शामली जिला अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाने वाले चार जेबकतरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इन युवकों को नागरिकों की सतर्कता और मदद से पकड़ा गया, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। ये आरोपी अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की जेब काटकर फरार हो जाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि ये चारों युवक पहले भी कई बार चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके थे। शनिवार को भी ये एक रिक्शा चालक की जेब पर हाथ साफ करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां मौजूद लोगों को शक हुआ। आरोपियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा लोगों ने तुरंत घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पकड़े गए युवकों की पहचान अरशद, आमिर उर्फ टोन और जावेद उर्फ ढोपु के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य युवक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि सभी आरोपी सदर कोतवाली क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनके खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों और अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर जिले के राजकीय +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, तुर्की में शनिवार दोपहर बारह बजे एक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन वरीय पुलिस अधीक्षक कांन्तेश कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उनके साथ एसडीपीओ पश्चिमी-2 अनिमेष चंद्र ज्ञानी, ट्रैफिक डीएसपी महेश कुमार और विद्यालय के प्राचार्य राहुल कुमार रंजन भी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एसएसपी कांन्तेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं से हुई मौतों के आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को सड़क पर हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी। एसएसपी ने विशेष रूप से जोर दिया कि मोटरसाइकिल पर यात्रा करते समय चालक और पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसी प्रकार, चारपहिया वाहन में आगे और पीछे बैठे सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना भी बेहद आवश्यक है। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
पश्चिम एशिया में युद्धविराम का कांग्रेस ने किया स्वागत, शांति व कूटनीति बहाली पर जोर
कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में युद्धविराम का स्वागत किया है और इसे तनाव कम करने, कूटनीति के पुनरुद्धार, रचनात्मक संवाद और अंततः स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध में 2 हफ्ते का सीजफायर हुआ है और कुछ ही घंटों में इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल होंगें। इस बातचीत से पहले अमेरिकी ...
ceasefire : 'चाबी' लेबनान के पास, ईरान के बयान से खटाई में पड़ सकती है Islamabad talks
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने 'चाबी' (Key) को एक नए प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ईरान इस समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ को अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है और साथ ...
अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी 'सुपर-ड्रोन' लापता, क्या है कोड 7700 का रहस्य
खाड़ी देशों में शांति की बहाली की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धविराम को अभी 48 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि अमेरिकी नौसेना का सबसे अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन (Triton), स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ...
अनिश्चय के भंवर में युद्धविराम का भविष्य
दुनिया भर में निहित स्वार्थी नैरेटिव चलाने वाले पहले दिन से अमेरिका इजरायल को विश्व खलनायक एवं ईरान को योद्धा तथा निर्दोष पीड़ित साबित करते रहे हैं। सोच यह है कि ट्रंप को झुकना पड़ा एवं ईरान ने अपनी शर्तों पर संघर्ष विराम माना तो साफ है कि ऐसे तत्व ...
सीजफायर वार्ता से ईरान का किनारा: लेबनान में शांति से पहले नहीं होगी बातचीत
गौरतलब है कि 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के तहत दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को स्थान चुना गया था।
इजरायल का ऑपरेशन रोरिंग लायन 18,000 बम और 4,000 टारगेट, लेबनान से ईरान तक दहला मिडिल ईस्ट
युद्ध के शोर के बिच गुंजी संगीत की शाम ; कमबैक कंसर्ट में फिर साथ दिखा BTS बैंड
सैन्य अंतराल के बाद BTS ने गोयांग में पहले पूर्ण समूह कंसर्ट के साथ धमाकेदार वापसी की, जहां भारी बारिश के बीच सातों सदस्यों ने 23 गानों की प्रस्तुति दी।
यूक्रेन युद्ध में सीजफायर, ऑर्थोडॉक्स ईस्टर पर पुतिन का बड़ा एलान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अचानक बड़ा एलान करते हुए यूक्रेन में 2 दिन के लिए अस्थायी युद्धविराम का आदेश दिया है। यह युद्धविराम ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर शनिवार शाम से लागू किया जाएगा। यह आदेश जेलेंस्की की अपील के बाद आया, जिसमें उन्होंने ...
राजस्थान के रेगिस्तान में अमेरिका की सबसे एडवांस्ड हेलफायर मिसाइलों के धमाके हुए। दावा है कि इन्हीं मिसाइलों का पिछले साल ईरान पर हमले में इस्तेमाल किया गया था। हेलफायर के अलावा राजस्थान के आसमान से अपाचे हेलिकॉप्टर ने भी अचूक निशान लगाए। कमांड सेंटर से दुश्मनों के ड्रोन्स को भी ब्लास्ट किया गया। ये नजारा था इंडियन आर्मी की ‘ब्रह्मास्त्र’ एक्सरसाइज का। जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में गुरुवार को हुए इस युद्धाभ्यास ने मॉडर्न वॉर प्लांड को टेस्ट किया। सेना के अधिकारियों का कहना है कि आर्मी में नए हेलिकॉप्टर्स की एंट्री ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। सबसे पहले देखिए - वॉर एक्सरसाइज के PHOTOS… अपाचे से फायर की गईं हेलफायर मिसाइलें एक्सरसाइज में अमेरिका में बनीं AGM-114 हेलफायर मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ। इनसे 8 किलोमीटर दूर एक टैंक सहित दूसरे निशाने उड़ाए गए। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने नीचे आकर 70 एमएम हाइड्रा रॉकेटों से हमला किया, जिससे दुश्मन के कैंप नष्ट हुए। अंत में हेलिकॉप्टर के नीचे लगी M230 चेन गन से 1200 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग कर छोटे लक्ष्यों को भी निशाना बनाया गया। क्या होती है हेलफायर मिसाइल? हेलफायर मिसाइलें (AGM-114 Hellfire) अमेरिका द्वारा विकसित लेजर-गाइडिड सटीक हमले वाली हवा-से-जमीन पर हमला करने वाले मिसाइलें हैं। इनका वजन लगभग 45-50 किलोग्राम और रेंज 8-11 किलोमीटर होती है। हेलफायर का उपयोग ड्रोन, हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट्स से किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि साल 2025 में ईरान पर हमले में इजराइल ने इन्हीं मिसाइलों को दागा था। एक कमांड से उड़ाए दुश्मन के ड्रोन सेना ने इस अभ्यास में हाईटेक रडार सिस्टम से दूर से ही ड्रोन की लोकेशन ट्रैक की गई। इसके बाद कंट्रोल रूम से ही मिसाइल और गन को कमांड देकर टारगेट लॉक करवाया गया। कुछ सेकेंड के इस प्रोसेस से सटीक निशाना लगाने में मदद मिली। सेना का यह सिस्टम 4 किलोमीटर दूर से आसानी से कमांड दे सकता है। एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को नष्ट किया ब्रिगेडियर पी.के. सिंह ने बताया कि एक्सरसाइज में आधुनिक रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट गनों से ड्रोन टारगेट को नष्ट किया गया। इसमें ड्रोन के नजर आते ही एयर डिफेंस यूनिट्स ने उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया। फिर एंटी-एयरक्राफ्ट गनों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें आसमान में नष्ट कर दिया। एक्सरसाइज में कोई भी मिसफायर नहीं हुआ। रियल टाइम डेटा शेयरिंग- सेना सेना के अधिकारियों के अनुसार इस एक्सरसाइज में जमीन और हवा के बीच रियल टाइम डेटा साझा किया गया, जिससे ऑपरेशन की सटीकता और गति दोनों में सुधार हुआ। अभ्यास से पहले कई हफ्तों तक तैयारी की गई। इसमें सेना की दक्षिणी कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड ने हाई-इंटेंसिटी फायरिंग अभ्यास किया, जिसमें पायलटों ने सिमुलेशन के जरिए ट्रेनिंग ली और तकनीकी टीम ने रेगिस्तानी परिस्थितियों में हथियारों की जांच की। सेना के पास कई हेलिकॉप्टर, अपाचे सबसे घातक सेना के पास अब अपाचे, प्रचंड और रुद्र जैसे हेलिकॉप्टर है। अपाचे टैंकों को निशाना बनाने में सक्षम है। प्रचंड ऊंचाई वाले इलाकों में काम करता है और रुद्र छोटे ऑपरेशन के लिए उपयोगी है। …. राजस्थान में युद्धाभ्यास से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी:बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा जैसलमेर सेक्टर के फॉरवर्ड इलाकों में भी दो महीने पहले सेना ने युद्धाभ्यास किया था। भारतीय सेना की कोनार्क कोर (12 कोर) की बैटल एक्स डिवीजन ने एकीकृत युद्धाभ्यास से अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया था। पूरी खबर पढ़िए…
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, नेतन्याहू ने युद्धविराम नकारा, हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान तेज
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका और फ्रांस के शांति प्रस्ताव को ठुकराया, सेना को हिजबुल्लाह के खिलाफ पूरी क्षमता से अभियान जारी रखने को कहा।
Top News : अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता, लेबनान को राहत और भारत में रिकॉर्ड मतदान
Top News 10 April : पाकिस्तान में आज अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता पर दुनिया भर की नजरें हैं। इजराइल लेबनान पर अलग से चर्चा के लिए राजी हो गया है। पुतिन ने भी यूक्रेन को बड़ी राहत देते हुए 32 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है। असम, केरलम ...
कतर में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी सप्लाई पर करेंगे अहम बातचीत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर दोहा पहुंचे। हवाई अड्डे पर भारत के कतर स्थित राजदूत विपुल और कतर एनर्जी के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया
पश्चिमी देशों में जारी युद्ध से शहर में 15 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण कार्य ठप
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा पश्चिमी देशों में जारी युद्ध का असर अब शहर के विकास कार्यों पर भी नजर आने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। यूआईटी और नगर निगम के कई सड़क निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। इनके वर्क ऑर्डर पहले ही जारी हो चुके हैं। यूआईटी की ओर से गौरव पथ पर सुखाड़िया सर्किल से भदालीखेड़ा तक करीब 4 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से होने वाला री-कार्पेटिंग कार्य फिलहाल रुका हुआ है। इसके अलावा 200 फीट रिंग रोड पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित सड़क निर्माण भी अटका पड़ा है। यूआईटी से सुखाड़िया सर्किल तक करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाला प्रस्तावित सड़क निर्माण भी रुका हुआ है। इसी तरह नगर निगम क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से कोर्ट चौराहा, एसके प्लाजा से मिर्ची मंडी, 100 फीट रोड पर डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए यूआईटी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने सचिव को पत्र लिखकर राहत देने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चांदमल सोमानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कमी है। बाजार में अनिश्चितता भी है। गिट्टी, सीमेंट, अन्य निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कीमतें निर्धारित सीमा से कहीं अधिक हो चुकी हैं। इनमें रोजाना वृद्धि हो रही है। इससे ठेकेदारों के लिए पुराने दरों पर काम करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं। कॉन्ट्रेक्टर की मुख्य मांगें समय सीमा में विस्तार- एसोसिएशन ने मांग की है कि जिस तरह कोरोना काल में निर्माण कार्यों की समय सीमा बढ़ाई गई थी, वैसी ही शिथिलता वर्तमान आपदा को देखते हुए भी बरती जाए। यूआईटी स्तर पर अतिरिक्त समय दिया जाए। छोटे कार्यों के लिए विशेष सहयोग- 50 लाख रुपए से कम लागत वाले, तीन महीने से कम समय सीमा वाले कार्यों में रेट एस्केलेशन (दर वृद्धि समायोजन) का प्रावधान नहीं होता है। इससे ठेकेदारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। धारा 32 का उपयोग- ऐसे कार्यों को या तो अनुबंध की धारा 32 के तहत वापस लिया जाए या फिर विशेष सहयोग देकर पूर्ण करवाया जाए। इससे संवेदकों के हितों की रक्षा हो सके। ^राज्य सरकार के स्तर का मामला है। संगठन ने सीएमओ को भी पत्र भेजा है। वहां से जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उसी अनुसार, आगे की कार्यवाही होगी। - ललित गोयल, सचिव
लेबनान में बैंडेज, एंटीबायोटिक्स की किल्लत, जल्द हो जाएंगे ये जरूरी सामान खत्म: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि लेबनान के कुछ अस्पतालों में जीवन बचाने वाली ट्रॉमा मेडिकल किट कुछ ही दिनों में खत्म हो सकते हैं
मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत की बड़ी कूटनीति ; जानें क्या है हरदीप पुरी का मिशन कतर
मध्य पूर्व संकट के बीच भारत के तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी कतर दौरे पर, एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति बाधित। ईरानी हमलों से कतर की गैस क्षमता प्रभावित, भारत ने अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया से वैकल्पिक आयात बढ़ाया। विदेश मंत्री एस जयशंकर भी UAE दौरे पर, ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता कर शांतिदूत बने पाकिस्तान की की टेंशन अब बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों से विरोधाभासों का दौर जारी है। समझौते की शर्तों, विशेषकर लेबनान की स्थिति को लेकर तीनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को झुठला रहे हैं। ...
कोंडागांव, 9 अप्रैल को 188वीं बटालियन सीआरपीएफ मुख्यालय चिकलपुट्टी, कोंडागांव में शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कमांडेंट भवेश चौधरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद एक सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को शौर्य दिवस की गौरवगाथा सुनाई गई और वीर जवानों के पराक्रम को याद किया गया। CRPF ने पाकिस्तानी सेना के हमले को विफल किया था कमांडेंट चौधरी ने अपने संबोधन में बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात के कच्छ के रण में सरदार पोस्ट और टाक पोस्ट पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने पाकिस्तानी सेना के बड़े हमले को विफल कर दिया था। इस लड़ाई में दुश्मन के 34 सैनिक मारे गए और 4 को जीवित पकड़ा गया था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीआरपीएफ ने देश के विभिन्न हिस्सों जैसे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ लगातार साहस का प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर बटालियन के वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जवानों को भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान द्वितीय कमान अधिकारी नीतीन्द्र नाथ, उप कमांडेंट कमल सिंह मीणा, सहायक कमांडेंट ओमप्रकाश विष्णोई, बन्ना राम, अमर सिंह मीणा सहित सभी अधिकारी और जवान मौजूद थे।
युद्ध के लक्ष्य विफल: दुश्मन ईरान की शर्तों पर युद्धविराम के लिए सहमत, सेना के प्रवक्ता का दावा
ईरानी सेना के प्रवक्ता के अनुसार अमेरिका-इजरायल युद्ध में अपने रणनीतिक और गुप्त उद्देश्यों में विफल रहने के बाद दुश्मन ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर युद्धविराम स्वीकार किया। जानिए पूरे घटनाक्रम और इसके क्षेत्रीय प्रभाव।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर (US Iran Ceasefire) की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ इजराइल के लेबनान पर हमले जारी है। इजराइल एक के बाद एक लेबनान पर हमले कर रहा ...
लेबनान : 10 मिनटों के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले, यूएन ने की कठोर निंदा
मध्य पूर्व क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा के बीच लेबनान के अनेक हिस्सों में इसराइल द्वारा की गई बमबारी में सैकड़ों लोगों के हताहत होने की ख़बर है, जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने हिंसक टकराव पर विराम लगाने का आग्रह ...
अबोहर में महिला पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार:एकतरफा प्यार में की वारदात, दोनों यूपी के रहने वाले
अबोहर के गांव रामगढ़ की भंगाला कॉलोनी में एक महिला पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। महिला को गंभीर हालत में फरीदकोट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसके चेहरे पर 28 से 30 टांके आए हैं। सदर अबोहर पुलिस ने आरोपी अर्जुन सिंह पुत्र रघुवर दयाल निवासी भंगाला को काबू कर लिया है। आरोपी अर्जुन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 109, 115 (2), 118 (2), 304, 329 (3) और 333 के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला को एक साल से जानता था आरोपी पुलिस के अनुसार, यह हमला एकतरफा प्यार के चलते किया गया। आरोपी अर्जुन सिंह ने स्वीकार किया है कि वह पिछले करीब एक साल से पीड़ित महिला रमा निवासी इटावा उत्तर प्रदेश को जानता था। आोरपी ने बताया कि रमा के किसी और व्यक्ति के संपर्क में आने की बात उसे बर्दाश्त नहीं हुई, जिसके चलते उसने महिला पर हमला कर दिया। महिला के पति की हो चुकी मौत घायल रमा के पति की करीब 4 साल पहले मौत हो गई थी। वह अपनी गर्भवती बहन की देखभाल के लिए लगभग 15 दिन पहले ही अपने बहन के गांव आई थी। आरोपी अर्जुन उसे कई दिनों से परेशान कर रहा था। संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार युवक को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करने और आरोपी के फोन की गहनता से जांच करने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले का पूरा खुलासा हो सके।
युद्धविराम पर संकट के बादल, लेबनान में इजरायली हमले में 254 लोगों की मौत, ईरान की कड़ी चेतावनी
लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि यदि इजरायल ने अपने हमले जारी रखे, तो तेहरान युद्धविराम से पीछे हट सकता है।
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर मध्य प्रदेश के फार्मा सेक्टर पर गहराता जा रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव इस उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते मध्य प्रदेश की फार्मा कंपनियों का करीब 1000 करोड़ रुपए का निर्यात अटक गया है। एमपी से हर महीने 20,000 से अधिक दवाइयों के कंटेनर दुनिया के 190 देशों में भेजे जाते हैं। वहीं, उद्योगपतियों का कहना है कि भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन स्थिति सामान्य होने में 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग सकता है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन परेश चावला का कहना है कि युद्धविराम के बाद उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीनों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगी। लेकिन इस युद्ध ने इंडस्ट्री को काफी नुकसान पहुंचाया है। ये तीन कारण, जिनसे एक्सपोर्ट अटका मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में दवाइयां और रॉ मटेरियल गल्फ देशों, अफ्रीकी देशों, यूरोपीय देशों और अमेरिका को निर्यात किए जाते हैं। वर्तमान में निर्यात प्रभावित होने के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं… 190 देशों में जाती हैं भारत की दवाइयां चावला ने आगे बताया कि भारत से करीब 180 से 190 देशों में दवाइयां निर्यात की जाती हैं। भारत को ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ भी कहा जाता है। अमेरिका तक भारत की जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है। अमेरिका से लेकर सोमालिया और कांगो जैसे छोटे देशों तक, कई देश पूरी तरह भारतीय दवाओं पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण जिस तरह सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, उसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख फार्मा उद्यमियों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस युद्ध ने केवल तात्कालिक नुकसान ही नहीं पहुंचाया, बल्कि बाजार की संरचना को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का फार्मा एक्सपोर्ट करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। इंदौर से 3 हजार करोड़ का होता है एक्सपोर्ट इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सचिव अनिल कुमार सबरवाल ने बताया कि इंदौर से हर महीने करीब ढाई से तीन हजार करोड़ रुपए का निर्यात होता है। इसमें फार्मा, कन्फेक्शनरी, केमिकल और टेक्सटाइल इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट शामिल है। फार्मा सेक्टर की बात करें तो मध्य प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री का 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके पीछे वेसल (जहाज) महंगे होना और कंटेनर की कमी प्रमुख कारण हैं। रॉ मटेरियल पर भी प्राइस कंट्रोल जरूरी फार्मा इंडस्ट्री के उद्योगपतियों का कहना है कि इस समय रॉ मटेरियल की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि जैसे सरकार दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखती है, वैसे ही दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल पर भी प्राइस कंट्रोल होना चाहिए।वर्तमान में रॉ मटेरियल पर किसी प्रकार का मूल्य नियंत्रण नहीं है। उद्योगपतियों का यह भी कहना है कि सरकार को दवा निर्माण में उपयोग होने वाले रॉ मटेरियल की जमाखोरी पर सख्त नियंत्रण करना चाहिए। यदि ऐसा किया जाता है, तो बाजार में दबा हुआ 25-30 प्रतिशत रॉ मटेरियल बाहर आ सकता है और जमाखोरी की समस्या कम हो सकती है। सरकार के ऐसे कदम से एक-दो महीने के भीतर रॉ मटेरियल और पैकेजिंग मटेरियल की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे दवाओं को लेकर बनी मौजूदा समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। एमपी में 300 यूनिट्स कर रही हैं काम फार्मा एसोसिएशन के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगभग 350 छोटी-बड़ी इंडस्ट्री दवाओं का उत्पादन करती हैं। हालांकि, वर्तमान में करीब 300 इंडस्ट्री ही संचालित हो रही हैं। एमपी सरकार ने पिछले एक साल में तय मानकों का पालन नहीं करने पर करीब 50 इंडस्ट्री को बंद कराया है। इन 300 सक्रिय इंडस्ट्री में से लगभग 100 कंपनियां ऐसी हैं, जो दवाओं का निर्यात भी करती हैं। ये दवाइयां होती हैं एमपी से एक्सपोर्ट मध्य प्रदेश से निर्यात होने वाली प्रमुख दवाओं में पैरासिटामोल, मेटफॉर्मिन, एमोक्सिसिलिन, एजीथ्रोमाइसिन, ओमेप्राजोल, एटोरवास्टेटिन और इबुप्रोफेन जैसी सामान्य दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही टीकों (वैक्सीन) का भी बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। यह खबर भी पढ़ें… 10-15% उद्योगों में एक ही शिफ्ट में काम इजराइल-ईरान युद्ध का असर अब मध्य प्रदेश के उद्योगों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं। वहीं, लॉजिस्टिक लागत भी 5 गुना महंगी हो गई है। इसका सीधा असर उत्पादन और सप्लाई पर पड़ रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार रात जबलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से लेकर पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव तक कई विषयों पर खुलकर बात की। देर रात वे इंदौर के लिए रवाना हो गए। इजराइल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने अमेरिका की भूमिका पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह विवाद ईरान और इजराइल के बीच है, लेकिन अमेरिका इसमें “बिल्ली” की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसे बिल्ली-बंदर की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि जैसे दो बंदरों की लड़ाई में बिल्ली तराजू लेकर बैठती है और दोनों तरफ से रोटी खाती जाती है, उसी तरह अमेरिका इस संघर्ष में अपना फायदा देख रहा है, जबकि असली पक्ष लड़ते रह जाते हैं। मोदी की विदेश नीति की तारीफ विजयवर्गीय ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की स्थिति ऐसी है कि ईरान और इजराइल—दोनों ही भारत को अपना मित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह सफल कूटनीति का उदाहरण है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए हुए है। बंगाल चुनाव को लेकर दावा मीडिया से बातचीत में उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों पर भी बड़ा दावा किया। विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार भाजपा न केवल चुनाव जीतेगी, बल्कि राज्य में सरकार भी बनाएगी। ‘वफादारी’ पर बयान बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो यहां रहते हैं, लेकिन देश के प्रति वफादारी नहीं रखते। उन्होंने सभी से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि समय के साथ ऐसे लोगों में भी समझ आएगी।
मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, सीजफायर की शर्तों पर क्या पाकिस्तान ने किया गुमराह?
सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर बड़ा हमला कर दिया। इसमें 254 लोगों की मौत हो गई जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले से नाराज ईरान ने फिर स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद कर दिया है। उसने इजराइल पर सीजफायर की शर्तों की ...
Top News : लेबनान पर इजराइली हमले से संकट में सीजफायर, तेल कीमतों में उछाल
Top News 9 April: इजराइल के लेबनान पर हमले से भड़का ईरान। स्ट्रेट ऑफ हार्मुद बंद कर सीजफायर तोड़ने की धमकी दी। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से फिर क्रूड ऑयल में तेजी दर्ज की गई। असम, केरलम और पुडुचेरी में सुबह 7 बजे से मतदान जारी। 9 अप्रैल की बड़ी खबरे ...
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर स्वास्थ्य व्यवस्था और आम मरीजों की जेब पर दिखाई दे रहा है। दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) और सर्जिकल आइटम्स के दाम बढ़ गए हैं, जिससे इलाज का खर्च 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसकी वजह से पीबीएम हॉस्पिटल में दवाओं और सर्जिकल आइटम्स की सप्लाई प्रभावित है। युद्ध के कारण दवाओं में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स - एपीआई) 25 से 40 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने से जरूरी दवाओं के कच्चे माल की कीमत 166% तक बढ़ गई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल की दवाओं जैसे पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भले ही एक बार सीजफायर हो गया हो, लेकिन हालात इतनी जल्दी नहीं सुधरेंगे। हालांकि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा 900 से अधिक आवश्यक दवाओं की कीमतों में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर 0.65 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ने और दवा बाजार से छूट (डिस्काउंट) खत्म होने के कारण उपभोक्ताओं को 10 से 12 फीसदी अधिक खर्च करना पड़ रहा है। अमेरिका-ईरान के युद्ध से जेनेरिक दवाओं का कच्चा माल 166 प्रतिशत महंगा हुआ युद्ध के कारण शहर में दवाओं और सर्जिकल आइटम्स का संकट गहराने लगा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत जनाना विभाग में सर्जिकल आइटम्स का टेंडर अब तक नहीं हो पाया है। सूचर्स तक मरीजों को खरीदने पड़ रहे हैं। बीकानेर दवा विक्रेता संघ के सचिव बाबूलाल गहलोत का कहना है कि दवाएं कम हो गई हैं। थोक विक्रेता आलोक शर्मा का कहना है कि जेनेरिक दवाओं के दाम बढ़ गए हैं। अप्रैल में कंपनियों से नए रेट मांगे गए हैं। उसी के आधार पर ऑर्डर दिए जाएंगे। मार्च में बड़ा स्टॉक मंगवा लिया था। इसलिए काम चल गया। वहीं दूसरी तरफ पीबीएम अस्पताल में 850 सर्जिकल आइटम्स के टेंडर किए गए हैं। प्लास्टिक से बने 90 फीसदी से अधिक आइटम्स के दाम महंगे होने से इनकी आपूर्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सप्लाई प्रभावित होने के चलते मरीजों को बाजार से महंगे दाम पर सूचर्स, ग्लव्स, एडहेसिव टेप, कैनुला और सीरिंज जैसे आवश्यक सर्जिकल आइटम खरीदने पड़ रहे हैं। यह आइटम मुख्य रूप से प्लास्टिक और पॉलिमर आधारित होते हैं और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। हालांकि निजी फार्मासिस्टों का कहना है कि आरसी की है तो पीबीएम को कम दरों पर सप्लाई करना मजबूरी है। ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी डॉ. शिव शंकर झंवर का कहना है कि दरें 30 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, लेकिन सप्लाई पर असर नहीं आने दिया जाएगा। ग्लब्ज, कैनुला की एक सप्लाई आ गई है। कुछ ही दिन में वार्डों में भेज दिए जाएंगे। सीरिंज का 80 लाख का टेंडर और कर दिया है। दवाओं और सर्जिकल आइटम के दाम बढ़ने के मुख्य कारण “यह वैश्विक वृद्धि है। पीबीएम में सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसलिए आरसी पहले ही कर दी गई थी। फर्मों को सप्लाई के ऑर्डर दिए जा रहे हैं। यदि सर्जिकल आइटम और दवाओं की सप्लाई नहीं करेंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल “युद्ध का सीधा असर दवाओं और सर्जिकल आइटम की कीमतों पर पड़ा है। सीजफायर के बाद भी हालात इतनी जल्दी नहीं सुधरेंगे। युद्ध वापस शुरू हुआ तो संकट बढ़ेगा। दवाएं महंगी होंगी।” -दिलीप पारीख, सचिव, प्रादेशिक दवा विक्रेता समिति
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध फिलहाल स्थगित हो गया है। लेकिन राजधानी रांची में गैस की किल्लत से निपटने का जंग अभी भी जारी है। क्योंकि, ऑयल कंपनियां, जिला प्रशासन से लेकर गैस एजेंसियां गैस की आपूर्ति करने का दावा कर रही है। होम डिलेवरी बढ़ाई गई है। इससे नियमित उपभोक्ताओं को कुछ राहत ज़रुर हुई है। लेकिन एक तबका ऐसा है जो गैस की किल्लत का खामियाजा भुगत रहा है। वह है रांची के हजारों लॉज-हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स। शहर के मेन रोड, हरमू रोड, अपर बाजार, थड़पखना, लालपुर, सर्कुलर रोड, कोकर, रातू रोड सहित अन्य क्षेत्रों में लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की दिनचर्या बदल गई है। गैस की किल्लत से छात्र-छात्राओं और उनके परिवार का बजट बिगड़ गया है। हालात ऐसे है कि 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं अपना पेट काटकर पढ़ाई करने को विवश हैं। वे तीन बार के बजाय एक बार भोजन कर रहे हैं। सुबह का नाश्ता और रात का खाना छोड़कर दोपहर में एक समय होटल या स्ट्रीट फूड खाकर दिन काट रहे है। कई हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं चूड़ा-सत्तू व बाहर मिलने वाले चाईनीज फूड के भरोसे चल रही है। गैस नहीं मिलने की वजह से हॉस्टल के मेस में खाने में कटौती की गई है। इस वजह से कई हॉस्टल के छात्र अपने घर लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को शहर के 30 हॉस्टल-लॉज की पड़ताल की तो कई छात्राओं की आंखों से आंसू निकल गए। उन्होंने भास्कर के साथ ऐसे अपना दर्द साझा किया... इंटर्न: कृति वर्द्धन, वर्षा सोनी, चन्द्रदेव उरांव, काजोल यादव, ईशा उपाध्याय, प्रियांशु गुप्ता की रिपोर्ट करमटोली रोड स्थित आदिवासी हॉस्टल में अलग-अलग ब्लॉक है। सभी ब्लॉक में खाना बनाने का अलग-अलग तरीका है। अमर शहीद टाना भगत हॉस्टल बिल्डिंग में मेस नहीं है। छात्र कुंवर उरांव ने बताया कि सभी छात्र गैस पर ही खाना बनाते थे। लेकिन पिछले एक माह से गैस नहीं मिल रही है। छोटू सिलेंडर बाजार से रिफिलिंग कराते थे, वह भी नहीं मिल रहा है। ब्लैक में 300 रुपए प्रति किलो मांगा जा रहा है। इतना पैसा कहां से लाएंगे। इसलिए बिजली के हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों को बिजली का बिल नहीं देना होता है, इसलिए हीटर पर ही खाना बनाना मजबूरी है। जिस बिल्डिंग में मेस है, वहां कोयला और लकड़ी पर खाना बनता है। लेकिन कोयला भी महंगा हो गया है। हीटर और चूल्हा दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खाने में कटौती की गई है। परेशानी की वजह : लॉज-हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं घरेलू गैस सिलेंडर का कनेक्शन नहीं लेते हैं। वे अपने घर से सिलेंडर लेकर आते हैं, या मार्केट से पांच-दस किलो वाला सिलेंडर लेकर उसमें गैस रिफिलिंग कराते हैं। गैस किल्लत की वजह से रिफिलिंग वाले अंडरग्राउंड हो गए हैं। चोरी-छिपे कुछ लोग गैस रिफिलिंग कर रहे हैं,लेकिन 250 से 300 रुपए प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। इसलिए छात्रों को समस्या हो रही है। थड़पखना : 15 दिनों से बाहर खाना पड़ रहा थड़पखना क्षेत्र में स्थित वर्मा गर्ल्स हॉस्टल की छात्रा शालिनी गुप्ता बताती है कि पहले मासिक बजट चार हजार रुपए में पूरा हो जाता था। अब पांच हजार रुपए लग रहा है। इसलिए खाने में कटौती करनी पड़ रही है। चौधरी गर्ल्स हॉस्टल में 50 छात्राएं रहती हैं। छात्रा साक्षी कुमारी ने बताया कि पहले 90 रु. किलो गैस मिलता था, अब 300 रु. किलो में मिल रहा है। इसलिए बाहर खाना मजबूरी है। करीब दस छात्राएं अपने घर लौट गई। छात्रा जयंती कुमारी ने बताया कि गैस बुक करने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सोनमति पैलेस हॉस्टल में रह रही साक्षी कुमारी और निशा रंजन का दर्द भी छलक गया। उन्होंने बताया कि गैस ने दिनचर्या के साथ बजट बिगाड़ दिया। यहां 50 छात्राएं रहती थी, लेकिन अब कई हॉस्टल छोड़कर जा रही है। जो यहां रह गए हैं वे ढाबा या स्ट्रीट फूड के सहारे हैं। खर्च मैनेज करने के लिए एक टाइम ही खाना खा रहे हैं।
ईरान ने फिर बंद किया Strait of Hormuz, लेबनान में 254 मौत के बाद भड़का तनाव, समझौता तोड़ने की धमकी
ईरान ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि इजराइल अगर लेबनान पर हमले जारी रखता है और सीजफायर का उल्लंघन करता है तो वह इस समझौते से बाहर हो जाएगा। Tasnim न्यूज एजेंसी के अनुसार इजरायली हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी ...
चीन की मध्यस्थता और ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' से पलटी युद्ध की बाजी; जाने पूरी कहानी
Iran War के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर! ट्रंप का दावा- ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन, अब यूरेनियम संवर्धन होगा बंद। चीन की मध्यस्थता ने वैश्विक राजनीति में मचाया तहलका।
Iran-US Ceasefire News : ईरान और अमेरिका के बीच हुए 2 सप्ताह के युद्धविराम को ईरान की जीत बताते हुए कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख में भी खुशियां मनाई गई हैं। इस युद्धविराम पर नेताओं द्वारा प्रतिक्रियाएं भी दी गई हैं। जैसे ही संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ...
युद्ध विराम की घोषणा से सेंसेक्स 2,946 अंक उछला
मुंबई। अमरीका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और बीएसई का सेंसेक्स चार फीसदी के करीब उछल गया। सेंसेक्स की शुरुआत सुबह 2,674 अंक की मजबूती के साथ हुई। पूरे दिन यह 2,300 अंक से अधिक की बढ़त […] The post युद्ध विराम की घोषणा से सेंसेक्स 2,946 अंक उछला appeared first on Sabguru News .
युद्ध के कारण राजसमंद का मार्बल और पाउडर उद्योग ठप, 50 हजार श्रमिक प्रभावित
मोरबी के टाइल्स कारखाने बंद होने से राजसमंद के 80 प्रतिशत पाउडर प्लांट बंद हुए, बेरोजगार मजदूर पलायन करने को मजबूर।
मध्य पूर्व में 40 दिनों के बाद युद्धविराम की घोषणा का स्वागत
अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 40 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद 2 सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की गई है, जिससे अस्थाई विराम की उम्मीद जागी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युद्धविराम की घोषणा को, व्यापक शान्ति की दिशा में एक सकारात्मक ...
मुजफ्फरपुर में ईरान युद्ध पर रोक का जश्न:सिया मस्जिद में लोगों ने इबादत की, आतिशबाजी कर मनाया उत्सव
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान युद्धविराम की घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत मिली है। मुजफ्फरपुर में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। शहर के इमामबाड़ा रोड स्थित सिया मस्जिद में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आज जश्न मनाया। युद्धविराम की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अकीदतमंद सिया मस्जिद परिसर में इकट्ठा हुए। यहां विश्व शांति और मानवता की सलामती के लिए विशेष इबादत का आयोजन किया गया। इबादत के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और गले मिलकर मुबारकबाद दी। मस्जिद के बाहर युवाओं ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया, जिससे पूरे इलाके का माहौल उत्सवपूर्ण हो गया। युद्धविराम पूरी 'इंसानियत' की जीत इस अवसर पर सिया मस्जिद के इमाम-ए-जुम्मा मौलाना सादाब रहबर ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धविराम किसी एक राष्ट्र, समुदाय या धर्म की जीत नहीं, बल्कि पूरी 'इंसानियत' की जीत है। मौलाना रहबर ने जोर देकर कहा कि युद्ध हमेशा विनाश लाता है, जबकि संवाद से ही समस्याओं का हल संभव है। उन्होंने आगे कहा, हम इस फैसले का तहे दिल से स्वागत करते हैं क्योंकि इससे दुनिया में शांति और भाईचारे की उम्मीद और भी मजबूत हुई है। हमने सामूहिक रूप से अल्लाह का शुक्र अदा किया है कि उसने अमन का रास्ता दिखाया। यह एक बड़ी जीत है और इसके लिए हम पूरी दुनिया के उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने शांति के लिए आवाज उठाई। जश्न में शामिल स्थानीय नागरिकों ने कहा कि युद्धविराम से न केवल देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि युद्ध की विभीषिका झेल रहे आम मासूम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मस्जिद परिसर में मौजूद कौशर जैदी, मेहदी अब्बास और उर्फी रिजवी जैसे गणमान्य लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया।
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान में इजराइल की जंग से 2 हफ्ते भी नहीं टिकेगा समझौता?
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर एक महीने से अधिक समय तक हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद बुधवार को दोनों पक्षों ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, इस समझौते की नाजुक स्थिति ईरान द्वारा साझा की गई शर्तों से ही साफ नजर आ रही है। ईरान ने पूरे ...
जापान के पास गिरीं उत्तर कोरियाई मिसाइलें ; क्या North Korea शुरू करेगा एक और नया महायुद्ध?
उत्तर कोरिया ने लगातार दूसरे दिन कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर जापान के पास समुद्र में गिराया, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीदों को झटका लगा है और यह कदम संयुक्त राष्ट्र नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
महाविनाश के दहलीज से लौटी दुनिया; जाने कैसे हुआ 14 दिनों के ऐतिहासिक युद्धविराम का एलान ?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बमबारी को 14 दिनों के लिए टाला। पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुआ युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर टिकी नजर।
अबोहर के गांव रामगढ़ में 8 अप्रैल को एक युवक ने विधवा प्रवासी महिला पर कापे से हमला कर दिया। युवक ने महिला के चेहरे पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय पीड़ित महिला रमा, जो उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सनोड़ी गांव की निवासी है, के पति की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी। उसके दो बच्चे हैं। वह पिछले 15 दिनों से अपनी गर्भवती बहन की देखभाल के लिए अबोहर के सदर थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ में उसके घर आई हुई थी। आते-जाते करता था छेड़छाड़ इसी दौरान गांव का ही एक युवक अर्जुन, जो गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति का रसोइया है, रमा को परेशान करने लगा। वह अक्सर गली में आते-जाते उसके साथ छेड़छाड़ करता था। हालांकि, महिला ने उसे साफ तौर पर मना कर दिया था। महिला का चेहरा बुरी तरह बिगड़ाएकतरफा प्यार में असफल होने पर अर्जुन ने रमा पर कापे से हमला कर दिया। उसने महिला के चेहरे पर इतने वार किए कि उसका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। घटना के बाद महिला के परिजनों और अन्य लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ईरान-अमेरिका युद्ध में ऐतिहासिक मोड़ ; ट्रंप के सीजफायर पर मुज्तबा खामेनेई ने दी पहली प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर पर ईरान के मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान। सेना को दी गोलीबारी रोकने की सलाह लेकिन कहा- 'ये युद्ध का अंत नहीं, हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं।'
ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव: युद्ध खत्म करने की शर्तें तय
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अमेरिका के साथ दो हफ्ते का सीजफायर युद्ध के खत्म होने का संकेत नहीं है
Middle East सीजफायर का असर—दलाल स्ट्रीट पर जश्न, सेंसेक्स में ऐतिहासिक उछाल
वैश्विक शांति की खबर से भारतीय बाजारों में उत्सव का माहौल, निफ्टी ने 24,000 का ऐतिहासिक स्तर पार किया।
मुझे परिवार ने 50 लाख रुपए सालाना किराए पर जमीन देने की सहमति दी थी। इसके लिए बकायदा रेमन के दोनों भाईयों, उनकी पत्नी और मां ने घर बुलाकर मुझसे डील की थी। एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष भी नहीं जाना गया और एकतरफा एफआईआर कर दी गई। यह कहना है इंदौर के शराब कारोबारी और क्रिकेट टीम के मालिक सूरज रजक का। सूरज का कहना है कि यह आरोप पूरे निराधार हैं और रेमन कक्कर ने जो मेरे खिलाफ एफआईआर कराई है, यह बिल्कुल गलत है। उस जमीन पर कब्जे जैसी बात तो कभी हुई ही नहीं है। यह पूरा परिवार डिस्प्यूटेड परिवार है। इन लोगों ने पहले भी उक्त जमीन का किसी के साथ सौदा किया था और उसके पैसे हड़प लिए थे, जिसको लेकर कोर्ट में बाकायदा कैस चल रहा है। 50 लाख रुपए में दी थी जमीन सूरज ने परिवार के साथ हुई चैटिंग और बातचीत को दैनिक भास्कर के साथ शेयर करते हुए बताया कि जमीन किराए पर देने को लेकर इनके परिवार की सहमति मुझे दी गई थी। इनके परिवार ने मुझे बताया था कि यह सरकारी जमीन है इस जमीन को लेकर हमारा अभी डिस्प्यूट भी चल रहा है, इसलिए हम लिखा पड़ी अभी नहीं कर सकते, लेकिन यह जमीन हम आपको 50 लाख रुपए सालाना किराए पर दे रहे हैं। रेमन कक्कर के भाई ने मुझे घर बुलाया था। उस दौरान इनकी मां, इनके दोनों भाई, दोनों भाईयों की पत्नियां और उनके बड़े भाई की एक बेटी मिली थी। उनकी सहमति देने के बाद मैंने जमीन पर काम शुरू कराया था, अगर मुझे कब्जा ही करना होता तो क्या मैं घर जा के बात करता? जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है सूरज ने बताया कि मैंने वर्तमान में जमीन के बारे में जानकारी निकाली तो मुझे पता चला है कि इन लोगों ने शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी से इस जमीन को बेचने के लिए सौदा कर लिया था और सौदा करने के बाद उनके करोड़ों रुपए हड़प गए। रुपए हड़पने के बाद यह लोग सौदा करने से भी पलट गए। जिसके बाद इनकी जमीन के बदले पैसे लेने के मामले में कोर्ट में केस भी चल रहा है। मेरी जानकारी के अनुसार इनके परिवार पर उक्त जमीन को लेकर चार से पांच केस कोर्ट में चल रहे हैं। जिसमें से दो या तीन केस सामने वाली पार्टी जीत भी चुकी है वहीं एक या दो में डिसीजन होना बाकी है। रेमन का भाई खुद जमीन दिखाने लेकर गया था मेरा रेमन के भाई रणधीर सलूजा से इस जमीन के विषय में बात हुई थी। जिसके बाद रणधीर उर्फ बंटी सलूजा खुद मुझे जमीन पर लेकर गए थे। जमीन देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि आप एक नक्शा बनवा लीजिए, इसके बाद मैंने नक्शा तैयार करवाकर बंटी सलूजा और उनके परिवार को भेजा था। मैंने नक्शा बनाकर दिया उसमें बताया कि सरकारी जगह कौन सी है और इनकी निजी जगह कौन सी है। बाद में जब मैंने काम शुरू कर दिया तब रेमन अचानक आई ओर इनके परिवार के आपसी डिस्प्यूट की वजह से रेमन ने मेरे पर एफआईआर दर्ज करवाई। रेमन के पति ने कहा था आप बंटी से बात कर लीजिए सूरज ने बताया कि जमीन को लेकर मेरी रेमन कक्कर के पति से भी बात हुई थी, उन्होंने भी यही कहा मुझे कि आप बंटी सलूजा से बात कर लीजिए। अगर मुझे पता होता कि इनके परिवार की खासतौर पर रेमन की राजी-मर्जी नहीं है तो मैं वहां पर काम हीं नहीं करता। वहीं इस जमीन को लेकर जब मैं रेमन कक्कर की मां से मिला तो उन्होंने कहा कि बेटा हम यह जमीन आपको बेचना चाहते हैं, आप इसे खरीद लीजिए। सूरज ने कहा कि रेमन अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। उनके परिवार में ही आपस में सामंजस्य नहीं है। उन्होंने पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे हैं। आज भी उस जमीन पर नगर निगम का कुर्की का बोर्ड लगा हुआ है। आज यह शहर हित की बात करते हैं तो शहर हित में आज तक इन्होंने अपनी जमीन का टैक्स क्यों नहीं भरा हुआ है। रेमन के परिवार ने जानकारी दी वह एफआईआर करवा रही सूरज ने बताया कि रेमन के परिवार के लोग सतत मेरे संपर्क में थे। जिस दिन रेमन FIR करने जा रही थीं, इनके घर से निकलने के पहले इनके घर के लोगों का फोन मेरे पास आया की भैया रेमन FIR करने के लिए जा रही हैं। आप वहां पर एक आवेदन भिजवा दीजिए। मैंने परिवार के कहने के बाद आवेदन थाने पर भिजवाया और कहा कि हम सरकारी जमीन पर दुकान बनवा रहे हैं। एकतरफा हुई एफआईआर, मेरा पक्ष नहीं जाना सूरज ने बताया कि मुझ पर इस मामले में सीधे एफआईआर हुई है। इसमें मुझसे किसी ने बात करने की कोशिश नहीं की। मुझे लगता है पुलिस को एफआईआर लिखने से पहले मेरे से बात करना चाहिए थी, मेरा पक्ष लेना चाहिए था। रात को 9:30 बजे की FIR की कॉपी मेरे पास मीडिया के माध्यम से आई। रेमन भी उस जमीन में मालिक हैं यह मुझे जानकारी नहीं थी।
वैश्विक शांति व सद्भाव के लिए चौथी अयोध्या राम मंदिर तीर्थ यात्रा: डॉ. जौली अमेरिका-ईरान-इजराइल व रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति हेतु वैश्विक भारत ब्रांड एम्बेस्डर व अध्यक्ष दिल्ली स्ट्डी ग्रुप डॉ. विजय जौली द्वारा चौथी अयोध्या राम मंदिर तीर्थ यात्रा का आयोजन 9 से 11 अप्रैल तक किया जा रहा है। 10 अप्रैल 2026 प्रातः 9.30 बजे अयोध्या राम मंदिर के दर्शन सभी राम भक्त करेंगे। डॉ. विजय जौली ने बताया कि यह तीर्थ यात्रा वैश्विक शांति व सद्भाव बनाए रखने, अमेरिका-ईरान-इजराइल तथा रूस व यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए आयोजित की जा रही है। राम लला दर्शन से पहले शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 8 से 9 बजे अयोध्या में जानकी महल धर्मशाला में हवन का आयोजन किया जायेगा। सभी तीर्थ यात्री वर्तमान युद्ध की समाप्ति के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय से विशेष भेंट वार्ता भी होगी। इस तीर्थ यात्रा में दिल्ली से 101 राम भक्त सहित सिंगापुर देश के 6 राम भक्त भी शामिल हैं। ज्ञात रहे 23 अप्रैल 2023 को भाजपा नेता डॉ. विजय जौली के नेतृत्व में 156 देशों की नदियों व समुंद्रों की जल से अयोध्या राम मंदिर का ‘‘जलाभिषेक’’ धूम-धाम से अयोध्या में आयोजित किया गया था। इसके बाद दिल्ली के रामभक्त डॉ. जौली की अगुवाई में प्रतिवर्ष अयोध्या राम मंदिर की यात्रा करते हैं। इस वर्ष क्रमानुसार यह चौथी तीर्थ यात्रा है। अयोध्या के कई मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे तीर्थ यात्री श्री जानकी महल ट्रस्ट धर्मशाला, अयोध्या में ठहरेंगे। अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर, रमणीय सरयू घाट (राम की पौड़ी), गुप्त घाट व अन्य पौराणिक स्थलों का भ्रमण सहित पूजा अर्चना भी करेंगे।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के असर से इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन घटने और रोजगार प्रभावित होने के मामले को मध्यप्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने स्थानीय औद्योगिक संगठनों से उद्योगों में आ रही दिक्कतों पर रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद संगठनों ने विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। दैनिक भास्कर ने युद्ध के कारण आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने औद्योगिक संगठनों से स्थिति की जानकारी ली। आला अधिकारियों ने संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर एमएसएमई और बड़ी इकाइयों की स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। एमएसएमई और छोटे उद्योगों की हालत बिगड़ीपीथमपुर औद्योगिक संगठन ने सरकार को भेजे नोट में बताया कि हालात आर्थिक आपातकाल जैसे बन गए हैं। कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। भुगतान संतुलन बिगड़ने से उद्योगों के सामने पूंजी का संकट गहरा गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि कच्चे माल, गैस और अन्य सामग्री के लिए उद्योगों को अग्रिम भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं सप्लाई के बाद भुगतान में देरी हो रही है, जिससे आर्थिक चक्र प्रभावित हो रहा है और वर्किंग कैपिटल पर दबाव बढ़ गया है। कच्चे माल की कमी और कीमतों में बढ़ोतरीउद्योग कच्चे माल के लिए 70% से अधिक आयात पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण इसकी उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और उत्पादन लागत में वृद्धि हो रही है। पीएनजी और एलपीजी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। एलपीजी की कमी बनी हुई है, जबकि पीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। साथ ही कंपनियों ने पहले दी जा रही राहत भी वापस ले ली है। निर्यात प्रभावित, माल बंदरगाहों पर अटकापीथमपुर से निर्यात भी प्रभावित हुआ है। बड़ी मात्रा में माल बंदरगाहों पर अटका है, जिससे बैंकों में पूंजी ब्लॉक हो रही है और उद्योगों की वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार फ्रेट लागत बढ़कर 2400 डॉलर तक पहुंच गई है, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके अलावा युद्ध सरचार्ज भी अतिरिक्त रूप से लगाया जा रहा है। उद्योग संगठनों ने रखीं अपनी समस्याएं एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री एमपी, फार्मा, प्लास्टिक, ऑटो एंसिलरी और पैकेजिंग उद्योगों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखी हैं और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार से राहत पैकेज और सपोर्ट की मांगऔद्योगिक संगठनों ने सरकार से एलपीजी और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बढ़ी कीमतों पर नियंत्रण करने और वैट में कमी करने की मांग की है। वर्तमान में वैट 14% है, जबकि अन्य राज्यों में यह करीब 5% है। संगठनों ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को स्थगित करने और पॉवर पर टैरिफ सब्सिडी देने की मांग की है, ताकि उत्पादन लागत को नियंत्रित किया जा सके। वर्किंग कैपिटल और रोजगार बचाने के उपाय सुझाएउद्योगों ने वर्किंग कैपिटल के लिए ब्याज सहायता, पूंजी सपोर्ट और रोजगार बनाए रखने के लिए इम्प्लॉयमेंट सब्सिडी देने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। ये खबर भी पढ़ें… MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले ईरान और इजराइल-अमेरिका के युद्ध का असर मध्य प्रदेश के 'डेट्रॉयट' कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर बढ़ता जा रहा है। पहले एक्सपोर्ट ठप हुआ, तो अब कर्मचारियों-मजदूरों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मंगलवार को हावड़ा टाउन में जनसभा को संबोधित किया और सत्तारूढ़ TMC और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना लालू यादव से कर दी। सम्राट ने कहा कि बिहार में जब तक लालू यादव का राज था तो इस तरह से गुंडागर्दी होती थी। अब बिहार में NDA की सरकार है। वहां कानून का राज है। डिप्टी सीएम ने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित रहें, तो यहां भी बीजेपी की सरकार बनाइए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य का ही बेटा या बेटी होगा।” सम्राट यहीं नहीं रुके। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा कि उनके एक फोन पर व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध रोक दिया। उन्होंने यह दावा किया कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने 9 जहाज सुरक्षित बाहर निकाले। PM मोदी के कहने पर पुतिन ने युद्ध रोका बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कहा, “दुनिया में पिछले चार साल से युद्ध चल रहा है। जब हमारे बच्चे यूक्रेन में फंस गए, तो उन्होंने मेल और फोन के जरिए मदद मांगी। हमने वहां से साढ़े तीन लाख बच्चों को निकाला।” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को फोन कर युद्ध रोकने के लिए कहा और युद्ध रुक गया। पुतिन ने पूछा कि भारतीय बच्चों की पहचान कैसे होगी, तो मोदी जी ने कहा कि जिसके हाथ में तिरंगा होगा, वह भारत का नागरिक होगा। तिरंगा लेकर दूसरे देशों के लोग भी वहां से निकल गए।” सम्राट ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आप बंगाल को ‘सोनार बंगला’ बनाना चाहते हैं, तो बीजेपी की सरकार बनाइए। मुंबई तीन ओर से समुद्र से घिरा है, जबकि आपके यहां चारों ओर समुद्र है।” उन्होंने आगे कहा, “बंगाल में घुसपैठिए आपका हिस्सा खा रहे हैं। राज्य को लूटा जा रहा है। ममता बनर्जी ने झूठे वादों के जरिए बंगाल को नुकसान पहुंचाया है। वे घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोलती हैं। हमारी सरकार बनाइए, हम सबसे पहले बंगाल के लोगों के लिए दरवाजे खोलने का काम करेंगे।” इस दौरान उन्होंने 5 लाख रोजगार देने का भी वादा किया। ममता ने राष्ट्रपति का अपमान किया अपने भाषण के दौरान डिप्टी CM ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी उसमें शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया। जब वह यहां आईं, तो उन्हें प्रोटोकॉल के मुताबिक सम्मान नहीं दिया गया।” बिहार में इंडस्ट्री लगाने का काम कर रहे सम्राट ने कहा, “बिहार में हम इंडस्ट्री स्थापित कर रहे हैं। PM सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बिहार में जब महागठबंधन की सरकार थी, तब लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनते थे। हमारी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर 2 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए गए।” डिप्टी सीएम ने बंगाल के लोगों से कहा, “हमारी सरकार बनाइए, हम बंगाल के हर व्यक्ति का आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाएंगे।” बिहार मॉडल के सहारे वोटरों को साधने की कोशिश बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी अपने भाषणों में राज्य में NDA सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। खासकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दों को वे बंगाल के मतदाताओं के सामने रख रहे हैं। बीजेपी का मानना है कि बंगाल में बसे बिहार मूल के मतदाता इन मुद्दों से जुड़ाव महसूस करेंगे और इससे पार्टी को चुनाव में फायदा मिल सकता है। राजनीतिक संदेश और रणनीतिक संकेत बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी का यह अभियान सिर्फ चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी देता है। बीजेपी बंगाल में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ प्रवासी समुदायों को भी साधने की कोशिश कर रही है। पार्टी बिहार मूल के मतदाताओं को एक संगठित वोट बैंक के रूप में देख रही है, जो चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने जिस तरह से सम्राट चौधरी को आगे किया है, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि पार्टी हर संभव सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण को साधने में जुटी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि “सोनार बंगला” का नारा और बिहार फैक्टर चुनावी नतीजों में कितना असर डालते हैं।
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
US-Iran War: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ज्योतिष क्या संकेत देता है? जानिए ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर युद्ध और शांति को लेकर संभावित भविष्यवाणी।
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कोटा के सैंड स्टोन, राइस और मसाला इंडस्ट्रीज प्रभावित हुए हैं। डिमांड घटने से करीब 150 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट अटक गया है। सबसे ज्यादा असर स्टोन और राइस एक्सपोर्ट पर पड़ा है। इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि अगर युद्ध 15 दिन और चला तो करीब 30 हजार लोगों पर रोजगार का संकट आ सकता है। लगभग 200 स्टोन यूनिट बंद हो जाएंगी। वॉर के कारण शिपिंग चार्ज (भाड़ा) बढ़ने से मसाले, चावल की भी डिमांड घट गई। इस कारण मजदूरों के लिए भी इन फैक्ट्रियों में काम नहीं है। छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज (SSI) कोटा के संस्थापक सदस्य गोविंद राम मित्तल ने कहा- युद्ध अमेरिका और ईरान के बीच हो रहा है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) असर भारत पर भी पड़ रहा है। खासकर छोटे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। हाड़ौती संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) से सैंड स्टोन, कोटा स्टोन, राइस, मसाला, केमिकल एक्सपोर्ट किया जाता है। कोटा स्टोन और सैंड स्टोन की 25-25 बड़ी और 100-100 छोटी खदानें हैं, जहां से पत्थर निकलता है और 400 से ज्यादा यूनिट हैं। जहां खान से पत्थर निकलने के बाद कटिंग पॉलिश का काम होता है। हर महीने 100 करोड़ रुपए का स्टोन एक्सपोर्ट होता है। एक यूनिट में 30 से ज्यादा लेबर (कटिंग, पॉलिशिंग, पैकिंग) काम करती हैं। इनमें 50 फीसदी लेबर बाहर (बिहार व अन्य जगहों) की है। लेबर पर रोजगार का संकट कोटा स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज के मेंबर गोविंद राम ने बताया कि- डिमांड नहीं होने के चलते कई स्टोन यूनिट में काम बंद हो गया है। लेबर भी चली गई है। खाड़ी युद्ध के चलते मसाला उद्योग भी बहुत प्रभावित हुआ है। मसाला इंडस्ट्रीज में भी 5 से 6 हजार लेबर काम करती है। पहले हर महीने 5 से 6 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होता था, लेकिन अभी डिमांड नहीं होने के कारण प्लांट बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। राइस और केमिकल इंडस्ट्री भी प्रभावित मित्तल ने बताया कि- कोटा-बूंदी में 20-22 राइस मिल हैं। यहां से हर महीने 25 करोड़ रुपए का चावल खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट होता है। एक राइस मिल में 50-60 मजदूर काम करते हैं। डिमांड घटने से प्रोडक्शन पर असर हुआ है और 25 फीसदी लेबर वापस लौट गई है। ऐसी ही स्थिति केमिकल इंडस्ट्री (यूरिया, फर्टिलाइजर) में भी है। कच्चा माल नहीं आने और डिमांड नहीं होने के कारण प्रोडक्शन लगभग ना के बराबर है। लेबर के पास काम नहीं है, इसलिए वे फसल कटाई में लगे हैं। मित्तल ने कहा कि अगर अमेरिका व ईरान के बीच 15 दिन और युद्ध खिंचा तो 30 हजार लेबर पर रोजगार का संकट आ जाएगा और डिमांड नहीं होने से यूनिटें बंद हो जाएंगी। शिपिंग भाड़ा बढ़ने से स्टोन इंडस्ट्री पर संकट SSI के पूर्व अध्यक्ष और सैंड स्टोन एक्सपोर्टर बीएल गुप्ता ने बताया- कोटा में स्टोन की 400 से 500 छोटी-बड़ी यूनिट हैं और 20 से 25 बड़े एक्सपोर्टर हैं। यहां से हर महीने दो से ढाई हजार कंटेनर का एक्सपोर्ट होता है, जो करीब 100 करोड़ रुपए के आसपास रहता है। 90 प्रतिशत सैंड स्टोन यूके और यूरोपीय देशों में जाता है। युद्ध के कारण शिपिंग का भाड़ा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। युद्ध के पहले 800 से 1000 डॉलर प्रति कंटेनर का भाड़ा था, जो बढ़कर 1800 से 2200 डॉलर प्रति कंटेनर हो गया है। भाड़ा बढ़ने से कस्टमर ने ऑर्डर होल्ड पर डाल दिए हैं, जिसके कारण प्रोडक्शन कम हो गया है। प्रोडक्शन कम होने से मजदूर भी कम करने पड़ रहे हैं। युद्ध लंबा खिंचा तो इसका व्यापक असर स्टोन इंडस्ट्री पर होगा। हाड़ौती के कोटा स्टोन का एक्सपोर्ट प्रभावित हाड़ौती कोटा स्टोन एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और कोटा स्टोन व्यापारी देवेंद्र जैन ने बताया कि खाड़ी देशों में हर महीने 15 से 20 करोड़ रुपए का कोटा स्टोन एक्सपोर्ट होता है। इसमें ब्राउन कोटा स्टोन, लेदर कोटा स्टोन और रिवर पॉलिश कोटा स्टोन का एक्सपोर्ट लगभग बंद हो गया है, जबकि यूके व यूएस का शिपिंग चार्ज बढ़ जाने के कारण इन देशों में भी माल नहीं भेज पा रहे हैं। --- अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सोजत में मेहंदी की फैक्ट्रियों में काम बंद:250 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर अटका, व्यापारी बोले-मजदूरों को घर भेजना पड़ रहा है अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। (पढ़ें पूरी खबर)2. राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
ईरान -अमेरिका युद्ध:संकट के बीच प्रवासियों को राहत, पलायन रोकने की मानवीय पहल
लुधियाना| ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर स्थानीय गैस आपूर्ति पर भी पड़ा है। ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से उपजे डर के कारण जब श्रमिकों ने पलायन का मन बनाना शुरू किया तब भगवान महावीर सेवा संस्थान ने एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की। जैन स्थानक सिविल लाइंस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने 11 अत्यंत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर वितरित किए। संस्थान के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा, जब घर में चूल्हा नहीं जलता तो श्रमिक वर्ग असुरक्षित महसूस करने लगता है और घर लौटने का विचार करने लगता है। प्रवासी भाई हमारे शहर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है। हमने अपने बेटे के जन्मदिन को इन परिवारों की मदद के लिए चुना जो गैस की किल्लत के कारण बेहद परेशान थे। इस दौरान राजेश जैन, सह मंत्री सुनील गुप्ता, राष्ट्रपति अवार्ड विजेता गुरदेव सिंह, ऋचा जैन, रमा जैन, सुषमा जैन, किरण जैन, समाजसेवी मीना देवी, शिवा, सुलोचना जैन और प्रिया जैन आदि मौजूद थे। छोटू गैस सिलेंडर योजना ... • इस 5 किलो के (एफटीएल) नीले सिलेंडर के लिए स्थानीय पते के सबूत की जरूरत नहीं है। • सिर्फ आधार कार्ड या कोई भी एक फोटो पहचान पत्र देकर तुरंत नया कनेक्शन मिलेगा।• पहली बार में सिक्योरिटी और टैक्स मिलाकर करीब ₹1550 का खर्च है। रिफिलिंग ₹606 में उपलब्ध है। • उपभोक्ता महीने में 3 बार तक रिफिल ले सकता है।
हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष : पोस्टर का विमोचन
उदयपुर | मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय और महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का पोस्टर जारी हुआ। 10 और 11 अप्रैल को हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पर राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। पोस्टर का विमोचन कुलगुरु प्रो. बी. पी. सारस्वत ने किया। आयोजन सचिव डॉ. मनीष श्रीमाली ने जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. दिग्विजय भटनागर, डॉ. वी. सी. गर्ग, प्रो. प्रतिभा, डॉ. पीयूष भादविया और मुकेश बारबर मौजूद रहे। संगोष्ठी में प्रो. रवीन्द्र कुमार शर्मा और प्रो. शिव कुमार मिश्रा मुख्य वक्ता होंगे।
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
जेकेएसए ने विदेश मंत्री जयशंकर को लिखा पत्र, सऊदी अरब में गिरफ्तार कश्मीरी युवक की रिहाई की मांग
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखकर सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए एक कश्मीरी युवक के मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और उसकी सुरक्षा, कानूनी स्थिति और लंबे समय से संपर्क न हो पाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की
बाबा जयगुरुदेव महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम संत बाबा उमाकान्त महाराज ने अजमेर रोड स्थित ठिकरिया आश्रम में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में कहा कि लोगों के भीतर से दया समाप्त होती जा रही है और इसका कारण दूषित भोजन तथा मांसाहार है। उन्होंने कहा कि जब दया खत्म होती है तो धर्म का मूल कमजोर हो जाता है और धर्म कमजोर होने पर कर्म बिगड़ते हैं, जिसका दुष्परिणाम मनुष्य को भुगतना पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवों पर दया करने और धर्म के मूल तत्वों को अपनाने की अपील की। उमाकान्त महाराज बोले- “प्रकृति नाराज़ है” बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि हथियारों की गोलाबारी से हवा दूषित हो रही है, जिससे पवन देवता नाराज़ हैं। धरती में अत्यधिक खुदाई और असलाह रखने से पृथ्वी नाराज़ है, जबकि आग से पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के जलने से अग्नि देवता भी अप्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रकृति तरह-तरह की आपदाओं के रूप में प्रतिक्रिया दे रही है। युद्ध पर शांति का संदेश पश्चिम एशिया के युद्ध हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।उन्होंने विश्व के बड़े देशों से हथियार निर्माण कम कर छोटे देशों के विकास में सहयोग देने की अपील की, ताकि दुनिया में शांति का माहौल बन सके। आने वाला समय ऐसा होगा जब एक मिनट में नास्तिक को भी भगवान याद आ जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पंच देवता मनुष्य के कर्मों से नाराज़ हैं, जिसके चलते तरह-तरह की आपदाएं सामने आ सकती हैं। ठिकरिया आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गुलाबी वस्त्र पहने श्रद्धालु शामिल हुए। सत्संग में बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि वर्तमान समय कठिन है, लेकिन गुरु भक्तों की साधना और दया धर्म के कारण कई बड़ी आफतें टल रही हैं। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज द्वारा जागृत किया गया ‘जय गुरु देव’ नाम इस समय रक्षा का उपाय है। संकट के समय इस नाम का स्मरण करने से मुसीबत कम हो सकती है।
मोगा पुलिस द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत, मोगा जिले के थाना बधनी कलां पुलिस ने इलाके में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। इसका उद्देश्य लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सहयोग मांगना है। इस दौरान, पुलिस टीम ने गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने नशों के कारण होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान पर विस्तार से जानकारी दी। थाना प्रभारी बोले- युवा नशे से दूर रहें थाना प्रभारी गुरमेल सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए युवाओं को विशेष रूप से नशे से दूर रहने और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों पर ध्यान दें और उन्हें गलत संगत से बचाएं। अभियान के तहत, पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशा बेचने या तस्करी करने में शामिल है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नशे के खिलाफ जारी रहेगा जागरूकता अभियान थाना बधनी कलां के प्रभारी गुरमेल सिंह ने बताया कि यह जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का लक्ष्य केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक आंदोलन खड़ा करना भी है। मोगा पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन और जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। पुलिस के ये प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
किशनगंज में ईरान-इजराइल युद्ध का असर:50 से अधिक होटल-रेस्टोरेंट बंद, कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत
किशनगंज में ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब स्थानीय रसोई पर दिखने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज की खाड़ी में एलपीजी आयात बाधित हुआ है, जिससे कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत हो गई है। जिले में 50 से अधिक छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट या तो पूरी तरह बंद हो गए हैं या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। बचे हुए प्रतिष्ठानों में भी खाना बनाने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। कमर्शियल LPG सिलेंडर उपलब्ध नहीं स्थानीय होटल मालिकों के अनुसार, बाजार में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। यदि वे काला बाजार में मिलते भी हैं, तो उनकी कीमतें बहुत अधिक हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए कई होटलों ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाई हैं। लगभग 20 से अधिक होटल-रेस्टोरेंट अब इलेक्ट्रिक चूल्हे या इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली का बिल बढ़ गया है और भोजन के स्वाद पर भी असर पड़ रहा है। 25 होटलों में कोयले पर बन रहा खाना वहीं, 25 से अधिक होटलों ने कोयले पर खाना बनाना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ छोटे होटल जलावन (लकड़ी) का उपयोग कर रहे हैं। इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव छोटे ठेले और फास्ट फूड विक्रेताओं पर पड़ा है। वे न तो महंगे इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद सकते हैं और न ही नियमित रूप से कोयला या लकड़ी का इंतजाम कर पाते हैं। नतीजतन, कई ठेले बंद हो गए हैं या बहुत सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं।एक स्थानीय होटल संचालक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, 'सिलेंडर न मिलने के कारण मजबूरी में इलेक्ट्रिक चूल्हा लगाना पड़ा, लेकिन बिजली कटौती और महंगे बिल से मुश्किलें और बढ़ गई हैं।' एक अन्य व्यापारी ने ठेले वालों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका रोजगार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता पर्याप्त है और उनकी होम डिलीवरी सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत पर अभी कोई राहत नहीं मिली है। कुछ लोगों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचा, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।
एमपी में गेहूं की सरकारी खरीदी अब 9-10 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दो बार अफसरों के साथ गेहूं खरीदी को लेकर बैठक की। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पशुपालन मंत्री लखन पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा बैठक में सीएम ने कहा प्रदेश में इस साल गेहूं की खरीदी तय समय पर शुरू होगी। खास बात यह है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। प्रदेश में बारदानों की 3.12 लाख गठानों की जरूरत है, सरकार का दावा है कि बारदानों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने 10 अप्रैल से पहले सभी तौल केंद्रों का गहन निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कब और कहां होगी खरीदी? 7 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। 9-10 अप्रैल से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू होगी। 15 अप्रैल से: प्रदेश के बाकी सभी संभागों में उपार्जन शुरू होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से दैनिक भास्कर ने गेहूं खरीदी को लेकर चर्चा की। सवाल: गेहूं खरीदी देरी से क्यों शुरू हो रही है? मंत्री राजपूत- ये बात पूरे देश, प्रदेश में पक्ष-विपक्ष और सबको मालूम है कि युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस कारण से कई समस्याएं आईं। जितना गेहूं बाहर निर्यात होता था, संभवत: उतना निर्यात नहीं हो पा रहा। हमें तारीख इसलिए बढ़ानी पड़ी क्योंकि बारदाना जूट कमिश्नर कलकत्ता के माध्यम से आता है। बारदाना आने में विलंब हुआ। हम ये नहीं चाहते थे कि पर्याप्त बारदाने के बिना हम खरीद शुरू करें। ताकि हमारे किसानों को और कोई परेशानी हो। जब हमारे पास पर्याप्त बारदाना आ गया, तब हमने खरीदी शुरू की है। करीब 50 हजार गठानें हमारे पास आ चुकी हैं। 50 हजार गठानें और आने वाली हैं। अब हमारे पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है और समस्या होगी तो हमें भारत सरकार ने पीपीपी बैग खरीदने की अनुमति दी है। उसके टेंडर भी हो गए हैं। जितना हम खरीदेंगे, उतना वारदाना हमारे पास आ चुका है। सवाल: गेहूं खरीदी की तारीखों में कुछ बदलाव कर रहे हैं? मंत्री राजपूत- 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। हम 9 और 10 तारीख से खरीदी शुरू कर देंगे। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9-10 तारीख से खरीद शुरू होगी। बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। सवाल: मप्र में कितना गेहूं खरीदेंगे और प्रदेश में कितनी भंडारण क्षमता है? मंत्री राजपूत- मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हम पिछले साल की तुलना में ज्यादा गेहूं खरीदेंगे। पिछले साल 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेंगे। लोग अफवाहें उड़ा रहे हैं, हमारे पास भंडारण की कोई दिक्कत नहीं है। हमारे पास ढाई करोड़ टन भंडारण क्षमता है। इसके अलावा साइलो बैग के टेंडर भी बुलाए गए हैं। हमारे पास स्टील साइलो भी हैं। कुल मिलाकर जितनी खरीदी करेंगे, उसे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। सवाल: बारिश की वजह से किसी का गेहूं खराब न हो, उसके लिए क्या व्यवस्था है? मंत्री राजपूत: पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था रहे। खरीदी के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन भी होता रहे। खरीदी मंडियों और वेयरहाउस के आसपास होगी। हमारी कोशिश होगी कि गेहूं को जल्द से जल्द परिवहन कर सुरक्षित भंडारण में रखा जाए। सवाल: मुख्यमंत्री जी ने एक दिन में दो बार इसी विषय पर बैठक की, उसमें क्या चर्चा हुई? मंत्री राजपूत: मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों को कोई परेशानी न हो। यदि बारदाने और अन्य व्यवस्थाओं की समस्या सुलझ गई है, तो गेहूं खरीदी शुरू की जाए। बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और उनके निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटो पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे मे भाग लेकर आप बताइए। अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा पर सपा विधायक चौधरी समरपाल सिंह को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते है या यहां से तैयारी कर रहे अशफ़ाक अली खां को मौका देंगे? सपा नेता जावेद आब्दी या नावेंद्र गुड्डू में आपकी पसंद है तो उनके लिए सर्वे मे भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो अन्य में जाकर उसका नाम भी आप दे सकते हैं। भाजपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। देवेंद्र नागपाल या चौधरी युद्धवीर सिंह में कौन पसंद है? BJP नेता सुधीर चौहान पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। बसपा से फुरकान अली, नावेद अयाज या कासिम हुसैन में आप किसे चुनना चाहेंगे। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
बासोपट्टी के युवक की सऊदी अरब में निधन:68 दिन बाद गांव पहुंचा शव, 12 साल से रह रहा था
बासोपट्टी थाना क्षेत्र के खौना गांव में शनिवार देर रात सऊदी अरब में मृत किशुनदेव साह (55) का पार्थिव शरीर 68 दिन बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव के आगमन पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए और उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, किशुनदेव साह पिछले करीब 12 वर्षों से सऊदी अरब के जेद्दा शहर में एक रेस्टोरेंट में शेफ के पद पर कार्यरत थे। लगभग 9 माह पहले वे छुट्टियां बिताकर काम पर लौटे थे। 27 जनवरी को अचानक उनकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची। मृतक के सहकर्मी ने फोन पर यह सूचना दी थी। परिजनों ने भारतीय दूतावास से संपर्क कर मौत की पुष्टि की, जहां उन्हें बताया गया कि हार्ट अटैक उनकी मृत्यु का कारण था। शव को भारत लाने की प्रक्रिया तकनीकी औपचारिकताओं और कागजी कामकाज के कारण लंबी खिंच गई। परिजनों ने लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों से संपर्क बनाए रखा। दो महीने से अधिक की जद्दोजहद के बाद शव को आखिरकार सऊदी अरब से दिल्ली तक एयर इंडिया की फ्लाइट से भेजा गया। दिल्ली से रिश्तेदार आनंद साह और ग्रामीण बुधन साह एंबुलेंस के माध्यम से शव को पैतृक गांव तक लाए। मृतक के पुत्र रौशन साह, मनीष साह और उनकी पत्नी शव लाने की प्रक्रिया में लंबे समय से जुटे थे। गांव में शव पहुंचने पर भारी भीड़ ने अंतिम दर्शन किए। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद परिजनों ने पूरे विधि-विधान के साथ किशुनदेव साह का अंतिम संस्कार किया।
इजराइल-ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण पंजाब के अमृतसर में LPG गैस सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई घंटों के इंतजार के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। इस संकट का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ये लोग रोजाना 600 से 650 रुपये तक कमाते हैं, लेकिन अब उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा गैस सिलेंडर भरवाने में ही खर्च हो रहा है। ऐसे में उनके लिए घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। रोजाना कमाई गैस सिलेंडर में खर्च, परिवार को पैसे भेजना मुश्किल उत्तर प्रदेश के रहने वाले महेश, जो पिछले 9 वर्षों से अमृतसर में मजदूरी कर रहे हैं, बताते हैं कि हालात अब पहले जैसे नहीं रहे। उनका कहना है कि जितनी कमाई होती है, वह गैस सिलेंडर में ही खर्च हो जाती है, जिससे परिवार को पैसे भेजना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कई दिनों से वे गुरुद्वारों में लंगर खाकर गुजारा कर रहे हैं, लेकिन वहां तक रोज पहुंचना भी आसान नहीं है। क्योंकि मेरा काम ऐसा है कि मैं रोज गुरुद्वारे नहीं जा सकता। मेरे घर से गुरुद्वारा भी दूर है और मेरा कोई निश्चित समय नहीं है कि कब मैं घर लौटू। काले बाजार से महंगे सिलेंडर, बाहर खाना महंगा वहीं बिहार के रहने वाले राजेश ने बताया कि इस हालात को देखते हुए उनके कई साथी पहले ही अपने घर लौट चुके हैं और अब वे खुद भी वापस जा रहें हैं। उन्होंने कहा कि गैस न होने के कारण मुझे बाहर, ढाबों और होटलों से खाना लेना पड़ रहा है, जो मेरी आमदनी के हिसाब से बहुत महंगा है। मुझे सिलेंडर तो मिल रहा है, लेकिन काले बाजार में, और वह भी पहले से काफी अधिक कीमत पर, जिससे मेरा गुजारा मुश्किल हो रहा है। मैं परेशान हो रहा हू। और अब मैं अपने घर जा रहा हुं। गंभीर हालात के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अमृतसर छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मजदूरों के इस पलायन का असर अब स्थानीय कारोबार पर भी पड़ने लगा है।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है।सोजत के निर्यातकों का करीब 250 करोड़ रुपए का माल पोर्ट और गोदामों में फंसा हुआ है। 4 से 5 हजार रुपए सालाना टर्नओवर वाले इस कारोबार पर ब्रेक लग गया है। प्रोडक्शन 80% गिरा, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार परव्यापारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है। सोजत में करीब 35 ऐसी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जो खास तौर पर मिडिल ईस्ट के लिए नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई बनाती हैं। मांग न होने के कारण उत्पादन 20% तक सिमट गया है। व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल के बाद पहली बार ऐसे हालात बने हैं। पलायन बनी मजबूरीमेहंदी व्यापारी अनिल हिरानी ने बताया कि काम बंद होने के कारण अब तक करीब 2200 मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80% श्रमिक यूपी, बिहार और कोटपूतली (राजस्थान) के हैं। काम न मिलने के कारण श्रमिक पलायन को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मंडी सप्लायर्स पर भी बुरा असर पड़ा है। माल भाड़ा हुआ डबल, पेमेंट भी फंसानिर्यातक विनोद लोढ़ा के अनुसार, मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो में करीब 150 करोड़ का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों का जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा दोगुना कर दिया है। पुराने भेजे गए माल का पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। रमजान के बाद आए ऑर्डर ठप, 100 करोड़ का माल गोदामों में कैदसोजत के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर विनोद लोढ़ा ने बताया- रमजान से पहले के ऑर्डर तो समय पर चले गए थे, लेकिन उसके बाद आए सभी ऑर्डर युद्ध के कारण रुक गए हैं। वर्तमान में करीब 100 करोड़ रुपए की मेहंदी अकेले सोजत के गोदामों में तैयार पड़ी है, जिसे दुबई भेजा जाना था। लेकिन न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिस्पैचिंग हो पा रही है। गुजरात से आने वाला कच्चा माल हुआ महंगामेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी ने बताया कि मेहंदी के कोन और पाउडर बनाने के लिए जरूरी रॉ-मटेरियल मुख्य रूप से गुजरात से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां के सप्लायर्स ने रेट बढ़ा दिए हैं। 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, जो पहले 250 रुपए किलो मिलता था, वह अब 350 रुपए तक पहुंच गया है। एक्सपोट्र्स बोले- न दाम बढ़ा सकते, न माल बेच सकते हैंएक्सपोट्र्स की सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और डिमांड की कमी के चलते वे अपनी फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) की कॉस्ट नहीं बढ़ा पा रहे हैं। लागत में 40% तक की बढ़ोतरी होने के बावजूद पुरानी रेट पर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। घरेलू बाजार में भी माल भेजना अब महंगा हो गया है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ चुकी है। 130 देशों का 'ग्लोबल मार्केट' अब अधर मेंसोजत की मेहंदी का रसूख इतना बड़ा है कि यह केवल भारत या खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, पेरिस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से निकलने वाली प्रीमियम मेहंदी और नेचुरल हेयर डाई की मांग यूरोपीय देशों में साल भर रहती है, लेकिन मौजूदा युद्ध ने शिपिंग रूट्स को इतना असुरक्षित बना दिया है कि 130 देशों का यह विशाल नेटवर्क ठप होने की कगार पर है।जो मेहंदी स्पेन, यूनान और माल्टा जैसे देशों के बाजारों की शोभा बढ़ाती थी, वह अब ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण सोजत के गोदामों से बाहर नहीं निकल पा रही है। क्वालिटी का डर- 1 महीने में खराब हो जाता है मेहंदी कोनव्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता क्वालिटी को लेकर है। मेहंदी कोन की लाइफ महज एक महीना होती है, जिसके बाद वह खराब होने लगता है। हेयर डाई की क्वालिटी भी 6 महीने बाद गिरने लगती है। अगर युद्ध लंबा चला, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4 से 5 हजार रुपए का सालाना टर्नओवरसोजत का मेहंदी कारोबार का सालाना टर्नओवर 4 से 5 हजार रुपए सालाना है। व्यापारियों ने दावा किया- यदि युद्ध आज भी रुक जाए, तो स्थिति को सामान्य होने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। व्यापारी बोले- समझ नहीं आ रहा उद्योग कैसे बचाएंमेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी कहते हैं- सोजत की मेहंदी का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट से है। वहां युद्ध शुरू होते ही हमारी सप्लाई लाइन कट गई। अब गुजरात से आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया और ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि उद्योग को कैसे बचाएं। 80% श्रमिक बाहरी राज्यों के, रोजी-रोटी का संकटसोजत के मेहंदी उद्योग में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कोटपूतली (राजस्थान) क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। कुल निकाले गए मजदूरों में 80 फीसदी प्रवासी हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय लोग हैं। इन मजदूरों के लिए मेहंदी सीजन ही साल भर की कमाई का मुख्य जरिया होता है, लेकिन युद्ध ने उनके इस भरोसे को तोड़ दिया है। केवल मजदूर नहीं, पूरी 'सप्लाई चेन' प्रभावित काम बंद होने का असर केवल फैक्ट्री के भीतर तक सीमित नहीं है। इसका 'चेन रिएक्शन' पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। किसान: मेहंदी की फसल बेचने वाले किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे। मंडी: सोजत मंडी में व्यापारिक गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं। सप्लायर: पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कच्चा माल सप्लाई करने वालों का काम भी रुक गया है। खाड़ी देशों की पहली पसंद है 'सोजत मेहंदी'सोजत की मेहंदी अपनी ए-ग्रेड क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यहां मेहंदी में केमिकल के बजाय लौंग, नीलगिरी और टी-3 नेचुरल ऑयल का इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसकी डिमांड मिडिल ईस्ट के अलावा दुनिया के 130 देशों में है। लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति ने इस चमक को फिलहाल धुंधला कर दिया है। लातविया से लेकर पुर्तगाल तक... हर जगह सोजत का डंकासोजत की मेहंदी की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह एस्टोनिया, लिथुआनिया, बुल्गारिया, स्लोवाकिया, और क्रोएशिया जैसे देशों में भी निर्यात की जाती है। यूरोप का बाजार- यहां नेचुरल कॉस्मेटिक्स की भारी डिमांड है, जिसे सोजत पूरा करता है। एशियाई बाजार- नेपाल और मलेशिया जैसे देशों में सोजत की मेहंदी एक अनिवार्य ब्रांड बन चुकी है। पेरिस के फैशन से रूस के बाजार तकसोजत की मेहंदी की सबसे बड़ी खूबी इसका 'केमिकल फ्री' होना है। इसी कारण पेरिस (फ्रांस) जैसे फैशन हब और रूस व बेलारूस जैसे ठंडे देशों में भी इसे स्किन-फ्रेंडली हेयर डाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल इन सभी देशों से आने वाले नए ऑर्डर्स पर युद्ध की अनिश्चितता के कारण 'ब्रेक' लग गया है। 38 हजार हेक्टेयर में फैला है ‘मेहंदी का साम्राज्य’पाली जिले का सोजत और उसके पड़ोसी क्षेत्र रायपुर व जैतारण मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा मेहंदी उत्पादक हब बनाते हैं। कुल 38 हजार हेक्टेयर भूमि पर होने वाली यह खेती यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यहां की मिट्टी और जलवायु मेहंदी के लिए इतनी अनुकूल है कि यहां पैदा होने वाली मेहंदी में लॉसोने (रंग देने वाला तत्व) की मात्रा दुनिया में सर्वाधिक पाई जाती है। प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल का उत्पादन, पर बाजार में सन्नाटा इस क्षेत्र में औसतन 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मेहंदी का उत्पादन होता है। इस साल भी पैदावार बंपर होने की उम्मीद है, लेकिन युद्ध के कारण सोजत की मंडी और फैक्ट्रियों में रौनक गायब है। बंपर स्टॉक: खेतों से मंडी तक माल पहुंच रहा है, लेकिन निर्यात रुकने से स्टॉक जमा होता जा रहा है। भाव का डर: मांग कम होने से किसानों को डर है कि उन्हें अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाएगा। क्यों खास है सोजत की मेहंदी?सोजत की मेहंदी को इसकी शुद्धता और गहरे रंग के लिए GI टैग (Geographical Indication) भी मिल चुका है। यहां की मेहंदी में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल के बजाय प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाता है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारता है। ------ अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...
सिवनी में जेबकतरा गिरफ्तार:मंदिर से श्रद्धालु का उड़ाया था पर्स, 17 हजार लेकर हुआ था फरार
सिवनी जिले में सक्रिय जेबकतरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की नकदी और पर्स बरामद किया। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को सिवनी निवासी अमित राजपूत (42) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान बालस्वरूप हनुमान मंदिर में पूजा करते समय रात करीब 8 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से लगभग 17 हजार रुपए चुरा लिए थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर एक टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ, संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया। इसके आधार पर सिवनी के टिग्गा मोहल्ला निवासी इस्लाम खान (30) की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की गई राशि में से कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। उसके पास से 7,250 रुपये नकद और एक पर्स बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस्लाम खान के खिलाफ पहले भी कोतवाली थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक संजय यादव, मनोज पाल, मुकेश चौरिया और राजेंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
ईरान-इजरायल युद्ध ने भोपाल के औद्योगिक ढांचे को भी झकझोर दिया है। राजधानी के मंडीदीप, गोविंदपुरा और बगरोदा औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल की कमी, कमर्शियल गैस की अनुपलब्धता और बढ़ती लागत ने उत्पादन, निर्यात और रोजगार तीनों पर एक साथ दबाव बना दिया है। भोपाल: गोविंदपुरा में 25 यूनिट बंद; मंडीदीप से निर्यात आधा मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में उत्पादन 30% तक घट गया है। प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा और इंजीनियरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इंजीनियरिंग इकाइयों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से काम प्रभावित हुआ है, जबकि फार्मा कंपनियां कच्चे माल और पैकेजिंग मटेरियल के 10 से 15% बढ़े दाम से जूझ रही हैं। प्लास्टिक इंडस्ट्री में पेट्रोकेमिकल्स की सप्लाई रुकने से कच्चे माल की कीमत करीब 20% तक बढ़ गई है। एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज मंडीदीप के संरक्षक राजीव अग्रवाल के मुताबिक, फिलहाल कंपनियां पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रही हैं। सप्लाई नहीं सुधरी तो 4000 से अधिक कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा। गोविंदपुरा: 20 साल में पहली बार जल्दी बंद हो रहीं फैक्ट्रियां : गोविंदपुरा में 1157 यूनिट्स में से 25 बंद हो चुकी हैं, 600 आधी क्षमता पर चल रही हैं। 500 यूनिट्स ने शिफ्ट घटा दी है। जो फैक्ट्रियां रात 9:30 बजे तक चलती थीं, वे शाम 5:30 बजे ही बंद होने लगी हैं। कोविडकाल को छोड़ दें तो दो दशकों में यह पहली बार है, इतनी जल्दी काम बंद हो रहा है। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके ग्वालियर: मालनपुर में 50 यूनिट बंद तो बानमोर में उत्पादन 50% मालनपुर से प्रवीण चतुर्वेदीबानमोर से विजय सिंह राठौरग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों मालनपुर और बानमोर में कच्चे माल की कमी, गैस सप्लाई में कटौती और बढ़ती लागत के कारण उद्योगों की स्थिति बिगड़ रही है। बड़े उद्योगों का उत्पादन 40% तक घट गया है, वहीं छोटी इकाइयों में बंदी का दौर शुरू हो गया है। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में 17 बड़ी और 127 छोटी इकाइयां हैं, जिनमें से करीब 50 छोटी इकाइयों ने उत्पादन बंद कर दिया है। इसका असर रोजगार पर पड़ा है। पिछले एक महीने में 1500 से ज्यादा श्रमिक गांव लौट चुके हैं, जबकि नई लेबर भी आना बंद हो गई है। कॉन्ट्रैक्ट लेबर सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मजदूरों को करीब 520 रुपए रोज मिलते थे, जिसमें पीएफ-ईएसआई शामिल था। एक समय का खाना फैक्ट्री में और दूसरा गैस सिलेंडर से बनता था, लेकिन अब गैस की कमी के कारण सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने लौटना ही बेहतर समझा। मालनपुर के उद्योगों में नेचुरल और प्रोपेन गैस का इस्तेमाल होता है। नेचुरल गैस की सप्लाई 45% घट गई है, जबकि प्रोपेन मिल नहीं रही। इससे कई यूनिट्स में उत्पादन आधा रह गया है। कुछ पूरी तरह ठप हो गए हैं। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके इंदौर: 30% उत्पादन ठप, 35 हजार वर्कर्स की नौकरी गई पीथमपुर से संदीप पारे युद्ध की आंच इंदौर के औद्योगिक क्षेत्रों पीथमपुर, राऊ और सांवेर रोड तक पहुंच गई है। कच्चे माल की कमी और लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण 25 से 30% उत्पादन ठप हो गया है। सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्करों की छुट्टी हो चुकी है, जबकि 15 से 20 हजार स्थायी कर्मचारियों को ले-ऑफ (अस्थायी छुट्टी) पर भेजा गया है। इंदौर-पीथमपुर के करीब 5600 उद्योगों में से 1000 से ज्यादा यूनिट्स के सामने बंद होने की कगार पर हैं। अधिकांश कंपनियों ने काम के घंटे घटा दिए हैं। वे आधी क्षमता पर चल रही हैं। एडवांस पेमेंट पर भी 50% कच्चा माल ही मिल पा रहा : होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण मिडिल ईस्ट से सप्लाई प्रभावित हुई है। उद्योगपतियों के मुताबिक, कच्चा माल अब 50% भी नहीं मिल पा रहा है। जो मिल रहा है, उसके दाम 60 से 100% तक बढ़ चुके हैं। कच्चा माल एडवांस पेमेंट पर खरीदना पड़ रहा है। तैयार माल का भुगतान 60 से 90 दिन में मिल रहा है। इंश्योरेंस और माल भाड़ा भी महंगा हो गया है, जिससे उत्पादन लागत निकलना मुश्किल हो गया है। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
1914 के विश्व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता
इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...
Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?
डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

