Big Claim by Abdul Majid Hakim Elahi : भारत में तेहरान के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने बड़ा दावा किया कि भारी नुकसान के बावजूद ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। इलाही ने इस युद्ध को एक तरह का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, क्योंकि अरब देश ...
मोगा पुलिस ने बस स्टैंड से लोगों के पर्स चोरी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन खाली पर्स बरामद किए हैं। यह कार्रवाई असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना सिटी मोगा के प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार नछत्तर सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि बस स्टैंड पर लोगों की जेब से पर्स निकालने वाले गिरोह के दो सदस्य सक्रिय हैं और वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर पर्स बरामद इनकी पहचान इंद्रापुरी कॉलोनी निवासी लवप्रीत सिंह और बाबा जीवन सिंह नगर, दुनेके निवासी शिवम कुमार शर्मा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन खाली पर्स मिले। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी मोगा में मामला दर्ज किया गया है। सहायक थाना प्रभारी सुखविंदर सिंह ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से एक दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें करीब 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपए की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। सऊदी पिछले कुछ समय से ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- 1. पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। देश में लगभग 67% लोग गेम खेलते हैं, यानी करीब 2.35 करोड़ लोग। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं। 2. तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है - सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के विकल्प तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। खेल और मनोरंजन, खासकर ई-स्पोर्ट्स, इस बदलाव का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। 3. तीसरा कारण है भविष्य की टेक्नोलॉजी- ई-स्पोर्ट्स केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जैसे कई आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं। सऊदी अरब इस पूरे इकोसिस्टम में निवेश कर रहा है, ताकि वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ बना सके। हालांकि, ईरान युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और कई खेल आयोजन प्रभावित हुए हैं, फिर भी वर्ल्ड कप को लेकर तैयारियां जारी हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि युद्धविराम के बाद हालात बेहतर होंगे और दर्शकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। पिछले साल इस टूर्नामेंट को करीब 30 लाख लोगों ने सीधे देखा था, जबकि 75 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने इसे ऑनलाइन फॉलो किया। इस बार भी इससे बेहतर प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है। डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा सऊदीसऊदी अरब अब केवल इवेंट्स आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह एक पूरा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। इसमें गेमिंग सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, स्ट्रीमिंग और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।इसी दिशा में रियाद में एक बड़ा टेक हब भी विकसित किया जा रहा है, जहां आने वाले समय में ‘मेड इन सऊदी’ डिवाइसेज तैयार किए जाएंगे।
शहर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में शुक्रवार रात बीटेक के छात्र ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना उस समय सामने आई जब उसके रूममेट्स खाना खाकर लौटे और दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर झांककर देखा तो छात्र फंदे पर लटका मिला। साथी छात्रों ने उसे तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान उत्कर्ष श्रीवास्तव (21) निवासी लखनऊ के रूप में हुई है। वह सेज यूनिवर्सिटी से बीटेक थर्ड ईयर (6th सेमेस्टर) की पढ़ाई कर रहा था और हॉस्टल में रह रहा था। दरवाजा नहीं खुला तो हुआ शक शुक्रवार रात करीब 8 बजे उत्कर्ष के रूममेट्स मेस में खाना खाने गए थे। तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से उत्कर्ष कमरे में ही रुक गया था। जब साथी छात्र वापस लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक खटखटाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने ऊपर से झांककर देखा। अंदर उत्कर्ष फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद साथियों ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया और उसे तुरंत नीचे उतारकर पहले प्राइवेट अस्पताल, फिर एमवाय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है। डायरी में मिला सुसाइड नोट घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें छात्र अपनी निजी बातें लिखा करता था। इसी डायरी में सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि छात्र के पिता नहीं है, जो छात्र रूम में रहते थे वह भी उसके जूनियर थे। पुलिस को मिली डायरी, एक तरफा प्रेम की बात आई सामने तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। डायरी में उसी का जिक्र है, हालांकि युवती का नाम स्पष्ट नहीं लिखा गया है। कुछ समय से वह मानसिक तनाव में भी था। डायरी में उत्कर्ष की कई तरह की बातें लिखी है। एडिशनल डीसीपी प्रियंका डुडवे ने बताया कि छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। सुसाइड नोट के आधार पर मामला एकतरफा प्रेम से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आज सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज बजने से कुछ लोग हैरत में पड़ गए। सभी के मन में सवाल उठा कि ये सायरन क्यों बजा। दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। इस परीक्षण का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान समय पर सतर्क करना है। अलर्ट में साफ बताया गया कि यह केवल एक परीक्षण है। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। आगे पढ़िए अलर्ट आने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही… जयपुर के ज्वेलर गिर्राज सोनी ने बताया- इस मैसेज को देखकर एक बार घबरा गया था। मुझे लगा कि मैसेज को सेव करूं या इसका उत्तर दूं। मेरे फोन पर कोई नंबर नहीं आया। पढ़ने पर समझ में आया कि पर रिएक्ट नहीं करना और यह अलर्ट मैसेज है। किस चीज को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। मैसेज का रिफरेंस तो आना चाहिए कि यह मैसेज कहां से है। भारत सरकार से है, राजस्थान सरकार से है या मिलिक्ट्री से है। एक दिन पहले ही मिल गई थी जानकारी आदर्श नगर निवासी फरमान कुरैशी ने बताया- आज जो अलर्ट मैसेज आए थे, उसकी जानकारी शुक्रवार से ही थी। इस अलर्ट मैसेज से पहले कल हमारे पास मैसेज आया था। इसमें सूचना दी गई थी कि भारत सरकार की ओर से एक मैसेज आएगा। जो अलर्ट करने के लिए होगा। इसमें किसी तरह से घबराने और रिएक्शन करने की जरूरत नहीं है। विष्णु सोनी ने बताया- मैं फोन पर बात कर रहा था, इस दौरान फोन में अजीब आवाज और अलर्ट आने लगा। इससे मैं घबरा गया। एक बार सोचा फोन में क्या हो गया। मन में यही सवाल था यह मैसेज क्यों आया है और किसने भेजा है। एक बार के लिए लगा कि कहीं यह युद्ध के कारण तो नहीं आया है। कोई अनहोनी तो होने वाली नहीं है। रामगंज निवासी मुजम्मिल अहमद ने बताया- एक साथ सबके फोन पर अलार्म जैसा बजा। सब लोग इस दौरान एक दूसरे को देख रहे थे। पूछ रहे थे क्या हो रहा है। सब एक दूसरे से पूछने लगे कि क्या तुम्हारा फोन भी बज रहा है। हालांकि फिर सब लोगों को पता चल गया था कि यह गवर्नमेंट की तरफ से भेजा गया है। इसके लिए एक दिन पहले ही लोगों को मैसेज भेजा गया था। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है? जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है? जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है? जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है? जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है? जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है? जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं।
मौलाना साजिद रशीदी के एक विवादित बयान को लेकर काशी के संत समाज में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। संतों ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी भरा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के भड़काऊ और हिंसात्मक बयान न केवल समाज में तनाव बढ़ाते हैं बल्कि देश की एकता और शांति के लिए भी खतरा हैं। उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ हिंसा की बात करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने यह भी कहा कि हिंदू समाज कानून, संविधान और सरकार में विश्वास रखता है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि कोई लगातार उकसावे की भाषा बोले और प्रतिक्रिया न हो। क्या है पूरा विवाद? दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कथित तौर पर कहा कि “अगर कलमा नहीं पढ़ोगे तो मार दिए जाओगे” और यह भी कहा कि जब तक हिंदू समुदाय में डर नहीं पैदा होगा, तब तक वे उनकी बात नहीं मानेंगे। इस बयान के सामने आने के बाद से ही यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। संत समाज की प्रतिक्रिया काशी के संतों ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक और उकसाने वाला बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करते हैं। संत समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से बचे।
लखनऊ में बुद्ध जयंती के अवसर पर आंबेडकर महासभा की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक समरसता और शांति के संदेश पर जोर दिया गया। डॉ. आंबेडकर महासभा सभागार में हुए इस आयोजन की शुरुआत बुद्ध वंदना और प्रार्थना सभा के साथ हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के विचारों को आज के वैश्विक परिदृश्य में प्रासंगिक बताया। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि बुद्ध ने समाज में समानता और भाईचारे की नींव रखी, जिसकी आज भी जरूरत है। ‘सामाजिक परिवर्तन के महानायक थे बुद्ध’कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि भगवान बुद्ध ने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता को चुनौती दी। उन्होंने उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा में लाकर समता और सद्भाव का संदेश दिया। महिलाओं को संघ में स्थान देकर दिया सशक्तिकरण का संदेशडॉ. निर्मल ने कहा कि बुद्ध ने महिलाओं को भी संघ में स्थान देकर समाज में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की। यह उस समय के लिए एक क्रांतिकारी कदम था, जिसने महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई राह दिखाई। ‘दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए’उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देश संघर्ष और युद्ध की स्थिति में हैं, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान युद्ध नहीं है। बुद्ध के अहिंसा और शांति के मार्ग पर चलकर ही स्थायी समाधान संभव है। शांति का संदेश ही ला सकता है अमनप्रदेश अध्यक्ष प्रमोद सरोज ने कहा कि आज जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध का शांति का संदेश ही दुनिया को सही दिशा दे सकता है। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूदकार्यक्रम में अमरनाथ प्रजापति, डॉ. सत्यादोहरे, रामचंद्र पटेल, रामशंकर, दिनेश चंद्र, आईडी यादव और डॉ. आरपी दोहरे समेत कई लोग उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में करीब एक महीने पुराने विवाद को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। एक पक्ष के लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर कोतवाली पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई, जहां उनकी पूरी बात विस्तार से सुनी गई और निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शन में शामिल अंकुर पंवार ने बताया कि 19 मार्च को रामपुरी मोहल्ले में कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके पिता के साथ बदतमीजी की और विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया गया। अंकुर का कहना है कि पुलिस लगातार दूसरे पक्ष के समर्थन में कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही मामले में उन्हें दो बार शांतिभंग में चालान किया जा चुका है और अब तीसरी बार कार्रवाई के लिए उनके घर पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने पुलिस से वीडियो, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। गौरतलब है कि इस मामले में दूसरा पक्ष भी लगातार सक्रिय है। दलित पक्ष के लोग भी कई बार एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कार्रवाई न होने पर घर बेचकर पलायन तक की चेतावनी दी थी। दोनों पक्ष शहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले के निवासी हैं। इस मामले को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में पुलिस के सामने निष्पक्ष जांच कर स्थिति को संतुलित करने की चुनौती है।
ईरानी विदेश मंत्री ने लेबनान पर इजरायली हमलों को बताया 'क्रूर'
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने लेबनान के खिलाफ इजरायल की “आक्रामक” कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है।
डीएवी स्कूल के छात्रों ने युद्ध को ना कहें नृत्य से दी शांति की सीख
भास्कर न्यूज | लुधियाना डीएवी पब्लिक स्कूल, पक्खोवाल रोड में उत्साह के साथ वार्षिक दिवस समारोह, प्रतिभा 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सभी बच्चों की तरफ से कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का का शुभारंभ प्रिंसिपल डॉ. सतवंत कौर भुल्लर ने दीप प्रज्वलन करके किया। इस अवसर पर स्टूडेंट्स ने अहिल्या के साथ योद्धा नृत्य ने साहस, दृढ़ता और नारीत्व की सशक्त भावना को चित्रित किया। युद्ध को ना कहें -देशभक्ति नृत्य ने शांति, मानवता और राष्ट्रीय एकता का एक गहरा संदेश दिया। भारत के सात प्रतीकों की कलात्मक प्रस्तुति ने राष्ट्र की गौरवशाली पहचान, विविधता और विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। मंत्रमुग्ध कर देने वाले कत्थक प्रदर्शन ने अपनी शास्त्रीय संगीत, गरिमा के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शैक्षणिक पर्यवेक्षक जयदीप कौर ने छात्रों और शिक्षकों के द्वारा किए गए कठिन परिश्रम ,पूर्ण समर्पण और सराहनीय टीम वर्क की सराहना की। प्रिंसिपल डॉ. सतवंत कौर भुल्लर ने प्रतिभागियों और पुरस्कार विजेताओं की असाधारण रचनात्मकता, अनुशासन और उपलब्धियों की प्रशंसा की ।
मध्य एशिया युद्ध से प्रिंटिंग उद्योग को नुकसान, रोपा ने राहत पैकेज मांगा
मध्य एशिया में युद्ध के कारण इस साल चार माह के दौरान रॉ-मैटेरियल 60 फीसदी तक महंगा होने से प्रिंटिंग उद्योग को बड़ा नुकसान हो रहा है। दरअसल, युद्ध से पहले की रेट पर सरकारी टेंडर लेने वाले प्रिंटर्स को अब टेंडर पूरा करने में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसको लेकर राजस्थान ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन (रोपा) ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की है। उधर, रोपा की बैठक में प्रिंटिंग उद्योग की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की गई। रोपा के अध्यक्ष अजय गुप्ता का कहना है कि मध्य एशिया संकट के चलते प्रिंटिंग रॉ-मैटेरियल लागत 60 फीसदी तक बढ़ने से सरकारी ठेकों में प्रिंटर्स को भारी नुकसान होना तय है। इसके लिए राहत पैकेज जारी करना चाहिए। महासचिव विकास अग्रवाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के कारण पहले प्रिंटर्स ने बाजार कीमत से कम पर ठेके ले लिए, लेकिन बाद में लागत बढ़ती चली गई। इससे पूरी प्रिंटिंग इंडस्ट्री ठप हो गई है। हालांकि, रोपा प्रिंटर्स को नुकसान से उबारने के लिए सर्वमान्य व्यवस्था तैयार कर रहा है। बैठक में प्रिंटिंग इकाइयों के कामगारों के लिए पीएफ और ईएसआई संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर रोपा के संस्थापक अध्यक्ष सुनील मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल व जयपुर प्रिंटर्स के निदेशक आलोक जैन भी मौजूद रहे।
1971 के भारत-पाक युद्ध में साहस का परिचय देने वाले वीर योद्धा जगमाल सिंह बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार बीकानेर स्थित राजपूत शांति धाम में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। मंगलवार को उनके निधन के बाद बुधवार को परिजनों, सैन्य अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीमा में घुसकर पोस्ट पर कब्जा किया था जगमाल सिंह ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना की विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने दुश्मन की सीमा में 16 किलोमीटर अंदर तक प्रवेश कर रानीहल पोस्ट पर कब्जा किया था। उनकी इस वीरता को भारतीय सेना के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी पार्थिव देह पर उनकी सैन्य वर्दी, पदक और केप रखे गए। भारतीय सेना के जवानों ने मातमी धुन बजाकर उन्हें अंतिम सलामी दी। पूरे वातावरण में देशभक्ति और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। राज्य सरकार में मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ भी अपने ताऊजी को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उन्होंने पार्थिव देह को कंधा दिया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनकी मौजूदगी ने समारोह को और भावुक बना दिया। पढ़ें ये खबर भी… 1971 के युद्ध में पाकिस्तान में घुसकर फहराया था तिरंगा: दुश्मन को चुन-चुनकर मारा था, वीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर जगमाल सिंह का निधन 1971 के भारत- पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सीमा में करीब 16 किलोमीटर घुसकर उसकी रानीहल चेकपोस्ट पर तिरंगा फहराने वाले बिग्रेडियर जगमाल सिंह राठौड़(87) का मंगलवार को अपने निवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। (पढ़ें पूरी खबर)
सऊदी अरब से तनातनी के बीच UAE ने छोड़ा तेल देशों का संगठन पाकिस्तान की इस चाल ने बिगाड़ा खेल?
रूस की आर्मी में भर्ती होने के बाद यूक्रेन युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के दूसरे युवक की भी मौत हो गई है। युवक विजय पूनिया की डेडबॉडी दिल्ली भेजी गई है। जहां से डेडबॉडी को रिसीव करने के लिए परिवार के लोग दिल्ली गए हैं। इससे पहले इसी गांव के युवक अंकित जांगड़ा की भी मौत हो गई थी। अब 25 दिन बाद विजय पूनिया की डेडबॉडी भी आ गई है। अंकित और विजय दोनों बेहतर भविष्य की तलाश में रूस गए थे। वहां अच्छी सैलरी का लालच देकर उन्हें रूस की सेना में भर्ती करवा दिया गया। इसके बाद यूक्रेन युद्ध में धकेल दिया गया। विजय पूनिया के पिता का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में सिर्फ मां और छोटा भाई है। इन युवकों की वापसी के लिए फतेहाबाद भाजपा जिलाध्यक्ष से लेकर सीएम नायब सैनी तक ने प्रयास किए थे। वहीं, कई विपक्षी सांसदों ने भी लेटर लिखे थे। मगर दोनों को ही बचाया नहीं जा सका। जुलाई 2025 में दोबारा गया था विजय पूनिया जानकारी के अनुसार, विजय पूनिया जुलाई 2025 में बिजनेस वीजा पर रूस गया था। वहां उसे नौकरी का झांसा देकर एजेंटों ने अपने जाल में फंसा लिया और जबरन रूसी सेना में भर्ती कर दिया। इसके बाद उसे यूक्रेन के डोनेत्स्क जैसे खतरनाक युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। विजय के साथ गांव का ही अंकित जांगड़ा (23) भी इसी तरह ठगी का शिकार हुआ था। अंकित फरवरी 2025 में स्टडी वीजा पर रूस पहुंचा था । 13 सितंबर 2025 को उनका आखिरी वाइस मैसेज आया था कि सुबह हमें युद्ध में लेकर जा रहे हैं, बचा सकते हो तो बचा लो। इसके बाद दोनों से संपर्क टूट गया था। 4 अप्रैल को अंकित का पार्थिव शरीर गांव लाया गया था। परिवार ने लोन लेकर भेजा था रूस विजय पूनिया जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर गया था। वीजा एक्सटेंड नहीं हुआ, तो एक महीने बाद वापस आ गया था। फिर अक्टूबर 2024 में दोबारा गया। 6 महीने रहकर मार्च के आखिर में वापस गांव आया। इसके बाद 15 जुलाई 2025 को विजय एक साल का बिजनेस वीजा लगवाकर रशिया गया। परिवार ने लोन लेकर उसे विदेश भेजा था। अब जानिए यूक्रेन में आखिर कैसे फंसे युवक... स्टडी वीजा पर गए थे दोनों युवक: गांव कुम्हारिया के अंकित जांगड़ा (23) और विजय पूनिया (25) स्टडी वीजा पर रूस गए थे। अंकित के भाई रघुवीर के अनुसार, सात महीने पहले अंकित की कॉल आई थी। उसके साथ तब विजय भी था। अंकित ने उधर से कहा, हमें बचा लो। हमारे पास एक-दो दिन ही बचे हैं। इसके बाद हमें युद्ध में भेज दिया जाएगा। 12वीं के बाद गया अंकित: अंकित 12वीं की पढ़ाई पूरी कर 14 फरवरी 2025 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। इसमें फरीदाबाद की एजेंट ने उनकी मदद की थी। अंकित ने मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लेंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। अंकित ने पढ़ाई के दौरान फ्री टाइम में किसी रेस्टोरेंट में हेल्पर का काम शुरू किया था, ताकि अपना खर्चा निकाल सके। रूस में महिला ने लालच देकर फंसाया: रघुवीर के अनुसार, जुलाई-अगस्त 2025 में एक महिला ने अंकित व विजय के साथ अन्य 13 लोगों को रशियन आर्मी में नौकरी दिलाने की लालच दिया था। 15 लोगों का एक बैच बनाया। जाॅब दिलाने वाली को वॉट्सऐप पर कॉल की, तो महिला ने कहा कि अंकित और विजय तो मर गए हैं। इसके बाद महिला ने नंबर ब्लॉक कर दिया। 11 सितंबर 2025 के बाद से नहीं हुआ संपर्क इन दोनों युवकों से परिवार के सदस्यों का 11 सितंबर 2025 के बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ था। लगातार दोनों परिवार उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे। मगर इसी बीच पहले अंकित की डेडबॉडी भारत भेजी गई और अब दूसरे युवक विजय की भी डेडबॉडी आ गई है। युवकों की वापसी के लिए कई सांसदों ने लिखे थे लेटर बता दें कि, इन दोनों युवकों की वापसी के लिए परिवार की ओर से काफी प्रयास किए गए थे। परिजन दिल्ली और चंडीगढ़ में रूसी एंबेसी, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से मदद की गुहार लगाने के लिए गए। सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा, राजस्थान से सांसद हनुमान बैनीवाल ने भी विदेश मंत्री जयशंकर को इस मामले में पत्र लिखा था।
बड़वानी में गर्मी के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में लगे वॉटर एटीएम में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो रही है। खासकर रात के समय ये एटीएम बंद रहते हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ मरीज और छात्र भी परेशान हैं। रात में पानी के लिए भटक रहे लोगस्थानीय निवासी मनोहर शर्मा ने बताया कि वे रोज रात में कोर्ट चौराहे से गुजरते हैं, जहां लोगों को पानी के लिए भटकते देखा जा सकता है। यहां लगा वॉटर एटीएम अधिकतर बंद ही रहता है। दिन में कुछ समय पानी मिलता है, लेकिन शाम के बाद हालात खराब हो जाते हैं। अस्पताल क्षेत्र में सबसे ज्यादा दिक्कत, छात्र भी परेशानसबसे गंभीर स्थिति अस्पताल के आसपास है। यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।बाहर से पढ़ने आए छात्र भी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। वे वॉटर एटीएम पर बोतल भरने पहुंचते हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ता है। पैसे देने के बाद भी नहीं मिला पानीमनोहर शर्मा ने बताया कि उन्होंने वॉटर एटीएम में पैसे भी डाले, लेकिन पानी नहीं मिला और बाद में पैसे वापस आ गए। उन्होंने इसे नगर पालिका की लापरवाही बताया है। शहर के मुख्य चौक और पुराने थाने क्षेत्र में भी वॉटर एटीएम बंद पड़े हैं। लोगों का कहना है कि यह समस्या रोज की बन गई है। तेज गर्मी में पानी की कमी से जीवन मुश्किल हो गया है। लोगों में बढ़ रहा गुस्सामहिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। नगर पालिका की सीएमओ सोनाली शर्मा ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वॉटर एटीएम में नियमित पानी देने की व्यवस्था है, लेकिन अगर कहीं दिक्कत है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
एयर इंडिया और इंडिगो जल्द शुरू करेंगी कतर के लिए उड़ानें: विदेश मंत्रालय
खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसी के चलते एयर इंडिया और इंडिगो भी जल्द ही कतर से भारत के लिए अपनी फ्लाइट सेवाएं फिर शुरू करने की योजना बना रही हैं
कतरीसराय थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' अभियान के तहत आठ खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। शनिवार को हुई इस कार्रवाई से आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के माध्यम से इन मोबाइलों का पता लगाया। पीड़ितों द्वारा मोबाइल गुम होने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए सभी मोबाइल फोन ढूंढ निकाले गए। थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि बरामद मोबाइलों को आधार कार्ड से पहचान सुनिश्चित करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। जिन लोगों को उनके मोबाइल फोन वापस मिले, उनमें सैदी गांव के प्रशांत कुमार सिंह और धीरेन्द्र कुमार, कटौना गांव के दयानंद पासवान, कतरीसराय के राकेश कुमार, दरवेशपुरा के आदित्य कुमार, नवीन कुमार गौतम, सुमन कुमार और ओमकार शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने पर सभी लाभुकों ने राहत महसूस की और कतरीसराय पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की।
इंदौर के शिवाजी मार्केट के करीब 120 व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत मार्केट को हटाने की कोशिशों के बीच प्रशासन द्वारा जारी बेदखली आदेश पर अब रोक लग गई है। रविवार को विशेष सुनवाई में हाई कोर्ट ने व्यापारियों के पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें तत्काल बेदखल करने पर रोक लगा दी। दरअसल प्रशासन शिवाजी मार्केट को हटाकर व्यापारियों को नंदलालपुरा में विस्थापित करना चाहता है। इससे पहले भी हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि व्यापारियों को बलपूर्वक नहीं हटाया जा सकता और बेदखली से पहले उन्हें उचित सुनवाई का अवसर दिया जाना जरूरी है। इसके बावजूद जनवरी 2026 में निगम ने व्यापारियों की लीज निरस्त कर दी और मामला एसडीएम, जूनी इंदौर के पास भेजा गया। एसडीएम ने 31 मार्च को नोटिस जारी कर 9 अप्रैल को सुनवाई तय की थी। व्यापारियों की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष यादव और मेहुल वर्मा ने जवाब पेश किया। बताया गया कि 22 अप्रैल को बेदखली का आदेश जारी कर दिया गया। इसकी सूचना भी 24 अप्रैल को दी गई, जिससे अपील का समय भी सीमित हो गया। प्रशासन की तैयारी, व्यापारियों की चिंता मामले में प्रशासन जल्द ही कार्रवाई कर व्यापारियों को हटाने की तैयारी में था। इस पर व्यापारियों ने तत्काल कानूनी रास्ता अपनाया। एडवोकेट के माध्यम से चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर छुट्टी के दिन सुनवाई की मांग की गई, जिसे स्वीकार कर लिया गया। रविवार सुबह 11 बजे जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच में विशेष सुनवाई हुई। व्यापारियों के वकीलों ने दलील दी कि एसडीएम ने मात्र 13 दिनों में एक तरफा फैसला दिया और उचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। दूसरा आदेश की जानकारी देर से देकर अपील का मौका सीमित किया गया। जिस स्थान पर विस्थापन प्रस्तावित है, वह भी पूरी तरह वैध नहीं है। कोर्ट ने एडवोकेट यादव और वर्मा की दलीलों से सहमत होते हुए व्यापारियों को एक हफ्ते के भीतर कमिश्नर के सामने अपील करने की अनुमति दी, तब तक एसडीएम के बेदखली आदेश पर रोक लगा दी गई। साथ ही स्पष्ट किया कि कमिश्नर द्वारा स्थगन पर फैसला आने तक व्यापारियों को नहीं हटाया जाएगा।
कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
हिंदु पुराणों के साथ ही ब्रह्मर्षि पोतुलुरी वीरब्रह्मेंद्र स्वामी द्वारा रचित कालज्ञानम और ओडिशा के पंचसखा, विशेषकर संत अच्युतानंद दास द्वारा रचित भविष्य मालिका में भगवान कल्कि के आने का उल्लेख मिलता है। तीसरे विश्व युद्ध और भगवान कल्कि के प्रकट ...
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
US-Iran War: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ज्योतिष क्या संकेत देता है? जानिए ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर युद्ध और शांति को लेकर संभावित भविष्यवाणी।
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

