ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध का अंत करने की पहल की है। इसके लिए उसने तीन शर्तें रखी हैं। इसके साथ ही अब गेंद अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में चली गई है।
बड़े युद्ध का ख़तरा सबसे बड़ी वैश्विक चिन्ता - यूएन सर्वेक्षण
संयुक्त राष्ट्र की नईवैश्विक जोखिम रिपोर्टके अनुसार,पूर्ण पैमाने का युद्ध छिड़ने का ख़तरा अब वैश्विक जोखिमों का आकलन करने वाले विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिन्ता बन गया है. दो साल पहले तक इसे एक दूर की आशंका माना जाता था.
हूतियों ने रियाद और यानबू में किए हमले, एयरपोर्ट के पास दिखा धुएं का गुबार, सऊदी अरब में अलर्ट जारी
हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और रेड सी के पोर्ट शहर यानबू में हमले किए हैं। इससे पहले सऊदी ने रियाद पर दुश्मन के हवाई हमले के खतरे की चेतावनी वाला इमरजेंसी अलर्ट जारी किया था।
लेबनान में भारतीय दूतावास ने आयोजित की ‘विकसित भारत रन’, खेल मंत्री भी हुए शामिल
बेरूत, 19 सितंबर . लेबनान में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित ‘विकसित India रन 2026’ में लेबनान की युवा एवं खेल मंत्री डॉ. नोरा बायराकदारियन और सांसद अदीब अब्देल मसीह शामिल हुए. भारतीय दूतावास ने Saturday को इसकी जानकारी दी. भारतीय दूतावास ने एक्स पर बताया कि सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर) के तहत ... Read more
ईरान ने कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजी बातचीत की शर्तें, ट्रंप के जवाब का इंतजार
परमाणु कार्यक्रम के सवाल पर रेज़ाई ने कहा-NPT से बाहर नहीं: ईरान ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से अलग होने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, इस दिशा में भविष्य का कोई भी कदम पूरी तरह अमेरिका के आगामी रुख और नीतियों पर निर्भर करेगा।
अब तक सऊदी अरब के महंगे और हाईटेक हथियार हूती लड़ाकों के गोरिल्ला अटैक के आगे बौने साबित हो रहे थे। लेकिन जब से सऊदी अरब ने जंग की पुरानी रणनीति को छोड़ कर नई रणनीति अपनाई है, तब से खाड़ी देशों के बीच जारी जंग की सूरत बदलती नजर आ रही है। हाल ही में यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब ने जो हमला किया, उससे हूती विद्रोहियों के पांव उखड़ गए और भागने के लिए उनके पास जमीन कम पड़ गई।इस हमले में सऊदी अरब की मिसाइलें नहीं गरजीं, बल्कि ‘स्काईवास्प’ अटैक किया गया। इस हमले ने अटैक ने रातों-रात मध्य पूर्व के युद्ध के समीकरण को बदल कर रख दिया है। हूती विद्रोहियों के हथियार अब काम नहीं आ रहे हैं। सऊदी अरब का यह हथियार त्रिकोणीय आकार के खौफनाक ड्रोन्स हैं, जो हूतियों के ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं। हूती लड़ाकों की एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को मार गिराने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। इस हमले के बाद पूरे साना शहर में हड़कंप मच गया और हूती विद्रोहियों के कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।सऊदी अरब ने जंग में उतारे कामिकेज ड्रोन स्काईवास्पखाड़ी देशों के बीच जारी जंग में सऊदी अरब ने बेहद विनाशकारी कामिकेज यानी ‘सुसाइड’ ड्रोन उतार दिए हैं। इनका नाम ‘स्काईवास्प’ है, जो एक तरह के कीड़े के लिए अंग्रेज में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द वॉस्प से लिया गया है। हिंदी में इसे ततैया कहते हैं। ये सऊदी अरब का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है। सुसाइड ड्रोन उन हथियारों को कहा जाता है, जो मिसाइल की तरह सीधे अपने टारगेट से टकराकर खुद को भी खत्म कर लेते हैं। NEW: Houthi-controlled Yemeni capital Sanaa was hit by Saudi SKYWASP kamikaze drones yesterday, modeled after Iran's Shahed-136.SKYWASP is Saudi Arabia's first domestically produced long-range kamikaze drone, a Shahed-136-style delta-wing UAV built by SR2Vector (Saudi-US joint… pic.twitter.com/etIZd7drMY— Clash Report (@clashreport) September 19, 2026 ईरान के ‘शाहिद-136’ ड्रोन पर आधारित स्काईवास्पस्काईवास्प का डिजाइन काफी हद तक ईरान के मशहूर ‘शाहिद-136’ ड्रोन से मिलता-जुलता है। शाहिद-136 का इस्तेमाल रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर हुआ है। इसे हूती विद्रोही भी अक्सर सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। अब सऊदी अरब ने इसी से प्रेरित खुद का कामिकेज ड्रोन तैयार कर लिया है, जो दुश्मन के घर में घुसकर सटीक हमला करने में माहिर है।सस्ता और टिकाऊ हथियार बना स्काईवास्पएक ‘स्काईवास्प’ ड्रोन की कीमत महज करीब 35,000 डॉलर यानी लगभग 29 से 30 लाख रुपए आती है। जहां एक मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर होती है। इस ड्रोन की मारक क्षमता करीब 1,500 किलोमीटर है। यानी सऊदी अरब अपनी सीमा से यमन के हूतियों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगा सकता है। ये ड्रोन जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम से पूरी तरह लैस होता है, जिससे ये दुश्मन की लोकेशन पर सटीक वार करता है और एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सकता है।सऊदी और अमेरिका मिलकर बनायास्काईवास्प सऊदी अरब का पहला स्वदेशी प्रोजेक्ट है। इसे ‘SR2Vector’ नाम की कंपनी ने बनाया है, जो सऊदी अरब और अमेरिका का एक ज्वाइंट वेंचर है।Dhaka bomb blast: सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद छावनी बनी बांग्लादेश की राजधानी ढाका, ढाका पुलिस ने 500 से ज्यादा को किया गिरफ्तार
भारतीय वायुसेना के वीर चक्र से सम्मानित पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक का 87 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया।
जोधपुर की बेटी 'युवा संसद, भारत' की चेयरपर्सन और 'सिस्टर ऑफ सोल्जर्स' के नाम से विख्यात कर्नल(मानद) पार्वती जांगिड़ सुथार ने लद्दाख के पार्वत्य और दुर्गम सीमांत क्षेत्र में 3100 किलोमीटर की यात्रा पूरी की है। यहां पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन-तिब्बत से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सेना, आईटीबीपी (आईटीबीपी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रहरी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। दिल्ली में 28 अगस्त को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि को रक्षासूत्र बाँधकर शुरू हुई “सुरक्षित सीमा -समर्थ भारत 35वीं भारत रक्षा पर्व यात्रा-2026” का 21 दिनों तक सफर के बाद लद्दाख के ऐतिहासिक 'कारगिल वॉर मेमोरियल (द्रास)' पर अमर बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पण के साथ समापन हुआ। जोधपुर के बेटे का शौर्य, जोधपुर की बेटी का प्रणामइस यात्रा का सबसे भावुक कर देने वाला पड़ाव था-16,420 फीट की बर्फीली ऊंचाई पर स्थित रेज़ांग ला युद्ध स्मारक। यह वही रणभूमि है जहां 18 नवम्बर 1962 को 13 कुमाऊं की ‘चार्ली’ कम्पनी के 120 भारतीय जांबाज़ों ने चीनी सेना के खिलाफ भीषण और अविश्वसनीय युद्ध लड़ा था। उस युद्ध में कंपनी कमांडर मेजर शैतान सिंह, परमवीर चक्र (पीवीसी) सहित 114 वीरों ने अंतिम गोली और अंतिम सांस तक लड़ते हुए 1300 से अधिक आक्रांताओं को ढेर कर दिया था। जब जोधपुर की बेटी पार्वती जांगिड़ ने अपने ही गृह नगर जोधपुर के उस लाड़ले सपूत की शहादत स्थली को स्पर्श किया, तो आँखें नम थीं। पार्वती ने मेमोरियल पर पुष्पचक्र समर्पित करते हुए उन्होंने कहा -जिस पावन धरा पर मेरे अपने जोधपुर के वीर सपूत मेजर शैतान सिंह और 120 वीरों ने देश के स्वाभिमान के लिए अपना रक्त बहाया, उस रणभूमि की धूल को माथे पर लगाना मेरे लिए किसी महातीर्थ से कम नहीं है। यह वीरगाथा हर भारतवासी के सीने में लहू बनकर दौड़ती है। सियाचिन के 'ओपी बाबा' और 1971 की स्वर्णिम जीत का 'तुरतुक ज़ीरो आरडी'पार्वती जांगिड़ सुथार ने विश्व के सबसे ऊंचे और दुर्गम युद्धक्षेत्र में से एक सियाचिन के बेस कैंप और अग्रिम मोर्चों पर पहुँचकर उन्होंने 'सियाचिन वॉरियर्स' के साथ रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया। वहां उन्होंने ग्लेशियर के रक्षक देवस्थल 'ओपी बाबा जी' के समक्ष नतमस्तक होकर देश के हर फौजी भाई की लंबी उम्र और सलामती की अरदास की। वहीं, 1971 के युद्ध में भारतीय सेना द्वारा मुक्त कराए गए ऐतिहासिक बाल्टिस्तान क्षेत्र के गांवों-तुरतुक, थांग, त्याक्षी और चालुंका तक पहुंचकर पार्वती ने लद्दाख स्काउट्स और मेजर चेवांग रिनचेन के पराक्रम को नमन किया। बॉर्डर के अंतिम छोर गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रवेश द्वार पर स्थित 'ज़ीरो आरडी' पोस्ट पर तैनात जवानों को जब अपने हाथों से राखी बांधी, तो जवानों का चेहरा गर्व और अपनत्व से चमक उठा। 3,750 जवानों को रक्षासूत्र, 71 सैन्य इकाइयों को यूनिट कमेंडेशनपार्वती जांगिड़ ने इन 21 दिनों में सीमाओं पर तैनात 3,750 से अधिक वीर जवानों की कलाई पर उन्होंने स्वयं अपने हाथों से तैयार किए हुए विशेष रक्षासूत्र बांधे। इसके साथ ही 71 सैन्य यूनिटों एवं फॉर्मेशन्स को उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा और सामरिक योगदान के लिए 'युवा संसद, भारत' की ओर से 'यूनिट प्रशस्ति-पत्र' प्रदान किया गया। 99 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनकी दीर्घकालिक सेवा, असाधारण रणनीति व नेतृत्व के लिए 'राष्ट्रीय योद्धा सेवा सम्मान' से विभूषित किया गया। 721 जवानों एवं जेसीओ को विभिन्न हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन्स में अद्भुत पराक्रम के लिए 'अमृतस्य पुत्रा सम्मान (ए.पी.एस.)' अर्पित किया गया। सेना, आईटीबीपी और बीआरओ कमांडरों के पार्वती जांगिड़ के इस असाधारण कदम की दिल खोलकर सराहना की और उन्हें विशेष प्रशस्ति-पत्रों से नवाजा गया।
पंजाब के पठानकोट जिले के सिख परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गए ट्रक ड्राइवर बलजिंदर सिंह को स्थानीय प्रशासन ने मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में पकड़ कर जेल में डाल दिया है। इस मामले में उसे मौत की सजा सुनाई गई है। इस खबर से पठानकोट स्थित उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके परिवार ने उसकी रिहाई के लिए राज्य और केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की है।पठानकोट जिले के सुजानपुर का रहने वाला बलजिंदर सिंह लगभग तीन साल से सऊदी अरब में पुलिस हिरासत में है। सऊदी अधिकारियों ने दुबई से सऊदी अरब जाते समय उसके ट्रक में मिले दवाओं के एक पैकेट से कथित तौर पर नारकोटिक्स बरामद किए थे। सिंह लगभग एक दशक से दुबई में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था और अपनी नौकरी के सिलसिले में अक्सर सऊदी अरब जाता था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके परिवार के मुताबिक, उसकी एक यात्रा से पहले, उसके एक साथी ने उसे सऊदी अरब में एक बुजुर्ग व्यक्ति को दवा का एक पैकेट देने के लिए कहा था।उसके परिवार ने दावा किया कि पैकेट में क्या है, यह जाने बिना ही सिंह उसे साथ ले जाने के लिए मान गया। हालांकि, जब दुबई-सऊदी बॉर्डर पर उसकी गाड़ी की सिक्योरिटी चेकिंग हुई, तो अधिकारियों को कथित तौर पर पैकेट के अंदर छिपा हुआ नारकोटिक्स मिला। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर केस चलाया गया। बाद में एक सऊदी कोर्ट ने सिंह को ड्रग ट्रैफिकिंग के मामले में दोषी पाया और उसे मौत की सजा सुना दी गई।उनके परिवार का कहना है कि सिंह का मादक पदार्थ से जुड़ी किसी गतिविधि में कोई हाथ नहीं था। उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि दवा के पैकेट में क्या रखा गया था। उन्होंने तुरंत राजनयिक और कानूनी मदद की अपील की है, और फांसी रोकने और उनकी रिहाई में मदद के लिए दखल देने की मांग की है।Tirupati Laddu prasadam: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिला पाम ऑयल और केमिकल, ED के हत्थे चढ़े सुकृति फूड्स के कैलाश चंद मंगला
भारत ने सऊदी अरब पर हूथी हमलों की निंदा की, शिपिंग रूट के लिए खतरे की चेतावनी दी
भारत ने शुक्रवार को सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा की। भारत ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताया और चेतावनी दी कि इनसे क्षेत्रीय सुरक्षा कमजोर हो रही है और बाब-अल-मंडेब जलमार्ग में आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरा पैदा हो रहा है। नई दिल्ली ने सऊदी अरब की आर्थिक सुविधाओं पर हमलों और पवित्र शहर मक्का पर हमले की कोशिश की भी निंदा दोहराई। अपनी नियमित मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत यमन में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर बहुत चिंतित है और उम्मीद करता है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी। जयसवाल ने कहा कि यमन में सुरक्षा हालात बिगड़ने को लेकर हम बहुत चिंतित हैं। हम सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा करते हैं, खासकर आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने और मक्का के पवित्र शहर पर हमले की कोशिश की। इसे भी पढ़ें: मौका देख हूतियों ने किया ऐसा तबाह, सऊदी ने जारी किया थ्रेट अलर्ट उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब में आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं, जो हमें मंजूर नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी। हूती मिलिटेंट्स द्वारा सऊदी अरब के तेल ठिकानों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचों पर कई हमले किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ गए हैं। भारत ने बुधवार को मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश पर गहरी चिंता जताई थी। ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर भी हमला किया था, जिसे कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। जब से ईरान से जुड़े टकराव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग में रुकावट आई है, तब से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी तेल निर्यात के लिए एक अहम वैकल्पिक रास्ते के तौर पर काम कर रही है। इन हमलों ने बाब-अल-मंदेब शिपिंग लेन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप के बीच स्थित बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे अहम समुद्री 'चोकपॉइंट' (संकरे समुद्री रास्ते) में से एक है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। भारत ने पिछले हफ़्ते सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हुए हालिया हमलों की भी निंदा की थी। सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ये हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं, जबकि हूथी विद्रोही मुख्य रूप से यमन से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia: Riyadh Airport के पास Aramco फ्यूल टैंक में लगी आग, इलाके में भारी धुआं कुल मिलाकर, भारत ने सऊदी अरब पर हुए हालिया हमलों की बार-बार निंदा की है - जिनमें तेल और अन्य नागरिक ठिकानों पर हमले और मक्का पर हमले की कोशिश शामिल है - और साथ ही चेतावनी दी है कि इस हिंसा से क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया में अहम शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं।
शनिवार को रियाद के मुख्य एयरपोर्ट के पास धुएं का बड़ा गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। इससे पहले धमाकों की आवाज सुनाई दी। हालांकि सऊदी अरब ने रात भर राजधानी के आसपास संभावित खतरे की चेतावनी के बाद 'ऑल क्लियर' सूचना जारी की थी। यह सब यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच हुआ है।
रियाद में धमाके की आवाज, सऊदी अरब में 'हवाई खतरे' का अलर्ट
सऊदी अरब ने देश भर में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर 'हवाई खतरे' की चेतावनी दी. इस दौरान रियाद में एक तेज धमाके की आवाज भी सुनी गई. हालांकि, अलर्ट के बाद राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई.
मिडिल ईस्ट की सुरक्षा किसी बाहर वाले की जिम्मेदारी नहीं - ईरान के विदेश मंत्री अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दुनिया से सैन्यवाद और दखलंदाजी छोड़कर सतत विकास, राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान और स्थायी शांति की ओर बढ़ने का आह्वान किया है।
Saudi Arabia: Riyadh Airport के पास Aramco फ्यूल टैंक में लगी आग, इलाके में भारी धुआं
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रहने वाले लोगों ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक इलाके से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। एएफपी के एक पत्रकार ने बताया कि अरामको के एक फ्यूल टैंक में आग लगी थी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फ़्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से एयरपोर्ट पर विमानों के आने में बड़ी दिक्कतों और देरी का पता चला है। एएफपी ने एक स्थानीय निवासी के हवाले से कहा कि हमने एयरपोर्ट की तरफ काला धुआं और आग देखी। इस बीच, Flightradar 24 के डेटा में 5-पॉइंट वाले डिसरप्शन इंडेक्स (रुकावट सूचकांक) में अराइवल डिले इंडेक्स और डिपार्चर डिले इंडेक्स 5 दिखाया गया। Flightradar 24 के अनुसार, वेबसाइट पर 3.5 और 5 के बीच का डिले इंडेक्स लंबी देरी और कई उड़ानों के रद्द होने जैसी बड़ी समस्याओं का संकेत देता है। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सऊदी अरब ने शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के दुश्मन की ओर से हवाई हमले के खतरे की चेतावनी दी और अपनी राजधानी समेत पूरे देश में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों के साथ हाल ही में तनाव बढ़ने के बाद रियाद में जारी किया गया यह अलर्ट सऊदी राजधानी के लिए अपनी तरह का पहला मामला था। इसे भी पढ़ें: अब्बास को ना, पेजेश्कियान को हां...फिलिस्तीन पर ट्रंप का खेल, जंग के बीच ईरानी नेता जाएंगे US? रात भर अलर्ट के बाद एयरपोर्ट के पास काले धुएं का गुबार दिखा रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने घटनास्थल के वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए बताया कि एयरपोर्ट के पास वाले इलाके में काले धुएं का एक बड़ा गुबार उठता हुआ देखा गया। धुएं के आगे एयरपोर्ट हाईवे, मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग और दूसरी सुविधाएं दिखाई दे रही थीं। हालांकि, सऊदी सिविल डिफेंस ने रात भर फोन पर अलर्ट भेजकर रियाद और राजधानी के पूर्व में स्थित अल-खर्ज शहर में संभावित खतरे की चेतावनी दी थी। लेकिन शनिवार सुबह 'ऑल-क्लियर' (खतरा टलने का संकेत) जारी कर दिया गया; रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले एक पत्रकार ने धमाकों की आवाज़ सुनी थी।
सऊदी अरब में पंजाब के ट्रक ड्राइवर को मौत की सजा, परिवार ने लगाई गुहार
पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर को सऊदी अरब में ड्रग्स के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है. परिवार का दावा है कि उसे दवा के पैकेट में नशीला पदार्थ होने की जानकारी नहीं थी. अब परिवार सरकार से इस मामले में मदद की मांग कर रहा है.
ATS का बड़ा खुलासा: अलकायदा से जुड़े संदिग्ध आतंकी बना रहे थे बम, पाक-तुर्की जाने की थी तैयारी
एटीएस ने खुलासा किया है कि अलकायदा से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नबील और मकसूद अली बम बनाने के लिए पोटैशियम नाइट्रेट की तलाश में थे।
देवरिया के रुद्रपुर तहसील दिवस में शनिवार दोपहर करीब एक बजे दुलारी देवी और उनके समर्थकों ने एडीएम की गाड़ी घेरकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। दुलारी देवी ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उन्हें लक्ष्य प्रेरणा संकुल संघ (CLF) के अध्यक्ष पद से हटाकर एकतरफा चुनाव करा दिया गया। दुलारी देवी ने अधिकारियों को दिए आवेदन में कहा कि उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है। इसके बावजूद उन्हें पद से हटाकर दूसरे पदाधिकारी को नियुक्त कर दिया गया। उनका आरोप है कि कथित चुनाव की जानकारी उन्हें सही तरीके से नहीं दी गई और उन्हें चुनाव प्रक्रिया में शामिल भी नहीं किया गया। उन्होंने मामले की पूरी जांच कराने की मांग की है। शिकायत में चुनाव से संबंधित वीडियोग्राफी, हाजिरी रजिस्टर, नोटिस, कार्यवाही, प्रस्ताव, मिनट्स और अन्य दस्तावेज सुरक्षित कर उनकी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही नए पदाधिकारियों की नियुक्ति नियमानुसार हुई है या नहीं, इसकी भी जांच कराने को कहा गया है। 15 लाख के कथित लेन-देन की जांच की मांग दुलारी देवी ने CLF के बैंक खाते में करीब 15 लाख रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर भी जांच की मांग की है। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट, पासबुक, चेक, ऑनलाइन लेन-देन, भुगतान वाउचर समेत अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच और ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक CLF के बैंक खाते से बिना अनुमति किसी भी तरह की निकासी या लेन-देन पर रोक लगाई जाए, ताकि धनराशि के कथित दुरुपयोग की आशंका को रोका जा सके। शिकायतकर्ता ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए और कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल की गई धनराशि की वसूली कराई जाए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
EIL के चेयरमैन गुप्ता ने कहा कि तनाव के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी तिमाही में ठेके मिलने की गति बढ़ सकती है।
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman Saudi Arabia Oil Export Crisis को लेकर लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत एक बार फिर चर्चा में है।
सऊदी अरब का तेल उत्पादन 1990 के बाद से सबसे निचले स्तर पर, इस कमी को कौन पूरा कर रहा है?
खाड़ी देशों में उत्पादन पर दबाव बना हुआ है, इसलिए ग्लोबल ऑयल मार्केट में संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी अब मध्य पूर्व से दूर के उत्पादक देशों पर ज्यादा आ रही है.
अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव
अमेरिका ने यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती संगठन के साथ सीधे संपर्क का रास्ता अपनाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान तेज कर रहा है। इससे यमन को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब की रणनीति में अंतर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी […] यह लेख अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Air Marshal Man Mohan Sinha:
झारखंड की राजधानी रांची के ट्रैफिक जाम और वाहन चालकों की आए दिन लगने वाली लंबी कतारों की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन और नगर विकास विभाग ने एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। शहर के भीतर सुगम यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्गा पूजा के ठीक बाद रांची के तीन प्रमुख मार्गों पर फ्लाईओवर (Flyovers) के निर्माण कार्य का शुभारंभ होने जा रहा है। इसके साथ ही सरकार की आगामी योजनाओं के तहत तीन अन्य नए फ्लाईओवर के अत्याधुनिक डिजाइन और डीपीआर (Detailed Project Report) भी पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की यूजर-फ्रेंडली और आकर्षक शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सड़क विकास परियोजना का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया जा रहा है कि आखिर कैसे रांची की ट्रैफिक तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।रांची में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से मुक्ति दिलाने के लिए क्यों पड़ी नए फ्लाईओवर की जरूरतपिछले कुछ वर्षों में झारखंड की राजधानी रांची का दायरा बहुत तेजी से फैला है, और टियर-2 शहरों की श्रेणी में आने वाले इस महानगर में निजी वाहनों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर के मुख्य चौक-चौराहों जैसे कचहरी चौक, सुजाता चौक, सिरमटोली, लालपुर और हरमू रोड पर सुबह और शाम के पीक आवर्स में गाड़ियों का ऐसा रेला उमड़ता है कि लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में घंटों का समय लग जाता है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि यदि शहर की पटरियों और सड़कों को जाम मुक्त नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आवागमन पूरी तरह चरमरा जाएगा। भौगोलिक और स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन के इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने इन नए फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर जमीन पर उतारने का फैसला किया है।दुर्गा पूजा के तुरंत बाद इन तीन प्रमुख जगहों पर शुरू होगा निर्माण कार्य और उसकी रूपरेखाप्रशासनिक और विभागीय घोषणा के अनुसार, राज्य में मनाए जाने वाले सबसे बड़े महाउत्सव यानी दुर्गा पूजा के समापन के ठीक बाद रांची के तीन सबसे व्यस्त और संवेदनशील रूटों पर फ्लाईओवर निर्माण का काम धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा। इन चुनिंदा रूटों पर भारी मशीनों, पिलर निर्माण के लिए बोरिंग और निर्माण सामग्री गिराने की पूरी तैयारी एजेंसियों द्वारा पहले ही पूरी कर ली गई है, ताकि पूजा के तुरंत बाद बिना किसी प्रशासनिक विलंब के काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इंजीनियरों की टीमों ने ट्रैफिक डायवर्जन (Traffic Diversion) का एक बेहतरीन प्लान भी तैयार किया है ताकि निर्माण कार्य के दौरान शहर की जनता को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े और वैकल्पिक रास्तों से गाड़ियां आसानी से निकल सकें।तीन अन्य नए फ्लाईओवर के डिजाइन हुए तैयार, भविष्य की यातायात जरूरतों को मिलेगा बलकेवल इन तीन चल रहे प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि आने वाले कल की जरूरतों को भांपते हुए रांची के लिए तीन अन्य नए अत्याधुनिक फ्लाईओवर के डिजाइन और नक्शे भी पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं। इन नए डिजाइनों में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है ताकि कम से कम जमीन के अधिग्रहण के साथ अधिकतम ट्रैफिक को सुचारू रूप से निकाला जा सके। इनफ्लो और आउटफ्लो रैंप की बेहतरीन व्यवस्था वाले ये नए फ्लाईओवर शहर के उन हिस्सों को आपस में जोड़ेंगे जहां वर्तमान में सबसे ज्यादा कमर्शियल गतिविधियां संचालित होती हैं। इन सभी छह परियोजनाओं (तीन मौजूदा और तीन नए डिजाइन) के पूरा हो जाने के बाद रांची की गिनती देश के सबसे व्यवस्थित और सुगम यातायात वाले आधुनिक राजधानियों में होने लगेगी।स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यावरण पर इन विकास कार्यों का पड़ेगा सकारात्मक प्रभावइस प्रकार के बड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण से न केवल आम जनता के आने-जाने का कीमती समय बचेगा, बल्कि वाहनों के लगातार जाम में खड़े रहने के कारण होने वाले प्रदूषण (Air Pollution) के स्तर में भी भारी कमी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, शहर के व्यापारिक केंद्रों तक ग्राहकों की पहुंच आसान होने से स्थानीय बाजारों, मॉल और रेस्तरां उद्योग को भी एक नया आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण कार्य के इस दौर में स्थानीय स्तर पर इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल-अकुशल मजदूरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेंगे।
वैश्विक भू-राजनीति और सामरिक मोर्चे पर इंडोनेशिया से एक बेहद चौंकाने वाली और रक्षा गलियारों में हलचल मचाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले इस देश की नौसेना की ताकत और रक्षा खरीद नीति पर गंभीर बहस छेड़ दी है। इंडोनेशिया को हाल ही में अपना पहला विमानवाहक पोत यानी एयरक्राफ्ट कैरियर मिला है, जिस पर गर्व महसूस करने के बजाय अब रक्षा विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कि क्या देश ने एक पुराना, सेकंड-हैंड युद्धपोत खरीदकर बहुत बड़ी आर्थिक भूल कर दी है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की आकर्षक और यूजर-फ्रेंडली शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस पूरे घटनाक्रम का विस्तृत और विश्लेषणात्मक जायजा लिया जा रहा है कि आखिर क्यों इस अरबों डॉलर की डिफेंस डील पर 'क्या इटली ने ठग लिया?' जैसे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।इंडोनेशिया की नौसैनिक ताकत का विस्तार और पहले एयरक्राफ्ट कैरियर का आगमनइंडोनेशिया, जो दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल राष्ट्र है और हिंद महासागर व प्रशांत महासागर के रणनीतिक जंक्शन पर स्थित है, लंबे समय से अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी नौसेना को अत्याधुनिक बनाने में जुटा हुआ है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश ने अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर को अपने बेड़े में शामिल करने का फैसला किया, ताकि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में उसकी पकड़ और अधिक मजबूत हो सके। भौगोलिक दृष्टि से हजारों द्वीपों में फैले इस देश के लिए एक विमानवाहक पोत होना सामरिक रूप से बेहद जरूरी माना जा रहा था ताकि जरूरत पड़ने पर दूर-दराज के समुद्री इलाकों में भी युद्धक विमानों की तैनाती आसानी से की जा सके। हालांकि, इस बेड़े में नए जहाज के आने की खुशी उस वक्त विवादों में बदल गई जब रक्षा विश्लेषकों ने इस डील के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी।सेकंड-हैंड युद्धपोत की खरीद पर क्यों उठ रहे हैं भारी सवाल और वित्तीय चिंताएंइस पूरे विवाद के केंद्र में यह तथ्य है कि इंडोनेशिया द्वारा अधिग्रहित किया गया यह विमानवाहक पोत पूरी तरह से नया नहीं है, बल्कि इसे दूसरे देशों से पुराना या सेकंड-हैंड के रूप में भारी-भरकम कीमत चुकाकर खरीदा गया है। रक्षा जानकारों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक पुराने और इस्तेमाल किए जा चुके युद्धपोत के रखरखाव, मरम्मत और उसके आधुनिकीकरण पर भविष्य में जितना खर्च आएगा, वह एक नए विमानवाहक पोत के निर्माण या खरीद से कहीं अधिक महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा, युद्धपोत की तकनीकी उम्र और इसकी मारक क्षमता पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं कि क्या यह पोत आधुनिक नौसैनिक युद्ध की चुनौतियों और डिजिटल हथियारों के इस दौर में टिकने के काबिल भी है या नहीं।क्या इटली ने दिया धोखा? रक्षा सौदे में पारदर्शिता और तकनीकी खामियों पर बहसइस बहुचर्चित डिफेंस डील को लेकर देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह सवाल भी जोर-शोर से उठ रहा है कि क्या इटली से इस सेकंड-हैंड युद्धपोत को खरीदने के समझौते में इंडोनेशियाई प्रशासन के साथ किसी प्रकार की चूक हुई है या फिर उसे कूटनीतिक रूप से ठगा गया है। कई रक्षा विशेषज्ञों का तर्क है कि यूरोपीय देशों से पुराने सैन्य उपकरण खरीदने की यह प्रवृत्ति कई विकासशील देशों के लिए एक 'व्हाइट एलिफेंट' यानी सफेद हाथी साबित होती है, जिसका रखरखाव करना बाद में आर्थिक बोझ बन जाता है। इस सौदे की शर्तों, इसमें शामिल वित्तीय लेनदेन और बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी जांच की मांग उठने लगी है, क्योंकि जनता का पैसा इस प्रकार के पुराने उपकरणों पर खर्च किए जाने से देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।भविष्य की रणनीतिक चुनौतियां और इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय का पक्षइन तमाम आलोचनाओं और विवादों के बीच इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय और सरकार का यह तर्क सामने आया है कि यह युद्धपोत देश की तुरंत आवश्यक नौसैनिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक अंतरिम और रणनीतिक समाधान के रूप में बेहद जरूरी था। उनका मानना है कि नए युद्धपोतों को बनने में जहां कई साल का लंबा वक्त लगता है, वहीं इस पोत के मिलने से नौसेना को तुरंत प्रशिक्षण और ऑपरेशनल अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इस पोत का आधुनिकीकरण करने से देश की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।निष्कर्ष: सामरिक जरूरत बनाम वित्तीय बुद्धिमत्ता की इस जंग का क्या होगा परिणामसंक्षेप में कहा जाए तो इंडोनेशिया द्वारा अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर के रूप में एक सेकंड-हैंड युद्धपोत को अपनाना सामरिक जरूरत और आर्थिक व्यावहारिकता के बीच एक बहुत बड़ा विरोधाभास बनकर उभरा है। एक तरफ जहां यह देश की समुद्री ताकत को एक प्रतीकात्मक ऊंचाई देता है, वहीं दूसरी तरफ इसकी भारी लागत और भविष्य के रखरखाव के खतरे इसे एक जोखिम भरा सौदा बनाते हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह विमानवाहक पोत इंडोनेशिया की नौसेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित होता है या फिर यह देश के रक्षा बजट पर एक ऐसा बोझ बनकर रह जाता है, जिस पर आगे चलकर नीति निर्माताओं को पछताना पड़े।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा आज रक्षा और सेना सहित लगभग हर बड़े क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। मगर क्या आप जानते हैं कि AI की एक मामूली चूक अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों को सीधे युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर सकती थी? मामला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य तनाव के दौरान का है, जब एक खुफिया इनपुट ने अचानक हड़कंप मचा दिया। सीएनएन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि मध्य पूर्व में तैनात एक चीनी जहाज कथित तौर पर परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा संदिग्ध सामान ले जा रहा है। हालांकि, बाद में यह जानकारी पूरी तरह गलत साबित हुई। AI द्वारा किए गए इसी गलत आंकलन ने दोनों देशों के बीच बड़े सैन्य टकराव की गंभीर आशंका पैदा कर दी थी। इसे भी पढ़ें: Pakistan Army को भारी नुकसान, Balochistan में BLA के हमलों में 43 जवानों के मारे जाने का दावा गलत रिपोर्ट से फैली सनसनी ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट फैली, जिससे तुरंत खतरे की घंटी बज गई। मध्य पूर्व में एक चीनी जहाज परमाणु हथियार कार्यक्रम के पुर्जे ले जा रहा था। इस घटनाक्रम से जुड़े चार सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जहाज को रोकने की योजना पर काम शुरू कर दिया। दो सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना के हथियारबंद सदस्य जहाज पर चढ़ने की तैयारी कर रहे थे। घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र और एक अन्य सूत्र ने बताया कि सैन्य विमान हवा में थे। योजनाबद्ध ऑपरेशन से ठीक पहले अधिकारियों ने स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड एनालिस्ट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की गहराई से जांच की और पाया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया था और एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए गए चैटबॉट ने जहाज पर लदे सामान की गलत पहचान की थी। CNN यह पता नहीं लगा सका कि गलत पहचाना गया सामान क्या था। एक सूत्र के अनुसार, रिपोर्ट पूरी तरह से गलत थी। लेकिन सूत्र ने कहा कि इसने लगभग युद्ध शुरू ही कर दिया था। चीनी जहाज के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन से दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष का खतरा पैदा हो सकता था। इसे भी पढ़ें: ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका! आपस में भिड़ सकते थे चीन-अमेरिका अमेरिकी सेना और इंटेलिजेंस कम्युनिटी में अधिकारी अपने काम के लगभग हर पहलू में AI को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा इकट्ठा की गई भारी मात्रा में रॉ इंटेलिजेंस का विश्लेषण करने और हमले के लिए टारगेट चुनने से लेकर बजट, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के प्रबंधन जैसे सामान्य कामों तक। लेकिन यह घटना युद्ध के बीच टारगेट तय करने के लिए इस शक्तिशाली, नई और अपेक्षाकृत कम समझी जाने वाली तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर खतरों को उजागर करती है। एनालिस्ट को लंबे समय से डर है कि अगर देश खराब या गलत डेटा पर निर्भर रहते हैं तो AI एक विनाशकारी गलती का कारण बन सकता है। ऐसी गलती जिसके कारण अमेरिका गलत जानकारी के आधार पर चीनी जहाज पर हमला कर सकता है। इस खास मामले में एनालिस्ट ने हवाई स्थित US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक से मिली जहाज के मैनिफेस्ट (सामान की सूची) से जुड़ी इंटेलिजेंस रिपोर्टिंग के बारे में एक चैटबॉट से सवाल किया। यह स्पष्ट नहीं था कि चैटबॉट व्यावसायिक रूप से उपलब्ध था या अमेरिकी सरकार का उत्पाद था। सैन्य और इंटेलिजेंस एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम से परिचित एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, आंतरिक उपकरण ज्यादातर व्यावसायिक चीजों की ही नकल होते हैं, बस उन्हें थोड़ा आकर्षक रूप दे दिया जाता है। चैटबॉट ने खुफिया जानकारी को गलत तरीके से जोड़ा बॉट ने सरकारी डेटा में मौजूद ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और सीक्रेट सिग्नल इंटेलिजेंस को मिलाकर उस सामान के बारे में एक अहम नतीजा निकाला जो जहाज़ पर लदा था। इसके बाद एनालिस्ट ने AI का इस्तेमाल करके इन जानकारियों को एक स्टैंडर्ड इंटेलिजेंस रिपोर्ट का रूप दिया। ऐसी रिपोर्ट जिस पर मिलिट्री अधिकारी भरोसा करते हैं और उसे आगे भेजा। US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक और पेंटागन ने इस पर टिप्पणी करने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया। AI को तेज़ी से अपनाने की वजह यह है कि यह मिलिट्री को युद्ध के मैदान में फ़ैसले लेने में मदद कर सकता है, जैसे कि किन टारगेट पर हमला करना है या किन मिलिट्री एसेट्स को कहाँ भेजना है, और ये फ़ैसले तेज़ी से लिए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कभी चीन या किसी दूसरे दुश्मन से लड़ना पड़ा जो शायद US से एक कदम आगे रहने की क्षमता रखता हो, तो US AI को अपनाने में पीछे नहीं रह सकता।
तमिलनाडु में एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य की भाषाई और राजनीतिक जंग छिड़ गई है। जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) के लिए जमीन देने से राज्य सरकार के इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने तमिलनाडु को हिंदी के प्रति अपनी सोच बदलने की सख्त हिदायत दी। हालांकि, सर्वोच्च अदालत की इस तीखी टिप्पणी के बावजूद तमिलनाडु की TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) सरकार अपनी दो-भाषा नीति (Two-Language Policy) पर पूरी तरह अडिग है और केंद्र के नवोदय मॉडल को स्वीकार करने से साफ मना कर रही है। इसे भी पढ़ें: Tirupati Laddu Row: तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार सुप्रीम कोर्ट की दोटूक: अलग देश की तरह काम नहीं कर सकते राज्य यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस पंकज मिथल की पीठ ने नवोदय स्कूलों की स्थापना को चुनौती देने वाली तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा:तमिलनाडु को हिंदी के बारे में अपनी सोच बदलने की जरूरत है। राज्य यह रुख नहीं अपना सकता कि उसकी धरती पर यह भाषा नहीं पढ़ाई जाएगी। भारत एक संघ है और अलग-अलग राज्य अलग-अलग देशों की तरह काम नहीं कर सकते। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि नवोदय विद्यालय राज्य के अपने मौजूदा संस्थानों या शिक्षा प्रणाली को बंद करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये ग्रामीण और प्रतिभाशाली छात्रों को मुफ़्त व गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का एक अतिरिक्त विकल्प प्रदान करते हैं। हालांकि, अदालत ने इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला न सुनाते हुए केंद्र और राज्य को 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) के जरिए तीन महीने के भीतर जमीन की पहचान करने और बातचीत से समाधान निकालने का समय दिया है। इसे भी पढ़ें: Petrol Pump UPI Payment Limit New Rule | मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंप 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट नहीं करेंगे स्वीकार कोर्ट की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, स्कूल शिक्षा मंत्री और TVK नेता राजमोहन अरुमुगम ने कहा कि तमिलनाडु अपनी दो-भाषा नीति पर कायम रहेगा और नवोदय स्कूलों के लिए ज़मीन नहीं देगा। उन्होंने कहा, जहां तक तमिलनाडु की बात है, यहां पहले भी दो-भाषा नीति थी और आज भी है। मॉडल स्कूलों में ट्रायल चल रहे हैं, और हम CBSE स्कूलों के लिए ज़मीन नहीं दे रहे हैं। हम दो-भाषा नीति के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां सुनवाई के दौरान की गई थीं और वे कोई अंतिम फैसला नहीं थीं। साथ ही, उन्होंने कहा कि राज्य हिंदी या किसी अन्य भाषा का विरोधी नहीं है, बल्कि तमिल की रक्षा करना चाहता है। राजमोहन ने आगे कहा, जस्टिस नागरत्ना ने अपनी राय दी है, कोई आदेश नहीं। हम हिंदी या किसी अन्य भाषा के खिलाफ नहीं हैं। हमें इस धरती पर तमिल को महत्व देना चाहिए। इस बीच, विपक्ष के नेता और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने राज्य की दो-भाषा नीति पर अडिग रहने के TVK सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने राज्य में केंद्र द्वारा प्रायोजित नवोदय स्कूलों की स्थापना के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के लिए, यदि आवश्यक हो, तो तमिलनाडु विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की। जैसे-जैसे विवाद बढ़ रहा है, इस संघर्ष की असल वजह को समझने के लिए कोर्टरूम में हुई तत्काल बहस से आगे देखना ज़रूरी है। नवोदय स्कूल विवाद के केंद्र में क्यों हैं? जवाहर नवोदय विद्यालय केंद्र द्वारा वित्तपोषित, सह-शिक्षा वाले आवासीय स्कूल हैं, जिनका संचालन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत नवोदय विद्यालय समिति करती है। ये स्कूल तीन-भाषा फॉर्मूले का पालन करते हैं, जिसमें हिंदी इस प्रणाली की भाषा संरचना का हिस्सा है। इन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था। केंद्र सरकार देश भर में फैले अपने नवोदय स्कूलों के नेटवर्क के तहत तमिलनाडु में भी ऐसे स्कूल खोलना चाहती है। लेकिन राज्य ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। इस विरोध की वजह राज्य की लंबे समय से चली आ रही 'दो-भाषा नीति' और तमिलनाडु में भाषा से जुड़े राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में है। लेकिन भाषा का मुद्दा इस विवाद का सिर्फ़ एक पहलू है। असल और तुरंत अटका हुआ मुद्दा ज़मीन का है। राज्य ने सिर्फ़ अलग-अलग स्कूलों के निर्माण पर ही आपत्ति नहीं जताई है, बल्कि नवोदय विद्यालय समिति को ज़मीन देने से भी इनकार कर दिया है। यह फ़ैसला इस तर्क पर आधारित है कि तमिलनाडु को ऐसी केंद्रीय शिक्षा योजना को लागू करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जिसका भाषा ढांचा राज्य की अपनी नीति से मेल नहीं खाता हो। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु ने तर्क दिया कि यह मामला उसकी नीति बनाने की शक्तियों और सहकारी संघवाद (cooperative federalism) से जुड़ा है। राज्य का कहना है कि नवोदय योजना केंद्र की पहल है और जब राज्य ने शिक्षा और भाषा का एक अलग ढांचा अपनाया है, तो उसे इस योजना को लागू करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, केंद्र का कहना है कि तमिलनाडु को उपयुक्त ज़मीन की पहचान करके उसे उपलब्ध कराना चाहिए, जबकि स्कूल बनाने का खर्च केंद्र उठाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस विवाद को जारी रखा है और राज्य को हर ज़िले में उपयुक्त ज़मीन की पहचान करने के अपने पहले के आदेश का पालन करने के लिए तीन महीने और दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट की ये ताज़ा टिप्पणियां तब आईं जब वह राज्य में नवोदय स्कूल खोलने के आदेशों को चुनौती देने वाली तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। बेंच ने स्कूलों के संदर्भ में हिंदी के प्रति तमिलनाडु के विरोध पर सवाल उठाए और राज्य से अपनी स्थिति पर फिर से विचार करने को कहा। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने राज्य से अपनी सोच बदलने को कहा और टिप्पणी की कि राज्य यह रुख नहीं अपना सकता कि तमिलनाडु की धरती पर हिंदी नहीं पढ़ाई जाएगी। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अलग-अलग राज्य अलग देशों की तरह काम नहीं कर सकते। कोर्ट ने सवाल किया कि राज्य स्कूलों के एक और सेट को खोलने का विरोध क्यों कर रहा है और संकेत दिया कि नवोदय स्कूल शिक्षा का एक और अवसर प्रदान कर सकते हैं, जिसके लिए तमिलनाडु को अपने मौजूदा संस्थानों को बंद करने या उनमें बदलाव करने की ज़रूरत नहीं होगी। साथ ही, कोर्ट ने उन ज़बानी टिप्पणियों के ज़रिए भाषा-नीति से जुड़े बड़े सवाल पर कोई फ़ाइनल फ़ैसला नहीं सुनाया। राजमोहन ने अपने जवाब में इसी फ़र्क पर ज़ोर दिया है; उन्होंने कहा है कि ये टिप्पणियाँ सुनवाई के दौरान की गई थीं और इन्हें इस मामले में फ़ाइनल फ़ैसला नहीं माना जाना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र और तमिलनाडु से यह भी कहा कि वे बातचीत जारी रखें और आपसी मतभेदों को 'सहयोगी संघवाद' (cooperative federalism) के ज़रिए सुलझाएँ, न कि असहमति की वजह से स्कूल न खुल पाएँ। कोर्ट ने तमिलनाडु को उपयुक्त ज़मीन की पहचान करने के अपने पहले के निर्देश पर कार्रवाई करने के लिए तीन महीने और दिए हैं, जिससे कानूनी विवाद अभी भी बना हुआ है। एक दुर्लभ राजनीतिक मेल पिछले कुछ सालों से ज़्यादातर समय, उदयनिधि स्टालिन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय राज्य की राजनीति के मैदान में एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। जब से विजय के नेतृत्व वाली TVK राज्य की राजनीति में एक बड़ी ताकत बनकर उभरी और सरकार बनाई, तब से दोनों नेताओं के बीच तीखे राजनीतिक हमले होते रहे हैं। अगस्त में उनकी दुश्मनी तब और बढ़ गई जब कावेरी नदी के मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि को एक टिप्पणी के लिए गिरफ़्तार किया गया; उस टिप्पणी का मतलब अभिनेत्री तृषा से जोड़कर 'दोहरे अर्थ' वाला निकाला गया था। उदयनिधि ने कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने से इनकार किया और बाद में उन्हें स्टेशन से ही ज़मानत मिल गई। इस माहौल में, नवोदय से जुड़ा ताज़ा विवाद राजनीतिक मेल का एक अनोखा पल लेकर आया है। विपक्ष के नेता होने के बावजूद, उदयनिधि ने तमिलनाडु की 'दो-भाषा नीति' पर अडिग रहने के विजय सरकार के फ़ैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को नवोदय स्कूलों की ज़रूरत नहीं है और तर्क दिया है कि तमिलनाडु पहले से ही मॉडल और आवासीय स्कूल चला रहा है जो पिछड़े वर्ग के छात्रों को अच्छी शिक्षा देते हैं। उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के सामने मज़बूती से अपना पक्ष रखने को भी कहा है और कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो नवोदय स्कूलों के विरोध को दोहराने वाला प्रस्ताव पास करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। हिंदी के सवाल पर, उदयनिधि ने राज्य सरकार की तरह ही एक फ़र्क बताने की कोशिश की है -हिंदी का विरोध करने और उसे ज़बरदस्ती थोपे जाने का विरोध करने के बीच का फ़र्क।उन्होंने कहा, हम किसी भी भाषा के ख़िलाफ़ नहीं हैं, जिसमें हिंदी भी शामिल है। हम कोई अलग देश नहीं हैं। हम अपनी अलग पहचान वाला एक राज्य हैं। उनके इस दखल ने विवाद को एक ऐसा राजनीतिक आयाम दिया है जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की लकीर को पार करता है। हो सकता है कि दोनों पक्ष लगभग हर दूसरी बात पर असहमत रहें, लेकिन तमिलनाडु की दो-भाषा नीति को बनाए रखने और नवोदय स्कूलों का विरोध करने के मुद्दे पर वे एकमत हैं।
ईरान में युद्ध के बीच सड़कों पर उतरे हजारों लोग, तेहरान में ‘ईरान के लिए बलिदान’ परेड
तेहरान में इस अभियान को लेकर आईआरजीसी के प्रमुख जनरल हसन हसनजादेह के हवाले से बताया गया है कि करीब छह लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 10 लाख लोगों को सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण देने की योजना है।
AI की एक गलती से छिड़ सकता था चीन-अमेरिका युद्ध! हमले की तैयारी में थी US आर्मी
AI पर निर्भरता कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, उसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. लेटेस्ट रिपोर्ट में पता चला कि अमेरिकी सेना की एक गलत रिपोर्ट की वजह से चीन के साथ उनका युद्ध छिड़ सकता था, जो समय रहते रोक लिया गया. आइए जानते हैं कैसे?
AI की गलती से चीन के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाला था अमेरिका, आखिरी समय में रुका ऑपरेशन, ऐसे टला खतरा
क्या AI की एक गलती दुनिया को युद्ध की ओर धकेल सकती है? CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने एक चीनी जहाज के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली थी. इस घटना ने सैन्य और खुफिया क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
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सऊदी अरब और हूतियों में बढ़ा तनाव?: रियाद में फिर सुनी गई धमाकों की आवाज, यमन में भी हुए हमले
tension between Saudi Arabia Houthis? Sounds explosions heard again Riyadh; attacks also reported in Yemen.
AI ने दी ऐसी जानकारी कि अमेरिका करने वाला था चीनी जहाज पर हमला! बाल-बाल टला महायुद्ध
AI की गलत खुफिया रिपोर्ट के कारण अमेरिका एक चीनी जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर बैठा था। रिपोर्ट में परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े सामान का दावा किया गया था, लेकिन बाद में जानकारी गलत निकली।
सऊदी अरब को अब चारों तरफ से खतरा? क्राउन प्रिंस के सामने आया ‘बचाएगा कौन?’ वाला सवाल
अमेरिका के पूर्व NSA एचआर मैकमास्टर ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हूती और क्षेत्रीय हमलों से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं पर असर पड़ सकता है।
अध्ययन: चौड़े चेहरे वाले नेता आक्रामक, पहले वर्ष में ही युद्ध छेड़ने से नहीं हिचकिचाते
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ईरान युद्ध ने बढ़ाया अमेरिका का बोझ, 43.6 अरब डॉलर पहुंची लागत
ईरान युद्ध में अमेरिकी सेना का खर्च अब तक 43.6 अरब डॉलर पहुंच चुका है, जिसमें हथियारों, मिसाइलों, सैन्य अभियानों और घायल सैनिकों के इलाज का खर्च शामिल है. इस संघर्ष का असर तेल की कीमतों और शेयर बाजार पर भी पड़ा है.
रूस में संसदीय चुनाव: युद्धकालीन वोटिंग मेंक्रेमलिन की पकड़ मजबूत, युद्धकाल औरड्रोन हमलों केसाए में मतदान
राजस्थान के रेगीस्तान में पहली बार ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम का लाइव परीक्षण हुआ। भारतीय वायुसेना का पहला ड्रोनाथन-2026 जैसलमेर स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में संपन्न हुआ है।
Sambhal News: एकतरफा प्यार में युवती के पिता की हत्या, कोर्ट के आदेश रिपोर्ट
हयातनगर थाना क्षेत्र में छह जून को युवती के पिता की हत्या के मामले में न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कहां छिपा है पुतिन के तेल का खजाना? क्या रूस के पास मिडिल ईस्ट से भी ज्यादा है 'ब्लैक गोल्ड'
रूसी तेल खरीदने वालों पर ट्रंप अब 100% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं. संसद में बिल पास हो गया है और बस कानून बनना बाकी है.
बाब अल-मंदेब: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की इस कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया
सऊदी अरब समर्थित यमनी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच साल 2015 से ही संघर्ष जारी था, लेकिन 2022 में संघर्ष विराम के बाद कुछ सालों तक शांति बनी रही.
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War से आई ऐसी तस्वीर, एक दूसरे के साथ आमने-सामने भिड़ंत | MBS | PLC
यमन के पहाड़ों से हूती लड़ाकों की नई तस्वीरें सामने आने के बाद जंग के जमीनी मोर्चे को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वायरल फुटेज में हूती लड़ाकों और सऊदी-समर्थित PLC बलों के बीच नजदीकी मुठभेड़, सैन्य वाहनों की घेराबंदी और कुछ सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर भारत बेहद चिंतित है। उन्होंने सऊदी अरब की संप्रभु सीमा में नागरिकों और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की। मक्का जैसे पवित्र शहर को निशाना बनाने की कोशिश पर भी भारत पहले ही कड़ा विरोध जता चुका है। जायसवाल ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं तथा बाब अल-मंदब जलमार्ग से नौवहन की स्वतंत्रता के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऐसी स्थिति पूरी तरह अस्वीकार्य है और वह क्षेत्र में जल्द शांति तथा स्थिरता की बहाली की उम्मीद करता है। प्रेस ब्रीफिंग में भारत-पाकिस्तान के बीच समुद्री टकराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारत के विरोध पर दिया गया जवाब वही पुराना टालमटोल वाला रवैया है। उन्होंने आरोपों और संकेतों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना का पोत कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना के पोत हुनैन ने समुद्र में अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर व्यवहार किया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पोतों की टक्कर हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पोत की खतरनाक ढंग से आगे निकलने की कोशिश ने अप्रैल 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन किया, जिसमें समुद्र में दोनों देशों की नौसैनिक इकाइयों के बीच कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी रखने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री टक्कर रोकथाम नियमों का उल्लंघन किया गया। हालांकि भारतीय पोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह समुद्र में अपनी तैनाती पर बना हुआ है। इसके अलावा, बांग्लादेश में पूर्ववर्ती अवामी लीग सरकार के दौरान भारत के साथ हुए 101 समझौतों की समीक्षा किए जाने की खबरों पर भारत ने कहा कि इस संबंध में उसे आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। गंगा जल बंटवारे सहित जल संबंधी मुद्दों पर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त नदी तंत्र मौजूद है और तकनीकी स्तर पर जल संबंधी बैठकें लगातार हो रही हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने के लिए Trump ने उठाया खतरनाक कदम, तुरंत मोदी सरकार ने कर दिया तगड़ा इलाज! साथ ही अमेरिका से जुड़े मुद्दों पर भी भारत ने अपनी चिंताएं स्पष्ट कीं। रूस और ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी कानून के संभावित प्रभावों को लेकर भारत पहले ही अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रख चुका है। भारत ने विशेष रूप से अपनी ऊर्जा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और दोनों देशों के समग्र संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का उल्लेख किया। व्यापार समझौते पर संभावित असर के सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को प्रतिबद्ध है और इस संबंध में भारतीय व्यापार तथा उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा। भारत-अमेरिका के बीच मादक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए मजबूत सहयोग जारी रहने की भी जानकारी दी गई। भारत का कहना है कि यह समस्या दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित करती है, इसलिए दोनों देश इस क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते रहेंगे। मालदीव के साथ आर्थिक सहयोग पर जायसवाल ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा मालदीव सरकार के लिए रखे गए कुल 150 करोड़ डॉलर के राजकोषीय प्रतिभूति निवेश की अंतिम 50 करोड़ डॉलर की किस्त 17 सितंबर को सफलतापूर्वक निपटा दी गई। ये प्रतिभूतियां 2019 से छह बार एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाई गई थीं। मूलधन का भुगतान मालदीव सरकार ने किया, जबकि पिछले पांच वर्षों में इन प्रतिभूतियों पर करीब 45 करोड़ डॉलर का ब्याज भारत सरकार ने वहन किया। वहीं भूटान के साथ संबंधों को लेकर जायसवाल ने विदेश मंत्री की 16 से 18 सितंबर तक हुई यात्रा को सफल बताया। यात्रा के दौरान भूटान के राजा और प्रधानमंत्री से मुलाकात के साथ विकास सहयोग, ऊर्जा, जनसंपर्क और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत ने भूटान के विकास लक्ष्यों के प्रति समर्थन दोहराया। दोनों देशों के बीच छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार किया गया और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस संबंधी समझौते के भूटान द्वारा अनुमोदन का स्वागत किया गया। साथ ही ओडिशा के पारादीप बंदरगाह के पास रूसी तेल टैंकर से जुड़े मामले में भारत ने कहा कि टैंकर को ओडिशा उच्च न्यायालय के आदेश के तहत रोका गया है। रूसी चालक दल की स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार आवश्यक कार्रवाई कर रही है और रूसी दूतावास के लगातार संपर्क में है। वहीं, ब्रिक्स में आंकड़ों के आदान-प्रदान से जुड़े प्रावधानों पर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली डिक्लेरेशन में इस संबंध में कुछ समझ बनी है, लेकिन किसी विशेष देश के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करने के लिए वह और जानकारी जुटाकर बाद में जवाब देंगे। सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक को मिली जेल की सजा के मामले में उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास स्थानीय सरकार के लगातार संपर्क में है और नागरिकों की सुरक्षा, देखभाल तथा कल्याण भारत की स्थायी प्राथमिकता है। यमन में संघर्षरत क्षेत्र में भारतीयों के होने संबंधी प्रभासाक्षी के सवाल पर जायसवाल ने कहा कि अभी तक हमें इस प्रकार की कोई सूचना नहीं मिली है कि यमन के संघर्षरत क्षेत्र में कोई भारतीय फँसा हुआ है। बहरहाल, आइये देखते हैं विस्तृत प्रेस वार्ता में जायसवाल ने और क्या बातें कहीं।
इससे पहले इसी मामले में भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को बुधवार को तलब किया था.विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी साद वराइच को मंत्रालय में तलब किया गया.
अमेरिका का रणनीति में बदलाव, इराक से सैन्य उपकरणों को कर रहा शिफ्ट
युद्ध के मैदान से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है. हाल ही में जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए लगातार हमलों के बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया है. ताज़ा खबरों के मुताबिक, अमेरिका अब इराक से अपने कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों और हथियारों को जॉर्डन में शिफ्ट कर रहा है. पिछले कुछ समय से इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा था.
सऊदी अरब को 48 F-35 फाइटर जेट बेचने की तैयारी, वीडियो में देंखे चीन तक तकनीक पहुंचने का अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को डर
मिडिल ईस्ट संकट: होर्मुज और लाल सागर बंद, $100 के पार कच्चा तेल, क्या ठप होगा वैश्विक व्यापार
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भड़का सैन्य टकराव अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच चुका है, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार तंत्र को हिलाकर रख दिया है। अभी यह त्रिकोणीय युद्ध शांत भी नहीं हुआ था कि यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच दोबारा शुरू हुए सीधे युद्ध ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर संकट में डाल दिया है। ऊर्जा विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आधुनिक इतिहास में पहली बार मध्य पूर्व से होने वाला तेल और प्राकृतिक गैस का निर्यात पूरी तरह पंगु हो सकता है।दुनिया की 20 फीसदी तेल आपूर्ति वाली लाइफलाइन 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अमेरिकी-ईरानी नाकेबंदीवैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा झटका 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) का बंद होना साबित हुआ है। सामान्य दिनों में दुनिया भर में उपभोग होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता था। पिछले छह महीनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच के भीषण युद्ध के चलते दोनों देशों की नौसेनाओं ने इस समुद्री मार्ग की अभूतपूर्व नाकेबंदी कर रखी है। फारस की खाड़ी में मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों का परिचालन पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की निर्बाध सप्लाई चैन टूट चुकी है और जहाजों के लिए किसी भी प्रकार की आवाजाही असंभव हो गई है।लाल सागर पर मंडराया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल का ऐतिहासिक उछालहोर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह जाम होने के बाद वैश्विक ऊर्जा कंपनियों और वाणिज्यिक पोतों के लिए लाल सागर (Red Sea) ही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग के रूप में बचा था। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले कुछ सीमित जहाजों ने वैकल्पिक गलियारे के रूप में इस जलमार्ग का उपयोग करना शुरू भी कर दिया था, लेकिन सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच छिड़े नए युद्ध ने इस जीवनरेखा को भी लील लिया है। समुद्री जलमार्गों के एक साथ बंद होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में हाहाकार मच गया है और कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं, जिससे एशियाई और यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति और ईंधन संकट का खतरा गहरा गया है।हूती विद्रोहियों का लाल सागर तट पर कब्जा और सऊदी अरब की लाइफलाइन ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमलाहूती लड़ाकों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच बीते एक दशक से खूनी खींचतान चल रही थी, जिसे 2022 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की मध्यस्थता के बाद समझौतों के जरिए काफी हद तक नियंत्रित किया गया था। हालांकि, बीते हफ्ते हूती विद्रोहियों ने सैन्य अभियान चलाते हुए यमन के रणनीतिक लाल सागर तट के एक बहुत बड़े हिस्से पर अपना कब्जा जमा लिया। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी जहाजों की पूर्ण नाकेबंदी का ऐलान कर दिया। दूसरी ओर, होर्मुज के बंद होने के बाद सऊदी अरब अपनी ऐतिहासिक 'ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' को पूरी क्षमता से चला रहा था, जिसके माध्यम से प्रायद्वीप के आर-पार लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक रोजाना लगभग 70 लाख (7 मिलियन) बैरल तेल पहुंचाया जा रहा था। हूती अग्रिम मोर्चे के साथ ही इराक स्थित ईरान-समर्थित शिया मिलिशिया द्वारा इस पाइपलाइन पर किए गए भीषण ड्रोन हमले ने सऊदी अरब के इस सबसे महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है।सना एयरपोर्ट पर सऊदी बमबारी से मक्का तक फैला युद्ध का दायरा और इमरजेंसी अलर्टसऊदी अरब और हूतियों के बीच यह ताजा टकराव किसी आकस्मिक घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि इसकी पृष्ठभूमि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के समय से ही तैयार हो रही थी। शुरुआती दौर में यमन के हूती गुट ने अमेरिका-ईरान युद्ध से एक रणनीतिक दूरी बनाए रखी थी, लेकिन जुलाई में जब हूतियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान गया, तो समीकरण तेजी से बदल गए। जब ईरानी विमान हूती प्रतिनिधियों को लेकर यमन की राजधानी सना लौट रहा था, तब सऊदी अरब ने उसे उतरने से रोकने की चेतावनी दी और हूती नियंत्रण वाले सना हवाई अड्डे पर भारी बमबारी कर दी। इस भीषण हमले के बावजूद ईरानी विमान आखिरकार लैंड करने में सफल रहा, लेकिन इसने बदले की आग भड़का दी। नतीजतन, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर भीषण जवाबी पलटवार किया और खबरों के अनुसार पवित्र शहर मक्का की दिशा में ड्रोन दागे। इस्लामिक इतिहास में पहली बार सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग को मक्का के आवासीय इलाकों में हवाई हमले के सायरन और आपातकालीन रेड अलर्ट जारी करने पड़े, जिसमें नागरिकों को खिड़कियों-दरवाजों से दूर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई।अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से टूटती ईरानी अर्थव्यवस्था और रियाल का ऐतिहासिक अवमूल्यनरणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हूतियों के इन आक्रामक कदमों के पीछे फारस की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों पर लगी सख्त अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी भी एक प्रमुख कारण है। अमेरिकी नौसेना द्वारा लागू की गई इस पूर्ण नाकेबंदी ने ईरानी अर्थव्यवस्था को भीतर से झकझोर कर रख दिया है। तेहरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेचने में पूरी तरह असमर्थ हो गया है, जिससे ईरानी रियाल का मूल्य ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है। मुद्रा के अवमूल्यन और खाद्यान्न संकट का आलम यह है कि आम ईरानी नागरिक नकदी और बचत के बजाय अंडों और बुनियादी खाद्य पदार्थों का भंडारण करने को मजबूर हैं। वाशिंगटन की यह रणनीति ईरान पर अत्यधिक आंतरिक दबाव बना रही है, जिसे लंबे समय तक जारी रखने में अमेरिकी सेना तकनीकी रूप से सक्षम दिखाई दे रही है।तेहरान का 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस': हमास और हिजबुल्लाह के नुकसान के बाद हूती बने नए मोहराइस बहुआयामी युद्ध में ईरान और हूती विद्रोही पूरी तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखाई दे रहे हैं। हूतियों की आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों के जरिए तेहरान यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरानी तेल का व्यापार नहीं हो सकता, तो दुनिया के किसी भी अन्य देश को लाल सागर या खाड़ी के रास्तों से तेल निर्यात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मिडिल ईस्ट के व्यापक युद्ध में ईरान के पारंपरिक छद्म गुटों—विशेषकर लेबनान के हिजबुल्लाह और गाजा के हमास—को अत्यधिक सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में ईरान के 'प्रतिरोध की धुरी' (Axis of Resistance) का शक्ति केंद्र अब यमन के हूती विद्रोहियों और इराक के शिया लड़ाकों की तरफ स्थानांतरित हो गया है, जिन्हें तेहरान से उन्नत हथियार, ड्रोन तकनीक, सटीक लॉजिस्टिक्स और उपग्रह खुफिया जानकारी सीधे उपलब्ध कराई जा रही है।हथियारों की कमी से जूझता सऊदी अरब और पश्चिमी सहयोगियों की उदासीनताइस अप्रत्याशित संकट के बीच सऊदी अरब के सामने रक्षात्मक चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं। अमेरिका ने यमन में हूतियों के खिलाफ सीधे जमीनी या सैन्य हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है और वह केवल सीमित कूटनीतिक सहायता तक सीमित है। ईरान के साथ अपने लंबे युद्ध के कारण वाशिंगटन के पास खुद मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्टर रक्षा प्रणालियों का भंडार सीमित हो चुका है, जिसके चलते वह रियाद को पैट्रियट मिसाइलों की अतिरिक्त खेप तुरंत उपलब्ध कराने में असमर्थ है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने यूनाइटेड किंगडम और मिस्र जैसे पारंपरिक सहयोगियों से भी तत्काल रक्षा मदद की गुहार लगाई है, लेकिन कोई भी विदेशी शक्ति इस दलदल में सीधे उतरने को तैयार नहीं दिख रही है। यहां तक कि सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए बहुचर्चित 'मक्का समझौते' के तहत तय रक्षा तंत्र भी अभी तक धरातल पर सक्रिय नहीं हो सका है।वैश्विक ऊर्जा व्यापार का बदलता नक्शा और पश्चिम एशिया के एकाधिकार पर बड़ा सवालमध्य पूर्व में जारी इस विनाशकारी संघर्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल पारंपरिक सेनाएं ही नहीं, बल्कि गैर-सरकारी मिलिशिया समूह भी दुनिया के सबसे संवेदनशील ऊर्जा गलियारों को पंगु बनाने की क्षमता रखते हैं। ऊर्जा बाजारों के लिए चाहे समुद्री चोकपॉइंट हों या फिर भूमिगत तेल पाइपलाइनें, कोई भी मार्ग अब सुरक्षित नहीं रह गया है। इस अभूतपूर्व असुरक्षा ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में पश्चिम एशिया के दशकों पुराने प्रभुत्व पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों, एशियाई आयातक देशों और वैश्विक शक्तियों को अब मजबूरन पश्चिम एशिया से बाहर अफ्रीका, अमेरिका और वैकल्पिक हरित ऊर्जा स्रोतों की ओर अपने दीर्घकालिक निवेश मोड़ने पर विचार करना पड़ रहा है, क्योंकि जब तक इस भू-राजनीतिक संघर्ष का कोई ठोस कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तब तक खाड़ी क्षेत्र का ऊर्जा व्यापार पूरी तरह अनिश्चितता के साए में ही रहेगा।
सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर के F-35 सौदे की अमरीकी मंजूरी, चीन को लेकर उठे सवाल
वाशिंगटन। अमरीका ने सऊदी अरब को 48 अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। करीब 24.3 अरब डॉलर के इस संभावित रक्षा सौदे को लेकर अमरीका में चीन से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं भी सामने आई हैं। अमरीकी खुफिया और रक्षा अधिकारियों के बीच आशंका जताई गई है […] The post सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर के F-35 सौदे की अमरीकी मंजूरी, चीन को लेकर उठे सवाल appeared first on Sabguru News .
Middle East में बड़ा उलटफेर! Trump की गीदड़ भभकी या Iran पर होगा America का महाप्रहार?
एकतरफा प्यार में पीछे पड़ा था सिरफिरा, लड़की के पिता का किया मर्डर
हैदराबाद के मदन्नापेट इलाके में कथित एकतरफा प्यार को लेकर सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, 27 वर्षीय हबीब महमूद ने 55 साल के हसमत अली खान और उनके 16 साल के बेटे पर चाकू से हमला कर दिया. इसमें हसमत अली की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है.
SDM के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:कानपुर देहात में बदतमीजी और एकतरफा कार्रवाई के आरोप
कानपुर देहात में भोगनीपुर तहसील के एसडीएम देवेंद्र सिंह के खिलाफ शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन भोगनीपुर के अध्यक्ष धर्म सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम पर अधिवक्ताओं से बदतमीजी करने, धमकाने, एकतरफा कार्रवाई करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ताओं ने डीएम को शिकायत पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने, एसडीएम का तबादला करने और संबंधित फाइलों की अदालती जांच कराने की मांग की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष धर्म सिंह यादव ने आरोप लगाया कि 17 सितंबर को तहसीलदार की अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह अपने मुवक्किल के साथ चैंबर की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम देवेंद्र सिंह वहां पहुंचे और उनके साथ बदतमीजी करते हुए जेल भेजने की धमकी दी। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवहार से अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी है। संबंधित आदेशों की जांच शिकायती पत्र में अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर राजस्व मामलों में पक्षकारों को नोटिस दिए बिना आदेश देने के भी आरोप लगाए। आवेदन में राजबहादुर बनाम खुशीराम और अरविंद बनाम गोरीबाई समेत कुछ फाइलों का जिक्र करते हुए संबंधित आदेशों की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही एसडीएम पर कथित तौर पर पैसे लेकर आदेश देने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अधिवक्ताओं ने डीएम से एसडीएम की संपत्ति की जांच, संबंधित फाइलों की अदालती जांच और भोगनीपुर से उनके तबादले की मांग की है। न्यायिक कार्य का पूरी तरह बहिष्कार बार एसोसिएशन अध्यक्ष धर्म सिंह यादव ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता न्यायिक कार्य का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। इधर, 17 सितंबर को तहसीलदार न्यायालय में भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। शिकायत के आधार पर FIR इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया था कि वह सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। डीएम कपिल से ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफ़रीज़ के क्रिस वुड के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव अमेरिकी मध्यावधि चुनावों तक जारी रहने की संभावना है और कच्चे तेल में बड़ी तेजी अभी नहीं आई है।
हूती लड़ाकों का पूरे लाल सागर तट पर कब्जा, सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव और पाकिस्तान ने जताई मदद की तैयारी
सऊदी अरब को सैन्य मदद के सवाल पर पाकिस्तान की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान मक्का सुरक्षा समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है।
मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी ने वैश्विक झटकों के प्रति भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को सराहा, लेकिन तेल की ऊंची कीमतों और अल नीनो से महंगाई बढ़ने के जोखिमों पर आगाह भी किया।
फौजी आउटसोर्सिंग का मारा सऊदी अरब, हूती लड़ाकों के आगे बेबस
अरबों डॉलर के आधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद सऊदी अरब की फौज यमन के पहाड़ों में बैठे हूती लड़ाकों के सामने बेबस नजर आ रही है. फौजी आउटसोर्सिंग, तख्तापलट का खौफ, अपने सैन्य अफसरों पर अविश्वास और केवल हुक्मरानों की हिफाजत पर टिकी डिफेंस पॉलिसी इस नाकामी के सबसे बड़े कारण हैं.
अमेरिका ने सऊदी अरब को सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान बेचने की मंजूरी दे दी है। जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब को 48 F-35 फाइटर जेट की संभावित बिक्री होनी है। आइए जानते हैं कि इस डील में क्या-क्या शामिल किया गया है।
हूती की अमेरिका से 'सीक्रेट' डील, सऊदी अरब की कैसे बढ़ी मुश्किल
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक अत्याधुनिक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों ने इस संघर्ष से दूरी बना ली है, जिससे सऊदी अरब खुद को अकेला महसूस कर रहा है. सबसे बड़ा झटका अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगा है, जिन्होंने ओमान में हूतियों के साथ एक गुप्त समझौता कर लिया है.
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने दिया कौनसा बड़ा बयान? देखें US Top-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ जारी जंग अब खत्म होने के करीब है. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है. ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील को लेकर चर्चा तेज हो गई है. देखें यूएस टॉप-10.
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran मुंह में पत्ते चबाने वाले हूती सऊदी अरब जैसे अमीर और ताकतवर मुल्क का भला क्या ही बिगाड़ लेंगे..लेकिन अंसारुल्लाह के लड़ाकों और फौज ने मिलकर सऊदी अरब की वो हालत खराब की है.
वॉशिंगटन, 18 सितंबर . अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और उनका प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. इसके लिए अमेरिका की ओर से भी इजाजत दे दी गई है. दरअसल, न्यूयॉर्क में अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई-लेवल ... Read more
हमारे साथ ज्यादती हो रही.. पाकिस्तानी बंदे ने सुनाया दर्द, बताया-सऊदी अरब में मुस्लिम और हिंदुओं में क्या है फर्क?
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी महायुद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने रणनीतिक दुश्मनों के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक और सीधा बयान देकर वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। यरुशलम स्थित राष्ट्रपति आवास पर इजरायल की घरेलू खुफिया और सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet / ISA) के उत्कृष्ट कर्मियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य केवल आतंकी संगठनों की सैन्य क्षमता को कमजोर करना नहीं, बल्कि तेहरान में बैठी ईरानी सरकार (ईरानी शासन) को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है। नेतन्याहू के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि तेल अवीव अब छद्म युद्ध यानी प्रॉक्सी वॉर से आगे बढ़कर सीधे सत्ता परिवर्तन (Regime Change) के खतरनाक एजेंडे पर काम कर रहा है।'हम गिरा देंगे ईरानी शासन': तेहरान को सीधी चेतावनीनेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान को इस पूरे क्षेत्रीय तनाव की जड़ बताते हुए कहा कि इजरायल के अस्तित्व को मिटाने की चाह रखने वाली ताकतों की कमर तोड़ी जा चुकी है। उन्होंने कहा, ईरान और उसके सहयोगियों की इजरायल को खत्म करने की जो इच्छा थी, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन वह बेहद कमजोर हो चुकी है। उनकी हमला करने की क्षमता को हमने बहुत बुरी तरह तबाह कर दिया है। हमने अधिकांश काम पूरा कर लिया है, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण काम बाकी है और हम उसे भी हर हाल में पूरा करेंगे। हम हमास को समाप्त करेंगे और सबसे पहले तथा सबसे प्रमुख रूप से हम ईरान के शासन को हराएंगे। हम इसे गिरा देंगे, यह सरकार गिरकर रहेगी। नेतन्याहू का यह बयान केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के इस्लामिक शासन के अंत का खुला रोडमैप पेश करता है।7 अक्टूबर के कत्लेआम का हिसाब: हमास के लिए 'नो वन इज इम्यून'गाजा पट्टी में इजरायली सेना (IDF) के लगातार जारी ऑपरेशनों का जिक्र करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री ने हमास को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार को याद करते हुए कहा कि हमारी सेना उन सभी हत्यारों से पाई-पाई का हिसाब चुकता कर रही है, जिन्होंने हमारे निर्दोष नागरिकों, बेटियों, महिलाओं और बच्चों की जान ली थी। नेतन्याहू ने शिन बेट और सेना के जवानों की सराहना करते हुए कहा, जब हमने आतंकवादियों से कहा था कि 'कोई भी सुरक्षित नहीं है, हम तुममें से हर एक तक पहुंचेंगे', तो आप लोगों ने इस संकल्प को जमीन पर सच कर दिखाया है। अब हमास के बहुत कम लड़ाके और कमांडर बचे हैं, क्योंकि हम एक-एक करके उनका खात्मा कर रहे हैं।हिजबुल्लाह पर भी प्रहार: लेबनान सीमा पर दोतरफा मोर्चागाजा और तेहरान के साथ-साथ नेतन्याहू ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को भी बख्शने से साफ इनकार किया। उन्होंने घोषणा की कि जिस प्रकार हमास को घुटनों पर लाया गया है, ठीक उसी तरह हिजबुल्लाह से भी पूरी सख्ती से निपटा जाएगा और उसे भी पूरी तरह धराशायी किया जाएगा। इजरायली रक्षा बलों ने हाल ही में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के विशाल भूमिगत सुरंग नेटवर्क और मिसाइल ठिकानों को भारी बमबारी कर नष्ट किया है। नेतन्याहू और उनके रक्षा मंत्रालय का स्पष्ट मत है कि जब तक उत्तरी इजरायल की सीमा से हिजबुल्लाह को खदेड़कर लिटानी नदी के पार नहीं किया जाता, तब तक विस्थापित इजरायली नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी संभव नहीं है।मिडिल ईस्ट में महाविनाश की आहट: क्या भड़केगा सीधा युद्ध?बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब दुनिया भर के देश मिडिल ईस्ट में युद्धविराम (Ceasefire) कराने के कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं। ईरान की मौजूदा सरकार को सीधे तौर पर गिराने की सार्वजनिक घोषणा के बाद तेहरान की ओर से भी तीखी सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका बढ़ गई है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि इजरायल सीधे तौर पर ईरान के राजनीतिक और सामरिक नेतृत्व पर बड़े हमले करता है, तो लेबनान, यमन और इराक में मौजूद ईरानी समर्थक मिलिशिया एक साथ इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर सकते हैं। इससे वैश्विक समुद्री व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जो पूरी दुनिया को एक नए और विनाशकारी आर्थिक संकट की ओर धकेल देगा।
ट्रंप देंगे दुनिया का सबसे ख़तरनाक F-35 जेट सऊदी अरब को, इसराइल क्यों हो सकता है नाराज़ - BBC
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अमेरिका के सऊदी अरब को एफ़-35 फ़ाइटर प्लेन बेचने पर क्यों हो रहा है विवाद?
सऊदी अरब सालों से एफ़-35 ख़रीदने के लिए अमेरिका में लॉबी कर रहा था. इसे दुनिया का अब तक का सबसे एडवांस फ़ाइटर जेट माना जाता है.
10 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत-अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में ड्रोन और रोबोटिक डॉग भी शामिल
'अच्छा समझौता होगा या कोई समझौता नहीं होगा': ट्रंप का ईरान को बड़ा संदेश; क्या जल्द खत्म होगा युद्ध?
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भारतीय युद्धपोत को पाकिस्तानी जहाज ने जानबूझकर मारी टक्कर, एक्सपर्ट का खुलासा; भारी पड़ती पैंतरेबाजी
भारत ने इस घटना पर कड़ा एतराज जताया और पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दिया। साथ ही भारत ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में नियमों का पालन करे। एक्सपर्ट की क्या है राय?
विदेश के समाचार: नाइजीरिया में हिरासत में मौत से मचा हड़कंप; युद्ध अपराध पर घिरे अमेरिका-ईरान
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Kangra News: अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, कच्चा माल महंगा, स्टेशनरी कारोबारी बेहाल
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की सीधी मार अब स्टेशनरी कारोबार पर पड़ने लगी है।
दुश्मनी अपनी जगह, कूटनीति अपनी जगह: युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरानी नेताओं को दिया वीजा, आखिर क्यों?
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Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
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हूतियों का बड़ा दावा: यमन में सऊदी अरब का F-15 गिराया, 'लोकल मिसाइल' से किया हमला
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब का एक एफ-15 लड़ाकू विमान गिरा दिया है। उनके मुताबिक यह विमान स्थानीय स्तर पर बनाई गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Türkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव में शादी करना मुश्किल हो गया है। गांव का नाम सुनते ही शादी का इच्छुक वर या कन्या पक्ष दूर चले जाते हैं। लेकिन इसका शादी से कोई खास लेना-देना नहीं है। यहां न तो कई अपनी बेटी देना चाहता है और न यहां की लड़की से शादी करना चाहता है। इसकी वजह एक सड़क है, जिसके बारे में गांव वालों का कहना है कि वह दशकों से खराब हालत में है। सालों से सड़क बनने का इंतजार कर रहे ग्रामीण अब सड़क बनवाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए हैं।लोगों के मुताबिक, मिर्जापुर के दांती और गौरा विसेन गांवों को जोड़ने वाली सड़क को सालों से बनाने की मांग की जा रही है। खस्ताहाल सड़क की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर मरीजों को मेडिकल सेंटर ले जाने की कोशिश करने वाले परिवारों तक, सभी मुश्किलों से जूझ रहे हैं।खरंजा फॉल्स और दांती के बीच की दूरी लगभग दो किलोमीटर है। लेकिन लोगों को रास्ते की खराब हालत की वजह से वे यह दूरी 200 किमी जैसी लगती है। गांववालों का कहना है कि सड़क पथरीली है और उस पर आना-जाना मुश्किल हो जाता है। मानसून में हालत और खराब हो जाती है। गांववालों के लिए, जो सफर छोटा होना चाहिए, वह एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। सड़क की समस्या ने जरूरी सेवाओं तक पहुंच पर भी असर डाला है।‘कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता’गांववालों का कहना है कि सड़क की समस्या अब शादियों पर भी असर डालने लगी है। यहां रहने वाले धीरज मौर्य ने कहा कि बार-बार मरम्मत की मांग के बावजूद सड़क सालों से खराब हालत में है। मौर्य के मुताबिक, सड़क की हालत ने इतनी मुश्किलें पैदा कर दी हैं कि गांव के युवाओं को शादी के लिए साथी ढूंढने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, “कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता।” उन्होंने कहा, “हम सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए अब हम धरना दे रहे हैं।” इसलिए यह मुद्दा सिर्फ़ ट्रांसपोर्टेशन की समस्या से कहीं ज्यादा हो गया है।दशकों पुरानी है सड़क की मांगलोगों का दावा है कि आजादी के बाद से ही सड़क बनाने की मांग बार-बार उठाई जाती रही है। ग्रामीणों का दावा है कि वन विभाग ने जमीन से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए सड़क बनाने के लिए जरूरी जमीन नहीं दी है। इससे सड़क प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और उन्हें मौजूदा रास्ते से ही जूझना पड़ रहा है।‘यह सड़क जरूर बननी चाहिए’स्थानीय निवासी रोहित शुक्ला ने कहा कि गांव वालों की मांग सही है। उन्होंने कहा, “हम सभी इस मांग का समर्थन करते हैं। यह सड़क जरूर बननी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि रास्ते की खराब हालत की वजह से, गांव वालों को कभी-कभी कई किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ता है।गांव वालों ने किया चुनाव का बॉयकॉटसुनील कुमार पाल ने कहा कि लोगों ने पहले भी सड़क के मुद्दे पर कड़ा विरोध किया था। उन्होंने कहा, “हमने पिछले साल भी वोट का बॉयकॉट किया था। हमें भरोसा दिलाया गया था कि सड़क ठीक कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुई है।”दुनिया के सबसे उम्रदराज बरगद के पेड़ की उम्र है 700 साल, जानिए किस तकनीक से तय की गई इसकी उम्र
Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेलकच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहींतेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थीइस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असरट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचेDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब सऊदी अरब ने पवित्र शहर मक्का के दक्षिण में एक हथियारबंद ड्रोन को मार गिराने का आधिकारिक दावा किया। इस गंभीर घटनाक्रम के सामने आते ही पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ हाल ही में संपन्न हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौते के प्रति अपनी पूर्ण सैन्य और कूटनीतिक प्रतिबद्धता दोहराई है। पाकिस्तान सरकार और सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इस्लामी दुनिया के सबसे मुकद्दस स्थलों की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कड़े शब्दों में कहा कि पवित्र हरमैन शरीफैन की हिफाजत करना किसी लिखित समझौते का मोहताज नहीं है, बल्कि यह इस्लामाबाद का बुनियादी ईमान और कर्तव्य है, जिसे किसी भी कीमत पर पूरा किया जाएगा।मक्का सुरक्षा के लिए किसी औपचारिक समझौते की जरूरत नहीं: रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दो टूक बयानसऊदी अरब के मक्का प्रांत के निकट हूती ड्रोन घुसपैठ की घटना के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जियो न्यूज से बात करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दो टूक शब्दों में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र इस्लामी स्थलों की रक्षा करना पाकिस्तान के लिए किसी तकनीकी या कागजी समझौते से कहीं ऊपर है। आसिफ ने रेखांकित किया कि यदि मक्का मुकर्रमा पर कोई सीधा खतरा आता है, तो उसकी हिफाजत में पाकिस्तान बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में सऊदी अरब और तुर्की के साथ हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौता पूरी तरह से सक्रिय है और इसके तहत जो भी सैन्य या रणनीतिक जिम्मेदारियां पाकिस्तान पर आती हैं, देश उन्हें पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ धरातल पर उतारेगा।क्या है सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान त्रिपक्षीय मक्का रक्षा समझौता और इसका सामूहिक सुरक्षा ढांचापश्चिम एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के मध्य एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता हुआ था। इस समझौते की मुख्य धुरी सामूहिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा है, जिसके तहत नाटो के आर्टिकल 5 की तर्ज पर यह प्रावधान किया गया है कि यदि तीनों हस्ताक्षरकर्ता देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र या बाह्य सैन्य हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर संयुक्त हमला माना जाएगा। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य खाड़ी और मध्य पूर्व में साझा प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करना और क्षेत्रीय संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखना है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह समझौता पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका मकसद आक्रामकता फैलाना नहीं, बल्कि मित्र देशों की रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाना है।सऊदी एयर डिफेंस का मक्का के पास एक्शन: हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा और हूतियों का इनकारसऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के दक्षिणी इलाके में एक ड्रोन को तब ट्रैक किया जब वह प्रतिबंधित और संवेदनशील हवाई क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। सऊदी सेना ने त्वरित मिसाइल इंटरसेप्शन के जरिए ड्रोन को हवा में ही मार गिराया और उसे मक्का के हवाई क्षेत्र को पार करने से रोक दिया। इस घटना के बाद रियाद ने हूती विद्रोहियों पर पवित्र धार्मिक स्थलों को असुरक्षित करने का गंभीर आरोप लगाया। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोही संगठन ने तुरंत आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब के इन दावों का खंडन किया है। हूतियों का कहना है कि उन्होंने मक्का या किसी भी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को कभी निशाना नहीं बनाया और न ही भविष्य में ऐसा करने का उनका कोई इरादा है।विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग: ऑपरेशनल गोपनीयता और सैन्य रणनीति का खुलासा न करने की नीतिइस्लामाबाद में आयोजित साप्ताहिक विदेश मंत्रालय ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के सामने पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति स्पष्ट की। जब उनसे पूछा गया कि क्या सऊदी अरब में लगातार हो रहे हवाई और ड्रोन हमलों को निष्प्रभावी करने के लिए पाकिस्तान अपनी सेना या वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए कृतसंकल्प है। हालांकि, उन्होंने बल देकर कहा कि सैन्य अभियानों की सफलता उनकी गोपनीयता पर निर्भर करती है, इसलिए कब, कहां, किस परिस्थिति में और किस स्तर के बल का प्रयोग किया जाएगा, इसे सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जा सकता। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सदस्य राष्ट्रों की भौगोलिक अखंडता या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो त्वरित जवाबी कार्रवाई होगी, किंतु सैन्य योजनाओं पर खुली चर्चा नहीं की जाएगी।रेड सी, बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: वैश्विक व्यापार और पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर असरखाड़ी संकट का प्रभाव केवल जमीनी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लाल सागर के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर भी इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक गलियारों में लगातार बढ़ रहे हमलों और जहाजों की आवाजाही में आ रही रुकावटों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने क्षेत्र में सक्रिय सभी गैर-सरकारी तत्वों और हूती विद्रोहियों से अपनी उकसावे वाली गतिविधियों को तत्काल बंद करने की अपील की। रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का अधिकांश तेल और वाणिज्यिक कार्गो गुजरता है। यदि इन संकीर्ण समुद्री मार्गों में तनाव बढ़ता है, तो माल ढुलाई और समुद्री बीमा की लागत कई गुना बढ़ जाएगी। पाकिस्तान जैसी पहले से संघर्षरत अर्थव्यवस्था के लिए यह रुकावट दोहरी मार साबित हो सकती है, जिससे ऊर्जा संकट और मुद्रास्फीति में भारी इजाफा हो सकता है।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तीखी निंदा: रियाद के साथ अटूट एकजुटता और संयम की अपीलसऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया। प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति पाकिस्तान के अटूट समर्थन को दोहराते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में इस्लामाबाद अपने सऊदी भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने मक्का जैसे पवित्र स्थल के पास ड्रोन भेजने की कथित कोशिश को कायरतापूर्ण और निंदनीय कृत्य करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पवित्र स्थलों पर मंडराने वाले किसी भी खतरे को पूरी मुस्लिम उम्माह के खिलाफ साजिश माना जाएगा। इसके साथ ही, व्यापक क्षेत्रीय युद्ध के खतरे को टालने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खाड़ी के सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने, सैन्य टकराव से पीछे हटने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने का पुरजोर आह्वान किया।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव, एकतरफा ट्रैफिक शुरू
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शनिवार व रविवार को सतबीस देवरी से रामपोल मार्ग पर प्रायोगिक तौर पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई।
UN की रिपोर्ट में अमेरिका पर बड़ा आरोप: ईरान में युद्ध अपराध (War Crimes) करने के मिले ठोस आधार
UN की रिपोर्ट में अमेरिका पर बड़ा आरोप: ईरान में युद्ध अपराध (War Crimes) करने के मिले ठोस आधार
भारत से पंगा लेना पड़ा भारी, पाकिस्तान ने टक्कर के लिए गलत युद्धपोत PNS Hunain चुन लिया था?
अरब सागर में पाकिस्तान का युद्धपोत पीएनएस हुनैन भारत के वॉरशिप से टकरा गया। इसके बाद पाकिस्तान के वॉरशिप को काफी नुकसान पहुंचा। पीएनएस हुनैन वॉरशिप क्या है, क्यों टकराया?
मक्का की ओर ड्रोन का सऊदी दावा, हूतियों का इनकार; यमन युद्ध में क्यों बदल रहा नैरेटिव?
नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — सऊदी अरब ने 15 सितंबर को दावा किया कि मक्का की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया। हूतियों ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है। घटना के बाद मुस्लिम देशों में प्रतिक्रिया तेज हुई है, लेकिन ड्रोन हमले के सऊदी दावे के सार्वजनिक सबूतों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सऊदी अरब के मुताबिक, 15 सितंबर को मक्का, जेद्दा और ताइफ में कुछ समय के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था। नागरिकों को संभावित हवाई खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया।
चीन बॉर्डर के पास भारत-US का युद्धाभ्यास, रोबोटिक डॉग्स भी शामिल
युद्ध अभ्यास 2026 में औली में भारतीय और अमेरिकी सेना ने ड्रोन, रोबोटिक डॉग, कुत्तों और स्नाइपरों के साथ बिल्डिंग क्लियरेंस ड्रिल की. आतंकवाद विरोधी अभियानों में तकनीक और सैनिकों के तालमेल को मजबूत किया गया.
सऊदी अरब में बांग्लादेश के लोगों ने लहराया परचम, खुश हुए PM रहमान
सऊदी अरब में आयोजित 46वीं अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता में बांग्लादेश के 4 हाफिजों ने पुरस्कार जीते. पीएम तारिक रहमान ने विजेताओं से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया.
भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा
हाल ही में मुस्लिमों के पवित्र शहर मक्का पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन हमले के दावे के बाद, ओडिशा के प्रसिद्ध 'भविष्य मालिका' ग्रंथ की एक भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। लगभग 600 वर्ष पूर्व ओडिशा के पंचसखाओं (विशेषकर महापुरुष ...
युद्ध का असर बरगी बांध तक, महंगी धातुओं ने अटकाया पावर यूनिट का आधुनिकीकरण
पश्चिम एशिया में युद्ध और इसके चलते धातुओं की कीमतों में आए उछाल का असर अब बरगी बांध की जल विद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण पर भी दिखाई देने लगा है।
तुर्की में ‘परिवार बचाने’ के लिए सरकार ने एलजीबीटीक्यू+ पर कसा शिकंजा
इस्तांबुल, 17 सितंबर . तुर्की में ‘परिवार और बच्चों की सुरक्षा’ के नाम पर एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के खिलाफ कार्रवाई अब व्यापक होती जा रही है. Government के ‘माई फैमिली इज सेफ’ अभियान के तहत देश के कई शहरों में एलजीबीटीक्यू+ संगठनों और एचआईवी जागरूकता समूहों पर छापेमारी के बाद Tuesday को 100 से अधिक लोगों ... Read more
हूती के लड़ाके सऊदी तेल संयंत्रों को निशाना बना रहे हैं। उनका यमन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक के पेरिम द्वीप पर कब्जा हो गया है। हूती हमलों से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। इसका असर वैश्विक बाजारों में देखने को मिल रहा है।
हूथियों से लड़ाई में सऊदी अरब ने पाकिस्तान से भी मांगी मदद
मन के हूथी विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सैन्य सहायता मांगी है.
औली में भारत-अमेरिका सेना का 'युद्ध अभ्यास 2026', आतंकवाद विरोधी ड्रिल की
अभ्यास के दौरान ड्रोन, रोबोटिक डॉग और स्नाइपर टीम की मदद से बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल का प्रदर्शन किया गया।
अमेरिका में रिकॉर्ड $40 ट्रिलियन का कर्ज: ईरान युद्ध ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था, महंगे पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई ट्रंप की टेंशन
भारत-अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
नई दिल्ली, भारत और अमेरिका की सेनाएं 'युद्ध अभ्यास 2026' के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं। उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया।
भारत और अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
New Delhi, 17 सितंबर . India और अमेरिका की सेनाएं ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं. उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया. यह अभ्यास ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया ... Read more
हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब ने रक्षा सहयोगियों से मांगी ये मदद
सऊदी अरब से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. सऊदी अरब ने यमन के हूथी विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच अपने रक्षा सहयोगियों से बड़ी मदद की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब ने विशेष रूप से मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में अपने सहयोगियों से सहायता मांगी है. इस समय सऊदी अरब को मिसाइल इंटरसेप्टर स्टॉक की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है.
लेबनान के साथ समझौते में प्रगति तभी जब सेना जमीन पर दिखाए असर : इजरायल
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Paris meeting end crisis Three nations come negotiating table amidst turmoil Lebanon; what are preparations?
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
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हूती से भिड़ा तो तुर्की चुकाएगा भारी कीमत, एक्सपर्ट ने चेताया
सऊदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट के बाद तुर्की के हूतियों से सीधे टकराने का खतरा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा हुआ तो लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के रास्ते तुर्की की सप्लाई लाइन प्रभावित हो सकती है, खासकर सोमालिया में उसके सैन्य और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है.
यूक्रेन में पश्चिमी सैनिकों की तैनाती पर रूस की चेतावनी, सर्गेई लावरोव बोले- यह सीधा युद्ध होगा
मॉस्को, 17 सितंबर . रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि अगर पश्चिमी देशों की सेनाएं यूक्रेन की जमीन पर तैनात की जाती हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा. Wednesday को येकातेरिनबर्ग में आयोजित ‘इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ यूथ’ में उन्होंने कहा, “मैं यह साफ करना चाहता हूं ... Read more
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
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ट्रंप की युद्ध नीति पर संसद में संग्राम: ईरान पर सांसदों का शिकंजा, इस्राइल को बम देने पर रोक, बवाल क्यों?donald trump israel heavy bombs arms sale congress objection
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran यमन में चल रही हूती-सऊदी जंग में किसका पलड़ा भारी,अब सऊदी के पास कौन सा रास्ता बचा,समझिए मौलाना जमीर अब्बास जाफरी से…
मक्का में अलर्ट, लाल सागर में दबदबा, पश्चिम एशिया में हूतियों ने कैसे खोला युद्ध का नया मोर्चा?
पश्चिम एशिया में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास तेज सैन्य बढ़त बनाकर ईरान-अमेरिका संघर्ष को एक नए थिएटर तक पहुंचा दिया है।
पश्चिम एशिया के सामरिक और तेल समृद्ध भू-भाग में सुरक्षा संकट गहराने के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब जाने वाले और वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय और गंभीर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने संपूर्ण सऊदी अरब के लिए लेवल-3 'रीकंसीडर ट्रैवल' यानी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह आधिकारिक चेतावनी उस समय आई है जब यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की संप्रभु सीमाओं, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार विस्फोटक ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक रॉकेट दाग रहे हैं। वाशिंगटन का मानना है कि लाल सागर और अरब प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों, वाणिज्यिक संपत्तियों और कूटनीतिक मिशनों पर हमलों का अप्रत्याशित जोखिम बहुत तेजी से बढ़ गया है।अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी इस नए दस्तावेज़ ने स्पष्ट किया है कि हाल के हफ्तों में हूती लड़ाकों की ओर से सीमा पार हवाई हमलों की आवृत्ति में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर के ठीक दक्षिण में स्थित एक संवेदनशील इलाके की ओर बढ़ रहे एक खतरनाक आत्मघाती ड्रोन को सऊदी रॉयल एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था। इस गंभीर घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि विद्रोही समूह केवल सीमावर्ती चौकियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांतों, घनी आबादी वाले महानगरीय केंद्रों और पवित्र स्थलों के करीब तक हमले करने का दुस्साहस कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक विमानों का परिचालन अभी पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, किंतु हवाई रक्षा प्रणालियों के अचानक सक्रिय होने और मिसाइल अवरोधन अभियानों के चलते उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी, डायवर्जन और परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधान सामने आ रहे हैं।यमन सीमा पर लेवल-4 का सबसे कड़ा प्रतिबंध: 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जितसऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों के लिए जहां लेवल-3 एडवाइजरी लागू की गई है, वहीं यमन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे समस्त संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वाशिंगटन ने अपनी सर्वोच्च और सबसे सख्त लेवल-4 'डू नॉट ट्रैवल' (Do Not Travel - बिल्कुल यात्रा न करें) चेतावनी जारी की है। यमन की सीमा पर सक्रिय सशस्त्र विद्रोही गुट आए दिन सीमावर्ती चौकियों, असैन्य बस्तियों और राजमार्गों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रॉकेटों और कम दूरी की मिसाइलों से अंधाधुंध बमबारी करते रहते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद किसी भी नागरिक या विदेशी यात्री की जान को तत्काल जानलेवा खतरा पैदा हो जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक इन सीमांत प्रांतों में जाने का जोखिम न उठाए क्योंकि आपातकाल की स्थिति में वहां तत्काल कूटनीतिक या सुरक्षा सहायता पहुंचाना अमेरिकी दूतावास के लिए संभव नहीं होगा।सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा करते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने सभी आधिकारिक राजनयिकों, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील (लगभग 32 किलोमीटर) के संपूर्ण दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांतों जैसे कतीफ, जिजान, असीर और नजरान की यात्रा करने के लिए भी अमेरिकी सरकारी कर्मियों को मिशन सुरक्षा प्रमुख से विशेष और पूर्व आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सीमा पार से होने वाली तोपखाने की गोलाबारी और आत्मघाती ड्रोन के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक या ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।ऊर्जा संयंत्र, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर: अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइनअमेरिकी विदेश विभाग की नई सुरक्षा एडवाइजरी में नागरिकों को केवल मिसाइल हमलों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न हिंसक गुटों और आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जाने वाले संभावित हमलों को लेकर भी आगाह किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब के भीतर स्थित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने, विशाल ऊर्जा संयंत्र, पाइपलाइन टर्मिनल, सैन्य ठिकाने, पश्चिमी नागरिकों की आवाजाही वाले लक्जरी होटल, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और घनी भीड़भाड़ वाले वाणिज्यिक बाजार आतंकी और विद्रोही तत्वों के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर किसी भी अप्रत्याशित हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अनावश्यक रूप से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें और अपनी गतिविधियों को न्यूनतम व सतर्क रखें।इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दाह तथा धाहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों ने नागरिकों को लगातार स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, आपातकालीन अलर्ट पर सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तुरंत बंकर या सुरक्षित कंक्रीट संरचनाओं में शरण लेने की योजना तैयार रखने की सलाह दी है। अगर आसमान में कोई संदिग्ध रोशनी, धमाका या इंटरसेप्टर मिसाइल की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खिड़कियों से दूर रहने और जमीन पर लेट जाने के दिशा-निर्देश दोहराए गए हैं। पश्चिम एशिया में ईरान, यमन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सुरक्षा समीकरण अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में 15 सितंबर 2026 की शाम एक बेहद खतरनाक और उकसावे वाली सैन्य घटना सामने आई है। नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को पाकिस्तानी नौसेना के बिल्कुल नए गाइडेड-मिसाइल कॉर्वेट पीएनएस हुनैन (PNS Hunain F-273) ने सीधे टक्कर मार दी। यह अप्रत्याशित समुद्री भिड़ंत उस समय हुई जब भारतीय नौसेना का वॉरशिप अपने निर्धारित समुद्री क्षेत्र में शांतिपूर्ण गश्त और चौकसी पर था। प्रत्यक्षदर्शी सैन्य सूत्रों और प्रारंभिक परिचालन रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसेना का युद्धपोत अचानक अत्यधिक तेज रफ्तार में गैर-पेशेवर, आक्रामक और असुरक्षित युद्धाभ्यास करते हुए भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आ गया और नियंत्रण खोकर उससे जा टकराया। समुद्र में जहाजों के आवागमन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों और बुनियादी समुद्री शिष्टाचार की धज्जियां उड़ाने वाली इस घटना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर भारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव उत्पन्न कर दिया है।इस जबरदस्त टक्कर में जहां भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ भारतीय युद्धपोत से टकराने के बाद पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस हुनैन का अगला हिस्सा और बाह्य ढांचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद पीएनएस हुनैन अपनी गश्त बीच में ही छोड़कर अपनी जान बचाते हुए मरम्मत के लिए कराची बंदरगाह की ओर लौटने को मजबूर हो गया। संकट की इस नाजुक घड़ी में भारतीय युद्धपोत के कमांडिंग अफसर और चालक दल ने असाधारण सामरिक परिपक्वता, अद्वितीय धैर्य और उच्च कोटि के संयम का परिचय दिया, जिसके चलते समुद्र में मिसाइल या तोप दागने जैसी किसी भी बड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई को टाला जा सका। भारत सरकार ने इस दुस्साहसिक और लापरवाह घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी (चार्ज द अफेयर्स) को विदेश मंत्रालय के साउथ ब्लॉक में तलब किया और इस्लामाबाद के इस उकसावे वाले कदम पर बेहद सख्त विरोध पत्र सौंपा।क्या है पाकिस्तानी नौसेना का पीएनएस हुनैन और क्यों इसे माना जा रहा था उनका नया समुद्री तुरुप का इक्काअरब सागर में भारतीय नौसेना की तकनीकी मजबूती से टकराकर क्षतिग्रस्त होने वाला पीएनएस हुनैन कोई सामान्य गश्ती पोत नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तानी नौसेना का सबसे नया और बहुप्रचारित युद्धपोत है। पीएनएस हुनैन (पेनेंट नंबर एफ-273) पाकिस्तानी नौसेना के यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट का प्रमुख युद्धपोत है। इसका निर्माण यूरोपीय देश रोमानिया के गालाती में स्थित विख्यात डच रक्षा कंपनी 'डेमन शिपयार्ड्स' द्वारा किया गया था। इस आधुनिक युद्धपोत को पाकिस्तानी नौसेना में बहुत हाल ही में, यानी जुलाई 2024 में एक भव्य सैन्य समारोह के दौरान औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। डच डिजाइन पर आधारित यारमूक क्लास के इन पोतों को समुद्र में सतह से सतह पर मार करने, तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने, पनडुब्बी रोधी निगरानी रखने और मिसाइल रक्षा प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस्लामाबाद ने अरब सागर में भारतीय नौसेना के पारंपरिक दबदबे को चुनौती देने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के बावजूद भारी लागत से इस युद्धपोत को अपने बेड़े का हिस्सा बनाया था।पीएनएस हुनैन के तकनीकी विनिर्देशों की बात करें तो इसकी कुल लंबाई लगभग 95.8 मीटर से 98 मीटर के बीच है, जबकि इसकी चौड़ाई 14.4 से 14.6 मीटर तक है। लगभग 2600 टन विस्थापन क्षमता वाला यह कॉर्वेट चार शक्तिशाली कैटरपिलर डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है, जो इसे समुद्र में 41 से 44 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 22 से 24 समुद्री मील) की अधिकतम गति प्रदान करते हैं। यह जहाज 22 किलोमीटर प्रति घंटे की किफायती आर्थिक गति पर बिना रुके लगभग 11,000 किलोमीटर (6,000 समुद्री मील) तक लगातार यात्रा करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, यह युद्धपोत बिना किसी बंदरगाह पर रुके लगातार 40 दिनों तक समुद्र के गहरे पानी में तैनात रहने के लिए पूरी तरह सक्षम है। इसके पिछले हिस्से में एक बड़ा फ्लाइट डेक और हैंगर मौजूद है, जिस पर समुद्री निगरानी हेलीकॉप्टर और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) तैनात किए जा सकते हैं। त्वरित समुद्री हमलों और बोर्डिंग ऑपरेशनों के लिए इस पर दो रिजिड हल इन्फ्लेटेबल बोट्स (RHIB) भी ले जाने की व्यवस्था की गई है।तुर्किए और स्वदेशी हथियारों से लैस था पीएनएस हुनैन: रडार और घातक मिसाइल प्रणालियों का ब्योरापाकिस्तानी नौसेना ने पीएनएस हुनैन को केवल एक गश्ती पोत नहीं बल्कि एक आक्रामक मिसाइल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का दावा किया था। इस युद्धपोत पर तुर्किए की प्रमुख रक्षा कंपनी असेलमान द्वारा निर्मित अत्याधुनिक वेपन स्टेशन लगाए गए हैं। इसके मुख्य डेक पर 30 मिलीमीटर का असेलमान स्मैश (SMASH) रिमोट-कंट्रोल्ड वेपन स्टेशन स्थापित है, जो रात के अंधेरे में भी लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है। इसके साथ ही नजदीकी सुरक्षा के लिए दो 12.7 मिलीमीटर असेलमान स्टैम्प (STAMP) रिमोट वेपन स्टेशन लगाए गए हैं। सतह पर मौजूद दुश्मन के युद्धपोतों और जमीन पर स्थित ठिकानों को भारी तबाही के साथ निशाना बनाने के लिए इस जहाज पर पाकिस्तान द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 'हरबह' (Harbah) सब-सोनिक क्रूज मिसाइल के दो ट्विन-सेल या क्वॉड-सेल (कुल चार से आठ मिसाइलें) लॉन्चर लगाए जाने का प्रावधान है। हरबह मिसाइल समुद्र से सतह पर और समुद्र से जमीन पर अचूक प्रहार करने में सक्षम मानी जाती है।हवाई हमलों और इनकमिंग एंटी-शिप मिसाइलों से जहाज को बचाने के लिए इस पर 20 मिलीमीटर की फालैंक्स ब्लॉक 1बी क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) अथवा तुर्किए निर्मित समकक्ष रैपिड-फायर एयर डिफेंस सिस्टम लगाया गया है। जहाज की इलेक्ट्रॉनिक आंखों और कानों के रूप में इस पर एमआर-36ए (MR-36A) सरफेस और एयर सर्च रडार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सूट और इनकमिंग गाइडेड मिसाइलों को भटकाने वाले अत्याधुनिक डेकोय डिस्पेंसिंग लॉन्चर लगाए गए हैं। पाकिस्तानी नौसेना का इरादा इस कॉर्वेट को बहुउद्देश्यीय समुद्री सुरक्षा अभियानों, खुले समुद्र में आक्रामक पैट्रोलिंग और सीमित एयर डिफेंस अभियानों में आगे रखने का था। हालांकि, अरब सागर में हुई इस हालिया गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और हथियारों से लैस होने के बावजूद, चालक दल में पेशेवर समुद्री प्रशिक्षण और नेविगेशन अनुशासन की भारी कमी युद्धपोत के लिए ही आत्मघाती साबित हो सकती है।1991 के ऐतिहासिक भारत-पाक सैन्य समझौते का खुला उल्लंघन: विदेश मंत्रालय का कड़ा रुखअरब सागर में पाकिस्तानी युद्धपोत द्वारा भारतीय नौसेना के जहाज को जानबूझकर खतरे में डालने की इस घटना ने दोनों देशों के बीच तीन दशक पुराने द्विपक्षीय समझौतों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की यह उकसावे भरी कार्रवाई 6 अप्रैल 1991 को हस्ताक्षरित ‘सैन्य अभ्यासों, सैन्य युद्धाभ्यासों और सैनिकों की गतिविधियों पर भारत-पाकिस्तान समझौते’ (Agreement on Advance Notice on Military Exercises, Manoeuvres and Troop Movements) का सीधा और घोर उल्लंघन है। इस ऐतिहासिक संधि की धारा 10 (Article 10) स्पष्ट रूप से यह निर्देश देती है कि दोनों देशों की नौसेनाओं, थल सेनाओं और वायु सेनाओं को एक-दूसरे के निकट आक्रामक युद्धाभ्यास, अप्रत्याशित नजदीकी आवागमन या ऐसी किसी भी सैन्य गतिविधि से पूरी तरह बचना होगा जिससे समुद्र या वायुक्षेत्र में गलतफहमी, गलत आकलन (Miscalculation) या अनपेक्षित सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो।पाकिस्तानी युद्धपोत का अत्यधिक तीव्र गति में भारतीय निगरानी पोत के बेहद करीब आना और उससे टकरा जाना इस समझौते के मूल सिद्धांतों पर सीधा कुठाराघात है। नई दिल्ली में तलब किए गए पाकिस्तानी राजनयिक को विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस प्रकार की बचकानी और आक्रामक हरकतें किसी भी समय बड़े सामरिक संकट में बदल सकती हैं। भारत ने पाकिस्तान से इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी कराने, दोषी नौसैनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय नौसेना की सतर्कता और पेशेवर संयम ने एक विनाशकारी संघर्ष को टाल दिया, लेकिन पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिक पोत को पहुंची गंभीर क्षति ने इस्लामाबाद के सैन्य रणनीतिकारों के होश उड़ा दिए हैं।
Mecca के पास Drone Attack पर भारत ने जताई चिंता, Saudi Arabia पर हमलों की कड़ी निंदा
भारत ने बुधवार को मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई और सऊदी अरब की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों की निंदा दोहराई। साथ ही, यह भी कहा कि ऐसी हरकतें आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा करती हैं। मक्का के पास हुए ड्रोन हमले के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं। भारत सऊदी अरब साम्राज्य की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों और ऐसी हरकतों की निंदा दोहराता है जिनसे आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा होता है। जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना इसलिए भी ज़्यादा चिंताजनक है क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है। भारत ने इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद भी जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। इसे भी पढ़ें: Pakistani Navy की 'लापरवाही' पर भड़का India, MEA ने Pakistan High Commission के कार्यवाहक प्रमुख को तलब कर लगाई लताड़ बुधवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक रेड लाइन (अति-संवेदनशील सीमा) है। यह चेतावनी तब दी गई जब सऊदी एयर डिफेंस ने यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) शहर के दक्षिण में भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम को उस ड्रोन को तब रोक लिया, जब वह मक्का के आस-पास के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने ही वाला था।
Saudi Arabia के लिए US की Level 3 Travel Advisory, ड्रोन हमलों के खतरे के बीच चेतावनी
अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 की यात्रा पर पुनर्विचार करें (Reconsider travel) वाली एडवाइज़री जारी की है और यमन सीमा के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (Do Not Travel) वाली चेतावनी दी है। इसके पीछे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों जैसे कारण बताए गए हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सऊदी एयर डिफेंस ने पवित्र शहर मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) के दक्षिण में यमन के हूतियों द्वारा छोड़े गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी अपनी यात्रा एडवाइज़री में कहा, अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों के कारण सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करें। विभाग ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के कुछ इलाकों में खतरा ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: क्या मक्का पर ड्रोन अटैक हुआ था? सऊदी अरब के दावों पर हूती ने क्या खुलासा कर दिया एडवाइज़री में कहा गया है कि सऊदी अरब से कमर्शियल उड़ानें चालू हैं, हालांकि कभी-कभी उनमें काफी रुकावटें आई हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर, अमेरिका ने कहा कि हमले बिना किसी चेतावनी या बहुत कम चेतावनी के हो सकते हैं, खासकर छुट्टियों के दौरान। इसमें कहा गया है कि संभावित टारगेट में राजनीतिक, सांस्कृतिक या धार्मिक जगहें, अमेरिकी नागरिकों और दूसरे विदेशियों के आने-जाने की जगहें, टूरिस्ट स्पॉट, बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहें, होटल, ट्रांसपोर्ट हब, बाज़ार, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन की जगहें और सरकारी इमारतें शामिल हो सकती हैं। एडवाइज़री में अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने पर लगी रोक (एक्जिट बैन) के बारे में भी चेतावनी दी गई। इसमें बताया गया कि लंबित आपराधिक और दीवानी (सिविल) जांच और मामलों के कारण अमेरिकियों को सऊदी अरब छोड़ने से रोका गया है। इन मामलों में वीज़ा की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी रुकने पर न चुकाई गई फीस, घरेलू पारिवारिक विवाद और पैसे या काम से जुड़े झगड़े शामिल हैं।
सऊदी अरब के लिए खतरे की घंटी अब मक्का तक पहुंच गई है। इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में पहली बार संभावित हवाई हमले को लेकर आपात चेतावनी जारी होने और सायरन बजने से पूरी दुनिया में चिंता पैदा हो गई है। मक्का में हर साल दुनिया के कोने-कोने से लाखों मुसलमान पहुंचते हैं, इसलिए यहां मंडराता कोई भी सुरक्षा खतरा सिर्फ सऊदी अरब की चिंता नहीं रह जाता। हम आपको बता दें कि लोगों को घरों के भीतर जाने और खिड़कियों-दरवाजों से दूर रहने को कहा गया। जेद्दा और ताइफ में भी ऐसी ही चेतावनी जारी हुई। कुछ ही मिनटों में अलर्ट हटा लिया गया, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया कि यमन के हूतियों से बढ़ता खतरा अब सऊदी अरब के बेहद संवेदनशील इलाकों तक पहुंच चुका है। मक्का का नाम इस पूरे संकट को असाधारण रूप से संवेदनशील बना देता है। यह केवल सऊदी अरब का शहर नहीं, बल्कि इस्लाम का सबसे पवित्र धार्मिक केंद्र है। इसलिए यहां हवाई खतरे की चेतावनी ने सैन्य संकट को सीधे धार्मिक और राजनीतिक संकट में बदल दिया है। इस्लामी सहयोग संगठन ने मक्का और मदीना क्षेत्र पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पवित्र स्थलों, मस्जिदों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और उसने सऊदी अरब की सुरक्षा तथा पवित्र स्थलों की रक्षा के उपायों का समर्थन किया है। इसे भी पढ़ें: Middle East Tension: मक्का के पास सऊदी एयर डिफेंस ने हूथी ड्रोन को किया ढेर, गठबंधन ने दी 'रेड लाइन' की सख्त चेतावनी लेकिन असली तस्वीर मक्का से कहीं बड़ी है। हम आपको बता दें कि 12 सितंबर को यमन से दागा गया प्रक्षेपास्त्र सऊदी अरब के जाजान क्षेत्र में गिरा, जिसमें दो लोग घायल हुए और एक मस्जिद सहित कई इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसके अगले दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ के नागरिक इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की बात कही। इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए और आवासीय मकानों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। रियाद ने अब साफ संकेत दिया है कि लगातार हमलों का जवाब दिया जाएगा। सबसे खतरनाक बात यह है कि हमला केवल शहरों पर नहीं हो रहा। सऊदी अरब की ऊर्जा व्यवस्था भी निशाने पर है। 11 सितंबर को इराक से हुए ड्रोन हमले के बाद करीब 1,200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को बंद करना पड़ा। यह पाइपलाइन प्रतिदिन लगभग 40 से 50 लाख बैरल तेल लाल सागर तक पहुंचाने में सक्षम है और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बन गई थी। यही वह बिंदु है जहां संकट का सामरिक अर्थ साफ दिखाई देता है। यदि होर्मुज बाधित है और लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदब पर भी हूतियों का दबदबा बढ़ता है, तो सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात के सुरक्षित रास्ते लगातार सिकुड़ते जाएंगे। यानी निशाना केवल रियाद नहीं, बल्कि उसकी ऊर्जा-आधारित आर्थिक शक्ति और पूरी वैश्विक आपूर्ति शृंखला है। साथ ही हूतियों ने यमन के पश्चिमी तट पर मोखा बंदरगाह और रणनीतिक पेरिम द्वीप पर कब्जा कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। इसके बाद हनीश द्वीपों पर भी उनकी पकड़ की खबरें सामने आईं। पेरिम द्वीप बाब-अल-मंदब के सबसे संकरे हिस्से में स्थित है और इस समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का अर्थ लाल सागर में आने-जाने वाले जहाजों पर दबाव बनाने की क्षमता है। यह घटनाक्रम महज यमन के भूभाग की लड़ाई नहीं है। बाब-अल-मंदब लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री द्वार है। ऐसे में हूतियों की बढ़त सऊदी अरब के पश्चिमी तट, उसके तेल निर्यात और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार—तीनों पर एक साथ दबाव पैदा करती है। देखा जाये तो यहां सऊदी अरब की कूटनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठते हैं। पाकिस्तान के साथ ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के जरिए रियाद ने सामूहिक सुरक्षा का एक नया ढांचा खड़ा किया है, जिसमें एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना गया है। लेकिन यदि सऊदी अरब ने भारत के साथ सुरक्षा और सामरिक सहयोग को और अधिक गहरा किया होता, तो मौजूदा संकट में उसके पास एक अतिरिक्त और महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता था। भारत और सऊदी अरब के बीच पहले से ही रक्षा, नौसैनिक सहयोग, खुफिया साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यास मौजूद हैं। दूसरी ओर, भारत के ईरान और इजराइल के साथ भी ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं। ऐसे में भारत की दोनों पक्षों के साथ संवाद की क्षमता सऊदी अरब के लिए एक अतिरिक्त कूटनीतिक और सामरिक सहारा बन सकती थी। फिर भी मौजूदा संकट यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि क्या रियाद ने अपनी सुरक्षा साझेदारियों का दायरा जरूरत से ज्यादा सीमित कर दिया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि रियाद के सामने अब विकल्प कम हैं। सऊदी अरब के पास आधुनिक हथियार, विशाल आर्थिक संसाधन और मजबूत वायु रक्षा है, लेकिन हूतियों की रणनीति ने युद्ध को मुश्किल बना दिया है। छोटे ड्रोन, मिसाइल, समुद्री दबाव और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले के जरिए अपेक्षाकृत कमजोर पक्ष भी भारी रणनीतिक लागत पैदा कर सकता है। वैसे रियाद अब तक संयम बरतता रहा है। लेकिन पाइपलाइन पर हमला, लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले तथा बाब-अल-मंदब के आसपास हूतियों की बढ़त इस संयम की सीमा को चुनौती दे रहे हैं। अमेरिकी सहायता भी बढ़ी है। एक सौ से अधिक अमेरिकी सैन्य सलाहकार सऊदी अरब में खुफिया सूचना और लक्ष्य निर्धारण में सहायता कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका सीधे युद्ध में उतरने से बच रहा है। यही सबसे बड़ा रणनीतिक पेच है। सऊदी अरब पीछे हटता है तो हूतियों का दबदबा बढ़ सकता है; वह व्यापक सैन्य कार्रवाई करता है तो संघर्ष लंबा और अधिक विनाशकारी हो सकता है। विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि बड़े पैमाने पर सऊदी जवाबी कार्रवाई संघर्ष को फिर एक खुले और लंबे युद्ध में बदल सकती है। इसलिए मक्का की चेतावनी को केवल एक सुरक्षा अलर्ट समझना भारी भूल होगी। इसके पीछे एक बहुत बड़ा खेल दिखाई दे रहा है। जिसके तहत सऊदी शहरों पर दबाव बनाया जा रहा है, तेल की नस पर हमला हो रहा है और बाब-अल-मंदब जैसे समुद्री द्वार पर पकड़ हासिल की जा रही है। होर्मुज और बाब-अल-मंदब दोनों पर संकट गहराया तो इसका असर केवल सऊदी अरब या यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल, समुद्री व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था तक पहुंचेगा। बहरहाल, मक्का तक पहुंचा खतरा इसलिए इस संघर्ष का नया मोड़ है। अब सवाल यह है कि सऊदी अरब कब तक अपनी सीमाओं, पवित्र स्थलों, तेल ढांचे और समुद्री हितों पर एक साथ पड़ते इस चौतरफा दबाव को सहन करेगा।
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
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हूती : 'सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया'
सना, यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने उन्होंने सऊदी अरब के एफ-15 जेट को मार गिराया है। हूती का ये भी कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से ज्यादा हमले किए हैं।
भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह मंगलवार को औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
सऊदी अरब को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी : हूती समूह
सना, यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
युद्ध को लेकर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ : ईरान
वॉशिंगटन, रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने यह कदम ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और अपने पद पर उनके कामकाज को लेकर उठाया।
Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
भारतीय वायुसेना के 21 सितंबर से सात अक्तूबर तक प्रस्तावित बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी से पाकिस्तान की धड़कन बढ़ गई है।
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
संतकबीरनगर में निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और मेंहदावल थाने के SHO राकेश कुमार सिंह के बीच 40 मिनट तीखी बहस हो गई। मामला मुकदमा दर्ज करने और एक पक्ष के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर बढ़ा। विधायक ने SHO पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि “आपके SHO युद्ध कराना चाह रहे हैं।” पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। मामला मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे का है। अब जानिए पूरा मामला… विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी अपने गांव बेलौली में हुए विवाद के मामले में एक पक्ष के समर्थन में मेंहदावल थाने पहुंचे थे। विधायक ने इस मामले का 5 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया है। वीडियो में विधायक ने इंस्पेक्टर से रामकेवल नाम के व्यक्ति को थाने में बैठाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बिना जांच के किसी व्यक्ति को थाने में कैसे बैठाया गया और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया कैसे शुरू की जा रही है। इस पर प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि रामकेवल धमकी दे रहा था और हंगामा कर रहा था। विवाद की आशंका को देखते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इंस्पेक्टर ने वीडियो में एससी-एसटी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर एक पक्ष की शिकायत पर बिना जांच मुकदमा दर्ज किया गया है, तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में विवाद बढ़ सकता है। एसपी को फोन कर विधायक ने जताई नाराजगी बहस के बाद विधायक ने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन किया। विधायक ने प्रभारी निरीक्षक के तबादले का मुद्दा उठाते हुए उन्हें मेंहदावल में तैनात रहने पर सवाल करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। बाजरे की फसल काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद दरअसल शनिवार को बेलौली गांव में बाजरे की फसल काटने को लेकर हनुमान चौधरी और रामलौट के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने हनुमान चौधरी की तहरीर पर रामलौट समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। रामलौट पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। जातिसूचक गालियां दीं। रामलौट पक्ष की ओर से प्रभारी निरीक्षक से फोन पर बात की थी।विधायक के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित पक्ष को थाने भेजने की बात कही थी। इसके बाद रामलौट परिवार के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे बैठा लिया। -------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, ब्रिक्स में युद्ध के खिलाफ संयुक्त बयान पर जोर
दुनिया में कई जगहों पर जारी युद्ध और अमेरिका के साथ बढ़ते विभिन्न देशों के तनाव के बीच नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मलेन का आयोजन महत्तवपूर्ण माना जा रहा है
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव | Middle East| Trump
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
बहराइच के कतर्नियाघाट में सड़क पर टहलता दिखा बाघ, एंबुलेंस के सामने दो मिनट तक रुका रहा
बहराइच के कतर्नियाघाट में सड़क पर टहलता दिखा बाघ, एंबुलेंस के सामने दो मिनट तक रुका रहा
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
धनबाद के कतरास में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान भीषण हादसा: मलबे में दबकर दो महिलाओं की दर्दनाक मौत
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बार फिर लापरवाही और अवैध खनन की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। जिले के कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में अवैध खनन का काला कारोबार उस वक्त मौत का खूनी खेल बन गया जब अचानक कोयले की खदान का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और बचाव दल मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस प्रकार की अवैध खदानें अक्सर गरीब और मजबूर ग्रामीणों के लिए मौत का कुआं साबित होती हैं, जहां बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के अपनी जान जोखिम में डालकर कोयला निकाला जाता है। इस हादसे के बाद से स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से बहुत गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कब तक कोयले के इस अवैध धंधे में बेकसूर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे।अवैध खदानों का मकड़जाल और कोयलांचल में पसरा मातमधनबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन का अवैध कारोबार कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन की तमाम पाबंदियों के बावजूद यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कतरास की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि माफिया किस तरह से गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी रोजी-रोटी की मजबूरी का फायदा उठाकर मौत के मुंह में धकेल देते हैं। जब अचानक खदान की चाल या मिट्टी धंसती है, तो किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिलता और चंद पलों में ही पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठता है। हादसे के बाद से मृत महिलाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका एकमात्र सहारा इस तरह अचानक छिन गया। ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा खदानों में उतरने को मजबूर होते हैं, जिसके परिणाम अक्सर इतने भयानक रूप में सामने आते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।राहत और बचाव कार्य जारी, मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेजहादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तुरंत भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि अगर कोई अन्य व्यक्ति या महिला अंदर फंसी हो, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, अवैध खनन वाली जगहों पर अंधेरा, संकरे रास्ते और लगातार धंसती मिट्टी के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई है जो अपनों को तलाशने और बचाने के इस संघर्ष में प्रशासनिक टीमों की मदद कर रही है। अब तक दो महिलाओं के शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखा गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय यही है कि किसी भी तरह से मलबे में फंसे सभी जीवित या मृत लोगों को बाहर निकाला जाए और स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लिया जाए।सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवालधनबाद जैसे औद्योगिक और खनन बहुल जिलों में अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है। स्थानीय थाना और संबंधित विभाग की कथित मिलीभगत के बिना इस तरह के बड़े पैमाने पर अवैध खदानों का संचालन होना असंभव माना जाता है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद रहते हैं। जब तक प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन इस प्रकार के अवैध खनन पर पूरी तरह से स्थायी रोक नहीं लगाएंगे और अवैध कोयला तस्करी के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद नहीं करेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी। इस हादसे के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाएं और इसके पीछे शामिल मुख्य सरगनाओं को कानून के कटघरे में खड़ा करें। दो निर्दोष महिलाओं की मौत ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि सुरक्षा के अभाव में चलने वाला यह अवैध कारोबार इंसानी जिंदगी के लिए कितना बड़ा अभिशाप बन चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद आवश्यक है।
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
मुजफ्फरपुर में STF की विशेष टीम और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजिला हेरोइन तस्कर गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने रविवार को तुर्की थाना क्षेत्र में छापेमारी की। जहां महिला समेत 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 136.35 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। बरामद हेरोइन का बाजार मूल्य करीब 27 लाख 20 हजार रुपए आंका गया है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 2 लाख 54 हजार 770 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। असम और अन्य राज्यों तक फैला है नेटवर्कगिरफ्तार आरोपितो की पहचान वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर जाफराबाद निवासी कुंदन कुमार, परोहा निवासी प्रकाश कुमार, पुरुषोत्तमपुर निवासी रोहित कुमार, रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के परोहा निवासी सतीश कुमार और पटना जिले के फतुहा थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह जेठुली निवासी काजल देवी के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हैं और कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध आपूर्ति में संलिप्त बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह को असम के सिलचर से हेरोइन की खेप मिलती थी। इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा असम और अन्य राज्यों तक फैले होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। थाने में एफआईआर दर्जपुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और पूर्व में की गई मादक पदार्थों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। मामले में तुर्की थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
धनबाद जिले के कतरास रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुमारपट्टी में कथित अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध सुरंग में घुसकर कोयला निकालने के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ महिलाएं और पुरुष अवैध सुरंगों में घुसकर कोयला निकालने का काम करते थे। रविवार भी इसी तरह कोयला निकालने के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसके नीचे कई लोग दब गए। ग्रामीणों ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला सुरंग धंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कुदाल और गेंती की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। इस दौरान तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, हादसे के बाद अभी भी कई और लोगों के सुरंग के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। ग्रामीण अपने स्तर से ही बचाव अभियान में जुटे रहे और सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। दो शव बाहर निकाले, बाइक से अस्पताल ले गए ग्रामीण मलबा हटाने के दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों के शव भी बाहर निकाले। दोनों शवों को स्थानीय लोगों की मदद से बाइक पर रखकर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश रहा कि कथित अवैध खनन के कारण ऐसी जानलेवा स्थिति पैदा हुई। बताया जा रहा है कि केशलपुर कुमारपट्टी इलाके में अवैध सुरंगों के जरिए कोयला निकालने का काम लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटनास्थल पर मौजूद लोग मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण लगातार बचाव कार्य में लगे रहे। जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरंग के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कई अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका है। वहीं, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरंग के अंदर कितने लोग कोयला निकाल रहे थे, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। प्रथम दृष्टया हादसे की वजह अवैध कोयला खनन के दौरान सुरंग का धंसना बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही मृतकों और हादसे में प्रभावित अन्य लोगों की संख्या समेत पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
कतरास में दर्दनाक हादसा! मिट्टी के मलबे में दबी 3 महिलाएं; 2 की मौत
झारखंड के कतरास में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के रामकनाली थाना क्षेत्र के केशलपुर कुम्हार पट्टी के समीप रविवार सुबह कोयला चुनने के दौरान अचानक मिट्टी का मलबा धंस गया। इस घटना में 2 की मौत हो गई।
आरोप है कि वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप से कोड वर्ड में नेटवर्क चला रहा था।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
'अक्टूबर में छिड़ेगी बड़ी जंग!' क्या Israel-Iran युद्ध में फँसेगा भारत? | Prof. Muqtedar Khan
इसराइल और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ दुनिया भर में बढ़ते गुस्से के बीच भारत के अंतरराष्ट्रीय हितों और कूटनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। 'द डेली शो' में प्रोफेसर मुकेश कुमार के साथ खास बातचीत में प्रो. मुक़्तेदर ख़ान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व (Middle East) में अक्टूबर के दौरान ईरान के खिलाफ एक भयानक युद्ध की आशंका है।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
बुशरा बानो का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ। वो पढाई में काफी तेज थीं। उनके पास कई डिग्रियां हैं जैसे पीएचडी, एमबीए एम और नेट-जेआरफ। बुशरा बानो ने अपनी अपनी 12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
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Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
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Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
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Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

