Ghazipur News: सऊदी अरब से पैतृक गांव लाया गया शव, बिलख पड़े परिजन
Body brought to ancestral village from Saudi Arabia; family members broke down in grief.
सऊदी अरब से पैतृक गांव पहुंचा शव, बिलख पड़े परिजन, VIDEO
सऊदी अरब से पैतृक गांव पहुंचा शव, बिलख पड़े परिजन, VIDEO
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
ग़ाज़ा: ‘युद्धविराम’ के बावजूद 300 दिनों में 300 बच्चों की मौत
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF)ने कहा है कि ग़ाज़ा में युद्धविराम लागू होने के बावजूद बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है.पिछले अक्टूबर में युद्धविराम लागू होने के बाद से300दिनों के दौरान कम से कम300बच्चे मारे गए हैं.
पाकिस्तान और तुर्की संग कागजी समझौते से बच नहीं जाओगे; ईरान ने सऊदी को दी खुली धमकी
सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने मक्का में इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। डील के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने की स्थिति को तीनों पर हमला माना जाएगा और वे एक-दूसरे की रक्षा के लिए सहयोग करेंगे।
Israel ने China के चेंगदू में बंद किया अपना Consulate, रिश्तों में बढ़ा तनाव
बीजिंग, सात अगस्त इजराइल ने चीन में अपना एक वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। तनाव की वजह चीन का ईरान और अरब देशों के करीब आना तथा पश्चिम एशिया की अपनी व्यापक नीति में बदलाव करना बताया जा रहा है। हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक खबर में कहा गया है कि इजराइल ने चेंगदू स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया है। इस दूतावास ने पिछले महीने अपना कामकाज रोक दिया था। बुधवार को प्रकाशित एक पत्र में निवर्तमान इजराइली महावाणिज्यदूत गादी हरपाज ने चीन के दक्षिण-पश्चिमी शहर चेंगदू में बिताए अपने पांच वर्षों को ‘‘अपने राजनयिक करियर का सबसे यादगार समय’’ बताया। उन्होंने कहा कि वह ‘‘गहरे दुख और पुरानी यादों के एहसास’’ के साथ यहां से विदा ले रहे हैं। हरपाज ने कहा, ‘‘वाणिज्य दूतावास बंद हो रहा है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में हमने दोस्ती, आपसी सम्मान और साझा यादों के जो पुल बनाए हैं, वे हमेशा कायम रहेंगे।’’इजराइल वर्तमान में चीन में शंघाई, ग्वांगझू और हांगकांग में वाणिज्य दूतावासों के अलावा बीजिंग में अपना दूतावास संचालित करता है। पिछले साल के अंत में इजराइल ने चीन में अपने एक राजनयिक मिशन को बंद करने की घोषणा की थी। हालांकि उसने इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की थी। दोनों देशों के संबंधों में तनाव के संकेत तब दिखे जब चीन ने अक्टूबर 2023 में हमास आतंकवादियों द्वारा इजराइल पर किए गए हमले की तत्काल निंदा नहीं की और गाजा संघर्ष में फलस्तीन के समर्थन में अपना रुख रखा।
तुर्की में डेंटल ट्रीटमेंट बना दर्दनाक अनुभव, ब्रिटेन की महिला ने खो दिए सभी असली दांत
तुर्की में डेंटल ट्रीटमेंट बना दर्दनाक अनुभव, ब्रिटेन की महिला ने खो दिए सभी असली दांत
त्रिपक्षीय रक्षा समझौता: अगर भारत करे पाकिस्तान पर कार्रवाई तो क्या सऊदी-तुर्की भी होंगे टारगेट?
पाकिस्तान, सऊदी अरब और ने 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' किया है, जिसके तहत एक पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
यूएई ने सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र में हूती के हमले की निंदा की, समर्थन का जताया भरोसा
अबू धाबी, 7 अगस्त . संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने Friday को सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र पर हुए हूती के हमले की कड़ी निंदा की. यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और उसकी सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते ... Read more
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में इस हफ्ते एक बड़ा उलटफेर हुआ है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की- तीनों देशों ने जेद्दा में मिलकर एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं। इस डील की सबसे चौंकाने वाली बात इसका सामूहिक सुरक्षा प्रावधान है। इसके मुताबिक अगर तीनों में से किसी […] यह लेख सऊदी-पाक-तुर्की का ‘सुपर ब्लॉक’: तीनों में से किसी एक पर हमला तो तीनों मिलकर लड़ेंगे जंग; क्या है भारत का प्लान ? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
धनबाद के कतरास में 20 फीट धंसी जमीन, 10 घर जमींदोज; घर में फंसे 8 लोग सीढ़ी के सहारे निकाले गए
धनबाद के कतरास में भारी ब्लास्टिंग के कारण 20 फीट जमीन धंस गई, जिससे 10 घर जमींदोज हो गए और 8 लोग फंस गए।
'हम करीब से नजर रख रहे हैं', पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्की रक्षा समझौते पर बोला भारत
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर भारत ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है। समझौते में एक देश पर हमले को तीनों पर हमला माना गया है। क्षेत्रीय तनाव के बीच हुए इस करार को संभावित बड़े रक्षा गठबंधन के रूप में देखा जा रहा है।
Jammu News: जम्मू में भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने वार्ड नंबर 16,न्यू प्लॉट के निवासियों के साथ बिजली कनेक्शन काटे जाने और भारी बिलों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण जानीपुर मार्ग अवरुद्ध हो गया।
यह समझौता सऊदी अरब में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बीच हुई बैठक के दौरान किया गया।
पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्किये ने संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' नाम दिया गया है। इसके तहत किसी एक देश पर हमला मतलब सभी पर अटैक माना जाएगा।
बन गया इस्लामिक नाटो! पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्किये ने संयुक्त रक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर
पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्किये ने संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' नाम दिया गया है। इसके तहत किसी एक देश पर हमला मतलब सभी पर अटैक माना जाएगा।
Defence Deal : पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की आए साथ, 'एक पर हमला तो सब पर हमला' वाले समझौते से बढ़ी हलचल
'एक पर हमला, सब पर अटैक माना जाएगा...' पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच बड़ी डिफेंस डील
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.
रूस-यूक्रेन युद्ध में 8 लोगों की मौत, 45 घायल
रूस के बुधवार-गुरुवार रात यूक्रेनी शहरों पर हवाई हमलों में छह लोग मारे गए जबकि करीब 40 घायल हुए हैं। तीन लोग बालाक्लिया में मारे गए और कई घायल हुए जबकि सूमी में तीन लोग मारे गए हैं और 19 घायल हुए हैं। एक अन्य हमले में सूमी में ही 12 लोग घायल हुए हैं। …
Houthi Attack News: यमन में हूती विद्रोहियों का कहर, हमले में 58 सैनिकों की मौत, सऊदी अरब में भी 11 लोग घायल
अमेरिका-ईरान में जुबानी जंग तेज, सऊदी अरब ने जताई हूती के हमले की आशंका
तेहरान, 7 अगस्त . ईरान के मुख्य वार्ताकार ने अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप पर “थिएटर डिप्लोमेसी” करने का आरोप लगाया है. दूसरी तरफ, अमेरिका दावा कर रहा है कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है. हालांकि, ईरान इस बात से इनकार करता रहा है. ईरान के संसदीय अध्यक्ष और शीर्ष नेगोशिएटर ... Read more
Saudi-Turkey-Pakistan Defence Deal: सऊदी, तुर्किए और पाकिस्तान आज करेंगे बड़ी रक्षा डील, जानिए भारत पर क्या होगा इसका असर
पश्चिम एशिया में युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच आज मुस्लिम दुनिया के तीन महत्वपूर्ण देश तुर्किये, सऊदी अरब और पाकिस्तान एक ऐतिहासिक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। यह समझौता ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों को भी निशाने पर लिया है और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस समझौते पर जेद्दा में तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ हस्ताक्षर किए जाएंगे। तुर्किये के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस रक्षा समझौते की पुष्टि भी की है। इसे भी पढ़ें: Article 370 पर बदजुबानी कर रहे थे जरदारी और शहबाज शरीफ, मोदी ने खुद आगे आकर दिया करारा जवाब करीब एक वर्ष तक चली बातचीत के बाद यह समझौता अंतिम रूप तक पहुंचा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि ईरान के साथ जारी संघर्ष ने खाड़ी देशों की सुरक्षा कमजोरियों को उजागर कर दिया है। साथ ही, दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माने जाने वाले हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। हालांकि समझौते के सभी प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इससे सुन्नी मुस्लिम देशों के बीच सामरिक और सैन्य सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। यह गठजोड़ क्षेत्र में उभरते नए शक्ति संतुलन का संकेत माना जा रहा है। तीनों देशों की सामरिक क्षमता इस समझौते को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। तुर्किये नाटो का सदस्य है और उसकी सैन्य क्षमता पश्चिम एशिया में सबसे मजबूत मानी जाती है। वहीं सऊदी अरब अमेरिका का प्रमुख सहयोगी होने के साथ दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल है और खाड़ी क्षेत्र की सबसे प्रभावशाली शक्ति है। वहीं पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न मुस्लिम देश है। रिपोर्टों के मुताबिक, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंकारा क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा मंच के पक्ष में है। ऐसे में यह नया रक्षा समझौता उसी रणनीतिक सोच का विस्तार माना जा रहा है। गौरतलब है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पहले से ही एक रक्षा समझौता मौजूद है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाता है और आवश्यकता पड़ने पर सभी सैन्य साधनों के उपयोग का प्रावधान है। अब तुर्किये के इस ढांचे से जुड़ने के बाद पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया की सुरक्षा राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष के बीच यह रक्षा गठबंधन केवल सैन्य सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री मार्गों की रक्षा और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को भी नई दिशा दे सकता है। देखा जाये तो ऐसे समय में जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है, यह समझौता आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की रणनीतिक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकता है।
हिरोशिमा दिवस पर उदयपुर में विश्व शांति के समर्थन और युद्ध विरोध में निकला जुलूस, हुई सभा
उदयपुर में हिरोशिमा दिवस पर नागरिक एवं जनसंगठनों के साझा मंच की ओर से विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और अन्यायकारी युद्धों के विरोध में टाउन हॉल से दिल्ली गेट तक जुलूस निकाला गया। सभा में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और युद्ध विरोध का संदेश दिया।
सऊदी अरब ने ईरान-समर्थक समूहों के संभावित हमले को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट
सऊदी अरब ने ईरान-समर्थक समूहों के संभावित हमले को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा सुविधाओं, बंदरगाहों और हवाई अड्डों को निशाना बनाया जा सकता है। रियाद: सऊदी अधिकारियों का दावा है कि ईरान-समर्थित सशस्त्र समूह देश की महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाने की तैयारी […] The post सऊदी अरब ने ईरान-समर्थक समूहों के संभावित हमले को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
भारतीय सेना और वायुसेना में महिलाओं का बढ़ता पराक्रम अब केवल प्रेरणा की कहानी नहीं, बल्कि भारत की युद्ध शक्ति का नया चेहरा बन चुका है। भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत देश की पहली महिला 'टॉप गन' कॉम्बैट पायलट बन गई हैं, जबकि भारतीय सेना की कैप्टन शिवानी सहरावत सेना प्रमुख की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त हुई हैं। ये दोनों उपलब्धियां साबित करती हैं कि भारत की बेटियां अब सिर्फ सीमा की रक्षा ही नहीं कर रहीं, बल्कि युद्ध की रणनीति तय करने और सेना के नेतृत्व में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। हम आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने इतिहास रच दिया है। ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में आयोजित यह 20 सप्ताह का कोर्स इतना चुनौतीपूर्ण माना जाता है कि इसमें केवल चुनिंदा लड़ाकू पायलटों को ही प्रवेश मिलता है। वायुसेना के महज लगभग एक प्रतिशत फाइटर पायलट ही इस स्तर तक पहुंच पाते हैं। यही कारण है कि इसकी तुलना अमेरिकी नौसेना के विश्वप्रसिद्ध 'टॉप गन' कार्यक्रम से की जाती है। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: इधर से China, उधर से Pakistan, Border की रक्षा कैसे करेगा Hindustan? सामने आया पूरा प्लान इस कोर्स को पूरा करने वाले अधिकारी केवल बेहतरीन पायलट नहीं रहते, बल्कि वे युद्ध रणनीति के विशेषज्ञ बन जाते हैं। वे जटिल हवाई अभियानों की योजना बनाते हैं, आधुनिक हथियारों के प्रभावी इस्तेमाल की रणनीति तैयार करते हैं, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिशनों का नेतृत्व करते हैं तथा भविष्य के युद्ध सिद्धांत विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो भावना कांत अब केवल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की युद्धनीति गढ़ने वाली चुनिंदा सैन्य रणनीतिकारों में शामिल हो गई हैं। हम आपको बता दें कि बिहार के दरभंगा में 1 दिसंबर 1992 को जन्मी भावना कांत ने बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई की डिग्री हासिल की। कुछ समय तक टीसीएस में कार्य करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना का रास्ता चुना। जून 2016 में वे अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के बैच का हिस्सा बनीं। वर्ष 2019 में वे मिग-21 बाइसन पर दिन के समय लड़ाकू अभियान के लिए योग्य घोषित होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। बाद में उन्होंने अत्याधुनिक सुखोई-30 एमकेआई जैसे फ्रंटलाइन मल्टीरोल फाइटर विमान का संचालन किया। 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनने से लेकर 2024 की गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट तक उनका सफर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करता रहा है। वर्ष 2020 में उन्हें 'नारी शक्ति पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया था। साथ ही महिलाओं की बढ़ती सैन्य भागीदारी का दायरा केवल वायुसेना तक सीमित नहीं है। भारतीय सेना में कैप्टन शिवानी सहरावत का सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के एड-डी-कैंप (ADC) के रूप में नियुक्त होना भी ऐतिहासिक उपलब्धि है। ADC का दायित्व केवल औपचारिक नहीं होता, बल्कि यह अत्यंत संवेदनशील और भरोसेमंद जिम्मेदारी होती है। इस पद पर वही अधिकारी चुने जाते हैं जिनका सेवा रिकॉर्ड उत्कृष्ट हो, अनुशासन अनुकरणीय हो और सैन्य प्रक्रियाओं व प्रोटोकॉल की गहरी समझ हो। किसी महिला अधिकारी का पहली बार इस पद तक पहुंचना भारतीय सेना में लैंगिक समानता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। देखा जाये तो यह उपलब्धियां ऐसे समय सामने आई हैं जब भारत की सुरक्षा चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, सीमापार उकसावे और बदलते युद्ध स्वरूप के बीच भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सैन्य शक्ति अब किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। हम आपको याद दिला दें कि पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारतीय सशस्त्र बलों की महिला अधिकारियों और सैनिकों ने निगरानी, एयर डिफेंस, ऑपरेशनल प्लानिंग, खुफिया समन्वय और मिशन सपोर्ट जैसे अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाकर यह सिद्ध किया था कि आधुनिक युद्ध केवल मोर्चे पर गोली चलाने का नहीं, बल्कि तकनीक, रणनीति और नेतृत्व का भी होता है, जिसमें भारत की बेटियां पूरी क्षमता के साथ योगदान दे रही हैं। बहरहाल, स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत का 'टॉप गन' बनना और कैप्टन शिवानी सहरावत का सेना प्रमुख की ADC नियुक्त होना केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं हैं। ये उस नए भारत का प्रतीक हैं, जहां महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी दी जा रही है, जहां वे युद्ध लड़ने के साथ-साथ युद्ध की रणनीति भी तय कर रही हैं। यह बदलती तस्वीर भारत की सैन्य क्षमता को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ दुनिया को यह स्पष्ट संदेश देती है कि अब भारत की सुरक्षा व्यवस्था में उसकी बेटियां भी सर्वश्रेष्ठ योद्धा की भूमिका निभा रही हैं।
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले से भारी तबाही, देखें दुनिया आजतक
रोम में शांति वार्ता के बीच इजरायल-लेबनान में तनाव बढ़ गया है. दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले से भारी तबाही मची है, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई. जवाबी हमले में 2 इजरायली सैनिक भी ढेर हुए. युद्धविराम के बावजूद सीमा पर झड़पें थम नहीं रहीं. देखें दुनिया आजतक.
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Turkiye, Saudi Arabia, Pakistan set to sign joint defence pact: Report - 'इस्लामिक नाटो' का गठन?: तुर्किये, सऊदी अरब-पाकिस्तान के बीच जल्द होगा संयुक्त रक्षा समझौता, रिपोर्ट में दावा
कैनेडियन ओपन: स्वियातेक ने हासिल किया अंतिम-16 का टिकट, एकतरफा मुकाबले में गोलुबिक को हराया
टोरंटो, 7 अगस्त (आईएएनएस)। इगा स्वियातेक ने कैनेडियन ओपन के अंतिम 16 में जगह बना ली है। सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने तीसरे राउंड के मुकाबले में विक्टोरिया गोलुबिक को शिकस्त दी और सिर्फ तीन गेम गंवाए।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान कहा - 'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है', ईरान को लेकर कही ऐसी बात जिसने बढ़ा दी वैश्विक हलचल
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, जानें क्या हुई चर्चा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के पीएम मोदी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। जानें दोनों ने किन मुद्दों पर चर्चा की?
सऊदी अरब के पास वित्तीय ताक़त है. पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता, बैलिस्टिक मिसाइलें और मानव संसाधन हैं जबकि तुर्की के पास सैन्य अनुभव है और उसने एक रक्षा उद्योग विकसित किया है.
युद्ध जल्द खत्म होने वाला है, वे..., ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा - ABP News
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Amethi News: सऊदी अरब में हार्ट अटैक से युवक की मौत
young man in amethi
यूक्रेन: युद्ध के बीच जीवन की नई शुरुआत
यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच,लोग स्कूलों,अस्पतालों,प्रसूति वार्डों और अपने समुदायों में जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं.
‘खेल का मैदान हो, समुद्र तट या घर’: रूस-यूक्रेन युद्ध में बच्चों की मौतें रोकने की पुकार
यूक्रेन पर रूस का आक्रमण जारी है और हाल के सप्ताहों में दोनों देशों ने हवाई व ड्रोन हमले तेज़ किए हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इन हमलों में बच्चों के मारे जाने और घायल होने पर चिन्ता जताते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.
नेतन्याहू का पीएम मोदी को फोन, मिडिल ईस्ट संकट के बीच दोनों नेताओं ने की अहम बातचीत; जानिए क्या हुई चर्चा
मध्य प्रदेश के सीहोर के सेठ जुम्मा लाल रुठिया ने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान 1917 में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा कर्ज मांगे जाने पर 35 हजार रुपये दिए थे। अब रुठिया के उत्तराधिकारियों ने ब्रिटेन सरकार से कर्ज का भुगतान करने के लिए पत्राचार किया है।
पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी 'युद्ध नशों के विरुद्ध' (War Against Drugs) अभियान को सरकारी कॉलेज गुरदासपुर में व्यापक जनसमर्थन और अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। अभियान के अंतर्गत कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों और समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने एकजुट होकर नशा विरोधी शपथ ली। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने ऑनलाइन प्लेज (E-Pledge) लेकर नशा मुक्ति अभियान के आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी प्राप्त किए। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार भल्ला ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह समूचे समाज और देश के समग्र विकास के रास्ते में एक गंभीर बाधा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के युवाओं के भीतर अपार प्रतिभा, क्षमता और ऊर्जा छिपी है, जिसे नशे की गर्त में जाने से बचाना और सही दिशा देना हम सभी का परम और सामूहिक दायित्व है। प्राचार्य भल्ला ने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और शिक्षा, उच्च अनुसंधान, खेलकूद, नवाचार, उद्यमिता व समाज सेवा जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में अपनी ऊर्जा लगाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं हर प्रकार के व्यसन से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। विद्यार्थियों ने ली कभी नशा न करने और पीड़ितों की मदद करने की प्रतिज्ञा अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे आत्मबल के साथ संकल्प लिया कि वे जीवन में कभी भी किसी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों और समाज को भी इस सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का वचन दिया। छात्रों ने प्रतिज्ञा की कि वे नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों को सही इलाज, नशामुक्ति केंद्रों और उचित परामर्श तक पहुंचाने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे, ताकि पंजाब और भारत को नशा मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाया जा सके। पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान कॉलेज परिसर में आयोजित होंगी नशा विरोधी गतिविधियां प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार भल्ला ने घोषणा की कि सरकारी कॉलेज गुरदासपुर को पूर्णतः नशा मुक्त परिसर (Drug-Free Campus) बनाए रखने के लिए यह अभियान पूरे शैक्षणिक सत्र में निरंतर जारी रहेगा। इसके तहत सेमिनार और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं में नशा विरोधी चेतना को और अधिक मजबूत किया जा सके। इस मौके पर उपस्थित समस्त प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों को अच्छी संगति चुनने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सदैव प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। ये कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जागरूकता रैलियां और संगोष्ठियां (Seminars) विषय-विशेषज्ञों के व्याख्यान और काउंसलिंग सेशन पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं नुक्कड़ नाटक और खेल गतिविधियां एन.एस.एस. (NSS), रेड रिबन क्लब और अन्य कमेटियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम
Shehbaz Sharif तीन दिवसीय यात्रा पर Saudi Arabia जाएंगे, रक्षा संबंधों पर होगी वार्ता
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सऊदी अरब जाएंगे। पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह 18 जून को हस्ताक्षरित ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ के तहत अमेरिका और ईरान को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए ‘‘हरसंभव प्रयास’’ कर रहा है। शरीफ छह से आठ अगस्त तक होने वाली इस यात्रा के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। विदेश कार्यालय (एफओ) ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल में फील्ड मार्शल मुनीर के अलावा उप प्रधानमंत्री इशाक डार और अन्य केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। डार उप प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ विदेश मंत्री भी हैं। वह यरुशलम पर आयोजित एक मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के बाद जॉर्डन की यात्रा पूरी करके पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। विदेश कार्यालय ने कहा कि वह वहीं प्रधानमंत्री के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। बयान में कहा गया, ‘‘यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ सऊदी अरब के युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात करेंगे। वार्ता में पाकिस्तान-सऊदी अरब द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से जुड़े साझा हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।’’ पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा कि यह यात्रा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच दशकों पुराने आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे पर आधारित दीर्घकालिक साझेदारी को दर्शाती है। उसने कहा, ‘‘हालांकि यह यात्रा खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच हो रही है, लेकिन इसका महत्व मौजूदा संकट और अल्पकालिक परिस्थितियों से कहीं अधिक है। इससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे, रणनीतिक सहयोग गहरा होगा, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ेगा तथा बहुपक्षीय सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।’’ यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया का संघर्ष कई मोर्चों तक फैल गया है, जिसके चलते खाड़ी देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा समन्वय बढ़ाने की दिशा में कदम तेज किए हैं। इससे पहले 30 जुलाई को सऊदी अरब ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक समुद्री मार्गों और महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा के लिए बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (एमएमडीसी) का प्रस्ताव रखा था। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान सहित 14 देशों ने इस पहल का समर्थन किया, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में से एक की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं का संकेत मिला। इस्लामाबाद ने साथ ही सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और लाल सागर तथा बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से वैध समुद्री व्यापार के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने पिछले वर्ष रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करके अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत किया था। यह समझौता इस वर्ष की शुरुआत में प्रभावी हुआ। इस समझौते का क्रियान्वयन ऐसे समय शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा था। इसे इस्लामाबाद की सऊदी अरब के साथ अपनी करीबी रणनीतिक साझेदारी बनाए रखने और साथ ही तेहरान के साथ संवाद के रास्ते खुले रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा ढांचे के तहत पाकिस्तान ने संयुक्त प्रशिक्षण, रक्षा सहयोग और सऊदी अरब की सुरक्षा आवश्यकताओं के समर्थन के लिए सैन्य कर्मियों और विमान भी वहां तैनात किए हैं। पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए वित्तीय सहायता के मामले में भी सऊदी अरब पर निर्भर है।
टेलर ने कपड़े की कतरन वापस लौटा दी तो फेंकने की बजाय 4 तरीके से करें इस्तेमाल
आपके पास ढेर सारी कपड़े की कतरन बची रहती है या फिर टेलर ने सूट या ब्लाउज की बची हुई कतरन को वापस कर दिया है। इसे फेंकने की बजाय आप बहुत ही काम के तरीकों से दोबारा से इस्तेमाल में ला सकते हैं।
500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी
हिरोशिमा दिवस : युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य।
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El Nino Impact On Monsoon: वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई की मार झेल चुकी दुनिया के सामने साल 2026 के अंत तक एक बार फिर से भोजन महंगा होने का नया संकट मंडराने लगा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट 'फर्स्टपोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी युद्ध की वजह से फ्यूल और फर्टीलाइजर की सप्लाई काफी प्रभावित हो रही है।इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक देश भारत में मानसून की धीमी और देर से हुई शुरुआत ने वैश्विक चावल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।कच्चे तेल के ऊंचे दाम, खाद आपूर्ति में रुकावट और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम कृषि उत्पादन व उसके परिवहन की लागत को लगातार बढ़ा रहे हैं। इस वजह से दुनिया भर के उपभोक्ताओं को इस साल के अंत और वर्ष 2027 के दौरान खाद्य महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में राहत की खबर यह है कि घरेलू स्तर पर सुधरती बारिश और पर्याप्त अनाज भंडार के दम पर भारत पर इसका असर सीमित रहने का अनुमान है।संयुक्त राष्ट्र ने दिए संकेत: साल के अंत से फिर बढ़ेंगे खाने-पीने के सामान के दामसाल 2022 में ग्लोबल महंगाई को बढ़ाने में खाद्य कीमतों ने मुख्य भूमिका निभाई थी लेकिन चालू वर्ष में ऊर्जा लागत अधिक रहने के बावजूद खाद्य कीमतें अपेक्षाकृत नियंत्रित रही हैं। हालांकि यह राहत अस्थाई साबित हो सकती है। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि कमोडिटी की कीमतें अब ज्यादा तेजी से बढ़ेंगी और साल के अंत तक खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने शुरू हो जाएंगे।इसका असर अगले साल यानी 2027 में और अधिक देखने को मिलेगा। टोरेरो के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमोडिटी की बढ़ी हुई कीमतों का असर रिटेल यानी खुदरा बाजार में दिखने में तीन से छह महीने का समय लगता है।हालांकि हाल के महीनों में गेहूं, मक्का और चावल जैसी प्रमुख फसलों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन यह मौजूदा समय की ठीक-ठाक पैदावार दिखा रही है। असली चुनौती अगली बुवाई के सीजन में उत्पादन लागत बढ़ने से सामने आएगी।युद्ध की वजह से सप्लाई चेन पर बढ़ा भारी दबावईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा की है। ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। मैक्सिमो टोरेरो के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह का अवरोध कृषि प्रणालियों और उसके इनपुट्स पर सीधा असर डालता है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की ऊंची दरें सिंचाई, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ा देती हैं। इसके अलावा नेचुरल गैस के दाम बढ़ने से खाद बनाना भी काफी महंगा हो जाता है।इसी तरह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों ने डीजल और नेचुरल गैस के निर्यात पर असर डाला है। इससे दुनिया भर में किसानों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। यूरोप, अमेरिका, ब्राजील और एशिया के किसान इस दबाव को महसूस कर रहे हैं और कम मुनाफे की वजह से फसलें उगाएं या न उगाएं, इस सवाल से जूझ रहे हैं।भारत का मानसून बना दुनिया के लिए अहम वॉचपॉइंटदुनिया में चावल के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक और सबसे बड़े निर्यातक देश भारत का मानसून अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजारों के लिए एक प्रमुख वॉचपॉइंट बना हुआ है। भारत में मानसून की देरी से शुरुआत और औसत से कम बारिश ने चावल के उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। अगर भारत के चावल उत्पादन में कोई बड़ी बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई टाइट हो सकती है। इससे कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं।भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर सीमित: बजाज एसेट मैनेजमेंट की रिपोर्टबजाज एसेट मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में देर से आए मानसून का देश की इकॉनमी पर बड़ा निगेटिव असर पड़ने की संभावना बेहद कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जून के आखिरी हफ्ते में बारिश काफी बेहतर हुई है। जुलाई में भी मानसूनी बारिश मजबूत रही। देश के प्रमुख नदी घाटियों और जलाशयों में पानी का स्तर बेहतर स्थिति में है। भारत के पास सरकारी गोदामों में अनाज का भंडार तय बफर नॉर्म्स से लगभग 5 गुना अधिक है। ये खाद्य कीमतों में उछाल को रोकने में एक मजबूत कवच का काम करेगा।वित्त वर्ष 2027 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर औसतन 5 से 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये खाद्य आपूर्ति के अस्थाई दबावों की वजह से होगी। हालांकि कोर इन्फ्लेशन दर कंट्रोल में है। भारत की रूरल इकॉनमी मजबूत बनी हुई है। मई में ट्रैक्टरों की बिक्री में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह एग्रीकल्चर क्रेडिट करीब 15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा। गैर-कृषि आय के मजबूत रहने से बुवाई में देरी के बावजूद ग्रामीण खपत बनी हुई है।रिपोर्ट में ऐतिहासिक तथ्यों के हवाले से कहा गया कि जून 2026 पिछले एक सदी में सबसे शुष्क महीनों में से एक रहा लेकिन पूरे मानसून का नतीजा जून से तय नहीं होता। अगर अगस्त और सितंबर में बारिश का सिलसिला बेहतर बना रहता है तो मानसून घाटे की चिंताएं दूर हो जाएंगी और 2026 को एक रिकवरिंग मानसून वर्ष के रूप में देखा जाएगा।बढ़ती लागत से किसानों ने घटाई बुवाई: अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक संकटबढ़ती उत्पादन लागत के कारण दुनिया भर के किसानों ने फसलों का रकबा घटाना शुरू कर दिया है। ईरान संघर्ष के शुरुआती तीन महीनों में वैश्विक स्तर पर गेहूं और मक्के की बुवाई में गिरावट आई है। कई अमेरिकी किसानों ने सोयाबीन की ओर रुख किया है क्योंकि इसमें खाद की जरूरत कम होती है। अमेरिकन फार्म ब्यूरो फेडरेशन के अनुमान के मुताबिक अतिरिक्त सरकारी मदद के बिना 2027 में 9 प्रमुख फसलें उगाने वाले अमेरिकी किसानों को कुल मिलाकर 32 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।दुनिया के बड़े कृषि निर्यातक देशों में शामिल ऑस्ट्रेलिया ने अनुमान लगाया है कि फ्यूल और खाद की अत्यधिक ऊंची कीमतों के साथ इनपुट्स की अनिश्चितता के चलते उसकी सर्दियों की फसल उत्पादन में 21 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।अल नीनो की आहट से खाद्य सुरक्षा पर मंडराया 'परफेक्ट स्टॉर्म'भू-राजनीतिक तनावों के साथ-साथ अल नीनो मौसम पैटर्न के मजबूत होने की आशंका ने संकट को और गहरा कर दिया है। एफएओ ने चेतावनी दी है कि अल नीनो की वजह से मौसम पर पड़ने वाला असर फसलों की पैदावार घट सकती है। ऐसा हुआ तो खाद्य आपूर्ति में कमी आएगी और दुनिया भर में करोड़ों लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में आ सकते हैं।जलवायु का झटका, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और फ्यूल-खाद की आपूर्ति में आ रही बाधा, ये सारी बातें मिलकर वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए एक परफेक्ट स्टॉर्म यानी चौतरफा संकट पैदा कर रही हैं। हालांकि कमोडिटी बाजार अब तक कुछ हद तक टिकाऊ बने रहे हैं लेकिन बढ़ती उत्पादन लागत का पूरा असर आने वाले महीनों में सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों में सामानों के दामों में दिखाई देगा।ये भी पढ़ें- आज का मौसम: बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड समेत 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में भी होगी प्रचंड बरसात, IMD ने दी ये चेतावनीइससे दुनिया भर के लोगों के लिए महंगाई का खतरा एक बार फिर बढ़ सकता है। दूसरी ओर भारत में सुधरती मानसूनी बारिश, प्रचुर अन्न भंडार और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के चलते देश के भीतर इसका व्यापक आर्थिक असर सीमित रहने की उम्मीद है।
हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा खुलासा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, लेकिन ईरान ने बातचीत करने का प्रस्ताव रखा।
हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा खुलासा India TV Hindi दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar) Iran के लिए क्या वाकई ये आख़िरी मौक़ा है? BBC THAAD से पैट्रियट तक... खत्म हो गया अमेरिका का डिफेंस सिस्टम; ईरान युद्ध में फिनिश मिसाइल इंटरसेप्टर? Jagran ईरान में तख्तापलट की तैयारी: ट्रंप ने वेनेजुएला की मिसाल क्यों दी? परमाणु का जिक्र कर तेहरान को समझौते की धमकी Amar Ujala क्या खाक ईरान से जंग लड़ेगा अमेरिका! खत्म हो गई सारी लंबी दूरी पर हमला करने वाली मिसाइलें, रिपोर्ट में खुलासा India.Com
क्या है प्रोजेक्ट अबाबील? भारतीय सीमा के पास कैसी चाल चल रहा पाकिस्तान, चीन और तुर्की भी साथ
पाकिस्तान सर क्रिक में नापाक चाल चल रहा है। सर क्रीक के पानी में घुसपैठ की क्षमता बढ़ाने के लिए पाकिस्तान ने आधुनिक हथियारों की बड़ी खेप उतारी है। इसमें चीन और तुर्की भी उसका साथ दे रहे हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: अदन की खाड़ी में हूतियों ने सऊदी अरब के टैंकर के पास किया धमाका; चालक दल सुरक्षित - Have Houthi rebels become active again Massive blast near tanker in Gulf of Aden crew safe
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा गया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आने के बाद सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना को देखते हुए कर्मचारियों ने पहले ही कैविएट याचिका दाखिल कर दी है। 3 अगस्त को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 15 दिनों के भीतर कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया डीए जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि इस महीने के अंत तक भुगतान नहीं किया गया, तो सरकार को 6% ब्याज के साथ राशि देनी होगी। इधर, सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील किए जाने की आशंका के बीच कर्मचारी पक्ष ने 5 अगस्त को कैविएट याचिका दाखिल कर दी। इसका मतलब है कि यदि सरकार हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देती है, तो सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं करेगा। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिषेक गुप्ता सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। कर्मचारियों के इस कदम से क्या फायदा… हाईकोर्ट ने रद्द की थी 42 किश्तों वाली नीतिहाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की उस नीति को खारिज कर दिया था, जिसके तहत DA का बकाया 42 किश्तों में देने का प्रावधान किया गया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर DA और DR का भुगतान करे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद सतर्कता भरा है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती भी है, तो कर्मचारियों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा। कर्मचारियों के बकाया DA का पूरा मामला जानिए… जानिए हाईकोर्ट के फैसले पर वित्तमंत्री ने क्या कहा था ************* ये खबर भी पढ़ें: हाईकोर्ट का AAP सरकार को झटका: 15 दिन में बकाया DA देने के आदेश, देरी पर 6% ब्याज भी; 8 लाख मुलाजिमों-पेंशनर्स को फायदा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य के करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को 15 दिन के भीतर लंबित महंगाई भत्ता (DA) जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इस महीने के अंत तक भुगतान नहीं किया गया तो सरकार को 6% ब्याज भी देना होगा। (पढ़ें पूरी खबर)
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
50 से ज्यादा देश, 3 महाद्वीप और हथियारों का जखीरा... क्या ये तृतीय विश्व युद्ध की आहट है?
आज के संघर्ष वैश्विक स्तर पर आपस में जुड़े हुए हैं, यूक्रेन और ईरान जैसे युद्धों से कई देश प्रभावित हो रहे हैं।
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी जंगलों में लगी भयानक आग द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी त्रासदी बन गई है, जिससे 2,20,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। लगभग 42,000 हेक्टेयर भूमि जलकर राख हो गई है। गिरोंडे और लैंड्स क्षेत्र के बाद ऐतिहासिक शहर बोर्दो के […]
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
5 महीने की लड़ाई ने बदला समीकरण! ईरान युद्ध में अमेरिका के मिसाइल स्टॉक खाली, लम्बा चला युद्ध तो क्या करेंगे ट्रंप
THAAD से पैट्रियोट तक भारी तबाही: ईरान युद्ध के बीच क्या सचमुच खत्म हो गया अमेरिका का डिफेंस स्टॉक
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य संघर्ष ने मध्य पूर्व (Middle East) में एक ऐसा महायुद्ध छेड़ दिया है, जिसकी भीषणता ने खुद अमेरिकी रक्षा तंत्र को सकते में डाल दिया है। इस जंग को लंबा खिंचते देख अब अमेरिका की सैन्य ताकत और उसकी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के स्टॉक पर बहुत बड़े संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में अमेरिकी सेना के तरकश के कई अहम तीर खाली हो चुके हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या आधुनिक युद्धक हथियारों की यह कमी अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व पर भारी पड़ने वाली है।THAAD के 80 और पैट्रियोट के 50 प्रतिशत इंटरसेप्टर खत्म, हथियारों का भंडार हुआ खालीसीएनएन की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के हवाले से यह खुलासा हुआ है कि ईरान के साथ जारी इस लंबे युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने अपने बेहद मारक और आधुनिक 'थाड' (THAAD) एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लगभग 80 प्रतिशत इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर डाला है। इसके साथ ही, देश की सुरक्षा का मुख्य आधार माने जाने वाले 'पैट्रियोट' (Patriot) इंटरसेप्टर का भी करीब 50 प्रतिशत स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। इससे पहले शुरुआती दौर के हमलों में ही अमेरिकी सेना अपनी लगभग 30 प्रतिशत टोमाहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइलों को भी झोंक चुकी है। रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि हथियारों के इस भारी क्षरण ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है।व्हाइट हाउस ने खारिज किए दावे, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस की सुरक्षा पर बढ़ी चिंताविशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डे पूरी तरह से इन्हीं एयर डिफेंस सिस्टम्स की सुरक्षा पर निर्भर हैं, और ऐसे में स्टॉक का खतरनाक स्तर तक कम होना अमेरिकी सैनिकों के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुमान के अनुसार, युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 2,200 पैट्रियोट और 452 थाड मिसाइलें मौजूद थीं, जो अब काफी हद तक घट चुकी हैं। हालांकि, इन गंभीर चेतावनियों के सामने आने के बावजूद व्हाइट हाउस ने गोला-बारूद की कमी की इन तमाम रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना के पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यकता से अधिक और पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद का सुरक्षित भंडार मौजूद है।
इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में तैनात सैनिकों ने हिज़्बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों के एक गोदाम और ज़मीन के नीचे बने इंफ्रास्ट्रक्चर का पता लगाया है। IDF ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सैनिकों को इस जगह पर हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला, जिसमें कलाश्निकोव राइफलें, एंटी-टैंक रॉकेट और कई तरह के मिलिट्री उपकरण शामिल थे। सेना ने बताया, इसके अलावा, IDF के सैनिकों ने सरोबिन इलाके में ज़मीन के नीचे बनी एक सुरंग को नष्ट कर दिया, जो कई मीटर लंबी थी। सेना ने कहा कि इस ज़मीनी रास्ते का इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह आगे बढ़ने और IDF सैनिकों पर आतंकी हमले करने के लिए करता था। ये ऑपरेशन IDF की उन लगातार चल रही सैन्य कोशिशों का हिस्सा हैं, जिनका मकसद हिज़्बुल्लाह के सीमा-पार मिलिटेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना और उत्तरी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसे भी पढ़ें: IDF का बड़ा स्ट्राइक: Beaufort Ridge के नीचे Hezbollah का मुख्य Underground Network तबाह, ईरान की बड़ी साजिश नाकाम पिछले हफ़्ते, इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट रिज के नीचे बनी कई अहम ज़मीनी सुरंगों को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई सिक्योरिटी ज़ोन वाले इलाके में एक सीमित गतिविधि के दौरान की गई, जबकि अगस्त में रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल-लेबनान के बीच बातचीत फिर से शुरू होने वाली है। IDF ने कहा कि यह सुरंग नेटवर्क हिज़्बुल्लाह के लिए एक सेंट्रल कमांड सेंटर का काम करता था, जहाँ से उसके कमांडर लड़ाई की गतिविधियों को संभालते थे और इज़राइली सैनिकों और नागरिकों पर हमले का निर्देश देते थे। इसे भी पढ़ें: IDF का बड़ा स्ट्राइक: Beaufort Ridge के नीचे Hezbollah का मुख्य Underground Network तबाह, ईरान की बड़ी साजिश नाकाम IDF के मुताबिक, इस ज़मीनी नेटवर्क में कई स्तर थे और इसे दो दशकों में बनाया गया था। IDF ने यह भी कहा कि यह दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह की 'बदर यूनिट' के लिए एक सेंट्रल कमांड सेंटर के तौर पर काम करता था और इसे ईरान के आतंकवादी शासन ने प्लान और फंड किया था। IDF ने कहा कि यह नेटवर्क उत्तरी इज़राइल के लिए खतरा था क्योंकि यह मेटुला और गैलिली पैनहैंडल से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित था।
शिवसेना (UBT) और राष्ट्रीय हिंदू कल्याण संगठन ने जम्मू को राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक संरक्षण देने की मांग की।
West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?
हरियाणा में मानसून मेहरबान: अधिकतर जिलों में मध्यम से तेज बारिश, 12 अगस्त तक जारी रहेगा दौर
प्रदेश के अधिकतर जिलों में मंगलवार को मध्यम से तेज बारिश हुई।
इंदौर-उज्जैन हेलीकॉप्टर सेवा का किराया 30% बढ़ा: अब एकतरफा सफर के लिए चुकाने होंगे 6,500 रुपए
ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण इंदौर से उज्जैन के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा का एकतरफा किराया 30% बढ़कर 6,500 हो गया है।
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
मोहाली की MA पास लड़की की कनाडा में रहने वाले NRI युवक के साथ धूमधाम से शादी हुई। लड़के का परिवार मूल रूप से लुधियाना का रहने वाला है। बड़े मैरिज पैलेस में परिवार ने शादी पर पानी की तरह पैसा बहाया। लेकिन जब दहेज में बड़ी कार नहीं मिली तो दोनों परिवारों में तकरार शरू हुई। पति से लेकर ससुर तक गाली-गलौज करने लगे। बात हाथापाई तक पहुंच गई। पति विदेश चला गया, लेकिन वह विदेश न पहुंच पाए, इसके लिए गलत दस्तावेज लगाकर भेज दिए। परिवार ने लड़की का घर बसाने के लिए प्रयास किए, लेकिन पति ने उसे संदेश भेजा कि, तुम आजाद हो, कहीं भी शादी कर लो। इसके बाद उसने कनाडा से बिना पीड़िता की सहमति के एकतरफा 'तलाक-ए-हसन' भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी शिकायत पर पति करमपाल गिल के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब सारी कहानी को 6 प्वाइंटों में जानिए मोहाली के टॉप के पैलेस में हुई शादी पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 16 फरवरी, 2024 को मुस्लिम रीति-रिवाजों से मोहाली जिले में करमपाल के साथ संपन्न हुआ था। विवाह का रिसेप्शन 'आशीर्वाद बैंक्वेट' में आयोजित किया गया। उनकी तरफ से शादी में लगभग ₹25 लाख खर्च किए गए, जिसमें सोने के सेट, चेन, अंगूठियां और कपड़े उपहार स्वरूप दिए गए थे। बड़ी कार न देने पर रिश्ते में आई दरार शादी के बाद दो-चार दिन तक सब ठीक चला। लेकिन उसके बाद ससुराल वालों ने हैसियत के मुताबिक बड़ी कार न देने का ताना देना शुरू कर दिया। जब उसकी तरफ से दलील दी गई कि ऐसा नहीं हो सकता, तो इंकार करने पर मारपीट की गई और थप्पड़-घूंसे मारे गए।कनाडा का खर्च मायके वालों से मांगने लगे 10 मार्च 2024 को आरोपी पति कनाडा चला गया और उसे जल्द बुलाने की बात कही। लेकिन फिर ससुराल वालों की नीयत बदल गई। वे पूरा खर्च उसके मायके वालों से मांगने लगे। पति ने भी इस दौरान खेल किया। विदेश से गलत दस्तावेज लगाने के कारण पीड़िता का वीजा रिजेक्ट हो गया। ससुर भी गाली गलौच करने लगा पति की गैरहाजिरी में सास, ससुर और ननद शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देते रहे। ससुर शराब पीकर गाली-गलौज करता था, जबकि सास और ननद पीड़िता के बाल खींचतीं और मारपीट करती थीं। 19 नवंबर 2024 को पति भारत वापस आया। उसने आपबीती सुनाई, तो वह भी उसके साथ खड़ा नहीं हुआ। उसने अपनी फैमिली का पक्ष लिया और मारपीट की। जब तक कार नहीं, तब तक लड़की नहीं आएगी मायके वालों ने घर बसाने की कोशिश की। मामला पंचायत तक पहुंचा। लेकिन ससुराल वालों ने स्पष्ट कहा कि, जब तक नई कार नहीं मिलेगी, लड़की को घर नहीं बसाएंगे। इसके बाद उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। लेकिन उसे अंदर से उम्मीद थी कि पति उसका साथ देगा। तुम आजाद हो, भेज दिया तलाक वर्ष 2026 में उसने वैवाहिक संबंध सुधारने का प्रयास किया, तो पति ने संदेश भेजा कि, तुम आजाद हो, कहीं भी शादी कर लो। इसके बाद उसने कनाडा से बिना पीड़िता की सहमति के एकतरफा 'तलाक-ए-अहसन' भेज दिया। पीड़िता का सारा स्त्रीधन (सोने-चांदी के गहने व सामान) ससुराल पक्ष के कब्जे में है, जिसे वे वापस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उसने इस संबंध में डीजीपी पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद केस दर्ज हुआ।
राम-रावण का युद्ध इतिहास में सर्वदा जीवित रहेगा : महंत अवधेश
The war between Ram and Ravana will remain alive in history forever: Mahant Avadhesh
Maharajganj News: ट्रांसफार्मर बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उप केंद्र कतरारी पर किया प्रदर्शन
Villagers protested at the Katari sub-centre demanding replacement of the transformer.
खाड़ी देशों में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 497 करोड़ की योजना : पांडियन
Rs 497 crore scheme to compensate for losses caused by the war in Gulf countries: Pandian
विशेष: 30 सेकंड में 27 वार, एकतरफा इश्क में महिला टीचर की हत्या
एक बार फिर एक महिला को सनकी आशिक की वजह से जान गंवानी पड़ी है.. इस बार शिकार हुई है.. फरीदाबाद के एक प्राइवेट स्कूल की टीचर.. जिसे एकतरफा इश्क में एक सनकी ने मार दिया.. और मारा भी ऐसा कि सिर्फ 30 सेकेंड में चाकुओं से ताबड़तोड़ 27 वार किये.. और ये पूूरी वारदात स्कूल के सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. देखें विशेष.
ईरान का बड़ा बयान, Pezeshkian बोले 'हम युद्ध नहीं चाहते' पर Trump ने दी Last Chance की चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को कहा कि तेहरान इलाके में कोई झगड़ा या तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई समझौता नहीं करेगा। प्रेस टीवी के मुताबिक, पेज़ेश्कियान ने कहा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान इलाके में तनाव या अस्थिरता नहीं बढ़ाना चाहता।हालांकि, देश की सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए वह अपनी पूरी ताकत से काम करेगा। उनके ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आए हैं जिसमें उन्होंने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा था कि ईरान को समझौता करने का आखिरी मौका दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और ईरान के अनुरोध पर कूटनीति का रास्ता अपनाने के लिए वॉशिंगटन ने एक तय सैन्य हमले को रोक दिया था। इसे भी पढ़ें: Delhi Gold Price: दिल्ली में सोना ₹1,47,500 के पार, US-Iran Tension के बीच बाजार में बेचैनी ओवल ऑफिस में 'प्रेसिडेंशियल मिलिट्री स्पाउस कमीशन' बनाने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि कूटनीतिक कोशिशों की वजह से हमले को रोकने से पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार था। तेहरान के साथ चल रही बातचीत पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा यह आखिरी मौका है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो यह उनके लिए एक अच्छा समझौता करने का आखिरी मौका है। ईरान के अनुरोध पर बातचीत होने का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा हम अभी बातचीत कर रहे हैं, हम बातचीत कर रहे हैं और यह बातचीत ईरान के अनुरोध पर हो रही है, जिसे सऊदी अरब, UAE और खासकर कतर का समर्थन हासिल है, और दूसरे देशों का भी। कई देशों ने फोन किया... वे सभी इसे एक आखिरी मौका देना चाहते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ कई बैठकें करने के बावजूद ईरान ने पहले बातचीत करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोलने पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत के नए दौर का पहला चरण इस अहम शिपिंग रूट को खोलने पर केंद्रित होगा। इसे भी पढ़ें: Iran Political Crisis: खामेनेई का Pezeshkian को आखिरी अल्टीमेटम, IRGC कमांडर के हाथ में कमान हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल नहीं है। उन्होंने तेहरान और वाशिंगटन के बीच सक्रिय द्विपक्षीय बातचीत के दावों को सख्ती से खारिज कर दिया। फार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान का मौजूदा राजनयिक जुड़ाव केवल पड़ोसी देश ओमान के साथ द्विपक्षीय है, जो रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर एक अस्थायी सुरक्षित रास्ता बनाने पर केंद्रित है। बघाई ने स्पष्ट किया कि ओमान में चल रही बातचीत पूरी तरह से समुद्री यातायात प्रबंधन तक ही सीमित है। हालांकि मस्कट के साथ एक नए अस्थायी शिपिंग लेन को लेकर बनी सहमति सुरक्षित नेविगेशन के लिए एक तकनीकी पूर्व-शर्त है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि ऐसा समझौता एक जरूरी शर्त तो है, लेकिन इस अहम 'चोकपॉइंट' (संकरे समुद्री रास्ते) को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए अकेले यह काफी नहीं है।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच चल रही बयानबाजी को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत और डोटासरा के बीच शीत युद्ध चल रहा है। अभी मॉनसून का मौसम है, अगर यह शीत युद्ध गर्मियों के मौसम में चलता तो सेहत के लिए अच्छा रहता। कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई मदन दिलावर ने कहा कि यह कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई है, और इससे भाजपा को कोई लेना-देना नहीं है। गोविंद सिंह डोटासरा के उस बयान पर भी मंत्री दिलावर ने जवाब दिया, जिसमें डोटासरा ने कहा था कि मदन दिलावर की पत्नी भी नहीं चाहती कि वे शिक्षा मंत्री रहें। इस पर दिलावर ने कहा, क्या आपने मेरी पत्नी से पूछा है कि वह चाहती हैं या नहीं चाहतीं मीडिया रिपोटर्स की माने तो मंत्री दिलावर ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में शिक्षा की स्थिति खराब कर दी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है। pc- etv bharat
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उज्जैन में महाकाल सवारी में जेबकतरों का आतंक, 50 से ज्यादा श्रद्धालुओं के मोबाइल, पर्स और चेन चोरी
3 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने सवारी से पहले 21 संदिग्धों को हिरासत में भी लिया था।
नंगल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, शहर में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान जारी
पंजाब में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद नंगल में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान शुरू हो गया है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, मुश्किल में फंसे ट्रंप, तेहरान ओमान की हुई दोस्ती, युद्ध लेगा U-turn?
अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी फिर बढ़ गई है। ईरान ने अमेरिका से बात करने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं, ट्रंप अपने ही देश में मुश्किलों में फंस गए हैं। ईरान और ओमान की दोस्ती बढ़ी, क्या युद्ध लेगा यू-टर्न?
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
Unnao News: सऊदी अरब में डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखा 1.20 लाख ठगे
सऊदी अरब में डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखा 1.20 लाख ठगे
Unnao News: ईरान युद्ध से रेशम के धागों की कीमतों में लगी आग
ईरान युद्ध से रेशम के धागों की कीमतों में लगी आग
Basti News: अधिकतर सब सेंटरों पर नहीं पहुंची थी सामग्री, विजिलेंस जांच के लिए जुटा रहे कागजात
Material had not reached most of the sub-centres, vigilance is collecting documents for investigation.
Amroha News: जंगल में तेंदुए की दहशत, खेतों में जाने से कतरा रहे ग्रामीण
जोया क्षेत्र के कांकर सराय उर्फ काजी सराय सहित आसपास के गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज कुमार को 19,324 मतों के बड़े अंतर से हराया। शुरुआत में कांटे की टक्कर के बाद पांचवें राउंड से जन सुराज ने निर्णायक बढ़त बनाई और एकतरफा जीत दर्ज की।
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
एकतरफा मैच में झारखंड को 12-3 से हराया
भास्कर न्यूज | जालंधर 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में पंजाब ने झारखंड को 12-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। तमिलनाडु के कोयंबटूर में हॉकी इंडिया की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में पंजाब ने पूल सी में शीर्ष स्थान हासिल कर अंतिम आठ में प्रवेश किया। हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली और महासचिव अमरीक सिंह पुआर के अनुसार, शाम को खेले गए इस मुकाबले में पंजाब ने शुरू से ही बढ़त बनाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। पंजाब के लिए मनदीप सिंह ने चार गोल दागे और हैट्रिक पूरी की, उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। चरणजीत सिंह और हर्षदीप सिंह ने दो-दो गोल किए। जोबनप्रीत सिंह, ओम रजनीश सैनी, प्रिंस सिंह और अमनदीप ने एक-एक गोल जोड़ा। झारखंड की ओर से हैमरम टिंटस ने दो और सबीन किरो ने एक गोल किया। इससे पहले पंजाब ने दिल्ली को 6-2 से हराकर छह अंक के साथ पूल सी में पहला स्थान पक्का किया था। क्वार्टर फाइनल मुकाबले 5 अगस्त को खेले जाएंगे।
Ballia News: 1971 के युद्ध के वीर कैप्टन बिहारी सिंह को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
1971 war hero Captain Bihari Singh was given a final farewell with state honours.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में शनिवार को जेब कतरने के आरोप में एक दंपती को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक आठ साल के मासूम का अपहरण कर उसे नशा देते थे और फिर उससे जेब कटवाते थे।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
महाभारत के महासंग्राम की चर्चा होते ही सबसे पहले मन में आता है वह दृश्य, जिसमें अर्जुन दुविधा में है और भगवान श्रीकृष्ण उसे गीता का उपदेश दे रहे हैं। युद्ध से पहले ही श्रीकृष्ण ने यह प्रण ले लिया था कि वे कुरुक्षेत्र में शस्त्र नहीं उठाएंगे। उनकी भूमिका केवल अर्जुन के सारथी के रूप में रहने की थी। लेकिन, एक बार ऐसी विषम परिस्थिति बनी कि जगत के पालनहार को अपना वचन तोड़ना पड़ा और वे रथ का पहिया लेकर भीष्म पितामह की ओर दौड़ पड़े। आखिर वह क्या मजबूरी थी, जिसने प्रभु को शस्त्र उठाने पर विवश कर दिया?क्यों दी थी भगवान श्रीकृष्ण ने शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा?भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में तटस्थ रहने की घोषणा की थी। उन्होंने दुर्योधन और अर्जुन दोनों को विकल्प दिया था—एक तरफ उनकी विशाल 'नारायणी सेना' और दूसरी तरफ वे स्वयं, जो निहत्थे रहेंगे। अर्जुन ने श्रीकृष्ण को चुना और दुर्योधन ने सेना को। श्रीकृष्ण की प्रतिज्ञा के पीछे उद्देश्य यह था कि वे न चाहते हुए भी किसी एक पक्ष का सीधा संहार न करें, बल्कि न्याय की स्थापना में केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। वे अपनी लीलाओं से यह दिखाना चाहते थे कि अधर्म का नाश करने के लिए युद्ध से ज्यादा महत्वपूर्ण सही मार्गदर्शन और विवेक है।जब भीष्म के सामने विचलित हो गए थे श्रीकृष्णभीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की थी कि वे श्रीकृष्ण को शस्त्र उठाने पर मजबूर कर देंगे। युद्ध के दौरान, जब भीष्म पितामह ने अर्जुन पर बाणों की वर्षा शुरू की, तो अर्जुन उन्हें रोकने में असमर्थ हो गए। स्थिति ऐसी बन गई कि अर्जुन का रथ क्षतिग्रस्त हो गया और वे हार की कगार पर पहुँच गए। अर्जुन को संकट में देख भगवान श्रीकृष्ण का वात्सल्य और मित्र प्रेम जाग उठा। अपने प्रिय भक्त को मृत्यु के मुख में देख श्रीकृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा त्याग दी और जमीन से रथ का एक टूटा हुआ पहिया उठाकर पितामह की ओर बढ़े।'विपक्ष' की जीत या 'भक्ति' की पराकाष्ठा?जैसे ही श्रीकृष्ण चक्र (पहिया) लेकर पितामह की ओर बढ़े, भीष्म ने अपने शस्त्र डाल दिए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, प्रभु, मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई। आज आपके हाथों अपना अंत देखकर मेरा जीवन धन्य हो गया। श्रीकृष्ण का वह क्रोध वास्तव में उनके भक्त के प्रति प्रेम था। यह घटना सिखाती है कि भगवान के लिए अपने भक्त की रक्षा उनकी स्वयं की प्रतिज्ञा से कहीं अधिक बड़ी होती है। महाभारत का यह प्रसंग आज भी हमें याद दिलाता है कि भक्त और भगवान के बीच कोई भी नियम, वचन या प्रतिज्ञा बड़ी नहीं होती।
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

