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आर्मी, वायुसेना, नेवी के बाद स्पेस बनेगा नया युद्धक्षेत्र:राजस्थान सीमा पर सैटेलाइट्स से किए थे ड्रोन ट्रैक; भारत का बड़ा दांव, 52 नए सैटेलाइट नेटवर्क

भारत 2025 से 2029 के बीच स्पेस बेस्ड सर्विलांस (SBS-III) प्रोग्राम के तहत 52 नए निगरानी सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसी दौरान ऑपरेशन सिंदूर, NavIC नेटवर्क, जॉइंट मिलिट्री स्पेस डॉक्ट्रिन दिखा रही हैं कि भारत की सैन्य रणनीति में स्पेस की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जॉइंट मिलिट्री स्पेस डॉक्ट्रिन का मतलब ऐसी गाइडलाइन है, जो बताती है कि युद्ध या शांति के समय तीनों सेनाएं मिलकर अंतरिक्ष आधारित संसाधनों का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग कैसे करें। इसका असर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर भी दिखाई दिया था। युद्ध के समय पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में 413 ड्रोन हमलों की कोशिश की गई थी। हालांकि स्पेस बेस्ड सर्विलांस के तहत लॉन्च सैटेलाइट की कड़ी मॉनिटरिंग से सभी हमलों को नाकाम किया गया। साथ ही दुश्मन के रडार सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इसी वजह से भारत युद्ध के मोर्च पर आगे रहा था। सैन्य अधिकारियों, स्पेस एक्सपर्ट और पूर्व सैन्य कमांडरों का मानना है कि जमीन, समुद्र और हवा के साथ अब स्पेस भी देश की सुरक्षा का बड़ा हिस्सा बन चुका है। आज के समय में युद्ध सिर्फ सीमा पर तैनात सैनिकों और हथियारों से नहीं जीते जाते। स्पेस आधारित सिस्टम तेजी से अहम भूमिका निभा रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… स्पेस भी युद्ध का नया मैदान एक्सपट्‌र्स मानते हैं कि भविष्य के युद्ध साइबर और स्पेस तक पहुंच चुके हैं। इसी दिशा में भारत ने जॉइंट मिलिट्री स्पेस डॉक्ट्रिन जारी की है। डिफेंस स्पेस एजेंसी को और मजबूत बनाया है। 52 नए निगरानी सैटेलाइट वाले SBS-III प्रोग्राम पर काम शुरू कर दिया है। भारतीय नौसेना के रिटायर्ड कैप्टन और फाइटर पायलट अभिजीत भूते कहते हैं- स्पेस तेजी से चौथे युद्धक्षेत्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय के सैन्य ऑपरेशनों में इसकी भूमिका लगातार बढ़ेगी। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि आधुनिक युद्ध में स्पेस और सैटेलाइट सिस्टम कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं। यह ऑपरेशन मुख्य रूप से नेटवर्क-सेंट्रिक रणनीति पर आधारित था। सैटेलाइट से मिलने वाली जानकारी, नेविगेशन और टारगेटिंग सपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। सीमा पार बड़ी संख्या में सैनिक भेजने के बजाय भारतीय सशस्त्र बलों ने दूर से सटीक हमले करने की अपनी क्षमता दिखाई। पूर्व महानिदेशक, डिफेंस स्पेस एजेंसी तथा IN-SPACe के विशेषज्ञ सलाहकार एयर वाइस मार्शल धनंजय खोत (रिटायर्ड) बताते हैं कि आधुनिक सेनाएं दुश्मन देशों के निगरानी सैटेलाइट पर भी नजर रखती हैं। इसके आधार पर वे अपने अहम हथियारों और सैन्य संसाधनों की जगह बदल सकती हैं या दुश्मन को भ्रमित करने के लिए डिकॉय भी तैनात कर सकती हैं। इन सभी स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को भारतीय वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) जैसे नेटवर्क से जोड़ा जाता है। इससे सैटेलाइट, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम और जमीन पर लगे रडार से मिलने वाली जानकारी एक ही जगह पहुंचती है। इसके बाद तेजी से फैसले लेकर ऑपरेशन को अंजाम देना आसान हो जाता है। ये सभी सिस्टम भारतीय सेनाओं को दुश्मन पर नजर रखने, आपस में संपर्क बनाए रखने, रास्ता बताने, टारगेट पहचानने और ऑपरेशन की योजना बनाने में मदद करते हैं। भूते के अनुसार सिर्फ सैटेलाइट की संख्या मायने नहीं रखती, बल्कि असली बात यह है कि सभी सैटेलाइट मिलकर सेना को कितनी ताकत और कितनी बेहतर क्षमता देते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन और सैटेलाइट की भूमिक IN-SPACe के एक्सपर्ट ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया कि अब युद्ध सिर्फ सैनिकों और हथियारों से नहीं, बल्कि रियल टाइम जानकारी, ड्रोन और सैटेलाइट के दम पर भी लड़े जाते हैं। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर इस दौरान अहम ऑपरेशनल जोन बने। भारतीय सेना ने SkyStriker कामिकेज़ ड्रोन और लंबी दूरी के टोही ड्रोन की मदद से पाकिस्तान के भीतर मौजूद 9 आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए। राजस्थान में स्पेस की क्या भूमिका रही? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान का बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर क्षेत्र सबसे अहम सैन्य मोर्चों में शामिल रहा। इन सीमावर्ती इलाकों में दुश्मन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, ड्रोन हमलों का समय रहते पता लगाने और सेना तक रियल टाइम जानकारी पहुंचाने में स्पेस आधारित सिस्टम की बड़ी भूमिका रही। ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने राजस्थान सीमा की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर सेक्टर में सबसे ज्यादा गतिविधियां देखी गईं। अकेले राजस्थान सेक्टर में 413 ड्रोन हमलों की कोशिश की गई। इन खतरों से निपटने के लिए ऑपरेशन के दौरान ISRO के 400 से अधिक वैज्ञानिक और कम से कम 10 रणनीतिक सैटेलाइट 24 घंटे लगातार काम करते रहे। इन सैटेलाइट्स ने भारतीय सेना को रियल टाइम खुफिया जानकारी, सुरक्षित संचार और सटीक लोकेशन उपलब्ध कराई। इन्हीं स्पेस आधारित सिस्टम की मदद से सेना दुश्मन के ड्रोन की गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकी और समय रहते जवाबी कार्रवाई कर अधिकांश ड्रोन हमलों को विफल कर दिया। अब जानें कैसे स्पेस बना युद्धक्षेत्र …… 1. सैटेलाइट से तैयार हुई पूरी रणनीति पूर्व महानिदेशक, डिफेंस स्पेस एजेंसी तथा IN-SPACe के एक्सपर्ट एडवाइजर एयर वाइस मार्शल धनंजय खोत (रिटायर्ड) के अनुसार, किसी भी आधुनिक सैन्य ऑपरेशन में कई तरह के स्पेस सिस्टम एक साथ काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सैन्य इंटेलिजेंस तैयार करने के लिए सैटेलाइट से मिली जानकारी को एयरक्राफ्ट, ड्रोन, यूएवी और अन्य उपलब्ध जानकारियों के साथ जोड़कर पूरी रणनीति और ऑपरेशनल प्लान तैयार किया जाता है। इसलिए आधुनिक सैन्य इंटेलिजेंस केवल अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों (IMINT) पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि कई खुफिया स्रोतों से मिली जानकारी को एक साथ जोड़कर मल्टी-इंटेलिजेंस (Multi-INT) और ऑल-सोर्स (All-Source) सिस्टम के रूप में काम करती है। 2. कार्टोसैट और RISAT ने रखी लगातार नजर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्पेस आधारित सिस्टम ने भारतीय सेना को रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराई। ISRO के कार्टोसैट और RISAT जैसे सैटेलाइट लगातार दुश्मन के ड्रोन और अन्य गतिविधियों पर नजर रखते रहे। इन सैटेलाइट्स से मिली रियल टाइम ट्रैकिंग और मैपिंग के आधार पर भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसका सबसे बड़ा असर भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में देखने को मिला। ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने इन सीमावर्ती इलाकों की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे, लेकिन भारत ने स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और काउंटर-यूएएस (C-UAS) तकनीक की मदद से उनके नेविगेशन और संचार सिस्टम को जाम कर दिया। इसके कारण अधिकांश ड्रोन भारतीय सीमा में प्रवेश करने से पहले ही पाकिस्तान की सीमा के भीतर गिर गए। 3. सीमा में घुसने से पहले ही रोके गए हमले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में घुसपैठ की सभी कोशिशों को भारतीय क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने से पहले ही विफल कर दिया गया। 4. अब और मजबूत हुई सीमा सुरक्षा मेजर शैलेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत के स्वदेशी स्पेस संसाधन प्रभावी और भरोसेमंद हैं। उन्होंने कहा कि देश के पास अपनी स्वतंत्र और लगातार निगरानी की क्षमता होना बेहद जरूरी है। ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभव के बाद भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अपनी ड्रोन रोधी क्षमता को और मजबूत किया है। अब सीमा पर विशेष बाज बटालियन और समर्पित ड्रोन स्क्वाड्रन तैनात किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी ड्रोन खतरे का अधिक प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। पहले जानकारी मिलना ही सबसे बड़ी ताकत पूर्व नौसेना अधिकारी और डिफेंस एयरोस्पेस प्रोजेक्ट्स से जुड़े कमांडर (रिटायर्ड) अरुण रविंद्रनाथन का कहना है कि आज के युद्ध में सबसे बड़ी ताकत हथियार नहीं, बल्कि सही समय पर मिलने वाली जानकारी होती है। टारगेट चुनने, सैन्य ऑपरेशन को कंट्रोल करने, रास्ता बताने, सुरक्षित संपर्क बनाए रखने और युद्ध के दौरान तेजी से फैसले लेने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। दुश्मन पर नजर रखने के लिए इमेजिंग और ऑप्टिकल सैटेलाइट का इस्तेमाल किया जाता है। ये बहुत साफ तस्वीरें और वीडियो भेजते हैं, जिनकी मदद से दुश्मन के ठिकानों, सैनिकों की आवाजाही और हथियारों की तैनाती पर लगातार नजर रखी जा सकती है। वहीं सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) सैटेलाइट दुश्मन के रेडियो, रडार और संचार नेटवर्क से निकलने वाले सिग्नल पकड़ते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि दुश्मन क्या तैयारी कर रहा है और उसकी आगे की योजना क्या हो सकती है। सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) तकनीक वाले सैटेलाइट बादलों, घने कोहरे या रात के अंधेरे में भी काम कर सकते हैं। इनकी मदद से जमीन पर मौजूद वाहनों, बंकरों और दूसरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। एक साथ कई मोर्चों पर लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध मेजर जनरल एस. वी. पी. सिंह (रिटायर्ड) के अनुसार, आज के युद्ध पहले की तरह अलग-अलग चरणों में नहीं लड़े जाते। अब जमीन, समुद्र, हवा, साइबर और स्पेस में एक साथ कार्रवाई होती है। अंतरिक्ष और रक्षा सैटेलाइट के एकीकरण से भारत मल्टी-फ्रंट वॉर यानी एक साथ कई मोर्चों पर होने वाले युद्ध में बेहतर तालमेल के साथ कार्रवाई करने में सक्षम हुआ है। उन्होंने बताया कि सैटेलाइट की मदद से सेना की अलग-अलग इकाइयों के बीच रियल टाइम में जानकारी साझा की जा सकती है। इससे लक्ष्य चूकने की संभावना कम हो जाती है और 'फ्रेंडली फायर' यानी गलती से अपनी ही सेना पर हमला होने का खतरा भी घटता है। मेजर जनरल सिंह के अनुसार, कार्टोसैट और रिसैट जैसे रडार सैटेलाइट अंतरिक्ष से 24/7 यानी दिन-रात और हर मौसम में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ये सैटेलाइट एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) जैसे संवेदनशील इलाकों में सैनिकों के जमावड़े और अन्य गतिविधियों को लगातार ट्रैक करते रहते हैं। इसके अलावा, कुछ अंतरिक्ष आधारित सिस्टम दुश्मन की मिसाइल लॉन्चिंग का समय रहते पता लगा लेते हैं, जिससे त्वरित बचाव और जवाबी कार्रवाई संभव हो पाती है। सिर्फ तस्वीर नहीं, उसका सही मतलब समझना ज्यादा जरूरी धनंजय खोत का कहना है कि भारतीय रक्षा सैटेलाइट, जैसे कार्टोसैट और रिसैट, हाई रेजोल्यूशन मैप और थर्मल तस्वीरें उपलब्ध कराते हैं। इन जानकारियों की मदद से ड्रोन ऑपरेटर उड़ान का रास्ता तय करते हैं, इलाके की स्थिति को समझते हैं और जमीन पर मौजूद संभावित लक्ष्यों की सटीक पहचान कर पाते हैं। हालांकि, केवल सैटेलाइट से तस्वीरें मिल जाना ही काफी नहीं होता। खोत के अनुसार, सबसे मुश्किल और सबसे जरूरी काम उन तस्वीरों और जानकारियों का सही विश्लेषण करना होता है। उन्होंने बताया कि पैनक्रोमैटिक, मल्टीस्पेक्ट्रल, हाइपरस्पेक्ट्रल, इन्फ्रारेड और थर्मल इमेजरी की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि किसी इलाके में नई इमारत बन रही है या नहीं, बंकर तैयार किए जा रहे हैं या नहीं, सैनिकों और हथियारों की तैनाती में कोई बदलाव हुआ है या नहीं और कहीं किसी ढांचे को छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई है। हाल ही में राजस्थान के पोकरण, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर क्षेत्रों में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन से जुड़े कई सैन्य अभ्यास भी किए गए हैं। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए ड्रोन भी सैटेलाइट और स्पेस आधारित सेवाओं से जुड़े थे। संयुक्त सैन्य स्पेस सिद्धांत में क्या है? 2025 में संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के बाद जारी संयुक्त सैन्य स्पेस सिद्धांत ने पहली बार औपचारिक रूप से स्पेस को युद्ध के एक अलग क्षेत्र के रूप में स्वीकार किया। इसमें स्पेस को जमीन, समुद्र, हवा और साइबर के साथ एक पूर्ण सैन्य क्षेत्र माना गया है। इस सिद्धांत में विशेष रूप से मल्टी डोमेन वारफेयर, स्पेस आधारित ISR ऑपरेशन, स्पेस संसाधनों की सुरक्षा, एकीकृत कमांड सिस्टम और स्पेस क्षमताओं की लगातार उपलब्धता पर जोर दिया गया है। यह ढांचा 2019 में स्थापित डिफेंस स्पेस एजेंसी (DSA) की भूमिका को भी आगे बढ़ाता है। भारत सरकार ने स्पेस बेस्ड सर्विलांस (SBS) फेज-III परियोजना के तहत 2025 से 2029 के बीच 52 अतिरिक्त निगरानी सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बनाई है। मेजर शैलेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार प्रस्तावित SBS-III कॉन्स्टेलेशन का उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर लगभग लगातार निगरानी बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसी क्षेत्र की दो तस्वीरों के बीच जो समय का अंतर होता है, उसे कम करना भविष्य की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। पाकिस्तान, चीन और बढ़ती स्पेस प्रतिस्पर्धा भारत की स्पेस रणनीति ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब पाकिस्तान और चीन के बीच स्पेस सहयोग लगातार बढ़ रहा है। धनंजय खोत ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले कई वर्षों में लगभग छह सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। पाकिस्तान पहले अपनी निगरानी जरूरतों के लिए चीन और अन्य मित्र देशों से मिलने वाली जानकारी पर निर्भर था। अब वह अपनी स्वतंत्र स्पेस क्षमता विकसित करना चाहता है। पाकिस्तान का उद्देश्य भारतीय इलाकों पर नजर रखना और खुफिया जानकारी जुटाना है। हाल ही में जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने कहा कि भारत वर्ष 2001 से सैन्य सैटेलाइट लॉन्च कर रहा है और सैन्य स्पेस संरचना के मामले में काफी आगे है। सैटेलाइट की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरीमेजर शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि भविष्य की चुनौती केवल नए सैटेलाइट हासिल करना नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि युद्ध के दौरान वे सुरक्षित रहें और लगातार काम करते रहें। इसी कारण दुनिया भर की सेनाएं स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस (SSA), स्पेस डोमेन अवेयरनेस (SDA), सैटेलाइट सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर तेजी से नए स्पेस संसाधन उपलब्ध कराने जैसी क्षमताओं पर ध्यान दे रही हैं। निजी कंपनियां और स्टार्टअप भी बने सहयोगी धनंजय खोत ने बताया कि भारत का निजी स्पेस सेक्टर भी अब रक्षा से जुड़ी क्षमताओं में योगदान दे रहा है। कई निजी कंपनियां और स्टार्टअप्स डेटा विश्लेषण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई संस्थानों ने सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर सुरक्षा एजेंसियों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद की है। स्पेस उद्योग विशेषज्ञ सुब्बु वेंकटाचलम का मानना है कि मजबूत डिफेंस स्पेस क्षमता केवल सेना या सरकारी संस्थानों के भरोसे विकसित नहीं की जा सकती। भविष्य में सरकार, निजी उद्योग, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। उनके अनुसार भारत के सामने केवल सैटेलाइट लॉन्च करने की चुनौती नहीं है। उतना ही जरूरी है कि उन्हें डिजाइन किया जाए, निर्मित किया जाए, लॉन्च किया जाए और अपने दम पर संचालित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत स्पेस क्षमता तभी विकसित होगी जब पूरे स्पेस सेक्टर में लगातार निवेश, तकनीकी विकास और औद्योगिक भागीदारी बढ़ेगी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 2:52 pm

पुतिन ने यूक्रेन का शांति प्रस्ताव ठुकराया, कहा- लक्ष्य पूरे होने तक जारी रहेगा युद्ध

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की ओर से आए युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सैन्य अभियान रोकने का कोई सवाल नहीं उठता। उनके अनुसार, रूस अपने रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी लक्ष्यों को हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेगा।

देशबन्धु 4 Jul 2026 11:49 am

खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा में गरजे ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन, 'थोपे गए युद्ध' के जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराएंगे

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंत‍िम संस्‍कार की श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने अमेरिका-इजरायल पर कड़ा रुख अपनाया

देशबन्धु 4 Jul 2026 6:40 am

ईरान-अमेरिका के बीच थमी जंग की आग, पर यूक्रेन में जारी तबाही: जेलेंस्की ने जेल से दी युद्ध जारी रखने की चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव फिलहाल भले ही शांत होता दिख रहा हो, लेकिन पूर्वी यूरोप में रूस और यूक्रेन के बीच जारी खूनी संघर्ष ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला एक बार फिर तेज हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। रूसी मिसाइलों और तोपों की बौछार से यूक्रेन के कई शहर मलबे में तब्दील हो गए हैं। इस भीषण हमले में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को भी चोटें आई हैं, लेकिन उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से ही रूस को करारा जवाब देने की कसम खाई है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का हर एक नागरिक इस अत्याचार के खिलाफ अपनी आखिरी सांस तक लड़ेगा और रूस के इस आक्रामक रवैये का बदला जरूर लिया जाएगा।जेलेंस्की का संकल्प और यूक्रेन की चुनौतीयूक्रेनी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी हमलों की तीव्रता में भारी इजाफा हुआ है। अस्पतालों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्तब्ध है। हालांकि हमले में घायल होने के बावजूद राष्ट्रपति जेलेंस्की का मनोबल नहीं टूटा है। उन्होंने अपने कमांडरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचाव के साथ-साथ जवाबी हमले की रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाया जाए। उन्होंने वैश्विक नेताओं से तत्काल और अधिक घातक हथियारों की मांग करते हुए कहा है कि यह युद्ध अब केवल यूक्रेन का अस्तित्व बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की जंग बन चुका है।वैश्विक भू-राजनीति पर युद्ध का गहरा असरविश्लेषकों का मानना है कि जहां मध्य-पूर्व में ईरान-अमेरिका के बीच एक अस्थाई शांति बनी है, वहीं यूक्रेन संकट का लंबा खिंचना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। रूस द्वारा लगातार किए जा रहे ये हमले न केवल ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी बुरी तरह बाधित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर और अधिक कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल, यूक्रेन के आसमान में मंडराते रूसी ड्रोन और मिसाइलों के बीच आम जनता का जीवन दांव पर लगा है, और दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेलेंस्की का 'बदले का संकल्प' युद्ध की दिशा को क्या नया मोड़ देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 1:52 pm

Iraq Anti-Corruption Raid: इराकी महिला सांसद के घर छापे में 'गोल्डन अंडरगारमेंट्स' का सच, जानिए करोड़ों की जब्ती का पूरा सच

इन दिनों मध्य पूर्व के देश इराक (Iraq) से आ रही भ्रष्टाचार की खबरों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इराक सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के खिलाफ चलाए जा रहे एक बेहद आक्रामक और बड़े पैमाने के सर्च ऑपरेशन के चलते वहां की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है. इस बड़े एक्शन के तहत इराक के कई मौजूदा व पूर्व मंत्रियों, रसूखदार नौकरशाहों और सांसदों के आलीशान ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, जहां से नोटों के पहाड़ और कई किलो सोना बरामद हो रहा है.इसी बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इराक की महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी (Hind Al-Abbasi) और आलिया नासिफ (Alia Nassif) के ठिकानों पर हुई छापेमारी को लेकर कुछ बेहद ही अजीबोगरीब और चौंकाने वाले दावे वायरल हो रहे हैं. इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि सांसद के घर से लगभग 490 करोड़ रुपये ($57 Million) कैश, 27 किलोग्राम शुद्ध सोना और सोने से बने अंडरगारमेंट्स (गोल्डन ब्रा और पैंटी) बरामद हुए हैं. आइए जानते हैं कि वैश्विक मीडिया और फैक्ट-चेक में इस सनसनीखेज खबर का क्या सच सामने आया है.क्या है वायरल हो रहा 'गोल्डन अंडरवियर' का पूरा मामला?सोशल मीडिया और कुछ विदेशी डिजिटल न्यूज पोर्टल्स पर यह खबर आग की तरह फैली कि इराक के प्रधानमंत्री और सुरक्षा बलों द्वारा बगदाद के हाई-सिक्योरिटी वाले 'ग्रीन जोन' (Green Zone) और अन्य इलाकों में की गई छापेमारी में एक महिला सांसद के गुप्त तहखानों से भारी मात्रा में विदेशी करेंसी और सोने की सिल्लियां मिलीं.वायरल पोस्ट्स में सबसे ज्यादा जिस बात ने लोगों का ध्यान खींचा, वह यह दावा था कि छापेमारी करने आई टीमों को अलमारी से सोने के तारों और धातु से बनी बेहद कीमती अंडरवियर, ब्रा और पैंटी मिली हैं. इस खबर के साथ ही इंटरनेट पर कुछ सोने से सजे अंडरगारमेंट्स की तस्वीरें भी धड़ल्ले से शेयर की जाने लगीं, जिसे लेकर यूज़र्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं.फैक्ट चेक: क्या वाकई बरामद हुई सोने की ब्रा और पैंटी?इराक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई चल रही है, यह बात 100% सच है. लेकिन जब वैश्विक फैक्ट-चेकर्स और मुख्यधारा की मीडिया ने 'गोल्डन अंडरगारमेंट्स' (Gold Underwear) के दावे की पड़ताल की, तो कुछ अहम तथ्य सामने आए:आधिकारिक पुष्टि नहीं: इराक के सर्वोच्च न्यायिक परिषद (Supreme Judicial Council) और भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर सांसदों के घरों से कैश, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करोड़ों की बेनामी संपत्तियों की जब्ती की पुष्टि तो की है, लेकिन 'सोने के अंडरवियर' मिलने की बात का कहीं कोई जिक्र नहीं है.फेक और एआई जनरेटेड तस्वीरें: सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे या तो किसी ज्वैलरी एग्जिबिशन (गहनों की प्रदर्शनी) की पुरानी तस्वीरें हैं या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल द्वारा तैयार की गई काल्पनिक इमेजेस हैं.सनसनी फैलाने की कोशिश: एक्सपर्ट्स का मानना है कि इराक के इस गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मामले को सोशल मीडिया पर सनसनीखेज (Sensationalize) बनाने और मीम्स/रील्स के जरिए ज्यादा व्यूज बटोरने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत दावे जोड़े गए हैं.अब तक 47 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जमीनों के नीचे छिपाई गई थी दौलतभले ही सोने की अंडरवियर का दावा भ्रामक हो, लेकिन इराक में मिला भ्रष्टाचार का खजाना किसी तिलिस्म से कम नहीं है. प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुडानी और सुरक्षा बलों के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम में अब तक 47 से अधिक हाई-प्रोफाइल संदिग्धों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिनमें 7 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व सांसद शामिल हैं.जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि भ्रष्ट अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कैश और सोने के बिस्कुट सूटकेस और तिजोरियों में रखने के अलावा, अपने आलीशान बंगलों के लॉन और बगीचों में गहरे गड्ढे (Pits) खोदकर जमीन के नीचे छिपा रखे थे. इसके अलावा पूर्व उप तेल मंत्री (Deputy Oil Minister) और अन्य नेताओं से जुड़े मामलों में लगभग 10 मिलियन डॉलर नकद, 3 अरब इराकी दिनार और दुनिया भर में फैली करीब 40 से ज्यादा बेनामी आलीशान अचल संपत्तियों (Real Estate Properties) को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है.इराक पिछले कई दशकों से गहरे संस्थागत भ्रष्टाचार और बजट की हेराफेरी से जूझ रहा है. ऐसे में सरकार अपनी वैश्विक छवि को सुधारने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने और समाज में पारदर्शिता लाने के लिए शीर्ष स्तर पर बैठे भ्रष्ट तंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए इस तरह के ऐतिहासिक और कड़े कानूनी कदम उठा रही है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:33 am

Indian Navy : भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में MV गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री डकैती की कोशिश को नाकाम किया

भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikand ने अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक समुद्री डकैती की कोशिश का त्वरित और सफलतापूर्वक जवाब दिया। यह घटना 1 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब St. Vincent and the Grenadines के झंडे वाले मालवाहक जहाज ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 9:12 pm

ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश का VIDEO:रीवा में जमीन विवाद में दो पक्ष भिड़े, दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया एकतरफा

रीवा जिले के त्योंथर थाना क्षेत्र के चाकघाट स्थित ग्राम मांगी में जमीन विवाद के दौरान ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में विवाद के दौरान एक पक्ष ट्रैक्टर लेकर दूसरे पक्ष की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि ट्रैक्टर का अगला पहिया बार-बार उठाकर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। मामला दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद से जुड़ा है। देखें तस्वीरें… परिवार को कुचलने की कोशिश का आरोप हरिपूजन पयासी मिश्रा ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान पूरे परिवार के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि ट्रैक्टर का अगला पहिया बार-बार उठाकर जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया एकतरफा दूसरे पक्ष के रामशंकर, पुष्पेंद्र और विनय शुक्ला ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। उनका आरोप है कि सामने वाले पक्ष की ओर से बार-बार उकसाने और विवाद बढ़ाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे ट्रैक्टर चढ़ाने के आरोप एकतरफा हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वीडियो की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायत मिली है। वीडियो सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 12:52 pm

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

रतनगढ़ मेले में जेबकतरे मां-बेटे गिरफ्तार:70 हजार नकद और अपाचे बरामद, पूछताछ में पुरानी वारदातें भी कबूलीं

दतिया में माता रतनगढ़ मेले में श्रद्धालुओं की जेब काटकर फरार होने वाले एक शातिर मां-बेटे को अतरेटा थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 70,500 रुपए नकद और करीब 1.20 लाख कीमत की टीवीएस अपाचे बाइक बरामद की गई है। पूछताछ में दोनों ने पहले भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। बरामद नकदी में पूर्व की चोरी की रकम भी शामिल होना सामने आया है। उक्त मामले का खुलासा पुलिस ने सोमवार शाम किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि पिता संजय सिंह परिहार और उसकी मां रानी के रूप में हुई है। दोनों वर्तमान में आर्य नगर, जिला भिंड में रहते हैं, जबकि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के सीतामऊ गांव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, रतनगढ़ मेले में लगातार जेबकटाई की शिकायतों के बाद संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चोरी की कई वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिले। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य जिलों में दर्ज मामलों की भी पड़ताल कर रही है। अतरेटा थाना पुलिस ने अपील की कि रतनगढ़ मेले या अन्य स्थान पर जेबकटाई अथवा चोरी का शिकार हुए लोग अतरेटा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि बरामद रकम और अन्य मामलों का मिलाअतन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 7:10 pm

सऊदी अरब में मजदूर की मौत, शव भारत नहीं पहुंचा:9 दिन से गिरिडीह का परिवार अंतिम दर्शन को तरस रहा, मुआवजे पर संशय

गिरिडीह के मुंडरो गांव का एक परिवार सऊदी अरब में मृत अपने परिजन द्वारिका महतो के शव का नौ दिनों से इंतजार कर रहा है। प्रवासी मजदूर द्वारिका महतो की 20 जून 2026 को काम के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन उनका शव अब तक भारत नहीं पहुंचा है। परिवार मुआवजे को लेकर भी अनिश्चितता में है। द्वारिका महतो मूल रूप से डुमरी थाना क्षेत्र के चीनो समदा गांव के दशरथ महतो के पुत्र थे। वह लगभग 25 वर्षों से अपने ससुराल मुंडरो में रह रहे थे। जनवरी 2005 में आर्थिक स्थिति के कारण वह सऊदी अरब गए थे, जहां वह केईसी कंपनी में काम कर रहे थे। द्वारिका महतो के परिवार में उनकी पत्नी धनेश्वरी देवी, पुत्र सचिन कुमार, सतीश कुमार, नीतीश कुमार और ससुर लालधारी महतो शामिल हैं। पत्नी धनेश्वरी देवी ने बताया कि पति की मौत की खबर के बाद से परिवार सदमे में है। नौ दिन बाद भी शव भारत नहीं पहुंचा है और कंपनी से मुआवजे पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। प्रवासी श्रमिकों के हितों के लिए काम करने वाले सिकंदर अली इस मामले में संबंधित कंपनी के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कंपनी से उचित मुआवजा देने और शव को जल्द भारत भेजने की मांग की है, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके। मृतक की पत्नी ने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने जल्द से जल्द शव को भारत लाने और परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 4:12 pm

युद्धवीर भी थे दानवीर भामाशाह: मुगलों के प्रति शून्य स्वीकार्यता ने ऐसा चरित्र गढ़ा की बदला मेवाड़ का इतिहास, हल्दीघाटी में निभाई अहम भूमिका

भास्कर न्यूज | जयपुर विश्व में व्यक्तिगत उदारता का सौंदर्य जीवट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ही देखने को मिला है। सामान्य स्थितियां तो सामान्य चरित्र ही गढ़ती हैं। देश के महान गौरव और त्याग की प्रतिमूर्ति भामाशाह का जन्म 28 जून 1547 ई. को वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव में हुआ था। उनके जन्म से ठीक 20 वर्ष पहले 1527 ई. में बाबर और महाराणा सांगा के बीच खानवा का ऐतिहासिक युद्ध हो चुका था। अकबर ने 1567-68 ई. में चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर हमला किया, तब भामाशाह मात्र बीस वर्ष के थे। चित्तौड़ में अकबर के आदेश पर हुए 30 हजार बेकसूर लोगों का कत्लेआम जहां इतिहास में उसके माथे पर बड़ा कलंक बना, वहीं भामाशाह की पीढ़ी के नवयुवकों में मुगलों के प्रति स्थायी घृणा व शून्य स्वीकार्यता का कारण बना। भामाशाह का जन्म जिस ओसवाल जैन परिवार में हुआ, वह योद्धाओं का परिवार था, जो युद्ध और मेवाड़ के शासन-प्रबंध से गहराई से जुड़ा हुआ था। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रणथंभौर किले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भामाशाह के पिता भारमल कावड़िया (कुल का गोत्र) पर थी, जो महाराणा उदयसिंह की सेवा में रहे। भामाशाह के धन से सेना का पुनर्गठन हुआ और सैनिकों की संख्या दुगुनी हो गई। इसका सुफल 1582 ई. के दिवेर युद्ध में मिला, जहां कुंवर अमरसिंह ने मुगल कमांडर सुल्तान खां को एक ही वार में चीरकर मेवाड़ के विजय अभियान की शुरुआत की। नई राजधानी चावंड बनी। इस दौरान सुरक्षा के लिए मालवा में तैनात भामाशाह के भाई ताराचंद, शाहबाज खान की सेना से लड़ते हुए बस्सी में गंभीर रूप से घायल हो गए। 53 वर्ष की उम्र में महाप्रयाण : 1597 ई. में महाराणा प्रताप के निधन के बाद भामाशाह राणा अमरसिंह के भी प्रधानमंत्री नियुक्त हुए। 11 जनवरी 1600 ई. को मात्र 53 वर्ष की आयु में इस दानवीर योद्धा ने अपने पीछे सुरक्षित मेवाड़ और अपार यश छोड़कर स्वर्गारोहण किया। चूलिया बना दानवीरता का साक्षी : कुंभलगढ़ से निकलने के बाद मालवा क्षेत्र के रामपुरा ठिकाने के राव दुर्गा ने भामाशाह को सम्मानपूर्वक शरण दी। यहाँ छिपकर रहने के दौरान भामाशाह और उनके भाई ताराचंद ने विश्वस्त लोगों की सैन्य-टुकड़ी तैयार की और मालवा के ठिकानों को अधीन करते हुए मेवाड़ वापसी की। 'वीर विनोद' के अनुसार, चूलिया गांव में भामाशाह ने 25,000 रुपए और 20,000 सोने की मुहरें महाराणा प्रताप के चरणों में अर्पित कीं। कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार, यह धन मेवाड़ के 12 वर्ष के सैन्य प्रबंध के लिए पर्याप्त था। प्रसन्न होकर प्रताप ने उन्हें पुनः प्रधानमंत्री घोषित किया। युद्धवीर भामाशाह का दानवीर भामाशाह में रूपांतरण हल्दीघाटी युद्ध के बाद की घटना है। उनका युद्ध-कौशल और प्रधानमंत्री होना भी पीछे रह जाता है। कविराजा श्यामलदास के ग्रंथ 'वीर विनोद' और प्रोफेसर श्रीराम शर्मा की पुस्तक 'Maharana Pratap' (1900 ई., लाहौर) के अनुसार हल्दीघाटी में प्रताप के दाहिनी ओर के दस्ते की कमान ग्वालियर के राजा रामशाह, उनके पुत्रों और भामाशाह के पास थी। हल्दीघाटी के बाद अकबर के सैन्य अभियानों के प्रतिरोध में भामाशाह और उनके भाई ताराचंद का सक्रिय योगदान रहा। 1578 ई. में शाहबाज खान के कुंभलगढ़ हमले के समय भामाशाह वहां थे, लेकिन चतुराई से सकुशल बाहर निकल गए। हल्दीघाटी युद्ध में निभाई अग्रिम दस्ते की कमान

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:30 am

गैंगस्टर लॉरेंस के खिलाफ गवाही देने से कतरा रहे गवाह:कोर्ट से वारंट पर वारंट जारी, 14-15 साल पुराने दो मामलों की सुनवाई अटकी

गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चल रहे दो पुराने आपराधिक मामलों की सुनवाई गवाहों की गैरहाजिरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। अदालत शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों को कई बार समन और वारंट जारी कर चुकी है, लेकिन कोई भी अदालत में पेश नहीं हो रहा। ऐसे में दोनों मामलों की सुनवाई बार-बार टल रही है। दोनों मामले करीब 14 और 15 साल पुराने हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या के प्रयास, मारपीट, फायरिंग और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। अदालत को बार-बार यह रिपोर्ट मिल रही है कि संबंधित गवाह या तो दिए गए पते पर नहीं मिल रहे या फिर शहर से बाहर हैं। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अदालत में पेश न होने पर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। सेक्टर-40 में घर पर हमला पहला मामला 29 जून 2011 का है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-40 में झगड़े की सूचना मिलने पर जांच की गई थी। शिकायतकर्ता हरप्रीत ने आरोप लगाया था कि छात्र संगठन की रंजिश के चलते उसी रात करीब 8:45 बजे लॉरेंस बिश्नोई अपने 4-5 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी ने चेहरे ढके हुए थे और मारपीट की। आरोप है कि लॉरेंस के पास पिस्टल थी, जबकि उसके साथियों के हाथों में तलवार और अन्य हथियार थे। घटना के दौरान लॉरेंस का चेहरा ढकने वाला रुमाल गिर गया, जिससे उसकी पहचान हो गई। डीएवी कॉलेज में फायरिंग दूसरा मामला 12 जून 2012 का है। उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों पुसू और सोपू के बीच खूनी झड़प हुई थी। आरोप है कि डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 में स्टार नाइट की तैयारियों के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और अमनदीप सिंह मुल्तानी की अगुवाई में सोपू समर्थकों ने पुसू समर्थकों पर हमला किया। इस दौरान गोलीबारी और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें छात्र चरनदेव सिंह को गोली लगी थी और कई अन्य छात्र घायल हुए थे। शिकायतकर्ता लगातार नहीं हो रहा पेश डीएवी कॉलेज फायरिंग मामले में शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर को पिछले एक साल से लगातार समन भेजे जा रहे हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हो रहा। कभी रिपोर्ट आती है कि वह दिए गए पते पर नहीं रहता, तो कभी बताया जाता है कि वह शहर से बाहर है। अन्य गवाहों की भी यही स्थिति है, जिससे सुनवाई प्रभावित हो रही है। चार आरोपी पहले ही हो चुके हैं बरी सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि 18 फरवरी 2014 को निचली अदालत ने अमनदीप सिंह मुल्तानी, विक्की मिट्ठूखेड़ा (अब मृतक), तरसेम सिंह और रंजोध सिंह को बरी कर दिया था। उस समय शिकायतकर्ता और अन्य गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए थे। शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर ने भी अदालत में अपना बयान बदल दिया था, जिसके चलते चारों आरोपियों को संदेह का लाभ मिल गया था। अब इस मामले में केवल लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सुनवाई लंबित है।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:21 am

छत्तीसगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:सूडान युद्ध का रायपुर लिंक, 1 यूनिट खून नहीं मिलने से मौत, चाकू लेकर शेर डांस, बारिश से ढही दीवार

इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 6:55 pm

सूडान युद्ध से जुड़ा छत्तीसगढ़ का नाम:रायपुर की SBL एनर्जी पर विस्फोटक सप्लाई का आरोप, अमेरिका ने किया बैन; कंपनी बोली- सबूत देंगे

अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने राजधानी रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी के सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल 8 व्यक्तियों और संस्थाओं को बैन किया है। अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया। यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं। कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती। कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है। प्रतिबंध का क्या होगा असर अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने के बाद एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ आलोक चौधरी की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इसके अलावा कोई भी अमेरिकी नागरिक, कंपनी या वित्तीय संस्था उनके साथ व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगी। हालांकि, इस कार्रवाई का भारत में कंपनी के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सूडान गृह युद्ध के बारे में जानिए सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ। यह देश की नियमित सेना सूडानी आर्म्ड फोर्सेज (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा है। दोनों पक्ष पहले सहयोगी थे, लेकिन सेना में RSF के विलय, सत्ता पर नियंत्रण और देश के नेतृत्व को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक मानता है। युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका सहित कई देशों का आरोप है कि बाहरी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई इस संघर्ष को लंबा खींच रही है। इन 8 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध अमेरिकी वित्त मंत्रालय के OFAC ने कुल 8 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनके नाम हैं: ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा: हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश; दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 2:25 pm

गुरुग्राम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत समारोह में घुसे जेबकतरे:20 लोगों के मोबाइल- कैश चोरी, नेताओं- कार्यकर्ताओं में फोटो खिंचवाने की होड़

प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार न्यू गुरुग्राम जिला में पहुंची डॉ. अर्चना गुप्ता के स्वागत समारोह में जेबकतरे भी घुस गए। शनिवार को आयोजित तीन कार्यक्रमों में जेबकतरों के एक शातिर गिरोह ने जमकर तांडव मचाया। उन्होंने 15 से 20 कार्यकर्ताओं की जेब काट कर मोबाइल और नकदी चोरी कर ली। मानेसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले पांच कार्यकर्ताओं ने थाना पहुंचकर मोबाइल चोरी होने की शिकायत दी है। इसके अलावा पटौदी की विधायक बिमला देवी और पूर्व विधायक और एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश जरावता के कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की जेब काटी गई हैं। चोरी गए सामानों में महंगे स्मार्टफोन, नकदी और जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। इस हाई-प्रोफाइल जेबतराशी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है और पुलिस में औपचारिक शिकायत दी गई है। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस की तैनाती भी की गई थी, इसके बावजूद शातिर चोर अपना काम करके निकल गए। फोटो खिंचवाने की होड़ और जेब साफ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के स्वागत के लिए जिलास्तरीय कार्यक्रम मानेसर में आयोजित किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष अजीत यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस कार्यक्रम में एक हजार लोग बुलाए गए थे, लेकिन भारी संख्या में स्थानीय नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंच गए। इसी भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार निकाले जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष का काफिला कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचा, उनका स्वागत करने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर जेबकतरों ने नेताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। चोरों ने एक वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार निकाल लिए। नेताओं को अपनी जेब कटने का अहसास तब हुआ प्रदेशाध्यक्ष के जाने के बाद जब उन्होंने फोन निकालने की कोशिश की तो लोग अपना फोन ढूंढते नजर आए। कई कार्यकर्ताओं के पर्स भी गायब मिले, जिनमें नकदी और क्रेडिट कार्ड थे। पटौदी विधायक के कार्यक्रम में अफरा-तफरी पटौदी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक के कार्यक्रम में भी इसी तरह की वारदात सामने आई। यहां भी स्वागत समारोह के दौरान मंच के आसपास भारी भीड़ थी। जेबकतरों ने यहां भी अपनी चालाकी दिखाई और कई वीआईपी व कार्यकर्ताओं की जेबें काट लीं। पटौदी विधायक के कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने बताया कि चोर इतने पेशेवर थे कि किसी को भनक तक नहीं लगी कि कब उनका फोन या पर्स गायब हो गया। पूर्व विधायक के कार्यक्रम भी बनाया निशाना शातिर चोरों ने एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक सत्य प्रकाश जरावत के कार्यक्रम में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और यहां आधा दर्जन से ज्यादा की जेब काट ली गई। हालांकि कई कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत भी पुलिस में नहीं दी। हालांकि जिनका मोबाइल और महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट चोरी हुए हैं, उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस के पास पहुंचे कार्यकर्ता कार्यक्रमों में इतनी बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं के मोबाइल और पैसे चोरी होने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर तुरंत इस मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस जांच कर रही इस बारे में मानेसर थाना प्रभारी सुधीर का कहना है कि कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी पेशेवर लोगों का काम हो सकता है, जो अक्सर बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों में भीड़ का फायदा उठाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 12:36 pm

युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more

अजमेरनामा 23 Jun 2026 3:53 am

युद्ध का असली हासिल (व्यंग्य)

दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:48 pm

अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष

Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...

वेब दुनिया 16 Jun 2026 1:55 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.

बूमलाइव 23 Mar 2026 6:22 pm

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm