डिजिटल समाचार स्रोत

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मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का हमला, जेलेंस्की बोले- रूस की युद्ध मशीन को बनाया निशाना

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा क‍िया।

देशबन्धु 18 Jun 2026 6:53 pm

खतरे में युद्धविराम! ट्रंप की चेतावनी के बावजूद लेबनान में इजराइली हमले जारी

Israel Lebanon Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बावजूद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लेबनान पर हमले जारी रखे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजराइली सेना ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में नए हमले किए, जबकि अमेरिकी ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 2:16 pm

ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डॉनल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ

ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ाते डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के कुछ लक्ष्य तय किए थे. शुरुआती समझौता हो जाने के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि उन लक्ष्यों में से कितना कुछ हासिल हुआ

देशबन्धु 18 Jun 2026 10:07 am

ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डोनाल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमला शुरू करने के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके कुछ उद्देश्य तय किए थे। इनमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को ध्वस्त करना और यह सुनिश्चित करना शामिल था कि यह देश कभी परमाणु हथियार ना बना सके। ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 8:23 am

Top News 18 June: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, भारत के लिए ट्रंप का बड़ा बयान, फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की जीत

Top News 18 June : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्‍ट्रपति पजशकियान के डील साइन करते ही अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से जारी युद्ध खत्म हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट। फ्रांस में ट्रंप ने पीएम मोदी से वादा किया कि भारत पर ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 8:00 am

अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति समझौता, युद्ध खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

US Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो गए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 7:39 am

अजमेर में 18 लाख के 42 मोबाइल बरामद:जेबकतरा गैंग के 7 सदस्य गिरफ्तार, धार्मिक स्थलों और बाजारों में करते थे वारदात

अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 18 लाख रुपए कीमत के 42 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक उमा यादव के निर्देश पर चोरी, नकबजनी और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। दरगाह थाना प्रभारी दिनेश कुमार जीवनानी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि 16 जून को दरगाह क्षेत्र में मोबाइल चोरी की वारदातों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से सात आरोपियों को चिन्हित किया गया। पुलिस ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 42 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। ये आरोपी हुए गिरफ्तार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में करते वारदात पुलिस के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक आयोजनों और बाजारों में लोगों की जेब और बैग से मोबाइल चोरी कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे गैंग के अन्य सदस्यों तथा चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को और मोबाइल बरामद होने की भी संभावना है। कई मामलों में पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दरगाह, क्लॉक टावर सहित अन्य थानों में चोरी, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। कुछ आरोपियों को पूर्व में सजा भी हो चुकी है।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 1:02 pm

जी7 के देशों का ध्यान अब यूक्रेन युद्ध रोकने पर

फ्रांस में जी7 की बैठक से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं ने यूक्रेन युद्ध की ओर ध्यान बढ़ाने के संकेत दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस को समझौता कर लेना चाहिए

देशबन्धु 17 Jun 2026 9:56 am

Top News 17 June: मोदी-ट्रंप की मुलाकात आज, इजराइल का लेबनान पर हमला और उद्धव गुट में फिर बगावत के आसार

Top News 17 June : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज फ्रांस में मुलाकात करेंगे। इजराइल ने लेबनान पर हमला किया। इस हमले के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को जमकर लताड़ा। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 6 से 7 सांसद पार्टी से अलग हो ...

वेब दुनिया 17 Jun 2026 7:59 am

फीफा वर्ल्ड कप-फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया:एम्बापे के 14 गोल, जर्मनी के मुलर की बराबरी की; नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया

फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को I ग्रुप के दो मैच खेले गए। पहले मैच में फ्रांस ने अपने ओपनिंग मैच में सेनेगल को 3-1 से हराया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और फ्रांस के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर ओलिवियर गिरूड का रिकॉर्ड तोड़ा। फ्रांस के लिए ब्रेडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल का एकमात्र गोल इब्राहिम म्बाए ने दागा। वहीं, इस ग्रुप के खेले गए दूसरे मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया। पहले हाफ में कोई गोल नहीं, दूसरे में 4 गोलमैच का पहला हाफ गोलरहित रहा, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे ने फ्रांस को बढ़त दिलाई। इसके बाद बारकोला ने स्कोर 2-0 किया। सेनेगल के 18 साल के इब्राहिम म्बाए ने गोल कर अंतर कम किया और वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे युवा अफ्रीकी खिलाड़ी बने। हालांकि, इंजरी टाइम में एम्बापे ने गोल कर फ्रांस की जीत पक्की कर दी। एम्बापे के वर्ल्ड कप में 14 गोलएम्बापे के अब वर्ल्ड कप में 14 गोल हो गए हैं। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर गर्ड मुलर की बराबरी कर ली है और ऑल-टाइम रिकॉर्डधारी मिरोस्लाव क्लोस (16 गोल) से सिर्फ दो गोल पीछे हैं। पहले हाफ में सेनेगल ने फ्रांस को कड़ी टक्कर दी, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे की चमक के आगे उसकी चुनौती फीकी पड़ गई। पेनल्टी को लेकर विवाद, VAR के बाद भी नहीं मिला मौकामैच के दौरान एक बड़ा विवाद देखने को मिला। दूसरे हाफ में फ्रांस ने पेनल्टी की अपील की, जिसके बाद मामला VAR तक पहुंचा। हालांकि, वीडियो रीप्ले देखने के बाद भी रेफरी ने अपना फैसला नहीं बदला और फ्रांस को पेनल्टी नहीं दी। इस विवादित फैसले के कुछ ही मिनट बाद किलियन एम्बापे ने गोल कर फ्रांस को बढ़त दिला दी। पहले हाफ में सेनेगल के पास बढ़त का मौका, सार से हुई चूकपहले हाफ में गोल करने का सबसे अच्छा मौका सेनेगल के इस्माइला सार को मिला था। हाफ-टाइम से ठीक पहले उन्हें नजदीक से गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर चला गया। इस तरह सेनेगल बढ़त हासिल करने से चूक गया। हालांकि, दूसरे हाफ में इब्राहिम म्बाए ने टीम के लिए एक गोल जरूर किया। 2002 की हार का हिसाब बराबर, फ्रांस ने सेनेगल को हराया साल 2002 के वर्ल्ड कप के उद्घाटन मैच में सेनेगल ने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस हार के बाद फ्रांस टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी और एक भी मैच नहीं जीत सकी थी। हालांकि, इस बार फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर उस हार का हिसाब बराबर कर लिया। फ्रांस ने इसके बाद 2018 और 2022 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी, जिसमें 2018 में टीम चैंपियन भी बनी थी। ---------------------------- नॉर्वे की 28 साल बाद टूर्नामेंट में की जीत के साथ वापसी स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के शानदार दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने अपने फीफा वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच में इराक को 4-1 से हरा दिया है। बुधवार के इस मुकाबले में नॉर्वे ने टूर्नामेंट में जीत के साथ अपनी वापसी दर्ज की। नॉर्वे की टीम पूरे 28 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेल रही है। मैच में हालैंड के डबल गोल के अलावा लियो ओस्टिगार्ड ने एक गोल किया, जबकि इराक के आयमेन हुसैन के आत्मघाती (ओन) गोल से नॉर्वे की बड़ी जीत पक्की हो गई। पहले हाफ में इराक ने दी टक्कर, हालैंड के दो गोल ने बनाई बढ़तमैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिली। स्टार फॉरवर्ड एर्लिंग हालैंड ने गोल करके नॉर्वे को शुरुआती बढ़त दिलाई, लेकिन इराक के आयमेन हुसैन ने जल्द ही गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, हालैंड ने हाफ-टाइम से ठीक पहले अपना दूसरा गोल दागकर नॉर्वे को मैच में दोबारा आगे कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में लियो ओस्टिगार्ड ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। मैच के आखिरी पलों में इराक के आयमेन हुसैन से एक मिस्टेक हुई और उनकी तरफ से हुए ओन गोल ने नॉर्वे को 4-1 की एकतरफा जीत दिला दी। 1998 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा है नॉर्वेनॉर्वे के फुटबॉल इतिहास के लिहाज से यह मैच बेहद खास था। टीम ने आखिरी बार साल 1998 में वर्ल्ड कप के फाइनल्स में हिस्सा लिया था। पूरे 28 साल के लंबे इंतजार के बाद नॉर्वे ने ग्लोबल फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी की है। इस कमबैक को यादगार बनाने में स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल और मिडफील्ड में कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के बेहतरीन खेल का सबसे बड़ा योगदान रहा। नॉर्वे का डिफेंस पड़ा भारीइराक की टीम इस मुकाबले में अपने अनुभवी खिलाड़ियों और यूरोप में खेल रहे युवा टैलेंट्स के बेहतरीन तालमेल के साथ उतरी थी। इराकी टीम में अली अल-हमादी, आयमेन हुसैन, जिदान इकबाल, आमिर अल-अम्मारी और अली जासिम जैसे मजबूत नाम शामिल थे। दूसरी ओर, नॉर्वे के पास एंटोनियो नुसा और ऑस्कर बॉब जैसे डायनामिक विंगर्स के साथ जूलियन रयर्सन जैसे भरोसेमंद डिफेंडर थे, जिन्होंने इराक के अटैक को ज्यादा मौके नहीं दिए और मैच में नॉर्वे का पलड़ा भारी रखा।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 7:38 am

अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष 'पायलट जोन'

मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं

देशबन्धु 17 Jun 2026 7:10 am

हल्दीघाटी का युद्ध देशभक्ति का एक जीता-जागता प्रतीक है : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मेवाड़ की पवित्र धरती ने पूरी दुनिया को साहस, वीरता और स्वाभिमान का संदेश दिया है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 11:00 pm

युद्ध का असली हासिल (व्यंग्य)

दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:48 pm

अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष

Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...

वेब दुनिया 16 Jun 2026 1:55 pm

ऐतिहासिक साक्ष्यों और शिलालेखों का पुनर्मूल्यांकन- हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप थे सामरिक विजेता

भास्कर एक्सपर्ट टीम भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक, 18 जून 1576 को लड़े गए हल्दीघाटी युद्ध के परिणामों को लेकर नए शोध, पुरातात्विक साक्ष्यों और स्वयं मुगल स्रोतों के विश्लेषण के बाद नया अकादमिक पुनर्मूल्यांकन सामने आया है। इसके अनुसार, हल्दीघाटी के इस महायुद्ध में मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप एक स्पष्ट सामरिक विजेता के रूप में उभरे थे। इन्हीं स्थापित तथ्यों के आधार पर 17 जून, बुधवार को गांधी ग्राउंड में कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मौजूद रहेंगे। उस दौर की कृतियां भी मुगलों की रणनीतिक विफलता का प्रमाण यदि मुगलकालीन कृतियों का विश्लेषण करें तो युद्ध में मुगल सेना की रणनीतिक विफलता स्वतः स्पष्ट हो जाती है। युद्ध के तुरंत बाद जारी किए गए थे जमीनों के पट्टे राजनीतिक इतिहास और संप्रभुता का यह सार्वभौमिक सिद्धांत है कि भूमि और राजस्व पर अधिकार केवल उसी राजा का हो सकता है जिसका उस क्षेत्र पर प्रशासनिक नियंत्रण हो। समकालीन शिलालेखों में दर्ज है प्रताप की विजय {जगन्नाथ राय प्रशस्ति (विक्रम संवत 1708) : जगदीश मंदिर में स्थापित इस प्रशस्ति के श्लोक संख्या 41 में दर्ज है कि प्रतापसिंह के रणभूमि में उतरते ही मानसिंह से युक्त शत्रु सेना पीछे हट गई थी। {सुरपणखेड़ा (सूरखंड) शिलालेख (विक्रम संवत 1642) : इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि महाराणा प्रतापसिंह ने मानसिंह के साथ भीषण युद्ध किया, जिसमें महाराणा प्रताप विजयी हुए। {राजप्रशस्ति व अमरकाव्यम : राजसमंद झील के तट पर उत्कीर्ण संसार के सबसे बड़े शिलालेखीय इतिहास ‘राजप्रशस्ति महाकाव्यम’ और समकालीन संस्कृत पांडुलिपि अमरकाव्य वंशावली के अनुसार राजपूतों के प्रहार से मुगल सेना के पैर उखड़ गए थे। {वैद्यनाथ मंदिर प्रशस्ति : सीसारमा की इस प्रशस्ति (श्लोक 34-35) में भी महाराणा प्रताप के प्रभाव का उल्लेख है। {बदायूंनी का विवरण : युद्ध में मुगल सेना की तरफ से शामिल प्रत्यक्षदर्शी बदायूंनी ने अपनी पुस्तक मुंतखब-उत-तवारीख में लिखा है कि राजपूतों के पहले हमले ने मुगल सेना को पीछे धकेल दिया था। बाद में गोगुन्दा पहुंचकर मुगलों ने सुरक्षा के लिए चारों तरफ गहरी खाई और दीवारें बनवाईं। { रसद आपूर्ति ठप होना : महाराणा प्रताप ने भील योद्धाओं की सहायता से मेवाड़ के सभी पहाड़ी रास्तों को अवरुद्ध कर दिया था। इस नाकेबंदी के कारण गोगुन्दा में फंसी शाही सेना के लिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति ठप हो गई। { अकबर ने बंद की थी सेनापतियों की ड्योढ़ी : महाराणा प्रताप को बंदी बनाने या मेवाड़ पर पूर्ण अधिकार करने में मानसिंह और आसफ खान पूरी तरह विफल रहे। अकबरनामा में दर्ज है कि इस विफलता से नाराज होकर बादशाह अकबर ने दोनों सेनापतियों की ड्योढ़ी बंद कर दी थी यानी शाही दरबार में आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। ताम्रपत्र और पट्टे : हल्दीघाटी युद्ध के ठीक बाद (सन 1576 के उत्तरार्ध में) महाराणा प्रताप ने युद्ध क्षेत्र के ठीक बगल में स्थित बलीचा गाँव के किसानों को भूमि अनुदान जारी किए थे। लोहासिंह ताम्रपत्र : युद्ध के बाद (1576-1577 ई.) महाराणा प्रताप द्वारा आसपास के गांवों में ‘लोहासिंह ताम्रपत्र’ और भूमि सुधार संबंधी प्रशासनिक आदेश जारी किए गए। इन पर एकलिंगनाथ दीवान के रूप में उनके प्राधिकृत हस्ताक्षर अंकित थे, जो उनके प्रभावी प्रशासनिक ढांचे को सिद्ध करते हैं। प्रो. बी.पी. शर्मा, पूर्व कुलपति व अध्यक्ष, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति डॉ. सुदर्शन सिंह राठौड़, आचार्य-इतिहास विभाग, राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय डॉ. मनीष श्रीमाली, सहायक आचार्य-इतिहास विभाग, सुविवि, उदयपुर

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 5:30 am

अलकतरा घोटाला मामले में CBI कोर्ट का फैसला:3 जूनियर इंजीनियर बरी, ट्रांसपोर्टर दोषी करार; 3 साल की सजा और 15 लाख जुर्माना

लालू प्रसाद के शासनकाल के दौरान हुए 1997 के अलकतरा घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को पटना स्थित सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस मामले में फैसला सीबीआई-2 के न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने सुनाया है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीन जूनियर इंजीनियर (जेई) को बरी कर दिया, जबकि एक ट्रांसपोर्टर को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया। किन लोगों पर चल रहा था ट्रायल इस मामले में चार आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें तीन जूनियर इंजीनियर और एक ट्रांसपोर्टर शामिल थे। जिसमें जयनारायण प्रसाद (जूनियर इंजीनियर), हामिद राज अंसारी (जूनियर इंजीनियर), एक अन्य जूनियर इंजीनियर, ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह, ट्रायल के दौरान दो अन्य अभियुक्तों की मौत हो चुकी थी। क्या था मामला जयनारायण प्रसाद की ओर से 1997 से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद जी वर्मा के अनुसार, आरोप था कि 7 अगस्त 1994 के ऑर्डर संख्या 5501 के तहत 1000 मीट्रिक टन बिटुमन (अलकतरा) की आपूर्ति जहानाबाद डिवीजन में की जानी थी। इसके लिए हल्दिया से बरौनी होते हुए अलकतरा भेजा जाना था। मामले में 1053.92 मीट्रिक टन अलकतरा का उठाव किया गया था। आरोप था कि अलकतरा हल्दिया से उठाया तो गया, लेकिन उसे जहानाबाद नहीं भेजा गया और बीच में ही गड़बड़ी कर दी गई। कब दर्ज हुई थी एफआईआर मामले में एफआईआर 6 मार्च 1997 को दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 20 फरवरी 1997 को मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने क्या कहा सीबीआई-2 पटना सिविल कोर्ट ने माना कि तीनों जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। इसके चलते तीनों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह को दोषी पाया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई और 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 10:39 pm

आज का एक्सप्लेनर:अमेरिका-ईरान जंग में कौन जीता, क्या पाकिस्तान नहीं, कतर ने करवाई डील, पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा; 7 सवालों में पूरी कहानी

107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। अंदरखाने कैसे हुई ये डील, इसमें क्या-क्या शर्तें हैं, आखिर कौन जीता ये जंग और अब आगे क्या होगा; ऐसे 7 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: क्या अमेरिका और ईरान में वाकई जंग खत्म हो गई है? जवाबः 14 जून की देर रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहजाब शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ऐलान किया, 'अमेरिका और ईरान में शांति समझौता हो गया है। दोनों देश लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने के लिए तैयार हो गए हैं।' थोड़ी देर बाद ट्रम्प ने भी एक पोस्ट से जरिए कंफर्म किया, 'ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ ईरान की तरफ से भी पुष्टि की गई कि दोनों पक्षों ने एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU फाइनल कर लिया है। इससे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटेगी और मौजूदा सीजफायर आगे बढ़ेगा। हालांकि इस घोषणा को ‘जंग का अंत’ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। इसकी तीन बड़ी वजहें हैं… पहली- खुद ट्रंप का बयान: ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। अगर परमाणु कार्यक्रम पर समझौते से अमेरिका संतुष्ट नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाएगा। दूसरी- इजराइल का रवैयाः समझौते की घोषणा से कुछ घंटे पहले इजराइल ने लेबनान पर बमबारी की। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाने के संकेत दिए हैं। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान पीस डील पर कड़ी नाराजगी जताई है। तीसरी- ईरान की शर्तेंः ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि ये डील कायम रखने के लिए अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना। जेनेवा में 19 जून को MoU पर साइन होंगे। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प या उप राष्ट्रपति जेडी वांस, समझौते पर डिजिटल साइन करेंगे। इसके बाद अगले 60 दिनों तक कई दौर की बातचीत होगी और फाइनल एग्रीमेंट तय किया जाएगा। सवाल-2: पाकिस्तान या कतर, अंदरखाने ये डील किसने कराई? जवाबः जंग शुरू होने के बाद सुलह कराने की कमान सबसे पहले पाकिस्तान ने संभाली, लेकिन आखिरी दौर में बाजी कतर के हाथ आ गई… दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर्स रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में मिडिल ईस्ट से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट कबीर तनेजा बताते हैं, ‘इस समझौते में कतर की एंट्री आर्थिक वजहों से हुई। मसलन- आने वाले दिनों में ईरान फंड्स की मांग करता है, तो ये कतर से ही ट्रांसफर किए जाएंगे। क्योंकि ईरान के फ्रीज फंड का बड़ा हिस्सा कतर के बैंकों में बंद है। अगर ट्रम्प खुद अमेरिका के हवाले से फंड्स भेजेंगे, तो अमेरिका की स्थिति कमजोर दिखेगी।’ डिफेंस एनालिस्ट नितिन ए. गोखले का आकलन है कि पाकिस्तान के पास इतना दम या भरोसा नहीं था कि वह दोनों पक्षों को समझौते के करीब ला सके। आखिरकार कतर की दखल से ही डील मुमकिन हुई। हालांकि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एसोसिएट रिसर्चर डॉ. यासिर अली मिर्जा इसे किसी एक देश की जीत मानने से इनकार करते हैं। उनके मुताबिक यह डील पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब और ओमान के साझा प्रयासों का नतीजा है। सवाल-3: इस समझौते में दोनों देश किन-किन बातों पर राजी हुए हैं?जवाबः आधिकारिक तौर से अभी शांति समझौते की शर्तें जारी नहीं की गई है। लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर और ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शांति के लिए 14 पॉइंट का लेखा तैयार किया गया हैं- सवाल-4: आखिरकार इस जंग में कौन जीता? जवाबः समझौते की शर्तों और बयानों से तो इस जंग में ईरान का पलड़ा भारी दिख रहा है… ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने डील की घोषणा के बाद कहा, 'दुश्मन ने अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हम पर हमला किया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया और हमने जंग में बड़ी जीत हासिल की।' दूसरी तरफ ट्रम्प ने डील का ऐलान करते हुए जंग में जीत का कोई जिक्र नहीं किया। जबकि कुछ हफ्तों पहले तक वो ईरान को नेस्तनाबूद करने का दावा कर रहे थे। सवाल-5: इजराइल इस डील से खुश है या नाराज? जवाबः शुरुआती प्रतिक्रियाओं में इजराइल इस डील से नाखुश दिख रहा है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल बंधा हुआ नहीं है। कबीर तनेजा मानते हैं कि इजराइल के लिए ये डील बुरी खबर है। उसने ट्रम्प के बार–बार कहने के बाद भी लेबनान पर हमले नहीं रोके थे। 14 और 15 जून को भी इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई मिसाइलें दागीं। हालांकि इजराइल को एक बड़ी बढ़त भी मिल रही है। लेबनान की करीब 2,000 वर्ग किमी जमीन पर अब इजराइल का कब्जा है। पहले इजराइल कहता था कि उसका टारगेट सिर्फ लितानी नदी तक हिजबुल्ला लड़ाकों को खत्म करना है। लेकिन अब वो नदी पार कर लेबनान के दक्षिणी शहर नबातीह तक पहुंच गया है। इजराइल ने साफ कर दिया है कि इस जंग के दौरान उसने जो भी जमीन कब्जाई है, वह नहीं लौटाएगा। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार की नीति स्पष्ट है। सेना इन इलाकों में बनी रहेगी ताकि इजराइल की सीमाओं और वहां रहने वाले लोगों को जिहादी गुटों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन सुरक्षा क्षेत्रों से स्थानीय निवासियों को हटाया जाएगा और जमीन के ऊपर तथा नीचे मौजूद सभी आतंकी ढांचों को नष्ट किया जाएगा। सीमा से सटे गांवों में जिन घरों का इस्तेमाल आतंकी ठिकानों के रूप में हुआ, उन्हें भी ध्वस्त किया जाएगा। काट्स ने कहा कि नेतन्याहू ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भी साफ कर दी है। उन्होंने खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस मुद्दे पर बात की है। सवाल-6: इस डील का भारत समेत दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? जवाबः होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में ईंधन का जो संकट पैदा हुआ था, उससे निजाद मिलेगी… हालांकि JNU में फॉरेन अफेयर्स के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘जंग रुकती है, तो तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं। बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो जाता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ यासिर अली मिर्जा बताते हैं, ‘जंग रुकने से ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और भारत और ईरान के बनाए चाबहार बंदरगाह पर व्यापार बढ़ेगा। इससे भारतीय सामान सीधे ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सकेगा। हालांकि, इसका असर दिखने में अभी समय लगेगा।’ सवाल-7: क्या यह डील टिकेगी? टूटने का सबसे बड़ा खतरा क्या है? जवाबः डील टूटने के 3 बड़े खतरे हैं- हालांकि यासिर अली मिर्जा मानते हैं कि मौजूदा डील फाइनल एग्रीमेंट में बदलेगी और जंग खत्म होगी, क्योंकि दोनों देश इस समय जंग आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। ईरान को जंग से इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। वो चाहेगा कि उसके फंड्स रिलीज हों और नुकसान की भरपाई हो। ---------- ये खबर भी पढ़िए… पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 4:28 pm

जयपुर में दिखी हाथी पर बैठे महाराणा प्रताप की मूर्ति:प्रदर्शनी में राज्यपाल बोले- हल्दीघाटी केवल युद्ध नहीं, स्वाभिमान का प्रतीक

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती और हल्दीघाटी युद्ध विजय के 450वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में जयपुर में ‘हल्दीघाटी विजय स्मृति शिल्प प्रदर्शनी’ की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने किया। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए राज्यपाल बागड़े ने कहा- महान इतिहास सदैव समाज को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक संघर्ष नहीं, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। अंग्रेजों ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को भुलाने का प्रयास किया, लेकिन हमारे वीरों की गाथाएं आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं। मानसरोवर स्थित भारती शिल्पकला स्टूडियो में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में महाराणा प्रताप और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े योद्धाओं, वीरांगनाओं एवं ऐतिहासिक विभूतियों की प्रतिमाओं का दुर्लभ संग्रह प्रदर्शित किया गया है। राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की हाथी पर सवार प्रतिमा, चेतक पर सवार प्रताप की भव्य मूर्तियों और हल्दीघाटी युद्ध से जुड़ी शिल्पाकृतियों का अवलोकन किया। मेवाड़ की भूमि सदैव वीरों की भूमि रही है, जिसने कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। उन्होंने बप्पा रावल के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा- विदेशी आक्रांताओं को भारत से खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राज्यपाल ने कहा- अकबरनामा दरबारी इतिहास था, जबकि भारतीय इतिहास में अनेक वीरों और वीरांगनाओं के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं मिला। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन गौरवशाली अध्यायों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इवेंट की फोटोज यहां देखें… मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास की झलक प्रदर्शनी में 12 इंच से लेकर 15 फीट तक की प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं। इनमें चेतक पर सवार महाराणा प्रताप, हाथी पर आरूढ़ महाराणा प्रताप, राणा पूंजा, भामाशाह, हाकिम खान सूरी, पन्ना धाय, भक्त शिरोमणि मीराबाई, महारानी पद्मिनी और राणा सांगा जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की आकर्षक मूर्तियां शामिल हैं। इन प्रतिमाओं के माध्यम से न केवल हल्दीघाटी युद्ध की स्मृतियों को जीवंत किया गया है, बल्कि मेवाड़ की उस गौरवशाली परंपरा को भी सामने लाया गया है जिसने भारतीय इतिहास को नई दिशा दी। 25 वर्षों से महाराणा प्रताप को गढ़ रहे हैं महावीर भारती प्रदर्शनी के आयोजक एवं प्रख्यात मूर्तिकार महावीर भारती ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। अब तक वे विश्वभर में 600 से अधिक प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं। देश के 15 से अधिक राज्यों के साथ-साथ दुबई और मॉरीशस तक स्थापित महाराणा प्रताप की अनेक प्रतिमाएं उनके स्टूडियो में तैयार की गई हैं। यह प्रदर्शनी केवल मूर्तियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि मेवाड़ के शौर्य, त्याग और बलिदान की अमर गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, विधायक गोपाल शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित राजनीतिक, सामाजिक और कला जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:48 am

लखनऊ- PGT परीक्षा में 52% अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा:रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े सवाल पूछे गए, कड़ी तलाशी के बाद मिला प्रवेश

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से राजकीय इंटर कालेज में प्रवक्ता भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को लखनऊ सहित कई जनपदों में आयोजित हुई। रूस और यूक्रेन युद्ध के अलावा आयुष्मान आरोग्य व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के पूछे गए सवाल पूछे गए। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। परीक्षा में 23951 में 11378 उपस्थित रहे। जबकि करीब 52 फीसदी ने यानी 12573 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। कड़ी जांच के बाद मिली एंट्री राजकीय जुबिली इंटर कालेज समेत दूसरे परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया दिया। हिंदी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, उर्दू, गणित, समाजशास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान विषयों के शिक्षकों का चयन होगा। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। अखिलेश ने बताया कि अर्थशास्त्र विषय के सवाली टीजीटी-पीजीटी स्तर के पूछे गए। इसमें सतत विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न सरकारी योजनाएं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व आयुष्मान आरोग्य योजना के सवाल पूछे गए। अनुराग ने बताया कि जीएस का स्तर सामान्य रहा। जबकि अर्थशास्त्र का खंड अपेक्षाकृत कठिन था। परीक्षा में स्टेटिक्स और करंट एफेयर दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल थे। इसके अलावा इजराइल-ईरान और रूस व यूक्रेन युद्ध के सवाल पूछे गए।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 11:30 pm

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान से 90 हजार लोगों का इलाज:मंत्री बोले-पंजाब सरकार की मुहिम के सकारात्मक परिणाम, शुरुआती संकेत पहचानने की जरूरत

पंजाब में भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान की स्थायी सफलता केवल नशा तस्करों और सप्लायरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसकी सफलता का आधार रोकथाम, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और परिवारों और समाज द्वारा दिया जाने वाला सहयोग भी है। 1 मार्च 2025 को शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण नशा-विरोधी पहलों में से एक बन चुकी है। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नशा तस्करों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशामुक्ति, पुनर्वास और जन-जागरूकता को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। 90 हजार से अधिक व्यक्तियों का इलाज हुआ पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों के तहत 1 मार्च 2025 से मई 2026 तक पंजाब के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों और ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओ ओ ए टी ) केंद्रों में नशे से प्रभावित 90 हजार से अधिक व्यक्तियों को भर्ती कर उनका उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में नशों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन ऐसे संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान करने में, जिनमें नशे की आदत विकसित होने का खतरा हो, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे की लत के शुरुआती संकेत अक्सर अनदेखे रह जाते हैं और ये भावनात्मक, व्यवहारिक तथा शारीरिक परिवर्तनों के रूप में दिखाई देते हैं। 'व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को नजरअंदाज न करें' नशे की लत के प्रारंभिक संकेतों में अचानक स्वभाव में परिवर्तन, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई या कार्य में ध्यान न लगना, परिवार से दूरी बनाना, अपनी गतिविधियों के बारे में अत्यधिक गोपनीयता रखना, बार-बार पैसों की मांग करना, नए मित्रों का साथ बनना, नींद में गड़बड़ी तथा खेल-कूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में रुचि कम होना शामिल हो सकता है। इसी प्रकार शारीरिक लक्षणों में व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी, लगातार थकान महसूस होना, आंखों का लाल होना, अत्यधिक नींद आना, खान-पान की आदतों में बदलाव और बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में वृद्धि या कमी शामिल हो सकती है। अभियान से जुड़े विशेषज्ञों ने परिवारों को सलाह दी है कि वे ऐसे व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को नजरअंदाज न करें। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ शांत, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण तरीके से संवाद करें तथा उन्हें डांटने या दोष देने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों या चिकित्सकों की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई और पुनर्वास प्रयासों के परिणामस्वरूप अनेक व्यक्तियों ने सफलतापूर्वक उपचार प्राप्त किया है और अब वे स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 'साहस कर लें तो नशे से मुक्ति संभव' अमृतसर के मनप्रीत सिंह (परिवर्तित नाम), जो नशे की लत से उबर चुके हैं, ने कहा, “एक समय ऐसा था जब मैंने स्वयं से उम्मीद छोड़ दी थी। पंजाब सरकार के नशामुक्ति केंद्र ने मुझे जीवन की नई दिशा दी। यहां के स्टाफ ने मेरा सम्मान बनाए रखते हुए पूरी देखभाल के साथ उपचार किया। आज मैं नशों से मुक्त हूं और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा हूं। मेरा संदेश केवल इतना है कि यदि आप पहला कदम उठाने का साहस कर लें तो नशे से मुक्ति संभव है।” इसी प्रकार तरनतारन जिले के भिखीविंड निवासी खुशबाज़ सिंह (परिवर्तित नाम), जो वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के नशामुक्ति केंद्र में भर्ती हैं, ने बताया, “उपचार और काउंसलिंग ने मुझे नशे की लत से बाहर निकलने और सामान्य जीवन में लौटने में सहायता की है। आज मेरा ध्यान अपने परिवार, काम और स्वस्थ भविष्य पर है। यहां का स्टाफ अत्यंत सहयोगी और प्रेरणादायक है।” अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश… 'शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करनी होगी' भगवंत मान सरकार का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के 3 प्रमुख स्तंभ हैं। नशामुक्ति, पुनर्वास और काउंसलिंग। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के माध्यम से सरकार नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने, नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित व्यक्तियों की सफल रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का स्पष्ट मत है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाज को मिलकर शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करनी होगी और प्रभावित व्यक्तियों को उपचार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की दिशा में सहयोग देना होगा। अभियान इस बात पर विशेष बल देता है कि नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के प्रयास भी निरंतर जारी रहने चाहिए, तभी पंजाब को नशों की इस गंभीर समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सकेगा।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 4:51 pm

पठानकोट में युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम का दूसरा चरण शुरू:शिकायत बॉक्स वाले ई-रिक्शा रवाना; शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय

पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के दूसरे चरण की शुरुआत पठानकोट में हो गई है। आम आदमी पार्टी के सुजानपुर हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू ने शिकायत बॉक्स से लैस एक विशेष ई-रिक्शा को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना और शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना है। गांवों और कस्बों में जाएगा रिक्शाइस अवसर पर अमित सिंह मंटू ने बताया कि यह ई-रिक्शा हलका सुजानपुर के विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी घोषणाएं करेगा। यह लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील भी करेगा। ई-रिक्शा पर लगाए गए शिकायत बॉक्सउन्होंने बताया कि ई-रिक्शा पर लगाए गए शिकायत बॉक्स में आम लोग नशा तस्करी, नशे के कारोबार या अन्य संबंधित गतिविधियों के बारे में अपनी शिकायतें और सुझाव डाल सकेंगे। प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय अमित सिंह मंटू ने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर या दबाव के नशे से जुड़ी जानकारी शिकायत बॉक्स में डालें। उन्होंने जोर दिया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, क्योंकि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। लोग इस मुहिम में करें सहयोगउन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खात्मे के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और जनता के सहयोग से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 1:50 pm

हल्दीघाटी युद्ध के 450 साल होने पर उदयपुर आएंगे मोहन-भागवत:वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष बोले- सालों से फैलाए जा रहे झूठ को अब बदला जाएगा

उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में 17 जून को हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ पर यहां ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ होगी। प्रताप गौरव केन्द्र के इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत संबोधित करेंगे। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया- पिछले साढ़े चार सौ सालों से फैलाए जा रहे इस झूठ को अब बदला जाएगा कि युद्ध में अकबर जीता था। सच यह है कि महाराणा प्रताप ने अपनी रणनीति से अकबर की सेना को हराया था। प्रो. शर्मा ने बताया- युद्ध के शुरुआती दौर में ही मेवाड़ी सेना ने मुगलों को सात कोस पीछे खदेड़ दिया था। हार के डर से मुगल सेना गोगुंदा के किले में छिप गई थी। वहां रसद खत्म होने पर मुगलों को मरे हुए घोड़ों का मांस और कच्ची केरियां खाकर दिन काटने पड़े थे। जब वे आगरा लौटे तो अकबर ने नाराज होकर मानसिंह का दरबार में आना 6 महीने के लिए बंद कर दिया था। यह साबित करता है कि जीत प्रताप की हुई थी। घर-घर बांटे जा रहे 2 लाख पत्रक प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि इस ऐतिहासिक सच को जनता तक पहुंचाने के लिए 2 लाख पत्रक छपवाए गए हैं। कार्यकर्ता राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के कई जिलों में इन्हें घर-घर बांट रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 1000 से ज्यादा संतों और देश भर से 5000 प्रबुद्धजनों को न्योता भेजा गया है। कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि सभा में 25 से 30 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 2 लाख वर्ग फीट का विशाल वाटरप्रूफ डोम और 20 हजार कुर्सियां लगाई जा रही हैं। जून की भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे डोम में पंखे और वाटर मिस्ट (कूलर जैसी ठंडी फुहार) सिस्टम लगाया जा रहा है। हल्दीघाटी की मिट्टी से बनेगी प्रताप की तस्वीर कलाकार मनोहर कलार्थी पहली बार हल्दीघाटी की मूल मिट्टी से महाराणा प्रताप और डॉ. मोहनराव भागवत की अनूठी तस्वीर बना रहे हैं। मंच के सामने मिट्टी से ही कुम्भलगढ़ और चित्तौड़गढ़ के किलों की झांकी सजाई जाएगी। ई-रिक्शा, फ्री खाना और वीआईपी एंट्री बाहर से आने वाले लोगों के लिए विद्या भवन और फतह स्कूल में पार्किंग रहेगी। पार्किंग से ग्राउंड तक लाने-ले जाने के लिए ई-रिक्शा चलेंगे। वापसी में सभी के लिए 25 हजार भोजन पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों की स्पेशल टीम और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन यह पूरा आयोजन पर्यावरण के अनुकूल होगा। मैदान में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होगा। मेहमानों के लिए पानी की बोतलें और कूड़ेदान भी मिट्टी के बने होंगे। इसके अलावा 15 जून से गांधी ग्राउंड में तीन दिवसीय ‘मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी’ भी शुरू होगी।

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 5:51 pm

मुंशी हसदा ने स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को हराया:जिला फुटबॉल लीग में 4-0 से एकतरफा जीत दर्ज की

पूर्णिया जिला फुटबॉल लीग टूर्नामेंट में आज मुंशी हसदा और स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में मुंशी हसदा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को 4-0 से एकतरफा मात दी। मैच की शुरुआत से ही मुंशी हसदा की टीम आक्रामक नजर आई। खेल के दूसरे मिनट में जर्सी नंबर 11 के खिलाड़ी वीरेंद्र ने पहला गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 15वें और 27वें मिनट में जर्सी नंबर 12 के राजीव ने लगातार दो गोल कर बढ़त को 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भी मुंशी हसदा का दबदबा कायम रहा। जर्सी नंबर 10 के खिलाड़ी ने चौथा गोल कर टीम की बढ़त को 4-0 तक पहुंचाया। अंततः मुंशी हसदा ने यह मुकाबला 4-0 से अपने नाम कर लिया। मैच के मुख्य निर्णायक राम सेवक, रमन, रजनीश कुमार और बबलू कुमार थे। अपने उत्कृष्ट खेल के लिए जर्सी नंबर 12 के राजीव कुमार को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस अवसर पर डीएसए अध्यक्ष गौतम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ एथलेटिक संघ के सचिव एम.एच. रहमान, क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गौतम चौधरी, फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, रमन सिंह, आलोक लोहिया, पूर्व फुटबॉलर मनीष कुमार, फरद आलम, राजू सिंह और अंबुज सिंह भी मौजूद थे। टूर्नामेंट के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में आगे भी कई रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 11:02 pm

एकतरफा प्यार में शादीशुदा महिला पर जानलेवा हमला मामला:दुर्ग कोर्ट ने आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई, पत्थर और कटर से किया था वार

दुर्ग जिले के बहुचर्चित एकतरफा प्रेम और जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश निर्मलकर उर्फ सोनू को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने शादीशुदा महिला की हत्या करने के इरादे से उस पर पत्थर और धारदार कटर से हमला किया था। पीड़िता ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता अन्नू गायकवाड़ अपने पति से अलग होकर नेवईभाठा क्षेत्र में रह रही थीं। इसी दौरान क्षेत्र का निवासी ओमप्रकाश निर्मलकर उनसे एकतरफा प्रेम करने लगा। आरोपी लगातार उन्हें परेशान करता था। इस संबंध में अन्नू ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी पीड़िता से रंजिश रखने लगा था। ड्यूटी जाने निकली थी तब किया हमला 17 अप्रैल 2025 की सुबह करीब 6:30 बजे अन्नू गायकवाड़ काम पर जाने के लिए घर से निकली थीं। नेवई खदानपारा नर्सरी के पास आरोपी ने उनका रास्ता रोक लिया और एकतरफा प्रेम में असफल रहने की नाराजगी में हमला कर दिया। आरोपी ने पहले भारी पत्थर से महिला के सिर और चेहरे पर वार किया, फिर धारदार कटर से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, टूटी चूड़ियां और अन्य साक्ष्य जब्त किए। 12 गवाहों की गवाही बनी अहम सबूत पुलिस ने 18 अप्रैल 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त करीब पांच किलो का पत्थर और खून से सना कटर बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच में इन पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता अन्नू गायकवाड़, प्रत्यक्षदर्शी पायल यादव, पीड़िता की मां सुभिया टंडन सहित कुल 12 गवाहों को अदालत में पेश किया। मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया। कोर्ट ने कहा- हमला बेहद गंभीर था सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे जैसे संवेदनशील अंगों पर हमला किया था। हमले की प्रकृति और परिस्थितियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाती तो आरोपी हत्या का दोषी होता। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(2) के तहत दोषसिद्ध कर तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेज दिया गया।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 5:35 pm

झाबुआ बस स्टैंड पर महिला जेबकतरी रंगे हाथ पकड़ाई:भागते समय ग्रामीण महिला ने की धुनाई, पुलिस के हवाले किया

झाबुआ बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला जेबकतरी को रंगे हाथों पकड़ा गया। वह एक निजी यात्री बस में चढ़कर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी एक ग्रामीण महिला ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र से आई एक महिला बस स्टैंड पर मौजूद थी। इसी दौरान एक अन्य महिला ने उसके पर्स से नकदी निकाल ली। चोरी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत आरोपी महिला का पीछा किया। आरोपी महिला एक निजी यात्री बस में सवार होकर भागने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पीड़िता ने उसे बस में चढ़ने से पहले ही पकड़ लिया। बस स्टैंड पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साई ग्रामीण महिला ने आरोपी की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 1:03 pm

आजमगढ़ में पहुंचे दो युवकों के शव:कुक और सिक्योरिटी गार्ड बनने गए थे, रूस यूक्रेन युद्ध में हुए थे लापता

रूस और यूक्रेन के बीच हो रही लड़ाई के बाद कुक, रसोइयां और सिक्योरिटी गार्ड बनने का सपना लेकर गए युवक जिन्हें युद्ध के मैदान में उतार दिया गया था। इनमें आठ लोग लापता हो गए थे। लापता युवाओं में से दो लोगों की डेड बॉडी गुरुवार की देर रात्रि आजमगढ़ पहुंची। आजमगढ़ और मऊ जिले के कई लोग नौकरी की तलाश में जनवरी 2024 में एजेंटों के जाल में फंस कर रूस चले गए। इनमें से आजमगढ़ के कन्हैया यादव और मऊ के श्यामसुंदर और सुनील यादव की रूस- यूक्रेन जंग में मौत हो चुकी थी। आजमगढ़ के राकेश यादव और मऊ के बृजेश यादव घायल होने के बाद घर लौट आए थे। वहीं विनोद यादव, जोगेंद्र यादव, अरविंद यादव, रामचंद्र, अजहरुद्दीन खान, हुमेश्वर प्रसाद, दीपक, धीरेंद्र कुमार लापता हो गए थे। कंधरापुर थाना के खोजापुर माधवपट्टी निवासी योगेंद्र यादव भी उसी में थे। परिवार के लोगों का कहना था कि मऊ के एजेंट विनोद यादव ने सभी को फंसाया था। गार्ड की नौकरी के लिए लेकर गए और बार्डर पर भेज दिया। 15 जनवरी 2024 को विनोद, सुमित और दुष्यंत नामक एजेंट के साथ गए उनको गार्ड और हेल्पर की नौकरी के लिए ले जाया गया। रूस पहुंचने के बाद उन्हें जबरन ट्रेनिंग देकर आर्मी में युद्ध के लिए भर्ती कर दिया गया।शहर के गुलामी का पूरा निवासी अजहरूद्दीन को 27 जनवरी 2024 को एजेंट विनोद अपने साथ लेकर गया था। जब वह लापता हो गया तो उसके भाई ने यहां से लेकर रूस तक दौड़ लगाई। लेकिन उसका पता नहीं चल सका। काफी दिनों बाद बृहस्पतिवार को अजहरुद्दीन और आराजी देवारा करखिया निवासी रामचंद्र का शव उनके घर पहुंचा। दोनों की 2 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी थी ताबूत में कंकाल पहुंचा। 2 वर्ष से कर रहे थे भाई की तलाशअजहरुद्दीन के भाई अजीमुद्दीन और जीजा अबू बकर ने बताया कि हम लोग दो साल से अजहरुद्दीन की तलाश में भटक रहा था। यहां एंबेसी से लेकर रूस तक दौड़ा हूं। काफी मशक्कत के बाद सरकार की मदद से आज उसका शव मिल सका। यह बहुत बड़ा स्कैम है एजेंसी संचालक पर कार्रवाई होनी चाहिए। काफी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। हमारी सरकार से मांग है कि हमारे अजहरुद्दीन की सेलरी और जो भी बकाया फंसा है उसे दिलाया जाए। प्रशासन की ओर से दोनों शवों को वाराणसी से लाकर उनके परिवार के सुपुर्द करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तहसीलदार सगड़ी विवेकानंद वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे और सारी कार्रवाई पूरी कर शव को लाकर परिजनों के हवाले किए।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 9:37 am

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.

बूमलाइव 23 Mar 2026 6:22 pm

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'

बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

बूमलाइव 26 Feb 2026 1:24 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm