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कतर से गैस लाने में जुटे फतेहाबाद के दो ऑफिसर:दोनों मर्चेंट नेवी में तैनात; दो जहाजों में लदी 92,700 टन LPG

देश में एलपीजी आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के प्रयासों के बीच हरियाणा के फतेहाबाद जिले के दो युवकों का भी अहम योगदान सामने आया है। जिले के गांव कुम्हारिया और सरवरपुर के दो युवक मर्चेंट नेवी में अधिकारी के रूप में तैनात हैं। ये दोनों उन जहाजों पर तैनात हैं, जो ईरान से एलपीजी गैस लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, युद्ध प्रभावित होर्मुज मार्ग से भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी शनिवार सुबह सुरक्षित गुजर गए। इन जहाजों में कुल 92 हजार 700 टन एलपीजी लदी हुई है। दोनों जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 16–17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है। शिवालिक पर तैनात अनिल भांभू गांव कुम्हारिया के कृष्ण गोदारा मर्चेंट नेवी में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और वे गैस लेकर भारत आ रहे जहाज नंदा देवी पर तैनात हैं। वहीं, गांव सरवरपुर के अनिल भांबू भी मर्चेंट नेवी में अधिकारी हैं और शिवालिक जहाज पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 24 भारतीय जहाज फंस गए थे बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज मार्ग के पश्चिमी किनारे पर 24 भारतीय जहाज फंस गए थे। इनमें से दो जहाज अब सुरक्षित निकल कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज कतार में हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय ध्वज वाले चार अन्य जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में भी फंसे हुए बताए गए हैं। फतेहाबाद जिले के इन दोनों युवकों ने अपने सफर को परिवार से भी साझा किया है। 25 फरवरी को गैस लेने गए थे कतर गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मर्चेंट नेवी में मुख्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि गांव सरवपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी तैनात हैं। इनके परिवार के अनुसार, दोनों अधिकारी जहाज लेकर पिछले महीने 25 फरवरी को कतर में एलपीजी गैस लेने के लिए गए थे, लेकिन इस बीच युद्व शुरू होने के चलते फंस गए थे। 8 साल पहले भर्ती हुए थे अनिल मर्चेंट नेवी में सेकेंड ऑफिसर अनिल भांभू के भाई सुनील के अनुसार, उनके भाई अनिल की उम्र इस समय 30 साल है। करीब आठ साले वह पहले मर्चेट नेवी में भर्ती हुआ था। शुरू से ही नेवी में जाने का उसको जुनून था। परिवार में पिता कृष्ण कुमार, माता सुशीला, भाभी उषा, भतीजा कुशांत है। जो लगातार उसके सुरक्षित पहुंचने की दुआ कर रहे हैं। वाट्सएप कॉल से परिवार कर रहा बातचीत अनिल के भाई सुनील ने बताया कि परिवार को शुरू में चिंता हुई थी, लेकिन अब गर्व महसूस कर रहे हैं कि बेटा देश के लिए काम कर रहा है। वाट्सएप कॉल के जरिए अनिल से परिवार के लोग संपर्क कर रहे हैं। उससे लगातार कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक जहाज अपनी तय जगह पर पहुंच जाएंगे। परिवार के अनुसार, अनिल ने बातचीत में बताया है कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने में भारत सरकार और भारतीय नेवी, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया का काफी योगदान रहा है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 2:44 pm

नवसंवत्सर 2083 का आगाज 20 मार्च से:ज्योतिषाचार्य ने ग्रह योगों के आधार पर युद्ध, महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई

हिंदू नववर्ष संवत 2083 का प्रवेश 19 मार्च 2026 को हो रहा है, लेकिन उदया तिथि में प्रतिपदा के क्षय होने के कारण नवसंवत्सर का आरंभ 20 मार्च, शुक्रवार से माना जाएगा। इस वर्ष का नाम रौद्र संवत्सर रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार वैशाख कृष्ण नवमी, 11 अप्रैल 2026 से दुर्मति नामक उपसंवत्सर प्रारंभ होगा, हालांकि संकल्प आदि में पूरे वर्ष रौद्र संवत्सर का ही प्रयोग किया जाएगा। वर्ष के ग्रह पदाधिकारी और उनके प्रभाव संवत 2083 के लिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष के दस पदाधिकारी निर्धारित किए गए हैं। इनमें राजा गुरु, मंत्री भौम (मंगल), सस्येश शुक्र, दुर्गेश चंद्र, धनेश गुरु, रसेश रवि, धान्येश बुध, नीरसेश गुरु तथा फलेश और मेघेश चंद्र हैं। इस प्रकार राजा गुरु के पास दो अतिरिक्त विभागों का स्वामित्व रहेगा, जबकि चंद्रमा को तीन विभागों की जिम्मेदारी मिलेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह स्थितियों का असर देश-दुनिया की आर्थिक, सामाजिक और प्राकृतिक परिस्थितियों पर दिखाई दे सकता है। युद्ध, आगजनी और वैश्विक तनाव की आशंका ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष की शुरुआत में चतुर्ग्रही योग का प्रभाव रहेगा और मंगल-राहु का अंगारक योग आगजनी, विस्फोट और युद्ध जैसी स्थितियों के संकेत देता है। कई देशों में राजनीतिक असंतोष और राष्ट्राध्यक्षों के खिलाफ रोष बढ़ सकता है। मंगल-शनि की युति तापमान में वृद्धि और वर्ष के अंत तक महंगाई बढ़ने के संकेत दे रही है। वहीं सूर्य-शनि के षडाष्टक योग के कारण वाहन, रेल और हवाई दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। प्राकृतिक आपदा और महामारी की संभावना ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। कुछ देशों में महामारी जैसे हालात बनने की संभावना भी ग्रह संकेत दे रहे हैं। चौपायों में रोग फैलने और पेयजल की कमी जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। श्रावण मास में पांच गुरुवार पड़ने से पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जबकि भारत के मध्य भाग में जनआंदोलन से अशांति की स्थिति बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर संभावित असर ग्रह स्थिति के अनुसार पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति कमजोर होने के संकेत बताए गए हैं। वहीं तुर्की और चीन जैसे देशों के लिए भी यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अमेरिका में आंतरिक असंतोष और विद्रोह की आशंका जताई गई है, जबकि रूस और ईरान जैसे देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध मजबूत होने के संकेत बताए गए हैं। चीन और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के समाधान में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। रुद्र बीसी का 14वां वर्ष बताया गया ज्योतिषाचार्य के अनुसार संवत 2083 तथाकथित रुद्र बीसी का 14वां वर्ष माना गया है। भृगु संहिता के आधार पर ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बीसी को 20-20 वर्षों के कालखंड में बांटा गया है। रुद्र बीसी की अवधि वर्ष 2012 से शुरू होकर 2032 तक मानी जा रही है। इस अवधि को प्राकृतिक प्रकोप, सामाजिक अस्थिरता और युद्ध जैसी घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। आने वाले वर्षों को लेकर चेतावनी ज्योतिषाचार्य पं. गौतम के अनुसार रुद्र बीसी के शेष वर्षों में भी विश्व स्तर पर युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और नई बीमारियों की आशंका बनी रह सकती है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भूकंप जैसी घटनाओं का खतरा बताया गया है। उनका कहना है कि इन भविष्यवाणियों का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, बल्कि समाज को संभावित परिस्थितियों के प्रति सचेत करना है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 2:42 pm

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया युद्धविराम का प्रयास, ईरान ने भी रखीं कड़ी शर्तें

व्हाइट हाउस ने साफ संकेत दिया है कि इस समय उसकी प्राथमिकता सैन्य अभियान जारी रखना है, न कि युद्धविराम पर चर्चा करना। दूसरी ओर ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले पूरी तरह बंद नहीं होते, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता संभव नहीं है।

देशबन्धु 15 Mar 2026 12:16 pm

खाड़ी में युद्ध के बीच कैसे सुरक्षित है भारत की गैस सप्लाई? PM मोदी की 'ग्लोबल पहुंच' का कमाल

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वैश्विक पहुंच ने भारत को अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने में मदद की। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति के कारण कई देशों को एलपीजी ...

वेब दुनिया 15 Mar 2026 12:02 pm

मिडिल ईस्ट की 'आग' के बीच भारत की बड़ी जीत: होर्मुज स्ट्रेट पार कर 93,000 टन गैस लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज!

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत! होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' जहाज 93,000 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं। जानें ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा अपडेट।

प्रातःकाल 15 Mar 2026 11:20 am

होटलों से 'सिजलर्स' गायब और मंदिरों में कम हुआ प्रसाद; मिडिल ईस्ट वॉर ने बिगाड़ा रसोई का बजट, अब सरकार ने उठाया ये कदम।

भारत में LPG संकट के बीच राहत की खबर! 92,700 टन गैस लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज मुंद्रा और कांडला पहुंचेंगे। जानें कैसे मिडिल ईस्ट युद्ध ने बदला होटलों का मेन्यू और मंदिरों का प्रसाद।

प्रातःकाल 15 Mar 2026 10:47 am

भारत-अमेरिका एक तरफ तो पाकिस्तान-चीन दूसरी ओर, क्या शुरू हो गया तीसरा विश्व युद्ध

मध्य-पूर्व में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के आगाज के साथ ही पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल गई है। इस युद्ध की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भीषण मिसाइल हमले हुए हैं। इसने दक्षिण और ...

वेब दुनिया 15 Mar 2026 8:08 am

इजराइल-ईरान युद्ध का असर, गैस ने बिगाड़ा बजट:ग्वालियर में 1100 का इंडेक्शन 2500, डीजल भट्‌टी पर बढ़ गए 3 हजार रुपए

इजराइल-ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एलपीजी गैस की किल्लत का असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी दिखाई देने लगा है। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण लोग अब इंडक्शन चूल्हा, लकड़ी-कोयला और डीजल भट्टी जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में इनकी मांग बढ़ने से कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। बाजार में पहले 1100 रुपए में मिलने वाला इंडक्शन अब करीब 2500 रुपए में मिल रहा है। वहीं 2500 रुपए की डीजल भट्टी अब 5 से 8 हजार रुपए तक में बिक रही है। ईंधन खर्च बढ़ने के कारण कई होटल संचालकों ने खाने के दाम भी बढ़ा दिए हैं। बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% बढ़ी ग्वालियर के बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% तक बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर सीमित स्टॉक भी खत्म होने लगा है। शोरूम संचालकों ने कंपनियों को नए ऑर्डर देना शुरू कर दिया है। बाजार में 2500 से 5000 रुपए तक के इंडक्शन उपलब्ध हैं। लोग प्रेस्टीज, फिलिप्स, हैवेल्स, बजाज, पिजन, ऊषा और क्रॉम्पटन जैसी कंपनियों के इंडक्शन अधिक खरीद रहे हैं। डीजल भट्टी की मांग बढ़ी, कीमत 5 से 10 हजार तक एलपीजी की कमी के कारण डीजल भट्टी की मांग भी बढ़ी है। पहले बाजार में इसकी कीमत 3 से 7 हजार रुपए थी, जो अब 5 से 10 हजार रुपए तक पहुंच गई है। कई कारीगरों ने बर्तन बनाने का काम छोड़कर डीजल भट्टी बनाना शुरू कर दिया है। डीजल भट्टी बनाने वाले दुकानदार आजाद खान ने बताया कि पहले इसकी मांग कम थी, लेकिन एलपीजी की किल्लत के कारण अचानक मांग बढ़ गई है। लकड़ी और कोयले के दामों में बढ़ोतरी लकड़ी और कोयला बेचने वाली दुकानों पर भी मांग बढ़ गई है। पहले लकड़ी 7 रुपए प्रति किलो और कोयला 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिकता था। अब लकड़ी की कीमत 10 रुपए प्रति किलो और कोयला 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। बाजार में लकड़ी की कमी के कारण कुछ ढाबा और होटल संचालकों ने अपना कारोबार भी बंद कर दिया है। एलपीजी की कमी से बिजली खपत में 20% तक बढ़ोतरी एलपीजी की किल्लत के कारण लोग घरों में इंडक्शन चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं। इससे शहर में बिजली खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिजली खपत में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। दुकानदार बोले- इंडक्शन का स्टॉक खत्म होने लगा मधु इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के संचालक अमित महेश्वरी ने बताया कि एलपीजी की कमी के कारण लोग इमरजेंसी के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। अचानक मांग बढ़ने से कंपनियों के पास रखा हुआ स्टॉक भी खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर इंडक्शन की बिक्री नवंबर-दिसंबर में ज्यादा होती है, इसलिए कंपनियां उसी आधार पर उत्पादन करती हैं। अचानक मांग बढ़ने से बाजार में रॉ मटेरियल की कमी भी सामने आ रही है। ठेले वाले ने बताया- 900 का सिलेंडर 1500 में मिल रहा पानी की टिक्की बेचने वाले सोनू सिंह कुशवाहा ने बताया कि पहले वह एलपीजी सिलेंडर पर टिक्की बनाते थे, लेकिन अब गैस नहीं मिलने के कारण लकड़ी की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 900 रुपए का सिलेंडर मिलता था, लेकिन अब अगर मिल भी रहा है तो 1500 रुपए तक में मिल रहा है। हालात ऐसे ही रहे तो टिक्की के दाम भी बढ़ाने पड़ सकते हैं। ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ीं एलपीजी और अन्य ईंधन महंगे होने से शहर के होटल और ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ गई हैं। पहले 100 रुपए प्रति प्लेट मिलने वाली दाल फ्राई अब 125 रुपए की हो गई है। तंदूरी रोटी की कीमत 5 रुपए से बढ़कर 7 से 8 रुपए प्रति नग हो गई है। पुलाव, मिक्स वेज और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी 5 से 10 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। इसके कारण ढाबों पर ग्राहकों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:55 am

लुधियाना में रन फॉर ह्यूमैनिटी में दौड़े लोग:विश्व में शांति और सेवा का संदेश, ईरान और इराक के बीच तनाव पर चिंता

लुधियाना की सड़कें रविवार सुबह एक ऐतिहासिक जोश की गवाह बनीं। रन फॉर ह्यूमैनिटी मैराथन में शहरवासियों ने साबित कर दिया कि जब बात इंसानियत की हो तो लुधियाना का दिल सबसे बड़ा है। इस दौड़ का दोहरा मकसद था, संसाधनों के अभाव में शिक्षा से दूर बच्चों की मदद करना और दुनियाभर में फैल रही जंग की आग के बीच शांति का पैगाम देना। मैराथन की शुरुआत घुमार मंडी से हुई और फाउंटेन चौक पर जाकर संपन्न हुई। सुबह 5 बजे ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते पूरा रूट जोश से भरे लोगों से भर गया। इस दौड़ में केवल युवा ही नहीं बल्कि नन्हें बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्गों तक ने हिस्सा लेकर यह साबित किया कि सेवा की कोई उम्र नहीं होती। वैश्विक तनाव के बीच शांति की पुकार मैराथन के दौरान लोगों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय दुनिया के मौजूदा हालात भी रहे। आयोजकों और दौड़ने वाले लोगों ने विशेष रूप से ईरान और इराक के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त की। कहा कि, जब दुनिया के एक हिस्से में युद्ध की लपटें उठ रही हों तब दूसरे हिस्से से शांति और इंसानियत की आवाज बुलंद करना और भी जरूरी हो जाता है। लुधियाना की यह दौड़ उन निर्दोष लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का भी एक जरिया है जो युद्ध की मार झेल रहे हैं। सिर्फ दौड़ नहीं, एक उम्मीद है यह कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए की गई दौड़ नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद दूसरों के लिए जीना है। आज लुधियाना की सड़कों पर वही संदेश फैलाया गया है। यह मैराथन उन बच्चों के लिए एक उम्मीद की किरण है जिनके हाथों में किताबों की जगह मजबूरी है। हर व्यक्ति का एक कदम किसी बच्चे का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। टीम 1699 और दसवंत फाउंडेशन की अनूठी पहल जसदेव सिंह सेखों ने जानकारी देते हुए बताया कि 'टीम 1699' और 'दसवंत फाउंडेशन' की इस साझी पहल का असली लक्ष्य इंसानियत को हर सरहद और विवाद से ऊपर रखना था। उन्होंने कहा लुधियाना हमेशा से सेवा और भाईचारे में अग्रणी रहा है। दौड़ना तो एक बहाना था असली मकसद लोगों को एक मंच पर लाना था ताकि हम समाज और दुनिया को एक बेहतर कल की दिशा में ले जा सकें।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:40 am

झज्जर उद्योगों पर दिखा ईरान-इजरायल युद्ध का असर:बहादुरगढ़ में जूता उद्योग का उत्पादन 40% घटा, कच्चा माल 50% महंगा; जूते-चप्पलों के दाम 10-20% बढ़े

झज्जर। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालातों का असर अब हरियाणा के औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ के उद्योगों पर भी दिखने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई घटने और कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यहां की फुटवियर इंडस्ट्री संकट में आ गई है। उद्योगपतियों के अनुसार कई इकाइयों में उत्पादन करीब 40 प्रतिशत तक घट गया है, जबकि बढ़ती लागत के कारण जूते-चप्पलों के दाम भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं। बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन की बैठक में उद्योगपतियों ने जूते-चप्पलों के दाम बढ़ाने पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला पीयू, ईवीए और रेग्जिन जैसे कच्चे माल का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाया जाता है। युद्ध जैसे हालातों के कारण इनकी सप्लाई कम हो गई है और स्टॉकिस्टों ने कच्चे माल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। कच्चा माल महंगा होने से घटाना पड़ा उत्पादन उन्होंने बताया कि कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन घटाना पड़ रहा है। साथ ही जूते-चप्पलों की कीमतों में भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। सुभाष जग्गा के अनुसार जूता उद्योग पहले ही एमएसएमई सेक्टर में 45 दिन में भुगतान की बाध्यता के कारण दबाव में था और अब अंतरराष्ट्रीय हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है। 1500 से ज्यादा इकाइयों में 30 हजार करोड़ का उत्पादन बहादुरगढ़ देश के प्रमुख फुटवियर हब में से एक माना जाता है। यहां 1500 से अधिक जूता निर्माण और उससे जुड़ी इकाइयां काम कर रही हैं। इन इकाइयों में सालाना करीब 30 हजार करोड़ रुपये का उत्पादन होता है, जबकि लगभग 700 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया जाता है। जूते-चप्पल बनाने के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कच्चा माल विदेशों से मंगवाया जाता है, जिस पर मौजूदा हालातों का सीधा असर पड़ा है। कैमिकल इंडस्ट्री पर भी पड़ा असर युद्ध जैसे हालातों का असर केवल फुटवियर इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। बहादुरगढ़ की कैमिकल इंडस्ट्री भी इससे प्रभावित हो रही है। सार ग्लोबल के डायरेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि रिफाइनरी से मिलने वाला पेट्रो-केमिकल आधारित कच्चा माल और सॉल्वेंट की सप्लाई लगभग बंद हो गई है। इसके अलावा फैक्ट्रियों में गैस की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। सिर्फ 60% रह गया उत्पादन, शटडाउन का खतरा राजेश कुमार के अनुसार इन हालातों के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन करीब 60 प्रतिशत तक सिमट गया है। अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कई उद्योगों के सामने फैक्ट्री बंद करने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। महंगाई बढ़ने की भी आशंका उद्योगपतियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस और कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते उपभोक्ता वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने लगे हैं और आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:34 am

इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध की निंदा

अमृतसर| फोकलोर रिसर्च एकेडमी अमृतसर ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विनाशकारी युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की है। एकेडमी के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि इस युद्ध ने न केवल संबंधित देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने बताया कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों सहित स्कूलों और नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों से भारी तबाही मची है। विशेष रूप से दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 180 मासूम लड़कियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। ईरान के जवाबी हमलों से इजरायल को भी बड़ा नुकसान हुआ है। एकेडमी ने चिंता जताई कि युद्ध से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है और लाखों निर्दोष फंस गए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 4:32 am

एमपीएजीडी में विशेषज्ञों की चेतावनी, भविष्य के युद्ध होंगे साइबर व प्रॉक्सी नेटवर्क आधारित

उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय महाराणा प्रताप एनुअल जियोपॉलिटिक्स डायलॉग (एमपीएजीडी) 2026 के पहले दिन शनिवार को वैश्विक विशेषज्ञों ने बदलती विश्व व्यवस्था, ग्रे-ज़ोन संघर्षों और प्रॉक्सी युद्धों के बढ़ते प्रभाव पर गहन मंथन किया। इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में विभिन्न देशों से आए कूटनीतिज्ञों, रणनीतिक विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों ने समकालीन भू-राजनीतिक चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार साझा किए। पूर्व डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (अरबियन पेनिन्सुला अफेयर्स), यूएसए डैनियल बेनाइम ने कहा कि दुनिया अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां पारंपरिक युद्धों की जगह ग्रे-जोन संघर्ष, साइबर हमले, दुष्प्रचार अभियान और प्रॉक्सी नेटवर्क जैसी जटिल रणनीतियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं तेजी से बदलते भू-राजनीतिक तनावों को संभालने में संघर्ष कर रही हैं। उसनास फाउंडेशन द्वारा 13-14 मार्च को आयोजित इस संवाद का आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया गया। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संवाद में 30 से अधिक वक्ताओं ने विचार रखे संवाद में विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जासूसी, दुष्प्रचार और तोड़फोड़ जैसी तकनीकी रणनीतियों के साथ बहुआयामी हो चुके हैं। रैंड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष के सलाहकार ब्रायन जेनकिंस ने कहा कि प्रमुख शक्तियां अपने रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से प्रॉक्सी का सहारा ले रही हैं। उन्होंने वियतनाम युद्ध और समकालीन संघर्षों में सीरियाई कुर्दों की भूमिका का उदाहरण दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने डॉ. अभिनव पांड्या की पुस्तक “द जिहाद गेम: इनसाइड पाकिस्तान्स डार्क वॉर” का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ सक्रिय जिहादी नेटवर्क तीन स्तंभों-पाकिस्तान समर्थित वैचारिक ढांचे, संस्थागत क्षमता और मजबूत वित्तीय-लॉजिस्टिक नेटवर्क पर आधारित हैं। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में दुनिया भर से 30 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें मंगोलिया के पूर्व विदेश मंत्री दमदीन त्सोग्तबातार, आर्मेनिया के पूर्व पर्यावरण मंत्री एरिक ग्रिगोरियन, एमपी-आईडीएसए के महानिदेशक राजदूत सुजान चिनॉय, भारत के पूर्व राजदूत गौतम बंबावाले, डॉ. सी. राजा मोहन, प्रो. (डॉ.) श्रीराम सुंदर चौलिया, राजदूत अनिल त्रिगुणायत, राजदूत अनिल वाधवा, सैम वेस्ट्रोप और पीटर क्नूपे सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे। इस वर्ष का विषय था- चक्रव्यूह से शांतिपर्व : संघर्ष से सहमति तक। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन रहे। संवाद में मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति भी रही। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अनीता जैन, निदेशक, उसनास फाउंडेशन के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि डॉ. अभिनव पांड्या ने उद्घाटन वक्तव्य में आज की महाशक्ति प्रतिस्पर्धा को भू-राजनीति, तकनीक, वैचारिक संघर्ष और आपूर्ति शृंखला नियंत्रण की होड़ से जुड़ा बताया।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 4:00 am

युद्ध का ऐलान? ट्रम्प का बड़ा बयान; ईरान ने रास्ता बंद किया तो भुगतना होगा अंजाम!

ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति 100% खत्म होने का दावा कर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को सैन्य बल से खोलने की धमकी दी। ईरान का पलटवार- 5 साल तक जारी रहेगी जंग।

प्रातःकाल 14 Mar 2026 11:20 pm

युद्ध के बीच ईरान में फंसे 70 से अधिक भारतीय छात्र रविवार सुबह पहुंचेंगे दिल्ली

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बताया कि ईरान में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच फंसे 70 से अधिक भारतीय छात्र, जिनमें अधिकांश जम्मू-कश्मीर के हैं

देशबन्धु 14 Mar 2026 11:16 pm

हम बाहरी युद्धों के असर से बचाव में लगे हैं, हताश कांग्रेस ने देश के विरुद्ध ही मोर्चा खोल रखा है: मोदी

सिलचर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम के अपने दौरे के दूसरे दिन भी कांग्रेस पर तीखे आक्रमण करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस समय जहां देश की जनता को दुनिया में हो रहे भयावह युद्धों के दुष्प्रभावों से बचाने में लगी है लेकिन मुख्य विपक्षी दल ने चुनावी हार की हताशा में […] The post हम बाहरी युद्धों के असर से बचाव में लगे हैं, हताश कांग्रेस ने देश के विरुद्ध ही मोर्चा खोल रखा है: मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Mar 2026 8:49 pm

शिवपुरी में आचार्य देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा स्थगित:गुड़ी पड़वा महोत्सव जारी रहेगा; अंतरराष्ट्रीय युद्ध जैसे हालात के कारण लिया निर्णय

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर अब धार्मिक आयोजनों पर भी दिखने लगा है। ईरान, इजराइल और खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के चलते शिवपुरी में प्रस्तावित आचार्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह कथा गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के अंतर्गत 18 से 26 मार्च 2026 तक आयोजित होनी थी। महोत्सव के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी नीलमणि दास महाराज ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कई देशों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। विदेशों, विशेषकर अमेरिका, दुबई और सऊदी अरब में रहने वाले उनके कई शिष्य परिवार इन हालातों से प्रभावित हुए हैं और कुछ से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। इन संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए भागवत कथा की तिथियां आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि गुड़ी पड़वा महा महोत्सव के अन्य सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। इनमें गरीब और असहाय कन्याओं का सामूहिक विवाह रामराजा मैरिज गार्डन में होगा। इसके अलावा भजन संध्या, दीप उत्सव और भारतीय नववर्ष स्वागत जैसे सांस्कृतिक आयोजन भी यथावत रहेंगे। आयोजन समिति के अनुसार विदेशों में रहने वाले कई श्रद्धालु इस महोत्सव से डिजिटल माध्यम से भी जुड़ेंगे। भागवत कथा की नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 7:36 pm

लुधियाना के युवक की युद्ध में मौत, नौकरी के लिए गया था रूस, कर्ज लेकर भेजा था विदेश

Youth from Ludhiana Dies in War : पंजाब में लुधियाना के 21 वर्षीय समरजीत सिंह की रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर मौत हो गई। खबरों के अनुसार, सिंह के परिवार का आरोप है कि उन्हें जुलाई 2025 में नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाया गया था और बाद में धोखे से ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 6:11 pm

ईरान-इजरायल युद्ध और किम जोंग की मिसाइल: क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर है?

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल जंग, पाक-अफगान संघर्ष और किम जोंग के मिसाइल परीक्षण से दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराया। तेल संकट और तबाही की पूरी रिपोर्ट।

प्रातःकाल 14 Mar 2026 5:55 pm

हवाई सफर पर मिडिल ईस्ट जंग की मार, इंडिगो-एयर इंडिया के बाद अब अकासा की उड़ान भी हुई महंगी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एयर इंडिया और इंडिगो के बाद अब देश की सबसे तेजी से बढ़ती एयरलाइन अकासा एयर ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अपनी उड़ानों पर 'फ्यूल सरचार्ज' लगाने का ऐलान कर दिया है।

देशबन्धु 14 Mar 2026 4:41 pm

क्यों उत्तर कोरिया ने जापान पर दागीं इतनी मिसाइलें? तीसरे विश्व युद्ध की आशंका में जानें क्या है किम जोंग का अगला निशाना

14 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा दिया। ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से लॉन्च हुईं और 340–350 किमी की दूरी तय कर समुद्र में गिरीं।

प्रातःकाल 14 Mar 2026 4:36 pm

सैंपल फेल के सवाल पर भड़के बाबा रामदेव:बोले- पतंजलि का नहीं, तेरा सैंपल फेल हो गया होगा,दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात

करनाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव पत्रकारों के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते नजर आए। पतंजलि के उत्पादों के सैंपल फेल होने के सवाल पर उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और सवाल पूछने वाले पत्रकार को ही अपनी सेहत सुधारने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि पतंजलि पर अक्सर बिना आधार के आरोप लगाए जाते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने दुनिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात, गैस की किल्लत, शिक्षा व्यवस्था और स्वदेशी आंदोलन पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। मिडिल ईस्ट युद्ध को बताया तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत जैसादुनिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर भी बाबा रामदेव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका और इजराइल बम बरसा रहे हैं, वहीं इसके जवाब में ईरान बैलेस्टिक मिसाइल और बम दाग रहा है। इन घटनाओं से मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक तरह से अघोषित तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन हालातों के कारण दुनिया भर में गैस और ईंधन को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई देशों में गैस के लिए त्राहिमाम जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी लोग आशंकित हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि खाड़ी देशों में भारत के करीब एक करोड़ लोग काम करते हैं। ऐसे में वहां के हालात बिगड़ते हैं तो उनके जीवन पर भी संकट खड़ा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर साधा निशानाबाबा रामदेव ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे गंभीर हालातों के बावजूद संयुक्त राष्ट्र मौन साधकर बैठा हुआ है। विश्व बैंक, आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ, डब्ल्यूएचओ और मानवाधिकार के बड़े-बड़े ठेकेदार भी चुप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे सबके मुंह पर टेप लगी हुई है और सबके मुंह में दही जम गया है। कोई बोलने का साहस नहीं कर पा रहा क्योंकि अमेरिका जैसी महाशक्ति सामने खड़ी है और डोनाल्ड ट्रंप भी आगे खड़े हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि अब नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर दुनिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पहल करनी चाहिए ताकि यह युद्ध जल्द खत्म हो सके। गैस संकट पर बोले- सरकार व्यवस्था कर रहीदेश में गैस की किल्लत के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई बड़े संस्थानों से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों में गैस की कोई बड़ी किल्लत नहीं आएगी, ऐसी व्यवस्था सरकार ने की है। हालांकि उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि घरों में थोड़ी मितव्ययता बरतनी पड़ेगी। सरकार भी इस दिशा में ध्यान दे रही है और आने वाले समय में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ना जरूरी होगा। युद्ध का कारण बताया सत्ता और संसाधनों का उन्मादबाबा रामदेव ने कहा कि दुनिया में होने वाले युद्धों के पीछे राजनीतिक और आर्थिक उन्माद सबसे बड़ा कारण है। इसके साथ सत्ता का उन्माद और मजहबी उन्माद भी जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब इन सब चीजों का मिश्रण होता है तो युद्ध और बड़े पैमाने पर विनाश की स्थिति पैदा होती है। इसलिए दुनिया भर में राजनीतिक, आर्थिक और संसाधनों के विस्तार के उन्माद पर रोक लगानी होगी। योग, आयुर्वेद और स्वदेशी को बताया देश की ताकतबाबा रामदेव ने कहा कि मातृभूमि की सेवा के लिए करीब 30 साल पहले योग, आयुर्वेद और स्वदेशी का अभियान शुरू किया गया था। आज यह अभियान सफलता के शिखर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ा योगदान देश की मातृ शक्ति का रहा है। आज पतंजलि दुनिया के बड़े ब्रांडों में शामिल हो चुका है और इसके पीछे सेवा और परमार्थ की भावना काम करती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताएं और बहनें करनाल पहुंची थीं और यहां एक बड़ा अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने तीन आह्वान किए। पहला योग का अभ्यास करें और करवाएं, दूसरा आयुर्वेद को अपनाएं और तीसरा स्वदेशी को बढ़ावा दें। संस्कारयुक्त शिक्षा की जरूरत पर दिया जोरबाबा रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश को शिक्षा की गुलामी, चिकित्सा की गुलामी, आर्थिक, वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी से मुक्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज देश को बीमारियों, बुराइयों, नशे और अश्लीलता की तरफ धकेला जा रहा है, जिससे समाज में चारित्रिक दरिद्रता और मानसिक दिवालियापन का बदसूरत दृश्य दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अगर समाज को इन समस्याओं से बचाना है तो माताओं को बड़ी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अमेरिका में जेफरी एपस्टीन के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह के पाप वहां हुए, वैसे ही घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में भी सुनने को मिलती रहती हैं। मैकाले की शिक्षा प्रणाली खत्म करने की वकालतबाबा रामदेव ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी देश शिक्षा की गुलामी का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा कि जब 1835 में लॉर्ड मैकाले ने जो शिक्षा प्रणाली लागू की थी, उसके प्रभाव को देश करीब 190 वर्षों से ढो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर राज्य बोर्ड और केंद्रीय बोर्ड में मैकाले की सोच के लोग तैयार हो रहे हैं। पाठ्यक्रम में कुछ तकनीकी और भाषायी ज्ञान जरूर है, लेकिन उसकी सोच अभी भी गुलामी के दौर की मानसिकता से बाहर नहीं आ पाई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री भी गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की बात करते हैं। इसके लिए मैकाले की शिक्षा प्रणाली को खत्म करना जरूरी है। बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़कर बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक एक हजार से ज्यादा स्कूल इस बोर्ड से जुड़ चुके हैं और करीब 10 हजार स्कूलों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उनका लक्ष्य देशभर के एक लाख स्कूलों को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़ने का है।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 4:34 pm

शेयर बाजार में धड़ाम, सेंसेक्स 5 दिन में 4355 अंक टूटा, युद्ध काल में निवेशकों के 33 लाख करोड़ स्वाहा

Stock Market Review Market ki Baat : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। मार्च के दूसरे कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 4355 अंक और निफ्टी 1299 अंक गिर गया। युद्ध के चलते बाजार पूंजीकरण में 33.68 ...

ज़ी न्यूज़ 14 Mar 2026 2:34 pm

बलिया में LPG सिलेंडर की आपूर्ति बाधित:खाड़ी युद्ध के कारण एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें

गल्फ कंट्री में युद्ध के कारण बलिया में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आमतौर पर बुकिंग के एक-दो दिन बाद सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है। एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग के नियम की जानकारी न होने से भी उपभोक्ता भ्रमित हैं। शहर के रामलीला मैदान स्थित एचपी गैस एजेंसी पर एक महिला उपभोक्ता ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि वह सुबह 6 बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है। एक अन्य उपभोक्ता ने शिकायत की कि मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ गया है, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर भी उपभोक्ताओं की लंबी कतारें हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला मोबाइल नंबर भी बंद है, जिससे नई बुकिंग प्रभावित हो रही है। बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा है कि जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडर के स्टॉक में कोई कमी नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के साथ-साथ अवैध भंडारण और वितरण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने लोगों से खाड़ी युद्ध के दौरान अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और बताया कि जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 1:17 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच उत्तर कोरिया की बड़ी हरकत, दागी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल

अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल दागकर एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जापान और दक्षिण कोरिया ने इसकी पुष्‍टि की है। उत्तर कोरिया के इस कदम को ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 12:27 pm

IIT BHU में आज थिंक टॉक और कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव:आर्मी के जवान आज युद्ध के अभ्यास बताएंगे, ह्यूमनॉइड और डॉग रोबोट का प्रजेंटेशन

आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स में आज ब्रिगेडियर बीएम कारियाप्पा और मेजर सुशांतका थिंक टॉक होगा। एसबी हॉल में छात्रों से सेना की रणनीति पर संवाद करेंगे। यहीं पर ह्यूमनॉइड और डॉग रोबोट की भी प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद एक कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव आयोजित हुआ। इसमें देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं। भावतोष पांडे ने छात्रों के साथ औद्योगिक वार्ता की। आईआईटी बीएचयू का सालाना तकनीकी उत्सव ‘टेक्नेक्स-26’ इस साल अपने 87वें साल में पहुंच जाएगा। टेक्नेक्स-26 की थीम ‘फ्रेग्मेंट्स ऑफ इन्फिनिटी’ रखी गई है। स्वतंत्रता भवन में इसका उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर आयोजित प्रजेंटेशन 3 दिनों तक जारी रहेगी। टेक्नेक्स के 87वें संस्करण की पल-पल की अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…..

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 11:13 am

मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच अबू धाबी से भारतीयों को लेकर बेंगलुरु पहुंचा प्लेन

बेंगलुरु । मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अबू धाबी से बेंगलुरु आ रही एतिहाद एयरवेज की उड़ान ईवाई-262 आज केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गई। अबू धाबी से बेंगलुरु पहुंचे भारतीय नागरिकोंMने बताया कि कुवैत और बहरीन की तुलना में संयुक्त अरब अमीरात में स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर है, हालांकि उन्होंने संघर्ष जारी रहने की स्थिति में भारतीय कामगारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बारे में आशंका भी व्यक्त की। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों के बीच बेचैनी पैदा कर दी है। एक यात्री ने भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दुबई के प्रमुख स्थलों पर हमले का दावा किया गया था। यात्री ने कहा, भारतीय मीडिया में दिखाई जा रही खबरें कि बुर्ज खलीफा पर हमला हुआ है, कुछ दीवारें क्षतिग्रस्त हुई हैं, ये सब झूठी खबरें हैं। इन सब बातों पर विश्वास न करें। जब भी कोई हमला होता है, तो कुछ न कुछ होता है, मलबा वगैरह गिर जाता है, उससे धुआं निकलता है और ऐसा हो रहा है। इसी वजह से सिर्फ कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, बाकी सब सामान्य है। कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है और दफ्तर सामान्य हैं। हर जगह सब कुछ समान्य हैं। एक अन्य यात्री ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर भरोसा न करने की सलाह दी और सरकारी सूचनाओं पर विश्वास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सब कुछ नियंत्रण में है। मुझे लगता है कि सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के बजाय विश्वसनीय वेबसाइटों और विश्वसनीय खबरों का अनुसरण करना चाहिए। सरकार द्वारा जारी की गई सूचनाओं पर ध्यान दें। खासकर दुबई और अबू धाबी सरकार की सूचनाएं। वे प्रतिदिन की सूचनाएं दे रहे हैं। घबराने की कोई बात नहीं है। सब कुछ सामान्य चल रहा है।” अबू धाबी के यात्री टिंडू ने कहा, अबू धाबी और दुबई में बहुत समस्या है, लेकिन सरकार सहयोग भी दे रही है। हम स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे हैं और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है। व्यक्तिगत रूप से अभी स्थिति ठीक है। हम लॉस एंजिल्स में रह रहे हैं। दुबई या अबू धाबी की मौजूदा स्थिति का पता नहीं है, लेकिन हम अबू धाबी से आ रहे हैं। उस समय सब ठीक चल रहा था।

देशबन्धु 14 Mar 2026 10:08 am

अमेरिका-ईरान युद्ध का 15वां दिन: मोजतबा खामेनेई पर 1 करोड़ डॉलर इनाम, LPG संकट से भारत को बड़ी राहत

अमेरिका ईरान युद्ध के 15वें दिन भी दोनों देशों के बीच भीषण बमबारी हो रही है। अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर हमला कर वहां मौजूद ईरानी सैन्य ठिकाने तबाह किए। मोजतबा खामेनेई पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से 2 भारतीय एलपीजी ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 8:08 am

इजराइल-ईरान युद्ध से बासमती चावल निर्यात पर संकट:लाखों टन माल बंदरगाहों पर फंसा, गल्फ देशों में निर्यात ठप, फ्रेट और इंश्योरेंस महंगा

इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत के बासमती चावल उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के समुद्री रूट प्रभावित हो गए हैं। जिससे भारत से होने वाला चावल निर्यात रुक गया है। सबसे बड़ी बात मिडिल ईस्ट में 70 से 75 प्रतिशत चावल का निर्यात होता है। इसके अतिरिक्त 30 लाख टन की हिस्सेदारी इरान, इराक और सउदी अरब की है। लाखों टन बासमती चावल बंदरगाहों और समुद्र में फंसा हुआ है। निर्यातकों को फ्रेट और इंश्योरेंस के बढ़े खर्च का भी सामना करना पड़ रहा है। जो किराया प्रति कंटेनर 500 से हजार डॉलर था, वह 3 हजार डॉलर तक पहुंच गया है। इससे राइस मिलर्स, ट्रांसपोर्टर और लेबर तक के सामने संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत में बताया कि युद्ध के कारण गल्फ देशों में चावल भेजने की प्रक्रिया लगभग रुक गई है। इससे भारत के बासमती चावल व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है और यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो राइस मिलों को बंद करने की नौबत भी आ सकती है। पिछले साल 60 लाख टन चावल निर्यात, इस साल 65 लाख टन का लक्ष्य थाऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष भारत से लगभग 60 लाख टन यानी 6 मिलियन टन बासमती चावल विभिन्न देशों में निर्यात किया गया था। इस वर्ष निर्यातकों ने 65 लाख टन चावल निर्यात करने का लक्ष्य रखा था और उद्योग उसी दिशा में आगे बढ़ रहा था। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले निर्यात सामान्य रूप से चल रहा था और लगातार नए ऑर्डर मिल रहे थे, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद समुद्री परिवहन पर सीधा असर पड़ा है। इसका परिणाम यह हुआ कि कई देशों के लिए भेजे जाने वाले शिपमेंट प्रभावित हो गए। 11-12 गल्फ देशों में निर्यात लगभग बंदसतीश गोयल के अनुसार युद्ध का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गल्फ क्षेत्र पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि लगभग 11 से 12 देशों में भारत का चावल निर्यात फिलहाल लगभग बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण न तो नए जहाज लग पा रहे हैं और न ही पहले से भरे हुए जहाज अपनी मंजिल तक पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से बड़ी मात्रा में बासमती चावल भारत के बंदरगाहों पर ही अटक गया है। कंडला सहित कई बंदरगाहों पर लाखों टन चावल फंसागोयल ने बताया कि भारत के कंडला सहित कई बड़े बंदरगाहों पर लाखों टन चावल फंसा हुआ है। इतना ही नहीं, जो जहाज पहले ही समुद्र में निकल चुके थे, उनमें भरा माल भी बीच रास्ते में अटक गया है। उन्होंने कहा कि जिन जहाजों के पास पास के बंदरगाहों तक पहुंचने का विकल्प था, उनके माल को दुबई के जबल अली पोर्ट, शारजाह पोर्ट और ओमान के सलाला पोर्ट जैसे स्थानों पर उतार दिया गया है। अब निर्यातकों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई है कि जो चावल सऊदी अरब या ईरान जैसे देशों के लिए भेजा गया था, उसे वहां तक कैसे पहुंचाया जाएगा। गोयल ने कहा कि इस अनिश्चितता के कारण पूरी ट्रेड चिंता में है और निर्यातक लगातार भारत सरकार के संपर्क में हैं। मिडिल ईस्ट पर 70 से 75 प्रतिशत निर्यात निर्भरसतीश गोयल ने बताया कि भारत के बासमती चावल निर्यात का सबसे बड़ा बाजार मिडिल ईस्ट है। कुल निर्यात का लगभग 70 से 75 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र में जाता है। उन्होंने बताया कि ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों में ही करीब 30 लाख टन चावल भेजा जाता है। इनमें से हर देश में लगभग 10-10 लाख टन चावल का निर्यात होता है। ऐसे में जब पूरा मिडिल ईस्ट क्षेत्र युद्ध के कारण अस्थिर हो गया है तो इसका सीधा असर भारतीय चावल व्यापार पर पड़ रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य रूट प्रभावित, शिपिंग में रुकावटगोयल ने बताया कि गल्फ देशों में चावल भेजने का प्रमुख समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जाता है। युद्ध के कारण इसी रूट पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियां भी सावधानी बरत रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण निर्यात में पूरी तरह रुकावट आ गई है। इस रूट से केवल चावल ही नहीं बल्कि तेल और गैस की सप्लाई भी होती है। कई देशों में ऊर्जा संकट की खबरें भी सामने आ रही हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो न केवल भारतीय चावल उद्योग बल्कि गल्फ देशों में खाद्यान्न आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। फ्रेट 3 गुना तक बढ़ा, इंश्योरेंस भी महंगायुद्ध के कारण सबसे बड़ा आर्थिक दबाव फ्रेट और इंश्योरेंस के रूप में सामने आया है। गोयल ने बताया कि जहाज के किराये में भारी वृद्धि हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले गल्फ देशों के लिए एक कंटेनर भेजने का किराया 500 से 1000 डॉलर के बीच होता था। एक कंटेनर में लगभग 24 टन चावल भरा जाता है। लेकिन अब यही किराया बढ़कर करीब 3000 डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि निर्यातकों पर लगभग 100 डॉलर प्रति टन का अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों ने भी युद्ध जोखिम के कारण प्रीमियम बढ़ा दिया है। गोयल के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा कवरेज लेने के कारण निर्यातकों पर 50 से 100 डॉलर प्रति टन तक का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। 31 मार्च क्लोजिंग के कारण व्यापारियों पर दबावगोयल ने बताया कि 31 मार्च के आसपास वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग होती है। ऐसे समय में व्यापारियों और बैंकों दोनों को अपने हिसाब-किताब पूरे करने होते हैं। लेकिन निर्यात रुकने के कारण व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि माल बंदरगाहों और गोदामों में अटका हुआ है। किसानों को फिलहाल ज्यादा असर नहींसतीश गोयल का कहना है कि फिलहाल किसानों पर इस संकट का सीधा असर कम है। उन्होंने बताया कि किसानों की पिछली फसल अच्छे दामों में बिक चुकी है और अभी नई फसल लगाने का समय है। लेकिन राइस मिलर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए स्थिति कठिन होती जा रही है, क्योंकि उनके पास बड़ी मात्रा में तैयार चावल का स्टॉक पड़ा हुआ है। ईरान के साथ भुगतान की समस्या पहले सेगोयल ने बताया कि ईरान के साथ व्यापार में पहले से ही भुगतान और बैंकिंग से जुड़ी चुनौतियां रही हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और बैंकिंग सीमाओं के कारण भुगतान की प्रक्रिया हमेशा आसान नहीं रही। अब युद्ध के कारण यह जोखिम और बढ़ गया है। अगर संघर्ष लंबा चलता है तो निर्यातकों के लिए भुगतान प्राप्त करना और भी मुश्किल हो सकता है। हरियाणा-पंजाब के राइस मिलर्स सबसे ज्यादा प्रभावितगोयल ने कहा कि भारत से होने वाले बासमती चावल निर्यात का बड़ा हिस्सा हरियाणा और पंजाब से होता है। लगभग 60 से 70 प्रतिशत निर्यात इन्हीं दो राज्यों से किया जाता है। इसलिए इस संकट का सबसे ज्यादा असर भी इन्हीं राज्यों के राइस मिलर्स और व्यापारियों पर पड़ रहा है। उनके पास बड़ी मात्रा में चावल का स्टॉक जमा है, जिसे निर्यात नहीं किया जा पा रहा। उन्होंने बताया कि उद्योग से जुड़े लोग लगातार इस समस्या के समाधान को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं और सरकार के साथ भी बातचीत चल रही है। सरकार से राहत की मांगऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार से कई मांगें की हैं। सतीश गोयल ने बताया कि एसोसिएशन के प्रतिनिधि दो बार सरकार से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि युद्ध के कारण बढ़े फ्रेट और इंश्योरेंस का अतिरिक्त बोझ निर्यातकों पर नहीं डाला जाना चाहिए। इसके अलावा बंदरगाहों पर फंसे माल को निकालने के दौरान कोई अतिरिक्त डैमरेज या अन्य शुल्क भी नहीं लिया जाए। सरकार ने उद्योग को आश्वासन दिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर नीति संबंधी फैसले भी लिए जाएंगे। युद्ध लंबा चला तो राइस मिल बंद होने का खतरागोयल ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो उद्योग को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार गल्फ देश ही हैं। इनके अलावा इतना बड़ा वैकल्पिक बाजार उपलब्ध नहीं है जहां इतना ज्यादा चावल भेजा जा सके। अगर बंदरगाहों और समुद्र में फंसा माल लंबे समय तक सप्लाई नहीं हो पाया तो कई राइस मिलों को मजबूरन बंद करना पड़ सकता है। लेबर, ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर भी प्रभावित होंगेगोयल ने बताया कि राइस मिल उद्योग से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। एक बड़ी राइस मिल में लगभग 200 मजदूर काम करते हैं और इनमें से अधिकांश मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश से आते हैं। उन्होंने बताया कि अभी काम की गति थोड़ी धीमी हुई है। पहले जहां मिलों में 24 घंटे काम होता था, अब लगभग 17 से 18 घंटे ही काम चल रहा है। अगर युद्ध एक सप्ताह के भीतर खत्म हो जाता है तो उद्योग इस स्थिति को संभाल लेगा और मजदूरों पर कोई संकट नहीं आने दिया जाएगा। लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो लेबर, ट्रांसपोर्टर और ठेकेदारों तक पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो ट्रांसपोर्टर चावल को बंदरगाहों तक पहुंचाते थे, वे भी इस समय लगभग खाली बैठे हैं। बिजली, बैंक ब्याज और स्थाई खर्च बढ़ेंगेगोयल ने बताया कि अगर उत्पादन रुकता है तो भी मिलों को कई तरह के स्थाई खर्च उठाने पड़ते हैं। बिजली के बिल, बैंक से लिए गए कर्ज का ब्याज और स्थाई कर्मचारियों की तनख्वाह जैसे खर्च जारी रहते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही काम कम हो जाए, लेकिन स्थाई कर्मचारियों को वेतन देना ही पड़ता है। ठेकेदार के मजदूरों को कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। लोकल मार्केट में बासमती की मांग कमसतीश गोयल ने बताया कि बासमती चावल का बाजार मुख्य रूप से निर्यात पर ही निर्भर करता है। भारत के घरेलू बाजार में इसकी मांग सीमित है और यहां निर्यात के बराबर कीमत भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि निर्यातकों ने जो चावल तैयार किया है वह ज्यादातर विदेशी बाजारों के लिए होता है। अगर युद्ध लंबा चलता है तो इस स्टॉक को लोकल बाजार में बेच पाना आसान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि जल्द से जल्द ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे भारतीय बंदरगाहों पर फंसा चावल गल्फ देशों तक पहुंच सके और उद्योग को राहत मिल सके।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 5:30 am

मिडिल ईस्ट संकट: भीलवाड़ा के 450 से ज्यादा कपड़ा उद्योगों पर बढ़ा दबाव

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा मध्य-पूर्व में ईरान-इराक, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण निर्यात, कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ा है, जिससे स्थानीय टेक्सटाइल सेक्टर की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। भीलवाड़ा से करीब 800 से 1000 करोड़ रुपए तक के कपड़े के निर्यात ऑर्डर प्रभावित हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने अस्थिर स्थिति के कारण ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं या शिपमेंट टाल दिए हैं। भीलवाड़ा देश का एक प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टर है, जहां 450 से अधिक फैब्रिक यूनिट, 20 से ज्यादा स्पिनिंग यूनिट, 26 प्रोसेसिंग यूनिट और 5 से अधिक डेनिम उद्योग संचालित हैं। यहां हर महीने लगभग 10 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता है और 2 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र और यूरोप की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे बंदरगाहों पर माल अटक रहा है। कई शिपमेंट रुके हुए हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो निर्यात में और गिरावट आ सकती है। टेक्सटाइल हब भीलवाड़ा में पारंपरिक सूटिंग-शर्टिंग के साथ अब टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी तेजी से काम शुरू हो रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार ऑटोमोबाइल, मेडिकल, कृषि और निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले विशेष कपड़ों की मांग बढ़ने से स्थानीय उद्योग इस नए क्षेत्र की ओर अग्रसर हो रहे हैं। टेक्निकल टेक्सटाइल में निवेश से भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसके लिए आधुनिक मशीनरी, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन जैसी योजनाओं से भी उद्योग को प्रोत्साहन मिल रहा है। यदि उद्योग, सरकार और शोध संस्थान मिलकर काम करें तो भीलवाड़ा आने वाले समय में टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इस पेज को लेकर आपका सुझाव/फीडबैक हमें इस मेल dainikbhaskarbhilwara@gmail.com पर या वाट्सएप नंबर 9649403345 पर दे सकते हैं भीलवाड़ा | देश के विकास में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का योगदान महत्वपूर्ण है। एमएलवी टेक्सटाइल कॉलेज को टेक्सटाइल डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग के सुनहरे भविष्य को देखते हुए यहां तकनीकी विशेषज्ञ इंजीनियर तैयार हो रहे हैं। कॉलेज टेक्सटाइल इंडस्ट्री रिसर्च, डेवलपमेंट, मेन्युफैक्चरिंग और मर्केंडाइजिंग जैसी कई श्रेणियों में सक्रिय है, जिससे यह कॉलेज देश की आर्थिक प्रगति में एक अहम स्तंभ बनता जा रहा है। कपड़ा उद्योग तेजी से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ रहा है। कई स्पिनिंग इकाइयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटिक मशीनों की स्थापना की जा रही है, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है। नई स्पिनिंग मशीनों और ऑटोमेटेड सिस्टम के उपयोग से धागा उत्पादन की गति बढ़ी है। मानवीय श्रम पर निर्भरता भी कम हुई है। इससे उत्पादन लागत नियंत्रित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए उच्च गुणवत्ता वाला धागा और कपड़ा तैयार किया जा रहा है। तकनीकी सुधार से भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिल रही है। इससे निर्यात के नए अवसर भी बढ़े हैं। ^समुद्री मार्गों में बाधा के कारण माल ढुलाई का समय 20 से 25 दिन तक बढ़ गया है। कच्चे माल जैसे पॉलिएस्टर फाइबर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। यदि मध्य-पूर्व में स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को निर्यात, उत्पादन और रोजगार के स्तर पर और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। -आरके जैन, मानद महासचिव, मेवाड़ चैंबर टेक्सटाइल सेक्टर की देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान भीलवाड़ा। प्रमुख औद्योगिक शहर भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। यहां का टेक्सटाइल सेक्टर देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। नई तकनीक, आधुनिक मशीनरी और निर्यात के बढ़ते अवसरों के कारण कपड़ा उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है। औद्योगिक इकाइयों में सूटिंग-शर्टिंग, प्रोसेसिंग, डाइंग और फैब्रिक निर्माण का बड़ा नेटवर्क स्थापित हो चुका है, जिससे करीब सवा लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को और मजबूत किया जाए तो भीलवाड़ा का टेक्सटाइल उद्योग राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकता है। उद्योगपतियों ने सरकार से औद्योगिक नीतियों में और प्रोत्साहन देने, निर्यात को बढ़ावा देने तथा नई टेक्सटाइल इकाइयों की स्थापना के लिए सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग की है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 4:00 am

हवाई सफर हुआ महंगा, इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज:मिडिल ईस्ट तनाव का असर, 14 मार्च से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स महंगी, आधी रात से नई रेट लागू

इंडिगो एयरलाइंस ने फ्लाइट टिकटों पर नया फ्यूल चार्ज लागू किया है। देश की बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को झटका देते हुए यह घोषणा की। 14 मार्च की रात 12:01 बजे से होने वाली नई बुकिंग पर यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। एयरलाइन के अनुसार- वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतों में तेज बढ़ोतरी और खासतौर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एविएशन फ्यूल महंगा हुआ है। इसी वजह से कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अलग-अलग श्रेणियों में फ्यूल चार्ज लगाने का निर्णय लिया है। घरेलू उड़ानों पर यात्रियों को अब अधिकतम 425 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह शुल्क दूरी और रूट के अनुसार अलग-अलग तय किया गया है। मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों पर 900 रुपए तक चार्ज मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों पर लगभग 900 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। इसके अलावा साउथ-ईस्ट एशिया और चीन रूट की फ्लाइट्स पर 1800 रुपए तक का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। अफ्रीका रूट पर भी 1800 रुपए का फ्यूल चार्ज लागू किया गया है। सबसे ज्यादा असर यूरोप जाने वाली उड़ानों पर पड़ेगा, जहां यात्रियों को टिकट बुक करते समय 2300 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा- यह शुल्क केवल नई बुकिंग पर लागू होगा। बढ़ती ईंधन लागत को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ATF की कीमतों में हुई थी तेजी एविएशन सेक्टर के जानकारों ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हालिया तेजी के कारण एयरलाइंस के संचालन खर्च में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां किराए में संशोधन या फ्यूल सरचार्ज के जरिए लागत का संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। इस फैसले का असर उन यात्रियों पर ज्यादा पड़ सकता है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग करने की योजना बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 10:55 pm

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच भारत को मिला ईरान का 'कवच', होर्मुज के रास्ते में नहीं आएगी कोई रुकावट!

मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की गंध और युद्ध के साये के बीच भारत के लिए एक सुकून भरी खबर आई है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चरम पर पहुँचे तनाव ने दुनियाभर में ईंधन संकट (Fuel Crisis) का डर पैदा कर दिया है, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका 'दोस्त' भारत इस खतरे से बाहर रहेगा। ALSO READ: बिरलाजी की जगह इन्हें बिठाइए, दिग्विजय सिंह ने चली सियासी चाल, जगदंबिका पाल बोले- आप यहां भी राजनीति कर गए! 'भारतीय जहाजों को डरने की जरूरत नहीं' दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर ईरान के आक्रामक रुख ने वैश्विक व्यापार की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहाँ ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले अमेरिकी और उनके सहयोगी देशों के जहाजों को निशाना बना रहा है, वहीं भारत के लिए उसने 'सेफ पैसेज' का वादा किया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने पत्रकारों से बातचीत में एक ऐतिहासिक संकेत देते हुए कहा कि हां, भारतीय जहाज बिना किसी भय के वहां से गुजर सकेंगे क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप अगले कुछ घंटों में इसका असर देख लेंगे। होर्मुज क्यों है 'दुनिया की जीवनरेखा'? ईरान का यह बयान भारत की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी जैसा है। आइए समझते हैं क्यों: तेल का रास्ता: दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस व्यापार इसी 30 किलोमीटर चौड़े संकरे रास्ते से होता है। ईंधन संकट का डर: अगर यह रास्ता बंद होता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। भारत की निर्भरता: खाड़ी देशों से आने वाला भारत का अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर आता है। ALSO READ: Mojtaba Khamenei के खात्मे की Benjamin Netanyahu ने खाई कसम, बोले- अब खत्म होगा तानाशाही शासन! युद्ध का केंद्र बना होर्मुज वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच विवाद इतना बढ़ गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक 'बैटल ग्राउंड' में तब्दील हो चुका है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह पश्चिमी देशों के जहाजों को यहाँ से गुजरने नहीं देगा। ऐसे में कई देशों के जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं, लेकिन भारत के लिए 'ग्रीन सिग्नल' मिलना प्रधानमंत्री मोदी की 'बैलेंस्ड डिप्लोमेसी' की बड़ी जीत मानी जा रही है। क्या बोले एक्सपर्ट्‍स एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत जैसे बड़े बाजार और पुराने मित्र को नाराज नहीं करना चाहता। हालांकि, युद्ध की स्थिति पल-पल बदल रही है और भारतीय नौसेना भी क्षेत्र में मुस्तैद है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 13 Mar 2026 9:28 pm

युद्ध की आंच यूपी तक, गैस संकट से जूझते उद्योग, हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर खतरा

Gas crisis in Uttar Pradesh industries: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े उसके असर की आंच अब भारत के छोटे-बड़े उद्योगों तक महसूस की जाने लगी है। इसका सबसे तीखा असर उत्तर प्रदेश के उन शहरों में दिखाई दे रहा है, जिनकी ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 8:27 pm

इजराइल-ईरान युद्ध का गेहूं उपार्जन पर असर:10 दिन देरी से शुरू होगी खरीदी, किसान पंजीयन संख्या बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के कारण मध्यप्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी करीब 10 दिन देरी से शुरू होगी। आमतौर पर 15 से 20 मार्च के बीच शुरू होने वाला उपार्जन इस वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए जारी नीति के अनुसार प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 7 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। सुबह 8 से रात 8 बजे तक होगी खरीदीजिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक गेहूं खरीदी की जाएगी। शासकीय अवकाश के दिनों में खरीदी नहीं होगी। कलेक्टर सोनिया मीना ने जिला उपार्जन समिति, सभी एसडीएम और खंड स्तरीय समितियों को शासन की उपार्जन नीति के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खरीदी प्रक्रिया पूरी की जाए और केवल एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता वाले गेहूं का ही उपार्जन किया जाए। पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ीइस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां 64 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं इस साल 73,296 किसानों ने पंजीयन कराया है, यानी पिछले साल की तुलना में 9,296 किसान अधिक पंजीकृत हुए हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 7:47 pm

मिडिल ईस्ट युद्ध और LNG का दांव : दक्षिण एशिया के सामने 107 अरब डॉलर का ऊर्जा जोखिम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य की अनिश्चितता के बीच दक्षिण एशिया के देश 107 अरब डॉलर के LNG टर्मिनल और गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर दांव लगा रहे हैं। क्या यह ऊर्जा सुरक्षा का रास्ता है या भविष्य का आर्थिक जोखिम?

हस्तक्षेप 13 Mar 2026 5:50 pm

ईरान के साथ युद्ध और अमेरिका का 'कन्फ्यूजन', क्या है डोनाल्ड ट्रंप का असली गेमप्लान?

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 14वां दिन है। इजराइल-अमेरिका और ईरान की जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन में उथल-पुथल मची हुई है। ईरान के साथ युद्ध किस दिशा में जा रहा है और इसका अंतिम लक्ष्य क्या है? खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 5:20 pm

ईरान और इजरायल के बीच युद्ध क्यों छिड़ा? जानिए इसके पीछे की 5 बड़ी वजह

iran israel yudh kyu ho raha hai:13 जून 2025 को इजरायल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के जरिए ईरान के परमाणु ठिकानों और शीर्ष सैन्य कमांडरों पर भीषण हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली शहरों पर भारी बमबारी की, जिसे अंततः अमेरिकी हस्तक्षेप और ईरान की ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 4:38 pm

us-israel iran war : इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश, 4 सैनिकों की मौत, ईरान समर्थित गुट ने ली हमले की जिम्मेदारी

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 14वां दिन है अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को पुष्टि की कि इराक में एक अमेरिकी सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 6 लोगों में से 4 की मौत हो गई। यह विमान एक KC-135 एरियल टैंकर था, जो लंबी दूरी के ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 4:20 pm

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच सोना सस्ता, चांदी करीब 5000 रुपए टूटी, किस धातु में करें निवेश?

Gold Silver Rates 13 March : ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से सोने चांदी के दामों में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को सोना सस्ता हुआ तो चांदी में भी करीब 5000 रुपए की गिरावट दिखाई दी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल सैफ हैवन सोने ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 2:52 pm

खाड़ी में बड़ा हमला? ईरान बोला- युद्धपोत USS Abraham Lincoln को मार गिराया, अमेरिका ने बताया झूठ

ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में दावा किया है कि उनकी एक बैलिस्टिक मिसाइल ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। इस हमले के चलते युद्धपोत काम करने की स्थिति में नहीं रह गया है और उसे खाड़ी जल ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 12:58 pm

UNSC में ईरान के खिलाफ भारत के रुख पर विपक्ष का हमला, चिदंबरम बोले- भारत की विदेश नीति एकतरफा

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को एकतरफा बताते हुए उसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका और इस्राइल के हमलों पर चुप्पी साधे रखी।

देशबन्धु 13 Mar 2026 12:30 pm

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 12:03 pm

ईरान युद्ध से भारत‑चीन‑यूरोप पर तगड़ा असर, रूस को फायदा

ईरान युद्ध के चलते दुनिया के लिए ऊर्जा की आवाजाही का सबसे अहम रास्ता बंद हो गया है. चीन, यूरोप और भारत के सामने आपूर्ति की बड़ी चुनौती है

देशबन्धु 13 Mar 2026 10:56 am

इराक में गिरा अमेरिकी KC-135 सैन्य विमान, ईरान समर्थित गुट बोला- हमने मार गिराया

इराक में अमेरिका का KC-135 सैन्य रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक हादसा ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुआ और बचाव अभियान जारी है। वहीं ईरान समर्थित गुट ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने विमान को मार गिराने का ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 10:04 am

प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट आज से:मिडिल ईस्ट को छोड़ कई देशों कारोबारी आएंगे, सीएम और केजरीवाल आज करेंगे शुभारंभ

पंजाब सरकार की आज 13 मार्च से प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट मोहाली में शुरू होने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाली समिट में केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों से कारोबारी यहां पहुंच रहे हैं। सरकार ने समिट को कामयाब बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसके पीछे सरकार की कोशिश निवेश को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी के मद्देनजर सात मार्च को ही सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें उद्योगों के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। कई देशों में कंट्री फोकस्ड सेशन समिट मोहाली की आईटी सिटी स्थित पलाक्षा यूनिवर्सिटी में होगी। इसका शुभारंभ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे, जबकि अरविंद केजरीवाल कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान एक बड़ी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में कुल 89 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए विशेष कंट्री-फोकस्ड' सेशन रखे गए हैं। मोहाली पर एक विशेष सेशन रखा गया है, क्योंकि मोहाली को पंजाब सरकार ने विशेष क्षेत्र के रूप में विकसित किया है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का केंद्र बनाया जा रहा है। यहां हवाई अड्डे जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। इन कारोबारियों के पहुंचने की उम्मीद समिट में कई नामी कारोबारी पहुंचने की उम्मीद है। इनमें इनमें लक्ष्मी निवास मित्तल (आर्सेलर मित्तल), सज्जन जिंदल (जेएसडब्ल्यू ग्रुप), और सुनील कांत मुंजाल (हीरो एंटरप्राइजेज) जैसे दिग्गज शामिल है। इसके कई देशों के कारोबारी पहुंचे है। हालांकि मिडिल ईस्ट में लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधी अभी तक नहीं पहुंचे है। इसके अलावा कई देशों के कारोबारी भी पहुंचे हैं। हालांकि मध्य पूर्व में चल रही लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधि अभी तक नहीं पहुंचे हैं। अब तक यहां तक पहुंचा निवेश समिट में कुल 30 बड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल निवेश राशि लगभग ₹27,294 करोड़ है और इनसे करीब 47,067 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में टाटा स्टील का लुधियाना में संचालन शुरू होना और इंफोसि द्वारा मोहाली में ₹286 करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला रखना शामिल है। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। पंजाब पहले ही पिछले प्रयासों के जरिए ₹1.37 लाख करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे राज्य में 5 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 9:32 am

इराक में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, खोज अभियान जारी

पश्चिमी इराक में ईरान से जुड़े युद्ध अभियान के दौरान अमेरिका की वायुसेना का एक हवाई रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना ने इस घटना की पुष्टि की है

देशबन्धु 13 Mar 2026 9:32 am

युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से पीएम मोदी ने की बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा

फोन पर हुई इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते तनाव, आम नागरिकों की मौत और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संघर्ष की स्थिति जितनी लंबी चलेगी, उतना ही इसका असर क्षेत्रीय शांति, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा।

देशबन्धु 13 Mar 2026 8:54 am

मिडिल ईस्ट में जंग का 14वां दिन: इराक में अमेरिकी विमान क्रैश, मोजतबा खामेनेई की हालत पर सस्पेंस, LPG अफवाहों पर मोदी की चेतावनी

13 March Top News : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भीषण युद्‍ध चल रहा है। इराक में एक अमेरिकी सैन्य रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ईरान के सुप्रीम लीडर के स्वास्थ्य को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच पीएम मोदी ने देश में एलपीजी को लेकर फैल ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 7:52 am

एक युद्ध यहां भी:गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद, एजेंसियों पर कतार

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते शहर में गैस सिलेंडर को लेकर हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रदेश की फूड कैपिटल इंदौर में शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बीच गैस की टंकी लेना तो दूर, बुक करना ही असली चुनौती हो गया है। शहर में 8 हजार से ज्यादा होटल, रेस्टारेंट, कैटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग प्रभावित हो रही है। कैटरिंग संचालक कान्हा गोस्वामी का कहना है 2500 लोगों के आयोजन में 40 सिलेंडर लगते हैं। स्टॉल कम करने पर भी 14-15 सिलेंडर चाहिए। ऐसे में अचानक सप्लाय रुकने से आयोजन मुश्किल हो जाएगा। कैटरर्स बिट्‌टू शर्मा का कहना है सरकार सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करे। कैटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उमेश जैन, अजय जैन और नितिन खटोड़ ने बताया कि अचानक सप्लाय रोकने से पूरा खान-पान कारोबार प्रभावित हो रहा है। सेक्टर, जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत सिलेंडर की केस-1 : ताबड़तोड़ भट्टियां खरीदीं भंवरकुआं क्षेत्र स्थित एक होटल संचालक ने बताया हर दिन 6 कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं। दो भी नहीं मिल रहे हैं। ताबड़तोड़ डीजल भट्टी और कोयला भट्टी खरीदना पड़ी। कीमत 30 हजार है। केस-2 : सिलेंडर से इंडक्शन पर शिफ्ट 56 दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार दो दिन का कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक रहता है। विकल्प के तौर पर 3 इंडक्शन ऑर्डर कर दिए हैं। कई संस्थान पर इस विकल्प पर जा रहे हैं। पीएनजी-सीएनजी में ज्यादा परेशानी नहींपेट्रोल डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र वासू ने बताया पेट्रोल-डीजल और सीएनजी-पीएनजी को लेकर दिक्कत अभी नहीं है। यह पर्याप्त मात्रा में हमारे पास है। पीथमपुर, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े उद्योग पीएनजी का उपयोग करते हैं। वहां फिलहाल मुश्किल नहीं आएगी। आपूर्ति व्यवस्था बनाने की पूरी कोशिश है जिला खाद्य व आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू के मुताबिक फिलहाल जरूरी संस्थानों और सेवाओं के लिए कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आपूर्ति व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। परेशानी हो तो कंट्रोल रूम पर संपर्क करेंआम उपभोक्ता गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर संपर्क करें। कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - शिवम वर्मा, कलेक्टर

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:42 am

जिधर गाड़ी दिखी उधर ही दौड़ पड़े...:युद्ध की आग से चूल्हा ठंडा...सिलेंडर के लिए मची लूट

शहर में रसोई गैस की मारामारी मची है। युद्ध की खबरों के बीच लोगों को डर है कि गैस आपूर्ति नहीं होगी। हर सेकंड हजारों बुकिंग से क्रैश साइट दूसरे दिन भी नहीं खुलीं। नतीजतन जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। इधर, कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने के बाद होटल कारोबारियों और छोटे कारोबारियों पर का संकट गहरा गया है। एसोसिएशन का दावा है कि किसी के पास दो तो किसी के पास 3 दिन का ही स्टॉक शेष है। होटल-रेस्त्रों को एलपीजी सप्लाई बंद करने के बाद कई ने डीजल भट्टी की खरीदी के ऑर्डर कर दिए हैं। लेकिन, इसकी भी वेटिंग शुरू हो गई है। अचानक बढ़ी डिमांड के चलते दूसरे विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। मार्केट में इंडक्शन की खरीदी जोर पकड़ रही है। पर्यटन निगम के होटलों में भी जहां स्टॉक खत्म हो गया, वहां गुरुवार को इंडक्शन पर खाना पकाया गया। क्रोमा के सेल्स ऑफिसर रितिक साहू ने बताया कि आमतौर पर जहां दिन भर में बमुश्किल 10- 12 इंडक्शन बिकते हैं। वहीं, पिछले दो दिनों में 30 से 35 यूनिट तक की बिक्री हुई है। कुछ मॉडल पूरी तरह खत्म हो गए हैं। मंगलम के संचालक श्याम बंसल कहते हैं कि इंडक्शन की मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि हमें दो बार नया स्टॉक मंगवाना पड़ा। लोटस आउटलेट के अधिकारी ने बताया कि अचानक इतनी मांग पहले कभी नहीं देखी। कई ग्राहक एक साथ दो-दो इंडक्शन खरीद रहे हैं ताकि, समस्या नहीं हो। दूसरे दिन भी क्रैश रहीं गैस कंपनियों की बुकिंग साइट संकट में होटल-रेस्त्रां कारोबारहोटल व्यवसायी तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि रसोई गैस के विकल्प के रूप में डीजल भट्टी जलाने की तैयारी है। अधिकतर संचालकों ने इसके ऑर्डर दे दिए हैं। दो-तीन दिन का पुराना गैस स्टॉक बचा है। समस्या जल्द हल नहीं हुई तो कारोबार ठप हो सकता है। प्लांट की निगरानी में लगे एसडीएमकलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम को गैस एजेंसियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी है। गैस रिफिलिंग प्लांट पर एडीएम और एसीपी स्तर के अफसर तैनात किए गए हैं। अधिकारियों को दिन में दो बार प्लांट का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। दो दिन पुरानी बुकिंग पर सप्लाई की: रसोई गैस को लेकर गुरुवार को शहरकी 34 से अधिक एजेंसियों में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ जगह हंगामे के कारण कामकाज बंद करना पड़ा। संचालकों का कहना है कि दो दिन पुरानी ऑनलाइन बुकिंग की डिलीवरी कर दी गई है। रीफिलिंग सेंटर पर छापा, 15 सिलेंडर जब्त: गुरुवार को जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने गांधी नगर में लईक के गैस रीफिलिंग सेंटर पर छापा मारकर 15 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। बुधवार को भी करोंद स्थित सात दुकानों में गैस रीफिलिंग के दौरान सिलेंडर फट गया था, जिसके बाद निशातपुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया है। ऐजेंसी पर मारामारी 34 से अधिक गैस एजेंसी हैं शहर में, सभी जगह गुरुवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी पैनिक बुकिंग भी गैस की किल्लत से पैनिक बुकिंग हो रही, इससे दिक्कत बढ़ी

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

वेस्ट से वेल्थ, स्टूडेंट ने कपड़ों की कतरनों से रचे वॉल पीस, सस्टेनेबिलिटी व वेलबीइंग को मिलेगा बढ़ावा

सुविवि के फैशन टेक्नोलॉजी एवं डिजाइनिंग विभाग के स्टूडेंट ने बेकार समझे जाने वाले कपड़ों के टुकड़ों से सुंदर वॉल पीस, टेबल मैट्स और सजावटी वस्तुएं तैयार कर वेस्ट टू वेल्थ का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि मानसिक सुकून और वेलबीइंग से भी जुड़ी हुई है। नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टूडेंट ने इस रचनात्मक प्रोजेक्ट को अंजाम दिया। इसमें कपड़ों की कतरनों (स्क्रैप्स) को कलात्मक रूप देकर आकर्षक सजावटी उत्पाद बनाए गए। यह पहल सस्टेनेबल लाइफस्टाइल और सर्कुलर फैशन की उस सोच को भी मजबूत करती है, जिसकी जड़ें भारतीय संस्कृति में सदियों से मौजूद रही हैं। डिजाइन प्रक्रिया के दौरान मोटिफ्स का चयन, आकृतियों का संयोजन और स्पेस डिवीजन पर काम करना स्टूडेंट के लिए एक तरह का मेडिटेशन बन गया। रंगों का संतुलित उपयोग और हाथों से की गई बारीक कारीगरी ने न केवल उनकी रचनात्मकता को निखारा, बल्कि तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद की। विभाग की प्रभारी अध्यक्ष डॉ. डॉली मोगरा ने बताया कि भारतीय परंपरा में कुछ भी व्यर्थ नहीं का भाव हमेशा से रहा है। कपड़ों की कतरनों को रचनात्मक कला में बदलना न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि छात्रों में सृजनात्मकता और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। भारतीय हस्तकला और आधुनिक डिजाइन का समन्वय सुविवि के फैशन टेक्नोलॉजी एवं डिजाइनिंग विभाग की पहल, उत्पादों की प्रदर्शनी जल्द ही उदयपुर में की जाएगी स्टूडेंट द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों में हाथी की आकृतियां, ज्यामितीय पैटर्न और पारंपरिक पैचवर्क डिजाइन शामिल हैं, जो भारतीय हस्तकला और आधुनिक डिजाइन का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हैं। इन कलाकृतियों को घरों की दीवारों और मेजों की सजावट के लिए तैयार किया गया है। विभाग के अनुसार इन रचनात्मक उत्पादों की प्रदर्शनी जल्द ही उदयपुर में की जाएगी। इस परियोजना में रश्मि शर्मा, दिव्या सरूपरिया, पायल जैन, छाया प्रजापत, कनिष्क वशिष्ठ और आकांक्षा चौधरी जैसे युवा डिजाइनर्स ने अपनी कल्पनाशीलता और मेहनत से कपड़ों की कतरनों को जीवंत कलाकृतियों में बदल दिया।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

मुल्लांपुर में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत युवाओं को किया जागरुक

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में चलाई जा रही युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम के तहत वीरवार को पुलिस सब डिवीजन दाखा में नशों के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से स्थानीय कस्बे के डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में एक सेमिनार आयोजित किया गया। यह सेमिनार युवाओं द्वारा सब डिवीजन दाखा के डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस जिला जगराओं के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता और रमिंदर सिंह एसपी (हेडक्वार्टर) विशेष रूप से पहुंचे। इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि नशों के खिलाफ पंजाब पुलिस पूरी तरह सख्त है व किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने युवाओं द्वारा आयोजित इस सेमिनार की सराहना की और कहा कि इससे आम लोगों को नशों और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एसएसपी ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखें, क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज विरोधी तत्व बच्चों के संपर्क में आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि जो समाज विरोधी तत्व समाज का माहौल खराब कर रहे हैं, उनके बारे में जो भी जानकारी हो, वह हेल्पलाइन नंबरों पर पुलिस को दी जाए, ताकि उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में आप के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह बस्सण, टोनी वर्मा, अंकुश कुमार घमनेवाल और बलविंदर सिंह बली विरक ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह थाना दाखा, एएसआई गुरमीत सिंह, एएसआई सुरिंदर सिंह, एएसआई बलवीर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

युद्ध समाप्ति के लिए जैन आचार्य लोकेश नाकोड़ा तीर्थ में प्रार्थना करेंगे

बालोतरा | अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश अपनी जन्म, शिक्षा, दीक्षा भूमि राजस्थान में जोधपुर, पचपदरा व बालोतरा के प्रवास पर शुक्रवार को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से रवाना होंगे। जोधपुर पहुंचने पर आचार्य लोकेश का जोधपुर एयरपोर्ट पर विभिन्न संगठनों की ओर से भावपूर्ण स्वागत किया जाएगा। विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश एयरपोर्ट से सीधे नाकोड़ा तीर्थ के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां पर वो युद्ध समाप्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। प्रार्थना में उनके साथ तखतगढ़ पीठाधीश्वर युवाचार्य अभदास महाराज, आरोग्यपीठ दिल्ली के संस्थापक आचार्य राम गोपाल दीक्षित, रिलीजन वर्ल्ड के संस्थापक भव्य श्रीवास्तव भी विश्व में शांति, सद्भावना, अमन, चैन के लिए प्रार्थना करेंगे। जैन आचार्य लोकेश ने प्रस्थान से पूर्व विश्व शांति केंद्र में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। अहिंसा व शांति आधारित वार्ता के माध्यम से संवाद से हर समस्या का समाधान संभव है।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

युद्ध कैसे बदल देता है गैस का बाज़ार: मिडिल ईस्ट संकट से अमेरिकी LNG कंपनियों की बढ़ती कमाई

मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा के कारण वैश्विक गैस बाज़ार में तेज़ उछाल आया है। विश्लेषण के अनुसार इससे अमेरिकी LNG निर्यातकों को अरबों डॉलर का अतिरिक्त मुनाफ़ा हो सकता है…..

हस्तक्षेप 12 Mar 2026 11:08 pm

ईरान-इजराइल युद्ध समाप्ति के लिए जैन आचार्य लोकेश नाकोड़ा तीर्थ में करेंगे प्रार्थना

जयपुर। अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ईरान-इजराइल युद्ध समाप्ति के लिए शुक्रवार को राजस्थान के बालोतरा में स्थित नाकोड़ा तीर्थ में प्रार्थना करेंगे। आचार्य लोकेश जोधपुर, पचपदरा और बालोतरा के प्रवास पर शुक्रवार को दिल्ली से रवाना होकर जोधपुर पहुंचेंगे जहां उनका हवाई अड्डे पर विभिन्न संगठनों द्वारा […] The post ईरान-इजराइल युद्ध समाप्ति के लिए जैन आचार्य लोकेश नाकोड़ा तीर्थ में करेंगे प्रार्थना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Mar 2026 9:14 pm

नवादा में LPG सिलेंडर के लिए उमड़ी भीड़:ईरान-इजरायल युद्ध से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका

नवादा में LPG गैस सिलेंडर को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से लोग घबराए हुए हैं और सिलेंडर खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। शहर की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेकर लाइन में लगे लोग एक के बजाय दो-दो सिलेंडर लेने की होड़ में लगे हैं। कई उपभोक्ता सुबह-सुबह खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों में यह डर है कि उन्हें अब सिलेंडर नहीं मिलेगा और उनकी रसोई बंद हो जाएगी। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए ओटीपी अनिवार्य हालांकि, एजेंसी संचालकों ने बताया कि फिलहाल कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन युद्ध के असर से भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं। अनावश्यक बुकिंग को रोकने के लिए अब ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार और केंद्र ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र और राज्य मिलकर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन कालाबाजारी पर कड़ी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से ही स्थिति बिगड़ रही है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 7:20 pm

Middle East war में 'ड्रैगन' की हुई एंट्री; उड़े अमेरिका के होश, जाने क्या पलट जाएंगे युद्ध के पासे?

Middle East war के बीच चीन ने रिफाइंड तेल निर्यात पर लगाई रोक। कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार, आईईए और अमेरिका ने खोले अपने गुप्त तेल भंडार। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

प्रातःकाल 12 Mar 2026 6:47 pm

Gold-Silver Price : मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच क्यों सस्ता हुआ सोना? जानें कीमतों में इस अचानक गिरावट की असली वजह

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन (ईरान, इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स से जुड़े) और घरेलू डिमांड से प्रभावित हो रही हैं। भारतीय सर्राफा बाजार में आज (गुरुवार) सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। 916 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 60 हजार ...

ज़ी न्यूज़ 12 Mar 2026 5:55 pm

CO बोले- यहां छाती न पीटें, ईरान जाकर लड़ें युद्ध:पुलिस बढ़िया वाला इलाज करेगी, सड़क पर नमाज पढ़ी तो 1 मिनट बाद जेल होगी

संभल में सीओ ने पीस कमेटी की बैठक में शांतिभंग न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को ईरान-इजरायल युद्ध से यहां पर बहुत तकलीफ हो रही है, यहां छाती पीट रहे हैं। अगर इतनी ही दिक्कत है तो हवाई जहाज में बैठो और वहीं चले जाओ। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। अगर यहां किसी ने व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो हमें उससे निपटना आता है। बुधवार को सीओ अलविदा जुमा और ईद के त्योहार को लेकर बैठक कर रहे थे। इसमें मुस्लिम सुमदाय के लोगों से शांति से त्योहार मनाने की अपील की गई। कोतवाली संभल में बुधवार को सीओ कुलदीप कुमार ने आने वाले त्योहारों को लेकर पीस कमेटी की बैठक में अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय विवादों के नाम पर शहर की शांति भंग न करे, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह भी शामिल थे। ईरान जाने वाले जहाजों में बैठकर चले जाएं सीओ ने कहा कि ​मैं देख रहा हूं कि बहुत सारे लोगों को इस बात की खुजली मची है कि साहब, झगड़ा तो हो रहा है ईरान और इजराइल के बीच में, और वो बीच में अपनी टांग अड़ाए हुए हैं। अगर इतनी दिक्कत है तो बैठ जाओ जहाज में। यहां से जहाज ईरान में फंसे भारतीयों को लेने जा रहा है, तो उसी में बैठकर चले जाओ और ईरान की तरफ से लड़ो। यह सब अंतराष्ट्रीय मुद्दे हैं, हमें इनमें नहीं पड़ना है कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है, ईरान में खामेनेई को मार दिया या साहब अमेरिका तो अत्याचार कर रहा है। अरे 56 इस्लामिक कंट्री हैं वो अपना देख लेंगे। सड़क पर नमाज पढ़ी तो बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि अगर मस्जिद में जगह न होने पर नमाजी भागे-भागे जाते हैं और सड़क पर नमाज पढ़ने लगते हैं। अगर ऐसा हुआ तो हम एक मिनट कुछ नहीं कहेंगे, उसके बाद उठाकर केस लिखकर जेल भेज देंगे। अगर ईरान-इजरायल युद्ध में समर्थन या नारेबाजी की तो जेल भेजा जाएगा। किसी दूसरे देश के झगड़े का असर हमारे देश की कानून व्यवस्था पर पड़ा, तो पुलिस बहुत 'बढ़िया वाला इलाज' करेगी। किसी भी नमाज के दौरान किसी दूसरे देश के विरोध में कोई नारा, स्लोगन या पट्टी नहीं होनी चाहिए। सीओ ने कहा कि हम हिंदुस्तानी हैं, भारतीय हैं और यहां सुकून से रह रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्दे सरकारों का काम हैं, आम जनता का नहीं। 10 लोग कहीं खड़े होकर छाती पीट रहे हैं कि इरान को मार डाला, तो भाई चले जाओ वहीं और लड़ो जाकर। जहां पोस्टर बनते हैं वहां भी होगी कार्रवाई चेतावनी दी कि पुलिस केवल प्रदर्शनकारियों पर ही नहीं, बल्कि उन जगहों पर भी कार्रवाई करेगी जहां ये विवादित पोस्टर और स्लोगन छपते या लिखे जाते हैं। हम यहां सुकून से रह रहे हैं। अपनी ही जमीन पर फिज खराब करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। त्योहार प्यार और सौहार्द का है, मीठी सेवइयों का त्योहार है। इसमें किसी भी तरह की कड़वाहट नहीं घुलनी चाहिए। आप अपने क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को ऐसा कुछ भी न करने दें जिससे माहौल खराब हो। सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों पर सख्ती सीओ ने सोशल मीडिया रील बनाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग केवल इंस्टाग्राम की रील बनाने के चक्कर में कुछ भी बोल देते हैं, बाहरी देशों के मुद्दों को लेकर अफवाह फैलाते हैं। ऐसी चीजें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ​हमें दूसरे देशों में क्या हो रहा है, उससे कोई सरोकार नहीं होना चाहिए। उनके अपने विषय हैं, हमारे नहीं। हमें अपने क्षेत्र की फिजा खराब नहीं होने देनी है। ​अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ही 'खुराफाती' व्यक्ति पूरे माहौल को बिगाड़ने के लिए काफी होता है, इसलिए सभी जिम्मेदार नागरिक सतर्क रहें और पुलिस का सहयोग करें। बैठक में सभासद इब्राहिम, सभासद पति अजीम अब्बासी, हाजी एहतेशाम, मौ. नाजिम, दानिश खां, मौहम्मद जिया, नबील अहमफ, शब्बन खां, अख्तर, इदरीश, राशिद समेत जिले के कई संभ्रांत लोगों को बुलाया गया था। करीब 50 लोग बैठक में शामिल हुए। ----------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें…. मथुरा में बहू ने सास की गला दबाकर हत्या की:पति से बोली- अम्मी को अटैक पड़ा; ननद से लड़ाई हुई तो मुंह से सच निकला मथुरा में बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर सास की हत्या कर दी। फिर पति को फोन किया- अम्मी कुछ बोल नहीं रही हैं। लगता है साइलेंट हार्ट अटैक पड़ा है। मौत की खबर सुनते ही ससुर-पति नोएडा से पहुंचे। रिश्तेदार भी आए। बहू ने खूब रोने का नाटक किया। उसकी कहानी को सच मानकर परिवार ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। सबकुछ उसके प्लान के मुताबिक हुआ। किसी को उस पर शक नहीं हुआ। हत्या के 3 दिन बाद बहू का ननद से खाना बनाने के लिए झगड़ा हो गया। स्से में बहू ने बोल दिया- मैंने तेरी मां को मारा है, जा तू मेरा बाल भी बांका कर ले। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:10 pm

ईरान-इजरायल युद्ध का असर, खरगोन में गैस संकट:कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति घटी, होटल-ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंचे

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खरगोन में कमर्शियल लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे होटल व्यवसाय गंभीर संकट का सामना कर रहा है और कई होटल-ढाबे बंद होने की कगार पर हैं। पिछले तीन दिनों में घरेलू गैस आपूर्ति प्वाइंट भी धीरे-धीरे बंद कर दिए गए हैं। आपूर्ति से जुड़े लोगों के अनुसार, शहर में घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। जो सिलेंडर पहले आसानी से उपलब्ध होते थे, अब उनकी बुकिंग 25 दिन बाद हो रही है। उपभोक्ताओं को बिना ओटीपी के डिलीवरी नहीं मिल रही है, जिससे बुकिंग और ओटीपी संबंधी समस्याओं को लेकर वे गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। कई लोग बेरोजगार होने की कगार पर खाद्य उत्पादक एवं होटल व्यवसाई संघ के अध्यक्ष कुबेर जोशी ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से होटल कारोबार संकट में है और उन्हें बंद करना पड़ सकता है। इससे उनसे जुड़े कई लोग बेरोजगार होने की कगार पर हैं। उन्होंने शासन से कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। खरगोन जिले में कुल 38 गैस एजेंसियां हैं। जिले में 4 लाख 44 हजार 638 घरेलू गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 2 लाख 4 हजार 844 उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 1 लाख 39 हजार 846 सिंगल सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 4:44 pm

ईरान-इसराइल युद्ध का भारत पर असर : LPG की भारी किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गैस सप्लाई ठप हो गई है। दिल्ली, यूपी, बिहार से लेकर गोवा तक कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा है। जानें क्या है ताजा स्थिति।

वेब दुनिया 12 Mar 2026 1:45 pm

विदिशा में गैस सिलेंडर बुकिंग दोगुनी हुई:ईरान युद्ध की अफवाहों के बीच प्रशासन ने सामान्य आपूर्ति का दिया आश्वासन

ईरान में युद्ध की खबरों के बीच विदिशा में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अचानक दोगुनी हो गई है। हालांकि, जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कोई कमी नहीं है। युद्ध की आशंकाओं के कारण उपभोक्ताओं में घबराहट है, जिससे वे एहतियात के तौर पर सिलेंडर बुक करा रहे हैं। शहर के गैस एजेंसी संचालक विवेक ठाकुर के अनुसार, सामान्य दिनों में प्रतिदिन 300-350 सिलेंडर बुक होते थे, जो अब बढ़कर लगभग 700 हो गए हैं। ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं को दो दिन के भीतर होम डिलीवरी के माध्यम से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एजेंसी के पास फिलहाल दो ट्रक सिलेंडर भरे हुए हैं, जबकि एक ट्रक रास्ते में है। इसलिए गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता की आवश्यकता नहीं है। विवेक ठाकुर ने यह भी बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारु है। केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद की गई है, जिससे व्यापारिक उपयोगकर्ताओं को कुछ असुविधा हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई समस्या नहीं है। कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने ओटीपी आधारित डिलीवरी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाता है, जिसके सत्यापन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी होती है। इससे फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने भी नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने दोहराया कि जिले में घरेलू गैस की आपूर्ति नियमित है और कहीं कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अनावश्यक बुकिंग या जमाखोरी न करें और जितनी आवश्यकता हो उतना ही सिलेंडर लें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 1:42 pm

Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?

डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।

प्रातःकाल 12 Mar 2026 1:37 pm

West Asia Crisis: इराक में हुए हमले में भारतीय की मौत, ईरानी सुसाइड बोट से टक्कर के बाद अमेरिकी तेल टैंकर में लगी आग

जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम ‘सेफसी विष्णु’ है। यह कच्चा तेल ले जाने वाला एक बड़ा टैंकर है। जहाज अमेरिका से जुड़ा हुआ है, हालांकि उस पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा हुआ था। हमले के समय जहाज पर कुल 28 लोग मौजूद थे।

देशबन्धु 12 Mar 2026 12:51 pm

बरेली में गैस के लिए हाहाकार, सर्वर ने बढ़ाई मुसीबत:ईरान-इजरायल युद्ध के बहाने सिस्टम फेल, मार्च की बुकिंग पर अप्रैल में मिल रही डिलीवरी डेट

बरेली में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आम जनता अपना जरूरी कामकाज छोड़कर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर है। समस्या केवल सिलेंडर की किल्लत तक सीमित नहीं है; ई-केवाईसी (e-KYC) करवाने आए लोग भी परेशान हैं। बुधवार सुबह से ही इंडियन ऑयल का सर्वर डाउन होने के कारण केवाईसी की प्रक्रिया ठप पड़ी है। शहर की एक महिला ने बताया, “घर के पुरुष काम पर गए हैं, ऐसे में हम भारी सिलेंडर लेकर यहां घंटों से खड़े हैं, लेकिन सर्वर न चलने की बात कहकर हमें वापस भेजा जा रहा है।” चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत, रमजान में बढ़ी मुश्किलें सिलेंडर न मिलने के कारण कई घरों में रसोई के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। लोग फिर से लकड़ी और चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। खासकर रमजान के पाक महीने में रोजेदारों के लिए यह संकट दोहरी मार साबित हो रहा है। गैस वितरण में इतनी देरी हो रही है कि उपभोक्ता ने बताया, मैंने 2 मार्च को सिलेंडर बुक किया था, लेकिन अब एजेंसी से कहा जा रहा है कि सिलेंडर 2 अप्रैल को मिलेगा। लोग सुबह 5 बजे से लाइन में लग रहे हैं, फिर भी शाम तक खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। प्रशासन के दावे बनाम जमीनी हकीकत एक तरफ जनता त्रस्त है, वहीं प्रशासन सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहा है। बरेली के जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह का कहना है कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस उपलब्ध है। उन्होंने कालाबाजारी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर कहीं ऐसी गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने एक एडवाइजरी भी जारी की है ताकि लोग कालाबाजारी की सूचना सीधे अधिकारियों को दे सकें। हालांकि, जमीन पर जिलाधिकारी के ये दावे खोखले नजर आ रहे हैं। पीड़ित उपभोक्ता 1: “हम सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हैं। अब बोला जा रहा है कि शाम को 5 बजे आना। पूरा दिन इसी में निकल गया, घर पर बच्चे भूखे हैं।” पीड़ित महिला: “गैस खत्म हो गई है, चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। सर्वर डाउन का बहाना बनाकर हमें दौड़ाया जा रहा है। रमजान में हमें बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।” विपक्ष ने घेरा, युद्ध को बताया जा रहा कारण इस किल्लत के पीछे ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई चेन में आई बाधा को बताया जा रहा है। न केवल यूपी, बल्कि देश के कई हिस्सों से ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं। इधर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है कि वह आम आदमी को बुनियादी जरूरत की चीजें भी समय पर उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 12:28 pm

Middle East के चक्रव्यूह को भेदकर भारत पहुंचा 'ब्लैक गोल्ड', समुद्री तनाव के बीच मुंबई तट पर सुरक्षित लैंडिंग

Middle East में जंग के बीच 1.35 लाख टन तेल लेकर भारतीय टैंकर मुंबई पहुंचा। होर्मुज जलडमरूमध्य में दी मात, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल भंडार पर विशेष रिपोर्ट।

प्रातःकाल 12 Mar 2026 12:26 pm

खाड़ी युद्ध का असर, झारखंड में एलपीजी की किल्लत:उपभोक्ता परेशान, 3-4 दिनों से खाली हाथ लौटने को मजबूर; एजेंसी के बाहर लंबी कतार

खाड़ी देशों में जारी संघर्ष का असर अब झारखंड के विभिन्न जिलों में भी दिखने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण पिछले दो-तीन दिनों से देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी महसूस की जा रही है। झारखंड के लगभग सभी जिलों में उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर की अनुपलब्धता से परेशान हैं। कोडरमा में एलपीजी सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। वार्ड संख्या 9 स्थित गणेश पूजा मैदान में पिछले लगभग तीन दिनों से बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए जमा हो रहे हैं। गुरुवार सुबह से ही सैकड़ों उपभोक्ता मैदान में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दो-तीन दिनों से लगातार एलपीजी सिलेंडर लेने आ रहेकरमा निवासी पवन साव ने बताया कि वह पिछले दो-तीन दिनों से लगातार एलपीजी सिलेंडर लेने आ रहे हैं। उन्हें हर दिन यह कहकर लौटा दिया जाता है कि अगले दिन सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाएगा। उपभोक्ता विनोद मोदी ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि घर में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। पहले पड़ोसी अतिरिक्त सिलेंडर आपस में साझा कर लेते थे, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें फैलने के बाद से लोग सिलेंडर देने से साफ इनकार कर रहे हैं। त्योहार फीका पड़ रहा हैसफीदा खातून ने बताया कि ईद का पवित्र महीना चल रहा है। रमजान के दौरान हर दिन शाम को इफ्तार और सुबह सेहरी के लिए पकवान बनाए जाते हैं। एलपीजी सिलेंडर की समस्या के कारण उनका यह त्योहार फीका पड़ रहा है। उन्हें लकड़ी या कोयले के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सिलेंडर लेने की होड़ को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि एलपीजी के चक्कर में कहीं भगदड़ जैसी स्थिति न उत्पन्न हो जाए। एलपीजी सिलिंडर विक्रेता ऊंचे से दीवार पर जा बैठे हैं ताकि कंज्यूमर से उनकी कोई झड़प न हो जाए। वहीं, कंज्यूमर इस इंतजार में हैं कि कब उनका नंबर आए और उन्हें सिलिंडर उपलब्ध हो सके। इधर, इस पूरे मामले पर गैस एजेंसी के संचालक कुछ भी कहने से बच रहे हैं और कंज्यूमर को एलपीजी सिलिंडर के कम स्टॉक का हवाला देकर अगले दिन आने की गुजारिश कर रहे हैं। इंडक्शन चूल्हा की डिमांड बढ़ने लगीवहीं, इन सब के बीच बाजार में इंडक्शन चूल्हा (बिजली से संचालित होने वाला चूल्हा) की डिमांड बढ़ने लगी है। लोग बर्तन दुकान में जाकर इंडक्शन चूल्हा की खरीद बिक्री कर रहे हैं। बर्तन विक्रेता गौरांग पुजारा ने बताया कि जब से देश भर में एलपीजी सिलेंडर के किल्लत की खबरें फैली है, तब से हमारे यहां इंडक्शन चूल्हा की मांग बढ़ने लगी है। लोग हमारे दुकान पर आकर इंडक्शन चूल्हा की खरीदारी कर रहे हैं। गिरिडीह में गैस सिलेंडर के लिए अफरातफरी इधर, गिरिडीह में भी घरेलू गैस की कमी होने की बात से लोगों के बीच घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोगों की लंबी कतार लग गई है। बुधवार से शुरू हुआ यह सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े नजर आए। स्थिति यह रही कि कई जगहों पर भीड़ काफी बढ़ गई, जिसके बाद व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। पुलिस कर्मियों ने लोगों को लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इस संबंध में उपभोक्ता गुड्डू यादव ने बताया कि वे सुबह ब्रश करने और काम-काज निपटाने के बाद करीब 8 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे बुधवार को भी करीब 4 बजे एजेंसी पहुंचे थे, लेकिन उस समय बताया गया कि गैस अगले दिन सुबह आएगा और तब मिल जाएगा। इसके बाद गुरुवार सुबह से ही वे फिर लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील वहीं, अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए धनबाद में लोग पहले से ही गैस लेने एजेंसियों तक पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ एजेंसियों में सर्वर की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को थोड़ी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि फिलहाल जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ता बुकिंग करते हैं तो गैस सिलेंडर उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। संचालकों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। रेस्टोरेंट संचालक मेन्यू घटाने पर मजबूरधनबाद में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई को लेकर कुछ परेशानी सामने आ रही है। शहर के कई रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उन्हें जरूरत के मुताबिक कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। धनबाद के न्यू मुंबई स्वीट्स के मैनेजर ने बताया कि गैस की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण फिलहाल नॉर्थ इंडियन खाने की सर्विस बंद करनी पड़ी है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 12:06 pm

गैस सिलेंडर चाहिए…घबराइए नहीं:अधिकारियों का दावा- 25 दिन का रिजर्व स्टॉक; जानिए युद्ध बढ़ा तो क्या होगा

यूपी के अलग-अलग शहरों से गैस सिलेंडर आपूर्ति में लोगों के पैनिक होने की तस्वीरें सामने आ रही हैं। गैस सिलेंडर की आपूर्ति पुलिस की मौजूदगी में हो रही है। जिन्हें जरूरत नहीं, वो भी सिलेंडर की बुकिंग करवा रहे हैं। सरकार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोक चुकी है। लोगों को लग रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। ये आशंका कितनी सही है? आने वाले 6 महीनों में पेट्रोलियम कंपनियों की क्या तैयारी है? क्या सिलेंडर महंगे हो सकते हैं? भास्कर एक्सप्लेनर में 9 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1. क्या घरेलू सिलेंडर की किल्लत हो सकती है?जवाब. ईरान युद्ध के चलते गैस और क्रूड ऑयल को लेकर अनिश्चितता के हालात हैं। गैस सप्लाई 30% तक बाधित हुई है। इसी वजह से पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस सप्लाई की प्राथमिकता तय कर दी है। सरकार ने कॉमर्शियल गैस सप्लाई में 20 से 30% तक कटौती की है। एजेंसियां घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पर फोकस कर रही हैं। इस तरह से सरकार आने वाले 6 महीने के लिए घरेलू गैस और सीएनजी की 100% उपलब्धता सुनिश्चित करना चाह रही है। सवाल 2. सरकार के पास कितने दिनों का रिजर्व स्टॉक है?जवाब. एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियों ने एलपीजी प्रोडक्शन में करीब 10% की बढ़ोतरी की है। अफसरों का कहना है कि परेशान होने की जरूरत नहीं। गैस कंपनियां ग्राहकों को मैसेज करके बता रही हैं कि गैस की कमी के दावे भ्रामक हैं। खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं कि यूपी में 20 से 25 दिन का घरेलू गैस सिलेंडर का स्टॉक रिजर्व है। सवाल 3. क्या आने वाले दिनों में 26 दिन में भी नहीं मिलेगा सिलेंडर?जवाब. खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं- देखिए, पैनिक बुकिंग की वजह से डिमांड में अचानक उछाल आ गया। इसलिए 6 मार्च को तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। लॉक-इन पीरियल का मतलब है कि एक सिलेंडर डिलीवरी होने के 21 दिन बाद ही आप नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे। 9 मार्च को लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। ऑटोमैटिक बुकिंग सिस्टम अपडेट कर दिया गया है। इसी वजह से गैस एजेंसियां बुकिंग नहीं ले पा रही हैं। आने वाले दिनों में लॉक-इन पीरियड में बदलाव की उम्मीद कम है। सवाल 4. क्या लोगों को पैनिक होना चाहिए? जवाब. ईरान-इजराइल युद्ध से पहले किसी तरह का लॉक-इन पीरियड नहीं था। सिलेंडर की डिलीवरी के दिन ही लोग नया सिलेंडर बुक करा सकते थे। अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसी वजह से लोगों में घबराहट का माहौल है। पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सवाल 5. सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम क्यों लागू किया? जवाब. आवश्यक वस्तु अधिनियम सरकार को जरूरी वस्तुओं जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल करने की ताकत देता है। आसान भाषा में इसे जमाखोरी रोकने वाला कानून कह सकते हैं। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी नहीं हो सकेगी। सवाल 6. गैस की किल्लत से निपटने के लिए सरकार क्या कर रही?जवाब. यूपी के कई जिलों से एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 मार्च को समीक्षा की थी। इसमें सीएम ने सभी डीएम और एसपी को अपने जिले के हालातों पर निगरानी रखने के लिए कहा था। नोएडा, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े जिलों में प्रशासन गैस गोदामों और गैस एजेंसियों पर जांच रहे हैं कि कहीं जानबूझकर गैस या पेट्रोल-डीजल की कमी तो नहीं बनाई जा रही। सवाल 7. गैस बुक करने के बाद कितने दिन में सिलेंडर मिल रहा?जवाब. खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं- किसी भी जिले में ऐसा नहीं है कि गैस सप्लाई थमी हो। बुकिंग होने के बाद सप्लाई का स्टैंडर्ड टाइम 7 दिन होता है। यूपी में 2-3 दिन में घरों में होम डिलीवरी हो रही है। हर दिन 8 से 10 लाख सिलेंडर की होम डिलीवरी हो रही है। सवाल 8. अगर ईरान-इजराइल युद्ध बढ़ता है, तो क्या गैस आपूर्ति पर असर पड़ेगा?जवाब. सरकार ने इसकी तैयारी की है। रिफाइनरीज को उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसमें जामनगर की रिलायंस रिफाइनरी और भटिंडा की एचएमईएल रिफाइनरी को पेट्रोल उत्पादन रोककर गैस का प्रोडक्शन करने को कहा गया है। पूरी क्षमता पर काम करने के बाद हमारी जरूरत का 70% आपूर्ति होने का अनुमान है। सवाल 9. अगर एजेंसी सिलेंडर की डिलीवरी न दे रही हो, तब कहां शिकायत करें?जवाब. इसके लिए टोलफ्री नंबर जारी किया है। लोग 1800-2333-555 पर कॉल कर सकते हैं। ये इंडेन, भारत और एचपी सभी उपभोक्ताओं के लिए कॉमन नंबर है। इसके अलावाव mylpg.in पर भी ऑनलाइन भी शिकायत कर सकते हैं। (सभी सवालों के जवाब खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने दिए हैं।) --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - गोरखपुर में सिलेंडर के लिए लात-घूंसे चले, गैस गोदाम सील, श्रावस्ती में महिला बेहोश हुई, अयोध्या में राम रसोई बंद उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। किल्लत के चलते बुधवार को अयोध्या में राम रसोई को बंद कर दिया गया। 8 साल में पहला मौका है जब राम रसोई बंद की गई है। श्रावस्ती में गैस एजेंसी पर लोगों की भीड़ उमड़ी। धक्का-मुक्की में एक महिला जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई। उसके सिर से खून बहने लगा। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 10:41 am

रैपर फ्लिपराची का भारत दौरा कैंसिल:मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से बेंगलुरु-मुंबई के शोज टले, धुरंधर के मेकर्स को नुकसान

ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर के गाने 'फासला' (Fa9la) से भारत में फेमस हुए बहरीन के रैपर फ्लिपराची ने अपने शो कैंसिल कर दिए हैं। फ्लिपराची को बेंगलुरु और मुंबई में लाइव परफॉर्म करना था, लेकिन अब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों की वजह से उनका आना टल गया है। फ्लिपराची को 13 मार्च को मुंबई के फीनिक्स मार्केटसिटी और 14-15 मार्च को बेंगलुरु के 'UN40 म्यूजिक एंड बियॉन्ड' फेस्टिवल में अपरफॉर्म करना था। सारेगामा इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि मिडिल ईस्ट और बहरीन में चल रहे मौजूदा तनावपूर्ण हालातों की वजह से सुरक्षा और यात्रा संबंधी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। कंपनी के मुताबिक, इन परिस्थितियों में कलाकार का सफर करना संभव नहीं है। हालांकि, बेंगलुरु के म्यूजिक फेस्टिवल में अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियां जारी रहेंगी। फिल्म 'धुरंधर' की रिलीज से पहले मेकर्स को नुकसान फ्लिपराची का यह दौरा रद्द होना फिल्म 'धुरंधर' के मेकर्स के लिए किसी नुकसान से कम नहीं है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। मेकर्स की योजना थी कि रिलीज से ठीक पहले बड़े शहरों में फ्लिपराची के शोज के जरिए फिल्म का माहौल बनाया जाए। 'फासला' गाना पहले से ही चार्टबस्टर है और फ्लिपराची की लाइव परफॉर्मेंस से फिल्म को अच्छी माउथ पब्लिसिटी मिलने की उम्मीद थी, जो अब हाथ से निकल गई है। अक्षय खन्ना की विलेन एंट्री से मिला था फेम भारत में फ्लिपराची की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह फिल्म 'धुरंधर' में अक्षय खन्ना का किरदार है। फिल्म में विलेन के तौर पर जब अक्षय खन्ना की एंट्री होती है, तो बैकग्राउंड में बजने वाला गाना 'फासला' (Fa9la) चलता है। यह गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इंस्टाग्राम रील से लेकर यूट्यूब तक, फैंस इस ट्रैक पर लगातार वीडियो और रिएक्शन शेयर कर रहे हैं। फिल्म के मेकर्स को चाहिए था ‘डार्क म्यूजिक’ एक इंटरव्यू में फ्लिपराची ने बताया था कि यह गाना फिल्म का हिस्सा कैसे बना। उन्होंने कहा, 'मेकर्स अक्षय खन्ना के विलेन वाले किरदार के लिए एक ऐसा संगीत ढूंढ रहे थे जो डार्क और थोड़ा अलग हो। जब उन्होंने फासला की धुन सुनी, तो उन्हें लगा कि यह एकदम सही है। एक कॉल पर ही सब कुछ फाइनल हो गया।' भारत से मिल रहे प्यार पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि उनके इंस्टाग्राम का इनबॉक्स हजारों मैसेज से भरा रहता है, जिसे देखकर वे अक्सर हैरान रह जाते हैं।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 10:30 am

ईरान युद्ध में उलझा डोनाल्ड ट्रंप, अपने भंडार से 172 मिलियन बैरल तेल निकालने को मजबूर

ईरान के साथ में जंग में अमेरिका खुद उलझ गया है। एक तरफ अमेरिका में ट्रंप का विरोध हो रहा है। वहीं अब अपने भंडार से तेल निकालने को मजबूर हो गया है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने तेल की कीमतों में आग लगा दी है। इससे खुद अमेरिका के लोग परेशान हो गए ...

वेब दुनिया 12 Mar 2026 10:29 am

महाविनाश की कगार पर मिडिल ईस्ट! ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगा युद्ध, पर ईरान की 'ना' ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच का त्रिकोणीय संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है, जहां से वापसी का रास्ता धुंधला दिखाई दे रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष विराम की उम्मीद जगा रहे हैं, तो दूसरी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2026 8:55 am

तिरुचिरापल्ली में पीएम मोदी ने डीएमके पर बोला तीखा हमला, युद्ध के बीच अफवाह न फैलाने की अपील

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5,600 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने एनडीए की एक जनसभा को भी संबोधित किया

देशबन्धु 12 Mar 2026 7:10 am

'पंचाने रिवर फ्रंट' का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी:कोसुक से सिपाह पुल तक पाथ-वे, 18 महीने में काम पूरा करने के निर्देश

पटना के गंगा मरीन ड्राइव की भव्यता अब जल्द ही बिहारशरीफ में पंचाने नदी के किनारों पर भी नजर आएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'पंचाने रिवर फ्रंट' का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। करीब 32.86 करोड़ रुपए की लागत से कोसुक से सिपाह पुल तक आकार ले रही इस परियोजना से न केवल शहर की सूरत बदलेगी, बल्कि यह राजगीर जाने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। 18 महीने का लक्ष्य, कोसुक से सिपाह पुल तक बिछेगा पाथ-वे जल संसाधन विभाग की देखरेख में बेगूसराय की निर्माण कंपनी 'आस्था एंड सौम्या कंस्ट्रक्शन' की ओर से इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारा जा रहा है। करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी के दोनों किनारों पर पक्कीकरण और सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। योजना के मुताबिक, इस क्षेत्र में लोगों के टहलने के लिए आधुनिक पाथ-वे, बैठने के लिए आरामदायक बेंच, चारों ओर हरियाली और दुधिया रोशनी के लिए हाई-मास्ट, डेकोरेटिव लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई है। फुटओवर ब्रिज और सीढ़ियों का निर्माण शुरू वर्तमान में परियोजना के तहत नदी के आर-पार आवाजाही सुगम बनाने के लिए दो फुटओवर ब्रिज के फाउंडेशन (नींव) का काम चल रहा है। इसके साथ ही घाटों पर पक्की सीढ़ियों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। निर्माण एजेंसी फिलहाल नदी के पानी के स्तर के और कम होने का इंतजार कर रही है, ताकि फाउंडेशन और सीढ़ियों का कार्य नदी की पेटी(बेड) तक गहराई से किया जा सके। विभाग की ओर से कार्य की गुणवत्ता पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में यह संरचना टिकाऊ बनी रहे। पर्यटन और जल संरक्षण को मिलेगा नया आयाम बिहारशरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण यह रिवर फ्रंट स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहरी सैलानियों के लिए भी बेहतरीन पिकनिक स्पॉट साबित होगा। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस सौंदर्यीकरण से शहर का मान बढ़ेगा ही, साथ ही छठ जैसे महापर्वों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित घाट उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, नदी के किनारों के पक्कीकरण से जल संचय और नदी संरक्षण के प्रयासों को भी बल मिलेगा। आने वाले समय में यह रिवर फ्रंट मॉर्निंग वॉक और व्यायाम करने वालों के लिए शहर का सबसे पसंदीदा ठिकाना बनने जा रहा है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 7:05 am

चीन और कतर व पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ताएं

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 10 मार्च को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ फोन पर वार्ता की।

देशबन्धु 12 Mar 2026 6:10 am

इजराइल-ईरान युद्ध के कारण ग्वालियर में बढ़ी महंगाई:किराना, ड्राई फ्रूट्स, एलपीजी के दाम उछले; व्यापारियों को आगे भी बढ़ोतरी की आशंका

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब ग्वालियर में भी दिखने लगा है। इसके चलते महंगाई धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे आम आदमी की थाली महंगी हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका, तो महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी और रोजमर्रा की चीजें खरीदना मुश्किल हो जाएगा। ग्वालियर में महंगाई की मार स्पष्ट दिख रही है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर भी रोक लग गई है। इसके कारण घरेलू एलपीजी की मांग अचानक बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि स्टॉक करने के कारण जरूरतमंदों को भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। 10 से 100 रुपए तक बढ़े दाम किराना और ड्राई फ्रूट्स के दाम भी बढ़ने लगे हैं। किराना व्यापारियों के अनुसार, सभी आवश्यक वस्तुओं पर 5 से 10 रुपये का अंतर आना शुरू हो गया है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो यह अंतर और बढ़ जाएगा। किराना व्यापारी गोकुल बंसल ने बताया कि यदि यह युद्ध जल्दी नहीं रुका, तो महंगाई और अधिक बढ़ जाएगी। वर्तमान में तेल के दाम में 10 रुपये प्रति किलो और कनस्तर पर लगभग 100 रुपए का अंतर आ चुका है। दालों और चावल के दाम भी बढ़ने लगे हैं। उनका कहना है कि सभी चीजें एक-दूसरे को देखते हुए महंगी होती जा रही हैं, इसलिए युद्ध का रुकना आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सरकार को भी इसका बड़ा नुकसान हो सकता है। शहर में अधिकांश ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई बाहर से ग्वालियर में भी अधिकांश ड्राई फ्रूट्स बाहर से आता है जिसमें काफी तेजी आ गई है। ड्राई फ्रूट्स विक्रेता मानस गोयल ने बताया कि यह बात सही है कि जो युद्ध हो रहा है इसकी वजह से ड्राई फ्रूट्स मार्केट पर काफी असर पड़ा है और ड्राई फ्रूट्स में काफी तेजी आती जा रही है। देखा जाए तो पिस्ता में 300 से ₹400 किलो की बढ़त है। और डोडी में भी ₹100 किलो की बढ़त है। उनका कहना है कि ईरान से आने वाले सभी आइटमों पर पैसे बढ़ गए हैं। काली किशमिश रेजिन आदि सभी में 100 से ₹200 का अंतर देखने को मिल रहा है। अगर यह युद्ध 15 दिन और चल गया तो आम आदमी महंगाई के चलते ड्राई फ्रूट खाना भूल जाएगा। वहीं एलपीजी गैस की मारामारी को देखते हुए लकड़ी की डिमांड अचानक बढ़ने लगी है व्यापारियों की माने तो लगभग 10% लकड़ी की डिमांड बढ़ गई है। लकड़ी एवं कोयला व्यवसायी नेहा गुप्ता ने बताया कि अभी कोयला को लेकर कोई विशेष डिमांड नहीं बड़ी है, लेकिन लकड़ी की बात की जाए तो लगभग 10% डिमांड में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा हो सकता है युद्ध के चलते जो गैस संकट सामने आया है उसके चलते लकड़ी की डिमांड बढ़ने लगी है मैरिज हॉल, कैटर्स और पुराने होटल में भी उनके यहां से लकड़ी की सप्लाई में मांग बढ़ने लगी है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:44 am

लांस नायक ने हनीट्रैप में पाकिस्तान भेजी युद्धपोतों की डिटेल्स:आगरा में आदर्श के खाते में आए थे पैसे; गांववाले बोले- गद्दारी नहीं कर सकता

आगरा से यूपी ATS ने आदर्श कुमार उर्फ लकी को अरेस्ट किया है। आदर्श भारतीय नौसेना में लांस नायक है। आदर्श पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। उसने ISI एजेंट को देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेल्स भेजी हैं। कोर्ट में पेश करके आदर्श को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। ATS सूत्रों के अनुसार- 3 साल पहले आदर्श कुमार की इंस्टाग्राम पर आशी नाम की लड़की से दोस्ती हुई थी। ये आईडी ISI के हैंडलर की थी। जिसने आशी नाम से आईडी बनाकर आदर्श को फंसाया। दोनों के बीच बात बढ़ी तो नंबर शेयर हुए। फिर लगातार बातचीत होने लगी। आशी ने व्हाट्सएप पर देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेल्स मंगा ली। इसके एवज में आदर्श के बैंक खाते में रुपए भेजे गए। एटीएस ने डेढ़ साल पहले कुछ लोगों ने उठाया था। पूछताछ में उन लोगों ने आदर्श कुमार का नाम लिया था। तब से एटीएस आदर्श पर नजर रखे थी। टीम को जब लगा कि आदर्श हनीट्रैप में बुरी तरह फंस चुका है, तो उसे पकड़ा गया। आदर्श ने साल 2021 में नौसेना में लांस नायक के पद पर ज्वाइन किया था। उसकी तैनाती कोच्चि (केरल) में दक्षिणी नेवल कमांड में थी। उसकी 22 दिन पहले शादी हुई थी। हनीमून मनाने दुबई गया था। 3 दिन पहले ही वहां से लौटा था। हालांकि, उसके पिता ने दावा किया कि बेटा दुबई नहीं, मनाली गया था। आदर्श की गिरफ्तारी के बाद गांव का माहौल क्या है? गांव के लोगों से उसका व्यवहार कैसा था? लोग अब उसके बारे में क्या सोचते हैं? आदर्श के घरवाले क्या कहते हैं? आदर्श की शादी जिस लड़की से हुई वह कहां है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर ऐप की टीम आगरा मुख्यालय से लगभग 38 किमी. दूर कागारौल के चीतपुर गांव पहुंची। गांव वालों और घर वालों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले गांव का हाल… आदर्श की गिरफ्तारी के बाद गांव में सन्नाटा है। भास्कर टीम जब गांव में पहुंची, तो एक घर के बाहर कुछ लोग खड़े दिखाई दिए। ये सभी लोग आदर्श कुमार के बारे में ही बात कर रहे थे। गांव वालों का कहना है कि यकीन करना मुश्किल हो रहा है। आदर्श ऐसा कैसे कर सकता है? वह गांव में सभी से मिलता-जुलता था। वह सीधा था। आदर्श कुमार उर्फ लकी देश के साथ गद्दारी नहीं कर सकता है। गांव के प्रकाश ने बताया कि आदर्श कुमार परिवार में सबसे छोटा है। घर से लगभग 10 किमी. दूर अकोला स्थित एसजी पब्लिक स्कूल से उसने हाईस्कूल और इंटर पास किया था। अब आदर्श कुमार के घर का हाल जानिए… गांव के दूसरे छोर पर तालाब किनारे बलवीर चाहर का 2 मंजिला पक्का घर है। इसी घर में बलवीर अपने तीन भाइयों के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। आदर्श कुमार उर्फ लकी बलवीर चाहर का बेटा है। उससे बड़ी तीन बहनें और हैं। बलवीर चाहर के दो और भाई समुद्र सिंह और किशोर सिंह भी इसी घर में रहते हैं। बलवीर सिंह अपने भाई समुद्र सिंह के साथ शराब की दुकान पर काम करते हैं। किशोर सिंह दूध का काम करते हैं। देश से गद्दारी करने के आरोप में आदर्श कुमार के पकड़े जाने के बाद सभी लोग घर में कैद हैं। कोई भी सदस्य घर के बाहर नहीं निकल रहा है। परिवार के सदस्य कमरे से तभी बाहर निकल रहे हैं, जब वे खिड़की से झांक कर देख लेते हैं कि आसपास कोई है तो नहीं। परिजनों की शर्मिंदगी का आलम ये है कि बाइक से दूध की टंकी अभी तक नहीं उतारी गई है। इन टंकियों को 2 दिन से धोया भी नहीं गया है। परिवार का कोई सदस्य गांव वालों से भी नहीं मिल रहा है। ATS ने जब से आदर्श कुमार को पकड़ा है, तब से उसकी पत्नी घर में कैद है। अब पिता की बात, पढ़िए उन्होंने क्या कहा? पिता बोले- मेरे बेटे को फंसाया जा रहाबेटे की गिरफ्तारी के 28 घंटे बाद आदर्श कुमार के पिता बलवीर सिंह चाहर मीडिया के सामने आए। बुधवार दोपहर बाद उन्होंने कहा- हमने तो अपने बेटे को देश की रक्षा के लिए समर्पित किया था। उसे अब किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। मेरा बेटा निर्दोष है। निष्पक्षता से इसकी जांच होनी चाहिए। हमारा किसान परिवार है। उसी हिसाब से हम गुजर-बसर कर रहे हैं। चाहें तो हमारे खाते भी चेक कर सकते हैं। हमने बेटे के भी खाते चेक किए हैं, उसके भी खाते में कोई ज्यादा रकम नहीं आई है। हमारी जांच कराई जा सकती है। अगर हमने कहीं भी रकम को इनवेस्ट किया होगा तो वह सामने आ जाएगा। हमारे खातों की भी जांच कराई जा सकती है। अब गांववालों की बात, पढ़िए पाकिस्तानी एजेंट नहीं हो सकता आदर्शगांव के रहने वाले मनीष चाहर कहते हैं- मैं रोडवेज में परिचालक हूं। आदर्श मेरे साथ बस में बैठकर आगरा कोचिंग करने जाता था। आदर्श ऐसा नहीं कर सकता। अगर, सूचनाएं भेजने के एवज में उसे रकम मिली होती तो वह सामान्य जीवन क्यों जीता? घर में भी सामान्य है। रहन-सहन, खान-पान बिलकुल सामान्य है। आदर्श की शादी के बाद एक दिन मुझे कुछ पैसों की जरूरत पड़ी। मैंने आदर्श से 2 हजार रुपये मांगे। तब आदर्श ने कहा था कि मेरे पास नौकरी ज्वाइन करने जाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। अगर उसके पास 2 नंबर का पैसा होता तो वह दे देता। आदर्श इतना सीधा था कि वह पाकिस्तानी एजेंट हो नहीं सकता। उसे फंसाया जा रहा है। आदर्श में कोई चेंज नजर नहीं आता थागांव के रहने वाले पवन कुमार ने बताया- आदर्श गांव के ही दूसरे लड़कों की तरह से है। उसका सबसे मेलजोल है। नौकरी लगने के बाद भी उसमें कोई चेंज नहीं आया था। आदर्श और उसका परिवार जैसा पहले था, वैसा ही अब है। जयपाल सिंह ने बताया कि आदर्श कुमार काफी सीधा सादा लड़का है। गांव में आज तक उसकी कोई शिकायत नहीं आई। पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज था। उसने अपनी काबिलियत के दम पर भी नेवी में नौकरी पाई। हनीमून से लौटा तो ATS ने पकड़ाआदर्श कुमार की 19 फरवरी को उसकी शादी मथुरा के विशावर की रहने वाली युवती से हुई थी। शादी समारोह आदर्श के गांव कागारौल के सूरज गार्डन में हुआ था। होली बाद वह हनीमून मनाने कुल्लू-मनाली गया था। सोमवार को ही वह लौटकर आया था। मंगलवार को ATS ने उसे दबोच लिया। आगरा से कब-कब पकड़े गए जासूस? 14 मार्च, 2025: रवींद्र कुमार (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी) किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: पाकिस्तान की महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजना। 14 मार्च, 2025: रवींद्र कुमार का एक सहयोगी भी पकड़ा गया आरोप: ISI हैंडलर को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में मदद। 27 सितंबर, 2023: शैलेश कुमार किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: फेसबुक के जरिए ISI हैंडलर से संपर्क कर सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करना। सभी केस में एक पैटर्न ▪️ अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया (Facebook/WhatsApp) के जरिए संपर्क।▪️ कई मामलों में हनीट्रैप या पैसों का लालच।▪️ निशाना अक्सर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारी या संवेदनशील जानकारी रखने वाले लोग। ----------------------------ये खबर भी पढ़िए- हनीमून मनाकर दुबई से लौटा नौसैनिक गिरफ्तार:आगरा में 22 दिन पहले हुई थी शादी, पाकिस्तान को भेजी युद्धपोतों की तस्वीरें यूपी ATS ने आगरा से एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। वह भारतीय नौसेना यानी नेवी में लांस नायक है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। उसने ISI एजेंट को देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेल्स भेजी हैं। ATS ने मंगलवार को आरोपी आदर्श कुमार उर्फ लकी को आगरा में उसके गांव कागारौल थाने के गांव चीतपुर से दबोचा।पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:41 am

मिडिल ईस्ट तनाव का असर दूध के लिफाफे 70 रुपए किलो तक महंगे : मन्नू

अमृतसर| मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब बाजार और छोटे कारोबारियों पर भी दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के अनुसार प्लास्टिक से बनने वाले उत्पादों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे पैकिंग से जुड़े कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। कारोबारी मनप्रीत सिंह मन्नू ने बताया कि दूध के लिफाफे बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक काफी महंगा हो गया है। पहले जो लिफाफे करीब 160 रुपए किलो मिलते थे, वे अब 230 रुपए किलो तक बिक रहे हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दिनों में इनकी कीमत 290 रुपए किलो तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाला सिरका भी महंगा हो गया है, जिससे डेयरी कारोबारियों की लागत बढ़ रही है। व्यापारियों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण प्लास्टिक का कच्चा माल यानी प्लास्टिक दाना पर्याप्त मात्रा में नहीं आ पा रहा है। सप्लाई कम होने के कारण कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:23 am

12 से 14 मार्च तक नकतरा में जिला कृषि विज्ञान मेला

भास्कर संवाददाता | रायसेन कृषि विज्ञान केन्द्र नकतरा में जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला 12 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक होगा। मेला सुबह 11 बजे से शाम 04 बजे तक चलेगा। आयोजन वर्ष 2025-26 के तहत होगा। आयोजन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देश पर होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मा के साथ एक जिला एक उत्पाद योजना, राज्य मिलेट मिशन योजना, राष्ट्रीय मिशन ऑन इडिबल ऑयल तिलहन के तहत मेला किया जा रहा है। मेले में कृषि विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग, जल संसाधन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, रेशम विभाग, मत्स्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, एमपी एग्रो, जिला विपणन अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र नकतरा सहित अन्य विभाग प्रदर्शनी लगाएंगे। यहां उन्नत तकनीक की जानकारी दी जाएगी। निजी क्षेत्र के कृषि आदान सामग्री प्रदायक और निर्माता भी प्रदर्शनी लगाएंगे। इनमें बीज, उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवार नाशक, कृषि यंत्र शामिल रहेंगे। मेले में जिले के हर विकासखंड से किसान शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:18 am

मिडिल ईस्ट संघर्ष: ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों में 15 नेपाली घायल, एक की मौत

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 15 नेपाली नागरिक घायल हुए हैं, जबकि एक नेपाली की मौत हो चुकी है

देशबन्धु 12 Mar 2026 4:14 am

युद्धोन्माद और मीडिया

ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है

देशबन्धु 12 Mar 2026 2:32 am

ईरान-इजराइल जंग के बीच चंडीगढ़ प्रशासक की हाई-लेवल मीटिंग:युद्ध प्रभावित देशों में फंसे लोगों की मदद के लिए ईमेल जारी, बोले-गैस-पेट्रोल की कमी नहीं

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के मद्देनजर चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में एलपीजी संकट से लेकर अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर रणनीति बनाई गई। वहीं, उन्होंने साफ किया है अभी तक एलपीजी का संकट शहर में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मात्र अफवाह है। साथ ही उन्होंने जमाखोरी करने वालों पर भी एक्शन लिए जाने की बात कही है। इस मेल आईडी से करना होगा संपर्क प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि, अगर चंडीगढ़ का कोई निवासी युद्ध प्रभावित देशों में फंसा है, तो उनके परिवार या परिचित तुरंत डीसी ऑफिस को जानकारी दें। इसके लिए कार्यालय जाकर या ईमेल dc-chd@nic.in पर नाम, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो), देश और शहर, संपर्क विवरण और परिवार की जानकारी भेजी जा सकती है। प्रशासन इस जानकारी के आधार पर जरूरी मदद उपलब्ध कराएगा। फूड सप्लाई विभाग की टीमें करे निगरानी बैठक में आवश्यक वस्तुओं जैसे, एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की स्थिति की भी समीक्षा हुई। प्रशासन ने बताया कि चंडीगढ़ में इन वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। प्रशासक ने साफ किया कि एलपीजी गैस की कमी की की बात केवल अफवाह हैं, फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। कटारिया ने जोर देकर कहा कि तेल, ईंधन या एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसको रोकने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों को शहर में निगरानी और निरीक्षण के लिए तैनात किया गया है ताकि सामान सही तरीके से वितरित हो और कोई जमाखोरी न हो।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 8:36 pm

पंजाब की लोहा इंडस्ट्री पर ईरान-इजराइल युद्ध का असर:मंडी गोबिंदगढ़ में गैस सप्लाई 70% घटी, उत्पादन बुरी तरह प्रभावित

ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों पर भी दिखने लगा है। पंजाब की मंडी गोबिंदगढ़, जिसे एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी माना जाता है, की स्टील और लोहा इंडस्ट्री इसकी चपेट में आ गई है। गैस कंपनियों ने यहां औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति में भारी कटौती की है। उद्योगपतियों के अनुसार, मौजूदा हालात में गैस की आपूर्ति जरूरत के मुकाबले करीब 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो गई है, जिससे उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। एनजीटी के सख्त नियमों, गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच 150 से अधिक औद्योगिक इकाइयों पर बंदी का खतरा मंडरा रहा है। उद्योग जगत ने केंद्र और पंजाब सरकार से वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करने की मांग की है। ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद वशिष्ठ ने बताया कि गैस कंपनियों ने न केवल आपूर्ति कम की है, बल्कि कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) गैस के दाम में लगभग 6 रुपए की वृद्धि की गई है। वशिष्ठ के अनुसार, पहले उद्योगों को जरूरत से 20 फीसदी ज्यादा गैस मिलती थी, लेकिन अब जरूरत से करीब आधी ही आपूर्ति हो रही है। इन परिस्थितियों में कई इकाइयों को हफ्ते में केवल दो दिन ही उत्पादन चलाने की नौबत आ गई है। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो उद्योग पूरी तरह बंद हो सकते हैं। NGT के निर्देश और ईंधन की मजबूरी स्थिति को और जटिल बनाते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इंडस्ट्री को पीएनजी पर चलाने के निर्देश दे रखे हैं। पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए कोयले के इस्तेमाल पर सख्ती बरती जा रही है। उद्योगपतियों का कहना है कि जब किसी यूनिट को पीएनजी पर चलाने के लिए नई भट्ठी लगाई जाती है तो उस पर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए का खर्च आता है। लेकिन यदि उसी भट्ठी में कोयले का इस्तेमाल कर लिया जाए तो वह पूरी तरह खराब हो जाती है और फिर से नई भट्ठी लगानी पड़ती है। ऐसे में उद्योग के लिए बार-बार इतना निवेश करना संभव नहीं है। वैकल्पिक ईंधन की मांग विनोद वशिष्ठ के अनुसार, उद्योग जगत ने केंद्र और पंजाब सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि जब तक गैस की सप्लाई स्थिर और सस्ती नहीं हो जाती, तब तक कम से कम एक वर्ष के लिए कोयले या अन्य वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि कुछ ऐसे ईंधन विकल्प मौजूद हैं जिन पर इंडस्ट्री चलाने में कम खर्च आता है और उनसे प्रदूषण भी नियंत्रित रहता है। मंडी गोबिंदगढ़ में ऐसे मॉडल पहले से प्रयोग में हैं और उनसे उद्योग सुचारु रूप से चल सकते हैं। 150 से ज्यादा इकाइयों पर संकट मंडी गोबिंदगढ़ में करीब डेढ़ सौ से अधिक स्टील और रोलिंग मिल काम कर रही हैं। इन उद्योगों पर हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी निर्भर है। उद्योगपतियों का कहना है कि अगर गैस की कमी और महंगी दरें जारी रहीं तो बड़ी संख्या में इकाइयों को उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन देने से भी इनकार कर दिया है, जिससे नई इकाइयों के लिए स्थिति और मुश्किल हो गई है। प्रदूषण मानकों पर भी उद्योग का पक्ष विनोद वशिष्ठ का कहना है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय 250 एसपीएम (सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर) तक के कोयले के इस्तेमाल की अनुमति देता है, जबकि मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगों के लिए 150 एसपीएम का कड़ा मानदंड लागू किया गया है। इसके बावजूद वे बेहतर गुणवत्ता का कोयला इस्तेमाल कर प्रदूषण कम रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि आने वाले समय में इसे 50 एसपीएम तक लाने की योजना भी है, जिससे प्रदूषण का स्तर बिल्कुल न के बराबर होगा। अलग-अलग राज्यों में अलग नीति से बढ़ी चिंता विनोद वशिष्ठ ने कहा कि उद्योग जगत का एक बड़ा मुद्दा यह भी है कि पूरे देश में एक समान नीति लागू नहीं है। विनोद वशिष्ट के अनुसार, पंजाब के सभी जिलों में पीएनजी को अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना के उद्योगों पर ही ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है। इससे प्रतिस्पर्धा में असंतुलन पैदा हो रहा है। जिन राज्यों में कोयले या अन्य ईंधन की अनुमति है वहां की इकाइयों की लागत कम होगी और मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगों का माल महंगा पड़ेगा, जिससे उनकी मांग घट जाएगी। सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग उद्योग संगठनों ने केंद्र और पंजाब सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई नीति नहीं बनी तो एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी कही जाने वाली मंडी गोबिंदगढ़ की औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता और पर्यावरणीय नियमों के बीच संतुलन बनाना सरकारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका असर न केवल स्थानीय उद्योग बल्कि पूरे स्टील सप्लाई चेन और रोजगार पर भी पड़ सकता है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:42 pm

मंडला में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकी:खाड़ी युद्ध के चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने वितरण रोका; होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायी परेशान

खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर देशव्यापी असर दिखने लगा है। मंडला जिले में एलपीजी कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह रोक दी है, हालांकि घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण वर्तमान में सामान्य बना हुआ है। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी चिंतित आपूर्ति रुकने से जिले के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया है। किंगफिशर रेस्टोरेंट के एजीएम चंद्रकिशोर के अनुसार, गैस की कमी को देखते हुए अब विकल्प के तौर पर लकड़ी की भट्टी, तंदूर और इंडक्शन का उपयोग किया जा रहा है ताकि सेवाएं प्रभावित न हों। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बदले नियम मूलचंदानी गैस एजेंसी के पार्टनर कन्हैया मूलचंदानी ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन बुकिंग और सप्लाई के नियमों में एहतियातन बदलाव किए गए हैं। वर्तमान में घरेलू गैस की वेटिंग लिस्ट नगण्य है और उपभोक्ताओं को नियमित सिलेंडर मिल रहे हैं। तकनीकी समस्या से छात्रावासों में दिक्कत मध्यान्ह भोजन और छात्रावासों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता में रखा गया है, लेकिन सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण इनकी ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। इस समस्या की वजह से सरकारी संस्थानों को फिलहाल गैस प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:03 pm

कानपुर के निर्यातकों के लिए खुला बैंकॉक का रास्ता:मंदी और युद्ध के झटकों के बीच 500 करोड़ के ऑर्डर्स की उम्मीद

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उतार-चढ़ाव झेल रहे कानपुर और उत्तर प्रदेश के निर्यातकों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर आई है। अमेरिकी टैरिफ दरों में भारी कटौती (50% से घटकर 18%) के बाद जब मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध ने कारोबार की रफ्तार थाम दी थी, तब अब थाईलैंड से नई उम्मीद जागी है। 18 से 21 मार्च तक बैंकॉक में आयोजित होने जा रहे 'थाईलैंड इंटरनेशनल फेयर' में यूपी के उद्यमी अपना जलवा बिखेरेंगे। आसियान देशों के साथ खुलेगा व्यापार का द्वार: फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) द्वारा आयोजित इस मेले में भारतीय निर्यातकों को सीधे आसियान (ASEAN) देशों के बायर्स से मिलने का मौका मिलेगा। जानकारों का मानना है कि इस फेयर के जरिए प्रदेश के निर्यातकों की झोली में करीब 500 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स गिर सकते हैं। यह मेला उन उद्यमियों के लिए संजीवनी साबित होगा, जिनके ऑर्डर्स युद्ध की वजह से होल्ड पर चले गए थे। इन उत्पादों की रहेगी धूम इस बार प्रदेश के निर्यातक पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जुड़े सामानों पर फोकस कर रहे हैं। मेले में मुख्य रूप से इन उत्पादों का प्रदर्शन होगा। 30 बिलियन डॉलर का है बड़ा बाजार फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि,भारत का आसियान देशों (जैसे सिंगापुर, मलेशिया, जापान, वियतनाम, इंडोनेशिया और श्रीलंका) के साथ वर्तमान में करीब 30 बिलियन डॉलर का कारोबार है। खास बात यह है कि इन देशों के साथ भारत का 'मुक्त व्यापार समझौता' (FTA) है, जिसका सीधा फायदा हमारे निर्यातकों को टैक्स छूट और आसान कागजी कार्रवाई के रूप में मिलेगा। क्यों खास है यह मौका? निर्यातकों का कहना है,कि वे लंबे समय से नए बाजारों की तलाश में थे। बैंकॉक में होने वाला यह आयोजन एक ऐसा मंच है, जहाँ एक ही छत के नीचे कई देशों के खरीदार मौजूद होंगे। इससे न केवल कारोबार का विस्तार होगा, बल्कि 'मेड इन यूपी' ब्रांड की पहचान भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 5:06 pm

नरसिंहपुर में घरेलू गैस की मांग बढ़ी:ईरान-इजरायल युद्ध की अफवाहों से आपूर्ति पर दबाव

ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर फैल रही अफवाहों का असर अब नरसिंहपुर जिले में भी देखा जा रहा है। भविष्य में घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं में संशय के कारण पिछले चार दिनों में एलपीजी सिलेंडरों की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। इससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है, जिससे गैस वितरकों को आपूर्ति व्यवस्था संभालने में परेशानी हो रही है। हालांकि, वितरकों का कहना है कि जिले में गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उच्च स्तर से भी आपूर्ति घटाने के कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जिले की पांचों तहसीलों में एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग पौने दो लाख बताई जा रही है। जिले में हैं 90 हजार उपभोक्ता नरसिंहपुर मुख्यालय में तीन गैस एजेंसियां संचालित हैं, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 90 हजार उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति करती हैं। इसी प्रकार, गोटेगांव क्षेत्र में तीन एजेंसियों से करीब 40 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं, जबकि तेंदूखेड़ा, बरमान, गाडरवारा, साईखेड़ा, सालीचौका और चीचली क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। वितरकों के अनुसार, 9 मार्च से पहले तक सामान्य रूप से 15 से 21 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक हो जाते थे और अधिकांश मामलों में उसी दिन या अगले दिन डिलीवरी भी मिल जाती थी। लेकिन अफवाहों के कारण अचानक बुकिंग बढ़ गई है। अचानक से बढ़ी मांग एक बड़े वितरक के अनुसार, 4 मार्च तक उनकी एजेंसी में प्रतिदिन 400-500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो 5 से 9 मार्च के बीच बढ़कर करीब 700 प्रतिदिन पहुंच गई। इसके कारण सिलेंडर की डिलीवरी में अब चार से पांच दिन का समय लग रहा है। इधर, जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्लांट से फिलहाल बंद कर दी गई है। वितरकों के अनुसार, इस संबंध में तीन दिन पहले उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट और आयोजनों में घरेलू सिलेंडर की खपत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:57 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध- 4 लाख टन बासमती चावल फंसा:रायसेन का चावल ईरान, ईराक, जॉर्डन, कुवैत, दुबई में होता है निर्यात

मध्य प्रदेश के बासमती चावल कारोबार पर अमेरिका-ईरान इजरायल युद्ध का बड़ा असर पड़ा है। युद्ध के कारण निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे करीब 4 लाख टन चावल रास्ते में फंसा हुआ है। निर्यात रुकने और नई मांग न होने के कारण घरेलू बाजार में बासमती चावल की कीमतों में प्रति क्विंटल 1000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। युद्ध का असर कृषि व्यापार पर भी पड़ने लगा है। रायसेन जिले का बासमती चावल ईरान, ईराक, जॉर्डन, कुवैत, दुबई समेत खाड़ी देशों में बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। स्थानीय व्यापारी यह चावल एक्सपोर्टरों को उपलब्ध कराते हैं। कृषि उपज मंडी के व्यापारी मनोज सोनी ने बताया कि खाड़ी देशों से मांग में कमी के संकेत मिल रहे हैं। यदि निर्यात प्रभावित रहा तो पूसा बासमती धान के दाम 300 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक गिर सकते हैं। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। मध्य एशिया में जारी इस संघर्ष का सीधा प्रभाव भारत के बासमती चावल व्यापार पर पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से निर्यात पूरी तरह से रुका हुआ है, जिससे बाजार में मांग में भारी कमी आई है। ईरान सहित खाड़ी देशों में बासमती सेला 1509, 1121, सुगंधा और शरबती जैसे चावलों की अत्यधिक मांग रहती है, लेकिन मौजूदा हालात के चलते चावल के कंसाइनमेंट समुद्र या बंदरगाहों में फंसे हुए हैं। रायसेन जिले से भी बड़ी मात्रा में बासमती चावल का विदेशों में निर्यात होता है। राइस मिलर एसोसिएशन के सदस्य सचिन वर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बासमती चावल के निर्यात पर लगने वाला टैक्स बढ़ गया है, जिससे निर्यात कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सचिन वर्मा ने आगे बताया कि भारत से बड़ी मात्रा में बासमती चावल ईरान सहित कई देशों में निर्यात किया जाता है। हालांकि, युद्ध और समुद्री रास्तों में अनिश्चितता के कारण व्यापारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पहले जहां एक कंटेनर का शिपिंग खर्च लगभग 2000 डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 9000 डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ती लागत और टैक्स के कारण निर्यात कारोबार लगभग ठप होने की कगार पर है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए, तो बासमती चावल उद्योग से जुड़े किसानों, मिलर्स और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिकी हुई हैं।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:03 pm

गुरदासपुर में गैस एजेंसियों के बाहर लगी लाइन:ईरान-इजराइल युद्ध का असर, सिलेंडर के दाम बढ़े, डीसी बोले- कोई कमी नहीं

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपए और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 115 रुपए बढ़ गए हैं। इसके साथ ही कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में भी कमी आई है। कई घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। बुकिंग नंबर भी बंद आ रहे हैं, जिससे सिलेंडर बुक नहीं हो पा रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह समस्या ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध की वजह से उत्पन्न हुई है। यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो हालात और खराब होने की आशंका है। देखें फोटो… डीसी बोले- पेट्रोल- गैस की कोई कम नहीं इस मामले पर गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल का कहना है कि गुरदासपुर जिले में पेट्रोल और घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने लोगों से कहा कि घबराने की कोई जरुरत नहीं है। डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि उन्होंने भारत पेट्रोलियम और गैस एजेंसी के मालिकों के साथ बैठक की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पेट्रोल या गैस का भंडारण करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 3:32 pm

ईरान-अमेरिका युद्ध, जोधपुर के सात दोस्त दुबई में फंसे थे:बिजनेसमैन बोले-जिस होटल के पास घूम रहे थे, उसे टारगेट किया था; दो मिसाइल दागी थी

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। इस दौरान खाड़ी के कई देशों पर भी हमले हुए। इस बीच जोधपुर से घूमने गए बिजनेसमैन गजेंद्र सिंह महिया सहित 7 दोस्त दुबई में फंस गए। इन हमलों के बीच उन्हें कई दिन तक दुबई में ही रुकना पड़ा। फ्लाइट का दो गुना किराया देकर फ्लाइट से 7 मार्च को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे, इसके बाद ये ट्रेन से जोधपुर आए। दुबई के मरीना इलाके में टूरिस्ट के लिए फ्लैट किराए पर मिलते हैं। ये सभी सातों दोस्त भी यहां एक फ्लैट में रुके थे। उनके आसपास तीन बिल्डिंग थी, उनके ऊपर ही ड्रोन और मिसाइल इंटरसेप्ट किए गए। जोधपुर लौटने के बाद इन्होंने दैनिक भास्कर से बात की। गजेंद्र सिंह महिया ने भास्कर से बातचीत में बताया कि 23 फरवरी को अपने 6 दोस्तों के साथ दुबई घूमने के लिए गए थे और 1 मार्च को वापस लौटना था। 27 फरवरी तक लगभग जगह घूम लिए थे। 28 फरवरी अलअरब होटल घूमने के लिए गए। उसके गार्डन एरिया में घूम रहे थे, तभी एक धमाका सुनाई दिया। उन्हें लगा कि पटाखे का तो इतना बड़ा धमाका नहीं हो सकता। तभी खबर मिली कि ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू हो गया है और ईरान खाड़ी देशों में पर अटैक कर रहा है। इसके बाद उन्हें खबर मिली कि जहां घूम रहे थे, उसी होटल को टारगेट करके दो मिसाइल दागी गई थी। फिर हम वहां से अपने होटल लौट गए। आसमान में आतिशबाजी जैसा नजारा उन्होंने बताया कि रात करीब 12.30 बजे मोबाइल पर इमरजेंसी मैसेज और अलर्ट आया। अलर्ट के साथ मोबाइल साउंड करने लगा, तब सबकी नींद उड़ी तो बाहर बालकनी में जाकर देखा तो ड्रोन और मिसाइल को इंटरसेप्ट कर गिराया जा रहा था और आसमान में आतिशबाजी जैसा नजारा था। फिर सेफ्टी को देखते हुए वापस कमरे में चले गए। बिल्डिंग में होने लगा कंपन गजेंद्र सिंह ने बताया- हमले शुरू होने के बाद लोगों ने मार्केट जाना कम कर दिया था। ट्रैफिक कम था, सरकार ने भी घरों में रहने की सलाह दी। हम जिस फ्लैट में रह रहे थे, उसके ऊपर ही मिसाइल इंटरसेप्ट हो रही थी। एक बार बिल्डिंग के पास में ही ड्रोन इंटरसेप्ट हुआ तो वहां बिल्डिंग में कंपन भी हुआ। जिसके वीडियो बनाकर भी हमने भेजे थे। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ गए खाने-पीने के सामान की रेट बढ़ गई थी। होटल फ्री की सुविधा न तो यहां कि सरकार ने की थी और न ही वहां की सरकार ने। वहां की यूएई की लोकल एयरलाइन के यात्री भी फंसे थे, लेकिन उनके पैसेंजर्स को रहने-खाने की फ्री सुविधा की गई थी। हमारी एयरलाइन की तरफ से ये सुविधा नहीं थी। एयर टिकट महंगे मिले उन्होंने बताया कि हमलों के बाद उनकी रिटर्न की फ्लाइट को रिशेड्यूल कर दिया गया था, लेकिन वो कैंसिल हो गई। इसके बाद दुबई से आबूधाबी टैक्सी से गए। वहां से एयर अरेबिया की फ्लाइट पकड़ कर वापस लौटे। सीए लक्ष्मीनारायण बेनीवाल ने बताया कि हमारी फ्लाइट रिशेड्यूल होती रही। जब टिकट मिलने शुरू हुए तो शुरुआत में हमें 37 हजार का टिकट मिला। इसके 5 मिनट बाद में ही टिकट 60, 70 और 80 हजार के होते चले गए। पहले नॉर्मल टिकट 15 हजार तक का था। ऐसी स्थिति में रेट कई गुना बढ़ गए। आबूधामी एयरपोर्ट पर हमले से गिलास टूटे हुए थे। वहीं, ज्ञानेद्र ने बताया कि जब फ्लाइट कैंसिल होने लगी तो एक बार डर लगा कि वापस जाने के लिए फ्लाइट मिलेगी या नहीं। वहां डर का माहौल था, वापस पहुंचने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर पहुंचने पर परिवार वाले भी भावुक हो गए थे। नागौर सांसद ने भी किए प्रयास गजेंद्र ने बताया कि नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने खूब प्रयास किए। एंबेसी में लेटर भेजा, वहां जॉइंट सेक्रेटरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी फोन किया। जब हमने उन्हें फोन किया तो बोले तुम चिंता मत करो तुम्हें सुरक्षित निकाल लेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 1:45 pm

ईरान-इजराइल युद्ध, कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित:होटल-रेस्टोरेंट को अभी नहीं मिलेगा सिलेंडर, घरेलू बुकिंग में 25 दिन का गैप

पटना में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण आयात में संभावित बाधाओं को देखते हुए तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई सीमित कर दी है। फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी वितरकों को निर्देश दिया है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी जाए। जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सीमित मात्रा में कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पताल और स्कूलों को दिए जाएंगे। घरेलू सिलेंडर बुकिंग का समय बढ़ा इसी बीच घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले एक सिलेंडर बुक करने के 21 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकता था, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। बताया जा रहा है कि बॉटलिंग प्लांट में मौजूद स्टॉक को फिलहाल घरेलू सिलेंडरों की भराई के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि आम उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी हो सकें। बुकिंग में परेशानी, एजेंसी के चक्कर लगा रहे लोग बुकिंग की कोशिश कर रहे, लेकिन नंबर नहीं लग रहा- शशिकांत सिंह एजी कॉलोनी निवासी शशिकांत सिंह ने बताया कि, 'कई दिनों से गैस बुकिंग की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं लग रहा। घर में शादी का माहौल है, इसलिए काफी परेशानी हो रही है।' रूपसपुर निवासी सुबोध ने बताया कि गैस खत्म होने के बाद से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस के बिना जिंदगी मुश्किल - नागमणि कुमार नागमणि कुमार ने कहा कि घरेलू सिलेंडर बुकिंग की अवधि 25 दिन होने से परेशानी बढ़ गई है। घर में सिर्फ 2-4 दिन की गैस बची है, इसलिए पहले से बुकिंग करना चाह रहे थे, लेकिन नहीं हो पा रही है। हॉस्टल संचालक बोले—अब लकड़ी या कोयले पर खाना बनाना पड़ेगा कमर्शियल गैस की बुकिंग नहीं होने पर कदमकुआं के हॉस्टल संचालक सुजीत राज ने कहा कि, ‘मेरे हॉस्टल में करीब 60 बच्चे रहते हैं और उन्हें समय पर खाना देना होता है। बिहार के अलग-अलग जिलों से बच्चे मेरे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। उनके पेरेंट्स उन्हें हमारे भरोसे पर छोड़ कर गए हैं। हॉस्टल संचालक सुजीत राज ने कहा कि, 'इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सरकार को जल्द से जल्द कुछ कदम उठाना चाहिए।’

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 10:26 am

मुरथल के ढाबों पर कमर्शियल गैस सप्लाई पर सख्ती:अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का असर, ग्राहक हुए कम; डीसी ने बुलाई मीटिंग

देश में बने युद्ध जैसे हालातों का असर अब हरियाणा के सोनीपत जिले में भी दिखाई देने लगा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गैस सप्लाई पर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिले में करीब 2 लाख 14 हजार घरेलू गैस कनेक्शन हैं और 32 गैस एजेंसियां इन उपभोक्ताओं को सप्लाई देती हैं। युद्ध की स्थिति को देखते हुए फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। इस फैसले का असर खास तौर पर मुरथल के मशहूर ढाबों पर देखने को मिल रहा है, जहां गैस सप्लाई और ग्राहकों की संख्या दोनों प्रभावित हो रहे हैं। मुरथल के ढाबों पर दिखने लगा असर देश-विदेश में मशहूर मुरथल के ढाबों पर भी इस स्थिति का असर देखने को मिल रहा है। मुरथल ढाबा एसोसिएशन के प्रधान मनजीत सिंह ने बताया कि बहालगढ़ से मुरथल तक करीब 100 ढाबे हैं, जिनमें लगभग 15 बड़े ढाबे शामिल हैं। इन बड़े ढाबों पर गेल गैस कंपनी की ओर से पाइपलाइन के माध्यम से गैस सप्लाई होती है। गेल गैस कंपनी का नया निर्देश मनजीत सिंह ने बताया कि गेल गैस कंपनी की ओर से उन्हें ई-मेल के माध्यम से निर्देश भेजे गए हैं। इसमें कहा गया है कि यदि गैस की खपत 80 प्रतिशत तक रहती है तो उस पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक उपयोग होने पर चार्ज बढ़ाया जा सकता है। इससे ढाबा संचालकों में आने वाले समय को लेकर चिंता बढ़ गई है। 75 ढाबे कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर मुरथल के लगभग 75 ढाबे ऐसे हैं, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से इन ढाबों के सामने भविष्य में गैस की किल्लत की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि फिलहाल ढाबा संचालकों का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है और किसी प्रकार की तत्काल परेशानी नहीं है। हालात ऐसे ही रहने पर बढ़ेगी समस्या ढाबा एसोसिएशन के प्रधान मनजीत सिंह का कहना है कि यदि मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहते हैं, तो गैस की कमी हो सकती है। उनका कहना है कि अगर एक महीने तक भी यही स्थिति रही, तो निश्चित रूप से गैस की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। अभी नहीं बढ़ाए खाने के रेट मनजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मुरथल के किसी भी ढाबे पर खाने-पीने के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि गैस की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होती है, तो ढाबा संचालकों को मजबूरन रेट बढ़ाने पड़ सकते हैं, लेकिन फिलहाल अगले एक महीने तक स्थिति का इंतजार किया जाएगा। ग्राहकों की संख्या में भी कमी मनजीत सिंह ने बताया कि मुरथल के ढाबों पर ग्राहकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। मनजीत सिंह के अनुसार पहले रोजाना करीब 15 से 20 हजार ग्राहक ढाबों पर पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से 12 हजार के बीच रह गई है। उन्होंने बताया कि करीब 20 प्रतिशत तक ग्राहक कम हो गए हैं। इसका मुख्य कारण उड़ानों का प्रभावित होना और बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की संख्या में कमी है। जिले में 2.14 लाख घरेलू गैस कनेक्शन, 32 एजेंसियां सोनीपत जिले में इस समय करीब 2 लाख 14 हजार घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने का काम 32 गैस एजेंसियां कर रही हैं। युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने गैस की उपलब्धता पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और इसके लिए एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है। सोनीपत की खेड़ी गैस एजेंसी के मालिक राजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार कमर्शियल सिलेंडरों की फीलिंग बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उनकी एजेंसी के सिलेंडरों की फीलिंग दिल्ली के टिकरी बॉर्डर स्थित प्लांट में होती थी, लेकिन रविवार के बाद से वहां कोई फीलिंग नहीं हुई और मंगलवार से पूरी तरह बॉटलिंग बंद कर दी गई है। डीसी ने बुलाई गैस एजेंसियों की बैठक सोनीपत के जिला उपायुक्त ने स्थिति की समीक्षा के लिए सभी गैस एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में एजेंसियों को निर्देश दिए जाएंगे कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए और सप्लाई सुचारू रूप से जारी रखी जाए।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 10:05 am

ईरान-इजराइल युद्ध का असर...ग्वालियर में कमर्शियल गैस बुकिंग बंद:सहालग के दिन 2000 से ज्यादा शादियां, होटल-रेस्टोरेंट और उपभोक्ताओं में चिंता

ईरान-इजराइल जंग जारी है। ऐसे में इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। पूरे मध्यप्रदेश समेत अब ग्वालियर में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। 11 मार्च को शहर में बड़े सहालग के कारण दो हजार से अधिक शादियां हैं। ऐसे में गैस की सप्लाई रुकने से शादी समारोह, होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने डीलरों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोकने की एडवाइजरी जारी की है। फिलहाल केवल इमरजेंसी सेवाओं के लिए ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। कमर्शियल गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग बंद कमर्शियल गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग का पोर्टल बंद कर दिया गया है। गैस एजेंसियों पर भी कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग भी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं की की जा रही है, जिन्होंने 25 दिन पहले सिलेंडर लिया था। शादी समारोहों में घरेलू सिलेंडर से पूर्ति की तैयारी सहालग के दिन 2 हजार से ज्यादा शादियां होने के कारण आयोजकों में चिंता बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर कई लोग घरेलू गैस सिलेंडर से शादी समारोहों में खाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं में गैस की किल्लत की आशंका भी बढ़ गई है। ग्वालियर में 5.47 लाख एलपीजी उपभोक्ता ग्वालियर जिले में कुल 5 लाख 47 हजार 214 एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें उज्ज्वला योजना के 1 लाख 51 हजार 316 उपभोक्ता शामिल हैं। वर्तमान में जिले में रोजाना करीब 10,566 घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है। इंडेन ने कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई रोकी इंडेन गैस एजेंसी ने फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोक दी है। एचपी और भारत गैस की ओर से आधिकारिक एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, लेकिन गैस की कमी के कारण सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति बताई जा रही है। मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम कंपनियों को पत्र भेजा है। पत्र में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बहाल रखने की मांग की गई है। नया लॉट नहीं आने से एक महीने तक रोक ग्वालियर जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर का नया लॉट नहीं आया है। इसी कारण फिलहाल एक महीने तक कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग रोकी गई है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की स्थिति सामान्य है, हालांकि कुछ पाबंदियां लागू की गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में चिंता ओम हरि टी स्टॉल के संचालक लालू बाथम ने बताया कि गैस की कमी के कारण एजेंसी से सिलेंडर नहीं मिल रहा है। होटल बाबा फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक देवदत्त ने कहा कि गैस की किल्लत से आर्थिक नुकसान की आशंका है। होटल अशोका फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक विकास कुमार के अनुसार, सिलेंडर नहीं मिलने पर होटल कारोबार प्रभावित हो सकता है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:23 am

मिडिल ईस्ट तनाव का असर:गैस सिलेंडर डिलीवरी 4-5 दिन लेट, एजेंसियों के चक्कर काट रहे लोग

भास्कर न्यूज | अमृतसर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने देशभर की गैस एजेंसियों को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही हो सकेगी। पहले उपभोक्ता 15 दिन बाद भी नया सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को ऑनलाइन गैस बुकिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की बुकिंग सिस्टम में लॉक होने के कारण नहीं हो पा रही है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसियों के अनुसार सरकार की गाइडलाइन के बाद इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के अधीन आने वाले सभी उपभोक्ताओं की बुकिंग पर 25 दिन का लॉक लगा दिया गया है। जब तक यह अवधि पूरी नहीं होगी, तब तक सिस्टम नई बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। उधर, सिलेंडर बुक होने के बाद भी डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। पहले जहां उपभोक्ताओं को 1-2 दिन में सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब 4-5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि अमृतसर जिले में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल एजेंसियों के अधीन 61 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। सभी डिस्ट्रीब्यूटरों के पास फिलहाल सप्लाई पूरी आ रही है, लेकिन अॉनलाइन बुकिंग को लॉक लगने के कारण एजेंसियों में लोग पहुंच रहे हैं। लोहगढ़ निवासी गौरव कुमार ने बताया कि उनका सिलेंडर खत्म हो गया तो उन्होंने ऑनलाइन बुकिंग करने की कोशिश की, लेकिन बुकिंग नहीं हो पाई। बाद में जब गैस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि नई सरकारी गाइडलाइन के अनुसार 25 दिन पूरे होने के बाद ही उनकी बुकिंग हो सकेगी। वहीं सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने सिलेंडर बुक करवाया था, लेकिन 5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। एजेंसी में पूछने पर बताया गया कि सरकार की नई गाइडलाइन के कारण थोड़ी देरी हो रही है और जल्द ही सिलेंडर घर पहुंचा दिया जाएगा। बता दें कि मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित संकट का असर आम उपभोक्ताओं पर न पड़े। एमएम गैस एजेंसी के मालिक मनिंदरजीत सिंह ठेकेदार का कहना है कि गैस की सप्लाई लाइन पूरी तरह से ठीक है। लोगों को किसी तरह से पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। अभी सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक 25 दिनों के बाद ही अगली बुकिंग होगी, जिसके चलते लोग एजेंसियों में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद है कि आने वाले दिनों में अगर कोई गैस सिलेंडर की किल्लत आती है तो आम जनता को गैस सिलेंडर मिल सके, इसलिए यह गाइडलाइन जारी की गई है। उनका कहना है कि लोग गैस सिलेंडर डंप न करें, इसलिए यह गाइडलाइन जारी की गई है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 5:12 am

मिडिल ईस्ट तनाव का असर:कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से रायपुर में 20 रेस्टोरेंट बंद...

मिडिल ईस्ट तनाव की आंच अब रायपुर के होटल-रेस्टोरेंट्स के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114 रुपए बढ़ने के साथ ही होटल-रेस्टोरेंट्स के लिए इसकी सप्लाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसका असर रायपुर में दिखने भी लगा है। राजधानी में मंगलवार को ईंधन नहीं मिलने के चलते 20 से अधिक रेस्टोरेंट्स एंड कैफे बंद रहे। बुधवार को भी कुछ कैफे-रेस्टोरेंट्स बंद होने की आशंका बनी हुई है। होटल कारोबारियों का कहना है कि अगले 2 दिन में सिलेंडर सप्लाई नहीं हुई तो व्यवसाय को अस्थाई तौर पर बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट्स और कैफे के किचन एलपीजी कुकिंग के आधार पर ही विकसित किए गए हैं। यहां इलेक्ट्रिक कुकिंग की व्यवस्था बहुत छोटे स्तर पर है। इसलिए गैस की सप्लाई नहीं होने पर स्टॉक के खत्म होने के बाद व्यापार में विराम लगने की आशंका व्यापारी जता रहे हैं। शादियों का मौसम, केटरिंग व्यवसाय पर भी पड़ेगा असर छत्तीसगढ़ में मार्च-अप्रैल में शादियों के 5 से अधिक मुहूर्त हैं। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बंद होने से केटरिंग व्यवसाय पर भी असर पड़ेगा। ढाबा संचालकों के किचन ओपन होते हैं और स्पेस होने के चलते लकड़ी और कोयले से भोजन पकाकर अपना व्यापार चला सकेंगे। 2-3 दिन का ही स्टॉक रायपुर में ही 100 से अधिक बड़े होटल्स संचालित हैं। सभी के पास एलपीजी का 2 से 3 दिन का ही स्टॉक है। यदि सप्लाई बंद हो गई और स्टॉक खत्म हो गया तो होटल्स का संचालन बंद हो जाएगा।- तरनजीत सिंह होरा, अध्यक्ष छग होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन 20 रेस्टोरेंट-कैफे हो गए बंद सिलेंडर नहीं मिलने पर मंगलवार को राजधानी के 20 रेस्टोरेंट-कैफे बंद रहे। सरकार कम से कम व्यापार संचालन के लिए कोटा निर्धारित कर दे, ताकि रोजी-रोटी का संकट सामने ना आए।- मिक्की दत्ता, महासचिव छग रेस्टोरेंट्स एंड कैफे एसोसिएशन

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:38 am

युद्ध तनाव के बीच सीमित उड़ानें:घर वापसी महंगी, शारजाह की सीधी उड़ान 52 हजार, वाया में लग रहे 73-80 हजार

ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़े युद्ध तनाव का असर हवाई यात्रा पर साफ दिखने लगा है। जयपुर सहित अन्य शहरों से घूमने के लिए दुबई या अबूधाबी गए यात्री अब वहां फंस गए हैं और भारत लौटने के लिए उन्हें अत्यधिक हवाई किराया चुकाना पड़ रहा है। सीमित उड़ानों और सुरक्षा अलर्ट के कारण एयरलाइंस की मनमानी किराया वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। ईरान और इजराइल युद्ध के चलते यूएई में फंसे लोगों के लिए वापिस लौटना मुश्किल हो रहा है। ऐसे टूरिस्ट जिन्हें 1-2 मार्च के आस-पास लौटना था, उनके लिए जयपुर लौटना अब बहुत महंगा पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में 70 से 80 हजार रुपए तक किराया वसूला गया है। दरअसल 28 फरवरी से ही फ्लाइट्स का संचालन गड़बड़ा गया। जयपुर एयरपोर्ट पर दुबई, शारजाह, अबूधाबी और मस्कट से फ्लाइट जयपुर आती हैं। वर्तमान में अबूधाबी और दुबई से जयपुर के लिए कोई फ्लाइट संचालित नहीं हो रही है। शारजाह से जयपुर के लिए फ्लाइट का संचालन पिछले दो दिन से शुरू हुआ है। वहीं मस्कट की फ्लाइट भी पिछले 11 दिनों में केवल 3 दिन संचालित हो सकी है।इस तरह यात्रियों से किराया वसूली में भारतीय एयरलाइंस ही सबसे आगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई भारतीय एयरलाइंस की फ्लाइट्स को निजी टिकट बुकिंग एजेंसियों ने हायर कर लिया है। ये एजेंसियां एक ही पीएनआर पर 50-50 यात्रियों को टिकट दे रही हैं। प्रति यात्री 50 से 80 हजार रुपए तक किराया वसूल किया जा रहा है। वहीं शारजाह से जयपुर की सिर्फ एक फ्लाइट पिछले दो दिन से संचालित हो रही है। 4 यात्रियों ने 2.89 लाख देकर की बुकिंग, एक का खर्च 81 हजार जयपुर के 4 यात्रियों का दल 6 मार्च को दुबई से वापिस लौटा। उनकी दुबई से 2 घंटे दूर रस अल खैमा एयरपोर्ट से मुंबई की फ्लाइट बुक हुई। इंडियन एयरलाइंस एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-1001 में 4 यात्रियों की 2.89 लाख रुपए में बुकिंग हुई। प्रति यात्री 72487 रुपए किराया वसूल किया। इसके बाद मुंबई से जयपुर तक मिलाकर प्रत्येक 81 हजार चुकाने पड़े। यूएई में फंसे ​हर्षिल 84,040 रुपए देकर पहुंचे जयपुर जयपुर निवासी हर्षिल बताते हैं कि वे घूमने के लिए यूएई गए थे, लेकिन युद्ध की वजह से वहां फंस गए। बाद में उन्हें फुजैरा से दिल्ली की फ्लाइट मिलने की जानकारी मिली। उन्होंने स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या एसजी-9082 और एसजी-9073 में टिकट बुक कराया, जिसके लिए उनसे 3361 दिरहम यानी 84,040 रुपए किराया लिया गया। जयपुर से शारजाह-मस्कट उड़ानें फिर से शुरू हुई, दुबई की फ्लाइट रद्द रही खाड़ी देशों के लिए जयपुर से उड़ान संचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते प्रभावित हुई फ्लाइट्स अब एक-एक कर फिर से शुरू की जा रही हैं। मंगलवार को जयपुर से शारजाह और मस्कट के लिए फ्लाइट्स संचालित हुईं, जबकि दुबई की स्पाइसजेट फ्लाइट रद्द रही। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर एयरपोर्ट से एयर अरबिया की शारजाह जाने वाली फ्लाइट जी9-436 दूसरे दिन भी संचालित हुई। यह फ्लाइट अल सुबह 3:55 बजे जयपुर से शारजाह रवाना हुई। वहीं सलाम एयर की मस्कट जाने वाली फ्लाइट ओवी-796 भी निर्धारित शेड्यूल पर सुबह 5:45 बजे जयपुर से मस्कट के लिए रवाना हुई। हालांकि स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली फ्लाइट एसजी-57 मंगलवार को भी रद्द रही।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:27 am

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान-इजराइल युद्ध का असर:रमजान और शादी का सीजन, लेकिन भोपाल में रसोई गैस का सिर्फ 6 दिन का ही स्टॉक बचा

राजधानी में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर दबाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। शहर में वर्तमान में केवल 6 दिन का एलपीजी स्टॉक बचा है, जो करीब 3200 मीट्रिक टन है। जबकि भोपाल में रोजाना लगभग 500 मीट्रिक टन रसोई गैस सिलेंडरों की खपत होती है। रमजान और शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ी मांग को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। मंगलवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गैस एजेंसी संचालकों, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों की बैठक बुलाई। बैठक में अधिकारियों से रोजाना की खपत और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली गई। ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि फिलहाल शहर में लगभग छह दिन का एलपीजी स्टॉक मौजूद है और सिलेंडर सप्लाई की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बैठक में कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर भी चर्चा हुई। जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सरकारी अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों को सिलेंडर आपूर्ति में छूट दी गई है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। शहर में 3200 मैट्रिक टन एलपीजी उपलब्ध, रोजाना 500 मैट्रिक टन खपत सरकारी संस्थानों को मिली छूटबैठक में कलेक्टर ने सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक संस्थानों में कमर्शियल सिलेंडरों की स्थिति पर चर्चा की। जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सरकारी अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों को सिलेंडर आपूर्ति में छूट दी गई है ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। सर्वर डाउन, बुकिंग प्रभावितडिस्ट्रीब्यूटर आरके गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को सर्वर डाउन होने के कारण कई गैस एजेंसियों में सिलेंडर बुकिंग नहीं हो पाई। कुछ एजेंसियों ने कार्यालय बंद कर सूचना भी लगा दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को छूट है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में परेशानी हो सकती है। शादियों और होटल व्यवसाय में संकट... मैरिज गार्डन एसो. के अनुसार शादियों के सीजन में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से भोजन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। एसो. के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने बताया कि बड़े होटल और रेस्टोरेंट एक बार में 10 से 15 सिलेंडर उपयोग करते हैं, जबकि छोटे प्रतिष्ठानों में 2 से 4 सिलेंडर लगते हैं। मौजूदा स्थिति में करीब 2000 होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो सकते हैं। सिलेंडर लेने के नियम बदले... एलपीजी की स्थिति को देखते हुए सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया गया है। पहले उपभोक्ता सिलेंडर लेने के तुरंत बाद दूसरा बुक कर सकते थे, लेकिन अब कई कंपनियों ने यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी है, जबकि कुछ कंपनियों में यह सीमा 30 दिन तक कर दी गई है। कलेक्टर बोले- खुद करें वैकल्पिक इंतजामबैठक में कलेक्टर ने व्यापारियों से कहा कि जब तक नई कोई गाइडलाइन नहीं आ जाती है। तब तक कारोबारियों को खुद ही गैस सिलेंडर की जगह वैकल्पिक इंतजाम करने होंगे। हमारी टीमें ये भी चेक करेंगी कि कहीं पर कोई इसकी आड में कालाबाजारी तो नहीं कर रहा है। इसकी सूचना मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। घरेलू सिलेंडरों पर भी असर की आशंकाएलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल और शादी समारोह प्रभावित हो सकते हैं। मप्र में सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं और रोजाना 10 से 12 हजार सिलेंडरों की सप्लाई होती है। भोपाल में करीब 15 हजार सिलेंडर रोज वितरित किए जाते हैं।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:00 am

अमेरिका-इजरायल युद्ध विरुद्ध माले ने निकाला शांति मार्च

सिटी रिपोर्टर|बेतिया अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के विरोध में भाकपा माले के नेताओं ने मंगलवार को शांति मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने अमेरिका–इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोक लगाने की अपील कर रहे थे। भाकपा माले के सुनील कुमार राव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की युद्धवादी नीतियां पूरी दुनिया में अस्थिरता और तबाही फैला रही हैं। ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई से आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। भाकपा माले ने ईरान की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:00 am

नेवी का लांस नायक पाकिस्तान का जासूस निकला:UP ATS ने आगरा से दबोचा; ISI को भारत के युद्धपोतों की तस्वीरें भेजीं

UP ATS ने आगरा से एक पाकिस्तानी जासूस पकड़ा है। आरोपी भारतीय नौसेना (नेवी) में लांस नायक है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) के लिए जासूसी कर रहा था। आरोपी ने ISI एजेंट को देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेजी भेजी हैं। इसकी पुष्टि उसके पास मिले दस्तावेजों से हुई। लांस नायक ने बैंक खाते से ISI एजेंट को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। ATS ने आरोपी को आगरा में कागारौल से दबोचा है। केरल में तैनात था लांस नायक लकीआरोपी लांस नायक आदर्श कुमार उर्फ लकी आगरा में कागारौल थाना क्षेत्र के चीतपुर गांव का रहने वाला है। इस समय उसकी तैनाती दक्षिणी नेवल कमांड, कोच्चि (केरल) में थी। ATS को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि लकी पाकिस्तानी एजेंसी ISI को भारत से जुड़ी अहम जानकारियां भेज रहा है। मंगलवार को लकी को पकड़ा गया। उससे पूछताछ की गई। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई, जिसमें उसके जासूस होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी पता चला कि लकी ने ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थे। साथ ही बेहद संवेदनशील सूचनाएं साझा की गईं। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। तो क्या रवींद्र की तरह हनीट्रैप का शिकार हुआ लकी?पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अक्सर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से जासूसी करवाती है। एक साल पहले आगरा के रवींद्र कुमार को ATS ने जासूसी के आरोप में दबोचा था। वह फेसबुक के जरिए नेहा शर्मा नाम की महिला के संपर्क में आया था। रवीेंद्र कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की गोपनीय दस्तावेज ISI के लिए काम करने वाली महिला को भेज रहा था। जिसमें ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट व अन्य गोपनीय जानकारी/ स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर मिला था। एजेंसी को शक है कि लांस नायक लकी भी हनीट्रैप का शिकार हुआ है। जांच की जा रही है। आगरा से कब- कब पकड़े गए जासूस? 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी) किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: पाकिस्तान की महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजना। 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार का एक सहयोगी भी हिरासत में आरोप: ISI हैंडलर को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में मदद। 27 सितंबर 2023: शैलेश कुमार किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: फेसबुक के जरिए ISI हैंडलर से संपर्क कर सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करना। सभी केस में एक पैटर्न ▪️ अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया (Facebook/WhatsApp) के जरिए संपर्क▪️ कई मामलों में हनीट्रैप या पैसों का लालच▪️ निशाना अक्सर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारी या संवेदनशील जानकारी रखने वाले लोग ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 9:51 pm

आगरा का नौसेनाकर्मी ISI के लिए कर रहा था जासूसी:यूपी ATS ने किया गिरफ्तार, ISI को भारत के युद्धपोतों की तस्वीरें भेजीं

एटीएस (ATS) ने आगरा के एक युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात है। उस पर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है। एटीएस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत से जुड़ी अहम जानकारियां भेज रहा है। इस इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस की सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात आगरा के कागारौल चीतपुर गांव निवासी आदर्श कुमार उर्फ लक्की पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थेजांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने पाकिस्तान स्थित ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थे। साथ ही रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील सूचनाएं साझा की गईं। एटीएस की गहन जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। केरल में भारतीय नौसेना में तैनात था आदर्श पकड़ा गया आरोपी आदर्श कुमार उर्फ लक्की (24) पुत्र बलवीर सिंह वर्तमान में केरल में भारतीय नौसेना में तैनात था। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार (10 मार्च) को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले को देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। तो क्या रवींद्र की तरह हनीट्रैप का शिकार हुआ लकी? पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अक्सर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से जासूसी करवाती है। एक साल पहले आगरा के रवींद्र कुमार को ATS ने जासूसी के आरोप में दबोचा था। वह फेसबुक के जरिए नेहा शर्मा नाम की महिला के संपर्क में आया था। रवीेंद्र कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की गोपनीय दस्तावेज ISI के लिए काम करने वाली महिला को भेज रहा था। जिसमें ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट व अन्य गोपनीय जानकारी/ स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर मिला था। एजेंसी को शक है कि लांस नायक लकी भी हनीट्रैप का शिकार हुआ है। जांच की जा रही है। आगरा से कब- कब पकड़े गए जासूस? 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी) किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: पाकिस्तान की महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजना। 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार का एक सहयोगी भी हिरासत में आरोप: ISI हैंडलर को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में मदद। 27 सितंबर 2023: शैलेश कुमार किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: फेसबुक के जरिए ISI हैंडलर से संपर्क कर सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करना। सभी केस में एक पैटर्न ▪️ अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया (Facebook/WhatsApp) के जरिए संपर्क ▪️ कई मामलों में हनीट्रैप या पैसों का लालच ▪️ निशाना अक्सर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारी या संवेदनशील जानकारी रखने वाले लोग ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 9:45 pm

युद्ध की आग में झुलसा बरेली का जरी-जरदोजी कारोबार:ईरान-इजरायल जंग से 100 करोड़ का व्यापार प्रभावित, 10 लाख कारीगर जुड़े हैं

बरेली की विश्व प्रसिद्ध जरी-जरदोजी कला पर युद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने बरेली मंडल के करीब 10 लाख कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। रमजान और ईद के इस पीक सीजन में, जहां करोड़ों का कारोबार होता था, वहां आज सन्नाटा पसरा है। अनुमान के मुताबिक, युद्ध की वजह से अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार चौपट हो चुका है। गल्फ देशों में सबसे ज्यादा डिमांड, एयरपोर्ट और कारखानों में फंसा मालबरेली की नक्काशीदार जरदोजी की सबसे ज्यादा मांग दुबई, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब जैसे गल्फ देशों में रहती है। रमजान के दौरान यहां से भारी तादाद में ऑर्डर मिलते हैं, लेकिन युद्ध के कारण लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है। आलम यह है कि तैयार माल या तो कारखानों में डंप पड़ा है या फिर एयरपोर्ट पर फंसा हुआ है। पूरी सप्लाई चेन हुई ध्वस्त, कच्चा माल देने वालों के भी फंसे पैसेसैलानी मार्केट के जरी कारोबारी शारिक के मुताबिक, यह केवल एक उत्पाद का नहीं बल्कि पूरी चेन का संकट है। कपड़ा सूरत से आता है और जरी का मटेरियल दिल्ली से मंगाया जाता है। जब तैयार माल आगे नहीं बिक रहा, तो कारीगरों को भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। मंडल में करीब 7.5 लाख रजिस्टर्ड और कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा कारीगर इस काम से जुड़े हैं, जिनके घरों में इस बार ईद की खुशियां फीकी रहने की आशंका है। हज और ईद के सीजन पर लगा 'युद्ध' का ग्रहणव्यापारियों का कहना है कि यह समय हज और ईद की तैयारियों का होता है, जिसमें बरेली की कढ़ाई वाले कपड़ों की विदेशों में भारी मांग रहती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और व्यापारिक मार्गों पर युद्ध के असर ने इस पूरे सीजन को बर्बाद कर दिया है। न केवल बड़े निर्यातक, बल्कि छोटे मजदूर और मटेरियल सप्लायर भी इस आर्थिक तंगी की चपेट में आ गए हैं।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 8:55 pm

बढ़ती महंगाई और युद्ध के खिलाफ भाकपा-माले का फूटा गुस्सा:बिहार शरीफ में निकाला 'शांति मार्च', सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

देश में बेलगाम होती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते युद्ध के संकट को लेकर मंगलवार को नालंदा जिला मुख्यालय स्थित बिहार शरीफ की सड़कें विरोध के नारों से गूंज उठीं। भाकपा-माले (CPIML) के कार्यकर्ताओं ने 'युद्ध विरोधी शांति मार्च' के बैनर तले एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी के सदस्य शामिल हुए। हाथों में लाल झंडे और शांति की अपील वाले पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला सचिव ने केंद्र की मोदी सरकार पर उठाए सवाल प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला सचिव नवल किशोर ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल का आपराधिक साम्राज्यवादी गठजोड़ दुनिया भर में अशांति फैला रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर भारत की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम जनता की जेब पर भी पड़ रहा है। साव ने कड़े शब्दों में कहा कि मोदी सरकार अमेरिका के साथ साठगांठ कर रही है, लेकिन इसका असली खामियाजा देश का गरीब और मध्यम वर्ग भुगत रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में लगी आग ने बाजार की कमर तोड़ दी है और जब तेल महंगा होता है, तो माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिससे बाजार की हर जरूरी वस्तु के दाम बढ़ना स्वाभाविक है। सरकार पर पुरानी वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया महंगाई के साथ-साथ पार्टी ने सरकार पर पुरानी वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। किशोर साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों को जमीन देने और दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद पहुंचाने का जो भरोसा दिलाया था, वह आज तक हकीकत नहीं बन सका है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ईरान और अन्य देशों के खिलाफ जारी युद्ध पर तत्काल रोक लगाई जाए और अमेरिका-इजराइल के हस्तक्षेप को बंद किया जाए। साथ ही, उन्होंने बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने और गरीबों को जमीन व वित्तीय सहायता के वादों को तुरंत पूरा करने की मांग दोहराई। मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया कि यदि सरकार ने जल्द ही राहतकारी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:19 pm

ईरान-इजरायल युद्ध से कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई पर रोक:होटल, रेस्टोरेंट का कारोबार ठप होने के कगार पर

ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक असर अब राजस्थान तक पहुंचने लगा है। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने एलपीजी डीलर्स को संदेश जारी कर कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। तेल कंपनियों के इस अचानक आए संदेश ने व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। खासकर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। डूंगरपुर जिले में भी डीलर्स को मैसेज मिलने के बाद सप्लाई पूरी तरह ठप कर दी गई है। इस संकट का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए डूंगरपुर शहर की एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट के हालात देखे गए। वहां के हालात काफी चिंताजनक नजर आए। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि उनके यहां रोजाना 4 कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। वर्तमान में उनके पास केवल आज भर का स्टॉक बचा है। संचालकों का कहना है कि यदि कल तक नई सप्लाई नहीं मिली, तो उन्हें अपना किचन मजबूरन बंद करना पड़ेगा, जिससे पूरा बिजनेस ठप हो जाएगा। शादियों और त्योहारों के इस सीजन में कैटरिंग और हलवाइयों के पास पहले से ही कई ऑर्डर बुक हैं। ऐसे में कमर्शियल गैस की किल्लत न केवल व्यापारियों का आर्थिक नुकसान करेगी, बल्कि आम जनता के लिए भी परेशानी का सबब बनेगी। फिलहाल सभी की नजरें तेल कंपनियों के अगले आदेश पर टिकी हैं।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 3:59 pm

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बडौली का बयान:राज्यसभा चुनाव में एक सीट भाजपा को, अंतरराष्ट्रीय युद्ध पर चिंता

फरीदाबाद में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने ईरान-इजराईल के बीच हो रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त की हैं। बड़ौली ने कहा कि जिस तरह से इन दोनो देशों के साथ युद्ध हो रहा है उससे कहीं न कहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नुकसान हो रहा हैं। यह सबके लिए चिंता की बात हैं और जिस तरह से दोनों देशों की बयानबाजी सामनें आ रही हैं उससे लगता हैं कि अभी युद्ध लंबा चल सकता हैं। बड़ौली ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शांति का संदेश दिया है और दुनिया को उसी रास्ते पर चलना चाहिए। जब भी युद्ध होता है तो इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहता बल्कि कई अन्य देशों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच व्यापार, वस्तुओं का आदान-प्रदान और आर्थिक गतिविधियां भी युद्ध के कारण प्रभावित होती हैं। इसलिए दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध नहीं होना चाहिए और सभी देशों को शांति और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। बड़ौली फरीदाबाद में कार्यकर्ताओं से मिलने सेक्टर-16 में जिला कार्यकारिणी सदस्य कपिल कौशिक के कार्यालय में पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालाों का जवाब देते हुए कहा कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इन दो सीटों में से एक सीट भाजपा के खातें में जाएगी और दुसरी सीट कांग्रेस के हिस्से में जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा कि कांग्रेस को इस प्रदेश में पहले ही बहुत कुछ मिल चुका है और अब उन्हें ज्यादा कुछ लेने की आवश्यकता नहीं है। भाजपा अपने संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत के दम पर मजबूती से चुनाव लड़ती है। उनका हर कार्यकर्ता पार्टी की रीड़ हैं।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 1:39 pm

टोहाना में किसानों ने अमेरिकी राष्ट्रपति-इजराइल PM का पुतला फूंका:बोले- दुनिया को जबरन युद्ध में धकेलने कोशिश, हरियाणा सरकार पर भी साधा निशाना

फतेहाबाद जिले के टोहाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अमेरिकी राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन भाकियू घासी राम नैन के जिला प्रधान लाभ सिंह की अध्यक्षता में हिसार रोड स्थित पक्का मोर्चा पर किया गया। किसानों ने दोनों नेताओं पर दुनिया को जबरन युद्ध में धकेलने का प्रयास करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूंका। विश्व को जबरन युद्ध में धकेलने की कोशिश: लाभ सिंह इस दौरान केंद्र सरकार, अमेरिका और इजराइल के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। जिला प्रधान लाभ सिंह ने बताया कि अमेरिका और इजराइल के नेताओं द्वारा पूरी दुनिया को जबरदस्ती युद्ध में धकेलने की कोशिश की जा रही है, जिसके विरोध में उनके पुतले जलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन जीने का अधिकार है। किसान नेताओं ने हरियाणा सरकार के हालिया बजट पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। लाभ सिंह ने कहा कि पिछले 11 साल से प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं करती आ रही है, लेकिन उन पर अमल नहीं करती। उन्होंने इसे 'डाक के तीन पात' वाली स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार घोषणाएं करने के बाद उन्हें भूल जाती है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 1:17 pm

LPG Rule Change: ईरान युद्ध से एलपीजी पर संकट, एक्शन मोड में सरकार, दनादन ले रही बड़े फैसले

US-Israel Vs Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग का असर दुनियाभर में एनर्जी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। भारत में एलपीजी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं और लोगों में घबराहट है, हालांकि सरकार की ओर लगातार पर्याप्त रिजर्व होने का भरोसा दिलाने के साथ ही बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

देशबन्धु 10 Mar 2026 10:36 am

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत ने परखा एयर डिफेन्स सिस्टम:दक्षिणी कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड ने आसमान में ड्रोन्स को किया ढेर

सीमावर्ती पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत एयर डिफेंस ब्रिगेड ने एक उच्च तीव्रता वाला 'फील्ड फायरिंग' युद्धाभ्यास संपन्न किया। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आयोजित इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए हवाई खतरों, विशेषकर स्वायत्त (Autonomous) और स्वार्म ड्रोन्स (झुंड में हमला करने वाले ड्रोन्स) के खिलाफ अपनी सटीक मारक क्षमता को परखना था। ड्रोन और स्वार्म हमलों पर विशेष प्रहार आज के दौर में युद्ध का तरीका बदल चुका है। अब आमने-सामने की जंग के बजाय 'ड्रोन' और 'स्वार्म ड्रोन' (दर्जनों ड्रोन्स का झुंड) के हमले बढ़ गए हैं। पोकरण में हुए इस युद्धाभ्यास में सेना ने विशेष रूप से इन्ही खतरों से निपटने की तैयारी की। अभ्यास के दौरान जब काल्पनिक दुश्मन के ड्रोन्स ने भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, तो एयर डिफेंस की यूनिट्स ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया और फिर अपनी तोपों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें मार गिराया। आधुनिक तकनीक का सफल समावेश युद्ध के मैदान में अब ड्रोन्स और रिमोट संचालित हथियारों का महत्व बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने इस युद्धाभ्यास में ‘त्वरित तकनीक समावेशन’ पर विशेष बल दिया। अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक रडार प्रणालियों और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स के बीच सटीक समन्वय का प्रदर्शन किया गया। सैनिकों ने बिजली की तेजी से कार्य करने वाली 'बैटल ड्रिल्स' के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी हवाई खतरे को पलक झपकते ही नष्ट किया जा सके। अभ्यास में शामिल आधुनिक हथियारों का जखीरा पोकरण की तपती रेत में आयोजित इस युद्धाभ्यास के दौरान कई घातक प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, जो 'आर्मी एयर डिफेंस' की रीढ़ मानी जाती हैं: स्वचालित विमान भेदी तोपें (Anti-Aircraft Guns): वीडियो और तस्वीरों में सेना की 'L-70' जैसी उन्नत गन प्रणालियों को तैनात देखा गया। ये तोपें न केवल लड़ाकू विमानों, बल्कि अब आधुनिक युग के सबसे बड़े खतरे यानी 'ड्रोन' को भी गिराने में सक्षम हैं। इनकी विशेषता यह है कि इन्हें रडार के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे ये रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाती हैं। रडार और सर्विलांस सिस्टम: अभ्यास के दौरान उन्नत रडार सिस्टम का उपयोग किया गया जो कई किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के विमान या छोटे से छोटे ड्रोन की लोकेशन ट्रैक कर लेते हैं। ये रडार 'थर्ड आई' (तीसरी आँख) की तरह काम करते हैं, जो एक साथ कई लक्ष्यों की निगरानी कर सकते हैं। कंट्रोल और मिसाइल कंसोल: सेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने हाई-टेक कंप्यूटर कंसोल के जरिए मिसाइल दागने और लक्ष्यों को भेदने की प्रक्रिया का सफल संचालन किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे स्क्रीन पर लक्ष्य की पहचान होते ही सटीक कमांड के जरिए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया जाता है। L-70 विमानभेदी (एंटी एयरक्राफ्ट) गन प्रणाली L-70 (एल-70) एक उन्नत विमानभेदी (Anti-Aircraft) गन प्रणाली है, जिसे भारतीय सेना ने आधुनिक हवाई खतरों, विशेषकर ड्रोन्स और मिसाइलों से निपटने के लिए व्यापक रूप से अपग्रेड किया है। मूल रूप से स्वीडिश कंपनी बोफोर्स द्वारा विकसित इस 40MM गन को भारत में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा आधुनिक बनाया गया है। L-70 गन की प्रमुख विशेषताएं: अचूक मारक क्षमता: यह गन प्रति मिनट लगभग 240 से 330 राउंड फायर करने में सक्षम है, जो इसे दुश्मन के हवाई हमलों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनाती है।प्रभावी रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 3.5 से 4 किलोमीटर तक है, जहाँ यह ड्रोन्स, हेलीकॉप्टरों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को सटीक निशाना बना सकती है।आधुनिक तकनीक: अपग्रेड के बाद इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, थर्मल इमेजर और लेजर रेंज फाइंडर जैसी तकनीकों को जोड़ा गया है। इससे यह रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट कर सकती है।ड्रोन किलर: हाल के ऑपरेशन्स (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में इसने दुश्मन के ड्रोन्स को गिराने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। इसमें अब ड्रोन जैमर जैसी सॉफ्ट-किल क्षमताएं भी एकीकृत की गई हैं।स्वचालित ट्रैकिंग: यह प्रणाली फ्लाई कैचर रडार और वीडियो ट्रेसिंग सिस्टम से लैस है, जिससे यह कई दिशाओं से आने वाले लक्ष्यों को पहचान कर निशाना साध सकती है। वर्तमान में, भारतीय सेना ने इन गनों को वास्तविक नियंत्रण रेखा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अग्रिम मोर्चों पर तैनात किया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ का माकूल जवाब दिया जा सके। मिशन रेडी रणनीति पर जोर सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि 'मिशन रेडी' (हमेशा तैयार) रहने की एक कड़ी है। जिस तरह से हाल के वैश्विक संघर्षों में हवाई युद्ध का स्वरूप बदला है, भारतीय सेना अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को और अधिक धार दे रही है ताकि देश की सीमाओं और आसमान पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित किया जा सके। इस युद्धाभ्यास ने सेना की उच्च परिचालन तत्परता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 9:20 am

हरियाणा में इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध का असर:कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक; कॉलेज-अस्पतालों को ही मिलेगा

इजरायल-अमेरिका और ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब हरियाणा में दिखने लगा है। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोकने का फैसला किया है। अब ये सिलेंडर सिर्फ कॉलेजों और अस्पतालों को ही दिए जाएंगे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये फैसला बस एहतियात के तौर पर किया गया है। जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी, इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संकट खड़ा होगा। दोपहर बाद आए आदेश एलपीजी गैस मुहैया कराने वाले कंपनियों ने सोमवार को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया। जिन गैस एजेंसियों ने सुबह से गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी थी, दोपहर को उन्हें कंपनियों के अधिकारियों ने रोक दिया। एजेंसी संचालकों की मानें, तो उन्हें कंपनियों की तरफ से आदेश मिला है कि आगामी आदेश तक व्यवसायिक गैस सिलेंडर का वितरण न किया जाए। इस फैसले के बाद से रेस्टोरेंट से लेकर रेहडियों तक खाद्य उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए लिया फैसला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर यह फैसला कब तक लागू रहेगा, इस पर भी कोई स्पष्टता नहीं है, क्योंकि गैस कंपनियों से जो आदेश मिले हैं, उसमें आगामी आदेश तक के लिए रोक का जिक्र है। गैस एजेंसी के संचालकों का कहना है कि उन्हें कंपनी से आगामी आदेश तक व्यवसायिक सिलेंडर की सप्लाई बंद करने के आदेश मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये फैसला एहतियातन लिया गया है, इससे स्टॉक न हो सके। इन सिलेंडरों में गैस सप्लाई पर लगी रोक गैस एजेंसी के संचालकों की मानें, तो अभी तीन प्रकार के व्यवसायिक एलपीजी सिलिंडरों पर रोक लगाई है। इसमें 19 किलोग्राम, 35 किलोग्राम और 47.5 किलोग्राम का सिलिंडर शामिल है। इसकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। एलपीजी का प्रयोग घरेलू और व्यवसायिक ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रीज के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इंडस्ट्रीज के लिए 425 किलोग्राम का सिलिंडर एजेंसियों से सप्लाई होता है। एजेंसी संचालकों की मानें तो अभी तक इसकी सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 8:15 am

जियोपॉलिटिकल तनाव का असर MP पर भी:मिडिल ईस्ट जाने वाले 10 हजार टूरिस्ट ने प्लान रोके, 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित

मिडिल ईस्ट और यूरोप क्षेत्र में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के टूरिज्म सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। दुबई और आसपास के देशों में जाने वाले यात्रियों की बुकिंग बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। MakeMyTrip की भोपाल लोकेशन हेड ऋचा सिंह भदौरिया के अनुसार, इस सीजन में प्रदेश से लगभग 10 हजार लोगों के मिडिल ईस्ट यात्रा करने की उम्मीद थी, लेकिन हालात के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्लान रोक दिए हैं।2 से 2.5 हजार बुकिंग्स सीधी प्रभावितऋचा सिंह भदौरिया ने बताया कि करीब 2 से 2.5 हजार यात्रियों ने पहले से फ्लाइट और पैकेज बुक करा लिए थे, जिनकी बुकिंग सीधे प्रभावित हुई है। जबकि करीब 7 से 8 हजार संभावित यात्रियों ने स्थिति को देखते हुए नई बुकिंग ही नहीं कराई या अपनी इंक्वायरी वापस ले ली। उनके अनुसार, फिलहाल ट्रैवल पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन इंटरनेशनल टूरिज्म में स्पष्ट रूप से स्लोडाउन दिखाई दे रहा है। करीब 60 करोड़ का कारोबार अटका मिडिल ईस्ट के लिए औसत ट्रैवल पैकेज 60 से 70 हजार रुपए प्रति व्यक्ति होता है। यदि 60 हजार रुपए का औसत और 10 हजार यात्रियों का अनुमान लिया जाए तो करीब 60 करोड़ रुपए का संभावित ट्रैवल कारोबार प्रभावित माना जा सकता है। हालांकि इसमें से सभी मामलों में पूरी राशि का नुकसान नहीं होता, क्योंकि कई एयरलाइंस रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प दे रही हैं। 60–70% यात्रियों को पूरा रिफंड, आंशिक नुकसान ट्रैवल इंडस्ट्री से मिले फीडबैक के अनुसार प्रभावित बुकिंग्स में से लगभग 60 से 70 प्रतिशत यात्रियों को पूरा रिफंड मिल गया है। यह उन मामलों में हुआ जहां एयरलाइंस ने खुद फ्लाइट रद्द या री शेड्यूल की। करीब 15 से 25 प्रतिशत यात्रियों को आंशिक नुकसान उठाना पड़ा है, जो मुख्य रूप से वीजा फीस, होटल कैंसिलेशन पॉलिसी या नॉन-रिफंडेबल बुकिंग के कारण हुआ। कई यात्रियों ने रिफंड के बजाय फ्यूचर ट्रैवल क्रेडिट या क्रेडिट शेल लेना भी चुना है। भोपाल और इंदौर से ज्यादा कैंसिलेशनजिला-वार सटीक डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होता क्योंकि बुकिंग अलग-अलग एयरलाइंस, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों और ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से होती है। लेकिन ट्रैवल ट्रेड के अनुभव के अनुसार भोपाल और इंदौर से इंटरनेशनल लीजर ट्रैवल ज्यादा होता है, इसलिए इन शहरों से कैंसिलेशन का असर भी अपेक्षाकृत ज्यादा देखा गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी असर है, लेकिन पूरे प्रदेश में फिलहाल स्थिति पूर्ण ठहराव की नहीं बल्कि धीमी पड़ने वाली बताई जा रही है। क्रूज ट्रैवल में 30–40% तक गिरावटइंटरनेशनल क्रूज ट्रैवल भी प्रभावित हुआ है। सामान्य परिस्थितियों में क्रूज बुकिंग्स पहले से प्लान की जाती हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के कारण इस सीजन में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक अस्थायी गिरावट देखी गई है। यात्रियों का रुझान फिलहाल क्रूज कैंसिल करने के बजाय उसे आगे की तारीख के लिए टालने का है। मौजूदा हालात का सबसे ज्यादा असर लीजर ट्रैवल सेगमेंट पर पड़ा है। इसमें फैमिली हॉलीडे, हनीमून ट्रिप और ग्रुप टूर शामिल हैं। इसके मुकाबले कॉर्पोरेट ट्रैवल अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, क्योंकि बिजनेस मीटिंग और काम से जुड़े ट्रैवल को पूरी तरह टालना कई बार संभव नहीं होता। एयरलाइंस दे रहीं लचीले विकल्पवर्तमान स्थिति को देखते हुए कई एयरलाइंस यात्रियों को लचीलापन देने की कोशिश कर रही हैं। कुछ एयरलाइंस क्रेडिट शेल की वैधता बढ़ा रही हैं, जबकि कई जगह यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के भविष्य की तारीख पर रीबुकिंग का विकल्प दिया जा रहा है। ट्रैवल इंडस्ट्री का फोकस इस समय यात्रियों का भरोसा बनाए रखने और उन्हें सुरक्षित समय पर यात्रा की सुविधा देने पर है। अगर तनाव लंबा चला तो स्लोडाउन बढ़ सकता हैट्रैवल इंडस्ट्री के अनुसार फिलहाल स्थिति कोविड जैसी नहीं है क्योंकि फ्लाइट्स चालू हैं और यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई है। लेकिन यदि जियोपॉलिटिकल तनाव अगले 2 से 3 महीने तक जारी रहता है, तो यात्रियों का भरोसा अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है और इंटरनेशनल टूरिज्म में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। ट्रैवल सेक्टर का मानना है कि जैसे ही वैश्विक हालात सामान्य होंगे, यात्रा की मांग तेजी से वापस लौट सकती है। घरेलू पर्यटन की ओर शिफ्ट हो रहे लोगमिडिल ईस्ट और यूरोप में अनिश्चितता के बीच अब कई यात्री देश के भीतर पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में हिमाचल, गोवा, केरल और राजस्थान जैसे डेस्टिनेशन के लिए पूछताछ बढ़ी है। कई परिवार जो पहले दुबई या यूरोप की योजना बना रहे थे, अब घरेलू पर्यटन विकल्प तलाश रहे हैं। मिडिल ईस्ट के विकल्प के रूप में यात्रियों का रुझान अब साउथ-ईस्ट एशिया की ओर बढ़ रहा है। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों के लिए इंक्वायरी बढ़ने लगी है। इन देशों में वीजा प्रक्रिया आसान होने और अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल के कारण यात्री इन्हें विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। क्या है विवाद

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 5:15 am

युद्ध का असर:दुबई-अबूधाबी से फ्लाइट का किराया 70 हजार रुपए से 1.15 लाख रु. तक

अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के असर से खाड़ी देशों से भारत लौटना लोगों के लिए बेहद महंगा हो गया है। दुबई और अबूधाबी से लौटे यात्रियों ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियां दिल्ली और मुंबई की टिकट एक लाख रुपए तक में बेच रही हैं। मजबूरी में लोगों को महंगी टिकट लेकर वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि कई लोग अभी किराया कम होने का इंतजार कर रहे हैं। अबूधाबी, दुबई, कतर और जेद्दा से फिलहाल दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट ही चल रही हैं। युद्ध के कारण कनेक्टिंग फ्लाइट बंद हैं। सामान्य तौर पर कनेक्टिंग फ्लाइट से किराया कम पड़ता है, लेकिन डायरेक्ट फ्लाइट सीमित होने के कारण विदेश में फंसे लोग कई गुना किराया देकर रायपुर पहुंच रहे हैं। नेशनल ट्रैवल्स एंड टूर्स एसोसिएशन के अनुसार इन शहरों से भारत आने के लिए अभी रोजाना दो-तीन फ्लाइट को ही अनुमति मिल रही है। यात्रियों की संख्या ज्यादा और सीटें कम होने से किराया बढ़ गया है। सामान्य दिनों में दुबई और अबूधाबी से भारत आने का किराया 10 से 14 हजार रुपए रहता है, जबकि पीक सीजन में 15 से 20 हजार रुपए तक मिलता है। फिलहाल यही किराया बढ़कर एक लाख रुपए तक पहुंच गया है। अभी भी कैंसिल हो रही हैं टिकटेंदुबई और अबूधाबी के लिए टिकटों की बुकिंग लगातार कैंसिल हो रही है। ट्रैवल्स कंपनी के संचालक भरत देव ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद जिन लोगों ने दुबई जाने की योजना बनाई थी, उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए अपनी टिकटें रद्द कर दी हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह और अप्रैल में बुकिंग कराने वाले भी असमंजस में हैं और फिलहाल केवल जानकारी ले रहे हैं। दुबई में फंसे लोगों की हो रही मदद: श्रेयांश दुबई में रह रहे राजधानी के श्रेयांश श्रीवास्तव ने बताया कि वहां फंसे लोगों की मदद सामाजिक संगठन कर रहे हैं। उन्हें रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है। टिकट महंगी होने के कारण कई लोग ग्रुप में टिकट बुक करा रहे हैं। डायरेक्ट फ्लाइट पसंद कर रहे हैं लोग: दुबई से लौटे भावेश झा ने बताया कि वहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन व्हाया टिकट कराने पर फ्लाइट कैंसिल होने का खतरा बना रहता है। इसलिए लोग किराया ज्यादा होने के बावजूद डायरेक्ट फ्लाइट से लौटना पसंद कर रहे हैं। इसलिए बढ़ते हैं दाम: अंतरराष्ट्रीय संकट या युद्ध की स्थिति में एयरलाइंस कंपनियां सुरक्षा कारणों से कई देशों के एयरस्पेस से बचकर लंबा रूट अपनाती हैं। इससे फ्लाइट का समय और ईंधन खर्च बढ़ जाता है। इससे टिकटों के दाम अचानक बढ़ जाते हैं। अभी 4-5 दिन तक यही हालात रहेंगे दुबई, अबूधाबी, जेद्दा और कतर समेत कई शहरों के लिए अभी टिकटों की बुकिंग नहीं हो रही है। फिलहाल इन शहरों से भारत वापसी की टिकटें ही ज्यादा बुक हो रही हैं। विकल्प कम होने के कारण किराया बढ़ गया है और अगले चार-पांच दिन तक यही स्थिति रहने की संभावना है।-कीर्ति व्यास, संरक्षक, ट्रैवल्स एंड टूर एसोसिएशन

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:00 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

जहानाबाद में भाकपा माले का युद्ध विरोधी मार्च:अमेरिका के युद्ध और बढ़ती महंगाई पर जताया विरोध

जहानाबाद में भाकपा माले (CPI-ML) ने सोमवार को युद्ध के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर काकै मोड़ तक गया, जहां इसे एक सभा में बदल दिया गया। इस विरोध मार्च में पार्टी के कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान पार्टी के सदस्य रामाधार शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए अमेरिका द्वारा पेट्रोलियम संसाधनों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे युद्ध को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को कई देशों का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे वैश्विक स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है। ''युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा'' रामाधार शर्मा ने कहा कि युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडर के दाम में भी लगभग 60 रुपये प्रति टंकी की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना था कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रही तो पेट्रोल, डीजल सहित कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के खिलाफ कुछ भी बोलते नहीं दिख रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि उनका मौन समर्थन भी इस युद्ध के साथ है। ''अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा'' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा है, जैसे कि सैनिक अभ्यास से लौट रही टुकड़ी पर हमला, जिसमें कई सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सभी देश मिलकर अमेरिका को इस युद्ध के खिलाफ एकजुट करें और युद्ध को बंद कराया जाए। विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 9:14 pm

महिला-आयोग के निर्देश नहीं मानने पर अफसर पर होगी कार्रवाई:राज्य महिला आयोग की सदस्य बोलीं - ज्यादा आ रहे हैं जमीन और एकतरफा कार्रवाई करने के मामले

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में जन सुनवाई की। इस दौरान कुल 21 प्रकरण आये। जिसमें अधिकतर प्रकरण घरेलू हिंसा, जमीनी विवाद एवं बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट से संबंधित थे। आयोग की सदस्या गीता विश्वकर्मा ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभाग को उपलब्ध कराते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए उसका निस्तारण नियमानुसार तय समय में किया जाए। इसके अलावा गीता विश्वकर्मा ने हर बार की तरह इस बार भी इसकेजिला कारागार के महिला बंदी सेल में जाकर महिला कैदियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला चिकित्सालय वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर महिलाओं का हाल चाल लिया और उनके बारे में जाना। वहीं उन्होंने इस दौरान कहा की यदि महिला आयोग के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 21 मामलों का हुआ निस्तारण राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बताया - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खास जन सुनवाई आ कराई जा रही है। जिसमें कुल 21 प्रकरण आये हैं। जिसमें जमीन के और घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा हैं। इसके लावा 4 बच्चों की स्कालरशिप फ्री की गई है। जमीन के मामले आये ज्यादा गीता विश्वकर्मा ने बताया - जमींन के मामले कम से कम 4 से 5 आये हैं। एक पुराने मामले शारदा देवी के नाम से आया है। जबकि उसमे राज्य महिला आयोग ने कब्जा देने की बात कही थी। आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई की शिथिलता की वजह से उसे आज तक कब्जा नहीं मिला जबकि आप का ऑर्डर दिखा चुका है। इस सवाल पर गीता विश्वकर्मा बगलें झांकने लगी । लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज गीता विश्वकर्मा ने यह क्लियर किया कि - यदि कोई अफसर राज्य महिला आयोग के सदस्यों का निर्देश अनुपालित नहीं करवाता है। तो उसपर कार्रवाई होगी और उसकी जवादेही तय होगी। यदि अदालत के केस की अवहेलना है तो यह बड़ा जुर्म है महिलाओं की बदली सोच गीता ने कहा - पिछले कुछ सालों में नारी सशक्त हुई है। पहले लोक लाज और सम्मान के कारण महिलाऐं नहीं बताती थीं और प्रतड़ना सहती थीं। वह खत्म हो गया है। लोग भी पढ़े लिखे हो गए हैं और उन्हें जानकारियां है तो वो पीछे नहीं हटते । लेकिन अक्सर सुना है कि थानों में पैसे के बल पर एकतरफा कार्य कर रहे थे।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 8:32 pm

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जयपुर से पहली बार उड़ान:एयर अरबिया का 8 दिन बाद संचालन; दुबई-अबूधाबी जाने वालों फ्लाइट्स अभी भी रद्द

जयपुर से खाड़ी देशों की उड़ानें ईरान-इजरायल युद्ध के चलते पिछले 8 दिनों से रद्द थीं। सोमवार को एयर अरेबिया का विमान शारजाह (संयुक्त अरब अमीरात) के लिए रवाना हुआ। हालांकि, अभी भी तीन देशों के लिए अन्य उड़ानें रद्द हैं, जिनमें दुबई और अबू धाबी शामिल हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, एयर अरेबिया की फ्लाइट G9-435 आज सुबह करीब 4:40 बजे शारजाह से जयपुर एयरपोर्ट पहुंची। यहां से यात्रियों को लेकर यह विमान सुबह 5:45 बजे वापस शारजाह के लिए रवाना हुआ। युद्ध के कारण यह फ्लाइट लगभग 8 दिनों तक संचालित नहीं हो सकी। जयपुर से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली उड़ानें आज लगातार आठवें दिन भी रद्द रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रद्द होने वाली उड़ानों में एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY-329 शामिल है। जो जयपुर से रात 3:15 बजे अबू धाबी के लिए रवाना होती है। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-195, जो सुबह 8:45 बजे दुबई के लिए उड़ान भरती है, और एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY-327, जो रात 9:30 बजे अबू धाबी जाती है, इसको भी रद्द कर दी गईं। एयरलाइन कंपनियों के अनुसार, युद्ध की स्थिति सामान्य होने तक उड़ान संचालन प्रभावित रह सकता है। ऐसे में, मध्य पूर्व की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि आने वाले दिनों में भी उड़ान कार्यक्रम में बदलाव संभव है। --- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। ---

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 10:14 am

युवक सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट डाल रहा:ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बदायूं पुलिस ने शुरू की तलाश

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट डालने वाले एक युवक की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है। यह युवक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहा था। यह पूरा मामला उसहैत थाना क्षेत्र का है। शिकायत के अनुसार, इब्राहिम नामक युवक पर इस कृत्य को अंजाम देने का आरोप है। वह लगातार ईरान के समर्थन में पोस्ट अपलोड कर रहा था। आरोप है कि इब्राहिम भारत का समर्थन करने वालों को गालियां लिखता था। उसने फ्रांस से राफेल खरीद को अमेरिका का दबाव बताया और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई है, जिसके बाद आरोपी इब्राहिम की तलाश जारी है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 8:00 am

दोहा-कतर से सुरेंद्र की मंत्री अनिल विज से बात:वीडियो कॉल कर जाना कुशलक्षेम, कार्गो फ्लाइट शुरू, जल्द लौटेंगे भारतीय

रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने दोहा कतर के हालातों को लेकर पिछले दिनों कई वीडियो शेयर किए, जिनमें आसमान के अंदर मिसाइल दिखाई दे रही थी। साथ ही भारतीयों के फंसे होने के बारे में भी लगातार जानकारी दे रहे थे। अब हालात सामान्य हो रहे हैं, जिसके बाद सुरेंद्र ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से वीडिया कॉल पर बात की। सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने बताया था कि ईरान की तरफ से लगातार बमबारी करते हुए कतर एयरपोर्ट और रास लफान को निशाना बनाया जा रहा था। रास लफान में कतर LNG का गैस प्लांट है, जिन्हें टारगेट किया गया था। पूरी रात आसमान में फाइटर प्लेन व मिसाइल, बम धमाकों की आवाज लोगों को सुनाई देती थी, जिससे लोग काफी डरे हुए है। लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। वीडियो कॉल पर अनिल विज का जाना हालचाल सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से वीडियो कॉल पर बात करते हुए पैर में लगी चोट के बारे में पूछा। साथ ही अनिल विज ने भी सुरेंद्र मायना से वहां मौजूद भारतीयों के बारे में जानकारी ली और सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। अंबाला व सोनीपत के युवकों से की बात वीडियो कॉल पर अनिल विज ने सुरेंद्र मायना के साथ रहने वाले अंबाला के पारस व सोनीपत के अमित से भी बात की और उनके कुशलक्षेम के बारे में पूछा। साथ ही उन्हें जल्द से जल्द भारत लौटने के लिए कहा। अनिल विज ने कहा कि पहली फ्लाइट मिलते ही भारत आ जाए। कार्गो फ्लाइट शुरू, जल्द शुरू होगी कमर्शियल सुरेंद्र काला ने बताया कि कतर में अब कार्गो फ्लाइट शुरू कर दी गई है। हालात सामान्य हो रहे है, जिसके कारण जल्द कमर्शियल फ्लाइट भी शुरू हो जाएगी। फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही फ्लाइट शुरू होगी, वह भारत लौट आएंगे। अनिल विज ने कहा कि अगर कोई दिक्कत हो, तो वह बोल देते हैं।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 7:32 am

भास्कर अपडेट्स:उमरा करने गए नागपुर के एक डॉक्टर और कारोबारी को सऊदी अरब के मक्का में हिरासत में लिया गया

उमरा करने गए नागपुर के एक डॉक्टर और कारोबारी को सऊदी अरब के मक्का में हिरासत में लिया गया है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सऊदी स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर सहायता देने की मांग की है। नागपुर के अब्दुल आसिम खान और डॉ. याह्या हुनानी को मस्जिद अल हरम में नमाज के दौरान हिरासत में लिया गया। परिवार के अनुसार अरबी भाषा न समझ पाने से गलतफहमी हुई। दोनों पर बिना कंपनी लाइसेंस के ब्रोकरेज गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है और उन्हें अल शुमैसी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। आज की बाकी बड़ी खबरें… नचम्मई न्यूक्लियर पावर प्लांट संभालने वाली पहली महिला आरएम नचम्मई देश के एक फंक्शनल न्यूक्लियर पावर प्लांट की कमान संभालने पहली महिला बन गई हैं। नचम्मई 15 मार्च से कर्नाटक के कैगा जनरेटिंग स्टेशन की यूनिट 3 और 4 को बतौर चीफ सुपरिंटेंडेंट संभालेंगी। परमाणु ऊर्जा प्रणाली में यह पद तकनीकी रूप से सबसे गहन और जिम्मेदारी वाला माना जाता है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 5:50 am

युद्ध के बीच दंगल लड़ रहे मिर्जा ईरानी बोले:भारत में मिला प्यार, मेरा परिवार युद्ध में फंसा, 140 करोड़ भारतीयों की दुआ से जल्द थम जाएगा विवाद

जघीना में आयोजित विराट कुश्ती दंगल में बुलेट मोटरसाइकिल की रोमांचक कुश्ती जीतने वाले ईरान के पहलवान मिर्जा ईरानी इन दिनों भारत के दंगलों में लगातार चर्चा में हैं। पिछले पांच साल से भारत में कुश्ती लड़ रहे ईरानी अब तक कई बड़े दंगल जीत चुके हैं। जघीना दंगल के बाद दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने कुश्ती करियर, भारत में मिल रहे प्यार और ईरान में चल रहे युद्ध के हालात पर बात की। जघीना में जीत के बाद ईरानी काफी खुश नजर आए। भास्कर संवाददाता से ईरानी की खास बातचीत.... 50 बुलेट बाइक, 4 स्कॉर्पियो, 4 ट्रैक्टर और 4 कार जीते चुके हैं ईरानी सवाल: ईरान में भी कुश्ती बड़े स्तर पर होती है, फिर आपने भारत में दंगल चुना? ईरानी: ईरान में भी कुश्ती का अच्छा क्रेज है, लेकिन भारत के मिट्टी के अखाड़ों में लड़ना मुझे ज्यादा पसंद है। फिलहाल मैं चंडीगढ़ के मुल्लापुर अखाड़े में अभ्यास कर रहा हूं। सवाल: आपने भारत में कुश्ती कब शुरू की , कितने दंगल जीते हैं ? ईरानी: पिछले 5 साल से भारत में कुश्ती लड़ रहा हूं। अब तक 50 बुलेट बाइक, 4 स्कॉर्पियो, 4 ट्रैक्टर और 4 ऑल्टो कार जीत चुका हूं। सवाल: शेरा गुर्जर से कुश्ती लड़ना कितना चुनौतीपूर्ण रहता है? ईरानी: शेरा गुर्जर भारत के सबसे लंबे और ताकतवर पहलवानों में से एक हैं। उनसे मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहता है। मैं उन्हें 4 बार हरा चुका हूं, कई मुकाबले बराबरी पर भी रहे। सवाल: भारत में आपको काफी प्यार मिलता है, इस बारे में क्या कहेंगे? ईरानी: भारत के लोग मुझे बहुत प्यार देते हैं। दर्शक सेल्फी और ऑटोग्राफ के लिए आ जाते हैं। जघीना गांव में भी लोगों ने खूब समर्थन दिया। सवाल: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कैसे देखते हैं? ईरानी: युद्ध से ईरान के लोग काफी परेशान हैं। मेरी पत्नी और बच्चा वहीं हैं। उनकी चिंता बनी रहती है। उम्मीद है कि 140 करोड़ भारतीयों की दुआ से जल्द शांति कायम होगी।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:54 am

कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?

Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...

वेब दुनिया 5 Mar 2026 5:07 pm

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।

वेब दुनिया 2 Mar 2026 5:24 pm

भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति

जैसा कि ज्योतिषियों ने आशंक जताई थी कि मंगल के कुंभ में जाने से राहु के साथ जब उसकी युति बनेगी तो 'अंगारक योग' का निर्माण होगा जो आग और विस्फोट को जन्म देता है। इसी के साथ ही सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच कम अंतराल होने के कारण फिर से देश और युनिया ...

वेब दुनिया 28 Feb 2026 1:31 pm

क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'

बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

बूमलाइव 26 Feb 2026 1:24 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है

देशबन्धु 2 Feb 2026 3:20 am

मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.

बूमलाइव 29 Jan 2026 3:29 pm

युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।

देशबन्धु 20 Jan 2026 1:15 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

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मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm