1500 KM रेंज, रडार से बचकर हमला, भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल अब दुश्मन युद्धपोतों का करेगी काम तमाम
India's anti-ship hypersonic missile: हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दबदबे को खत्म करने के लिए भारत ने एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल बना ली है. इसकी रेंज 1500 KM है और यह रडार से बचकर हमला करने में सक्षम है. यह मिसाइल अब दुश्मन युद्धपोतों का काल बनेगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के दावे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसा है। ट्रम्प ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रुकवाया था। इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि यह ट्रम्प का 71वां दावा है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प के बयान का वीडियो शेयर किया। जिसके साथ लिखा ‘कल तक गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। यह याद रखना चाहिए कि दावोस में भारत का एक बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद है।’ डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था। दोनों देश न्यूक्लियर युद्ध के करीब पहुंच गए थे। हमने लाखों लोगों की जान बचाई। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भी दावा किया था इससे पहले बुधवार सुबह वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उन्होंने कई ‘ना सुलझने वाले युद्ध’ खत्म किए। जिनमें भारत-पाक युद्ध भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान वास्तव में एक-दूसरे से लड़ रहे थे। मेरी राय में वे न्यूक्लियर युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि भारत-पाक संघर्ष में 10 से 20 मिलियन लोगों की जान जा सकती थी और उन्होंने इसे रोककर ‘लाखों लोगों की जान बचाई। जयराम रमेश बोले- पीएम मोदी के अच्छे दोस्त ने ये दावा किया इस दावे के बाद भी जयराम रमेस ने एक पोस्ट किया था, जिसमें ट्रम्प का वीडयो शेयर करते हुए लिखा था की कल से पहले यह संख्या 68 थी, लेकिन कल यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। उन्होंने लिखा कि पीएम के जिस विदेशी नेता को उनका ‘अच्छा मित्र’ बताया जाता है। जिनके साथ प्रधानमंत्री के कई बार सार्वजनिक रूप से गले मिलने की तस्वीरें सामने आती रही हैं। उसी नेता ने अब तक इतनी बार यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर का अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकना उसी की वजह से हुआ। जयराम रमेश के मुताबिक, ट्रम्प अब तक 71 बार यह दावा कर चुके हैं। चीन ने भी भारत-पाक युद्ध रुकवाने का दावा किया था चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी 30 दिंसबर 2025 को बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया था कि चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा था कि चीन दुनिया के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद करता रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। भारत सरकार ने चीन के इस दावे को खारिज किया था। भारत ने कहा था कि संघर्ष को रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। भारत पहले भी तीसरे पक्ष की भूमिका नकार चुका है चीन और ट्रम्प के दावों के उलट भारत सरकार पहले भी साफ तौर पर कह चुकी है कि इस पूरे मामले में किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत का कहना है कि यह तनाव सीधे भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत से ही खत्म हुआ। भारत के मुताबिक, भारी नुकसान होने के बाद पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ने भारतीय सैन्य अधिकारी से संपर्क किया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारतीय DGMO से बात की और इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। अब ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पढ़ें.. भारत ने पाकिस्तान पर हमले की शुरुआत 6 और 7 मई की रात से की। भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इन ठिकानों में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके भी शामिल थे। इसके जवाब में 8 मई की शाम को पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। भारत की वायु रक्षा पूरी तरह से एक्टिव थी और छोटे हथियारों से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम तक हर हथियार तैयार था। इन हथियारों ने पाकिस्तान के ड्रोन को काफी नुकसान पहुंचाया। भारतीय सेना ने भी सीमा के दूसरी तरफ भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की सेना को बुरी तरह से उलझा कर रखा और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। -------------- ये खबर भी पढ़ें… अब चीन का दावा- हमने भारत-पाक संघर्ष रुकवाया:कई लड़ाइयां सुलझाने में मदद की; भारत बोला- सीजफायर में तीसरे पक्ष का रोल नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद अब चीन ने भी यह दावा किया है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। चीन का कहना है कि जब इस साल दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ गए थे, तब उसने बीच में आकर तनाव कम करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…
Donald Trump Latest News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को शांति दूत बताते हुए नोबेल मिलने का दावा करते रहे हैं. लेकिन सच ये है कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ही वे 8 देशों पर हमला करवा चुके हैं. अब उनके सनक भरे फैसलों से तीसरे विश्वयुद्ध की आहट आने लगी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में हिस्सा लिया और अपना संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने कई बड़े दावे किए. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर रहेगा.
‘पठान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का निर्देशन कर चुके डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने ने 20 जनवरी को मुंबई में आर्ट ऑफ लिविंग के गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से गहन चिंतन भरी मुलाकात की। निर्माता महावीर जैन संग ये बैठक उनकी नई अंतरराष्ट्रीय थ्रिलर 'व्हाइट' पर केंद्रित रही, जिसे कोलंबिया के 52 साल के गृहयुद्ध-अहिंसा की सच्ची कहानी से प्रेरणा मिली है। इस मौके पर सिद्धार्थ आनंद ने कहा- व्हाइट कई मायनों में भारत की गौरवगाथा है। आज दुनिया बंटी हुई है, ये फिल्म बताएगी कि भारतीय मूल्य-दर्शन कैसे शांति का रास्ता दिखा सकते हैं। गुरुदेव की मौजूदगी को आत्मिक शक्ति बताते हुए बोले, उनके साथ बैठना संतुलन देता है। व्हाइट भी यही शांति का संदेश देगी। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता विक्रांत मैसी और एक अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की टीम से सजी व्हाइट कोलंबिया में 52 वर्षों तक चले गृह संघर्ष और उसके अहिंसा व शांति के माध्यम से ऐतिहासिक समाधान की सच्ची कहानी से प्रेरित है। इस फिल्म को मोंटू बस्सी ने निर्देशित किया है। कोलंबिया और भारत में गहन शूटिंग शेड्यूल पूरे करने के बाद व्हाइट को एक ऐसी ऐतिहासिक फिल्म माना जा रहा है, जो वैश्विक दर्शकों के सामने भारत के दार्शनिक नेतृत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी। यह फिल्म अंग्रेजी और स्पैनिश भाषा में बन रही है और इसी साल रिलीज होगी।
शाहरुख खान हाल ही में जॉय तुर्की अवॉर्ड्स 2026 के लिए रियाद पहुंचे थे। इस इवेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वीडियो में लग रहा था कि हांडे एर्सेल ऑडियंस साइड में बैठकर अपने फोन से स्टेज का वीडियो बना रही हैं और स्टेज पर शाहरुख खान किसी को अवॉर्ड देते नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों ने कहा कि हांडे किंग खान का वीडियो बना रही हैं और उन्हें शाहरुख की फैन बुलाने लगे। जिसके बाद एक इंस्टाग्राम स्टोरी की तस्वीर वायरल हुई जिसमें शाहरुख खान की तस्वीर पर ऐरो बनाते हुए लिखा था, ये अंकल कौन हैं? मैं सिर्फ अपनी दोस्त अमीना को कैप्चर कर रही थी। मैं शाहरुख खान की फैन नहीं हूं, प्लीज ये गलत जानकारी फैलाना बंद करें। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके हांडे एर्सेल ने इसे फेक बताया है। बता दें कि हांडे एर्सेल तुर्की की जानी-मानी एक्ट्रेस और मॉडल हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और 2012 में मिस तुर्की का खिताब जीता। उन्हें पहचान टीवी सीरीज अस्क लाफ्तान अनलमाज से मिली। सेन चाल कपीमी और बंबास्का बिरी भी उनके हिट शो रहे हैं। 2026 में उन्हें ELLE स्टाइल अवॉर्ड्स से सम्मान मिला है। हांडे भारतीय फिल्मों की तारीफ कर चुकी हैं और बॉलीवुड में काम करने की इच्छा जता चुकी हैं।
गाजा में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल होंगे. हालांकि, इससे पहले इजरायल ने इस बोर्ड को लेकर आपत्ति जताई थी. अब नेतन्याहू के फैसले ने सभी को चौंका दिया है.
सऊदी अरब में होने वाली एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम का चयन करने को लेकर आयोजित होने वाले कैंप में भिवानी के गांव अलखपुरा की 7 बेटियों का चयन किया गया है। इन खिलाड़ियों में संजू, पारुल, पूजा जाखड़, मानसी, सीता रानी, मुस्कान और संतोष शामिल है। हरियाणा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट फुटबॉल कोच सोनिका ने बताया कि सऊदी अरब में होने वाली एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम की तैयारी के बीच, अलखपुरा की 7 बेटियों को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा सीनियर, अंडर-20 और अंडर-17 टीमों के लिए भारतीय कैंप में चुना गया है। 150-200 लड़कियां रोज करती है अभ्यास फुटबाल कोच सोनिका बिजारणिया ने कहा ज्यादातर लड़कियां छोटे और सीमांत किसानों या भूमिहीन मजदूरों के परिवारों से हैं, जिनके पास बहुत कम संसाधन हैं। लेकिन वे प्रतिभा और ऊर्जा से भरी हुई हैं। सोनिका ने कहा कि गांव में यह एक परंपरा वन गई है कि हर लड़की बहुत कम उम्र में फुटबॉल खेलना शुरू कर देती है। लगभग 150-200 लड़कियां रोज शाम को अभ्यास करती है। गांव को 4 से 20 साल की लगभग सभी लड़कियों मैदान पर दिखती हैं। इन फुटबॉलर बेटियों की कहानियों तमाम मुश्किलों, खासकर संसाधनों की कमी के बावजूद उनके साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं। यह गांव मुख्य रूप से कृषि प्रधान है, जहां खेती ही आजीविका का मुख्य स्रोत है। कोच ने कहा गांव के बड़े-बुजुर्गों और परिवारों सोच में बदलाव लाया है। घुटनों तक के शॉर्ट्स और जर्सी पहनकर खेलना अब यहां कोई एतराज वाली बात नहीं रहा। बल्कि, अब तो हर कोई हौसला बढ़ाता है। कोच बोलीं- खिलाड़ियों के पास अभी सुविधाओं की कमीसोनिका ने कहा कि खिलाड़ियों के पास अभी भी जरूरी सुविधाओं की कमी है, खासकर डाइट, पढ़ाई और परिवार की जरूरतों से जुड़े खर्चे के लिए पैसों की कमी है। कोच ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्राउंड और नर्सरी बनाकर अपना काम किया है, जो चुने हुए खिलाड़ियों को हर महीने 2 हजार रुपए देती है। लेकिन बेहतर परफॉर्मेंस के लिए एक खिलाड़ी को सभी खर्चे पूरे करने के लिए हर महीने 25 से 30 हजार रुपए की जरूरत होती है। भारत की स्टार खिलाड़ियों में से एक पूजा जाखड़ अपने परिवार की जिम्मेवारी उठाने में सहयोग करती है। उनके पिता अब नहीं रहे, जबकि उनकी मां कैसे पालती है और अपनी दो एकड़ जमीन पर खेती करती है। परिवार में तीन बहने और दो भाई है। सरपंच बोले- पूरा गांव बेटियों के साथ सरपंच जगदीप समोटा ने कहा कि लगभग 4 हजार 200 की अबादी वाला यह गांव अपनी बेटियों पर गर्व करता है। पूरा गांव उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह गांव 2013 में चर्चा में आया था, जब यहां की 3 लड़कियां पेरिस में पहले वर्ल्ड स्कूल फुटबाल कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनी थी। जहां भारत में रोमानिया और डेनमार्क को हराया था, हालांकि क्वार्टर फाइनल में वह ब्राजील से हार गया था। गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तत्कालीन स्पोटर्स टीचर, गोवर्धन दास ने लड़कियों की फुटबाल टीम को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद, स्कूल टीम 4 बार सुब्रतो कप के फाइनल में पहुंची और 2015 और 2016 में ट्रॉफी जीती।
वैश्विक बिसात पर यूएई का 'शांति दांव': क्या मिडिल ईस्ट में बदलने वाली है कूटनीति की परिभाषा?
भारत-यूएई संबंधों के बीच एक बड़ी खबर: यूएई के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड में शामिल होने के अमेरिकी निमंत्रण को स्वीकारा। यह कदम मिडिल ईस्ट की कूटनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। जानिए कैसे यूएई की यह नई भूमिका भारत और विश्व की स्थिरता के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
Bangladesh Election 2026 News in Hindi: बांग्लादेश में अगले महीने होने जा रहे संसदीय चुनाव में 2568 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है. हैरानी की बात है कि उनमें से महिलाओं की संख्या महज 109 है. महिला उम्मीदवारों की यह संख्या 'इस्लामिक' बांग्लादेश का काला सच उजागर करती है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी फौज की तैनाती, क्या हमला करने वाला है US? तारीख भी आई सामने!
US Army in middle east:अमेरिका के KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर विमान भी जॉर्डर में तैनात कर दिए गए हैं. ये टैंकर हवा में लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले बॉम्बर्स में ईंधन भरते हैं. जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स की तैनाती के मायने क्या हैं. आपको ये भी समझना चाहिए.
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका तेज़ी से अपने युद्धक विमानों, ईंधन भरने वाले टैंकर एयरक्राफ्ट और नौसैनिक पोतों को इस क्षेत्र की ओर भेज रहा है.इन तैनातियों के कारण यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े गुप्त या अचानक सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है.
frances embassy history: ला वे परिवार फ्रांस सरकार पर आरोप लगा रहा है कि उसने इराकी यहूदियों के खिलाफ बने कानूनों का फायदा उठाकर उनके मकान का अवैध लाभ उठाया और किराया देना बंद कर दिया है. मामला पेरिस की अदालत में सुनवाई के लिए गया है.
कानपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले भले ही वर्षों बीत चुके हों, लेकिन गोविंद नगर की डीबीएस कच्ची बस्ती की हालत इन दावों की सच्चाई खुद बयां कर रही है। रविवार को जब दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची, तो जो तस्वीर सामने आई, वह किसी विकसित या सभ्य शहर की नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण थी। करीब 27 हजार की आबादी वाली इस बस्ती में इंसान और गंदगी के बीच का फर्क लगभग खत्म हो चुका है। घरों के बाहर भरा सीवर और नालों का गंदा पानी, जगह-जगह टूटी पटियाएं और बदबू से भरा माहौल यहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बन चुका है। घर नहीं, बीमारी का अड्डा बन गई बस्तीकरीब एक से डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले में कई जगह पटिया गायब है। नतीजा यह है कि नाले और सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। लोग मजबूरी में उसी गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। कई घरों में तो सीवर का पानी घुस चुका है। बच्चों का नालों में गिरकर घायल होना अब आम बात हो गई है। महिलाओं के लिए हालात और भी खराब हैं। न नहाने की सुविधा, न शौच के लिए सुरक्षित स्थान। चारों ओर फैली बदबू और मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी बोले- शादी में रिश्तेदार आने से कतरा रहेस्थानीय निवासी मोहनलाल प्रजापति बताते हैं कि उनके घर में दस दिन बाद बेटी की शादी है, लेकिन बस्ती के हालात ऐसे हैं कि कोई रिश्तेदार आने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि बीते तीन महीनों से समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर लोग थक चुके हैं। जब समाधान की मांग की जाती है, तो अधिकारी उल्टा सवाल कर देते हैं। आप ही बताइए, इसका समाधान क्या है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जवाब प्रशासन की संवेदनहीनता को साफ तौर पर उजागर करता है।
अमेरिकी बयान से भड़का ईरान: खामेनेई पर हमले को बताया पूर्ण युद्ध
ईरान–अमेरिका तनाव तेज़: ट्रम्प के बयान के बाद राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की चेतावनी—खामेनेई पर हमला मतलब युद्ध। ट्रम्प के नेतृत्व बदलने वाले बयान के बाद तेहरान का सख़्त रुख।
US-Israel Relations: इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के लिए उम्मीदवारों के चयन पर आपत्ति जताई है. इजराइल ने इसे अपनी नीति के विपरीत और समन्वयहीन बताया. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क करने का निर्देश दिया है.
जब से मैंने धर्म का रास्ता छोड़ने की बात कही है, तब से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं। लोग गालियां दे रहे हैं, गंदे-गंदे कमेंट कर रहे हैं। अलग-अलग धर्मों के लोग मैसेज भेजकर अपने धर्म के बारे में पढ़ने और उसे अपनाने को कह रहे हैं। ये कहना है हर्षा रिछारिया का, जो इस समय सोशल मीडिया पर जारी किए एक वीडियो की वजह से सुर्खियों में है। हर्षा ने वीडियो में भारी मन से यह ऐलान किया कि वह धर्म प्रचार का काम छोड़कर वापस अपने पुराने प्रोफेशन, एंकरिंग, में लौट रही हैं। इस ऐलान के बाद से हर्षा को धमकियां मिल रही हैं और धर्म परिवर्तन का ऑफर दिया जा रहा है। भास्कर से बातचीत में हर्षा ने कहा कि अगर कोई लड़की धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ रही है, तो उसे कैसे रोका जाए, कैसे नीचे गिराया जाए, इसी कोशिश में लोग लग जाते हैं। हर्षा ने बातचीत में और क्या कहा? पढ़िए... महाकुंभ में पेशवाई में संतों के साथ नजर आईंहर्षा रिछारिया का नाम देश भर में तब चर्चा का विषय बना, जब 4 जनवरी, 2025 को प्रयागराज महाकुंभ के दौरान वह निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई में संतों के साथ एक रथ पर सवार नजर आईं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। लोगों ने उन्हें 'महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी' कहना शुरू कर दिया और वह रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। इस प्रसिद्धि के साथ विवाद भी जुड़ गया। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जैसे कुछ धार्मिक गुरुओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'यह उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है।' यहीं से हर्षा के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हर्षा बोली- जब अपने ही करने लगे हमलाहर्षा बताती हैं कि प्रसिद्धि मिलने के बाद उन्हें संत समाज में स्वीकृति नहीं मिली। जब भी वह किसी संत से मिलने जातीं, तो उन्हें घंटों इंतजार करवाया जाता। उनके पुराने एंकरिंग प्रोफेशन को गंदी नजर से देखा जाता और उन्हें यह महसूस कराया जाता कि उन्होंने अतीत में कोई बहुत बड़ा पाप किया है। हर्षा कहती हैं, 'मुझे अपने पुराने प्रोफेशन पर गर्व है। उसी ने मुझे पहचान दी। मैंने सब कुछ छोड़कर धर्म का रास्ता चुना, लेकिन यहां मुझे समर्थन के बजाय संदेह मिला। हमारे ही धर्मगुरु हम पर शक करते हैं और हमें सफाई देनी पड़ती है। हमारे धर्म में एकता की कमी है, हर किसी में अहंकार भरा हुआ है। धमकियां मिल रहीं और धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहेधर्म प्रचार छोड़ने के उनके ऐलान के बाद यह उत्पीड़न और भी बढ़ गया हर्षा ने बताया कि उन्हें न केवल दूसरे धर्मों के लोगों से, बल्कि अपने ही धर्म के कुछ ठेकेदारों से भी धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाया जा रहा है। इसके अलावा, अश्लील मैसेज और गालियों का एक अंतहीन सिलसिला चल पड़ा है। वह कहती हैं, लोग कह रहे हैं कि नाम और शोहरत मिल गई, इसलिए अब सब छोड़ रही हूं। जो लोग खुद को बहनों का रक्षक बताते हैं, वही आज मेरे खिलाफ खड़े हैं। वे दूसरे धर्म के लोगों को भी मुझे गाली देने और धमकाने का रास्ता दिखा रहे हैं। हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सनातनी हैं और हमेशा रहेंगी, लेकिन इस मानसिक पीड़ा को और बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। 'माघ मेले में शिविर के लिए जमीन नहीं दी'हर्षा के लिए सबसे बड़ा झटका दिसंबर 2025 में माघ मेले के दौरान लगा। उन्होंने मेले में अपना शिविर लगाने के लिए जमीन आवंटन हेतु आवेदन किया। शुरुआत में संबंधित अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया और प्रक्रिया को मंजूरी भी दे दी। लेकिन जैसे ही कुछ प्रभावशाली संतों को इसकी भनक लगी, उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हर्षा बताती हैं, 'कुछ संतों ने अधिकारियों को धमकाया कि मुझे जमीन न दी जाए। इसके बाद अधिकारियों ने मेरे फोन उठाने बंद कर दिए और मुझसे मिलना भी छोड़ दिया। मुझे जमीन नहीं मिली। यह घटना उनके लिए आखिरी चोट साबित हुई। वह कहती हैं कि उन्होंने कभी श्रद्धालुओं से एक पैसा नहीं लिया, सारी व्यवस्था अपने खर्च पर करती थीं। 'परिस्थितियां बदलेंगी तो दोबारा इस मार्ग पर लौटूंगी'अपने अनुभव से सीखते हुए हर्षा ने युवाओं और महिलाओं को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा, अगर आपको धर्म से जुड़ना है, तो अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें। किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। आखिर में, हर्षा ने साफ किया कि उन्होंने केवल धर्म का प्रचार छोड़ा है, सनातन धर्म नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई चमत्कार होता है और परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह दोबारा इस मार्ग पर लौटने से पीछे नहीं हटेंगी। ये भी पढ़ें... मॉडल हर्षा बोलीं- सनातनी रहूंगी, प्रचार नहीं करूंगी 'सनातन धर्म को कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन उस व्यक्ति को न अपनाए। मैंने धर्म नहीं, धर्म ने मुझे अपनाया है। सनातन धर्म का प्रचार जो एक साल से कर रही थी, उसे अब मैं यहीं विराम दे रही हूं।' ये बात महाकुंभ के दौरान वायरल हुईं मॉडल हर्षा रिछारिया ने जबलपुर में कही। पढ़ें पूरी खबर...
पाकिस्तान–सऊदी रक्षा साझेदारी से मिडिल ईस्ट ही नहीं कई जगह हो सकता है असर, एक्सपर्ट ने चेताया
Saudi-Pakistan Military Ties: इस नए इंतजाम से पाकिस्तान को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, वहीं सऊदी अरब को पश्चिमी देशों के महंगे विमानों के मुकाबले कम लागत वाला विकल्प आसानी से मिल जाएगा.
रूपनगर नगर परिषद द्वारा पंजाबी युवाओं और किसानों के कारोबार पर की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में शनिवार को शहर में भारी रोष प्रदर्शन हुआ। प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ किसान संगठन, स्थानीय व्यापारी और आम नागरिक एकजुट हो गए। सभी संगठनों ने मिलकर न केवल प्रशासन की नीतियों का विरोध किया, बल्कि ज्ञानी जैल सिंह नगर ग्राउंड में युवाओं और किसानों का कारोबार दोबारा शुरू करवाकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। प्रदर्शन में पंजाब मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन (बहराम के), शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन और मार्केट कमेटी के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने बिना किसी ठोस विकल्प के युवाओं के सामान पर कार्रवाई की, जो पूरी तरह तानाशाही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की गलत नीतियों के कारण पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे युवाओं और किसानों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। किसान मंडी हटाने का कड़ा विरोध नेताओं ने ज्ञानी जैल सिंह नगर में स्थापित किसान मंडी/ऑर्गेनिक मंडी को हटाकर सड़क किनारे या फुटपाथ पर भेजने के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की। उन्होंने तर्क दिया कि किसान मंडी के माध्यम से शहरवासियों को सस्ती और ताजी सब्जियां मिलती हैं। इसे हटाना केवल किसानों के साथ ही नहीं, बल्कि आम जनता के साथ भी अन्याय है। किसान अन्नदाता है, उसे फुटपाथ पर बैठने के लिए मजबूर करना निंदनीय है। 40 साल पुराने नियमों का दिया हवाला पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने बताया कि पंजाब राज्य मंडी बोर्ड के लगभग 40 साल पुराने नियमों के अनुसार, सरकार और प्रशासन का यह कर्तव्य है कि वे किसान मंडियों को प्रोत्साहित करें और उन्हें स्थायी स्थान व बुनियादी सुविधाएं प्रदान करें। उन्होंने अफसोस जताया कि प्रशासन नियमों को लागू करने के बजाय किसानों को प्रताड़ित कर रहा है। व्यापारियों का समर्थन और आंदोलन की चेतावनी इस मौके पर शहर के कई दुकानदारों और व्यापारियों ने भी किसानों का समर्थन किया और उन्हें मंडी लगाने के लिए हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की। संगठनों ने रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर और स्थानीय विधायक से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसान मंडी को उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक बहाल नहीं रखा गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
बलरामपुर-रामानुजगंज के तातापानी महोत्सव में एक जेबकतरा पकड़ा गया। 15 जनवरी को पर्स चोरी का प्रयास करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक पर्स चोरी करने की कोशिश कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। घटनास्थल पर पुलिस भी मौजूद थी, जिसने बीच-बचाव का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी युवक मौके से फरार होने में सफल रहा। तातापानी चौकी प्रभारी उमेश सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी युवक की पहचान की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दुश्मनों को चकमा देने के लिए AI से बनाया विमान। बम पहचानने और उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में माहिर रोबोटिक डॉग। CELL AI से वायु सेना को पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। भारतीय सेना तेजी से AI बेस्ड, डेटा आधारित रणनीति की ओर बढ़ रही है। कश्मीर से लेकर राजस्थान और समुद्री इलाकों तक AI आर्मी, नेवी और एयरफाेर्स के काम करके के तरीके को बदल रहा है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि AI अब केवल मदद करने वाली तकनीक नहीं रही, बल्कि भविष्य के युद्ध का मुख्य आधार बन चुकी है। सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनातभारतीय सेना ने हाल ही में उत्तर और दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनात किया। यह पहल उत्तरी कमान के नए उत्तरी कमान (नॉर्दर्न कमान) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ प्रतीक शर्मा के निर्देश पर शुरू हुई। मई 2025 में कमान संभालने के बाद उन्होंने ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग टूल्स की तैनाती को प्राथमिकता दी। ये सिस्टम खतरे की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और पाकिस्तान व चीन की सीमाओं पर हो रहे बदलावों को रियल-टाइम में मॉनिटर करने में सक्षम है। इन AI सर्विलांस सिस्टम्स की तुलना अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट मेवन’ से की जा रही है, जिसने वीडियो एनालिसिस में लगने वाला समय लगभग 70 प्रतिशत तक घटा दिया था। बड़े अभ्यासों में AI की भूमिकामेजर शैलेंदर सिंह का कहना है कि राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हुए बड़े अभ्यासों में AI-सक्षम सेंसर, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम (लक्ष्य अर्जन प्रणाली) और स्मार्ट सर्विलांस टूल्स का व्यापक इस्तेमाल हुआ। ‘भारत शक्ति’ जैसे हालिया अभ्यासों में भी AI की बड़ी भूमिका देखने को मिली। इसी कड़ी में जयपुर के जगतपुरा के महल रोड पर 15 जनवरी को हुई भारतीय सेना की परेड ने यह साफ कर दिया कि भविष्य की सेना कैसी दिखेगी। इस परेड में रोबोटिक म्यूल और रोबोट डॉग्स को सार्वजनिक तौर पर दिखाया गया। ये रोबोट दुर्गम इलाकों में सामान ढोने, निगरानी करने और जोखिम भरे इलाकों में आगे जाकर जानकारी लाने के लिए बनाए गए हैं। स्वदेशी निगरानी ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम भी दिखाए गए, जो यह बताते हैं कि सेना अब मानव और मशीन को एक साथ युद्ध क्षेत्र में उतारने की तैयारी कर चुकी है। बीते कुछ सालों में भारतीय सेना में डिजिटल यूजर्स की संख्या 1200 प्रतिशत और डेटा स्टोरेज क्षमता 620 प्रतिशत तक बढ़ी है। डिजिटल यूजर्स का मतलब सेना के डिजिटल सिस्टम, नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वालों से है। पहले ये सुविधाएं सीमित यूनिट्स और अफसरों तक थीं। अब ज्यादा से ज्यादा सैनिकों को एक्सेस मिला है। ऐसे में डिजिटल यूजर्स 1200 प्रतिशत बढ़ गए हैं। CELL AI वायु सेना का GPT जैसा सिस्टमजयपुर में हुई भारतीय सेना की परेड के दौरान भारतीय वायु सेना के 2 ऑफिसर्स ने पहली बार अपने खास AI सिस्टम CELL AI के बारे में जानकारी दी। CELL AI को वायु सेना का अपना GPT जैसा सिस्टम माना जा रहा है, लेकिन इसका उपयोग बातचीत के लिए नहीं बल्कि सैन्य और एयरफोर्स जरूरतों के लिए किया जाता है। यह सिस्टम उड़ान से जुड़ा डेटा, मौसम की जानकारी, रडार से मिले सिग्नल, विमान के रख-रखाव का रिकार्ड और मिशन रिपोर्ट को एक साथ जोड़कर उनका एनालिसिस करता है। इससे वायु सेना को यह पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। चार पैरों वाले आधुनिक रोबोटभारतीय सेना के रोबोटिक डॉग, जिन्हें MULE (मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट) कहा जाता है, चार पैरों वाले आधुनिक रोबोट हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी, सीमा गश्त और खतरनाक कामों के लिए किया जाता है। ये रोबोट पहाड़ों, बर्फीले इलाकों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं। बम की पहचान, विस्फोटक निष्क्रिय करने तथा गोला-बारूद और दवाइयों जैसे जरूरी सामान को ढोने में मदद करते हैं। इनमें थर्मल और 360 डिग्री कैमरे, एआई तकनीक और सेंसर लगे होते हैं। ये अपने आप रास्ता पहचान कर काम कर सकते हैं। 12 किलो ग्राम तक वजन उठा सकते हैं। AI के जरिए विमान का भ्रमऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने विमान के AI-आधारित एक्स-गार्ड टोड डेकोय (X-Guard towed decoy) का इस्तेमाल किया। यह 500 वॉट का 360-डिग्री जैमिंग सिग्नल देता है। 30 किलो वजन का होता है। 100 मीटर लंबी फाइबर-ऑप्टिक केबल पर विमान के पीछे चलता है। यह असली विमान जैसी रडार सिग्नेचर बनाकर दुश्मन को उलझन में डालता है। साथ ही असली विमान को सुरक्षित रखता है। तेजी से बढ़ रही ड्रोन क्षमताकर्नल दीप्तंगशु चौधरी ने बताया- भारतीय सेना ड्रोन क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। इसके तहत एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्फेंट्री यूनिट्स में ड्रोन प्लाटून शामिल किए जा रहे हैं। राजस्थान का मरुस्थलीय क्षेत्र इन ड्रोन प्रणालियों के परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है। पूर्व सैन्य अधिकारी ले. कर्नल अभिषेक सोनी ने बताया कि हथियारों में AI का पूरा इस्तेमाल, खुद फैसले लेने वाली मशीनें और पूरी तरह स्वचालित युद्ध प्रणाली अभी बनने की प्रक्रिया में हैं। थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच AI को एक साथ जोड़ने और एक जैसी नीति बनाने का काम चल रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोगराजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘मरु ज्वाला’ अभ्यास में तकनीक-समेकित युद्ध क्षमताओं का परीक्षण किया गया। भारत-यूके ‘अजेय वॉरियर’ अभ्यास में AI-गाइडेड स्ट्राइक और आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोग हुआ। इन अभ्यासों ने वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तकनीक की उपयोगिता को साबित किया। रक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा गेम-चेंजरAI अब रक्षा क्षेत्र में निर्णायक तकनीक बन चुका है। 2022 में वैश्विक मिलिट्री AI मार्केट का आकार 8.3 अरब डॉलर था, जो 2027 तक बढ़कर 19.2 अरब डॉलर होने का अनुमान है। ड्रोन अब जटिल मिशन खुद पूरा कर रहे हैं, AI-आधारित एनालिटिक्स दुश्मन की गतिविधियों का पहले ही अनुमान लगाने लगी है, और युद्ध क्षेत्र में निर्णय लेने की गति अभूतपूर्व रूप से तेज हुई है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रक्षा खर्च वाले देश के रूप में भारत भी रणनीतिक मजबूती के लिए AI तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। AI युद्ध का स्वरूप बदल रहा हैसेवानिवृत्त मेजर जनरल ए. के. सिवाच, YSM, VSM कहते हैं- AI आधुनिक युद्ध क्षेत्र को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। भारतीय सेना किस तरह खतरों की पहचान, उनका विश्लेषण और उन्हें सटीकता से निष्प्रभावी कर रही है। AI ने इसमें अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। यह तकनीक सैनिक की जगह नहीं ले रही, बल्कि उसे अधिक सक्षम बना रही है और युद्ध की गति को बदल रही है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार सहनी कहते हैं- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान AI-आधारित सिस्टम ने सर्विलांस, इंटेलिजेंस और सटीक टारगेटिंग में अहम भूमिका निभाई। --- यह खबर भी पढ़े... आर्मी-डे पर पहली बार जयपुर में सेना ने दिखाया शौर्य: शहीद जवान की मां मेडल लेते बेहोश हुईं, राजनाथ सिंह बोले-ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ जयपुर के SMS स्टेडियम में आर्मी-डे पर गुरुवार शाम शौर्य संध्या कार्यक्रम में सेना के पैराट्रूपर्स उतरे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पूरा स्टेडियम जय हो के नारे से गूंज उठा। पूरी खबर पढ़े
रूपनगर: पंजाब सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के दिशा-निर्देशों पर रूपनगर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के तहत पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) मिंदर सिंह ने 15 जनवरी 2026 को प्रेस नोट जारी कर इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा की। नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद एसएसपी मिंदर सिंह ने बताया कि डीआईजी (रूपनगर रेंज) नानक सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। जांच अभियान तेज विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रियता इस अभियान को सफल बनाने के लिए थाना सिटी रूपनगर, श्री चमकौर साहिब, कीरतपुर साहिब और नंगल पुलिस ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी है। एसएसपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष नाके लगाए गए हैं और संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की गहनता से जांच की जा रही है। जनता से सहयोग की अपील-तस्करों के बारे में यहां दें सूचना पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से इस मुहिम में भागीदार बनने का आह्वान किया है। एसएसपी ने अपील की कि नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सेफ पंजाब एंटी ड्रग हेल्पलाइन (97791-00200) या 112 पर दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस टीमों ने नाकेबंदियों में यह बरामद किया 33 गट्टे चाइना फॉर बरामद नशे के साथ-साथ पुलिस ने समाज विरोधी तत्वों और अवैध व्यापार पर भी शिकंजा कसा है। थाना नंगल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चाइना फॉर (प्रतिबंधित पटाखे) की अवैध बिक्री करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 63 गट्टे चाइना फॉर बरामद किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सीकर रोड स्थित नींदड़ में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के आठवें दिन गुरुवार को तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य महाराज ने सनातन धर्म की विस्तृत से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि जब तक सांस चलेगी सनातन धर्म के अभय युद्ध के लिए चलेगी। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, उसमें सृष्टि का कल्याण समाहित है। हर व्यक्ति का सम्मान करना, सबकी चिंता धर्म का मर्म है। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, जिसमें पूरे ब्रह्मांड का कल्याण समाहित है और हर व्यक्ति का सम्मान, सबकी चिंता करना इसका मूल है। आयोजन समिति के अनिल संत ने बताया कि शुक्रवार को 1008 कुंडिया हनुमत महायज्ञ एवं श्रीराम कथा में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू समेत कई संत-महंत कथा श्रवण करने आएंगे। गुरुवार को कथा के दौरान गायक कलाकार कन्हैया मित्तल ने हार गया, मैं बाबा अब तो दामन थाम ले..., हारा हूं बाबा मुझे तुझपे भरोसा है..., भरदो झोली मेरी..., जैसे भजन सुनाकर वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु भजनों की स्वर लहरियों पर जयकारे लगाते हुए भाव-विभोर भक्ति भाव नृत्य करने लगे। गुरुवार को जहां बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव ने जगदगुरु रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लिया। भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता महाराज ने कहा कि हनुमान जी की पीठ पर राम लक्ष्मण बैठे, क्योंकि हनुमान धर्म रथ है। रथी का पूरा जीवन सारथी पर निर्भर होता है। धर्म रथी कभी हारता नहीं। कोई भी कर्म, अनुष्ठान ईश्वर के भजन के बिना नहीं हो सकता। कर्म, ज्ञान भजन के बिना नष्ट हो जाएंगे। भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता। भजन का मतलब भगवान को भजना। भजन का एक मतलब और भी है अद्भुत वस्तु का स्वाद लेना। संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य होना चाहिए। संस्कृत के बिना संस्कृति का ज्ञान नहीं हो सकता, जो संस्कृत नहीं जानता वह संत नहीं हो सकता। नींदड़ में कथा सुनने पहुंचे भक्त। कथा का श्रवण करने आए योग गुरु बाबा रामदेव ने जहां रामभद्राचार्य महाराज द्वारा लिखी अंधती महाकाव्य के साथ नारद भक्ति सूत्र सहित कुल चार पुस्तकों का लोकार्पण किया। महाराज के द्वारा अब तक 377 ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि रामभद्राचार्य सनातन एवं राष्ट्र के गौरव है। उनकी वाणी में सरस्वती है ये राष्ट्र के उद्धारक हैं। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने संस्कृत के श्लोक में महाराज को जन्मदिन की बधाई दी। सनातन एवं राष्ट्र के गौरव है रामभद्राचार्य: बाबा रामदेव
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
युद्ध और शांति के खेल में नोबेल
वैश्विक राजनीति में किस तरह नोबेल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान की आड़ में नए खेल रचे जा रहे हैं
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
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आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

