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'रूस कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन...': यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन का बड़ा कबूलनामा, क्या है भविष्य का प्लान

पुतिन का बड़ा कबूलनामा: रूस के सामने खड़ी हैं बड़ी चुनौतियां यूक्रेन के साथ जारी युद्ध और पश्चिमी देशों के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि रूस फिलहाल एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। सत्तारूढ़ 'यूनाइटेड रूस पार्टी' के सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि इन कठिनाइयों ने देश को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से कहीं अधिक मजबूत और अनुभवी बनाया है। उनका यह बयान तब आया है जब रूसी क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों में तेजी देखी जा रही है, जिससे बुनियादी ढांचों को काफी नुकसान पहुँचा है।हमलों का जवाब देने की दो-टूक तैयारी पुतिन ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार वर्तमान में उत्पन्न हर समस्या से पूरी तरह वाकिफ है और उन्हें सुलझाने के लिए ठोस रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि रूस अपनी सीमाओं की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। बुनियादी ढांचा सुविधाओं पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि रूस की सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल हर तरह के खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने देश की संप्रभुता को अटूट बताते हुए कहा कि रूस किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।विकास और सुरक्षा का 'पुतिन फॉर्मूला' सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले पुतिन का यह संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी लामबंदी का हिस्सा माना जा रहा है। अपने भाषण में उन्होंने न केवल सैन्य और रक्षा क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी। पुतिन ने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर डाले जा रहे दबावों के बावजूद रूस अपनी स्वतंत्र नीतियों पर अडिग है और विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह सम्मेलन स्पष्ट करता है कि आगामी चुनावों में पुतिन की पार्टी जनता के बीच 'विकास, सुरक्षा और स्थिरता' के तीन स्तंभों के साथ अपने वोट बैंक को और मजबूत करना चाहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 6:53 am

युद्धवीर भी थे दानवीर भामाशाह: मुगलों के प्रति शून्य स्वीकार्यता ने ऐसा चरित्र गढ़ा की बदला मेवाड़ का इतिहास, हल्दीघाटी में निभाई अहम भूमिका

भास्कर न्यूज | जयपुर विश्व में व्यक्तिगत उदारता का सौंदर्य जीवट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ही देखने को मिला है। सामान्य स्थितियां तो सामान्य चरित्र ही गढ़ती हैं। देश के महान गौरव और त्याग की प्रतिमूर्ति भामाशाह का जन्म 28 जून 1547 ई. को वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव में हुआ था। उनके जन्म से ठीक 20 वर्ष पहले 1527 ई. में बाबर और महाराणा सांगा के बीच खानवा का ऐतिहासिक युद्ध हो चुका था। अकबर ने 1567-68 ई. में चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर हमला किया, तब भामाशाह मात्र बीस वर्ष के थे। चित्तौड़ में अकबर के आदेश पर हुए 30 हजार बेकसूर लोगों का कत्लेआम जहां इतिहास में उसके माथे पर बड़ा कलंक बना, वहीं भामाशाह की पीढ़ी के नवयुवकों में मुगलों के प्रति स्थायी घृणा व शून्य स्वीकार्यता का कारण बना। भामाशाह का जन्म जिस ओसवाल जैन परिवार में हुआ, वह योद्धाओं का परिवार था, जो युद्ध और मेवाड़ के शासन-प्रबंध से गहराई से जुड़ा हुआ था। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रणथंभौर किले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भामाशाह के पिता भारमल कावड़िया (कुल का गोत्र) पर थी, जो महाराणा उदयसिंह की सेवा में रहे। भामाशाह के धन से सेना का पुनर्गठन हुआ और सैनिकों की संख्या दुगुनी हो गई। इसका सुफल 1582 ई. के दिवेर युद्ध में मिला, जहां कुंवर अमरसिंह ने मुगल कमांडर सुल्तान खां को एक ही वार में चीरकर मेवाड़ के विजय अभियान की शुरुआत की। नई राजधानी चावंड बनी। इस दौरान सुरक्षा के लिए मालवा में तैनात भामाशाह के भाई ताराचंद, शाहबाज खान की सेना से लड़ते हुए बस्सी में गंभीर रूप से घायल हो गए। 53 वर्ष की उम्र में महाप्रयाण : 1597 ई. में महाराणा प्रताप के निधन के बाद भामाशाह राणा अमरसिंह के भी प्रधानमंत्री नियुक्त हुए। 11 जनवरी 1600 ई. को मात्र 53 वर्ष की आयु में इस दानवीर योद्धा ने अपने पीछे सुरक्षित मेवाड़ और अपार यश छोड़कर स्वर्गारोहण किया। चूलिया बना दानवीरता का साक्षी : कुंभलगढ़ से निकलने के बाद मालवा क्षेत्र के रामपुरा ठिकाने के राव दुर्गा ने भामाशाह को सम्मानपूर्वक शरण दी। यहाँ छिपकर रहने के दौरान भामाशाह और उनके भाई ताराचंद ने विश्वस्त लोगों की सैन्य-टुकड़ी तैयार की और मालवा के ठिकानों को अधीन करते हुए मेवाड़ वापसी की। 'वीर विनोद' के अनुसार, चूलिया गांव में भामाशाह ने 25,000 रुपए और 20,000 सोने की मुहरें महाराणा प्रताप के चरणों में अर्पित कीं। कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार, यह धन मेवाड़ के 12 वर्ष के सैन्य प्रबंध के लिए पर्याप्त था। प्रसन्न होकर प्रताप ने उन्हें पुनः प्रधानमंत्री घोषित किया। युद्धवीर भामाशाह का दानवीर भामाशाह में रूपांतरण हल्दीघाटी युद्ध के बाद की घटना है। उनका युद्ध-कौशल और प्रधानमंत्री होना भी पीछे रह जाता है। कविराजा श्यामलदास के ग्रंथ 'वीर विनोद' और प्रोफेसर श्रीराम शर्मा की पुस्तक 'Maharana Pratap' (1900 ई., लाहौर) के अनुसार हल्दीघाटी में प्रताप के दाहिनी ओर के दस्ते की कमान ग्वालियर के राजा रामशाह, उनके पुत्रों और भामाशाह के पास थी। हल्दीघाटी के बाद अकबर के सैन्य अभियानों के प्रतिरोध में भामाशाह और उनके भाई ताराचंद का सक्रिय योगदान रहा। 1578 ई. में शाहबाज खान के कुंभलगढ़ हमले के समय भामाशाह वहां थे, लेकिन चतुराई से सकुशल बाहर निकल गए। हल्दीघाटी युद्ध में निभाई अग्रिम दस्ते की कमान

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:30 am

गैंगस्टर लॉरेंस के खिलाफ गवाही देने से कतरा रहे गवाह:कोर्ट से वारंट पर वारंट जारी, 14-15 साल पुराने दो मामलों की सुनवाई अटकी

गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में चल रहे दो पुराने आपराधिक मामलों की सुनवाई गवाहों की गैरहाजिरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। अदालत शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों को कई बार समन और वारंट जारी कर चुकी है, लेकिन कोई भी अदालत में पेश नहीं हो रहा। ऐसे में दोनों मामलों की सुनवाई बार-बार टल रही है। दोनों मामले करीब 14 और 15 साल पुराने हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या के प्रयास, मारपीट, फायरिंग और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। अदालत को बार-बार यह रिपोर्ट मिल रही है कि संबंधित गवाह या तो दिए गए पते पर नहीं मिल रहे या फिर शहर से बाहर हैं। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अदालत में पेश न होने पर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। सेक्टर-40 में घर पर हमला पहला मामला 29 जून 2011 का है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-40 में झगड़े की सूचना मिलने पर जांच की गई थी। शिकायतकर्ता हरप्रीत ने आरोप लगाया था कि छात्र संगठन की रंजिश के चलते उसी रात करीब 8:45 बजे लॉरेंस बिश्नोई अपने 4-5 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी ने चेहरे ढके हुए थे और मारपीट की। आरोप है कि लॉरेंस के पास पिस्टल थी, जबकि उसके साथियों के हाथों में तलवार और अन्य हथियार थे। घटना के दौरान लॉरेंस का चेहरा ढकने वाला रुमाल गिर गया, जिससे उसकी पहचान हो गई। डीएवी कॉलेज में फायरिंग दूसरा मामला 12 जून 2012 का है। उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों पुसू और सोपू के बीच खूनी झड़प हुई थी। आरोप है कि डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 में स्टार नाइट की तैयारियों के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और अमनदीप सिंह मुल्तानी की अगुवाई में सोपू समर्थकों ने पुसू समर्थकों पर हमला किया। इस दौरान गोलीबारी और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें छात्र चरनदेव सिंह को गोली लगी थी और कई अन्य छात्र घायल हुए थे। शिकायतकर्ता लगातार नहीं हो रहा पेश डीएवी कॉलेज फायरिंग मामले में शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर को पिछले एक साल से लगातार समन भेजे जा रहे हैं, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हो रहा। कभी रिपोर्ट आती है कि वह दिए गए पते पर नहीं रहता, तो कभी बताया जाता है कि वह शहर से बाहर है। अन्य गवाहों की भी यही स्थिति है, जिससे सुनवाई प्रभावित हो रही है। चार आरोपी पहले ही हो चुके हैं बरी सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि 18 फरवरी 2014 को निचली अदालत ने अमनदीप सिंह मुल्तानी, विक्की मिट्ठूखेड़ा (अब मृतक), तरसेम सिंह और रंजोध सिंह को बरी कर दिया था। उस समय शिकायतकर्ता और अन्य गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए थे। शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर ने भी अदालत में अपना बयान बदल दिया था, जिसके चलते चारों आरोपियों को संदेह का लाभ मिल गया था। अब इस मामले में केवल लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सुनवाई लंबित है।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:21 am

कतर में बनी सहमति: अमेरिका-ईरान अब नहीं करेंगे हमले

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद अब दोनों देशों ने हमले रोकने पर सहमति जताई है

देशबन्धु 29 Jun 2026 4:04 am

छत्तीसगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:सूडान युद्ध का रायपुर लिंक, 1 यूनिट खून नहीं मिलने से मौत, चाकू लेकर शेर डांस, बारिश से ढही दीवार

इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 6:55 pm

सूडान युद्ध से जुड़ा छत्तीसगढ़ का नाम:रायपुर की SBL एनर्जी पर विस्फोटक सप्लाई का आरोप, अमेरिका ने किया बैन; कंपनी बोली- सबूत देंगे

अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने राजधानी रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी के सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल 8 व्यक्तियों और संस्थाओं को बैन किया है। अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया। यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं। कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती। कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है। प्रतिबंध का क्या होगा असर अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने के बाद एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ आलोक चौधरी की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इसके अलावा कोई भी अमेरिकी नागरिक, कंपनी या वित्तीय संस्था उनके साथ व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगी। हालांकि, इस कार्रवाई का भारत में कंपनी के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सूडान गृह युद्ध के बारे में जानिए सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ। यह देश की नियमित सेना सूडानी आर्म्ड फोर्सेज (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा है। दोनों पक्ष पहले सहयोगी थे, लेकिन सेना में RSF के विलय, सत्ता पर नियंत्रण और देश के नेतृत्व को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक मानता है। युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका सहित कई देशों का आरोप है कि बाहरी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई इस संघर्ष को लंबा खींच रही है। इन 8 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध अमेरिकी वित्त मंत्रालय के OFAC ने कुल 8 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनके नाम हैं: ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा: हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश; दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 2:25 pm

गुरुग्राम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत समारोह में घुसे जेबकतरे:20 लोगों के मोबाइल- कैश चोरी, नेताओं- कार्यकर्ताओं में फोटो खिंचवाने की होड़

प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार न्यू गुरुग्राम जिला में पहुंची डॉ. अर्चना गुप्ता के स्वागत समारोह में जेबकतरे भी घुस गए। शनिवार को आयोजित तीन कार्यक्रमों में जेबकतरों के एक शातिर गिरोह ने जमकर तांडव मचाया। उन्होंने 15 से 20 कार्यकर्ताओं की जेब काट कर मोबाइल और नकदी चोरी कर ली। मानेसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले पांच कार्यकर्ताओं ने थाना पहुंचकर मोबाइल चोरी होने की शिकायत दी है। इसके अलावा पटौदी की विधायक बिमला देवी और पूर्व विधायक और एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश जरावता के कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की जेब काटी गई हैं। चोरी गए सामानों में महंगे स्मार्टफोन, नकदी और जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। इस हाई-प्रोफाइल जेबतराशी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है और पुलिस में औपचारिक शिकायत दी गई है। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस की तैनाती भी की गई थी, इसके बावजूद शातिर चोर अपना काम करके निकल गए। फोटो खिंचवाने की होड़ और जेब साफ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के स्वागत के लिए जिलास्तरीय कार्यक्रम मानेसर में आयोजित किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष अजीत यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस कार्यक्रम में एक हजार लोग बुलाए गए थे, लेकिन भारी संख्या में स्थानीय नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंच गए। इसी भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार निकाले जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष का काफिला कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचा, उनका स्वागत करने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर जेबकतरों ने नेताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। चोरों ने एक वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार निकाल लिए। नेताओं को अपनी जेब कटने का अहसास तब हुआ प्रदेशाध्यक्ष के जाने के बाद जब उन्होंने फोन निकालने की कोशिश की तो लोग अपना फोन ढूंढते नजर आए। कई कार्यकर्ताओं के पर्स भी गायब मिले, जिनमें नकदी और क्रेडिट कार्ड थे। पटौदी विधायक के कार्यक्रम में अफरा-तफरी पटौदी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक के कार्यक्रम में भी इसी तरह की वारदात सामने आई। यहां भी स्वागत समारोह के दौरान मंच के आसपास भारी भीड़ थी। जेबकतरों ने यहां भी अपनी चालाकी दिखाई और कई वीआईपी व कार्यकर्ताओं की जेबें काट लीं। पटौदी विधायक के कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने बताया कि चोर इतने पेशेवर थे कि किसी को भनक तक नहीं लगी कि कब उनका फोन या पर्स गायब हो गया। पूर्व विधायक के कार्यक्रम भी बनाया निशाना शातिर चोरों ने एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक सत्य प्रकाश जरावत के कार्यक्रम में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और यहां आधा दर्जन से ज्यादा की जेब काट ली गई। हालांकि कई कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत भी पुलिस में नहीं दी। हालांकि जिनका मोबाइल और महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट चोरी हुए हैं, उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस के पास पहुंचे कार्यकर्ता कार्यक्रमों में इतनी बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं के मोबाइल और पैसे चोरी होने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर तुरंत इस मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस जांच कर रही इस बारे में मानेसर थाना प्रभारी सुधीर का कहना है कि कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी पेशेवर लोगों का काम हो सकता है, जो अक्सर बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों में भीड़ का फायदा उठाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 12:36 pm

इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी

हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 9:02 am

Iran US conflict : मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग? अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की खुली धमकी, होर्मुज पर संकट के बादल

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 7:53 am

फीफा वर्ल्ड कप: केप वर्डे ने राउंड ऑफ 32 में पहुंचकर रचा इतिहास, गोलरहित ड्रॉ रहा सऊदी अरब के खिलाफ मैच

केप वर्डे ने सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के साथ ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में पहुंचकर इतिहास रच दिया

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:18 am

इजरायल-लेबनान शांति की दिशा में अहम पहल, वाशिंगटन में फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर

कई दिनों तक चली बातचीत के बाद यह फ्रेमवर्क तैयार किया गया। वाशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोवाद और उनके इजरायली समकक्ष येचियल लिटर ने अमेरिकी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस त्रिपक्षीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

देशबन्धु 27 Jun 2026 10:39 am

मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ेगी जंग? अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद भड़का ईरान, कहा- 'वाशिंगटन को सिर्फ पछताना पड़ेगा'

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति स्थापित करने की तमाम वैश्विक कोशिशों और हाल ही में हुए सीजफायर समझौते को एक बहुत बड़ा और जानलेवा झटका लगा है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभी बातचीत का दौर चल ही रहा था कि अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी (Airstrike) कर पूरे क्षेत्र को दहला दिया।इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान आगबबूला हो उठा है। ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को अमेरिका को बेहद सख्त और सीधे लहजे में चेतावनी दी है कि इस दुस्साहस के बाद वाशिंगटन को सिर्फ 'पीछे हटना और पछताना' पड़ेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कहा कि अब अमेरिका का यह 'ब्लेम गेम' यानी खुद हमला करके दूसरों पर दोष मढ़ने का खेल बिल्कुल नहीं चलेगा। आइए जानते हैं कि शांति समझौते के बीच अचानक भड़के इस महाविवाद की असल वजह क्या है।क्यों भड़का विवाद? जानिए अमेरिकी सेना के ताबड़तोड़ हवाई हमलों की वजहयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज लोकेशन्स के साथ-साथ उनकी तटीय रडार साइटों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसा दीं। व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को पूरी तरह जायज ठहराते हुए साफ किया कि यह हमला ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में एक कमर्शियल जहाज पर किए गए कायरतापूर्ण हमले का सीधा और कड़ा जवाब है।अमेरिकी सेना द्वारा जारी आधिकारिक टाइमलाइन के मुताबिक, बीते 25 जून को ईरान ने ओमान के तट के पास जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक विशाल मालवाहक जहाज 'एम/वी एवर लवली' (M/V Ever Lovely) पर वन-वे सुसाइड अटैक ड्रोन से हमला किया था। यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ था, जो पूरी दुनिया के कुल ऊर्जा और कच्चे तेल के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) संभालता है। अमेरिका ने इसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के उल्लंघन को आधार बनाकर ईरान के खिलाफ यह बड़ा सैन्य एक्शन लिया है।ईरान का पलटवार: 'अमेरिका ने बातचीत के बीच में पीठ पर छुरा घोंपा'अमेरिकी बमबारी से भड़के ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व शीर्ष कमांडर और वर्तमान सांसद इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए एक लंबी पोस्ट लिखी। अजीजी ने कहा, 'सफेदपोश अमेरिका ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी कथनी और करनी में कितना फर्क है। उसने शांति वार्ता के बीच में ही हमारे देश पर हमला करके पीठ पर छुरा घोंपा है। नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को दिखा दिया है कि वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत या सीजफायर के सिद्धांतों को नहीं मानते हैं।'अजीजी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सीजफायर का यह लापरवाह उल्लंघन अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित होगा। ईरानी सांसद के इस तीखे बयान के ठीक कुछ घंटों बाद IRGC के मुख्यालय से भी एक बड़ा और डराने वाला ऐलान कर दिया गया। ईरानी सेना ने कहा कि उसने देश के दक्षिणी हिस्से पर हुए अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनके दूतावासों को सीधे अपने मिसाइल निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।'हिंसा का जवाब सिर्फ हिंसा' - अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की दोटूकईरानी धमकियों के बीच अमेरिका ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने ईरान को आड़े हाथों लेते हुए 'X' पर दोटूक शब्दों में चेतावनी दी। वेंस ने लिखा, 'ईरान ने खुद टेबल पर बैठकर सीजफायर समझौते पर दस्तखत किए थे और हमारी सेना ने उस समझौते का पूरा सम्मान किया। अगर ईरानी प्रशासन को एमओयू (MOU) के नियमों या उसे लागू करने के तरीके को लेकर कोई भी आपत्ति या असहमति थी, तो वे राजनयिक चैनलों के जरिए बात कर सकते थे। लेकिन उन्होंने हथियारों का रास्ता चुना, और याद रहे कि हमारे देश के खिलाफ की गई हिंसा का जवाब हमेशा दोगुनी हिंसा से ही दिया जाएगा।' इसके साथ ही वेंस ने ईरान से आखिरी अपील करते हुए कहा कि वे आगे की तबाही को रोकने के लिए तुरंत हिंसा रोककर बातचीत की मेज पर आएं।नाजुक मोड़ पर शांति वार्ता: क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया?यह पूरा सैन्य टकराव एक ऐसे नाजुक और ऐतिहासिक मोड़ पर हुआ है जब दोनों देशों के बीच दशकों पुराने तनाव को खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे से बड़ी डिप्लोमैटिक बातचीत चल रही थी। पिछले हफ्ते ही दोनों पक्षों के बीच एक अस्थाई सीजफायर का औपचारिक ऐलान हुआ था, जिसके तहत एक व्यापक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों को 60 दिनों का समय दिया गया था। लेकिन इन ताजा हवाई हमलों और पलटवार के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। शांति की सभी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है और मिडिल ईस्ट एक बार फिर भयंकर क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) की आग में झुलसने की कगार पर आ खड़ा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:40 am

मिडिल ईस्ट में नया धमाका! अमेरिका ने कराई इजरायल-लेबनान में डील, भड़का हिजबुल्लाह, दी 'गृहयुद्ध' छिड़ने की खुली चेतावनी

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के अशांत मोर्चे से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है। लंबे समय से जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले समझौते पर सहमति बनी है। लेकिन इस डील के सार्वजनिक होते ही लेबनान का सबसे शक्तिशाली अर्धसैनिक संगठन हिजबुल्लाह पूरी तरह आगबबूला हो गया है। हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व ने इस अमेरिकी समझौते को पूरी तरह खारिज करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में खुली चेतावनी दी है कि यदि इस डील को जबरन थोपा गया, तो लेबनान में भयानक 'गृहयुद्ध' (Civil War) छिड़ जाएगा।अमेरिकी मध्यस्थता में हुआ सीक्रेट समझौता और हिजबुल्लाह की नाराजगीवाशिंगटन और यरूशलेम से आ रही रणनीतिक रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों ने पर्दे के पीछे रहकर इजरायल और लेबनान की सरकार के बीच सीमा विवाद और सुरक्षा गारंटी को लेकर एक कड़ा ड्राफ्ट तैयार कराया था। इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सीमाओं पर जारी गोलाबारी को स्थायी रूप से रोकना और विस्थापित नागरिकों को उनके घरों तक वापस लाना है। हालांकि, हिजबुल्लाह का आरोप है कि लेबनान सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।'गृहयुद्ध छिड़ जाएगा' – हिजबुल्लाह की लेबनान सरकार को खुली धमकीहिजबुल्लाह के प्रमुख ने एक विशेष संबोधन में लेबनान प्रशासन को सीधे शब्दों में आगाह किया है कि वे इजरायल या अमेरिका के किसी भी एजेंडे को देश की धरती पर लागू नहीं होने देंगे। हिजबुल्लाह ने कहा कि इस डील के जरिए उनके हथियारों को सरेंडर कराने और दक्षिण लेबनान से उनकी मौजूदगी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। अगर सरकार ने इस समझौते को आगे बढ़ाया, तो देश के भीतर विभिन्न गुटों और लेबनानी सेना के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन जाएगी, जिससे पूरे देश में गृहयुद्ध की भयावह आग लग सकती है।बेरूत से लेकर यरूशलेम तक सैन्य अलर्ट और सुरक्षा रणनीति में बदलावइस खुली धमकी के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत, इजरायल की उत्तरी सीमा और पूरे भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Mediterranean Region) में स्थानीय सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है। इजरायली सेना (IDF) ने किसी भी संभावित रॉकेट हमले या घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए अपनी सीमाओं पर पेट्रोलिंग और एयर डिफेंस सिस्टम 'आयरन डोम' को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। वहीं, लेबनान के स्थानीय नागरिक इस नई सैन्य और राजनीतिक खींचतान के बाद भारी दहशत में हैं और देश में एक बार फिर पुराने काले दौर के लौटने की आशंका से डरे हुए हैं।वैश्विक कूटनीति, एआई सर्च और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असरइस नए संकट ने वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आधुनिक जनरेटिव इंजन और वैश्विक थिंक टैंक इस बात का गहन विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या अमेरिका द्वारा कराई गई यह पीस डील वाकई शांति लाएगी या फिर यह एक और बड़े विनाशकारी युद्ध की वजह बन जाएगी। अगर लेबनान के भीतर गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इसका सीधा असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा, जिससे वैश्विक तेल बाजारों, व्यापारिक मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों में भारी उथल-पुथल मचनी तय मानी जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:39 am

दुनिया पर महायुद्ध का खतरा! अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें, तेहरान का घातक जवाबी हमला, होर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़ी भीषण जंग

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली सैन्य खबर सामने आ रही है। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सीधे और खतरनाक युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हवाई और मिसाइल हमला किया है, जिसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान ने भी अमेरिकी बेस और सैन्य संपत्तियों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे हैं। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में युद्ध की लपटें उठने लगी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बड़ा मिलिट्री पलटवारवाशिंगटन से मिली शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांड ने इस हमले को आत्मरक्षा और ईरान समर्थित मिलिशिया की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने ईरान की मुख्य सैन्य चौकियों और मिसाइल डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिकी हमले से बेखौफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बिना कोई समय गंवाए बेहद आक्रामक रुख अपनाया और अमेरिकी ठिकानों पर अपनी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार कर दिया। तेहरान ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी भी तरह के आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग की आहट और ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर संकटइस पूरी जंग का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है, जहां दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में सैन्य तनाव बढ़ने और संभावित नाकेबंदी की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यह समुद्री मार्ग पूरी तरह प्रभावित होता है, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में मची खलबलीइस अचानक भड़के सैन्य संकट ने नई दिल्ली, लंदन, टोक्यो और वाशिंगटन सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों के कूटनीतिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। वैश्विक थिंक टैंक और आधुनिक एआई सर्च इंजन इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या यह टकराव केवल सीमित हवाई हमलों तक रहेगा या फिर यह तीसरे विश्व युद्ध की तरह एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति की अपील और परमाणु प्रतिष्ठानों पर खतराइस भीषण गोलाबारी के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम करने और संयम बरतने की अपील की है। सबसे बड़ा डर इस बात को लेकर है कि अगर अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ा, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान भी इसकी जद में आ सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में विनाशकारी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों ओर से मिलिट्री मूवमेंट बेहद तेज है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोतों की तैनाती लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया के लिए बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:33 am

जोधपुर-चेन्नई समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन कल से होगी शुरू:जयपुर और भोपाल सहित 29 स्टेशनों पर ठहराव, जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार से चलेगी

गर्मी की छुट्टियों के के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा जोधपुर और चेन्नई के बीच विशेष साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन शनिवार ( 27 जून) से शुरू होगी। पांच ट्रिप के लिए संचालित की जाने वाली इस स्पेशल ट्रेन से राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। शनिवार की रात को होगी रवाना उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04815 जोधपुर-चेन्नई बीच साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल 27 जून से 25 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक शनिवार रात 9.20 बजे जोधपुर से रवाना होगी और सोमवार रात 8 बजे चेन्नई बीच पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04816 एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-जोधपुर समर हॉलीडे स्पेशल 30 जून से 28 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक मंगलवार शाम 5.15 बजे चेन्नई से प्रस्थान कर गुरुवार रात 8.30 बजे जोधपुर पहुंचेगी। ट्रेन कुल 19 आईसीएफ कोच के साथ संचालित होगी। रैक संरचना में 2 सेकंड एसी,15 थ्री टियर एसी कोच तथा 2 एसएलआर कोच शामिल किए गए हैं। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 29 स्टेशनों पर ठहरेगी। इनमें मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,कुचामन,फुलेरा,जयपुर,दुर्गापुरा,सवाई माधोपुर,सोगरिया, बारा,छबड़ा,गुगोर, रुठियाई,गुना,बीना,भोपाल,इटारसी,नागपुर,बल्हारशाह,सिरपुर कागजनगर,मंचियारल,वारंगल,खम्मम, विजयवाड़ा,बापटला,चिराला,ओंगोल,नेल्लौर,गुडूर और नयाडुपेटा शामिल हैं। जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी कल से चलेगी वहीं , जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार को जैसलमेर से रवाना होगी और राजस्थान से पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04803 जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन 27 जून को जैसलमेर से सुबह 8.15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जोधपुर स्टेशन पर दोपहर 1.50 बजे पहुंचेगी तथा 2.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 6.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव यह विशेष ट्रेन मार्ग में रामदेवरा,फलोदी,जोधपुर,मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,फुलेरा,जयपुर,भरतपुर,ईदगाह,टूण्डला,ईटावा,गोविन्दपुरी, सुबेदारगंज,पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन,भबुआ रोड,सासाराम,डेहरी ऑन सोन,अनुग्रह नारायण रोड,गया, कोडरमा,पारसनाथ,धनबाद, आसनसोल,दुर्गापुर,वर्द्धमान तथा बैण्डेल स्टेशनों पर ठहराव करेगी। कोच में होंगे कुल 16 डिब्बे इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए 10 स्लीपर कोच,6 जनरल श्रेणी कोच और 2 गार्ड कोच सहित 16 डिब्बे लगाए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 9:34 pm

खगड़िया में मुहर्रम का ताजिया जुलूस निकला:अकीदत, गम और भाईचारे के बीच पारंपरिक युद्धक कलाओं का प्रदर्शन

खगड़िया में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व धार्मिक आस्था, गम और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे जिले में 'या हुसैन' के नारों के साथ करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मोहर्रम इस्लाम धर्म का एक पवित्र अवसर है, जो पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की करबला में दी गई शहादत की याद में मनाया जाता है। यह पर्व त्याग, धैर्य, इंसाफ और मानवता का संदेश देता है। जिले के मानसी प्रखंड स्थित सैदपुर गांव, परबत्ता के मड़ैया, बड़हरा, बन्देहरा, चौथम, गोगरी, मुस्कीपुर और नौगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में निर्धारित मार्गों से ताजिया जुलूस निकाले गए। सैदपुर में जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए दरगाह परिसर पहुंचा। इन जुलूसों के दौरान युवाओं ने लाठी, तलवार और फरसा सहित पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। मड़ैया, बन्देहरा, चौथम, गोगरी और मुस्कीपुर जैसे स्थानों पर भी युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्होंने सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में लोग इन प्रदर्शनों को देखने के लिए घंटों डटे रहे। सभी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला एवं दरगाह स्थलों तक पहुंचे। यहां धार्मिक रस्में अदा की गईं और अकीदतमंदों ने मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। शाम को सैदपुर दरगाह परिसर में एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले में बच्चों के लिए झूले, मीना बाजार, मिठाइयों की दुकानें और विभिन्न आकर्षक स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी विक्रम वीरकर, पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह, संबंधित एसडीपीओ, सीओ और थाना प्रभारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का लगातार निरीक्षण किया।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 9:13 pm

ईरान युद्ध पर अपनी ही पार्टी में घिरे डोनाल्ड ट्रंप: रिपब्लिकन सीनेटरों ने की तीखी बहस, 70 अरब डॉलर की मांग से बढ़ी हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के साथ चल रहा तनाव अब केवल बाहरी मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर एक बड़े राजनीतिक संकट के रूप में उभर रहा है। बुधवार को बंद कमरे में हुई एक बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी के बीच हुई तीखी बहस ने पार्टी के भीतर की दरार को सार्वजनिक कर दिया है। इस टकराव का मुख्य केंद्र ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान युद्ध के खर्च के लिए कांग्रेस से मांगी गई 70 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि और तेहरान के साथ हुई हालिया रूपरेखा समझौते की शर्तें हैं।समझौते पर छिड़ा घमासान: क्या सच छिपाया जा रहा है?सीनेटर बिल कैसिडी ने ट्रंप प्रशासन पर तीखे हमले करते हुए ईरान के साथ हुए उस हालिया समझौते पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें तेहरान को वित्तीय प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। कैसिडी का स्पष्ट मानना है कि यह समझौता उन लक्ष्यों से काफी पीछे है जो युद्ध शुरू होने के समय प्रशासन ने जनता के सामने रखे थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में दो टूक कहा कि अमेरिकी नागरिकों को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है और फिलहाल जमीनी हालात उन दावों से मेल नहीं खाते जो सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर, यह घरेलू असंतोष ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।सीनेट में देर रात तक चली रस्साकशीट्रंप के साथ बैठक के तुरंत बाद, सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व ने युद्ध को समाप्त करने से जुड़े 'युद्धाधिकार प्रस्ताव' को रोकने के लिए एक बड़ा दांव खेला। देर रात हुए मतदान में 50 मतों के साथ इस प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जबकि 47 सीनेटरों ने इसके समर्थन में वोट डाला। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के इस प्रयास के बावजूद उनकी अपनी पार्टी की सीनेटर सुसान कोलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की जैसे प्रमुख चेहरों ने डेमोक्रेट सांसदों के साथ खड़े होकर ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस मतदान को ईरान के लिए एक कड़ा संदेश करार दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह स्पष्ट है कि ईरान युद्ध के मुद्दे पर व्हाइट हाउस को अपने ही घर में कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jun 2026 7:01 am

छिंदवाड़ा में रातभर चले अखाड़े, विजेता को 25 हजार:5 घंटे तक हुआ युद्ध कला का प्रदर्शन; हिंदू-मुस्लिम समाज ने मिलकर बढ़ाया उत्साह

छिंदवाड़ा के बैल बाजार चौक में मोहर्रम के अवसर पर जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रात 10 बजे से शुरू हुई यह प्रतियोगिता लगातार 5 घंटे चलकर देर रात 3 बजे तक संपन्न हुई। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए विभिन्न ग्रुपों ने तलवारबाजी, लाठी और पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन किया। आयोजन ठिग्गा ग्रुप समिति की ओर से किया गया। प्रतियोगिता में बेहतरीन और अनुशासित प्रदर्शन करने वाले अखाड़ा ग्रुपों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली विजेता टीम को 25 हजार रुपए का नकद इनाम प्रदान किया गया। हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने की हौसलाअफजाईदेर रात तक चले इस अखाड़े को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। इस दौरान मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज के लोगों ने भी आयोजन में शामिल होकर करतब दिखाने वाले दलों का उत्साहवर्धन किया। शहर में दोनों समुदायों की यह मौजूदगी आपसी सद्भाव का केंद्र रही। पूरे मध्यप्रदेश में बनी इस आयोजन की पहचानआयोजक समिति के सदस्यों के अनुसार, हर साल होने वाली यह प्रतियोगिता अब सिर्फ छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसने पूरे मध्यप्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। जामा मस्जिद छिंदवाड़ा के सदर आमसाल खान ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, ठिग्गा ग्रुप द्वारा हर साल शानदार तरीके से यह प्रतियोगिता कराई जाती है। इस बार भी अलग-अलग जिलों से आए अखाड़ा ग्रुपों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 7:35 am

भाई कन्हैया जी की युद्ध भूमि में ‘अद्वैत’ मिसाल ने बढ़ाया सेवा का दायरा

भास्कर न्यूज | लुधियाना तपती-जलती गर्मी में जहां पूरे भारतवर्ष में निर्जला एकादशी के दिन जगह-जगह ठंडे-मीठे जल की छबीलें पिलाकर राहगीरों को राहत दी जाती है, वहीं पंजाब में नि:स्वार्थ भाव से पानी पिलाने की यह सेवा किसी विशेष दिन या तारीख की मोहताज नहीं है। पंजाब के इतिहास और संस्कृति में पानी पिलाने की परंपरा ‘प्याऊ’ का स्थान सामाजिक और आध्यात्मिक लिहाज से बेहद खास है। यहां पानी पिलाने की इस रीत को सिर्फ सामाजिक भलाई नहीं, बल्कि परमात्मा की भक्ति और मानवता की सबसे बड़ी सेवा के रूप में देखा गया है। पंजाब में प्याऊ केवल ईंट-पत्थरों या मटकों का एक ढांचा नहीं है, बल्कि यह हमारे गुरु साहिबान द्वारा शुरू की गई वह महान परंपरा है जो सिखाती है कि नि:स्वार्थ भाव से की गई ‘जल सेवा’ ही सच्ची मानवता है। यही कारण है कि पंजाब में यह सेवा केवल ज्येष्ठ मास की एकादशी तक सीमित न रहकर साल के 12 महीने निरंतर चलती रहती है। पंजाब के इतिहास में पानी पिलाने की सबसे अद्भुत और रूहानी मिसाल सन 1704 में आनंदपुर साहिब के युद्ध के दौरान देखने को मिलती है, जो आज के समाज को बिना किसी भेदभाव के सेवा करने का संदेश देती है। गुरु गोबिंद सिंह जी के एक परम सेवक भाई कन्हैया जी युद्ध के मैदान में पीठ पर मशक लादकर घायल सैनिकों को पानी पिलाया करते थे। कुछ सिखों ने गुरु जी से शिकायत की कि भाई कन्हैया जी हमारी सेना के साथ-साथ दुश्मन मुगलों के घायल सैनिकों को भी पानी पिला रहे हैं। जब गुरु जी ने उनसे इसका कारण पूछा, तो भाई कन्हैया जी ने उत्तर दिया, “सच्चे पातशाह! मुझे युद्ध के मैदान में कोई सिख या कोई दुश्मन दिखाई नहीं देता, मुझे तो हर घायल व्यक्ति में आप ही का रूप (परमात्मा) नजर आता है।” गुरु जी ने मुस्कुराकर उन्हें मरहम भी दी और कहा , उनके जख्मों पर मरहम भी लगाया करो। यह इतिहास पंजाब में बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के हर इंसान को पानी पिलाने की शाश्वत सीख देता है। पंजाब की धरती पर प्याऊ- छबील का यह आध्यात्मिक स्वरूप ही है कि यहां कड़कती धूप हो या सामान्य दिन, राहगीरों के लिए पानी के मटके या वाटर कूलर हमेशा सजे रहते हैं। निर्जला एकादशी का दिन इस महान परंपरा को नमन करने और इसे और आगे बढ़ाने का अवसर है। आइए, इस एकादशी पर सेवा के इतिहास को याद कर मानव कल्याण का संकल्प लें। पंजाब में पानी पिलाने के इतिहास की जड़ें सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के समय से जुड़ी हैं। सन 1505 में अपनी उदासी के दौरान गुरु नानक देव जी जब दिल्ली (जो उस समय पंजाब प्रांत के ऐतिहासिक रास्तों का हिस्सा थी) पहुंचे, तो उन्होंने एक बाग में डेरा जमाया। वहां यात्रियों के लिए पानी की भारी किल्लत थी, जो पानी उपलब्ध था, वह बेहद खारा था। गुरु जी के वचनों और प्रयासों से वहां एक कुआं खोदा गया जिसका पानी बेहद मीठा निकला। गुरु जी ने वहां स्वयं राहगीरों को पानी पिलाने के लिए एक ‘प्याऊ’ लगाया। थके-हारे यात्रियों को वहां मीठा जल-लंगर मिलता था। जीवंत इतिहास: इसी महान इतिहास के कारण आज भी दिल्ली के जीटी रोड करनाल पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक प्याऊ साहिब सुशोभित है, जो सदियों से मानवता को जल सेवा की सीख दे रहा है। लुधियाना के जालंधर बाईपास समेत अनेकों स्थानों पर आज भी प्याऊ की परंपरा जीवंत है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 5:30 am

मंत्री कटारूचक्क बोले-नशा तस्करों को नहीं बख्शेंगे:पठानकोट में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान की समीक्षा; कहा-पंजाब को नशामुक्त बनाएंगे

पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बुधवार को पठानकोट के मलिकपुर स्थित जिला प्रबंधकीय परिसर में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों का मूल्यांकन करना था। बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी, एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अरशदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों, ग्रामीण रक्षा समितियों और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब सरकार नशों के खिलाफ शून्य टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ सिर्फ सरकार की नहीं समाज की भी लड़ाईमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक जागरूक नागरिक इस अभियान में अपना योगदान दे, तो आने वाली पीढ़ियों को नशों के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है। कोऑर्डिनेटरों, हलका इंचार्जों की सराहना की कटारूचक्क ने अभियान से जुड़े कोऑर्डिनेटरों, हलका इंचार्जों, पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाए और अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 4:48 pm

परीक्षा केंद्र थे या युद्ध का मैदान:नर्मदापुरम में कांग्रेस ने सरकार को घेरा, बोले- नीट एग्जाम में सेना को बुलाना पड़ा

नर्मदापुरम में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी, मूंग खरीदी और खाद-यूरिया की किल्लत जैसे कई बड़े मुद्दों को उठाया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवाकांत पांडेय के नेतृत्व में निजी होटल में यह कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। बिना पेपर लीक कराए एक परीक्षा नहीं करवा पा रही सरकार पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा ने नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पहले पेपर लीक होना और फिर दोबारा परीक्षा कराना, देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनकी मेहनत के साथ खिलवाड़ है। हालात इतने खराब हैं कि सरकार बिना किसी गड़बड़ी या पेपर लीक के एक भी परीक्षा ठीक से नहीं करवा पा रही है। परीक्षा केंद्र थे या कोई युद्ध का मैदान? गिरजाशंकर शर्मा ने दोबारा हुई नीट परीक्षा के इंतजामों पर तंज कसते हुए कहा कि परीक्षा कराने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी। परीक्षा केंद्रों पर इतनी पाबंदियां और इतनी ज्यादा सुरक्षा लगाई गई, मानो वहां कोई परीक्षा नहीं बल्कि कोई युद्ध या आतंकी हमला होने वाला हो। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इतनी सख्त पाबंदी थी कि महज एक मिनट की देरी से पहुंचने वाले बच्चों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। भाजपा नेताओं पर लगाया 'बंदरबांट' का आरोप कांग्रेस ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि नीट का पेपर बनाने से लेकर परीक्षा आयोजित कराने तक, नीचे से लेकर ऊपर तक भाजपा के लोग शामिल हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि सब कुछ ऊपर से पहले से ही तय रहता है कि पेपर कहां छपेगा और किन अपने लोगों को अच्छी जगहों पर बैठाना है। इसके बाद जो करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार होता है, उसकी आपस में बंदरबांट की जाती है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पहली बार पेपर लीक हुआ, तो किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। लेकिन जब सेना की मदद से दोबारा परीक्षा कराई गई, तो शिक्षा मंत्री तुरंत आगे आ गए और श्रेय (क्रेडिट) लेते हुए कहने लगे कि दूसरी परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। स्थानीय मुद्दों पर भी घेरा नीट परीक्षा के अलावा जिला कांग्रेस कमेटी ने नर्मदापुरम के स्थानीय किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इलाके के किसान इस समय मूंग खरीदी की समस्याओं, खाद और यूरिया की भारी किल्लत से परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 7:53 pm

फरीदकोट में युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम की समीक्षा:स्पीकर संधवां व कैबिनेट मंत्री मुंडियां ने की बैठक, अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मंगलवार को फरीदकोट के अशोक चक्र हॉल में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक की अध्यक्षता पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने संयुक्त रूप से की। बैठक में विधायक गुरदित्त सिंह सेखों, विधायक अमोलक सिंह, डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और ग्रामीण समितियों के सदस्य मौजूद रहे। नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति: स्पीकर संधवां इस मौके पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ शुरू किया गया यह महा-अभियान अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने नशा तस्करों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस काले धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी सख्ती से लागू की जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। सरकारी केंद्रों में मिल रहा मुफ्त इलाज और बढ़ रही जागरूकता बैठक को संबोधित करते हुए विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि नशे की लत का शिकार हो चुके लोगों का इलाज पूरी तरह संभव है। ऐसे व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाकर सरकार द्वारा मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, विधायक अमोलक सिंह ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और अब युवाओं में नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। समागम के दौरान नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल ने भी अपने विचार साझा किए। गांव-गांव में बनेंगे खेल स्टेडियम: कैबिनेट मंत्री मुंडियां कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब से नशे के पूर्ण खात्मे तक यह अभियान इसी तरह लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सरकार की भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और उन्हें नशों से दूर रखने के लिए पंजाब सरकार गांव-गांव में खेल स्टेडियमों का निर्माण करवा रही है। इसका मकसद युवाओं को खेलों के बेहतर अवसर प्रदान करना है ताकि वे एक स्वस्थ और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 7:39 pm

जौनपुर के अधिकांश कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों के विपरीत:लखनऊ अग्निकांड के बाद अलर्ट, अधिकतर सेंटर बंद मिले

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद जौनपुर जिले में भी सुरक्षा मानकों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जिले में मानक के विपरीत संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ जिले के आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। एडीएम परमानंद झा ने बताया कि सुबह के समय अधिकतर कोचिंग सेंटर बंद पाए गए, जिसके कारण जांच लगभग 10 बजे के बाद शुरू हो सकी। जांच दल ने उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां छात्र पढ़ाई करते हैं या लाइब्रेरी के रूप में उपयोग किए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से आपदा या किसी आपात स्थिति में निकासी मार्गों की उपलब्धता की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन अधिकांश कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होते मिले। एडीएम झा ने जानकारी दी कि जांचे गए सेंटरों में से केवल दो ने पंजीकृत होने का दावा किया, लेकिन वे कोई संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। कई कोचिंग सेंटरों में सीढ़ियों के पास खुले तार जैसी गंभीर सुरक्षा खामियां भी पाई गईं। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जहां भी खामियां मिली हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सेंटरों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं या उन्हें बंद करने का आदेश भी दिया जा सकता है। जिले में कुल 37 कोचिंग सेंटर संचालित हैं। भविष्य में कोचिंग सेंटरों के अलावा अस्पतालों और होटलों की भी जांच की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 1:00 pm

युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more

अजमेरनामा 23 Jun 2026 3:53 am

युद्ध का असली हासिल (व्यंग्य)

दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:48 pm

अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष

Battle of Haldighati: 18 जून भारतीय इतिहास की वह अमर तिथि है, जो केवल एक युद्ध का स्मरण नहीं कराती बल्कि त्याग, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की गाथा सुनाती है। यह वह दिन है जब मेवाड़ की धरती पर एक ऐसा संघर्ष हुआ, जिसने इतिहास के ...

वेब दुनिया 16 Jun 2026 1:55 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल

बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.

बूमलाइव 23 Mar 2026 6:22 pm

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए

बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है

देशबन्धु 10 Mar 2026 1:55 am

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm