IPL Kids ने U19 विश्वकप में न्यूजीलैंड को दी एकतरफा 7 विकेटों से मात
INDvsNZअमब्रिश (चार विकेट) और हेलिन पटेल (तीन विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी और कप्तान आयुष म्हात्रे (53) के शानदार अर्धशतक के दम पर भारतीय टीम ने शनिवार को अंडर-19 विश्वकप के वर्षा प्रभावित 24वें मुकाबले में न्यूजीलैंड को डीएलएस पद्धति के तहत 141 गेंद ...
आज रात ही ईरान पर बड़ा हमला करने जा रहा अमेरिका? मिडिल ईस्ट के सूत्रों के हवाले से दावा
US attack on Iran: ईरान का हाल बेहाल है. सैकड़ों मौतों के बाद दावा है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई के इशारे पर सरकार प्रदर्शनकारियों को कुचलने के साथ-साथ आंदोलन खत्म कराने में कामयाब रही है. इसके बाद अमेरिका की ओर से ईरान पर कभी भी होने वाले कथित अप्रत्याशित हमले की तारीख और टाइमिंग बताई जा रही है.
अगर शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध तो 150 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल, भारत पर भी होगा असर
US Iran Conflict: निश्चित रूप से यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव युद्ध में तब्दील होता है, तो इसका सबसे बड़ा और तत्काल प्रहार वैश्विक ऊर्जा बाजार पर होगा। खाड़ी देशों में युद्ध की आहट मात्र से कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद किया, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई का दौर शुरू हो सकता है। दुनिया की नजरें अब 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर टिकी हैं, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की 'गले की नस' कहा जाता है। दुनिया का 'एनर्जी गेटवे' ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑइल चोकपॉइंट' है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 फीसदी और भारत की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। चिंता इसलिए भी है कि ईरान ने पहले भी कई बार चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह इस रास्ते को ब्लॉक कर देगा। यदि ऐसा होता है, तो सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे बड़े उत्पादकों का तेल बाजार तक नहीं पहुंच पाएगा। कीमतों पर क्या होगा असर? विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतें रातों-रात आसमान छू सकती हैं। युद्ध शुरू होते ही 'वॉर रिस्क प्रीमियम' के कारण ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यदि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो कीमतें 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो यह 150 डॉलर के पार भी जा सकता है। भारत पर भी होगा सीधा असर भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। खाड़ी में तनाव का मतलब है भारत में महंगा पेट्रोल और डीजल। माना जा रहा है कि क्रूड के 100 डॉलर के पार जाने की स्थिति में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ जाएगी। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। तेल आयात बिल बढ़ने से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर हो सकता है। हालांकि बाजार में वर्तमान में तेल की अधिक आपूर्ति है, लेकिन खाड़ी देशों से आने वाले तेल का कोई ठोस विकल्प तुरंत उपलब्ध नहीं है। पाइपलाइनों के जरिए कुछ तेल निकाला जा सकता है, लेकिन वह कुल समुद्री व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार बाजार अभी 'देखो और प्रतीक्षा करो' की नीति पर है। अगर ट्रंप का 'अरमाडा' केवल दबाव बनाने के लिए है, तो कीमतें स्थिर रहेंगी। लेकिन अगर एक भी मिसाइल चली तो ऊर्जा बाजार में सुनामी आ जाएगी। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
पटना: वार्ड पार्षद की बेटे ने एकतर्फे प्यार में नाबालिग लड़की को जलाया, पीड़िता की अस्पताल में हुई मौत
पटना के बेरिया गांव में वार्ड पार्षद के बेटे ने एकतरफा प्यार में 16 वर्षीय किशोरी को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया, इलाज के दौरान पीड़िता की मौत।
40 अरब डॉलर की सोने की खदान के लिए छिड़ा महायुद्ध! इंसान नहीं रोबोट निकाल रहे अरबों का सोना
Indonesia Gold Mine: इंडोनेशिया के पापुआ पहाड़ों में ग्रासबर्ग नाम की एक विशाल सोने की खदान है. यह खदान न केवल अरबों डॉलर की कमाई का जरिया है बल्कि दुनिया भर में कई विवादों का केंद्र भी बनी हुई है.
मिडिल ईस्ट में बजी युद्ध की घंटी! ट्रंप ने भेज दिया जंगी जहाज; ईरान बोला- हमले का बदला सर्वनाश
Iran Response To US Threats: ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी हमले को वह पूरी तरह से युद्ध मानेगा. जानकारी के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और अन्य सैन्य बल तैनात किए जा रहे हैं. ईरानी सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने को तैयार है.
America-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समय जंग होने की संभावना है. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं बल्कि खलीफा ने किया है.
झांसी के रिजर्व पुलिस लाइन ग्राउंड पर शुक्रवार शाम ठीक छह बजे अचानक अंधेरा छा गया। सायरन की गूंज के बीच जोरदार धमाके के साथ झोपड़ी में आग लग गई। यह नजारा देख मैदान पर मौजूद लोग सहम गए, लेकिन पुलिस ने माइक से स्पष्ट किया कि घबराने की जरूरत नहीं है,यह सब मॉकड्रिल का हिस्सा है। पहले मॉकड्रिल की तीन तस्वीरें देखें... दरअसल, युद्ध जैसी स्थिति, हवाई हमले, आतंकी घटना या किसी भी आपात हालात से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए यहां ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस रिहर्सल में SDRF, झांसी पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और डायल 108 की टीमों ने हिस्सा लिया। मॉकड्रिल की शुरुआत युद्ध की चेतावनी देने वाले सायरन से हुई। सायरन बजते ही जवानों ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही घरों और आसपास जल रही सभी लाइटें बंद कराई गईं। लोगों को समझाया गया कि मोबाइल की टॉर्च भी न जलाएं, क्योंकि इससे दुश्मन को संकेत मिल सकता है और हवाई हमला संभव है। बच्चे की टॉर्च बनी हमले की वजह जागरूकता के लिए मॉकड्रिल में यह भी दिखाया गया कि ब्लैकआउट क्यों जरूरी है। इसी दौरान एक बच्चे ने मोबाइल की टॉर्च जला दी। टॉर्च की रोशनी दिखते ही आसमान में उड़ रहे दुश्मन के फाइटर प्लेन द्वारा बम गिराए जाने का दृश्य दिखाया गया। धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई और कई नागरिक घायल हो गए।घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, खून रोकने के बाद एम्बुलेंस से तुरंत अस्पताल भेजा गया। फायर फाइटर्स का क्विक एक्शन बम धमाके से लगी आग को फायर ब्रिगेड की टीम ने तेजी से काबू में लिया। फायर फाइटर्स ने शानदार टीम वर्क और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन करते हुए बड़े नुकसान को टाल दिया। वहीं, सिविल डिफेंस के जवानों ने झुलसे नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर इलाज की व्यवस्था कराई। ADM बोले, हर हालात से निपटने को तैयार पूरा मॉकड्रिल ADM प्रशासन शिवप्रताप शुक्ला की निगरानी में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि हाल ही में झांसी में इसी तरह की मॉकड्रिल की गई थी और आज उसी तर्ज पर दोबारा अभ्यास कराया गया। उन्होंने कहा, इस तरह के अभ्यास से हम अपनी तैयारियों और बचाव क्षमता को परखते हैं। हमारे सभी जवान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश के 75 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आतंक या युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों और प्रशासन की तैयारियों का आकलन करना था। इसी कड़ी में गाजियाबाद में भी सिविल डिफेंस के नेतृत्व में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शुक्रवार शाम 6:30 बजे सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू हुआ, जो लगभग 10 मिनट तक चला। इस दौरान प्रतिभागियों को खतरे की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव उपायों की जानकारी दी गई। ब्लैकआउट के पहले दो मिनट में ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजाया गया, जो खतरे का संकेत था। इसके बाद दो मिनट तक समान आवाज में सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने का संकेत दिया गया। तत्पश्चात सभी बचाव और राहत दल अपने-अपने कार्यों में सक्रिय हो गए। मॉक ड्रिल गाजियाबाद की लैंडक्राफ्ट गोल्फ फिल्म सोसायटी में जिला प्रशासन की उपस्थिति में आयोजित की गई। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। एनडीआरएफ ने बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जबकि अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही। सिविल डिफेंस की टीमों का नेतृत्व सहायक उप नियंत्रक (वरिष्ठ वेतनमान) गुलाम नबी और सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह ने किया। गाजियाबाद के वार्डन नागरिक सुरक्षा ललित जायसवाल ने इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में सिविल डिफेंस गाजियाबाद के सभी वार्डन और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यह मॉक ड्रिल सफल रही और आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों को जागरूक करने में मददगार साबित हुई।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अलवर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत परेड में देशसेवा के लिए तैयार हुए नव आरक्षियों ने अनुशासन, शौर्य और युद्ध कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड पर कदमताल की गूंज, बैंड की मधुर धुन और साहसिक अभ्यासों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर 10वें और 11वें बैच (बीआरटीसी) के जवानों ने कठोर प्रशिक्षण की झलक पेश करते हुए राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ बल की मुख्यधारा में कदम रखा। दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक पारुल कुश जैन रहे। परेड का आयोजन उप महानिरीक्षक संजीव यादव के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के दौरान भव्य बैंड प्रदर्शन, योग प्रदर्शन, टैटू ड्रिल और सैन्य कौशल से जुड़े अभ्यासों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नव आरक्षियों ने शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन, अनुशासन और युद्ध कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। नव आरक्षी शिवानी भट्ट ने संभाली दीक्षांत परेड की कमान दीक्षांत परेड की कमान नव आरक्षी शिवानी भट्ट ने संभाली। परेड में कुल 365 आरक्षियों ने हिस्सा लिया,जिनमें 34 महिला नव आरक्षी शामिल रहीं। परेड के बाद राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर की ओर से नव आरक्षियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह प्रमाण-पत्र उनके प्रशिक्षण को शैक्षणिक मान्यता और संस्थागत मानक प्रदान करता है। नव आरक्षियों के कठोर, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक यह दीक्षांत परेड नव आरक्षियों के कठोर, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक रही। इसके साथ ही वे सशस्त्र सीमा बल की गौरवशाली परंपराओं, मूल्यों और राष्ट्र सुरक्षा के दायित्वों के निर्वहन हेतु औपचारिक रूप से बल का अभिन्न अंग बने। कार्यक्रम में संजय कुमार कोठारी उप महानिरीक्षक आईटीबीपी रामगढ़, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरप्रीत कौर गिल (आर्मी कैंप इटाराना), जब्बार आईएएस वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर अलवर, डॉ. देबाशीष त्रिपाठी कमांडेंट (वेटनरी) डीटीबीसी डेरा, एस.के. शर्मा सहायक कमांडेंट सीआईएसएफ बहरोड़, वर्षा राठौड़ (राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर), शिवानी यादव (लघु उद्योग भारती अलवर) तथा सुधीर माथुर (अरनिमा सोशल वेलफेयर फाउंडेशन) सहित कई अधिकारी, अतिथि और प्रशिक्षक मौजूद रहे।
दरभंगा में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम के नाम से परहेज़ करने और सालों से मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनके इस बयान से जिले समेत प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐतिहासिक रूप से भगवान श्रीराम के नाम से कतराती रही है और आज भी राम का नाम लेने में उसकी जुबान चिपकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वजह है कि कांग्रेस ने न केवल अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का विरोध किया, बल्कि ‘विकसित भारत’ जैसे अभियानों का भी विरोध किया, क्योंकि उसमें भगवान राम का नाम जुड़ा हुआ है। राहुल गांधी पर बोला सीधा हमला बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्हें “फर्जी सनातनी” बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सनातन संस्कृति की बात तो करते हैं, लेकिन उनका व्यवहार इस्लामिक तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित है। संजय सरावगी ने कहा,“इस्लाम के नाम पर कांग्रेस की जुबान आसानी से चलती है, लेकिन भगवान श्रीराम का नाम लेने में इन्हें लज्जा और संकोच महसूस होता है। ”बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस ‘विकसित भारत’ अभियान जी राम जी का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि इसके संक्षिप्त रूप में भी ‘ भगवान श्रीराम’ का नाम निहित है। उन्होंने कहा कि यह विरोध कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है, जो सनातन परंपराओं और आस्था के खिलाफ रही है। भगवान श्रीराम भारत की आत्मा संजय सरावगी ने कहा कि भगवान श्रीराम भारत की आत्मा हैं और देश की जनता अब यह भली-भांति समझ चुकी है कि कौन राम के साथ है और कौन राम के विरोध में। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि“आज देश की जनता कांग्रेस के लिए ‘राम नाम सत्य’ कर रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेता अतीत में भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठा चुके हैं और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का खुलकर विरोध किया था। यही कारण है कि देश के सनातनी समाज ने कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नकार दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद दरभंगा समेत प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
यूपी के सभी 75 जिलों में शाम 6 बजे से ब्लैकआउट शुरू हो गया है। इस दौरान सायरन बजते ही हर जगह अंधेरा छा गया। कानपुर में धमाके की आवाज सुनकर लोग जमीन पर लेट गए। ऑपरेशन सिंदूर के समय भी ऐसा ही मॉक ड्रिल देखने को मिला था। वहीं, सीएम योगी लखनऊ पुलिस लाइन से मॉक ड्रिल पर नजर बनाए हुए हैं। यह अभ्यास युद्ध के समय हवाई हमलों जैसे हालात में दुश्मन से लोकेशन छिपाने और सुरक्षा की तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ मॉक ड्रिल में शामिल हैं। प्रशासन ने सभी जिलों में इसके लिए स्थान पहले ही चिन्हित किए हैं, ताकि लोगों को सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके। सबसे पहले तस्वीरें देखिए... ब्लैकआउट का मकसद क्या हैब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शाम के समय लाइटें बंद रखने से दुश्मन को किसी भी क्षेत्र की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता। इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की भी जांच करेंगी। जनता को दिया जाएगा यह संदेशप्रशासन का कहना है कि इस अभ्यास के जरिए लोगों को यह समझाना है कि भविष्य में अगर कभी ऐसी आपात स्थिति बनती है, तो घबराने के बजाय किस तरह अनुशासन में रहकर अपनी और देश की सुरक्षा में सहयोग करना है। मॉक ड्रिल क्यों जरूरी?मॉक ड्रिल का सबसे बड़ा मकसद युद्ध, हवाई हमला, आतंकी हमला या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में प्रशासन और आम जनता घबराए नहीं। पहले से अभ्यास होगा तो असली हालात में सही और तेज फैसला लिया जा सकेगा। पुलिस, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और होमगार्ड- ये सभी अलग-अलग काम करते हैं। मॉक ड्रिल से यह परखा जाता है कि आपात स्थिति में ये एजेंसियां कितनी जल्दी और कितने बेहतर तालमेल से काम कर पाती हैं। युद्ध के समय दुश्मन हवाई हमले के लिए रोशनी के जरिए टारगेट पहचानता है। ब्लैकआउट से शहर की लोकेशन छिप जाती है। हवाई हमलों से नुकसान कम होता है। आम नागरिक सुरक्षित रहते हैं। -------------------------------------------
पटना में 17 साल की लड़की पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। घटना 17 जनवरी की थी। आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात गोपालपुर थाना क्षेत्र के बेरिया गांव की है। घटना वाले दिन लड़की नानी घर से अपने घर लौट रही थी। लड़के ने रास्ते में रोका और बात करने का दबाव बनाने लगा। लड़की ने मना किया तो उसने पहले धमकी दी, मैं तुम्हें जला दूंगा। दोनों में बहस हुई। लड़के ने पेट्रोल डालकर लड़की को जला दिया। मामले में आरोपी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम... लपटों के साथ 100 फीट तक दौड़ी, लोगों ने पहुंचाया था अस्पताल परिवार ने बताया, बैरिया गांव का 22 साल का एक लड़का आदित्य उसे रोज रास्ते में परेशान करता था। कहता था कि मुझसे बात करो, तुम मेरी दोस्त बन जाओ। 17 जनवरी को लड़की ने मना किया तो आरोपी लड़के ने कहा, मैं पेट्रोल डालकर तुम्हें जला दूंगा। इतने में लड़की ने कहा कि हिम्मत है तो जला दो। दोनों में बहस हुई, जिसके बाद आरोपी मनचले ने लड़की के ऊपर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। लड़की का शरीर लगभग पूरी तरह जल चुका था। वो 100 फीट तक जलते हुए बीच सड़क पर भागती रही। फिर कुछ दूर आगे जाकर गिर गई। आसपास के लोगों ने आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया। 6 दिन इलाज चलने के बाद उसने दम तोड़ दिया। पिता बोले- फोटो वायरल करने की धमकी दी थी लड़की के पिता दिलीप कुमार ने बताया, मुस्कान 10वीं क्लास में पढ़ती थी। वह गोपालपुर के बेरिया में अपने नानी घर में रहकर पढ़ाई करती थी। हम लोगों ने भी पास ही किराए का मकान ले लिया था। बेटी रोज उसी रास्ते आना-जाना करती थी। बैरिया गांव का ही एक युवक आदित्य कुमार आते-जाते उनकी बेटी के साथ जबरन बातचीत करने की कोशिश करता था। 17 जनवरी को मेरी बेटी मुस्कान कुमारी अपने नानी घर से दोपहर में अपने घर लौट रही थी। पीपल पेड़ के पास आदित्य कुमार ने उसे घेर लिया और जबरदस्ती बातचीत करने का दबाव बनाने लगा। जब मुस्कान ने बातचीत करने से इनकार किया तो आदित्य कुमार ने एक फोटो दिखाकर वायरल करने की धमकी देने लगा। इसके बाद आदित्य ने पेट्रोल छिड़क कर जलाने का धमकी दी। इस पर मुस्कान ने कहा, अगर तुम्हारी हिम्मत है तो पेट्रोल डालकर जला दो। इसके बाद आदित्य ने लड़की के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। मौत से पहले लड़की ने अपना स्टेटमेंट रिकॉर्ड कराया मौके पर पहुंचे परिजन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। आनन-फानन में मुस्कान कुमारी को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार की अहले सुबह उनकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर मरने से पहले मुस्कान कुमारी ने घायल अवस्था में इलाज के दौरान पुलिस को अपने बयान में यह आरोप लगाया है कि आदित्य कुमार ने जबरन उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सदर SDPO- 2 रंजन कुमार ने बताया कि गोपालपुर थाना में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि एक युवक ने उसकी बेटी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था। आनन-फानन में छात्रा को पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस आरोपी युवक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
केरल चुनाव से पहले कांग्रेस में 'महायुद्ध'; Shashi Tharoor के तेवरों ने बढ़ाई हाईकमान की धड़कनें
केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में भारी दरार! कोच्चि महापंचायत में हुए अपमान से नाराज सांसद शशि थरूर ने हाईकमान की अहम बैठक से बनाई दूरी। राहुल गांधी द्वारा नाम न लेने और प्रोटोकॉल के उल्लंघन ने बढ़ाया विवाद। क्या चुनाव से पहले केरल कांग्रेस में मचेगा बड़ा विद्रोह? पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी।
अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने पूरे स्ट्राइक ग्रुप के साथ ईरान के करीब बढ़ रहा है। इसी बीच इस्राइल भी संभावित ‘सरप्राइज वॉर’ की तैयारी में जुटा हुआ बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी देकर माहौल को और गरमा दिया है।
3500 साल पुराना राज...तुर्की की जमीन से निकली ऐसी भाषा, जिसे आजतक किसी ने नहीं सुना
Science News: तुर्की में हित्ती साम्राज्य की पुरानी राजधानी की खुदाई के दौरान खोजकर्ताओं को एक ऐसी भाषा के बारे में पता चला है जिसके बारे में आज से पहले कोई नहीं जानता था.
Donald Trump: रूस-यूक्रेन के बीच हो रही जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि पुतिन और जेलेंस्की डील चाहते हैं लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति काफी जटिल है.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान: पुतिन-जेलेंस्की समझौते को तैयार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच समझौता न हो पाने की वजह वही पुरानी समस्याएं हैं
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच संत समाज दो धड़ों में बंट गया है। काशी, अयोध्या और मथुरा समेत देश के संतों में कुछ अविमुक्तेश्वरानंद को सही बता रहे, तो कुछ उन्हें गलत कह रहे। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महराज ने कहा- प्रशासन ने गलती तो की है। ब्राह्मणों और साधुओं को चोटी पकड़कर मारा है। प्रशासन माफी क्यों नहीं मांग ले रहा? वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि CM को अपशब्द करने वाला संत नहीं हो सकता। पढ़िए साधु-संतों ने जो कुछ कहा... शंकराचार्य सदानंद सरस्वती बोले- बटुक ब्राह्मणों को पीटा गया, यह गलतद्वारका के शारदा पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती का कहना है कि प्रशासन शिखा का अर्थ नहीं जानता है, जिसे पकड़ उन्होंने संतों को मारा। शिखा जो होती है, उसमें ब्रह्मा का वास होता होता है। गंगा स्नान करने के लिए शंकराचार्य और बटुक ब्राह्मणों को पीटा गया, यह गलत है। यह शासन का अहंकार है। कभी अपनी सत्ता का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। गंगा स्नान करने से रोकने वालों को गोहत्या का पाप लगता है। यह शास्त्र का वचन है। इसलिए ऐसा काम नहीं करना चाहिए। अगर हमें कोई बल मिला है, तो उसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। हम प्रशासन के इस कृत्य की घोर निंदा करते हैं। अनिरुद्धाचार्य बोले- प्रशासन माफी मांगेकथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा- प्रशासन ने गलती तो की है। ब्राह्मणों और साधुओं को चोटी पकड़कर मारा। प्रशासन माफी क्यों नहीं मांग ले रहा? माफी मांगने में इतनी देरी क्यों हो रही? संत तो दयावान होते हैं, तुरंत माफ कर देंगे। क्षमा मांग लेने में आखिर प्रशासन को किस बात की अकड़ है? यह अधिकार आपको किसने दिया है कि किसी का चोटी पकड़कर आप मारेंगे? क्या यह अधिकार आपको संविधान ने दिया है? संतों के चरणों में जाइए, गलती हुई तो माफी मांगिए। प्रशासन को लंबा नहीं खींचना चाहिए। शरण में जाने पर संत माफ कर देते हैं। निश्चलानंद ने अविमुक्तेश्वरानंद को बताया 'लाडला'पूरी के गोवर्धन मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद का निर्णय अकाट्य होता है। उनके निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय तक मान्यता देता है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को अपना 'लाडला' कहकर उनके प्रति स्नेह भी प्रदर्शित किया। शंकराचार्य ने कहा- किसी भी विवाद पर प्रतिक्रिया तभी दी जा सकती है, जब वह आधिकारिक रूप से उनके संज्ञान में लाया जाए। यह भयंकर युद्ध को आमंत्रित करने जैसा है। जब तक हमारा खून नहीं खौल रहा, तब तक ये सब चलता रहेगा। रविंद्र पुरी बोले- CM को हुमायूं को बेटा बोलने वाला संत नहींअखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा- प्रयागराज में मिनी महाकुंभ चल रहा। मुख्यमंत्री को अकबर और हुमायूं का बेटा बताए जाने पर कहा कि यह एक संत की भाषा नहीं हो सकती। उन्हें कोई शिकायत थी, तो मुख्यमंत्री से शिकायत करते या कोर्ट जाते। वह सीधे मुख्यमंत्री पर क्यों निशाना साध रहे? हम संत समाज इसकी कड़ी निंदा करते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सनातन को आगे बढ़ाने का काम अगर कोई कर रहा, तो वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री कर रहे हैं। रविंद्र पुरी ने कहा- जब अयोध्या में राममंदिर बन रहा था तो आपने (अविमुक्तेश्वरानंद) कहा कि राम मंदिर क्यों बन रहा? जहां भी काम होता है, वहां ये विरोध करते हैं। हम लोग प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की बात नहीं सुन सकते। मुख्यमंत्री योगी खुद एक संत हैं और पीठाधीश्वर हैं। हम उनके खिलाफ इस तरह का षडयंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे। परिषद के संतों से बात करेंगे। श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर बोले- शंकराचार्य राजनीति न करें श्रृंगवेरपुर के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य शांडिल्य महाराज ने कहा- प्रशासन को संतों को नहीं मरवाना चाहिए था, यह गलत है। साथ ही शंकराचार्य को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा- संतों के बीच में कुछ राजनीतिक लोग भी एंट्री करना चाहते हैं, जो गलत है। संतों के बीच में राजनीति की जरूरत नहीं। शांडिल्य महाराज का निशाना सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर था। रामानुजाचार्य ने कहा- अब भी कुछ नहीं बिगड़ा, क्षमा मांग लेनी चाहिएजगतगुरु रामानुजाचार्य ने कहा- रामभद्राचार्य ने कौन-सा अच्छा काम किया है? हाथ में दंड लेकर, हमारे यहां खंडित मूर्ति की पूजा नहीं होती। ब्राह्मण का अंग भंग हो, तो पूजा नहीं होती। 4 शंकराचार्य 13 अखाड़े और 5 वैष्णवाचार्य संत पूजनीय वंदनीय है। उनका सम्मान होना चाहिए, प्रशासन को चाहिए था कि वह पालकी से आए थे। उनसे अनुरोध करते कि महाराज आप पालकी का त्याग कर दीजिए। हमारे साथ पैदल आइए, हम आपको सुरक्षित स्नान कराएंगे। अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है, क्षमा याचना कर विवाद को विराम लगाए। प्रयागराज ही नहीं, दिल्ली में आंदोलन की जरूरत होगी तो संत समाज करने को तैयार है। देवकी नंदन ठाकुर- संतों के साथ मारपीट ठीक नहीं आगरा में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- ये मेरे के लिए धर्मसंकट का समय है। दोनों ही अपने हैं। एक तरफ तो शंकराचार्य जैसा भगवान है, दूसरी तरफ वो लोग भी हैं, जो बहुत बड़ी संख्या में स्नान के लिए आए लोगों की चिंता कर रहे थे। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि ऐसी सिचुएशन को बढ़ाना नहीं चाहिए। आपसी मतभेद भुलाकर प्यार से हर सनातनी को एक स्वर में बैठकर सुलझाना चाहिए, उसे उलझाना नहीं चाहिए। प्रशासन को भी चाहिए कि जिसके माथे पर तिलक हो, जिसके सिर पर शिखा हो और जिसने भगवाधारण किया हो, उसे आदर से रख सकते हैं। ऐसे मारपीट से ठीक नहीं है। अब मथुरा के संतों की बात महंत रामदास बोले- बटुक ब्राह्मणों को अपमान निंदनीय महंत रामदास महाराज कहते हैं- शंकराचार्य महाराज का पद बड़ा है, वह हमारे सिंहस्थ हैं। वहीं, योगी महाराज भी उच्चस्थ हैं। पूरे यूपी को संभालते हैं। लेकिन, बटुक ब्राह्मणों का जो अपमान किया, वह बहुत निंदनीय है। ये सनातन के सेवक हैं। उनका अपमान क्यों किया गया? ये प्रशासन को बताना ही चाहिए। हमारे धर्म में आसानी से उंगली उठा दी जाती है। इस्लाम में मौलाना साहब, हाजी साहब पर उठाकर देखिए। ये जो शंकराचार्य का पद है, ये महादेव का पद है। ये सेवा, ब्रह्मचारी, भूदेव, वेदों की जानकारी वाला ब्राह्मण होता है। उनकी अपनी मान्यता है। शंकराचार्य का अनशन उचित नहीं, मगर ब्राह्मणों पर लाठी चलाना भी गलत वृंदावन में परिक्रमा मार्ग के महंत अतुल कृष्ण महाराज ने कहा- मैं यही कहना चाहता हूं कि संत, महंत और गृहस्थ, इन्हीं बंटना नहीं चाहिए। ये जो प्रयागराज की धरती पर हो रहा, ये एक अलग राजनीति की तरफ जाता दिख रहा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जो अनशन किया, वो उचित नहीं था। पुलिस प्रशासन ने जो उनके ब्राह्मणों पर लाठी चलाई, ये भी गलत था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन है कि इस खींचतान को पूरी तरह से खत्म करना चाहिए। काशी के संतों की बात स्वामी चक्रपाणि ने कहा- बटुकों की पूजा होनी चाहिए, न कि अत्याचार स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा- कुंभ और माघ मेला किसी एक व्यक्ति की देन नहीं, ऋषि-मुनियों और संत परंपरा की अमूल्य विरासत है। इसकी गरिमा बनाए रखना शासन, प्रशासन और संत समाज, तीनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बटुकों के साथ हुई मारपीट और चोटी खींचने की घटना को निंदनीय और जघन्य अपराध बताया। कहा कि बटुकों की पूजा और सेवा होनी चाहिए, न कि उनके साथ अत्याचार। चोटी सनातन परंपरा का प्रतीक है। उस पर प्रहार सनातन की मर्यादा पर चोट है। उन्होंने कहा कि प्रयाग और काशी के लोग पाप-क्षय, दान-पुण्य और संत सेवा के लिए जाने जाते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों पर किया गया, हर गलत कर्म ईश्वरीय न्याय से नहीं बच सकता। उन्होंने शासन से संतों और अर्चकों से माफी मांगने के लिए कहा। जितेंद्रानंद ने कहा- कोर्ट में ऐसे प्रमाण, उन्हें शंकराचार्य नहीं मान सकते अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कड़ा बयान दिया। कहा- कोर्ट में ऐसे प्रमाण मौजूद हैं, जिनके आधार पर अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य नहीं माना जा सकता। ये हर बार पीटे जाते हैं, इस बार स्नान के दौरान अव्यवस्था फैला रहे थे। दस्तावेज के मुताबिक, जब तक शंकराचार्य पद के मामले में अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक न तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और न ही कोई अन्य व्यक्ति शंकराचार्य के रूप में नियुक्ति या पट्टाभिषेक कर सकता है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य के तौर पर किसी तरह की सुविधा देना कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील के रूप में लंबित है। 26 साल में कई बार उन्होंने मेले में मारपीट की है। अब अयोध्या के संतों की बात हनुमानगढ़ी के पुजारी तुलसीदास बोले- वह कांग्रेस के इशारे पर साजिश कर रहेअयोध्या के ज्योतिष भवन के आचार्य पंडित राकेश दास ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक हैं। वह गंगा स्नान करने के लिए किसी वाहन से नहीं, बल्कि पालकी से जा रहे थे। उनके साथ कुल 100 लोग थे। इन परिस्थितियों में उनको गंगा स्नान से रोकना किसी भी रूप में उचित नहीं था। हनुमानगढ़ी के पुजारी तुलसीदास कहते हैं- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कांग्रेस के इशारे पर सरकार के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। महंत रामकुमार दास ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पालकी पर सवार होकर गंगा स्नान के लिए जाने को कतई उचित नहीं कहना चाहिए। यह कल्पवास का माघ मेला है, न कि महाकुंभ का स्नान है। विश्व में इस प्रकार का आचरण किसी भी रूप में उचित नहीं। हनुमानगढ़ी की उज्जैनिया पट्टी के वरिष्ठ नागा शत्रुघ्न दास ने कहा- स्वामी और अविमुक्तेश्वरानंद के पास ज्ञान की कमी है, उनको सीताराम सीताराम जपना चाहिए। पढ़िए मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एक साधु को चौकी में भी पीटा था। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए थे और शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए। अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया था। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में जानिए ---------------------- ये खबर भी पढ़ें.... अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे, योगी बोले- कई कालनेमि सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। 48 घंटे के अंदर प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा है। इसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल किए हैं। पढे़ं पूरी खबर...
इटावा सहित 75 जिलों में ब्लैक आउट:युद्ध की संभावनाओं को देखते हुए 15 मिनट का अभ्यास
देश में युद्ध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इटावा सहित प्रदेश के 75 जिलों में 23 जनवरी की शाम 6 बजे से 15 मिनट का ब्लैक आउट किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है। ब्लैक आउट के दौरान इटावा शहर के प्रमुख शास्त्री चौराहे पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक विशेष आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें जिले के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहेंगे। ब्लैक आउट की तैयारियों के तहत इटावा के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई का अभ्यास करना रहा। इसमें सैनिक कल्याण बोर्ड, एनसीसी, भूतपूर्व सैनिक संगठन, दमकल विभाग और मेडिकल विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। पहले 5 तस्वीरें देखिए... मॉक ड्रिल के दौरान संभावित युद्ध जैसी परिस्थितियों में बचाव, राहत और चिकित्सा सहायता से जुड़ी तैयारियों को परखा गया। आपदा की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा, घायलों को तत्काल उपचार और आग या अन्य हादसों से निपटने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया, ताकि वास्तविक स्थिति में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी हयातउल्लाह खा ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में 23 जनवरी की शाम 6 बजे से प्रदेश के 75 जिलों में ब्लैक आउट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम युद्ध की संभावनाओं को देखते हुए एहतियातन उठाया जा रहा है, जिससे आपात स्थिति में प्रशासन और आम जनता दोनों तैयार रह सकें। इटावा के सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर ने कहा कि 23 जनवरी को आयोजित होने वाले ब्लैक आउट में जिले का हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए और पूरी तरह सहयोग करे। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जनसहयोग से ही इस अभ्यास को सफल बनाया जा सकता है।
लखनऊ पुलिस लाइन में मॉकड्रिल किया गया । पुलिस लाइन में अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग पार्क में बैठे थे,कोई पेपर पढ़ रहा था, कोई खेल रहा था। पार्क में चायवाला चाय बेच रहा था कि अचानक धमाके की आवाज़ आई। हवाई हमला हो गया। सायरन बजने लगे। पार्क में बैठे लोग घायल हो गए ,किसी के सर में चोट लगी,किसी के पैर में तो किसी के हाथ में , कुछ लोग ऊंची इमारतों पर फंस गए। दरअसल ये 23 जनवरी को पूरे यूपी में होने वाली मॉकड्रिल का रिहर्सल था। हमले के हालात से निपटना सिखाया मॉकड्रिल में यह मानकर रिहर्सल किया गया कि बम से जगह-जगह आग लग गई है। लोग ऊंची बिल्डिंग में फंस गए। एक बिल्डिंग बम के हमले से गिर गई है। एक कार में आग लगने से दरवाजे खुल नहीं रहे। मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस,आपदा प्रबंधन, SDRF, NDRF के लोग शामिल हुए। सिविल डिफेंस के लोगो ने पहले पार्क के घायल लोगों को फर्स्ट एड दी। आग को गीले कम्बल और पानी डालकर बुझाया। ऊंची बिल्डिंग में फंसे लोगों को जाल डालकर बचाया। कार का शीशा तोड़कर ड्राइवर को बाहर निकाला गया। प्रदेश भर में होगा ब्लैक आउट सिविल डिफेंस चीफ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि लखनऊ समेत प्रदेश की 75 जनपदों में 23 जनवरी को ब्लैक आउट होगा। शाम छह बजे से दो मिनट तक हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन बजेगा। उन्होंने बताया कि मौक ड्रिल में पूरी वही प्रैक्टिस की जाती है जो हमले के वक्त हालात होते हैं। सिलेंडर में आग लगना, लोगों का ऊंची इमारतों से कूदना, गाड़ियों में फसना और फिर उन लोगों की कैसे जान बचाई जाए। बिना किसी औजार के गाड़ी का शीशा तोड़कर कैसे रेस्क्यू किया जाए ऊंची इमारत से लोगों को रेस्क्यू किया जाए इन सब चीजों के बारे में सिविल डिफेंस के माध्यम से आम नागरिकों को जानकारी दी गई।
वैचारिक युद्ध के दो महानायक, एक लक्ष्य और वह ऐतिहासिक टकराव जिसने बदली भारत की नियति
महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वैचारिक टकराव और उनके अतुलनीय योगदान पर आधारित यह विशेष लेख भारत की आजादी के दो अलग रास्तों की पड़ताल करता है। जानें कैसे अहिंसा और सशस्त्र क्रांति ने मिलकर ब्रिटिश साम्राज्य का अंत किया और क्यों नई दिल्ली के इतिहास में इन दोनों महानायकों की भूमिका आज भी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नाटो सदस्य देश डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा ने ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में गंभीर तनाव पैदा कर दिया है। इस मुद्दे पर अब यूरोप के शीर्ष नेता खुलकर सामने आ गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के दावे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसा है। ट्रम्प ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रुकवाया था। इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि यह ट्रम्प का 71वां दावा है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प के बयान का वीडियो शेयर किया। जिसके साथ लिखा ‘कल तक गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। यह याद रखना चाहिए कि दावोस में भारत का एक बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद है।’ डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था। दोनों देश न्यूक्लियर युद्ध के करीब पहुंच गए थे। हमने लाखों लोगों की जान बचाई। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भी दावा किया था इससे पहले बुधवार सुबह वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उन्होंने कई ‘ना सुलझने वाले युद्ध’ खत्म किए। जिनमें भारत-पाक युद्ध भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान वास्तव में एक-दूसरे से लड़ रहे थे। मेरी राय में वे न्यूक्लियर युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि भारत-पाक संघर्ष में 10 से 20 मिलियन लोगों की जान जा सकती थी और उन्होंने इसे रोककर ‘लाखों लोगों की जान बचाई। जयराम रमेश बोले- पीएम मोदी के अच्छे दोस्त ने ये दावा किया इस दावे के बाद भी जयराम रमेस ने एक पोस्ट किया था, जिसमें ट्रम्प का वीडयो शेयर करते हुए लिखा था की कल से पहले यह संख्या 68 थी, लेकिन कल यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। उन्होंने लिखा कि पीएम के जिस विदेशी नेता को उनका ‘अच्छा मित्र’ बताया जाता है। जिनके साथ प्रधानमंत्री के कई बार सार्वजनिक रूप से गले मिलने की तस्वीरें सामने आती रही हैं। उसी नेता ने अब तक इतनी बार यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर का अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकना उसी की वजह से हुआ। जयराम रमेश के मुताबिक, ट्रम्प अब तक 71 बार यह दावा कर चुके हैं। चीन ने भी भारत-पाक युद्ध रुकवाने का दावा किया था चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी 30 दिंसबर 2025 को बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया था कि चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा था कि चीन दुनिया के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद करता रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। भारत सरकार ने चीन के इस दावे को खारिज किया था। भारत ने कहा था कि संघर्ष को रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। भारत पहले भी तीसरे पक्ष की भूमिका नकार चुका है चीन और ट्रम्प के दावों के उलट भारत सरकार पहले भी साफ तौर पर कह चुकी है कि इस पूरे मामले में किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत का कहना है कि यह तनाव सीधे भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत से ही खत्म हुआ। भारत के मुताबिक, भारी नुकसान होने के बाद पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ने भारतीय सैन्य अधिकारी से संपर्क किया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारतीय DGMO से बात की और इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। अब ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पढ़ें.. भारत ने पाकिस्तान पर हमले की शुरुआत 6 और 7 मई की रात से की। भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इन ठिकानों में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके भी शामिल थे। इसके जवाब में 8 मई की शाम को पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। भारत की वायु रक्षा पूरी तरह से एक्टिव थी और छोटे हथियारों से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम तक हर हथियार तैयार था। इन हथियारों ने पाकिस्तान के ड्रोन को काफी नुकसान पहुंचाया। भारतीय सेना ने भी सीमा के दूसरी तरफ भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की सेना को बुरी तरह से उलझा कर रखा और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। -------------- ये खबर भी पढ़ें… अब चीन का दावा- हमने भारत-पाक संघर्ष रुकवाया:कई लड़ाइयां सुलझाने में मदद की; भारत बोला- सीजफायर में तीसरे पक्ष का रोल नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद अब चीन ने भी यह दावा किया है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। चीन का कहना है कि जब इस साल दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ गए थे, तब उसने बीच में आकर तनाव कम करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…
Donald Trump Latest News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को शांति दूत बताते हुए नोबेल मिलने का दावा करते रहे हैं. लेकिन सच ये है कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ही वे 8 देशों पर हमला करवा चुके हैं. अब उनके सनक भरे फैसलों से तीसरे विश्वयुद्ध की आहट आने लगी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में हिस्सा लिया और अपना संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने कई बड़े दावे किए. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर रहेगा.
करौली में नगर परिषद की कार्रवाई में समानता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि नगर परिषद और प्रशासन सभी मामलों में एक जैसे मापदंड अपनाएं और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई से बचें। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद क्षेत्र में अवैध या नियमविरुद्ध निर्माण के कई मामले पहले से चिह्नित हैं। इनमें से कुछ संपत्तियों पर केवल जुर्माना लगाकर निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुछ मामलों में सीज करने के बाद भी आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि यदि नियमों का उल्लंघन समान प्रकृति का है, तो कार्रवाई भी समान रूप से क्यों नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है और उसकी संपत्ति पर पहले ही सीज की कार्रवाई की जा चुकी है। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि भविष्य की किसी भी कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। आमजन ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वह राजनीतिक या किसी भी प्रकार के दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष निर्णय ले। उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही चेतावनी दी कि असंतुलित या एकतरफा कदमों से अनावश्यक तनाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया है कि सभी तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि कानून के तहत सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
गाजा में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल होंगे. हालांकि, इससे पहले इजरायल ने इस बोर्ड को लेकर आपत्ति जताई थी. अब नेतन्याहू के फैसले ने सभी को चौंका दिया है.
सऊदी अरब में होने वाली एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम का चयन करने को लेकर आयोजित होने वाले कैंप में भिवानी के गांव अलखपुरा की 7 बेटियों का चयन किया गया है। इन खिलाड़ियों में संजू, पारुल, पूजा जाखड़, मानसी, सीता रानी, मुस्कान और संतोष शामिल है। हरियाणा स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट फुटबॉल कोच सोनिका ने बताया कि सऊदी अरब में होने वाली एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम की तैयारी के बीच, अलखपुरा की 7 बेटियों को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा सीनियर, अंडर-20 और अंडर-17 टीमों के लिए भारतीय कैंप में चुना गया है। 150-200 लड़कियां रोज करती है अभ्यास फुटबाल कोच सोनिका बिजारणिया ने कहा ज्यादातर लड़कियां छोटे और सीमांत किसानों या भूमिहीन मजदूरों के परिवारों से हैं, जिनके पास बहुत कम संसाधन हैं। लेकिन वे प्रतिभा और ऊर्जा से भरी हुई हैं। सोनिका ने कहा कि गांव में यह एक परंपरा वन गई है कि हर लड़की बहुत कम उम्र में फुटबॉल खेलना शुरू कर देती है। लगभग 150-200 लड़कियां रोज शाम को अभ्यास करती है। गांव को 4 से 20 साल की लगभग सभी लड़कियों मैदान पर दिखती हैं। इन फुटबॉलर बेटियों की कहानियों तमाम मुश्किलों, खासकर संसाधनों की कमी के बावजूद उनके साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं। यह गांव मुख्य रूप से कृषि प्रधान है, जहां खेती ही आजीविका का मुख्य स्रोत है। कोच ने कहा गांव के बड़े-बुजुर्गों और परिवारों सोच में बदलाव लाया है। घुटनों तक के शॉर्ट्स और जर्सी पहनकर खेलना अब यहां कोई एतराज वाली बात नहीं रहा। बल्कि, अब तो हर कोई हौसला बढ़ाता है। कोच बोलीं- खिलाड़ियों के पास अभी सुविधाओं की कमीसोनिका ने कहा कि खिलाड़ियों के पास अभी भी जरूरी सुविधाओं की कमी है, खासकर डाइट, पढ़ाई और परिवार की जरूरतों से जुड़े खर्चे के लिए पैसों की कमी है। कोच ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्राउंड और नर्सरी बनाकर अपना काम किया है, जो चुने हुए खिलाड़ियों को हर महीने 2 हजार रुपए देती है। लेकिन बेहतर परफॉर्मेंस के लिए एक खिलाड़ी को सभी खर्चे पूरे करने के लिए हर महीने 25 से 30 हजार रुपए की जरूरत होती है। भारत की स्टार खिलाड़ियों में से एक पूजा जाखड़ अपने परिवार की जिम्मेवारी उठाने में सहयोग करती है। उनके पिता अब नहीं रहे, जबकि उनकी मां कैसे पालती है और अपनी दो एकड़ जमीन पर खेती करती है। परिवार में तीन बहने और दो भाई है। सरपंच बोले- पूरा गांव बेटियों के साथ सरपंच जगदीप समोटा ने कहा कि लगभग 4 हजार 200 की अबादी वाला यह गांव अपनी बेटियों पर गर्व करता है। पूरा गांव उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह गांव 2013 में चर्चा में आया था, जब यहां की 3 लड़कियां पेरिस में पहले वर्ल्ड स्कूल फुटबाल कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनी थी। जहां भारत में रोमानिया और डेनमार्क को हराया था, हालांकि क्वार्टर फाइनल में वह ब्राजील से हार गया था। गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तत्कालीन स्पोटर्स टीचर, गोवर्धन दास ने लड़कियों की फुटबाल टीम को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद, स्कूल टीम 4 बार सुब्रतो कप के फाइनल में पहुंची और 2015 और 2016 में ट्रॉफी जीती।
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
युद्ध और शांति के खेल में नोबेल
वैश्विक राजनीति में किस तरह नोबेल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान की आड़ में नए खेल रचे जा रहे हैं
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

