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जंग के बीच समंदर में फंसी भारत की 'लाइफलाइन', नेवी ने भेजे विध्वंसक युद्धपोत; ऑपरेशन संकल्प जारी

अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 22 व्यापारिक जहाजों और एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं। जानिए 'ऑपरेशन संकल्प' क्या है?

देशबन्धु 19 Mar 2026 11:57 am

कतर हमले पर ट्रंप का गुस्सा: ईरान को तबाह करने की चेतावनी

इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है

देशबन्धु 19 Mar 2026 10:50 am

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के अवसर पर की युद्धविराम की घोषणा

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर शत्रुता में “अस्थायी विराम” की घोषणा की। यह कदम सऊदी अरब, तुर्की और क़तर की अपीलों के बाद उठाया गया

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:26 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन पंचांग का किया लोकार्पण:बोले-गौ रक्षा युद्ध को इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा, सरकार ने गंगा माई को कमाई का साधन बना दिया

नव संवत्सर के अवसर काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सनातनी पंचांग का लोकार्पण किया। इस दौरान गंगा घाट पर एक साथ हजारों लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और उनके पवित्रता का संकल्प लिया। शंकराचार्य ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने क्या कहा पढ़ें… सवाल - नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर आप क्या संदेश देना चाहेंगे? जवाब- आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ है। रौद्र नाम के नए संवत्सर का आरंभ हुआ है। हमारी सनातन संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नव वर्ष शुरू होता है। हमने काशी में शंकराचार्य घाट पर बैठकर प्रथम सूर्योदय को अर्घ्य दिया, पंचांग का श्रवण किया और पूरे वर्ष के लिए संकल्प लिए। सवाल - इस वर्ष के लिए आपने कौन से प्रमुख संकल्प लिए हैं? जवाब - हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि धर्मयुद्ध है और इसका शंखनाद हो चुका है। सवाल - गोरखपुर से शुरू होने वाली यात्रा की क्या योजना है? जवाब - इसकी विस्तृत रूपरेखा नवरात्रि के बाद साझा करेंगे। नवरात्रि के दौरान पंचमी को “शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना” के गठन की जानकारी देंगे और फिर नवरात्रि के अंत में आगे की रणनीति बताएंगे कि यह अभियान कैसे आगे बढ़ेगा। सवाल - लखनऊ में हुए आपके कार्यक्रम में भीड़ को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब - पहले से ही लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बनाया गया था। एलआईयू और अन्य माध्यमों से लोगों पर नजर रखी जा रही थी, उन्हें रोका और भ्रमित किया गया। इसके बावजूद हजारों लोग कार्यक्रम में पहुंचे। साथ ही लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण देखा और अपनी प्रतिक्रिया दी। इसलिए हम इसे एक बड़ी सफलता मानते हैं। सवाल - आपने कहा कि यह “धर्म युद्ध” शुरू हो चुका है, इसका क्या अर्थ है? जवाब - इसका अर्थ है कि समाज में जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, वह अब सक्रिय रूप से शुरू हो गया है। लोग जहां-जहां थे, वहीं से जुड़े—शंखनाद किया और समर्थन दिया। यह आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। सवाल- काशी में गंगा में इफ्तार पार्टी और उस पर हुई कार्रवाई को आप कैसे देखते हैं? जवाब - गंगा जी की पवित्रता के साथ लगातार समझौता हो रहा है। वर्षों से नाले गिर रहे हैं, उन्हें रोका नहीं गया। अब गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है—तैरते होटल, व्यावसायिक गतिविधियां और प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे कृत्य गंगा की गरिमा के खिलाफ हैं और यह गंभीर विषय है। काशी की पारंपरिक पहचान और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। जो काशीत्व और बनारसी संस्कृति थी, वह धीरे-धीरे समाप्त होती दिख रही है। भीड़ बढ़ रही है, लेकिन धार्मिकता कम हो रही है। यह चिंताजनक है। सवाल- सरकार कह रही गंगा स्वच्छ है, व्यवस्था बदली है? जवाब- ऐसा ऐसा है कि गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने इनको साक्षात स्वयं बुला लिया है। लेकिन उसके बाद से देखिए 16 नाले गिर रहे थे काशी में अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया। आज 12 साल के बाद भी 16 नाले जैसे के तैसे ही गिर रहे हैं। यही नहीं अब यहां पर माई को कमाई का साधन बना दिया गया है। यहां पर अब माहौल बदल गया है। यहां नाव वाले पहले खुली नाव रखते थे। केवल उस पर बैठ सकता था कोई व्यक्ति। कोई आड़ नहीं रहता था। अब धीरे-धीरे यहां पर तैरते हुए होटल गंगा जी में उतार दिए गए हैं। 40-40 कमरों के होटल और उन कमरों में लोग रह रहे हैं। उसी में मलमूत्र का विसर्जन कर रहे हैं और उसी में कमरा बंद करके जाने क्या-क्या कर रहा है। विलासिता का वातावरण यहां पर सजित कर दिया गया है। केवल इसलिए कि पैसे की कमाई हो। आप कहते हैं हमने भीड़ इकट्ठा कर दी। लेकिन वो भीड़ धार्मिक कितनी है? वह भीड़ जो है यहां के धार्मिक वातावरण को क्षति पहुंचा रही है कि समर्थन कर रही है। अगर इसका विश्लेषण किया जाए तो मिलेगा कि इस भीड़ ने काशी की जो काशी का परंपरा थी, काशी का जो काशीत्व था, बनारस का जो बनारसीपन था वो सब समाप्त कर दिया। सवाल - अंत में, आप अपने अनुयायियों और देशवासियों से क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब - सभी लोग अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहें। गौ माता की रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आएं। यह समय संकल्प का है और मिलकर ही हम अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 19 Mar 2026 9:11 am

LIVE: ईरान का पलटवार, कतर के रास लफान गैस प्लांट पर हमला

Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग तेल ठिकानों तक पहुंची। साउथ पार्स पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान का भी कतर के तेल ठिकानों पर हमला। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 19 Mar 2026 8:14 am

Iran War News : ईरान की चेतावनी, सऊदी अरब, यूएई और कतर में तेल ठिकानों पर करेगा हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की है। ईरान ने अपने गैस फील्ड पर हमले के बाद सऊदी अरब, कतर और यूएई के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाने की ...

वेब दुनिया 18 Mar 2026 8:29 pm

भाकियू (अराजनैतिक) ने लोनी कटरा थाने का घेराव किया:पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप, 9 अप्रैल को पंचायत की चेतावनी

बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने लोनी कटरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हुई कई घटनाओं में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जिससे किसानों और आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी कर रही है और विपक्षी पक्षों से मिलीभगत के चलते उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी 9 अप्रैल को एक बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन के चलते थाने के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 5:28 pm

विदेशी जायरीनों ने ईरान-अमेरिका युद्ध पर जताई चिंता:यूके व कनाड़ा के 32 सदस्यों ने की दरगाह जियारत, मांगी विश्व शांति की दुआ

अजमेर में विदेशों से आए जायरीनों के 31 सदस्यों के दल ने दरगाह पहुंचकर जियारत की और विश्व में शांति की दुआ मांगी। दल में मुख्य रूप से कनाडा और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लोग थे। इन्होंने मजार शरीफ पर मखमली चादर चढ़ाई और फूल पेश किए। इनमें कुछ ईरान और अमेरिका से जुड़े जायरीन भी थे। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने स्वागत किया और जियारत कराई। इस मौके पर जायरीनों ने विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने ख्वाजा साहब की दरगाह में विश्व शांति, सद्भाव और संघर्षरत क्षेत्रों में अमन की बहाली के लिए खास दुआएं मांगीं। जायरीनों ने कहा-ख्वाजा गरीब नवाज का दरबार संदेश देता है कि मोहब्बत और इंसानियत से बड़ी कोई ताकत नहीं। आज जब दुनिया युद्ध की आग में जल रही है, यहां आकर हम सबने एकजुट होकर शांति की दुआ मांगी है। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि इस दौरान दुआ की गई कि दुनिया भर में युद्ध समाप्त हों और शांति कायम हो। (फोटो-वीडियो-नजीर कादरी, अजमेर) ……..………… ये खबर भी पढ़िए अजमेर में 11वीं के छात्र ने आंसर-बुक का बनाया वीडियो:एग्जाम हॉल में नहीं था वीक्षक; सीबीईओ बोले- गंभीर लापरवाही अजमेर जिले के एक परीक्षा केंद्र से 11वीं कक्षा की एग्जाम के दौरान एक छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका (आंसर बुक) की रील बना कर वायरल करने का मामला सामने आया है। यह वीडियो 11 मार्च का बताया जा रहा है। पूरी खबर पढें

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 5:23 pm

अकेले पड़े डोनाल्ड ट्रंप! न 'मागा' का साथ मिला न यूरोप का, क्या ईरान युद्ध बनेगा उनकी सबसे बड़ी भूल?

डोनाल्ड ट्रंप का ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) आंदोलन आंतरिक कलह से जूझ रहा है। ईरान युद्ध को लेकर टकर कार्लसन और मार्जोरी टेलर ग्रीन जैसे दिग्गजों ने ट्रंप के खिलाफ बगावत कर दी है। जानें क्या है पूरा मामला।

वेब दुनिया 18 Mar 2026 4:51 pm

फैक्ट चेक: अमेरिकी युद्धपोत पर ईरानी हमले के दावे से AI जनरेटेड वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.

बूमलाइव 18 Mar 2026 2:50 pm

अबोहर सिविल अस्पताल में मरीजों की लगी कतारें:घंटों इंतजार करने के बाद भी नहीं मिल रहा इलाज, भीड़ में जेबकतरे कर रहे वारदात

अबोहर के सरकारी अस्पताल में मरीजों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे सक्रिय हो गए हैं, जिससे मरीजों में डर और रोष है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। मरीजों को सबसे पहले आभा आईडी बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पर्ची के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ डिस्पेंसरी पर आया डॉक्टर से जांच करवाने के बाद दवा डिस्पेंसरी पर भी लंबी कतारें लगती हैं। डिस्पेंसरी पर भीड़ बढ़ने के दो मुख्य तकनीकी कारण सामने आए हैं। डॉ. सौरव फुटेला के लौटने के बाद टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ अब इसी डिस्पेंसरी पर आ गया है। नशा मुक्ति केंद्र के मरीज भी हो रहे परेशान इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र के मरीजों को भी दवा लेने के लिए इसी खिड़की पर भेजा जा रहा है, जिससे सामान्य मरीजों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है।अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की ढिलाई का फायदा जेबकतरे और चोर उठा रहे हैं। लाइनों में लगी भीड़ के बीच मरीजों के मोबाइल फोन, पैसे और अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इलाज के लिए आए गरीब मरीजों के लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो रही है।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 2:49 pm

मोजतबा खामेनेई ने ठुकराए युद्धविराम के प्रस्ताव, कहा- अमेरिका-इजरायल पहले हार मानें

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दो मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका की ओर से तनाव कम करने और संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव तेहरान भेजे गए थे। हालांकि, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इन्हें स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया।

देशबन्धु 18 Mar 2026 2:44 pm

मध्य पूर्व में युद्ध की बड़ी कीमत, हर दिन 1 अरब डॉलर की बर्बादी

एक ऐसे समय जब विश्व के अनेक हिस्सों में मानवीय सहायता आवश्यकताओं में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और वित्तीय संसाधनों की विशाल क़िल्लत है, मध्य पूर्व क्षेत्र में भड़के हिंसक टकराव में हर दिन 1 अरब डॉलर ख़र्च हो रहे हैं। आपात राहत मामलों के लिए संयुक्त ...

वेब दुनिया 18 Mar 2026 2:42 pm

नशे और अपराध के खिलाफ कार्रवाई रहेगी जारी:नकोदर में 'युद्ध नशा विरुद्ध' के तहत कार्यक्रम करवाया, एसएसपी विर्क ने जनता से सहयोग मांगा

जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एक विशाल संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के तहत नकोदर सब-डिवीजन के लिली फार्म पैलेस, जालंधर-नकोदर रोड पर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क, पीपीएस, के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार, पीपीएस, एसपी (स्थानक); इंदरजीत सिंह, डीएसपी (तफ्तीश); ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी (सब-डिवीजन नकोदर); और सुखपाल सिंह, डीएसपी (सब-डिवीजन शाहकोट) भी मौजूद थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए सभा को संबोधित करते हुए एसएसपी विर्क ने वर्ष 2025 में जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए गए, जो नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, लगभग 900 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया और करीब 6700 युवाओं को OOAT केंद्रों से जोड़ा गया, जिससे उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिली। जनता से एसएसपी ने मांगा सहयोग अंत में, एसएसपी विर्क ने जनता से युद्ध नशा विरुद्ध और गैंगस्टरों ते वार जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि नशों और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई एक साझा जिम्मेदारी है, और सामूहिक प्रयासों से ही एक नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है 500 नागरिकों ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा कार्यक्रम में जतिंदर सिंह टाहली (सरपंच एवं ट्रक यूनियन प्रधान), दर्शन सिंह टाहली (चेयरमैन, जिला परिषद), चरणजीत सिंह (चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), जीवन सिंह (वाइस चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), सुरिंदर गढ़वाल (जिला कोऑर्डिनेटर, “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान), हरमेश सोही (काउंसलर, नकोदर), विपन शर्मा (एमडी, सत्यम कॉलेज) और सरबजीत कौर (ब्लॉक प्रधान, शहरी) जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके साथ कई सरपंच, गांव प्रतिनिधि और विभिन्न गांवों के सम्मानित व्यक्ति भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लगभग 500 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 11:02 am

ईरान-इजरायल युद्ध का फ्लाइट्स पर असर:जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शारजाह और दुबई की फ्लाइट कैंसिल; बुकिंग बंद

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब भारत के हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस की स्थिति को देखते हुए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। जयपुर से शारजाह और दुबई जाने वाली दो इंटरनेशनल फ्लाइट्स को मंगलवार को भी रद्द कर दिया गया है। कुछ एयरलाइंस ने आगामी उड़ानों की बुकिंग भी फिलहाल बंद कर दी है। इन दो फ्लाइट्स को किया कैंसिल एयर अरेबिया की शारजाह जाने वाली फ्लाइट G9-436 को कैंसिल कर दिया गया है। यह फ्लाइट जयपुर से हर दिन अलसुबह करीब 4 बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरती है। पिछले कुछ दिनों में यह फ्लाइट दोबारा संचालित होने लगी थी। अब ताजा हालात को देखते हुए आज इसे फिर से कैंसिल कर दिया गया है। इस फैसले से उन पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे थे। स्पाइसजेट एयरलाइंस की दुबई जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट SG-57 भी मंगलवार को कैंसिल कर दी गई। यह फ्लाइट जयपुर से सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर उड़ान भरकर दुबई के लिए रवाना होती है। ऐसे में अब एयरलाइन की ओर से यात्रियों को रिफंड या वैकल्पिक उड़ान का विकल्प देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों की बुकिंग बंद मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई एयरलाइंस सतर्क रुख अपना रही हैं। एतिहाद एयरवेज और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी फिलहाल अपनी खाड़ी देशों में जाने वाली कुछ उड़ानों की बुकिंग बंद कर दी है। एयरलाइंस का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस से जुड़े दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे की उड़ानों को लेकर फैसला लिया जाएगा। दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के चलते मध्य पूर्व के कई हिस्सों में एयरस्पेस को लेकर सावधानी बरती जा रही है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अपने विमानों के रूट बदल रही हैं या उड़ानें अस्थायी रूप से स्थगित कर रही हैं। इसका सीधा असर भारत से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली फ्लाइट्स पर पड़ रहा है। जयपुर एयरपोर्ट से खाड़ी देशों में खासकर दुबई, शारजाह और अबू धाबी के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय और पर्यटक ट्रैवल करते हैं। ऐसे में फ्लाइट्स के कैंसिल होने से पैसेंजर्स का ट्रैवल प्लान प्रभावित हो रहे हैं।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 10:07 am

होर्मुज संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत: सऊदी अरब ने खोला तेल का 'बैक डोर', लाल सागर से आ रहे विशाल टैंकर!

होर्मुज संकट के बीच भारत के लिए बड़ी राहत। सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते शुरू की तेल सप्लाई। जानें कैसे यानबू बंदरगाह और 1200 किमी लंबी पाइपलाइन भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी।

प्रातःकाल 18 Mar 2026 10:05 am

12 दिन कतर में फंसी रही सागर की शाखा दुबे, मदद पर लोकसभा अध्यक्ष का जताया आभार

सागर| ईरान-इजराइल युद्ध के चलते सागर की शाखा दुबे 12 दिनों तक कतर में फंसी रहीं। ब्रिटेन जाते समय उनकी फ्लाइट की आपात लैंडिंग कतर की राजधानी दोहा में करना पड़ी थी। शाखा भारत सरकार की केंद्रीय राजभाषा समिति सदस्य एवं भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव दुबे की बेटी हैं। इसके बाद दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से संपर्क कर सहयोग मांगा था। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विदेश मंत्री सहित अन्य अफसरों से बात की थी। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास ने लगातार रक्षा से संपर्क रखा। फ्लाइट उड़ने की परिस्थितियां बनते ही शाखा कतर से ब्रिटेन पहुंच गईं। वे वहां अध्ययनरत हैं। भाजपा नेता दुबे ने मंगलवार को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात कर सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि बेटी जिस दिन कतर से निकलकर ब्रिटेन पहुंची, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था। ऐसे मंे उसे न सिर्फ सुरक्षित रूप से ब्रिटेन पहुंचने में सबका सहयोग मिला, बल्कि जन्मदिन का यादगार तोहफा भी मिल गया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने मेरे कठिन समय में सहयोग और हौसला दिया।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 5:06 am

केंद्र-बिहार के बीच नहीं होगा आंकड़ों का युद्ध, अब सही तस्वीर दिखेगी

भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में आज तय होगी ‘डाटा हार्मोनी की रूपरेखा’भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच अब आंकड़ों का युद्ध नहीं होगा। केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग विभाग आंकड़ों के हवाले से अलग-अलग दावे नहीं करेंगे। आंकड़ों की सही तस्वीर विकास के लक्ष्यों को उचित दिशा देकर मंजिल तक पहुंचाएगी। ‘डाटा हार्मोनी’ की इस परियोजना की एकीकृत प्रणाली विकसित करने के लिए 18 मार्च को भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में भारत सरकार और बिहार सरकार के अधिकारी रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर पटना में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम और अंडमान निकोबार के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारों को एक तरह के डाटा प्लेटफॉर्म पर लाने के बाद अगर बिहार सरकार का कोई विभाग किसी एक आइटम का डाटा डालता है तो उसे सार्वजनिक करने से पहले संबंधित राज्य सरकार या भारत सरकार के विभाग इस पर दावा और आपत्ति कर सकते हैं। सभी ओर से सहमति बने पर ही इस डाटा को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे किसी परियोजना या योजना के बारे में लक्ष्य तय करते समय केंद्र और राज्य की एजेंसियों के पास विकास की जमीनी हकीकत और लाभुकों के बारे में ऑनलाइन सही डाटा रहेगा। केंद्र और राज्य के पास अब एक ही आंकड़े होंगे फायदा क्या? मान लीजिए किसी खास इलाके में पेयजल की योजना बनाते समय राज्य सरकार का कोई विभाग यह बताता है कि उस इलाके में इतने घरों के पास पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें हैंडपंप मुहैया कराकर यह सुविधा दी जा सकती है। बिहार का भूजल बोर्ड कहता है कि वहां 30 फुट नीचे पानी उपलब्ध है। वहीं सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं कि पानी 300 फुट से नीचे उपलब्ध है। इस तरह के विरोधाभासी आंकड़ों में परियोजना बनानी काफी मुश्किल हो जाती है। भारत सरकार और बिहार सरकार का यूनिफाइड सिस्टम इसी समस्या को हल करेगा। जरूरी क्यों? बिहार सरकार की एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग शुरू किया है। ऐसे में लोकेशन या लाभुक तय करते वक्त विरोधाभासी आंकड़ों के कारण कई तरह की समस्या सामने आ रही है। इसलिए सरकारी स्रोतों का उपयोग कर डाटा को एआई के हिसाब से पूरी तरह तैयार करने के लिए भी केंद्र और राज्य सरकार के दावों में एकरूपता जरूरी है, ताकि एआई और मशीन लर्निंग टूल्स आसानी से उपयोग कर सरकारी एजेंसियों को सही रिपोर्ट दे सकें। आज होगी इन्वायरमेंटल डाटा की मॉनीटरिंग पर चर्चा केंद्रीय सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में बुधवार को सस्टेनबुल डेवलपमेंट गोल फ्रेमवर्क, पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों और जेंडर से जुड़े डाटा की मॉनीटरिंग सही तरीके से करने पर चर्चा की जाएगी। इन आंकड़ों को सही तरीके से जमा करने, उनका विश्लेषण कर निष्कर्ष निकालने और उसकी सत्यता जानने के लिए देश और दुनिया में चल रहे प्रयोगों के बारे में मंथन किया जाएगा। इस मौके पर बिहार सरकार के योजना एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 4:00 am

ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर भड़के NCTC डायरेक्टर, 11 बार खुद युद्ध लड़ा, पत्नी को खोया, बोले- इजराइल के दबाव में छेड़ी जंग, दिया इस्तीफा

अमेरिका के 'नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर' (NCTC) के निदेशक जो केंट ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप को लिखे पत्र में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई 'तत्काल खतरा' नहीं था और यह युद्ध केवल ...

वेब दुनिया 17 Mar 2026 8:04 pm

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:SDM-तहसीलदार पर पथराव, ईरान-इजराइल युद्ध में राजस्थान के युवक की मौत, इंस्टाग्राम के जरिए आतंकी से जुड़ा ऑटो ड्राइवर

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर सीकर जिले से है। ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में सीकर जिले के युवक की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें 1. ईरान-इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और युवक की मौतईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और बेटे की मौत हो गई। ओमान में हुए ड्रोन हमले का शिकार सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) हुए हैं। वह खंडेला के अगलोई गांव के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर 2. बस और ट्रॉला की भिड़ंत में 5 लोगों की मौतमेगा हाईवे पर प्राइवेट बस और ट्रॉला की आमने-सामने की भिड़ंत में 5 यात्रियों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हनुमानगढ़ में सरदारशहर रोड स्थित बरमसर के पास हुआ। पढ़ें पूरी खबर 3. बांसवाड़ा में SDM- तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ेबांसवाड़ा के कुशलगढ़ में पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। एसडीएम और तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ दिए। 4 पुलिसकर्मी और 4 नगर पालिका कर्मचारी भी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर 4. पूर्व राजपरिवार संपत्ति विवाद पर पद्मजा कुमारी को झटकाउदयपुर के पूर्व राजपरिवार में चल रहे संपत्ति विवाद मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की बहन पद्मजा कुमारी को झटका लगा। उनकी मांग कोर्ट ने खारिज कर दी। पढ़ें पूरी खबर 5. इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी आतंकी से जुड़ा ऑटो ड्राइवरहरियाणा के अंबाला में विस्फोटक के साथ पकड़ा गया अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के सम्पर्क में था। आरोपी अली अकबर इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा था। पढ़ें पूरी खबर अब 3 अहम खबरें 6. परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर बना सीनियर टीचरडमी कैंडिडेट बैठाकर टीचर बने आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक डमी कैंडिडेट को भी पकड़ा है। पढ़ें पूरी खबर 7. रिहायशी इलाके में लेपर्ड ने किया शिकारभरतपुर में लेपर्ड के रिहायशी इलाके में शिकार से दहशत फैल गई है। गाय पर हमला करने के बाद वो कुछ मिनटों तक वहीं बैठा रहा। पढ़ें पूरी खबर 8. गणपत हत्याकांड में खुलासा, ब्लैकमेलिंग के कारण मर्डर,3 गिरफ्तारजालोर के गणपत सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 80 वर्षीय मां ने कहा कि- उन्हें न्याय मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर खबर जो हटकर है 9. कुरजां का ड्रिल मशीन और स्टील के वायर से इलाजजैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल पक्षी कुरजां का इलाज ड्रिल मशीन और वायर से किया है। स्टील के तारों को कुरजां के पैरों में ड्रिल करके पिनें डाली गई ताकि हड्डियों को फिर से जोड़ा जा सके। इलाज जल्दी करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था। पढ़ें पूरी खबर कल क्या है खास 10.देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगीराजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगी...जिसमे सीएम और मंत्री शामिल होंगे

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 6:58 pm

अमृतसर में तस्कर की संपत्ति पर चला बुल्डोजर:“युद्ध नशा के विरुद्ध” मुहिम के तहत कार्रवाई, कमिश्नर बोले- नशा मुक्त शहर बनाना है

अमृतसर में नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने अवैध संपत्ति पर बुल्डोजर चलाया है। अमृतसर के सुभाष कॉलोनी इलाके में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गैरकानूनी घर को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत की गई। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संपत्ति मुख्तार सिंह नामक व्यक्ति की थी, जो नशा तस्करी के कई मामलों में पहले से शामिल रहा है। “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत एक्शन पुलिस के अनुसार, यह अवैध निर्माण नशे के कारोबार से कमाई गई रकम से तैयार किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के पैसे से बनाई गई किसी भी संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। कमिश्नर ने कहा कि पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और महत्वपूर्ण जानकारी देने पर 10 लाख रुपय तक का इनाम भी दिया जा सकता है। इस मुहिम के तहत 1 मार्च 2025 से 16 मार्च 2026 तक 1800 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 3300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के साथ करोड़ों रुपय की नकदी और कई वाहन भी जब्त किए हैं। प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 3:33 pm

ईरान संघर्ष को लेकर ट्रंप पर बरसे डेमोक्रेट हकीम जेफ्रीज, बोले- अमेरिका को बेवजह युद्ध में धकेल दिया

अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और घरेलू आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:40 am

दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर जमीनी अभियान शुरू : इजरायल

इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने दावा क‍िया क‍ि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के प्रमुख ठिकानों के खिलाफ सीमित और लक्षित जमीनी अभियान शुरू कर दिया है।

देशबन्धु 16 Mar 2026 10:39 pm

अर्जेंटीना-स्पेन के बीच होने वाला फाइनालिसीमा मैच रद्द:मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कतर में 27 मार्च को नहीं होगा मुकाबला

अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फाइनलिसिमा मुकाबला रद्द कर दिया गया है। यूरोपीय फुटबॉल संघ (UEFA) ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और सुरक्षा हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया। यह मैच 27 मार्च को कतर की राजधानी दोहा में खेला जाना था। इसमें साउथ अमेरिका की चैंपियन अर्जेंटीना और यूरोप की चैंपियन स्पेन आमने-सामने होने वाली थीं। मुकाबले को लियोनेल मेस्सी और लामिन यामल की टीमों के बीच बड़ा मैच माना जा रहा था। युद्ध के चलते सुरक्षा पर मंडराया खतरामिडिल ईस्ट में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच जारी संघर्ष और अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के कारण क्षेत्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। पिछले तीन हफ्तों से जारी इस तनाव के बीच कतर में मैच कराना जोखिम भरा माना गया। UEFA ने कहा कि कतर के आयोजकों के साथ चर्चा के बाद मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए 27 मार्च को कतर में मैच कराना संभव नहीं है। लुसैल स्टेडियम में होना था मैच, जहां अर्जेंटीना बना था वर्ल्ड चैंपियनयह मुकाबला लुसैल स्टेडियम में होना था। इसी मैदान पर 2022 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला गया था, जिसमें अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताब जीता था। उस मैच में मेस्सी ने दो गोल किए थे, जबकि किलियन एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई थी। अन्य विकल्पों पर नहीं बनी बातमैच को दूसरे स्थान पर कराने के विकल्प भी देखे गए। मैड्रिड के सैंटियागो बर्नाबेउ स्टेडियम में मैच कराने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने इसे स्वीकार नहीं किया। एक विकल्प यह भी था कि मुकाबला दो लेग में कराया जाए। पहला मैड्रिड में और दूसरा ब्यूनस आयर्स में। इस प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बन सकी। बाद में UEFA ने 27 मार्च को इटली में मैच कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन अर्जेंटीना ने इसे 31 मार्च को कराने की मांग रखी। UEFA के अनुसार चार दिन बाद मैच कराना संभव नहीं था, इसलिए आखिरकार इसे रद्द करना पड़ा। फाइनलिसिमा का पहला मुकाबला 2022 में लंदन के वेम्बली स्टेडियम में खेला गया था, जिसमें अर्जेंटीना ने इटली को 3-0 से हराया था। क्या है फाइनलिसिमा फाइनलिसिमा एक इंटरकॉन्टिनेंटल फुटबॉल मुकाबला है, जिसमें कोपा अमेरिका के विजेता और यूरोपीय चैम्पियनशिप (यूरो) के विजेता आमने-सामने होते हैं। यह टूर्नामेंट दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ CONMEBOL और यूरोपीय फुटबॉल महासंघ UEFA के बीच सहयोग समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत दोनों संगठन फुटबॉल के विकास के लिए मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इनमें महिला फुटबॉल, फुटसल, युवा वर्ग के टूर्नामेंट, रेफरी का आदान-प्रदान और तकनीकी प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। फ़ाइनलिस्सिमा पहली बार 1985 में खेला गया था। उस समय इसे कहा जाता था, जिसका नाम यूईएफए के पूर्व अध्यक्ष के नाम पर रखा गया था। यह मुकाबला दूसरी बार 1993 में आयोजित हुआ, जिसके बाद लंबे समय तक इसे नहीं खेला गया। बाद में 2022 में CONMEBOL और UEFA के बीच नए सहयोग समझौते के बाद इस प्रतियोगिता को फिर से शुरू किया गया और इसका नाम फाइनलिसिमा रखा गया। 1985 में खेले गए पहले मुकाबले में फ्रांस नेशनल फुटबॉल टीम ने ऊरुग्वे नेशनल फुटबॉल टीम को हराया था। वहीं अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम ने 1993 और 2022 के मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किए। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले पर उठाए सवाल:मीरपुर ODI में बांग्लादेश के रीव्यू को बताया गलत, मैच रेफरी से शिकायत की मीरपुर में खेले गए तीसरे वनडे में अंपायर के एक फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत की है। पाकिस्तान का कहना है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने बांग्लादेश को गलत तरीके से LBW रीव्यू लेने की अनुमति दी। पूरी खबर

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 11:19 am

ईरान-इजरायल युद्ध का बड़वानी कपास व्यापार पर असर:अंतरराष्ट्रीय मार्ग प्रभावित होने से लागत बढ़ेगी, निर्यात ठप होने की आशंका

ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब बड़वानी जिले के कपास व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग प्रभावित होने से आयात-निर्यात की प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे व्यापारी वर्ग में चिंता का माहौल है। जिले के स्थानीय कपास व्यापारी और कॉटन एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल तायल ने बताया कि भारत का पूरा कपास व्यापार काफी हद तक आयात और निर्यात पर निर्भर करता है। भारत अपनी जरूरत की लंबे रेशे वाली कपास की गांठें अमेरिका, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आयात करता है। समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ तो बढ़ेगी परिवहन लागत अध्यक्ष ने बताया कि मौजूदा युद्ध की स्थिति में अमेरिका भी पूरी तरह से इसमें शामिल है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास स्थित महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग पर भी स्थिति संवेदनशील हो गई है। यदि यह मार्ग प्रभावित होता है, तो जहाजों को अफ्रीका के रास्ते होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत काफी बढ़ जाएगी और व्यापार महंगा हो जाएगा। युद्ध से कपास व्यापार और निर्यात पर असर बढ़ा उन्होंने आगे बताया कि भारत का अमेरिका के साथ कपास व्यापार काफी बड़ा है। देश अमेरिका से बड़ी मात्रा में कपास आयात करता है और यहां तैयार होने वाले कपड़े व रेडीमेड गारमेंट यूरोप के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। लेकिन यूरोप के कई देश भी इस युद्ध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। निर्यात रुका तो कपड़ा उद्योग और व्यापार को नुकसान अध्यक्ष के अनुसार, यदि निर्यात प्रभावित होता है, तो बड़वानी जिले सहित अन्य जिलों और प्रदेशों में तैयार माल बाहर नहीं जा पाएगा और बाजार में माल का दबाव बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है और उद्योग की स्थिति भी चरमरा सकती है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध उद्योग और व्यापार दोनों के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है, क्योंकि एक तरफ जहां आयात प्रभावित होगा, वहीं दूसरी ओर निर्यात भी रुकने की आशंका है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो इसका सीधा असर कपास व्यापार, वस्त्र उद्योग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है। व्यापारी बोले- संघर्ष से कपास व्यापार पर संकट व्यापारी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल्द से जल्द शांति स्थापित होना जरूरी है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य हो सकें, कपास व्यापार में स्थिरता आए और देश में उद्योग तथा व्यापारी वर्ग बिना किसी बाधा के अपना कारोबार कर सकें हम बता दे कि बड़वानी जिले में कपास का कारोबार बड़े स्तर पर होता है। उन्होंने बताया कि ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण हॉर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही ठप होने से कपास और टेक्सटाइल व्यापार पर गहरा संकट आ गया है। समुद्री मार्ग बंद होने और युद्ध जोखिम बीमा बढ़ने से ढुलाई लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल के दाम बढ़ने से तैयार कपड़ों की कीमतें 30-35 प्रतिशत बढ़ी हैं और निर्यात लगभग ठप हो गया है।

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 9:28 am

ईरान जंग के बीच लेबनान कब्जाने में जुटे नेतन्याहू:आखिर क्या है 'ग्रेटर इजराइल' का सपना; क्या इसीलिए 29 महीनों से जंग जारी

पूरी दुनिया की नजर ईरान जंग पर टिकी है। उधर इजराइल तेजी से लेबनान पर जमीनी कब्जा करने में जुटा है। पिछले 15 दिनों में ही इजराइल ने लेबनान में करीब 700 लोग मार दिए हैं। 20% जमीन खाली करा ली है और अपने सैन्य ठिकाने जमा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू अपने अल्टीमेट गोल ‘ग्रेटर इजराइल’ को हकीकत बनाने में जुटे हैं। आखिर ग्रेटर इजराइल क्या है और नेतन्याहू मिडिल ईस्ट में क्या करना चाहते हैं; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… लेकिन इस सब की शुरुआत क्यों और कैसे हुई? इसे समझने के लिए 4 हजार साल पीछे चलना होगा… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी और अजीत सिंह -------- ये खबर भी पढ़िए… ईरान समेत 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर:ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; क्या ऐसे ही तबाह होती हैं सुपर पावर्स डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए 13 महीने हुए हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराया, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए और राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 5:21 am

युद्ध का असर:गैस कटौती और कच्चा माल महंगा होने से मालनपुर-बामौर सहित करीब 200 इंडस्ट्रीज में घटा प्रोडक्शन

​वैश्विक स्तर पर चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध की तपिश अब ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों में भी महसूस की जाने लगी है। मालनपुर, बानमोर, बाराघाटा, गिरवाई व शंकरपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा संकट और कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों के कारण उत्पादन ठप होने की नौबत आ गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई इकाइयों में प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद होने की कगार पर है। उद्योगपती बोले- परेशानी में साथ नहीं दे रही सरकार गैस कटौती से प्रोडक्शन प्रभावितग्लास प्लांट पूरी तरह नेचुरल गैस पर निर्भर है। गैस सप्लाई घटने से उत्पादन लागत बढ़ गई है और बाजार में प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो रही है। -वसुमित्र पांडे, सीईओ, सूर्या रोशनी कच्चे माल की सप्लाई घटी प्लास्टिक दाना अरब देशों से आता है। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है और उत्पादन 15–20% कम करना पड़ा।-दिलीप करवा, कॉमर्शियल डीजीएम, सुप्रीम इंडस्ट्रीज रबर यूनिट बंद करनी पड़ीगैस सप्लाई बंद होने से रबर उत्पाद बनाने वाली यूनिट सात दिन से बंद है, कर्मचारियों को खाली बैठाकर वेतन देना पड़ रहा है।-राजेंद्र अग्रवाल, संचालक, श्रीराम दूत इंडस्ट्रीज प्रोडक्शन 70% तक घटाकच्चे माल की कमी और कीमत बढ़ने से प्लास्टिक जार व फिटिंग उत्पादों का उत्पादन 70% तक घटाना पड़ा। -राजू पंडित, संचालक, थ्रीबी इंटरप्राइजेज अंचल की करीब 200 इकाइयों का प्रोडक्शन प्रभावित गिरवाई, मालनपुर, महाराजपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में बनी 60 से अधिक टॉफी इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन 50% से भी कम रह गया है। वहीं मिठाई, नमकीन, आईस्क्रीम सहित करीब 200 इकाइयां अपनी क्षमता के अनुसार प्रोडक्शन नहीं कर पा रही हैं।- डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉ़मर्स एंड इंडस्ट्रीज बानमोर: पैकेजिंग और कैप प्लांट हुए बंद बानमोर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुदीप प्रकाश शर्मा ने बताया कि सिलेंडर और कच्चे माल के संकट ने प्रोडक्शन पर असर किया है। एल्युमिनियम शीट पर प्रिंटिंग न हो पाने के कारण उनका कैप प्लांट लगभग बंद हो चुका है। बानमोर में करीब 5 पानी की टंकी और पाइप बनाने वाली कंपनियों का उत्पादन महज 50 रह गया है। मालनपुर: पीएनजी में सबसे ज्यादा एमपी में वैट मालनपुर एसो. अध्यक्ष मुकुल चतुर्वेदी ने बताया कि मप्र में पीएनजी पर 14% वैट है, जबकि अन्य राज्यों में औसतन 5% ही है। इस संकट की घड़ी में इसे कम करना चाहिए। शंकरपुर:70%गिरा उत्पादन शंकरपुर इंडस्ट्रीज एसो. के अध्यक्ष राजेंद्र तलूजा ने बताया कि तेल की कट्टी, बेकरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने वाली इकाइयां 7 प्रमुख फैक्ट्रियों में उत्पादन 70% तक गिर चुका है।

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 4:48 am

युद्ध के कारण गैस और कच्चे माल की कमी से उद्योग प्रभावित

भास्कर न्यूज |लुधियाना एसोसिएशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रियल अंडरटेकिंग्स की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें जारी युद्ध के कारण ईंधन और कच्चे माल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं से उद्योगों को हो रही गंभीर समस्याओं पर चर्चा की गई। एटीआईयू के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईंधन, खासकर गैस की कमी के कारण कई औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। एटीआईयू के उपाध्यक्ष और रॉयल इस्पात उद्योग, मंडी गोबिंदगढ़ के प्रबंध निदेशक संजीव सूद ने कहा कि अधिकांश रोलिंग मिलों ने पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए कोयले की जगह गैस का उपयोग शुरू कर दिया था। लेकिन मौजूदा गैस संकट के कारण स्टील उद्योग पर भारी दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कोयले के उपयोग की अनुमति भी दे दे, तब भी तुरंत बदलाव करना आसान नहीं होगा, क्योंकि कोयले की आपूर्ति भी सीमित है। एटीआईयू के संयुक्त सचिव और भूषण इंडस्ट्रीज के मालिक भूषण गुप्ता ने बताया कि गैस की कमी से फोर्जिंग यूनिट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। वहीं एटीआईयू के कन्वीनर और टीसीजी इंडस्ट्रीज के मालिक विनीत गुप्ता ने कहा कि गैस की कमी के कारण कई यूनिटों की हीट ट्रीटमेंट भट्टियां बंद पड़ी हैं। एटीआईयू के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कोहिनूर इंडस्ट्रीज के पार्टनर अनिल सचदेवा ने कहा कि कई उद्योग अब डीजल आधारित भट्टियों की ओर जाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए समय और भारी निवेश की जरूरत होगी। संगठन ने सरकार से अपील की कि गैस और कच्चे माल की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जाए, जमाखोरी रोकी जाए।

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 4:00 am

अज्ञात वाहन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत:तुर्की ओवरब्रिज के पास देर शाम हुआ हादसा, मौके पर ही दम तोड़ा

मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। तुर्की ओवरब्रिज के समीप श्मशान घाट के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुर्की थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) मुजफ्फरपुर भेज दिया। तुर्की थाना के एएसआई बबलू कुमार ने घटना की पुष्टि की। एएसआई बबलू कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 9:51 pm

कतर से गैस लाने में जुटे फतेहाबाद के दो ऑफिसर:दोनों मर्चेंट नेवी में तैनात; दो जहाजों में लदी 92,700 टन LPG

देश में एलपीजी आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के प्रयासों के बीच हरियाणा के फतेहाबाद जिले के दो युवकों का भी अहम योगदान सामने आया है। जिले के गांव कुम्हारिया और सरवरपुर के दो युवक मर्चेंट नेवी में अधिकारी के रूप में तैनात हैं। ये दोनों उन जहाजों पर तैनात हैं, जो ईरान से एलपीजी गैस लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, युद्ध प्रभावित होर्मुज मार्ग से भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी शनिवार सुबह सुरक्षित गुजर गए। इन जहाजों में कुल 92 हजार 700 टन एलपीजी लदी हुई है। दोनों जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 16–17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है। शिवालिक पर तैनात अनिल भांभू गांव कुम्हारिया के कृष्ण गोदारा मर्चेंट नेवी में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और वे गैस लेकर भारत आ रहे जहाज नंदा देवी पर तैनात हैं। वहीं, गांव सरवरपुर के अनिल भांबू भी मर्चेंट नेवी में अधिकारी हैं और शिवालिक जहाज पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 24 भारतीय जहाज फंस गए थे बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज मार्ग के पश्चिमी किनारे पर 24 भारतीय जहाज फंस गए थे। इनमें से दो जहाज अब सुरक्षित निकल कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज कतार में हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय ध्वज वाले चार अन्य जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में भी फंसे हुए बताए गए हैं। फतेहाबाद जिले के इन दोनों युवकों ने अपने सफर को परिवार से भी साझा किया है। 25 फरवरी को गैस लेने गए थे कतर गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मर्चेंट नेवी में मुख्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि गांव सरवपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी तैनात हैं। इनके परिवार के अनुसार, दोनों अधिकारी जहाज लेकर पिछले महीने 25 फरवरी को कतर में एलपीजी गैस लेने के लिए गए थे, लेकिन इस बीच युद्व शुरू होने के चलते फंस गए थे। 8 साल पहले भर्ती हुए थे अनिल मर्चेंट नेवी में सेकेंड ऑफिसर अनिल भांभू के भाई सुनील के अनुसार, उनके भाई अनिल की उम्र इस समय 30 साल है। करीब आठ साले वह पहले मर्चेट नेवी में भर्ती हुआ था। शुरू से ही नेवी में जाने का उसको जुनून था। परिवार में पिता कृष्ण कुमार, माता सुशीला, भाभी उषा, भतीजा कुशांत है। जो लगातार उसके सुरक्षित पहुंचने की दुआ कर रहे हैं। वाट्सएप कॉल से परिवार कर रहा बातचीत अनिल के भाई सुनील ने बताया कि परिवार को शुरू में चिंता हुई थी, लेकिन अब गर्व महसूस कर रहे हैं कि बेटा देश के लिए काम कर रहा है। वाट्सएप कॉल के जरिए अनिल से परिवार के लोग संपर्क कर रहे हैं। उससे लगातार कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक जहाज अपनी तय जगह पर पहुंच जाएंगे। परिवार के अनुसार, अनिल ने बातचीत में बताया है कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने में भारत सरकार और भारतीय नेवी, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया का काफी योगदान रहा है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 2:44 pm

नवसंवत्सर 2083 का आगाज 20 मार्च से:ज्योतिषाचार्य ने ग्रह योगों के आधार पर युद्ध, महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई

हिंदू नववर्ष संवत 2083 का प्रवेश 19 मार्च 2026 को हो रहा है, लेकिन उदया तिथि में प्रतिपदा के क्षय होने के कारण नवसंवत्सर का आरंभ 20 मार्च, शुक्रवार से माना जाएगा। इस वर्ष का नाम रौद्र संवत्सर रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार वैशाख कृष्ण नवमी, 11 अप्रैल 2026 से दुर्मति नामक उपसंवत्सर प्रारंभ होगा, हालांकि संकल्प आदि में पूरे वर्ष रौद्र संवत्सर का ही प्रयोग किया जाएगा। वर्ष के ग्रह पदाधिकारी और उनके प्रभाव संवत 2083 के लिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष के दस पदाधिकारी निर्धारित किए गए हैं। इनमें राजा गुरु, मंत्री भौम (मंगल), सस्येश शुक्र, दुर्गेश चंद्र, धनेश गुरु, रसेश रवि, धान्येश बुध, नीरसेश गुरु तथा फलेश और मेघेश चंद्र हैं। इस प्रकार राजा गुरु के पास दो अतिरिक्त विभागों का स्वामित्व रहेगा, जबकि चंद्रमा को तीन विभागों की जिम्मेदारी मिलेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह स्थितियों का असर देश-दुनिया की आर्थिक, सामाजिक और प्राकृतिक परिस्थितियों पर दिखाई दे सकता है। युद्ध, आगजनी और वैश्विक तनाव की आशंका ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष की शुरुआत में चतुर्ग्रही योग का प्रभाव रहेगा और मंगल-राहु का अंगारक योग आगजनी, विस्फोट और युद्ध जैसी स्थितियों के संकेत देता है। कई देशों में राजनीतिक असंतोष और राष्ट्राध्यक्षों के खिलाफ रोष बढ़ सकता है। मंगल-शनि की युति तापमान में वृद्धि और वर्ष के अंत तक महंगाई बढ़ने के संकेत दे रही है। वहीं सूर्य-शनि के षडाष्टक योग के कारण वाहन, रेल और हवाई दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। प्राकृतिक आपदा और महामारी की संभावना ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। कुछ देशों में महामारी जैसे हालात बनने की संभावना भी ग्रह संकेत दे रहे हैं। चौपायों में रोग फैलने और पेयजल की कमी जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। श्रावण मास में पांच गुरुवार पड़ने से पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जबकि भारत के मध्य भाग में जनआंदोलन से अशांति की स्थिति बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर संभावित असर ग्रह स्थिति के अनुसार पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति कमजोर होने के संकेत बताए गए हैं। वहीं तुर्की और चीन जैसे देशों के लिए भी यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अमेरिका में आंतरिक असंतोष और विद्रोह की आशंका जताई गई है, जबकि रूस और ईरान जैसे देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध मजबूत होने के संकेत बताए गए हैं। चीन और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के समाधान में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। रुद्र बीसी का 14वां वर्ष बताया गया ज्योतिषाचार्य के अनुसार संवत 2083 तथाकथित रुद्र बीसी का 14वां वर्ष माना गया है। भृगु संहिता के आधार पर ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बीसी को 20-20 वर्षों के कालखंड में बांटा गया है। रुद्र बीसी की अवधि वर्ष 2012 से शुरू होकर 2032 तक मानी जा रही है। इस अवधि को प्राकृतिक प्रकोप, सामाजिक अस्थिरता और युद्ध जैसी घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। आने वाले वर्षों को लेकर चेतावनी ज्योतिषाचार्य पं. गौतम के अनुसार रुद्र बीसी के शेष वर्षों में भी विश्व स्तर पर युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और नई बीमारियों की आशंका बनी रह सकती है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भूकंप जैसी घटनाओं का खतरा बताया गया है। उनका कहना है कि इन भविष्यवाणियों का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, बल्कि समाज को संभावित परिस्थितियों के प्रति सचेत करना है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 2:42 pm

इजराइल-ईरान युद्ध का असर, गैस ने बिगाड़ा बजट:ग्वालियर में 1100 का इंडेक्शन 2500, डीजल भट्‌टी पर बढ़ गए 3 हजार रुपए

इजराइल-ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एलपीजी गैस की किल्लत का असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी दिखाई देने लगा है। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण लोग अब इंडक्शन चूल्हा, लकड़ी-कोयला और डीजल भट्टी जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में इनकी मांग बढ़ने से कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। बाजार में पहले 1100 रुपए में मिलने वाला इंडक्शन अब करीब 2500 रुपए में मिल रहा है। वहीं 2500 रुपए की डीजल भट्टी अब 5 से 8 हजार रुपए तक में बिक रही है। ईंधन खर्च बढ़ने के कारण कई होटल संचालकों ने खाने के दाम भी बढ़ा दिए हैं। बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% बढ़ी ग्वालियर के बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% तक बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर सीमित स्टॉक भी खत्म होने लगा है। शोरूम संचालकों ने कंपनियों को नए ऑर्डर देना शुरू कर दिया है। बाजार में 2500 से 5000 रुपए तक के इंडक्शन उपलब्ध हैं। लोग प्रेस्टीज, फिलिप्स, हैवेल्स, बजाज, पिजन, ऊषा और क्रॉम्पटन जैसी कंपनियों के इंडक्शन अधिक खरीद रहे हैं। डीजल भट्टी की मांग बढ़ी, कीमत 5 से 10 हजार तक एलपीजी की कमी के कारण डीजल भट्टी की मांग भी बढ़ी है। पहले बाजार में इसकी कीमत 3 से 7 हजार रुपए थी, जो अब 5 से 10 हजार रुपए तक पहुंच गई है। कई कारीगरों ने बर्तन बनाने का काम छोड़कर डीजल भट्टी बनाना शुरू कर दिया है। डीजल भट्टी बनाने वाले दुकानदार आजाद खान ने बताया कि पहले इसकी मांग कम थी, लेकिन एलपीजी की किल्लत के कारण अचानक मांग बढ़ गई है। लकड़ी और कोयले के दामों में बढ़ोतरी लकड़ी और कोयला बेचने वाली दुकानों पर भी मांग बढ़ गई है। पहले लकड़ी 7 रुपए प्रति किलो और कोयला 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिकता था। अब लकड़ी की कीमत 10 रुपए प्रति किलो और कोयला 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। बाजार में लकड़ी की कमी के कारण कुछ ढाबा और होटल संचालकों ने अपना कारोबार भी बंद कर दिया है। एलपीजी की कमी से बिजली खपत में 20% तक बढ़ोतरी एलपीजी की किल्लत के कारण लोग घरों में इंडक्शन चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं। इससे शहर में बिजली खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिजली खपत में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। दुकानदार बोले- इंडक्शन का स्टॉक खत्म होने लगा मधु इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के संचालक अमित महेश्वरी ने बताया कि एलपीजी की कमी के कारण लोग इमरजेंसी के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। अचानक मांग बढ़ने से कंपनियों के पास रखा हुआ स्टॉक भी खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर इंडक्शन की बिक्री नवंबर-दिसंबर में ज्यादा होती है, इसलिए कंपनियां उसी आधार पर उत्पादन करती हैं। अचानक मांग बढ़ने से बाजार में रॉ मटेरियल की कमी भी सामने आ रही है। ठेले वाले ने बताया- 900 का सिलेंडर 1500 में मिल रहा पानी की टिक्की बेचने वाले सोनू सिंह कुशवाहा ने बताया कि पहले वह एलपीजी सिलेंडर पर टिक्की बनाते थे, लेकिन अब गैस नहीं मिलने के कारण लकड़ी की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 900 रुपए का सिलेंडर मिलता था, लेकिन अब अगर मिल भी रहा है तो 1500 रुपए तक में मिल रहा है। हालात ऐसे ही रहे तो टिक्की के दाम भी बढ़ाने पड़ सकते हैं। ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ीं एलपीजी और अन्य ईंधन महंगे होने से शहर के होटल और ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ गई हैं। पहले 100 रुपए प्रति प्लेट मिलने वाली दाल फ्राई अब 125 रुपए की हो गई है। तंदूरी रोटी की कीमत 5 रुपए से बढ़कर 7 से 8 रुपए प्रति नग हो गई है। पुलाव, मिक्स वेज और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी 5 से 10 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। इसके कारण ढाबों पर ग्राहकों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:55 am

लुधियाना में रन फॉर ह्यूमैनिटी में दौड़े लोग:विश्व में शांति और सेवा का संदेश, ईरान और इराक के बीच तनाव पर चिंता

लुधियाना की सड़कें रविवार सुबह एक ऐतिहासिक जोश की गवाह बनीं। रन फॉर ह्यूमैनिटी मैराथन में शहरवासियों ने साबित कर दिया कि जब बात इंसानियत की हो तो लुधियाना का दिल सबसे बड़ा है। इस दौड़ का दोहरा मकसद था, संसाधनों के अभाव में शिक्षा से दूर बच्चों की मदद करना और दुनियाभर में फैल रही जंग की आग के बीच शांति का पैगाम देना। मैराथन की शुरुआत घुमार मंडी से हुई और फाउंटेन चौक पर जाकर संपन्न हुई। सुबह 5 बजे ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते पूरा रूट जोश से भरे लोगों से भर गया। इस दौड़ में केवल युवा ही नहीं बल्कि नन्हें बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्गों तक ने हिस्सा लेकर यह साबित किया कि सेवा की कोई उम्र नहीं होती। वैश्विक तनाव के बीच शांति की पुकार मैराथन के दौरान लोगों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय दुनिया के मौजूदा हालात भी रहे। आयोजकों और दौड़ने वाले लोगों ने विशेष रूप से ईरान और इराक के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त की। कहा कि, जब दुनिया के एक हिस्से में युद्ध की लपटें उठ रही हों तब दूसरे हिस्से से शांति और इंसानियत की आवाज बुलंद करना और भी जरूरी हो जाता है। लुधियाना की यह दौड़ उन निर्दोष लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का भी एक जरिया है जो युद्ध की मार झेल रहे हैं। सिर्फ दौड़ नहीं, एक उम्मीद है यह कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए की गई दौड़ नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद दूसरों के लिए जीना है। आज लुधियाना की सड़कों पर वही संदेश फैलाया गया है। यह मैराथन उन बच्चों के लिए एक उम्मीद की किरण है जिनके हाथों में किताबों की जगह मजबूरी है। हर व्यक्ति का एक कदम किसी बच्चे का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। टीम 1699 और दसवंत फाउंडेशन की अनूठी पहल जसदेव सिंह सेखों ने जानकारी देते हुए बताया कि 'टीम 1699' और 'दसवंत फाउंडेशन' की इस साझी पहल का असली लक्ष्य इंसानियत को हर सरहद और विवाद से ऊपर रखना था। उन्होंने कहा लुधियाना हमेशा से सेवा और भाईचारे में अग्रणी रहा है। दौड़ना तो एक बहाना था असली मकसद लोगों को एक मंच पर लाना था ताकि हम समाज और दुनिया को एक बेहतर कल की दिशा में ले जा सकें।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:40 am

झज्जर उद्योगों पर दिखा ईरान-इजरायल युद्ध का असर:बहादुरगढ़ में जूता उद्योग का उत्पादन 40% घटा, कच्चा माल 50% महंगा; जूते-चप्पलों के दाम 10-20% बढ़े

झज्जर। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालातों का असर अब हरियाणा के औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ के उद्योगों पर भी दिखने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई घटने और कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यहां की फुटवियर इंडस्ट्री संकट में आ गई है। उद्योगपतियों के अनुसार कई इकाइयों में उत्पादन करीब 40 प्रतिशत तक घट गया है, जबकि बढ़ती लागत के कारण जूते-चप्पलों के दाम भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं। बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन की बैठक में उद्योगपतियों ने जूते-चप्पलों के दाम बढ़ाने पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला पीयू, ईवीए और रेग्जिन जैसे कच्चे माल का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाया जाता है। युद्ध जैसे हालातों के कारण इनकी सप्लाई कम हो गई है और स्टॉकिस्टों ने कच्चे माल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। कच्चा माल महंगा होने से घटाना पड़ा उत्पादन उन्होंने बताया कि कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन घटाना पड़ रहा है। साथ ही जूते-चप्पलों की कीमतों में भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। सुभाष जग्गा के अनुसार जूता उद्योग पहले ही एमएसएमई सेक्टर में 45 दिन में भुगतान की बाध्यता के कारण दबाव में था और अब अंतरराष्ट्रीय हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है। 1500 से ज्यादा इकाइयों में 30 हजार करोड़ का उत्पादन बहादुरगढ़ देश के प्रमुख फुटवियर हब में से एक माना जाता है। यहां 1500 से अधिक जूता निर्माण और उससे जुड़ी इकाइयां काम कर रही हैं। इन इकाइयों में सालाना करीब 30 हजार करोड़ रुपये का उत्पादन होता है, जबकि लगभग 700 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया जाता है। जूते-चप्पल बनाने के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कच्चा माल विदेशों से मंगवाया जाता है, जिस पर मौजूदा हालातों का सीधा असर पड़ा है। कैमिकल इंडस्ट्री पर भी पड़ा असर युद्ध जैसे हालातों का असर केवल फुटवियर इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। बहादुरगढ़ की कैमिकल इंडस्ट्री भी इससे प्रभावित हो रही है। सार ग्लोबल के डायरेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि रिफाइनरी से मिलने वाला पेट्रो-केमिकल आधारित कच्चा माल और सॉल्वेंट की सप्लाई लगभग बंद हो गई है। इसके अलावा फैक्ट्रियों में गैस की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। सिर्फ 60% रह गया उत्पादन, शटडाउन का खतरा राजेश कुमार के अनुसार इन हालातों के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन करीब 60 प्रतिशत तक सिमट गया है। अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कई उद्योगों के सामने फैक्ट्री बंद करने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। महंगाई बढ़ने की भी आशंका उद्योगपतियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस और कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते उपभोक्ता वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने लगे हैं और आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 7:34 am

इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध की निंदा

अमृतसर| फोकलोर रिसर्च एकेडमी अमृतसर ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विनाशकारी युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की है। एकेडमी के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि इस युद्ध ने न केवल संबंधित देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने बताया कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों सहित स्कूलों और नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों से भारी तबाही मची है। विशेष रूप से दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 180 मासूम लड़कियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। ईरान के जवाबी हमलों से इजरायल को भी बड़ा नुकसान हुआ है। एकेडमी ने चिंता जताई कि युद्ध से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है और लाखों निर्दोष फंस गए हैं।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 4:32 am

एमपीएजीडी में विशेषज्ञों की चेतावनी, भविष्य के युद्ध होंगे साइबर व प्रॉक्सी नेटवर्क आधारित

उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय महाराणा प्रताप एनुअल जियोपॉलिटिक्स डायलॉग (एमपीएजीडी) 2026 के पहले दिन शनिवार को वैश्विक विशेषज्ञों ने बदलती विश्व व्यवस्था, ग्रे-ज़ोन संघर्षों और प्रॉक्सी युद्धों के बढ़ते प्रभाव पर गहन मंथन किया। इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में विभिन्न देशों से आए कूटनीतिज्ञों, रणनीतिक विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों ने समकालीन भू-राजनीतिक चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार साझा किए। पूर्व डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (अरबियन पेनिन्सुला अफेयर्स), यूएसए डैनियल बेनाइम ने कहा कि दुनिया अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां पारंपरिक युद्धों की जगह ग्रे-जोन संघर्ष, साइबर हमले, दुष्प्रचार अभियान और प्रॉक्सी नेटवर्क जैसी जटिल रणनीतियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं तेजी से बदलते भू-राजनीतिक तनावों को संभालने में संघर्ष कर रही हैं। उसनास फाउंडेशन द्वारा 13-14 मार्च को आयोजित इस संवाद का आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया गया। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संवाद में 30 से अधिक वक्ताओं ने विचार रखे संवाद में विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जासूसी, दुष्प्रचार और तोड़फोड़ जैसी तकनीकी रणनीतियों के साथ बहुआयामी हो चुके हैं। रैंड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष के सलाहकार ब्रायन जेनकिंस ने कहा कि प्रमुख शक्तियां अपने रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से प्रॉक्सी का सहारा ले रही हैं। उन्होंने वियतनाम युद्ध और समकालीन संघर्षों में सीरियाई कुर्दों की भूमिका का उदाहरण दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने डॉ. अभिनव पांड्या की पुस्तक “द जिहाद गेम: इनसाइड पाकिस्तान्स डार्क वॉर” का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ सक्रिय जिहादी नेटवर्क तीन स्तंभों-पाकिस्तान समर्थित वैचारिक ढांचे, संस्थागत क्षमता और मजबूत वित्तीय-लॉजिस्टिक नेटवर्क पर आधारित हैं। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में दुनिया भर से 30 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें मंगोलिया के पूर्व विदेश मंत्री दमदीन त्सोग्तबातार, आर्मेनिया के पूर्व पर्यावरण मंत्री एरिक ग्रिगोरियन, एमपी-आईडीएसए के महानिदेशक राजदूत सुजान चिनॉय, भारत के पूर्व राजदूत गौतम बंबावाले, डॉ. सी. राजा मोहन, प्रो. (डॉ.) श्रीराम सुंदर चौलिया, राजदूत अनिल त्रिगुणायत, राजदूत अनिल वाधवा, सैम वेस्ट्रोप और पीटर क्नूपे सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे। इस वर्ष का विषय था- चक्रव्यूह से शांतिपर्व : संघर्ष से सहमति तक। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन रहे। संवाद में मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति भी रही। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अनीता जैन, निदेशक, उसनास फाउंडेशन के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि डॉ. अभिनव पांड्या ने उद्घाटन वक्तव्य में आज की महाशक्ति प्रतिस्पर्धा को भू-राजनीति, तकनीक, वैचारिक संघर्ष और आपूर्ति शृंखला नियंत्रण की होड़ से जुड़ा बताया।

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 4:00 am

युद्ध के बीच ईरान में फंसे 70 से अधिक भारतीय छात्र रविवार सुबह पहुंचेंगे दिल्ली

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बताया कि ईरान में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच फंसे 70 से अधिक भारतीय छात्र, जिनमें अधिकांश जम्मू-कश्मीर के हैं

देशबन्धु 14 Mar 2026 11:16 pm

हवाई सफर पर मिडिल ईस्ट जंग की मार, इंडिगो-एयर इंडिया के बाद अब अकासा की उड़ान भी हुई महंगी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एयर इंडिया और इंडिगो के बाद अब देश की सबसे तेजी से बढ़ती एयरलाइन अकासा एयर ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अपनी उड़ानों पर 'फ्यूल सरचार्ज' लगाने का ऐलान कर दिया है।

देशबन्धु 14 Mar 2026 4:41 pm

सैंपल फेल के सवाल पर भड़के बाबा रामदेव:बोले- पतंजलि का नहीं, तेरा सैंपल फेल हो गया होगा,दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात

करनाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव पत्रकारों के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते नजर आए। पतंजलि के उत्पादों के सैंपल फेल होने के सवाल पर उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और सवाल पूछने वाले पत्रकार को ही अपनी सेहत सुधारने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि पतंजलि पर अक्सर बिना आधार के आरोप लगाए जाते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने दुनिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात, गैस की किल्लत, शिक्षा व्यवस्था और स्वदेशी आंदोलन पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। मिडिल ईस्ट युद्ध को बताया तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत जैसादुनिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर भी बाबा रामदेव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका और इजराइल बम बरसा रहे हैं, वहीं इसके जवाब में ईरान बैलेस्टिक मिसाइल और बम दाग रहा है। इन घटनाओं से मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक तरह से अघोषित तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन हालातों के कारण दुनिया भर में गैस और ईंधन को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई देशों में गैस के लिए त्राहिमाम जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी लोग आशंकित हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि खाड़ी देशों में भारत के करीब एक करोड़ लोग काम करते हैं। ऐसे में वहां के हालात बिगड़ते हैं तो उनके जीवन पर भी संकट खड़ा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर साधा निशानाबाबा रामदेव ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे गंभीर हालातों के बावजूद संयुक्त राष्ट्र मौन साधकर बैठा हुआ है। विश्व बैंक, आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ, डब्ल्यूएचओ और मानवाधिकार के बड़े-बड़े ठेकेदार भी चुप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे सबके मुंह पर टेप लगी हुई है और सबके मुंह में दही जम गया है। कोई बोलने का साहस नहीं कर पा रहा क्योंकि अमेरिका जैसी महाशक्ति सामने खड़ी है और डोनाल्ड ट्रंप भी आगे खड़े हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि अब नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर दुनिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पहल करनी चाहिए ताकि यह युद्ध जल्द खत्म हो सके। गैस संकट पर बोले- सरकार व्यवस्था कर रहीदेश में गैस की किल्लत के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई बड़े संस्थानों से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों में गैस की कोई बड़ी किल्लत नहीं आएगी, ऐसी व्यवस्था सरकार ने की है। हालांकि उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि घरों में थोड़ी मितव्ययता बरतनी पड़ेगी। सरकार भी इस दिशा में ध्यान दे रही है और आने वाले समय में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ना जरूरी होगा। युद्ध का कारण बताया सत्ता और संसाधनों का उन्मादबाबा रामदेव ने कहा कि दुनिया में होने वाले युद्धों के पीछे राजनीतिक और आर्थिक उन्माद सबसे बड़ा कारण है। इसके साथ सत्ता का उन्माद और मजहबी उन्माद भी जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जब इन सब चीजों का मिश्रण होता है तो युद्ध और बड़े पैमाने पर विनाश की स्थिति पैदा होती है। इसलिए दुनिया भर में राजनीतिक, आर्थिक और संसाधनों के विस्तार के उन्माद पर रोक लगानी होगी। योग, आयुर्वेद और स्वदेशी को बताया देश की ताकतबाबा रामदेव ने कहा कि मातृभूमि की सेवा के लिए करीब 30 साल पहले योग, आयुर्वेद और स्वदेशी का अभियान शुरू किया गया था। आज यह अभियान सफलता के शिखर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ा योगदान देश की मातृ शक्ति का रहा है। आज पतंजलि दुनिया के बड़े ब्रांडों में शामिल हो चुका है और इसके पीछे सेवा और परमार्थ की भावना काम करती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताएं और बहनें करनाल पहुंची थीं और यहां एक बड़ा अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने तीन आह्वान किए। पहला योग का अभ्यास करें और करवाएं, दूसरा आयुर्वेद को अपनाएं और तीसरा स्वदेशी को बढ़ावा दें। संस्कारयुक्त शिक्षा की जरूरत पर दिया जोरबाबा रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश को शिक्षा की गुलामी, चिकित्सा की गुलामी, आर्थिक, वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी से मुक्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज देश को बीमारियों, बुराइयों, नशे और अश्लीलता की तरफ धकेला जा रहा है, जिससे समाज में चारित्रिक दरिद्रता और मानसिक दिवालियापन का बदसूरत दृश्य दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अगर समाज को इन समस्याओं से बचाना है तो माताओं को बड़ी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अमेरिका में जेफरी एपस्टीन के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह के पाप वहां हुए, वैसे ही घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में भी सुनने को मिलती रहती हैं। मैकाले की शिक्षा प्रणाली खत्म करने की वकालतबाबा रामदेव ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी देश शिक्षा की गुलामी का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा कि जब 1835 में लॉर्ड मैकाले ने जो शिक्षा प्रणाली लागू की थी, उसके प्रभाव को देश करीब 190 वर्षों से ढो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर राज्य बोर्ड और केंद्रीय बोर्ड में मैकाले की सोच के लोग तैयार हो रहे हैं। पाठ्यक्रम में कुछ तकनीकी और भाषायी ज्ञान जरूर है, लेकिन उसकी सोच अभी भी गुलामी के दौर की मानसिकता से बाहर नहीं आ पाई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री भी गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की बात करते हैं। इसके लिए मैकाले की शिक्षा प्रणाली को खत्म करना जरूरी है। बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़कर बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक एक हजार से ज्यादा स्कूल इस बोर्ड से जुड़ चुके हैं और करीब 10 हजार स्कूलों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उनका लक्ष्य देशभर के एक लाख स्कूलों को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़ने का है।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 4:34 pm

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

बलिया में LPG सिलेंडर की आपूर्ति बाधित:खाड़ी युद्ध के कारण एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें

गल्फ कंट्री में युद्ध के कारण बलिया में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आमतौर पर बुकिंग के एक-दो दिन बाद सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है। एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग के नियम की जानकारी न होने से भी उपभोक्ता भ्रमित हैं। शहर के रामलीला मैदान स्थित एचपी गैस एजेंसी पर एक महिला उपभोक्ता ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि वह सुबह 6 बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है। एक अन्य उपभोक्ता ने शिकायत की कि मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ गया है, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर भी उपभोक्ताओं की लंबी कतारें हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला मोबाइल नंबर भी बंद है, जिससे नई बुकिंग प्रभावित हो रही है। बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा है कि जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडर के स्टॉक में कोई कमी नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के साथ-साथ अवैध भंडारण और वितरण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने लोगों से खाड़ी युद्ध के दौरान अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और बताया कि जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 1:17 pm

IIT BHU में आज थिंक टॉक और कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव:आर्मी के जवान आज युद्ध के अभ्यास बताएंगे, ह्यूमनॉइड और डॉग रोबोट का प्रजेंटेशन

आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स में आज ब्रिगेडियर बीएम कारियाप्पा और मेजर सुशांतका थिंक टॉक होगा। एसबी हॉल में छात्रों से सेना की रणनीति पर संवाद करेंगे। यहीं पर ह्यूमनॉइड और डॉग रोबोट की भी प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद एक कॉर्पोरेट कॉन्क्लेव आयोजित हुआ। इसमें देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं। भावतोष पांडे ने छात्रों के साथ औद्योगिक वार्ता की। आईआईटी बीएचयू का सालाना तकनीकी उत्सव ‘टेक्नेक्स-26’ इस साल अपने 87वें साल में पहुंच जाएगा। टेक्नेक्स-26 की थीम ‘फ्रेग्मेंट्स ऑफ इन्फिनिटी’ रखी गई है। स्वतंत्रता भवन में इसका उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर आयोजित प्रजेंटेशन 3 दिनों तक जारी रहेगी। टेक्नेक्स के 87वें संस्करण की पल-पल की अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…..

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 11:13 am

इजराइल-ईरान युद्ध से बासमती चावल निर्यात पर संकट:लाखों टन माल बंदरगाहों पर फंसा, गल्फ देशों में निर्यात ठप, फ्रेट और इंश्योरेंस महंगा

इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत के बासमती चावल उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के समुद्री रूट प्रभावित हो गए हैं। जिससे भारत से होने वाला चावल निर्यात रुक गया है। सबसे बड़ी बात मिडिल ईस्ट में 70 से 75 प्रतिशत चावल का निर्यात होता है। इसके अतिरिक्त 30 लाख टन की हिस्सेदारी इरान, इराक और सउदी अरब की है। लाखों टन बासमती चावल बंदरगाहों और समुद्र में फंसा हुआ है। निर्यातकों को फ्रेट और इंश्योरेंस के बढ़े खर्च का भी सामना करना पड़ रहा है। जो किराया प्रति कंटेनर 500 से हजार डॉलर था, वह 3 हजार डॉलर तक पहुंच गया है। इससे राइस मिलर्स, ट्रांसपोर्टर और लेबर तक के सामने संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत में बताया कि युद्ध के कारण गल्फ देशों में चावल भेजने की प्रक्रिया लगभग रुक गई है। इससे भारत के बासमती चावल व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है और यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो राइस मिलों को बंद करने की नौबत भी आ सकती है। पिछले साल 60 लाख टन चावल निर्यात, इस साल 65 लाख टन का लक्ष्य थाऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष भारत से लगभग 60 लाख टन यानी 6 मिलियन टन बासमती चावल विभिन्न देशों में निर्यात किया गया था। इस वर्ष निर्यातकों ने 65 लाख टन चावल निर्यात करने का लक्ष्य रखा था और उद्योग उसी दिशा में आगे बढ़ रहा था। उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले निर्यात सामान्य रूप से चल रहा था और लगातार नए ऑर्डर मिल रहे थे, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद समुद्री परिवहन पर सीधा असर पड़ा है। इसका परिणाम यह हुआ कि कई देशों के लिए भेजे जाने वाले शिपमेंट प्रभावित हो गए। 11-12 गल्फ देशों में निर्यात लगभग बंदसतीश गोयल के अनुसार युद्ध का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गल्फ क्षेत्र पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि लगभग 11 से 12 देशों में भारत का चावल निर्यात फिलहाल लगभग बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण न तो नए जहाज लग पा रहे हैं और न ही पहले से भरे हुए जहाज अपनी मंजिल तक पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से बड़ी मात्रा में बासमती चावल भारत के बंदरगाहों पर ही अटक गया है। कंडला सहित कई बंदरगाहों पर लाखों टन चावल फंसागोयल ने बताया कि भारत के कंडला सहित कई बड़े बंदरगाहों पर लाखों टन चावल फंसा हुआ है। इतना ही नहीं, जो जहाज पहले ही समुद्र में निकल चुके थे, उनमें भरा माल भी बीच रास्ते में अटक गया है। उन्होंने कहा कि जिन जहाजों के पास पास के बंदरगाहों तक पहुंचने का विकल्प था, उनके माल को दुबई के जबल अली पोर्ट, शारजाह पोर्ट और ओमान के सलाला पोर्ट जैसे स्थानों पर उतार दिया गया है। अब निर्यातकों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई है कि जो चावल सऊदी अरब या ईरान जैसे देशों के लिए भेजा गया था, उसे वहां तक कैसे पहुंचाया जाएगा। गोयल ने कहा कि इस अनिश्चितता के कारण पूरी ट्रेड चिंता में है और निर्यातक लगातार भारत सरकार के संपर्क में हैं। मिडिल ईस्ट पर 70 से 75 प्रतिशत निर्यात निर्भरसतीश गोयल ने बताया कि भारत के बासमती चावल निर्यात का सबसे बड़ा बाजार मिडिल ईस्ट है। कुल निर्यात का लगभग 70 से 75 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र में जाता है। उन्होंने बताया कि ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों में ही करीब 30 लाख टन चावल भेजा जाता है। इनमें से हर देश में लगभग 10-10 लाख टन चावल का निर्यात होता है। ऐसे में जब पूरा मिडिल ईस्ट क्षेत्र युद्ध के कारण अस्थिर हो गया है तो इसका सीधा असर भारतीय चावल व्यापार पर पड़ रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य रूट प्रभावित, शिपिंग में रुकावटगोयल ने बताया कि गल्फ देशों में चावल भेजने का प्रमुख समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जाता है। युद्ध के कारण इसी रूट पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियां भी सावधानी बरत रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण निर्यात में पूरी तरह रुकावट आ गई है। इस रूट से केवल चावल ही नहीं बल्कि तेल और गैस की सप्लाई भी होती है। कई देशों में ऊर्जा संकट की खबरें भी सामने आ रही हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो न केवल भारतीय चावल उद्योग बल्कि गल्फ देशों में खाद्यान्न आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। फ्रेट 3 गुना तक बढ़ा, इंश्योरेंस भी महंगायुद्ध के कारण सबसे बड़ा आर्थिक दबाव फ्रेट और इंश्योरेंस के रूप में सामने आया है। गोयल ने बताया कि जहाज के किराये में भारी वृद्धि हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले गल्फ देशों के लिए एक कंटेनर भेजने का किराया 500 से 1000 डॉलर के बीच होता था। एक कंटेनर में लगभग 24 टन चावल भरा जाता है। लेकिन अब यही किराया बढ़कर करीब 3000 डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि निर्यातकों पर लगभग 100 डॉलर प्रति टन का अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों ने भी युद्ध जोखिम के कारण प्रीमियम बढ़ा दिया है। गोयल के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा कवरेज लेने के कारण निर्यातकों पर 50 से 100 डॉलर प्रति टन तक का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। 31 मार्च क्लोजिंग के कारण व्यापारियों पर दबावगोयल ने बताया कि 31 मार्च के आसपास वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग होती है। ऐसे समय में व्यापारियों और बैंकों दोनों को अपने हिसाब-किताब पूरे करने होते हैं। लेकिन निर्यात रुकने के कारण व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि माल बंदरगाहों और गोदामों में अटका हुआ है। किसानों को फिलहाल ज्यादा असर नहींसतीश गोयल का कहना है कि फिलहाल किसानों पर इस संकट का सीधा असर कम है। उन्होंने बताया कि किसानों की पिछली फसल अच्छे दामों में बिक चुकी है और अभी नई फसल लगाने का समय है। लेकिन राइस मिलर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए स्थिति कठिन होती जा रही है, क्योंकि उनके पास बड़ी मात्रा में तैयार चावल का स्टॉक पड़ा हुआ है। ईरान के साथ भुगतान की समस्या पहले सेगोयल ने बताया कि ईरान के साथ व्यापार में पहले से ही भुगतान और बैंकिंग से जुड़ी चुनौतियां रही हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और बैंकिंग सीमाओं के कारण भुगतान की प्रक्रिया हमेशा आसान नहीं रही। अब युद्ध के कारण यह जोखिम और बढ़ गया है। अगर संघर्ष लंबा चलता है तो निर्यातकों के लिए भुगतान प्राप्त करना और भी मुश्किल हो सकता है। हरियाणा-पंजाब के राइस मिलर्स सबसे ज्यादा प्रभावितगोयल ने कहा कि भारत से होने वाले बासमती चावल निर्यात का बड़ा हिस्सा हरियाणा और पंजाब से होता है। लगभग 60 से 70 प्रतिशत निर्यात इन्हीं दो राज्यों से किया जाता है। इसलिए इस संकट का सबसे ज्यादा असर भी इन्हीं राज्यों के राइस मिलर्स और व्यापारियों पर पड़ रहा है। उनके पास बड़ी मात्रा में चावल का स्टॉक जमा है, जिसे निर्यात नहीं किया जा पा रहा। उन्होंने बताया कि उद्योग से जुड़े लोग लगातार इस समस्या के समाधान को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं और सरकार के साथ भी बातचीत चल रही है। सरकार से राहत की मांगऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार से कई मांगें की हैं। सतीश गोयल ने बताया कि एसोसिएशन के प्रतिनिधि दो बार सरकार से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि युद्ध के कारण बढ़े फ्रेट और इंश्योरेंस का अतिरिक्त बोझ निर्यातकों पर नहीं डाला जाना चाहिए। इसके अलावा बंदरगाहों पर फंसे माल को निकालने के दौरान कोई अतिरिक्त डैमरेज या अन्य शुल्क भी नहीं लिया जाए। सरकार ने उद्योग को आश्वासन दिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर नीति संबंधी फैसले भी लिए जाएंगे। युद्ध लंबा चला तो राइस मिल बंद होने का खतरागोयल ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो उद्योग को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार गल्फ देश ही हैं। इनके अलावा इतना बड़ा वैकल्पिक बाजार उपलब्ध नहीं है जहां इतना ज्यादा चावल भेजा जा सके। अगर बंदरगाहों और समुद्र में फंसा माल लंबे समय तक सप्लाई नहीं हो पाया तो कई राइस मिलों को मजबूरन बंद करना पड़ सकता है। लेबर, ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर भी प्रभावित होंगेगोयल ने बताया कि राइस मिल उद्योग से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। एक बड़ी राइस मिल में लगभग 200 मजदूर काम करते हैं और इनमें से अधिकांश मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश से आते हैं। उन्होंने बताया कि अभी काम की गति थोड़ी धीमी हुई है। पहले जहां मिलों में 24 घंटे काम होता था, अब लगभग 17 से 18 घंटे ही काम चल रहा है। अगर युद्ध एक सप्ताह के भीतर खत्म हो जाता है तो उद्योग इस स्थिति को संभाल लेगा और मजदूरों पर कोई संकट नहीं आने दिया जाएगा। लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो लेबर, ट्रांसपोर्टर और ठेकेदारों तक पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो ट्रांसपोर्टर चावल को बंदरगाहों तक पहुंचाते थे, वे भी इस समय लगभग खाली बैठे हैं। बिजली, बैंक ब्याज और स्थाई खर्च बढ़ेंगेगोयल ने बताया कि अगर उत्पादन रुकता है तो भी मिलों को कई तरह के स्थाई खर्च उठाने पड़ते हैं। बिजली के बिल, बैंक से लिए गए कर्ज का ब्याज और स्थाई कर्मचारियों की तनख्वाह जैसे खर्च जारी रहते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही काम कम हो जाए, लेकिन स्थाई कर्मचारियों को वेतन देना ही पड़ता है। ठेकेदार के मजदूरों को कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। लोकल मार्केट में बासमती की मांग कमसतीश गोयल ने बताया कि बासमती चावल का बाजार मुख्य रूप से निर्यात पर ही निर्भर करता है। भारत के घरेलू बाजार में इसकी मांग सीमित है और यहां निर्यात के बराबर कीमत भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि निर्यातकों ने जो चावल तैयार किया है वह ज्यादातर विदेशी बाजारों के लिए होता है। अगर युद्ध लंबा चलता है तो इस स्टॉक को लोकल बाजार में बेच पाना आसान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि जल्द से जल्द ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे भारतीय बंदरगाहों पर फंसा चावल गल्फ देशों तक पहुंच सके और उद्योग को राहत मिल सके।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 5:30 am

मिडिल ईस्ट संकट: भीलवाड़ा के 450 से ज्यादा कपड़ा उद्योगों पर बढ़ा दबाव

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा मध्य-पूर्व में ईरान-इराक, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। युद्ध के कारण निर्यात, कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ा है, जिससे स्थानीय टेक्सटाइल सेक्टर की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। भीलवाड़ा से करीब 800 से 1000 करोड़ रुपए तक के कपड़े के निर्यात ऑर्डर प्रभावित हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने अस्थिर स्थिति के कारण ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं या शिपमेंट टाल दिए हैं। भीलवाड़ा देश का एक प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टर है, जहां 450 से अधिक फैब्रिक यूनिट, 20 से ज्यादा स्पिनिंग यूनिट, 26 प्रोसेसिंग यूनिट और 5 से अधिक डेनिम उद्योग संचालित हैं। यहां हर महीने लगभग 10 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता है और 2 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र और यूरोप की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे बंदरगाहों पर माल अटक रहा है। कई शिपमेंट रुके हुए हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो निर्यात में और गिरावट आ सकती है। टेक्सटाइल हब भीलवाड़ा में पारंपरिक सूटिंग-शर्टिंग के साथ अब टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी तेजी से काम शुरू हो रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार ऑटोमोबाइल, मेडिकल, कृषि और निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले विशेष कपड़ों की मांग बढ़ने से स्थानीय उद्योग इस नए क्षेत्र की ओर अग्रसर हो रहे हैं। टेक्निकल टेक्सटाइल में निवेश से भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसके लिए आधुनिक मशीनरी, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन जैसी योजनाओं से भी उद्योग को प्रोत्साहन मिल रहा है। यदि उद्योग, सरकार और शोध संस्थान मिलकर काम करें तो भीलवाड़ा आने वाले समय में टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इस पेज को लेकर आपका सुझाव/फीडबैक हमें इस मेल dainikbhaskarbhilwara@gmail.com पर या वाट्सएप नंबर 9649403345 पर दे सकते हैं भीलवाड़ा | देश के विकास में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का योगदान महत्वपूर्ण है। एमएलवी टेक्सटाइल कॉलेज को टेक्सटाइल डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग के सुनहरे भविष्य को देखते हुए यहां तकनीकी विशेषज्ञ इंजीनियर तैयार हो रहे हैं। कॉलेज टेक्सटाइल इंडस्ट्री रिसर्च, डेवलपमेंट, मेन्युफैक्चरिंग और मर्केंडाइजिंग जैसी कई श्रेणियों में सक्रिय है, जिससे यह कॉलेज देश की आर्थिक प्रगति में एक अहम स्तंभ बनता जा रहा है। कपड़ा उद्योग तेजी से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ रहा है। कई स्पिनिंग इकाइयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटिक मशीनों की स्थापना की जा रही है, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है। नई स्पिनिंग मशीनों और ऑटोमेटेड सिस्टम के उपयोग से धागा उत्पादन की गति बढ़ी है। मानवीय श्रम पर निर्भरता भी कम हुई है। इससे उत्पादन लागत नियंत्रित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए उच्च गुणवत्ता वाला धागा और कपड़ा तैयार किया जा रहा है। तकनीकी सुधार से भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिल रही है। इससे निर्यात के नए अवसर भी बढ़े हैं। ^समुद्री मार्गों में बाधा के कारण माल ढुलाई का समय 20 से 25 दिन तक बढ़ गया है। कच्चे माल जैसे पॉलिएस्टर फाइबर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। यदि मध्य-पूर्व में स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग को निर्यात, उत्पादन और रोजगार के स्तर पर और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। -आरके जैन, मानद महासचिव, मेवाड़ चैंबर टेक्सटाइल सेक्टर की देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान भीलवाड़ा। प्रमुख औद्योगिक शहर भीलवाड़ा कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। यहां का टेक्सटाइल सेक्टर देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। नई तकनीक, आधुनिक मशीनरी और निर्यात के बढ़ते अवसरों के कारण कपड़ा उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है। औद्योगिक इकाइयों में सूटिंग-शर्टिंग, प्रोसेसिंग, डाइंग और फैब्रिक निर्माण का बड़ा नेटवर्क स्थापित हो चुका है, जिससे करीब सवा लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को और मजबूत किया जाए तो भीलवाड़ा का टेक्सटाइल उद्योग राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकता है। उद्योगपतियों ने सरकार से औद्योगिक नीतियों में और प्रोत्साहन देने, निर्यात को बढ़ावा देने तथा नई टेक्सटाइल इकाइयों की स्थापना के लिए सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग की है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

दैनिक भास्कर 14 Mar 2026 4:00 am

हवाई सफर हुआ महंगा, इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज:मिडिल ईस्ट तनाव का असर, 14 मार्च से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स महंगी, आधी रात से नई रेट लागू

इंडिगो एयरलाइंस ने फ्लाइट टिकटों पर नया फ्यूल चार्ज लागू किया है। देश की बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को झटका देते हुए यह घोषणा की। 14 मार्च की रात 12:01 बजे से होने वाली नई बुकिंग पर यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। एयरलाइन के अनुसार- वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतों में तेज बढ़ोतरी और खासतौर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एविएशन फ्यूल महंगा हुआ है। इसी वजह से कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अलग-अलग श्रेणियों में फ्यूल चार्ज लगाने का निर्णय लिया है। घरेलू उड़ानों पर यात्रियों को अब अधिकतम 425 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह शुल्क दूरी और रूट के अनुसार अलग-अलग तय किया गया है। मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों पर 900 रुपए तक चार्ज मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों पर लगभग 900 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। इसके अलावा साउथ-ईस्ट एशिया और चीन रूट की फ्लाइट्स पर 1800 रुपए तक का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। अफ्रीका रूट पर भी 1800 रुपए का फ्यूल चार्ज लागू किया गया है। सबसे ज्यादा असर यूरोप जाने वाली उड़ानों पर पड़ेगा, जहां यात्रियों को टिकट बुक करते समय 2300 रुपए तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा- यह शुल्क केवल नई बुकिंग पर लागू होगा। बढ़ती ईंधन लागत को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ATF की कीमतों में हुई थी तेजी एविएशन सेक्टर के जानकारों ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हालिया तेजी के कारण एयरलाइंस के संचालन खर्च में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां किराए में संशोधन या फ्यूल सरचार्ज के जरिए लागत का संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। इस फैसले का असर उन यात्रियों पर ज्यादा पड़ सकता है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग करने की योजना बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 10:55 pm

इजराइल-ईरान युद्ध का गेहूं उपार्जन पर असर:10 दिन देरी से शुरू होगी खरीदी, किसान पंजीयन संख्या बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के कारण मध्यप्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी करीब 10 दिन देरी से शुरू होगी। आमतौर पर 15 से 20 मार्च के बीच शुरू होने वाला उपार्जन इस वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए जारी नीति के अनुसार प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 7 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। सुबह 8 से रात 8 बजे तक होगी खरीदीजिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक गेहूं खरीदी की जाएगी। शासकीय अवकाश के दिनों में खरीदी नहीं होगी। कलेक्टर सोनिया मीना ने जिला उपार्जन समिति, सभी एसडीएम और खंड स्तरीय समितियों को शासन की उपार्जन नीति के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खरीदी प्रक्रिया पूरी की जाए और केवल एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता वाले गेहूं का ही उपार्जन किया जाए। पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ीइस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां 64 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं इस साल 73,296 किसानों ने पंजीयन कराया है, यानी पिछले साल की तुलना में 9,296 किसान अधिक पंजीकृत हुए हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 7:47 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

UNSC में ईरान के खिलाफ भारत के रुख पर विपक्ष का हमला, चिदंबरम बोले- भारत की विदेश नीति एकतरफा

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को एकतरफा बताते हुए उसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका और इस्राइल के हमलों पर चुप्पी साधे रखी।

देशबन्धु 13 Mar 2026 12:30 pm

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 12:03 pm

प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट आज से:मिडिल ईस्ट को छोड़ कई देशों कारोबारी आएंगे, सीएम और केजरीवाल आज करेंगे शुभारंभ

पंजाब सरकार की आज 13 मार्च से प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट मोहाली में शुरू होने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाली समिट में केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों से कारोबारी यहां पहुंच रहे हैं। सरकार ने समिट को कामयाब बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसके पीछे सरकार की कोशिश निवेश को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी के मद्देनजर सात मार्च को ही सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें उद्योगों के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। कई देशों में कंट्री फोकस्ड सेशन समिट मोहाली की आईटी सिटी स्थित पलाक्षा यूनिवर्सिटी में होगी। इसका शुभारंभ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे, जबकि अरविंद केजरीवाल कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान एक बड़ी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में कुल 89 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए विशेष कंट्री-फोकस्ड' सेशन रखे गए हैं। मोहाली पर एक विशेष सेशन रखा गया है, क्योंकि मोहाली को पंजाब सरकार ने विशेष क्षेत्र के रूप में विकसित किया है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का केंद्र बनाया जा रहा है। यहां हवाई अड्डे जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। इन कारोबारियों के पहुंचने की उम्मीद समिट में कई नामी कारोबारी पहुंचने की उम्मीद है। इनमें इनमें लक्ष्मी निवास मित्तल (आर्सेलर मित्तल), सज्जन जिंदल (जेएसडब्ल्यू ग्रुप), और सुनील कांत मुंजाल (हीरो एंटरप्राइजेज) जैसे दिग्गज शामिल है। इसके कई देशों के कारोबारी पहुंचे है। हालांकि मिडिल ईस्ट में लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधी अभी तक नहीं पहुंचे है। इसके अलावा कई देशों के कारोबारी भी पहुंचे हैं। हालांकि मध्य पूर्व में चल रही लड़ाई के चलते कई देशों के प्रतिनिधि अभी तक नहीं पहुंचे हैं। अब तक यहां तक पहुंचा निवेश समिट में कुल 30 बड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल निवेश राशि लगभग ₹27,294 करोड़ है और इनसे करीब 47,067 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में टाटा स्टील का लुधियाना में संचालन शुरू होना और इंफोसि द्वारा मोहाली में ₹286 करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला रखना शामिल है। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। पंजाब पहले ही पिछले प्रयासों के जरिए ₹1.37 लाख करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे राज्य में 5 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 9:32 am

'मेरा भी सच सुना जाए, एकतरफा फैसला ना ले':पत्नी ने वीडियो जारी कर आरोपों को बताया गलत; पति ने बताया था मौत का जिम्मेदार

रतलाम में दो दिन पूर्व सुसाइड करने के पहले वीडियो बनाकर पत्नी पर आरोप लगाने वाले युवक की पत्नी का वीडियो सामने आया है। जहां पत्नी ने पति द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है और कहा कि- पति आए दिन मारपीट कर विवाद करते थे। मेरी प्रशासन से यह अपील है कि आसपास वाले लोगों से पूछे कि वह इंसान कैसा था। बीवी कैसी थी। उसके बाद ही कोई निर्णय ले। बता दें कि रतलाम के स्टेशन रोड थाना अंतर्गत ऊंकाला रोड निवासी मोइनुद्दीन काजी (35) ने मंगलवार को अपने घर में सल्फास की गोलियां खाली ली थी। रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार को मृतक का मौत के पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। जिसमें मौत का जिम्मेदार पत्नी व ससुराल पक्ष के लोगों को बताया। पत्नी के खिलाफ युवक ने वीडियो एक बंद कमरे में बनाया है। उसके हाथ में सल्फास की गोली की डिब्बी दिखाई दे रही है। डिब्बी दिखाते हुए वह पत्नी का नाम लेते हुए कह रहा है कि तूने आज स्टेटस लगाया कि मैं तेरे लिए सिरदर्द बन गया हूं। ठीक है, कोई बात नहीं है। यह देख सल्फास है, जो मैं खाने वाला हूं। यह जहर है, जहर। पता कर लेना, यह सल्फास की गोलियां हैं। वीडियो में उसने यह भी कहा कि यह कदम मुझे मजबूरन उठाना पड़ रहा है, क्योंकि मैंने तुझे मनाने की बहुत कोशिश की। हमारे बीच छोटा-मोटा झगड़ा या अनबन हुई हो तो दोनों मिलकर सुलझा सकते थे, लेकिन तूने हर बार वहीं गलती की। तूने अपने घर वालों को, मां-बाप और भाई को बुलाया। वे आए, मेरी नहीं सुनी और तुझे लेकर चले गए। मैंने कॉल किया तो मुझे डराया-धमकाया। दो दिन बाद पत्नी का वीडियो सामने आया युवक द्वारा वीडियो में अपनी पत्नी पर लगाए गए आरोपों के बाद गुरुवार को पत्नी का भी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। पत्नी ने पति द्वारा लगाए गए आरोपों का गलत बताया। पत्नी ने वीडियो में कहा- कि चार दिन पूर्व मेरे साथ पति ने बहुत मारपीट की। तब मेरा भाई व पिता आकर मुझे लेकर गए। पत्नी ने पति के सभी आरोपों का जवाब भी वीडियो में दिया है। यहां तक उसने आखरी बार पति का मुहं तक नहीं देखने देने का आरोप भी ससुराल पक्ष पर लगाया। पत्नी ने यह भी कहा कि केवल एक तरफ का सुन कर मुझे गुनहगार साबित ना करे। चार दिन पहले लड़ाई की पत्नी ने पति का नाम लेते हुए वीडियो में कहा कि- मोईन काजी के जो भी वीडियो वायरल हो रहे है। उसमें मुझे सरासर गलत साबित किया है कि मैं उनके बच्चों से बात नहीं करा रही थी। उन्होंने मुझसे चार दिन पहले लड़ाई की। हम दोनों के बीच झगड़ा बहुत ज्यादा हो गया। इस दौरान उन्होंने मारपीट की। मेरे बेटे ने मेरे भाई को फोन लगाया। कहा कि मामू अम्मी को लेने आ जाओ, पापा बहुत मार रहे है। तब मेरे भाई व पापा लेने आ गए। वहां उन्हें कुछ नहीं बोला। उन्होंने केवल यह कहा कि हर रमजान में लड़ाई लड़ते हो। पिछली बार भी रजमान मे लड़ाई की थी। इस बार भी ऐसा किया। मैं इसके बाद घर (मायके) चली गई। इनके खिलाफ ना कि मैनें कोई रिपोर्ट लिखाई। बच्चों से भी कराई बात वीडियों में महिला ने यह भी कहा कि तीन चार दिन मुझे परेशान किया। मैनें मेरे बच्चों फातिमा व आसिम की भी बात कराई। मैनें यह भी कहा कि बच्चों को ले कर चले जाओ। मेरा एक बेटा है जिसको घर छोड़ कर आ गई। उसकी एग्जाम थी। इस बीच उन्होंने इतने फोन लगाए मैनें बच्चों से भी बात करा दी। बच्चों से बात कराने के बाद भी सल्फास खाने की वीडियो बनाई। आखरी वक्त मुहं देखने नहीं दिया पत्नी ने कहा कि पति द्वारा वीडियो बनाने के समय में पीयर (मायके) में थी। मेरे पास फोन आया तो मेडिकल कॉलेज पहुंची। मैं रोती बिलखती रही। लेकिन किसी ने घर चलने को नहीं बोला। आखरी वक्त में मुहं नहीं देखने दिया। कहां कि यहां आओगी तो मार देंगे, जला देंगे। आखरी समय में बच्चों को भी उनके बाप का नहीं देखने दिया। जुआ, सट्‌टा खेलते थे पत्नी ने वीडियो में अपने पति पर सट्‌टा, जुआ खेलने का भी आरोप लगाया। वीडियो में कहा कि उनके द्वारा मेरे परिवार को भी खसीटा गया जो कि पूरी तरह से गलत है। इनकी आदतें खुद की गलत थी। जुआ, सट्‌टा खेलते थे इनको मना किया। कमाते और हार जाते। ऊपर से लड़ाई करते। यह बात तो उनके घर वाले ओपन नहीं कर रहे है। विषय यह नहीं था कि औरत चली गई। मेरी तो कितनी बार लड़ाई हुई। कोई पहली बार लड़ाई नहीं हुई। लड़ाई की वजह से दो बार कोर्ट केस भी हुए। फिर भी मैं आ गई। कितनी बार रिपोर्ट भी की। लेकिन इस बार रिपोर्ट नहीं की। सोचा दिमांग ठंडा हो जाए फिर खुद आ जाएंगे। मेरा भी सच सुना जाए वीडियो में पत्नी ने कहा कि मेरी यह इच्छा है कि मेरा भी सच सुने। केवल एक तरफ का सुन कर मुझे गुनहगार साबित नहीं किया जाए। मेरे तीन बच्चे है। वीडियो में पास में बैठी एक बच्ची को दिखाते हुए महिला ने कहा कि यह सबसे छोटी है। एक बच्चा तो मेरे पर डिपेंड है। वह न बोल सकता है वह थोड़ा मेंटल है। ऐसे बच्चों को भी छोड़ कर सल्फास खाई। मैं क्या करु। वीडियो ऐसा बनाया है इतना बड़ा इश्यु नहीं हुआ था। वीडियो में जो बोल रहे मेरे पर कोई कर्जा नहीं था। इनके ऊपर कर्जा था। कर्जे के कारण यह कदम उठाया। कर्ज के कारण मेरी रकम गिरवी रख दी। आज भी सुनार के यहां गिरवी पड़ी है। मेरी प्रशासन से यह अपील है कि आसपास वाले लोगों से पूछे कि वह इंसान कैसा था। बीवी कैसी थी। उसके बाद ही कोई निर्णय ले। पुलिस ने की पूछताछ स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्रसिंह जादौन ने बताया कि मृतक का मोबाइल जब्ती में लिया है। दो लोगों के बयान हुए है। महिला का भी वीडियो सामने आया है। दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़े पूरी खबर- पत्नी का स्टेटस-'तू सिरदर्द बन गया', पति ने खाया जहर:VIDEO में बोला- तूने 13 साल परेशान किया, बाप को अपने बच्चों से दूर किया

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 8:38 am

एक युद्ध यहां भी:गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद, एजेंसियों पर कतार

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते शहर में गैस सिलेंडर को लेकर हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रदेश की फूड कैपिटल इंदौर में शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बीच गैस की टंकी लेना तो दूर, बुक करना ही असली चुनौती हो गया है। शहर में 8 हजार से ज्यादा होटल, रेस्टारेंट, कैटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग प्रभावित हो रही है। कैटरिंग संचालक कान्हा गोस्वामी का कहना है 2500 लोगों के आयोजन में 40 सिलेंडर लगते हैं। स्टॉल कम करने पर भी 14-15 सिलेंडर चाहिए। ऐसे में अचानक सप्लाय रुकने से आयोजन मुश्किल हो जाएगा। कैटरर्स बिट्‌टू शर्मा का कहना है सरकार सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करे। कैटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उमेश जैन, अजय जैन और नितिन खटोड़ ने बताया कि अचानक सप्लाय रोकने से पूरा खान-पान कारोबार प्रभावित हो रहा है। सेक्टर, जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत सिलेंडर की केस-1 : ताबड़तोड़ भट्टियां खरीदीं भंवरकुआं क्षेत्र स्थित एक होटल संचालक ने बताया हर दिन 6 कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं। दो भी नहीं मिल रहे हैं। ताबड़तोड़ डीजल भट्टी और कोयला भट्टी खरीदना पड़ी। कीमत 30 हजार है। केस-2 : सिलेंडर से इंडक्शन पर शिफ्ट 56 दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार दो दिन का कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक रहता है। विकल्प के तौर पर 3 इंडक्शन ऑर्डर कर दिए हैं। कई संस्थान पर इस विकल्प पर जा रहे हैं। पीएनजी-सीएनजी में ज्यादा परेशानी नहींपेट्रोल डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र वासू ने बताया पेट्रोल-डीजल और सीएनजी-पीएनजी को लेकर दिक्कत अभी नहीं है। यह पर्याप्त मात्रा में हमारे पास है। पीथमपुर, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े उद्योग पीएनजी का उपयोग करते हैं। वहां फिलहाल मुश्किल नहीं आएगी। आपूर्ति व्यवस्था बनाने की पूरी कोशिश है जिला खाद्य व आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू के मुताबिक फिलहाल जरूरी संस्थानों और सेवाओं के लिए कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आपूर्ति व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। परेशानी हो तो कंट्रोल रूम पर संपर्क करेंआम उपभोक्ता गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर संपर्क करें। कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - शिवम वर्मा, कलेक्टर

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:42 am

जिधर गाड़ी दिखी उधर ही दौड़ पड़े...:युद्ध की आग से चूल्हा ठंडा...सिलेंडर के लिए मची लूट

शहर में रसोई गैस की मारामारी मची है। युद्ध की खबरों के बीच लोगों को डर है कि गैस आपूर्ति नहीं होगी। हर सेकंड हजारों बुकिंग से क्रैश साइट दूसरे दिन भी नहीं खुलीं। नतीजतन जरूरतमंदों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। इधर, कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने के बाद होटल कारोबारियों और छोटे कारोबारियों पर का संकट गहरा गया है। एसोसिएशन का दावा है कि किसी के पास दो तो किसी के पास 3 दिन का ही स्टॉक शेष है। होटल-रेस्त्रों को एलपीजी सप्लाई बंद करने के बाद कई ने डीजल भट्टी की खरीदी के ऑर्डर कर दिए हैं। लेकिन, इसकी भी वेटिंग शुरू हो गई है। अचानक बढ़ी डिमांड के चलते दूसरे विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। मार्केट में इंडक्शन की खरीदी जोर पकड़ रही है। पर्यटन निगम के होटलों में भी जहां स्टॉक खत्म हो गया, वहां गुरुवार को इंडक्शन पर खाना पकाया गया। क्रोमा के सेल्स ऑफिसर रितिक साहू ने बताया कि आमतौर पर जहां दिन भर में बमुश्किल 10- 12 इंडक्शन बिकते हैं। वहीं, पिछले दो दिनों में 30 से 35 यूनिट तक की बिक्री हुई है। कुछ मॉडल पूरी तरह खत्म हो गए हैं। मंगलम के संचालक श्याम बंसल कहते हैं कि इंडक्शन की मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि हमें दो बार नया स्टॉक मंगवाना पड़ा। लोटस आउटलेट के अधिकारी ने बताया कि अचानक इतनी मांग पहले कभी नहीं देखी। कई ग्राहक एक साथ दो-दो इंडक्शन खरीद रहे हैं ताकि, समस्या नहीं हो। दूसरे दिन भी क्रैश रहीं गैस कंपनियों की बुकिंग साइट संकट में होटल-रेस्त्रां कारोबारहोटल व्यवसायी तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि रसोई गैस के विकल्प के रूप में डीजल भट्टी जलाने की तैयारी है। अधिकतर संचालकों ने इसके ऑर्डर दे दिए हैं। दो-तीन दिन का पुराना गैस स्टॉक बचा है। समस्या जल्द हल नहीं हुई तो कारोबार ठप हो सकता है। प्लांट की निगरानी में लगे एसडीएमकलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम को गैस एजेंसियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी है। गैस रिफिलिंग प्लांट पर एडीएम और एसीपी स्तर के अफसर तैनात किए गए हैं। अधिकारियों को दिन में दो बार प्लांट का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। दो दिन पुरानी बुकिंग पर सप्लाई की: रसोई गैस को लेकर गुरुवार को शहरकी 34 से अधिक एजेंसियों में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ जगह हंगामे के कारण कामकाज बंद करना पड़ा। संचालकों का कहना है कि दो दिन पुरानी ऑनलाइन बुकिंग की डिलीवरी कर दी गई है। रीफिलिंग सेंटर पर छापा, 15 सिलेंडर जब्त: गुरुवार को जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने गांधी नगर में लईक के गैस रीफिलिंग सेंटर पर छापा मारकर 15 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। बुधवार को भी करोंद स्थित सात दुकानों में गैस रीफिलिंग के दौरान सिलेंडर फट गया था, जिसके बाद निशातपुरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया है। ऐजेंसी पर मारामारी 34 से अधिक गैस एजेंसी हैं शहर में, सभी जगह गुरुवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी पैनिक बुकिंग भी गैस की किल्लत से पैनिक बुकिंग हो रही, इससे दिक्कत बढ़ी

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

मुल्लांपुर में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत युवाओं को किया जागरुक

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में चलाई जा रही युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम के तहत वीरवार को पुलिस सब डिवीजन दाखा में नशों के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से स्थानीय कस्बे के डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में एक सेमिनार आयोजित किया गया। यह सेमिनार युवाओं द्वारा सब डिवीजन दाखा के डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस जिला जगराओं के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता और रमिंदर सिंह एसपी (हेडक्वार्टर) विशेष रूप से पहुंचे। इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि नशों के खिलाफ पंजाब पुलिस पूरी तरह सख्त है व किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने युवाओं द्वारा आयोजित इस सेमिनार की सराहना की और कहा कि इससे आम लोगों को नशों और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एसएसपी ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखें, क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज विरोधी तत्व बच्चों के संपर्क में आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि जो समाज विरोधी तत्व समाज का माहौल खराब कर रहे हैं, उनके बारे में जो भी जानकारी हो, वह हेल्पलाइन नंबरों पर पुलिस को दी जाए, ताकि उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में आप के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह बस्सण, टोनी वर्मा, अंकुश कुमार घमनेवाल और बलविंदर सिंह बली विरक ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह थाना दाखा, एएसआई गुरमीत सिंह, एएसआई सुरिंदर सिंह, एएसआई बलवीर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

युद्ध समाप्ति के लिए जैन आचार्य लोकेश नाकोड़ा तीर्थ में प्रार्थना करेंगे

बालोतरा | अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश अपनी जन्म, शिक्षा, दीक्षा भूमि राजस्थान में जोधपुर, पचपदरा व बालोतरा के प्रवास पर शुक्रवार को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से रवाना होंगे। जोधपुर पहुंचने पर आचार्य लोकेश का जोधपुर एयरपोर्ट पर विभिन्न संगठनों की ओर से भावपूर्ण स्वागत किया जाएगा। विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश एयरपोर्ट से सीधे नाकोड़ा तीर्थ के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां पर वो युद्ध समाप्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। प्रार्थना में उनके साथ तखतगढ़ पीठाधीश्वर युवाचार्य अभदास महाराज, आरोग्यपीठ दिल्ली के संस्थापक आचार्य राम गोपाल दीक्षित, रिलीजन वर्ल्ड के संस्थापक भव्य श्रीवास्तव भी विश्व में शांति, सद्भावना, अमन, चैन के लिए प्रार्थना करेंगे। जैन आचार्य लोकेश ने प्रस्थान से पूर्व विश्व शांति केंद्र में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। अहिंसा व शांति आधारित वार्ता के माध्यम से संवाद से हर समस्या का समाधान संभव है।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?

डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।

प्रातःकाल 12 Mar 2026 1:37 pm

युद्धोन्माद और मीडिया

ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है

देशबन्धु 12 Mar 2026 2:32 am

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?

Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...

वेब दुनिया 5 Mar 2026 5:07 pm

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति

जैसा कि ज्योतिषियों ने आशंक जताई थी कि मंगल के कुंभ में जाने से राहु के साथ जब उसकी युति बनेगी तो 'अंगारक योग' का निर्माण होगा जो आग और विस्फोट को जन्म देता है। इसी के साथ ही सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच कम अंतराल होने के कारण फिर से देश और युनिया ...

वेब दुनिया 28 Feb 2026 1:31 pm

क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'

बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

बूमलाइव 26 Feb 2026 1:24 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है

देशबन्धु 2 Feb 2026 3:20 am

मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.

बूमलाइव 29 Jan 2026 3:29 pm

युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।

देशबन्धु 20 Jan 2026 1:15 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

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तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm