ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया
Iran US War: अहंकार की लड़ाई जब दो व्यक्तियों में हो तो दो परिवार प्रभावित या बरबाद होते हैं, लेकिन जब ये दो देशों के बीच हो तो समूचा विश्व प्रभावित होता है और टकराने वाले दोनों ही देश बरबाद हो सकते हैं। रूस-यूक्रैन में टकराव तो 2014 से ही प्रारंभ हो ...
दो बार घुसकर मारा है, तीसरी बार भी मारेंगे', नेतन्याहू की इस हुंकार से हिला मिडिल ईस्ट
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को अब तक की सबसे सीधी और घातक चेतावनी दे डाली है। नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक अंदाज में दहाड़ते हुए कहा कि इजरायल ने पहले भी दो बार दुश्मन के घर में घुसकर कड़ा प्रहार किया है और अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो तीसरी बार भी ऐसा करने से पीछे नहीं हटेगा। इस तीखे बयान के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक हलचल बढ़ गई है।बेंजामिन नेतन्याहू की दोटूक चेतावनी और इजरायल का आक्रामक रुखप्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और उसके समर्थित गुटों के साथ इजरायल का टकराव अपने चरम पर पहुंच चुका है। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान संघर्ष को और बढ़ाना चाहता है और इजरायल की संप्रभुता को चुनौती देने की जिद पर अड़ा है, तो इजरायल उसका नामोनिशान मिटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपनी सेना (IDF) और खुफिया एजेंसी की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए साफ कर दिया कि इजरायल की सुरक्षा के आगे कोई भी समझौता नहीं होगा, और दुश्मन के ठिकाने चाहे जितने भी सुरक्षित या गहरे क्यों न हों, उन्हें खोजकर निशाना बनाया जाएगा।पश्चिम एशिया में तीसरे बड़े टकराव की आशंका और वैश्विक चिंताएंइजरायली पीएम की इस खुली हुंकार के बाद तेहरान में भी हड़कंप मच गया है और ईरान की तरफ से भी जवाबी बयानों का दौर शुरू होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि इस तरह की सीधी चेतावनी से पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों सहित पूरी दुनिया इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इजरायल और ईरान के बीच का यह सीधा टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
जनरल धीरज सेठ ने संभाली भारतीय सेना की कमान, रेगिस्तान से पहाड़ तक युद्ध संचालन का व्यापक अनुभव
जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। जानिए उनके सैन्य करियर, ऑपरेशन अनुभव, आधुनिकीकरण में योगदान और भविष्य की प्राथमिकताओं की पूरी जानकारी।
इस फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा की वापसी को लेकर भी दर्शकों में खास उत्साह है। दोनों कलाकारों की मौजूदगी इस फिल्म को न केवल भारतीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आकर्षण का केंद्र बना रही है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
दतिया में माता रतनगढ़ मेले में श्रद्धालुओं की जेब काटकर फरार होने वाले एक शातिर मां-बेटे को अतरेटा थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 70,500 रुपए नकद और करीब 1.20 लाख कीमत की टीवीएस अपाचे बाइक बरामद की गई है। पूछताछ में दोनों ने पहले भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। बरामद नकदी में पूर्व की चोरी की रकम भी शामिल होना सामने आया है। उक्त मामले का खुलासा पुलिस ने सोमवार शाम किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि पिता संजय सिंह परिहार और उसकी मां रानी के रूप में हुई है। दोनों वर्तमान में आर्य नगर, जिला भिंड में रहते हैं, जबकि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के सीतामऊ गांव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, रतनगढ़ मेले में लगातार जेबकटाई की शिकायतों के बाद संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चोरी की कई वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिले। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य जिलों में दर्ज मामलों की भी पड़ताल कर रही है। अतरेटा थाना पुलिस ने अपील की कि रतनगढ़ मेले या अन्य स्थान पर जेबकटाई अथवा चोरी का शिकार हुए लोग अतरेटा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि बरामद रकम और अन्य मामलों का मिलाअतन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
पूरी दुनिया को बड़ी राहत देते हुए मिडल ईस्ट के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते— स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी भीषण सैन्य तनाव पर फिलहाल पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। पिछले कई दिनों से युद्ध की कगार पर खड़े अमेरिका और ईरान आखिरकार बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक गतिरोध को सुलझाने के लिए अब कतर (Qatar Peace Talks) की मध्यस्थता में एक हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। इस बड़ी और सकारात्मक खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों और ग्लोबल मार्केट ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब इस रूट से दुनिया भर के मालवाहक और तेल टैंकर जहाज बिना किसी डर के सुरक्षित गुजर सकेंगे।कतर बना संकटमोचक: जानिए कैसे बनी अमेरिका और ईरान के बीच बात?रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खाड़ी देश कतर ने एक बार फिर वैश्विक शांति के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक, कतर के अमीर और शीर्ष राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा था। पिछले दिनों शांति समझौते के मसौदे में शामिल 'आर्टिकल-5' की एक लाइन के लीक होने के बाद जो बात पूरी तरह बिगड़ गई थी, उसे कतर ने एक नए न्यूट्रल ड्राफ्ट के जरिए फिर से पटरी पर ला दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों ने ही इस बात पर सहमति जताई है कि वे कतर की राजधानी दोहा में बैठकर विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालेंगे और तब तक कोई भी देश होर्मुज में कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।वैश्विक बाजार में आई रौनक: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की उम्मीदइस ऐतिहासिक शांति वार्ता की खबर जैसे ही दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) और वैश्विक वायदा बाजारों (Wall Street) तक पहुंची, वैसे ही चौतरफा राहत देखने को मिली। पिछले कई दिनों से कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने के डर से जो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने की आशंका बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक टल गई है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सीजफायर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मिलेगा, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर है।जहाजों के लिए खुला सुरक्षित रास्ता: भारतीय शिपिंग कंपनियों ने ली राहत की सांसहोर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन गुजरने वाले दर्जनों भारतीय कमर्शियल जहाजों और वैश्विक कार्गो शिपिंग कंपनियों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर ईरानी नौसेना और अमेरिकी युद्धपोतों के आमने-सामने होने की वजह से जहाजों का इंश्योरेंस प्रीमियम काफी बढ़ गया था और कई रूट डायवर्ट करने पड़ रहे थे। अब कतर में बातचीत शुरू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद इस समुद्री क्षेत्र में अलर्ट लेवल को घटा दिया गया है। स्थानीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसियों ने भी पुष्टि की है कि जहाजों का आवागमन अब पूरी तरह सामान्य और बेखौफ तरीके से शुरू हो गया है।
पुतिन का बड़ा कबूलनामा: रूस के सामने खड़ी हैं बड़ी चुनौतियां यूक्रेन के साथ जारी युद्ध और पश्चिमी देशों के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि रूस फिलहाल एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। सत्तारूढ़ 'यूनाइटेड रूस पार्टी' के सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि इन कठिनाइयों ने देश को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से कहीं अधिक मजबूत और अनुभवी बनाया है। उनका यह बयान तब आया है जब रूसी क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों में तेजी देखी जा रही है, जिससे बुनियादी ढांचों को काफी नुकसान पहुँचा है।हमलों का जवाब देने की दो-टूक तैयारी पुतिन ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार वर्तमान में उत्पन्न हर समस्या से पूरी तरह वाकिफ है और उन्हें सुलझाने के लिए ठोस रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि रूस अपनी सीमाओं की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। बुनियादी ढांचा सुविधाओं पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि रूस की सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल हर तरह के खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने देश की संप्रभुता को अटूट बताते हुए कहा कि रूस किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।विकास और सुरक्षा का 'पुतिन फॉर्मूला' सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले पुतिन का यह संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी लामबंदी का हिस्सा माना जा रहा है। अपने भाषण में उन्होंने न केवल सैन्य और रक्षा क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी। पुतिन ने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर डाले जा रहे दबावों के बावजूद रूस अपनी स्वतंत्र नीतियों पर अडिग है और विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह सम्मेलन स्पष्ट करता है कि आगामी चुनावों में पुतिन की पार्टी जनता के बीच 'विकास, सुरक्षा और स्थिरता' के तीन स्तंभों के साथ अपने वोट बैंक को और मजबूत करना चाहती है।
भास्कर न्यूज | जयपुर विश्व में व्यक्तिगत उदारता का सौंदर्य जीवट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ही देखने को मिला है। सामान्य स्थितियां तो सामान्य चरित्र ही गढ़ती हैं। देश के महान गौरव और त्याग की प्रतिमूर्ति भामाशाह का जन्म 28 जून 1547 ई. को वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव में हुआ था। उनके जन्म से ठीक 20 वर्ष पहले 1527 ई. में बाबर और महाराणा सांगा के बीच खानवा का ऐतिहासिक युद्ध हो चुका था। अकबर ने 1567-68 ई. में चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर हमला किया, तब भामाशाह मात्र बीस वर्ष के थे। चित्तौड़ में अकबर के आदेश पर हुए 30 हजार बेकसूर लोगों का कत्लेआम जहां इतिहास में उसके माथे पर बड़ा कलंक बना, वहीं भामाशाह की पीढ़ी के नवयुवकों में मुगलों के प्रति स्थायी घृणा व शून्य स्वीकार्यता का कारण बना। भामाशाह का जन्म जिस ओसवाल जैन परिवार में हुआ, वह योद्धाओं का परिवार था, जो युद्ध और मेवाड़ के शासन-प्रबंध से गहराई से जुड़ा हुआ था। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रणथंभौर किले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भामाशाह के पिता भारमल कावड़िया (कुल का गोत्र) पर थी, जो महाराणा उदयसिंह की सेवा में रहे। भामाशाह के धन से सेना का पुनर्गठन हुआ और सैनिकों की संख्या दुगुनी हो गई। इसका सुफल 1582 ई. के दिवेर युद्ध में मिला, जहां कुंवर अमरसिंह ने मुगल कमांडर सुल्तान खां को एक ही वार में चीरकर मेवाड़ के विजय अभियान की शुरुआत की। नई राजधानी चावंड बनी। इस दौरान सुरक्षा के लिए मालवा में तैनात भामाशाह के भाई ताराचंद, शाहबाज खान की सेना से लड़ते हुए बस्सी में गंभीर रूप से घायल हो गए। 53 वर्ष की उम्र में महाप्रयाण : 1597 ई. में महाराणा प्रताप के निधन के बाद भामाशाह राणा अमरसिंह के भी प्रधानमंत्री नियुक्त हुए। 11 जनवरी 1600 ई. को मात्र 53 वर्ष की आयु में इस दानवीर योद्धा ने अपने पीछे सुरक्षित मेवाड़ और अपार यश छोड़कर स्वर्गारोहण किया। चूलिया बना दानवीरता का साक्षी : कुंभलगढ़ से निकलने के बाद मालवा क्षेत्र के रामपुरा ठिकाने के राव दुर्गा ने भामाशाह को सम्मानपूर्वक शरण दी। यहाँ छिपकर रहने के दौरान भामाशाह और उनके भाई ताराचंद ने विश्वस्त लोगों की सैन्य-टुकड़ी तैयार की और मालवा के ठिकानों को अधीन करते हुए मेवाड़ वापसी की। 'वीर विनोद' के अनुसार, चूलिया गांव में भामाशाह ने 25,000 रुपए और 20,000 सोने की मुहरें महाराणा प्रताप के चरणों में अर्पित कीं। कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार, यह धन मेवाड़ के 12 वर्ष के सैन्य प्रबंध के लिए पर्याप्त था। प्रसन्न होकर प्रताप ने उन्हें पुनः प्रधानमंत्री घोषित किया। युद्धवीर भामाशाह का दानवीर भामाशाह में रूपांतरण हल्दीघाटी युद्ध के बाद की घटना है। उनका युद्ध-कौशल और प्रधानमंत्री होना भी पीछे रह जाता है। कविराजा श्यामलदास के ग्रंथ 'वीर विनोद' और प्रोफेसर श्रीराम शर्मा की पुस्तक 'Maharana Pratap' (1900 ई., लाहौर) के अनुसार हल्दीघाटी में प्रताप के दाहिनी ओर के दस्ते की कमान ग्वालियर के राजा रामशाह, उनके पुत्रों और भामाशाह के पास थी। हल्दीघाटी के बाद अकबर के सैन्य अभियानों के प्रतिरोध में भामाशाह और उनके भाई ताराचंद का सक्रिय योगदान रहा। 1578 ई. में शाहबाज खान के कुंभलगढ़ हमले के समय भामाशाह वहां थे, लेकिन चतुराई से सकुशल बाहर निकल गए। हल्दीघाटी युद्ध में निभाई अग्रिम दस्ते की कमान
गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चल रहे दो पुराने आपराधिक मामलों की सुनवाई गवाहों की गैरहाजिरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। अदालत शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों को कई बार समन और वारंट जारी कर चुकी है, लेकिन कोई भी अदालत में पेश नहीं हो रहा। ऐसे में दोनों मामलों की सुनवाई बार-बार टल रही है। दोनों मामले करीब 14 और 15 साल पुराने हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या के प्रयास, मारपीट, फायरिंग और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। अदालत को बार-बार यह रिपोर्ट मिल रही है कि संबंधित गवाह या तो दिए गए पते पर नहीं मिल रहे या फिर शहर से बाहर हैं। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अदालत में पेश न होने पर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। सेक्टर-40 में घर पर हमला पहला मामला 29 जून 2011 का है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-40 में झगड़े की सूचना मिलने पर जांच की गई थी। शिकायतकर्ता हरप्रीत ने आरोप लगाया था कि छात्र संगठन की रंजिश के चलते उसी रात करीब 8:45 बजे लॉरेंस बिश्नोई अपने 4-5 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी ने चेहरे ढके हुए थे और मारपीट की। आरोप है कि लॉरेंस के पास पिस्टल थी, जबकि उसके साथियों के हाथों में तलवार और अन्य हथियार थे। घटना के दौरान लॉरेंस का चेहरा ढकने वाला रुमाल गिर गया, जिससे उसकी पहचान हो गई। डीएवी कॉलेज में फायरिंग दूसरा मामला 12 जून 2012 का है। उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों पुसू और सोपू के बीच खूनी झड़प हुई थी। आरोप है कि डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 में स्टार नाइट की तैयारियों के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और अमनदीप सिंह मुल्तानी की अगुवाई में सोपू समर्थकों ने पुसू समर्थकों पर हमला किया। इस दौरान गोलीबारी और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें छात्र चरनदेव सिंह को गोली लगी थी और कई अन्य छात्र घायल हुए थे। शिकायतकर्ता लगातार नहीं हो रहा पेश डीएवी कॉलेज फायरिंग मामले में शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर को पिछले एक साल से लगातार समन भेजे जा रहे हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हो रहा। कभी रिपोर्ट आती है कि वह दिए गए पते पर नहीं रहता, तो कभी बताया जाता है कि वह शहर से बाहर है। अन्य गवाहों की भी यही स्थिति है, जिससे सुनवाई प्रभावित हो रही है। चार आरोपी पहले ही हो चुके हैं बरी सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि 18 फरवरी 2014 को निचली अदालत ने अमनदीप सिंह मुल्तानी, विक्की मिट्ठूखेड़ा (अब मृतक), तरसेम सिंह और रंजोध सिंह को बरी कर दिया था। उस समय शिकायतकर्ता और अन्य गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए थे। शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर ने भी अदालत में अपना बयान बदल दिया था, जिसके चलते चारों आरोपियों को संदेह का लाभ मिल गया था। अब इस मामले में केवल लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सुनवाई लंबित है।
कतर में बनी सहमति: अमेरिका-ईरान अब नहीं करेंगे हमले
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद अब दोनों देशों ने हमले रोकने पर सहमति जताई है
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अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने राजधानी रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी के सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल 8 व्यक्तियों और संस्थाओं को बैन किया है। अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया। यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं। कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती। कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है। प्रतिबंध का क्या होगा असर अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने के बाद एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ आलोक चौधरी की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इसके अलावा कोई भी अमेरिकी नागरिक, कंपनी या वित्तीय संस्था उनके साथ व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगी। हालांकि, इस कार्रवाई का भारत में कंपनी के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सूडान गृह युद्ध के बारे में जानिए सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ। यह देश की नियमित सेना सूडानी आर्म्ड फोर्सेज (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा है। दोनों पक्ष पहले सहयोगी थे, लेकिन सेना में RSF के विलय, सत्ता पर नियंत्रण और देश के नेतृत्व को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक मानता है। युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका सहित कई देशों का आरोप है कि बाहरी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई इस संघर्ष को लंबा खींच रही है। इन 8 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध अमेरिकी वित्त मंत्रालय के OFAC ने कुल 8 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनके नाम हैं: ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा: हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश; दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
मोगा पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मोगा पुलिस ने नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एसएसपी सरताज सिंह चहल के कड़े निर्देशों पर पुलिस विभाग ने साधांवाली बस्ती क्षेत्र में एक व्यापक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पूरे इलाके को घेर कर संदिग्ध व्यक्तियों के घरों की गहन तलाशी ली और उनसे कड़ी पूछताछ की। नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी शिकंजा कसा। नियमों को ताक पर रखकर मोटरसाइकिल चलाने वाले चालकों के मौके पर ही चालान काटे गए और गंभीर मामलों में वाहनों को बाउंड (जब्त) करने की कार्रवाई भी की गई। 'नशा बेचा तो सीधे जाएंगे जेल' थाना प्रभारी गुरपाल सिंह ने इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस असामाजिक तत्वों और नशा तस्करों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है। उन्होंने दावा किया कि मोगा जिले में नशे की रीढ़ तोड़ने में पुलिस को काफी हद तक सफलता मिली है और इस पर बड़ा नियंत्रण पाया गया है। लेकिन, यदि अब भी कोई व्यक्ति नशा बेचते या इसकी तस्करी करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। सुधार का मौका: पुलिस ने बढ़ाया मदद का हाथ कार्रवाई के साथ-साथ मोगा पुलिस ने एक मानवीय दृष्टिकोण भी सामने रखा है। पुलिस ने आम जनता और परिवारों से अपील की है कि जो लोग नशे की दलदल में फंस चुके हैं, वे डरे नहीं बल्कि आगे आएं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ऐसे पीड़ित व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति एवं डी-एडिक्शन केंद्रों (De-addiction Centers) में भर्ती करवाएगा। उनका उचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा ताकि वे एक सामान्य, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की ओर लौट सकें। मोगा पुलिस ने साफ किया है कि जिले को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सर्च ऑपरेशन आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी
हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन ...
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ...
गर्मी की छुट्टियों के के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा जोधपुर और चेन्नई के बीच विशेष साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन शनिवार ( 27 जून) से शुरू होगी। पांच ट्रिप के लिए संचालित की जाने वाली इस स्पेशल ट्रेन से राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। शनिवार की रात को होगी रवाना उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04815 जोधपुर-चेन्नई बीच साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल 27 जून से 25 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक शनिवार रात 9.20 बजे जोधपुर से रवाना होगी और सोमवार रात 8 बजे चेन्नई बीच पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04816 एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-जोधपुर समर हॉलीडे स्पेशल 30 जून से 28 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक मंगलवार शाम 5.15 बजे चेन्नई से प्रस्थान कर गुरुवार रात 8.30 बजे जोधपुर पहुंचेगी। ट्रेन कुल 19 आईसीएफ कोच के साथ संचालित होगी। रैक संरचना में 2 सेकंड एसी,15 थ्री टियर एसी कोच तथा 2 एसएलआर कोच शामिल किए गए हैं। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 29 स्टेशनों पर ठहरेगी। इनमें मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,कुचामन,फुलेरा,जयपुर,दुर्गापुरा,सवाई माधोपुर,सोगरिया, बारा,छबड़ा,गुगोर, रुठियाई,गुना,बीना,भोपाल,इटारसी,नागपुर,बल्हारशाह,सिरपुर कागजनगर,मंचियारल,वारंगल,खम्मम, विजयवाड़ा,बापटला,चिराला,ओंगोल,नेल्लौर,गुडूर और नयाडुपेटा शामिल हैं। जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी कल से चलेगी वहीं , जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार को जैसलमेर से रवाना होगी और राजस्थान से पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04803 जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन 27 जून को जैसलमेर से सुबह 8.15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जोधपुर स्टेशन पर दोपहर 1.50 बजे पहुंचेगी तथा 2.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 6.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव यह विशेष ट्रेन मार्ग में रामदेवरा,फलोदी,जोधपुर,मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,फुलेरा,जयपुर,भरतपुर,ईदगाह,टूण्डला,ईटावा,गोविन्दपुरी, सुबेदारगंज,पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन,भबुआ रोड,सासाराम,डेहरी ऑन सोन,अनुग्रह नारायण रोड,गया, कोडरमा,पारसनाथ,धनबाद, आसनसोल,दुर्गापुर,वर्द्धमान तथा बैण्डेल स्टेशनों पर ठहराव करेगी। कोच में होंगे कुल 16 डिब्बे इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए 10 स्लीपर कोच,6 जनरल श्रेणी कोच और 2 गार्ड कोच सहित 16 डिब्बे लगाए जाएंगे।
खगड़िया में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व धार्मिक आस्था, गम और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे जिले में 'या हुसैन' के नारों के साथ करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मोहर्रम इस्लाम धर्म का एक पवित्र अवसर है, जो पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की करबला में दी गई शहादत की याद में मनाया जाता है। यह पर्व त्याग, धैर्य, इंसाफ और मानवता का संदेश देता है। जिले के मानसी प्रखंड स्थित सैदपुर गांव, परबत्ता के मड़ैया, बड़हरा, बन्देहरा, चौथम, गोगरी, मुस्कीपुर और नौगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में निर्धारित मार्गों से ताजिया जुलूस निकाले गए। सैदपुर में जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए दरगाह परिसर पहुंचा। इन जुलूसों के दौरान युवाओं ने लाठी, तलवार और फरसा सहित पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। मड़ैया, बन्देहरा, चौथम, गोगरी और मुस्कीपुर जैसे स्थानों पर भी युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्होंने सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में लोग इन प्रदर्शनों को देखने के लिए घंटों डटे रहे। सभी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला एवं दरगाह स्थलों तक पहुंचे। यहां धार्मिक रस्में अदा की गईं और अकीदतमंदों ने मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। शाम को सैदपुर दरगाह परिसर में एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले में बच्चों के लिए झूले, मीना बाजार, मिठाइयों की दुकानें और विभिन्न आकर्षक स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी विक्रम वीरकर, पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह, संबंधित एसडीपीओ, सीओ और थाना प्रभारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का लगातार निरीक्षण किया।
छिंदवाड़ा के बैल बाजार चौक में मोहर्रम के अवसर पर जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रात 10 बजे से शुरू हुई यह प्रतियोगिता लगातार 5 घंटे चलकर देर रात 3 बजे तक संपन्न हुई। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए विभिन्न ग्रुपों ने तलवारबाजी, लाठी और पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन किया। आयोजन ठिग्गा ग्रुप समिति की ओर से किया गया। प्रतियोगिता में बेहतरीन और अनुशासित प्रदर्शन करने वाले अखाड़ा ग्रुपों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली विजेता टीम को 25 हजार रुपए का नकद इनाम प्रदान किया गया। हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने की हौसलाअफजाईदेर रात तक चले इस अखाड़े को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। इस दौरान मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज के लोगों ने भी आयोजन में शामिल होकर करतब दिखाने वाले दलों का उत्साहवर्धन किया। शहर में दोनों समुदायों की यह मौजूदगी आपसी सद्भाव का केंद्र रही। पूरे मध्यप्रदेश में बनी इस आयोजन की पहचानआयोजक समिति के सदस्यों के अनुसार, हर साल होने वाली यह प्रतियोगिता अब सिर्फ छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसने पूरे मध्यप्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। जामा मस्जिद छिंदवाड़ा के सदर आमसाल खान ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, ठिग्गा ग्रुप द्वारा हर साल शानदार तरीके से यह प्रतियोगिता कराई जाती है। इस बार भी अलग-अलग जिलों से आए अखाड़ा ग्रुपों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी हैं।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक
अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष
Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
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अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

