Institute for the Study of War (ISW) के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में सत्ता का संतुलन पूरी तरह से बदल गया है। यहाँ की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) अब देश की 'सुप्रीम पावर' बन चुकी है, और उन्होंने अमेरिका को सीधे तौर पर 'समुद्री डकैत' ...
राठौर संघ भोपाल द्वारा 20 अप्रैल 2026 को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान परिसर, दशहरा मैदान, कलियासोत डेम, नेहरू नगर में सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के कई जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधे, जबकि करीब 250 युवक-युवतियों ने परिचय सम्मेलन में हिस्सा लिया।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे दीप प्रज्जवलन और गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद सुबह 9 से 12 बजे तक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। परिचय सत्र के बाद सामूहिक विवाह संस्कार संपन्न हुआ, जिसमें नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया गया और विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। ईंधन संकट के चलते लिया गया फैसलाईरान युद्ध के बाद घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की स्थिति को देखते हुए आयोजन समिति ने लकड़ी की भट्टियों पर भोजन बनाने का निर्णय लिया। सम्मेलन में बनने वाला अधिकांश भोजन लकड़ी की आग पर तैयार किया गया, जिससे आयोजन बिना किसी बाधा के पूरा हो सका। पारंपरिक भट्टियों पर बना भोजनभोजन व्यवस्था के लिए पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी की भट्टियों का उपयोग किया गया। इससे एक ओर जहां गैस पर निर्भरता कम हुई, वहीं आयोजन में पारंपरिक पद्धति की झलक भी देखने को मिली। ईको-फ्रेंडली रहा पूरा आयोजनसम्मेलन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रखा गया। कागज से बने डिस्पोजल का उपयोग किया गया और पानी के लिए स्टील व तांबे के बर्तनों की व्यवस्था की गई। डिजिटल निमंत्रण के जरिए कागज की बचत भी की गई। दहेज प्रथा के खिलाफ दिया संदेशआयोजन के दौरान दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को जागरूक किया गया। सादगीपूर्ण विवाह और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। राठौर समाज के लोगों ने बताया कि यह सम्मेलन समाज के लोगों के सहयोग और दान से संपन्न हुआ। इस दौरान समाज की पत्रिका का भी प्रकाशन किया गया। आयोजन में अध्यक्ष राज कुमार राठौर, उपाध्यक्ष संतोष राठौर, कार्यक्रम अध्यक्ष मदनलाल राठौर सहित अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। भागने के बाद उसके सऊदी अरब में छिपने का ठिकाना बनाने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी उमर हारिस साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था। लंबे समय तक सिक्योरिटी एजेंसियों से छिपकर घाटी में अपनी जड़ें मजबूत करता रहा। उसकी फुर्ती और ठिकाने बदलने के चलते उसे 'खरगोश' कोड नेम दिया गया था। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में था नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का सुपरविजन कर रही श्रीनगर पुलिस ने उमर हारिस की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ शेयर की। इसमें बताया गया कि श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का खुलासा कर 5 संदिग्धों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी फरीदाबाद (हरियाणा) के अल फलाह विश्वविद्यालय में केंद्रित एक ‘सफेदपोश’ आतंकी सेल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद हुई है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर सफलतापूर्वक ठिकाने बना चुका था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और उमर हारिस की देशभर में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गतिविधियों के बारे में बताया। फर्जी डॉक्यूमेंट से पासपोर्ट बनवाया जांच में सामने आया कि उत्तरी कश्मीर घाटी में घुसपैठ के दौरान आतंकी उमर हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रुका था। लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की बेटी से निकाह किया। उसने जयपुर में निकाह फेक नाम सज्जाद के साथ किया। निकाह के डॉक्यूमेंट का यूज भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में भी किया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में चूक पर सवाल श्रीनगर पुलिस की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने से कई खामियां उजागर हुई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद राजस्थान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट कैसे जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी इंडोनेशिया भागने में कामयाब रहा। जहां से उसने एक और फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट का यूज करके 2024-25 में सऊदी अरब में अपना ठिकाना बना लिया।
युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत एसएसपी ने किया सिहोड़ा का दौरा
खन्ना| खन्ना पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत एसएसपी खन्ना डॉ दर्पण आहलूवालिया ने गांव सिहोड़ा का दौरा कर लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए अपील की कि वे खुद भी नशों से दूर रहें और अपने बच्चों को भी इस बुराई से बचाएं। एसएसपी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत करें। नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। इसलिए इसके खिलाफ मिलकर लड़ना बेहद जरूरी है। लोगों से अपील की गई कि वे नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके। पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इसे और तेज किया जाएगा।
US-Iran conflict : ईरान और अमेरिका में कहां तक पहुंची शांतिवार्ता, क्या जारी रहेगा युद्धविराम
ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद सीजफायर का ऐलान हुआ और पहली शांति वार्ता पाकिस्तान में की गई, लेकिन ये शांति वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट और परमाणु रणनीति को लेकर लगातरा तनाव बरकरार है। ...
ईरान का सख्त ऐलान: युद्ध खत्म होने तक होर्मुज स्ट्रेट पर रहेगा नियंत्रण
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती
दवा बाजार पर युद्ध का असर, इलाज 15% तक महंगा; पैरासिटामोल में 47% का उछाल
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की तपिश अब अस्पतालों और मेडिकल स्टोर तक पहुंच गई है। युद्ध के कारण दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) और सर्जिकल आइटम्स की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे मरीजों के इलाज का कुल बजट 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। राहत की बात यह रही कि मार्च में स्टॉक होने से काम चल गया, लेकिन अप्रैल में नई दरों का बोझ आम जनता पर पड़ेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 900 से अधिक दवाओं की कीमतों में थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर 0.65 प्रतिशत की वृद्धि की थी। लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कच्चे माल की लागत बढ़ने और दवा बाजार से मिल रही छूट खत्म होने से उपभोक्ताओं को अपनी जेब से 10 प्रतिशत से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। { कच्चे माल की कीमतों में उछाल : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एपीआई के दाम में 25 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत में 47 प्रतिशत तक इजाफा हुआ। . सप्लाई चेन में बाधा: युद्ध के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस चार्ज बढ़ गए हैं। कच्चा माल लाने वाले जहाजों का समय दोगुना से अधिक हो गया है। अब 30-40 दिन की जगह 80-90 दिन लग रहे हैं। माल ढुलाई में वृद्धि: माल ढुलाई की दरें दोगुनी होने, ट्रांसपोर्टेशन, डीजल, पीएनजी की कीमतों ने बढ़ाई है। . पैकेजिंग सामग्री : दवाओं की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला पीवीसी के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। राकेश काबरा, सचिव, जिला केमिस्ट संस्थान युद्ध का सीधा असर दवाओं और सर्जिकल आइटम की कीमतों पर पड़ा है। युद्ध वापस शुरू हुआ तो संकट बढ़ेगा। दवाएं महंगी होंगी। प्लास्टिक व पॉलिमर आधारित 90 % सर्जिकल आइटम्स (ग्लव्स, कैनुला, सीरिंज) के दाम बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। मरीजों को अब ये जरूरी सामान महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं। दवाओं और सर्जिकल आइटम के दाम बढ़ने के मुख्य कारण
गर्मी से राहत देने वाले अधिकतर फव्वारे बंद
झालावाड़| शहर में लगाए गए अधिकांश फव्वारे इन दिनों बंद पड़े हैं। जिससे प्रमुख चौराहों और पार्कों का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो रहा है। रखरखाव के अभाव में कई फव्वारों के मोटर खराब पड़े हैं तो कुछ जगह पानी की सप्लाई ही बंद है। शाम के समय यदि ये फव्वारे चालू हों तो आसपास का वातावरण ठंडा हो सकता है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई स्थानों पर लाखों रुपए खर्च कर फव्वारे लगाए गए थे, लेकिन अब वे केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। शहरवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि बंद पड़े फव्वारों की मरम्मत कर उन्हें शुरू किया जाए।
युद्ध का असर:रायपुर में मेवे 30% महंगे, मोबाइल के दाम 5000 रुपए तक बढ़े, कार भी महंगी
अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब सीधे लोगों की जेब और रसोई तक पहुंच गया है। रायपुर में सूखे मेवे 30% तक महंगे हो गए हैं, जबकि मिठाइयों के दाम 50 से 500 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। खाड़ी देशों में जारी युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे ईरान, कुवैत, अफगानिस्तान, कैलिफोर्निया, वियतनाम और कतर से आने वाले मेवों की आपूर्ति बाधित है और कीमतों में तेज उछाल आया है। बादाम, काजू, पिस्ता, अंजीर और अखरोट सभी महंगे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से ऑटोमोबाइल, पेट्रोकेमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य तेल 2 से 30% तक महंगे हुए हैं। स्टील, एल्युमीनियम और सेमीकंडक्टर चिप की कमी से मोबाइल 5000 रुपए तक महंगे हुए हैं। 15 अप्रैल से कारों के दाम 10% बढ़े, जिससे 5–25 लाख की कारें 50 हजार से एक लाख तक महंगी हो गईं। इन देशों से आयातईरान, कुवैत खजूर, अंजीर, केसरअफगानिस्तानअंजीर, खुबानी, बादामकैलिफोर्नियाबादाम, अखरोटवियतनाम काजूकतर-अन्य देश: खजूर ऑटो सेक्टर पर असर : ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पुनीत पारवानी के मुताबिक कच्चे माल की कमी से ऑटो पार्ट्स 10–12% महंगे हुए हैं, जबकि लुब्रिकेंट ऑयल 50 रु. प्रति लीटर बढ़ा है। दोपहिया वाहनों पर 500 से 1500 रु. और कारों पर 5 हजार से 50 हजार तक का इजाफा हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स 5-10% महंगे : राज्य मोबाइल विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश वासवानी के अनुसार ताइवान में चिप मैन्युफैक्चरिंग व शिपिंग डिले से इलेक्ट्रॉनिक्स 5-10% महंगे हुए। 10-20 हजार के मोबाइल 1000-3000 और 50 हजार से ऊपर के 5000 रुपए तक महंगे हुए। महंगाई का दर्द दुकान पहुंचे, तब पता चला बढ़ गई कीमत
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण तारकोल (बिटुमेन) की कमी और कीमतों में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अगले 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है, ताकि राज्य में सड़क निर्माण और मरम्मत के काम प्रभावित न हों। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सिविल सचिवालय में सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी को तारकोल का दाम 46,402 रुपए प्रति मीट्रिक टन था, जो 1 अप्रैल तक बढ़कर 76,152 रुपए हो गया है और आपूर्ति भी करीब 50% तक प्रभावित हुई है। सरकार के मुख्य फैसले और निर्देश... 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल का इस्तेमाल मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के अनुरोध पर अगले 6 माह के लिए इंपोर्टेड तारकोल के उपयोग को मंजूरी दी, ताकि सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य बिना रुकावट जारी रह सकें। CM ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में पैच वर्क मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाए( टूटी सड़कों की मरम्मत तेजी से की जाएं। अन्य विभाग भी जरूरत पड़ने पर PWD से मशीनें ले सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि खराब सड़कों से जनता को परेशानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘म्हारी सड़क’ ऐप की शिकायतों का तुरंत समाधान मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिन सड़कों की जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की है, उनसे तुरंत मरम्मत करवाई जाए। सरकार ने तय किया है कि इस वित्तीय वर्ष 63,170 किलोमीटर सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य किया जाएगा। सीएम ने कहा, सभी विभागों को PWD के मानकों के अनुसार ही सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून से पहले चल रहे काम पूरे करने पर जोर दिया गया है। शहरों में बनेंगी स्मार्ट रोड मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शहरी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीएम ने किस सड़क की जिम्मेदारी किस विभाग की है, यह स्पष्ट करनेऔर कुछ शहरों में स्मार्ट रोड विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण बढ़ी तारकोल की कीमत और कमी से सड़क निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए हरियाणा सरकार ने 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल इस्तेमाल करने का फैसला लिया है और साथ ही सड़कों की मरम्मत, गड्ढे भरने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
शेयर बाजार में तेजी: मिडिल ईस्ट संकट घटने से निवेशकों के खिले चेहरे, जानें क्या रहा मार्केट का हाल
Share Market Weekly Review : मीडिल ईस्ट से आ रही सकारात्मक खबरों से लगातार दूसरे हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी दिखाई दी। इस हफ्ते सेंसेक्स में 943 अंक बढ़ा तो निफ्टी में भी 302 अंकों की तेजी दिखाई दी। इस सप्ताह निवेशकों की संपत्ति 14.40 लाख ...
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर Markandey Katju का बड़ा विश्लेषण—क्या US-ईरान युद्ध फिर भड़केगा? जानिए आर्थिक और राजनीतिक कारण।
Trump-Iran Deal : होर्मुज खुलते ही बदले ट्रंप के तेवर,क्या खत्म होने वाला है ईरान के साथ युद्ध?
ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम, नेतन्याहू ने दी मंजूरी
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ 83 केसों की ड्रग्स नष्ट
लुधियाना| शहर में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को जब्त नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 83 अलग-अलग मामलों में बरामद ड्रग्स का निस्तारण किया गया, जिसकी पूरी प्रक्रिया उच्च स्तरीय कमेटी की निगरानी में पूरी की गई। नष्ट की गई ड्रग्स में 15 क्विंटल से अधिक चूरा पोस्त, करीब 5.856 किलो हेरोइन, 8 किलो से ज्यादा गांजा व चरस, नशीला पाउडर, आइस, मलाणा हशीश और एलएसडी जैसी सिंथेटिक ड्रग्स शामिल थीं। इसके अलावा 18,901 नशीली गोलियां और कैप्सूल भी नष्ट किए गए। करीब 145 किलो अफीम को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट करने के लिए भेजा गया है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में 600 से ज्यादा मामलों में कार्रवाई कर 30 क्विंटल से अधिक नशे का निस्तारण किया गया है।
सोनीपत जिले में एक युवक की हत्या के मामले में सदर गोहाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित पुत्र राजपाल उर्फ पाला और निकित उर्फ निक्की पुत्र बिजेन्द्र के रूप में हुई है। दोनों दोदवा गांव, सोनीपत के रहने वाले हैं। यह घटना 15 अप्रैल 2026 को दोदवा गांव में हुई थी। कुछ युवकों ने एक युवक युद्धवीर पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत बीपीएस खानपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर सदर गोहाना थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शादी समारोह में हुए झगड़े की रंजिश पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने 11-12 अप्रैल की रात को एक शादी समारोह में हुए झगड़े की रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से जांच की और इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त हथियार और बाइक बरामद गिरफ्तार किए गए आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य घटना में प्रयुक्त बर्फ तोड़ने वाला सुआ और बाइक बरामद करना है। साथ ही, इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। सोनीपत पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
हिंदु पुराणों के साथ ही ब्रह्मर्षि पोतुलुरी वीरब्रह्मेंद्र स्वामी द्वारा रचित कालज्ञानम और ओडिशा के पंचसखा, विशेषकर संत अच्युतानंद दास द्वारा रचित भविष्य मालिका में भगवान कल्कि के आने का उल्लेख मिलता है। तीसरे विश्व युद्ध और भगवान कल्कि के प्रकट ...
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत
इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया
सीजफायर के दौरान इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किमी का सुरक्षा जोन बनाए रखेगा : नेतन्याहू
यरूशलम, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा।
मोदी-ट्रंप फोन वार्ता: इजरायल-लेबनान सीजफायर पर जताई उम्मीद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि पीएम मोदी के उनकी अच्छी बातचीत रही और प्रधानमंत्री ने इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की कोशिश को लेकर उम्मीद जताई
पंचायतनामा:बॉर्डर पर स्थित है तामलोर गांव, दो युद्धों में सेना के साथ खड़े रहे ग्रामीण
भारत-पाक सीमा से सटा तामलोर गांव। वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान यहां के ग्रामीण सेना के साथ खड़े रहे। रेगिस्तानी इलाका होने से दुर्गम इलाके में रास्ता दिखाने से लेकर उनके लिए खाने-पीने की खाद्य सामग्री भी अपने घरों से बनाकर पहुंचाते थे। इसी से खुश होने के बाद सेना के सहयोग से तामलोर की पथरीली जमीन को खोद तालाब बनाया था। इस तालाब से सालभर लोग पानी पीते हैं। सेना ने सिंध प्रांत के छाछरों तक कब्जा कर लिया था। वर्ष 1965 के दौर में सीमावर्ती गांव तामलोर के धोरों में दूर-दूर तक पानी का इंतजाम नहीं था। ग्रामीण ऊंटों पर पखाल भरकर पानी लाते थे। पथरीली जमीन होने से वहां तालाब की खुदाई करना मुश्किल था। तालाब बनने के बाद 60 साल से हजारों ग्रामीण और मवेशी इस तालाब से मीठा पानी पी रहे हैं। मानसून की एक बारिश में तालाब भरने से सालभर पानी पीते हैं। सरपंच हिंदूसिंह तामलोर का कहना है कि पूर्व में ग्रामीण इलाकों में पानी के इंतजाम नहीं थे, तब सेना की मदद से तालाब खोदा था। अब तो जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल मीठा पानी आ रहा है। विकास कार्यों की राज्यपाल भी सराहना कर चुके: तामलोर ऐसा गांव है, जो भारत-पाक बॉर्डर से सटा हुआ है। यहां गांव में हर घर तक मीठे पानी के कनेक्शन 2023 में ही हो गए थे। नर्मदा नहर का मीठा पानी नल से लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी निरीक्षण कर चुके है और विकास कार्यों की सराहना की थी। गांव में एक उप स्वास्थ्य केंद्र, सैकंडरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल, पोस्ट ऑफिस, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम सेवा सहकारी समिति है। इसके अलावा पिछले 5 सालों में करीब 250 पीएम आवास बने हैं। इसके अलावा सार्वजनिक सभा भवन, वाचनालय, सांस्कृतिक कला केंद्र, चार दीवारी व अन्य काम करवाए गए है। 20 लाख रुपए से सैकंडरी स्कूल में कम्प्यूटर कक्ष निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा 5-5 करोड़ से रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाए गए। इससे लोगों का आवागमन आसान हुआ है। पंचायत का लेखा-जोखा जनसंख्या :3500 साक्षरता दर : 65 % मुख्यालय से दूरी : 100 किमी कनेक्टिविटी : गडरारोड-मुनाबाव हाइवे। पहचान : प्रसिद्ध तालाब
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर छत्तीसगढ़ की मछलियों पर भी पड़ रहा है। यहां से हर साल लाखों टन तिलापिया मछली का निर्यात अमेरिका में होता है। लेकिन युद्ध की वजह से करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही पड़ी हुई है। अगर एक-दो महीने युद्ध और चल गया तो मछुआरों को 200 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा। यह मछली लोकल बाजार में कम बिकती है। मछुआरे इसे अमेरिका भेजने के लिए ही तैयार करते हैं। कांकेर के दुधावा, कोरबा के बांगो और कवर्धा के सरोदा बांध में इस मछली का पालन होता है। मछुआरों से कंपनी थोक में 105-110 रुपए प्रति किलो खरीदते हैं। इसके बाद कलकत्ता और विशाखापट्नम बंदरगाह के माध्यम से इसे अमेरिका 170 रुपए प्रति किलो में भेजा जाता है। वहां के बाजार में 250-300 रुपए प्रति किलो में बिकती है। वहां इसे एक्वाटिक चिकन भी कहते हैं। तिलापिया ही क्यों जाती है अमेरिका छत्तीसगढ़ के तालाब-बांध में सैकड़ों प्रजाति के मछली का पालन होता है। लेकिन तिलापिया की ही अमेरिका में सबसे अधिक मांग है। इसके पीछे की वजह यह है कि वहां मछली के टुकड़े करके खाने का चलन नहीं है। सीधी मछली को खाना ही लोग पसंद करते हैं। यही वजह है कि यह 500 ग्राम से लेकर 800 ग्राम की मछली को ही वहां भेजा जाता है। इससे अधिक वजन होने के बाद उसका निर्यात नहीं हो पाता। 8 महीने पहले इसके बीज छत्तीसगढ़ के बांधों में डाले गए थे, अब इस मछली का वजन 500 ग्राम से अधिक होने लगा है। अब चिंता मछुआरों को सता रही है कि कहीं यह बड़ी हो गई तो इसे खरीदेगा कौन। दो महीने से थम गया कारोबार मछुआरा राकेश निषाद ने बताया कि दो महीने से ही मछली का निर्यात कम होने लगा था। लेकिन एक महीने से तो बिल्कुल ही बंद हो गया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि नए बीज तालाबों डालें या नहीं, क्योंकि युद्ध का असर कब तक रहेगा कोई पता नहीं चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अगर मछली को दो-तीन महीने और छोड़ दिया तो वे मरने भी लगेंगी। अमेरिका में हो गई दोगुनी कीमतअमेरिका तिलापिया मछली का 95 प्रतिशत आयात चीन, ताइवान और भारत जैसे देशों से करता है। 2025 की शुरुआत में चीन से आने वाले समुद्री भोजन पर इंपोर्ट टैक्स 170 प्रतिशत तक कर दिया था। जिसकी वजह से भारत से निर्यात बढ़ गया था। यूएस में यह मछली अभी तीन गुना कीमत पर पहुंच गई है। युद्ध की वजह से तिलापिया मछली का निर्यात नहीं हो पा रहा है। करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही डंप है। अभी छत्तीसगढ़ में इस मछली का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इस मछली के लिए मछुआरों को प्रोत्साहित भी कर रही है। केज के लिए सब्सिडी दी जा रही हैं। -एनएस नाग, संचालक, मछली पालन
देश की नमकीन राजधानी माने जाने वाले इंदौर का नमकीन उद्योग इस समय दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर उत्पादन लागत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण नमकीन के दाम 20 से 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर एक्सपोर्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। अनिश्चित हालात के चलते निर्यात ऑर्डर करीब आधे रह गए हैं और गल्फ देशों में सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिससे करोड़ों रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। इंदौर से रोजाना करीब 100 टन नमकीन देश-विदेश में भेजा जाता है। यह सप्लाई भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 80 से अधिक देशों तक पहुंचती है। हालांकि मौजूदा हालात में घरेलू बिक्री (डोमेस्टिक सेल) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) कारोबार भी प्रभावित हुआ है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा के मुताबिक, लागत बढ़ने के कारण नमकीन की कीमतों में औसतन 20 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकी पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता (करीब 60%) और मूंगफली तेल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके अलावा पैकिंग मटेरियल के दाम में भी बड़ा उछाल आया है- जो पहले 190–195 रुपए प्रति किलो मिलता था, वह अब करीब 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। नमकीन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली हींग की कीमतों में भी 5% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लागत और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में इंदौर के नमकीन उद्योग को और बड़े आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। दाम आगे भी बढ़ने के संकेत इंदौर के नमकीन बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि अभी जो दाम बढ़ाए गए हैं, वे सालभर स्थिर रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगले 10 दिनों में क्या स्थिति होगी, इसका भी अनुमान लगाना मुश्किल है। 40 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी नमकीन व्यापारी हीतेश जैन के मुताबिक, सामान्य नमकीन जो पहले 260 से 280 रुपए प्रति किलो मिलता था, अब 280 से 300 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं प्रीमियम नमकीन 280–300 रुपए से बढ़कर 300 से 340 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक्स्ट्रा प्रीमियम नमकीन, जिसमें ड्रायफ्रूट्स का उपयोग होता है, उसमें करीब 40 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मूंगफली तेल, मिर्च-मसाले और पैकिंग सामग्री महंगी होने के कारण लगभग 20 रुपए प्रति किलो तक कीमत बढ़ानी पड़ी है। विदेश पहुंचने का समय दोगुना हुआ इंदौर में सेंव की खपत भी काफी अधिक है। शहर में रोजाना करीब 45 टन सेंव की खपत होती है। संगठित क्षेत्र के कारखानों में प्रतिदिन 30 टन सेंव तैयार होती है, जिसमें से 15 टन शहर में खपती है, जबकि असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारी करीब 30 टन सेंव का उत्पादन कर स्थानीय मांग पूरी करते हैं। वैश्विक हालात का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले इंदौर से दुबई या ओमान तक नमकीन पहुंचने में करीब 30 दिन लगते थे, लेकिन अब सुरक्षित मार्गों से भेजने पर 60 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे लॉजिस्टिक लागत दोगुनी हो गई है। इसी तरह यूएसए और कनाडा में पहले 40–45 दिन में पहुंचने वाला माल अब 90 दिन तक ले रहा है। खाड़ी देशों के लिए सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से प्रभावित है। निर्यातकों के अनुसार 40 से 50 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25–30 दिन से बढ़कर 50–60 दिन हो गया है और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। ये खबर भी पढ़ें… MP में खाना महंगा, 400 की थाली अब ₹800 में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश पर असर पड़ा है। LPG की कमी और PNG की दरों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के खाने का खर्च बढ़ा दिया है। इंदौर और जबलपुर में नाश्ते की चीजों के दाम बढ़ गए हैं, जबकि ग्वालियर और रीवा में ड्राई फ्रूट्स और पीने के पानी सहित हर चीज महंगी हो गई है।पूरी खबर पढ़ें
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युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
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तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
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युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
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युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
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अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
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बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
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ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
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पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
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ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
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अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
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नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
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Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

