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युद्धविराम के बीच दक्षिणी ईरान में अमरीका का हमला, जनजीवन प्रभावित नहीं

तेहरान। ईरान-अमरीका के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई जगह हवाई हमलों को अंजाम दिया है, जिससे पश्चिम एशिया की शांति पर एक बार फिर आशंका के बादल छा गए हैं। सीएनएन ने मंगलवार को अमरीकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के हवाले […] The post युद्धविराम के बीच दक्षिणी ईरान में अमरीका का हमला, जनजीवन प्रभावित नहीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 May 2026 3:40 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुबई, मस्कट नहीं जा पाए बकरे:विदेश में 4 लाख का भाव मिलता था, अजमेर में 1.5 लाख में बिक रहे

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और समुद्री जहाजों की सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो गई है। इसका सीधा और बड़ा असर अजमेर की प्रसिद्ध बकरा मंडी पर पड़ा है। इस तनाव की वजह से अजमेर से खाड़ी देशों को होने वाला बकरों का एक्सपोर्ट पूरी तरह रुक गया है। नतीजतन, जो बकरे दुबई, ईरान और मस्कट जैसे देश के बाजारों में 4 लाख रुपए तक की भारी-भरकम कीमत पर बिकते थे, उनकी कीमत अब गिरकर महज डेढ़ लाख रुपए तक ही रह गई है। विदेशी खरीदार न मिलने से स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अजमेर मंडी के कारोबारियों के मुताबिक, बकरीद के सीजन के दौरान यहां महज 15 दिनों के भीतर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर होता था। इस बार युद्ध के हालातों के कारण 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का सीधा नुकसान हो चुका है। बकरा ईद आने वाली है। इसे देखते हुए अजमेर के ब्यावर रोड पर बकरा मंडी सज गई है। यहां 2 लाख तक के बकरे उपलब्ध हैं। अजमेर की बकरा मंडी में बॉलीवुड सितारों के नाम वाले बकरों की डिमांड खूब है। कोई ‘सलमान’ है तो कोई ‘शाहरूख’। ‘सुल्तान’, ‘युवराज’, ‘फारूक’ भी किसी से कम नहीं। 18 इंच लंबे कानों वाली ‘परी’ भी खास है। इनकी ठाट-बाट ऐसी कि आम आदमी हैरान रह जाए। ये हरा चारा कम और काजू, बादाम ज्यादा खाते हैं। इनकी डाइट में दूध और शुद्ध देसी घी भी शामिल है। AC-कूलर में रहते हैं। हर महीने इनपर करीब 10 हजार रुपए का खर्चा है। अच्छी डाइट और देखभाल के कारण ये अलग दिखते हैं। इसी वजह से दुबई के शेख इन बकरों को काफी पसंद करते हैं। 1992 से सज रही है मंडी; 10 से ज्यादा नस्लें मौजूद बकरा मंडी कमेटी के सीनियर मेंबर पप्पू कुरैशी बताते हैं- 1992 से पहले यह मंडी अजमेर के तंग इलाके दिल्ली गेट में लगा करती थी। इसके बाद ब्यावर रोड पर 10 बीघा जमीन पर शिफ्ट किया गया। सामान्य दिनों में यह मंडी सिर्फ मंगलवार और शनिवार को लगती है। ईद से 15 दिन पहले यह 24 घंटे चलती है। यहां विलायती, सोजती, सिरोही, गुजरी, नागोरी, मारवाड़ी, जाफरी, जमनापारी और बरबरी जैसी टॉप नस्लें मिलती हैं। अजमेर के ब्यावर रोड पर करीब 10 बीघा में फैली इस विशाल मंडी में बकरा ईद से पहले देश और प्रदेशभर से पशुपालक अपने सबसे नायाब बकरों को लेकर पहुंचे हैं। मंडी में इस समय 10 से ज्यादा प्रीमियम नस्लों के बकरे मौजूद हैं। 10 हजार से ज्यादा बकरों की खरीद-बिक्री मंडी में रोजाना 10 हजार से ज्यादा बकरों की खरीद-फरोख्त हो रही है। आम दिनों में 15 हजार से शुरू होने वाले बकरों की रेंज यहां डेढ़ से दो लाख तक जा रही है। वैसे तो ईद के इस 15 दिनी सीजन में यहां 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर रहता है, लेकिन विदेशी एक्सपोर्ट रुकने का असर है। इस बार करीब 2 करोड़ रुपए के कारोबार का सीधा नुकसान हो रहा है। 4 लाख के बकरे डेढ़ लाख में बिक रहे अजमेर के बकरा मंडी कमेटी के सीनियर मेंबर पप्पू कुरैशी के मुताबिक, दुबई के शेख खासतौर पर एयर कार्गो के जरिए अजमेर से बकरे मंगवाते थे। विदेशी खरीदार बकरे की डाइट, उसकी हाइट, ब्रीड (खासकर सिरोही और अजमेरा) और शरीर के फैट को देखकर डील फाइनल करते थे। युद्ध के कारण इस बार खाड़ी देशों के लिए कोई फ्लाइट या जहाज बुक नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि 4 लाख के बकरे अब कौड़ियों के दाम (डेढ़ लाख रुपए) में स्थानीय बाजार में बेचने पड़ रहे हैं। मंडी के 'सुपरस्टार', AC में बीतता है वक्त पशुपालकों ने अपने बकरों के नाम बॉलीवुड स्टार्स पर रखे हैं। मंडी में शाहरुख, सलमान, सुल्तान, युवराज और फारूक नाम के बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हें पालने वाले किसानों ने बताया कि इन वीआईपी बकरों का महीने का खर्च ही 5 से 10 हजार रुपए आता है। इन्हें हरी घास के अलावा काजू, बादाम, जौ, लौंग का पत्ता, शुद्ध देसी घी और दूध पिलाया जाता है। 43 इंच की हाइट वाला 'सलमान', कीमत 2 लाख नागौर के परबतसर से आए शिव प्रकाश अपने साथ सिरोही नस्ल का बकरा 'सलमान' लेकर आए हैं। करीब 43 इंच की हाइट वाले इस बकरे की खुराक (डाइट) में रोजाना ड्राई फ्रूट्स और घी शामिल है। इसकी कीमत 2 लाख रुपए रखी गई है। 18 इंच लंबे कानों वाली 'परी', कीमत 80 हजार ब्यावर के रिटायर्ड फौजी रोशन अली मंडी में हैदराबादी नस्ल की 1 साल की बकरी लेकर आए हैं। इसका नाम 'परी' है। सफेद आंखों वाली इस बकरी के कान 18 इंच लंबे हैं। इसकी कीमत 80 हजार रुपए लगाई गई है। लग्जरी लाइफ जीने वाला 'सुल्तान', कीमत 1.5 लाख पशुपालक हरीश का 38 इंच हाइट वाला बकरा 'सुल्तान' भी मंडी में चर्चा का विषय है। गर्मियों में इसे एसी और कूलर के सामने रखा जाता है। सुल्तान को देखने के लिए मंडी में खरीदारों की भीड़ लग रही है। इसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए रखी गई है। पश्चिम बंगाल के व्यापारियों ने संभाला मोर्चा अजमेर के बकरा मंडी अध्यक्ष अंबालाल दायमा बताते हैं- अंतरराष्ट्रीय बाजार बंद होने से तगड़ा झटका लगा है। इस बीच एक अच्छी खबर यह रही कि पहली बार पश्चिम बंगाल (कोलकाता) से बकरों की भारी डिमांड आई है। बंगाल के बड़े व्यापारी इस बार अजमेर मंडी में डेरा डाले हुए हैं, जिससे पशुपालकों को कुछ राहत मिली है।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 9:57 am

सीजफायर के बीच फिर भड़का युद्ध! अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल साइट और नौकाएं कीं तबाह

US Attacks Iran : सीजफायर के बीच अमेरिका सेना ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में नाव बिछा रही ईरानी नौकाओं पर हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। इसके अलावा बंदर अब्बास में एक SAM मिसाइल साइट भी तबाह की गई। इससे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की उम्मीदों को ...

वेब दुनिया 26 May 2026 8:46 am

कानपुर में दो शातिर जेबकतरे गिरफ्तार:ऑटो-ई-रिक्शा यात्रियों को बनाते थे निशाना, रेलवे कर्मचारी का पर्स लूटा

कानपुर में ऑटो और ई-रिक्शा यात्रियों को निशाना बनाने वाले दो शातिर जेबकतरे पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। इनमें एक बाल अपचारी भी शामिल है। ये आरोपी सिर्फ 10 रुपये किराया देकर सवारी बनते थे और फिर सफर के दौरान यात्रियों का पर्स, नकदी और अन्य कीमती सामान चुराकर फरार हो जाते थे। चकेरी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान लालबंगला निवासी यश गुप्ता के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले ऑटो और ई-रिक्शा को निशाना बनाते थे। एक आरोपी यात्रियों को बातों में उलझाता था, जबकि दूसरा मौका मिलते ही उनकी जेब साफ कर देता था। वारदात के बाद वे कुछ दूरी पर उतरकर फरार हो जाते थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं होता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल और 300 रुपए की नकदी बरामद की है। हाल ही में, उन्होंने शिवराजपुर के दिलीपनगर निवासी राजू गौतम को निशाना बनाया था, जो रेलवे में टेक्नीशियन हैं। राजू रामादेवी से कल्याणपुर जाने के लिए ऑटो में बैठे थे। इसी दौरान दोनों आरोपी उनके बगल में बैठ गए और सफर के दौरान उनका पर्स तथा अन्य जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। हालांकि, इस बार उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया। रेलवे कर्मचारी राजू गौतम को शक हुआ और उन्होंने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस दोनों को थाने ले आई, जहां पूछताछ के दौरान कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हुआ। कार्यवाहक थाना प्रभारी जावेद अहमद ने बताया कि आरोपी यश गुप्ता को जेल भेज दिया गया है, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अब दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य आपराधिक घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 9:22 pm

अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ युद्धविराम फिलहाल बना हुआ है, लेकिन शाब्दिक नोक-झोंक और पूर्ववत तनावों के बीच उनकी बातचीत में प्रगति के संकेत भी मिल रहे हैं। अमेरिकी न्यूज़ पोर्टल एक्सिओस (Axios) के अनुसार, सबसे नई प्रगति यह है कि एक 'समझौता ज्ञापन' (मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) दोनों देशों के बीच विवाद के सभी प्रमुख मुद्दों को संबोधित करता है। वह कथित तौर पर सभी तरह की शत्रुता को अस्थायी रूप से रोकने तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित है। ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और अमेरिका द्वारा ज़ब्त ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना भी कथित तौर पर चर्चा का विषय है। अमेरिकी के सूत्रों के अनुसार, आशा है कि ईरान युद्धविराम की अवधि के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों के गुज़रने में मदद करेगा। कोई टोल (शुल्क) नहीं लिया जाएगा। जहाज़ों का यातायात जल्द ही 'युद्ध-पूर्व के स्तर' पर लौट जाएगा। किंतु, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह युद्धविराम कितने समय तक चलेगा। अमेरिकी सूत्रों ने 60 दिनों की अवधि की बात कही है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी टेलीविज़न पर '30 से 60 दिनों की अवधि' का ज़िक्र किया। ईरान बारूदी सुरंगें हटाने के लिए भी तैयार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटाने के लिए भी तैयार है। इसके बदले में, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नाकेबंदी हटा सकता है और ईरान को बिना किसी रोक-टोक के तेल निर्यात करने की अनुमति दे सकता है। किंतु, इस बारे में ईरान से आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। वहां की समाचार एजेंसी 'फ़ार्स' ने लिखा कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रने वाले जहाज़ों की संख्या को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस लाने पर सहमति जताई तो है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध से पहले जैसी 'मुक्त आवाजाही' की स्थिति फिर से बहाल हो गई है। इसलिए, ट्रंप के बयान को 'अधूरा' माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि वह वास्तविकता को नहीं दर्शाता। ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य ईरान ने कथित तौर पर वादा किया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। किंतु, उसके यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने के संबंध में बातचीत अभी होनी है। अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार भी चर्चा का विषय है; उसे ईरान से संभवतः हटाया जा सकता है। इसके बदले में, अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और उस की संपत्तियों को मुक्त करने की बात कही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 'कुछ प्रगति' की बात करते हुए, बहुत सावधानी भरी आशावादिता का स्वर अपनाया। उन्होंने संकेत दिया कि वे संभवतः कुछ ही दिनों के भीतर कोई सही घोषणा कर पाएंगे। दूसरी ओर, अमेरिका में टेक्सास राज्य के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ ने X पर लिखाः अगर इसका नतीजा 'एक ऐसा ईरानी शासन देखने में आता है— जिसका नेतृत्व अभी भी वे इस्लामी कट्टरपंथी ही कर रहे हैं जो ''अमेरिका का नाश हो'' के नारे लगाते हैं— और जिसे अब अरबों डॉलर मिलते हैं, जो यूरेनियम को समृद्ध करने और परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है और जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर प्रभावी रूप से नियंत्रण रखता है, तो यह एक विनाशकारी ग़लती होगी।' ईरानी राष्ट्रपति को अमेरिका पर विश्वास नहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने यथासंभव कूटनीतिक समाधान के प्रति अपनी तत्परता दिखाई, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन के प्रति तेहरान के गहरे अविश्वास पर ज़ोर भी दिया। उन्होने कहा, 'हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका के साथ पिछली वार्ताओं के अनुभवों ने हमें अत्यधिक सावधानी बरतने पर मज़बूर कर दिया है।' ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के महीनों बाद भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अभी भी बंद है। 'समझौता ज्ञापन' वाला समाचार आने से दो ही दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना था कि ईरान के साथ बातचीत उम्मीद से कहीं ज़्यादा मुश्किल साबित हो रही है। यदि कोई समझौता हो भी जाता है, तब भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य को निरापद बनाने के अभियान के समय अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की ज़रूरत पड़ेगी। होर्मुज़ जलडमरूमध्य लिए एक 'प्लान B' की वकालत स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग नगर में 22 मई को हुई नाटो (NATO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए, मार्को रूबियो ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक 'प्लान B' की वकालत की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ ऐसे किसी भी समझौते का, जिसमें इस जलडमरूमध्य को — जो वैश्विक तेल और गैस बाज़ार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है— फिर से खोलने का प्रावधान हो, हर कोई स्वागत ही करेगा। लेकिन, ईरान यदि इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से इनकार कर देता है और उस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने तथा वहां से गुज़रने के लिए टोल (शुल्क) लगाने पर अड़ा रहता है— तो एक 'प्लान B' की ज़रूरत पड़ेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व वाला एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन, वर्तमान टकराव खत्म होने के बाद के लिए एक संभावित नौसैनिक मिशन की तैयारी कर रहा है। साथ ही उनका कहना था कि 'तब भी हमें एक 'प्लान B' की ज़रूरत है, यदि कोई गोलीबारी शुरू कर दे, तो ऐसी स्थिति में आप जलडमरूमध्य को फिर से कैसे खोलेंगे?' उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह ज़रूरी तौर पर नाटो (NATO) का एक मिशन होना चाहिए या नहीं, 'लेकिन इसमें निश्चित रूप से वे नाटो देश शामिल होंगे जो अपना योगदान देने में सक्षम हैं।' रूबियो ने स्वीडन वाले अपने वक्तव्य में इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद पर निर्भर नहीं है। उनके शब्दों में, 'संयुक्त राज्य अमेरिका यह कर सकता है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जिन्होंने इस तरह के काम में संभावित रूप से हिस्सा लेने में दिलचस्पी दिखाई — ऐसी नौबत यदि सचमुच आती है।' उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया। होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना विवाद का विषय अमेरिका और ईरान के बीच इस समय रुकी हुई बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना उनके बीच विवाद के मुख्य बिंदुओं में से एक है। युद्ध शुरू होने के बाद, ईरान ने धमकियां देकर और तेलवाही टैंकरों तथा मालवाही जहाज़ों पर गोलाबारी करके इस जलडमरूमध्य से होकर जहाज़ों की आवाजाही को काफी हद तक बंद कर दिया है। इसके जवाब में, अमेरिका ने भी अपनी तरफ से ईरानी बंदरगाहों की तरफ जहाजों की आवाजाही रोक रखी है। इस दोहरी नाकेबंदी के अलवा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से हो कर जहाज़ों का आना-जाना तब तक इसलिए भी ख़तरे से खाली नहीं होगा, जब तक ईरान द्वारा जलडमरूमध्य की तलहटी में बिछाई गई विस्फोटक सुरंगों को ढूंढ-ढूंढ कर नष्ट नहीं कर दिया जाता। अमेरिका के लिए यह एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बन गया है। दैनिक 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, अमेरिकी नौसेना, ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों को हटाने में अभी शायद सक्षम नहीं है— न तो तेज़ी से और न ही अकेले। इस काम में यूरोपीय देशों के सहयोग की भी एक प्रमुख भूमिका हो सकती है। अनगिनत बारूदी सुरंगें, हटाने में छह महीने लग सकते हैं 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की तलहटी में 'महाम,' 'सदाफ़,' 'MDM,' और 'EM-52' आदि नाम वाली अनगिनत बारूदी सुरंगें फैला रखी हैं। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को बंद दरवाज़े के पीछे दी गई एक ब्रीफ़िंग में, पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) ने कथित तौर पर कहा कि इन सुरंगों को हटाने के अभियान में छह महीने तक का समय लग सकता है। 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी केविन आयर ने कहा, 'लगभग 518 वर्ग किलोमीटर का इलाका साफ़ करना होगा। यह बहुत बड़ा समुद्री विस्तार है।' इससे पता चलता है कि ऐसा कोई अभियान कितना जटिल और जोखिम भरा होगा। जिन नौसैनिक जहज़ों की सहायता से यह काम करना होगा, उनका अभी तक असली युद्ध की परिस्थितियों में परीक्षण तक नहीं हुआ है। एक अंदरूनी सूत्र ने 'द टेलीग्राफ' को बताया: 'गठबंधन के भीतर क्षमताओं का सबसे बड़ा हिस्सा यूरोपीय देशों के पास है।' अमेरिका के लिए यूरोपीय समर्थन अतीत के रूस-अमेरिकी 'शीत युद्ध' वाले समय के बाद के दौर में अमेरिका ने मुख्य रूप से विमान वाहक जहाज़ों, पनडुब्बियों और विध्वंसक जहाज़ों पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि कई यूरोपीय देशों ने बारूदी सुरंगों का पता लगाने की अपनी विशेष क्षमताओं को बनाए रखा। 'द टेलीग्राफ' के अनुसार, जर्मनी बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले अपने जहाज़ 'फुल्दा' को पहले ही तैनात कर चुका है। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन भी स्वचालित बारूदी सुरंग-खोजी जहाज़ और गोताखोर उपलब्ध करा रहा है, जबकि इटली बारूदी सुरंगें हटाने वाले जहाज़ भेज रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के दो जहाज— यूएस पायोनियर और यूएस चीफ़— पहले ही फ़ारस की खाड़ी की ओर रवाना हो चुके हैं। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें काफ़ी मदद की ज़रूरत पड़ सकती है। माना जाता है कि बारूदी सुरंगों संबंधी किसी संभावित सफ़ाई अभियान की स्थिति में अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगी देशों के साथ मिलकर ही कोई कदम उठाएगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी IEA की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ उपयोगी बातचीत की आशा में उस पर नए हमलों को फिलहाल रोक रखा है। यदि फिर से युद्ध भड़का तो कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक बढ़ोतरी होनी तय है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर वह और अधिक तेल-भंडारों से तेल जारी करने के लिए तैयार है, लेकिन दीर्घकालिक नुकसान से बचने के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जल्द खोलना भी बेहद ज़रूरी है। ईरान के भौगोलिक नियंत्रण वाले इस 21 किलोमीटर चौड़े जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। IEA ने चेतावनी दी कि यदि हॉर्मुज जलडरूमध्य दोबारा नहीं खुला या ऊर्जा निर्यात के वैकल्पिक रास्ते नहीं बनाए गए, तो दुनिया तेल की आपूर्ति के और भी बड़े संकट में फंस सकती है। वैश्विक ऊर्जा संकट की सबसे गंभीर चेतावनी ऐसे में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के प्रमुख फ़ेथ बिरोल ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यातायात ठप होने से दुनिया के बाजारों से प्रतिदिन करीब 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति कम हो गई है। वैश्विक तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं। मार्च में IEA और उसके 32 सदस्य देशों ने रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाज़ार में जारी किया था, लेकिन अब ये भंडार भी लगभग ख़त्म होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। फ़ेथ बिरोल ने चेतावनी दी कि हालत यदि सुधरी नहीं, तो जुलाई तक वैश्विक तेल बाज़ार ख़तरे की घंटी वाले ''रेड ज़ोन'' में पहुंच सकता है। ''रेड ज़ोन'' का अर्थ ऐसी स्थिति है, जब वैश्विक तेल आपूर्ति मांग के दबाव को संभालने में असमर्थ हो जाए। यानी, तेल भंडार इतने कम हो जाएं कि कोई भी अतिरिक्त बाधा आपूर्ति संकट और कीमतों में तेज़ उछाल पैदा कर दे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें फिलहाल 104 से 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि ईरान युद्ध शुरू होने से पहले यह क़रीब 72 डॉलर प्रति बैरल थी। बिरोल पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि वर्तमान तेल संकट 1973, 1979 और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान आए तेल संकटों से भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार से प्रतिदिन 1.4 करोड़ बैरल तेल पहले ही ग़ायब हो चुका है। दोबारा युद्ध भड़का तो क्या होगा? मई की शुरुआत में कच्चे तेल की क़ीमतें 114 डॉलर तक पहुंची थीं। यदि युद्ध दोबारा भड़का तो क़ीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। IEA के अनुसार, 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 18.27 करोड़ बैरल तेल जारी किया गया था, लेकिन इस बार 40 करोड़ बैरल जारी करने के बावजूद संकट काबू में नहीं आ रहा है। बिरोल ने कहा कि इस भयावः स्थिति का सबसे अधिक असर गरीब देशों पर पड़ेगा, ख़ासकर अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में तो खाद्य संकट तक पैदा हो सकता है! कहने की आवश्यकता नहीं कि तब भारत में भी कुहराम मच जायेगा। किंतु, प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक अंध विरोधी तब भी तेल के अकाल के लिए उन्हें ही दोषी ठहराएंगे।

वेब दुनिया 25 May 2026 7:15 pm

फरीदाबाद समाधान-शिविर में 62 में से अधिकतर समस्या पेयजल की:लोगों ने सुनाई परेशानी;बोले-घरों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा

फरीदाबाद में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। तमाम दावों और योजनाओं के बावजूद शहर के कई इलाकों में लोगों को साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में भी लोगों की सबसे बड़ी परेशानी पानी को लेकर ही सामने आई। शिविर में कुल 62 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकतर पेयजल संकट से जुड़ी थीं। जवाहर कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी और एसजीएम नगर के लोगों ने निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा के सामने अपनी समस्याएं रखीं। लोगों का कहना था कि रेनीवेल का पानी तो दूर, ट्यूबवेल का पानी भी नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है। घरों में आ रहा गंदा पानी जवाहर कॉलोनी के निवासियों ने शिकायत की कि घरों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसका इस्तेमाल किसी भी काम में नहीं किया जा सकता। वहीं, एसजीएम नगर के लोगों ने खराब पड़े ट्यूबवेल के कारण जलापूर्ति ठप होने की बात कही। संबधित अधिकारियों को दिए आदेश समाधान शिविर में पानी के अलावा सीवर और टूटी सड़कों की शिकायतें भी उठीं। निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर में आई सभी शिकायतों की समाधान रिपोर्ट अगले सप्ताह प्रस्तुत की जाए।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 6:50 pm

युवती को एकतरफा प्यार में युवक ने मारी गोली:बुआ के घर जाते समय फायरिंग, गंभीर हालत में लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर

सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब 7 बजे एक युवती को कथित एकतरफा प्रेम प्रसंग के चलते गोली मारने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। घायल युवती को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार थाना मानपुर क्षेत्र के उत्तरपुर गांव निवासी युवती अपने फूफा के घर कमलापुर थाना क्षेत्र में आई हुई थी। रविवार शाम करीब सात बजे वह अपनी बुआ के साथ कहीं जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने युवती को गोली मार दी और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली लगते ही युवती सड़क पर गिर पड़ी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कमलापुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किशोरी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली पहुंचाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी दुर्गेश सिंह,सीओ सिधौली सिधौली विशाल गुप्ता समेत भारी पुलिस बल भी अस्पताल पहुंच गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि गांव निवासी अंबुज उस पर लगातार बातचीत और दोस्ती का दबाव बना रहा था। कई बार मना करने के बावजूद वह पीछा नहीं छोड़ रहा था। युवती का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर अंबुज ने अपने साथी मोहित के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार बाइक चला रहे युवक की पहचान मोहित के रूप में हुई है। सीओ विशाल गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही है। वहीं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 9:21 pm

जल संकट पर मध्‍य प्रदेश सरकार हुई अलर्ट, पेयजल विभागों की छुट्टियां रद्द, CM यादव के निर्देश पर युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू

Water crisis in Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में बढ़ते जलसंकट को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 मई को पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को पेयजल संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इस दौरान सरकार ने पेयजल विभागों के अधिकारियों की एक माह की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। साथ ही सभी कलेक्टरों को सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाकर खुद जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग करने और रोज सुबह समीक्षा बैठक लेने को कहा गया है। रविवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम कमिश्नरों, पीएचई और जल निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। मध्य प्रदेश में बढ़ते जलसंकट को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान सरकार ने पेयजल विभागों के अधिकारियों की एक माह की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। ALSO READ: बूंद- बूंद को तरसा इंदौर, कई कॉलोनियों में जल संकट, गुस्‍साए विधायक महेंद्र हार्डिया, कहा- रोज महापौर के घर जाकर बैठूंगा साथ ही सभी कलेक्टरों को सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाकर खुद जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग करने और रोज सुबह समीक्षा बैठक लेने को कहा गया है। रविवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम कमिश्नरों, पीएचई और जल निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश के ग्रामीण और मैदानी इलाकों में गहराते जलसंकट पर चर्चा हुई। इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी पानी की कमी को लेकर लोगों का विरोध और आंदोलन सामने आ रहे हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या ज्यादा है वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आ रही जलसंकट की खबरों पर भी तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही CM हेल्पलाइन पर आने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक में निर्देश दिए गए कि जहां हैंडपंप खराब हैं जल स्रोतों की मोटर बंद है या पाइपलाइन फूटी हुई है वहां तुरंत मरम्मत कराई जाए। जिन इलाकों में टैंकरों से पानी सप्लाई करना जरूरी है वहां पूरी व्यवस्था पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने 1500 करोड़ रुपए जारी किए हैं। पंचायतों को पेयजल संबंधी 10 हजार रुपए तक के कार्य सरल प्रक्रिया के तहत तत्काल कराने के अधिकार भी दिए गए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि नई एसओपी जारी की गई है, एसओआर को रिवाइज किया गया है और अब जल संधारण के 10 हजार तक के कार्य पंचायत स्वयं कर सकती है। ALSO READ: मध्यप्रदेश में जल्द शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश मुख्य सचिव ने कहा कि 15वां एवं 16वां वित्त आयोग की राशि का भी पेयजल उपलब्धता में उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने बताया कि केन्द्र वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मूलभूत मद, अन्य अनुदान जो केन्द्र या राज्य शासन से दिया गया है, के अलावा पंचायत की स्वयं के आय के स्रोतों से भी पेयजल व्यवस्था पर पंचायतें व्यय कर सकती हैं। उन्होंने कमिश्नर से भी अपने संभाग में विशेष सतर्कता बनाए रखने के लिए कहा है। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कलेक्टरों से कहा कि वे पेयजल के सभी स्रोतों पर विशेष सतर्कता रखें और पहले से यह जानकारी रखें कि कहीं स्रोत में जल की कोई कमी तो नहीं हो रही है। ALSO READ: सीएम डॉ. मोहन यादव ने की नवाचारों की प्रशंसा, कहा- गांव से लेकर शहर तक बढ़ाएं सौर ऊर्जा का उपयोग उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से जल स्रोत की उपलब्धता पर भी पहले से काम करें। दूषित पानी के कारण उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। Edited By : Chetan Gour

वेब दुनिया 24 May 2026 9:04 pm

लखनऊ हाईकोर्ट ने DM-ADM पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया:वकील को भी दोषी ठहराया, बिल्डर के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की थी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने के मामले में लखनऊ के जिलाधिकारी (डीएम), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और एक अधिवक्ता पर 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने बिना वैधानिक अधिकार के कार्यवाही कर याचिकाकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान किया। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने निवास कॉलोनाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने एडीएम (न्यायिक) द्वारा 10 मार्च 2026 को पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कंपनी को विवादित भूमि बेचने और निर्माण कार्य करने से रोक दिया गया था। विवादित भूमि से कोई संबंध नहीं याचिका में बताया गया था कि अधिवक्ता आर.पी. सिंह, जिनका विवादित भूमि से कोई संबंध नहीं था, उन्होंने पहले कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भूमि का हस्तांतरण अवैध तरीके से हुआ है और उस पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को सीधे दर्ज कर एडीएम (न्यायिक) को भेज दिया। एडीएम (न्यायिक) ने बिना किसी प्रथमदृष्टया संतोष दर्ज किए ही अंतरिम आदेश पारित कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 104 और 105 के तहत कार्यवाही केवल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा ही शुरू की जा सकती है। नियम 103 के अनुसार, पहले लेखपाल की रिपोर्ट और फिर एसडीएम द्वारा पक्षकारों को नोटिस देकर सुनवाई आवश्यक है, लेकिन इस मामले में पूरी प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया। कानूनी ज्ञान का दुरुपयोग पीठ ने टिप्पणी की कि संबंधित अधिवक्ता ने अपने कानूनी ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए याचिकाकर्ता को डराने और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी ने बिना अधिकार क्षेत्र के मामला दर्ज किया, जबकि एडीएम (न्यायिक) ने बिना कानूनी संतुष्टि और बिना उचित विचार के आदेश पारित कर दिया। न्यायालय ने पूरी कार्यवाही और एडीएम (न्यायिक) के आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और एडीएम (न्यायिक) दोनों छह सप्ताह के भीतर अपने व्यक्तिगत खातों से 20-20 हजार रुपए की लागत अदा करें। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राशि सरकारी कोष से नहीं दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 10:43 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीयों पर केंद्र की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट को बताया कितनों की मौत, कितने लापता

केंद्र ने कहा कि कूटनीतिक स्तर पर लगातार किए गए प्रयासों के कारण 139 भारतीयों को रूसी सेना के अनुबंध से मुक्त कराकर सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है।

देशबन्धु 23 May 2026 11:09 am

पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा:9 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी, मिडिल ईस्ट संकट के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतें 1 रुपएकिलो बढ़ गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब 81.09 रुपए किलो मिलेगी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले सरकार ने 15 मई को CNG के दाम 2 रुपए और फिर 18 मई को 1 रुपए बढ़ाए थे। 9 दिन में तीसरी बार बढ़ीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें ईंधन की कीमतों में 9 दिन में यह तीसरी बढ़ोतरी है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि, 15 मई को भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां 'डेली प्राइस रिवीजन' यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं: 1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है। 2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है। 3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है। 4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है। 5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है । पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 6:48 am

बकरी प्लॉट में घुसने को लेकर 2 पक्ष भिड़े:नूंह में लाठी-डंडे और पत्थर चले; महिला-बच्चों समेत 7 घायल, पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप

नूंह जिले के आटा गांव में बकरी के प्लॉट में घुसने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस खूनी संघर्ष में महिला-बच्चों समेत सात लोग घायल हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं। पीड़ित आनंद पुत्र बने सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई को पड़ोसी मौसम की बकरी उनके प्लॉट में घुस गई थी। उन्होंने बकरी को बाहर निकालते हुए मौसम से पशुओं को खुला न छोड़ने को कहा था। आनंद का आरोप है कि अगले दिन सुबह मौसम पक्ष के लोग एक मरी हुई बकरी उनके घर के सामने डालकर गाली-गलौज करने लगे, जिससे तनाव बढ़ गया। महिला-बच्चों पर लाठी-डंडों से हमला आनंद के अनुसार, जब वह अपने भाई जग्गी और एक दोस्त के साथ प्लॉट पर बैठे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोग एकजुट होकर वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला किया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी पीटा गया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर तो केस दर्ज कर लिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, थाना रोजका मेव के प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें मिल चुकी हैं। फिलहाल शौकीन पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 8:06 pm

डीएलएड छात्रा का हत्यारा बच्चे से कर चुका है कुकर्म:मां-बाप से भी करता था मारपीट, पिता छोड़ चुके है घर; एकतरफा था प्यार

बरेली में डीएलएड की छात्रा नीतू गंगवार (24) की हत्या के मामले में आरोपी अशोक को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। वहीं, परिवार का दावा है कि सड़क हादसे के बाद से उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। आरोपी की मां ने जहां बेटे के मानसिक संतुलन बिगड़ने की बात कही, वहीं छोटी बहन ने दवाई न मिलने पर उसकी जान को खतरा बताया है। 2015 में बच्चे से कुकर्म के आरोप में जा चुका है जेलजानकारी के मुताबिक, आरोपी अशोक वर्ष 2015 में भी एक गंभीर अपराध में जेल जा चुका है। उस पर एक मासूम बच्चे के साथ कुकर्म करने का आरोप लगा था। इस मामले में रामपुर के केमरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और वह करीब पांच महीने तक जेल में रहा था। परिवार में चार बहनें और तीन भाई हैं। अशोक केवल दसवीं तक पढ़ा है, जबकि उसके अन्य भाई-बहन इंटरमीडिएट तक शिक्षित हैं। मां-बाप के साथ करता था मारपीटपरिजनों के अनुसार, अशोक और उसके दोनों भाई अक्सर मां और पिता सुनील के साथ मारपीट करते थे। बेटों की प्रताड़ना से परेशान होकर पिता कई वर्षों पहले घर छोड़ चुके हैं। बताया गया कि वह अब तीर्थ यात्राओं में रहते हैं और पिछले छह महीनों से एक बार भी घर नहीं लौटे। तीन साल पहले हुआ था गंभीर एक्सीडेंटआरोपी की मां ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले अशोक डंडिया चौराहे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा। करीब तीन महीने तक उसका इलाज चला। मां का कहना है कि हादसे के बाद से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। डॉक्टरों ने उसे तनाव और ज्यादा बातचीत से बचने की सलाह दी थी। इसी वजह से घर में उससे कोई ज्यादा कुछ नहीं कहता था। ‘रात में बड़ी गाड़ी आई और बेटे को उठा ले गई’आरोपी की मां ने दावा किया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह बेटे को खाना देकर लौटी थीं। अशोक घर के बाहर बने घेर में सोता था और वहीं ट्रैक्टर व पंपिंग सेट की रखवाली करता था। मां के मुताबिक, सुबह ग्रामीणों से पता चला कि रात में गांव में एक बड़ी कार आई थी, जिसमें सवार लोग उसे उठाकर ले गए। पुलिस मुठभेड़ और तमंचा बरामद होने के दावे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि घर में कभी कोई हथियार नहीं रहा। उन्होंने नीतू गंगवार और अशोक के बीच किसी भी प्रेम प्रसंग की जानकारी होने से भी इनकार किया। आरोपी की मां ने मृतका नीतू गंगवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि “मां का दर्द सबके लिए एक जैसा होता है। वह भी किसी की बेटी थी। उसकी मौत का हमें बहुत दुख है।” उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर लड़की जिंदा होती और घायल होती, तो वह अपनी हालत की परवाह किए बिना उसका इलाज करवातीं। उन्होंने कहा कि न्याय-अन्याय का फैसला कानून को करना है। बहन बोली-दवाई न मिले तो पड़ते हैं दौरेआरोपी की छोटी बहन ने बताया कि हादसे के बाद से भाई को नियमित दवाइयां दी जाती थीं। दवा लेने पर वह सामान्य रहता था, लेकिन दवा बंद होने पर सिर में तेज दर्द, चक्कर और दौरे पड़ने लगते थे। बहन ने कहा कि पुलिस उसे रात में उठाकर ले गई और उसके पास दवाइयां भी नहीं थीं। ऐसे में उसे चिंता है कि भाई किस हालत में होगा। हालांकि, उसने यह भी माना कि अशोक का स्वभाव बेहद गुस्सैल था। ममेरे भाई की बाइक से नीतू को कॉलेज छोड़ने गया थाजांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन अशोक अपने ममेरे भाई निवासी ग्राम गदईया, मिलक की बाइक से नीतू को कॉलेज छोड़ने गया था। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में ममेरे भाई की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल अशोक खेतीबाड़ी का काम करता था। उसका बड़ा भाई सोलर पैनल लगाने का काम करता है, जबकि छोटा भाई मजदूरी करता है। परिवार की एक बहन रामपुर में होंडा मोटरसाइकिल एजेंसी पर काम करती है। परिवार के सभी चार बहनें और तीनों भाई अब तक अविवाहित हैं।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 8:55 am

युद्ध का असर:पेट्रोल 94 व डीजल अब 91 पैसे/लीटर महंगा, 5 दिन में दाम 3.94 रुपए बढ़े

अमेरिका-ईरान टकराव के बीच तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल के 94 और डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए। इससे जयपुर में एक लीटर पेट्रोल की कीमत बढ़कर 108.91 रु. तो डीजल की 94.14 रु. हो गई। बीते शुक्रवार को भी दोनों पेट्रो उत्पादों के दाम 3-3 रु. प्रति लीटर बढ़े थे। फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कच्चे तेल के दाम 50% से ज्यादा बढ़ चुके हैं। इसलिए ताजा कीमत बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 10 तो डीजल पर 13 रु. प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। इसकी बड़ी वजह होर्मुज जलमार्ग का बंद होना है। भास्कर एक्सप्लेनर - फल-सब्जियां 10 से 15% महंगी पेट्रोल-डीजल अभी और कितना महंगे हो सकते हैं?बाजार ​विश्लेषक मान रहे हैं कि तेल कंपनियों का नुकसान 50% तक घटाने के लिए कम से 10 रु. तक दाम बढ़ाने जरूरी हैं। यानी आगे 5-6 रु. बढ़ोतरी संभव है। महंगे तेल का जेब पर असर?डीजल सबसे ज्यादा (40%) इस्तेमाल होने वाला ईंधन है। बर्कलेज की रिपोर्ट बताती है कि डीजल महंगा यानी माल ढुलाई महंगी। जून से खुदरा महंगाई दर बढ़ना तय है। इससे फल-सब्जियां 15% महंगे हो सकते हैं। पैकेट बंद दूध, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स के दाम भी बढ़ाने की तैयारी है। यहां तेल कीमतों में बढ़ोतरी विकसित देशों से कितनी कम है?विकसित देश जैसे अमेरिका, ब्रिटेन आदि में ईंधन की दरें सीधे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल से जुड़ी हैं। वहां 28 फरवरी के बाद से अब तक पेट्रोल-डीजल 35% से 45% तक महंगे हो चुके हैं। भारत में अभी दाम 4% ही बढ़े हैं।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 5:43 am

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए

जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?

देशबन्धु 13 Apr 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया

युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।

देशबन्धु 27 Mar 2026 3:08 am

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.

बूमलाइव 23 Mar 2026 6:22 pm

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

युद्धोन्माद और मीडिया

ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है

देशबन्धु 12 Mar 2026 2:32 am

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'

बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

बूमलाइव 26 Feb 2026 1:24 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है

देशबन्धु 2 Feb 2026 3:20 am

मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.

बूमलाइव 29 Jan 2026 3:29 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm