ट्रंप का पोप लियो XIV पर हमला; युद्ध और आस्था पर छिड़ा बड़ा विवाद
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी पोप लियो XIV पर बोला तीखा हमला। युद्ध नीति और एआई तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद। वेटिकन और वाशिंगटन के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी।
युगांडा के सेना प्रमुख जनरल मुहूजी काइनेरुगाबा ने तुर्की के सामने अजीबोगरीब शर्तें रखी हैं। उन्होंने 1 अरब डॉलर और एक सुंदर लड़की की मांग करते हुए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पहले भी वे इटली की PM मेलोनी को शादी के बदले 100 गायों का ऑफर दे चुके
युद्ध के साये में ट्रंप का दैवीय रूप! क्या खुद को मसीहा मान रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद को मसीहा के रूप में चित्रित करने वाली डिजिटल इमेज पोस्ट की।
पाकिस्तान का ‘डबल गेम’! एक तरफ शांति वार्ता, दूसरी ओर सऊदी अरब में 13,000 सैनिक तैनात
पाकिस्तान एक और अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है जबकि दूसरी और उसने सऊदी अरब की मदद के लिए 13000 सैनिकों के साथ 8 से 10 लड़ाकू विमान भी भेजे हैं। पाकिस्तान के डबल गेम से सभी हैरान है। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि ...
युगांडा सेना प्रमुख की तुर्की से अजीब मांगें: 1 अरब डॉलर और ‘सबसे सुंदर लड़की’ से शादी की इच्छा
युगांडा के सेना प्रमुख जनरल मुहूजी काइनेरुगाबा ने तुर्की के सामने दो अजीबोगरीब मांगे रख दी हैं। काइनेरुगाबा की पहली मांग है तुर्की इस्लामी आतंकवादियों से लड़ने में युगांडा के लंबे समय से चले आ रहे सैन्य योगदान के लिए उन्हें एक अरब डॉलर दे। उन्होंने ...
सहरसा में रविवार को 8 साल के बच्चे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के सिटानाबाद में हुई है। आरोपी ने बच्चे की 12 साल की बहन को भी घायल किया है। मृतक की पहचान सिटानाबाद दक्षिणी पंचायत के पठान टोला वार्ड संख्या 7 निवासी मो. जियाउद्दीन के बेटा मो. ओबेश (8) के रूप में हुई है। पड़ोसी आरोपी मो. शाद हसन (27) मृतक की बड़ी बहन से एकतरफा प्यार करता था और शादी का दबाव बनाता था। इनकार करने के कारण उसने भाई की गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी लड़की के घर पहुंचा और छोटी बहन को जख्मी कर दिया। इसके बाद उसने कहा, “तुम्हारे भाई को मार दिया है, अब शादी करनी ही पड़ेगी।” सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे एकतरफा प्यार में कैसे एक मासूम बच्चे की हत्या हुई, परिवार कैसे खौफ में जी रहा है…. अब जानें पूरी घटना… मर्डर के बाद सीधे मृतक के घर पहुंचा आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सीधे मृतक के घर पहुंचा। उसने ओबेश की बहनों से कहा, “तुम्हारे भाई को मार दिया है, अब शादी करनी ही पड़ेगी।” इस दौरान उसने 12 साल की छोटी बहन को भी कचिया से घायल कर दिया। घायल बच्ची का इलाज सहरसा के अस्पताल में चल रहा है। मां से जानिए पूरी कहानी… पिछले तीन साल से मेरी बेटी को परेशान कर रहा था - मृतक की मां पीड़ित मां सकीना खातून ने बताया कि, 'जब मेरी बेटी तीन साल पहले हाई स्कूल में पढ़ने के लिए जाया करती थी वो मेरी बेटी के रास्ते मे छेड़खानी करता था। लड़की के मां-बाप को जब शिकायत करने जाते थे। तो युवक के मां-बाप बताते थे कि अच्छा ठीक है उसको समझा देंगे। मैं अपने 6 संतान के साथ रहा करती थी। इसके बाद मेरे पति दूसरे प्रदेश में रहकर सिलाई बुनाई का काम करते हैं। जिससे मेरे घर के पूरे परिवार का परवरिश होता है।' एक दिन वह रात में घुस आया और बोला कि हम लड़की से ही शादी करेंगे वरना सभी को चाकू लेकर मारने के लिए पहुंच गया था। उसके बाद उनके परिजन आकर हम लोगों की जान बचाए थे। मेरे पति वह जब इस घटना के बारे में सुने तो घर आए और उनको सारी बातों की जानकारी दिए। उन्होंने सिमरी बख्तियारपुर थाने में लिखित शिकायत जाकर की। पुलिस ने उस वक्त दबिश बनाया तो समाज के गणमान्य लोगों ने मामले को सुलह करवा दिया। समाज के लोगों ने उसे वक्त भरोसा दिया कि अब ऐसी गलती युवक के द्वारा नहीं की जाएगी आप आवेदक को वापस ले लीजिए और सुलह समाज के बीच पंचनामा बनाकर मामले को समाप्त कराया गया। लड़का दुसरे प्रदेश में मजदूरी करने के लिए चला गया जिस पंचायत में हमारे पक्ष से भी हमारे रिश्तेदार और अन्य लोग थे और दूसरे पक्ष के भी समाज से जुड़े हुए सभी रिश्तेदार और उनके जुड़े हुए लोग थे। सभी के बीच में यह सुलहनामा कराया गया। दोनों पक्षों की ओर से सुलहनामा पर हस्ताक्षर कराकर आगे इस तरह की कोई घटना ना हो यह बांड भी बना दिया गया। इसके बाद लड़का दुसरे प्रदेश में मजदूरी करने के लिए चला गया तो मामला शांत पड़ गया था। लेकिन जिस वक्त वह लड़का गांव में आया करता था उस वक्त हम लोग अपने बेटी और पूरे बच्चे के साथ घर में बंद रहते थे। ताकि कोई विवाद आगे ना बढ़ सके। घर के पड़ोस में रहने की वजह से वह छत पर आना-जाना करता था, जिस वजह से मैं भी अपनी बेटियों को ही समझा बूझकर मामले को बढ़ाया ना जाए। शांत रहती थी। ''युवक ने कचीया से मेरे बेटे का गला रेत डाला'' रात में भी उस युवक के डर से छत पर ताला घर में ताला मार कर पूरी तरह घर में बंद हो जाया करते थे जबतक वह गांव मे रहता था। रविवार को भी मैं शाम का नवाज अदा करके बेटे को दरवाजे पर खेलते हुए देखा तो उसे बुलाने के लिए गई। लेकिन उसने मुझे 5 मिनट का समय मांगा की मां 5 मिनट मुझे और खेलने दो फिर मैं पढ़ने के लिए हाजी साहब के पास चला जाऊंगा। इसी बीच 5 मिनट भी ठीक ढंग से नहीं बीता होगा कि पर उसके पड़ोस मे रहने वाले उस युवक ने कचीया से मेरे बेटे को गला रेत डाला। इसके बाद वह मेरे घर के आंगन में पहुंच गया और मेरे बेटियों को कहने लगा कि तुम्हारे भाई को मौत के घाट अभी उतार दिया हूं। इसी बीच मेरी छोटी बेटी कुदरती प्रवीण के हाथ को कचीया से जख़्मी कर दिया। इसके बाद मेरे पड़ोस के रहने वाले युवक के पिता उसको पकड़ कर अपने घर ले गए। आरोपी और उसका परिवार घर छोड़कर फरार हो गया घटना के बाद आरोपी और उसका परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चे को अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि 8 वर्षीय बच्चे की गला रेतकर हत्या की गई है और 12 वर्षीय बच्ची को तेज हथियार से घायल किया गया है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है और सामने आए तथ्यों पर अनुसंधान जारी है। पुलिस को पुराने विवाद के कारण घटना को अंजाम दिए जाने का अंदेशा है। आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही पुलिस - सहरसा हेडक्वार्टर DSP सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि एक 8 साल के बच्चे गला रेत कर हत्या की गई है। एक 12 साल की बच्ची को तेज हथियार से जख़्मी किया गया है घटना के बाद आरोपी युवक और उसके आरोपों के परिवार वाले सभी फरार हैं। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। जो तथ्य सामने आए हैं उसे पर अनुसंधान किया जा रहा है। अंदेशा है कि पुराने विवाद को लेकर यह घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर तहकीकात को जांच कर रही है
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
आखिर क्यों ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत को दी हमले की सीधी चेतावनी ? जाने क्या है मुख्य मकसद ?
ईरान ने 60 सेकंड का वीडियो जारी कर अमेरिकी युद्धपोत को दी हमले की चेतावनी। हॉर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा और ट्रंप का कड़ा जवाब, पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आज 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 का शानदार समापन हो गया। खिताबी (फाइनल) महामुकाबले में उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम ने अपना आक्रामक मुजाहिरा पेश करते हुए मध्य प्रदेश (एमपी) को 5-2 से शिकस्त दी और चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। इस खिताबी जीत के साथ ही यूपी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत साबित कर दी। शुरुआत से ही यूपी ने दिखाया आक्रामक खेल शाम चार बजे शुरू हुए इस खिताबी मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम शुरू से ही हावी रही। मैच के चौथे मिनट में ही यूपी के कप्तान केतन कुशवाहा ने बेहतरीन फील्ड गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, मध्य प्रदेश ने तुरंत वापसी की कोशिश की और आठवें मिनट में गाजी खान ने शानदार फील्ड गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। यूपी के खिलाड़ियों ने अपने अटैक को और तेज कर दिया। 13वें मिनट में नीतीश यादव ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इस शानदार प्रदर्शन के लिए नीतीश यादव को फाइनल मुकाबले का मैन ऑफ द मैच चुना गया। शाहरुख, प्रह्लाद और राघवेंद्र ने दागे गोल बढ़त मिलने के बाद यूपी के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने एमपी के डिफेंस को पूरी तरह भेद दिया। 28वें मिनट में स्टार खिलाड़ी अली शाहरुख, 35वें मिनट में प्रह्लाद राजभर और 40वें मिनट में राघवेंद्र सिंह चौहान ने एक-एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर यूपी को 5-1 की अजेय स्थिति में पहुंचा दिया। मैच के 43वें मिनट में मध्य प्रदेश के आयुष सिंह लोधी ने एक मैदानी गोल जरूर दागा, लेकिन वे टीम की हार (5-2) नहीं टाल सके। तीसरे स्थान की जंग में पंजाब ने जीता कांस्य पदक फाइनल मुकाबले से पहले रविवार सुबह तीसरे और चौथे स्थान के लिए रोमांचक जंग देखने को मिली। इस बेहद कड़े और संघर्षपूर्ण मुकाबले में हॉकी पंजाब ने दादरा और नगर हवेली-दमन और दीव हॉकी को 1-0 से मात देकर कांस्य पदक (तीसरा स्थान) अपने नाम किया। पंजाब की इस जीत के हीरो राजवीर सिंह रहे, जिन्होंने खेल के आठवें मिनट में मैच का इकलौता और निर्णायक मैदानी (फील्ड) गोल दागा। राजगीर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 16वीं सब-जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उत्तर प्रदेश (यूपी) की टीम जश्न में डूब गई। पिछले साल इसी टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक से संतोष करने वाली यूपी की टीम ने इस बार अपनी गलतियों से सबक लिया और खिताबी मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। खिताबी जीत के बाद खिलाड़ियों, कप्तान और टीम मैनेजर ने अपनी रणनीति, खुशी और राजगीर की बेहतरीन सुविधाओं पर खुलकर बात की। पिछले साल की टीस ने किया गोल्ड के लिए प्रेरित फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुने गए नीतीश यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैन ऑफ द मैच बनकर बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है। हमने इसी दिन के लिए प्रैक्टिस की थी। यह हमारे कोच और सपोर्ट स्टाफ की देन है कि हम इतने अच्छे अंतर से गोल्ड मेडल जीते। दर्शकों ने भी हमें खूब सपोर्ट किया। पूरे टूर्नामेंट में गोलों की बारिश करने वाले यूपी के टॉप स्कोरर शाहरुख अली ने कहा कि पिछली बार हम चूक गए थे। इस बार कोच ने जो प्रैक्टिस कराई, हमने मैदान पर उसे बखूबी उतारा। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडिया टीम में अपनी जगह बनाना है। 18 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत है यह जीत यूपी टीम के कप्तान केतन कुशवाहा और खिलाड़ी मोहम्मद दानिश ने इस जीत को टीम एफर्ट बताया। दानिश ने कहा कि पिछले साल एक छोटी सी गलती के कारण हमें ब्रॉन्ज मिला था। इस बार हम घर से ही सोचकर आए थे कि सिर्फ गोल्ड लेना है। यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सभी 18 खिलाड़ियों, गोलकीपर, पॉल सर, कोच उपेन्द्र सर और फिजियो सर की मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ी सुनील पाल और राघवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फाइनल में उनकी रणनीति जल्द से जल्द लीड (बढ़त) लेने की थी, ताकि टीम बिना दबाव के फ्री होकर खेल सके। जो पेनाल्टी कॉर्नर मिस हुए, उन्हें भूलकर खिलाड़ियों ने आगे के खेल पर फोकस किया। टीम मैनेजर ने राजगीर की सुविधाओं को सराहा उत्तर प्रदेश टीम के मैनेजर पॉल देवेंद्र ने राजगीर की सुविधाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रजनीश सर और कोच उपेन्द्र चौहान के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया। राजगीर स्टेडियम, यहां के ठहरने की व्यवस्था और खाना बेहद शानदार था। इसके लिए मैं बिहार सरकार, आयोजकों और लोकल मीडिया का धन्यवाद करता हूं। सांसद ने दी ट्रॉफी, कहा- मेडल लाओ, नौकरी पाओ समापन समारोह में नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 30 टीमों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में खेलों का जो विकास हुआ है, वह अद्भुत है। राजगीर में खेल विश्वविद्यालय खुला है, जिसमें देशभर के बच्चे आकर पढ़ें और खेलें। बिहार में 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' की नीति लागू है, जो खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है। इस मौके पर खेल विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार रजनीकांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गोपालगंज में राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए जारी किए गए नए गजट (नियमावली) को लेकर शिक्षा जगत में उबाल है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले शहर के काली स्थान रोड में निजी स्कूल संचालकों ने एक बैठक आयोजित की। इसमें सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रणनीति तैयार की गई। सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार गजट बैठक में मुख्य रूप से सरकार पर यह आरोप लगाया गया कि नए नियम बनाते समय निजी स्कूलों की व्यावहारिक समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। संचालकों का तर्क है कि यह गजट केवल सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। सरकार के इस कदम को दमनकारी और एकपक्षीय बताते हुए जिले के निजी विद्यालय संचालक अब लामबंद हो गए हैं। संचालकों का कहना है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व विमर्श या निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की राय लिए नियम थोप दिए हैं। गजट में शामिल कड़े नियमों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों को पूरा करना छोटे और मध्यम दर्जे के स्कूलों के लिए लगभग असंभव है। नए मानकों को लागू करने से स्कूलों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा ज्ञापन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मांगों का एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा। निजी विद्यालय संचालकों का मानना है कि वे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ी हिस्सेदारी निभाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें सहयोग देने के बजाय जटिल कानूनों के जाल में उलझा रही है। गोपालगंज के संचालकों ने एक स्वर में मांग की है कि शिक्षा का अधिकार तभी सफल होगा जब सरकार निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के प्रति समान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण रखेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष फैज अहमद ने बताया कि सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए पास किया गया गजट एक पक्षीय नियमों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के बारे में यह अफवाह फैलाई जाती है कि वे 'लूटने' का काम करते हैं, जबकि देश से निजी विद्यालयों को हटा दिया जाए तो शिक्षा की बुनियाद हिल जाएगी।
लुधियाना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब यात्रियों ने एक शातिर जेबकतरे को रंगे हाथों दबोच लिया। 'ऑन द स्पॉट' लोगों ने मारपीट कर इंसाफ भी कर दिया। घटना 2 दिन पहले की बताई जा रही है। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शोर मचते ही भागने लगा चोर, सबूत मिटाने के लिए ट्रैक पर फेंके पैसेप्लेटफार्म नंबर पर एक यात्री की जेब कटते ही उसे तुरंत अहसास हो गया। जैसे ही उसने शोर मचाया, भीड़ के बीच से एक युवक भागने लगा। शक होने पर यात्रियों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। खुद को फंसता देख शातिर चोर ने चोरी किए हुए पैसे तुरंत ट्रेन के नीचे ट्रैक पर फेंक दिए ताकि उसके पास से कोई बरामदगी न हो सके। पकड़े जाने पर करने लगा 'चोट' का ड्रामाजब भीड़ ने चोर की धुनाई शुरू की, तो वह बचने के लिए बहाने बनाने लगा। पकड़े गए आरोपी ने ड्रामेबाजी करते हुए कहा- “मुझे चोट लगी है, मैं तो बस दवा लेने जा रहा था। मैंने कुछ नहीं किया।” हालांकि, यात्रियों ने उसकी एक न सुनी और छितर परेड की। यात्रियों का आरोप: GRP की सुस्ती से बढ़ रहे हौसलेमौके पर मौजूद यात्रियों ने रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि गश्त की कमी के कारण स्टेशन पर पुलिस की गश्त न के बराबर है, जिसके कारण जेबकतरे बेखौफ घूमते हैं। लुधियाना स्टेशन से लेकर ढंडारी स्टेशन तक का ट्रैक इन बदमाशों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोघटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चोर की धुनाई और उसके ड्रामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है। वीडियो में लोग उसे पकड़कर सवाल पूछते और उसकी पिटाई करते नजर आ रहे हैं। यात्रियों ने मांग की है कि लुधियाना स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके। वीडियो की जांच करवाएंगे: SHO इस मामले में जीआरपी के SP बलराम राणा ने कहा कि एसएचओ से कहकर गश्त बढ़ाई जाएगी। लोगों से भी अनुरोध है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या कोई संदिग्ध वस्तु नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। SHO जतिंदर सिंह ने कहा मामला वेरीफाई करवाते हैं अभी 2 दिन पहले किसी तरह की शिकायत चोर पकड़ने की हमारे पास नहीं आई। वीडियो में जो दिख रहा है रहती है उसकी पहचान करवाएंगे।
आखा तीज पर होंगे 200 से ज्यादा सावे, युद्ध के असर पर शादी का उत्साह भारी
सावों के अबूझ और महा मुहूर्त अक्षय तृतीया पर इस बार 19 अप्रैल को झीलों की नगरी में शादियों की जबरदस्त धूम रहेगी। शहर में 200 से ज्यादा शादियां होने जा रही हैं। इसे लेकर वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों में भारी उत्साह है। हालांकि इस बार वेडिंग इंडस्ट्री के सामने इजराइल-ईरान युद्ध के कारण सोने की कीमतों में अस्थिरता, बंगाल चुनाव के चलते लेबर संकट और कॉमर्शियल गैस की किल्लत जैसी चुनौतियां हैं, लेकिन इन सबके बीच शहर के बाजार सकारात्मक ग्राहकी के लिए तैयार हैं। बर्तन और वेन्यू का ट्रेंड बदला बर्तन एसोसिएशन के महामंत्री झमक लाल जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया पर ग्रामीण क्षेत्रों से भी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। इसके चलते कीमतों में तेजी के बावजूद बिक्री पिछले साल से बेहतर है। उधर, शादी के वेन्यू को लेकर शहर में नया ट्रेंड दिख रहा है। उदयपुर वाटिका संचालक संघ के उपाध्यक्ष सुरेश मेनारिया ने बताया कि लोग अब पारंपरिक गार्डन्स के बजाय रिसॉर्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, हालांकि अक्षय तृतीया का सावा इतना बड़ा है कि शहर के लगभग सभी मैरिज गार्डन पहले ही बुक हो चुके हैं। सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्राहकी सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत आंचलिया के अनुसार अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण सोना 1.45 लाख रुपए प्रति तोला के रिकॉर्ड स्तर तक चला गया था, लेकिन अब भावों में कमी आने लगी है। इससे सावा नजदीक आते ही आभूषणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ग्राहकी का जबरदस्त माहौल है। उदयपुर इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेश धोका ने बताया कि शादियों के लिए 40 हजार से 1.50 लाख रुपए तक के कस्टमाइज्ड वेडिंग पैकेज तैयार किए गए हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। लेबर संकट में बुकिंग सीमित, कैटरिंग में घटाए लाइव काउंटर चुनौतियों के बीच भी सकारात्मक संकेत दे रहा बाजार अबूझ मुहूर्त }सोने के भाव में नरमी से बढ़ी उम्मीद, इलेक्ट्रॉनिक्स-बर्तन बाजार में पैकेज आए युद्ध और चुनाव के चलते उपजी परिस्थितियों के बीच वेडिंग इंडस्ट्री ने खुद को अपडेट किया है। जहां टेंट व्यवसायियों ने गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सीमित बुकिंग का रास्ता चुना है, वहीं कैटरर्स ने गैस की कमी को देखते हुए प्री-कुक्ड फूड और पारंपरिक व्यंजनों पर फोकस बढ़ाया है। संसाधनों की इस कमी के बावजूद मैरिज होम, डीजे, हलवाई और फूल विक्रेता अपनी एडवांस तैयारियों के साथ इस महामुहूर्त को खास बनाने में जुटे हैं। टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर चावत ने बताया कि बंगाल चुनाव के कारण प्रवासी लेबर के घर लौटने से कुशल श्रमिकों की कमी हो गई है, इसलिए व्यापारी क्षमता के अनुसार सीमित बुकिंग ही ले रहे हैं। दूसरी ओर, गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर खाने के मैन्यू पर पड़ा है। कैटरर्स ने अब लाइव फूड काउंटर्स की संख्या 15 से घटाकर 5 से 7 कर दी है और मैन्यू में ऐसे व्यंजनों को शामिल किया है जिनमें कम गैस की खपत हो।
भारत और सऊदी अरब के बीच व्यापारिक संबंधों को मिली नई ऊर्जा; जाने क्या नया धोरण ?
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal और सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री अल कासबी के बीच वर्चुअल वार्ता। आपूर्ति श्रृंखला बहाली और भारत-जीसीसी FTA पर हुई महत्वपूर्ण प्रगति।
लेबनान में 'अब कोई सुरक्षित जगह नहीं: यूनिसेफ
लेबनान में आसमान से बरसते बम भारी तबाही लेकर आ रहे हैं। रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है
शाजापुर नगर में शनिवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शारीरिक प्रधान कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने अपनी शारीरिक सुदृढ़ता और सांगठनिक अनुशासन का प्रभावी प्रदर्शन किया। दंड और नियुद्ध कौशल का प्रदर्शन किया कार्यक्रम का आरंभ ध्वज प्रणाम और सामूहिक वंदे मातरम गान से हुआ। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने दंड, पद विन्यास, सामूहिक समता, नियुद्ध, डंबल योग और घोष जैसी विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन किया। सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक कैलाश सूर्यवंशी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। स्वस्थ शरीर को बताया विकसित राष्ट्र का आधार मुख्य वक्ता जिला कार्यवाह दिलीप कलमोदिया ने अपने संबोधन में नियमित व्यायाम, योग और प्राणायाम के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से सशक्त नागरिक ही एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति के स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा सुख है के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया। अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता कार्यक्रम के दौरान नगर कार्यवाह प्रवीण पाटीदार मंच पर उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जोर दिया कि अनुशासित और स्वस्थ स्वयंसेवक विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वयंसेवकों ने राष्ट्र सेवा और निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। देखें तस्वीरें…
शिवपुरी में प्रशासन ने देहात थाना क्षेत्र के महलसराय में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। शुक्रवार रात करीब 9 बजे अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद शनिवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटवाया। कार्रवाई के दौरान देहात थाना प्रभारी विकास यादव और कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा। जानकारी के अनुसार, महलसराय में खलील खान द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर वाहन पार्किंग स्टैंड बनाया गया था, जिसे किराए पर संचालित किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक प्लॉट रिजवान खान को बेच दिया था। इस प्लॉट पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका था और सीसी पिलर खड़े किए जा चुके थे। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से निर्माणाधीन ढांचे, पार्किंग की बाउंड्री और गेट को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई। प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोपइस कार्रवाई को लेकर खलील खान ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि संबंधित जमीन की स्टेट कालीन रजिस्ट्री उनके पास है और उसी आधार पर उन्होंने प्लॉट का विक्रय किया था। उन्होंने यह भी बताया कि जमीन का नामांतरण, जियो टैगिंग और नगर पालिका से निर्माण की अनुमति भी ली गई थी। उनके अनुसार, रात में नोटिस देकर अगले ही दिन बिना उनका पक्ष सुने कार्रवाई कर दी गई। बताया जा रहा है कि संबंधित जमीन सर्वे नंबर 445 पर दर्ज है। जहां एक ओर खलील खान इसे निजी भूमि बता रहे हैं, वहीं शासकीय रिकॉर्ड में यह जमीन सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। इस मामले की शिकायत पहले तहसील कार्यालय, एसडीएम और कलेक्टर के पास की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच बाद यह कार्रवाई की।
Bhavishya malika: भविष्य मालिका युद्ध के बारे में क्या कहती है?
भविष्य मालिका, जिसे ओडिशा के महान संत अच्युतानंद दास जी ने लगभग 600 साल पहले लिखा था, आने वाले समय और 'महाविनाश' या भीषण युद्ध के बारे में कई चौंकाने वाली भविष्यवाणियां करती है। इस ग्रंथ के अनुसार, कलयुग के अंत और सतयुग के आगमन के बीच का समय अत्यंत कष्टकारी होगा। भविष्य मालिका में युद्ध और विनाश से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:- ALSO READ: ईरान- इजराइल युद्ध: क्या भविष्य मालिका की भविष्यवाणी सच होने का समय आ गया? 1. तृतीय विश्व युद्ध (तीसरा महायुद्ध) ग्रंथ के अनुसार, दुनिया एक विनाशकारी तीसरे विश्व युद्ध का सामना करेगी। इसमें आधुनिक हथियारों और प्राकृतिक आपदाओं का मिला-जुला प्रभाव होगा। प्रमुख देश: मालिका के अनुसार, युद्ध की शुरुआत छोटे देशों के संघर्ष से होगी जो धीरे-धीरे वैश्विक रूप ले लेगा। इसमें रूस, चीन और मुस्लिम देशों के गठबंधन तथा पश्चिमी देशों के बीच टकराव की बात कही गई है। भारत की स्थिति: भविष्यवाणी के अनुसार, भारत इस युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से शुरू में शामिल नहीं होगा, लेकिन बाद में शांति व्यवस्था और धर्म की रक्षा के लिए उसे बड़ी भूमिका निभानी पड़ेगी। ALSO READ: भविष्य मालिका की भविष्यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा 2. प्राकृतिक और खगोलीय संकेत युद्ध के दौरान या उससे ठीक पहले प्रकृति में कई असामान्य बदलाव दिखेंगे: दो सूर्य का भ्रम: आसमान में एक ऐसी खगोलीय घटना होगी जिससे दो सूर्य दिखाई देने का आभास होगा (यह कोई धूमकेतु या उल्कापिंड हो सकता है)। जगन्नाथ मंदिर के संकेत: पु री स्थित जगन्नाथ मंदिर की ध्वजा का गिरना, पत्थर गिरना या मंदिर परिसर में अप्रत्याशित घटनाएं युद्ध और अनिष्ट का संकेत मानी गई हैं। ALSO READ: 500 वर्ष पूर्व हुए अच्युतानंददास की भविष्य मालिका की 10 भविष्यवाणियां 3. विनाश का पैमाना मालिका के अनुसार, इस युद्ध और इसके साथ आने वाली महामारियों व प्राकृतिक आपदाओं के कारण दुनिया की जनसंख्या में भारी गिरावट आएगी। जनसंख्या की कमी: ग्रंथ कहता है कि युद्ध के अंत तक दुनिया की एक बड़ी आबादी समाप्त हो जाएगी और केवल धर्म पर चलने वाले लोग ही जीवित बचेंगे। अंधकार का समय: पृथ्वी पर कई दिनों तक गहरा अंधकार छाए रहने की भी भविष्यवाणी की गई है। ALSO READ: Kalagnanam Granth: भविष्य मालिका ग्रंथ की तरह है भविष्यवाणियों का ग्रंथ- कालज्ञानम् 4. कल्कि अवतार और धर्म की स्थापना युद्ध के चरम पर होने के दौरान ही भगवान कल्कि (विष्णु के 10वें अवतार) के प्रकट होने और अधर्म का नाश करने की बात कही गई है। युद्ध का अंत: यह युद्ध केवल देशों की लड़ाई नहीं, बल्कि सत्य और असत्य का संघर्ष होगा। भगवान कल्कि दुष्टों का संहार करेंगे और पुनः सतयुग की नींव रखेंगे। शांति का केंद्र: युद्ध के बाद भारत दुनिया का आध्यात्मिक केंद्र बनेगा और पूरी दुनिया में शांति स्थापित होगी। ALSO READ: महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी 5. समय काल (Timeline) भविष्य मालिका के अनुसार, कलयुग के 5000 वर्ष पूरे होने के बाद 'संधिकाल' शुरू हो चुका है। कई व्याख्याकारों का मानना है कि 2024 से 2030 के बीच की अवधि अत्यंत महत्वपूर्ण और विनाशकारी हो सकती है। ALSO READ: सावधान! 60 साल बाद लौट रहा है 'रौद्र' संवत्सर, ये 5 भविष्यवाणियां बदल देंगी दुनिया का नक्शा महत्वपूर्ण नोट: भविष्य मालिका की भविष्यवाणियां प्रतीकात्मक और ओडिया भाषा की गूढ़ कविता (मालिका) में हैं। इनका अर्थ अलग-अलग विद्वान अपनी समझ के अनुसार निकालते हैं। इसे धार्मिक आस्था और चेतावनी के रूप में अधिक देखा जाता है। ALSO READ: Jagannath Puri : जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर मंडराया चीलों का झुंड, क्या बड़ी घटना का संकेत, भविष्यमालिका से क्यों जोड़ रहे लोग
शामली जिला अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाने वाले चार जेबकतरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इन युवकों को नागरिकों की सतर्कता और मदद से पकड़ा गया, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। ये आरोपी अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की जेब काटकर फरार हो जाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि ये चारों युवक पहले भी कई बार चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके थे। शनिवार को भी ये एक रिक्शा चालक की जेब पर हाथ साफ करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां मौजूद लोगों को शक हुआ। आरोपियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा लोगों ने तुरंत घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पकड़े गए युवकों की पहचान अरशद, आमिर उर्फ टोन और जावेद उर्फ ढोपु के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य युवक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि सभी आरोपी सदर कोतवाली क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनके खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों और अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर जिले के राजकीय +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, तुर्की में शनिवार दोपहर बारह बजे एक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन वरीय पुलिस अधीक्षक कांन्तेश कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उनके साथ एसडीपीओ पश्चिमी-2 अनिमेष चंद्र ज्ञानी, ट्रैफिक डीएसपी महेश कुमार और विद्यालय के प्राचार्य राहुल कुमार रंजन भी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एसएसपी कांन्तेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं से हुई मौतों के आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को सड़क पर हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी। एसएसपी ने विशेष रूप से जोर दिया कि मोटरसाइकिल पर यात्रा करते समय चालक और पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसी प्रकार, चारपहिया वाहन में आगे और पीछे बैठे सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना भी बेहद आवश्यक है। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
पश्चिम एशिया में युद्धविराम का कांग्रेस ने किया स्वागत, शांति व कूटनीति बहाली पर जोर
कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में युद्धविराम का स्वागत किया है और इसे तनाव कम करने, कूटनीति के पुनरुद्धार, रचनात्मक संवाद और अंततः स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है
मिडिल ईस्ट वॉर के कारण राजस्थान का मसाला कारोबार करोड़ों का नुकसान झेल रहा है। यहां से खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले ईसबगोल और जीरे का एक्सपोर्ट पूरी तरह से बंद है। सौंफ, ग्वार समेत कई मसाला फसलों से भरे कंटेनर्स की आवाजाही भी है। शिपिंग के चार्ज 10 गुना तक बढ़ गए हैं। बमबारी और सामान बीच रास्ते अटकने के कारण इंश्योरेंस कंपनियों ने बीमा करने से मना कर दिया है। इसके कारण व्यापारी भी माल की भेजने से घबरा रहे हैं। हाल यह है कि हर दिन अकेले नागौर मंडी के कारोबारियों को 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। मंडी कारोबारियों का दावा है कि- हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कारोबार में 30 से फीसदी तक गिरावट आई है। 40 दिनों में ही 80 करोड़ से ज्यादा का नुकसान मंडी व्यापारियों का कहना है- नागौर से जीरे, सौंफ, ईसबगोल की सप्लाई गुजरात की ऊंझा और मुंबई की मंडी में होती है। वहां से एक्सपोटर्स जीरे व अन्य फसलों को सउदी अरब, बहरीन, कतर सहित दूसरे मिडिल ईस्ट के देशों में बेचते हैं। युद्ध के कारण बड़े एक्सपोटर्स माल नहीं ले रहे हैं। युद्ध के सिर्फ 40 दिनों के भीतर अकेले नागौर के मसाला कारोबारियों को 80 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इंश्योरेंस कंपनियों का बीमा करने से इनकार नागौर मंडी के व्यापारी अनुराग पूनिया का कहना है- एक्सपोर्ट लगभग बंद है। पहले समुद्री रास्ते से बड़े कंटेनर में माल भेजते थे, लेकिन अब एयर कार्गो से छोटे बॉक्स में माल की सप्लाई कर रहे हैं। क्योंकि शिपिंग के चार्ज 10 गुना तक बढ़ गए हैं। युद्ध से पहले जो चार्ज 20 डॉलर (करीब 1800 रुपए) प्रति क्विंटल था, अब वही 200 डॉलर (करीब 19000 रुपए) प्रति क्विंटल के हिसाब से जा रहा है। इसके बाद भी रिस्क को देखते हुए इंश्योरेंस कंपनियां माल का बीमा (इंश्योरेंस) नहीं कर रही हैं। युद्ध और मौसम दोनों की मार से कारोबार बर्बाद नागौर मंडी के निदेशक पवन भट्टड़ का कहना है- ग्वार का एक्सपोर्ट पहले हर महीने 20 से 25 हजार टन तक होता था, युद्ध के कारण जबरदस्त गिरावट आई है। वहीं, इस साल उत्पादन भी कम हुआ है। पिछले सालों में ग्वार का उत्पादन करीब 1 करोड़ बोरी होता था। लेकिन इस साल कम बारिश और फसल के समय चली विपरीत हवाओं के कारण यह घटकर लगभग 50 लाख बोरी रह गया है। नेपाल और चीन को जा रहा माल, वर्ना पूरा कारोबार ही डाउन व्यापार मंडल के अध्यक्ष मूलचंद भाटी का कहना है- हमारे यहां से हल्की क्वालिटी का जीरा एक्सपोर्ट में जाता है। एक्सपोर्ट बंद होने की वजह से जिस जीरे की कीमत अब तक 25 से 26 हजार हो जानी चाहिए थी, वो अभी 21 हजार पर ठहरी हुई है। घरेलू मांग भी कमजोर है। देश के कई हिस्सों में गैस की किल्लत और युद्ध के माहौल के कारण व्यापारियों की खरीदारी भी प्रभावित हुई है, जिससे मंडी में मंदी का माहौल बना हुआ है। ईसबगोल और जीरे का एक्सपोर्ट ठप व्यापारी पारस मल दुगड़ का कहना है- कि खाड़ी देशों के बाजार खुलने पर ईसबगोल की मांग में तेजी आएगी। किसानों के पास इस समय सरसों, चना और तारामीरा जैसी अन्य फसलों के अच्छे भाव उपलब्ध हैं। इसलिए वे ईसबगोल और सौंफ को रोककर धीरे-धीरे बाजार में लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके कारण बाजार में फिलहाल आवक कम है। पिछले साल की तुलना में इस बार ईसबगोल की बुआई भी करीब 60 प्रतिशत ही हुई है और फसल में 15 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान भी हुआ है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में सिर्फ भविष्य पर ही कारोबार की संभावना टिकी है। …. अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सोजत में मेहंदी की फैक्ट्रियों में काम बंद:250 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर अटका, व्यापारी बोले-मजदूरों को घर भेजना पड़ रहा है अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध में 2 हफ्ते का सीजफायर हुआ है और कुछ ही घंटों में इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल होंगें। इस बातचीत से पहले अमेरिकी ...
ceasefire : 'चाबी' लेबनान के पास, ईरान के बयान से खटाई में पड़ सकती है Islamabad talks
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने 'चाबी' (Key) को एक नए प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ईरान इस समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ को अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है और साथ ...
अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी 'सुपर-ड्रोन' लापता, क्या है कोड 7700 का रहस्य
खाड़ी देशों में शांति की बहाली की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धविराम को अभी 48 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि अमेरिकी नौसेना का सबसे अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन (Triton), स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ...
सीजफायर वार्ता से ईरान का किनारा: लेबनान में शांति से पहले नहीं होगी बातचीत
गौरतलब है कि 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के तहत दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को स्थान चुना गया था।
इजरायल का ऑपरेशन रोरिंग लायन 18,000 बम और 4,000 टारगेट, लेबनान से ईरान तक दहला मिडिल ईस्ट
युद्ध के शोर के बिच गुंजी संगीत की शाम ; कमबैक कंसर्ट में फिर साथ दिखा BTS बैंड
सैन्य अंतराल के बाद BTS ने गोयांग में पहले पूर्ण समूह कंसर्ट के साथ धमाकेदार वापसी की, जहां भारी बारिश के बीच सातों सदस्यों ने 23 गानों की प्रस्तुति दी।
Russia oil revenue 2026: फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हवाई हमलों के बाद ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया। ये वो जगह है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और LNG गुजरता है। नतीजा? ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 प्रति ...
यूक्रेन युद्ध में सीजफायर, ऑर्थोडॉक्स ईस्टर पर पुतिन का बड़ा एलान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अचानक बड़ा एलान करते हुए यूक्रेन में 2 दिन के लिए अस्थायी युद्धविराम का आदेश दिया है। यह युद्धविराम ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर शनिवार शाम से लागू किया जाएगा। यह आदेश जेलेंस्की की अपील के बाद आया, जिसमें उन्होंने ...
राजस्थान के रेगिस्तान में अमेरिका की सबसे एडवांस्ड हेलफायर मिसाइलों के धमाके हुए। दावा है कि इन्हीं मिसाइलों का पिछले साल ईरान पर हमले में इस्तेमाल किया गया था। हेलफायर के अलावा राजस्थान के आसमान से अपाचे हेलिकॉप्टर ने भी अचूक निशान लगाए। कमांड सेंटर से दुश्मनों के ड्रोन्स को भी ब्लास्ट किया गया। ये नजारा था इंडियन आर्मी की ‘ब्रह्मास्त्र’ एक्सरसाइज का। जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में गुरुवार को हुए इस युद्धाभ्यास ने मॉडर्न वॉर प्लांड को टेस्ट किया। सेना के अधिकारियों का कहना है कि आर्मी में नए हेलिकॉप्टर्स की एंट्री ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। सबसे पहले देखिए - वॉर एक्सरसाइज के PHOTOS… अपाचे से फायर की गईं हेलफायर मिसाइलें एक्सरसाइज में अमेरिका में बनीं AGM-114 हेलफायर मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ। इनसे 8 किलोमीटर दूर एक टैंक सहित दूसरे निशाने उड़ाए गए। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने नीचे आकर 70 एमएम हाइड्रा रॉकेटों से हमला किया, जिससे दुश्मन के कैंप नष्ट हुए। अंत में हेलिकॉप्टर के नीचे लगी M230 चेन गन से 1200 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग कर छोटे लक्ष्यों को भी निशाना बनाया गया। क्या होती है हेलफायर मिसाइल? हेलफायर मिसाइलें (AGM-114 Hellfire) अमेरिका द्वारा विकसित लेजर-गाइडिड सटीक हमले वाली हवा-से-जमीन पर हमला करने वाले मिसाइलें हैं। इनका वजन लगभग 45-50 किलोग्राम और रेंज 8-11 किलोमीटर होती है। हेलफायर का उपयोग ड्रोन, हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट्स से किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि साल 2025 में ईरान पर हमले में इजराइल ने इन्हीं मिसाइलों को दागा था। एक कमांड से उड़ाए दुश्मन के ड्रोन सेना ने इस अभ्यास में हाईटेक रडार सिस्टम से दूर से ही ड्रोन की लोकेशन ट्रैक की गई। इसके बाद कंट्रोल रूम से ही मिसाइल और गन को कमांड देकर टारगेट लॉक करवाया गया। कुछ सेकेंड के इस प्रोसेस से सटीक निशाना लगाने में मदद मिली। सेना का यह सिस्टम 4 किलोमीटर दूर से आसानी से कमांड दे सकता है। एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को नष्ट किया ब्रिगेडियर पी.के. सिंह ने बताया कि एक्सरसाइज में आधुनिक रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट गनों से ड्रोन टारगेट को नष्ट किया गया। इसमें ड्रोन के नजर आते ही एयर डिफेंस यूनिट्स ने उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया। फिर एंटी-एयरक्राफ्ट गनों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें आसमान में नष्ट कर दिया। एक्सरसाइज में कोई भी मिसफायर नहीं हुआ। रियल टाइम डेटा शेयरिंग- सेना सेना के अधिकारियों के अनुसार इस एक्सरसाइज में जमीन और हवा के बीच रियल टाइम डेटा साझा किया गया, जिससे ऑपरेशन की सटीकता और गति दोनों में सुधार हुआ। अभ्यास से पहले कई हफ्तों तक तैयारी की गई। इसमें सेना की दक्षिणी कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड ने हाई-इंटेंसिटी फायरिंग अभ्यास किया, जिसमें पायलटों ने सिमुलेशन के जरिए ट्रेनिंग ली और तकनीकी टीम ने रेगिस्तानी परिस्थितियों में हथियारों की जांच की। सेना के पास कई हेलिकॉप्टर, अपाचे सबसे घातक सेना के पास अब अपाचे, प्रचंड और रुद्र जैसे हेलिकॉप्टर है। अपाचे टैंकों को निशाना बनाने में सक्षम है। प्रचंड ऊंचाई वाले इलाकों में काम करता है और रुद्र छोटे ऑपरेशन के लिए उपयोगी है। …. राजस्थान में युद्धाभ्यास से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी:बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा जैसलमेर सेक्टर के फॉरवर्ड इलाकों में भी दो महीने पहले सेना ने युद्धाभ्यास किया था। भारतीय सेना की कोनार्क कोर (12 कोर) की बैटल एक्स डिवीजन ने एकीकृत युद्धाभ्यास से अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया था। पूरी खबर पढ़िए…
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, नेतन्याहू ने युद्धविराम नकारा, हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान तेज
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका और फ्रांस के शांति प्रस्ताव को ठुकराया, सेना को हिजबुल्लाह के खिलाफ पूरी क्षमता से अभियान जारी रखने को कहा।
कतर में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी सप्लाई पर करेंगे अहम बातचीत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर दोहा पहुंचे। हवाई अड्डे पर भारत के कतर स्थित राजदूत विपुल और कतर एनर्जी के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया
पश्चिमी देशों में जारी युद्ध से शहर में 15 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण कार्य ठप
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा पश्चिमी देशों में जारी युद्ध का असर अब शहर के विकास कार्यों पर भी नजर आने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। यूआईटी और नगर निगम के कई सड़क निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। इनके वर्क ऑर्डर पहले ही जारी हो चुके हैं। यूआईटी की ओर से गौरव पथ पर सुखाड़िया सर्किल से भदालीखेड़ा तक करीब 4 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से होने वाला री-कार्पेटिंग कार्य फिलहाल रुका हुआ है। इसके अलावा 200 फीट रिंग रोड पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित सड़क निर्माण भी अटका पड़ा है। यूआईटी से सुखाड़िया सर्किल तक करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाला प्रस्तावित सड़क निर्माण भी रुका हुआ है। इसी तरह नगर निगम क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से कोर्ट चौराहा, एसके प्लाजा से मिर्ची मंडी, 100 फीट रोड पर डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए यूआईटी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने सचिव को पत्र लिखकर राहत देने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चांदमल सोमानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कमी है। बाजार में अनिश्चितता भी है। गिट्टी, सीमेंट, अन्य निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कीमतें निर्धारित सीमा से कहीं अधिक हो चुकी हैं। इनमें रोजाना वृद्धि हो रही है। इससे ठेकेदारों के लिए पुराने दरों पर काम करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं। कॉन्ट्रेक्टर की मुख्य मांगें समय सीमा में विस्तार- एसोसिएशन ने मांग की है कि जिस तरह कोरोना काल में निर्माण कार्यों की समय सीमा बढ़ाई गई थी, वैसी ही शिथिलता वर्तमान आपदा को देखते हुए भी बरती जाए। यूआईटी स्तर पर अतिरिक्त समय दिया जाए। छोटे कार्यों के लिए विशेष सहयोग- 50 लाख रुपए से कम लागत वाले, तीन महीने से कम समय सीमा वाले कार्यों में रेट एस्केलेशन (दर वृद्धि समायोजन) का प्रावधान नहीं होता है। इससे ठेकेदारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। धारा 32 का उपयोग- ऐसे कार्यों को या तो अनुबंध की धारा 32 के तहत वापस लिया जाए या फिर विशेष सहयोग देकर पूर्ण करवाया जाए। इससे संवेदकों के हितों की रक्षा हो सके। ^राज्य सरकार के स्तर का मामला है। संगठन ने सीएमओ को भी पत्र भेजा है। वहां से जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उसी अनुसार, आगे की कार्यवाही होगी। - ललित गोयल, सचिव
कोंडागांव, 9 अप्रैल को 188वीं बटालियन सीआरपीएफ मुख्यालय चिकलपुट्टी, कोंडागांव में शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कमांडेंट भवेश चौधरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद एक सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को शौर्य दिवस की गौरवगाथा सुनाई गई और वीर जवानों के पराक्रम को याद किया गया। CRPF ने पाकिस्तानी सेना के हमले को विफल किया था कमांडेंट चौधरी ने अपने संबोधन में बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात के कच्छ के रण में सरदार पोस्ट और टाक पोस्ट पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने पाकिस्तानी सेना के बड़े हमले को विफल कर दिया था। इस लड़ाई में दुश्मन के 34 सैनिक मारे गए और 4 को जीवित पकड़ा गया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीआरपीएफ ने देश के विभिन्न हिस्सों जैसे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ लगातार साहस का प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर बटालियन के वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जवानों को भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान द्वितीय कमान अधिकारी नीतीन्द्र नाथ, उप कमांडेंट कमल सिंह मीणा, सहायक कमांडेंट ओमप्रकाश विष्णोई, बन्ना राम, अमर सिंह मीणा सहित सभी अधिकारी और जवान मौजूद थे।
अबोहर में महिला पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार:एकतरफा प्यार में की वारदात, दोनों यूपी के रहने वाले
अबोहर के गांव रामगढ़ की भंगाला कॉलोनी में एक महिला पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। महिला को गंभीर हालत में फरीदकोट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसके चेहरे पर 28 से 30 टांके आए हैं। सदर अबोहर पुलिस ने आरोपी अर्जुन सिंह पुत्र रघुवर दयाल निवासी भंगाला को काबू कर लिया है। आरोपी अर्जुन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 109, 115 (2), 118 (2), 304, 329 (3) और 333 के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला को एक साल से जानता था आरोपी पुलिस के अनुसार, यह हमला एकतरफा प्यार के चलते किया गया। आरोपी अर्जुन सिंह ने स्वीकार किया है कि वह पिछले करीब एक साल से पीड़ित महिला रमा निवासी इटावा उत्तर प्रदेश को जानता था। आोरपी ने बताया कि रमा के किसी और व्यक्ति के संपर्क में आने की बात उसे बर्दाश्त नहीं हुई, जिसके चलते उसने महिला पर हमला कर दिया। महिला के पति की हो चुकी मौत घायल रमा के पति की करीब 4 साल पहले मौत हो गई थी। वह अपनी गर्भवती बहन की देखभाल के लिए लगभग 15 दिन पहले ही अपने बहन के गांव आई थी। आरोपी अर्जुन उसे कई दिनों से परेशान कर रहा था। संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार युवक को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करने और आरोपी के फोन की गहनता से जांच करने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले का पूरा खुलासा हो सके।
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर मध्य प्रदेश के फार्मा सेक्टर पर गहराता जा रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव इस उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते मध्य प्रदेश की फार्मा कंपनियों का करीब 1000 करोड़ रुपए का निर्यात अटक गया है। एमपी से हर महीने 20,000 से अधिक दवाइयों के कंटेनर दुनिया के 190 देशों में भेजे जाते हैं। वहीं, उद्योगपतियों का कहना है कि भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन स्थिति सामान्य होने में 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग सकता है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन परेश चावला का कहना है कि युद्धविराम के बाद उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगी। लेकिन इस युद्ध ने इंडस्ट्री को काफी नुकसान पहुंचाया है। ये तीन कारण, जिनसे एक्सपोर्ट अटका मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में दवाइयां और रॉ मटेरियल गल्फ देशों, अफ्रीकी देशों, यूरोपीय देशों और अमेरिका को निर्यात किए जाते हैं। वर्तमान में निर्यात प्रभावित होने के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं… 190 देशों में जाती हैं भारत की दवाइयां चावला ने आगे बताया कि भारत से करीब 180 से 190 देशों में दवाइयां निर्यात की जाती हैं। भारत को ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ भी कहा जाता है। अमेरिका तक भारत की जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है। अमेरिका से लेकर सोमालिया और कांगो जैसे छोटे देशों तक, कई देश पूरी तरह भारतीय दवाओं पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण जिस तरह सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, उसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख फार्मा उद्यमियों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस युद्ध ने केवल तात्कालिक नुकसान ही नहीं पहुंचाया, बल्कि बाजार की संरचना को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का फार्मा एक्सपोर्ट करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। इंदौर से 3 हजार करोड़ का होता है एक्सपोर्ट इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सचिव अनिल कुमार सबरवाल ने बताया कि इंदौर से हर महीने करीब ढाई से तीन हजार करोड़ रुपए का निर्यात होता है। इसमें फार्मा, कन्फेक्शनरी, केमिकल और टेक्सटाइल इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट शामिल है। फार्मा सेक्टर की बात करें तो मध्य प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री का 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके पीछे वेसल (जहाज) महंगे होना और कंटेनर की कमी प्रमुख कारण हैं। रॉ मटेरियल पर भी प्राइस कंट्रोल जरूरी फार्मा इंडस्ट्री के उद्योगपतियों का कहना है कि इस समय रॉ मटेरियल की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि जैसे सरकार दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखती है, वैसे ही दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल पर भी प्राइस कंट्रोल होना चाहिए।वर्तमान में रॉ मटेरियल पर किसी प्रकार का मूल्य नियंत्रण नहीं है। उद्योगपतियों का यह भी कहना है कि सरकार को दवा निर्माण में उपयोग होने वाले रॉ मटेरियल की जमाखोरी पर सख्त नियंत्रण करना चाहिए। यदि ऐसा किया जाता है, तो बाजार में दबा हुआ 25-30 प्रतिशत रॉ मटेरियल बाहर आ सकता है और जमाखोरी की समस्या कम हो सकती है। सरकार के ऐसे कदम से एक-दो महीने के भीतर रॉ मटेरियल और पैकेजिंग मटेरियल की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे दवाओं को लेकर बनी मौजूदा समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। एमपी में 300 यूनिट्स कर रही हैं काम फार्मा एसोसिएशन के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगभग 350 छोटी-बड़ी इंडस्ट्री दवाओं का उत्पादन करती हैं। हालांकि, वर्तमान में करीब 300 इंडस्ट्री ही संचालित हो रही हैं। एमपी सरकार ने पिछले एक साल में तय मानकों का पालन नहीं करने पर करीब 50 इंडस्ट्री को बंद कराया है। इन 300 सक्रिय इंडस्ट्री में से लगभग 100 कंपनियां ऐसी हैं, जो दवाओं का निर्यात भी करती हैं। ये दवाइयां होती हैं एमपी से एक्सपोर्ट मध्य प्रदेश से निर्यात होने वाली प्रमुख दवाओं में पैरासिटामोल, मेटफॉर्मिन, एमोक्सिसिलिन, एजीथ्रोमाइसिन, ओमेप्राजोल, एटोरवास्टेटिन और इबुप्रोफेन जैसी सामान्य दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही टीकों (वैक्सीन) का भी बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। यह खबर भी पढ़ें… 10-15% उद्योगों में एक ही शिफ्ट में काम इजराइल-ईरान युद्ध का असर अब मध्य प्रदेश के उद्योगों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं। वहीं, लॉजिस्टिक लागत भी 5 गुना महंगी हो गई है। इसका सीधा असर उत्पादन और सप्लाई पर पड़ रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार रात जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से लेकर पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव तक कई विषयों पर खुलकर बात की। देर रात वे इंदौर के लिए रवाना हो गए। इजराइल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने अमेरिका की भूमिका पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह विवाद ईरान और इजराइल के बीच है, लेकिन अमेरिका इसमें “बिल्ली” की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसे बिल्ली-बंदर की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि जैसे दो बंदरों की लड़ाई में बिल्ली तराजू लेकर बैठती है और दोनों तरफ से रोटी खाती जाती है, उसी तरह अमेरिका इस संघर्ष में अपना फायदा देख रहा है, जबकि असली पक्ष लड़ते रह जाते हैं। मोदी की विदेश नीति की तारीफ विजयवर्गीय ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की स्थिति ऐसी है कि ईरान और इजराइल—दोनों ही भारत को अपना मित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह सफल कूटनीति का उदाहरण है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए हुए है। बंगाल चुनाव को लेकर दावा मीडिया से बातचीत में उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों पर भी बड़ा दावा किया। विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार भाजपा न केवल चुनाव जीतेगी, बल्कि राज्य में सरकार भी बनाएगी। ‘वफादारी’ पर बयान बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो यहां रहते हैं, लेकिन देश के प्रति वफादारी नहीं रखते। उन्होंने सभी से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि समय के साथ ऐसे लोगों में भी समझ आएगी।
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर स्वास्थ्य व्यवस्था और आम मरीजों की जेब पर दिखाई दे रहा है। दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) और सर्जिकल आइटम्स के दाम बढ़ गए हैं, जिससे इलाज का खर्च 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसकी वजह से पीबीएम हॉस्पिटल में दवाओं और सर्जिकल आइटम्स की सप्लाई प्रभावित है। युद्ध के कारण दवाओं में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स - एपीआई) 25 से 40 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने से जरूरी दवाओं के कच्चे माल की कीमत 166% तक बढ़ गई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल की दवाओं जैसे पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भले ही एक बार सीजफायर हो गया हो, लेकिन हालात इतनी जल्दी नहीं सुधरेंगे। हालांकि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा 900 से अधिक आवश्यक दवाओं की कीमतों में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर 0.65 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ने और दवा बाजार से छूट (डिस्काउंट) खत्म होने के कारण उपभोक्ताओं को 10 से 12 फीसदी अधिक खर्च करना पड़ रहा है। अमेरिका-ईरान के युद्ध से जेनेरिक दवाओं का कच्चा माल 166 प्रतिशत महंगा हुआ युद्ध के कारण शहर में दवाओं और सर्जिकल आइटम्स का संकट गहराने लगा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत जनाना विभाग में सर्जिकल आइटम्स का टेंडर अब तक नहीं हो पाया है। सूचर्स तक मरीजों को खरीदने पड़ रहे हैं। बीकानेर दवा विक्रेता संघ के सचिव बाबूलाल गहलोत का कहना है कि दवाएं कम हो गई हैं। थोक विक्रेता आलोक शर्मा का कहना है कि जेनेरिक दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। अप्रैल में कंपनियों से नए रेट मांगे गए हैं। उसी के आधार पर ऑर्डर दिए जाएंगे। मार्च में बड़ा स्टॉक मंगवा लिया था। इसलिए काम चल गया। वहीं दूसरी तरफ पीबीएम अस्पताल में 850 सर्जिकल आइटम्स के टेंडर किए गए हैं। प्लास्टिक से बने 90 फीसदी से अधिक आइटम्स के दाम महंगे होने से इनकी आपूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सप्लाई प्रभावित होने के चलते मरीजों को बाजार से महंगे दाम पर सूचर्स, ग्लव्स, एडहेसिव टेप, कैनुला और सीरिंज जैसे आवश्यक सर्जिकल आइटम खरीदने पड़ रहे हैं। यह आइटम मुख्य रूप से प्लास्टिक और पॉलिमर आधारित होते हैं और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। हालांकि निजी फार्मासिस्टों का कहना है कि आरसी की है तो पीबीएम को कम दरों पर सप्लाई करना मजबूरी है। ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी डॉ. शिव शंकर झंवर का कहना है कि दरें 30 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, लेकिन सप्लाई पर असर नहीं आने दिया जाएगा। ग्लब्ज, कैनुला की एक सप्लाई आ गई है। कुछ ही दिन में वार्डों में भेज दिए जाएंगे। सीरिंज का 80 लाख का टेंडर और कर दिया है। दवाओं और सर्जिकल आइटम के दाम बढ़ने के मुख्य कारण “यह वैश्विक वृद्धि है। पीबीएम में सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसलिए आरसी पहले ही कर दी गई थी। फर्मों को सप्लाई के ऑर्डर दिए जा रहे हैं। यदि सर्जिकल आइटम और दवाओं की सप्लाई नहीं करेंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल “युद्ध का सीधा असर दवाओं और सर्जिकल आइटम की कीमतों पर पड़ा है। सीजफायर के बाद भी हालात इतनी जल्दी नहीं सुधरेंगे। युद्ध वापस शुरू हुआ तो संकट बढ़ेगा। दवाएं महंगी होंगी।” -दिलीप पारीख, सचिव, प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध फिलहाल स्थगित हो गया है। लेकिन राजधानी रांची में गैस की किल्लत से निपटने का जंग अभी भी जारी है। क्योंकि, ऑयल कंपनियां, जिला प्रशासन से लेकर गैस एजेंसियां गैस की आपूर्ति करने का दावा कर रही है। होम डिलेवरी बढ़ाई गई है। इससे नियमित उपभोक्ताओं को कुछ राहत ज़रुर हुई है। लेकिन एक तबका ऐसा है जो गैस की किल्लत का खामियाजा भुगत रहा है। वह है रांची के हजारों लॉज-हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स। शहर के मेन रोड, हरमू रोड, अपर बाजार, थड़पखना, लालपुर, सर्कुलर रोड, कोकर, रातू रोड सहित अन्य क्षेत्रों में लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की दिनचर्या बदल गई है। गैस की किल्लत से छात्र-छात्राओं और उनके परिवार का बजट बिगड़ गया है। हालात ऐसे है कि 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं अपना पेट काटकर पढ़ाई करने को विवश हैं। वे तीन बार के बजाय एक बार भोजन कर रहे हैं। सुबह का नाश्ता और रात का खाना छोड़कर दोपहर में एक समय होटल या स्ट्रीट फूड खाकर दिन काट रहे है। कई हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं चूड़ा-सत्तू व बाहर मिलने वाले चाईनीज फूड के भरोसे चल रही है। गैस नहीं मिलने की वजह से हॉस्टल के मेस में खाने में कटौती की गई है। इस वजह से कई हॉस्टल के छात्र अपने घर लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को शहर के 30 हॉस्टल-लॉज की पड़ताल की तो कई छात्राओं की आंखों से आंसू निकल गए। उन्होंने भास्कर के साथ ऐसे अपना दर्द साझा किया... इंटर्न: कृति वर्द्धन, वर्षा सोनी, चन्द्रदेव उरांव, काजोल यादव, ईशा उपाध्याय, प्रियांशु गुप्ता की रिपोर्ट करमटोली रोड स्थित आदिवासी हॉस्टल में अलग-अलग ब्लॉक है। सभी ब्लॉक में खाना बनाने का अलग-अलग तरीका है। अमर शहीद टाना भगत हॉस्टल बिल्डिंग में मेस नहीं है। छात्र कुंवर उरांव ने बताया कि सभी छात्र गैस पर ही खाना बनाते थे। लेकिन पिछले एक माह से गैस नहीं मिल रही है। छोटू सिलेंडर बाजार से रिफिलिंग कराते थे, वह भी नहीं मिल रहा है। ब्लैक में 300 रुपए प्रति किलो मांगा जा रहा है। इतना पैसा कहां से लाएंगे। इसलिए बिजली के हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों को बिजली का बिल नहीं देना होता है, इसलिए हीटर पर ही खाना बनाना मजबूरी है। जिस बिल्डिंग में मेस है, वहां कोयला और लकड़ी पर खाना बनता है। लेकिन कोयला भी महंगा हो गया है। हीटर और चूल्हा दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाने में कटौती की गई है। परेशानी की वजह : लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं घरेलू गैस सिलेंडर का कनेक्शन नहीं लेते हैं। वे अपने घर से सिलेंडर लेकर आते हैं, या मार्केट से पांच-दस किलो वाला सिलेंडर लेकर उसमें गैस रिफिलिंग कराते हैं। गैस किल्लत की वजह से रिफिलिंग वाले अंडरग्राउंड हो गए हैं। चोरी-छिपे कुछ लोग गैस रिफिलिंग कर रहे हैं,लेकिन 250 से 300 रुपए प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। इसलिए छात्रों को समस्या हो रही है। थड़पखना : 15 दिनों से बाहर खाना पड़ रहा थड़पखना क्षेत्र में स्थित वर्मा गर्ल्स हॉस्टल की छात्रा शालिनी गुप्ता बताती है कि पहले मासिक बजट चार हजार रुपए में पूरा हो जाता था। अब पांच हजार रुपए लग रहा है। इसलिए खाने में कटौती करनी पड़ रही है। चौधरी गर्ल्स हॉस्टल में 50 छात्राएं रहती हैं। छात्रा साक्षी कुमारी ने बताया कि पहले 90 रु. किलो गैस मिलता था, अब 300 रु. किलो में मिल रहा है। इसलिए बाहर खाना मजबूरी है। करीब दस छात्राएं अपने घर लौट गई। छात्रा जयंती कुमारी ने बताया कि गैस बुक करने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सोनमति पैलेस हॉस्टल में रह रही साक्षी कुमारी और निशा रंजन का दर्द भी छलक गया। उन्होंने बताया कि गैस ने दिनचर्या के साथ बजट बिगाड़ दिया। यहां 50 छात्राएं रहती थी, लेकिन अब कई हॉस्टल छोड़कर जा रही है। जो यहां रह गए हैं वे ढाबा या स्ट्रीट फूड के सहारे हैं। खर्च मैनेज करने के लिए एक टाइम ही खाना खा रहे हैं।
मुजफ्फरपुर में ईरान युद्ध पर रोक का जश्न:सिया मस्जिद में लोगों ने इबादत की, आतिशबाजी कर मनाया उत्सव
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान युद्धविराम की घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत मिली है। मुजफ्फरपुर में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। शहर के इमामबाड़ा रोड स्थित सिया मस्जिद में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आज जश्न मनाया। युद्धविराम की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अकीदतमंद सिया मस्जिद परिसर में इकट्ठा हुए। यहां विश्व शांति और मानवता की सलामती के लिए विशेष इबादत का आयोजन किया गया। इबादत के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और गले मिलकर मुबारकबाद दी। मस्जिद के बाहर युवाओं ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया, जिससे पूरे इलाके का माहौल उत्सवपूर्ण हो गया। युद्धविराम पूरी 'इंसानियत' की जीत इस अवसर पर सिया मस्जिद के इमाम-ए-जुम्मा मौलाना सादाब रहबर ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धविराम किसी एक राष्ट्र, समुदाय या धर्म की जीत नहीं, बल्कि पूरी 'इंसानियत' की जीत है। मौलाना रहबर ने जोर देकर कहा कि युद्ध हमेशा विनाश लाता है, जबकि संवाद से ही समस्याओं का हल संभव है। उन्होंने आगे कहा, हम इस फैसले का तहे दिल से स्वागत करते हैं क्योंकि इससे दुनिया में शांति और भाईचारे की उम्मीद और भी मजबूत हुई है। हमने सामूहिक रूप से अल्लाह का शुक्र अदा किया है कि उसने अमन का रास्ता दिखाया। यह एक बड़ी जीत है और इसके लिए हम पूरी दुनिया के उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने शांति के लिए आवाज उठाई। जश्न में शामिल स्थानीय नागरिकों ने कहा कि युद्धविराम से न केवल देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि युद्ध की विभीषिका झेल रहे आम मासूम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मस्जिद परिसर में मौजूद कौशर जैदी, मेहदी अब्बास और उर्फी रिजवी जैसे गणमान्य लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया।
अबोहर के गांव रामगढ़ में 8 अप्रैल को एक युवक ने विधवा प्रवासी महिला पर कापे से हमला कर दिया। युवक ने महिला के चेहरे पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय पीड़ित महिला रमा, जो उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सनोड़ी गांव की निवासी है, के पति की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी। उसके दो बच्चे हैं। वह पिछले 15 दिनों से अपनी गर्भवती बहन की देखभाल के लिए अबोहर के सदर थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ में उसके घर आई हुई थी। आते-जाते करता था छेड़छाड़ इसी दौरान गांव का ही एक युवक अर्जुन, जो गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति का रसोइया है, रमा को परेशान करने लगा। वह अक्सर गली में आते-जाते उसके साथ छेड़छाड़ करता था। हालांकि, महिला ने उसे साफ तौर पर मना कर दिया था। महिला का चेहरा बुरी तरह बिगड़ाएकतरफा प्यार में असफल होने पर अर्जुन ने रमा पर कापे से हमला कर दिया। उसने महिला के चेहरे पर इतने वार किए कि उसका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। घटना के बाद महिला के परिजनों और अन्य लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुझे परिवार ने 50 लाख रुपए सालाना किराए पर जमीन देने की सहमति दी थी। इसके लिए बकायदा रेमन के दोनों भाईयों, उनकी पत्नी और मां ने घर बुलाकर मुझसे डील की थी। एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष भी नहीं जाना गया और एकतरफा एफआईआर कर दी गई। यह कहना है इंदौर के शराब कारोबारी और क्रिकेट टीम के मालिक सूरज रजक का। सूरज का कहना है कि यह आरोप पूरे निराधार हैं और रेमन कक्कर ने जो मेरे खिलाफ एफआईआर कराई है, यह बिल्कुल गलत है। उस जमीन पर कब्जे जैसी बात तो कभी हुई ही नहीं है। यह पूरा परिवार डिस्प्यूटेड परिवार है। इन लोगों ने पहले भी उक्त जमीन का किसी के साथ सौदा किया था और उसके पैसे हड़प लिए थे, जिसको लेकर कोर्ट में बाकायदा कैस चल रहा है। 50 लाख रुपए में दी थी जमीन सूरज ने परिवार के साथ हुई चैटिंग और बातचीत को दैनिक भास्कर के साथ शेयर करते हुए बताया कि जमीन किराए पर देने को लेकर इनके परिवार की सहमति मुझे दी गई थी। इनके परिवार ने मुझे बताया था कि यह सरकारी जमीन है इस जमीन को लेकर हमारा अभी डिस्प्यूट भी चल रहा है, इसलिए हम लिखा पड़ी अभी नहीं कर सकते, लेकिन यह जमीन हम आपको 50 लाख रुपए सालाना किराए पर दे रहे हैं। रेमन कक्कर के भाई ने मुझे घर बुलाया था। उस दौरान इनकी मां, इनके दोनों भाई, दोनों भाईयों की पत्नियां और उनके बड़े भाई की एक बेटी मिली थी। उनकी सहमति देने के बाद मैंने जमीन पर काम शुरू कराया था, अगर मुझे कब्जा ही करना होता तो क्या मैं घर जा के बात करता? जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है सूरज ने बताया कि मैंने वर्तमान में जमीन के बारे में जानकारी निकाली तो मुझे पता चला है कि इन लोगों ने शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी से इस जमीन को बेचने के लिए सौदा कर लिया था और सौदा करने के बाद उनके करोड़ों रुपए हड़प गए। रुपए हड़पने के बाद यह लोग सौदा करने से भी पलट गए। जिसके बाद इनकी जमीन के बदले पैसे लेने के मामले में कोर्ट में केस भी चल रहा है। मेरी जानकारी के अनुसार इनके परिवार पर उक्त जमीन को लेकर चार से पांच केस कोर्ट में चल रहे हैं। जिसमें से दो या तीन केस सामने वाली पार्टी जीत भी चुकी है वहीं एक या दो में डिसीजन होना बाकी है। रेमन का भाई खुद जमीन दिखाने लेकर गया था मेरा रेमन के भाई रणधीर सलूजा से इस जमीन के विषय में बात हुई थी। जिसके बाद रणधीर उर्फ बंटी सलूजा खुद मुझे जमीन पर लेकर गए थे। जमीन देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि आप एक नक्शा बनवा लीजिए, इसके बाद मैंने नक्शा तैयार करवाकर बंटी सलूजा और उनके परिवार को भेजा था। मैंने नक्शा बनाकर दिया उसमें बताया कि सरकारी जगह कौन सी है और इनकी निजी जगह कौन सी है। बाद में जब मैंने काम शुरू कर दिया तब रेमन अचानक आई ओर इनके परिवार के आपसी डिस्प्यूट की वजह से रेमन ने मेरे पर एफआईआर दर्ज करवाई। रेमन के पति ने कहा था आप बंटी से बात कर लीजिए सूरज ने बताया कि जमीन को लेकर मेरी रेमन कक्कर के पति से भी बात हुई थी, उन्होंने भी यही कहा मुझे कि आप बंटी सलूजा से बात कर लीजिए। अगर मुझे पता होता कि इनके परिवार की खासतौर पर रेमन की राजी-मर्जी नहीं है तो मैं वहां पर काम हीं नहीं करता। वहीं इस जमीन को लेकर जब मैं रेमन कक्कर की मां से मिला तो उन्होंने कहा कि बेटा हम यह जमीन आपको बेचना चाहते हैं, आप इसे खरीद लीजिए। सूरज ने कहा कि रेमन अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। उनके परिवार में ही आपस में सामंजस्य नहीं है। उन्होंने पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे हैं। आज भी उस जमीन पर नगर निगम का कुर्की का बोर्ड लगा हुआ है। आज यह शहर हित की बात करते हैं तो शहर हित में आज तक इन्होंने अपनी जमीन का टैक्स क्यों नहीं भरा हुआ है। रेमन के परिवार ने जानकारी दी वह एफआईआर करवा रही सूरज ने बताया कि रेमन के परिवार के लोग सतत मेरे संपर्क में थे। जिस दिन रेमन FIR करने जा रही थीं, इनके घर से निकलने के पहले इनके घर के लोगों का फोन मेरे पास आया की भैया रेमन FIR करने के लिए जा रही हैं। आप वहां पर एक आवेदन भिजवा दीजिए। मैंने परिवार के कहने के बाद आवेदन थाने पर भिजवाया और कहा कि हम सरकारी जमीन पर दुकान बनवा रहे हैं। एकतरफा हुई एफआईआर, मेरा पक्ष नहीं जाना सूरज ने बताया कि मुझ पर इस मामले में सीधे एफआईआर हुई है। इसमें मुझसे किसी ने बात करने की कोशिश नहीं की। मुझे लगता है पुलिस को एफआईआर लिखने से पहले मेरे से बात करना चाहिए थी, मेरा पक्ष लेना चाहिए था। रात को 9:30 बजे की FIR की कॉपी मेरे पास मीडिया के माध्यम से आई। रेमन भी उस जमीन में मालिक हैं यह मुझे जानकारी नहीं थी।
लोग परेशान, युद्ध समाप्ति के लिए हस्तक्षेप करे राष्ट्रमंडल संसदीय संघ: राधाकृष्ण
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ को अपने उद्देश्यों को अस्तित्व देने के लिए मूक दर्शक बने रहने के बजाय युद्ध समाप्त करने और वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने की दिशा में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बाद राष्ट्रमंडल संसदीय संघ विश्व का दूसरा व्यापक लोकतांत्रिक मंच माना जाता है। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना तथा मानवाधिकारों एवं समावेशी शासन को बढ़ावा देना है। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ में विश्व के 56 से अधिक देशों की सहभागिता है और 180 से अधिक शाखाओं का एक विशाल नेटवर्क है। संसदीय कार्यमंत्री मंगलवार को झारखंड विधान सभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, झारखंड शाखा की वार्षिक आम बैठक में बोल रहे थे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विगत कई दिनों से ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच अनावश्यक युद्ध जारी है। तीनों देशों के बीच युद्ध का परिणाम विश्व के अन्य देशों को झेलना पड़ रहा है। महंगाई बढ़ गई है। आम लोग गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं। विधानसभा के स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने की अध्यक्षता बैठक की अध्यक्षता करते हुए झारखंड विधानसभा के स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की स्थापना एवं संगठन की भूमिका के संबंध में कहा कि वर्ष 1911 में गठित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ 56 देशों का भव्य संगठन बनकर उभरा है। जो संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। सुशासन लोकतंत्र एवं मानव अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए तथा विधायिकाओं की क्षमता का विकास करता है। यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जैसे बड़े संगठन में हम अपनी उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित न होकर, ऐसे सम्मेलन से राष्ट्र की तरक्की में हम अपनी भागीदारी किस तरह निभा पाए, इस पर भी हमें सोचना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि अगला 69वां सम्मेलन केप टाउन साउथ अफ्रीका में आयोजित होगी । रामदास सोरेन व रामचंद्र नायक को श्रद्धांजलि : सीपीए झारखंड शाखा के पूर्व सदस्य रामदास सोरेन एवं रामचंद्र नायक के निधन पर 1 मिनट का मौन धारण भी किया गया। प्रभारी सचिव विधानसभा सह सचिव राष्ट्रमंडल संसदीय संघ झारखंड शाखा रंजीत कुमार ने बैठक में वार्षिक लेखा जोखा प्रस्तुत किए। बैठक में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी व अन्य शामिल हुए।
वैश्विक शांति व सद्भाव के लिए चौथी अयोध्या राम मंदिर तीर्थ यात्रा: डॉ. जौली अमेरिका-ईरान-इजराइल व रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति हेतु वैश्विक भारत ब्रांड एम्बेस्डर व अध्यक्ष दिल्ली स्ट्डी ग्रुप डॉ. विजय जौली द्वारा चौथी अयोध्या राम मंदिर तीर्थ यात्रा का आयोजन 9 से 11 अप्रैल तक किया जा रहा है। 10 अप्रैल 2026 प्रातः 9.30 बजे अयोध्या राम मंदिर के दर्शन सभी राम भक्त करेंगे। डॉ. विजय जौली ने बताया कि यह तीर्थ यात्रा वैश्विक शांति व सद्भाव बनाए रखने, अमेरिका-ईरान-इजराइल तथा रूस व यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए आयोजित की जा रही है। राम लला दर्शन से पहले शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 8 से 9 बजे अयोध्या में जानकी महल धर्मशाला में हवन का आयोजन किया जायेगा। सभी तीर्थ यात्री वर्तमान युद्ध की समाप्ति के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय से विशेष भेंट वार्ता भी होगी। इस तीर्थ यात्रा में दिल्ली से 101 राम भक्त सहित सिंगापुर देश के 6 राम भक्त भी शामिल हैं। ज्ञात रहे 23 अप्रैल 2023 को भाजपा नेता डॉ. विजय जौली के नेतृत्व में 156 देशों की नदियों व समुंद्रों की जल से अयोध्या राम मंदिर का ‘‘जलाभिषेक’’ धूम-धाम से अयोध्या में आयोजित किया गया था। इसके बाद दिल्ली के रामभक्त डॉ. जौली की अगुवाई में प्रतिवर्ष अयोध्या राम मंदिर की यात्रा करते हैं। इस वर्ष क्रमानुसार यह चौथी तीर्थ यात्रा है। अयोध्या के कई मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे तीर्थ यात्री श्री जानकी महल ट्रस्ट धर्मशाला, अयोध्या में ठहरेंगे। अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर, रमणीय सरयू घाट (राम की पौड़ी), गुप्त घाट व अन्य पौराणिक स्थलों का भ्रमण सहित पूजा अर्चना भी करेंगे।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के असर से इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन घटने और रोजगार प्रभावित होने के मामले को मध्यप्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने स्थानीय औद्योगिक संगठनों से उद्योगों में आ रही दिक्कतों पर रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद संगठनों ने विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। दैनिक भास्कर ने युद्ध के कारण आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने औद्योगिक संगठनों से स्थिति की जानकारी ली। आला अधिकारियों ने संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर एमएसएमई और बड़ी इकाइयों की स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। एमएसएमई और छोटे उद्योगों की हालत बिगड़ीपीथमपुर औद्योगिक संगठन ने सरकार को भेजे नोट में बताया कि हालात आर्थिक आपातकाल जैसे बन गए हैं। कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। भुगतान संतुलन बिगड़ने से उद्योगों के सामने पूंजी का संकट गहरा गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि कच्चे माल, गैस और अन्य सामग्री के लिए उद्योगों को अग्रिम भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं सप्लाई के बाद भुगतान में देरी हो रही है, जिससे आर्थिक चक्र प्रभावित हो रहा है और वर्किंग कैपिटल पर दबाव बढ़ गया है। कच्चे माल की कमी और कीमतों में बढ़ोतरीउद्योग कच्चे माल के लिए 70% से अधिक आयात पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण इसकी उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और उत्पादन लागत में वृद्धि हो रही है। पीएनजी और एलपीजी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। एलपीजी की कमी बनी हुई है, जबकि पीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। साथ ही कंपनियों ने पहले दी जा रही राहत भी वापस ले ली है। निर्यात प्रभावित, माल बंदरगाहों पर अटकापीथमपुर से निर्यात भी प्रभावित हुआ है। बड़ी मात्रा में माल बंदरगाहों पर अटका है, जिससे बैंकों में पूंजी ब्लॉक हो रही है और उद्योगों की वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार फ्रेट लागत बढ़कर 2400 डॉलर तक पहुंच गई है, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके अलावा युद्ध सरचार्ज भी अतिरिक्त रूप से लगाया जा रहा है। उद्योग संगठनों ने रखीं अपनी समस्याएं एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री एमपी, फार्मा, प्लास्टिक, ऑटो एंसिलरी और पैकेजिंग उद्योगों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखी हैं और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार से राहत पैकेज और सपोर्ट की मांगऔद्योगिक संगठनों ने सरकार से एलपीजी और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बढ़ी कीमतों पर नियंत्रण करने और वैट में कमी करने की मांग की है। वर्तमान में वैट 14% है, जबकि अन्य राज्यों में यह करीब 5% है। संगठनों ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को स्थगित करने और पॉवर पर टैरिफ सब्सिडी देने की मांग की है, ताकि उत्पादन लागत को नियंत्रित किया जा सके। वर्किंग कैपिटल और रोजगार बचाने के उपाय सुझाएउद्योगों ने वर्किंग कैपिटल के लिए ब्याज सहायता, पूंजी सपोर्ट और रोजगार बनाए रखने के लिए इम्प्लॉयमेंट सब्सिडी देने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। ये खबर भी पढ़ें… MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले ईरान और इजराइल-अमेरिका के युद्ध का असर मध्य प्रदेश के 'डेट्रॉयट' कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर बढ़ता जा रहा है। पहले एक्सपोर्ट ठप हुआ, तो अब कर्मचारियों-मजदूरों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मंगलवार को हावड़ा टाउन में जनसभा को संबोधित किया और सत्तारूढ़ TMC और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना लालू यादव से कर दी। सम्राट ने कहा कि बिहार में जब तक लालू यादव का राज था तो इस तरह से गुंडागर्दी होती थी। अब बिहार में NDA की सरकार है। वहां कानून का राज है। डिप्टी सीएम ने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित रहें, तो यहां भी बीजेपी की सरकार बनाइए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य का ही बेटा या बेटी होगा।” सम्राट यहीं नहीं रुके। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा कि उनके एक फोन पर व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध रोक दिया। उन्होंने यह दावा किया कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने 9 जहाज सुरक्षित बाहर निकाले। PM मोदी के कहने पर पुतिन ने युद्ध रोका बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कहा, “दुनिया में पिछले चार साल से युद्ध चल रहा है। जब हमारे बच्चे यूक्रेन में फंस गए, तो उन्होंने मेल और फोन के जरिए मदद मांगी। हमने वहां से साढ़े तीन लाख बच्चों को निकाला।” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को फोन कर युद्ध रोकने के लिए कहा और युद्ध रुक गया। पुतिन ने पूछा कि भारतीय बच्चों की पहचान कैसे होगी, तो मोदी जी ने कहा कि जिसके हाथ में तिरंगा होगा, वह भारत का नागरिक होगा। तिरंगा लेकर दूसरे देशों के लोग भी वहां से निकल गए।” सम्राट ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आप बंगाल को ‘सोनार बंगला’ बनाना चाहते हैं, तो बीजेपी की सरकार बनाइए। मुंबई तीन ओर से समुद्र से घिरा है, जबकि आपके यहां चारों ओर समुद्र है।” उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में घुसपैठिए आपका हिस्सा खा रहे हैं। राज्य को लूटा जा रहा है। ममता बनर्जी ने झूठे वादों के जरिए बंगाल को नुकसान पहुंचाया है। वे घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोलती हैं। हमारी सरकार बनाइए, हम सबसे पहले बंगाल के लोगों के लिए दरवाजे खोलने का काम करेंगे।” इस दौरान उन्होंने 5 लाख रोजगार देने का भी वादा किया। ममता ने राष्ट्रपति का अपमान किया अपने भाषण के दौरान डिप्टी CM ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी उसमें शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया। जब वह यहां आईं, तो उन्हें प्रोटोकॉल के मुताबिक सम्मान नहीं दिया गया।” बिहार में इंडस्ट्री लगाने का काम कर रहे सम्राट ने कहा, “बिहार में हम इंडस्ट्री स्थापित कर रहे हैं। PM सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बिहार में जब महागठबंधन की सरकार थी, तब लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनते थे। हमारी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर 2 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए गए।” डिप्टी सीएम ने बंगाल के लोगों से कहा, “हमारी सरकार बनाइए, हम बंगाल के हर व्यक्ति का आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाएंगे।” बिहार मॉडल के सहारे वोटरों को साधने की कोशिश बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी अपने भाषणों में राज्य में NDA सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। खासकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दों को वे बंगाल के मतदाताओं के सामने रख रहे हैं। बीजेपी का मानना है कि बंगाल में बसे बिहार मूल के मतदाता इन मुद्दों से जुड़ाव महसूस करेंगे और इससे पार्टी को चुनाव में फायदा मिल सकता है। राजनीतिक संदेश और रणनीतिक संकेत बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी का यह अभियान सिर्फ चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी देता है। बीजेपी बंगाल में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ प्रवासी समुदायों को भी साधने की कोशिश कर रही है। पार्टी बिहार मूल के मतदाताओं को एक संगठित वोट बैंक के रूप में देख रही है, जो चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने जिस तरह से सम्राट चौधरी को आगे किया है, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि पार्टी हर संभव सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को साधने में जुटी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि “सोनार बंगला” का नारा और बिहार फैक्टर चुनावी नतीजों में कितना असर डालते हैं।
राजस्थान की धरती की प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरने जा रही है। चूरू जिले की उभरती हुई अभिनेत्री और मॉडल स्नेहा सिद्ध जल्द ही सऊदी अरब की मेगा बजट अंतरराष्ट्रीय एक्शन फिल्म 7 Dogs में नजर आएंगी। इस फिल्म में वह बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और संजय दत्त के साथ स्क्रीन साझा करती दिखाई देंगी। इस फिल्म की खास बात इसकी जबरदस्त स्टार कास्ट है। फिल्म में विश्व प्रसिद्ध हॉलीवुड अभिनेत्री मोनिका बेलुसी भी प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। ‘7 डॉग्स’ को अरबी सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी और महंगी फिल्मों में से एक माना जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर दर्शकों के सामने पेश की जाएगी। इसमें कई देशों के सुपरस्टार्स को शामिल किया गया है। इस फिल्म का निर्देशन बिलाल फलाह ने किया है। जयपुर आकर मिली मॉडलिंग की जानकारी स्नेहा सिद्ध ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग और म्यूजिक वीडियो से की थी। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे इंडस्ट्री में पहचान बनाई। हाल ही में उन्होंने अपना म्यूजिक चैनल भी शुरू किया है। फिल्म ‘7 डॉग्स’ में उनका कैमियो रोल उनके करियर के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत सफर की सफलता है, बल्कि यह राजस्थान की प्रतिभाओं की वैश्विक पहचान को भी दर्शाती है। चूरू जिले के एक छोटे से गांव से आने वाली स्नेहा सिद्ध का सफर संघर्ष और सपनों से भरा रहा है। उनके समाज में अक्सर 13–14 साल की उम्र में ही लड़कियों की शादी कर दी जाती है, लेकिन स्नेहा ने इससे अलग राह चुनने का फैसला किया। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह जयपुर आईं। जयपुर आने के बाद लोगों और दोस्तों ने उन्हें मॉडलिंग करने की सलाह दी। शुरुआत में उन्हें इस क्षेत्र की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से जयपुर में मॉडलिंग एजेंसियों की जानकारी जुटाई और इसी दौरान उन्हें खादी मिस राजस्थान के बारे में पता चला। इस मंच से जुड़कर उन्होंने मॉडलिंग की बारीकियां सीखीं और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने राजस्थानी गीतों के म्यूजिक एलबम में काम करना शुरू किया। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनके गांव के लोगों के लिए यह सब काफी नया था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भी स्नेहा की मेहनत और सफलता पर गर्व महसूस किया। जयपुर में एक साल थिएटर में किया काम स्नेहा सिद्ध ने लगभग 10 म्यूजिक एलबम में काम किया और अपनी अभिनय क्षमता से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद उन्होंने जयपुर के रवीन्द्र मंच पर थिएटर निर्देशक साबिर खान के साथ करीब एक वर्ष तक थिएटर किया और अभिनय की बारीकियां सीखी। थिएटर के अनुभव के बाद वह मुंबई चली गईं, जहां उन्हें म्यूजिक एलबम और अन्य प्रोजेक्ट्स में काम करने का मौका मिला। अब वह अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘7 डॉग्स’ के जरिए वैश्विक सिनेमा में अपनी शुरुआत करने जा रही हैं। इसके अलावा वह एक बॉलीवुड फिल्म में भी काम कर चुकी हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कोटा के सैंड स्टोन, राइस और मसाला इंडस्ट्रीज प्रभावित हुए हैं। डिमांड घटने से करीब 150 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट अटक गया है। सबसे ज्यादा असर स्टोन और राइस एक्सपोर्ट पर पड़ा है। इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि अगर युद्ध 15 दिन और चला तो करीब 30 हजार लोगों पर रोजगार का संकट आ सकता है। लगभग 200 स्टोन यूनिट बंद हो जाएंगी। वॉर के कारण शिपिंग चार्ज (भाड़ा) बढ़ने से मसाले, चावल की भी डिमांड घट गई। इस कारण मजदूरों के लिए भी इन फैक्ट्रियों में काम नहीं है। छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज (SSI) कोटा के संस्थापक सदस्य गोविंद राम मित्तल ने कहा- युद्ध अमेरिका और ईरान के बीच हो रहा है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) असर भारत पर भी पड़ रहा है। खासकर छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। हाड़ौती संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) से सैंड स्टोन, कोटा स्टोन, राइस, मसाला, केमिकल एक्सपोर्ट किया जाता है। कोटा स्टोन और सैंड स्टोन की 25-25 बड़ी और 100-100 छोटी खदानें हैं, जहां से पत्थर निकलता है और 400 से ज्यादा यूनिट हैं। जहां खान से पत्थर निकलने के बाद कटिंग पॉलिश का काम होता है। हर महीने 100 करोड़ रुपए का स्टोन एक्सपोर्ट होता है। एक यूनिट में 30 से ज्यादा लेबर (कटिंग, पॉलिशिंग, पैकिंग) काम करती हैं। इनमें 50 फीसदी लेबर बाहर (बिहार व अन्य जगहों) की है। लेबर पर रोजगार का संकट कोटा स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज के मेंबर गोविंद राम ने बताया कि- डिमांड नहीं होने के चलते कई स्टोन यूनिट में काम बंद हो गया है। लेबर भी चली गई है। खाड़ी युद्ध के चलते मसाला उद्योग भी बहुत प्रभावित हुआ है। मसाला इंडस्ट्रीज में भी 5 से 6 हजार लेबर काम करती है। पहले हर महीने 5 से 6 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होता था, लेकिन अभी डिमांड नहीं होने के कारण प्लांट बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। राइस और केमिकल इंडस्ट्री भी प्रभावित मित्तल ने बताया कि- कोटा-बूंदी में 20-22 राइस मिल हैं। यहां से हर महीने 25 करोड़ रुपए का चावल खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट होता है। एक राइस मिल में 50-60 मजदूर काम करते हैं। डिमांड घटने से प्रोडक्शन पर असर हुआ है और 25 फीसदी लेबर वापस लौट गई है। ऐसी ही स्थिति केमिकल इंडस्ट्री (यूरिया, फर्टिलाइजर) में भी है। कच्चा माल नहीं आने और डिमांड नहीं होने के कारण प्रोडक्शन लगभग ना के बराबर है। लेबर के पास काम नहीं है, इसलिए वे फसल कटाई में लगे हैं। मित्तल ने कहा कि अगर अमेरिका व ईरान के बीच 15 दिन और युद्ध खिंचा तो 30 हजार लेबर पर रोजगार का संकट आ जाएगा और डिमांड नहीं होने से यूनिटें बंद हो जाएंगी। शिपिंग भाड़ा बढ़ने से स्टोन इंडस्ट्री पर संकट SSI के पूर्व अध्यक्ष और सैंड स्टोन एक्सपोर्टर बीएल गुप्ता ने बताया- कोटा में स्टोन की 400 से 500 छोटी-बड़ी यूनिट हैं और 20 से 25 बड़े एक्सपोर्टर हैं। यहां से हर महीने दो से ढाई हजार कंटेनर का एक्सपोर्ट होता है, जो करीब 100 करोड़ रुपए के आसपास रहता है। 90 प्रतिशत सैंड स्टोन यूके और यूरोपीय देशों में जाता है। युद्ध के कारण शिपिंग का भाड़ा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। युद्ध के पहले 800 से 1000 डॉलर प्रति कंटेनर का भाड़ा था, जो बढ़कर 1800 से 2200 डॉलर प्रति कंटेनर हो गया है। भाड़ा बढ़ने से कस्टमर ने ऑर्डर होल्ड पर डाल दिए हैं, जिसके कारण प्रोडक्शन कम हो गया है। प्रोडक्शन कम होने से मजदूर भी कम करने पड़ रहे हैं। युद्ध लंबा खिंचा तो इसका व्यापक असर स्टोन इंडस्ट्री पर होगा। हाड़ौती के कोटा स्टोन का एक्सपोर्ट प्रभावित हाड़ौती कोटा स्टोन एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और कोटा स्टोन व्यापारी देवेंद्र जैन ने बताया कि खाड़ी देशों में हर महीने 15 से 20 करोड़ रुपए का कोटा स्टोन एक्सपोर्ट होता है। इसमें ब्राउन कोटा स्टोन, लेदर कोटा स्टोन और रिवर पॉलिश कोटा स्टोन का एक्सपोर्ट लगभग बंद हो गया है, जबकि यूके व यूएस का शिपिंग चार्ज बढ़ जाने के कारण इन देशों में भी माल नहीं भेज पा रहे हैं। --- अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सोजत में मेहंदी की फैक्ट्रियों में काम बंद:250 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर अटका, व्यापारी बोले-मजदूरों को घर भेजना पड़ रहा है अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। (पढ़ें पूरी खबर)2. राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
ईरान -अमेरिका युद्ध:संकट के बीच प्रवासियों को राहत, पलायन रोकने की मानवीय पहल
लुधियाना| ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर स्थानीय गैस आपूर्ति पर भी पड़ा है। ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से उपजे डर के कारण जब श्रमिकों ने पलायन का मन बनाना शुरू किया तब भगवान महावीर सेवा संस्थान ने एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की। जैन स्थानक सिविल लाइंस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने 11 अत्यंत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर वितरित किए। संस्थान के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा, जब घर में चूल्हा नहीं जलता तो श्रमिक वर्ग असुरक्षित महसूस करने लगता है और घर लौटने का विचार करने लगता है। प्रवासी भाई हमारे शहर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। हमने अपने बेटे के जन्मदिन को इन परिवारों की मदद के लिए चुना जो गैस की किल्लत के कारण बेहद परेशान थे। इस दौरान राजेश जैन, सह मंत्री सुनील गुप्ता, राष्ट्रपति अवार्ड विजेता गुरदेव सिंह, ऋचा जैन, रमा जैन, सुषमा जैन, किरण जैन, समाजसेवी मीना देवी, शिवा, सुलोचना जैन और प्रिया जैन आदि मौजूद थे। छोटू गैस सिलेंडर योजना ... • इस 5 किलो के (एफटीएल) नीले सिलेंडर के लिए स्थानीय पते के सबूत की जरूरत नहीं है। • सिर्फ आधार कार्ड या कोई भी एक फोटो पहचान पत्र देकर तुरंत नया कनेक्शन मिलेगा।• पहली बार में सिक्योरिटी और टैक्स मिलाकर करीब ₹1550 का खर्च है। रिफिलिंग ₹606 में उपलब्ध है। • उपभोक्ता महीने में 3 बार तक रिफिल ले सकता है।
हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष : पोस्टर का विमोचन
उदयपुर | मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय और महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का पोस्टर जारी हुआ। 10 और 11 अप्रैल को हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पर राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। पोस्टर का विमोचन कुलगुरु प्रो. बी. पी. सारस्वत ने किया। आयोजन सचिव डॉ. मनीष श्रीमाली ने जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. दिग्विजय भटनागर, डॉ. वी. सी. गर्ग, प्रो. प्रतिभा, डॉ. पीयूष भादविया और मुकेश बारबर मौजूद रहे। संगोष्ठी में प्रो. रवीन्द्र कुमार शर्मा और प्रो. शिव कुमार मिश्रा मुख्य वक्ता होंगे।
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

