हूती हमले के बाद मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट, फुटेज में देंखे सऊदी अरब में लोगों को घरों में रहने की सलाह
कौन से PAK जहाज ने भारतीय युद्धपोत को मारी टक्कर, जानिए पूरी डिटेल
15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन ने तेज रफ्तार से भारतीय नौसेना के युद्धपोत को टक्कर मारी. भारत ने कड़ा विरोध जताया. हुनैन यारमूक क्लास का कॉर्वेट है.
भारत-अमेरिका संयुक्त युद्धाभ्यास में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप का प्रदर्शन
New Delhi, 16 सितंबर India और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्धाभ्यास’ चल रहा है. Wednesday को इस सैन्य अभ्यास में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गई. दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को Rajasthan की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ. यहां एम-777 अल्ट्रा ... Read more
BREAKING : अरब सागर में टकराए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत, 15 साल बाद फिर दोहराई गई वही घटन
BREAKING : अरब सागर में टकराए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत, 15 साल बाद फिर दोहराई गई वही घटन
'आक्रामक और गैर पेशेवर...', अरब सागर में कैसे टकरा गए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत?
उत्तरी अरब सागर में एक पाकिस्तानी युद्धपोत भारतीय नौसेना के जहाज के करीब आक्रामक तरीके से गुजरा, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया।
अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी युद्धपोतों की टक्कर, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
सूत्रों के अनुसार, इस घटना में शामिल पाकिस्तानी पोत का नाम पीएनएस हुनैन बताया जा रहा है। यह यारमूक क्लास का नौसैनिक जहाज है, जिसका इस्तेमाल समुद्री निगरानी और गश्ती गतिविधियों के लिए किया जाता है।
भारतीय युद्धपोत के इतने पास कैसे आ गया पाकिस्तानी जहाज? अरब सागर में आधी रात क्या हुआ
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के राजनयिक को तलब कर दिया है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान को तगड़ी चेतावनी भी दे दी है। भारत ने पाक को वार्निंग देते हुए नियमों का पालन करने की सलाह भी दी है। लेकिन घटना हुई कैसे?
भारत-पाक युद्धपोत टकराए! दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब, ऑपरेशन सिंदूर जारी,अब आगे क्या
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर अब समुद्र में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के पास एक भारतीय युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के बीच टक्कर की घटना सामने आई है। भारत विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में भारतीय युद्धपोत के करीब आया […] यह लेख भारत-पाक युद्धपोत टकराए! दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब, ऑपरेशन सिंदूर जारी,अब आगे क्या सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
सऊदी अरब के लिए खतरे की घंटी अब मक्का तक पहुंच गई है। इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में पहली बार संभावित हवाई हमले को लेकर आपात चेतावनी जारी होने और सायरन बजने से पूरी दुनिया में चिंता पैदा हो गई है। मक्का में हर साल दुनिया के कोने-कोने से लाखों मुसलमान पहुंचते हैं, इसलिए यहां मंडराता कोई भी सुरक्षा खतरा सिर्फ सऊदी अरब की चिंता नहीं रह जाता। हम आपको बता दें कि लोगों को घरों के भीतर जाने और खिड़कियों-दरवाजों से दूर रहने को कहा गया। जेद्दा और ताइफ में भी ऐसी ही चेतावनी जारी हुई। कुछ ही मिनटों में अलर्ट हटा लिया गया, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया कि यमन के हूतियों से बढ़ता खतरा अब सऊदी अरब के बेहद संवेदनशील इलाकों तक पहुंच चुका है। मक्का का नाम इस पूरे संकट को असाधारण रूप से संवेदनशील बना देता है। यह केवल सऊदी अरब का शहर नहीं, बल्कि इस्लाम का सबसे पवित्र धार्मिक केंद्र है। इसलिए यहां हवाई खतरे की चेतावनी ने सैन्य संकट को सीधे धार्मिक और राजनीतिक संकट में बदल दिया है। इस्लामी सहयोग संगठन ने मक्का और मदीना क्षेत्र पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पवित्र स्थलों, मस्जिदों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और उसने सऊदी अरब की सुरक्षा तथा पवित्र स्थलों की रक्षा के उपायों का समर्थन किया है। इसे भी पढ़ें: Middle East Tension: मक्का के पास सऊदी एयर डिफेंस ने हूथी ड्रोन को किया ढेर, गठबंधन ने दी 'रेड लाइन' की सख्त चेतावनी लेकिन असली तस्वीर मक्का से कहीं बड़ी है। हम आपको बता दें कि 12 सितंबर को यमन से दागा गया प्रक्षेपास्त्र सऊदी अरब के जाजान क्षेत्र में गिरा, जिसमें दो लोग घायल हुए और एक मस्जिद सहित कई इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसके अगले दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ के नागरिक इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की बात कही। इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए और आवासीय मकानों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। रियाद ने अब साफ संकेत दिया है कि लगातार हमलों का जवाब दिया जाएगा। सबसे खतरनाक बात यह है कि हमला केवल शहरों पर नहीं हो रहा। सऊदी अरब की ऊर्जा व्यवस्था भी निशाने पर है। 11 सितंबर को इराक से हुए ड्रोन हमले के बाद करीब 1,200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को बंद करना पड़ा। यह पाइपलाइन प्रतिदिन लगभग 40 से 50 लाख बैरल तेल लाल सागर तक पहुंचाने में सक्षम है और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बन गई थी। यही वह बिंदु है जहां संकट का सामरिक अर्थ साफ दिखाई देता है। यदि होर्मुज बाधित है और लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदब पर भी हूतियों का दबदबा बढ़ता है, तो सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात के सुरक्षित रास्ते लगातार सिकुड़ते जाएंगे। यानी निशाना केवल रियाद नहीं, बल्कि उसकी ऊर्जा-आधारित आर्थिक शक्ति और पूरी वैश्विक आपूर्ति शृंखला है। साथ ही हूतियों ने यमन के पश्चिमी तट पर मोखा बंदरगाह और रणनीतिक पेरिम द्वीप पर कब्जा कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। इसके बाद हनीश द्वीपों पर भी उनकी पकड़ की खबरें सामने आईं। पेरिम द्वीप बाब-अल-मंदब के सबसे संकरे हिस्से में स्थित है और इस समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का अर्थ लाल सागर में आने-जाने वाले जहाजों पर दबाव बनाने की क्षमता है। यह घटनाक्रम महज यमन के भूभाग की लड़ाई नहीं है। बाब-अल-मंदब लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री द्वार है। ऐसे में हूतियों की बढ़त सऊदी अरब के पश्चिमी तट, उसके तेल निर्यात और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार—तीनों पर एक साथ दबाव पैदा करती है। देखा जाये तो यहां सऊदी अरब की कूटनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठते हैं। पाकिस्तान के साथ ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के जरिए रियाद ने सामूहिक सुरक्षा का एक नया ढांचा खड़ा किया है, जिसमें एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना गया है। लेकिन यदि सऊदी अरब ने भारत के साथ सुरक्षा और सामरिक सहयोग को और अधिक गहरा किया होता, तो मौजूदा संकट में उसके पास एक अतिरिक्त और महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता था। भारत और सऊदी अरब के बीच पहले से ही रक्षा, नौसैनिक सहयोग, खुफिया साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यास मौजूद हैं। दूसरी ओर, भारत के ईरान और इजराइल के साथ भी ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं। ऐसे में भारत की दोनों पक्षों के साथ संवाद की क्षमता सऊदी अरब के लिए एक अतिरिक्त कूटनीतिक और सामरिक सहारा बन सकती थी। फिर भी मौजूदा संकट यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या रियाद ने अपनी सुरक्षा साझेदारियों का दायरा जरूरत से ज्यादा सीमित कर दिया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि रियाद के सामने अब विकल्प कम हैं। सऊदी अरब के पास आधुनिक हथियार, विशाल आर्थिक संसाधन और मजबूत वायु रक्षा है, लेकिन हूतियों की रणनीति ने युद्ध को मुश्किल बना दिया है। छोटे ड्रोन, मिसाइल, समुद्री दबाव और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले के जरिए अपेक्षाकृत कमजोर पक्ष भी भारी रणनीतिक लागत पैदा कर सकता है। वैसे रियाद अब तक संयम बरतता रहा है। लेकिन पाइपलाइन पर हमला, लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले तथा बाब-अल-मंदब के आसपास हूतियों की बढ़त इस संयम की सीमा को चुनौती दे रहे हैं। अमेरिकी सहायता भी बढ़ी है। एक सौ से अधिक अमेरिकी सैन्य सलाहकार सऊदी अरब में खुफिया सूचना और लक्ष्य निर्धारण में सहायता कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका सीधे युद्ध में उतरने से बच रहा है। यही सबसे बड़ा रणनीतिक पेच है। सऊदी अरब पीछे हटता है तो हूतियों का दबदबा बढ़ सकता है; वह व्यापक सैन्य कार्रवाई करता है तो संघर्ष लंबा और अधिक विनाशकारी हो सकता है। विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि बड़े पैमाने पर सऊदी जवाबी कार्रवाई संघर्ष को फिर एक खुले और लंबे युद्ध में बदल सकती है। इसलिए मक्का की चेतावनी को केवल एक सुरक्षा अलर्ट समझना भारी भूल होगी। इसके पीछे एक बहुत बड़ा खेल दिखाई दे रहा है। जिसके तहत सऊदी शहरों पर दबाव बनाया जा रहा है, तेल की नस पर हमला हो रहा है और बाब-अल-मंदब जैसे समुद्री द्वार पर पकड़ हासिल की जा रही है। होर्मुज और बाब-अल-मंदब दोनों पर संकट गहराया तो इसका असर केवल सऊदी अरब या यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल, समुद्री व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था तक पहुंचेगा। बहरहाल, मक्का तक पहुंचा खतरा इसलिए इस संघर्ष का नया मोड़ है। अब सवाल यह है कि सऊदी अरब कब तक अपनी सीमाओं, पवित्र स्थलों, तेल ढांचे और समुद्री हितों पर एक साथ पड़ते इस चौतरफा दबाव को सहन करेगा।
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पाकिस्तानी जहाज ने अरब सागर में भारतीय युद्धपोत को मारी टक्कर! फिर MEA ने लिया ये बड़ा एक्शन
Pak Navy Ship Collides Indian Warship: अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना की एक नापाक और गैर-जिम्मेदाराना हरकत सामने आई है। समुद्र में गश्त लगा रहे भारतीय नौसेना के युद्धपोत में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज ने बेहद खतरनाक तरीके से टक्कर मार दी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को विदेश मंत्रालय तलब कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।बीच समंदर में क्या हुआ?विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह घटना 15 सितंबर की शाम को उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई। भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपनी नियमित निगरानी और गश्त पर तैनात था। तभी पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अचानक तेज गति से भारतीय युद्धपोत के करीब आया और बेहद असुरक्षित तरीके से पैंतरेबाजी करने लगा।इस खतरनाक लापरवाही के कारण पाकिस्तानी जहाज भारतीय युद्धपोत से जा टकराया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।भारत ने पाक राजनयिक को किया तलबघटना के तुरंत बाद भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को घेरा। विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स (CdA) को समन किया और उन्हें स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारियों तक भारत की कड़ी आपत्ति पहुंचाएं। इसी के साथ इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय दूतावास को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने आधिकारिक विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।1991 के सैन्य समझौते का खुला उल्लंघनविदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का यह व्यवहार बेहद गैर-पेशेवर और असुरक्षित था। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पाक जहाज की यह हरकत अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यासों, युद्धाभ्यास और सैन्य आवाजाही को लेकर हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है।भारत ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पाकिस्तानी सैन्य इकाइयों को दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सम्मान करना होगा और सतर्कता बरतनी होगी।
भारतीय नौसेना के जहाज के करीब पहुंचा पाकिस्तानी युद्धपोत, घटना पर पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को बुलाया
भारतीय नौसेना के एक जहाज के करीब पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत के पहुंचने की घटना को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस मामले में भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को तलब कर घटना पर स्पष्टीकरण मांगा है। समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों की आमने-सामने मौजूदगी ने […] The post भारतीय नौसेना के जहाज के करीब पहुंचा पाकिस्तानी युद्धपोत, घटना पर पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को बुलाया first appeared on Sanjeevni Today .
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
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बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
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हूती : 'सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया'
सना, यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने उन्होंने सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया है। हूती का ये भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं।
हूती का दावा, ‘सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया’
सना, 16 सितंबर . यमन के हूती विद्रोहियों ने Wednesday को दावा किया कि उन्होंने उन्होंने सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया है. हूती का ये भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं. हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने ... Read more
तुर्की-पाकिस्तान ने मुंह मोड़ा तो सऊदी अरब के समर्थन में आया इजरायल, मदद के लिए रखी कड़ी शर्तें
मध्य पूर्व और एशियाई भू-राजनीति के गलियारों में इस समय एक ऐसा अभूतपूर्व और चौंकाने वाला कूटनीतिक भूचाल आया है जिसने पूरी दुनिया के रणनीतिकारों और रक्षा विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच जब पारम्परिक रूप से सऊदी अरब के साथ खड़े रहने वाले देशों जैसे तुर्की और पाकिस्तान ने क्षेत्रीय तनाव के समय रियाद से दूरी बनानी शुरू कर दी, तो ऐन मौके पर एक ऐसा देश खुलकर सऊदी अरब के समर्थन में आ गया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। यह देश कोई और नहीं बल्कि यहूदी राष्ट्र इजरायल है, जिसने अपनी सामरिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को बदलते हुए सऊदी अरब को सुरक्षात्मक मदद और तकनीकी सहयोग देने का औपचारिक प्रस्ताव रख दिया है। हालांकि, इजरायल ने रियाद के सामने दोस्ती और मदद का हाथ बढ़ाने से पहले कुछ बेहद कड़ी और स्पष्ट शर्तें रख दी हैं, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में एक नया उबाल आ गया है। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान द्वारा अपनी आक्रामक रणनीतियों के चलते एक बड़ी रणनीतिक भूल किए जाने की चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं, जिससे तेहरान के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।तुर्की और पाकिस्तान की बेरुखी और खाड़ी में बदलते हुए पारम्परिक समीकरणवैश्विक कूटनीति में पिछले कुछ दशकों से यह माना जाता रहा है कि इस्लामिक दुनिया के भीतर सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्ते भाईचारे और रणनीतिक सहयोग की एक मजबूत धुरी पर टिके हैं, जबकि तुर्की भी समय-समय पर खाड़ी के मामलों में मुखर भूमिका निभाता रहा है। लेकिन हालिया महीनों में मध्य पूर्व के भीतर हूती संघर्ष, यमन संकट और पश्चिम एशिया के जटिल भू-राजनीतिक मोर्चों पर जब हालात बिगड़ने लगे, तो तुर्की और पाकिस्तान की ओर से रियाद को वह अपेक्षित और ठोस रणनीतिक समर्थन नहीं मिला जिसकी सऊदी हुक्मरानों को उम्मीद थी। अंदरूनी राजनीतिक मजबूरियों, आर्थिक संकट और वैश्विक शक्तियों के दबाव के चलते इन दोनों देशों ने इस संवेदनशील क्षेत्रीय विवाद से अपने कदम पीछे खींच लिए। तुर्की और पाकिस्तान द्वारा इस तरह संकट के समय मुंह मोड़ लिए जाने से सऊदी नेतृत्व को गहरा झटका लगा, क्योंकि रियाद को यह महसूस होने लगा कि पारंपरिक सहयोगी जरूरत के वक्त साथ खड़े होने से कतरा रहे हैं। इस कूटनीतिक खालीपन और अकेलेपन ने सऊदी अरब को मजबूर कर दिया कि वह पश्चिम एशिया में अपने विकल्पों पर नए सिरे से विचार करे और अपनी सुरक्षा के लिए अन्य ताकतवर मुल्कों की तरफ देखे।इजरायल का ऐतिहासिक कदम: सऊदी अरब की मदद के ऑफर के पीछे की असली कूटनीतितुर्की और पाकिस्तान के पीछे हटने के बाद जिस देश ने सबसे आगे आकर सऊदी अरब को सुरक्षा कवच और आधुनिक तकनीकी सहायता देने की पेशकश की, वह इजरायल है। तेल अवीव और रियाद के बीच औपचारिक राजनैतिक संबंध भले ही अब तक स्थापित नहीं हुए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से खुफिया और रक्षा स्तर पर दोनों देशों के बीच परदे के पीछे आपसी संवाद लगातार मजबूत हो रहा है। ईरान के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव, ड्रोन खतरों और मिसाइल हमलों से निपटने के लिए इजरायल के पास दुनिया की सबसे उन्नत एंटी-मिसाइल डिफेंस टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस सिस्टम मौजूद हैं। इसी का लाभ उठाते हुए इजरायली नेतृत्व ने सऊदी अरब को यह संदेश दिया है कि वह मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए रियाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होने को तैयार है। हालांकि, कूटनीति में कुछ भी मुफ्त नहीं होता, और इजरायल ने इस सैन्य और खुफिया मदद के बदले सऊदी अरब के सामने कुछ बड़ी और रणनीतिक शर्तें रख दी हैं, जिसमें भविष्य के क्षेत्रीय शांति समझौतों और ईरान के खिलाफ साझा मोर्चाबंदी करने जैसे कड़े बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं।क्या ईरान ने चल दी कोई बहुत बड़ी भूल भरी चाल? तेहरान की बढ़ती मुश्किलेंइस पूरे कूटनीतिक ड्रामे के केंद्र में एक और बड़ा किरदार है, और वह है ईरान, जो मध्य पूर्व में अपने छद्म युद्ध (Proxy Wars) और शिया बहुल प्रभाव के जरिए लगातार अपनी ताकत का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के आक्रामक रवैये और हूती तथा अन्य मिलिशिया समूहों को मिलने वाले समर्थन ने ही खाड़ी क्षेत्र के बाकी देशों को एकजुट होने पर मजबूर कर दिया है। यमन और लाल सागर के मोर्चे पर जिस तरह से ईरान समर्थित ताकतों ने सऊदी अरब की आर्थिक और तेल परिसंपत्तियों को निशाना बनाया है, उसने रियाद को अपनी सुरक्षा नीति बदलने के लिए विवश कर दिया है। इसके जवाब में इजरायल और सऊदी अरब का वैचारिक दूरियों को दरकिनार करके एक-दूसरे के करीब आना ईरान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका साबित हो रहा है। यदि तेहरान ने समय रहते अपनी आक्रामक क्षेत्रीय नीतियों पर लगाम नहीं लगाई, तो आने वाले समय में इजरायल और खाड़ी के देशों की यह नई धुरी ईरान के लिए पश्चिम एशिया में टिके रहना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण बना देगी।मध्य पूर्व के नए भू-राजनीतिक भविष्य की तस्वीर और भारत पर इसका असरतुर्की-पाकिस्तान के हटने और इजरायल-सऊदी अरब के बीच बढ़ रही इस नई नजदीकी ने मध्य पूर्व के पूरे भू-राजनीतिक परिदृश्य को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया है। अब धर्म और पुरानी शत्रुता के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर देश विशुद्ध रूप से अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हितों और सामरिक जरूरतों के आधार पर फैसले ले रहे हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत के संबंध इजरायल के साथ भी उतने ही प्रगाढ़ हैं जितने कि सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों के साथ हैं। नई दिल्ली हमेशा से मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की पक्षधर रही है, ताकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वहां रह रहे करोड़ों प्रवासियों के हित सुरक्षित रह सकें। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सऊदी अरब इजरायल की शर्तों पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या यह नया गठबंधन पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में सफल होता है या फिर यह क्षेत्र किसी और बड़े संघर्ष की आग में झुलसने की तरफ आगे बढ़ता है।
MBS बनाम MBZ की वर्चस्व की जंग में यमन से यूएई की बेदखली पड़ी भारी, क्या कंगाल हो जाएगा सऊदी अरब
मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक गलियारों में इस समय एक ऐसी खलबली मची हुई है जिसने खाड़ी देशों के दो सबसे ताकतवर मुल्कों—सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—के आपसी संबंधों की कलई खोलकर रख दी है। सऊदी अरब के वली अहद यानी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) के बीच कूटनीतिक और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर चल रही खींचतान अब रियाद के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। जानकारों का मानना है कि प्रिंस सलमान ने यूएई को नीचा दिखाने और यमन के रणनीतिक मामलों से बाहर करने के चक्कर में एक ऐसी बड़ी सामरिक चूक कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास अपार बढ़त मिल गई है। यमन के रणक्षेत्र में खेली गई इस सियासी और कूटनीतिक चाल का खामियाजा अब सीधे तौर पर सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और तेल संपदा को भुगतना पड़ रहा है, जिससे यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या हूतियों का यह बढ़ता आतंक सऊदी साम्राज्य को आर्थिक रूप से तबाह कर देगा?MBS और MBZ की व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता ने कैसे तबाह किया यमन का समीकरण?इस पूरे संकट की पटकथा तब लिखी गई जब खाड़ी क्षेत्र में अपना आर्थिक और रणनीतिक दबदबा कायम करने की होड़ में सऊदी क्राउन प्रिंस MBS ने यूएई के खिलाफ आक्रामक नीतियां अपनानी शुरू कर दीं। वैश्विक व्यापार और विमानन के क्षेत्र में दुबई के बढ़ते रसूख को चुनौती देने के लिए सऊदी अरब ने विजन 2030 के तहत खरबों डॉलर झोंकना शुरू किया, जिसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों पर भी साफ दिखा। इसी व्यक्तिगत और रणनीतिक महत्वाकांक्षा के तहत MBS ने यमन के भीतर यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) और स्थानीय ताकतों को कमजोर करना शुरू कर दिया, जो वास्तव में दक्षिणी यमन में हूती विद्रोहियों को रोकने वाली एकमात्र मजबूत दीवार माने जाते थे। सऊदी वायु सेना द्वारा अपने ही सहयोगियों पर एयरस्ट्राइक करने और स्थानीय नेतृत्व को दरकिनार करने के इस फैसले ने यमन के रक्षा तंत्र को अंदर से खोखला कर दिया। जब यूएई समर्थित बल और अन्य स्थानीय ताकतें आपस में ही उलझ गईं, तो इसका सीधा फायदा उठाते हुए ईरान समर्थित हूतियों ने ताबड़तोड़ हमले कर सामरिक रूप से बेहद अहम मोचा बंदरगाह और लाल सागर के तटीय इलाकों पर कब्जा जमा लिया।बाब अल-मंडेब पर हूतियों का कब्जा और लाल सागर का बढ़ता सुरक्षा संकटयमन के रास्ते लाल सागर और बाब अल-मंडेब के अहम चोकपॉइंट पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण स्थापित होना पूरी दुनिया के साथ-साथ विशेष रूप से सऊदी अरब के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। यह वही समुद्री मार्ग है जहाँ से दुनिया का एक बहुत बड़ा तेल और व्यापारिक जहाजों का बेड़ा गुजरता है। पहले जहाँ यूएई के सहयोग से बनी स्थानीय फौजें इन विद्रोहियों को उनकी सीमाओं में बांधकर रखती थीं, वहीं अब सऊदी नीतियों के चलते वे ताकतें या तो बिखर चुकी हैं या मैदान छोड़कर पीछे हट चुकी हैं। नतीजतन, हूतियों ने आधुनिक ड्रोनों और मिसाइलों के जरिए सीधे सऊदी अरब की मुख्य भूमि और उसकी तेल परिसंपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में हूती हमलों के बाद सऊदी अरब को अपनी 1200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को भी एहतियातन बंद करना पड़ा है। सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो सऊदी अरब के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ को गहरा आघात पहुँच सकता है, जिससे देश भारी वित्तीय संकट में घिर सकता है।ट्रंप प्रशासन से मदद की गुहार और वाशिंगटन से मिला झटकाअपनी ही रणनीतिक भूलों के कारण जब चारों तरफ से घिर गए, तो क्राउन प्रिंस MBS ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क साधकर हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य हस्तक्षेप और हवाई हमले करने की पुरजोर अपील की। सऊदी नेतृत्व को पूरी उम्मीद थी कि अमेरिका हमेशा की तरह उसके समर्थन में सीधी सैन्य कार्रवाई करेगा, लेकिन वाशिंगटन की तरफ से रियाद को तगड़ा झटका मिला है। अमेरिकी प्रशासन ने सीधे तौर पर युद्ध के मैदान में उतरने या हूतियों के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान छेड़ने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने सऊदी अरब को केवल खुफिया जानकारी (Intelligence Sharing) और सीमित टारगेटिंग डेटा देने पर सहमति जताई है, ताकि सऊदी सेना खुद अपना बचाव कर सके। पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों से भी अपेक्षित मदद न मिलने के कारण अब सऊदी अरब खुद को कूटनीतिक मोर्चे पर काफी हद तक अकेला महसूस कर रहा है, जिससे रियाद के नीति-निर्माताओं की नींद उड़ गई है।क्या सऊदी अरब को कंगाल कर देंगे हूती विद्रोही? भविष्य की डरावनी तस्वीरआज के समय में यमन का रणक्षेत्र सऊदी अरब के लिए एक ऐसा दलदल बन चुका है जहाँ से निकलना प्रिंस सलमान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। एक तरफ जहां देश के भीतर विजन 2030 के तहत मेगा प्रोजेक्ट्स पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय युद्ध और हूती मिसाइल हमलों से निपटने में अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं। यदि लाल सागर में हूतियों का दबदबा इसी तरह बढ़ता रहा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति बाधित हुई, तो सऊदी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। जानकारों का मानना है कि यदि MBS ने अपनी जिद और यूएई के साथ चल रही अहंकार की लड़ाई को छोड़कर क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सामूहिक कूटनीति का रास्ता नहीं अपनाया, तो यह संघर्ष सऊदी अरब को दीर्घावधि में भारी आर्थिक तबाही की ओर धकेल सकता है। आने वाला वक्त यह तय करेगा कि रियाद अपने इस कूटनीतिक संकट से कैसे बाहर निकलता है और क्या खाड़ी के दो दिग्गज देश अपने मतभेदों को भुलाकर इस साझा खतरे से निपट पाते हैं या नहीं।
मिडिल ईस्ट में ईरान की चेतावनी के बाद हुआ बड़ा हादसा!
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर एल गैया क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है. ईरानी मीडिया ने समुद्री बारूदी सुरंगों का दावा किया, जबकि अमेरिकी सेना ने इसे खारिज करते हुए पुराने मिसाइल हमले से जोड़ा है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के मुताबिक टैंकर शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ और दो नाविक लापता हैं. ब्रिटिश समुद्री एजेंसी ने भी अज्ञात जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले की पुष्टि की थी.
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह मंगलवार को औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
सऊदी अरब को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी : हूती समूह
सना, यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
युद्ध को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ : ईरान
वॉशिंगटन, रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने यह कदम ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और अपने पद पर उनके कामकाज को लेकर उठाया।
इतिहास में पहली बार मक्का में बजा हवाई खतरे का सायरन! हूती हमलों से सऊदी अरब में हड़कंप
Mecca Put on Air Raid Alert:
सऊदी अरब सज़ा-ए-मौत पाए लोगों के शव उनके परिवारों को क्यों नहीं सौंपता - BBC
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न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए एफटीए को दी मंजूरी, अधिकतर निर्यात पर जीरो ड्यूटी
नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) की मत से मंजूरी दे दी है। यह जानकारी व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की ओर से दी गई।
सना, 16 सितंबर . यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं. दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने Tuesday को social ... Read more
Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब में मक्का के हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन के पहली बार एंट्री करने की खबर सामने आई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने को सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि सऊदी एयर डिफेंस ने ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। घटना के बाद पवित्र शहर मक्का की सुरक्षा को लेकर सऊदी अधिकारियों की ओर से कड़ा बयान सामने आया है। हूती विद्रोहियों के हमले को देखते हुए सऊदी अरब की सरकार ने मक्का शहर के लिए 'इमरजेंसी अलर्ट' जारी किया है।'अल जज़ीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने कहा है कि हुतियों की ओर से मक्का की तरफ भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया है। इस घटना से पवित्र शहर के लिए खतरा पैदा हो सकता है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया, मंगलवार शाम को रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने उस खतरनाक ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही रोक दिया।पवित्र शहर में पहली बार अलर्टसऊदी नेतृत्व वाले यमन सैन्य गठबंधन ने आरोप लगाया है कि ड्रोन के जरिए मक्का को निशाना बनाने का प्रयासहूती विद्रोहियों के उल्लंघनों के रिकॉर्ड में एक 'काला धब्बा' रहेगा। गठबंधन ने यह भी कहा कि मक्का और मदीना में स्थित पवित्र स्थलों की सुरक्षा 'रेड लाइन' है। सऊदी अरब ने मंगलवार को मक्का में संभावित खतरे की चेतावनी देते हुए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।यमन केहूती विद्रोहियों द्वारा हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हमले शुरू करने के बाद से पवित्र शहर में यह अपनी तरह का पहला अलर्ट है। अल-मलिकी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे नमाज पढ़ने वालों को डराने और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि दो पवित्र मस्जिदों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एक 'रेड लाइन' (अति-संवेदनशील मुद्दा) है। हालांकि,हूतियों ने पहले मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है।2017 में हूतियों द्वारा इस पवित्र इलाके को निशाना बनाने की पिछली कोशिश के बाद ऐसा पहली बार हुआ था। मक्का में संभावित खतरे का अलर्ट कुछ ही मिनटों में हटा लिया गया। मंगलवार को यमन कीन्यूज एजेंसी SABA को दिए एक बयान में हूती सेना के एक सूत्र ने इस दावे को सख्ती से खारिज कर दिया कि हूती सेना मक्का शहर या अन्य इस्लामी पवित्र स्थलों के लिए खतरा पैदा करती है।ये हालिया हमले 2015 से चल रहे संघर्ष में एक बार फिर तेज़ी आने का संकेत हैं। यह संघर्ष तब शुरू हुआ था जब हूतियों ने सना पर कब्ज़ा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से हटा दिया। इसके बाद सऊदी अरब ने यमन में दखल दिया था।मक्का को निशाना बनाने की कोशिश का आरोपरिपोर्ट में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाले से कहा गया है कि मक्का की ओर ड्रोन भेजने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान समर्थित इराकी और यमनी मिलिशिया 2017 से मिसाइलों और ड्रोन के जरिए मक्का क्षेत्र को निशाना बनाने की कोशिश करते रहे हैं। मक्का और मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल हैं। ऐसे में सऊदी अरब इनके हवाई क्षेत्र और सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रुख रखता है।सऊदी के अन्य शहरों में भी अलर्टमंगलवार की शुरुआत में जेद्दा और ताइफ इलाकों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया गया। ये आपातकालीन चेतावनियां सऊदी अरब पर हूथी विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच जारी की गई हैं। सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, सोमवार को हूथी विद्रोहियों ने सऊदी शहरों खमीस मुशायत, आभा और ताइफ़ की ओर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। इनमें कम से कम 13 आम नागरिक घायल हो गए।ईरान समर्थितहूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर यमन में हवाई हमले करने और क्रूज मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। यह सब दक्षिणी और पश्चिमी यमन में हूथी लड़ाकों और सऊदी-समर्थित सरकारी बलों के बीच भारी लड़ाई के दौरान हो रहा है।ये भी पढ़ें- UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों की निकली बंपर भर्ती, अप्लाई करने की तारीखों का ऐलान, जानिए सभी डिटेल्स
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी संसद में घमासान: रक्षामंत्री के खिलाफ लाया गया महाभियोग: जानें क्यों घिरे हेगसेथ?- Uproar in US Congress over Iran war Impeachment motion moved against Defense Secretary Hegseth
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 38 अरब डॉलर खर्च, महंगाई बढ़ी: सीबीओ रिपोर्ट
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के 38 अरब डॉलर खर्च, महंगाई बढ़ी: सीबीओ रिपोर्ट
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश
वॉशिंगटन, 16 सितंबर . रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने यह कदम ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और अपने पद पर उनके कामकाज को लेकर उठाया. Tuesday को प्रतिनिधि सभा में बोलते हुए मैसी ने हेगसेथ पर ‘गंभीर संवैधानिक और ... Read more
सऊदी अरब सज़ा-ए-मौत पाए लोगों के शव उनके परिवारों को क्यों नहीं सौंपता
सऊदी अरब उन तीन देशों में से एक है जहां सबसे अधिक लोगों को मौत की सज़ा दी जाती है. आंकड़ों से पता चला है कि मौत की सज़ा पाने वालों में अधिकांश विदेशी नागरिक थे, लेकिन शव आमतौर पर उनके परिवारों को नहीं सौंपे गए.
सऊदी अरब ने यूरोपीय तेल खरीदारों को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया है कि सितंबर के अंतिम पखवाड़े में होने वाली कच्चे तेल की सभी निर्धारित आपूर्तियां रद्द कर दी गई हैं।
Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
Saudi Arabia-Houthi Conflict: हूतियों के बढ़ते हमलों से सऊदी की बढ़ी चिंता, इजरायल से खुफिया मदद की खबर
सैन्य ताकत का महा-प्रदर्शन:भारत-अमेरिका का संयुक्त 'युद्ध अभ्यास' शुरू, पाकिस्तान में मची हलचल
भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त युद्ध अभ्यास मंगलवार को शुरू हो गया। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर बनाना, नई चुनौतियों का सामना करना और दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।
भारतीय वायुसेना के 21 सितंबर से सात अक्तूबर तक प्रस्तावित बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी से पाकिस्तान की धड़कन बढ़ गई है।
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
संतकबीरनगर में निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और मेंहदावल थाने के SHO राकेश कुमार सिंह के बीच 40 मिनट तीखी बहस हो गई। मामला मुकदमा दर्ज करने और एक पक्ष के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर बढ़ा। विधायक ने SHO पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि “आपके SHO युद्ध कराना चाह रहे हैं।” पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। मामला मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे का है। अब जानिए पूरा मामला… विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी अपने गांव बेलौली में हुए विवाद के मामले में एक पक्ष के समर्थन में मेंहदावल थाने पहुंचे थे। विधायक ने इस मामले का 5 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया है। वीडियो में विधायक ने इंस्पेक्टर से रामकेवल नाम के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बिना जांच के किसी व्यक्ति को थाने में कैसे बैठाया गया और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया कैसे शुरू की जा रही है। इस पर प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि रामकेवल धमकी दे रहा था और हंगामा कर रहा था। विवाद की आशंका को देखते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इंस्पेक्टर ने वीडियो में एससी-एसटी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर एक पक्ष की शिकायत पर बिना जांच मुकदमा दर्ज किया गया है, तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में विवाद बढ़ सकता है। एसपी को फोन कर विधायक ने जताई नाराजगी बहस के बाद विधायक ने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन किया। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक के तबादले का मुद्दा उठाते हुए उन्हें मेंहदावल में तैनात रहने पर सवाल करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। बाजरे की फसल काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद दरअसल शनिवार को बेलौली गांव में बाजरे की फसल काटने को लेकर हनुमान चौधरी और रामलौट के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने हनुमान चौधरी की तहरीर पर रामलौट समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। रामलौट पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। जातिसूचक गालियां दीं। रामलौट पक्ष की ओर से प्रभारी निरीक्षक से फोन पर बात की थी।विधायक के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित पक्ष को थाने भेजने की बात कही थी। इसके बाद रामलौट परिवार के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे बैठा लिया। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
Bab-el-Mandeb में Houthi हमलों से शिपिंग को खतरा, MEA ने Saudi Arabia का किया समर्थन
यमन में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के बावजूद भारत को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रही है, क्योंकि इस इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच यह अहम जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह रणनीतिक रूप से अहम रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और पश्चिमी एशिया से ग्लोबल मार्केट तक ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक ज़रूरी रूट है। भारत के लिए इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में रुकावट बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हूथी हमलों और क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर चर्चा की। जायसवाल ने कहा हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हूथी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ, जिसकी हमने निंदा की है। हम रेड सी इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं। हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के लिए बने बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका जयसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी, दोनों को खतरा है। उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें जाहिर तौर पर हमें मंजूर नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, ब्रिक्स में युद्ध के खिलाफ संयुक्त बयान पर जोर
दुनिया में कई जगहों पर जारी युद्ध और अमेरिका के साथ बढ़ते विभिन्न देशों के तनाव के बीच नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मलेन का आयोजन महत्तवपूर्ण माना जा रहा है
भारतीय-अमेरिकी सैनिकों का 'युद्धाभ्यास' औली-महाजन में शुरू
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 औली और महाजन में शुरू हो गया. दोनों देशों के 600-600 सैनिक भाग ले रहे हैं. यह पहाड़ी इलाकों में संयुक्त युद्ध क्षमता बढ़ाने पर है.
हूतियों का सऊदी अरब पर फिर धावा, 13 नागरिकों के घायल होने की खबर
हूतियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर धावा बोल दिया है. हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. इस दौरान एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया है.इन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की खबर है. हालांकि, बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा अब टल गया है.
पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’
भारत और अमेरिका की सेनाएं एक बार फिर साथ मिलकर युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीक की ताकत परख रही हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का 22वां संस्करण मंगलवार को शुरू हुआ। इस बार इसकी खास बात यह है कि अभ्यास उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाके औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ चल रहा है।
सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों पर ताबड़तोड़ दागीं मिसाइलें, मक्का में खतरे को लेकर अलर्ट जारी
यमन के हूती विद्रोहियों पर सऊदी अरब ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इसके बाद मक्का में खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। उधर, इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में भारी बमबारी की।
लाल सागर में गदर मचाने वाले हूती कौन हैं, सऊदी अरब से क्या है उनकी लड़ाई
यमन के एक बड़े इलाके पर कब्जा करने के बाद हूती संगठन एक बार फिर चर्चा में है. आइए जानते हैं कि कौन हैं ये हूती और सऊदी अरब के साथ क्या है उनकी लड़ाई.
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
मिडिल ईस्ट में महा-संकट! तेल की सप्लाई ठप, हूतियों के सामने बेबस सऊदी अरब के 'इस्लामिक NATO' का सच
मिडिल ईस्ट में महा-संकट! तेल की सप्लाई ठप, हूतियों के सामने बेबस सऊदी अरब के 'इस्लामिक NATO' का सच
सऊदी अरब में मिला करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज, वीडियो में जानें परमाणु ऊर्जा योजना को मिल सकता है बड़ा फायदा
रेगिस्तान में 400 मीटर की गोल्डन इमारत, सऊदी अरब तपती रेत पर बसा रहा ‘जन्नत’
सऊदी अरब विजन 2030 के तहत एक साथ कई मेगा प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसमें से एक न्यू मुरब्बा भी है. करीब 50 अरब डॉलर से बन रहा यह प्रोजेक्ट रियाद में ही करीब 14.1 वर्ग किलोमीटर में फैलेगा. इसके बीचों-बीच 'द मुकाअब' स्थित होगा- देखने में सुनहरा काबा सा.
तेल बाज़ार को ट्रंप की राहत या सिर्फ सियासी पैंतरा? ईरान युद्ध के बीच बोले- गिरेंगी ईंधन की कीमतें
तेल बाज़ार को ट्रंप की राहत या सिर्फ सियासी पैंतरा? ईरान युद्ध के बीच बोले- गिरेंगी ईंधन की कीमतें
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
दुबई के शेख को भाया टाटा का काम! मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े गोल्ड एक्सचेंज को हाई-टेक बनाएगी TCS
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (DGCX) के साथ साझेदारी की है ताकि इसके मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा सके।
मिडिल ईस्ट में तेल के सबसे बड़े उत्पादक देश सऊदी अरब ने हमले के बाद शुक्रवार को अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी।
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
Saudi Oil Crisis: सऊदी अरब के तेल सप्लाई रूट पर बढ़ा संकट, होर्मुज के बाद ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी बंद; दुनिया पर क्या होगा असर?
तेल की कीमतें बहुत नीचे जाएंगी- ट्रंप का बड़ा दावा, जानिए ईरान से युद्ध पर क्या दिया अपडेट
Oil Prices will go down: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है. उन्होंने युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बहुत बड़ी बात कही है. युद्ध को लेकर ट्रंप की क्या स्ट्रैटजी है?
बहराइच के कतर्नियाघाट में सड़क पर टहलता दिखा बाघ, एंबुलेंस के सामने दो मिनट तक रुका रहा
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तेल के बाद सऊदी अरब को मिला नया ‘खजाना’, मदीना में मिले दुर्लभ खनिज और यूरेनियम के भंडार
सऊदी अरब ने मदीना के जबल सय्यिद क्षेत्र में करीब 11 करोड़ टन अयस्क संसाधनों की खोज का ऐलान किया है, जिसमें रेयर अर्थ मिनरल्स और यूरेनियम शामिल हैं। यह खोज सऊदी-अमेरिका के बढ़ते परमाणु और रणनीतिक खनिज सहयोग के बीच हुई है और सऊदी की वैश्विक खनिज आपूर्ति में भूमिका मजबूत कर सकती है।
सऊदी अरब में हूती हमलों से हड़कंप: जेद्दा, अबहा समेत छह शहरों में अलर्ट; तेल पाइपलाइन बंद होने से बढ़ा संकट- Panic in Saudi Arabia over Houthi attacks Alerts issued for six cities crisis deepens oil pipeline shuts down
कारगिल युद्ध के हीरो रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन पर जानलेवा हमला, वीडियो में जानें पार्किंग अटेंडेंट पर लोहे की रॉड से वार करने का आरोप
यमन में बढ़ा तनाव : हूतियों का दावा—सऊदी अरब ने 24 घंटे में किए 54 एयरस्ट्राइक
हूतियों ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की सीमा के भीतर स्थित महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं और लंबी दूरी के लड़ाकू ड्रोन से हमले किए हैं।
सऊदी अरब पर फिर हूती विद्रोहियों का हमला! आभा से ताइफ तक दागीं मिसाइलें और ड्रोन
सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन पर पिछले हफ्ते हमला हुआ था. उसकी मरम्मत में तीन से पांच हफ्ते लग सकते हैं, जिससे वह ज्यादातर समय बंद रहेगी. तेल के दाम पहले ही 2 प्रतिशत बढ़ गए हैं और जैसे-जैसे सऊदी पर संकट बढ़ेगा, तेल बाजार में संकट गहराता जाएगा.
हूतियों का दावा: सऊदी अरब ने यमन में 24 घंटे में किए 54 हवाई हमले - bbc.com
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विदेश के समाचार: इस्राइली पीएम बोले- लेबनान में हमले जारी रखेंगे; लीबिया में फंसे 171 सोमाली प्रवासी घर लौटे
ओमान में सोमवार को ईरान और खाड़ी देशों के बीच एक बैठक होनी थी. इस बैठक का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज) को फिर से खोलने पर बातचीत करना था. यह दुनिया का सबसे अहम तेल शिपिंग रूट है.
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के जरिए पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 79,784 ड्रग तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 14 सितंबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब Police ने ड्रग्स-विरोधी अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ की शुरुआत के बाद से 60,582 First Information Report दर्ज की हैं और 79,784 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनमें 354 बड़े कमर्शियल-स्तर के मामलों में शामिल 708 बड़े तस्कर भी शामिल ... Read more
लाल सागर में हूतियों की बढ़त ने बदला खेल, सऊदी अरब परेशान; खाड़ी में छिड़ेगी नई जंग?
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। यमन के ईरान समर्थित हौथी लड़ाकों ने लाल सागर के दो अहम द्वीपों ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर कब्जा कर लिया है। इससे सऊदी अरब का तेल ले जाने वाला समुद्री रास्ता और खतरे में पड़ गया है।
ब्रिक्स 2026: ईरान युद्ध ने ब्रिक्स की एकता की खोली पोल, रिश्तों में दिखी दरार - BBC
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पश्चिम एशिया में फिर मचा हड़कंप, सऊदी अरब और हूतियों के बीच भीषण जंग
मिडिल-ईस्ट में हालात स्थिर होने के नाम नहीं ले रहे हैं. यमन के हूतियों ने अब सऊदी अरब के शरूराह में ड्रोन दाग दिए हैं. हूतियों ने दावा किया है कि उसने एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में इस हमले की जानकारी दी.
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
पाकिस्तानी अधिकारियों को चिंता है कि सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के मिसाइल हमलों की तुलना में, हूती खतरे के कारण इस्लामाबाद के युद्ध में घिसट जाने की संभावना ज्यादा है.
बाब अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और आगे जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्यसागर तक पहुंचते हैं। यूरोप और एशिया के बीच सामान ले जाने वाले कार्गो जहाजों के अलावा तेल और LNG टैंकर भी इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
कतरास में दर्दनाक हादसा, मिट्टी के मलबे में दबीं 3 महिलाएं; 2 की मौत
कतरास में दर्दनाक हादसा, मिट्टी के मलबे में दबीं 3 महिलाएं; 2 की मौत
चीन ने एलएसी पर फौज घटाई, लेकिन भारत ने युद्ध की रणनीतिक मुस्तैदी और बढ़ा दी
नई दिल्ली — 14 सितंबर, 2026 — भारत-चीन सीमा पर लंबे समय से जारी सैन्य तनाव के बीच एक अहम बदलाव सामने आया है। वर्ष 2025 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी- लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) के सामने चीनी सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तैनाती में 'महत्वपूर्ण कमी' आई। हालांकि, चीन की सैन्य मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यह खुलासा रक्षा मंत्रालय की 'वार्षिक रिपोर्ट 2025-26' में किया गया है।Featured-image alt text: चीन ने एलएसी पर फौज घटाई, लेकिन भारत ने युद्ध की रणनीतिक मुस्तैदी और बढ़ा दी — रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, ड्रोन प्लाटून और 22,156 किमी सड़कों से नई तैयारी
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
Houthi attack on Saudi Arabia: सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुई एक महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन अगर जल्द दोबारा शुरू नहीं हुई, तो अरब देश के पास निर्यात के लिए मौजूद कच्चे तेल का भंडार महज 5 से 7 दिनों में खत्म हो सकता है। 'रॉयटर्स' ने सऊदी तेल शिपमेंट से जुड़े तीन उद्योग सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।इस पाइपलाइन के लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक तेल बाजार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। सऊदी तेल खरीदारों और कारोबारियों के मुताबिक, इससे दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का करीब 4 फीसदी, यानी लगभग 40 लाख बैरल प्रतिदिन, बाजार से हट सकता है।ड्रोन हमले के बाद बंद हुई पाइपलाइनसऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को शुक्रवार को ड्रोन हमलों में नुकसान पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया। यह पाइपलाइन देश के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल लाल सागर के किनारे स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। सऊदी सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पाइपलाइन को कितना नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत कब तक पूरी होगी। रॉयटर्स से बातचीत में उद्योग से जुड़े सूत्रों ने मरम्मत की अलग-अलग समयसीमा बताई है। एक सूत्र के मुताबिक, इसे ठीक करने में 5 से 6 सप्ताह लग सकते हैं। जबकि दूसरे का कहना है कि पाइपलाइन इससे पहले भी चालू हो सकती है। मरम्मत के दौरान पाइपलाइन से आंशिक रूप से तेल पंपिंग शुरू किए जाने की संभावना भी बताई गई है।यानबू में सिर्फ कुछ दिनों का तेल भंडारसूत्रों के मुताबिक, यानबू बंदरगाह पर मौजूद कच्चे तेल का स्टॉक मौजूदा निर्यात को केवल 5 से 7 दिनों तक बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रही तो यह भंडार भी खत्म हो सकता है। सऊदी अरब के पास मिस्र के कुछ बंदरगाहों पर भीएक्स्ट्रा तेल स्टॉक मौजूद है। इनमें लाल सागर पर स्थित ऐन सुखना और भूमध्य सागर पर स्थित सिदी केरिर शामिल हैं। एक अन्य उद्योग सूत्र के अनुसार, इन भंडारों से ग्राहकों को कुछ और दिनों तक तेल की आपूर्ति की जा सकती है।भंडारण क्षमता की बात करें तो:यानबू: करीब 3.5 करोड़ बैरलऐन सुखना: करीब 1.8 करोड़ बैरलसिदी केरिर: करीब 2 करोड़ बैरलहालांकि ये सभी भंडारण सुविधाएं पूरी क्षमता तक भरी हुई नहीं हैं। ऐसे में पाइपलाइन दोबारा शुरू नहीं होने पर इन भंडारों के भी धीरे-धीरे खत्म होने का खतरा है।सऊदी अरब का तेल उत्पादन 30 साल के निचले स्तर परपाइपलाइन संकट ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब का तेल उत्पादन पहले ही काफी गिर चुका है। सऊदी अरब ने OPEC को बताया कि अगस्त में उसका तेल उत्पादन घटकर 62 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि फरवरी में यह करीब 1.09 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने शुक्रवार को कहा कि सऊदी अरब की तेल आपूर्ति तीन दशकों से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।इसके पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के रास्ते तेल की आवाजाही में आई बाधा को प्रमुख कारण बताया गया है। IEA का अनुमान है कि इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति में करीब 57 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आ सकती है, जो दुनिया की कुल सप्लाई का लगभग 6 फीसदी है।होर्मुज संकट के बीच पाइपलाइन थी सऊदी अरब का अहम रास्तापिछले करीब छह महीनों से यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई थी। इसकी मदद से सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करते हुए लाल सागर के रास्ते तेल का निर्यात कर पा रहा था। इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल यानबू पहुंचाया जाता था। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल आपूर्ति के लगभग 4 फीसदी के बराबर है। अब पाइपलाइन बंद होने से सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात के वैकल्पिक रास्तों का संकट बढ़ गया है।लाल सागर में हूतियों से भी बढ़ा खतरासऊदी अरब को लाल सागर क्षेत्र में एक और चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यमन के हूती लड़ाकों ने युद्ध के बीच सऊदी तेल शिपमेंट को निशाना बनाने की धमकी दी है। शुक्रवार को उन्होंने लाल सागर के मुहाने पर स्थित एक द्वीप पर कब्जा करने का भी दावा किया।ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए इसलिए भी अहम थी क्योंकि यह देश को होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने का रास्ता देती थी। इसके लंबे समय तक बंद रहने से सऊदी अरब को अपने स्टोरेज में मौजूद तेल और दूसरे सीमित निर्यात मार्गों पर ज्यादा निर्भर होना पड़ सकता है।दुनिया भर में तेल कीमतों पर और बढ़ सकता है दबावअगर पाइपलाइन की मरम्मत में कई सप्ताह लगते हैं, तो सऊदी अरब के लिए विदेशी ग्राहकों को नियमित तेल आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक बंदी का मतलब वैश्विक बाजार से हर दिन लाखों बैरल सऊदी कच्चे तेल की कमी हो सकता है।ये भी पढ़ें- Rajasthan Nikay Chunav Result: राजस्थान निकाय चुनाव में लहराया भगवा! नगर निगम के रुझानों में BJP 37 सीटों के साथ आगे, जानें- कांग्रेस का हालइससे पहले ही सीमित वैश्विक सप्लाई पर दबाव और बढ़ेगा और कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पेट्रोल-डीजल, परिवहन लागत और महंगाई पर पड़ने की आशंका है। सऊदी अरब की यह पाइपलाइन सिर्फ एक देश की तेल सप्लाई का मामला नहीं है। इसके लंबे समय तक बंद रहने पर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
धनबाद के कतरास में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान भीषण हादसा: मलबे में दबकर दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बार फिर लापरवाही और अवैध खनन की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। जिले के कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में अवैध खनन का काला कारोबार उस वक्त मौत का खूनी खेल बन गया जब अचानक कोयले की खदान का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और बचाव दल मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस प्रकार की अवैध खदानें अक्सर गरीब और मजबूर ग्रामीणों के लिए मौत का कुआं साबित होती हैं, जहां बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के अपनी जान जोखिम में डालकर कोयला निकाला जाता है। इस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से बहुत गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कब तक कोयले के इस अवैध धंधे में बेकसूर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे।अवैध खदानों का मकड़जाल और कोयलांचल में पसरा मातमधनबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन का अवैध कारोबार कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन की तमाम पाबंदियों के बावजूद यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कतरास की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि माफिया किस तरह से गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी रोजी-रोटी की मजबूरी का फायदा उठाकर मौत के मुंह में धकेल देते हैं। जब अचानक खदान की चाल या मिट्टी धंसती है, तो किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिलता और चंद पलों में ही पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठता है। हादसे के बाद से मृत महिलाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका एकमात्र सहारा इस तरह अचानक छिन गया। ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा खदानों में उतरने को मजबूर होते हैं, जिसके परिणाम अक्सर इतने भयानक रूप में सामने आते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।राहत और बचाव कार्य जारी, मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेजहादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तुरंत भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अगर कोई अन्य व्यक्ति या महिला अंदर फंसी हो, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, अवैध खनन वाली जगहों पर अंधेरा, संकरे रास्ते और लगातार धंसती मिट्टी के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई है जो अपनों को तलाशने और बचाने के इस संघर्ष में प्रशासनिक टीमों की मदद कर रही है। अब तक दो महिलाओं के शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखा गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय यही है कि किसी भी तरह से मलबे में फंसे सभी जीवित या मृत लोगों को बाहर निकाला जाए और स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लिया जाए।सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवालधनबाद जैसे औद्योगिक और खनन बहुल जिलों में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। स्थानीय थाना और संबंधित विभाग की कथित मिलीभगत के बिना इस तरह के बड़े पैमाने पर अवैध खदानों का संचालन होना असंभव माना जाता है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद रहते हैं। जब तक प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन इस प्रकार के अवैध खनन पर पूरी तरह से स्थायी रोक नहीं लगाएंगे और अवैध कोयला तस्करी के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद नहीं करेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी। इस हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और इसके पीछे शामिल मुख्य सरगनाओं को कानून के कटघरे में खड़ा करें। दो निर्दोष महिलाओं की मौत ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि सुरक्षा के अभाव में चलने वाला यह अवैध कारोबार इंसानी जिंदगी के लिए कितना बड़ा अभिशाप बन चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद आवश्यक है।
कारगिल युद्ध के 'ऑपरेशन सफेद सागर' के वीर पूर्व सैनिक पर गुरुग्राम में पार्किंग को लेकर खूनी हमला
देश की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले और कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सफेद सागर' (Operation Safed Sagar) में अदम्य साहस का परिचय देने वाले एक भारतीय वायु सेना के पूर्व सैनिक के साथ साइबर सिटी गुरुग्राम (Gurugram) में जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने के लिए काफी है। मिलेनियम सिटी कहे जाने वाले इस हाई-प्रोफाइल शहर में मामूली सी पार्किंग विवाद को लेकर कुछ दबंगों ने हदें पार करते हुए एक पूर्व फौजी पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर मारपीट में पूर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें खून से लथपथ हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। देश के लिए जंग के मैदान में दुश्मनों की गोलियां झेलने वाले वीर योद्धा को अपने ही देश के एक शहर में इस तरह की गुंडागर्दी और क्रूरता का सामना करना पड़ेगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे देश और स्थानीय नागरिकों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है।यह सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना गुरुग्राम के एक स्थानीय रिहायशी इलाके की है, जहां पीड़ित पूर्व सैनिक अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक बेहद साधारण सी बात यानी गाड़ी पार्क करने की जगह को लेकर हुई थी। पड़ोस के या स्थानीय कुछ दबंग किस्म के लोगों ने अपनी गाड़ी गलत तरीके से पार्क कर रखी थी, जिससे आने-जाने का रास्ता बाधित हो रहा था। जब पूर्व सैनिक ने शालीनता और नियमों का हवाला देते हुए वाहन को थोड़ा हटाने या सही जगह लगाने का आग्रह किया, तो आरोपी आगबबूला हो गए। वे अपनी फौज और ताकत का घमंड दिखाते हुए बहस करने लगे और कुछ ही पलों में विवाद इतना बढ़ गया कि उन हमलावरों ने पूर्व फौजी पर सुनियोजित तरीके से हमला बोल दिया।बहस के दौरान जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो उन क्रूर हमलावरों ने अपने घरों या वाहनों से लोहे की रॉड, लाठी और डंडे निकाल लिए और निहत्थे पूर्व सैनिक पर टूट पड़े। उन्होंने कारगिल युद्ध के उस वीर योद्धा के सिर, हाथों और पैरों पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े और दर्द से तड़पने लगे। हमलावरों ने मौके पर मौजूद अन्य परिजनों को भी जान से मारने की धमकी दी और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। खून से लथपथ हालत में जब पूर्व सैनिक बेसुध हो गए, तो आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार के लोगों ने आनन-फानन में स्थानीय पुलिस को सूचना दी और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। पूर्व सैनिक पर हुए इस जानलेवा हमले की खबर फैलते ही पूर्व सैनिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुग्राम जैसी जगहों पर अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है, तभी तो एक रिटायर्ड फौजी तक सुरक्षित नहीं हैं। बढ़ते दबाव को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), बलवा और अन्य गंभीर धाराओं के तहत नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन करके ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।यह दुखद घटना केवल एक पार्किंग विवाद या मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे आधुनिक समाज में लगातार घटती संवेदनशीलता, असहिष्णुता और कानून की धज्जियां उड़ाने की प्रवृत्ति का एक कुरुप चेहरा है। जो सैनिक अपनी जवानी देश की सरहदों की हिफाजत में बिताकर रिटायर होते हैं, वे अपने ही देश के मोहल्लों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। देश के लिए अपना खून बहाने वाले वीरों के साथ इस तरह का सुलूक हर उस भारतीय नागरिक को झकझोर रहा है जो देशप्रेम की भावना रखता है। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम अपने देश के संरक्षकों को यही सम्मान दे रहे हैं। जनता और पूर्व सैनिक संघ मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर ऐसी सख्त से सख्त सजा दी जाए जो समाज में एक मिसाल बने ताकि भविष्य में कोई भी सिरफिरा इस तरह की घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।
सऊदी अरब पर हूतियों का हमला, क्या मक्का समझौता तुर्की को इस युद्ध में घसीट सकता है?
मक्का समझौता तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ था. इसमें ये प्रावधान है कि किसी एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा.
Rajasthan: नगर निगम में एकतरफा जीत की ओर बीजेपी, हर वार्ड का रिजल्ट
Rajasthan Nagar Nigam Winner List 2026: राजस्थान के 10 नगर निगमों में चुनाव परिणाम सामने आने लगे हैं. यहां जानिए किस नगर निगम में कौन आगे, कौन प्रत्याशी जीता, किस पार्टी ने बाजी मारी और कहां मुकाबला किसके पक्ष में रहा. इस लाइव अपडेट में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, पाली, अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगम की विनर लिस्ट और जीतने वाले प्रत्याशियों की पूरी जानकारी लगातार अपडेट की जाएगी.
Crude Oil Price : सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में बाधा की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। नवंबर की डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.8 प्रतिशत बढ़कर 107.54 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि अक्टूबर की डिलीवरी वाला US बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 2.3 प्रतिशत बढ़कर 102.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। 100 डॉलर के स्तर से ऊपर आने के बाद दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में पिछले हफ़्ते की बढ़त जारी है।बाजार का फोकस मिडिल ईस्ट की घटनाओं पर बना हुआ है, जहां सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं ने एक्सपोर्ट के अहम रास्तों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। सऊदी अरब के लिए तेल का एक्सपोर्ट जारी रखना एक नई मुश्किल में पड़ गया है। यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूती लड़ाकों ने लाल सागर के मुहाने पर एक द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया है। इससे रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर उनकी पकड़ और मज़बूत हो गई है। यह सब ऐसे समय में हुआ है जब देश की मेन पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पहले से ही बंद है।इन घटनाओं से ग्लोबल ऑयल सप्लाई में और बड़ी रुकावट आने की आशंका बढ़ गई है। रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब के तेल खरीदारों और ट्रेडर्स का कहना है कि अगर देश के अंदर कच्चे तेल को रेड सी कोस्ट तक ले जाने वाली पाइपलाइन दोबारा चालू नहीं की गई तो सऊदी अरब का एक्सपोर्ट स्टॉक कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।गौरतलब है कि बाब-अल-मंदेब,लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक अहम रास्ता है। इस जलमार्ग के आसपास हूती विद्रोहियों का कब्जा और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में लगातार आ रही रुकावटों की वजह से सऊदी अरब के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कच्चा तेल पहुंचाने के विकल्प बहुत कम रह गए हैं।रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध से पहले मध्य पूर्व से हर दिन लगभग 2.2 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई होती थी। लेकिन अब इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि इस लड़ाई के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई घटकर 60 लाख से 9 लाख बैरल प्रति दिन के बीच रह गई है।हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के मुहाने पर अपनी पकड़ की मजबूतलाल सागर के मुहाने पर स्थित द्वीप पर हूतियों का कब्जा हो गया है। हूती विद्रोही सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल की खेप की आवाजाही पर लगातार हमले कर रहे हैं। बता दें कि हूतियों में जहां कब्जा किया है वह जगह बाब-अल-मंदेब के पास है जो एक संकरा समुद्री गलियारा है। यह रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। अगर हूती विद्रोही इस रास्ते से होने वाले समुद्री व्यापार को लंबे समय तक खतरे में डाले रहते हैं, तो खाड़ी में आ रही परेशानियों से बचने की सऊदी अरब की कोशिशें और मुश्किल हो सकती हैं।शुक्रवार को ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से यह दबाव और बढ़ गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रियाद ने इस हमले से हुए नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी है और न ही मरम्मत के लिए कोई पक्की समय-सीमा बताई है। रॉयटर्स के सूत्रों ने अलग-अलग अनुमान लगाए हैं। एक का अनुमान है कि इसकी मरम्मत में पांच से छह हफ्ते लग सकते हैं, जबकि दूसरे का कहना है कि पाइपलाइन को जल्द ठीक किया जा सकता है और मरम्मत का काम जारी रहने के बावजूद कामकाज आंशिक रूप से फिर से शुरू हो सकता है। सऊदी अरब के सरकारी ऊर्जा मंत्रालय ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।पिछले छह महीनों से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बहुत अहम रही है। इसने सऊदी अरब को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के युद्ध के कारण बंद होने से पैदा हुई रुकावट से बचने में मदद की है।यह पाइपलाइन अरब प्रायद्वीप से होकर गुजरती है और इसने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश को हर दिन लगभग 40 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी (लाल सागर) के यानबू बंदरगाह तक भेजने में सहायता है। यह मात्रा दुनिया भर में होने वाली तेल आपूर्ति का लगभग 4% है।सऊदी शिपमेंट की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक इस पाइपलाइन के बंद होने की वजह से यानबू में मौजूद स्टॉक से सिर्फ़ पांच से सात दिनों तक ही एक्सपोर्ट जारी रखा जा सकता है।एक और सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि सऊदी अरब के पास मिस्र में रेड सी पर ऐन सुखना पोर्ट और मेडिटेरेनियन पर सिदी केरिर में भी क्रूड का अतिरिक्त स्टॉक है,जिससे ग्राहकों की जरूरतें कुछ और दिनों तक पूरी की जा सकती हैं।इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक,यानबू की स्टोरेज क्षमता लगभग 3.5 करोड़ बैरल है। जबकि ऐन सुखना और सिदी केरिर में लगभग 1.8 करोड़ और 2 करोड़ बैरल क्रूड स्टोर किया जा सकता है। लेकिन इन जगहों पर पूरी क्षमता से स्टॉक नहीं भरा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का काम फिर से शुरू नहीं हुआ तो जल्द ही इन्वेंट्री खत्म हो जाएगी।ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए यह स्थिति बहुत खराब साबित हो सकती है। एक तरफ सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते कच्चे तेल की सप्लाई की अपनी क्षमता खो रहा है,तो दूसरी तरफ बाब-अल-मंदेब के आस-पास हूतियों की बढ़ती मौजूदगी एक और अहम समुद्री रास्ते के लिए खतरा बन गई है।Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब
कुवैत और ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रियों से बातचीत : कतर
दोहा, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्रह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और ऑस्ट्रिया गणराज्य की यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों की संघीय मंत्री बीट मेनिल-रीसिंगर से फोन पर वार्ता की। दोनों ही देशों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने आपसी सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों की समीक्षा की।
कतर के प्रधानमंत्री ने कुवैत और ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रियों से की बात, सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
दोहा, 14 सितंबर . कतर के Prime Minister और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्रह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और ऑस्ट्रिया गणराज्य की यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों की संघीय मंत्री बीट मेनिल-रीसिंगर से फोन पर वार्ता की. दोनों ही देशों के साथ बातचीत के दौरान ... Read more
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का मजबूत गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 45 वार्डों वाली इस नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 सीटों पर परचम लहराकर अपना बोर्ड बनाना तय कर लिया है। यह नतीजा इसलिए अहम है क्योंकि झालावाड़ को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है; उन्होंने झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और इस इलाके में उनका काफी राजनीतिक प्रभाव रहा है। झालावाड़ नगर परिषद चुनाव के नतीजे 2026 कांग्रेस ने 29 वार्ड जीते, BJP 13 वार्ड जीतने में सफल रही, जबकि दो निर्दलीय और एक आम आदमी पार्टी (AAP) उम्मीदवार भी विजयी रहे। कांग्रेस: 29 BJP: 13 निर्दलीय: 2 AAP: 1 29 वार्डों के साथ, कांग्रेस ने 45 सदस्यों वाली परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पार्टी का इस निकाय पर नियंत्रण हो गया है। यह नतीजा राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की वोटों की गिनती के बीच आया है, जिसमें राज्य भर के नगर निगमों, परिषदों और नगर पालिकाओं के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। राजस्थान शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 इस बीच, राजस्थान भर के 309 शहरी स्थानीय निकायों में पार्षद पदों के लिए वोटों की गिनती सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। राज्य भर के तय केंद्रों पर गिनती की प्रक्रिया शुरू हुई। अधिकारियों ने बताया कि गिनती केंद्रों के अंदर और बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स से जाते हुए UAE के Prince ने ड्राइवर के साथ क्या किया! एयरपोर्ट पर हुई चौंकाने वाली घटना 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी BJP और विपक्षी कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा माने जा रहे ये चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुए थे। 309 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 10,245 पार्षदों का चुनाव होना है, जिनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। चुनाव में 1.44 करोड़ से ज़्यादा मतदाता वोट डालने के पात्र थे। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 76.42 प्रतिशत मतदान हुआ। बाकी 147 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 11 सितंबर को वोटिंग हुई और 70.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।इसे भी पढ़ें: Women's Asia Cup 2026 | BCCI का बड़ा फैसला, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी से नहीं ली ट्रॉफी इन निकाय चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस ने ज़ोर-शोर से प्रचार किया, जबकि कई शहरी निकायों में निर्दलीय और दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार भी मैदान में थे। ये चुनाव राजनीतिक रूप से अहम हैं क्योंकि इनके नतीजे तय करेंगे कि राज्य भर के शहरी निकायों पर किसका कंट्रोल होगा और इससे 2023 के विधानसभा चुनावों के लगभग तीन साल बाद शहरी मतदाताओं के मूड का भी पता चलेगा। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
26वें जन्मदिन पर अनुराग द्विवेदी ने दिया अनोखा तोहफा, लोगों को मुफ्त में खिलाएंगे डोसा-पिज्जा; सऊदी अरब से किया ऐलान
Pakistan News:यमन स्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अपने शुरुआती सख्त रुख से पीछे हटने के बाद अब पाकिस्तान ने सऊदी अरब को भरोसा दिलाने की कोशिश तेज कर दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार (13 सितंबर) को सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से फोन पर बातचीत की। सऊदी अरब पर हुए हूती हमलों की कड़ी निंदा करते हुए रियाद के प्रति पाकिस्तान की पूरी एकजुटता दोहराई।पाकिस्तान ने सऊदी अरब पर हाल में हुए हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद चेतावनी दी कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह समर्थन दोहराया।पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया इराक की तरफ से हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन हमले के बाद सामने आई है। इसके चलते सऊदी अरब ने अपनी 1,200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।यह पाइपलाइन सऊदी तेल निर्यात के लिए एक प्रमुख वैकल्पिकरूट्स है, क्योंकि यह कच्चे तेल को होर्मुजस्ट्रेट से गुजारे बिना लाल सागर तक पहुंचने की अनुमति देती है। फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।सऊदी पर हमले की निंदाशरीफ ने सऊदी अरब के नागरिक एवं आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि इन हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा आपूर्ति और अधिक प्रभावित हो सकती है।पाकिस्तानी पीएमओ के बयान के अनुसार, सऊदी नेतृत्व के साथ-साथ सऊदी अरब के भाईचारे वाले लोगों के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हालिया हूती विद्रोहियों की कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डाला है तथा इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं ऊर्जा आपूर्ति में और व्यवधान आ सकता है।बयान में आगे कहा गया है कि सऊदी अरब के युवराज ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए इस्लामाबाद के प्रयासों की सराहना की। इसमें कहा गया कि दोनों नेता लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए और जल्द ही मिलने की उम्मीद जताई।24 घंटे में बदला पाकिस्तान का रुखरिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की ओर से पहले संकेत दिए गए थे कि अगर यमन का संघर्ष सऊदी क्षेत्र तक पहुंचता है तो रक्षा समझौते को सक्रिय करने की संभावना हो सकती है। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद इस्लामाबाद ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई सैन्य प्रतिक्रिया विचाराधीन नहीं है।इसे पाकिस्तान के रुख में महत्वपूर्ण नरमी के तौर पर देखा जा रहा है। इसी बीच सऊदी अरब पर हूतियों के हमले और तेजहो गए हैं। हालिया हमलों में सऊदी ऊर्जा और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। दर्जनों लोग घायल हुए। ऐसे में पाकिस्तान पर यह स्पष्ट करने का दबाव बढ़ा कि वह अपने रक्षा समझौते के लिए कितना प्रतिबद्ध है।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत दौसा में मतगणना का काम पीजी कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर कड़ी प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो चुका है।
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
सिर फोड़ा, हाथ तोड़ा... कारगिल युद्ध के हीरो से बर्बरता
गुरुग्राम में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर पार्किंग विवाद में जानलेवा हमला किया गया. आरोप है कि पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से उनके सिर और हाथ पर वार किए, जिससे कोहनी की हड्डी टूट गई. गंभीर हालत में वह पार्किंग में पड़े रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की.
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने के संकेतों के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों को संभालने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात कर सऊदी अरब के नागरिक क्षेत्रों और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हुए हूती हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। मक्का रक्षा समझौते पर पाकिस्तान का स्पष्टीकरण यह बातचीत तब हुई जब इस्लामाबाद ने यह साफ करने का प्रयास किया कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' का मतलब हूतियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की स्वत: सैन्य भागीदारी नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया था कि यदि सऊदी अरब पर हूती हमले जारी रहते हैं, तो मक्का समझौता लागू हो सकता है। हालांकि, बाद में पाकिस्तान सरकार ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से रक्षात्मक (Defensive) है और इसके तहत पाकिस्तानी सेना को किसी आक्रामक सैन्य अभियान में शामिल होने की बाध्यता नहीं है। इसे भी पढ़ें: कार से उतरना भूले मोदी-पुतिन, अंदर बना सबसे खतरनाक प्लान! रविवार को फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान, शरीफ़ ने सऊदी नेतृत्व और वहां के लोगों के साथ पाकिस्तान के पूरे समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि हूति हमले क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति में और बाधा आ सकती है। इसे भी पढ़ें: पहली ही परीक्षा में फेल हो गया Makkah Pact, Saudi पर Houthi Attack होते ही छिप गयी Munir की सेना यह बातचीत यमन में तनाव बढ़ने के बीच हुई, जहां ईरान समर्थित हूति सेना और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है। हूतियों ने हाल ही में लाल सागर के अहम बंदरगाह मोखा और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास एक द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया है, जिससे दुनिया के अहम शिपिंग रूटों में से एक की सुरक्षा पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हाल ही में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा। पिछले हफ़्ते, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने कहा था कि सऊदी अरब पर हमले से यह समझौता लागू हो सकता है। उन्होंने कहा था, अगर बिना उकसावे के कोई हमला होता है, या यमन में जो हो रहा है उसका असर सऊदी अरब तक पहुँचता है, तो निश्चित रूप से मक्का समझौता लागू हो जाएगा। इसके बाद इस्लामाबाद ने ज़ोर देकर कहा कि यह समझौता मुख्य रूप से रक्षात्मक है और इसके तहत पाकिस्तानी सेना को आक्रामक सैन्य अभियानों के लिए अपने-आप शामिल नहीं होना पड़ता है। पाकिस्तान ने रियाद को समर्थन दोहराया शरीफ़ ने मोहम्मद बिन सलमान से कहा कि वह, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने संकट के समय सऊदी क्राउन प्रिंस की समझदारी भरी और दूरदर्शी लीडरशिप की भी तारीफ़ की। शरीफ़ के ऑफ़िस के मुताबिक़, मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान के मज़बूत समर्थन और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए उसकी कोशिशों की तारीफ़ की। दोनों नेताओं ने लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई और कहा कि वे जल्द ही मिलने के लिए उत्सुक हैं। शरीफ़ ने सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद को भी अपनी शुभकामनाएँ भेजीं। यह बातचीत मक्का समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सऊदी अरब के प्रति पाकिस्तान की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं पर उठ रहे सवालों के बीच हुई है। हूतियों के ख़िलाफ़ सैन्य रूप से आगे बढ़ने में इस्लामाबाद की साफ़ हिचकिचाहट रियाद में इस बात को लेकर चिंता पैदा कर सकती है कि पाकिस्तान अपनी रक्षा प्रतिबद्धताओं को किस हद तक सैन्य कार्रवाई में बदलेगा। यमन में लड़ाई बढ़ने पर सऊदी अरब ने अमेरिका का रुख़ किया यमन संघर्ष के तेज़ होने के साथ ही सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताएँ बढ़ गई हैं। सऊदी-समर्थित सरकारी बलों ने रविवार को ताइज़ प्रांत के मोखा, धुबाब और अन्य इलाक़ों में हूती ठिकानों पर हमले किए, जबकि हूतियों ने पड़ोसी सऊदी अरब की ओर फ़ायरिंग की। यह ताज़ा तनाव 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद से सबसे गंभीर है। ख़बरों के मुताबिक़, सितंबर की शुरुआत से अब तक 82,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे यमन का पहले से ही गंभीर मानवीय संकट और बढ़ गया है। इस लड़ाई ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग) में रुकावट की आशंका भी पैदा कर दी है, ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से व्यावसायिक शिपिंग दबाव में है। इस पृष्ठभूमि में, रियाद ने अमेरिकी समर्थन भी मांगा है। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों के ख़िलाफ़ सीधे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से इनकार कर दिया है, जिससे सऊदी अरब के सामने अनिश्चितता बढ़ गई है क्योंकि वह अपने सुरक्षा सहयोगियों की विश्वसनीयता का आकलन कर रहा है। शरीफ़ की ट्रंप से मुलाक़ात तय रियाद के साथ शरीफ़ का संपर्क ट्रंप के साथ उनकी संभावित मुलाक़ात से कुछ दिन पहले हुआ है। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शरीफ़ की ट्रंप से मुलाक़ात 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान तय है। ख़बरों के मुताबिक़, उन्हें उस शाम राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के लिए ट्रंप और फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप द्वारा आयोजित रिसेप्शन डिनर में भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक से इस्लामाबाद को वॉशिंगटन और रियाद के साथ अपने संबंधों में संतुलन बनाने का मौका मिल सकता है, भले ही यमन में बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अपने अहम सहयोगी देश के प्रति पाकिस्तान की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं की नए सिरे से समीक्षा हो रही हो। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
ईरान युद्ध ने ब्रिक्स की एकता की खोली पोल, रिश्तों में दिखी दरार
ब्रिक्स के सदस्य इस बात से सहमत हैं कि उन्हें एक नई वैश्विक व्यवस्था की ज़रूरत है, लेकिन यह तय करना कठिन है कि इसकी जगह क्या होना चाहिए और वहां तक कैसे पहुंचा जाए.
तूफान में फंसा तुर्की का प्लेन, अचानक नीचे गिरने लगा, अंदर चीखते रहे यात्री- हम मर जाएंगे, VIDEO
तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट TK 661 में बैठी पैसेंजर ने बताया कि पायलट ने उसी एयरपोर्ट पर तीन बार प्लेन उतारने की कोशिश की और वह भी तूफान के बीच से गुजरते हुए. पैसेंजर चिल्लाने लगे कि किसी और एयरपोर्ट ले चलो. वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर.
सैन्य तनाव के बीच सऊदी अरब के तेल कारोबारियों और शेयरधारकों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि यदि देश की प्रमुख 'ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन' को जल्द चालू नहीं किया गया, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब
Crude Oil Price: सोमवार, 14 सितंबर को कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। ऐसा सऊदी अरब में एक अहम पाइपलाइन पर हमले के कारण उसके कामकाज के बंद होने से हुआ, जिससे सप्लाई को लेकर और चिंताएं बढ़ गईं और दुनिया भर में ऊर्जा की कमी का संकट और गहरा गया।ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.6% बढ़कर $108 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या अमेरिकी क्रूड की कीमत $103 प्रति बैरल हो गई। सऊदी अरब ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद कहा था कि पिछले दिन हुए हमलों के बाद एहतियात के तौर पर उसने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का कामकाज रोक दिया है।सऊदी अरब ने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया है कि सामान्य क्षमता के साथ कामकाज कब फिर से शुरू होगा।इसके अलावा, सोमवार को ईरान और कई अन्य खाड़ी देशों के बीच एक बैठक होनी थी, जिसे अब टाल दिया गया है। बहरीन ने कहा है कि वह ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों का हवाला देते हुए ऐसी बैठक में शामिल नहीं होगा, जबकि Axios की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब को भी ऐसी बैठक को लेकर कुछ आपत्तियां हैं। बैठक का एजेंडा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर एक अस्थायी शिपिंग लेन बनाना था।ट्रेडर्स बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb strait) की ओर हूतियों की बढ़ती गतिविधियों का भी आकलन कर रहे हैं, जो ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक और अहम 'चोकपॉइंट' (संवेदनशील मार्ग) है और होर्मुज जलडमरूमध्य से अलग रास्ता है।DBS बैंक के सुवरो सरकार के अनुसार, सऊदी अरब में यानबू स्टोरेज पांच से सात दिनों तक निर्यात को बनाए रख सकता है, लेकिन उसके बाद इससे बड़ी रुकावटें आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मरम्मत के समय के बारे में और स्पष्टता नहीं आती, तब तक तेल की कीमत निकट भविष्य में $120 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट भी सोमवार को ईरान की आर्थिक क्षमताओं पर और रोक लगाने के लिए एक बड़े बैंक के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं।
हवा में अचानक गिरने लगा विमान, तुर्की की फ्लाइट में मची चीख-पुकार, VIDEO वायरल
इस्तांबुल से ट्यूनीशिया जा रही टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान खराब मौसम और तेज टर्बुलेंस में फंस गई. पायलट ने ट्यूनिस-कार्थेज एयरपोर्ट पर उतरने की तीन कोशिशें कीं, लेकिन हालात बिगड़ने के बाद विमान को दूसरे एयरपोर्ट की तरफ मोड़ना पड़ा.
मुजफ्फरपुर में STF की विशेष टीम और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजिला हेरोइन तस्कर गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने रविवार को तुर्की थाना क्षेत्र में छापेमारी की। जहां महिला समेत 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 136.35 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। बरामद हेरोइन का बाजार मूल्य करीब 27 लाख 20 हजार रुपए आंका गया है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 2 लाख 54 हजार 770 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। असम और अन्य राज्यों तक फैला है नेटवर्कगिरफ्तार आरोपितो की पहचान वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर जाफराबाद निवासी कुंदन कुमार, परोहा निवासी प्रकाश कुमार, पुरुषोत्तमपुर निवासी रोहित कुमार, रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के परोहा निवासी सतीश कुमार और पटना जिले के फतुहा थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह जेठुली निवासी काजल देवी के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हैं और कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध आपूर्ति में संलिप्त बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह को असम के सिलचर से हेरोइन की खेप मिलती थी। इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा असम और अन्य राज्यों तक फैले होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। थाने में एफआईआर दर्जपुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और पूर्व में की गई मादक पदार्थों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। मामले में तुर्की थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हूती विद्रोहियों ने तेज किया हमला, सऊदी अरब को फिर बनाया निशाना; दागीं मिसाइलें
यमन में रविवार को संघर्ष उस वक्त और तेज हो गया, जब यमन सरकार की सेनाओं ने लाल सागर के निकट ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर हमले किए। वहीं, हूतियों ने सऊदी अरब को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।
बढ़ते युद्धों और हिंसक टकरावों के बीच शान्ति में निवेश की पुकार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर में बढ़ती हिंसा,विभाजन और हिंसक टकरावों के बीच विश्व नेताओं से शान्ति में निवेश बढ़ाने की अपील की है.
ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर अयोध्या के रामायण विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
अयोध्या, 13 सितंबर . महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या ने ईरान-इजरायल विवाद जैसे वैश्विक मुद्दे पर देश की पहली राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर एक नई पहल की है. आईसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में ईरान-इजरायल संघर्ष का India पर पड़ने वाले प्रभाव और India की कूटनीतिक नीति पर मंथन किया गया. ... Read more
Afghanistan vs India 1st T20I: भारत ने पहले टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से शुरुआती बढ़त बना ली। अफगानिस्तान के 157 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया और भारत ने 38 गेंदें शेष रहते यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला रविवार (13 सितंबर) को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया। भारत ने टॉस जीतकर अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया और भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अफगानिस्तान के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान इब्राहिम जादरान भी सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि सेदिकुल्लाह अटल भी 13 ही रन बना पाए। हालांकि मोहम्मद नबी और अज़मतुल्लाह उमरजई ने संघर्ष दिखाते हुए छठे विकेट के लिए 83 रन की अहम साझेदारी की। नबी ने 27 गेंदों में 33 रन बनाए, जबकि उमरजई ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में नाबाद 64 रन की पारी खेली। उमरजई की इस पारी के दम पर अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 156 रन का स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। 157 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज अपनाया और महज 32 गेंदों में 82 रन की तूफानी पारी खेल डाली। उनकी इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। दूसरे छोर पर ईशान किशन ने भी उनका अच्छा साथ दिया। ईशान ने 33 गेंदों में 42 रन बनाए। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 53 गेंदों में 121 रन की शानदार साझेदारी हुई, जिसने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। इस तरह भारतीय टीम ने सिर्फ 13.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 157 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम कर लिया। Also Read: LIVE Cricket Score अफगानिस्तान की तरफ से मोहम्मद नबी ने 2 विकेट लिए, जबकि अज़मतुल्लाह उमरजई को 1 सफलता मिली। हालांकि, उनके गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने बड़ा दबाव बनाने में नाकाम रहे।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान को अगर समझौता करना है तो उसे ऐसा प्रस्ताव लाना होगा, जिसे अमेरिका उचित मानता हो। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन बातचीत की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर रहा, लेकिन समझौते की शर्तों को लेकर उसका रुख सख्त है।
तुर्की में LGBTQ+ और HIV सपोर्ट समूहों पर एक्शन, कार्रवाई से मचा हड़कंप
रविवार तड़के तुर्की अधिकारियों ने LGBTQ+ समूहों और लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए LGBTQ+ समूहों के सदस्यों को हिरासत में लिया है. ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन ने इस कार्रवाई की निंदा की है.
रूस की रिफाइनरी पर मत करो हमला, युद्ध के बीच जेलेंस्की को ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने आयरलैंड के दौरे पर पत्रकारों से कहा कि उन्हें टारगेट पर काम करने दें, लेकिन डीजल फ्यूल पर नहीं, क्योंकि वे डीजल की कमी कर रहे हैं।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और मौजूदा वित्तीय व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता कम करने का आह्वान किया।
टेक्नोलॉजी शेयरों की चमक के बीच भारतीय शेयर बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता दिख रहा है। कई वैश्विक निवेशक अब भारत की तेज आर्थिक वृद्धि के बावजूद यहां पैसा लगाने से पीछे हट रहे हैं। एआई से जुड़ी कंपनियों में निवेश के सीमित विकल्प, कमजोर कारोबारी नतीजे, महंगा मूल्यांकन और कच्चे तेल पर निर्भरता को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सिंगापुर स्थित मल्टी फैमली निवेश कार्यालय रीड कैपिटल पार्टनर्स ने करीब एक महीने पहले अपने शेयर निवेश में कटौती करते हुए भारतीय बाजार से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया। कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी जेराल्ड गैन का कहना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि की कहानी अब पहले जैसी मजबूत नहीं दिखाई दे रही है। उनका मानना है कि भारत में फिलहाल ऐसा कोई बड़ा निवेश अवसर नहीं दिख रहा, जो विदेशी पूंजी को आकर्षित कर सके। यह रुख कई दूसरे वैश्विक निवेश प्रबंधकों में भी दिखाई दे रहा है। हाल के बैंक ऑफ अमेरिका निवेशक सर्वेक्षण में भारत को एशिया का सबसे कम पसंदीदा बाजार बताया गया। जानूस हेंडरसन इन्वेस्टर्स और वैंटेज प्वाइंट एसेट मैनेजमेंट से जुड़े निवेश प्रबंधकों ने भी पिछले करीब एक साल में भारत में अपना निवेश घटाकर लगभग शून्य कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले भारत विदेशी निवेशकों के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक बाजारों में शामिल था। तेज आर्थिक वृद्धि, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निर्माण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विनिर्माण बढ़ाने की कोशिशें इसके पक्ष में प्रमुख तर्क थे। लेकिन अब दक्षिण कोरिया और ताइवान की एआई आधारित कंपनियों से मिल रहे बेहतर रिटर्न ने निवेशकों का ध्यान उत्तर एशिया की ओर मोड़ दिया है। भारतीय शेयरों का मौजूदा मूल्यांकन भी विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का कारण है। भारतीय कंपनियां अगले साल की अनुमानित कमाई के करीब 17.6 गुने मूल्य पर कारोबार कर रही हैं। यह स्तर ऐतिहासिक औसत से थोड़ा नीचे है, लेकिन दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में अब भी काफी महंगा है। निफ्टी पचास का मूल्यांकन उभरते बाजारों के सूचकांक से करीब 77 प्रतिशत अधिक है। इसके चलते विदेशी निवेशकों ने इस साल लगभग 25 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की है। इस दबाव का असर बाजार पर भी दिख रहा है। निफ्टी पचास फिलहाल वर्ष 2024 के मध्य के आसपास के स्तर पर है और एक दशक से चली आ रही लगातार वार्षिक बढ़त की श्रृंखला टूटने की स्थिति में है। दुबई स्थित वैश्विक मुख्य निवेश अधिकारी कार्यालय के प्रमुख गैरी डुगन के मुताबिक, उसके करीब 30 प्रतिशत ग्राहकों ने भारत से अपना पूरा निवेश निकाल लिया है। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने बाजार को बड़ा सहारा दिया है। बंबई शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थानों ने इस साल करीब 60 अरब डॉलर के शेयर खरीदे हैं। इसी खरीदारी से छोटे शेयरों में मजबूती बनी हुई है। देश में आंकड़ा केंद्रों के विस्तार से जुड़ी कंपनियों को भी इसका फायदा मिल रहा है। दूसरी ओर, मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कई तिमाहियों तक चलने वाले तेज वृद्धि चक्र में प्रवेश कर चुकी है। संस्था को उम्मीद है कि अगले साल जून तक बंबई संवेदी सूचकांक करीब 19 प्रतिशत चढ़कर 89,000 तक पहुंच सकता है, जबकि बेहतर स्थिति में यह 1 लाख का स्तर भी छू सकता है। लेकिन विदेशी निवेशकों की मुख्य चिंता सिर्फ शेयर बाजार का प्रदर्शन नहीं है। जानूस हेंडरसन के सत धुरा के अनुसार, असली चुनौती रोजगार, मैन्युफैक्चरिंग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने की है। उनका कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था में एकरूपता, अचल संपत्ति सुधार और दिवाला कानून जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन इससे रोजगार और मैन्युफैक्चरिंगकी मूल समस्या पूरी तरह हल नहीं हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी भारतीय संपत्तियों की कमजोरी उजागर की है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरा। भारतीय अर्थव्यवस्था की तेल आयात पर भारी निर्भरता से चालू खाते पर दबाव बढ़ता है और कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के डॉलर में मिलने वाले रिटर्न को कम करता है। भारत ने मुद्रा को संभालने के लिए प्रवासी भारतीयों से 127 अरब डॉलर जुटाए हैं, लेकिन इसके बावजूद रुपया एशिया की कमजोर मुद्राओं में बना हुआ है। यूरोपियन बैंक से जुड़े अर्थशास्त्री कार्लोस कासानोवा के मुताबिक कमजोर मुद्रा विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती है और कंपनियों के मुनाफे की स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर सकती है। वहीं, उभरते बाजारों के सूचकांकों में भारत का हिस्सा भी घटकर करीब 11 प्रतिशत रह गया है, जो एक साल पहले 16 प्रतिशत था। ऐसे में भारत के सामने विदेशी पूंजी वापस लाने, रोजगार बढ़ाने और एआई आधारित वैश्विक निवेश दौड़ में अपनी जगह बनाने की चुनौती हैं।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
भारत और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर की चर्चा
New Delhi, 13 सितंबर . विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने Sunday को New Delhi में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट ... Read more
बेल्जियम की टिने गिलिस हार के साथ टूर्नामेंट में सफर समाप्त: कतर क्लासिक स्क्वैश
दोहा, भारतीय स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह रविवार को कतर क्लासिक के महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में बेल्जियम की दुनिया की नंबर 9 खिलाड़ी टिने गिलिस से कड़े मुकाबले में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
दोहा, 13 सितंबर . भारतीय स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह Sunday को कतर क्लासिक के महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में बेल्जियम की दुनिया की नंबर 9 खिलाड़ी टिने गिलिस से कड़े मुकाबले में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं. यह 2,42,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाला पीएसए प्लैटिनम इवेंट था. जुलाई में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप ... Read more
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कारगिल युद्ध के अमर शहीद नायक मलकीत सिंह को दी श्रद्धांजलि
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब के पटियाला जिले के गांव हडाना में कारगिल युद्ध के अमर शहीद नायक मलकीत सिंह की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर...
पीएम मोदी और चिनफिंग ने की रूस-यूक्रेन युद्ध सुलझाने में मदद की पेशकश, पुतिन ने किया स्वागत - Jagran
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धनबाद जिले के कतरास रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुमारपट्टी में कथित अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध सुरंग में घुसकर कोयला निकालने के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ महिलाएं और पुरुष अवैध सुरंगों में घुसकर कोयला निकालने का काम करते थे। रविवार भी इसी तरह कोयला निकालने के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसके नीचे कई लोग दब गए। ग्रामीणों ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला सुरंग धंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कुदाल और गेंती की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। इस दौरान तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, हादसे के बाद अभी भी कई और लोगों के सुरंग के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। ग्रामीण अपने स्तर से ही बचाव अभियान में जुटे रहे और सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। दो शव बाहर निकाले, बाइक से अस्पताल ले गए ग्रामीण मलबा हटाने के दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों के शव भी बाहर निकाले। दोनों शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बाइक पर रखकर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश रहा कि कथित अवैध खनन के कारण ऐसी जानलेवा स्थिति पैदा हुई। बताया जा रहा है कि केशलपुर कुमारपट्टी इलाके में अवैध सुरंगों के जरिए कोयला निकालने का काम लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटनास्थल पर मौजूद लोग मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण लगातार बचाव कार्य में लगे रहे। जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरंग के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कई अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका है। वहीं, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरंग के अंदर कितने लोग कोयला निकाल रहे थे, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह अवैध कोयला खनन के दौरान सुरंग का धंसना बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही मृतकों और हादसे में प्रभावित अन्य लोगों की संख्या समेत पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
BRICS देशों में बढ़ी यूपी की पकड़, ₹47,484 करोड़ का निर्यात; UAE-सऊदी अरब समेत ये देश बने बड़े बाजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास, निवेश और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के बीच ब्रिक्स व उसके सहयोगी देशों को प्रदेश से होने वाला निर्यात राज्य की आर्थिक क्षमता को रेखांकित कर ...
कतरास में दर्दनाक हादसा! मिट्टी के मलबे में दबी 3 महिलाएं; 2 की मौत
झारखंड के कतरास में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के रामकनाली थाना क्षेत्र के केशलपुर कुम्हार पट्टी के समीप रविवार सुबह कोयला चुनने के दौरान अचानक मिट्टी का मलबा धंस गया। इस घटना में 2 की मौत हो गई।
'एकतरफा और भेदभावपूर्ण...', BRICS ने किया 'कार्बन टैक्स' का विरोध
ब्रिक्स देशों ने कार्बन टैक्स और ग्लोबल ट्रेड से जुड़े अहम मुद्दों पर अपना रुख साफ किया है. समूह ने कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण कदमों का विरोध करते हुए कहा कि इनसे विकासशील देशों पर दबाव बढ़ सकता है. इसका असर स्टील, सीमेंट, फर्टिलाइजर और एल्युमिनियम जैसे सेक्टरों पर पड़ सकता है.
ट्रंप टेंशन में हैं... ईरान युद्ध पड़ा भारी, डीजल महंगा होने से बिगड़ा खेल
Donald Trump Tension: अमेरिका में महंगाई की मार लगातार पड़ रही है और डीजल की कीमतों में तेज उछाल ने डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन को हाई पर पहुंचा दिया है और America में ये सब ईरान युद्ध के चलते तेल-गैस महंगा होने के चलते देखने को मिल रहा है.
आरोप है कि वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप से कोड वर्ड में नेटवर्क चला रहा था।
Amroha News: छोटू की आतिशी पारी की बदौलत अहमद तुर्की क्लब ने दर्ज की जीत
डिडौली के डीएनएस क्रिकेट एकेडमी के मैदान में रोमांचक टी-20 मुकाबले में अहमद तुर्की क्लब ने रॉयल लेजेंड्स इलेवन की टीम को चार विकेट से हराया।
Bahraich News: कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में बालक व महिला जख्मी
कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में बालक व महिला जख्मी
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
कतरास थाना क्षेत्र के कैलूडीह स्थित STG आउटसोर्सिंग माइंस में शनिवार को एक भारी वाहन की चपेट में आने से 55 वर्षीय मधुसूदन यादव की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोर की थी कि उनका शरीर जमीन में दब गया। मृतक पास के बटी कैलूडीह के रहने वाले थे। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने माइंस का काम रोक दिया घटना की सूचना मिलने पर कतरास पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आउटसोर्सिंग माइंस परिसर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने माइंस का काम रोक दिया। बड़ी संख्या में लोग माइंस परिसर में जमा हो गए, जिससे कंपनी का काम पूरी तरह बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने परिवहन व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग की। लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग माइंस बस्ती के काफी करीब है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम होने चाहिए। साथ ही, वाहनों के चलने वाली जगहों पर साइन बोर्ड और दूसरी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और माइंस में काम बंद है।
कतरास के न्यू आकाशकिनारी कोलियरी में अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से 53 वर्षीय मधुसूदन यादव की मौत हो गई। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने हॉल रोड जाम कर परिवहन कार्य ठप कर दिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
भिवानी बार एसोसिएशन के चुनाव का परिणाम देर रात जारी किया गया। उम्मीदवारों व एजेंटों द्वारा ऑब्जेक्शन लगाने के कारण दोबारा काउंटिंग भी कराई गई। जिसके चलते चुनाव परिणाम आने में देरी हुई। इसके बावजूद युद्धिष्ठिर वत्स 37 वोटों से विजयी हुए और नए प्रधान बने। जीत के बाद युद्धिष्ठिर वत्स ने कहा कि यह भाईचारे की जीत है और वे भाईचारे को साथ लेकर काम करेंगे। इधर, जीत के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहल दौड़ गई और सभी ने मिलकर खुशी मनाई। इससे पहले वे बार चुनाव में हार का सामना भी कर चुके हैं। लेकिन अबकी बार उन्हें जीत मिली। इसके अलावा विकास बुडानिया को 756 वोट, भरत सिंह बूरा को 16 वोट व सुरेंद्र कुमार हंस को 104 वोट मिले। बता दें कि बार एसासिएशन चुनाव में कुल 1705 वोट पोल हुए। जिसमें से प्रधान पद के 36 वोट रिजेक्ट हो गए और 1669 वोट वैद्य रहे। सचिव पद की बात करें तो कुल 1705 वोट पाल हुए, जिसमें से 15 वोट रिजेक्ट हो गए और 1690 वोट वैद्य रहे। इसके अलावा सचिव पद पर सचिन कुमार सिंगला विजयी रहे। जिन्हें 479 वोट मिले। वहीं द्वितीय स्थान पर वरुण कुमार टिटानी को 396 वोट मिले। वहीं जगजीत सिंह परमार को 355, नरेंद्र शर्मा को 221, संजय महता को 239 वोट मिले। जिसकी बदौलत सचिन कुमार सिंगला 83 वोट से विजयी रहे। सचिन कुमार सिंगला ने जीत के बाद कहा कि वकील साथियों की जो भी समस्या होगी, उसका प्रमुखता के साथ समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जीत भाईचारे की है। उन्होंने कहा कि वकीलों को सीट मिलने, बारिश के दिनों में गंदगी फैलने व सुरक्षा को लेकर मुद्दा उठाया जाएगा। वे लगातार बार एसोसिएशन के सदस्य रहे हैं और कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, तो उन्हें वकील साथियों की समस्याओं का भी पता है। 40 वोट से जीतकर उप प्रधान बनी रश्मि ठाकुरउप प्रधान पद (महिला) की बात करें तो कुल 1705 वोट पोल हुए, जिसमें से 38 वोट रिजेक्ट किए गए और 1667 वोट वैद्य रहे। जिसमें से रश्मि ठाकुर (तंवर) विजयी रही, जिन्हें कुल 614 वोट मिले। वहीं मीना को 574 वोट व पूजा तंवर को 479 वोट मिले। रश्मि ठाकुर 40 वोटों से विजयी रही। जीत के बाद रश्मि ठाकुर ने कहा कि वे 2021 से भिवानी बार की सदस्य हैं। पिछले करीब दो साल से भिवानी कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जो भी आवश्यकता होगी, उसको पूरा करने का प्रयास रहेगा। जो भी महिलाओं की समस्याएं हैं, उनको लेकर उन्होंने इसके लिए चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। 59 वोट से जीतकर उप प्रधान बने अशोक कुमार यादवउप प्रधान (ओपन) पद पर कुल 1705 वोट पोल हुए। लेकिन 49 वोट रिजेक्ट हो गए और 1656 वोट वैद्य माने गए। जिसमें अशोक कुमार यादव विजयी रहे, उन्हें 532 वोट मिले। इसके अलावा दीपक सोनी को 473 वोट, मुकेश अग्रोहिया को 434 वोट व तिलक राज को 217 वोट मिले। अशोक कुमार यादव 59 वोट से विजेता बने।
'अक्टूबर में छिड़ेगी बड़ी जंग!' क्या Israel-Iran युद्ध में फँसेगा भारत? | Prof. Muqtedar Khan
इसराइल और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ दुनिया भर में बढ़ते गुस्से के बीच भारत के अंतरराष्ट्रीय हितों और कूटनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। 'द डेली शो' में प्रोफेसर मुकेश कुमार के साथ खास बातचीत में प्रो. मुक़्तेदर ख़ान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व (Middle East) में अक्टूबर के दौरान ईरान के खिलाफ एक भयानक युद्ध की आशंका है।
Solan News: बड्ड़ू गांव में तेंदुए और अजगर की दहशत, खेतों और जंगल जाने से कतरा रहे लोग
रामशहर क्षेत्र के बड्डू गांव में तेंदुए और विशालकाय अजगर की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
Hisar News: जिले में कुछ स्थानों पर बारिश, शहर का अधिकतर हिस्सा सूखा
लंबे समय बाद शुक्रवार को हिसार जिले के कुछ गांवों और शहर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जबकि शहर का अधिकतर हिस्सा सूखा रहा।
Deoria News: सऊदी अरब में 12 दिन पहले हुई मौत, नहीं लाया जा सका शव
Death occurred 12 days ago in Saudi Arabia, body could not be brought back
सोनीपत जिले की विभिन्न बार एसोसिएशनों में शुक्रवार को हुए चुनाव में अधिवक्ताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधियों के पक्ष में मतदान कर नई कार्यकारिणी चुन ली। जिला मुख्यालय सोनीपत से लेकर गोहाना, गन्नौर, खरखौदा और राई तक अदालत परिसरों में दिनभर चुनावी माहौल बना रहा। कई पदों पर प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, तो कहीं एकतरफा जीत दर्ज हुई। सोनीपत बार एसोसिएशन में अध्यक्ष पद का मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, जहां महेंद्र सैनी ने वीरेंद्र त्यागी को 53 मतों से हराकर प्रधान पद पर कब्जा जमाया। वहीं महासचिव पद पर निशांत दहिया और अनुज खत्री के बीच बेहद करीबी मुकाबला हुआ और निशांत महज छह वोट से विजयी रहे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अमित कुमार मलिक ने बड़ी जीत दर्ज की, जबकि कोषाध्यक्ष पद पर पांच प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में समुंद्र दहिया ने बाजी मारी। गोहाना में भूपेंद्र मान ने सीधे मुकाबले में संदीप सनसनवाल को 147 वोट से हराया। गन्नौर में युद्धवीर रापरिया 40 वोट से प्रधान चुने गए। खरखौदा में सुमित कौशिक ने 207 वोट के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि राई में राजेश कौशिक ने 40 वोट के अंतर से एकतरफा जीत हासिल की। चुनाव के दौरान सभी स्थानों पर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। विधानसभा अनुसार कौन कौन विजयी हुआ… सोनीपत में महेंद्र सैनी ने 53 वोट से वीरेंद्र त्यागी को हराया:सोनीपत बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद पर महेंद्र सैनी ने जीत दर्ज की। उन्होंने वीरेंद्र त्यागी को 53 मतों के अंतर से मात दी। महेंद्र सैनी को कुल 585 वोट मिले, जबकि वीरेंद्र त्यागी के खाते में 532 वोट आए। तीसरे प्रत्याशी कुसुम दहिया को 105 मत मिले। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों ने महेंद्र सैनी को बधाई दी। निशांत दहिया ने अनुज खत्री को पछाड़ा:सोनीपत बार चुनाव में महासचिव पद का मुकाबला सबसे ज्यादा रोमांचक रहा। निशांत दहिया और अनुज खत्री के बीच कांटे की टक्कर में जीत का फैसला महज छह वोट से हुआ। निशांत दहिया को 444 वोट मिले, जबकि अनुज खत्री को 438 मत मिले। तीसरे प्रत्याशी रविंदर कुमार शर्मा को 338 वोट प्राप्त हुए। इस तरह निशांत दहिया ने मामूली अंतर से महासचिव पद अपने नाम किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष में अमित मलिक की बड़ी जीत: वहीं सोनीपत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अमित कुमार मलिक ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 815 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सचिन शर्मा को 401 वोट प्राप्त हुए। इस तरह अमित मलिक ने 414 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। चुनाव परिणामों में यह जीत सोनीपत बार के सबसे बड़े अंतर वाली जीतों में रही। पांच प्रत्याशियों के बीच समुंद्र दहिया बने कोषाध्यक्ष: कोषाध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे। इसमें समुंद्र दहिया ने 391 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। साहिल राणा को 317, अंकित वत्स को 280, योगेश को 158 और मनीष को 70 मत मिले। चुनाव परिणाम के बाद विजेता पदाधिकारियों के समर्थकों में खुशी का माहौल रहा। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रेम अत्री ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। नवनिर्वाचित प्रधान महेंद्र सैनी ने कहा कि वे वकील साथियों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। गोहाना में भूपेंद्र मान ने 147 वोट से मारी बाजी गोहाना बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद पर भूपेंद्र मान ने जीत दर्ज की। यहां सीधा मुकाबला भूपेंद्र मान और संदीप सनसनवाल के बीच था। भूपेंद्र मान को 361 वोट मिले, जबकि संदीप सनसनवाल को 214 मत प्राप्त हुए। दो वोट रद्द हुए। इस तरह भूपेंद्र मान ने 147 वोट के अंतर से जीत हासिल की। उपाध्यक्ष में मीना नरवाल, सचिव अरुण भनवाला विजयी: गोहाना में उपाध्यक्ष पद पर मीना नरवाल ने सुमन मलिक को 34 वोट से हराया। मीना नरवाल को 305 और सुमन मलिक को 271 वोट मिले। सचिव पद पर अरुण भनवाला ने जीतेंद्र राणा को 56 वोट के अंतर से मात दी। सह-सचिव पद पर रश्मि मलिक ने पूनम को 135 वोट से हराकर जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर राहुल हसीजा और लाइब्रेरी इंचार्ज पद पर गायत्री विजयी रहीं। छह पदों के चुनाव में तीन पदों पर पुरुष और तीन पदों पर महिला अधिवक्ता विजयी रहीं। गन्नौर में युद्धवीर रापरिया बने प्रधान, 40 वोट से जीतगन्नौर बार एसोसिएशन के चुनाव में युद्धवीर रापरिया ने प्रधान पद पर जीत हासिल की। उन्होंने विवेक त्यागी को 40 मतों के अंतर से हराया। युद्धवीर रापरिया को 135 और विवेक त्यागी को 95 वोट मिले। उप प्रधान पद पर सुमित त्यागी 129 वोट लेकर विजयी रहे। उनके प्रतिद्वंद्वी अनुज बजाड़ को 101 मत मिले। महिला आरक्षित उप प्रधान पद पर माही मलिक विजयी रहीं। सचिव पद पर योगेश शर्मा की बड़ी जीत: गन्नौर बार में सचिव पद पर योगेश शर्मा ने 166 वोट लेकर जीत दर्ज की। उनके सामने चुनाव लड़ रहीं मंजू बाला को 63 वोट मिले। महिला आरक्षित सह-सचिव पद पर सुजाता ने 72 वोट के अंतर से जीत हासिल की। वहीं प्रिंस त्यागी कोषाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुने गए। खरखौदा में सुमित कौशिक ने 207 वोट से जीता प्रधान पदखरखौदा बार एसोसिएशन के चुनाव में प्रधान पद पर सुमित कौशिक एडवोकेट निर्वाचित हुए। उन्होंने सुरेश दहिया को 207 वोट के बड़े अंतर से हराया। सुमित कौशिक को 275 वोट मिले, जबकि सुरेश दहिया को 68 मत प्राप्त हुए। महासचिव पद पर सत्यजीत ने 234 वोट लेकर जीत हासिल की। उनके प्रतिद्वंद्वी मोहित दहिया को 109 वोट मिले। 375 में से 343 ने डाला वोट, कई पद पहले ही निर्विरोध तय:खरखौदा बार एसोसिएशन में कुल 375 मतदाताओं में से 343 अधिवक्ताओं ने मतदान किया। उप प्रधान पद पर साहिल गनोत्रा और ज्योति दहिया, सह-सचिव पद पर पूजा तथा कोषाध्यक्ष पद पर सुधीर गुलिया पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। चुनाव के दौरान पूर्व प्रधान आशुतोष सरोहा, कमल शर्मा, प्रवीण कुमार, गौरव शर्मा, अजय वशिष्ठ, नवीन पाराशर और किरण समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। राई में राजेश कौशिक की एकतरफा जीत, 46 में से 43 वोट मिले राई बार एसोसिएशन के चुनाव में प्रधान पद पर राजेश कौशिक ने एकतरफा जीत दर्ज की। मतदाता सूची में 59 अधिवक्ताओं के नाम थे, जिनमें से 46 ने मतदान किया। राजेश कौशिक को 43 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी राजेश सरोहा को केवल तीन मत प्राप्त हुए। इस तरह राजेश कौशिक ने 40 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। बाकी छह पदों पर निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी:राई बार एसोसिएशन में उप प्रधान पद पर राज कुमार और ज्योति, सचिव पद पर अमित कुमार, संयुक्त सचिव पद पर विधि बंसल, कोषाध्यक्ष पद पर आकाश तथा पुस्तकालय प्रभारी पद पर सुमित का एकल नामांकन हुआ था। इसलिए इन सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
Navgachia Flood Alert:भागलपुर के रंगरा प्रखंड में कालबालिया नदी से सटे धोबनिया जमींदारी बांध में 20 फीट का कटाव हो गया, जिससे पानी खेतों से होते हुए पीडब्ल्यूडी सड़क की ओर फैलने लगा और बाढ़ का खतरा मंडरा गया। नवगछिया एसडीएम सहित प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया।
हार्ट चेन्नई, लिवर इंदौर भेजा, दोनों किडनी भोपाल में... 4 लोगों को मिली नई जिंदगी भोपाल के 53 वर्षीय विकास चौधरी के निधन के बाद परिवार ने अंगदान का फैसला लेकर चार लोगों को नई जिंदगी की उम्मीद दी। अब विकास का दिल इराक के एक व्यक्ति के सीने में धड़केगा। विकास का हार्ट चेन्नई भेजा गया था, जहां उसका सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। दरअसल, बागसेवनिया के व्यवसायी विकास को 4 सितंबर को ब्रेन हैमरेज के बाद एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 8 सितंबर को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। दुख की इस घड़ी में भाई राजेश चौधरी, बहन वीणा चौधरी, भतीजे प्रतीक चौधरी और बेटे मासूम चौधरी समेत परिजनों ने अंगदान की सहमति दी। इसके बाद गुरुवार को विकास का हार्ट, लिवर और दोनों किडनी दान किए गए। हार्ट को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने विकास को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। भतीजा बोला- चाचाजी के अंग किसी और का जीवन बचाएं भतीजे प्रतीक ने कहा कि चाचाजी के अंग जरूरतमंद मरीजों को जीवन का अनमोल अवसर दे सकते हैं। इसी सोच के साथ अंगदान का निर्णय लिया।दिल चेन्नई, लिवर इंदौर पहुंचा: विकास का हार्ट चेन्नई के एमजीएम हॉस्पिटल, लिवर इंदौर के केयर हॉस्पिटल और दोनों किडनी भोपाल के बंसल हॉस्पिटल भेजी गईं। इराक के मरीज की चेन्नई से वेटिंग, इसलिए वहां भेजानोटो (नेशनल आर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन) की व्यवस्था के तहत उपलब्धता और जरूरत के आधार पर हार्ट का राष्ट्रीय स्तर पर आवंटन किया गया। पहले मुंबई में बात की गई, लेकिन वहां कोई वेटिंग लिस्ट में शामिल नहीं था। इसके बाद चेन्नई से बातचीत की गई। इस दौरान इराक का व्यक्ति वेटिंग लिस्ट में प्रथम नंबर पर होने के कारण प्रत्यारोपण के लिए हार्ट उसे अलॉट किया गया।
भारत-पाक युद्ध 1965 के बलिदानियों को नमन किया
भास्कर न्यूज | जालंधर वज्र कोर ने असल उत्तर की लड़ाई (8–10 सितंबर 1965) की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर 1965 के भारत-पाक युद्ध के निर्णायक संग्राम में भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को नमन किया। खेमकरण सेक्टर के असल उत्तर क्षेत्र में हुए इस युद्ध में पाकिस्तानी बख्तरबंद टुकड़ियों, खासकर पैटन टैंकों के साथ बड़े हमले का भारतीय सेना ने सामना किया था। सेना ने भू-भाग का लाभ उठाते हुए रक्षात्मक रणनीति अपनाई और आगे बढ़ रहे टैंकों को तैयार मोर्चों की ओर खींचकर तीन दिन तक चली भीषण लड़ाई में आक्रमण को रोक दिया। बड़ी संख्या में टैंकों के नष्ट, क्षतिग्रस्त या छोड़े जाने के कारण यह इलाका पैटन नगर’ के नाम से भी पहचाना गया। समारोह में कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद, परमवीर चक्र (मरणोपरांत) के पराक्रम का भी स्मरण किया गया। 9 सितंबर 2026 को असल उत्तर युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पण किया गया, जिसमें पूर्व सैनिक, सेवारत कर्मी और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से वज्र कोर ने असल उत्तर के योद्धाओं की विरासत को संजोने की प्रतिबद्धता दोहराई।
Moradabad News: सऊदी अरब से भेजे गए नौ लाख रुपये हड़पने के आरोप
सऊदी अरब से भेजे गए नौ लाख रुपयेहड़पनेके आरोप
चंदौली में चकिया कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को सिकंदरपुर मोड़ के पास नाबालिग किशोरी के अपहरण के आरोपी विकास कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने किशोरी से एकतरफा प्यार करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, उसने मौका पाकर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। 13 अगस्त को घर से लापता हुई थी किशोरी चकिया कोतवाली क्षेत्र के एक परिवार की नाबालिग किशोरी 13 अगस्त को घर से बिना बताए चली गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद किशोरी के पिता ने 14 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दर्ज किया था अपहरण का केस पिता की शिकायत पर पुलिस ने नाबालिग के अपहरण का केस दर्ज किया। जांच के दौरान विकास कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने मुकदमे में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराएं भी बढ़ाईं। सिकंदरपुर मोड़ से आरोपी पकड़ा गया गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी के अपहरण का आरोपी सिकंदरपुर मोड़ के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के जलीलपुर निवासी विकास कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद किया पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ किशोरी को भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में विकास ने एकतरफा प्यार की बात बताई और किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने की बात स्वीकार की। कार्रवाई करने वाली टीम में चकिया कोतवाल संजय कुमार सिंह, इंद्रमणि यादव और उद्देश्य सिंह शामिल रहे।
पिछले वर्ष निर्यात में रिकार्ड बनाने वाले कानपुर को इस बार तगड़ा झटका लगा है। शहर के निर्यात में करीब 591 करोड़ की गिरावट आई है।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
बुशरा बानो का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ। वो पढाई में काफी तेज थीं। उनके पास कई डिग्रियां हैं जैसे पीएचडी, एमबीए एम और नेट-जेआरफ। बुशरा बानो ने अपनी अपनी 12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
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Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
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Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
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Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
आज ही के दिन यानी की 18 अगस्त को पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्म हुआ था। वह एक बेहतरीन घुड़सवार, कुशल तलवारबाजी और कमाल के सेनापति थे। बाजीराव प्रथम युद्ध में माहिर थे। उन्होंने मुगलों की कमर तोड़ दी थी। बाजीराव प्रथम अपनी जिंदगी में एक भी युद्ध नहीं हारे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पेशवा बाजीराव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार 18 अगस्त 1700 को पेशवा बाजीराव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम बालाजी विश्वनाथ और मां का नाम राधाबाई था। इनके पिता छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। बाजीराव का एक छोटा भाई चिमाजी अप्पा था। बाजीराव अपने पिता के साथ हमेशा सैन्य अभियानों में जाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak बाजीराव प्रथम पेशवा बाजीराव को बाजीराव प्रथम भी कहा जाता है। वह मराठा साम्राज्य के एक महान पेशवा थे। पेशवा का अर्थ प्रधानमंत्री होता है। वह मराठा छत्रपति राजा शाहू के चौथे प्रधानमंत्री थे। बाजीराव ने अपना प्रधानमंत्री पद साल 1720 से लेकर मृत्यु तक संभाला था। बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में माहिर थे। यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक देश में आज तक नहीं देखा गया। उनके 4 घोड़े थे- गंगा, नीला, सारंगा और औलख आदि। जिनकी वह खुद देखभाल किया करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे और वह न्यायप्रिय सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते थे। बाजीराव पूरी सेना को अनुशासन में रखते थे। बता दें कि 20 साल की उम्र में बाजीराव पेशवा के पद पर नियोजित हुए थे। उनके पेशवा बनते ही छत्रपति शाहू नाम मात्र के शासक रह गए थे। वह एक महान योद्धा थे। मोहम्मद बंगश, निजाम से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को वह कई-कई बार शिकस्त देते। बाजीराव इतिहास के अकेले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने 41 लड़ाइयां लड़ी थीं और एक भी लड़ाई नहीं हारी। बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली का इस्तेमाल कर रहे थे। मृत्यु बाजीराव पेशवा की 28 अप्रैल 1740 को 39 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

