फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया
ज़्यूरिख। फीफा ने कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के इस्माइल कोने के पैर में गंभीर चोट लगने वाले उनके लापरवाह चैलेंज के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिससे सह-मेजबान टीम के शानदार अभियान पर संकट के बादल मंडराने […] The post फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया appeared first on Sabguru News .
सीनेट ने रोकी ट्रंप की युद्ध शक्तियां
वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण War Powers Resolution (युद्ध शक्तियां प्रस्ताव) पारित कर दिया है। सीनेट में यह प्रस्ताव 50-48 मतों से मंजूर हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने या दोबारा शुरू करने से रोकना […]
यूएन रिपोर्ट के अनुसार 2025 में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में 24 हजार से अधिक बच्चे प्रभावित हुए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता पर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई
छिंदवाड़ा के बैल बाजार चौक में मोहर्रम के अवसर पर जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रात 10 बजे से शुरू हुई यह प्रतियोगिता लगातार 5 घंटे चलकर देर रात 3 बजे तक संपन्न हुई। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए विभिन्न ग्रुपों ने तलवारबाजी, लाठी और पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन किया। आयोजन ठिग्गा ग्रुप समिति की ओर से किया गया। प्रतियोगिता में बेहतरीन और अनुशासित प्रदर्शन करने वाले अखाड़ा ग्रुपों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली विजेता टीम को 25 हजार रुपए का नकद इनाम प्रदान किया गया। हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने की हौसलाअफजाईदेर रात तक चले इस अखाड़े को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। इस दौरान मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज के लोगों ने भी आयोजन में शामिल होकर करतब दिखाने वाले दलों का उत्साहवर्धन किया। शहर में दोनों समुदायों की यह मौजूदगी आपसी सद्भाव का केंद्र रही। पूरे मध्यप्रदेश में बनी इस आयोजन की पहचानआयोजक समिति के सदस्यों के अनुसार, हर साल होने वाली यह प्रतियोगिता अब सिर्फ छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसने पूरे मध्यप्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। जामा मस्जिद छिंदवाड़ा के सदर आमसाल खान ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, ठिग्गा ग्रुप द्वारा हर साल शानदार तरीके से यह प्रतियोगिता कराई जाती है। इस बार भी अलग-अलग जिलों से आए अखाड़ा ग्रुपों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी हैं।
भाई कन्हैया जी की युद्ध भूमि में ‘अद्वैत’ मिसाल ने बढ़ाया सेवा का दायरा
भास्कर न्यूज | लुधियाना तपती-जलती गर्मी में जहां पूरे भारतवर्ष में निर्जला एकादशी के दिन जगह-जगह ठंडे-मीठे जल की छबीलें पिलाकर राहगीरों को राहत दी जाती है, वहीं पंजाब में नि:स्वार्थ भाव से पानी पिलाने की यह सेवा किसी विशेष दिन या तारीख की मोहताज नहीं है। पंजाब के इतिहास और संस्कृति में पानी पिलाने की परंपरा ‘प्याऊ’ का स्थान सामाजिक और आध्यात्मिक लिहाज से बेहद खास है। यहां पानी पिलाने की इस रीत को सिर्फ सामाजिक भलाई नहीं, बल्कि परमात्मा की भक्ति और मानवता की सबसे बड़ी सेवा के रूप में देखा गया है। पंजाब में प्याऊ केवल ईंट-पत्थरों या मटकों का एक ढांचा नहीं है, बल्कि यह हमारे गुरु साहिबान द्वारा शुरू की गई वह महान परंपरा है जो सिखाती है कि नि:स्वार्थ भाव से की गई ‘जल सेवा’ ही सच्ची मानवता है। यही कारण है कि पंजाब में यह सेवा केवल ज्येष्ठ मास की एकादशी तक सीमित न रहकर साल के 12 महीने निरंतर चलती रहती है। पंजाब के इतिहास में पानी पिलाने की सबसे अद्भुत और रूहानी मिसाल सन 1704 में आनंदपुर साहिब के युद्ध के दौरान देखने को मिलती है, जो आज के समाज को बिना किसी भेदभाव के सेवा करने का संदेश देती है। गुरु गोबिंद सिंह जी के एक परम सेवक भाई कन्हैया जी युद्ध के मैदान में पीठ पर मशक लादकर घायल सैनिकों को पानी पिलाया करते थे। कुछ सिखों ने गुरु जी से शिकायत की कि भाई कन्हैया जी हमारी सेना के साथ-साथ दुश्मन मुगलों के घायल सैनिकों को भी पानी पिला रहे हैं। जब गुरु जी ने उनसे इसका कारण पूछा, तो भाई कन्हैया जी ने उत्तर दिया, “सच्चे पातशाह! मुझे युद्ध के मैदान में कोई सिख या कोई दुश्मन दिखाई नहीं देता, मुझे तो हर घायल व्यक्ति में आप ही का रूप (परमात्मा) नजर आता है।” गुरु जी ने मुस्कुराकर उन्हें मरहम भी दी और कहा , उनके जख्मों पर मरहम भी लगाया करो। यह इतिहास पंजाब में बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के हर इंसान को पानी पिलाने की शाश्वत सीख देता है। पंजाब की धरती पर प्याऊ- छबील का यह आध्यात्मिक स्वरूप ही है कि यहां कड़कती धूप हो या सामान्य दिन, राहगीरों के लिए पानी के मटके या वाटर कूलर हमेशा सजे रहते हैं। निर्जला एकादशी का दिन इस महान परंपरा को नमन करने और इसे और आगे बढ़ाने का अवसर है। आइए, इस एकादशी पर सेवा के इतिहास को याद कर मानव कल्याण का संकल्प लें। पंजाब में पानी पिलाने के इतिहास की जड़ें सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के समय से जुड़ी हैं। सन 1505 में अपनी उदासी के दौरान गुरु नानक देव जी जब दिल्ली (जो उस समय पंजाब प्रांत के ऐतिहासिक रास्तों का हिस्सा थी) पहुंचे, तो उन्होंने एक बाग में डेरा जमाया। वहां यात्रियों के लिए पानी की भारी किल्लत थी, जो पानी उपलब्ध था, वह बेहद खारा था। गुरु जी के वचनों और प्रयासों से वहां एक कुआं खोदा गया जिसका पानी बेहद मीठा निकला। गुरु जी ने वहां स्वयं राहगीरों को पानी पिलाने के लिए एक ‘प्याऊ’ लगाया। थके-हारे यात्रियों को वहां मीठा जल-लंगर मिलता था। जीवंत इतिहास: इसी महान इतिहास के कारण आज भी दिल्ली के जीटी रोड करनाल पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक प्याऊ साहिब सुशोभित है, जो सदियों से मानवता को जल सेवा की सीख दे रहा है। लुधियाना के जालंधर बाईपास समेत अनेकों स्थानों पर आज भी प्याऊ की परंपरा जीवंत है।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। इक्वाडोर इंटरनेशनल फुटबॉल में जर्मनी को कभी हरा नहीं पाया है। मैच रात 1:30 बजे से न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं तुर्की की भिड़ंत अमेरिका से सुबह 7:30 बजे से होगी। तुर्की इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी गोल नहीं दाग सका है। कुल 6 मुकाबले खेले जाएंगे। ये सभी मैच भारतीय समयानुसार 26 जून को होंगे। मैच-55: आइवरी कोस्ट को नॉकआउट के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरुरत ग्रुप-E में शामिल कोटे डी आइवर 3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। उसे अगले दौर में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है। वहीं 1 अंक के साथ टेबल में सबसे नीचे चल रही कुरासाओ को हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। कुरासाओ को मिडफील्डर ताहित चोंग से करिश्मे की उम्मीद होगी। वहीं आइवरी कोस्ट की टीम अनुभवी मिडफील्डर फ्रैंक केसी के खेल पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कुरासाओ: रूम, ब्रीनत, फ्लोरानस, गारी, ओबिसपो, फोंविले, चोंग, कोमेनेनसिया, एल बाकुना, जे बाकुना, लोकाडिया। आइवरी कोस्ट: वाई फोफाना, जी दोउ, कोसोनौ, अग्बादौ, कोनान, संगारे, केसी, औलाई, दियालो, बोनी, डियोमंडे। मैच-56: जर्मनी के खिलाफ इक्वाडोर को जीतना ही होगा सुपर-32 में जगह बना चुकी जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। जर्मनी 2 मैचों में 6 अंकों के साथ ग्रुप-E में टॉप पर है। वहीं इक्वाडोर सिर्फ 1 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे नॉकआउट की उम्मीदें कायम रखने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। दोनों बार जर्मनी ने जीत दर्ज की है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की दूसरी भिड़ंत होगी। 2006 विश्व कप में जर्मनी ने इक्वाडोर को 3-0 से हराया था। इक्वाडोर को अपने स्टार फॉरवर्ड एनर वैलेंसिया से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जर्मनी के लिए फॉर्म में चल रहे विंगर जमाल मुसियाला अटैकिंग खेल दिखा सकते हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इक्वाडोर: डोमिंगुएज, प्रेसियाडो, टोरेस, पैचो, हिंकापी, फ्रेंको, ग्रुएजो, एम कैसिडो, पाज, वैलेंसिया, रोड्रिगेज। जर्मनी: न्यूर, किमिश, रुडिगर, टाह, मितलस्टाट, एंड्रीच, क्रूस, साने, मुसियाला, विर्ट्ज, हावेर्ट्ज। मैच-57: स्वीडन से ड्रा खेलते ही नॉकआउट में पहुंचेगा जापान ग्रुप-F में शामिल जापान 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं स्वीडन 3 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। जापान की टीम अगर यह मैच ड्रॉ भी खेल लेती है तो वह नॉकआउट में पहुंच जाएगी। वहीं स्वीडन को आगे बढ़ने के लिए जीत की दरकार है। वर्ल्ड कप में दोनों देशों के बीच यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों के बीच अब तक 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। जापान ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान को अपने स्टार स्ट्राइकर अयासे उएदा से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं स्वीडन की नजरें इन-फॉर्म फॉरवर्ड अलेक्जेंडर इसाक पर टिकी रहेंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जापान: सुजुकी, इताकुरा, तानिगुची, माचिदा, डोआन, एंडो, मोरीता, मिनामाइनो, कामादा, कुबो, उएदा। स्वीडन: ओल्सन, लिंडेलोफ, Hइएन, लेगरबीलके, गुदमुंडसन, अयारी, निग्रेन, कार्लस्ट्रोम, बर्नहार्डसन, ग्योकेरेस, इसाक। मैच-58: टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी ट्यूनीशिया का नीदरलैंड से मुकाबला नीदरलैंड और ट्यूनीशिया ग्रुप-F में शामिल हैं। लगातार दो हार के साथ ट्यूनीशिया टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर नीदरलैंड 4 अंकों के साथ टॉप पर है। दोनों देशों के बीच कुल 3 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। नीदरलैंड ने 1 मैच जीता है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप में दोनों की यह पहली भिड़ंत होगी। नीदरलैंड की उम्मीदें उनके स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे पर टिकी होंगी। वहीं ट्यूनीशिया को कप्तान यूसुफ मषाकनी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ट्यूनीशिया: बेन सईद, वालरी, मेरियाह, तल्बी, अब्दी, स्केरी, लैदौनी, रफिया, बेन रमाने, अचौरी, मषाकनी। नीदरलैंड: वर्ब्रूगेन, डमफ्रीज, डी विलेज, वैन डिज्क, एके, शाउटन, रीजेंडर्स, सिमंस, विज्नल्डम, गाकपो, डेपे। मैच-59: मेजबान अमेरिका को चुनौती देगा तुर्की ग्रुप-D में शामिल अमेरिका लगातार 2 जीत के साथ नॉकआउट में जगह बना चुका है। वह 6 अंकों के साथ ग्रुप में पहले स्थान पर है। वहीं तुर्की लगातार 2 हार के साथ बाहर हो चुकी है। वह टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सकी है। दोनों के बीच सिर्फ 1 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। इसमें तुर्की ने 2-1 से जीत हासिल की थी। वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की यह पहली भिड़ंत होगी। अमेरिका को मेन स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन से गोल की उम्मीद होगी। वहीं तुर्की अपने युवा स्टार अरदा गुलर पर निर्भर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: तुर्की: ओजर, चेलिक, सोयुनकु, डेमिरल, एलमाली, युक्सेक, कोकचू, गुलर, अकटुरकोग्लू, यिल्दिज, यिल्माज। अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, पुलिसिक, बालोगुन, वेआ। मैच-60: पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया में जीतने वाली टीम नॉकआउट खेलेगी ग्रुप-D में पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास नॉकआउट में पहुंचने का यह आखिरी मौका है। दोनों टीमों अभी 3-3 अंक पर है। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे नॉकआउट के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 5 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने 2 जीते हैं और 3 मैच ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की पहली भिड़ंत होगी। पराग्वे को युवा फॉरवर्ड जूलियो एनसिसो से बड़ी उम्मीदें होंगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया को अपने कप्तान और अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान से बेहतरीन प्रदर्शन की जरुरत होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: पराग्वे: मोरिनीगो, वेलास्केज़, बाल्बुएना, अल्डरेटे, एस्पिनोज़ा, क्युबास, विलासांती, रोमेरो, अल्मिरोन, एनसिसो, सानाब्रिया। ऑस्ट्रेलिया: रयान, एटकिंसन, सुतार, बर्गस, रोल्स, बकस, इरविन, मेटकाफ, गुडविन, येंगी, बोरेल।
पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बुधवार को पठानकोट के मलिकपुर स्थित जिला प्रबंधकीय परिसर में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों का मूल्यांकन करना था। बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी, एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अरशदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों, ग्रामीण रक्षा समितियों और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब सरकार नशों के खिलाफ शून्य टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ सिर्फ सरकार की नहीं समाज की भी लड़ाईमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक जागरूक नागरिक इस अभियान में अपना योगदान दे, तो आने वाली पीढ़ियों को नशों के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है। कोऑर्डिनेटरों, हलका इंचार्जों की सराहना की कटारूचक्क ने अभियान से जुड़े कोऑर्डिनेटरों, हलका इंचार्जों, पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाए और अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।
सूडान युद्ध में यौन हिंसा बनी ‘युद्ध का हथियार’: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में 546 मामलों का खुलासा
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सूडान युद्ध में यौन हिंसा का व्यापक इस्तेमाल किया गया। 546 मामलों की पुष्टि, महिलाएं और बच्चियां सबसे अधिक प्रभावित
महिला टी20 विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ जारी, पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 113 रनों से रौंदा
महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलियाई टीम का विजय रथ जारी है। टूर्नामेंट के 21वें मुकाबले में हेडिंग्ले के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 113 रनों से रौंदा। ऑस्ट्रेलिया से मिले 200 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 86 रन बनाकर सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। गुल फिरोजा महज एक रन बनाकर रन आउट हुईं। इसके बाद सायरा जबीन भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और वह महज 5 रन बनाकर आउट हुईं। आयशा जफर अपना खाता तक नहीं खोल सकीं और रन आउट होकर पवेलियन लौटीं। इरम जावेद 9 गेंदों में 14 रन बनाने के बाद जॉर्जिया वेयरहम का शिकार बनीं। मुनीबा अली अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहीं और वह 25 गेंदों में 32 रन बनाने के बाद एलिसा पेरी की गेंद पर गार्डनर को कैच देकर आउट हुईं। आलिया रियाज भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और 7 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। कप्तान फातिमा सना का बल्ला भी खामोश रहा और वह 12 गेंदों में 17 रन बनाने के बाद एनाबेल सदरलैंड का शिकार बनीं। रमीन शमीम भी बिना खाता खोले रन आउट हुईं। पाकिस्तान की 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक पार करने में नाकाम रहीं, जबकि तीन बल्लेबाज खाता तक नहीं खोल सकीं। गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिसा पेरी, सोफी मोलिनक्स और सरदलैंड ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। वहीं, वेयरहम ने एक विकेट चटकाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। गुल फिरोजा महज एक रन बनाकर रन आउट हुईं। इसके बाद सायरा जबीन भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और वह महज 5 रन बनाकर आउट हुईं। आयशा जफर अपना खाता तक नहीं खोल सकीं और रन आउट होकर पवेलियन लौटीं। इरम जावेद 9 गेंदों में 14 रन बनाने के बाद जॉर्जिया वेयरहम का शिकार बनीं। मुनीबा अली अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहीं और वह 25 गेंदों में 32 रन बनाने के बाद एलिसा पेरी की गेंद पर गार्डनर को कैच देकर आउट हुईं। Also Read: LIVE Cricket Score एश्ले गार्डनर बिना खाता खोले आउट हुईं। जॉर्जिया वेयरहम ने 5 रन बनाए। एनाबेल सदरलैंड ने 18 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 27 रनों का योगदान दिया, जबकि निकोला केरी ने 13 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाए। गेंदबाजी में पाकिस्तान की तरफ से सादिया इकबाल, रमीन शमीम और नाशरा संधू ने दो-दो विकेट चटकाए। Article Source: IANS
लेबनान से नहीं हटेंगे इजरायली सैनिक, अमेरिका-ईरान शांति समझौते से इजरायल को किस बात का डर
पश्चिम एशिया में शांति की बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गहरी चिंता में डाल दिया है। हाल ही में हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के बाद जहां दुनिया उम्मीद कर रही है कि तनाव कम होगा, वहीं इजरायल को लग रहा है कि यह समझौता लेबनान में ईरान और उसके सहयोगी हिजबुल्लाह को नई ताकत दे सकता है। इसी आशंका के चलते नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायली सेना तब तक दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी जब तक उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूदगी जरूरी महसूस होगी।क्या है विवाद की जड़?फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक नए कूटनीतिक मोड़ पर है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ताजा समझौता ज्ञापन (MoU) में युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हालांकि, इजरायल इसे एक खतरे के रूप में देख रहा है। इजरायली सरकार को शक है कि इस समझौते की आड़ में वाशिंगटन लेबनान में ईरान के प्रभाव को अनजाने में मजबूत कर रहा है, जो भविष्य में इजरायल की सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।इजरायल को सता रहा है इन तीन बड़े खतरों का डरइजरायली रणनीतिकारों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह समझौता इजरायल की सैन्य क्षमता को सीमित कर सकता है:सैन्य कार्रवाई पर लगाम: अब तक इजरायल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जब चाहे हमला करने को स्वतंत्र था। उन्हें डर है कि अब वाशिंगटन हर हमले पर आपत्ति दर्ज कराएगा और इजरायल की 'ऑपरेशनल फ्रीडम' खत्म हो जाएगी।सैनिकों की वापसी का दबाव: ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ट्रंप प्रशासन इजरायल पर दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने का दबाव बना सकता है, जिसे नेतन्याहू मानने को तैयार नहीं हैं।हिजबुल्लाह को संजीवनी: इजरायल का मानना है कि यह समझौता हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी संयुक्त प्रयासों को कमजोर कर रहा है, जिससे आतंकी संगठन को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है।'बीबी' की बढ़ती बेचैनीसूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू—जिन्हें इजरायल में प्यार से 'बीबी' कहा जाता है—इस समझौते को लेकर बेहद परेशान हैं। इजरायल का तर्क है कि इस अंतरिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से ज्यादा खतरनाक 'लेबनान वाला हिस्सा' है। इजरायली सरकार का मानना है कि अमेरिका और ईरान की यह नजदीकी न केवल सुरक्षा संतुलन को बिगाड़ रही है, बल्कि इससे इजरायल की भविष्य की सुरक्षा रणनीति भी दांव पर लग गई है। अब देखना यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इजरायल के इन संदेहों को दूर कर पाएगा या नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीतियों पर अडिग रहेंगे।
नर्मदापुरम में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी, मूंग खरीदी और खाद-यूरिया की किल्लत जैसे कई बड़े मुद्दों को उठाया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवाकांत पांडेय के नेतृत्व में निजी होटल में यह कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। बिना पेपर लीक कराए एक परीक्षा नहीं करवा पा रही सरकार पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा ने नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले पेपर लीक होना और फिर दोबारा परीक्षा कराना, देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनकी मेहनत के साथ खिलवाड़ है। हालात इतने खराब हैं कि सरकार बिना किसी गड़बड़ी या पेपर लीक के एक भी परीक्षा ठीक से नहीं करवा पा रही है। परीक्षा केंद्र थे या कोई युद्ध का मैदान? गिरजाशंकर शर्मा ने दोबारा हुई नीट परीक्षा के इंतजामों पर तंज कसते हुए कहा कि परीक्षा कराने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी। परीक्षा केंद्रों पर इतनी पाबंदियां और इतनी ज्यादा सुरक्षा लगाई गई, मानो वहां कोई परीक्षा नहीं बल्कि कोई युद्ध या आतंकी हमला होने वाला हो। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इतनी सख्त पाबंदी थी कि महज एक मिनट की देरी से पहुंचने वाले बच्चों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। भाजपा नेताओं पर लगाया 'बंदरबांट' का आरोप कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि नीट का पेपर बनाने से लेकर परीक्षा आयोजित कराने तक, नीचे से लेकर ऊपर तक भाजपा के लोग शामिल हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि सब कुछ ऊपर से पहले से ही तय रहता है कि पेपर कहां छपेगा और किन अपने लोगों को अच्छी जगहों पर बैठाना है। इसके बाद जो करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार होता है, उसकी आपस में बंदरबांट की जाती है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पहली बार पेपर लीक हुआ, तो किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। लेकिन जब सेना की मदद से दोबारा परीक्षा कराई गई, तो शिक्षा मंत्री तुरंत आगे आ गए और श्रेय (क्रेडिट) लेते हुए कहने लगे कि दूसरी परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। स्थानीय मुद्दों पर भी घेरा नीट परीक्षा के अलावा जिला कांग्रेस कमेटी ने नर्मदापुरम के स्थानीय किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इलाके के किसान इस समय मूंग खरीदी की समस्याओं, खाद और यूरिया की भारी किल्लत से परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मंगलवार को फरीदकोट के अशोक चक्र हॉल में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक की अध्यक्षता पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने संयुक्त रूप से की। बैठक में विधायक गुरदित्त सिंह सेखों, विधायक अमोलक सिंह, डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और ग्रामीण समितियों के सदस्य मौजूद रहे। नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति: स्पीकर संधवां इस मौके पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ शुरू किया गया यह महा-अभियान अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने नशा तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस काले धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी सख्ती से लागू की जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। सरकारी केंद्रों में मिल रहा मुफ्त इलाज और बढ़ रही जागरूकता बैठक को संबोधित करते हुए विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि नशे की लत का शिकार हो चुके लोगों का इलाज पूरी तरह संभव है। ऐसे व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाकर सरकार द्वारा मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, विधायक अमोलक सिंह ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और अब युवाओं में नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। समागम के दौरान नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल ने भी अपने विचार साझा किए। गांव-गांव में बनेंगे खेल स्टेडियम: कैबिनेट मंत्री मुंडियां कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब से नशे के पूर्ण खात्मे तक यह अभियान इसी तरह लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सरकार की भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और उन्हें नशों से दूर रखने के लिए पंजाब सरकार गांव-गांव में खेल स्टेडियमों का निर्माण करवा रही है। इसका मकसद युवाओं को खेलों के बेहतर अवसर प्रदान करना है ताकि वे एक स्वस्थ और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।
मोहाली पुलिस ने 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत संवेदनशीलता दिखाते हुए एक युवक को नई जिंदगी देने की अनूठी पहल की है। पुलिस ने नशे की लत से जूझ रहे एक युवक को गिरफ्तार करने या सजा देने के बजाय, उसे नशा मुक्ति केंद्र (रिहैब सेंटर) में भर्ती कराया है ताकि उसका उचित उपचार हो सके। पुलिस का यह कदम उनके मानवीय चेहरे को दर्शाता है। परिवार से संपर्क कर इलाज के लिए किया तैयार पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है। इसी सोच के साथ पुलिस ने इस युवक की पहचान की, उसके परिवार से संपर्क साधा और काउंसलिंग के जरिए युवक को इलाज कराने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। सही मार्गदर्शन से अपराध की राह पर जाने से बचेंगे युवा अधिकारियों ने बताया कि कई युवा सही समय पर सही सलाह और इलाज न मिलने के कारण अपराध और गंभीर बीमारियों के दलदल में धंस जाते हैं। ऐसे में युवाओं को समय पर इलाज मिलना बहुत जरूरी है ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर एक सामान्य जीवन जी सकें। पुलिस का मानना है कि नशा मुक्ति की यह लड़ाई सिर्फ तस्करों को पकड़ने से नहीं, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) से ही जीती जा सकती है। पुलिस की जनता से अपील: नशा पीड़ितों को छुपाएं नहीं, सामने लाएं मोहाली पुलिस ने आम जनता से भी एक बेहद जरूरी अपील की है। पुलिस ने कहा है कि अगर उनके आसपास या परिवार में कोई व्यक्ति नशे की लत से परेशान है, तो उसे समाज के डर से छुपाने के बजाय इलाज के लिए आगे लाएं। परिवार का साथ और समय पर मिला डॉक्टर का सहयोग किसी भी व्यक्ति को नशे के चंगुल से बाहर निकाल सकता है।
कतर के गैस प्लांट में भयंकर विस्फोट! 12 भारतीयों समेत 13 की मौत, 66 गंभीर रूप से घायल
खाड़ी देश कतर से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के एक प्रमुख गैस प्लांट में अचानक हुए भीषण विस्फोट (Blast) के कारण चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस भयावह औद्योगिक हादसे में अब तक कुल 13 लोगों की मौत होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 12 मृतक भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि प्लांट का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने मलबे से अब तक 66 घायलों को बाहर निकाला है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई श्रमिकों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।गैस लीकेज के बाद आसमान में उठा आग का गुबारस्थानीय चश्मदीदों और शुरुआती जांच रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा गैस प्लांट के एक मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट में संदिग्ध गैस लीकेज के कारण हुआ। लीकेज के कुछ ही सेकंड के भीतर वहां एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके में आसमान छूती आग की लपटें और काले धुएं का गुबार छा गया। प्लांट में काम कर रहे सुरक्षाकर्मियों और मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कतर के दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका था।पीड़ितों में भारतीय प्रवासियों की संख्या सबसे अधिकइस भीषण त्रासदी ने एक बार फिर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मूल के श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। कतर में मौजूद भारतीय दूतावास इस पूरी स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। दूतावास के अधिकारियों ने कतरी प्रशासन से संपर्क साधकर मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। भारत में रह रहे प्रभावित परिवारों को सूचित करने और उनके शवों को वापस स्वदेश लाने की कानूनी प्रक्रियाओं को तेज कर दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मरने वाले अधिकांश भारतीय श्रमिक इसी प्लांट में तकनीकी और मैन्युअल विभागों में कार्यरत थे।सुरक्षा मानकों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठितइस बड़े इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट के बाद कतर सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। गैस कॉर्पोरेशन और स्थानीय मंत्रालय ने इस बात की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं कि क्या प्लांट में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की अनदेखी की गई थी। ऑटोमैटिक गैस डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम ने समय पर काम क्यों नहीं किया, इसकी भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इस बीच, कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के संगठनों ने भी दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे और कड़े सुरक्षा नियमों की मांग उठाई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी लापरवाही से निर्दोष मजदूरों की जान न जाए।
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद जौनपुर जिले में भी सुरक्षा मानकों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जिले में मानक के विपरीत संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ जिले के आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। एडीएम परमानंद झा ने बताया कि सुबह के समय अधिकतर कोचिंग सेंटर बंद पाए गए, जिसके कारण जांच लगभग 10 बजे के बाद शुरू हो सकी। जांच दल ने उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां छात्र पढ़ाई करते हैं या लाइब्रेरी के रूप में उपयोग किए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से आपदा या किसी आपात स्थिति में निकासी मार्गों की उपलब्धता की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन अधिकांश कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होते मिले। एडीएम झा ने जानकारी दी कि जांचे गए सेंटरों में से केवल दो ने पंजीकृत होने का दावा किया, लेकिन वे कोई संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। कई कोचिंग सेंटरों में सीढ़ियों के पास खुले तार जैसी गंभीर सुरक्षा खामियां भी पाई गईं। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहां भी खामियां मिली हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सेंटरों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं या उन्हें बंद करने का आदेश भी दिया जा सकता है। जिले में कुल 37 कोचिंग सेंटर संचालित हैं। भविष्य में कोचिंग सेंटरों के अलावा अस्पतालों और होटलों की भी जांच की जाएगी।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
नेतन्याहू का बड़ा बयान, दक्षिणी लेबनान में आईडीएफ को कार्रवाई की पूरी छूट
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) के सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तरी इजरायल के निवासियों के खिलाफ किसी भी सीधे या उभरते खतरे को रोकने के लिए पूरी कार्रवाई की स्वतंत्रता है।
दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) उत्पादक देशों में शुमार कतर से एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। कतर के सबसे प्रमुख और विशालकाय औद्योगिक शहर रास लफान (Ras Laffan Industrial City) स्थित सबसे बड़े गैस प्रोसेसिंग प्लांट में एक भीषण धमाका हुआ है। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और देखते ही देखते प्लांट से हाहाकारी लपटें और काले धुएं का विशाल गुबार आसमान की तरफ उठने लगा। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद पूरे औद्योगिक परिसर और आस-पास के रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया है और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है।रास लफान कॉम्प्लेक्स में इमरजेंसी घोषित और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरूहादसे की भयावहता को देखते हुए कतर की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और रास लफान के फायर एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने पूरे इंडस्ट्रियल टाउनशिप में रेड अलर्ट और इमरजेंसी घोषित कर दी है। दर्जनों फायर टेंडर्स और एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर रवाना किया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, आग की लपटों पर काबू पाने और प्लांट के भीतर फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कतरी अधिकारियों की ओर से अभी तक हादसे में हताहत होने वाले लोगों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन रिफाइनरी और गैस यूनिट्स को एहतियातन पूरी तरह से शटडाउन कर दिया गया है।वैश्विक एलएनजी सप्लाई ठप होने का डर और भारत की बढ़ेगी टेंशनरास लफान इंडस्ट्रियल सिटी सिर्फ कतर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। यहीं से दुनिया के कोने-कोने में गैस का निर्यात किया जाता है। दिल्ली, मुंबई सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में आयात होने वाली एलएनजी का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी प्लांट से आता है। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस धमाके के कारण प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है और उत्पादन लंबे समय के लिए ठप होता है, तो वैश्विक बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे भारत जैसी निर्भर अर्थव्यवस्थाओं का बजट बिगड़ सकता है।तकनीकी खराबी या कुछ और, जांच में जुटी कतर की सुरक्षा एजेंसियांइस भीषण विस्फोट की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी तक कतर गैस या सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कतर की सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, गैस पाइपलाइन में लीकेज या प्रेशर बढ़ने की वजह से हुआ है या फिर इसके पीछे कोई अन्य बाहरी कारण है। दुनिया भर के कमोडिटी मार्केट, शेयर बाजारों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विश्लेषकों की नजरें इस वक्त दोहा से आने वाले हर छोटे-बड़े अपडेट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इस हादसे के कूटनीतिक और आर्थिक असर बेहद व्यापक हो सकते हैं।
ट्रंप की खुली चेतावनी: सुधर जाओ वरना होगा अब तक का सबसे बड़ा हमला, ईरान से बढ़ा महायुद्ध का खतरा
वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया और बेहद आक्रामक बयान ने मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) सहित पूरी दुनिया में युद्ध की आशंका को गहरा कर दिया है। ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में नई धमकी देते हुए साफ कर दिया है कि अगर वह अपनी परमाणु और सैन्य गतिविधियों को तुरंत नहीं रोकता है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। अमेरिकी प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि ईरान इस अंतिम चेतावनी के बाद भी नहीं माना, तो उस पर एक ऐसा सैन्य हमला किया जाएगा जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया है।ट्रंप के सख्त तेवर और व्हाइट हाउस की नई रणनीतिअंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से जारी तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर आ चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ताजा संबोधन में कहा है कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर अमेरिकी हितों और उसके सहयोगी देशों, विशेष रूप से इजरायल की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी। इस बयान के बाद पेंटागन और अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी अपनी रणनीतियों को री-चेक करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख सिर्फ एक चेतावनी नहीं बल्कि एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की पूर्वपीठिका भी हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच सीधे टकराव का रास्ता खुल सकता है।मिडल ईस्ट में हाई अलर्ट और वैश्विक बाजारों पर असरट्रंप की इस नई धमकी के बाद पूरे मिडल ईस्ट के देशों में भारी हलचल देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) का सीधा असर नई दिल्ली, मुंबई, लंदन और न्यूयॉर्क समेत दुनिया भर के शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट पर भी दिखने लगा है। विशेषज्ञों को डर है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के आयात बिल और महंगाई दर पर पड़ेगा।क्या युद्ध टालने के लिए आगे आएंगे वैश्विक संगठनइस बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के अन्य प्रमुख देश जैसे भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, ईरान की ओर से भी अभी तक कोई नरमी के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे कूटनीतिक रास्ते बंद होते दिखाई दे रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान अमेरिकी शर्तों के आगे झुकेगा या फिर दुनिया को एक और भीषण महायुद्ध का सामना करना पड़ेगा। आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति और स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
कतर में फैक्टरी में विस्फोट से 54 घायल, 18 लापता
दोहा। कतर की एक फैक्टरी में विस्फोट होने से कम से कम 54 लोग घायल हो गये और 18 लापता हैं। देश के आंतरिक मंत्रालय ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह विस्फोट तकनीकी खराबी के कारण रास लफ्फान औद्योगिक शहर में हुआ। इसके बाद लापता लोगों की […] The post कतर में फैक्टरी में विस्फोट से 54 घायल, 18 लापता appeared first on Sabguru News .
कतर के रास लाफान गैस प्लांट में धमाका: 54 लोग घायल, 18 लापता, बचाव अभियान तेज
कतर के मुख्य प्राकृतिक गैस निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए एक धमाके में कम से कम 54 लोग घायल हो गए, जबकि 18 अन्य लोग लापता हैं।
गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह यात्रा केवल गो माता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार, 22 जून को अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। इस उछाल के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बेहद कड़ा और आक्रामक बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान को सीधी सैन्य कार्रवाई (Military Action) की चेतावनी दी है। ट्रंप के इस रुख के बाद निवेशकों के बीच यह चिंता गहरे घाव की तरह बैठ गई है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही बेहद नाजुक दौर की शांति वार्ता खटाई में पड़ सकती है।ब्रेंट क्रूड 2.2% उछला, डब्ल्यूटीआई भी $78 के पारवैश्विक तनाव का सीधा और तात्कालिक असर तेल की कीमतों पर देखने को मिला है। सोमवार को कमोडिटी मार्केट खुलते ही बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 2.2 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 82.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी तेजी से रिकवर करते हुए 78 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक निशान के ऊपर निकल गया है।कमोडिटी फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में बड़ी गिरावट देखी गई थी और यह घटकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था, लेकिन नई भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार का सेंटीमेंट अचानक बदल गया है और कीमतें अब $77-78 (WTI) की मजबूत रेंज में ट्रेड कर रही हैं।क्यों सुलग रहा है मिडिल ईस्ट? जानिए तेल की कीमतें बढ़ने की असल वजहअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी: फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर अपने हमले जारी रखे, तो अमेरिका सीधे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी ईरानी कोशिश के बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम होंगे।स्विट्जरलैंड वार्ता पर संकट के बादल: रविवार को कूटनीतिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब ईरानी मीडिया ने दावा किया कि ट्रंप की धमकी के विरोध में तेहरान ने स्विट्जरलैंड में चल रही महावार्ता को बीच में ही रोक दिया है। हालांकि, बाद में बातचीत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सूत्रों ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच संवाद अभी भी जारी है, लेकिन इस अनिश्चितता ने बाजार को डरा दिया है।सीजफायर उल्लंघन के आरोप: ईरान ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में सीजफायर (युद्धविराम) की शर्तों का खुला उल्लंघन किया है। ईरान की तीखी बयानबाजी के बीच उसकी सैन्य कमान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, हालांकि वीकेंड के दौरान इस रणनीतिक जलमार्ग से तेल की वैश्विक सप्लाई ज्यादातर बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रही।बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मैराथन बैठक, 60 दिनों की समयसीमा शुरूस्विट्जरलैंड के खूबसूरत बर्गेनस्टॉक (Burgenstock) रिजॉर्ट में चल रही यह हाई-लेवल कूटनीतिक बैठक दोनों देशों के बीच तय की गई 60 दिनों की समयसीमा का हिस्सा है। इसकी शुरुआत पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के बाद हुई थी।ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के राजनयिकों के बीच यह बातचीत सोमवार सुबह तक लगातार चलती रही। इस महामंथन का मुख्य फोकस होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक नेविगेशन और कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना और दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जमीनी स्तर पर युद्धविराम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना है।आगे क्या होगा? निवेशकों की टिक गईं कूटनीतिक हेडलाइंस पर नजरेंआपको बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक रिफाइनरियों द्वारा कच्चे तेल के वैकल्पिक रास्ते तलाशने के कारण कीमतों में थोड़ी नरमी जरूर आई थी, लेकिन ताजा विवाद ने बाजार को फिर से गर्म कर दिया है। एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट का सेंटीमेंट पूरी तरह से स्विट्जरलैंड से आने वाली कूटनीतिक खबरों पर निर्भर करेगा। अगर बातचीत में थोड़ी भी प्रगति होती है तो ऊर्जा बाजार तेजी से सामान्य हो जाएगा, लेकिन यदि तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें एक नया रिकॉर्ड बना सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर पड़ेगा।
कर्णप्रयाग में हुए विवाद को लेकर पंजाब से आए सिख प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल सिख युवकों के साथ अन्याय हुआ है और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है। रविवार को प्रतिनिधिमंडल हरिद्वार पहुंचा, जहां उसने SSP नवनीत सिंह भुल्लर से मुलाकात की। बातचीत के बाद SSP ने प्रतिनिधिमंडल की फोन पर पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ से बात कराई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल देहरादून के लिए रवाना हो गया, जहां वह DGP से मुलाकात करेगा। मामले को लेकर शाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ भी बैठक संभावित है। पंजाब से सांसद सर्वजीत सिंह खालसा ने कहा कि उनकी हरिद्वार के एसएसपी से बातचीत हुई है और उनके माध्यम से डीजीपी से भी संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि वे देहरादून जाकर अपनी सभी मांगों और शिकायतों को डीजीपी के समक्ष रख सकते हैं। खालसा ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में मामले में क्रॉस केस दर्ज करना, गिरफ्तार युवकों की रिहाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच शामिल है। 'सिख युवकों ने किसी पर हमला नहीं किया' सांसद खालसा ने आगे कहा कि संबंधित सिख युवकों ने किसी पर हमला नहीं किया, बल्कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि युवकों ने अपना बचाव नहीं किया होता तो उनके साथ गंभीर अनहोनी हो सकती थी। सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने हमला किया, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम धामी से भी इस मामले पर बात की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट में पेशी के दौरान सिख युवकों को बिना दस्तार और नंगे सिर प्रस्तुत किए जाने पर आपत्ति जताई। उनके अनुसार सिख समाज में इसे अत्यंत गंभीर और अपमानजनक माना जाता है। खालसा ने कहा कि सिख समुदाय के लोगों द्वारा कृपाण या तलवार धारण करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी स्तर पर प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। 'सिख युवकों के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए' प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायक मनप्रीत सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि घटना में शामिल सिख युवकों को न्याय मिले और उनके साथ किसी प्रकार का पक्षपात न किया जाए। उन्होंने बताया कि डीजीपी ने उन्हें मिलने का समय दिया है और वे पूरे मामले को उनके समक्ष विस्तार से रखेंगे। मनप्रीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी उनकी पहले बातचीत हो चुकी है और आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं, विशेषकर सिख यात्रियों, को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा दोनों राज्यों में सौहार्द और शांति बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसे सिख समुदाय के बीच इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। उनके अनुसार सिख युवकों पर हमला किया गया, बाद में उनके खिलाफ एकतरफा मुकदमा दर्ज किया गया और अदालत में भी उन्हें बिना पगड़ी के पेश किया गया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा भी युवकों के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण समुदाय में नाराजगी बढ़ी है। ‘पूरे सिख जगत में रोष और चिंता’ खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब सहित देश-विदेश में बसे सिख समुदाय के लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले युवकों के साथ मारपीट हुई और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान भी उनके साथ अत्याचार किया गया। तरसेम सिंह ने कहा कि कोर्ट में पेशी के दौरान युवकों के सिर से दस्तार हटाई गई, जिसे सिख धर्म में अत्यंत गंभीर विषय माना जाता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण दुनिया भर के सिख समुदाय में इस घटना को लेकर चिंता और असंतोष है। उन्होंने बताया कि पंजाब से कई जत्थे उत्तराखंड आने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन फिलहाल प्रतिनिधिमंडल बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मामले का शीघ्र समाधान किया जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और गिरफ्तार युवकों को बिना शर्त रिहा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एसएसपी बोले- प्रतिनिधिमंडल की मांग वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब से आए सांसदों और अन्य प्रतिनिधियों ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में हुए विवाद के संबंध में प्रतिनिधिमंडल किसी वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहता है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि उनकी बात उचित माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा और आगे की कार्रवाई उसी के अनुरूप की जाएगी। भुल्लर ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल की मांगें सीधे तौर पर हरिद्वार से संबंधित नहीं हैं, इसलिए उनके पास सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात संबंधी मांग को पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है तथा आगे जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी साझा की जाएगी। एक दिन पहले गुरुद्वारे पर कब्जा किया उत्तराखंड के चमोली स्थित कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद शनिवार देर शाम रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए निहंगों ने कब्जा कर लिया। उन्होंने दो लोगों को बंधक भी बनाया। हालांकि, विवाद बढ़ने पर निहंगों ने एक व्यक्ति को छोड़ दिया, जबकि एक सेवादार को बंधक बनाए रखा। निहंगों ने चेतावनी दी है कि गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे। रविवार सुबह रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन उन्होंने बाचचीत से इनकार कर दिया। इससे पहले एसपी निहारिका तोमर ने दो दौर की बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बाचचीत विफल रही। गुरुद्वारे के सेवादारों ने बताया कि इस दौरान निहंगों ने एसपी निहारिका तोमर को धमकी दी। सेवादारों के मुताबिक, प्रशासन ने निहंगों को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने नीचे आने से इनकार कर दिया। उन्होंने एसपी से कहा कि यदि कोई ऊपर आया तो उसे काट देंगे। सेवादारों ने प्रशासन से मांग की है कि पकड़े गए लोगों को बिना किसी केस के सम्मानपूर्वक पंजाब भेज दिया जाए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गुरुद्वारे के आसपास करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। यह इलाका हमेकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर पड़ता है। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड में निहंग बोले- गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे: एक दिन पहले कब्जा किया, SP समझाने पहुंचीं तो धमकी दी; इंटरनेट बंद, ITBP-PAC तैनात उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद से नाराज पंजाब के 7 निहंगों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में कब्जा कर लिया है। शनिवार देर शाम कब्जे के बाद निहंगों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। निहंगों ने चेतावनी दी है कि गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे और लोगों को गुरुद्वारे के पास नहीं आने को कहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
युद्ध का असर...कीमोथेरेपी 20% तक होगी महंगी, 2 हजार मरीजों को झटका
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर कैंसर के इलाज पर भी पड़ने वाला है। दरअसर कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाला प्लाटिन की सप्लाई रूस, अफ्रीका जैसा देशों से होती है। युद्ध के चलते इसकी सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसके चलते कीमोथेरेपी करवाने वाले का इलाज अब 10 से 20 प्रतिशत महंगा होने जा रहा है, क्योंकि प्लाटिन की कमी के चलते अब कंपनियां कम दवा बना रही हैं। इसके चलते अब रेट बढ़ने जा रहे हैं। कीमोथेरेपी में सिस्प्लाटिन और कार्बोप्लाटिन का उपयोग होता है। जो अलग-अलग मात्रा में मरीजों पर उपयोग की जाती है। बाजार में नए रेट की दवा अगले महीने तक आएगी। इसके बाद मरीजों में इसका असर देखने को मिलेगा। जिले में कैंसर के 2 हजार से अधिक मरीज हैं। इसमें हर तीसरे मरीज को कीमोथेरेपी की जरूरत होती है। लेकिन, इंटरनेशनल लेवल पर प्लाटिन की कम आपूर्ति होने के चलते कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट महंगा होने जा रहा है। सिस्प्लाटिन आधारित कीमों में 10 एमजी का 75 रुपये और 150 एमएजी का 375 रुपये रेट है। जबकि कार्बोप्लाटिन आधारित कीमोथेरेपी के 150 एमजी का 990 रुपये और 450 एमजी का 2890 रुपये है। लेकिन, अब इसके दाम 10 से 20 प्रतिशत कंपनियां बढ़ाने जा रही हैं। हालांकि अभी नए रेट आए नहीं हैं। कैमिस्टों के मुताबिक अगले महीने तक सही दामों की जानकारी मिलेगी। लुधियाना में करीब 80 से 85 कैमिस्ट की दुकानों में कैंसर की यह दवाएं मिल रही हैं। सिविल अस्पताल में भी मरीजों की कीमोथेरेपी हो रही है। बता दें कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख दवाओं के रेट 50 प्रतिशत तक बढ़ाए। इसका असर एक महीने में देखने को मिलेगा। कैमिस्ट हरजिंदर लाडी ने बताया कि दवा की कमी नहीं है। लेकिन प्लाटिन की कमी चल रही है। अगले महीने 20 तक कीमों की दवाओं के रेट बढ़ने की संभावना है। जिसके बाद धीरे-धीरे कर 40 प्रतिशत रेट बढ़ सकते है। पड़ोसी जिलों के मरीजों का भी लुधियाना पर दबाव दवाओं की कमी का असर केवल लुधियाना तक सीमित नहीं है। पटियाला और संगरूर जैसे जिलों में भी इन दवाओं की किल्लत देखी जा रही है। इस कारण वहां के मरीज भी कीमोथेरेपी के लिए लुधियाना का रुख कर रहे हैं। इससे जिले के स्वास्थ्य ढांचे पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है, वहीं निजी अस्पतालों में मांग बढ़ गई है। प्लाटिन की कमी से कंपनियां कम दवा बना रहीं क्या है कीमोथेरेपी: कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज की एक प्रभावी चिकित्सा पद्धति है। इसमें दवाओं का उपयोग किया जाता है, जो शरीर में तेजी से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती हैं या उन्हें बढ़ने से रोकती हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ब्रेस्ट, फेफड़ों, लिवर, ब्लड और सर्वाइकल (बच्चेदानी के मुंह) जैसे विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार में की जाती है। कीमोथेरेपी कैंसर के स्टेज और प्रकार के आधार पर दी जाती है। यह न केवल ट्यूमर को सिकोड़ने में मदद करती है, बल्कि सर्जरी या रेडिएशन के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प है।
जींद जिले में उचाना उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इससे मरीजों, उनके परिजनों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने हाथों में खाने-पीने का सामान लेकर निकलने से भी कतराने लगे हैं, क्योंकि कई बार बंदर उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि बंदर अस्पताल परिसर में दिनभर घूमते रहते हैं। बंदरों को भगाने के लिए नागरिक अस्पताल के पास पुरानी बिल्डिंग, जहां आयुर्वेदिक अस्पताल चलता है, वहां एक लंगूर का पोस्टर लगाया गया है। यह माना जाता है कि लंगूर की तस्वीर देखकर बंदर उस क्षेत्र से दूर रहते हैं। लोगों ने की समस्या के समाधान की मांग हालांकि, उपमंडल कार्यालय में काम करवाने आने वाले लोगों को भी बंदरों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि केवल पोस्टर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है और उनकी संख्या में भी कमी नहीं आ रही है। मंजीत, सुनील, राजबीर और मनोज सहित कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक बंदरों को हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आमजन और मरीजों को इसी प्रकार परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम बोले- नगर पालिका प्रशासन से करेंगे बात लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर उपमंडल कार्यालय और नागरिक अस्पताल परिसर को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने की अपील की है, ताकि आमजन बिना किसी भय के अपने कार्य कर सकें और मरीजों को भी राहत मिल सके। इस संबंध में एसडीएम रमित यादव ने बताया कि बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन से बातचीत की जाएगी।
छतरपुर शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मची अफरा-तफरी में एक जेबकतरा पकड़ा गया। भीड़ का फायदा उठाकर एक व्यक्ति की जेब काटने की कोशिश कर रहे इस युवक को स्थानीय लोगों ने रंगेहाथ दबोच लिया। इसके बाद लोगों ने उसे सिटी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया, जो अब उससे पूछताछ कर रही है। शुक्रवार शाम बस स्टैंड पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों के विरोध के चलते सड़क पर जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कुछ जेबकतरे सक्रिय हो गए और लोगों की जेबों पर हाथ साफ करने की कोशिश करने लगे। रंगेहाथ पकड़ा गया तो बनाने लगा बहानेइसी दौरान एक युवक को संदिग्ध गतिविधि करते हुए लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि वह एक व्यक्ति की जेब काटने का प्रयास कर रहा था, तभी लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए युवक ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह जेब नहीं काट रहा था। उसका तर्क था कि भीड़ में धक्का-मुक्की हो रही थी, जिसके कारण उसका हाथ गलती से दूसरे व्यक्ति की जेब पर चला गया था। कोतवाली पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांचहालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी किसी भी सफाई पर विश्वास नहीं किया और तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हल्दीघाटी युद्ध स्वतंत्रता का स्वर्णिम अध्याय
उदयपुर | मीरा नगर में हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती पर संगोष्ठी हुई। भामाशाह फाउंडेशन समिति के अध्यक्ष प्रमोद सामर ने कहा कि 450 वर्ष पूर्व महाराणा प्रताप के नेतृत्व में लड़ा गया हल्दीघाटी युद्ध स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। युद्ध में दानवीर भामाशाह का अतुल्य योगदान और समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा। मुख्य अतिथि भंवर सिंह पंवार ने कहा कि इस वर्ष प्रताप और भामाशाह जयंती विशेष संदेश देती है। संगोष्ठी में शंभू गमेती, दूधाराम पटेल, कन्हैया लाल देशबंंधु, विजय दलाल, कन्हैया लाल डांगी, नरेंद्र जैन और ध्रुव बाबेल ने विचार रखे। वक्ताओं ने प्रताप का संघर्ष, भामाशाह का समर्पण और चेतक की भूमिका पर चर्चा की। आगामी 28 जून, रविवार को सुबह 9 बजे हाथीपोल स्थित भामाशाह सर्किल पर समारोह होगा।
दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

