हूती की अमेरिका से 'सीक्रेट' डील, सऊदी अरब की कैसे बढ़ी मुश्किल
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक अत्याधुनिक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों ने इस संघर्ष से दूरी बना ली है, जिससे सऊदी अरब खुद को अकेला महसूस कर रहा है. सबसे बड़ा झटका अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगा है, जिन्होंने ओमान में हूतियों के साथ एक गुप्त समझौता कर लिया है.
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने दिया कौनसा बड़ा बयान? देखें US Top-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ जारी जंग अब खत्म होने के करीब है. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है. ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील को लेकर चर्चा तेज हो गई है. देखें यूएस टॉप-10.
वॉशिंगटन, 18 सितंबर . अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और उनका प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. इसके लिए अमेरिका की ओर से भी इजाजत दे दी गई है. दरअसल, न्यूयॉर्क में अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई-लेवल ... Read more
हमारे साथ ज्यादती हो रही.. पाकिस्तानी बंदे ने सुनाया दर्द, बताया-सऊदी अरब में मुस्लिम और हिंदुओं में क्या है फर्क?
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी महायुद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने रणनीतिक दुश्मनों के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक और सीधा बयान देकर वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। यरुशलम स्थित राष्ट्रपति आवास पर इजरायल की घरेलू खुफिया और सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet / ISA) के उत्कृष्ट कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य केवल आतंकी संगठनों की सैन्य क्षमता को कमजोर करना नहीं, बल्कि तेहरान में बैठी ईरानी सरकार (ईरानी शासन) को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है। नेतन्याहू के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि तेल अवीव अब छद्म युद्ध यानी प्रॉक्सी वॉर से आगे बढ़कर सीधे सत्ता परिवर्तन (Regime Change) के खतरनाक एजेंडे पर काम कर रहा है।'हम गिरा देंगे ईरानी शासन': तेहरान को सीधी चेतावनीनेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान को इस पूरे क्षेत्रीय तनाव की जड़ बताते हुए कहा कि इजरायल के अस्तित्व को मिटाने की चाह रखने वाली ताकतों की कमर तोड़ी जा चुकी है। उन्होंने कहा, ईरान और उसके सहयोगियों की इजरायल को खत्म करने की जो इच्छा थी, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन वह बेहद कमजोर हो चुकी है। उनकी हमला करने की क्षमता को हमने बहुत बुरी तरह तबाह कर दिया है। हमने अधिकांश काम पूरा कर लिया है, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण काम बाकी है और हम उसे भी हर हाल में पूरा करेंगे। हम हमास को समाप्त करेंगे और सबसे पहले तथा सबसे प्रमुख रूप से हम ईरान के शासन को हराएंगे। हम इसे गिरा देंगे, यह सरकार गिरकर रहेगी। नेतन्याहू का यह बयान केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के इस्लामिक शासन के अंत का खुला रोडमैप पेश करता है।7 अक्टूबर के कत्लेआम का हिसाब: हमास के लिए 'नो वन इज इम्यून'गाजा पट्टी में इजरायली सेना (IDF) के लगातार जारी ऑपरेशनों का जिक्र करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री ने हमास को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार को याद करते हुए कहा कि हमारी सेना उन सभी हत्यारों से पाई-पाई का हिसाब चुकता कर रही है, जिन्होंने हमारे निर्दोष नागरिकों, बेटियों, महिलाओं और बच्चों की जान ली थी। नेतन्याहू ने शिन बेट और सेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, जब हमने आतंकवादियों से कहा था कि 'कोई भी सुरक्षित नहीं है, हम तुममें से हर एक तक पहुंचेंगे', तो आप लोगों ने इस संकल्प को जमीन पर सच कर दिखाया है। अब हमास के बहुत कम लड़ाके और कमांडर बचे हैं, क्योंकि हम एक-एक करके उनका खात्मा कर रहे हैं।हिजबुल्लाह पर भी प्रहार: लेबनान सीमा पर दोतरफा मोर्चागाजा और तेहरान के साथ-साथ नेतन्याहू ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को भी बख्शने से साफ इनकार किया। उन्होंने घोषणा की कि जिस प्रकार हमास को घुटनों पर लाया गया है, ठीक उसी तरह हिजबुल्लाह से भी पूरी सख्ती से निपटा जाएगा और उसे भी पूरी तरह धराशायी किया जाएगा। इजरायली रक्षा बलों ने हाल ही में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के विशाल भूमिगत सुरंग नेटवर्क और मिसाइल ठिकानों को भारी बमबारी कर नष्ट किया है। नेतन्याहू और उनके रक्षा मंत्रालय का स्पष्ट मत है कि जब तक उत्तरी इजरायल की सीमा से हिजबुल्लाह को खदेड़कर लिटानी नदी के पार नहीं किया जाता, तब तक विस्थापित इजरायली नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी संभव नहीं है।मिडिल ईस्ट में महाविनाश की आहट: क्या भड़केगा सीधा युद्ध?बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब दुनिया भर के देश मिडिल ईस्ट में युद्धविराम (Ceasefire) कराने के कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं। ईरान की मौजूदा सरकार को सीधे तौर पर गिराने की सार्वजनिक घोषणा के बाद तेहरान की ओर से भी तीखी सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका बढ़ गई है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि इजरायल सीधे तौर पर ईरान के राजनीतिक और सामरिक नेतृत्व पर बड़े हमले करता है, तो लेबनान, यमन और इराक में मौजूद ईरानी समर्थक मिलिशिया एक साथ इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर सकते हैं। इससे वैश्विक समुद्री व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जो पूरी दुनिया को एक नए और विनाशकारी आर्थिक संकट की ओर धकेल देगा।
अमेरिका-हूती के बीच गुप्त बातचीत, लाल सागर में जहाजों को लेकर बनी सहमति; सऊदी अरब को लेकर बदली रणनीति
10 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत-अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में ड्रोन और रोबोटिक डॉग भी शामिल
'अच्छा समझौता होगा या कोई समझौता नहीं होगा': ट्रंप का ईरान को बड़ा संदेश; क्या जल्द खत्म होगा युद्ध?
'अच्छा समझौता होगा या कोई समझौता नहीं होगा': ट्रंप का ईरान को बड़ा संदेश; क्या जल्द खत्म होगा युद्ध?
भारतीय युद्धपोत को पाकिस्तानी जहाज ने जानबूझकर मारी टक्कर, एक्सपर्ट का खुलासा; भारी पड़ती पैंतरेबाजी
भारत ने इस घटना पर कड़ा एतराज जताया और पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दिया। साथ ही भारत ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में नियमों का पालन करे। एक्सपर्ट की क्या है राय?
विदेश के समाचार: नाइजीरिया में हिरासत में मौत से मचा हड़कंप; युद्ध अपराध पर घिरे अमेरिका-ईरान
विदेश के समाचार: नाइजीरिया में हिरासत में मौत से मचा हड़कंप; युद्ध अपराध पर घिरे अमेरिका-ईरान
<
Kangra News: अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, कच्चा माल महंगा, स्टेशनरी कारोबारी बेहाल
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की सीधी मार अब स्टेशनरी कारोबार पर पड़ने लगी है।
दुश्मनी अपनी जगह, कूटनीति अपनी जगह: युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरानी नेताओं को दिया वीजा, आखिर क्यों?
दुश्मनी अपनी जगह, कूटनीति अपनी जगह: युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरानी नेताओं को दिया वीजा, आखिर क्यों?
AI, जलवायु और युद्ध: महासभा के लिए महासचिव की प्रमुख प्राथमिकताएँ
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया के मौजूदा हालात पर गहरी चिन्ता जताते हुएकहाहै कि दुनिया“गहरी अनिश्चितता के दौर”से गुज़र रही है. महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह से ठीक पहले उन्होंने सरकारों से वैश्विक ख़तरों का सामना करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय सहयोग मज़बूत करने का आहवान किया.
हूतियों का बड़ा दावा: यमन में सऊदी अरब का F-15 गिराया, 'लोकल मिसाइल' से किया हमला
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब का एक एफ-15 लड़ाकू विमान गिरा दिया है। उनके मुताबिक यह विमान स्थानीय स्तर पर बनाई गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Türkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव में शादी करना मुश्किल हो गया है। गांव का नाम सुनते ही शादी का इच्छुक वर या कन्या पक्ष दूर चले जाते हैं। लेकिन इसका शादी से कोई खास लेना-देना नहीं है। यहां न तो कई अपनी बेटी देना चाहता है और न यहां की लड़की से शादी करना चाहता है। इसकी वजह एक सड़क है, जिसके बारे में गांव वालों का कहना है कि वह दशकों से खराब हालत में है। सालों से सड़क बनने का इंतजार कर रहे ग्रामीण अब सड़क बनवाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए हैं।लोगों के मुताबिक, मिर्जापुर के दांती और गौरा विसेन गांवों को जोड़ने वाली सड़क को सालों से बनाने की मांग की जा रही है। खस्ताहाल सड़क की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर मरीजों को मेडिकल सेंटर ले जाने की कोशिश करने वाले परिवारों तक, सभी मुश्किलों से जूझ रहे हैं।खरंजा फॉल्स और दांती के बीच की दूरी लगभग दो किलोमीटर है। लेकिन लोगों को रास्ते की खराब हालत की वजह से वे यह दूरी 200 किमी जैसी लगती है। गांववालों का कहना है कि सड़क पथरीली है और उस पर आना-जाना मुश्किल हो जाता है। मानसून में हालत और खराब हो जाती है। गांववालों के लिए, जो सफर छोटा होना चाहिए, वह एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। सड़क की समस्या ने जरूरी सेवाओं तक पहुंच पर भी असर डाला है।‘कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता’गांववालों का कहना है कि सड़क की समस्या अब शादियों पर भी असर डालने लगी है। यहां रहने वाले धीरज मौर्य ने कहा कि बार-बार मरम्मत की मांग के बावजूद सड़क सालों से खराब हालत में है। मौर्य के मुताबिक, सड़क की हालत ने इतनी मुश्किलें पैदा कर दी हैं कि गांव के युवाओं को शादी के लिए साथी ढूंढने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, “कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता।” उन्होंने कहा, “हम सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए अब हम धरना दे रहे हैं।” इसलिए यह मुद्दा सिर्फ़ ट्रांसपोर्टेशन की समस्या से कहीं ज्यादा हो गया है।दशकों पुरानी है सड़क की मांगलोगों का दावा है कि आजादी के बाद से ही सड़क बनाने की मांग बार-बार उठाई जाती रही है। ग्रामीणों का दावा है कि वन विभाग ने जमीन से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए सड़क बनाने के लिए जरूरी जमीन नहीं दी है। इससे सड़क प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और उन्हें मौजूदा रास्ते से ही जूझना पड़ रहा है।‘यह सड़क जरूर बननी चाहिए’स्थानीय निवासी रोहित शुक्ला ने कहा कि गांव वालों की मांग सही है। उन्होंने कहा, “हम सभी इस मांग का समर्थन करते हैं। यह सड़क जरूर बननी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि रास्ते की खराब हालत की वजह से, गांव वालों को कभी-कभी कई किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ता है।गांव वालों ने किया चुनाव का बॉयकॉटसुनील कुमार पाल ने कहा कि लोगों ने पहले भी सड़क के मुद्दे पर कड़ा विरोध किया था। उन्होंने कहा, “हमने पिछले साल भी वोट का बॉयकॉट किया था। हमें भरोसा दिलाया गया था कि सड़क ठीक कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुई है।”दुनिया के सबसे उम्रदराज बरगद के पेड़ की उम्र है 700 साल, जानिए किस तकनीक से तय की गई इसकी उम्र
Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेलकच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहींतेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थीइस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असरट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचेDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब सऊदी अरब ने पवित्र शहर मक्का के दक्षिण में एक हथियारबंद ड्रोन को मार गिराने का आधिकारिक दावा किया। इस गंभीर घटनाक्रम के सामने आते ही पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ हाल ही में संपन्न हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौते के प्रति अपनी पूर्ण सैन्य और कूटनीतिक प्रतिबद्धता दोहराई है। पाकिस्तान सरकार और सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इस्लामी दुनिया के सबसे मुकद्दस स्थलों की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कड़े शब्दों में कहा कि पवित्र हरमैन शरीफैन की हिफाजत करना किसी लिखित समझौते का मोहताज नहीं है, बल्कि यह इस्लामाबाद का बुनियादी ईमान और कर्तव्य है, जिसे किसी भी कीमत पर पूरा किया जाएगा।मक्का सुरक्षा के लिए किसी औपचारिक समझौते की जरूरत नहीं: रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दो टूक बयानसऊदी अरब के मक्का प्रांत के निकट हूती ड्रोन घुसपैठ की घटना के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जियो न्यूज से बात करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दो टूक शब्दों में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र इस्लामी स्थलों की रक्षा करना पाकिस्तान के लिए किसी तकनीकी या कागजी समझौते से कहीं ऊपर है। आसिफ ने रेखांकित किया कि यदि मक्का मुकर्रमा पर कोई सीधा खतरा आता है, तो उसकी हिफाजत में पाकिस्तान बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में सऊदी अरब और तुर्की के साथ हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौता पूरी तरह से सक्रिय है और इसके तहत जो भी सैन्य या रणनीतिक जिम्मेदारियां पाकिस्तान पर आती हैं, देश उन्हें पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ धरातल पर उतारेगा।क्या है सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौता और इसका सामूहिक सुरक्षा ढांचापश्चिम एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के मध्य एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता हुआ था। इस समझौते की मुख्य धुरी सामूहिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा है, जिसके तहत नाटो के आर्टिकल 5 की तर्ज पर यह प्रावधान किया गया है कि यदि तीनों हस्ताक्षरकर्ता देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र या बाह्य सैन्य हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर संयुक्त हमला माना जाएगा। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य खाड़ी और मध्य पूर्व में साझा प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करना और क्षेत्रीय संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखना है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह समझौता पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका मकसद आक्रामकता फैलाना नहीं, बल्कि मित्र देशों की रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाना है।सऊदी एयर डिफेंस का मक्का के पास एक्शन: हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा और हूतियों का इनकारसऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के दक्षिणी इलाके में एक ड्रोन को तब ट्रैक किया जब वह प्रतिबंधित और संवेदनशील हवाई क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। सऊदी सेना ने त्वरित मिसाइल इंटरसेप्शन के जरिए ड्रोन को हवा में ही मार गिराया और उसे मक्का के हवाई क्षेत्र को पार करने से रोक दिया। इस घटना के बाद रियाद ने हूती विद्रोहियों पर पवित्र धार्मिक स्थलों को असुरक्षित करने का गंभीर आरोप लगाया। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोही संगठन ने तुरंत आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब के इन दावों का खंडन किया है। हूतियों का कहना है कि उन्होंने मक्का या किसी भी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को कभी निशाना नहीं बनाया और न ही भविष्य में ऐसा करने का उनका कोई इरादा है।विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग: ऑपरेशनल गोपनीयता और सैन्य रणनीति का खुलासा न करने की नीतिइस्लामाबाद में आयोजित साप्ताहिक विदेश मंत्रालय ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के सामने पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति स्पष्ट की। जब उनसे पूछा गया कि क्या सऊदी अरब में लगातार हो रहे हवाई और ड्रोन हमलों को निष्प्रभावी करने के लिए पाकिस्तान अपनी सेना या वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए कृतसंकल्प है। हालांकि, उन्होंने बल देकर कहा कि सैन्य अभियानों की सफलता उनकी गोपनीयता पर निर्भर करती है, इसलिए कब, कहां, किस परिस्थिति में और किस स्तर के बल का प्रयोग किया जाएगा, इसे सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जा सकता। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सदस्य राष्ट्रों की भौगोलिक अखंडता या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो त्वरित जवाबी कार्रवाई होगी, किंतु सैन्य योजनाओं पर खुली चर्चा नहीं की जाएगी।रेड सी, बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: वैश्विक व्यापार और पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर असरखाड़ी संकट का प्रभाव केवल जमीनी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लाल सागर के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर भी इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक गलियारों में लगातार बढ़ रहे हमलों और जहाजों की आवाजाही में आ रही रुकावटों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने क्षेत्र में सक्रिय सभी गैर-सरकारी तत्वों और हूती विद्रोहियों से अपनी उकसावे वाली गतिविधियों को तत्काल बंद करने की अपील की। रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का अधिकांश तेल और वाणिज्यिक कार्गो गुजरता है। यदि इन संकीर्ण समुद्री मार्गों में तनाव बढ़ता है, तो माल ढुलाई और समुद्री बीमा की लागत कई गुना बढ़ जाएगी। पाकिस्तान जैसी पहले से संघर्षरत अर्थव्यवस्था के लिए यह रुकावट दोहरी मार साबित हो सकती है, जिससे ऊर्जा संकट और मुद्रास्फीति में भारी इजाफा हो सकता है।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तीखी निंदा: रियाद के साथ अटूट एकजुटता और संयम की अपीलसऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया। प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति पाकिस्तान के अटूट समर्थन को दोहराते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में इस्लामाबाद अपने सऊदी भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने मक्का जैसे पवित्र स्थल के पास ड्रोन भेजने की कथित कोशिश को कायरतापूर्ण और निंदनीय कृत्य करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पवित्र स्थलों पर मंडराने वाले किसी भी खतरे को पूरी मुस्लिम उम्माह के खिलाफ साजिश माना जाएगा। इसके साथ ही, व्यापक क्षेत्रीय युद्ध के खतरे को टालने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खाड़ी के सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने, सैन्य टकराव से पीछे हटने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने का पुरजोर आह्वान किया।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव, एकतरफा ट्रैफिक शुरू
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शनिवार व रविवार को सतबीस देवरी से रामपोल मार्ग पर प्रायोगिक तौर पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई।
UN की रिपोर्ट में अमेरिका पर बड़ा आरोप: ईरान में युद्ध अपराध (War Crimes) करने के मिले ठोस आधार
UN की रिपोर्ट में अमेरिका पर बड़ा आरोप: ईरान में युद्ध अपराध (War Crimes) करने के मिले ठोस आधार
Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Oman में अंसारुल्लाह से America से गुप्त मीटिंग | Bin Salman
अमेरिका-सऊदी रिश्तों में बड़ा सवाल! क्या हूतियों के खिलाफ जंग में वाशिंगटन ने रियाद को अकेला छोड़ दिया है? ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित गोपनीय बातचीत की रिपोर्टों ने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चर्चा छेड़ दी है।
मक्का की ओर ड्रोन का सऊदी दावा, हूतियों का इनकार; यमन युद्ध में क्यों बदल रहा नैरेटिव?
नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — सऊदी अरब ने 15 सितंबर को दावा किया कि मक्का की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया। हूतियों ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है। घटना के बाद मुस्लिम देशों में प्रतिक्रिया तेज हुई है, लेकिन ड्रोन हमले के सऊदी दावे के सार्वजनिक सबूतों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सऊदी अरब के मुताबिक, 15 सितंबर को मक्का, जेद्दा और ताइफ में कुछ समय के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था। नागरिकों को संभावित हवाई खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया।
चीन बॉर्डर के पास भारत-US का युद्धाभ्यास, रोबोटिक डॉग्स भी शामिल
युद्ध अभ्यास 2026 में औली में भारतीय और अमेरिकी सेना ने ड्रोन, रोबोटिक डॉग, कुत्तों और स्नाइपरों के साथ बिल्डिंग क्लियरेंस ड्रिल की. आतंकवाद विरोधी अभियानों में तकनीक और सैनिकों के तालमेल को मजबूत किया गया.
सऊदी अरब में बांग्लादेश के लोगों ने लहराया परचम, खुश हुए PM रहमान
सऊदी अरब में आयोजित 46वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता में बांग्लादेश के 4 हाफिजों ने पुरस्कार जीते. पीएम तारिक रहमान ने विजेताओं से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया.
भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा
हाल ही में मुस्लिमों के पवित्र शहर मक्का पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन हमले के दावे के बाद, ओडिशा के प्रसिद्ध 'भविष्य मालिका' ग्रंथ की एक भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। लगभग 600 वर्ष पूर्व ओडिशा के पंचसखाओं (विशेषकर महापुरुष ...
युद्ध का असर बरगी बांध तक, महंगी धातुओं ने अटकाया पावर यूनिट का आधुनिकीकरण
पश्चिम एशिया में युद्ध और इसके चलते धातुओं की कीमतों में आए उछाल का असर अब बरगी बांध की जल विद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण पर भी दिखाई देने लगा है।
तुर्की में ‘परिवार बचाने’ के लिए सरकार ने एलजीबीटीक्यू+ पर कसा शिकंजा
इस्तांबुल, 17 सितंबर . तुर्की में ‘परिवार और बच्चों की सुरक्षा’ के नाम पर एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के खिलाफ कार्रवाई अब व्यापक होती जा रही है. Government के ‘माई फैमिली इज सेफ’ अभियान के तहत देश के कई शहरों में एलजीबीटीक्यू+ संगठनों और एचआईवी जागरूकता समूहों पर छापेमारी के बाद Tuesday को 100 से अधिक लोगों ... Read more
हूती के लड़ाके सऊदी तेल संयंत्रों को निशाना बना रहे हैं। उनका यमन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक के पेरिम द्वीप पर कब्जा हो गया है। हूती हमलों से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। इसका असर वैश्विक बाजारों में देखने को मिल रहा है।
हूथियों से लड़ाई में सऊदी अरब ने पाकिस्तान से भी मांगी मदद
मन के हूथी विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सैन्य सहायता मांगी है.
अमेरिका में रिकॉर्ड $40 ट्रिलियन का कर्ज: ईरान युद्ध ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था, महंगे पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई ट्रंप की टेंशन
भारत-अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
नई दिल्ली, भारत और अमेरिका की सेनाएं 'युद्ध अभ्यास 2026' के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं। उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया।
भारत और अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
New Delhi, 17 सितंबर . India और अमेरिका की सेनाएं ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं. उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया. यह अभ्यास ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया ... Read more
हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब ने रक्षा सहयोगियों से मांगी ये मदद
सऊदी अरब से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. सऊदी अरब ने यमन के हूथी विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच अपने रक्षा सहयोगियों से बड़ी मदद की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब ने विशेष रूप से मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में अपने सहयोगियों से सहायता मांगी है. इस समय सऊदी अरब को मिसाइल इंटरसेप्टर स्टॉक की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है.
लेबनान के साथ समझौते में प्रगति तभी जब सेना जमीन पर दिखाए असर : इजरायल
लेबनान के साथ समझौते में प्रगति तभी जब सेना जमीन पर दिखाए असर : इजरायल
Paris meeting end crisis Three nations come negotiating table amidst turmoil Lebanon; what are preparations?
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
हूती से भिड़ा तो तुर्की चुकाएगा भारी कीमत, एक्सपर्ट ने चेताया
सऊदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट के बाद तुर्की के हूतियों से सीधे टकराने का खतरा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा हुआ तो लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के रास्ते तुर्की की सप्लाई लाइन प्रभावित हो सकती है, खासकर सोमालिया में उसके सैन्य और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है.
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (अंसारुल्लाह) ने सऊदी अरब की वायुसेना को भारी रणनीतिक झटका देने का सनसनीखेज दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यमन की वायु रक्षा प्रणाली ने सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन से जुड़े अत्याधुनिक अमेरिकी निर्मित एफ-15 (F-15 Eagle/Strike Eagle) दोहरे इंजन वाले लड़ाकू विमान को मार गिराया है।हूती समूह द्वारा संचालित 'अल-मसीरा' टीवी नेटवर्क और विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक उच्च-गुणवत्ता वाला वीडियो फुटेज प्रसारित किया गया है, जिसमें एक विमान को आग की लपटों में घिरकर जमीन पर गिरते हुए और बाद में पहाड़ी इलाके में उसके मलबे को धू-धू कर जलते हुए दिखाया गया है। इस घटना ने लाल सागर और सऊदी सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे युद्धविराम के प्रयासों को एक बार फिर गहरे संकट में डाल दिया है।थर्मल कैमरों में कैद हुई मिसाइल की स्ट्राइक: ऐसे हुआ फाइटर जेट का शिकारहूती विद्रोही समूह द्वारा जारी वीडियो में सैन्य अभियानों के दौरान इस्तेमाल होने वाले थर्मल और इन्फ्रारेड (FLIR) ट्रैकिंग कैमरों के दृश्य दिखाए गए हैं:सटीक ट्रैकिंग: वीडियो फुटेज में आसमान में उड़ते हुए एक जेट विमान को ट्रैक करते हुए दिखाया गया है, जिसके दोनों इंजनों से भारी हीट सिग्नेचर निकल रहा है।मिसाइल का दागा जाना: इसके बाद जमीन से स्थानीय रूप से संशोधित 'सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल' (Surface-to-Air Missile - SAM) को दागते हुए दिखाया गया है। माना जा रहा है कि यह ईरान की तकनीक से उन्नत की गई 'साकिब' (Saqib) या 'फातिर-1' (Fater-1) एयर डिफेंस मिसाइल है।आसमान में भीषण विस्फोट: मिसाइल के विमान के पिछले हिस्से में टकराते ही आसमान में एक जोरदार धमाका होता है और फाइटर जेट आग का गोला बनकर नीचे की ओर गिरने लगता है।जमीन पर जलता हुआ मलबा: वीडियो के अंतिम हिस्से में हूती लड़ाके जमीन पर गिरे जलते हुए मलबे के इर्द-गिर्द खड़े होकर नारे लगाते नजर आ रहे हैं, जिसमें विमान के जले हुए विंग्स और इंजन के पुर्जे बिखरे पड़े हैं।किस इलाके में हुई कार्रवाई और पायलट की क्या है स्थिति?हूती प्रवक्ता के अनुसार, यह घटना सऊदी अरब की दक्षिणी सीमा से सटे यमन के सादा (Saada) या अल-जौफ प्रांत के हवाई क्षेत्र में अंजाम दी गई। हूतियों का आरोप है कि यह लड़ाकू विमान यमन की सीमा के भीतर आक्रामक अभियानों और जमीनी ठिकानों पर बमबारी करने के उद्देश्य से दाखिल हुआ था।वहीं, विमान के पायलट और नेविगेटर को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। हूती सूत्रों का दावा है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले इजेक्ट (Eject) करने वाले पायलट की तलाश के लिए पहाड़ी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जबकि सऊदी गठबंधन की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं दी गई है।https://twitter.com/IranTimes72/status/2100271070813323537सामरिक दृष्टि से क्यों माना जाता है F-15 को अजेय?अमेरिकी रक्षा दिग्गज बोइंग (मैकडॉनेल डगलस) द्वारा निर्मित एफ-15 लड़ाकू विमान को आधुनिक वायुसेना इतिहास के सबसे घातक और विश्वसनीय एयर-सुपीरियरिटी फाइटर जेट्स में गिना जाता है। सऊदी रॉयल एयरफोर्स (RSAF) के पास अमेरिका के बाद एफ-15 के सबसे बड़े बेड़ों में से एक है, जिसमें एडवांस्ड F-15SA वेरियंट शामिल हैं।आधुनिक युद्ध इतिहास में एफ-15 का एयर-टू-एयर कॉम्बैट में 100 से अधिक जीत का रिकॉर्ड रहा है और इसे सतह से मार करने वाली मिसाइलों से मार गिराना बेहद दुर्लभ माना जाता है। यदि हूती लड़ाकों का यह दावा स्वतंत्र रूप से पूरी तरह सत्यापित हो जाता है, तो यह सऊदी अरब के लिए एक बड़ा सैन्य नुकसान साबित होगा और यह दिखाएगा कि हूतियों की हवाई रक्षा क्षमता पहले से कहीं अधिक उन्नत हो चुकी है।खाड़ी और लाल सागर में तनाव बढ़ने की आशंकाइस नए घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र और यमन संघर्ष में तनाव का एक नया दौर शुरू होने का अंदेशा गहरा गया है:सऊदी जवाबी कार्रवाई का खतरा: लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने के बाद सऊदी नीत गठबंधन द्वारा यमन की राजधानी सना और हूती सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए जाने की आशंका बढ़ गई है।लाल सागर शिपिंग पर असर: पहले से ही लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे हूती विद्रोहियों का हौसला इस कार्रवाई से और बढ़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर जोखिम और बढ़ जाएगा।शांति वार्ता को झटका: सऊदी अरब और हूतियों के बीच ओमान की मध्यस्थता से चल रही बैक-चैनल कूटनीतिक वार्ताओं और स्थायी युद्धविराम की उम्मीदों को इस घटना से बड़ा आघात पहुंच सकता है।फिलहाल वैश्विक रक्षा विश्लेषक हूती विद्रोही संगठन द्वारा जारी वीडियो की तकनीकी प्रामाणिकता और मलबे पर मौजूद सीरियल नंबरों की पुष्टि करने में जुटे हैं।
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
ईरान युद्ध का असर दुनिया पर, 100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, वीडियो में जाने कहीं पेट्रोल की कतार तो कहीं गैस-बिजली का संकट
अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से पाकिस्तानी पोत तेज गति से टकराया। पाक राजनयिक तलब।
<
हूतियों ने मार गिराया था सऊदी अरब का F-15 लड़ाकू विमान? अब जारी किया मलबे का VIDEO - India TV Hindi
<
हूतियों ने मार गिराया था सऊदी अरब का F-15 लड़ाकू विमान? अब जारी किया मलबे का VIDEO
हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। अब हूतियों ने विमान के मलबे का वीडियो जारी किया है। हालांकि, सऊदी अरब ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Arabian Sea में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाक नौसेना का जहाज, भारत ने दूतावास प्रभारी तलब किया
अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के एक पोत द्वारा भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को टक्कर मारने के ‘‘अस्वीकार्य आचरण’’ को लेकर भारत ने पाकिस्तान के दूतावास प्रभारी को बुधवार को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी साद वाराइच को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया और समुद्र में पाकिस्तानी नौसेना की इकाइयों के उस ‘‘अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण’’ को लेकर उनके समक्ष ‘‘कड़ा विरोध’’ दर्ज कराया गया, जिसके कारण यह टक्कर हुई। यह घटना मंगलवार रात को हुई। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने देर शाम जारी एक बयान में कहा कि उसने इस्लामाबाद में भारत के दूतावास प्रभारी को तलब किया और पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में भारतीय नौसेना के एक पोत की कथित ‘‘बेहद उकसावे वाली और अस्वीकार्य कार्रवाई’’ को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 15 सितंबर की शाम को पाकिस्तानी नौसेना का एक पोत तेज गति से उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के करीब आ गया। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी पोत ‘हुनैन’ ने गैर-पेशेवर और असुरक्षित तरीके से दिशा बदली, जिसके कारण टक्कर हो गई। ‘हुनैन’ को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि जब पाकिस्तानी नौसेना अपना द्विवार्षिक अभ्यास ‘सीस्पार्क-26’ कर रही थी, तब भारतीय पोत ने पाकिस्तानी नौसेना के जहाज के बेहद करीब आकर ‘‘आक्रामक तरीके से दिशा बदली, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पोतों के बीच टक्कर हो गई।
ट्रंप की युद्ध नीति पर संसद में संग्राम: ईरान पर सांसदों का शिकंजा, इस्राइल को बम देने पर रोक, बवाल क्यों?donald trump israel heavy bombs arms sale congress objection
बड़े युद्ध का ख़तरा सबसे बड़ी वैश्विक चिन्ता - यूएन सर्वेक्षण
संयुक्त राष्ट्र की नईवैश्विक जोखिम रिपोर्टके अनुसार,पूर्ण पैमाने का युद्ध छिड़ने का ख़तरा अब वैश्विक जोखिमों का आकलन करने वाले विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिन्ता बन गया है. दो साल पहले तक इसे एक दूर की आशंका माना जाता था.
हूती का दावा- देसी मिसाइल से मार गिराया सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर विमान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया.
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran यमन में चल रही हूती-सऊदी जंग में किसका पलड़ा भारी,अब सऊदी के पास कौन सा रास्ता बचा,समझिए मौलाना जमीर अब्बास जाफरी से…
UCC पर छिड़ा धर्मयुद्ध, कौन समर्थक- कौन विरुद्ध? देखें विशेष
यूसीसी पर धर्मयुद्ध शुरू हो गया है.. तीन दिन पहले अमित शाह ने कहा था कि वो एनडीए और बीजेपी शासित 21 राज्यों में यूसीसी लाने की तैयारी कर रहे हैं... और इन तीन दिनों में ही अच्छा खासा सियासी संग्राम खड़ा हो गया.. ओवैसी ने तो यूसीसी के खिलाफ सभाएं करनी शुरू कर दी हैं... देशभर के मुस्लिम नेता यूसीसी पर एक जुबान बोल रहे हैं... ओवैसी तो साफ कह रहे हैं कि किसी कीमत पर यूसीसी नहीं मानेंगे. देखें...
मक्का में अलर्ट, लाल सागर में दबदबा, पश्चिम एशिया में हूतियों ने कैसे खोला युद्ध का नया मोर्चा?
पश्चिम एशिया में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास तेज सैन्य बढ़त बनाकर ईरान-अमेरिका संघर्ष को एक नए थिएटर तक पहुंचा दिया है।
पश्चिम एशिया के सामरिक और तेल समृद्ध भू-भाग में सुरक्षा संकट गहराने के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब जाने वाले और वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय और गंभीर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने संपूर्ण सऊदी अरब के लिए लेवल-3 'रीकंसीडर ट्रैवल' यानी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह आधिकारिक चेतावनी उस समय आई है जब यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की संप्रभु सीमाओं, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार विस्फोटक ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक रॉकेट दाग रहे हैं। वाशिंगटन का मानना है कि लाल सागर और अरब प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों, वाणिज्यिक संपत्तियों और कूटनीतिक मिशनों पर हमलों का अप्रत्याशित जोखिम बहुत तेजी से बढ़ गया है।अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी इस नए दस्तावेज़ ने स्पष्ट किया है कि हाल के हफ्तों में हूती लड़ाकों की ओर से सीमा पार हवाई हमलों की आवृत्ति में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर के ठीक दक्षिण में स्थित एक संवेदनशील इलाके की ओर बढ़ रहे एक खतरनाक आत्मघाती ड्रोन को सऊदी रॉयल एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था। इस गंभीर घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि विद्रोही समूह केवल सीमावर्ती चौकियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांतों, घनी आबादी वाले महानगरीय केंद्रों और पवित्र स्थलों के करीब तक हमले करने का दुस्साहस कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक विमानों का परिचालन अभी पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, किंतु हवाई रक्षा प्रणालियों के अचानक सक्रिय होने और मिसाइल अवरोधन अभियानों के चलते उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी, डायवर्जन और परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधान सामने आ रहे हैं।यमन सीमा पर लेवल-4 का सबसे कड़ा प्रतिबंध: 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जितसऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों के लिए जहां लेवल-3 एडवाइजरी लागू की गई है, वहीं यमन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे समस्त संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वाशिंगटन ने अपनी सर्वोच्च और सबसे सख्त लेवल-4 'डू नॉट ट्रैवल' (Do Not Travel - बिल्कुल यात्रा न करें) चेतावनी जारी की है। यमन की सीमा पर सक्रिय सशस्त्र विद्रोही गुट आए दिन सीमावर्ती चौकियों, असैन्य बस्तियों और राजमार्गों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रॉकेटों और कम दूरी की मिसाइलों से अंधाधुंध बमबारी करते रहते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद किसी भी नागरिक या विदेशी यात्री की जान को तत्काल जानलेवा खतरा पैदा हो जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक इन सीमांत प्रांतों में जाने का जोखिम न उठाए क्योंकि आपातकाल की स्थिति में वहां तत्काल कूटनीतिक या सुरक्षा सहायता पहुंचाना अमेरिकी दूतावास के लिए संभव नहीं होगा।सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा करते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने सभी आधिकारिक राजनयिकों, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील (लगभग 32 किलोमीटर) के संपूर्ण दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांतों जैसे कतीफ, जिजान, असीर और नजरान की यात्रा करने के लिए भी अमेरिकी सरकारी कर्मियों को मिशन सुरक्षा प्रमुख से विशेष और पूर्व आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सीमा पार से होने वाली तोपखाने की गोलाबारी और आत्मघाती ड्रोन के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक या ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।ऊर्जा संयंत्र, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर: अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइनअमेरिकी विदेश विभाग की नई सुरक्षा एडवाइजरी में नागरिकों को केवल मिसाइल हमलों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न हिंसक गुटों और आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जाने वाले संभावित हमलों को लेकर भी आगाह किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब के भीतर स्थित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने, विशाल ऊर्जा संयंत्र, पाइपलाइन टर्मिनल, सैन्य ठिकाने, पश्चिमी नागरिकों की आवाजाही वाले लक्जरी होटल, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और घनी भीड़भाड़ वाले वाणिज्यिक बाजार आतंकी और विद्रोही तत्वों के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर किसी भी अप्रत्याशित हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अनावश्यक रूप से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें और अपनी गतिविधियों को न्यूनतम व सतर्क रखें।इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दाह तथा धाहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों ने नागरिकों को लगातार स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, आपातकालीन अलर्ट पर सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तुरंत बंकर या सुरक्षित कंक्रीट संरचनाओं में शरण लेने की योजना तैयार रखने की सलाह दी है। अगर आसमान में कोई संदिग्ध रोशनी, धमाका या इंटरसेप्टर मिसाइल की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खिड़कियों से दूर रहने और जमीन पर लेट जाने के दिशा-निर्देश दोहराए गए हैं। पश्चिम एशिया में ईरान, यमन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सुरक्षा समीकरण अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मक्का पर मंडरा रहा युद्ध? 27 लाख भारतीयों पर कितना खतरा
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
Mecca के पास Drone Attack पर भारत ने जताई चिंता, Saudi Arabia पर हमलों की कड़ी निंदा
भारत ने बुधवार को मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई और सऊदी अरब की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों की निंदा दोहराई। साथ ही, यह भी कहा कि ऐसी हरकतें आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा करती हैं। मक्का के पास हुए ड्रोन हमले के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं। भारत सऊदी अरब साम्राज्य की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों और ऐसी हरकतों की निंदा दोहराता है जिनसे आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा होता है। जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना इसलिए भी ज़्यादा चिंताजनक है क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है। भारत ने इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद भी जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। इसे भी पढ़ें: Pakistani Navy की 'लापरवाही' पर भड़का India, MEA ने Pakistan High Commission के कार्यवाहक प्रमुख को तलब कर लगाई लताड़ बुधवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक रेड लाइन (अति-संवेदनशील सीमा) है। यह चेतावनी तब दी गई जब सऊदी एयर डिफेंस ने यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) शहर के दक्षिण में भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम को उस ड्रोन को तब रोक लिया, जब वह मक्का के आस-पास के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने ही वाला था।
Saudi Arabia के लिए US की Level 3 Travel Advisory, ड्रोन हमलों के खतरे के बीच चेतावनी
अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 की यात्रा पर पुनर्विचार करें (Reconsider travel) वाली एडवाइज़री जारी की है और यमन सीमा के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (Do Not Travel) वाली चेतावनी दी है। इसके पीछे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों जैसे कारण बताए गए हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सऊदी एयर डिफेंस ने पवित्र शहर मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) के दक्षिण में यमन के हूतियों द्वारा छोड़े गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी अपनी यात्रा एडवाइज़री में कहा, अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों के कारण सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करें। विभाग ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के कुछ इलाकों में खतरा ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: क्या मक्का पर ड्रोन अटैक हुआ था? सऊदी अरब के दावों पर हूती ने क्या खुलासा कर दिया एडवाइज़री में कहा गया है कि सऊदी अरब से कमर्शियल उड़ानें चालू हैं, हालांकि कभी-कभी उनमें काफी रुकावटें आई हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर, अमेरिका ने कहा कि हमले बिना किसी चेतावनी या बहुत कम चेतावनी के हो सकते हैं, खासकर छुट्टियों के दौरान। इसमें कहा गया है कि संभावित टारगेट में राजनीतिक, सांस्कृतिक या धार्मिक जगहें, अमेरिकी नागरिकों और दूसरे विदेशियों के आने-जाने की जगहें, टूरिस्ट स्पॉट, बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहें, होटल, ट्रांसपोर्ट हब, बाज़ार, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन की जगहें और सरकारी इमारतें शामिल हो सकती हैं। एडवाइज़री में अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने पर लगी रोक (एक्जिट बैन) के बारे में भी चेतावनी दी गई। इसमें बताया गया कि लंबित आपराधिक और दीवानी (सिविल) जांच और मामलों के कारण अमेरिकियों को सऊदी अरब छोड़ने से रोका गया है। इन मामलों में वीज़ा की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी रुकने पर न चुकाई गई फीस, घरेलू पारिवारिक विवाद और पैसे या काम से जुड़े झगड़े शामिल हैं।
PAK का जंगी जहाज अपने से 3 गुना ताकतवर भारतीय युद्धपोत से ले रहा था पंगा!
15 सितंबर शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी PNS हुनैन ने भारतीय कोलकाता क्लास डेस्ट्रॉयर को टक्कर मारी. पाकिस्तान नेवी युद्धाभ्यास कर रही थी. भारतीय नौसेना गश्त पर थी. भारत ने विरोध जताया. दोनों जहाजों की क्षमता में बड़ा अंतर है.
अरब सागर में भारत के वॉरशिप से कैसे टकराया पाकिस्तान का युद्धपोत? दूरी को लेकर क्या हैं नियम
उत्तर अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसेना का जहाज PNS Hunain एक दूसरे से टकरा गए, जिसमें पाकिस्तानी युद्धपोत को काफी नुकसान पहुंचा है। जानें दोनों युद्धपोत कैसे टकराए और दूरी को लेकर क्या नियम हैं?
बागपत के 'चाट युद्ध' वाले 'आइंस्टीन चाचा' याद हैं... उनके नए Video ने इंटरनेट पर फिर मचा दिया तहलका
बागपत की चाट वॉर का वो वायरल वीडियो याद है. और अतरंगी बालों वाले 'आइंस्टीन चाचा'? सालों बाद अचानक एक दफ्तर की लाइन में चुपचाप खड़े दिखे तो इंटरनेट पर मच गया बवाल.
सऊदी अरब के पाक शहर मक्का पर हूती का हमला, पाकिस्तान ने खींचे हाथ; इस्लामी नाटो का क्या हुआ?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया (X) पर मक्का पर हुए इस प्रयास की कड़े शब्दों में निंदा तो की और सऊदी फौजियों की तारीफ की, लेकिन किसी भी प्रकार की सीधी सैन्य मदद या जमीनी फोर्स भेजने की बात से पूरी तरह गोल कर गए.
सऊदी अरब पर हूती संकट: 'मक्का पैक्ट' के बावजूद पाकिस्तान क्यों नहीं भेज रहा अपनी सेना? जानें वजह
सऊदी अरब पर हूती संकट: 'मक्का पैक्ट' के बावजूद पाकिस्तान क्यों नहीं भेज रहा अपनी सेना? जानें वजह
कौन से PAK जहाज ने भारतीय युद्धपोत को मारी टक्कर, जानिए पूरी डिटेल
15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन ने तेज रफ्तार से भारतीय नौसेना के युद्धपोत को टक्कर मारी. भारत ने कड़ा विरोध जताया. हुनैन यारमूक क्लास का कॉर्वेट है.
भारत-अमेरिका संयुक्त युद्धाभ्यास में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप का प्रदर्शन
New Delhi, 16 सितंबर India और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्धाभ्यास’ चल रहा है. Wednesday को इस सैन्य अभ्यास में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गई. दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को Rajasthan की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ. यहां एम-777 अल्ट्रा ... Read more
BREAKING : अरब सागर में टकराए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत, 15 साल बाद फिर दोहराई गई वही घटन
BREAKING : अरब सागर में टकराए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत, 15 साल बाद फिर दोहराई गई वही घटन
'आक्रामक और गैर पेशेवर...', अरब सागर में कैसे टकरा गए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत?
उत्तरी अरब सागर में एक पाकिस्तानी युद्धपोत भारतीय नौसेना के जहाज के करीब आक्रामक तरीके से गुजरा, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया।
अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी युद्धपोतों की टक्कर, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
सूत्रों के अनुसार, इस घटना में शामिल पाकिस्तानी पोत का नाम पीएनएस हुनैन बताया जा रहा है। यह यारमूक क्लास का नौसैनिक जहाज है, जिसका इस्तेमाल समुद्री निगरानी और गश्ती गतिविधियों के लिए किया जाता है।
यमन सीमा से दूर रहें अमेरिकी नागरिक, सऊदी अरब यात्रा पर भी करें पुनर्विचार: यूएस एडवाइजरी
रियाद, 16 सितंबर . अमेरिका ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को यमन की सीमा से दूर रहने की नसीहत दी है. अमेरिकी विदेश विभाग ने Wednesday को सऊदी अरब के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी को लेवल-3 यानी ‘यात्रा पर पुनर्विचार’ की श्रेणी में रखा है और यमन से लगी सीमा वाले इलाकों ... Read more
भारतीय युद्धपोत के इतने पास कैसे आ गया पाकिस्तानी जहाज? अरब सागर में आधी रात क्या हुआ
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के राजनयिक को तलब कर दिया है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान को तगड़ी चेतावनी भी दे दी है। भारत ने पाक को वार्निंग देते हुए नियमों का पालन करने की सलाह भी दी है। लेकिन घटना हुई कैसे?
भारत-पाक युद्धपोत टकराए! दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब, ऑपरेशन सिंदूर जारी,अब आगे क्या
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर अब समुद्र में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के पास एक भारतीय युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के बीच टक्कर की घटना सामने आई है। भारत विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में भारतीय युद्धपोत के करीब आया […] यह लेख भारत-पाक युद्धपोत टकराए! दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब, ऑपरेशन सिंदूर जारी,अब आगे क्या सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
बांग्लादेश ट्रिब्यूनल ने 7 नेताओं को सुनाई सजा-ए-मौत: अवामी लीग बोला, 'फैसला एकतरफा और मनगढ़ंत'
बांग्लादेश ट्रिब्यूनल ने 7 नेताओं को सुनाई सजा-ए-मौत: अवामी लीग बोला, 'फैसला एकतरफा और मनगढ़ंत'
पाकिस्तानी जहाज ने अरब सागर में भारतीय युद्धपोत को मारी टक्कर! फिर MEA ने लिया ये बड़ा एक्शन
Pak Navy Ship Collides Indian Warship: अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना की एक नापाक और गैर-जिम्मेदाराना हरकत सामने आई है। समुद्र में गश्त लगा रहे भारतीय नौसेना के युद्धपोत में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज ने बेहद खतरनाक तरीके से टक्कर मार दी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को विदेश मंत्रालय तलब कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।बीच समंदर में क्या हुआ?विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह घटना 15 सितंबर की शाम को उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई। भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपनी नियमित निगरानी और गश्त पर तैनात था। तभी पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अचानक तेज गति से भारतीय युद्धपोत के करीब आया और बेहद असुरक्षित तरीके से पैंतरेबाजी करने लगा।इस खतरनाक लापरवाही के कारण पाकिस्तानी जहाज भारतीय युद्धपोत से जा टकराया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।भारत ने पाक राजनयिक को किया तलबघटना के तुरंत बाद भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को घेरा। विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स (CdA) को समन किया और उन्हें स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारियों तक भारत की कड़ी आपत्ति पहुंचाएं। इसी के साथ इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय दूतावास को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने आधिकारिक विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।1991 के सैन्य समझौते का खुला उल्लंघनविदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का यह व्यवहार बेहद गैर-पेशेवर और असुरक्षित था। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पाक जहाज की यह हरकत अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यासों, युद्धाभ्यास और सैन्य आवाजाही को लेकर हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है।भारत ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पाकिस्तानी सैन्य इकाइयों को दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सम्मान करना होगा और सतर्कता बरतनी होगी।
भारतीय नौसेना के जहाज के करीब पहुंचा पाकिस्तानी युद्धपोत, घटना पर पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को बुलाया
भारतीय नौसेना के एक जहाज के करीब पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत के पहुंचने की घटना को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस मामले में भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को तलब कर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है। समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों की आमने-सामने मौजूदगी ने […] The post भारतीय नौसेना के जहाज के करीब पहुंचा पाकिस्तानी युद्धपोत, घटना पर पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को बुलाया first appeared on Sanjeevni Today .
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
<
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
<
समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी नेवी का जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब
भारत-पाकिस्तान की नौसेना के जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में टकरा गए। अब भारत ने पाकिस्तानी कार्यवाहक राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जानिए पूरा मामला क्या है आखिर?
हूती : 'सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया'
सना, यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने उन्होंने सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया है। हूती का ये भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं।
हूती का दावा, ‘सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया’
सना, 16 सितंबर . यमन के हूती विद्रोहियों ने Wednesday को दावा किया कि उन्होंने उन्होंने सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया है. हूती का ये भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं. हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने ... Read more
MBS बनाम MBZ की वर्चस्व की जंग में यमन से यूएई की बेदखली पड़ी भारी, क्या कंगाल हो जाएगा सऊदी अरब
मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक गलियारों में इस समय एक ऐसी खलबली मची हुई है जिसने खाड़ी देशों के दो सबसे ताकतवर मुल्कों—सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—के आपसी संबंधों की कलई खोलकर रख दी है। सऊदी अरब के वली अहद यानी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) के बीच कूटनीतिक और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर चल रही खींचतान अब रियाद के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। जानकारों का मानना है कि प्रिंस सलमान ने यूएई को नीचा दिखाने और यमन के रणनीतिक मामलों से बाहर करने के चक्कर में एक ऐसी बड़ी सामरिक चूक कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास अपार बढ़त मिल गई है। यमन के रणक्षेत्र में खेली गई इस सियासी और कूटनीतिक चाल का खामियाजा अब सीधे तौर पर सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और तेल संपदा को भुगतना पड़ रहा है, जिससे यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या हूतियों का यह बढ़ता आतंक सऊदी साम्राज्य को आर्थिक रूप से तबाह कर देगा?MBS और MBZ की व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता ने कैसे तबाह किया यमन का समीकरण?इस पूरे संकट की पटकथा तब लिखी गई जब खाड़ी क्षेत्र में अपना आर्थिक और रणनीतिक दबदबा कायम करने की होड़ में सऊदी क्राउन प्रिंस MBS ने यूएई के खिलाफ आक्रामक नीतियां अपनानी शुरू कर दीं। वैश्विक व्यापार और विमानन के क्षेत्र में दुबई के बढ़ते रसूख को चुनौती देने के लिए सऊदी अरब ने विजन 2030 के तहत खरबों डॉलर झोंकना शुरू किया, जिसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों पर भी साफ दिखा। इसी व्यक्तिगत और रणनीतिक महत्वाकांक्षा के तहत MBS ने यमन के भीतर यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) और स्थानीय ताकतों को कमजोर करना शुरू कर दिया, जो वास्तव में दक्षिणी यमन में हूती विद्रोहियों को रोकने वाली एकमात्र मजबूत दीवार माने जाते थे। सऊदी वायु सेना द्वारा अपने ही सहयोगियों पर एयरस्ट्राइक करने और स्थानीय नेतृत्व को दरकिनार करने के इस फैसले ने यमन के रक्षा तंत्र को अंदर से खोखला कर दिया। जब यूएई समर्थित बल और अन्य स्थानीय ताकतें आपस में ही उलझ गईं, तो इसका सीधा फायदा उठाते हुए ईरान समर्थित हूतियों ने ताबड़तोड़ हमले कर सामरिक रूप से बेहद अहम मोचा बंदरगाह और लाल सागर के तटीय इलाकों पर कब्जा जमा लिया।बाब अल-मंडेब पर हूतियों का कब्जा और लाल सागर का बढ़ता सुरक्षा संकटयमन के रास्ते लाल सागर और बाब अल-मंडेब के अहम चोकपॉइंट पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण स्थापित होना पूरी दुनिया के साथ-साथ विशेष रूप से सऊदी अरब के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। यह वही समुद्री मार्ग है जहाँ से दुनिया का एक बहुत बड़ा तेल और व्यापारिक जहाजों का बेड़ा गुजरता है। पहले जहाँ यूएई के सहयोग से बनी स्थानीय फौजें इन विद्रोहियों को उनकी सीमाओं में बांधकर रखती थीं, वहीं अब सऊदी नीतियों के चलते वे ताकतें या तो बिखर चुकी हैं या मैदान छोड़कर पीछे हट चुकी हैं। नतीजतन, हूतियों ने आधुनिक ड्रोनों और मिसाइलों के जरिए सीधे सऊदी अरब की मुख्य भूमि और उसकी तेल परिसंपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में हूती हमलों के बाद सऊदी अरब को अपनी 1200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को भी एहतियातन बंद करना पड़ा है। सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो सऊदी अरब के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ को गहरा आघात पहुँच सकता है, जिससे देश भारी वित्तीय संकट में घिर सकता है।ट्रंप प्रशासन से मदद की गुहार और वाशिंगटन से मिला झटकाअपनी ही रणनीतिक भूलों के कारण जब चारों तरफ से घिर गए, तो क्राउन प्रिंस MBS ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क साधकर हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य हस्तक्षेप और हवाई हमले करने की पुरजोर अपील की। सऊदी नेतृत्व को पूरी उम्मीद थी कि अमेरिका हमेशा की तरह उसके समर्थन में सीधी सैन्य कार्रवाई करेगा, लेकिन वाशिंगटन की तरफ से रियाद को तगड़ा झटका मिला है। अमेरिकी प्रशासन ने सीधे तौर पर युद्ध के मैदान में उतरने या हूतियों के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान छेड़ने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने सऊदी अरब को केवल खुफिया जानकारी (Intelligence Sharing) और सीमित टारगेटिंग डेटा देने पर सहमति जताई है, ताकि सऊदी सेना खुद अपना बचाव कर सके। पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों से भी अपेक्षित मदद न मिलने के कारण अब सऊदी अरब खुद को कूटनीतिक मोर्चे पर काफी हद तक अकेला महसूस कर रहा है, जिससे रियाद के नीति-निर्माताओं की नींद उड़ गई है।क्या सऊदी अरब को कंगाल कर देंगे हूती विद्रोही? भविष्य की डरावनी तस्वीरआज के समय में यमन का रणक्षेत्र सऊदी अरब के लिए एक ऐसा दलदल बन चुका है जहाँ से निकलना प्रिंस सलमान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। एक तरफ जहां देश के भीतर विजन 2030 के तहत मेगा प्रोजेक्ट्स पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय युद्ध और हूती मिसाइल हमलों से निपटने में अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं। यदि लाल सागर में हूतियों का दबदबा इसी तरह बढ़ता रहा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति बाधित हुई, तो सऊदी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। जानकारों का मानना है कि यदि MBS ने अपनी जिद और यूएई के साथ चल रही अहंकार की लड़ाई को छोड़कर क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सामूहिक कूटनीति का रास्ता नहीं अपनाया, तो यह संघर्ष सऊदी अरब को दीर्घावधि में भारी आर्थिक तबाही की ओर धकेल सकता है। आने वाला वक्त यह तय करेगा कि रियाद अपने इस कूटनीतिक संकट से कैसे बाहर निकलता है और क्या खाड़ी के दो दिग्गज देश अपने मतभेदों को भुलाकर इस साझा खतरे से निपट पाते हैं या नहीं।
मिडिल ईस्ट में ईरान की चेतावनी के बाद हुआ बड़ा हादसा!
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर एल गैया क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है. ईरानी मीडिया ने समुद्री बारूदी सुरंगों का दावा किया, जबकि अमेरिकी सेना ने इसे खारिज करते हुए पुराने मिसाइल हमले से जोड़ा है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के मुताबिक टैंकर शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ और दो नाविक लापता हैं. ब्रिटिश समुद्री एजेंसी ने भी अज्ञात जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले की पुष्टि की थी.
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह मंगलवार को औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
सऊदी अरब को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी : हूती समूह
सना, यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
युद्ध को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ : ईरान
वॉशिंगटन, रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने यह कदम ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और अपने पद पर उनके कामकाज को लेकर उठाया।
मक्का के पास हूतियों का ड्रोन आते ही मचा हड़कंप, सऊदी अरब ने हवा में किया ढेर; दिया बड़ा बयान
सऊदी अरब ने मक्का के दक्षिण में हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट करने का दावा किया है। सऊदी गठबंधन ने मक्का और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया है।
इतिहास में पहली बार मक्का में बजा हवाई खतरे का सायरन! हूती हमलों से सऊदी अरब में हड़कंप
Mecca Put on Air Raid Alert:
सऊदी अरब सज़ा-ए-मौत पाए लोगों के शव उनके परिवारों को क्यों नहीं सौंपता - BBC
<
न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए एफटीए को दी मंजूरी, अधिकतर निर्यात पर जीरो ड्यूटी
नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) की मत से मंजूरी दे दी है। यह जानकारी व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की ओर से दी गई।
सना, 16 सितंबर . यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं. दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने Tuesday को social ... Read more
Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब में मक्का के हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन के पहली बार एंट्री करने की खबर सामने आई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने को सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि सऊदी एयर डिफेंस ने ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। घटना के बाद पवित्र शहर मक्का की सुरक्षा को लेकर सऊदी अधिकारियों की ओर से कड़ा बयान सामने आया है। हूती विद्रोहियों के हमले को देखते हुए सऊदी अरब की सरकार ने मक्का शहर के लिए 'इमरजेंसी अलर्ट' जारी किया है।'अल जज़ीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने कहा है कि हुतियों की ओर से मक्का की तरफ भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया है। इस घटना से पवित्र शहर के लिए खतरा पैदा हो सकता है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया, मंगलवार शाम को रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने उस खतरनाक ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही रोक दिया।पवित्र शहर में पहली बार अलर्टसऊदी नेतृत्व वाले यमन सैन्य गठबंधन ने आरोप लगाया है कि ड्रोन के जरिए मक्का को निशाना बनाने का प्रयासहूती विद्रोहियों के उल्लंघनों के रिकॉर्ड में एक 'काला धब्बा' रहेगा। गठबंधन ने यह भी कहा कि मक्का और मदीना में स्थित पवित्र स्थलों की सुरक्षा 'रेड लाइन' है। सऊदी अरब ने मंगलवार को मक्का में संभावित खतरे की चेतावनी देते हुए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।यमन केहूती विद्रोहियों द्वारा हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हमले शुरू करने के बाद से पवित्र शहर में यह अपनी तरह का पहला अलर्ट है। अल-मलिकी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे नमाज पढ़ने वालों को डराने और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि दो पवित्र मस्जिदों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एक 'रेड लाइन' (अति-संवेदनशील मुद्दा) है। हालांकि,हूतियों ने पहले मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है।2017 में हूतियों द्वारा इस पवित्र इलाके को निशाना बनाने की पिछली कोशिश के बाद ऐसा पहली बार हुआ था। मक्का में संभावित खतरे का अलर्ट कुछ ही मिनटों में हटा लिया गया। मंगलवार को यमन कीन्यूज एजेंसी SABA को दिए एक बयान में हूती सेना के एक सूत्र ने इस दावे को सख्ती से खारिज कर दिया कि हूती सेना मक्का शहर या अन्य इस्लामी पवित्र स्थलों के लिए खतरा पैदा करती है।ये हालिया हमले 2015 से चल रहे संघर्ष में एक बार फिर तेज़ी आने का संकेत हैं। यह संघर्ष तब शुरू हुआ था जब हूतियों ने सना पर कब्ज़ा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से हटा दिया। इसके बाद सऊदी अरब ने यमन में दखल दिया था।मक्का को निशाना बनाने की कोशिश का आरोपरिपोर्ट में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाले से कहा गया है कि मक्का की ओर ड्रोन भेजने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान समर्थित इराकी और यमनी मिलिशिया 2017 से मिसाइलों और ड्रोन के जरिए मक्का क्षेत्र को निशाना बनाने की कोशिश करते रहे हैं। मक्का और मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल हैं। ऐसे में सऊदी अरब इनके हवाई क्षेत्र और सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रुख रखता है।सऊदी के अन्य शहरों में भी अलर्टमंगलवार की शुरुआत में जेद्दा और ताइफ इलाकों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया गया। ये आपातकालीन चेतावनियां सऊदी अरब पर हूथी विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच जारी की गई हैं। सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, सोमवार को हूथी विद्रोहियों ने सऊदी शहरों खमीस मुशायत, आभा और ताइफ़ की ओर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। इनमें कम से कम 13 आम नागरिक घायल हो गए।ईरान समर्थितहूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर यमन में हवाई हमले करने और क्रूज मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। यह सब दक्षिणी और पश्चिमी यमन में हूथी लड़ाकों और सऊदी-समर्थित सरकारी बलों के बीच भारी लड़ाई के दौरान हो रहा है।ये भी पढ़ें- UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों की निकली बंपर भर्ती, अप्लाई करने की तारीखों का ऐलान, जानिए सभी डिटेल्स
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी संसद में घमासान: रक्षामंत्री के खिलाफ लाया गया महाभियोग: जानें क्यों घिरे हेगसेथ?- Uproar in US Congress over Iran war Impeachment motion moved against Defense Secretary Hegseth
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 38 अरब डॉलर खर्च, महंगाई बढ़ी: सीबीओ रिपोर्ट
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 38 अरब डॉलर खर्च, महंगाई बढ़ी: सीबीओ रिपोर्ट
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश
वॉशिंगटन, 16 सितंबर . रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने यह कदम ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और अपने पद पर उनके कामकाज को लेकर उठाया. Tuesday को प्रतिनिधि सभा में बोलते हुए मैसी ने हेगसेथ पर ‘गंभीर संवैधानिक और ... Read more
क्या है मजबूरी... हूतियों पर सऊदी अरब पूरा हमला क्यों नहीं कर रहा?
सऊदी अरब हूतियों को कमजोर रखना चाहता है ताकि वे बड़े हमले न कर सकें, लेकिन इतना मजबूत भी नहीं छोड़ना चाहता कि वे पूरी तरह खत्म हो जाएं और ईरान सीधे मैदान में उतरे. साथ ही, यमन के दलदल में नहीं फंसना चाहता. बड़े आर्थिक नुकसान से बचना भी है.
सऊदी अरब सज़ा-ए-मौत पाए लोगों के शव उनके परिवारों को क्यों नहीं सौंपता
सऊदी अरब उन तीन देशों में से एक है जहां सबसे अधिक लोगों को मौत की सज़ा दी जाती है. आंकड़ों से पता चला है कि मौत की सज़ा पाने वालों में अधिकांश विदेशी नागरिक थे, लेकिन शव आमतौर पर उनके परिवारों को नहीं सौंपे गए.
सऊदी अरब ने यूरोपीय तेल खरीदारों को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया है कि सितंबर के अंतिम पखवाड़े में होने वाली कच्चे तेल की सभी निर्धारित आपूर्तियां रद्द कर दी गई हैं।
Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
Saudi Arabia-Houthi Conflict: हूतियों के बढ़ते हमलों से सऊदी की बढ़ी चिंता, इजरायल से खुफिया मदद की खबर
सैन्य ताकत का महा-प्रदर्शन:भारत-अमेरिका का संयुक्त 'युद्ध अभ्यास' शुरू, पाकिस्तान में मची हलचल
भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त युद्ध अभ्यास मंगलवार को शुरू हो गया। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर बनाना, नई चुनौतियों का सामना करना और दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।
भारतीय वायुसेना के 21 सितंबर से सात अक्तूबर तक प्रस्तावित बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी से पाकिस्तान की धड़कन बढ़ गई है।
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
संतकबीरनगर में निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और मेंहदावल थाने के SHO राकेश कुमार सिंह के बीच 40 मिनट तीखी बहस हो गई। मामला मुकदमा दर्ज करने और एक पक्ष के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर बढ़ा। विधायक ने SHO पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि “आपके SHO युद्ध कराना चाह रहे हैं।” पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। मामला मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे का है। अब जानिए पूरा मामला… विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी अपने गांव बेलौली में हुए विवाद के मामले में एक पक्ष के समर्थन में मेंहदावल थाने पहुंचे थे। विधायक ने इस मामले का 5 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया है। वीडियो में विधायक ने इंस्पेक्टर से रामकेवल नाम के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बिना जांच के किसी व्यक्ति को थाने में कैसे बैठाया गया और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया कैसे शुरू की जा रही है। इस पर प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि रामकेवल धमकी दे रहा था और हंगामा कर रहा था। विवाद की आशंका को देखते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इंस्पेक्टर ने वीडियो में एससी-एसटी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर एक पक्ष की शिकायत पर बिना जांच मुकदमा दर्ज किया गया है, तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में विवाद बढ़ सकता है। एसपी को फोन कर विधायक ने जताई नाराजगी बहस के बाद विधायक ने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन किया। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक के तबादले का मुद्दा उठाते हुए उन्हें मेंहदावल में तैनात रहने पर सवाल करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। बाजरे की फसल काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद दरअसल शनिवार को बेलौली गांव में बाजरे की फसल काटने को लेकर हनुमान चौधरी और रामलौट के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने हनुमान चौधरी की तहरीर पर रामलौट समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। रामलौट पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। जातिसूचक गालियां दीं। रामलौट पक्ष की ओर से प्रभारी निरीक्षक से फोन पर बात की थी।विधायक के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित पक्ष को थाने भेजने की बात कही थी। इसके बाद रामलौट परिवार के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे बैठा लिया। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
मेघालय में शुरू हुआ भारत-म्यांमार की सेनाओं का युद्धाभ्यास
New Delhi, 15 सितंबर . India और म्यांमार की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है. मेघालय के उमरोई में Tuesday से इस युद्धाभ्यास ‘इम्बैक्स 2026’ के पांचवे संस्करण की शुरुआत हुई. इस अभ्यास में भारतीय सेना की स्वदेशी सैन्य क्षमता म्यांमार के सैनिकों के सामने आएगी. म्यांमार के सैन्य दल को भारतीय ... Read more
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
Bab-el-Mandeb में Houthi हमलों से शिपिंग को खतरा, MEA ने Saudi Arabia का किया समर्थन
यमन में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के बावजूद भारत को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रही है, क्योंकि इस इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच यह अहम जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह रणनीतिक रूप से अहम रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और पश्चिमी एशिया से ग्लोबल मार्केट तक ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक ज़रूरी रूट है। भारत के लिए इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में रुकावट बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हूथी हमलों और क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर चर्चा की। जायसवाल ने कहा हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हूथी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ, जिसकी हमने निंदा की है। हम रेड सी इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं। हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के लिए बने बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका जयसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी, दोनों को खतरा है। उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें जाहिर तौर पर हमें मंजूर नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, ब्रिक्स में युद्ध के खिलाफ संयुक्त बयान पर जोर
दुनिया में कई जगहों पर जारी युद्ध और अमेरिका के साथ बढ़ते विभिन्न देशों के तनाव के बीच नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मलेन का आयोजन महत्तवपूर्ण माना जा रहा है
भारतीय-अमेरिकी सैनिकों का 'युद्धाभ्यास' औली-महाजन में शुरू
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 औली और महाजन में शुरू हो गया. दोनों देशों के 600-600 सैनिक भाग ले रहे हैं. यह पहाड़ी इलाकों में संयुक्त युद्ध क्षमता बढ़ाने पर है.
हूतियों का सऊदी अरब पर फिर धावा, 13 नागरिकों के घायल होने की खबर
हूतियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर धावा बोल दिया है. हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. इस दौरान एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया है.इन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की खबर है. हालांकि, बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा अब टल गया है.
पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’
भारत और अमेरिका की सेनाएं एक बार फिर साथ मिलकर युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीक की ताकत परख रही हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का 22वां संस्करण मंगलवार को शुरू हुआ। इस बार इसकी खास बात यह है कि अभ्यास उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाके औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ चल रहा है।
सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों पर ताबड़तोड़ दागीं मिसाइलें, मक्का में खतरे को लेकर अलर्ट जारी
यमन के हूती विद्रोहियों पर सऊदी अरब ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इसके बाद मक्का में खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। उधर, इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में भारी बमबारी की।
लाल सागर में गदर मचाने वाले हूती कौन हैं, सऊदी अरब से क्या है उनकी लड़ाई
यमन के एक बड़े इलाके पर कब्जा करने के बाद हूती संगठन एक बार फिर चर्चा में है. आइए जानते हैं कि कौन हैं ये हूती और सऊदी अरब के साथ क्या है उनकी लड़ाई.
चीन का हथियार या बड़ा फेलियर? यमन युद्ध में नया खुलासा!
यमन की जंग में चीन की DF-15A बैलिस्टिक मिसाइल के कथित इस्तेमाल ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. OSINT विश्लेषकों का दावा है कि सऊदी अरब की मिसाइल हूती ठिकानों तक पहुंचने से पहले रेगिस्तान में गिर गई. दूसरी तरफ हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमले सऊदी अरब के लिए नई चुनौती बन गए हैं. आखिर इस जंग का असर तेल बाजार और चीन की हथियार साख पर कैसे पड़ सकता है? देखिए पूरी रिपोर्ट.
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
मिडिल ईस्ट में महा-संकट! तेल की सप्लाई ठप, हूतियों के सामने बेबस सऊदी अरब के 'इस्लामिक NATO' का सच
मिडिल ईस्ट में महा-संकट! तेल की सप्लाई ठप, हूतियों के सामने बेबस सऊदी अरब के 'इस्लामिक NATO' का सच
सऊदी अरब में मिला करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज, वीडियो में जानें परमाणु ऊर्जा योजना को मिल सकता है बड़ा फायदा
रेगिस्तान में 400 मीटर की गोल्डन इमारत, सऊदी अरब तपती रेत पर बसा रहा ‘जन्नत’
सऊदी अरब विजन 2030 के तहत एक साथ कई मेगा प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसमें से एक न्यू मुरब्बा भी है. करीब 50 अरब डॉलर से बन रहा यह प्रोजेक्ट रियाद में ही करीब 14.1 वर्ग किलोमीटर में फैलेगा. इसके बीचों-बीच 'द मुकाअब' स्थित होगा- देखने में सुनहरा काबा सा.
तेल बाज़ार को ट्रंप की राहत या सिर्फ सियासी पैंतरा? ईरान युद्ध के बीच बोले- गिरेंगी ईंधन की कीमतें
तेल बाज़ार को ट्रंप की राहत या सिर्फ सियासी पैंतरा? ईरान युद्ध के बीच बोले- गिरेंगी ईंधन की कीमतें
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
दुबई के शेख को भाया टाटा का काम! मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े गोल्ड एक्सचेंज को हाई-टेक बनाएगी TCS
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (DGCX) के साथ साझेदारी की है ताकि इसके मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा सके।
मिडिल ईस्ट में तेल के सबसे बड़े उत्पादक देश सऊदी अरब ने हमले के बाद शुक्रवार को अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी।
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव | Middle East| Trump
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
Saudi Oil Crisis: सऊदी अरब के तेल सप्लाई रूट पर बढ़ा संकट, होर्मुज के बाद ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी बंद; दुनिया पर क्या होगा असर?
तेल की कीमतें बहुत नीचे जाएंगी- ट्रंप का बड़ा दावा, जानिए ईरान से युद्ध पर क्या दिया अपडेट
Oil Prices will go down: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है. उन्होंने युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बहुत बड़ी बात कही है. युद्ध को लेकर ट्रंप की क्या स्ट्रैटजी है?
बहराइच के कतर्नियाघाट में सड़क पर टहलता दिखा बाघ, एंबुलेंस के सामने दो मिनट तक रुका रहा
बहराइच के कतर्नियाघाट में सड़क पर टहलता दिखा बाघ, एंबुलेंस के सामने दो मिनट तक रुका रहा
सऊदी अरब में हूती हमलों से हड़कंप: जेद्दा, अबहा समेत छह शहरों में अलर्ट; तेल पाइपलाइन बंद होने से बढ़ा संकट- Panic in Saudi Arabia over Houthi attacks Alerts issued for six cities crisis deepens oil pipeline shuts down
विदेश के समाचार: इस्राइली पीएम बोले- लेबनान में हमले जारी रखेंगे; लीबिया में फंसे 171 सोमाली प्रवासी घर लौटे
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
लाल सागर में हूतियों की बढ़त ने बदला खेल, सऊदी अरब परेशान; खाड़ी में छिड़ेगी नई जंग?
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। यमन के ईरान समर्थित हौथी लड़ाकों ने लाल सागर के दो अहम द्वीपों ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर कब्जा कर लिया है। इससे सऊदी अरब का तेल ले जाने वाला समुद्री रास्ता और खतरे में पड़ गया है।
ब्रिक्स 2026: ईरान युद्ध ने ब्रिक्स की एकता की खोली पोल, रिश्तों में दिखी दरार - BBC
<
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
बाब अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और आगे जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्यसागर तक पहुंचते हैं। यूरोप और एशिया के बीच सामान ले जाने वाले कार्गो जहाजों के अलावा तेल और LNG टैंकर भी इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
धनबाद के कतरास में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान भीषण हादसा: मलबे में दबकर दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बार फिर लापरवाही और अवैध खनन की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। जिले के कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में अवैध खनन का काला कारोबार उस वक्त मौत का खूनी खेल बन गया जब अचानक कोयले की खदान का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और बचाव दल मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस प्रकार की अवैध खदानें अक्सर गरीब और मजबूर ग्रामीणों के लिए मौत का कुआं साबित होती हैं, जहां बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के अपनी जान जोखिम में डालकर कोयला निकाला जाता है। इस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से बहुत गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कब तक कोयले के इस अवैध धंधे में बेकसूर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे।अवैध खदानों का मकड़जाल और कोयलांचल में पसरा मातमधनबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन का अवैध कारोबार कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन की तमाम पाबंदियों के बावजूद यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कतरास की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि माफिया किस तरह से गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी रोजी-रोटी की मजबूरी का फायदा उठाकर मौत के मुंह में धकेल देते हैं। जब अचानक खदान की चाल या मिट्टी धंसती है, तो किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिलता और चंद पलों में ही पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठता है। हादसे के बाद से मृत महिलाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका एकमात्र सहारा इस तरह अचानक छिन गया। ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा खदानों में उतरने को मजबूर होते हैं, जिसके परिणाम अक्सर इतने भयानक रूप में सामने आते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।राहत और बचाव कार्य जारी, मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेजहादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तुरंत भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अगर कोई अन्य व्यक्ति या महिला अंदर फंसी हो, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, अवैध खनन वाली जगहों पर अंधेरा, संकरे रास्ते और लगातार धंसती मिट्टी के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई है जो अपनों को तलाशने और बचाने के इस संघर्ष में प्रशासनिक टीमों की मदद कर रही है। अब तक दो महिलाओं के शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखा गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय यही है कि किसी भी तरह से मलबे में फंसे सभी जीवित या मृत लोगों को बाहर निकाला जाए और स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लिया जाए।सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवालधनबाद जैसे औद्योगिक और खनन बहुल जिलों में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। स्थानीय थाना और संबंधित विभाग की कथित मिलीभगत के बिना इस तरह के बड़े पैमाने पर अवैध खदानों का संचालन होना असंभव माना जाता है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद रहते हैं। जब तक प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन इस प्रकार के अवैध खनन पर पूरी तरह से स्थायी रोक नहीं लगाएंगे और अवैध कोयला तस्करी के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद नहीं करेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी। इस हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और इसके पीछे शामिल मुख्य सरगनाओं को कानून के कटघरे में खड़ा करें। दो निर्दोष महिलाओं की मौत ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि सुरक्षा के अभाव में चलने वाला यह अवैध कारोबार इंसानी जिंदगी के लिए कितना बड़ा अभिशाप बन चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद आवश्यक है।
कुवैत और ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रियों से बातचीत : कतर
दोहा, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्रह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और ऑस्ट्रिया गणराज्य की यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों की संघीय मंत्री बीट मेनिल-रीसिंगर से फोन पर वार्ता की। दोनों ही देशों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने आपसी सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों की समीक्षा की।
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
मुजफ्फरपुर में STF की विशेष टीम और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजिला हेरोइन तस्कर गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने रविवार को तुर्की थाना क्षेत्र में छापेमारी की। जहां महिला समेत 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 136.35 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। बरामद हेरोइन का बाजार मूल्य करीब 27 लाख 20 हजार रुपए आंका गया है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 2 लाख 54 हजार 770 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। असम और अन्य राज्यों तक फैला है नेटवर्कगिरफ्तार आरोपितो की पहचान वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर जाफराबाद निवासी कुंदन कुमार, परोहा निवासी प्रकाश कुमार, पुरुषोत्तमपुर निवासी रोहित कुमार, रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के परोहा निवासी सतीश कुमार और पटना जिले के फतुहा थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह जेठुली निवासी काजल देवी के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हैं और कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध आपूर्ति में संलिप्त बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह को असम के सिलचर से हेरोइन की खेप मिलती थी। इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा असम और अन्य राज्यों तक फैले होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। थाने में एफआईआर दर्जपुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और पूर्व में की गई मादक पदार्थों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। मामले में तुर्की थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
धनबाद जिले के कतरास रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुमारपट्टी में कथित अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध सुरंग में घुसकर कोयला निकालने के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ महिलाएं और पुरुष अवैध सुरंगों में घुसकर कोयला निकालने का काम करते थे। रविवार भी इसी तरह कोयला निकालने के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसके नीचे कई लोग दब गए। ग्रामीणों ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला सुरंग धंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कुदाल और गेंती की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। इस दौरान तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, हादसे के बाद अभी भी कई और लोगों के सुरंग के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। ग्रामीण अपने स्तर से ही बचाव अभियान में जुटे रहे और सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। दो शव बाहर निकाले, बाइक से अस्पताल ले गए ग्रामीण मलबा हटाने के दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों के शव भी बाहर निकाले। दोनों शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बाइक पर रखकर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश रहा कि कथित अवैध खनन के कारण ऐसी जानलेवा स्थिति पैदा हुई। बताया जा रहा है कि केशलपुर कुमारपट्टी इलाके में अवैध सुरंगों के जरिए कोयला निकालने का काम लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटनास्थल पर मौजूद लोग मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण लगातार बचाव कार्य में लगे रहे। जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरंग के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कई अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका है। वहीं, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरंग के अंदर कितने लोग कोयला निकाल रहे थे, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह अवैध कोयला खनन के दौरान सुरंग का धंसना बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही मृतकों और हादसे में प्रभावित अन्य लोगों की संख्या समेत पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
कतरास में दर्दनाक हादसा! मिट्टी के मलबे में दबी 3 महिलाएं; 2 की मौत
झारखंड के कतरास में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के रामकनाली थाना क्षेत्र के केशलपुर कुम्हार पट्टी के समीप रविवार सुबह कोयला चुनने के दौरान अचानक मिट्टी का मलबा धंस गया। इस घटना में 2 की मौत हो गई।
आरोप है कि वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप से कोड वर्ड में नेटवर्क चला रहा था।
Amroha News: छोटू की आतिशी पारी की बदौलत अहमद तुर्की क्लब ने दर्ज की जीत
डिडौली के डीएनएस क्रिकेट एकेडमी के मैदान में रोमांचक टी-20 मुकाबले में अहमद तुर्की क्लब ने रॉयल लेजेंड्स इलेवन की टीम को चार विकेट से हराया।
Bahraich News: कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में बालक व महिला जख्मी
कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में बालक व महिला जख्मी
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
कतरास थाना क्षेत्र के कैलूडीह स्थित STG आउटसोर्सिंग माइंस में शनिवार को एक भारी वाहन की चपेट में आने से 55 वर्षीय मधुसूदन यादव की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोर की थी कि उनका शरीर जमीन में दब गया। मृतक पास के बटी कैलूडीह के रहने वाले थे। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने माइंस का काम रोक दिया घटना की सूचना मिलने पर कतरास पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आउटसोर्सिंग माइंस परिसर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने माइंस का काम रोक दिया। बड़ी संख्या में लोग माइंस परिसर में जमा हो गए, जिससे कंपनी का काम पूरी तरह बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने परिवहन व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग की। लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग माइंस बस्ती के काफी करीब है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम होने चाहिए। साथ ही, वाहनों के चलने वाली जगहों पर साइन बोर्ड और दूसरी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और माइंस में काम बंद है।
कतरास के न्यू आकाशकिनारी कोलियरी में अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से 53 वर्षीय मधुसूदन यादव की मौत हो गई। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने हॉल रोड जाम कर परिवहन कार्य ठप कर दिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
'अक्टूबर में छिड़ेगी बड़ी जंग!' क्या Israel-Iran युद्ध में फँसेगा भारत? | Prof. Muqtedar Khan
इसराइल और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ दुनिया भर में बढ़ते गुस्से के बीच भारत के अंतरराष्ट्रीय हितों और कूटनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। 'द डेली शो' में प्रोफेसर मुकेश कुमार के साथ खास बातचीत में प्रो. मुक़्तेदर ख़ान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व (Middle East) में अक्टूबर के दौरान ईरान के खिलाफ एक भयानक युद्ध की आशंका है।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
बुशरा बानो का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ। वो पढाई में काफी तेज थीं। उनके पास कई डिग्रियां हैं जैसे पीएचडी, एमबीए एम और नेट-जेआरफ। बुशरा बानो ने अपनी अपनी 12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
<
Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
<
Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
<
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
आज ही के दिन यानी की 18 अगस्त को पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्म हुआ था। वह एक बेहतरीन घुड़सवार, कुशल तलवारबाजी और कमाल के सेनापति थे। बाजीराव प्रथम युद्ध में माहिर थे। उन्होंने मुगलों की कमर तोड़ दी थी। बाजीराव प्रथम अपनी जिंदगी में एक भी युद्ध नहीं हारे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पेशवा बाजीराव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार 18 अगस्त 1700 को पेशवा बाजीराव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम बालाजी विश्वनाथ और मां का नाम राधाबाई था। इनके पिता छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। बाजीराव का एक छोटा भाई चिमाजी अप्पा था। बाजीराव अपने पिता के साथ हमेशा सैन्य अभियानों में जाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak बाजीराव प्रथम पेशवा बाजीराव को बाजीराव प्रथम भी कहा जाता है। वह मराठा साम्राज्य के एक महान पेशवा थे। पेशवा का अर्थ प्रधानमंत्री होता है। वह मराठा छत्रपति राजा शाहू के चौथे प्रधानमंत्री थे। बाजीराव ने अपना प्रधानमंत्री पद साल 1720 से लेकर मृत्यु तक संभाला था। बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में माहिर थे। यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक देश में आज तक नहीं देखा गया। उनके 4 घोड़े थे- गंगा, नीला, सारंगा और औलख आदि। जिनकी वह खुद देखभाल किया करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे और वह न्यायप्रिय सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते थे। बाजीराव पूरी सेना को अनुशासन में रखते थे। बता दें कि 20 साल की उम्र में बाजीराव पेशवा के पद पर नियोजित हुए थे। उनके पेशवा बनते ही छत्रपति शाहू नाम मात्र के शासक रह गए थे। वह एक महान योद्धा थे। मोहम्मद बंगश, निजाम से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को वह कई-कई बार शिकस्त देते। बाजीराव इतिहास के अकेले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने 41 लड़ाइयां लड़ी थीं और एक भी लड़ाई नहीं हारी। बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली का इस्तेमाल कर रहे थे। मृत्यु बाजीराव पेशवा की 28 अप्रैल 1740 को 39 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

