कुकिंग हाइक में स्काउट-गाइड ने बनाए 45 तरह के व्यंजन, अधिकतर बिना बर्तन
भास्कर न्यूज | सुहेला भारत स्काउट्स एवं गाइड्स स्थानीय संघ सिमगा के तत्वावधान में, सहायक जिला आयुक्त ढाल सिंह ठाकुर के आदेशानुसार मुड़पार में जमनैया नाला के किनारे स्काउट गाइड का हाइक सह पेट्रोल कुकिंग का सफल आयोजन किया गया। शिविर में 6 विद्यालय के 129 तथा प्रभारी शिक्षक एवं अतिथियों को मिलाकर 136 प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सहायक राज्य आयुक्त ईनूराम वर्मा तथा जिला प्रशिक्षण आयुक्त मनीष कुमार बघेल विशेष अतिथि रहे। मुख्य अतिथि वर्मा ने स्काउट गाइड्स को सेवा, अनुशासन एवं स्वावलंबन की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया एवं हाइक के महत्व पर प्रकाश डाला। कैंप में कुकिंग के दौरान बच्चों ने स्काउट एवं गाइड्स ने टोली बनाकर सीमित संसाधनों से लगभग 45 प्रकार के स्वच्छ एवं पौष्टिक व्यंजन बनाए ,जिसमें आधे से अधिक बिना बर्तन के तैयार किए गए थे। विदित हो कि स्काउट गाइड के लिए हाइक में भाग लेना अनिवार्य है। इसके बिना स्काउट गाइड द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त करना सम्भव नहीं है। निर्णायक मंडल द्वारा स्वाद, स्वच्छता, प्रस्तुति एवं टीमवर्क के आधार पर मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट टोलियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रोवर लीडर दाऊ लाल साहू, एनसीसी ऑफिसर नवापारा कैप्टन वीरेंद्र पटेल, रुपेश कुमार पसीने, दंतेश्वरी किरण बघेल, विकासखंड सचिव धनेश्वर प्रसाद वर्मा, धन्नू साहू, मालती साहू, पार्वती वर्मा,मोहन लाल वर्मा, गोविंद साहू एवं प्रशांत सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
'युद्ध नशियां विरूद्ध' अभियान को मिली बड़ी सफलता, पंजाब की मुहिम की देशभर में चर्चा
पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा ने कहा है कि पंजाब में अकाली-भाजपा और कांग्रेस राज में नशों की बाढ़ आई, अब उनकी सरकार में जो तस्कर पकड़े जा रहे हैं. सबके तार इन पार्टियों से जुड़े हैं. नशा तस्कर या तो पंजाब से भाग रहे हैं या जेल जा रहे हैं, क्योंकि भगवंत मान सरकार की नशा विरोधी अभियान पूरी ईमानदारी से चला रही है.
UK PM: ब्रिटेन ने नाटो के अनुच्छेद 5 सिद्धांत के प्रति अपने समर्थन को दोहराया. जिसके लिए उन्होंने कहा कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा और ब्रिटेन की कमेंटमेंट पहले की तरह ही मजबूत बनी हुई है. उनका ये बयान डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यूरोपीय सहयोगियों द्वारा अपने दायित्वों को पूरा नहीं करने पर उठाए गए सवाल के बाद आया है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक शाही शादी में सोने की बिस्कुट जैसी चीज नजर आ रही है. यूजर्स ने दावा किया है कि यह 24 कैरेट सोना है, लेकिन वास्तव में कुछ और ही सच्चाई सामने आई है.
World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उनक कहना है कि पिछले 47 सालों से ईरान सिर्फ बातों में समय बर्बाद कर रहा है जिससे भारी नुकसान हुआ है. अब ट्रंप इस मसले को हमेशा के लिए सुलझाना चाहते हैं.
IND vs PAK मैच एकतरफा नहीं रहते:4 में आखिरी गेंद पर फैसला; चेज करने वाली टीमों ने 75% मुकाबले जीते
पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए मान गया। दोनों टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में एक-दूसरे का सामना करेगी। टूर्नामेंट इतिहास में वैसे तो भारत ने 8 में से 7 बार पाकिस्तान को हराया, लेकिन दोनों के बीच मुकाबला हर बार एकतरफा नहीं रहता। 4 मैचों में आखिरी गेंद पर फैसला हुआ है। टी-20 इंटनरेशनल में भी भारत का दबदबा रहा। टीम ने पाकिस्तान को 16 में 13 मुकाबले हराए, लेकिन इनमें भी 75% बार टारगेट का पीछा करने वाली टीमों को ही जीत मिली। ऐसे में देखने अहम होगा कि कोलंबो में रविवार को टॉस जीतने वाली टीम इतिहास के साथ जाएगी या पिच देखकर फैसला लेगी। चेज करने वाली टीमों का सक्सेस रेट 75%भारत और पाकिस्तान की टीमें टी-20 इंटरनेशनल में अब तक 16 बार ही आमने-सामने हुईं। 13 में भारत और महज 3 में पाकिस्तान को जीत मिली। पाकिस्तान की 3 में से 1 ही जीत वर्ल्ड कप में आई, बाकी 2 जीत एशिया कप और बाइलेटरल सीरीज में रही। भारत-पाकिस्तान मुकाबले में टॉस का रोल भी बहुत ज्यादा अहम रहता है। क्योंकि 16 में 12 बार टारगेट का पीछा करने वाली टीम को ही जीत मिल सकी। वहीं केवल 4 बार पहले बैटिंग करने वाली टीम को जीत मिली, चारों बार भारत ने ही बाजी मारी। वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 8 मैच हुए। 7 में भारत को जीत मिली। पाकिस्तान ने इकलौता मुकाबला टारगेट का पीछा करते हुए जीता। वहीं टीम इंडिया ने 3 मैच पहले बैटिंग करते हुए और 4 मैच पहले बॉलिंग करते हुए जीते। 2024 के वर्ल्ड कप में दोनों टीमें आखिरी बार भिड़ी थीं, तब भारत ने 6 रन से मुकाबला अपने नाम किया था। इस बार क्या उम्मीद?भारत और पाकिस्तान इस बार कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भिड़ने वाले हैं। दोनों टीमें यहां 2012 के वर्ल्ड कप में भी भिड़ चुकी है। तब पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान 128 रन ही बना सका। भारत ने 17 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया। विराट कोहली ने 78 रन बनाने के साथ 1 विकेट भी लिया था। भारत के स्पिनर्स ने तब 4 विकेट लिए थे। दिखने में एकतरफा, लेकिन रोमांचक होते हैं मुकाबले पाकिस्तान भले ही भारत के खिलाफ 8 में से 7 मैच हारा है, लेकिन इनमें से 4 मुकाबले काफी क्लोज रहे। एक मैच तो टाई भी रहा। 2 का फैसला 6 या इससे कम रन के अंतर से हुआ। वहीं एक टीम 4 विकेट के अंतर से आखिरी ओवर में जीती। 4 मैचों में विजेता का फैसला 40 ओवर खत्म होने के बाद ही हो सका। जानते हैं टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक हुए भारत-पाक मैचों का ट्रेंड क्या रहा... 2007 में दोनों मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते 2007 में भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में थे, दोनों 14 सितंबर को भिड़ीं। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने 9 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए। पाकिस्तान भी दूसरी पारी में 141 रन ही बना सका और मैच टाई हो गया। हालांकि, तब के टाई-ब्रेकर नियम बॉल आउट में भारत ने मैच जीत लिया। 2007 में भारत-पाकिस्तान फिर फाइनल में भी भिड़े। इस बार भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी और 5 विकेट पर 157 रन बनाए। पाकिस्तान टीम स्कोर के करीब पहुंची, लेकिन 19.3 ओवर में 152 रन पर ऑलआउट हो गई। यानी शुरुआती दोनों मैचों में पहले बैटिंग करने वाली टीम को सफलता मिली। 2012 से 2022 तक चेज करने वाली टीम ही जीती 2012 में कोलंबो के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी, लेकिन टीम 19.4 ओवर में 128 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत ने विराट कोहली की फिफ्टी की मदद से 17 ओवर में ही 2 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया।ट 2014 में मीरपुर के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। पाकिस्तान 7 विकेट पर 130 रन ही बना सका। भारत ने 18.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर आसानी से टारगेट हासिल कर लिया। 2016 में कोलकाता के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बारिश के कारण मैच 18-18 ओवर का हुआ, पाकिस्तान ने 5 विकेट पर 118 रन बनाए। भारत ने 15.5 ओवर में 4 विकेट खोकर मैच जीत लिया। 2021 में दुबई के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। भारत 7 विकेट खोकर 151 रन ही बना सका। पाकिस्तान ने 17.5 ओवर में बगैर नुकसान के ही टारगेट हासिल कर लिया। मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम ने रिकॉर्ड 152 रन की पार्टनरशिप कर दी। 2022 में मेलबर्न के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। पाकिस्तान ने 8 विकेट पर 159 रन बनाए। भारत ने 31 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए, यहां से हार्दिक पंड्या और विराट कोहली ने पारी संभाली। कोहली ने 82 रन बनाए और भारत को आखिरी बॉल तक चले मुकाबले में 4 विकेट से जीत दिला दी। पिछले वर्ल्ड कप में पलटा इतिहास2024 में न्यूयॉर्क के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। भारत 19 ओवर में 119 रन पर ऑलआउट हो गया। भारत वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार दूसरी हार की कगार पर था। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने गेंदबाजी में कमबैक कराया और पाकिस्तान को 113 रन ही बनाने दिए। 159 रन पहली पारी का हाईएस्ट स्कोर दोनों के बीच अब तक हुए 8 वर्ल्ड कप मुकाबलों में 159 रन पहली पारी का हाईएस्ट स्कोर रहा, जो पाकिस्तान ने 2022 में मेलबर्न के मैदान पर बनाया। हालांकि, भारत ने इसे चेज कर लिया था। दोनों के बीच 118 रन सबसे छोटा स्कोर रहा, जो पाकिस्तान ने 2016 में बनाया। हालांकि, यह मैच बारिश के कारण 18-18 ओवर का किया गया था। 20 ओवर के खेल में पहली पारी का सबसे छोटा स्कोर 119 रन रहा, जो भारत ने पिछले वर्ल्ड कप में बनाया था। हालांकि, दूसरी पारी में पाकिस्तान 113 रन ही बना सका और टीम इंडिया ने मैच जीत लिया।
करीब ढाई महीने पहले ही लंदन से बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय है। सुबह 9:30 बजे तक आए नतीजों के मुताबिक उनकी पार्टी BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 299 में से 209 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों की जरूरत थी। पहली बार सत्ता के करीब दिख रही कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी बुरी तरह हारी। उसके गठबंधन को सिर्फ 70 सीटें मिलीं हैं। शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी को भी बांग्लादेशियों ने नकार दिया। BNP की एकतरफा जीत और जमात की हार की तीन वजह समझ आईं। 1. पूर्व PM शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के वोट खासकर हिंदू वोटर BNP में शिफ्ट हो गए। BNP को अवामी लीग के गढ़ रहे गोपालगंज के अलावा खुलना, सिलहट, चटगांव, ठाकुरगंज में जीत मिली है।2. जमात का अतीत आड़े आ गया, लोगों को याद रहा कि उसने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध किया था। जमात इस दाग को नहीं धो पाई।3. स्टूडेंट्स की नेशनल सिटीजन पार्टी को आपसी फूट और जमात से गठबंधन करना भारी पड़ा। उन्हें लोगों ने पूरी तरह खारिज कर दिया। BNP की जीत के सबसे बड़े फैक्टर तारिक रहमानतारिक रहमान पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। BNP की जीत का पूरा क्रेडिट तारिक रहमान के हिस्से में है। करीब 17 साल के निर्वासन के बाद वे 25 दिसंबर 2025 को लंदन से बांग्लादेश लौटे थे। 2008 में तारिक रहमान को देश छोड़कर भागना पड़ा था। शेख हसीना सरकार ने उन पर 80 से ज्यादा केस दर्ज किए थे। उन्हें अलग-अलग मामलों में उम्रकैद के अलावा 17 साल की सजा मिल चुकी थी। वे लंदन से ही पार्टी का काम संभालते रहे। चुनावों से ठीक पहले उनकी वापसी BNP के लिए बड़े पॉलिटिकल बूस्टर की तरह रही। तारिक रहमान 2018 से पार्टी के एक्टिंग चेयरमैन थे। 9 जनवरी 2026 को उन्हें चेयरमैन बनाया गया। पार्टी की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद यह पद खाली हो गया था। खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर, 2025 को हुआ था। देश लौटने पर तारिक रहमान का स्वागत हीरो की तरह हुआ। ढाका पहुंचने पर उन्होंने मिट्टी को छूकर सलाम किया। इसकी फोटो काफी वायरल हुई थीं। लौटने के बाद रहमान ने पूरे देश का दौरा किया। वे लोगों से सीधे बात करते। उन्हें मंच पर बुलाते। उन्होंने देश की इकोनॉमी सुधारने का रोडमैप पेश किया। तारिक रहमान की वापसी के अलावा खालिया जिया के निधन से उपजी सहानुभूति, अवामी लीग का चुनाव न लड़ना, लोगों को स्टूडेंट्स लीडर से मिली निराशा और जमात के लिए गुस्सा, सब BNP के पक्ष में गया। ढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और पॉलिटिकल एनालिस्ट सैफुल आलम चौधरी कहते हैं, ‘BNP ने इस चुनाव में बहुत कुछ अलग या खास नहीं किया। BNP की जीत में एक बड़ा फैक्टर ये भी रहा कि अवामी लीग के करीब 10% वोटर्स ने मतदान किया है। दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने BNP को वोट किया है।’ जमात को अतीत और खराब इमेज ने डुबोयाजमात-ए-इस्लामी इस बार 10 पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ी। इनमें स्टूडेंट्स की पार्टी NCP भी शामिल है। इसके बावजूद जमात बुरी तरह हारी। एक्सपर्ट मानते हैं कि जमात का अतीत और कट्टरपंथी इमेज लोगों को कभी पसंद नहीं आई। लोगों को याद है कि जमात ने बांग्लादेश की आजादी का विरोध किया था। सैफुल आलम चौधरी जमात की हार की मौजूदा वजहें बताते हैं। वे कहते हैं, ‘चुनाव से दो दिन पहले ऐसे वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें जमात के लोग पैसे बांटते दिख रहे थे। इससे लोगों में मैसेज गया कि जमात गलत तरीके से चुनाव लड़ रही है। बैलेट पेपर में भी हेरफेर की कोशिश की खबरें आईं। इससे जमात को नुकसान पहुंचा।’ ‘हर वर्ग को खुश करना, जमात की सबसे बड़ी गलती’चौधरी आगे कहते हैं, ‘जमात इस्लामिक राज का सपोर्ट करती है। इस बार चुनाव से पहले उसने कहा कि सरकार बनी तब भी वे शरिया कानून नहीं लाएंगे। इससे जमात का कोर वोटर दूर हो गया। जमात ने खुद को आजाद ख्याल पार्टी साबित करने की कोशिश की। हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की, लेकिन लोग समझ गए कि ये चुनावी बातें हैं। जमात ने चुनाव के पहले खुद को काफी हद तक बदलने की कोशिश की, लेकिन वो लोगों में भरोसा पैदा नहीं कर पाई।’ BNP के नेता फजीउल रहमान को एकतरफा जीत मिली है। उन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी थी। साफ दिखता कि लोगों ने आजादी की लड़ाई के पक्ष में वोट दिया और आजादी का विरोध करने वालों को खारिज किया है। वहीं सीनियर जर्नलिस्ट मॉन्जरूल आलम पन्ना कहते हैं, ‘लोगों का रुझान साफ है। वे जमात को रिजेक्ट करना चाहते थे, इसलिए दूसरा ऑप्शन BNP ही है। हिंदू वोटर्स ने बड़ी संख्या ने BNP को वोट दिया है। यह पहले से अंदाजा था कि हिंदू वोटर्स जमात को वोट नहीं देंगे।’ ‘अवामी लीग चुनाव लड़ती, तो जमात को फायदा होगा’सैफुल आलम चौधरी कहते हैं कि अवामी लीग का चुनाव न लड़ना जमात के लिए मुसीबत बन गया। जमात ने अंतरिम सरकार पर दबाव बनाया कि अवामी लीग को चुनाव न लड़ने दिया जाए। ऐसे में वह अनजाने में पिछले 18 महीनों से BNP के लिए जमीन तैयार कर रही थी। अगर अवामी लीग चुनाव लड़ती तो जमात को फायदा होता। अवामी लीग और BNP में वोट बंट जाते। दूसरी तरफ जमात अपने गठबंधन के साथ वोट एकजुट कर सकती थी। स्टूडेंट्स लीडर नाहिद इस्लाम जीते, लेकिन पार्टी हारी शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी NCP कुछ कमाल नहीं कर पाई। हालांकि, पार्टी के सबसे बड़े चेहरे नाहिद इस्लाम ढाका-11 सीट से जीत गए हैं। NCP ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 4 सीटें ही जीत पाई। पार्टी ही हार की 5 वजहें… 1. आंदोलन का असर खत्म और आपसी फूटअगस्त, 2024 में हुए छात्र आंदोलन का असर बीते डेढ़ साल में काफी कम रह गया है। शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले कई छात्र नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। NCP ने जमात के साथ गठबंधन किया तो पार्टी के अंदर ही मतभेद हो गए। 2. कैडर का न होनाNCP कुछ महीने पहले बनी पार्टी है। उनके पास सरकार विरोधी आंदोलन में शामिल रहे छात्र तो थे, लेकिन वोट डलवाने वाली चुनावी मशीनरी नहीं थी। दूसरी तरफ BNP और जमात के पास पुराना कैडर है, जो हर बूथ पर मौजूद रहा। NCP सिर्फ जेन जी वोटर्स के भरोसे थी। 3. वोट का बंटवारा अवामी लीग के खिलाफ लोगों के पास दो ही विकल्प थे, BNP या NCP। लोगों ने नई पार्टी की बजाय अनुभव को चुना। उन्हें लगा कि देश चलाने के लिए पुरानी पार्टी स्टूडेंट्स से बेहतर विकल्प है। 4. अर्बन पार्टी की छविNCP की पहचान सोशल मीडिया और ढाका यूनिवर्सिटी तक है। देश के बाकी हिस्सों में वोटर तारिक रहमान की विरासत या जमात के इस्लामी कार्ड से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं। छात्रों का 'रिफॉर्म एजेंडा' वहां तक नहीं पहुंच पाया। 5. अनुभव की कमी का डरलोगों को डर था कि बिना अनुभव वाले स्टूडेंट देश की कमजोर हो रही इकोनॉमी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं संभाल पाएंगे। इसलिए उन्होंने BNP को चुना। नेशनल गवर्नमेंट बनने की संभावना खत्मBNP को बहुमत मिलने के बाद सवाल है कि BNP अपने राजनीतिक एजेंडे पर चलेगी या अंतरिम सरकार संभाल रहे डॉ. मोहम्मद यूनुस के दबाव में काम करेगी। हालांकि, जिस मजबूती से BNP चुनाव जीती है, यूनुस के लिए दबाव बनाना आसान नहीं होगा। चुनाव से पहले जमात ने प्रस्ताव दिया था कि सभी की सहमति वाली नेशनल गवर्नमेंट बनाई जाए। तारिक रहमान ने ये प्रस्ताव खारिज कर दिया। जमात ने खुद को विपक्षी दल के तौर पर स्थापित किया है। ऐसे में BNP के लिए उसके साथ सरकार बनाना जोखिम भरा हो सकता है। BNP के लिए ज्यादा बेहतर यही है कि जमात विपक्ष में रहे।
मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वंदे मातरम के सभी छंद गाने का विरोध किया है। संगठन ने कहा कि सरकार का ये आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। संगठन ने सरकार के आदेश को एकतरफा और मनमाना बताया। जमीयत के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुसलमान किसी को भी वंदे मातरम गाने या बजाने से नहीं रोकते, लेकिन गाने के कुछ छंद मातृभूमि को एक देवता के रूप में दिखाते हैं। ये हमारी मान्यताओं के खिलाफ हैं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान देना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के मुताबिक राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। मदनी ने और क्या कहा… पंजाब में भी विरोध, दल खालसा ने सिख पहचान के खिलाफ बताया सिख संगठन दल खालसा ने वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे सिख पहचान व धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया है। दल खालसा के नेता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने बयान जारी करते हुए कहा- यह फैसला भारतीयता के नाम पर हिंदुत्व विचारधारा को सिख समुदाय पर थोपने का प्रयास है। सिख होने के नाते हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह निर्णय सिख समुदाय की भावनाओं और उनकी धार्मिक पहचान के विपरीत है। पूरी खबर पढ़ें… वंदे मातरम् बजने पर हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आदेश में साफ लिखा है कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है किन-किन मौकों पर राष्ट्रगीत गाया जा सकता है, इसकी पूरी लिस्ट देना संभव नहीं है। यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के गायन को लेकर डिटेल में प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। केंद्र इस समय वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम मना रहा है। राष्ट्रपति के आगमन और झंडारोहण जैसे कार्यक्रमों में गाया जाएगा नई गाइडलाइन के अनुसार, तिरंगा फहराने, किसी कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजाना अनिवार्य होगा। मंत्रियों या अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की मौजूदगी वाले गैर-औपचारिक लेकिन जरूरी कार्यक्रमों में भी राष्ट्रगीत सामूहिक रूप से गाया जा सकता है, बशर्ते इसे पूरा सम्मान और शिष्टाचार के साथ पेश किया जाए। 10 पेजों के आदेश में, सिविलियन पुरस्कार समारोहों, जैसे कि पद्म पुरस्कार समारोह या ऐसे किसी भी कार्यक्रम में जहां राष्ट्रपति उपस्थित हों, वहां भी वन्दे मातरम बजाया जाएगा। सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम हालांकि, सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं अगर किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजाया जाता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी स्थिति में खड़े होने से प्रदर्शन में व्यवधान और अव्यवस्था हो सकती है। मंत्रालय ने कहा है कि अब से राष्ट्रगीत का आधिकारिक संस्करण ही गाया या बजाया जाएगा और इसे सामूहिक गायन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। ‘वंदे मातरम’ एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था। गणतंत्र दिवस परेड में वंदे मातरम की झांकी निकली थी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड में इस साल 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड में संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाने वाली झांकी निकाली थी। इस झांकी को मंत्रालयों और विभागों की कैटेगरी में बेस्ट झांकी का अवॉर्ड मिला। संस्कृति मंत्रालय की 'वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार' थीम पर आधारित झांकी में बंकिम चंद्र चटर्जी के गीत की रचना, एक प्रसिद्ध मराठी गायक द्वारा औपनिवेशिक काल की रिकॉर्डिंग और Gen Z का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह द्वारा इसका गायन दिखाया गया था। झांकी के आगे के भाग में वंदे मातरम की पांडुलिपि बनाते हुए दिखाया गया था। इसके निचले हिस्से में एक पैनल पर चटर्जी की एक छवि दिखाई गई थी। मध्य भाग में पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों का एक समूह था जिसने भारत की लोक विविधता को दर्शाया। शीतकालीन सत्र के दौरान हुआ था विवाद केंद्र सरकार ने पिछले साल वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विशेष चर्चा का आयोजन किया था। लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राष्ट्रगीत को मुद्दा बना रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत वंदे मातरम के हिस्से काटने का आरोप लगाया था। भाजपा ने 1937 में देश के पहले PM जवाहरलाल नेहरू की एक चिट्ठी शेयर की थी, जो उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को लिखी थी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि चिट्ठी में नेहरू ने संकेत दिया था कि वंदे मातरम की कुछ लाइनें मुसलमानों को असहज कर सकती हैं। संसद में बहस के दौरान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि राष्ट्रगीत को भी राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज के समान दर्जा दिया जाना चाहिए। 8 दिंसबर 2025: PM बोले- कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े किए पीएम मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस की शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी एक घंटे की स्पीच में कहा था, ‘कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए और वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए। नेहरू को लगता था कि इससे मुसलमानों को चोट पहुंच सकती है।’ पीएम ने कहा, 'वंदे मातरम के साथ विश्वासघात क्यों हुआ। वो कौन सी ताकत थी, जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ी। पीएम मोदी ने एक घंटे की स्पीच में 121 बार वंदे मातरम कहा था।' वंदे मातरम के चार छंद क्यों हटाए गए थे? सव्यसाची भट्टाचार्य की किताब ‘वंदे मातरम: द बायोग्राफी ऑफ ए सॉन्ग’ के मुताबिक, 20 अक्टूबर 1937 को सुभाष चंद्र बोस को लिखी चिट्ठी में नेहरू ने लिखा था कि वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि और भाषा मुसलमानों को असहज करती है और इसकी भाषा इतनी कठिन है कि बिना डिक्शनरी के समझना मुश्किल है। उस समय वंदे मातरम को लेकर देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा था। जवाहरलाल नेहरू को यह विवाद एक संगठित साजिश का हिस्सा लगता था। इसी मुद्दे पर उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर से सलाह लेने की बात भी लिखी। 22 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने मूल गीत के छह पैरा में चार पैरा हटाने का फैसला लिया था। इस बैठक में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजनी नायडू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। ------------------------------ वंदे मातरम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…बिहार में 'जन-गण-मन' से पहले 'वंदे मातरम्' का विरोध:कांग्रेस-RJD बोली- हम अंग्रेजों के दलाल नहीं, पहले राष्ट्रगान; AIMIM ने कहा- मुद्दों से भटका रहे अब राष्ट्रगान ‘जन-गण मन’ से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाना होगा। केंद्र सरकार ने इसे लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस आदेश के बाद सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जितने साल मोदी PM, उतने साल नेहरू जेल में रहे’:वंदे मातरम् की डिबेट में RSS भी घसीटा गया, 6 बड़े दावों की पूरी हकीकत लोकसभा में वंदे मातरम पर 10 घंटे की बहस में सरकार और विपक्ष की तरफ से कई बड़े दावे हुए। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मोदी पर ही निशाना साधते हुए कहा कि जितने दिन से वो प्रधानमंत्री है, नेहरू उतने दिन जेल में रह चुके हैं। कांग्रेस ने RSS पर भी आरोप लगाया कि संघ ने आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया। वंदे मातरम की बहस के दौरान किए गए 6 बड़े दावे और उनकी हकीकत; जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें… बंकिमचंद्र चटर्जी का घर खंडहर: 20 साल पहले आखिरी बार मरम्मत, वंशज बोले- ममता सरकार ने हमें भुला दिया राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्‘ लिखने वाले बंकिम चंद्र चटोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी से आने वाले सजल चट्टोपाध्याय सरकार की बेरुखी से नाराज हैं। वो कोलकाता में मौजूद बंकिम चंद्र के घर की जर्जर हालत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने 9 नवंबर 2025 को इसे लेकर BJP के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा था कि सरकार ने जिस मकान को धरोहर मानकर लिया, उसे ही बदहाल छोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें…
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विकास कार्यों की समीक्षा की। युद्ध स्तर पर तैयारियों और किसानों की फसल सिंचाई के लिए विशेष निर्देश दिए। पूरी खबर पढ़ें।
हालिया सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि कतर स्थित अल-उदीद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को मोबाइल लॉन्चरों पर तैनात किया गया है।
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत धीना गांव में ड्रग तस्कर की अवैध बिल्डिंग गिराई
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार को गांव धीना की इंदिरा कॉलोनी में ड्रग तस्कर की गैर-कानूनी प्रॉपर्टी को जेसीबी से गिरा दिया। कार्रवाई नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। सीपी धनप्रीत कौर ने बताया कि ड्रग तस्कर अमरजीत जो सदर थाना क्षेत्र का निवासी है, के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट और बीएनएस के तहत 10 मामले दर्ज हैं और वह फरार है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत जिले में ड्रग तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई में 61 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 6 प्रिवेंटिव एक्शन भी लिए गए। पुलिस ने 2 किलो 600 ग्राम अफीम, 157 ग्राम हेरोइन और 235 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ड्रग तस्करी संबंधी सूचना वाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। गांव धीना पहुंचीं सीपी धनप्रीत कौर और अवैध निर्माण को गिराते हुए नगर निगम के कर्मचारी।
सागर के शाहगढ़ में नर्स की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी वारदात के सात दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस सागर से लेकर जबलपुर तक आरोपी की तलाश कर रही है लेकिन आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। इसी बीच पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस से जारी सूचना के अनुसार, हत्या के मामले में फरार आरोपी सुशील पिता रामसेवक चढ़ार उम्र 28 साल निवासी मुड़िया, पनागर (जबलपुर) फरार है। आरोपी के संबंध में सूचना देने और गिरफ्तार कराने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाली व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आरोपी के संबंध में कोई भी व्यक्ति एसडीओपी बंडा के मोबाइल नंबर 7587635630 और शाहगढ़ थाना प्रभारी के नंबर 7701055712 पर सूचना दे सकता है। शाहगढ़ अस्पताल के गेट पर मारी थी दो गोलियां मृतका दीपशिखा चढ़ार उम्र 26 साल निवासी पाटन (जबलपुर) करीब दो साल से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर पदस्थ थी। वह अस्पताल से करीब 100 मीटर की दूरी पर किराए का कमरा लेकर रह रही थी। 4 फरवरी की रात नर्स दीपशिखा की ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। वह ड्यूटी का समय होने पर पैदल रूम से अस्पताल ड्यूटी पर जा रही थी। तभी अस्पताल के गेट के पास पहुंची तो आरोपी ने हाथ पकड़ लिया। उसने छुड़ाया तो धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसी दौरान आरोपी ने जेब से कट्टा निकाला और तीन फायर किए। एक फायर मिस हो गया। लेकिन दो गोलियां नर्स की पीठ पर दिल के ठीक पीछे लगी। जिससे वारदातस्थल पर ही नर्स दिपशिखा की मौत हो गई थी। एकतरफा में प्यार में की थी हत्यावारदात सामने आते ही पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि नर्स की हत्या उसके ही रिश्ते में लगने वाले मौसी के बेटे सुशील चढ़ार ने की है। आरोपी ने एकतरफा प्यार में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। वह नर्स से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था। आरोपी की शिनाख्त होते ही पुलिस ने तलाश शुरू की। शाहगढ़ के आसपास के जंगलों में आरोपी सर्चिंग की गई। जबलपुर पुलिस टीम पहुंची और आरोपी के घर और रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी। लेकिन आरोपी नहीं मिला। पिछले सात दिनों से सागर पुलिस और जबलपुर की पाटन, पनागर थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। लेकिन आरोपी सुशील गिरफ्त में नहीं आ सका है। ये खबर भी पढ़े- सागर में मौसेरे भाई ने की थी नर्स की हत्या:एकतरफा प्यार में 3 गोलियां चलाईं; इनमें से दो पीठ को चीरकर दिल तक पहुंचीं
‘युद्ध का युग खत्म नहीं, शुरू हो रहा है’: आर्थिक सर्वेक्षण पर संसद में राहुल गांधी का बड़ा बयान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि सरकार के हालिया आर्थिक सर्वेक्षण की जांच...
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

