आज निकालेंगे ‘युद्ध नशे विरुद्ध रैली’
भास्कर न्यूज |लुधियाना ‘से नो टू ड्रग्स रैली 2026' के तहत आज नशा विरोधी रैली आयोजित की जाएगी। रैली का शीर्षक युद्ध नशे विरुद्ध रैली रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन रोटरी क्लब लुधियाना मिडटाउन और नोमैड्स ऑन व्हील्स राइडिंग क्लब लुधियाना संयुक्त रूप से कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार रैली की शुरुआत शाम 4:00 बजे होगी।प्रतिभागियों के एकत्र होने का स्थान बरनाला ऑटोमोबाइल्स,लु धि याना फिरोजपुर रोड निर्धारित किया गया है। रैली के माध्यम से शहर में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशामुक्ति के संदेश से जोड़ने पर जोर रहेगा।
प्रयागराज के युवक की सऊदी अरब में हत्या कर दी गई। बांग्लादेशी रूम पार्टनर ने पत्थर से सिर कूंचकर उसे मार डाला। 8 मई की रात हत्या के बाद 9 मई को युवक हत्या की जानकारी परिवार के लोगों को मिली। विदेश में युवक का मर्डर होने की खबर पाकर घर में कोहराम मच गया। 23 साल का आकाश सरोज सऊदी अरब के अल-अहसा नखलिस्तान (अल-हसा) शहर में लेबर का काम करने गया था। इन दिनों उससे बकरी चरवाया जा रहा था। हत्या करने वाले बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया गया है। सऊदी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जानिये क्या है पूरा मामला प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र के सिकंदरा कस्बे के पास दलीपुर गांव के गुलाब सरोज का बेटा आकाश सरोज इसी साल जनवरी माह में सऊदी अरब के अबू स्लासा शहर में नौकरी करने गया था। वहां उसे रहने के कमरा दिया गया था। उसी कमरे में बांग्लोदशी युवक को भी रहने की जगह दी गई थी। रूम पार्टनर से किसी बात पर विवाद के बाद आकाश सोनकर की हत्या की गई। बताया जा रहा है कि बंगलादेशी युवक ने ईंट पत्थर से उसका सिर कूंच डाला। कमरे में लाश मिलने के बाद हंगामा मच गया। 9 मई की दोपहर सऊदी अरब से आकाश के घरवालों को फोन आया। उन्हें बताया गया कि आकाश की हत्या कर दी गई है। आरोपी बांग्लादेशी गिरफ्तार कर लिया गया है। सऊदी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। शव इंडिया लाने की गुहार आकाश की हत्या के बाद घर में रोना बिलखना मचा है। गांवों की भीड़ भी जुट गई। घरवाले चाहते हैं कि आकाश का शव प्रयागराज आए, ऐसे में वे प्रयागराज के स्थानीय नेताओं से गुहार लगाने पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की तैयारी है। मजदूर परिवार का बेटा गरीबी मिटाने गया था दलीपुर गांव के गुलाब सरोज के चार लड़कों में पवन सरोज, शनि सरोज, आकाश सरोज और छोटा विकास सरोज है। तीसरे नंबर का बेटा आकाश जनवरी में वीजा लगवा कर सऊदी अरब गया था। गुलाब सरोज मजदूरी करके परिवार चलाता हैं। आकाश इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुका है। गांव वाले बताते हैं कि आकाश बहुत ही मिलनसार लड़का था। वह अपने पिता के साथ भी मजदूरी करने जाता था।
रामपुर में भारत और मध्य-पूर्व के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को रामपुर रज़ा पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संवाद का केंद्र बना। लेबनान के राजदूत हादी जाबेर ने अपने परिवार के साथ पुस्तकालय का भ्रमण किया और यहां संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, ऐतिहासिक कलाकृतियों तथा सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान राजदूत हादी जाबेर ने पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्य-पूर्व की वर्तमान परिस्थितियों, वैश्विक घटनाक्रम, भारत-लेबनान संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस वार्ता में दोनों पक्षों ने भविष्य में शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने राजदूत को पुस्तकालय के गौरवशाली इतिहास, यहां संरक्षित दुर्लभ अरबी एवं फारसी पांडुलिपियों, संरक्षण प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली और डिजिटलीकरण परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने राजदूत को पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित अरबी पांडुलिपियों का कैटलॉग और विजन डॉक्यूमेंट भेंट किया। राजदूत हादी जाबेर ने दरबार हॉल में आयोजित दुर्लभ कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित संग्रहों को भारत और मध्य-पूर्व की साझा सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रामपुर रज़ा पुस्तकालय केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है, जो इतिहास और ज्ञान के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पुस्तकालय के समृद्ध संग्रह और संरक्षण कार्यों की सराहना की। राजदूत ने कहा कि ऐसे संस्थान देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को नई दिशा देते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भारत और लेबनान के बीच सांस्कृतिक सहयोग और आदान-प्रदान के नए आयाम स्थापित होंगे।
शहर और प्रदेश के निर्यातकों के लिए पिछला एक साल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा है। पहले अमेरिकी टैरिफ की मार और फिर मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध ने कारोबार की कमर तोड़ रखी थी, और अब रही-सही कसर इटली के कारोबारियों की छुट्टियों ने पूरी कर दी है। इटली के कारोबारी इस बार तय समय से पहले ही एक महीने की लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं, जिसका सीधा असर कानपुर सहित पूरे देश के करोड़ों रुपए के एक्सपोर्ट ऑर्डर्स पर पड़ने वाला है। अगस्त की जगह जुलाई में ही छुट्टियां, फंस गया पेमेंट आमतौर पर इटली में हर साल अगस्त के महीने में बाजार बंद रहते हैं और लोग छुट्टियों पर जाते हैं। लेकिन इस बार वहां के कारोबारियों ने जुलाई में ही काम बंद करने का फैसला लिया है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से एक्सपोर्ट का पहिया लगभग 100 दिनों के लिए पटरी से उतर सकता है। कानपुर की चमड़ा कारोबारी प्रेरणा वर्मा का कहना है कि एक महीने तक काम न होने से मुश्किलें तो बढ़ेंगी ही, साथ ही पेमेंट भी अब एक महीने बाद ही रिलीज हो पाएंगे। निर्यातकों के पास अब इंतजार के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। नए बाजार तलाशने की मजबूरी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए अब भारतीय निर्यातकों को इटली पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्हें अब यूरोप के अन्य देशों की ओर अपना रुख करना होगा ताकि कारोबार को गति मिल सके। हालांकि, राहत की बात यह है कि जनवरी में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' हुआ है, जिससे भविष्य में संभावनाएं बेहतर हैं, लेकिन फिलहाल 3 महीने का संकट गहरा दिख रहा है। वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों ने दुनिया भर के बाजारों को डरा दिया है। फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल का कहना है कि मिडिल ईस्ट वॉर की वजह से कई देश अपने व्यापार को बहुत सावधानी से यानी 'कछुआ चाल' से चला रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सलाह दी है कि निर्यातकों को अब 'इन-हाउस ट्रेड' यानी घरेलू व्यापार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि वैश्विक झटकों का असर कम किया जा सके।कानपुर पर सबसे ज्यादा असरउत्तर प्रदेश और खासकर कानपुर से बड़ी मात्रा में लेदर उत्पाद, फुटवियर, केमिकल, इंजीनियरिंग और गारमेंट्स इटली भेजे जाते हैं। इटली के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं, लेकिन एक महीने की यह छुट्टी एक्सपोर्टर्स के करोड़ों रुपए के माल को होल्ड पर डाल देगी। जब तक वहां बाजार दोबारा नहीं खुलते, तब तक नए ऑर्डर्स और शिपमेंट का काम ठप ही रहेगा।
पोप लियो बोले, हम ऐसे दौर में जहां इंसानियत से ज्यादा युद्ध प्राथमिकता
अमेरिका के पहले पोप माने जाने वाले लियो ने हाल के हफ्तों में युद्ध और तानाशाही के खिलाफ खुलकर बयान दिए हैं। ईरान युद्ध की आलोचना को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार इंटरनेट मीडिया पर उनकी आलोचना कर चुके हैं।
अंडर-17 भारतीय महिला फुटबॉल टीम पहली बार AFC अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। चीन के सूझोऊ में खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारत ने लेबनान को 4-0 से हराया। प्रीतिका बर्मन ने दो गोल किए, जबकि अल्वा देवी संजम और जोया ने एक-एक गोल दागा। भारत ने ग्रुप स्टेज 3 अंकों के साथ खत्म किया और थाईलैंड के साथ 'बेस्ट थर्ड प्लेस' टीम के तौर पर अंतिम आठ में जगह बनाई। छठे मिनट में भारत ने पहला गोल दागा भारत ने शुरुआत से ही लेबनान पर दबाव बनाए रखा। छठे मिनट में दिव्यानी लिंडा के लॉन्ग पास पर प्रीतिका बर्मन ने गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। 35वें मिनट में अल्वा देवी संजम ने स्कोर 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भारत ने दो और गोल कर लेबनान की वापसी के रास्ते बंद कर दिए। 2004 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची महिला टीम भारतीय महिला फुटबॉल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। 2004 में AFC अंडर-19 महिला चैंपियनशिप के बाद पहली बार भारत की किसी महिला टीम ने एशियन कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई है। वहीं, 2018 में अंडर-16 पुरुष टीम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद यह किसी भी भारतीय टीम का पहला नॉकआउट है। चीन से होगा क्वार्टर फाइनल मुकाबला सोमवार को क्वार्टर फाइनल में भारत का मुकाबला मेजबान चीन से होगा। चीन ग्रुप-A में तीनों मैच जीतकर 9 अंकों के साथ टॉप पर रहा। मैच सूझोऊ स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेला जाएगा। चीन टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, इसलिए भारत के लिए यह मुकाबला कड़ी चुनौती होगा। वर्ल्ड कप के लिए सिर्फ एक जीत की दूरी अगर भारत सोमवार को चीन को हराता है, तो टीम सीधे मोरक्को में होने वाले FIFA अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लेगी। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय टीम (पुरुष या महिला) अपनी काबिलियत (Merit) के दम पर किसी भी लेवल के FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेगी। इससे पहले भारत ने 2017 (U-17 पुरुष) और 2022 (U-17 महिला) वर्ल्ड कप में मेजबान होने के नाते हिस्सा लिया था।
डिप्टी CM पर बरस पड़े संत:राशन डीलर के साथ 'युद्ध के हालात'; राजस्थान यूनिवर्सिटी में नंबर का 'खेला'
नमस्कार जयपुर में संत-महंत विरोध में तपस्या करते रह गए और उधर डेयरी प्लांट की तैयारी हो गई। युद्ध के हालात में सऊदी अरब से सीकर लौटे मजदूर को गांव में अलग ‘युद्ध के हालात’ मिले। राजस्थान यूनिवर्सिटी में नंबरों का खेला हो गया और श्रीगंगानगर में कानून के हाथ लंबे और पैर तेज निकले। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. रात के चौपाल में डिप्टी CM पर बरसे संत संतों को धर्म और पर्यावरण की रक्षा के लिए सुरम्य स्थल चाहिए। नदी का किनारा, पहाड़ की तहलटी आदि। उधर, विकास के लिए कुछ इसी तरह की जगह इंडस्ट्रियलिस्ट को भी चाहिए। सरकार क्या करे? सरकार दोनों तरफ आश्वासन दे और बीच का रास्ता निकाल ले। यही बीच का रास्ता तलाशते हुए डिप्टी सीएम साहब ने अपने क्षेत्र के भैराणा धाम में तपस्या कर आंदोलन में लीन संतों को आश्वासन दिया कि समाधान कर देंगे। संत क्या चाहते हैं? वे चाहते हैं कि उनके धाम के आस-पास रीको इंडस्ट्रियल एरिया न बनाया जाए। इससे धाम की शांति भंग होगी। उधर, उसी इलाके में डेयरी प्लांट की तैयारी हो गई। अब हालात ये हैं कि संत 25 दिन से ज्यादा की कठोर तपस्या कर चुके हैं। बलिदान की राह पकड़ने तक को तैयार हैं। डिप्टी सीएम साहब इलाके के बोराज गांव में रात्रि चौपाल करने गए थे। रात चौपट हो गई, क्योंकि वहां संत पहुंच गए। दुर्वासा का रूप धरे हुए थे। डिप्टी सीएम से बोले- हमने आपको समर्थन दिया है। इस मामले में आपका क्या स्वार्थ है? 2. राशन डीलर बोला- नहीं दूंगा गेहूं पेट के लिए परिवार को छोड़कर रामवतार 'जय महाकाल' का जप करते हुए सऊदी अरब पहुंच गया। वहां एक केबिननुमा कमरे में अन्य भारतीय मजदूरों के साथ रहकर समय काटने लगा। परिवार पालने के लिए खुद को खपा रहा था कि युद्ध के हालात बन गए। कंपनियां बंद हो गईं। भारतीयों को घर लौटने के इंतजाम करने पड़े। रामवतार सोशल मीडिया पर 'यार मैं इंडिया चला' वाली रील अपलोड कर अपने घर सीकर के श्रीमाधोपुर पहुंच गया। लेकिन रामवतार को पता नहीं था कि यहां अलग तरह के युद्ध का सामना करना पड़ेगा। वह राशन लेने के लिए राशन डीलर के पास पहुंच गया। राशन डीलर ने अभी-अभी किसी चहेते को 20 रुपए में गेहूं का कट्टा पकड़ाया था, जिसे वह स्कूटी पर रखकर ले जाने का इंतजाम कर चुका था। रामवतार ने राशन का गेहूं मांगा तो डीलर अचानक लीडर बन गया और आदेश दिया- भाग जा यहां से। रामवतार कितना भागेगा। पेट के लिए देश से दूर भाग गया। पेट के लिए राशन की दुकान तक भागा। राशन की दुकान से भी भागने को कहा जा रहा है। रामवतार चूंकि 'फॉरेन रिटर्न' था। इसलिए उसने थोड़ा रौब दिखा दिया। इस पर राशन डीलर ने आपा खो दिया। चिल्लाकर पड़ा-जा, कुछ भी कर ले। नहीं दूंगा गेहूं। नहीं दूंगा। रामवतार अब कहां जाए? इन्हीं हालात पर सैयद राही साहब ने लिखा है- जाए तो कहां जाए साकी तेरा दीवाना… 3. राजस्थान यूनिवर्सिटी में ‘खेला’ इस वक्त एक चीज सर्वत्र, सर्वविदित, सर्वशक्तिमान है और जगतव्यापी है। वह है- खेला। यह खेला राजनीति में घुस जाए तो सत्ता अलट-पलट कर देता है। मैदान में घुस जाए तो जीता हुआ मैच हरा देता है। बाजार में घुस जाए तो व्यापार की बैंड बजा देता है। खेला करने में सिद्धहस्त लोग मलाई का आनंद लेते हैं। पीछे रेला रह जाता है। इस बार खेला राजस्थान विश्वविद्यालय में हुआ। महाराज कॉलेज के छात्र आकाश कुमावत ने 12वीं में 95% नंबर हासिल किए थे। तब जाकर उसे एडमिशन मिला था। लेकिन परीक्ष में 3 नंबर की बैक लगा दी गई। अब कराओ रीचेकिंग-रिवैल्यूएशन। ऐसा ही एक और स्टूडेंट है रोनक विश्नोई। उसने तो 12वी में 97 परसेंट मार्क्स पाए थे। उसे भी मैथ में फेल कर बैक लगा दी। दोनों छात्र घनचक्कर हो गए। अब तक जिन सब्जेक्ट में D लग रहा था, उनमें फेल? छात्रों ने आरोप लगाया कि पैसे के लिए बैक लगाई जाती है फिर मजबूरन पुनर्मूल्यांकन कराना पड़ता है और रिजल्ट पास। बात छात्रनेता शुभम रेवाड़ तक पहुंच गई। उन्होंने छात्रों को इकट्ठा किया और यूनिवर्सिटी पर धावा बोल दिया। अब आंदोलन में नारेबाजी चल रही है- पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से.. 4. चलते-चलते.. कानून की व्याख्या भुक्तभोगी भांति-भांति से करते हैं। कोई कहता है कि कानून अंधा होता है। किसी को लगता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। यूं तो कानून कोई हाड़-मांस का ढांचा नहीं जिसकी आंखें, आंतें, हाथ या पैर हों। कानून एक इच्छाशक्ति है। कानून की रखवाली करने के लिए पहनी वर्दी के पीछे अगर इच्छाशक्ति है तो कानून की आंखें टनाटन होंगी। हाथ लंबे और पैर मजबूत होंगे। उसे कोई रूमाल बनाकर जेब में नहीं रख पाएगा। ऐसी ही इच्छाशक्ति श्रीगंगानगर की पुलिस ने दिखाई। इनपुट मिला कि पाकिस्तान के रास्ते आए ड्रग्स और हथियार की डिलीवरी लेकर पंजाब के दो तस्कर भाग रहे हैं। पुलिसवालों की इच्छाशक्ति फड़फड़ाई। कॉन्स्टेबल-SHO हमजा अली मजारी की तरह तैनात हो गए। सड़क पर दो ट्रैक्टर लगाकर रास्ता रोक दिया गया। लग्जरी कार में तस्कर बुलेट की गति से निकले। ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मारकर उड़ाने का प्लान था। लेकिन कार ने माथा ही फुड़ाया। तस्कर उतरकर खेतों की तरफ दौड़े। पुलिसवालों ने भी दौड़ लगा दी। इस वक्त कानून के हाथ लंबे और पैर मजबूत नजर आ रहे थे। तस्कर हांफ गए। पुलिस वालों ने उन्हें ऐसे दबोचा जैसे चूहे पर गिद्ध झपटता है। इनपुट सहयोग- काका सिंह (श्रीगंगानगर), सोनू गंगवाल (दूदू, जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
होर्मुज स्ट्रेट मिशन पर अमेरिका को झटका, सऊदी अरब ने नहीं दी एयरस्पेस की अनुमति
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन को रोकने की सबसे बड़ी वजह सऊदी अरब का सहयोग न मिलना था। कहा जा रहा है कि सऊदी नेतृत्व ने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने एयरस्पेस और एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिससे पूरे ऑपरेशन की रणनीति प्रभावित हो गई।
अररिया में गुरुवार को एकतरफा प्यार में एक लड़की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पड़ोस के रहने वाले मो.कासीब (25) ने युवती के कमरे में घुसकर सोने के दौरान उसपर एक गोली चलाई, जो उसके सीने में लग गई। युवती की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान ग्यासुदीन की बेटी मो.चांदनी खातून के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आज लड़की की शादी के लिए लड़के वाले देखने आने वाले थे। इसी बात की जानकारी मिलने पर आरोपी गुस्से में आ गया और उसने इस घटना को अंजाम दिया। वारदात फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत रमई पंचायत के घोराघाट वार्ड नंबर-1 की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… युवक लड़की पर शादी का बना रहा था दबाव मृतका के बड़े पापा मो. गुरफान ने अनुसार, कासिब-चांदनी बचपन से ही पड़ोसी रहे हैं। पहले दोनों एक ही मदरसा में पढ़ने जाया करते थे। दोनों के बीच दोस्ती थी। जब चांदनी बड़ी हुई तो वो मदरसा जाना छोड़ दी। इसके बाद चांदनी-कासिब के बीच बातचीत भी कम हो गई। साल 2020 में कासिब ने चांदनी से पहली बार अपने प्यार का इजहार किया था। इस दौरान चांदनी ने उसे साफ इनकार कर दिया था। इसके बावजूद कासिब उसे एकतरफा प्यार करता रहा। 3 साल से वो चांदनी पर शादी का दबाव बना रहा था। हालांकि, मेरी बेटी ने कासिब को शादी के लिए मना कर दिया था। उसने कहा था, मैं तुमसे प्यार नहीं करती हूं। मैं अपने माता-पिता की मर्जी से ही शादी करूंगी। इस बात से आरोपी नाराज था। आरोपी ने मेरी बेटी को धमकी दी थी कि अगर तुम मुझसे शादी नहीं करोगी तो मैं तुम्हें जान से मार दूंगा। सोने के दौरान सीने में मारी गोली बुधवार को कासिब को जानकारी मिली की 7 मई को चांदनी को लड़के वाले देखने आने वाले हैं। इस बात से कासिब नाराज हो गया। उसने बुधवार की रात चांदनी के घर में घुसने की कोशिश की, लेकिन वो अंदर नहीं जा पाया। पूरी रात वो जागता रहा। चांदनी के उठने का इंतजार करता रहा। गुरुवार की सुबह 8 बजे जैसे ही चांदनी की मां मेन गेट खोलकर बाहर गई। आरोपी ने उस वक्त का फायदा उठाया और युवती के कमरे में घुस गया। इस दौरान लड़की अपनी छोटी बहन के साथ अपने कमरे में सो रही थी। कासिब मौके पर पहुंचा और उसने सीने से सटाते हुए फायरिंग कर दी। बंदूक में साइलेंसर लगाने की वजह से बहन को गोलियों की आवाज भी सुनाई नहीं दी। घटना के बाद आरोपी मौके पर से फरार हो गया। करीब आधे घंटे बाद जब छोटी बहन सोकर उठी तो उसने देखा उसकी बहन खून से लथपथ है। उसने घर से बाहर निकलकर पड़ोसियों को इस बात की जानकारी दी। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में युवती को इलाज के लिए फारबिसगंज सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हेवी ब्लीडिंग के कारण गई जान गोली लगने के बाद गंभीर हालत में चांदनी को तत्काल रेफरल अस्पताल ले जाया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉ.कृष्ण मोहन कुमार ने बताया कि लकड़ी के दाहिने सीने में गोली लगी थी। अधिक खून बह जाने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से परिवार सदमे में है। पोस्टमॉर्टम के लिए परिजन 70-80 KM भटकते रहे हत्या के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए शव को एक्स-रे सुविधा न मिलने के कारण सदर अस्पताल, फारबिसगंज और रानीगंज के बीच करीब 70-80 किलोमीटर तक घुमाया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही से परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मृतका की मां ने बताया कि घटना के समय वह घर पर नहीं थीं। उसके पिता प्रदेश में मजदूरी करते हैं। आरोपी युवक पहले से हमारे घर आता-जाता था।परिवार उसे जानता था। पलंग पर खून से लथपथ मिली थी पंचायत प्रतिनिधि मोहम्मद जावेद उर्फ बब्लू ने बताया, हमें सुबह 8.30 बजे सूचना मिली कि घोराघाट में एक घटना हुई है। जैसे ही हम वहां पहुंचे तो एक महिला चिल्लाते हुए बाहर निकली और कहने लगी कि मर गया, मर गया। इसके बाद हमलोग आंगन में पहुंचे तो देखा कि लड़की पलंग पर लेटी हुई थी। पहले देखने पर ऐसा लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। फिर हम लोगों ने उसे बाहर निकाला। इस दौरान एक महिला ने बताया कि गोली मारी गई है। तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया गया। करीब पांच मिनट बाद एक डॉक्टर भी पहुंचे, उन्होंने भी लड़की को देखा। उसके बॉडी से काफी खून बह रहा था। जब हमने कपड़ा हटाकर देखा तो सीने में गोली लगने का निशान मिला। फिर तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कासिब की तलाश कर रही पुलिस फारबिसगंज डीएसपी मुकेश कुमार साहा ने मामले को प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी मो. कासिब द्वारा गोली मारने की बात सामने आई है। पुलिस आगे की कार्रवाई में तेजी से जुटी हुई है।
मल्टी-डोमेन युद्ध के दौर में शक्ति ही शांति की गारंटी : मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और अब यह “मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स” का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति, उदारता और समृद्धि की रक्षा के लिए शक्ति और सामर्थ्य अनिवार्य है।
गयाजी में विश्व के करीब 40 देशों से आए 76 विदेशी श्रद्धालुओं ने सोमवार को फल्गु नदी तट स्थित देवघाट पर पिंडदान किया और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड किया। इस दौरान विदेशी श्रद्धालुओं ने सिर्फ अपने पूर्वजों के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका-ईरान युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी विशेष पिंडदान कराया। देवघाट पर सुबह से ही विदेशी श्रद्धालुओं को लेकर चर्चा हो रही थी, हालांकि वे सुबह नहीं पहुंच सके। दोपहर में विदेशी श्रद्धालु पण्डा के साथ देव घाट पहुंचे। अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, रूस समेत कई देशों से पहुंचे श्रद्धालु सनातन विधि से कर्मकांड में शामिल हुए। स्थानीय पंडाओं ने मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान संपन्न कराया। करीब डेढ़ घंटे तक पिंडदान की प्रक्रिया चली। विदेशी श्रद्धालु भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति गहरी आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते दिखे। विदेशी श्रद्धालुओं की सनातन धर्म में आस्था बढ़ रही स्थानीय पंडा छोटू बारिक ने बताया कि 76 विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति और आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। उन्होंने कहा कि इन श्रद्धालुओं की सनातन धर्म में विशेष आस्था है। यही वजह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों से यहां पहुंचकर उन्होंने गया जी की पावन धरती पर यह महत्वपूर्ण कर्मकांड किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी विशेष रूप से पिंडदान किया गया। हालांकि भाषाई दिक्कत आ रही थी, लेकिन ट्रांसलेटर की मदद से पूरी प्रक्रिया की गई। पिंडदान करते आध्यात्मिक अनुभव रहा कमल बारिक ने कहा कि गया जी की धार्मिक महत्ता पूरी दुनिया में लगातार बढ़ रही है। विदेशी श्रद्धालु अब सिर्फ बौद्ध धर्म ही नहीं, बल्कि सनातन परंपरा से भी गहराई से जुड़ रहे हैं। यही कारण है कि इतनी बड़ी संख्या में विदेशी यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु दिवेश दास ने कहा कि गया जी आकर पिंडदान करना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव रहा। यहां की परंपरा, विधि और आस्था ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। अंतर्राष्ट्रीय आंतरिक शांति सम्मेलन में आए थे विदेशी ये सभी श्रद्धालु बोधगया में बीते 3 दिनों से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय आंतरिक शांति सम्मेलन में भाग लेने आए थे। सम्मेलन में साईं माता लक्ष्मी भी आईं थी। इस दौरान बड़ी संख्या में विदेशी साधक बोधगया आए और सम्मेलन में शरीक हुए। सम्मेलन की समाप्ति के अगले दिन सोमवार को गयाजी के विष्णुपद मंदिर स्थित देवघाट में एक दिवसीय पिंडदान क्रिया सम्पन्न कराई। खास बात यह कि गयाजी की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन परंपरा अब दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
रेवाड़ी पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कॉन के तहत 20 बच्चों सहित 78 बिछुड़े लोगों को सकुशल परिवार से मिलाया। अपने से मिलने के बाद परिवार के चेहरों पर खुशियां देखी गई। ऑपरेशन तहत बरामद किए गए अधित्तर बच्चों ने परिवार की डांट से नाराज होकर घर छोड़ा था। बरामद किए गए 20 बच्चों में नाबालिग बच्चे और लड़कियां भी शामिल हैं। कुछ रास्ता भटककर परिवार से बिछुड़े एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि कुछ बच्चे ऐसे भी थे, जो रास्ता भटककर परिवार से बिछुड़े थे। पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कॉन के तहत ऐसे बच्चों को बरामद कर काउंसलिंग के बाद उन्हें उनके परिवार को सकुशल लौटाया। अपने खोये परिवार के सदस्यों से मिलने के बाद परिवार के चेहरे की खुशी सबकुछ बयां कर रही थी। बच्चो के दोस्त बनकर साथ जोड़े एसपी ने लोगों से आह्वान किया कि बच्चों को हर मामले में डांटने की बजाय अभिभावक दोस्त बनकर अपने साथ जोड़े। इससे बच्चे अपनी हर समस्या उनके साथ खुशी से साझा कर सकेंगे। जिससे उनका समाधान करने में आसानी रहेगी और उनसे अपने अनुसार काम करवाने में भी आसानी रहेगी। डांट-फटकार से कई बार बच्चे अनाजने में गलत कदम उठा लेते हैं। जिससे परिवार को बाद में पछताना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुम/लापता हुए बच्चों/महिलाओं/व्यक्तियों को परिवार से मिलाया।
युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के तहत पोस्टर और पम्फलेट जारी किए
लुधियाना में युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के तहत धार्मिक एकता वेलफेयर सोसाइटी ने पोस्टर, पम्फलेट और जागरूकता स्टीकर जारी किए। कार्यक्रम सोसाइटी के प्रधान अजय सिद्धू की देखरेख में आयोजित हुआ, जिसमें हलका आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू विशेष रूप से पहुंचे और पम्फलेट जारी किए। विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने सोसाइटी की पहल की सराहना करते हुए इसे जागरूकता फैलाने में उपयोगी बताया। समारोह में सोहन जस्सल, विजय कुमार, पीआरओ लव सिद्धू, महेश पांडे, विनू करीर और वंश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अजय सिद्धू ने बताया कि पोस्टरों, पम्फलेटों और स्टीकरों के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में नशा विरोधी संदेश पहुंचाया जाएगा। उन्होंने ‘नशा छोड़ो, जीवन से जुड़ो’ जैसे संदेशों के जरिए युवाओं को जागरूक करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में अभियान को लगातार जारी रखने का संकल्प लिया गया।
कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
हिंदु पुराणों के साथ ही ब्रह्मर्षि पोतुलुरी वीरब्रह्मेंद्र स्वामी द्वारा रचित कालज्ञानम और ओडिशा के पंचसखा, विशेषकर संत अच्युतानंद दास द्वारा रचित भविष्य मालिका में भगवान कल्कि के आने का उल्लेख मिलता है। तीसरे विश्व युद्ध और भगवान कल्कि के प्रकट ...
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

