भारत-लेबनान के द्विपक्षीय संबंधों की हुई समीक्षा, दोनों पक्षों ने सहयोग मजबूत करने पर की चर्चा
बेरूत, 21 अगस्त . India के विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी और ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन ने Friday को बेरूत में लेबनान के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल अब्देल सत्तार इस्सा से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने भारत-लेबनान के संबंधों के पूरे पहलू की समीक्षा की. लेबनान में भारतीय दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर ... Read more
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में गुरुवार को पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च से 13 जुलाई के बीच 20,000 से ज़्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को खाड़ी देशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और UAE) से सुरक्षा चिंताओं और अन्य वजहों से वापस भेज दिया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल मिनिस्ट्री के आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के दौरान, कई पाकिस्तानियों को अपने शहरों में ईरानी हमलों से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री शूट करने या अपलोड करने के आरोप में हिरासत में लिया गया या वापस भेज दिया गया। इन आंकड़ों में छह देशों वाले 'गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल' (GCC) से डिपोर्ट किए गए लोगों की जानकारी शामिल है। इस काउंसिल में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि डिपोर्टेशन की कार्रवाई सुरक्षा कारणों, तय समय से ज़्यादा रुकने, गैर-कानूनी तरीके से घुसने, भीख मांगने, ड्रग्स से जुड़े अपराधों, शरण की मांग खारिज होने और नकली या गलत कागजात होने जैसे कारणों से की गई। इसे भी पढ़ें: Islamabad की हरकत पर MEA का करारा जवाब, Pakistan High Commission के बाहर हटाए गए सुरक्षा ढांचे आंकड़ों के मुताबिक, 4,628 भगोड़ों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा, 1,294 कैदियों, 968 ब्लैकलिस्ट किए गए लोगों, पासपोर्ट खोने से जुड़े मामलों में 1,155 लोगों, वीज़ा नियमों के उल्लंघन के लिए 689 पाकिस्तानियों और देश में एंट्री न मिलने वाले 342 लोगों को भी खाड़ी देशों से वापस भेजा गया। 6,000 से ज़्यादा डिपोर्टेशन मामलों को अन्य (Others) की श्रेणी में रखा गया, जिनके बारे में मंत्रालय ने कोई और जानकारी नहीं दी। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज़्यादा लोगों को सऊदी अरब से वापस भेजा गया (15,500), इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (3,803), ओमान (1,606), बहरीन (521), कतर (429) और कुवैत (97) का नंबर आता है। संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. तारिक फज़ल चौधरी ने गुरुवार को पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इन आंकड़ों में सिर्फ़ वे लोग शामिल हैं जिन्हें संबंधित देशों के अधिकारियों ने औपचारिक रूप से हिरासत में लिया था और पाकिस्तानी मिशनों द्वारा आपातकालीन यात्रा दस्तावेज़ जारी किए जाने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि अपनी मर्ज़ी से लौटने वाले या वैध पासपोर्ट पर वापस आने वाले पाकिस्तानियों को इसमें शामिल नहीं किया गया था। इसे भी पढ़ें: Asim Munir बोले Balochistan में उग्रवादियों को मिल रही विदेशी मदद, पाक सेना प्रमुख का बयान मंत्रालय के आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि ईरानी हमले से जुड़े वीडियो और सामग्री को फ़िल्माने या अपलोड करने के बाद कई पाकिस्तानियों को हिरासत में लिया गया या वापस भेज दिया गया। 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में बहरीन ने देश में ईरानी हमलों के असर से जुड़े वीडियो फ़िल्माने, प्रकाशित करने और दोबारा पोस्ट करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ़्तार करने की घोषणा की थी, जिनमें पांच पाकिस्तानी शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संघर्ष के दौरान कुछ खाड़ी देशों में शिया समुदाय के लोगों को ज़्यादा कड़ी जांच-पड़ताल का सामना करना पड़ा।
सऊदी अरब पर Houthi Rebels के हमले रुकने के नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि जब पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच Joint Defence Agreement हो चुका है, तो भी हूती हमला करने की हिम्मत कैसे दिखा पा रहे हैं।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
500 साल में बस एक बार हारा कुम्भलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं बल्कि पानी की कमी थी
500 साल में बस एक बार हारा कुम्भलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं बल्कि पानी की कमी थी
कानपुर में कुर्सी 'युद्ध' के बाद पांच घंटे डटे रहे पूर्व जिला मंत्री, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
कानपुर में भाजपा के स्वागत समारोह में पूर्व जिला मंत्री और जिला सह-मीडिया प्रभारी के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट हो गई।
थाईलैंड में सेना ने किया युद्धाभ्यास, जंगल वॉर और ड्रोन से लेकर मुए थाई तक का प्रशिक्षण
New Delhi, 21 अगस्त India और थाईलैंड की सेनाओं के बीच थाईलैंड में एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त युद्धाभ्यास ‘मैत्री’ शुरू हो गया है. यहां दोनों देशों के जवान जंगल युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियान का प्रशिक्षण ले रहे हैं. अभ्यास में दोनों सेनाओं के जवान जंगल में आतंकवादियों से मुकाबला करने रहने, प्राथमिक उपचार और ... Read more
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Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
बीसीसीएल के ई-ब्लॉक खनन परियोजना को कोल इंडिया बोर्ड से मंजूरी मिल गई है, जिससे 2027 से खनन शुरू होगा। यह 27 साल का प्रोजेक्ट 376 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार देगा।
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा स्पेस प्लान!
ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने कई मोर्चों पर गतिविधियां तेज कर दी हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े आर्थिक अभियान की बात कही है, हालांकि अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है. समुद्र में अमेरिकी नाकाबंदी के दौरान कई जहाजों के रास्ते बदले गए हैं. हिज्बुल्लाह से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर भी कार्रवाई हुई है. इसके साथ अमेरिका ने 2030 तक हर साल 1000 से ज्यादा अंतरिक्ष मिशनों की क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा है.
ट्रंप प्रशासन ने कतर को 4.5 अरब डॉलर के केसी-46ए एरियल रिफ्यूलिंग विमान बेचने की मंजूरी दी
वॉशिंगटन, 21 अगस्त . अमेरिका के विदेश विभाग ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने कतर को केसी-46ए एरियल रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है. इस सौदे की अनुमानित कीमत 4.5 अरब डॉलर है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कतर ने अधिकतम चार केसी-46ए विमान खरीदने की मांग ... Read more
ईरान से युद्ध के बाद अमेरिका घटाएगा गल्फ में सैनिक, वीडियो में जाने 20 ठिकानों पर तैनात 40 हजार जवानों की होगी समीक्षा
हौतियों का दावा : सऊदी अरब के नजरान एयरपोर्ट और अरामको तेल केंद्र पर ड्रोन हमला
गौरतलब है कि 20 जुलाई को हौती समूह ने सऊदी जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। उसका आरोप था कि सऊदी अरब ने हौती नियंत्रित इलाकों की नाकेबंदी कर रखी है। इसके बाद से हौती समूह सऊदी टैंकरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और एयरपोर्ट पर कई हमलों का दावा कर चुका है तथा यमन में सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज कर दिए हैं।
पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब की कुल कितनी है सैन्य शक्ति, सबसे ताक़तवर कौन?
मक्का समझौता करने वाले पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की की थल, वायु और नौसेना कितनी ताक़तवर हैं. इनमें से कौन सा देश सैन्य रूप से सबसे ज़्यादा शक्तिशाली है?
NATO भी नहीं बचाएगा! तुर्की से जंग के लिए इजरायल को मिल गया लूपहोल
इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच इजरायल के एक अखबार में छपे लेख में दावा किया गया है कि अगर तुर्की की सेना सीरिया में तैनात होती है, तो NATO का आर्टिकल-5 उसे इजरायल के हमले से सुरक्षा नहीं देगा.
डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या में 26 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि विदेशी एयरलाइंस की संख्या बढ़ी
US Debt Crisis: America’s Debt Crosses $40 Trillion; How Much Are Trump’s Policies, Iran War and Tax Cuts Responsible?
हौतियों का दावा: सऊदी अरब के नजरान एयरपोर्ट और अरामको तेल केंद्र पर ड्रोन हमला
सना, 20 अगस्त . यमन के हौती विद्रोही समूह ने Thursday को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिणी नज़रान क्षेत्र में स्थित एक एयरपोर्ट और Governmentी तेल कंपनी अरामको की एक तेल सुविधा पर ड्रोन हमले किए हैं. हौती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा ... Read more
मिडिल ईस्ट पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS George Washington
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में USS George Washington एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात किया है, जो लंबे समय से क्षेत्र में मौजूद USS Abraham Lincoln की जगह लेगा.
ईरान से युद्ध करके अमेरिका को लगा तगड़ा झटका, अब तक 757 सैनिक घायल; कितने मरे?
पेंटागन ने पिछले महीने डीसीएएस में ओवरसीज ऑपरेशन्स श्रेणी बनायी थी ताकि 7 जुलाई से मारे गए या घायल हुए सैनिकों का रिकॉर्ड रखा जा सके। विभाग ने इस श्रेणी के बारे में और जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि ये हताहत किस संघर्ष से जुड़े हैं।
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तुर्की के हथियारों का जखीरा ले जा रहे जहाज को समुद्री डाकुओं ने किया हाईजैक, 6 भारतीय भी थे सवार
अधिकारी ने बताया कि पोलर मूवमेंट शिपिंग के मालिकाना हक वाले जहाज पर मोगादिशु में तुर्की की मिलिट्री ट्रेनिंग फैसिलिटी के लिए हथियार, साथ ही कम्युनिकेशन और सैटेलाइट इक्विपमेंट लदे हुए थे। इसमें छह भारतीय भी बतौर क्रू सवार थे।
बीच समुद्र जहाज से तुर्की के हथियारों का जखीरा लूट ले गए लुटेरे, 6 भारतीय भी थे सवार
रिपोर्ट के अनुसार इस घटना को 8 समुद्री लुटेरों ने अंजाम दिया है. इस घटना के चार दिन गुजर जाने के बाद भी न तो जहाज का स्टेटस पता चला है और न ही किडनैप किए गए क्रू के बारे में कोई जानकारी मिल पाई है.
मक्का रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान पहुंचा तुर्की का A400M, सैन्य गतिविधियों पर उठे सवाल
मक्का रक्षा समझौते के बाद तुर्की वायुसेना के A400M विमान की पाकिस्तान के मुरीद एयरबेस से जुड़ी गतिविधि सामने आई है। सार्वजनिक ट्रैकिंग संकेतों और OSINT दावों के आधार पर सैन्य आवाजाही को लेकर सवाल उठे हैं।
नई दिल्ली, 20 अगस्त . यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि Thursday को रोमानिया ने काला सागर में विस्फोटकों से लदे एक नौसैनिक ड्रोन को नष्ट कर दिया गया. उन्होंने इसे यूरोप के खिलाफ बढ़ते हाइब्रिड युद्ध का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि उभरते खतरों से निपटने के लिए यूरोप ... Read more
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
भारत के लिए यह घटनाक्रम अहम हो सकता है क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ है जब इस्लामाबाद ने दोनों देशों के साथ रक्षा साझेदारी को गहरा करते हुए अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने की कोशिश की है।
खुद शुरू किए युद्ध में अब अपनी ही हार देख रहा रूस: यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट
नई दिल्ली, 20 अगस्त . यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूक्रेन पर रूसी हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि दरअसल रूस अपने ही शुरू किए युद्ध में अब खुद की हार देख रहा है. यही कारण है कि वो आमजन और बुनियादे ढांचे पर हमले कर रहा है. उन्होंने कहा ... Read more
ईरान पर ट्रंप का 'Economic D-Day'! आर्थिक युद्ध के ऐलान पर भड़का तेहरान, बोला- दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को खतरा
युद्ध नशेआं विरुद्ध अभियान: फाजिल्का पुलिस ने 8 माह में 1331 नशा तस्कर किए गिरफ्तार
फाजिल्का के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गगन अजीत सिंह ने कहा कि संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फाजिल्का जिला पुलिस ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। …
Middle East Crisis के बीच India की नई रणनीति, Venezuela बना चौथा सबसे बड़ा Crude Oil आपूर्तिकर्ता
ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी बाधाओं के बीच भारत कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए लातिन अमेरिका का रुख कर रहा है। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले ‘केप्लर’ के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत के वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात में तेज वृद्धि हुई है और यह दक्षिण अमेरिकी देश भारत का चौथा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है। वेनेजुएला से आपूर्ति करीब 4,44,000 बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) रही जो इराक के 1,18,000 बीपीडी और अमेरिका के 1,53,000 बीपीडी से अधिक है। अप्रैल में आयात फिर शुरू होने के बाद से भारत के आपूर्ति विविधीकरण में वेनेजुएला की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल पर भारी निर्भरता बनाए रखते हुए वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है। रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है और अगस्त में वहां से आयात करीब 20 लाख बीपीडी रहा। जून-जुलाई में रूस से कच्चे तेल का आयात करीब 26 लाख बीपीडी तक पहुंच गया था, जो भारत के कुल कच्चे तेल आयात का आधे से अधिक था। इससे पश्चिम एशिया के पारंपरिक आपूर्ति मार्गों में बाधा के खिलाफ कुछ हद तक सुरक्षा मिली। कच्चा तेल वह कच्चा माल है जिसे रिफाइनरियां पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों में बदलती हैं। केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा, ‘‘ भारत एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा है। इसमें जहां संभव हो, घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन बढ़ाना, विदेशों से कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं तथा परिवहन मार्गों में विविधता लाना, रणनीतिक एवं वाणिज्यिक भंडार तैयार करना और गैस, जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना शामिल है।’’ उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम से एक व्यापक रणनीति उभर रही है। भारत निकट भविष्य में तेल से दूर नहीं जा रहा है बल्कि आपूर्तिकर्ताओं एवं परिवहन विकल्पों का दायरा बढ़ाकर अपनी जरूरत के कच्चे तेल की आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है। रितोलिया ने कहा कि पश्चिम एशिया से आने वाले कच्चे तेल को पूरी तरह बदलना न तो व्यावहारिक है और न ही जरूरी तौर पर आर्थिक रूप से फायदेमंद है। खाड़ी देशों के उत्पादक भौगोलिक रूप से भारत के अधिक करीब हैं। इससे वेनेजुएला, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और लातिन अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों की तुलना में यात्रा का समय और परिवहन लागत कम रहती है। इसके बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने पश्चिम एशिया, रूस और अटलांटिक बेसिन से आने वाले कच्चे तेल के बीच खरीद को बदलने में काफी लचीलापन दिखाया है। भारत का कुल कच्चा तेल आयात हाल के महीनों में करीब 50 लाख बीपीडी रहा है जिससे आपूर्ति में बाधाओं के बावजूद रिफाइनरी परिचालन अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका या लातिन अमेरिका से लंबी दूरी की आपूर्ति से माल ढुलाई और बीमा लागत बढ़ सकती है। ऐसे में भू-राजनीतिक व्यवधान भारत के लिए तेल आयात बिल बढ़ा सकते हैं, भले ही रिफाइनरियां पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल हासिल करने में सफल रहें। रितोलिया ने कहा, ‘‘ आपूर्ति में विविधता से सुरक्षा बढ़ती है, लेकिन इससे भारत भू-राजनीतिक जोखिमों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता। भारत को बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात जारी रखना होगा। इसलिए किसी भी बड़े व्यवधान का असर अंततः तेल की ऊंची कीमतों, माल ढुलाई और आयात लागत के रूप में सामने आएगा।’’ भारत दुनिया में तेल की मांग बढ़ाने वाले प्रमुख देशों में बना हुआ है। बढ़ते वाहन स्वामित्व, परिवहन, विमानन, औद्योगिक गतिविधियों और पेट्रोरसायन खपत से तेल की मांग को समर्थन मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के बावजूद मौजूदा वाहन बेड़े पर इसका असर पड़ने में समय लगेगा। वहीं, परिवहन और औद्योगिक मांग में वृद्धि के कारण तरल ईंधन की जरूरत बनी रहेगी।
सीरिया में खतरनाक कदम न उठाएं, इजरायली रक्षा मंत्री ने तुर्की के राष्ट्रपति को दी चेतावनी
टोक्यो, 20 अगस्त . इजरायल के रक्षामंत्री इजरायल काट्ज ने तुर्किये के President रेसेप तैय्यप एर्दोगान पर सीरिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी संभावित खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा. इजरायल के रक्षामंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”तुर्किये के ... Read more
दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक समीकरणों में इस समय एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। पड़ोसी देश पाकिस्तान की धरती पर पिछले कुछ दिनों से कुछ ऐसा चल रहा है, जिसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। खुफिया रिपोर्ट्स और रक्षा सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर चीन और तुर्की (Turkey) के भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट विमानों ने लगातार 60 घंटों से अधिक समय तक ताबड़तोड़ चक्कर लगाए हैं। इस दौरान इन विदेशी विमानों से पाकिस्तान के एयरबेस पर गुप्त रूप से अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान और हथियारों के बड़े जखीरे उतारे गए हैं। इस संदिग्ध और खतरनाक सैन्य गतिविधि के बाद से भारत की तीनों सेनाएं और देश की खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं और इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद बारीकी से नजर रखी जा रही है।रणनीतिक एयरबेस पर चीन और तुर्की के विमानों की लगातार आवाजाहीरक्षा जानकारों और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुछ चुनिंदा सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील एयरबेसिस पर पिछले तीन दिनों के भीतर भारी मालवाहक विमानों की असामान्य लैंडिंग देखी गई है। चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स और तुर्की की वायु सेना के इन विमानों ने अपनी पहचान छिपाने या कम से कम दिखाने के लिए विशेष रूटों का इस्तेमाल किया, लेकिन रडार और उपग्रह से मिलने वाली तस्वीरों ने उनके इस गुप्त अभियान की पोल खोल दी। इन ट्रांसपोर्ट प्लेन ने लगातार 60 घंटे तक बिना रुके उड़ान भरकर पाकिस्तान की सेना को बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक और हथियार सप्लाई किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की यह खेप किसी साधारण सैन्य अभ्यास का हिस्सा नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा और खतरनाक षड्यंत्र छिपा हुआ है।किन हथियारों और साजो-सामान के उतारे जाने की है आशंका?हालाँकि आधिकारिक तौर पर दोनों देशों की सरकारों की तरफ से इस सैन्य गतिविधि पर पूरी तरह से चुप्पी साधी गई है, लेकिन भारतीय रक्षा और खुफिया तंत्र के पास मौजूद शुरुआती जानकारियों के अनुसार इस खेप में अत्याधुनिक ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, नाइट विजन उपकरण और गाइडेड मिसाइलों के कलपुर्जे शामिल हो सकते हैं। पाकिस्तान की बिगड़ती हुई आर्थिक हालत और उसकी जर्जर होती सैन्य लॉजिस्टिक्स को देखते हुए यह साफ है कि वह अपने सदाबहार दोस्त चीन और रणनीतिक साझेदार तुर्की के सहारे अपनी सैन्य ताकत को फिर से दुरुस्त करने की फिराक में है। इन हथियारों का मुख्य उद्देश्य भारत की सीमाओं पर तनाव बढ़ाना और नियंत्रण रेखा (LoC) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सामरिक स्थिति को मजबूत करना बताया जा रहा है। तुर्की और चीन की इस बढ़ती धुरी ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नए खतरे पैदा कर दिए हैं।भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और थल सेना का कड़ा रुखपाकिस्तान के इस नापाक कदम और सीमा पार चल रही इन संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगते ही भारत का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नई दिल्ली में बैठे शीर्ष रक्षा अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और सैन्य नेतृत्व ने इस मामले पर एक उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक की है, जिसमें सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने पश्चिमी मोर्चे पर अपने रडार की निगरानी को और अधिक तेज कर दिया है तथा किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा, भारतीय नौसेना भी अरब सागर में अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी समुद्री और हवाई संयुक्त खतरे से समय रहते निपटा जा सके। देश की सीमाओं पर तैनात हमारे जवान पूरी तरह से मुस्तैद हैं और दुश्मन की हर हरकत का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं।भू-राजनीतिक मोर्चे पर बदल रहे समीकरण और भारत की कूटनीतियह पूरा वाकया ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद और सामरिक गठबंधनों को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ी हुई है। चीन और तुर्की का पाकिस्तान को इस प्रकार गुप्त रूप से हथियारों की सप्लाई करना इस बात का सबूत है कि वे भारत के खिलाफ एक नया रणनीतिक मोर्चा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय कूटनीति इतनी मजबूत है कि वह वैश्विक मंचों पर ऐसे देश-विरोधी गठबंधनों को बेनकाब करने में पूरी तरह सक्षम है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को भंग करने वाले किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से आने वाले कुछ सप्ताह भारत और पड़ोसी देशों के संबंधों के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, और देश की हर एक गतिविधि पर भारत की पैनी नजर बनी हुई है।
लेबनानी सेना के समर्थन में फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी तेज की, इजरायल से वार्ता अटकी
पेरिस, 20 अगस्त . लेबनान को जैसी उम्मीद थी वैसा कुछ खास होता नहीं दिखा. इजरायल की ओर से अब भी कुछ इलाकों पर हमले जारी हैं. इस सबके बीच फ्रांस ने लेबनानी सेना को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं. यह पहल ऐसे समय ... Read more
अमेरिका का साथ लेकर क्या इराक़ अपना पाला बदल रहा है?
इराक़ के नए प्रधानमंत्री अली ज़ैदी ने अमेरिका और तुर्की का दौरा करके संबंधों को गरमाहट देने की कोशिश की है. इसे ईरान के प्रति इराक़ की बदलती रणनीति के तौर पर क्यों देखा जा रहा है, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
कुमाऊं मंडल में पिछले सात माह में 1051 महिलाएं और बच्चियां लापता हो गईं। पुलिस ने इन सभी को ढूंढ़कर घर वापस भेज दिया है, लेकिन हर रोज नए मामले सामने आ रहे हैं।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी से बढ़ा तनाव, मोसाद प्रमुख ने की सीरियाई अधिकारी से बात
यरुशलम, 20 अगस्त . इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर बढ़ते तनाव के बीच खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख रोमन गोफमैन ने पिछले हफ्ते सीरिया के विदेश मामलों के प्रमुख असद हसन अल-शिबानी से फोन पर बात की. इजरायल के Governmentी चैनल कान टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार है जब ... Read more
'तुर्की वहां क्या कर रहा...', सीरिया पर हमले से पहले मोसाद चीफ ने विदेश मंत्री से की थी बात
इजरायल की ओर से सीरियाई एयरबेस पर हमले से पहले, इजरायल की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने सीरिया के विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी. बातचीत मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि तुर्की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने, हथियारों की बिक्री, ड्रोन की आपूर्ति और अन्य मुद्दों को लेकर क्या कर रहा है.
US की मदद करना मतलब युद्ध में शामिल होना, ईरान की सीधी वॉर्निंग
दोनों देशों के अड़ियल रुख के कारण कूटनीति की गुंजाइश लगभग खत्म हो गयी है। ईरान अब किसी भी अस्थायी विराम के पक्ष में नहीं है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे अमेरिका और उसके सहयोगियों को दोबारा संगठित होने का मौका मिल जाएगा।
लेबनान: 8.6 लाख विस्थापित घर लौटे, मगर मानवीय संकट बरक़रार
संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को आगाह किया कि दक्षिणी लेबनान में हिंसक टकराव के कारण विस्थापित हुए लगभग8 लाख 60 हज़ारलाख लोग अपने घर लौट चुके हैं, लेकिन विस्थापन और मानवीय संकट की स्थिति अभी भी गम्भीर बनी हुई है.
ड्रोन हमलों से बदल रहा युद्ध का स्वरूप, राहतकर्मियों पर बढ़ता ख़तरा
संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि दुनिया भर में युद्ध व हिंसक टकरावों में सशस्त्र ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से राहतकर्मियों के लिए जोखिम लगातार बढ़ रहा है और वे हमलों की चपेट में आ रहे हैं.
यूक्रेन में युद्ध के बीच कैसे होगा चुनाव? जेलेंस्की तैयार; लेकिन रास्ते में हैं कई पेच
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि अगर अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी मतदान की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें तो वे चुनाव कराने को तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी यूक्रेन में चुनाव कराने की वकालत कर चुके हैं।
Iran-US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा और सनसनीखेज दावा सामने आया है। ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्ध को और बढ़ाए जाने की स्थिति में यूरोप में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने पर विचार कर रहा है। 'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के शासन के करीबी दो लोगों ने यह जानकारी दी है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी सैन्य बलों ने दक्षिण-पूर्वी यूरोप में मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर संभावित हमलों का आकलन किया है। इनमें बुल्गारिया स्थित सैन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। बताया गया है कि पिछले महीने बुल्गारिया ने अमेरिका को अपने बेजमर एयर बेस का इस्तेमाल अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमानों के लिए करने की अनुमति दी थी।यूरोप के दूसरे ठिकाने भी निशाने परईरान की संभावित कार्रवाई सिर्फ बुल्गारिया तक सीमित नहीं बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, साइप्रस को भी संभावित टारगेट के तौर पर देखा जा रहा है। ईरानी पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि साइप्रस में मौजूद ब्रिटिश सैन्य ठिकाना भी संभावित निशानों में शामिल हो सकता है। मार्च में साइप्रस में एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला भी हुआ था।ईरान से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई यूरोपीय देशों के लिए संदेश भी हो सकती है कि अगर वे अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराते हैं, तो युद्ध का असर उनके क्षेत्र तक भी पहुंच सकता है।एक ईरानी सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोप को यह समझना चाहिए कि वह भी मिसाइल हमलों की जद में आ सकता है। सूत्रों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला करता है, तो युद्ध सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह यूरोप तक फैल सकता है।समुद्री इंटरनेट केबल भी निशाने पर?रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सैन्य बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्र के भीतर बिछी फाइबर ऑप्टिक केबलों पर हमले की संभावना का भी आकलन किया है। इन केबलों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय संचार और इंटरनेट डेटा के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि ऐसी किसी कार्रवाई को अंजाम दिया जाता है, तो इसका असर केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि वैश्विक संचार व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।अमेरिका के साथ खड़े देशों को ईरान की खुली चेतावनीईरान लंबे समय से उन देशों को चेतावनी देता रहा है जो अपनी जमीन से अमेरिकी सेनाओं को सैन्य अभियान चलाने की अनुमति देते हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले महीने ब्रिटेन को भी चेतावनी दी थी। IRGC ने कहा था कि यदि किसी ब्रिटिश सैन्य अड्डे का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है, तो वह अड्डा ईरान के लिए वैध सैन्य टारगेट माना जाएगा।ईरान से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि यदि अमेरिका ने बड़ा हमला किया तो तेहरान की प्रतिक्रिया की कोई सीमा नहीं होगी। उसके मुताबिक, अगर अमेरिका बहुत आगे बढ़ता है तो ईरान किसी भी कीमत पर अपनी रक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र से बाहर जाकर यूरोप में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। ईरान पहले भी दूर स्थित ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर चुका है।ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर यह चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि वह पहले भी अपने क्षेत्र से हजारों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों तक मिसाइल पहुंचाने की कोशिश कर चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की ओर से फरवरी में युद्ध शुरू किए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर डिएगो गार्सिया स्थित संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे की दिशा में कई मिसाइलें दागने का आरोप लगाया था।ईरानी मिसाइल की कितनी है क्षमता?डिएगो गार्सिया ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में स्थित है। हालांकि, ईरान से दागी गई कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। बाद में तुर्किये ने भी कहा था कि उसकी NATO एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था।यूरोप के लिए खतरा कितना बड़ा?रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (RUSI) के एक्सपर्ट सिद्धार्थ कौशल के मुताबिक, यूरोप के लिए ईरान की मिसाइल क्षमता से पैदा होने वाला खतरा वास्तविक है। हालांकि इसकी क्षमता अभी सीमित है। यानी इसका मतलब यह है कि ईरान के पास यूरोप तक खतरा पहुंचाने की कुछ क्षमता जरूर है। लेकिन बड़े पैमाने पर यूरोपीय लक्ष्यों पर हमला करने की उसकी क्षमता को लेकर अभी भी सीमाएं हैं। ईरान की ताजा धमकियां ऐसे समय सामने आई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ समझौता पिछले महीने टूट गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।ये भी पढ़ें- BBA स्टूडेंट ने 3 महीने तक रोज 8.5 घंटे Rapido चलाया, एक दिन में 1200 रुपये तक कमाए फिर अपना एक्सपीरियंस डिटेल में बताया
World Photography Day: तंबू में सिमटी जिंदगियां, मलबे में तब्दील आशियाने और बारूद का धुआं. वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर देखिए एसोसिएटेड प्रेस (AP) के लेंस से कैद पश्चिम एशिया के युद्ध की 8 झकझोर देने वाली तस्वीरें.
जंग लड़ेंगे US के 2 दोस्त? जानिए इजरायल-तुर्की की पूरी मिलिट्री पावर
ग्लोबल फायरपावर 2026 के अनुसार तुर्की विश्व में 9वें और इजरायल 15वें स्थान पर है. दोनों अमेरिका के सहयोगी हैं. जमीनी और नौसेना में तुर्की आगे, हवा में इजरायल की तकनीकी बढ़त है.
ईरान युद्ध के बीच ट्रम्प की लोकप्रियता में भारी गिरावट, वीडियो में जाने अप्रूवल रेटिंग घटकर 33 प्रतिशत पर पहुंची
डिफेंस सेक्टर में झंडे गाड़ रहा भारत, देश में ही बनेंगे टी-90 टैंक, सुखोई और युद्धपोत के उपकरण
पिछले पांच सालों में 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का स्वदेशीकरण सफलतापूर्वक किया गया है। नतीजा यह है कि लगभग 9000 करोड़ रुपये के आयात में बदलाव का अनुमान है। अब एक नई सूची सामने आई है।
Azamgarh News: 15 दिन में स्पष्टीकरण नहीं दिया तो होगी एकतरफा कार्रवाई
15 दिन में स्पष्टीकरण नहीं दिया तो होगी एकतरफा कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में भाजपा की एकतरफा जीत तय, चुनाव बाद फिर बनेगी सरकार : जगदीश पटेल
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'महिलाओं की वजह से हुए युद्ध लेकिन कोई महिला नहीं मरी', गुना से भाजपा MLA पन्नालाल का विवादित बयान
मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का एक बयान फिर से चर्चा में है। मंगलवार को आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में उन्होंने कहा कि इतिहास में सभी युद्ध महिलाओं के कारण हुए लेकिन उनमें किसी महिला की मौत नहीं हुई। सब पुरुष ही मरे।
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
आज ही के दिन यानी की 18 अगस्त को पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्म हुआ था। वह एक बेहतरीन घुड़सवार, कुशल तलवारबाजी और कमाल के सेनापति थे। बाजीराव प्रथम युद्ध में माहिर थे। उन्होंने मुगलों की कमर तोड़ दी थी। बाजीराव प्रथम अपनी जिंदगी में एक भी युद्ध नहीं हारे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पेशवा बाजीराव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार 18 अगस्त 1700 को पेशवा बाजीराव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम बालाजी विश्वनाथ और मां का नाम राधाबाई था। इनके पिता छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। बाजीराव का एक छोटा भाई चिमाजी अप्पा था। बाजीराव अपने पिता के साथ हमेशा सैन्य अभियानों में जाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak बाजीराव प्रथम पेशवा बाजीराव को बाजीराव प्रथम भी कहा जाता है। वह मराठा साम्राज्य के एक महान पेशवा थे। पेशवा का अर्थ प्रधानमंत्री होता है। वह मराठा छत्रपति राजा शाहू के चौथे प्रधानमंत्री थे। बाजीराव ने अपना प्रधानमंत्री पद साल 1720 से लेकर मृत्यु तक संभाला था। बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में माहिर थे। यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक देश में आज तक नहीं देखा गया। उनके 4 घोड़े थे- गंगा, नीला, सारंगा और औलख आदि। जिनकी वह खुद देखभाल किया करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे और वह न्यायप्रिय सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते थे। बाजीराव पूरी सेना को अनुशासन में रखते थे। बता दें कि 20 साल की उम्र में बाजीराव पेशवा के पद पर नियोजित हुए थे। उनके पेशवा बनते ही छत्रपति शाहू नाम मात्र के शासक रह गए थे। वह एक महान योद्धा थे। मोहम्मद बंगश, निजाम से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को वह कई-कई बार शिकस्त देते। बाजीराव इतिहास के अकेले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने 41 लड़ाइयां लड़ी थीं और एक भी लड़ाई नहीं हारी। बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली का इस्तेमाल कर रहे थे। मृत्यु बाजीराव पेशवा की 28 अप्रैल 1740 को 39 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी।
दोहा/ नई दिल्ली। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर कतर में यूपीआई से संचालित पोसट्रांसफर पर आधारित कतर-भारत धन प्रेषण सेव
मध्य प्रदेश के गुना में मंगलवार को राज्य स्तरीय बलराम महोत्सव में बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने माता सीता को ‘मौत का सामान’ बताया। शाक्य ने रामायण, महाभारत और अन्य युद्धों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन युद्धों में पुरुष मारे गए, एक भी महिला नहीं मरी। पन्नालाल शाक्य की बात सुनकर मंच पर बैठीं चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने बीच में टोका। उन्होंने कहा- भाई साहब आप गलत बोल रहे हैं। नहीं भाईसाहब, ऐसा नहीं है। ये तो गलत बात है। महिलाओं ने भी बलिदान दिए हैं। मैं भी महिला हूं। महिलाओं की बलिदान को भूल रहे हैं। शाक्य बोले- रामायण के युद्ध में महिला नहीं मरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पन्नालाल शाक्य ने रामायण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को ले जाना गलत है। उसे सम्मान के साथ वापस भेज देना चाहिए। इसके बाद शाक्य ने कहा कि रामायण के युद्ध में कोई महिला नहीं मरी, बल्कि पुरुष ही मरे। महाभारत का उदाहरण देकर बोले- एक करोड़ पुरुष मारे गए शाक्य ने महाभारत के युद्ध का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महाभारत के युद्ध में एक करोड़ पुरुष मारे गए, जबकि महिलाएं नहीं मरीं। उन्होंने कहा कि इस बात को समझने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का उदाहरण दिया। शाक्य ने कहा कि संयोगिता के कारण पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत कन्नौज से दिल्ली तक मारे गए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में भी पुरुष मरे, महिलाएं नहीं। महिला विधायक ने मंच से ही टोका प्रियंका पेंची की आपत्ति के बावजूद शाक्य अपनी बात पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि कहां क्या हुआ है। इसके बाद उन्होंने प्रियंका पेंची से बैठने के लिए कहा। दोनों विधायकों के बीच मंच पर हुई इस बहस की चर्चा कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी होती रही। महिलाओं के बलिदान को लेकर पन्नालाल शाक्य के बयान और प्रियंका पेंची की तत्काल आपत्ति कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख विषय रही। शाक्य ने प्राकृतिक खेती अपनाने की बात कही कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी खाद के ज्यादा इस्तेमाल से जमीन खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर खेती करके अन्न पैदा किया जाता है, उसके प्रति गौरव और सम्मान का भाव होना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन को बंजर होने से बचाने की बात कही। नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम बलराम महोत्सव का आयोजन गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और किसान मौजूद रहे। किसानों को किया गया सम्मानित बलराम महोत्सव के दौरान कई किसानों को सम्मानित भी किया गया। डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक खेती की जानकारी दी। उन्होंने गुलाब और थाई अमरूद की खेती के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम का स्वागत भाषण डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर संजीव शर्मा ने दिया।…………………………………… यह खबर भी पढ़ें विधायक प्रीतम लोधी ने 13 गुर्जरों के हत्यारे डकैत को बताया दोस्त शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने 13 गुर्जरों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून देने वाले कुख्यात डकैत को अपना दोस्त बताया। उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। पढ़ें पूरी खबर…
Opinion: बांग्लादेश भी हो सकता है मक्का संधि का हिस्सा? तुर्की कैसे भारत के खिलाफ बिछा रहा बिसात
तुर्की मीडिया में हाल ही में छपे एक आर्टिकल से पता चलता है कि कैसे अंकारा भारत और उसके पड़ोस के लिए एक स्ट्रेटेजिक खतरा बनता जा रहा है.
दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के राजनीतिक क्षितिज पर एक बड़ा कूटनीतिक भूचाल आया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने मिलकर 'मक्का रक्षा समझौते' (Mecca Joint Defense Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों द्वारा इसे व्यापक रूप से 'इस्लामिक ...
उत्तराखंड के चार जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के हिमाच्छादित क्षेत्रों में सोमवार से डिजिटल स्व-गणना शुरू हो गई है।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
हजारीबाग जिले के चलकुशा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में 40 वर्षीय बाइक सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना बरकट्ठा-तेतरोन मुख्य मार्ग पर केंदुआ स्थित भदानी पेट्रोल पंप के पास हुई। मृतक की पहचान सहदेव रजक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सहदेव रजक अपनी सुपर स्प्लेंडर बाइक से बरकट्ठा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क निर्माण कार्य में लगे एक अलकतरा टैंकर से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सहदेव गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर बरकट्ठा-तेतरोन मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। परिजन मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे और 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। सड़क जाम की सूचना पर चलकुशा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। भाजपा विधायक अमित यादव सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। इस दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साइड ऑफिस में भी कुछ देर के लिए हंगामा किया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल अलकतरा टैंकर को जब्त कर लिया है। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मृतक का परिवार उचित मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Kurukshetra News: केनरा बैंक ऋण मामले में अदालत ने उधारकर्ता के खिलाफ सुनाया एकतरफा फैसला
केनरा बैंक ऋण मामले में अदालत ने उधारकर्ता के खिलाफ सुनाया एकतरफा फैसला
Chief Minister to review the 'War Against Drugs' campaign on the 31st; next action plan to be formulated.
भगवंत मान सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान में योगदान देने वाली ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह दो सप्ताह की एक सुव्यवस्थित कार्रवाई एवं समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत है, जिसका समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैठक से होगा।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (RAF) में लुधियाना का अर्शदीप सिंह फाइटर पायलट बन गया। 28 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शदीप सिंह डांग द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश एयर फोर्स में फाइटर पायलट बनने वाले पहले सिख बन गए हैं। उत्तरी वेल्स स्थित आरएएफ वैली में आयोजित फास्ट जेट पायलट ग्रेजुएशन समारोह में आधिकारिक तौर पर उन्हें यह सम्मान मिला। रॉयल एयर फोर्स में पायलट बनने पर अर्शदीप ने कहा कि उन्होंने अपने दादा का सपना साकार किया है। अर्शदीप का कहना है कि यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपनों को पूरा करने और इतिहास रचने के लिए प्रेरित करे। पंजाब से लेकर इंग्लैंड की एयरफोर्स में पायलट बनने का सफर सिलसिलेवार जानिए.. दादा का अधूरा सपना, जो पोते ने किया पूरा अर्शदीप के फाइटर पायलट बनने के पीछे एक बेहद भावुक पारिवारिक कहानी जुड़ी है। अर्शदीप ने बताया, “यह मेरे दादा सरदार संतोख सिंह डांग का सपना था कि मेरे पिता एक पायलट बनें। लेकिन मेरे दादाजी का निधन तब हो गया था जब मेरे पिता केवल 6 वर्ष के थे। इस वजह से मेरे पिता को अपनी इच्छा पूरी करने के लिए कभी वे अवसर या संसाधन नहीं मिल सके। मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया और मुझे यह विश्वास दिलाया कि मैं एक पायलट बन सकता हूं। आखिरकार वह सपना सच हो गया।” संघर्षों के दिनों में मां बनीं सबसे बड़ी ताकत विदेश में जाकर बसने के शुरुआती दिनों में परिवार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अर्शदीप अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी माता गगनदीप कौर को देते हैं। वे कहते हैं, “हालांकि मेरे पिता को पायलट के रूप में देखना मेरे दादाजी का सपना था, लेकिन मेरी असली ताकत हमेशा मेरी मां रही हैं। उन्होंने हमें हमेशा जमीन से जोड़े रखा, विनम्र बनाया और वित्तीय तंगी के दौर में भी कभी हमें नीचा महसूस नहीं होने दिया। सबसे कठिन समय में उन्होंने हमारे परिवार को संभाला और भारत से यूके आने के बाद भी हमारे भीतर पंजाबी जड़ों और सिख मूल्यों को बनाए रखा।” विदेश में भी पंजाबी संस्कृति और मूल्यों को रखा जीवित बचपन में यूके चले जाने के बावजूद अर्शदीप ने अपनी जड़ों को कैसे संजोकर रखा, इस पर उन्होंने बताया कि उनके घर में एक बेहद सख्त नियम है। घर के अंदर सभी सदस्य केवल पंजाबी भाषा में ही बात करते हैं और किसी अन्य भाषा के प्रयोग की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा, परिवार नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता है, लंगर सेवा में भाग लेता है और सिख धर्म के मूल सिद्धांतों का पालन करता है। अर्शदीप कहते हैं, “कठिन और तनावपूर्ण सैन्य उड़ानों के दौरान 'चढ़दी कला' की सदाबहार पंजाबी भावना ने मेरी सबसे ज्यादा मदद की।”
प्रेमी के लिए पति-बेटे को सऊदी अरब में छोड़ भारत आई शबाना, भरोसा टूटा और फिर...
एक महिला सऊदी में पति-बेटे को छोड़ प्रेमी के लिए भारत आई। यहां आकर उसे प्रेमी की सच्चाई पता चली तो उसका भरोसा टूटा। इसके बाद महिला ने मासूम बच्ची को गोद में लेकर ट्रेन के आगे कूदने का प्रयास किया। लोगों ने दोनों की जान बचा ली।
भारत के रक्सौल सीमा से सटे नेपाल के क्षेत्रों में मस्जिदों और मदरसों की संख्या में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे धार्मिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव की चिंताएं बढ़ी हैं। सु
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
यहां आजादी का जश्न सिर्फ तिरंगा फहराकर नहीं मनाया जाता, यहां पीढ़ियां तिरंगे की हिफाजत करके आजादी को जिंदा रखती हैं। यह लाइन मुरैना जिले के काजी बसई गांव पर फिट बैठती है। जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तो ऐसे गांव भी हैं जहां देशभक्ति सिर्फ नारों और समारोहों तक ही सीमित नहीं है। यहां पीढ़ियां देश की सीमाओं पर खड़ी होकर आजादी की हिफाजत करती रही हैं। काजी बसई गांव भी ऐसा ही गांव है। गांव की गलियों में चलते हुए शायद ही कोई ऐसा घर मिले, जिसका रिश्ता सेना, CRPF, BSF या किसी अन्य सुरक्षा बल से न रहा हो। किसी घर की दीवार पर शहीद की तस्वीर है तो कहीं आज भी बेटा, पोता या भतीजा सीमा पर तैनात है। गांव ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर दूसरे विश्व युद्ध, 1962 का चीन युद्ध, 1965 और 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग, श्रीलंका में एलटीटीई के खिलाफ अभियान, पंजाब के उग्रवाद, नक्सल विरोधी अभियानों, कारगिल युद्ध और हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक अलग-अलग दौर में देश की सुरक्षा में जवान दिए हैं। देश के लिए अब तक काजी बसई गांव के 11 जवानों ने शहादत दी है। इनमें 9 मुस्लिम और 2 हिंदू हैं, लेकिन काजी बसई की कहानी सिर्फ युद्धों की सूची नहीं है। यह उस पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती परंपरा की कहानी है, जिसमें फौज में जाना नौकरी नहीं, बल्कि परिवार और गांव की जिम्मेदारी माना जाता है। इस रिपोर्ट में पढ़िए देश भक्त गांव की कहानी… आजादी मिली, लेकिन पहरा कभी खत्म नहीं हुआ 15 अगस्त आते ही देश में आजादी की कहानियां दोहराई जाती हैं। काजी बसई में आजादी की कहानी कुछ अलग तरह से सुनाई देती है। यहां बुजुर्ग अपने बच्चों को बताते हैं कि देश आजाद होने से पहले उनके पूर्वज विदेशी हुकूमत के दौर के युद्धों में गए। आजादी के बाद की पीढ़ियों ने उसी धरती की रक्षा के लिए हथियार उठाए, जिसे देश ने अपने दम पर संभाला। पूर्व सैनिक हाजी मोहम्मद रफी बताते हैं कि काजी बसई का सैन्य इतिहास काफी पुराना है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गांव के अब्दुल वासिद सिंधिया स्टेट की सेना में भर्ती हुए थे। युद्ध के दौरान जर्मनी में उनकी शहादत हुई। बताया जाता है कि उनकी शहादत की स्मृति आज भी जर्मनी में मौजूद है। दूसरे विश्व युद्ध में भी गांव के करीब 16 लोग अंग्रेजों की तरफ से युद्ध में शामिल हुए। इनमें हाजी अलीमुद्दीन, इस्लामुद्दीन, अब्दुल अली, नूर मोहम्मद, मोहम्मद वली, हकीमदीन खान, क्वार्टर मास्टर हकीमुल्ला, हाजी अर्जुद्दीन, मोहम्मद इब्राहिम और अब्दुल गनी सहित कई जवान शामिल थे। युद्ध खत्म होने के बाद ये जवान गांव लौट आए। 1965 और 1971 की जंग खुद लड़ी, आज भी यादें ताजा हाजी मोहम्मद रफी बताते हैं- वे खुद 1965 और 1971 के युद्ध में शामिल रहे। उम्र के इस पड़ाव पर भी युद्ध की यादें उनके चेहरे पर साफ दिखाई देती हैं। पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 की जंग मैंने खुद लड़ी है। 1962 के चीन युद्ध और कारगिल की लड़ाई में भी गांव के जवान शामिल रहे। उनके मुताबिक काजी बसई के जवान सिर्फ सीमा पर होने वाली जंगों तक सीमित नहीं रहे। श्रीलंका में एलटीटीई के खिलाफ अभियान, पंजाब में उग्रवाद और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी गांव के जवानों ने ड्यूटी की। यानी आजादी के बाद देश के सामने सुरक्षा की जो भी नई चुनौती आई, काजी बसई के घर से किसी न किसी ने मोर्चे की तरफ कदम बढ़ाया। एक ट्रांसफर ने बचाई जिंदगी, लेकिन साथी नहीं बच सके रिटायर्ड सीआरपीएफ जवान मोहम्मद जफर की कहानी काजी बसई के सैनिक परिवारों के दर्द को सामने लाती है। जफर बताते हैं कि उनके परिवार की चार पीढ़ियां सुरक्षा बलों में रही हैं। दादा सेना में थे, पिता भी सेना में गए, इसके बाद वे सीआरपीएफ में भर्ती हुए और अब उनका बेटा भी सेना में है। पंजाब में आतंकवाद के दौर में उनकी तैनाती पटियाला, तरनतारन और अमृतसर में रही। वे बताते हैं कि उस समय हर दिन अनिश्चितता के बीच गुजरता था। एक घटना बताते हुए जफर भावुक हो जाते हैं। वे 75वीं बटालियन सीआरपीएफ में तैनात थे। उनका ट्रांसफर दूसरी बटालियन में हो गया और वे चंडीगढ़ चले गए। उनके जाने के तीन दिन बाद उनकी पुरानी बटालियन के जवानों पर बस में हमला हुआ और उनके कई साथी मारे गए। वे कहते हैं, मैं सिर्फ ट्रांसफर होने के कारण बच गया। मोहम्मद जफर बताते हैं- उनकी जिंदगी में शहादत की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। उनके भाई का बेटा भी करीब दो साल पहले कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया। अगर डर होता तो परिवार वाले हमें रोक लेते। गांव में सेना सिर्फ नौकरी नहीं, परंपरा बन गई है। चार पीढ़ियों से वर्दी, अब बेटे भी उसी रास्ते पर काजी बसई के रिटायर्ड सीआरपीएफ एसआई मोहम्मद शफीक भी चार पीढ़ियों की देशसेवा की कहानी बताते हैं। उनके दादा और पिता सुरक्षा बल में रहे। वे 1984 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए और 1987 में श्रीलंका में भारत की ओर से चलाए गए शांति अभियान के दौरान तैनात रहे। दो साल श्रीलंका में ड्यूटी करने के बाद वे भारत लौटे। बाद में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सेवा दी। अब जिस छत्तीसगढ़ में वे कभी नक्सल विरोधी अभियान में ड्यूटी कर चुके हैं, उसी क्षेत्र में उनका बेटा देश की सेवा कर रहा है। शफीक के लिए यह सिर्फ परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि गांव की परंपरा का हिस्सा है। 1971 की जंग में कलकत्ता तक पहुंची थी बटालियन रिटायर्ड एसएएफ जवान मोहम्मद नाजिम 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद सुनाते हैं। वे बताते हैं कि उनकी बटालियन को इंदौर से कलकत्ता तक ले जाया गया था। सुबह उन्हें विमान से आगे भेजे जाने की तैयारी थी, लेकिन उसी दौरान पाकिस्तान ने हथियार डाल दिए और युद्ध खत्म हो गया। इसके बाद उनकी बटालियन को असम में तैनात कर दिया गया। नाजिम बताते हैं कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां आज भी सुरक्षा बलों में हैं। युद्ध भले खत्म हो गया, लेकिन काजी बसई के परिवारों का देश की सीमाओं पर पहरा खत्म नहीं हुआ। 'फौज में जाति-धर्म नहीं, सिर्फ तिरंगा होता है' बीएसएफ में एसआई पद से रिटायर्ड अब्दुल महफूज अब्बासी हाल ही में गांव लौटे हैं। वे ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे हैं। आजादी और देशसेवा को लेकर वे कहते हैं कि सेना में जाति और धर्म की पहचान पीछे छूट जाती है। वे बताते हैं कि- फौज में कोई जाति-धर्म नहीं होता। वहां सिर्फ देशसेवा सबसे बड़ा धर्म है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिमाग में सिर्फ तिरंगा और भारत माता थी। अब्बासी की चिंता शहीद परिवारों को लेकर भी है। उनका कहना है कि सरकार को उन परिवारों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने बेटे खोए हैं। उनकी बात में गांव की सामूहिक भावना दिखाई देती है- यहां फौज में जाने के लिए किसी को मनाना नहीं पड़ता, क्योंकि कई परिवारों में सेना की वर्दी विरासत की तरह आगे बढ़ती है। गांव से पांच किलोमीटर दूर था स्कूल, रोज दौड़कर जाते थे बच्चे काजी बसई की सैन्य परंपरा के पीछे सिर्फ जज्बा नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में तैयार हुई शारीरिक क्षमता भी है। रिटायर्ड प्राचार्य मोहम्मद हबीब बताते हैं कि एक समय गांव से स्कूल करीब पांच किलोमीटर दूर था। उस दौर में न साधन थे और न हर घर में साइकिल। बच्चे रोज पांच किलोमीटर पैदल या दौड़ते हुए स्कूल जाते और लौटते थे। वे कहते हैं- हमारे लोगों का फिजिकल यूं ही हो जाता था। कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई सेना का फिजिकल देने गया हो और अंदर से लौट आया हो। आज भी गांव की करीब 90 प्रतिशत आबादी सुरक्षा बलों में जाने वाली पीढ़ी से जुड़ी हुई है और युवा भर्ती की तैयारी करते हैं। 11 शहादतें, लेकिन वर्दी से मोह कम नहीं हुआ काजी बसई की सबसे बड़ी कहानी इसके 11 शहीद जवान हैं। हर शहादत एक परिवार के लिए ऐसा खालीपन छोड़ गई, जिसे कोई सम्मान या मुआवजा पूरी तरह नहीं भर सकता। यहां एक परिवार का बेटा शहीद होता है तो अगली पीढ़ी में कोई दूसरा बच्चा सेना की तैयारी शुरू कर देता है। किसी के पिता वर्दी पहनते हैं तो बेटा उसी वर्दी को अपना भविष्य मानता है। यही वजह है कि काजी बसई में फौज एक पेशा नहीं लगती- यह गांव की सामाजिक स्मृति और सामूहिक पहचान बन चुकी है।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
महाभारत युद्ध के बाद द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था मृत्यु न पाने का अभिशाप
कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चले महाभारत के भीषण युद्ध में अंततः पांडवों की विजय हुई और कौरवों की हार हुई, लेकिन इस जीत की खुशी पांडवों के नसीब में नहीं थी। अपनों को खोने के असहनीय दुख के अलावा पांडवों और विशेषकर द्रौपदी के सीने में अपने पांचों पुत्रों की अकाल मृत्यु का गहरा जख्म था।यह दर्द इसलिए भी बहुत बड़ा था क्योंकि पांडव पुत्र युद्ध के मैदान में वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त नहीं हुए थे, बल्कि युद्ध समाप्त होने के बाद सोते हुए अवस्था में उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा था। पुत्रों की हत्या के इस भयानक पाप के बदले में द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु न मिलने का यानी अमरता का अभिशाप दिया था, जो किसी वरदान से कम नहीं बल्कि सबसे बड़ी सजा थी।द्रौपदी के पुत्रों की सोते में हुई थी हत्यामहाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और कौरव सेना पूरी तरह परास्त हो चुकी थी। युद्ध की थकान से चूर द्रौपदी के पांचों पुत्र (उपपांडव) एक शिविर में गहरी नींद में सो रहे थे। विजय के अहंकार और प्रतिशोध की आग में जलते हुए अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में उस शिविर में प्रवेश किया और सोते हुए अवस्था में ही द्रौपदी के सभी पुत्रों की क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी। इस घटना ने पांचाल और पांडव शिविर में कोहराम मचा दिया और पूरा माहौल शोक में डूब गया।द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था अमरता का अभिशाप?जब अश्वत्थामा को इस घोर पाप के लिए अर्जुन और भीम द्वारा पकड़कर श्री कृष्ण के समक्ष लाया गया, तब उसे मृत्युदंड देने के बजाय द्रौपदी ने एक अनूठा निर्णय लिया। सनातन शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुत्र को भी गुरु के समान ही आदरणीय माना जाता है और द्रौपदी गुरु द्रोणाचार्य का बहुत सम्मान करती थीं।इसके अलावा, एक मां के रूप में द्रौपदी स्वयं पुत्र वियोग के दर्द को भली-भांति समझती थीं। वह जानती थीं कि यदि अश्वत्थामा को मृत्यु दी जाती है, तो उसकी माता कृपी को भी पुत्र शोक की वैसी ही असहनीय पीड़ा झेलनी होगी, जैसी वह खुद झेल रही हैं। इन सभी धर्मिक मर्यादाओं और गुरु परिवार के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु के घाट उतारने के बजाय धरती पर चीरकाल तक जीवित रहने, कोढ़ और विभिन्न रोगों से ग्रसित होकर एक सूक्ष्म कण के रूप में भटकने का अभिशाप दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा आज भी कलियुग में जीवित हैं और पृथ्वी पर जहां भी नकारात्मकता, पाप और अधर्म होता है, वहां उनकी सूक्ष्म उपस्थिति मानी जाती है।अर्जुन ने छीन ली थी अश्वत्थामा के मस्तक की दिव्य मणिपौराणिक कथाओं के अनुसार, अश्वत्थामा के जन्म से ही उसके मस्तक पर एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य मणि सुशोभित थी। इस मणि के प्रभाव से उसे अस्त्र-शस्त्र, भूख, प्यास, थकान और किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति मिली हुई थी। इसी मणि की असीम शक्ति और अहंकार के बल पर ही वह द्रौपदी के पुत्रों की हत्या करने में सफल रहा था।जब अश्वत्थामा का अहंकार और उसका अपराध पराकाष्ठा पर पहुंच गया, तब भगवान श्री कृष्ण के निर्देशानुसार अर्जुन ने उसके मस्तक से उस दिव्य मणि को बलपूर्वक निकाल लिया। मणि छिन जाने के कारण अश्वत्थामा का जीवन जीवित शव के समान हो गया और अंततः द्रौपदी द्वारा दिया गया अमरता का वह अभिशाप उसके लिए जीवनभर की सबसे बड़ी सजा बन गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
टेलर ने कपड़े की कतरन वापस लौटा दी तो फेंकने की बजाय 4 तरीके से करें इस्तेमाल
आपके पास ढेर सारी कपड़े की कतरन बची रहती है या फिर टेलर ने सूट या ब्लाउज की बची हुई कतरन को वापस कर दिया है। इसे फेंकने की बजाय आप बहुत ही काम के तरीकों से दोबारा से इस्तेमाल में ला सकते हैं।
500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

