बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने यूपी सहित अन्य राज्यों के चुनावों को देखते हुए राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़े बदलाव किए हैं। इस बदलाव के बाद भतीजे आकाश आनंद के ससुर एवं पूर्व राज्य सभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का कद बढ़ाया है। अब उनके पास राजधानी दिल्ली सहित गुजरात, छत्तीसगढ़ और केरल की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, पार्टी में कभी ताकतवर मुस्लिम चेहरा रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सपा में शामिल होने के बाद मायावती ने पार्टी के मुस्लिम चेहरे नौशाद अली का कद बढ़ाया है। अब उन्हें यूपी के चार मंडलों कानपुर, लखनऊ, आगरा व मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रामजी गौतम के पर कतरे बसपा प्रमुख के इस फेरबदल के बाद रामजी गौतम के पर कतरे गए हैं। पहले वह नंबर एक पर होते थे। अब ये ओहदा अशोक सिद्धार्थ को सौंपी गई है। रामजी गौतम से दिल्ली, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार की जिम्मेदारी वापस लेते हुए उन्हें महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश व तमिलनाडु राज्य का प्रभार सौंपा है। इसी तरह राजाराम के पास पहले सिर्फ महाराष्ट्र था। अब उन्हें मध्यप्रदेश, बिहार व झारखंड राज्य का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है। सुमरत सिंह को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यूपी के 18 मंडल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदले बसपा प्रमुख मायावती ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के 18 मंडल प्रभारियों की जिम्मेदारी भी बदली है। नौशाद अली को पार्टी ने मुस्लिम चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया है। उन्हें चार मंडलों की जिम्मेदारी देना इसका संकेत माना जा रहा है। नौशाद अली को जो चार मंडल मिले हैं, वो राजनीतिक रूप से बसपा में काफी अहम माना जाता है। मायावती का यह कदम संगठन में नई ऊर्जा लाने और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन में ये बदलाव किया है। यह बदलाव पार्टी को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने और अनुभवी नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे पहले इसी महीने मायावती ने पार्टी में बूथ और सेक्टर स्तर तक पुनर्गठन का फैसला लिया था, जिसमें 50 प्रतिशत युवाओं को मौका देने और कुछ अहम पदों (जैसे दो-दो जिला प्रभारियों) को समाप्त करने का निर्णय लिया था। राजनीतिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम कहते हैं कि मायावती का यह कदम पार्टी में नई ऊर्जा लाने, वफादार कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और 2027 के चुनाव में 'मिशन 2027' को सफल बनाने की रणनीति का हिस्सा है। बसपा अपनी पारंपरिक वोट बैंक दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य वर्गों में भी पैठ बनाने की कोशिश में जुटी है। पांच महीने पहले ही अशोक सिद्धार्थ की हुई थी वापसीबसपा प्रमुख मायावती ने 12 फरवरी 2025 को भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालाा था। उनके करीबी नितिन सिंह को भी पार्टी से बाहर कर दिया था। यह एक्शन मायावती ने संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता पर लिया था। मायावती ने X पर लिखा था- दक्षिणी राज्यों के प्रभारी रहे डॉ. अशोक सिद्धार्थ और नितिन सिंह चेतावनी के बाद भी पार्टी में गुटबाजी कर रहे थे। इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। इसके बाद मायावती ने 2 मार्च को पहले भतीजे आकाश का पद छीना और 3 मार्च को पार्टी से बाहर कर दिया था। बाद में माफी मांगने पर 13 अप्रैल 2025 को मायावती ने आकाश को पार्टी में वापस ले लिया था। पर अशोक को इसके छह महीने बाद सितंबर 2025 में ही वापसी हो पाई थी। अब उन्हें राष्ट्रीय पदाधिकारियों में नंबर एक में जगह मिली है। सरकारी नौकरी छोड़कर नेता बने अशोक 5 जनवरी 1965 को जन्मे डॉ अशोक सिद्धार्थ पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज से नेत्र रोग में डिप्लोमा किया। वह सरकारी सेवा के दौरान बामसेफ में विधानसभा, जिला और मंडल अध्यक्ष पदों पर रह चुके हैं। वह साल 2007 में कन्नौज के गुरसहायगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती के दौरान इस्तीफा देकर बसपा में शामिल हो गए थे। बसपा की ओर से वह पहली बार 2009 और दूसरी बार 2016 में एमएलसी रहे हैं। फिर 2016 में राज्यसभा भेजा गया। वह 2022 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। बसपा में कानपुर-आगरा जोनल कोऑर्डिनेटर जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रह चुके हैं। राष्ट्रीय सचिव पद के अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल सहित 5 राज्यों का प्रभार भी संभाला है। वहीं, डॉ सिद्धार्थ की पत्नी सुनीता सिद्धार्थ साल 2007 से लेकर 2012 तक यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। अशोक के बारे में दावा किया जाता है कि वह लो-प्रोफाइल रहने वालों में से हैं। वह पार्टी में पर्दे के पीछे रहते हुए काम करते रहे हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें- BJP ने सपा से दो गुना ज्यादा फॉर्म-6 भरवाए:सियासी दलों ने सिर्फ 1% दावे-आपत्तियां की; 51 लाख वोटर्स ने खुद किया आवेदन विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत अब तक करीब सवा लाख मतदाताओं के नाम काटने के लिए आपत्तियां भारत निर्वाचन आयोग के पास आई हैं। वहीं, नाम जुड़वाने के लिए अब तक 51 लाख लोगों ने आवेदन किया है। समाजवादी पार्टी, भाजपा और चुनाव आयोग पर बड़े पैमाने पर नाम कटवाने के लिए साजिश रचने का लगातार आरोप लगा रही। ऐसे में सवाल उठना वाजिब है कि अब तक भाजपा ने कितने लोगों के नाम जुड़वाने और कटवाने के लिए आवेदन किया? सपा और अन्य राजनीतिक दलों ने कितने आवेदन किए? सपा के आरोपों में कितना दम है? आयोग का क्या कहना है? पढ़िए ये पूरी खबर…
आसमान में ऊंची उड़ान भरते कबूतरों को देखने वाले शायद यह नहीं जानते कि कई बार यह उड़ान स्वाभाविक नहीं, बल्कि ‘तैयार’ की हुई होती है। विधायकपुरी थाना पुलिस की कार्रवाई में दो कार्टूनों से 42 कबूतर बरामद होने के बाद कबूतरों की उड़ान पर सट्टेबाजी के खेल की परतें सामने आई हैं। पुलिस ने मकराना (नागौर) निवासी सरफराज खान, मोहम्मद जुनैद और मोहम्मद सोनू को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये कबूतर टोंक से मकराना ले जाए जा रहे थे। जांच में पक्षियों को ‘ब्ल्यू रॉक पिजन’ प्रजाति का पाया गया। सूत्रों के अनुसार मैदान में उतारने से पहले कबूतरों को 30-60 दिन की तैयारी से गुजारा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि केवल पंख कतर दिए जाएं और त्वचा को नुकसान न पहुंचे तो नए पर सामान्यत 4-8 सप्ताह में वापस उग आते हैं। बताया जाता है कि इसी अवधि को ‘ट्रेनिंग विंडो’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है, ताकि पक्षी नियंत्रित दायरे में रहे और अभ्यास कराया जा सके। आवाज की पहचान, फिर आसमान में दांव शुरुआती चरण में कबूतरों को सीमित दायरे में छोड़कर दाना और खास सीटी या आवाज से जोड़ा जाता है। धीरे-धीरे दूरी और ऊंचाई बढ़ाई जाती है। अंतिम चरण में झुंड के साथ खुली उड़ान कराई जाती है। उड़ान की ऊंचाई, हवा में टिके रहने का समय और मालिक की आवाज पर वापसी के आधार पर दांव लगाए जाने की बात सामने आई है। जयपुर के किन इलाकों में सक्रिय सूत्रों के अनुसार घाट की गुणी आजाद नगर, मोती डूंगरी, आदर्श नगर, घाटगेट, खोह-नागोरियान, ईदगाह, झालाना, रामगंज, ब्रह्मपुरी और दिल्ली रोड के कुछ हिस्सों में यह गतिविधियां सक्रिय हैं। एक कबूतर पर 20 हजार का दांव एक मुकाबले में करीब 30 कबूतर एक साथ उड़ाए जाने की जानकारी मिली है। प्रत्येक मालिक का दांव 20 हजार रुपए से शुरू होता है। कुल राशि करीब 6 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। जीतने वाले कबूतर के मालिक को पूरी रकम दी जाती है। पहचान के लिए कबूतरों के पैरों में मालिक के नाम की चिट या रिंग लगाई जाती है। उड़ान की दिशा और ऊंचाई पर नजर रखने के लिए दूरबीन का इस्तेमाल किया जाता है।
DNA: ट्रंप-खलीफा के बीच..'बिन बारूद वाला युद्ध', हथियार नहीं चल रहे, फिर भी कैसे चल रही वॉर?
अमेरिका के राष्ट्रपति खामेनेई को झुकाने के लिए ट्रंप सीधे उनकी जिंदगी की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी कर रहे हैं. इस कारण ही ईरान और अमेरिका के बीच साइलेंट बैटल शुरू हो चुका है. आइए डिटेल में इसके बारे में बताते हैं...
Ramadan 2026: सऊदी अरब, खाड़ी देशों में 18 फरवरी को हो सकता है पहला रोजा, जानें भारत में कब?
Ramadan Date in 2026: रमज़ान माह 2026 की शुरुआत इस बार 18 या 19 फरवरी से हो सकती है, जो कि इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी कैलेंडर) के अनुसार 1447 हिजरी के महीने का पहला दिन होगा। हालांकि, इस तारीख में थोड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि रमज़ान का प्रारंभ चांद की दृष्टि पर निर्भर करता है और हर देश में चांद की दृष्टि अलग-अलग हो सकती है। ALSO READ: Ramadan 2026 Date: 18 या 19 फरवरी 2026 कब से शुरू होगा रमजान, जानें कब होगा पहला रोजा 18 या 19 फरवरी: कब होगा पहला रोजा? चांद रात (18 फरवरी) पहला रोजा (19 फरवरी) सऊदी अरब की स्थिति संभावित मुख्य तिथियां तारीखों में बदलाव क्यों होता है? यहां रमजान 2026 की संभावित तारीखों का पूरा विवरण दिया गया है... 18 या 19 फरवरी: कब होगा पहला रोजा? खगोलीय गणनाओं (Astronomical Calculations) के अनुसार, साल 2026 में रमजान की स्थिति कुछ इस प्रकार रहने की उम्मीद है: चांद रात (18 फरवरी) 18 फरवरी 2026 (बुधवार) की शाम को भारत, पाकिस्तान और खाड़ी देशों में रमजान का चांद दिखने की प्रबल संभावना है। पहला रोजा (19 फरवरी) यदि 18 फरवरी को चांद नजर आता है, तो 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को पहला रोजा रखा जाएगा। सऊदी अरब की स्थिति अक्सर सऊदी अरब और खाड़ी देशों में चांद एक दिन पहले नजर आता है। वहां 18 फरवरी को पहला रोजा होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि भारत में यह 19 फरवरी हो सकता है। संभावित मुख्य तिथियां कार्यक्रम संभावित तारीख (भारत) चांद रात- 18 फरवरी 2026 पहला रोजा- 19 फरवरी 2026 शब-ए-कद्र- 16 मार्च 2026 (लगभग) ईद-उल-फितर- 20 या 21 मार्च 2026 तारीखों में बदलाव क्यों होता है? इस्लामी कैलेंडर चंद्र वर्ष (Lunar Year) पर आधारित होता है, जो सौर वर्ष से लगभग 10-11 दिन छोटा होता है। इसी कारण हर साल रमजान की तारीखें पीछे खिसकती रहती हैं। 29 या 30 दिन: पिछला महीना (शाबान) 29 दिन का होगा या 30 दिन का, यह 29वीं तारीख को चांद दिखने पर निर्भर करता है। अगर 17 फरवरी को चांद दिखा, तो 18 को पहला रोजा होगा। अगर 17 को चांद नहीं दिखा, तो शाबान 30 दिन का पूरा होगा और 19 फरवरी को पहला रोजा होगा। नोट: रमजान की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा स्थानीय हिलाल कमेटियों द्वारा चांद देखने के बाद ही की जा सकेगी। रमजान मास 2026 – FAQs 1. रोजा कब से कब तक रखा जाता है? रोजा सुब्ह सादिक (फज्र की अजान) से शुरू होकर मग़रिब (सूर्यास्त) तक रखा जाता है। इस दौरान खाना-पीना और अन्य रोजा तोड़ने वाली चीज़ों से परहेज़ किया जाता है। 2. रमजान के बाद कौन-सा त्योहार मनाया जाता है? रमजान के बाद ईद-उल-फित्र मनाई जाती है। यह शव्वाल महीने की पहली तारीख को चांद दिखने के बाद होती है। 3. रमजान का महत्व क्या है? रमजान आत्मशुद्धि, सब्र, तक़वा (धार्मिकता) और अल्लाह की इबादत का महीना है। इसी महीने में पवित्र कुरआन शरीफ नाज़िल हुआ था। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र में एकतरफा प्यार और लंबे समय से पीछा करने के मामले में युवती पर कटर से जानलेवा हमला किए जाने की घटना सामने आई है। आरोपी युवक पिछले करीब छह सालों से युवती को परेशान कर रहा था। शादी के बाद भी वह बातचीत करने का दबाव बनाता रहा। पीड़िता शादी के बाद रायपुर में अपने पति के साथ रह रही है। उसकी शादी वर्ष 2023 में रायपुर निवासी आशीष नवरंगे से हुई है। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर वह अपने पिता के घर शिवपारा स्टेशन मरोदा, नेवई आई थी। मंदिर जाने के दौरान कटर से किया हमलाघटना 15 फरवरी की शाम करीब 5 बजे की है। युवती बैकुंठधाम मंदिर में पूजा-पाठ कर घर लौट रही थी। इसी दौरान इंदा चौक के पास एक गली में पीछा कर रहा युवक टॉयलेट उसे रोककर बात करने लगा। युवती के मना करने पर आरोपी ने धमकी देते हुए कटर से हमला कर दिया। महिला को लगे 60 टाकेहमले में युवती की गर्दन, दाहिने हाथ की कलाई, गाल और पसली के पास गंभीर चोटें आई हैं। पीड़िता की बहन के अनुसार उसके शरीर पर करीब 60 टांके लगे हैं। हालत गंभीर होने के कारण उसे ICU में भर्ती कराया गया है। लोगों ने बचाई जानघटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर युवती की जान बचाई। पीड़िता ने बताया कि यदि वह झुककर खुद को नहीं बचाती तो आरोपी उसकी हत्या कर देता। पीड़िता की छोटी बहन मनीषा ने बताया कि आरोपी सिरफिरा किस्म का है और लंबे समय से एकतरफा प्यार में परेशान कर रहा था। उसने पहले भी परिवार को धमकियां दी थीं। आरोपी ने पीड़िता के पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी थी। कई बार घर के पास आकर भी डराने की कोशिश की गई। 6 सालों से कर रहा था परेशान परिजनों के अनुसार आरोपी वर्ष 2020 से लगातार पीछा कर रहा था। कॉलेज के समय से उसे परेशान कर रहा था। शादी के बाद भी जब-जब युवती मायके आती थी, वह फिर से परेशान करने लगता था। आरोपी का घर पीड़िता के घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ही है। मंत्रालय में काम करता है पतिपीड़िता का पति मंत्रालय में प्यून हैं। पिता सेल्समैन और भाई निजी नौकरी करता है। बहन एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर पूरा भरोसा नहीं है। परिजनों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में वह दोबारा किसी को नुकसान न पहुंचा सके।
पंजाब सरकार की मोगा में युद्ध नशा विरुद्ध-2 रैली आज होने जा रही है। रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं होंगे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अलावा पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा व सेहत मंत्री डॉ बलबीर सिंह सिद्धू रैली को संबोधित करेंगे। रैली में पंजाब सरकार द्वारा नशे की रोकथाम के लिए बनाई गई विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों के साथ साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे। पंजाब सरकार का दावा है कि युद्ध नशा विरुद्ध मुहिम के पहले फेज को शानदार सफलता मिली और अब दूसरे फेज को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए यह रैली की जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान पूरे पंजाब में जिला, कस्बा और वार्ड स्तर पर नियुक्त किए गए पहरेदारों और निगरानी कमेटियों के सदस्यों को अगली रणनीति से रूबरू किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें नशा रोकने में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। CM अस्पताल में दाखिल, चीमा संभालेंगे मोर्चा रैली पंजाब सरकार की तरफ से की जा रही है। शिवरात्रि पर पूजा के बाद भगवंत मान की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें फॉर्टिस अस्पताल मोहाली में दाखिल किया गया। बताया जा रहा है कि उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वो रैली में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह वित्त मंत्री हरपाल चीमा व सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू रैली में मोर्चा संभालेंगे। आम आदमी पार्टी की तरफ से रैली में शामिल होने वाले नेताओं में केजरीवाल के साथ उक्त दोनों मंत्रियों का नाम ही लिखा गया है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण रैली आम आदमी पार्टी की सरकार युद्ध नशा विरुद्ध की सफलता को विधानसभा चुनाव 2027 में चुनावी मुद्दा बनाएगी। इसलिए इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। विधायकों व हलका इंचार्जों को सौंपी गई जिम्मेदारी कुछ ही दिनों में मोगा में भारतीय जनता पार्टी की रैली होनी है और उसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आएंगे। आम आदमी पार्टी पर अपनी इस रैली को सफल बनाने का दबाव है। रैली में भीड़ जुटाने के लिए विधायकों व हलका इंचार्जों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोगा रैली के लिए पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी मोगा जिले के गांव किल्ली चहल में होने वाली युद्ध नशे विरुद्ध कैंपेन-2 रैली के मद्देनजर लुधियाना देहात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने पब्लिक से अपील की है कि आज मोगा की तरफ जाने वाले लोग ट्रैफिक पुलिस की तरफ से जारी रूट पर ही जाएं। लुधियाना देहाती पुलिस के एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि रैली के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहेगी। आम जनता को ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से बचाने के लिए विभिन्न रूट से आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट प्लान निर्धारित किए गए हैं। मोगा रैली से पहले हादसा, चार पुलिस कर्मी घायल मोगा में आम आदमी पार्टी की 'युद्ध नशा विरुद्ध-2' रैली से पहले एक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हादसा तब हुआ जब एक निजी कंपनी की बस ने नाके पर खड़े पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे से आ रही कई गाड़ियां भी बस से टकरा गईं। घायल पुलिसकर्मियों को मोगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आसमान में उड़ रहा जहाज बना जंग का मैदान, तुर्की से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
Turkiye to Manchester flight: मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने दूसरे को पकड़कर जकड़ लिया, जिसकी वजह से विमान में बैठे परिवार और बुजुर्ग यात्री डर गए. गवाहों के अनुसार सीटों पर खून के निशान दिखे और फर्श पर दांत तक पड़े दिख रहे थे. इस घटना में कुछ यात्रियों ने घायलों को प्राथमिक उपचार भी दिया.
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का 27वें मैच में रविवार को भारत ने पाकिस्तान को हराया दिया। ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ।
कतर्नियाघाट में मिले तेंदुए के दो शावकों के शव:बड़े जानवर के हमले से मौत की आशंका, जांच जारी
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग की मोतीपुर रेंज में रविवार को तेंदुए के दो शावकों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। एक ग्रामीण के खेत में मिले इन शावकों के शरीर पर गहरे घाव के निशान थे। अडगौडवा और मनगौढिया ग्राम पंचायतों के बीच खेतों में शावकों के शव देखकर ग्रामीणों ने मोतीपुर रेंज कार्यालय को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेंजर सुरेंद्र तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने दोनों शावकों के शवों को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। यहां वन विभाग के चिकित्सक उनका पोस्टमार्टम करेंगे। शुरुआती जांच में आपसी संघर्ष या किसी बड़े जानवर के हमले से मौत की आशंका जताई जा रही है। रेंजर सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि शावकों की उम्र करीब सात माह थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी बड़े तेंदुए ने हमला कर इन शावकों को मार डाला है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आईसीसी वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने फिर मुंह की खाई है। आईसीसी के सामने उसके तमाम ना-नुकूर, धमकी-विरोध और जिहादी प्रतिरोध सब बेकार हुए हैं। विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, मियां शरीफ ने बदमाशी कर बांग्लादेश को तो बिना खेले ही क्रिकेट से बाहर करा दिया, किंतु पाकिस्तान टीम को फिर से भारत के सामने ही हारने को खड़ा कर दिया। लोगों से राय मांगते हुए उन्होंने लिखा, महाशिवरात्रि है और असुरों के संहारक भगवान भोले के अनन्य भक्त श्री राम की युद्ध भूमि लंका में आज क्रिकेट का रण सजेगा। क्या आज सायं काल हमारे पड़ोसी देश में फिर से क्रिकेट प्रेमियों और खेल द्रोहियों के बीच राम-रावण युद्ध होगा? क्या नापाक पाक को पहले ही अपने बाप भारत से हारने से पूर्व ही क्षमा नहीं मांग लेनी चाहिए? विनोद बंसल ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, आईसीसी वर्ल्ड कप में भारत की ओर से पाकिस्तान को हराने की जो यात्रा 1992 में सिडनी से शुरू हुई थी, वह अब कोलंबो तक पहुंच गई है। अब तक 16 वनडे और टी20 विश्व कप हो चुके हैं, जिनमें सिर्फ 2021 के दुबई मुकाबले को छोड़ सभी में भारतीय टीम की विजय पताका उत्तरोत्तर आगे बढ़ती रही है। विहिप नेता ने टीम इंडिया को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सूर्यकुमार की तमतमाती विजय शालिनी सेना सलमान आगा की मनोबल हीन ना-पाक टीम को एक बार फिर से चारों कोने चित कर सुपर 8 में जगह बनाएगी। विनोद बंसल ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, आईसीसी वर्ल्ड कप में भारत की ओर से पाकिस्तान को हराने की जो यात्रा 1992 में सिडनी से शुरू हुई थी, वह अब कोलंबो तक पहुंच गई है। अब तक 16 वनडे और टी20 विश्व कप हो चुके हैं, जिनमें सिर्फ 2021 के दुबई मुकाबले को छोड़ सभी में भारतीय टीम की विजय पताका उत्तरोत्तर आगे बढ़ती रही है। Also Read: LIVE Cricket Score रविवार को श्रीलंका के कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला ग्रुप ए का है, जहां दोनों टीमों ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीते हैं। बेहतर नेट रन रेट के आधार पर भारतीय टीम तालिका में शीर्ष पर है, जबकि पाकिस्तान दूसरे स्थान पर काबिज है। Article Source: IANS
कुकिंग हाइक में स्काउट-गाइड ने बनाए 45 तरह के व्यंजन, अधिकतर बिना बर्तन
भास्कर न्यूज | सुहेला भारत स्काउट्स एवं गाइड्स स्थानीय संघ सिमगा के तत्वावधान में, सहायक जिला आयुक्त ढाल सिंह ठाकुर के आदेशानुसार मुड़पार में जमनैया नाला के किनारे स्काउट गाइड का हाइक सह पेट्रोल कुकिंग का सफल आयोजन किया गया। शिविर में 6 विद्यालय के 129 तथा प्रभारी शिक्षक एवं अतिथियों को मिलाकर 136 प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सहायक राज्य आयुक्त ईनूराम वर्मा तथा जिला प्रशिक्षण आयुक्त मनीष कुमार बघेल विशेष अतिथि रहे। मुख्य अतिथि वर्मा ने स्काउट गाइड्स को सेवा, अनुशासन एवं स्वावलंबन की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया एवं हाइक के महत्व पर प्रकाश डाला। कैंप में कुकिंग के दौरान बच्चों ने स्काउट एवं गाइड्स ने टोली बनाकर सीमित संसाधनों से लगभग 45 प्रकार के स्वच्छ एवं पौष्टिक व्यंजन बनाए ,जिसमें आधे से अधिक बिना बर्तन के तैयार किए गए थे। विदित हो कि स्काउट गाइड के लिए हाइक में भाग लेना अनिवार्य है। इसके बिना स्काउट गाइड द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त करना सम्भव नहीं है। निर्णायक मंडल द्वारा स्वाद, स्वच्छता, प्रस्तुति एवं टीमवर्क के आधार पर मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट टोलियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रोवर लीडर दाऊ लाल साहू, एनसीसी ऑफिसर नवापारा कैप्टन वीरेंद्र पटेल, रुपेश कुमार पसीने, दंतेश्वरी किरण बघेल, विकासखंड सचिव धनेश्वर प्रसाद वर्मा, धन्नू साहू, मालती साहू, पार्वती वर्मा,मोहन लाल वर्मा, गोविंद साहू एवं प्रशांत सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
UK PM: ब्रिटेन ने नाटो के अनुच्छेद 5 सिद्धांत के प्रति अपने समर्थन को दोहराया. जिसके लिए उन्होंने कहा कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा और ब्रिटेन की कमेंटमेंट पहले की तरह ही मजबूत बनी हुई है. उनका ये बयान डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यूरोपीय सहयोगियों द्वारा अपने दायित्वों को पूरा नहीं करने पर उठाए गए सवाल के बाद आया है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक शाही शादी में सोने की बिस्कुट जैसी चीज नजर आ रही है. यूजर्स ने दावा किया है कि यह 24 कैरेट सोना है, लेकिन वास्तव में कुछ और ही सच्चाई सामने आई है.
World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उनक कहना है कि पिछले 47 सालों से ईरान सिर्फ बातों में समय बर्बाद कर रहा है जिससे भारी नुकसान हुआ है. अब ट्रंप इस मसले को हमेशा के लिए सुलझाना चाहते हैं.
मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वंदे मातरम के सभी छंद गाने का विरोध किया है। संगठन ने कहा कि सरकार का ये आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। संगठन ने सरकार के आदेश को एकतरफा और मनमाना बताया। जमीयत के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुसलमान किसी को भी वंदे मातरम गाने या बजाने से नहीं रोकते, लेकिन गाने के कुछ छंद मातृभूमि को एक देवता के रूप में दिखाते हैं। ये हमारी मान्यताओं के खिलाफ हैं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान देना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के मुताबिक राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। मदनी ने और क्या कहा… पंजाब में भी विरोध, दल खालसा ने सिख पहचान के खिलाफ बताया सिख संगठन दल खालसा ने वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे सिख पहचान व धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया है। दल खालसा के नेता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने बयान जारी करते हुए कहा- यह फैसला भारतीयता के नाम पर हिंदुत्व विचारधारा को सिख समुदाय पर थोपने का प्रयास है। सिख होने के नाते हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह निर्णय सिख समुदाय की भावनाओं और उनकी धार्मिक पहचान के विपरीत है। पूरी खबर पढ़ें… वंदे मातरम् बजने पर हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आदेश में साफ लिखा है कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है किन-किन मौकों पर राष्ट्रगीत गाया जा सकता है, इसकी पूरी लिस्ट देना संभव नहीं है। यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के गायन को लेकर डिटेल में प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। केंद्र इस समय वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम मना रहा है। राष्ट्रपति के आगमन और झंडारोहण जैसे कार्यक्रमों में गाया जाएगा नई गाइडलाइन के अनुसार, तिरंगा फहराने, किसी कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजाना अनिवार्य होगा। मंत्रियों या अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मौजूदगी वाले गैर-औपचारिक लेकिन जरूरी कार्यक्रमों में भी राष्ट्रगीत सामूहिक रूप से गाया जा सकता है, बशर्ते इसे पूरा सम्मान और शिष्टाचार के साथ पेश किया जाए। 10 पेजों के आदेश में, सिविलियन पुरस्कार समारोहों, जैसे कि पद्म पुरस्कार समारोह या ऐसे किसी भी कार्यक्रम में जहां राष्ट्रपति उपस्थित हों, वहां भी वन्दे मातरम बजाया जाएगा। सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम हालांकि, सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं अगर किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजाया जाता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी स्थिति में खड़े होने से प्रदर्शन में व्यवधान और अव्यवस्था हो सकती है। मंत्रालय ने कहा है कि अब से राष्ट्रगीत का आधिकारिक संस्करण ही गाया या बजाया जाएगा और इसे सामूहिक गायन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। ‘वंदे मातरम’ एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था। गणतंत्र दिवस परेड में वंदे मातरम की झांकी निकली थी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड में इस साल 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड में संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाने वाली झांकी निकाली थी। इस झांकी को मंत्रालयों और विभागों की कैटेगरी में बेस्ट झांकी का अवॉर्ड मिला। संस्कृति मंत्रालय की 'वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार' थीम पर आधारित झांकी में बंकिम चंद्र चटर्जी के गीत की रचना, एक प्रसिद्ध मराठी गायक द्वारा औपनिवेशिक काल की रिकॉर्डिंग और Gen Z का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह द्वारा इसका गायन दिखाया गया था। झांकी के आगे के भाग में वंदे मातरम की पांडुलिपि बनाते हुए दिखाया गया था। इसके निचले हिस्से में एक पैनल पर चटर्जी की एक छवि दिखाई गई थी। मध्य भाग में पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों का एक समूह था जिसने भारत की लोक विविधता को दर्शाया। शीतकालीन सत्र के दौरान हुआ था विवाद केंद्र सरकार ने पिछले साल वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विशेष चर्चा का आयोजन किया था। लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राष्ट्रगीत को मुद्दा बना रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत वंदे मातरम के हिस्से काटने का आरोप लगाया था। भाजपा ने 1937 में देश के पहले PM जवाहरलाल नेहरू की एक चिट्ठी शेयर की थी, जो उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को लिखी थी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि चिट्ठी में नेहरू ने संकेत दिया था कि वंदे मातरम की कुछ लाइनें मुसलमानों को असहज कर सकती हैं। संसद में बहस के दौरान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि राष्ट्रगीत को भी राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज के समान दर्जा दिया जाना चाहिए। 8 दिंसबर 2025: PM बोले- कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े किए पीएम मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस की शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी एक घंटे की स्पीच में कहा था, ‘कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए और वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए। नेहरू को लगता था कि इससे मुसलमानों को चोट पहुंच सकती है।’ पीएम ने कहा, 'वंदे मातरम के साथ विश्वासघात क्यों हुआ। वो कौन सी ताकत थी, जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ी। पीएम मोदी ने एक घंटे की स्पीच में 121 बार वंदे मातरम कहा था।' वंदे मातरम के चार छंद क्यों हटाए गए थे? सव्यसाची भट्टाचार्य की किताब ‘वंदे मातरम: द बायोग्राफी ऑफ ए सॉन्ग’ के मुताबिक, 20 अक्टूबर 1937 को सुभाष चंद्र बोस को लिखी चिट्ठी में नेहरू ने लिखा था कि वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि और भाषा मुसलमानों को असहज करती है और इसकी भाषा इतनी कठिन है कि बिना डिक्शनरी के समझना मुश्किल है। उस समय वंदे मातरम को लेकर देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा था। जवाहरलाल नेहरू को यह विवाद एक संगठित साजिश का हिस्सा लगता था। इसी मुद्दे पर उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर से सलाह लेने की बात भी लिखी। 22 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने मूल गीत के छह पैरा में चार पैरा हटाने का फैसला लिया था। इस बैठक में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। ------------------------------ वंदे मातरम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…बिहार में 'जन-गण-मन' से पहले 'वंदे मातरम्' का विरोध:कांग्रेस-RJD बोली- हम अंग्रेजों के दलाल नहीं, पहले राष्ट्रगान; AIMIM ने कहा- मुद्दों से भटका रहे अब राष्ट्रगान ‘जन-गण मन’ से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाना होगा। केंद्र सरकार ने इसे लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस आदेश के बाद सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जितने साल मोदी PM, उतने साल नेहरू जेल में रहे’:वंदे मातरम् की डिबेट में RSS भी घसीटा गया, 6 बड़े दावों की पूरी हकीकत लोकसभा में वंदे मातरम पर 10 घंटे की बहस में सरकार और विपक्ष की तरफ से कई बड़े दावे हुए। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी पर ही निशाना साधते हुए कहा कि जितने दिन से वो प्रधानमंत्री है, नेहरू उतने दिन जेल में रह चुके हैं। कांग्रेस ने RSS पर भी आरोप लगाया कि संघ ने आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया। वंदे मातरम की बहस के दौरान किए गए 6 बड़े दावे और उनकी हकीकत; जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें… बंकिमचंद्र चटर्जी का घर खंडहर: 20 साल पहले आखिरी बार मरम्मत, वंशज बोले- ममता सरकार ने हमें भुला दिया राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्‘ लिखने वाले बंकिम चंद्र चटोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी से आने वाले सजल चट्टोपाध्याय सरकार की बेरुखी से नाराज हैं। वो कोलकाता में मौजूद बंकिम चंद्र के घर की जर्जर हालत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने 9 नवंबर 2025 को इसे लेकर BJP के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा था कि सरकार ने जिस मकान को धरोहर मानकर लिया, उसे ही बदहाल छोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें…
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत धीना गांव में ड्रग तस्कर की अवैध बिल्डिंग गिराई
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार को गांव धीना की इंदिरा कॉलोनी में ड्रग तस्कर की गैर-कानूनी प्रॉपर्टी को जेसीबी से गिरा दिया। कार्रवाई नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। सीपी धनप्रीत कौर ने बताया कि ड्रग तस्कर अमरजीत जो सदर थाना क्षेत्र का निवासी है, के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट और बीएनएस के तहत 10 मामले दर्ज हैं और वह फरार है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत जिले में ड्रग तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई में 61 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 6 प्रिवेंटिव एक्शन भी लिए गए। पुलिस ने 2 किलो 600 ग्राम अफीम, 157 ग्राम हेरोइन और 235 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ड्रग तस्करी संबंधी सूचना वाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। गांव धीना पहुंचीं सीपी धनप्रीत कौर और अवैध निर्माण को गिराते हुए नगर निगम के कर्मचारी।
सागर के शाहगढ़ में नर्स की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी वारदात के सात दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस सागर से लेकर जबलपुर तक आरोपी की तलाश कर रही है लेकिन आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। इसी बीच पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस से जारी सूचना के अनुसार, हत्या के मामले में फरार आरोपी सुशील पिता रामसेवक चढ़ार उम्र 28 साल निवासी मुड़िया, पनागर (जबलपुर) फरार है। आरोपी के संबंध में सूचना देने और गिरफ्तार कराने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाली व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आरोपी के संबंध में कोई भी व्यक्ति एसडीओपी बंडा के मोबाइल नंबर 7587635630 और शाहगढ़ थाना प्रभारी के नंबर 7701055712 पर सूचना दे सकता है। शाहगढ़ अस्पताल के गेट पर मारी थी दो गोलियां मृतका दीपशिखा चढ़ार उम्र 26 साल निवासी पाटन (जबलपुर) करीब दो साल से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर पदस्थ थी। वह अस्पताल से करीब 100 मीटर की दूरी पर किराए का कमरा लेकर रह रही थी। 4 फरवरी की रात नर्स दीपशिखा की ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। वह ड्यूटी का समय होने पर पैदल रूम से अस्पताल ड्यूटी पर जा रही थी। तभी अस्पताल के गेट के पास पहुंची तो आरोपी ने हाथ पकड़ लिया। उसने छुड़ाया तो धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसी दौरान आरोपी ने जेब से कट्टा निकाला और तीन फायर किए। एक फायर मिस हो गया। लेकिन दो गोलियां नर्स की पीठ पर दिल के ठीक पीछे लगी। जिससे वारदातस्थल पर ही नर्स दिपशिखा की मौत हो गई थी। एकतरफा में प्यार में की थी हत्यावारदात सामने आते ही पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि नर्स की हत्या उसके ही रिश्ते में लगने वाले मौसी के बेटे सुशील चढ़ार ने की है। आरोपी ने एकतरफा प्यार में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। वह नर्स से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था। आरोपी की शिनाख्त होते ही पुलिस ने तलाश शुरू की। शाहगढ़ के आसपास के जंगलों में आरोपी सर्चिंग की गई। जबलपुर पुलिस टीम पहुंची और आरोपी के घर और रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी। लेकिन आरोपी नहीं मिला। पिछले सात दिनों से सागर पुलिस और जबलपुर की पाटन, पनागर थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। लेकिन आरोपी सुशील गिरफ्त में नहीं आ सका है। ये खबर भी पढ़े- सागर में मौसेरे भाई ने की थी नर्स की हत्या:एकतरफा प्यार में 3 गोलियां चलाईं; इनमें से दो पीठ को चीरकर दिल तक पहुंचीं
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

