दुर्ग जिले के बहुचर्चित एकतरफा प्रेम और जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश निर्मलकर उर्फ सोनू को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने शादीशुदा महिला की हत्या करने के इरादे से उस पर पत्थर और धारदार कटर से हमला किया था। पीड़िता ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता अन्नू गायकवाड़ अपने पति से अलग होकर नेवईभाठा क्षेत्र में रह रही थीं। इसी दौरान क्षेत्र का निवासी ओमप्रकाश निर्मलकर उनसे एकतरफा प्रेम करने लगा। आरोपी लगातार उन्हें परेशान करता था। इस संबंध में अन्नू ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी पीड़िता से रंजिश रखने लगा था। ड्यूटी जाने निकली थी तब किया हमला 17 अप्रैल 2025 की सुबह करीब 6:30 बजे अन्नू गायकवाड़ काम पर जाने के लिए घर से निकली थीं। नेवई खदानपारा नर्सरी के पास आरोपी ने उनका रास्ता रोक लिया और एकतरफा प्रेम में असफल रहने की नाराजगी में हमला कर दिया। आरोपी ने पहले भारी पत्थर से महिला के सिर और चेहरे पर वार किया, फिर धारदार कटर से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, टूटी चूड़ियां और अन्य साक्ष्य जब्त किए। 12 गवाहों की गवाही बनी अहम सबूत पुलिस ने 18 अप्रैल 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त करीब पांच किलो का पत्थर और खून से सना कटर बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच में इन पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता अन्नू गायकवाड़, प्रत्यक्षदर्शी पायल यादव, पीड़िता की मां सुभिया टंडन सहित कुल 12 गवाहों को अदालत में पेश किया। मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया। कोर्ट ने कहा- हमला बेहद गंभीर था सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे जैसे संवेदनशील अंगों पर हमला किया था। हमले की प्रकृति और परिस्थितियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाती तो आरोपी हत्या का दोषी होता। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(2) के तहत दोषसिद्ध कर तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेज दिया गया।
बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान... भारत के चक्रव्यूह से बौखलाए पाकिस्तान ने दी 'युद्ध' की धमकी
Pakistan threatens India Indus Water Treaty: खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.... भारत का यह कड़ा रुख अब पाकिस्तान के लिए काल बनता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत ने जब से ऐतिहासिक 'सिंधु जल समझौते' (Indus ...
झाबुआ बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला जेबकतरी को रंगे हाथों पकड़ा गया। वह एक निजी यात्री बस में चढ़कर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी एक ग्रामीण महिला ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र से आई एक महिला बस स्टैंड पर मौजूद थी। इसी दौरान एक अन्य महिला ने उसके पर्स से नकदी निकाल ली। चोरी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत आरोपी महिला का पीछा किया। आरोपी महिला एक निजी यात्री बस में सवार होकर भागने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पीड़िता ने उसे बस में चढ़ने से पहले ही पकड़ लिया। बस स्टैंड पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साई ग्रामीण महिला ने आरोपी की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
रूस और यूक्रेन के बीच हो रही लड़ाई के बाद कुक, रसोइयां और सिक्योरिटी गार्ड बनने का सपना लेकर गए युवक जिन्हें युद्ध के मैदान में उतार दिया गया था। इनमें आठ लोग लापता हो गए थे। लापता युवाओं में से दो लोगों की डेड बॉडी गुरुवार की देर रात्रि आजमगढ़ पहुंची। आजमगढ़ और मऊ जिले के कई लोग नौकरी की तलाश में जनवरी 2024 में एजेंटों के जाल में फंस कर रूस चले गए। इनमें से आजमगढ़ के कन्हैया यादव और मऊ के श्यामसुंदर और सुनील यादव की रूस- यूक्रेन जंग में मौत हो चुकी थी। आजमगढ़ के राकेश यादव और मऊ के बृजेश यादव घायल होने के बाद घर लौट आए थे। वहीं विनोद यादव, जोगेंद्र यादव, अरविंद यादव, रामचंद्र, अजहरुद्दीन खान, हुमेश्वर प्रसाद, दीपक, धीरेंद्र कुमार लापता हो गए थे। कंधरापुर थाना के खोजापुर माधवपट्टी निवासी योगेंद्र यादव भी उसी में थे। परिवार के लोगों का कहना था कि मऊ के एजेंट विनोद यादव ने सभी को फंसाया था। गार्ड की नौकरी के लिए लेकर गए और बार्डर पर भेज दिया। 15 जनवरी 2024 को विनोद, सुमित और दुष्यंत नामक एजेंट के साथ गए उनको गार्ड और हेल्पर की नौकरी के लिए ले जाया गया। रूस पहुंचने के बाद उन्हें जबरन ट्रेनिंग देकर आर्मी में युद्ध के लिए भर्ती कर दिया गया।शहर के गुलामी का पूरा निवासी अजहरूद्दीन को 27 जनवरी 2024 को एजेंट विनोद अपने साथ लेकर गया था। जब वह लापता हो गया तो उसके भाई ने यहां से लेकर रूस तक दौड़ लगाई। लेकिन उसका पता नहीं चल सका। काफी दिनों बाद बृहस्पतिवार को अजहरुद्दीन और आराजी देवारा करखिया निवासी रामचंद्र का शव उनके घर पहुंचा। दोनों की 2 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी थी ताबूत में कंकाल पहुंचा। 2 वर्ष से कर रहे थे भाई की तलाशअजहरुद्दीन के भाई अजीमुद्दीन और जीजा अबू बकर ने बताया कि हम लोग दो साल से अजहरुद्दीन की तलाश में भटक रहा था। यहां एंबेसी से लेकर रूस तक दौड़ा हूं। काफी मशक्कत के बाद सरकार की मदद से आज उसका शव मिल सका। यह बहुत बड़ा स्कैम है एजेंसी संचालक पर कार्रवाई होनी चाहिए। काफी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। हमारी सरकार से मांग है कि हमारे अजहरुद्दीन की सेलरी और जो भी बकाया फंसा है उसे दिलाया जाए। प्रशासन की ओर से दोनों शवों को वाराणसी से लाकर उनके परिवार के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तहसीलदार सगड़ी विवेकानंद वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे और सारी कार्रवाई पूरी कर शव को लाकर परिजनों के हवाले किए।
पंजाब सरकार द्वारा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। सरकार ने 4 IAS और 30 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर किए है। इसमें उनमें मुख्य रूप से अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ADC) और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्तर के अधिकारी शामिल हैं. वर्ष 2022 बैच के IAS अधिकारी श्री डेवी गोयल को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) श्री मुक्तसर साहिब लगाया गया है और उन्हें अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। साल 2023 बैच की IAS अधिकारी कृतिका गोयल को मानसा का नया अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नियुक्त किया गया है। वर्ष 2023 बैच के ही IAS अधिकारी आदित्य शर्मा को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) तरनतारन और पल्लवी मिश्रा को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमृतसर के खाली पदों पर तैनात किया गया है। आदेश की कॉपी
टोंक में पुलिस ने रेप के आरोपी को 6 साल बाद सऊदी अरब से जयपुर आते ही हिरासत में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी हुआ था। इस कारण आरोपी के विदेश से आने की सूचना मिलते ही यह कार्रवाई की गई। इसके बाद उसे टोंक कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 2020 में दर्ज करवाया था मामला पुलिस जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने साल 2020 में आरोपी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद टोंक में मामला ट्रांसफर कर दिया गया। महिला का आरोप था कि वह रेप कर दुबई चला गया और वहां अपना बिजनेस कर रहा है। विदेश से आपत्तिजनक फोटोज भेजता था महिला का आरोप था कि युवक सऊदी अरब से विवाहिता के पति को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर परेशान करता था। मामले में आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके चलते विदेश से भारत पहुंचते ही उसे जयपुर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। फिलहाल पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए युद्ध के शोर ने एक बार फिर से क्षेत्र में अशांति का माहौल बना दिया है। कतर विदेश मंत्रालय ने ईरान की ओर से जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर किए गए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है।
28 फरवरी को जब ईरान पर अमेरिका ने बमबारी की, तो एक पल के लिए लगा कि शायद ईरानी फुटबॉल टीम इस बार वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाएगी। लेकिन तमाम मुश्किलों और अनिश्चितताओं को पार करते हुए, टीम तुर्की के अंताल्या से होकर मैक्सिको के तिजुआना पहुंच गई है। युद्ध की वजह से इस टीम को तेहरान से तुर्किए बॉर्डर तक 40 घंटे का लंबा बस का सफर तय करना पड़ा था। हालात इतने मुश्किल थे कि 6 फुट 5 इंच लंबे गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवांड को अपने पैर फैलाने के लिए बस की फर्श पर सोकर सफर करना पड़ा था। इस सफर में बड़ी अड़चन अमेरिकी वीसा की भी रही। ग्रुप जी में ईरान को अपने अहम मैच लॉस एंजिलिस और सिएटल में खेलने हैं। खिलाड़ियों और मुख्य कोच आमिर घलेनोई को तो वीसा मिल गया, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने ‘आतंकवादियों की घुसपैठ’ का हवाला देते हुए टीम के 13 सपोर्ट स्टाफ, विश्लेषकों और मीडिया अधिकारियों को वीसा देने से इनकार कर दिया। आखिरकार फीफा को बीच-बचाव करने के लिए आना पड़ा। अमेरिका ने शर्त रखी है कि ईरानी खिलाड़ियों को मैच के दिन ही अमेरिका में एंट्री मिलेगी और उसी दिन लौटना भी होगा। इन सबके बीच टीम का हौसला नहीं टूटा है। अपना चौथा वर्ल्ड कप खेलने जा रहे 32 वर्षीय स्टार खिलाड़ी अलिरेजा जहानबख्श का कहना है, ‘हालात बिल्कुल आसान नहीं हैं, लेकिन हमारा मकसद टीम को एकजुट रखना है। एक ईरानी होने के नाते हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा अपने देशवासियों और माता-पिता के चेहरों पर मुस्कान लाना है।’ टीम ने तुर्की के लग्जरी होटल में एक साथ फिल्में देखकर (खासकर 2007 के युद्धग्रस्त इराक की एशियन कप जीत की डॉक्यूमेंट्री) अपनी बॉन्डिंग मजबूत की है। युद्ध का असर टीम चयन पर भी पड़ा है। दिग्गज खिलाड़ी सरदार अजमौन को टीम से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद उनकी एक तस्वीर यूएई के शासक के साथ सामने आई थी, जिससे ईरानी प्रशासन नाराज था। खिलाड़ियों ने तय किया है कि वे वर्ल्ड कप मैचों से पहले अपना दायां हाथ सीने पर बैज के ऊपर रखकर देश के हालातों के प्रति अपना सम्मान जताएंगे। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अगर नॉकआउट दौर में ईरान और अमेरिका भिड़ते हैं, तो क्या फुटबॉल इस युद्ध के बीच शांति का कोई नया रास्ता खोल पाएगा। ईरान में प्रैक्टिस के लिए ऑफिशियल गेंदें तक नहीं थीं युद्ध और प्रतिबंधों का असर खेल के सबसे अहम हिस्से फुटबॉल पर भी पड़ा। तेहरान में ट्रेनिंग के दौरान ईरानी टीम के पास अभ्यास करने के लिए इस वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंदें ही मौजूद नहीं थीं, क्योंकि युद्ध के कारण इनकी डिलीवरी ईरान तक हो ही नहीं पाई थी। जब टीम तुर्की पहुंची, तब जाकर उन्हें आधिकारिक गेंदों के साथ वॉर्म-अप और प्रैक्टिस करने का मौका मिला।
बठिंडा पुलिस ने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक डिप्लोमा होल्डर युवक को 314 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कोटली अब्लू (थाना कोट भाई) निवासी राजप्रीत सिंह उर्फ मान के रूप में हुई है। डीएसपी संदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशों पर सीआईए स्टाफ-2 की टीम ठंडी सड़क से सुरखपीर रोड की ओर जा रहे संदिग्ध व्यक्ति की जांच कर रही थी। पोखरामाल कैंटीन के पास उसे रोका गया और तलाशी के दौरान उसके पास से 314 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। राजप्रीत सिंह के खिलाफ कैनाल कॉलोनी पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने हेरोइन कहां से प्राप्त की थी और इसे कहां सप्लाई करना था। आरके टेक से आरोपी ने किया है डिप्लोमा पुलिस के अनुसार, आरोपी राजप्रीत सिंह के खिलाफ पहले भी झपटमारी का मामला दर्ज हो चुका है। उसने आरके टेक से डिप्लोमा किया है और पिछले कुछ महीनों से गांव में एक बिजली की दुकान पर काम कर रहा था। मामले की आगे की जांच जारी है।
लेबनान पर इजरायल का बड़ा हमला: दक्षिणी लेबनान में हवाई हमलों से मची तबाही, 18 लोगों की मौत, कई घायल
इजरायल और लेबनान के बीच जारी सीमा पर संघर्ष में दक्षिणी लेबनान में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी नागरिक सुरक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी है।
Top News 11 June : दिल्ली के बाद आज पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन। अमेरिका और ईरान में तेज हुई जंग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 12 साल में कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ देश। फीफा विश्वकप का आगाज आज से होगा। 11 जून की बड़ी खबरें :
शनि ग्रह जब मेष में जाएगा तब होगा विश्व युद्ध या भारत-पाक का महायुद्ध, बहुत कम बचा है समय?
Saturn's transit into Aries in 2027: तीन ग्रह युद्ध का कारण बनते हैं- मंगल, शनि और राहु। जब भी इन ग्रहों का आपसी दृष्टी, युति या षटाष्टक संबंध बनता है तब देश और दुनिया में युद्ध, भूकंक या जनविद्रोह जैसा कुछ न कुछ होता है। पिछले सैंकड़ों सालों के रिकॉर्ड के अनुसार शनि का मेष राशि में गोचर किसी बड़े जनविद्रोह या युद्ध का संकेत देता है। चलिए जानते हैं शनि कब जाएंगे मेष राशि में और तब क्या होगा। ALSO READ: मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय शनि का एक राशि में समयावधि: शनि ग्रह (Shani) एक राशि में लगभग 2.5 से 3 साल तक रहता है और राशि चक्र (12 राशियां) पूरा करने में उसे करीब 30 साल का समय लगता है। इसका अर्थ है कि मेष राशि में उसे आने में 30 साल लगते हैं। मेष (Aries) शनि की 'नीच' राशि मानी जाती है। नीच का शनि देश और दुनिया में नकारात्मक परिस्थितियों को जन्म देता है। पिछले 500 वर्षों (लगभग 1526 से 2026 तक) का रिकॉर्ड और आने वाले समय का विवरण नीचे दिया गया है। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर शनि का मेष राशि में गोचर (1526 से 2026): शनि हर 29-30 साल में मेष राशि में लौटता है। यहाँ प्रमुख वर्षों की सूची दी गई है: सदीशनि का मेष राशि में प्रवेश (अनुमानित काल) 16वीं सदी: 1530-1533, 1560-1563, 1589-1592 17वीं सदी: 1619-1622, 1648-1651, 1678-1681 18वीं सदी: 1707-1710, 1737-1740, 1766-1769, 1796-1799 19वीं सदी: 1825-1828, 1855-1858, 1884-1887 20वीं सदी: 1910-1912, 1939-1941, 1968-1971, 1998-2000 नोट: उपरोक्त सन में शनि के ढाई साल के मेष में गोचर के दौरान देश और दुनिया में क्या हुआ इसे आप खुद ही चेक कर सकते हैं। ALSO READ: शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर आधुनिक काल की सटीक तिथियां (20वीं और 21वीं सदी): 1939-1941: 27 अप्रैल 1939 से 18 जून 1941 तक। (इस दौरान द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ था)। 1968-1971: 17 जून 1968 से 27 अप्रैल 1971 तक। इस दौरान भारत-पाकिस्तान का युद्ध, भारत में कम्युनिस्ट/नक्सलवादी विद्रोह का उभार, वियतनाम युद्ध: टेट आक्रामक, प्राग स्प्रिंग और सोवियत आक्रमण, फ्रांस में जनविद्रोह, नाइजीरियाई गृहयुद्ध, कंबोडियाई गृहयुद्ध, 1998-2000: 17 अप्रैल 1998 से 6 जून 2000 तक। इस दौरान कारलिग युद्ध, कोसोवा का युद्ध, द्वितीय कांगो युद्ध, द्वितीय रशिया-चेचन युद्ध, इरिट्रिया-इथियोपिया युद्ध आदि कई युद्ध हुए, सुनामी आई और बड़े भूकंप भी आए। वर्ष 2027 में शनि करेगा मेष राशि में गोचर: वैसे देखा जाएगा तो शनि के मकर, कुंभ और मीन राशि के गोचर काल में कोरोना वायरस, रशिया यूक्रेन युद्ध, इजराइल हमास युद्ध, इजराइल ईरान युद्ध, अमेरिका ईरान युद्ध, भारत और पाकिस्तान का युद्ध हम देख ही चुके हैं और अब आशंका जताई जा रही है कि शनि ग्रह जब 3 जून 2027 को मेष राशि में प्रवेश करेगा तब देश और दुनिया में युद्ध, भूकंप और जनविद्रोह का एक नया दौरा प्रारंभ होगा जो पहले की अपेक्षा भयानक हो सकता है। शनि इस राशि में ढाई साल तक रहेगा, इस दौरान वह मार्गी और वक्री होकर आगे पीछे की राशियों में भी गोचर करता रहेगा। निष्कर्ष: जब-जब शनि मेष में रहा है, दुनिया में बड़े सत्ता परिवर्तन, युद्ध या सामाजिक क्रांतियां देखी गई हैं। मेष राशि में शनि अपनी शक्ति खो देता है, जिसे ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता। इस दौरान सरकार और जनता में अनुशासन और धैर्य की भारी कमी देखी जाती है। अभी शनि अपनी स्वराशि मीन में गोचर कर रहा है। इसके बाद यह 2027 में मेष में प्रवेश करेगा।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी की हत्या के लिए 20 लाख रुपए में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का सौदा किया गया था। वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों को 10 लाख रुपए एडवांस देकर सुपारी दी गई थी। पूरी साजिश कारोबार की रंजिश के चलते रची गई। मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू और मुख्य शूटर अमन हथियारों की बरामदगी के दौरान वे पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगे। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया। 10 लाख में तय हुई थी डील सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि रोबिन ने वारदात करवाने के लिए विदेश में बैठे एक आरोपी को 20 लाख रुपए देने थे। इस कड़ी में विदेश में बैठे लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। रोबिन के भाई साहिल का नाम भी सामने आया है। तुर्की और यूके तक जुड़े तार साहिल तुर्की में बैठा हुआ है। उसने अपने यूके में रहने वाले एक दोस्त के जरिए शूटर अमन और राहुल से संपर्क कराया था। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की पूरी साजिश तैयार की गई। इस वारदात में रोबिन और उसके भाई साहिल के अलावा जीजा विजय भी शामिल है। हथियार करवाने लाई निशानदेही सीआईए-1 प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का 5 दिन का पुलिस रिमांड चल रहा है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया था कि वारदात में इस्तेमाल हथियार पिपली बस स्टैंड के पीछे छिपाकर रखे गए हैं। सोमवार रात को पुलिस टीम रोबिन, अमन और एक अन्य आरोपी को हथियारों की निशानदेही के लिए मौके पर लेकर गई। पुलिस पर कर दी फायरिंग जैसे ही आरोपियों ने छिपाए गए हथियार निकाले, रोबिन और अमन ने उन्हीं हथियारों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। हालात को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रोबिन और अमन के पैर में गोली लगी। दोनों को मौके पर ही काबू कर लिया गया, जबकि तीसरा आरोपी सुरक्षित पकड़ा गया। अस्पताल में भर्ती कराए आरोपी घायल दोनों आरोपियों को उपचार के लिए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनका ऑपरेशन करवाया जाएगा। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मौके पर दोनों तरफ से 6-7 राउंड फायरिंग की गई। कारोबार को लेकर रंजिश आरोपी रोबिन भी माइनिंग का कारोबार करता था। उसकी सुनील भाटिया के बीच लंबे समय से कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कई बार विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। सुनील भाटिया की शिकायत के बाद माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी। इसके बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया। पहले करवाई रेकी, फिर बनाया प्लान हमले से पहले सुनील भाटिया की रेकी करवाई गई थी। आरोपियों ने उसकी दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई। रेकी के दौरान एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था, जबकि वारदात के दिन दूसरी बाइक का उपयोग किया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। मिट्टी डलवाने के बहाने की पहचान 31 मई को दोनों शूटर सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने बातचीत शुरू की। चूंकि वे सुनील को पहचानते नहीं थे, इसलिए पहले उसका नाम पूछा गया और मोबाइल नंबर लेकर पहचान सुनिश्चित की गई। जब उन्हें यकीन हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति सुनील भाटिया ही है, तब उन्होंने बातचीत समाप्त कर दी। पीछे मुड़ते ही बरसाईं गोलियां सुनील भाटिया जब वहां से वापस जाने लगा तो आरोपियों ने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया। जैसे ही वह पीछे मुड़ा, उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। हमले में एक गोली उसकी जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी। गंभीर रूप से घायल सुनील को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 18 लाख रुपए बरामद पुलिस जांच में अब तक आरोपियों से 2 गाड़ियां, 2 मोटरसाइकिल, 18 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा चुके हैं। शूटर अमन और राहुल से करीब 8.50 लाख रुपए बरामद किए हैं। वहीं रोबिन से भी 9.50 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। ये साढ़े 9 लाख रुपए विदेशी कॉन्टैक्टर को देने थे।
सीनियर महिला क्रिकेट: उदयपुर की बारां पर एकतरफा जीत, अंशिका ने जमाया शतक
उदयपुर। राज्यस्तरीय सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में उदयपुर की महिला टीम ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए बारां को बड़े अंतर से शिकस्त दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी उदयपुर टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में बिना कोई विकेट गंवाए 212 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंशिका भंडारी ने मात्र 19 चौकों की मदद से नाबाद 108 रन (शतक) जड़े। वहीं, दूसरी छोर पर रीजा शेख ने 14 चौकों के साथ नाबाद 90 रनों की तूफानी पारी खेली। 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बारां टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर महज 89 रन ही बना सकी। अवनि ने सर्वाधिक 32 रन और कनक ने 22 रनों का योगदान दिया, लेकिन अन्य बल्लेबाज रन के प्रयास में विकेट गंवाते रहे।
दक्षिणी लेबनान के शहर टायर में इजरायली एयरस्ट्राइक, 8 की मौत
इजरायली एयरस्ट्राइक में दक्षिणी लेबनान के प्रमुख तटीय शहर टायर में 8 लोगों की मौत हो गई। आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेस) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शहर के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का आदेश जारी किया था।
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के तहत शाहपुरकंडी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस-प्रशासन और बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। डीएसपी राजेश कक्कड़, थाना प्रभारी शाहपुरकंडी मोहित टाक, थाना प्रभारी धारकलां गुलशन कुमार और आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डीएसपी राजेश कक्कड़ ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। साथ ही, लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान करना भी इसका लक्ष्य है। गांव-गांव और मोहल्लों से सीधे जुड़े उन्होंने बीडीसी सदस्यों के सुझावों और समस्याओं को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि वे गांव-गांव और मोहल्लों से सीधे जुड़े हुए हैं। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। प्रशासन का सहयोग करने की अपील डीएसपी कक्कड़ ने नागरिकों से 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पंजाब सरकार के हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 की जानकारी दी। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहेगी इस नंबर पर नशे से संबंधित शिकायतें 24 घंटे और सातों दिन दर्ज करवाई जा सकती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के जानकारी साझा कर सकें। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रयास जारी इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा और पंजाब सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले शुरू की गई 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे कई युवा नशे की गिरफ्त से बाहर निकल पाए हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
पत्नी से विवाद के बाद पति ने किया सुसाइड:3 दिन पहले सऊदी अरब से गोपालगंज लौटा था मृतक
गोपालगंज के बरौली थाना क्षेत्र के देवापुर गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान देवापुर निवासी हुसैन अंसारी के 25 वर्षीय बेटे मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है। वह तीन दिन पहले ही सऊदी अरब से घर लौटा था। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद सलीम लगभग ढाई साल पहले विदेश गया था और तीन दिन पूर्व ही अपने घर वापस आया था। रविवार रात को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। यह घरेलू विवाद देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गया। पंखे के सहारे फंदे से लटककर जान दी विवाद से तनावग्रस्त होकर सलीम ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसने कमरे के भीतर पंखे के सहारे फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। खिड़की से झांकने पर युवक का शव फंदे से लटका मिला, जिससे घर में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ा और उसे फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रही है ताकि विवाद के असली कारणों का पता लगाया जा सके। तीन दिन पहले लौटे कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना में फंसे भारतीय युवाओं के छह परिवारों ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद की गुहार लगाई है। इन परिवारों ने निर्मल कुटिया में संत सीचेवाल से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई। संत सीचेवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मामले को विदेश मंत्री के समक्ष उठाएंगे। परिवारों का कहना है कि उन्हें अपने बेटों से 8 से 9 महीने से कोई संपर्क नहीं हो पाया है और उन्हें उनकी मौजूदा स्थिति या तैनाती के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पीड़ित परिवारों के अनुसार, ट्रैवल एजेंटों ने उनके बच्चों को रूसी सेना में भर्ती होने के लिए लुभाया था। एजेंटों ने आकर्षक वेतन, आर्थिक लाभ और अन्य सुविधाओं का लालच दिया था। युवाओं से उनके खातों में 15-15 लाख रुपये जमा कराने और 2.10 लाख रुपये मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था और उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें युद्ध क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। इन परिवारों ने यह भी बताया कि जालंधर के गुरसेवक सिंह, लुधियाना के समरजीत सिंह और अमृतसर के हीरा सिंह की युद्ध के दौरान मौत हो चुकी है। गुरसेवक सिंह और समरजीत सिंह के पार्थिव शरीर भारत लाए जा चुके हैं। हालांकि, उनके परिवारों को अभी तक रूसी सेना द्वारा अपने सैनिकों और उनके परिवारों को दी जाने वाली कोई मुआवजा या सुविधा नहीं मिली है। परिजनों ने कहा कि बेटों को खोने के बाद वे आर्थिक रूप से भी टूट चुके हैं। कई राज्यों के लोग फंसे इन परिवारों ने जानकारी दी कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के भी कई युवा रूसी सेना में फंसे हुए हैं। इन सभी युवाओं के परिवार लंबे समय से चिंता और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। तरनतारन निवासी हरविंदर सिंह के परिवार ने बताया कि वह 2024 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। एजेंटों ने उसे बहला-फुसलाकर अगस्त 2025 में रूसी सेना में भर्ती करवा दिया। परिवार का कहना है कि 17 सितंबर के बाद से हरविंदर से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसी प्रकार तरनतारन के जर्नैल सिंह की पत्नी ने बताया कि उनका पति दिसंबर 2024 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। वहां उसे तीन लाख रुपये मासिक वेतन और स्थायी दस्तावेजों का लालच देकर सेना में भर्ती कर लिया गया। 28 अगस्त के बाद परिवार से संपर्क नहीं 28 अगस्त के बाद से उसका भी परिवार से कोई संपर्क नहीं हो सका। जर्नैल सिंह की तीन वर्ष की एक बेटी है और पूरा परिवार उसकी आय पर निर्भर था। अब परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और छोटी बच्ची रोज अपने पिता के बारे में पूछती है। अमृतसर के साहिल सेखड़ी की माता ने संत सीचेवाल को बताया कि उनका पुत्र वर्ष 2025 में मॉस्को गया था। एजेंटों ने उसे वर्क वीजा, शेफ की नौकरी और डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में उसे रूसी सेना में भर्ती कर केवल 15 दिनों की ट्रेनिंग के बाद युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। पिछले नौ महीनों से परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। साहिल की विधवा मां और उसकी बहन पूरी तरह उसी पर निर्भर थीं। आर्थिक तंगी के कारण परिवार को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संत सीचेवाल ने कहा कि बेरोजगारी और आर्थिक मजबूरियों का फायदा उठाकर एजेंटों द्वारा युवाओं को विदेशों में गुमराह करना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि फंसे हुए युवाओं को सुरक्षित वापस लाया जा सके और प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी पर हुए जानलेवा हमले में विदेशी कनेक्शन सामने आया है। इस वारदात की साजिश विदेश में बैठे लोगों की मदद से रची गई। वहीं, पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी रोबिन उर्फ मोनू समेत, उसके जीजा विजय और दोनों शूटर को आज कोर्ट में पेश करेगी। सुनील और रोबिन के बीच मिट्टी और रेत कारोबार को लेकर वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। रोबिन भी शाहाबाद में अपने कारोबार को बुलंदी पर रखना चाहता था। इसलिए उसने खूनी वारदात की साजिश रची। जांच में सामने आया है कि साजिश को अंजाम देने में रोबिन के विदेश में रहने वाले भाई साहिल की भी अहम भूमिका रही। तुर्की-यूके में रची साजिश साहिल फिलहाल तुर्की में रह रहा है। पुलिस के मुताबिक, साहिल ने यूके में रहने वाले अपने एक साथी की मदद से पूरी साजिश को रचा। विदेश से ही करनाल जिले के बड़ोत निवासी शूटर अमन और राहुल से संपर्क साधा गया और उन्हें सुनील भाटिया की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई। पहले से चल रही थी रंजिश रोबिन का सुनील भाटिया के साथ लंबे समय से कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में पता चला है कि दोनों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। इसी दौरान सुनील की शिकायत पर माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी। इस घटना के बाद रोबिन की रंजिश और गहरी हो गई। रेकी कर जुटाई जानकारी पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वारदात से पहले सुनील भाटिया की पूरी रेकी करवाई गई थी। आरोपियों ने उसकी दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और ठिकानों की जानकारी जुटाई। रेकी के दौरान एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया, जबकि हमले वाले दिन दूसरी बाइक लेकर आरोपी मौके पर पहुंचे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। मिट्टी डलवाने के बहाने आए शूटर 31 मई को दोनों शूटर सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने सुनील से बातचीत शुरू की। चूंकि वे उसे जानते और पहचानते नहीं थे, इसलिए पहले उसका नाम पूछा गया और मोबाइल नंबर लेकर पहचान की गई। जब उन्हें यकीन हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति सुनील भाटिया ही है, तब उन्होंने बातचीत बंद कर दी। जाते हुए मारी गोलियां सुनील जैसे ही वहां से वापस मुड़कर जाने लगा तो आरोपियों ने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया। पीछे मुड़ते ही उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। फायरिंग में एक गोली उसकी जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। अभी सुनील का उपचार चल रहा है। फर्जी निकली भाऊ गैंग की पोस्ट वारदात के बाद सोशल मीडिया पर कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने वाली जो पोस्ट वायरल हुई थी, वह जांच में फर्जी पाई गई है। पुलिस का मानना है कि यह पोस्ट जांच को भटकाने और गैंगस्टर एंगल खड़ा करने के उद्देश्य से वायरल की गई थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पोस्ट किसने तैयार की और सोशल मीडिया पर फैलाने के पीछे कौन लोग थे।
जनगणना में खुद को 'गरीब' दिखाने की होड़:गाड़ी, घर में टाइल, कमरों की सही संख्या बताने से कतरा रहे लोग
जनगणना के दौरान घर-घर सर्वे के काम के लिए निर्धारित लगभग आधा समय बीत चुका है। लोगों के घर पहुंच रहे प्रगणकों को लोगों से सही सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। सही जानकारी देने से लोग हिचकिचा रहे हैं। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी गिनती संपन्न लोगों में न हो जाए। हर हथकंडा अपनाकर वे खुद को 'गरीब' दिखाने में जुटे हैं। घर-घर पहुंच रहे प्रगणकों की मानें तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। दरअसल, प्रगणकों को वही जानकारी भरनी है, जो घर का मालिक बताएगा। घर के सामने खड़ी गाड़ी को वे दूसरों का बता रहे हैं। घर के भतीर मार्बल या टाइल की जानकारी देने से बच रहे हैं। कच्चा फर्श ही बता रहे। साथ ही कमरों की संख्या की जानकारी भी कई लोग गलत दे रहे हैं। जानिए क्या है कारणदरअसल पिछली जनगणना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की सूची के आधार पर ही योजनाओं का लाभ दिया गया। आयुष्मान कार्ड हो या कोई अन्य सरकारी योजना, इस सूची का सहारा लिया गया। ऐसे में कई पक्के घर वाले भी शुरू में ही इस योजना का लाभ पा गए लेकिन जिन्होंने जनगणना के समय पक्का मकान, गाड़ी आदि की जानकारी दी थी, उनके नाम इस सूची से बाहर रहे। इस बार भी लोगों में इस बात की भ्रांति है कि यदि उन्होंने पक्के घर, गाड़ी, घर में मार्बल या टाइल की सही-सही जानकारी दे दी तो उन्हें संपन्न मान लिया जाएगा। भविष्य में आने वाली योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा। समझा रहे प्रगणकप्रगणक लोगों को समझा रहे हैं कि इससे योजनाओं के लाभ पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिस तरह से लाभ मिल रहा है, वो जारी रहेगा। सूचनाएं सही दें लेकिन लोगों को उनकी बातों पर ही विश्वास नहीं हो रहा। एक प्रगणक ने बताया कि घर शहर में एक घर के बाहर चारपहिया व दोपहिया वाहन खड़े थे लेकिन घर के मालिक ने बताया कि यह उनकी नहीं है। किसी और ने उनके यहां खड़ी की है। इस पर प्रगणक को उनकी ही बात मानकर सूचना दर्ज करनी पड़ रही है। कुछ लोग प्रगणकों से भिड़ भी जा रहे हैं। वे सूचना देने से ही इनकार कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी लोग मिल रहे हैं, जिन्होंने जनगणना कराने से ही इनकार कर दिया। समझाने पर बहस पर उतारू हो जा रहे हैं। कई घरों पर तो प्रगणकों को बार-बार जाना पड़ रहा है क्योंकि घर के मालिक सुबह ड्यूटी पर चले जाते हैं और शाम को बाजार। धीमी प्रगति पर अधिकारी नाराजगोरखपुर में जनगणना की धीमी प्रगति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। अब तक 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो चुका है। आनलाइन बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने 23 में से 19 चार्ज अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग की ओर से 100 से अधिक प्रगणकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा चुकी है।
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
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