दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अपना अब तक का सबसे किफायती लैपटॉप 'मैकबुक नियो' लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो कम बजट में मैकबुक का अनुभव लेना चाहते हैं। इसकी शुरुआती कीमत भारत में 69,990 रुपए रखी गई है। आईफोन वाली चिप के साथ आएगा लैपटॉप मैकबुक नियो में A18 प्रो चिपसेट दिया गया है। ये 6-कोर CPU और 5-कोर GPU के साथ आता है। इसमें 16-कोर वाला न्यूरल इंजन (NPU) भी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टास्क को तेजी से प्रोसेस करता है। ये चिप आईफोन 16 प्रो में मिलती थी। एपल का दावा है कि स्मार्टफोन चिपसेट होने के बावजूद यह लैपटॉप ब्राउजिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, फोटो एडिटिंग और डेली ऑफिस वर्क को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है। 13-इंच की स्क्रीन और चार कलर्स डिजाइन के मामले में यह काफी हद तक मैकबुक एयर जैसा दिखता है। इसमें 13-इंच की लिक्विड रेटिना (IPS LCD) डिस्प्ले दी गई है। इसे टिकाऊ एल्युमिनियम एनक्लोजर से बनाया गया है और यह चार कलर्स- ब्लश, इंडिगो, सिल्वर और सिट्रस में उपलब्ध होगा। बैटरी लाइफ और स्टोरेज ऑप्शन्स एपल के मुताबिक, मैकबुक नियो को एक बार फुल चार्ज करने पर 16 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम मिलता है। इसमें 36.5Wh की बैटरी लगी है। इसे बॉक्स में मिलने वाले 20W के USB-C पावर अडैप्टर से चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी और एक्सटर्नल डिस्प्ले सपोर्ट इसमें एक USB 3 टाइप-सी पोर्ट दिया गया है, जो डिस्प्ले पोर्ट की तरह भी काम करता है। इसके अलावा एक दूसरा USB 2 टाइप-सी पोर्ट और 3.5mm का हेडफोन जैक भी मिलता है। यह 60Hz रिफ्रेश रेट पर एक एक्सटर्नल 4K डिस्प्ले को सपोर्ट कर सकता है। कीमत और उपलब्धता भारत में मैकबुक नियो की शुरुआती कीमत 69,990 रुपए है। इसके लिए प्री-ऑर्डर एपल की वेबसाइट पर शुरू हो गए हैं। इसकी बिक्री 11 मार्च से शुरू होगी। यह लेटेस्ट macOS पर काम करेगा। वीडियो कॉल के लिए इसमें 1080p फेसटाइम HD कैमरा और स्पेशियल ऑडियो सपोर्ट वाले डुअल स्पीकर दिए गए हैं। किसके लिए है यह लैपटॉप? स्टूडेंट्स के लिए: पढ़ाई, प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन क्लासेज के लिए यह बेस्ट है। बेसिक ऑफिस वर्क: अगर आपका काम केवल ईमेल, एक्सेल और ब्राउजिंग का है। एपल इकोसिस्टम: जो लोग कम बजट में पहली बार विंडोज से मैक पर शिफ्ट होना चाहते हैं। इन्फो-बॉक्स: क्या है A18 प्रो चिप? यह वही प्रोसेसर है जो एपल के आईफोन 16 प्रो में मिलता है। यह बहुत ही कम बिजली की खपत करता है, जिससे लैपटॉप गर्म नहीं होता और बैटरी ज्यादा चलती है।
देश के बड़े औद्योगिक घराने JSW ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी अपनी पहली गाड़ी लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने अपनी अपकमिंग SUV का डिजाइन पेटेंट भारत में फाइल कर दिया है। यह नई SUV चीन की कंपनी चेरी के 'जेटूर T2' (Jetour T2) मॉडल पर बेस्ड होगी। पिछले हफ्ते ही कंपनी ने डीलर के लिए इस गाड़ी का टीजर जारी किया था। जानकारी के मुताबिक, JSW मोटर्स इसे 2026 की दिवाली के आसपास बाजार में उतार सकती है। दिसंबर में फाइल हुआ था पेटेंट, फरवरी में मिली मंजूरी इस SUV का डिजाइन पेटेंट 18 दिसंबर 2025 को चेरी ऑटोमोबाइल ने फाइल किया गया था, जिसे 27 फरवरी 2026 को मंजूरी मिली है। पेटेंट से साफ है कि भारत में आने वाली JSW की इस SUV का लुक ग्लोबल मार्केट में बिकने वाली जेटूर T2 जैसा ही होगा। हालांकि, इंटरनेशनल मॉडल में ग्रिल पर 'JETOUR' लिखा होता है, लेकिन भारत में यहां 'JSW' की ब्रांडिंग देखने को मिल सकती है। डिजाइन: मस्कुलर लुक और बॉक्सी स्टाइल टीजर से जो इशारा मिला था, डिजाइन पेटेंट भी लगभग उसी बात पर मुहर लगाता दिख रहा है। JSW मोटर्स, जेटूर T2 के बॉक्सी और रफ-एंड-टफ स्टाइल में बहुत ही मामूली बदलाव करेगी। इसके फ्रंट में चौकोर LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक ब्लैक ट्रिम पीस से जुड़ी हैं। इसमें हनीकॉम्ब (मधुमक्खी के छत्ते जैसी) पैटर्न वाली ग्रिल भी देखी जा सकती है। इसके मस्कुलर बंपर पर एक फॉग लैंप और दोनों तरफ पिक्सल DRL क्लस्टर्स के दो जोड़े दिए गए हैं। इसका बोनट काफी उभरा हुआ है और दोनों तरफ पकड़ने वाले हैंडल दिए गए हैं। साइड की तरफ देखें तो डिजाइन पेटेंट में दरवाजों पर लगे हुए साइड मिरर दिख रहे हैं, जो कि दिलचस्प है क्योंकि पिछले टीजर में ये मिरर ए-पिलर (आगे वाले खंभे) से जुड़े हुए दिखाए गए थे। इंटरनेशनल मॉडल के मुकाबले इसके रूफ रेल्स के बीच का गैप भी थोड़ा अलग है। बाकी सब कुछ जैसे कि अलॉय व्हील्स, पहियों के ऊपर वाली क्लैडिंग, खिड़कियों की लाइन वैसी ही हैं। ये मॉडल पीछे से कैसा दिखता है इसकी तस्वीरें नहीं आई है, लेकिन अगर बाकी डिजाइन को देखें तो ग्लोबल मॉडल के मुकाबले इसमें शायद ही कोई बदलाव दिखे। पावरट्रेन: हाइब्रिड इंजन के साथ मिलेगी जबरदस्त रेंज JSW मोटर्स भारत में इस SUV का 'i-DM' (प्लग-इन हाइब्रिड) वर्जन पेश करेगी। इसमें पेट्रोल इंजन और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन होगा। महाराष्ट्र के प्लांट में असेंबल होगी, ₹15 लाख हो सकती है कीमत JSW मोटर्स इस SUV को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित प्लांट में असेंबल करेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत 15 लाख रुपए के करीब हो सकती है। इसका मुकाबला टाटा हैरियर, सफारी और महिंद्रा XUV700 जैसी गाड़ियों से होगा। नॉलेज बॉक्स: यूटिलिटी बॉक्स: किसे खरीदनी चाहिए: जिन्हें शहर में इलेक्ट्रिक की बचत चाहिए और लॉन्ग ट्रिप पर रेंज की चिंता नहीं करनी, उनके लिए प्लग-इन हाइब्रिड एक बेहतर विकल्प है।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में अपनी लग्जरी MPV (मल्टी पर्पस व्हीकल) वी-क्साल का अपडेटेड 2026 मॉडल लॉन्च किया है। कंपनी ने इसमें 15 स्पीकर वाला थिएटर जैसा साउंड सिस्टम और 360-डिग्री कैमरा जैसे सेफ्टी फीचर्स के साथ उतारा है। इसके अलावा पहली बार कार में पेट्रोल इंजन भी मिलेगा। कंपनी ने V-क्लास को 2022 डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब इसे नए फीचर्स के साथ 1.40 करोड़ रुपए की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत में उतारा है। इस नई कार की डिलीवरी मार्च के अंत तक शुरू हो जाएगी। इसका मुकाबला मार्केट में लेक्सस LM और टोयोटा वेलफायर जैसी प्रीमियम वैन से होगा। एक्सटीरियर डिजाइन: केबिन को ठंडा रखने वाला स्पेशल ग्रीन ग्लास नई वी-क्लास को कंपनी ने 3430mm के 'एक्स्ट्रा-लॉन्ग-व्हीलबेस' के साथ उतारा गया है, जो भारत में बिकने वाली मर्सिडीज की किसी भी अन्य कार से सबसे ज्यादा है। वी-क्लास में चारों तरफ 'ग्रीन-टिंटेड' कांच लगा है। इसमें सामने की तरफ लेमिनेटेड विंडशिल्ड और साइड व पीछे की खिड़कियों में खास सेफ्टी ग्लास है, जो चिलचिलाती धूप में भी केबिन को ठंडा रखने में मदद करते हैं। फ्रंट लुक: सामने से देखने पर कार का डिजाइन बिल्कुल नया लगता है। इसमें यू-शेप वाली 'इल्लुमिनेटेड' (चमकने वाली) ग्रिल दी गई है, जिस पर मर्सिडीज का खास स्टार लोगो मिलता है। ग्रिल के दोनों तरफ डुअल-पोड LED हेडलाइट्स हैं और किनारों पर पतली LED DRL (डे-टाइम रनिंग लाइट्स) दी गई हैं, जो इसे मॉडर्न लुक देती हैं। कार का हुड हल्का सा झुका हुआ है, जो इसे एक बड़ी MPV वाला लुक देता है। इस डिजाइन की वजह से यह काफी ऊंची और स्पेशियस नजर आती है। छत पर रूफ रेल्स कार के लुक को और भी अट्रेक्टिव बनाती हैं। साइड प्रोफाइल: बॉडी क्लेडिंग नहीं होने से साइड से कार काफी 'क्लीन' लगती है। यहां 18-इंच के डुअल-टोन डायमंड कट अलॉय व्हील्स मिलते हैं। सेकेंड रो में एंट्री के लिए इलेक्ट्रिक स्लाइडिंग डोर दिए गए हैं। साथ ही, पुराने स्टाइल के डोर हैंडल और इंडिकेटर वाले ORVM मिलते हैं। खिड़कियों के किनारे लगी क्रोम स्ट्रिप कार के लुक में हल्का कंट्रास्ट जोड़ती है। रियर प्रोफाइल: पीछे वाले हिस्से की बात करें तो यहां से यह ऊंची और सुव्यवस्थित है, जिसमें वर्टिकल एलईडी टेललाइट, एक पतला बंपर, एक क्रोम स्ट्रिप और एक रूफ स्पॉइलर है, जो इसे शानदार फिनिश देता है। पीछे से MPV काफी ऊंची और सिस्टमैटिक नजर आती है। यहां वर्टिकल LED टेललाइट्स, एक पतला बंपर और रूफ स्पॉइलर दिया गया है। बीच में दी गई क्रोम स्ट्रिप इसके पिछले हिस्से को प्रीमियम फिनिश देती है। कलर ऑप्शन: यह कार ऑब्सीडियन ब्लैक, हाई-टेक सिल्वर, अल्पाइन ग्रे, सोडालाइट ब्लू और क्रिस्टल वाइट कलर में अवेलेबल होगी। इंटीरियर: 12.3-इंच की दो डिजिटल डिस्प्ले और दो कलर थीम कार के केबिन में दो कलर थीम है। इसमें एक फुली ब्लैक और दूसरी बैज अपहोल्स्ट्री के साथ ब्लैक थीम दी गई है। डैशबोर्ड का डिजाइन काफी सिंपल और साफ-सुथरा रखा गया है। इसमें 12.3-इंच की दो डिजिटल डिस्प्ले दी गई हैं। टचस्क्रीन के साथ यहां जरूरी फंक्शन के लिए फिजिकल बटन और रोटरी कंट्रोल (घुमाने वाले बटन) भी मिलते हैं। इसके सेंटर कंसोल को 'टेबल-टॉप' जैसा लुक दिया गया है, जहां टॉगल स्विच और बटन हैं। पूरे केबिन में हाई-क्वालिटी लेदर (लूनागो या प्रीमियम लेदर) और सॉफ्ट-टच मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। डैशबोर्ड और दरवाजों पर लकड़ी (वुड) और ब्रश्ड सिल्वर फिनिशिंग दी गई है। स्टीयरिंग व्हील पर भी प्रीमियम लेदर है। इस पर टच कंट्रोल्स के साथ-साथ कुछ जरूरी स्विच भी हैं। ड्राइवर की सुविधा और बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए इसमें पैडल शिफ्टर्स भी दिए गए हैं। एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट के साथ फ्लैक्सिबल सीटें वी-क्लास की सीटें काफी फ्लैक्सिबल हैं। इसके 6-सीटर वर्जन में दूसरी और तीसरी लाइन में अलग-अलग 'कैप्टन सीटें' मिलती हैं। इन सीटों को आप तीन तरह से सेट कर सकते हैं। आगे वाली सीटें काफी आरामदायक हैं। लंबे सफर पर थकान न हो, इसके लिए खासकर लंबी हाइट वाले पैसेंजर्स के लिए सीटों में 'एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट' (पैरों के नीचे एक्स्ट्रा सपोर्ट) भी दिया गया है। फीचर्स: 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर साउंड सिस्टम, लेकिन सनरूफ की कमी कंफर्ट के लिए मर्सिडीज ने इसमें एयर सस्पेंशन दिया है, जो खराब सड़कों पर भी झटके महसूस नहीं होने देता। परफॉरमेंस: पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन का विकल्प नई V-Class में ग्राहकों को दो पावरफुल इंजन ऑप्शन मिलते हैं: V300 d (डीजल): इसमें 2-लीटर का टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन है जो 237hp की पावर जनरेट करता है। V300 (पेट्रोल): इसमें 2-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है जो 231hp की पावर देता है। इसमें माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक भी जोड़ी गई है। दोनों ही इंजन के साथ 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है। कंपनी इसके लिए ₹90,000 से शुरू होने वाले सर्विस पैकेज भी ऑफर कर रही है। सेफ्टी फीचर्स: 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग और ड्राइवर मॉनिटरिंग मर्सिडीज वी-क्लास को यूरो एनकैप क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कई एडवांस फीचर्स हैं:
एंथ्रोपिक की को-फाउंडर एवं प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई संभावित ग्राहकों और पार्टनर्स से मिलती हैं, तो मीटिंग के बाद लोग उनसे एक सवाल जरूर पूछते हैं- मेरा बच्चा कॉलेज में क्या पढ़े?’ डेनिएला कहती हैं, ‘एआई मॉडल तेजी से नौकरियों का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। एआई की दुनिया के दिग्गज मानते हैं कि टेलॉजी से जुड़ी स्किल जल्द पुरानी हो सकती हैं, पर घबराना समाधान नही हैं। इंसान के व्यवहार में शामिल लचीलापन, आलोचनात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे गुण असली ताकत हैं। शीर्ष एआई लीडर अपने बच्चों को इन्हीं गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। जानिए उनकी परवरिश का तरीका… मेलजोल और जुड़ाव अहम डेनिएला कहती हैं,‘जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, सहानुभूति, दयालुता और दूसरों से जुड़ने की क्षमता का महत्व बढ़ता जाएगा। ‘मशीनें संवाद कर सकती हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकतीं। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चा सफल होगा जो लोगों के साथ रिश्ता बनाना जानता हो।’ इंसान हमेशा इंसानों के साथ रहना पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा मेलजोल बढ़ाएं व अपनी अनोखी पहचान के साथ लोगों को समझें। इंसान की रचनात्मकता और समूह में रहने की चाह कभी खत्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत रहेगी पेड एआई के को-फाउंडर मैनी मेडिना के (4, 9, 19, 26 साल उम्र) चार बच्चे हैं। वे मानते हैं भविष्य में दो क्षेत्र एनर्जी व हेल्थकेयर सबसे वाइब्रेंट रहेंगे। मेडिना कहते हैं,‘कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंसानी विशेषज्ञता हमेशा जरूरी रहेगी। वे कहते हैं,‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम मशीनें दिल से नहीं कर सकतीं। बच्चे एआई को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ लचीलापन और तर्कशक्ति महत्वपूर्ण एसएपी में एआई वर्क ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट कैरोलिन हैंके का 15 साल का बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है। कैरोलिन इसे सही मानती हैं। उनका कहना है कि आज के टेक स्किल दो साल बाद पुराने हो जाएंगे, इसलिए लचीलापन और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित व तार्किक सोच पर ध्यान देने को कहती हैं क्योंकि एआई के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमौला बनना जरूरी व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मॉलिक के दो बच्चे (16 व 19 साल) हैं। एआई पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा नहीं सोचते। वे बच्चों को ‘हरफनमौला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी पकड़ना नहीं, बल्कि मरीज को समझना और ढांढस बंधाना भी है। वे कहते हैं कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चे हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकें। जिम्मेदारी लेना सीखना अहम माइक्रोसॉफ्ट की चीफ साइंटिस्ट जेमी टीवन कहती हैं,‘एआई सुझाव तो दे सकता है, पर फैसले की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों जाने के लिए कहती हैं, जहां फैसलों की जवाबदेही इंसान की होती है। वे मानती हैं, गहराई से सोचने व मुश्किल काम करने की आदत ही बच्चों को मशीनों से आगे रखेगी।
टेक कंपनी एपल ने आज 2 मार्च को भारत सहित ग्लोबल मार्केट में अपनी अपडेटेड 17 सीरीज में सबसे सस्ता फोन आईफोन 17e लॉन्च कर दिया है। आईफोन 16e के मुकाबले इसमें कई अपडेट्स किए गए हैं, जैसे- लेटेस्ट A19 चिप-सेट, 48MP फ्यूजन कैमरा, बेहतर मजबूती, मैग्सेफ सपोर्ट और बेस वैरिएंट में स्टोरेज को दोगुना यानी 256GB कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपडेटेड M4 प्रोसेसर के साथ नया आईपैड एयर भी पेश किया, जो पिछली जनरेशन के मुकाबले 30% फास्ट है। आईफोन 17e और आईपैड एयर की शुरुआती कीमत 64,900 रुपए है। आईफोन 17e की शुरुआती कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा है, जिसकी वजह संभवतः मेमोरी चिप्स की कमी है। पिछले साल आईफोन 16e को 59,900 रुपए में लॉन्च किया गया था। हालांकि, 16e के बेस मॉडल में 128GB स्टोरेज थी, जबकि 17e के बेस मॉडल में 256GB मैमोरी दी गई है। दोनों डिवाइस को 4 मार्च शाम 7:45 बजे से बुक कर सकेंगे, जबकि सेल 11 मार्च से शुरू होगी। डिजाइन: 'मैट' फिनिश के साथ सिरेमिक शील्ड 2 की सेफ्टी आईफोन 17e के फ्रंट में सिरेमिक शील्ड 2 का इस्तेमाल किया गया है, जो स्क्रेच से 3 गुना ज्यादा सुरक्षा देता है। बैक पैनल पर मैट टेक्स्चर दिया गया है, जिससे हाथ में पकड़ने पर यह फिसलता नहीं है। इसमें पुराने मॉडल की तरह ही 'नॉच' डिजाइन बरकरार है। फोन में शॉर्टकट्स के लिए खास एक्शन बटन दिया गया है। चार्जिंग के लिए इसमें USB टाइप-C पोर्ट मिलता है। यह 3 कलर- सॉफ्ट पिंक, व्हाइट और ब्लैक में उपलब्ध होगा। स्पेसिफिकेशन्स: 48MP कैमरा और एप्पल इंटेलिजेंस डिजाइन: स्लिम प्रोफाइल और डेस्कटॉप जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा एप्पल ने आईपेड एयर के सिग्नेचर स्लिम और लाइटवेट डिजाइन को बरकरार रखा है। यह प्रीमियम एल्युमिनियम मटेरियल से बना है, जो हाथ में पकड़ने पर काफी प्रीमियम और मजबूत फील देता है। यह 11 और 13 इंच के दो साइज में आता है। इसमें सुपर रेटिना डिस्प्ले के साथ पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसमें फास्ट डेटा ट्रांसफर और चार्जिंग के लिए USB टाइप-C पोर्ट है। यह नए 'एपल पेंसिल प्रो' और मैजिक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिससे इसे मिनी लैपटॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पेसिफिकेशन्स: M4 चिपसेट और 12GB की बड़ी मेमोरी ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सबसे पतला आईफोन लॉन्च, कीमत ₹1.20 लाख: आईफोन-17 सीरीज में 4 फोन आएंगे, हार्ट रेट बताने वाला पहला एयरपॉड भी लॉन्च एपल ने अपने सालाना इवेंट 'ऑव ड्रॉपिंग' में अपना सबसे पतला आईफोन लॉन्च किया। आईफोन एयर 5.6mm पतला है। इसकी शुरुआती कीमत 1.20 लाख रुपए है। इवेंट में आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स भी लॉन्च किया गया है। प्रो वैरिएंट में अब तक की सबसे बड़ी आईफोन बैटरी मिलेगी। 17 सीरीज की शुरुआती कीमत 82,900 रुपए है। लेकिन इस बार 128 GB के स्टोरेज ऑप्शन को हटा दिया गया है। शुरुआत 256 GB के स्टोरेज से की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने आज 2 मार्च को अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी XEV 9e का नया सिनेलक्स एडिशन भारत में लॉन्च किया है। कंपनी ने इसमें 79kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया है, जो लंबी फुल चार्च पर 500km की रेंज देता है। कार की एक्स-शोरूम कीमत ₹29.35 लाख है और इसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है। 10 मार्च 2026 से डिलीवरी शुरू होगी। नया स्पेशल एडिशन 59kWh पैक (₹28.65 लाख) और टॉप-एंड 79kWh पैक (₹31.25 लाख) के बीच रखा गया है। कार चार्ज करने के लिए ग्राहकों को 50 हजार रुपए कीमत वाला 7.2kW AC चार्जर या 75 हजार रुपए कीमत वाला 11kW AC चार्जर अलग से खरीद सकते हैं। महिंद्रा एक्सईवी 9ई का मुकाबला टाटा हैरियर EV और BYD एटो 3 से है।
दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क अब एक ऐसे भविष्य की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, जहां काम शब्द डिक्शनरी से बाहर हो सकता है। मस्क का नया मंत्र है सस्टेनेबल अबंडेंस। यह एक ऐसी दुनिया का खाका है जहां रोबोटिक सेना इंसानों की हर जरूरत पूरी करेगी, पैसा बेमानी हो जाएगा और श्रम का वजूद खत्म हो जाएगा। नवंबर में टेस्ला की शेयरधारक बैठक में मस्क ने एक साइनबोर्ड के सामने खड़े होकर ऐलान किया कि एआई और रोबोटिक्स के जरिये हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला अब ‘ऑप्टिमस’ जैसे इंसानी रोबोट बना रही है; ‘स्पेसएक्स’ कक्षीय डेटा केंद्रों को बढ़ावा दे रही है। एआई स्टार्टअप एक्सएआई को लेकर उनका दावा है कि वह मानवता की लगभग सभी समस्याओं को हल कर देगी। ‘मस्क का दावा है कि 12 से 18 महीनों के भीतर यह युग शुरू हो जाएगा और अरबों रोबोट होंगे जो इंसानों की हर जरूरत को पूरा करेंगे। 54 वर्षीय मस्क का यह नया नारा उनके एक दशक पुराने रुख से उलट है, जब उन्होंने चेतावनी दी थी कि बेकाबू एआई मानव जाति को नष्ट कर सकती है। अब यह अवधारणा उनके व्यापार विस्तार के लिए एक मिशन बन गई है। टेस्ला की चेयरपर्सन रॉबिन डेनहोम ने बताया कि मस्क का सस्टेनेबल अबंडेंस का लक्ष्य उस भारी-भरकम पे-पैकेज के पीछे का मुख्य तर्क था, जो उन्हें दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बना सकता है। टेस्ला एक ऐसी दुनिया बनाना चाहती है जहां वस्तुओं और सेवाओं का प्रचुर मात्रा में उत्पादन हो सके। यह अर्थव्यवस्थाओं की उत्पादकता बढ़ाने के बारे में है।’ मस्क के इसे सपने के आलोचक कहते हैं कि ये रोबोट और स्पेस डेटा सेंटर हकीकत से कोसों दूर हैं, लेकिन मस्क ने दुनिया को एक ऐसी बहस में जरूर झोंक दिया है जहां काम, पैसा और वजूद के मायने बदलने वाले हैं। 1800 के दशक में कार्ल मार्क्स ने सामूहिक संपत्ति का सपना देखा था और 1930 में अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में इंसान हर हफ्ते सिर्फ 15 घंटे ही काम करेंगे। मस्क के मित्र और एक्सप्राइज फाउंडेशन के फाउंडर पीटर डियामांडिस कहते हैं कि मस्क का लक्ष्य मानवता के लिए ‘बेसलाइन’ तैयार करना है। अगर मंगल पर कोई मल्टी-ट्रिलियनेयर रह रहा है और पृथ्वी पर 8 अरब लोगों का जीवन स्तर शानदार है, तो कोई समस्या नहीं है। यदि काम नहीं होगा, तो सामाजिक ढांचा ढह जाएगा मस्क के इस जादुई विजन को हर कोई सच नहीं मान रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यदि काम करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है, तो समाज का ढांचा ढह जाएगा। शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर एलेक्स इमास ने सवाल उठाया कि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह तकनीक से पैदा हुई इस संपत्ति का बंटवारा कैसे करेंगे। मालिक कौन होगा? अगर नीतियां नहीं बदलीं, तो हम स्वर्ग में नहीं, बल्कि एक भयावह नर्क में होंगे, जहां मांग पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।’
चाइनीज टेक कंपनी शाओमी भारतीय बाजार में शनिवार को अपना अगला फ्लैगशिप टैबलेट शाओमी पैड 8 लॉन्च करने जा रही है। लॉन्चिंग इवेंट शाम 6:30 बजे होगा। इवेंट में शाओमी 17 और 17 अल्ट्रा स्मार्टफोन्स भी पेश किए जाएंगे। यह टैबलेट गेमिंग और मल्टीटास्किंग के शौकीनों के लिए पावरफुल स्पेसिफिकेशन्स के साथ आएगा। इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर, 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2-इंच एमोलेड डिस्प्ले और 9200mAh बैटरी मिलेगी। कंपनी टैबलेट को दो वर्जन में पेश करेगी। इसमें एक स्टैंडर्ड डिस्प्ले वर्जन होगा, जबकि दूसरा नैनो टेक्स्चर डिस्प्ले के साथ आएगा। इसकी शुरुआती कीमत 30 हजार रुपए हो सकती है। इसकी सीधी टक्कर वनप्लस पैड गो 2 और सैमसंग गैलेक्सी टैब S10 लाइट से होगी। डिजाइन: स्लिम बॉडी और प्रीमियम मेटल फिनिश डिजाइन के मामले में शाओमी पैड 8 काफी मॉडर्न और स्लिम है। यह मात्र 5.75 mm पतला है और इसका वजन लगभग 485 ग्राम है, जिससे इसे लंबे समय तक हाथ में पकड़ना आसान है। फ्रंट में बहुत पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसका बैक पैनल क्लीन है, जहां एक स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसे प्रीमियम शेड्स में लाया जा सकता है। यह शाओमी के 'फोकस पेन प्रो' स्टायलस और बैकपैक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिसमें जेस्चर इनेबल्ड टचपैड दिया गया है। स्पेसिफिकेशन्स: 3.2K रेजोल्यूशन और पावरफुल प्रोसेसर डिस्प्ले: इसमें 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2 इंच की स्क्रीन मिलेगी, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। आंखों की सेफ्टी के लिए इसमें TV रीनलैंड आई प्रोटेक्शन और DC डिमिंग फीचर दिया गया है। कैमरा: फोटोग्राफी और स्कैनिंग के लिए रियर में 13MP का कैमरा और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। परफॉर्मेंस: इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। यह चिपसेट गेमिंग और क्रिएटिव काम के लिए नियर-फ्लैगशिप पावर देता है। इसमें 12GB तक की रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। पावरबैकअप: टैबलेट में 9,200mAh की बैटरी लगी है। भारत में इसे 45W फास्ट चार्जिंग के साथ उतारा जाएगा। ऑडियो और कनेक्टिविटी: बेहतर साउंड के लिए डॉल्बी एटमॉस के साथ क्वाड-स्पीकर (4 स्पीकर्स) सेटअप है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 5.4 और USB टाइप-C पोर्ट मिलेगा।
ब्रिटिश टू-व्हीलर दिग्गज ट्रायम्फ और भारतीय कंपनी बजाज ऑटो मिलकर भारत में अपनी सबसे सस्ती मोटरसाइकिल रेंज उतारने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रायम्फ की नई 350cc रेंज यानी सीरीज को अप्रैल में लॉन्च किया जा सकता है। यह नई सीरीज कंपनी की अभी बिक रही स्पीड 400 और स्क्रैम्बलर 400X के नीचे प्लेस की जाएगी। जिससे प्रीमियम बाइक्स के शौकीनों को कम बजट में बेहतर ऑप्शन मिल सकेंगे। बजाज के चाकन प्लांट में प्रोडक्शन होगा ट्रायम्फ की इन नई बाइक्स का प्रोडक्शन बजाज ऑटो के पुणे स्थित चाकन प्लांट में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में अपना मार्केट शेयर बढ़ाना है। वर्तमान में ट्रायम्फ की 400cc रेंज को भारतीय बाजार में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। जिसके बाद अब कंपनी वॉल्यूम सेगमेंट (ज्यादा बिक्री वाले सेगमेंट) पर फोकस कर रही है। बजाज-ट्रायम्फ की पार्टनरशिप का मकसद प्रीमियम इंजीनियरिंग को किफायती दाम पर अवेलेबल कराना है। इंजन और परफॉर्मेंस, 350cc का नया प्लेटफॉर्म नई बाइक्स में बिल्कुल नया 350cc का सिंगल-सिलेंडर लिक्विड-कूल्ड इंजन मिल सकता है। हालांकि इसके पावर आउटपुट की जानकारी अभी ऑफिशियल तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह 30-35 BHP की पावर जनरेट कर सकता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जा सकता है। कंपनी इसे सिटी राइडिंग और हाईवे क्रूजिंग दोनों के लिहाज से ट्यून करेगी। स्पीड और स्क्रैम्बलर लुक बरकरार रहेगा सोर्स के मुताबिक, 350cc रेंज में भी दो मॉडल देखने को मिल सकते हैं- एक 'स्पीड' (स्ट्रीट नेकेड) और दूसरा 'स्क्रैम्बलर'। इनका लुक काफी हद तक मौजूदा 400cc मॉडल्स जैसा ही होगा। इनमें राउंड एलईडी हेडलाइट, टियर-ड्रॉप फ्यूल टैंक और प्रीमियम फिनिशिंग देखने को मिलेगी। हालांकि, कीमत कम रखने के लिए कंपनी कुछ कंपोनेंट्स जैसे टायर और सस्पेंशन सेटअप में बदलाव कर सकती है। रॉयल एनफील्ड से मुकाबला होगा भारत में 350cc सेगमेंट पर फिलहाल रॉयल एनफील्ड (क्लासिक 350, हंटर और बुलेट) का दबदबा है। ट्रायम्फ की नई 350cc बाइक सीधे तौर पर हंटर 350 और क्लासिक 350 को चुनौती देगी। इसके अलावा होंडा की CB350 और जावा-येज्दी की बाइक्स से भी इसका कड़ा मुकाबला होगा। ट्रायम्फ की ब्रांड वैल्यू इस रेस में उसे बढ़त दिला सकती है। कितनी हो सकती है कीमत? कीमत की बात करें तो ट्रायम्फ इसे काफी एग्रेसिव रख सकती है। अनुमान है कि नई 350cc रेंज की एक्स-शोरूम कीमत 1.90 लाख रुपए से 2.10 लाख रुपए के बीच शुरू हो सकती है। मौजूदा स्पीड 400 की कीमत लगभग 2.40 लाख रुपए है। कम कीमत होने से यह उन युवाओं के लिए पहली पसंद बन सकती है जो प्रीमियम ब्रांड की ओर शिफ्ट होना चाहते हैं। अगले साल का प्लान, शोरूम्स की संख्या बढ़ेगी लॉन्चिंग के साथ ही ट्रायम्फ और बजाज मिलकर अपने डीलरशिप नेटवर्क का भी विस्तार कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक भारत के 100 से ज्यादा शहरों में अपनी पहुंच बनाना है। अभी कई छोटे शहरों में ट्रायम्फ के शोरूम नहीं हैं, जिससे सर्विस और सेल्स में दिक्कत आती है। नई सस्ती रेंज आने के बाद कंपनी टायर-2 और टायर-3 शहरों पर ज्यादा फोकस करेगी। ये खबर भी पढ़ें… 1 अप्रैल से 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य: तेल कंपनियों को E20 पेट्रोल बेचना होगा, पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर असर संभव केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है।
गूगल ने अपना अब तक का सबसे तेज और एडवांस AI इमेज जनरेशन मॉडल नैनो बनाना 2 लॉन्च कर दिया है। CEO सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का 'बेस्ट इमेज मॉडल' बताया है। यह नया टूल कल्पना को हाई-क्वालिटी तस्वीर में बदल सकता है। गूगल सर्च की मदद से रियल-टाइम जानकारी का इस्तेमाल कर सटीक और असली दिखने वाली इमेज भी तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स की तुलना में ज्यादा तेजी से और ज्यादा बारीकी के साथ रिजल्ट देता है। आइए जानते हैं कि यह टूल कैसे आपके काम आ सकता है… 1. पुरानी फोटो को नया लुक देना: चेहरा वही, स्टाइल नया अक्सर हम अपनी किसी पुरानी फोटो का बैकग्राउंड बदलना चाहते हैं, लेकिन चेहरे में बदलाव आने का डर रहता है। नैनो बनाना 2 की 'फेस कंसिस्टेंसी' खूबी की वजह से अब आप अपनी फोटो में चेहरा वही रखकर सिर्फ कपड़े, हेयरस्टाइल या बैकग्राउंड सटीकता से बदल सकते हैं। कैसे करें: बस फोटो अपलोड करें और कहें- मेरा चेहरा यही रहने दें, लेकिन मुझे पहाड़ों के बैकग्राउंड में फॉर्मल सूट पहने हुए दिखाएं। यह तुरंत नई इमेज जनरेट कर देगा। 2. बच्चों की पढ़ाई और प्रोजेक्ट्स में मदद: अब खुद बनाएं इन्फोग्राफिक्स इस टूल की समझ इतनी गहरी है कि यह जटिल ग्राफिक्स भी बना सकता है। जैसे कई बार स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए अक्सर हमें इंटरनेट पर सटीक डायग्राम नहीं मिलते। कई बार ये अपनी भाषा में भी नहीं मिलते। इस टूल की मदद से आप अपनी पसंद के भाषा में 4K इन्फोग्राफिक बनवा सकते हैं। ये इंग्लिश ग्राफिक को हिंदी में भी बदल सकते हैं। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- सौर मंडल का एक 4K चार्ट बनाएं जिसमें हर ग्रह का नाम हिंदी में लिखा हो। यह तुरंत आपको एक फ्रेश और ओरिजिनल इमेज बना कर दे देगा। इसे निर्देश दें कि वॉटर साइकिल का एक 4K इन्फोग्राफिक बनाओ जिसमें हिंदी में साफ लेबल लिखे हों। यह पढ़ने लायक टेक्स्ट और रियलिस्टिक लाइटिंग के साथ इमेज तैयार कर देगा। 3. दुकानदारों और बिजनेस के लिए फ्री ग्राफिक डिजाइनर अगर आप अपना छोटा बिजनेस चलाते हैं और सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट की फोटो डालनी है, तो अब महंगे डिजाइनर की जरूरत नहीं है। नैनो बनाने आपके लिए ये काम तेजी से कर देगा। कैसे करें: अपने प्रोडक्ट की फोटो खींचें और AI को निर्देश दें- इस जूते की फोटो को एक स्टाइलिश शोरूम के बैकग्राउंड में रखें और ऊपर '50% डिस्काउंट' लिख दें। 4. वॉट्सएप और सोशल मीडिया के लिए यूनिक स्टिकर और डीपी आप ऐसे मीम्स या स्टिकर्स बना सकते हैं जो इंटरनेट पर कहीं और नहीं मिलेंगे। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- एक चश्मा पहने हुए कुत्ते की फनी फोटो बनाओ जो समोसा खा रहा हो। यह सेकंड्स में आपको इमेज दे देगा। गूगल के इन एप्स में मिलेगा नैनो बनाना 2 का सपोर्ट गूगल नैनो बनाने को अपने पूरे इकोसिस्टम में जोड़ रहा है। यूजर्स इसका इस्तेमाल जेमिनी एप , गूगल सर्च के AI मोड, गूगल लेंस और गूगल के 'फ्लो' वीडियो टूल में कर सकेंगे। इससे ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटो एडिटिंग का काम हर किसी के लिए आसान हो जाएगा। अगस्त 2025 में शुरू हुआ था नैनो बनाना का सफर
गेमिंग फोन बनाने वाली टेक कंपनी आईक्यू ने भारत में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईक्यू 15R लॉन्च कर दिया है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7600mAh की बैटरी है, जो कंपनी के मुताबिक अब तक के किसी भी आइक्यू फोन में मिलने वाली सबसे बड़ी पावर यूनिट है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन क्वालकॉम के लेटेस्ट स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर के साथ आने वाला देश का तीसरा फोन है और इसमें फोटोग्राफी के लिए OIS के साथ 50 मेगापिक्सल का सोनी का कैमरा दिया गया है। आइकू 15R को 3 स्टोरेज वैरिएंट्स में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 44,999 रुपए रखी गई है। फोन की सेल 3 मार्च से शुरू होगी। शुरुआती सेल में फोन पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 4 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। डिजाइन: IP69 रेटिंग और अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर फोन का डिजाइन प्रीमियम है और इसे पकड़ने पर यह एक सॉलिड फ्लैगशिप का अहसास देता है। मटेरियल और कलर: इसे ट्रायम्फ सिल्वर और डार्क नाइट जैसे दो क्लासी कलर्स में लाया गया है। बैक पैनल पर स्मूथ टेक्स्चर दिया गया है। बिल्ड: फोन में ऊपर की तरफ IR ब्लास्टर और नीचे की तरफ टाइप-C पोर्ट व स्पीकर ग्रिल दी गई है। डिस्प्ले: फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स वाली पंच-होल डिस्प्ले है। इसमें सुरक्षा के लिए अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जो गीले हाथों से भी अनलॉक हो जाता है। सेफ्टी: इसे IP68 और IP69 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी (गर्म पानी की बौछार भी) से सुरक्षित रखती है। आईक्यू 15R: स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: फोन में 6.59-इंच की 1.5K एमोलेड स्क्रीन दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 5000 निट्स है। आंखों की सुरक्षा के लिए 4320Hz PWM डिमिंग दी गई है। कैमरा: रियर में डुअल कैमरा सेटअप है। इसमें OIS के साथ 50MP सोनी LYT700V मेन सेंसर और 8MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस है। सेल्फी के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। परफॉर्मेंस: फोन में 3nm का स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 चिपसेट है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 3.8GHz है। इसमें हैवी गेमिंग के लिए 6.5k आइस कोर VC कूलिंग सिस्टम लगा है। पावरबैकअप: 7600mAh की बैटरी को चार्ज करने के लिए 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट है। टेस्टिंग में यह फोन 45 मिनट में 20% से 100% फुल चार्ज हो गया। सॉफ्टवेयर और अन्य फीचर्स यह फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 पर आधारित ओरिजन OS 6.0 पर चलता है। कंपनी ने इसके साथ 4 साल के OS अपग्रेड और 7 साल के सुरक्षा अपडेट देने का वादा किया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 6.0, Wi-Fi 7, NFC और शानदार ऑडियो अनुभव के लिए स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है। 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर का ही E20 पेट्रोल बेच सकेंगे इस फ्यूल के लिए रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 तय किया गया है, ताकि इंजनों को सुरक्षित रखा जा सके। RON यानी फ्यूल की 'नॉकिंग' (इंजन के अंदर समय से पहले आग लगना) को रोकने की क्षमता को दिखाता है। RON यह बताता है कि पेट्रोल कितना 'मजबूत' या 'सहनशील' है। जिस पेट्रोल का RON नंबर जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही आसानी से इंजन के दबाव को झेलेगा और बिना किसी आवाज या झटके के सही समय पर जलेगा। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है और वह सुचारू रूप से चलता है। अभी तक भारत में बिकने वाला साधारण पेट्रोल का 91 RON होता है और सिर्फ 'प्रीमियम' पेट्रोल (जैसे XP95) ही 95 RON का मिलता है। पुरानी गाड़ियों का माइलेज 3-7% तक गिर सकता है इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि 2023 से 2025 के बीच बने ज्यादातर वाहन E-20 ईंधन के हिसाब से ही डिजाइन किए गए हैं, इसलिए उनमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, बहुत पुराने वाहनों में कुछ समस्याएं दिख सकती हैं… माइलेज: पुराने वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी में 3% से 7% तक की गिरावट आ सकती है। पुर्जों पर असर: लंबे समय तक इस्तेमाल से पुराने इंजनों के रबर और प्लास्टिक के हिस्सों में खराबी आने की आशंका है। इन इलाकों में मिल सकती है थोड़ी छूट पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि असाधारण परिस्थितियों में कुछ खास इलाकों के लिए सीमित समय के लिए इस नियम से छूट दी जा सकती है। हालांकि, मुख्य रूप से यह नियम पूरे देश के फ्यूल स्टेशनों पर लागू होगा। एथेनॉल से ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा विदेशी मुद्रा बचाई सरकार के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है। तेल मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की वजह से भारत ने ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इसके अलावा, एथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मक्का और अनाज से होता है, जिससे किसानों की आय में भी बढ़ेगी। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। 1G एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। 2G एथेनॉल : सेकंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे - चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। 3G बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। अप्रैल-2023 से देश में बिक रहा E-20 पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन को रोकने और फ्यूल के दाम कम करने के लिए दुनियाभर की सरकारें एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर काम कर रही हैं। भारत में भी एथेनॉल को पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इससे गाड़ियों का माइलेज भी बढ़ेगा। देश में 5% एथेनॉल से प्रयोग शुरू हुआ था जो अब 20% तक पहुंच चुका है। सरकार अप्रैल के महीने में नेशनल बायो फ्यूल पॉलिसी लागू कर E-20 (20% एथेनॉल + 80% पेट्रोल) से E-80 (80% एथेनॉल + 20% पेट्रोल) पर जाने के लिए प्रोसेस शुरू कर चुकी है। इसके अलावा देश में अप्रैल से सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल कंप्लाइंट गाड़ियां ही बेची जा रही हैं। साथ ही पुरानी गाड़ियां एथेनॉल कंप्लाएंट व्हीकल में चेंज की जा सकेंगी। एथेनॉल मिलाने से क्या फायदा है? पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से पेट्रोल के उपयोग से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके इस्तेमाल से गाड़ियां 35% कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन करती है। सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी एथेनॉल कम करता है। एथेनॉल में मौजूद 35% ऑक्सीजन के चलते ये फ्यूल नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को भी कम करता है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से रोकने की याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट में सरकार बोली- याचिकाकर्ता इंग्लैंड का, बाहरी नहीं बताएगा कौन सा पेट्रोल इस्तेमाल करें सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के प्लान को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इस प्लान के तहत देश में बिकने वाले पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। 2023 में एथेनॉल मिलाने की शुरुआत की गई थी। सरकार ने 2025-26 तक देश के सभी पेट्रोल पंप्स पर E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का टारगेट रखा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया। ये याचिका वकील अक्षय मल्होत्रा ने दायर की थी। पूरी खबर पढ़ें…
केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? सवाल. क्या है सिम बाइंडिंग? जवाब. सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा। सवाल. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जवाब. जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। सवाल. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? जवाब. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। सवाल. 1 मार्च से यूजर्स को क्या करना होगा? जवाब. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग एप काम करना बंद कर सकता है। सवाल. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? जवाब. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा। साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। सवाल. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? जवाब. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी हेल्दी कैश फ्लो जेनरेट कर रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप अकाउंट हैक करने की नई ट्रिक सामने आई: CERT-In ने जारी की चेतावनी, हैकर्स घोस्ट पेयरिंग से पूरा कंट्रोल ले रहे; जानें कैसे बचें भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने वॉट्सएप यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि हैकर्स वॉट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल करके अकाउंट हैक कर रहे हैं। इस नए कैंपेन को घोस्ट पेयरिंग नाम दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
न्यूयार्क के नेवार्क में स्थित ‘वॉशिंगटन पार्क हाई स्कूल’ की एक कक्षा में इन दिनों अजीब सा सन्नाटा और फिर गहन चर्चा का शोर सुनाई देता है। यहां विषय गणित या इतिहास नहीं, बल्कि कुछ ऐसा है जो आने वाले कल की दिशा तय करेगा, एआई लिटरेसी। टीचर माइक टॉबमैन और स्कॉट कर्न ने मिलकर हाल ही में 12वीं के छात्रों के लिए अनूठा कोर्स शुरू किया है। उनका मानना है कि एआई एक कार की तरह है। वे चाहते हैं कि उनके छात्र इस टेक्नोलॉजी के सिर्फ ‘पैसेंजर’ बनकर पीछे न बैठें, बल्कि कुशल ‘ड्राइवर’ बनकर इसे सही दिशा में ले जाएं। टॉबमैन इस क्लास की तुलना ड्राइविंग टेस्ट की तैयारी से करते हैं। क्लास में वाइटबोर्ड पर एक सवाल चमकता है- ‘क्या आप तकनीक को चला रहे हैं या तकनीक आपको चला रही है?’ छात्र एड्रियन फैरेल (18) बताते हैं कि वे एआई का इस्तेमाल अपने गणित के होमवर्क की शुद्धता जांचने के लिए करते हैं। वहीं, ब्रायना पेरेज स्वीकार करती हैं कि जब वे स्पॉटिफाई का ‘एआई डीजे’ सुनती हैं, तो ‘पैसेंजर मोड’ में होती हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी उनकी पसंद तय कर रही होती है। स्कूल के टीचर्स ने इस नए कोर्स में कुछ दिलचस्प तरीके अपनाए हैं। इतिहास की क्लास में खास चैटबॉट बनाया गया है जो छात्रों के तर्कों को चुनौती देता है। जब 17 साल की एलिसन ने दंगे के कारणों पर तर्क रखा, तो चैटबॉट ने उससे कहा-‘मैं तुम्हें इस पर थोड़ा और सोचने को कहूंगा।’ एलिसन कहती हैं, इस बहस से उनकी सोच और बेहतर हुई। एक अन्य क्लास में बच्चे एआई का इस्तेमाल ‘करियर सिमुलेशन’ के लिए कर रहे हैं। नर्स बनने की तैयारी कर रही 17 साल की अनिया ने एआई की मदद से अपने प्रोजेक्ट को ज्यादा स्पष्ट बनाया। केर्न कहते हैं,‘बच्चे आपस में बात करें या मौलिक सोच का इस्तेमाल करें, तो मैं चाहूंगा कि कभी एआई उसमें दखल न दे। कोर्स में डीपफेक, कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा होती है। ब्रायना कहती हैं,‘अगर ऐसे कोर्स न हों, तो हमें पता ही नहीं चलेगा कि भविष्य में हमारे सामने क्या आने वाला है।’ स्कूल अब इस एआई ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ कोर्स को 12वीं के छात्रों के लिए अनिवार्य करने की योजना बना रहा है। एआई लिटरेसी- यह ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा एआई लिटरेसी चैटबॉट्स को समझकर इस्तेमाल करने की कला है। इसमें तीन बातें अहम हैं- पहली- स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग, यानी चैटबॉट से सही सवाल पूछकर सही काम करवाना। दूसरी- जोखिम पहचानना, यानी देखना कि एआई कब गलत जानकारी दे रहा है या कब पक्षपाती है और तीसरी- क्रिएटिविटी, यानी एआई की मदद से कुछ नया बनाना, जैसे अब कुछ बच्चे एप खुद बना रहे हैं। टीचर इसे किशोर को ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा मानते हैं- इसलिए इसे ‘एआई का ड्राइविंग लाइसेंस’ कहा जा रहा है|
रेनो इंडिया अपनी सबसे पॉपुलर SUV 'डस्टर' को भारतीय बाजार में 17 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने 27 जनवरी को इसे नए डिजाइन के साथ रिवील किया था। नई डस्टर न सिर्फ लुक में ज्यादा मस्कुलर हो गई है, बल्कि इसमें पहली बार स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन और 2 टर्बो इंजन का ऑप्शन भी दिया गया है। कंपनी ने इसे नए R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। इसकी एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत करीब ₹10 लाख हो सकती है। नई डस्टर की बुकिंग ₹21,000 के टोकन अमाउंट के साथ शुरू की गई है। टर्बो-पेट्रोल वैरिएंट की डिलीवरी अप्रैल से शुरू होगी, जबकि हाइब्रिड दिवाली के आसपास शोरूम पर मिलेगा। कार में गूगल OS के साथ टच स्क्रीन इन्फॉटेन्मेंट सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ, 700 लीटर का बूट स्पेस, 360-डिग्री कैमरा, 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। वहीं, 6 एयरबैग्स के साथ 31 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और 17 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) भी दिया जाएगा। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया गया था। अब 3 साल बाद इसकी भारत में एंट्री हुई है। नई डस्टर हुंडई क्रेटा, टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस, मारुति विक्टोरिस, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर को टक्कर देगी। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और 18-इंच के अलॉय व्हील्स न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और डार्क ब्लैक शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए गूगल OS के साथ 10.25 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं, जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन नई रेनो डस्टर में 3 इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इसमें एक माइल्ड हाइब्रिड के साथ 1.3 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 160PS की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं दूसरा, 1-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100PS की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा। वहीं तीसरा, 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन भी है, जो 8 स्पीड DHT ट्रांसमिशन के साथ आएगा। दिवाली 2026 तक लॉन्च होने वाले इस वर्जन में 1.4kWh की बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर मिलेगी। इसका कुल सिस्टम आउटपुट 160hp होगा।
सैमसंग आज रात 11 बजे अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करेगी। कंपनी इस साल भी तीन मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26+ और S26 अल्ट्रा बाजार में उतारेगी। हर साल ये सीरीज पेश होती है। इस बार कंपनी का फोकस एडवांस AI फीचर्स पर है। इसके अलावा स्लिम डिजाइन और पावरफुल 'स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5' प्रोसेसर पर भी फोकस है। शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं इस बार इसे फैंटम ब्लैक, क्रीम और ग्रीन के अलावा कुछ नए टाइटेनियम शेड्स में पेश किया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज एक्सपैक्टेड स्पेसिफिकेशंस
टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा रही। मीटिंग के दौरान मतभेद उभरने के बाद खुद चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को टालने की बात कही। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप तभी सबसे अच्छा काम करता है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के फैसले एक समान हों। नोएल टाटा ने नए बिजनेस के घाटे पर जताई चिंता इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने मीटिंग के दौरान ग्रुप के कुछ नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग की। हालांकि, बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन करते हुए कहा कि ये घाटे 'ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स' (नए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स) से जुड़े हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मुनाफा देने में थोड़ा समय लगता है और यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। कार्यकाल विस्तार के लिए नोएल टाटा की 4 शर्तें माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं: चंद्रशेखरन को जून में रिटायरमेंट नियमों से चाहिए होगी छूट एन चंद्रशेखरन इस साल जून में 63 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा संस के नियमों के मुताबिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल तय है। अगर उनका कार्यकाल फरवरी 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए बोर्ड को एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करना होगा और रिटायरमेंट नियमों में छूट देनी होगी। निदेशकों ने की वोटिंग की पेशकश, चेयरमैन ने टाला फैसला बोर्ड की पुनर्नियुक्ति समिति की प्रमुख अनीता जॉर्ज ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि नए प्रोजेक्ट्स में शुरुआती घाटे सामान्य बात है। चर्चा के बाद जब कुछ निदेशकों ने इस मुद्दे पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव दिया, तो चंद्रशेखरन ने खुद इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा संस और मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच पूर्ण सहमति होना ग्रुप के भविष्य के लिए जरूरी है। टाटा ग्रुप में विवाद, सरकार को दखल देना पड़ा रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया। वहीं नवंबर 2024 में नोएल को टाटा संस के बोर्ड में भी शामिल किया गया। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया यह फैसला ट्रस्ट के भीतर एकमत नहीं था। इससे टाटा संस को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स में बोर्ड सीट को लेकर सीधा-सीधा बंटवारा हो गया। एक गुट बोर्ड मेंबर नोएल टाटा के साथ है, तो दूसरा गुट मेहली मिस्त्री के साथ। मिस्त्री का कनेक्शन शापूरजी पल्लोनजी फैमिली से है जिसकी टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस की बोर्ड सीट को लेकर हुए विवाद के बीच 7 अक्टूबर को सीनियर लीडरशिप ने गृहमंत्री अमित शाह के घर पर 45 मिनट की मीटिंग की। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कहा कि घरेलू झगड़े को जल्द निपटा लिया जाए, ताकि कंपनी पर असर न हो। मीटिंग में गृहमंत्री शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा शामिल हुए। टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं। टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है। 2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।
रेडमी 15C रिव्यू:बजट फोन में 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी से दो दिन चलेगा
अगर आप 10 से 15 हजार की रेंज में नया 5G स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो रेडमी ने नया स्मार्टफोन रेडमी 15C लॉन्च किया है। फोन मार्केट में आते ही अपनी बड़ी बैटरी और स्ट्रांग बिल्ड क्वालिटी को लेकर सुर्खियों में है। फोन एक महीने यूज करने के साथ हमने इसे परखा है और इसकी खूबियों व खामियों को जाना है, तो चलिए जानते हैं, इसमें क्या खास है… डिजाइन: IP64 रेटिंग के साथ पॉलीकार्बोनेट बॉडी इसका बैक पैनल ग्लॉसी और ग्लिटरी फिनिश में दिया गया है, जो लाइट पड़ने पर शाइन करता है। हालांकि ये पूरा पॉलीकार्बोनेट यानी प्लास्टिक का बना है, पर हाथ में प्रीमियम फील देता है। स्मार्टफोन का वजन 212 ग्राम है, जो थोड़ा भारी लग सकता है। साइड में पावर बटन में फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है। निचले हिस्से में 3.5mm हेडफोन जैक, टाइप-C पोर्ट, माइक और सिंगल डाउन-फायरिंग स्पीकर है। इसमें 3.5mm जैक भी है और आप दो सिम के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लगा सकते हैं। सिक्योरिटी के लिए साइड में फिंगरप्रिंट स्कैनर है जो काफी फास्ट काम करता है, और हां, IP64 रेटिंग भी है, तो हल्की-फुल्की पानी की बूंदों से डरने की जरूरत नहीं है। रेडमी 15C: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: बात करें इसकी स्क्रीन की तो यहां 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट पर काम करता है, यानी स्क्रॉलिंग एकदम स्मूथ है। कलर्स काफी वाइब्रेंट और अच्छे लगते हैं। यह TUV सर्टिफाइड स्क्रीन है, जो ज्यादा देर तक फोन चलाने पर आंखों को सुरक्षित रखती है। परफॉर्मेंस: रेडमी 15C में परफॉर्मेंस के लिए फोन में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर है, जो 2.4 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। ये इस बजट में काफी पावरफुल प्रोसेसर है। फोन में आप BGMI जैसे गैम 60fps पर खेल सकते हैं, लेकिन कहीं-कहीं थोड़ा लैग फील होता है। फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड हाइपर OS 2 पर काम करता है। इसमें दो फीचर्स काम के हैं- पहला, आप बिना किसी अनाउंसमेंट के कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। दूसरा, इसमें सर्कल टू सर्च और गूगल जेमिनी AI का सपोर्ट भी है। कंपनी ने 2 साल के एंड्रॉइड अपडेट्स का भी वादा किया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 50MP का मेन कैमरा है। दिन की रोशनी में ये काफी अच्छी और शार्प फोटोज लेता है, खास तौर पर इसके पोर्ट्रेट शॉट्स हमें पसंद आए। वीडियो रिकॉर्डिंग 1080p में 30fps पर रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिसकी स्टेबिलिटी डिसेंट है। सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा है, जो सोशल मीडिया के लिए ठीक-ठाक फोटो देता है। बैटरी: फोन की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो पावर बैकअप के लिए इसमें 6000mAh की बैटरी दी गई है। यह 19 घंटे, 18 मिनट का PC मार्क बैटरी बेंचमार्क स्कोर हासिल कर चुकी है। अगर आप नॉर्मल यूजर हैं, तो ये बैटरी आराम से 2 दिन चलेगी। इसके साथ 33W का चार्जर दिया गया है। इसके साथ ही फोन में रिवर्स चार्जिंग भी मिलती है, जिससे दूसरे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं। कीमत: कुल मिलाकर रेडमी 15C एक डिसेंट डिवाइस है। कंपनी ने स्मार्टफोन को 3 वैरिएंट में पेश किया है। इसके 4GB रैम वैरिएंट की कीमत 12,499 रुपए, 6GB रैम वेरिएंट की 13,999 रुपए और 8GB रैम वैरिएंट की 15,499 रुपए है। फोन डस्ट पर्पल, मूनलाइट ब्लू और मिडनाइट ब्लैक कलर ऑप्शन के साथ अवेलेबल है। फाइनल वर्डिक्ट अगर आपकी प्रायोरिटी बड़ी बैटरी, नया सॉफ्टवेयर और अच्छे लुक्स हैं, तो ये एक सॉलिड डील है। बस गेमिंग और डिस्प्ले रेजोल्यूशन में थोड़ा समझौता करना होगा।
फेसबुक और गूगल सहित अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के सामने एक नई तरह की चुनौती आ रही है। कई देशों की सरकारें टीनएजर्स के लिए इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर रोक लगा रही हैं। वे एप्स को लत लगाने वाला और नुकसानदेह बता रही हैं। हालांकि टेक्नोलॉजी कंपनियां ने जवाबी मुहिम छेड़ दी है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) में अमेरिकी कंपनियों ने पिछले साल बड़े होर्डिंग लगाने,राजनेताओं को लुभाने और अपनी लॉबिंग लॉबी मजबूत करने पर भारी खर्च किया है। दरअसल, यूरोपीय संसद में टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव पेश किए जा चुके हैं। 720 सदस्यीय संसद में सोशल मीडिया पर बैन के विधेयकों को आसानी से रोका जा सकता है। बड़ी टेक कंपनियों ने ईयू के सांसदों की लॉबिंग पर पिछले वर्ष 1615 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। कॉरपोरेट यूरोपियन ऑब्जर्वेटरी और लॉबी कंट्रोल संगठन के अनुसार 2021 से 2025 के बीच फैसलों को इंडस्ट्री के पक्ष में करने के लिए चली मुहिम में 55% से अधिक इजाफा हुआ है। सबसे अधिक खर्च फेसबुक की कंपनी मेटा ने किया है। इसके बाद गूगल है। इन कंपनियों के खिलाफ याचिका दायर करने वालों ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब को डिटिजल कैसिनो कहा है। याचिकाकर्ताओं के वकीलों का आरोप है कि प्लेटफॉर्म के अनंत स्क्रॉलिंग जैसे फीचर युवा यूजरों को आदी बनाते हैं। टेक कंपनियां मानती हैं कि यूरोपियन यूनियन के 27 देशों में लागू होने वाले नए कानून से दुनिया भर में उनके कामकाज पर असर पड़ेगा। इसलिए यूरोपीय राजनेताओं को मनाने पर ज्यादा जोर लगाया जा रहा है। वे प्रतिबंध के विकल्प के लिए तगड़ी मुहिम चला रही हैं। यूरोपीय सांसदों से चर्चा में मेटाने टीन अकाउंट्स का प्रस्ताव दिया है। 2024 में पेश इन अकाउंट्स में 16 साल से कम आयु के यूजर्स के अकाउंट पर पैरेंट्स का नियंत्रण रहता है। कुछ कंपनियां ने 15,16 साल से कम आयु के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी करने का प्रस्ताव दिया है। यूरोपीय आयोग इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत हो गया है। यूरोप के प्रारूप प्रस्ताव डिजिटल फेयरनेस एक्ट पर ब्रसेल्स में इस साल मतदान हो सकता है। रेलवे स्टेशनों पर होर्डिंग से लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन तक छप रहे वाशिंगटन के ट्रेड ग्रुप- कंप्यूटर एंड कम्युनिकेशन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने ब्रसेल्स में रेलवे स्टेशनों पर होर्डिंग लगाए हैं। इनमें ईयू से सोशल मीडिया प्रतिबंधों को रद्द करने की अपील की गई है। विज्ञापनों में प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कारक जोहान्स गुटेनबर्ग, रेडियो बनाने वाले गुग्लिमो मार्कोनी जैसे यूरोपियन आईकन दिखाए गए हैं। पिछले साल नवंबर में मेटा ने यूरोप के अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन दिया। सांसदों को प्रभावित करने के लिए 890 लॉबिस्ट सक्रिय ब्रसेल्स में 890 फुलटाइम लॉबिस्ट काम कर रहे हैं। यह यूरोपीय संसद के सदस्यों की संख्या से अधिक है। ये लॉबिस्ट सोशल मीडिया बैन के खिलाफ अभियान चलाने के साथ यूरोप के एआई कानून और डेटा प्राइवेसी नियमों को बेअसर करना चाहते हैं। टेक कंपनियां धुर दक्षिणपंथी सांसदों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। अकेले मेटा ने जुलाई 2024 और दिसंबर 2025 के बीच सांसदों के साथ 38 बैठकें की हैं। अमेरिका के आठ राज्यों सहित कई देशों में पहल पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाया है। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क का कहना है कि वे जल्द अपनी नीति की घोषणा करेंगे। अमेरिका के 8 राज्यों में भी किशोरों को सोशल मीडिया से अलग रखने केविधेयक पेश किए गए हैं।
इसुजु इंडिया ने भारतीय बाजार में अपने पॉपुलर पिक-अप ट्रक वी-क्रॉस का 2026 अपडेटेड मॉडल लॉन्च कर दिया है। नए मॉडल की सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने अब इसके 4x2 वैरिएंट को पूरी तरह बंद कर दिया है, यानी अब यह कार केवल 4x4 ऑप्शन में ही खरीदी जा सकेगी। एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए इसमें कई हाई-टेक फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं। इसुजु वी-क्रॉस: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ब्लैक फिनिश ग्रिल और 18-इंच के अलॉय व्हील्स 2026 मॉडल के डिजाइन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव किए गए हैं। फ्रंट प्रोफाइल: ग्रिल के चारों ओर अब पियानो ब्लैक फिनिश वाली पट्टी दी गई है। फॉग लैंप्स के चारों ओर बॉडी कलर की फिनिशिंग है और स्किड प्लेट पर क्रोम का हल्का टच मिलता है। साइड और रियर प्रोफाइल: इसमें 18-इंच के नए अलॉय व्हील्स और लंबी काली रूफ रेल्स दी गई हैं। डोर हैंडल्स पर क्रोम फिनिश और ORVM पर इंटीग्रेटेड एलईडी टर्न इंडिकेटर्स मिलते हैं। कलर ऑप्शंस: यह कुल 7 कलर्स में उपलब्ध है, जिसमें नॉटिलस ब्लू और स्पिनेल माइका जैसे शेड्स शामिल हैं। इंटीरियर: ब्लैक-ब्राउन थीम के साथ प्रीमियम केबिन केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको नया ब्लैक और ब्राउन कलर का डुअल-टोन केबिन मिलता है। इसमें लेदरेट अपहोल्स्ट्री और डैशबोर्ड पर सॉफ्ट-टच लेयर्स का इस्तेमाल किया गया है। सेंटर कंसोल में एक रोटरी नॉब दिया गया है, जिससे अलग-अलग मोड्स को कंट्रोल करना आसान हो जाता है। फीचर्स: 10.3-इंच की बड़ी स्क्रीन और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग इस बार कंपनी ने टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया है। इंफोटेनमेंट: पुराने 9-इंच सिस्टम की जगह अब 10.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन दिया गया है। इसमें वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले की सुविधा है। खास फीचर्स: इसमें पहली बार 360-डिग्री कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जोड़ा गया है। साथ ही 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, 6-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। परफॉरमेंस: दमदार डीजल इंजन और 4WD सेटअप इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले वाला ही भरोसेमंद इंजन मिलता है: इंजन: 1.9-लीटर, 4-सिलेंडर डीजल इंजन। पावर/टॉर्क: यह 163 PS की पावर और 360 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन: इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक का विकल्प मिलता है। अब यह स्टैंडर्ड रूप से 4-व्हील ड्राइव (4WD) के साथ आती है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और ट्रैक्शन कंट्रोल सुरक्षा के लिहाज से नई वी-क्रॉस में कई फीचर्स शामिल हैं: इसमें टॉप वैरिएंट्स में 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। एबीएस (ABS) के साथ ईबीडी (EBD), हिल स्टार्ट असिस्ट और हिल होल्ड कंट्रोल। ट्रैक्शन कंट्रोल, रियर डिफॉगर और बच्चों की सुरक्षा के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स।
चीनी इंजीनियर हॉवर्ड हुआंग की कहानी किसी साइंस फिक्शन फिल्म के हकीकत में बदलने जैसी है। बीजिंग में हाल ही में आयोजित दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में जब चीनी रोबोट ‘टिएन कूं अल्ट्रा’ ने 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, तो पूरी दुनिया दंग रह गई। लेकिन इस जीत के पीछे वह खास तकनीक थी, जिसने इन मशीनों को 3-डी विजन सेंसर्स के जरिये इंसानी नजर दी। इसे हुआंग की कंपनी ऑर्बेका ने बनाया है। उन्होंने 2013 में इस कंपनी की नींव रखी थी। बीजिंग यूनिवर्सिटी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से इंजीनियरिंग कर चुके हुआंग कभी सिर्फ रिसर्च पेपर लिखते थे। 2004 की फिल्म ‘आई रोबोट’ ने उनका नजरिया बदला। उन्होंने अकैडमिक करिअर छोड़कर फैक्ट्रियों के लिए रिसर्च करना शुरू किया। उनके इस काम ने उन्हें रातोरात रोबोट की दुनिया का हीरो बना दिया है। अपने इनोवेशन पर हुआंग कहते हैं, ‘हम रोबोट को ऐसी नजर देना चाहते हैं, जो इंसानों से भी बेहतर हो।’ वे कहते हैं कि हमारी कंपनी ऐसे कैमरे बनाती है जो न केवल रंग बल्कि गहराई को भी पहचानते हैं। इससे रोबोट जटिल माहौल में इंसानों की तरह नेविगेट कर पाते हैं। ऑर्बेक की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन और दक्षिण कोरिया के मोबाइल सर्विस रोबोटिक्स बाजार में 3डी विजन सेंसर्स की 70% हिस्सेदारी इसी कंपनी की है। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में फिनटेक दिग्गज और जैक मा के नेतृत्व वाला ‘आंट ग्रुप’ भी है। ये कंपनियां ऑर्बेक के कैमरों का इस्तेमाज फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरे के जरिये होने वाले भुगतान के लिए करती हैं। बहरहाल, हुआंग का पूरा ध्यान इंसान जैसे रोबोट बनाने पर है। उनकी कंपनी न केवल सेंसर्स बना रही है, बल्कि सालाना एक लाख ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट असेंबल करने की क्षमता भी विकसित कर चुकी है। वे अब वियतनाम में अपनी दूसरी फैक्ट्री बना रहे हैं ताकि अमेरिकी बाजार की मांग पूरी की जा सके। 2025 के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी को 90 करोड़ का लाभ हुआ, जो एक साल पहले 140 करोड़ रुपए घाटे में थी। आय 938 करोड़ रही, पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है। कंपनी के शेयरों में आए उछाल ने हुआंग को अरबपति बना दिया। जनवरी के मध्य तक उनकी कुल संपत्ति करीब 15 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। एआई और 3डी सेंसर्स के मिलन से आने वाली है बड़ी क्रांति -यह तकनीक रोबोट को इंसानों की तरह गहराई को पहचानने की शक्ति देती है, जिससे वे जटिल और चुनौतीपूर्ण वातावरण में आसानी से नेविगेट कर सकते हैं और आसपास की चीजों के साथ तालमेल बिठा सकते हैं।- एडवांस्ड सेंसर के कारण एआई-पावर्ड ह्यूमनॉइड का बाजार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2050 तक 7.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।-इन सेंसर्स का इस्तेमाल फैक्ट्री के कामों, साफ-सफाई करने वाले सर्विस रोबोट्स और बुजुर्गों की देखभाल करने वाले ‘ह्यूमन-केयर’ बॉट्स में बड़े स्तर पर होने जा रहा है।-लिडार और 3डी विजन सेंसर्स के मेल से सेल्फ-ड्राइविंग कारों और ड्रोन्स के लिए लंबी दूरी के नेविगेशन और पहचान की सटीक राह खुल रही है।- चीन में इन पुर्जों के बड़े स्तर पर उत्पादन से ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने की लागत अगले 5-10 वर्षों में लगभग आधी हो सकती है, जिससे यह तकनीक आम उपयोग के लिए बेहद सुलभ हो जाएगी।- जेनरेटिव एआई और स्मार्ट एआई चिप्स के साथ इन विजन सेंसर्स का एकीकरण रोबोट्स को अपने वातावरण के प्रति अधिक संवेदनशील और समझदार बना रहा है।
चैटजीपीटी में सिक्योरिटी अलर्ट:ओपनएआई ने दो स्पेशल मोड लॉन्च किए, बताएगा कब आपका डेटा खतरे में है
ओपनएआई ने चैटजीपीटी में दो नए सिक्योरिटी फीचर जोड़ दिए है। लॉकडाउन मोड और एलिवेटेड रिस्क लेबल्स। इन टूल्स का उद्देश्य है कि यूजर का डेटा एआई से चोरी न हो जाए। डिजिटल पेमेंट, आधार-लिंक्ड सर्विसेज, ऑनलाइन बैंकिंग और तेजी से बढ़ते एआई इस्तेमाल के दौर में भारत जैसे देश के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। खासकर तब, जब साइबर ठगी और डेटा लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। साइबर ठगी से बचाव एक नया साइबर खतरा भी सामने आया है प्रॉम्प्ट इंजेक्शन। इसमें हैकर किसी डॉक्युमेंट में छिपे निर्देश डाल देता है। यूजर उसे चैटजीपीटी जैसे एआई टूल से पढ़वाता है, तो एआई अनजाने में गोपनीय जानकारी उजागर कर सकता है। मान लीजिए, आपने किसी संदिग्ध वेबसाइट का टेक्स्ट एआई से एनालाइज कराया, तो उसमें छिपा हुआ कमांड एआई को आपके सिस्टम से डेटा खींचने के लिए उकसाता है। एलिवेटेड रिस्क लेबल: पहले अलर्ट, फिर एक्शन यह फीचर यूजर को पहले ही चेतावनी देगा कि जिस फीचर या वेब-कनेक्टेड टूल का इस्तेमाल हो रहा है, वह ज्यादा डेटा एक्सपोज कर सकता है। यानी अगर चैटजीपीटी किसी बाहरी थर्ड पार्टी वेबसाइट या एप से कनेक्ट हो रहा है, तो स्क्रीन पर साफ दिखेगा कि इसमें संभावित जोखिम हो सकते हैं। इससे यूजर खुद भी तय कर सकेगा कि उसे एआई के साथ चैट में आगे बढ़ना है या नहीं। लॉकडाउन मोड: पूरी तरह ‘सेफ मोड’ चुनने का विकल्प लॉकडाउन मोड भी यूजर्स के लिए उपयोगी साबित होगा। इसे ऑन करने पर चैटजीपीटी बाहरी सिस्टम, थर्ड-पार्टी एप्स और वेब कनेक्शन को सीमित कर देगा। इससे डेटा बाहर जाने की आशंका घट जाएगी। यह फीचर खासतौर पर पत्रकारों, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स, सरकारी अधिकारियों या संवेदनशील जानकारी से जुड़े यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है। वे लॉकडाउन मोड में सेफ चैट कर सकेंगे।
भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से इस पद को संभाल रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी। स्पेंसर लगभग 40 साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद रिटायर हो रहे हैं। वें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी। मेटा और इंस्टाकार्ट में लीडरशिप रोल निभा चुकी हैं आशा आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालने से पहले कंपनी के ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले वे मशहूर डिलीवरी फर्म 'इंस्टाकार्ट' में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘मेटा’ में प्रोडक्ट लीडरशिप जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। आशा ने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की डिग्री ली है। उन्हें बिजनेस स्केल करने और मुश्किल समय में टीमों को लीड करने का एक्सपर्ट माना जाता है। नियुक्ति के बाद पहला आधिकारिक मेमो भेजा आशा ने अपना पहला आधिकारिक मेमो भेजा है, जिसमें उन्होंने एक्सबॉक्स के भविष्य और गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर अपनी विजन साफ कर दी है। उन्होंने कहा आज मैं माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी शुरू कर रही हूं। मैं इस वक्त दो चीजें एक साथ महसूस कर रही हूं: विनम्रता और काम को लेकर तेजी। विनम्रता इसलिए क्योंकि इस टीम ने दशकों की मेहनत से कुछ बहुत ही शानदार खड़ा किया है। और काम में तेजी इसलिए क्योंकि गेमिंग की दुनिया बहुत बदलावों से गुजर रही है। मेरा पहला काम बहुत सीधा है: यह समझना कि यह सब कैसे काम करता है और इसे सुरक्षित रखना। इसकी शुरुआत तीन वादों के साथ होती है… 1. पहला, बेहतरीन गेम्स हर चीज की शुरुआत यहीं से होती है। इससे पहले कि हम कुछ और करें, हमारे पास ऐसे गेम्स होने चाहिए जिन्हें खिलाड़ी पसंद करें। यादगार किरदार, दिल को छू लेने वाली कहानियां, खेलने का नया तरीका और बेहतरीन क्रिएटिविटी। हम अपने स्टूडियो को और ताकत देंगे, बड़े ब्रांड्स में निवेश करेंगे और नए आइडियाज का साथ देंगे। हम रिस्क लेंगे। मैंने इसी वादे को पूरा करने के लिए मैट बूटी को प्रमोट किया है। वे गेम बनाने की कला और इसकी चुनौतियों को समझते हैं। पूरी इंडस्ट्री के डेवलपर्स उन पर भरोसा करते हैं। 2. दूसरा, एक्सबॉक्स की वापसी हम अपने उन पुराने एक्सबॉक्स फैंस और खिलाड़ियों के लिए फिर से पूरी लगन से काम करेंगे, जो पिछले 25 सालों से हमारे साथ जुड़े हैं। साथ ही उन डेवलपर्स के लिए भी जो ऐसी शानदार दुनिया और अनुभव बनाते हैं जिन्हें दुनिया भर के खिलाड़ी पसंद करते हैं। गेमिंग अब केवल एक हार्डवेयर तक सीमित नहीं है, यह हर डिवाइस पर मौजूद है। जैसे-जैसे हम PC, मोबाइल और क्लाउड की तरफ बढ़ रहे हैं। हम उन बाधाओं को दूर करेंगे ताकि डेवलपर्स एक बार गेम बनाएं और बिना किसी समझौते के हर जगह खिलाड़ियों तक पहुंच सकें। 3. तीसरा, गेमिंग का भविष्य हम गेमिंग के बदलते तौर-तरीकों को देख रहे हैं। इस दौर की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम नए बिजनेस मॉडल और खेलने के नए तरीके खोजेंगे। इसके लिए हम अपने पास मौजूद मशहूर टीमों, किरदारों और दुनिया का सहारा लेंगे जिन्हें लोग प्यार करते हैं। जैसे-जैसे कमाई के तरीके और AI भविष्य को प्रभावित करेंगे, हम केवल थोड़े समय के फायदे के पीछे नहीं भागेंगे और न ही अपने इकोसिस्टम में बिना जान वाला 'AI स्लोप') भरेंगे। गेम्स हमेशा एक आर्ट रहेंगे, जिसे इंसानों ने बनाया है और हमारी सबसे नई टेक्नोलॉजी ने उसे निखारा है। फिल स्पेंसर गर्मियों तक सलाहकार की भूमिका में रहेंगे गेमिंग जगत का बड़ा चेहरा माने जाने वाले फिल स्पेंसर अचानक कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं। वे इस साल गर्मियों तक कंपनी के साथ एक सलाहकार के तौर पर जुड़े रहेंगे। स्पेंसर के कार्यकाल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने 'एक्टिविज़न ब्लिज़ार्ड' जैसी बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया था। गेमिंग डिवीजन में और भी कई बड़े बदलाव हुए सिर्फ सीईओ ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने पूरी लीडरशिप टीम में फेरबदल किया है। मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है, जो अब गेम स्टूडियो और नए टाइटल्स की जिम्मेदारी देखेंगे। सारा बॉन्ड ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है। इन बदलावों से साफ है कि माइक्रोसॉफ्ट अब एआई और क्लाउड गेमिंग के जरिए एक्सबॉक्स की पहचान बदलने की तैयारी में है। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सामने 3 बड़ी चुनौतियां सत्या नडेला की कोर टीम में एक और भारतीय चेहरा सत्या नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट में भारतीय मूल के अधिकारियों का दबदबा बढ़ा है। वहीं आशा शर्मा की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कंपनी गेमिंग को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एआई और क्लाउड बिजनेस का भविष्य मान रही है। नॉलेज बॉक्स: 1. 'AI Slop' क्या है जिसका जिक्र आशा ने किया? टेक की भाषा में 'AI Slop' उस कंटेंट को कहा जाता है जो एआई द्वारा बिना किसी मानवीय रचनात्मकता या गुणवत्ता जांच के भारी मात्रा में तैयार किया जाता है। आशा का कहना है कि गेमिंग में इमोशन्स और ह्यूमन टच जरूरी है, जो केवल मशीनें नहीं दे सकतीं। 2. क्या है Xbox?
आईटेल A100 रिव्यू:प्रीमियम डिजाइन के साथ बिना नेटवर्क कॉलिंग जैसे फीचर, लो बजट में अच्छा ऑप्शन
टेक कंपनी आईटेल ने भारत में बजट सेगमेंट में नया स्मार्टफोन A100 पेश किया है। फोन प्रीमियम डिजाइन के साथ आया है। हमने फोन को एक हफ्ते इस्तेमाल किया है, तो चलिए जानते हैं इसमें क्या खास है... इस फोन में सबसे खास 'अल्ट्रा लिंक' फीचर है, जिससे बिना सिम नेटवर्क के भी दूसरे आईटेल फोन पर अनलिमिटेड कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा फोन खरीदने के बाद 100 दिन के अंदर अगर स्क्रीन डेमेज होती है, तो कंपनी फ्री स्क्रीन रिप्लेस करेगी। डिजाइन और बिल्ड: स्लिम बॉडी और प्रीमियम मैट फिनिश फोन को पॉलीकार्बोनेट मटेरियल से बनाया गया है और ये मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन (MIL-STD-810H) के साथ आया है, यानी रोजमर्रा के यूसेज में फोन काफी मजबूत है। फोन सिर्फ 8.49mm पतला है, जिससे यह हाथ में पकड़ने पर काफी स्लिम और प्रीमियम फील देता है। पीछे की तरफ स्टाइलिश टेक्स्चर दिया गया है। यहां कैमरा मॉड्यूल और फिंगरप्रिंट सेंसर की पोजीशन काफी क्लीन रखी गई है। आईटेल A100 में सिल्क ग्रीन, प्योर ब्लैक और टाइटेनियम गोल्ड जैसे तीन कलर ऑप्शन मिलेंगे। फोन के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर्स दिए गए हैं। नीचे की तरफ चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल मौजूद है। इसमें IR ब्लास्टर भी दिया गया है, जिससे आप टीवी और AC को रिमोट की तरह कंट्रोल कर सकते हैं। फोन में ट्रिपल कार्ड स्लॉट है, यानी आप दो सिम कार्ड के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लगा सकते हैं। यह तीन कलर सिल्क ग्रीन, टाइटेनियम गोल्ड और प्योर ब्लैक में अवेलेबल है। आईटेल A100: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: फोन में 6.6-इंच का HD+ IPS डिस्प्ले दी गई है। बजट फोन होने के बावजूद इसमें 90Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग स्मूद रहती है। स्क्रीन पर वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन दिया गया है, जिसमें सेल्फी कैमरा मौजूद है। इस प्राइस पॉइंट पर बेजल्स और नीचे की चिन औसत ही मिलती है। बड़ी स्क्रीन होने की वजह से इस पर वीडियो देखने का अनुभव अच्छा रहता है। इसमें एपल के आईफोन में मिलने वाले डायनामिक आइलैंड जैसा 'डायनामिक बार' फीचर भी है, जो बैटरी स्टेटस और नोटिफिकेशन की जानकारी स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में दिखाता है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 8 मेगापिक्सल और सेल्फी के लिए 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। दोनों से आप फुल HD वीडियो 30fps पर शूट कर सकते हैं। इसमें पोर्ट्रेट मोड का ऑप्शन भी है, जो रियर और सेल्फी दोनों में काम करता है। फोटो क्वालिटी इस कीमत के हिसाब से ठीक-ठाक है। परफॉर्मेंस: यह एक 4G फोन है, जिसमें यूनिसोक T7100 चिपसेट दिया गया है। यह हैवी गेमिंग के लिए तो नहीं है, लेकिन रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकता है। फोन एंड्रॉएड 15 (गो एडिशन) पर चलता है, जो लाइट एप्स के साथ काफी स्मूथ काम करता है। इसमें स्टॉक डायलर दिया गया है, जिससे आप बिना किसी को पता चले कॉल रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। बैटरी: फोन में 5000mAh की बड़ी बैटरी है, जो आराम से एक दिन का बैकअप दे देती है। 10W के चार्जर से इसे फुल चार्ज होने में करीब 1.5 से 2 घंटे का समय लगता है। फाइनल वर्डिक्ट स्टोरेज और कीमत की बात करें तो ये दो वैरिएंट्स में आता है। इसके 3GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वैरिएंट की कीमत 6,800 और 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वैरिएंट की कीमत 7,499 रुपए है। अगर आपका बजट ₹7,000 के आसपास है और आप एक ऐसा फोन चाहते हैं, जो देखने में स्टाइलिश और प्रीमियम हो, जो मजबूत हो और जिसमें लेटेस्ट एंड्रॉएड 15 और बिना शोर वाली कॉल रिकॉर्डिंग मिले। तो आईटेल A100 आपके लिए एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन हो सकता है।
टाटा मोटर्स ने आज 20 फरवरी को अपनी सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक माइक्रो SUV 'पंच EV' का फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। नई पंच EV में न सिर्फ डिजाइन और फीचर्स को अपडेट किया गया है, बल्कि कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आई है। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। नई पंच मौजूदा मॉडल से 30 हजार रुपए सस्ती हुई इसकी कीमत 9.69 लाख रुपए से शुरू होती है, जो टॉप वैरिएंट में ₹12.59 लाख रुपए तक जाती है। टाटा ने नई पंच EV को 5 ट्रिम- स्मार्ट, स्मार्ट+, एडवेंचर, एम्पावर्ड और एम्पावर्ड+ में पेश किया है। इलेक्ट्रिक कार का नया बेस वैरिएंट पुराने मॉडल से ₹30,000 सस्ता है, वहीं बड़ी बैटरी वाला टॉप वैरिएंट अब ₹1.85 लाख तक किफायती हो गया है। कार की बुकिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसकी डिलीवरी भी शुरू कर दी जाएगी। टाटा पंच फेसलिफ्ट: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर डिजाइन: बदला हुआ फ्रंट लुक और नए अलॉय व्हील्स फ्रंट प्रोफाइल: कार के अगले हिस्से में सबसे बड़ा बदलाव इसकी ग्रिल और लाइट सेटअप में है। फेसलिफ्ट मॉडल में हेडलैम्प्स को जोड़ने वाली काली पट्टी को हटा दिया गया है। साथ ही कनेक्टेड LED DRLs के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। फ्रंट स्कफ प्लेट को भी नया किया गया है। साइड और रियर: साइड प्रोफाइल में नेक्सॉन ईवी से इन्सपायर्ड नए 'एरो-ऑप्टिमाइज्ड' अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। पीछे की तरफ इसके पेट्रोल वर्जन की तरह कनेक्टेड LED टेल-लैम्प मिलने की उम्मीद है। कलर ऑप्शन: कंपनी ने इसमें एक नया 'ब्राइट येलो' कलर पेश किया है, जो हैरियर के सनलिट येलो जैसा दिखता है। इसमें कॉन्ट्रास्टिंग ब्लैक रूफ (डुअल टोन) का विकल्प भी मिलेगा। इंटीरियर: 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन केबिन के अंदर कंपनी ने टेक्नोलॉजी और कंफर्ट पर फोकस किया है... डैशबोर्ड और डिस्प्ले: इसमें नया 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिल सकता है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले सपोर्ट करेगा। सीटिंग और सनरूफ: प्रीमियम फील के लिए नई सीट अपहोल्स्ट्री और वेंटिलेटेड सीट्स दी जा सकती हैं। साथ ही इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ का फीचर भी रहेगा। स्टीयरिंग: टाटा का नया टू-स्पोक और इल्लुमिनेटेड लोगो वाला स्टीयरिंग व्हील इसमें देखने को मिलेगा। परफॉरमेंस: 9.5 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मैकेनिकल तौर पर नई पंच ईवी में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है। इसमें पहले की तरह दो बैटरी ऑप्शंस मिल सकते हैं। यह ईवी केवल 9.5 सेकेंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 140kmph है। ईवी में दो ई-ड्राइव ऑप्शन है: एक 120bhp, 190Nm टॉर्क वर्जन और एक 80bhp, 114 एनएम टॉर्क वर्जन। कार में दो बैटरी पैक ऑप्शन- 25kWh (मिड रेंज) और 35kWh (लॉन्ग रेंज) मिलेंगे। मिड रेंज ट्रिम में सिंगल चार्ज पर कार 315km और लॉन्ग रेंज में 421km तक की रेंज (MIDC) मिलेगी। स्टैंडर्ड में केवल 3.3kW AC चार्जर मिलता है, जबकि लॉन्ग रेंज में 7.2kW AC चार्जर के साथ 50kW DC फास्ट चार्जिंग भी मिलती है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS और 6 एयरबैग्स से होगी लैस ADAS टेक्नोलॉजी: पंच EV में रडार और कैमरा बेस्ड ADAS सिस्टम दिया जा सकता है, जिसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे। स्टैंडर्ड सेफ्टी: 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स इसे सेगमेंट की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार बनाएंगे।
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसपर साइन किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया- भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्द देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने यह भी साझा किया कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस '2-नैनोमीटर' चिप डिजाइन कर रहे हैं। सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री को 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। उन्होंने कहा, देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है। अमेरिका बोला- भारत का प्रवेश सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं समिट में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस गठबंधन में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, भारत के पास ऐसा टैलेंट है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है। मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात सर्जियो गोर ने भारत में हो रही इस समिट को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। भारत-अमेरिका की साझेदारी से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए 'पैक्स सिलिका' समझौते के दौरान गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि एआई (AI) का फायदा सबको मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गूगल अपने प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और खास बिजनेस सॉल्यूशंस के जरिए भारत में एआई की ग्रोथ को पूरा सपोर्ट कर रहा है। क्या है पैक्स सिलिका और इसमें कौन-कौन शामिल? इसे दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश: भारत के अलावा इस गठबंधन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, कतर, ग्रीस और ब्रिटेन शामिल हैं। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। 200 बिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को आज से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI, यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड होता है, तो उसे 3 घंटे में हटाने होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसके लिए IT रूल्स 2021 में बदलाव किया है। मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों का पालन करने के आदेश जारी किए थे। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह असली नहीं, AI की मदद से बनाया गया है। इससे मिस इनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। पीएम बोले- कंटेंट पर 'ऑथेंटिसिटी लेबल' की जरूरत पीएम ने AI समिट के दौरान सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर 'न्यूट्रिशन लेबल' होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या फैब्रिकेटेड, यानी एआई से बनाया गया है। सभी AI ऑडियो-वीडियो में लेबल लगाना होगा नए रूल 3 (3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी 'सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन' क्रिएट करेगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटा डेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे। मिस-इनफॉर्मेशन कम होगी, लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स लेने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप 'ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट' बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिस-इनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। क्या है डीपफेक? डीपफेक एक तरह की फेक वीडियो होती है, जिसमें किसी शख्स के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन बदले जाते हैं। AI टूल्स के जरिए एडिटिंग इतनी सफाई से होती है कि सही और फेक वीडियो में पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को कल 20 जनवरी से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड करता है, तो 3 में हटाने होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसके लिए IT रूल्स 2021 में बदलाव किया है, जिसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था। इसके बाद मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर प्लेटफॉर्म्स को नए नियम का पालन करने का आदेश जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। मतलब, अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह कंटेंट असली नहीं, AI वाला है। इससे मिस इनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। पीएम बोले- कंटेंट पर 'ऑथेंटिसिटी लेबल' की जरूरत पीएम ने आज AI समिट में संबोधन के दौरान सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर 'न्यूट्रिशन लेबल' होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है। सभी AI ऑडियो-वीडियो लेबल लगाना होगा नई रूल 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी 'सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन' क्रिएट करने देगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे, मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स करने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। लेकिन ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप 'ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट' बनाने के लिए है, जो जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। क्या है डीपफेक? डीपफेक एक तरह की फेक वीडियो होती है, जिसमें किसी शख्स के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन बदले जाते हैं। AI टूल्स के जरिए एडिटिंग इतनी सफाई से होती है कि सही और फेक वीडियो में पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
टाटा मोटर्स अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV पंच ईवी का फेसलिफ्ट कल 20 फरवरी को भारत में लॉन्च करने जा रही है। पंच EV जनवरी 2024 पहली बार भारत में लॉन्च हुई थी। अब दो साल बाद इसे पहला बड़ा अपडेट दिया जाएगा। कंपनी ने हाल ही में अपडेटेडेट पंच ईवी का फर्स्ट लुक रिवील किया था। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड होगा, जिसे पिछले महीने ही अपडेट किया गया है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आएगी। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। इसके साथ पहली बार कार में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स भी दिया जा सकता है। नई पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत ₹11 से ₹15 लाख के बीच हो सकती है। कीमत और मुकाबला: मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है कार टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट की कीमतों का खुलासा 20 फरवरी को लॉन्चिंग के दौरान होगा। फिलहाल मौजूदा पंच ईवी की एक्स-शोरूम कीमत ₹9.99 लाख से ₹14.44 लाख के बीच है। माना जा रहा है कि नए फीचर्स और डिजाइन अपडेट के बाद इसकी कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। बाजार में इसका सीधा मुकाबला सिट्रोएन eC3 और आने वाली हुंडई एक्सटर EV से रहेगा। एक्सटीरियर डिजाइन: बदला हुआ फ्रंट लुक और नए अलॉय व्हील्स फ्रंट प्रोफाइल: कार के अगले हिस्से में सबसे बड़ा बदलाव इसकी ग्रिल और लाइट सेटअप में है। फेसलिफ्ट मॉडल में हेडलैम्प्स को जोड़ने वाली काली पट्टी को हटा दिया गया है। साथ ही कनेक्टेड LED DRLs के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। फ्रंट स्कफ प्लेट को भी नया किया गया है। साइड और रियर: साइड प्रोफाइल में नेक्सॉन ईवी से इन्सपायर्ड नए 'एरो-ऑप्टिमाइज्ड' अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। पीछे की तरफ इसके पेट्रोल वर्जन की तरह कनेक्टेड LED टेल-लैम्प मिलने की उम्मीद है। कलर ऑप्शन: कंपनी ने इसमें एक नया 'ब्राइट येलो' कलर पेश किया है, जो हैरियर के सनलिट येलो जैसा दिखता है। इसमें कॉन्ट्रास्टिंग ब्लैक रूफ (डुअल टोन) का विकल्प भी मिलेगा। इंटीरियर: 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन केबिन के अंदर कंपनी ने टेक्नोलॉजी और कंफर्ट पर फोकस किया है... डैशबोर्ड और डिस्प्ले: इसमें नया 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिल सकता है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले सपोर्ट करेगा। सीटिंग और सनरूफ: प्रीमियम फील के लिए नई सीट अपहोल्स्ट्री और वेंटिलेटेड सीट्स दी जा सकती हैं। साथ ही इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ का फीचर भी रहेगा। स्टीयरिंग: टाटा का नया टू-स्पोक और इल्लुमिनेटेड लोगो वाला स्टीयरिंग व्हील इसमें देखने को मिलेगा। परफॉरमेंस: 9.5 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मैकेनिकल तौर पर नई पंच ईवी में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है। इसमें पहले की तरह दो बैटरी ऑप्शंस मिल सकते हैं। यह ईवी केवल 9.5 सेकेंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 140kmph है। ईवी में दो ई-ड्राइव ऑप्शन है: एक 120bhp, 190Nm टॉर्क वर्जन और एक 80bhp, 114 एनएम टॉर्क वर्जन। कार में दो बैटरी पैक ऑप्शन- 25kWh (मिड रेंज) और 35kWh (लॉन्ग रेंज) मिलेंगे। मिड रेंज ट्रिम में सिंगल चार्ज पर कार 315km और लॉन्ग रेंज में 421km तक की रेंज (MIDC) मिलेगी। स्टैंडर्ड में केवल 3.3kW AC चार्जर मिलता है, जबकि लॉन्ग रेंज में 7.2kW AC चार्जर के साथ 50kW DC फास्ट चार्जिंग भी मिलती है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS और 6 एयरबैग्स से होगी लैस ADAS टेक्नोलॉजी: पंच EV में रडार और कैमरा बेस्ड ADAS सिस्टम दिया जा सकता है, जिसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे। स्टैंडर्ड सेफ्टी: 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स इसे सेगमेंट की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार बनाएंगे।
मारुति सुजुकी ने आज (19 फरवरी) अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा की पूरी प्राइस लिस्ट जारी कर दी है। ई-विटारा 49kWh और 61kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आई है। कंपनी का दावा है कि कार एक बर फुल चार्ज करने पर 543 किलोमीटर से ज्यादा चलती है। इलेक्ट्रिक SUV में 360 डिग्री कैमरा, एयरबैग और लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹15.99 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, BAAS प्रोग्राम के तहत बिना बैटरी के कार ₹10.99 लाख में खरीद सकेंगे। इसे मारुति के प्रीमियम नेक्सा शोरूम के जरिए बेचा जाएगा। मारुति सुजुकी ई-विटारा: वैरिएंट वाइस प्राइस ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा, फ्री चार्ज कर सकेंगे ग्राहकों को बैटरी के लिए 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (BaaS) प्रोग्राम के तहत ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा। कंपनी ने फिलहाल 49kWh बैटरी पैक वाले बेस 'डेल्टा' वैरिएंट की कीमत बताई है, पूरी प्राइस लिस्ट बाद में जारी होगी। कार डेल्टा, जेटा और अल्फा में वैरिएंट्स में मिलेगी। कार की बुकिंग 21 हजार रुपए में शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही इसकी डिलीवरी भी शुरू हो गई है। यह कार मार्केट में हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और टाटा कर्व EV जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी। बैटरी पैक पर 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक की और गाड़ी पर 3 साल की वारंटी मिलेगी। गाड़ी की वारंटी को 5 साल तक बढ़वाया जा सकता है। इसके साथ घर पर चार्जर लगाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। साथ ही, मारुति के 'e for me' एप के जरिए एक साल तक फ्री चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी। बैटरी एज ए सर्विस प्रोग्राम क्या है? बैटरी एज ए सर्विस (BAAS) एक बैटरी रेंटल प्रोग्राम है। इसके तहत इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर उसकी कीमत में बैटरी पैक की कीमत शामिल नहीं होती है। इसकी जगह आपसे बैटरी के इस्तेमाल के हिसाब से पैसे लिए जाएंगे। यानी आप गाड़ी जितने किलोमीटर चलाओगे उस हिसाब से बैटरी की कॉस्ट रेंटल फीस के तौर पर वसूली जाएगी। जहां हर महीने आपको EMI के तौर पर देनी होगी, लेकिन आपको बैटरी चार्ज करने के अलग से पैसे देने होंगे। एक्सटीरियर : LED हेडलैंप और 19-इंच ब्लैक व्हील सुजुकी ई विटारा को नए हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर डेवलप किया गया है, जिसे कंपनी ने टोयोटा के साथ मिलकर बनाया है। सुजुकी ई विटारा का एक्सटीरियर डिजाइन EVX कॉन्सेप्ट मॉडल की तरह ही है। इसके फ्रंट में पतली LED हेडलाइट और वाई-शेप्ड LED DRL और स्टाइलिश बंपर के साथ इंटीग्रेटेड फॉग लाइट दी गई हैं। बॉडी क्लेडिंग और 19-इंच ब्लैक व्हील के साथ मिड साइज SUV साइड से काफी मस्क्यूलर दिखाई देती है। पिछले गेट पर डोर हैंडल को सी-पिलर पर दिया गया है। इसके अलावा रुफ पर एक इलेक्ट्रिक सनरुफ भी है। ई विटारा के रियर में कॉन्सेप्ट वर्जन की तरह 3-पीस लाइटिंग एलिमेंट वाली कनेक्टेड LED टेल लाइट दी गई है। इंटीरियर : 6 एयरबैग स्टैंडर्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक मिलेंगे ई-विटारा में डुअल-टोन ब्लैक और ऑरेंज केबिन दी गई है। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर क्रोम टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। सुजुकी ने ई विटारा के फीचर्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है मारुति की इलेक्ट्रिक कार में ऑटोमैटिक AC, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए इसमें 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360 डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे सेफ्टी फीचर मिलेंगे। परफॉर्मेंस: बैटरी पैक और रेंज यूरोपियन मार्केट में ई विटारा को दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया गया है। 1 लाख चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क खड़ा करेगी मारुति ई-विटारा इलेक्ट्रिक को पिछले साल रिवील किया गया था कंपनी ने ईवी को पिछले साल जनवरी में हुए भारत ग्लोबल मोबिलिटी एक्सपो-2025 में रिवील किया था। इससे पहले मारुति की पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने पिछले साल अक्टूबर में इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ई-विटारा को ग्लोबल मार्केट में रिवील किया था। मिड साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी EVX का प्रोडक्शन वर्जन है, जिसे पहली बार ऑटो एक्सपो-2023 में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा।
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे। फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं। एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों में नाम आने पर हटे गेट्स बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया जा रहा है। इन गुप्त दस्तावेजों को हाल ही में जारी किया गया है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में आत्महत्या के बाद, उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। एनवीडिया CEO ने भी भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ 'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की थीम पर समिट इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं। तीन 'सूत्रों' पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है - पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले।
टेक कंपनी अल्फाबेट (गूगल) ने अपने सबसे बड़े इवेंट डेवलपर कॉन्फ्रेंस 'गूगल I/O 2026' की तारीखों की घोषणा कर दी है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी दी कि यह मेगा इवेंट 19 और 20 मई को आयोजित किया जाएगा। कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू के गूगल हेडक्वार्टर में होने वाली इस कॉन्फ्रेंस को दुनिया भर के लोग ऑनलाइन देख सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार गूगल का पूरा फोकस नए एआई टूल्स और वियरेबल गैजेट्स पर होगा। सुंदर पिचाई ने 'X' पर दी जानकारी गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक पोस्ट के जरिए डेवलपर्स और टेक प्रेमियों को इस इवेंट के लिए इनवाइट किया है। दो दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में गूगल अपनी भविष्य की प्लानिंग और नई तकनीकों का रोडमैप पेश करता है। इवेंट को गूगल की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव देखा जा सकेगा। क्या-क्या नया मिलेगा एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गूगल इस इवेंट में अपने सबसे एआई मॉडल 'जेमिनी' (Gemini) के नए और एडवांस वर्जन पेश कर सकता है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा गूगल के ‘स्मार्ट ग्लासेस’ को लेकर है। पिछले इवेंट में जेमिनी 2.5-प्रो और गूगल बीम लॉन्च हुआ था गूगल I/O 2025' 20 मई से शुरू हुआ। कंपनी का फोकस पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर रहा और कंपनी ने जेमिनी 2.5, गूगल बीम, इमेजिन 4, वेयो 3 जैसे कई AI टूल पेश किए थे। इस दौरान कंपनी के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि Google अब 'AI-फर्स्ट' कंपनी है। Gemini 2.5 और इसके अपडेट्स (Pro और Flash) को हर प्रोडक्ट-सर्च, जीमेल, मीट, मैप्स, कैलेंडर में इंटीग्रेट किया जा रहा है।
निसान इंडिया ने अपनी नई कॉम्पैक्ट MPV 'ग्रेवाइट' को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹5.65 लाख (एक्स-शोरूम) रखी है। यह कीमत शुरुआती 5 हजार ग्राहकों के लिए लागू होगी। ग्रेवाइट को रेनो ट्राइबर के प्लेटफॉर्म पर ही बनाया गया है। 5 हजार ग्राहकों को 5 साल तक फ्री सर्विस ग्रेवाइट पर 3 साल या 1 लाख किमी की स्टैंडर्ड वारंटी मिलेगी। लेकिन ग्राहक इसे अपनी जरूरत के हिसाब से 10 साल या 2 लाख किलोमीटर तक बढ़वा सकते हैं। पहले 5 हजार ग्राहकों को शुरुआती 5 सालों के लिए 'जीरो सर्विस कॉस्ट' का फायदा मिलेगा। साथ ही, इन ग्राहकों को कार अपग्रेड करने जैसे अन्य बेनेफिट्स भी दिए जाएंगे। इंजन और माइलेज: 19.3 kmpl का दावा निसान ने अपनी नई कार ग्रेवाइट में 1.0-लीटर का 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह 72hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही डीलर लेवल पर इसमें 'डुअल-सिलेंडर CNG किट' लगवाने की सुविधा भी मिलेगी। इंटीरियर और सीटिंग: 7 लोगों के बैठने की जगह कार के अंदर 5+2 सीटिंग कॉन्फिगरेशन मिलता है। डैशबोर्ड का लेआउट सरल है। इसमें 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और ड्राइवर के लिए 7-इंच का डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है। इंटीरियर की कलर स्कीम और ट्रिम्स ट्राइबर से अलग हैं, जिससे यह अंदर से फ्रेश महसूस होती है। इसमें वायरलेस चार्जिंग पैड और कूल्ड ग्लव बॉक्स जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। एक्सटीरियर: ट्राइबर जैसा लुक, लेकिन मॉडर्न टच ग्रेवाइट का बाहरी डिजाइन काफी हद तक ट्राइबर से मिलता-जुलता है, लेकिन निसान ने इसमें कई 'कॉस्मेटिक' बदलाव किए हैं। कार के फ्रंट में नई हनीकॉम्ब पैटर्न वाली ग्रिल और हेडलाइट्स में नए सिग्नेचर वाली DRLs दी गई हैं। इसके बंपर को दोबारा डिजाइन किया गया है। इसमें C-शेप के सिल्वर फिनिश वाले हिस्से मिलते हैं। कार को अलग पहचान देने के लिए इसके बोनट और पीछे के दरवाजे (टेलगेट) पर बड़े अक्षरों में 'GRAVITE' लिखा है। ग्राहक इसे पांच रंगों-फॉरेस्ट ग्रीन, ओनिक्स ब्लैक, ब्लेड सिल्वर, स्नो व्हाइट और मेटालिक ग्रे में खरीद सकते हैं। फीचर्स: सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और क्रूज कंट्रोल निसान ने इसमें फीचर्स की लंबी लिस्ट दी है। टॉप मॉडल्स में वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप, ऑटोमैटिक LED हेडलैंप्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स हैं। सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयरबैग्स और रियर पार्किंग सेंसर दिए गए हैं। लॉन्च एडिशन: 1,001 यूनिट्स के लिए खास ऑफर कंपनी ने ग्रेवाइट का एक 'लॉन्च एडिशन' भी पेश किया है। इसकी केवल 1,001 यूनिट्स बेची जाएंगी। इसमें JBL का साउंड सिस्टम, डैशकैम, एम्बिएंट लाइटिंग और एयर प्यूरीफायर जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स मिलेंगे। इसकी कीमत 8.35 लाख रुपए से शुरु होगी। नॉलेज बॉक्स 1. प्लेटफॉर्म शेयरिंग' क्या होती है जैसे मारुति और टोयोटा अपनी गाड़ियां शेयर करते हैं, वैसे ही निसान और रेनो ने एक ही ढांचे पर दो अलग दिखने वाली कारें बनाई हैं। इससे गाड़ियों की कीमत कम रखने में मदद मिलती है। 2. 10 साल की वारंटी का गणित मिडिल क्लास परिवार के लिए इसके दो बड़े फायदे हैं…
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश करने के आरोप लगे हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्होंने इसे डेवलप करने का दावा कभी नहीं किया, बल्कि यह छात्रों के सीखने के लिए लाया गया एक टूल है। वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत के दौरान रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रही हैं। वीडियो में इसे 'ओरियन' नाम दिया गया और कहा गया कि इसे यूनिवर्सिटी के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' ने तैयार किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीनी कंपनी 'यूनिट्री' का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। यूनिवर्सिटी ने माना, हमने नहीं बनाया ये डॉग वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा- हमने लगातार कैंपस में बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाने की कोशिश की है। क्यों? क्योंकि जब छात्र नई चीजें देखते हैं, तभी उनकी सोच विकसित होती है। और यही सोच नए रचनाकारों को जन्म देती है। हाल ही में यूनिट्री से लिया गया रोबोटिक डॉग इसी सफर का एक हिस्सा है। यह सिर्फ दिखाने के लिए रखी गई कोई मशीन नहीं है, यह एक चलता-फिरता क्लासरूम है। हमारे छात्र इस पर प्रयोग कर रहे हैं, इसकी क्षमताओं को परख रहे हैं और इस प्रक्रिया में अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे। इनोवेशन की कोई सीमा नहीं होती। सीखने की भी नहीं होनी चाहिए। हम दुनिया भर से बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाना जारी रखेंगे ताकि हमारे छात्र उनका अध्ययन कर सकें, उन्हें चुनौती दे सकें और उनमें सुधार कर सकें और अंत में भारत से दुनिया के लिए वर्ल्ड-क्लास समाधान तैयार कर सकें। एक्स ने यूनिवर्सिटी के दावे को गलत बताया यूनिवर्सिटी के स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने इस पोस्ट पर एक 'कम्युनिटी नोट' जोड़ दिया। इसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी का यह दावा कि उन्होंने इसे अपना नहीं बताया, भ्रामक है। एक्स का कम्युनिटी नोट एक ऐसा फीचर है, जिसमें आम यूजर्स ही किसी भ्रामक पोस्ट पर सही जानकारी और संदर्भ जोड़कर उसे फैक्ट-चेक करते हैं। नॉलेज बॉक्स: क्या है यूनिट्री Go2 रोबोटिक डॉग रोबोटिक डॉग और ह्युमनॉइड रोबोट बनाती है यूनिट्री यूनिट्री चीन की एक मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो हाई-परफॉर्मेंस वाले रोबोटिक डॉग और ह्युमनॉइड रोबोट बनाने के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। यह कंपनी मुख्य रूप से किफायती और एडवांस सेंसर वाली रोबोटिक्स तकनीक विकसित करती है, जिसका इस्तेमाल रिसर्च, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल कामों के लिए किया जाता है।
दुनिया का सबसे पॉपुलर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब की सर्विस अचानक ठप हो गई। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में सुबह करीब 6 बजकर 20 मिनट से लगभग 8 बजे तक लाखों यूजर्स को इसे एक्सेस करने में परेशानी हो रही थी। सबसे ज्यादा दिक्कत इसके मोबाइल एप में आई जहां यूजर्स को समथिंग वेंट रॉन्ग मैसेज दिख रहा था। हालांकि जब इसे दो-तीन बार रिफ्रेश किया तो वीडियोज दिखने लगे थे। लेकिन पूरी तरह से ये काम नहीं कर रहा था। वहीं इसकी वेबसाइट एक्सेस हो रही थी। आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक अमेरिका में करीब 2.83 लाख लोगों ने यूट्यूब न चलने की शिकायत की। भारत में आज सुबह 7 बजे के करीब डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों का आंकड़ा 18 हजार को पार कर गया। यहां 71% यूजर्स एप इस्तेमाल में दिक्कत हुई। यूट्यूब टीम ने कहा- रिकमेंडेशन सिस्टम में खराबी आई यूट्यूब की टीम ने इस आउटेज को लेकर आज सुबह 07:26 मिनट पर एक X पोस्ट में कहा- अगर आपको अभी यूट्यूब चलाने में दिक्कत आ रही है, तो आप अकेले नहीं हैं। हमारी टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं और जो भी अपडेट होगा, हम यहां जानकारी देंगे। इसके बाद एक और अपडेट में यूट्यूब ने कहा कि हमारे रिकमेंडेशन सिस्टम में एक खराबी की वजह से यूट्यूब के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे होमपेज, यूट्यूब एप, यूट्यूब म्यूजिक और यूट्यूब किड्स पर वीडियो नहीं दिख रहे थे। होमपेज अब ठीक हो गया है, लेकिन हम अभी भी इसे पूरी तरह ठीक करने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही और जानकारी दी जाएगी! नॉलेज बॉक्स: क्या होता है आउटेज? आउटेज एक ऐसी स्थिति होती है जब कोई सर्विस जैसे इंटरनेट, एप, वेबसाइट अचानक काम करना बंद कर देती है या उपलब्ध नहीं रहती। यह कुछ समय के लिए हो सकता है। जैसे कुछ मिनट से लेकर घंटों तक। इसका कारण सर्वर फेल होना, नेटवर्क समस्या, रखरखाव, मौसम की मार, हार्डवेयर खराबी या ज्यादा लोड पड़ना हो सकता हैं।
मारुति सुजुकी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। ई-विटारा 49kWh और 61kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आई है। कंपनी का दावा है कि कार एक बर फुल चार्ज करने पर 543 किलोमीटर से ज्यादा चलती है। इलेक्ट्रिक SUV में 360 डिग्री कैमरा, एयरबैग और लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹10.99 लाख रखी गई है, लेकिन इसमें बैटरी के दाम शामिल नहीं है। इसे मारुति के प्रीमियम नेक्सा शोरूम के जरिए बेचा जाएगा। ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा, फ्री चार्ज कर सकेंगे ग्राहकों को बैटरी के लिए 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (BaaS) प्रोग्राम के तहत ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा। कंपनी ने फिलहाल 49kWh बैटरी पैक वाले बेस 'डेल्टा' वैरिएंट की कीमत बताई है, पूरी प्राइस लिस्ट बाद में जारी होगी। कार डेल्टा, जेटा और अल्फा में वैरिएंट्स में मिलेगी। कार की बुकिंग 21 हजार रुपए में शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही इसकी डिलीवरी भी शुरू हो गई है। यह कार मार्केट में हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और टाटा कर्व EV जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी। बैटरी पैक पर 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक की और गाड़ी पर 3 साल की वारंटी मिलेगी। गाड़ी की वारंटी को 5 साल तक बढ़वाया जा सकता है। इसके साथ घर पर चार्जर लगाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। साथ ही, मारुति के 'e for me' एप के जरिए एक साल तक फ्री चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी। बैटरी एज ए सर्विस प्रोग्राम क्या है? बैटरी एज ए सर्विस (BAAS) एक बैटरी रेंटल प्रोग्राम है। इसके तहत इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर उसकी कीमत में बैटरी पैक की कीमत शामिल नहीं होती है। इसकी जगह आपसे बैटरी के इस्तेमाल के हिसाब से पैसे लिए जाएंगे। यानी आप गाड़ी जितने किलोमीटर चलाओगे उस हिसाब से बैटरी की कॉस्ट रेंटल फीस के तौर पर वसूली जाएगी। जहां हर महीने आपको EMI के तौर पर देनी होगी, लेकिन आपको बैटरी चार्ज करने के अलग से पैसे देने होंगे। एक्सटीरियर : LED हेडलैंप और 19-इंच ब्लैक व्हील सुजुकी ई विटारा को नए हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर डेवलप किया गया है, जिसे कंपनी ने टोयोटा के साथ मिलकर बनाया है। सुजुकी ई विटारा का एक्सटीरियर डिजाइन EVX कॉन्सेप्ट मॉडल की तरह ही है। इसके फ्रंट में पतली LED हेडलाइट और वाई-शेप्ड LED DRL और स्टाइलिश बंपर के साथ इंटीग्रेटेड फॉग लाइट दी गई हैं। बॉडी क्लेडिंग और 19-इंच ब्लैक व्हील के साथ मिड साइज SUV साइड से काफी मस्क्यूलर दिखाई देती है। पिछले गेट पर डोर हैंडल को सी-पिलर पर दिया गया है। इसके अलावा रुफ पर एक इलेक्ट्रिक सनरुफ भी है। ई विटारा के रियर में कॉन्सेप्ट वर्जन की तरह 3-पीस लाइटिंग एलिमेंट वाली कनेक्टेड LED टेल लाइट दी गई है। इंटीरियर : 6 एयरबैग स्टैंडर्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक मिलेंगे ई-विटारा में डुअल-टोन ब्लैक और ऑरेंज केबिन दी गई है। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर क्रोम टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। सुजुकी ने ई विटारा के फीचर्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है मारुति की इलेक्ट्रिक कार में ऑटोमैटिक AC, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए इसमें 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360 डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे सेफ्टी फीचर मिलेंगे। परफॉर्मेंस: बैटरी पैक और रेंज यूरोपियन मार्केट में ई विटारा को दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया गया है। 1 लाख चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क खड़ा करेगी मारुति ई-विटारा इलेक्ट्रिक को पिछले साल रिवील किया गया था कंपनी ने ईवी को पिछले साल जनवरी में हुए भारत ग्लोबल मोबिलिटी एक्सपो-2025 में रिवील किया था। इससे पहले मारुति की पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने पिछले साल अक्टूबर में इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ई-विटारा को ग्लोबल मार्केट में रिवील किया था। मिड साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी EVX का प्रोडक्शन वर्जन है, जिसे पहली बार ऑटो एक्सपो-2023 में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा।
जीप इंडिया ने अपनी पॉपुलर 7-सीटर प्रीमियम SUV मेरिडियन का स्पेशल ट्रैक एडिशन भारत में लॉन्च किया है। यह एक लिमिटेड-रन मॉडल है, जिसे मेरिडियन के टॉप-स्पेक 'ओवरलैंड' ट्रिम पर तैयार किया गया है। कंपनी ने इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए हैं, जो इसे स्टैंडर्ड मॉडल के मुकाबले ज्यादा स्पोर्टी और प्रीमियम लुक देते हैं। कार में वेंटिलेटेड सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, 10.1 इंच की स्क्रीन और सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इस स्पेशल एडिशन को 4x2 और 4x4 दोनों वैरिएंट्स में उतारा गया है। जीप मेरिडियन का मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर, स्कोडा कोडिएक, MG ग्लोस्टर और एमजी मेजेस्टर से है। कीमत और बुकिंग: स्टैंडर्ड मॉडल से ₹34,000 महंगा जीप मेरिडियन ट्रैक एडिशन के 4x2 ऑटोमैटिक वैरिएंट की कीमत ₹35.95 लाख है, जबकि इसके 4x4 ऑटोमैटिक वैरिएंट की कीमत ₹37.82 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है। यह अपने बेस मॉडल ओवरलैंड से करीब ₹34,000 महंगा है। कंपनी ने इसकी बुकिंग डीलरशिप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शुरू कर दी है। आपको एक्स-शोरूम कीमत के अलावा 9,200 रुपए का AXS पैक भी लेना होगा।
दिल्ली के भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में से एक 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' चल रहा है। इसके पहले दिन 16 फरवरी को हुई अव्यवस्थाओं पर केंद्र सरकार ने माफी मांगी है। पहले दिन हजारों की संख्या में स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक एक्सपर्ट्स और विदेशी डेलीगेट्स पहुंचे थे। भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के कारण एंट्री पॉइंट्स पर लंबी कतारें लग गईं। ग्लोबल टेक कंपनियों के प्रतिनिधि और डेलीगेट्स को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ के सामान भी चोरी हुए। 70 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे, भीड़ से बिगड़े हालात केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज 17 फरवरी को कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट है। पहले दिन ही 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचे। अब इंतजाम ठीक हैं, लेकिन अगर कल किसी को परेशानी हुई तो हम उसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सुझावों के लिए तैयार है और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक 'वॉर रूम' बनाया गया है जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। 'वॉर रूम' एक ऐसा कंट्रोल सेंटर होता है जहां से पूरे वेन्यू की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाती है। फाउंडर का दावा- सुरक्षा घेरे के बीच चोरी हुए वियरेबल्स कनेक्टिविटी और खराब कम्युनिकेशन पर भी उठे सवाल रिस्किल के फाउंडर पुनीत जैन और एंटरप्रेन्योर प्रियांशु रत्नाकर ने मैनेजमेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पैची वाई-फाई, मोबाइल नेटवर्क की समस्या और रजिस्ट्रेशन में बार-बार हो रही दिक्कतों ने अनुभव खराब किया। फाउंडर्स का कहना था कि VIP मूवमेंट की वजह से उन लोगों को घंटों बाहर खड़ा रखा गया जो देश का AI भविष्य बना रहे हैं। कांग्रेस बोली- मोदी की 'रील' के चक्कर में देश की इमेज बर्बाद समिट में हुई अव्यवस्ता पर कांग्रेस ने एक पोस्ट किया है। इसमें लिखा- दिल्ली में AI समिट हो रहा है, लेकिन वहां के हालात बहुत ही भयानक हैं। समिट में मिस-मैनेजमेंट से फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि PM मोदी के आने के लिए मेन हॉल खाली करा दिया गया और एग्जिबिटर्स को उनके ही पेड स्टॉल्स से निकाल दिया गया। इसके अलावा समिट में लोगों को कई दिक्कतें झेलनी पड़ीं, जैसे: ये सब इसलिए हुआ क्योंकि AI समिट के पहले ही दिन नरेंद्र मोदी अपने लाव-लश्कर के साथ वहां फोटो खिंचवाने और रील बनवाने पहुंच गए। ये दिखाता है कि मोदी को सिर्फ अपनी छवि चमकाने से मतलब है। विश्व स्तर पर देश की इमेज बर्बाद होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। मंडपम में 4 हजार कैमरे और 15 हजार जवान तैनात भारत मंडपम में चल रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए 4 हजार से ज्यादा AI-इनेबल्ड कैमरे और 15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं... PM मोदी ने समिट का उद्घाटन किया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का औपचारिक उद्घाटन किया था। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। यहां AI एक्सपो का भी आयोजन किया गया है। एक्सपो में दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस पेश किए हैं। यहां आम लोग देख सकेंगे कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन जैसे टेक दिग्गज इवेंट में शामिल हो रहे हैं। …………………………… ये खबर भी पढ़े… 1. इंडिया AI समिट में शामिल होंगे बिल गेट्स:फाउंडेशन बोला- निमंत्रण रद्द होने की खबरें गलत, तय शेड्यूल के हिसाब से ही कार्यक्रम होगा माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स के 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है। गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता के अनुसार, बिल गेट्स तय कार्यक्रम के मुताबिक समिट में हिस्सा लेंगे और अपना कीनोट एड्रेस देंगे। पूरी खबर पढ़े…. 2. PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया, जियो इंटेलिजेंस जैसे AI मॉडल्स को जाना भारत में आज 16 फरवरी से दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली। पूरा खबर पढ़ें…
एपल ने साल 2026 के अपने पहले बड़े इवेंट की घोषणा कर दी है। इसमें कंपनी अपना अब तक का सबसे सस्ता मैकबुक, नया बजट आईफोन 17e और नया आईपैड पेश कर सकती है। यह इवेंट 4 मार्च को भारतीय समयानुसार शाम करीब 7:30 बजे शुरू होगा। 1. सबसे सस्ता मैकबुक: आईफोन वाली चिप और ब्राइट कलर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल पहली बार मैकबुक में अपनी 'M' सीरीज की जगह आईफोन में इस्तेमाल होने वाली 'A' सीरीज चिप दे सकता है। इसे खासतौर पर स्टूडेंट्स और ऑफिस यूजर्स के लिए तैयार किया गया है। इसकी कीमत 70 से 80 हजार रुपए के बीच हो सकती है। कंपनी ने न्यूयॉर्क में हो रहे इस इवेंट के जो इन्विटेशन कार्ड भेजे हैं उसमें एपल का लोगो पीले, हरे और नीले रंग में रखा है। इससे कयास हैं कि नया लैपटॉप कई ब्राइट कलर्स में आएगा। 2. आईफोन 17e: बजट सेगमेंट में नया फोन लॉन्च होने की उम्मीद एपल अपने बजट आईफोन लाइनअप में आईफोन 17e लॉन्च कर सकती है। इसमें आईफोन 17 वाली ही A19 चिप मिलने की उम्मीद है, जो पुराने मॉडल के मुकाबले काफी तेज होगी। 3. नए आईपैड और डिस्प्ले: M4 चिप के साथ पेश होने की उम्मीद आईपैड लवर्स के लिए भी इस इवेंट में काफी कुछ हो सकता है। कंपनी आईपैड एयर को M4 चिप के साथ अपडेट कर सकती है। इसके अलावा 12वीं जनरेशन का बेस मॉडल आईपैड भी पेश किया जा सकता है, जिसमें पहली बार 'एपल इंटेलिजेंस' (AI) का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही काफी समय से पेंडिंग 'स्टूडियो डिस्प्ले' का नया वर्जन भी पेश हो सकता है। 4. एपल इंटेलिजेंस: सिरी पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट होगी कंपनी सिरी के नए AI अवतार की झलक दिखा सकती है। ये ज्यादा स्मार्ट होगी और यूजर्स के सवालों के बेहतर जवाब दे पाएगी। एपल इसे अपनी 'एप्पल इंटेलिजेंस' सर्विस के तहत प्रमोट कर रहा है, जो आईफोन और मैक के इस्तेमाल को काफी आसान बना देगा। न्यूयॉर्क, लंदन और शंघाई में एक साथ इवेंट एपल ने इस बार इवेंट का फॉरमेट थोड़ा अलग रखा है। न्यूयॉर्क के मुख्य इवेंट के साथ-साथ लंदन और शंघाई में भी प्रेस के लिए प्रोग्राम रखे गए हैं। इसे 'इवेंट' की जगह 'एक्सपीरियंस' नाम दिया है। यानी वहां मौजूद लोग तुरंत नए गैजेट्स को टेस्ट कर सकेंगे। नॉलेज बॉक्स: क्या आप जानते हैं? एपल का न्यूयॉर्क कनेक्शन: एपल ने अपना पहला रिटेल स्टोर न्यूयॉर्क के फिफ्थ एवेन्यू में खोला था, जो आज दुनिया के सबसे मशहूर स्टोर्स में से एक है। A-सीरीज बनाम M-सीरीज: लैपटॉप में आईफोन वाली चिप लगाने से बैटरी लाइफ तो बढ़ती है, लेकिन बहुत भारी काम (जैसे 4K वीडियो एडिटिंग) में यह M-सीरीज जितनी पावरफुल नहीं।

