मुख्यमंत्री आगमन पर 3 दिन बंद रहेगी मंडी:पार्किंग बनाने को युद्धस्तर पर सफाई
मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के मद्देनजर नवीन गल्ला मंडी को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। यह बंदी शुक्रवार से प्रभावी हो गई है और सोमवार को मंडी फिर से खुलेगी। मुख्यमंत्री 26 जुलाई को मैनपुरी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री नेहरू स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं। उनके आगमन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। मंडी सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए नवीन गल्ला मंडी को पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसी कारण मंडी की सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इस तीन दिवसीय बंदी के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान होने की आशंका है। इस दौरान मंडी में किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं हो सकेगा। नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद की सभी कर्मचारियों को मंडी समिति के अंदर सफाई व्यवस्था में लगाया गया है बारिश रुक रुक कर हो रही है और पानी भी भर गया है इसको लेकर टैंकरों से पानी की सफाई की जा रही है इससे अधिकारियों की यह बाहर से आने वाली सभी गाड़ियों की पार्किंग सही तरीके से कराई जाए और किसी को आने-जाने में कोई परेशानी ना हो इस इन बातों का भी ध्यान रखा गया है
वैश्विक व्यापार युद्ध भड़का! ट्रंप ने इजरायल-EU समेत 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ, भारत भी लपेटे में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने पूरी दुनिया के व्यापारिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत, यूरोपीय संघ (EU), इजरायल और न्यूजीलैंड समेत दुनिया के 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक का भारी-भरकम नया टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शुक्रवार से लागू हुए इस ऐतिहासिक और सख्त फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अपने सबसे करीबी रणनीतिक मित्र इजरायल को भी इस आर्थिक कार्रवाई से बाहर नहीं रखा है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर एक नया ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका गहरा गई है।जबरन मजदूरी (Forced Labor) का गंभीर आरोप और ट्रेड एक्ट की धारा 301वाशिंगटन से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अमेरिका ने इन 60 देशों पर आरोप लगाया है कि वे अपने यहां जबरन मजदूरी (Forced Labor) से बनने वाले सामानों के आयात और व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 (Section 301) के तहत यह सख्त कार्रवाई की है, जो अमेरिकी वाणिज्य को प्रभावित करने वाली अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति को ऐसे कड़े कदम उठाने का विशेषाधिकार देती है। यह नई दरें उस अस्थायी वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगी जो हाल ही में समाप्त हुआ है।इजरायल से लेकर न्यूजीलैंड तक मचा बवाल, किस देश पर कितना लगा टैक्सअमेरिकी प्रशासन ने इन 60 देशों को उनकी मौजूदा नीतियों के आधार पर दो अलग-अलग स्लैब में बांटा है।10% का टैरिफ स्लैब: इस श्रेणी में भारत, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, कनाडा, मैक्सिको और पाकिस्तान समेत 17 देशों को रखा गया है। इन देशों को थोड़ी राहत इसलिए मिली क्योंकि इन्होंने जबरन मजदूरी रोकने के लिए कुछ आंशिक कानून या प्रतिबद्धताएं दिखाई हैं।12.5% का टैरिफ स्लैब: चीन, इजरायल, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे बाकी 43 से अधिक देशों पर 12.5% का सीधा अतिरिक्त आयात शुल्क थोप दिया गया है।इस फैसले से अमेरिकी बाजारों में आने वाले कुल आयात का करीब 99.4% हिस्सा सीधे प्रभावित होने जा रहा है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है।भारतीय निर्यातकों को तगड़ा झटका, कच्चे तेल और गैस को मिली राहतइस फैसले से भारत के कपड़ा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और कृषि आधारित निर्यात क्षेत्रों को सीधी चोट पहुंचने की आशंका है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने रणनीतिक चतुराई दिखाते हुए कुछ चुनिंदा जरूरी सामानों जैसे कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), चुनिंदा उर्वरक (Fertilizers) और आवश्यक कृषि उत्पादों को इस टैरिफ के दायरे से बाहर (Exempted) रखा है ताकि अमेरिकी घरेलू बाजार में महंगाई बेलगाम न हो जाए।वैश्विक प्रतिक्रिया: सहयोगियों ने अमेरिकी कदम को किया खारिजयूरोपीय संघ (EU) और न्यूजीलैंड समेत कई प्रमुख अमेरिकी सहयोगियों ने वाशिंगटन के इस फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। व्यापार विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जबरन मजदूरी की समस्या वैश्विक है और अमेरिका खुद भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं है, ऐसे में केवल व्यापारिक वॉल्यूम के आधार पर मित्र देशों को निशाना बनाना अनुचित और जवाबी आर्थिक कार्रवाइयों को न्यौता देने जैसा है।
अशोकनगर शहर में शुक्रवार रात तार वाले बालाजी मंदिर के सामने अचानक भारी पुलिस बल की तैनाती, तेज सायरन और पूरे इलाके में ब्लैकआउट होने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। व्यस्त मार्ग पर अचानक हुई इस गतिविधि से राहगीर और स्थानीय लोग हैरान रह गए। इस दौरान आगजनी और विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की एंट्री से बढ़ी हलचल कुछ ही देर बाद एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के सायरन गूंजने लगे। होमगार्ड के जवानों ने स्ट्रेचर पर 'घायलों' की भूमिका निभा रहे लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। करीब 8 से 10 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद ब्लैकआउट समाप्त हुआ। बाद में सामने आई सच्चाई घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह किसी वास्तविक हादसे की नहीं, बल्कि आपदा और युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी। विभिन्न विभागों ने लिया हिस्सा प्रशासन के अनुसार, मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता परखना और नागरिकों को आपात स्थिति में बचाव एवं राहत प्रक्रिया की जानकारी देना था। अभ्यास में अपर कलेक्टर डीएन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेस, होमगार्ड, राजस्व विभाग, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के कर्मचारी और एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। सफल रही मॉक ड्रिल प्रशासन ने बताया कि मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अभ्यास पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और इसे आपदा प्रबंधन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया।
ईरान से युद्ध पर अमेरिका 37.5 अरब डॉलर फूंक चुका, 67 अरब डॉलर और चाहिए
US Iran war cost: अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध बहुत मंहगा पड़ रहा है। लगभग 37 अरब 50 करोड़ डॉलर अब तक ख़र्च हो चुका है और युद्ध का अंत कहीं दिख नहीं रहा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन्हीं दिनों अमेरिकी संसद के उच्च सदन, यानी सीनेट की एक कमेटी के ...
ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ किया बड़ा असैन्य परमाणु समझौता, लेकिन सामने रख दी ऐसी शर्त
अंतरराष्ट्रीय राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब के साथ एक अहम असैन्य परमाणु समझौते (Civilian Nuclear Agreement) को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसके साथ ही रियाद के सामने एक बहुत बड़ी और स्पष्ट शर्त भी रख दी है। ट्रम्प ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि इस समझौते के आगे बढ़ने की पूरी शर्त यह है कि सऊदी अरब को ऐतिहासिक 'अब्राहम संधि' (Abraham Accords) के तहत इजरायल के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को पूरी तरह सामान्य करना होगा। वाशिंगटन से लेकर खाड़ी देशों तक इस बड़े कूटनीतिक कदम के बाद भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं।क्या है डोनाल्ड ट्रम्प की बड़ी शर्त और परमाणु समझौते के मायने?अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए इस डील की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस असैन्य परमाणु समझौते के तहत सऊदी अरब को किसी भी प्रकार के यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण और गैर-संवर्धित परमाणु संयंत्रों के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस पूरे समझौते के मुहर लगने की एकमात्र शर्त यही है कि सऊदी अरब को अब्राहम समझौते में शामिल होकर इजरायल के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाना होगा। हालांकि, दूसरी तरफ सऊदी अरब का यह रुख रहा है कि इजरायल के साथ संबंध तभी सामान्य हो सकते हैं जब स्वतंत्र फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना के लिए एक स्पष्ट और पक्का रास्ता तैयार किया जाए।परमाणु अप्रसार विशेषज्ञों और इजरायल की बढ़ी चिंताएंइस समझौते के सामने आते ही वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ गई है। परमाणु अप्रसार (Non-Proliferation) के कई बड़े विशेषज्ञों ने इस डील पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि इस समझौते में ऐसे कड़े सुरक्षा उपायों और प्रावधानों की कमी है जो भविष्य में परमाणु सामग्री को हथियार बनाने लायक स्तर तक संवर्धित होने से रोक सकें। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस डील के बाद से पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से हथियारों की भीषण होड़ शुरू होने का गंभीर अंदेशा जताया जा रहा है। आलोचकों का यहां तक कहना है कि इस तरह के समझौतों से इजरायल के दीर्घकालिक सुरक्षा हितों को बड़ा झटका लग सकता है।नेतन्याहू की चुप्पी और अमेरिकी संसद की मुहर का इंतजारहैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल समझौते के ऐलान के बाद से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, उनके रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की तरफ से फिलहाल कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है। जानकारों के अनुसार, वाशिंगटन और रियाद के बीच घोषित इस बहुचर्चित समझौते को अभी अमेरिकी संसद (US Congress) से औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद ही इसकी असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्र मिडिल ईस्ट से इस वक्त की बेहद डरावनी और बड़ी खबर सामने आ रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग रूट्स और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब एक बड़े महायुद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार 13वीं रात भी भीषण हवाई हमले जारी रखे हैं। इस भयंकर सैन्य संघर्ष और सप्लाई चेन ठप होने के खतरे के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है।क्यों हो रहे हैं ईरान पर ताबड़तोड़ अमेरिकी हमले?अमेरिकी सेंट्रल कमांड और सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम को अमेरिकी वायुसेना ने एक बार फिर ईरान के अंदरूनी सैन्य बुनियादी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का साफ कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों को लगातार दी जा रही धमकियों और हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनियों के बीच यह लगातार 13वां दिन है जब अमेरिकी सेना ने तेहरान के खिलाफ इस तरह के घातक प्रहार किए हैं।हॉर्मुज जलडमरूमध्य में थम गया जहाजों का आवागमनयह पूरा विवाद दुनिया के सबसे अहम चोकपॉइंट यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले शिपिंग रूट्स को लेकर खड़ा हुआ है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान पर लगातार यह आरोप लग रहे हैं कि उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इस क्षेत्र में लगातार अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं और आवाजाही में बाधा डाल रहे हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान को जिम्मेदार ठहराने के बाद से इस समुद्री मार्ग पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, 100 डॉलर के पार पहुंचा तेलमिडिल ईस्ट के इस महासंकट का सीधा असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। हॉर्मुज के साथ-साथ बाब अल-मंदेब (Bab el-Mandeb) जलडमरूमध्य से भी जहाजों के आवागमन के गंभीर रूप से बाधित होने के बाद वैश्विक बाजार में खलबली मच गई है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक सात प्रतिशत तक उछल गई हैं और ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इससे पहले आखिरी बार मई के महीने में तेल इस उच्च स्तर पर पहुंचा था। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर चुका है। आर्थिक विशेषज्ञों और जानकारों का अनुमान है कि अगर यह टकराव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती हैं, जिससे दुनियाभर में महंगाई का एक बड़ा दौर आ सकता है।
कुवैत-इराक के अब्दाली बॉर्डर पर ड्रोन हमला, कोई हताहत नहीं
कुवैत के उत्तरी हिस्से में इराक की सीमा से लगा अब्दाली बॉर्डर क्रॉसिंग ड्रोन हमले का निशाना बना। इस हमले में कुछ सामान को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा मोड़ आता दिख रहा है, जहां पाकिस्तान ने सऊदी अरब के पक्ष में खड़े होते हुए यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों को खुली चेतावनी दे दी है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय (FO) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों द्वारा दी गई नाकाबंदी की धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस कड़े रुख के बाद कूटनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता की बात करने वाला पाकिस्तान अब सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के चलते सीधे ईरान समर्थित ताकतों से दो-दो हाथ करने की तैयारी कर रहा है।हूतियों की नाकाबंदी की धमकी पर पाकिस्तान का सख्त रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवालापाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों की आपूर्ति और लाल सागर में नौवहन को बाधित करने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इस्लामाबाद ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या देश के समुद्री हितों को नुकसान पहुंचाने वाली हर कार्रवाई को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा खतरा माना जाएगा। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए अपनी संपत्तियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आत्मरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है। जानकारों का मानना है कि सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते, जिसमें एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाता है, के तहत यह तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।ईरान से टकराव के आसार और लाल सागर में बढ़ता समुद्री संकटएक तरफ जहां पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करता रहा है, वहीं सऊदी अरब के साथ उसकी गहरी सामरिक साझेदारी अब उसे एक बड़ी दुविधा में डाल रही है। यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है, ऐसे में यदि पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ किसी भी सैन्य या प्रत्यक्ष कार्रवाई में शामिल होता है, तो इसे सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ कदम माना जा सकता है। इस स्थिति में ईरान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक या सामरिक मोर्चे पर टकराव के आसार बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर, हूतियों की धमकियों के चलते लाल सागर में तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण सऊदी क्रूड तेल ले जाने वाले जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर सख्त नाराजगी जताई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास क्रूज मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ की मौत के बाद अब उन्हें शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठने लगी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मामले में वीडियो जारी कर केंद्र और हरियाणा सरकार से गुरप्रीत के परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है। सरकार को दिखानी चाहिए संवेदनशीलता चढूनी ने कहा कि यूक्रेन में हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है, जिनमें यमुनानगर का गुरप्रीत सिंह भी शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक स्थानीय प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा और दिव्यांग पिता का सहारा था, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मिसाइल हमले में मारे गए सभी भारतीय नागरिकों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की पीड़ा और बढ़ रही है। चढूनी ने मांग की कि सभी मृतकों के परिवारों को कम से कम पांच-पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीएनए जांच के बाद होगी शव की पहचान गुरप्रीत सिंह का शव अभी तक भारत नहीं पहुंच सका है। मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह झुलस गए, जिसके चलते सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं हो सकी। शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं। गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह अपना डीएनए सैंपल दे चुके हैं। रिपोर्ट का मिलान होने के बाद ही शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। परिवार ने प्रशासन की उदासीनता पर जताई नाराजगी गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने कहा कि अभी तक न जिला प्रशासन और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि परिवार से मिलने पहुंचा है। उन्होंने गुरप्रीत को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि वह विदेश में रहते हुए भारतीय नागरिक के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रहा था और युद्ध की विभीषिका का शिकार हुआ। उन्होंने सरकार से परिवार को हरसंभव सहायता देने और अधिकारियों को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने भेजने की मांग की। परिवार का इकलौता सहारा था गुरप्रीत गुरप्रीत सिंह गांव पंजेटो के रहने वाले थे और 12 जून को तुर्की गए थे। 19 जुलाई को उनका जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसी दौरान क्रूज मिसाइल हमले में जहाज तबाह हो गया। हमले में गुरप्रीत समेत चार भारतीयों और कुल 10 लोगों की मौत हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले गुरप्रीत की शादी हुई थी और छह महीने पहले वह एक बेटे के पिता बने थे। 2016 में सड़क हादसे में उनके पिता किर्तन सिंह का एक पैर कट गया था। इसके बाद पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल है।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
चूरू की सदर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामसरा तिराहा के पास चार शातिर जेबकतरों को गिरफ्तार किया है। देर रात गश्त के दौरान की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक लग्जरी कार जब्त की है। सदर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि ने बताया कि बुधवार देर रात पुलिस गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लग्जरी कार में चार संदिग्ध व्यक्ति रामसरा तिराहा के पास घूम रहे हैं। सूचना पर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संदिग्ध कार को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की और कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत लांबिया ब्यावर निवासी राकेश आचार्य, धर्माराम आचार्य, पाल्यास पादू नागौर निवासी राधेश्याम और सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनकी लग्जरी कार भी जब्त कर ली गई। सीआई इंद्रलाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी शातिर जेबकतरे हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अब जब्त किए गए हथियार और कार के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि के साथ हेड कॉन्स्टेबल अशोक, हेड कॉन्स्टेबल राकेश कुमार, कॉन्स्टेबल संदीप, नवीन, पुलिस लाइन से कॉन्स्टेबल मुकेश और प्रमोद शामिल थे। पुलिस चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ा फेरबदल: मायखाइलो ड्रापाती बने नए आर्मी चीफ, रूस ने दी 'कसाई' की उपाधि
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच कीव ने अपनी सैन्य कमान में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मेजर जनरल मायखाइलो ड्रापाती को देश का नया आर्मी चीफ यानी थल सेना कमांडर नियुक्त किया है। अपनी आक्रामक सैन्य रणनीतियों के लिए पहचाने जाने वाले ड्रापाती की इस नई नियुक्ति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ यूक्रेन उन्हें युद्ध के मैदान का एक माहिर खिलाड़ी मानता है, वहीं दूसरी तरफ रूस ने उन्हें आक्रामक रवैये के चलते 'कसाई' तक कह दिया है। कभी ज़ेलेंस्की के फैसलों के विरोध में अपना इस्तीफा तक सौंप चुके ड्रापाती का यह शीर्ष पद तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।कौन हैं मायखाइलो ड्रापाती और क्यों चर्चा में हैं?मायखाइलो ड्रापाती पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से यूक्रेन की सेना में एक कद्दावर और अनुभवी कमांडर के रूप में जाने जाते हैं। साल 2014 में जब डोनबास क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब ड्रापाती ने अपनी सूझबूझ और फ्रंटलाइन लीडरशिप से सबको प्रभावित किया था। उनकी आक्रामक सैन्य शैली और युद्ध के मैदान में लिए जाने वाले त्वरित फैसलों ने उन्हें यूक्रेनी सैनिकों के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है। यही वजह है कि जब देश की सेना को सबसे ज्यादा एक सख्त और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है, तब ज़ेलेंस्की ने उनपर भरोसा जताया है।रूस ने क्यों दी 'कसाई' की उपाधि?मायखाइलो ड्रापाती की नियुक्ति के साथ ही मॉस्को की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रूसी मीडिया और सैन्य हलकों में ड्रापाती को 'कसाई' (Butcher) कहकर संबोधित किया जा रहा है। रूस का आरोप है कि ड्रापाती अपनी सैन्य कार्रवाइयों के दौरान अत्यधिक क्रूरता और आक्रामकता का परिचय देते हैं, जिससे दुश्मन सेना के साथ-साथ आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचता है। हालांकि, यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए यही आक्रामक तेवर रूस के खिलाफ जंग जीतने का एक बड़ा जरिया माने जा रहे हैं।कभी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को दे चुके थे इस्तीफाइस नियुक्ति का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मायखाइलो ड्रापाती और राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच के संबंध हमेशा से सहज नहीं रहे हैं। कुछ साल पहले सैन्य रणनीतियों और प्रशासनिक असहमतियों के चलते ड्रापाती ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया था। उनका वह इस्तीफा इस बात का गवाह था कि वे अपनी शर्तों और सैन्य सिद्धांतों पर समझौता करने के पक्ष में नहीं रहते हैं। हालांकि, मौजूदा युद्ध की विकट परिस्थितियों को देखते हुए दोनों के बीच के गिले-शिकवे दूर हुए और ज़ेलेंस्की ने देश की सबसे बड़ी सैन्य जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाल दी है।
खेल महोत्सव में ज्ञान निकेतन की 9-0 से एकतरफा जीत, अमन ने दागे 4 गोल
बीएसकेडी और इंडियन स्कूल ने भी झटके पूरे अंक भास्कर न्यूज | गढ़वा पेफी झारखंड चैप्टर एवं जिला प्रशासन के निर्देशन तथा जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति के तत्वावधान में स्थानीय फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित गढ़वा खेल महोत्सव के तहत प्रथम गढ़वा जिला अंतर स्कूल फुटबॉल चैंपियनशिप जारी है। प्रतियोगिता के तीसरे दिन बुधवार को कुल तीन रोमांचक मुकाबले खेले गए। दिनभर चले कड़े संघर्ष में बीएसकेडी पब्लिक स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल (बिश्रामपुर) और ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट स्कूल ने अपने-अपने मैच जीतकर पूरे अंक हासिल किए। पहले मैच में बीएसकेडी पब्लिक स्कूल ने आस्था डीपीएस (मेराल) को 2-0 से शिकस्त दी। मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखा रहे बीएसकेडी को पहले हाफ में पेनाल्टी मिली, जिसे आलोक ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी आलोक ने एक और मैदानी गोल दागकर टीम की 2-0 से जीत पक्की कर दी। दूसरे मैच में बारिश के बीच इंडियन पब्लिक स्कूल (बिश्रामपुर) और आरके पब्लिक स्कूल (मझिआंव) के बीच कांटे की टक्कर हुई। भीगते मैदान पर खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल भावना दिखाई, वहीं दर्शकों ने भी बारिश के बीच मैच का आनंद लिया। इंडियन पब्लिक स्कूल ने शानदार तालमेल के दम पर यह मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ी अंकित ने निर्णायक गोल दागा। तीसरे मैच में ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट स्कूल ने एआरडी पब्लिक स्कूल पर एकतरफा दबदबा बनाते हुए 9-0 से विशाल जीत दर्ज की। ज्ञान निकेतन के स्टार खिलाड़ी अमन ने अकेले 4 गोल दागे। वहीं प्रियांशु ने 3, जबकि संगम और अमन ने 1-1 गोल किया। ^गढ़वा की धरती पर लगभग 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। वहीं, जिला अंतर स्कूल फुटबॉल चैंपियनशिप तो इतिहास में पहली बार आयोजित की जा रही है। - जिनाहुदीन खान, पूर्व फुटबॉलर सह टेक्निकल हेड
डारडातुर्की में स्वास्थ्य सेवा शिविर में हाई-रिस्क गर्भवतियों सहित विभिन्न रोगों की हुई जांच
भास्कर न्यूज | टोंक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डारडातुर्की में बुधवार को समग्र स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की टीबी, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी व सी, सिफिलिस तथा ब्लड शुगर सहित कई रोगों की जांच की गई। बीसीएमओ पीपलू डॉ. संगीत चौधरी ने शिविर का निरीक्षण करते हुए हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं से टीबी, एचआईवी एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच समय पर कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इस दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र टीबी मरीजों को पोषण सहायता भी वितरित की गई। जिला डीआरटीबी कोऑर्डिनेटर मोनिका कुमावत ने बताया कि जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हिमांशु मित्तल के निर्देशानुसार आयोजित शिविर का उद्देश्य, विशेषकर हाई-रिस्क समूह के लोगों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ब्लॉक हेल्थ सुपरवाइजर निसार खान की देखरेख में टीबी जांच के लिए बलगम के नमूने भी एकत्रित किए गए। शिविर में पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपक बरूणा, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ, काउंसलर हेमंत वर्मा, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर, आशा सहयोगिनियां तथा राष्ट्रीय मानव विकास संस्थान के प्रतिनिधि रमेशचंद वर्मा, पूजा प्रजापत और विक्रम धाप सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं। ग्रामीणों को टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ निशुल्क जांच एवं दवाइयों का भी वितरण किया गया।
हिसार जिले के प्रसिद्ध बनभौरी मंदिर में दर्शन करने आए एक श्रद्धालु की जेब से 8 हजार रुपए निकाले जाने के मामले का बरवाला पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी राशि भी बरामद कर ली है। अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी इस प्रकार की वारदातों में शामिल रहा है या नहीं। थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मजीत ने बताया कि, 21 जुलाई को जींद जिले के अलेवा थाना क्षेत्र के गांव संढील निवासी सत्यानारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह बनभौरी मंदिर में दर्शन करने आया था। मंदिर परिसर में भीड़ के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जेब से 8 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुख्य सिपाही विजय कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों व गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कप्तान निवासी बनभौरी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी किए गए हजार रुपए बरामद कर लिए गए। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे गहन पूछताछ कर यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी मंदिरों या अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है या नहीं। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
महाशक्ति अमेरिका और सऊदी अरब में हुई ऐतिहासिक न्यूक्लियर डील, मिडिल ईस्ट में बदला सत्ता का समीकरण
ग्लोबल पॉलिटिक्स और मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका और खाड़ी के दिग्गज सऊदी अरब के बीच एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक न्यूक्लियर डील (परमाणु समझौता) पर सहमति बन गई है। इस समझौते के बाद अब खाड़ी देशों में शक्ति का संतुलन पूरी तरह बदलने वाला है। इस डील को न सिर्फ रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इसने इस्लामाबाद से लेकर बीजिंग तक के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।न्यूक्लियर डील के पीछे क्या है वॉशिंगटन और रियाद का बड़ा प्लान?इस ऐतिहासिक परमाणु समझौते के तहत अमेरिका अब सऊदी अरब को असैन्य परमाणु तकनीक (Civil Nuclear Technology) ट्रांसफर करेगा। इसके साथ ही सऊदी अरब को अपने देश में ही यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की तकनीकी सहायता मिलने का रास्ता भी साफ हो सकता है। जानकारों का कहना है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) सऊदी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर एक नई दिशा में ले जाना चाहते हैं। वहीं, जो बाइडन प्रशासन इस डील के जरिए मिडिल ईस्ट में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को पूरी तरह से काउंटर करना चाहता है, जिससे अमेरिकी वर्चस्व कायम रहे।पाकिस्तान के लिए क्यों लगा तगड़ा झटका और पत्ता साफ होने का डर?इस न्यूक्लियर डील का सबसे बड़ा और सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ता दिख रहा है। अब तक पाकिस्तान खुद को सऊदी अरब के सबसे करीबी सैन्य और परमाणु सुरक्षा कवच के रूप में पेश करता आया था। इतिहास गवाह है कि सऊदी अरब की वित्तीय मदद के दम पर ही पाकिस्तान ने अपना परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाया था, और बदले में वह सऊदी को सुरक्षा की गारंटी देता था। लेकिन अब अमेरिका के सीधे मैदान में आ जाने से सऊदी अरब की पाकिस्तान पर सैन्य और तकनीकी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब से मिलने वाली मदद और उसकी कूटनीतिक अहमियत अब लगभग शून्य होने के कगार पर पहुंच गई है।भारत के लिए क्या हैं इस डील के मायने और लोकल इंपैक्ट?इस बड़ी ग्लोबल डील का असर दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत के रणनीतिक हितों पर भी देखने को मिलेगा। भारत और सऊदी अरब के रिश्ते हाल के दिनों में बेहद मजबूत हुए हैं, खासकर ऊर्जा और सुरक्षा के मोर्चे पर। अमेरिका-सऊदी की यह नजदीकी खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता लाएगी, जिससे वहां काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और भारत के कच्चे तेल के आयात को सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही, चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को कमजोर करने में यह डील भारत के लिए परोक्ष रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान और चीन इस अमेरिकी एंट्री का मुकाबला कैसे करते हैं।
बिहार विधानसभा में आज सूखे के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया। विधायक वेल में आ गए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद विधायक अपनी सीट पर बैठे। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक ने ही राज्य में किसानों को हो रही बिजली आपूर्ति की समस्या का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि कई इलाकों में किसानों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। विधायक के सवालों के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद सदन में जवाब देने के लिए खड़े हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम हुई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत सुबह 6 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसान अपने खेतों में समय पर पानी पहुंचा सकें और फसल को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन-जिन इलाकों में बारिश की कमी के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति बन रही है, वहां के जिलाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तत्काल कदम उठाएगी और प्रभावित किसानों को राहत देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में सूखे की स्थिति सामने आती है तो वहां किसानों को डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे किसान डीजल पंप के माध्यम से खेतों की सिंचाई कर सकेंगे और अपनी फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। BJP विधायक ने तेजस्वी पर कसा तंज बीजेपी विधायक बैधनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष के सदन में नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हैं। वो अपने पद का निर्वाहन नहीं कर पा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बिहार के विकास में अपना योगदान छोड़कर अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे हैं। या कहीं बैठकर चेन की बंसी बजा रहे हैं। मंगलवार को बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026 हुआ था पास इलके पहले मंगलवार को बिहार विधानसभा बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में इस विधेयक को पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बदलते समय और तकनीक के अनुरूप राज्य में जुए पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नए कानून की आवश्यकता थी। उन्होंने सभी सदस्यों से विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा था, अब तक राज्य में 1867 के बंगाल जुआ अधिनियम के प्रावधान लागू थे। उस समय जुए का स्वरूप मुख्य रूप से ताश, पासा और पारंपरिक तरीकों तक सीमित था। समय के साथ सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने जुए के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। आज ऑनलाइन ऐप, वेबसाइट और अन्य डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है, जिसे पुराने कानून के तहत प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना संभव नहीं था। नया विधेयक केवल जुआ खेलने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों और संस्थाओं को भी इसके दायरे में लाया गया है जो जुआ संचालित करते हैं, जुआ खेलने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हैं या जुए से कमीशन प्राप्त करते हैं। ऐसे सभी व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन जुआ खेलने वालों के ट्रांजेक्शन की राशि सीज की जाएगी। इसके साथ ही दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। बार-बार जुआ खेलते पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि बढ़ती जाएगी। पंचायत टैक्स वसूली पर सदन में हंगामा मानसून सत्र के दूसरे दिन पंचायत में टैक्स वसूली का मसला विधानसभा में उठा। माले विधायक ने कहा- इससे गरीबों पर बोझ बढ़ेगा। विपक्ष ने पंचायती कर, आकस्मिकता निधि पर चर्चा कराने की मांग की और कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया। प्रस्ताव अमान्य होने पर विपक्षी विधायक हंगामा करने लगे। वेल में आए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सदस्यों को सीट पर जाने को कहा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विधेयक आएगा तो चर्चा होगी। कोई कर लग रहा है तो विपक्ष संशोधन प्रस्ताव सदन में लाए। तब विपक्षी सीट पर लौटे। इधर, विधान परिषद में सूखे नशे का मुद्दा उठा। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने कहा, ‘बिहार में गांजा,चरस तो एकदम सामान्य है। मंदिरों के पास गांजे का धुआं उड़ रहा है।’ मंदिर, मठ-आश्रमों के नाम लेने पर बीजेपी विधायकों ने सुनील सिंह का विरोध किया। इस पर सुनील सिंह ने कहा कि मंदिर का सब पैसा आप लोग खा गए। सुनील कुमार सिंह ने आगे कहा कि बिहार सरकार पेट्रोल में 11 रुपए और डीजल पर 5 रुपए ज्यादा ले रही है। बिहार सरकार 200 करोड़ रुपए जनता से अधिक वसूल रही है। लंच ब्रेक के बाद इसी मुद्दे पर बीजेपी एमएलसी अनामिका सिंह और राजद एमएलसी मुन्नी रजक के बीच नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के चेंबर के बाहर खूब तू-तू मैं-मैं हुई।
मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब पूर्ण युद्ध (Full-Scale War) का रूप ले चुकी है। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire Agreement) पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। अमेरिकी सैनिकों की मौत और होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में तेल के टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिकी सेना को 'आर-पार' की कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। ट्रम्प ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि हर अमेरिकी सैनिक के खून का बदला ईरान से कई गुना भारी कीमत वसूल कर लिया जाएगा।अमेरिकी CENTCOM का बड़ा हमला: ईरान के सैन्य ठिकाने और कमान सेंटर तबाहअमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के नेतृत्व में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचों पर लगातार भीषण एयरस्ट्राइक (Airstrikes) की है।मिलिट्री ऑपरेशन्स सेंटर पर बमबारी: अमेरिकी बमवर्षक विमानों और मिसाइलों ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्य सैन्य कमान केंद्रों, संचार प्रणालियों (Communication Networks) और खुफिया अड्डों को सीधा निशाना बनाया है।ड्रोन व मिसाइल लॉन्च पैड्स नष्ट: तटीय इलाकों में स्थित ईरान की एंटी-शिप मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस रडार और ड्रोन स्टोरेज डिपो पर ताबड़तोड़ हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया गया है।नौसैनिक बेड़ों पर प्रहार: होर्मुज के आसपास गश्त लगा रही ईरानी नौसेना की कई गश्ती नौकाओं और नौसैनिक ढांचों को तबाह कर दिया गया है।होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में ठप हुआ वैश्विक तेल व्यापारदुनिया भर के 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' इस समय युद्ध का केंद्र बन गया है। ईरान द्वारा तेल टैंकरों पर ड्रोन व मिसाइल हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। अमेरिकी सेना जहां जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए लगातार बमबारी कर रही है, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज पर अपना नियंत्रण ढीला नहीं करेगा। इसके चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।कूटनीति की राह बंद, मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतराईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने बयान जारी कर माना है कि देश इस समय अमेरिका के साथ 'पूर्ण पैमाने के युद्ध' का सामना कर रहा है। यद्यपि मध्यस्थ देश (जैसे कतर और पाकिस्तान) कूटनीतिक बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी और रोजाना हो रही भारी बमबारी ने शांति की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है। खाड़ी के अन्य देशों (कुवैत, बहरीन और जॉर्डन) में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने मंगलवार को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस पहुंचकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहली बार आमने-सामने मुलाकात की है। यह कूटनीतिक मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, लेबनान-इजरायल संबंधों और हिजबुल्ला को निशस्त्र करने के लिए लेबनानी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर गहन चर्चा की गई। वर्ष 2009 के बाद से व्हाइट हाउस में आमंत्रित होने वाले जोसेफ औन पहले लेबनानी राष्ट्रपति हैं, जिससे इस यात्रा का महत्व और भी बढ़ जाता है।दक्षिणी लेबनान में शांति स्थापित करने और रूपरेखा समझौते पर चर्चाराष्ट्रपति जोसेफ औन पिछले शनिवार से ही आधिकारिक अमेरिकी दौरे पर हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने से पहले उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की थी। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, औन का यह दौरा दक्षिणी लेबनान में स्थायी शांति स्थापित करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि बीते 26 जून को लेबनान और इजरायल ने एक रूपरेखा समझौते (Framework Agreement) पर सहमति जताई थी, जिसमें इजरायली सेना की वापसी, हिजबुल्ला का पूर्ण निरस्त्रीकरण और भविष्य के शांति समझौतों की रूपरेखा तैयार करना शामिल है।ट्रंप का बड़ा एलान, कहा- लेबनान की भरपूर मदद करेंगेव्हाइट हाउस में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लेबनानी राष्ट्रपति ने हिजबुल्ला को बेअसर करने और इजरायल के साथ शांति का मार्ग प्रशस्त करने के लिए वाशिंगटन से कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने लेबनानी सशस्त्र बलों (LAF) को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सेना के बिना देश की व्यवस्था संभालना मुमकिन नहीं है।लेबनानी राष्ट्रपति की इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आश्वासन दिया कि अमेरिका लेबनान की भरपूर मदद करेगा। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लेबनान एक ऐसा देश रहा है जिसे लंबे समय से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने माना कि कई मायनों में यह एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन लेबनानी लोग अपने देश से प्रेम करते हैं और अमेरिका इस मुश्किल वक्त में उनकी हरसंभव सहायता करेगा।जोसेफ औन का अमेरिका दौरा आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और वैश्विक कूटनीति के दृष्टिकोण से इस मुलाकात के मुख्य बिंदु:ऐतिहासिक मुलाकात: साल 2009 के बाद व्हाइट हाउस आने वाले लेबनान के पहले राष्ट्रपति हैं जोसेफ औन।मुख्य मुद्दा: दक्षिणी लेबनान में संघर्ष विराम, अमेरिकी मध्यस्थता से हुआ रूपरेखा समझौता और हिजबुल्ला का निरस्त्रीकरण।सैन्य सहायता: लेबनानी सेना (LAF) को मजबूत करने के लिए अमेरिका से निरंतर समर्थन की मांग और अमेरिकी प्रशासन का सकारात्मक आश्वासन।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ के शव की पहचान अब डीएनए जांच से होगी। परिजनों के अनुसार मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह जल गए हैं, जिसके कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर शव की पहचान कर उसे भारत भेजा जा सके। रिपोर्ट मैच करने पर भेजा जाएगा पार्थिव शरीर गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से संपर्क कर परिवार से डीएनए सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह ने अपना डीएनए सैंपल दे दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद उसे ईमेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कंपनी को भेजा जाएगा। डीएनए मैच होने के बाद ही गुरप्रीत के शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चार भारतीय नागरिकों की हुई मौत परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते ही गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल एमवी गोल्डन लियो पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले में गुरप्रीत सिंह बाठ सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि मिसाइल विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव इस कदर झुलस गए हैं कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने नहीं किया परिजनों से संपर्क मामा अमरीक सिंह ने बताया कि परिवार लगातार कंपनी और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन अभी तक शव भारत कब तक पहुंचेगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। पहले अनुमान लगाया गया था कि पार्थिव शरीर को भारत लाने में करीब 10 दिन लग सकते हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया डीएनए रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परिजनों ने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस हमले के बाद रूस के दूतावास को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए। वहीं अब तक जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जाने की मांग उनका कहना है कि अभी तक किसी अधिकारी ने घर पहुंचकर न तो परिवार का हाल जाना है और न ही कोई सहायता या आश्वासन दिया है। परिवार ने सरकार से मांग की है कि गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसका छह माह का एक बेटा है। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता किर्तन सिंह की एक टांग कट जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर ही आ गई थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल बना हुआ है।
पंजाब पुलिस की 3-आयामी रणनीति (सख्त कानूनी कार्रवाई, जनभागीदारी और निवारक जागरूकता) अपने प्रमुख नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की पहचान बनकर उभरी है। अभियान की शुरुआत के बाद बीते 500 दिनों में पुलिस ने नशीले पदार्थों के कारोबार पर बड़े प्रहार किए हैं, साथ ही समुदायों को भी नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे होने पर पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि इस अवधि में राज्य के इतिहास में ड्रग तस्करों के खिलाफ सबसे व्यापक और प्रभावी अभियानों में से एक चलाया गया। यह सफलता सख्त कानूनी- कार्रवाई , खुफिया सूचनाओं पर आधारित अभियानों और जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग के माध्यम से हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि लगातार चलाए गए इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में नशा तस्करों की गिरफ्तारियां हुई हैं, भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं तथा संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। 68 हाजर 850 से अधिक ड्रग तस्कर गिरफ्तार उन्होंने कहा, “1 मार्च 2025 को अभियान शुरू होने के बाद से पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 52 हजार 432 एफआईआर दर्ज की हैं और 68 हाजर 850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें 629 बड़े तस्कर शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपए है।” कानूनी कार्रवाई अभियान के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने भी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64ए के तहत 10 हजाक 917 व्यक्तियों को अदालती कार्रवाई से छूट प्रदान कर उन्हें अपने जीवन को नई दिशा देने का अवसर दिया है। इसके तहत उन्हें सजा के बजाय नशामुक्ति उपचार और रिहैबिलिटेशन का लाभ लेने में सक्षम बनाया गया है। ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां जब्त पंजाब पुलिस ने साथ ही ड्रग माफिया के आर्थिक ढांचे को तोड़ने के लिए नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख एडीजीपी नीलाभ किशोर ने कहा, “अभियान के दौरान ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं। नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से सरकारी भूमि पर बनाए गए अवैध निर्माण भी ध्वस्त किए गए। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की ड्रग तस्करों और नशीले पदार्थों से अर्जित अवैध संपत्ति के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट संदेश है।” इस अभियान की एक और प्रमुख उपलब्धि ‘सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन’ (97791-00200) के माध्यम से बढ़ी जनभागीदारी रही है। इस हेल्पलाइन पर 46 हजार 342 गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 22 हजार 960 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। लोगों की ओर से मिली इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया से पंजाब पुलिस के प्रति बढ़ते जनविश्वास का पता चलता है। साथ ही, यह जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग की सफलता का भी प्रमाण है, जिसने नागरिकों को बिना किसी भय के नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया है। 'गांव स्तर पर खुफिया सूचनाएं जुटा रही ग्राम रक्षा समिति' पंजाब पुलिस यह भी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रही है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो। डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर, जो देश में सबसे अधिक है। उच्च गुणवत्ता वाली जांच, बेहतर सबूत जुटाना और अभियोजन एजेंसियों के साथ मजबूत तालमेल का परिणाम है।” लगातार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस 24 हाजर से अधिक ग्राम रक्षा समितियों के साथ भी मजबूत तालमेल स्थापित कर कार्य कर रही है। इन समितियों में 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के साथ-साथ गांव स्तर पर खुफिया सूचनाएं जुटाने में भी सहयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नशे के खिलाफ समाज को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में शैक्षणिक संस्थानों, सिविल सोसाइटी संगठनों और सामुदायिक नेताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिताओं, युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम और जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। 'ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई करेगा पुलिस बल' हालांकि अभियान के 500 दिन पूरे होना एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन पंजाब पुलिस इसे राज्य को नशे के अभिशाप से मुक्त करने के अपने निरंतर अभियान का एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव मानती है। डीजीपी यादव ने कहा कि पुलिस बल संगठित ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज करेगा, तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच को मजबूत बनाएगा और नागरिकों को नशामुक्त पंजाब के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करते हुए जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को और सशक्त करेगा।
बाराबंकी। रामनगर तहसील स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद हेलीपैड, पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए नंदी बाग में लोक निर्माण विभाग की ओर से हेलीपैड तैयार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी राजीव कुमार राय इसकी निगरानी कर रहे हैं। शनिवार शाम से हो रही लगातार बारिश के कारण निर्माण स्थल पर जलभराव हो गया, जिससे कुछ समय के लिए कार्य प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए बनाए जा रहे विशाल पंडाल का निर्माण अंतिम चरण में है। बारिश से कार्य की गति प्रभावित हुई, लेकिन मशीनों से जल निकासी कर निर्माण कार्य फिर से तेज कर दिया गया है। मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्षा का पानी जमा होने वाले स्थानों से पंपिंग मशीनों द्वारा पानी निकालकर परिसर को व्यवस्थित किया जा रहा है। मंदिर परिसर के भीतर और बाहर रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से जारी है। निर्माणाधीन लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर को व्यवस्थित रखने के लिए नीले रंग की टीन शेड लगाई जा रही है। बिजली विभाग सीसीटीवी कैमरे लगाने और नई विद्युत वायरिंग का कार्य कर रहा है। पुलिस, स्वास्थ्य, नगर पंचायत, लोक निर्माण और विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभाग लगातार मौके पर मौजूद रहकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी कराई जा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी तैयारियां पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र में एकतरफा प्रेम में महिला पर धारदार हथियार से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने शनिवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने घर में घुसकर महिला के गाल पर धारदार हथियार से हमला किया था और फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान घेराबंदी किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…. मथुरा में RTI कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला, 3 किमी तक पीछा कर बाइक में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा मथुरा के फरह में RTI कार्यकर्ता पर शुक्रवार रात जानलेवा हमला कर दिया गया। स्विफ्ट कार सवार हमलावरों ने करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर उनकी बाइक में टक्कर मारी और सड़क पर गिराने के बाद लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। मृत समझकर छोड़ने के बाद आरोपी फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल पत्रकार ने किसी तरह परिजनों और साथियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। उनका आरोप है कि अवैध खनन के वायरल वीडियो को लेकर रंजिश में हमला किया गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…
आजमगढ़ जिले की पवई थाने की पुलिस ने एक दिन पूर्व एक तरफा प्यार में महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के मामले में आरोपी को शनिवार सुबह 4 बजे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बदमाश की पहचान सुजीत मौर्य के रूप में हुई है। सुजीत मौर्य महिला से एक तरफा पसंद करता था। और लंबे समय से महिला का पीछा कर रहा था। गुरुवार की रात भी महिला मोबाइल पर बात कर रही थी और इसी दौरान घर में घुसते समय आरोपी भी पीछे से घुस गया था और घर के अंदर छुप गया था। जब महिला ने आरोपी को देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी ने धारदार हथियार से महिला के गण पर हमला कर दिया था और मौके से फरार हो गया था घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। जहां महिला का इलाज चल रहा है। इसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ इस बारे में फूलपुर के क्षेत्राधिकारी किरणपाल सिंह ने बताया किशनिवार सुबह की पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना में फरार आरोपी सुजीत मौर्य अंडरपास के पास छिपा हुआ है। इस सूचना पर पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की अपने को घिरा देखते हुए आरोपी ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में एक गोली लगी। आरोपी के कब्जे से तमंचा कारतूस भी बरामद किया गया है।
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
महाभारत के महासंग्राम की चर्चा होते ही सबसे पहले मन में आता है वह दृश्य, जिसमें अर्जुन दुविधा में है और भगवान श्रीकृष्ण उसे गीता का उपदेश दे रहे हैं। युद्ध से पहले ही श्रीकृष्ण ने यह प्रण ले लिया था कि वे कुरुक्षेत्र में शस्त्र नहीं उठाएंगे। उनकी भूमिका केवल अर्जुन के सारथी के रूप में रहने की थी। लेकिन, एक बार ऐसी विषम परिस्थिति बनी कि जगत के पालनहार को अपना वचन तोड़ना पड़ा और वे रथ का पहिया लेकर भीष्म पितामह की ओर दौड़ पड़े। आखिर वह क्या मजबूरी थी, जिसने प्रभु को शस्त्र उठाने पर विवश कर दिया?क्यों दी थी भगवान श्रीकृष्ण ने शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा?भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में तटस्थ रहने की घोषणा की थी। उन्होंने दुर्योधन और अर्जुन दोनों को विकल्प दिया था—एक तरफ उनकी विशाल 'नारायणी सेना' और दूसरी तरफ वे स्वयं, जो निहत्थे रहेंगे। अर्जुन ने श्रीकृष्ण को चुना और दुर्योधन ने सेना को। श्रीकृष्ण की प्रतिज्ञा के पीछे उद्देश्य यह था कि वे न चाहते हुए भी किसी एक पक्ष का सीधा संहार न करें, बल्कि न्याय की स्थापना में केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। वे अपनी लीलाओं से यह दिखाना चाहते थे कि अधर्म का नाश करने के लिए युद्ध से ज्यादा महत्वपूर्ण सही मार्गदर्शन और विवेक है।जब भीष्म के सामने विचलित हो गए थे श्रीकृष्णभीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की थी कि वे श्रीकृष्ण को शस्त्र उठाने पर मजबूर कर देंगे। युद्ध के दौरान, जब भीष्म पितामह ने अर्जुन पर बाणों की वर्षा शुरू की, तो अर्जुन उन्हें रोकने में असमर्थ हो गए। स्थिति ऐसी बन गई कि अर्जुन का रथ क्षतिग्रस्त हो गया और वे हार की कगार पर पहुँच गए। अर्जुन को संकट में देख भगवान श्रीकृष्ण का वात्सल्य और मित्र प्रेम जाग उठा। अपने प्रिय भक्त को मृत्यु के मुख में देख श्रीकृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा त्याग दी और जमीन से रथ का एक टूटा हुआ पहिया उठाकर पितामह की ओर बढ़े।'विपक्ष' की जीत या 'भक्ति' की पराकाष्ठा?जैसे ही श्रीकृष्ण चक्र (पहिया) लेकर पितामह की ओर बढ़े, भीष्म ने अपने शस्त्र डाल दिए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, प्रभु, मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई। आज आपके हाथों अपना अंत देखकर मेरा जीवन धन्य हो गया। श्रीकृष्ण का वह क्रोध वास्तव में उनके भक्त के प्रति प्रेम था। यह घटना सिखाती है कि भगवान के लिए अपने भक्त की रक्षा उनकी स्वयं की प्रतिज्ञा से कहीं अधिक बड़ी होती है। महाभारत का यह प्रसंग आज भी हमें याद दिलाता है कि भक्त और भगवान के बीच कोई भी नियम, वचन या प्रतिज्ञा बड़ी नहीं होती।
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
मौसम में आए अचानक बदलाव और मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही जहां लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़े खतरे ने भी दस्तक दे दी है। रिमझिम फुहारों के साथ ही राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में मच्छरों से होने वाली जानलेवा बीमारी 'डेंगू' (Dengue) का खौफनाक खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। जलजमाव और उमस भरे इस मौसम को मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इसी गंभीर चुनौती को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राजधानी के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और नगर निगम की टीमों ने इस महामारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर अपनी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।जलजमाव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित और फॉगिंग के लिए विशेष टीमों का गठनबारिश का पानी जमा होने के कारण राजधानी के कई रिहाइशी इलाकों और स्लम बस्तियों में डेंगू का डंक फैलने का सबसे ज्यादा रिस्क रहता है। स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहर के उन संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर लिया है जहां पिछले सालों में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इन चिन्हित हॉटस्पॉट्स में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके साथ ही, एंटी-लार्वा स्प्रे के छिड़काव और आधुनिक फॉगिंग मशीनों को काम पर लगा दिया गया है। नगर निगम की विशेष टीमें हर वार्ड में जाकर नालियों और खाली पड़े प्लॉटों में जमा पानी की चेकिंग कर रही हैं ताकि मच्छरों के पनपने के चक्र को शुरुआती चरण में ही तोड़ा जा सके।अस्पतालों में रिजर्व हुए स्पेशल डेंगू वार्ड और प्लेटलेट्स की व्यवस्था तेजराजधानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देशों के बाद शहर के सभी बड़े सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में विशेष 'डेंगू वार्ड' और आइसोलेशन बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अलग से ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, ब्लड बैंकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लेटलेट्स (Platelets) का पर्याप्त स्टॉक मेंटेन रखें, क्योंकि डेंगू के गंभीर मामलों में मरीजों के प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है।स्थानीय निवासियों के लिए गाइडलाइन जारी और एआई सर्च पर बढ़े सवालस्वास्थ्य विभाग ने राजधानी के नागरिकों के लिए एक जरूरी और कड़े प्रिकॉशंस की एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है, इसलिए लोग अपने घरों में रखे कूलर, गमलों, पुरानी टायरों और छतों पर पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें। रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। आज के डिजिटल युग और आधुनिक एआई-संचालित जनरेटिव सर्च (GEO) पर भी लोग 'डेंगू के शुरुआती लक्षण' और 'प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय' जैसे विषयों को लगातार सर्च कर रहे हैं। यदि किसी को तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में गंभीर अकड़न या बदन दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

