कवर्धा जिले के दशरंगपुर गांव में मनीष चंद्राकर नाम का युवक अपने ही गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। युवक को टावर पर चढ़ा देख आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने युवक को नीचे उतारा। युवक का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट के एक मामले में एकपक्षीय कार्रवाई की है। मनीष चंद्राकर का कहना है कि, उसकी शिकायत पर अब तक दूसरे पक्ष पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे वह आक्रोशित होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। होली के दिन हुआ था विवाद मार्च महीने में होली के दिन मनीष चंद्राकर और उसके साथियों का खड़सरा निवासी कोटवार के बेटे के साथ विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी, जिसमें कोटवार का बेटा घायल हो गया था। कोटवार पक्ष की शिकायत पर दशरंगपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मनीष और उसके दो साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी कार्रवाई को मनीष एकतरफा बता रहा है। जमानत पर रिहा होकर टॉवर पर चढ़ा मनीष चंद्राकर जमानत पर रिहा होने के बाद वापस गांव आया और उसने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और FIR की मांग की, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी से नाराज होकर वह पुलिस चौकी के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगा। पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतारा डीएसपी आशीष शुक्ला ने बताया कि, युवक को समझाने का प्रयास किया गया और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। अब मामले की विधिसम्मत जांच की जाएगी।
US-Iran conflict : ईरान और अमेरिका में कहां तक पहुंची शांतिवार्ता, क्या जारी रहेगा युद्धविराम
ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद सीजफायर का ऐलान हुआ और पहली शांति वार्ता पाकिस्तान में की गई, लेकिन ये शांति वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट और परमाणु रणनीति को लेकर लगातरा तनाव बरकरार है। ...
ईरान का सख्त ऐलान: युद्ध खत्म होने तक होर्मुज स्ट्रेट पर रहेगा नियंत्रण
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती
दवा बाजार पर युद्ध का असर, इलाज 15% तक महंगा; पैरासिटामोल में 47% का उछाल
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की तपिश अब अस्पतालों और मेडिकल स्टोर तक पहुंच गई है। युद्ध के कारण दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) और सर्जिकल आइटम्स की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे मरीजों के इलाज का कुल बजट 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। राहत की बात यह रही कि मार्च में स्टॉक होने से काम चल गया, लेकिन अप्रैल में नई दरों का बोझ आम जनता पर पड़ेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 900 से अधिक दवाओं की कीमतों में थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर 0.65 प्रतिशत की वृद्धि की थी। लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। कच्चे माल की लागत बढ़ने और दवा बाजार से मिल रही छूट खत्म होने से उपभोक्ताओं को अपनी जेब से 10 प्रतिशत से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। { कच्चे माल की कीमतों में उछाल : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एपीआई के दाम में 25 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत में 47 प्रतिशत तक इजाफा हुआ। . सप्लाई चेन में बाधा: युद्ध के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस चार्ज बढ़ गए हैं। कच्चा माल लाने वाले जहाजों का समय दोगुना से अधिक हो गया है। अब 30-40 दिन की जगह 80-90 दिन लग रहे हैं। माल ढुलाई में वृद्धि: माल ढुलाई की दरें दोगुनी होने, ट्रांसपोर्टेशन, डीजल, पीएनजी की कीमतों ने बढ़ाई है। . पैकेजिंग सामग्री : दवाओं की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला पीवीसी के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। राकेश काबरा, सचिव, जिला केमिस्ट संस्थान युद्ध का सीधा असर दवाओं और सर्जिकल आइटम की कीमतों पर पड़ा है। युद्ध वापस शुरू हुआ तो संकट बढ़ेगा। दवाएं महंगी होंगी। प्लास्टिक व पॉलिमर आधारित 90 % सर्जिकल आइटम्स (ग्लव्स, कैनुला, सीरिंज) के दाम बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। मरीजों को अब ये जरूरी सामान महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं। दवाओं और सर्जिकल आइटम के दाम बढ़ने के मुख्य कारण
गर्मी से राहत देने वाले अधिकतर फव्वारे बंद
झालावाड़| शहर में लगाए गए अधिकांश फव्वारे इन दिनों बंद पड़े हैं। जिससे प्रमुख चौराहों और पार्कों का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो रहा है। रखरखाव के अभाव में कई फव्वारों के मोटर खराब पड़े हैं तो कुछ जगह पानी की सप्लाई ही बंद है। शाम के समय यदि ये फव्वारे चालू हों तो आसपास का वातावरण ठंडा हो सकता है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई स्थानों पर लाखों रुपए खर्च कर फव्वारे लगाए गए थे, लेकिन अब वे केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। शहरवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि बंद पड़े फव्वारों की मरम्मत कर उन्हें शुरू किया जाए।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण तारकोल (बिटुमेन) की कमी और कीमतों में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अगले 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है, ताकि राज्य में सड़क निर्माण और मरम्मत के काम प्रभावित न हों। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सिविल सचिवालय में सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी को तारकोल का दाम 46,402 रुपए प्रति मीट्रिक टन था, जो 1 अप्रैल तक बढ़कर 76,152 रुपए हो गया है और आपूर्ति भी करीब 50% तक प्रभावित हुई है। सरकार के मुख्य फैसले और निर्देश... 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल का इस्तेमाल मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के अनुरोध पर अगले 6 माह के लिए इंपोर्टेड तारकोल के उपयोग को मंजूरी दी, ताकि सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य बिना रुकावट जारी रह सकें। CM ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में पैच वर्क मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाए( टूटी सड़कों की मरम्मत तेजी से की जाएं। अन्य विभाग भी जरूरत पड़ने पर PWD से मशीनें ले सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि खराब सड़कों से जनता को परेशानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘म्हारी सड़क’ ऐप की शिकायतों का तुरंत समाधान मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिन सड़कों की जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की है, उनसे तुरंत मरम्मत करवाई जाए। सरकार ने तय किया है कि इस वित्तीय वर्ष 63,170 किलोमीटर सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य किया जाएगा। सीएम ने कहा, सभी विभागों को PWD के मानकों के अनुसार ही सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून से पहले चल रहे काम पूरे करने पर जोर दिया गया है। शहरों में बनेंगी स्मार्ट रोड मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शहरी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीएम ने किस सड़क की जिम्मेदारी किस विभाग की है, यह स्पष्ट करनेऔर कुछ शहरों में स्मार्ट रोड विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण बढ़ी तारकोल की कीमत और कमी से सड़क निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए हरियाणा सरकार ने 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल इस्तेमाल करने का फैसला लिया है और साथ ही सड़कों की मरम्मत, गड्ढे भरने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
शेयर बाजार में तेजी: मिडिल ईस्ट संकट घटने से निवेशकों के खिले चेहरे, जानें क्या रहा मार्केट का हाल
Share Market Weekly Review : मीडिल ईस्ट से आ रही सकारात्मक खबरों से लगातार दूसरे हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी दिखाई दी। इस हफ्ते सेंसेक्स में 943 अंक बढ़ा तो निफ्टी में भी 302 अंकों की तेजी दिखाई दी। इस सप्ताह निवेशकों की संपत्ति 14.40 लाख ...
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर Markandey Katju का बड़ा विश्लेषण—क्या US-ईरान युद्ध फिर भड़केगा? जानिए आर्थिक और राजनीतिक कारण।
संगरूर की रामनगर बस्ती में प्रशासन ने एक नशा तस्कर के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 'युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम के तहत की गई, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाना है।प्रशासन लंबे समय से गैर-कानूनी कब्जों खिलाफ अभियान चला रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत उन इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है जिनके मालिकों ने वैध दस्तावेज़ पेश नहीं किए हैं। मार्च 2025 से इन उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। आज की कार्रवाई से पहले, संबंधित मालिकों को 2025 में अपने स्वामित्व प्रमाण या नक्शे प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, उन्होंने कोई भी वैध दस्तावेज़ पेश नहीं किया, जिसके बाद प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। गैर-कानूनी निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई रहेगी जारी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैर-कानूनी निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जहां एक ओर प्रशासन अपने अभियान पर अडिग है, वहीं स्थानीय लोग प्रभावित व्यक्तियों के लिए नौकरी और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
Trump-Iran Deal : होर्मुज खुलते ही बदले ट्रंप के तेवर,क्या खत्म होने वाला है ईरान के साथ युद्ध?
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ 83 केसों की ड्रग्स नष्ट
लुधियाना| शहर में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को जब्त नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 83 अलग-अलग मामलों में बरामद ड्रग्स का निस्तारण किया गया, जिसकी पूरी प्रक्रिया उच्च स्तरीय कमेटी की निगरानी में पूरी की गई। नष्ट की गई ड्रग्स में 15 क्विंटल से अधिक चूरा पोस्त, करीब 5.856 किलो हेरोइन, 8 किलो से ज्यादा गांजा व चरस, नशीला पाउडर, आइस, मलाणा हशीश और एलएसडी जैसी सिंथेटिक ड्रग्स शामिल थीं। इसके अलावा 18,901 नशीली गोलियां और कैप्सूल भी नष्ट किए गए। करीब 145 किलो अफीम को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट करने के लिए भेजा गया है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में 600 से ज्यादा मामलों में कार्रवाई कर 30 क्विंटल से अधिक नशे का निस्तारण किया गया है।
लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि लेबनान में लागू संघर्ष विराम के मद्देनजर होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया है। अराघची ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने इसमें स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम […] The post लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान appeared first on Sabguru News .
सोनीपत जिले में एक युवक की हत्या के मामले में सदर गोहाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित पुत्र राजपाल उर्फ पाला और निकित उर्फ निक्की पुत्र बिजेन्द्र के रूप में हुई है। दोनों दोदवा गांव, सोनीपत के रहने वाले हैं। यह घटना 15 अप्रैल 2026 को दोदवा गांव में हुई थी। कुछ युवकों ने एक युवक युद्धवीर पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत बीपीएस खानपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर सदर गोहाना थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शादी समारोह में हुए झगड़े की रंजिश पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने 11-12 अप्रैल की रात को एक शादी समारोह में हुए झगड़े की रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से जांच की और इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त हथियार और बाइक बरामद गिरफ्तार किए गए आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य घटना में प्रयुक्त बर्फ तोड़ने वाला सुआ और बाइक बरामद करना है। साथ ही, इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। सोनीपत पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
हिंदु पुराणों के साथ ही ब्रह्मर्षि पोतुलुरी वीरब्रह्मेंद्र स्वामी द्वारा रचित कालज्ञानम और ओडिशा के पंचसखा, विशेषकर संत अच्युतानंद दास द्वारा रचित भविष्य मालिका में भगवान कल्कि के आने का उल्लेख मिलता है। तीसरे विश्व युद्ध और भगवान कल्कि के प्रकट ...
इज़रायल और लेबनान के बीच 10 दिन की शांति, क्या थम जाएगा ईरान के साथ छिड़ा विश्व युद्ध?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत
इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया
सीजफायर के दौरान इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किमी का सुरक्षा जोन बनाए रखेगा : नेतन्याहू
यरूशलम, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा।
पंचायतनामा:बॉर्डर पर स्थित है तामलोर गांव, दो युद्धों में सेना के साथ खड़े रहे ग्रामीण
भारत-पाक सीमा से सटा तामलोर गांव। वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान यहां के ग्रामीण सेना के साथ खड़े रहे। रेगिस्तानी इलाका होने से दुर्गम इलाके में रास्ता दिखाने से लेकर उनके लिए खाने-पीने की खाद्य सामग्री भी अपने घरों से बनाकर पहुंचाते थे। इसी से खुश होने के बाद सेना के सहयोग से तामलोर की पथरीली जमीन को खोद तालाब बनाया था। इस तालाब से सालभर लोग पानी पीते हैं। सेना ने सिंध प्रांत के छाछरों तक कब्जा कर लिया था। वर्ष 1965 के दौर में सीमावर्ती गांव तामलोर के धोरों में दूर-दूर तक पानी का इंतजाम नहीं था। ग्रामीण ऊंटों पर पखाल भरकर पानी लाते थे। पथरीली जमीन होने से वहां तालाब की खुदाई करना मुश्किल था। तालाब बनने के बाद 60 साल से हजारों ग्रामीण और मवेशी इस तालाब से मीठा पानी पी रहे हैं। मानसून की एक बारिश में तालाब भरने से सालभर पानी पीते हैं। सरपंच हिंदूसिंह तामलोर का कहना है कि पूर्व में ग्रामीण इलाकों में पानी के इंतजाम नहीं थे, तब सेना की मदद से तालाब खोदा था। अब तो जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल मीठा पानी आ रहा है। विकास कार्यों की राज्यपाल भी सराहना कर चुके: तामलोर ऐसा गांव है, जो भारत-पाक बॉर्डर से सटा हुआ है। यहां गांव में हर घर तक मीठे पानी के कनेक्शन 2023 में ही हो गए थे। नर्मदा नहर का मीठा पानी नल से लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी निरीक्षण कर चुके है और विकास कार्यों की सराहना की थी। गांव में एक उप स्वास्थ्य केंद्र, सैकंडरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल, पोस्ट ऑफिस, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम सेवा सहकारी समिति है। इसके अलावा पिछले 5 सालों में करीब 250 पीएम आवास बने हैं। इसके अलावा सार्वजनिक सभा भवन, वाचनालय, सांस्कृतिक कला केंद्र, चार दीवारी व अन्य काम करवाए गए है। 20 लाख रुपए से सैकंडरी स्कूल में कम्प्यूटर कक्ष निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा 5-5 करोड़ से रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाए गए। इससे लोगों का आवागमन आसान हुआ है। पंचायत का लेखा-जोखा जनसंख्या :3500 साक्षरता दर : 65 % मुख्यालय से दूरी : 100 किमी कनेक्टिविटी : गडरारोड-मुनाबाव हाइवे। पहचान : प्रसिद्ध तालाब
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर छत्तीसगढ़ की मछलियों पर भी पड़ रहा है। यहां से हर साल लाखों टन तिलापिया मछली का निर्यात अमेरिका में होता है। लेकिन युद्ध की वजह से करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही पड़ी हुई है। अगर एक-दो महीने युद्ध और चल गया तो मछुआरों को 200 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा। यह मछली लोकल बाजार में कम बिकती है। मछुआरे इसे अमेरिका भेजने के लिए ही तैयार करते हैं। कांकेर के दुधावा, कोरबा के बांगो और कवर्धा के सरोदा बांध में इस मछली का पालन होता है। मछुआरों से कंपनी थोक में 105-110 रुपए प्रति किलो खरीदते हैं। इसके बाद कलकत्ता और विशाखापट्नम बंदरगाह के माध्यम से इसे अमेरिका 170 रुपए प्रति किलो में भेजा जाता है। वहां के बाजार में 250-300 रुपए प्रति किलो में बिकती है। वहां इसे एक्वाटिक चिकन भी कहते हैं। तिलापिया ही क्यों जाती है अमेरिका छत्तीसगढ़ के तालाब-बांध में सैकड़ों प्रजाति के मछली का पालन होता है। लेकिन तिलापिया की ही अमेरिका में सबसे अधिक मांग है। इसके पीछे की वजह यह है कि वहां मछली के टुकड़े करके खाने का चलन नहीं है। सीधी मछली को खाना ही लोग पसंद करते हैं। यही वजह है कि यह 500 ग्राम से लेकर 800 ग्राम की मछली को ही वहां भेजा जाता है। इससे अधिक वजन होने के बाद उसका निर्यात नहीं हो पाता। 8 महीने पहले इसके बीज छत्तीसगढ़ के बांधों में डाले गए थे, अब इस मछली का वजन 500 ग्राम से अधिक होने लगा है। अब चिंता मछुआरों को सता रही है कि कहीं यह बड़ी हो गई तो इसे खरीदेगा कौन। दो महीने से थम गया कारोबार मछुआरा राकेश निषाद ने बताया कि दो महीने से ही मछली का निर्यात कम होने लगा था। लेकिन एक महीने से तो बिल्कुल ही बंद हो गया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि नए बीज तालाबों डालें या नहीं, क्योंकि युद्ध का असर कब तक रहेगा कोई पता नहीं चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अगर मछली को दो-तीन महीने और छोड़ दिया तो वे मरने भी लगेंगी। अमेरिका में हो गई दोगुनी कीमतअमेरिका तिलापिया मछली का 95 प्रतिशत आयात चीन, ताइवान और भारत जैसे देशों से करता है। 2025 की शुरुआत में चीन से आने वाले समुद्री भोजन पर इंपोर्ट टैक्स 170 प्रतिशत तक कर दिया था। जिसकी वजह से भारत से निर्यात बढ़ गया था। यूएस में यह मछली अभी तीन गुना कीमत पर पहुंच गई है। युद्ध की वजह से तिलापिया मछली का निर्यात नहीं हो पा रहा है। करीब 20 हजार टन मछली तालाबों में ही डंप है। अभी छत्तीसगढ़ में इस मछली का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इस मछली के लिए मछुआरों को प्रोत्साहित भी कर रही है। केज के लिए सब्सिडी दी जा रही हैं। -एनएस नाग, संचालक, मछली पालन
लेबनान-इजरायल संघर्ष: ट्रंप ने किया दस दिन के युद्धविराम का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और इजरायल के बीच दस दिनों के युद्धविराम पर सहमति का दावा किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के ऐतिहासिक सीजफायर का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि यह अब तक की 10वीं जंग है जिसे उन्होंने रुकवाया है। ट्रंप ने कहा कि उनकी लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और ...
महायुद्ध की कगार पर दुनिया ट्रंप की नौसैनिक घेराबंदी से दहला ईरान, क्या पाकिस्तान करा पाएगा समझौता?
ईरान युद्ध के बाद अमेरिकी सेना में दरार? ‘कॉन्शियस ऑब्जेक्टर’ बनने की बढ़ती मांग ने बढ़ाई चिंता
NPR की रिपोर्ट के अनुसार Iran युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में असंतोष बढ़ रहा है। Donald Trump की नीतियों, सैनिकों के मनोबल और वैश्विक प्रतिक्रिया का विश्लेषण।
देश की नमकीन राजधानी माने जाने वाले इंदौर का नमकीन उद्योग इस समय दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर उत्पादन लागत में तेज़ बढ़ोतरी के कारण नमकीन के दाम 20 से 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर एक्सपोर्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। अनिश्चित हालात के चलते निर्यात ऑर्डर करीब आधे रह गए हैं और गल्फ देशों में सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिससे करोड़ों रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। इंदौर से रोजाना करीब 100 टन नमकीन देश-विदेश में भेजा जाता है। यह सप्लाई भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 80 से अधिक देशों तक पहुंचती है। हालांकि मौजूदा हालात में घरेलू बिक्री (डोमेस्टिक सेल) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) कारोबार भी प्रभावित हुआ है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा के मुताबिक, लागत बढ़ने के कारण नमकीन की कीमतों में औसतन 20 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकी पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता (करीब 60%) और मूंगफली तेल के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके अलावा पैकिंग मटेरियल के दाम में भी बड़ा उछाल आया है- जो पहले 190–195 रुपए प्रति किलो मिलता था, वह अब करीब 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। नमकीन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली हींग की कीमतों में भी 5% से 15% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लागत और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में इंदौर के नमकीन उद्योग को और बड़े आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। दाम आगे भी बढ़ने के संकेत इंदौर के नमकीन बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इंदौर नमकीन मिठाई महासंघ के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि अभी जो दाम बढ़ाए गए हैं, वे सालभर स्थिर रहेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि अगले 10 दिनों में क्या स्थिति होगी, इसका भी अनुमान लगाना मुश्किल है। 40 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी नमकीन व्यापारी हीतेश जैन के मुताबिक, सामान्य नमकीन जो पहले 260 से 280 रुपए प्रति किलो मिलता था, अब 280 से 300 रुपए प्रति किलो हो गया है। वहीं प्रीमियम नमकीन 280–300 रुपए से बढ़कर 300 से 340 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक्स्ट्रा प्रीमियम नमकीन, जिसमें ड्रायफ्रूट्स का उपयोग होता है, उसमें करीब 40 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मूंगफली तेल, मिर्च-मसाले और पैकिंग सामग्री महंगी होने के कारण लगभग 20 रुपए प्रति किलो तक कीमत बढ़ानी पड़ी है। विदेश पहुंचने का समय दोगुना हुआ इंदौर में सेंव की खपत भी काफी अधिक है। शहर में रोजाना करीब 45 टन सेंव की खपत होती है। संगठित क्षेत्र के कारखानों में प्रतिदिन 30 टन सेंव तैयार होती है, जिसमें से 15 टन शहर में खपती है, जबकि असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारी करीब 30 टन सेंव का उत्पादन कर स्थानीय मांग पूरी करते हैं। वैश्विक हालात का असर निर्यात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले इंदौर से दुबई या ओमान तक नमकीन पहुंचने में करीब 30 दिन लगते थे, लेकिन अब सुरक्षित मार्गों से भेजने पर 60 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे लॉजिस्टिक लागत दोगुनी हो गई है। इसी तरह यूएसए और कनाडा में पहले 40–45 दिन में पहुंचने वाला माल अब 90 दिन तक ले रहा है। खाड़ी देशों के लिए सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से प्रभावित है। निर्यातकों के अनुसार 40 से 50 कंटेनर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25–30 दिन से बढ़कर 50–60 दिन हो गया है और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। ये खबर भी पढ़ें… MP में खाना महंगा, 400 की थाली अब ₹800 में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश पर असर पड़ा है। LPG की कमी और PNG की दरों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के खाने का खर्च बढ़ा दिया है। इंदौर और जबलपुर में नाश्ते की चीजों के दाम बढ़ गए हैं, जबकि ग्वालियर और रीवा में ड्राई फ्रूट्स और पीने के पानी सहित हर चीज महंगी हो गई है।पूरी खबर पढ़ें
पटियाला का 35 वर्षीय गगनदीप सिंह यूक्रेन युद्ध में फंसा हुआ है। उच्च शिक्षा के लिए रूस गए गगनदीप को कथित तौर पर धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया है और अब वह युद्ध के मैदान में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर है। अब परिवार ने सुरक्षित भारत वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है। सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।परिवार का अकेले सहारा है गगनदीप गगनदीप अपने माता-पिता और एक भाई की मृत्यु के बाद अपनी दो बहनों और बुजुर्ग दादी का एकमात्र सहारा है। पीड़ित परिवार ने निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात की और गगनदीप की सुरक्षित वापसी की अपील की। जून में एम.ए. करने के बाद स्टडी वीजा पर गया रूस गगनदीप की बहन लखविंदर कौर ने बताया कि वह पिछले साल जून में एम.ए. करने के बाद स्टडी वीजा पर रूस गया था। शुरुआती कुछ महीनों तक वह परिवार के संपर्क में था, लेकिन सितंबर के बाद उसका संपर्क कम हो गया। बाद में पता चला कि उसके एक साथी ने गार्ड की नौकरी का झांसा देकर उसे रूसी सेना में भर्ती करवा दिया है। युद्ध में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर लखविंदर कौर के अनुसार, गगनदीप पिछले लगभग सात महीनों से यूक्रेन युद्ध में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर है, जबकि उसे कोई युद्ध प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। उसके कई साथी मारे जा चुके हैं, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत प्रभावित है। परिवार ने बताया कि एक होनहार छात्र के हाथों में कलम की जगह बंदूक थमा दी गई है और वही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। ठीक से खाना भी नहीं मिल रहा अन्य परिजन जगतार सिंह ने बताया कि आखिरी बातचीत में गगनदीप ने वहां के बेहद खतरनाक हालातों के बारे में बताया था, जहां हर समय गोलीबारी और बमबारी हो रही है। भाषा की समस्या के कारण उससे जबरदस्ती दस्तखत भी करवाए गए। उसे ठीक से खाना भी नहीं मिल रहा और वह हर तरफ तबाही के दृश्य देख रहा है, जिनकी वीडियो उसने परिवार के साथ साझा की हैं। सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया मुद्दा इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह मामला वह जनवरी महीने से लगातार विदेश मंत्रालय के समक्ष उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास द्वारा भी गगनदीप की रिहाई के प्रयास जारी हैं। उन्होंने भारत सरकार से पुनः अपील की कि इस गंभीर स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और रूस सरकार से संपर्क कर गगनदीप सिंह को सुरक्षित तरीके से वापस भारत लाया जाए।
सऊदी अरब में युवक की मौत, शव लाने की मांग:विधायक ने PM को लिखा पत्र, पिता बोले- अभी तक नहीं मिली लाश
अयोध्या जिले के रुदौली विधानसभा क्षेत्र के एक युवक की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसके शव को भारत लाने की मांग तेज हो गई है। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। यह घटना रुदौली क्षेत्र के पूरे परसन बारी गांव से संबंधित है।गांव निवासी सुरेंद्र कुमार की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। परिजनों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, परिवार में मातम छा गया। परिवार अपने बेटे का अंतिम संस्कार गांव में ही करना चाहता है, लेकिन अभी तक शव भारत नहीं पहुंच पाया है। विधायक रामचंद्र यादव ने अपने पत्र में केंद्र सरकार से मानवीय आधार पर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की अपील की है, ताकि मृतक का शव जल्द से जल्द भारत लाया जा सके और शोकाकुल परिवार को राहत मिल सके। मृतक के पिता रामदेव ने बताया कि सुरेंद्र कुमार पहले भी सऊदी अरब में काम कर चुका था। करीब दो साल नौकरी करने के बाद वह नवंबर 2025 में अपनी बहन की शादी में शामिल होने घर आया था। इसके बाद 13 दिसंबर 2025को वह दोबारा सऊदी अरब चला गया। रामदेव के अनुसार, उन्हें 5 अप्रैल 2026 को बेटे की मौत की सूचना मिली, लेकिन अब तक उन्हें केवल फोटो ही देखने को मिला है। परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि सुरेंद्र कुमार की बनारस की एक युवती पूनम से बातचीत होती थी। पूनम कुछ समय से उसके साथ गांव में रह रही थी। 4 अप्रैल को अपने घर लौटते समय पूनम ने रिश्तेदारों को सुरेंद्र की आत्महत्या की जानकारी दी थी। वहीं, सऊदी अरब में सुरेंद्र के साथ काम करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसके बाद यह घटना हुई। परिवार ने विधायक, सांसद, एसडीएम और डीएम सहित कई अधिकारियों से गुहार लगाई है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिजन जल्द से जल्द शव भारत लाकर अंतिम संस्कार कराने की मांग कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके संकेत हैं कि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। अब तक इसका असर पेट्रोलियम पदार्थों और रसोई गैस की कीमतों पर दिख रहा है, लेकिन इसका व्यापक प्रभाव अभी सामने आना बाकी है। खरीफ सीजन के साथ उर्वरकों की स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन इससे पहले दवाओं की कीमत और उपलब्धता पर दबाव बनने की आशंका है। दवाओं पर क्यों पड़ सकता है असर दैनिक उपयोग की कई दवाएं पेट्रोकेमिकल इंटरमीडिएट्स से जुड़ी होती हैं। पैरासिटामोल, एस्पिरिन, कई एंटीबायोटिक्स और कफ सिरप जैसी दवाओं के निर्माण में पेट्रोकेमिकल आधारित रसायनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा दवाओं की पैकेजिंग, सिरिंज, आइवी ट्यूबिंग और अन्य मेडिकल उपकरण भी बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर निर्भर हैं। मिडिल ईस्ट की भूमिकासऊदी अरब, ईरान, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ पेट्रोकेमिकल इंटरमीडिएट्स महंगे हो सकते हैं, जिसका असर फार्मास्यूटिकल उद्योग की लागत पर पड़ेगा। भारत पर संभावित असरभारत दुनिया का सबसे बड़ा जेनरिक दवा उत्पादक और निर्यातक है। भारतीय दवाएं 200 से अधिक देशों में जाती हैं और अमेरिका में भी बड़ी मात्रा में निर्यात होती हैं।हालांकि, कई महत्वपूर्ण कच्चे माल और इंटरमीडिएट्स के लिए भारत आयात पर निर्भर है। ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित होने पर उत्पादन लागत बढ़ सकती है। आम उपभोक्ताओं पर प्रभाव इस स्थिति का सबसे अधिक असर उन मरीजों पर पड़ सकता है जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और संक्रमण जैसी बीमारियों के लिए नियमित दवाओं पर निर्भर हैं।फिलहाल दवाओं की उपलब्धता सामान्य है, लेकिन आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। सरकार की जन औषधि जैसी योजनाएं राहत देती हैं, लेकिन आपूर्ति बाधित होने पर इन पर भी असर पड़ सकता है। क्या कहते हैं दवा के कारोबारी दवा विक्रेता समिति गोरखपुर के महामंत्रीआलोक चौरसिया के मुताबिक फ़िलहाल अब तक मिडल ईस्ट के क्राइसिस का असर दवा इंडस्ट्री पर नहीं पड़ा है। पर सप्लाई चेन अगर लंबे समय तक प्रभावित रहा तो कई दवाओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। चूंकि ज़्यादातर दवाओं का कच्चा माल एपीआई (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स) बाहर खासकर चीन से आता है। चीन की सप्लाई चेन फिलहाल अबाधित है। हालत ऐसे ही रहे तो एपीआई में उसकी मोनोपली (एकाधिकार) और बढ़ जाएगा। चूंकि भारत उसके लिए सबसे बड़ा बाज़ार है। लिहाजा मांग देखकर वह दाम टाइट कर सकता है। इसका असर पूरे विश्व के मेडिसिन मार्केट पर पड़ सकता है। खासकर जेनरिक दवाओं पर। क्योंकि ब्रांडेड और जेनरिक दवाओं की कीमतों में बहुत फर्क होता है। आम तौर पर तो एमआरपी का यह अंतर 50 फीसद तक होता है,पर कुछ ब्रांडेड दवाएं 300 से 400 फीसद तक मंहगी होती हैं। इसी वजह से जेनरिक दवाओं की कीमत किसी वजह से बढ़ी तो पूरी दुनिया के गरीब और मध्यम वर्गीय लोग सर्वाधिक होंगे। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश के नाते भारत पर उसी अनुपात में इसका असर पड़ सकता है। निष्कर्षमौजूदा परिस्थितियों में यह तत्काल संकट नहीं है, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव भविष्य में दवाओं की लागत और उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है। स्थिति पर सतत निगरानी आवश्यक है।
विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र (सेज) से होने वाले एक्सपोर्ट के ताजा आंकड़ों ने इंदौर की छोटी आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को चिंता में डाल दिया है। जहां बड़ी कंपनियां मजबूती बनाए हुए हैं, वहीं शहर के प्रमुख आईटी हब ‘क्रिस्टल आईटी पार्क’ पर तकनीक के बदलाव का प्रभाव है। यहां से होने वाले सालाना एक्सपोर्ट में 19 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल ‘क्रिस्टल आईटी पार्क’ की कंपनियों का एक्सपोर्ट 706 करोड़ रुपए हुआ था, जो घटकर 567 करोड़ रुपए रह गया। जानकारों का कहना है यह केवल व्यापारिक घाटा नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का छोटी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स और युवाओं के रोजगार पर असर है। राहत की बात ये है कि युद्ध और मंदी के बीच फार्मा सेक्टर ने संभाला है। बड़ी गिरावट और चौंकाने वाले आंकड़े इस साल का कुल प्रदर्शन (2025-26) भास्कर एक्सपर्ट नरेंद्र सेन, आईटी विशेषज्ञ कन्साइनमेंट नहीं जाने से भी कारोबार प्रभावित हो रहा छोटी कंपनियों को लॉन्ग टर्म कान्ट्रैक्ट नहीं मिलने से कारोबार व रोजगार दोनों में कमी देखी जा रही है। एआई का भी प्रभाव दिखने लगा है। हालांकि डाटा सेंटर्स, जीसीसी में अच्छी संभावनाएं भी उम्मीद बना रही हैं। वहीं मल्टी प्रोडक्ट सेज यूनिट के विशेषज्ञों का कहना है कि 28 फरवरी के बाद से मुश्किलें बढ़ गईं। एक्सपोर्ट में पोर्ट पर आ रही दिक्कतों के चलते कई यूनिटों के कन्साइनमेंट नहीं जाने से भी कारोबार कम हुआ। छोटी कंपनियों के सामने खड़ी हो रही चुनौती 1. खत्म हो रहे लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट: विदेशी क्लाइंट्स अब छोटे और रूटीन कार्यों (जैसे बेसिक कोडिंग, टेस्टिंग और डेटा एंट्री) के लिए कंपनियों को काम देने के बजाय एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं। इससे छोटी कंपनियों के हाथ से पुराने प्रोजेक्ट्स जा रहे हैं और नए नहीं मिल रहे। 2. बड़ी कंपनियों से पिछड़ती तकनीक: टीसीएस और इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनियां एआई पर भारी निवेश कर खुद को अपडेट कर रही हैं, लेकिन इंदौर की छोटी कंपनियों के पास सीमित बजट होने के कारण वे दौड़ से बाहर हैं। 3. नौकरियों पर सीधा खतरा : जब काम एआई से कम समय और कम खर्च में हो रहा है, तो कंपनियां नए डेवलपर्स की भर्ती बंद कर रही हैं। छोटी आईटी यूनिट्स में कर्मचारियों की संख्या कम होने लगी है, जिसका सीधा असर शहर के आईटी रोजगार पर पड़ रहा है। 4. क्लाइंट्स का बदलता नजरिया : अमेरिका और यूरोप के क्लाइंट्स अब उन छोटी कंपनियों पर भरोसा नहीं कर रहे जो पुरानी तकनीकों पर काम कर रही हैं। साल के आखिरी महीनों में कई छोटी यूनिट्स के पास कोई बड़ा असाइनमेंट ही नहीं बचा।
गर्मी में बढ़ी खपत:युद्ध का असर पैकिंग पर... सांची पार्लरोंमें नहीं मिल रहा 200 ग्राम का पैक्ड दही
भीषण गर्मी में शहर के सांची पार्लरों पर 200 ग्राम कप वाला पैक्ड दही नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं को फिलहाल सिर्फ 500 मिली का पॉलीथिन पैक मिल रहा है, जिससे कम मात्रा लेने वालों को परेशानी हो रही है। लस्सी, रायता और ठंडक के लिए बढ़ी मांग के बीच कमी ज्यादा महसूस हो रही है। भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ प्रीतेश जोशी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पैकिंग मैटेरियल की सप्लाई प्रभावित हुई। 200 ग्राम कप के लिए जरूरी फूड-ग्रेड प्लास्टिक की कमी आई। अब गुजरात से मैटेरियल आ गया है, जल्द सप्लाई सामान्य होगी। 30% तक ज्यादा मांग अप्रैल से जून के बीच दही और लस्सी की खपत 30-40% तक बढ़ जाती है। ऐसे में छोटे पैक की कमी का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा है। पार्लरों पर भीड़ बढ़ने के कारण ग्राहकों को विकल्प के तौर पर खुले दही या अन्य ब्रांड लेना पड़ रहा है। बफर स्टॉक के निर्देश दुग्ध संघ के अनुसार नई खेप आने के बाद 3 दिन में 200 ग्राम कप की सप्लाई बहाल हो सकती है। एजेंसियों को बफर स्टॉक रखने के भी निर्देश भी दिए गए हैं। 500 मिली लेना मजबूरी अयोध्या बायपास निवासी आदित्य नायर ने बताया कि छोटा कप नहीं मिलने से 500 मिली पैकेट लेना मजबूरी है। एक पार्लर संचालक के अनुसार, लेकिन कप पैक नहीं होने से छोटी बिक्री प्रभावित हुई है।
लखनऊ में विश्व शांति के लिए शांति मार्च:डॉ. अंबेडकर महासभा ने युद्ध समाप्ति की मांग उठाई
लखनऊ में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध की समाप्ति की मांग को लेकर एक शांति मार्च निकाला गया। डॉ. अंबेडकर महासभा के सहयोग में आयोजित किया गया। इस मार्च में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु और आंबेडकर अनुयायी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने 'युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए' और 'नफरत मिटाओ-शांति बढ़ाओ' जैसे नारों के साथ वैश्विक शांति का संदेश दिया। यह शांति मार्च डॉ. अंबेडकर महासभा कार्यालय से शुरू होकर हजरतगंज स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। मार्च में शामिल भिक्षुओं और अनुयायियों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'विप्लव नहीं शांति चाहिए' और 'सबका साथ, सबका विकास-विश्व शांति का आधार' जैसे संदेश प्रदर्शित किए। पूरे मार्ग पर शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता का माहौल बना रहा। दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आवास पर मार्च को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भगवान बुद्ध के करुणा और मैत्री के विचार ही मानवता को स्थायी शांति का मार्ग दिखा सकते हैं। मौर्य ने बताया कि जब वे बुद्ध के अवशेष लेकर रूस गए थे, तब लाखों लोग दर्शन के लिए उमड़े थे, जो बुद्ध के विचारों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की कार्यक्रम में वक्ताओं ने परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चीन, रूस और अमेरिका जैसे देश लगातार अपने हथियारों का जखीरा बढ़ा रहे हैं, जो मानवता के लिए एक बड़ा खतरा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो इसका असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण, पशु-पक्षियों और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मार्च के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री आवास पर भिक्षुओं को चीवर दान किया गया और अनुयायियों को खीर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। इस कार्यक्रम में भिक्षु शीलरतन, भन्ते प्रज्ञासार, प्रमोद कुमार सरोज, अमरनाथ प्रजापति, खुशीलाल, सर्वेश पाटिल, डॉ. सत्यादोहरे और रामचंद्र पटेल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। यहां जदयू ऑफिस में लगाए गए '25 से 30 फिर नीतीश' वाले सभी पोस्टर को हटा दिया गया है। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पटना सिटी के प्रसिद्ध शीतला मंदिर में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. JDU ऑफिस से नीतीश के पोस्टर हटाए गए पटना में जदयू ऑफिस में लगाए गए '25 से 30 फिर नीतीश' वाले सभी पोस्टर को हटा दिया गया है। बता दें कि इसी नारे के साथ एनडीए ने बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा था।जल्द ही नए पोस्टर लगाए जाएंगे, जिसमें उनके नेता निशांत कुमार भी नजर आएंगे। पूरी खबर पढ़ें 2. JDU के बाहुबली MLA पप्पू पांडेय के घर रेड जेडीयू के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गोपालगंज पुलिस ने कुचायकोट से विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ गैरजमानती वारंट लिया है। पुलिस की टीम सुबह 6 बजे विधायक पप्पू पांडेय के पैतृक गांव नया गांव तुलसिया पहुंची। पूरी खबर पढ़ें 3. बहन से एकतरफा प्यार, इनकार पर भाई की हत्या सहरसा में रविवार को 8 साल के बच्चे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के सिटानाबाद में हुई है। आरोपी ने बच्चे की 12 साल की बहन को भी घायल किया है। मृतक की पहचान सिटानाबाद दक्षिणी पंचायत के पठान टोला वार्ड संख्या 7 निवासी मो. जियाउद्दीन के बेटा मो. ओबेश (8) के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें 4. दरभंगा में पति-पत्नी, 3 महीने के बच्चे की जिंदा जलने से मौत दरभंगा में पति-पत्नी और 3 महीने के बच्चे की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब पत्नी खाना बनाने के लिए किचन में गई। उसने गैस ऑन किया और माचिस जलाई। माचिस जलाते ही किचन में जोरदार ब्लास्ट हुआ। महिला की गोद में बच्चा भी था। पूरी खबर पढ़ें 5. कल शाम 4 बजे बिहार के नए CM का ऐलान बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने पटना DM, SP, SSP समेत सीनियर अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक लोक भवन में चल रही है, जिसमें शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर ब्रीफिंग दी जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 6. 'बेटी ने इस्लाम कबूल नहीं किया, इसलिए मार डाला' ‘’मेरी बेटी ने इस्लाम कबूल नहीं किया, इसलिए लड़के ने मेरी बेटी की हत्या कर दी। आरोपी मेरे घर के पड़ोस का है और वो 13 जनवरी को मेरी बेटी को भगाकर ले गया था। हम लोगों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन महीने बाद ही मेरी बेटी की लाश मिली है।’’ दरभंगा नगर पंचायत क्षेत्र के सम्राट चौक के रहने वाले पेशे से किसान 45 साल के शख्स ने ये बातें कही। पूरी खबर पढ़ें 7. पटना में छात्र राजद की रीब्रांडिंग, नया नाम- लोगो लांच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की स्थापना (5 जुलाई 1997) के लगभग तीन दशक बाद पार्टी अपने छात्र संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सोमवार को छात्र राजद का नाम बदल दिया गया। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दोपहर 1 बजे पार्टी कार्यालय में नए नाम की घोषणा की। साथ ही नए Logo का भी अनावरण किया। पूरी खबर पढ़ें 8. गयाजी में बालू लदे ट्रैक्टर जब्त करने गई पुलिस पर हमला गयाजी में बालू लोडेड ट्रैक्टर पकड़ने के बाद स्थानीय लोग भड़क गए। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। भीड़ को शांत करने के लिए लाठीचार्च करना पड़ा। मौके से 2 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। घटना सिंधुगढ़ थाना क्षेत्र की है। पूरी खबर पढ़ें 9. 'SI ने गर्लफ्रेंड से शादी की, महिला दरोगा के करीब रहा' ‘मेरे SI दामाद का उसी के थाने की दरोगा पूजा से पिछले 3 साल से अफेयर चल रहा था। शादी के पहले से उसका अफेयर चल रहा था। दोनों अक्सर हाथ में हाथ डाले पूरा शहर घूमते थे। एक साथ लंच-डिनर किया करते थे। दामाद ने अपने अवैध संबंध को छिपाने के लिए मेरी बेटी को मार डाला।’ ये कहना है मुंगेर के सफिया सराय थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार की पत्नी मधु कुमारी की मौसी रेणु देवी का। पूरी खबर पढ़ें 10. किशनगंज कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी किशनगंज कोर्ट को सोमवार को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कोर्ट के ऑफिसियल ई-मेल आईडी पर एक संदिग्ध संदेश मिला, जिसमें कोर्ट परिसर में बम होने का दावा किया गया था। ई-मेल मिलते ही न्यायालय कर्मियों ने तत्काल जिला प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी। पूरी खबर पढ़ें 11. किशनगंज में BJP युवा मोर्चा उपाध्यक्ष गिरफ्तार, विदेशी शराब बरामद किशनगंज में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व कोषाध्यक्ष रोहित चौधरी को शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। किशनगंज पुलिस ने सोमवार को कोचाधामन थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान उन्हें 264.28 लीटर विदेशी शराब के साथ पकड़ा। उनके कब्जे से एक कार, नकदी और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। पूरी खबर पढ़ें 12. 'लैंड फॉर जॉब' केस में SP ने याचिका खारिज की लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़े ट्रायल को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने सुनाया। पूरी खबर पढ़ें 13. बेगूसराय में रंगदारी नहीं देने पर युवक की बेरहमी से पिटाई बेगूसराय में रंगदारी नहीं देने पर एक युवक की जमकर पिटाई कर दी गई। रास्ते में घेरकरक्रिकेट बैट, लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने पूरी वारदात का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। घटना मणिकपुर गांव की है। पीड़ित की पहचान कनौसी गोढ़ियारी निवासी रोहित कुमार के तौर पर हुई है। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14. सम्राट को CM बनाने की मांग, मंदिर में हवन पटना सिटी के प्रसिद्ध शीतला मंदिर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरी खबर पढ़ें जानिए कल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम 15. 12 से 18 अप्रैल तक मौसम सामान्य बना रहेगा बिहार में 12 से 18 अप्रैल तक मौसम सामान्य बना रहेगा। 18 अप्रैल से कई जिले में लू चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
US-Iran War: अमेरिका-इजराइल vs ईरान युद्ध कब रुकेगा? ज्योतिष के संकेत चौंकाने वाले
US-Iran War: अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ज्योतिष क्या संकेत देता है? जानिए ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर युद्ध और शांति को लेकर संभावित भविष्यवाणी।
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

