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पूर्व IAS नियाज खान बोले- मुस्लिम पहनावा बदलें:तुर्की जैसे कपड़े पहनने की सलाह, ट्विट में लिखा- इससे मॉब लिंचिंग से बचेंगे

एमपी कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने लिखा कि भारत में मॉब लिंचिंग की घटनाओं से बचने के लिए मुस्लिमों को अपना पहनावा बदलकर तुर्की के मुसलमानों जैसा पहनावा अपनाना चाहिए, ताकि उनकी पहचान आसानी से न हो सके। नियाज खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत में मॉब लिंचिंग के ज्यादातर मामलों में पीड़ित कुर्ता, पायजामा, दाढ़ी और टोपी पहने हुए थे। उनका कहना है कि इस पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है। इसलिए मुस्लिमों को अपना ड्रेस और हुलिया बदल लेना चाहिए। लोकतंत्र पर भी उठाए सवाल एक अन्य पोस्ट में नियाज खान ने लोकतंत्र पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि कई आजाद देशों ने लोकतंत्र तो अपनाया, लेकिन उसके मूल सिद्धांत नहीं अपनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के नाम पर नेता और अफसर जमकर पैसा लूटते हैं, जबकि जनता मुफ्त की सुविधाओं में व्यस्त रहती है। भौतिकवाद और राजनीति पर भी पोस्ट 9 जुलाई को किए गए अन्य पोस्ट में नियाज खान ने लिखा कि भौतिकवाद ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है और लोगों को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम और ईमानदार लोगों को राजनीति में आना चाहिए, क्योंकि आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों के चुने जाने से लोकतंत्र कमजोर होता है।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 1:36 pm

मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुआ महायुद्ध! ईरान के न्यूक्लियर प्लांट के पास अमेरिका की भीषण एयरस्ट्राइक; ट्रंप बोले- 'वार्ताकार समय बर्बाद कर रहे हैं'

मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति और युद्धविराम की कोशिशों को एक बार फिर बहुत बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे भीषण और रणनीतिक हवाई हमले (Airstrikes) किए हैं। इन हमलों से ईरान का सरकारी मीडिया और कई शहर थर्रा उठे हैं।सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि अमेरिका ने इस बार ईरान के एकमात्र बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट कॉम्प्लेक्स (Bushehr Nuclear Power Plant) के बेहद नजदीकी इलाके को निशाना बनाया है, जिससे परमाणु हादसे का खतरा भी पैदा हो गया था। इस भीषण सैन्य गोलाबारी ने कुछ ही समय पहले हुए उस नाजुक अंतरिम समझौते को पूरी तरह वेंटिलेटर पर ला दिया है, जिसका मकसद क्षेत्र में शांति स्थापित करना था।खामेनेई को दफनाने के तुरंत बाद बुशहर पर गिराए बमईरान के लिए गुरुवार का दिन बेहद भावुक और तनावपूर्ण था। कई दिनों के राष्ट्रीय शोक के बाद, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (जिनकी मौत 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआती गोलाबारी में हो गई थी) को उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। ठीक इसी अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका ने ईरान की रीढ़ तोड़ने के लिए ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए।बुशहर के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एहसान जहानियन के हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ($IRNA$) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी विमानों ने दोपहर के समय सीधे न्यूक्लियर प्लांट के पास बमबारी की। हालांकि, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इसे ईरान की उस सैन्य क्षमता को नष्ट करने की कार्रवाई बताया है, जो होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बनी हुई थी।अमेरिका के 90 ठिकानों पर हमले, ईरान का पलटवार: 14 की मौतअमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इन हमलों के ब्लैक-एंड-व्हाइट फुटेज जारी किए हैं, जिनमें ईरानी एयरपोर्ट के रनवे, मिसाइल लॉन्चर और उत्तर-पूर्वी गोलिस्तान प्रांत में स्थित रेलवे के बड़े पुलों को नष्ट होते हुए देखा जा सकता है।नुकसान का आंकड़ा: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में हुए इन अमेरिकी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश सुरक्षा बलों के सदस्य थे, जबकि 78 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।ईरान का जवाबी हमला: ईरान ने भी इस कार्रवाई का तुरंत बदला लेते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों को निशाना बनाया। जॉर्डन, कुवैत और कतर की तरफ ईरान की ओर से कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागी गईं।सहयोगियों का हाल: बहरीन में, जहां अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है, हमलों के डर से तीन बार सायरन गूंजे। कुवैती सेना ने दावा किया कि उसने 3 बैलिस्टिक मिसाइलों और 10 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, हालांकि इसके मलबे से एक नागरिक घायल हो गया। जॉर्डन सरकार ने भी ईरान के हमलों को रोकने का दावा किया है।'ईरान को दादागिरी की कीमत चुकानी होगी' - डोनाल्ड ट्रंप की दोटूकतुर्की में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से बाहर निकलने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान में हुए धमाकों के वीडियो पोस्ट करते हुए इस्लामिक गणराज्य को बेहद सख्त चेतावनी दी।ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में तीन अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों पर ईरान द्वारा किए गए बम हमलों का यह सीधा बदला है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा:अगर ईरान ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो हालात और भी बदतर हो जाएंगे। यह नाजुक अंतरिम युद्धविराम अब पूरी तरह खत्म माना जा सकता है। मुझे लगता है कि शांति वार्ता करने वाले अधिकारी केवल अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे कि बिजली ग्रिड, वाटर डिसेलिनेशन प्लांट को उड़ाने और खार्ग द्वीप (जहां से ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट होता है) पर कब्जा करने की अपनी पुरानी धमकियों को फिर से दोहराया।'हमला करोगे तो भुगतोगे' - ईरान का कड़ा रुखअमेरिका के इस आक्रामक रुख पर ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। युद्धविराम वार्ता में मुख्य भूमिका निभाने वाले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका ने अभी तक यह नहीं सीखा है कि वादे तोड़ने की क्या कीमत होती है। अगर आप हम पर हमला करेंगे, तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे और पलटवार करेंगे।वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का डरइस ताजा सैन्य टकराव ने वैश्विक आर्थिक जगत की रातों की नींद उड़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक व्यापार का लगभग पांचवां (20%) हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता है।मई के महीने में जहां इस रास्ते से केवल 233 जहाज गुजरे थे, वहीं जून में अंतरिम समझौते के बाद यह संख्या बढ़कर 576 हुई थी (हालांकि यह जून 2025 के 3,100 जहाजों के मुकाबले बेहद कम है)। अगर यह रास्ता पूरी तरह युद्ध की चपेट में आकर बंद हो जाता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे हर देश में भयंकर मंदी और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सऊदी अरब, तुर्की, ओमान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से फोन पर बात कर तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 7:54 am

पाकिस्तान के मददगार तुर्की पर मेहरबान हुए डोनाल्ड ट्रंप, साल 2020 से लगे कड़े प्रतिबंध हटाने का लिया बड़ा फैसला

वैश्विक कूटनीति और रक्षा समीकरणों को पूरी तरह से उलटते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक ऐलान किया है। अंकारा में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) साल 2020 में तुर्की के खिलाफ लगाए गए सभी सख्त आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने जा रहा है। गौरतलब है कि यह वही तुर्की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद की पनाहगाह माने जाने वाले पाकिस्तान (Pakistan) का सबसे करीबी रणनीतिक जोड़ीदार माना जाता है। भारत के खिलाफ हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान इसी तुर्की के घातक ड्रोनों की मदद से पाकिस्तान ने भारतीय सीमाओं पर नापाक हिमाकत की थी, जिसे भारतीय सेना ने बहादुरी से नाकाम कर दिया था। अब अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण एशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक खलबली मच गई है।नाटो समिट में एर्दोगन के साथ मंच साझा कर ट्रंप ने दिया बयान, F-35 फाइटर जेट डील पर सस्पेंस बरकरारतुर्की के ऐतिहासिक बेस्टेपे प्रेसिडेंशियल कंपाउंड (Bestepe Presidential Compound) में नाटो शिखर सम्मेलन (NATO Summit) के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को यह बड़ा संदेश दिया। ट्रंप ने कहा, हम तुर्की पर लगे प्रतिबंधों को आधिकारिक रूप से खत्म करने जा रहे हैं। हालांकि, जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने ट्रंप से सवाल दागा कि क्या इस बैन के हटने के बाद तुर्की को अमेरिका के सबसे खतरनाक पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचे जाएंगे, तो ट्रंप ने कोई सीधा वादा नहीं किया। उन्होंने चालाकी से जवाब देते हुए कहा कि यह फैसला हम आने वाले दिनों में सामूहिक रूप से करेंगे, लेकिन उन्होंने F-35 को दुनिया का अब तक का सबसे अचूक और शक्तिशाली लड़ाकू विमान जरूर स्वीकार किया।रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर लगा था CAATSA बैन, जानिए इतिहासआपको बता दें कि साल 2020 में तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने काट्सा (CAATSA) कानून के तहत तुर्की पर यह कड़े प्रतिबंध थोपे थे। तुर्की ने वाशिंगटन की सख्त चेतावनियों को दरकिनार करते हुए रूस से अत्याधुनिक S-400 ट्रम्प मिसाइल डिफेंस सिस्टम (S-400 Missile System) की खरीद की थी। इस सौदे से नाराज होकर अमेरिका ने तुर्की को अपने महत्वाकांक्षी F-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम से बाहर निकाल दिया था और उसके सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा 2017 में पारित यह अधिनियम स्पष्ट रूप से किसी भी देश को रूस के साथ बड़े रक्षा या खुफिया लेनदेन करने से रोकता है।अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में ट्रंप के फैसले का तीखा विरोध संभव, सीनेटरों ने दी खुली चेतावनीभले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की को इस सैन्य दलदल से बाहर निकालने के लिए आतुर दिख रहे हों, लेकिन वाशिंगटन की संसद में उनकी इस राह में बड़े रोड़े अटक सकते हैं। अमेरिकी कानून के मुताबिक, प्रतिबंध हटाने के किसी भी कार्यकारी फैसले को कांग्रेस की समीक्षा (Congressional Review) से गुजरना होगा, जहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के सांसद इस पर गंभीर आपत्ति जता सकते हैं। ट्रंप के बेहद करीबी माने जाने वाले सेनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने पहले ही साफ कर दिया है कि संसद में इस कदम का तगड़ा विरोध होगा। ग्राहम ने 'टर्की टुडे' अखबार से बातचीत में स्पष्ट कहा, कांग्रेस में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी हो सकती है, क्योंकि वर्तमान में इजरायल के साथ तुर्की के तनावपूर्ण संबंध अमेरिकी सांसदों के लिए कतई स्वीकार्य नहीं हैं।पांच F-35 लड़ाकू विमानों की उम्मीद में एर्दोगन; जेडी वेंस और पेंटागन कर रहे हैं कानूनी समीक्षाइस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ट्रंप के इस दोस्ताना रुख पर भारी भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई है कि वाशिंगटन जल्द ही उनके फाइटर जेट के ऑर्डर को हरी झंडी देगा। एर्दोगन ने मीडिया के सामने दावा किया कि पूर्व में तुर्की को पांच अत्याधुनिक F-35 एयरक्राफ्ट देने का वादा खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने किया था और वे हमेशा अपनी बात पर कायम रहते हैं। दूसरी ओर, हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) के नेतृत्व में पेंटागन के शीर्ष अधिकारी इस बात की बारीकी से कानूनी समीक्षा कर रहे हैं कि क्या तुर्की ने F-35 तकनीक हासिल करने के लिए अमेरिका द्वारा निर्धारित सख्त सुरक्षा और कानूनी मानदंडों को पूरा कर लिया है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:35 am

ईरान का खौफ या सीक्रेट सर्विस का अलर्ट? ट्रंप ने बीच रास्ते में बदला विमान, कतर का आलीशान जेट छोड़ पुराने 'एयरफोर्स वन' में बैठे

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तुर्की के अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से वाशिंगटन वापस लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने बीच रास्ते में ही अपना विमान बदल दिया। ट्रंप कतर द्वारा हाल ही में तोहफे में दिए गए अत्याधुनिक बोइंग 747-8 वीआईपी जेट को छोड़कर अचानक अपने पुराने और भरोसेमंद 'एयरफोर्स वन' विमान में सवार हो गए। ब्रिटेन के आरएएफ मिल्डेनहॉल (RAF Mildenhall) मिलिट्री बेस पर हुए इस अचानक सुरक्षा बदलाव ने वैश्विक स्तर पर कई तरह की चर्चाओं और कयासों को जन्म दे दिया है।सीक्रेट सर्विस की खुफिया सलाह और वाइट हाउस की बड़ी सफाई'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल हमलों के बाद पैदा हुए गंभीर हालातों को देखते हुए यूएस सीक्रेट सर्विस (US Secret Service) ने राष्ट्रपति ट्रंप को तुरंत विमान बदलने की गोपनीय सलाह दी थी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह कदम किसी विशिष्ट खुफिया इनपुट के बजाय अत्यधिक सावधानी और एहतियात के तौर पर उठाया गया था। दरअसल, कतर की ओर से मिले नए बोइंग विमान में अभी तक वे सभी मिलिट्री-ग्रेड एडवांस डिफेंस फीचर्स, मिसाइल इवेडिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर पूरी तरह इंस्टॉल नहीं हो पाए हैं, जो दशकों से राष्ट्रपति की सुरक्षा कर रहे 'एयरफोर्स वन' के मूल बेड़े में मौजूद रहते हैं।हालांकि, वाइट हाउस ने उन खबरों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें नए विमान को असुरक्षित बताया जा रहा था। वाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि कतर से मिला नया जेट भी उच्च-स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल से पूरी तरह लैस है। उन्होंने सुरक्षा रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि प्रशासन राष्ट्रपति की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'दुश्मन का ध्यान भटकाने और उन्हें गुमराह करने' (Decoy and Diversion) समेत अपने हर उपलब्ध खुफिया टूल का इस्तेमाल करता है।ट्रंप बोले- 'मैं ईरान की हिट लिस्ट में नंबर वन हूं, पुरानी यादों के लिए बदला प्लेन'बीच रास्ते में विमान बदलने और सुरक्षा चिंताओं की बात को खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सामने अपने ही अंदाज में खारिज किया। ब्रिटेन से वाशिंगटन के लिए उड़ान भरने के बाद विमान में मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने बेबाकी से कहा, मुझ पर हमेशा से ही जान का खतरा मंडराता रहता है। मैं उनकी (ईरान की) हिट लिस्ट में नंबर वन पर हूं।ट्रंप ने आगे खुलासा किया कि ब्रिटेन के सैन्य अड्डे पर रुकने का मुख्य उद्देश्य वहां तैनात अमेरिकी फौजियों को कतर से मिला यह बिल्कुल नया और शानदार विमान दिखाना था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक इसे देखकर बेहद उत्साहित थे और उन्होंने वहां तस्वीरें भी खिंचवाईं। वहीं, पुराने 'एयरफोर्स वन' में दोबारा शिफ्ट होने के पीछे की वजह बताते हुए ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने केवल अपनी पुरानी यादों को ताजा करने के लिए इस विमान से सफर करने का फैसला किया।खिड़कियों के पर्दे रखने पड़े बंद; स्लीजबैग्स की वजह से सख्त पाबंदीइस बेहद संवेदनशील यात्रा के दौरान पुरानी एयरफोर्स वन में सफर कर रहे व्हाइट हाउस के प्रेस पूल और पत्रकारों को फ्लाइट क्रू द्वारा खिड़कियों के ब्लाइंड्स (पर्दे) पूरी तरह से बंद रखने का बेहद सख्त निर्देश दिया गया था। पत्रकारों को बाहर देखने या किसी भी तरह की लोकेशन की रिकॉर्डिंग करने की मनाही थी। ट्रंप ने बाद में स्पष्ट किया कि यह पाबंदी केवल सुरक्षा कारणों से सह-यात्रियों पर लागू थी, उनके अपने निजी केबिन पर नहीं। उन्होंने अमेरिका के दुश्मनों और ईरान की ओर सीधा इशारा करते हुए तीखे शब्दों में कहा कि शायद बाहर सक्रिय कुछ स्लीजबैग्स (संदिग्ध तत्वों) की वजह से सीक्रेट सर्विस को इतनी सख्त पाबंदी लगानी पड़ी है।अमेरिका और ईरान के बीच अचानक क्यों भड़की युद्ध की चिंगारी?राष्ट्रपति के विमान बदलने का यह पूरा हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत शुरू हो चुकी है। अमेरिका ने तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाते हुए ईरानी ठिकानों पर लगातार भारी हवाई हमले और बमबारी की है।इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं। खाड़ी देशों में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी मिलिट्री बेस के ऊपर लगातार मिसाइल हमले के चेतावनी सायरन गूंज रहे हैं। इसी बीच कुवैत की सेना ने आधिकारिक दावा किया है कि उसने अपनी सीमा की तरफ आ रही कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स को पैट्रियट डिफेंस सिस्टम के जरिए बीच हवा में ही मार गिराया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 1:44 pm

सुपरपॉवर की 'कमजोरी': अमेरिकी युद्धपोतों पर लगातार क्यों लग रही है आग? चीनी मैगजीन के सनसनीखेज खुलासे से दुनिया हैरान

युद्धपोत किसी भी देश की समुद्री सीमा की रक्षा करने वाले अभेद्य किले होते हैं, जिनका काम दुश्मनों की पनडुब्बियों को खोजना, मिसाइलें दागना और तटीय सुरक्षा अभेद्य बनाना होता है। लेकिन सोचिए, अगर दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के सबसे आधुनिक युद्धपोत ही रहस्यमयी तरीके से आग और तकनीकी खराबियों का शिकार होने लगें, तो क्या होगा? चीन की मशहूर मिलिट्री मैगजीन ‘नेवल एंड मर्चेंट शिप्स’ ने अमेरिकी नौसेना (US Navy) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने पेंटागन की रातों की नींद उड़ा दी है।अमेरिकी जंगी जहाजों पर हादसों की बाढ़चीनी मिलिट्री रिपोर्ट के अनुसार, हाल के महीनों में अमेरिका के सबसे एडवांस और घातक जंगी जहाजों पर आग लगने, अचानक बिजली गुल होने (ब्लैकआउट) और प्रोपल्शन (आगे बढ़ाने वाले सिस्टम) फेल होने की कई बड़ी घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस लिस्ट में दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड, सबसे आधुनिक स्टील्थ डिस्ट्रॉयर USS ज़ुमवाल्ट, निमित्ज़-क्लास कैरियर USS ड्वाइट डी. आइजनहावर और अर्ले बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर USS हिगिंस शामिल हैं।नाविक पड़ रहे बीमार, लॉन्ड्री से लेकर शिपयार्ड तक लगी आगहादसों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च में USS फोर्ड के लॉन्ड्री रूम में भीषण आग लग गई। अप्रैल में USS आइजनहावर पर मेंटेनेंस के दौरान और USS ज़ुमवाल्ट पर शिपयार्ड में अपग्रेडेशन के वक्त आग भड़क उठी। इतना ही नहीं, ओहायो-क्लास की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन USS नेब्रास्का के जनरेटर में खराबी आ गई, जिससे जहरीले डीजल के धुएं के संपर्क में आने से 64 अमेरिकी नाविक एक साथ बीमार पड़ गए।आखिर अमेरिकी युद्धपोतों में क्यों लग रही है आग? जानें 5 मुख्य वजहेंचीनी रक्षा विशेषज्ञों ने अमेरिकी नौसेना की इस दुर्दशा के पीछे कई गंभीर और ढांचागत (Structural) कारणों का विश्लेषण किया है:लगातार ऑपरेशन का भारी दबाव: अमेरिकी युद्धपोत दुनिया के लगभग हर रणनीतिक समुद्री क्षेत्र (जैसे ताइवान स्ट्रेट, रेड सी और हिंद महासागर) में चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। लंबे समय तक लगातार समुद्र में रहने से इनके भारी-भरकम इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर क्षमता से अधिक लोड पड़ रहा है।रखरखाव और मेंटेनेंस में भारी देरी: अमेरिकी नौसेना इस समय शिपयार्ड की सीमित क्षमता और मेंटेनेंस बैकलॉग से बुरी तरह जूझ रही है। कई युद्धपोत समय पर मरम्मत के लिए शिपयार्ड नहीं पहुंच पाते, जिससे छोटी खराबियां बाद में बड़ी आग का रूप ले लेती हैं।हद से ज्यादा हाई-टेक और डिजिटल सिस्टम: आधुनिक अमेरिकी जहाज अत्यधिक डिजिटल और ऑटोमेटेड हैं। इनमें हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल ग्रिड, रडार और सुपरकंप्यूटर नेटवर्क लगे हैं। जटिल इलेक्ट्रॉनिक्स के कारण एक छोटा सा शॉर्ट सर्किट या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट पूरे जहाज को पंगु बना देता है।शिपयार्ड में कुशल कारीगरों और पार्ट्स की कमी: एडवांस्ड युद्धपोतों की मरम्मत के लिए बेहद अनुभवी और विशेषज्ञ इंजीनियरों की जरूरत होती है। रिपोर्ट का दावा है कि अमेरिकी शिपयार्डों में अनुभवहीन और कम कुशल कारीगरों की एक छोटी सी मानवीय गलती पूरे अरबों डॉलर के जहाज को स्वाहा कर रही है।शॉर्ट सर्किट और ऑयल लीकेज: मेंटेनेंस के दौरान इंजन रूम में ईंधन या ट्रांसमिशन तेल का रिसाव होना और ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम का आपस में टकराना आग लगने के तात्कालिक कारण बन रहे हैं।सुपर-टेक्नोलॉजी ही बन गई सबसे बड़ा खतरा!चीनी मैगजीन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि टेक्नोलॉजी जहाजों के परफॉर्मेंस को तो बढ़ा सकती है, लेकिन बिजली की एक छोटी सी खराबी पूरे युद्धपोत को युद्ध के बीच में लाचार कर सकती है, जैसा कि हाल ही में USS हिगिंस पर हुए टोटल ब्लैकआउट के दौरान देखा गया। अमेरिकी नौसेना के लिए आज सबसे बड़ी चुनौती नए और घातक जहाज बनाना नहीं है, बल्कि जो पहले से मौजूद हैं, उनका सही तरीके से मेंटेनेंस करना है। अगर इंडस्ट्रियल सिस्टम ने समय रहते इस बोझ को नहीं संभाला, तो अमेरिका को अपनी ऑपरेशनल उपलब्धता में भारी कमी और अरबों डॉलर का सैन्य नुकसान झेलना पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:18 am

एर्दोगन पर ट्रंप मेहरबान, F-35 में तुर्की की वापसी के दिए संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि उनका प्रशासन तुर्की को फिर से एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट कार्यक्रम में शामिल करने पर विचार कर रहा है

देशबन्धु 9 Jul 2026 7:50 am

'आज रात फिर होगा हमला...': ईरान के साथ युद्ध विराम खत्म होने पर नाटो समिट में क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) समिट के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता (सीजफायर) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए संकेत दिए कि अमेरिकी सेना आज रात ही ईरान पर दोबारा विनाशकारी हवाई हमले कर सकती है।अमेरिका और ईरान के बीच भीषण सैन्य टकरावदरअसल, यह विवाद तब और गहरा गया जब ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में मौजूद करीब 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के 80 से ज्यादा रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और आईआरजीसी की कई सैन्य नावें तबाह हो गईं।सरकार बदलना मकसद नहीं, परमाणु हथियार पर रोक जारीट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और नाटो महासचिव मार्क रुटे की मौजूदगी में कहा कि वे ईरानियों के इस बर्ताव से बेहद खफा हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन तेहरान में सत्ता परिवर्तन (गवर्नमेंट चेंज) नहीं चाहता, लेकिन वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के नेता धोखेबाज हैं और बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है।पावर प्लांट और बुनियादी ढांचों को तबाह करने की चेतावनीअमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अभी तक अमेरिका ने ईरान पर अपने सबसे घातक स्तर (हाईएस्ट लेवल) से हमला नहीं किया है। उन्होंने कहा, अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो हम उनके बिजली घर (पावर प्लांट) और पानी साफ करने वाले प्लांट जैसे बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। मैं ऐसा करना नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना पीछे नहीं हटेगी।भाषण के दौरान बड़ी चूक: ईरान को बोल गए 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान'इस बेहद गंभीर नाटो समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप एक मजाकिया विवाद में भी घिर गए। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (USS अब्राहम लिंकन) पर हुए मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने ईरान की जगह 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान' बोल दिया। ट्रंप ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान ने हम पर 111 मिसाइलें दागीं, जिन्हें हमारे पैट्रियट सिस्टम ने मार गिराया। ट्रंप की इस बड़ी जुबान फिसलने (Gaffe) का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उनकी बढ़ती उम्र और याददाश्त पर सवाल उठा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:32 pm

ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा

अंकारा। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तीन सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि यह समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। इसके व्यावहारिक परिणामों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने अंकारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि युद्धविराम समझौता अब […] The post ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:32 pm

फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम

Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 2:51 pm

महाभारत का वो रहस्यमय पल: जब श्रीकृष्ण को तोड़नी पड़ी अपनी प्रतिज्ञा, युद्ध में शस्त्र उठाने को हो गए मजबूर

महाभारत के महासंग्राम की चर्चा होते ही सबसे पहले मन में आता है वह दृश्य, जिसमें अर्जुन दुविधा में है और भगवान श्रीकृष्ण उसे गीता का उपदेश दे रहे हैं। युद्ध से पहले ही श्रीकृष्ण ने यह प्रण ले लिया था कि वे कुरुक्षेत्र में शस्त्र नहीं उठाएंगे। उनकी भूमिका केवल अर्जुन के सारथी के रूप में रहने की थी। लेकिन, एक बार ऐसी विषम परिस्थिति बनी कि जगत के पालनहार को अपना वचन तोड़ना पड़ा और वे रथ का पहिया लेकर भीष्म पितामह की ओर दौड़ पड़े। आखिर वह क्या मजबूरी थी, जिसने प्रभु को शस्त्र उठाने पर विवश कर दिया?क्यों दी थी भगवान श्रीकृष्ण ने शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा?भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में तटस्थ रहने की घोषणा की थी। उन्होंने दुर्योधन और अर्जुन दोनों को विकल्प दिया था—एक तरफ उनकी विशाल 'नारायणी सेना' और दूसरी तरफ वे स्वयं, जो निहत्थे रहेंगे। अर्जुन ने श्रीकृष्ण को चुना और दुर्योधन ने सेना को। श्रीकृष्ण की प्रतिज्ञा के पीछे उद्देश्य यह था कि वे न चाहते हुए भी किसी एक पक्ष का सीधा संहार न करें, बल्कि न्याय की स्थापना में केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। वे अपनी लीलाओं से यह दिखाना चाहते थे कि अधर्म का नाश करने के लिए युद्ध से ज्यादा महत्वपूर्ण सही मार्गदर्शन और विवेक है।जब भीष्म के सामने विचलित हो गए थे श्रीकृष्णभीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की थी कि वे श्रीकृष्ण को शस्त्र उठाने पर मजबूर कर देंगे। युद्ध के दौरान, जब भीष्म पितामह ने अर्जुन पर बाणों की वर्षा शुरू की, तो अर्जुन उन्हें रोकने में असमर्थ हो गए। स्थिति ऐसी बन गई कि अर्जुन का रथ क्षतिग्रस्त हो गया और वे हार की कगार पर पहुँच गए। अर्जुन को संकट में देख भगवान श्रीकृष्ण का वात्सल्य और मित्र प्रेम जाग उठा। अपने प्रिय भक्त को मृत्यु के मुख में देख श्रीकृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा त्याग दी और जमीन से रथ का एक टूटा हुआ पहिया उठाकर पितामह की ओर बढ़े।'विपक्ष' की जीत या 'भक्ति' की पराकाष्ठा?जैसे ही श्रीकृष्ण चक्र (पहिया) लेकर पितामह की ओर बढ़े, भीष्म ने अपने शस्त्र डाल दिए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, प्रभु, मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई। आज आपके हाथों अपना अंत देखकर मेरा जीवन धन्य हो गया। श्रीकृष्ण का वह क्रोध वास्तव में उनके भक्त के प्रति प्रेम था। यह घटना सिखाती है कि भगवान के लिए अपने भक्त की रक्षा उनकी स्वयं की प्रतिज्ञा से कहीं अधिक बड़ी होती है। महाभारत का यह प्रसंग आज भी हमें याद दिलाता है कि भक्त और भगवान के बीच कोई भी नियम, वचन या प्रतिज्ञा बड़ी नहीं होती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:41 pm

होर्मुज स्‍ट्रेट में तीन टैंकरों पर हमले, सऊदी और कतर के जहाजों को नुकसान

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने मंगलवार को बताया कि होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर तीन अलग-अलग हमले हुए हैं। इन तीनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है

देशबन्धु 8 Jul 2026 7:50 am

अंकारा में बदला ट्रंप का मिजाज: जॉर्जिया मेलोनी को बताया 'शानदार महिला', पर ईरान युद्ध में साथ न देने की टीस अभी भी बाकी

अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर अपने अप्रत्याशित और चौंकाने वाले बयानों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर अचानक बदलते हुए दिखाई दिए हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के इतर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से इटली के साथ जारी कड़वाहट पर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने बेहद सधे हुए अंदाज में मेलोनी की तारीफों के पुल बांध दिए। ट्रंप ने मेलोनी को एक 'शानदार महिला' (Wonderful Woman) बताते हुए सार्वजनिक रूप से कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर उन्हें बेहद पसंद करते हैं और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं।हालांकि, इस तारीफ के पीछे ट्रंप ने उस कूटनीतिक दर्द को भी बयां किया जिसने हाल ही में दोनों देशों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। ट्रंप ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि दोनों के बीच हालिया समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में वाशिंगटन की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि इससे ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए गिड़गिड़ा रही थीं, जिसके बाद इटली ने इस पर बेहद आक्रामक और सख्त प्रतिक्रिया दी थी।'मैं खुश नहीं था पर वह बेहतरीन इंसान हैं': ईरान मुद्दे पर ट्रंप ने मेलोनी की गलती सुधारीप्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इटली सरकार पर कोई अनुचित या बड़ा दबाव नहीं डाला था, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर मेलोनी ने ईरान के मामले में अमेरिका का खुलकर साथ देने से मना कर दिया। ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि आप खुद सोच सकते हैं कि इटली के इस कदम से मैं बिल्कुल भी खुश नहीं हुआ था, और इसी असहयोग के चलते दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक संबंध थोड़े प्रभावित हुए।इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी तल्खी को थोड़ा कम करते हुए कहा कि भले ही मुझे लगता है कि उन्होंने ईरान नीति पर एक बड़ी रणनीतिक गलती की है, लेकिन इसके बाद भी मैं उनकी शानदार शख्सियत का सम्मान करता हूं और उन्हें एक मजबूत नेता मानता हूं।ट्रुथ सोशल पोस्ट से भड़की थी आग: जी-7 शिखर सम्मेलन की वो 'तस्वीर' और हवाई पट्टियों का विवादइस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी थी। ट्रंप ने दावा किया था कि फ्रांस में आयोजित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने कई बार सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके साथ एक आधिकारिक फ्रेम में तस्वीर खिंचवाने का विशेष अनुरोध किया था।बात सिर्फ फोटो तक सीमित नहीं रही; ट्रंप ने सुरक्षात्मक लहजे में इटली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब अमेरिकी वायुसेना ईरान के ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रही थी, तब इटली ने अपने सैन्य हवाई अड्डों और रनवे (Runways) का इस्तेमाल करने की अनुमति अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नहीं दी। ट्रंप के अनुसार, इस अप्रत्याशित इनकार के कारण अमेरिकी सेना को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि अमेरिका इटली सहित सभी नाटो सहयोगियों की हवाई सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इटली ने पीठ दिखा दी। ट्रंप ने यह दावा भी कर दिया था कि अब ईरान पर अमेरिका की सैन्य बढ़त देखने के बाद सुश्री मेलोनी दोबारा वाशिंगटन के करीब आने की कोशिश कर रही हैं।भीख नहीं मांगता इटली: मेलोनी का वीडियो संदेश और विदेश मंत्री का अमेरिकी दौरा रद्दडोनाल्ड ट्रंप के इन तीखे आरोपों और 'गिड़गिड़ाने' वाले दावों पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद कड़ा और स्वाभिमानी रुख अख्तियार किया था। मेलोनी ने तुरंत एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह से काल्पनिक, मनगढ़ंत और सत्य से परे बताया था। मेलोनी ने बेहद कड़े लहजे में वैश्विक मंच से कहा था कि न तो वह व्यक्तिगत रूप से और न ही इटली की संप्रभु सरकार अपनी राष्ट्रीय नीतियों के लिए किसी के सामने भीख मांगती है।इस विवाद का असर तुरंत द्विपक्षीय संबंधों पर भी देखने को मिला, जब इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो तजानी ने अमेरिका की अपनी बेहद महत्वपूर्ण और प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा को ऐन वक्त पर रद्द कर दिया। तजानी ने रोम में मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणियां प्रधानमंत्री मेलोनी के व्यक्तिगत सम्मान और पूरे इटली राष्ट्र की संप्रभुता के लिए बेहद अपमानजनक हैं, इसलिए ऐसी परिस्थितियों में वाशिंगटन का दौरा करना उचित नहीं है। हालांकि, अब अंकारा में ट्रंप के बदले हुए नर्म सुरों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नाटो सहयोगियों के बीच जमी बर्फ जल्द ही पिघल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:31 am

नाटो समिट में ट्रंप का चौकाने वाला रुख: मेलोनी को बताया 'अच्छा इंसान', पर ईरान युद्ध में धोखा देने पर सरेआम लगाई क्लास

तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित हाई-प्रोफाइल नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद आक्रामक और अनूठे तेवर देखने को मिले हैं। शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ अपने उतार-चढ़ाव भरे निजी और कूटनीतिक संबंधों पर खुलकर बात की। ट्रंप ने एक तरफ मेलोनी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें वास्तव में एक 'बेहद अच्छी महिला' बताया, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका का साथ न देने के लिए वैश्विक मीडिया के सामने उनकी तीखी आलोचना भी की। कूटनीतिक गलियारों में मेलोनी को पहले ट्रंप का सबसे मजबूत यूरोपीय सहयोगी माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई है।अंकारा में पत्रकारों से आमने-सामने की बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई में जब अमेरिका को इटली की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मेलोनी सरकार ने हमारी सैन्य मदद करने से साफ इनकार कर दिया था; इसी वजह से वर्तमान में हमारे आपसी संबंध थोड़े खराब हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह मेलोनी को पसंद करते हैं, लेकिन बतौर प्रधानमंत्री ईरान युद्ध पर पीछे हटकर उन्होंने एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक भूल की है।इस बयान से ठीक एक दिन पहले सोमवार को ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर मेलोनी के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए मजाकिया और तीखे लहजे में लिखा था— इस समय एक निरोधक आदेश (Restraining Order) की सख्त जरूरत है।डेनमार्क को सीधी चुनौती: ग्रीनलैंड पर सिर्फ और सिर्फ अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिएनाटो नेताओं की मौजूदगी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक पुराना और बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दा दोबारा उठाकर यूरोपीय देशों को चौंका दिया है। तुर्किये के राष्ट्रपति के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप ने वैश्विक मीडिया से कहा कि सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण द्वीप 'ग्रीनलैंड' (Greenland) पर डेनमार्क का नहीं, बल्कि हर हाल में केवल अमेरिका का संप्रभु नियंत्रण होना चाहिए।अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड के भौगोलिक स्वामित्व और नियंत्रण के पुराने विवाद ने अतीत में नाटो के साथ अमेरिका के संबंधों को काफी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के इस बयान ने आर्कटिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक नियंत्रण की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है, और डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों ने इस पर आंतरिक रूप से आपत्ति जताना शुरू कर दिया है।मिनेसोटा के स्कूल का हिजाब वीडियो शेयर कर भड़के ट्रंप: गवर्नर टिम वॉल्ज ने दिया करारा जवाबअंतरराष्ट्रीय कूटनीति के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिका की आंतरिक राजनीति और धार्मिक पहनावे को लेकर भी अंकारा से एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अमेरिका के मिनेसोटा (Minnesota) प्रांत के एक किंडरगार्टन (प्राइमरी स्कूल) में आयोजित ग्रेजुएशन सेरेमनी का एक संक्षिप्त वीडियो साझा किया। इस वीडियो के साथ ट्रंप ने एक संक्षिप्त लेकिन विवादास्पद टिप्पणी लिखते हुए ध्यान दिलाया कि इस अमेरिकी स्कूल की 'हर छोटी बच्ची हिजाब में' नजर आ रही है।ट्रंप के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर अमेरिका के भीतर ही तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने राष्ट्रपति की इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तुरंत पलटवार किया। गवर्नर वॉल्ज ने कहा कि देश के राष्ट्रपति का एक छोटे किंडरगार्टन के मासूम बच्चों के उस पहनावे को लेकर निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जो वे स्वेच्छा से या अपनी पारिवारिक संस्कृति के अनुसार स्कूल में पहनते हैं। वॉल्ज ने आरोप लगाया कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने के बावजूद घरेलू स्तर पर केवल ध्रुवीकरण और विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:30 am

होर्मुज में जहाजों पर फिर हमला: कतर से गुजरात आ रहे रहे LNG टैंकर पर ड्रोन अटैक

पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति और कूटनीतिक सुलह की कोशिशों को मंगलवार तड़के उस समय बहुत बड़ा झटका लगा, जब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले की सबसे डरावनी बात यह है कि निशाना बने जहाजों में से एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा कतर का विशाल टैंकर 'अल रेकयात' है, जो सीधे भारत के गुजरात तट की ओर आ रहा था। इस हाई-रिस्क एलएनजी टैंकर पर चार भारतीय चालक दल (Crew Members) के सदस्य भी सवार थे, जिनकी जान इस हमले के दौरान बाल-बाल बची है।अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंटेलिजेंस और ब्रिटिश नौसेना के सूत्रों के अनुसार, कतर का यह गैस टैंकर हमले के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैस रिसाव और मलबे के कारण जहाज के भीतर भारी विस्फोट होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी क्षेत्र में सऊदी अरब का एक कच्चे तेल से लदा सुपर टैंकर 'वेडयान' भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।ओमान के तट पर कतर के 'अल रेकयात' ने मांगी मदद: इंजन रूम में लगी भीषण आगरॉयटर्स (Reuters) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, यह समुद्री हमला ओमान के रणनीतिक तटीय इलाके लिमाह के समीप मंगलवार तड़के अंजाम दिया गया। गैस से लदे 'अल रेकयात' टैंकर पर जब आसमान से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल या आत्मघाती ड्रोन आकर गिरा, तो जोरदार धमाके के साथ जहाज के मुख्य इंजन रूम में भीषण आग लग गई।खतरे की भयावहता को देखते हुए कैप्टन ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुद्र में आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजकर मदद की गुहार लगाई। राहत की बात यह रही कि आपातकालीन दस्तों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे जहाज पर मौजूद चारों भारतीय नागरिकों सहित पूरा चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जहाज की तकनीकी प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।कतर और अमेरिका का ईरान पर सीधा शक: रिवोल्यूशनरी गार्ड की मिसाइल एक्टिविटी पर उठे सवालइस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के तुरंत बाद कतर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी भी विद्रोही संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच के तार सीधे तेहरान से जुड़ रहे हैं।अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि कल देर रात ईरान की कुख्यात 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) कोर ने होर्मुज जलमार्ग के बेहद करीब कई गुप्त बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे थे। भू-राजनीतिक विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि यह इतिहास में पहली बार हुआ है जब ईरान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु व कूटनीतिक वार्ताओं में मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने वाले देश कतर के ही वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया है।यूकेएमटीओ की पुष्टि: तीन जहाजों पर एक साथ हुआ प्रोजेक्टाइल हमलाब्रिटिश सेना के नियंत्रण वाले 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स' (UKMTO) सेंटर ने इस समुद्री आतंकी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुल तीन वाणिज्यिक जहाजों पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत हमला किया गया था।पहले जहाज को ओमान के लिमाह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से उड़ाने की कोशिश की गई, जबकि बाकी के दो जहाजों पर अत्याधुनिक लड़ाकू ड्रोनों के जरिए क्लस्टर बम गिराए गए। यूकेएमटीओ ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन (Global Energy Supply Chain) को अस्थिर करने का बड़ा प्रयास किया गया है, लेकिन किसी भी नाविक के हताहत होने या बंदी बनाए जाने की खबर नहीं है।खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: कोम की सड़कों पर लगे 'किल ट्रंप' के नारेयह भीषण समुद्री हमला ठीक उसी समय हुआ है जब पूरे ईरान में देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट के अनुसार, शिया धार्मिक शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र कोम (Qom) शहर में मंगलवार को लाखों की तादाद में काले कपड़ों में लिपटे शोक संतप्त लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।खामेनेई के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूत को एक विशेष सैन्य वाहन पर रखकर निकाला गया। इस दौरान पूरे शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक और हिंसक नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर अंग्रेजी और फारसी भाषा में सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को लक्षित करते हुए 'किल ट्रंप' (Kill Trump) के नारे लिखे हुए थे।आपको बता दें कि पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक बेहद गोपनीय और विनाशकारी हवाई हमले में हो गई थी। सुरक्षा कारणों और देश के आंतरिक हालातों के चलते उनकी मृत्यु के ठीक चार महीने बाद अब जाकर उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही हैं। शुक्रवार से शुरू हुआ यह शोक कार्यक्रम आगामी 9 जुलाई को मशहद शहर में स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) करने के साथ संपन्न होगा, जिसने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी को एक बार फिर भड़का दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 5:26 am

राजस्थान कांग्रेस का डिजिटल चक्रव्यूह: क्या करेगी 15 लाख की फौज, युद्ध या मौज

राजस्थान की राजनीति में एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ आ गया है। कांग्रेस ने राज्य में आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक अभूतपूर्व डिजिटल सेना तैयार की है। इसे पार्टी के अंदर और बाहर 15 लाख की फौज कहा जा रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर सक्रिय होने वाली यह विशाल वाहिनी विपक्षी दलों के खिलाफ चुनावी 'युद्ध' लड़ेगी या सिर्फ संगठन के भीतर ही 'मौज' करेगी?सोशल मीडिया पर 'चक्रव्यूह' तैयारकांग्रेस आलाकमान ने बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनाने के लिए एक ऐसा डिजिटल चक्रव्यूह रचा है, जिसे भेदना विरोधियों के लिए आसान नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, इस रणनीति के तहत लाखों कार्यकर्ताओं को सीधे व्हाट्सएप ग्रुप, रील्स, और लोकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए जोड़ा गया है।बड़ी रणनीति: यह पहली बार है जब राजस्थान में किसी क्षेत्रीय राजनीतिक दल ने इतने बड़े पैमाने पर माइक्रो-लेवल (लोकल) डिजिटल मैनेजमेंट को अंजाम दिया है।लोकल ऑप्टिमाइजेशन और जमीनी असरजयपुर से लेकर जोधपुर और बीकानेर के सुदूर गांवों तक, इस डिजिटल फौज का मुख्य काम सरकार की नीतियों और पार्टी के नैरेटिव को हर घर तक पहुंचाना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक ऑनलाइन कैंपेन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लेवल पर वोटर्स को प्रभावित करने की एक सोची-समझी योजना है। अब देखना यह है कि यह 15 लाख की डिजिटल सेना जमीन पर कितना बड़ा चमत्कार दिखा पाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:38 pm

'कब तक बूढ़े लोग फैसला करेंगे...' अन्ना हजारे पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके का विवादित बयान, छिड़ा सोशल मीडिया पर युद्ध

राजनीतिक डेस्क: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले को लेकर देश में सियासी पारा पहले से ही गरमाया हुआ है, लेकिन इसी बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लेकर एक ऐसा विवादित बयान दे दिया है, जिसने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।60-70 के लोग रिटायर होकर आश्रम में बैठें - अभिजीत दीपकेदिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के एक प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे इस आंदोलन को लेकर अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने दो टूक मना कर दिया।दीपके ने तल्ख लहजे में कहा, बिल्कुल नहीं! मुझे लगता है कि युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए। जो लोग 60-70 के हो गए हैं, उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए—चाहें राजनीति हो या एक्टिविज्म। वे आश्रम में जाकर बैठें। यह हमारे भविष्य का सवाल है, छात्रों का भविष्य है, हमें फैसला करने दो। आखिर कब तक बूढ़े लोग हमारे फैसले करते रहेंगे?बयान पर भड़के लोग, सोनम वांगचुक को लेकर दीपके को घेराअभिजीत दीपके के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स उनके इस 'एज शेमिंग' वाले बयान पर उन्हें पाखंडी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ दीपके बुजुर्गों और अन्ना हजारे को किनारे करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपने आंदोलन के लिए 59-60 साल के सोनम वांगचुक को आगे कर भूख हड़ताल करवा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया, अगर बूढ़ों से प्रेरणा नहीं लेनी तो खुद अनशन पर क्यों नहीं बैठते, वांगचुक को आगे क्यों धकेल रखा है?जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन, तेजी से गिर रहा वजनआपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मंगलवार (7 जुलाई 2026) को 18वें दिन में पहुंच चुका है। आंदोलन के समर्थन में दिग्गज पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है और अब तक उनका वजन 6.9 किलोग्राम कम हो चुका है, जिससे समर्थकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:36 pm

पंजाब कांग्रेस में 'महायुद्ध': अपनों की बगावत से टूटी पीठ, क्या 2027 में BJP मारेगी बाजी

पंजाब की सियासत में इस समय सबसे बड़ा भूचाल कांग्रेस के अंदर मचा हुआ है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा किए गए हालिया संगठनात्मक फेरबदल ने पंजाब कांग्रेस की सुलगती आग में घी डालने का काम किया है। हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सिर्फ कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया। इस फैसले के बाद से ही पंजाब में शह और मात का खेल शुरू हो चुका है और चन्नी गुट ने सीधे दिल्ली दरबार तक मोर्चा खोल दिया है।चन्नी बनाम राजा वडिंग: मोरिंडा में 'शक्ति प्रदर्शन' और दिल्ली की दौड़कांग्रेस आलाकमान ने सोचा था कि सभी गुटों को पदों की मलाई बांटकर वो शांति स्थापित कर लेंगे, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर उनके समर्थकों की एक बड़ी बैठक हुई, जिसे सीधे तौर पर राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। चन्नी समर्थक अब खुलकर उन्हें पंजाब का अगला मुख्य चेहरा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मामला यहीं नहीं रुका; चन्नी गुट के कई नेता इस असंतोष को लेकर दिल्ली कूच कर चुके हैं, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर दरारें अब खाई में बदल चुकी हैं। इसके साथ ही मनीष तिवारी को किसी कमेटी में जगह न मिलना और सुखजिंदर सिंह रंधावा की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने इस सियासी सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।बीजेपी के लिए 'लॉटरी': क्या पंजाब में खिलेगा कमल?कांग्रेस की इस भयंकर गुटबाजी को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बेहद गदगद नजर आ रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जालंधर और पठानकोट के दौरों पर सीधे तंज कसते हुए कहा कि आंतरिक कलह तो कांग्रेस के डीएनए (DNA) में है। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनावों में किसी भी क्षेत्रीय दल (जैसे शिरोमणि अकाली दल) से गठबंधन नहीं करेगी, बल्कि सीधे जनता के बीच जाएगी। पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों से नाराज चल रहे शहरी और दलित वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी के पास इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता। कांग्रेस का यह बिखराव सीधे तौर पर बीजेपी को राज्य में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने का स्पेस दे रहा है।आम आदमी पार्टी (AAP) की नजरें: नगर निगम चुनाव की जीत से बढ़े हौसलेदूसरी तरफ, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस पूरे ड्रामे पर पैनी नजर रखे हुए है। हाल ही में हुए पंजाब नगर निगम (Civic Body) चुनावों में 'आप' ने बंपर जीत हासिल की है, जिससे भगवंत मान सरकार के हौसले बुलंद हैं। हालांकि, कांग्रेस इस समय 'आप' सरकार पर भी बीजेपी के साथ गुपचुप 'डील' करने के आरोप लगा रही है। खासकर केंद्र की 'विकसित भारत गारंटी' (VB-G RAM G) योजना को पंजाब में लागू करने के फैसले के बाद राजा वडिंग ने सीएम मान पर तीखे हमले किए हैं। लेकिन सच तो यह है कि जब तक मुख्य विपक्षी दल यानी कांग्रेस खुद आपस में लड़ती रहेगी, तब तक सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का फायदा उठाना उसके लिए नामुमकिन होगा।अब देखना यह होगा कि दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इस कलह को कैसे शांत करते हैं, या फिर इतिहास खुद को दोहराएगा और 2022 की तरह 2027 में भी कांग्रेस अपनी ही गलतियों से पंजाब की सत्ता से कोसों दूर रह जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 2:35 pm

कतरास के छाताबाद में भू-धंसान, कई घर क्षतिग्रस्त:पुनर्वास और मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने सड़क किया जाम

धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में मंगलवार को अचानक भू-धंसान हुआ। इससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और मकानों की दीवारों तथा फर्श में बड़ी दरारें आ गईं। घटना के बाद दहशत में आए लोग जान बचाने के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए। कई परिवार अपना कीमती सामान, जेवर और जरूरी दस्तावेज तक घरों के अंदर ही छोड़ने को मजबूर हो गए। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांगों में प्रभावित परिवारों का तत्काल पुनर्वास, उचित मुआवजा और क्षेत्र में अवैध कोयला खनन पर प्रभावी रोक शामिल है। सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं। उन्होंने कहा, हम गरीब परिवार के लोग हैं, अपना घर छोड़कर कहां जाएं? अचानक घरों में दरारें पड़ने लगीं, तो जान बचाने के लिए बाहर निकलना पड़ा। हमारा सारा सामान अभी भी घर के अंदर ही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजा और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात सामान्य करने के प्रयास में लगे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:54 pm

NATO बैठक से पहले ट्रंप का बड़ा दावा! बोले- पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं युद्ध का अंत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, दोनों ही यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहते हैं

देशबन्धु 7 Jul 2026 8:10 am

कतर से मिले 'बोइंग 747-8' को मियामी में सजाना चाहते हैं ट्रंप, लेकिन एयर फोर्स वन के इस प्रोजेक्ट में हैं बड़ी अड़चनें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने कतर (Qatar) द्वारा अमेरिका को उपहार में दिए गए अत्याधुनिक बोइंग 747-8 (Boeing 747-8) विमान से अपनी आधिकारिक यात्राएं शुरू कर दी हैं। जरूरी बदलावों और कड़ी टेस्टिंग के बाद इस विशाल विमान को अमेरिकी राष्ट्रपति के 'एयर फोर्स वन' बेड़े में शामिल कर लिया गया है। लेकिन, ट्रंप की योजना सिर्फ इस विमान में सफर करने तक सीमित नहीं है; वह इसे अपने एक खास ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाना चाहते हैं।मियामी की प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी में विमान प्रदर्शित करने का प्लानप्रसिद्ध अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की दिली ख्वाहिश है कि कतर से मिले इस बोइंग विमान को रिटायरमेंट के बाद मियामी (Miami) में बनने वाली उनकी अपकमिंग 'प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी' में प्रदर्शित किया जाए। ट्रंप चाहते हैं कि यह विमान उनकी विरासत के एक शानदार प्रतीक के तौर पर मियामी में रखा जाए, जिसे लोग करीब से देख सकें।राह में खड़ी हैं राजनीतिक और सैन्य चुनौतियांहालांकि, ट्रंप का यह सपना जितना भव्य है, इसे हकीकत में बदलना उतना ही जटिल है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि एक विशालकाय बोइंग विमान को मियामी के किसी सिविलियन या लाइब्रेरी एरिया में शिफ्ट करना और उसे स्थायी तौर पर प्रदर्शित करना आसान नहीं है। इस योजना के रास्ते में कई गंभीर राजनीतिक (Political), सैन्य (Military) और लॉजिस्टिकल (Logistical) चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। फिलहाल, यह विमान अमेरिका के अस्थायी 'एयर फोर्स वन' के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा है और सुरक्षा कारणों से सेना इसे इतनी आसानी से किसी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए नहीं सौंप सकती।नए बोइंग प्रोजेक्ट में क्यों हो रही है देरी?यह पूरा मामला इसलिए भी पेचीदा हो गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए तैयार हो रहे नए विमानों के प्रोजेक्ट में भारी देरी चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही, साल 2017 में पुराने एयर फोर्स वन बेड़े को बदलने की कवायद शुरू कर दी थी। उन्होंने इसके लिए बोइंग को अगली पीढ़ी के दो नए प्रेसिडेंशियल विमानों का ऑर्डर दिया था।कार्यकाल के अंत तक ही मिल पाएंगे नए विमानशुरुआती योजना के विपरीत, बोइंग के इस अति-सुरक्षित प्रोजेक्ट में काफी विलंब हो चुका है। अब इन दोनों नए विमानों के मध्य 2028 तक ही अमेरिकी वायुसेना को सौंपे जाने की उम्मीद है। तकनीकी और लॉजिस्टिक दिक्कतों के चलते ट्रंप को मजबूरी में कतर से मिले इसी बोइंग 747-8 का इस्तेमाल एक अस्थायी एयर फोर्स वन के रूप में करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि जब 2028 में नए विमान बनकर पूरी तरह तैयार होंगे, तब तक राष्ट्रपति ट्रंप का मौजूदा कार्यकाल अपने अंतिम चरण में होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 6:12 am

गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल

सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।

देशबन्धु 6 Jul 2026 3:20 am

सालों से दफ्तरों में जमे सात शिक्षक एकतरफा कार्यमुक्त

भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले के शिक्षा विभाग में अपनी मूल पदस्थापना को छोड़कर अन्य कार्यालयों या संस्थाओं में अटैच होकर कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए ऐसे 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल संस्था के लिए एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया है। आदेश में पुष्पा कोरी दिवाकर (सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी) को बीईओ कार्यालय बलौदा भेजा गया। संजय कुमार राठौर (शिक्षक एलबी) को शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमोरा, विकासखंड नवागढ़ भेजा गया। चंद्र प्रकाश तंबोली (शिक्षक एलबी) को शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय औराईकला, विकासखंड बलौदा भेजा गया। हेमंत कुमार यादव (व्यायाम शिक्षक एलबी) को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसमंदा, विकासखंड बलौदा भेजा गया। रेवती रमन दुबे (सहायक ग्रेड-02) को शासकीय हाईस्कूल नवगवां, विकासखंड बलौदा भेजा गया। विशाल वैभव (सहायक ग्रेड-02) को बीईओ कार्यालय बलौदा में पदस्थ किया गया। राकेश सिंह गोंड (सहायक ग्रेड-03) को शासकीय हाईस्कूल कोसमंदा, विकासखंड बलौदा भेजा गया। डीईओ ने दी वेतन रोकने की चेतावनी: जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि कर्मचारी अपनी मूल संस्था में अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनके वेतन का भुगतान नहीं होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं कर्मचारी की होगी।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

आसमान से बारिश बरसते ही मंडराने लगा डेंगू का जानलेवा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, राजधानी में युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू

मौसम में आए अचानक बदलाव और मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही जहां लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़े खतरे ने भी दस्तक दे दी है। रिमझिम फुहारों के साथ ही राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में मच्छरों से होने वाली जानलेवा बीमारी 'डेंगू' (Dengue) का खौफनाक खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। जलजमाव और उमस भरे इस मौसम को मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इसी गंभीर चुनौती को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राजधानी के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और नगर निगम की टीमों ने इस महामारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर अपनी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।जलजमाव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित और फॉगिंग के लिए विशेष टीमों का गठनबारिश का पानी जमा होने के कारण राजधानी के कई रिहाइशी इलाकों और स्लम बस्तियों में डेंगू का डंक फैलने का सबसे ज्यादा रिस्क रहता है। स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहर के उन संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर लिया है जहां पिछले सालों में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इन चिन्हित हॉटस्पॉट्स में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके साथ ही, एंटी-लार्वा स्प्रे के छिड़काव और आधुनिक फॉगिंग मशीनों को काम पर लगा दिया गया है। नगर निगम की विशेष टीमें हर वार्ड में जाकर नालियों और खाली पड़े प्लॉटों में जमा पानी की चेकिंग कर रही हैं ताकि मच्छरों के पनपने के चक्र को शुरुआती चरण में ही तोड़ा जा सके।अस्पतालों में रिजर्व हुए स्पेशल डेंगू वार्ड और प्लेटलेट्स की व्यवस्था तेजराजधानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देशों के बाद शहर के सभी बड़े सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में विशेष 'डेंगू वार्ड' और आइसोलेशन बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अलग से ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, ब्लड बैंकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लेटलेट्स (Platelets) का पर्याप्त स्टॉक मेंटेन रखें, क्योंकि डेंगू के गंभीर मामलों में मरीजों के प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है।स्थानीय निवासियों के लिए गाइडलाइन जारी और एआई सर्च पर बढ़े सवालस्वास्थ्य विभाग ने राजधानी के नागरिकों के लिए एक जरूरी और कड़े प्रिकॉशंस की एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है, इसलिए लोग अपने घरों में रखे कूलर, गमलों, पुरानी टायरों और छतों पर पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें। रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। आज के डिजिटल युग और आधुनिक एआई-संचालित जनरेटिव सर्च (GEO) पर भी लोग 'डेंगू के शुरुआती लक्षण' और 'प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय' जैसे विषयों को लगातार सर्च कर रहे हैं। यदि किसी को तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में गंभीर अकड़न या बदन दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:52 pm

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more

अजमेरनामा 23 Jun 2026 3:53 am

युद्ध का असली हासिल (व्यंग्य)

दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:48 pm

अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष

Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...

वेब दुनिया 16 Jun 2026 1:55 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए

जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?

देशबन्धु 13 Apr 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया

युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।

देशबन्धु 27 Mar 2026 3:08 am

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.

बूमलाइव 23 Mar 2026 6:22 pm

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm