नौसेना को मिलेगी नई ताकत, पीएम मोदी कोलकाता में तीन स्वदेशी युद्धपोत करेंगे समर्पित
भारतीय नौसेना के अनुसार, तीनों युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और डिजाइन पर आधारित हैं। इनका डिजाइन नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है, जबकि इनका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) में किया गया है।
60 दिन या टोल टैक्स! ट्रंप की नई धमकी से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, होर्मुज में अब वसूली करेगा अमेरिका
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के साथ अंतिम और स्थायी शांति समझौता नहीं हुआ, तो वाशिंगटन (अमेरिका) खुद कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों पर अपना समुद्री टोल टैक्स लगा देगा। ट्रंप की इस अप्रत्याशित धमकी के बाद वैश्विक तेल बाजार और कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।घरेलू दबाव के आगे झुके ट्रंप? अंतरिम समझौते की शर्तों पर खड़े हुए सवालदरअसल, हाल ही में अमेरिका और तेहरान (ईरान) के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत केवल दो महीने (60 दिन) के लिए इस रणनीतिक समुद्री रूट से बिना किसी टैक्स या बाधा के व्यापारिक जहाजों को आने-जाने की खुली छूट दी गई थी।इसी बात को लेकर अमेरिका के भीतर ही ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव तेजी से बढ़ रहा था। आलोचकों का कहना था कि इस छूट से ईरान को फायदा हो रहा है। घरेलू स्तर पर घिरने के बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह कड़ा रुख अख्तियार किया है और 60 दिन का अल्टीमेटम दे डाला है।अमेरिका बनेगा 'गार्जियन एंजेल': ट्रंप बोले— सेना के खर्च की भरपाई के लिए वसूलेंगे टैक्सकैंप डेविड से सोशल मीडिया पर जारी एक बेहद आक्रामक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने घरेलू और वैश्विक चिंताओं को शांत करने की कोशिश करते हुए स्पष्ट कर दिया कि 60 दिनों की इस समयसीमा के दौरान या इसके खत्म होने के बाद किसी भी अन्य देश (विशेषकर ईरान) को इस रूट पर समुद्री टैक्स वसूलने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। अगर टैक्स लिया भी जाएगा, तो वह पैसा सीधे अमेरिका के खाते में आएगा।ट्रंप ने इस संभावित अमेरिकी टोल टैक्स को सही ठहराते हुए एक अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट के देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए एक 'गार्जियन एंजेल' (रक्षक) की तरह काम करती है और उन्हें सुरक्षा देती है। इसलिए, अमेरिकी सेना द्वारा दी जा रही इन सेवाओं के बदले अतीत में हुए और भविष्य में होने वाले भारी-भरकम ऑपरेशनल खर्च की भरपाई इसी टैक्स के जरिए की जाएगी।स्विट्जरलैंड में महामंथन: पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में परमाणु वार्ताट्रंप की यह अचानक आई धमकी ऐसे समय में आई है जब स्विट्जरलैंड में बेहद नाजुक और संवेदनशील दौर की कूटनीतिक बातचीत शुरू होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल वार्ता में पाकिस्तान और कतर मुख्य मध्यस्थ (मिडिएटर) की भूमिका निभा रहे हैं, जो दोनों महाशक्तियों को एक मेज पर लाने की कोशिश में जुटे हैं।इस गुप्त और महत्वपूर्ण बातचीत का मुख्य मकसद एक व्यापक परमाणु समझौते को अंतिम रूप देना और क्षेत्र में युद्ध के तनाव को कम करना है। इस बातचीत को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बागेर कलीबाफ सहित कई बड़े वैश्विक नेता इस महामंथन के लिए यूरोप पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रंप की टोल टैक्स वाली शर्त ने वार्ता की राह कठिन कर दी है।लेबनान हमले का बहाना बनाकर ईरान ने दी थी रास्ता ब्लॉक करने की धमकीआपको बता दें कि इस अंतरिम समझौते की मजबूती पर पहले दिन से ही सवाल उठ रहे थे। हाल ही में लेबनान में हुए इजरायली सैन्य हमलों का हवाला देते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड ने शुरू में होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया था।ईरान ने वाशिंगटन पर अपने कूटनीतिक वादों से मुकरने और सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया था। तेहरान का तर्क था कि शुरुआती समझौते की पहली शर्त के तहत सभी मोर्चों पर तुरंत दुश्मनी और जंग रुकनी चाहिए थी, जो कि नहीं हुआ।आर्थिक मोर्चे पर क्या दांव पर लगा है? अरब देशों की बढ़ी टेंशनईरान की इस तीखी बयानबाजी और नाकेबंदी की धमकी के बावजूद, वाशिंगटन ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर ईरान के संप्रभु अधिकार के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि पश्चिमी देशों की नौसेना की कड़ी निगरानी में होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात पूरी तरह सुचारू रूप से चल रहा है। इस कूटनीतिक विवाद के तुरंत बाद भी दर्जनों विशाल व्यापारिक जहाज लाखों बैरल कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरे हैं।हालांकि, खाड़ी के अरब देश (Gulf Countries) किसी भी ऐसे नए समुद्री नियम या अमेरिकी टोल टैक्स के सख्त खिलाफ हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो या तेल का परिवहन महंगा हो जाए। ऐसे में ट्रंप द्वारा टैक्स लगाने की इस नई शर्त ने स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत को और उलझा दिया है। अब वैश्विक राजनयिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे दुनिया को एक बड़े आर्थिक व ऊर्जा संकट से भी बचाएं और अमेरिका की इस आक्रामक मांग का कोई बीच का रास्ता भी निकालें।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक सीजफायर समझौते के महज तीन दिन बाद ही शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को सभी प्रकार के कमर्शियल जहाजों के लिए फिर से बंद करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ईरान ने इसके पीछे लेबनान पर इजरायल की जारी सैन्य कार्रवाई और अमेरिका द्वारा वादों को पूरा न करने का हवाला दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होने वाली थी।समझौते के तीन दिन बाद ही पलटा ईरान, अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोपईरान और अमेरिका के बीच बीते 18 जून को ही तीन महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सहमति जताई थी, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल की गई थी।हालांकि, ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय' ने एक आपातकालीन बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और इजरायल ने युद्धविराम समझौते की पहली और सबसे मुख्य शर्त का स्पष्ट उल्लंघन किया है। ईरान का आरोप है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले लगातार जारी हैं और अमेरिका इस वैचारिक व सैन्य हिंसा को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है। तेहरान ने साफ किया कि वादों को न निभाने की वजह से अमेरिका पर से उनका भरोसा उठ गया है और इसी के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा ब्लॉक किया जा रही है।ट्रंप की दोटूक धमकी: 'अगर डील नहीं हुई, तो होर्मुज में वसूलेंगे अमेरिकी टोल टैक्स'दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के इस कदम और समुद्री मार्ग पर उसके एकाधिकार के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना और सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की अपनी समुद्री नाकेबंदी को पहले ही पूरी तरह समाप्त कर दिया था और वे किसी भी जहाज को नहीं रोक रहे हैं।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सख्त अंदाज में ईरान को सीधी चेतावनी दे डाली है। ट्रंप ने कहा है कि यदि तेहरान के साथ तकनीकी पहलुओं पर अंतिम समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका इस वैश्विक शिपिंग लेन (होर्मुज स्ट्रेट) से गुजरने वाले जहाजों पर अपना खुद का 'अमेरिकी टोल टैक्स' लागू कर देगा। ट्रंप की इस नई धमकी के बाद खाड़ी देशों और वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल परिवहन का सबसे बड़ा लाइफलाइन मार्ग है।स्विट्जरलैंड पहुंचे मध्यस्थ और प्रतिनिधिमंडल, पाकिस्तान के पीएम और सेना प्रमुख भी शामिलतनाव के इस माहौल के बीच, तकनीकी स्तर की इस महत्वपूर्ण वार्ता को मुकाम तक पहुंचाने के लिए स्विट्जरलैंड में हलचल तेज हो गई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान का एक हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है, जिसकी अगुवाई संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ कर रहे हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि वे वहां पहले से तय समझौते को लागू करने की प्रक्रिया पर काम करने गए हैं, न कि किसी नए दौर की बातचीत के लिए।स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरानी डेलीगेशन का स्वागत करते हुए उनके 'बर्गेनस्टॉक' के लिए रवाना होने की पुष्टि की है। इस महावार्ता में मध्यस्थता और क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी देर रात स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं, जो अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस तकनीकी बातचीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।क्या था 18 जून का ऐतिहासिक समझौता और ईरान के नए नियम?18 जून को हुए इस डिजिटल समझौते के तहत दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के बल प्रयोग या सैन्य धमकी से बचने की कसम खाई थी। इसके तहत रणनीतिक समुद्री मार्ग पर कमर्शियल शिपिंग को सुरक्षित ढंग से बहाल करने के लिए 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' का गठन भी किया गया था।ईरान ने इसके तहत जहाजों के लिए कड़े नियम बनाए थे, जिसमें पहले से रजिस्ट्रेशन कराना, विशेष अनुमति पत्र लेना और अनिवार्य बीमा औपचारिकताएं शामिल थीं। लेकिन अब सीजफायर टूटने के आरोपों और होर्मुज की नई नाकेबंदी के बाद इस पूरे क्षेत्र में एक बार फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
युद्ध का असर...कीमोथेरेपी 20% तक होगी महंगी, 2 हजार मरीजों को झटका
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर कैंसर के इलाज पर भी पड़ने वाला है। दरअसर कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाला प्लाटिन की सप्लाई रूस, अफ्रीका जैसा देशों से होती है। युद्ध के चलते इसकी सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसके चलते कीमोथेरेपी करवाने वाले का इलाज अब 10 से 20 प्रतिशत महंगा होने जा रहा है, क्योंकि प्लाटिन की कमी के चलते अब कंपनियां कम दवा बना रही हैं। इसके चलते अब रेट बढ़ने जा रहे हैं। कीमोथेरेपी में सिस्प्लाटिन और कार्बोप्लाटिन का उपयोग होता है। जो अलग-अलग मात्रा में मरीजों पर उपयोग की जाती है। बाजार में नए रेट की दवा अगले महीने तक आएगी। इसके बाद मरीजों में इसका असर देखने को मिलेगा। जिले में कैंसर के 2 हजार से अधिक मरीज हैं। इसमें हर तीसरे मरीज को कीमोथेरेपी की जरूरत होती है। लेकिन, इंटरनेशनल लेवल पर प्लाटिन की कम आपूर्ति होने के चलते कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट महंगा होने जा रहा है। सिस्प्लाटिन आधारित कीमों में 10 एमजी का 75 रुपये और 150 एमएजी का 375 रुपये रेट है। जबकि कार्बोप्लाटिन आधारित कीमोथेरेपी के 150 एमजी का 990 रुपये और 450 एमजी का 2890 रुपये है। लेकिन, अब इसके दाम 10 से 20 प्रतिशत कंपनियां बढ़ाने जा रही हैं। हालांकि अभी नए रेट आए नहीं हैं। कैमिस्टों के मुताबिक अगले महीने तक सही दामों की जानकारी मिलेगी। लुधियाना में करीब 80 से 85 कैमिस्ट की दुकानों में कैंसर की यह दवाएं मिल रही हैं। सिविल अस्पताल में भी मरीजों की कीमोथेरेपी हो रही है। बता दें कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख दवाओं के रेट 50 प्रतिशत तक बढ़ाए। इसका असर एक महीने में देखने को मिलेगा। कैमिस्ट हरजिंदर लाडी ने बताया कि दवा की कमी नहीं है। लेकिन प्लाटिन की कमी चल रही है। अगले महीने 20 तक कीमों की दवाओं के रेट बढ़ने की संभावना है। जिसके बाद धीरे-धीरे कर 40 प्रतिशत रेट बढ़ सकते है। पड़ोसी जिलों के मरीजों का भी लुधियाना पर दबाव दवाओं की कमी का असर केवल लुधियाना तक सीमित नहीं है। पटियाला और संगरूर जैसे जिलों में भी इन दवाओं की किल्लत देखी जा रही है। इस कारण वहां के मरीज भी कीमोथेरेपी के लिए लुधियाना का रुख कर रहे हैं। इससे जिले के स्वास्थ्य ढांचे पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है, वहीं निजी अस्पतालों में मांग बढ़ गई है। प्लाटिन की कमी से कंपनियां कम दवा बना रहीं क्या है कीमोथेरेपी: कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज की एक प्रभावी चिकित्सा पद्धति है। इसमें दवाओं का उपयोग किया जाता है, जो शरीर में तेजी से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती हैं या उन्हें बढ़ने से रोकती हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ब्रेस्ट, फेफड़ों, लिवर, ब्लड और सर्वाइकल (बच्चेदानी के मुंह) जैसे विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार में की जाती है। कीमोथेरेपी कैंसर के स्टेज और प्रकार के आधार पर दी जाती है। यह न केवल ट्यूमर को सिकोड़ने में मदद करती है, बल्कि सर्जरी या रेडिएशन के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प है।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात मजबूत स्पेन का मुकाबला सऊदी अरब से होगा। मैच रात 9:30 बजे से अटलांटा स्टेडियम में खेला जाएगा। सभी की निगाहें स्पेन के युवा खिलाड़ी लामिन यमाल पर होंगी। हैमस्ट्रिंग की चोट से वापसी कर रहे यमाल पहले मैच में 71 मिनट बेंच पर बैठे रहे। दूसरा मुकाबला बेल्जियम और ईरान के बीच रात 12:30 बजे से लॉस एंजिल्स स्टेडियम में होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ अमेरिका के लॉस एंजिल्स में ईरान के मोहम्मद मोहेबी ने गोल करने के बाद गन सेलिब्रेशन किया था। इसको लेकर खूब विवाद हुआ। टीम का इराद इससे ध्यान हटाकर मैच जीतने पर होगा। इसके बाद सुबह 3:30 बजे से उरुग्वे और काबो वर्डे का मैच मियामी स्टेडियम में होगा। वहीं दिन का आखिरी मुकाबला सुबह 6:30 बजे से न्यूजीलैंड और मिस्र के बीच खेला जाएगा। मैच-37: स्पेन ने सऊदी अरब से तीनों मुकाबले जीते ग्रुप-H में शामिल स्पेन और सऊदी अरब के बीच अब तक 3 मैच खेले गए हैं। तीनों ही बार स्पेन ने जीत दर्ज की है। वर्ल्ड कप में दूसरी बार दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। 2006 वर्ल्ड कप में हुई भिड़ंत में स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। स्पेन को अपने यंग स्टार लामिन यमाल, फॉरवर्ड अल्वारो मोराटा और मिडफील्डर रोड्री से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं सऊदी अरब के सलेम अल-दौसारी पर अटैकिंग लाइन को लीड करने की जिम्मेदारी होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्पेन: राया, कार्वाहाल, ले नोरमंद, लापोर्टे, कुकुरेला, रोड्री, फैबियन रुइज, डैनी ओल्मो, यमाल, निको विलियम्स, मोराटा। सऊदी अरब: अल-ओवैस, अब्दुलहामिद, लाजामी, अल-बुलैही, अल-कद्देश, अल-खाबरानी, कान्नो, अल-जौआन, अल-मुअल्लाद, अल-शेहरी, अल-दौसारी। मैच-38: बेल्जियम और ईरान के बीच वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत बेल्जियम और ईरान ग्रुप-G में शामिल हैं। दोनों के बीच सिर्फ एक इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया है। यह मैच ड्रॉ रहा था। यह वर्ल्ड कप में इनकी पहली भिड़ंंत होगी। बेल्जियम को स्टार केविन डी ब्रुइन, जेरेमी डोकु और स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू से गोल की उम्मीद होगी। वहीं ईरान के स्टार स्ट्राइकर मेहदी तारेमी और सरदार अजमौन ईरानी अटैक की मुख्य कड़ी होंगे। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: बेल्जियम: कास्टील्स, फाएस, वर्टोंघेन, थेएट, कास्टाने, ओनाना, मैंगला, डी ब्रुइन, ट्रोसार्ड, डोकु, लुकाकू। ईरान: बेइरानवंद, रेजाइयान, कनानी, शोजाए, मोहम्मदी, गोडोस, एजातोलाही, जाहानबख्श, तारेमी, गयाहदी, अजमौन। मैच-39: पहली बार उरुग्वे और काबो वर्डे की भिड़ंत ग्रुप-H में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे का सामना काबो वर्डे से होगा। इंटरनेशनल फुटबॉल में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। उरुग्वे को लिवरपूल के स्टार स्ट्राइकर डार्विन नुनेज और रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर फेडेरिको वाल्वेर्डे से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं काबो वर्डे को कप्तान रयान मेंडेस और फॉरवर्ड बेबे से उम्मीदें होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: उरुग्वे: रोशेट, नान्देज, अरूहो, जिमेनेज, ओलिवेरा, उगारते, वाल्वेर्डे, दे ला क्रूज, पेलेस्ट्री, अराउजो, नुनेज। काबो वर्डे: वोजिन्हा, पिना, कोस्टा, लोपेज, फर्नांडीस, रोचा, लील, मोंटेइरो, मेंडेस, बेबे, रोड्रिग्स। मैच-40: न्यूजीलैंड और मिस्र के बीच कड़ी टक्कर न्यूजीलैंड और मिस्र ग्रुप-G में शामिल हैं। दोनों टीमों के बीच कुल 3 इंटरनेशनल मैच खेले गए थे। इनमें दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की यह पहली भिड़ंत होगी। न्यूजीलैंड को स्टार स्ट्राइकर और कप्तान क्रिस वुड से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं मिस्र स्टार फॉरवर्ड खिलाड़ी मुस्तफा मोहम्मद और ट्रेजेगुएट के आक्रामक खेल पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: न्यूजीलैंड: क्रोकोम्बे, पाइन, बक्साल, बिंदोन, काकासे, बेल, गरबेट, स्टैमेनिक्स, माता, जस्ट, क्रिस वुड। मिस्र: शनावी, हानी, अब्देलमोनेम, हेगाजी, हम्दी, अत्तिया, फथी, आशुर, मुस्तफा मोहम्मद, मार्मश, ट्रेजेगुएट।
ईरान युद्ध, जी7 को लेकर डोनाल्ड ट्रंप-जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी बढ़ी
नई दिल्ली। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच ईरान युद्ध और जी-7 शिखर सम्मेलन से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक विवाद गहरा गया है। दोनों नेताओं को कभी करीबी राजनीतिक सहयोगी माना जाता था। विवाद की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर […] The post ईरान युद्ध, जी7 को लेकर डोनाल्ड ट्रंप-जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी बढ़ी appeared first on Sabguru News .
फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए ग्रुप डी के एक बेहद रोमांचक और करो या मरो के मुकाबले में पैराग्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए तुर्की को 1-0 से शिकस्त दे दी है। इस करारी हार के साथ ही टूर्नामेंट की 'डार्क हॉर्स' (अप्रत्याशित दावेदार) मानी जा रही तुर्की की टीम आधिकारिक तौर पर विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गई है। तुर्की के इस शर्मनाक प्रदर्शन और इतनी जल्दी बाहर होने से दुनिया भर के फुटबॉल फैंस को गहरा सदमा लगा है।दूसरे ही मिनट में हुआ मैच का एकमात्र गोल, शुरुआती झटके से नहीं उबर पाया तुर्कीमैच की शुरुआत से ही पैराग्वे की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के दूसरे ही मिनट में पैराग्वे के स्टार खिलाड़ी मटियास गलार्ज़ा (Matias Galarza) ने तुर्की के डिफेंस को भेदते हुए एक शानदार मैदानी गोल दाग दिया। इस शुरुआती बढ़त ने पैराग्वे को मैच में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मैच 2-0 से हारने के बाद तुर्की को इस मैच में वापसी की पूरी उम्मीद थी, लेकिन मैच के आखिरी मिनट तक कड़े संघर्ष के बाद भी टीम बराबरी का गोल नहीं दाग सकी और पैराग्वे ने रक्षात्मक खेल दिखाते हुए मुकाबला 1-0 से अपने नाम कर लिया।ग्रुप डी का ताजा समीकरण: शून्य अंकों के साथ सबसे नीचे फिसला तुर्कीइस जीत के साथ ही पैराग्वे ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर 3 अंक हासिल कर लिए हैं और खुद को नॉकआउट की रेस में बनाए रखा है। अगर ग्रुप डी की अंक तालिका (Points Table) पर नजर डालें तो मेजबान अमेरिका 6 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 3 अंकों के साथ दूसरे और पैराग्वे 3 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। लगातार दो मैच हारने के बाद तुर्की शून्य अंकों के साथ सबसे निचले पायदान पर है, जिसके चलते उसका अगले दौर में पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।रियल मैड्रिड के वंडरकिड अर्दा गुलेर रहे फ्लॉप, कोच की तारीफ भी नहीं आई कामइस पूरे टूर्नामेंट में फैंस और फुटबॉल पंडितों की निगाहें तुर्की के युवा सनसनी और स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी अर्दा गुलेर (Arda Guler) पर टिकी थीं। उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। मैच से पहले तुर्की के मुख्य कोच विन्सेन्ज़ो मोंटेला ने गुलेर की तारीफ करते हुए कहा था, उसमें कमाल की प्रतिभा और खेल की गहरी समझ है। वह जानता है कि खेल को कब धीमा करना है और कब तेज। उसका चेहरा मासूम है, लेकिन वह मैदान पर बहुत चालाक है। मगर पैराग्वे के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच में गुलेर का जादू नहीं चल पाया और वे टीम को ऐतिहासिक हार से बचा नहीं सके।अब अपराजित अमेरिका से होगी तुर्की की प्रतिष्ठा की जंगविश्व कप से बाहर होने के बाद अब तुर्की के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। टीम को ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी औपचारिक मैच 26 जून को इंग्लेवुड के लॉस एंजिल्स स्टेडियम में मजबूत मेजबान टीम अमेरिका के खिलाफ खेलना है। अमेरिका इस समय शानदार फॉर्म में है और उसने अपने शुरुआती दोनों मैचों में पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी है। तुर्की के मौजूदा खराब फॉर्म को देखते हुए अपराजित अमेरिका के खिलाफ अपनी साख बचाना उसके लिए एक बेहद कठिन चुनौती होने वाला है।
जींद जिले में उचाना उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इससे मरीजों, उनके परिजनों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने हाथों में खाने-पीने का सामान लेकर निकलने से भी कतराने लगे हैं, क्योंकि कई बार बंदर उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि बंदर अस्पताल परिसर में दिनभर घूमते रहते हैं। बंदरों को भगाने के लिए नागरिक अस्पताल के पास पुरानी बिल्डिंग, जहां आयुर्वेदिक अस्पताल चलता है, वहां एक लंगूर का पोस्टर लगाया गया है। यह माना जाता है कि लंगूर की तस्वीर देखकर बंदर उस क्षेत्र से दूर रहते हैं। लोगों ने की समस्या के समाधान की मांग हालांकि, उपमंडल कार्यालय में काम करवाने आने वाले लोगों को भी बंदरों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि केवल पोस्टर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है और उनकी संख्या में भी कमी नहीं आ रही है। मंजीत, सुनील, राजबीर और मनोज सहित कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक बंदरों को हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आमजन और मरीजों को इसी प्रकार परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम बोले- नगर पालिका प्रशासन से करेंगे बात लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने की अपील की है, ताकि आमजन बिना किसी भय के अपने कार्य कर सकें और मरीजों को भी राहत मिल सके। इस संबंध में एसडीएम रमित यादव ने बताया कि बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन से बातचीत की जाएगी।
सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर किया हमला , 5 की मौत
दक्षिण लेबनान में इजरायली हमले जारी है। हालिया हमले में 5 लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) ने शनिवार को बताया कि, हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू होने के 24 घंटों के भीतर ही दक्षिणी लेबनानी शहर सज्द के निकट स्थित जबल अल-रफी क्षेत्र पर एयर स्ट्राइक की गई।
छतरपुर शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मची अफरा-तफरी में एक जेबकतरा पकड़ा गया। भीड़ का फायदा उठाकर एक व्यक्ति की जेब काटने की कोशिश कर रहे इस युवक को स्थानीय लोगों ने रंगेहाथ दबोच लिया। इसके बाद लोगों ने उसे सिटी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया, जो अब उससे पूछताछ कर रही है। शुक्रवार शाम बस स्टैंड पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों के विरोध के चलते सड़क पर जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कुछ जेबकतरे सक्रिय हो गए और लोगों की जेबों पर हाथ साफ करने की कोशिश करने लगे। रंगेहाथ पकड़ा गया तो बनाने लगा बहानेइसी दौरान एक युवक को संदिग्ध गतिविधि करते हुए लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि वह एक व्यक्ति की जेब काटने का प्रयास कर रहा था, तभी लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए युवक ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह जेब नहीं काट रहा था। उसका तर्क था कि भीड़ में धक्का-मुक्की हो रही थी, जिसके कारण उसका हाथ गलती से दूसरे व्यक्ति की जेब पर चला गया था। कोतवाली पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांचहालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी किसी भी सफाई पर विश्वास नहीं किया और तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इजराइल हिजबुल्ला में सीजफायर, अमेरिका, कतर और ईरान ने कैसे दोनों को मनाया?
अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तल्ख तेवर दिखाने वाला इजराइल आखिरकार हिजबुल्ला से सीजफायर के लिए राजी हो गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और कतर इजराइल को समझाकर युद्ध विराम के लिए राजी किया तो ईरान ने हिजबुल्ला को मनाया। अब लेबनान और ईरान के ...
Top News 20 June : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर कराने का दावा किया। भारत के लिए ईरान से गैस आयात का रास्ता खुला। उद्धव ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की। ट्रेन में अब महंगी पड़ेगी बगैर ...
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष में राहत, युद्धविराम पर बनी सहमति
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। यह जानकारी शुक्रवार को इजरायली अधिकारियों के हवाले से दी गई।
हल्दीघाटी युद्ध स्वतंत्रता का स्वर्णिम अध्याय
उदयपुर | मीरा नगर में हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती पर संगोष्ठी हुई। भामाशाह फाउंडेशन समिति के अध्यक्ष प्रमोद सामर ने कहा कि 450 वर्ष पूर्व महाराणा प्रताप के नेतृत्व में लड़ा गया हल्दीघाटी युद्ध स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। युद्ध में दानवीर भामाशाह का अतुल्य योगदान और समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा। मुख्य अतिथि भंवर सिंह पंवार ने कहा कि इस वर्ष प्रताप और भामाशाह जयंती विशेष संदेश देती है। संगोष्ठी में शंभू गमेती, दूधाराम पटेल, कन्हैया लाल देशबंंधु, विजय दलाल, कन्हैया लाल डांगी, नरेंद्र जैन और ध्रुव बाबेल ने विचार रखे। वक्ताओं ने प्रताप का संघर्ष, भामाशाह का समर्पण और चेतक की भूमिका पर चर्चा की। आगामी 28 जून, रविवार को सुबह 9 बजे हाथीपोल स्थित भामाशाह सर्किल पर समारोह होगा।
'हैट्रिक... आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।' ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को हल्के टच से कंट्रोल किया, फिर जोरदार किक लगाकर बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। वे सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास साइल लारिन के गोल से कनाडा को बढ़त कनाडा को 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोलकर स्कोर 3-0 कर दिया। कतर के 2 प्लेयर्स को रेड कार्ड कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- 'हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।' 'यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।' मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है।
कैडेटों ने सीखे युद्ध कौशल व मैप रीडिंग के गुर
भास्कर न्यूज | यमुनानगर 14 हरियाणा बटालियन एनसीसी द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर जगाधरी में आयोजित अम्बाला ग्रुप थल सैनिक कैंप-सह-संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के सातवें दिन कैडेटों को अनुशासन, सैन्य कौशल और सामाजिक जागरूकता का पाठ पढ़ाया गया। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज पारीक के नेतृत्व और लेफ्टिनेंट कर्नल कुमुद मैनी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। दिन की शुरुआत नशा मुक्त हरियाणा विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान के साथ हुई। मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कैडेटों को संबोधित करते हुए नशे के घातक परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी एक अभिशाप है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण शिविर में हवलदार अरविंद ने फील्ड क्राफ्ट एवं बैटल क्राफ्ट के गुर सिखाए। कैडेटों को युद्ध क्षेत्र की बारीकियां, जैसे कि छलावरण (कैमूफ्लाज एंड कंसीलमेंट), सही तरीके से छिपने की तकनीक, फील्ड मूवमेंट और सैन्य अभियानों के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस सत्र से कैडेटों में सतर्कता और टीम भावना का विकास हुआ।
अलकतरा महंगा, बालू गायब:स्टॉक में बालू, रॉयल्टी चालान ने रोका शहर की 60 सड़क-नाली का निर्माण
राजधानी के विकास में अलकतरा की बढ़ती कीमत और बालू की किल्लत ने ग्रहण लगा दिया है। मानसून शुरू होने से पहले शहर के गली-मुहल्लों की सड़कों और नालियों का निर्माण किया जाना था, लेकिन कई स्थानों पर काम शुरू ही नहीं हुआ। क्योंकि एनजीटी की रोक के बाद रॉयल्टी चालान मिलना बंद हो गया, जिससे बालू नहीं मिल रहा है और काम अधूरे छोड़ दिए गए हैं। खान विभाग ने मानसून से पहले राज्य में 3 करोड़ सीएफटी बालू का स्टॉक रखने का दावा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि बालू नहीं मिलने की वजह से शहर के 53 वार्डों में 60 सड़कों और नालियों का काम ठप पड़ गया है। दूसरी ओर अलकतरा की बढ़ती कीमत ने कांट्रेक्टरों के होश उड़ा दिए हैं। क्योंकि मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से अलकतरा की कीमत में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। पहले 156 किलो के एक ड्रम अलकतरा की कीमत 10,500 रुपए थी, लेकिन अब 17 से 18 हजार रुपए में मिल रहा है। इसके बावजूद कांट्रेक्टर महंगा अलकतरा खरीद कर काम करने को विवश हैं। क्योंकि नगर निगम के इंजीनियर मानसून में काम बंद होने का हवाला देकर कांट्रेक्टरों पर दबाव बना रहे हैं। कांट्रेक्टर इस मामले की जानकारी नगर आयुक्त को देंगे। मुहल्लेवासियों को जर्जर सड़क-बदहाल नालियों से नहीं मिलेगी निजात हिंदपीढ़ी नाला रोड में सड़क के बीच में 2850 फीट लंबी नाली और दो गलियों में 2200-2200 फीट लंबी छोटी नाली का निर्माण चल रहा था। यहां 600 फीट लंबा पीसीसी रोड का भी निर्माण होना है। करीब 5 करोड़ रुपए की यह योजना है। पिछले वर्ष मानसून में बारिश की वजह से काम नहीं हुआ था। इसके बाद से अब तक मात्र 50 प्रतिशत नाली बनी है। अब बालू का रॉयल्टी चालान नहीं होने की वजह से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ऐसे में इस बार भी बारिश में नाला रोड के लोगों को भारी जलजमाव का सामना करना पड़ेगा। पीसीसी सड़क का टेंडर हुआ, काम शुरू नहीं वार्ड नंबर 34 में राजू महतो के घर तक पीसीसी सड़क का निर्माण होना है। करीब 11.82 लाख रुपए से सड़क बननी है। इसका टेंडर पिछले माह हो गया, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। जबकि 90 दिनों के अंदर काम किया जाना है। बालू की किल्लत से काम शुरू नहीं हुआ है। नामकुम के जोरार में इस वर्ष भी नहीं बनी नाली वार्ड नंबर 47 के नामकुम जोरार स्थित सांई नगर में नाली बनाने के लिए 23 मई को ही टेंडर किया गया है। करीब 21.73 लाख रुपए की लागत से आरसीसी ड्रेन और स्लैब बनना है। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इस क्षेत्र के लोग पिछले दो साल से जलजमाव से परेशान हैं। रॉयल्टी चालान अनिवार्य होने से फंसे ठेकेदार : सरकार ने निर्माण कार्यों से जुड़े कांट्रेक्टरों के लिए बालू, मिट्टी और गिट्टी के लिए रॉयल्टी चालान अनिवार्य कर दिया है। पहले चालान नहीं देने पर रॉयल्टी मद का पैसा पेनाल्टी के साथ काटकर ठेकेदारों को भुगतान किया जाता था। लेकिन अब चालान अनिवार्य होने से ठेकेदार फंस गए हैं। क्योंकि एनजीटी की रोक लगने के बाद बालू का चालान लेना मुश्किल हो गया है। गिट्टी का भी क्रशर संचालक चालान देने में दिक्कत करते हैं। बालू नहीं मिल रहा, चालान कहां से देंगे एनजीटी की रोक की वजह से बालू मिलना मुश्किल हो गया है। रॉयल्टी चालान भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में निगम में ठेकेदारों का पेमेंट भी फंस रहा है। निर्माण सामग्री और चालान उपलब्ध होगा, तभी काम हो पाएगा। अन्यथा मानसून तक काम बंद करना ही होगा। - रणधीर सिंह, सचिव, नगर निगम संवेदक संघ बारिश से पहले काम में तेजी का निर्देश दिया है बारिश से पहले जो योजना अधूरी है, उसे हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। ठेकेदारों को अगर परेशानी आ रही है तो अधिकारियों को समन्वय स्थापित करके उनकी समस्याओं का समाधान भी करना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं में तेजी आ सके। जल्द ही इसकी समीक्षा करूंगी। - रोशनी खलखो, मेयर
उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा, दोषी पुलिस अधिकारियों पर हो कार्रवाई
भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उत्तराखंड में सिख युवाओं को हो रही परेशानी का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से श्री हेमकुंट साहिब की तीर्थ यात्रा पर जाने वाले सिख संगत की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। जत्थेदार ने गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सिखों से हथियार छोड़कर तीर्थ यात्रा पर आने के लिए कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। जल्द ही गुरुद्वारा ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से इसका जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की यह पहली जिम्मेदारी है कि उत्तराखंड सरकार से बात करें और यह सुनिश्चित करें कि यात्रा शुरू होने से पहले रास्ते में किसी भी सिख तीर्थयात्री को स्थानीय लोग धक्केशाही न करें। हाल ही में कर्णप्रयाग में हुई घटना के बारे में जत्थेदार गड़गज्ज ने उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताया। जिस तरह एक आम रास्ते के झगड़े के मामले में सिख युवकों पर सख्त धाराओं के तहत केस करके उन्हें सरेआम घुमाया गया, हिरासत में टॉर्चर, मारपीट और पगड़ी उतारने की सजा दी गई, उसी तरह इस मामले की भी हाई लेवल जांच होनी चाहिए और सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने पहले सिख युवकों पर हाथ उठाया था, जिसके बाद सिखों ने अपनी सुरक्षा के लिए कृपाण का इस्तेमाल किया। जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी पहले ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने सिखों के हक के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्हें पता है कि पंजाब सरकार इन मामलों में सिखों का साथ नहीं देगी, इसलिए सिख अब ऐसे मामलों से खुद निपटेंगे।
मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का हमला, जेलेंस्की बोले- रूस की युद्ध मशीन को बनाया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा किया।
खतरे में युद्धविराम! ट्रंप की चेतावनी के बावजूद लेबनान में इजराइली हमले जारी
Israel Lebanon Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बावजूद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लेबनान पर हमले जारी रखे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजराइली सेना ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में नए हमले किए, जबकि अमेरिकी ...
ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डॉनल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ
ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ाते डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के कुछ लक्ष्य तय किए थे. शुरुआती समझौता हो जाने के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि उन लक्ष्यों में से कितना कुछ हासिल हुआ
ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डोनाल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमला शुरू करने के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके कुछ उद्देश्य तय किए थे। इनमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को ध्वस्त करना और यह सुनिश्चित करना शामिल था कि यह देश कभी परमाणु हथियार ना बना सके। ...
अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति समझौता, युद्ध खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
US Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन ...
अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 18 लाख रुपए कीमत के 42 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक उमा यादव के निर्देश पर चोरी, नकबजनी और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। दरगाह थाना प्रभारी दिनेश कुमार जीवनानी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि 16 जून को दरगाह क्षेत्र में मोबाइल चोरी की वारदातों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से सात आरोपियों को चिन्हित किया गया। पुलिस ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 42 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। ये आरोपी हुए गिरफ्तार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में करते वारदात पुलिस के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक आयोजनों और बाजारों में लोगों की जेब और बैग से मोबाइल चोरी कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे गैंग के अन्य सदस्यों तथा चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को और मोबाइल बरामद होने की भी संभावना है। कई मामलों में पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दरगाह, क्लॉक टावर सहित अन्य थानों में चोरी, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। कुछ आरोपियों को पूर्व में सजा भी हो चुकी है।
जी7 के देशों का ध्यान अब यूक्रेन युद्ध रोकने पर
फ्रांस में जी7 की बैठक से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं ने यूक्रेन युद्ध की ओर ध्यान बढ़ाने के संकेत दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस को समझौता कर लेना चाहिए
फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को I ग्रुप के दो मैच खेले गए। पहले मैच में फ्रांस ने अपने ओपनिंग मैच में सेनेगल को 3-1 से हराया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और फ्रांस के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर ओलिवियर गिरूड का रिकॉर्ड तोड़ा। फ्रांस के लिए ब्रेडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल का एकमात्र गोल इब्राहिम म्बाए ने दागा। वहीं, इस ग्रुप के खेले गए दूसरे मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया। पहले हाफ में कोई गोल नहीं, दूसरे में 4 गोलमैच का पहला हाफ गोलरहित रहा, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे ने फ्रांस को बढ़त दिलाई। इसके बाद बारकोला ने स्कोर 2-0 किया। सेनेगल के 18 साल के इब्राहिम म्बाए ने गोल कर अंतर कम किया और वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे युवा अफ्रीकी खिलाड़ी बने। हालांकि, इंजरी टाइम में एम्बापे ने गोल कर फ्रांस की जीत पक्की कर दी। एम्बापे के वर्ल्ड कप में 14 गोलएम्बापे के अब वर्ल्ड कप में 14 गोल हो गए हैं। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर गर्ड मुलर की बराबरी कर ली है और ऑल-टाइम रिकॉर्डधारी मिरोस्लाव क्लोस (16 गोल) से सिर्फ दो गोल पीछे हैं। पहले हाफ में सेनेगल ने फ्रांस को कड़ी टक्कर दी, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे की चमक के आगे उसकी चुनौती फीकी पड़ गई। पेनल्टी को लेकर विवाद, VAR के बाद भी नहीं मिला मौकामैच के दौरान एक बड़ा विवाद देखने को मिला। दूसरे हाफ में फ्रांस ने पेनल्टी की अपील की, जिसके बाद मामला VAR तक पहुंचा। हालांकि, वीडियो रीप्ले देखने के बाद भी रेफरी ने अपना फैसला नहीं बदला और फ्रांस को पेनल्टी नहीं दी। इस विवादित फैसले के कुछ ही मिनट बाद किलियन एम्बापे ने गोल कर फ्रांस को बढ़त दिला दी। पहले हाफ में सेनेगल के पास बढ़त का मौका, सार से हुई चूकपहले हाफ में गोल करने का सबसे अच्छा मौका सेनेगल के इस्माइला सार को मिला था। हाफ-टाइम से ठीक पहले उन्हें नजदीक से गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर चला गया। इस तरह सेनेगल बढ़त हासिल करने से चूक गया। हालांकि, दूसरे हाफ में इब्राहिम म्बाए ने टीम के लिए एक गोल जरूर किया। 2002 की हार का हिसाब बराबर, फ्रांस ने सेनेगल को हराया साल 2002 के वर्ल्ड कप के उद्घाटन मैच में सेनेगल ने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस हार के बाद फ्रांस टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी और एक भी मैच नहीं जीत सकी थी। हालांकि, इस बार फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर उस हार का हिसाब बराबर कर लिया। फ्रांस ने इसके बाद 2018 और 2022 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी, जिसमें 2018 में टीम चैंपियन भी बनी थी। ---------------------------- नॉर्वे की 28 साल बाद टूर्नामेंट में की जीत के साथ वापसी स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के शानदार दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने अपने फीफा वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच में इराक को 4-1 से हरा दिया है। बुधवार के इस मुकाबले में नॉर्वे ने टूर्नामेंट में जीत के साथ अपनी वापसी दर्ज की। नॉर्वे की टीम पूरे 28 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेल रही है। मैच में हालैंड के डबल गोल के अलावा लियो ओस्टिगार्ड ने एक गोल किया, जबकि इराक के आयमेन हुसैन के आत्मघाती (ओन) गोल से नॉर्वे की बड़ी जीत पक्की हो गई। पहले हाफ में इराक ने दी टक्कर, हालैंड के दो गोल ने बनाई बढ़तमैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिली। स्टार फॉरवर्ड एर्लिंग हालैंड ने गोल करके नॉर्वे को शुरुआती बढ़त दिलाई, लेकिन इराक के आयमेन हुसैन ने जल्द ही गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, हालैंड ने हाफ-टाइम से ठीक पहले अपना दूसरा गोल दागकर नॉर्वे को मैच में दोबारा आगे कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में लियो ओस्टिगार्ड ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। मैच के आखिरी पलों में इराक के आयमेन हुसैन से एक मिस्टेक हुई और उनकी तरफ से हुए ओन गोल ने नॉर्वे को 4-1 की एकतरफा जीत दिला दी। 1998 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा है नॉर्वेनॉर्वे के फुटबॉल इतिहास के लिहाज से यह मैच बेहद खास था। टीम ने आखिरी बार साल 1998 में वर्ल्ड कप के फाइनल्स में हिस्सा लिया था। पूरे 28 साल के लंबे इंतजार के बाद नॉर्वे ने ग्लोबल फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी की है। इस कमबैक को यादगार बनाने में स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल और मिडफील्ड में कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के बेहतरीन खेल का सबसे बड़ा योगदान रहा। नॉर्वे का डिफेंस पड़ा भारीइराक की टीम इस मुकाबले में अपने अनुभवी खिलाड़ियों और यूरोप में खेल रहे युवा टैलेंट्स के बेहतरीन तालमेल के साथ उतरी थी। इराकी टीम में अली अल-हमादी, आयमेन हुसैन, जिदान इकबाल, आमिर अल-अम्मारी और अली जासिम जैसे मजबूत नाम शामिल थे। दूसरी ओर, नॉर्वे के पास एंटोनियो नुसा और ऑस्कर बॉब जैसे डायनामिक विंगर्स के साथ जूलियन रयर्सन जैसे भरोसेमंद डिफेंडर थे, जिन्होंने इराक के अटैक को ज्यादा मौके नहीं दिए और मैच में नॉर्वे का पलड़ा भारी रखा।
अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष 'पायलट जोन'
मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं
हल्दीघाटी का युद्ध देशभक्ति का एक जीता-जागता प्रतीक है : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मेवाड़ की पवित्र धरती ने पूरी दुनिया को साहस, वीरता और स्वाभिमान का संदेश दिया है।
दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक
अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष
Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...
लालू प्रसाद के शासनकाल के दौरान हुए 1997 के अलकतरा घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को पटना स्थित सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस मामले में फैसला सीबीआई-2 के न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने सुनाया है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीन जूनियर इंजीनियर (जेई) को बरी कर दिया, जबकि एक ट्रांसपोर्टर को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया। किन लोगों पर चल रहा था ट्रायल इस मामले में चार आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें तीन जूनियर इंजीनियर और एक ट्रांसपोर्टर शामिल थे। जिसमें जयनारायण प्रसाद (जूनियर इंजीनियर), हामिद राज अंसारी (जूनियर इंजीनियर), एक अन्य जूनियर इंजीनियर, ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह, ट्रायल के दौरान दो अन्य अभियुक्तों की मौत हो चुकी थी। क्या था मामला जयनारायण प्रसाद की ओर से 1997 से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद जी वर्मा के अनुसार, आरोप था कि 7 अगस्त 1994 के ऑर्डर संख्या 5501 के तहत 1000 मीट्रिक टन बिटुमन (अलकतरा) की आपूर्ति जहानाबाद डिवीजन में की जानी थी। इसके लिए हल्दिया से बरौनी होते हुए अलकतरा भेजा जाना था। मामले में 1053.92 मीट्रिक टन अलकतरा का उठाव किया गया था। आरोप था कि अलकतरा हल्दिया से उठाया तो गया, लेकिन उसे जहानाबाद नहीं भेजा गया और बीच में ही गड़बड़ी कर दी गई। कब दर्ज हुई थी एफआईआर मामले में एफआईआर 6 मार्च 1997 को दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 20 फरवरी 1997 को मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने क्या कहा सीबीआई-2 पटना सिविल कोर्ट ने माना कि तीनों जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। इसके चलते तीनों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह को दोषी पाया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई और 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

