High Alert In Middle East: Iran America में जंग की आहट तेज? 11 देशों में अलर्ट | Houthi | Saudi
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने मिडिल ईस्ट की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सैन्य योजनाओं में ईरान के खिलाफ ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ यानी MOAB के संभावित इस्तेमाल की खबर सामने आई है।
Houthis Saudi Arabia war से हूतियों की छवि कैसे बदली,Iran के प्रॉक्सी नहीं रहे| MBS| Yemen
Houthis Saudi Arabia war से हूतियों की छवि कैसे बदली,Iran के प्रॉक्सी नहीं रहे| MBS| Yemen
Saudi Arabia की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं, Pakistan Army कर रही पूरी मदद
(सज्जाद हुसैन)इस्लामाबाद, 19 अक्टूबर पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ जनरल ने कहा है कि सऊदी अरब पर यमन के हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच, उनका मुल्क खाड़ी देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ‘‘हर जरूरी मदद” मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और दो मस्जिदों की सुरक्षा पाकिस्तान के लिए ‘‘सर्वोपरि’’ है तथा इस पर ‘‘कोई समझौता नहीं’’ किया जा सकता। लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने रविवार को डिजिटल समाचार पत्र इंडिपेंडेंट अरबिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘ऐसा करने के लिए जिस भी तरह के सहयोग की जरूरत है, वह दिया जा रहा है और आगे भी दिया जाएगा।’’ हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह मदद किस तरह की होगी या इसका दायरा कितना होगा। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने अगस्त में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत इनमें से किसी भी देश पर हमले को उन सभी पर हमला माना जाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा कि हूतियों के हमलों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ‘‘गुस्से’’ वाली थी। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर कोई ‘‘अगर-मगर’’ नहीं हो सकता। यह पूछे जाने पर कि अगर हमले जारी रहते हैं, तो क्या खाड़ी देश के लिए पाकिस्तान का समर्थन पूरी तरह से रक्षात्मक ही रहेगा, उन्होंने कहा कि गठबंधन के तीनों सदस्य इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि उनका ‘‘कोई आक्रामक इरादा नहीं है’’ और यह ‘‘पूरी तरह से रक्षात्मक’’ है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस्लामाबाद ने ईरान (जो हूतियों का समर्थन करता है) को कोई चेतावनी दी है, चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सभी पक्षों --जिसमें इस्लामी गणराज्य (ईरान) भी शामिल है-- के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि वे संयम बरतें और तनाव कम करें। इन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि यह गठबंधन ईरान या इजराइल का प्रतिरोध करने के मकसद से बनाया गया है, चौधरी ने कहा कि यह समझौता किसी ‘‘विशेष देश’’ के लिए नहीं है और इसका कोई आक्रामक इरादा नहीं है। मुस्लिम देशों के बीच एकजुटता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों को और बढ़ाने से कोई फायदा नहीं होगा, और बातचीत के जरिये समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया। मिस्र और सीरिया द्वारा इस गठबंधन में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला तीनों सदस्य देशों के राजनीतिक, रणनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर निर्भर करेगा।
सऊदी अरब ने बांग्लादेश के 2 नागरिकों को दी फांसी, ढाका बोला- हमें पहले क्यों नहीं बताया?
ढाका,19 अक्टूबर 2026 | बांग्लादेश और सऊदी अरब के बीच दो नागरिकों को फांसी दिए जाने के मामले में राजनयिक स्तर पर सवाल उठे हैं। सऊदी अरब ने 14 अक्टूबर 2026 को मक्का में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दी। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि उसके विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब में […] The post सऊदी अरब ने बांग्लादेश के 2 नागरिकों को दी फांसी, ढाका बोला- हमें पहले क्यों नहीं बताया? appeared first on Rashtriya Ujala .
इंटरनेट डेस्क। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध ‘बहुत जल्द’ समाप्त हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो केंटुकी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी सैन्य हमलों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को कमजोर कर दिया है। खबरों के अनुसार ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना सही फैसला था और इसके जवाब में कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि वह उनका इस्तेमाल कर सकता है। pc- india tv hindi
कैथल में दशहरा पर्व मनाने को लेकर आयोजकों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के चंदाना गेट स्थित रामलीला ग्राउंड में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले दहन के लिए तैयार कर दिए गए हैं। ग्राउंड में 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया जाएगा। इस बार पुतलों की ऊंचाई और लाइटों से सजी उनकी खास ड्रेस लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस बार मैदान में 61 फुट ऊंचा रावण, 55 फुट का कुंभकरण और 50 फुट का मेघनाथ लोगों का ध्यान खींचेंगे। तीनों पुतलों को लाइटों से सजी ड्रेस पहनाई जाएगी, जिससे दशहरा उत्सव में खास रौनक देखने को मिलेगी। तैयारियां हुई पूरी श्रीराम दशहरा उत्सव समिति की ओर से आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति प्रधान संदीप सैनी, उपप्रधान रजत थरेजा, महासचिव शशि सैनी और सहसचिव अभिषेक गोयल ने बताया कि दशहरा उत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब इंतजार उस पल का है, जब रामलीला ग्राउंड में बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। राम रावण युद्ध का प्रदर्शन किया जाएगा उन्होंने बताया कि पुतले दहन करने से पहले शहर में श्री ग्यारह रुद्री मंदिर से लेकर रामलीला मैदान तक श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पूरे शहर से लोग शामिल होंगे। इसके बाद मैदान में पहुंचकर राम रावण युद्ध का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद रावण दहन कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है। प्रशासन की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
जेडी वेंस ने ईरान के साथ युद्ध से निपटने में अमेरिका की विफलताओं को स्वीकार किया
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने माना कि अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के तरीके से सैन्य रणनीति की कुछ कमियां सामने आईं। उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि कुछ मामलों में—उदाहरण के लिए, सैनिकों की तैनाती की जगह को लेकर—हमें एहसास हुआ कि यह एक बड़ी गलती थी जिसे बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था; हमने अब […] The post जेडी वेंस ने ईरान के साथ युद्ध से निपटने में अमेरिका की विफलताओं को स्वीकार किया appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
उत्तराखंड: यहां रावण दहन नहीं, पश्चाताप के लिए होता है गागली युद्ध, सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम
देशभर में विजयादशमी पर जहां रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है,
मेरठ: भैंसाली मैदान की छावनी रामलीला में रावण से युद्ध की तैयारी का मंचन, कलाकारों ने जीवंत किया रामायण का प्रसंग
फ्रांस इस समय जल रहा है। शायद ही कोई ऐसा शहर रहा हो, जो इस आग की चपेट में न हो! यह आग क्यों लगी, इसके कारण कई खोजे जाते रहेंगे, मगर इस आगे में जल क्या क्या रहा है, वह देखना और भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि अब वहाँ पर सभ्यता के प्रतीक जल रहे […]
मिडिल ईस्ट में ईरान-हूती का बढ़ा खतरा, अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट
ईरान और हूती विद्रोहियों से खतरे का हवाला देते हुए मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
लाल किले की रामलीला में रावण और जटायु के युद्ध का दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल है. चंद्रकांता फेम शाहबाज खान की दमदार परफॉर्मेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया.
Houthis Saudi Arabia war में AH-6i Helicopter को शूट डाउन करने का वीडियो जारी | Ansarallah
Houthis Saudi Arabia war में AH-6i Helicopter को शूट डाउन करने का वीडियो जारी | Ansarallah अंसारल्लाह ने नजरां में एक सऊदी एएच-6आई हेलीकॉप्टर को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से मार गिराने का फुटेज जारी किया है।
मस्जिद में 'अनैतिक हरकत' पर कपल को मौत की सज़ा के मामले में बांग्लादेश ने सऊदी अरब से मांगा जवाब
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने के बाद बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा है कि दोनों को अपने देश के अधिकारियों से संपर्क करने और कानूनी मदद लेने के अधिकार से वंचित रखा गया. क्या ये वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है?
सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे या वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों के लिए अहम सुरक्षा अलर्ट और ट्रेवल अपडेट सामने आया है। खाड़ी क्षेत्र में हालिया सुरक्षा परिस्थितियों और रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के गंभीर व्यवधान के बाद भारतीय दूतावास ने एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन बंद होने के चलते भारतीय विमानन कंपनियों—एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो—ने अपनी सेवाओं को 24 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह निलंबित कर दिया है। इस अचानक हुए बदलाव से उमरा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों, नौकरीपेशा प्रवासियों और व्यवसाय के सिलसिले में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय से अत्यंत सतर्कता बरतने और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए जा रहे आधिकारिक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की जोरदार अपील की है। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए नागरिकों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने, खिड़कियों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील घटना या हमले से जुड़ी अपुष्ट तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड कर साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें 24 अक्टूबर तक सस्पेंड: यात्रियों के लिए रिफंड और री-शेड्यूलिंगरियाद हवाई अड्डे पर पैदा हुए हालात के चलते भारतीय विमानन क्षेत्र पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ा है। पहले जहां उड़ानों को सीमित समय के लिए रोका गया था, वहीं सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद अब निलंबन की अवधि को 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद के साथ-साथ जेद्दा और दम्मम के लिए भी कई रूटों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसी तरह देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो ने भी सऊदी अरब के सभी प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानों का परिचालन 24 अक्टूबर तक स्थगित रखने का आधिकारिक ऐलान किया है।एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों के लिए पूर्ण रिफंड (Full Refund) और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-शेड्यूल कराने का विकल्प सक्रिय कर दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले एयरलाइन के कस्टमर केयर पोर्टल या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट का लाइव स्टेटस अनिवार्य रूप से जांच लें। अचानक उड़ानें रद्द होने से कई हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए विशेष वैकल्पिक इंतजामों पर भी विचार किया जा रहा है।कौन से एयरपोर्ट्स हैं चालू और कौन सी वैकल्पिक उड़ानें उपलब्धदूतावास द्वारा जारी आधिकारिक स्थिति पत्र (Status Update) के अनुसार, रियाद का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नियमित उड़ानों के लिए बंद है, जबकि दम्मम, जेद्दा और मदीना के हवाई अड्डे आंशिक व्यवधानों के बावजूद परिचालन में हैं। यदि किसी भारतीय नागरिक को बहुत जरूरी काम या आपातकालीन स्थिति में यात्रा करनी है, तो उनके लिए कुछ विदेशी और स्थानीय विमानन कंपनियों के विकल्प अभी खुले हुए हैं।सऊदी की राष्ट्रीय वाहक 'सऊदिया' (Saudia) भारत के प्रमुख शहरों के लिए अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार सीमित उड़ानों का संचालन कर रही है। इसके अतिरिक्त, सऊदी एयरलाइन 'फ्लाईनास' (Flynas) दम्मम और लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बनाए हुए है, जबकि बजट एयरलाइन 'फ्लाईडील' (Flyadeal) ने दम्मम-मुंबई रूट पर विशेष उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। दूतावास ने यह भी सुझाव दिया है कि जिन यात्रियों को तुरंत भारत लौटना अनिवार्य है, वे सड़क या कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए बहरीन, कुवैत या कतर के ट्रांजिट रूट का उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास उन देशों का वैध पारगमन वीजा (Transit Visa) उपलब्ध हो।दूतावास की नई गाइडलाइन: उमरा यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी निर्देशरियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद 25 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लिए आपातकालीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें विशेष रूप से उमरा की योजना बना रहे तीर्थयात्रियों को आगाह किया गया है कि वे उड़ानों की अनिश्चितता और संभावित देरी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का शेड्यूल तय करें। बिना कन्फर्म रिटर्न टिकट या अनिश्चित सुरक्षा माहौल में यात्रा की शुरुआत न करने की सलाह दी गई है।दूतावास ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की हवाई चेतावनी या सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे मजबूत इमारतों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही शरण लें। आपातकालीन चिकित्सा सहायता या कानूनी मदद के लिए दूतावास के 24x7 हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप सपोर्ट डेस्क को एक्टिव कर दिया गया है। जो भारतीय नागरिक पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें अपने पासपोर्ट, इकामा (रेजिडेंस परमिट) और जरूरी चिकित्सा दस्तावेजों की डिजिटल कॉपियां अपने फोन में सुरक्षित रखने को कहा गया है।क्षेत्र में सुरक्षा तनाव और राजनयिक स्तर पर भारत का रुखखाड़ी क्षेत्र में बढ़ता यह तनाव ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंकाओं के चलते गहराया है, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया गया है। रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुई हालिया हलचल में कुछ विदेशी नागरिक और भारतीय श्रमिक भी प्रभावित हुए थे, जिनका स्थानीय अस्पतालों में समुचित इलाज चल रहा है और भारतीय मिशन उनके निरंतर संपर्क में है।भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राजनयिक स्तर पर दोनों देशों के अधिकारी स्थिति को सामान्य बनाने और फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं। जब तक सुरक्षा एजेंसियां ग्रीन सिग्नल नहीं दे देतीं और रियाद एयरपोर्ट पर सामान्य परिचालन बहाल नहीं हो जाता, तब तक यात्रा योजनाओं को टालना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।
बहराइच: कतर्नियाघाट में हाथियों का धावा, धान की फसल रौंदी, बिजली का पोल तोड़ा
बहराइच: कतर्नियाघाट में हाथियों का धावा, धान की फसल रौंदी, बिजली का पोल तोड़ा
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बनेगी बात?: पुतिन ने ट्रंप और जिनपिंग के साथ बैठक का रखा प्रस्ताव, कब होगी मुलाकात?
वाराणसी में पागल हुआ हाथी बेकाबू, प्रसिद्ध रामनगर की लीला में नहीं हो सका राम-रावण युद्ध
वाराणसी की प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में आया हाथी पागल होने के बाद बेकाबू हो गया है। शनिवार की दोपहर बिदके हाथी पर देर रात तक काबू नहीं पाया जा सका था। इसके कारण राम-रावण युद्ध की लीला भी नहीं हो सकी।
5.21 करोड़ की सड़क पर अंधेरा, अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब, मेले के दौरान दुर्घटना का है खतरा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद चास नगर निगम बोर्ड की कई बार बैठकें तो हुईं, लेकिन बैठकों में लिए गए निर्णयों पर अब तक अमल शुरू नहीं हो सका है। इसका सीधा असर विकास और रख-रखाव से जुड़े जरूरी कामों पर पड़ रहा है। सबसे बदतर स्थिति चास की मुख्य सड़क आईटीआई मोड़ से धर्मशाला मोड़ होते हुए चेकपोस्ट तक की है, जहां शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। मुख्य सड़क के डिवाइडर पर लगी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। आगामी दुर्गापूजा और अन्य त्योहारों को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो चुकी है। पूजा के दौरान श्रद्धालु और आम लोग मेले का आनंद लेने सड़कों पर निकलेंगे, लेकिन यदि मुख्य मार्ग पर इसी तरह अंधेरा छाया रहा, तो श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चास आईटीआई मोड़ से उकरीद मोड़ तक फोरलेन सड़क के निर्माण, भूमि अधिग्रहण, पेड़ कटाई, डिवाइडर निर्माण, सौंदर्यीकरण और बिजली के खंभों समेत स्ट्रीट लाइट लगाने पर पीडब्ल्यूडी ने करीब 5.21 करोड़ रुपए खर्च किए थे। सड़क बनने के कुछ ही दिनों तक स्ट्रीट लाइटें जलीं, लेकिन उसके बाद बंद हो गईं। बताया जा रहा है कि सिस्टम में टाइमर और हल्की तकनीकी खराबी (फॉल्ट) के कारण धर्मशाला मोड़ से आईटीआई मोड़ तक की लाइटें बंद हैं। यही हाल चेकपोस्ट से तेलीडीह मोड़ का भी है, जहां अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं। पुराने बिजली पोल के सहारे चेकपोस्ट से धर्मशाला मोड़ चेकपोस्ट से धर्मशाला मोड़ तक के हिस्से में नई स्ट्रीट लाइटें लगाई ही नहीं गई हैं। यहां सालों पुरानी लाइटें ही लगी हैं, जिनमें से अधिकतर पहले से ही खराब हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी यदि मुख्य मार्ग अंधेरे में डूबा रहे, तो इस निर्माण का क्या लाभ? रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के कारण इस व्यस्त मार्ग पर हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। चास नगर निगम क्षेत्र के सभी 35 वार्डों में लगभग 40 प्रतिशत लाइटें मामूली फॉल्ट के कारण बंद हैं। निवासियों का आरोप है कि नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी समय पर मरम्मत नहीं होती। कई बार स्मरण कराने के बाद ही तकनीशियन पहुंचते हैं। स्थिति यह है कि निगम के अधिकारी पूर्व जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। दुर्गापूजा से पहले जगमग होगा चास, 2500 नई लाइटें लगाई जाएगी ^दुर्गापूजा से पहले शहर की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही जल्द ही 2500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। पूजा से पहले ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा और चास शहर जगमग उठेगा।- भोलू पासवान, मेयर, चास नगर निगम।
Karnal News: एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे… अधिकतर पर गार्ड नहीं
एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे… अधिकतर पर गार्ड नहीं
Sambhal News: सीता हरण और बाली-सुग्रीव का युद्ध का मंचन देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
नगर पालिका के मैदान में चल रही रामलीला में रविवार रात सीता हरण और बाली-सुग्रीव युद्ध का मनमोहक मंचन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय डायरी: यमन में लड़ाई तेज, मिस्र का सऊदी अरब को समर्थन; US में सड़क हादसा, 45+ मवेशियों की मौत
Azamgarh News: श्रीराम लीला की भव्य यात्रा, बाली-सुग्रीव युद्ध का मंचन
Crowd at Mata Agwani Temple on Ashtami
आगरा के रामलीला मैदान में रविवार को राम-कुंभकर्ण युद्ध के दौरान तीरों की बौछार, तलवार और गदा से वार और तोप के गोलों के धमाकों ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। प्रभु श्रीराम के अमोघ अस्त्र से कुंभकर्ण का वध होते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद करीब 30 फुट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया गया। पुतला जलते ही दर्शकों ने जयकारे लगाए। युद्ध के दौरान मैदान में गिरे तीरों को उठाने के लिए दर्शक भी दौड़ते नजर आए। सोमवार को मेघनाद वध की लीला का मंचन होगा। इसके बाद करीब 90 फुट लंबे मेघनाद के पुतले का दहन किया जाएगा। रविवार की लीला की शुरुआत लक्ष्मण के मूर्छा से जागने के प्रसंग से हुई। रामसेना के पराक्रम से चिंतित रावण ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए कुंभकर्ण को जगाने का निर्णय लिया। छह महीने तक सोने वाले कुंभकर्ण को जगाने के लिए रावण स्वयं उसके महल पहुंचा। काफी प्रयासों के बाद कुंभकर्ण की नींद टूटी। इसके बाद वह विशाल शरीर के साथ युद्धभूमि की ओर बढ़ा। तीरों की बौछार के बीच हुआ घमासान युद्ध रामलीला मैदान में राम और कुंभकर्ण की सेनाओं के आमने-सामने आते ही युद्ध शुरू हो गया। प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण की ओर से शत्रु सेना पर तीर चलाए गए। जवाब में कुंभकर्ण की सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से तलवार, गदा और भालों से प्रहार किए गए। रथों पर सवार राम और कुंभकर्ण के स्वरूपों के बीच युद्ध देखने के लिए दर्शक उत्साहित रहे। दर्शक कभी मैदान में चल रहे युद्ध को देखते तो कभी एलईडी स्क्रीन पर नजरें टिकाए रहते। युद्ध के दौरान मैदान में गिरे तीरों को उठाने के लिए दर्शक रथों के आगे-पीछे दौड़ते रहे। सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया। कुंभकर्ण पर प्रभु श्रीराम के लगातार प्रहार होते रहे, लेकिन उसका विशाल शरीर और युद्ध कौशल चुनौती बना रहा। अंत में प्रभु श्रीराम ने अमोघ अस्त्र चलाया। इसके लगते ही कुंभकर्ण का शीश धड़ से अलग होकर जमीन पर गिर गया। कुंभकर्ण के वध के साथ ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद कुंभकर्ण के उद्धार का प्रसंग दिखाया गया। आतिशबाजी के बीच हुआ पुतला दहन कुंभकर्ण के वध के बाद मैदान में आतिशबाजी शुरू हो गई। तोप के गोलों के धमाकों के बीच करीब 40 फुट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया गया। पुतला धू-धू कर जलने लगा तो दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। पुतला दहन से पहले हुई आतिशबाजी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। स्वरूपों की आरती हेल्प आगरा के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, गौतम सेठ, शांति स्वरूप गोयल, राज किशोर खंडेलवाल, अनिल वर्मा, नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और अपना घर अन्नपूर्णा महिला आश्रम के सदस्यों ने की। इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, टीएन अग्रवाल, भगवानदास बंसल, विजय प्रकाश गोयल, मुकेश जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, मनोज (पोली), विष्णु दयाल बंसल, संजय तिवारी, महेश चंद, राकेश जैन, संजय अग्रवाल, रामाशीष शर्मा, रामांशु शर्मा, अजय अग्रवाल, दिलीप कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष तार, राहुल शर्मा और राहुल गौतम सहित अन्य लोग मौजूद रहे। युद्ध के दृश्यों का संचालन मुकेश जौहरी, प्रवीण स्वरूप, प्रकाशचंद, आनंद मंगल और अंजुल बंसल ने किया। आज होगा मेघनाद वध, जलेगा 90 फुट लंबा पुतला श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को मेघनाद वध के अवसर पर विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसमें प्रमुख आतिशबाज अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि सोमवार, 19 अक्टूबर को शाम सात बजे से मेघनाद वध की लीला का मंचन होगा। इसके बाद मेघनाद के करीब 90 फुट लंबे पुतले का दहन किया जाएगा।
सऊदी अरब के मक्का में कौन सी हरकतें पड़ सकती हैं भारी? एक कपल को मिली है मौत की सजा
मक्का में मस्जिद अल-हरम दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है. इसके प्रांगण में पवित्र काबा स्थित है. मुसलमान यहां तवाफ (परिक्रमा) और नमाज़ अदा करते हैं. काबा के पूर्वी कोने पर स्थित हजर-ए-अस्वद एक पवित्र काला पत्थर है.
भारत ने मौजूदा हालात के बीच सऊदी अरब में अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की दी सलाह
रियाद, 18 अक्टूबर . India ने Sunday को सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को मौजूदा हालात को देखते हुए जरूरी सावधानियां बरतने, हवाई हमले की स्थिति…
ब्रिटिश सरकार ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सीहोर के सेठ रुठिया परिवार से लिए 35 हजार रुपये के कर्ज को चुकाने से इनकार कर दिया है। यूके ऋण प्रबंधन कार्यालय ने रिकॉर्ड न होने का हवाला देते हुए भुगतान की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है, जिस पर परिवार असंतुष्ट है।
नर्मदापुरम के दशहरा मैदान में रविवार को श्रीरामलीला महोत्सव के तहत कुंभकर्ण के विशाल पुतले का दहन किया गया। इससे पहले रामलीला में कुंभकर्ण के युद्ध मैदान में पहुंचकर वानर सेना पर हमला करने और श्रीराम के साथ युद्ध की लीला का मंचन हुआ। अंत में श्रीराम के बाणों से कुंभकर्ण का वध करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। तैराकी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष शर्मा, एसडीओपी जितेंद्र पाठक और मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख ने अग्निबाण चलाकर कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया। नर्मदापुरम में 5 अक्टूबर से श्रीरामलीला महोत्सव के तहत रामलीला का मंचन किया जा रहा है। 19 अक्टूबर को मेघनाद वध की लीला होगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण दहन किया जाएगा। राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की भूमिका निभाई रामलीला में श्रीराम की भूमिका यश शुक्ला, लक्ष्मण की शिवाय शुक्ला और सीता की भूमिका वंश दुबे ने निभाई। रावण की भूमिका सुभाष परसाई, हनुमान की दीपेश व्यास, सुग्रीव की दीपक साहू, जामवंत की मोहन मांझी, कुंभकर्ण की दिव्यांश गौर और विभीषण की भूमिका पुनीत पाठक ने निभाई।
कोटा दशहरा 2026: सीता हरण के मंचन पर छलके आंसू, जटायु-रावण युद्ध ने रोमांचित किए दर्शक
कोटा के 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 में राघवेंद्र कला संस्थान के कलाकारों ने सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध और शबरी उद्धार का मंचन किया। सीता हरण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक किया, जबकि जटायु के संघर्ष ने रोमांचित किया।
बांग्लादेश के पूर्व एयर चीफ कतर में गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
बांग्लादेश के पूर्व एयर चीफ शेख अब्दुल हन्नान को भ्रष्टाचार के आरोपों में कतर में गिरफ्तार किया गया है. उन पर आय से ज्यादा संपत्ति जुटाने और करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन के आरोप हैं.
तुर्की में सबसे ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली महिला कौन?
तुर्की की खूबसूरत अभिनेत्री हांदे एरचेल अपनी बड़ी आंखों, नैन-नक्श और ग्लैमरस अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. वह तुर्की की सबसे ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली महिला हैं और उनके अकाउंट पर 3 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत ने बनाया शांति का नया फॉर्मूला
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग को रोकने के लिए भारत अब एक बड़ी और अहम भूमिका में सामने आया है. भारत अब केवल शांति की अपील करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि मॉस्को और कीव दोनों के साथ एक प्रभावी शांति फॉर्मूले पर सीधी चर्चा कर रहा है. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत दोनों देशों के साथ अनाज के निर्यात, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री जहाजों की सुरक्षा को लेकर बातचीत कर रहा है.
जेलेंस्की : युद्धविराम की घोषणा के बाद रूस ने ऊर्जा क्षेत्रों पर 76 बार किए हमले
कीव, रूस की आक्रामकता से परेशान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा के बाद भी रूस जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा, तेल-गैस क्षेत्रों और आमजन को निशाना बना रहा है। शनिवार रात हुए हमलों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई मातृ शक्ति एवं दुर्गा वाहिनी की ओर से स्थापना दिवस पर रविवार को शस्त्र पूजन और पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान गांधी चौक पर पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और मातृ शक्ति के पथ संचलन का संगम हुआ। भारत माता के जयकारों के बीच व्यापारियों और आमजन ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर परिसर से हुई। यहां दुर्गा वाहिनी की बहनों ने तलवारबाजी, दंड, नि युद्ध और पिरामिड निर्माण का प्रदर्शन किया। इसके बाद संचलन शहर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए माही दरवाजा स्थित सारस्वत समाज बगीची पहुंचा, जहां शस्त्र पूजन किया गया। धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना अधर्म नहीं मुख्य वक्ता विहिप की राजस्थान क्षेत्र संयोजिका लता पांडे ने कहा- महिलाओं को लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए मातृ शक्ति से संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना अधर्म नहीं, बल्कि धर्म का कार्य है। शस्त्र के साथ शास्त्र का ज्ञान भी जरूरी है। रील नहीं, धरातल पर करें काम लता पांडे ने महिलाओं से सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय समाज में वास्तविक कार्य करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को झांसी की रानी, मां दुर्गा, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ बेटों को भी संस्कारित करना जरूरी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर निशा जोशी ने की। कविता सैनी ने लव जिहाद और बबीता बेनीवाल ने नशामुक्ति पर विचार रखे। अवनी रांकावत ने काव्यगीत प्रस्तुत किया। अनुपमा उपाध्याय ने आभार जताया और संचालन जिला संयोजिका भारती वैष्णव ने किया।
युद्धविराम की घोषणा के बाद रूस ने ऊर्जा क्षेत्रों पर 76 बार किए हमले, दो ने गंवाई जान: जेलेंस्की
कीव, 18 अक्टूबर . रूस की आक्रामकता से परेशान यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा के बाद भी रूस जानबूझकर…
रियाद में स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों से सऊदी अधिकारियों की आपात चेतावनियों पर ध्यान देने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और खतरा टलने तक घरों या इमारतों के भीतर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।
यमन के रण में यूएई की नाटकीय वापसी, सऊदी अरब के साथ रचा गया नया सामरिक चक्रव्यूह
पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में एक बार फिर से बहुत बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। कभी यमन संघर्ष के मैदान से अपने कदम पीछे खींचने वाले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस युद्ध क्षेत्र में एक बार फिर से नाटकीय और जोरदार वापसी कर ली है। लाल सागर और अदन की खाड़ी जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लगातार बढ़ते खौफनाक हमलों और मिसाइल स्ट्राइक के बाद यूएई ने अपनी कूटनीतिक और सैन्य रणनीतियों में बड़ा बदलाव किया है। हूती विद्रोहियों के बढ़ते आतंक और वैश्विक व्यापार के सामने खड़े हुए गंभीर आर्थिक संकट को नेस्तनाबूद करने के लिए अब यूएई और सऊदी अरब ने अपने सारे पुराने मतभेदों को ताक पर रखकर एक बार फिर से आपस में हाथ मिला लिया है। दोनों खाड़ी देशों के इस नए और मजबूत सैन्य गठबंधन से यमन की उथल-पुथल भरी राजनीति और युद्ध के मैदान में एक नया समीकरण बनता हुआ साफ नजर आ रहा है।हूती विद्रोहियों के खिलाफ दोनों देशों ने क्यों बदला अपना पुराना रुख?कुछ साल पहले तक यूएई ने अपनी सैन्य प्राथमिकताओं को बदलते हुए यमन के मुख्य युद्ध मैदान से अपनी जमीनी सेनाओं को काफी हद तक हटा लिया था और दक्षिणी यमन के स्थानीय अलगाववादी समूहों के जरिए अपनी पकड़ बनाए रखी थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में हूती विद्रोहियों ने जिस आक्रामक तरीके से अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, वाणिज्यिक जहाजों और सऊदी-यूएई के सामरिक ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया, उससे खाड़ी देशों की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी बज गई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन और सुरक्षित नौवहन को बनाए रखने के लिए अब रियाद और अबू धाबी दोनों इस बात पर पूरी तरह सहमत हो चुके हैं कि यदि हूती विद्रोहियों के खतरे को जड़ से खत्म नहीं किया गया, तो यह पूरे मध्य पूर्व की आर्थिक स्थिरता को तबाह कर देगा। इसी साझा और गंभीर खतरे ने दोनों ताकतों को एक बार फिर से युद्ध के मोर्चे पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए मजबूर कर दिया है।सऊदी-यूएई के इस नए साझा रक्षा मोर्चे से बदलेंगे जमीन और समुद्र के समीकरणसऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और यूएई के इस नए पुनर्गठन का सीधा असर यमन के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे होदेइदाह, मरिब और त्समी बंदरगाहों पर देखने को मिलने लगा है। रक्षा जानकारों का मानना है कि इस साझेदारी के तहत यूएई अपनी उन्नत नौसैनिक क्षमताओं, आधुनिक खुफिया तंत्र और सटीक ड्रोन तकनीकी का भरपूर इस्तेमाल करेगा, जबकि सऊदी अरब जमीनी मोर्चे और हवाई हमलों की कमान संभालेगा। हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस समन्वित अभियान से न केवल यमन के अंदरूनी हिस्सों में हूती कमांड स्ट्रक्चर को बड़ा झटका लगेगा, बल्कि लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए एक सुरक्षा कवच भी तैयार किया जा रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने भी खाड़ी देशों के इस कदम का परोक्ष रूप से समर्थन किया है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए लाल सागर का सुरक्षित रहना जीवन रेखा के समान है।कूटनीतिक और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कितना अहम है यह नया गठबंधन?यमन की यह जंग पिछले एक दशक से दुनिया के सबसे बड़े मानवीय और सामरिक संकटों में से एक रही है। ऐसे समय में जब ईरान समर्थित मिलिशिया समूह लगातार मध्य पूर्व में तनाव को और अधिक भड़का रहे हैं, सऊदी अरब और यूएई का एक मंच पर आना क्षेत्रीय शांति के लिहाज से एक गेम-चाँजर साबित हो सकता है। यदि यह नया गठबंधन हूती विद्रोहियों के सैन्य और वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करने में कामयाब रहता है, तो इससे यमन में लंबे समय से अटकी राजनीतिक शांति प्रक्रिया को भी दोबारा पटरी पर लौटने का एक मजबूत मौका मिल जाएगा। दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों और कूटनीतिक जानकारों की निगाहें अब यमन के इन युद्ध के मैदानों पर टिकी हुई हैं, जहां खाड़ी के दो सबसे ताकतवर देशों की यह वापसी आने वाले दिनों में मध्य पूर्व के पूरे सुरक्षा ढांचे की नई इबारत लिखने जा रही है।
सऊदी अरब में हूती हमलों का खतरा, भारत ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से संयम बरतने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है.
सऊदी अरब के नजरां में हेलीकॉप्टर क्रैश, दो की मौत
रियाद, 18 अक्टूबर . यमन के हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि उसका एक टोही हेलीकॉप्टर सऊदी अरब के…
युद्ध का अर्थशास्त्र: असली ताकत कीमत में नहीं, सोच में होती है; अनुकूलन और कम में ज्यादा करने वाला जीतता है
Milan में युद्ध और महंगाई विरोधी मार्च में हिंसा, 50 उपद्रवी हिरासत में
मिलान के मध्य हिस्से में शनिवार को दंगाइयों ने पुलिस से झड़प के बाद दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी। हिंसा के कारण पियाजा डेल डुओमो चौक और महंगी वस्तुओं की दुकानों वाला एक बाजार खाली हो गया, जहां आमतौर पर बड़ी संख्या में खरीदारी करने वाले लोग मौजूद रहते हैं। अलग-अलग जगहों पर युद्ध और बढ़ती महंगाई के खिलाफ निकाला गया मार्च शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था लेकिन बाद में नकाब पहने प्रदर्शनकारियों ने दंगा नियंत्रण पुलिस पर पत्थर और अन्य चीजें फेंकीं। घटना के बाद सामने आईं तस्वीरों में काराबिनिएरी पुलिस की एक गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। समाचार एजेंसी ‘लाप्रेस’ की खबर के अनुसार, कम से कम दो पुलिस अधिकारी घायल हुए और कई नाबालिगों समेत करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हिंसा की निंदा की। उन्होंने लिखा, “प्रदर्शन करना एक अधिकार है। अपने शहरों में आग लगाना नहीं।”उन्होंने उन “उपद्रवियों” का जिक्र किया, जो प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाते हैं, सुरक्षा सुनिश्चित करने वालों पर हमला करते हैं और पूरे शहरों को बंधक बना लेते हैं। मिलान के मेयर ग्यूसेप्पे सेला ने कहा, “कानून लागू करने वाले सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा और शहर को भारी नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।”
हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब की मदद के लिए क्या अब जंग में उतरेगा तुर्की - BBC
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हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब की मदद के लिए क्या अब जंग में उतरेगा तुर्की
रियाद पर बढ़ते हमलों के बीच तुर्की इस बात पर विचार कर रहा है कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब की मदद के लिए उसके पास क्या विकल्प हैं.
रूस को डीजल निर्यात से कितनी कमाई होगी: युद्ध पर कितना असर पड़ेगा; क्या यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ेंगी?
ट्रंप का दावा: ईरान से युद्ध जल्द होगा खत्म, बोले- पहले से सस्ता होगा पेट्रोल; परमाणु ठिकानों पर हमले का बचाव---Trump Says Iran War Will End Very Quickly, Predicts Lower Gas Prices and Defends Nuclear Site Strikes
दिव्य रामलीला: लंका दहन के बाद हुआ मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध का मंचन
सुखाड़िया सर्किल स्थित रामलीला मैदान में शनिवार रात को हनुमान राम नाटक समिति ने दिव्य रामलीला का मंचन किया। कार्यक्रम में लंका दहन, मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध व लक्ष्मण के मूर्छित होने के प्रसंग प्रमुख रहे। मंच पर मेघनाद के प्रहार से लक्ष्मण के घायल होने के दृश्य दिखाए गए। राम की व्याकुलता भी दिखाई गई। सबसे अधिक चर्चा आकाश मार्ग से संजीवनी लेकर लौटते हनुमान के दृश्य की रही। संजीवनी बूटी की आवश्यकता का प्रसंग आया। हनुमान का संजीवनी पर्वत लेकर आना मुख्य आकर्षण बना। रामलीला प्रभारी मनीष असीजा के अनुसार मंचन की नौवीं रात को लविश सेठी ने राम एवं मोना सेठी ने सीता का किरदार निभाया। संजय बतरा हनुमान बने एवं राजेश ने मेघनाद की भूमिका निभाई। निर्देशन राम चंद्र खुराना सहित टीम ने किया।
Houthis Saudi Arabia war में Ansarallah कैसे बना पा रहे Advance Weapons, ये है असली वजह
Houthis Saudi Arabia war में Ansarallah कैसे बना पा रहे Advance Weapons, ये है असली वजह
भारत-ब्रिटेन का संयुक्त समुद्री अभ्यास ‘कोंकण-26’ संपन्न, नौसेनाओं ने किया युद्ध कौशल का प्रदर्शन
भारत-ब्रिटेन का संयुक्त समुद्री अभ्यास ‘कोंकण-26’ संपन्न, नौसेनाओं ने किया युद्ध कौशल का प्रदर्शन
हाईवे निर्माण में बीओटी मॉडल से कतरा रहीं निजी कंपनियां, सरकार पर बढ़ा बोझ; अब क्या तैयारी?
सरकार हाईवे निर्माण में बढ़ते वित्तीय बोझ और निजी कंपनियों की बीओटी मॉडल से दूरी के कारण एक नया मॉडल लाने की तैयारी में है। यह नया मॉडल बीओटी और हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) का मिश्रण होगा, जिससे जोखिम और वित्तीय भार संतुलित हो सके।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए उड़ानों को निलंबित किया
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए उड़ानों को निलंबित किया airindia,saudiarabएयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए उड़ानों को निलंबित किया पश्चिम एशिया क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस महीने की 24 तारीख तक जेद्दा, रियाद और […]
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सऊदी अरब के मक्का शहर की एक मस्जिद में कथित अश्लील हरकत करने वाले बांग्लादेशी जोड़े को मौत की सजा दे दी गई है। उन्हें फांसी दी गई, सिर कलम किया या गोली मारी गई, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। सजा देने से पहले बांग्लादेश के दूतावास तक को खबर नहीं की गई। आखिर क्या है पूरा मामला और सऊदी अरब पर क्यों उठ रहे हैं सवाल; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: सऊदी में बांग्लादेशी जोड़े को मौत की सजा का पूरा मामला है क्या? जवाब: सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक.... हालांकि यह नहीं बताया गया कि क्या वे पति-पत्नी थे, उन्होंने क्या अश्लील हरकत की थी, गिरफ्तारी कब हुई, सुनवाई कब हुई? ऐसी तमाम जानकारियां सऊदी ने सार्वजनिक नहीं की। सवाल-2: ‘ताजीर’ क्या है, जिसके तहत ये सजा दी गई? जवाब: सऊदी की अदालतें इस्लामी कानून, यानी शरिया के हिसाब से काम करती हैं। जज शरिया की अपनी व्याख्या के आधार पर तय करते हैं कि कौन-सा काम अपराध है और उसकी सजा क्या होगी। शरिया में अपराधों और सजाओं के मोटे तौर पर 3 हिस्से हैं… मानवाधिकारों की वकालत करने वाली संस्था ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ के मुताबिक, सऊदी में ज्यादातर आपराधिक मामले ताजीर के तहत ही आते हैं। सवाल-3: सऊदी अरब पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? जवाब: इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… 1. बांग्लादेशी दूतावास को खबर न देना 2. आरोप साफ नहीं, अपराध से कहीं बड़ी सजा 3. लिखित कानून का न होना सवाल-4: सऊदी अरब में मौत की सजा किन अपराधों में और कैसे होती है? जवाब: मौत की सजा देने में सऊदी अरब का दुनिया में तीसरा नंबर है। हत्या, रेप, डकैती, आतंकवाद, वेश्यावृत्ति, इस्लाम छोड़ने, ईशनिंदा, ड्रग्स लेना, ड्रग्स स्मग्लिंग जैसे जुर्म में मौत की सजा दी जाती है। वहीं ताजीर के तहत जज अपने विवेक से मौत की सजा दे सकते हैं। इसमें पवित्र स्थलों का अपमान करना, जासूसी या देशद्रोह जैसे अपराध शामिल हैं। सऊदी में मौत की सजा मोटे तौर पर 3 तरह से दी जाती है… इसके अलावा कानून में पत्थर मारकर मौत की सजा देने का भी जिक्र है, लेकिन मानवाधिकार संगठन ‘रिप्रीव’ के मुताबिक हाल में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है। सवाल-5: बांग्लादेशी जोड़े की सजा का क्या असर पड़ेगा? जवाब: सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने सख्त चेतावनी जारी की, 'सऊदी अरब अल्लाह के पवित्र घरों (मस्जिदों) की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भी शख्स धार्मिक स्थलों का अपमान करेगा या कानून तोड़ेगा, उसे बिना किसी रियायत के कानून के मुताबिक सजा मिलेगी।’ सऊदी में रहने वालों और वहां आने वालों के लिए साफ है कि मस्जिदों का अपमान करने या कानून तोड़ने पर कड़ी सजा मिलेगी। रिप्रीव के मुताबिक, 2025 में सऊदी में मौत की सजा पाने वालों में से 56.7% विदेशी थे, जबकि वहां की आबादी में विदेशी करीब 41.6% हैं। रही बात बांग्लादेश-सऊदी के रिश्तों पर असर पड़ने की, तो उसकी आशंका कम है। क्योंकि सऊदी में 35 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी काम करते हैं, जो किसी भी देश में बांग्लादेशियों की सबसे बड़ी संख्या है। पिछले साल सऊदी में रह रहे बांग्लादेशियों ने अपने देश 5.58 बिलियन डॉलर रेमिटेंस भेजा, जो बांग्लादेश के कुल रेमिटेंस का 16.33% है। हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस मामले में विरोध जताया है। सवाल-6: आखिर सऊदी इतनी ज्यादा फांसी की सजा क्यों देता है? जवाब: पिछले 11 साल में सऊदी में कुल 1956 मौत की सजा दी गई। हर साल औसतन 178 लोगों को। अक्टूबर 2026 तक, यानी इस साल के शुरुआती 9 महीनों में 175 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। सऊदी में इतनी ज्यादा मौत की सजा होने की 2 बड़ी वजहें हैं… रिप्रीव की सीईओ माया फोआ के मुताबिक, 'सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कई बार कह चुके हैं कि वे मौत की सजा घटाएंगे, लेकिन उनके दौर में ऐसी सजाएं 5 गुना बढ़ गईं। 2015 से पहले के 5 सालों में सालाना औसत करीब 71 था।' ----------------- ये खबर भी पढ़िए… मुस्कान-साहिल की फांसी लिखकर जज ने पेन क्यों फेंका, फांसी पर क्या बहस चलती है, ये मामला जज ने रेयर क्यों माना 14 अक्टूबर को मेरठ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज अरविंद कुमार मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला से कहा- तुम दोनों ने सौरभ राजपूत की हत्या की है। इसके बाद उन्होंने जिस पेन से मुस्कान-साहिल के लिए मृत्युदंड लिखा था, उसको तुरंत डस्टबिन में फेंक दिया। पूरी खबर पढ़िए…
नीमच के हिंगोरिया में डेढ़ बीघा कृषि भूमि को लेकर नागदा परिवार और रोशन वर्मा के बीच विवाद गहरा गया है। नागदा परिवार ने वर्मा और उनके साथियों पर जमीन पर अवैध कब्जे व 16 अक्टूबर को मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन दिया। श्रवण नागदा और सुनील नागदा ने बताया कि यह खेत उन्हें वसीयत से मिला है और 25 साल से उनके पास है। जमीन का मामला कोर्ट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी, चार सदस्यों को थाने में बैठाया, घायल का मेडिकल नहीं कराया और एकतरफा कार्रवाई की। परिवार ने दूसरे पक्ष के फायरिंग के आरोपों को गलत बताया। एडिशनल एसपी हेमलथा अग्रवाल ने बताया कि दूसरे पक्ष की शिकायत पर बघाना थाने में कार्रवाई हुई है। नागदा परिवार की मारपीट की शिकायत पर भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों व तथ्यों की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
सऊदी अरब के 3 शहरों के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर तक बंद, यात्रियों को मिलेगा फ्री टिकट बदलाव और पूरा रिफंड
हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद AI का बड़ा फैसला, 24 अक्टूबर तक सऊदी अरब की सभी उड़ानों पर लगा ब्रेक
हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण बढ़ते तनाव को देखते हुए एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए अपनी सभी उड़ानें 24 अक्टूबर 2026 तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।
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जयपुर: कारगिल युद्ध के वीर योद्धा बनवारी लाल शर्मा कानोता के संरक्षक नियुक्त
एसके राइजहब सेवा ट्रस्ट ने पूर्व सैनिक बनवारी लाल शर्मा को संरक्षक नियुक्त कर ग्रामीण विकास और महिला स्वावलंबन को गति देने की घोषणा की।
सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर ब्रेक! एअर इंडिया ने जेद्दा-रियाद व दम्मम की फ्लाइट्स रद्द की
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए 24 अक्टूबर 2026 तक अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं. एयरलाइंस ने 15 अक्टूबर या उससे पहले की बुकिंग वाले यात्रियों को विकल्प दिया है कि वे 9 से 25 अक्टूबर के बीच की यात्रा की तारीख 10 नवंबर तक एक बार बदल सकते हैं.
सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर ब्रेक! एयर इंडिया ने 24 अक्टूबर तक जेद्दा, रियाद और दम्मम की फ्लाइट्स रद्द की
अमेरिकी समाचार नेटवर्क CNN के अनुसार,व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों ने जब राष्ट्रपति ट्रम्प से पूछा कि क्या सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ इज़राइल की मदद लेनी चाहिए, तो राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत जवाब दिया, “हाँ।” उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में इज़राइल, सऊदी अरब के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। […] The post अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब से आग्रह किया है कि वह यमन में हूतियों के खिलाफ इज़राइल से मदद स्वीकार करे। appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
Iran US War Update: 7 महीने में ईरान ने 135 बार हमले, खाड़ी देशों की रिपोर्ट। UAE। Bahrain। Qatar
Iran US War Update: 7 महीने में ईरान ने 135 बार हमले, खाड़ी देशों की रिपोर्ट। UAE। Bahrain। Qatar अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में अब निशाना सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं, बल्कि खाड़ी देशों की तेल, गैस, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं भी बन रही हैं
Houthis Attack On Saudi Arabia से भयंकर आगजनी, ARAMCO तक कोहराम | MBS
Houthis Attack On Saudi Arabia से भयंकर आगजनी, ARAMCO तक कोहराम |
हूती विद्रोहियों ने अदन के एयरपोर्ट पर किया मिसाइल हमला, सऊदी अरब ने कई ड्रोन और मिसाइलें मार गिराने का किया दावा
ट्रंप की सऊदी अरब को सलाह: हूती विद्रोहियों के खिलाफ इस्राइल की मदद ले रियाद, अब्राहम समझौते पर भी दिया संकेत---Trump Urges Saudi Arabia to Accept Israel Help Against Houthis, Signals Abraham Accords Possibility
Udham Singh Nagar News: एकतरफा मुकाबले में हाइलैंडर ने रुद्रा लाइंस को 10 विकेट से हराया
एकतरफा मुकाबले मेंहाइलैंडरने रुद्रा लाइंस को 10 विकेट से हराया
Bilaspur News: रामलीला में सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध का मंचन
बिलासपुर। शहर के रौड़ा सेक्टर में आयोजित श्रीरामलीला के पांचवें दिन कलाकारों ने
Yemen Houthis Saudi Arabia War: हूतियों के खिलाफ कई गुट हावी,UAE कर रहा खेल?|Aidarous al-Zubaydi
सऊदी अरब की एक पसोपेश और समझ में आती है और वो ये कि वो यमन में अपनी जमीनी फौज उतारने से गुरेज करता है...और उसे अंसारुल्लाह के खिलाफ यमन में अपनी बेक्ड या हिमायती फोर्सेस पर भरोसा करना पड़ता है
Yemen Houthis Saudi Arabia War: Anthropic AI से अंसारुल्लाह ने बनाए हथियार, रिपोर्ट से मचा हड़कंप
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल मिसाइल और गाइडेड हथियार विकसित करने के लिए किया जा रहा है? अमेरिकी AI कंपनी Anthropic की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी यमन में मौजूद एक समूह ने उसके Claude AI मॉडल की मदद से तीन हथियार परियोजनाओं पर काम करने की कोशिश की।
S-400 पर अमेरिका का दोहरा रवैया: तुर्की ने भारत में F-35 भेजने पर घेरा
वैश्विक रक्षा कूटनीति और सामरिक समीकरणों में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। तुर्की (तुर्किये) ने वाशिंगटन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय रक्षा सौदों और प्रतिबंधों को लेकर खुलेआम दोहरे मापदंड (Double Standards) अपना रहा है। तुर्की की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया तब आई है जब अमेरिकी वायुसेना ने भारत में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यासों में अपने सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स को शामिल किया और भारत को इसे देने के संकेत दिए।तुर्की के रणनीतिक विशेषज्ञों और मीडिया हलकों में इस फैसले को लेकर गहरा असंतोष है। अंकारा का कहना है कि रूसी S-400 ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने के नाम पर जिस तरह अमेरिका ने अपने ही नाटो (NATO) सहयोगी देश तुर्की पर कड़े प्रतिबंध ठोके और F-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया, वही नियम भारत के लिए लागू क्यों नहीं किए जा रहे हैं?S-400 विवाद और तुर्की की ऐतिहासिक नाराजगीइस पूरे विवाद की जड़ें साल 2017 और 2019 के बीच हुए सैन्य घटनाक्रमों से जुड़ी हुई हैं। तुर्की, जो अमेरिका नीत सैन्य गठबंधन नाटो का एक संस्थापक और बेहद महत्वपूर्ण सदस्य है, उसने अपनी वायु रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस के साथ अरबों डॉलर की S-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने का सौदा किया था।जब रूस ने तुर्की को S-400 की डिलीवरी शुरू की, तो वाशिंगटन ने इसे नाटो की सुरक्षा और F-35 जेट्स के गुप्त डेटा के लिए गंभीर खतरा बताया। अमेरिका का दावा था कि S-400 प्रणाली में लगे संवेदनशील रडार F-35 की स्टील्थ तकनीक (अदृश्य रहने की क्षमता) का डेटा चुराकर मास्को को भेज सकते हैं।इसके बाद अमेरिका ने बिना कोई नरमी दिखाए तुर्की के खिलाफ 'काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट' (CAATSA) के तहत कड़े आर्थिक व सैन्य प्रतिबंध लगा दिए। इतना ही नहीं, तुर्की को जॉइंट स्ट्राइक फाइटर (JSF) F-35 डेवलपमेंट प्रोग्राम से रातों-रात बेदखल कर दिया गया। तुर्की ने इस परियोजना में लगभग 1.4 से 1.6 अरब डॉलर का भारी निवेश किया हुआ था और उसके 6 तैयार F-35 जेट्स अमेरिका के हैंगर में ही रुक गए, जो आज तक उसे नहीं मिले।भारत को लेकर क्यों तिलमिलाया तुर्की?अब तुर्की के रक्षा विश्लेषकों का सवाल है कि जब भारत ने भी रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर का S-400 मिसाइल सौदा किया और अपनी सेना में इसकी चार से पांच स्क्वाड्रन तैनात भी कर ली हैं, तो वाशिंगटन भारत के प्रति इतना मेहरबान क्यों है?भारत न तो नाटो का सदस्य है और उसने रूस से वही S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी है। इसके बावजूद अमेरिका ने भारत पर न केवल CAATSA प्रतिबंध लगाने से परहेज किया, बल्कि भारत की वायुसेना को अपने सबसे एडवांस्ड लड़ाकू विमान F-35 की पेशकश तक कर डाली है। हाल के समय में भारतीय धरती पर तरंग शक्ति और अन्य अभ्यासों के दौरान अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों की गर्जना देखकर तुर्की के राजनयिक गलियारों में अमेरिका के 'दोहरे मापदंड' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि यह अमेरिकी विदेश नीति का विरोधाभास है—एक ही हथियार खरीदने पर अपने नाटो सहयोगी को सजा दी जाती है, जबकि दूसरे गैर-नाटो देश को अमेरिका अपने सबसे गुप्त और ताकतवर फाइटर जेट बेचने की वकालत कर रहा है।वाशिंगटन की मजबूरी और भारत का इंडो-पैसिफिक में कदअमेरिका के इस कथित दोहरे रवैये के पीछे की भू-राजनीतिक (Geopolitical) वजहों को समझना बेहद जरूरी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्थिति तुर्की से बिल्कुल अलग है।चीन की चुनौती और क्वाड (QUAD): अमेरिका के लिए इस वक्त सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती चीन का बढ़ता सैन्य प्रभाव है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को संतुलित करने के लिए भारत अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और शक्तिशाली भागीदार है। अमेरिका जानता है कि भारत की सैन्य ताकत को कमजोर करना अंततः चीन के ही पक्ष में जाएगा।ऐतिहासिक और कानूनी अंतर: भारत ने रूस के साथ S-400 का सौदा 2018 में किया था, जो CAATSA कानून के पूर्ण कड़े प्रावधान लागू होने से पहले की बातचीत पर आधारित था। जबकि तुर्की ने नाटो सदस्य होते हुए चेतावनी के बावजूद इस सौदे को आगे बढ़ाया था।रणनीतिक स्वायत्तता: भारत हमेशा से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय बहुपक्षीय नीति (Strategic Autonomy) अपनाता आया है।क्या भारतीय वायुसेना में शामिल होगा F-35?भले ही अमेरिका भारत को F-35 देने के सकारात्मक संकेत दे रहा हो, लेकिन भारतीय वायुसेना (IAF) का रुख इस पर बेहद नपा-तुला और सावधानियों से भरा है। भारत अच्छी तरह जानता है कि अमेरिकी हथियार प्रणालियों के साथ कड़ी परिचालन शर्तें (Operational Conditions) और डेटा एक्सेस की सीमाएं जुड़ी होती हैं। हाल ही में भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक भारत को विमान पर पूर्ण परिचालन नियंत्रण और स्वदेशी तकनीकों को जोड़ने की आजादी नहीं मिलती, तब तक केवल अमेरिकी पेशकश पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।भारत वर्तमान में अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है और इसके साथ ही फ्रांस के राफेल (Rafale) जैसे परखे हुए प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा जता रहा है।
अजरबैजान के स्कूलों में हिजाब बैन पर तुर्की के बाद ईरान के कट्टरपंथी भड़के
मध्य एशिया और मध्य पूर्व के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अजरबैजान सरकार द्वारा देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्राओं के हिजाब और धार्मिक पोशाक पहनने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के सामने आते ही मुस्लिम बहुल पड़ोसी देशों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। शुरुआत में तुर्की के कुछ धार्मिक संगठनों ने इस कदम का विरोध किया था, लेकिन अब ईरान के उग्रवादी और कट्टरपंथी गुटों ने इस विवाद में कूदकर माहौल को और भी अधिक गरमा दिया है। ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरुओं और कट्टरपंथी नेताओं ने अजरबैजान के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक 'शैतानी कदम' करार दिया है और इसे इस्लामिक संस्कृति पर सीधा हमला बताया है।अजरबैजान सरकार का धर्मनिरपेक्षता की ओर बड़ा कदमअजरबैजान लंबे समय से खुद को एक आधुनिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश करता रहा है। देश के शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में एक समान ड्रेस कोड लागू करने का आदेश जारी किया है। सरकार का तर्क है कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल पूरी तरह से तटस्थ होना चाहिए, जहां किसी भी धर्म, जाति या विशेषाधिकार का प्रदर्शन न हो। अधिकारियों का मानना है कि बालिकाओं के लिए स्कूल यूनिफॉर्म में हिजाब या सिर ढकने वाले कपड़ों को शामिल न करने से सभी छात्रों के बीच समानता की भावना विकसित होगी। हालांकि, यह फैसला घरेलू स्तर पर रूढ़िवादी परिवारों के बीच असंतोष का कारण बना ही था कि अब यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।तुर्की की शुरुआती प्रतिक्रिया और ईरान का उग्र रुखजब अजरबैजान ने इस प्रतिबंध की घोषणा की, तो सबसे पहले तुर्की के कंजर्वेटिव और इस्लामिक हलकों में इसकी सुगबुगाहट शुरू हुई। तुर्की के कई धार्मिक समूहों ने इसे मुस्लिम समुदाय की भावनाओं के खिलाफ बताया। हालांकि, तुर्की सरकार ने अजरबैजान के साथ अपने रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए आधिकारिक तौर पर काफी नपा-तुला रुख अपनाया। लेकिन ईरान के मामले में स्थिति बिल्कुल अलग रही। ईरान के कट्टरपंथी वर्ग ने इस फैसले को सीधे तौर पर पश्चिमी देशों और इजरायल के प्रभाव में लिया गया निर्णय करार दिया है। तेहरान और अन्य प्रमुख ईरानी शहरों में धार्मिक प्रचारकों ने अजरबैजान के राष्ट्रपति और उनकी सरकार के खिलाफ बयानबाज़ी शुरू कर दी है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद भू-राजनीतिक दरार और चौड़ी हो गई है।'शैतानी कदम' कहकर ईरानी धर्मगुरुओं ने बोला हमलाईरान के शीर्ष कट्टरपंथी नेताओं और धार्मिक सभाओं ने अजरबैजान के इस कानून के खिलाफ फतवे जैसी भाषा का इस्तेमाल किया है। ईरानी मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित बयानों में कहा गया है कि किसी भी मुस्लिम देश में बालिकाओं को हिजाब पहनने से रोकना ईश्वर के आदेशों का उल्लंघन है और यह एक 'शैतानी कदम' है। ईरानी विश्लेषकों का दावा है कि बाकू की सरकार अपने ही देश के बहुसंख्यक शिया नागरिकों की धार्मिक पहचान को मिटाने की साजिश रच रही है। ईरान के इस उग्र रुख के पीछे केवल धार्मिक कारण ही नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखने की उसकी पुरानी चाहत भी है, जिसे अजरबैजान की पश्चिमी-समर्थक और धर्मनिरपेक्ष नीतियां लगातार चुनौती दे रही हैं।सीमा पार कूटनीतिक तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असरअजरबैजान और ईरान के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों से काफी संवेदनशील रहे हैं। अजरबैजान की इजरायल के साथ बढ़ती नजदीकी और रणनीतिक साझेदारी हमेशा से ईरान के लिए आंख की किरकिरी बनी रही है। अब हिजाब बैन का यह नया मुद्दा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कड़वाहट को एक नए स्तर पर ले आया है। अजरबैजान के गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने देश के भीतर किसी भी प्रकार के ईरान-समर्थित विरोध प्रदर्शन या असामाजिक गतिविधियों से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बाकू प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि अजरबैजान एक संप्रभु राष्ट्र है और अपने आंतरिक मामलों व शिक्षा नीति में किसी भी बाहरी देश का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता पर छिड़ी नई बहसइस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के बीच भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ जहां मानवाधिकार समूहों का एक वर्ग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकार के हनन के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर धर्मनिरपेक्षता के समर्थकों का मानना है कि कट्टरपंथ को रोकने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों को धार्मिक प्रतीकों से मुक्त रखना बेहद जरूरी है। यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि अजरबैजान सरकार धार्मिक स्वतंत्रता की मांगों और अपनी धर्मनिरपेक्ष नीतियों के बीच कैसे संतुलन बनाए रखती है।भविष्य की राह और जनमानस पर प्रभावअजरबैजान के इस साहसिक लेकिन विवादित फैसले का असर आने वाले समय में मध्य एशिया के अन्य देशों पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर देश की युवा पीढ़ी और आधुनिक सोच रखने वाले नागरिक सरकार के इस कदम को प्रगतिशील मान रहे हैं, वहीं ग्रामीण और पारंपरिक रूप से धार्मिक परिवारों में इसको लेकर नाराजगी बरकरार है। तुर्की और ईरान जैसे शक्तिशाली पड़ोसी देशों के दबाव के बावजूद अजरबैजान सरकार अपने फैसले पर अडिग नज़र आ रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बाकू प्रशासन अंतरराष्ट्रीय दबाव, पड़ोसी देशों की बयानबाज़ी और घरेलू जनभावनाओं के बीच अपनी नीतियों को किस तरह आगे बढ़ाता है।
Yemen Houthis Attack on Saudi Arabia के बीच Oman की तरफ से सऊदी ने क्यों भेजा प्रस्ताव?
Yemen Houthis Attack on Saudi Arabia के बीच Oman की तरफ से सऊदी ने क्यों भेजा प्रस्ताव?
एअर इंडिया ने सऊदी अरब में तेजी से बदलते सुरक्षा हालातों के मद्देनजर रियाद, दम्माम और जेद्दा की अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद कर दी हैं। जानें क्यों?
Houthi Saudi Arabia War में Typhoon Shot Down से दुनिया हैरान | Ansarallah | MBS
Houthi Saudi Arabia War में Typhoon Shot Down से दुनिया हैरान | Ansarallah | MBS
सऊदी अरब पर जारी हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर भारत ने जताई एकजुटता
संयुक्त राष्ट्र, भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे हमलों के बीच अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
कब खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?: ट्रंप बोले- पुतिन से बातचीत आसान, जेलेंस्की से मुश्किल; कीव पर लगाए कई आरोप- When will Russia Ukraine war end Trump says talks with Putin would easy but with Zelenskyy would be difficult
Iraq संसद ने US प्रतिबंधित नेता Laith al-Khazali को बनाया उपप्रधानमंत्री
इराक की संसद ने बृहस्पतिवार को नए मंत्रियों के नामों पर मुहर लगाकर अपने मंत्रिमंडल का गठन पूरा कर लिया और एक ऐसे नेता को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। उपप्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किए गए लैथ अल-खजाली, ईरान समर्थित संगठन ‘असैब अहल अल-हक’ के प्रमुख कैस अल-खजाली के भाई हैं। अमेरिकी सेना ने 2007 में करबला में हुए एक हमले के सिलसिले में लैथ को गिरफ्तार किया था। उस हमले में पांच अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। जून 2009 में रिहा होने के बाद, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 2019 में लैथ पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और 2007 के हमले में शामिल रहने के आरोप लगाकर प्रतिबंध लगा दिए थे। अब इतने बड़े पद पर लैथ की नियुक्ति से बगदाद और वाशिंगटन के रिश्तों में तनाव आ सकता है। वैसे तो इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के अमेरिका के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और पद संभालते समय उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला था, लेकिन वह ईरान के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत रखना चाहते हैं। इराक की सरकारें हमेशा से अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती रही हैं। हालांकि, इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से यह संतुलन बनाना इराक के लिए काफी मुश्किल हो गया है। लैथ की नियुक्ति पर अमेरिकी सरकार का अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, ‘‘अल-खजाली एक घोषित आतंकवादी और ईरान के हाथों की कठपुतली है, जिसके संगठन ने अमेरिकियों और इराकियों का खून बहाया है। वह आईएसआईएस से भी ज्यादा खतरनाक है। उसे इराक का उपप्रधानमंत्री बनाना बेहद शर्मनाक है।’’इराक की संसद ने लैथ के अलावा मतदान के जरिए दो और उपप्रधानमंत्री नियुक्त किए हैं। साथ ही गृह, रक्षा, योजना, उच्च शिक्षा और संस्कृति मंत्रालयों के नए प्रमुखों की भी नियुक्ति कर दी गई है। बाकी मंत्रालयों में पांच महीने पहले ही नियुक्तियां हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री अल-जैदी ने एक बयान में कहा कि अब सरकार तेजी से काम करते हुए जनता की उम्मीदों को पूरा करेगी। उन्होंने माना कि क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण देश सुरक्षा और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
यमुनानगर में पंजेटो गांव के गुरप्रीत सिंह बाठ की 19 जुलाई को रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार परिवार कर रहा था, उसकी मौत की खबर तो मिल गई, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी परिवार उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है। अभी तक गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। दिव्यांग पिता कीर्तन सिंह आज भी अपने इकलौते बेटे के शव के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं। परिवार का आरोप है कि शिपिंग कंपनी और एंबेसी से बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। हर बार अगले सप्ताह शव गांव भेजने का आश्वासन देकर इंतजार बढ़ा दिया जाता है। कीर्तन सिंह ने कहा कि तीन माह से वे तड़प रहे हैं,अब बेटे का पार्थिव शरीर नहीं मिलने से उनका दुख और बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में शिपिंग कंपनी और एंबेसी के अधिकारी उनसे लगातार संपर्क कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेटे का शव भारत आ जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे अधिकारियों की बातचीत कम होती गई और अब स्थिति यह है कि कई-कई बार फोन करने के बाद कॉल उठाई जाती है। हर बार अगले सप्ताह का आश्वासन, लेकिन शव का अब भी इंतजार कीर्तन सिंह के अनुसार, शिपिंग कंपनी ने शव की पहचान के लिए उनसे DNA सैंपल भी लिया था। परिवार की ओर से मांगी गई जानकारी और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। परिवार लगातार कंपनी और एंबेसी से संपर्क कर रहा है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि शव भारत कब लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिपिंग कंपनी के अधिकारियों से दोबारा बातचीत हुई थी। इस दौरान फिर आश्वासन दिया गया कि अगले सप्ताह तक गुरप्रीत का शव भारत भेज दिया जाएगा। आरोप है कि परिवार को पहले भी कई बार इसी तरह का भरोसा दिया जा चुका है। सीएम नायब सिंह सैनी से मिल चुके, फिर भी नहीं मिली राहत गुरप्रीत के पिता ने बताया कि वे इस मामले को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुके हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग रखी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। कीर्तन सिंह का कहना है कि जब परिवार के स्तर पर कंपनी और एंबेसी से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, तो सरकार को हस्तक्षेप कर संबंधित एजेंसियों से जवाब लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत उनका इकलौता बेटा था। पिता की एक टांग कट चुकी, बेटे पर थी परिवार की जिम्मेदारी गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह वर्ष 2016 में सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा चुके हैं। इसके बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर आ गई थी। वह मर्चेंट नेवी में काम करता था और परिवार का सहारा था। करीब डेढ साल पहले उसकी शादी हुई थी और छह माह पहले ही वह बेटी का पिता बना था। पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और शिपिंग कंपनी तथा संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए। परिवार ने यह भी मांग की है कि गुरप्रीत की मौत के बाद उसके आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं।
Rajasthan: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का बयान, अमेरिका-पाक में युद्ध होता हैं तो हम पाकिस्तान का साथ देंगे
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का एक बड़ा बयान सामने आया हैं, उन्होंने इस बयान में कुछ ऐसा बोला हैं की अब उनकी चर्चा चारों और है। उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान को लेकर ऐसा बयान दिया है कि नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। उन्होंने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंति पर सभा को संबोधित करते हुए कहा- “अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। क्योंकि वो हमारा पड़ोसी है। ठीक है। यह बात हमें समझनी होगी।” सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो रहा है। दे रहे थे भाषण खबरों के अनुसार राठौड़ 15 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर जयपुर के प्रदेश कार्यालय में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पड़ोसियों के साथ खड़े होने की बात कही। पूर्व राष्ट्रपति के विचारों और उनके बताए रास्तों को लेकर सीख देते हुए कहा- अब्दुल कलाम ने हमेशा सादगी के साथ-साथ रहने के अलावा पड़ोसियों की मदद करने की भी सीख दी थी। अमेरिका-पाक के उदाहण से छिड़ गई नई बहस इसके बाद मदन राठौड़ ने जो उदाहरण दिया, वो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध का ऐसा उदाहरण दिया कि सोशल मीडिया समेत हर जगह नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। उन्होंने कहा- अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। क्योंकि वो हमारा पड़ोसी है। वीडियो सामने आने के बाद एक्स पर यूजरों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक अकाउंट ने लिखा- ‘देख रहे विनोद राष्ट्रवादी पार्टी के लोगों को।’ योगेश मिश्रा नामक यूजर ने लिखा- ‘वाह! पड़ोसी धर्म का ऐसा पालन? यह तो बिल्कुल आउट ऑफ सिलेबस बयान आ गया।’ जसराज आजाद नामक यूजर ने लिखा- यदि कोई विपक्ष का नेता ऐसा बोल देता, तो पूरा देशद्रोही घोषित कर देते। pc- ndtv raj
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
Jhajjar-Bahadurgarh News: पश्चिम एशिया में युद्ध से बहादुरगढ़ की लेदर शू फैक्टरी का निर्यात 50% घटा
Bahadurgarh leather shoe factory exports down 50% due to war in West Asia
Kanpur News: बारिश, बीमारी और खाड़ी युद्ध से और महंगी होगी चीनी
बारिश, बीमारी और खाड़ी युद्ध से और महंगी होगी चीनी
Chandauli News: सीता हरण और जटायु युद्ध का मंचन देख भावुक हुए दर्शक
The audience became emotional while watching the enactment of Sita's abduction and the battle involving Jatayu.
Yemen Houthis Attack on Saudi Arabia के बीच हूतियों के समर्थन में कबीले,सऊदी की मुश्किल और बढ़ी|MBS
ईरानी मीडिया का दावा है कि यमन में सऊदी और हूतियों के बीच चल रही भीषण जंग में स्थानीय कबीले भी अंसारुल्लाह लड़ाकों के साथ जुड़ते चले जा रहे हैं...उसकी कई वजह हैं एक तो हूतियों का बढ़ता गलबा..और दूसरा सऊदी यमन के 70 पर्सेंट पापुलेशन वाले हिस्से पर हूतियों का बढता कब्जा
Houthi Saudi Arabia War में Ansarallah की Missile, Drone से परेशान हुए MBS
सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम और यमन के हूती आंदोलन की मिसाइल क्षमताओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है।
भारतीय सेना दिवस-2027 के राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 15 जनवरी 2027 को भोपाल में पहली बार सेना दिवस का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होगा। मुख्य परेड बीएचईएल क्षेत्र के कालीबाड़ी मार्ग पर होगी। इसके अलावा बड़े तालाब पर सेना की युद्ध क्षमता का प्रदर्शन, जंबूरी मैदान में आधुनिक सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी और टीटी नगर स्टेडियम में शौर्य संध्या ‘रणहुंकार’ आयोजित की जाएगी। समारोह की थीम ‘आपकी सेना–आपके पास’ रखी गई है। गुरुवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने टीटी नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में सेना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित खेल एवं युवा कल्याण, संस्कृति और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। छावनी से निकलकर शहर के बीच होगी सेना दिवस परेड अब तक सेना दिवस की परेड सैन्य छावनियों में आयोजित होती रही है, लेकिन भोपाल में इसे शहर के सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित करने की तैयारी है। परेड में सेना के अनुशासित दस्ते, टैंक, ड्रोन और आधुनिक सैन्य प्रणालियां प्रदर्शित की जाएंगी। इससे आम नागरिकों को सेना की कार्यप्रणाली, तकनीक और सामरिक क्षमता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सैन्य आयोजनों को दिल्ली से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप भोपाल में यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, आयोजन से नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बड़े तालाब पर दिखेगी सेना की युद्ध क्षमता सेना दिवस के तहत भोपाल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। बीएचईएल के कालीबाड़ी मार्ग पर 15 जनवरी को मुख्य आर्मी-डे परेड होगी। बड़े तालाब के वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले के जरिए सेना की सामरिक क्षमता, रणनीतिक कौशल और समन्वित सैन्य कार्रवाई का प्रदर्शन किया जाएगा। जंबूरी मैदान में सेना के आधुनिक उपकरणों का स्टेटिक और डायनेमिक डिस्प्ले होगा। यहां नागरिक सैन्य प्रणालियों को करीब से देख सकेंगे और उनके संचालन व कार्यक्षमता की जानकारी ले सकेंगे। वहीं, टीटी नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम शौर्य संध्या ‘रणहुंकार’ होगी। इसमें देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत दिखाई जाएगी। आड़ा-खड़ा और भगोरिया जैसे पारंपरिक लोकनृत्य भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। 9 जनवरी से शुरू होंगे कार्यक्रम, 1 नवंबर से मेरी माटी अभियान सेना दिवस समारोह से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 9 जनवरी 2027 से होगी। 9 से 12 जनवरी के बीच बड़ा तालाब, अटल पथ और जंबूरी मैदान में सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो, एयर-शो और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इससे पहले 1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से ‘मेरी माटी अभियान’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी एकत्रित की जाएगी और शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव पर जोर ‘आपकी सेना-आपके पास’ थीम के जरिए सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव मजबूत करने पर जोर रहेगा। समारोह में सैन्य प्रदर्शन के साथ देशभक्ति और प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को भी स्थान दिया जाएगा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक चंचल शेखर, संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव, अपर सचिव अजय श्रीवास्तव, भारतीय सेना के पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया के मेजर जनरल विकास लाल, कर्नल सुब्रत मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सनातन धर्म और पौराणिक कथाओं में शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri) के पावन अवसर पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। मां दुर्गा के सभी रूपों में उनका चंडिका रूप सबसे अधिक उग्र, शक्तिशाली और दुष्टों का संहार करने वाला माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ा है, तब-तब मां ने दैत्यों का नाश करने के लिए चंडिका का विकराल रूप धारण किया है। आइए जानते हैं मां चंडिका की उत्पत्ति और उनके महाविनाशक रूप से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में।क्या है मां चंडिका की पौराणिक कथा और उत्पत्ति का रहस्यपौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में शुंभ और निशुंभ नाम के दो शक्तिशाली तथा अत्याचारी राक्षसों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था और देवराज इंद्र को उनका सिंहासन छोड़ने के लिए विवश कर दिया था। देवताओं पर आए इस बड़े संकट से मुक्ति पाने के लिए देवराज इंद्र और अन्य सभी देवी-देवता सहायता की गुहार लगाने के लिए माता पार्वती के पास पहुंचे।देवताओं की पुकार सुनकर मां पार्वती के भीतर से एक अत्यंत तेजोमय और अलौकिक शक्ति प्रकट हुई, जिन्हें 'मां चंडिका' या 'चंडी' के नाम से जाना गया। मान्यता है कि जब राक्षस शुंभ ने माता के अलौकिक सौंदर्य को देखा, तो वह उन पर मोहित हो गया और उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रख दिया। इस पर माता ने चेतावनी दी कि जो राक्षस युद्ध में उसे हराएगा, वही उससे विवाह करेगा। इसके बाद शुंभ और निशुंभ ने अहंकार में आकर अपनी सेना और महाबली सेनापतियों को युद्ध के लिए भेजा।चंड और मुंड का वध कर पड़ा 'चंडिका' नामशुंभ और निशुंभ के आदेश पर उनके दो सबसे ताकतवर असुर सेनापति 'चंड' और 'मुंड' देवी चंडिका से युद्ध करने के लिए रणक्षेत्र में उतरे। भीषण युद्ध के दौरान मां चंडिका ने अपने क्रोध से ऐसा भयंकर और विकराल रूप धारण किया कि देखते ही देखते उन्होंने चंड और मुंड दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया।असुरों के इन दोनों सेनापतियों का वध करने के कारण ही माता को 'चंडिका' या 'चंडी' नाम से पुकारा जाने लगा। इसके बाद अहंकारी राक्षस शुंभ और निशुंभ भी स्वयं मां के साथ युद्ध करने आए, लेकिन मां चंडिका ने अपने प्रहार से दोनों का अंत कर दिया और ब्रह्मांड को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराया।हरिद्वार का प्रसिद्ध चंडी देवी मंदिर और उसकी महिमाभारतवर्ष में मां चंडिका के कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां दूर-दूर से भक्त अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। इनमें से उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित चंडी देवी मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। यह मंदिर नील पर्वत के शिखर पर स्थित है और देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र मंदिर की मुख्य मूर्ति की स्थापना महान आध्यात्मिक संत आदि शंकराचार्य द्वारा आठवीं शताब्दी में की गई थी।मां चंडिका की आराधना करने से भक्तों को जीवन के हर क्षेत्र में विजय और शत्रुओं पर सफलता प्राप्त होती है। यदि किसी जातक के मन में अज्ञात भय या संकट रहता है, तो माता का स्मरण मात्र से सभी विपत्तियां टल जाती हैं। हरिद्वार के अलावा पंचकूला, हापुड़, छत्तीसगढ़, कटक (ओडिशा) और किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) में भी मां चंडिका के भव्य मंदिर स्थापित हैं, जहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
पंजाब के मानसा में नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटे की सरेआम हत्या के विरोध में आज वीरवार को सिरसा जिले में किसान एवं युवाओं ने नेहरू पार्क अनाज मंडी सिरसा में एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब की भगवंत मान सरकार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पुतले का दहन किया। परविंदर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह प्रदर्शन भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश प्रवक्ता सुभाष झोरड़ की अगुवाई में किसानों और युवाओं ने किया। बीकेई के मीडिया प्रभारी गुरलाल सिंह भंगू और किसान नेताओं ने बताया, मानसा में नशों के खिलाफ लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा का नशा तस्करों द्वारा सरेआम गोलियां मारकर की गई हत्या अत्यंत शर्मनाक और दुखद है। वीडियो साक्ष्यों से साफ जाहिर होता है कि कातिल ने फोन पर बातचीत करने के बाद बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पंजाब में सरकार और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से ही नशा सरेआम बिक रहा है। नेताओं ने सवाल किया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे गुमराह करने वाले बयान दे रही है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाती तो परविंदर झोटे जैसे युवा को अपनी जान न गंवानी पड़ती। नशा मुक्त अभियान को राजनीतिक ड्रामा बताया किसान नेताओं ने पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के खिलाफ' अभियान को सिर्फ और सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा द्वारा अपने अंतिम समय लाइव होकर मेडिकल स्टोर से बनाई वीडियो में डी.एस.पी. को बार-बार फोन करने का जिक्र यह साबित करता है कि पुलिस को सब पता था। यदि कोरोना काल के दौरान पूरे पंजाब को घरों के अंदर बंद किया जा सकता था, तो पुलिस-प्रशासन को नशे के सौदागरों के बारे में जानकारी न होना असंभव है। किसान नेताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के उस बयान की भी सख्त शब्दों में निंदा की, जिसमें उन्होंने कत्ल को 'व्यक्तिगत रंजिश' करार दिया। प्रदर्शन में यह रहे मौजूद प्रदर्शन में कुलदीप सिंह एचजीपीसी मेंबर, रिछपाल सिंह कंगनपुर, दलजीत सिंह रंगा, गुरजीत सिंह जोगेवाला, बलकौर सिंह फग्गू, सुभाष झोरड़, बलदेव सिंह, जीत सिंह, गुरपिंदर सिंह काहलों, अमरीक सिंह बाजवा, मनदीप सिंह लहगेवाला, रविन्द्र सिंह गिल, दलजीत सिंह रंगा, नाजर सिंह, गुरजीत सिंह मान, नरेंद्र सिंह नेजाडेला, गुरदीप सिंह मल्लेवाला, बापू गुरचरण सिंह पंजुआना, भरत सिंह रोहिड़ावाली, बलजिंदर भंगू, नरेंद्र, रणजीत सिंह, जसविंदर सिंह, जगसीर सिंह, सुखविंदर सिंह पूर्व सरपंच, नछतर सिंह, जयकरण झोरड़, मांगेराम धोतड़ मौजूद रहे। मुख्य मांगें: किसानों ने मांग रखी कि हाई कोर्ट इस मामले पर सुओ-मोटो (स्वंय संज्ञान) लेते हुए परविंदर सिंह झोटे के कत्ल की जांच सीबीआई को सौंपे, क्योंकि पंजाब पुलिस से इंसाफ की उम्मीद नहीं है। हत्याकांड में शामिल और इस सरकारी शह प्राप्त अपराध के पीछे मौजूद हर एक चेहरे को बेनकाब करके जेल भेजा जाए। जिस क्षेत्र में नशा बिकता है, उस क्षेत्र के संबंधित एसएचओ और एसएसपी के खिलाफ मामला दर्ज करके सीधी कानूनी कार्रवाई की जाए।
विदेश में रणबीर कपूर की 'रामायण' को मिली PG-13 रेटिंग, युद्ध और एक्शन सीन देखकर उड़ जाएंगे होश!
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' को लेकर सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह है। यह फिल्म सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ने की तैयारी में है। बेंगलुरु में इसके इंटरनेशनल ट्रेलर के भव्य अनावरण की तैयारी ...
खाड़ी देशों में ईरान पर जोरदार हमला करके अमेरिका-इजरायल ने जो आग भड़काई, उसकी भारी कीमत आज उसके समर्थक चुका रहे हैं। जब ईरान ने अपनी सधी हुई रणनीति से और रूस व चीन के बल पर अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, तो उन्होंने अपनी सैन्य कार्रवाई रोक ली। इधर ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने जब सऊदी को निशाने पर लिया और ताबड़तोड़ हमले शुरू किए, तो उनके विरुद्ध अमेरिका, सऊदी अरब और इस्लामिक नाटो की सैन्य क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक हथियारों, उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बावजूद हूती विद्रोही सऊदी अरब के लिए सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। जिस तरह से अक्टूबर 2026 में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले हुए और लाल सागर के समुद्री मार्गों को लेकर तनाव बढ़ा, उसने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। आइए हम आपको इसके पीछे के दस अहम सवाल समझाएंगे, जो आगे दिए हुए हैं। इससे पहले एक मीडिया की 12–13 अक्टूबर की रिपोर्टों में सऊदी हवाई सुरक्षा की कमजोरियों और हूतियों की बढ़ती क्षमताओं का उल्लेख किया गया है, उसकी चर्चा करते हैं। यही वजह है कि इस संकट को समझने के लिए तीन सवाल महत्त्वपूर्ण हैं:- इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Saudi Arabia पर Houthis के हमले और तेज होते ही Trump ने दी युद्ध की चेतावनी, जवाब में हूतियों ने अमेरिका को फटकारा एक, अमेरिका जैसी महाशक्ति हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रही है? शायद इसलिए कि उनके ऊपर ईरान और ईरान के ऊपर रूस व चीन का हाथ है। सभी मिलकर खाड़ी देशों से अमेरिकी पांव उखाड़ना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका बेबस है। दो, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बने नए रक्षा समझौते की वास्तविक उपयोगिता क्या है? दरअसल, यह अमेरिकी इशारे पर भारत के विरुद्ध बनवाया गया संगठन है। लेकिन इनकी आर्थिक और सैन्य क्षमता ईरान से सीधा टकराने की नहीं है। अब जान चुके हैं कि जो देश अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है, वह देश इन अमेरिकी पिल्लों को पल भर में दबोच कर शिया शासन के अधीन मिला लेगा। किसी भी लड़ाई में सारे मोर्चे एक साथ नहीं खोले जाते, बल्कि एक एक कर दुर्लभ लक्ष्य साधा जाता है। ईरान और उसके प्रॉक्सी शिया संगठनों की रणनीति यही है। तीन, सऊदी अरब के पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कौन-कौन से विकल्प हैं? चूंकि अमेरिका व इजरायल सऊदी अरब का साथ छोड़ चुके हैं, इसलिए अब वह रूस को माध्यम बनाकर ईरान के शरणागत हो जाए। साथ ही तमाम अमेरिका सैन्य अड्डों को खाली करवा ले। इससे ईरान खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। यदि वह सुन्नी मुल्कों पाकिस्तान व तुर्कीये के भ्रमजाल में फंसेगा तो बर्बादी भी होगी और सत्ता पलट भी होगा। अब आइए दस मौलिक सवालों से इस वैश्विक समस्या के समाधान को ढूंढने की कोशिश करते हैं, जहां पर हर पक्ष के संतुलन को दर्शाने की कोशिश की गई है। पहला सवाल यह है कि हूतियों को नियंत्रित करना इतना कठिन क्यों है? तो जवाब होगा कि सैन्य शक्ति और युद्ध के परिणाम में अंतर होता है। अमेरिका और सऊदी अरब के पास आधुनिक सैन्य संसाधन हैं, लेकिन किसी सशस्त्र संगठन को पराजित करना केवल हथियारों की श्रेष्ठता का प्रश्न नहीं है, बल्कि सैनिकों में मजबूत राष्ट्रीय जज्बा भी होना चाहिए जो अबतक दिखा नहीं। हूती आंदोलन ने यमन के गृहयुद्ध के दौरान सैन्य अनुभव हासिल किया है। वह देश के बड़े हिस्से में अपना प्रभाव बनाए हुए है और उसके पास मिसाइल तथा ड्रोन जैसी क्षमताएँ हैं। एक ताजा विश्लेषण के अनुसार, हूतियों की चुनौती के पीछे अपेक्षाकृत कम लागत वाली सैन्य तकनीक, ईरान से मिली तकनीकी सहायता, स्थानीय समर्थन और विरोधी पक्षों के बीच मतभेद जैसे कारक हैं। दरअसल किसी देश की सैन्य श्रेष्ठता अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि वह अपने राजनीतिक उद्देश्यों को भी प्राप्त कर लेगा। दूसरा सवाल है कि कम लागत वाले हमले और महँगी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी सऊदी अरब पर हुती क्यों भारी पड़ रहा है? शायद इसलिए कि हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण पहलू आर्थिक है। ड्रोन और अन्य अपेक्षाकृत सस्ते साधनों से खतरा उत्पन्न किया जा सकता है। हमलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी और वायु रक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पड़ती है। लगातार हमलों की आशंका के कारण नागरिक विमानन, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सऊदी अरब की रक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है, बल्कि हालिया घटनाएँ यह सवाल उठाती हैं कि क्या उसकी मौजूदा व्यवस्था सभी प्रकार के हमलों से पर्याप्त सुरक्षा दे पा रही है। मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अधिकारी रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आई कमियों की जाँच कर रहे हैं। तीसरा सवाल यह है कि यमन का भूगोल और राजनीतिक परिस्थितियाँ हुतियों की मदद कर रही हैं। यमन की भौगोलिक परिस्थितियाँ और लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता इस समस्या को जटिल बनाती हैं। हूती आंदोलन को केवल बाहरी सैन्य शक्ति से नियंत्रित करने की कोशिश में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यमन में एक ओर हूतियों का प्रभाव है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और दूसरे स्थानीय राजनीतिक तथा सैन्य समूह हैं। इन सभी के हित हमेशा एक जैसे नहीं होते। इसलिए हूतियों के विरुद्ध कार्रवाई और यमन में स्थायी राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करना दो अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। चौथा सवाल है कि आखिर इसके पीछे ईरान की भूमिका क्या है? तो जवाब होगा कि हूती आंदोलन को ईरान से समर्थन और तकनीकी सहायता मिलने की बात लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों में सामने आती रही है। लेकिन हूतियों को केवल ईरान का निर्देश मानकर चलना भी अधूरा विश्लेषण होगा। एक अध्ययन के अनुसार, ईरान और हूतियों के हित कई मामलों में एक-दूसरे से मेल खाते हैं, लेकिन हूतियों के अपने स्थानीय राजनीतिक उद्देश्य भी हैं। इसका कूटनीतिक अर्थ यह है कि ईरान के साथ बातचीत उपयोगी हो सकती है, लेकिन उससे हूतियों के सभी निर्णय स्वतः नियंत्रित हो जाएँगे, इसकी गारंटी नहीं है। पांचवां सवाल यह है कि आखिर अमेरिका हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रहा? तो जवाब होगा कि अमेरिका की स्थिति में एक महत्त्वपूर्ण विरोधाभास है: वह सऊदी अरब की सुरक्षा में सहयोग करना चाहता है, लेकिन यमन में एक और व्यापक युद्ध में उलझने से भी बचना चाहता है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:- एक, सैन्य कार्रवाई की सीमाएँ: हूती ठिकानों पर हवाई हमले उनकी क्षमताओं को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन हवाई कार्रवाई अपने आप किसी संगठन का राजनीतिक नियंत्रण समाप्त नहीं करती। अतीत के अनुभवों से भी स्पष्ट है कि लंबे सैन्य अभियान के बावजूद हूती आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सका। इसलिए अमेरिका के सामने केवल हमले करने का प्रश्न नहीं, बल्कि यह भी है कि सैन्य कार्रवाई के बाद स्थायी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए? दो, अमेरिका की प्राथमिकताएँ: एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों के विरुद्ध प्रस्तावित अभियान में अमेरिकी हवाई हमलों का समर्थन माँगा था, लेकिन उस समय वाशिंगटन ने प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका खुफिया जानकारी और अन्य सहायता देता रहा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की सहायता और उसकी प्रत्यक्ष युद्ध में भागीदारी अलग-अलग विषय हैं। वाशिंगटन के लिए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिम, सैन्य संसाधनों पर दबाव और दूसरे मोर्चों पर उसकी प्राथमिकताएँ महत्त्वपूर्ण कारक हैं। तीन, लाल सागर का सामरिक महत्त्व: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्त्वपूर्ण मार्ग हैं। यदि इन मार्गों पर जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो उसका असर केवल सऊदी अरब पर नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं, माल ढुलाई की लागत और ऊर्जा व्यापार पर भी पड़ता है। एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि लाल सागर की सुरक्षा को लेकर बढ़ता संकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को कमजोर कर सकता है। अमेरिका की दुविधा यह है कि उसे समुद्री व्यापार और अपने सहयोगियों की सुरक्षा करनी है, लेकिन ऐसी कार्रवाई से बचना भी है जो संघर्ष को और व्यापक बना दे। छठा सवाल है कि क्या ‘इस्लामिक नाटो’ हूतियों को रोक सकता है? तो यहाँ पर एक महत्त्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर समझना आवश्यक है। वह यह कि अगस्त 2026 में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौता किया, जिसे भारत विरोधी माना गया। इस समझौते में एक हस्ताक्षरकर्ता पर सशस्त्र हमला अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं पर हमले के रूप में देखने का प्रावधान है। मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इस व्यवस्था को कभी-कभी ‘इस्लामिक नाटो’ कहा जा रहा है। लेकिन इसे नाटो के समान संस्थागत, सैन्य और परिचालन क्षमता वाला संगठन मान लेना अभी उचित नहीं होगा। क्योंकि इस गठबंधन की अपनी संभावनाएँ हैं:- एक, सामूहिक प्रतिरोध का संदेश: यदि सदस्य देशों की प्रतिबद्धता विश्वसनीय होती है, तो किसी एक सदस्य पर हमले की राजनीतिक कीमत बढ़ सकती है। दो, सुरक्षा सहयोग: सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी, प्रशिक्षण और सुरक्षा समन्वय में सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि इन क्षेत्रों में वास्तविक सहयोग कितना विकसित हुआ है, इसका आकलन उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर करना होगा। तीन, सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त कूटनीतिक विकल्प: रियाद को अमेरिका पर अपनी सुरक्षा संबंधी निर्भरता कम करने की दिशा में नए साझेदार मिल सकते हैं। फिर भी तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं:- एक, अलग-अलग राष्ट्रीय हित: प्रत्येक देश यह तय कर सकता है कि किसी संकट में उसकी भागीदारी कितनी और किस प्रकार की होगी। दो, समझौते का व्यावहारिक क्रियान्वयन: पारस्परिक रक्षा की घोषणा अपने आप संयुक्त सैन्य कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती। तीन, क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिमकिसी सैन्य कार्रवाई से ईरान और अन्य क्षेत्रीय पक्षों के साथ तनाव बढ़ सकता है। एक मीडिया विश्लेषण ने भी इस गठबंधन की वास्तविक प्रभावशीलता और उसके सामने मौजूद चुनौतियों पर प्रश्न उठाए थे। वास्तव में यह समझौता सऊदी अरब की सुरक्षा कूटनीति में एक नया आयाम है, लेकिन इसे हूती समस्या का स्वतः समाधान नहीं माना जा सकता। सातवां सवाल है कि सऊदी अरब के सामने अब क्या विकल्प हैं? तो जवाब होगा कि सऊदी अरब के सामने मुख्य चुनौती यह है कि वह अपनी जनता, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करे, जबकि एक और लंबा युद्ध शुरू करने के जोखिम को भी ध्यान में रखे। लिहाजा उसके सामने पाँच प्रमुख विकल्प हैं:- एक, सैन्य दबाव बढ़ाना: सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ मिलकर हूतियों पर सैन्य दबाव बढ़ा सकता है। इस विकल्प का उद्देश्य हूतियों की हमले करने की क्षमता को सीमित करना और विवादित क्षेत्रों पर नियंत्रण से संबंधित परिस्थितियों को बदलना होगा। इससे संभावित लाभ यह होगा कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। जबकि जोखिम यह है कि संघर्ष लंबा खिंच सकता है, नागरिकों को नुकसान पहुँच सकता है और सऊदी अरब के भीतर हमलों का खतरा बढ़ सकता है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब नेतृत्व यमन की सरकारी सेनाओं के साथ अभियान की योजना बना रहा था। उस समय अमेरिकी सेना की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित नहीं थी। इसलिए केवल सैन्य अभियान की घोषणा को सफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता है। दो, अमेरिका पर निर्भरता के साथ-साथ अन्य साझेदारों से सहयोग: सऊदी अरब अमेरिका के साथ अपने सुरक्षा संबंध बनाए रखते हुए पाकिस्तान, तुर्किये और दूसरे सहयोगियों के साथ सहयोग बढ़ा सकता है। लेकिन नए रक्षा समझौतों की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश किस प्रकार की सहायता देने को तैयार हैं और उनके बीच व्यावहारिक समन्वय कितना है। यहाँ उद्देश्य केवल गठबंधन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाना होगा। तीन, ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद बनाना: हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण आयाम ईरान-सऊदी अरब संबंध भी हैं। यदि दोनों देश क्षेत्रीय तनाव कम करने, यमन में राजनीतिक समाधान और हमलों को रोकने के लिए संवाद आगे बढ़ाते हैं, तो इससे संघर्ष के विस्तार का जोखिम घट सकता है। हालाँकि, ईरान से बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितना प्रभाव डाल सकता है और हूती नेतृत्व किन शर्तों को स्वीकार करता है। यहां पर कूटनीतिक चुनौती यह है कि ऐसा समझौता खोजना जो सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करे, लेकिन यमन के भीतर राजनीतिक समाधान की संभावना भी बनाए रखे। चार, समुद्री सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत करना: लाल सागर की सुरक्षा केवल सऊदी अरब की समस्या नहीं है। इसलिए वह अन्य देशों के साथ समुद्री निगरानी, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा, सूचना साझा करने और संकट के समय समन्वित प्रतिक्रिया पर काम कर सकता है। चैथम हाउस ने मौजूदा बहुराष्ट्रीय समुद्री अभियानों और सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं का उल्लेख किया है। इस विकल्प का महत्त्व इसलिए है क्योंकि समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए हूती आंदोलन के साथ पूरे संघर्ष का सैन्य समाधान निकालना अनिवार्य नहीं है। पांच, यमन में राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास: यह विकल्प तत्काल राजनीतिक रूप से कठिन हो सकता है, लेकिन स्थायी शांति के लिए इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर 2026 में हूतियों के हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और यमन के नेतृत्व में समावेशी राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया था। राजनीतिक समाधान में युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता, बंदियों के प्रश्न और यमन की भविष्य की शासन-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। इस प्रक्रिया में कठिन बातचीत और आपसी समझौते की आवश्यकता होगी। आठवां सवाल है कि सऊदी अरब के विकल्पों की तुलना किससे और कैसे की जा सकती है? इस विकल्प के संभावित लाभ, प्रमुख जोखिम या सीमा स्पष्ट हैं। जहां तक सैन्य दबावकी बात है तो हूतियों की क्षमताओं पर दबाव लंबा युद्ध और नागरिक नुकसान पहुंचा सकता है। अमेरिका के साथ सहयोग, मौजूदा सुरक्षा साझेदारी का लाभ, अमेरिकी प्रत्यक्ष भागीदारी की अनिश्चितता, पाकिस्तान-तुर्किये सहित नए साझेदार सुरक्षा सहयोग का विस्तार और समझौते की वास्तविक क्षमता अभी परखी जानी है। लिहाजा ईरान के साथ संवाद क्षेत्रीय तनाव कम करने की संभावना बढ़ा सकता है। ईरान का प्रभाव सीमित हो सकता है, लेकिन बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा में सहयोग व्यापक राजनीतिक संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता। इसलिए यमन में राजनीतिक समझौता और स्थायी शांति की संभावना, कठिन वार्ता और परस्पर अविश्वास को दूर करके ही हासिल की जा सकती है। यह तुलना किसी एक विकल्प को सर्वश्रेष्ठ घोषित नहीं करती, बल्कि प्रत्येक विकल्प अलग समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है और उसके परिणाम परिस्थितियों पर निर्भर होंगे। नौवां सवाल है कि भारत के लिए इस संकट के क्या मायने हैं? तो जवाब होगा कि भारत के लिए यह संकट तीन प्रमुख कारणों से महत्त्वपूर्ण है:- एक, ऊर्जा सुरक्षा: सऊदी अरब भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। क्षेत्रीय संघर्ष से तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। दो, समुद्री व्यापार: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में अस्थिरता से भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक जहाजों के मार्ग, परिवहन लागत और माल पहुँचने के समय पर प्रभाव पड़ सकता है। तीन, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर उनकी सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की तैयारी महत्त्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए भारत के हित में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, क्षेत्रीय तनाव में कमी और सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखना है। दसवां सवाल है कि क्या सऊदी अरब को सैन्य रणनीति बदलनी होगी? तो जवाब होगा कि हूतियों के साथ जारी संघर्ष यह दिखाता है कि सैन्य संसाधनों की प्रचुरता और राजनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के बीच सीधा संबंध नहीं है। अमेरिका की प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी की सीमाएँ, हूतियों की अपनी राजनीतिक और सैन्य संरचना, ईरान का समर्थन तथा यमन की जटिल आंतरिक परिस्थितियाँ इस संकट को लगातार कठिन बना रही हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ सऊदी अरब का नया रक्षा समझौता सुरक्षा सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन उसकी वास्तविक प्रभावशीलता समय और परिस्थितियों के साथ ही स्पष्ट होगी। सऊदी अरब के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न केवल यह नहीं है कि हूतियों पर सैन्य दबाव कैसे बढ़ाया जाए, बल्कि यह भी है कि अपने नागरिकों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा करते हुए यमन में ऐसा राजनीतिक समाधान कैसे खोजा जाए जो बार-बार युद्ध की स्थिति पैदा होने से रोके। वस्तुतः इस संकट का आकलन तीन कसौटियों पर करना उपयोगी होगा: सऊदी अरब की सुरक्षा, लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाध आवाजाही और यमन में स्थायी शांति की संभावनाएँ। इसको साधे बिना हर सैन्य कार्रवाई व वैश्विक कूटनीतिक अधूरी रहेगी। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War में US Midterm Election फंसा? | Trump
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नालंदा जिले में कई साल से नासूर बनी ठोस कचरा प्रबंधन की समस्या से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जिले के सभी 15 नगर निकायों से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निपटारे के लिए कतरीसराय प्रखंड के भगवानपुर में एक विशाल मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए 44 एकड़ जमीन चिह्नित कर दी है, जिसकी मापी का काम नगर निगम की टीम ने पूरा कर लिया है। जमीन की मापी पूरी, जल्द बनेगी चारदीवारी नगर निगम के स्वच्छता प्रबंधक कुंदन कुमार ने बताया कि जमीन की पैमाइश का काम पूरा हो चुका है। अब परिसर को सुरक्षित करने के लिए चारों तरफ पिलर लगाकर पक्की चारदीवारी तैयार की जाएगी। इस केंद्रीय प्लांट में बिहारशरीफ नगर निगम सहित राजगीर, हिलसा, इस्लामपुर, चंडी, परवलपुर, एकंगरसराय, अस्थावां, रहुई, सरमेरा, हरनौत, पावापुरी, गिरियक और नालंदा नगर निकाय का कचरा प्रोसेस किया जाएगा। डंपिंग यार्डों में सड़ रहा हजारों टन कचरा वर्तमान में बिहारशरीफ शहर से रोजाना दो से तीन टन कचरा नालियों और घरों से निकलता है, लेकिन शहर में एक भी आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट नहीं है। नतीजा यह है कि चकरसलपुर स्थित डंपिंग यार्ड में अब तक 86 हजार टन कचरे का पहाड़ खड़ा हो चुका है। इसके अलावा कोसुक के पास भी 26 टन से अधिक कचरा खुले में जमा है। खुले में सड़ रहे इस कचरे से उठने वाली दुर्गंध और प्रदूषण ने आसपास के ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। कचरे से बिजली बनाने का दावा रहा हवा-हवाई कचरा प्रबंधन के मामले में शहर की व्यवस्था का इतिहास निराशाजनक रहा है। वर्ष 2007 में बिहारशरीफ को नगर निगम का दर्जा मिला था। इन 19 सालों में शहर ने 4 मेयर देखे और 11 नगर आयुक्त बदले, लेकिन कचरे के स्थायी समाधान का दावा हर बार फाइलों में ही दबा रहा। पूर्व में कचरे से बिजली पैदा करने और बिल्डिंग मटेरियल तैयार करने के दावे भी किए गए थे, जो अंततः कागजी ही साबित हुए। 800 करोड़ की स्मार्ट सिटी योजना के बाद भी नहीं बदला हाल वर्ष 2017 में जब बिहारशरीफ को 'स्मार्ट सिटी' परियोजना में शामिल किया गया और करीब 800 करोड़ रुपए की योजनाएं मंजूर हुईं, तब लोगों को ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीक आने की उम्मीद बंधी थी। हालांकि जमीनी स्तर पर डंपिंग यार्डों की स्थिति जस की तस बनी रही। अब कतरीसराय के भगवानपुर में 44 एकड़ में प्रस्तावित इस एमआरएफ केंद्र से नालंदावासियों को एक बार फिर स्वच्छ और कचरामुक्त जिले की उम्मीद दिखने लगी है।
दतिया की मां पीतांबरा पीठ की पहचान सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यहां साधना, शक्ति उपासना और राष्ट्ररक्षा से जुड़ी परंपराएं भी रही हैं। यही वजह है कि आम श्रद्धालुओं के साथ राजनीति और प्रशासन से जुड़ी हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए पहुंचती रही हैं। पीठ का इतिहास दतिया के उस वनखंड से शुरू होता है, जहां प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के पास स्वामीजी महाराज ने साधना की थी। पीठ से जुड़े विवरणों के मुताबिक, स्वामीजी महाराज 9 जुलाई 1929 को दतिया पहुंचे थे। कुछ समय दूसरे स्थानों पर रहने के बाद उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर को अपनी साधना स्थली बनाया। उस समय यह इलाका वनखंडी के नाम से जाना जाता था। यहां एक छोटा-सा कक्ष था, जिसमें रहकर उन्होंने तपस्या की। आगे चलकर यही स्थान पीतांबरा सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 1935 में हुई मां बगलामुखी की स्थापना स्वामीजी महाराज ने 23 मई 1935 को मां बगलामुखी के विग्रह की स्थापना कराई। मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है। शाक्त परंपरा में उनकी उपासना शत्रुओं पर विजय, विरोधियों की बाधाओं से मुक्ति और संकटों से रक्षा की कामना से की जाती है। उनकी आराधना में शत्रु की वाणी और शक्ति को निष्प्रभावी करने का प्रतीकात्मक भाव भी जुड़ा है। इसी कारण उन्हें स्तंभन की देवी कहा जाता है। समय के साथ पीठ में मंत्र-जप, हवन और विशेष अनुष्ठानों की परंपरा विकसित हुई। यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि साधक विशेष अनुष्ठानों के लिए भी पहुंचते हैं। इस वजह से राजसत्ता की देवी कहलाती हैं मां पीतांबरा मां बगलामुखी की उपासना से जुड़ी मान्यताओं के कारण पीतांबरा पीठ को राजसत्ता से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि मां की आराधना से विरोधियों पर विजय और कठिन परिस्थितियों में सफलता मिलती है। इसी विश्वास के चलते राजनीति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए आती रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ राजमाता विजयाराजे सिंधिया का नाम भी पीठ से जुड़ी प्रमुख हस्तियों में लिया जाता है। हालांकि, पीठ की आस्था केवल राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों तक सीमित नहीं है। आम श्रद्धालु भी पारिवारिक परेशानियों, जीवन की बाधाओं और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना लेकर यहां पहुंचते हैं। पीठ के आचार्य विष्णुकांत मुड़िया के मुताबिक, मां पीतांबरा को केवल राजसत्ता देने वाली देवी मानना उनकी व्यापक धार्मिक मान्यता को सीमित करना है। उन्होंने कहा कि मां संपूर्ण ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री जगदंबा हैं। वे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्रदान करने वाली दयामयी मां हैं। उनके दरबार में राजनेता, अधिकारी, उद्योगपति, व्यापारी और ग्रामीण भक्त सभी समान भाव से आते हैं। 1962 के युद्ध के दौरान हुआ था 51 कुंडीय महायज्ञ पीतांबरा पीठ के इतिहास का चर्चित प्रसंग 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ा है। पीठ की परंपरा के अनुसार, युद्ध के दौरान देश की रक्षा की कामना से मां बगलामुखी की आराधना और विशेष राष्ट्ररक्षा अनुष्ठान कराया गया था। पीठ के ऐतिहासिक विवरणों में 19 दिसंबर 1962 को इस अनुष्ठान की महत्वपूर्ण तिथि बताया गया है। इस दौरान 51 कुंडीय महायज्ञ हुआ था, जिसे स्वामीजी महाराज की साधना और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद चीन की सेना ने पीछे हटना शुरू कर दिया था। 1978 में स्थापित हुईं मां धूमावती पीठ में मां बगलामुखी के अलावा मां धूमावती की उपासना भी प्रमुख है। स्वामीजी महाराज ने 13 जून 1978 को मां धूमावती के विग्रह की स्थापना कराई थी। उन्हें दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में उनकी उपासना वैराग्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति से जुड़ी है। शनिवार को उनके दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। एक ही परिसर में मां बगलामुखी, मां धूमावती और वनखंडेश्वर महादेव के मंदिर होने से यहां शक्ति और शिव उपासना की परंपरा दिखाई देती है। श्रद्धालु देवी दर्शन के साथ महादेव की पूजा-अर्चना भी करते हैं। स्वामीजी महाराज की साधना से जुड़ी है पीठ की पहचान पीतांबरा पीठ में नवरात्र, गुरु पूर्णिमा और स्वामीजी महाराज से जुड़े स्मृति पर्व प्रमुख अवसर हैं। वसंत पंचमी पर शास्त्रीय संगीत समारोह की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है। इन आयोजनों में धार्मिक साधना के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी स्थान मिलता है। स्वामीजी महाराज का महानिर्वाण 3 जून 1979 को हुआ। उनके बाद भी पीठ में स्थापित देवी उपासना और अनुष्ठानों की परंपरा जारी रही। आज यह स्थान मां बगलामुखी की आराधना, मां धूमावती के दर्शन और प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। --------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें श्मशान से घिरा मां बगलामुखी मंदिर:3.65 करोड़ के सोने-चांदी से दमकता गर्भगृह आगर-मालवा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर चारों दिशाओं से श्मशान और कब्रिस्तान से घिरा हुआ है। लखुंदर नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। पढ़ें पूरी खबर
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
Kushinagar News: सऊदी अरब में सड़क हादसे में पटहेरवा के युवक की मौत, दो गंभीर
सऊदी अरब मेंसड़कहादसे मेंपटहेरवाके युवक की मौत, दो गंभीर
Jaunpur News: शूर्पणखा की लक्ष्मण ने काटी नाक, खर-दूषण और श्रीराम के बीच हुआ युद्ध
Shurpanakha's nose was cut by Lakshman, and the battle between Khara-Dushan and Shri Ram happened
बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल में मंगलवार रात एक अधेड़ व्यक्ति का कंकाल मिला। कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान मुर्तिहा क्षेत्र के भगड़िया निवासी रामप्रवेश (50) के रूप में हुई। वह करीब डेढ़ महीने से लापता था और मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डेढ़ महीने पहले जंगल गया था रामप्रवेश जानकारी के अनुसार, पत्नी के छोड़कर चले जाने के बाद रामप्रवेश अक्सर घर से गायब रहता था। करीब डेढ़ महीने पहले वह जंगल की ओर गया था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों और स्थानीय लोगों को उसकी तलाश थी। झाड़ियों में मिला हड्डियों का ढांचा जंगल का रास्ता खराब होने के कारण इन दिनों लकड़ी बीनने वाले लोग वहां नहीं जा रहे थे। बारिश के बाद कीचड़ सूखने पर कुछ लोग लकड़ी बीनने पहुंचे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों में हड्डियों का ढांचा दिखाई दिया। पास मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान रामप्रवेश के रूप में की गई। वन विभाग और पुलिस ने की जांच सूचना मिलने पर रेंजर केके सिंह और कोतवाल यतीन्द्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल के मुताबिक, रामप्रवेश की मौत किसी वन्यजीव के हमले में होने की आशंका है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Qatar Economic Crisis: Iran America War से Qatar Revenue 42 Percent Down, Emir Al Thani क्या बोले?
कतर की अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध का बड़ा असर सामने आया है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने 13 अक्टूबर 2026 को शूरा काउंसिल को बताया कि 2026 की पहली छमाही में देश का कुल राजस्व 42% गिर गया
Yemen Houthis Saudi Arabia War में हूतियों से निपटने में क्यों नाकाम रही Royal Saudi Air force?| MBS
मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब की हालत ऐसी हो गई है..जैसे किसी शख्स ने अपनी सारी एनर्जी और वक्त घर के लिए बेहतर ताले और अलार्म बनाने,बाहर से बुलाने और लगाने में खर्च कर डाले..लेकिन अब जब वक्त आया तो ना ताले काम आ रहे हैं ना अलार्म बज रहे हैं
Saudi Arabia में Srilankan Hindu Anojan Sivarasa को सजा-ए-मौत पर रोक | Muhammad Paigambar
यमन के रेगिस्तानी मोर्चे से सामने आए कथित युद्ध दृश्यों ने ड्रोन वारफेयर और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वायरल वीडियो के बारे में दावा किया जा रहा है कि अंसारुल्लाह हूती लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों की ट्रेंचों, बंकरों और सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया
Yemen Houthis Saudi Arabia War: अंसारुल्लाह प्रवक्ता Al Bukhaiti की MBS को आखिरी वॉर्निंग। Riyadh
यमन के अंसारुल्लाह हूती आंदोलन से जुड़े हुसैन अल-बुखैती के कथित बयान ने सऊदी अरब की सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट किए जा रहे दावों में नजरान, जीज़ान और असीर जैसे सीमावर्ती इलाकों का उल्लेख है।
Houthi Saudi Arabia War में Drone War में अंसारुल्लाह ने PLC को छकाया | MBS
यमन के रेगिस्तानी मोर्चे से सामने आए कथित युद्ध दृश्यों ने ड्रोन वारफेयर और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वायरल वीडियो के बारे में दावा किया जा रहा है कि अंसारुल्लाह हूती लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों की ट्रेंचों, बंकरों और सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया।
शारदीय नवरात्रि के मौके पर काशी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत सेवा श्रम संघ के शताब्दी समारोह में राष्ट्रवाद, सनातन संस्कृति, धर्म की रक्षा और सामाजिक सेवा का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने जहां संघ के 100 वर्षों के सफर की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा। देश और धर्म के लिए जो भी त्याग होगा, वह महान होगा और उसी महानता को लेकर के कार्य करना है, उसी महानता के लिए अपने आप को समर्पित करना है। राष्ट्र की विरासत, धर्म और संस्कृति की रक्षा भी जरूरीमुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, उसकी विरासत, उसकी आध्यात्मिक धरोहर, उसकी ऐतिहासिक धरोहर, उसके मान बिंदु, उसके धर्म और संस्कृति, इन सब के ऊपर भी संकट आता है। काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते, तो क्या काशी में बाबा विश्वनाथ की इस पावन धरा पर, बाबा विश्वनाथ के पावन मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस कोई कर सकता था? राम जन्मभूमि पर 500 वर्षों तक गुलामी का कलंक (ढांचा) खड़ा रहता? मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मभूमि पर गुलामी का कलंक खड़ा रहता? कभी नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये वही पाप है जो आपने बंट कर के किया था। उसी पाप का परिमार्जन करने के लिए इन संतों ने अलग-अलग रूपों में, अलग-अलग कालखंड में उस महाजागरण के अभियान को अपनी आध्यात्मिक साधना का हिस्सा बनाया था, जिसमें स्वामी प्रणवानंद जी ने भी उसी आध्यात्मिक साधना को आगे बढ़ाया। शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं, राष्ट्र रक्षा के लिए भी तैयार रहना होगामुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ की परंपरा में पूजा केवल धूप और दीया से ही नहीं होती, अस्त्र-शस्त्र से भी मां जगत जननी मां भगवती की पूजा होती है। उन्होंने कहा कि ये शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं हैं, ये पूजन की भी वस्तु है और राष्ट्र रक्षा के लिए भी जब आवश्यकता पड़ती है इसको धारण करने के लिए हमें तैयार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रणवानंद जी ने अपने समय में इस अभियान को आगे बढ़ाया था। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि भारत सेवाश्रम संघ आज भी उन मूल्यों से विचलित नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल में संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही थी जो सरकार, वह गईपश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बंगाल में एक हिंदू विरोधी (ममता) सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकाने लग गई, मैंने कहा अब तो गई यह सरकार, अब इसको कभी नहीं आना है, क्योंकि वह अब रावण की तरह धमकाने का काम कर रही है, कंस की तरह धमकाने का काम कर रही है। संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही है, इसका मतलब अब वह सरकार गई। उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों की सराहना करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में भी वे विचलित नहीं हुए। पश्चिम बंगाल चुनाव का किया जिक्रमुख्यमंत्री ने अपने बंगाल प्रवास का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां की सभाओं में संघ का कोई न कोई संन्यासी उनसे मिलने जरूर आता था। वे पहले मंच से दूर रहते थे, लेकिन उनके आग्रह पर मंच पर भी आ जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने संन्यासियों से पूछा कि कोई भय तो नहीं है, तो उनका जवाब था, नहीं, कैसा भय? क्या लेकर आए हैं, क्या लेकर जाएंगे? देश और धर्म के लिए मरेंगे, देश और धर्म के लिए जिएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही जज्बा जिसने विपरीत परिस्थितियों में भारत को भारत बनाया हुआ है। अगर यह जज्बा नहीं होता, तो क्या काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हो पाता? क्या 500 वर्षों के बाद अयोध्या का कलंक मिट करके भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाया होता? कभी नहीं।
धनबाद में दुर्गोत्सव को लेकर काफी उत्साह है। शहर से लेकर गांवों तक पूजा समितियां अपने पंडालों को अंतिम रूप देने में लगी हैं। कतरास की GNM दुर्गापूजा समिति इस बार श्रद्धालुओं के लिए थाईलैंड के मशहूर अरुण टेम्पल जैसा एक खास और आकर्षक पूजा पंडाल बना रही है। करीब 40 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस पंडाल में शंख और सीप समेत कई सजावटी चीजों का इस्तेमाल हो रहा है। पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से आए कारीगर पिछले तीन महीने से दिन-रात इस पर काम कर रहे हैं। समिति के सदस्य वॉकी-टॉकी से तालमेल रखेंगे समिति का लक्ष्य 15 अक्टूबर तक पंडाल का काम पूरा करने का है। पूजा समिति ने भव्यता के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, महिलाओं की सुविधा और अच्छी व्यवस्था पर भी खास ध्यान दिया है। पूरे पूजा परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम होंगे और समिति के सदस्य वॉकी-टॉकी से तालमेल रखेंगे ताकि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो। इसी बीच धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह भी GNM दुर्गापूजा समिति के पंडाल निर्माण स्थल पर पहुंचे। यहां समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। मेयर ने पंडाल निर्माण में जुटे लोगों के समर्पण और श्रद्धा की सराहना की। खास चर्चा में आया पंडाल उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष GNM पूजा पंडाल ने जिले में पहला स्थान हासिल किया था और इस बार समिति की मेहनत को देखते हुए उम्मीद है कि पंडाल राज्य स्तर पर भी प्रथम स्थान प्राप्त करेगा। मेयर संजीव सिंह ने यह भी भरोसा दिलाया कि नगर निगम की ओर से पूजा के दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ साफ-सफाई, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। कतरास का GNM दुर्गापूजा पंडाल इस बार अपनी थाईलैंड थीम, शंख-सीप की आकर्षक सजावट और भव्य निर्माण के कारण खास चर्चा में है।
Houthis Saudi Arabia War: Ansarallah ने Aramco के ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें। Yemen | Riyadh
सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' के प्रशासनिक परिसर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया।
गुरदासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. अर्शदीप सिंह ने सखोवाल गांव में बैठक की। इसमें वाइस कोऑर्डिनेटर अनमोल रंधावा और नशा मुक्ति मोर्चा टीम के सदस्य शामिल हुए। डॉ. अर्शदीप सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर उसका भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे की समस्या को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। इसके तहत नशा तस्करी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने युवाओं को जोड़ने पर जोर डॉ. अर्शदीप सिंह ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गांवों में खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ जैसी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत बनाया जा सकता है।
Yemen Houthis Saudi Arabia War में कूदने को बेताब Israel, MBS ने Nehanyahu को क्यों रोका? Riyadh
इजराइली अखबार हाआरेत्ज़ के हवाले से किए जा रहे दावों में कहा गया है कि बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के माध्यम से सऊदी अरब के एयरस्पेस के इस्तेमाल का प्रस्ताव आगे बढ़ाना चाहते हैं।
Almora News: चौबटिया में भारत-यूएई के जवानों का दमखम, पहाड़ी युद्ध कौशल को दे रहे धार
चौबटियामें भारत-यूएई के जवानों का दमखम,पहाड़ीयुद्ध कौशल को दे रहे धार
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Kata'ib Hezbollah की सऊदी को धमकी| Iran
यमन से अंसारुल्लाह या हूतियों का प्रतिकार सऊदी अरब के गले की फांस बन गया है....सऊदी अरब के लिए यमन से हूतियों के जरिए किए जा रहे हमले झेलना बेहद मुश्किल होता जा रहा है...तेल फेसिलिटी के बाद एयरफोर्स पर आन पड़ी है..अब ईरानी मीडिया में एक खबर है
वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी के अंदर नाव पलट गई। नाव में 15-20 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों की मौत होने की सूचना है। मृतकों में अधिकतर बच्चे शामिल हैं। दो बच्चों को बचा लिया गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अधिकारियों से बात कर रेस्क्यू अभियान तेज करने को कहा है।
Yemen Houthis Saudi Arabia War में ब्रिटिश मीडिया पर भड़के Craig Murray | MBS। Riyadh Airport
Yemen Houthis Saudi Arabia War में ब्रिटिश मीडिया पर भड़के Craig Murray | MBS। Riyadh Airport
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत गुरदासपुर जिले में नशे के खात्मे के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल ने जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में एसएसपी गुरदासपुर डॉ. महताब सिंह, एसएसपी बटाला गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह गिल और डॉ. अर्शदीप सिंह मौजूद रहे। जिला कोऑर्डिनेटर अनमोल रंधावा और वाइस कोऑर्डिनेटर ने भी बैठक में हिस्सा लिया। डीसी आदित्य उप्पल ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले से नशे को खत्म करने के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन मिलकर कानूनी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। युवाओं को खेलों से जोड़ेगा प्रशासन डीसी ने बताया कि नशे के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित इलाकों में एसडीएम और डीएसपी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इन क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा पार्क, ओपन जिम और स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना है। हॉटस्पाट में लगाए जाएंगे सीसीटीवी इन इलाकों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिले। प्रशासन का उद्देश्य कानूनी कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से दूर रखना है।
Yemen Houthis Saudi Arabia War हुआ तेज, Riyadh में लगातार तीन धमाकों के बाद गूंजे सायरन | MBS
Yemen Houthis Saudi Arabia War हुआ तेज, Riyadh में लगातार तीन धमाकों के बाद गूंजे सायरन | MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War में PLC सैनिकों के साथ हूतियों की भिड़ंत | MBS
यमन के रेगिस्तानी मोर्चे पर हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सेना के बीच भीषण संघर्ष का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक बख्तरबंद वाहन पर हमले, आग और धुएं के दृश्य दिखाई देने की बात कही जा रही है। क्या यमन की गुरिल्ला युद्ध रणनीति सऊदी समर्थित बलों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है?
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। खालड़ा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान वां तारा सिंह और माड़ी मेघा सेक्टर के खेतों से तीन 30 बोर की पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गई हैं। डीएसपी अतुल सोनी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार से हथियारों की खेप पहुंचाए जाने का इनपुट मिला था, जिसके बाद यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।सुरक्षा बलों की शिकायत पर थाना खालड़ा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दो अलग-अलग लोकेशन से मिले पीले पैकेट माड़ी मेघा सेक्टर: बीएसएफ की 115वीं बटालियन की टीम ने माड़ी मेघा गांव के खेत में सर्च अभियान के दौरान दूसरे पीले पैकेट से दो पिस्तौलें बरामद कीं। इनमें 1 पिस्तौल (काल, मेड इन तुर्की) और 1 पिस्तौल (जिगना) समेत मैगजीन शामिल हैं। पुलिस जांच और मामला दर्ज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की खेप के लिंक खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सीमा पार (पाकिस्तान) से ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से यह खेप खेतों में गिराई गई थी और इसे किसे रिसीव करना था। पुलिस का मानना है कि मामले की गहनता से जांच जारी है और जल्द ही इसमें बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सिद्धार्थनगर में पति ने सऊदी अरब से फोन पर पत्नी को तीन तलाक दिया। न्यायालय के आदेश पर पति के घर मुनादी कराई गई। मंगलवार को महिला थाना प्रभारी भागवती पांडे ने करीमपुर, बर्डपुर-11 पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ घोषणा की। आदेश घर पर चस्पा किया गया। पति निजाम अहमद अंसारी मामले में आरोपी है। निजाम अहमद अंसारी सिद्धार्थनगर के करीमपुर का निवासी है। उसके खिलाफ महिला थाना सिद्धार्थनगर में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। सऊदी अरब से फोन पर दिया तलाक जुबैदा खातून की शादी निजाम अहमद अंसारी से 12 मार्च 2022 को हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया गया। मार्च 2024 में जुबैदा को मायके भेजा गया, जिसके बाद सऊदी अरब से फोन पर उन्हें तीन तलाक मिला। जुलाई 2025 में शिकायत के बाद 20 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज हुआ। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के आदेश पर निजाम अहमद अंसारी को फरार घोषित कर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
Yemen Houthi Saudi Arabia War: Riyadh Airport Attack से सैंकड़ों उड़ानें रद्द, यात्री फंसे। MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War: Riyadh Airport Attack से सैंकड़ों उड़ानें रद्द, यात्री फंसे। MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trump ने क्यों नहीं की MBS की मदद, क्या Iran बना असली वजह?
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trump ने क्यों नहीं की MBS की मदद, क्या Iran बना असली वजह?
Houthi Saudi Arabia War के बीच Bin Salman को बंकर में ले जाया गया | Mecca | Yemen
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में लगातार हो रहे मिसाइल हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए घातक हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई।
Iran America Hormuz War में उड़े 3 टैंकर, Donald Trump के दावे झूठे | Saudi Arabia Vs Houthi
होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर सऊदी अरब के रियाद तक पश्चिम एशिया में समुद्री और हवाई सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है। 11 अक्टूबर को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे एक तेल टैंकर ने समुद्र में बिछी बारूदी सुरंग को टक्कर मारी, जिसके बाद विस्फोट और आग लग गई।
Yemen Houthi Attack on Riyadh Airport से हिल गया Saudi Arabia, क्या ईरान रुकवाएगा युद्ध। MBS
Yemen Houthi Attack on Riyadh Airport: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरों ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान सऊदी अरब और यमन के बीच बातचीत कराने में कोई भूमिका निभा पाएगा?
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
Houthi Saudi Arabia War में हूतियों ने सऊदी के Airport को क्यों किया टार्गेट?| Iran| MBS|Pakistan
यमन में अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के दर्मियान जंग अपने उरूज पर पहुंच गई है...अब हूती सऊदी को वो घाव दे रहे हैं जिसका उन्होने वादा किया है...आपको याद होगा कि अंसारुल्लाह ने सऊदी अरब को इंतेबाह दिया था कि अब सऊदी अरब में कोई भी इंटरनेशनल फ्लाइट उतरने नहीं दी जाएगी…
Houthi Attack On Saudi Arabia: अंसारुल्लाह के हमले में Riyadh Airport पर तबाही, Plane स्वाहा। MBS
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने यमन युद्ध को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले, यात्री विमान में आग, सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को धमकी दिए जाने के दावे इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना रहे हैं।
Flydubai Flight Case: पहले Iran पर उठाई उंगली, अब Saudi Arabia खुद करेगा जांच । Omani Pilot
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उस वक्त बड़ा संकट पैदा हो गया, जब ओमानी सह-पायलट पर कॉकपिट में कप्तान पर हमला करने और विमान को नीचे गिराने की कोशिश का आरोप लगा। विमान ने हजारों फीट की अचानक गिरावट के बाद सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग की।
Houthi Saudi Arabia War: यमन की Sanaa में सैलाब, Al Houthi की Mecca pact पर चेतावनी | Turkiye
Houthi Saudi Arabia War: यमन की Sanaa में सैलाब, Al Houthi की Mecca pact पर चेतावनी |
Houthi Saudi Arabia War में Mecca Pact पर Türkiye की सफाई | Pakistan | MBS | Iran
Houthi Saudi Arabia War में Mecca Pact पर Trkiye की सफाई | Pakistan | MBS | Iran
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Nazan और Jazan अंसारुल्लाह के निशाने पर क्यों?| Pakistan
मक्का पैक्ट लागू हो गया है नाफिज हो गया है...और अचानक से लागू हुआ है यानी इससे पहले सऊदी अरब के दोनों पार्टनर पाकिस्तान और तुर्की यमन में सऊदी समर्थित फौजों का हश्र होते हुए देख रहे थे...लेकिन अचानक मिटिंग होती है और मक्का पैक्ट पर अमल दरामद शुरु हो जाता है
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Aden Attack के बीच Taiz पहुंच गए अंसारुल्लाह | PLC | MBS
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच जंग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन हमले, ताइज में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और सऊदी अरब के रियाद व आभा एयरपोर्ट्स को निशाना बनाए जाने के दावों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। an/
Yemen Houthi Saudi Arabia War में PLC के गढ़ में घुसे अंसारुल्लाह के लड़ाकों का खौफ | Taiz
यमन की वादियों में इस वक्त मशीनगनों की गड़गड़ाहट और भयंकर गोलीबारी के बीच ऐसा जंग का मैदान तैयार हो चुका है, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट की चिंता बढ़ा दी है!
मारे गए तरावड़ी के घाट: एक युद्ध की हार, जो मुहावरा बन गई
मारे गए तरावड़ी के घाट: एक युद्ध की हार, जो मुहावरा बन गई
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Taiz, Aden तक पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS | Turkey | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Taiz, Aden तक पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS | Turkey | Pakistan
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War में Aden Airport Attack से दहशत, ARAMCO भी जला | MBS
Yयमन में हूतियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच जंग और तेज हो गई है। 7 अक्टूबर की सुबह अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो बैलिस्टिक मिसाइलों और कई विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ।
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Yemen Houthis Saudi War: Pakistan भेज रहा 25 हजार अतिरिक्त सैनिक, क्या बोले अंसारुल्लाह? Turkey
Yemen Houthis Saudi War: Pakistan भेज रहा 25 हजार अतिरिक्त सैनिक, क्या बोले अंसारुल्लाह? Turkey
Iran America War के बीच Trump ने Los Angeles, San Diego पर क्या कहा, US में बवाल | Middle East War
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान पर अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नेब्रास्का के ग्रैंड आइलैंड में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने युद्ध से बढ़ी ईंधन कीमतों को छोटी कीमत बताते हुए कहा कि ईरान किसी अमेरिकी शहर को निशाना बना सकता है .
Yemen Houthi Strike On Saudi Arabia: Mecca Pact में Pakistan की एंट्री होते ही हूतियों का हमला | MBS
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव के बीच मक्का पैक्ट और पाकिस्तान-तुर्की की भूमिका को लेकर बड़े दावे सामने आ रहे हैं। इसी बीच हूती सैन्य प्रवक्ता की ओर से सऊदी अरब के नजरान, जिजान और आभा को निशाना बनाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे किए गए हैं।
Iran America War के बीच जब IRGC Shahed Drone US Embassy Riyadh में घुसा, हड़कंप | Saudi Arabia
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए ईरानी ड्रोन हमले को लेकर अब नुकसान की तस्वीर पहले से कहीं ज्यादा गंभीर सामने आई है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने रियाद पहुंचकर दूतावास का निरीक्षण किया और कहा कि उन्होंने वहां दो ईरानी ड्रोन से हुई व्यापक क्षति देखी।
Yemen Houthis Saudi War: Mecca Pact एक्टिव, Pakistan Turkey के जवान जाएंगे सऊदी। Khwaja Asif
Mecca Joint Defense Agreement के तहत सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य मदद की तैयारी शुरू हो गई है। रियाद में हुई इमरजेंसी बैठक में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के शीर्ष अधिकारियों ने हूती हमलों की निंदा की।
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War: अब युद्ध की आग Bab El Mandeb के पास, ARAMCO पर हमला | MBS
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War: अब युद्ध की आग Bab El Mandeb के पास, ARAMCO पर हमला |
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच MBS की सत्ता क्यों खतरे में, इतिहास से समझिए | Deen Duniya
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी के लिए जो ख्वाब देख रहे हैं वो पूरा होते दिख नहीं रहा है....ऐसे में सऊदी के शाही खानदान के अंदर भी क्यों कोई मोहम्मद बिन सलमान को अपना नेता मानेगा...जी हां शाही खानदान के अंदर..
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों पर Medina Attack का आरोप,अंदर की कहानी | MBS
मदीने से एक बेहद सेंसेटिव खबर आ रही है...सऊदी अरब और उसके एलायंस ने दावा किया है कि 29 सितंबर को मदीना मुनव्वरा के तैय्यबा पावर डिस्टीब्यूशन स्टेशन पर ड्रोन हमला हुआ है..दावा किया गया कि इस स्टेशन से मस्जिद ए नबवी को बिजली की सप्लाई होती है…
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों का सऊदी सेना पर हमला, Medina Attack का आरोप | MBS
यमन के हूतियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। सऊदी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि 29 सितंबर को मदीना के तैबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे एक ट्रांसफॉर्मर बंद हो गया.
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Israel, UAE Airbase पर कब्जा | MBS | Bab El Mandeb
यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। मयून द्वीप पर हूतियों के कब्जे की रिपोर्टों के बाद बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को लेकर रणनीतिक चिंता बढ़ी है. सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि सऊदी अरब ने यमन के कई प्रांतों में 27 हवाई हमले किए।
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद जश्न का माहौल, IRGC ने क्या कहा?| Iran | Trump
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद जश्न का माहौल,IRGC ने क्या कहा?|Iran |Trump 23 साल बाद मिली आजादी का जश्न जी हां..हर तरफ खुशियां...सड़कों पर गाड़ियां और इराक का परचम हश्दुश्शाबी का परचम रजिस्टेंस के परचम..जी हां इराक में ये जश्न है अमेरिका के इराक से फाइनली बाहर निकलने का.…
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद किसके समर्थन में जुटने लगी जनता?| Iran | Trump|PMF
इराक से अमेरिया बोरिया बिस्तर समेट कर जैसे ही निकला है...ईरान हिमायती रजिस्टेंस की हिमायत में अवाम खुल कर जुटने लगी है...हालांकि पहले भी इराक में रजिस्टेंस का दबदबा रहा है लेकिन इस बार अमेरिकी फौजों के जाने से बने गैप का कोई और ताकत फायदा ना उठा ले इसे देखते हुए इराकी आवाम अलर्ट दिख रही है...
Yemen Houthis Saudi Arabia War के पीछे की कहानी क्या,Prakash K Ray से समझिए| Iran
दीन दुनिया में आज देखिए सीनियर जर्नलिस्ट और इंटरनेशल मामलों के जानकार प्रकाश के राय का इंटरव्यू...जिन्होने सऊदी-अंसारुल्लाह जंग से लेकर ईरान अमेरिका तनाव पर धागे खोल दिए...
Yemen Houthis Saudi Arabia War: Saudi ने F-15 से कई इलाकों में की बमबारी, Yahya Saree की MBS को धमकी
यमन में सऊदी अरब और हूती बलों के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता याह्या सारी ने सऊदी हमलों को लेकर कई दावे किए हैं।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी पर मजहबी कार्ड खेलने का आरोप क्यों? | MBS | Pakistan
यमन में जिस तरह हूती या अंसारुल्लाह सऊदी अरब हिमयाती फौजों को खदेड़कर शहर दर शहर..समुंदर,साहिल और पोर्ट पर अपना कंट्रोल हासिल करते जा रहे हैं और सऊदी फोर्सेस जमीन पर उनसे मुकाबला नहीं कर पा रही हैं...उसका असर मुस्लिम दुनिया पर भी हो रहा है.
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
Yemen Houthis Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Anti Tank Gun दिखे हावी | PLC Force
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Anti Tank Gun दिखे हावी | PLC Force
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
Iran America War के बीच Iraq में बगावत, ईरान पर Sanctions के खिलाफ लड़ाके | Kata'ib Hezbollah
यमन में तो अंसारुल्लाह फतेह की तरफ बढ़ रहे हैं...लेकिन इस बीच इराक भी यमन बनने की तैयारी में है..जी हां ईरान के रजिस्टेंस ने इराक में वहां की सरकार और बरसों को ठिया जमाए अमेरिका की नाक में दम करना शुरु कर दिया है..
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर मंडराया युद्ध का खतरा!
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता के बावजूद बातचीत में अभी कोई ठोस सहमति नहीं बनी है. न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में अलग-अलग बैठकों के दौरान परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी नाकाबंदी, प्रतिबंधों में राहत और ईरानी फंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्ष अपनी शर्तों पर कायम हैं. कतर लगातार संदेशों के आदान-प्रदान के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के नाम,धर्म और फिर्के पर कौन कर रहा प्रोपेगेंडा? | MBS
मिडिल ईस्ट में लंबे वक्त तक रहकर जर्नलिज्म कर चुके जर्नलिस्ट जैगम मुर्तजा कहते हैं कि हूती हूती कहना ऐसे ही है जैसे रमजान को रमदान कर देना...जबकि हूसी सही लफ्ज है लेकिन हूसी भी यमन में एक खानदान का सरनेम है.
बच्चा आई कॉन्टैक्ट करने से कतराता है? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का खतरा तो नहीं
Symptoms of Autism Spectrum Disorder: अगर आपका बच्चा आई कॉन्टैक्ट करने से कतराता है तो आपको खास ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में MBS की सेना अंसारुल्लाह के आगे क्यों बेबस ? | America
Yemen Houthi Saudi Arabia War में MBS की सेना अंसारुल्लाह के आगे क्यों बेबस ? | America सऊदी अरब के पास अरबों डॉलर के आधुनिक हथियार, F-15 लड़ाकू विमान, Patriot एयर डिफेंस सिस्टम और बड़ी सैन्य ताकत है
Iran America War: Iranian Airlines पर रोक से भड़की Iraq की जनता, भारी प्रदर्शन | Karbala| Najaf
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक और ताकत अवाम को दिखाई जा रही है...ये एक तरह की नुमाइश लगाई गई है लेकिन ईरान के इस प्रोग्राम में ईरान के झंडों के साथ साथ इराक की पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स का सफेद परचम भी नजर आ रहा है...
बागपत के 'चाट युद्ध' के बाद हापुड़ का 'चटनी रण'
आपको वो एतिहासिक 'बैटल ऑफ बागपत' तो याद होगा, जो 'बागपत के चाट युद्ध' के नाम से भी मशहूर है। उस जंग को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन सोशल मीडिया और मीम की दुनिया के इतिहास में आज भी उसे बड़े गर्व से याद किया जाता है।
Houthis attacks Saudi Arabia: सालों की जंग के बाद भी हूतियों का तोड़ नहीं ढूंढ पाया सऊदी, ये है कारण
सऊदी अरब और यमन के हुती विद्रोहियों के बीच चल रहा संघर्ष अब न केवल मध्य पूर्व (Middle East) बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था और आधुनिकतम सेना के बावजूद, सऊदी अरब के लिए हुती विद्रोहियों का कोई ठोस सैन्य समाधान (तोड़) निकालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है
जानना जरूरी है: जरासंध से युद्ध में कृष्ण ने क्यों छोड़ा रण? महाभारत काल में भीम ने किया था वध, जानिए कथा
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia को इस बार Iran नहीं रोकेगा,वजह जानिए | Saiyed Zegham Murtaza
सऊदी पर हावी अंसारुल्लाह को इस बार ईरान शायद ही रोके...क्यों कि वो अब रुकेंगे भी नहीं...हां अंसारुल्लाह ईरान का लिहाज जरुर करते हैं...लेकिन सऊदी को बुरी तरह पीटने के पीछे उनकी अपनी वजह भी है..जो बेहद गहरी हैं..समझिए...
Houthis Attack On Saudi: सऊदी को हूतियों से बचाने के लिए Islamic NATO आया साथ | Pakistan | Turkey
यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य साझेदारी अब चर्चा में है। रियाद में तीनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई, सऊदी की सुरक्षा, सऊदी एयर डिफेंस,
Iran US War: Trump ने ठुकराई ईरान की शर्त, Pezeshkian बोले- युद्ध में जोरदार जवाब देंगे | Pezeshkian
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने 7 दिन का एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और परमाणु बातचीत दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी। बदले में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, तेल प्रतिबंधों में राहत और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम की मांग रखी थी
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद France आया साथ, Mecca Pact की बैठक Pakistan Türkiye
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद France आया साथ, Mecca Pact की बैठक Pakistan Turkiye
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच PLC Forces से अंसारुल्लाह ने छीने हथियार, नया वीडियो | MBS
सऊदी समर्थित बलों से हथियार जब्त करने का हूतियों का बड़ा दावा! यमन के लाल सागर तट पर जारी संघर्ष के बीच हूतियों की ओर से नया वीडियो जारी किया गया है। फुटेज में कथित तौर पर सैन्य वाहन, हथियार और दूसरे सैन्य उपकरण दिखाई दे रहे हैं।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में पत्थर से Drone Down का दावा | Bin Salman | Ansarullah
यमन से सामने आए एक वीडियो ने हूती लड़ाकों की जमीनी लड़ाई और उनकी रणनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सऊदी ड्रोन को हूतियों पत्थर मार गिरा दिया और गिरने के बाद हूती लड़ाके उसके मलबे के आसपास दिखाई दे रहे हैं।
हूती न बदल दें युद्ध का रुख: मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव, तेल व्यापार पर मंडराता खतरा
अपनी भौगोलिक स्थिति के चलते हूती अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों को दरकिनार कर युद्ध का रुख मोड़ने की पूरी ताकत रखते हैं।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: क्या फिर Mecca पर हो गया हमला, या कोई साजिश | MBS
मक्का पर खतरे का अलर्ट... और उसके बाद हूती-सऊदी जंग में नया मोड़! सऊदी अरब में एक बार फिर मक्का समेत कई इलाकों के लिए “potential danger” का अलर्ट जारी किया गया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Drone Attack से दहला Riyadh | Bin Salman
यमन और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने लाल सागर से लेकर सऊदी शहरों तक हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman सऊदी समर्थित फोर्सेज के खिलाफ हूतियों के नए प्रोफेशनल वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia का असर क्या,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए
का क्या होगा असर,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए सिर्फ हथियार ही नहीं ईमान से भी जीते यमन के अंसारुल्लाह,सऊदी को लगातार मिल रही शिकस्त की वजह क्या? ईरान से अंसारुल्लाह ने क्या सीखा,आकिफ जैदी से सुनिए..
Yemen Houthi Saudi Arabia War: अंसारुल्लाह ने कैसे जमाया Bab al Mandeb Video पर कब्जा, आया New Video
सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच हूतियों ने बाब अल-मंदेब को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। वीडियो में जलडमरूमध्य, पेरिम द्वीप और समुद्री क्षेत्र के दृश्य दिखाए गए हैं। हूतियों का दावा है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उनकी पकड़ मजबूत है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Britain बनेगा सहारा? America हटा था पीछे | Trump
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन ने रियाद को सीमित सैन्य सहायता देने का फैसला किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के मुताबिक, सऊदी अरब के अनुरोध पर ब्रिटेन रक्षात्मक air-to-air refuelling support देगा।
Yemen Houthi Saudi Arabia War से तबाह होगा सऊदी शाही खानदान,Saiyed Zegham Murtaza का दावा | MBS
यमन के अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जंग को लेकर मिडिल ईस्ट में रहकर लंबे समय तक पत्रकारिता कर चुके ज़ैगम मुर्तजा ने बढ़ी भविष्यवाणी की है...उनका कहना है कि अगले एक सप्ताह में सऊदी ने हूतियों से समझौता नहीं किया तो सऊदी के शाही खानदान में बड़ी बगावत हो जाएगी...देखिए पूरा इंटरव्यू
Iran US War: हमले की अटकलों के बीच Qatar ने माना ईरान का जलवा | Trump | Mohammed bin Jassim Al Thani
पर्शियन गल्फ के मुल्कों का अब ईरान के बिना कुछ नहीं हो सकता...चाहे वो कुछ कर लें...ईरान को अगर बिना छेड़े शांति से रहने दिया जाएगा तो पूरा खित्ता अम्न से रहेगा….जी हां कतर ने बेखौफी दिखाई है और इशारे दिए हैं कि बिना ईरान के अब कुछ नहीं हो सकता...
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Bab al-Mandab Strait पहुंचे IRGC एक्सपर्ट? Red Sea
लाल सागर और बॉब-अल-मंदेब के रणनीतिक चोकपॉइंट पर क्या कोई बड़ा सैन्य खेल शुरू हो चुका है? AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, हूती सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC के विशेषज्ञों ने यमन के हूती-नियंत्रित मोखा और बॉब-अल-मंदेब इलाके का दौरा किया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में हूतियों ने क्यों बनाया Kaaba? | Bin Salman
सऊदी अरब के जरिए यमन के अंसारुल्लाह पर मक्का शहर में काबे के पास हमला करने का आरोप लगाने और उस पर यमन से मिली तीखी प्रतिक्रिया के बीच सोशल मीडिया पर बहसो मुबाहिसे का बाजार गर्म है...इन दिनो सोशल मीडिया एक वीडियो गश्त कर रहा है जो यमन का बताया जा रहा है..
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी। Yemen| MBS
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में लाखों का जुलूस | Bin Salman | Bab El Mandeb
काबे पर हमारी जाने कुर्बान...काबे पर हमारी जाने कुर्बान...अरबी में इन्ही नारों के साथ यमन की राजधानी सना की सड़कों पर उमड़ा है अवाम का ये हुजूम..यमन में अंसारुल्लाह की हिमायत में,सऊदी अरब के इल्जाम का जवाब देनें के लिए जनता ने मोर्च संभाल लिया है.
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
युद्ध की राख से शांति का नया संसार कैसे बने?
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस-21 सितम्बर, 2026 21 सितम्बर का अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस इस वर्ष ऐसे समय में आया है, जब दुनिया को शांति की सबसे अधिक जरूरत है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है, पश्चिम एशिया में इजराइल-गाजा संघर्ष की मानवीय त्रासदी समाप्त नहीं हुई है और 2026 में अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच भीषण सैन्य ... Read more
85 की उम्र में किया एमए, अब PhD का सपना, 3 युद्ध लड़ चुके लाल चंद गोदारा के जज्बे को सलाम
Lal Chand Godara Success Story : सिरसा के पूर्व फौजी लाल चंद गोदारा ने 85 साल में एमए कर शानदार मिसाल पेश की है। वे भारत पाक और भारत चीन युद्धों में भी हिस्सा ले चुके हैं।
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman Saudi Arabia Oil Export Crisis को लेकर लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत एक बार फिर चर्चा में है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran यमन में अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जबरदस्त जंग और उस पर सऊदी के आरोपों को लेकर मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट और असर टाइम्स के हेड शौकत भारती से सुनिए असली कहानी...
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War से आई ऐसी तस्वीर, एक दूसरे के साथ आमने-सामने भिड़ंत | MBS | PLC
यमन के पहाड़ों से हूती लड़ाकों की नई तस्वीरें सामने आने के बाद जंग के जमीनी मोर्चे को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वायरल फुटेज में हूती लड़ाकों और सऊदी-समर्थित PLC बलों के बीच नजदीकी मुठभेड़, सैन्य वाहनों की घेराबंदी और कुछ सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran मुंह में पत्ते चबाने वाले हूती सऊदी अरब जैसे अमीर और ताकतवर मुल्क का भला क्या ही बिगाड़ लेंगे..लेकिन अंसारुल्लाह के लड़ाकों और फौज ने मिलकर सऊदी अरब की वो हालत खराब की है.
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Türkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Oman में अंसारुल्लाह से America से गुप्त मीटिंग | Bin Salman
अमेरिका-सऊदी रिश्तों में बड़ा सवाल! क्या हूतियों के खिलाफ जंग में वाशिंगटन ने रियाद को अकेला छोड़ दिया है? ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित गोपनीय बातचीत की रिपोर्टों ने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चर्चा छेड़ दी है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran यमन में चल रही हूती-सऊदी जंग में किसका पलड़ा भारी,अब सऊदी के पास कौन सा रास्ता बचा,समझिए मौलाना जमीर अब्बास जाफरी से…
Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव | Middle East| Trump
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

