्क ओक वुड और मिडनाइट आइवी के साथ आया है। रियलमी P4 : स्पेसिफिकेशन्स परफॉर्मेंस: रियलमी P4 में परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक का डायमेंसिटी 7400 अल्ट्रा 5G चिपसेट दिया गया है, जो 2.6GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। वहीं गेमिंग के दौरान स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए हाइपर विजन AI चिप लगाई गई है, जिससे बेहतर विजुअल ग्राफिक्स और हाई फ्रेम रेट मिलती है। फोन बेटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (BGMI) जैसे 100 से ज्यादा पॉपुलर गेम्स में 144 FPS (फ्रेम पर सेकेंड) तक सपोर्ट करता है। गेमिंग के दौरान ग्राफिक्स साफ और तेज रहते हैं। 7000mm वैपोर कूलिंग सिस्टम की वजह से फोन हैवी गेमिंग के दौरान ज्यादा गर्म नहीं होता, जिससे लंबे समय तक अच्छी परफॉर्मेंस मिलती है। OS: मोबाइल एंड्ररॉयड 15 पर बेस्ड रियलमी UI 6 ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ मिलकर काम करता है। यह 3 साल के बड़े एंड्रॉएड अपडेट्स और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट्स के साथ आता है। इसमें AI फीचर्स जैसे AI स्मार्ट चार्जिंग और AI हाइपर मोशन हैं, जो बैटरी लाइफ और गेमिंग को ऑप्टिमाइज करते हैं। रैम और स्टोरेज: फोन में 6GB या 8GB LPDDR4X रैम और 128GB/256GB UFS 3.1 स्टोरेज के ऑप्शन हैं। यह मल्टीटास्किंग और एप्स को तेजी से खोलने में मदद करता है। 18GB तक डायनामिक रैम (वर्चुअल रैम) का सपोर्ट है, जो भारी एप्स और गेम्स को आसानी से हैंडल करती है। डिस्प्ले: रियलमी P4 में 1080 x 2392 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.77 इंच की फुल HD+ डिस्प्ले दी गई है। एमोलेड पैनल पर बनी स्क्रीन 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। इसकी पीक ब्राइटनेस 4500 निट्स है। कंपनी इसे सनलाइट रेडी स्क्रीन कह रही है, क्योंकि हाई ब्राइटनेस के चलते धूप में भी डिस्प्ले पर कंटेंट आसानी से देख सकते हैं। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर और 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस शामिल है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 16 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी: पावर बैकअप के लिए फोन में 7000mAh बैटरी दी गई है। कंपनी के अनुसार, फोन 5 साल की बैटरी हेल्थ के साथ आएगा। फोन को तेजी से चार्ज करने के लिए इसमें 80W फास्ट चार्जिंग तकनीक दी गई है। इससे फोन 0 से 50% तक लगभग 25 मिनट में चार्ज हो जाता है। साथ ही, 10W रिवर्स चार्जिंग की सुविधा भी है, जिससे आप अपने अन्य डिवाइस जैसे स्मार्टवॉच या इयरबड्स चार्ज कर सकते हैं। रियलमी P4 प्रो : स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले : रियलमी P4 प्रो में 1280 x 2800 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.8-इंच की 1.5K डिस्प्ले दी गई है। इसे कंपनी ने हाइपर ग्लो 4D कर्व+ नाम दिया है। इसके किनारे माइक्रो-कर्व्ड यानी घुमावदार हैं। स्क्रीन 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 6500 निट्स है। यानी डिस्प्ले स्मूथ स्क्रॉलिंग करेगी और साथ ही धूप में इस पर टेक्स्ट पढ़ने में भी दिक्कत नहीं होगी। परफॉर्मेंस : प्रोसेसिंग के लिए स्मार्टफोन में 4 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 2.8GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। यह चिप तेज और पावरफुल है, जो रोजमर्रा के काम, मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए ठीक है। वहीं गेमिंग के दौरान स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए इसमें भी हाइपर विजन AI चिप लगाई गई है। फोन BGMI और कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल जैसे 100+ गेम्स 1.5K रेजोल्यूशन और 144 FPS (फ्रेम पर सेकेंड) तक सपोर्ट करता है। इससे गेम्स में कोई फ्रेम ड्रॉप नहीं होता। 7000mm वैपर कूलिंग सिस्टम हैवी गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखता है। GT परफॉर्मेंस इंजन 3.0 और AI हाइपर मोशन जैसे फीचर्स गेमिंग को और स्मूथ बनाते हैं। यह चिप ग्राफिक्स को ऑप्टिमाइज करता है, जिससे गेम्स में हाई-क्वालिटी विज़ुअल्स मिलते हैं। रैम और स्टोरेज: रैम और स्टोरेज : फोन में 8GB/12GB LPDDR4X रैम और स्टोरेज के लिए 128GB/256GB/512GB UFS 3.1 मैमोरी के ऑप्शन्स हैं। 14GB तक वर्चुअल रैम की सुविधा भी है, जो भारी एप्स और गेम्स को आसानी से चलाने में मदद करती है। मल्टीटास्किंग में कोई लैग नहीं है; 10+ एप्स और टैब्स आसानी से हैंडल करता है। OS : मोबाइल भी एंड्ररॉयड 15 पर बेस्ड रियलमी UI 6 ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ मिलकर काम करता है। इसमें भी 3 साल के एंड्रॉएड अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा। इसमें AI फीचर्स जैसे AI स्मार्ट चार्जिंग और AI हाइपर मोशन हैं, जो बैटरी लाइफ और गेमिंग को ऑप्टिमाइज करते हैं। AI फीचर्स जैसे AI अल्ट्रा क्लीयरिटी, AI स्नैप मोड और AI एडिट फोटो/वीडियो एडिटिंग और गेमिंग को बेहतर बनाते हैं। बैटरी : पावरबैकअप के लिए फोन में 7000mAh की बैटरी दी गई है। चार्जिंग के लिए फोन 80वॉट फास्ट चार्जिंग से लैस है। मोबाइल बायपास चार्जिंग टेक्नोलॉजी से लैस है जो हैवी प्रोसेसिंग या गेमिंग के दौरान फोन बैटरी की जगह सीधे प्रोसेसर को ताकत देती है। 10W रिवर्स चार्जिंग से आप स्मार्टवॉच या इयरबड्स जैसे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं। कैमरा : फोटोग्राफी के लिए रियलमी P4 प्रो डुअल रियर कैमरा सपोर्ट करता है, जिसमें 50 मेगापिक्सल IMX896 OIS सेंसर के साथ 8 मेगापिक्सल वाइड-एंगल लेंस है। वहीं फोन के फ्रंट पैनल पर भी 50 मेगापिक्सल सेल्फी सेंसर दिया गया है।
Organisms In Fukushima Radioactive Water: जापान के फुकुशिमा पावर स्टेशन ने हर किसी को चौंका दिया है. रेडिएशन फैली इस जगह पर कुछ बैक्टीरिया को पनपते हुए देखा गया है.
स्मार्टफोन लवर्स के लिए फरवरी का महीना बेहद खास होने वाला है। इस महीने सैमसंग अपनी सबसे प्रीमियम नेक्स्ट जनरेशन गैलेक्सी S26 सीरीज लॉन्च करेगी। इसके साथ ही वीवो, रियलमी, पोको और मोटोरोला जैसे बड़े ब्रांड्स भी अपने नए फोन बाजार में उतारने की तैयारी में हैं। इस महीने बजट फोन से लेकर पावरफुल फ्लैगशिप डिवाइसेज तक 14 से ज्यादा नए स्मार्टफोन आएंगे। इनमें 9000mAh जैसी बड़ी बैटरी और 200MP कैमरे जैसे फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। आईक्यू 15 अल्ट्रालॉन्च डेट: 4 फरवरी आईक्यू 15 अल्ट्रा स्मार्टफोन 4 फरवरी 2026 को चीन में लॉन्च होगा इसके बाद यह भारतीय बाजार में पेश किया जाएगा। यह वीवो के सब-ब्रांड आईक्यू का पहला 'अल्ट्रा' फोन होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोन में 6.85 इंच की बड़ी फ्लैट स्क्रीन होगी, जो सैमसंग की LTPO टेक्नोलॉजी वाली होगी और 2K क्वालिटी की पिक्चर देगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर होगा। साथ में 24GB तक रैम और 1TB तक स्टोरेज मिल सकती है। फोन में 100W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 7400mAh की बड़ी बैटरी मिलेगी। कैमरा की बात करें तो रियर में 50-50 मेगापिक्सल के 3 कैमरे होंगे। इनमें से एक टेलीफोटो कैमरा 3x तक ऑप्टिकल जूम देगा और अच्छी स्टेबलाइजेशन के साथ आएगा, ताकि फोटो ब्लर न हों। फ्रंट में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा होगा। OPPO K14x 5Gलॉन्च डेट: 10 फरवरी ओप्पो अपनी K-सीरीज में नया 5G स्मार्टफोन ओप्पो K14x भारत में 10 फरवरी, 2026 को लॉन्च करेगी। K14x को स्टूडेंट्स, गेमर्स और वैल्यू-फोकस्ड यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी ताकत 6500mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर आप घंटों गेमिंग, वीडियो और कॉलिंग कर सकेंगे। इसके साथ 45W का फास्ट चार्जर भी मिलेगा। कैमरा की बात करें, तो इसमें 50MP का रियर कैमरा दिया गया है, जो AI इरेजर, AI अनब्लर, AI रिफ्लेक्शन रिमूवर और AI बेस्ट शोट जैसे फीचर्स के साथ आएगा। फोन में 6.75-इंच का HD+ डिस्प्ले मिल सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 1125 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस हो सकती है। परफॉर्मेंस के लिए OPPO K14x में मीडियाटेक डायेमेंसिटी 6300 प्रोसेसर मिलेगा। आईक्यू 15Rलॉन्च डेट: 24 फरवरी आईक्यू 15R इस महीने लॉन्च होने वाले सबसे पावरफुल स्मार्टफोन्स में से एक होगा। यह चीन में लॉन्च हुए आईक्यू Z11 टर्बो का रीब्रांडेड वर्जन हो सकता है। स्मार्टफोन में 6.59-इंच की 1.5K एमोलेड डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और बेहद हाई पीक ब्राइटनेस के साथ आएगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है, जिसे एंड्रॉएड 16 पर बेस्ड ओरिजनOS 6 के साथ पेश किया जाएगा। फोन 16GB रैम और 1TB स्टोरेज तक सपोर्ट कर सकता है। कैमरा की बात करें, तो आईक्यू 15R में 200MP का प्राइमरी कैमरा OIS के साथ दिया जा सकता है, जिसके साथ 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा मिलेगा। सेल्फी के लिए इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है। फोन में 7600mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जा सकता है। इसके अलावा, IP68 और IP69 रेटिंग इसे प्रीमियम और रग्ड स्मार्टफोन की कैटेगरी में भी खड़ा करती है। भारत में इसकी कीमत 50,000 रुपये से कम रहने की उम्मीद है। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीजलॉन्च डेट: 25 फरवरी (एक्सपेक्टेड) कोरियन टेक कंपनी सैमसंग अपनी नेक्स्ट जनरेशन प्रीमियम गैलेक्सी S26 स्मार्टफोन सीरीज फरवरी 2026 में लॉन्च होने करेगी। हालांकि कंपनी ने लॉन्च डेट की ऑफिशियल घोषणा की है। इस फ्लैगशिप सीरीज में गैलेक्सी S26, गैलेक्सी S26+ और गैलेक्सी S26 अल्ट्रा स्मार्टफोन पेश किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग इस बार गैलेक्सी S26 और S26+ के कैमरा हार्डवेयर में बदलाव कर रहा है। दोनों मॉडल्स में पुराने 10MP टेलीफोटो सेंसर की जगह नया 12MP सैमसंग ISOCELL S5K3LD टेलीफोटो सेंसर दिया जा सकता है, जबकि 12MP सोनी IMX564 अल्ट्रा-वाइड सेंसर पहले की तरह ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, प्राइमरी कैमरा को भी नए 50MP सैमसंग ISOCELL S5KGNG सेंसर से अपग्रेड किया जा सकता है। हालांकि इसका रियल-वर्ल्ड इमेज क्वालिटी पर कितना असर होगा, यह लॉन्च के बाद ही पता चलेगा। वीडियो के शौकीनों के लिए गैलेक्सी S26 सीरीज में बड़ा अपग्रेड देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रंट और रियर दोनों कैमरों से 4K 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट मिलेगा, जो सैमसंग के इन-हाउस APV कोडेक की मदद से संभव होगा। बैटरी की बात करें, तो गैलेक्सी S26 में 4300mAh और गैलेक्सी S26+ में 4900mAh बैटरी दी जा सकती है। प्रोसेसर के लिए अलग-अलग रीजन के हिसाब से स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 या एग्जीनोस 2600 SoC चिपसेट मिलने की उम्मीद है। गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में चार्जिंग स्पीड को अपग्रेड किया जा सकता है, जबकि बाकी मॉडल्स में वही चार्जिंग स्पीड जारी रह सकती है। वीवो V70 सीरीजलॉन्च डेट: फरवरी (एक्सपेक्टेड) वीवो की कैमरा और डिजाइन-फोकस्ड स्मार्टफोन्स की V70-सीरीज मिड फरवरी में भारत में लॉन्च हो सकती है और इसमें बेहतर प्रोसेसर, जाइस ऑप्टिक्स और नए सॉफ्टवेयर फीचर्स देखने को मिलेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Vivo V70 और V70 एलाइट मॉडल ओरिजनOS 6 के साथ आ सकते हैं, जबकि कैमरा सेटअप में सोनी के बड़े सेंसर और जाइस ट्यूनिंग देखने को मिल सकती है। इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 प्रोसेसर, LPDDR5x रैम और UFS 4.1 स्टोरेज दी जाएगी। इसमें 50MP सोनी प्राइमरी कैमरा, अल्ट्रा-वाइड लेंस और 3x पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलने की उम्मीद है। पावर बैकअप के लिए फोन में 90W फास्ट चार्जिंग के साथ 6500mAh बैटरी दी जा सकती है। वीवो V70 सीरीज की कीमत भारत में 55,000 रुपए से कम रहने की उम्मीद है। गैलेक्सी A57 और गैलेक्सी A37लॉन्च डेट: फरवरी (एक्सपेक्टेड) सैमसंग इसी महीने मिड-रेंज में गैलेक्सी A57 और गैलेक्सी A37 को लॉन्च कर सकता है। गैलेक्सी A57 को अपने पिछले मॉडल की तुलना में ज्यादा स्लिम और हल्का बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी मोटाई सिर्फ 6.9mm और वजन करीब 182 ग्राम हो सकता है। डिजाइन में एल्यूमिनियम फ्रेम और ग्लास बैक रहेगा। फोन में 6.6-इंच का फ्लेक्सिबल OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें एग्जीनोस 1680 चिपसेट और 5000mAh बैटरी के साथ 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिल सकता है। कैमरा सेक्शन में गैलेक्सी A57 में 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया जा सकता है, जिसमें सोनी IMX906 या सैमसंग का इन-हाउस सेंसर इस्तेमाल हो सकता है। इसके साथ 13MP अल्ट्रा-वाइड और 5MP मैक्रो कैमरा दिया जा सकता है। वहीं, गैलेक्सी A37 में एग्जीनोस प्रोसेसर, ट्रिपल कैमरा सेटअप और 5000mAh बैटरी के साथ 25W चार्जिंग दी जा सकती है। गूगल पिक्सल 10aलॉन्च डेट: फरवरी (एक्सपेक्टेड) गूगल पिक्सल 10a भी फरवरी 2026 में लॉन्च हो सकता है। यह पिक्सल कैमरा एक्सपीरियंस, क्लीन एंड्रॉएड और लंबे सॉफ्टवेयर अपडेट्स के साथ आएगा। लीक के मुताबिक, पिक्सल 10a का डिजाइन और स्पेसिफिकेशन काफी हद तक पिक्सल 9a जैसा हो सकता है। फोन में 6.3-इंच का फुल HD+ pOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट मिलेगा। परफॉर्मेंस के लिए इसमें गूगल का टेन्सर G4 चिपसेट मिल सकता है, जो पिक्सल 9a की तुलना में थोड़ा बेहतर होगा। वहीं रैम और स्टोरेज के तौर पर 8GB रैम के साथ 128GB और 256GB वैरियंट आ सकते हैं। फोटोग्राफी के लिए रियर में 48MP प्राइमरी और 13MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और फ्रंट में 13MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। पिक्सल 10a में 5100mAh बैटरी दी जा सकती है। मोटोरोला एज 70 फ्यूजन लॉन्च डेट: फरवरी (एक्सपेक्टेड) मोटोरोला एज 70 फ्यूजन को मिड-रेंज में पेश किया जा सकता है। इसमें क्लीन एंड्रॉएड एक्सपीरियंस और प्रीमियम कर्व्ड डिस्प्ले मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें 6.78-इंच का क्वाड-कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले दिया जा सकता है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करेगा। फोन में स्नैपड्रैगन 7s जेन 3 प्रोसेसर मिलने की उम्मीद है, जिसे 12GB तक रैम और 256GB स्टोरेज के साथ जोड़ा जाएगा। कैमरा सेक्शन में 50MP सोनी LYTIA सेंसर और फ्रंट में 32MP कैमरा मिल सकता है। पावर बैकअप के लिए 7000mAh की बैटरी और 68W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जा सकता है। रियलमी 16लॉन्च डेट: फरवरी (एक्सपेक्टेड) रियलमी 16 इस महीने लॉन्च होने वाले किफायती स्मार्टफोन्स में एक हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रियलमी 16 में 6.57-इंच का एमोलेड डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 4500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 6400 टर्बो प्रोसेसर मिल सकता है, जिसे LPDDR4x रैम और UFS 3.1 स्टोरेज के साथ जोड़ा जाएगा। फोन में 60W फास्ट वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट के साथ 7000mAh की बड़ी बैटरी मिलने की उम्मीद है। कैमरा की बात करें, तो इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 2MP का सेकेंडरी सेंसर दिया जा सकता है, जबकि सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 50MP का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है। फोन एंड्रॉएड 16 पर बेस्ड रियलमी UI 7.0 के साथ आ सकता है।
Ancient beach discovered on mars: नासा के परसिवियरेंस रोवर ने मंगल के जेजेरो क्रेटर में करीब साढ़े तीन अरब साल पुराने समुद्र तट और झील के संकेत खोजे हैं, जिससे वहां लंबे समय तक पानी मौजूद रहने की पुष्टि हुई है. यह खोज बताती है कि मंगल का वातावरण कभी पृथ्वी जैसा रहा होगा और वहां जीवन के शुरुआती रूप पनपने की संभावना हो सकती है.
जन्म के समय ही तय हो जाती है आपकी उम्र? नई रिसर्च ने हेल्थ एक्सपर्ट्स को भी चौंकाया, जानें कैसे...
genetics role in human lifespan: नई रिसर्च में पाया गया कि इंसानों की उम्र का लगभग आधा हिस्सा जीन से तय होता है, जबकि बाकी लाइफस्टाइल और पर्यावरण प्रभावित करते हैं. इसका मतलब है कि जीन जीवनकाल की सीमा तय करते हैं, और हमारा वातावरण और आदतें तय करती हैं कि हम उस सीमा तक कितने लंबे समय तक जी पाते हैं.
NASA Space Research: कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' में एक कार्यक्रम दौरान एक हाई स्कूल के छात्र ने एस्टोरॉइड को खोजने के लिए डिजाइन किए गए एक ही टेलिस्कोप से यूनिवर्स में 15 लाख वस्तुओं का पता लगाया.
मारुति सुजुकी इंडिया अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने 2 फरवरी को बताया कि कमोडिटी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे अब गाड़ियों के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। कीमतें बढ़ाने की वजह: कीमती धातुओं के दाम और जियोपॉलिटिकल हालात पार्थो बनर्जी के मुताबिक, कमोडिटी फ्रंट पर कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर कीमती धातुओं के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन्स के चलते भी सप्लाई चेन और लागत पर असर पड़ा है। कंपनी अब तक लागत का भार खुद उठाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब इसे ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कीमतें कब से और कितनी बढ़ाई जाएंगी। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल 2025 से अपनी कारों की कीमत में 4% तक की बढ़ोतरी की थी। जनवरी में रिकॉर्ड 2.78 लाख बुकिंग, 1.75 लाख कारें वेटिंग में पुरानी बुकिंग वालों को राहत: मिलेगी प्राइस प्रोटेक्शनकंपनी ने पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों का ध्यान रखते हुए जनवरी में 'प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम' शुरू की है। बनर्जी ने बताया कि जिन लोगों ने गाड़ियां बुक कर ली हैं लेकिन प्रोडक्शन की कमी के कारण उन्हें डिलीवरी नहीं मिल पाई है, उनसे बढ़ी हुई कीमतें नहीं ली जाएंगी। उन्हें उसी दाम पर कार मिलेगी जिस पर उन्होंने बुकिंग की थी। जनवरी में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री और एक्सपोर्ट मारुति सुजुकी का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा 4% बढ़ामारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 49,891 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 29% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 38,752 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.67 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,794 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से 4% ज्यादा है। पिछले साल कंपनी को 3,659 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में SUV का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2026 की शुरुआत टाटा मोटर्स के लिए अच्छी रही है। टाटा नेक्सॉन ने जनवरी महीने में मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली सेडान कार डिजायर को पीछे छोड़कर नंबर-1 का पायदान हासिल कर लिया है। जनवरी 2026 में टाटा नेक्सॉन ने अब तक की सबसे ज्यादा मंथली सेल दर्ज की है। पिछले महीने नेक्सॉन की कुल 23,365 यूनिट्स बिकीं। वहीं मारुति डिजायर 19,629 यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। भारतीय पैसेंजर व्हीकल (PV) मार्केट में अब SUV सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 55% हो गई है। नेक्सॉन और पंच ने नया रिकॉर्ड बनाया जनवरी में टाटा मोटर्स की दो सबसे पॉपुलर SUV नेक्सॉन और पंच दोनों ने ही अपनी अब तक की सबसे अच्छी मंथली सेल दर्ज की है। जहां नेक्सॉन की सेल 23 हजार यूनिट्स के पार निकल गई। वहीं टाटा पंच की भी 19,257 यूनिट्स बिकीं। इसके साथ ही नेक्सॉन ने एक बड़ा माइलस्टोन भी पार कर लिया है। भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद से नेक्सॉन की कुल बिक्री 10 लाख (10,00,000) यूनिट्स के पार भी पहुंच गई है। वहीं टाटा पंच ने भी महज चार साल और तीन महीने के भीतर 7 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। टॉप-10 में मारुति का दबदबा बरकरार भले ही नेक्सॉन नंबर-1 पर रही हो, लेकिन टॉप-10 में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की लिस्ट में मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा कारें हैं। टॉप-10 लिस्ट में शामिल सभी नॉन-SUV मॉडल्स- सेडान, हैचबैक और एमपीवी अकेले मारुति सुजुकी के ही हैं। टाटा और हुंडई के पोर्टफोलियो में हैचबैक मॉडल्स होने के बावजूद वे टॉप लिस्ट में जगह नहीं बना पाए हैं। जनवरी में मारुति की अर्टिगा (MPV) की 17,892 यूनिट्स, स्विफ्ट की 17,806 यूनिट्स और बलेनो की 16,782 यूनिट्स बिकीं हैं। SUV सेगमेंट में कड़ी टक्कर मिड-साइज और कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में मुकाबला काफी कड़ा हो गया है। हुंडई क्रेटा ने जनवरी में 17,921 यूनिट्स की सेल के साथ अपनी पकड़ मजबूत रखी है। वहीं नेक्सॉन की सीधी राइवल मारुति ब्रेजा 17,486 यूनिट्स के साथ लिस्ट में बनी हुई है। महिंद्रा की स्कॉर्पियो (N और क्लासिक दोनों मिलाकर) की 15,542 यूनिट्स बिकीं, जबकि 'विक्टोरिस' SUV ने भी 15,240 यूनिट्स के साथ टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। 55% बाजार पर SUV का कब्जा भारतीय ग्राहकों की पसंद अब छोटी कारों (हैचबैक) से शिफ्ट होकर SUV की तरफ बढ़ रही है। देश के कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट में SUV का शेयर 55% तक पहुंच चुका है। इसमें महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और हुंडई प्रमुख खिलाड़ी हैं। 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे साल डिजायर की करीब 2.14 लाख यूनिट्स बिकी थीं और नेक्सॉन 2.02 लाख यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर थी। लेकिन 2026 की शुरुआत में ही नेक्सॉन ने बढ़त बनाकर संकेत दे दिए हैं कि इस साल लड़ाई और दिलचस्प होने वाली है। लोगों को क्यों पसंद आ रही है SUV? हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, खराब सड़कों पर बेहतर परफॉर्मेंस, ज्यादा स्पेस और 'मस्कुलर' लुक के कारण लोग अब हैचबैक के बजाय माइक्रो या कॉम्पैक्ट SUV को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।
ISRO की आ गई मौज, मिल गया 13 हजार करोड़ का बजट, अब वैज्ञानिक स्पेस में मचाएंगे डबल धमाल
ISRO Union Budget 2026: 2026-27 के केंद्रीय बजट में स्पेस डिपार्टमेंट के लिए 3,705.63 करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया है. इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा स्पेस टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल होगा.
Budget 2026: भारत क्यों बना रहा है 'रेयर अर्थ कॉरिडोर'? रेत में छिपी है सुपरपावर बनने की चाबी
Union Budget 2026: नवंबर 2025 की एक खास योजना के तहत भारत सरकार अब अपनी समुद्री रेत का सही इस्तेमाल करने की तैयारी में है. भारत के समुद्र तटों की रेत में मोनाजाइट नाम का खनिज पाया जाता है जिससे कीमती चुंबक बनाए जा सकते हैं.
आसमान से गिरेंगे 'टूटते तारे' और दिखेगा नारंगी चांद! फरवरी में होने वाली हैं ये 5 खगोलीय घटनाएं
Science News: चमकती पूर्णिमा के चांद से लेकर सूर्य ग्रहण जैसे दुर्लभ नजारों तक, जो लोग आसमान देखना पसंद करते हैं उनके पास अंतरिक्ष की खूबसूरती का मजा लेने के कई मौके होते हैं.
अंतरिक्ष में खुला शुभांशु शुक्ला का 'सीक्रेट बैग', स्पेस में भारत की मिट्टी का कमाल
Science News: भारत आज सिर्फ जमीन पर ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष में भी अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ रहा है. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जब अंतरिक्ष की सैर पर गए तो वे अपने साथ सिर्फ विज्ञान ही नहीं बल्कि भारत की सदियों पुरानी कला और संस्कृति भी ले गए थे.
जर्मनी में मिली 6000 साल पुरानी 'सीक्रेट सुरंग', अंदर का नजारा देख बोले वैज्ञानिक- यहां तो कोई...
Germany Hidden Tunnel: जर्मनी में वैज्ञानिकों ने पत्थर के जमाने की पुरानी और रहस्यमय सुरंग मिली है. वैज्ञानिक अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे हजारों साल पहले क्यों और कैसे बनाया गया था.
स्पेस का शांतिदूत भारत! मिसाइल नहीं...रोटी-कपड़ा और मकान के लिए किया अंतरिक्ष का इस्तेमाल
Science News: भारत की अंतरिक्ष यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं है. वाराणसी के BHU में पूर्व इसरो प्रमुख ए.एस. किरण कुमार ने देश की इस शानदार सफलता की कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि, कैसे भारत ने दुनिया के दूसरे देशों की तरह अंतरिक्ष का इस्तेमाल युद्ध के लिए नहीं बल्कि जनता की भलाई के लिए किया.
NASA Artemis Moon Mission: दुनिया एक बार फिर इंसान को चांद पर जाते हुए देखने वाली है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA अपने ऐतिहासिक मून मिशन की आखिरी तैयारियों में जुट गई ह. 52 साल के लंबे इंतजार के बाद नासा एक रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की कक्षा में भेजने वाला है.
रॉकेट में कोई रिस्क नहीं... ISRO अध्यक्ष बोले- 'गगनयान के लिए चाहिए 100 में से 100 नंबर'
ISRO News: भारत अब अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने की तैयारी कर रहा है. ISRO के अध्यक्ष ने बताया कि 2027 में भारत का खास गगनयान मिशन शुरू होगा. इस मिशन का मकसद 3 लोगों को अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है.
गूगल ने यूजर्स के लिए दो बड़े अपडेट लॉन्च किए हैं। एक तरफ एंड्रॉइड में मजबूत थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर दिया गया है और दूसरी तरफ जीमेल में अब जेमिनी एआई की एंट्री भी हो चुकी है। एक अपडेट फोन चोरी होने की स्थिति में डेटा और पैसों को बचाने पर फोकस करता है, और दूसरा आपके जीमेल इनबॉक्स को एआई असिस्टेंट में बदलने पर जोर देता है। जानें इनके बारे में...। पहला अपडेट; थेफ्ट प्रोटेक्शन में ये फीचर्स आइडेंटिटी चेक में पिन काफी नहींगूगल बायोमेट्रिक सिक्योरिटी को मजबूत कर रहा है। चोरी होने पर बैंकिंग-फाइनेंस जैसी थर्ड-पार्टी एप खोलने के लिए फिंगरप्रिंट/पिन जरूरी होगा। रिमोट लॉक अब और आसानफोन लॉक करने के लिए गूगल अकाउंट लॉगिन की जरूरत नहीं है। android.com/lock पर नंबर डालकर फोन लॉक कर सकते हैं। गलत पिन डालना मुश्किलअगर कोई बार-बार गलत पिन डालने की कोशिश करता है, तो फोन अब लंबे समय के लिए खुद-ब-खुद लॉक हो जाएगा। थेफ्ट प्रोटेक्शन ऐसे ऑन करें- सेंटिंग्स में गूगल सेक्शन में जाएं।- अब All Services पर टैप करें।- Personal device safety में जाएं।- Theft Protection चुनें। - सभी फीचर्स ऑन करें। दूसरा अपडेट; जीमेल में AI जीमेल के नए AI फीचर्स जानेंHelp Me Write व Suggested Replies (अब फ्री हैं)। पहले ये फीचर्स सिर्फ पेड यूजर्स के लिए थे, अब सभी यूजर्स के लिए हैं। मेल ढूंढना सवाल पूछने जैसाजीमेल में अब आप आप पूरे सवाल लिख सकते हैं। जीमेल ईमेल थ्रेड्स से जानकारी निकालकर पॉइंट-वाइज समरी बना देगा। एआई इनबॉक्स की शुरुआतएआई इनबॉक्स आपके हाल के ईमेल्स स्कैन करेगा। जरूरी अपडेट्स, टू-डू और अपॉइंटमेंट्स की ऑटोमैटिक लिस्ट बनाएगा। जीमेल में एआई फीचर्स कैसे ऑन करें? - सबसे पहले जीमेल खोलें - ऊपर दाईं ओर Gear आइकन पर क्लिक करें- गूगल स्मार्ट फीचर्स में जाएं और यहां इस फीचर को ऑन करें। इसके बाद इसे सेव करें। बैंक एप्स, फोटो व निजी डेटा बचाएगा थेफ्ट प्रोटेक्शन, जीमेल में एआई जब भी कोई फोन चोरी होता है तो बैंक एप्स, डॉक्यूमेंट्स, फोटो और निजी डेटा के भी लीक होने का डर रहता है। इसी के लिए गूगल ने थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर्स को मजबूत किया है। सिक्योरिटी के साथ-साथ गूगल ने जीमेल में जेमिनी एआई जोड़ दिया है... इससे ईमेल लिखने, समझने और ढूंढने का तरीका बदलने वाला है।
आईफोन 18 लॉन्चिंग इस साल टल सकती है:सिर्फ फोल्डेबल और प्रो मॉडल्स लाएगी एपल, वजह- महंगी चिप
टेक कंपनी एपल आमतौर पर हर साल सितंबर में अपनी नई आईफोन सीरीज के चार मॉडल लॉन्च करती है, लेकिन इस बार कंपनी अपनी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। जापान की मीडिया कंपनी निक्केई एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, एपल साल 2026 के अपने एनुअल इवेंट में आईफोन 18 का बेस मॉडल लॉन्च नहीं करेगा। कंपनी इसे साल 2027 की पहली छमाही तक के लिए टाल सकती है। चिप की बढ़ती कीमतें और मुनाफा बढ़ाना है वजह रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल ने यह फैसला मैमोरी चिप और अन्य मटेरियल्स की बढ़ती कीमतों के कारण लिया है। कंपनी अपने संसाधनों को ऑप्टिमाइज करना चाहती है ताकि, प्रीमियम मॉडल्स से ज्यादा रेवेन्यू और प्रॉफिट कमाया जा सके। ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन और एनालिस्ट मिंग-ची कुओ ने भी संकेत दिए हैं कि एपल इस साल आईफोन 18 को रिलीज करने के मूड में नहीं है। इसके बजाय, कंपनी आईफोन 18e मॉडल के साथ इसे 2027 की शुरुआत में लॉन्च कर सकती है। फोल्डेबल आईफोन के प्रोडक्शन पर फोकस करेगी कंपनी एपल के इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह उसका पहला फोल्डेबल आईफोन भी है। फोल्डेबल फोन को बनाने के लिए काफी जटिल इंडस्ट्रियल तकनीक और नए मैटेरियल्स की जरूरत होती है। एपल चाहता है कि मास प्रोडक्शन के दौरान कोई तकनीकी दिक्कत न आए, इसलिए वह अपनी पूरी ताकत फोल्डेबल मॉडल और प्रो मॉडल्स पर लगाना चाहता है। ऐसे में इस साल सितंबर के लॉन्च इवेंट में सिर्फ आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और फोल्डेबल आईफोन देखने को मिल सकते हैं। 12GB रैम और अपग्रेड कैमरा के साथ आएगा आईफोन 18 भले ही लॉन्चिंग में देरी की बात हो रही हो, लेकिन आईफोन 18 के स्पेसिफिकेशन्स को लेकर कई लीक्स सामने आए हैं... आईफोन एयर 2 और पाइपलाइन में मौजूद 5 नए मॉडल रिपोर्ट के अनुसार, एपल के पास फिलहाल 5 नए मॉडल्स पाइपलाइन में हैं। इनमें आईफोन एयर 2, स्टैंडर्ड आईफोन 18 और तीन प्रीमियम मॉडल्स (18 प्रो, 18 प्रो मैक्स और आईफोन फोल्ड) शामिल हैं। हालांकि, आईफोन एयर 2 की शिपमेंट को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। जानकारों का मानना है कि आईफोन एयर 2 को साल 2027 में आईफोन 19 सीरीज के साथ लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें पहली बार बैक पैनल पर दूसरा कैमरा सेंसर भी देखने को मिल सकता है।
नई कार, जीप और वैन के लिए कल (1 फरवरी) से फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रुटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार के इस कदम का उद्देश्य फास्टैग एक्टिव होने के बाद होने वाली परेशानी को खत्म करना है। पहले यूजर्स को अक्सर शिकायत रहती थी कि टैग एक्टिव होने के बाद भी बैंक या अथॉरिटी की ओर से वेरिफिकेशन के नाम पर देरी की जाती है। नई गाइडलाइन के बाद अब फास्टैग को बार-बार अपडेट करने की जरूरत खत्म हो जाएगी। सिर्फ शिकायत मिलने पर ही होगी जांच अथॉरिटी के अनुसार, KYV की प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे 'जरूरत आधारित' बना दिया गया है। अब सिर्फ KYV तभी मांगा जाएगा, जब किसी फास्टैग के गलत इस्तेमाल, गलत तरीके से जारी होने या उसके लूज होने की कोई शिकायत मिलेगी। सामान्य तौर पर काम कर रहे फास्टैग के लिए अब किसी तरह के डॉक्युमेंट की दोबारा मांग नहीं की जाएगी। बैंक वाहन पोर्टल से सीधे वेरिफाई करेंगे NHAI ने फास्टैग जारी करने वाले बैंकों के लिए भी नियमों में बदलाव किया है। अब बैंकों को फास्टैग एक्टिवेट करने से पहले वाहन पोर्टल के डेटाबेस के जरिए वाहन का प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन करना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि बैंक खुद ही सरकारी डेटा से गाड़ी की जानकारी वेरिफाई करेंगे, जिससे ग्राहक को बाद में दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यह डिजिटल ऑटोमेशन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगा। टोल पर पेमेंट करने में समय की बचत होगी NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि यह सुधार कॉमन रोड यूजर्स के समय की बचत के लिए लाया गया है। अक्सर देखा गया है कि वैध वाहन दस्तावेज होने के बाद भी यूजर्स को पोस्ट-इश्यूएंस KYV की वजह से टोल प्लाजा पर या पेमेंट के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस बदलाव के बाद टोल पेमेंट का अनुभव और अधिक 'सीमलेस' (बिना रुकावट वाला) हो जाएगा। ये खबर भी पढ़ें टोल प्लाजा 1 अप्रैल से कैशलेस, नकद भुगतान बंद होगा: सिर्फ फास्टैग या UPI से टैक्स लिया जाएगा; अभी 25 टोल पर ट्रायल शुरू 1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। नए नियमों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही इस्तेमाल करना होगा। यह जानकारी टीवी न्यूज चैनल आज तक को इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने कहा कि टोल पर नकद (कैश) लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
टेक कंपनी रियलमी ने भारतीय बाजार में अपनी P-सीरीज का नया स्मार्टफोन रियलमी P4 पॉवर लॉन्च कर दिया है। यह फोन भारत में अब तक का सबसे बड़ी बैटरी वाला स्मार्टफोन है। इसमें 10001mAh की बैटरी दी गई है। फुल चार्ज के बाद 21 घंटे तक चलने वाले मोबाइल में 50 मेगापिक्सल कैमरा और 144Hz रिफ्रेश रेट वाली टच स्क्रीन मिलेगी। रियलमी P4 पावर को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 25,999 रुपए है। फोन की सेल 5 फरवरी से शुरू होगी और लॉन्च ऑफर में 2,000 रुपए का डिस्काउंट भी मिलेगा। रियलमी P4 पावर: वैरिएंट वाइस प्राइस डिजाइन: 4D कर्व्ड डिस्प्ले और IP69 सेफ्टी रेटिंग बड़ी बैटरी होने के बावजूद कंपनी ने इसके डिजाइन को मॉडर्न रखने की कोशिश की है।
टेक कंपनी वीवो ने भारतीय बाजार में अपना नया प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Vivo X200T लॉन्च कर दिया है। फोन की सबसे बड़ी खासियत इसका 100x डिजिटल जूम वाला पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस, मीडियाटेक डायमेंसिटी 9400+ प्रोसेसर और 6200mAh की बड़ी बैटरी है। यह इस सीरीज का चौथा मॉडल है, इससे पहले कंपनी X200, X200 FE और X200 प्रो मार्केट में उतार चुकी है। वीवो X200T को दो स्टोरेज वैरिएंट्स में लॉन्च किया गया है। इसके 256GB मैमोरी वैरिएंट की कीमत ₹59,999 और 512GB स्टोरेज वैरिएंट की कीमत ₹69,999 रखी गई है। वीवो X200T की सेल 3 फरवरी से शुरू होगी। इसे स्टेलर ब्लैक और सीसाइड लिलैक कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकेगा। कंपनी लॉन्च ऑफर के तहत फोन पर 5 हजार रुपए का बैंक डिस्काउंट देगी। डिजाइन: प्रीमियम ग्लास बॉडी और IP69 रेटिंग फोन का डिजाइन काफी स्लीक और मॉडर्न है। इसके बैक पैनल पर बड़ा सर्कुलर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है जो टेक्सचर्ड फिनिश के साथ आता है। मटेरियल और रेटिंग: फोन में मेटल फ्रेम और प्रीमियम ग्लास का इस्तेमाल हुआ है। यह IP68 और IP69 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे धूल और गहरे पानी के साथ-साथ हाई-प्रेशर वॉटर स्प्रे से भी सुरक्षित रखता है। डिस्प्ले और बेजल्स: फ्रंट में 1.5K फ्लैट डिस्प्ले है जिसके बेजल्स काफी पतले हैं। इसमें सेंटर पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। पोर्ट्स और बटन्स: दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर हैं। नीचे की तरफ USB टाइप-C पोर्ट, सिम ट्रे और स्पीकर ग्रिल दी गई है। सिक्योरिटी के लिए इसमें 3D अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है, जो गीले हाथों से भी काम करता है।
दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने बुधवार को 16,000 और कर्मचारियों की छंटनी करने का एलान किया है। यह पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस का हिस्सा है। उस समय कंपनी ने 14,000 पदों को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब कुल छंटनी का आंकड़ा बढ़कर 30,000 हो गया है। मैनेजमेंट की लेयर्स कम करना चाहती है कंपनी अमेजन की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी ने एक बयान में कहा कि इन नौकरियों में कटौती का मकसद मैनेजमेंट की लेयर्स को कम करना, जिम्मेदारी बढ़ाना और कंपनी के भीतर ब्यूरोक्रेसी को खत्म करना है। कंपनी चाहती है कि उसके कर्मचारी तेजी से फैसले ले सकें और ग्राहकों के लिए नए इनोवेशन करने की क्षमता बढ़ा सकें। 2023 के बाद सबसे बड़ा लेऑफ अमेजन में कोरोना महामारी के बाद 2022-2023 में हुई 27,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद यह सबसे बड़ी कटौती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छंटनी मुख्य रूप से अमेजन के कॉर्पोरेट और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। अमेजन के दुनिया भर में करीब 3.5 लाख ऑफिस कर्मचारी हैं, जिनमें से लगभग 10% यानी 30,000 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि उसके वेयरहाउस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में काम करने वाले 15 लाख कर्मचारियों पर इस कटौती का कोई असर नहीं होगा। AI में निवेश के कारण बदली रणनीति अक्टूबर में जब पहली बार छंटनी की खबरें आई थीं, तब कंपनी ने इस पर कमेंट करने से मना कर दिया था। जानकारों का कहना है कि अमेजन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपना निवेश तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी अपनी वर्कफोर्स को इसी हिसाब से एडजस्ट कर रही है। बुधवार को कंपनी ने कहा कि हर टीम लगातार अपनी क्षमता का मूल्यांकन करेगी और जहां जरूरत होगी, वहां बदलाव किए जाएंगे। 6 फरवरी को जारी होंगे सालाना नतीजे अमेजन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि किस विभाग से कितने लोग निकाले जाएंगे। कंपनी 6 फरवरी 2025 को अपने पूरे साल के वित्तीय नतीजे पेश करेगी। इसी दौरान एक लाइव कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए छंटनी और भविष्य के प्लान को लेकर और अधिक जानकारी दी जा सकती है।
भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान आज (27 जनवरी) को भारत-EU समिट में किया गया। करीब 20 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसे 2027 तक लागू किया जाएगा। भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इंपोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। ऑडी, BMW और मर्सिडीज सस्ती होंगी भारत और यूरोपीयन यूनियन की ओर से जारी स्टेटमेंट के अनुसार, कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा। जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। लेकिन यह छूट असीमित नहीं होगी। सरकार ने एक कोटा सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत साल भर में केवल 2.50 लाख गाड़ियों पर ही यह कम टैक्स लागू होगा। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। अभी कितना टैक्स लगता है? दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है भारत बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा। 190 अरब डॉलर पार कर चुका है आपसी व्यापार साल 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर (करीब 15.80 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल चुका है। इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की। वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी। इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
भारत सरकार यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट टैरिफ में बड़ी कटौती की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टैरिफ को 110% से घटकर 40% तक किया जा सकता है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान कल यानी मंगलवार को भारत-EU समिट में किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार ने 15 हजार यूरो (करीब 16.3 लाख रुपए) से ऊपर वाली कुछ कारों पर तुरंत टैक्स कम करने पर सहमति दी है। फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज की कारें सस्ती हो सकती हैं FTA के तहत भारत सालाना करीब 2 लाख डीजल-पेट्रोल इंजन कारों पर ड्यूटी 40% तक कम करेगा। भारत में अभी विदेशी कारों पर 70% से 110% इंपोर्ट ड्यूटी है। समय के साथ यह 10% तक गिर सकती है, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW को भारतीय बाजार में सस्ती हो सकती हैं। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। एग्रीमेंट को मदर ऑफ ऑल डील बता चुकीं यूरोपीय कमीशन चीफ इससे पहले 20 जनवरी को यूरोपीय कमीशन चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने वाला है। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उर्सुला ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा। वह 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी और 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU समिट में इस समझौते के पूरा होने की घोषणा की जा सकती है। उर्सुला ने कहा- मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे गतिशील देश भारत के साथ व्यापार करने का फर्स्ट-मूवर एडवांटेज (पहला बड़ा मौका) देगी। समझौते से क्या फायदा होगा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बहुत बढ़ाएगा। EUके साथ ट्रेड 2023-24 में $137.41 बिलियन रहा, इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ट्रम्प टैरिफ के बीच भारत-EU समझौते का ऐलान यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक सप्लाई चेन में समस्याएं पैदा की हैं। अमेरिका की 'टैरिफ वॉर' से भारत और यूरोपीय संघ के सभी 27 देश प्रभावित हुए हैं। ऐसे में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को मजबूती देने का फैसला किया है। भारत यूरोपीय देशों के साथ समझौता करके भारतीय प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए नए बाजार तलाश कर रहा है। 19 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की पहली कोशिश साल 2007 में शुरू हुई थी। हालांकि, महत्वाकांक्षाओं और नियमों में मतभेद के कारण 2013 में इन वार्ताओं को रोक दिया गया था। करीब 9 साल के अंतराल के बाद जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई। अब 2026 की शुरुआत में इस डील का फाइनल होने जा रही है। UK के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका भारत इससे पहले 24 जुलाई को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था। इससे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया था। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं यूके के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
रेनो इंडिया आज (26 जनवरी) भारत में अपनी पॉपुलर SUV डस्टर का फोर्थ जनरेशन मॉडल रिवील करने जा रही है। फ्रांसीसी कार निर्माता कंपनी कार के टीजर जारी कर फर्स्ट लुक दिखा चुकी है। कार में सेफ्टी के लिए लेवल-2 एडास फीचर मिल सकते हैं। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब कंपनी इसे बिल्कुल नए अवतार और एडवांस फीचर्स के साथ दोबारा पेश कर रही है। 10 से 20 लाख रुपए के बीच हो सकती है कीमत कार के टीजर वीडियो में पुराने डस्टर की यादें दिखाई गई हैं। इसमें बच्चे का टॉय मॉडल, पुरानी डस्टर का रफ टेरेन पर चलना और गैंग्स ऑफ डस्टर कम्युनिटी के विजुअल हैं। आखिर में नई डस्टर रेड कवर में दिखाई गई, साथ ही LED DRL और रियर लाइटिंग हाइलाइट की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई डस्टर 10-20 लाख रुपए के आसपास लॉन्च की जा सकती है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, टाटा हैरियर, किआ सेल्टोस, फॉक्सवैगन टाइगुन, स्कोडा कुशाक, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर से होगा। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और मस्कुलर लुक न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड होगा। कार का लुक पहले से ज्यादा अग्रेसिव है। गाड़ी में Y शेप की LED हेडलाइट्स, वर्टिकल एयर इन्लेट्स के साथ नए डिजाइन के फ्रंट बंपर और स्किड्स प्लेट्स हैं। इसके अलावा गाड़ी में नए डिजाइन का बोनट, चौकोर व्हील आर्च, V शेप की टेललाइट्स मिलते हैं। कार 5 और 7 सीटों के ऑप्शन के साथ आएगी। इसकी लेंथ को मौजूदा मॉडल से बढ़ाकर 4340mm किया गया है, वहीं व्हीलबेस को घटाकर 2,657mm किया गया है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और गहरे ग्रे शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए 10.1 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे अपकमिंग SUV में 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे। कार ऑफ -रोडिंग कैपेबिलिटी के साथ आएगी। कार में एक 1.3-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 154bhp की पावर जनरेट करता है। दूसरा इसमें 1.0-लीटर का टर्बो पेट्रोल मिल सकता है। इसके अलावा इसमें 1.2-लीटर के हाइब्रिड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी मिलेगा, जो 170bhp की पावर और 200Nm का पीक टॉर्क जनरेट करेगा। ट्रांसमिशन के लिए इन इंजनों को 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया जाएगा।
दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग एप वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर आरोपों के घेरे में है। सैन फ्रांसिस्को की एक फेडरल कोर्ट में दायर नए मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनी यूजर्स के उन चैट्स को भी देख सकती है, जिन्हें वह एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (E2E) बताकर पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा करती है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स के एक ग्रुप ने यह क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया है। अमेरिका की एक कोर्ट में दायर मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और वॉट्सएप अपने अरबों यूजर्स को सुरक्षा के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कंपनी के पास लगभग सभी प्राइवेट बातचीत को स्टोर करने, उसका एनालिसिस करने और उसे एक्सेस करने की क्षमता है। वहीं मेटा ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह मुकदमा पूरी तरह से आधारहीन है और वे याचिकाकर्ताओं के वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मुकदमे में क्या है मुख्य आरोप? मुकदमे में कहा गया है कि वॉट्सएप का यह दावा कि सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही मैसेज पढ़ सकते हैं, असल में गलत है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, मेटा के पास ऐसी तकनीक और एक्सेस है, जिससे वह यूजर्स के मैसेजेस को देख सकता है। इसमें कुछ व्हिसलब्लोअर्स के हवाले से भी जानकारी दी गई है। जिन्होंने दावा किया है कि मेटा के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर यूजर्स के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। यह मुकदमे काल्पनिक कहानी मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, 'यह दावा करना कि लोगों के वॉट्सएप मैसेज एनक्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है, जो सुरक्षा के मामले में दुनिया भर में मानक माना जाता है। कंपनी ने इस मुकदमे को फिक्शन (काल्पनिक कहानी) करार दिया है। 5 देशों के यूजर्स ने की शिकायत इस कानूनी कार्रवाई में भारत भी शामिल है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स इस क्लास-एक्शन सूट का हिस्सा हैं। अगर कोर्ट इसे क्लास-एक्शन के तौर पर मंजूरी दे देती है, तो दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स इस मुकदमे के दायरे में आ सकते हैं और भविष्य में मेटा को भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। क्या होता है एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन? वॉट्सएप का दावा है कि उसके एप पर होने वाली हर चैट एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती है। इसका मतलब है कि जब आप कोई मैसेज भेजते हैं, तो वह एक सीक्रेट कोड में बदल जाता है जिसे केवल रिसीवर का फोन ही डिकोड कर सकता है। कंपनी का कहना है कि बीच में न तो वॉट्सएप और न ही उसकी पेरेंट कंपनी मेटा इस मैसेज को पढ़ सकती है। ताजा मुकदमे ने इसी दावे की सच्चाई पर सवाल उठाए हैं। पहले भी विवादों में रही है मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मेटा (पहले फेसबुक) का प्राइवेसी रिकॉर्ड काफी विवादित रहा है। साल 2020 में कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद कंपनी को 5 बिलियन डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था। इसके अलावा सितंबर 2025 में वॉट्सएप के पूर्व सुरक्षा प्रमुख अताउल्लाह बेग ने भी आरोप लगाया था कि करीब 1,500 इंजीनियरों के पास यूजर्स के डेटा का अनियंत्रित एक्सेस है। ये खबर भी पढ़ें... थार रॉक्स का 'स्टार एडिशन' लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख: नया सिट्रीन यलो कलर के साथ ब्लैक इंटीरियर; पैनोरमिक सनरूफ और 360 कैमरा जैसे फीचर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन यलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। पूरी खबर पढ़ें...
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन येलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। कीमत: पेट्रोल-डीजल दोनों ऑप्शन, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख थार रॉक्स स्टार एडिशन की कीमतें इसके इंजन और गियरबॉक्स के आधार पर तय की गई हैं। इसके डीजल मैनुअल वैरिएंट की शुरुआत ₹16.85 लाख से होती है, जबकि पेट्रोल ऑटोमैटिक की कीमत ₹17.85 लाख है। इसका सबसे महंगा डीजल ऑटोमैटिक वैरिएंट ₹18.35 लाख (एक्स-शोरूम) में मिलेगा। यह बुकिंग के लिए कंपनी की डीलरशिप पर अवेलेबल है। थार रॉक्स स्टार एडिशन: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ग्लॉस-ब्लैक ग्रिल और नया सिट्रीन येलो कलर ऑफ रोडिंग एसयूवी के स्टार एडिशन में सबसे खास इसका लुक है। रेगुलर थार रॉक्स में ग्रिल बॉडी कलर की होती है, लेकिन स्टार एडिशन में इसे 'ग्लॉस-ब्लैक' फिनिश दिया गया है। इसके अलावा इसके अलॉय व्हील्स भी अब पूरी तरह ब्लैक हैं। कंपनी ने इसमें एक नया सिट्रीन येलो शेड पेश किया है। इसके अलावा, यह टैंगो रेड, एवरेस्ट वाइट और स्टेल्थ ब्लैक कलर में भी मिलेगी। पहचान के लिए इसके C-पिलर पर स्टार एडिशन का खास बैज लगाया गया है। इंटीरियर: लाइट थीम की जगह अब मिलेगा ऑल-ब्लैक केबिन थार रॉक्स के रेगुलर मॉडल में लाइट कलर थीम में इंटीरियर मिलता है, लेकिन स्टार एडिशन में पूरी तरह से ब्लैक थीम दी गई है। इसमें ब्लैक लेदरेट अपहोल्स्ट्री के साथ स्वेड एक्सेंट्स दिए गए हैं, जो केबिन को स्पोर्टी और प्रीमियम फील देते हैं। डैशबोर्ड का लेआउट वही है, जो AX7L ट्रिम में मिलता है। फीचर्स: पैनोरमिक सनरूफ और 360-डिग्री कैमरा जैसे लग्जरी फीचर्स फीचर्स की बात करें तो इसमें 10.25-इंच की दो स्क्रीन (एक इंफोटेनमेंट और दूसरी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए) दी गई हैं। इंफोटेनेमेंट सिस्टम वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट के साथ दिया गया है। इसके अलावा कार में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ और 9-स्पीकर वाला हरमन कार्डन साउंड सिस्टम दिया गया है। परफॉर्मेंस: 177hp की पावर, लेकिन सिर्फ रियर व्हील ड्राइव का ऑप्शन इंजन की बात करें तो इसमें कोई बदलाव नहीं है, लेकिन एक बात ध्यान देने वाली है कि स्टार एडिशन सिर्फ रियर-व्हील ड्राइव (RWD) ऑप्शन मिलेगा, इसमें 4x4 का ऑप्शन नहीं है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS के साथ 6 एयरबैग्स मिलेंगे एसयूवी में सेफ्टी के लिए टॉप-नोच फीचर्स दिए गए हैं। इसमें लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), 6 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा इसमें अलग-अलग टेरेन मोड्स भी दिए गए हैं, जो खराब सड़कों पर ड्राइविंग को आसान बनाते हैं।
इंडिया यामाहा मोटर ने तकनीकी खराबी के कारण 3,06,635 स्कूटरों को वापस बुलाया है। कंपनी के इस रिकॉल में 2 मई 2024 से 3 सितंबर 2025 के बीच बनाए गए रे-ZR 125 Fi हाइब्रिड और फसीनो 125 Fi हाइब्रिड के मॉडल शामिल हैं। इस रिकॉल का कारण फ्रंट ब्रेक कैलिपर में संभावित तकनीकी खामी बताई गई है। कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। फ्रंट ब्रेक कैलिपर में है खराबी, सीमित हो सकती है ब्रेकिंग कंपनी ने कहा है कि कुछ स्पेशल कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। कंपनी ने बताया कि कुछ खास कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। इसका मतलब है कि अचानक ब्रेक लगाने या ढलान जैसी स्थितियों में ब्रेकिंग पर असर पड़ सकता है। कस्टमर से नहीं लिया जाएगा कोई चार्ज कंपनी ने बताया कि यामाहा मोटर के अधिकृत वर्कशॉप मॉडल्स के ऑनर्स से संपर्क करेंगे, जहां डिफेक्ट को सही किया जाएगा। वाहन मालिकों को खराब पार्ट को बदलने की जानकारी दे दी जाएगी। प्रभावित ग्राहक अपने नजदीकी यामाहा शोरूम या सर्विस सेंटर पर अपनी गाड़ी की जांच करा सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए ग्राहक यामाहा के टोल-फ्री नंबर 1800-420-1600 पर कॉल कर सकते हैं या yes@yamaha-motor-india.com पर ईमेल कर सकते हैं। डिफेक्ट सुधारने या पार्ट्स बदलने के लिए कस्टमर से किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे चेक करें: आपका स्कूटर रिकॉल का हिस्सा है या नहीं अगर आपके पास भी यामाहा का 125cc हाइब्रिड स्कूटर है, तो आप खुद ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी इस लिस्ट में है या नहीं: रिकॉल क्या है और क्यों होता है? जब कोई कंपनी अपने बेचे गए प्रोडक्ट को वापस मंगाती है, तो इसे रिकॉल कहते हैं। किसी कंपनी के द्वारा रिकॉल का फैसला उस वक्त लिया जाता है जब उसके प्रोडक्ट में कोई खराबी होती है। रिकॉल की प्रोसेस के दौरान वो प्रोडक्ट की खराबी को दुरुस्त करना चाहती है। ताकि भविष्य में प्रोडक्ट को लेकर ग्राहक को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। कंपनी के रिकॉल पर एक्सपर्ट की सलाह कार में खराबी को लेकर कंपनी को पहले सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM) को एक डेटा देना पड़ता है। इसमें कार की खराबी के साथ कितने प्रतिशत लोगों को प्रॉब्लम हो रही है, बताना पड़ता है। इसके बाद सियाम अप्रूवल देता है। कंपनी खराबी को ठीक करने के लिए एक टाइम तय करती है। यदि किसी ग्राहक की गाड़ी उसके खरीदे गए शहर से बाहर है, तब वो उस शहर के नजदीकी सर्विस सेंटर पर भी उसे ठीक करा सकता है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी सबसे पॉपुलर एसयूवी थार की कीमत ₹20,000 तक बढ़ा दी है। हालांकि, इसके एंट्री लेवल यानी बेस वैरिएंट (AXT डीजल 2WD) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है और यह अब भी ₹9.99 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर अवेलेबल है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद, थार के टॉप-स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल (LXT डीजल 4WD AT) की कीमत ₹17.19 लाख तक पहुंच गई है। वहीं, पेट्रोल 2WD ऑटोमैटिक वैरिएंट अब ₹14.19 लाख का हो गया है। थार मुख्य रूप से दो ट्रिम्स- AXT और LXT में आती है, जिसमें 2-व्हील ड्राइव (2WD) और 4-व्हील ड्राइव (4WD) के ऑप्शन मिलते हैं। महिंद्रा ने पिछले साल अक्टूबर में इसका फेसलिफ्ट लॉन्च किया था। SUV का लुक और डिजाइन पहले की तरह ही है, लेकिन कुछ कॉस्मेटिक अपडेट्स किए गए हैं। फीचर लिस्ट पहले से लंबी है और केबिन में कई अपग्रेड्स हैं, जिसमें नया टच स्क्रीन और स्टीयरिंग व्हील शामिल है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं। वहीं सॉफ्ट-टॉप को हटा दिया गया है।
जर्मन लग्जरी कार मेकर मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक एसयूवी 'EQS' का नया सेलिब्रेशन एडिशन लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके 5-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.34 करोड़ और 7-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.48 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी है। इस स्पेशल एडिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट (EQS 450) में भी अब स्पोर्टी 'AMG लाइन' ट्रिम शामिल कर दिया है। मर्सिडीज के मुताबिक, 2025 में EQS भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV रही है। डिजाइन: अब और भी स्पोर्टी हुई लग्जरी एसयूवीसेलिब्रेशन एडिशन के जरिए मर्सिडीज ने बेस 450 वैरिएंट के लुक्स को अपडेट किया है। इसमें अब AMG लाइन के स्पोर्टी फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। साथ ही, कार में 21-इंच के बड़े AMG-स्पेसिफिकेशन वाले अलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो इसे रोड पर एक दमदार प्रेजेंस देते हैं। इससे पहले तक AMG लाइन ट्रिम स्रिफ टॉप-एंड EQS 580 वैरिएंट में ही अवेलेबल था। इंटीरियर: 56-इंच की हाइपरस्क्रीन और रियर वेंटिलेटेड सीट्सकार के केबिन में मर्सिडीज की सिग्नेचर 'हाइपरस्क्रीन' दी गई है। यह 56-इंच की विशाल स्क्रीन है जो पूरे डैशबोर्ड पर फैली हुई है। इसमें ड्राइवर के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में इंफोटेनमेंट सिस्टम और पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन दी गई है। लग्जरी को बढ़ाते हुए अब दोनों वैरिएंट्स में रियर-सीट वेंटिलेशन फंक्शन को स्टैंडर्ड कर दिया गया है। इसके अलावा 4-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइट और वायरलेस चार्जर जैसे फीचर्स केबिन को खास बनाते हैं। परफॉर्मेंस: 122kWh की बड़ी बैटरी और 820km की रेंजपरफॉर्मेंस के मामले में यह कार बेहद पावरफुल है। दोनों ही वैरिएंट्स में 122kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है: EQS 450: यह 5-सीटर कॉन्फ़िगरेशन में आती है। इसमें ड्यूल-मोटर सेटअप है जो 360hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी रेंज 820km (MIDC) है। EQS 580: यह 7-सीटर ऑप्शन के साथ आती है। इसके ड्यूल-मोटर सेटअप से 544hp की पावर और 858Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी रेंज 809km (MIDC) है। सेफ्टी फीचर्स: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS सुरक्षा के लिहाज से मर्सिडीज ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है। कार में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है, जो ड्राइविंग के दौरान दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए 9 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम दिया गया है।
वियतनामी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी विनफास्ट के दो इलेक्ट्रिक SUV मॉडल VF6 और VF7 को भारत NCAP से टॉप 5-स्टार सेफ्टी सर्टिफिकेशन मिला है। दोनों मॉडल्स ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) दोनों कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग भारत में विनफास्ट के हालिया लॉन्च के बाद ही मिली है और कंपनी की सेफ्टी पर मजबूत कमिटमेंट को दिखाती है। भारत NCAP के रिजल्ट्स के मुताबिक, VF 6 ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 32 में से 27.13 पॉइंट्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 49 में से 44.41 पॉइंट्स स्कोर किए। वहीं VF 7 ने AOP में 32 में से 28.54 पॉइंट्स और COP में 49 में से 45.25 पॉइंट्स हासिल किए। दोनों मॉडल्स का फ्रंटल, साइड और पोल इंपैक्ट टेस्ट्स में अच्छा परफॉर्मेंस रहा, जिससे हाई लेवल की प्रोटेक्शन मिली। हालांकि, VF 6 में फ्रंटल कोलिजन में ड्राइवर के चेस्ट को थोड़ा कम प्रोटेक्शन मिला, लेकिन कुल मिलाकर 5-स्टार रेटिंग बनी रही। विनफास्ट का भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लान विनफास्ट ने 2025 में भारत में एंट्री की थी और अब तमिलनाडु में लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। कंपनी ने 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट कमिट किया है। VF 6 और VF 7 को भारत में मेड-इन-इंडिया तरीके से बनाया जा रहा है। VF 6 की शुरूआती कीमत 16.49 लाख और VF 7 की शुरूआती कीमत 20.89 लाख रुपए (एक्सशोरूम) है। कंपनी के ये दोनों मॉडल कॉम्पैक्ट और मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में टाटा कर्व, नेक्सन ev, महिंद्रा XUV400 जैसे मॉडल्स से मुकाबला करेंगे। सेफ्टी फीचर्स और टेक्नोलॉजी दोनों मॉडल्स में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP, 360 डिग्री कैमरा, ADAS लेवल-2 फीचर्स और सॉलिड बॉडी स्ट्रक्चर दिए गए हैं। विनफास्ट ने वॉलंटरी तरीके से इन मॉडल्स को भारत NCAP टेस्ट के लिए सबमिट किया था, जो कंपनी की क्वालिटी और सेफ्टी पर भरोसे को दिखाता है। यह रेटिंग टाटा और महिंद्रा के कई EV मॉडल्स के 5-स्टार स्कोर से मैच करती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का बयान विनफास्ट के एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि यह 5-स्टार रेटिंग भारत के कस्टमर्स के लिए सेफ्टी और क्वालिटी का मजबूत मैसेज है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है और जल्द ही और मॉडल्स लॉन्च करने की प्लानिंग है। फ्यूचर प्लान्स और मार्केट इंपैक्ट विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में तेजी से एक्सपैंड करने की तैयारी में है। लोकल प्रोडक्शन से कीमतें कंट्रोल में रहेंगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। यह 5-स्टार रेटिंग कस्टमर्स के बीच भरोसा बढ़ाएगी, खासकर फैमिली SUV बायर्स के लिए। आने वाले महीनों में कंपनी और डिटेल्स शेयर कर सकती है।
एपल भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने मास्टरकार्ड और वीजा जैसे बड़े कार्ड नेटवर्क के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल भारत में जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की प्रोसेस में है। कंपनी का प्लान इसे साल 2026 तक फेज तरीके से रोलआउट करने का है। शुरुआत में बिना UPI के लॉन्च हो सकती है सर्विस खबरों के मुताबिक, एपल पे के पहले फेज में कंपनी यूपीआई (UPI) के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। शुरुआत में एपल का पूरा फोकस कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स पर होगा। यानी आईफोन यूजर्स अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को एपल वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और मर्चेंट आउटलेट्स पर सिर्फ फोन टैप करके पेमेंट कर पाएंगे। टैप-टू-पे फीचर से मिलेगी सुविधा एपल पे के आने से यूजर्स को फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 'टैप-टू-पे' तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) पर आधारित है। यूजर्स फेस आईडी या टच आईडी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे। इससे पेमेंट प्रोसेस काफी तेज और सुरक्षित हो जाएगा। वर्तमान में भारतीय कार्ड्स को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा अवेलेबल नहीं है। रेगुलेटरी नियमों को पूरा करने में जुटी कंपनी भारत में डिजिटल पेमेंट्स को लेकर आरबीआई (RBI) के कड़े नियम हैं, विशेषकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन को लेकर। एपल इन सभी नियमों के पालन के लिए रेगुलेटर्स से चर्चा कर रही है। साथ ही बैंकों के साथ कॉमर्शियल एग्रीमेंट और फीस स्ट्रक्चर पर भी बातचीत चल रही है। एपल हर ट्रांजैक्शन पर बैंक से एक छोटा हिस्सा बतौर फीस लेता है, जिसे लेकर भारत में बैंकों के साथ सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। गूगल पे और फोनपे को मिल सकती है टक्कर एपल पे का मुकाबला पहले से मौजूद गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे दिग्गजों से होगा। हालांकि, एपल पे सिर्फ एपल डिवाइसेस (आईफोन, एपल वॉच, आईपैड) पर ही काम करेगा। हालांकि, बाकी ऐप्स एंड्रॉयड और IOS दोनों पर चलते हैं। भारत में एपल का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में प्रीमियम यूजर्स के बीच यह सर्विस काफी पॉपुलर हो सकती है। ग्लोबल मार्केट में 89 देशों में मौजूद है सर्विस एपल पे वर्तमान में दुनिया के 89 देशों में अवेलेबल है। भारत में इसकी एंट्री एपल की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वह चीन के बाद भारत को अपने सबसे बड़े मार्केट के रूप में देख रही है। इससे पहले एपल ने भारत में रेजर-पे के साथ मिलकर इंटरनेशनल पेमेंट्स के लिए कुछ फीचर्स रोलआउट किए थे, लेकिन डोमेस्टिक लेवल पर पूरी सर्विस का आना अभी बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... टोयोटा की पहली e-SUV अर्बन क्रूजर एबेला अनवील: 543KM रेंज, लेवल-2 ADAS जैसे फीचर्स; टाटा नेक्सन EV को टक्कर देगी जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। पूरी खबर पढ़ें...
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। डिजाइन में मारुति से अलग और मस्कुलर लुक एबेला का ओवरऑल प्रोफाइल काफी हद तक मारुति की ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन टोयोटा ने इसके फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए हैं। इसमें स्लीक LED हेडलाइट्स और मस्कुलर फ्रंट बंपर दिया गया है। कार में 18-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स और ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे रफ-एंड-टफ लुक देती है। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और रूफ स्पॉइलर मिलता है। कार की लंबाई 4,285mm और व्हीलबेस 2,700mm है, जिससे इसमें अंदर काफी स्पेस मिलता है। दो बैटरी पैक के साथ आएगी, 543 किमी की रेंज टोयोटा एबेला को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ पेश किया गया है। पहला 49kWh का बैटरी पैक है जो 144hp की पावर जनरेट करता है। दूसरा बड़ा 61kWh का बैटरी पैक है, जो 174hp की पावर देता है। दोनों ही मॉडल 189Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं। कंपनी का कहना है कि इसके बड़े बैटरी पैक के साथ 543 किलोमीटर (ARAI सर्टिफाइड) की रेंज मिलेगी। खास बात यह है कि इसे फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल व्हील ड्राइव (AWD) दोनों विकल्पों में उतारा जाएगा। इंटीरियर में 10.25-इंच की दो स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स कार का केबिन काफी मॉडर्न है। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इतने ही साइज का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। फीचर्स की बात करें तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग और डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे लग्जरी फीचर्स मिलते हैं। ड्राइवर की सुविधा के लिए इसमें रोटरी डायल गियर सिलेक्टर और टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 6 एयरबैग्स सुरक्षा के मामले में टोयोटा ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है। एबेला में लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया गया है, जिसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर मिल सकते हैं। कंपनी ने नहीं दी कीमत और लॉन्चिंग की जानकारी हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक कीमतों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत 18 लाख रुपए से 25 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसे 2026 की शुरुआत में शोरूम पर देखा जा सकेगा। टोयोटा इसके साथ 8 साल की बैटरी वारंटी और 60% एश्योर्ड बायबैक जैसे ऑफर्स भी दे सकती है।

