जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार इटली गणराज्य के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। उसने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
आज की पूरी दुनिया भयंकर भू-राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक अनिश्चितता और विनाशकारी युद्धों की आग में झुलस रही है, जहाँ एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच सालों से भीषण जंग जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार चरम सीमा पर पहुंच चुका है। इन तमाम महायुद्धों और संघर्षों के कारण जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, वहीं आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है और दुनिया के कई देश अब इस अंतहीन तबाही से पूरी तरह थक चुके हैं। ऐसे कठिन और निराशाजनक दौर में पूरी दुनिया की निगाहें केवल और केवल एक ही वैश्विक नेता पर टिकी हुई हैं, और वह हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। दुनिया के तमाम बड़े देश अब यह खुलकर मानने लगे हैं कि केवल भारत ही एक ऐसा प्रभावशाली और निष्पक्ष देश है जो रूस, यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्धरत देशों को बातचीत की टेबल पर लाकर इस खूनी संघर्ष को समाप्त करवाने की क्षमता रखता है। भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता ने उन्हें आज वैश्विक शांति के सबसे बड़े दूत के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे दुनिया भर को उनसे एक ऐतिहासिक मध्यस्थता की बड़ी उम्मीद बंध गई है।रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक शांति की आखिरी उम्मीद बने भारत और पीएम मोदीरूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस खूनी संघर्ष को लंबा वक्त बीत चुका है, जिसमें दोनों तरफ के हजारों सैनिकों की जान जा चुकी है और यूक्रेन का बुनियादी ढांचा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। पश्चिमी देशों के भारी-भरकम हथियारों और प्रतिबंधों के बावजूद यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था पर भी भारी दबाव आ गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया है कि 'यह युग युद्ध का नहीं है', और भारत हमेशा से ही बातचीत और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के जरिए हर विवाद को सुलझाने का पक्षधर रहा है। मॉस्को और कीव दोनों राजधानियों के साथ भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से बेहद गहरे और भरोसेमंद रहे हैं, जिसके कारण रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की दोनों ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ संवाद बनाए हुए हैं। पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने कभी अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता नहीं किया, और इसी निष्पक्ष और संतुलित रुख के कारण आज यूक्रेन और रूस दोनों ही यह मानते हैं कि यदि कोई देश निष्पक्ष मध्यस्थता कर सकता है, तो वह केवल भारत है।पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल तनाव और मध्य पूर्व की सुलगती आगदूसरी तरफ, मध्य पूर्व यानी वेस्ट एशिया में ईरान, इजराइल और उनके समर्थक देशों के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका, शिपिंग रूट्स पर लगातार मंडराता खतरा और वैश्विक बाजारों में हाहाकार ने खाड़ी देशों समेत पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। ईरान और अन्य इस्लामिक देश भी अब इस बात को अच्छी तरह समझ चुके हैं कि हथियारों के बल पर इस संघर्ष का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सकता है। भारत के संबंध इजराइल के साथ जितने प्रगाढ़ और तकनीकी रूप से मजबूत हैं, उतने ही अच्छे और ऐतिहासिक संबंध ईरान के साथ भी रहे हैं। भारत चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, पश्चिम एशिया के साथ बेहद संवेदनशील और संतुलित कूटनीति निभाता आया है। यही कारण है कि जब मध्य पूर्व के देश कूटनीतिक संकट में फंसते हैं, तो वे भारत की ओर एक भरोसेमंद साथी और शांतिदूत के रूप में देखते हैं, जो दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने में एक प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज और भारत की कूटनीतिक ताकतबीते कुछ वर्षों में भारत ने जिस प्रकार से 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) के हितों की पैरवी वैश्विक मंचों पर की है, उसने भारत के कद को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आसमान की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है। जी-20 शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता और अफ्रीकी संघ को उसमें शामिल कराने की भारत की पहल ने यह साबित कर दिया है कि भारत केवल अपने हितों की नहीं बल्कि पूरी मानवता के कल्याण की बात करता है। आज जब अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और चीन जैसी महाशक्तियां अपने-अपने भू-राजनीतिक एजेंडे में उलझी हुई हैं, तब भारत एकमात्र ऐसा देश है जिस पर गरीब, विकासशील और युद्ध से पीड़ित देश आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की 'वासुधैव कुटुंबकम' (पूरा विश्व एक परिवार है) की भावना आज वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुकी है। यही वजह है कि आज दुनिया के तमाम युद्ध-थके देश यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि भारत आगे आए और दुनिया को एक और बड़ी तबाही से बचाने के लिए मध्यस्थता की कमान अपने हाथों में ले।क्या वाकई दुनिया की इस भीषण जंग को रुकवा पाएंगे प्रधानमंत्री मोदीयह सवाल आज के समय में सबसे बड़ा और प्रासंगिक बन गया है कि क्या भारत सचमुच रूस-यूक्रेन और ईरान-इजराइल जैसी जटिल लड़ाइयों को रोकने में कामयाब हो पाएगा। कूटनीति के जानकारों का मानना है कि किसी भी युद्ध को रोकना रातों-रात संभव नहीं होता है, क्योंकि इसके पीछे दशकों के राजनीतिक समीकरण और सामरिक हित जुड़े होते हैं। हालांकि, जिस प्रकार से भारत ने दुनिया के दोनों धड़ों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को सन्तुलित रखा है और समय-समय पर शांति की अपील की है, उसने भारत के लिए बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले रखे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक शैली और विश्व नेताओं के साथ उनके गहरे व्यक्तिगत संबंध इस दिशा में एक बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। भले ही यह राह आसान न हो, लेकिन जिस तरह से दुनिया भर के देश आज भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वैश्विक शांति की अगली बड़ी पटकथा नई दिल्ली से ही लिखी जा सकती है, और दुनिया की भलाई इसी में है कि युद्ध के मैदान छोड़कर सभी देश कूटनीति की टेबल पर लौटें।
कौन था नकली कृष्ण? जिसने श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए दी थी चुनौती
Krishna Janmashtami 2026: महाभारत में कई रहस्य छुपे हुए हैं. आज भी ऐसे कई रहस्य हैं जिन्हें जिन्हें बहुत कम ही लोग जानते होंगे. ऐसा ही एक रहस्य है नकली कृष्ण का. क्या आप जानते हैं कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के हमशक्ल भी था जो खुद को श्रीकृष्ण होने का दावा करता था. आखिर नकली श्रीकृष्ण कौन था. आइए जानते हैं.
भारतीय वायुसेना ने करने जा रही 17 दिन का अभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान बढ़ा दी निगरानी
भारतीय वायुसेना ने करने जा रही 17 दिन का युद्धाभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान ने बुलाई आपात बैठक
भारतीय वायुसेना 17 दिनों तक का लंबा युद्धाभ्यास करने जा रही है जिसके लिए NOTAM जारी कर दिया गया है। भारत के इस फैसले ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
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ट्रंप दावा: ईरान की सैन्य क्षमता बहुत कमजोर, युद्ध जल्द खत्म होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। उनके परमाणु ठिकानों पर नजर रखी जा रही है और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण है।
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
एकतरफा प्यार में सिरफिरे ने खेला खूनी खेल! दारोगा की बहन पर बरसाईं गोलियां
फिरोजाबाद के टूंडला में एकतरफा प्यार में सिरफिरे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने घर में घुसकर युवती पर देसी पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मोबाइल नंबर ब्लॉक करने से नाराज आरोपी ने तीन फायर किए, जिनमें से एक गोली युवती के कंधे को चीरकर निकल गई.
यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने के लिए किए गए एक बेहद संवेदनशील और बड़े रक्षा सौदे में वित्तीय अनियमितता व देरी के आरोपों के बाद एस्टोनिया की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर (Hanno Pevkur) ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह पूरा विवाद €70 मिलियन (लगभग ₹768.50 करोड़) की आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) खरीद डील से जुड़ा है। यह सौदा इटली में रजिस्टर्ड और भारतीय मालिकाना हक वाली कंपनी 'डेटासेल SRL' (Datasel SRL) के साथ किया गया था। 2022 से एस्टोनिया के रक्षा मंत्री रहे पेवकुर ने बुधवार को अपने इस्तीफ़े की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एस्टोनिया के नेशनल ऑडिट ऑफ़िस की कई आलोचनात्मक रिपोर्टों के बाद, वह इस विवादित खरीद डील की राजनीतिक ज़िम्मेदारी ले रहे हैं। पेवकुर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, एस्टोनिया की सुरक्षा किसी एक व्यक्ति का प्रोजेक्ट नहीं है। यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। इसीलिए मुझे आज पूरे रक्षा क्षेत्र की राजनीतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और सही समय पर रक्षा मंत्री का पद प्रधानमंत्री को सौंप देना चाहिए। विवाद क्या है? यह विवाद 2024 में एस्टोनिया के 'सेंटर फ़ॉर डिफ़ेंस इन्वेस्टमेंट्स' और 'डेटासेल SRL' के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। डेटासेल SRL इटली में रजिस्टर्ड कंपनी थी, जिसे उसी साल भारत की 'नेको डिफ़ेंस म्यूनिशंस' ने खरीदा था। इन कॉन्ट्रैक्ट्स का मकसद यूक्रेन के लिए आर्टिलरी शेल हासिल करना था, क्योंकि उस समय कीव (यूक्रेन की राजधानी) में गोला-बारूद की भारी कमी थी। एस्टोनिया के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ERR और 'ईस्टी एक्सप्रेस' (Eesti Ekspress) व 'पोस्टिमेस' (Postimees) की रिपोर्ट के अनुसार, एस्टोनिया ने इस खरीद के लिए यूरोपीय संघ की 'यूरोपियन पीस फ़ैसिलिटी' के फंड का इस्तेमाल किया और कंपनी को लाखों यूरो एडवांस में दिए। कुल एडवांस पेमेंट अंततः लगभग €70 मिलियन तक पहुंच गया। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi ने GSLV-F17 की सफलता पर ISRO को दी बधाई, बोले- 'यह भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं की झलक है' एस्टोनिया ने अगस्त 2024 में डेटासेल के साथ अपना पहला कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और लगभग €15 मिलियन एडवांस में दिए। अक्टूबर में दूसरा समझौता हुआ, जिसके बाद €10 मिलियन से ज़्यादा का एक और एडवांस पेमेंट किया गया। बाद में कई और कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण साल के अंत तक कुल एडवांस पेमेंट लगभग €70 मिलियन हो गया। उम्मीद थी कि गोला-बारूद कुछ ही महीनों में यूक्रेन पहुंच जाएगा, लेकिन प्रोडक्शन में दिक्कतों की वजह से डिलीवरी में बार-बार देरी हुई। जब 2025 में कुछ गोला-बारूद मिला, तो 'ईस्टी एक्सप्रेस' ने रिपोर्ट किया कि वह ज़रूरी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर खरा नहीं उतरा। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Death Count Updates | मृतकों की संख्या 1,250 के पार, 5,000 से अधिक लापता परिवारों ने शुरू किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कंपनी ने रक्षा मंत्री के दावों को गलत बताया एस्टोनिया के रक्षा खरीद विवाद के केंद्र में रही कंपनी 'डाटासेल' (Datasel) ने कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े आरोपों को गलत बताया है। 'ईस्टी एक्सप्रेस' (Eesti Ekspress) की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से पहले उसने एस्टोनिया सरकार को 59 मिलियन यूरो कीमत के गोला-बारूद की सप्लाई की थी। अब कंपनी एस्टोनिया के खिलाफ मुकदमा कर रही है, और खरीद से जुड़ा यह विवाद इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता) तक पहुंच गया है। कंपनी ने अपने वकील के जरिए 'ईस्टी एक्सप्रेस' को बताया, इन सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण डाटासेल को नुकसान उठाना पड़ा है। एस्टोनिया सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स के कदम, खासकर कॉन्ट्रैक्ट्स को अचानक खत्म करने के लिए बताई गई वजहें, विरोधाभासी और बेतुकी हैं। डाटासेल ने माना कि उसे एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स (जिसे RKIK के नाम से जाना जाता है) से 59 मिलियन यूरो का एडवांस पेमेंट मिला था। हालांकि, RKIK ने कुल खरीद की कीमत 70 मिलियन यूरो आंकी है, जिससे 'ईस्टी एक्सप्रेस' ने बाकी रकम के बारे में सवाल उठाए हैं; हालांकि अखबार ने कहा कि यह अभी साफ नहीं है कि वह पैसा कहां गया। कंपनी ने कहा, डाटासेल ने काफी मात्रा में सामान सप्लाई किया है और कुल 58 मिलियन यूरो के इनवॉइस जमा किए हैं। कंपनी ने गोला-बारूद की सप्लाई में देरी की बात तो मानी, लेकिन इन आरोपों को खारिज कर दिया कि गोला-बारूद क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर खरे नहीं उतरे। कंपनी ने कहा, आखिरकार, डाटासेल को यह बताया गया कि RKIK बाकी सामान लेने में असमर्थ है। कंपनी ने यह भी कहा कि अगर RKIK अपनी जिम्मेदारियां पूरी करता है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने के लिए तैयार है। 'ईस्टी एक्सप्रेस' ने बुधवार को रिपोर्ट दी कि एस्टोनिया ने यूक्रेन को सैन्य मदद के तहत डाटासेल से आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) खरीदने की कोशिश की थी। RKIK ने पिछले साल पतझड़ के मौसम में कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिए थे और एडवांस पेमेंट वापस करने की मांग की थी। तब से एस्टोनिया इस विवाद को फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में यूरोपियन आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन सेंटर ले गया है, क्योंकि वह गोला-बारूद के लिए दिए गए 70 मिलियन यूरो वापस पाना चाहता है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
हिमाचल विधानसभा में 4 अहम विधेयक पारित, स्टांप शुल्क बढ़ा; युद्ध जागीर राशि 10 हजार हुई
हिमाचल विधानसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक ध्वनिमत से पारित किए गए, जिनमें स्टांप शुल्क में वृद्धि और महिलाओं को छूट का प्रावधान है, जिसका विपक्ष ने विरोध किया।
इंटरनेट डेस्क। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अभी यूक्रेन के दौर पर है। उन्होंने यहां यूक्रेन की राजधानी कीव में कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में किसी भी तरह से योगदान देने के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं। 3 दिन के दौरे पर हैं जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिन की यात्रा पर हैं। रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद कीव की यह उनकी पहली यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान, वह सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रोडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर रहे हैं। ऐसे समय आया बयान मीडिया रिपोटर्स की माने तो जयशंकर का यह बयान तब आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में संघर्ष को खत्म करने की अपील दोहराई थी। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है। वहीं शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा। pc- aaj tak
Iran के साथ जारी सैन्य टकराव को JD Vance ने ‘युद्ध’ मानने से किया इनकार
वाशिंगटन, चार सितंबर (एपी) अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ जारी अमेरिकी संघर्ष को ‘‘युद्ध’’ करार देने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया। वेंस ने यह अनुमान लगाने से भी परहेज किया कि छह महीने से जारी यह संघर्ष नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले समाप्त हो जाएगा या नहीं। इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना मामूली बहुमत बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। वेंस से अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पूछा गया कि क्या तीन नवंबर को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले युद्ध समाप्त हो सकता है जिसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे युद्ध नहीं कहूंगा। फिलहाल सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है।’’वेंस ने यह बात ऐसे समय में कही जब ईरान ने इस सप्ताह की शुरुआत में उसके खिलाफ हुए कई अमेरिकी हमलों के जवाब में बृहस्पतिवार को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी कुवैत को निशाना बनाया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस सप्ताह हमला करना अमेरिका की ‘‘जिम्मेदारी’’ थी क्योंकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक पोतों को लगातार निशाना बना रहा है। इस संघर्ष की गंभीरता को कम करके पेश करने की वेंस की कोशिश ट्रंप और उनके प्रशासन के सामने मौजूद मुश्किल चुनौती की ओर इशारा करती है। ट्रंप अमेरिकी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि संसद पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बरकरार रहे जबकि इस संघर्ष के कारण पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं और उपभोक्ताओं को अधिक महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष की शुरुआत में ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा था कि यह कुछ ही सप्ताह चलेगा। वेंस ने कहा कि वह इस संघर्ष के समाप्त होने को लेकर कोई ‘‘कृत्रिम समयसीमा’’ तय नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब आप पूछते हैं कि ‘यह कब समाप्त होगा?’, तो आप मुझसे यह पूछ रहे हैं कि ‘ईरान पोतों पर गोलीबारी कब बंद करेगा?’ वास्तविकता यह है कि मुझे इस सवाल का जवाब नहीं पता। आपको यह सवाल ईरानियों से पूछना होगा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की भारत की इच्छा और मध्यस्थता प्रयासों के प्रति आभार जताया है।
कीव दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की. भारत ने दोहराया कि यह युद्ध का दौर नहीं है और रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही निकलेगा.
'मुझसे चूक हुई...', ईरान युद्ध में जवानों की मौत पर ट्रंप के मंत्री ने मांगी माफी
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटिक ने ईरान युद्ध को लेकर माफी मांगी है. हॉवर्ड लुटिक ने माना है कि उनसे चूक हुई है और अब तक 18 जवानों की इस युद्ध में जान गई.
US Iran War: ईरान ने गुरुवार को भी नए हमले जारी रखे. ईरान ने कहा कि उसने कुवैत और UAE में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान ने यह हमला एक शादी समारोह पर हुए हमले का बदला लेने के लिए किया.
पाकिस्तान बॉर्डर के पास आसमान 'सीज', वायु सेना करेगी युद्धाभ्यास
भारत ने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान में 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक वायु सेना युद्धाभ्यास के लिए नोटैम जारी किया है. जैसलमेर-फलोदी-बीकानेर इलाके में यह अभ्यास जापान के साथ वीर गार्जियन और कई देशों के साथ तरंग शक्ति होगा.
जहां कान्हा ने 27 दिन किया था युद्ध, वहां हुआ था जाम्बवती से विवाह
भास्कर संवाददाता| रायसेन विंध्य की पहाड़ियों के बीच एक गुफा है। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण और जामवंत के बीच 27 दिन तक मल्ल युद्ध हुआ था। यही गुफा श्रीकृष्ण और जामवंत की बेटी जाम्बवती के विवाह की साक्षी बनी। रायसेन जिले की बरेली तहसील का जामगढ़ इसी कथा के कारण जनमानस में कान्हा की ससुराल के रूप में जाना जाता है। गुफा सिर्फ कृष्ण कथा तक सीमित नहीं है। इसके भीतर और आसपास मानव सभ्यता के लाखों साल पुराने निशान मिलते हैं। मध्यकालीन मंदिरों के अवशेष भी दिखते हैं। यह इलाका भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे पर खरगोन कस्बे से करीब 6 किमी दूर है। इसके बाद भी यह सामान्य पर्यटन नक्शे से लगभग बाहर है। प्राकृतिक गुफा की करीब 1500 मीटर तक की संरचना पहचानी जा चुकी है। पूरी थाह अब तक नहीं ली जा सकी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार स्यमंतक मणि चोरी का कलंक मिटाने के लिए श्रीकृष्ण यहां पहुंचे थे। मणि की रक्षा कर रहे जामवंत ने उन्हें रोक लिया। दोनों के बीच 27 दिन तक युद्ध हुआ। बाद में जामवंत को श्रीकृष्ण में श्रीराम के दर्शन हुए। उन्होंने मणि लौटाई और बेटी जाम्बवती का विवाह श्रीकृष्ण से किया। प्रदेश के 29 ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों के साथ जामगढ़ में भी ‘श्रीकृष्ण पर्व’ आयोजित किया जा रहा है। बुधवार रात खरगोन में श्रीकृष्ण की लीलाओं और जीवन-दर्शन से मंच सजा। संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ में नृत्य, नाट्य और कथा के जरिए कान्हा के जीवन के अलग-अलग रंग प्रस्तुत किए गए। सबसे ज्यादा आकर्षण ‘कृष्णायन सुनो वो जो कभी कहा नहीं गया’ संगीतमयी प्रस्तुति ने बटोरा। इससे पहले उज्जैन के शिरीष राजपुरोहित के निर्देशन में कृष्ण केंद्रित महानाट्य हुआ। कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल आदि मौजूद रहे।
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
अमेरिका-ईरान युद्ध: फिर तेज़ हुए हमले, नागरिकों के लिए बढ़ता जोखिम
अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की अपेक्षाकृत शान्ति के बाद एक बार फिर हिंसक टकराव तेज़ हो गया है.दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं,जिससे आम नागरिकों के हताहत होने का ख़तरा बढ़ गया है.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध विजय की 81वीं वर्षगांठ पर संगोष्ठी आयोजित
जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध विजय की 81वीं वर्षगांठ पर संगोष्ठी आयोजित
'अंतहीन युद्ध खत्म होना चाहिए, भारत शांति में मदद को तैयार', यूक्रेन में विदेश मंत्री जयशंकर का ऐलान
यूक्रेन की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत लगातार कहता रहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है...
‘अंतहीन युद्ध खत्म होना चाहिए, भारत शांति में मदद को तैयार’, यूक्रेन में विदेश मंत्री जयशंकर का ऐलान
कीव, 3 सितंबर . यूक्रेन की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि India लगातार कहता रहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है. युद्ध के मैदान से समाधान नहीं निकलेगा. उन्होंने कीव में यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ वार्ता के बाद दोहराया कि ... Read more
Ukraine-Russia युद्ध खत्म कराने में हर संभव मदद को तैयार है भारत, Kyiv में बोले Jaishankar
कीव, तीन सितंबर भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 2022 से जारी यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने के लिए ‘‘किसी भी तरह की कोई भी मदद’’ करने को तैयार है। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव में अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्री सिबिहा के साथ व्यापक बातचीत की। बातचीत के बाद सिबिहा के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा यही कहा है कि यह दौर युद्ध का नहीं है और समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेंगे।’’यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भारत को एक वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। मोदी ने हाल में, बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान यह अपील की थी। जयशंकर ने कहा, ‘‘संघर्ष के हर गुजरते दिन का मतलब है और ज़्यादा मौतें और और ज़्यादा तबाही। जाहिर है, इसका समाधान शामिल पक्षों को ही निकालना है। लेकिन, अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम तैयार हैं।’भारत बातचीत और कूटनीति के जरिए रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की अपील करता रहा है। जयशंकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की युद्ध खत्म करने की अपील के अनुरूप, मेरी यात्रा बातचीत और कूटनीति की संभावनाओं पर केंद्रित है। मैं आज यूक्रेनी पक्ष द्वारा साझा किए गए विचारों और रुख को अपने साथ ले जाऊंगा।’’जयशंकर ने बाद में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ करने पर यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ हुई अपनी चर्चा से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बातचीत जारी संघर्ष को खत्म करने के तरीकों पर केंद्रित थी।’’ उन्होंने पहले ही कहा था कि वह (यूक्रेन के) राष्ट्रपति तक प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं और बधाई संदेश पहुंचाएंगे। इससे पहले, यूक्रेन के विदेश मंत्री ने अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की ओर बढ़ने संबंधी प्रधानमंत्री मोदी की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि उनका देश ‘‘कूटनीति के लिए तैयार है।’’सिबिहा ने कहा, ‘‘भारत एक वैश्विक शक्ति है और हम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की ओर बढ़ने की बात कही है।’’जयशंकर का कीव दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इस हफ्ते यूक्रेन की राजधानी में हुए रूसी हमले में एक भारतीय की मौत हो जाने को लेकर नयी दिल्ली ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इससे भी अहम बात यह है कि यह घटना उस युद्ध के बड़े संदर्भ में हो रही है जो 2022 से जारी है। दो दिन पहले, कीव में हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई थी। हम हर जनहानि पर शोक व्यक्त करते हैं और प्रत्येक पीड़ित के परिजन के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।’’पिछले कुछ महीनों में हुई कई मुलाकातों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘‘आज हमारी बातचीत बहुत खुलकर और बेबाकी से हुई।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बातचीत में इस संघर्ष से जुड़े कुछ खास पहलू भी सामने आए। इनमें सबसे अहम है वाणिज्यिक जहाजों पर हमले। भारतीय नाविक कई देशों के झंडे वाले जहाजों पर काम करते हैं और दुर्भाग्य से वे भी इन हमलों का निशाना बने हैं।’’जयशंकर ने सिबिहा को अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक के लिए अपने सुविधानुसार भारत आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से मिलकर खुशी हुई। अच्छी मेहमाननवाजी के लिए उनका और उनकी टीम का शुक्रिया। मुझे जारी संघर्ष और शांति वार्ता में हाल की घटनाओं से अवगत कराया गया।’’जयशंकर ने कहा, ‘‘वाणिज्यिक पोत परिवहन और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करने की जरूरत पर ज़ोर दिया गया। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल, नवाचार, राजनयिक प्रशिक्षण और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।’’उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा लंबे समय से सहयोग का एक अहम क्षेत्र रहा है और वर्तमान में कई भारतीय छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। जयशंकर ने कीव के नेशनल बॉटनिकल गार्डन में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर अपनी यात्रा का समापन किया। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘उनका जीवन और संदेश अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ने की जरूरत पर जोर देते हैं।
रूसी तेल खरीदने या न खरीदने से यूक्रेन युद्ध नहीं रुकेगा; कीव में बैठकर जयशंकर अमेरिका को रगड़ दिया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए साफ कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान इस बात से नहीं होगा कि कोई देश तेल खरीद रहा है या नहीं खरीद रहा है।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। उन्होंने न केवल भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के तरीकों...
कीव, 3 सितंबर . India के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Thursday को कीव में यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. उन्होंने न केवल भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के तरीकों, बल्कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर भी बातचीत की. यूक्रेनी President से मुलाकात के बाद ... Read more
कीव में जेलेंस्की की विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात, कहा- 'यूक्रेन 'अन्यायपूर्ण युद्ध' खत्म करने की भारत की इच्छा के लिए आभारी'
भारत को 'वैश्विक महाशक्ति' बताते हुए यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने गुरुवार को कहा कि कीव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आह्वान का स्वागत करता है...
तुर्की में क्रेन हादसे में जान गंवाने वाले होशियापुर जिले के गांव रल्लण निवासी हरजिंदर सिंह (43) का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर उनके पैतृक गांव में कर दिया गया। उनका शव आज दोपहर गांव पहुंचा था। हरजिंदर सिंह करीब एक साल पहले काम के लिए तुर्की गए थे। 28 अगस्त को तुर्की के बुरसा शहर में एक क्रेन की मरम्मत करते समय हादसा हो गया। क्रेन का एक बड़ा हिस्सा अचानक उन पर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल हरजिंदर सिंह ने इलाज के दौरान 29 अगस्त को दम तोड़ दिया। उनके परिवार को इस हादसे की सूचना बीती रात मिली। पूर्व सरपंच के बेटे थे हरजिंदर सिंह हरजिंदर सिंह पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह के बेटे थे। वे अपने पीछे पत्नी अमनदीप कौर और 12 वर्षीय बेटे इशमीत को छोड़ गए हैं। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। विधायक जसवीर सिंह राजा ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर दुख साझा किया।
कीव, 3 सितंबर . India को ‘वैश्विक महाशक्ति’ बताते हुए यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने Thursday को कहा कि कीव Prime Minister Narendra Modi के हालिया आह्वान का स्वागत करता है, जिसमें अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने की बात कही गई थी. विदेश मंत्री सिबिहा ने यह टिप्पणी विदेश ... Read more
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का तीन दिवसीय दौरा 3 से 5 सितंबर तक है। इस दौरान वह यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा कर रहे हैं। दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करना है।
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर छिड़ा भीषण युद्ध, तेहरान में शादी समारोह में गिरी मिसाइल, मची तबाही
ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिका के मिसाइल हमले का ईरान भी करारा जवाब दे रहा है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक शादी समारोह में मिसाइल गिरा और सब तबाह हो गया।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर छिड़ा भीषण युद्ध, तेहरान में मलबे में बदला शादी का मंडप
ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिका के मिसाइल हमले का ईरान भी करारा जवाब दे रहा है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक शादी समारोह में मिसाइल गिरा और सब तबाह हो गया।
मॉस्को से शांति की ओर बढ़ते कदमों का संकेत मिला है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावना मौजूद है।
'तूने जेब मारी है?' सरोजिनी नगर में पुलिस ने पकड़ लिया था भुवन बाम का कॉलर, जेबकतरा समझे गए थे एक्टर
यूट्यूबर बनने की शुरुआत में दिल्ली के सरोजिनी नगर में पुलिस ने भुवन बाम को जेबकतरा समझकर पकड़ लिया था। हालांकि वहां जुटी फैंस की भारी भीड़ देखकर उनकी मां को उनकी सफलता पर पूरा यकीन हो गया।
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा
अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। दोनों ओर से वार पलटवार जारी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध बहुत ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करवाएगा भारत? विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोले- हम मदद को तैयार
S Jaishankar about Russia Ukraine war: विदेश मंत्री जयशंकर ने कीव में रूस और यूक्रेन के युद्ध को लेकर कहा है कि अगर जरूरत पड़ती है, तो भारत मदद करने के लिए तैयार है। कीव दौर पर पहुंचे विदेश मंत्री ने अपने यूक्रेनी समकक्ष से मुलाकात की।
घरेलू और युद्ध संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे पुतिन, अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा प्रतिबंधों का असर : मार्को रुबियो
पुतिन ने कहा कि रूस उन लोगों के साथ बातचीत करने में सहज महसूस करता है, जिन्हें वह पहले से जानता और भरोसा करता है। उन्होंने विटकाफ और कुशनर को ट्रंप के करीबी सहयोगी बताते हुए उनके साथ काम करने की इच्छा जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर मेयर अशोक तिवारी और कलेक्टर सत्येंद्र कुमार से फोन पर विस्तृत जानकारी ली। पीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
New Delhi, 3 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर मेयर अशोक तिवारी और कलेक्टर सत्येंद्र कुमार से फोन पर विस्तृत जानकारी ली. पीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित किया जाए. Prime Minister ने प्रभावित लोगों को राहत ... Read more
शादी समारोह वाले घर में मौतों को ईरान ने बताया 'युद्ध अपराध', अमेरिका ने किया इनकार - BBC
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अमेरिका-ईरान तनाव ने पकड़ा जोर, ट्रंप बोले- युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा; समुद्री नाकेबंदी भी सख्त
अमेरिका-ईरान तनाव ने पकड़ा जोर, ट्रंप बोले- युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा; समुद्री नाकेबंदी भी सख्त
Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान
Top News 3 September : देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग। पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर ढहाए जाने पर भारत ने जताई आपत्ति। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन ...
क्या नेटवर्किंग से कतराते हैं भारत के जेन-जी?: 83% युवा पेशेवरों ने बनाई दूरी, जानिए वजह
क्या नेटवर्किंग से कतराते हैं भारत के जेन-जी?: 83% युवा पेशेवरों ने बनाई दूरी, जानिए वजह
महंगे क्रूड और युद्ध के साये में फंसा शेयर बाजार: क्या सितंबर में जारी रहेगी तेजी, क्या बाधा और कहां मजबूत? stock-market-september-trend-nifty-sensex-crude-oil-global-tensions
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान की समीक्षा की
जालंधर| युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बैठक स्थानीय जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में हुई, जिसमें पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस, चंदन ग्रेवाल, गगनदीप सिंह काकू आहलूवालिया, मेयर विनीत धीर, राजविंदर कौर थियाड़ा और नितिन कोहली शामिल रहे। सतिंदर सिंह ने बताया कि जुलाई-अगस्त में 500 से अधिक मामले दर्ज किए गए। बैठक में अतिन अग्निहोत्री और शैंकी भगत मौजूद रहे।
Amroha News: गुलड़िया प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई का आरोप, जाट समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
गुलड़िया गांव में सुधांशु प्रजापति की हत्या के बाद जाट समाज खुलकर सामने आया है।
Deoria News: सऊदी अरब में सलेमपुर के युवक की मौत
Salempur youth dies in Saudi Arabia
Sonipat News: प्रधान पद पर युद्धवीर और विवेक के बीच मुकाबला
कोषाध्यक्ष पद के लिए प्रिंस त्यागी पहले ही नामांकन कर चुके हैं और इस पद पर वह अकेले प्रत्याशी हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट कर दें...; ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का नया दांव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' रखने का सुझाव दिया। ईरान युद्ध के बीच ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह रणनीतिक जलमार्ग अब अमेरिका के नियंत्रण में है, इसलिए इसका नाम भी बदला जाना चाहिए।
सऊदी अरब में तेजी से बदलते नियम और महिला पर्यटकों के लिए ड्रेस कोड की सच्चाई
कभी दुनिया के सबसे रूढ़िवादी और सख्त कानूनों वाले देशों में गिने जाने वाले सऊदी अरब में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पर्यटकों के लिए नियमों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं। खाड़ी देशों के इस प्रमुख राष्ट्र ने अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर पर्यटन और वैश्विक निवेश की ओर तेजी से मोड़ा है, जिसके चलते विदेशी पर्यटकों के लिए कई प्रकार की पाबंदियों को आसान बनाया गया है। देश के विजन 2030 के तहत पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विदेशी सैलानियों का स्वागत खुले दिल से किया जा रहा है। यही वजह है कि अब दुनिया भर से लोग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को देखने के लिए सऊदी अरब का रुख कर रहे हैं। ऐसे में जो महिलाएं या कपल्स पहली बार इस देश की यात्रा करने की योजना बनाते हैं, उनके जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या वहां सार्वजनिक रूप से बुर्का या पारंपरिक अबाया पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य है या फिर पश्चिमी शैली के शालीन कपड़े भी पहने जा सकते हैं।क्या सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बुर्का या अबाया पहनना अब भी है जरूरी?इस सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब यह है कि विदेशी महिला पर्यटकों के लिए अब सऊदी अरब में पारंपरिक काले रंग का बुर्का या अबाया पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। कुछ साल पहले तक स्थानीय और विदेशी सभी महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सिर ढककर काला अबाया पहनना पूरी तरह से बाध्यकारी था और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाती थी। लेकिन अब नियमों में ऐतिहासिक ढील दी जा चुकी है। आज के समय में विदेशी महिला पर्यटकों को जबरन अबाया या सिर पर हिजाब ओढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाता है। कानूनन अब महिलाएं अपनी पसंद के ऐसे शालीन कपड़े पहनकर घूम सकती हैं जो स्थानीय संस्कृति और शालीनता के दायरे का सम्मान करते हों। हालांकि, देश की स्थानीय संस्कृति के प्रति आदरभाव दिखाने के लिए आज भी कई पर्यटक और विदेशी नागरिक स्वेच्छा से हल्के और खुले लिबास या केप-स्टाइल के गाउन पहनना पसंद करते हैं, ताकि वे स्थानीय माहौल में सहज महसूस कर सकें।शालीनता और सार्वजनिक शिष्टाचार के नए नियम, पर्यटकों को किन बातों का रखना होगा खास ध्यानभले ही सऊदी सरकार ने विदेशी महिलाओं के लिए बुर्का पहनने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया हो, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि वहां किसी भी प्रकार के आधुनिक या अमर्यादित कपड़े पहनने की पूरी छूट मिल गई है। सऊदी अरब के पब्लिक डीसेंट यानी सार्वजनिक शालीनता के नियम (Public Decency Regulations) आज भी बहुत स्पष्ट और कड़े हैं, जिनका पालन देश के भीतर रहने वाले हर नागरिक और विदेशी पर्यटक के लिए अनिवार्य होता है। इन नियमों के मुताबिक, महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही ऐसे कपड़े पहनने की हिदायत दी जाती है जो बहुत अधिक तंग (Tight), पारदर्शी (Transparent) या शरीर के अंगों को अधिक उजागर करने वाले न हों। महिला पर्यटकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे अपने कंधे, घुटने और बांहों को ढकने वाले ढीले-ढाले कपड़े जैसे कि मैक्सी ड्रेस, वाइड-लेग पैंट, लॉन्ग स्कर्ट या फुल-स्लीव ट्यूनी का चयन करें। यदि पहनावा शालीनता के दायरे से बाहर होता है, तो स्थानीय प्रशासन या पुलिस द्वारा आपत्ति जताई जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।धार्मिक स्थलों और रूढ़िवादी क्षेत्रों में प्रवेश के दौरान किन नियमों का करना होता है पालनसऊदी अरब के सभी शहर एक जैसे आधुनिक या खुले विचारों वाले नहीं हैं, इसलिए यात्रा के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि आप देश के किस हिस्से में घूम रहे हैं। राजधानी रियाद, आधुनिक तटीय शहर जेद्दाह और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल अल-उला जैसे महानगरों में पर्यटकों को लेकर काफी खुलापन और लचीलापन देखने को मिलता है, जहां बिना अबाया के घूमने पर कोई रोक-टोक नहीं होती। इसके विपरीत, यदि आप देश के अधिक पारंपरिक, ग्रामीण या धार्मिक रूप से संवेदनशील इलाकों में जाते हैं, तो वहां स्थानीय लोग आज भी पारंपरिक वेशभूषा को ही सर्वोपरि मानते हैं। ऐसे क्षेत्रों में यदि महिला पर्यटक शालीन और ढके हुए कपड़े नहीं पहनती हैं, तो उन्हें लोगों की असहज नजरों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, मक्का और मदीना जैसे पवित्र इस्लामिक तीर्थस्थलों या देश की किसी भी मस्जिद के अंदर प्रवेश करते समय सभी महिलाओं (चाहे वे स्थानीय हों या विदेशी) के लिए सिर को स्कार्फ या हिजाब से पूरी तरह ढंकना और शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े पहनना आज भी पूरी तरह से अनिवार्य है।सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए पर्यटकों को क्या अपनानी चाहिए रणनीतियदि आप आने वाले दिनों में सऊदी अरब की यात्रा पर जाने का मन बना रही हैं, तो अपनी पैकिंग करते समय वहां के सांस्कृतिक परिवेश और मौसम को ध्यान में रखना सबसे समझदारी भरा कदम होगा। रेगिस्तानी जलवायु और चिलचिलाती धूप को देखते हुए सूती (Cotton) और लीनन (Linen) जैसे हल्के और हवादार कपड़ों को अपने बैग में प्राथमिकता दें, जो दिखने में शालीन होने के साथ-साथ पहनने में भी बेहद आरामदायक होते हैं। अपने साथ एक हल्का दुपट्टा, स्टोल या पश्मीना शॉल हमेशा साथ रखें, जो अचानक किसी मस्जिद या पारंपरिक बाजार में प्रवेश करते वक्त सिर या कंधों को ढंकने के बहुत काम आता है। यदि आप बिना किसी झंझट के लोकल माहौल में घुलना-मिलना चाहती हैं, तो आप चाहें तो स्थानीय बाजारों से एक खूबसूरत और हल्के रंग का अबाया या किमेलो खरीदकर पहन सकती हैं, जो आपको धूप से बचाने के साथ-साथ एक परफेक्ट टूरिस्ट लुक भी देता है। नियमों की सही समझ और स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान आपकी इस ऐतिहासिक यात्रा को बेहद सुरक्षित, यादगार और आनंददायक बना देगा।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
पंजाब के टांडा उड़मुड़ के गांव रल्लण निवासी 43 वर्षीय हरजिंदर सिंह की तुर्की में क्रेन हादसे में मौत हो गई। वह पूर्व सरपंच के बेटे थे। यह हादसा 28 अगस्त को तुर्की के बुरसा शहर में हुआ था। गंभीर रूप से घायल हरजिंदर सिंह ने 29 अगस्त को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनके परिवार को देर रात इस बारे में जानकारी मिली। मृतक के भाई बलदेव सिंह ने बताया कि 28 अगस्त को हरजिंदर सिंह अपने साथी कर्मचारियों के साथ एक क्रेन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक क्रेन का एक बड़ा हिस्सा उनके ऊपर गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्नी और 12 वर्षीय बेटा पीछे छोड़ गए हरजिंदर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन उनकी मौत हो गई। हरजिंदर सिंह पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह के बेटे थे। वह अपने पीछे पत्नी अमनदीप कौर और 12 वर्षीय बेटे इशमीत को छोड़ गए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हरजिंदर सिंह की मौत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक छा गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन अब हरजिंदर सिंह के शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 4 सितंबर को पैतृक गांव रल्लण में किया जा सकता है।
शादी समारोह वाले घर में मौतों को ईरान ने बताया 'युद्ध अपराध', अमेरिका ने किया इनकार
ईरानी रेड क्रिसेंट का कहना है कि शादी समारोह के घर पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल था. लेकिन अमेरिकी सेना का कहना है कि वह कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है.
Patna, 2 सितंबर . बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव से बचाव के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है. वहीं, Patna ... Read more
फाजिल्का के गांव माहूआणा बोदला निवासी रिटायर्ड सूबेदार अमरीक सिंह का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार में आर्मी कैट फाजिल्का की ओर से सूबेदार कुलदीप सिंह के नेतृत्व में जवान पहुंचे। जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। इस दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने अमरीक सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अमरीक सिंह भारतीय सेना में सेवा के दौरान 1962, 1965 और 1971 के तीनों युद्धों में शामिल रहे और अहम भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने उन्हें नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नत किया था। वह वर्ष 1988 में सेना से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू किया और अपनी बस सर्विस का नाम ‘एक्स-सोल्जर’ रखा। अमरीक सिंह अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। एक्स-सर्विसमैन यूनियन के प्रधान कैप्टन रजिंदर सिंह सहित पूर्व सैनिकों और क्षेत्रवासियों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
सऊदी अरब के रेगिस्तान में भारत का तूफान, इजरायल भी हैरान!
दुनिया मिडिल ईस्ट में पैर जमाने के लिए वर्चस्व की जंग लड़ रही है लेकिन भारत अब नया मिडिल ईस्ट बन गया है। शायद इसीलिए मिडिल ईस्ट का सबसे ताकतवर देश सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्की की तरफ चला गया। नौबत यहां तक आ गई कि दुनिया को कर्ज बांटने वाला सऊदी अरब पहली बार कंगाल हो गया है। सऊदी अरब पहली बार बहुत बड़ा कर्ज मांग रहा है। सऊदी अरब का नाम आते ही आपके दिमाग में एक अमीर देश की छवि बनती है। तेल के कुएं दिखते हैं। ऊंची इमारतें और महंगी एसयूवी कारें दिखती हैं। सऊदी अरब वो देश रहा है जिसने कई देशों को कर्ज दिया है। सऊदी अरब तो पाकिस्तान का परमानेंट फाइनेंसर है। लेकिन सऊदी अरब को अब मोटे कर्ज की जरूरत पड़ गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब $8 अरब डॉलर का भारी भरकम लोन लेने की तैयारी कर रहा है। ईरान अमेरिका जंग ने सऊदी अरब को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। आप जानते हैं कि सऊदी अरब लंबे समय से विश्व का सबसे बड़ा तेल निर्यातक और मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी महाशक्ति रहा है। इसे भी पढ़ें: इजरायल-ग्रीस की बड़ी डील, बौखलाया पाकिस्तान पहुंचा तुर्किए ईरान अमेरिका जंग ने तेल पर सऊदी अरब की बादशाहत खत्म कर दी है। ईरान जंग ने दुनिया भर में तेल निर्यात पर असर डाला। व्यापार मार्गों खासकर हॉर्मोस स्ट्रेट को बाधित किया। इसके अलावा सप्लाई चेन पर भी दबाव डाला। इसी की वजह से सऊदी अरब का तेल निर्यात बहुत कम हो गया। ईरान ने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जिनमें ऑयल रिफाइनरीज शामिल है। इसके साथ अब ईरान समर्थित होती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों के लिए नया खतरा पैदा कर दिया है। स्टेट ऑफ हॉर्मोस के बंद होने के बाद सऊदी अरब के लिए आखिरी उम्मीद की किरण बाबल मंदेब स्ट्रेट था। लेकिन यहां पर हुथ विद्रोहियों ने सऊदी अरब को निशाना बना लिया। यानी सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लेकिन सहयोग देखिए कि यहीं पर भारत के साथ एक बड़ा चमत्कार हुआ। भारत अब रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मार्केट में नया सऊदी अरब बन गया। जिस तरह से क्रिटिकल मिनरल्स को प्रोसेस करने में चीन की बादशाहत है, जिस तरह से सेमीकंडक्टर पर ताइवान का कब्जा है, वैसे ही कच्चे तेल को प्रोसेस करने के मामले में भारत नया बादशाह बन गया है। भारत अब अफ्रीका और यूरोप समेत रूस को भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेच रहा है। इसे भी पढ़ें: NAM Summit Belgrade में Kiren Rijiju का कूटनीतिक मिशन, Saudi Arabia और Serbia के साथ संबंधों पर विशेष चर्चा अफ्रीका और यूरोप को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेचने के मामले में भारत सऊदी अरब से आगे निकल गया है। दुनिया के पास अब भारत से पेट्रोल और डीजल प्रोडक्ट्स खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। विचित्र बात यह है कि भारत खुद अपनी जरूरतों का 80% कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। लेकिन भारत इसी कच्चे तेल को प्रोसेस करके अब दुनिया को बेच रहा है। भारत के नियंत्रण में वह पूरी मार्केट आ गई है जो कभी सऊदी अरब की होती थी।
पश्चिम एशिया संकट पर अमेरिका का सुरक्षा अलर्ट, सऊदी अरब में अपने नागरिकों को सतर्क रहने की दी सलाह
रियाद, 2 सितंबर . ईरान पर हमले और फिर जवाबी कार्रवाई के बीच अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. सऊदी अरब स्थित अमेरिकी मिशन ने सुरक्षा अलर्ट में कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है और अचानक तनाव बढ़ने की आशंका ... Read more
कारगिल युद्ध और 'ऑपरेशन सिंदूर' के नायकों में शामिल, अब राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। इस पद के लिए लंबे समय से चयन प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर अब अंतिम मुहर लग गई है।
कारगिल युद्ध और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नायकों में शामिल, अब राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ
अयोध्या, 2 सितंबर . श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है. इस पद के लिए लंबे समय से चयन प्रक्रिया चल रही थी, जिस पर अब ... Read more
कारगिल युद्ध और 'ऑपरेशन सिंदूर' के नायकों में शामिल, अब राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ
कारगिल युद्ध और 'ऑपरेशन सिंदूर' के नायकों में शामिल, अब राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ
कारगिल युद्ध के घायल पूर्व सैनिक ने की आत्महत्या की कोशिश, 24 साल से जमीन आवंटन का इंतजार
कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी ने 24 साल से लंबित जमीन आवंटन के मुद्दे पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम से मिलने से रोके जाने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया।
राम मंदिर के ट्रस्ट के नए CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया CEO चुना गया है.
किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड के डूबानची वार्ड नंबर 4 निवासी सफीरूल ने DM नवीन कुमार को एक आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने DCLR, किशनगंज द्वारा 30 जुलाई 2026 को BLDR केस संख्या 102/2025-26 में पारित एकतरफा आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। सफीरूल ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि उन्हें वाद से संबंधित कोई नोटिस नहीं मिला, जिसके कारण वे न्यायालय में अपना पक्ष और दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। सफीरूल ने बताया कि उन्हें सुनवाई का कोई मौका दिए बिना ही उनके खिलाफ आदेश पारित कर दिया गया। उन्हें आदेश की जानकारी भी समय पर नहीं मिली। सुनवाई का नहीं मिला मौका लगभग 30 दिन बाद संबंधित हल्का कर्मचारी ने उन्हें आदेश की फोटोकॉपी दी। तब तक अपील करने या अन्य कानूनी उपाय करने का समय लगभग खत्म हो चुका था। आवेदन के अनुसार, विवादित जमीन मौजा डुबानयुची, थाना संख्या 30, खाता संख्या 144 और खेसरा संख्या 920 व 922 से जुड़ी है। आवेदक का कहना है कि उनके पास जमीन से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज और सबूत हैं, लेकिन सुनवाई का मौका न मिलने के कारण वे उन्हें न्यायालय में पेश नहीं कर सके। सफीरूल ने यह भी बताया कि 1 सितंबर 2026 को संबंधित हल्का कर्मचारी ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक नोटिस भेजा। इसमें उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। निष्पक्ष सुनवाई का मौका देने की मांग की उनका कहना है कि इससे साफ होता है कि पहले उन्हें पर्याप्त मौका नहीं मिला था। अब वे अपने सभी दस्तावेज और आपत्तियां पेश करना चाहते हैं। आवेदक ने आशंका जताई है कि अगर 30 जुलाई के आदेश को तुरंत लागू किया गया, तो उन्हें बहुत नुकसान हो सकता है। इससे जमीन को लेकर विवाद और कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है। उन्होंने डीएम से मामले के सभी रिकॉर्ड की जांच करने, नोटिस मिलने की सच्चाई पता लगाने, आदेश को लागू करने पर रोक लगाने और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने आदेश की प्रमाणित कॉपी और संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
ट्रंप के करीबी अफसर भी ईरान युद्ध खत्म करने के लिए भिड़े,इस्रायल प्रेम में खत्म नहीं हो पा रहा युद्ध
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आईआरजीसी का दावा: अमेरिकी हमले के जवाब में कुवैत, जॉर्डन और इराक में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तेहरान, 2 सितंबर . ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Wednesday को दावा किया कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी ‘अली अल-सलेम’ एयर बेस, जॉर्डन में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एक सैन्य शिविर और इराक में एक अमेरिकी निगरानी प्रणाली को निशाना बनाकर हमले किए हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी ने ... Read more
ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया
ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया; कई हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट किए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि उसने जॉर्डन में कैंप टाइटन स्थित […] The post ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
270 दिन समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन
करीब नौ महीने तक लगातार समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है। लंबी और थकाऊ तैनाती के बाद पोत पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को अब कुछ दिनों के आराम का मौका मिला है।
कारगिल युद्ध के योद्धा ने की सुसाइड की कोशिश, 24 साल से किस बात से हैं परेशान?
पूर्व सैनिकों के लिए तय नियमों के तहत वे जमीन आवंटन और अन्य सराकारी लाभों की मांग कर रहे थे। उन्होंने उपायुक्त और तहसीलदार कार्यालयों के बाहर कई प्रदर्शन भी किए, लेकिन उनकी समस्याओं का निवारण नहीं हो सका।
दुनिया को कर्ज देने वाला सऊदी अरब अब खुद 8 अरब डॉलर का कर्ज लेने की तैयारी में है। ईरान युद्ध के प्रभाव और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए 'विजन 2030' के लक्ष्यों को पूरा करने हेतु यह कदम उठाया जा रहा है।
कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत गंभीर
कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर के पूर्व कारगिल सैनिक शिवानंद रेड्डी ने जमीन आवंटन की मांग को लेकर जहर खा लिया. जिसकी वजह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. करीब 20 साल से उनकी जमीन का विवाद चल रहा है. पढ़ें पूरी कहानी.
होर्मुज की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच जंग से शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया का बीस फीसदी तेल व्यापार खतरे में है. इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब एक दशक बाद मिस्र पहुंचे हैं. मिस्र के पास स्वेज कैनाल है, जो होर्मुज बाधित होने पर एक अहम वैकल्पिक व्यापारिक रास्ता बन गया है.
'देश में ऐसा गृह युद्ध होता, जिससे देश कभी उबर नहीं पाता': ट्रंप पर हमले को लेकर जेडी वेंस ने क्यों कहा ऐसा? दुनिया के अंत पर भी बोले
ईरान के करीब से हटा लेकिन अमेरिकन युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन ने थाईलैंड में डाला डेरा - Aaj Tak News
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ईरान से हटकर 250 दिन बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकन युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन
250 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती के बाद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है. इस जहाज पर लगभग 5 हजार अमेरिकी सैनिक सवार हैं, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में शामिल थे. थाईलैंड में कुछ समय रुकने के बाद ये सैनिक अमेरिका लौटेंगे. USS George Washington ने अगस्त में इसकी जगह ली थी.
बहराइच के कतर्नियाघाट में तेंदुए के हमले में सो रहे युवक की मौत
बहराइच, एक सितंबर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के एक गांव में मंगलवार तड़के घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे एक युवक पर तेंदुए ने कथित तौर पर हमला किया और उसे उठाकर ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अपूर्व दीक्षित ने बताया कि ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तड़के एक तेंदुआ घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे राम सिंह (28) को उठाकर ले गया। उन्होंने बताया कि सुबह राम सिंह को बिस्तर पर नहीं पाकर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उनकी तलाश में निकले। कुछ देर बाद घर से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में उनका शव मिला। इस घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और मोतीपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए के पगचिह्न भी मिले हैं। डीएफओ ने बताया कि युवक की मौत के बाद प्रभावित परिवार को तत्काल 10,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव के हमले में मौत के मामले में शासन से अनुमन्य पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दिलाने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। दीक्षित ने बताया कि पिछले करीब छह सप्ताह के दौरान कतर्नियाघाट क्षेत्र में पिंजरे लगाकर नौ तेंदुओं को पकड़ा गया और उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक वास स्थलों में छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार तड़के हुई इस घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है और इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही पिंजरा स्थापित कर दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने तथा बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न जाने देने की अपील की है।
डोनबास पर कब्जे के बिना यूक्रेन युद्ध खत्म करने से डरते हैं पुतिन? वीडियो में बोले- ‘वे मुझे फांसी पर लटका देंगे’
पश्चिम एशिया में जारी छद्म युद्ध अब पूरी तरह से प्रत्यक्ष और विनाशकारी सैन्य टकराव में बदल चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाकर भीषण मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं। इस भीषण आक्रामकता के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और वायुसेना ने पलटवार करते हुए तेहरान के रणनीतिक केंद्रों, रडार स्टेशनों, कमांड बेस और हथियार डिपो सहित 10 से अधिक महत्वपूर्ण ठिकानों पर पिन-पॉइंट मिसाइल स्ट्राइक कर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। दोनों देशों के बीच हुए इस आमने-सामने के मिसाइल युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।ईरान का चौतरफा हमला: जॉर्डन से लेकर इराक तक गूंजे धमाकेईरानी सेना और आईआरजीसी ने पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य ढांचे को पंगु बनाने के उद्देश्य से एक समन्वित ऑपरेशन शुरू किया:जॉर्डन (प्रिंस हसन और कैंप टिटिन): ईरान ने जॉर्डन की सीमा में मौजूद अमेरिकी मरीन कैंप और प्रिंस हसन एयरबेस की ओर 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 10 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जबकि 3 मिसाइलें आबादी से दूर गिरीं। आईआरजीसी ने दावा किया है कि इस हमले में एमक्यू-9 और आरक्यू-4 ड्रोन्स के हैंगर्स को भारी क्षति पहुंची है।कुवैत और बहरीन में सायरन और ड्रोन अटैक: कुवैत में मौजूद अमेरिकी बेस और बहरीन के 'शेख ईसा एयरबेस' तथा अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के निकटवर्ती निगरानी केंद्रों पर कामिकेज ड्रोन्स से हमला किया गया। कुवैती वायुसेना ने कई ड्रोन्स को मार गिराया, हालांकि मलबे गिरने से तटीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।इराक (इरबिल बेस): उत्तरी इराक के इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के करीब स्थित सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी गईं, जहां टेक्निकल इक्विपमेंट वेयरहाउस और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया गया।अमेरिका का भीषण पलटवार: तेहरान और तटीय सैन्य ठिकानों पर बमबारीईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों के चंद घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने आक्रामक जवाबी ऑपरेशन शुरू किया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों से दागी गई सटीक क्रूज मिसाइलों ने राजधानी तेहरान और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित ईरानी सैन्य तंत्र के 10 प्रमुख ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया:कमांड और अर्ली वार्निंग रडार साइट्स: तेहरान के बाहरी इलाकों में स्थित आईआरजीसी के एयर डिफेंस नेटवर्क और प्रारंभिक चेतावनी देने वाले मुख्य रडार केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया।ड्रोन व मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स: पश्चिमी और दक्षिणी ईरान में स्थित उन भूमिगत बंकरों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया, जहां से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें फायर की गई थीं।तटीय नौसैनिक क्षमताएं: बंदर अब्बास और लारक द्वीप के निकट मौजूद उन समुद्री एसेट्स, माइन-लेइंग बोट्स और संचार केंद्रों को तबाह किया गया जो होर्मुज जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।राष्ट्रपति ट्रंप का अल्टीमेटम: 'ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए तेहरान के शासन को अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैनिकों, सहयोगी देशों या अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नागरिक जहाजों पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका ऐसा कड़ा प्रहार करेगा कि ईरान के पास खुद का अस्तित्व बचाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने क्षेत्र में अपनी मिसाइल डिफेंस शील्ड (THAAD और पैट्रियट सिस्टम) को 100% एक्टिवेट कर दिया है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में हाहाकार और एयरस्पेस बंदअमेरिका और ईरान के सीधे युद्ध में उतरने का असर तुरंत वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले नागरिक विमानों के रूट्स को तत्काल प्रभाव से डायवर्ट कर दिया गया है। एयरलाइंस ने कुवैत, इराक और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं। वहीं, तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम तेजी से उछलकर रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों ने दोनों देशों से संयम की अपील की है, लेकिन जिस तरह से दोनों ओर से मिसाइलों की बौछार हो रही है, उससे पश्चिम एशिया में एक पूर्णकालिक महायुद्ध का खतरा वास्तविक हो चुका है।
4 देशों में रातभर मिसाइल अटैक से दहला मिडिल ईस्ट, मुजतबा ने ट्रंप सरकार को दे दी नई धमकी
अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान में कई ठिकानों पर बमबारी जारी रखी. वहीं जवाबी कार्रवाई में IRGC ने ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया.
ईरान पर अमेरिकी हमले से मचा हड़कंप, होर्मुज पर बढ़ा युद्ध का खतरा; जानिए इस पूरे घटनाक्रम की 10 बड़ी बातें
'हम जीत रहे हैं जंग, आतंकियों...': यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का सख्त रुख
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन युद्ध में रूस जीत रहा है और रूसी सेना की बढ़त तेज हो रही है. उन्होंने यूक्रेनी नेतृत्व को आतंकवादी बताते हुए बातचीत से इनकार किया, लेकिन युद्ध खत्म करने के लिए वार्ता की इच्छा जताई.
पश्चिम एशिया में जारी नाजुक शांति एक बार फिर पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमान मुख्यालयों और रॉकेट लॉन्च पैड्स पर किए गए भारी हवाई हमलों के चंद घंटों के भीतर ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी सेना ने जॉर्डन, इराक और खाड़ी क्षेत्र के कई अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाते हुए दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और कामिकेज ड्रोन दागे हैं। दोनों देशों के बीच हुए इस सीधे और विध्वंसक टकराव के बाद पूरा मध्य पूर्व एक भीषण क्षेत्रीय युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है।जॉर्डन, इराक और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशानाईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह 'निर्णायक' पलटवार अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में किया गया है:जॉर्डन (अकाबा और प्रिंस हसन एयरबेस): ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मरीन बेस 'कैंप टिटिन' और 'प्रिंस हसन एयरबेस' की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 10 से अधिक मिसाइलों को मार गिराया, जबकि कुछ मिसाइलों के मलबे से धमाके सुने गए।इराक (इरबिल एयरबेस): उत्तरी इराक के इरबिल में अमेरिकी सैन्य बेस और वाणिज्य दूतावास के निकटवर्ती इलाकों में ड्रोन और रॉकेट हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरानी पक्ष ने दावा किया है कि इस हमले में मेंटेनेंस सेंटर और निगरानी उपकरणों को नुकसान पहुंचा है।बहरीन व कुवैत को खुली चेतावनी: ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी जारी करते हुए बहरीन के शेख ईसा एयरबेस सहित अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एसेट्स पर भी हमलों की बात कही है, जिसके बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियां रेड अलर्ट पर हैं।कैसे भड़का यह नया टकराव: होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों का विवादइस ताजा सैन्य तनाव की शुरुआत रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आरोप है कि ईरानी बल समुद्री जलमार्ग में बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने और वाणिज्यिक मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने ईरान के लारक द्वीप और तटीय इलाकों में IRGC के रडार, हथियार डिपो और मिसाइल बैटरियों पर पिन-पॉइंट स्ट्राइक्स की थीं।राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी: 'ईरान का अस्तित्व मिट जाएगा'अमेरिकी सेंट्रल कमांड और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए ईरान को किसी भी बड़े दुस्साहस के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी सैनिकों, संपत्तियों या अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका का अगला जवाब ऐसा होगा कि 'ईरान के पास खोने के लिए कुछ नहीं बचेगा'। अमेरिका ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की रक्षा के लिए वह हर जरूरी सैन्य कदम उठाएगा।कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक बाजार में हड़कंपहोर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल युद्ध शुरू होते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी दहशत फैल गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक उछलकर $92 प्रति बैरल के पार निकल गईं। शिपिंग कंपनियों ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले टैंकरों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और ईंधन संकट का खतरा गहरा गया है।संयुक्त राष्ट्र की अपील और वैश्विक शक्तियों की चिंतादोनों परमाणु-सक्षम और सैन्य शक्तियों के बीच सीधे टकराव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक नेताओं ने दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मिसाइल वार-पलटवार तुरंत नहीं रुका, तो इसमें इजरायल, यमन के हूती विद्रोही और अन्य प्रॉक्सी संगठन भी खुलकर शामिल हो सकते हैं, जिससे संपूर्ण पश्चिम एशिया एक भीषण महायुद्ध की चपेट में आ जाएगा। फिलहाल पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बल, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम्स को 'कॉम्बैट रेडी' यानी सर्वोच्च युद्धक स्तर पर तैनात कर दिया गया है।
मिडिल ईस्ट में वार 2.0... US-ईरान फिर भिड़े; कुवैत, बहरीन से जॉर्डन तक 4 देश दहल उठे
US-Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की खामोशी के बाद जंग फिर शुरू हो गई है. अमेरिका ने होर्मुज के पास IRGC के ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस और मरीन बेस पर मिसाइलें दागीं, बहरीन में ड्रोन हमला किया और कुवैत में भी हमले हुए. जॉर्डन ने 13 में से 10 मिसाइलें रोकीं. IRGC के बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारने के दावे को अमेरिका ने झूठा बताया.
9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान की जंग में 7000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की गई जान, क्या हासिल हुआ?
Sonipat News: दूसरे विश्व युद्ध के विरोध में निकाला शांति मार्च
Peace march held in opposition to the Second World War.
मोदी ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने की अपील क्यों की, क्या वो सुनेंगे उनकी बात? - BBC
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मोदी ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने की अपील क्यों की, क्या वो सुनेंगे उनकी बात?
दिल्ली और मॉस्को में मौजूद बीबीसी के संवाददाताओं ने इस बात की पड़ताल की है कि भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने रूसी सहयोगी से सार्वजनिक रूप से शांति की अपील क्यों की और क्या होगा इसका असर?
भविष्य के युद्धों के लिए नवाचार व सिविल-मिलिट्री फ्यूजन पर जोर: संजय सेठ
New Delhi, 1 सितंबर . New Delhi के मानेकशॉ सेंटर में सेंटर फॉर ज्वाइंट वॉरफेयर स्टडीज (सीईएनजेडेडब्ल्यूएस) की ओर से ‘ट्राइडेंट व्याख्यान’ आयोजित किया गया. इस वर्ष व्याख्यान का विषय ‘राष्ट्र निर्माण में अगली पीढ़ी की क्षमता का इस्तेमाल’ था. दरअसल विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि भविष्य की लड़ाइयां सिर्फ सीमा पर हथियारों से ... Read more
दुनिया को कर्ज बांटने वाले सऊदी अरब को क्या हुआ? क्राउन प्रिंस को चाहिए खरबों का लोन
ईरान युद्ध ने सऊदी अरब की कमर तोड़ दी है. तेल से होने वाली कमाई कम हो गई है और प्रिंस सलमान को विजन 2030 पूरा करने के लिए भारी-भरकम कर्ज लेना पड़ रहा है. सऊदी अरब अपनी इकोनॉमी को तेल से हटाकर दूसरे क्षेत्रों में ले जाना चाहता है, इसके लिए उसे अरबों डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं.
अरब देशों पर मंडराया सूखा और भुखमरी का खतरा! UN की रिपोर्ट ने बढ़ाई मिडिल ईस्ट की धड़कनें
अरब देशों पर मंडराया सूखा और भुखमरी का खतरा! UN की रिपोर्ट ने बढ़ाई मिडिल ईस्ट की धड़कनें
कारगिल युद्ध के समय 1 साल के थे अभय वर्मा, बोले-कभी नहीं सोचा था एयरफोर्स ऑफिसर का रोल करूंगा
Mumbai , 1 सितंबर . Actor अभय वर्मा वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में विंग कमांडर राजपाल ढालीवाल के रोल में नजर आ रहे हैं. Actor ने बताया कि उन्हें कभी अंदाजा भी नहीं था कि उन्हें कभी इस सीरीज का हिस्सा बनने और इंडियन एयरफोर्स का अफसर बनने का मौका मिलेगा. Actor ने के ... Read more
Rajat Sharma's Blog: मोदी ने पुतिन से क्यों कहा, “अंतहीन युद्ध नहीं, युद्ध का अंत”?
भारत ने हमेशा से दुनिया को शांति का संदेश दिया है लेकिन आज की दुनिया में शांति की बात सुनने वाले कम हो गए हैं। दो हफ्ते बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आएंगे।
एससीओ समिट में राष्ट्रपति पुतिन ने दिलाई द्वितीय विश्व युद्ध की याद
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध की याद दिला दी। उन्होंने 1 सितंबर की तारीख से जुड़े संयोग का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने एससीओ के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। पुतिन के अनुसार एससीओ दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन गया है।
छात्रों की गूंज, शुद्धिकरण पर युद्ध... उत्तराखंड को प्रयोगशाला बना रही कांग्रेस?
उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने युवाओं और दलितों को साधने की नई आक्रामक रणनीति अपनाई है.'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद अब हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद को 'दलित स्वाभिमान' का मुद्दा बनाकर पार्टी राज्य को अपनी नई सियासी प्रयोगशाला बनाती नजर आ रही है.,
युद्ध के मैदान में 51 नागरिकों की मौत, 139 को किया गया डिस्चार्ज; विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और कूटनीतिक गलियारों से इस वक्त देश के नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आ रही है। रूस की सेना में धोखे से या अनुबंध के तहत शामिल किए गए भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, रूसी सेना के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध मोर्चे पर तैनात किए गए कुल 51 भारतीय नागरिकों की अब तक दुखद मौत हो चुकी है। इसके अलावा, भारत सरकार के निरंतर और कड़े कूटनीतिक प्रयासों के बाद इनमें से 139 नागरिकों को रूसी सेना से सुरक्षित डिस्चार्ज करा लिया गया है और उन्हें वापस स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी की गई है या वे लौट आए हैं। इस संवेदनशील मामले ने देश भर में चिंता की लहर पैदा कर दी है, क्योंकि रोजगार की तलाश में विदेश गए भोले-भाले युवाओं को युद्ध के मुहाने पर धकेलने का यह पूरा मामला बेहद गंभीर रूप ले चुका है। आइए इस पूरे घटनाक्रम, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान और इसके कूटनीतिक आयामों को विस्तार से समझते हैं।कैसे जालसाजी का शिकार बने भारतीय युवा और रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसेयह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब देश के अलग-अलग राज्यों से कई युवाओं ने सोशल मीडिया और अपने परिवारों के जरिए यह गुहार लगाई कि उन्हें रूस में अच्छी तनख्वाह वाली सुरक्षा नौकरियों या सहायक कार्यों का झांसा देकर बुलाया गया था। मॉस्को पहुंचने के बाद एजेंटों और ट्रेवल माफियाओं ने कथित तौर पर उनके पासपोर्ट और कागजात अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें बलपूर्वक रूसी सेना के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर दिया। इन युवाओं को बिना किसी युद्ध कौशल या पर्याप्त सैन्य प्रशिक्षण के सीधे रूस-यूक्रेन युद्ध के खतरनाक मोर्चों पर भेज दिया गया, जहां गोलाबारी और हमलों के बीच कई जवान असमय काल के गाल में समा गए। जैसे ही इस धोखाधड़ी और जबरन भर्ती के मामले भारतीय मीडिया और परिवारों के सामने आए, सरकार पर भारी दबाव बना कि वह रूसी प्रशासन के साथ उच्च स्तर पर इस मुद्दे को उठाए और वहां फंसे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।विदेश मंत्रालय की सख्त कार्रवाई और 139 नागरिकों का सफल डिस्चार्जमामले की गंभीरता को समझते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और मास्को स्थित भारतीय दूतावास ने बेहद आक्रामक और सक्रिय कूटनीति का परिचय दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और उच्च अधिकारियों ने लगातार रूसी समकक्षों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के सामने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। भारत की तरफ से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि रूसी सेना में सेवारत किसी भी भारतीय नागरिक को जबरन युद्ध में रखना द्विपक्षीय संबंधों के अनुकूल नहीं है। इन निरंतर कूटनीतिक वार्ताओं और बैठकों का ही परिणाम रहा कि रूस ने भारतीय पक्ष की बात को गंभीरता से लेते हुए अनुबंध समाप्त किए और अब तक कुल 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से आधिकारिक रूप से डिस्चार्ज कर दिया है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जो नागरिक सुरक्षित लौट आए हैं, उनके पुनर्वास और एजेंटों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए सीबीआई तथा अन्य जांच एजेंसियां देश भर में बड़े पैमाने पर छापेमारी और कार्रवाई कर रही हैं ताकि मानव तस्करी करने वाले इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।युद्ध के मैदान में जान गंवाने वाले 51 भारतीयों के परिवारों के लिए सहायता और सरकार का रुखइस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि रूसी सेना की तरफ से लड़ते हुए या वहां हुए हमलों में कम से कम 51 भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी है। विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि सरकार मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास रूसी प्रशासन के संपर्क में है ताकि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और बीमा राशि का भुगतान समय पर मिल सके। भारत सरकार ने देश के सभी नागरिकों के लिए एक बार फिर कड़ी एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया या अनधिकृत एजेंटों के माध्यम से रूस या अन्य संघर्षग्रस्त देशों में मिलने वाली संदिग्ध नौकरियों के झांसे में बिल्कुल न आएं। विदेश मंत्रालय के इस कड़े और पारदर्शी रुख ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया के किसी भी कोने में यदि कोई भारतीय संकट में फंसता है, तो देश की सरकार उसकी सुरक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी है।
न्यूयॉर्क, 1 सितंबर . अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला उन्होंने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय चल रहे मतभेदों के कारण लिया है. रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ड्रिस्कॉल ने Monday को President डोनाल्ड ... Read more
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा गलियारों से इस वक्त एक बहुत बड़ी और चौकाने वाली खबर सामने आ रही है। तुर्की के इस्तांबुल शहर में हुए एक उच्चस्तरीय सामरिक सम्मेलन के दौरान मुस्लिम देशों के बीच बने नए रक्षा समीकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख और रक्षा बल प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर इस समय तुर्की के दौरे पर हैं, जहां उन्हें 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' (Mecca Joint Defense Agreement) के तहत बनने वाले सामान्य सचिवालय की कमान अगले तीन साल के लिए सौंप दी गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, और भारत की सामरिक सुरक्षा एजेंसियों की भी इस पर पैनी नजर बनी हुई है। आइए इस पूरे समझौते, तुर्की में हुए निर्णयों और भारत के लिहाज से इसके कूटनीतिक मायनों को विस्तार से समझते हैं।क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता और क्यों हो रही है इसकी चर्चाहाल ही में सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में ऐतिहासिक रूप से तीन प्रमुख देशों—सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते को रक्षा विशेषज्ञों द्वारा अनौपचारिक रूप से 'इस्लामिक नाटो' की तर्ज पर देखा जा रहा है। इस रक्षा पैक्ट का मुख्य प्रावधान यह है कि यदि गठबंधन में शामिल किसी भी एक देश पर बाहरी हमला या आक्रमण होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और सभी मिलकर उसका जवाब देंगे। इस सुरक्षा ढांचे के तहत सऊदी अरब की बेहिसाब आर्थिक ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन और मिसाइल रक्षा तकनीक तथा पाकिस्तान की सैन्य और पारंपरिक युद्ध क्षमता का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिवेश में इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सैन्य सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।तुर्की में हुई पहली रणनीतिक बैठक और पाकिस्तान को मिली कमानइस्तांबुल में आयोजित मक्का संयुक्त रक्षा समझौते से जुड़ी रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली आधिकारिक बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष नेता और मंत्री शामिल हुए। इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इसाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने संयुक्त रूप से भाग लिया। विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया कि सऊदी अरब में स्थापित होने वाले इस संयुक्त रक्षा संगठन के जनरल सेक्रेटेरियट (सामान्य सचिवालय) का नेतृत्व शुरुआती तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान के पास रहेगा। इस पद के मिलने से पाकिस्तान वैश्विक मंच पर खुद को पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के बीच एक प्रमुख सैन्य धुरी के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुट गया है। इसके अलावा, इस बैठक में रक्षा विनिर्माण, एडवांस्ड मिलिट्री हार्डवेयर के साझा विकास और सैन्य साजो-सामान के तकनीक हस्तांतरण पर भी गंभीर चर्चा की गई है।भारत के लिए इस नए रक्षा समीकरण के क्या हैं सामरिक मायनेतुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के इस त्रि-कोणीय सैन्य गठबंधन और असीम मुनीर के हाथ में आई कमान को लेकर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस संगठन के जरिए अपनी रक्षा उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर वित्तीय मदद हासिल करने की फिराक में है। साथ ही, इस समझौते का दायरा बढ़ाने के लिए बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को भी इसमें शामिल करने की सुगबुगाहट चल रही है, जो भारत के सामरिक हितों के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, तुर्की और अन्य सदस्य देशों का दावा है कि यह पैक्ट किसी भी देश के खिलाफ आक्रामक नहीं बल्कि आत्मरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के सिद्धांतों पर आधारित है। इसके बावजूद, भारत अपनी सीमाओं और सामरिक सुरक्षा पर पड़ने वाले हर एक छोटे-बड़े असर को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है और हर गतिविधि पर करीबी नजर रख रहा है।
युद्ध के मैदान से खतरनाक जंगलों तक कायम रही इस शख्स और कुत्ते की दोस्ती, 25 सितंबर को रिलीज होगी बेजुबान की वफादारी की धांसू कहानी.
एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 लाइव: पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलाया हाथ, आज दुनिया को देंगे संदेश----SCO Summit 2026 LIVE: PM Modi in Bishkek, Xi Jinping Vladimir Putin Among Key Leaders Speech Updates in Hindi
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत ग्रोथ से देश खुशियों से भर गया है। मैं देशवासियों को उनके संकल्प शक्ति, पुरुषार्थ के लिए बधाई देता हूं। यह एक सामुहिक शक्ति का प्रतिबिंब है।
New Delhi, 1 सितंबर . वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई दी. उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत ग्रोथ से देश खुशियों से भर गया है. मैं देशवासियों को उनके संकल्प शक्ति, पुरुषार्थ के लिए बधाई देता हूं. ... Read more
नेपाल बाढ़ क्षेत्र में फंसने के बाद घर लौटीं टीवी एक्ट्रेस. एयरपोर्ट पर पति और बेटी को देखते ही हुई भावुक. आंखों से झर झर बहने लगे आंसू.
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का शिखर सम्मेलन चल रहा है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों मुलाकातों में युद्ध और क्षेत्रीय अशांति के मुद्दे प्रमुख रहे। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से इस […]
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Unnao News: केला दौड़ में अर्पिता और गुब्बारा युद्ध में सौम्या अव्वल
केला दौड़ में अर्पिता और गुब्बारा युद्ध में सौम्या अव्वल
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
सांबा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे बदबू फैल रही है और दुकानदार व आम लोग परेशान हैं। कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को पूरा होने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़े हैं।
धनबाद के कतरास में धरती फटी, 30 फीट गहरे गोफ में समाई भैंस; ग्रामीणों में दहशत
Katras Land Subsidence:धनबाद के कतरास में सोमवार को जोरदार आवाज के साथ धरती धंस गई और एक बड़ा गोफ बन गया, जिसमें एक भैंस गिर गई।
धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र के लकड़का छह नंबर चाणक के समीप सोमवार को अचानक जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गयी। एक घर के बगल में देखते ही देखते गहरा गोफ बन गया। वहां मौजूद एक मवेशी उसमें जा गिरा। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गयी। स्थानीय लोगों ने मवेशी को गोफ से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। घर के ठीक बगल में जमीन धंसने की घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। बारिश के बीच भू-धसान से बढ़ी लोगों की चिंता स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहले से ही जमीन धंसने का खतरा बना हुआ था। सोमवार को अचानक जमीन धंसने और गहरा गोफ बन जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गयी है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आसपास के घरों और लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। घटना के बाद स्थानीय लोग घरों के आसपास जमीन की स्थिति को लेकर भी सतर्क हो गये हैं। बीसीसीएल के अधिकारी के नहीं पहुंचने से नाराजगी स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अब तक बीसीसीएल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जमीन धंसने की स्थिति का आकलन कर आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाये जाने चाहिए। साथ ही, बने हुए गोफ को सुरक्षित तरीके से भरने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। कोलियरी इलाकों में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं गौरतलब है कि धनबाद जिले में लगातार बारिश के बीच कोलियरी परियोजना क्षेत्रों के आसपास भू-धसान और गोफ बनने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद, सलेक्टेड गोविंदपुर और काजूबागान में भी जमीन धंसने और गोफ बनने की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से कोलियरी क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन धंसने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बीसीसीएल और प्रशासन को सुरक्षा के स्थायी उपाय करने चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली संयुक्त रक्षा बैठक आज, इस्तांबुल में जुटेंगे विदेश-रक्षा मंत्री और सैन्य प्रमुख
कोटा कांग्रेस में नगर निगम चुनाव में टिकटों को लेकर अधिकतर नामों पर सहमति बन गई है, लेकिन 8-10 वार्डों पर अभी भी संशय बना हुआ है। जयपुर में रविवार को देर रात तक चली मीटिंग के बाद नामों पर सहमति बनी। यह बैठक देर रात तक अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई। प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान की अध्यक्षता में हुई इस मैराथन बैठक में कोटा के दोनों जिलाध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों ने भाग लिया। बैठक के बाद बनी नामों पर सहमति सुबह सबसे पहले कांग्रेस वॉर रूम में मीटिंग का दौर चला। बैठक के दौरान कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं के बड़े नेताओं से वार्डवार उम्मीदवारों के पैनल जमा कराए गए। संगठन ने रणनीति के तहत जिन वार्डों के पैनल में सिंगल नाम या सर्वसम्मत नाम थे, उन्हें बिना किसी विवाद के सबसे पहले फाइनल कर दिया। इसके बाद विवादित और बहु-दावेदारों वाले वार्डों पर एक-एक कर चर्चा की गई। कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले वार्डों के टिकट खुद तय करने की बात कही। इस पर प्रदेश संगठन व हाईकमान ने प्रस्ताव दिया कि कुछ वार्डों के टिकट लोकसभा क्षेत्र के जातीय एवं राजनीतिक समीकरणों के आधार पर बांटे जाएं। हालांकि, स्थानीय नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से ही टिकट बंटवारे की मांग पर अड़े रहे। घंटों चली समझाइश के बाद अधिकांश सीटों पर सहमति बन गई, लेकिन लगभग 8 से 10 वार्डों में देर रात तक अंतिम नाम पर संशय बना रहा। सीधे कोटा पहुंचेंगे सिंबल जयपुर में मीटिंग खत्म होने के बाद अब प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान सोमवार सुबह सीधे कोटा पहुंचकर प्रत्याशियों को सिंबल सौंपेंगी। वहीं जिन दावेदारों के नाम तय हो चुके हैं, उन्हें संबंधित विधानसभा के विधायक वरिष्ठ नेता फोन कर जानकारी दे रहे हैं। अंतिम समय में टिकट कटने से नाराज होकर निर्दलीय पर्चा भरने वाले कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए भी वरिष्ठ नेताओं की टीमें तैनात की गई हैं।
भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड हुआ सुपर सैनिक लड़ाकू विमान मिग-21 को वार ट्रॉफी के रूप में पब्लिक पार्क में स्थापित करने की योजना है। भारत-पाक युद्ध 1971 में दुश्मन को मात देने वाले इस विमान के शौर्य की गाथा भी बच्चे और युवा जान सकेंगे। राज्य के अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट (यूडीएच) ने बीडीए से मिग-21 को स्थापित करने के लिए दो स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव मंगवाए हैं। विमान तैनात करने के लिए पब्लिक पार्क स्थित गोमुख पार्क को प्राथमिकता दी गई है। यह पार्क ऐसे स्थान पर है जहां पूरे दिन लोगों का आवागमन रहता है। पास ही टॉय ट्रेन पार्क है, जहां बच्चे खेलने और मनोरंजन के लिए आते हैं। उसके ठीक सामने पाक से जीता हुआ बैटल टैंक तैनात है। दूसरा स्थान वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ बताया गया है। वहां भी सुबह और शाम को बड़ी संख्या में लोग भ्रमण और व्यायाम के लिए आते हैं। इसी लोकेशन में शहीद मेजर पूर्ण सिंह और शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी का स्मारक भी है। हालांकि चंद्र चौधरी स्मारक पर पहले से ही वार ट्रॉफी के रूप में ट्रेनी विमान खड़ा है। इसलिए गोमुख में मिग-21 तैनात करने पर विचार किया जा रहा है। ^मिग-21 को वार ट्रॉफी के रूप में पब्लिक पार्क में स्थापित करने की योजना सराहनीय है। इससे युवाओं और विद्यार्थियों को सेना में करियर चुनने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इसकी शौर्य गाथा के बारे में लोग जान सकेंगे। हेम सिंह शेखावत, रिटायर्ड कर्नल, अध्यक्ष, गौरव सेनानी एसोसिएशन बिग्गाबास में मिग-21 बाइसन जल्दी ही तैनात होगा : श्रीडूंगरगढ़ तहसील के बिग्गाबास रामसरा में मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान जल्दी ही तैनात कर दिया जाएगा। इसकी एसेंबलिंग का काम पूरा हो चुका है। शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष सीताराम सियाग ने बताया कि गांव के स्टेडियम में शहीद के स्मारक के पास ही मिग रखा जाएगा। इससे पूर्व 2019 में म्यूजियम तिराहे पर एक विमान वार ट्रॉफी के रूप में स्थापित किया गया था। कैप्टन चौधरी की याद में दो टैंक भी रखे जा चुके हैं। इसके अलावा जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय के बाहर भी एक टैंक स्थापित है। नाल एयरबेस से गहरा नाता: 1971 में यहीं से उड़कर, पाक को चटाई थी धूल मिग-21 का बीकानेर की माटी से बेहद अटूट और ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। बीकानेर का नाल एयरबेस भारतीय वायुसेना की अंतिम मिग-21 बाइसन स्क्वाड्रन—नंबर 3 ‘कोबरा’ और नंबर 23 ‘पैंथर्स’ (कुल 36 विमान) का मुख्य घर रहा है। ऐतिहासिक प्रहार: 1971 के भारत-पाक युद्ध में इसी मिग-21 ने नाल एयरबेस से गर्जना करते हुए उड़ान भरी थी और सीमा पार दुश्मन के ठिकाने तबाह किए थे। अंतिम विदाई भी यहां से मिली: 60 के दशक में वायुसेना में शामिल हुए इस जांबाज फाइटर जेट ने बीते वर्ष सितंबर में नाल एयरबेस से अपनी ऐतिहासिक अंतिम उड़ान भरी थी।
Maharajganj News: सऊदी अरब भेजने के नाम पर दो युवकों से 1.45 लाख रुपये ठगे, प्राथमिकी दर्ज
FIR registered after two youths were duped of 1.45 lakh on the pretext of sending them to Saudi Arabia.
Kurukshetra News: किसी वाहन की ट्यूब कटी मिली तो किसी से कई पार्ट ही गायब, अधिकतर वाहन मिले खस्ताहाल
किसी वाहन की ट्यूब कटी मिली तो किसी से कई पार्ट ही गायब, अधिकतर वाहन मिले खस्ताहाल
मुरादाबाद के छजलैट क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। रविवार को सदरपुर मतलबपुर गांव में एक तेंदुआ खेत में घुसता हुआ देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीण और किसान खेतों पर अकेले जाने से डर रहे हैं, उन्होंने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे की है। ग्रामीण जब खेतों की ओर जा रहे थे, तभी मुकेश नामक किसान के खेत में एक विशालकाय तेंदुआ घुसता हुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखते ही ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद तेंदुआ गन्ने के घने खेतों में ओझल हो गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई देने की सूचनाएं मिल रही हैं। चूंकि यह इलाका गन्ना बेल्ट में आता है, इसलिए तेंदुए को छिपने के लिए सुरक्षित जगह मिल जाती है। खेतों में तेंदुए की मौजूदगी के चलते किसान अब अकेले खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे फसलों की सिंचाई और देखभाल का काम भी प्रभावित हो रहा है। तेंदुए के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया है। उन्होंने इलाके में कॉम्बिंग बढ़ाने, गांव के आसपास पिंजरे लगाने और तेंदुए को जल्द से जल्द रेस्क्यू करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर सीरिया की एक डॉक्टर से दोस्ती करना रिटायर्ड प्रिंसिपल को भारी पड़ गया। महिला ने युद्ध की बात कहते हुए इंडिया आने की बात कही और दिल्ली में कस्टम द्वारा रोके जाने का जाल बिछाकर उनसे लाखों रुपए ठग लिए। शिकायत पर आजाद नगर पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज किया। अब पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबर की डिटेल निकाल रही है। आजाद नगर टीआई लोकेश भदौरिया के मुताबिक शनिवार को शाहिन नगर में रहने वाले डॉ.अयाज कुरैशी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। वे एक रिटायर्ड प्रिंसिपल है। जिनके साथ 6 लाख 11 हजार रुपए की ठगी हुई है। टीआई के मुताबिक डॉ.अयाज कुरैशी की 1 मई 2026 को फेसबुक पर सीरिया की डॉ.आयशा खान से दोस्ती हुई। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद उनके बीच बातचीत होती रही। महिला ने बताया कि वह सिरिया में रहती है और डॉक्टर है। आयशा ने सिरिया में युद्ध होने और इंडिया शिफ्ट होने की बात कहीं। कुछ दिनों उसने बताया कि वह दिल्ली आ गई है, लेकिन मेडिकल इक्यूपमेंट्स व अन्य सामान कस्टम ने पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती, शुरू हुआ ठगी का खेल सोशल मीडिया पर दोस्ती करने के बाद इस तरह महिला ने ठगी का जाल बिछाया और फरियादी को उस जाल में फंसाया। इस बीच बदमाशों ने फरियादी से कस्टम अधिकारी और आरबीआई अधिकारी बनकर बात की और महिला का सामान जब्त होने की कहानी बताई। इसके बाद सामान छुड़ाने के लिए पैसों की डिमांड करने लगे। जिसके बाद बदमाशों ने अलग-अलग कर फरियादी से 6 लाख 11 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में जब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है, इस पर उन्होंने पूरे मामले की शिकायत साइबर सेल में की, जिसके बाद मामला आजाद नगर थाने पहुंचा। शनिवार को पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस कर रही मामले की जांच मामले में टीआई भदौरिया का कहना है कि फरियादी से मिले बैंक खाते और नंबरों की साइबर के माध्यम से डिटेल निकलवाई जा रही है। आरोपियों द्वारा 25 हजार, 49 हजार, 47 हजार और 4 लाख 90 हजार इस पर प्रकार 6 लाख 11 हजार रुपए की ठगी कर दी। आरोपियों द्वारा जब बार-बार पैसों की डिमांड की जा रही थी, तो उन्हें समझ आ गया था कि उनके साथ ठगी हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गाजीपुर के जखनिया तहसील क्षेत्र के अलीपुर मदरा ग्राम सभा के नवपुरा गांव निवासी विनोद यादव(36) की सऊदी अरब में गोली मारकर हत्या कर दी गई। कंपनी में वेतन विवाद के चलते यह घटना हुई। 48 दिन बाद शनिवार शाम उनका शव ताबूत में बंद होकर पैतृक गांव पहुंचा, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। मृतक विनोद यादव के भाई प्रमोद यादव भी उसी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को बताया कि जिस कंपनी में दोनों भाई काम करते थे, वहां वेतन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते रात में विनोद यादव के कमरे में मौजूद तीन लोगों ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। देखें, 3 तस्वीरें… घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। शव को भारत लाने के लिए गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी ने दूतावास को पत्र लिखकर जल्द शव भिजवाने और न्याय दिलाने की मांग की थी। आखिरकार 48 दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे हवाई जहाज से शव लखनऊ पहुंचा। वहां से एंबुलेंस के जरिए शव उनके गांव लाया गया। ताबूत गांव पहुंचते ही भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम हो गईं। विनोद यादव अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी कुसुम देवी, दो बेटियां, एक पुत्र और उनकी माता मेवाती देवी हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार शाम गाजीपुर श्मशान घाट पर विनोद यादव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूर्व एमएलए त्रिवेणी राम, अवधेश यादव, देवनारायण सिंह, अखिलेश यादव, संतोष यादव, समाजसेवी अशोक यादव, रामजी कुशवाहा, धर्मवीर भारद्वाज, मनोज यादव, उदय यादव और राम लखन यादव सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अमृतसर में पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस और प्रशासन की टीम ने नशा तस्करी के आरोपी जतिंदर पाल सिंह सोनी के घर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अमृतसर के डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि जतिंदर पाल सिंह सोनी के खिलाफ कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें से 7 मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे से जुड़े हुए हैं, जबकि एक मामला जेल नियमों के उल्लंघन से संबंधित है। डीसीपी के मुताबिक आरोपी फिलहाल जेल से बाहर है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। डीसीपी संधू ने बताया कि नगर निगम की ओर से संबंधित मकान में की गई अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में निर्माण संबंधी कार्रवाई के लिए समय भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद आज प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ पंजाब सरकार की मुहिम आगे भी जारी रहेगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से नशा तस्करों की संपत्तियों और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण की भी जांच की जा रही है। जहां भी अवैध निर्माण पाया जाएगा, वहां कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। नशे से जुड़े 1312 मुकदमे दर्ज, 2150 आरोपी अब तक गिरफ्तार डीसीपी ने बताया कि अमृतसर में इस साल अब तक नशे से जुड़े मामलों में 1312 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 2150 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा करीब 137 किलो हेरोइन और 76 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। घर में बनाए गए जिम और अन्य निर्माण को लेकर भी उन्होंने कहा कि आरोपी की दूसरी संपत्तियों की जांच की जा रही है। अगर कहीं भी अवैध निर्माण पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
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Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
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Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
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Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
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Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
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Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
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Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
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Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
आज ही के दिन यानी की 18 अगस्त को पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्म हुआ था। वह एक बेहतरीन घुड़सवार, कुशल तलवारबाजी और कमाल के सेनापति थे। बाजीराव प्रथम युद्ध में माहिर थे। उन्होंने मुगलों की कमर तोड़ दी थी। बाजीराव प्रथम अपनी जिंदगी में एक भी युद्ध नहीं हारे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पेशवा बाजीराव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार 18 अगस्त 1700 को पेशवा बाजीराव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम बालाजी विश्वनाथ और मां का नाम राधाबाई था। इनके पिता छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। बाजीराव का एक छोटा भाई चिमाजी अप्पा था। बाजीराव अपने पिता के साथ हमेशा सैन्य अभियानों में जाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak बाजीराव प्रथम पेशवा बाजीराव को बाजीराव प्रथम भी कहा जाता है। वह मराठा साम्राज्य के एक महान पेशवा थे। पेशवा का अर्थ प्रधानमंत्री होता है। वह मराठा छत्रपति राजा शाहू के चौथे प्रधानमंत्री थे। बाजीराव ने अपना प्रधानमंत्री पद साल 1720 से लेकर मृत्यु तक संभाला था। बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में माहिर थे। यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक देश में आज तक नहीं देखा गया। उनके 4 घोड़े थे- गंगा, नीला, सारंगा और औलख आदि। जिनकी वह खुद देखभाल किया करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे और वह न्यायप्रिय सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते थे। बाजीराव पूरी सेना को अनुशासन में रखते थे। बता दें कि 20 साल की उम्र में बाजीराव पेशवा के पद पर नियोजित हुए थे। उनके पेशवा बनते ही छत्रपति शाहू नाम मात्र के शासक रह गए थे। वह एक महान योद्धा थे। मोहम्मद बंगश, निजाम से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को वह कई-कई बार शिकस्त देते। बाजीराव इतिहास के अकेले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने 41 लड़ाइयां लड़ी थीं और एक भी लड़ाई नहीं हारी। बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली का इस्तेमाल कर रहे थे। मृत्यु बाजीराव पेशवा की 28 अप्रैल 1740 को 39 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
महाभारत युद्ध के बाद द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था मृत्यु न पाने का अभिशाप
कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चले महाभारत के भीषण युद्ध में अंततः पांडवों की विजय हुई और कौरवों की हार हुई, लेकिन इस जीत की खुशी पांडवों के नसीब में नहीं थी। अपनों को खोने के असहनीय दुख के अलावा पांडवों और विशेषकर द्रौपदी के सीने में अपने पांचों पुत्रों की अकाल मृत्यु का गहरा जख्म था।यह दर्द इसलिए भी बहुत बड़ा था क्योंकि पांडव पुत्र युद्ध के मैदान में वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त नहीं हुए थे, बल्कि युद्ध समाप्त होने के बाद सोते हुए अवस्था में उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा था। पुत्रों की हत्या के इस भयानक पाप के बदले में द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु न मिलने का यानी अमरता का अभिशाप दिया था, जो किसी वरदान से कम नहीं बल्कि सबसे बड़ी सजा थी।द्रौपदी के पुत्रों की सोते में हुई थी हत्यामहाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और कौरव सेना पूरी तरह परास्त हो चुकी थी। युद्ध की थकान से चूर द्रौपदी के पांचों पुत्र (उपपांडव) एक शिविर में गहरी नींद में सो रहे थे। विजय के अहंकार और प्रतिशोध की आग में जलते हुए अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में उस शिविर में प्रवेश किया और सोते हुए अवस्था में ही द्रौपदी के सभी पुत्रों की क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी। इस घटना ने पांचाल और पांडव शिविर में कोहराम मचा दिया और पूरा माहौल शोक में डूब गया।द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था अमरता का अभिशाप?जब अश्वत्थामा को इस घोर पाप के लिए अर्जुन और भीम द्वारा पकड़कर श्री कृष्ण के समक्ष लाया गया, तब उसे मृत्युदंड देने के बजाय द्रौपदी ने एक अनूठा निर्णय लिया। सनातन शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुत्र को भी गुरु के समान ही आदरणीय माना जाता है और द्रौपदी गुरु द्रोणाचार्य का बहुत सम्मान करती थीं।इसके अलावा, एक मां के रूप में द्रौपदी स्वयं पुत्र वियोग के दर्द को भली-भांति समझती थीं। वह जानती थीं कि यदि अश्वत्थामा को मृत्यु दी जाती है, तो उसकी माता कृपी को भी पुत्र शोक की वैसी ही असहनीय पीड़ा झेलनी होगी, जैसी वह खुद झेल रही हैं। इन सभी धर्मिक मर्यादाओं और गुरु परिवार के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु के घाट उतारने के बजाय धरती पर चीरकाल तक जीवित रहने, कोढ़ और विभिन्न रोगों से ग्रसित होकर एक सूक्ष्म कण के रूप में भटकने का अभिशाप दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा आज भी कलियुग में जीवित हैं और पृथ्वी पर जहां भी नकारात्मकता, पाप और अधर्म होता है, वहां उनकी सूक्ष्म उपस्थिति मानी जाती है।अर्जुन ने छीन ली थी अश्वत्थामा के मस्तक की दिव्य मणिपौराणिक कथाओं के अनुसार, अश्वत्थामा के जन्म से ही उसके मस्तक पर एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य मणि सुशोभित थी। इस मणि के प्रभाव से उसे अस्त्र-शस्त्र, भूख, प्यास, थकान और किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति मिली हुई थी। इसी मणि की असीम शक्ति और अहंकार के बल पर ही वह द्रौपदी के पुत्रों की हत्या करने में सफल रहा था।जब अश्वत्थामा का अहंकार और उसका अपराध पराकाष्ठा पर पहुंच गया, तब भगवान श्री कृष्ण के निर्देशानुसार अर्जुन ने उसके मस्तक से उस दिव्य मणि को बलपूर्वक निकाल लिया। मणि छिन जाने के कारण अश्वत्थामा का जीवन जीवित शव के समान हो गया और अंततः द्रौपदी द्वारा दिया गया अमरता का वह अभिशाप उसके लिए जीवनभर की सबसे बड़ी सजा बन गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
टेलर ने कपड़े की कतरन वापस लौटा दी तो फेंकने की बजाय 4 तरीके से करें इस्तेमाल
आपके पास ढेर सारी कपड़े की कतरन बची रहती है या फिर टेलर ने सूट या ब्लाउज की बची हुई कतरन को वापस कर दिया है। इसे फेंकने की बजाय आप बहुत ही काम के तरीकों से दोबारा से इस्तेमाल में ला सकते हैं।
500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

